Adultery Raj-- hero of the family - Page 39 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 125

अनएक्सपेक्टेड एरर

सुबह 5 बजे राज की नींद टूटी अब उसे अहसास हुवा की उसके साथ जो सो रही ह ….वो उसकी बहन श्वेता नहीं h……usne धीरे से चादर को हटाया तोह …..उसको झटका सा लगा उसने फटाफट टाइम देखा तेज जान मई जान आयी की सुभे के 5 बजे ह ….अभी श्वेता सो रही hogi….upar से मॉर्निंग ेररक्शन से उसका हथियार सलामी दे रहा था इसलिए वो जल्दी से बाथरूम मई घुस गया ……कुछ दिएर बाद बहार आकर ….ये लड़की मरवा देगी कभी …..और उसके पास जाकर रिंकी ….उठो सुभे हो गयी ह …..कोई आजायेगा ….

रिंकी ने अणदायी लेते हुवे ऊपर की चद्दर हटा दी जिसमे वो एक लूस सिर्फ ब्रा मई thi….uske विकसित हो रहे बूब्स की घटिया राज की आँखों के सामने बिलकुल साफ़ हो गयी …जिसे राज जो अभी हे नार्मल हुवा था वो फिर से खून को गरम होता हुवा महसूस करने लगा …रिंकी ने भी उसको टी शर्ट से पकड़कर अपने ऊपर खिंच लिया …..और उसके होतो को अपने होतो मई लेकर किश करने लगी ……..राज जो पहले भी रिंकी के बदन को देख चूका था ….उसकी भावनाये भी रिंकी की कामुकता से भरी किश से भड़क उठी…… राज का हाथ फिसलता हुवा खुद बा खुद कब रिंकी सीने को सहलाने लगा उसे पता हे नहीं लगा …पर रिंकी का रोम रोम राज की छुवन से तड़पने लगा ……उसके हाथ राज के सीने और बालो मई घूमने लगे …….राज ने अपनी 2 ुंलियो से रिंकी के कड़क हो चुके निप्पल को पकड़ कर धीरे धीरे मसलने लगा …….जिसे रिंकी के अंदर कामवासना बुरी तरह भड़क उठी और वो पूरा आप खोकर राज को चूमने लगी….. इतनी उत्तनेजनात्मक किश से रिंकी की सांसे और राज की सांसे टूटने लगी जब दोनों को बर्दास्त न हुवा तब दोनों अलग हुवे …..राज की सांसे और रिंकी सांसे उखड़ी हुवी थी ….रिंकी का सीना ऊपर निचे हो रहा था ..ब्रा से बहार चुकी उसके सीने के पहाड़ ऊपर निचे हो रहे थे …..रिंकी एक तक राज की आँखों मई देख रही थी …… राज ने निचे हो कर उसके एक डेन को अपने होठो मई पकड़कर चुम लिया जिसे ….रिंकी के मू से ीीिस्स्सस्स्स्ठ्ठ की एक सिसकारी निकल गयी और साथ हे उसकी गरम हो चुकी फुद्दू ने भी कुछ बुँदे पंक्ति पर छोड़ दी ……….रिंकी की आंखे बंद हो गयी थी वो इस अहसास को जरा सा खोना नहीं चाहती थी…. राज ने अपने एक हाथ को उसके नंगे पेट से धीरे धीरे सहलाते हुवे निचे लेकर जाने लगा जिसका असर ऐसा हुवा की रनक्य ने राज के सर को कसकर पकड़ कर अपने साइन से लगा लिया ….उसे हर पल अहसास हो रहा था की राज का फिसलता हुवा कान्हा जा रहा ह इस अहसास से हे उसकी फुद्दी का पानी बहने लगा tha…aur उसकी आंखे …..उस सुकड़ पल से अब बिलकुल खुलना नहीं चाहा रही thi……raj की उंगलिया धीरे से रिंकी की पंतय मई फिसलती हुवी …..उसकी कुंवारी छूट की दरार तक पहुंच गयी और उसकी ऊँगली ने उसकी छूट की दरारों को सहलाया रिंकी बिन पानी की मछली की तारा तड़पने लगी ….राज की उंगलिया धीरे धीरे छूट की दरारों के बिच सेंसिटिव गुलाबी डेन को सहलाने लगी …..रिंकी मदहोशी मई पूरी चूर होकर अपने सीने को राज के होतो से चूसने लगी उसके पेअर तड़फड़ाने लगे …..पल पल उसकी छूट पिघलती रही …राज के होतो की फरमाइश और उंगलियों की छुवन अपनी छूट पर पाकर रिंकी ने राज की लोअर मई हाथ दाल कर राज के खड़े हो चुके लुंड ko,daboch liya….jisai उसकी काम वासना अब चरम पर आगयी ….उसका सरीर अकड़ने लगा … और उसकी छूट का बांध टूट गया और राज की उंगलियों को भी भिगो दिया …….

कामवासना की खुमारी अभी भी रिंकी की नशीली हो चुकी आँखों मई चालक रही थी….. और इसकदर आँखों मई छायी हुवी थी की तृप्ति मिल जाने पर bhi….wo अभी भी संतुस्ट नहीं दिख रही थी…..

राज-— ये वक़्त सही नहीं h…..aur मेरे लिए सॉरी फील मत karna…..jab वक़्त होगा तब..

रिंकी--- बात काट कर आज रात को ……..

इतना कहकर राज के सर को चूमा और अपना टॉप पहन कर अपने कमरे मई आगयी और सीधा बाथरूम मई नहाने lagi….piche राज ….अपने तम्बू बने बम्बू को देख कर तू अभी नहाकर ठंडा हो जा लड़कियों की आदत होती ह उन्हें सब जल्दी मई चाहिए होता ह तेरा टाइम आएगा तब तुजे सब मिलेगा साबरा कर यार….. साबरा का फल मीठा होता ह….

मॉर्निंग मई …….

मनीषा रिंकी को किक मरते हुवे उठ घोड़ी पिछड़ा दिखा कर सो रही स्कूल जाना ह…..

इन स्कूल….

क्लास टीचर —प्रेबोर्ड एक्साम्स ह 27 को ह… स्पेशली राज फ्रॉम यू …..उम्मीद ह की इस बार भी तुम टॉप करके स्कूल का नाम रोशन करोगे..

राज--- मैं कोसिस karunga….mam

रिंकी-- जनाब क्लास एते नहीं और कोसिस karenge…f

मनीषा धीरे से कान मई तू उसे रात को सोने दे तोह वो कोसिस करेगा न…..

रिंकी —-हड़बड़ाकर मैं मैं मैंने कब सोने से मन किया….

मनीषा---- रहने दे रहने दे सब पता ह धरती की मेनका तू उसे भटका के रहेगी अपने लटको झटको से…

रिंकी--- तोह तोह ह तू भी अजा तुजे किसने रोका ह

मनीषा शट उप यार हम बेस्ट फ्रेंड्स हमारे बिच ये गन्दी बाते मत ला तुजे जो करना ह कर…….

राज निचे बैठकर तुम दोनों चुप नहीं रह सकती हो kya….yaar मैडम के सामने भी….

मनीषा---- तुम्हे कोई प्रॉब्लम ..

राज--- डरने की एक्टिंग करके ….. नहीं नहीं मुझे कोई दिकत नहीं ह……

तभी चपरासी आकर ……

मैडम राज को मधु मम ने भुलाया h……office मई….

क्लास टीचर— बूत वो तोह प्राइमरी क्लास की टीचर h….raj तुम जानते हो उन्हें…..

रिंकी--- ये मैडम स्कूल मई भी चैन से नहीं रहने देती ह मुझे….

राज —- जी मम हमारे घर पास पास ह…..

टीचर रजनी-- ok जो….

कुछ दिएर बाद ….

मधु--- औ राज सॉरी तुम्हे बुलाया …औ यंहा नहीं ..ऑफिस केबिन मई चलकर बात करते ह…..

कुछ पल बाद…. ऑफिस मई अपने कैबिन बांध करके


मधु —- राज मैंने तुम्हे इसलिए बुलाया था वो main…..wo मैं …

राज--- आप अपने पापा के बारे मई बात करना छाती ह ….सही कहा न मैंने…..

मधु —— है राज मुझे पल पल अब चिंता होती ह ..न जाने कब क्या हो jaye…..pata नहीं सब मिलके क्या साजिश रच रहे होंगे …

राज खड़ा होकर मधु के पास आया और उनके कंधे पर हाथ रखकर बोलै हम अगले शनिवार को चलेंगे …

मधु ये सुनकर इतनी खुस हुवी की वो पलटकर सीधा राज के गले लग गयी और बोलने लगी थैंक यू थैंक यू राज …..पर कुछ पल बाद हे उसे कुछ अहसास हुवा और वो तुरंत अलग हो गयी …और इधर उधर देखने लगी …

राज —-अरे आप शर्माती भी हो …..wao….muje यकीं हे नहीं हो रहा ह की मधु मम शर्माती भी ह…

मधु--- क्यों मुझे शर्म नहीं आणि चाहिए क्या …

राज---- वो क्या ह न आपको शरमाते पहली बार देख रहा हु न….

मधु--- ओह फ़्लर्ट कर रहे हो मुझसे…….

राज--- आँखों मई देख कर होई ये खूबसूरती हमरी किस्मत मई कान्हा….

मधु--- धत्त्त ….badmash….maar कहानी ह ……

फिर राज के जाते हे शर्माने लगी ……और अपने शीशा निकल कर मेकअप को तोचुप देने lagiiii…….uske चेहरे पर रह रह करमुसकान आरही थी और गण गए रही थी…

सजना ह मुझे सजना के liye………phir मन हे मन बोली …… तुम जिसके भी हमसफ़र बनोगे वो कितनी खुसनसीब होगी…..

तोह दूसरी तरफ…….

कप्तान सिंघानिया बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की मीटिंग मई….

कप्तान सिंघानिया—- हम्म आपके सुग्गेस्टियन्स बहुत अचे ह बूत …अब हम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मई जायेंगे …..और उसके लिए दिल्ली के आउटसाइड मई गोवेर्मेंट की बहुत बड़ी वीरान जमीं ह उसे …. हम गवर्नमेंट से kharidenge……..aur इस मीटिंग मई शैतान सिंह ….भी मौजूद था..

