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पूजा भाभी ख़ुशी से उछाल पड़ी और मेरे साइन से लग कर मेरे होंठ चूसने लगी. मैंने भी भाभी को किश किया और उनके दूध और गांड मसल कर उनसे इजाज़त लेकर घर आ गया
अब आगे -
घर पर खाना बन चूका था और मां खाना खा कर जा चुके थे माँ मेरा hi इंतज़ार कर रही थी
गौरी ममी : कहाँ गया था खाने का भी यद् नहीं
अमित : माँ वो राजू से मिलने गया था तो बातों में पता hi नहीं चला
गौरी ममी : चल अब खाना खा ले मैं कब से तेरा इंतज़ार कर रही थी
मेरी आवाज़ सुन कर रसोई से दीपिका ममी भी आ गयी उनके हाथ में खाने की थाली थी . ममी ने मुझे खाना परोसा वो मुझे गुस्से से देख रही थी मगर कुछ कहा नहीं . खाना देने क बाद ममी चली गयी और मैं माँ क साथ खाना खाने लगा.
खाना खाने क बाद मैं कुछ देर अटक करने क लिए अपने कमरे में चला गया . अभी मुझे लेते थोड़ी देर hi हुई थी क कमरे में दीपिका ममी आ गयी
दीपिका ममी: कहाँ था अब तक
अमित : बताया तो है राजू क यहाँ गया था
दीपिका ममी: अब तू मुझसे झूठ भी बोलने लगा है
अमित : मतलब??
दीपिका ममी : मतलब ये क राजू तुझसे मिलने आया था और पूछ रहा था तू कहाँ है वो कहीं काम से गया हुआ था क तू उसके यहाँ चला गया इसी लिए वो आया था. ये तो ाचा हुआ क राजू सिर्फ मुझसे मिला अगर दीदी को पता चल जाता तो आज तुम्हारी सहमत आ जाती . अब बता कहाँ था
मेरी तो बोलती बंद हो गयी अब मैं क्या जवाब दूँ पूजा भाभी क बारे में बता नहीं सकता नहीं तो ममी नाराज़ होंगी . मैं अभी सोच hi रहा था क ममी ने फिर से सवाल किया
दीपिका ममी: क्या तुम्हे मुझ पर यकीन नहीं है जो तू इस तरह मुझसे बातें छुपा रहा है ? मैं तो तुझे अपना सब कुछ मानती हूँ मगर लगता है तू मुझे अपना नहीं मंटा
ममी ने ये बात गंभीर लहजे में कही थी जिसे सुनके मेरा दिल पिघल गया आखिर सच तो है वो मुझे कितना प्यार करती हैं और मैं उनसे झूठ बोल रहा हूँ .
अमित : दरअसल ममी जी बात ऐसी है क अगर मैंने अपनी बताया तो आप गुस्सा करेंगी
दीपिका ममी : मैं गुस्सा नहीं करुँगी जो भी बात है तू खुल कर बता
फिर मैंने ममी को पूजा भाभी वाली साडी बात बता दी जिसे सुनकर वो शॉकेड भी हुई.
दीपिका ममी: क्याआ अपनी सास क होते हुए भी उसने ये सब कर लिया
अमित : हाँ ममी उसने अपनी सास को नींद की दवा दे दी थी
दीपिका ममी : इसका मतलब है क वो बहुत प्यासी होगी उसका पति भी तो बहार है . एक औरत से जब अपनी आग बर्दाश्त नहीं होती तो वो किसी न किसी को ढून्ढ लेती है
मगर तू उसके पास मत जाना क्या पता और किस किस क साथ वो ये सब करती होगी. कहीं तुझे कोई बीमारी लग गयी तो ?. अगर गाओं में किसी को पता लग गया तो?
अमित : नहीं ममी वो ऐसी नहीं है .
फिर मैंने उस दिन कमलेश मां क साथ उसकी चुदाई क बारे में बताया और ये भी क उसने मेरे कहने से मां से दुबारा बात भी नहीं की
अमित : उसने बताया क उसका किसी क साथ कोई चक्कर नहीं है और वो मेरे सिवा किसी पर यकीन नहीं कर सकती
दीपिका ममी : तो इस लिए उसने तुम्हारे साथ ये सब कर लिया वो समझ गयी होगी क उसके बारे में सब कुछ जानकर भी तुमने अगर उसकी मज़बूरी का फायदा नहीं उठाया तो तुम एक अचे इंसान हो .
