Adultery Manhoos se mahan tak - Page 6 - SexBaba
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Adultery Manhoos se mahan tak

अपडेट 46



पूजा भाभी ख़ुशी से उछाल पड़ी और मेरे साइन से लग कर मेरे होंठ चूसने लगी. मैंने भी भाभी को किश किया और उनके दूध और गांड मसल कर उनसे इजाज़त लेकर घर आ गया

अब आगे -

घर पर खाना बन चूका था और मां खाना खा कर जा चुके थे माँ मेरा hi इंतज़ार कर रही थी

गौरी ममी : कहाँ गया था खाने का भी यद् नहीं

अमित : माँ वो राजू से मिलने गया था तो बातों में पता hi नहीं चला

गौरी ममी : चल अब खाना खा ले मैं कब से तेरा इंतज़ार कर रही थी

मेरी आवाज़ सुन कर रसोई से दीपिका ममी भी आ गयी उनके हाथ में खाने की थाली थी . ममी ने मुझे खाना परोसा वो मुझे गुस्से से देख रही थी मगर कुछ कहा नहीं . खाना देने क बाद ममी चली गयी और मैं माँ क साथ खाना खाने लगा.

खाना खाने क बाद मैं कुछ देर अटक करने क लिए अपने कमरे में चला गया . अभी मुझे लेते थोड़ी देर hi हुई थी क कमरे में दीपिका ममी आ गयी

दीपिका ममी: कहाँ था अब तक

अमित : बताया तो है राजू क यहाँ गया था

दीपिका ममी: अब तू मुझसे झूठ भी बोलने लगा है

अमित : मतलब??

दीपिका ममी : मतलब ये क राजू तुझसे मिलने आया था और पूछ रहा था तू कहाँ है वो कहीं काम से गया हुआ था क तू उसके यहाँ चला गया इसी लिए वो आया था. ये तो ाचा हुआ क राजू सिर्फ मुझसे मिला अगर दीदी को पता चल जाता तो आज तुम्हारी सहमत आ जाती . अब बता कहाँ था

मेरी तो बोलती बंद हो गयी अब मैं क्या जवाब दूँ पूजा भाभी क बारे में बता नहीं सकता नहीं तो ममी नाराज़ होंगी . मैं अभी सोच hi रहा था क ममी ने फिर से सवाल किया

दीपिका ममी: क्या तुम्हे मुझ पर यकीन नहीं है जो तू इस तरह मुझसे बातें छुपा रहा है ? मैं तो तुझे अपना सब कुछ मानती हूँ मगर लगता है तू मुझे अपना नहीं मंटा

ममी ने ये बात गंभीर लहजे में कही थी जिसे सुनके मेरा दिल पिघल गया आखिर सच तो है वो मुझे कितना प्यार करती हैं और मैं उनसे झूठ बोल रहा हूँ .

अमित : दरअसल ममी जी बात ऐसी है क अगर मैंने अपनी बताया तो आप गुस्सा करेंगी

दीपिका ममी : मैं गुस्सा नहीं करुँगी जो भी बात है तू खुल कर बता

फिर मैंने ममी को पूजा भाभी वाली साडी बात बता दी जिसे सुनकर वो शॉकेड भी हुई.

दीपिका ममी: क्याआ अपनी सास क होते हुए भी उसने ये सब कर लिया

अमित : हाँ ममी उसने अपनी सास को नींद की दवा दे दी थी

दीपिका ममी : इसका मतलब है क वो बहुत प्यासी होगी उसका पति भी तो बहार है . एक औरत से जब अपनी आग बर्दाश्त नहीं होती तो वो किसी न किसी को ढून्ढ लेती है

मगर तू उसके पास मत जाना क्या पता और किस किस क साथ वो ये सब करती होगी. कहीं तुझे कोई बीमारी लग गयी तो ?. अगर गाओं में किसी को पता लग गया तो?

अमित : नहीं ममी वो ऐसी नहीं है .

फिर मैंने उस दिन कमलेश मां क साथ उसकी चुदाई क बारे में बताया और ये भी क उसने मेरे कहने से मां से दुबारा बात भी नहीं की

अमित : उसने बताया क उसका किसी क साथ कोई चक्कर नहीं है और वो मेरे सिवा किसी पर यकीन नहीं कर सकती

दीपिका ममी : तो इस लिए उसने तुम्हारे साथ ये सब कर लिया वो समझ गयी होगी क उसके बारे में सब कुछ जानकर भी तुमने अगर उसकी मज़बूरी का फायदा नहीं उठाया तो तुम एक अचे इंसान हो .

अगर वो वाकई में अछि औरत है तो तूने उसकी प्यास बुझा कर ाचा काम किया है वो तुझे दिल से दुआएं से रही होगी . एक प्यासी औरत की तड़प क्या होती है ये मैं अछि तरह जानती हूँ . मगर एक बात का ख्याल रखना क गलती से भी किसी को इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए वर्ण जो लग आज तुम पर गर्व कर रहे हैं कल ये hi तुम्हारे नाम पर थूकने लगेंगे . ये दुनिया एक गलती पर hi 100 अच्छाइयों को भुला देती है अमित . इस लिए हमेशा इस बात का ख्याल रखना

अमित : मैं हमेशा ख्याल रखूँगा ममी जी

दीपिका ममी : ये क्या ममी ममी लगा रखा है. कितनी बार कहा है अकेले में मुझे नाम से बुलाया करो

अमित : क्या करूँ ममी जी अब बचपन से जो आदत लगी है वो ऐसे तो नहीं चली जाएगी

दीपिका ममी : तो कैसे जाएगी

अमित : अभी बताता हूँ

इतना कह कर मैंने ममी को अपनी बाँहों में भर लिया और उन्हें किश करने की कोशिश करने लगा

दीपिका ममी : हटो छोडो मन नहीं भरा अभी रत भर दीदी पर छाडे रहे अब पूजा पर चढ़ कर आ रहे हो फिर शुरू हो गए

अमित : क्या करूँ ममी जी जब आप सामने होती हैं तो दिल करता है आपको बस प्यार करता रहूं

दीपिका ममी : ये प्यार थोड़ा मंजरी क लिए भी रखो उससे मिलते हो क नहीं

अमित : मैं तो भूल hi गया था मैं तो मंजरी से मिलने गया था वो कहीं नज़र नहीं आयी और पूजा भाभी रस्ते में मिल गयी

दीपिका ममी : तुम्हारे तो मज़े हैं पांचों उँगलियाँ घी में है

अमित : घी तो सबसे मज़ेदार आपका है जल्दी से मुझे अपना घी चखाइये

इतना कह कर मैंने ममी की सदी ऊपर उठानी चाही और वो जल्दी से मुझे धक्का दे कर दूर हैट गयी

दीपिका ममी : बस करो हवस क पुजारी अगर इतना ज़्यादा चुदाई करोगे तो सेहत कमज़ोर हो जाएगी आज बहुत चुदाई हो गयी इस लिए आज की छुट्टी

इतना कह कर ममी हस्ती हुई भाग गयी. मैं भी उनकी इस हरकत पर मुस्कुराता हुआ उनकी बात पर विचार करने लगा आखिर सही तो कह रही हैं ममी इतना ज़्यादा चुदाई करना मुझे कमज़ोर कर सकता है

मैंने आराम करने क लिए जैसे hi आँखें बंद की तो मुझे पता hi नहीं चला कब मेरी आँख लग गयी. शाम को मेरी आंख खुली तो अँधेरा हो रहा था मैं उठ कर फ्रेश हुआ और निचे आ गया

गौरी ममी : क्या बात है आज इतनी देर तक सोता रहा तबियत तो ठीक है न

अमित : वो माँ बस पता hi नहीं चला कब आँख लग गयी और अब जाकर आंख खुली

कामिनी ममी मेरे लिए चाय ले आयी . कामिनी ममी खुश नज़र आ रही थी अब वो पूरी रिलैक्स थी और खिली खिली लग रही थी

दीपिका ममी रसोई में काम कर रही थी वो भी हमारे पास आ गयी और हम सब बातें करने लगे . आज कितने डीबी क बाद तीनो क साथ मैं बैठा बातें कर रहा था

दीपिका ममी : अमित तेरा रिजल्ट्स कब आएगा

अमित : मास्टर hi ने कहा था क मई में आ जायेगा

दीपिका ममी : इसका मतलब अब तो थोड़े दिनों में तेरा रिजल्ट आने वाला है . आगे क्या करना है उसके बारे में सोचा कुछ

गौरी ममी : इसमें सोचने वाली क्या बात है रिजल्ट क बाद अपने खेत संभालेगा अब वो सब भी तो इसी ने करना है

दीपिका ममी : दीदी ज़रा सोचिये अमित पड़े लिखे में कितना ाचा है इसे हमें पड़ने देना चाहिए अगर ह्यूमेन इसे आगे पड़ने न दिया तो सब बातें बनाएंगे क अगर ये आपका सागा होता तो आप इसे आगे पड़ती सागा माहि है तो खेतों में लगा दिया


छोटी ममी की ये बात माँ क दिल पर लगी

गौरी ममी : ये तुम कैसी बातें कर रही हो छोटी अमित मेरा सागा बीटा hi है मैंने कभी इसे पराया नहीं समझा

दीपिका ममी : सॉरी दीदी पर मैं तो वो hi कह रही हूँ no कल को लोग कहेंगे मेरे बात मनो तो अमित को आगे पड़ने दो खेतो को तो बाद में भी संभालना hi है और ज़रा सोचिये गाओं में इतना पड़ा लिखा और कौन है . अमित अगर आगे पद जायेगा तो इसकी सब लोग कितनी इज़्ज़त करेंगे

कामिनी ममी : मैं दीपिका की बात से सहमत हूँ दीदी अमित को आगे पड़ने देना चाहिए

गौरी ममी : मगर इस पड़ने क लिए शहर भेजना पड़ेगा और कहीं इसे शहर की हवा लग गयी तो ? अगर ये गलत सांगत में पद गया तो?

दीपिका ममी : दीदी क्या आपको अमित पर भरोसा नहीं है क्या आपको अपनी परवरिश पर भरोसा नहीं ? आज तक क्या अमित ने कोई ऐसा काम किया जिससे कोई इस पर उंगली उठाये?

गौरी ममी : वो तो ठीक है दीपिका मगर शहर में कैसे कैसे लोग होते हैं मैं नहीं चाहती मेरा बीटा गलत सांगत में पद जाये

दीपिका ममी : आप उस बात की चिंता मत कीजिये मुझे अमित पर पूरा भरोसा है वो कभी कोई गलत काम नहीं करेगा

यूँही बातों में रत होने को आयी . दीपिका ममी ने तो मुझे कॉलेज में भेजने क लिए माँ को मना लिया था और मैं भी आगे पड़ना चाहता था खैर ये तो आने वाले दिनों में पता चल hi जायेगा जब रिजल्ट आएगा.

रत का खाना खाने क बाद सब अपने अपने कमरों में सो गए आज मेरे पास न तो कामिनी ममी अति और न hi दीपिका ममी आयी. ज़रूर दीपिका ममी ने hi कामिनी ममी को रोका होगा ता की मैं रत को सेक्स न करूँ.

सुबह मैं अखाड़े गया और आ कर नाश्ता किया . नाश्ते क बाद मैं राजू से मिलने गया.

राजू : कल कहाँ गायब हो गया था मैं तेरे घर भी गया था तू नहीं था .

अमित : तू घर नहीं था तो सोचा मंजरी से मिल लेता हूँ यही सोच कर नदी पर गया मगर वो भी नहीं मिली बस फिर ऐसे hi इधर उधर टाइम पास किया

राजू : चल फिर आज नदी पर चलते हैं मैंने रेनू को बुलाया है तू मंजरी को भी बुला ले उधर hi

हम दोनों घर से निकल पड़े मंजरी मुझे आँगन में नज़र आ गयी तो मैंने उसे नदी पर अपने का इशारा कर दिया और हम नदी पर चले गए

मैं मंजरी क साथ और राजू रेनू क साथ नदी किनारे बैठे प्यार भरी बातें करते रहे . उसके बाद हम घर को निकल पड़े . घर आकर मैंने खाना खाया और आराम करने अपने कमरे में चला गया .

मेरी आँख कब लग गयी मुझे पता hi नहीं चला और जब आँख खुली तब 5 बज चुके थे . मुझे यद् आया आज तो पूजा भाभी से वडा किया था मिलने का मैं जल्दी से फ्रेश हुआ और घर से निकल गया . पूजा भाभी क घर का जायज़ा लेकर मैं आगे निकल गया और घूम कर पीछे क दरवाज़े पर गया तो देखा दरवाज़ा खुला था . मैं चुपके से अंदर घुस गया और फिर से दरवाज़ा बंद कर दिया.

मैं चारे वाले कमरे में घुस गया और पूजा भाभी को देखने लगा मगर वो वहां नहीं थी . मैंने सोचा पता नहीं उनको मेरे अपने का पता चला या नहीं पता नहीं वो कब आएँगी अगर कोई और आ गया तो ? मैं अभी ये सब सोच hi रहा था क किसी क आने की आहत हुई . मैंने खुद को छुपा लिया और भगवन से हाथ जोड़ने लगा क पूजा भाभी hi हो अगर कोई और हुआ तो सरे गाओं में मेरी इज़्ज़त नीलम हो जाएगी

भगवन ने मेरी सुन ली और अगले hi पल पूजा भाभी हाथ में एक टोकरी लिए हुए अंदर आ गयी

अमित : मेरी तो जान hi निकल गयी थी अगर कोई और आ जाता ? आप कहाँ थी अब तक?

पूजा भाभी : अरे अरे तुम इतने दर क्यों रहे हो ? मुझे पता चल गया था जब तुम ए मैं अंदर से यहीं नज़रें लगाए बैठी थी तुमसे ज्यादा मुझे चिंता है . अपनी सास को देख कर और उसे पशुओं को चारा डालने का बोल कर आयी हूँ ताकि कोई खतरा न हो अब वो इस तरफ नहीं आएगी

पूजा भाभी की बात सुन कर मुझे कुछ तसल्ली हुई

पूजा भाभी : अब समय बर्बाद मत करो जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो जब से तुम गए हो हर वक़्त मुझे बस तुम्हारी hi कमी महसूस हो रही है ये क्या जादू कर दिया है तुमने

इतना कह कर भाभी मुझसे लिपट गयी और मेरे मुँह पर जगह जगह किश कर क अपनी बेकरारी दिखने लगी

मैंने भी समय बर्बाद करना ठीक नहीं समझा और भाभी क होंठो को चूसने लगा . भाभी गर्मजोशी से मुझे जवाब दे रही थी. किश करते हुए मैंने भाभी क दोनों दूध दबाने शुरू कर दिए मैं सब कुछ जल्दी करना चाहता था ताकि मैं किसी क आने से पहले निकल सकूँ .

मैंने जल्दी से भाभी के होंठ चूस कर उन्हें घुमा दिया और झुकने को कहा . भाभी दिवार का सहारा लेकर झुक गयी मैंने भाभी की सदी पेटीकोट समेत कमर क ऊपर कर दी . भाभी पूरी तयारी क साथ आयी थी उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी . सदी उठाते hi भाभी की गुलाबी छूट सामने आ गयी मैंने हाथ लगाकर छूट को छुआ तो पता चला भाभी की छूट तो पहले से hi तैयार थी लैंड लेने क लिए और आंसू बहा रही थी.

मैंने अपनी पेण्ट की ज़िप खोल कर लैंड बहार निकला जो अब तक खड़ा हो चूका था . घुटनो को बेंड कर क मैंने लैंड को छूट पर सेट किया और दोनों हाथों से भाभी की कमर थम कर एक ज़ोरदार धक्का मारा . मेरा लैंड आधे से ज्यादा छूट क अंदर चला गया भाभी क मुँह से दबी दबी चीख निकली उन्होंने अपने मग में सदी का पल्लू ठूंस लिया था . मैंने रुकने की बजाये एक और ज़ोरदार धक्का मर कर पूरा लैंड छूट की गहराई में जड़ तक घुसा दिया . ये धक्का भाभी क लिए दर्दनाक था अभी तक उन्होंने एक बार hi मेरा लैंड छूट में लिया था इस कारन छूट अभी पूरी तरह लैंड क हिसाब से खुली नहीं थी. भाभी का जिस्म कम्पनी लगा और उनके मग से ‘गुओंणन्न गुओंणन्न गुओंणन’ की आवाज़ें आने लगी वो अपनी चीख दबा रही थी मगर दर्द उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था . मैंने झुक कर दोनों हाथो से उनके दूध मसलने शुरू कर दिए . 2 मिनट्स में hi भाभी की आवाज़े बंद हो गयी और मैंने अपने लैंड को धीरे धीरे अंदर बहार करना शुरू कर दिया . भाभी को भी अब मज़ा आने लगा था और वो भी अपनी कमर पीछे को धकेलने लगी .

