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- Dec 5, 2013
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अब तक...
जैसे hi ऑडियो क्लिप एन्ड होती है, राहुल की आँखें फटी की फटी रह जाती है. ये आवाज़ तोह एक लड़की की थी, और दूसरी आवाज़... इसमें कोई शक नहीं था की दूसरी आवाज़ खुद राहुल की थी.
और राहुल को ये समझने में देरर न लगी की जो लड़की अभी रो रही है उसके घर में ये उसी की आवाज़ थी.
रपे केस? वो भी राहुल के हाथो?
अब आगे...
ऑडियो के ख़तम होते hi एक बार फिर सबकी नज़रे राहुल पर टिक जाती है.
ज़रा सोचिये! की आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आज डेट पर जाने वाले हो और आप ने रूम वगैरह भी बुक कर लिया है और आप बहुत एक्ससिटेड हो. तभी आप घर आते हो, आपके परिवार के लोग आप को घर रहे है और आपकी बहिन एकदम से आपको ये ऑडियो क्लिप सुना देती है. क्या होगा तब? पेर्रो की नीचे से ज़मीन खिसक जाने वाली फीलिंग आएगी न? वैसा hi हाल अभी कुछ राहुल का था
पसीना उसके माथो पे झलकने लगा था जो साफ़ दर्शा रहा था की वह घबराया हुआ है. बात hi ऐसी थी. कोई भी अच्छा भला इंसान घबरा जाए. भले hi उसकी गलती न हो, पर लड़की का लफड़ा होता hi ऐसा है की अच्छे अच्छा के पसीने छूट जाते है.
सब उससे ऐसे देख रहे थे जैसे मानो उसके कुछ कहने का इंतज़ार कर रहे हो
उसकी कल्लोर अभी भी नेहा के हाथो में थी.
नेहा : बोल! देनी है कोई सफाई? बोल जल्दी!!
अंशु (रट हुए) : भाई ...
निशा भी रट हुए अंशु के हाथ थाम लेती है. अंदर hi अंदर पता नहीं क्यों उससे विश्वाश था उसका बेतु ऐसा कभी नहीं कर सकता ज़िन्दगी में.
चाँद सेकंड में राहुल अपने घबराए मैं को सबसे पहले नियंत्रण में लाया. ऐसी स्थिति में मैं का नियंत्रित रहना बेहद आवश्यक था.
अरे एक इलज़ाम लगाया गया है उसपर. और वह भी ऐसा वैसा नहीं एक लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम. यदि इस स्थिति से उसको बाहर निकलना है तोह सबसे पहले तोह उससे शांत और मैं को नियंत्रित रखना होगा.
और दररने की वैसे भी क्या बात? जब उसने कोई ऐसा काम किया hi नहीं तोह भला डर किस बात का? पर डर तोह था जनाब. यदि ये ऑडियो अभी डायरेक्ट पुलिस को सुना दी जाए तोह इसमें कोई शक नहीं था की राहुल को फौरन hi लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने के केस में अंदर कर दिया जाता. तोह डर तोह था उससे. पर उसका कूल माइंडेड होना भी ज़रूरी था.
राहुल ने फौरन अपने आप को शांत किया और कहा,
"ये लड़की कोण है?"
नेहा : ओह्ह हूँ! देखो तोह माँ!! इससे यही नहीं पता की ये लड़की कोण है!
राहुल : पता होता तोह क्या में पूछता!?
नेहा : अरे अरे! इतना झूठ भी मत बोल यार! तेरी हर एक बातो से मुझे घिन आती है. तेरे मैं में ख़याल भी कैसे आया की तू मेरी दोस्त के साथ ज़बरदस्ती करे?
राहुल : तुम्हारी दोस्त?
नेहा : हां! मेरी दोस्त काजल! और तू ऐसे क्यों चौंक रहा है? अरे अभी थोड़ी देरर पहले hi तोह तुम इसके साथ ज़बरदस्ती कर रहे थे
राहुल : काजल???
नेहा : अबे चल चल! अब फ़ालतू की एक्टिंग बंद कर और ये बता तूने ऐसे क्यों किया? और अब इसकी सजा तुझे कैसे दी जाए?
राहुल (काजल की तरफ देखते हुए) : यदि मेने इसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की तोह ये यहाँ क्यों कड़ी है? इससे तोह अब तक पुलिस स्टेशन में होना चाहिए था न?
नेहा : हम्फ! वो इसलिए क्युकी जब मुझे ये पता चला की तूने इसके साथ ऐसा किया है तोह मेने hi उससे कुछ बताने से मन कर दिया. क्युकी में नहीं चाहती की घरवालों और आस पड़ोस में मेरे माँ बाप की कोई बदनामी हो. समझा? वर्ण तुझे क्या लगा की में तुझे बचाने के लिए ये सब कर रही हु?
राहुल : ओह्ह! और तुम्हे कैसे पता चला की मेने इसके साथ ज़बरदस्ती की?
नेहा : काजल ने मुझे खुद बताया!
राहुल : ओह्ह! क्या आप शुरू से पूरे अंत तक की घटना में प्रकाश डालेंगी?
नेहा : क्यों नहीं!?
राहुल : जी तोह बताइये!!
नेहा : जिस दिन तुम मेरी क्लास में आए थे और मार पीट किये उस दिन तुमने काजल को मेरी क्लास में देखा था. तुम्हे वह पसंद आ गयी. पर तुम तोह वैसे hi ऋचा दीदी के क्लोज थे. अब ऐसे में तुम काजल के करीब कैसे आते? तोह तुमने ये आईडिया निकला की तुम उसके साथ ज़बरदस्ती करोगे और उससे दर्रा धमका के उससे चुप करा डोज. और ये सब करने का तुमने आज डीडे किया...
निशा (मैं में) : बेतु और ऋचा एक दूसरे के क्लोज है? क्या दोनों...???
अंशु (मैं में) : भाई और ऋचा दीदी...!??
