इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 5 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

सबसे पहले हैप्पी नई ईयर सभी को!

वैसे तोह में मेगा अपडेट नई देने वाला था पर नई ईयर की ख़ुशी में और आप सभी लोगो ने वेट किया इसलिए आज एक और मेगा अपडेट मेरी तरफ से आप सभी लोगो के लिए... एन्जॉय!!

मेगा अपडेट

अपडेट-38

अब तक...

राहुल ने न कुछ बोलै और कहा, टेडी और अंशु को लेके वो अपने रूम में चला गया. टेडी को उसने अपने बीएड के नीचे दाल दिया. अब उसका क्या मोल था? पर राहुल के लिए था, क्युकी उसने पहली बार इतना महंगा गिफ्ट खरीदा था.

और अंशु को चुप कराने के लिए उससे अपने साथ चिपका के लिटा लिया. यहाँ अंशु रोये जा रही थी और वह नेहा भी अपने कमरे में रोये जा रही थी.

पर वह गुस्से के कारण रो रही थी

और अंशु ग्लानि के कारण.

अब आगे...

अगली सुबह सबसे पहले अंशिका की आँख खुली और उसने अपने बगल में देखा तोह राहुल का चेहरा वंशु के स्तन के बीच छुपा हुआ था. शायद रात में वंशु और बाकी सब लौट आए थे, और वंशु सीधा उनके कमरे में आकर साथ में सो गयी.

पर ये राहुल का मुँह वंशु के बूब्स में क्यों धसा हुआ था? ये नज़ारा देख अंशु को पता नहीं क्यों पर थोड़ी जेएलओसी सी हुई, और उसने फौरन राहुल का चेहरा पकड़ के अपने सीने में दोनों मुलायम बूब्स के बीच घुसेड़ दिया.





अंशु के बूब्स वंशु के कपरिसों में छोटे ज़रूर थे, पर सख्ती में अव्वल थे. बिलकुल an-chhuye दूध. यदि कोई एक बार हाथ लगा ले तोह दबाए बिना न माने.

"भाई और वंशु दी फिजिकली एक्टिव है शायद. देखो toh...kese मुँह वंशु दी के बूब्स में लगाए हुए थे भाई. नहीं नहीं... भाई ऐसा कर hi नहीं सकते. कल मेने किश किया था तोह कैसे पीछे हट रहे थे. ज़रूर वंशु dii...haa...zaroor वंशु दी ने hi स्टार्टिंग करि होगी. पर इतना सब जान ने के बाद भी मुझे इनपर गुस्सा क्यों नहीं आ रहा है? उल्टा मुझे जलन क्यों हो रही है? उफ्फ्फ... जब भी इनको देखती हु मैं करता है, वंशु दी की जगह भाई मेरे साथ इंटिमेट होए...

धत्त्त!! ये क्या सोचने लगी में... Par...par... ी वांट हिम...",

अंशु मैं में अपने से hi बात करे जा रही थी और राहुल को कस के भींचे हुए थी.

तभी राहुल की नींद खुल गयी. और उसके अगल बगल गालो में सॉफ्ट सॉफ्ट सी फीलिंग हुई और एक मदहोश कर देने वाली खुशबू उससे आयी, तोह उससे समझते देरर न लगी की ये बूब्स है.

एकदम से झटके से राहुल पीछे हटा तोह अंशु और राहुल दोनों की आँखे आपस में मिल गयी.

अंशु (शर्माते हुए) : good...good मॉर्निंग भाई

राहुल : ummm...good मॉर्निंग!!

अंशु शर्मा रही थी और बेचारी कुछ न बोल सकीय.

राहुल सबसे पहले वाशरूम में घुसा...

दिमाग : अबे? अबे मेरे को कुछ गड़बड़ होने की फीलिंग क्यों आ रही है?

दिल : गड़बड़ नहीं, अब अच्छा होएगा! हहै

अंशु प्यार जो करने लगी है राहुल से

दिमाग : व्हाट रब्बिश!? देख राहुल, करियर पर फोकस कर. समझा? एक बहिन तोह वैसे hi पीछे पड़े हुई है. और दूसरी भी लग गयी अब!? तू करियर देख और इन् सब से दूर हट.

इस बार राहुल को दिमाग की बात वाक़ई सही लगी. अभी उससे संजय सर को भी मज़ा चखाना था और तोह और जॉब भी हासिल करनी थी. राहुल ने इतने दिनों में अपने दिमाग में सारा प्लान तैयार कर लिया था की उससे कब और क्या और कैसे करना है. अब बस उससे सही मौके का इंतज़ार था. पर आज राहुल किसी और मूड में था.

कल जो कुछ भी हुआ, वो भूला नहीं था. और मंद फ्रेश करने के लिए उसने ठान लिया की आज क्या करना है.

तैयार होक सीधा वह तनीषा के हॉस्पिटल पोहचता है और उसके केबिन में एंटर करता है,

तनीषा : राहुल??

राहुल : चलिए मेरे साथ!

तनीषा : अरे?! अरे हाथ तोह चोर्रो, कहा ले जा रहे हो भाई? कुछ बताओ तोह...

राहुल : जल्दी से चलिए, अर्ली लीव लीजिये आप पहले

तनीषा : अरे पर कुछ बताओ तोह...

राहुल : जैसा बोलै है पहले वैसा करिये

तनीषा : अच्छा बाबा!!

और तनीषा अर्ली लीव लेके राहुल के साथ उसकी बाइक पे निकल जाती है

तनीषा : अरे अब बोल भी दो कुछ? देख राहुल! मुझे सताओ मत, मेरा जी घबरा रहा है अब, बता दो क्या बात है.

राहुल : दी घबराने वाली कोई बात नहीं है.

और फिर राहुल तनीषा को एक मूवी थिएटर में ले जाता है.

तनीषा : उफ्फ्फ ोोू मूवी के लिए इतना ड्रामा?? और में सोची की कही कुछ गड़बड़ तोह नहीं... कितना दर्रा दिया था तूने मुझे

राहुल : सॉरी! अब प्लीज, चलिए अंदर.

और दोनों फिर मूवी देखने लगते है, जो की एक रोमांटिक मूवी थी. आज राहुल हर वो काम कर रहा था, जो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड के लिए करता है.

मूवी दिखाना, खाना खिलाना, फ़्लर्ट करना, पार्क में घुमाना, ड्रेस दिलवाना, आज राहुल ने सब कुछ किया.

और ये सारे पैसे उसकी म्हणत की कमाई के थे, जो उसने फ्रीलांसर के रूप में कमाए थे.

एन्ड में राहुल तनीषा को एक होटल में ले गया और एक रूम बुक करवाया.

शर्म के मारे तनीषा नज़रे नहीं मिला पा रही थी, उससे पता था आगे क्या होने वाला है. पर क्या उससे अफ़सोस था? बिलकुल भी नहीं! आज वह बहुत खुश थी. राहुल ने जो कहा था, वो कर रहा था वह बखूबी.

रूम में आते hi राहुल ने तनीषा को बाहो में ले लिया और अपने होंठ सीधे उसके तपते गरम होंठो से चिपका दिए.

"Uuuummmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"





तनीषा ने तोह पूरी तरह सौप दिया था खुदको, आज उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन होने वाला था ये.

किश इतनी पैशनेट हो गयी, की कब दोनों बिस्तर में आ गए दोनों को hi पता नहीं चला.

मदहोशी ऐसी छायी थी दोनों में, की अभी यदि कोई इन्हे अलग भी करे तोह ये अलग न होए.

देखते hi देखते, तनीषा सिर्फ ब्रा पंतय में आ गयी थी. काली ब्रा और पंतय में उसका सुडोल जिस्म, राहुल को भड़काने के लिए काफी था.

दोनों बेतहाशा एक दूसरे को चूम रहे थे, *स्लुर्प स्लुर्प* की आवाज़ों से पूरा कमरा गूँज रहा था.

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राहुल इतने प्यार से हर अंग को चूम रहा था, जैसे की कही टूट के बिखर न जाए उसकी तनीषा दी. उसकी इतनी केयर देखते हुए, तनीषा की पलकों में ासु आ गए.

राहुल (घबराते हुए) : दी!? आप रो रही है?

तनीषा : ये ख़ुशी के ासु है पगलू

राहुल : ख़ुशी के...?

तनीषा : हम्म!! ख़ुशी के... कैसे में तुमसे मिली जब मेरा कोई नहीं था, कैसे तुमने मुझे एक घर दिया, मेरे अकेले होने के बावजूद तुमने मेरा कभी गलत फायदा नहीं उठाया, कैसे तुमने मेरी पढाई पूरी करवाई और मुझे आज इस क़ाबिल बनाया, कैसे तुमने मुझे हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए उकसाते रहे, कैसे तुमने मेरी हर्र मुसीबत में खड़े होकर साथ दिया, कैसे मुझे तुमसे प्यार हो गया, कैसे तुमने मुझे अपनाया, और आज कैसे इतनी परवाह के साथ मुझे डेट पे लाए, हर वो काम किया जो एक बर्फ अपनी गफ के लिए करता है

आज में वह अकेली तनीषा से यहाँ अपने प्यार के साथ वाली तनीषा बन्न गयी हु. तोह खुश नहीं होउंगी तोह क्या होउंगी? ी लव यू राहुल!! ी लव यू!

अभी राहुल कुछ बोलने वाला था की तनीषा उसके होंठो पे अपनी एक ऊँगली रख के उससे चुप करवा देती है. और ऊपर उठ के उसके कान में कहती है,

"मेरे दर्द की परवाह मत करना. आज मेरे मुँह से चींखे निकालनी चाहिए.

जमकर रगड़ना! में हर दर्द सहने को तैयार हु तुम्हारे लिए"

और तनीषा उसके एअरलोबे को अपने गरम मुँह में भर लेती है.

तनीषा के मुँह से ऐसी बात सुन्न, राहुल का लुंड एक बार में तन तना के खड़ा हो जाता है.

खून का संचार लुंड में तेज़ी से हो रहा था. लुंड गुफा खोदने के लिए तैयार था.

राहुल : दी?? आप... ऐसी बात??..

तनीषा : क्यों? क्या में गन्दी बातें नहीं कर सकती? मुझे भी आता है राहुल ये सब बातें करना. इनफैक्ट हर लड़की को आता है...

राहुल शर्माते हुए मुँह फेर लेता है

तनीषा : लुक ात में राहुल

राहुल तनीषा को देखता है, तोह पाटा है, तनीषा दोनों हाथो से अपने दूध मसल रही है, जो की ब्रा में कैद है, और अपना निचला होंठ दातो से दबाए हुए है,

तनीषा : फ़क में!!!!

बस उसका इतना कहना था, की राहुल को इतना जोश चढ़ा और फौरन उसने तनीषा के रसीले होंठो को जमकर चूसना शुरू कर दिया, और दोनों हाथ दूध पे ले जाके जम्म के मसलने लगा.

"Mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"

दोनों बहुत ज़्यादा जोश में थे.

होंठ को काट भी रहा था राहुल. तनीषा की इस अदा ने राहुल के अंदर जो चिंगारी लगी हुई थी, वो पूरी तरह भड़का दी थी. अब वो एक भयानक आग में तब्दील हो चुकी थी, जो बिना तनीषा का स्वाद चखे नहीं भुजने वाली थी.

किश करते करते, राहुल ने तनीषा की ब्रा भी निकल दी, और उसके सामने उछलते हुए 2 बड़े बड़े सुडोल गोर दूध सामने आ गए. जैसे मानो आमंत्रण दे रहे हो की "आओ, चूस लो मुझे".

राहुल ने एक पल भी नहीं गवाया और सीधा तनीषा के एक दूध के गुलाबी निप्पल को मुँह में ठूस लिया और एक बच्चे की तरह उससे चूसने लगा.

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थूक के मेल मिलाप से और चुसाई से निप्पल भी कड़क हो गए थे, जो की संकेत था की अगला स्टेप में अब बढ़ना चाहिए.

तनीषा ने भी होंठ चूमते हुए राहुल की शर्ट उतार दी और उसके सिक्स पैक्स वाली बॉडी में अपने हाथ घुमाने लगी, राहुल ने भी मौका देखते हुए तनीषा की पंतय जो एकमात्र वस्त्र उसके शरीर पे रह गया था, वह भी उतार दिया.