भाभी की तरफ से इशारा मिलते hi मैं सीधा हो गया और भाभी की कमर दोनों हाथो से थम कर ज़ोरदार धक्के मरने लगा . भाभी मेरे धक्कों का मज़ा केटी हुई सिसकीअन छोड़ने लगी . किसे क आने क दर से हम दोनों hi चुप चाप अपना खेल खेल रहे थे. अभी चुदाई को 5 मिनट्स hi हुए थे क भाभी का शरीर कम्पनी लगा और उनकी छूट से पानी की बरसात मेरे लैंड पर हो गयी मगर मैं नहीं रुका और धक्के मरता रहा . भाभी की छूट से पानी बेहटा हुआ उनकी झंगो से नीचे बहने लगा.

पानी निकलने क बाद भाभी से खड़ा होना मुश्किल हो गया था इस लिए मैंने जल्दी से उन्हें हरे चारे क ऊपर लिटा दिया और उनकी टाँगे अपने कन्धों पर रख कर एक hi बार में धक्का मर कर पूरा लैंड जड़ तक छूट में घुसा दिया . भाभी ने फिर से सदी से अपना मुँह बंद कर लिया था.

मुझे जल्दी से जाना था इस लिए मैं तेज़ तेज़ धक्के मरकर अपना पानी निकलने की कोशिश करने लगा मगर मेरा इतनी जल्दी निकलता नहीं था. मैं अपने हैंड पंप से पानी निकलने की ताबड़ तोड़ कोशिश कर रहा था क एक बार फिर से भाभी की छूट में सैलाब आ गया. पता नहीं कितना पानी भरा हुआ था भाभी की छूट में खैर मुझे अपना पानी निकलना था और मैं बिना रुके धक्के मरता गया .

जब मेरा पानी निकलने को हुआ तो मैंने भाभी क दोनों पाऊँ मिलकर उनके सर क ऊपर दबा दिए और अपने अंतिम ज़ोरदार धक्के मर कर अपना पानी छूट क अंदर छोड़ दिया . भाभी का जिस्म कम्पनी लगा उनकी हालत बुरी हो गयी थी और मेरे साथ hi वो भी फिर से पानी छोड़ रही थी.

मैं भाभी क ऊपर hi पड़ा हुआ था इस पोजीशन में भाभी को मेरा वजन सेहन नहीं हो रहा था उनकी सांस मुश्किल हो रही थी इस लिए मैं उनके ऊपर से उठा और उनकी साडी से अपना लैंड साफ़ कर क अपने कपडे ठीक कर क बहार चेक कर क पीछे क दरवाज़े से निकल गया .

मैं ऐसे तेज़ कदमो से भाग रहा था जैसे कोई चोरी कर क आया हूँ. वैसे ये सब चोरी जैसे hi तो है अगर किसी को पता चल जाता तो मेरा क्या होता खैर पूजा भाभी की प्यास भी बुझ गयी और मैंने भी अपना पानी निकल लिया बिना किसी को पता चले.

मैं सीधा घर आ गया दीपिका ममी मेरी हालत देख कर समझ गयी क मैं कहाँ से आ रहा हूँ क्यूंकि मैंने कल hi उनको बता दिया था क मैंने शाम को पूजा भाभी क पास जाना है . मैं पहले बाथरूम में गया और खुद को साफ किया फ्रेश हो कर मैं निचे आ गया और माँ और ममियों क साथ बातें करने लगा .

रत को हमने मिल कर खाना खाया और आपने अपने कमरे में सोने चले गए . रत को दीपिका ममी मेरे पास आयी

दीपिका ममी : तो बुझा आये पूजा की प्यास

अमित : आप को तो पता hi है .

दीपिका ममी : आज कैसे किया? क्या घर में कोई नहीं था?

अमित : नहीं घर पर उनकी सास hi थी और हमने पीछे पशुओं क बाड़े में किया जहाँ चारा रखते हैं

दीपिका ममी: हम्म कितना रिस्क ले रही है वो अगर किसी को पता चल गया तो ? और ये बता तुम उसके साथ कंडोम लगा कर करता है या ऐसे hi घुसा देता है?

अमित : कंडोम की क्या ज़रूरत है वो कोई बाज़ारू औरत थोड़ा hi है और आपके और कामिनी ममी क साथ भी तो बिना कंडोम क करता हूँ

दीपिका ममी : अरे बुद्धू हम इस लिए तुझे कंडोम नहीं लगाने देती क हमें माँ बनना है अगर तू बहार भी सबको बिना कंडोम क छोड़ता फिरेगा तो सब तेरे बच्चों की माँ बन जाएँगी.

अमित : ो तेरी ! ये तो मैंने सोचा hi नहीं

दीपिका ममी : अब इतनी टेंशन न ले पूजा तो समझदार है उसे पता होगा अपने पति की गैर हाज़री में अगर वो माँ बानी तो उसको कितनी परेशानी होगी इस लिए वो अपना इंतज़ाम कर लेगी मगर आगे से तू कंडोम लगा कर किया कर. वैसे मंजरी क साथ भी किया है तूने ? उसके साथ कैसे किया था?

अमित : उसके साथ बिना कंडोम क hi किया था

दीपिका ममी: हो गया सत्यानाश ! उसे कुंवारी माँ बनाना है क्या ? उस बेचारी को तो पता भी नहीं होगा इसके बारे में

तू कल hi उससे पता करना क उसके पीरियड तो आ रहे हैं न अगर उसको गर्भ ठहर गया तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी फिर तुम दोनों की शादी करवाने पड़ेगी और तेरी पड़े तो गयी फिर समझो

मुझे भी ममी की बात से चिंता होने लगी

दीपिका ममी : अब यूँ चिंता मत कर कल उससे पूछ लेना और हाँ अपने पास कंडोम ज़रूर रखा कर छुपा कर . अब तो तू चुदाई का मास्टर हो गया है क्या पता कहाँ कहाँ मुँह मरता फिरेगा कल को कोई परेशानी न हो इस लिए खुद hi ध्यान रखा कर

मैंने गर्दन हाँ में हिला दी और फिर ममी ने अपने कपडे निकल दिए और बीएड पर आ गयी . मैं भी जल्दी से कपडे निकल कर उनके ऊपर आ गया और शुरू हो गया हमारा खेल . मैंने दीपिका ममी की एक राउंड चुदाई की और अपना पानी उनकी बचे दानी में छोड़ा . ममी एक राउंड में hi मस्त हो गयी मैंने एक और राउंड का बोलै तो उन्होंने ते कह कर मन कर दिया क आज पहले hi पूजा को भी छोड़ा है इस लिए ज्यादा चुदाई नहीं.

उसके बाद ममी कपडे पहन कर अपने कमरे ने चली गयी और मैं भी आराम से सो गया .
 
फ्रेंड्स हैवे सम पेशेंस शहर रिजल्ट क बाद जाएगी स्टोरी 2/3 अपडेट और वेट करो
 
अपडेट 47



मैंने गर्दन हाँ में हिला दी और फिर ममी ने अपने कपडे निकल दिए और बीएड पर आ गयी . मैं भी जल्दी से कपडे निकल कर उनके ऊपर आ गया और शुरू हो गया हमारा खेल . मैंने दीपिका ममी की एक राउंड चुदाई की और अपना पानी उनकी बचे दानी में छोड़ा . ममी एक राउंड में hi मस्त हो गयी मैंने एक और राउंड का बोलै तो उन्होंने ते कह कर मन कर दिया क आज पहले hi पूजा को भी छोड़ा है इस लिए ज्यादा चुदाई नहीं.




उसके बाद ममी कपडे पहन कर अपने कमरे ने चली गयी और मैं भी आराम से सो गया .

अब आगे-

सुबह मैं अखाड़े में कसरत कर क जब फ्री हुआ तो डरा भैया मेरे पास आये और बोले

डरा : अमित आज तुझे कोई ज़रूरी काम तो नहीं?

अमित : नहीं भैया मैं तो आजकल घर hi होता हूँ रिजल्ट आने तक तो कोई काम नहीं

डरा भैया : अछि बात है , दरअसल आज मुझे शहर जाना है और कल मेरी मोटरसाइकिल ख़राब हो गयी सोच रहा था किस्से मांगू तो मुझे यद् आया तेरे पास भी है मोटरसाइकिल अगर तू मेरे साथ शहर चल पता तो मुझे आसानी हो जाती . पिताजी ने कुछ सामान बुआ क घर देकर आने को बोलै है. दोनों साथ चलेंगे तो आसानी रहेगी

अमित : अरे भैया इसमें सोचने वाली क्या बात है मैं आपका छोटा भाई hi तो हूँ आप से इतना कुछ सीखा है और इतनी स बात क लिए इतना सोच रहे हैं . बताइये कितने बजे जाना है मैं आपके पास हाज़िर हो जाऊंगा

डरा : तुमसे यही उम्मीद थी मुझे पता है तू दिल से मेरी इज़्ज़त करता है . हमें 10 बजे चलना है और शाम तक वापिस आ जायेंगे

डरा से बात कर क मैं घर आ गया और तैयार हो कर नाश्ता करने बैठा तो मैंने माँ से शहर जाने की बात की.

गौरी ममी : शहर क्यों जाना है क्या काम है वहां

अमित : माँ वो डरा भैया को काम है उनकी मोटरसाइकिल ख़राब हो गयी थी इस लिए मेरी बुलेट पर जाना है

गौरी ममी : तो तेरा जाना ज़रूरी है?

अमित : माँ डरा भैया मेरे भाई जैसे हैं क्या मुझे उनका साथ नहीं देना चाहिए ?

गौरी ममी : बड़ी बातें बनाने लग गया है तू . वापिस कब आएगा?

अमित : शाम तक वापिस आ जायेंगे

गौरी ममी : अँधेरा होने से पहले घर होने चाहिए तुम

उसके बाद माँ ने और कुछ माहि कहा और जाने की इजाज़त दे दी . नाश्ता करने क बाद मैंने अपनी बुलेट निकली और डरा क घर चला गया. डरा भी तैयार hi बैठा था

डरा : आ गया तू मैं तेरा hi इंतज़ार कर रहा था

अमित : चलिए भैया आप बुलेट चलाइये मैं सामान पकड़ कर पीछे बैठता हूँ

डरा : अरे नहीं मैं सामान पकड़ क बैठता हूँ तू चला ये तेरी है

अमित : ये क्या बात हुई भैया मैं आपका छोटा भाई हूँ न तो इसमें तेरा मेरा क्या है वैसे भी मुझे बुआ का घर थोड़ा hi पता है आप चलाइये बस

डरा मेरी बात मन गया और बुलेट चलने लगा . बुलेट चलते हुए वो बहुत खुश था वैसे भी उसकी पर्सनालिटी क हिसाब से बुलेट उसे सूट करती थी

हम एक घंटे में बुआ क घर क सामने थे . बुआ का घर बहुत ाचा बना हुआ था ये डबल स्टोरी था देखने से पता लग रहा था क फिनांकिअल्ली अचे हैं. डरा ने बेल्ल बजे तो नौकरानी ने दरवाज़ा खोला . वो डरा को पहचानती थी इस लिए उसने दरवाज़े हैट कर हमें अंदर जाने दिया. घर अंदर से भी ाचा बना हुआ था हम अंदर जाकर हॉल में सोफे पर बैठ गए नौकरानी पहले हमारे लिए पानी लायी और फिर बुआ जी को बुलाने चली गयी.

अंदर बैडरूम से डरा की बुआ बहार आ गयी उन्होंने मक्सी पहनी हुई थी चहरे पर चमक थी वो मुस्कुराती हुई आयी और डरा को गले लगा लिया

डरा : कैसी हैं बुआ जी आप तो आती hi नहीं हमसे मिलने हर बार हमें hi आना पड़ता है .

शीला बुआ: जीते रहो मेरे बेटे . अब क्या करूँ तुम्हे तो पता hi है तेरे फूफा और नीरज की देख रेख करने वाला भी तो कोई नहीं वर्ण मेरा भी तो दिल करता है अपने मायके जाने का . और सुना कैसे है तू और आज कैसे आना हुआ भैया कैसे हैं भाभी कैसी है घर पर सब ठीक है न

डरा : मैं भी ठीक हूँ पिताजी और माँ भी ठीक है गाओं घर सब ठीक है पिताजी ने ये देसी घी भेजा है घर का कह रहे थे नीरज को शहर में अछि खुराक नहीं मिलती होगी इस लिए भेजा है आखिर वो भी तो पहलवान हो गया है

शीला बुआ: तुम दोनों भाइयों को किसी की नज़र न लगे वो भी तेरी तरह hi बस कुश्ती में hi सारा ध्यान लगाए रखता है

डरा : वैसे है कहाँ वो , और फूफा जी भी दिखाई नहीं दे रहे

शीला बुआ : तेरे फूफा जी को तो काम से hi फुर्सत नहीं सारा दिन शोरूम में hi बिता देते हैं और नीरज कल hi गया है उसका कोई कुश्ती का मैच था क्सक्सक्स शहर में कल तक वापिस आएगा वो

डरा जैसे hi पीछे हटा तो मैंने आगे बाद कर शीला बुआ क पाऊँ छुए

शीला बुआ : जीते रहो डरा ये कौन है तुमने बताया नहीं

डरा : बुआ ये अमित है रीता बुआ का भांजा

शीला बुआ ये सुनते hi खुश हो गयी और मुझे गले से लगा लिया

शीला बुआ : रीता का भांजा है मतलब मेरा hi भांजा है . क्या तू रजनी दीदी का बीटा है ?

डरा : नहीं बुआ ये दामिनी बुआ का बीटा है

डरा क मुँह मेरी असली माँ का नाम सुनते hi शीला बुआ की आँखों में आंसू आ गए और एक बार फिर उन्होंने मुझे कस क गले लगा लिया

शीला बुआ : तू दामिनी का बीटा है कितना प्यारा है तू तेरी आँखें बिलकुल दामिनी जैसी हैं कितना बड़ा हो गया है तू तो दामिनी आज ज़िंदा होती तो कितनी खुश होती

शीला बुआ क मुँह से अपनी माँ का नाम सुनकर और उनकी आँखों में आंसू देख कर मेरी भी ऑंखें भर आयी थी अपनी फॅमिली क इलावा आज पहला शख्स मुझे मिला था जिसने मेरी माँ का ज़िकर किया जो मेरी माँ को जनता था . मेरे दिल में एक आस जगी क शायद शीला बुआ से मुझे मेरे माँ बाप क बारे में जानकारी मिल सके मगर सीधा सवाल करने से कहीं वो समझ न जाएँ क मुझे कुछ भी नहीं पता और वो भी अपना मुँह न बंद करले

डरा : बुआ सिर्फ बड़ा hi नहीं ये तो बड़ा पहलवान भी हो गया है पता है इस बार कुश्ती क मुकाबले में इसने hi हमारे गेन का नाम ऊँचा किया है जित कर मैं तो घायल हो गया था

शीला बुआ : शाबाश मेरे बेटे भगवन करे तुम और ज्यादा नाम कमाओ तुम्हे कोई बुरी नज़र न लगे . गौरी भाभी ने बहुत अछि परवरिश की है तुम्हारी. जब पिछली बार तुम्हे देखा था तो इतना सा था अब देखो कितना बड़ा हो गया है

अमित : बुआ जी आप तो रीता मौसी की सहेली हैं फिर आप तो अछि तरह जानती होंगी मेरी माँ क बारे में

शीला बुआ : अरे जानती क्या होंगी हम तो आपस में सब बहने hi तो थी मैं और रीता एक hi क्लास में थी इस लिए अक्सर मैं तुम्हारे घर पर hi रहती थी सारा दिल और हम एक साथ खेलती थी . दामिनी और दिव्या दोनों जुड़वाँ थी और छोटी थी . दोनों hi बहुत शरारती थी सारा दिन कोई न कोई शरारत करती रहती थी दोनों एक दूसरे को जान थी . रीता और मुझे जब दोनों परेशां करती थी तो अक्सर रजनी दीदी से दोनों को दन्त पड़ती थी मगर रजनी दीदी सबको प्यार भी बहुत करती थी .

एक बार ऐसा हुआ क दिव्या से रीता की प्रैक्टिकल बुक कहीं खो गयी और स्कूल में सुबह वो बुक चेक होनी थी दिव्या तो दर गयी क अब उसे सब से मर पड़ेगी जब रीता को उसकी बुक न मिली तब दामिनी ने मुझसे नयी बुक मंगवा कर साडी रत जग कर उस बुक को कम्पलीट किया ताकि किसी को पता न चले . मगर फिर भी पता चल hi गया

अमित : वो कैसे बुआ जी

शीला बुआ : वो ऐसे क दामिनी ने साडी बुक कम्पलीट कर दी थी और रीता ने तो अपनी बुक में अपना काम कम्पलीट किया hi नहीं था जब बुक चेक हुई तो रीता भी हैरान हो गयी फिर मुझे बताना पड़ा. दामिनी की वजह से दिव्या बच तो गयी मगर उसके बाद तो रीता अक्सर दामिनी से hi अपनी प्रैक्टिकल बनवाने लगी और मैं भी अपना काम उससे करवा लिया करती थी पड़े में बहुत तेज़ थी तुम्हारी माँ

माँ क बारे में जान कर मुझे बहुत ख़ुशी हो रही थी मैं और ज्यादा जानना चाहता था मगर शीला बुआ से सीधा कह नहीं सकता था .