नेहा फिर इतना बोल थोड़ा रूकती है और एक गहरी सास लेती है...
राहुल : हम्म! आगे?
नेहा : आज तुम फौरन जल्दी निकल गए घर पर ये बोलके की कोई काम है पर तुम तोह काजल के घर जा रहे थे. और इत्तेफ़ाक़ की बात ये थी की आज में भी काजल के घर कॉलेज के काम से जा रही थी. जब में पहुची तोह मुझे तुम्हारी बाइक बाहर hi दिख गयी. पहले मुझे बोहत आश्चर्य हुआ की तू काजल के घर पर क्या कर रहा है. फिर में दबे पाँव थोड़ा अंदर आयी तोह पाया की तुम उसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश कर रहे थे.
राहुल : हम्म! आगे?
नेहा : अब रूम बंद था इसलिए में तुम दोनों को देख न सकीय पर आवाज़े मुझे स्पष्ट सुनाई दे रही थी. इसलिए प्रूफ के लिए मेने तुम दोनों की रिकॉर्डिंग कर ली. हमारे घरवालों को भी तोह पता चले की उनका लाडला बीटा उनका प्यारा भाई क्या काम कर रहा है. क्या है उसका असली चेहरा? उन्हें भी तोह पता चले की उनके आदर्श पुत्र के पीछे एक शैतान छुपा हुआ है जो किसी दरिंदे से काम नहीं.
राहुल : ओह्ह्ह!! और भला मुझे कैसे पता चला की आज काजल कॉलेज नहीं जाएगी और घर पर रहेगी और उसके घर में उसके माँ बाप भी नहीं होंगे?
नेहा : अबे चल चल! किस्से बेवक़ूफ़ बना रहा है? तुझे तोह पता hi है की काजल के माँ डैड दोनों जॉब करते है और उसका बड़ा भाई भी बाहर जॉब करता है. रही बात आज उसके कॉलेज न जाने की तोह ये भी तूने कही से पता कर ली होगी.
राहुल : हम्म! कहानी तोह बोहत इंटरेस्टिंग बनायीं है. इतनी अच्छी की में भी खुद सोचने लगा की यार कितना गन्दा इंसान हु में!?
नेहा : कहानी??? व्हाट दो यू मैं बी कहानी?? सीधे सीधे ये बताओ की क्या सजा दी जाए अब तुम्हे?
राहुल : हम्म!! ज़रा फ़ोन दिखाना मुझे
नेहा : क्यों? जिसमे तुम रिकॉर्डिंग डिलीट कर दो? No वे!!
राहुल : में ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, वैसे भी सभी ने रिकॉर्डिंग को आलरेडी सुन्न लिया है.
नेहा : हम्म! ठीक है! देख लो! देख लो!
नेहा अपना फ़ोन राहुल को थमा देती है
राहुल रिकॉर्डिंग की डिटेल्स चेक करता है सबसे पहले टाइम देखता है की रिकॉर्डिंग कब बानी.
टाइम तोह वाक़ई सुबह का था जब राहुल घर से बहार था.
तभी राहुल अंशु से कहता है की वो उसके कमरे से उसके एअरफोन्स लेके आए. अंशु भी दौड़ के राहुल के कमरे से एअरफोन्स लाके उससे दे देती है.
और फिर राहुल एअरफोन्स लगा के वही रिकॉर्डिंग दुबारा प्ले करता है...
लड़की (रट हुए) : प्लीज! चोरर दो मुझे! मेने आपका क्या बिगाड़ा है? प्लीज चोरर दो ...
लड़का : नहीं
लड़की : देखो में... में सब को बता दूंगी आपकी ये हरकत...
लड़का : बता दे
लड़की : देखो ... देखो... पुलिस को बता दूंगी में, फिर अंजाम अच्छा नहीं होगा.
लड़का : हां हां देख लूंगा!
लड़की : dekho...please!! मुझे चोरर दो. में आपके परर पड़ती हु, क्या मिलेगा आपको ये सब कर के? मेरे कपडे क्यों उतार रहे हो?
लड़का : मुझे पसंद है.
लड़की (चीखते हुए) : नाहीइइइइइइ
राहुल ऐसे hi 3-4 बार रिकॉर्डिंग प्ले करता है और तभी उससे कुछ याद आता है. फिर राहुल केवल अपने शब्दों पे गौर करता है जो उसने रिकॉर्डिंग में कहे है. वो शब्द थे - "नहीं" , "बता दे", "हां हां देख लूंगा", "मुझे पसंद है"
तभी राहुल को कुछ याद आता है. ये साड़ी बातें जो राहुल ने रिकॉर्डिंग में कही, ये साड़ी बातें तोह उसने तानिया और अंशु से कल होटल में बात करते हुए कही थी.
'बता दे' ये वाक्य तोह राहुल ने कल hi तानिया से कहा था जब तानिया ने धमकी दी थी की वह निशा से उसकी शिकायत करेगी. और 'मुझे पसंद है', ये वाक्य तोह राहुल ने तब कहा था जब अंशु ने उस से पूछा था की उससे बटर पनीर पसंद है क्या?
राहुल को साड़ी बातें समझने में देरर न लगी की आखिर चक्कर क्या था. वाक़ई! नेहा आखिर थी तोह राहुल की hi बहिन. दिमाग तोह उसका भी तेज़्ज़ था. क्या सॉलिड प्लान तैयार किया था उसने. पर राहुल से ज़्यादा होशियार कहा थी? प्लान तोह बढ़िया था पर कई सारे एरर थे प्लान में जो राहुल की नज़रो से चूक न सके.
साड़ी बातें समझने के बाद राहुल के चेहरे पे अपने आप hi स्माइल आ गयी.
और उसने तानिया की तरफ मुँह करते हुए कहा,
"कल तुमने जब होटल में मुझसे कहा था की तुम मेरी शिकायत माँ से कर डौगी तब बदले में मेने क्या कहा था?"
