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फिर वो शख्स अमित क कमरे की तरफ अत है , दरवाज़ा बंद था मगर लोच नहीं था इस लिए वो शख्स जब दरवाज़े को खोलने की कोशिश करता है तो दरवाज़ा खुल जाता है
कमरे क अंदर नाईट बल्ब की हलकी रौशनी थी मगर वो शख्स अछि तरह देख प् रहा था क अमित का जिस्म कमर से ऊपर बिलकुल नंगा था और वो सो रहा था बिस्तर पर बीएड शीट पूरी अस्त व्यस्त थी
एक नज़र देखने क बाद वो शख्स दरवाज़ा बंद कर क चुप चाप अपने कमरे में लौट अत है और अमित और दीपिका क बारे में सोचते हुए सो जाता है
अब आगे -
सुबह अमित अपनी रूटीन से स्कूल जाता है आज टीचर फाइनल एक्साम्स की डेट बता देते हैं बोर्ड की क्लास होने क कारन मंडे से सबको स्कूल से फ्री कर दिया गया और एक्साम्स की तयारी घर बैठ कर करने को कह दिया गया
एक्साम्स 10 दिन बाद शुरू होने वाले थे स्कूल से घर आकर अमित सबको अपने एक्साम्स का बता देता है
गौरी : ठीक है मंडे से तू कहीं बहार नहीं जाना न किसी दोस्त से मिलना न hi खेतों में जाना , फाइनल एक्साम्स हैं मन लगा कर पदों और अचे मार्क्स ले कर पास हो
अमित : माँ इतने दिन तो मैं बोआर हो जाऊंगा काम से खेतों में जाने की तो आज्ञा दे दीजिये
गौरी : बिलकुल नहीं और तू खेतों में क्या करेगा एक्साम्स देने क बाद लगे रहना खेतों में
अमित : माँ मेरी पूरी तयारी है आप चिंता न करे मैं सब कर लूंगा
गौरी : एक बार कह दिया तो कह दिया बस
दीपिका : दीदी ठीक कह रही हैं बस थोड़े दिनों की तो बात है वैसे भी चाहे तूने साडी तयारी की हुई है पर बार बार अपनी तयारी को और पक्का कर और स्कूल में टॉप कर क दिखा
कामिनी : अब सिर्फ पड़े पर hi ध्यान देना बाकि सब काम बंद करदे
खाना खाने क बाद सब आराम करने चले जाते हैं गौरी अमित को आज से hi घर में रहकर पड़े करने का बोल देती है
शाम तक अमित अपने कमरे में hi आराम करता है और शाम को बैठ कर पड़ने लगता है
हॉस्पिटल में आज रत को विजय रुकने वाला था रत का खाना सब मिल कर कहते हैं अजय और कमलेश घर पर थे विजय जा चूका था . खाना खा कर सब अपने अपने कमरों में चले जाते हैं सोने
अमित कमरे में आ कर पड़ने लगता है रत को 12 बजे क बाद दीपिका कमरे में आ जाती है और अमित पड़े कर रहा था
दीपिका : हम्म तो आज से hi काम शुरू कर दिया तुमने
अमित : माँ ने आज से hi खेतों में जाने से मन कर दिया तो सोचा आज से तयारी भी शुरू कर दी जाये
दीपिका : ये तुमने ाचा सोचा अगर किसी भी हेल्प की ज़रूरत हो स्टडी में तो बेजीकहाक बता देना मुझे ख़ुशी होगी
अमित : ज़रूर ममी जी आप को hi तो बताता हूँ पहले भी
दीपिका : और एक बात अब तुम्हारे एक्साम्स आ गए हैं तो हम तुम्हारे एक्साम्स ख़तम होने तक सेक्स नहीं करेंगे
अमित : आप इतनी टेंशन मत लीजिये मैं मैनेज कर सकता हूँ
दीपिका : नहीं मैं चाहती हूँ तुम सिर्फ स्टडी पर कंसन्ट्रेट करो और टॉप करो ताकि आगे पड़े कर क अपनी लाइफ को सेट कर सको वर्ण तुम भी यहीं खेतो में hi फास कर रह जाओगे
अमित : ममी जी मैं आगे पड़ना तो चाहता हूँ मगर जो सुकून यहाँ गाओं की मिटटी में मुझे मिलता है वो शहर में नहीं मिलेगा
दीपिका : वो बाद की बात है क्या करना है क्या नहीं फ़िलहाल तुम्हारे एक्साम्स हैं तो कल से सेक्स बंद
अमित : कल से ?