अगर वो वाकई में अछि औरत है तो तूने उसकी प्यास बुझा कर ाचा काम किया है वो तुझे दिल से दुआएं से रही होगी . एक प्यासी औरत की तड़प क्या होती है ये मैं अछि तरह जानती हूँ . मगर एक बात का ख्याल रखना क गलती से भी किसी को इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए वर्ण जो लग आज तुम पर गर्व कर रहे हैं कल ये hi तुम्हारे नाम पर थूकने लगेंगे . ये दुनिया एक गलती पर hi 100 अच्छाइयों को भुला देती है अमित . इस लिए हमेशा इस बात का ख्याल रखना
अमित : मैं हमेशा ख्याल रखूँगा ममी जी
दीपिका ममी : ये क्या ममी ममी लगा रखा है. कितनी बार कहा है अकेले में मुझे नाम से बुलाया करो
अमित : क्या करूँ ममी जी अब बचपन से जो आदत लगी है वो ऐसे तो नहीं चली जाएगी
दीपिका ममी : तो कैसे जाएगी
अमित : अभी बताता हूँ
इतना कह कर मैंने ममी को अपनी बाँहों में भर लिया और उन्हें किश करने की कोशिश करने लगा
दीपिका ममी : हटो छोडो मन नहीं भरा अभी रत भर दीदी पर छाडे रहे अब पूजा पर चढ़ कर आ रहे हो फिर शुरू हो गए
अमित : क्या करूँ ममी जी जब आप सामने होती हैं तो दिल करता है आपको बस प्यार करता रहूं
दीपिका ममी : ये प्यार थोड़ा मंजरी क लिए भी रखो उससे मिलते हो क नहीं
अमित : मैं तो भूल hi गया था मैं तो मंजरी से मिलने गया था वो कहीं नज़र नहीं आयी और पूजा भाभी रस्ते में मिल गयी
दीपिका ममी : तुम्हारे तो मज़े हैं पांचों उँगलियाँ घी में है
अमित : घी तो सबसे मज़ेदार आपका है जल्दी से मुझे अपना घी चखाइये
इतना कह कर मैंने ममी की सदी ऊपर उठानी चाही और वो जल्दी से मुझे धक्का दे कर दूर हैट गयी
दीपिका ममी : बस करो हवस क पुजारी अगर इतना ज़्यादा चुदाई करोगे तो सेहत कमज़ोर हो जाएगी आज बहुत चुदाई हो गयी इस लिए आज की छुट्टी
इतना कह कर ममी हस्ती हुई भाग गयी. मैं भी उनकी इस हरकत पर मुस्कुराता हुआ उनकी बात पर विचार करने लगा आखिर सही तो कह रही हैं ममी इतना ज़्यादा चुदाई करना मुझे कमज़ोर कर सकता है
मैंने आराम करने क लिए जैसे hi आँखें बंद की तो मुझे पता hi नहीं चला कब मेरी आँख लग गयी. शाम को मेरी आंख खुली तो अँधेरा हो रहा था मैं उठ कर फ्रेश हुआ और निचे आ गया
गौरी ममी : क्या बात है आज इतनी देर तक सोता रहा तबियत तो ठीक है न
अमित : वो माँ बस पता hi नहीं चला कब आँख लग गयी और अब जाकर आंख खुली
कामिनी ममी मेरे लिए चाय ले आयी . कामिनी ममी खुश नज़र आ रही थी अब वो पूरी रिलैक्स थी और खिली खिली लग रही थी
दीपिका ममी रसोई में काम कर रही थी वो भी हमारे पास आ गयी और हम सब बातें करने लगे . आज कितने डीबी क बाद तीनो क साथ मैं बैठा बातें कर रहा था
दीपिका ममी : अमित तेरा रिजल्ट्स कब आएगा
अमित : मास्टर hi ने कहा था क मई में आ जायेगा
दीपिका ममी : इसका मतलब अब तो थोड़े दिनों में तेरा रिजल्ट आने वाला है . आगे क्या करना है उसके बारे में सोचा कुछ
गौरी ममी : इसमें सोचने वाली क्या बात है रिजल्ट क बाद अपने खेत संभालेगा अब वो सब भी तो इसी ने करना है
दीपिका ममी : दीदी ज़रा सोचिये अमित पड़े लिखे में कितना ाचा है इसे हमें पड़ने देना चाहिए अगर ह्यूमेन इसे आगे पड़ने न दिया तो सब बातें बनाएंगे क अगर ये आपका सागा होता तो आप इसे आगे पड़ती सागा माहि है तो खेतों में लगा दिया
छोटी ममी की ये बात माँ क दिल पर लगी
गौरी ममी : ये तुम कैसी बातें कर रही हो छोटी अमित मेरा सागा बीटा hi है मैंने कभी इसे पराया नहीं समझा
दीपिका ममी : सॉरी दीदी पर मैं तो वो hi कह रही हूँ no कल को लोग कहेंगे मेरे बात मनो तो अमित को आगे पड़ने दो खेतो को तो बाद में भी संभालना hi है और ज़रा सोचिये गाओं में इतना पड़ा लिखा और कौन है . अमित अगर आगे पद जायेगा तो इसकी सब लोग कितनी इज़्ज़त करेंगे
कामिनी ममी : मैं दीपिका की बात से सहमत हूँ दीदी अमित को आगे पड़ने देना चाहिए
गौरी ममी : मगर इस पड़ने क लिए शहर भेजना पड़ेगा और कहीं इसे शहर की हवा लग गयी तो ? अगर ये गलत सांगत में पद गया तो?
दीपिका ममी : दीदी क्या आपको अमित पर भरोसा नहीं है क्या आपको अपनी परवरिश पर भरोसा नहीं ? आज तक क्या अमित ने कोई ऐसा काम किया जिससे कोई इस पर उंगली उठाये?
गौरी ममी : वो तो ठीक है दीपिका मगर शहर में कैसे कैसे लोग होते हैं मैं नहीं चाहती मेरा बीटा गलत सांगत में पद जाये
दीपिका ममी : आप उस बात की चिंता मत कीजिये मुझे अमित पर पूरा भरोसा है वो कभी कोई गलत काम नहीं करेगा
यूँही बातों में रत होने को आयी . दीपिका ममी ने तो मुझे कॉलेज में भेजने क लिए माँ को मना लिया था और मैं भी आगे पड़ना चाहता था खैर ये तो आने वाले दिनों में पता चल hi जायेगा जब रिजल्ट आएगा.
रत का खाना खाने क बाद सब अपने अपने कमरों में सो गए आज मेरे पास न तो कामिनी ममी अति और न hi दीपिका ममी आयी. ज़रूर दीपिका ममी ने hi कामिनी ममी को रोका होगा ता की मैं रत को सेक्स न करूँ.
सुबह मैं अखाड़े गया और आ कर नाश्ता किया . नाश्ते क बाद मैं राजू से मिलने गया.
राजू : कल कहाँ गायब हो गया था मैं तेरे घर भी गया था तू नहीं था .
अमित : तू घर नहीं था तो सोचा मंजरी से मिल लेता हूँ यही सोच कर नदी पर गया मगर वो भी नहीं मिली बस फिर ऐसे hi इधर उधर टाइम पास किया
राजू : चल फिर आज नदी पर चलते हैं मैंने रेनू को बुलाया है तू मंजरी को भी बुला ले उधर hi
हम दोनों घर से निकल पड़े मंजरी मुझे आँगन में नज़र आ गयी तो मैंने उसे नदी पर अपने का इशारा कर दिया और हम नदी पर चले गए
मैं मंजरी क साथ और राजू रेनू क साथ नदी किनारे बैठे प्यार भरी बातें करते रहे . उसके बाद हम घर को निकल पड़े . घर आकर मैंने खाना खाया और आराम करने अपने कमरे में चला गया .