तानिया : हम्म?? वह... तूने कहा थी की 'बता दे'
तभी राहुल ऑडियो को प्ले करता है जहा पर उसने 'बता दे' कहा था.
तानिया को समझने में देरर न लगी की राहुल क्या कहना चाह रहा है.
तानिया (शॉकेड) : iska...iska मतलब
राहुल : सही सोचा! ये रिकॉर्डिंग फेक है. ये साड़ी बातें मेरी तानिया और अंशु से हुई थी कल होटल में. और किसी ने इससे रिकॉर्ड कर लिया और मुझे पता है किसने रिकॉर्ड किया था, बाद में इससे ट्रिम किया और काजल की रिकॉर्डिंग के साथ मिक्स कर दिया और मुझे फसा दिया.
नेहा : हम्फ! ऐसा कहने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी. प्रूफ है मेरे पास आलरेडी. और ये रिकॉर्डिंग मेने रिकॉर्ड की है. तुम्हारे पास कोई प्रूफ नहीं है. क्या प्रूफ है की तुम जो कह रहे हो वो सच है?
राहुल : किसने कहा मेरे पास प्रूफ नहीं है? मेरे पास प्रूफ भी है और गवाह भी है. तुमने पक्का कोई अप्प उसे किया है. I'm सूरे!
नेहा (मैं में) : हम्फ! तुमसे दो कदम आगे हु में. अप्प आलरेडी अनइंस्टाल कर दिया है मेने.
राहुल अप्प को ढूंढ रहा था पर उससे अप्प मिला hi नहीं. तभी राहुल के चेहरे पे फिर से मुस्कान आ गयी.
राहुल ने प्ले स्टोर ओपन किया और उसमे माय अप्प्स में जाके लाइब्रेरी में गया. जहा उसको सारे रीसेंट के अप्प्स दिखाई दे गए. और सबसे ऊपर hi उससे दिख गया ऑडियो मिक्सिंग नाम का अप्प.
राहुल ने फौरन सभी को मोबाइल की स्क्रीन दिखाई. इस बार नेहा की बारी थी चौंकने की. उससे नहीं पता था की रीसेंट अप्प्स भी कोई ऐसे देख सकता है. उससे तोह इस फंक्शन के बारे में पता भी नहीं था.
अंशु और तानिया भी स्मार्ट थी. उन्हें समझने में देरर न लगी की सारा किया धरा किसका है.
तानिया (ख़ुशी से) : इसका मतलब तू निर्दोष है??
राहुल (स्माइल) : कोई शक?
तभी तानिया उछाल के राहुल के जोरर से गले लग जाती है.
तानिया (ख़ुशी में) : चपडगंजु!! तू निर्दोष है. I'm सो ग्लैड!!
अंशु और निशा भी तानिया की इस हरकत से चौंक जाते है क्युकी हर वक़्त तोह दोनों लड़ते रहते है फिर अचानक से ये...!??
जब तानिया को सिचुएशन का आभास होता है तोह वो हड़बड़ा के एकदम से राहुल से दूर हो जाती है और नज़रे फेरर के बोलती है,
"चल चल!! Ab...ab ज़्यादा खुश मत हो", कहते वक़्त उसके चेहरे पर लाली थी.
राहुल (मैं में) : अबे? अब इससे क्या हो गया एकदम से?
नेहा उधर दांत पीस के अपनी भड़ास निकाल रही थी. सिचुएशन राहुल के कण्ट्रोल में आ चुकी थी.
नेहा : इस सब से ये प्रूफ नहीं हो जाता की तुम निर्दोष हो समझे?
तभी राहुल की नज़र एक बार काजल पर पड़ती है और फिर उसके पेर्रो पर जा कर रुक जाती है. एक बार फिर राहुल के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.
सच सामने आने के बाद नेहा को फ़र्क़ पड़ा हो या न पड़ा हो, पर काजल को ज़रूर पड़ा था. उसकी टाँगे hi बता रही थी की उसकी चोरी पकड़ी गयी है.
क्युकी इस वक़्त वह कप कप जो रही थी.
राहुल (मैं में) : इससे तोह में ऋचा वाला सबक सिखाऊंगा. लगता है आज फिरसे गन्दा बन्न न पड़ेगा.
राहुल धीरे धीरे काजल की तरफ बढ़ता है और उसके कान के पास झुक के धीरे से कहता है,
"क्या मेने तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती की थी?"
काजल राहुल को करीब पा कर सिहर उठती है और बदले में धीरे से हां में सर हिला देती है, अभी भी उसके शरीर में कम्पन हो रहा था.
राहुल (धीरे से) : ओह्ह्ह!!! तोह तुम वर्जिन हो की नहीं?
काजल एक बार फिर दररते हुए हां में सर हिला देती है. मतलब ये था की वो वर्जिन ज़रूर है पर उसके साथ राहुल ने ज़बरदस्ती करने की कोशिश की है.
किसी को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था की दोनों में क्या बात हो रही है. नेहा तभी राहुल को टोक देती है की वह काजल को डराए न.
राहुल : में उससे दर्रा नहीं रहा. Don't वोर्री!!
राहुल फिरसे काजल के कान में झुक के कहता है,
"देखो! तुमने मेरी इज़्ज़त का क्या हाल कर दिया सबके सामने. ये तुम्हे भी पता है की हम दोनों एक दूसरे से आज पहली बार मिल रहे है. और सब कुछ झूठ है. मुझे फ़साने की साज़िश है. पर अब जब मेरी इज़्ज़त बिना कुछ किये गिर hi गयी है तोह क्यों न में अभी कुछ कर दू? क्या फरक पड़ता hai?Hai न? इज़्ज़त तोह पहले hi गिर चुकी है. इस से अच्छा है की में काम से काम वो काम तोह करू जिसके कारण मेरी इज़्ज़त गिरी है"
राहुल इतना बोल धीरे से उसके नंगे कंधे पर रख देता है.
