इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

hotaks

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सबसे पहले जो मेंबर्स यहाँ पे एक्सपेरिएंस्ड और सीनियर्स है उनको रेस्पेक्ट भरी ग्रीटिंग्स और जो मेरी तरह नई है उनको प्यार भरा Hi!

वैसे तोह में ये थ्रेड संडे से स्टार्ट करने वाला था पर सोचा आज रात से hi शुरू कर देता हु.

गाइस! कहानी शुरू करने से पहले कुछ चाँद बाते आपके सामने रखना चाहूंगा...

पहली ये की यह कहानी इन्सेस्ट और हरम गेंरे पे आधारित है. इसमें किसी भी प्रकार की अडुल्टेरी ऐड नहीं होएगी. यदि आप को अडुल्टेरी पसंद है तोह यह कहानी आपके लिए नहीं है माफ़ कीजियेगा.

दूसरी बात ये की यह कहानी रियल लॉजिक पर बेस्ड है, इसमें कोई भी मैजिक, साइंस फिक्शन, या फंतासी जैसे जनरेस नहीं रहेंगे.

तीसरी बात, मेरे उपदटेस में आपको हार्डली कोई ग्रामर मिस्टेक्स या स्पेलिंग मिस्टेक्स मिलेंगी तोह गलतियों से आप निश्चिन्त रहिये.

आप कहानी को लुत्फ़ लेके पढ़ पाएंगे.

चौथी और आखिरी बात, कहानी के उपदटेस 2 या 3 दिन में आ जाएंगे. में रेगुलर उपदटेस जब तक हो सकता है तब तक दूंगा, नहीं तोह 2 से 3 दिन में आएँगे उपदटेस.

साड़ी बाते शेयर करने के बाद अब आपसे इजाज़त चाहूंगा स्टोरी को स्टार्ट करने की. आशा करता हु आप सभी ढेर सारा प्यार देंगे मेरी इस कहानी को. धन्यवाद!
 
अपडेट - 1

फॅमिली ींट्रोडक्शन :

1. राजेश मिश्रा (आगे-52)

~ पेशे से सरकारी बैंक में मैनेजर है. और, प्रोटागोनिस्ट के पिता है.

2. निशा मिश्रा (आगे-48)

~ ये हाउसवाइफ है और प्रोटागोनिस्ट की माँ है.

3.
राहुल मिश्रा (आगे-21)

~ प्रोटागोनिस्ट. यह इंजीनियरिंग कर रहा है कंप्यूटर साइंस से और लास्ट ईयर में है.

4. नेहा मिश्रा (आगे-18)

~ राहुल की छोटी बहिन, ये राहुल के hi कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रही है शामे ब्रांच से, अभी 1सत ईयर में है.

बी
ाकि चरक्टेर्स समय आने पर इंट्रोडस करा दिए जाएंगे.

अब थोड़ी इनफार्मेशन इनकी फॅमिली और हाउस कंस्ट्रक्शन के बारे में भी दे देता हु.

राजेश मिश्रा- एक सरकारी एम्प्लोयी है. मतलब सरकारी बैंक में मैनेजर है. अच्छी खासी इनकम हो जाती है और लोगो से कॉन्टेक्ट्स भी ज़्यादा है. आखिर बैंक में किसका खता नहीं होता? बड़े से बड़े रईस लोगो का खता बैंक में रहता है. इनकी पहुँच भी है और पहचान भी है. नेचर से खुश मिजाज़ व्यक्ति है, अपने दोनों प्यारे बच्चो को खूब चाहते है. राहुल को तोह दोस्त जैसा मानते है. शरीर से उतने फिट तोह नहीं है, हल्का फैट आ गया है बेल्ली में. अब इतनी उम्र में तोह ये लाज़मी hi है.

निशा मिश्रा- एक हाउसवाइफ है. इन्होने आर्ट्स से ग्रेजुएशन किया था ये क्रिएटिव है बहुत और घर चलना इन्हे बोहत अच्छे से आता है. सुन्दर भी है और इनके हाथ का खाना इनकी पूरी फॅमिली में फेमस है. बचपन से सिंगिंग करती आ रही है. आवाज़ बहुत मधुर है. अपने दोनों बच्चो से खूब प्यार करती है और अपने पति से भी. हिंदुस्तानी नारी है, साड़ी मर्यादाओ का ध्यान रखती है और समाज में अपने परिवार की इमेज में चार चाँद लगा देती है.

राहुल मिश्रा- मीट्स से इंजीनियरिंग कर रहा है और आखिरी ईयर में है. ब्रांच कंप्यूटर साइंस है. स्कूल के वक़्त 9तह और 11तह में भी कंप्यूटर साइंस hi लिया था.
पढ़ने में बहुत होशियार है. एक जीनियस कह सकते है इसे. ये जिस चीज़ में जाता है उसमे hi बेस्ट बन जाता है. चाहे वो पढाई हो, चाहे स्पोर्ट्स, चाहे ड्राइंग या हैंडराइटिंग कुछ भी. इसे हर चीज़ थोड़ी बहुत आती hi है. और अधिकतर में ये माहिर है एकदम. जब 3रद ईयर में था तोह पूरे साल गयम गया और अच्छी बॉडी भी बना ली है. इतनी बॉडी नहीं की एक दम फूल गया हो, बस इतनी की कोई भी कपडे पहने तोह सारे जचते है इस्पे. और दिखने में तोह है hi स्मार्ट. अपने पैरो पे खड़े होना चाहता है और जल्द से जल्द पैसा कामना चाहता है ताकि घर वालो का पैसा अब इस्पे खर्च न हो और ये घर के लिए कुछ कर सके. ये लोगो को एक झलक देख के hi परख लेता है की वो व्यक्ति किस टाइप का है. दिमाग बहुत शार्प है. खुश मिजाज़ नेचर इसका भी है अपने पापा से मिला है, सिंगिंग में भी बहुत अच्छा है, माँ से आया है सिंगिंग टैलेंट.

नेहा मिश्रा- राहुल के hi कॉलेज में शामे ब्रांच से इंजीनियरिंग कर रही है. अभी 12तह पास आउट होक कॉलेज में एडमिशन लिया है और कॉलेज जाते हुए अभी 1 महीना hi हुआ है. कॉलेज की दूरी घर से 7-8 कम है तोह अपनी फ्रेंड निकिता के साथ उसकी स्कूटी में hi जाती है. कभी कभी उसकी स्कूटी में पेट्रोल भी भरवा देती है. दोनों अच्छे दोस्त है. राहुल को ये बिलकुल भी नहीं चाहती है. उसको देख के hi इसको गुस्सा आने लगता है. बहुत hi सुन्दर है, माँ से मिली है सुंदरता. ऐटिटूड भी है, पर लोगो से लहज़े में भी बात करती है सिवाए राहुल के. डांस करना इसे बहुत पसंद है, और लम्बी वेकेशन ट्रिप्स पे जाना इसे और भी पसंद है.

निकिता दुबे- नेहा की स्कूल टाइम से फ्रेंड है और साथ में कॉलेज ले जाती है उसे अपनी स्कूटी पे. दोनों के बीच बोहत अच्छी बॉन्डिंग है. उसका भी एक रीज़न है. जो राहुल से hi जुड़ा हुआ है. निकिता में राहुल के प्रति थोड़ी बहुत फीलिंग्स है क्युकी उसे हमदर्दी होती है नेहा के ऐसे बर्ताव के कारण. उसे साड़ी सच्चाई पता है बूत फिर भी उसका मैं यही कहता है की राहुल को इतनी हेट नहीं मिलनी चाहिए जितनी नेहा उसे देती है. निकिता चुलबुली है और साथ hi साथ इमोशनल भी है.

ये था फॅमिली का कुछ बेसिक इंट्रोडक्शन.
अब थोड़ा हाउस स्ट्रक्चर बता देता हु.

घर में नीचे एक बड़ा हॉल है.

हॉल के एन्ड में वाल के साइड से एक डाइनिंग टेबल है. फिर राइट साइड में किचन है और किचन के राइट साइड में एक वाशरूम है और उसके बगल में एक स्टोर रूम. किचन के लेफ्ट साइड जाओ तोह बैडरूम है जहा राहुल के माँ और डैड सोते है और उनके रूम के और लेफ्ट में एक खली गेस्ट रूम है.

गेस्ट रूम के एंट्रेंस के बगल hi स्टैर्स है जो ऊपर जाती है.

ऊपर राइट साइड में राहुल का रूम है और लेफ्ट साइड में नेहा का. ऊपर दो hi रूम है. दोनों अच्छे रूम है. दोनों में वाशरूम अटैच्ड है. कॉरिडोर के एन्ड में एक बड़ी बालकनी है कपडे सूखने क लिए और एक झूला भी लगा हुआ है. स
आईडीई से स्टैर्स है जो टेरेस पे जाती है.

तोह ये थी साड़ी इनफार्मेशन.

धन्यवाद दोस्तों, अब कल रात को अगला अपडेट आएगा. बने रहिएगा मेरे साथ.
 
अपडेट 2 -

*चिर्प चिर्प चिर्प*

चिडियो की चेह चाहहत से और खिड़की से आ रही सूरज की हलकी रौशनी के कारण उसकी आँखें खुल जाती है. और, प्यार भरा सपना भी टूट जाता है. आखिर क्या था उस सपने में? ये केवल उससे hi पता था. सुबह के 9 बज चुके थे और हल्का हल्का शोरगुल घर में और सोसाइटी में होने लगा था जो रोज़ के दिनचर्या का एक आम हिस्सा था. तोह, उसकी नींद टूटना लाज़मी था. ये और कोई नहीं हमारा हीरो राहुल hi है. राहुल रात को देरर तक पढ़ाई जो किया था.


कॉलेज में आखिरी साल जो है उसका. कुछ hi दिनों क बाद कम्पनीज आना स्टार्ट हो जाएँगी और राहुल उसकी hi प्रिपरेशन करने में लगा हुआ था.