दीपिका : मुस्कुराते हुए ) आज आखिरी बार इसके बाद एक्साम्स ख़तम होने क बाद
अमित अपनी किताबें बंद कर क दीपिका पर टूट पड़ता है और उसकी धुआंधार चुदाई करता है क्यूंकि इसके बाद एक महीने तक उसे दोबारा मौका नहीं मिलने वाला था इस लिए अमित आज hi साडी कसार निकल देना चाहता था
अमित दीपिका को साडी रत अपने लैंड पर नाचता रहता है और दीपिका भी मज़े ले ले कर चुदाई करवाती रहती है
सुबह 4 बजे तक 3 राउंड चुदाई कर क दोनों थक गए थे दीपिका बड़ी मुश्किल से खुद को संभल कर अपने कमरे में लौट जाती है
मगर आज 2 आँखों ने अमित और दीपिका की रास लीला का लाइव शो देखा था और उस शख्स की काम वासना इस शो क बाद बहुत भड़क गयी थी
मगर ममी भांजे का ये नाजायज़ रिश्ता जान कर उसको गुस्सा भी बहुत आ रहा था
आधे घंटे तक दीपिका को अमित का तगड़ा मुसल जैसा लैंड चूसते और उस मुसल की सवारी करते देख कर वो शख्स हैरान था और उसकी छूट से पानी की नदियां बहने लगी थी , सारा जिस्म काम वासना से उत्तेजित हो कर कांपने लगा था
चुदाई का लाइव शो देखते देखते hi उस शख्स की साडी छूट क पानी से भीग गयी थी और छूट रास छूट से बेहटा हुआ पाऊँ की एड़िओं तक पहुँच गया था
और ज्यादा उससे बर्दाश्त नहीं होता और वो शख्स एक बार बाथरूम में जाकर अपनी छूट में उंगली करता है और फिर से पानी बहकर खुद को शांत करता है मगर उसकी आँखों में बार बार अमित का hi लैंड घूम रहा था
रत देर तक जागने और चुदाई की मेहनत से अमित सुबह देर तक सोता रहता है और दीपिका भी देर से जगती है
गौरी : आज क्या बात है दोनों ममी भांजा देर तक सोये , क्या करते रहे रत भर
दीपिका गौरी क सवाल से हद बड़ा जाती है
दीपिका : वो वो मैं तो अपने कमरे में hi थी मुझे क्या पता अमित का
गौरी : मैंने कब कहा तुझे पता है मैं तो इस लिए पुछा क तुम आज देर से उठी रोज़ तो जल्दी उठ जाती हो
और वो भी अभी जगा है आज अखाड़े भी नहीं गया
कामिनी : क्या दीदी आप भी , लगता है देवर जी ने सोने नहीं दिया होगा hi hi hi
दीपिका शर्मा जाती है
दीपिका : क्या दीदी आप भी शुरू हो गयी ऐसी कोई बात भी है और रही अमित की बात तो वो साडी रत पड़े कर रहा था मैं दूध देने गयी थी तो मैंने देखा था
अमित नाश्ता कर क स्कूल चला जाता है
घर क काम से फ्री होकर गौरी अपने कमरे में चली जाती है और दीपिका अपने कमरे में कामिनी दीपिका से मिलने उसके कमरे में जाती है
दीपिका कामिनी को कमरे में देख कर
दीपिका : दीदी आप ? मुझे आवाज़ दे देती मैं आ जाती आपके पास
कामिनी : क्यों , मैं नहीं आ सकती क्या? वैसे भी मुझे तुमसे बात करनी थी इसी लिए मैं चली आयी
दीपिका : कहिये क्या बात करनी थी
कामिनी : इतने सालों बाद तुम माँ बनने जा रही हो कैसे लगता है तुम्हे
दीपिका : क्या बताऊँ दीदी मैं कितनी खुश हूँ भगवन ने मेरी सुनली मुझसे तो इंतज़ार नहीं हो रहा बस जी चाहता है जल्दी से मैं माँ बन जॉन और अपने बचे को अपनी गॉड मि खिलौन
दुनिया भर क ताने सुन सुन कर मेरे कान पाक गए थे
कामिनी : वैसे ये सब हुआ कैसे मेरा मतलब है क शादी क इतने सैलून तक तुम माँ नहीं बन पायी और अब अचानक ये सब कैसे हो गया ये किसका चमत्कार है?
दीपिका : मतलब ?
कामिनी : मतलब ये क इस बचे का असली बाप कोण है
दीपिका कामिनी की बात सुनते hi गुस्से में आ जाती है और कामिनी से कहती है
दीपिका : ये आप क्या कह रही हैं दीदी आप होश में तो हैं
कामिनी : मैं अछि तरह जानती हूँ मैं क्या कह रही हूँ और तू अब मुझे सब कुछ सच सच बता
दीपिका : लगता है आप का दिमाग ठिकाने पर नहीं है जो आप मुझसे ऐसे बात कर रही हैं आप जाइये अपने कमरे में आराम कीजिये
कामिनी : पहले मेरे सवाल का जवाब दो क तुम्हारे पेट में किसका बचा है
दीपिका का गुस्सा कण्ट्रोल से बहार होने लगता है
दीपिका : बस दीदी और कोई बात मत कहियेगा मैं आपकी इज़्ज़त करती हूँ मगर लगता है आप रिश्तों का लिहाज़ भूल गयी हैं
कामिनी : रिश्तों का लिहाज़ में भूल गयी हूँ ? और तुम जो अपने hi बेटे जैसे भांजे से रत को छुप छुप कर चुदाई करवाती फिरती हो तब तुम्हे रिश्तों की फ़िक्र नहीं होती
कामिनी की बात सुनते hi दीपिका क होश उड़ जाते हैं उसकी हालत ऐसे हो जाती है मनो काटो तो खून नहीं दीपिका सर झुका लेती है और शर्मिंदगी से वो ज़मीन में धसी जा रही थी उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं
कामिनी : अब चुप क्यों हो जवाब दो
दीपिका कोई जवाब नहीं देती बस रोये जाती है
कामिनी : क्या तुम्हारे पेट में जो बचा है उसका बाप अमित है ?