और डर के मारे काजल चिल्ला देती है
"I'm सॉरी!!! I'm सॉरी"
काजल घुटनो के बल नीचे गिर जाती है और बड़बड़ाने लगती है,
"I'm सॉरी!! मुझे माफ़ कार्डो!! में निर्दोष हु!! आप भी निर्दोष हो!! सब झूठ है!! आपने कोई ज़बरदस्ती नहीं की, मुझे... मुझे नेहा ने ये सब करने के लिए मजबूर किया था."
*साइलेंस*
पूरे रूम में शान्ति छ गयी. निशा, अंशु और तानिया तोह भौचक्की से कड़ी नेहा को देख रही थी. राहुल तोह पहले hi जान गया था की ये सब किया धरा किसका हो सकता है. इसलिए वो नार्मल hi था.
निशा (फटी आँखों से) : क्या?? बीटा क्या कहा तुमने? कड़ी हो जाओ... और पूरी बात बताओ
काजल (खड़े होते हुए) : आंटी! I'm सॉरी!! I'm रियली सॉरी!! में मजबूर थी! नेहा को मेरे कुछ सीक्रेट्स पता है जिसके कारण उसने मुझे ब्लैकमेल किया. यदि में उसका ये काम नहीं करती तोह वो घर में सबको मेरे सीक्रेट्स बता देती
इसलिए... इसलिए मेने...
निशा (शॉकेड) : कैसे सीक्रेट्स??
काजल : आंटी वो सीक्रेट है... में किसी से प्यार करती हु. ये बात नेहा को पता है. इसलिए वो...
निशा सब समझ गयी थी. उसने फिर न आव देखा न ताव और नेहा के पास जा कर एक तमाचा खींच के जड़ दिया.
*Chataaaaaaaaaak*
छाते की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गयी. काजल जो अभी दर्री हुई थी उसकी हालत और पतली हो गयी. राहुल ने उससे इशारे से कहा की तुम जाओ और कोई बात किसी से कहना मत. काजल भी सर हिलाते हुए जल्दी जल्दी दौड़ कर बाहर निकल गयी.
निशा (गुस्से में) : क्या करू में तेरा हां? बोल? अरे तुझमे दिमाग है की नहीं? अपने भाई पर तूने लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम लगाया और वो भी झूठा? ज़रा सा भी ख़याल नहीं आया की तू घर की अंधरुनि बाते उस काजल को बता के क्या क्या करवा रही है उस से? बोल!!! चुप क्यों कड़ी है?
नेहा के ासु निकल के उसके गालो से गिरते हुए बह रहे थे. उससे ये उम्मीद नहीं थी की काजल इतनी जल्दी साड़ी सच्चाई पोक देगी. क्या कहा था राहुल ने उसके कान में ऐसा जो वो एकदम डर गयी.
नेहा (मैं में) : क्यों? क्यों हर बार में कुछ करने जाती हु और मुझे मार पड़ती है? पर में हार नहीं मानूंगी
माँ की जरर हाज़िरी में अब में वह किया करुँगी... अब तोह सब सामने आ चूका है. में अभी जुच नहीं कर सकती.
नेहा (धीरे से) : सॉरी!!
निशा (चिल्लाते हुए) : सॉरी?? तूने बेतु पे इतना भद्दा इलज़ाम लगाया और कह रही है सॉरी?? अरे तेरी अकाल घास चरने गयी है क्या? आज तोह में तुझे छोड़ूंगी नहीं ... ृक्क!!
निशा अभी आगे बढ़ के और कुछ करने वाली थी की इतने में राहुल ने उससे अपने गले से लगा लिया,
"शांत! माँ शांत!! It's okay! न hi में अपराधी हु और न hi कोई अपराध हुआ, अंशु... " राहुल अंशु को पुकारता है तोह वो समझ जाती है और नेहा को लेके अंदर चली जाती है.
निशा आह वाक़ई बुरी तरह मारने वाली थी नेहा को पर राहुल ने ऐसे उससे गले लगा के उससे कुछ हद्द तक शांत कर दिया.
तानिया : बुआ!! मुझे तोह यकीन नहीं हो रहा नेहा ने ये सब किया. पर उसने ऐसा क्यों किया बुआ?
तानिया को नेहा और राहुल की लड़ाई के बारे में कुछ नहीं पता है. बस वो इतना जानती है की 5 साल पहले नेहा के b'day में इन् दोनों की लड़ाई हुई थी. और उससे लगा सब कुछ नार्मल हो चूका होगा अब. पर आज की नेहा की हरकत ने उससे एक बोहत बड़ा झटका दे दिया था.
निशा : कुछ नहीं बीटा! तुम ये सब मत सोचो. यहाँ पे एन्जॉय करने आयी हो और देखो तोह... में कैसे पेश आ रही हु तुमलोगो के सामने.
तानिया : बुआ it's okay!! आपकी कोई गलती नहीं है. में तोह इस बात से हैरान हु की ये नेहा अपने hi भाई के साथ ऐसा कैसे कर सकती है. मेरी माँ होती तोह मेरी हड्डिया तोड़ देती मेरी इस हरकत पर. पर बुआ आप वाक़ई एक महान औरत हो.
निशा : बेतु चोरर मुझे! मुझे वाशरूम जाना है.
तेज़्ज़ कदमो के साथ निशा वाशरूम की और चल देती है. शायद अपने आप को कण्ट्रोल करने जा रही थी. वाशरूम तोह एक बहाना था. अभी अभी हुई घटना से वो अभी तक उभरी नहीं थी. और फिर उससे राज से भी तोह बताना है की आज क्या क्या हुआ.
राहुल (तानिया की तरफ देखते हुए) : में भी आता हु बाहर से थोड़ी देरर में
और राहुल पलट के जाने लगता है की तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,
तानिया : ोये सुन्न तोह ज़रा!!
राहुल (पीछे पलट के) : हम्म? क्या ??
तानिया : ये ऋचा कोण है??
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आज के लिए इतना hi गाइस!!