वह कंप्यूटर साइंस की ब्रांच को बिलोंग करता है तोह आने वाली कम्पनीज को अच्छी प्रोग्रामिंग स्किल्स और कम्युनिकेशन स्किल्स चाहिए.

इसी कारण वह रात को देरर से सोता और सुबह उठने में आखिर थोड़ी बोहत देरर हो hi जाती.


माँ (निशा) को भी पता रहता की राहुल रात रात भर पढता है इसलिए वो उसे सुबह जल्दी नहीं उठती. आखिरी ईयर है इसलिए कॉलेज कोई नहीं जाता, सभी प्रिपरेशन करने में लगे हुए थे. सुबह को थोड़ा लेट उठना, नाश्ता करना, मेल्स चेक करना, नहाना धोना, खाना पीना, और देरर रात तक पढ़ना. बस इसी में उसका पूरा समय निकल जाता था. जबसे वह लास्ट ईयर में आया तब से यही रूटीन बन्न गया था उसका.

खुद के पैरो पे खड़े जो होना था. आखिर कब तक उसके papa(Rajesh) उसका खर्चा उठाते रहेंगे और फिर उसकी बहिन नेहा की शादी भी तोह करनी है आगे चल के.

{दोस्तों राहुल की फॅमिली ग्वालियर सिटी को बिलोंग करती ह और वही पे रहते है ये सब}

इन्ही सब खयालो में डूबे हुए राहुल बिस्तर से उठता है, आँखें रगड़ता है और वाशरूम में घुस जाता है फ्रेश उप होने. फ्रेश होने के बाद वो नीचे जाने के लिए रूम का दूर खोलता hi है .. पर ये क्या? उसके चेहरे पे पानी?? ये कहा से आया? अभी तोह धोया था उसने अपना फेस और पोछा भी था.. फिर ये? सामने देखता है तोह उसकी बहिन नेहा थी जिसने गिलास से पानी फेक दिया था उसके चेहरे पे और 'हम्फ' करके अपने रूम के अंदर चली गयी.

वो कॉलेज ड्रेस पहने हुए थी, और रूम में कुछ सामान लेने आयी थी जो भूल गयी थी. नीचे नाश्ता कर रही थी और पानी पीते पीते hi ऊपर की और चल दी और जब राहुल निकलता हुआ दिखा तोह पानी सीधा उसके चेहरे पे उड़ेल दिया.

आखिर क्यों? राहुल को इसका जवाब पता था और अब देखा जाए तोह वह जनता था कोई फायदा नहीं है कुछ कहने का.

वह बिना कुछ बोले वह से वापस अपने रूम में आता है टॉवल से फेस पोछता है और नीचे की और निकल जाता है.

नीचे आते hi देखता है की उसकी प्यारी माँ किचन में काम कर रही है..


राहुल : गुड मॉर्निंग! मम्मी.

निशा : गुड मॉर्निंग बेतु! आज भी रात में देरर तक पढ़ा?

राहुल : हाँ मम्मी! कम्पनीज आने वाली है तोह म्हणत तोह करनी पड़ेगी.

निशा : मेरा बच्चा!! अपनी सेहत का भी ध्यान रखा कर. चल नाश्ता कर ले, नेहा का टिफ़िन लगा दू फिर देती हु तुझे ठीक?

राहुल : जी

इतना कह के राहुल डाइनिंग टेबल पे बैठ जाता है जहा उसके डैड बैठे थे चाय पी रहे थे और बैंक जाने hi वाले थे.


राजेश : उठ गए बीटा? ज़्यादा देरर भी मत पढ़ा करो. कही सेहत बिगड़ गयी तोह दिक्कत हो जाएगी.

राहुल : नहीं पापा. ठीक हु में. टेंशन की कोई बात नहीं है.

राजेश : हम्म.... (तेज़्ज़ स्वर में) निशा, में निकल रहा हु. थोड़ा एक क्लाइंट के घर उस से मिलने भी जाना है. मित्र है पुराण. लोन से सम्बंधित काम है.


निशा (तेज़्ज़ स्वर में) : अच्छा ठीक है.. जल्दी आना.

फिर राजेश अपनी स्विफ्ट कार में बैठ के निकल जाता है.

आज के लिए इतना hi गाइस! स्टोरी स्टार्ट हो चुकी है, धीरे धीरे सारे रेअसोंस सामने आएंगे की आखिर नेहा का बर्ताव अपने भाई के लिए ऐसा क्यों है. क्यों राहुल ने नेहा को कुछ नहीं कहा. जानने के लिए बने रहिये मेरे साथ.
 
अपडेट 3 -

अब तक...

राजेश : उठ गए बीटा? ज़्यादा देरर भी मत पढ़ा करो. कही सेहत बिगड़ गयी तोह दिक्कत हो जाएगी.

राहुल : नहीं पापा. ठीक हु में. टेंशन की कोई बात नहीं है.

राजेश : हम्म.... (तेज़्ज़ स्वर में) निशा, में निकल रहा हु. थोड़ा एक क्लाइंट के घर उस से मिलने भी जाना है. मित्र है पुराण. लोन से सम्बंधित काम है.

निशा (तेज़्ज़ स्वर में) : अच्छा ठीक है..

जल्दी आना.


फिर राजेश अपनी स्विफ्ट कार में बैठ के निकल जाता है.

अब आगे...

उसके जाने के बाद निशा नेहा का टिफ़िन उसके बैग में रखती है और फिर राहुल को भी नाश्ता सर्वे करती है.


इतने में नेहा भी नीचे आ चुकी थी. और, वो खाली गिलास को वापस किचन में सिंक में रखती है और हॉल में आ कर अपने सॉक्स पहनने लगती है.

राहुल सिर्फ उसकी हरकतों को ऑब्सेर्वे कर रहा था. कह कुछ नहीं रहा था.

नेहा भी साइड ऑय करके एक दो बार राहुल को देखि बूत कोई बात नहीं करि.

फिर, वो संदल पहनती है और इतने में उसकी फ्रेंड निकिता आ जाती है.
दोनों का रोल no. आगे पीछे है इसलिए ये दोनों बहुत अच्छी फ्रेंड्स भी है और निकिता का घर भी नेहा के घर से नज़दीक है इसलिए वह नेहा को साथ में ले जाती है. घर में नेहा के पास स्कूटी नहीं है.

घर में एक स्विफ्ट कार और हौंडा शाइन है जो राजेश उसे करते है और राहुल के लिए कॉलेज की स्टार्टिंग में उसको गिग्सेर दिलाई थी.

राहुल लास्ट ईयर में होने के कारण कॉलेज जाता hi नहीं जिसके कारण नेहा निकिता के साथ जाती है. वैसे यदि राहुल जाता भी तोह भी शायद नेहा उसके साथ नहीं जाती.


क्यों? इसका जवाब तोह ये hi लोग जानते है. नेहा निशा को bye बोलती है और निकल जाती है.

रास्ते में...

निकिता : आज भी लड़ी क्या तू?

नेहा : क्या मतलब?

निकिता : अरे अपने भाई से, आज भी कुछ हरकत करि क्या तूने?

{ये दोनों कॉलेज के पहले से hi फ्रेंड्स है, स्कूल में भी साथ hi थी और कॉलेज में भी साथ में है, इसलिए निकिता सब जानती है और घर जैसी hi है वो नेहा के यहाँ.}

नेहा : हम्म! ज़्यादा कुछ नहीं, बस पानी डाला.

निकिता : हैं?? क्यों?? यार क्या बिगाड़ा है तेरे भाई ने? इतने स्वीट है और तू है की...

नेहा : एक्सक्यूज़ में?? क्या बिगाड़ा है उसने?? और, क्या कहा तुमने? स्वीट है? स्वीट माय फुट! Don't यू क्नोव?? फॉरगेट आईटी! कैन वे प्लीज चेंज थे टॉपिक??

निकिता : Ok फाइन! बूत यार मुझे बुरा लगता है उनके लिए.

नेहा : ी साइड चेंज थे दमन टॉपिक निकिता.

निकिता : ुघ्घ! फाइन!!!

फिर, दोनों कुछ कॉलेज से रिलेटेड बाते करती है रास्ते भर और इतने में कॉलेज आ जाता है.

इधर घर पर राहुल नाश्ता कर चूका था और टीवी पे न्यूज़ देख रहा था, तभी उसकी माँ आती है.

निशा : तोह आज भी कुछ किया क्या नेहा ने?

राहुल : (माँ की तरफ देखते हुए स्माइल करता है और वापस टीवी देखने लगता है)

निशा : क्या करू इस लड़की का? पता नहीं क्या गाँठ बाँध ली है इस बेवक़ूफ़ ने. अरे कोई अपने सेज भाई से ऐसे पेश आता है क्या? में तोह रोज़ भगवन से प्रार्थना करती हु की इसके भेजे में थोड़ी अकाल आये और इसे सही राह दिखे. पता नई भगवन कब सुनेंगे मेरी. और, देखा जाए तोह गलती सिर्फ हम दोनों की है जो...

राहुल : कोई बात नहीं माँ, में उसका बुरा नहीं मानता. और, आप लोगो की कोई गलती नहीं है.

निशा : तू तोह बोल hi मत कुछ. कुछ बोलता तक नहीं है उसे. में तेरी जगह होती तोह एक झापड़ लगा के सही कर देती और सब बता देती. अभी भी पिटाई कर दू उसकी पर तूने जो रोक के रखा है मुझे. कैसी बहिन है जो अपने भाई के लिए हमेशा बुरा hi सोचती है. हे! भगवन कैसे बच्चे भेजे तूने मेरे यहाँ. कुछ कर इनका. काश ये लोग बचपन की तरह फिरसे घुल मिलकर रहे.

राहुल : उसे पता होता तोह वह नहीं करती माँ ऐसा.

निशा : तोह बता देना बेतु, में सेह लुंगी आगे जो भी होगा.

