Adultery Raj-- hero of the family - Page 41 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 132….

एंडिंग ऑफ़ फेज ओने एंड बेगिनिंग ऑफ़ फेज तवो

डेथ हेलो अरिसेस……

जब राज ने अंदर मधु को नयी दुल्हन की तरह सजी हुवी देखा तोह उसकी दिल की धड़कन बढ़ gayiiii…..uske दिल मई एक हे सवाल उठा क्या मधु ने उसे अपना पति मान लिया h……..wo यही सोचता हुवा मधु के पास चला गया और मधु ने भी नयी दुल्हन की तरह अपने पांव थोड़े से सिकोड़ लिए ….राज मधु के पास बीएड पर बैठ गया ……. और मधु को निहारने लगा पर घूँघट की वजह से उसे धुंधला सा दिखाई नहीं दिया….

खुद को यू निहारता देख मधु भी शर्मा गयी और शरमाते हुवे हे पूछा…

मधु---- आप ऐसे क्या देख रहे ह…

राज---- मैं बस आपको हे देख रहा हु …..आप इस दुल्हन के जोड़े मई बहुत सुन्दर लग रही हो..

Madhu----muskarakar पर मैं अब आपकी हो चुकी हु बिना सिन्दूर, बिना किसी फेरो के बिना किसी मंगल सूत्र के इस जनम मई जब तक जिऊंगी सिर्फ आपकी rahungi………meri मांग मई सिन्दूर आपके नाम का रहेगा….

राज ने धीरे से मधु का चेहरा ऊपर उठाया और घूँघट उठा दिया ……. मधु का चेहरा नयी दुल्हन की तरह चमक रहा tha……gulabi हॉट गलो पर छायी लाली मांग मई सुन्दर आँखों मई शर्म साफ़ साफ़ दिख रहा था की उसने राज को दिल से अपना मन ह

राज---- मधु के गाल पर हाथ रखकर आप बहुत सुन्दर हो और उसे सुन्दर आपका मन h….par क्या मैं इस हक़ के लायक हु …….

मधु,—- राज की आँखों मई देखकर आप यंहा से जल्द हे चले जाओगे पता नहीं फिर मिलेंगे या नहीं milenge….par जब तक हो बस मुझे प्यार दो …..बेइंतिहा प्यार दो ….मुझे आगे का कुछ नहीं चाहिए ह न जानना ह बस 2 मोनथस आप मुझे मत रोकियेगा मैं इन हर लम्हो को अपनी यादो की गहराई मई बसना चाहती हु…

राज ने मधु को अपने गले से लगा लिया …..दोनों एक दूसरे से लिपट गए रात की ठण्ड मई प्यार की खुमारी और 2 जवान जिस्मो का पास होना …..इस ठण्ड मई भी गर्मी का अहसास दिल रहा था और गुलाब के फूलो की खुस्भु कमरे को प्यार और माधोसी का अहसास से शराबोर कर रही thi..raj के होठ खुद बा खुद मधु के होतो की तरफ झुकते गए और मधु की आंखे बंद होती गयी मधु को प्यार की किश का ये पहला अनुभव होने वाला था दोनों को होठ एक दूसरे के होठो से मिल गए …दोनों को कोई जल्दी नहीं थी पूरी रात उनकी थी ….मधु ने राज को अपनी बांहो मई भर लिया दोनों हे प्यार से एक दूसरे के होतो को चुम रहे थे …राज मधु के होतो को चूमते हुवे हे बीएड पे लेके लेत gaya…kabhi वो ऊपर के होठ को चुस्त तोह कभी निचे वाले होतो को …जब किश टूटी तोह …मधु सीधी लेती हुवी थी उसकी आंखे बंद थी और सीने जोर जोर से ऊपर निचे हो रहा tha……raj ने हौले से माथे से घूंघट को पूरा हटा दिया …फिर मांग टीका को उतार दिया मधु ने अपनी आंखे तक नहीं खोली वो aj……..uska दिल प्यार और रोमांच से भरा हुवा था और फिर राज ने ….एयरिंग्स को भी प्यार से उतर दिया मधु की दिल की धड़कन और तेज़ होती जा रही थी इतना प्यार भरा अहसास कभी उसके पति के साथ नहीं हुवा था उसे अचे से याद था उसका पति सुहागरात को भी पीकर आया था …और बस वो सुहागरात थी बस नाम की जैसा उसने सुना था जैसे उसने सपने संजोये थे वैसा कुछ नहीं हुवा ह उसे उस रात कुछ फील नहीं हुवा पर आज उसे ये अहसास हो रहा था की इसी अहसास की तालाश थी और उसकी आँखों से आंसू निकल पड़े …..राज ने जब ये देखा तोह वो समाज गया दिल का दर्द ह उसने आंसुओ को पूछा और होतो को चूमते हुवे बोलै आज की रात सिर्फ प्यार की ह …मधु ने अपनी आँखों खोली और राज की आँखों मई देखने लगी राज ने धीरे से नाथ बी उतर दी दोनों एक दूसरे की बांहो मई समां गए …..2 जिस्म एक जान हो गए कपडे जिसम से दूर होते गए ….मधु ने राज के जिस्म को अपने ऊपर धक् liya…do जिस्म एक जान हो गए पूरी रात सिर्फ पायल और सिसकियों की आवाज गूंजती रही…… और दोनों हे एक दूसरे मई समाये हुवे हे सो गए ………

सुभे 7 बजे…

मधु की नींद खुली तोह ….उसकी आँखों मई शर्म और प्यार और चुदाई की खुमारी आँखों मई अभी भी देखि जा सकती thi…upar उसने जब राज को देखा तोह उसकी आँखों मई शर्म का भाव agaye…..kyoki राज का मू उसकी नागि छाती मई था वो बस उसे प्यार से देखने लगी और उसके सर को सहलाने लगी अचानक हे वो शरमाते हुवे मुस्कराने लगी ….उसे रात की बाते याद आगयी जब रात को बेइंतिहा दर्द सहने के बाद वो एक्ससिटेमेंट मई क्या क्या बोल रही थी और उसकी क्या हरकते की थी …. उसने अपना मू थक लिया जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी हो …….उसने धीरे से खुद के साइड मई सरकाया तोह उसे महसूस हुवा उसके एक बूब का निप्पल तोह राज के मू मई ह और इस अहसास ने उसे और पानी पानी कर दिया क्योकि रात को राज ने उसके बूब्स को बेदर्दी से मसला और चूसा था …वो फिर से मुस्कारते हुवे अपना निप्पल मू से निकलते हुवे बोली बदमास कंही का पूरी रात दूध निकलने के चाकर मई क्या हाल कर दिया इनका और अभी भी चूस रहा ह ….वो धीरे से बाथ रूम जाने के लिए कड़ी हुवी तोह …..आयआयएईईईईईई maaa……ki चीक निकल गयी और वापस धड़ाम से बीएड पर गिर gayi….aur आँखों मई आंसू agaye…raj की भी नींद खुल गयी ..उसने देखा की मधु दर्द से तड़प रही ह तोह वो फटा फैट खड़ा होकर पास आगया और बोलो क्या हुवा….

मधु---- दर्द मई भी मुस्कराकर राज के लुंड की तरफ इशारा कर बोली सब तोह पता h..apko की क्या हुवा

राज---- साद सा फेस बनाकर ओह सॉरी….. दर्द जायदा हो रहा ह

Madhu,—halka सा मुस्कराकर आप भी न ये तोह हर लड़की को सहना होता ह… ये हमारी खुसी ह ….ये दर्द ये प्यार हे तोह हमरे रिश्ते को गहराई से जोड़ता ह ….ये एक वाइफ का समर्पण होता ह अपने पति के लिए….

राज---- आप मुझे काम बता देती आप कड़ी क्यों हुवी.

मधु,— वो muje…..wo मुझे….

राज---- अपने दिमाग पे मरते हुवे …बाथरूम जाना ह मैं ले चलता हु……

मधु को नंगी हे गोद मई उठाकर बाथरूम मई लगाया और तब मई गरम पानी चालू कर दिया ……मधु बेचारी शर्म से चूर थी क्योकि राज भी नंगा हे था और वो भी नंगी मधु ने राज को बहार भेजा और टॉयलेट करने बैठी तोह तेज़ प्रेशर के कारन उसे बहुत जलन हुवी ….वो दर्द से फिर से बिलबिला uthi…raj तुरंत अंदर आगया जिसे मधु बेहद शर्मा गयी राज ने मधु को गॉड मई उठा लिया और तब मई लेता दिया गरम पानी से मधु के बेहद सुकून मिला ….राज ने मधु की योनि को साफ़ किया ..मधु राज को ऐसा करता देख शरमाते हुवे बोली …बहुत खुसनसीब होगी जो तुम्हारी ज़िंदगी की हमसफ़र banegi…raj ने अचे से मधु को नहलाकर बिस्तर पर लेता diya….aur क्रीम योनि पर लगा दी …पर इस पुरे वक़्त मधु शर्म के मरे अपने मू को थक कर रखे रही राज मधु की इस हरकत पर मुस्कराता रहा…..

ओने मंथ लेटर…….

मनीषा---- ने रिंकी को छेड़ने के लिए kaha….waise रिंकी एक बात कहु जबसे राज मम के साथ ट्रिप से आया ह दोनों जायदा फ्रैंक नहीं हो गए ह…. मतलब मधु मम राज को खाना परोसती ह डेली हे नाईट का खाना बनती ह ी मैं जैसे पत्नी अपने पति का ख्याल राखतीह बिलकुल वैसा करती ह तुजे क्या लगता h……..phir उसने रिंकी को देखा ..

जंहा रिंकी का पूरा सरीर गुसाई और जलन से काँप रहा था और हाथ मई पकडे हुवे कागज के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे…..

Manisha----dheere से ये कह कर खिसक ली मुझे प्यास लगी मैं पानी पीकर आती हु…

पीछे रिंकी कसमसाती रह गयी ..और बड़बड़ाते रही …बहार आकर मनीषा खिलखिलकर हसने lagiii…..bahar श्वेता ने उसे अकेले मुस्कराते देखा तोह पूछ बैठी..

श्वेता —- आपको क्या हुवा h…..jo पागलो की तरह हंस रही हो

मनीषा खिलखिलकर होने क्या ह राज के लिए कितनी हे पागल ह जो पास होती ह वो खुस और जो दूर से किसी दूसरी को राज के पास देखती ह वो दुखी और gusa……..yahi सब देख कर हंसी आरही ह अभी रिंकी मधु मम को पास देख जल रही ह तोह मैंने और छेद दिया ….

श्वेता--- है है है है है ha…..phir सीरियस होकर मनीषा आप राज का साथ मत छोड़ना बहुत ढक देखे ह मेरे भाई ने और वो आपको अपना सबसे ाचा दोस्त मंटा ह इसलिए कुछ भी हो चाहे कोई कितनी हे गलत बात क्यों न होना उसका साथ मत छोड़ना …..वो कभी कुछ बेवजह नहीं करेगा….. मुझे पता ह वो क्यों मुझे अपने पास नहीं रहने दे सकता ह….

मनीषा —- श्वेता को गले लगाकर राज का मैं हमेसा धयान रखूंगी…. वो मेरे लिए दोस्त से बढ़कर ह…

श्वेता-- मतलब आप भी… लाइन मई हो

मनीषा— नहीं नहीं…. हम दोस्त ह पगली …मतलब हमारा रिश्ता एक सब्द मई नहीं बयां कर सकते h…..muje बिना कहे हे वो क्या कहना चाहता ह समाज आजाता h…ek म्यूच्यूअल अंडरस्टैंडिंग ह हमरे बिच वो मुझे बहुत रेस्पेक्ट देता ह पहले ऐसा नहीं tha….par स्कूल के बहार फाइट फिर सिनेमा हॉल इसी बिच कब हम बहुत अचे दोस्त bangaye,ek दूसरे से जुड़ गए पता हे नहीं चला वो मुझे अपनी हर बात बताता ह जो अपनी बहनो को और दोस्त को नहीं बता पता ह ….वो कहता की हमरा रिश्ता दोस्त प्यार और कभी कभी तोह बहुत डीप बाते करता ह बूत ….बहुत रेस्पेक्ट करता ह….

श्वेता--- बाप रे बाप आप भी भाई की तरह बात करती हो इसीलिए आप दोनों की खूब पैट तो h….taiyari कीजिये एक मंथ बचा h…..pepar का ….

बहुत दूर …..