अब तक...
जैसे hi ऑडियो क्लिप एन्ड होती है, राहुल की आँखें फटी की फटी रह जाती है. ये आवाज़ तोह एक लड़की की थी, और दूसरी आवाज़... इसमें कोई शक नहीं था की दूसरी आवाज़ खुद राहुल की थी.
और राहुल को ये समझने में देरर न लगी की जो लड़की अभी रो रही है उसके घर में ये उसी की आवाज़ थी.
रपे केस? वो भी राहुल के हाथो?
अब आगे...
ऑडियो के ख़तम होते hi एक बार फिर सबकी नज़रे राहुल पर टिक जाती है.
ज़रा सोचिये! की आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आज डेट पर जाने वाले हो और आप ने रूम वगैरह भी बुक कर लिया है और आप बहुत एक्ससिटेड हो. तभी आप घर आते हो, आपके परिवार के लोग आप को घर रहे है और आपकी बहिन एकदम से आपको ये ऑडियो क्लिप सुना देती है. क्या होगा तब? पेर्रो की नीचे से ज़मीन खिसक जाने वाली फीलिंग आएगी न? वैसा hi हाल अभी कुछ राहुल का था
पसीना उसके माथो पे झलकने लगा था जो साफ़ दर्शा रहा था की वह घबराया हुआ है. बात hi ऐसी थी. कोई भी अच्छा भला इंसान घबरा जाए. भले hi उसकी गलती न हो, पर लड़की का लफड़ा होता hi ऐसा है की अच्छे अच्छा के पसीने छूट जाते है.
सब उससे ऐसे देख रहे थे जैसे मानो उसके कुछ कहने का इंतज़ार कर रहे हो
उसकी कल्लोर अभी भी नेहा के हाथो में थी.
नेहा : बोल! देनी है कोई सफाई? बोल जल्दी!!
अंशु (रट हुए) : भाई ...
निशा भी रट हुए अंशु के हाथ थाम लेती है. अंदर hi अंदर पता नहीं क्यों उससे विश्वाश था उसका बेतु ऐसा कभी नहीं कर सकता ज़िन्दगी में.
चाँद सेकंड में राहुल अपने घबराए मैं को सबसे पहले नियंत्रण में लाया. ऐसी स्थिति में मैं का नियंत्रित रहना बेहद आवश्यक था.
अरे एक इलज़ाम लगाया गया है उसपर. और वह भी ऐसा वैसा नहीं एक लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम. यदि इस स्थिति से उसको बाहर निकलना है तोह सबसे पहले तोह उससे शांत और मैं को नियंत्रित रखना होगा.
और दररने की वैसे भी क्या बात? जब उसने कोई ऐसा काम किया hi नहीं तोह भला डर किस बात का? पर डर तोह था जनाब. यदि ये ऑडियो अभी डायरेक्ट पुलिस को सुना दी जाए तोह इसमें कोई शक नहीं था की राहुल को फौरन hi लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने के केस में अंदर कर दिया जाता. तोह डर तोह था उससे. पर उसका कूल माइंडेड होना भी ज़रूरी था.
राहुल ने फौरन अपने आप को शांत किया और कहा,
"ये लड़की कोण है?"
नेहा : ओह्ह हूँ! देखो तोह माँ!! इससे यही नहीं पता की ये लड़की कोण है!
राहुल : पता होता तोह क्या में पूछता!?
नेहा : अरे अरे! इतना झूठ भी मत बोल यार! तेरी हर एक बातो से मुझे घिन आती है. तेरे मैं में ख़याल भी कैसे आया की तू मेरी दोस्त के साथ ज़बरदस्ती करे?
राहुल : तुम्हारी दोस्त?
नेहा : हां! मेरी दोस्त काजल! और तू ऐसे क्यों चौंक रहा है? अरे अभी थोड़ी देरर पहले hi तोह तुम इसके साथ ज़बरदस्ती कर रहे थे
राहुल : काजल???
नेहा : अबे चल चल! अब फ़ालतू की एक्टिंग बंद कर और ये बता तूने ऐसे क्यों किया? और अब इसकी सजा तुझे कैसे दी जाए?
राहुल (काजल की तरफ देखते हुए) : यदि मेने इसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की तोह ये यहाँ क्यों कड़ी है? इससे तोह अब तक पुलिस स्टेशन में होना चाहिए था न?
नेहा : हम्फ! वो इसलिए क्युकी जब मुझे ये पता चला की तूने इसके साथ ऐसा किया है तोह मेने hi उससे कुछ बताने से मन कर दिया. क्युकी में नहीं चाहती की घरवालों और आस पड़ोस में मेरे माँ बाप की कोई बदनामी हो. समझा? वर्ण तुझे क्या लगा की में तुझे बचाने के लिए ये सब कर रही हु?
राहुल : ओह्ह! और तुम्हे कैसे पता चला की मेने इसके साथ ज़बरदस्ती की?
नेहा : काजल ने मुझे खुद बताया!
राहुल : ओह्ह! क्या आप शुरू से पूरे अंत तक की घटना में प्रकाश डालेंगी?
नेहा : क्यों नहीं!?
राहुल : जी तोह बताइये!!
नेहा : जिस दिन तुम मेरी क्लास में आए थे और मार पीट किये उस दिन तुमने काजल को मेरी क्लास में देखा था. तुम्हे वह पसंद आ गयी. पर तुम तोह वैसे hi ऋचा दीदी के क्लोज थे. अब ऐसे में तुम काजल के करीब कैसे आते? तोह तुमने ये आईडिया निकला की तुम उसके साथ ज़बरदस्ती करोगे और उससे दर्रा धमका के उससे चुप करा डोज. और ये सब करने का तुमने आज डीडे किया...
निशा (मैं में) : बेतु और ऋचा एक दूसरे के क्लोज है? क्या दोनों...???
अंशु (मैं में) : भाई और ऋचा दीदी...!??
