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लेखक की जुबानी
JAANIPUR
शाम की बात चित के बाद से ससुर बहू के बिच की झिझक काफी कम हो गयी थी लेकिन अभी भी जब उनकी नजरे आपस मे मिलती वो मुस्कुरा देते ।
एक ओर जहा कमलनाथ को अपनी बहू के कसे हुए जोबनो की माप मिलने के बाद से बेचैनी बढ़ी हुई थी ,,वही रीना जब भी अपने ससुर को देखती तो उसकी निगाहे अनायास कमलनाथ के पजामे पर चली जाती , ये जाचने के लिए कि क्या उसका अभी भी खड़ा है क्या और वही कमलनाथ जब भी बहू को देखता उसका लण्ड खुद उछल कूद करने लग्ता था ।
खैर रात हुई और रमन घर आया ।
सब एक साथ बैठ कर खाना खाने लगे और कल की शॉपिंग पर जाने के लिए रज्जो ने रमन से कुछ पैसो की डिमांड की तो उसने हा कह दिया और फिर तय हुआ कि कल रीना और कमलनाथ जायेन्गे खरीददारि के लिए ।
कारण था रज्जो की तबियत कुछ खास ठिक थी नही और शादियो के सीजन की वजह से रमन को दुकान से फुर्सत नही थी ।
फिर उसके बाद दोनो मर्द अपने अपने कमरे मे चले गये ।
इधर रीना और रज्जो किचन मे थे ।
रज्जो - बहू सुनो
रीना - हा मा जी कहिये
रज्जो - देखो लिस्ट मे कुछ मेरे समान भी बढा लो
रीना - लेकिन पर्ची तो पापा जी के पास है ना
रज्जो - ओहो तु पर्ची छोड ज्यादा कुछ नही ,, बस मेरे नाप की दो ब्रा और कच्छी ले लेना
रज्जो - वो क्या है ,, मेरी यहा वाली पुरानी हो गयी है और वहा शादी वाले घर मे छेद वाली कच्छीया टंगी रहे अच्छा नही लगेगा ना
रीना अपनी सास की बात सुन कर हस दी - हिहिही अच्छा ठिक है मा जी ,, मै ले लूंगी
रज्जो - और सुन तु भी ले लेना अपने लिये भी ,वहा के लिए ,
रीना - नही मा जी मेरा वाला ज्यादा दिन का नही है
रज्जो - अरे जो कह रही हू कर , तु नही जानती ये शादी वाले घर के चोचले और नयी बहू की कैसे खिचाई होती ।
रज्जो - अगर गलती से तेरी कच्छी का छेद वहा मेरी बहन के ननदो को दिख गया तो
रीना हस कर - अच्छा ठिक है मा जी मै भी नये ले लूंगी हिहिहिही
रज्जो थोडा झिझक कर हस्ते हुए - अच्छा सुन वो एक हेयर रेमोवर ले लेना मेरे लिये
रीना अपनी सास की बात पर होठ मे अपनी हसी दबा कर खिखियाने लगी
रज्जो उसको ठोकते हुए - क्या हस रही है ,तू नही यूज़ करती है क्या
रीना हस कर - वो बात नही है मा जी ,,,छोडिए
रज्जो जिज्ञासु होकर - अरे बोल ना ,,मुझसे क्या शर्मा रही है
रीना हस कर - नही आप डाटोगे हिहिही
रज्जो - अरे बता तो सही
रीना - वो आपने रेमोवर लेने को बोला तो मुझे कुछ ध्यान मे आ गया हिहिहीही बस इसिलिए हसी आई
रज्जो - अरे तो बता ना
रीना खिलखिलाती हुई - वो मैने सोचा हाहहहा कि जब पापाजी आपको ऐसे ही चार बार हिहिही तो जब रेमोवर यूज़ कर लेंगी तो कित्नी बार हिहिहिही
रज्जो उसके गाल खिचती हुई हस कर - तु बहुत बदमश हो गयी है , तुझे ऊँगली दो तो पुरा हाथ पकड लेती है
रीना अपने गाल छुड़ाते हुए - आह्ह मा जी हिहिही आप ही बोली ना ब्ताने को , मै तो चुप ही थी
रज्जो हस कर - चल चुप कर बदमाश कही की ,, मै उपर जा रही हू तू भी ये काम खतम करके अपने कमरे मे जा
रिना हस्ते हुए अपने गाल सहला कर - ठिक है मा जी
फिर रज्जो अपने कमरे मे चली गयी ।
CHAMANPURA
"ओहो निशा ये क्या भेज दिया तुने ", सोनल निशा द्वारा अपने मोबाइल से अमन को भेजे गये मैसेज को पढती हुई बोली ।

निशा खिलखिला कर - ओहो मेरी जान, बस उसे मैसेज सीन करने दे । सीधा वीडियो काल ही आयेगा
सोनल उखड़ कर - यार मुझ्से नही हो पायेगा ये सब , मैने कभी भी ऐसे कपडो मे उसके सामने नही गयी हू
निशा - अगर तेरी हालत अभी ऐसी है तो शादी के बाद घन्टा मजा ले पायेगी सुहागरात का और मै यही हू ना तेरे साथ ।
इधर इनकी बाते चल रही थी कि उधर से अमन का वीडियो काल आने लगा ।
सोनल घबरा गयी - यार ये सच मे वीडियो काल ही कर रहा है
निशा - अरे उठा ना फिर
सोनल - अरे नही नही
निशा सोनल की ना नुकुर सुनकर खुद ही वीडियो काल उठा देती है
फोन पर
निशा - हाय जीजू हिहिही
अमन - अरे निशा तुम कैसी हो

निशा चहक पर मोबाईल का कैमरा का फोकस अपने टीशर्ट मे कसे हुए बड़े बड़े चुचो पर करते हुए - खुद ही देख लो हिहिहि
अमन समझ गया कि निशा शरारत के मूड मे है और वैसे भी निशा के गदराये जोबनो ने उसका लण्ड खड़ा कर दिया ।
अमन - ओहो अच्छा सोनल कहा है !
निशा तुन्क कर - आपको तो जैसे मै पसन्द ही नही ,,, अरे शादी से पहले तो मुझ्से थोडा बात कर लो ,, शादी के बाद तो ये आपकी ही है ना हुउह
अमन हस कर - अरे ऐसी कोई बात नही है
"लो बात करो अपनी बीवी से मै चली निचे" , अमन की बात को काटते हुए निशा बोली और फोन को सिधा सोनल के हाथ मे दे दिया