बेटी तुम सो जाओ जल्द हे तुम्हरे फाइनल पेपर देने ह …इनसबका धयान मैं रकने के लिए और भी ह न तुम्हे अचे नंबर लेन …अगर ऐसे हे करती रहोगी तोह बीमार हो जाओगी…. रेस्ट भी जरुरी ह न

Ladki….ap सो जाइये और मैं सो जाउंगी मैं पढ़ हे रही हु न चाहे रूम मई पढू या यंहा बात एक हे ह na….is बहाने इनका धयान भी रख लुंगी ….वैसे भी डॉक्टर मई बीएड ह न मैं वंहा सो जाउंगी

औरत---- बेटी तुम एक साल से मेडिकल और स्कूल की पढ़ायी कर रहीए हो मैं रोज तुम्हे देखती hu…aisa मैंने पहली बार देखा h…..ki कोई इतनी म्हणत कर सकता ह ये सब क्यों बेटी इतनी म्हणत क्यों …..तुम आराम से बाद मई भी ये कर सकती थी..

लड़की--- की आँखों मई एक दर्द की लहार उठी पर फ़ौरन हे उसने दबा ली और मुस्करा कर बोली आप आराम कीजिये मैं संभल लुंगी वैसे भी सुभे कैंप ह न आप रेस्ट कीजिये कल बहुत काम होंगे और औरत के जाने के बाद उसके सीने मई दबा हुवा दर्द आँखों से बहार आंसुओ मई बाह निकला पर उसने जल्दी से अपने आंसुओ को पूछ लिया और एक झूटी मुस्कान चेहरे पे ले आयी और फिर से अपनी पढ़ाई करने लगी …..….और पढ़ते पढ़ते हे वो बुक पर हे सर रख कर सो गयी ………..

देहरादून…

मधु राज से मिलने आरही थी और वो बहुत खुस थी क्योकि उसने प्रेगनेंसी टेस्ट किया था और रिजल्ट पॉजिटिव आया था उसने खुसी मई मई आज सबके लिए उसने स्पेशल बनाया था … और उसकी इसी खुसी का कारन सिर्फ राज को पता था और उसने भी फिश जो उसकी स्पेशलिटी थी वो बनायीं thi…..table पर बैठी रिंकी …हे सिर्फ जलन से जल रही थी बाकि सभी खुसी का कारन जानना चाहते थे….

रिंकी--- आज आयी हो तब से हे खुस हो आप क्या बात ह हमे भी बता दो ….हम भी थोड़ा खुस हो जायेंगे…

रिंकी की ये बात सुनके मनीषा और श्वेता भी मुस्कुरा उठी उन्हें पता था की रिंकी इतना क्यों रियेक्ट कर रही ह पर अभी असली झटका तोह बाकि था….

मधु---- वो वो…..

रिंकी--- इतना क्या शर्मा रही हो आप जैसे प्रग्नेंट हो गयी हो….

श्वेता--- रिंकी ….प्लीज ऐसी बाटे नहीं …

पर रिंकी का मू हे खुला रह गया जब. मधु ने शरमाते हुवे गर्दन है मई हिला दी…..

Rinky----kya

Shweta-kya

Manisha--what

रिंकी — हाउ ………ी मैं kab…kaise

मधु---- ओने मंथ एंड 4 डेज होगये और क्या मतलब कैसे ….

बस मधु की इस बात से तीनो हे राज को देखने लगी क्योकि उन्हें पता था मधु हस्बैंड तोह घर ए हे नहीं थे तोह kaise…par राज तोह आराम से खाना खाने मई व्यस्त tha……usne तीनो पे कोई धयान नहीं दिया फिर उसने गर्दन ऊपर करके कहा

राज---- कोंग्रटुलतिओन्स मम yani….apne सर के साथ गाँव मई अचे पल बिताये ……उन्हें भी मेरी तरफ से कोंग्रटुलतिओन्स kahna…unhone मेरा बहुत ख्याल रखा था..

मधु---- थैंक यू राज …..मैं उन्हें जरूर जरूर कह दूंगी….

राज की ये बात सून तीनो देविया एक दूसरे को देखकर गर्दन न मई हिलने लगी जैसे उनका सक दूर हो गया हो …और फिर मुस्करा मधु को गले लगा लिया ….. तीनो हे मधु से बात कर रही थी तब राज निचे गर्दन करके मंद मंद मुस्करा रहा tha……sabne शाम को दिएर रात तक सेलिब्रेट किया .. ……अगले काफी दिनों तक मधु और राज के बिच प्यार का हर पल रोमांस भरा रहा ……जो मधु के जीवन की मीठी याद बनता गया ….उसने हर बार किसी न किसी बहाने राज को अपने पास रात को बुला हे लिया ताकि वो जी भर प्यार कर सके पर पेपर के लिए अंत मई सैक्रिफिकेस भी किया ….और इसी बिच पेपर की एक रात राज के रूम मई..

रिंकी — बीएड से गुसाई मई उठकर व्हाई व्हाई व्हाई आखिर क्यों….

राज---- रिंकी को वापस प्यार से बीएड पे बैठते हुवे ी म सॉरी रिंकी हम बहुत अचे दोस्त ी क्नोव पहले हुवा वो गलत था पर सेक्स कर मैं राजीव अंकल का विस्वास नहीं तोड़ सकता हु ….तुम्हारी माँ मुझे बहुत मानती ह अगर तुम चाहती हो की मैं उनकी नज़रो मई गिर जाऊ तोह बेशक मैं वो सब करने को तैयार हु जो तुम छाती हो मुझे पहले जो हुवा उसका अब तक पछतावा ह…..

रिंकी राज की बाते सुनकर रोने लगी ….और बोली ये गलत ह राज …मेरी खाविश का क्या …meri..chahat का क्या….

राज---- रिंकी को गले लगाकर ….कभी कभी हमे अपने चाहने वालो के विश्वास उनके प्यार के लिए अपनी ख़वीशो और चाहते का सैक्रिफाइस करना पड़ता ह ….बूत है आज रात मैं तुम्हे अपनी बांहो मई सुलाऊँगा…..

रिंकी--- ी हेट ु राज ी हेट ु सो much…..aur ये कहते हुवे वो गले लगी गयी ….वो जो चाहती थी वो नहीं मिला ….पर फिर भी वो खुश थी …की उसे एक सच्चा दोस्त मिला जो हमेसा उसका दोस्त रहेगा…….

तोह वंही कंही और एक थी जो दूर होकर भी अपने प्यार को पाने की चाहत और पिता के सपने के लिए हर मुमकिन कोसिस कर रही थी ……….

Admi---Poonam सजा बेटी तुम इतनी लापरवा क्यों हो गयी हो…..

पूनम-- बाबा आप सो जाइये मैं सो जाउंगी….

बाबा-- बेटी तू जल्द हे हमसे दूर हो जाएगी …मुझे नहीं पता तेरे दिलमे क्या ह ..या क्या चल रहा ह ….क्यों मुझे नहीं बताना नहीं चाहती ह ….पर एक बाद हमेसा याद रखना दुनिया इधर से उधर हो जाये पर तेरे पीछे ये तेरा बाबा हमेसा खड़ा मिलेगा तू बेजिझक कर बस जो तेरा दिल करे…..

पूनम-- बाबा मैं मेरे माँ बाबा आप हे मैं आपसे दूर जा सकती हु क्या मैं आपको और चची को अपने साथ हे रखूंगी आप हे तोह सब कुछ हो मेरे …..

पर चाचा के जाने के बाद उसके दिल मई दर्द की लहार उठ गयी

पूनम--- मैं नहीं जानती तुम कौन हो कान्हा रहते हो पर मैंने तुम्हे दिल से चाहा ह अपनी दुवाओ की गहराई से तुम्हे रोज भगवन से माँगा h…agar मेरा प्यार सच्चा ह मेरी भक्ति सच्ची ह तोह हम फिर मिलेंगे और तब मई तुम्हे नहीं जाने dungi……hum फिर मिलेंगे

लास्ट डे ……इन देहरादून

आज सुभे से हे राज सबको अलविदा कह रहा था वो अपने स्कूल गया उसे देखा तोह एक आठ सी निकल gayi..uske मू से ….

राज---- जिंदगी कितनी जल्दी निकल जाती ह ….स्कूल के ये पल कभी दुबारा नहीं एते ह मैंने तोह कभी जिए हे नहीं…..

मनीषा---- ने राज के कंधे पे हाथ रखा और बोली तुम सबकुछ अपनी ीचा से नहीं कर सकते हो राज …बस जो पल मिलते ह उन्हें जी भर जिओ और इसे पहले दीपिका कृति अंजना सोनाली मम सुनील और श्वेता जैसी नटखट बहन नहीं मिली

राज---- ने मुड़कर मुस्कराकर कहा मैं आपको बहुत मिस करूँगा …..

मनीषा---- दुखी मन से मुस्कराकर ी मिस ु तू सूऊओ मच….. राज इतना कहकर गले लग गयी उसकी आँखों मई भी आंसू थे जिन्हे उसने भरपूर छुपाने की कोसिस की पर रोक न पायी …..और बोली तुम मुझसे मिलने आओगे बस समजे तुम होगी तुम निर्वाण …पर मुझसे मिलने नहीं ए तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा फिर दुनिया देखेगी की निर्वाण की दुलहई कैसी होती ह.

राज---- मनीषा के आंसू पोछकर मैं प्रॉमिस करता हु जब तक जिन्दा हु आपको कभी दूर जाने नहीं दूंगा हमेसा आपसे मिलता रहूँगा और आपको पता ह मैं अपना प्रॉमिस नहीं तोड़ता हु अब तोह हंस दीजिये……

मनीषा के चेहरे पे बड़ी सी मुस्कान आगयी

चलिए आपकी फ्लाइट का टाइम हो gaya……phir हाथ पकड़कर आप रोटी बिलकुल अछि नहीं लगती हो ….

राज के ये 2 महीने बहुत शांति से गुजर gaye…family के साथ बाते पढ़ाई प्यार दोस्ती ये पल जिए उसने……

पर दिल्ली मई …….कोई हर पल

सुनील ,shruti,Ajju,aur अभय ,शिवानी और सोनाली पर नज़र रखे हुवे the………wo कितने चालक थे इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता था की अभी भी उन 6 को अहसास तक नहीं हुवा था की कोई उन पर लम्बे समय से नज़र रखे हुवे ….पर अभी तक उनपर कोई अटैक नहीं हुवा था सिर्फ एक शांति थी जो मौत की आभा बिखेर रही थी और ये 6 इस बात से बेखबर की मौत का तूफ़ान इनकी जिंदगियों मई जड़ आने वाला ह ये सब सोनाली के पिता के कातिलों को ढूंढने मई जी जान से जुटे थे….

माफ़ कर दीजिये ……सर ……मेरी गलती नहीं थी……

आदमी अपनी गर्दन को कई बार झटका देता ह और अपने हाथ को मू पर लगे खून को पॉंच कर एक ऊँगली से अपनी जीब पर लगता h…..tumhari गलती ये ह की तुम जिन्दा क्यों हो तुम्हारी गलती ये ह की तुम्हारे खून मई गाडरी का स्वाद ह ..……..और उस आदमी को सर से पकड़कर अपने सामने की टेबल पर लेता देता ह और अपने हाथ मई मांस काटने वाले चूरे से उसकी गर्दन पे वॉर करता ह जिसे गर्दन आधी काट जाती ह पर वो दुबारा वार करता ह फिर तीसरी बार वार करता ह और गर्दन अलग कर देता निचे पड़ा आदमी पहले से हे तड़फड़ा रहा होता ह और वो आदमी उसे तड़फड़ाता देख मुस्कराता ह फिर छुरी को हाथ मई पकड़ कर इसकी धार काम हो गयी ….फिर एक एक करके उसके छोटे छोटे टुकड़े करके …..एक टोकरी मई दाल पीछे पिंजरे मई बंधे हुवे अपने जंगली कुत्तो को खिला देता ह ….ये सारा सन सामने खड़े 50 आदमी देख रहे होते ह जिनकी रूह अंदर से काँप रही होती ह वो बखूभी जानते थे की सामने खड़ा शख्स आया हे सिर्फ उनके लीडर को सजा देना था पर उन्हें ये भी पता था की सामने खड़ा सख्स चारे से सुन्दर दीखता ह पर ह वो बेहद क्रूर निर्दयी ह जिसके लिए आदमी एक मांस का टुकड़ा भर h.…….Tabhi उसका फ़ोन विबरते करने लगता h……..aur उसे सामने से एक मिनट तक कहा जाता ह और कॉल कट होने के बाद वो निकल जाता ह और उसके साथ निकल जाते ह उसके खास admi……..aur उसके साथ हे चली जाती ह डेथ halo…nikal जाती ह मौत की आभा जो उसके साथ उसके साये की तरह रहती h………aj के लिए इतना हे ….मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स और रेवोएस ठोकने का एड्स से बचने के लिए पेज रिफ्रेश करते रहने का………….
 