नेहा फिर इतना बोल थोड़ा रूकती है और एक गहरी सास लेती है...
राहुल : हम्म! आगे?
नेहा : आज तुम फौरन जल्दी निकल गए घर पर ये बोलके की कोई काम है पर तुम तोह काजल के घर जा रहे थे. और इत्तेफ़ाक़ की बात ये थी की आज में भी काजल के घर कॉलेज के काम से जा रही थी. जब में पहुची तोह मुझे तुम्हारी बाइक बाहर hi दिख गयी. पहले मुझे बोहत आश्चर्य हुआ की तू काजल के घर पर क्या कर रहा है. फिर में दबे पाँव थोड़ा अंदर आयी तोह पाया की तुम उसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश कर रहे थे.
राहुल : हम्म! आगे?
नेहा : अब रूम बंद था इसलिए में तुम दोनों को देख न सकीय पर आवाज़े मुझे स्पष्ट सुनाई दे रही थी. इसलिए प्रूफ के लिए मेने तुम दोनों की रिकॉर्डिंग कर ली. हमारे घरवालों को भी तोह पता चले की उनका लाडला बीटा उनका प्यारा भाई क्या काम कर रहा है. क्या है उसका असली चेहरा? उन्हें भी तोह पता चले की उनके आदर्श पुत्र के पीछे एक शैतान छुपा हुआ है जो किसी दरिंदे से काम नहीं.
राहुल : ओह्ह्ह!! और भला मुझे कैसे पता चला की आज काजल कॉलेज नहीं जाएगी और घर पर रहेगी और उसके घर में उसके माँ बाप भी नहीं होंगे?
नेहा : अबे चल चल! किस्से बेवक़ूफ़ बना रहा है? तुझे तोह पता hi है की काजल के माँ डैड दोनों जॉब करते है और उसका बड़ा भाई भी बाहर जॉब करता है. रही बात आज उसके कॉलेज न जाने की तोह ये भी तूने कही से पता कर ली होगी.
राहुल : हम्म! कहानी तोह बोहत इंटरेस्टिंग बनायीं है. इतनी अच्छी की में भी खुद सोचने लगा की यार कितना गन्दा इंसान हु में!?
नेहा : कहानी??? व्हाट दो यू मैं बी कहानी?? सीधे सीधे ये बताओ की क्या सजा दी जाए अब तुम्हे?
राहुल : हम्म!! ज़रा फ़ोन दिखाना मुझे
नेहा : क्यों? जिसमे तुम रिकॉर्डिंग डिलीट कर दो? No वे!!
राहुल : में ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, वैसे भी सभी ने रिकॉर्डिंग को आलरेडी सुन्न लिया है.
नेहा : हम्म! ठीक है! देख लो! देख लो!
नेहा अपना फ़ोन राहुल को थमा देती है
राहुल रिकॉर्डिंग की डिटेल्स चेक करता है सबसे पहले टाइम देखता है की रिकॉर्डिंग कब बानी.
टाइम तोह वाक़ई सुबह का था जब राहुल घर से बहार था.
तभी राहुल अंशु से कहता है की वो उसके कमरे से उसके एअरफोन्स लेके आए. अंशु भी दौड़ के राहुल के कमरे से एअरफोन्स लाके उससे दे देती है.
और फिर राहुल एअरफोन्स लगा के वही रिकॉर्डिंग दुबारा प्ले करता है...
लड़की (रट हुए) : प्लीज! चोरर दो मुझे! मेने आपका क्या बिगाड़ा है? प्लीज चोरर दो ...
लड़का : नहीं
लड़की : देखो में... में सब को बता दूंगी आपकी ये हरकत...
लड़का : बता दे
लड़की : देखो ... देखो... पुलिस को बता दूंगी में, फिर अंजाम अच्छा नहीं होगा.
लड़का : हां हां देख लूंगा!
लड़की : dekho...please!! मुझे चोरर दो. में आपके परर पड़ती हु, क्या मिलेगा आपको ये सब कर के? मेरे कपडे क्यों उतार रहे हो?
लड़का : मुझे पसंद है.
लड़की (चीखते हुए) : नाहीइइइइइइ
राहुल ऐसे hi 3-4 बार रिकॉर्डिंग प्ले करता है और तभी उससे कुछ याद आता है. फिर राहुल केवल अपने शब्दों पे गौर करता है जो उसने रिकॉर्डिंग में कहे है. वो शब्द थे - "नहीं" , "बता दे", "हां हां देख लूंगा", "मुझे पसंद है"
तभी राहुल को कुछ याद आता है. ये साड़ी बातें जो राहुल ने रिकॉर्डिंग में कही, ये साड़ी बातें तोह उसने तानिया और अंशु से कल होटल में बात करते हुए कही थी.
'बता दे' ये वाक्य तोह राहुल ने कल hi तानिया से कहा था जब तानिया ने धमकी दी थी की वह निशा से उसकी शिकायत करेगी. और 'मुझे पसंद है', ये वाक्य तोह राहुल ने तब कहा था जब अंशु ने उस से पूछा था की उससे बटर पनीर पसंद है क्या?
राहुल को साड़ी बातें समझने में देरर न लगी की आखिर चक्कर क्या था. वाक़ई! नेहा आखिर थी तोह राहुल की hi बहिन. दिमाग तोह उसका भी तेज़्ज़ था. क्या सॉलिड प्लान तैयार किया था उसने. पर राहुल से ज़्यादा होशियार कहा थी? प्लान तोह बढ़िया था पर कई सारे एरर थे प्लान में जो राहुल की नज़रो से चूक न सके.
साड़ी बातें समझने के बाद राहुल के चेहरे पे अपने आप hi स्माइल आ गयी.
और उसने तानिया की तरफ मुँह करते हुए कहा,
"कल तुमने जब होटल में मुझसे कहा था की तुम मेरी शिकायत माँ से कर डौगी तब बदले में मेने क्या कहा था?"