अब तनीषा पूरी नंगी लेती हुई थी बिस्तर पर. आज राहुल फर्स्ट टाइम असली में किसी की छूट देख रहा था. लुंड को एक और झटका लगा और वह और खड़ा हो गया.

राहुल ने अपनी अंडरवियर भी निकाली और उसका लुंड देख के तनीषा की आँखे फटी की फटी रह गयी.

तनीषा : राहुल...? इतना? इतना बड़ा? ये तोह मेरी जान निकाल देगा

राहुल : उम्... दी आप रेडी नहीं है तोह कोई बात नहीं, में आपको फाॅर्स नहीं करूँगा.

तनीषा : नहीं पगलू. में पहली बार इससे देख रही हु न, इसलिए... तुझे फ़िक़र करने की कोई ज़रुरत नहीं है. चढ़ जा मेरी ऊपर... आज अपना बना ले मुझे हमेशा के लिए.

राहुल : डीई...

और राहुल झुक कर होंठो का रसपान करने लगता है. थोड़ी देरर की किसिंग के बाद अब अगले स्टेप पर जाने के लिए तैयार था राहुल.

राहुल नीचे की तरफ अपनी जुबां तनीषा के शरीर पे फिर के नीचे बढ़ने लगा. नाभि आते hi उसने अपनी गरम जुबां अंदर नाभि में दाल दी.

"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"

और तनीषा के मुँह से सिसकी निकल गयी

फिर राहुल छूट याने की अपने लक्ष्य के पास पहुचा. एक दम साफ़ सुथरी छूट देख के वो भी इतने करीब से राहुल की उत्तेजना बढ़ती जस रही थी.

उसने एक पल भी नहीं गवाया और अपनी जुबां निकल के सीधा छूट पर लगा दी और चूसने लगा

"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

रआआआआअह्ह्हुउउउउउउललल्ल,

Aaaaaaaaaassshhhhhhhhhhh"

तनीषा की छूट में आज पहली बार किसी ने जुबां फिराई थी. ज़ाहिर सी बात है की सिसकिया तोह आज निकालनी hi थी.

पर ये तोह शुरुआत थी.

पोर्न देख देख के राहुल को सब पता था क्या क्या करना है. हलाकि ये दोनों का फर्स्ट टाइम था, पर दोनों बेहतर होते जा रहे थे.

चूस चूस के राहुल ने छूट का हाल बेहाल कर दिया था. तनीषा दो बार आलरेडी जहर चुकी थी. और राहुल छूट के रास को अपनों जुबां से छूट के इर्द गिर्द फैला रहा था. पहली बार में उससे स्वाद थोड़ा बेकार ज़रूर लगा था पर धीरे धीरे वो बेस्वाद भी स्वाद में तब्दील हो गया. और अब तोह जैसे उससे चस्का चढ़ गया था.

अगले hi पल तनीषा ने राहुल की सेवा के लिए उसका लुंड अपने हाथो में ले लिया और उससे हिलाने लगी. पहली बार वो ब्लोजॉब देने जा रही थी. टोपा देख के hi उससे अजीब सा लग रहा था. पर उसने कोई पल नहीं गवाया.

और अगले hi पल उसने टोपा मुँह में लिया

"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"

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इस बार सिसकी राहुल के मुँह से निकली थी. भले hi तनीषा एक ामतीउर थी इस मामले में, बल्कि बिगिनर कहना सही रहेगा. पर वो कोशिश करती जा रही थी और खुद को बेहतर बना रही थी.

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उससे पता था यदि राहुल के दिल में उससे अपने लिए एक बहुत hi ख़ास जगह बनानी है, तोह आज उससे अपना पूरा हुनर दिखाना पड़ेगा और राहुल की कोई कमज़ोरी ढूंढ़नी पड़ेगी जो सिर्फ उससे पता हो.

लुंड तनीषा की चुसाई से थूक से सन्न चूका था और चुदाई के लिए एकदम तैयार था.

तभी तनीषा ने ऐसा कुछ किया जिस से राहुल की ज़ोरदार सिसकी निकली.

तनीषा ने राहुल के अंतुले अपने मुँह में भर लिए और जीभ घुमा घुमा के उन्हें गुलाब जामुन की तरह भरी हुई थी अपने मुँह में.

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"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Diiiiiiiiii, ये क्याआआ!?????....."

तनीषा (मैं में) : तोह ये है वीक पॉइंट इसका? हहै...

चूस चूस के राहुल की बॉल्स एकदम फूल गयी थी. मालुम पद रहा था की अंदर बहुत माल भरा हुआ है. बस निकलने के देरी है.

तनीषा फिर वापस बीएड पर लेत गयी. और फिर अपने दोनों हाथो का फैला के राहुल को आमंत्रित किया,

"प्लीज राहुल! अब और देरर न करो"

राहुल को पता था अब यही मैं काम है

आज इसके बाद वो एक मर्द और तनीषा एक औरत बन्न जाएंगे.

राहुल ने ज़्यादा सोचा नहीं, और अपना लुंड छूट के मुँह पे लगाया, छूट के होंठ आपस में ऐसे जुड़े थे जैसे मानो उन्हें अलग करना नामुमकिन है. पर यही तोह राहुल का मिशन था आज.

अंदर घुस के आना ौड अपना झंडा गाड़ के आना.

राहुल ने लुंड को छूट पर थोड़ा सहलाया और फिर एक झटका मारा जिस से लुंड फिसल गया, और तनीषा की आह निकल गयी.

राहुल ने फिरसे तरय किआ और एक तेज़्ज़ शॉट मारा, इस बार लुंड का टोपा अंदर चला गया, और तनीषा की चींख निकल गयी.

राहुल ने ज़्यादा वेट नहीं किया और एक तेज़्ज़ धक्का लगाया जिस से लुंड लगभग आधा अंदर चला गया.

बेचारी तनीषा की दर्द के मारे आँखे hi पलट गयी...

और चींख से कमरा गूँज गया.

राहुल का पता था ये होटल रूम है, ज़्यादा शोर भी सही नहीं. तनीषा को दर्द न हो इसलिए वो थोड़ी देरर रुक गया.

तनीषा की आँखों से ासु बहते जा रहे थे. दर्द. इतना दर्द की पूछो मत.

इतना बड़ा लुंड उसकी नाज़ुक छूट में आधा घुसा हुआ था और ताबड़ तोड़ चुदाई के लिए तैयार था. दर्द कैसे न होता!?

हिम्मत करके तनीषा ने आगे बढ़ने को कहा तोह राहुल ने एक झटका और दिया और लुंड और अंदर समा गया. बस अब थोड़ा सा hi लुंड बचा हुआ था बाहर.

पर राहुल ने आज ठान लिया था की आज इतने से hi चुदाई करेगा वह.

अपनी तनीषा दी को यु दर्द में देख उससे बहुत दुःख हो रहा था.

पर दर्द सिर्फ तनीषा को नहीं था, राहुल का भी ये फर्स्ट टाइम था. आज उसके टोपे से धागा टूट चूका था. तोह दर्द तोह उससे भी था. पर तनीषा के दर्द के सामने उसका ये दर्द कुछ भी नहीं था.

राहुल ने होंठ चूमते हुए, दूध को मसलते हुए तनीषा को नार्मल किया और उससे रिलैक्स फील करवाया.

जब तनीषा ने कमर की हरकत शुरू की तोह राहुल को संकेत मिल गया की बस अब शुरू होगा खेल.

राहुल ने फिर करारे धक्के लगाना शुरू किया, तनीषा की चींखे ज़रूर आ रही थी पर राहुल को पता था ये दर्द दी को बाद बहुत सुख देने वाला है.

इसलिए राहुल बिलकुल नहीं रुका और ताबड़ तोड़ चुदाई करते हुए तेज़्ज़ शॉट्स मार रहा था.

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"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

Uuuuuuufffffffffffffffffffffffff

उम्मम्मम्मम्मम aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh

Raaaaaaaahhhuuuuuullllllllll

Aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh"

कमरा इन् आवाज़ों से और थप थप की आवाज़ों से गूंज रहा था.

तनीषा को भी थोड़ी देरर बाद दर्द की जगह एक आनंद आने लगा. एक अजीब सा आनंद. जिसकी अनुभूति उससे पहले कभी नहीं हुई. और गांड उचका के वो खुद जोरर जोरर से छोड़ने लगी...

तनीषा (मैं में) : aaaahhhhhhhhhhh उफ्फफ्फ्फ़ तोह... तोह ये होता है सेक्स??

हाय्ययी!!! में अब तक इस सुख से कैसे वंचित थी? हाय्ययी राहुल्ल्ल

उफ्फ्फ्फ़!!! आआह्ह्ह!!!

राहुल : ाः आअह्ह्ह डीई... आज.... आज से आप ... मेरी होओओओ....

तनीषा : हां रहलललल..... मेरे शोणनाए... फ़क में!!! रगड़ दो आज मुझे भाई....

राहुल : आअह्ह्ह दीदी....

आज तनीषा वाक़ई बहुत हॉर्नी थी. ये रूप देख के राहुल का जोश चरम सीमा पे पहुँच चूका था.

अंदर छूट किसी भट्टी की तरह गरम थी, और जैसे hi राहुल का लुंड अंदर जाता, छूट उससे कसके जकड लेती जैसे मानो लुंड को खाने की कोशिश कर रही हो.

ऐसे hi 20 - 25 धक्के मारते मारते राहुल का अब वीर्य निकलने वाला था.

जहर तोह वह पहले hi जाता अलनी तनीषा दी को छोड़ने में क्युकी तनीषा हॉट hi इतनी थी पर धक्के उसने स्लो कर दिए थे.

राहुल : डीई... ाररह्ह्ह्ह में आने वाला हु...

तनीषा (इशारा समझते हुए) : अंदर दाल दे राहुल... अंदर... आअह्ह्ह्हह

अंडररररररर.....

और राहुल ने थोड़े और ढ़ाके लगाए तोह तनीषा एक चींख के साथ चौथी बार जहर गयी और एन्ड में राहुल ने अपना पूरा मुट्ठ तनीषा की छूट के अंदर पेल दिया....

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"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh"

तेज़्ज़ सिसकी के साथ राहुल और तनीषा दोनों hi पोस्ट पद गए. राहुल सीधे तनीषा के ऊपर गिर पड़ा, और तनीषा ने उसका चेहरा अपने स्तनों में छुपा लिया और कास के जकड लिया.

आज दोनों एक मर्द और एक औरत बन चुके थे. तनीषा आज सबसे ज़्यादा खुश थी.

पर आगे क्या होगा? क्या होगा जब वंशु और बाकी सब को पता चलेगा इनके रिलेशनशिप के बारे में? सब सुलझ जाएगा या फिर कोई तूफ़ान आएगा?

और राहुल ने क्या प्लान बनाया है संजय सर को सबक सिखाने के लिए?

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आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स!!

 
अपडेट - 39

अब तक...

तेज़्ज़ सिसकी के साथ राहुल और तनीषा दोनों hi पोस्ट पद गए. राहुल सीधे तनीषा के ऊपर गिर पड़ा, और तनीषा ने उसका चेहरा अपने स्तनों में छुपा लिया और कास के जकड लिया.

आज दोनों एक मर्द और एक औरत बन चुके थे.

अब आगे...

अगली सुबह राहुल की नींद खुली तोह वो अपने कमरे में था. कल तनीषा के साथ उसने अपनी विर्जिनिटी तोड़ी थी. कल की बात याद आते hi उसका लुंड तन तना गया. कितनी हॉर्नी थी कल तनीषा.

बगल में सोती हुई वंशु को देख उससे इस बात की टेंशन होने लगी की वंशु को जब सच पता चलेगा तब क्या होगा?

खर्र बाद की बाद में देखेंगे, ये सोचते हुए राहुल उठा और आज उसके मैं में कुछ और करने का एक्ससिटेमेंट था.

आज उससे संजय सर को सबक जो सिखाना था. साले ने पैसे खा खा के स्टूडेंट्स के प्लेसमेंट्स में हेर्र फेरर को धंधा बना के रखा था. उसकी सच्चाई तोह सामने लाना hi था.

फ्रेश उप होक राहुल सीधा कॉलेज की तरफ निकला और वह पॅहुचते hi उसने किसी को कॉल किया.

राहुल : hello? हां सर? कहा हो आप?