Today....2pm

अपडेट 133.....

फॅमिली रिवेंज.....

मुलाकात ......
 


अपडेट 133

मुलाकात……

दिव्या--- खा…. न तू खता क्यों नहीं h….kitna पतला हो गया ह….

राज---- बुआ 5 अल्लू के परांठे खिला दिए ह और जगह नहीं ह प्लीज …..

दिव्या--- अरे 6 फ़ीट का सांड हो गया ह पर खाने मई नखरे लड़कियों वाले ह kha…..muu खोल ….jaldi…..warna तू जनता हे ह मुझे…

राज---- बुआ मुझसे हिला तक नहीं जायेगा ….इस छिपकली को खिला दो ये सूख कर कांटा हो गयी…..

जहान्वी---- हे हे हे हे सुपरमैन भी देखो कैसे डरता ह पिटाई से हे हे he….ab श्वेता दीदी की बरी ह…

श्वेता--- बुआ मैं मैं और नहीं खा सकती hu.itne दिनों से मेरी खा खाकर हालत ख़राब हो गयी …..

दिव्या--- थाली मई एक परांठा और रख कर क्या मैं मैं कर रही खाओ चुप चाप….

दादाजी--- है है है बस कर दिव्या देख कही तेरा दीपू और श्वेता खा खा बीमार हे न हो jaye……..waise भी इसे सुभे दिल्ली के लिए निकलना ह …. एक मंथ मई रिजल्ट आजायेंगे….

दिव्या--- आपको ये बात बार बार याद दिलानी जरुरी ह क्या पापा….

जहान्वी—- हे हे हे अब नाना जी की बरी h..he हे हे.

Raj---divya को अपने पास बिठाकर एक निवाला अपने हाथ से खिलते हुवे आप गुसा करते हु बिलकुल अछि नहीं लगती चलो अब मू खोलिये और खाना खाइये …..

दादाजी--- कान्हा एडमिशन लोगे निर्वाण….

राज---- काफी दिएर सोचकर दिल्ली लूंगा दादाजी क्योकि विथल का सुराग वंही मिलेगा और वो हे विक्टर तक लेके जा सकता ह…..

श्वेता--- देखो न दादाजी ये मुझे और दीपिका दी किसी को भी अपने साथ नहीं रहने दे रहे h….bol रहे ह की मेरे पास खतरा ह अब आप हे कहिये इनसे की बहने ताकत होती ह और अपने हाथो को फुलाकर देखिये मेरी बाइसेप्स मैं बहुत स्ट्रांग हु….3,4 को तोह ू हे उदा दू…

दादाजी--- मुस्करा कर बेटी अब तुम उसकी हीमत से जायदा कमजोरी बनोगे पर है अनजान बांके एक कॉलेज मई पढ़ सकती हो .. पर रिश्ता कभी उजागर न हो …..

जहान्वी---- हे हे हे आज आपकी ये इमोशनल चाल काम नहीं आएगी दीदी…

श्वेता बेचारी साद सा मू बनके रह गयी आखिर आज 6 साल से उसे राज की अदद जो हो गयी थी ……. और पिछले एक साल से तोह वो उसके साथ हे सोती थी …

Morning…..mai….

हे भगवन ये लड़का कुछ भी सही से पैक नहीं करता h…kya करू मई इसका …

जहान्वी---- हे हे हे मुम्मा ….सुपरमैन की दीदी हे उनकी पैकिंग करती ह ……उन्हें बस फाइट करनी अति ह ….

दिव्या--- तुजे बहुत बाटे आने लगी ह….

Jhanv---airi गैरी समझा ह क्या सुपरमैन की बहन हु फोड़ के रख दूंगी सबको….

दिव्या—- रूक तुजे मैं बताती hu….badi आयी फोड़ने वाली

राज जो साइड मई चुप चाप दिव्या को देख रहा था उसने पास जेक दिव्या को गले लगा लिया …… और बोलै आप दुखी मत होवो आप तोह मेरी प्यारी सी स्वीट सी बुआ हो न ….. और मैं दूर कान्हा हु आपसे दिल्ली हे तोह हु न

दिव्या--- तुम छोड़ो मुझे अभी तुम्हारी पैकिंग करनी बाकि ह……..

राज---- श्वेता कर देगी आप बैठो यंहा ….मुझे जी भरके देखने दो आपको ………..

Divya---chal हैट सब समझती हु मैं तुजे फिर अपने आँखों से निकलते हुवे आंसुओ को पोंछकर…. मैं तीख हु बस मुझे रोज फ़ोन करेगा …अपना धयान रखेगा …..टाइम से खाना खायेगा …..और खतरों से दूर रहेगा …..सोनाली को तेरी हर खबर रहनी chahiye….main पूछती रहूंगी….

राज---- आगे झुककर है मेरी माँ है मैं साडी बाटे मानुगा आपकी …..

दिव्या— फिर से कह …

राज-- क्या…..

दिव्या--- जो अभी कहा ….

राज---- मा…

दिव्या ने राज का माथा चुम लिया …….आखिर यही तोह सुन्ना था उसे ……माँ….. यही तोह वो अपनी भाभी विद्या से कहती थी की एक दिन कहेगा दीपू मुझे maa…..bhabhi आप देख लेना मैं उसे इतना प्यार करुँगी की आपसे पहले मुझे याद करेगा ……..और आज दिव्या का कहा सच हो गया था वो जल्दी से अपने खव्बो से बहार आयी और राज के गाल पर हाथ फेर उसे अपने सीने से लगाकर उसके गलो को चुम कर उसे विदा कर diya…..chahre पे मुस्कान थी पर दिल मई बेइंतिहा दर्द था

रस्ते मई …भाई एक बात बताओ आप कॉलेज मुझे नहीं जानोगे ी मैं मुझे डाँटोगे नहीं कोई रोक टोक नहीं ह na….raj ने आंखे छोटी कर के कहा मतलब क्या तेरा तू उल्टा पुल्टा सोचना भी मत सामजी न……

श्वेता--- मैंने कान्हा कुछ कहा आप हे उल्टा पुल्टा सोच रहे हो …. मैं तोह बस ु हे मजे करुँगी बस आप रोकना टोकना mat….he हे हे…

राज---- उफ्फ्फ ये लड़कियी कब सुधरेगीइ ….तीख ह नहीं टोकूंगा बस तू जीती …बूत एवरीथिंग इन लिमिट ok….aur अगर फिर भी न मणि तोह तेरी शादी इतनी दूर करवा दूंगा की फिर करती रहना हे हे हे…..

बस ये सुनते हे श्वेता टूट पड़ी राज पर हाथ पेअर लात सब बरसाने लगी …कार को अखाडा बना दिया श्वेता ने और चिक्ति रही ी हेट यू भाई मैं नहीं जाउंगी आपको छोड़कर उनकी लड़ाई काफी दिएर चली और अंत मई वो राज की बांहो मई आने पर शांत हो गयी…… पर दिकत ये नहीं थी दिकत तोह अब सुरु होने वाली थी ……और वो थी दिल्ली मई रहे कान्हा क्योकि …..सुनील भी वंही रहता था ….और श्वेता भी वंही रहती थी और सोनाली भी वंही थी ..अब किसको मनाये किसको न कहे ये उसके लिए बहुत टेंशन वाला काम होने वाला था …. पर इसी सोच सोच मई उसका रास्ता पूरा हो गया ……आज वो सीधा पंहुचा जोगिन्दर सिंह के घर जंहा उसके बड़े पापा और बड़ी मुंय ने बेटी श्वेता को किनारे कर उसकी पूरी आवभगत करि और श्वेता बस मू फुलाए फूफई की तरह बस बैठी रही ……..और बार बार एक हे बात बोलती एक बेटी भी ह आपकी उसकी तरफ भी देख lo…par सबने उसे नेग्लेक्ट किया ……पर अंत मई तीनो ने हे उसे अपने हाथो से बड़े लाड प्यार से कहिल्या जिसे देख कर और प्यार को महसूस कर उसे जो एक पुरे परिवार की कमी खलती थी वो पूरी हुवी दिखी उसके पापा मुंय की आँखों की खुसी और राज के प्यार ने भावुक कर दिया …और आँखों से आंसू बाह निकले पर तभी घर के अंदर दीपिका और सुनील भी आगये ….

दीपिका और सुनील बड़ी माँ हम भी ह इन 2 भुकड़ को खिला डौगी आप सारा खाना…..

स माँ---- अरे आ न तेरे लिए तोह सबसे पहले ह मेरे बेटे ….तेरा हे तोह इंतज़ार हो रहा था….

स माँ की बात सून सब बस सुनील को हे देखने लगे….

सुनील—- देखो नज़र मत लगाओ… हम माँ बेटे के प्यार को ……कितना जलते ह सब maa……jealous people's…

राज दीपिका श्वेता तोह बस मू फाडे हे देखे जा रहे थे …… वो कभी एक बार सुनील को देखते तोह कभी संयम को देखते तब जोगिन्दर सिंह बोले की सुनील तुम्हारी बड़ी माँ को शॉपिंग घूमना मंदिर ले जाना बेटे की साडी डूएटी पर कर रहा तोह …जायदा सोचो मत फिर ….पूरे परिवार ने बेहतरीन पल साथ बिताये और रात को फाइनल हुवा की राज और श्वेता और सुनील दीपिका की यूनिवर्सिटी कैंपस मई हे एडमिशन लेंगे…….. इस बात से दीपिका बेहद खुस थी क्योकि उसका भाई अब उसके पास हर वक़्त जो रहने वाला tha….usai फ़ोन कर …रोज उसकी केयर करने की जरुरत नहीं थी…. अब उसके पास रहकर वो उसकी केयर करेगी पर राज ने जब अपने प्लान बताये तोह दीपिका का चेहरा उतर गया ….उसकी सकल रोनी हो gayi…aur वो मू फूला कर बैठ गयी ….पर जब सुनील ने संजय की 2 बंगलो होंगे एक जैसे और उन बंगलो मई से अंडरग्राउंड रास्ता आएगा और उसे हे आप दोनों राज से मिल सकती हो अब तोह खुस हो न आप …..और सुनील की ये बात सुनकर दोनों बहनो ने हे एक साथ सुनील के गाल पर पप्पी चिपका di…..aur इसे गले लगा liya……aur बोली लव लव ु सो मच भाई

सैटरडे ….इन मॉल….

दीपिका-- अभी मूवी मई टाइम ह …..कुछ खा लिया जाये….

अंजना — कितना खायेगी यार अभी तोह खाके आयी थी..

श्वेता--- ये भी कुछ पूछने की बात ह बर्गर एंड कोक …..

अभी वो ये बात कर हे रहे थे अचानक हे दीपिका और अंजना की आंखे चमकने लगी और उत्साहित होते हुवे बोली वो तोह हमारे सीनियर्स सर एंड मम ह न ….

दीपिका —- है बिलकुल ….चल मिलते ह….

और दोनों कड़ी होकर चलदी और सुनील उन्हें जाते हुवे देखने लगा….

दीपिका — Hi सर hi मम आप यंहा …

Shaks--hmm तोह मूवी के लिए ए थे

Ladki--aur तुम दोनों ….हम्म्म शॉपिंग …के लिए आयी होंगी …

Anjana--muskarakar मूवी देखने ए ह मम…

शख्स — that's साउंड गुड ाजाओ हमरे साथ हे….

दीपिका-- टेबल की तरफ इशारा कर कर साथ मई ए ह वर्ण जरूर जरूर हम आपके साथ मूवी देखते….

शख्स--- अपने चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन लाकर ओह हमे नहीं मिलवाओगी….

दिपिका-- जरूर जरूर ….आईये न ….

तप …….

तप ……

तप…….