मेरी आँख कब लग गयी मुझे पता hi नहीं चला और जब आँख खुली तब 5 बज चुके थे . मुझे यद् आया आज तो पूजा भाभी से वडा किया था मिलने का मैं जल्दी से फ्रेश हुआ और घर से निकल गया . पूजा भाभी क घर का जायज़ा लेकर मैं आगे निकल गया और घूम कर पीछे क दरवाज़े पर गया तो देखा दरवाज़ा खुला था . मैं चुपके से अंदर घुस गया और फिर से दरवाज़ा बंद कर दिया.
मैं चारे वाले कमरे में घुस गया और पूजा भाभी को देखने लगा मगर वो वहां नहीं थी . मैंने सोचा पता नहीं उनको मेरे अपने का पता चला या नहीं पता नहीं वो कब आएँगी अगर कोई और आ गया तो ? मैं अभी ये सब सोच hi रहा था क किसी क आने की आहत हुई . मैंने खुद को छुपा लिया और भगवन से हाथ जोड़ने लगा क पूजा भाभी hi हो अगर कोई और हुआ तो सरे गाओं में मेरी इज़्ज़त नीलम हो जाएगी
भगवन ने मेरी सुन ली और अगले hi पल पूजा भाभी हाथ में एक टोकरी लिए हुए अंदर आ गयी
अमित : मेरी तो जान hi निकल गयी थी अगर कोई और आ जाता ? आप कहाँ थी अब तक?
पूजा भाभी : अरे अरे तुम इतने दर क्यों रहे हो ? मुझे पता चल गया था जब तुम ए मैं अंदर से यहीं नज़रें लगाए बैठी थी तुमसे ज्यादा मुझे चिंता है . अपनी सास को देख कर और उसे पशुओं को चारा डालने का बोल कर आयी हूँ ताकि कोई खतरा न हो अब वो इस तरफ नहीं आएगी
पूजा भाभी की बात सुन कर मुझे कुछ तसल्ली हुई
पूजा भाभी : अब समय बर्बाद मत करो जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो जब से तुम गए हो हर वक़्त मुझे बस तुम्हारी hi कमी महसूस हो रही है ये क्या जादू कर दिया है तुमने
इतना कह कर भाभी मुझसे लिपट गयी और मेरे मुँह पर जगह जगह किश कर क अपनी बेकरारी दिखने लगी
मैंने भी समय बर्बाद करना ठीक नहीं समझा और भाभी क होंठो को चूसने लगा . भाभी गर्मजोशी से मुझे जवाब दे रही थी. किश करते हुए मैंने भाभी क दोनों दूध दबाने शुरू कर दिए मैं सब कुछ जल्दी करना चाहता था ताकि मैं किसी क आने से पहले निकल सकूँ .
मैंने जल्दी से भाभी के होंठ चूस कर उन्हें घुमा दिया और झुकने को कहा . भाभी दिवार का सहारा लेकर झुक गयी मैंने भाभी की सदी पेटीकोट समेत कमर क ऊपर कर दी . भाभी पूरी तयारी क साथ आयी थी उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी . सदी उठाते hi भाभी की गुलाबी छूट सामने आ गयी मैंने हाथ लगाकर छूट को छुआ तो पता चला भाभी की छूट तो पहले से hi तैयार थी लैंड लेने क लिए और आंसू बहा रही थी.
मैंने अपनी पेण्ट की ज़िप खोल कर लैंड बहार निकला जो अब तक खड़ा हो चूका था . घुटनो को बेंड कर क मैंने लैंड को छूट पर सेट किया और दोनों हाथों से भाभी की कमर थम कर एक ज़ोरदार धक्का मारा . मेरा लैंड आधे से ज्यादा छूट क अंदर चला गया भाभी क मुँह से दबी दबी चीख निकली उन्होंने अपने मग में सदी का पल्लू ठूंस लिया था . मैंने रुकने की बजाये एक और ज़ोरदार धक्का मर कर पूरा लैंड छूट की गहराई में जड़ तक घुसा दिया . ये धक्का भाभी क लिए दर्दनाक था अभी तक उन्होंने एक बार hi मेरा लैंड छूट में लिया था इस कारन छूट अभी पूरी तरह लैंड क हिसाब से खुली नहीं थी. भाभी का जिस्म कम्पनी लगा और उनके मग से ‘गुओंणन्न गुओंणन्न गुओंणन’ की आवाज़ें आने लगी वो अपनी चीख दबा रही थी मगर दर्द उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था . मैंने झुक कर दोनों हाथो से उनके दूध मसलने शुरू कर दिए . 2 मिनट्स में hi भाभी की आवाज़े बंद हो गयी और मैंने अपने लैंड को धीरे धीरे अंदर बहार करना शुरू कर दिया . भाभी को भी अब मज़ा आने लगा था और वो भी अपनी कमर पीछे को धकेलने लगी .
भाभी की तरफ से इशारा मिलते hi मैं सीधा हो गया और भाभी की कमर दोनों हाथो से थम कर ज़ोरदार धक्के मरने लगा . भाभी मेरे धक्कों का मज़ा केटी हुई सिसकीअन छोड़ने लगी . किसे क आने क दर से हम दोनों hi चुप चाप अपना खेल खेल रहे थे. अभी चुदाई को 5 मिनट्स hi हुए थे क भाभी का शरीर कम्पनी लगा और उनकी छूट से पानी की बरसात मेरे लैंड पर हो गयी मगर मैं नहीं रुका और धक्के मरता रहा . भाभी की छूट से पानी बेहटा हुआ उनकी झंगो से नीचे बहने लगा.