सर : बीटा में केबिन में हु अपने, आ जाओ तुम यहाँ.

राहुल : ok सर!

और राहुल सर के केबिन में चल देता है

ये नेमा सर है जो प्लेसमेंट स्टाफ में hi काम करते है पर संजय सर की अथॉरिटी इनसे ज़्यादा है. नेमा सर एक ईमानदार प्रोफेसर है और उनको प्लेसमेंट स्टाफ में काम करते 3 साल हो चुके है. पर संजय सर के रहते उन्हें कोई भी प्रमोशन नहीं मिल पाटा. वर्ण आज वो संजय सर की जगह होते. पैसो की घुस खा खा के और काम निकलवा के संजय ने अपना दबदबा बना लिया था स्टाफ में.

राहुल ने जब नेमा सर को ये बात बताई की उसका सिलेक्शन रुकवाने के पीछे संजय सर का हाथ है, तोह नेमा सर को बहुत गुस्सा आया. राहुल एक बहुत इंटेलीजेंट स्टूडेंट था. उसके साथ हुई na-insaafi से नेमा सर भी राहुल के साथ हो गए.

राहुल ने एक प्लान आलरेडी बना लिया था बस उससे इम्प्लीमेंट करना बाकी था. और उसमे उसको एक अंदर के व्यक्ति की ज़रुरत थी. राहुल ने वादा किया था नेमा सर को की वो उन्हें संजय सर की जगह दिलवा देगा. इसलिए नेमा सर भी राहुल के साथ उसके प्लान में भागीदारी बन्न गए.

ऋचा और सृष्टि का प्लेसमेंट आलरेडी हो चूका था, तोह वो लोग अब बाकी कम्पनीज में इंटरेस्टेड नहीं थी.

इसलिए वो कॉलेज नहीं आती थी.

अब राहुल को अपना खेल शुरू करना था.

राहुल : सर!! मई ी के इन?

नेमा सर : अरे आओ बीटा! बैठो! बोलो जल्दी से अब कब शुरू करना है

राहुल : बस तुरंत hi सर.

राहुल ने पहले hi सारा प्लान नेमा सर को कुछ दिन पहले hi समझा दिया था फ़ोन पर और उन्हें समझाया था की 2-3 लोगो की और आवश्यकता पड़ेगी. जिसका इंतज़ाम नेमा सर ने कर लिया था.

नेमा सर : पर यदि संजय सर राज़ी नहीं हुए तोह?

राहुल : कैसे राज़ी नहीं होंगे सर? पैसा तोह उनको जान से भी ज़्यादा प्यारा है. अब आप रेडी हो जाओ और जैसा जैसा बताया है आप बिलकुल वैसा करना.

नेमा सर : हम्म! ठीक है. में फिर चलता हु...

और राहुल बाहर निकल के अपने एक फ्रेंड को कॉल करता है. वैसे तोह राहुल की 2 hi फ्रेंड्स थी वो थी ऋचा और सृष्टि. पर एक फ्रेंड और था राहुल का जिस से राहुल की काफी पटरी खाती थी. वो था सौरभ.

राहुल : हां भाई किधर है तू?

सौरभ : बीआरओ! में बस निकल गया हु, 15-20 मिनट में पहुँच जाऊंगा.

राहुल : अच्छा ठीक है. पता है न ाचे से क्या करना है.

सौरभ : हां भाई पता है, बस तू मेरी जल्द से जल्द नौकरी लगवा दे यार. देख में होशियार नहीं हु तेरी तरह, में तेरे लिए इतना जोखिम इसलिए कर रहा हु क्युकी तूने वादा किया था की मुझे नौकरी दिलवाएगा.

राहुल : अच्छा तोह तू सिर्फ नौकरी के लिए ये कर रहा है?

सौरभ : भाई ऐसी बात नहीं है. नौकरी नई भी मिलती तोह भी में ये करता तेरे लिए पर तूने मुझसे वादा किया था, इसलिए में बोलै.

राहुल : तू फ़िक़र मत कर. तुझे नौकरी में दिलवाऊंगा.

सौरभ : ok...

फिर राहुल कैंटीन में जाके बैठ गया

तभी उससे ऋचा का कॉल आता है

राहुल : hello? बोलो ऋचा

ऋचा : अभी भी फ्रेंड की तरह hi बुलाओगे?

राहुल (छेड़ते हुए) : तोह क्या कह के बुलाऊ जी? बेबी? डार्लिंग? रीचु? हनी?

ऋचा (बलुशिंगली) : बस बस बस... मुझे शर्म आ रही है

राहुल : ओह्ह हूँ... मैडम शर्मा रही है... तोह कहिये रीचु

ऋचा : रीचु?? हां!! मुझे ये पसंद आया!!

राहुल : अब बोल भी दीजिये!!

ऋचा : कुछ नहीं! तुम्हारी याद आ रही थी. और अभी क्या कर रहे हो?

राहुल : अभी कॉलेज में हु, उस संजय की बंद बजाने आया हु

ऋचा : क्या? कैसे?

राहुल : सब बाद में बताऊंगा रीचु

ऋचा : okay!! और suno...wo...wo...

हम डेट पे चले??

राहुल : सूरे!! कल चलते है.

ऋचा (बलुशिंगली) : थैंक यू h...honey...

राहुल (सुरप्रीसेड) : आए है!!!

इस से पहले की और बात होती, ऋचा शर्म के मारे फ़ोन कट कर देती है.

फ़ोन कट होते hi राहुल को व्हाट्सप्प पे कॉलेज के ग्रुप में एक मैसेज आया-

"आल थे स्टूडेंट्स ऑफ़ B.E अरे रेक्वेस्टेड तो अस्सेम्ब्ले इन थे मैं हॉल. ा बिग मंच इस अर्रिविंग सून विथ थे पैकेज ऑफ़ 4.5 लक्ष. गठर इम्मेडिएटली"

राहुल ने जैसे hi ये मैसेज देखा उसके चेहरे पे एक बड़ी मुस्कान आ गयी.

राहुल (मैं में) : खेल शुरू हो चूका है. देखता हु में भी तू कैसे बचता है बीटा संजय?

संजय अपने केबिन में बैठा हुआ आने वाली कम्पनीज के बारे में सोच रहा था तभी उसके केबिन में नेमा सर आए,

नेमा सर : अरे सर?! आप यहाँ हो? कंपनी आ रही है कुछ hi देरर में जल्दी प्रिपरेशन कीजिये...

संजय सर : हैं? कोण सी कंपनी?

नेमा सर : अरे सर! कंपनी क्सक्सक्सक्सक्स आ रही है, तुरंत अभी... आप यहाँ क्या कर रहे हो जल्दी चलो. मेने व्हाट्सप्प पे मैसेज दाल दिया है आलरेडी.

संजय सर : हैं? के की कंपनी? अरे नेमा आज कोई कंपनी नहीं आने वाली. मेरी लिस्ट में ऐसी कोई कंपनी नहीं है.

डायरेक्टर साहब ने बताए थे साड़ी कम्पनीज के नाम...

नेमा सर : सर आज जो कंपनी आ रही है उसके बारे में डायरेक्टर साहब को कल hi पता चला. और उन्होंने आपको कॉल किया था रात में पर आपका फ़ोन शायद बंद था... इसलिए उन्होंने मुझे फ़ोन करके जानकारी दी थी कल.

नेमा सर की बात सुन्न संजय भी चौंक जाता है. कल वो अपनी बीवी की चुदाई में लगा हुआ था इसलिए रात में फ़ोन स्वित्चेद ऑफ कर दिया था.

संजय सर : अच्छा?? पर.. पर..

नेमा सर : अरे पर वॉर चोरडिये देखिये मेल आया होगा कंपनी की तरफ से कॉलेज को.

नेमा सर की बात सुन्न संजय फौरन मेल्स चेक करता है और वाक़ई मेल आया हुआ था. कंपनी का नाम और कंपनी के बारे में सबकुछ लिखा हुआ था. यहाँ तक की कंपनी की वेबसाइट की लिंक भी दी हुई थी.

संजय ने फौरन लिंक पे क्लिक किया और एक बढ़िया सी वेबसाइट खुल गयी जो वाक़ई उस कंपनी की थी.

संजय एकदम शॉकेड था. अभी उससे प्रिपरेशन करनी थी कैसे होगा इतनी जल्दी सब कुछ.

नेमा सर : सर घबराइए नहीं!! मेने साड़ी प्रिपरेशन कर दी है. स्टूडेंट्स को गठर होने बोल दिया है व्हाट्सप्प पे. आप बस हॉल में पहुँच कर कंपनी के लोगो का स्वागत कीजिये.

वो लोग आते hi होंगे.

संजय : अरे धन्यवाद नेमा! तुमने एक भोज हल्का कर दिया. चलो चलो जल्दी...

फिर थोड़ी देरर बाद कंपनी के लोग आ जाते है. कुल 3 लोग थे. संजय ने मैं हॉल में उनका स्वागत किया. सारे बच्चे इखट्टे हो गए थे. और एक दम से आयी कंपनी के लिए स्टूडेंट्स तैयार hi नहीं थे. यहाँ तक की वो कंपनी का नाम पहली बार सुन्न रहे थे.

सौरभ भी उन् स्टूडेंट्स में से एक था. सिलेक्शन के लिए वो भी बैठा हुआ था

फिर सिलेक्शन की प्रोसेस चालू हुई, सबकुछ ऑफलाइन हुआ और बहुत से बच्चे बाहर हो गए. पर सौरभ होशियार नहीं था उतना फिर भी उसने सारे राउंड्स क्लियर कर लिए. अब बस इंटरव्यू बचा हुआ था.

इंटरव्यू केबिन के बगल में संजय का केबिन था. सौरभ संजय के केबिन में अंदर चला गया,

सौरभ : मई ी के इन सर?

संजय सर : के इन! पर में तोह बाहर आने hi वाला था, इधर क्यों आ गए?

सौरभ : सर अकेले में बात करनी है.

संजय सर (ऊपर से नीचे तरुण को देखते हुए) : ओह्ह्ह!! क्या बात करनी है?

सौरभ : सर में बड़ी मुश्किल से इंटरव्यू राउंड तक पहुचा हु, आपको भी पता है में पढ़ाई में होशियार नहीं हु. पर घरवाले बड़ी उम्मीद रखते है मेरे से. प्लीज! आप कैसे भी कर के मेरा सिलेक्शन करवा दीजिये न... बदले में आप जितना मांगोगे में दूंगा. बूत प्लीज! आज यदि मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ तोह बहुत बुरा हो जाएगा. आप पैसे बताइये सर... में पूरी कोशिश करूँगा. मेरे घरवाले भी पैसे देने को तैयार है. बस नौकरी लगवा दीजिये.

संजय सर : ओह्ह्ह? ... पचास हज़ार!!

सौरभ : हँ?

संजय सर : बोलो? दे सकते हो? में बात को ज़्यादा घुमाऊंगा नहीं. सीधा बोल दिया. 50,000!!

सौरभ (तुक्का मारते हुए) : पर सर लकी से तोह आपने काम लिए थे.

संजय सर : तुम लकी को जानते हो?

सौरभ : हां सर! में उसका दोस्त हु पुराना. उसने कहा था की राहुल की नौकरी हटवाने के बाद वो मेरी लगवा देगा. पर अभी कुछ दिन से आ नहीं रहा है वह. इसलिए में डायरेक्ट आपके पास आ गया.

संजय सर (मैं में) : मेरे और लकी के बारे में तोह किसी को नहीं पता. फिर ये? शायद ये सच कह रहा है. तभी तोह इससे पता है. शायद लकी का ख़ास दोस्त है. मुझे क्या? मुझे तोह मुनाफा hi हो रहा है. ः...

संजय सर : देखो भाई! में 50 हज़ार से एक रूपया काम नहीं लूंगा और पैसे कब डोज? और यदि नहीं दिए तोह?

सौरभ : किसी बाते करते हो सर? पैसे दूंगा न में आपको. और यदि मेने पैसे नहीं दिए तोह जैसे आप नौकरी लगवा सकते हो वैसे hi हटवा भी तोह सकते हो. में रिस्क क्यों लूंगा? न बाबा न... आपको पैसे पूरे मिलेंगे. अब आप काम नहीं कर रे तोह चलिए ठीक है कोई बात नहीं. 50,000 फाइनल!

