इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 14 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 68



अब तक...

तभी वेटर उनका आर्डर लेके आ जाता है,

वेटर : सर! Ma'am! योर आर्डर!

नेहा खुश होक शेक को स्ट्रॉ से पीती है और उसकी तारीफ करने लगती है, लकी बस घर घर के अजीब सी स्माइल कर के नेहा को hi देखे जा रहा था.

नेहा अभी कुछ बोल hi रही थी की थोड़ी देरर बाद hi बोलते बोलते उसकी आँखों के सामने धुंदलापन्न छाने लगता है और वो धुंदला पत्र कब अन्धेरेपनं में तब्दील हो जाता है, उससे पता hi नहीं चलता.

अब आगे...

इधर नेहा को बेहोश होते देख लकी के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है. वो वेटर को टिप देता है, वेटर भी खुश होक टिप में कई हज़ार के नोट अपनी जेब में भर लेता है. उसका काम hi सिर्फ इतना था की ड्रिंक में वो बेहोशी की दवा मिला के नेहा को दे और जो उसने बड़ी hi चतुराई से कर दिया. दरअसल, ये कैफ़े लकी की पहचान का hi था, यहाँ के ओनर से लेकर वेटर्स तक सभी की अच्छी खासी पहचान थी लकी से, क्युकी लकी ने इनको कैफ़े का एरिया जो दिलवाया था, और तोह और अल्कोहल वगैरह के सारे सप्लाइज लकी की hi दूकान से होते थे.

मैं hi मैं मुस्कुराते हुए लकी ने नेहा को उठाया और कैफ़े की पार्किंग में कड़ी एक कार में ले जाके पीछे वाली सीट पर लिटा दिया. आज फाइनली वो दिन आ hi गया, आज लकी इतना खुश था, उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था. उसने पहले से hi कार यहाँ लाकर कड़ी कर राखी थी, फुल प्लांड आईडिया के साथ वो सब कुछ करने वाला था.

उसने अपनी बाइक को वही रहने दिया और कार को पार्किंग से निकाल कर अपने अड्डे की और चल दिया. ये अड्डा बिलकुल वैसा hi था जब वो और रोहित मिलकर ऋचा को किडनैप कर के एक बार लाए थे. शामे तो शामे वैसा hi अड्डा था बस लोकेशन चेंज्ड थी. पिछले अड्डा तोह राहुल ने बर्बाद कर दिया था पर इस बार लकी को राहुल का कोई डर नहीं था.

वो आराम से अपनी गाडी को अड्डे की और ले जा रहा था, उससे किसी बात की कोई जल्दी नहीं थी, क्युकी नेहा तोह अब उसकी hi थी. लकी ने शायद ध्यान नहीं दिया पर उसकी कार के पीछे hi एक और कार चल रही थी. लकी तोह जैसे किसी और चीज़ पर ध्यान hi नहीं दे रहा था. वो नेहा को देखता, और फिर सामने रोड को, और फिर मैं में आगे के होने वाले प्यार भरे सीन्स को इमेजिन करता. कैसे वो नेहा के कपडे उतारेगा, कैसे नेहा हेल्प के लिए चिल्लाएगी, कैसे वो उसके साथ सम्भोग करेगा, और फिर उससे समझा बुझा कर या दर्रा धमका कर अपनी बना लेगा.

कुछ hi देरर में एक सुनसान सी रोड पर एक दूकान की शटर थी. लकी ने वह गाडी रोकी शटर खोली, तोह अंदर लक्ज़री सोफे, टीवी, एक, दारु का स्टॉक, खाने पीने का सामान, वाशरूम सब कुछ था. मानो की छोटा सा लक्ज़री घर हो. उसने अपने आस पास देखा तोह उससे कोई दिखाई नहीं दिया, फिर उसने नेहा को उठा के दूकान के अंदर किया और सोफे पर लिटा दिया.

उसने सबसे पहले नेहा को बाँधने की सोची, और यहाँ पर hi उस से सबसे बड़ी भूल हो गयी.





नेहा को बाँध कर वो शटर को अंदर से लॉक करने गया और शटर नीचे खींच कर उसने लॉक भी कर दिया.

भले hi लकी एक बुरा काम करने जा रहा था पर उसकी नज़र में ये बोहत hi इम्पोर्टेन्ट काम था और वो सब कुछ अच्छे से करना चाहता था. लकी सबसे पहले खुद को नाहा धो के साफ़ किया ताकि सेक्स के वक़्त उसकी प्रेमिका को उनकंफर्टबले फील न हो. उसने अच्छे से ब्रश किया ताकि किश करते वक़्त उसके मुँह से गंध न आए. वो ऐसे प्रिटेंड कर रहा था जैसे आज उसकी सुहाग रात है.

यहाँ तक की उसने नेहा के लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर रखा था, एक सोने की अंगूठी. उसने सोच लिया था एक बार नेहा को छोड़ने के बाद उससे वो मन लेगा और यदि नेहा नहीं मानी तोह उससे दर्रा धमका के अपनी बना लेगा. वो नेहा को पाने के लिए किसी भी हद्द तक जाने तैयार था.

जब लकी फ्रेश होक नए कपडे पहन के आया तोह उसने देखा की नेहा कितनी प्यारी लग रही है. वो आगे बढ़ा और उसके गाल सहलाने लगा.

पर जैसे उसके ऐसा करते hi नेहा को होश आ गया, उससे बेहोश हुए काफी देरर जो हो चुकी थी, और वेटर ने भी काम मात्रा में बेहोशी की दवा मिलायी थी. लकी चाहता था की वो जब सेक्स करे तोह नेहा जाएगी हुई हो.

नेहा (आँखें खोलते हुए) : mein...ye कहा है?

लकी : वेलकम नेहा! माय डार्लिंग!!

नेहा : लू.. लकी??

नेहा जब हिलने डुलने की कोशिश करती है तोह पाती है की उसके हाथ परर बंधे हुए है, और उससे समझने में देरर नहीं लगती, वो चारो तरफ नज़रे घुमाती है और जब उससे अपरिचित जगह दिखाई देती है तोह वो सूरे हो जाती है की लकी ने hi सब किया है.

नेहा (जोरर से) : कुत्ते!! कहा लाया है मुझे? चोरर मुझे...

लकी : अरे चिल नेहा... चिल! आज तुम और में इस प्यार के बंधन में बांध जाएंगे. देखो मेने तुम्हारे लिए गिफ्ट भी प्रेपर कर लिया है,

लकी अपनी जेब से सोने की अंगूठी निकाल के दिखाता है, तोह नेहा की आँखें नम्म हो जाती है, ख़ुशी के कारण नहीं बल्कि डर के कारण.

निकिता सही थी. लकी वाक़ई एक बेशरम लड़का और गुंडा है. पर अब पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गयी खेत...

"Bachaaoo...koi ही???? हेल्प!!!" नेहा रट रट अपनी पूरी चीख के साथ गुहार लगा रही थी की कोई तोह आए और उससे बचा ले.

लकी : घबराती क्यों हो डार्लिंग? अब तोह तुम मेरी हो! अब हम साथ रहेंगे. तुम्हे तोह खुश होना चाहिए!

कहते हुए लकी ने नेहा के गाल सहलाना शुरू कर दिए,

नेहा (रट हुए) : चोरर मुझे हरामखोर!!! हाथ मत लगाना मुझे, चोरर मुझे... कोई ही???

पर उसकी हर्र एक चींख गूंज कर जैसे सन्नाटे में गम हो गयी. आज नेहा को अपनी ज़िन्दगी का शायद सबसे बड़ा पछतावा हो रहा था की उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड की बात नहीं सुनी. कभी कभी आपका वरकॉन्फिडेन्स आपको ले डूबता है. ये सबसे सही उदाहरण था इस वाकया को समझाने के लिए. जब आपका भला चाहने वाला व्यक्ति आपको किसी चीज़ या व्यक्ति से दूर रहने के लिए कह रहा हो तोह हमे उसकी बात पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए पर यही पर तोह नेहा ने गलती कर दी और अब मैडम जी अपने hi किये का फल भुगत रही थी.

आसुओ से बेचारी नेहा का पूरा चेहरा भीग चूका था, वो खुद को छुड़ाने की कोशिश करती रही पर सब कोशिश नाकामयाब रही. जब उसकी लाख चीखो का भी जवाब नहीं आया तोह उसने चीखना बंद कर दिया और रस्सी खोलने पर ध्यान लगाने लगी, पर कोई फायदा नहीं हो रहा था.