दीपिका--- भाई इनसे मिलो ये ह मेरे सीनियर्स सुरेंद्र सर एंड बबिता मम बहुत हेल्पफुल केयरिंग और सपोर्टिंग ह ….हम दोनों का बहुत धयान रखते h……aur इनसे मिलये ये ह मेरा छोटा भाई सुनील सिंघानिया और ये मेरा लवली क्यूट बरोथेर राज सिंह…

राज की बैक अभी भी सुरेंद्र की तरफ thi…….sunil ने हाथ मिलाया और बोलै अफ़्कौर्से इन्हे कौन नहीं जनता दी आपको बाकि का इंट्रो मैं दे देता हु inka…..Son ऑफ़ शैतान सिंह एंड ग्रैंड सोन ऑफ़ श्री ठाकुर जगमाल सिंह निर्वाण और शामे इंट्रो बबिता जी का ह ,प्लेस ऑफ़ बेलोंगिंग मंडावा….. ी म राइट ……सर एंड मम

सुरेंद्र की आंखे फैली हुवी थी वो शॉक से देख रहा था सुनील ko….aur इसी शॉक से बोलै तुम कैसे जानते ho…..hume

सुनील--- मैं कैसे जनता हु मैं तोह सब जनता हु तुम्हारे बारे मई और इतना जनता हु की बात करने मई भी मुझे घिन्न आरही ह तुम दोनों से

दीपिका— गुसाई से sunil….behave योर सेल्फ ऐसे बात करते ह बड़ो से यही सीखा ह तुमने …

सुनील--- बड़े और ये इतने घटिया और घिनोने ह की इन्हे मर जाना चाहिए….

Chataak……ek थपड सुनील के गाल पर पड़ा …..

दीपिका--- मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी सुनील माफ़ी मानगो abhi…..ke अभी…..

तभी राज खड़ा हुवा और दीपिका को घूरने लगा उसकी आँखों मई बेइंतिहा दर्द और गुसा भरा हुवा था की उसके अंदर का निर्वाण बस किसी तरह खुद को रोके हुवे था …उसकी ये हरकत देख दीपिका भी संन्न रह gayiii…..usai समाज नहीं आया की क्या हुवा राज को ….…..पर राज की पीठ अभी भी सुरेंद्र की तरफ थी तभी बाथरूम गयी हुवी श्वेता ने एते हुवे ये सब देखा तोह वो तुरंत भाग कर आगयी ….और सुरेंद्र ने उसे देखा तोह बोलै तुम ….shweta….ha main…kyo उम्मीद नहीं थी तुम दोनों को ..

दीपिका और अंजना तोह अभी भी सब समझने की कोसिस कर रहे थे की क्या से क्या हो गया कब सिचुएशन इस हद तक बिगड़ gayi……..tabhi राज खड़ा हुवा पलटा और बोलै कैसे हो भैया …..आपको तोह मेरी याद आती नहीं होगी पर मुझे तोह आपकी याद रोज अति ह. सुरेंद्र और बबिता तोह शॉक से उसे देख रहे the….raj आगे बोलै …खासकर आपके बचपन मई दिए गए बेशुमार प्यार की ….जो रोज सुभे 5 बजे मिलता था …..फूऊऊऊ एक गहरी सांस छोड़ kar…...koyi इतना प्यार अपने छोटे भाई को कैसे दे सकता ह …..क्यों सुनील सही कहा न ….ये बोलते वक़्त राज ने सुनील के गाल को सहलाया जिस पर दीपिका के थपड के निशान थे ….फिर दीपिका की तरफ देख कर बोलै …….आप बड़ी बहन ह तोह क्या आप थपड मर देंगी बिना वजह jane……ye मेरा भाई और जिंदगी भर रहेगा इसे कोई चोट पहचाये मैं बर्दास्त नहीं करुगा चाहे फिर मेरा कोई सागा हे क्यों न ho…..raj की बात सुनील bola-chodh गुसा मत हो न भाई ….कोई बात नहीं यार वो बड़ी h……chal चलते ह …..पर राज के रिएक्शन दूसरे थे वो अभी भी अपने गुसाई को दबा नहीं प् रहा था इसी वजह से सुनील भी जायदा बोल नहीं प् रहा था उसे साफ़ साफ़ दिख रहा था की ये राज नहीं बोल रहा ह राज के अंदर बसा निर्वाण बहार निकलने की कोसिस कर रहा ह ……..पर सुनील को पता नहीं था की राज का ये दिल का दर्द और चेहरे का गुसा कविता ममता का था जो इनदोनो की वजह से आज उसे 7 समुन्द्र दूर थी ….

बबिता--- राज तुम वाकई बहुत बदल गए हो ….और अब बहुत बतमीज़ भी हो गए हो…….

श्वेता कुछ बोलना चाहती थी पर राज ने चुप कर दिया और कड़वी मुस्कराहट के साथ बोलै …मुझे सब याद ह मेरी प्यारी दीदी ….वक़्त ने पहिया पलट दिया ह बस ये …..याद रखना ……. हम भाई बहन थे. पर अब नहीं ……और फिर सुनील और श्वेता की तरफ देख कर बोलै …..चलो चलते h…..Raj ने एक नज़र दीपिका और अंजना को देखा और चल दिया …..पीछे कड़ी दीपिका जिसकी राज की बात से पहले हे रुलाई फुट पड़ी thi…..wo बस राज को बहते आंसुओ के साथ जाते देखती रही … ….आज के लिए इतना हे …….सो मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
अपडेट 134

एंगर एंड इमोशंस इवनिंग 6 पं......
 
अपडेट 134…

इमोशन एंड एंगर….

रात 9 बजे…..

सोनाली बंगलो…..


दिंनिंग टेबल पर सभी बैठे थे शिवानी, राज sonali,shweta,sunil,deepika और सभी हे चुप थे….. किसी की भी बोलने की आवाज नहीं आरही थी …और चुप चाप खाना खाया जा रहा tha……sonali जो सबको देख रही थी उसे अब पूरा यकीन था की आज बहार जरूर कोई बात हुवी ह पर उसने कोई सवाल नहीं पूछा और माहौल मई छायी शांति को उसने हे तोडा और बोली….

सो फाइनली महाराज ने दिल्ली पढ़ने का मन बना लिया h……apki इस दया दृष्टि के लिए मेरी तरफ से आपका बहुत बहुत बहुत सुखरिया ऐसे हे कृपा दृष्टि बनाये रखे और भक्त को दर्शन देते रहे ……मैं हर पल तन मन से आपकी सेवा करती रहूंगी मेरे प्रभु….

सोनाली की हिंदी और ऐसी बाते सून सबके चेहरे पे मुस्कान आगयी तोह वंही राज भी धीरे से मुस्कराने लगा उसकी नज़र सोनाली के चेहरे पर गयी जो राज को अपने पास पाकर बहुत खुस दिख रही थी ….…. और राज को मुस्कराता देख दीपिका भी मुस्कराने lagi…..usai ये तोह नहीं पता था की आखिर पास्ट मई क्या बात हुवी ह और वो ये बात सोच सोच कर पिछले कई घंटो से दुखी हो रही थी की जब वो राज के घर गयी थी तोह उसे सुरेंद्र और बबिता का क्यों पता नहीं लगा ….और उनकी फोटो हवेली मई क्यों नहीं दिखी …..आखिर क्या किया था बबिता और सुरेंद्र ने …पर उसे इतना पता जरूर चल गया था की वो उसके चचेरे सेज बड़े भाई बहन ह ….और सुनील को उसने चांटा मारा था तोह वो उसे पूछने से भी कटरा रही थी और श्वेता तोह पहले हे गुसा हो गयी थी फिर भी वो मॉल से उसका हाथ पकड़कर साथ ले आयी thi…..deepika ने मन मई सोचा मैं किस से पुछु फिर उसकी नज़र सोनाली की तरफ गयी जो राज को निहारे जा रही thi….aur उसे एक उम्मीद नज़र आयी और खुद से हे बोली अब तोह सिर्फ भाभी हे बता सकती ह की आखिर क्या हुवा था उन्हें सब पता होना चाहिए ….अब उसे बस इंतज़ार था तोह सबके सोने का ताकि वो सोनाली से सच जान सके…

दीपिका को यूउ सोच मई देख शिवानी बोली तुम किस सोच मई हो खाना खाओ …..

रात को सबके सोने के baad…akhir जब सोनाली रूम मई पहुंची तोह …..दीपिका से कंट्रोल नहीं और वो पूछ हे बैठी….

दीपिका —- भाभी यंहा बैठो ….मुझे आपसे जरुरी बात पूछनी ह…..

सोनाली--- है पूछ न ……

दीपिका---- हाथ आगे भाड़ा कर प्रॉमिस कीजिये सच बोलोगी आप नहीं तोह अपनी दोस्ती ख़त्म…

सोनाली-— अरे क्या उल्टा बोल रही ह पका सच बोलूंगी बस ..अब पूछो क्या जानना चाहती हो

दीपिका--- राज सुरेंद्र और बबिता से इतनी नफरत क्यों करता ह……. मुझे सब जानना ह …आखिर kyo…wo उनकी सकल से भी नफरत करता ह…..

सोनाली ने दीपिका सवाल सूना तोह उसका चेहरा भी मुर्जा गया और जवाब देने से पहले उसने भी दीपिका से पूछने की वजह पूछी की आखिर वो ऐसा सवाल क्यों कर रही ह तोह दीपिका ने आज की पूरी घटना बता दी जिसे सुनकर सोनाली को दीपिका पर गुसा तोह बहुत आया पर उसने कुछ सोचकर कुछ नहीं बोलै और चुप चाप उसका हाथ पकड़कर उठाकर अपने पीछे राज के रूम की तरफ लेजाने लगी जंहा पर राज गहरी नींद मई सो रहा था ……सोनाली ने पास जाकर उसके ब्लैंकेट को हटाया और दीपिका को अपने पास बुलाया और राज की पीठ पर जलने के निशान दिखाए जो अब हलके पद गए थे …..और राज को वापस ब्लैंकेट उड़ा कर उसके बालो मई हाथफिरा कर उसके फ़ोरेहेअद को किश किया और वापस दीपिका का हाथ पकड़ कर रूम मई ले आयी …दोनों हे एक दूसरे को देख रही थी जंहा सोनाली की आँखों मई दर्द की लकीरे थी तोह दीपिका की आँखों बहुत सरे सवाल थे….