राहुल : नहीं माँ, ये क्या कह रही हो आप, वो नादान है, अभी उम्र hi क्या है उसकी. इतना सब नहीं झेल पाएगी.

निशा : में दुनिया की सबसे मजबूर औरत हु... काश उस दिन वो सब न हुआ होता, तोह आज ये दिन देखना नहीं पड़ता.

राहुल : अरे मेरी प्यारी मम्मी वो सब छोड़िये और ये बताइये की गुलाब जामुन बने की नहीं? आज बनाने वाली थी न आप?

निशा : हाँ बेतु! जा hi रही हु बस...


और, निशा उदास मैं से उठ के गुलाब जामुन बनाने की तैयारी में लग जाती है. राहुल भी अपने रूम में चला जाता है पढ़ने और सुबह वाली नेहा की हरकत के बारे में सोच रहा था.

सोच रहा था की ये हरकत तोह कितनी छोटी है अगर बाकियो की हरकत से कपड़े की जाए तोह.

उधर कॉलेज में एक महीना hi हुआ था नेहा को ज्वाइन किये तोह उसने क्लास में सभी से अच्छी खासी फ्रेंडशिप कर ली थी, सिवाए फालतू लड़को के ग्रुप से
.

नेहा एक एक्सट्रोवर्ट लड़की थी पर वो कभी भी किसी भी लड़के से बात नहीं करती थी. उसके स्टैंडर्ड्स भी हाई रहते थे. क्लास में लौंडे लोग तोह फ़्लर्ट करना पहले दिन से hi स्टार्ट कर देते है. ठरकी जो ठहरे. लड़की क्या दिखी उनके मैं में पहले hi उस लड़की के साथ पोर्न वीडियो बन्न जाती है. ये भी अपने आप में टैलेंट है ठरकी लड़को का. नेहा को ये सब पता था की ये सब झमेले में नहीं पड़ना है. नेहा परमानेंट लव एंड बॉयफ्रेंड पे बिलीव करने वाली लड़कियों में से एक थी. उसे टाइम पास करना बिलकुल पसंद नहीं था, यही कारण है की उसने बर्फ नहीं बनाया था.


बोलते तोह कई लोग थे नेहा को 'ी लव यू' पर नेहा इग्नोर hi मारती थी. क्युकी उसे वो बात किसी लड़के में नहीं मिली थी जो उसे चाहिए थी अपने प्यार में.

खैर अभी तोह स्टार्टिंग थी कॉलेज की तोह ज़्यादा कुछ हुआ नहीं. बस लेक्टर्स हुए और नेहा शाम को 5 बजे तक घर आ जाती है निकिता के साथ.

आज के लिए इतना hi गाइस!!

थैंक्स फॉर रीडिंग.


पढ़ते रहिये, ये जानने के लिए की कैसे धीरे धीरे सब होता है. आखिर क्यों मजबूर है निशा? जानने के लिए, बने रहिएगा.
 
अपडेट-4

अब तक...

बोलते तोह कई लोग थे नेहा को 'ी लव यू' पर नेहा इग्नोर hi मारती थी. क्युकी उससे वो बात किसी लड़के में नहीं मिली थी जो उससे चाहिए थी अपने प्यार में.

खैर अभी तोह स्टार्टिंग थी कॉलेज की तोह ज़्यादा कुछ हुआ नहीं. बस लेक्टर्स हुए और नेहा शाम को 5 बजे तक घर आ जाती ह निकिता के साथ.

अब आगे...

स्कूटी की आवाज़ सुन्न क निशा गेट क बाहर आती ह..

निशा: निकिता बीटा! आओ न बैठो, आज गुलाब जामुन बनाए ह, खा क जाना.

नेहा : हनन चल, आजा अंदर..

निकिता: गुलाब जामुन? वूऊऊ आंटी! ज़रूर. बोहत दिनों बाद आपके हाथ के गुलाब जामुन खाउंगी.

नेहा: अरे में खुद, माँ ने बोहत दिन बाद जो बनाए ह, चला अब.

सभी लोग अंदर आ जाते ह.

निकिता और नेहा सोफे पे बैठ जाती ह और राहुल तोह अपने रूम में था पढाई में व्यस्त.

निशा (तेज़्ज़ स्वर में): राहूउउउउल्ल... बेतु नीचे आजा, गुलाब जामुन बन गए ह, खा लो आके.

राहुल (तेज़्ज़ स्वर में) : आआआआआ...

निशा कटोरी में गुलाब जामुन दोनों लड़कियों को सर्वे करती ह.

नेहा थोड़ा गुस्से से माँ को देख रही थी. शायद उससे माँ का राहुल को बुलाना पसंद नहीं आया था. यही बात वो माँ को गुस्से से देख क बताना चाह रही थी.

निशा भी समझ चुकी थी की किस बात पे ये चिढ़ रही ह पर साथ में निकिता भी थी इसलिए उसने नेहा को रिस्पांस न देना hi बेटर समझा. हलाकि निशा जानती थी की निकिता को पता ह नेहा राहुल से नफरत करती ह, पर फिर भी निशा ज़्यादा से ज़्यादा घरेलु बाते घर में hi रखना चाहती थी. निकिता का पूरा फोकस तोह गुलाब जामुन पे था. फूडी जो ठहरी.

इतने में राहुल भी आ जाता ह, और दोनों लड़कियों को एकदम से देख ृक्क जाता ह. नेहा और निकिता भी राहुल को देख लिए थे और तीनो लोग बस एक दुसरे को देख रहे थे.

इतने में निकिता साइलेंस तोड़ती ह..

निकिता: Hi! राहुल भैया, कैसे हो आप? आइये न गुलाब जामुन खाइये हमारे साथ.

नेहा पलट क निकिता को देखने लगती ह वही गुस्से वाला मुँह बना क.

राहुल को पता लग गया था इसलिए वो बात बनाते हुए कहता ह..

राहुल : hi! निकिता. में बढ़िया हु, तमलोग खाओ, में ऊपर अपने रूम में hi खाऊंगा. माँ मेरे लिए प्लीज ऊपर ले आना.

निशा: हम्म्म...

राहुल ऊपर चला जाता ह.

और निशा और निकिता दोनों क चेहरे पे थोड़ी उदासी आ जाती ह.

नेहा को तोह घंटा फरक पड़ना था इसलिए वो गुलाब जामुन पे फोकस करती ह और खाने लगती ह.

मैं hi मैं निकिता राहुल क बारे में जितना सोचती उतना hi उससे राहुल क ऊपर तरस आता. एक हैंडसम, स्मार्ट, जीनियस लड़का जो सभी से अच्छे से पेश आता ह. आखिर क्यों उससे ये सब सेहन करना पद रहा ह?

वो नेहा की बताई बात को भी सच नहीं मान पा रही थी. ये बात कोनसी थी? ये वही सीक्रेट बात थी जो नेहा ने निकिता को बताई थी की आखिर क्यों वो अपने भाई को इतना हेट करती ह.

पर ना चाहते हुए भी निकिता उस बात पे कम्पलीट ट्रस्ट नहीं कर पाई थी.

निकिता: बी थे वे आंटी माँ आपको पूछ रही थी, उन्होंने आपको बुलाया ह.

निशा: हम्म? आरती?? हनन उससे मिले भी महीना से ज़्यादा हो गया. कहना की मेरे पास आए मिलने.

निकिता: नहीं आंटी माँ ने कहा ह की वो पिछली बार आई थी इसलिए इस बार आप हमारे घर आएंगी.

निशा: तेरी माँ भी न... चल ठीक ह. किसी दिन टाइम निकल क आती हु.

निकिता: जी आंटी. और गुलाब जामुन बोहत टेस्टी बने ह आंटी. थैंक यू! अच्छा, अब चलती हु. Bye नेहा. कल आती हु सुबह 9:30 तक. टेक केयर.

नेहा: हम्म ठीक .. bye.

निकिता अपने घर निकल जाती ह. रास्ते में भी वो राहुल क बारे में सोच रही थी.

Nikita's फॅमिली इंट्रोडक्शन:

विनोद दुबे (आगे-52)- निकिता क फादर. ये रेलवेज में तक ह. इनकी भी अच्छी खासी इनकम ह. राजेश को अच्छे से जानते ह और दोनों बोहत अच्छे मित्र ह.





आरती दुबे (आगे-49)- निकिता की माँ. एक सुन्दर, सुशील औरत. सुडोल शरीर की मालकिन ह. ये अपने परिवार से बेहद प्यार करती ह और राहुल को ये बोहत मानती ह.





ऋचा दुबे (आगे-21)- विनोद और आरती की बड़ी बेटी, निकिता की बड़ी बहिन. ये पूरी एक हॉट सामान ह. ये होशियार भी ह और इससे दुनिया दारी का भी नॉलेज बोहत ह. किस सिचुएशन को कैसे हैंडल करना ह इससे अच्छे से आता ह. इसका अभी तक कोई बर्फ नहीं ह. ये भी इंजीनियरिंग कर रही ह मीट्स में कंप्यूटर साइंस से. पर पहले ये ऐसी नहीं थी. ऐटिटूड क्वीन थी, और ईगो बोहत ज़्यादा था, यहाँ तक की दुनिया दारी क बारे में भी ज़्यादा नहीं पता था, इसके दोस्त भी नहीं थे, फिर ये चेंज कैसे हुई??? ये भी आप सभी को पता चल जाएगा.





निकिता दुबे (आगे-18)- विनोद और आरती की छोटी बेटी, ऋचा की छोटी बहिन. दिखने में ख़ूबसूरत ह. इमोशनल ह, खाना इससे बोहत पसंद ह पर साथ hi साथ अपना शरीर भी मेन्टेन क्र क रखती ह. अपनी फॅमिली को बोहत प्यार करती ह और नेहा की बेस्ट फ्रेंड ह. इसका भी कोई बर्फ नई ह, क्युकी घर वाले अरेंज्ड मैरिज hi करवाएंगे और टाइम पास रिलेशनशिप इससे भी पसंद नहीं ह.