( नोट--- ये कंपनी अलग ह जिसमे कप्तान सिंघानिया मीटिंग मई हिस्सा ले रहे ह…..)

शैतान सिंह —- कप्तान सिंघानिया आप अकेले डिसिशन नहीं ले सकते ह …..

कप्तान singhaniy--mere पास 30 परसेंट शेयर ह और 25 परसेंट के शरहोल्डर्स मेरे डिशन्स से सहमत ह तोह आप हे बताईये …..सिंह साब..

शैतान सिंह--- कप्तान तुम ……

कप्तान—- भाईसाब …..गुजरेंटेड प्रॉफिट होगा इसलिए सब सहमत h…ab मीटिंग मई फँसल हो गया ह तोह मीटिंग ओवर करे. या किसी को कुछ कहना ह…

आफ्टर सम टाइम इन कॉल..

शैतान सिंह--- नहीं नहीं मैंने कहा था बूत प्रॉफिट की वजह से सपोर्ट उसे मिल गया …….मैंने आपको इसलिए कॉल किया ह क्योकि वो उसी जगह को खरीदना चाहता ह जंहा आप लोग अपनी मेडिकल इंडस्ट्री डालने की सोच रहे हो …….और मुझे यकीं ह गवर्नमेंट इनका प्रोजेक्ट एप्रूव्ड कर देगी………

कॉल पर दूसरी तरफ वाले आदमी ने ….. बात कर कॉल कट किया और फिर दूसरी तरफ कॉल लगाकर …..

सुनो … कप्तान सिंघानिया की नज़र ह तुम्हारी जमीं की तरफ ह और मुझे यकीं ह की वो कामयाब भी हो जायेगा…. उस जमीं को गवर्नमेंट से लेने मई….

दूसरी तरफ से अरे मंत्री जी मैं देख लूंगा …..फिर पलटकर ये कप्तान सिंघानिया कौन ह ….

आदमी सर्च करता हुवा फिर बोलै ….कप्तान singhaniya.owner ऑफ़ सिंघानिया इंडस्ट्रीज और ये …क्सक्सक्स कंपनी मई बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स मई से एक ह….

हम्म्म्म तभी इसने इतनी हीमत की ह जाओ ज़रा इसे हमारा इंट्रो देके ao…..aur याद रखना सब चीजे अचे से समाज जाये……

आदमी —- जी बॉस…

तोह वंही …

कप्तान सिंघानिया मीटिंग के बाद दिल्ली सिंघानिया इंडस्ट्रीज के ऑफिस मई …..तोह राज ऑफिस आ हे गया…..

सुनील यस डैड फ़िलहाल मुझे गोवा जाना ह …टेंडर के liye….main निकलता हु आप दी के साथ बाटे कीजिये …आजकल बहुत हॉलिडे पर रहती ह ….समझाइये पढ़ाई करे …

दीपिका— मार कहानी ह तोह ु हे बाते दे……… बच्चू तू होगा सुनील सिंघनिया पर पिटाई पड़ी तोह सब भूल जायेगा…

सुनील--- पापा पागल हो गयी ह 🤪…..bye मैं चलता

सुनील के जाने के बाद हाफ ऑवर baad……office का दरवाज़ा फिर खुला ……

वेल वेल वेल मर सिंघानिया ……नीस तू मीट यू … मैं हु वो इंसान जो आपको ये समझने आया हु की जिस जगह आप प्रोजेक्ट सुरु करने चाहते हो उसे भूल जाओ ……फिर दीपिका की तरफ देख कर …..डार्लिंग तुम समझा देना वर्ण …..फिर बहार से 2 आदमी अंदर आकर गिरे …

….इसे मेरा इंट्रो समाजके दिमाग मई बैठा लेना और अगली बार यही हाल तुम्हारे बीटा या बेटी के साथ भी हो सकता ह……. फिर पलटकर जाने लगा …..

दीपिका---- फ़ोन निकलकर जल्दी से टाइप करने लगी…..

कुछ सेकंड बाद कप्तान की निघाये गयी तोह उसने जल्दी से फ़ोन छीनकर …..बोलै र ु स्टुपिड किसी मैसेज कर रही thi…..main हैंडल कर लूंगा ….सोनाली और जोगिन्दर भाई ह यंहा……. तुम स्टडीज पे फोकस करो…

दीपिका---- सॉरी पापा…

Dehradhun----libraray मई …राज बुक्स का रीड किये जा रहा था ……और मन हे मन बोल रहा था ….मेरे 3 सब्जेक्ट्स फिनॉय वीक के एन्ड तक हाफ क्लियर हो जायेंगे… और प्रैक्टिकल की प्रैक्टिस रिंकी करा देगी …..

मनीषा---- हो गयी हुजूर की मन हे मन प्लानिंग पूरी

राज--- तुम्हे पता लग जाता ह सब ….

मनीषा---- वो भी जो तुम छुपाते हो मुझसे सब पता रहता ह. समझे बच्चू……

राज--- हैरानी से मनीषा को देखने laga…..aur उसके गाल पकड़कर बोलै इसीलिए तोह तुम मेरी बेस्ट फ्रेंड हो

मनीषा —- ने भी उसस्के सर को थप थापा कर कहा बड़े हो रहे हो …..इतना कह कर मुस्कराने लगीई……

राज अब चले घर अब काफी टाइम हो गया ह…. वो जंगली बिल्ली खा जाएगी दोनों को …

मनीषा साथ चलते हुवे वैसे पापा ने याद किया ह तुम्हे ….

राज ओह्ह्ह ……….मेरे चरण स्पर्श देना ……

दोनों घर की तरफ निकल गए …..अब इनदोनो की दोस्ती पल पल और गहरी होती जा रही थी ….एक की समाज इतनी थी की राज के बिना कहे हे सब समाज लेती thi…..toh राज एक ऐसा बाँदा था जो रिश्तो को सहेज कर रखता tha……aur यही इन दोनों की बॉन्डिंग को बेहद मजबूत और गहरा करता जा रहा tha…..jiska असर फ्यूचर मई दिखने वाला था….

तो वंही delhi……jab कप्तान सिंघानिया ने फ़ोन वापस देने के लिए हाथ आगे किया तब उनकी नज़र गयी स्क्रीन par…….aur वो फ़ोन को देखते तोह कभी अपनी

बेटी को ……..

दीपिका---- आपको कोई धमका के चला जाये ये बर्दास्त नहीं होगा और खासकर मेरे भाइयो और मेरे होने वाली भाभी से ……

कप्तान ने देखा था की what's उप पे वो मैसेज भेज चुकी थी बूत वो आश्चर्य चकित इसलिए हुवे थे क्योकि ग्रुप आदमी-- राज……

मेंबर--- ाज्ज्जु ,अभय ,षुरूती, शिवानी Jaiswal,sunil एंड लास्ट सोनाली खुद थी…..

दीपिका---- इंट्रो देकर गया था न …..अब ….उसे भी इंट्रो मिलेगा ोूप्स इनविटेशन milega…..wo भी ….. जहनुम का……….. क्योकि इस इंट्रो के बाद वो जिन्दा हे नहीं बचेंगे…..

कप्तान सिंघानिया ने कुछ नहीं कहा बस अपनी बेटी को देखते रह गए……..

वो मैसेज ग्रुप मई जैसे हे पॉप उप हुवा ….उसी के 15 मिनट बाद ग्रुप मई एक साथ कई इनफार्मेशन आने लग गयी

जैसे नाम —— चंदेरी…..

वर्क फॉर —- कैबिनेट मिनिस्टर….

Status----criminal ,5 मर्डर मई इन्वोल्वेद ह….

लोकेशन--- क्लोज्ड सीमेंट फैक्ट्री ……दिल्ली वेस्ट ..

लोकेशन सेंड…..

दिल्ली की अलग अलग लोकेशन से कई सुव और कार्स ….उस लोकेशन की तरफ स्पीड से चल डीई….

और एक और था जो डायरेक्ट फ्लाइट से मुम्बई के लिए उड़ गया...... मस्ती मई रीड करने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का………

आज के लिए इतना हे ……
 
बेगिनिंग..... Chapter 2

अननोन एनिमी.....
 
अपडेट टाइमिंग टुडे आफ्टरनून 2पं ....अननोन एनिमी.....
 
अपडेट 126 Beginning….chapter 2

अननोन एनिमी

3म स्पेशल

इंसाल्ल---

जी भाई समजा दिया ह ….अचे से ….अगर समझदार होगा तोह उस ज़मीन की तरफ नज़र नहीं dalega….aur अगर डालता ह तोह इसका मतलब साफ़ ह उसे खुद की और अपने परिवार की छह नहीं ह……. ….

सामने से —- गुड ….. तीख h…dhayan रहे हमें वो प्रोजेक्ट हर हाल मई चाहिए ह …… मंत्री नाराज नहीं होने चाहिए ह किसी भी कीमत पर क्योकि करोड़ो का मामला ह……..

तीख ह भाई मैं संभल lunga……singhaniya को ट्रेलर हे ऐसा दियाः की वो खुद बा खुद पीछे हो जायेगा… वर्ण ….मर्डर देंगे सेल को….

सामने से —- याद रहे उसकी मौत एक्सीडेंटल हे लगनी चाहिए ह मुझे कोई बवाल नहीं चाहिए ..चल रखता हु Chanderi…bade साब के आने का वक़्त हो गया…….