दीपिका फिर भी कोई जवाब नहीं देती
कामिनी : लगता है मुझे दीदी से बात करनी पड़ेगी
दीपिका जल्दी से कामिनी क पाऊँ में गिर जाती है
दीपिका : नहीं ऐसा मत करना दीदी वर्ण सब कुछ तबाह हो जायेगा प्लीज आप माफ़ कार्डो मुझे प्लीज दीदी अगर आपने बड़ी दीदी को बता दिया तो वो बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी और फिर अमित का क्या होगा
कामिनी : ाचा !! तो तुझे अपनी नहीं उसकी टेंशन है , इतना प्यारा हो गया वो तुझे ,, हो भी क्यों न तुझे माँ जो बना दिया है उसने
कामिनी की एक एक बात दीपिका क दिल को छलनी कर रही थी और दीपिका क पास उसकी किसी बात का कोई जवाब नहीं था , दीपिका टी छह रही थी क काश धरती फट जाये और वो उसमे समां जाये
कामिनी : की मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था क तू ऐसी निकलेगी तुझे ज़रा भी ख्याल नहीं आया मान मर्यादा का
और वो अमित मुझे लगने लगा था क मैंने साडी उम्र उसे ज़लील करती रही मैंने उसके साथ गलत किया
मगर अब लगता है वो इसी क लायक है , वो तो रामु से भी एक कदम आगे निकला
दीपिका अमित क बारे में कामिनी की बातें बर्दाश्त नहीं कर पायी और बोल पड़ी
दीपिका : आप मुझे जो चाहे कह लें मगर अमित को कुछ मत कहिये इसमें उसकी कोई गलती नहीं है , उसे मैंने hi मजबूर किया था
कामिनी : तू उसके पाप पर पर्दा दाल रही है उसकी भला क्या मज़बूरी होगी ऐसा पाप करने की
दीपिका : आप जानती hi क्या हैं अगर सच जानना है तो सुनिए
हाँ मेरे पेट में पलने वाले बचे का बाप अमित है और मैं खुश हूँ क मैं उसके बचे की माँ बनने वाली हूँ
आप का देवर तू मुझे माँ बना नहीं सका उल्टा अपनी कमज़ोरी को मेरे माथे पर मढ़ दिया और मुझे बाँझ कहने लगा
कौन स औरत भला ये बर्दाश्त कर सकती है
फिर दीपिका कामिनी को कमलेश और मीणा क चक्कर क बारे में सब बताती है और ये भी क कैसे उस रत अमित ने उसे बचाया और उसने अमित को मजबूर किया
दीपिका : अमित का कोई दोष नहीं है दीदी उसने तो मुझ पर उपकार किया है और इस घर को लूटने से बचाया है , अमित जैसा तो कोई लाखों में एक होता है मैं खुश हूँ क मैं उसके बचे की माँ बनूँगी और मुझे पूरा यकीन है क ये बचा उसके जैसा होगा
कामिनी दीपिका की साडी कहानी सुनने क बाद साडी बातों को गौर से सोच रही थी आखिर दीपिका ने जो किया वो गलत तो नहीं था
बाँझ होने का दुःख वो अछि तरह जानती थी ऊपर से कमलेश ने जो कुछ किया कोई भी औरत ऐसा hi करेगी या जान दे देगी
अमित ने दीपिका की न सिर्फ जान बचाई थी बल्कि उसे नयी ज़िन्दगी भी दी थी
दीपिका : मैंने आपको सब सच बता दिया दीदी आगे जो आपका फैसला होगा वो मुझे मंज़ूर होगा
कामिनी : रो मत छोटी मुझे माफ़ करदे मैंने तुझे गलत समझा . तुमने जो भी किया वो समाज की नज़र में चाहे गलत हो मगर एक औरत की नज़र से गलत नहीं हो सकता
तू मुझे माफ़ करदे मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी
दीपिका : दीदी आप प्लीज अमित की तरफ मन मैला मत करना वो बहुत ाचा है उसका दिल बहुत बड़ा है वो सब से प्यार करता है
कामिनी दीपिका का मूड ठीक करने और माहौल को हल्का करने क लिए दीपिका को छेड़ती है
कामिनी : हाँ दिल क साथ उसका और भी कुछ बड़ा है देखा है मैंने
दीपिका शॉकेड हो जाती है और अगले hi पल कामिनी को उसी की भाषा में जवाब देती है
दीपिका : लगता है आपको पसंद आ गया है अमित बड़ा पैन
दीपिका जान बुझ कर बड़ा शब्द को खींचती है
कामिनी : न बाबा न तुम्हे hi मुबारक मुझे ज़रूरत नहीं है
दीपिका : आपको ज़रूरत क्यों नहीं ? कब तक उंगली करती रहेंगी मैं तो कहती हूँ घर की बात है आप भी मोके का फायदा उठा लीजिये आपको डूबल फायदा होगा