वही सोनल के टेप की हालात कुछ खास सही थी नही जो उसे निशा ने पहनाया और निशा ने भी उसे मौका नही दिया की वो उसमे से झाकती अपनी चुचियो को सहेज पाये ।इससे पहले ही कैमरे का फोकस उसके रसिले गोरे मोटे जोब्नो पर जा चुका था और दायी तरफ की चुची के निप्प्ल का घेराव भी साफ दिख रहा था ।
इधर अमन की आंखे फैल गयी थी वो एक टक मोबाइल मे सोनल के बडे बड़े चुचो को निहार रहा था और जब सोनल अपनी स्थिति का आभास हुआ तो फौरान उसने फोन काट दिया ।
सोनल - अरे सच मे पागल है क्या , मै सोयी थी और मेरे दूध बाहर निकलने वाले थे
निशा चहक कर - हिहिही वही तो दिखाना था उसे
सोनल - ले देख फिर से फोन आ रहा है उसका वीडियो काल
निशा - तो उठा और मेरे बारे मे पूछे तो बोलना बाहर गयी हू ।
सोनल ने खुद को सहेजा और बालो को ठिक करके मोबाइल का फोकस अपने चेहरे पर रखते हुए फोन उठा लिया ।
अमन - क्या हुआ बाबू काट क्यू दी
सोनल शर्मा कर - चुप रहो ,,तुमको नही पता क्यू काटा मैने
अमन हस्ता हुआ - अरे मुझे लगा कि शायद वही दिखाने के लिए बोल रही थी ।
सोनल शर्म से लाल होती हुई - वो मैने नही निशा ने मैसेज किया था आपको परेशान करने के लिए
अमन - अच्छा अभी कहा है वो शैतान की बच्ची
सोनल निशा की ओर देखती है तो निशा उसे इशारे से कहती है कि बोल दो मै बाहर हू
सोनल - अरे वो निचे गयी है
अमन- तो अब दिखा दो ना जानू प्लीज
सोनल शर्म से लाल होकर मुस्कुराती हुई ना मे सर हिला रही थी
अमन - ओहो जानू देखो अब तो निशा भी आ गयी है साथ रहने ,,पता नही मौका मिलेगा या नही प्लीज
अमन की गिडगिडाहट सून कर निशा पेट और मुह पकड कर हसे जा रही थी और सोनल उसको देख मुस्कराने के अलावा कुछ नही कर सकती थी ।
निशा इशारे से सोनल को कैमरा थोडा निचे करने को कहती है
सोनल कुछ सेकंड के लिए निचे करती है जिससे अमन को उसकी मोटी चुचियो के बीच की खाई दिखती है ।
इधर अमन के अरमान पुरे होते कि सोनल कैमरा वापस चेहरे की ओर कर लेती है ।
अमन - बक्क क्या जी ,,, दिखा रही हो तो अच्छे से दिखा दो ना क्यू तडपा रही हो
निशा एक बार फिर सोनल को इशारा करती है कि वो फिर से अपने चुचे दिखाये ।
तो सोनल मुस्कुरा कर वापस से मोबाईल को अपने चुचो के सामने कर देती है और इस बार वो अपने एक हाथ को अपने चुचो के उपर घुमाते हुए गरदन तक ले जाती है ।
जिससे अमन सिहर उठता है - ओह्ह बेबी तुम्हारे दूध कितने बडे है उम्म्ंम उम्म्म्माआह उम्म्माह
निशा को जब समझ आता है कि अमन सोनल के चूचियो को चुम रहा है तो वो फिर से मुह पर हाथ रख कर हसने लगती है और जब सोनल को लगता है कि उसकी भी हसी निकल जायेगी ।
सोनल - अच्छा बाबू मै अभी बात करती हू निशा बुला रही है शायद
अमन - ओहो जान ऐसे ना छोड के जाओ ना , कम से कम से इसका तो कुछ सोचो
अमन की आवाज से निशा समझ गयी कि अमन ने जरुर अपना कैमरा खडे लन्ड़ की ओर किया होगा
सोनल तेजी दिखाते हुए - बाद मे बाबू अभी मुझे निचे जाना होगा
अमन - अच्छा तो फिर एक फ़ोटो भेज दो ना ऐसे ही प्लीज
सोनल आंख उठा कर निशा को देखती है तो वो हा बोलने को कहती है ।
सोनल - ओके बेबी ,,भेज दूँगी अभी बाय बाय लव यू
फिर फोन कट जाता है ।
निशा उसके पास जाकर - तो कैसा मेरी जान , अपने आशिक को अपने ये रसिले चुचे दिखा कर
सोनल शरमाती हुई हस कर - यार मेरा दिल कितना तेज धडक रहा था उफ्फ्फ और उसका वो हिहिहिही
निशा आंखे बडी करके - मतलब उसने लण्ड भी बाहर निकाल रखा था ,,, बड़ा तेज है ये तो भाई
सोनल हस कर - धत्त नही रे ,, उसने लोवर मे तना हुआ उसका लण्ड दिखाया
निशा - ओहो फिर क्या साइज़ होगा उम्म्ंम
सोनल - पता नही यार लेकिन तगडा लग रहा था
निशा उसे छेड़ते हुए -अरे मेरी जान आर्मी वाला बन्दा है ,,हल्के मे थोडी ना रहेगा हिहिही
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रात के 10 बज रहे थे और खाना खाने बाद राहुल अपने कमरे में बेचैनी से टहल रहा था कि कब उसकी मा अपने कमरे मे जायेगी ।
थोडे ही देर मे उसे आहट आई तो उसने दरवाजा हल्का सा दरवाजा खोलकर बाहर झाका तो उसके मा का कमरे का दरवाजा खुला था ।
राहुल को पुरा यकीन था कि उसकी मा उसके लिए आज दरवाजा खुला रखने वाली है ।
इधर कमरे मे जाते ही जन्गिलाल ने शालिनी को पीछे से दबोच लिया और टीशर्ट मे कसे हूए बिना ब्रा के 36DD वाले चुचो को मसल कर उसके निप्प्ल को मरोड दिया
शालिनी सिसकी - आह्ह आराम से उम्म्ंम्ं
जन्गीलाल उसके लोवर के उपर से उसके नरम नरम चुतडो को सहलाता हुआ - ये अच्छा किया तुमने कि लाडो के कपडे रख लिये ।
शालिनी अपने पति की बाहो मे कसमसाते हुए - उम्म्ंम मेरे राजा तुमको तुम्हारी बेटी की याद ना इसिलिए तो पुरे दिन पहने रहती हू मै सीईई अह्ह्ह