लकी बस उससे निहार रहा था, नेहा की गालिया सुनता, उसकी रोने की आवाज़ उससे और उकसा रही थी, वो उसके गाल सहलाता, हाथ सहलाता, और फिर उसने एकदम से अपनी टी शर्ट उतार दी और आगे बढ़ने लगा...

लकी की नंगी छाती देख नेहा सेहम सी गयी, जैसे उससे आभास हो गया की अब उसके साथ बोहत hi बुरा होने वाला है और अब वो किसी को भी मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेगी.

आज पहली बार वो अपनी लाइफ में इतना दर्री थी, उसके दिमाग में निकिता की वार्निंग घूम रही थी.

काश, काश उसने निकिता की बात मान ली होती तोह अभी वो एकदम सुरक्षित होती.

जैसे hi लकी उसके कपडे उतारने के लिए आगे हुआ नेहा की मुँह से एक चींख निकली,

"भैयाआआआआ......"

जिससे सुनकर लकी की आँखें फटी की फटी रह गयी और उसके गुस्से का पारा और भी बढ़ गया.

पर नेहा को तोह जैसे होश hi नहीं था की उसने किसे पुकारा अभी अभी...

"Bhaiiii...bachao...help में...."

लकी (गुस्से में) : क्या कहा साली तूने? रंडी की बच्ची...

इस से पहले की लकी आगे बढ़ कर कुछ गलत करता उसकी गर्दन पर एक ज़ोरदार वार किसी ने किया और लकी उधर hi ों थे स्पॉट बेहोश हो गया.

लकी के नीचे गिरते hi नेहा ने अपनी आँखें खोली तोह पाया की एक सुन्दर सी लड़की और करीब 50 साल की उम्र का एक व्यक्ति उसके सामने खड़े है.

थोड़ी देरर यही अचंभित भाव से देखने के बाद उससे जैसे कुछ याद आया तोह उसने कहा,

"Aap...aap तोह उस दिन... एयरपोर्ट पर"

"हां! तुमने सही कहा! I'm मोनिका!", मोनिका ने नेहा की रस्सी खोलते हुए कहा.

नेहा ने मोनिका को राहुल के शहर चोरर कर जाते टाइम देखा था, जब वो राहुल से मिलने आयी थी.

नेहा : आप यहाँ? मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है...

मोनिका : कुछ समझने की ज़रुरत नहीं है, बस इतना ध्यान रखो की हमने तुम्हारी मदद की है, तुमको वापस से घर पर भेज देंगे और इस लकी की चिंता तुम मत करो इससे हम देख लेंगे.

नेहा : थैंक यू! थैंक यू सो मच!!! यदि आप नहीं आते तोह न जाने मेरा क्या होता...

भीमा : इसमें थैंक यू की क्या जर्रोरत नेहा बिटिया... अब राहुल बाबू ने कहा था तोह हमको तोह आना hi था.

इतना सुनते hi जैसे नेहा की ाँहें फटी की फटी रह जाती है, और साथ में hi मोनिका भी घूर घूर के भीमा को देखने लगती है

भीमा (मैं में) : ू तेरई! ी का कह दिया हमने... राहुल बाबू मन करे थे कुछ भी बताने को, अब वो हमका नहीं चोररेंगे... माफ़ करना राहुल बाबू. गलती हो गयी!

नेहा : k..kya कहा आपने?

भीमा : कुछ नहीं बिटिया, hum...hum कह रहे थे की इस लकी की टेंशन आप मत लो, इससे हम देख लेंगे.

नेहा : नहीं... अपने अभी अभी राहुल बाबू करके कुछ कहा. मेने अच्छे से सुना है, और राहुल बाबू से आपका मतलब मेरे भाई से था.. है न? बताइये मुझे... अभी...!!

मोनिका (गहरी सास लेकर) : हां! तुम्हारे hi भाई ने हमको यहाँ आने कहा था.

नेहा (शॉकेड) : व्हाट?? नहीं!! ये सब क्या चल रहा है? वो तोह दूसरे शहर में है, उससे कैसे..?

मोनिका : देखो! वैसे तोह ये सब तुम्हे बताने से मन किया था उसने पर अब भीमा अंकल के मुँह से गलती से निकल गया और अब इससे छुपाने का कोई फायदा नहीं है

भीमा (सर झुका कर) : माफ़ करना मोनिका बिटिया... वो हमसे एकदम से निकल गया, ध्यान में नहीं था...

मोनिका : it's okay भीमा अंकल! कोई बात नहीं है. अब जो हो गया सो हो गया. में राहुल से माफ़ी मांग लुंगी.

भीमा : नहीं बिटिया. आप काहे को माफ़ी मांगोगी. माफ़ी तोह हम मांगेगे...

नेहा : क्या मतलब?

मोनिका : मतलब ये की.... तुम्हारे hi भाई ने तुम्हे बचाया है

नेहा : *शॉकेड*

मोनिका : तुम्हारे कॉलेज से निकलने के बाद, तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड ने राहुल को कॉल करके सब कुछ बताया था, और फिर राहुल ने हमे. इसलिए तुम्हे इतनी आसानी से ढूंढ भी लिया और बचा भी लिया क्युकी हमे सब पता था की तुम किधर हो, किसके साथ हो.

नेहा तोह जैसे सब कुछ सुन्न ने के बाद उसका दिमाग काम करना hi बंद कर दिया. वो बस फटी आँखों से मोनिका की बातें सुनी जा रही थी.





मोनिका : ये लकी इतना बेवक़ूफ़ था, इसने तुम्हे अंदर लाने के बाद शटर बंद hi नहीं करि, उतनी देरर में हम दोनों अंदर आ गए थे. ये तुम्हे बाँधने में लगा हुआ था. पुअर किध! ः!

नेहा : ye...ye सब कुछ झूठ है. वो बास्टर्ड.. वो मेरी मदद कभी नहीं कर सकता. He's ा लिएर्. ज़रूर... ज़रूर कोई गेम खेल रहा होगा वो... मुझे फिरसे मुसीबत में डालना चाह रहा है वह.

अभी नेहा और बुरा भला कहती राहुल के बारे में, उस से पहले hi मोनिका उसकी कालर पकड़ लेती है और आँखों में आँखें दाल के कहती है,

"बोहत सुन्न ली तुम्हारी बकवास! उसकी बहिन हो इसलिए में कुछ नहीं कर रही, वर्ण अभी तक किसी और ने उसकी बुराई की होती न तोह उससे वही धो डालती"

कहते हुए वो नेहा को चोरर देती है और नेहा अचंभित सी कड़ी होक देखने लगती है,

मोनिका : तुम खुद से hi ये सवाल क्यों नहीं पूछती??

नेहा : ????

मोनिका : यदि इतना hi हेट करती हो उससे, तोह अभी कुछ देरर पहले "भैया" कहकर क्यों पुकार रही थी उससे?

ये वाकया तोह जैसे किसी कहकर की तरह नेहा के दिल पर जा कर लगा और वो वही जम्म सी गयी.





मोनिका : बोलो न? क्यों अपने भैया को याद कर रही थी? मुसीबत आयी तोह भैया याद आ गए? वाह!!! जब आदमी किसी मुसीबत में होता है तोह उपरवाले को याद करता है, या उससे याद करता है जिसपर उससे अटल विश्वाश हो. तोह क्या में ये समझू की तुम्हे अपने भैया पे अटल विश्वाश था की वो तुम्हे बचा लेगा...

इनफैक्ट उसने बचा भी लिया. ः!

नेहा : n...nahi... नहीं!! ये झूठ है!!

मोनिका : I'm सॉरी डिअर! बूत यही सच है.

नेहा अपना सर पकड़ के चिल्लाते हुए रोने लगती है, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे.

मोनिका : यहाँ जो भी हुआ है, उसके बारे में तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी, ख़ास कर अपने घरवालों से. तुम्हे घबराने की ज़रुरत नहीं है. इससे हम देख लेंगे. अहिंदा से ये तुम्हे कभी परेशां नहीं करेगा.

मोनिका नेहा को कार में बैठा के उसके घर चोरर आती है, और भीमा और बेहोश पड़े लकी को लेके वह से निकल जाती है.