एक तो आप भी माँ बन जाएँगी ऊपर से आपकी इतने साल की तड़प भी मिट जाएगी
कामिनी : रहने दे मैं ऐसे hi ठीक हूँ
दीपिका : एक बार तरय तो कीजिये आप सब भूल जाएँगी
कामिनी : लगता है तुम्हे घोड़े की सवारी कुछ ज्यादा hi रास आ गयी है
दीपिका सवालिया नज़रों से कामिनी को देखती है
कामिनी : कल रत तुम्हारा लाइव शो देखा मैंने कैसे तुम घुड़ सवारी कर रही थी
दीपिका : फिर तो आपको लाइव देख कर पूरा मज़ा आया होगा और फिर आपकी उंगलियां थक गयी होंगी
कामिनी : हैट बे शरण मैं ऐसा कुछ नहीं करती
दीपिका : झूठ मत बोलिये मैंने कई बार रत को आपको बाथरूम में उंगली करते अपने कानो से सुना है
कामिनी शर्मा जाती है
कामिनी : वो वो वो ज़रूरी थोड़ा है मैं hi हूँ वो दीदी भी तो हो सकती है
दीपिका : वो आप hi थी क्यूंकि गौरी दीदी को तो बड़े जेठ जी ठंडा कर देते होंगे मगर अजय भैया क बारे में आप मुझे खुद बता चुकी हैं
कामिनी को कोई जवाब नहीं सूझता
दीपिका कामिनी क कंधे पर हाथ रखती है
दीपिका : मैं जानती हूँ दीदी हर औरत को मर्द की ज़रूरत होती है और आप इतने सैलून से जो सजा भुगत रही हैं अब उससे मुक्त हो जाइये अगर आप कहें तो मैं अमित को तैयार करती हूँ आपके लिए
कामिनी : नहीं नहीं छोटी ये सब गलत है तुमने तो अपनी मज़बूरी में ये सब किया मगर मैं ये नहीं कर सकती अगर किसी को पता चल गया तो मैं किसी को मुँह दिखने क काबिल नहीं रहूंगी और अमित क्या सोचेगा मेरे बारे में , नहीं नहीं तू रहने दे जैसे चल रहा है चलने दे
अब तू आराम कर मैं चलती हूँ
कामिनी अपने कमरे में चली जाती है दीपिका कामिनी की बातों क बारे में सोचने लगती है
“ दीदी कब से काँटों की सेज़ पर सो रही हैं उनका दिल भी तो करता होगा वो सब करने का उनकी बातों से लगता है क वो भी करना तो चाहती हैं मगर डर्टी हैं किसी को पता न चले और अमित क्या सोचेगा उनके बारे में , मुझे अमित से बात करनी होगी और उसको मानना होगा मगर अभी तो उसको एक्साम्स तक कुछ नहीं कह सकती ”
कामिनी अपने कमरे में जाकर बीएड पर लेट जाती है मगर उसका दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था आज पहली बार उसने किसी से ऐसी बातें की थी , सिर्फ बातों से hi वो कितना उत्तेजित हो गयी थी और उसकी आँखों क सामने रत का अमित और दीपिका की चुदाई का मंज़र आने लगा
कामिनी को पता hi न चला कब उसका हाथ उसकी छूट पर पहुँच कर उसे सहलाने लगा , कामिनी फिर से उत्तेजित हो गयी और जल्दी से अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर क साडी ऊपर उठाकर छूट में उंगली करने लगी
छूट में उंगली करते करते कामिनी आँखें बंद कर क अमित क लैंड को यद् करने लगी
“ आअह्ह्ह्हह कक्कक्स आआह्ह्ह्हह कितना बड़ा है आअह्ह्ह्हह ककक ये तो मेरी छूट फाड़ क रख देगा आआह्ह्ह्हह्ह कक्कक्स मेरी छूट फैट जाएगी कक्कवस्क्स ाआजहःहः कितना मज़ा आएगा कक्कक्क्स आआअह्हह्ह्ह्हह ऊऊह्ह्ह्हह्ह छूट भोसड़ा बन जाएगी आआअह्हह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ह्म्मम्म्म्म कक्ककव आआअह्हह्ह्ह्ह ामीटटटटट आआह्ह्ह्ह फाड़ दे मेरी चुत कक्कक्क्स आअह्ह्ह्ह मैं भी तो तेरी ममी हूँ आआह्ह्ह्हह मुझे भी अपने लैंड की सवारी करवा दे रे आआह्ह्ह्हह्ह हम्म्म्म ककक
ऐसे सिसकीअन लेती छूट में उंगली चलती अमित क लैंड को यद् करती कामिनी अपना पानी छोड़ देती है
अमित स्कूल से वापिस आ कर खाना खता है अपने कमरे में आराम करने लगता है