वेदांत दुबे (Age-xx)- विनोद और आरती का एकलौता बीटा. दोनों बहने इससे प्यार करती ह. अभी 8तह क्लास में ह. इसका कहानी में रोले नई ह. और ये अभी छोटा भी ह.

ये था निकिता की फॅमिली का इंट्रोडक्शन.

आज क लिए इतना hi गाइस. नेक्स्ट अपडेट में आपको कुछ जानने को मिलेगा. :डेरिसीवे:
 
अपडेट-5

निकिता घर आ जाती ह...

आरती: आ गयी बीटा, केसा था दिन?

निकिता: बढ़िया था मम्मी, और हां नेहा क घर से आ रही हु, आंटी ने मस्त गुलाब जामुन खिलाए हहै.

आरती: मज़ा आया तुझे तोह बोहत ह न? मेरी बात कह दी थी न तूने?

निकिता: हनन माँ. आंटी बोली ह किसी दिन टाइम निकल क आएंगी.

आरती: चलो ठीक ह, जा कपड़े बदल ले रूम में जाके और फ्रेश होक आजा, खाना खा ले, भूक लगी होगी.

निशिता: okay...

निशिता अपने रूम hi जा रही थी की ऋचा किचन से निकलती ह हाथ में कॉफ़ी मग लिए...

ऋचा: आ गयी हीरोइन?? कॉफ़ी पीयेगी?

निकिता: हहै नहीं दी, अभी खाना खाना ह, और पता... नेहा क घर से गुलाब जामुन खा क आ रही हु.

ऋचा: हनन?? सच में? किस किस से मिली?

निकिता: आंटी से और नेहा से, अंकल तोह ड्यूटी पे थे. और हं!... राहुल भैया से भी बस थोड़ी देर क लिए मुलाक़ात हुई.

*उदास होते हुए*

दी आंटी ने राहुल भैया को हमारे साथ खाने बुलाया था पर नेहा का बर्ताव देख क उन्हें अपने रूम में खाना पड़ा.

ऋचा : ओह्ह्ह!! अच्छा ठीक जा तू कपड़े बदल ले.

फिर निकिता चली जाती ह.

रात को सभी लोग डिनर करते ह. विनोद कई बार रात में घर नहीं आता था. तक की नौकरी जो थी उनकी.

रात में सब सोने चले जाते ह. ऋचा अपने रूम में आती ह और बीएड पे लेत क अपने फ़ोन में गैलरी का हिडन फोल्डर खोलती ह जिसमे एक पिक्चर थी.

ऋचा (मैं में): आज में जो भी कुछ हु, सिर्फ तम्हारी वजह से हु. कहा में खुद को ऐटिटूड क्वीन समझती थी, कितनी अकेली थी, एक बार तोह में बिलकुल टूट सी गयी थी, पर तमने मुझे संभाला, हलाकि तम्हारा तरीक़ा थोड़ा कठोर था पर उस दिन क बाद hi मुझ में एक अलग कॉन्फिडेंस आ गया था. तमने मुझे हिम्मत दी. उस दिन क बाद से मेरे कितने फ्रेंड्स बने, सब लोगो में मेरी एक इमेज बन गयी, और तमने अपनी इमेज पूरी गिरा ली थी. क्यों? सिर्फ मेरे लिए? मुझे जान न ह आखिर तमने इतना सब क्यों किया मेरे लिए? में तोह उस वक़्त अनजान थी तम्हारे लिए. उस दिन क बाद से hi मने तम्हे एक अलग नज़रो से देखना स्टार्ट किया. मुझे पता चला की तुम कितने अलग हो दुसरो से, कितने अच्छे हो, काश... काश मेने उस दिन वो कह दिया होता. पर चांस तोह मेरे पास अब भी ह, पर डर्टी हु..

(ऋचा हाथो में फ़ोन लिए और उस तस्वीर को देखने क बाद आँख बंद करके अपने अतीत को याद करने लग जाती ह)

फ्लैशबैक:

बात 3 साल पुरानी ह. जब ऋचा ने मीट्स कॉलेज में एडमिशन लिया था और 2 महीने हो गए थे उसको कॉलेज जाते हुए.

कॉलेज में कल से टेक फेस्ट स्टार्ट होना था तोह आज सब डिस्कशन होना था, ऋचा तैयार होक घर से निकल गयी अपनी स्कूटी पे जो उसके पेरेंट्स ने उसके लिए दिलाई थी कॉलेज जाने क लिए.

कॉलेज पहुचने क बाद, सभी लोग जूनियर्स और सीनियर्स एक हॉल में इखट्टे होते ह.

सीनियर लीडर (मिछ पे बोलता ह): गाइस! आप को पता ह कल से टेक फेस्ट चालु होने वाला ह. रूल्स क अकॉर्डिंग फ्रेशर्स अल्लोवेद नहीं ह कोई भी इवेंट को ऑर्गेनिसे करने क लिए. क्युकी यदि सभी लोग इवेंट्स ऑर्गेनिसे करेंगे तोह इवेंट्स में पार्टिसिपेट कोण करेगा? हम सीनियर्स? नही न.. इसलिए हमने थोड़े चंगेस किये ह.

हर्र क्लास से 2 फ्रेशर्स हम लोग पिक करेंगे. ये काम टीचर्स क्र देंगे हमारे लिए. और फिर वो लोग हमारे साथ इवेंट ऑर्गेनिसे करा सकते ह, उनको एक्सपीरियंस भी गेन होएगा की कैसे एक इवेंट को कॉलेज लेवल पे ऑर्गेनिसे किया जाता ह. लेकिन बाद में आपको ये एक्सपीरियंस अपने क्लास्स्मेटिस क साथ शेयर करना होगा क्युकी आप 2 लोग hi चूसे किये जाओगे तोह बदले में आपको सारा एक्सपीरियंस क्लास में प्रेजेंटेशन क थ्रू देना होगा.

फ्रेशर्स क लिए यही बस नोटिस ह. अब आप लोग जा सकते ह. िफ़ एनीवन है अन्य क्वेरीज. यू कैन जस्ट के तो रूम no. 215 we'll बे तेरे फॉर यू. बाकी सीनियर्स यही पे रुकेंगे, फ्रेशर्स आप लोग जाइये.

सभी फ्रेशर्स अपनी क्लास में चले जाते ह. ऋचा भी अपनी क्लास में आ जाती ह. आधे बच्चो की तोह यही सुन्न क गांड फट गयी थी की क्लास में प्रेजेंटेशन देनी पड़ेगी सबके सामने. तोह वो लोग तोह पार्टिसिपेशन क बारे में सोच रहे थे. इधर ऋचा लास्ट बेंच पे अकेले बैठे सोच में पड़ी थी.

तभी इनकी क्लास टीचर रौशनी ma'am क्लास में एंटर करती ह.





"गुड मॉर्निंग ma'am"

सभी स्टूडेंट्स ma'am को ग्रीट करते ह.

रौशनी ma'am: गुड मॉर्निंग! स्टूडेंट्स! सीट डाउन! सो, आप सब को तोह पता चल hi गया होगा की कल से टेक फेस्ट स्टार्ट होना ह और सीनियर्स ने 2 स्टूडेंट्स हर क्लास से लेना ह इसके बारे में भी बता दिया होगा.

सभी लोग : "यस ma'am"

रौशनी ma'am: गुड. तोह में hi हमारी क्लास से 2 स्टूडेंट्स सेलेक्ट करुँगी. तम सब क बारे में में जान hi चुकी हु. 2 महीने से तमलोगो को पढ़ा रही हु. जहा तक में अच्छे से जानती हु, राहुल तुम बॉयज में सबसे बेस्ट चॉइस हो.

Ma'am क इतना बोलते hi सभी स्टूडेंट्स राहुल की तरफ देखने लगते ह. ऋचा को तोह आज मालूम पड़ा था की राहुल नाम का भी कोई लड़का ह उसकी क्लास में, क्युकी राहुल कॉलेज आया hi नहीं था, उससे आए सिर्फ एक हफ्ता hi हुआ था. पर उसके बावजूद उसने अपनी ऐसी धाकड़ इमेज बनाई थी की ma'am ने सोचा भी नई दुबारा और उसका नाम बेस्ट चॉइस में बोल दिया. इधर ऋचा तोह वसे hi खुद को क्वीन समझती थी तोह वो भला कैसे ध्यान देती राहुल पर.

ऋचा (मैं में) : ये कोण ह? साला पहले तोह कभी नई देखा. कॉलेज आता भी था या नहीं? इसको सेलेक्ट किया ह लड़को में, लड़कियों में तोह में hi होउंगी, मुझसे बेटर कोई ह क्या इस क्लास में? हम्फ!! 12तह में मेरे 92% थे, देखती हु कैसे नई सेलेक्ट होती.

रौशनी ma'am : और गर्ल्स में बेस्ट चॉइस रहेगी.....

आज क लिए इतना hi दोस्तों!

सोचिये कोण होएगा गर्ल्स में सेलेक्ट...
 
अपडेट-6

अब तक...

ऋचा (मैं में) : ये कोण ह? साला पहले तोह कभी नई देखा. कॉलेज आता भी था या नहीं? इसको सेलेक्ट किया ह लड़को में, लड़कियों में तोह में hi होउंगी, मुझसे बेटर कोई ह क्या इस क्लास में? हम्फ!! 12तह में मेरे 92% थे, देखती हु कैसे नई सेलेक्ट होती.

रौशनी ma'am : और गर्ल्स में बेस्ट चॉइस रहेगी.....

अब आगे...

ऋचा (मैं में) : बोल दे, बोल न में हु, में hi हु, के ों य्र्र...

रौशनी ma'am: वो ह सृष्टि...