घर आते hi नेहा से निशा कई सवाल पूछती है की इतना लेट क्यों आयी और उसकी स्कूटी कहा पर है? तोह नेहा बदले में कह देती है की वो अपने दोस्त की b'day पार्टी में गयी थी और उसकी स्कूटी वही रह गयी, कल जाके ले आएगी.

मोनिका ने उससे पहले hi बता दिया था की स्कूटी की चिंता वो ना करे, अगले दिन स्कूटी वही पे उससे मिल जाएगी.

अपने बिस्तर पर लेती हुई नेहा कुछ शान पहले की हुई घटना के बारे में सोचे जा रही थी, लकी का चेहरा उसके सामने आते hi उसका शरीर में सिहरन दौड़ गयी, कितना डर गयी थी वह. और फिर वो पल जब उसने भैया कह कर चिल्लाया था और फिर मोनिका की बातें. क्या सच में मोनिका ने जो कहा सच था? क्या सच में नेहा को अभी भी राहुल पे अटल विश्वाश था? या फिर कुछ और? सोचते सोचते वो कब नींद की वादियों में चली गयी उससे पता hi नहीं चला.

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आज के लिए इतना hi दोस्तों!

अगले अपडेट में आपको नेहा की पूरी स्टोरी सामने देखने को मिलेगी. मतलब वो हेट क्यों करती है, अगले अपडेट में आपको फ्लैशबैक देखने को मिलेगा जिसमे आपको नेहा का अतीत उसके पर्सपेक्टिव से दिखाया जाएगा.

धन्यवाद्!
 
धन्यवाद् बीआरओ!!

नेहा ने जब राहुल को पुकारा तोह वो एक रिफ्लेक्स एक्शन था बीआरओ, उससे खुद ध्यान नहीं था की उसने किस्से पुकारा है.

यदि एक नास्तिक व्यक्ति जब अपनी मौत का सामना करता है तोह वो भी उपरवाले को याद करने लगता है, ऐसा hi कुछ नेहा के साथ था.

रही बात गिफ्स और पिक्स की, तोह पिष्बब के जाने से सब कुछ गड़बड़ हो गया है मित्र. मेने मोनिका की इमेज डाली थी, उसकी फर्स्ट एंट्रेंस के दौरान पर पिष्बब अभी बंद है तोह पुरानी साड़ी पिक्स और गिफ्स विज़िबल नहीं है.
 
यदि सच कहु तोह कभी कभी मुझे लगता है की जल्दी जल्दी सब कुछ राज़ खोल के ये स्टोरी ख़तम करू. पर में ऐसा नहीं करता, ये मेरी पहली स्टोरी है और में इससे ज़बरदस्त तरीके से hi लिखूंगा.

ऐसा बिलकुल भी नहीं है की में लोगो के कहने पर नेहा का राज़ खोल रहा हु. और कहानी अभी ख़तम नहीं हुई है, अभी काफी बची हुई है.

( ꈍᴗꈍ)
 
अपडेट - 69



अब तक...

घर आते hi नेहा से निशा कई सवाल पूछती है की इतना लेट क्यों आयी और उसकी स्कूटी कहा पर है? तोह नेहा बदले में कह देती है की वो अपने दोस्त की b'day पार्टी में गयी थी और उसकी स्कूटी वही रह गयी, कल जाके ले आएगी.

मोनिका ने उससे पहले hi बता दिया था की स्कूटी की चिंता वो ना करे, अगले दिन स्कूटी वही पे उससे मिल जाएगी.

अपने बिस्तर पर लेती हुई नेहा कुछ शान पहले की हुई घटना के बारे में सोचे जा रही थी, लकी का चेहरा उसके सामने आते hi उसका शरीर में सिहरन दौड़ गयी, कितना डर गयी थी वह. और फिर वो पल जब उसने भैया कह कर चिल्लाया था और फिर मोनिका की बातें. क्या सच में मोनिका ने जो कहा सच था? क्या सच में नेहा को अभी भी राहुल पे अटल विश्वाश था? या फिर कुछ और? सोचते सोचते वो कब नींद की वादियों में चली गयी उससे पता hi नहीं चला.

अब आगे...

नेहा नींद की वादियों में चली जाती है, और उसका अतीत उसके सपने में घूमने लगता है, अब इस से पहले की हम नेहा के सपने में चल रहे अतीत में घुसे, हम एक नज़र राहुल की तरफ भी मार लेते है की हमारा हीरो क्या कर रहा है.

रात का समय था और राहुल अपने ग्राउंड फ्लोर के गेस्ट रूम में जो ख़ुशी ने उससे दिया था, उस में बिस्तर पर लेता हुआ था की तभी उसका फ़ोन बजता है और वो देखता है तोह कॉल मोनिका का था.

राहुल : hello?

मोनिका : काम हो गया है. She's सेफ नाउ.

राहुल : थैंक यू!

मोनिका : वाह! तुम्ही ने मुझे सिखाया था की दोस्ती में no थैंक्स, no सॉरी. और अब तुम hi थैंक यू कह रहे हो?

राहुल : अच्छा बाबा! अब नहीं कहूंगा... ठीक?

मोनिका : हम्म!!

राहुल : लकी का क्या हुआ?

मोनिका : पुलिस के हवाले कर दिया है. मेरे पास प्रूफ था, नेहा के हरस्मेंट के वक़्त मेने एक शार्ट वीडियो क्लिप बना ली थी. बस फिर! अब वो भी रोहित की तरह जेल में है.

राहुल : बढ़िया! बूत वो जेल से बाहर भी आ सकता है जल्द hi.

मोनिका : फिलहाल तोह नहीं. मास्टर की पहचान है कमिश्नर से और ऊपर कई और सोर्सेज से, तोह अभी के लिए तुम निश्चिन्त रहो.

राहुल : जी!!

मोनिका : ये मंथ ख़तम होते hi में तुम्हारी पहले मंथ की पेमेंट का चेक लेके आउंगी. और वह की रिपोर्ट भी लुंगी.

राहुल : ohh...okay!

मोनिका : उम्म्म...

राहुल : हम्म???

मोनिका : तुम्हारी बहिन...

राहुल : ???

मोनिका : तुम्हारी बहिन कुछ ज़्यादा hi बोलती है, मेने उससे वारं किया है.

राहुल (सुरप्रीसेड) : क्या हुआ?

मोनिका : कुछ नहीं. बस! तुमको कुछ बुरा भला कह रही थी तोह मेने उससे थोड़ा दांत दिया. Tum...tum नाराज़ तोह नहीं हो न मुझसे?

राहुल (स्माइल्स) : बिलकुल नहीं!

मोनिका (ब्लश) : चलो अच्छा! अब में रखती हु... Aur...aur...

राहुल : हम्म???

मोनिका (ब्लश) : नहीं! कुछ नहीं!! Bye bye, टेक care...and... एंड स्वीट ड्रीम्स.

राहुल (स्माइल्स) : bye bye! टेक केयर एंड I'll मिस यू...

मोनिका (ब्लश) : एहहहह????

राहुल : ी साइड I'll मिस यू!!

इधर राहुल की बात सुन्न मोनिका बेचारी लाल टमाटर हो चुकी थी. गालो पे सुर्ख लाली छ गयी थी,

मोनिका (ब्लश) : bye bye

कहते हुए मोनिका ने फ़ोन फुर्ती में कट किया, और गहरी सास लेने लगी, फिर थोड़ी देरर बाद शांत होक अपने कमरे में चली गयी.

इधर राहुल भी मुस्कुराते हुए फ़ोन रखा और सोने hi वाला था की फिरसे उसका फ़ोन बजने लगा, इस बार कॉलर निशा थी,

राहुल : हां माँ!

निशा : केसा है मेरा बच्चा? खाना खाया की नहीं? कोई दिक्कत तोह नहीं है? और ठीक से रह रहा है न? पैसे वगैरह तोह है न?

राहुल : माँ! चिल... ः! में बढ़िया हु. आपको कोई टेंशन लेने की ज़रुरत नहीं है. आप किसी हो? सही से रह रही हो न?

निशा : बस तेरी याद सताती है बेतु, तेरी परवाह लगी रहती है.

राहुल : माँ! आप टेंशन नहीं लीजिये बस. में यहाँ सही से हु.

निशा : हम्म!! और तेरा ये फ़ोन बिजी क्यों आ रहा था?