कामिनी आज खाना कहते वक़्त अमित को प्यासी नज़रों से देख रही थी जिसे दीपिका नोट कर लेती है और मन hi मन मुस्कुराने लगती है
अजय सबको बताता है क कल रामु का बाप उसे लेने आ जायेगा उसकी बात हो गयी है
अजय : कामिनी तुम रामु का सामान बांध देना
कामिनी सर हाँ में हिला देती है
खाने क बाद अजय खेतों में चला जाता है और गौरी कामिनी दीपिका अपने कमरों में आराम करने लगती हैं
फिर वो शख्स अमित क कमरे की तरफ अत है , दरवाज़ा बंद था मगर लोच नहीं था इस लिए वो शख्स जब दरवाज़े को खोलने की कोशिश करता है तो दरवाज़ा खुल जाता है
कमरे क अंदर नाईट बल्ब की हलकी रौशनी थी मगर वो शख्स अछि तरह देख प् रहा था क अमित का जिस्म कमर से ऊपर बिलकुल नंगा था और वो सो रहा था बिस्तर पर बीएड शीट पूरी अस्त व्यस्त थी
एक नज़र देखने क बाद वो शख्स दरवाज़ा बंद कर क चुप चाप अपने कमरे में लौट अत है और अमित और दीपिका क बारे में सोचते हुए सो जाता है
अब आगे -
सुबह अमित अपनी रूटीन से स्कूल जाता है आज टीचर फाइनल एक्साम्स की डेट बता देते हैं बोर्ड की क्लास होने क कारन मंडे से सबको स्कूल से फ्री कर दिया गया और एक्साम्स की तयारी घर बैठ कर करने को कह दिया गया
एक्साम्स 10 दिन बाद शुरू होने वाले थे स्कूल से घर आकर अमित सबको अपने एक्साम्स का बता देता है
गौरी : ठीक है मंडे से तू कहीं बहार नहीं जाना न किसी दोस्त से मिलना न hi खेतों में जाना , फाइनल एक्साम्स हैं मन लगा कर पदों और अचे मार्क्स ले कर पास हो
अमित : माँ इतने दिन तो मैं बोआर हो जाऊंगा काम से खेतों में जाने की तो आज्ञा दे दीजिये
गौरी : बिलकुल नहीं और तू खेतों में क्या करेगा एक्साम्स देने क बाद लगे रहना खेतों में
अमित : माँ मेरी पूरी तयारी है आप चिंता न करे मैं सब कर लूंगा
गौरी : एक बार कह दिया तो कह दिया बस
दीपिका : दीदी ठीक कह रही हैं बस थोड़े दिनों की तो बात है वैसे भी चाहे तूने साडी तयारी की हुई है पर बार बार अपनी तयारी को और पक्का कर और स्कूल में टॉप कर क दिखा
कामिनी : अब सिर्फ पड़े पर hi ध्यान देना बाकि सब काम बंद करदे
खाना खाने क बाद सब आराम करने चले जाते हैं गौरी अमित को आज से hi घर में रहकर पड़े करने का बोल देती है
शाम तक अमित अपने कमरे में hi आराम करता है और शाम को बैठ कर पड़ने लगता है
हॉस्पिटल में आज रत को विजय रुकने वाला था रत का खाना सब मिल कर कहते हैं अजय और कमलेश घर पर थे विजय जा चूका था . खाना खा कर सब अपने अपने कमरों में चले जाते हैं सोने
अमित कमरे में आ कर पड़ने लगता है रत को 12 बजे क बाद दीपिका कमरे में आ जाती है और अमित पड़े कर रहा था
दीपिका : हम्म तो आज से hi काम शुरू कर दिया तुमने
अमित : माँ ने आज से hi खेतों में जाने से मन कर दिया तो सोचा आज से तयारी भी शुरू कर दी जाये
दीपिका : ये तुमने ाचा सोचा अगर किसी भी हेल्प की ज़रूरत हो स्टडी में तो बेजीकहाक बता देना मुझे ख़ुशी होगी
अमित : ज़रूर ममी जी आप को hi तो बताता हूँ पहले भी
दीपिका : और एक बात अब तुम्हारे एक्साम्स आ गए हैं तो हम तुम्हारे एक्साम्स ख़तम होने तक सेक्स नहीं करेंगे
अमित : आप इतनी टेंशन मत लीजिये मैं मैनेज कर सकता हूँ
दीपिका : नहीं मैं चाहती हूँ तुम सिर्फ स्टडी पर कंसन्ट्रेट करो और टॉप करो ताकि आगे पड़े कर क अपनी लाइफ को सेट कर सको वर्ण तुम भी यहीं खेतो में hi फास कर रह जाओगे
अमित : ममी जी मैं आगे पड़ना तो चाहता हूँ मगर जो सुकून यहाँ गाओं की मिटटी में मुझे मिलता है वो शहर में नहीं मिलेगा
दीपिका : वो बाद की बात है क्या करना है क्या नहीं फ़िलहाल तुम्हारे एक्साम्स हैं तो कल से सेक्स बंद
अमित : कल से ?