Richa(mann में): व्हाआआट?? ये कैसे? नई नई नई.. मुझे होना चाहिए था, में इससे ऐसे नई बनने दूंगी, सहित...

ऋचा कड़ी होती ह और बोलती ह...

ऋचा: एक्सक्यूज़ में ma'am!!

Ma'am: हं ऋचा क्या बात ह?

ऋचा: ma'am सृष्टि कैसे बन सकती ह?? ी.. ी मैं ी सक्रेड 92% ma'am इन माय 12तह स्टैण्डर्ड एंड I'm मच मोरे सूटेबल थान सृष्टि फॉर थिस इवेंट.

Ma'am: मिस ऋचा, फॉर योर काइंड इनफार्मेशन ी मस्ट तेल्ल यू तहत सृष्टि सक्रेड 95% इन हेर 12तह, आल्सो she's वैरी टैलेंटेड एंड शी है ग्रेट कम्युनिकेशन स्किल्स सो, she'll बे ा परफेक्ट गर्ल कैंडिडेट फॉर थे इवेंट. तोह अब यदि बात समझ आ गयी हो तोह आगे बढ़े? और हं, बात सिर्फ परसेंटेज की नहीं ह, आपको प्रेजेंटेशन भी देना ह क्लास में, इसलिए ी थिंक सृष्टि इस थे बेस्ट चॉइस.

Richa(mann में): शीत्तत्त!! Wtf?? ये.. ये कैसे आखिर? में बेस्ट थी, इसके इतने परसेंटेज कैसे? मुझे लगा में hi सेलेक्ट होउंगी, बूत आखिर क्यों?? ये सृष्टि कैसे... ओह्ह गॉड!!

ऋचा मैं hi मैं रो रही थी की उसको एक मौक़ा मिला था, साबित करने का बूत उसने गवा दिया, उसका कोई भी दोस्त नहीं था कॉलेज में उसके ईगो और ऐटिटूड क कारण, hi Hello तोह सभी करते थे पर पीठ पीछे सब उसकी बुराई और गलत अफ़वाए फैलाते थे जो कई बार तोह ऋचा ने अपने कानो से सुनी थी. कुछ लोग तोह रंडी भी कहते थे उससे, ऋचा सब सुनती थी और भड़क भी जाती थी, जिस से लोग और विश्वास करने लगे थे उन् अफवाहों पर, उसका रोज़ मैं करता था की कही भाग जाए, कोई फायदा नहीं ह ऐसी ज़िन्दगी का, जहा हर्र जगह ताने मिलते थे, वो अपनी माँ को भी बताती थी की कैसे हर्र रोज़ उसके साथ क्या क्या होता ह. उसकी माँ भी बोहत परेशां रहती थी इस बात को लेकर. वो ऋचा को यही बोलती थी की अपने नेचर में अंतर लाओ और सब तम्हारे दोस्त बनेंगे फिर. ऋचा रात में कई बार खूब रोटी थी अकेले, और अकेला hi महसूस करती थी. पर क्या ऋचा ने कभी कोशिश नहीं की सुधरने की??

अपने ऐटिटूड को बदलने की?? की थी, बिलकुल की थी, पर उसको जब धोका मिला तोह वह समझ गयी की कमी उसमे नहीं ह साड़ी जनता में ह, सब लोग फेक ह कोई उसको पूछता नहीं ह.

ऋचा सिर्फ अटेंशन चाहती थी. की लोग उसको पूछे, उसपे डिपेंडेंट रहे और वो पूरे कॉलेज में इस बात क लिए जानी जाए पर अब तक उससे सिर्फ नाकामयाबी hi मिली.

राहुल, साइड वाली रौ से ऋचा को देख रहा था, उसकी हरकते ऑब्सेर्वे क्र रहा था. कैसे ऋचा सर झुकाए, कड़ी ह, और डेस्क पे हाथो से दबाव बना रही ह, जैसे बोहत फ़्रस्ट्रेटेड हो. राहुल सब गौर क्र रहा था. यही नहीं, जब से राहुल ने कॉलेज आना स्टार्ट किया, तभी से उसकी नज़र हर्र एक उसके क्लासमेट पे रहती थी की कोण केसा ह. उससे पता था की ऋचा क साथ क्या हो रहा ह और ऋचा क्या चाहती ह, पर अभी राहुल 100% सूरे नहीं था.

R(mann में): बेचारी.. लगता ह मुझे hi कुछ करना पड़ेगा. नहीं तोह ये लड़की बिखर जाएगी पूरी तरह, बिलकुल मेरी तरह... पर अभी में सूरे नहीं हु, की इसके मैं में वही ह या नहीं, बूत आज़माना तोह पड़ेगा hi मुझे, आगे जो होगा देखा जायेगा.

र: एक्सक्यूज़ में ma'am. प्लीज कैन यू के ओवर हेरे?

Ma'am: यस राहुल? क्या हुआ?

Ma'am राहुल की बेंच क पास जाती ह..

R(dabi आवाज़ में): ma'am मेरे ख्याल से आपको ये चांस ऋचा को देना चाहिए.

Ma'am: वो क्यों राहुल?

र: ma'am सृष्टि तोह ह hi ब्रिलियंट स्टूडेंट वो तोह कर hi लेगी अच्छे से, पर ऋचा अभी सृष्टि से कपड़े की जाए तोह अभी उसको स्ट्रगल करना ह, ताकि वो अपना पोटेंशियल सब को दिखा सके, और एक टीचर तोह यही चाहेगा न की उसके हर्र स्टूडेंट्स आगे बढ़े, कामयाब हो, देखिये न उसका भी कितना मैं ह करने का, आपके ऐसा बोलने से उसका मोरले डाउन हो गया होगा.

Ma'am राहुल की बातो से सुरप्रीसेड हो जाती ह, की राहुल कितना डीप सोचता ह, वो था सिर्फ 18 साल का पर सोच उसकी एक 21-22 साल क लड़के की थी. Ma'am भी ऋचा को देखती ह की कैसे वो सर नीचे झुकाए सोच में पड़ी ह और हलकी हलकी ासु की बूंदे भी उसकी पलकों में आ गयी थी. Ma'am को बोहत बुरा लगता ह की उससे ऐसा नहीं कहना चाहिए था.

Ma'am: राहुल. थैंक्स ा लोट डिअर! में शयद भूल गयी थी की मुझे सब पे ध्यान देना ह. थैंक्स, तुम सही हो, में ऋचा को चांस ज़रूर दूंगी, पर मेने सृष्टि का नाम ले लिया ह अब वापस उससे डिसअप्पोइंट नहीं कर सकती.

र: मतलब आप??

Ma'am: हनन तुमने सही सोचा.

राहुल बस स्माइल क्र देता ह और ma'am उसके शोल्डर पे हाथ रख क स्माइल करके क्लास क सामने फिरसे आ जाती ह.

Ma'am: ऋचा!!!

ऋचा ऊपर ma'am की तरफ देखती ह..

Ma'am: मुझे लगता ह तम्हे एक चांस मिलना चाहिए...

ठीक ह तोह तुम भी गर्ल कैंडिडेट रहोगी...

इधर सृष्टि राहुल क एक बेंच आगे hi बैठी थी उसने सब सुन्न लिया था, पर उससे बिलकुल भी बुरा नहीं लगा था, उसने पलट क राहुल को देखा और राहुल ने भी उसकी तरफ देखा. दोनों की नज़रे आपस में मिली, और बदले में सृष्टि ने स्माइल कर दिया. और वापस आगे देखने लगी.

ऋचा: हँ?? पर ma'am.. अभी.. अभी तोह आपने कहा था की सृष्टि बेस्ट कैंडिडेट ह?

Ma'am: हाँ, शयद तमने मेरी बात ध्यान से सुन्नी नहीं.

मेने कहा की तुम भी गर्ल कैंडिडेट रहोगी.

ऋचा को तोह जैसे विश्वाश hi नहीं हो रहा था. वो खुश हो जाती ह बोहत ज़्यादा और थैंक यू थैंक यू बोलने लगती ह ma'am को.

ऋचा अभी इतनी खुश थी की यदि उसको कोई गलत भी बोलता तोह वह उससे इग्नोर कर देती और कुछ नहीं बोलती.

इधर साड़ी क्लास जाली हुई नज़रो से देख रहे थे ऋचा को. जो खुश थे तोह केवल ma'am, सृष्टि और राहुल.

बाकी बच्चे: बूत ma'am केवल 2 hi कैंडिडेट अल्लोवेद ह न रूल्स क हिसाब से तोह..

Ma'am: रूल्स क हिसाब से एक भी अल्लोवेद नहीं ह ये तोह तम्हारे सीनियर्स ने चेंज किया ह थोड़ा, जब वो कर सकते ह तोह क्या टीचर एक एक्स्ट्रा कैंडिडेट नहीं भेज सकता? मेरे पास तोह तम्हारे सीनियर्स से भी ज़्यादा अथॉरिटी ह.

बस फिर क्या था, सब शांत हो गए...

फिर नार्मल कॉलेज क लेक्टर्स लगते ह और सभी अपने अपने घर निकल जाते ह. कल एक बड़ा दिन होने वाला था. क्या चंगेस लाएगा ये दिन ऋचा की ज़िन्दगी में? क्या होएगा राहुल की लाइफ को? क्या ऋचा अपना टैलेंट दिखा पाएगी? क्या लोग ऋचा से जलना बंद कर पाएंगे? पढ़ते रहिये ये जान ने क लिए.

आने वाला अपडेट बोहत कुछ बदल देगा, बने रहिएगा मेरे साथ.
 
अपडेट-7

अब तक...

Ma'am: रूल्स क हिसाब से एक भी अल्लोवेद नहीं ह ये तोह तम्हारे सीनियर्स ने चेंज किया ह थोड़ा, जब वो कर सकते ह तोह क्या टीचर एक एक्स्ट्रा कैंडिडेट नहीं भेज सकता? मेरे पास तोह तम्हारे सीनियर्स से भी ज़्यादा अथॉरिटी ह.