संजय सर : हाहाहाहा!! बहुत बढ़िया! तुम होशियार हो. किसने कहा तुम गधे हो? गधे तोह ये लोग है जो पढ़ पढ़ के आ रहे है और फिर भी इनका सिलेक्शन नहीं हो रहा. हाहाहाहा... यदि सब तुम्हारी तरह मेरे पास आ जाए तोह इनका काम भी हो जाएगा. है की नहीं?

सौरभ : हाहाहा!! बिलकुल सही कहा सर!

संजय सर : ठीक है तुम बाहर इंटरव्यू केबिन में बैठो में जाके बात कर लेता हु कंपनी के लोगो से तुम्हारे लिए. पर उसके पहले अपना ओरिजिनल रिपोर्ट कार्ड यहाँ रख दो. यदि बाद में तुम पलट गए तोह में तुम्हारी नौकरी वापस हटवा तोह ज़रूर दूंगा. पर मेरा टाइम तोह खराब हुआ न? उसका बदला तोह तुमसे लेना पड़ेगा न? तुम्हारा रिपोर्ट कार्ड में अपने पास रखूँगा और तुमको लटकाता रहूँगा वापस देने के लिए. हाहाहा... ताकि तुम भी बाद में पलटो न... हाहाहाहा... सही कहा न?

सौरभ : जी बिलकुल! ये लीजिये! पर आप निश्चिन्त रहिये! में पलटूँगा नहीं. मेरे लिए नौकरी वाक़ई बहुत इम्पोर्टेन्ट है.

संजय सर : हम्म! ठीक है जाओ फौरन अब... में आता हु.

सौरभ : जी सर!!

और फिर सौरभ बाहर आके इंटरव्यू केबिन के बाहर बैठ जाता है जहा और भी स्टूडेंट्स अपने इंटरव्यू के लिए बैठे हुए थे. थोड़ी देरर बाद संजय आता है और अंदर केबिन में चला जाता है.

संजय अंदर जाते हुए कंपनी के जो तीन लोग थे उनसे बात करता है. की सौरभ नाम के लड़के का सिलेक्शन करवाना है.

फिर संजय बाहर आके सौरभ को इशारा कर देता है की उसने बात कर ली है. और फिर उसका बाद में सिलेक्शन भी हो जाता है. बाद में सौरभ संजय सर को थैंक यू बोलता है और पैसे एक हफ्ते के अंदर देने का वादा कर देता है.

फिर बाद में कंपनी के लोग भी चले जाते है. और संजय आके अपने केबिन में बैठ जाता है. आज खुश था बहुत, 50,000 का मुनाफा हुआ था उससे. किसी बात की टेंशन hi नहीं थी. बस एक हफ्ते के अंदर उसके पास 50,000 रुपये आ जाएंगे. ये सोचके hi उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था.

अभी कंपनी के लोगो को गए 15 मिनट hi हुए थे की एक अनाउंसमेंट हुआ एयर संजय को स्टाफ रूम में बुलाया गया.

संजय (मैं में) : ये मुझे क्यों बुलाया गया है? चल के देखता हु...

और संजय स्टाफ रूम की और चल देता है.

स्टाफ रूम में एंटर करते hi उससे प्रिंसिपल, तीनो वही कंपनी के लोग, नेमा सर, सौरभ खड़े हुए दिखाई देते है.

वो एंटर करता hi है की इतने में और भी कोई अंदर की और आता है,

"कैसे हो संजय सर!?"

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आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स!

आगे क्या होगा? संजय बचेगा या उसका खेल ख़तम?

लाइक्स और रेविएवस देना न भूले!
 
बीआरओ उनके बीच सेक्स हो चूका था आलरेडी!

ये मत भूलिए की राहुल होटल में था

उसका घर पहुचना ज़रूरी था वर्ण घरवाले गांड मार लेते...

जब इन् दोनों का अगला इंटरेक्शन होगा तब आपको सब पता चलेगा...
 
अपडेट - 40

अब तक...

संजय (मैं में) : ये मुझे क्यों बुलाया गया है? चल के देखता हु...

और संजय स्टाफ रूम की और चल देता है.

स्टाफ रूम में एंटर करते hi उससे प्रिंसिपल, तीनो वही कंपनी के लोग, नेमा सर, सौरभ खड़े हुए दिखाई देते है.

वो एंटर करता hi है की इतने में और भी कोई अंदर की और आता है,

"कैसे हो संजय सर!?"

अब आगे...

ये आवाज़ किसी और की नहीं हमारे राहुल की hi थी.

अंदर स्टाफ रूम में राहुल को जाते देख रौशनी ma'am भी स्टाफ रूम के अंदर चली जाती है

{रौशनी ma'am वही ma'am है जो राहुल को 1सत ईयर में पढ़ाती थी और उनकी क्लास टीचर भी थी. राहुल उनका फवौरीते स्टूडेंट था, और ऋचा को इवेंट में रहने के लिए राहुल ने रौशनी ma'am से रिक्वेस्ट की थी. रौशनी ma'am और राहुल के बीच काफी अच्छी फ्रेंडशिप थी. एक टीचर और स्टूडेंट के अलावा भी वो एक दूसरे के फ्रेंड्स भी थे}

संजय ने जब राहुल को अंदर आते देखा तोह उस को उस दिन की बात याद आ गयी जब उसने राहुल का सिलेक्शन रुकवाया था. क्युकी उस दिन के बाद से संजय ने राहुल को देखा hi नहीं था. और आज यु अचानक से उससे देख संजय थोड़ा स्तब्ध सा था.

नज़रे इधर उधर फिर के संजय ने सभी को देखा और सिचुएशन का जायज़ा लेने की कोशिश की पर अफ़सोस उससे कुछ भी पल्ले नहीं पद रहा था की आखिर चल क्या रहा है?

"अरे सर बैठिये बैठिये!!",

राहुल ने संजय को कंधे से पकड़ के उससे चेयर पर बैठाते हुए कहा

प्रिंसिपल का चेहरा देख संजय को इतना तोह समझ में आ गया था की वो बहुत गुस्से में है अभी.

रौशनी ma'am को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था की स्टाफ रूम में इतने सारे log...akhir चल क्या रहा है? किसी ने भी रौशनी को टोका नहीं. बस एक नज़र सभी ने उससे देखा और सभी करंट सिचुएशन पे ज़्यादा ध्यान दे रहे थे.

राहुल ने ज़्यादा टाइम वास्ते न करते हुए सौरभ का फ़ोन लिया और एक वीडियो प्ले कर दिया...

वीडियो में-

.............................

संजय सर : ओह्ह्ह? ... पचास हज़ार!!

सौरभ : हँ?

संजय सर : बोलो? दे सकते हो? में बात को ज़्यादा घुमाऊंगा नहीं. सीधा बोल दिया. 50,000!!

..............................

वीडियो अभी कुछ देरर पहले हुई सौरभ और संजय की बीच घूस वाली बात का hi था. वीडियो में पूरी बातचीत थी.

वीडियो देख संजय की गांड फट गयी.

जहा थोड़ी देरर जिस चेहरे पर मुस्कान थी वही अब पसीने से पूरा चेहरा भर रहा था. और घबराहट से उसके शरीर में कम्पन होने लगा था.

संजय (नर्वस) : ye...ye... ये सब क्या है... हँ???

राहुल : सर ये तोह आप हो... और दूसरा व्यक्ति मेरा दोस्त सौरभ है.

संजय ने गुस्से से सौरभ की तरफ देखा तोह सौरभ दूसरी तरफ मुँह कर के सीटी बजाने लगा. जिस से उसका गुस्सा और बढ़ गया.

प्रिंसिपल : कुछ कहना है तुम्हे संजय?

संजय : सर!! सर!! ट्रस्ट में!! ये सब फ़ालतू है... सब सकाम है. मुझे फसाया गया है. अरे नेमा... तुम... तुम बताओ सर को... आज कंपनी आयी थी न ?? तोह उसी के लिए ये सौरभ मेरे पास आया था... और ... और...

नेमा सर : कोण सी कंपनी सर?

संजय : अरे नेमा ... किसी बाते कर रहे हो? अभी तोह आयी थी न और ये... आप लोग कंपनी की hi तरफ से है न... कुछ कहिये...

नेमा सर : अरे संजय सर!! ये तीनो लोग तोह मेरे मित्र है. आज मेने इन्हे बुलाया था कुछ काम के सिलसिले में.

ये सुन्न के मानो संजय को एक बड़ा झटका लगा. मित्र?? वो भी नेमा के? तोह कंपनी का क्या??

Sanjay(hadbadaate हुए) : arre...arre... Ne..nema.. tum...tum क्या बाके जा रहे हो यार हैं? तुमने मेल दिखाया था न मुझे... की... की कंपनी आ रही है, और... और... वो लिंक भी तोह थी न... ऑफिसियल वेबसाइट है कंपनी ki..faaltu बातें कर रहे हो तुम...

तभी राहुल अपने लैपटॉप बैग से लैपटॉप निकालता है और संजय को दिखाता है

राहुल : कही इस साइट की बात तोह नहीं कर रहे सर?

संजय : haaa...haaa... बिलकुल यही साइट है...

राहुल : सर वो एक्चुअली ये साइट मेने hi बनायीं है! ः!! और वो मेल भी मेने hi भेजा था. और नेमा सर के ये तीन फ्रेंड्स को भी मेने hi बुलवाया था. और सौरभ को भी मेने hi ऐसा करने कहा था. ये वीडियो भी मेने hi बनवाया है.

इतना बोलने के बाद राहुल शांत हो गया

कमरे में कुछ पल के लिए तोह सन्नाटा छ गया.

अब समझ आया था संजय को की सारा का सारा किया धरा राहुल का था. आज तोह वाक़ई बुरा फसा संजय.

संजय : ये... ये सब क्या बदतमीज़ी है राहुल?

राहुल : बदतमीज़ी? सर आपने मेरी नौकरी रुकवाई उस लकी के कहने पर, आपने घूस ले ले के बच्चो की जॉब्स लगवाई... और बदतमीज़ी में कर रहा hu??waah!!

संजय (गुस्से में) : तेरी तोह...

प्रिंसिपल (जोरर से) : संजायआयययययय..

प्रिंसिपल : यू मई लीव नाउ!! यू अरे फायर्ड!!

संजय : नू सर!! ये.. ये आप क्या??...

प्रिंसिपल : एनफ!! लीव नाउ!!

संजय तेज़्ज़ कदमो के साथ पीछे मुद के फौरन बाहर निकल गया.

प्रिंसिपल : मुझे बिलकुल भी खबर नहीं थी की संजय ऐसा कुछ करता आ रहा है. वर्ण में तोह...

राहुल : it's फाइन सर!! आपको आज सच तोह पता चल गया न... ये सब आज नहीं होता यदि आपने नेमा सर को प्रमोट कर के संजय सर की जगह रखा होता तोह!! नेमा सर ने अपनी जॉब की परवाह किये बजर्र मेरी आज हेल्प की.

प्रिंसिपल : यू अरे राइट राहुल! नेमा सर!! आज से hi आप संजय सर की जगह लेंगे.

नेमा सर : जी सर!! थैंक यू!!

प्रिंसिपल : और राहुल... तुमने भी एक बड़ी गलती की है, साथ hi साथ नेमा सर सुर सौरभ ने भी...

राहुल : किसी गलती सर??

प्रिंसिपल : ये प्लान तुमने बनाया संजय का सच सामने लाने के लिए. वो में मानता हु ठीक है. पर साथ hi साथ गलत भी है. गलत क्यों है? गलत इसलिए है ... की तुमको ये काम करने की अथॉरिटी नहीं थी. तुमने एक फेक कंपनी बना के कॉलेज में बुलाई और इतने सारे स्टूडेंट्स के साथ सकाम किया. अभी उन्हें पता चलेगा तोह क्या होगा? क्या जवाब दूंगा में उन्हें?

और नेमा सर आप भी बच्चो के प्लान में शामिल हो लिए? अरे मुझसे कंसल्ट तोह करना था एक बार.

आप तीनो को भी पनिशमेंट मिलेगी...

सौरभ : ke..kesi पनिशमेंट सर?

प्रिंसिपल : I'm सॉरी तो से, नेमा सर!! आपकी आधी पगार काट ली जाएगी इस मंथ की. और राहुल और सौरभ... तुम दोनों नेक्स्ट कंपनी में नहीं बैठोगे.