राहुल : mein...dost का कॉल था माँ.

निशा : अच्छा? दोस्त का या फिर मेरी होने वाली बहु का? आज बहु आयी थी शाम को. मेरी बोहत परवाह कर रही थी.

राहुल (स्माइल्स) : तोह ये तोह अच्छी बात है न माँ?

निशा : हां! मेरी बहु लाखो में एक है. नज़र न लगे उसको किसी की... चल अच्छा! अब तू भी सजा, रात काफी हो गयी है. और मुझे रोज़ फ़ोन करते रहा कर. ताकि में भी निश्चिन्त राहु.

राहुल : जी! गुड नाईट माँ!

निशा : गुड नाईट बेतु!! मुआअआआह्ह्ह...

*कॉल एंड्स*

यहाँ राहुल तोह टेंशन फ्री था फिलहाल के लिए पर आइये नेहा के सपने का हाल देख लेते है की उसका क्या हाल है.

*फ्लैशबैक*

शाम का वक़्त है, थोड़ी थोड़ी आंधी चल रही थी, पत्ते और धुल उड़द के घर के द्वार से अंदर की और आ रहे थे, नेहा ने उठ के फौरन गेट को बंद किया. Neha,iss वक़्त 8तह क्लास में थी और राहुल 11तह में.

नेहा : भाई! आज कितनी आंधी चल रही है...

नेहा ने दूर लॉक करते हुए राहुल से कहा जो की वही सोफे पर बैठा हुआ लैपटॉप में कुछ काम कर रहा था,

राहुल : ......

नेहा : भाई???

नेहा के कई बार कहने पर भी जब राहुल ध्यान नहीं देता तोह नेहा चिढ़ते हुए आती है और उसकी गोदी में उसकी तरफ मुँह कर के बैठ जाती है, और उसका चेहरा अपने हाथो में ले लेती है,





राहुल को भी महसूस हो रहा था की अब उसकी बहिन बड़ी होने लगी है, उसकी छथि पे नेहा के हलके उभरे हुए स्तन जो ठीके थे.

नेहा : भाई???

राहुल : गुड़िया! क्या कर रही हो तुम? में काम कर रहा हु न...

नेहा : तुम ये बार बार ताऊ जी का तोह कही डैड का काम क्यों करते रहते हो? तुम अभी सिर्फ स्कूल में hi हो. तुमको ये सब काम तोह बड़े होक करना चाहिए न, फिर डैड लोग तुमको इतना काम क्यों देते है?

राहुल : अब में बड़ा हु तोह मुझे तोह करना hi पड़ेगा न?

नेहा : वही तोह बोल रही हु मेरे भाई!! तुम अभी सिर्फ 11तह क्लास में हो, फिर ये लिस्ट वगैरह बनाना डैड तुमको क्यों देते है? तुम्हारी उम्र अभी पढ़ने की है, ये सब करने की नहीं. पिछली बार ताऊ जी ने तुम्हे दूसरे शहर भेज दिया था काम के लिए और वो भी अकेले.

राहुल : वो तोह छोटा सा काम था गुड़िया और वैसे भी वो शहर कोई बोहत दूर नहीं था.

नेहा : ओह्ह अच्छा? कोण से पेरेंट्स एक 11तह क्लास के स्टूडेंट को दूसरे शहर भेजते है अपने काम के लिए? और वो भी ताऊ जी ने भेजा. डैड ने मन तक नहीं किया उनको. हम्फ!!

राहुल : अच्छा मेरी गुड़िया मुझे माफ़ कर दे...

नेहा : तुम अब से इनके काम नहीं करोगे... मुझे अच्छा नहीं लगता. समझ गए न?

राहुल : जैसी आपकी आज्ञा मेरी माँ...

नेहा : हीहीही...

नेहा आगे बढ़ के राहुल के गालो पर किश कर देती है और उस से गले लग के उसकी छाती में अपना सर रख के चिपक जाती है,





नेहा : आज बोहत आंधी चल रही है भाई...

राहुल उसका सर सहलाते हुए कहता है,

राहुल : हम्म!!

नेहा : आज कुछ बुरा होएगा क्या?

राहुल : तू फ़ालतू बातें मत सोच! बस एन्जॉय कर.

नेहा : हम्म!!

नेहा : भाई???

राहुल : हम्म!?

नेहा (ब्लश) : यू लव में न??

राहुल (स्माइल्स) : ये भी कोई पूछने की बात है गुड़िया?

नेहा : हीहीही! ी लव यू तू!!

शाम ढली, रात हुई और तेज़्ज़ बारिश ने अपना स्थान जमा लिया. बादल गरज रहे थे, बिजली चमक रही थी, तेज़्ज़ बारिश की बूंदो की गिरने की आवाज़ साफ़ साफ़ अंदर घर में सुनाई दे रही थी.

रात के 10 बज रहे थे, नेहा अपने टाइम टेबल के अकॉर्डिंग 9 बजे hi बिस्तर में जाके सो चुकी थी. राहुल अभी भी बाहर सोफे पर बैठ के लैपटॉप पर कोई लिस्ट तैयार करने में लगा हुआ था.

तभी निशा किचन से राहुल के लिए चाय लेकर आयी और उससे थमा देती है,

राहुल : थैंक यू माँ!

निशा आगे बढ़ के राहुल का माथा प्यार से चुम लेती है,

निशा : बीटा अब सो भी जा. कब तक काम करेगा? तू ये सब काम अपने सर मत लिया कर.

राहुल : ये सब छोटे मोठे काम है माँ! मुझे बुरा नहीं लगता...

तेज़्ज़ बादल गरजने की आवाज़ से इधर नेहा की नींद खुल जाती है, वो आँखें मीस्ते हुए उठती है और जमाई लेने लगती है.

नेहा का रूम इस वक़्त निशा और राजेश के रूम से जो बगल में गेस्ट रूम था, वो था. और असली गेस्ट रूम ऊपर राहुल के कमरे से बगल वाला था. क्युकी अभी नेहा 8तह में थी और रात में कोई दिक्कत वगैरह के लिए उससे निशा अपने रूम के बगल वाले रूम में hi सुलाती थी.

वो लेती लेती अपने बगल में रखे एक टेडी को जोरर से हुग कर लेती है और उससे चूमने लगती है,

नेहा (मैं में) : कल मेरा b'day है. हिहि! भाई इस बार क्या देगा मेरे को? पिछली बार ये टेडी दिया था. अब इस बार और बड़ा टेडी देगा क्या? पर में भाई को रेतुर्न गिफ्ट में क्या दू? पिछली बार मेने उससे अपनी चॉकलेट्स दी थी और उससे धेरर साड़ी किस्सेस भी दी थी हेहेहे...

अब इस बार क्या दू में उससे? मेरा भी तोह फ़र्ज़ बनता है न की में उससे रेतुर्न गिफ्ट में कुछ दू? लड़को लोग को क्या पसंद है?

नेहा उठ के अपना फ़ोन उठाती है और अपनी बेस्ट फ्रेंड निकिता को कॉल करती है,

नेहा : hello?

निकिता : क्या है नेहा? इतनी रात में क्यों फ़ोन किया? में सो रही थी न... *यौन*

नेहा : सुन्न न निक्की! मुझे तेरे से कुछ पूछना है. बोहत इम्पोर्टेन्ट है.

निकिता : अच्छा बोल!

नेहा (ब्लश) : wo...wo... लड़को लोग को क्या पसंद है? मतलब की... यदि एक लड़का लड़की से गिफ्ट चाहता है तोह वो क्या चाहेगा?

निकिता : हैं? तू इतनी रात गए ये क्यों पूछ रही है? कोई बर्फ बना लिया क्या? हां?

नेहा : शट उप निक्की!! तुझसे जितना पूछा है उतना बता न...

निकिता : नहीं! पहले तू बता की तूने कोई बर्फ बना लिया है क्या?

नेहा : नहीं निक्की! शट उप! मेरा कोई बर्फ नहीं है. पागल!!

निकिता : तोह फिर तू ये इतनी रात गए क्यों पूछ रही है?

नेहा : wo...meri एक फ्रेंड ने मुझसे पूछा, उसका बर्फ है. अब मुझे नहीं पता की में उससे क्या जवाब दू इसलिए तोह तेरे से पूछ रही हु.

निकिता : अछाअअअ....

नेहा : हां! अब बता न जल्दी.