पानी निकलने क बाद भाभी से खड़ा होना मुश्किल हो गया था इस लिए मैंने जल्दी से उन्हें हरे चारे क ऊपर लिटा दिया और उनकी टाँगे अपने कन्धों पर रख कर एक hi बार में धक्का मर कर पूरा लैंड जड़ तक छूट में घुसा दिया . भाभी ने फिर से सदी से अपना मुँह बंद कर लिया था.
मुझे जल्दी से जाना था इस लिए मैं तेज़ तेज़ धक्के मरकर अपना पानी निकलने की कोशिश करने लगा मगर मेरा इतनी जल्दी निकलता नहीं था. मैं अपने हैंड पंप से पानी निकलने की ताबड़ तोड़ कोशिश कर रहा था क एक बार फिर से भाभी की छूट में सैलाब आ गया. पता नहीं कितना पानी भरा हुआ था भाभी की छूट में खैर मुझे अपना पानी निकलना था और मैं बिना रुके धक्के मरता गया .
जब मेरा पानी निकलने को हुआ तो मैंने भाभी क दोनों पाऊँ मिलकर उनके सर क ऊपर दबा दिए और अपने अंतिम ज़ोरदार धक्के मर कर अपना पानी छूट क अंदर छोड़ दिया . भाभी का जिस्म कम्पनी लगा उनकी हालत बुरी हो गयी थी और मेरे साथ hi वो भी फिर से पानी छोड़ रही थी.
मैं भाभी क ऊपर hi पड़ा हुआ था इस पोजीशन में भाभी को मेरा वजन सेहन नहीं हो रहा था उनकी सांस मुश्किल हो रही थी इस लिए मैं उनके ऊपर से उठा और उनकी साडी से अपना लैंड साफ़ कर क अपने कपडे ठीक कर क बहार चेक कर क पीछे क दरवाज़े से निकल गया .
मैं ऐसे तेज़ कदमो से भाग रहा था जैसे कोई चोरी कर क आया हूँ. वैसे ये सब चोरी जैसे hi तो है अगर किसी को पता चल जाता तो मेरा क्या होता खैर पूजा भाभी की प्यास भी बुझ गयी और मैंने भी अपना पानी निकल लिया बिना किसी को पता चले.
मैं सीधा घर आ गया दीपिका ममी मेरी हालत देख कर समझ गयी क मैं कहाँ से आ रहा हूँ क्यूंकि मैंने कल hi उनको बता दिया था क मैंने शाम को पूजा भाभी क पास जाना है . मैं पहले बाथरूम में गया और खुद को साफ किया फ्रेश हो कर मैं निचे आ गया और माँ और ममियों क साथ बातें करने लगा .
रत को हमने मिल कर खाना खाया और आपने अपने कमरे में सोने चले गए . रत को दीपिका ममी मेरे पास आयी
दीपिका ममी : तो बुझा आये पूजा की प्यास
अमित : आप को तो पता hi है .
दीपिका ममी : आज कैसे किया? क्या घर में कोई नहीं था?
अमित : नहीं घर पर उनकी सास hi थी और हमने पीछे पशुओं क बाड़े में किया जहाँ चारा रखते हैं
दीपिका ममी: हम्म कितना रिस्क ले रही है वो अगर किसी को पता चल गया तो ? और ये बता तुम उसके साथ कंडोम लगा कर करता है या ऐसे hi घुसा देता है?
अमित : कंडोम की क्या ज़रूरत है वो कोई बाज़ारू औरत थोड़ा hi है और आपके और कामिनी ममी क साथ भी तो बिना कंडोम क करता हूँ
दीपिका ममी : अरे बुद्धू हम इस लिए तुझे कंडोम नहीं लगाने देती क हमें माँ बनना है अगर तू बहार भी सबको बिना कंडोम क छोड़ता फिरेगा तो सब तेरे बच्चों की माँ बन जाएँगी.
अमित : ो तेरी ! ये तो मैंने सोचा hi नहीं
दीपिका ममी : अब इतनी टेंशन न ले पूजा तो समझदार है उसे पता होगा अपने पति की गैर हाज़री में अगर वो माँ बानी तो उसको कितनी परेशानी होगी इस लिए वो अपना इंतज़ाम कर लेगी मगर आगे से तू कंडोम लगा कर किया कर. वैसे मंजरी क साथ भी किया है तूने ? उसके साथ कैसे किया था?
अमित : उसके साथ बिना कंडोम क hi किया था
दीपिका ममी: हो गया सत्यानाश ! उसे कुंवारी माँ बनाना है क्या ? उस बेचारी को तो पता भी नहीं होगा इसके बारे में
तू कल hi उससे पता करना क उसके पीरियड तो आ रहे हैं न अगर उसको गर्भ ठहर गया तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी फिर तुम दोनों की शादी करवाने पड़ेगी और तेरी पड़े तो गयी फिर समझो
मुझे भी ममी की बात से चिंता होने लगी
दीपिका ममी : अब यूँ चिंता मत कर कल उससे पूछ लेना और हाँ अपने पास कंडोम ज़रूर रखा कर छुपा कर . अब तो तू चुदाई का मास्टर हो गया है क्या पता कहाँ कहाँ मुँह मरता फिरेगा कल को कोई परेशानी न हो इस लिए खुद hi ध्यान रखा कर
मैंने गर्दन हाँ में हिला दी और फिर ममी ने अपने कपडे निकल दिए और बीएड पर आ गयी . मैं भी जल्दी से कपडे निकल कर उनके ऊपर आ गया और शुरू हो गया हमारा खेल . मैंने दीपिका ममी की एक राउंड चुदाई की और अपना पानी उनकी बचे दानी में छोड़ा . ममी एक राउंड में hi मस्त हो गयी मैंने एक और राउंड का बोलै तो उन्होंने ते कह कर मन कर दिया क आज पहले hi पूजा को भी छोड़ा है इस लिए ज्यादा चुदाई नहीं.
उसके बाद ममी कपडे पहन कर अपने कमरे ने चली गयी और मैं भी आराम से सो गया .