चंदेरी— तीख ह भाई

कॉल कट होने के बाद---

चंदेरी उठकर अंदर चल रही पैकेजिंग को देखने लगा …..जंहा कॉलेजेस पब्स मई सप्लाई होने वाला ड्रग्स पैक हो रहा था …..और उन्हें पैक करने वाले भी कॉलेजेस के हे स्टूडेंट्स थे जो रूम्स मई या होस्टल्स मई रह रहे the….kahne को वो होसियार बचे थे जो अपने माँ बाप का जीवन और खुद के जीवन के धुको को पढ़ लिखकर कामयाब होकर ख़त्म करना ए थे पर यंहा के इन हैवानो के चुंगल और सहर की चका चोंथ मई फंसकर गलत रह पर चल पड़े थे…. जंहा इनका अब न परसेंट था न फ्यूचर….. …

चंदेरी सब को घूरकर —- याद रखना उधारी किसी को नहीं देना ह सिर्फ कॅश चाहिए ह बड़ा लोट आने वाला ह …इसलिए जाओ और यही बोलना अगले वीक तक माल नहीं मिलेगा जितना लेना ह लेलो abhi……jao लग जाओ काम पर …….इतना कह कर वो पलटा हे था की ……फैक्ट्री की मैं दूर को तोड़ती हुवी फोर्टनेर अंदर घुसी ……..गेट के पास खड़ा आदमी मुड़कर गोली फायर कर पता उसे पहले हे एक हाथ कार की विंडो से बहार आया और उसे और उसको पीछे गले से पकड़ लिया सुव फैक्ट्री के बीचो बिच ब्रेक की आवाज से गूंज उठी और उस हाथ ने आदमी की गर्दन से आगे की तरफ उचाल्दिया जिसे वो सीधा जेक फर्श पर मू के बल गिरा और मु से रसभरी फुट पड़ी ……… 2 आदमी जो साइड मई खड़े थे वो जल्दी जल्दी से कार की तरफ भागे और जैसे हे गेट खोलने को हुवे …. सुव का फाटक जोर के ढके से खुला आउट दोनों को लगा ….दोनों कई फ़ीट दूर उड़ते हुवे मशीन भीड़ का निचे गिरे ……..और सब बस हक्के भलके देख रहे the……thodi दिएर तक कोई आवाज नहीं हुवी तब …

चंदेरी ने एक को इशारा किया…… एक गुंडे ने जाकर शीशे से झंकार देखा तोह एक पंच शिक्षा तोड़कर उसके मू पर पड़ता ह जिसे उसके आगे कई दन्त टूट कर मू मई हे रह जाते ह और वो वंही सीधा पीछे गिरकर धरसाई हो जाता ह……

चंदेरी--- सभी एक फायर. ..

और पूरी फैक्ट्री गन्स से गूंज जाती ह….

चंदेरी-- रूक जाओ ….जेक देखो 2 jane……aur घसीट के लाओ वो दोनों जैसे आगे बढ़ रहे होते ह……

उसे 30 मिनट पहले

सोनाली--- कितने ह…

अज्जू--- 30 के आसपास अंदर ह और बहार 20 जाने ह फैक्ट्री की दोनों साइड….

शिवानी--- ok लेफ्ट वाले मैं श्रुति और अज्जू निपटाते ह…

सोनाली —दोने और राइट वाले मैं और अभय निपटाते ह….

अभय--- पर अंदर वाले अलर्ट हो jayenge…agar एक भी गलती हुवी तोह …

सोनाली--- रहस्मयी मुस्कान देकर …..don't वोर्री….

और इतना कहकर वो अभय के साथ मूव हो गयी …..दोनों की जोड़ी मई एक हल्क था तोह दूसरी क्लेवर फॉक्स ….जो तेज़ तर्रार और चालक……

सोनाली — अभय वो दीवार की टेक लगा के खड़ा ह सबसे पहले उसे तुम मार देना

अभय ने गर्दन है मई हिलायी और हल्क चल दिया अपना काम निपटने उसने दीवार घूमकर आकर के दीवार से ऊँचा होकर उसका मू पकड़कर उसे उठा के बहार हे खिंच लिया और उसकी गर्दन मरोड़ दी…

Sonali----dheere से सांदड़….. कंही का

अभय--- सोनाली का अजीब चेहरा देखकर मन मई अब मैंने क्या किया …..

सोनाली चलो अंदर और जम्प मारकर दोनों अंदर ए तोह जगह जगह सीमेंट के काटते पड़े थे जो पानी और बारिश मई भीगकर जंगाये थे वो दोनों उनकी आध लेकर आगे बढ़ते गए….. तोह सामने … 4 आदमी दिखे जो चाकर लगा रहे थे ….

अभय--- मम अब आवाज होगी हे होगी ….

सोनाली--- सस्शह्ह्ह फिर रूकर वो बिच मई वंहा लाइट की रौशनी न के बराबर ह वंहा हमदोनो को मार कर यही चिप सकते ह वो दोनों जरूर यंहा इन दोनों के न वापस आने पर चेक करने आएंगे …….

अभय ने सहमति मई गर्दन हिला दी….. और दोनों सीमेंट के कट्टो की आड़ मई पहुंच गए लगभग 10 फ़ीट के एरिया मई जो अँधेरा था उसका उन्हें बहुत फायदा मिला …जैसे वो ए तोह अभय ने पीछे से पकड़ के एक के मू पर हाथ रख कर ऊपर उठा लिया और गर्दन मरोड़ दी दूसरा मूव करता तब तक सोनाली ने पीछे से आकर उसकी गरदन पर चका फिर diya………sonali और अभय ने धीरे धीरे राइट का पूरा हीसा साफ़ कर दिया सीमेंट फैक्ट्री के मैं प्लांट की और चल दिए …

तोह वंही दूसरी तरफ…..

शिवानी जिसने राज के साथ घर के पास मौत का तांडव आँखों से देखा था और ट्रेनिंग की थी इसलिए आज उसकी आँखों दर का झिझक का नामोनिशान तक नहीं था जो दिख रही था वो सिर्फ मौत की झलक थी…….

शिवानी —- पिक लेफ्ट अज्जू एंड श्रुती पिक राइट

और तीनो ने हे एक हे बार मई निपटा दिया बूत एक जो टॉयलेट करने गया था वो आगया ……जिसे शिवानी देखते लिया वो कुछ रियेक्ट करता शिवानी का चाकू बिलकुल सटीक सीने मई घुसा ….और उसी पल उसने एक और चाकू सीधा उसके गले की तरफ फेंक दिया ……

Shruti---shock से हाउ….

बूत शिवानी ने कोई रिप्लाई नहीं किया और आगे कभी सीलेंसर गन का तोह कभी नाइफ का इस्तेमाल करते हुवे सबको निपटा दिया……

दूसरी तरफ हल्क अभय और सोनाली क्लेवर फॉक्स की जोड़ी ने सभी को तीखाने लगा दिया था……..

5 मिनट बाद उन्हें उनके एअर पीेछे पर आवाज सुनाई दी…

Bhaaaadaaaammmmm…..jo सीमेंट फैक्ट्री के मैं गेट टूटने की थी ..

सोनाली--- मूव वो आगया ह..

तो वंही अंदर जो ये सब होने के तीख 5 मिनट बाद सुरु हुवा था….

चंदेरी —जाओ जाकर घसीट कर लाओ 2 आदमी कार की तरफ सावधानी से बढ़ रहे थे उन्होंने कार के पास जाकर धीरे से शीशे के पास से अंदर झांक कर देखने की कोसिस की तोह आगे कुछ नहीं दिखाई दिया फिर वो पीछे वाली सीट की तरफ गए और अन्दर देखने की कोसिस की तोह दोनों की आँखों मई 2 चाकू घुस गए और वो पूरी तरह तड़फड़ाने lage……phir एक साइड से सुव का पिछले ददरवाज़ा खुला और उसमे से एक पेअर बहार आया…… जिसके छमजते ब्लैक लाठर शूज और फॉर्मल ब्लैक पेण्ट का हिस्सा दिखाई दिया ………..और फिर गेट के ऊपर दिखा हाथ जिसकी कलाई के ऊपर ब्रांडेड चमचमाती वाच dikhi…..aur फिर बहार उतरा वो शख्स…. और उतारकर पहले एक नज़र अपनी सुव को देखा…..

चंदेरी उसे देख कर —- ये मारा nahi….sala……koun ह बे चू…..

पर सामने से कोई रिप्लाई नहीं aya………..usne अपने उंगलियों से गन बनायीं और एक आदमी की तरफ पॉइंट कर गन चलने की एक्टिंग ki….par सच मूछ चंदेरी के पास खड़े उस आदमी का सर फैट gaya…..phir ……सामने खड़े शख्स ने अपने मू से हाथ से बनायीं गन पर फूंक मरी और दुबारा रीलोड करने की एक्टिंग करते हुवे फायर की एक्टिंग की ….

बांग …

बांग…

बांग….

बांग…

पालक झपकते हे 20 आदमी मारे गए ……सीटू को हवा भी न लगी की ये गोलिया कान्हा से चली क्योकि फायर हर तरफ से आरहे थे ………

सबकी फटी पड़ी thi…..phir सामने खड़े शख्स …. ने दुबारा सैटिंग की पर इस बार उसकी एक्टिंग गन खली होने की थी फिर उसने सीटू की तरफ देख कर गन खालो होने की एक्टिंग कर गन फेक di….aur अपने हाथ से घडी उतारकर पॉकेट मई दाल dii…….aur अपनी शर्ट को कोहनी तक फोल्ड करते हुवे चलने लगा….

चंदेरी--- जिसके आदमियों की गोलिया ख़त्म हो चुकी थी उन्होंने भी गन फेंक आस पास से रोड और जिसके पास चक्कू चूरे थे वो निकल लिए………

पर सामने से आरहे शख्स को कोई फर्क हे नहीं पड़ा …..वो बस चुप चाप ारः था ……बिना बोले…..

चंदेरी —-जो पहला डरा गया था अपने आदमियों को मरता देख उसने अपनी पॉकेट मई फ़ोन से एक नंबर डायल कर दिया और उसे वापस पॉकेट मई दाल कर अपने आदमियों को मरने का इशारा कर दिया उसके 15 बचे हुवे आदमियों मई से 6 आगे भागे …………एक जो सबसे आगे पहुंच गया था उसने रोड घुमाई पर सामने वाले ने झुकार एक मुक्का पेट मई दे मारा ….वो पूरा आगे झुका तोह सामने से घुटने की कसकर पड़ी जिसे वो पीछे की तरफ उड़ता हुवा 2 को निचे लेकर गिरा… फिर आगे वाले एक को के वार को रोकर उसके हाथ अपने हाथ एक हाथ से पकड़कर कसकर मोड़ दिया और खिंच कर एक रैप्टा दिया वो 2 बार घूमकर निचे गिरा…. पीछे वाले 2 जाने रूक गए दर से..

चन्दर-—--- कौन ह तू…..

सामने से कोई रिप्लाई नहीं उसने भागकर एक को गले से पकड़ कर ऊपर उठा लिया और जोर से फर्श पर पटक दिया

और फिर बोलै …….

Main…tere इंट्रो का रिएक्शन हु और तेरा डेथ इनविटेशन hu……..jinke पास तू गया था जिसे तू धमका कर आया था मैं इंट्रोडक्शन हु और जिसे तू डार्लिंग कह कर समझने के लिए कह रहा था उसकी परचस्ति hu…main……

सुनील... Singhaniya…huuu….