यही है पनिशमेंट!!

सौरभ की ये बात सुन्न और फट गयी.

एक तोह वैसे hi उससे जॉब नहीं मिल रही थी, पढ़ाई में कमज़ोर है, ऊपर से एक मौका और छीन गया.

राहुल : व्हाट!!!! ये... ये आप क्या कह रहे हो सर??

प्रिंसिपल : it's फाइनल!! यू आल मई लीव नाउ...

राहुल (फ़्रस्ट्रेशन में) : एक क्या... अब में किसी कंपनी में नहीं बैठूंगा सर!!

और राहुल इतना बोल तेज़्ज़ कदमो के साह बाहर निकल जाता है.

"राहुल.... राहुल....",

रौशनी ma'am दौड़ती हुई उसके पीछे पीछे आती है...

राहुल कुछ सुन्न hi नहीं रहा था पर

आज उसका मूड बहुत hi खराब था.

एक तोह उसने इतना सब किया और एन्ड में उससे भी नुक्सान भुगतना पड़ा...

रौशनी ma'am : rahul...rahul... लिसेन तो में...

राहुल : क्या है ma'am???

रौशनी ma'am : अरे बाबा... मुझे घर तक ड्राप कर डोज!?

राहुल : क्यों?? आपको आज बस में नहीं जाना क्या??

रौशनी ma'am : अरे आज मुझे जल्दी जाना है...

राहुल : फाइन!!

फिर रौशनी अपना बैग लेने क्लासरूम में चली जाती है. दरअसल आज उससे जल्दी नहीं जाना था. पर अंदर जो कुछ भी बात हुई, उस से रौशनी को 80% तोह सब समझ आ गया था की मसला क्या है. और आज राहुल बहुत hi फ़्रस्ट्रेटेड है. साथ hi साथ उसका फवौरीते स्टूडेंट भी. तोह आज रौशनी अर्ली लीव जान बुझ के ले रही थी ताकि वो राहुल का फ़्रस्ट्रेशन दूर कर सके और उस से साड़ी बात जान सके.

ये पहली बार नहीं था जब राहुल रौशनी ma'am को ड्राप करने आया था. इसके पहले भी राहुल कई दफा ma'am को उनके घर ड्राप किया करता था. और कभी कभी उनके घर पे चाय कॉफ़ी वगैरह भी पी लिया करता था.

रौशनी ma'am ने भी शामे कॉलेज से hi अपनी इंजीनियरिंग कम्पलीट की थी और आज वो उसी कॉलेज में पढ़ाती है. तब वो एक होस्टलर थी. क्युकी वो दूसरे शहर को बिलोंग करती है. और अब वो खुद कमाया करती है और रेंट पे hi एक घर में रहती है.

अभी बाइक पे दोनों सवार थे की रौशनी ने कहा,

"राहुल! मुझे कॉफ़ी पीना है"

राहुल (फ़्रस्ट्रेशन में) : आपको तोह जल्दी जाना था न?

रौशनी राहुल के कंधे पे हल्का दबाव बना के,

"प्लीज!!!!"

राहुल : फाइन...

और राहुल एक कैफ़े पे गाडी रोक देता है.

अंदर आते hi दोनों के लिए एक कॉफ़ी आर्डर करता है.

वेटर : सर!! कपल वाली कर दू? ी मैं... नार्मल से थोड़ी महंगी है पर स्पेशल है. सिर्फ कपल्स के लिए...

राहुल : व्हाट?? ये कॉफ़ी भी कपल्स के लिए आने लगी?

वेटर : जी सर! ज़्यादातर कपल्स hi आते है, तोह हमलोग कुछ नया लेके आये है. कर दू सर?

अभी राहुल उसको मन करने hi वाला था की रौशनी ने तपाक से कह दिया,

"हां कर दो"

वेटर : ok ma'am!!

और वो अंदर चला गया.

इधर राहुल रौशनी ma'am को आँखे फाड़े देख रहा था.

रौशनी ma'am : क्या???

राहुल : आपने कपल वाली....

रौशनी ma'am : हां तोह? अब वह हमे कपल समझ रहा था तोह मेने कह दिया, कोण उससे समझाए इतना अब...

राहुल : हां पर...

रौशनी ma'am : चिल!! इतनी घबराने वाली क्या बात है?

राहुल : नहीं कुछ नहीं...

यदि यही घटना किसी और दिन हुई होती तोह सबसे ज़्यादा रौशनी hi शर्माती.

पर आज राहुल का मैं हल्का करने के लिए उसने ये सब किया और इन् बातो को ज़्यादा मंद नहीं किआ. दिल तोह उसका भी तेज़्ज़ धड़क रहा था.

थोड़ी hi देरर में कॉफ़ी आ गयी और दोनों कॉफ़ी का लुत्फ़ लेने लगे.

की तभी रौशनी का दुपट्टा उसके कंधे से सरक गया और उसका क्लीवेज सामने आ गया.

राहुल ने जब एक घूंठ कॉफ़ी पीने के बाद अपनी नज़रे उठायी तोह उससे एक तेज़्ज़ झटका लगा. क्लीवेज देख उसकी नज़रे वही की वही टिक्क गयी. दूध जैसे गोर क्लीवेज सूट के अंदर कैसे हुए देख के मानो उसकी सासे hi अटक गयी.






आज पहली बार था की राहुल ने रौशनी को तीन सालो में इस हालत में देखा था. वर्ण हमेशा दुपट्टा ऊपर hi रहता था.

राहुल ने जब थोड़ी और ऊपर नज़रे उठायी तोह रौशनी उससे hi देख रही थी. रौशनी से आँख मिलाते hi उसने फौरन अपनी नज़रे फेरर ली...

कुछ एक मिनट कॉफ़ी की चुस्की लेने के बाद राहुल ने दुबारा रौशनी की तरफ देखने का सोचा तोह उसकी फिरसे फट गयी. क्युकी रौशनी अभी भी उसी की तरफ देख रही थी...

सहित!!! उससे लगा की रौशनी अब नहीं देख रही होगी पर किसे पता था की वो tak-taki लगाए उससे hi घूर रही है

रौशनी (छेड़ते हुए) : क्यों बीटा? कहा नज़रे जा रही है?

राहुल (निर्वसली) : वो... वो एक्चुअली..

रौशनी : टीचर हु तुम्हारी... और तुम

राहुल (फौरन) : I'm सॉरी!!

रौशनी (ब्लश) : कोई बात नहीं! चलो घर चलो मेरे... तुमसे कुछ बातें करनी है...

रौशनी के घर पर आते hi वो उससे बैठने को कहती है और पानी देती है

रौशनी : हम्म!! तोह अब बताओ पूरी कहानी

फिर राहुल उन्हें पूरी कहानी सुनाता है जिससे सुन्न रौशनी को बहुत गुस्सा भी आता है और राहुल पे प्राउड भी फील करती है.

रौशनी : हम्म! तोह अब क्या करोगे? तुमने तोह कह दिया वह की अब तुम किसी कंपनी में नहीं बैठोगे...

राहुल (कुछ देरर सोच के) : अब में वह करूँगा जो इन् लोगो ने कभी सोचा भी नहीं होगा!

इन Neha's रूम...

नेहा (मैं में) : b'day के दिन भी मेरा दिन उसने मनहूस बना के रख दिया. रोज़... रोज़... रोज़... कुछ न कुछ होता है. कब तक? कब तक? कब तक ऐसा hi चलेगा? कब तक में रोज़ ऐसे इर्रिटेट होती रहूंगी? कब तक ये मेरा पीछा करेगा? कब तक मुझे इसकी शकल देखनी पड़ेगी... नहीं!! ी हद एनफ!! एनफ इस एनफ!!!

अब में वह करुँगी जो इसने कभी सोचा भी नहीं होगा!!

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

थैंक्स!!
 
अपडेट - 41

अब तक...

रौशनी : हम्म! तोह अब क्या करोगे? तुमने तोह कह दिया वह की अब तुम किसी कंपनी में नहीं बैठोगे...

राहुल (कुछ देरर सोच के) : अब में वह करूँगा जो इन् लोगो ने कभी सोचा भी नहीं होगा!

इन Neha's रूम...

नेहा (मैं में) : b'day के दिन भी मेरा दिन उसने मनहूस बना के रख दिया. रोज़... रोज़... रोज़... कुछ न कुछ होता है. कब तक? कब तक? कब तक ऐसा hi चलेगा? कब तक में रोज़ ऐसे इर्रिटेट होती रहूंगी? कब तक ये मेरा पीछा करेगा? कब तक मुझे इसकी शकल देखनी पड़ेगी... नहीं!! ी हद एनफ!! एनफ इस एनफ!!!

अब में वह करुँगी जो इसने कभी सोचा भी नहीं होगा!!

अब आगे...

अगली सुबह के शोरगुल से जब राहुल की नींद खुली तोह पाया की घडी में आलरेडी 9 बज चुके है. आज काफी देरर से उठा वह. फ्रेश होने के बाद बाहर आके देखा तोह नेहा के कमरे में काफी शोरगुल मचा हुआ था. क्या हो रहा होगा अंदर उसके बारे में सोच hi रहा था की कमरे से वंशु बाहर निकली और राहुल को अपने कमरे के बाहर खड़ा पा कर चाँद सेकंड के लिए उससे देखती रही और फिर आगे बढ़ के राहुल के कमरे में दाखिल हुयी और अपने कुछ कपडे वह से ले के वापस नेहा के कमरे में जाने लगी.

आज कुछ बात तोह ज़रूर थी. आज न तोह वंशु ने राहुल से कोई बात की ना hi सुबह उससे उठाया, न hi गुड मॉर्निंग विश किया और तोह और अभी उससे देखने के बाद भी वंशु ने कोई बात तक नहीं की. क्या नाराज़ थी? कही कुछ पता तोह नहीं चल गया?

राहुल : दी...

राहुल के मुँह से दी सुन्न वंशु बीच रास्ते में hi ठहर गयी और पलट के उससे देखने लगी. चेहरे से काफी चिंतित लग रही थी. कई भाव अभी उसके चेहरे पर थे जो साफ़ दर्शा रहे थे की कोई बात तोह ज़रूर है.

आगे बढ़ के राहुल ने उसके एक कंधे पर हाथ रखते हुए पूछा,

"क्या बात है दी? आप मुझसे नाराज़ हो क्या?"

वंशु (गंभीरता से) : कुटी!! में अब वापस जा रही हु...

राहुल (चौंकते हुए) : k...kyu? दी? इतनी जल्दी?

वंशु : कुटी वो... वो...

राहुल : कहिये न दी...

वंशु एक गहरी सास लेती है और एक बार पलट के नेहा के कमरे की तरफ देखती है की कोई देख तोह नहीं रहा.

वंशु (चिंतित) : कुटी वो... वो... छोटी को हमारे बारे में पता चल गया है.

ये सुन्न राहुल को अंदाजा हो जाता है की अंशु ने जो बात उस से कही थी वही शायद वंशु से कह दी है. और वंशु इस बात से घबरा गयी है. की आगे क्या होगा... कही अंशु ने घर में बता दिया तोह बात बिगड़ जाएगी. वह अपनी hi छोटी बहिन के सामने शर्मिंदा थी, क्या सोच रही होगी उसकी छोटी बहिन जब उसने अपनी बड़ी बहिन को अपने बड़े भाई के होंठ चूसते हुए देखा होगा? उसकी इमेज की तोह पूरी धज्जिया hi उड़द गयी होगी. वंशु रिलेशनशिप को सीक्रेट रखना चाहती थी. क्युकी उससे पता था ये सब समाज के खिलाफ है और घर में बिलकुल भी नहीं उजागर कर सकते ये बात.

राहुल : क्या कहा उसने?

वंशु : उसने कहा की 'मुझे आपके और भाई के बारे में सब पता चल गया है, मेने आप दोनों को किश करते हुए देखा था, और अब मेरे हिसाब से आपको घर जाना चाहिए पहले.

राहुल : अच्छा! तोह वह आपके साथ नहीं जा रही मतलब?