पूजा भाभी ख़ुशी से उछाल पड़ी और मेरे साइन से लग कर मेरे होंठ चूसने लगी. मैंने भी भाभी को किश किया और उनके दूध और गांड मसल कर उनसे इजाज़त लेकर घर आ गया
अब आगे -
घर पर खाना बन चूका था और मां खाना खा कर जा चुके थे माँ मेरा hi इंतज़ार कर रही थी
गौरी ममी : कहाँ गया था खाने का भी यद् नहीं
अमित : माँ वो राजू से मिलने गया था तो बातों में पता hi नहीं चला
गौरी ममी : चल अब खाना खा ले मैं कब से तेरा इंतज़ार कर रही थी
मेरी आवाज़ सुन कर रसोई से दीपिका ममी भी आ गयी उनके हाथ में खाने की थाली थी . ममी ने मुझे खाना परोसा वो मुझे गुस्से से देख रही थी मगर कुछ कहा नहीं . खाना देने क बाद ममी चली गयी और मैं माँ क साथ खाना खाने लगा.
खाना खाने क बाद मैं कुछ देर अटक करने क लिए अपने कमरे में चला गया . अभी मुझे लेते थोड़ी देर hi हुई थी क कमरे में दीपिका ममी आ गयी
दीपिका ममी: कहाँ था अब तक
अमित : बताया तो है राजू क यहाँ गया था
दीपिका ममी: अब तू मुझसे झूठ भी बोलने लगा है
अमित : मतलब??
दीपिका ममी : मतलब ये क राजू तुझसे मिलने आया था और पूछ रहा था तू कहाँ है वो कहीं काम से गया हुआ था क तू उसके यहाँ चला गया इसी लिए वो आया था. ये तो ाचा हुआ क राजू सिर्फ मुझसे मिला अगर दीदी को पता चल जाता तो आज तुम्हारी सहमत आ जाती . अब बता कहाँ था
मेरी तो बोलती बंद हो गयी अब मैं क्या जवाब दूँ पूजा भाभी क बारे में बता नहीं सकता नहीं तो ममी नाराज़ होंगी . मैं अभी सोच hi रहा था क ममी ने फिर से सवाल किया
दीपिका ममी: क्या तुम्हे मुझ पर यकीन नहीं है जो तू इस तरह मुझसे बातें छुपा रहा है ? मैं तो तुझे अपना सब कुछ मानती हूँ मगर लगता है तू मुझे अपना नहीं मंटा
ममी ने ये बात गंभीर लहजे में कही थी जिसे सुनके मेरा दिल पिघल गया आखिर सच तो है वो मुझे कितना प्यार करती हैं और मैं उनसे झूठ बोल रहा हूँ .
अमित : दरअसल ममी जी बात ऐसी है क अगर मैंने अपनी बताया तो आप गुस्सा करेंगी
दीपिका ममी : मैं गुस्सा नहीं करुँगी जो भी बात है तू खुल कर बता
फिर मैंने ममी को पूजा भाभी वाली साडी बात बता दी जिसे सुनकर वो शॉकेड भी हुई.
दीपिका ममी: क्याआ अपनी सास क होते हुए भी उसने ये सब कर लिया
अमित : हाँ ममी उसने अपनी सास को नींद की दवा दे दी थी
दीपिका ममी : इसका मतलब है क वो बहुत प्यासी होगी उसका पति भी तो बहार है . एक औरत से जब अपनी आग बर्दाश्त नहीं होती तो वो किसी न किसी को ढून्ढ लेती है
मगर तू उसके पास मत जाना क्या पता और किस किस क साथ वो ये सब करती होगी. कहीं तुझे कोई बीमारी लग गयी तो ?. अगर गाओं में किसी को पता लग गया तो?
अमित : नहीं ममी वो ऐसी नहीं है .
फिर मैंने उस दिन कमलेश मां क साथ उसकी चुदाई क बारे में बताया और ये भी क उसने मेरे कहने से मां से दुबारा बात भी नहीं की
अमित : उसने बताया क उसका किसी क साथ कोई चक्कर नहीं है और वो मेरे सिवा किसी पर यकीन नहीं कर सकती
दीपिका ममी : तो इस लिए उसने तुम्हारे साथ ये सब कर लिया वो समझ गयी होगी क उसके बारे में सब कुछ जानकर भी तुमने अगर उसकी मज़बूरी का फायदा नहीं उठाया तो तुम एक अचे इंसान हो .