शीला बुआ : मैं भी क्या बातों में लग गयी इतनी दूर से आये हो पहले तुम लोगो क खाने पीने को कुछ लती हूँ

मैं तो चाहता था क बुआ बस मुझे मेरी माँ क बारे में बताती रहें मगर कैसे कहता . खैर शीला बुआ ने हमारे लिए शरबत बनवाया फिर हमारे लिए स्नैक्स बनवाये और उसके बाद खाना .

मैं छह कर भी शीला बुआ से और बात नहीं कर सका . खाना कहते hi डरा जाने की इजाज़त मांगने लगा क्यूंकि उसे मार्किट में कोई काम था मगर मेरा दिल तो और बातें जानना चाहता था

डरा : बुआ जी इजाज़त दो हमें मुझे ज़रा काम है मार्किट में फिर वहीँ से हम घर चले जायेंगे

शीला बुआ : बीटा रुक जाते आज कल नीरज से भी मिल लेते

डरा : आपको तो पता है बुआ मैं रुक नहीं सकता मैं फिर आऊंगा नीरज से भी मिल लूंगा

शीला बुआ : ठीक है बीटा जैसी तुम्हारी मर्ज़ी

डरा क बाद मैंने भी शीला बुआ क पाऊँ छू कर आशीर्वाद माँगा

शीला बुआ : बीटा मुझे भी अपनी मौसी hi समझना और जब दिल करे आ जाना मिलने घर में सबको मेरी नमस्ते कहना

अमित : जी बुआ जी आज आपसे बात कर क मुझे बहुत ख़ुशी हुई मैं फिर आपसे मिलने आऊंगा

उसके बाद हम दोनों मार्किट गए और डरा ने अपना सामान लिया. शाम को हम घर लौट आये . आज मैं अंदर से बहुत खुश था क कोई जो मिला जिसने मुझे मेरी माँ क बारे में बताया मगर मैं घर पर इसका ज़िकर नहीं कर सकता अगर किसी को पता चल गया तो क्या पता मुझे शीला बुआ क घर जाने न दे या उनको बोल कर मन कर दे

घर आ कर मैंने आराम किया और फिर सब क साथ मिल कर रत का खाना खा कर सोने चला गया . रत को कामिनी ममी मेरे पास आयी और मैंने उनके साथ एक राउंड चुदाई की .

सुबह मैं जब अखाड़े से वापिस आ कर खाना खाने बैठा तो कामिनी ममी ने सब क सामने एक डॉ क पास जाने की बात की

कामिनी ममी : दीदी कल हमारी डॉ से बात हुई थी उन्होंने कल का वक़्त दिया है बोल रहे थे 2 घंटे का छोटा सा ऑपरेशन है .

गौरी ममी : ठीक है मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगी कितने बजे पहुंचना है वहां ?

कामिनी ममी : डॉ ने कहा था क 11 बजे तक पहुँच जॉन उसके बाद ऑपरेशन होगा और शाम को शायद छुट्टी भी मिल जाये

गौरी ममी : इतनी जल्दी छुट्टी भी मिल जाएगी ये तो अछि बात है. दीपिका सुन रही हो न कल का सारा काम तुझे करना पड़ेगा

दीपिका ममी : दीदी मैं क्या कह रही थी क दीदी क साथ मैं चली जाती हूँ . मैं तो वहां पहले भी जा चुकी हूँ आपको कुछ पता नहीं चलेगा खामखा आप इतनी भाग दौड़ में परेशां होंगी आप घर पर hi रहिये मैं सब संभल लूंगी

कामिनी ममी : दीपिका ठीक कह रही है दीदी वो सब जानती है अगर किसी भी चीज़ की ज़रूरत होगी तो वो देख लेगी आप कहाँ ढूंढती रहेंगी. आप घर पर hi रहिये

गौरी ममी : मगर

अजय मां : भाभी कामिनी ठीक कह रही है आप चिंता मत करें बहु जा तो रही है साथ में

मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था क अब डॉ की क्या ज़रूरत पद गयी और मुझे किसी ने बताया भी नहीं

कामिनी ममी : दीदी कल इनको ज़रूरी काम है इस लिए वो साथ नहीं जा सकते मैं सोच रही हूँ अमित को साथ ले जाएँ

विजय मां : अजय तू अपना काम हमें बता दे मैं या कमलेश कर देंगे तू बहु क साथ जा

कमलेश मां : हाँ भैया आप मुझे बता दीजिये

अजय मां : अरे आप परेशां न हो अमित है न मुझे उस पर पूरा भरोसा है वो सब संभल लेगा

थोड़ी बहुत इधर उधर की बातों क बाद सब मन गए और ये फाइनल हुआ क मुझे सुबह कामिनी ममी और दीपिका ममी क साथ शेखर जाना है . मैं दीपिका ममी की तरफ सवालिया नज़रों से देख रहा था मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया

खाना खाने क बाद मां लोग चले गए मैंने दीपिका ममी को इशारा किया और अपने कमरे में चला गया. थोड़ी देर में ममी मेरे पास आ गयी

अमित : ये सब क्या चक्कर है

दीपिका ममी : दीदी ने तुम्हे बताया नहीं ?

अमित : क्या

दीपिका ममी : दीदी क पीरियड्स रूक गए हैं

अमित : पीरियड्स?

दीपिका ममी : अरे बुद्धू हर लड़की और औरत को हर महीने माहवारी अति है जब नीचे से खून निकलता है उसे पीरियड्स कहते हैं . और जब पीरियड्स रूक जाते हैं तो इसका मतलब होता है क वो माँ बनने वाली है

अमित : सच ! क्या ममी माँ बनने वाली है

दीपिका ममी : हाँ कल मुझे दीदी ने बताया था क उनके पीरियड्स 10 दिन लेट हो गए हैं और अभी तक नहीं ए इसी लिए मैंने ये सब बहाना बनाया है वर्ण ज्यादा लेते हो जायेंगे तो मुश्किल होगी

अमित : मगर आपने पहले कभी तो पीरियड्स क बारे में बताया नहीं मुझे . क्या आपको नहीं एते ?

दीपिका ममी : पीरियड्स हर किसी को आते हैं मुझे कामिनी दीदी गौरी दीदी सबको हो और तेरी मंजरी को भी एते होंगे . और मैं कैसे बताती जब से तुमने मेरे साथ ये सब किया है मुझे पीरियड्स ए hi नहीं

अमित : अब समझा

दीपिका ममी : शुक्र है समझ गए अब मैं जॉन ?

अमित : ऐसे कैसे जाएँगी

ममी कुछ बोलने से पहले मैंने उनको खिंच कर गले लगा लिया और उनके होंठो को चुम लिया . किश करने क बाद ममी पीछे हटी

दीपिका ममी : बदमाश दरवाज़ा खुला है अगर कोई आ जाता तो

उसके बाद ममी नीचे चली गयी और मैं घर से निकल गया मंजरी से मिलने क लिए

मंजरी आँगन में hi काम कर रही थी मैं उसे इशारा कर क नदी पर चला गया मेरे पीछे मंजरी भी कोई 10 मिनट्स में hi आ गयी

मंजरी : आ गयी मेरी यद् कल कहाँ थे आप

अमित : वो कला डरा भैया क साथ शहर गया था वो सब छोडो मुझे बहुत ज़रूरी बात करनी है तुमसे

मंजरी : कहिये क्या बात है

अमित : क्या तुम्हे पीरियड्स एते हैं

मेरे सवाल पर मंजरी शर्मा गयी

मंजरी : ये कैसा सवाल कर रहे हैं आप

अमित : मेरा मतलब है हमने जो प्यार किया था मैंने कंडोम नहीं लगाया था और मैंने सुना है जब आदमी अपना पानी लड़की क अंदर छोड़ देता है तो उससे बचा ठहर जाता है . मुझे तुम्हारी चिंता हो रही है

मंजरी : अब यद् आपको ? अगर आपके सहारे रहती तो पक्का अब तक मैं भी पेट में बचा लिए घूम रही होती

अमित : मतलब

मंजरी : मतलब ये क मुझे मेरी सहेली ने बताया था इस बारे में और मैंने उससे वो गोली मंगवा कर खा ली थी

अमित : कैसी गोली

मंजरी : जिससे बचा नहीं ठहरता

अमित : तुम्हारी सहेली ने पुछा नहीं तुम्हे क्यों चाहिए वो गोली?

मंजरी : मैंने उसे ये थोड़ी बताया क मुझे अपने लिए चाहिए वो तो मैंने अपनी सहेली का बोल कर उससे मंगवा ली थी

अमित : तुम तो बहुत समझदार हो आगे से मैं ध्यान रखूँगा तुम्हे गोली खाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी

मंजरी : वो कैसे

अमित : मैं कंडोम लगाऊंगा न

मंजरी मेरी बात सुनकर शर्माने लगी

मंजरी : मुझे आपको कुछ बताना है

अमित : बोलो क्या बात है

मंजरी : वो बाबा बोल रहे हैं क शहर वाले चाचा जी बुला रहे हैं हमें उनके पास कुछ दिनों क लिए

अमित : ये तो अछि बात है

मंजरी : क्या अछि बात है , मैं आपसे दूर नहीं जाना चाहती पता नहीं क्यों मेरा दिल घबराता है

अमित : अरे तुम्हारे चाचा हैं तुम्हारे बाबा क भाई हैं उनका भी दिल करता होगा मिलने को और वैसे भी तुम कौन सा हमेशा क लिए जा रही हो

मंजरी : पता नहीं क्यों मगर मेरा दिल नहीं मन रहा मुझे ऐसा लगता है क मैं आप से बहुत दूर चली जाउंगी

अमित : हट पगली कहीं की अगर ज्यादा देर वहां रुकी तो मैं लेने आ जाऊंगा देख लेना

मंजरी मेरे गले लग गयी उसकी आँखों में नमी थी

मंजरी : मैं आपके बिना एक पल नहीं रह सकती आप मुझे अपने पास रख लीजिये न

अमित : चिंता मत करो एक दिन तुमने बियाह क अपने घर ले जाऊंगा और देखना सुहाग रत पर सोने नहीं दूंगा

मंजरी मेरी बात से शर्मा गयी और मेरी छाती में चेहरा छुपाने लगी

मैं मंजरी क साथ कुछ देर बातें करता रहा और वो जल्दी वापिस चली गयी क्योंकि वो घर पर बता कर नहीं आयी थी .

मंजरी से मिलने क बाद मैं खेतों की तरफ चला गया
 
अपडेट 48



मंजरी मेरी बात से शर्मा गयी और मेरी छाती में चेहरा छुपाने लगी




मैं मंजरी क साथ कुछ देर बातें करता रहा और वो जल्दी वापिस चली गयी क्योंकि वो घर पर बता कर नहीं आयी थी .

मंजरी से मिलने क बाद मैं खेतों की तरफ चला गया

अब आगे-

खेतों में कुछ समय बिताने क बाद मैं घर की तरफ निकल पड़ा . घर जाते हुए मैं पूजा भाभी क घर की तरफ से जा रहा थो तो उनके गेट पर hi मुझे पूजा भाभी क ससुर मिल गए. मेरे मन करने क बाद भी वो ज़बरदस्ती मुझे अपने घर ले गए

पूजा ससुर: अरे बीटा कहाँ गायब हो उस दिन क बाद आज नज़र आये हो

अमित : ताऊ जी मैं तो आया था घर आप hi नहीं थे

पूजा ससुर : बस बीटा कोई काम आ गया होगा . और बताओ क्या चल रहा है कसरत तो कर रहे हो न मन लगा कर यूँही मेहनत करो और यूँही गाओं का नाम रोशन करते रहना

मैं अंकल से बात कर रहा था क अंदर से पूजा भाभी हमारी आवाज़ सुन कर चली आयी वो मुझे शिकायत भरी नज़रों से देख रही थी. पूजा भाभी मेरे लिए दूध का गिलास गरम कर क ले आयी

पूजा भाभी : लगता है देवर जी बड़े आदमी हो गए हैं इसी लिए हमारे घर नहीं एते

अमित : अरे नहीं भाभी ऐसी बात नहीं है वो मैं ज़रा बहार गया था

मैंने पूजा भाभी को अपने न आने की वजह बता दी तब उन्होंने ने अपने ससुर से कहा

पूजा भाभी : बाबू जी मैं पशुओं को चारा 6 बजे hi डालूंगी ठीक है न

पूजा भाभी अपने ससुर से बात करते हुए मुझे देख रही थी यानि की वो मुझे फिर से शाम को 6 बजे पीछे से आने को कह रही थी मैं उनका इशारा समझ गया और हाँ में गर्दन हिला कर उनको बता दिया

पूजा ससुर : अरे इसमें पूछने वाली कौन स बात है वो तो तुम जानो . और तुम्हारी सास क्या कर रही है उसे बताओ अमित आया है

पूजा भाभी : माँ जी ज़रा बाथरूम गयी हैं अभी अभी

बातों बातों में मैंने दूध का गिलास ख़तम किया घर पैन खाने क वक़्त पर पहुंचना ज़रूरी था इस लिए मैंने जल्दी से उनसे विदा ली और घर आ गया. पूजा भाभी को शाम को छोड़ने आना पड़ेगा बेचारी कल से तड़प रही होगी

घर आ कर मैंने सब क साथ खाना खाया और अपने कमरे में चला गया आराम करने . शाम को 6 बजे मैं ठीक टाइम पर पूजा भाभी क घर क पिछवाड़े में पहुँच गया दरवाज़ा आज भी खुला था जिसे मैंने अंदर घुसने क बाद बंद कर दिया और चारे वाली कोठड़ी में छिप गया .

थोड़ी देर में hi पूजा भाभी भी आ गयी और एते hi मेरे गले लग कर मुझे चूमने लगी .

पूजा भाभी : कल कहाँ थे मैं तुम्हारा रास्ता देखती रही पता है कितना बुरा हल है मेरा

अमित : भाभी ज़रूरी काम ाँ पड़ा था इस लिए जाना पड़ा अब आ गया हूँ न आपकी प्यास बुझाने

पूजा भाभी : तुम्हारे पास मोबाइल तो होगा न मुझे अपना no. दो ?