बस फिर क्या था, सब शांत हो गए...

फिर नार्मल कॉलेज क लेक्टर्स लगते ह और सभी अपने अपने घर निकल जाते ह.

अब आगे...

अगली सुबह सभी स्टूडेंट्स कासुअल कपड़ो में पॅहुचते ह कॉलेज, आज से टेक फेस्ट शुरू होना था, सुबह जल्दी सिर्फ सीनियर्स, और जो फ्रेशर्स सीनियर्स का साथ देंगे सिर्फ वही आ रहे थे तैयारी करने क लिए. ऋचा, सृष्टि और राहुल भी पहुँच चुके थे, अभी 7:30 हुआ था और ये लोग भी तैयारी में जुट गए थे.

सीनियर्स इनको इंस्ट्रक्ट कर रे थे कैसे क्या करना ह.

इन तीनो का इवेंट जो था वो था लें गेमिंग. क्युकी ये लोग कस ब्रांच से थे इसलिए इनलोगो को भी कस क सीनियर्स क साथ hi इवेंट ऑर्गेनिसे कराने मिला.

एक बोहत बड़ी लैब थी अब इनको सारे सिस्टम्स चेक करने थे, लिस्ट्स बनानी थी कैसे टीम्स क राउंड्स करवाने ह, सारे टीम मेंबर्स आ रहे ह या नहीं? गेम सही चल रहा ह या नहीं? क्युकी टेक फेस्ट ओपन टेक फेस्ट था, यानी बाकी कॉलेजेस क लोग भी अल्लोवेद थे, इवन स्कूल स्टूडेंट्स भी अल्लोवेद थे. यही होता ह एक कॉलेज लेवल का टेक फेस्ट.

ऋचा सोच रही थी की वो लीड करे, इवन अपने सीनियर्स को भी कुछ सुग्गेस्टियन्स दे. वो बोलती जा रही थी बीच बीच में बूत उसकी बात का कोई ज़्यादा रिस्पांस नहीं दे रहा था.

सीनियर्स को उसका बार बार टोकना पसंद नहीं आ रहा था पर वो एक लड़की थी ऊपर से सुन्दर भी थी इसलिए सीनियर्स ने उसको कुछ बोलै नहीं. कोई लड़का होता तोह गांड hi मार लेते उसकी तोह.

वही दूसरी तरफ जब सृष्टि कुछ सुग्गेस्टियन्स दे रही थी तोह सीनियर्स को भी पसंद आए थे, सृष्टि ने एक पैटर्न बना क दिया की कोण सी टीम को पहले किस क साथ मैच करवाना ह. सीनियर्स को लिस्ट बोहत पसंद आयी, क्युकी इतनी साड़ी टीम्स और हर टीम में 5 मेंबर्स, सृष्टि ने सभी को कॉल करके कन्फर्म किया था की वो आ रहे ह या नहीं. उनके सारे टीम मेंबर्स part ले रहे ह या नहीं??

और फिर उसके बाद एक लिस्ट बनाई सारे मैचेस की. उसी लिस्ट में सारा खर्चा भी लिखा था की किसने कितने पैसे लगाए, इक्विपमेंट्स में और किसने कहा पे खर्च किये अपने पैसे.

वही दूसरी तरफ राहुल सारे सिस्टम्स चेक करने में लगा था और गेम सही चल रहा ह या नहीं वो देख रहा था.

CS:GO का कम्पटीशन था और प्राइज मनी में 4000 रुपये का प्राइज मनी था.

इधर ऋचा को फिरसे वही फीलिंग आने लगी, की कैसे सब आगे निकलते जा रहे ह और वो कुछ नहीं कर पा रही, कोई उसकी नहीं सुन्न रहा ह.

राहुल ने एक नज़र ऋचा की तरफ घुमाई और उसको बेचैन होते हुए पाया.

अब कुछ देर में टीम्स आने वाली थी साड़ी तैयारी हो गयी थी.

10 बज चुके थे बस, आधे घंटे बाद इवेंट स्टार्ट होना था.

पर ये क्या?? ये बहस किसी?? राहुल आखिरी कंप्यूटर को चेक क्र रहा था की उसको सीनियर्स थोड़ा तेज़्ज़ स्वर में बाते करते हुए सुनाई दिए, तोह उसने सृष्टि को बुला क पूछा..

र: सृष्टि.... क्या हो गया? सीनियर्स इतना भड़क क्यों रहे ह?

सृष्टि: राहुल.. 10 मिनट से ज़्यादा हो गया ह पर ऋचा अभी तक नहीं आई ह और लिस्ट उसी क पास ह.

सिर्फ 20 मिनट्स hi बचे ह, बोहत सी टीम्स आ भी गयी ह... मुझसे कह क गयी थी की वाशरूम जा रही ह बूत में सारे वाशरूम्स चेक क्र आई हु किसी में नहीं मिली.

R(mann में): जिसका डर था वही हुआ... में सही था मतलब.

सीनियर: य्र्र लिस्ट कहा ह?

सृष्टि: सॉरी भैया! बूत लिस्ट ऋचा क पास ह, उसने सिर्फ क्रॉस चेक करने क लिए मांगी थी इसलिए मेने देदी...

सीनियर: उससे प्लीज बुलाओ य्र्र. वो नहीं आएगी तोह पूरा इवेंट चौपट हो जाएगा. उसका इधर आना बोहत ज़रूरी ह बात को समझो, लिस्ट उसके hi पास ह, कोई तोह लाओ य्र्र उससे... प्लीज!!

र: भैया! आप मुझे सिर्फ 15 मिनट दीजिये, में 15 मिनट क अंदर आपको लिस्ट लाके दूंगा.

सीनियर: हँ?? 15 मं?? वो कैसे? टमको पता ह वो कहा ह?

र: नहीं, पर में ढूंढ लूंगा

सीनियर: 15 मं में वो यदि यहाँ आ जाए तोह बस और कुछ नई चाहिए मुझे...

राहुल बाहर निकलता ह तोह देखता ह इतनी ज़्यादा भीड़ थी, लगभग साड़ी टीम्स आ गयी थी. हर्र तरफ भीड़ hi भीड़ थी. कोई कुछ इवेंट ऑर्गेनिसे करा रहा था तोह कोई कुछ और. हर्र जगह लोग hi लोग बस. पूरी बिल्डिंग में खचा खच भीड़ थी.





कोई चैस कम्पटीशन करवा रहा था..





तोह कोई रंगोली कम्पटीशन करवा रहा था....





तोह कोई लोग बाहर स्टाल्स लगाए थे और मिनी गेम्स करवा रहे थे...





और इतने लोगो में आखिर कैसे ढूंढेगा वो ऋचा को? कॉल तोह ऋचा उठा hi नहीं रही थी सृष्टि कई बार तरय कर चुकी थी.

सृष्टि: अब क्या राहुल? क्या करे अब???

र: तुम नीचे फ्लोर पे जाओ वह देखो में इस फ्लोर पे देखता हु...

सृष्टि: ोकक

सृष्टि दौड़ क जाने लगती ह इधर उधर देखते हुए और एक बार राहुल की तरफ मुद क देखती ह तोह पाती ह की राहुल आराम से चलते हुए अपने जेब में हाथ डाले ऊपर की फ्लोर पे जा रहा ह.

सृष्टि (मैं में) : ये... ये राहुल इतने आराम से क्यों जा रहा ह? 15 मं में ढूंढ़ने का बोल तोह दिया इसने कॉन्फिडेंस से पर ऐसे धीरे धीरे चलेगा तोह कैसे?... एक मिनट... राहुल को पता ह क्या? की ऋचा कहा पे ह? हं... शयद तभी राहुल इतने आराम से जा रहा ह.

मुझे फॉलो करना पड़ेगा.

सृष्टि धीरे धीरे राहुल को फॉलो करती ह बिना उसकी नज़रो में आए.

Rahul(mann में): वो टाइम आ hi गया... हम्म, अब मुझे थोड़ा गन्दा गेम खेलना पड़ेगा. क्या सोचा था मने? एक अच्छी सी लाइफ जियूँगा, जहा सभी घरवालों, दोस्तों का प्यार मिलेगा, और इधर में वो करने जा रहा हु जिसके लिए आदमी की पिटाई तक हो जाए..

राहुल सबसे ऊपर टेरेस पे चला जाता ह और टेरेस का दरवाज़ा जो की अटका हुआ था उससे खोल देता ह.





आखिर क्या था ऊपर? क्या था दरवाज़े क पीछे? राहुल कोण सा गेम खेलने जा रहा था?

अगला अपडेट थोड़ा बड़ा रहेगा, सब पता चल जाएगा...

बने रहिएगा!! मेरे साथ. :हस्पिन
 
मुझे रोज़ लिखना पड़ता ह बीआरओ. कुछ लोग तोह स्टोरीज में बोहत छोटा सा अपडेट देते ह और वो भी 2 3 दिन क बाद बूत फिर भी उनकी स्टोरीज में ढेरो व्यूज ह. में डेली दे रहा हु...

और अगला अपडेट मेगा अपडेट होगा..

इसमें सब सामने आ जाएगा ऋचा क बारे में.

होप you'll अंडरस्टैंड! :बोरड़:
 
अपडेट-8

अब तक ...



Rahul(mann में): वो टाइम आ hi गया... हम्म, अब मुझे थोड़ा गन्दा गेम खेलना पड़ेगा. क्या सोचा था मने? एक अच्छी सी लाइफ जियूँगा, जहा सभी घरवालों, दोस्तों का प्यार मिलेगा, और इधर में वो करने जा रहा हु जिसके लिए आदमी की पिटाई तक हो जाए..

राहुल सबसे ऊपर टेरेस पे चला जाता है और टेरेस का दरवाज़ा जो की अटका हुआ था उससे खोल देता है.

अब आगे...