राहुल अपने मा के कमरे के सामने पहुच चुका था और उसने कमरे मे झाका तो देखा कि उसका बाप उसकी मा के पीछे खडे होकर उसको पकडे हुए है और उसके मुलायम चुतडो को मसल रहा है ।
जन्गीलाल अब आगे बढना चाहता था तो शालिनी उसे रोकते हुए - रुकिये ना , दरवाजा बन्द तो कर दू
फिर शालिनी इतराती हुई दरवाजे की ओर जाती है और जंगीलाल अपने कपडे निकालने लगता है
शालिनी बडी शरारत से इठलाती हुई दरवाजे को बन्द कर रही होती है कि
राहुल उसके सामने आ जाता है -मम्मी प्लीज रहने दो ना ऐसे
शालिनी एक नजर उसके तने हुए लण्ड को देखती है और मुस्कारा कर डांटती हुई - धत्त पागल ,जा सो जा , कही तेरे पापा ने देख लिया तो
राहुल अपने तने हुए लण्ड को अपनी मा के सामने खुजाता हुआ - प्लीज ना मम्मी मै चुप रहूंगा
शालिनी दबी हुई आवाज मे मुस्कुराहट के साथ - देख तो लिया अपने पापा की शरारत अब जा सो जा
ये बोलकर शालिनी ने दरवाजा बंद कर दिया और राहुल उखड़े हुए मन से अपने कमरे मे चला गया ।
वही शालिनी अपने बेटे को छेड़ कर बहुत खुश थी और उसने पति के साथ बाप बेटी का रोल प्ले मे लग गयी ।
राज की जुबानी
रात के करीब 8 बज रहे थे और सादिया ने सबको खाना खिला कर किचन के काम खतम कर रही थी ।
उसने अपनी बेटी को अपने कमरे मे सुला दिया और मुझे एक अलग कमरे मे आराम करने की व्यव्स्था कर दी ।
सादिया - राज तुम यहा आराम करो ,,,मै बरतन खतम करके आ रही हू
मै जो कबसे उसके जिस्मो को भोगने की तडप लिये अपना लण्ड मसल रहा था
मै - भाभी अभी और कितना टाईम कल सुबह कर लेना ना
सादीया मुस्कुरा कर मेरे होठ चुमते हुए - बस बाबू 5 मिंट बैठो मै सब कुछ एक बार चेक करके आ रही हू ।
मैने भी उसके होठ चुभलाये और उसके मस्ताने चुतडो पर हाथ मसलकर - ओके
फिर मै दरवाजा भिड्का कर अपने मोबाइल मे लग गया ।
करीब 7 8 मिंट बीते होगे और दरवाजा खुलने की आवाज आई और मेरे लण्ड फिर से अकडने लगा और जब पुरा दरवाजा खुला तो कमरे के बाहर पुरा अंधेरा । शायद उसने घर की सारी बत्तिया बुझा दी थी ।
तभी उस अंधेरे से सादीया माधरजात नंगी होकर अपने पुरे जिस्म को इठलाती हुई चल कर कमरे के उजाले मे आने लगी
मै उसके गदराये जिस्म को देखकर पूरी तरह से प्थ्थर का हो गया था ।

मैने पुरा उपर से निचे तक उसके मोटे रसिले गोरे चुचो से उसकी नरम गुदाज पेट और सुराहीदार कमर के निचे चर्बीदार जांघो के बिच से झांकती हल्के बालो वाली चुत को देखा ।

मेरा लण्ड फौलादी हुआ जा रहा थ और मैने फौरन खडे होकर अपना लण्ड जीन्स से निकाल कर उसे सादीया के सामने हिलाने लगा ।
मेरे गले थुक भरना शुरु हो गया था और खुमारि पुरे बदन को हिलाये जा रही थी ।
वो बडी अदा से अपने नायाब कूल्हो को मटकाते हुए मेरे नजदीक आई और सीधा मेरे लण्ड को अपने हाथो जकड़ते हुए मेरे होठो से अपने होठ जोड लिये

उसके होठो के रसिले खिचाव मे मै उसके मुह मे घुलने लगा था और मेरे हाथ उसके नरम चौडे कूल्हो पर घुमने लगे ।
उसने मेरे लण्ड के तने को पकड कर अपनी ओर खीचा और होठो की चुसाई ने और जोर दिया ।
मैने भी अपने हाथ से उसके चर्बीदार गाड़ को मसलते हुए उन्हे विपरित दिशा मे खीचने लगा ।
हमारे जिस्म सटे हुए थे ।
मैने उसको कमार से थामा और उसके पीछे हो गया ।

हमारे होठ अभी भी जुड़े हुए थे लेकिन मेरे साथ पीछे से उसके दोनो जबरदस्त 40DD साइज़ के चुचो को मसले जा रहे थे ।
उनकी नरमी मेरे हाथ मे ही नही पुरे शारिर मे मह्सूस हो रही थी ।
उसने अपने हाथ से अभी भी मेरे लण्ड को भिच्ना जारी रखा था ।
फिर मैने उसे अपनी ओर घुमाया और उसके होठो से सरकते हुए अपने जुबान को उसके चुची के मोटे दाने पर ले गया और उन्हे गीला करने लगा ।

पहली बार उसकी मादक सिसकी मेरे कानो मे फड़की और मै उसके चुचो को दबाते हुए उन्हे मुह मे भरने लगा ।
वो मेरे सर को अपने छाती पर दबाते हुए सिसकिया लिये जा रही थी - उम्म्ंम्ं राअज्ज्ज उफ्फ्फ्फ और चुसो काट डालो इन्हे उम्म्ंम्ं कितना मस्त चुस रहे हो ऑफफ़फ उम्मममं अम्म्म्मीईई अह्ह्ह
मै उसके रसिले चुचे बारि बारी चूसे जा रहा था और वो अपना हाथ आगे बढाये मेरे लंड को भीच रही थी ।
मैने उसके रसिले चुचो से थोडा अलग हुआ और उसके होठो को चुसते हुए निचे जाने का इशारा किया

वो मुस्कुराती हुई निचे बैठ गयी और मेरे लण्ड के सुपाड़े को जीभ से घुमाकर मेरी आंखो मे देखते हुए बडी ही कामुक अदा से उसने मुह मे भर लिया और उसे चूसने लगी ।
उसने नरम होठो की ठंडक से मेरे लण्ड की नसे और फड़कने लगी ।
वो लण्ड को मुह मे भरे भरे ही मेरे जीन्स को निचे खीचा और मेरे जांघो को सहलाते हुए अपने दोनो हाथो को मेरे चुतडो पर ले गयी ।
उसके नरम नरम हाथो को स्पर्श मेरे लण्ड को और फौलादी किये जा रहा था और वो बडी आतुरता से उसे चूसे जा रही थी ।
मेरी एडिया उठने लगी थी और हाथो मे उसके सर पर दबाना शुरु कर दिया ।
लण्ड की फड़कड़ी नसे उसे और फौलादी करते हुए सादीया के गले मे चोक कर रही थी और मै उसका सर पकडे बडी बेरहमी मे मुह मे पेलना शुरु कर दिया

उसकी आंखे फटने को आगयी और मैने झटके से उसकी लारो से लसराया हू लण्ड उसके मुह से बाहर निकाला और उसके होठो को चुमते हुए वापस उसके मुह पर अपना लण्ड घिसने लगा
फिर मैने उसे बिस्तर पर पेट के बल धकेला और फिर उसके उभरे हुए पहाड़ जैसे चुतडो मे अपना मुह दे दिया ।
सादीया - उम्म्ंम्ं राआज्ज्ज सीईई उफ्फ्फ अह्ह्ह