मैंने पूजा भाभी को अपना no. दे दिया. मैं वक़्त बर्बाद नहीं करना चाहता था क्योंकि ऐसे चोरी छिपे करने में पकड़े जाने का दर तो लगा hi रहता है. इस लिए मैंने जल्दी से भाभी को किश करते हुए उनके बूब्स दबाने लगा और उनको वहीँ झुका कर उनकी सदी पेटीकोट समेत कमर तक उठा दी. भाभी ने पेंटी नहीं पहनी थी मैंने पेण्ट ुंडेरवारे नीचे कर क लैंड को भाभी की छूट पर रखा और एक ज़ोरदार धक्का मर कर पूरा लैंड एक hi बार में जड़ तक छूट में घुसा दिया . भाभी ने ये एक्सपेक्ट नहीं किया था उनका मुँह खुला था और एक तेज़ चीख उनके मुँह से निकल गयी मैंने जल्दी से हाथ बढ़ाकर उनका मुँह बंद किया

अमित : भाभी मरवाओगी क्या किसी ने सुन लिया तो पकड़े जायेंगे

पूजा भाभी: आआअह्ह्ह्ह कक्कक्क्स मर तो मैं गयी एक hi बार में पूरा घुसा दिया चीखूँ नहीं तो क्या करूँ एआईईईई ककक

मैंने पूजा भाभी की छूट में धीरे धीरे धक्के मरने शुरू कर दिए और वो भी मेरा साथ देने लगी तभी बहार से पूजा भाभी की सास की आवाज़ आयी

पूजा सास : क्या हुआ बहु कहीं गिर तो नहीं गयी तुम ठीक तो हो

मेरी आवाज़ सुनते hi गांड फैट गयी मुझे लगा अब तो गए काम से मैं जल्दी से पीछे हैट गया और अपनी पेण्ट बांधने लगा . पूजा भाभी ने मुझे रोकते हुए अपनी सास को आवाज़ दी

पूजा भाभी : मैं ठीक हूँ माँ जी वो ज़रा पाऊँ खिसक गया था और मैं दिवार से टकरा गयी मैं ठीक हूँ आप चिंता मत कीजिये

पूजा सास : ाचा बेटी ठीक है

पूजा भाभी ने मेरी पेण्ट को फिर से नीचे कर दिया और मेरा लैंड मुँह में ले कर 3/4 बार अंदर बहार किया और बोली

पूजा भाभी : तुम चिंता मत करो मेरी सास इधर नहीं अति वैसे भी यहाँ पर मैं इसी लिए लाइट नहीं जगती

मेरी तो टेंशन से गांड फैट रही थी मगर पूजा भाभी क समझने से मैं मन गया और उनको फिर से झुका कर उनकी छूट में लैंड घुसा मर धक्के मरने लगा. चुदाई में मुझे मज़ा नहीं आ रहा था इस लिए पूजा भाभी का पानी निकलते hi मैंने बिना अपना पानी निकले अपने कपडे ठीक किये और जल्दी से बहार निकलना चाहा

पूजा भाभी : क्या हुआ इतनी जल्दी जा रहे हो अभी तुम्हारा तो हुआ hi नहीं

अमित : मुझे जाने दो मेरा दिल नहीं मन रहा अगर कोई आ गया तो फस्स जायेंगे

पूजा भाभी रोकती रही मगर मैं निकल आया और सीधा घर आ गया. मेरा काम नहीं हुआ था और लैंड अपना पानी निकलना चाहता था. घर में कामिनी ममी दीपिका ममी और माँ रसोई में खाने की तयारी कर रही थी मैं रसोई में चला गया

गौरी ममी : आ गया बेटे कुछ चाहिए क्या

अमित : वो माँ मेरे कमरे एक किताब थी वो मिल नहीं रही क्या अपने देखि है

मैं माँ से बात करता हुआ दीपिका ममी को देख रहा था वो मेरा इशारा समझ गयी

गौरी ममी : बीटा मुझे क्या पता होगा मैंने तो नहीं देखि

दीपिका ममी : मुझे पता है आजा मैं बताती हूँ कहाँ पर है

इतना कह कर दीपिका ममी मेरे कमरे की तरफ चल पड़ी और मैं उनके पीछे हो लिया . कमरे में पहुँचते hi मैंने दीपिका ममी को पीछे से दबोच लिया और उनके दूध दबाने लगा

दीपिका ममी : ये क्या कर रहा है अगर दीदी आ गयी तो . खुद पर काबू रखो रत में कर लेना जो करना है

अमित : मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा ममी जल्दी से मुझे अपना पानी निकलना है आप जल्दी कुछ करो

दीपिका ममी : इतने उतावले क्यों हो रहे हो . बात क्या है

मैंने पूजा भाभी वाली बात बता दी और ममी समझ गयी चुदाई अधूरी रह जाने की वजह से मेरा बुरा हल है. ममी मन कर रही थी मगर मैं नहीं मन और उन्हें वहीँ दरवाज़े क पास hi झुका कर उनकी सदी उठा दी . ममी दरवाज़े से बहार नज़र रख रही थी और दरवाज़ा पकड़ कर झुकी हुई थी . मैंने जल्दी से छूट पर लैंड लैंड रखा और एक hi झटके में पूरा लैंड अंदर घुसा दिया . ममी क मग से तेज़ सिसकी निकल गयी मगर उन्होंने अपना मुँह नहीं खोला .

मैं ममी की कमर को पकड़ कर तेज़ तेज़ ढके मरने लगा और थोड़ी देर में ममी की छूट को अपने पानी से भर दिया मेरे साथ hi ममी का भी पानी निकल गया . पानी निकलते hi मैंने चैन की सांस ली पेण्ट को ठीक कर क अपने बीएड पर बैठ गया . ममी ने भी खुद को ठीक किया और बाथरूम में जा कर अपनी हालत ठीक कर क आ गयी.

दीपिका ममी : इतना उतावला पैन भी ाचा नहीं अमित अक्सर जल्द बाजी में इंसान गलती कर बैठता है खुद पर काबू रखना सीखो वर्ण ज़िन्दगी में इस वजह से कभी परेशानी हो सकती है

ममी की बात सही थी मुझे खुद पर काबू रखना चाहिए मैंने ममी से सॉरी कहा और वो मुझे किश कर क मुस्कुराती हुई चली गयी. मैं ममी की बात को अपने दिमाग में बिठाने लगा और दुबारा ऐसी गलती न करने का थान लिया

रत को हम सबने मिल कर खाना खाया . शाम को मैं ममी क साथ चुदाई कर चूका था मगर मुझे लगा क शायद कामिनी ममी आएँगी मगर दोनों में से कोई भी नहीं आया शायद सुबह जल्दी जाना था इस लिए दोनों ने रेस्ट करना ठीक समझा .

अगली सुबह मैं अखाड़े से जल्दी वापिस आया तो कामिनी ममी और दीपिका ममी तैयार थी मैंने भी जल्दी से तयारी की और हल्का फुल्का नाश्ता कर क उनके साथ बस में बैठ गया. हम तीनो 10 बजे तक शहर पहुँच गए

अमित : ममी जी अब कहाँ जाना है

कामिनी ममी : शाम तक हमारे पास समय है चलो शहर घूमते हैं

दीपिका ममी : नहीं दीदी हमें पहले हॉस्पिटल जाना होगा डॉ क पास

कामिनी ममी : मगर हमारा वहां क्या काम हम तो बस दिखावे क लिए hi डॉ क पास आये हैं न

दीपिका ममी : दीदी घर जाकर अगर किसी ने हमसे सवाल जवाब किये तो हमें जवाब देना मुश्किल हो जायेगा . इस लिए डॉ क पास जा ककर पहले उससे चेक उप करवा कर दवाई की पर्ची बनवा लेते हैं और दवाई भी लेते जायेंगे जिससे घर में सबको तसल्ली हो जाएगी

कामिनी ममी : ये तो तुमने सही कहा मैंने ये सोचा hi नहीं था चलो पहले हॉस्पिटल चलते हैं

हम तीनो पहले हॉस्पिटल गए और डॉ से चेकउप करवा कर पर्ची बनवा ली फिर दवाई ले कर हम 12 बजे तक फ्री हो गए.

अमित : अब बताइये क्या करना है

दीपिका ममी : हम 5 बजे वाली बस से वापिस चलेंगे तब तक तुम hi बताओ क्या करना है

अमित : फिर तो मेरे ख्याल में हमें मूवी देखने जाना चाहिए वहां आराम से 3 घंटे बीत जायेंगे

कामिनी ममी : ये ठीक रहेगा मैंने तो आज तक सिनेमा नहीं देखा तुम्हारे मां कभी मुझे लेकर नहीं ए

अमित : ये बात है तो चलिए आज आपको मूवी दिखता हूँ

हम तीनो मूवी देखने चले गए . दोपहर का वक़्त था इस लिए हॉल में बहुत काम दर्शक थे बस कुछ कपल hi थे जो कॉलेज से ए होंगे मस्ती करने . हम तीनो अपनी सीट पर बैठ गए मैं एक साइड में बैठा था तो दीपिका ममी ने मुझे बीच में बैठा दिया .

थोड़ी देर में hi लाइट्स बंद हो गयी और मूवी शुरू हो गयी हमारी रॉ में हम तीन hi थे . ये एक रोमांटिक मूवी थी थोड़ी देर में hi जब हीरो का हेरोइन क साथ किसिंग सन आया तो मैंने देखा कामिनी ममी बड़ी गौर से सन देख रही थी जब मैंने दीपिका ममी को देखा तो वो भी मेरी तरफ देखने लगी . उनकी नज़र में अपने लिए प्यार और चाहत देख कर मैंने उनको अपने करीब किया और उनके होंठो पर किश करने लगा

हम दोनों सब से बेखबर एक दूसरे क होंठों को चुम रहे थे तभी मुझे कामिनी ममी का ख्याल आया और मैंने दीपिका ममी से किश ख़तम कर क कामिनी ममी की और देखा तो वो हमें hi देख रही थी उनकी आँखों में प्यास साफ नज़र आ रही थी मैंने उनके गले बाजु दाल कर उनको पास किया और अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए . ममी मेरा पूरा साथ दे रही थी .

फिल्म देखते हुए मैं यूँही दोनों क साथ बरी बरी किश करता रहा इंटरवल ब्रेक में मैं कुछ स्नैक्स ले आया और फिर हम साथ में यूँही एक दूसरे क साथ मस्ती करते हुए फिल्म देखते रहे इससे ज्यादा करने क लिए ये सही जगह नहीं थी और मैं भी अपनी दोनों मामिओं को किसी ऐसी कंडीशन में नहीं लाना चाहता था जिससे उनकी इज़्ज़त पर कोई सवाल आये . फिल्म देखने क बाद ह्यूमेन रेस्टोरेंट में खाना भी खाया

कामिनी ममी बहुत खुश नज़र आ रही थी और मुझे भी उनको खुश देख कर ख़ुशी मिल रही थी . खैर हम तीनो शाम की बस पकड़ कर घर आ गए . पूजा भाभी का भी मुझे फ़ोन आया मगर मैंने बता दिया क मैं बहार हूँ इस लिए आज नहीं मिल सकता . हम शाम 7 बजे घर पहुँच गए .

घर एते hi कामिनी ममी ने थोड़ी बहुत एक्टिंग की जैसे वो बहुत ज्यादा थकी हुई हैं दीपिका ममी ने भी उन्हें दवाई सब क सामने खिलाई और ज्यादा किसी ने सवाल नहीं किये . रत का खाना खाने क बाद सब अपने अपने कमरों में चले गए .

रत में कामिनी ममी मेरे पास आयी

कामिनी ममी : अमित सो तो नहीं गए

अमित : ममी आप ? मैंने तो सोचा था आप दवाई खा कर आज आराम करेंगी आप तो थक भी गयी होंगी

कामिनी ममी : थक तो गयी हूँ मगर सिनेमा में जो तुमने आग लगाई थी अब उसे तुम्हे hi बुझाना. है वर्ण मुझे नींद कहाँ आएगी . और उससे पहले ये पैसे अपने पास रख ले

ममी ने मुझे कपडे में लपेटे हुए पैसे पकड़ा दिए.

अमित : ये आप मुझे क्यों दे रही हैं

कामिनी ममी : ये पैसे बड़े भैया और तेरे मां ने डॉ को देने क लिए दिए थे ऑपरेशन क लिए . और मेरा डॉ तो तू है इस लिए ये पैसे तू अपने पास रख ले

अमित : मगर मई इन पैसों का क्या करूँगा मुझे ज़रूरत नहीं है

कामिनी ममी : वो मैं नहीं जानती ये अब तुझे रखने है तू सोच तुझे क्या करना है और तुझे मेरी कसम अगर तूने मन किया तो

ममी की कसम क आगे मुझे मन्ना पड़ा मगर मैं ऐसा नहीं चाहता था खैर मन्ना हु पड़ा

अमित : मगर ये है कितने पैसे

कामिनी ममी : पूरे 2 लाख हैं

अमित : क्याआ 2 लाख

कामिनी ममी : ये सब छोड़ अब जल्दी से मुझे प्यार करो मैं दोपहर से तड़प रही हूँ जल्दी मेरी आग बुझा अब

उसके बाद मैंने कामिनी ममी को बीएड पर गिराकर शुरू हो गया असल में मैं भी दोपहर से hi गरम था बस फिर क्या था मैंने ममी की पलंग तोड़ चुदाई की और 2 राउंड उनकी चुदाई कर क दोनों बार उनकी छूट को अपने पानी से भर दिया . ममी भी संतुष्ट हो कर अपने कमरे में चली गयी और मैं भी सो गया
 
भाई लोग ये तो बड़ा लोचा हो गया यार मैंने भी बैकअप नहीं रखे थे मुझे इस बात की बिलकुल उम्मीद नहीं थी साला इतनी मेहनत वास्ते हो गयी
 
अपडेट 54



दवा खाने क बाद कामिनी ममी दीपिका ममी का सहारा लेते हुए नीचे चली गयी . मुझे भी दर्द हो रही थी मगर इतनी भी नहीं थी मगर नींद बहुत आ रही थी अभी दिन नहीं निकला था इस लिए मैं फिर से सो गया

अब आगे -

सुबह मेरी आँख दीपिका ममी क उठाने से hi खुली .

दीपिका ममी : अब उठ भी जाओ कितना सोना है . साडी रत हमारी हड्डी पसली तोड़ कर खुद आराम से सी रहे हो .

मैं ममी क जगाने से उठ कर बैठ गया

दीपिका ममी : तुमने ाचा नहीं किया , पीछे से करने की क्या ज़रूरत थी . मैं तो एक बार पीछे ले चुकी थी फिर भी मेरा बुरा हल है पता नहीं दीदी को कितना दर्द हो रहा होगा . पता है उनसे तो न बैठा जा रहा है और न सीधा लेता जा रहा है. तुमने तो उनको ज़ख़्मी कर दिया है. पता है उनका पीछे वाला छेड़ चिर गया है.

अमित : पता नहीं ममी जी मुझे क्या हो गया था मुझे खुद नहीं पता. मेरा अपने आप पर कण्ट्रोल नहीं था. मुझे ममी से माफ़ी मांगनी होगी मैं अभी उनके पास जाता हूँ.

दीपिका ममी : वो सब बाद में पहले तैयार हो जाओ और नाश्ता करो. और रही बात रत की तो मैंने दूध में वियाग्रा की टेबलेट दाल दी थी उसकी वजह से तुम इतनी देर तक हमारे साथ लगे रहे

अमित : वियाग्रा वो कोण स गोली होती है

दीपिका ममी : वो सेक्स स्टैमिना बढ़ाने क लिए होती है जो दीदी को रामु क सामान में से मिली थी . हमने सोचा क तुम एक साथ हम दोनों को संभल नहीं पाओगे इसी लिए तुम्हे वो टेबलेट दी थी मगर ये तो हमारी बड़ी गलती साबित हुई. तुमने तो हम दोनों की बंद बजा दी . तौबा तुम तो जंगली जानवर बन गए थे .

अमित : हम्म तो ये आपका आईडिया थी . आपको मज़ा तो आया न

दीपिका ममी : मज़ा तो आया मगर हालत बुरी हो गयी. दुबारा ऐसी गलती नहीं करुँगी

अमित : मैं तो ये गलती बार बार करना चाहूंगा

दीपिका ममी : मेरी तौबा मुझे माफ़ करो अब जल्दी से उठो और तैयार हो जाओ मैं नाश्ता लती हूँ

इतना कह कर ममी बहार चली गयी और मैं भी उठ कर बाथरूम में घुस गया . पेशाब करते हुए मुझे भी कुछ जलन हो रही थी और नहाते वक़्त जब मैंने अपने लैंड पर साबुन लगाया तो मुझे बहुत ज्यादा जलन हुई. मैंने चेक किया तो लैंड छील गया था.

खैर मैं नाहा धोकर तैयार हुआ दीपिका ममी नाश्ता ले आयी मैंने अपने लैंड क बारे में ममी को बताया तो उन्होंने खुद मेरा लैंड चेक किया और अपने कमरे से एक क्रीम ला कर मेरे लैंड पर लगा डी

नाश्ते से फ्री हो कर मैं कामिनी ममी क पास गया वो अपने बीएड पर एक साइड करवट ले कर लेती हुई थी.

अमित : मैं बहुत शर्मिंदा हूँ ममी जी मेरी वजह से आपको इतनी तकलीफ हुई मुझे माफ़ कर दीजिये

कामिनी ममी : ऐसा मॉल कहो अमित तुम्हारा दिया हुआ हर दर्द मुझे मंजूर है बस तुम कभी मुझे खुद से दूर मत करना . मुझसे वडा करो हमेशा मुझे ऐसे hi प्यार करते रहोगे

अमित : अगर ऐसे hi प्यार करता रहा तो आप बीएड hi पकड़ कर बैठी रहेंगी

कामिनी ममी : हैट बदमाश , मेरा मज़ाक उडाता है. जो भी हो कल रत जैसा तुमने किया है मैंने कभी सोचा भी नहीं था . अभी तक वहां दर्द हो रहा है . आगे और पीछे दोनों तरफ से बुरा हल है

अमित : लगता है आपको मज़ा नहीं आया

कामिनी ममी : मज़ा तो बहुत आया मगर क्या करूँ इतनी सेहेनशीलता नहीं है न . धीरे धीरे मैं खुद को तेरे काबिल बना लुंगी

इतनी बुरी तरह मेरे द्वारा रोंदे जाने पर भी कामिनी ममी मुझसे नाराज़ नहीं थी शायद वो मुझे नाराज़ नहीं करना चाहती थी. उनका प्यार देख कर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनके होंठो को चूम कर उनके प्यार का इनाम दिया. ममी को रेस्ट करने का बोल कर मैं घर से निकल गया . राजू से मिला और खेतों का भी चक्कर लगा आया .

मैंने मंजरी की माँ से मिलने का सोचा और उनके घर गया मगर घर पर टाला था. पड़ोसियों ने बताया क उनका भाई उनको अपने साथ ले गया है.