और ये बोलकर बाकि बचे हुवे आदमियों मौत के घाट उतार दिया कुछ हे पालो मई …. वो सब अपने टूटे हाथ और पैरो के साथ जमीन पे पड़े थे……

सुनील--- क्या समजा था की बिजनेसमैन ह क्या उखड लेगा…..

चन्देरीय— तू आ तोह गया ह पर जिन्दा नहीं jayega….dekh क्या रहे मर दो इस पिल्लै को…

9 बचे आदमी तैयार हो गए बूत उसे पहले की वो आगे बढ़ते ….5 जानो के पीछे से कसकर लात पड़ी …वो सरे चंदेरी के आगे की तरफ गिरने लगे जिसमे अभय की लात जिसे लगी थी वो कई फ़ीट आगे हवा मई उदा ….और सामने से सुनील ने भी भागकर उसके मू पर पूरी ताकत से घुटने की दे मरी …जिसे उसकी गर्दन कड़ाक की आवाज आयी और वो उल्टा हो कर गिरा ……. बाकि बचे आदमियों ने पीछे देखा तोह उनके सिरों को बुलेट्स फाड़ कर निकल गयी …चंदेरी को समाज हे नहीं आया की सोनाली शिवानी अभय अज्जू श्रुती पीछे से आकर कब उनके पीछे खड़े हो गए थे …..

Chanderi—ki तोह गांड फैट चुकी थी उसे पता था की अब मौत पक्की ह उसकी ….

सुनील--- फिनिश ..

और इसी सब्द के साथ सबको मार दिया चंदेरी को छोड़ कर…..

सुनील अभय…

और अभय ने चंदेरी को पीछे से गाला पकड़ा और उठा कर सीधा जमीन पे दे मारा .फर्श पर मू के भिड़ते हे चंदेरी की दर्दनाक …आवाज गूंज gayi…..phir अभय ने ऊपर उछलकर एक किक पेट मई दे मरी 2 हे किक मई उसकी हालत अध् मरी जैसी हो गयी…..

सुनील---- तीख h….phir चलकर उसके पास गया ….और उसका गाला पकड़कर खुद के मू के पास laakar…tera इंट्रो तेरा डेथ इनविटेशन मई बदल गया….

सीटू---- है है है aahhhhh…meri मौत तोह तय ह पर तुम भी नहीं बचोगे है है है …

सुनील--- मुस्कराकर मंत्री के लिए हे तोह काम करता ह tu….usai भी मिल लेंगे

सीटू---- है है है ……फिर दर्द से कराहकर nahi…..main मंत्री के लिए नहीं मंत्री हमरे लिए काम करता ह. …..

सुनील--- किसके लिए काम करते हो तुम………

चंदेरी--- है है है है है है .जोर से हॅसनेलगा और बोलै बोलूंगा तोह मेरी पूरी फॅमिली मर जाएगी वर्ण सिर्फ मैं है है है है है तू तू टूट तू और तू भी मरेगा है है है है है और हाथ मई पकड़ा कैप्सूल मू मई ले लिया …..और उसके कुछ हे सेकंड मई वो मर गया……

सुनील--- इसने सुसाइड कर लिया पर ऐसा तोह करने के बहुत हीमत चाहिए ….

सोनाली--- ये मंत्री का आदमी नहीं तोह किसका था…..

शिवानी--- लगता ह इस बार गलती हो गयी ह हमसे….

सुनील--- राज को बताना होगा ….ये कहते वक़्त सुनील के चेहरे पर पसीने की 2 बुँदे थी…

अज्जू--- उसकी पॉकेट चेक करके भाई इसका फ़ोन chalu….h….

सोनाली लाओ मुझे दो …..तोह सुनील ने रोक दिया और खुद ने फ़ोन उठा लिया…… और काम पे लगा लिया दोनों हे तरफ से कोई आवाज नहीं आरही थी बस सांसो की आवाज thi……jo सुनाई दे रही थी

2 मिनट 5 मिनट बीत gaye….phir सामने से आवाज आयी …..वेट ….ी म किंग …….यू आल die……aur कॉल डिसकनेक्ट हो गया…

सुनील--- सर्च यंहा पर कोई कैमरा ह क्या ……और तुम बेवक़ूफ़ हो दोनों जो मास्क कतार दिया सुनील भड़क उठा……..

अज्जू श्रुतीय पर….

सुनील गुसाई से बुरी तरह ….बफर पड़ा और बोलै हरकौने मई सर्च करने लगा…….

अज्जू भाई लाइट्स ऑफ करने पे डिवाइस के अंदर की लाइट से पता लग jayega….ki यंहा कोई कैमरा या नाईट वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस ह क्या

सुनील र ु किडिंग विथ में सर्च एवरीथिंग …..यंहा जरूर ऐसा कुछ ह जिसे वो हमे देख रहा ह …….

5 मिनट बाद उन्हें एक जगह हिडन कैमरा दिखा जसकी तरफ सुनील चलता हुवा गया ……

और कमरे के सामने खड़ा हो गया ……और काफी दिएर ऐसे हे देखता रहा….

सोनाली--- let's जो …..यंहा कोई नहीं ह…..

सुनील ने कोई जवाब नहीं दिया पर उसका चेहरा बता रहा था की कुछ नहीं बहुत कुछ गलत ह……

और उनका सोचना बिलकुल सही था क्योकि कमरे की दूसरी तरफ एक शख्स जिसका चेहरा अंधेरे मई छुपा हुवा था वो ये सब देख रहा tha……..uski आँखों मई मर्डर की ीचा, खून की प्यास साफ़ देखि जा सकती थी……

मैं aunga………aur तुम्हरी मौत तुम्हारी सोच से परे होगी …..जब तुम सब भूल jaoge…..tab तुम्हारी किस्मत खुलेगीइ………..


आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलना का ……
 
आप सब को नव वर्ष की बहुत बहुत shubhkamnaye...meri ऊपर वाले से दवा ह नया वर्ष आपके जीवन मई खुयसियो की बहार लेकर ए
 
अपडेट टुनाइट ट्रैप........
 
अपडेट 127



मिस्टेक एंड ट्रैप…..

मुम्बईइइइ…..

शामे डे रात के 10 बजे

जंहा दिल्ली मई घटना हो गयी थी जिसके क्या परिणाम होंगे ये तोह भविषय मई हे पता लगने वाला था पर दूर एक घटना और हो रही थी…..

मीटिंग के बाद

मंत्री शिवम् सिंदे घर पंहुचा —-अरे भाई सब कान्हा हो…… चलो भाई पार्टी का टाइम हो गया ह हम पहले हे लेट हो चुके ह….

पर उसे कोई रिप्लाई नहीं आया तोह वो सबको आवाज देते हुवे अंदर आया और ड्राइंग रूम मई रेस्ट करने के लिए घुसा तोह अंदर का हाल देख कर उसके मू के एक्सप्रेशन चेंज हो गए …….

अंदर एक एक शख्स सोफे पे बैठा था और उसके सामने उसकी बेटी और बीवी बैठे हुवे थे और वो शख्स आराम से बैठा डिनर कर रहा था …

सिंदे ने अपनी बेटी और बीवी की दरी सहमी हुवी हालत देखि ……तोह उसका चेहरा गुसाई से तमतमा गया वो आगे कुछ कहते उसे पहले हे उस शख्स ने इशारा किया और बोलै……

बैठ जाओ शिंदे साहब …..

शिंदे--- कौन हो tumm….tumhari हीमत कैसे हुवी….

शख्स--- शिंदे दुनिया मई यमराज मौत के बाद हे दीखता ह तू खुसनसीब ह तुजे जिन्दा हे दर्शन हो gaye…….tuje क्या लगा की तू कुछ चुतियो को भेजेगा वो मेरे परिवार को धमकाएंगे और मुझे पता नहीं लगेगा तेरी बात हुवे सिर्फ कुछ हे घंटे हुवे ..पर तेरा आदमी अब इस दुनिया मई भी नहीं होगा …..जो तूने करने की सोची अगर वो मई करके चला जाता तेरे परिवार के साथ तेरे आने से पहले …….तोह सोच क्या परिणाम होते … फिर घरी साँस lekar…..soch समाज कर के कोई कदम उठाना chahiye…..sinde

शिंदे सामने बैठा बस उसकी बाते चुप चाप सुने जा रहा था …..

शख्स--- और एक बात सिंदे परिवार सबका होता ह इसलिए फॅमिली नहीं वर्ण मेरी फॅमिली की तरफ जिसने नज़र उठायी उसे मैंने 2 गज जमीन भी नसीब नहीं होने दी वो या तोह किसी चील कुत्तो के सीकर हुवे या फिर आज भी तड़प हे रहे ह मौत के लिए …..

फिर वो शख्स खड़ा हुवा और जाने लगा…… गेट के पास जाकर बोलै तू मेरे बारे मई ढूंढ़ने की कोसिस करेगा तोह तुजे कुछ नहीं मिलेगा सिवाए मौत के ……सिंघानिया परिवार मेरा परिवार ह ये याद rakhna……waise धन्यवाद डिनर के लिए ी होप तुम समाज गए होंगे …….और नहीं समजे तोह दुबारा समझने के लिए जिन्दा नहीं रहोगे फिर लड़की की तरफ देख कर ….. इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस यही नाम ह न तुम्हारे कॉलेज का और आंटी जी आप आप तोह कल 12 बजे महिला आंदोलन मीटिंग मई जा हे रही ह na…….khair मैं चलता हु ……. अब आराम का समय ह तुमने मेरा बेशकीमती वक़्त ख़राब कर दिया……

वो शख्स आराम से चलता हुवा गया और पीछे मंत्री सिंदे का मू गुसाई और उलझनों से खुला रह gaya……par जब तक वो सोच से बहार आया वो शख्स वंहा से गायब हो चूका था…..

सिंधी ने सभी सिक्योरिटी वालो को गालिया दी पूछतज करि पर सभी ने कहा हमने तोह किसी को भी अंदर जाते हुवे नहीं देखा ……सिंधी बहुत गुसाई मई आगया था पर उसे साथ हे दर भी लग रहा था …….उसने तुरंत हे कप्तान सिंघानिया के परिवार की फोटो मंगवाई पर उसे तब शॉक लगा जब उसे जो चेहरे फोटो मई दिखा वो चेहरा जो उसने देखा था वो बिलकुल अलग था…..