दीपिका : मुस्कुराते हुए ) आज आखिरी बार इसके बाद एक्साम्स ख़तम होने क बाद
अमित अपनी किताबें बंद कर क दीपिका पर टूट पड़ता है और उसकी धुआंधार चुदाई करता है क्यूंकि इसके बाद एक महीने तक उसे दोबारा मौका नहीं मिलने वाला था इस लिए अमित आज hi साडी कसार निकल देना चाहता था
अमित दीपिका को साडी रत अपने लैंड पर नाचता रहता है और दीपिका भी मज़े ले ले कर चुदाई करवाती रहती है
सुबह 4 बजे तक 3 राउंड चुदाई कर क दोनों थक गए थे दीपिका बड़ी मुश्किल से खुद को संभल कर अपने कमरे में लौट जाती है
मगर आज 2 आँखों ने अमित और दीपिका की रास लीला का लाइव शो देखा था और उस शख्स की काम वासना इस शो क बाद बहुत भड़क गयी थी
मगर ममी भांजे का ये नाजायज़ रिश्ता जान कर उसको गुस्सा भी बहुत आ रहा था
आधे घंटे तक दीपिका को अमित का तगड़ा मुसल जैसा लैंड चूसते और उस मुसल की सवारी करते देख कर वो शख्स हैरान था और उसकी छूट से पानी की नदियां बहने लगी थी , सारा जिस्म काम वासना से उत्तेजित हो कर कांपने लगा था
चुदाई का लाइव शो देखते देखते hi उस शख्स की साडी छूट क पानी से भीग गयी थी और छूट रास छूट से बेहटा हुआ पाऊँ की एड़िओं तक पहुँच गया था
और ज्यादा उससे बर्दाश्त नहीं होता और वो शख्स एक बार बाथरूम में जाकर अपनी छूट में उंगली करता है और फिर से पानी बहकर खुद को शांत करता है मगर उसकी आँखों में बार बार अमित का hi लैंड घूम रहा था
रत देर तक जागने और चुदाई की मेहनत से अमित सुबह देर तक सोता रहता है और दीपिका भी देर से जगती है
गौरी : आज क्या बात है दोनों ममी भांजा देर तक सोये , क्या करते रहे रत भर
दीपिका गौरी क सवाल से हद बड़ा जाती है
दीपिका : वो वो मैं तो अपने कमरे में hi थी मुझे क्या पता अमित का
गौरी : मैंने कब कहा तुझे पता है मैं तो इस लिए पुछा क तुम आज देर से उठी रोज़ तो जल्दी उठ जाती हो
और वो भी अभी जगा है आज अखाड़े भी नहीं गया
कामिनी : क्या दीदी आप भी , लगता है देवर जी ने सोने नहीं दिया होगा hi hi hi
दीपिका शर्मा जाती है
दीपिका : क्या दीदी आप भी शुरू हो गयी ऐसी कोई बात भी है और रही अमित की बात तो वो साडी रत पड़े कर रहा था मैं दूध देने गयी थी तो मैंने देखा था
अमित नाश्ता कर क स्कूल चला जाता है
घर क काम से फ्री होकर गौरी अपने कमरे में चली जाती है और दीपिका अपने कमरे में कामिनी दीपिका से मिलने उसके कमरे में जाती है
दीपिका कामिनी को कमरे में देख कर
दीपिका : दीदी आप ? मुझे आवाज़ दे देती मैं आ जाती आपके पास
कामिनी : क्यों , मैं नहीं आ सकती क्या? वैसे भी मुझे तुमसे बात करनी थी इसी लिए मैं चली आयी
दीपिका : कहिये क्या बात करनी थी
कामिनी : इतने सालों बाद तुम माँ बनने जा रही हो कैसे लगता है तुम्हे
दीपिका : क्या बताऊँ दीदी मैं कितनी खुश हूँ भगवन ने मेरी सुनली मुझसे तो इंतज़ार नहीं हो रहा बस जी चाहता है जल्दी से मैं माँ बन जॉन और अपने बचे को अपनी गॉड मि खिलौन
दुनिया भर क ताने सुन सुन कर मेरे कान पाक गए थे
कामिनी : वैसे ये सब हुआ कैसे मेरा मतलब है क शादी क इतने सैलून तक तुम माँ नहीं बन पायी और अब अचानक ये सब कैसे हो गया ये किसका चमत्कार है?
दीपिका : मतलब ?
कामिनी : मतलब ये क इस बचे का असली बाप कोण है
दीपिका कामिनी की बात सुनते hi गुस्से में आ जाती है और कामिनी से कहती है
दीपिका : ये आप क्या कह रही हैं दीदी आप होश में तो हैं
कामिनी : मैं अछि तरह जानती हूँ मैं क्या कह रही हूँ और तू अब मुझे सब कुछ सच सच बता
दीपिका : लगता है आप का दिमाग ठिकाने पर नहीं है जो आप मुझसे ऐसे बात कर रही हैं आप जाइये अपने कमरे में आराम कीजिये
कामिनी : पहले मेरे सवाल का जवाब दो क तुम्हारे पेट में किसका बचा है
दीपिका का गुस्सा कण्ट्रोल से बहार होने लगता है
दीपिका : बस दीदी और कोई बात मत कहियेगा मैं आपकी इज़्ज़त करती हूँ मगर लगता है आप रिश्तों का लिहाज़ भूल गयी हैं
कामिनी : रिश्तों का लिहाज़ में भूल गयी हूँ ? और तुम जो अपने hi बेटे जैसे भांजे से रत को छुप छुप कर चुदाई करवाती फिरती हो तब तुम्हे रिश्तों की फ़िक्र नहीं होती
कामिनी की बात सुनते hi दीपिका क होश उड़ जाते हैं उसकी हालत ऐसे हो जाती है मनो काटो तो खून नहीं दीपिका सर झुका लेती है और शर्मिंदगी से वो ज़मीन में धसी जा रही थी उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं
कामिनी : अब चुप क्यों हो जवाब दो
दीपिका कोई जवाब नहीं देती बस रोये जाती है
कामिनी : क्या तुम्हारे पेट में जो बचा है उसका बाप अमित है ?