रत को मैंने सब से मिल कर खाना खाया और अपने कमरे में जाकर सो गया . दीपिका ममी ने मुझे 2-4 रेस्ट करने को कहा और क्रीम भी दी लैंड पर लगाने क लिए. कॉलेज जाने में अभी कुछ दिन पड़े थे इस लिए मैं अगले दिन से अखाड़े में जाने लगा और खेतों में भी जाता रहा. इस दौरान पूजा भाभी मुझे कहीं दिखाई नहीं दी और मैं भी उनके घर की तरफ नहीं गया.

4 दिन रेस्ट करने क बाद फिर से रत में दीपिका ममी और कामिनी ममी बरी बरी से आने लगी. यूँही वक़्त बीत गया और कॉलेज जाने का वक़्त आ गया. मगर अभी तक माँ से मेरी न बात हुई थी न मुलाकात हमारा रिश्ता तो जैसे ख़तम hi हो चूका था.

जिस दिन मैंने कॉलेज जाना था सुबह सुबह hi कामिनी ममी और दीपिका ममी रसोई में घुस कर जल्दी जल्दी काम कर रही थी. मैं भी अखाड़े से जल्दी आ गया आज पहला दिन था इस लिए मैं लेट नहीं होना चाहता था. मैं तैयार हो कर नाश्ता करने आ गया . विजय मां अजय मां और कमलेश मां तीनो मेरा इंतज़ार कर रहे थे. मैंने नाश्ता किया दीपिका ममी ने कमलेश मां से मेरे लिए कॉलेज ले जाने क लिए एक नई बैग मंगवाया था. उन्होंने मुझे बैग दिया जिसमे 2 नोटबुक और पेन था . किताबें तो कॉलेज से मिल hi जाएँगी फिर भी मेरे पास जो पैसे थे उनसे मैं बुक्स खरीद सकता था.

विजय मां: अमित आज तुम पहले दिन कॉलेज जा रहे हो बीटा कोई भी ऐसा काम न करना क जिससे तुम पर कोई उंगली उठे. किसी से कोई लड़ाई झगड़ा मत करना और मन लगा कर पड़ना . मेरा आशीर्वाद है खूब पदों और तरक्की करो. और पैसों की चिंता मत करना मैंने तुम्हारे कहते में 1 लाख रूपए जमा करवा दिए हैं और ज़रूरत पड़े तो बता देना.

मैंने बाबा क पाऊँ छू कर आशीर्वाद लिया फिर अजय मां और कमलेश मां से आशीर्वाद भी लिया.

विजय मां : बीटा अपनी माँ से भी मिल लो उसका आशीर्वाद भी लेलो.

मैं बाबा की बात मन कर माँ क पास गया वो अपने कमरे में hi थी मुझे देख कर उन्होंने मुँह दूसरी तरफ कर लिया. मैंने माँ क पाऊँ छुए और कॉलेज जाने का आशीर्वाद माँगा मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. मुझे दुःख तो बहुत हुआ मगर ये सब मेरी hi करनी का फल था.

मैं माँ से मिल कर कामिनी ममी क पास गया उनके पाऊँ छूने लगा तो उन्होंने मुझे पाऊँ छूने से पहले hi गले लगा लिया और बेस्ट ऑफ़ लक कहा.

उसके बाद मैं दीपिका ममी क पास गया तो उन्होंने मेरे कुछ करने से पहले hi दही और शक्कर का एक चम्मच मेरे मुँह में दाल दिया.

दीपिका ममी : बेस्ट ऑफ़ लक , कॉलेज लाइफ को खूब एन्जॉय करना और ज़िन्दगी को खुल क जीना.

कितना फरक था दीपिका ममी और बाकि सब में जहाँ सब मुझे पड़े लिखे का उपदेश दे रहे थे दीपिका ममी मुझे ज़िन्दगी जीने को कह रही थी मेरे दिल क ज़ख्मो को वो सब से ज्यादा अछि तरह से जानती थी.

मैं सबसे मिल कर अपनी बुलेट को बहार निकलने लगा. दीपिका ममी दौड़ कर मेरे पास आयी और मुझे मेरा मोबाइल दिया.

दीपिका ममी: अब से हमेशा इसे अपने पास रखना तुम जहाँ भी हो काम से काम हमें बता तो सकते हो और हमें भी पता रहेगा तुम कहाँ हो. और हाँ अपनी बहनो से भी बात कर लेना कितने फ़ोन आ चुके हैं नैना और करुणा क

मैं मोबाइल को जेब में डाला और बुलेट पर सवार हो कर कॉलेज की तरफ निकल पड़ा. करीब एक घंटे में मैं कॉलेज पहुँच गया. मैं वक़्त से पहले hi आ गया था अभी कॉलेज में खालीपन था. मैंने बुलेट को पार्किंग में लगाया और कॉलेज में जा कर अपनी क्लास का टाइम टेबल देखने लगा. पहले दिन की वजह से धीरे धीरे स्टूडेंट्स आ रहे थे . जैसे hi कॉलेज में स्टूडेंट्स की भीड़ जमा हुई तो कुछ पुराने स्टूडेंट्स नए स्टूडेंट्स को रोक कर खड़े हो गए .

मैं देखना चाहता था क आखिर ये भीड़ किस लिए जमा हुई है . मैंने जानने क लिए एक लड़के से पुछा

अमित : भाई ये भीड़ किस वजह से लगी है.

उस लड़के ने मुझे सर से पाऊँ तक देखा और बोलै

लड़का : लगता हैं तुम भी नए आये हो चलो तुम भी खड़े हो जाओ सब क साथ

उस लड़के क साथ 3 और लड़के थे वो मुझे ले गए और मैं भी भीड़ में खड़ा हो गया. सब लड़के लड़कियां एक साथ खड़े थे . लड़कियों को देख कर तो मैं हैरान हो रहा था. एक से एक मॉडर्न ड्रेस पेहेन कर लड़कियां तितलिआं बन कर आयी हुई थी. मैं तो उनको देख देख कर हैरान हो रहा था . लड़कियों ने ऐसे कपडे पेहेन रखे थे जो फिल्म में हीरोइन पहनती हैं. शार्ट ड्रेसेस जिनमे उनकी गोरी गोरी जंघे साफ नज़र आ रही थी मगर बिच में कुछ एक सिंपल ड्रेसिंग वाली भी लड़कियां थी. ज्यादा तर लड़के लड़कियां अपने बाप क पैसों की नुमाइश कर रहे थे.

मैंने भीड़ में से आगे निकल कर देखने की कोशिश करने लगा आखिर हो क्या रहा है. मैंने देखा क कुछ लड़के लड़कियां जो शायद पुराने थे वो सामने बैठे हुए थे और नए लड़के लड़कियां उनके सामने एक एक कर क अपने बारे में बता रहे थे और फिर वो वही करते थे जो उनको बोलै जाता था.

मैंने अपने साथ खड़े लड़के से इसके बारे में पुछा

अमित : भाई ये क्या हो रहा है

लड़का : रैगिंग हो रही है और क्या

अमित : रैगिंग ये क्या होती है

लड़का : सीनियर स्टूडेंट्स जूनियर्स से कोई न कोई काम करवाते हैं अगर कहना नहीं मन तो फिर वो सारा साल कॉलेज में तंग करते हैं इस लिए मन्ना पड़ता है

तभी सामने बैठी लड़की जो किसी बहुत बड़े रईस खंडन की लग रही थी उसने अपने सामने कड़ी नई स्टूडेंट लड़की से कहा

लड़की : कौन स स्ट्रीम में हो

नई लड़की : मैं साइंस स्ट्रीम में हूँ

नई लड़की कपड़ों से सिंपल स थी शायद वो स्कालरशिप पर आयी होगी. मैं उसके पीछे था इस लिए चेहरा नहीं देख सकता था

सीनियर लड़की : देखने में तो खूबसूरत हो कोई बर्फ है या नहीं

नई लड़की : जी मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ

सीनियर लड़की : लगता है अभी तक तुम कच्ची काली हो फिर तो चेक करना padega.Chalo मोंटी को किश करो सबके सामने

सीनियर लड़के लड़कियों में एक लड़का जो आगे खड़ा था वो हसने लगा शायद उसी का नाम मोंटी होगा . देखने में अच्छा खासा था

नई लड़की : मैं ये नहीं कर सकती मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ प्लीज मेरे साथ ऐसा मत करो

उस लड़की की आवाज़ से लग रहा था जैसे वो रो रही है.

सीनियर लड़की : अगर किश नहीं किया तो सबके सामने कपडे उतरने पड़ेंगे चलो जल्दी करो

तभी वो लड़का जिसका नाम मोंटी था वो खड़ा हो गया

मोंटी : रहने दो शीना ये काम मैं खुद hi कर लेता हूँ बेचारी दर रही है. इसके खूबसूरत गुलाबी होंठो को मैं खुद hi चुम लेता हूँ

मोंटी ने आगे बढ़कर उस लड़की को पकड़ लिया और उसको किश करने की कोशिश करने लगा . सब खड़े तमाशा देख रहे थे और है रहे थे उस बेचारी लड़की की कोई मदद नहीं कर रहा था. वो लड़की ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और उस लड़के से छूटने की कोशिश करने लगी . उस लड़के से बचने की कोशिश करते हुए जैसे hi उस लड़की का चेहरा मुझे नज़र आया मेरे तन बदन में आग लग गयी और मैं बिजली की रफ़्तार से भीड़ से आगे निकला और मोंटी क मुँह पर पूरे ज़ोर से पांच मर दिया . इस अचानक हमले और मेरे ज़ोरदार घूंसे से वो दूर जा कर गिरा और मैंने जल्दी से उस लड़की को गले लगा लिया

अमित : तुम ठीक तो हो राधा . रोना नहीं देखो मैं आ गया कोई तुमने हाथ भी नहीं लगा सकता मैं हूँ न तुम्हारे पास.

( आप समझ तो गए होंगे ये वही राधा है दिव्या मौसी की बेटी )

मेरी आवाज़ सुन कर रट हुए राधा ने नज़र उठा कर मुझे देखा और मेरे गले लग गयी.

वहीँ मोंटी नीचे गिर गया था और उसके मुँह से खून निकलने लगा था. एक डैम से सब लोग चुप हो गए और शांति छ गयी. तभी कुछ लड़के जो मोंटी क साथी थे वो मोंटी को सहारा देकर उठाते हुए मेरी तरफ मुझे मरने क लिए बड़े. ये कोई 7-8 लड़के थे. उन्होंने मिल कर मुझ पर हमला कर दिया . मैंने राधा को एक साइड किया और उनसे भीड़ गया . वो सब पैसे वाले बाप की औलाद थे इस लिए डैम ख़म नहीं था और मैं ठहरा देसी पहलवान मेरे एक एक वॉर से वो धराशायी होने लगे.

मोंटी : हरामज़ादे तूने मोंटी पर हाथ उठाया अब तेरी अर्थी उठेगी

पता नहीं कहाँ से उसने बेस बात पकड़ लिया और मुझे मरने क लिए आगे बड़ा तभी एक ज़ोरदार आवाज़ गूंजी

‘ ये क्या बेहूदगी है , तुम लोग यहाँ पड़ने आते हो यान गुंडागर्दी करने ‘

एक डैम से सब अपनी अपनी जगह जैम गए

शीना : सर पता नहीं ये दिअहाती गुंडा कहाँ से आ गया है देखिये इसने मेरे भाई पर हमला किया और बीच बचने आये लड़कों को भी मरना शुरू कर दिया

मैंने उस आवाज़ वाले व्यक्ति की तरफ देखा तो वो उस दिन वाले प्रोफ. थे जो प्रिंसिपल क ऑफिस में मिले थे.

प्रोफ. : मुझे सब पता है यहाँ क्या हो रहा है तुम लोगों को पता हैं न रैगिंग करना सख्त मन है.

और तुम (प्रोफ. ने मेरी तरफ देखा) यहाँ पड़े करने ए हो लड़ाई झगडे में पैट पदों बताओ मुझे किस बात पर तुमने मोंटी पर हाथ उठाया

मैंने प्रोफ. को साडी बात बताई और राधा क आंसू मेरी बात क गवाह थे.

प्रोफ. : चलो सब लोग अपनी क्लासेज में जाओ यहाँ कोई रैगिंग नहीं होगी अमित तुम मेरे साथ आओ

मैं राधा को साथ लेकर प्रोफ. क पीछे चल पड़ा . वो मुझे अपने ऑफिस में ले गए राधा अभी भी मेरे साथ hi थी अब वो रो तो नहीं रही थी मगर दरी हुई थी

प्रोफ: बठोई अमित और तुम भी बैठो बेटी

हम दोनों उनके सामने बैठ गए.

प्रोफ.: देखो अमित तुम्हे इन सब से दूर रहना चाहिए ये पैसे वाले लोगों क बिगड़े हुए बदमाश लड़के हैं और मोंटी उनका लीडर है. अब ये तुम्हे किसी न किसी बहाने तंग करेंगे और लड़ाई झगड़ा भी करेंगे इस लिए अलर्ट रहने और कोई भी बात हो सीधा मेरे पास आना . प्रिंसिपल सर ने तुम्हारी ज़िम्मेदारी मुझे सौंपी है

तुम मुझे जानते तो हो न?

मैं उनके बारे में कुछ जनता नहीं था उस दिन भी प्रिंसिपल सर ने इंट्रो नहीं करवाया था. मुझे कुछ न बोलता देख कर वो खुद hi बोले

प्रोफ. : मेरा नाम प्रोफेसर वरिंदर सिंह है और मैं इस कॉलेज में स्पोर्ट्स का इंचार्ज हूँ. सब प्लेयर्स चाहे वो किसी भी गेम में हों मेरे hi अंडर हैं. इस लिए कोई भी बात हो मुझे बताते रहना मैं देख लूंगा इनको. वैसे ये लड़की कौन है

अमित : सर ये मेरी मौसी की बेटी है राधा

राधा ने सर को नमस्ते किया

प्रोफ. व्: अब तुम दोनों अपनी क्लास में जाओ

मैं और राधा सर को थैंक्स बोल कर बहार ए क्लास शुरू होने की बेल्ल बज गयी इस लिए मैंने राधा को उसकी क्लास में भेज दिया और खुद अपनी क्लास में चला गया.

क्लास में सरे स्टूडेंट्स बैठे हुए थे मैं चुप चाप लास्ट बेंच पर बैठ गया . तभी क्लास में चंद्रकांता मैडम आ गयी और सब स्टूडेंट्स को अपना इंट्रो देने को कहा. फर्स्ट बेंच से स्टूडेंट्स एक एक कर क अपनी इंट्रो देने लगे मैं लास्ट बेंच पर था इस लिए मेरी बरी लास्ट में आयी. मैं अपना इंट्रो देने क लिए खड़ा हुआ

अमित : मम मेरा नाम अमित है

मैंने अभी अपना नाम hi बताया था क मम ऊँची आवाज़ में बोली

चन्दर कांटा : हाउ डरे यू तो एंटर इन माय क्लास . तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई क्लास में आने की चलो निकलो बहार , ये कॉलेज तुम जैसे देहातियों क लिए नहीं है. मैंने तुम्हे कहा था न तुम्हारा एडमिशन नहीं हो सकता . गेट आउट

मैंने जैसे hi कुछ बोलना चाहा मैडम और गुस्से में आ गयी इस लिए मैं भी चुप चाप बहार निकल गया. क्लास में बैठे कुछ लड़के लड़कियां मुझ पर है रहे थे. मैं इस be-ijjati को बर्दाश्त नहीं कर प् रहा था मगर क्या करता वो मैडम थी कोई और ऐसे हरकत करता तो मुँह तोड़ देता

मैं चुप चाप क्लास से बहार निकल गया अपने बैग को कंधे पर लटकाये मैं जा रहा था क सामने से प्रिंसिपल सर आ रहे थे उनके साथ प्रोफ. वर्मा प्रोफ. बसरा और दो और प्रोफ. थे . मुझे देख कर उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया.

प्रिंसिपल: अमित तुम किधर जा रहे हो तुम्हे तो क्लास में होना चाहिए

अमित : वो सर मैडम ने मुझे बहार निकल दिया वो कह रही हैं ये कॉलेज मुझ जैसे देहातियों क लिए नहीं है मेरा एडमिशन नहीं हुआ है .

प्रिंसिपल : किसने कहा तुमसे ? क्लास कौन ले रहा है?

अमित : सर वो हिस्ट्री क मैडम चंद्रकांता जी

प्रिंसिपल : आओ मेरे साथ

मैं प्रिंसिपल सर क पीछे चल पड़ा और साथ में वो 4 प्रोफ. भी . प्रिंसिपल सर सीधा मुझे क्लास में ले गए . प्रिंसिपल सर को देख कर सब स्टूडेंट्स खड़े हो गए

प्रिंसिपल : सीट डाउन स्टूडेंट्स . मैडम चंद्रकांता मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी आप तो हमारी पुराणी और टैलेंटेड टीचर हैं फिर आप ने ऐसी बात कैसे कह दी एक स्टूडेंट से.