अगर वो वाकई में अछि औरत है तो तूने उसकी प्यास बुझा कर ाचा काम किया है वो तुझे दिल से दुआएं से रही होगी . एक प्यासी औरत की तड़प क्या होती है ये मैं अछि तरह जानती हूँ . मगर एक बात का ख्याल रखना क गलती से भी किसी को इस बारे में पता नहीं चलना चाहिए वर्ण जो लग आज तुम पर गर्व कर रहे हैं कल ये hi तुम्हारे नाम पर थूकने लगेंगे . ये दुनिया एक गलती पर hi 100 अच्छाइयों को भुला देती है अमित . इस लिए हमेशा इस बात का ख्याल रखना
अमित : मैं हमेशा ख्याल रखूँगा ममी जी
दीपिका ममी : ये क्या ममी ममी लगा रखा है. कितनी बार कहा है अकेले में मुझे नाम से बुलाया करो
अमित : क्या करूँ ममी जी अब बचपन से जो आदत लगी है वो ऐसे तो नहीं चली जाएगी
दीपिका ममी : तो कैसे जाएगी
अमित : अभी बताता हूँ
इतना कह कर मैंने ममी को अपनी बाँहों में भर लिया और उन्हें किश करने की कोशिश करने लगा
दीपिका ममी : हटो छोडो मन नहीं भरा अभी रत भर दीदी पर छाडे रहे अब पूजा पर चढ़ कर आ रहे हो फिर शुरू हो गए
अमित : क्या करूँ ममी जी जब आप सामने होती हैं तो दिल करता है आपको बस प्यार करता रहूं
दीपिका ममी : ये प्यार थोड़ा मंजरी क लिए भी रखो उससे मिलते हो क नहीं
अमित : मैं तो भूल hi गया था मैं तो मंजरी से मिलने गया था वो कहीं नज़र नहीं आयी और पूजा भाभी रस्ते में मिल गयी
दीपिका ममी : तुम्हारे तो मज़े हैं पांचों उँगलियाँ घी में है
अमित : घी तो सबसे मज़ेदार आपका है जल्दी से मुझे अपना घी चखाइये
इतना कह कर मैंने ममी की सदी ऊपर उठानी चाही और वो जल्दी से मुझे धक्का दे कर दूर हैट गयी
दीपिका ममी : बस करो हवस क पुजारी अगर इतना ज़्यादा चुदाई करोगे तो सेहत कमज़ोर हो जाएगी आज बहुत चुदाई हो गयी इस लिए आज की छुट्टी
इतना कह कर ममी हस्ती हुई भाग गयी. मैं भी उनकी इस हरकत पर मुस्कुराता हुआ उनकी बात पर विचार करने लगा आखिर सही तो कह रही हैं ममी इतना ज़्यादा चुदाई करना मुझे कमज़ोर कर सकता है
मैंने आराम करने क लिए जैसे hi आँखें बंद की तो मुझे पता hi नहीं चला कब मेरी आँख लग गयी. शाम को मेरी आंख खुली तो अँधेरा हो रहा था मैं उठ कर फ्रेश हुआ और निचे आ गया
गौरी ममी : क्या बात है आज इतनी देर तक सोता रहा तबियत तो ठीक है न
अमित : वो माँ बस पता hi नहीं चला कब आँख लग गयी और अब जाकर आंख खुली
कामिनी ममी मेरे लिए चाय ले आयी . कामिनी ममी खुश नज़र आ रही थी अब वो पूरी रिलैक्स थी और खिली खिली लग रही थी
दीपिका ममी रसोई में काम कर रही थी वो भी हमारे पास आ गयी और हम सब बातें करने लगे . आज कितने डीबी क बाद तीनो क साथ मैं बैठा बातें कर रहा था
दीपिका ममी : अमित तेरा रिजल्ट्स कब आएगा
अमित : मास्टर hi ने कहा था क मई में आ जायेगा
दीपिका ममी : इसका मतलब अब तो थोड़े दिनों में तेरा रिजल्ट आने वाला है . आगे क्या करना है उसके बारे में सोचा कुछ
गौरी ममी : इसमें सोचने वाली क्या बात है रिजल्ट क बाद अपने खेत संभालेगा अब वो सब भी तो इसी ने करना है
दीपिका ममी : दीदी ज़रा सोचिये अमित पड़े लिखे में कितना ाचा है इसे हमें पड़ने देना चाहिए अगर ह्यूमेन इसे आगे पड़ने न दिया तो सब बातें बनाएंगे क अगर ये आपका सागा होता तो आप इसे आगे पड़ती सागा माहि है तो खेतों में लगा दिया
छोटी ममी की ये बात माँ क दिल पर लगी
गौरी ममी : ये तुम कैसी बातें कर रही हो छोटी अमित मेरा सागा बीटा hi है मैंने कभी इसे पराया नहीं समझा
दीपिका ममी : सॉरी दीदी पर मैं तो वो hi कह रही हूँ no कल को लोग कहेंगे मेरे बात मनो तो अमित को आगे पड़ने दो खेतो को तो बाद में भी संभालना hi है और ज़रा सोचिये गाओं में इतना पड़ा लिखा और कौन है . अमित अगर आगे पद जायेगा तो इसकी सब लोग कितनी इज़्ज़त करेंगे
कामिनी ममी : मैं दीपिका की बात से सहमत हूँ दीदी अमित को आगे पड़ने देना चाहिए
गौरी ममी : मगर इस पड़ने क लिए शहर भेजना पड़ेगा और कहीं इसे शहर की हवा लग गयी तो ? अगर ये गलत सांगत में पद गया तो?
दीपिका ममी : दीदी क्या आपको अमित पर भरोसा नहीं है क्या आपको अपनी परवरिश पर भरोसा नहीं ? आज तक क्या अमित ने कोई ऐसा काम किया जिससे कोई इस पर उंगली उठाये?
गौरी ममी : वो तो ठीक है दीपिका मगर शहर में कैसे कैसे लोग होते हैं मैं नहीं चाहती मेरा बीटा गलत सांगत में पद जाये
दीपिका ममी : आप उस बात की चिंता मत कीजिये मुझे अमित पर पूरा भरोसा है वो कभी कोई गलत काम नहीं करेगा
यूँही बातों में रत होने को आयी . दीपिका ममी ने तो मुझे कॉलेज में भेजने क लिए माँ को मना लिया था और मैं भी आगे पड़ना चाहता था खैर ये तो आने वाले दिनों में पता चल hi जायेगा जब रिजल्ट आएगा.
रत का खाना खाने क बाद सब अपने अपने कमरों में सो गए आज मेरे पास न तो कामिनी ममी अति और न hi दीपिका ममी आयी. ज़रूर दीपिका ममी ने hi कामिनी ममी को रोका होगा ता की मैं रत को सेक्स न करूँ.
सुबह मैं अखाड़े गया और आ कर नाश्ता किया . नाश्ते क बाद मैं राजू से मिलने गया.
राजू : कल कहाँ गायब हो गया था मैं तेरे घर भी गया था तू नहीं था .
अमित : तू घर नहीं था तो सोचा मंजरी से मिल लेता हूँ यही सोच कर नदी पर गया मगर वो भी नहीं मिली बस फिर ऐसे hi इधर उधर टाइम पास किया
राजू : चल फिर आज नदी पर चलते हैं मैंने रेनू को बुलाया है तू मंजरी को भी बुला ले उधर hi
हम दोनों घर से निकल पड़े मंजरी मुझे आँगन में नज़र आ गयी तो मैंने उसे नदी पर अपने का इशारा कर दिया और हम नदी पर चले गए
मैं मंजरी क साथ और राजू रेनू क साथ नदी किनारे बैठे प्यार भरी बातें करते रहे . उसके बाद हम घर को निकल पड़े . घर आकर मैंने खाना खाया और आराम करने अपने कमरे में चला गया .