सोनाली ने लम्बी सांस ली और बोली …..पता ह क्यों हर बचे के मू से दर्द मई माँ हे निकलता h……kyoki उसकी माँ उसे प्यार से पुचकारती ह उसे सांत्वना देती ह की सब तीख ह मैं हु पास मई डरने की कोई बात नहीं h….par जब एक बचे की माँ उसके पास न हो और न उसके पिता पास मई हो तोह वो किसी आवाज मरे किसी अपना दर्द बताये किसके साये मई छुपकर वो खुदको महफूज़ महसूस कर सके ….. यही सब राज के साथ हुवा करता tha….dard मई बीती उसकी जिंदगी की ये सबसे बुरी यदि ह जिसे वो कभी बुरे से बुरे ख्वाब मई भी याद नहीं करता h..wo हार रात अपने माबाप के लिए तरसा h…aur पता ह वो भगवन से क्या मांगता ह …दीपिका ने भीगती आँखों से हे पूछा kya..sonali-- वो सिर्फ अपनी माँ को मांगता ह ……. जबकि उसे पता ह की उसके माँ के ज़िंदा होने की उम्मीद न के बराबर ह …. जब राज छोटा था तब दादाजी भी काम से कभी कभी एक महीने के लिए बहार चले जाते थे तब पीछे एक बचा …..अकेला कैसा महसूस करता होगा …..ये तुम सोच भी नहीं सकती हो खासकर जब उसे पता हो की ये एक महीना उसका नरक जैसे होने वाला tha……ye बात बताते वक़्त सोनाली की आंखे भी भीग गयी thi……par वो आगे boli….uske चाचा शैतान सिंह उसकी चची इंदिरा और उसके भाई बहन जिनसे तुम आज मिली ये सब मिलकर बेइंतिहा तौरतूरे करते थे सिर्फ इसलिए क्यों की राज के पापा और माँ ने खूब पैसा नाम काम्य और गरीबो की मदद करते गए और अपने भाई शैतान और भाभी इंद्रा के बुरे मंसूबो पर पानी फेरते गए उन्होंने उन्हें हराम का पैसा खाने से roka…..aur जब उनकी डेथ हो गयी और राज को गाँव लाया गया तोह इन्होने राज के पापा और माँ का सारा गुसा उस पर निकला और अपने बचो से भी बेइंतिहा दर्द dilwaya……aur ये तुम सोच भी नहीं सकती हो kaise…….par तुमने मुझसे वडा लिया ह तोह तुम्हे बताउंगी …..जब भी दादाजी बहार जाते थे तब राज को सुभे से लेके रात तक काम कराया जाता था उसे हे उसके घर मई नौकर से बुरी हालत मई रखा जाता था सुभे का खाना शामको और शाम का खाना सुभे को दिया जाता tha….aur राज को तोह पता भी नहीं था की उसके साथ होता क्यों tha.m ये sab….aur ये कभी सामने नहीं अत पर ये सामने आया जब राज के एक टीचर ने राज को स्कूल मई राज को बुरी तरह इमोशनल तौरतूरे किया तब वो बेहोस हो गया था और डॉ ने उसका फुल बॉडी चेकउप किया तब राज की पीठ पर जलने के कई सरे निशान मिले ……तुम सोच भी नहीं सकती दीपिका छोटी सी उम्र मई ये जलने के निशान कैसे सही होंगे उसने ….. डॉ ने ये बात दादाजी को बताई और जब उन्होंने ये निशान देखे तोह उनपे क्या गुजरी होगी कैसा सहा होगा unhone….wo ये सोच के आज भी रो देते ह की कैसे सो पता होगा राज रातको और कैसे दर्द सहते रहा होगा ….कितना डराया गया होगा उसे जो उसने दादाजी से सब छुपा लिए…. राज का गुसा और दर फिर बढ़ने लगा तब एक बड़े डॉ को राज का चेकउप कराया और पूरी बात बताई तोह उसने ये सब जानकार बता दिया था की इसका गुसा अगर इमोशनली ट्रिगर हुवा तोह वो इसकी मेन्टल स्टेबिलिटी को इस कदर डिस्टर्ब करेगा की उसे कंट्रोल करना बहुत मुश्किल hoga….isliye दादाजी जो राज को 15 साल का होने पर ट्रेनिंग के लिए भेजना चाहते थे उन्होंने इसे पहले भेजा ताकि वो उसका गुसा इमोशंस को कंट्रोल करना सीखा सके और वो सुरक्षित रहे …..………. और उसके उस बुरे वक़्त मई साथ मिला सुनील का जिसने उसे संभाला ….और सुनील जिसका उस्वक़्त कोई दोस्त साथी नहीं था वो अकेला था आश्रम मई क्योकि वो अनाथ था …उसे साथ मिला राज का जो उसका दोस्त उसका भाई उसकी जान बनगया तोह अब तुम खुद सोचो की कैसे कोई राज को दुखी करे तोह सुनील चुप रहेगा और कोई सुनील को तकलीफ दे तोह वो कैसे सहेगा …और सुरेंद्र बबिता ने जो किया …वो कैसे भूल सकता उन्ही दोनों की वजह से उसकी जान से प्यारी बहाने दूर चली gayi…..aur आज तक वो खुदको इस बात के लिए दोषी मानता ह ….तुम क्या सोचती हो की वो कॉल नहीं कर सकता अपनी बहनो से ….कर सकता ह वो…… पर वो सोचता ह कैसे माफ़ी मांगेगा कैसे कहेगा की उसने वडा तोड़ दिया…. इसलिए वो उनके आने का वेट कर रहा ह ताकि किसी भी तरह उन्हें मन सके इसलिए जब तुम उसकी बड़ी बहन और श्वेता छोटी बहन बानी तोह उसकी जिंदगी मई बहनो के प्यार की कमी पूरी huvi…sonali की कही हर बात दीपिका के दिल मई तीर की तरह लग रही थी और उसकी आँखों से आंसू गिरते जा रहे the…..Tum मत रोवो मुझे पता ह तुम्हे नहीं पता था सब और सुनील को भी तुमने इसीलिए चांटा मारा क्योकि वो राज के बड़े भाई बहन के साथ बतमीज़ी बात कर रहा था …..और तुम्हे दर लग गया की सुनील की बात से राज नाराज न हो jaye…Deepika जिसके आंसू बाह रहे थे उसके कांपते होतो से है की आवाज भी नहीं निकली और उसने बस गार्डा है मई हिला डीई…

सोनाली--- वो तुमसे बहुत प्यार करता ह और उसने तुम्हे दिल से अपनी बड़ी बहन मन ह मुझे पता ह वो तुमसे कभी नाराज नहीं हो सकता h……aur रही सुनील की बात तोह उसे बिलकुल बुरा नहीं लगेगा वो तोह खुस होगा की आज तुमने उसपर बहन होने का हक़ जताया ह ….. वो कभी अपने से नाराज नहीं हो सकता ह क्योकि उसे परिवार अपनों का मतलब पता ह……. हम सब हे तोह उसका परिवार ह ……

सोनाली की बाते सुनकर दीपिका फुट कर रोने lagi…..usai ये अहसास हुवा की उसके दोनों भाई ने क्या क्या सहा ह जिंदगी मई और कितना प्यार करते ह उसे ……वो अपने आंसू कपड़ो से पोंछकर कड़ी हो गयी और राज के रूम की तरफ चल दी …..उसके दिल मई बहुत सरे झज्बात और भावनाओ ने तूफ़ान मचा रखा था… उसके दिमाग मई सोनाली की कही हरबात गूंज रही thi…usne जब राज का रूम खोला और उसने राज का चेहरा देखा तोह उसका दिल दर्द और तड़प से बहार गया वो कितनी बार भी आंसू पोंछती वो दुबारा से आजाते ……वो धीरे धीरे राज के पास गयी और घुटनो के बल बैठ गयी …….कोई आवाज न हो इसलिए ठण्ड मई चपल भी नहीं पहनी …अपने गंसुओ से भीगे हाथो को साफ़ कर राज के बालो मई हाथ फिरने लगी …उसे पता था की राज को बालो मई हाथ फिरवाना उसे बहुत सुकून देता ह ….दीपिका को राज की हर केयरिंग हर बात हर मुस्कान लेह लद्दाक की घुमाई से लेके उसे बचने का हार सन आँखों के आगे घूम रहा था जो कभी चेहरे पे मुस्कान तोह कभी दर्द और तड़प के भाव लेता की कैसे राज उसकी गोदी मई सर रखकर सो जाता था ….….और इन यादो मई उसे पता भी नहीं लगा की कब उसे निचे सिरहाने बैठे बैठे नींद आगयी……. पर जब उसकी नींद टूटी तोह उसने खुद को बीएड पर देखा तोह एक पल घबरागयी और फिर जब साइड मई देखा तोह उसके चेहरे पे बेइंतिहा मुस्कान thi…….usne जल्दी से राज का हाथ उठाकर अपनी पीठ पर रख लिया और राज को देखने लगी और बोली ी लव उउउ सो मच भाई …ी म सॉरी… भाई ..….और राज के सीने से लगकर सो गयी…………

सुभे दुबारा दीपिका की नींद खुली तोह राज जग रहा था और उसे हे देख रहा tha……….Deepika ने उसके फ़ोरेहेअद पे किश किया और बोली ी म सूर्य भाई …. ी लव ु सो मच तेरी हर सजा मंजूर ह बस कभी नाराज़ मत होना अपनी दीदी को माफ़ करदे ..……..तू मेरी जिंदगी का वो हिस्सा ह जिसके न होने पर दीपिका का कोई वजूद नहीं ह……

राज---- दिल्ली आकर बहुत बड़ी बाते करना सिख गयी हो आप …… ये बाते सिखाता कौन ह आपको …..

दीपिका — ी लव यू भाई ी लव सो मच…..

राज---- ी लव ु तू डीई…

तभी आवाज आयी …. ये सही ह मतलब आप दोनों भाई बहनो का तीख ह ….जिसे थपड पड़ा उसे तोह अपने पूछा हे नहीं और इस लल्लूऊ को प्यार दिए जा रही ho…..it's नॉट फेयर ….. क्या जुलम ह भगवान …देख रहे हो कलयुग मई क्या हो रहा ह … सुनील की बात सून दीपिका ने अपने कान पकड़ सॉरी कहा और अपनी बांहो खोल डीई जिसपर सुनील भी तुरंत गले लग गाय और दीपिका ने सुनील के गाल पर थपड मारा था उसपर लगातार खूब साडी किस्सेस दे दी ……जिसे सुनील के और राज के चेहरे पर खूब बड़ी मुस्कान आगयी और दोनों ने हे अपनी जान से प्यारी बहन को गले लगा लिया और एक साथ दोनों ने गाल पर किश कर दी ….गेट पर कड़ी सोनाली ये सब देख मुस्करा रही थी ….दीपिका ने सोनाली को देख …होठो को हिला कर धीरे से थैंक यू भाभी बोलै ….सोनाली ने भी गर्दन है मई हिला diiiii…………sonali भी बेहद खुस थी आखिर एक उसका होने वाला पति था तोह एक तरफ उसकी नानन्द और देवर थे ….और अपने परिवार के लिए वो कुछ भी कर सकती थी…

तोह वंही एक दिन पहले एक रूम मई रात को 10 बजे के करीब

बबिता और सुरेंद्र अपनी माँ और बाप से बहस कर रहे the….aur अंत मई गुसाई मई फ़ोन काट दिया…..

सुरेंद्र--- ये हरामी यंहा भी आगया ये मनहूस मरता क्यों नहीं कंही जाकर इस कुटाई की वजह से हउमै घर से दूर रहना पद रहा ह …….

Babita----ye सब छोड़ो दीपिका उसकी बहन ह तोह वो हमारी भी बहन huvi…apka शादी का सपना तोह चूर हो गया …अब क्या करोगे आप

सुरेंद्र--- कामिनी मुस्कराहट चेहरे पर लाकर ….ाचा …तुजे क्या लगता h…..muje कौनसी शादी करनी थी उसे और कौनसी bahan…are.... उसकी हरकत बताती ह की वो कुंवारी ह अभी तक …बस सील तोड़नी ह उसकी …..एक बार छोड़ लू फिर क्या करना ह उसका..

बबिता--- अब नहीं लगता ह की ऐसा होगा …क्योकि आपकी हकीकत अब उसे पता लग गयी होगी …और वो छोटी कुटिया क्या नाम ह उसका ….ha….shweta उसने पका हे भर दिया होगा अब तक .खैर ये सब बाद मई देखेंगे पहले चलो मस्त नया ड्रग आया ह वो लेते ह और मुस्करा फिर ….मजे करते ह सालो में पुरे मूड की ऐसी तैसी करदी ….

सुरेंद्र--- दोने …..जो तू कहे तुजे भी तोह खुस करना ह chal…….waise भी माँ ने बताया ह ये दिल्ली हे पढ़ेगा तोह इसको मरना आसान होगा…..

बबिता--- श्वेता का बाप कमिश्नर ह तोह धयान से करना padega…….aur पापा ने याद ह न राज के लिए क्या बताया था

सुरेंद्र---- है पता ह हम देखे से वार करेंगे आखिर छोटा भाई ह हमारा इतनी आसानी से थोड़ी हे मरेंगे अरे तड़पा के मरने मई मज़ा हे अलग आएगा…. कमिश्नर भी कुछ नहीं कर पायेगा जब सबूत हे नहीं मिलेगा …..वैसे भी माँ ने अभी शांत रहने को कहा ह तोह इंतज़ार करते ह ….

और सुरेंद्र ने धीरे से बबिता की गांड को सहलाया और धीरे से थपड मारा ….जिस पर बबिता मुकरादि और दोनों चल दिए पार्टी करने…

करंट day…college….

अंजना—- भोस्डिका चुटिया और उस रंडी ….ने मिलकर मेरा ….दिल के टुकड़े को कितना दर्द दिया ह ……

दीपिका--- है यार रात को भाभी न बताती तोह पता भी नहीं लगता …….मन तोह करता ह ……गरम सरिया करके दोनों की गांड मई घुसेड़ दोऊ…… और लगातार अंदर बहार कर सब कुछ जला दू ……बनछोड़ चूतिये रंडी की औलाद …..

पदीपिका की बात सुनके अंजना का मू खुल गया था ….वो अपनी आंखे फाडे ……उसे हे देख रही thi…..ki जिस लड़की को गलियों से छोड़ ह वो इतनी भयंकर गालिया दे रही ह….

आईईईईईईई यो हे भगवन मेरे कानो ने क्या सून लिया ……ग्रेट दीपिका गालिया दे रही ह मुझे यकीं नहीं हो रहा ह ….क्या main….sapna देख रही हु…..

दीपिका-— मेरे भाई को कोई ढक दे तोह गालिया क्या मेरे हाथ भी चलेंगे सामजी……

तभी राहुल आकर अरे क्या बात ह महल बड़ा गरम ह सर्दी मई भी …….आज किस बात पर भड़की हुवी ह ये …..

अंजना —- एक हे रीज़न हो सकता ह राज….

राहुल — ओह्ह्ह्हह अब क्या…..

वो आगे बोलता उसे पहले हे दीपिका की घूरती आँखों के देख वो बेचारा जो बोलना चाहता था उसे वापस निगल लिया और बोलै मैं कुछ नहीं बोलूंगा …….मैं कुछ नहीं बोलूंगा मैं कॉफ़ी लेके अत हु ….

उसके जाने के baad…….anjana वो ाचा लड़का ह तुजे लिखे करता ह फिर क्यों है नहीं करती ह…..