सिंदे-- तोह फिर वो कौन था जो यंहा आया tha….sinde के चेहरे पे पसीने की बूंदे उभर आयी ….इतनी सिक्योरिटी के बिच वो आया बिना कोई आवाज बिना किसी को दिखे बिना आया और धमकाया और बिना किसी वायलेंस के चुप चाप चला भी गया …..यही सोच सोच सिंधी परेशां हो रहा ……

4 दिन बाद



टीचर -- ये मुमकिन नहीं ह राज तुम पढ़ने ए हो मैं पहले हे तुम्हारी बहुत गलतियों को नेग्लेक्ट कर चुकी हु मेरी बेटी के लिए जो किया उसके लिए जिंदगी भर आभारी हु इसीलिए और हॉलीडेज नहीं दे सकती hu….main

Raj—mam प्रॉमिस मेरी प्रिपरेशन पूरी ह अब समजिये मई आपको निराश नहीं करूँगा आप तोह मेरी प्यारी स्वीट सी मम हो न प्लीज प्लीज….

टीचर---- ok कब जाना ह तुम्हे…

राज--- कल ….

टीचर---- what…..aur तुम एक दिन पहले ए हो …….

राज--- प्लीज…….

टीचर---- 1ye2ye3ye पहले इन पेपर को सोल्वे कार्डो और जाओ ….

राज--- मम…

टीचर---- मुस्कराकर ाचा तुम जो अभी मस्का मार रहे थे wo….samjho मुझे ऊपर बात करनी होगी कुढ़ की जॉब दांव पे लगनी होगी इडियट समझे…

राज--- बुरा सा मू बनाकर …..ोकककक

टीचर मुस्कराकर ….गुड…..…..

नेक्स्ट डे-----

कहते ह की लड़की जले तोह नेगेटिव एनर्जी चारो तरफ हो फ़ैल जाती ह ….और यंहा तोह 3 लड़किया बुरी तरह जाली हुवी थी….

राज--- ok मैं जल्दी आजाऊंगा जब तक बिना ड्राइवर और बॉडी गॉर्डस के कंही नहीं जाना ह……

मनीषा और श्वेता--- हम्म्म्म

राज और मधु के जाने के baad….teeno हे नाराजगी से जल भून गयी थी क्योकि राज ने उन्हें एक दिन पहले हे रात को बताया था जिसमे सबसे जायदा बुरा हाल रिंकी का था उसे पूरा यकीन था की मधु नामकी बिल्ली दूध हे नहीं इसबार मलाई भी पियेगु ….इसलिए वो किसी खिसियानी बिल्ली कीतरह बर्ताव कर रही थी…. उसका प्लान फ़ैल हो गया था वर्ण अगले तीन दिन मई उसे पूरा यकीन था वो कामयाब हो हे जाती ….

राज और मधु निकल पड़े ….. एक नए सफर पर ….

राज--- एक बात batayiye……mam….

मधु--- बिच मई रोक कर तुम वंहा मेरी फ्रेंड के भाई बनकर जा रहे हो तोह मधु जी बोल सकते हो और अकेले मई सिर्फ मधु वंहा मम ेट्स मत बोलना…

राज — ok तोह अभी हमे टाइम लगेगा ाचा आप एक बात बताईये ….की आपकी बहन मेघा जो आपके साथ रहती thi….uski पढ़ाई आपके पास हुवी और वो दिन रात आपके साथ रहती थी फिर उसका आपके पति के साथ कैसे ये सब हुवा

मधु--- राज स्त्री का बदन थोड़ा भी आकर्षण हो और स्त्री चाहे तोह किसी भी मर्द को अपने बदन के लिए आगे पीछे घुमा सकती और मेरी बहन मेघा सुन्दर होने के साथ बहुत तेज़ भी ह…. उसने देखा की कैसे मेरे पति मुज पर खर्चा करते ह तोह उसको जलन होती थी ….मेरे ससुर जो मुझे अपनी बेटी की तरह मानते h….unka प्यार देख उसे ईर्ष्या होती….. ये सब मुझे पता नहीं था पर जब मेरा पेअर एक बार गिरने से फ्रैक्चर हो गया तब मुझे पता लगा उस वक़्त डॉ ने साफ़ कहा था एक महीने तक केवल रेस्ट ….और इस एक महीना मई हे ये सब सुरु huva…..megha ने नहाने के बहाने टावल …कभी कपडे फिर इनर गारमेंट्स मंगाए और अपना जिस्म दिखा कर धीरे धीरे काबू मई कर लिया मेरे पति को …..जबकि मैं अपने रूम मई रही और यही सोचती रही की मेरी बहन ने मेरा घर संभल रखा ह उसे अछि बहन किसी के पास नहीं होगी जबकि वो तोह मेरे ससुर को नींद की गोलिया देकर ….मेरे हे पति को फंसा रही थी और मेरा पति मुझे नहीं पता था की ऐसा होगा …..वो मुझे नौकरानी के भरोसे छोड़ …..मेरी हे बहन की टैंगो मई घुसा हुवा tha….sorry …पर सच यही ह …आज वो इस कदर उसके रूप जाल मई फंसा हुवा ह की इतने अमीर होते हुवे भी मेरे पापा की प्रॉपर्टी पे भी नज़र ह uski……aur वो दोनों ये सोचते ह की मुझे कुछ पता नहीं ह पर मुझे सब पता ह…. मैंने उसे फ्रैक्चर के बाद पिछले एक साल से अपने पास तक नहीं आने दिया क्योकि घिन आती ह उसे मुझे जब भी देखती हु …..सिर्फ हवस क भूख नज़र अति ह उसमे…….

राज--- हम्म एक और सवाल ह चलो आपकी बहन का समाज आया मुझे पर ….आपके पति और आपकी सौतेली माँ एक दूसरे से कैसे मिले…

मधु —- ये तोह मुझे भी नहीं पता ह ….हो सकता ह की मेघा ने मिलाया हो …..वैसे मैंने अपने पति के पास उनका फ़ोन एते कई बार देखा ह…..

राज---- हम्म्म और यंहा देहरादून की प्रॉपर्टी किसके नाम ह .

मधु--- एक नज़र राज को देख कर ..यंहा की प्रॉपर्टी मेरे ससुर के नाम हे ह अभी और एक विल बानी हुवी ह जिसमे क्या ह ये सिर्फ वकील को पता ह….

Raj---intresting

मधु कुछ पल बाद क्या हुवा …….क्या इंट्रेस्टिंग

राज--- सीट पर एक पेअर फोल्ड करके मधु की तरफ देख कर ……जितना दिख रहा ह बात उसे गहरी h…ap सिर्फ एक मोहरा हो खेल कुछ और हे ….

मधु—- एक टिया पिटे ह ……..

जानते ह 3 पहले दिन पहले की एक घटना के बारे मई

राज जब वापस देहरादून पंहुचा तब ….सुनील का फ़ोन आया….

राज--- hello ….

सुनील--- इस बार एक गलती हो गयी मेरा चेहरा अज्जू और स्वाति का चेहरा उन्होंने देख लिया ….ह

राज--- हम्म्म ागैई..

सुनील--- हमने जिसे मारा वो मंत्री सिंदे का आदमी नहीं था….

राज--- साइलेंट…

सुनील--- वो हमे देख रहा था ….मैंने उसके िप एड्रेस से उसको ढूंढने की कोसिस की पर कुछ पता नहीं लगा ….और सबसे बड़ी बात …..उसकी बातो मई सचाई थी ……इस बार मेरा ..सिक्स्थ सेंस कहता ह की इसबार बहुत गलत होने वाला ह तू यंहा अजा न यार मुझे बहुत फिक्र हो रही ह… तू वंहा अकेला ह…

राज--- ये बात वो कह रहा ह जो मुझसे आज तक जानभूझकर हारता ारः ह ….ये बात वो कह रहा जिसके सामने किसी की हीमत नहीं ह….

सुनील--- परिवार एक ताकत ह तोह एक कमजोरी भी ह मेरे भाई ….वो जो भी ह …..वो सही वक़्त पे चोट करेगा… मुझे पूरा यकीन ह..

Raj---shant रह मेरे भाई सब तीख होगा ….

सुनील--- तीख ह जो तू कहता ह तोह सब तीख हे hoga..baki सब तयारी ह तेरी स्कूल हो जाये उसके बाद बाकि को देखते ह….

राज —- तीख h….itna कहकर राज ने फ़ोन रख तोह दिया पर राज को भी चिंता हो गयी थी की ……इस बार दुश्मन ऐसा ह जिसने उन्हें देखा ह पर वो लोग उसके बारे मई कुछ नहीं जानते h……….haar बार उसने हे अटैक किया पर इस बार सामने से वार होगा पर kab….kya मतलब था उसकी बातो का…

करंट टाइम……

टिया और सैंडविच का ब्रेकफास्ट करने के बाद दोनों फिर चल पड़े….

राज वैसे आपका घर ……

मधु मेरा घर वो सिटी से 30 कम दूर गाँव मई ह ाक्टुअलय वो हमारा फार्महाउस था जिसे पापा ने घर और ऑफिस बना लिया …..और अब तोह सिर्फ मैनेजर हे अत ह घर pe……papa तोह ऑफिस जा हे नहीं पते h….waise बहुत सुन्दर गाँव ह हमारा रुद्रपुर उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के बॉर्डर पर …..पर मुझे गए हुवे 1.5 साल हो गए ह …..ये कहते हुवे पहले जंहा मधु खुस थी वंहा अब उसके चारे पे ढक के भाव आगये ..

राज ने जब मधु का उतरा हुवा चेहरा ेखा तोह उसने छेड़ते हुवे कहा ……

राज---- कितना ाचा मौसम ह सर्दी ह और सोचा था अकेले सफर पर ब्यूटी के साथ मज़ा आजायेगा ……….सुना था सर्दी आसानी से काट जाती ह अगर साथ मई ब्यूटी हो…..

राज की बाते सून मधु भी हंस पड़ी और बोली ाचा तोह तुम्हे सर्दी की चिंता ह ….ok तुम मेरी रिजयी मई हे सो जाना ok …… तुम्हारी सर्दी का मैं धयान रखूंगी

राज--- हड़बड़ाकर ककककक क्याआ…..