मै उसकी चर्बीदार गाड के पाटो को हाथो से मसल्ते हुए अपनी लपलपाती जीभ से उसके गाड़ की सुराख को भेद रहा था और वो सिसकिया लेते हुए अपने चुतडो के नरम नरम गालो को कसे जा रही थी ।
मैने उसके गाड़ के चर्बीदार हिस्सो को भी मुह मे भरना शुरु कर दिया ।
नरम नरम गुलगली गाड़ की चर्बी को मुह मे भर कर मुझे और भी जोश आ रहा था और वही सादीया अपनी गाड़ आगे कि ओर खिचने की बेजोर कोशिस किये जा रही थी ।
लेकिन जैसे ही मेरी जुबान ने उसके रस भरे चुत की मोटी फाको को छुआ वो हल्की पड़ गयी और उसने अपने गाड़ को भी उपर उठाते हुए ढीला छोड दिया ।
मैने अपनी गर्दन का कोण बदला और अपने होठो से उसके मोटे मोटे फाको वाले रस छोडते चुत को मुह मे भरने लगा ।
सादीया - ओह्ह राज तुम मुझे पागल कर दोगे आह्ह्ह अम्मी उह्ह्ह्ह उम्म्ं आज तक मेरे शौहर मे कभी ऐसा सुख नही दिया याआ अल्लाह्ब उम्ममम उफ्फ्फ
वो सिसकिया लेते हुए अब अपनी गाड़ को मेरे मुह की ओर ढकेलने लगी और मैने उस्के कूल्हो को थामकर उसकी डबडबाई बुर मे अपना जीभ घुसा दिया
जिससे उसने अब अपनी जांघो को कसना शुरु कर दिया और झटपटाने लगी
मै देर ना करते हुए अपनी जगह पर खड़ा हुआ और लण्ड को पीछे से उसकी गुदाज चुतडो की दरारो मे घिस्ता हुआ उसके चुत के मुहाने पर लगाया और एक हाथ से उसके बड़े से कुल्हे को थामते हुए करारा धक्का दीया और एक दो घ्क्के बिना रुके दे दिये
सादीया - उफ्फ्फ अम्मीईईई उम्म्ंम ओह्ह्ह बहुत मोटाआह्ह ओह्ह सीई ओह्ह
फिर मैने उसके मखमली गाड़ को दोनो तरफ से पकड़ा और धक्के लगाने शुरु कर दिये । सादीया ने भी कस कस के आअहे भरने लगी

उसके चर्बीदार गाड़ मेरे जांघ की थपेडों को उछाल दे रही थी और लण्ड एक लय मे उसकी गीली चुत मे सटासट जा रहा था
करीब 7 8 मिंट की ध्क्क्म पेल चुदाई मे वो दो बार झडी और अपने कमार को सेट करने लगी
सादीया - ओह्ह्ह राज उम्म्ं रुको ना आह्ह मै ऐसे और नही ले पाऊंगी उम्म्ंम अह्ह्ह अम्मीईई उह्ह्ह
मैने अपने 2 4 करारे झटके लगाते हुए अप्ना लण्ड रोक दिया और लण्ड बाहर निकाल लिया ।
जिससे सादीया बिस्तर पर परस गयी और मै उसके बगल मे लेट कर उसके गालो को चूमने लगा
वो मुस्कुरा कर मेरी ओर देखी और फिर करवट लेते हुए सीधा लेट गयी ।
उसकी 40DD की मोटी मोटी चुची दोनो ओर फैल गयी ।
मैने हरकत की और उसके उपर आगया

और उसके गुदाज नरम खरबूजे जैसे चुचो को मसलते हुए उम्हे फिर से चुसने लगा
सादीया : ओह्ह राज सच बताना , अब कितनो को ऐसे लिटा चुके हो उम्म्ं
मै उसके चुचे मुह मे चुबलाके - क्यू ऐसा क्यू पुछ रही हो , ये तो मेरी पहली चुदाई है हिहिहिही
सादीया शरमा कर - धत्त झूठे सही बताओ ना ,, कहा से सीखी ये सब
मै उसे दोनो काले अंगूर से मोटे मोटे दाने वाले निप्प्ल्स को उंगलियो से मरोड कर उपर खिचता हुआ - क्या क्या सिखा है मै उम्म्ंम
सादीया हल्के मीठे दर्द और मजे से सिसकी - उम्मममं सीईई आह्ह्ह येह्ह्हीई सबब उम्म्ंम अम्म्मीईई ओफ्फ्फ चोद दो न मुझे
मै उसके चुचो पर हथेली घुमाते हुए हस कर - क्या करू उम्म
सादीया अपनी गाड उचका कर मेरे लंड के पास अपनी चुत ले जाने की कसमसाहट करती हुई - ये दो ना अंदर प्लीज , चोदो न मुझे उम्म्ंम
मै थोडा मुस्कराया और लण्ड को उसके चुत में लगाते हुए पुरा उसके उपर चढ़ गया ।
क्या मस्त मख्मली गद्दे जैसा देह था उसका , हर जगह चर्बी फैली हुई थी और मैने उसके चुचे मुह मे भरते हुए एक जांघ को पकड़ कर पेलना शुरु कर दिया ।
मैने कस कस कर अपने कमर को पटकना शुरु किया और वो तेज आहे भरने लगी ।
कमरे मे तेज सिसकिया और थप्प थप्प की आवाज गूंज रही थी ।
हम दोनो के होठ जुड़े हुए थे और मै उसकी दोनो जान्घे अपने उपर खिचे सटासट चोदे जा रहा था । उसके चुत की गरमी से साफ पता चल रहा था कि वो बार बार झड़ रही थी ।
मै इससे पहले रज्जो मौसी को ही इतना गरम और चुदाई के लिए आतुर पाया था । लेकिन रज्जो मौसी का खुद पर बराबर नियंत्रण होता था लेकिन सादीया बेकाबू हो चुकी थी ।
उसके भोस्ड़े से टपकता उसका नमकीन पानी बेडशीट और उसकी चुतड मे लिभ्ड रहा था ।

मैने भी अपनी कमर को सीधा किया और उसके एक जांघ को उपर उठाते हुए करारे धक्के लगाने लगा।
सादीया अपने हाथ अपनी जांघो को थामे दुसरे हाथ से चुत मलने लगी
मै - यार तुम तो झडे ही जा रही हो उफ्फ्फ्फ अह्ह्ह
सादीया मेरे करारे धक्के खाते हुए अपनी चुत को मलते हुए मुस्कुरा कर बोली - आह्ह राज मेरा ऐसे ही होता है उम्म्ंम और पेलो ना उफ्फ्फ तुम बस थकना मत मै पूरी रात चुदवाना चाहती हू
पूरी रात सादीया की चुदाई का सोच कर मै भी जोश मे आ गया और उसे करारे झटके मारने लगा
वो और चिखते हुए एक बार फिर से मेरे लंड पर अपना गर्म पानी छोडने लगी ।
अब मेरा सुपाडा फैलने को हो गया था और मै समझ गया कि अब ज्यादा देर नही लगने वाला है
मै - ओह्ह्ह मेरा भी आने वाला है कहा लोगि उम्म्ंम बोलो न जल्दी
सादीया - मुझे मुह मे चाहिये उम्म्ंम
मै जल्दी से सुपाड़े के मुह पर हथेली रखी और उतर कर निचे खड़ा हुआ , सादीया घुटनो के बल अपना जीभ निकाले मेरे सामने थी और मैने सुपाडा ढीला छोड दिया
इतने मे मेरे बीर्य की एक तेज पिचकारी मेरे उंगलियों को छुती हुई सीधा सादीया के मुह मे गयी और मैने अपना लंड तेजी से हिलाने लगा