निकिता : okay! एक लड़का लड़की से यही चाहेगा की उसकी गफ उससे खूब प्यार दे. अपनी फ्रेंड से कहना की वो अपने बर्फ को गालो पर पप्पी दे दे. हहै!

नेहा : ये तोह में रोज़ करती हु यार...

निकिता : क्या मतलब?

नेहा (हड़बड़ा के) : mera...mera मतलब है की ये तोह वो रोज़ करती है. कुछ और बता न...

निकिता : हम्म! अच्छा तोह उसको कहना की इस बार होंठो पे किश करे. देखना उसका बर्फ सातवे आस्मां पर पहुंच जाएगा हेहेहे!!

नेहा (ब्लश) : क्याआआआ???? हो.. होंठो पे???

निकिता : हां! उसने पहले कभी नहीं करि?

नेहा (ब्लश) : नहीं उसने पहले कभी नहीं करि...

निकिता : हम्म! तोह इस बार कहना की वो कर के देखे. चल अच्छा! अब गूडनिघत. और एडवांस्ड में हैप्पी बर्थडे, में रात में 12 बजे उठ कर तुझे विश नहीं करने वाली, मुझे बोहत तेज़्ज़ नींद आ रही है. Bye bye!!

नेहा : हम्फ!! किसी दोस्त है तू! सजा जाके... कुम्भकरण की बहिन कही की.

*कॉल एंड्स*

नेहा (मैं में) : भाई को पसंद तोह आएगी न? यदि में... में uske...hontho पर किश करू तोह? गुस्सा हो गया तोह? में बहिन हु उसकी. मेरे से गुस्सा नहीं होएगा वो... तोह ठीक है. कल फिर!!!

सोचते हुए वो एक बार फिर से थोड़ी सी हलकी नींद में चली जाती है.

इधर निशा और राहुल सोफे पर बैठे बात कर रहे थे,

राहुल : डैड अभी तक नहीं आए माँ? रोज़ तोह वो 8 बजे आ जाते है.

निशा : हां बीटा! मेने फ़ोन किया था, कह रहे थे की 10-11 बजे तक आएँगे.

राहुल : 10:30 तोह बज hi गया है माँ.

निशा : हां! तू अब सजा. वो आ जाएंगे. में भी अपने कमरे में थोड़ी देरर लेट लेती हु.

राहुल : बस अभी चला जाऊंगा, ये काम होने hi वाला है.

निशा उठ के अपने कमरे में चली जाती है, राहुल भी काम करते करते कब वही सोफे पर हलकी नींद में चला जाता है उससे पता hi नहीं चलता.

नेहा की नींद तब खुलती है जब उससे कुछ आवाज़ें सुनाई देती है, अपने बगल वाले माँ डैड के कमरे से कुछ आवाज़ें आ रही थी, जिसके कारण वो उठ जाती है.

नेहा (मैं में) : इतनी रात को माँ डैड क्या बातें कर रहे है?

वो उठ के आगे बढ़ती है और अपने कमरे का दरवाज़ा खोलती है, और वो माँ डैड के कमरे में जाने hi वाली थी की उसके कानो में राहुल की आवाज़ पड़ती है और वो वही ृक्क जाती है,

राहुल भी माँ डैड के कमरे में hi था?

नेहा कान लगा के सुन्न ने लगती है तोह उससे कुछ ये सब सुनाई देता है,

राहुल : ......बात क्यों कह दी??

निशा : क्या मतलब??

राहुल : मतलब सही hi तोह कहा. पर ये मेरे जज़्बात है. काश नेहा पैदा hi नहीं होती...

नेहा की आँखें चौड़ी हो जाती है अपने भाई के मुँह से ऐसी बात सुन कर...

निशा (चिल्ला कर) : राहुल!! ये क्या बोले जा रहे हो तुम? होश में हो की नहीं?

राहुल : होश में तोह अब आया हु माँ! काश! सिर्फ में होता... नेहा नहीं. तोह कितना अच्छा होता न?

निशा (गुस्से में) : तुम्हे क्या हो गया है एकदम से? आज हो क्या रहा है घर में? किसी बकवास बातें कर रहे हो?

राहुल : हां न माँ! सिर्फ में होता... तोह कितना अच्छा रहता. मुझे कोई बहिन वगैरह नहीं चाहिए थी... पर आपने मुझे एक बहिन देदी. मुझे वह बिलकुल भी पसंद नहीं है माँ...

नेहा के शरीर में रोये खड़े हो जाते है अपने भाई के मुँह से ऐसी बातें सुन कर, उससे यकीन hi नहीं हो रहा था की राहुल उसके बारे में ऐसा कह रहा है.

तभी राहुल पलट कर दरवाज़ा खोल देता है और नेहा कड़ी हुई सबको दिख जाती है, उसकी आँखों में ासु थे, उसके परर काँप रहे थे, उसका बदन सिहर रहा था.

जैसे उस से उसका सब कुछ छीन लिया हो. नेहा को देख निशा के होश hi उड़द गए, साथ hi साथ राजेश के भी.

निशा : ने... नेहा???

नेहा (कापते हुए) : माँ?? ये सब क्या चल रहा है? B..bhai?? ये... ये तुम क्या कह रहे थे अभी? हां? मज़ाक कर रहे हो? ः!! B'day सरप्राइज देने के लिए... है न??

राहुल उससे घूरते हुए आगे बढ़ता है और उसकी आँखों में आँखें दाल के कहता है,

राहुल : ओह्ह्ह्ह! तोह तुमने सब सुन्न लिया?? मुझे लगा तुम नहीं सुन्न पाओगी. खर्र अब जब तुमने सुन्न hi लिया है तोह इससे अपने दिमाग में बइठल लो... ी हेट यू!!

नेहा का शरीर फिरसे काँप उठता है, जिस भाई से अभी वह कुछ देरर पहले प्यार करने की रे ले रही थी, वही भाई उससे कह रहा था की वो उससे हेट करता है, यहाँ तक की वो तोह चाहता hi नहीं था की उसकी बहिन पैदा होये.

नेहा : कह दो की ये झूठ है ... भाई... कह दो की ये झूठ है ... आपने अभी बहार कहा था मुझसे... की... यू लव में. यू लव में राइट? ये सब झूठ है...

राहुल एक कदम आगे बढ़ाता है तोह नेहा एक कदम पीछे चली जाती है,

निशा (चिल्ला कर) : रहलललल!!!

राहुल : नहीं! वो तोह सब नाटक था मेरी गुड़िया. काश तू पैदा hi नहीं हुई होती नेहा...

ी जस्ट हेट यू!!! या फिर तू... ः!!

राहुल फिर से एक कदम आगे बढ़ाता है, और नेहा फिरसे पीछे चली जाती है, वो पूरी तरह से घबराई हुई थी और सिहर रही थी.

पूरा चेहरा आसुओ से भीगा हुआ था. वो तोह यहाँ आवाज़ सुन्न के आयी थी, ये सोचके शायद उसके लिए सबने सरप्राइज प्रेपर किया होगा पर यहाँ तोह कुछ और hi सन था जिसकी उम्मीद शायद नेहा ने कभी नहीं की होगी.

राहुल (धीरे से कान में) : या फिर tu...swarg सिधार गयी होती??

नेहा जोरर से चिल्ला कर रोने लगती है और तभी निशा आगे बढ़ के राहुल को दो थप्पड़ रसीद देती है और चिल्ला के उससे बाहर निकाल देती है,

निशा नेहा को लेकर रूम में चली जाती है और राजेश राहुल को लेकर रूम में चला जाता है.

निशा नेहा को बीएड पे बैठा के उससे अपने सीने से लगा लेती है और पुचकारती रहती है,

नेहा (मैं में) : भाई?? बी... भाई? Mujhe...mujhe मारना चाहता है? वो नहीं चाहता की में ज़िंदा राहु?? क्यू??? क्या बिगाड़ा है मेने उसका?? ये कोई मज़ाक भी नहीं था.. माँ ने उससे दो छाते मार दिए... मेरा भाई मुझे... मुझ से... हेट करता है? हे... हे हट्स में?? हे.. वांट्स में डेड???

बेचारी नेहा के ासु रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे.