मधु--- राज की हालत देख मधु खिल खिलाकर हंस पड़ी और उसे आंख मार कर बोली …….क्यों क्या हुवा …..अरे रे तुम्हे तोह सर्दी मई पसीने आने लगे ये कहते हुवे अपने लेफ्ट हैंड को उसके गलो पर फिर दिया….

राज बेचारा मधु को देखता हे रहा ……..

मधु---- पता ह राज ….मेरी शादी मेरे पापा की मर्जी से हुवी थी पर मैंने कुछ नहीं कहा मैंने अपनी जिंदगी बस मेरे ससुर और पापकी सेवा के नाम करदी ह………

राज--- और bache…..itna कहकर वो मधु को देखना लगा……..

राज की बात सून मधु भड़क गयी उसने कार को साइड मई रोका और उसकी तरफ घूमकर बोली बचा और उस हरामी का जिसे मैं अपने पास देखते हे घिनंन आती ह इसे ाचा तोह रहेगा मैं बांज हे कहलाऊ …….फिर राज की कलर पकड़कर खुद के पास लाकर उसके होतो को चूमकर …………तुम कभी नहीं समज सकते हो की एक औरत एक लड़की क्या चाहती ह….. इतना कहकर वो ड्राइव करने लगी…..

राज अपने सर को खुजलाता रहा …….क्योकि वो वाकई इस मामले मई अनारी हे था…. वो चुप चाप किश और मधु की बातो को समझने की नाकामयाब कोसिस करता रहा..

मधु ड्राइव करते हुवे एक नज़र राज को देखलेति की राज क्या सोच रहा h…..kyoki मधु ने सोचा हुवा था की वो जो चाहती ह वो इस बार प् हे लेगी ….ये सोचते हुवे उसके चारे पे एक गहरी मुस्कान आगयी…..

Place---Rudrapur मधु होम…..

सौतेली माँ--- अरे मेरी बेटी मधु बहुत महीनो बाद आयी ह आजा गले नहीं लगेगी अपनी माँ के तेरी माँ तोह सुख हे गयी तेरे बिना… …..

(इंट्रो सौतेली माँ सुष्मिता —- रंग गोरा हैघट 5.7 इंच पहले सेक्रेटरी थी ……इसलिए वेल मेन्टेन ह इंटेलेगेंट और तेज़ तररा ह …..)

मधु--- बिना किसी एक्सप्रेशन के मैं तीख हु आप कैसी

सुष्मिता--- अरे मेरी बची मई तोह तीख हु क्या करू तुम्हारे पापा की तबियत और ऑफिस की वजह से तुमसे मिलने आ हे नहीं पायी ….तुम्हारी बहन मेघा आती रहती ह तुम्हारे पति के sath….Ye कहते वक़्त उसके चेहरे पे एक कुटिल मुस्कान आगयीईइ

फिर उसकी नज़र पीछे खड़े राज पर पड़ी …….वो उसे ऊपर से लेकर निचे तक स्कैन करने लगी ..राज की हिघ्त और फैसिक जैकेट पहने के बावजूद भी अचे से नज़र आरही थी ……राज को अचे से स्कैन करने के बाद … …अरे मेरी बची के साथ ये मेहमान कौन आया ह……

मधु —- ये मेरी फ्रेंड के भाई ह राज…..

सुष्मिता--- एक तिरछी मुस्कान हंसकर ओह मेरी बची अपनी फ्रेंड को न लाकर उसके भाई को लायी ह …..मेरी बेटी के तोह अब फ्रेंड भी हो गए h….so स्वीट…

हलाकि ये तारीफ नहीं तना था जो मधु समाज गयी….

फिर राज के पास आकर अरे औ औ तुम भी अंदर औ…

राज--- hello….mam

सुष्मिता--- ओह मम इंट्रेस्टिंग …..तुम मुझे पसंद ए …..क्या करते हो tum…the

मधु--- वो…

सुष्मिता--- बिच मई हे अरे मेरी बेटी …तुम क्यों बोल रही ho….phir राज के कंधे पर हाथ rakhkar…ha राज तुम बताओ…

राज--- सिंघानिया ग्रुप का नाम सुना होगा अपने ….वो मेरे अंकल की ह

इतना सुनकर सुस्मिता की आंखे चमक uthi……jaise कोई कीमती नगीना मिल गया हो ……

सुष्मिता--- ओह मैंने काफी नाम सुना ह इनफैक्ट सिंघानिया ग्रुप अब इंफ्रास्ट्रक्चर मई भी इन्वेस्ट करने वाला ह …..मधु तुम जाओ पापा से मिलो मई राज का धयान रखती hu……..raj को खाने पे मिलवा denge….tumhare पापा से

मधु ऊपर की सीढ़ियों पर चढ़ती हुवी धीरे से बोली

मधु--- रंडी कंही की …. थूऊऊऊ….

दिनर्तिमे

मधु डैड— बहुत ाचा बीटा तुम आगये …….वर्ण मधु को अकेले आना पड़ता वैसे भी कल गाँव मई पूजा ह तोह तुम्हरा भी गाँव घूमना हो जायेगा…..

सुष्मिता आप इनका धयान रखे ….

सुस्मिता--- जी इनका विशेष धयान रखा जायेगा चलिए मैं आपको ….. ये ह आपका रूम ह और आपको कोई भी जरुरत हो तोह मुझे बताईयेगा ….

Raj-muskarakar जी जरूर ….. और अपना रूम बांध कर के कुढ़ से …………जितना सोचा उसे जायदा मुश्किल ह …….पर यंहा तोह कहानी उलटी ह …. मधु मम के अनुसार उनके पापा की तबियत ख़राब ह पर मेरे हिसाब से वो तीख लग रहे ह …….एक बात तोह पक्की ह यंहा बहुत कुछ चल रहा ह …… मेघा, सुस्मिता ,जमीन ,ऑफिस ,मधु हस्बैंड यंहा तोह हर तरफ शतरंज की बिसात बिछी हुवी ह ….

दूसरे रूम मई इन कॉल

वो आगयी ह…… ये आखिरी मौका होगा …..कल रात को पूजा होगी उसी वक़्त हम अपना काम पूरा कर denge…..kisi को पता नहीं लगेगा ………..



आज के लिए इतना हे ……..मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलना का …..
 
अपडेट 128 …..

हिडन ट्रुथ…..

Morning…….6am

राज योग करने के बाद पुश यूपीएस कर रहा था …..तभी उसे अपने दूर के पास किसी के खड़े होने का अहसास होता ह…

राज---- इतनी सुभे कौन होगा ….

राज धीरे से गेट के पास जाकर एक झटके मई दरवाजा को खोल दिया जिसे एक झटके से एक नरम सरीर राज के ऊपर आकर गिरा और राज का पेअर भी ढके से खुद के दूसरे पेअर से आदिंगी खा गया ुर दोनों साथ हे निचे गिर पड़े और एक कोमल सी आवाज आयी ोूछहः…… राज को अपने चेस्ट पर गिरने से दो सॉफ्ट सॉफ्ट पहाड़ो के टकराने का अहसास हुवा और जिस्म की एक मदहोश सी खुसबू उसकी नाक मई आती हुवी महसु हुवी….. राज के ऊपर गिरी आकृति ने अपने एक हाथ से अपने बालो को ऊपर किया तब राज को एक ख़ूबसूरत चेहरा दिखाई दिया और वो और कोई नहीं सुष्मिता का हे tha………par सुष्मिता को जैसे उठने की कोई जल्दी हे नहीं थी…. वो आराम से राज के ऊपर लेती हुवी थी और कुढ़ को संभल रही thi……usai महसूस होता ह की राज का हाथ उसकी कमर पर ह ……सुष्मिता अपने हाथो की मदद से खड़े होने लगती ह पर उसके पहने हुवे लूसे टॉप और बड़े गले के टॉप होने की वजह से बूब्स की झलक राज को पूरी तरह से दिखाई देती ह और उसकी आंखे बखूबी दर्शन करती ह..

सुष्मिता--- तुम रोज एक्सरसाइज करते हो ह न इसलिए इतने फिट हो मैं भी योग करने हे जाने वाली थी तुह्माहरे रूम से आवाज ाइटः रूक गयी…..

राज —- ये तोह बहुत अछि हब्बित ह ….इसे बॉडी मेन्टेन और दिमाग रिलैक्स रहता h……isiliye आप पूरी तरह फिट ह

Sushmita----smile करके हम्म ऊपर रूफ पर ाजाओ वंहा हे करलेना एक्सरसाइज मैं भी आती हु ऊपर का व्यू बहुत ाचा ह

10 मिनट बाद

राज —- वैसे अपने सही कहा व्यू बहुत ाचा h……..phir

सुष्मिता जो योग की ड्रेस मई उसकी तरफ देख कर और आप भी बहुत अछि लग रही h…i मैं आप पूरी तरह फिट ह ..अपने अपने आपको फिट हे ऐसा रखा ह की लड़किया भी आपके आगे कुछ नहीं ह… कोई नहीं कह सकता आप शादी शुदा ह

सुष्मिता —- थैंक यू राज …..बस रोज योग करती हु इसलिए फिट हु खैर मेरी हेमस्ट्रिंग मई तिघटनेस ह तुम स्ट्रेच करने मई हेल्प करोगे .