वंशु : हां! उसने कहा है की कुछ दिन यहाँ रुकेगी तुमसे बात करने और फिर वापस घर लौट आएगी और फिर मुझसे बात करेगी. मुझे तोह बोहत टेंशन हो रही है कुटी! कही कुछ गड़बड़ न हो जाए. इसलिए में सामान पैक कर रही हु, दोपहर को hi निकल जाउंगी.

राहुल : आप टेंशन मत लीजिये दी! वह नहीं बताएगी कुछ. आप बस आराम से रुकिए!

वंशु : नहीं कुटी! तू समझता नहीं है. में अभी इस वक़्त बहुत hi अजीब फील कर रही हु. मुझे भी उसकी बात सही लगी. थोड़े दिन मुझे तुझ से दूर hi रहना चाहिए! खुद की भावनाओ को संभालना है मुझे. और तू ये मत सोचना की मेरा प्यार तेरे लिए काम हो गया या में तुझसे अब प्यार नहीं करती

चाहे कुछ भी हो जाए, चाहे हमारे परिवार को hi क्यों न पता चल जाए, में फिर भी यही कहूँगी की में सिर्फ तेरी हु. और तुझसे बेहद प्यार करती हु. बस मुझे थोड़े दिन वापस अपने घर जाने दे. बाद में फिरसे आ जाउंगी न कुटी...

राहुल (भावुक होते हुए) : दी!!! ी लव यू. में भी आपसे बेहद प्यार करता हु, यदि सच सामने आ भी जाए तोह भी में पीछे नहीं हटूंगा.

अभी दोनों के बीच और बाते होती उस से पहले hi नेहा के रूम का दूर खुलता है और नेहा बाहर आती है और राहुल को एक बार देखती है...

नेहा (मैं में) : आज से देखना तू में तेरा क्या हश्र करती हु...

और नीचे चली जाती है.

पैकिंग की तैयारी करने के बाद सभी लोग लंच कर के फुर्सत हुए थे और वंशु के घर से कार आने का वेट कर रहे थे.

थोड़ी hi देरर में कार आ गयी और वंशु सभी से गले मिल दुबारा वापस आने का बोल के चली गयी.

राहुल वापस अपने रूम में आया तोह उससे बहुत hi बेकार लग रहा था. उसका बिस्तर भी खाली पड़ा हुआ था. वर्ण दिन में वंशु बिस्तर पे लेत उसके साथ ढेर साड़ी मस्ती और बातें करती थी. रात में उसी के साथ सोती थी. वंशु को गए अभी 10 मिनट भी नहीं हुए थे और उसका अभी से ये हाल था. शायद उससे भी पता चल गया था की वंशु के बिना वो कुछ भी नहीं है, और वंशु की कितनी इम्पोर्टेंस है उसके लाइफ में. सिर्फ कुछ दिनों में hi कितने चंगेस आये सबकी ज़िन्दगी में और कैसे वंशु उसके इतना करीब आ गयी. दोनों को अपनी म्यूच्यूअल फीलिंग्स के बारे में भी पता चला और अब दोनों भाई बहिन काम और प्रेमी ज़्यादा थे.

अभी राहुल का मूड ऑफ था बिलकुल, फिर उससे ख़याल आया की आज उससे ऋचा के साथ डेट पे जाना है तोह उसका मूड थोड़ा खिल उठा.

की तभी उसका फ़ोन बज उठा, और कॉल ऋचा का था.

राहुल : hello?? बोलो रीचु...

ऋचा : umm...rahul I'm रियली सॉरी!

राहुल : सॉरी? किस लिए??

ऋचा : में आज डेट पे नहीं चल पाऊँगी.

राहुल (शॉकेड) : व्हाट? बूत क्यों?

ऋचा (सडली) : I'm रियली सॉरी राहुल! बूत... आज रिलेटिव के यहाँ एक फंक्शन है और शाम को वह जाना है. माँ ने अभी बताया मुझे. मेरा दिमाग बोहत खराब हो गया था, इसलिए मेने उन्हें कहा की में नहीं जाउंगी. पर में कुछ ना कर सकीय, माँ ने इतने सवाल किये और एन्ड में उन्होंने मुझे चलने के लिए आर्डर दे दिया! I'm रियली सॉरी राहुल...

राहुल (साद) : ओह्ह्ह्ह! Kherrr...koi बात नहीं. I'll बे फाइन. यू जो. एन्जॉय!

ऋचा : सॉरी न राहुल... प्लीज!!

राहुल : अरे पगली! It's okay! में समझता हु. Don't वोर्री!

ऋचा : तुम कितना भी कह लो पर तुम उदास हो. में ये बात दावे के साथ कह सकती हु. और मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा है. मैं कर रहा है माँ को बोल दू की तुम्हारे साथ डेट है मेरी.

राहुल : अरे बुद्धू! It's okay!! चिल! माँ को सच बता के कही उल्टा परर पे कुल्हाड़ी न मार देना ः!! क्या पता वो गुस्सा हो जाए!?

ऋचा : हम्म! Don't वोर्री! हम अगले दिन चल देंगे.

राहुल : हम्म्म

ऋचा : वो...

राहुल : हम्म??

ऋचा (ब्लश) : I'll मिस यू तेरे...

राहुल (स्माइल्स) : कल पूरी कसार दूर कर दूंगा.

ऋचा (ब्लश) : धत्त्त! गंदे कही के..

राहुल : हहै! गन्दा क्यों? तुमने क्या सोचा?

ऋचा : वही...

राहुल : क्या??

ऋचा : जो होता है...

राहुल : क्या होता है?

ऋचा (ब्लश) : धात्त्त बदमाश! में जा रही हु, bye bye

राहुल (स्माइल्स) : जी जी, bye!!

ऋचा : वो...

राहुल : हम्म्म?

ऋचा (किस्सेस) : ममममऊआअह्ह्ह्ह

और ऋचा शर्म के मारे फ़ोन कट कर देती है. चेहरे पे सुर्ख लाली छायी हुई थी. जवानी कितनी मस्त है न? यु फ़ोन पे प्यार की मस्ती भरी बात करना और अपने प्यार के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करना, ये ज़िन्दगी भी क्या खूब चीज़ बनायीं है उपरवाले ने.

इधर ऋचा जहा थोड़ा खुश थी वही राहुल खुश होने के बाद वापस उदास हो गया था. एक तोह वंशु के जाने से पहले hi मूड ऑफ था और फिर ऋचा के साथ डेट भी कांसेल्लेड हो गयी. मतलब जले पे नमक छिड़क दिया पूरा.

अभी राहुल नीचे आके कुछ स्नैक्स खाने आया हुआ था, और नेहा, अंशु और निशा तीनो टीवी सीरियल देखने में मस्त थे की इतने में घर के बाहर एक ऑटो रुकने की आवाज़ आयी. और फिर थोड़ी देरर बाद दूर पे खत खत की आवाज़ हुई.

निशा ने जैसे hi गेट खोला तोह ख़ुशी के मारे चिल्ला का के उस व्यक्ति से गले लग गयी.

फिर जैसे hi वो व्यक्ति अंदर आया तोह राहुल उससे देख के, जो ब्रेड उसके अभी मुँह में थी वह नीचे वापस प्लेट में गिर पड़ी, और उसका मुँह खुला का खुला रह गया.

एक ख़ूबसूरत लड़की ने हॉल में कदम रखा और अंदर आते hi नेहा के गले लग गयी. और फिर अंशु के भी. अंशु ने इसको सिर्फ राहुल के कोई फॅमिली ोक्सासिओंस पर hi देखा था. पर कभी बात नहीं हुई थी इनके बीच.





ये है तानिया मिश्रा. राहुल के मां की लड़की. जी हां! वही मां जिन्होंने ने राहुल के रिक्वेस्ट करने पर तनीषा की स्टडीज कम्पलीट करवाई थी. और राहुल ने उन्हें बाद में पैसे लौटाने का वादा किया था. उन्ही की लाड़ली लड़की है ये.

कुल मिलाकर बम है. उम्र 23 साल है. राहुल से 2 साल बड़ी. पतली कमर, गोरा रंग, खुले काले बाल और तीखे नैन, जो किसी को भी दीवाना बना दे. वैसे तोह घर वालो ने कोई ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं की है जॉब करने के लिए. पर इसके सभी दोस्त कुछ न कुछ जॉब कर रहे है तोह ये भी गोवत. के लिए कुछ एक्साम्स देती रहती है. पढ़ने में होशियार है. और अभी यहाँ ग्वालियर में एग्जाम देने आयी है.

वैसे तोह ये एग्जाम अपने शहर लखनऊ में भी दे सकती थी पर इसका मैं था घर से बहार निकलने का और इसी बहाने उसने सोचा अपनी बुआ के घर भी हो आएगी. इसलिए आज एग्जाम देने के तुरंत बाद सीधा वह राहुल के घर पर आ गयी.

पर राहुल क्यों इतना शॉकेड था? क्या वह खुश था? ये कहना तोह na-insaafi होगी. हहै! जी हां! आपने सही पढ़ा!

राहुल बिलकुल भी खुश नहीं था. एक तोह पहले hi वंशु चली गयी, फिर ऋचा के साथ डेट कांसेल्लेड और अब तानिया!

ऐसा क्यों? ऐसा इसलिए क्युकी राहुल का तानिया से 36 का आकड़ा है. ऐसा नहीं है की दोनों एक दूसरे को हेट करते है, बस ये है की दोनों एक दूसरे से सीधे मुँह बात hi नहीं करते. राहुल एक बहुत hi सुलझा हुआ और शांत लड़का है, पर पता नहीं क्यों जब जब तानिया से बात होती है उसकी जुबां भी कैंची की तरह चलने लगती है और सर का पारा बहुत बढ़ जाता है.

पता नहीं क्यों राहुल तानिया से भी सीधे मुँह बात नहीं कर पाटा. शायद इसलिए क्युकी तानिया भी जुबां लड़ाने में बहुत आगे है. यदि ये कहा जाए की पूरे परिवार में तानिया सबसे तेज़्ज़, लड़ाकू, चतुर, और ज़िद्दी लड़की है तोह ये बात गलत नहीं होगी. इनफैक्ट 16 आने सच होगी ये बात.

दोनों भले hi एक दूसरे से सीधे मुँह बात न करे पर दोनों को एक दूसरी की परवाह ज़रूर रहती है. वास्तविक रूप से दोनों कभी एक दूसरे का बुरा नहीं चाहेंगे. यदि रही बात सपोर्ट करने की तोह बिना झिजक के एक दूसरे का सपोर्ट करेंगे. रही बात एक दूसरे के प्रति प्यार जताने की तोह दोनों बिना कहे ये करते थे. लोगो के सामने नहीं. जैसे कभी बचपन में राहुल उसके लिए ऐसे hi चॉकलेट ले आता था, भले hi लोगो के सामने न दे उससे पर अकेले में ज़रूर दे देता था और तानिया बड़े होने के नाते उसके लिए कपडे लाती थी, भले hi सबके सामने न दे पर अकेले में शर्मा के उससे टी शर्ट देके चली जाय करती थी. और वापस से वही मुह्बाज़ी फिरसे लोगो के सामने शुरू हो जाती थी दोनों में.

तोह कुल मिलाके प्यार तोह था पर उजागर नहीं होने देते थे. तानिया ऐसा प्रिटेंड करती थी जैसे राहुल से उसकी दुश्मनी है, और बदले में राहुल भी सीधे मुँह बात नहीं कर पाटा था

इसके चलते पूरे परिवार में सभी को पता था की राहुल और तानिया के बीच 36 का आकड़ा चलता है. अभी तानिया अंशु से गले मिलने के बाद जैसे hi राहुल को देखि तोह कुछ सेकंड तक उससे hi निहारती रही.

कई साल बाद मिल रहे थे दोनों. राहुल तोह अब पहले से कही ज़्यादा हैंडसम और स्मार्ट हो गया था. तोह वही तानिया भी फुलझड़ी से बम बन चुकी थी. दोनों एक दूसरे को hi देख रहे थे. की तभी तानिया ने अपना बैग कंधे से उतारते हुए कहा,

"ोये!! चपडगंजु! क्या देख क्या रहा है? चल मेरा बैग रख के आ ऊपर कमरे में!!"

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आज के लिए इतना hi फ्रेंड्स!!

नई करैक्टर की एंट्री हो चुकी है.

पर कहानी में बहुत जल्द चंगेस आने वाले है. कुछ ऐसे चंगेस जिनसे सभी की लाइफ चेंज हो जाएगी.