चंद्रकांता मैडम मेरी तरफ देख कर समझ गयी क मैंने उनकी शिकायत लगाई है

चंद्रकांता : सर ये स्टूडेंट नहीं है मैंने खुद इसका एडमिशन रिजेक्ट किया था ये फिर भी क्लास में बैठा था इस लिए मैंने इस चले जाने को कहा

प्रिंसिपल : क्या आपने रजिस्टर चेक किया ? अगर आप चेक करती तो आपको पता चल जाता क अमित की एडमिशन हो चुकी है और खुद मैंने की है. यहाँ जितने भी स्टूडेंट्स बैठे हैं उनमे से सबसे ज्यादा टैलेंटेड यही लड़का है जो हमारे कॉलेज का नाम चमकाएगा . ये तो शुक्र है क उस दिन मेरी नज़र इस पर पद गयी वर्ण हम इस हीरे को खो देते .

अमित जाओ अपनी जगह पर बैठो. और मैडम प्लीज आप आगे से इस बात का ध्यान रखें नाउ कंटिन्यू योर क्लास

इतना कह कर प्रिंसिपल सर चले गए और मैं अपनी सीट पर जा कर बैठ गया. मैडम की तो झांटे सुलग रही थी जिस ऐटिटूड से उन्होंने मुझे क्लास से निकला था वो सब मिटटी हो गया . वो सब क सामने शर्मिंदा महसूस कर रही थी इस लिए टाइम से पहले hi सबको कल रेगुलर स्टडी का बोल कर क्लास छोड़ कर चली गयी . टाइम भी ऑलमोस्ट हो hi गया था 5 मिनट्स में hi बेल्ल बज गयी. नए टीचर क आने तक सब मुझे hi देख रहे थे आखिर मुझ में ऐसी क्या बात है जो खुद प्रिंसिपल सर मेरे लिए क्लास में आ गए.



खैर कुछ देर में अगला लेक्चर लेने मैडम आ गए . ये इंग्लिश का लेक्चर था और चंद्रकांता मैडम की तरह ये मैडम भी इंट्रो लेने लगे
 
मिसिंग अपडेट समरी 49 तो 53



मंजरी अपने माता पिता क साथ शहर वाले चाचा क घर चली जाती है कुछ दिनों क लिए. विजय गौरी क साथ यात्रा पर जाने वाला था पर लास्ट मोमेंट पर किसी लीगल प्रेसेडिंग में फास जाता है और लास्ट नाईट में hi वो अपनी जगह अमित को जाने क लिए फाॅर्स करता है . गौरी और अमित दोनों hi यात्रा पोस्टपोनड करने को कहते हैं मगर विजय यात्रा क ख़तम होने का कह कर दोनों को भेज देता है .

यात्रा बहुत दूर पहाड़ी इलाके में थी जहाँ पर दो दिन पैदल यात्रा थी जो बहुत मुश्किल थी और मौसम भी ठंडा था. मुश्किल से गौरी यात्रा पूरी करती है और मंदिर में पूजा करती है. पंडित जी उसे विश्वास दिलाते हैं क उसी मनोकामना ज़रूर पूरी होगी. पंडित जी की बातों से खुश हो कर गौरी इतना खुश हो जाती है क वो जल्दी से घर वापिस जाना चाहती थी अमित ख़राब मौसम का कह कर रत वहीँ रुकने का कहता है मगर गौरी नहीं मानती और दोनों वापिस चल पड़ते हैं

वापसी में तूफ़ान में दोनों अकेले फस्स जाते हैं जहाँ कोई मदद नहीं मिलती और गौरी ठण्ड और बारिश में ठण्ड लग जाने से बेहोश हो जाती है. अमित गौरी की जान बचने क लिए उसे अपने शरीर की गर्मी देता है और उसके साथ सेक्स कर लेता है . सुबह जब गौरी को होश अत है तो वो अमित को थप्पड़ मरती है उससे अपना नाता तोड़ लेती है. गौरी आत्महत्या करना चाहती थी मगर अमित उसे विजय की कसम देकर रोक लेता है.

दोनों वापिस लौट एते हैं लागर गौरी अमित से बात करना बंद कर देती है. अमित घर छोड़ कर चला जाना चाहता था मगर दीपिका ममी उसे अपने प्यार का वास्ता देकर उसे अपनी कस्मे देकर रोक लेती है.

उसके कुछ दिन बाद अमित को पता चलता है क मंजरी और उसके पिता एक्सीडेंट में मरे गए अमित से ये सदमा बर्दाश्त नहीं होता . वो पूरी तरह टूट जाता है और वो इसकी वजह उसके द्वारा गौरी क साथ किये गए पाप को मंटा है. वो पूरी तरह टूट जाता है . राजू दीपिका और कामिनी किसी तरह उसे बहलाते रहते हैं.

अजय मां अमित क रिजल्ट आने पर उसे शहर में सबसे बेस्ट कॉलेज में एडमिशन दिलाने क लिए ले कर जाता है मगर वो शहर का सबसे मेहेंगा कॉलेज था जहाँ पर अजय का दोस्त अपनी सिफारिश चला कर भी अमित का एडमिशन नहीं करवा पता . एक्सिडेंटली अमित को प्रिंसिपल पहचान लेता है और उसे ऑफिस में बुलाकर उसका एडमिशन खुद करता है क्यूंकि ये वही साहब थे जिन्होंने अमित को कुश्ती क मुकाबले में अपना कार्ड दिया था.

अमित दीपिका और कामिनी क दुःख से ये समझ जाता है क उसकी अपनी बेरुखी की वजह से वो बेचारी दोनों कितनी दुखी हो रही हैं जो उसे इतना चाहती हैं. अमित खुद को समझाता है और फिर से दीपिका ममी और कामिनी ममी को प्यार करने का फैसला करता है. रत में दीपिका और कामिनी अमित क बुलाने पर अकेले अकेले आने की बजाये एक साथ आ जाती हैं दीपिका अमित को बिना बताये दूध में वियाग्रा की टेबलेट दाल कर उसे पीला देती है. अमित वियाग्रा क नशे में दोनों की हड्डी तोड़ चुदाई कर देता है और छूट क साथ साथ दोनों की गांड की भी बंद बजा देता है.


कामिनी की गांड कुंवारी थी जिसे अमित नशे में बुरी तरह रोड देता है और उसकी हालत ख़राब हो जाती है.
 
अपडेट 55



इतना कह कर प्रिंसिपल सर चले गए और मैं अपनी सीट पर जा कर बैठ गया. मैडम की तो झांटे सुलग रही थी जिस ऐटिटूड से उन्होंने मुझे क्लास से निकला था वो सब मिटटी हो गया . वो सब क सामने शर्मिंदा महसूस कर रही थी इस लिए टाइम से पहले hi सबको कल रेगुलर स्टडी का बोल कर क्लास छोड़ कर चली गयी . टाइम भी ऑलमोस्ट हो hi गया था 5 मिनट्स में hi बेल्ल बज गयी. नए टीचर क आने तक सब मुझे hi देख रहे थे आखिर मुझ में ऐसी क्या बात है जो खुद प्रिंसिपल सर मेरे लिए क्लास में आ गए.

खैर कुछ देर में अगला लेक्चर लेने मैडम आ गए . ये इंग्लिश का लेक्चर था और चंद्रकांता मैडम की तरह ये मैडम भी इंट्रो लेने लगे

अब आगे -

मैं मैडम को पहचानने की कोशिश कर रहा था मगर मुझे यद् नहीं आ रहा था क कहाँ देखा है. इंट्रो देते देते मेरी भी टर्न आ गयी

अमित : मम मेरा नाम अमित है

अभी मैं अपना नाम hi बताया था क मैडम ख़ुशी से बोली.

मैडम : तो तुम यहाँ पड़ते हो , मैंने कितना ढूँढा तुम्हे मगर तुम उस दिन क बाद नज़र hi नहीं आये . शुक्र है तुम मिल गए . यहाँ आओ .

मैडम की बात से मुझे यद् आया ये तो वही औरत है जिसकी मैंने मदद की थी. क्या नाम था . हाँ मंजू नाम था

मैं मैडम क पास चला गया.

मंजू म : स्टूडेंट्स आज कल क टाइम कोई अपना किसी की मदद नहीं करता मुसीबत में और कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो मदद करते वक़्त अपना पराया नहीं देखते. अमित उनके से एक है. इसने मेरी मदद की थी और मुझे गुंडों से बचाया था. ऐसे अचे लोग दुनिया में बहुत काम होते हैं . मुझे ख़ुशी है क मुझे तुमने पड़ने का मौका मिला.

मैडम ने साडी क्लास क सामने मेरी तारीफ कर क मुझे हीरो बना दिया . मैं क्या कह सकता था इस लिए चुप hi रहा फिर मैडम ने मुझे अपनी सीट पर बैठने को कहा

मंजू म : मेरा नाम मंजू है और मैं आपको इंग्लिश पढ़ाऊंगी.

बेल्ल बजने पर मंजू म चली गयी. उसके बाद एक एक करके लेक्चर लगते रहे और टीचर्स आते रहे सब ने आज इंट्रो hi लिया. लेक्टर्स ख़तम होने क बाद मैं राधा से मिलने चला गया. मगर वो पहले hi घर चली गयी थी

वहीँ दूसरी तरफ सुबह की घटना क बाद मोंटी और उसके सब दोस्त कैंटीन में बैठे बात कर रहे थे

लड़का : मोंटी यार उस देहाती ने सब क सामने हम लोगों की बंद बजा दी.

लड़का 2 : उस हरामज़ादे को वहीँ थोक देते अगर प्रोफ व् नहीं एते

शीना : बकवास बंद करो . तुम सब सिर्फ कागज़ी शेर हो अकेला hi तुम सब पर भरी पद गया तब क्या उखड लिया तुमने वो तो प्रोफ आ गए वर्ण सब क सामने पिट ते रहते . फ्रेशर्स क सामने नाक कटवा दी

मोंटी : मैं उस हरामज़ादे को छोडूंगा नहीं सेल ने अचानक हमला कर दिया . अब मैं उसे बताऊंगा मोंटी से पन्गा लेने वाले का क्या हल करता है मोंटी.

शीना : अभी कुछ मत करना मोंटी प्रोफ व् ने देखा नहीं कैसे उसकी सपोर्ट की और हमें डांटा इसका साफ साफ मतलब है वो उस देहाती को जानते हैं और उसके साथ हैं अगर ह्यूमेन ने अभी कुछ किया तो हमारे खिलाफ एक्शन हो सकता है. उस देहाती को तो हम बाद में देख लेंगे .

मोंटी : जी तो चाहता है अभी जा क उसका वो हाल करूँ क सबको पता चल जाये इस कॉलेज में किसका राज़ चलता है. मगर तुम ठीक कहती हो अभी हमें चुप रहना चाहिए . उस देहाती का तो वो हाल करूँगा क खुद hi कॉलेज छोड़ क भाग जायेगा.

शीना: ये सब मुझ पर छोड़ दो उसका तो वो हाल करुँगी क मुँह छुपता फिरेगा और सब उस पर थूकेंगे यही प्रोफ उसे धक्के दे कर बहार निकलेगा

मोंटी : वो कैसे

शीना : कुछ दिन रुक जाओ बस मेरे दिमाग में एक प्लान है . और हाँ तब तक कोई उसे कुछ नहीं कहेगा सब को ऐसा लग्न चाहिए क हमने उसे माफ़ कर दिया. उसके बाद मैं अपनी चाल चलूंगी उस देहाती को तो समझ भी नहीं आएगा क उसके साथ हुआ क्या है

कैंटीन में मोंटी और शीना अपने ग्रुप क साथ बैठे ये सब बातें कर रहे थे मगर उनके पास कोई ऐसा भी बैठा था जो उनकी बातें सुन रहा था और वो इन सब से उस नए लड़के को बचने का सोच रहा था.

मैं राधा को कॉलेज में न पाकर वापिस जाने क इरादे से पार्किंग की तरफ बड़ा तो मुझे पेओन ने रोक लिया

पेओन : तुम्हे प्रिंसिपल सर ने बुलाया है.

मैं पेओन क साथ प्रिंसिपल सर क ऑफिस चला गया. जब अंदर गया तो प्रोफ वरिंदर भी वहीँ बैठे हुए थे मुझे समझ आ गया जो कुछ आज हुआ है उसकी वजह से सर ने बुलाया है.

प्रिंसिपल : आओ अमित . तो आते hi तुमने अपनी पहलवानी दिखानी शुरू कर दी. तुम्हे उन पर हाथ नहीं उठाना चाहिए था एक तो वो सीनियर हैं दूसरा कॉलेज में लड़ाई झगडे की सख्त मनाही है और मैं ऐसा इनडिस्कॉपलीने बर्दाश्त नहीं करता.

अमित : सॉरी सर पर मैं करता मेरे सामने मेरी बहिन की इज़्ज़त उतरी जा रही थी मैं कैसे बर्दाश्त करता.

प्रिंसिपल : मुझे प्रोफ ने सब बताया इसी लिए मैं तुम पर कोई एक्शन नहीं ले रहा हूँ. मगर तुम्हे समझना चाहिए बीटा क ये बड़े घरों क बिगड़े हुए बचे हैं इन का कुछ नहीं बिगड़ेगा मगर तुम्हारा फ्यूचर ख़राब हो जायेगा जितना हो सके इनसे दूर रहो और अगर कोई भी तुम्हे तंग करे तो प्रोफ को बताओ या मेरे पास चले आओ

अमित : सॉरी सुर मैं ऐसी हरकत दोबारा नहीं करूँगा और इन सब से दूर रहूँगा.

प्रिंसिपल : ठीक है अब तुम जा सकते हो.

मैं प्रिंसिपल सर से मिलने क बाद पार्किंग में गया और अपनी बुलेट निकल कर घर की तरफ निकल पड़ा

घर आते hi अजय मां ने मेरा मुँह मीठा करवाया सब घर पर hi मौजूद थे और ख़ुशी सब क चेहरों पर साफ़ झलक रही थी माँ मुझे देख कर अपने कमरे में चली गयी.

अमित: ये किस ख़ुशी में मां जी

अजय मां : मैं बाप बनने वाला हूँ जल्दी भगवन ने हमारी सुन ली तेरी ममी माँ बनने वाली है.

मैंने कामिनी ममी की तरफ देखा तो वो शर्मा गयी दीपिका ममी ने मुझे देख कर शरारती स्माइल दी. मैं समझ गया क दोनों ने आज किसी तरीके से सब को बता दिया है जब की मैं तो पहले hi जनता था .

अमित : सच ! ये तो बड़ी अछि खबर सुनाई आपने मां जी अब मेरी दोनों ममियों क गॉड में मेरे भाई बहिन होंगे . ( क्या मुसीबत है अपने hi बच्चों को भाई बहिन कहना पड़ेगा )

विजय मां : बिलकुल आज फिर से हमारे सुने आँगन में बच्चों की किलकारियां गूंजेंगी तेरा बचपन देखे कितना अरसा हो गया अब फिर से वही सब देखने को मिलेगा. काश क जल्दी hi भगवन गौरी की भी मुराद पूरी करदे

अजय मां : आप भगवन पर भरोसा रखिये भैया. भाभी ज़रूर जल्द hi माँ बनेगी.

कमलेश मां : बिलकुल भैया जब दीपिका और कामिनी भाभी इतने सैलून बाद माँ बन रही हैं टी ज़रूर बड़ी भाभी भी जल्द माँ बन जाएँगी भगवन ने हम पर तरस खा कर हमें संतान देने का इरादा कर लिया है

दीपिका ममी मन में: भगवन ने नहीं अमित ने इरादा कर लिया है मुझे और कामिनी दीदी को अपने प्यार की बरसात में नेहला कर माँ बनाने का. मगर भगवन गौरी दीदी पर तरस करे

मग मीठा करने क बाद सब मेरे कॉलेज क पहले दिन क बारे में पूछने लगे मैंने आज जो कुछ हुआ था वो किसी को नहीं बताया. ऐसे वक़्त निकल गया रत का खाना खाने क बाद मैं अपने कमरे में आराम कर रहा था क रत को दीपिका ममी मेरे पास आयी.

दीपिका ममी : मुबारक हो सब को बता दिया क दीदी माँ बनने वाली है मगर असली मुबारकबाद क हक़दार तो तुम हो .

अमित : वो तो आप भी हैं आखिर ये सब आप क कारन hi हुआ है.

दीपिका ममी : वो तो मैं हूँ. ाचा पहले आज क दिन क बारे में बताओ. और देखो मुझे सब सच सच बताना मैंने देखा तुम कुछ छुपा रहे थे.