"ी हेट हिम! हाउ डरे हे...?? में उस से कितना प्यार करती हु... वो कैसे हमारे बिठाये हुए साथ के पल भूल सकता है? क्या?? क्या वो सब एक नाटक था?? तोह अब तक वो मुझे??... मुझे बेवक़ूफ़ बना रहा था? और यहाँ में उससे अपनी जान से ज़्यादा प्यार दे रही थी? ऐसे भाई के लिए?? Mein...I ... हेट यू राहुल!! ी हेट यू!! यदि तुम मेरे भाई होते तोह कभी भी ऐसी हरकत नहीं करते मेरे साथ... ी लव्ड यू सो मच... *क्रिस*"

*फ्लैशबैक एंड्स*

नेहा : nahiiiiiiiiii....

कहती हुई नेहा एकदम से अपने बिस्तर से उठती है. उसके चेहरे पर पसीना था. सासें तेज़्ज़. और बाल बिखरे हुए थे. कल लकी के साथ हुई वो घटना, और आज रात सपने में पुरानी भयानक अतीत वाली यादें.

नेहा (मैं में) : क्या चल रहा है? क्या में कभी चेन्न से जी पाऊँगी? अब तोह रात में सपनो में भी वही पुराने मंज़र दिखाई देते है...

मैं में सोचते हुए वो उठती है तोह देखती है सुबह के 6 बज रहे है और वो उठ कर वाशरूम में चली जाती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

धन्यवाद्!
 
Don't वोर्री गाइस!!

अपडेट एक दिन आगे पीछे हो जाता है बूत हफ्ते में तीन उपदटेस आके hi रहेंगे

अपडेट आज आ जाएगा.

सो, टेंशन मत लीजिये. में कही नहीं भाग रहा, वो संडे के अपडेट के कारण एक दिन लेट चल रहा हु. बूत इसमें कोई इशू वाली बात नहीं है. देने तोह मुझे हफ्ते में 3 उपदटेस है, अब चाहे में ट्यूसडे दू या वेडनेसडे. (◍•ᴗ•◍)
 
अपडेट - 70



अब तक...

नेहा : nahiiiiiiiiii....

कहती हुई नेहा एकदम से अपने बिस्तर से उठती है. उसके चेहरे पर पसीना था. सासें तेज़्ज़. और बाल बिखरे हुए थे. कल लकी के साथ हुई वो घटना, और आज रात सपने में पुरानी भयानक अतीत वाली यादें.

नेहा (मैं में) : क्या चल रहा है? क्या में कभी चेन्न से जी पाऊँगी? अब तोह रात में सपनो में भी वही पुराने मंज़र दिखाई देते है...

मैं में सोचते हुए वो उठती है तोह देखती है सुबह के 6 बज रहे है और वो उठ कर वाशरूम में चली जाती है.

अब आगे...

एक दूसरे शहर में एक बड़े से घर में बालकनी में एक ख़ूबसूरत से झूले पर एक ख़ूबसूरत सी लड़की बैठी हुई चाय की चुस्की का आनंद ले रही थी.

सुबह का वक़्त था, और ये लड़की अपने hi खयालो में गम होकर न जाने क्या सोच रही थी की तभी पीछे से आयी एक आवाज़ ने जैसे उससे होश में लाया,

"अरे मैडम! क्या सोच रही हो जबसे बैठ के? चाय ख़तम हो गयी हो तोह जाओ नाहा धो लो, 9 बज रहे है" एक मधुर सी आवाज़ ने झूले पर बैठी हुई लड़की से कहा.

लड़की : क्या रूचि दीदी? आप जाइये न अपने कॉलेज और पढ़ाइये स्टूडेंट्स को... सुबह सुबह मुझे क्यों लेक्चर देने लगी? में कितना फोकस्ड थी अभी अभी और आपने मेरा ध्यान भटका दिया

रूचि जो लड़की की बड़ी बहिन है मुस्कुराती है, और अपने बाल टॉवल से सुखाते हुए कहती है,

रूचि : जा hi रही हु मैडम, और तुम क्या सोच रही थी सुबह सुबह? हां? अपने सपनो का राजकुमार मिल गया क्या?

लड़की (ब्लश) : n..nahi तोह. क्यों?

रूचि : देख रही हु mein...tu कभी कभी बैठ के कुछ न कुछ सोचती रहती है. चलो! तुम बैठ के उससे याद करो, में तोह चली...

कहते हुए वो पलट कर नीचे चली जाती है कॉलेज के लिए,

इधर वो लड़की मुस्कुराते हुए चाय पी रही थी और अपने प्यार को याद कर रही थी

लड़की (मैं में) : कितने दिन गुज़र गए तुमसे मिले, पता नहीं तुम क्या कर रहे होंगे इस वक़्त. न जाने क्या ऐसा जादू किया है तुमने की अब तोह बात करने में भी शर्म आती है. ी मिस यू... चपडगंजु!!

तभी पीछे से एक और आवाज़ आती है, "तानिया बेटी!!! चल नीचे आ जा, तेरा नाश्ता ठंडा हो रहा है"

तानिया : आयी मा......

और फिर दौड़ते हुए वो नीचे चली जाती है.

इधर ग्वालियर में निकिता नेहा को लेकर कॉलेज में पहुची, दोनों के बीच रास्ते भर कोई बात चीत नहीं हुई. निकिता को कल की हुई वारदात के बारे में कुछ नहीं पता था, उससे सिर्फ इतना पता था की नेहा कल कॉलेज से लकी के साथ निकली थी और आज वो सही सलामत है तोह इसका क्या मतलब है? मतलब की ये की लकी ने कुछ नहीं किया या फिर राहुल ने नेहा की हेल्प करि होगी.

कॉलेज पहुचने के बाद hi दोनों साथ में hi बैठी हुई थी, एक दो लेक्टर्स तक दोनों में अभी भी कोई बात नहीं हुई. नेहा बार बार बोलने के लिए अपना मुँह खोलती पर फिर कुछ कह hi नहीं पाती. उससे बोहत गिलटी फील हो रहा था, उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड की बात को अनसुना कर दिया और फिर अंजाम भुक्त. बड़ी हिम्मत करके नेहा ने आखिर अपना मुँह खोला,

नेहा : निक्की... वे नीड तो टॉक.

निकिता : हम्म!!

नेहा : I'm सॉरी!!!

नेहा के एकदम से ऐसे सॉरी कहने पर निकिता थोड़ी चौंकी और सॉरी का कारण पूछा,

नेहा : I'm सो सॉरी निक्की! तुम सही थी. तुमने कल सब कुछ सही कहा था. वो लकी... वो लकी मेरे साथ कल ज़बरदस्ती करने की कोशिश कर रहा था. I...I...

निकिता (नेहा का हाथ थामते हुए) : don't वोर्री! आराम से कहो... Don't पैनिक! में यही हु.

अपनी बेस्ट फ्रेंड की बात सुन्न नेहा भावुक हो जाती है और उससे अपने गले से लगा लेती है, बीच क्लास में सभी लोग इन् दोनों को hi देख रहे थे.

निकिता : it's okay नेहा!! कोई बात नहीं!! और अब चोरर भी.. सब हमें hi देख रहे है.

नेहा अपने ासु पोछते हुए शांत होती है तोह निकिता उससे आगे की बात बताने के लिए कहती है, जब नेहा कल की हुई पूरी वारदात सुनाती है तोह निकिता गुस्से से लाल हो जाती है और लकी को खरी खोटी सुनाने लगती है,

निकिता (गुस्से में) : मुझे पता था इसकी नज़र शुरू से hi तुझ पर बिगड़ी हुई है, कमीना कही का... पर तूने देखा न... राहुल भैया ने hi तुझे बचाया...

नेहा उसकी इस बात पर कुछ नहीं बोलती है की तभी उनकी क्लास टीचर आ जाती है और साथ hi रौशनी ma'am भी आती है जो राहुल के बैच की क्लास टीचर थी.

क्लास टीचर : स्टूडेंट्स!! आज से आपकी क्लास टीचर रौशनी ma'am है. और ये आपको मैथ्स पढ़ाएंगी...

निकिता : ये तोह ऋचा दीदी और राहुल भैया की क्लास की टीचर थी न? अब ये हमे पढ़ाएंगी? I'm excited...hihihi!!

रौशनी Ma'am : hello स्टूडेंट्स! माय नाम इस रौशनी एंड फ्रॉम टुडे ोंवर्ड्स I'll बे टीचिंग यू गाइस मैथमेटिक्स एंड आल्सो ी विल बे योर क्लास टीचर. इस तहत क्लियर?