और वो आखिरी पिच तक अपनी जुबान बाहर निकाले रही फिर सारा माल गटकते हुए लंड को मुह मे भर उसे अच्छे से सुरक कर निचोड लिया ।
और मै वही बेड पर लेट गया ।
थोडी देर बाद वो कमरे से बाहर गयी और फिर एक ग्लास एनर्जी ड्रिंक लेके आई
मैने उसे पिया और हम फिर से अगले राउंड की तैयारी मे लग गये ।
जारी रहेगी
लेखक की जुबानी
JAANIPUR
शाम की बात चित के बाद से ससुर बहू के बिच की झिझक काफी कम हो गयी थी लेकिन अभी भी जब उनकी नजरे आपस मे मिलती वो मुस्कुरा देते ।
एक ओर जहा कमलनाथ को अपनी बहू के कसे हुए जोबनो की माप मिलने के बाद से बेचैनी बढ़ी हुई थी ,,वही रीना जब भी अपने ससुर को देखती तो उसकी निगाहे अनायास कमलनाथ के पजामे पर चली जाती , ये जाचने के लिए कि क्या उसका अभी भी खड़ा है क्या और वही कमलनाथ जब भी बहू को देखता उसका लण्ड खुद उछल कूद करने लग्ता था ।
खैर रात हुई और रमन घर आया ।
सब एक साथ बैठ कर खाना खाने लगे और कल की शॉपिंग पर जाने के लिए रज्जो ने रमन से कुछ पैसो की डिमांड की तो उसने हा कह दिया और फिर तय हुआ कि कल रीना और कमलनाथ जायेन्गे खरीददारि के लिए ।
कारण था रज्जो की तबियत कुछ खास ठिक थी नही और शादियो के सीजन की वजह से रमन को दुकान से फुर्सत नही थी ।
फिर उसके बाद दोनो मर्द अपने अपने कमरे मे चले गये ।
इधर रीना और रज्जो किचन मे थे ।
रज्जो - बहू सुनो
रीना - हा मा जी कहिये
रज्जो - देखो लिस्ट मे कुछ मेरे समान भी बढा लो
रीना - लेकिन पर्ची तो पापा जी के पास है ना
रज्जो - ओहो तु पर्ची छोड ज्यादा कुछ नही ,, बस मेरे नाप की दो ब्रा और कच्छी ले लेना
रज्जो - वो क्या है ,, मेरी यहा वाली पुरानी हो गयी है और वहा शादी वाले घर मे छेद वाली कच्छीया टंगी रहे अच्छा नही लगेगा ना
रीना अपनी सास की बात सुन कर हस दी - हिहिही अच्छा ठिक है मा जी ,, मै ले लूंगी
रज्जो - और सुन तु भी ले लेना अपने लिये भी ,वहा के लिए ,
रीना - नही मा जी मेरा वाला ज्यादा दिन का नही है
रज्जो - अरे जो कह रही हू कर , तु नही जानती ये शादी वाले घर के चोचले और नयी बहू की कैसे खिचाई होती ।
रज्जो - अगर गलती से तेरी कच्छी का छेद वहा मेरी बहन के ननदो को दिख गया तो
रीना हस कर - अच्छा ठिक है मा जी मै भी नये ले लूंगी हिहिहिही
रज्जो थोडा झिझक कर हस्ते हुए - अच्छा सुन वो एक हेयर रेमोवर ले लेना मेरे लिये
रीना अपनी सास की बात पर होठ मे अपनी हसी दबा कर खिखियाने लगी
रज्जो उसको ठोकते हुए - क्या हस रही है ,तू नही यूज़ करती है क्या
रीना हस कर - वो बात नही है मा जी ,,,छोडिए
रज्जो जिज्ञासु होकर - अरे बोल ना ,,मुझसे क्या शर्मा रही है
रीना हस कर - नही आप डाटोगे हिहिही
रज्जो - अरे बता तो सही
रीना - वो आपने रेमोवर लेने को बोला तो मुझे कुछ ध्यान मे आ गया हिहिहीही बस इसिलिए हसी आई
रज्जो - अरे तो बता ना
रीना खिलखिलाती हुई - वो मैने सोचा हाहहहा कि जब पापाजी आपको ऐसे ही चार बार हिहिही तो जब रेमोवर यूज़ कर लेंगी तो कित्नी बार हिहिहिही
रज्जो उसके गाल खिचती हुई हस कर - तु बहुत बदमश हो गयी है , तुझे ऊँगली दो तो पुरा हाथ पकड लेती है
रीना अपने गाल छुड़ाते हुए - आह्ह मा जी हिहिही आप ही बोली ना ब्ताने को , मै तो चुप ही थी
रज्जो हस कर - चल चुप कर बदमाश कही की ,, मै उपर जा रही हू तू भी ये काम खतम करके अपने कमरे मे जा
रिना हस्ते हुए अपने गाल सहला कर - ठिक है मा जी
फिर रज्जो अपने कमरे मे चली गयी ।
CHAMANPURA
"ओहो निशा ये क्या भेज दिया तुने ", सोनल निशा द्वारा अपने मोबाइल से अमन को भेजे गये मैसेज को पढती हुई बोली ।

निशा खिलखिला कर - ओहो मेरी जान, बस उसे मैसेज सीन करने दे । सीधा वीडियो काल ही आयेगा
सोनल उखड़ कर - यार मुझ्से नही हो पायेगा ये सब , मैने कभी भी ऐसे कपडो मे उसके सामने नही गयी हू
निशा - अगर तेरी हालत अभी ऐसी है तो शादी के बाद घन्टा मजा ले पायेगी सुहागरात का और मै यही हू ना तेरे साथ ।
इधर इनकी बाते चल रही थी कि उधर से अमन का वीडियो काल आने लगा ।
सोनल घबरा गयी - यार ये सच मे वीडियो काल ही कर रहा है
निशा - अरे उठा ना फिर
सोनल - अरे नही नही
निशा सोनल की ना नुकुर सुनकर खुद ही वीडियो काल उठा देती है
फोन पर
निशा - हाय जीजू हिहिही
अमन - अरे निशा तुम कैसी हो

निशा चहक पर मोबाईल का कैमरा का फोकस अपने टीशर्ट मे कसे हुए बड़े बड़े चुचो पर करते हुए - खुद ही देख लो हिहिहि
अमन समझ गया कि निशा शरारत के मूड मे है और वैसे भी निशा के गदराये जोबनो ने उसका लण्ड खड़ा कर दिया ।
अमन - ओहो अच्छा सोनल कहा है !
निशा तुन्क कर - आपको तो जैसे मै पसन्द ही नही ,,, अरे शादी से पहले तो मुझ्से थोडा बात कर लो ,, शादी के बाद तो ये आपकी ही है ना हुउह
अमन हस कर - अरे ऐसी कोई बात नही है
"लो बात करो अपनी बीवी से मै चली निचे" , अमन की बात को काटते हुए निशा बोली और फोन को सिधा सोनल के हाथ मे दे दिया