अमित : वैसे आप को कैसे पता चल जाता है मैं सच बोल रहा हूँ या नहीं

दीपिका ममी : मैं तुमसे इतना प्यार करती हूँ क तुम्हारी आँखों को देख कर hi मुझे पता चल जाता है अब जल्दी बताओ

मैंने साडी बात ममी को बता दी और वो मेरी बात सुन कर पहले चिंतित हुई फिर थोड़ी देर सोचने क बाद बोली

दीपिका ममी : तुमने उनसे सावधान रहना होगा वो मौका देख कर ज़रूर कुछ करेंगे कॉलेज से एते जाते चौकन्ने रहना क्या पता बहार तुम पर हमला कर दें और राधा कहाँ चली गयी उसे तुमसे मिलना चाहिए था तुमने पता क्यों नहीं किया वो कहाँ है अगर उस पर कोई मुसीबत आ गयी तो ? तुम्हे उसका भी ख्याल रखना होगा . वो बेचारी कितनी भोली है

अमित : ये तो मैंने सोचा hi नहीं. मेरे पास उसका फ़ोन no. भी तो नहीं है आप अभी दिव्या मौसी को फ़ोन लगाइये और पता कीजिये

दीपिका ममी: उसकी ज़रूरत नहीं है . अगर ऐसी कोई बात होती तो दिव्या का अब तक फ़ोन आ गया होता. वैसे भी दिन में हमने सब को फ़ोन किया था खुश खबरि देने क लिए. तो अगर ऐसी कोई बात होती तो दिव्या ज़रूर फ़ोन कर देती

अमित : बात तो आपकी ठीक है मगर राधा ने तो मौसी को भी पता नहीं बताया भी है या नहीं . पता नहीं मौसी क्या करेगी

दीपिका ममी : उसकी टेंशन न ले कल पता चल जायेगा मैं फ़ोन करुँगी . और तेरे लिए एक खुश खबरि है. रजनी दीदी और रीता दीदी इसी शहर में शिफ्ट हो गयी हैं. इसके इलावा एक सुरपरिस्ल्ज़ भी है जो तुझे कल मिलेगा

अमित : क्याआ! सच में रजनी मौसी और रीता मौसी इसी शहर में आ गयी हैं फिर तो मैं जब चहुँ उनसे मिल सकता हूँ. मैं अभी सबको फ़ोन करता हूँ. मगर सरप्राइज कौन सा है

दीपिका ममी : वो तुझे कल पता चल जायेगा. और अब तू आराम कर मैं चलती हूँ.

अमित : आप कहाँ चली क्या आज प्यार नहीं करेंगी?

दीपिका ममी : नहीं आज दीदी आएँगी मैं तो बस तुमसे कॉलेज क बारे में जानने ायो थी और तुझे खुश खबरि भी तो देनी थी

दीपिका ममी मुझे एक किश कर क अपने कमरे में चली गयी . मैंने उनके जाने क बाद नैना दीदी और करुणा दीदी को फ़ोन लगाया मगर दोनों ने फ़ोन नहीं उठाया शायद मुझसे नाराज़ होंगी . जाने दो अब तो वो इस शहर में आ गयी हैं कॉलेज से छुट्टी क टाइम उनसे मिल सकता हूँ

रत को कामिनी ममी आ गयी आज उनके चहरे से ख़ुशी साफ़ झलक रही थी और उन्होंने मुझे भी दिल खोल कर प्यार किया. एक राउंड चुदाई क बाद ममी चली गयी. हालाँकि उनका दिल तो था और चुदाई का मगर मेरे कॉलेज की वजह से उन्होंने खुद hi मुझे जल्दी सोने का बोल दिया और वक प्यारी से किश करने क बाद चली गयी.

सुबह मैं अखाड़े से आ कर नाश्ता किया और कॉलेज चला गया . मैंने दीपिका ममी से सरप्राइज क बारे में पुछा मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया.

मैं कॉलेज में गया बुलेट को पार्किंग में लगा कर अपनी क्लास की तरफ चला गया . आज किसी तरह की रैगिंग नज़र नहीं आयी शायद प्रिंसिपल सर ने इस पर एक्शन लिया होगा. मोंटी और उसके साथी मुझे नज़र ए मगर न उन्होंने मुझे कहा न मैंने उनकी तरफ देखा.

क्लास शुरू होने से पहले hi मैं अपनी सीट पर बैठ गया. कुछ लड़के लड़कियां मेरी तरफ देख रहे थे मगर ज्यादातर बड़े घरों क फॅशनबल लड़के लड़कियां मुझे हीं भावना से देख कर मग फेर लेते थे . शायद मेरे पहरावे से वो मुझे लौ स्टैंडर का और गरीब समझ रहे थे . मेरे साथ आज एक नया लड़का आ कर बैठ गया जो देखने में ाचा था और अमीर घर का hi लग रहा था .

लड़का : hello अमित मेरा नाम मोहित है और मुझे ख़ुशी होगी अगर तुम मुझे अपना दोस्त समझोगे

अमित : hello मोहित मुझे भी ख़ुशी होगी तुम्हे अपना दोस्त बना कर

मोहित : वैसे मन गए यार कल क्या सॉलिड पंच मारा था तुमने आते hi छ गए . तुम्हे दर नहीं लगा इतने लड़कों से अकेले भीड़ गए?

अमित : डरना कैसा मेरे सामने अगर कुछ गलत हो रहा हो तो ये मेरा धरम है मैं उसे रोकूं

मोहित : वाकई में तुम अचे हो इसी लिए मैडम इतना तारीफ कर रही थी . तुमने कल बहुत ाचा किया और खुद को कभी अकेला मत समझना आज से मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ. मैं भी यारों का यार हूँ कभी भी आज़मा लेना पीठ नहीं दिखाऊंगा.

अमित : शुक्रिया मोहित मुझे ख़ुशी है तुमने मुझे दोस्ती क काबिल समझा

इतने में चंद्रकांता मैडम क्लास लेने आ गयी. मैडम ने एक नज़र गुस्से से मुझे देखा और पड़ने लगी. मैडम ने कौन स बुक लेनी है क्लास को बता दिया और लैक्टुरे ख़तम होते hi चली गयी

अगला लेक्चर इंग्लिश का यानि मंजू मैडम का था उन्होंने आ कर मुझे एक नज़र देखा और स्माइल दी . मंजू म ने भी अपने सब्जेक्ट की बुक्स का बताया और बेल्ल बजते hi चली गयी. ऐसे hi एक एक कर क लेक्चर लगते रहे.

लेक्टर्स से फ्री हो कर मैं राधा से मिलने साइंस ब्लॉक में जाने लगा तो मोहित भी मेरे साथ hi आ गया .

मोहित : तुम इधर कहाँ जा रहे हो ?

अमित : मैं अपनी कजिन से मिलने का रहा हूँ वो साइंस कर रही है न.

मोहित : रियली ! ये तो अछि बात है

अमित : तुम्हारा भी कोई है साइंस में?

मोहित : हाँ मेरी गफ है मीनल साइंस में है वो भी

अमित : गफ ? आते hi गफ बना ली ?

मोहित : अरे नहीं भाई हमारा प्यार तो टेंथ से चल रहा है . वो पड़े में अछि है इस लिए साइंस कर रही है और मैं आर्ट्स

मुझे मोहित की बात सुन कर मंजरी यद् आ गयी और उसका चेहरा फिर मेरे ज़ेहन में आ गया

अमित : भगवन तुम दोनों क प्यार को किसी की नज़र न लगने दे

मोहित : सच यार हिम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और एक दूसरे क बगैर नहीं रह सकते देखना पड़े ख़तम होते hi हम शादी कर लेंगे

अमित : पहले पड़े तो करलो शादी को अभी टाइम है

हम दोनों साइंस ब्लॉक में आ गए मगर अभी राधा की क्लास का एक लेक्चर और था इस लिए हम दोनों कैंटीन में चले गए.

कैंटीन बहुत hi बढ़िए बानी हुई थी जैसे कोई रेस्टोरेंट हो . हमारे तो स्कूल में एक ढंग की दुकान तक नहीं थी जहाँ से कुछ मिल सके और यहाँ कॉलेज में इतनी अछि कैंटीन देख कर मेरा दिल खुश हो गया.

कितना फर्क होता है स्कूल और कॉलेज में . स्कूल में जहाँ सारा दिन क्लास में बैठे रही मास्टर से डंडे खाओ वहीँ कॉलेज में कोई किसी को कुछ नहीं कहता . जिसका दिल हो लेक्चर लगाए नहीं हो तो कैंटीन में जाये या कहीं भी जाये कोई कहने वाला नहीं

कैंटीन में आकर हम एक साइड में चेयर पर बैठ गए और मोहित कोल्ड ड्रिंक लेने चला गया मैंने मन किया पर वो नहीं मन. कैंटीन में ज्यादा तर वही लोग बैठे थे जिनको पड़े से कोई सरोकार नहीं था. बहुत से लड़के लड़कियां मुझे hi देख रहे थे मगर मैंने किसी की तरफ ध्यान नहीं दिया.

कैंटीन में मुझे मिन्टी गैंग नज़र नहीं आयी इस लिए मैं रिलैक्स बैठा था तभी एक लड़की मेरे साथ आकर बैठ गयी.

लड़की : hello हीरो कैसे हो ? तुमने तो आते hi कमल कर दिया

मैं हैरानी से उस लड़की को देखने लगा . देखने में खूबसूरत थी गोरा रंग पर्फेक्ट्ली फिट फिगर जीन्स और T-shirt में वो और भी कमल लग रही थी.

अमित : जी आप कौन मैंने आपको क्लास में तो नहीं देखा शायद आप किसी और क्लास से हैं

लड़की : मेरा नाम शालिनी है और प्यार से शालू भी कहते हैं. तुमने ठीक कहा मैं तुम्हारी सीनियर हूँ फाइनल में हूँ. अगर तुम्हे बुरा न लगे तो क्या तुम मेरे दोस्त बनोगे?

मैं शालू की बात पर सोच में पद गया क क्या जवाब दूँ अभी तो मुझे किसी क बारे में कुछ पता hi नहीं यहाँ तो क्या जवाब दूँ कहीं ये मोंटी की कोई साथी न हो.

शालू : तुम तो ऐसे सोच में पद गए जैसे मैं लड़का हूँ और तुम लड़की . वैसे कल तुमने जो कुछ भी किया मुझे बहुत ाचा लगा आज तक किसी ने इतनी हिम्मत नहीं की थी और वो मोंटी किसी क साथ भी कोई न कोई शरत कर देता था . रईस बाप की बिगड़ी हुई घटिआ औलाद है.

शालू की बातों से मुझे पता लग गया क वो मोहित की साथी नहीं हो सकती.

अमित : ठीक है आज से हम दोस्त हैं वैसे आप की बातों से लगता है आप को मोंटी पर बहुत गुस्सा है

शालू : वो सब छोडो . हम दोस्त हैं तो आज से मुझे आप नहीं तुम कहो और मुझे. मेरे नाम से बुलाओ.

इतने में मोहित कोल्ड ड्रिंक ले आया .

मोहित : ये कौन हैं ? क्या एहि तुम्हारी कजिन है?

अमित : अरे नहीं ये हमारी सीनियर हैं शालिनी. और शालिनी ये है मोहित मेरा फ्रंड .

दोनों ने एक दूसरे से हाथ मिलाया

शालू : ये क्या दो hi कोल्ड ड्रिंक मैं क्या पियूँगी

अमित : मैं और ले आता हूँ

शालिनी: अरे मैं मज़ाक कर रही थी मैं चलती हूँ मुझे अब घर जाना है.

शालिनी उठ कर चली गयी मोहित मुझसे उसके बारे में पूछने लगा मगर मैं क्या बताता मैं खुद अभी मिला था. कोल्ड ड्रिंक पीने क बाद हम फिर से साइंस ब्लॉक में आ गए लेक्चर ख़तम होने hi वाला था.

बेल्ल बजते hi क्लास ओवर हो गयी और सब बहार आने लगे. मुझे राधा नज़र आयी हमेशा की तरह सिंपल कपड़ो में वो बहुत hi खूबसूरत और मासूम लग रही थी. मैंने आगे बाद कर उसे रोका

अमित : कैसी हो राधा कल तुम कहाँ चली गयी थी मैं तुम्हे ढूंढता रहा.

राधा : वो मेरा मूड ख़राब था तो मैं जल्दी चली गयी मुझे देर हो रही है मैं चलती हूँ

अमित : मैं तुम्हे घर छोड़ देता हूँ

राधा : नहीं मैं खुद चली जाउंगी माँ नाराज़ होगी. अब मैं चलती हूँ

अमित : मुझे अपना no. तो देती जाओ अगर कभी ज़रूरत पड़े तो काम से काम बात तो कर सकते हैं

राधा : मेरे पद मोबाइल नहीं है मैं चलती हूँ bye.

इतने में आवाज़ आयी “इतनी जल्दी क्या है मुझसे नहीं मिलोगी”

मैंने और राधा ने पलट कर देखा तो सामने नेहा दीदी कड़ी thi.Main उन्हें अपने सामने देख कर खुश हो गया

अमित : दीदी आप यहाँ !!

नेहा दीदी : क्यों ? क्या मैं इस कॉलेज में नहीं आ सकती?

अमित : ऐसी बात नहीं मगर ये सरप्राइज

नेहा दीदी : अब हम इस शहर में शिफ्ट हो गए हैं तो मुझे भी किसी कॉलेज में एडमिशन लेना था न. मार्क्स की वजह से स्कालरशिप मिल गया और मैं इस कॉलेज में आ गयी

राधा : दीदी आप ने मुझे पहले क्यों नहीं बताया. और करुणा दीदी कहाँ हैं?

नेहा दीदी: करुणा और नैना दोनों गर्ल्स कॉलेज में हैं ये कॉलेज महंगा है तो यहाँ एडमिशन कैसे होती वो तो मैं स्कालरशिप पर यहाँ आ गयी मुझे तो ाचा नहीं लग रहा था मगर जब पता चला तुम दोनों भी इसी कॉलेज में आ रहे हो तो मुझे बहुत ख़ुशी हुई. और मैंने hi मन किया था सबको बताने से वर्ण ये सरप्राइज का मज़ा ख़राब हो जाता .

अमित : तो ये था सरप्राइज इसी की बात कर रही होंगी दीपिका ममी मुझे तो बहुत पसंद आया अपना सरप्राइज मेरी प्यारी दीदी को अब मैं रोज़ मिलूंगा.

राधा : वैसे दीदी मैंने कल आपको नहीं देखा .

नेहा दीदी : कैसे देखती मैं आज hi तो आयी हूँ कॉलेज

इतने में मोहित और उसकी गफ जो आपस में बातें कर रहे थे वो भी हमारे पास आ गए

मोहित : चलें

अमित : मोहित ये हैं मेरी नेहा दीदी और ये है मेरी कजिन राधा . और ये है मेरा दोस्त मोहित हम एक hi क्लास में है.

मोहित ने दीदी और राधा को हेलो कहा उन दोनों ने भी मोहित को हेलो कहा.

मोहित : तो इसी लिए कल तुमने उनको धो दिया बिलकुल सही किया.

नेहा दीदी : किस बारे में बात कर रहे हो

अमित : कुछ नहीं दीदी वो ऐसे hi बात कर रहा है क्या मोहित तू भी कौन सी बात ले कर बैठ गया . अपनी दोस्त ने नहीं मिलवाएगा?

मैंने बात को बदलना चाहा जिससे मोहित भी समझ गया क नेहा दीदी को कुछ नहीं पता है उसने भी बात बदल दी

मोहित : ये है मेरी दोस्त मीनल और मीनल ये है मेरा दोस्त अमित तुमने देखा hi होगा ये हैं इसकी नेहा दीदी और ये राधा इसकी कजिन

मीनल : hello एवरीवन . राधा को तो मैं जानती हूँ हम एक hi क्लास में जो हैं और रही बात अमित की तो इनको तो सारा कॉलेज जान गया है.

नेहा दीदी को समझ नहीं आ रहा था क आखिर किस बारे में बात कर रहे हैं ये. इससे पहले दीदी कोई सवाल पूछती मैंने उनको घर चलने का बोलै.

अमित : चलो दीदी घर चलते हैं देर हो रही है.

नेहा दीदी : हाँ चलो

हम एक साथ बहार की तरफ चल पड़े. नेहा दीदी शायद रिक्शा या बस से आयी थी मगर राधा क पास स्कूटी थी. राधा ने पार्किंग से स्कूटी निकली और मैंने अपनी बुलेट . मोहित अपनी कार में आया था वो मीनल को साथ लेकर bye कर क चला गया मैं बुलेट ले कर गेट पर आ गया जहाँ नेहा दीदी हमारा इंतज़ार कर रही थी .

अमित : दीदी आप कैसे आयी थी ?

नेहा दीदी : मैं ऑटो से आयी थी स्कूटी करुणा ले गयी थी

अमित : आइये मैं आपको घर छोड़ देता हूँ.

नेहा दीदी : हाँ चल इसी बहाने तू हमारा नया घर भी देख लेगा. राधा तू भी साथ चल मैं मौसी को बोल दूंगी

राधा : नहीं दीदी माँ परेशां होगी मैं फिर किसी दिन आउंगी माँ को साथ लेकर . मैं चलती हूँ

राधा नेहा दीदी को bye बोल कर चली गयी और मेरी तरफ देखा भी नहीं. मैंने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया.