राज —- ओह बिलकुल मई स्ट्रेच कर देता हु don't वोर्री…

आप सीधी लेत जाईये …राज की बात मानकर सुष्मिता सीधी लेत gayi….raj धीरे से एक घुटने पर बैठकर लेफ्ट वाले पेअर को उठाकर घुटने पर रख लेता ह और दोनों हाथो से पहले हलके हाथो से मस्सगे देने लगता ह और बोलतेह इसे मसल्स रिलेक्स होंगी और स्ट्रेच बेहतर तरीके से hoga….ye कहते वक़्त उसकी नज़र ……सुष्मिता के टैंगो के बिच मई टाइट लेगी से बन रही छूट की दरारों पर पड़ती ह और एक पल के लिए उसकी आंखे वंही तिकी रह जाती ह … और उसी पल सुष्मिता की नज़र भी उस पर पद जाती ह और उसके चेहरे पर एक गहरी मुस्कान आजाती ह.. राज नज़र हटाकर सुष्मिता के पेअर को अपने कंधे पर रख लेता ह जिसे उसकी छूट की दरार और साफ़ दिखने लगती ह और राज जैसे हे अपने हाथ से पेअर के पंजे को निचे की तरफ खींचता ह सुष्मिता के मू से सस्शह्ह्ह की आवाज निकल जाती ह ….करीब 5 मिनट के बाद सुष्मिता अपने लेग्स को कुढ़ स्ट्रेच करती ह …और बोलती ह फीलिंग गुड ….तुम रियली बहुत ाचा स्ट्रेच करते हो …ाचा मेरी कमर को भी स्ट्रेच कार्डो इतना कहकर उलटी लेत जाती ह और राज को टाइट लेगी मई फांसी सुष्मिता की गांड की उभरी हुवी परफेक्ट शेप नज़र आती h……jisai राज भी खुद को देखने से रोक नहीं पता ह ….और उसका बम्बू भी तम्बू मई रिएक्शन देने लगता h..phir वो अपने दोनों पेअर सुष्मिता की कमर के दोनों तरफ दाल कर उकडू बैठ जाता ह ….जिसे राज का हाफ खड़ा एनाकोंडा सुष्मिता की गांड का स्पर्श पाकर फुल खड़ा हो जाता h…..aur फिर जैसे हे राज सुस्मिता को कंधे से पकड़कर खुद की तरफ ऊपर खींचता ह उसके खड़े लुंड का अहसास सुष्मिता को भी हो जाता ह और ……उसकी छूट भी लुंड के हो रहे स्पर्श मचलने लगती ह जितनी बार राज ऊपर करता उतनी बार हे राज का लुंड का अहसास सुष्मिता को अपनी गांड पर होता उसकी छूट पिघलती जाती …जंहा सुष्मिता की सिर्फ लेगीइ पहने हुवे के कारन छूट से बहते पानी से हलकी गीली हो गयी थी वंही राज का एनाकोंडा लोअर मई कुढ़ का हे तम्बू बना के फूँकार रहा था…. जैसे हे मधु ने बस कहा राज ने फटा फैट अपनी अंडरवियर मई उसको एडजस्ट किया उधर सुष्मिता राज की हालत देख कर मुस्कराने लगी और निचे चली गयी और राज को चैन की सांस आयी वो अभी सांस ले हे रहा था ki…..usai अपनेपीछे से आवाज आयी…..

बहुत अछि ह न सुप्पोर्टीवे ह फिगर भी ाचा ह …..खूब टच कर लिया होगा और जो दिखना था वो भी कपड़ो के ऊपर से हे दिख गया होगा ह न….

राज--- मुस्कराकर आपको जलन हुवी..

Madhu----tummmm…

राज--- वैसे आपकी माँ हॉट ह …

मधु--- यूउ

राज —-मजाक कर रहा hu…..gusai मई आप रियली क्यूट लगती हो…

Madhu-—yuuuuu यूउ तुममम ……. खबरदार जो उस कुटिया के चाकर मई फंसे …फिर मू jhatakar…..naste के लिए ाजाओ 7.30 हो रहे ह बड़ा ए ……क्यूट वाले ….इतना कहकर वो चली गयी….

राज--- है है है ये सच मई बहुत क्यूट ह …..आज पता लगा ये नाराज भी होती h….chal बेटे राज यंहा बहुत लफड़े ह …औरत प्यार मई हे फंसकर सब बोलेगी इसलिए हर कदम फूंक फूंक कर रखना….

लंच के बाद फार्महाउस राज अकेले हे घूम रहा था तब उसने देखा एक बूढ़े आदमी को बोरी रखने मई दिकत हो रही थी तोह राज ने बोरी उठाकर रखड़ी …

बूढ़ा-- भगवन तुम्हे हमेसा खुस रखे बीटा… मेहमान ए हो

राज-- है बाबा मधु जी के साथ आया हु…

बूढ़ा—- ओह मधु बिटिया आयी ह …..वो भी क्या दिन थे बीटा जब यंहा …गरीबो को भोजन खिलाया जाता tha…..koyi घर से खली नहीं जाता था पर अब तोह जैसे सब बदल गए ह मालिक मालकिन सब ….खैर तुम घूमो बीटा….. बहुत ाचा गाँव ह सब जगह घूमना

राज--- क्या मतलब बाबा सब बदल गए ह….

बूढ़ा--- क्या करोगे बीटा जान कर…

राज — अबुस यू हे बाबा

Budha—-are बीटा मालिक पहले बड़े दयालु थे पिछले 2 सालो से तोह वो किसी भी चीज मई कुछ नहीं कहते ह ….और गुसा हो जाते ह ……छोड़ो बीटा सब बीती बाते ह…..

राज बस बूढ़े को जाता हुवा देखता रहता h……tabhi उसे कुछ और काम करने वाले मिले उनसे भी उसकी बाते हुवी जिसे सून कर राज कभी चौंकता तोह कभी आँखों को सिकोड़ता ….ऐसे हे करते करते उसे 3 ऑवर हो गए …तभी उसे 2 जाने आते हुवे दिखे…… एक लड़की और एक 35 साल के आस पास का लड़का ….tha…jinhe देखकर राज पहचान gaya….ye मेघा और मधु का हस्बैंड ह…. जिनकी फोटो उसने मधु के फ़ोन मई देखि थी….

मेघा पास आकर--- hello राज नीस तो मीट यू मई मधु दी की छोटी बहन मेघा हु …..और ये मधु के हस्बैंड …

राज--- hello नीस तो मीट यू too….miss मेघा एंड hello ….

राज का hello सून मधु के पति ने ाररोगांत सा hello कान्हा ….पर इसे राज को कोई फर्क नहीं पड़ा ….

मेघा-- औ घर पर आपको बुला रहे h…..ap अकेले हे घूमने आगये ……

इनदोनो को ऐसे हंस कर बाते करता देख मधु के पति की झांटे सुलगने लगी पर वो बोलै कुछ नहीं ….. बस दोनों के साथ चलता रहा उसको मधु पर भी गुसा आने लगा था की वो पराये मर्द के साथ अकेली यंहा आयी h……par वो अभी कुछ कहना या करना नहीं चाहता था…..

कुछ दिएर बाद ……..

तुम उसे कब से जानती हो…

मधु--- बोलै न मेरी दोस्त का भाई ह और तुम्हारे पापा ने हे साथ भेझा h….tumhe क्या फर्क पड़ता ह….

म पति---- तुम बहुत जायदा बोल रही ह…..

मधु--- मेरा मू मत खुलवाओ समझे अपने काम से काम rakho……aur मेरा उसे कुछ भी हो ……मई क्यों बताऊ….

म पति — तुमममम….

अभी वो इतना हे बोलै था की गेट से नॉक करने की आवाज ayi…aur गेट को हलके से धक्का दिया तोह सामने राज था ….bingo……..aur जिस गुसाई से अभी मधु का पति सुलग रहा था वो भड़क उठी और जो बची कुछ कसार बाकि रही थी वो राज के एक सवाल ने पूरी कर दी…

राज--- आप कौनसी ड्रेस pahnogi….main तोह शर्ट एंड पेण्ट हे लाया हु

म पति — तुमसे मतलब तुम्हे बता के पहनेगी……

मधु--- चिल्लाकर तुम अपनी औकात मई रहो और जाओ मेरी बहन के कपड़ो की परवाह करो….. समझे राज को कहने की दुबारा गलती मत करना….

म पति---- गुसाई से फुंकारता हुवा तुम्हे देख लूंगा Madhu…aur राज के साइड से निकल गया….

राज मधु की तरफ देख कर इसे क्या हुवा ये क्यों भड़का हुवा

मधु--- दरवाज़ा बंद कार्डो ….मैं ये ड्रेस पहनूंगी …….ये कैसी ह….

राज--- कूल ….अब लगता यंहा ठण्ड महूस नहीं होगी फिर सीरियस होकर मैं इसलिए आया था वंहा भीड़ होगी बे करेफ़ुल … आपका आना और पूजा होना सब यू हे नहीं ह बस भीड़ से किसी भी कीमत पर अलग मत होना

मधु--- राज के पास कर …पूउउउछह….. थैंक यू तुम बहुत अचे ho…ab जाओ या ड्रेस पहनते हुवे भी देखना ह….

राज —- हहह फिर मजाक से वैसे आपको देखने मई मुझे कोई दिकत नहीं ह……

राज बहार आया तोह निचे हाल मई सुष्मिता मेघा और मधु का पति और तीनो हे बैठे मिले तीनो मई से मेघा और सुष्मिता जंहा अपनी हे सोच मई थी तोह वंही तीसरा तोह आग की भट्टी जैसे गुसाई मई तप रहा था….

सुष्मिता-— अरे औ राज बस कुछ हे दिएर मई निकलना ह हमे तुम मेघा के साथ अजना ….ok हम पहले जायेंगे … क्योकि सभी गाँव वाले होंगे न ..

सबके जाने के बाद….

राज और मेघा सोफे पे बैठे …….तब राज का कॉल अत ह …राज---- तीख तुम कन्फर्म इनफार्मेशन ले ले और जितने की भी डील हो 50 कर या 100 कर जो लगे कोई दिकत नहीं h…..par मुझे ये काम पूरा चाहिए…

मेघा की आँखों मई राज की बाते सुनकर चमक आजाती h….par वो कोई रियेक्ट नहीं करती ह..

राज--- वैसे मेघा जी ….आप क्या करती ह ……

मेघा--- ओह दी ने आपको बताया नहीं मैं पापा की कंपनी मई vice-president हु ….

राज उठकर मेघा के पास बैठ जाता ह गुड ….यानि इंडिपेंडेंट वुमन ह आप रॉय इम्प्रेससिवे मुझे वो लड़किया और औरते पसंद ह जो खुद अपनी डेस्टिनी बनती ह….

मेघा थैंक यू वैसे आप यंग ह आपकी गफ नहीं ह क्या …जो आप दीदी के साथ आगये ……

राज--- हंसकर ओह no no मधु जी बहुत अछि ह मेरी सीस ने कहा तोह मैं आगया ….वैसे भी आप की तरह इंडिपेंडेंट वुमन मिलती कान्हा ह इसलिए सिंगल ह ये कहते वक़्त राज मेघा की आँखों मई देख रहा था ताकि बात का रिएक्शन देख सके….