मेरी आँख कब लग गयी मुझे पता hi नहीं चला और जब आँख खुली तब 5 बज चुके थे . मुझे यद् आया आज तो पूजा भाभी से वडा किया था मिलने का मैं जल्दी से फ्रेश हुआ और घर से निकल गया . पूजा भाभी क घर का जायज़ा लेकर मैं आगे निकल गया और घूम कर पीछे क दरवाज़े पर गया तो देखा दरवाज़ा खुला था . मैं चुपके से अंदर घुस गया और फिर से दरवाज़ा बंद कर दिया.
मैं चारे वाले कमरे में घुस गया और पूजा भाभी को देखने लगा मगर वो वहां नहीं थी . मैंने सोचा पता नहीं उनको मेरे अपने का पता चला या नहीं पता नहीं वो कब आएँगी अगर कोई और आ गया तो ? मैं अभी ये सब सोच hi रहा था क किसी क आने की आहत हुई . मैंने खुद को छुपा लिया और भगवन से हाथ जोड़ने लगा क पूजा भाभी hi हो अगर कोई और हुआ तो सरे गाओं में मेरी इज़्ज़त नीलम हो जाएगी
भगवन ने मेरी सुन ली और अगले hi पल पूजा भाभी हाथ में एक टोकरी लिए हुए अंदर आ गयी
अमित : मेरी तो जान hi निकल गयी थी अगर कोई और आ जाता ? आप कहाँ थी अब तक?
पूजा भाभी : अरे अरे तुम इतने दर क्यों रहे हो ? मुझे पता चल गया था जब तुम ए मैं अंदर से यहीं नज़रें लगाए बैठी थी तुमसे ज्यादा मुझे चिंता है . अपनी सास को देख कर और उसे पशुओं को चारा डालने का बोल कर आयी हूँ ताकि कोई खतरा न हो अब वो इस तरफ नहीं आएगी
पूजा भाभी की बात सुन कर मुझे कुछ तसल्ली हुई
पूजा भाभी : अब समय बर्बाद मत करो जल्दी से मेरी प्यास बुझा दो जब से तुम गए हो हर वक़्त मुझे बस तुम्हारी hi कमी महसूस हो रही है ये क्या जादू कर दिया है तुमने
इतना कह कर भाभी मुझसे लिपट गयी और मेरे मुँह पर जगह जगह किश कर क अपनी बेकरारी दिखने लगी
मैंने भी समय बर्बाद करना ठीक नहीं समझा और भाभी क होंठो को चूसने लगा . भाभी गर्मजोशी से मुझे जवाब दे रही थी. किश करते हुए मैंने भाभी क दोनों दूध दबाने शुरू कर दिए मैं सब कुछ जल्दी करना चाहता था ताकि मैं किसी क आने से पहले निकल सकूँ .
मैंने जल्दी से भाभी के होंठ चूस कर उन्हें घुमा दिया और झुकने को कहा . भाभी दिवार का सहारा लेकर झुक गयी मैंने भाभी की सदी पेटीकोट समेत कमर क ऊपर कर दी . भाभी पूरी तयारी क साथ आयी थी उन्होंने पेंटी नहीं पहनी थी . सदी उठाते hi भाभी की गुलाबी छूट सामने आ गयी मैंने हाथ लगाकर छूट को छुआ तो पता चला भाभी की छूट तो पहले से hi तैयार थी लैंड लेने क लिए और आंसू बहा रही थी.
मैंने अपनी पेण्ट की ज़िप खोल कर लैंड बहार निकला जो अब तक खड़ा हो चूका था . घुटनो को बेंड कर क मैंने लैंड को छूट पर सेट किया और दोनों हाथों से भाभी की कमर थम कर एक ज़ोरदार धक्का मारा . मेरा लैंड आधे से ज्यादा छूट क अंदर चला गया भाभी क मुँह से दबी दबी चीख निकली उन्होंने अपने मग में सदी का पल्लू ठूंस लिया था . मैंने रुकने की बजाये एक और ज़ोरदार धक्का मर कर पूरा लैंड छूट की गहराई में जड़ तक घुसा दिया . ये धक्का भाभी क लिए दर्दनाक था अभी तक उन्होंने एक बार hi मेरा लैंड छूट में लिया था इस कारन छूट अभी पूरी तरह लैंड क हिसाब से खुली नहीं थी. भाभी का जिस्म कम्पनी लगा और उनके मग से ‘गुओंणन्न गुओंणन्न गुओंणन’ की आवाज़ें आने लगी वो अपनी चीख दबा रही थी मगर दर्द उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था . मैंने झुक कर दोनों हाथो से उनके दूध मसलने शुरू कर दिए . 2 मिनट्स में hi भाभी की आवाज़े बंद हो गयी और मैंने अपने लैंड को धीरे धीरे अंदर बहार करना शुरू कर दिया . भाभी को भी अब मज़ा आने लगा था और वो भी अपनी कमर पीछे को धकेलने लगी .
भाभी की तरफ से इशारा मिलते hi मैं सीधा हो गया और भाभी की कमर दोनों हाथो से थम कर ज़ोरदार धक्के मरने लगा . भाभी मेरे धक्कों का मज़ा केटी हुई सिसकीअन छोड़ने लगी . किसे क आने क दर से हम दोनों hi चुप चाप अपना खेल खेल रहे थे. अभी चुदाई को 5 मिनट्स hi हुए थे क भाभी का शरीर कम्पनी लगा और उनकी छूट से पानी की बरसात मेरे लैंड पर हो गयी मगर मैं नहीं रुका और धक्के मरता रहा . भाभी की छूट से पानी बेहटा हुआ उनकी झंगो से नीचे बहने लगा.