नेहा क्या प्लान बना रही है? और अब तानिया के आने से क्या बदलाव आएँगे?

बनने रहिएगा आगे जान ने के लिए!
 
भाई चला तोह वह एक hi रहा है वो है ऋचा

बाकी तोह बहने है

अब ये मत कहना की आपने इस से पहले किसी कहानी में एक से ज़्यादा बहने नहीं देखि जो हीरो की तरफ आकर्षित है...
 
कोई बुरा नहीं लगा बीआरओ

कहानी स्लो इसलिए ह क्युकी अभी कुछ hi दिनों में कहानी एक नया मोड़ लेने वाली ह और वो सब एकदम से न हो इसलिए यहाँ पे कहानी को थोड़ा स्लो किया ह मेने
 
मुझे बोहत अच्छा लगा की आपने वो बात पॉइंट आउट की जो किसी ने भी नहीं की अब तक

में वेट hi क्र रहा था

असल में इसका रीज़न पता चलेगा बीआरओ...

फिलहाल में स्पोइलर नहीं देना चाहता

बस इतना कहूंगा की यदि कहानी का सबसे सस्पेंस वाला करैक्टर कोई ह तोह वो नेहा नहीं है. वो राहुल है.
 
अपडेट - 42

अब तक...

कई साल बाद मिल रहे थे दोनों. राहुल तोह अब पहले से कही ज़्यादा हैंडसम और स्मार्ट हो गया था. तोह वही तानिया भी फुलझड़ी से बम बन चुकी थी. दोनों एक दूसरे को hi देख रहे थे. की तभी तानिया ने अपना बैग कंधे से उतारते हुए कहा,

"ोये!! चपडगंजु! क्या देख क्या रहा है? चल मेरा बैग रख के आ ऊपर कमरे में!!"

अब आगे...

राहुल : भगवान् ने छिपकली को भी हाथ परर दिए है

तानिया : क्या कहा तूने?

राहुल : वही जो तूने सुना!!

तानिया बड़ी ज़रूर थी राहुल से 2 साल बूत राहुल उससे 'तुम' कहके hi बुलाता था

उसका मान न था की जब तानिया उससे कोई रेस्पेक्ट नहीं देती तोह वह भी भला क्यों दे?

निशा : बीटा ला में रख आती हु

तानिया : अरे नई bua...aap क्यों रखेंगी, ये जाएगा न! ोये! सुना नहीं तूने?

अंशिका (धीरे से) : चची? तानिया दीदी और भाई में लड़ाई चलती है क्या?

निशा : बीटा ये दोनों ऐसे hi है, दोनों बचपन से hi एक दूसरे से ऐसे hi पेश आते है.

अंशिका : ओह्ह्ह!

नेहा : दीदी लाइए में रख आती हु आपका बैग. उस दुफर से क्यों मुँह लड़ाती हो?

तानिया : ठीक है नेहा! (राहुल को देखते हुए) और तुम... हम्फ!

राहुल : हम्फ!!

दिन भर यही मुँह बाज़ी चलती रही दोनों के बीच. तभी ये डीडे हुआ की शाम को ये सभी घूमने जाएंगे... तब तक कार भी वापस आ जाएगी घर में.

जब राजेश घर आते है वापस तोह तानिया से भी मिलते है उसके बाद राहुल सभी को लेके घुमाने निकल जाता है

सभी पहले शॉपिंग करना डीडे करते है...

मॉल में पॅहुचते hi सभी अपने लिए ड्रेसेस लेने लगते है. राहुल को चोरर के. तभी तानिया उससे आवाज़ देती है चेंजिंग रूम से.

तानिया : ोये चपडगंजु!!

राहुल : ....

तानिया : राहुल्ल्ल मेरे प्यारे भाई!!

राहुल : क्या है??

तानिया : प्लीज इधर तोह आना

चेंजिंग रूम के पास पोहचके राहुल ृक्क जाता है तभी तानिया दूर ओपन करती है. अब क्युकी अंशु और नेहा भी अपनी अपनी ड्रेसेस ढूंढ़ने में बिजी थी तोह राहुल hi एक था जो फ्री था.

दूर खोलते hi तानिया एक बढ़िया सा रेड क्रॉप टॉप पहन के बाहर आती है.





तनीषा (ब्लश) : ke...kesa लग रहा है?

राहुल (मैं में) : मुझे तोह पता hi नहीं था ये छिपकली इतनी सुन्दर है.

वाक़ई बहुत हॉट लग रही है. पर इसका ऐटिटूड... हम्फ! बताता हु इसको अभी.

राहुल : बेकार!!

तनीषा (शॉकेड) : wh..whaattt??

राहुल : मोती!!

तनीषा : यू ....यू .... मेरे जैसा फिगर पाने के लिए लड़किया मरती है, और तू कह रहा है में मोती हु?

किस? किस एंगल से मोती लग रही हु में?

राहुल (मैं में) : बात तोह सही है इसकी पर में सच क्यों बोलू इसके लिए?

राहुल : हर्र एंगल से मोती लग रही है

तानिया : you...you...

तभी तानिया राहुल के दोनों हाथो को अपने हाथो में लेती है और अपनी कमर पे रख देती है जो की क्रॉप टॉप पहने होने के कारण पूरी नंगी थी.

नंगी कमर पे हाथ रखते hi राहुल को एक तेज़्ज़ झटका लगता है. वाक़ई! यदि सभी लड़कियों में से किसी का फिगर बेस्ट था तोह वह तानिया का hi था no डाउट.

तानिया (ब्लश) : बोल? किधर से मोती हु?

राहुल बेचारा तोह तानिया के कमर के एहसास से hi पागल हो गया था. समझ में नहीं आ रहा था कहा फोकस करे, उसकी बातो पे या नंगी कमर पे?

न चाहते हुए भी राहुल ने अपने हाथ हटा लिए और नज़रे फेरर ली. राहुल के यु नज़रे फरने पर तानिया को भी एहसास होता है की अभी अभी उसने क्या हरकत की और उसका चेहरा सुर्ख लाल पद जाता है.

तानिया (ब्लश) : इडियट!!

बोलते हुए वापस अंदर चली जाती है.

फिर शॉपिंग के बाद सभी होटल चल देते है खाना खाने...

नेहा : दीदी आप क्या खाओगी?

तानिया : कुछ भी यार...

राहुल : मतलब दिमाग भी खा लेगी

तभी नेहा राहुल को देखती है अजीब निगाहो से और फौरन अपना फ़ोन निकाल लेती है...

तानिया : क्या बोलै तूने??

राहुल : वही जो सुना तूने

तानिया : जस्ट शट उप okay?

राहुल : नहीं

तानिया : में बुआ को बता दूंगी राहुल तू मुझसे बाहर भी ऐसे बात करता है

राहुल : बता दे

तानिया : तुझे बताती हु बाद में ृक्क बीटा

राहुल : हां हां... देख लूंगा

अंशिका : मुझे भूक लग रही है, हम आर्डर दे?

राहुल : सूरे अंशु! बताओ क्या खाओगी मेरी स्वीट सी प्यारी बहना?

अंशु (ब्लश) : उम्... जो आप खाओगे भाई

राहुल : ठीक है, तोह बटर पनीर, तंदूरी रोटी, दाल मखनी, और वेग पुलाओ केसा रहेगा?

अंशु : बढ़िया भाई! आपकी पसंद यानी मेरी पसंद! आपको बटर पनीर पसंद है?

राहुल : हां!! मुझे पसंद है...

अंशु : ओह्ह्ह!

राहुल ने फिर मेनू तानिया को थमाते हुए कहा,

"हमलोग का डीडे हो गया है, तुमलोग देख लो अपना"

तानिया मुँह फुला के अजीब निगाहो से राहुल और अंशु को देख रही थी, दिल में क्या हलचल मची हुई थी पता नहीं. और फिर नेहा के साथ डीडे करके तानिया अपना और नेहा का आर्डर भी दे देती है.

इधर खाना खाते खाते नेहा अजीब तरह से राहुल को बीच बीच में देख रही थी. न जाने क्या चल रहा था उसके मैं में.

सब का खाना हो जाने के बाद सभी होटल से निकल आते है और कार में बैठ चल देते है.

तानिया : ोये चपडगंजु! मुझे शूज लेने है!

राहुल : लगता है भगवान् ने छिपकली को दिमाग नहीं दिया! अभी हम सभी लोग मॉल में hi थे थोड़ी देरर पहले...

तानिया : भूल गयी न. चल! अब शूज की कोई अच्छी सी शॉप ले चल. वर्ण में इन् सैंडल्स में पागल हो जाउंगी चल चल कर...

नेहा : दी मतलब आप और कई दिन रुकेंगी न?

तानिया : हां बहिन! जब तक रिजल्ट नहीं आ जाता एग्जाम का, सोच रही हु यही ृक्क जाऊ हहै

नेहा : वाओ!! दी मज़ा आएगा!

राहुल : मज़ा आएगा? घंटा...

तानिया : क्या बोलै बे? अच्छे से गाडी चला ड्राइवर, एकदम चुप चाप समझा.

राहुल : हम्फ!!

तभी राहुल एक शूज के शोरूम के सामने गाडी रोक देता है. अंदर आते वक़्त तानिया की हील की संदल एंट्रेंस पे hi स्तैर से भीड़ जाती है और वो सामने की और गिरने hi वाली थी की एक मज़बूत हाथ उससे पेट से पकड़ लेता है और गिरने नहीं देता.

हाथ को ज़ोर से पकड़ के जब तानिया वापस सीढ़ी होती है तोह देखती है राहुल ने उससे बचा लिया था पेट से पकड़ के. ये देख उसके चेहरे पे लाली आ जाता है और नज़रे नीचे झुक जाती है.

तानिया (धीमी आवाज़ में) : wo...than...thank यू!!

जब कोई रिप्लाई नहीं आता 2-3 सेकंड तक राहुल का तोह तानिया अपनी नज़रे ऊपर कर के देखती है तोह पाती है राहुल तोह है hi नहीं. वो आलरेडी अंशु और नेहा के साथ अंदर जा चूका है.

तानिया (गुस्से में) : you...you... हम्फ! अच्छा है, थैंक यू बोल दिया है मेने. तुमने नहीं सुना तोह अब फिरसे नहीं बोलूंगी में. तुम्हारा hi लोस्स है. हम्फ

अंदर आके नेहा और अंशु भी अपने लिए स्नीकर्स देखने लगती है.

तानिया को कुछ समझ नहीं आ रहा था कोनसे स्नीकर्स ले. और वो जानती थी राहुल को इस बारे में ज़रूर बहुत नॉलेज होगा. पर उसके ईगो के चलते वो राहुल से हेल्प नहीं लेना चाह रही थी.

राहुल समझ गया था तानिया को कुछ समझ नहीं आ रहा है और वो बार बार उसकी तरफ देख रही थी पर हेल्प नहीं माँगना चाह रही थी.

राहुल (मैं में) : ये और इसका ईगो... सही में यार!!

राहुल : भैया! एडिडास के स्तन स्मिथ दिखाना इनके साइज के वीमेन वाले.

फिर वो स्नीकर्स ला के एक लड़की को दे देता है जो वही दूकान में काम करती है. फिर वो लड़की एडिडास के स्तन स्मिथ स्नीकर्स तानिया को पहनाने लगती है.

तानिया : वाओ!! ये तोह बहुत कम्फर्टेबले है! और कितने अच्छे लग रहे है न?

फिर लड़की तानिया को चलने के लिए कहती है और तानिया चल के देखने लगती है. और नए स्नीकर्स से वो बहुत खुश हो जाती है.

तानिया : मुझे ये लेना है राहुल

राहुल : हम्म!! बिल बना दीजिये भैया इसका.

नेहा और अंशु भी आ जाती है. दोनों अपने लिए स्नीकर्स ढूंढ रही थी पर जो पसंद आया वो काफी महंगा था तोह दोनों ने अगली बार खरीदने का डीडे किया!

शॉप ओनर : जी आपका 5,999 रुपये हो गया.

तानिया : व्हॉट?? इतना महंगा?

राहुल : एडिडास के है मैडम! इतना तोह पता hi होगा.

तानिया : येह! ऑब्वियस्ली... ी... ी... ी क्नोव थिस!