दीपिका फिर भी कोई जवाब नहीं देती
कामिनी : लगता है मुझे दीदी से बात करनी पड़ेगी
दीपिका जल्दी से कामिनी क पाऊँ में गिर जाती है
दीपिका : नहीं ऐसा मत करना दीदी वर्ण सब कुछ तबाह हो जायेगा प्लीज आप माफ़ कार्डो मुझे प्लीज दीदी अगर आपने बड़ी दीदी को बता दिया तो वो बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी और फिर अमित का क्या होगा
कामिनी : ाचा !! तो तुझे अपनी नहीं उसकी टेंशन है , इतना प्यारा हो गया वो तुझे ,, हो भी क्यों न तुझे माँ जो बना दिया है उसने
कामिनी की एक एक बात दीपिका क दिल को छलनी कर रही थी और दीपिका क पास उसकी किसी बात का कोई जवाब नहीं था , दीपिका टी छह रही थी क काश धरती फट जाये और वो उसमे समां जाये
कामिनी : की मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था क तू ऐसी निकलेगी तुझे ज़रा भी ख्याल नहीं आया मान मर्यादा का
और वो अमित मुझे लगने लगा था क मैंने साडी उम्र उसे ज़लील करती रही मैंने उसके साथ गलत किया
मगर अब लगता है वो इसी क लायक है , वो तो रामु से भी एक कदम आगे निकला
दीपिका अमित क बारे में कामिनी की बातें बर्दाश्त नहीं कर पायी और बोल पड़ी
दीपिका : आप मुझे जो चाहे कह लें मगर अमित को कुछ मत कहिये इसमें उसकी कोई गलती नहीं है , उसे मैंने hi मजबूर किया था
कामिनी : तू उसके पाप पर पर्दा दाल रही है उसकी भला क्या मज़बूरी होगी ऐसा पाप करने की
दीपिका : आप जानती hi क्या हैं अगर सच जानना है तो सुनिए
हाँ मेरे पेट में पलने वाले बचे का बाप अमित है और मैं खुश हूँ क मैं उसके बचे की माँ बनने वाली हूँ
आप का देवर तू मुझे माँ बना नहीं सका उल्टा अपनी कमज़ोरी को मेरे माथे पर मढ़ दिया और मुझे बाँझ कहने लगा
कौन स औरत भला ये बर्दाश्त कर सकती है
फिर दीपिका कामिनी को कमलेश और मीणा क चक्कर क बारे में सब बताती है और ये भी क कैसे उस रत अमित ने उसे बचाया और उसने अमित को मजबूर किया
दीपिका : अमित का कोई दोष नहीं है दीदी उसने तो मुझ पर उपकार किया है और इस घर को लूटने से बचाया है , अमित जैसा तो कोई लाखों में एक होता है मैं खुश हूँ क मैं उसके बचे की माँ बनूँगी और मुझे पूरा यकीन है क ये बचा उसके जैसा होगा
कामिनी दीपिका की साडी कहानी सुनने क बाद साडी बातों को गौर से सोच रही थी आखिर दीपिका ने जो किया वो गलत तो नहीं था
बाँझ होने का दुःख वो अछि तरह जानती थी ऊपर से कमलेश ने जो कुछ किया कोई भी औरत ऐसा hi करेगी या जान दे देगी
अमित ने दीपिका की न सिर्फ जान बचाई थी बल्कि उसे नयी ज़िन्दगी भी दी थी
दीपिका : मैंने आपको सब सच बता दिया दीदी आगे जो आपका फैसला होगा वो मुझे मंज़ूर होगा
कामिनी : रो मत छोटी मुझे माफ़ करदे मैंने तुझे गलत समझा . तुमने जो भी किया वो समाज की नज़र में चाहे गलत हो मगर एक औरत की नज़र से गलत नहीं हो सकता
तू मुझे माफ़ करदे मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी
दीपिका : दीदी आप प्लीज अमित की तरफ मन मैला मत करना वो बहुत ाचा है उसका दिल बहुत बड़ा है वो सब से प्यार करता है
कामिनी दीपिका का मूड ठीक करने और माहौल को हल्का करने क लिए दीपिका को छेड़ती है
कामिनी : हाँ दिल क साथ उसका और भी कुछ बड़ा है देखा है मैंने
दीपिका शॉकेड हो जाती है और अगले hi पल कामिनी को उसी की भाषा में जवाब देती है
दीपिका : लगता है आपको पसंद आ गया है अमित बड़ा पैन
दीपिका जान बुझ कर बड़ा शब्द को खींचती है
कामिनी : न बाबा न तुम्हे hi मुबारक मुझे ज़रूरत नहीं है
दीपिका : आपको ज़रूरत क्यों नहीं ? कब तक उंगली करती रहेंगी मैं तो कहती हूँ घर की बात है आप भी मोके का फायदा उठा लीजिये आपको डूबल फायदा होगा
एक तो आप भी माँ बन जाएँगी ऊपर से आपकी इतने साल की तड़प भी मिट जाएगी