सब एक साथ : यस ma'am

फिर पुरानी क्लास टीचर चली जाती है और रौशनी ma'am क्लास में सबका इंट्रोडक्शन लेने लगती है, जब नेहा अपना इंट्रो देती है तोह रौशनी Ma'am समझ जाती है की नेहा राहुल की बहिन है. पर उनको दोनों के बीच की नफरत के बारे में कुछ नहीं पता.

रौशनी ने एक क्वेश्चन बोर्ड पर लिखा और उसके मुँह से अचानक hi निकल गया,

"राहुल! जो एंड सोल्वे तहत"

निकिता : एहम... Ma'am!! हमारी क्लास में राहुल कोई भी नहीं है

रौशनी जैसे ये सुन्न के होश में आती है, राहुल को क्वेश्चन देकर उस से सोल्वे करवाना उसकी आदत बन चुकी थी.

रौशनी : I'm सॉरी स्टूडेंट्स! मुझे तुम्हारे एक सीनियर भैया की याद आ गयी...

नेहा : और कोण है वो सीनियर ma'am?

रौशनी (स्माइल्स) : तुम्हारा बड़ा भाई. हे वास् थे बेस्ट स्टूडेंट I've एवर हद.

नेहा : ........

इधर नेहा की लाइफ में थोड़ी अड़चने ज़रूर थी पर वो सुरक्षित थी फ़िलहाल के लिए तोह.

यहाँ मुंबई में राहुल ख़ुशी और प्रीती के साथ उनकी क्लास में लेक्चर के दौरान रोज़ की तरह पीछे खड़ा हुआ था की तभी उसका फ़ोन बज उठा,

राहुल : hello?

सौरभ : अबे साले.... तू यहाँ मुझे चोरर कर कहा घूम रहा है? कितने दिनों से में मग्गी और ब्रेड खा खा के निकाल रहा हु, कहा है तू?

सौरभ की बात सुन्न राहुल की हस्सी छूट गयी, बेचारा वह मग्गी और ब्रेड खा खा के अपना पेट भर रहा था.

करता भी क्या? उस से इनके अलावा कुछ आता hi नहीं था.

राहुल : I'm सॉरी यार! में काफी बिजी हु. 3 महीने ऐसे hi चलेगा. तू टेंशन मत ले, में तेरे लिए टिफ़िन लगवा देता हु. और काम कहा तक पहुचा?

सौरभ : भाई! कोर्सेज सारे ख़तम कर दिए है मेने.

राहुल : क्या बात है मेरे शेर! ये हुई न कुछ बात. अब सुन्न! अब चुकी तूने कोर्सेज कर लिए है तोह में ड्राइव पर तुझे एक प्रोटोकॉल भेज रहा हु.

सौरभ : किस चीज़ का प्रोटोकॉल?

राहुल : एक सॉफ्टवेयर है. जिस पर मेने 4 साल म्हणत की है.

सौरभ : क्या? तोह अब तक तू ये छुपा के रखा था?

राहुल : यदि तू कोर्सेज नहीं करता तोह तुझे समझ नहीं आती इसकी कोडन. इसलिए तुझे पहले कोर्सेज करवाए मेने. अब में जो भेज रहा हु उससे अच्छे से समझना और फिर बताना अपने व्यूज.

सौरभ : तोह आगे का क्या प्लान है?

राहुल : आगे का मिशन hi तोह सबसे इम्पोर्टेन्ट है मेरे भाई. चल! में बाद में बात करता हु.

*कॉल एंड्स*

लंच होते hi राहुल वाशरूम के लिए निकलता है तोह उससे कॉरिडोर के पास hi एक लड़की दिखाई देती है जो उससे इशारे कर के बुला रही थी.

राहुल आगे बढ़ा तोह देखा की लड़की काफी ख़ूबसूरत थी. पतला स्लिम फिगर, मध्यम साइज के बूब्स, गोरा रंग, काले बाल, और तीखे नैन.

राहुल : आपने मुझे बुलाया?

लड़की : जी हां!! में उर्वशी!! और आप?

राहुल : I'm राहुल.

उर्वशी : ज़रा वह अंदर चलिए न, मेने सुना है आप किसी स्टूडेंट के बॉडी गार्ड हो तोह आपके अलावा ये काम और कोण कर सकता है?

राहुल : केसा काम?

उर्वशी : वह हमारे क्लासरूम में वो बोर्ड निकल गया है, प्लीज लगा दीजिये.

उर्वशी ने अपने निचले होंठ को दांतो में दबाते हुए कहा

राहुल : वेल! Okay! ठीक है! चलिए!

उर्वशी राहुल को लेकर सबसे ऊपर की फ्लोर में ले गयी और वह एक क्लासरूम के अंदर जब राहुल पहुचा तोह देखा की करीब 8 से 10 लड़किया वह बैठी हुई है और बोर्ड एक साइड से गिरा हुआ है.

राहुल (मैं में) : कुछ गड़बड़ ज़रूर है. इतने ऊपर के फ्लोर में कोण सी क्लास लगने लगी? और यहाँ पे बाकी क्लास्सरूम्स में तोह कोई भी नहीं है, सब कुछ खाली पड़ा है. तोह फिर यहाँ ये सिर्फ 8-10 लड़किया क्या कर रही है? और इनके बैग्स कहा है? ज़रूर कुछ गड़बड़ है...

राहुल बिना कुछ कहे आगे बढ़ता है और बोर्ड को सेट करने लगता है, साड़ी लड़किया उससे खा जाने वाली नज़रो से देख रही थी. जैसे मानो रेगिस्तान में उन्हें पानी मिल गया हो.

अभी राहुल बोर्ड सेट कर hi रहा था की इतने में उर्वशी ने गेट को अंदर से लॉक किया और बाकी बैठी हुई सभी लड़किया राहुल पर झपट पड़ी और उससे चारो और से घेर कर उसके हाथ परर पकड़ लिए.

राहुल खुद को छुड़ाने की कोशिश किया पर 8-10 लड़किया उस से चुम्बक के भाति चिपकी हुई थी, तभी उर्वशी आयी और राहुल के सामने आके कड़ी हो गयी और उसकी चीन अपने हाथो में लेकर उसके करीब आयी,

उर्वशी : कोई आखिरी ख्वाहिश हो तोह बता दो मेरे राजा.

कहते हुए अचानक hi उसने एक चाक़ू निकल लिया और राहुल के गले पर रख दिया,

राहुल : ये सब चल क्या रहा है?

उर्वशी : हां! ी थिंक तुम्हारे म्ररने से पहले तुम्हे ये तोह पता चलना hi चाहिए!

राहुल : ..........

उर्वशी : तोह सुनो! हम यहाँ केवल ख़ुशी के लिए है. हमारा टारगेट सिर्फ और सिर्फ ख़ुशी है. अब क्युकी तुम हमारे रास्ते में हो इसलिए तुम्हे मारना पद रहा है वर्ण हमारी तुमसे कोई दुश्मनी नहीं है.

राहुल : तुम लोग कोण हो? किसने भेजा है तुम्हे?

उर्वशी : वेल! ठीक है में तुम्हे बताती हु. ी गेस तुम्हे कुछ भी नहीं पता. तोह सुनो ध्यान से...

में इस गैंग की लीडर हु. नाम तोह तुम जानते hi हो. अब हमको मिशन मिला है की ख़ुशी को किडनैप करके देना है तोह बदले में हमे पैसे मिलेंगे. तोह बस इसलिए हम यहाँ पर है, हमे नहीं पता आगे ख़ुशी के साथ क्या किया जाएगा.

राहुल : ओह अच्छा!? मान न पड़ेगा जिसने भी ये मिशन तुम लोग को दिया है वो वाक़ई बोहत बड़ा बेवक़ूफ़ इंसान है. लड़कियों को भेज दिया किडनैप करने?

उर्वशी : हाहाहाहा! पर तुम भी तोह मेरे झांसे में फस्स गए न? लड़की पर कोई शक नहीं करता, बस यही कारण है की हम यहाँ पर है. हमे सिर्फ पैसो से मतलब है. I'm सॉरी! बूत बोहत हो गयी बातें. अब तुम को जाना होगा इस दुनिया से...

राहुल : एक सवाल और है

उर्वशी : ठीक है! वो भी पूछ लो...