दीपिका--- शट उप यार जो मेरे भाई को पसंद नहीं मुझे भी पसंद नहीं चाहे वो कंही का राजकुमार हे क्यों न…..

और तभी उसकी नज़र थोड़ी दुरी से जाते बबिता और सुरेंद्र पर पड़ी और उसका गुसा सातवे आसमाँपर पहुंच गया …..उसकी हाथ की मुठिया कास कर बंद हो गयी और उसके दिल मई दोनों को मरने की आग भड़क uthi…..wo कड़ी होने लगी तोह अंजना ने बैठा दिया राज की कसम देकर जिसे उसका गुसा और बाधक गया और इस गुसाई से बेखबर राहुल समोसा और कॉफ़ी लेकर आया और जिसे देखते हे दीपिका ने निचे फेंक दिया और चली gayiiii…..aur अंजना राहुल की तरफ देख कर मुस्कराती हुवी दीपिका के पीछे चली gayiii…..aur बचा राहुल वो कभी निचे पड़े समोसे को देखता तोह कभी गुसाई मई जाती हुवी दीपिका को देखता और सोचता की इस बार तोह मैंने कुछ भी नहीं कहा राज के बारे मई तोह फिर वो क्यों गुसा हुवी…

सोनाली ऑफिस-----

शिवानी ये इनफार्मेशन ह जो अब तक कलेक्ट हुवी ह …..जैसा तुमने कहा था इसमे काफी सरे तार विथल तक मिल रहे ह ….और उस समय जब ये घटना हुवी thi….tab विथल एक मामूली गैंगलीडर हुवा करता जिसने बहुत काम समय मई खुद का गैंग बना लिया tha…..iska गैंग सोनाली मम के पापा के एरिया मई हे सक्रिय था उस वक़्त इसलिए पूरा यकीं ह उसका हे हाथ होगा

राज---- खड़ेहोकर वाइट बोर्ड पर नाम लिखने लगता ह …जिसमे पहला नंबर सोनाली के फादर का था और फिर बोलता ह देखो एक बेसिक चीज ह जो सबको पता ह वो ह wajah,motive ….एक इंस्पेक्टर को मरना बहुत बड़ी बात होती ह …..इसका मतलब साफ़ ह की सोनाली मम के पापा या तोह बहुत बड़े केस पर काम कर रहे थे …..या उन्होंने किसी ऐसे को नाराज कर दिया था जिसकी पहुंच बहुत ऊँची थी……

अज्जू —- पर उस वक़्त तोह आसपास के किसी भी ठाणे मई ऐसी कोई घटना नहीं हुवी थी जो high-profile हो…..

श्रुति—- है और उनके साथ के एक रिटायर्ड कांस्टेबल ने भी बताया की वो बहुत ईमानदार the….aur सीनियर्स से भी उनके टर्म्स अचे थे…..

सोनाली —- मैंने सरे लिंक्स एंगल्स देख लिए ह राज …..मुझे कोई क्लू कोई वजह नहीं मिली ह राज ……

अभय —- तोह फिर विथल को ढूंढते ह वो हे सच बताएगा………

राज---- सरे फैक्ट्स को अनलयस करने लगा और फिर बोलै कुछ केसेस कभी दर्ज नहीं होते ह ….सोनाली मम ये कैसे भूल गयी आप मेरे केस कभी दर्ज हुवे ….बताओ

सब एक साथ सोच मई पढ़ गए की क्या जवाब दे पर तब जोगिन्दर सिंह बोले

जोगिन्दर---- राज की बात सुनकर मुझे एक वजह नज़र आरही ह…..

सोनाली क्या …….

जोगिन्दर सिंह---- उस समय सहदेव भाई भी यही हुवा करते थे ……कंही ये सब उनसे जुड़ा हुवा तोह नहीं ह ….क्योकि उनकी दोस्ती ईमानदार लोगो से जल्दी होती थी… क्या पता सोनाली के पापा उनके दोस्त रहे हो या हो सकता ह उनके लिए काम करते हो …..ये मेरी एक सोच ह बस…..

सब एक साथ हैरानी से जोगिन्दर सिंह को देख ने लगे…..

आज के लिए इतना he……masti मई पढ़ने का लिखे और रेवोएस ठोकने का…….
 
अपडेट 135 टुडे

टाइमिंग 6 पं

सर्चिंग.......
 
अपडेट 135….

सर्चिंग……..

मूव मूव …………fast…fast….fast…..wo भाग jayege….puri जगह के घेर लो शिवानी आर्डर देते हुवे चिल्ला रही thi……aur अज्जू श्रुति अपनी टीम के साथ एरिया को कवर कर रहे थे पल पल मई फायरिंग की आवाज दोनों तरफ से आरही थी…..

सोनाली —- कोसिस करो उन्हें जिन्दा पकड़ने की ये हमारी आखरी होप ह……

सोनाली को टिप मिली थी की विथल का राइट हैंड करोड़ो की ड्रग्स डील करने आया हुवा ह ….इसलिए वो रात को हे शिवानी अज्जू अभय और श्रुति के साथ पुलिस टीम को लेकर आगयी थी….

10 मिनट बाद

पुलिस की कई गाड़िया …एक कार का पीछा कर रही थी…..

सोनाली-- आगे पुलिस ठाणे मई इन्फॉर्म karo….aur आने वाले टोल पर बैरियर्स लगवा दो और बोलना जरुरत पढ़ने पे पैरो पर हे गोलिया चलाये मुझे जिन्दा चाहिए ह वो हर हाल mai…..phir मन मई …..एक बार हाथ अजा फिर जिंदगी बार दौड़ नहीं पायेगा bhadwe…..is समय सोनाली गुसाई से उबाल रही थी उसके हाथ मई गन थी जिसे उसने रीलोड कर लिया था

स्विफ्ट कार 140 कम की स्पीड से रोड पर भाग रही थी …….और उसके पीछे पुलिस की बोलेरो और सोनाली की फोर्टनेर लगी हुवी थी ….. जिसे खुद शिवानी ड्राइव कर रही थी ..स्विफ्ट कार मई बैठे लोगो को किसी का दर नहीं tha…wo बेखौफ रोड पर कट मरते हुवे ओवर टेक करते हुवे कार को भगाये लेके जा रहे the……par पुलिस को चकमा देना इतना आसान नहीं होने वाला था खासकर जब S&S किसी का पीछा कर रही हो 15 कम की दौड़ के बाद टोल पर पुलिस के बैरियर्स और नाकाबंदी हो राखी थी जिसे कार की स्पीड थोड़ी काम हुवी पर उन्होंने कार रोड की लास्ट लेन मई गुसा दी और बिना डरे पुलिस के बारिएर को तकर मरकर साइड मई उदा दिया पर एक बैरियर साथ मई घसीटने लगा जिसके घसीटना से रोड पर जिनगारिया उठने लगी …पीछे से आरही S&S ने ये देखा तोह ….शिवानी ने तुरंत अपनी स्पीड भाधायी और पीछे से स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी ….जिसे कार पूरी घूम गयी ……और पलटी खाने लगी करीब 6 7 बार पलटी खाने के बाद वो रोड पर उलटी होकर रुकी ….श्वानि ने भी बरअक्स मर दिए …..और तुरंत दोनों कार से निकल कर पोजीशन लेकर धीरे धीरे आगे भड़ने लगी ….. पुलिस की टीम ने भी कार को घेर लिया और 15 मिनट बाद सबको खिंच के निकल लिया …. जिसमे से एक पहले हे मर चूका था…

सोनाली ने एक बार सबको देखा और तुरंत हे 2 को शूट कर दिया ……….जिसे जो एक बचा था वो दर गया

सोनाली--- पिछवाड़े मई बोतल …..सरिया गुस्वा के भोकेगा या ऐसे हे बक dega….agar अभी सब बक दिया तोह जिन्दा छोड़ दूंगी ये वडा h…warna तौरतूरे करके मरूंगी

अज्जू--- मम वो घायल मर जायेगा….

सोनाली —- गुसाई से हु केयर्स ….या तोह ये भोकेगा या marega…..tadap तड़प के …और फिर मरूंगी इसके खानदान को इसके घर की हर छोटी बड़ी औरतो को कोठे पे भेज दूंगी और बचो के हाथ पेअर काट कर बिखरी बना dungi……kyo बे ….ये तीख रहेगा न….

हर आदमी की दुखती रख उसका परिवार होता ह और सोनाली के पास उसकी पूरी हिस्ट्री जोग्राफी सब थी …इसीलिए उसको पूरा यकीन था सोनाली ऐसा कर सकती ह क्योकि सोनाली के कामो से हर गुंडा वाकिफ था …….अब सिवाए मू खोलने के और कोई रास्ता नहीं था….

आदमी-- मैं बोलता ह मैडम क्या जानना ह आपको आप पुछोना अपुन को अपना परिवार जिन्दा रखने को मांगता ह …..

सोनाली--- विथल…..

आदमी-- विथल का अपुन को क्या पता होऊंगा मैडम ….

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह की दर्नाक चिक गूंज गयी ….सोनाली ने 2 गोली उसके पैरो मई मार दी ……….

सोनाली--- भोस्डिके बी एक बार और झूट ….तेरी फॅमिली की हर औरत छोटी बड़ी दुनिया से छुड़ेगी samja……wo भी तेरे सामने …..

सोनाली के इस रूप को हर पोलिसवाले जाता था की वो गुसाई मई कितनी खतरनाक ह इसलिए बिच मई कोई भी कुछ नहीं बोलै उसकी ये साइड राज ने भी अभी नहीं देखि थी …

आदमी —- देखिये मैडम अपुन उसका राइट हैंड ह पर अपुन को भी नहीं पता होता ह ….की कान्हा मिलेगा पर करोड़ो का ड्रग्स अभी कॉलेज ओपन होंगे उसमे डग्स डिस्ट्रीब्यूट होंगे औ उन्हें पकड़ लीजिये तब हो सकतस विथल भाई सामने अजय… …. क्योकि इस बार ड्रग्स की खेप बहुत बड़ी ह…..

Sonali---bhadwe चूतिये ….ज्ञान मत दे काम की बात बता …..

आदमी--- कुछ सोचकर …..एक बात और ह maidam…..ek दो महीने बाद वो आएगा दिल्ली मई ……और उसके साथ एक आदमी भी आने वाला ह ……कुछ लोगो को टपकने ko…..muje इतना पता ह की वो एक किलर ह जिसकी न तोह सकल किसने देखि ह न नाम सुना ह उससे तोह विथल भाई भी डरता ह ……उसके भाई को किसी ने मार दिया ह यंहा ….. उसी के लिए ारः तब मैडम आप विथल को पकड़ सकती h……..muje इतना हे पता माई की कसम

सोनाली--- इसको उठा को बेस मई ले जाओ जिन्दा रखो …..

अभय-- यस मम…

शिवानी —- चलो चलते ह ……अभी रिपोर्ट भी बनानी ह…

इन कार सोनाली को गहरी सोच मई देख कर ….श्वीने ने पूछा क्या बात h……kis सोच मई खोयी ह आप…

Sonali—kuch गलत ह विथल का समाजमे अत ह …

शिवानी-- क्या

सोनाली--- विथल का समाज अत ह की हम उसके ड्रग्स को पकड़ेंगे वो सामने आएगा पर किसी ऐसे के साथ आना जिसे वो खुद डरता ह ……और वो हमेसा अंडरग्राउंड रहता ह फिर अब क्यों सामने आ रहा ह जबकि उसे पक्का पता होगा की पुलिस उसे ढूंढ रही ह

शिवानी--- ये बात तोह ह आखिर कौन होगा वो जिसे विथल जैसा आदमी भी डरता होगा…..

सोनाली--- एक बात और ह जो तुमने गौर नहीं किया ….उस आदमी ने कहा की वो अपने भाई का बदला लेने ारः ह ….उसका भाई जो मारा ह वो भी कोई क्रिमिनल या बड़ी शक्शियत होनी चाहिए ह …..

शिवानी —— कंही जो मैं सो सोच रही हु आप वो तोह नहीं सोच रही ह न …क्योकि उस दिन भी ….तोह

सोनाली —- हो भी सकता h….hume और करेफ़ुल रहना होगा अगर टारगेट हम ह तोह फिर हमसे जुड़े सभी को खतरा होगा मुझे सुनील को बतानी होगी ये बात और सबकी सेफ्टी के लिए सिविल ड्रेस मई पीछे लगाना padega…kyoki उसने अज्जू और श्रुति को देखा ह तोह हमारे बारे मई भी उसे पता लग जायेगा….