कामिनी : रहने दे मैं ऐसे hi ठीक हूँ
दीपिका : एक बार तरय तो कीजिये आप सब भूल जाएँगी
कामिनी : लगता है तुम्हे घोड़े की सवारी कुछ ज्यादा hi रास आ गयी है
दीपिका सवालिया नज़रों से कामिनी को देखती है
कामिनी : कल रत तुम्हारा लाइव शो देखा मैंने कैसे तुम घुड़ सवारी कर रही थी
दीपिका : फिर तो आपको लाइव देख कर पूरा मज़ा आया होगा और फिर आपकी उंगलियां थक गयी होंगी
कामिनी : हैट बे शरण मैं ऐसा कुछ नहीं करती
दीपिका : झूठ मत बोलिये मैंने कई बार रत को आपको बाथरूम में उंगली करते अपने कानो से सुना है
कामिनी शर्मा जाती है
कामिनी : वो वो वो ज़रूरी थोड़ा है मैं hi हूँ वो दीदी भी तो हो सकती है
दीपिका : वो आप hi थी क्यूंकि गौरी दीदी को तो बड़े जेठ जी ठंडा कर देते होंगे मगर अजय भैया क बारे में आप मुझे खुद बता चुकी हैं
कामिनी को कोई जवाब नहीं सूझता
दीपिका कामिनी क कंधे पर हाथ रखती है
दीपिका : मैं जानती हूँ दीदी हर औरत को मर्द की ज़रूरत होती है और आप इतने सैलून से जो सजा भुगत रही हैं अब उससे मुक्त हो जाइये अगर आप कहें तो मैं अमित को तैयार करती हूँ आपके लिए
कामिनी : नहीं नहीं छोटी ये सब गलत है तुमने तो अपनी मज़बूरी में ये सब किया मगर मैं ये नहीं कर सकती अगर किसी को पता चल गया तो मैं किसी को मुँह दिखने क काबिल नहीं रहूंगी और अमित क्या सोचेगा मेरे बारे में , नहीं नहीं तू रहने दे जैसे चल रहा है चलने दे
अब तू आराम कर मैं चलती हूँ
कामिनी अपने कमरे में चली जाती है दीपिका कामिनी की बातों क बारे में सोचने लगती है
“ दीदी कब से काँटों की सेज़ पर सो रही हैं उनका दिल भी तो करता होगा वो सब करने का उनकी बातों से लगता है क वो भी करना तो चाहती हैं मगर डर्टी हैं किसी को पता न चले और अमित क्या सोचेगा उनके बारे में , मुझे अमित से बात करनी होगी और उसको मानना होगा मगर अभी तो उसको एक्साम्स तक कुछ नहीं कह सकती ”
कामिनी अपने कमरे में जाकर बीएड पर लेट जाती है मगर उसका दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था आज पहली बार उसने किसी से ऐसी बातें की थी , सिर्फ बातों से hi वो कितना उत्तेजित हो गयी थी और उसकी आँखों क सामने रत का अमित और दीपिका की चुदाई का मंज़र आने लगा
कामिनी को पता hi न चला कब उसका हाथ उसकी छूट पर पहुँच कर उसे सहलाने लगा , कामिनी फिर से उत्तेजित हो गयी और जल्दी से अपने कमरे का दरवाज़ा बंद कर क साडी ऊपर उठाकर छूट में उंगली करने लगी
छूट में उंगली करते करते कामिनी आँखें बंद कर क अमित क लैंड को यद् करने लगी
“ आअह्ह्ह्हह कक्कक्स आआह्ह्ह्हह कितना बड़ा है आअह्ह्ह्हह ककक ये तो मेरी छूट फाड़ क रख देगा आआह्ह्ह्हह्ह कक्कक्स मेरी छूट फैट जाएगी कक्कवस्क्स ाआजहःहः कितना मज़ा आएगा कक्कक्क्स आआअह्हह्ह्ह्हह ऊऊह्ह्ह्हह्ह छूट भोसड़ा बन जाएगी आआअह्हह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ह्म्मम्म्म्म कक्ककव आआअह्हह्ह्ह्ह ामीटटटटट आआह्ह्ह्ह फाड़ दे मेरी चुत कक्कक्क्स आअह्ह्ह्ह मैं भी तो तेरी ममी हूँ आआह्ह्ह्हह मुझे भी अपने लैंड की सवारी करवा दे रे आआह्ह्ह्हह्ह हम्म्म्म ककक
ऐसे सिसकीअन लेती छूट में उंगली चलती अमित क लैंड को यद् करती कामिनी अपना पानी छोड़ देती है
अमित स्कूल से वापिस आ कर खाना खता है अपने कमरे में आराम करने लगता है
कामिनी आज खाना कहते वक़्त अमित को प्यासी नज़रों से देख रही थी जिसे दीपिका नोट कर लेती है और मन hi मन मुस्कुराने लगती है
अजय सबको बताता है क कल रामु का बाप उसे लेने आ जायेगा उसकी बात हो गयी है
अजय : कामिनी तुम रामु का सामान बांध देना
कामिनी सर हाँ में हिला देती है
खाने क बाद अजय खेतों में चला जाता है और गौरी कामिनी दीपिका अपने कमरों में आराम करने लगती हैं