तानिया : हम्म?? वह... तूने कहा थी की 'बता दे'
तभी राहुल ऑडियो को प्ले करता है जहा पर उसने 'बता दे' कहा था.
तानिया को समझने में देरर न लगी की राहुल क्या कहना चाह रहा है.
तानिया (शॉकेड) : iska...iska मतलब
राहुल : सही सोचा! ये रिकॉर्डिंग फेक है. ये साड़ी बातें मेरी तानिया और अंशु से हुई थी कल होटल में. और किसी ने इससे रिकॉर्ड कर लिया और मुझे पता है किसने रिकॉर्ड किया था, बाद में इससे ट्रिम किया और काजल की रिकॉर्डिंग के साथ मिक्स कर दिया और मुझे फसा दिया.
नेहा : हम्फ! ऐसा कहने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी. प्रूफ है मेरे पास आलरेडी. और ये रिकॉर्डिंग मेने रिकॉर्ड की है. तुम्हारे पास कोई प्रूफ नहीं है. क्या प्रूफ है की तुम जो कह रहे हो वो सच है?
राहुल : किसने कहा मेरे पास प्रूफ नहीं है? मेरे पास प्रूफ भी है और गवाह भी है. तुमने पक्का कोई अप्प उसे किया है. I'm सूरे!
नेहा (मैं में) : हम्फ! तुमसे दो कदम आगे हु में. अप्प आलरेडी अनइंस्टाल कर दिया है मेने.
राहुल अप्प को ढूंढ रहा था पर उससे अप्प मिला hi नहीं. तभी राहुल के चेहरे पे फिर से मुस्कान आ गयी.
राहुल ने प्ले स्टोर ओपन किया और उसमे माय अप्प्स में जाके लाइब्रेरी में गया. जहा उसको सारे रीसेंट के अप्प्स दिखाई दे गए. और सबसे ऊपर hi उससे दिख गया ऑडियो मिक्सिंग नाम का अप्प.
राहुल ने फौरन सभी को मोबाइल की स्क्रीन दिखाई. इस बार नेहा की बारी थी चौंकने की. उससे नहीं पता था की रीसेंट अप्प्स भी कोई ऐसे देख सकता है. उससे तोह इस फंक्शन के बारे में पता भी नहीं था.
अंशु और तानिया भी स्मार्ट थी. उन्हें समझने में देरर न लगी की सारा किया धरा किसका है.
तानिया (ख़ुशी से) : इसका मतलब तू निर्दोष है??
राहुल (स्माइल) : कोई शक?
तभी तानिया उछाल के राहुल के जोरर से गले लग जाती है.
तानिया (ख़ुशी में) : चपडगंजु!! तू निर्दोष है. I'm सो ग्लैड!!
अंशु और निशा भी तानिया की इस हरकत से चौंक जाते है क्युकी हर वक़्त तोह दोनों लड़ते रहते है फिर अचानक से ये...!??
जब तानिया को सिचुएशन का आभास होता है तोह वो हड़बड़ा के एकदम से राहुल से दूर हो जाती है और नज़रे फेरर के बोलती है,
"चल चल!! Ab...ab ज़्यादा खुश मत हो", कहते वक़्त उसके चेहरे पर लाली थी.
राहुल (मैं में) : अबे? अब इससे क्या हो गया एकदम से?
नेहा उधर दांत पीस के अपनी भड़ास निकाल रही थी. सिचुएशन राहुल के कण्ट्रोल में आ चुकी थी.
नेहा : इस सब से ये प्रूफ नहीं हो जाता की तुम निर्दोष हो समझे?
तभी राहुल की नज़र एक बार काजल पर पड़ती है और फिर उसके पेर्रो पर जा कर रुक जाती है. एक बार फिर राहुल के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.
सच सामने आने के बाद नेहा को फ़र्क़ पड़ा हो या न पड़ा हो, पर काजल को ज़रूर पड़ा था. उसकी टाँगे hi बता रही थी की उसकी चोरी पकड़ी गयी है.
क्युकी इस वक़्त वह कप कप जो रही थी.
राहुल (मैं में) : इससे तोह में ऋचा वाला सबक सिखाऊंगा. लगता है आज फिरसे गन्दा बन्न न पड़ेगा.
राहुल धीरे धीरे काजल की तरफ बढ़ता है और उसके कान के पास झुक के धीरे से कहता है,
"क्या मेने तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती की थी?"
काजल राहुल को करीब पा कर सिहर उठती है और बदले में धीरे से हां में सर हिला देती है, अभी भी उसके शरीर में कम्पन हो रहा था.
राहुल (धीरे से) : ओह्ह्ह!!! तोह तुम वर्जिन हो की नहीं?
काजल एक बार फिर दररते हुए हां में सर हिला देती है. मतलब ये था की वो वर्जिन ज़रूर है पर उसके साथ राहुल ने ज़बरदस्ती करने की कोशिश की है.
किसी को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था की दोनों में क्या बात हो रही है. नेहा तभी राहुल को टोक देती है की वह काजल को डराए न.
राहुल : में उससे दर्रा नहीं रहा. Don't वोर्री!!
राहुल फिरसे काजल के कान में झुक के कहता है,
"देखो! तुमने मेरी इज़्ज़त का क्या हाल कर दिया सबके सामने. ये तुम्हे भी पता है की हम दोनों एक दूसरे से आज पहली बार मिल रहे है. और सब कुछ झूठ है. मुझे फ़साने की साज़िश है. पर अब जब मेरी इज़्ज़त बिना कुछ किये गिर hi गयी है तोह क्यों न में अभी कुछ कर दू? क्या फरक पड़ता hai?Hai न? इज़्ज़त तोह पहले hi गिर चुकी है. इस से अच्छा है की में काम से काम वो काम तोह करू जिसके कारण मेरी इज़्ज़त गिरी है"
राहुल इतना बोल धीरे से उसके नंगे कंधे पर रख देता है.