इधर सृष्टि राहुल का पीछा तोह कर रही थी पर उससे ये नहीं पता था की उसके पीछे उसकी 2 सीनियर गर्ल्स भी पीछा कर रही है.

उन्हें डर था की कही ये भाग न जाए, और इवेंट चौपट न हो जाए इसलिए ये भी सृष्टि का पीछा करने लगी.

राहुल दरवाज़ा खोल देता है और देखता है की सामने ऋचा कड़ी हुई थी, दरवाज़े की आवाज़ से ऋचा पीछे मुड़ती है और राहुल को देख के चौक जाती है.

र : तोह इधर hi हो तुम.

ऋचा : हँ? तुम? तुम यहाँ?

तभी दोनों सीनियर्स और सृष्टि भी ऊपर आ जाती है और ऋचा के पास पहुँच जाती है.

सीनियर 1 : ऋचा यहाँ क्या कर रही हो तुम? चलो जल्दी.

ऋचा : में बहुत बुरी हु, मुझसे कुछ नहीं आता, में वर्स्ट हु...

सृष्टि : ये तुम क्या कह रही हो ऋचा, ऐसा बिलकुल भी नहीं है.

ऋचा : नहीं में वर्स्ट हु...

सीनियर 2 : ऋचा ऐसा बिलकुल भी नहीं है, हम सब तुम्हारे सुग्गेस्टियन्स पे ध्यान देते है तुम ऐसा मत कहो. ये समय नहीं है ऐसी बाते करना का,

It's ऑलराइट, let's जो बैक.

ऋचा : नहीं , कोई ध्यान नहीं देता, सब दूर जाते है मेरे से, में वर्स्ट हु, बेकार हु, मुझसे कुछ नहीं आता. में बुरी हु बहुत... I'm थे वर्स्ट...

और ऋचा रोने लगती है.

{दोस्तों ऋचा को में ऋ लिखूंगा और सृष्टि को श}

R(mann में) : फेव!!! चलो स्टार्ट करता हु, काश ये लड़किया यहाँ न आई होती, अब तोह मेरी इज़्ज़त पूरी डाउन हो जाएगी. बूत अभी इसको भी बचाना है, आगे जो होगा देखा जाएगा...

र : पता ऋचा??? तुम सही में वर्स्ट हो.

र : हँ??

सभी लोग चौक जाते है. और राहुल को देखने लगते है. और फिर राहुल बोलना शुरू करता है...

र : ऋचा!! तुम तोह यही चाह रही थी न की सब तुमको लाढ़ करे? तुमने ये सब भी इसलिए किया ताकि लोग तुमको अटेंशन दे. और अभी भी तुम यही चाहती हो की लोग तुमसे ये कहे की उन्हें तम्हारी ज़रुरत है. इसलिए तोह तुम लिस्ट चुरा के लाइ न?? की लोग तुम्हे ढूंढे और मिन्नतें मांगे की तुम उनकी हेल्प करो. यही तोह सुन्न न चाह रही थी न तुम? लोग तुम्हे ढूंढे? परवाह करे... है न??

कितनी कड़वी सच्चाई है न? की तुम जैसी सोच वाली लड़कियों को कोई रिस्पांस नहीं देता. वही दूसरी तरफ श्रिस्ति को देख लो.

ऋ : ये... ये तुम क्या...

ऋचा कापने लगी थी...

र : सच्चाई तोह ये है की तुम सृष्टि की तरह बन न चाह रही थी. है न?

तुम ऐसा बन न चाह रही थी जिसे लोग माने, उनपे निर्भर रहे. इसलिए तुमने तुरंत ज़िद्द करि की तुम्हे फीमेल कैंडिडेट बन न ह.

साथ hi साथ तुम ये भी दिखाना चाहती थी की तुम बाकी लोगो से आगे हो, उनसे सुपीरियर हो, उनको जज करना चाह रही थी बाद में और फिर उनको नीचे दिखाती तुम, है न? यही तुम्हारा असली रंग है. क्यों? में सच कह रहा हु न? ऋचा?

अब तक तोह सभी लोगो ने नोटिस भी कर लिया होगा.. पर तुमने एक बात गौर की?? यही बात... की मेने तुम्हे ढूंढ लिया जबकि में तोह तुम्हे जानता भी नहीं हु.

ऋ (चिल्लाते हुए) : मुझे अपने जैसा मत समझो...

राहुल एक ईविल स्माइल करते हुए कहता है...

र : हम दोनों शामे है. तुम और में. दोनों सोसाइटी के तुच्छ कीड़ो के सामान है. ज़रा सोचो न...

मुझे तुम्हारी कोई परवाह नहीं है, तुम वैसे भी एक ईगो से भरी इंसान हो पर फिर भी मेने तुम्हे सबसे पहले ढूंढ लिया. समझ आया? में जो की तुम्हे जानता भी नहीं और तुमको एक बार में ढूंढ लिया. इसका मतलब तोह यही हुआ न?

की किसी ने भी तुम्हे ढूंढ़ने की उतनी कोशिश नहीं की. कभी सोचा है इस बारे में? किसी ने भी तुम्हारी परवाह नहीं की...

तुम्हे पता hi ह ये. है न? की तुम..

राहुल ने इतना कहा hi था की सीनियर लड़की ने उसकी कल्लोर पकड़ ली.

सीनियर 1: शट उप! समझे??

तुम्हे पता भी है क्या बोल रहे हो तुम एक लड़की से?? क्या तुम्हे ज़रा भी सेंस नहीं है किसी से बात करने का??

सृष्टि : दीदी! जाने दीजिये... प्लीज... में बात करती हु उस से, आप ऋचा को लेके जाइये.. प्लीज!!

उधर ऋचा इतना रो रही थी की कापने लगी थी. हर्र बात जो राहुल ने कही थी वो उसके दिमाग में घूम रही थी और हर्र बात 100 ताका सच थी. कभी किसी ने उस से इतना स्ट्राइटफॉरवर्ड बात नहीं की थी, और न hi उससे सच्चाई बताई थी. पर आज राहुल ने जो बोलना शुरू किया, पूरी धजिया hi उड़ा दी थी उसने ऋचा के करैक्टर की वो भी सबके सामने, पर इसका असर उल्टा हुआ. राहुल बुरा बन्न गया और ऋचा के लिए लोग हमदर्दी शो करने लगे.

दोनों सीनियर लड़किया ऋचा को हाथ पकड़ के संभाल के नीचे ले जाती ह.

ऋचा के साथ साथ लिस्ट भी लौट आई थी, और सब खुश हो गए थे की उनका इवेंट बच गया. सब ऋचा को धन्यवाद दे रहे थे की आखिर वो आ गयी और उसने इवेंट बचा hi लिया. सीनियर्स के बीच ऋचा पॉपुलर हो गयी क्युकी वो लिस्ट भी ले आई थी और सीनियर लड़कियों ने राहुल की बात भी फैला दी, जो फेल गयी हर्र जगह की राहुल ने एक लड़की को क्या क्या कहा. इसलिए सीनियर्स भी ऋचा से हमदर्दी जताने लगे और उसको एक ब्रेव गर्ल समझने लगे जो इतना सहने के बाद भी लौट के आई इवेंट को बचाने के लिए.

इवेंट भी बढ़िया शुरू हो गया था और ज़ोरो शोरो से मस्त चलने लगा था... पूरी लैब में मस्त कम्पटीशन का माहौल था..





इधर राहुल के लिए सबका नजरिया चेंज हो गया. उसने काम भी तोह ऐसा किया था.

ऋचा से सब अब अच्छे से बात कर रहे थे, उस से हमदर्दी जाता रहे थे. ऋचा को आज समझ में आ रहा था की दुनिया में जीना केसा होता है, सब आपसे बात करते है जब. उसका कॉन्फिडेंस एकदम से बूस्ट हो गया था. अलग hi जोश भर रहा था उसमे. क्युकी इतने लोगो ने उसके साथ इतने अच्छे से कभी बात नहीं की थी.

सृष्टि वही दूसरी तरफ राहुल के साथ टेरेस पे hi कड़ी थी..

श : क्यों किया तुमने ऐसा राहुल?? और कैसे? कुछ बताओगे??

र : क्यों किया ये तोह तुम्हे पता चल जाएगा. पर कैसे किया?? हम्म.. एक्चुअली तुमने मुझे बताया था की ऋचा किसी भी बाथरूम में नहीं थी. तोह एक ऐसा इंसान जो की लोनली है और हर्ट है वो इस कॉलेज की बिल्डिंग में कहा जाएगा? ऑब्वियस सी बात है या तोह वाशरूम में जाएगा या टेरेस पे. क्युकी यही दो जगह है जहा उससे कोई देखेगा नहीं. वाशरूम में ऋचा थी नहीं, तोह बची सिर्फ ये जगह. ऑब्वियस्ली ये मेरी गेस्सिंग थी, बूत सही निकली.

सृष्टि सिर्फ सुन्न रही थी और शॉकेड भी थी.

फिर राहुल चलने को बोलता है वापस.

फिर ये दोनों वापस आ जाते है और सृष्टि जब ऋचा को सब के साथ घुले मिले देखती ह और उसका खिल खिलता हुआ चेहरा तोह एकदम चौक जाती ह. राहुल जाके एक कोने में बैठ गया था.

सृष्टि सब समझ गयी थी की राहुल ने क्यों किया ऐसा और उसके लिए सम्मान और बढ़ गया था. वो समझ गयी थी की कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है, इधर राहुल ने अपनी इमेज खोई तोह ऋचा को एक नया जीवन सा मिल गया.

सृष्टि असमंजस में थी की राहुल जैसा इंसान कैसे हो सकता है दुनिया में?

जो अपनी ख़ुशी की परवाह किये बगैर दुसरो की ख़ुशी की परवाह करे.

वही ऋचा ने जब राहुल को देखा तोह एकदम गुस्से से लाल हो गयी थी.