मेघा--- muskarakar….man मई ये तोह खुद काटने को तैयार ह और दी के साथ भी इसका कुछ खास रिलेशन नहीं ह….. पर कंही असलियत सामने आगयी तोह ..पर ये भी तोह बड़ा मुर्गा h…..risk तोह ले हे सकती hu…phir …..ड्रिंक तो करते हे होंगे…..

राज--- ोक्सासिओनल्ल्य वैसे अगर आपके साथ पिणि हो तोह बिना ोक्सासिओं के भी ….

मेघा —- जोरसे हंस कर आप बहुत फनी हो लड़कियों को इम्प्रेस करना बहुत अचे से अत ह ….ok ड्रिंक टुनाइट आपके कमरे मई क्योकि मेरे रूम मई कोई भी डिस्टर्ब कर सकता h….I होप आपका साथ ाचा रहे और हमेसा रहे

राज--- मुझसे मिलने के बाद कोई भी मुझे भूलता नहीं ह फिर मन मई क्योकि उन्हें मुझसे जो मिलता ह वो ह दर्द और दर्द कोई भूलता नहीं ह फिर मेघा की तरफ और मुझे पता ह आप भी हमेसा हर पल मुझे हे याद करेंगी …. मुझे पूरा यकीन

मेघा--- मुस्कराकर … मैं ड्रेस चेंज करके आती हु फिर चलते ह

कुछ पल बाद वो एक ब्लू साड़ी मई आयी जिसमे वो वाकई क़यामत लग रही थी… ….राज भी मन हे मन तारीफ करे बिना न रह सका….. की ह हे क़यामत तोह मधु मम का पति फिसलना हे था

मेघा राज को यू खुद को देखते देख मुस्करा गयी ….और कमर को मटकाते हुवे पास आयी चले राज ji…ya और देखने का इरादा ह…

राज--- भी झुकार इरादे तोह कई ह पर वक़्त और हालत सही नहीं ह मेघा जी …चलिए चलते h….warna तभी आरती हे न हो जाये पहुंचने से पहले..

मेघा---- है है है …..आप वाकई बहुत फनी हो…..

मंदिर …. के पीछे

है वो आने वाले ह जो सोचा ह वही करना उनके लिए जो खास मिठाई प्रसाद दो उसमे ये मिला देना और यही थाली ….उनको देनी ह ….समझे ..

आदमी-- पर हम उन्हें उठा भी तोह सकते ह न फिर इतना झंझट वाला काम क्यों

भोस्डिके तू पक्का गांड की पैदाइश ह इसलिए गांडू जो कहा ह वो कर …इन्हे खाना खिलने के बाद हमे बाकि काम भी करना…….

मधु मेघा सुस्मिता मधु के माता पिता राज मधु का पति सब आरती मई खड़े थे तभी एक परिवार और आया ….और एते हे नमस्कार से सभको सम्भोदित किया…

मधु डैड — नमस्कार कुमार भाई आईये आईये पंडित जी आरती सुरु kijiye…..sab आगये ह

आरती के समय सब की नज़रो का बखूभी राज पिच कर रहा था आरती ख़त्म हो गयी …. और सब आरती के बाद गाँव के लिए जो भोज तैयार किया गया था उसे लेने के लिए बैठ गए सिर्फ मधु के फादर जो व्हील चेयर पे थे वो हे अलग रहे …. बाकि सभी और राज भी साथ हे बैठ गया कुछ हे समय मई भोजन सबको परोसा gaya….kuch पालो बाद

आदमी--- बिटिया ये स्पेशल मिठाई बनायीं ह आप सबके के लिए …. खाके देखिए तारीफ करे बिना नहीं रह सके

म dad--usiwaqt बीटा राज ाचा तोह लग रहा ह न …

राज —जी अंकल हमारे तोह घर रोज सुभे प्रसाद बाँट ते ह …ाचा लगा अपने करवाया….

Megha--ye सब मधु दी आयी ह न इसलिए करवाया ह….

पीछे फार्म हाउस मई 7 लोग चोरी चुपके घुसा गए और अलग अलग जगह चिप गए…..

…11 बजे रात को…

मधु--- गुड नाईट राज थक गयी हु नींद आरही ह …….

राज गुड नाईट बोल कमरे मई आगया उसके करीब हाफ ऑवर बाद हे मेघा आगयी ..

एक ऑवर बाद…

मेघा--- नशे मई झूमकर तेन शॉट बैटल मई जीत गयी हु राज हिचछ्हः……..

राज--- भी झूमकर है आप जीत्तट गयीईइ हो……..

मेघा---- है है है ……अब तुम मेरे …..घुलम ho…hiccchhhh.. अब तुम वही करोगे जो मैं कहूँगी

राज--- जो हुकुम मेरे अक हीछ्हःह..

मेघा---- मुझे खुस करो…… मेरे घुलाममम

और करीब 10 मिनट बाद….

आआह्ह्ह्ह bastered…..ahhhhhhh ……kutttteeee…..choddd…..

राज---- chodhh..he तोह रहा हु …….

मेघा---- aahhhhh….ma….i….n….e….ka……ha……cho……d…….ahhhhh…………..

राज--- मेघा जी बस कुछ दिएर पल और फिर ap…aur जोरसे ….raj…aur jorse….raj….he बोलेंगी………

और राज ने ताबड़तोड़ झटके पे झटके मरता रहा जिसे मेघा की छूट की दरारे कुछ पालो बाद पूरी तरह चौदह होती गयी और वो नशे मई चुंदडीई गयी उसकी चीखे सिसकारियों मई बदलती गयी ..और उसकी आंखे माधोसी मई बंद होती गयी और वो चुदाई के सुख मई निचे से अपनी गांड उछाल कर साथ देने लगी और राज के लुंड से पानी छूटने से पहले मेघा की छूट ने तीन बार पानी choda….lund छूट से बहार निकलने पूवोककक की आवाज. हुवी और मेघा की छूट से वीर्य की नदी बाह nikli…..bahar….

मेघा---- आह्हः तुम ने मेरी फूल सी छूट को बेदर्दी से फाड़ दिया ह …..

राज — आपको पसंद नहीं आया …

मेघा---- बहुत पसंद aya……na….dard हुवा पर मैं चाहती हु तुम रोज ऐसा हे दर्द दो ….

5 मिनट बाद

राज---- उसकी बूब्स को अपने दांतो से धीरे धीरे बाईट करने लगा जिसे मेघा कसम उठी और राज का अपने एक हाथ से उसकी छूट के सवेदनशील हिसाई को मसलने लगा जिसे एक बार फिर सरब के नशे मई मेघा तिलमिला उठी….

मेघा---- तंग मत करो ….raj…..fuck में प्लीज आह्हः….. isssshhhhhh….aise मत करो न प्लीज फ़क में….

राज ने उसे उल्टा लिटा दिया और उसकी पीठ को चूमने लगा राज का लुंड मधु की गांड पर रगड़ खाने लगा और मेघा की टंगे खुद बा खुद हे खुल गयी जिसे राज के चेहरे पे मुस्कान आगयी और राज ने मेघा की छूट को मसलते हुवे ऊँगली अंदर दाल दी और फिर बहार निकल उसकी गांडके छेद को सहलाने लगा और फिर अंदर ऊगली घुसा दी….

मेघा---- आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह राज निकालो दर्द हो रहा ह ऐसा भी कोई करता ह प्लीज मेरी छूट मई डालो न….

राज ने ापलूणद पकड़ पीछे से धीरे धीरे गांड और छूट पर रगड़ने लगा जिसे मेघा बेंइतहा मचलने लगी और होने वाली चुदाई के अहसास से रोमांचित हो uthi…..raj ने अपने लुंड को छेद पर लगाया और एक झटके मई हे 3 इंच तक घुसा दिया कुछ पाल तोह शांति पर फिर गूऊऊऊऊह्ह्हह्ह गूऊऊऊह्ह्ह की आवाज गूंज गयी …..और मेघा को पता लगा की राज ने कान्हा घुसा दिया ह पर राज ने मेघा का मू बंद कर रखा था इसलिए चिक भी न पायी और राज ने भी बिना रुके फिर से झटका मारा जिसे मेघा बेइंतिहा हो रहे दर्द से तड़प uthi…….par दस मिनट बाद आअह्हह्ह्ह्ह राज कितना मज़ा ह मारा ऐसे हे मारो ये मेघा अब सिर्फ तुम्हारी ह मारो और जोर से मारो फाड़ दो प्लीज …छोड़ो और जोर से छोड़ो

हाफ ऑवर और अपनी गांड की ताबड़ तोड़ चुदाई के बाद मेघा राज के बिस्तर पूरी तरह बेसुध नंगी लेती हुवी thi…….uski गांड के अस्सपस्स खून और उसे निकलता वीर्य लगा हुवा था और यही हाल उसकी छूट का था वो बिनल हिके डुले उलटी हे लेती रही …..राज ने अपने कपडे पहने और साइड मई लगा हुवा अपना फ़ोन उठाया और रूफ की तरफ आगया और बैठकर बहार का व्यू देखने लगा और मोबाइल निकल कर रिकॉर्डिंग देखने लगा और उसके चेहरे पर मुस्कान agayiii…..wo करीब एक ऑवर हे बैठा होगा की उसे अँधेरे से 2 परछाईया बहार आती हुवी नज़र ayi..jisai देख कर राज के चारे पर सिकन के भाव आगये और वो आसपास धयान से देखने लगा 1,2,3,4,5,6,7 आदमी उसे दिखे…

राज —- तोह मेरा सक सही था बात प्रॉपर्टी तक हे सीमित नहीं h………..maza आएगा देखे जरा ये सब क्या लेने ए ह…….

वो रूफ से निचे आया तब उसे 3 मिनट बाद उसे खुसफुसाहट सुनाई दी जो एक आदमी और एक औरत की थी अँधेरे की वजह से उसे चेहरे नहीं दिखाई नहीं दिए फिर वो दोनों अलग अलग चले गए….

आज के लिए इतना हे जल्द मिलते ह…


मस्ती मई पढ़ने का ……लाइक्स और रेवोएस पेलने का …
 
अपडेट 129 टुमारो..

हिडन ट्रुथ -2
 
आगे और भी थ्रिल ह ...एक अनजान हमसफ़र bhai.......jismai suspence....sir खुजलाने वाला ह......
 
Back
Top