और डर के मारे काजल चिल्ला देती है
"I'm सॉरी!!! I'm सॉरी"
काजल घुटनो के बल नीचे गिर जाती है और बड़बड़ाने लगती है,
"I'm सॉरी!! मुझे माफ़ कार्डो!! में निर्दोष हु!! आप भी निर्दोष हो!! सब झूठ है!! आपने कोई ज़बरदस्ती नहीं की, मुझे... मुझे नेहा ने ये सब करने के लिए मजबूर किया था."
*साइलेंस*
पूरे रूम में शान्ति छ गयी. निशा, अंशु और तानिया तोह भौचक्की से कड़ी नेहा को देख रही थी. राहुल तोह पहले hi जान गया था की ये सब किया धरा किसका हो सकता है. इसलिए वो नार्मल hi था.
निशा (फटी आँखों से) : क्या?? बीटा क्या कहा तुमने? कड़ी हो जाओ... और पूरी बात बताओ
काजल (खड़े होते हुए) : आंटी! I'm सॉरी!! I'm रियली सॉरी!! में मजबूर थी! नेहा को मेरे कुछ सीक्रेट्स पता है जिसके कारण उसने मुझे ब्लैकमेल किया. यदि में उसका ये काम नहीं करती तोह वो घर में सबको मेरे सीक्रेट्स बता देती
इसलिए... इसलिए मेने...
निशा (शॉकेड) : कैसे सीक्रेट्स??
काजल : आंटी वो सीक्रेट है... में किसी से प्यार करती हु. ये बात नेहा को पता है. इसलिए वो...
निशा सब समझ गयी थी. उसने फिर न आव देखा न ताव और नेहा के पास जा कर एक तमाचा खींच के जड़ दिया.
*Chataaaaaaaaaak*
छाते की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गयी. काजल जो अभी दर्री हुई थी उसकी हालत और पतली हो गयी. राहुल ने उससे इशारे से कहा की तुम जाओ और कोई बात किसी से कहना मत. काजल भी सर हिलाते हुए जल्दी जल्दी दौड़ कर बाहर निकल गयी.
निशा (गुस्से में) : क्या करू में तेरा हां? बोल? अरे तुझमे दिमाग है की नहीं? अपने भाई पर तूने लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम लगाया और वो भी झूठा? ज़रा सा भी ख़याल नहीं आया की तू घर की अंधरुनि बाते उस काजल को बता के क्या क्या करवा रही है उस से? बोल!!! चुप क्यों कड़ी है?
नेहा के ासु निकल के उसके गालो से गिरते हुए बह रहे थे. उससे ये उम्मीद नहीं थी की काजल इतनी जल्दी साड़ी सच्चाई पोक देगी. क्या कहा था राहुल ने उसके कान में ऐसा जो वो एकदम डर गयी.
नेहा (मैं में) : क्यों? क्यों हर बार में कुछ करने जाती हु और मुझे मार पड़ती है? पर में हार नहीं मानूंगी
माँ की जरर हाज़िरी में अब में वह किया करुँगी... अब तोह सब सामने आ चूका है. में अभी जुच नहीं कर सकती.
नेहा (धीरे से) : सॉरी!!
निशा (चिल्लाते हुए) : सॉरी?? तूने बेतु पे इतना भद्दा इलज़ाम लगाया और कह रही है सॉरी?? अरे तेरी अकाल घास चरने गयी है क्या? आज तोह में तुझे छोड़ूंगी नहीं ... ृक्क!!
निशा अभी आगे बढ़ के और कुछ करने वाली थी की इतने में राहुल ने उससे अपने गले से लगा लिया,
"शांत! माँ शांत!! It's okay! न hi में अपराधी हु और न hi कोई अपराध हुआ, अंशु... " राहुल अंशु को पुकारता है तोह वो समझ जाती है और नेहा को लेके अंदर चली जाती है.
निशा आह वाक़ई बुरी तरह मारने वाली थी नेहा को पर राहुल ने ऐसे उससे गले लगा के उससे कुछ हद्द तक शांत कर दिया.
तानिया : बुआ!! मुझे तोह यकीन नहीं हो रहा नेहा ने ये सब किया. पर उसने ऐसा क्यों किया बुआ?
तानिया को नेहा और राहुल की लड़ाई के बारे में कुछ नहीं पता है. बस वो इतना जानती है की 5 साल पहले नेहा के b'day में इन् दोनों की लड़ाई हुई थी. और उससे लगा सब कुछ नार्मल हो चूका होगा अब. पर आज की नेहा की हरकत ने उससे एक बोहत बड़ा झटका दे दिया था.
निशा : कुछ नहीं बीटा! तुम ये सब मत सोचो. यहाँ पे एन्जॉय करने आयी हो और देखो तोह... में कैसे पेश आ रही हु तुमलोगो के सामने.
तानिया : बुआ it's okay!! आपकी कोई गलती नहीं है. में तोह इस बात से हैरान हु की ये नेहा अपने hi भाई के साथ ऐसा कैसे कर सकती है. मेरी माँ होती तोह मेरी हड्डिया तोड़ देती मेरी इस हरकत पर. पर बुआ आप वाक़ई एक महान औरत हो.
निशा : बेतु चोरर मुझे! मुझे वाशरूम जाना है.
तेज़्ज़ कदमो के साथ निशा वाशरूम की और चल देती है. शायद अपने आप को कण्ट्रोल करने जा रही थी. वाशरूम तोह एक बहाना था. अभी अभी हुई घटना से वो अभी तक उभरी नहीं थी. और फिर उससे राज से भी तोह बताना है की आज क्या क्या हुआ.
राहुल (तानिया की तरफ देखते हुए) : में भी आता हु बाहर से थोड़ी देरर में
और राहुल पलट के जाने लगता है की तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,
तानिया : ोये सुन्न तोह ज़रा!!
राहुल (पीछे पलट के) : हम्म? क्या ??
तानिया : ये ऋचा कोण है??
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आज के लिए इतना hi गाइस!!