सृष्टि उसकी तरफ बढ़ी और उसने ठान लिया की वो सब कुछ बताएगी ऋचा को. फिर सृष्टि ने सब कुछ बता दिया की राहुल ने ऐसा क्यों किया और उसका क्या फायदा हुआ. उसने ये भी बता दिया की राहुल ने hi ma'am से बात करके उसको पार्टिसिपेट करवाया था.

जब ऋचा को साड़ी बात समझ में आई तोह वो बोहोत ज़्यादा उदास हो गयी और रोने लगी की उसकी वजह से राहुल ने अपनी इज़्ज़त डूबा ली. वो जो की ईगो से भरपूर है आखिर राहुल ने उसके लिए ये सब क्यों किया? उससे ज़रा भी विश्वाश नहीं हो रहा था की एक अनजान लड़का जिस को उसने कल hi देखा था क्लास में वो उसके लिए इतना सब करेगा. आखिर क्यों?? ऋचा सृष्टि की भी आभारी थी, क्युकी सृष्टि ने hi सच बताया था. राहुल ने तोह ज़िक्र भी नहीं किया. कहते ह न जब महान काम करो तोह उसका गुणगान मत करो. बस कर दो.. यही काम राहुल ने किया था.

ऋ : में उस से मिलना चाहती हु, कहा गया सृष्टि वो?

श : अभी तोह यही था, पता नहीं कहा गया.

फिर ऋचा उसी टेरेस पे जाती है और राहुल वही पे था, शाम हो गयी थी और इवेंट ख़तम हो गया था सभी काम अच्छे से हुआ. एक सक्सेसफुल इवेंट था.

ऋ : राहुल... राहुल... I'm वैरी वैरी सॉरी. तुमने जो जो कहा था वो सब सच था, में चाहती थी की मुझे अटेंशन मिले, चाहती थी की मुझपे लोग डिपेंडेंट रहे, चाहती थी की लोग मेरी सुने, मुझे आइडल माने, में सृष्टि की तरह बन न चाहती थी, पर इसके लिए तुमने ये सब क्यों किया राहुल? में तम्हारी लिए क्या लगती हु? तुमने कहा था न की तुम मेरी परवाह नहीं करते फिर ये सब क्यों? क्यों आखिर? प्लीज बताओ मुझे...

र : इसका जवाब में तुम्हे नहीं दे पाउँगा ऋचा. अब तुम्हारी लाइफ में चंगेस आएँगे. बोहत अच्छे चंगेस. एन्जॉय करो...

और राहुल स्माइल कर देता है...

राहुल के ऐसा कहने पर ऋचा को एक दर्द सा हुआ, उसके दिल में... उसकी स्माइल देख कर ऋचा को लगा जैसे राहुल बहुत दर्द में है. न जाने कितने दर्द छुपे हुए थे उस स्माइल के पीछे. ऋचा को आभास हो गया था की वो एक फेक स्माइल है. ऋचा को कुछ सूझता नहीं ह और वो सीढ़ी राहुल की तरफ दौड़ती हुई उसको कस के हुग कर लेती ह. और रोटी भी जा रही थी. उसने राहुल को बोहोत ज़ोर से जकड़ा हुआ था.





ऋ : थैंक यू! थैंक यू सो मच!!

पर तुम मुझे बताते क्यों नहीं हो? क्यों किया तुमने ये सब मेरे लिए? हाँ?? बोलो... मेरे लिए तुमने अपनी साड़ी इमेज खराब कर ली..

*ऋचा रट जा रही थी और कहती भी जा रही थी*

बूत में ये अफवा फैलने नहीं दूंगी, प्रेजेंटेशन में सबको बताउंगी की तुम्हारे ऐसा करने से क्या फायदा हुआ.

पर मुझे यही समझ नहीं आ रहा की सिर्फ मेरे लिए तुमने क्यों किया ये सब? कुछ भी हो.... तुम्हे नहीं बताना न? मत बताओ...

थैंक्स वन्स अगेन. और... Aur...I...

र : हम्म??

ऋ : I...I... ी वांट तो बे योर फ्रेंड.

र (स्माइल करते हुए) : we're आलरेडी फ्रेंड्स. Aren't वे?

राहुल के ऐसा कहने पर ऋचा उसकी तरफ सर उठा के देखती है और फिरसे ज़ोर से हुग करके उसको अपनी बाहो में खींच लेती है.

राहुल को शर्म आ रही थी अब. ऋचा के मस्त सुडोल बूब्स उसकी छाती में डब्ब रहे थे और एक अलग hi गज़ब का एहसास था वो राहुल के लिए. ऋचा को भी राहुल का चौड़ा सीना और उसके बदन से डॉ की खुस्भु से वो भी पागल सी हुई जा रही थी. ऋचा के गालो पे भी लाली आ गयी थी.

राहुल को हुग करके ऋचा को जो सुकून मिल रहा था वो ऋचा शब्दों में बया नहीं क्र सकती थी. उसने कभी किसी लड़के को अपने आस पास मंडराने नहीं दिया था, तोह हुग करना तोह दूर की बात ह. पर आज जब उससे ये एहसास मिला, तोह वह उससे चूर्ण नहीं चाहती थी. उसके लिए ये सब नया था.

उससे पता चल गया था की राहुल hi ह एक जिसपे वो आँख बंद करके ट्रस्ट कर सकती है अब. आज तक किसी ने उसकी तरफ ऐसे एप्रोच नहीं किया था. सब उससे ताने मारते थे. पर यहाँ तोह राहुल ने ताने भी मारे तोह उसकी भलाई के लिए और सब कुछ सही कर दिया. ऋचा ऐसे दोस्त को कभी खोना नहीं चाहेगी. इसलिए ऋचा राहुल को बोहत ज़्यादा प्यार करने लगी. वो कहते है न यदि एक इंसान जिसे प्यार करना नहीं आता, पर यदि वो किसी को प्यार करने लग जाता है तोह पूरी शिद्दत से प्यार करता है फिर उस से. ऋचा भी ऐसी hi थी.

फिर राहुल और ऋचा दोनों वापस लैब में आते है तोह सृष्टि घर जा रही थी.

श : राहुल, ऋचा... में जा रही हु, 6 बज गया है, तुमलोग बाकी के इक्विपमेंट्स वो कार्टून बॉक्स में रख देना और बॉक्स को रूम no. 215 में. ोकक?

र : okay!!

अब सिर्फ ऋचा और राहुल hi बचे थे लैब में. ऋचा को ये सोच के शर्म आ रही थी की पूरी लैब में अब सिर्फ वो दो hi बचे है. राहुल बहुत थक चूका था, उससे नींद भी बहुत तेज़्ज़ आ रही थी, ऋचा समझ गयी थी की राहुल थका हुआ है...

ऋ : राहुल, तुम आराम कर लो थोड़ी देरर, वो चेयर पे बैठ जाओ, में सारे इक्विपमेंट्स निकाल के बॉक्स में रख दूंगी.

र : हम्म.. यू सूरे?

ऋ : हाँ राहुल, don't वोर्री!

र : okay!!

राहुल बैठता है चेयर पे और थोड़ी hi देर में उससे हलकी सी नींद लग जाती है, इतना थक गया था, सुबह से काम में लगा था.

ऋचा सारे इक्विपमेंट्स रखने के बाद राहुल के पास आती है तोह उसको सोता देख ऋचा को उसपे बोहत प्यार उमड़ता है. ऋचा धीरे से राहुल के बगल में बैठ जाती ह और थोड़ी देरर तक उसके चेहरे को निहारती रहती ह कभी उसके गालो पे धीरे से हाथ फेरती है तोह कभी उसके होंठो पे अपनी उंगलिया चलती है, फिर अपने फ़ोन का कैमरा ों करती है...

और राहुल की तरफ धीरे धीरे बढ़ती ह.

और आगे बढ़ के राहुल के गाल पे अपने होंठ रख देती है, और प्यारी सी एक किश देती है साथ hi सेल्फी भी ले लेती है किश देते हुए.





ऋचा के गाल लाल हो गए थे उससे इतनी शर्म आ रही थी. ये उसका किसी लड़के क साथ पहला किश था.

फिर वो राहुल के होंठ की तरफ बढ़ती है, उसके होंठ कप कप रहे थे और उससे किश करने hi वाली थी की राहुल जागने लगता है तोह ऋचा वापस से हड़बड़ा के सीढ़ी बैठ जाती है.

उस घटना के बाद से राहुल एक बोहोत इम्पोर्टेन्ट पर्सन बन गया था ऋचा की लाइफ में. ऋचा ने जब साड़ी बात अपनी माँ को बताई तोह उसकी माँ भी राहुल को बोहोत मान ने लगी, क्युकी राहुल ने उसकी बेटी को एक जाल से निकला था जिसमे ऋचा बुरी तरह फास्सी हुई थी. धीरे धीरे इनकी दोस्ती और ज़्यादा बढ़ गयी और अब तोह दोनों बेस्ट फ्रेंड्स है. सृष्टि भी इनके ग्रुप में शामिल रहती है. ये तीन बोहत अच्छे दोस्त है. ख़ास कर ऋचा और राहुल. ऋचा को तोह प्यार hi हो गया था राहुल से उस hi दिन. यही एक रीज़न है की निकिता और नेहा अच्छे दोस्त क्यों है? राहुल और ऋचा की दोस्ती के कारण.. राहुल का ऋचा के घर आना जाना और ऋचा का राहुल के. कभी कभी लेट नाईट तक साथ में पढ़ना. इसी वजह से निकिता और नेहा की भी दोस्ती स्ट्रांग हो गयी वर्ण स्कूल में ये दोस्ती सिर्फ स्कूल तक hi सीमित थी.

ऋचा राहुल को किश करने के बाद उसको कहती है की वो अब उठ जाए चलने का वक़्त हो गया.

और अपने फ़ोन पे वही सेल्फी देखने लगती है...

आज के लिए इतना hi दोस्तों...
 
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