पानी निकलने क बाद भाभी से खड़ा होना मुश्किल हो गया था इस लिए मैंने जल्दी से उन्हें हरे चारे क ऊपर लिटा दिया और उनकी टाँगे अपने कन्धों पर रख कर एक hi बार में धक्का मर कर पूरा लैंड जड़ तक छूट में घुसा दिया . भाभी ने फिर से सदी से अपना मुँह बंद कर लिया था.
मुझे जल्दी से जाना था इस लिए मैं तेज़ तेज़ धक्के मरकर अपना पानी निकलने की कोशिश करने लगा मगर मेरा इतनी जल्दी निकलता नहीं था. मैं अपने हैंड पंप से पानी निकलने की ताबड़ तोड़ कोशिश कर रहा था क एक बार फिर से भाभी की छूट में सैलाब आ गया. पता नहीं कितना पानी भरा हुआ था भाभी की छूट में खैर मुझे अपना पानी निकलना था और मैं बिना रुके धक्के मरता गया .
जब मेरा पानी निकलने को हुआ तो मैंने भाभी क दोनों पाऊँ मिलकर उनके सर क ऊपर दबा दिए और अपने अंतिम ज़ोरदार धक्के मर कर अपना पानी छूट क अंदर छोड़ दिया . भाभी का जिस्म कम्पनी लगा उनकी हालत बुरी हो गयी थी और मेरे साथ hi वो भी फिर से पानी छोड़ रही थी.
मैं भाभी क ऊपर hi पड़ा हुआ था इस पोजीशन में भाभी को मेरा वजन सेहन नहीं हो रहा था उनकी सांस मुश्किल हो रही थी इस लिए मैं उनके ऊपर से उठा और उनकी साडी से अपना लैंड साफ़ कर क अपने कपडे ठीक कर क बहार चेक कर क पीछे क दरवाज़े से निकल गया .
मैं ऐसे तेज़ कदमो से भाग रहा था जैसे कोई चोरी कर क आया हूँ. वैसे ये सब चोरी जैसे hi तो है अगर किसी को पता चल जाता तो मेरा क्या होता खैर पूजा भाभी की प्यास भी बुझ गयी और मैंने भी अपना पानी निकल लिया बिना किसी को पता चले.
मैं सीधा घर आ गया दीपिका ममी मेरी हालत देख कर समझ गयी क मैं कहाँ से आ रहा हूँ क्यूंकि मैंने कल hi उनको बता दिया था क मैंने शाम को पूजा भाभी क पास जाना है . मैं पहले बाथरूम में गया और खुद को साफ किया फ्रेश हो कर मैं निचे आ गया और माँ और ममियों क साथ बातें करने लगा .
रत को हमने मिल कर खाना खाया और आपने अपने कमरे में सोने चले गए . रत को दीपिका ममी मेरे पास आयी
दीपिका ममी : तो बुझा आये पूजा की प्यास
अमित : आप को तो पता hi है .
दीपिका ममी : आज कैसे किया? क्या घर में कोई नहीं था?
अमित : नहीं घर पर उनकी सास hi थी और हमने पीछे पशुओं क बाड़े में किया जहाँ चारा रखते हैं
दीपिका ममी: हम्म कितना रिस्क ले रही है वो अगर किसी को पता चल गया तो ? और ये बता तुम उसके साथ कंडोम लगा कर करता है या ऐसे hi घुसा देता है?
अमित : कंडोम की क्या ज़रूरत है वो कोई बाज़ारू औरत थोड़ा hi है और आपके और कामिनी ममी क साथ भी तो बिना कंडोम क करता हूँ
दीपिका ममी : अरे बुद्धू हम इस लिए तुझे कंडोम नहीं लगाने देती क हमें माँ बनना है अगर तू बहार भी सबको बिना कंडोम क छोड़ता फिरेगा तो सब तेरे बच्चों की माँ बन जाएँगी.
अमित : ो तेरी ! ये तो मैंने सोचा hi नहीं
दीपिका ममी : अब इतनी टेंशन न ले पूजा तो समझदार है उसे पता होगा अपने पति की गैर हाज़री में अगर वो माँ बानी तो उसको कितनी परेशानी होगी इस लिए वो अपना इंतज़ाम कर लेगी मगर आगे से तू कंडोम लगा कर किया कर. वैसे मंजरी क साथ भी किया है तूने ? उसके साथ कैसे किया था?
अमित : उसके साथ बिना कंडोम क hi किया था
दीपिका ममी: हो गया सत्यानाश ! उसे कुंवारी माँ बनाना है क्या ? उस बेचारी को तो पता भी नहीं होगा इसके बारे में
तू कल hi उससे पता करना क उसके पीरियड तो आ रहे हैं न अगर उसको गर्भ ठहर गया तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी फिर तुम दोनों की शादी करवाने पड़ेगी और तेरी पड़े तो गयी फिर समझो
मुझे भी ममी की बात से चिंता होने लगी
दीपिका ममी : अब यूँ चिंता मत कर कल उससे पूछ लेना और हाँ अपने पास कंडोम ज़रूर रखा कर छुपा कर . अब तो तू चुदाई का मास्टर हो गया है क्या पता कहाँ कहाँ मुँह मरता फिरेगा कल को कोई परेशानी न हो इस लिए खुद hi ध्यान रखा कर
मैंने गर्दन हाँ में हिला दी और फिर ममी ने अपने कपडे निकल दिए और बीएड पर आ गयी . मैं भी जल्दी से कपडे निकल कर उनके ऊपर आ गया और शुरू हो गया हमारा खेल . मैंने दीपिका ममी की एक राउंड चुदाई की और अपना पानी उनकी बचे दानी में छोड़ा . ममी एक राउंड में hi मस्त हो गयी मैंने एक और राउंड का बोलै तो उन्होंने ते कह कर मन कर दिया क आज पहले hi पूजा को भी छोड़ा है इस लिए ज्यादा चुदाई नहीं.
उसके बाद ममी कपडे पहन कर अपने कमरे ने चली गयी और मैं भी आराम से सो गया .