वही सोनल के टेप की हालात कुछ खास सही थी नही जो उसे निशा ने पहनाया और निशा ने भी उसे मौका नही दिया की वो उसमे से झाकती अपनी चुचियो को सहेज पाये ।इससे पहले ही कैमरे का फोकस उसके रसिले गोरे मोटे जोब्नो पर जा चुका था और दायी तरफ की चुची के निप्प्ल का घेराव भी साफ दिख रहा था ।
इधर अमन की आंखे फैल गयी थी वो एक टक मोबाइल मे सोनल के बडे बड़े चुचो को निहार रहा था और जब सोनल अपनी स्थिति का आभास हुआ तो फौरान उसने फोन काट दिया ।
सोनल - अरे सच मे पागल है क्या , मै सोयी थी और मेरे दूध बाहर निकलने वाले थे
निशा चहक कर - हिहिही वही तो दिखाना था उसे
सोनल - ले देख फिर से फोन आ रहा है उसका वीडियो काल
निशा - तो उठा और मेरे बारे मे पूछे तो बोलना बाहर गयी हू ।
सोनल ने खुद को सहेजा और बालो को ठिक करके मोबाइल का फोकस अपने चेहरे पर रखते हुए फोन उठा लिया ।
अमन - क्या हुआ बाबू काट क्यू दी
सोनल शर्मा कर - चुप रहो ,,तुमको नही पता क्यू काटा मैने
अमन हस्ता हुआ - अरे मुझे लगा कि शायद वही दिखाने के लिए बोल रही थी ।
सोनल शर्म से लाल होती हुई - वो मैने नही निशा ने मैसेज किया था आपको परेशान करने के लिए
अमन - अच्छा अभी कहा है वो शैतान की बच्ची
सोनल निशा की ओर देखती है तो निशा उसे इशारे से कहती है कि बोल दो मै बाहर हू
सोनल - अरे वो निचे गयी है
अमन- तो अब दिखा दो ना जानू प्लीज
सोनल शर्म से लाल होकर मुस्कुराती हुई ना मे सर हिला रही थी
अमन - ओहो जानू देखो अब तो निशा भी आ गयी है साथ रहने ,,पता नही मौका मिलेगा या नही प्लीज
अमन की गिडगिडाहट सून कर निशा पेट और मुह पकड कर हसे जा रही थी और सोनल उसको देख मुस्कराने के अलावा कुछ नही कर सकती थी ।
निशा इशारे से सोनल को कैमरा थोडा निचे करने को कहती है
सोनल कुछ सेकंड के लिए निचे करती है जिससे अमन को उसकी मोटी चुचियो के बीच की खाई दिखती है ।
इधर अमन के अरमान पुरे होते कि सोनल कैमरा वापस चेहरे की ओर कर लेती है ।
अमन - बक्क क्या जी ,,, दिखा रही हो तो अच्छे से दिखा दो ना क्यू तडपा रही हो
निशा एक बार फिर सोनल को इशारा करती है कि वो फिर से अपने चुचे दिखाये ।
तो सोनल मुस्कुरा कर वापस से मोबाईल को अपने चुचो के सामने कर देती है और इस बार वो अपने एक हाथ को अपने चुचो के उपर घुमाते हुए गरदन तक ले जाती है ।
जिससे अमन सिहर उठता है - ओह्ह बेबी तुम्हारे दूध कितने बडे है उम्म्ंम उम्म्म्माआह उम्म्माह
निशा को जब समझ आता है कि अमन सोनल के चूचियो को चुम रहा है तो वो फिर से मुह पर हाथ रख कर हसने लगती है और जब सोनल को लगता है कि उसकी भी हसी निकल जायेगी ।
सोनल - अच्छा बाबू मै अभी बात करती हू निशा बुला रही है शायद
अमन - ओहो जान ऐसे ना छोड के जाओ ना , कम से कम से इसका तो कुछ सोचो
अमन की आवाज से निशा समझ गयी कि अमन ने जरुर अपना कैमरा खडे लन्ड़ की ओर किया होगा
सोनल तेजी दिखाते हुए - बाद मे बाबू अभी मुझे निचे जाना होगा
अमन - अच्छा तो फिर एक फ़ोटो भेज दो ना ऐसे ही प्लीज
सोनल आंख उठा कर निशा को देखती है तो वो हा बोलने को कहती है ।
सोनल - ओके बेबी ,,भेज दूँगी अभी बाय बाय लव यू
फिर फोन कट जाता है ।
निशा उसके पास जाकर - तो कैसा मेरी जान , अपने आशिक को अपने ये रसिले चुचे दिखा कर
सोनल शरमाती हुई हस कर - यार मेरा दिल कितना तेज धडक रहा था उफ्फ्फ और उसका वो हिहिहिही
निशा आंखे बडी करके - मतलब उसने लण्ड भी बाहर निकाल रखा था ,,, बड़ा तेज है ये तो भाई
सोनल हस कर - धत्त नही रे ,, उसने लोवर मे तना हुआ उसका लण्ड दिखाया
निशा - ओहो फिर क्या साइज़ होगा उम्म्ंम
सोनल - पता नही यार लेकिन तगडा लग रहा था
निशा उसे छेड़ते हुए -अरे मेरी जान आर्मी वाला बन्दा है ,,हल्के मे थोडी ना रहेगा हिहिही
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रात के 10 बज रहे थे और खाना खाने बाद राहुल अपने कमरे में बेचैनी से टहल रहा था कि कब उसकी मा अपने कमरे मे जायेगी ।
थोडे ही देर मे उसे आहट आई तो उसने दरवाजा हल्का सा दरवाजा खोलकर बाहर झाका तो उसके मा का कमरे का दरवाजा खुला था ।
राहुल को पुरा यकीन था कि उसकी मा उसके लिए आज दरवाजा खुला रखने वाली है ।
इधर कमरे मे जाते ही जन्गिलाल ने शालिनी को पीछे से दबोच लिया और टीशर्ट मे कसे हूए बिना ब्रा के 36DD वाले चुचो को मसल कर उसके निप्प्ल को मरोड दिया
शालिनी सिसकी - आह्ह आराम से उम्म्ंम्ं
जन्गीलाल उसके लोवर के उपर से उसके नरम नरम चुतडो को सहलाता हुआ - ये अच्छा किया तुमने कि लाडो के कपडे रख लिये ।
शालिनी अपने पति की बाहो मे कसमसाते हुए - उम्म्ंम मेरे राजा तुमको तुम्हारी बेटी की याद ना इसिलिए तो पुरे दिन पहने रहती हू मै सीईई अह्ह्ह