शिवानी-- सही कह रही पर फिलहाल आप घर जाईये जीजू ह उनके साथ टाइम बिताइए उनका कोई भरोसा नहीं ह वो आज यंहा तोह कल कान्हा…..

और राज का नाम सुनते हे सोनाली की साडी टेंशन दूर हो गयी और वो अलग हे मूड मई आगयी और शर्माने लगी …..

शिवानी— कुछ दिएर पहली आपको देख के कह सकता ह की ये आप हो ….वैसे जीजू को पता ह की आप गालिया देती हो ….क्योकि उन्हें तोह गलियों से चीड़ ह न कभी देख लिया तोह…. फिर आपकी खैर नहीं ह….

सोनाली--- चुड़ैल बहन होक मेरे लिए इतना बुरा सोचती h…..waise पता नहीं शिवानी राज के पास आकर मुझे उसके इलावा कुछ दीखता नहीं h….i डोंट क्नोव कब उसे इतना प्यार करने लगी बूत उसके लिए सब मंजूर ह उसका गुसा उसके नखरे …..उसका मुझे रिजेक्ट करना मुझे उसकी हर बात पसंद ह ….पता नहीं इडियट कब मेरे प्यार को समझेगा …पर एक दिन वो मेरे प्यार को काबुल karega……muje पूरा यकीन ह

शिवानी--- मुझे यकीं ह दी उसे आपसे अछि लड़की नहीं मिलेगी पर अगर ऋचा वापस आगयी तोह ….आप सह payengi……muje आपकी बहुत चिंता होती ह जब ऐसा ख्याल दिल मई अत ह……

सोनाली —— चुप हो होगयी फिर गहरी साँस लेकर …उसके लिए तोह हर दर्द को भी हंसकर सह lungi……uski खुसी मई अपने दर्द को छुपा lungi…..usai जो पसंद उसे हे पसंद करुँगी……

शिवानी--- प्यार समर्पण क्या होता ह ये मैंने आपसे जाना ह ….मुझे अब पूरा यकीनन ह की भगवान् आपके साथ बुरा नहीं करेगा ……लो घर आगया आप मेरा जीजू का धयान रखिये वर्ण मैं रखूंगी मेरे प्यारे जीजू का धयान …😂वैसे भी अँधेरे मई क्या पता लगेगा हमारा फिगर भी लगभग शामे हे ह…

सोनाली — चाट हैट गन्दी लड़की लड़की और ध्यान से जाना……

.सोनाली जब घर मई आयी तब सुभे के 4 बज रहे the…..wo राज के रूम मई गयी उसे देखने पर राज नहीं दिखा उसे लगा सायद बाथरूम मई होगा तोह वो अपने रूम मई आगयी जंहा उसे राज उसके बीएड पर सोया हुवा मिला …..उसका दिल खुस हो गया उसने राज को निहारा और नहाने चली गयी …….बाथरूम से आती पानी की आवाज ने राज को भी जगा दिया ……उसने टाइम देखा तोह सुभे के 4.15 बज रहे the…..Tabhi बाथरूम का दरवाजा खुला और सोनाली नाईट ड्रेस मई बहार ईई…

राज---- आप इतनी दिएर तक काम करती ho…..main कॉफ़ी बना के लता हु….

राज की बात सून सोनाली तुरंत राज को उठने से रोकने के लिए बीएड के पास आगयी और बोली नहीं कोई जरुरत नहीं h….phir उसकी कम्बल मई घुसकर मुझे अपनी बांहो मई सुला लो मेरी थकावट दूर हो जाएगी…

राज — आप बात को घूमना अचे से जानती हो…

सोनाली--- राज से चिपक कर तुम बहुत सवाल पूछते हो ….. मुझे सोने दो

और इतना कहकर राज की बांहो मई पूरी तरह सिमित गयी ..राज भी मुस्कराने लगा और सोनाली के फ़ोरेहेअद पे किश कर दिया और दोनों एक दूसरे की बांहो मई सो गए …… सोनाली आखिर ….कब तक अपने प्यार के पास होने के बाद भी दूर रह सकती थी …..राज की बांहो मई एते हे 5 मिनट भी नहीं लगे उसे सपनो की दुनिया मई जाने मई ……….वो इतनी बेखबर मदहोश होकर सोई की

सुभे दीपिका ने हे आकर जगाया उसे और अपने रूम मई ले गयी क्योकि श्वेता ने देख लिया तोह उसे पता था की दोनों को साथ मई सोता देखकर .. बवाल हो जाना था क्योकि श्वेता की नज़र मई राज की बांहो मई सोने का एकाधिकार सिर्फ उसकी बहनो का पास हे था…….

सुभे के दस बजे राज अपनी बाइक से सहर घूम रहा tha……piche सुनील बैठा हुवा था…..

सुनील--- जोर से तोह भाई तुजे ये क्या सूजी बाइक से घूमने की ……

राज---- वक़्त मेरे भाई waqt….tujse मिल हे नहीं पता हु इस लिए सोचा आज बस तू और मैं घूमते ह ….. याद ह जब मेरा एडमिशन हुवा था तोह तू पहले दिन हे मुझे दौड़ते हुवे स्कूल लेके गया था…..

सुनील —- है है है भाई वो भी दिन थे …….यार क्या क्या सहा था दोनों ने…… पता ह मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल ह वो ….

राज — सत्य मत हो समजा शादी करवा दूंगा तेरी…..

सुनील--- अगर तुजे इसे खुसी मिलती ह तोह ये भी मजूर ह मेरेलिए तुजसे बढ़कर कुछ नहीं….

राज — ने ब्रेक मरे ट्रैफिक लाइट पर और पलट कर बोलै seriously…….paka न पलटेगा तोह नहीं na….joladki मैं पसंद करूँगा उसे करेगा न ..

सुनील--- सीरियसली करूँगा अब खुस पर करवा मत देना यार मैं ऐसे हे खुस हु……

ये दोनों ऐसे हे बात कर रहे थे तभी पास आकर कार rooki….aur कार मई बैठे 2 जानो मई से एक की नज़र राज पर गयी उसने जल्दी से शीसा निचे किया और बोले पर उसी समय ग्रीन लाइट हो गयी और उसकी आवाज हॉर्न्स की आवाज मई डाब गयी ……

पास बैठी लड़की बोली--- क्या हुवा बाबा…..

चौधरी रणवीर सिंह--- पूनम अभी मैंने उस लड़के को देखा जो हरिद्वार मई उस बची के लिए अकेला लड़ गया था क्या नाम था उसका…..

पूनम--- जो अपने चाचा की बात से अपने जोर से धड़कते दिल को काबू मई करने की कोसिस कर रही थी वो boli…..Raj….

रणवीर सिंह--- है राज यही नाम तोह था मैं आवाज मरी परु वोन चला गया…

अपने बाबा के मू से ये सुनते हे वो रोड पर आगे देखने की कोसिस करने लगी पर रोड पर इतनी भीड़ थी की उसे कुछ दिखाई नहीं दिया …..पर दधकते दिल पर हाथ रख कर मन हे मन बोली ….. मिलेगा वह हउमै ..एक दिन जरूर milega…..sabra रख पर दिल तोह दिल होता ह …..अपने प्यारकी एक झलक के लिए हे तड़प उठता ह …..और यही हाल पूनम के साथ हो रहा था….. उसका प्यार उसके इतने पास था की वो उसे देख भी न पायी….. पर उसका अपने कान्हा पर पूरा विस्वास था की एक दिन उसका प्यार उसे जरूर milega……aur उनकी टैक्सी पहुंच गयी ….. गोस्वामी निवास ……दिल्ली

अनिरुद्ध--- चौधरी बूढ़ा हो गया ह…

रणवीर सिंह-— मूंछो पे तांव देके अरे बूढ़ा होगा tu….main तोह अब भी जवान हु……

अनिरुद्ध--- है है है बुढ़पे मई सतिया गया ह तू ….ायजा गले ja…….poonam भी आयी h……meri बची कैसी ह….

पूनम — पाँव चुकार मैं तीख हु uncle…..ap कैसे ह आंटी कैसी ह और ऋचा कान्हा ह…..

अनिरुद्ध--- मुस्कराकर …वो अब मेडिकल कॉलेज ज्वाइन कर चुकी ह…..

पूनम--- वो और मेडिकल वो तोह ब करने वाली थी और अभी तोह रिजल्ट भी नहीं आया ह…

अनिरुद्ध--- है है है वो ए तोह पूछ लेना ….हमे कल निकलना ह मुम्बई के लिए मैंने तुम्हारे एडमिशन की साडी बात कर्ली ह …

Poonam--par मेरा रिजल्ट….

अनिरुद्ध--- है है है अरे तुम्हारे अंकल की भी जान पहचान ह beti…aur रणवीर तू चिंता मत करना पूनम मेरी बेटी की तरह रहेगी……

रणवीर-- ये मेरे भाई की अमानत ह जो मुझे मेरी जान से प्यारी ह यार बस इसका धयान रखना….

अनिरुद्ध--- ले ये भी कोई कहने की बात ह क्या…. तेरी बेटी मेरी बेटी ह …..

इधर ये बात कर रहे तोह उधर….

सुरेंद्र--- हो जायेगा भाई ….मैंने सभी को बोल दिया ह वैसे भी अभी डिमांड हभडने वाली ह कॉलेज खुलने ह …..सभी कॉलेज के लीडर के साथ मीटिंग हो चुकी ह और लड़कियों के कॉलेज लीडर से बबिता का कांटेक्ट हो गया ह…..

सामने से--- ऐसा हे काम करेगा तोह विथल भाई की नज़रो मई ajayega……aur अब तेरा कमीशन भी बढ़ा दिया h…..bus tu……samaj गया न……

सुरेंद्र--- जी भाई समाज गया बस कॉलेज खुले हे भिजवाता hu………apke लिए नया माल

कॉल कट…..

बबिता--- ये ठरकी ह इसे कुंवारी लड़किया चाहिए ह

सुरेंद्र--- ाचा …..पर मुझे तोह तू chaiye…filhal….

ये अपनी प्यास भुजने लगे तोह दूसरी तरफ ….

अज्जू--- hello सुनील भाई सुरेंद्र के फ़ोन की रिकॉर्डिंग भेज रहा हु एक बार आप सून lena….kaam की बात ह…. अब टाइम आगया ह सजा देने का….

सुनील —- कॉल कट करके मेरी तलाश का पहला पड़ाव पूरा होने वाला h…..ab सजा सुरु होगी तुम दोनों की और ये सजा ऐसी होगी की तुम समाज नहीं पाओगे पर सहोगे और जब समाज आएगा तब किसी लायक नहीं रहोगे ………

राज---- अभी अकेला खड़ा क्या बड़बड़ा रहा ह चल मुझे शूज लेने ह रूँनिग के लिए …..फिर मस्त किसी डब्बे पे खाना कहते ह…..

सुनील —- है चल न ….. तुजे कुछ बताना भी h…man मई सुरेंद्र बबिता वक़्त आगया सजा भुगतनेका .......लात के बदले लेथ .....सजा ऐसी होगी की हर रात रोवोगे ......

आज के लिए इतना हे ……..मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स और रेवोएस ठोकने का
 
टुडे टाइमिंग 2.30 पं मेघा अपडेट ट्वेंटी डेज लेटर
 
अपडेट 136



ट्वेंटी डेज लेटर…….

ये गधा मार खाने जैसा हे…….

औरत — कोई बात नहीं वो बिजी होगा …..

लड़की--- माँ उसने वडा किया था और आज लगभग एक महीना हो गया ह उसने कॉल तक नहीं किया ह….

औरत---- बिजी हो गया हो गया….

लड़की--- बिजी दोनों पेअर तोड़ दूंगी उसके फिर डेक्टि हु कैसे बिजी होगा …… इडियट गधा….

औरत---- जोर जोर से हसने लगी …….और बोली ….तुम दोनों का कुछ पता नहीं होता ह ….कभी राज ऐसा ह कभी वैसा ह और अब गुसा कंही मेरी बेटी को प्यार तोह नहीं हो गया ह….

लड़की--- No वे माँ हम बेस्ट बुडडीएस ह …शादी उस इडियट से वो सिर्फ मार खाने के लिए….

औरत---- मनीषा …..तुम्हारे रिजल्ट्स आने वाले ह मैंने कॉलेज के हेड से कह दिया ह ….बस तुम्हे रिजल्ट कार्ड देना ह

मनीषा---- क्या मैं दिल्ली नहीं पद सकती हु माँ….

मनीषा mom----beti हमेसा दूर रही हो मुझसे अब तोह अपनी माँ के पास रहो ….तुम्हारे पापा तोह टूर टूर बस टूर पे हे रहते ह

मनीषा---- ok… माँ ….