नेहा दीदी : चलें भाई या कोई काम है

अमित : नहीं मुझे क्या काम होगा चलिए .



हम दोनों निकल पड़े नेहा दीदी मुझे रास्ता बताती गयी और हम 15 मिनट्स में hi रीता मौसी क घर पहुँच गए . घर ाचा बना हुआ था डबल स्टोरी माकन था . ज्यादा बड़ा तो नहीं मगर ज़रूरत क हिसाब से ठीक था . नेहा दीदी ने बुलेट से उतर कर गेट क बहार लगी बेल्ल बजायी और दरवाज़ा खुल गया
 
दोस्तों अपने नए रीडर्स क लिए मैं मिसिंग अपडेट फिर से लिखने की कोशिश कर रहा हूँ इस लिए आज और कल में सिर्फ पुराने अपडेट hi अपडेट करूँगा जो मिस हो गए थे थोड़ा बहुत ऊपर नीचे होगा मगर ओवर आल स्टोरी का मिसिंग part फिर से जोड़ दूंगा नई अपडेट परसो या कल रत को
 
अपडेट 49

उसके बाद मैंने कामिनी ममी को बीएड पर गिराकर शुरू हो गया असल में मैं भी दोपहर से hi गरम था बस फिर क्या था मैंने ममी की पलंग तोड़ चुदाई की और 2 राउंड उनकी चुदाई कर क दोनों बार उनकी छूट को अपने पानी से भर दिया . ममी भी संतुष्ट हो कर अपने कमरे में चली गयी और मैं भी सो गया

अब आगे -

अगली सुबह मैं अखाड़े और नाश्ते से जब फ्री हुआ तो मैंने दीपिका ममी को अपने पास बुलाया.




दीपिका ममी : क्या बात है मुझे इस वक़्त क्यों बुलाया

अमित : ये सब क्या है ममी जी

दीपिका ममी : क्या ? किस बारे में बात कर रहे हो

अमित : आप सब जानती हैं मैं पैसों की बात कर रहा हूँ जो कामिनी ममी मुझे दे गयी हैं कल रत

दीपिका ममी : देख ये उनका फैसला है मैं इसमें कुछ नहीं कर सकती वैसे भी ये सब तेरा hi तो है अब ऑपरेशन का बहाना बनाया था तो उसके पैसे जो घर से मिले उनका भी तो कुछ करना था न अगर ऐसे hi घर में पड़े पड़े कभी अजय भैया क हाथ आ जाते तो मुश्किल हो जाती

अमित : मगर मेरा दिल नहीं मंटा ये पैसे घर में किसी और काम भी तो आ सकते हैं

दीपिका ममी : तू ऐसा कर ये पैसे बैंक में जमा करवा दे अगर कहीं ज़रूरत पड़ी तो निकल लेना वर्ण तुम अपने किसी काम में लगा देना वैसे भी अब तेरे कॉलेज शुरू हो जायेंगे तो वहां तुझे इन पैसों की ज़रूरत पद जाएगी

अमित : मगर

दीपिका ममी : अगर मगर छोड़ और अभी जा कर बैंक में जमा करवा दे यहाँ पड़े कहीं किसी की नज़र पद गयी तो सब फस्स जायेंगे

ममी की बात भी सही थी अगर माँ की नज़र पद गयी तो मैं क्या जवाब दूंगा . मैंने भी ममी की बात को मन्ना ठीक समझा और पैसे लेकर बैंक में चला गया जो टाउन में था और अपने बैंक कहते में जमा करवा दिए जो बाबा ने खुलवा कर दिया था मुझे. बैंक एम्प्लोयी ने मुझे एटीएम कार्ड लेने की सलाह भी दे दी और मैंने उसकी बात मन ली मुझे उसी वक़्त एक फॉर्म भरने क बाद एक एटीएम कार्ड मिल गया और बैंक से फ्री हो कर मैं घर आ गया .

मेरी ज़िन्दगी बहुत अछि चल रही थी रोज़ रत को दीपिका ममी या कामिनी ममी मेरे पास आ जाती और मैं उनकी छूट में पानी भर देता ता की बचा रिश्त पुष्ट हो बीच में पूजा भाभी क पास भी चक्कर लगा अत था मगर हर रोज़ नहीं जाता था मुझे पकड़े जाने का दर लगा रहता था.

10 दिन यूँ hi गुज़र गए इस दौरान मंजरी क स्कूल शुरू हो गए थे इस लिए वो दोपहर या शाम में थोड़ा सा वक़्त निकल कर मिल लेती थी मगर इतना वक़्त नहीं होता था क हम चुदाई कर सके. एक दिन मंजरी ने बताया क वो कल शहर जा रही है और 10/15 दिन वो वहीँ रुकने वाले हैं उनके चाचा क घर कोई फंक्शन भी था शायद

मंजरी मुझसे मिलते हुए रो रही थी और मैं उसे समझा रहा था क थोड़े डीबी की hi तो बात है ऐसे दिल छोटा न करो मैंने मंजरी को अपना फ़ोन no. लिख कर दे दिया ताकि वो टाइम निकल कर किसी क फ़ोन से मुझे फ़ोन करले . उसके बाद मैंने मंजरी को थोड़ा बहुत प्यार किया और वो घर चली गयी . पता नहीं मेरा भी दिल मंजरी क दूर जाने से उदास हो रहा था शायद मैं मंजरी से बहुत प्यार लग गया था वो पहली बार मुझसे दूर हो रही थी हालाँकि पेपर और कुश्ती की प्रैक्टिस क समय हम कितने hi दिन मिले नहीं थे मगर फिर भी पता था क वो अस्स पास है अब जब वो इतने दिनों क लिए शहर जा रही थी तो दिल में बहुत बेचैनी होने लगी थी .

मैं मंजरी से मिल कर उदास मन से घर आ गया मेरी शकल से दीपिका ममी ने अंदाज़ा लगा लिया और मेरे पीछे पीछे मेरे कमरे में आ गयी

दीपिका ममी : क्या हुआ ऐसा मुँह क्यों लटकाया हुआ है

अमित : ममी वो मंजरी

दीपिका ममी : क्या हुआ झगड़ा हो गया क्या उसके साथ

अमित : नहीं नहीं वो मंजरी शहर जा रही है वो भी 15 दिनों क लिए अपने चाचा क पास

दीपिका ममी : हाय रे मेरे मजनू बस इतनी स बात पर मुँह लटका लिया है मैं समझी पता नहीं क्या हो गया है

अमित : ममी जी मेरा दिल उसके दूर जाने से उदास हो रहा है मुझे कुछ समझ नहीं अति

दीपिका ममी : अरे बुद्धू इसमें उदास होने वाली कौन स बात है क्या वो कहीं जा भी नहीं सकती ? उसकी भी ज़िन्दगी है रिश्ते नाते हैं

अमित : पता नहीं ममी मगर वो भी रो रही थी उसे तो मैं समझा कर आ गया हूँ मगर अब मेरा भी वही हल है

दीपिका ममी : हम्म्म तो दोनों लैला मजनू का एक hi हल है . कोई बात नहीं तू चिंता मत कर जैसे hi मंजरी वापिस आएगी मैं दीदी से बात करुँगी तेरे और मंजरी क बारे में मगर साफ साफ सुनले अभी शादी नहीं होगी पहले तू अपनी स्टडी पूरी करेगा

अमित : सच !! ो मेरी प्यारी ममी

इतना कह कर मैं ममी क गले लग गया

दीपिका ममी : हट ! बड़े बेवफा हो तुम तो एक बीवी क होते हुए दूसरी को लाना चाहते हो और मेरे hi हाथो मेरी सौतें लाना चाहते हो शर्म नहीं अति

ममी मेरे साथ मज़ाक कर रही थी इस लिए मैंने भी उनको छेड़ने लगा

अमित : एक नहीं मेरे पास तो 2-2 बीवियां हैं और अब तीसरी भी आ जाएगी मगर आप क्यों चिंता करती हो मैं आपका पेट भरता रहूँगा

दीपिका ममी : हट बेशरम

मैंने ममी को किश किया और उन्होंने भी मुझे किश किया . थोड़ी देर में hi ममी ने मेरा मूड ठीक कर दिया था सच में ममी बहुत अछि थी मेरी हर मुश्किल चुटकी में हल कर देती थी अब तो मंजरी से मेरे रिश्ते का उन्होंने बोल दिया था जिससे मेरे अंदर की साडी टेंशन दूर हो गयी और मैं मूड फ्रेश कर क राजू क पास चला गया और उसके बाद खेतों में .

रत को खाने क टेबल पर बाबा ने सबको बताया की अगले हफ्ते का उन्होंने अपना और माँ का टिकट बुक करवा दिया है और वो दोनों उसी मंदिर में जा रहे हैं जहाँ उस दिन उस पंडित जी ने बताया था माँ को. बाबा ने बताया क उनको 5 दिन लगेंगे वहां.

अजय मां : भगवन करे भाभी की मुराद पूरी हो

कमलेश मां : भाभी मेरा दिल कहता है इस बार भगवन आपकी ज़रूर सुनेगा

कामिनी ममी : हाँ दीदी मेरा भी दिल कहता है जल्दी hi आपकी मुराद पूरी होगी

दीपिका ममी : भगवन आपको हमेशा खुश रखे दीदी

गौरी ममी : तुम सबका प्यार देख कर मुझे भी लगता है भगवन हमारी ज़रूर सुनेगा

खाना खाने क बाद सब अपने अपने कमरों में चले गए. रत की दीपिका ममी मेरे पास आयी मगर उनके चहरे पर चिंता थी

अमित : क्या बात है ममी जी आप किस चिंता में डूबी हैं

दीपिका ममी : मुझे दीदी की चिंता हो रही है अमित , वो अंदर से पहले hi बहुत टूट चुकी हैं और अगर इस बार भी वो माँ न बानी तो पता नहीं वो खुद को कैसे संभालेंगी. मैंने तो कहा भी था क डॉ क पास चलते हैं मगर वो तो यही कहती हैं क उन्हें भगवन पर भरोसा है. अब तो भगवन क आगे मैं भी हाथ जोड़ती हूँ क उनकी झोली भर दे मगर एक बात ये भी है क अगर भगवन चाहता तो दीदी कब की माँ बन चुकी होती ज़ाहिर है भैया या दीदी दोनों में से किसी एक में कोई न कोई कमी होगी जो अब तक दीदी माँ नहीं बानी

अमित : ये तो आपकी बात बिलकुल सही है आपकी बात से मुझे भी माँ की चिंता होने लगी है

दीपिका ममी और मैं दोनों माँ क बारे में बातें करते रहे आज दोनों में से किसी का दिल नहीं हुआ चुदाई करने का . कभी कभी एक साथ बैठ कर दिल की बातें करने में भी जो सुख मिलता है वो चुदाई से भी अलग एहसास दिलाता है .

खैर उस दिन क बाद माँ ख़ुशी ख़ुशी जाने की तैयारियों में लग गयी और मैं भी अपनी दुनिया में मस्त था . करते करते हफ्ता भी बीत गया . जिस दिन की माँ बाबा की रिजर्वेशन थी उस से एक दिन पहले शाम को बाबा थके हरे घर आये

गौरी ममी : क्या हुआ आप का चेहरा क्यों उतरा हुआ है

विजय मां : क्या सोचा था और क्या हो गया मैंने सोचा था कल तुम्हारे साथ यात्रा पर जाऊंगा और इधर नै मुश्किल में फास गया हूँ .

गौरी ममी : क्या हुआ है आप साफ साफ बताइये

विजय मां : वो पंचायत क काम काज को लेकर किसी ने शिकायत कर दी है और हमे अदालत में हाजिर होने को कहा गया है परसों मुझे भी जाना होगा अगर न हाज़िर हुए तो पुलिस लेने आ जाएगी

गौरी ममी : हाय राम , तो हम रहने देते हैं यात्रा पर जाना आप पहले अदालत का काम देखिये यात्रा पर फिर कभी चले जायेंगे शायद अभी वक़्त नहीं है

विजय मां : नहीं नहीं तुम निराश मत हो ऐसा करो तुम अमित क साथ चली जाओ

गौरी ममी : नहीं मैं आप क साथ hi जाउंगी पंडित जी ने कहा था क पुत्र प्राप्ति क लिए मुझे अपने पति क साथ hi जाना होगा

विजय मां : बच्चों जैसी बात मत करो गौरी . मैं अभी नहीं जा पाउँगा और फिर थोड़े दिनों में यात्रा भी समाप्त हो जाएगी तुम समझने की कोशिश करो . वैसे भी अमित हमारा बीटा है और बीटा hi अपने बाप की जगह ले सकता है एहि संसार का नियम है मेरे बाद अमित hi तो तुम्हे संभालेगा

गौरी ममी : ये आप कैसी बातें कर रहे हैं आपको मेरी उम्र भी लग जाये ऐसी अपशगुन की बातें मत किया करो आप

विजय मां : तो तुम्हे मेरी बात माननी होगी देखना भगवन इस बार तुम्हारी मुराद ज़रूर पूरी करेंगे. अब तुम तयारी करो मैं अमित को बोलता हूँ

उसके बाद बाबा ने मुझे अपने पास बुलाया और मुझे कल माँ क साथ जाने को कहा मैं भला कैसे इंकार कर सकता था. मगर जब मेरे जाने की बात कामिनी ममी और दीपिका ममी की पता चली तो उनका चेहरा उतर गया . रत का खाना खाने क बाद सब अपने कमरों में चले गए माँ ने मुझे अपनी पसंद क कपडे निकलने को कहा पैक करने क लिए , इस काम क लिए दीपिका ममी मेरी मदद करने क लिए आ गयी

हम दोनों जब कमरे में आये तो दीपिका ममी ने मुझे कास क गले लगा लिया उनके आँखों में पानी था शायद मेरे जाने से वो उदास हो रही थी

अमित : अरे अरे क्या हुआ ममी आप ऐसे उदास क्यों हो रही हैं मैं तो 5 दिन क लिए hi जा रहा हूँ

दीपिका ममी : मैं कितनी खुश थी क दीदी जा रही हैं तो हम घर में बिना किसी दर क प्यार करेंगे और अब तुम जा रहे हो

अमित : ाचा तो ये बात है तो ऐसा करते हैं जाने से पहले क्यों न आज की रत रंगीन की जाये

मेरी बात सुनकर ममी ने मेरे पेट में हलके हाथ से मुक्के मरे

दीपिका ममी : मेरा दिल बैठा जा रहा है और तुम्हे मज़ाक सूझ रहा है

अमित : आप चिंता मत करो बस 5 दिन में मैं आपके पास वापिस आ जाऊंगा फिर कसार निकल दूंगा

मैंने दीपिका ममी क होंठ चुम लिए उसके बाद ममी ने मेरा बैग पैक किया और मुझे फिर से गले मिल कर किश किया और चली गयी . दीपिका ममी क बाद कामिनी ममी भी आयी उनका भी हल दीपिका ममी जैसा hi था और उनको भी मैंने समझा बुझा कर भेज दिया इस वेड क साथ क वापिस आ कर उनको तबियत से प्यार करूँगा

सुबह जल्दी उठना था तो रत को किसी क साथ भी कोई प्रोग्राम नहीं बनाया . सुबह जल्दी उठ कर मैं तैयार हो गया . माँ क साथ कामिनी ममी और दीपिका ममी भी उठ चुकी थी और साथ ले जाने क लिए खाना तैयार कर क बांध दिया . कमलेश मां और विजय मां हमें अपनी अपनी मोटरसाइकिल पर बिठा कर टाउन क रेलवे स्टेशन पर ले गए . गाड़ी राइट टाइम थी मैंने बाबा और कमलेश मां से आशीर्वाद लिया बाबा ने मुझे खर्च करने क लिए पैसे दे दिए और माँ का ख्याल रखने को कहा. माँ बाबा क साथ न जाने से थोड़ा उदास हो रही थी मगर बाबा ने उन्हें ख़ुशी ख़ुशी जाने को कहा

ट्रैन अपने टाइम पर चल पड़ी और हमारी यात्रा शुरू हो गयी . हमने अपनी सीट पर सामान रख कर कुछ देर आराम किया 200 कम दूर मंदिर था जिसमे से 50 कम बस से जाना था. हम दोपहर को अपने आखरी स्टेशन पर पहुँच गए उसके बाद ह्यूमेन बस पकड़ी और रत होने से पहले हम आखिरी पड़ाव पर पहुँच गए जहाँ से आगे पैदल यात्रा थी . मैंने एक होटल में कमरा ले लिया और खाना खा कर सुबह की यात्रा शुरू करने क लिए आराम से सो गए. मैं भगवन से यही प्रार्थना कर रहा था क माँ की मुराद पूरी हो और उनके मन को भी शांति मिले शायद माँ बनने का बाद मेरे प्रति उनका बर्ताव बदल भी सकता है मगर मैं यही चाहता था क उनकी मुराद पूरी हो
 
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