राहुल अपने मा के कमरे के सामने पहुच चुका था और उसने कमरे मे झाका तो देखा कि उसका बाप उसकी मा के पीछे खडे होकर उसको पकडे हुए है और उसके मुलायम चुतडो को मसल रहा है ।
जन्गीलाल अब आगे बढना चाहता था तो शालिनी उसे रोकते हुए - रुकिये ना , दरवाजा बन्द तो कर दू
फिर शालिनी इतराती हुई दरवाजे की ओर जाती है और जंगीलाल अपने कपडे निकालने लगता है
शालिनी बडी शरारत से इठलाती हुई दरवाजे को बन्द कर रही होती है कि
राहुल उसके सामने आ जाता है -मम्मी प्लीज रहने दो ना ऐसे
शालिनी एक नजर उसके तने हुए लण्ड को देखती है और मुस्कारा कर डांटती हुई - धत्त पागल ,जा सो जा , कही तेरे पापा ने देख लिया तो
राहुल अपने तने हुए लण्ड को अपनी मा के सामने खुजाता हुआ - प्लीज ना मम्मी मै चुप रहूंगा
शालिनी दबी हुई आवाज मे मुस्कुराहट के साथ - देख तो लिया अपने पापा की शरारत अब जा सो जा
ये बोलकर शालिनी ने दरवाजा बंद कर दिया और राहुल उखड़े हुए मन से अपने कमरे मे चला गया ।
वही शालिनी अपने बेटे को छेड़ कर बहुत खुश थी और उसने पति के साथ बाप बेटी का रोल प्ले मे लग गयी ।
राज की जुबानी
रात के करीब 8 बज रहे थे और सादिया ने सबको खाना खिला कर किचन के काम खतम कर रही थी ।
उसने अपनी बेटी को अपने कमरे मे सुला दिया और मुझे एक अलग कमरे मे आराम करने की व्यव्स्था कर दी ।
सादिया - राज तुम यहा आराम करो ,,,मै बरतन खतम करके आ रही हू
मै जो कबसे उसके जिस्मो को भोगने की तडप लिये अपना लण्ड मसल रहा था
मै - भाभी अभी और कितना टाईम कल सुबह कर लेना ना
सादीया मुस्कुरा कर मेरे होठ चुमते हुए - बस बाबू 5 मिंट बैठो मै सब कुछ एक बार चेक करके आ रही हू ।
मैने भी उसके होठ चुभलाये और उसके मस्ताने चुतडो पर हाथ मसलकर - ओके
फिर मै दरवाजा भिड्का कर अपने मोबाइल मे लग गया ।
करीब 7 8 मिंट बीते होगे और दरवाजा खुलने की आवाज आई और मेरे लण्ड फिर से अकडने लगा और जब पुरा दरवाजा खुला तो कमरे के बाहर पुरा अंधेरा । शायद उसने घर की सारी बत्तिया बुझा दी थी ।
तभी उस अंधेरे से सादीया माधरजात नंगी होकर अपने पुरे जिस्म को इठलाती हुई चल कर कमरे के उजाले मे आने लगी
मै उसके गदराये जिस्म को देखकर पूरी तरह से प्थ्थर का हो गया था ।

मैने पुरा उपर से निचे तक उसके मोटे रसिले गोरे चुचो से उसकी नरम गुदाज पेट और सुराहीदार कमर के निचे चर्बीदार जांघो के बिच से झांकती हल्के बालो वाली चुत को देखा ।

मेरा लण्ड फौलादी हुआ जा रहा थ और मैने फौरन खडे होकर अपना लण्ड जीन्स से निकाल कर उसे सादीया के सामने हिलाने लगा ।
मेरे गले थुक भरना शुरु हो गया था और खुमारि पुरे बदन को हिलाये जा रही थी ।
वो बडी अदा से अपने नायाब कूल्हो को मटकाते हुए मेरे नजदीक आई और सीधा मेरे लण्ड को अपने हाथो जकड़ते हुए मेरे होठो से अपने होठ जोड लिये

उसके होठो के रसिले खिचाव मे मै उसके मुह मे घुलने लगा था और मेरे हाथ उसके नरम चौडे कूल्हो पर घुमने लगे ।
उसने मेरे लण्ड के तने को पकड कर अपनी ओर खीचा और होठो की चुसाई ने और जोर दिया ।
मैने भी अपने हाथ से उसके चर्बीदार गाड़ को मसलते हुए उन्हे विपरित दिशा मे खीचने लगा ।
हमारे जिस्म सटे हुए थे ।
मैने उसको कमार से थामा और उसके पीछे हो गया ।

हमारे होठ अभी भी जुड़े हुए थे लेकिन मेरे साथ पीछे से उसके दोनो जबरदस्त 40DD साइज़ के चुचो को मसले जा रहे थे ।
उनकी नरमी मेरे हाथ मे ही नही पुरे शारिर मे मह्सूस हो रही थी ।
उसने अपने हाथ से अभी भी मेरे लण्ड को भिच्ना जारी रखा था ।
फिर मैने उसे अपनी ओर घुमाया और उसके होठो से सरकते हुए अपने जुबान को उसके चुची के मोटे दाने पर ले गया और उन्हे गीला करने लगा ।

पहली बार उसकी मादक सिसकी मेरे कानो मे फड़की और मै उसके चुचो को दबाते हुए उन्हे मुह मे भरने लगा ।
वो मेरे सर को अपने छाती पर दबाते हुए सिसकिया लिये जा रही थी - उम्म्ंम्ं राअज्ज्ज उफ्फ्फ्फ और चुसो काट डालो इन्हे उम्म्ंम्ं कितना मस्त चुस रहे हो ऑफफ़फ उम्मममं अम्म्म्मीईई अह्ह्ह
मै उसके रसिले चुचे बारि बारी चूसे जा रहा था और वो अपना हाथ आगे बढाये मेरे लंड को भीच रही थी ।
मैने उसके रसिले चुचो से थोडा अलग हुआ और उसके होठो को चुसते हुए निचे जाने का इशारा किया

वो मुस्कुराती हुई निचे बैठ गयी और मेरे लण्ड के सुपाड़े को जीभ से घुमाकर मेरी आंखो मे देखते हुए बडी ही कामुक अदा से उसने मुह मे भर लिया और उसे चूसने लगी ।
उसने नरम होठो की ठंडक से मेरे लण्ड की नसे और फड़कने लगी ।
वो लण्ड को मुह मे भरे भरे ही मेरे जीन्स को निचे खीचा और मेरे जांघो को सहलाते हुए अपने दोनो हाथो को मेरे चुतडो पर ले गयी ।
उसके नरम नरम हाथो को स्पर्श मेरे लण्ड को और फौलादी किये जा रहा था और वो बडी आतुरता से उसे चूसे जा रही थी ।
मेरी एडिया उठने लगी थी और हाथो मे उसके सर पर दबाना शुरु कर दिया ।
लण्ड की फड़कड़ी नसे उसे और फौलादी करते हुए सादीया के गले मे चोक कर रही थी और मै उसका सर पकडे बडी बेरहमी मे मुह मे पेलना शुरु कर दिया

उसकी आंखे फटने को आगयी और मैने झटके से उसकी लारो से लसराया हू लण्ड उसके मुह से बाहर निकाला और उसके होठो को चुमते हुए वापस उसके मुह पर अपना लण्ड घिसने लगा
फिर मैने उसे बिस्तर पर पेट के बल धकेला और फिर उसके उभरे हुए पहाड़ जैसे चुतडो मे अपना मुह दे दिया ।
सादीया - उम्म्ंम्ं राआज्ज्ज सीईई उफ्फ्फ अह्ह्ह