दिल्ली ——

राज---- कैसे ह आप कुंदन सर……

कुंदन-- अरे राज बीटा …..क्या हे सुप्रिसे दिया h…tumne … न्यूज़ वालो की इतने महीनो के बाद याद कैसे आ गयी मैंने कितनी बार जोगिन्दर को तुम्हे घर लेन को बोलै ….

राज — सर मुझे आपसे एक हेल्प चाहिए ह…..

कुंदन--- ok कहते रहो राज मैं पूरी हेल्प करूँगा….

राज —- सर आप लोग पुलिस से एक कदम अहइ रहते ho…jald हे दिल्ली मई बड़ी ड्रग्स की सप्लाई आने वाली ह …..आपके पास कोई भी जानकारी हो चाहे छोटी से छोटी मुझे बताये …….

कुंदन--- हम्म्म ये बहुत जायदा रिस्की होगा बीटा….. ड्रग्स डीलर के पीछे जाना 100 परसेंट मौत ह ….

राज---- पता ह मुझे बदले मई आपको वो मिलेगा जिसे आपकी पोजीशन रुतबा इतना भडेगा आप सोच नहीं सकते ह…..

कुंदन--- intresting……bolte रहो

राज —- दुनिया निर्वाण को ढूंढ रही ह और इसबार निर्वाण दिखेगा आपके चैनल पे …

कुंदन--- एक्ससिटेड होकर ……ये हुवी न बात डील दोने मैं आज हे इनफार्मेशन कलेक्ट करवाता hu…..nirwaan के लिए इतना तोह करने हे पड़ेगा फिर शॉक और हैरान होकर …..मतलब इस बार दिल्ली मई ….तुम….

राज---- मुस्करा कर ……इस बार वो होगा जो पिछले कितने सालो से नहीं हुवा ह….

कमिश्नर ऑफिस……

जोगिन्दर सिंह पीछे 20 दिनों से गहरी सोच मई डब्बे हुवे थे …..उनके दिमाग मई हजारो विचार चल रहे थे….. पर उन्हें समाज नहीं ारः था की क्या ये हो सकता ह….. …..और जैसे जैसे वो उसको समझने की कोसिस कर रहे थे वैसे वैसे उनके चेहरे के भाव बेहद गंभीर होते जा रहे …..और वो तुरंत खड़े होकर रिकार्ड्स रूम की तरफ चले गए और फाइल्स को निकलते और पढ़ते और वो जितना पढ़ते उतना हे कन्फर्म होते जाते ……उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे वो मिस्ट्री सोल्वे करने के बेहद करीब ह ……एक कमिश्नर होते हुवे भी वो लगातार पिछले 6 घंटो से फाइल्स को पढ़े जा रहे the……..aur इम्पोर्टेन्ट फाइल्स को अलग रखते जा रहे the…….duety अफसर जोगिन्दर सिंह को देखते पर किसी मई बोलने की हीमत नहीं thi…..toh दूसरी तरफ कॉलेजेस के ड्रग्स सुप्प्लिएर्स के पीछे पुलिस वाले लगे हुवे थे और उनकी हर हरकत पर पूरी नज़र राखी जा रही thi…..kisai मिलते ह कान्हा जाते ह और उनके फ़ोन कॉल्स व्हाट्सप हर चीज ट्रैक करि जा रही thi…..taki कैसे भी तरह डील की इनफार्मेशन मिल सके…..

दिएर रात….. कमिश्नर ऑफिस….

सोनाली--- अंकल अपने बुलाया…

जोगिन्दर सिंह— औ औ बैठो ….मुझे कुछ बताना h…..par समाज नहीं ारः h……par जो बताऊंगा उसे बेहद धयान से सुनना और समझना ……

सोनाली ने गर्दन है मई हिला दी पर उसकी नज़र जोगिन्दर की चेहरे पे हे थी……

जोगिन्दर— मैं तुम्हे जो बताऊंगा वो सुन्ना ….मुश्किल होगा तुम्हारे लिए ……

सोनाली--- अंकल आप पहेलियाँ मत बजाइये…..

जोगिन्दर--- तोह फिर सुनने फिर लम्बी साँस छोड़कर मुझे पूरा यकीन ह तुम्हारे पापा राज के पापा के साथ काम कर रहे थे….. और और …..

सोनाली —- और क्या अंकल…..

Jogindar---kafi दिएर ….. सोनाली को देखते रहे फिर बोले …तुम्हारे पिता की मिर्त्यु और माँ के साथ हुवे जुल्म की वजह …..राज के पिता ह तोह…..

सोनाली— कड़ी होकर गुसाई से अंकल……….

जोगिन्दर — बेटी मैंने पहले हे कहा था आराम से सोच के बोलना ….

सोनाली —-सॉरी अंकल…. आप बताईये मैं सुनूंगी…..

जोगिन्दर--- मैं अभी भी 100 परसेंट सूरे नहीं हु पर मेरा तजुर्बा कभी गलत नहीं होता h……..phir एक नज़र सोनाली को देख कर ……जब तुम्हारे पापा इंस्पेक्टर थे उस समय सहदेव भाईसाब यंहा पर सिंह साहब के नाम से जाने जाते थे ….उस समय एक और डॉन हुवा करता था विक्टर …..जिसे अब राज ढूंढ रहा ह और उसको सपोर्ट करता था यंहा का यूनियन मिनिस्टर जो सभी पुलिस वालो को सिर्फ पत्ते वाला कुत्ता समझता था उसने पावर और पैसो से सबको दबा कर अपना राज जमा रखा था वो बे रोक टोक जमीन हड़पना खून करना ….और बहुत सरे इललीगल काम करता था और तुम्हारे पापा जोश वाले और बेहद ईमानदार हुवा करते थे उन्हें किसी भी सीनियर या मंत्री का दर नहीं लगता था पर वो बखूबी जानते थे की ऐसे वो जायदा दिन टिक नहीं पाएंगे और हुवा भी वही यूनियन मिनिस्टर के साथ उनका टकराव होने लगा था पर तुम्हारे पापा झुके नहीं और फिर यूनियन मिनिस्टर को तुम्हारे पापा के एरिया की एक आश्रम की भूमि चाहिए थी जो बिज़नेस के लिए बेहद कीमती थी ……वंहा तुम्हारे पापा तुम्हारी मुंय के साथ कपडे देने महीने मई एक बार जरूर जाते थे ….तुम छोटी थी इसलिए तुम्हे याद नहीं h……..union मिनिस्टर ने कई बार आश्रम के गुरूजी को संजय पर उन्होंने जमीन देने से मन कर दिया ….. क्योकि उस आश्रम मई महिलाये लड़की जिन्हे घर से निकल दिया या अनाथ थी और सब वंही रहती थी……….. और उनमे से काफी लड़किया तुम्हारे पापा को भाई मानती थी …. …क्योकि वो सभी तुम्हारे पापा के पुलिस स्टेशन के पास के हे कॉलेज मई पढ़ती थी….. इसलिए तुम्हारे पापा और मुंय का आश्रम से जुङो गहरा हो गया था …..फिर एक न्यूज़ पेपर की कटाई सोनाली की तरफ फें कर …ये पढ़ो …..

सोनाली — ने वो कटाई को हाथ मई लेकर पढ़ा तोह उसमे लिखा था रात को लगी आश्रम मई आग ……शार्ट सर्किट रहा था कारन …….आश्रम मई 50 जानो की गयी jaan…..is हादसे से दुखी होकर ….आग मई झुलसने से बचे आश्रम के गुरूजी ने की हॉस्पिटल से कुढ़कर खुद khusi…….sonali ….ये न्यूज़ पढ़कर शॉक हो gayi….kyoki उसने पहले भी ये न्यूज़ पढ़ी थी पर उसने इसपर बिलकुल धयान नहीं दिया था….

जोगिन्दर सिंह — मैं पिछले 20 दिनों से यही ढूंढ रहा था क्योकि मुझे राज की बात ने यकीं दिला दिया था की कुछ केसेस रजिस्टर हे नहीं होते ह और ये वही ह और मेरा यकीं तब पका हो गया जब वो जमीं यूनियन मिनिस्टर की बीवी के नाम से रजिस्टर मिली और अब वंहा एक 5 स्टार बड़ा होटल खड़ा h…..aur पता ह वंहा 70 महिलाये थी

सोनाली जो अभी तक शॉक मई थी वो हैरानी से देखती रही……

जोगिन्दर —- आगे सब एक थेरोरी जिसमे 50 परसेंट सचाई ह और 50 परसेंट मेरा अनुभव ह …..जो गलत भी हो सकता ह….

सोनाली--- बताईये अंकल मुझे जानना ह….

जोगिन्दर--- तोह सुनो जब तुम्हारे पापा को पता लगा होगा तोह उन्होंने जांच कर पूरी बात पता कर ली होगी और उन्होंने साडी सचाई का पता लगा लिया होगा असली मेडिकल रिपोर्ट देख कर या और किसी तरीके से …..पर उन्हें सीनियर्स ने दबाया होगा मुझे पूरा यकीं h……aur फिर उन्होंने उस वक़्त कोई एक्शन नहीं लिया इसीलिए कोई भी केस रजिस्टर्ड नहीं ह …..फिर खूब साडी न्यूज़ पेपर्स की कट्टिंग्स फेंकी और बोले अब इन्हे देखो …..

सोनाली —- ने न्यूज़ की हेड लाइन देखि तोह वो शॉक हो गयी हर न्यूज़ पेपर मई एक हेडलाइंस थी सहर के कौन मई मिली एक और सदी गली लाश जिसकी कोई पहचान नहीं मिली h…..par ऐसा लगता ह ये सभी विक्टर गैंग के घुरखे ह……..

सोनाली पर इसमे सहदेव अंकल का जिक्र नहीं ह …..वो कैसे वजह हो सकते ह….

जोगिन्दर--- ये मेरा अंदाजा ह बेटी ….आगे सुनो सहदेव भाई साब के बारे मई सब जानते थे …की वो कभी किसी को अपने घर से खली हाथ नहीं जाने देते थे और हुवा भी यही ….तुम्हरे पिता जरूर सहदेव भाईसाब के पास गए होंगे और मदद मांगी होगी और फिर उन्होंने सबको चुन चुन के मारा होगा ….. पर राज खुलते दिएर नहीं लगती ह ये देखो ….अगली हैडिंग जिसमे लिखा यूनियन मिनिस्टर के भाई की हुवी जलने से दर्दनाक मौत मेरी सोच को साबित करती ह ……क्योकि उसे अकेले मरना तुम्हारे पापा के बस का नहीं tha……aur आखिरी बात मुझे लगता ह अंत मई सचाई यूनियन मिनिस्टर को पता लग गयी hogi….aur फिर आगे जो हुवा वो तुम्हे पता हे ह ….पर इस यकीं को तुम्हारी माँ हे कन्फर्म कर सकती ह …..क्योकि अगर सहदेव भाईसाब तुम्हारे पापा के साथ थे तोह फिर तुम्हरी माँ के साथ कुछ भी नहीं हो सकता था इसलिए मैंने कहा की तुम्हारे माँ पापा के साथ जो हुवा उसकी वजह वो ह the….par अभी भी बहुत सी बाते ह जो नहीं पता ह और वो तुम्हारी माँ हे बता सकती ह………

सोनाली--- जिसकी आंखे गीली हो चुकी थी वो सोच भी नहीं सकती थी की उसकी माँ की इस हालत के जिमि दर राज के पापा ह उसे बेइंतिहा ढक था की उसके अपने प्यार के परिवार के चलते हे उसका परिवार उजाड़ गया उसके पापा मर गए उसकी माँ जिन्दा लाश बनगयी …..

उसकी हालत देख जोगिन्दर सिंह बोले……

जोगिन्दर— बेटी सचाई कुछ कदम दूर ह पर सच तुम्हारी माँ हे बता सकती ह…

सोनाली--- मेरे माँ की हालत की वजह राज के पापा ह और मेरे पापा की मौत के जिमि दार भी …..और इसका जवाब राज देगा…..

और सोनाली गुसाई से उठकर चली गयी और पीछे से जोगिन्दर उसे आवाज देते हे रह गए ……

सोनाली की फोर्टनेर की नीली बत्ती आवाज करती जा रही थी और वो स्पीड से अपने घर की तरफ जा रही ….थी जंहा राज इस बात से अनजान की एक तूफ़ान अपने माँ की हालत और बाप की मौत का बदला लेने के लिए ारः ह. आज के लिए इतना हे …..मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स और रेवोएस ठोकने का……

 
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