तानिया (धीरे से) : मेरे पास इतना कॅश तोह नहीं बचा अब. सिर्फ 4000 hi है. ड्रेस में खर्च हो गया बाकी. माँ बहुत डाँटेगी यदि 6000 के लिए तोह.

राहुल : तुम 4000 दो बाकी के में दे दूंगा.

तानिया : व्हाट?? No वे!! में तुमसे कैसे पैसे ले सकती हु... ये अच्छी बात नहीं है

राहुल : तुम्हे स्नीकर्स पसंद है की नहीं?

तानिया : हां पसंद तोह है पर...

राहुल : हां तोह बस चुप रहो अब. भैया! ये 4000 और ये रहे बाकी के 2000.

तानिया एक तक राहुल को hi देख रही थी. पता नहीं उसके दिल में क्या चल रहा था.

फिर शॉप ओनर शूज पैक करवा के तानिया को दे देता है. फिर सभी शॉप से निकलते है. नेहा और अंशु जल्दी जल्दी रोड क्रॉस कर के कार में घुस जाती है. राहुल और तानिया भी रोड क्रॉस करने लगते है. तभी एक कार तेज़्ज़ी से आ रही होती है और राहुल तानिया का हाथ पकड़ के उससे पीछे खींच लेता है.

एक दम से कार तानिया के जस्ट सामने से निकलती है तोह उसकी हालत hi पतली हो जाती है. फिर वो अपने हाथ को देखती है जो इस वक़्त राहुल के हाथ की गिरफ्त में था. और फिर अपने आप hi उसकी नज़रे राहुल के चेहरे पर जाके थम जाती है.

राहुल अपना हाथ चोरर तानिया के कंधे पर रख देता है रोड क्रॉस करवाने के लिए. एक बार फिर तानिया की नज़रे राहुल के उस हाथ पर चली जाती है जो उसके कंधे पर मौजूद था और एक सख्त, मज़बूत, प्रोटेक्टिव, और सेफ फीलिंग दे रहा था.

रोड क्रॉस करने के बाद सभी कार में आ जाते है. कार में नेहा फ़ोन में लगी हुई थी न जाने क्या कर रही थी.

फिर थोड़ी hi देरर में सभी घर पहुँच जाते है.

राहुल अपने रूम में जाने hi वाला होता है की इतने में तानिया उससे बुलाती है

तानिया : wo...wo...

राहुल : हम्म??

तानिया : woo....mein तुम्ह...

राहुल : अरे बोलो नाहा....

तानिया : हम्फ!! नेहा!! में तुम्हारे साथ सोऊंगी. चलो!!

राहुल (मैं में) : अजीब लड़की है. कही पागल तोह नहीं है?

अंशु : फिर में.. भाई के साथ सो जाउंगी. भाई आपको कोई दिक्कत तोह नहीं है न?

राहुल : नौपे!!

सब अपने कमरे में आ जाते है. इस वक़्त अंशु राहुल के रूम में वाशरूम में थी. कपडे चेंज कर रही थी. तभी राहुल सौरभ को कॉल लगाता है.

सौरभ : हां भाई बोल!

राहुल : सबसे पहले तोह सॉरी बीआरओ! मेरे कारण तू अगली कंपनी में बैठ नहीं पाया...

सौरभ : भाई गांड तोह मारनी hi थी. तोह में पहले से तैयार था. बस अफ़सोस इस बात का है की साला घरवाले और चिल्लाने लगे है.

राहुल : हम्म! इसलिए मेने तुझे कॉल किया है. ये बता, तुझे पैसे से मतलब है की जॉब से?

सौरभ : मतलब?

राहुल : मतलब ये की तू जॉब करके hi पैसा कमाना चाहता है क्या?

सौरभ : अबे तोह बिज़नेस के लिए मेरे पास कोई पैसा नहीं है. तोह जॉब hi है अब.

राहुल : हां पर और भी कई तरीके है.

सौरभ : अभी क्या बोल रहा है तू? कही कोई जरर कानूनी काम करने की बात तोह नहीं कर रहा न?

राहुल : में तुझे वैसा आदमी लगता हु क्या बे? अब सुन्न! जो जो बात में कहूंगा उससे ध्यान से सुन्न! फिर अपना फैसला सुनाना. अब टाइम आ गया है की में अपनी लाइफ को अगले सिरे पर लेके जाऊ. देख! मुझे पता है तू कंप्यूटर में बहुत अच्छा है. पर अभी तुझे सिर्फ कंप्यूटर के बग्स ढूंढ़ना और हलकी फुलकी रिपेयरिंग करना आता है. रही बात मेरी, तोह में वेब्सीटेस, अप्प्स, और थोड़े बहुत सॉफ्टवेयर बना लेता हु. पर अब में ऐसा कुछ करना चाहता हु जो हमारे कॉलेज में किसी ने नहीं किया होगा.

सौरभ : अबे साफ़ साफ़ बोल न क्या चाहता है? सस्पेंस मत रख!

राहुल : हम्म! में चाहता हु की तू मेरा पार्टनर बन जा. हम अप्प और साइट्स बनाने से शुरू करेंगे. में तुझे भी सीखा दूंगा. हम उन् कम्पनीज के लिए अप्प बनाएँगे जो अभी नयी नयी खुलती है. उनके लिए साइट्स भी बनाएँगे. जब पैसा आ जाएगा तब उसके लिए मेरे पास और भी धांसू आईडिया है. तोह बोल तू बनेगा मेरा पार्टनर?

सुआरभ : मुझे खतरे की घंटी क्यों सुनाई दे रही है? यार में ऐसे कैसे एकदम से बता दू.

राहुल : में तुझे गारंटी देता हु अगले दो साल के अंदर हमारे पास धेरर सारा पैसा होगा!

सौरभ : अच्छा और वो कैसे?

राहुल : सारे प्लान्स अभी बता दूंगा तोह बाद के लिए क्या बचेगा ः

सौरभ : अबे यार! तू सच कह रहा है न?

राहुल : विश्वाश कर. तुझे बस मेरा साथ देना है. और फिर हम धेरर सारा पैसा कमाएंगे. और ये काम कोई इललीगल काम नहीं है. बस बुद्धि का प्रयोग है. पर ये में अकेले नहीं कर सकता. बोल अब! साथ देगा?

सौरभ : याररर!! चल अच्छा मान लेता हु की मेने तेरा साथ दिया पर यदि फ़ैल हो गया तेरा आईडिया तोह? तब क्या करूँगा में?

राहुल : हो hi नहीं सकता. 100% सूरे हु में की हम सक्सेस होएंगे...

सौरभ : अबे य्र्र! चल अच्छा ठीक है. एक बार तोह तूने गांड मरवा hi दी है. एक बार और सही.

राहुल : ः!! ये हुई न बात! चल अच्छा! हम परसो से शुरुआत करेंगे. तभी में बता दूंगा क्या करना है.

सौरभ : ोकक bye!!

सौरभ से बात होते hi अंशु भी वाशरूम से बाहर आ जाती है और राहुल के बगल से लेत जाती है.

अंशु : भाई!! मुझे कुछ अजीब सा लग रहा है आजकल

राहुल : केसा अजीब सा?

अंशु : ऐसा लग रहा है की मानो जैसे सब कुछ बदलने वाला है. कुछ बुरा होने वाला है. या फिर कुछ ऐसा होने वाला है जिस से किसी को तकलीफ होने वाली है बोहत.

राहुल : किसे?

अंशु : पता नहीं! पर मेरा दिल कह रहा है जैसे कुछ होने वाला है.

मुझे डर लग रहा है.

राहुल : यदि कुछ होएगा भी. तोह वह अच्छे के लिए hi होएगा अंशु. चल अब सो जा.

अंशु : हम्म!

अगले दिन राहुल सुबह नाश्ता कर के सबसे पहले होटल में एक रूम बुक करवा लेता है शाम के लिए. आज ऋचा के साथ उसकी डेट जो थी. नेहा भी किसी काम से बहार गयी थी और कुछ देरर में वापस आ गयी और जब राहुल जैसे hi घर आता है तोह घर पर सभी लोग उसका hi इंतज़ार कर रहे थे.

सभी के चेहरों पर गुस्से और चिंता वाले भाव थे. जैसे मानो राहुल ने कोई गुनाह कर दिया हो और अपनी सफाई देने का इंतज़ार कर रहा हो.

एक कोई और भी था जो इस वक़्त घर पर मौजूद था और आँखों में ासु थे. एक लड़की थी जिससे राहुल ने आज तक कभी नहीं देखा और वो नेहा के बगल से कड़ी रो रही थी. और नेहा उससे खा जाने वाली नज़रो से घर रही थी.

अभी वो कुछ कहता उस से पहले hi नेहा तेज़्ज़ कदमो के साथ आके उसकी कल्लोर पकड़ लेती है,

"तेरी हिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?"

राहुल की कुछ समझ hi नहीं आया की हुआ क्या अभी अभी.

"क्या मतलब?" बदले में राहुल ने कहा.

नेहा (ुचि आवाज़ में) : तेरी हिम्मत कैसे हुई बोल!

राहुल : क्या बकवास है ये? किस बारे में बात कर रही हो तुम?

नेहा : वाह वाह्ह! देखो तोह माँ! कितना भोला बन्न रहा है. यही तोह है इसकी दूसरी शकल. भोली भाली. असली शकल का सच तोह देख hi लिया आपने कुछ देरर पहले.

राहुल : कोई बताएगा क्या चल रहा है यहाँ?

राहुल की कुछ समझा में नहीं आ रहा था की आखिर ये सब चल क्या रहा है! और बहनचोद ये लड़की कोण है? पहले तोह कभी नहीं देखा. और उस से भी बड़ी बात ये उसके घर में क्या कर रही है? और यदि आयी भी तोह बहनचोद रो क्यों रही है? इन्ही सब सवालों से राहुल का दिमाग भरा जा रहा था.

पर उस से भी ख़ास बात ये थी की बाकी सब तोह उससे चिंतित और अजीब निगाहो से देख रहे थे पर तानिया उससे बिलकुल ऐसे देख रही थी जैसे राहुल एक रेपिस्ट हो. उसका चेहरा साफ़ बता रहा था की राहुल को देख उससे कितनी घिन आ रही थी. और तोह और बहुत गुस्से में भी थी.

राहुल : अंशु, माँ!! क्या हुआ कुछ बताइये न!!

निशु : बेतु!! मुझे यकीन है तूने कुछ नहीं किया.

राहुल : अरे पर बताइये तोह क्या हुआ?

नेहा : माँ क्या बताएगी. में बताती हु

ये सुन्न!!

तभी नेहा अपना फ़ोन निकाल के एक ऑडियो क्लिप प्ले करती है.

*ऑडियो क्लिप स्टार्टस*

लड़की (रट हुए) : प्लीज! चोरर दो मुझे! मेने आपका क्या बिगाड़ा है? प्लीज चोरर दो ...

लड़का : नहीं

लड़की : देखो में... में सब को बता दूंगी आपकी ये हरकत...

लड़का : बता दे

लड़की : देखो ... देखो... पुलिस को बता दूंगी में, फिर अंजाम अच्छा नहीं होगा.

लड़का : हां हां देख लूंगा!

लड़की : dekho...please!! मुझे चोरर दो. में आपके परर पड़ती हु, क्या मिलेगा आपको ये सब कर के? मेरे कपडे क्यों उतार रहे हो?

लड़का : मुझे पसंद है.

लड़की (चीखते हुए) : नाहीइइइइइइ

*ऑडियो क्लिप एंड्स*

जैसे hi ऑडियो क्लिप एन्ड होती है, राहुल की आँखें फटी की फटी रह जाती है. ये आवाज़ तोह एक लड़की की थी, और दूसरी आवाज़... इसमें कोई शक नहीं था की दूसरी आवाज़ खुद राहुल की थी.

और राहुल को ये समझने में देरर न लगी की जो लड़की अभी रो रही है उसके घर में ये उसी की आवाज़ थी.

रपे केस? वो भी राहुल के हाथो?

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
बोहत बोहत धन्यवाद् बीआरओ

Don't वोर्री! मुझे भी उन् वरिटेरस से सख्त नफरत ह जो अपनी कहानी अधूरी चोरर के चले जाते है

में उनमे से नहीं हु बीआरओ

स्टोरी पूरी कम्पलीट होएगी
 
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