मै उसकी चर्बीदार गाड के पाटो को हाथो से मसल्ते हुए अपनी लपलपाती जीभ से उसके गाड़ की सुराख को भेद रहा था और वो सिसकिया लेते हुए अपने चुतडो के नरम नरम गालो को कसे जा रही थी ।
मैने उसके गाड़ के चर्बीदार हिस्सो को भी मुह मे भरना शुरु कर दिया ।
नरम नरम गुलगली गाड़ की चर्बी को मुह मे भर कर मुझे और भी जोश आ रहा था और वही सादीया अपनी गाड़ आगे कि ओर खिचने की बेजोर कोशिस किये जा रही थी ।
लेकिन जैसे ही मेरी जुबान ने उसके रस भरे चुत की मोटी फाको को छुआ वो हल्की पड़ गयी और उसने अपने गाड़ को भी उपर उठाते हुए ढीला छोड दिया ।
मैने अपनी गर्दन का कोण बदला और अपने होठो से उसके मोटे मोटे फाको वाले रस छोडते चुत को मुह मे भरने लगा ।
सादीया - ओह्ह राज तुम मुझे पागल कर दोगे आह्ह्ह अम्मी उह्ह्ह्ह उम्म्ं आज तक मेरे शौहर मे कभी ऐसा सुख नही दिया याआ अल्लाह्ब उम्ममम उफ्फ्फ
वो सिसकिया लेते हुए अब अपनी गाड़ को मेरे मुह की ओर ढकेलने लगी और मैने उस्के कूल्हो को थामकर उसकी डबडबाई बुर मे अपना जीभ घुसा दिया
जिससे उसने अब अपनी जांघो को कसना शुरु कर दिया और झटपटाने लगी
मै देर ना करते हुए अपनी जगह पर खड़ा हुआ और लण्ड को पीछे से उसकी गुदाज चुतडो की दरारो मे घिस्ता हुआ उसके चुत के मुहाने पर लगाया और एक हाथ से उसके बड़े से कुल्हे को थामते हुए करारा धक्का दीया और एक दो घ्क्के बिना रुके दे दिये
सादीया - उफ्फ्फ अम्मीईईई उम्म्ंम ओह्ह्ह बहुत मोटाआह्ह ओह्ह सीई ओह्ह
फिर मैने उसके मखमली गाड़ को दोनो तरफ से पकड़ा और धक्के लगाने शुरु कर दिये । सादीया ने भी कस कस के आअहे भरने लगी

उसके चर्बीदार गाड़ मेरे जांघ की थपेडों को उछाल दे रही थी और लण्ड एक लय मे उसकी गीली चुत मे सटासट जा रहा था
करीब 7 8 मिंट की ध्क्क्म पेल चुदाई मे वो दो बार झडी और अपने कमार को सेट करने लगी
सादीया - ओह्ह्ह राज उम्म्ं रुको ना आह्ह मै ऐसे और नही ले पाऊंगी उम्म्ंम अह्ह्ह अम्मीईई उह्ह्ह
मैने अपने 2 4 करारे झटके लगाते हुए अप्ना लण्ड रोक दिया और लण्ड बाहर निकाल लिया ।
जिससे सादीया बिस्तर पर परस गयी और मै उसके बगल मे लेट कर उसके गालो को चूमने लगा
वो मुस्कुरा कर मेरी ओर देखी और फिर करवट लेते हुए सीधा लेट गयी ।
उसकी 40DD की मोटी मोटी चुची दोनो ओर फैल गयी ।
मैने हरकत की और उसके उपर आगया

और उसके गुदाज नरम खरबूजे जैसे चुचो को मसलते हुए उम्हे फिर से चुसने लगा
सादीया : ओह्ह राज सच बताना , अब कितनो को ऐसे लिटा चुके हो उम्म्ं
मै उसके चुचे मुह मे चुबलाके - क्यू ऐसा क्यू पुछ रही हो , ये तो मेरी पहली चुदाई है हिहिहिही
सादीया शरमा कर - धत्त झूठे सही बताओ ना ,, कहा से सीखी ये सब
मै उसे दोनो काले अंगूर से मोटे मोटे दाने वाले निप्प्ल्स को उंगलियो से मरोड कर उपर खिचता हुआ - क्या क्या सिखा है मै उम्म्ंम
सादीया हल्के मीठे दर्द और मजे से सिसकी - उम्मममं सीईई आह्ह्ह येह्ह्हीई सबब उम्म्ंम अम्म्मीईई ओफ्फ्फ चोद दो न मुझे
मै उसके चुचो पर हथेली घुमाते हुए हस कर - क्या करू उम्म
सादीया अपनी गाड उचका कर मेरे लंड के पास अपनी चुत ले जाने की कसमसाहट करती हुई - ये दो ना अंदर प्लीज , चोदो न मुझे उम्म्ंम
मै थोडा मुस्कराया और लण्ड को उसके चुत में लगाते हुए पुरा उसके उपर चढ़ गया ।
क्या मस्त मख्मली गद्दे जैसा देह था उसका , हर जगह चर्बी फैली हुई थी और मैने उसके चुचे मुह मे भरते हुए एक जांघ को पकड़ कर पेलना शुरु कर दिया ।
मैने कस कस कर अपने कमर को पटकना शुरु किया और वो तेज आहे भरने लगी ।
कमरे मे तेज सिसकिया और थप्प थप्प की आवाज गूंज रही थी ।
हम दोनो के होठ जुड़े हुए थे और मै उसकी दोनो जान्घे अपने उपर खिचे सटासट चोदे जा रहा था । उसके चुत की गरमी से साफ पता चल रहा था कि वो बार बार झड़ रही थी ।
मै इससे पहले रज्जो मौसी को ही इतना गरम और चुदाई के लिए आतुर पाया था । लेकिन रज्जो मौसी का खुद पर बराबर नियंत्रण होता था लेकिन सादीया बेकाबू हो चुकी थी ।
उसके भोस्ड़े से टपकता उसका नमकीन पानी बेडशीट और उसकी चुतड मे लिभ्ड रहा था ।

मैने भी अपनी कमर को सीधा किया और उसके एक जांघ को उपर उठाते हुए करारे धक्के लगाने लगा।
सादीया अपने हाथ अपनी जांघो को थामे दुसरे हाथ से चुत मलने लगी
मै - यार तुम तो झडे ही जा रही हो उफ्फ्फ्फ अह्ह्ह
सादीया मेरे करारे धक्के खाते हुए अपनी चुत को मलते हुए मुस्कुरा कर बोली - आह्ह राज मेरा ऐसे ही होता है उम्म्ंम और पेलो ना उफ्फ्फ तुम बस थकना मत मै पूरी रात चुदवाना चाहती हू
पूरी रात सादीया की चुदाई का सोच कर मै भी जोश मे आ गया और उसे करारे झटके मारने लगा
वो और चिखते हुए एक बार फिर से मेरे लंड पर अपना गर्म पानी छोडने लगी ।
अब मेरा सुपाडा फैलने को हो गया था और मै समझ गया कि अब ज्यादा देर नही लगने वाला है
मै - ओह्ह्ह मेरा भी आने वाला है कहा लोगि उम्म्ंम बोलो न जल्दी
सादीया - मुझे मुह मे चाहिये उम्म्ंम
मै जल्दी से सुपाड़े के मुह पर हथेली रखी और उतर कर निचे खड़ा हुआ , सादीया घुटनो के बल अपना जीभ निकाले मेरे सामने थी और मैने सुपाडा ढीला छोड दिया
इतने मे मेरे बीर्य की एक तेज पिचकारी मेरे उंगलियों को छुती हुई सीधा सादीया के मुह मे गयी और मैने अपना लंड तेजी से हिलाने लगा

और वो आखिरी पिच तक अपनी जुबान बाहर निकाले रही फिर सारा माल गटकते हुए लंड को मुह मे भर उसे अच्छे से सुरक कर निचोड लिया ।
और मै वही बेड पर लेट गया ।
थोडी देर बाद वो कमरे से बाहर गयी और फिर एक ग्लास एनर्जी ड्रिंक लेके आई
मैने उसे पिया और हम फिर से अगले राउंड की तैयारी मे लग गये ।
जारी रहेगी



