राहुल : तुमलोग यहाँ आए कैसे और किसी को कुछ पता hi नहीं चला? और तोह और खुले आम मुझे पकड़ भी लिया फिर भी किसी को कानो कान खबर भी नहीं है?

उर्वशी : हम्म! ठीक ये! ये भी जान hi लो अब. हम तुमपर कई दिनों से निगरानी रखे हुए थे. और कॉलेज में एंट्री दिलवाना तोह मामूली काम है. हमको ये सब अर्रंगे कर के दिया गया था जिसने हमको ये मिशन दिया उसी ने सब अर्रंगे करवाया. कॉलेज की यूनिफार्म भी ऐसे hi मिल गयी, और ऊपर ये फ्लोर अभी कंस्ट्रक्शन पर है तोह कोई आता जाता नहीं. अब इतने बड़े कॉलेज में कोण पहचानेगा हमको की हम नए है या पुराने स्टूडेंट्स. सिंपल!

राहुल : कमाल है! और एक आखिरी सवाल. वो कोण है जिसने तुमलोगो को मिशन पर भेजा?

उर्वशी : बोहत हो गए सवाल जवाब! अब तुम्हारा थे एन्ड बोलने का टाइम आ गया.

राहुल : अरे अरे! देखो! में तोह म्ररने hi वाला हु काम से काम मुझे सच्चाई जान ने का हक़ तोह दो. काम से काम मुझे पता तोह चले म्ररने से पहले.

उर्वशी : नहीं!! हमे ये बताने से मन किया गया है.

राहुल : अच्छा तोह फिर मेरी आखिरी ख्वाहिश hi पूरी कर दो.

उर्वशी : और कितनी ख्वाहिश है तुम्हारी?

राहुल : प्लीज! देखो! में म्ररने वाला हु, काम से काम अपनी एक इच्छा पूरी करके तोह मरू.

उर्वशी : कहो!

राहुल : बस एक लिप तो लिप किश करनी है आपको

उर्वशी (शॉकेड) : व्हाट??? ये क्या बकवास है? गर्ल्स! इससे ठिकाने लगाओ!

राहुल : प्लीज!! देखिये! मेने कभी भी किसी लड़की के साथ किश नहीं करि, आप इतनी सुन्दर हो. एक किश दे डौगी तोह क्या बिगड़ जाएगा? फिर आप जो चाहे कर लेना.

उर्वशी (ब्लश) : mein...mein... आयी रूपा! तुम किश करो इससे और फिर इससे हम ठिकाने लगाए.

में कोई भी काम बेईमानी से नहीं करती.

रूपा (ब्लश) : क्या??? पर... पर... बॉस!!

उर्वशी : तुम करती हो या नहीं?

रूपा डर के मारे राहुल की तरफ बढ़ती है और अपनी आखें बंद कर लेती है, राहुल भी अपनी आखें बंद कर के रूपा के गुलाबी होंठो की तरफ बढ़ता है और उन्हें अपने मुँह में भर लेता है.





रूपा की सिसकी निकल जाती है, ये उसके जीवन का पहला चुम्बन था. उसकी पकड़ राहुल पर से ढीली होने लगती है और वो मधुर चुम्बन के एहसास में डूबने लगती है.

बाकी सभी लड़किया भी बस दोनों के होंठ और जीभ आपस में लिपटे हुए देख रही थी और धीरे धीरे वो भी गरम हो गयी और उनकी पकड़ भी राहुल पर ढीली हो गयी. उर्वशी भी अपने निचले होंठ को दांत से दबा कर राहुल और रूपा के हो रहे चुम्बन को देख कर के उसका एहसास लेने की कोशिश कर रही थी. ऐसे पहले उनके साथ कभी नहीं हुआ था.

सभी सामने हो रहे नज़ारे में घूम थे की इतने में राहुल ने मौका देख के रूपा को एकदम से घुमा दिया और अपनी खुद की चाकू जो उसके जेब में राखी हुई थी उससे निकाल कर रूपा के गले पर लगा दी.

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आज के लिए इतना hi दोस्तों!

ये अर्च पूरा ख़ुशी के बारे में है. ये सिर्फ कुछ उपदटेस तक चलेगा. जब राहुल इन् सब से डील कर लेगा तब वो अपनी बिज़नेस जर्नी स्टार्ट करेगा.
 
शुक्रिया भाई!

रूचि के साथ राहुल का सन नहीं होगा ी थिंक क्युकी वो राहुल को एक अच्छे भाई के रूप में hi देखती है.

रही बात निकिता की तोह वो अंदर hi अंदर जानती है की राहुल ने hi नेहा को सेव किया होगा.
 
गाइस! सबसे पहली बात में एक मिसुन्दरस्टण्डींग दूर करना चाहता हु. कुछ लोग सोचते है की वरिटेरस व्यूज के लिए उपदटेस लटकाते है और बोहत से लोग मुझे भी वैसा hi समझ रहे है पर एक अहम् बात बता दू की मुझे व्यूज से कुछ नहीं मिलने वाला. मेरी स्टोरी चाहे 1, 2, 5, 10 मिलियन व्यूज hi क्रॉस क्यों न कर जाए पर मुझे कुछ नहीं मिलने वाला. ऐसा नहीं है की में लिखता हु तोह मुझे पैसे मिलते है. ी don't गेट पेड. जैसे आप सभी अपने परिवारों के साथ घर पर हो और बोर हो रहे हो वैसा hi मेरे साथ भी है. और जैसा की मेने पहले बताया हुआ है की लोखड़ौन की वजह से मेरी प्राइवेसी काम हो चुकी है और में रात में hi उपदटेस लिख पाटा हु. कई बार एक रात में अपडेट नहीं लिख पाटा, नींद आ जाती है इसलिए फिर अगली रात उससे कंटिन्यू करता हु और इस चक्कर में एक दिन लेट हो जाता हु. मेने वीक में 3 उपदटेस देने का इसलिए कहा था क्युकी में जानता हु आप सभी बोर हो रहे होंगे और मेरे ऐसा करने से मय्बे जो लोग मेरी कहानी पढ़ते है उनको थोड़ा और कुछ प्रदान कर सकू में. मुझे क्या मिल रहा है? मुझे कुछ नहीं मिल रहा भाई, केवल आप लोगो के रेविएवस hi मुझे मोटिवेशन देते है, उसमे भी कुछ लोग कम्प्लेंट्स करते है ठीक है, वो उनका फ़्रस्ट्रेशन है पर में अपनी तरफ से जितना हो पा रहा है उतना कर रहा हु. भले hi में थोड़ा लेट हो जाता हु पर में कोशिश कर रहा हु और करता रहूँगा.

धन्यवाद्!
 
मेने एक बात नोटिस करि है, मुझे नहीं पता बाकियो ने नोटिस करि हो या नहीं पर जब भी में उपदटेस देता हु, या मेगा अपडेट देता हु या टाइम तो टाइम अपडेट देता हु तब तुम्हारा कोई अत पता नहीं रहता, ईद के चाँद हो जाते हो तुम बिलकुल, बोले तोह एकदम गायब.

पर जैसे hi में अपडेट देने में लेट हो जाता हु या नहीं दे पाटा किसी कारणवश तोह तुम एकदम से प्रकट हो जाते हो और बिगड़े लहज़े में बात करते हो. ये सिर्फ मेरी hi स्टोरी की बात नहीं कर रहा में, मेने कई और स्टोरीज पर भी देखा है तुम कैसे वरिटेरस को बुरा भला कहते हो. आखिर मामला क्या है ये?
 
तुम्हारी बातो का कोई सेंस नहीं बन्न रहा. और तुमने ये कहके तोह जोके hi मार दिया की मेने कभी भी टाइम पे अपडेट नहीं दिया :lol1:

खर्र! कहानी तोह अपने समय पर hi अंत होगी जब उससे होना होगा.

और हां एक बात और...

चलो तुम्हारी बात मान लेते है की मेने कभी टाइम पे अपडेट नहीं दिया. तोह अब मुझे ये बताओ की तुम्हारे अलावा यहाँ बाकी सब मुझे क्यों इस तरह नहीं कोस रहे?

उनको भी तोह ऐसे hi ट्रीट करना चाहिए न?

तुम hi केवल क्यों हो? बाकी सब क्यों नहीं कह रहे ऐसा? तोह गलत कोण है?
 
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