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अपडेट 132….
एंडिंग ऑफ़ फेज ओने एंड बेगिनिंग ऑफ़ फेज तवो
डेथ हेलो अरिसेस……
जब राज ने अंदर मधु को नयी दुल्हन की तरह सजी हुवी देखा तोह उसकी दिल की धड़कन बढ़ gayiiii…..uske दिल मई एक हे सवाल उठा क्या मधु ने उसे अपना पति मान लिया h……..wo यही सोचता हुवा मधु के पास चला गया और मधु ने भी नयी दुल्हन की तरह अपने पांव थोड़े से सिकोड़ लिए ….राज मधु के पास बीएड पर बैठ गया ……. और मधु को निहारने लगा पर घूँघट की वजह से उसे धुंधला सा दिखाई नहीं दिया….
खुद को यू निहारता देख मधु भी शर्मा गयी और शरमाते हुवे हे पूछा…
मधु---- आप ऐसे क्या देख रहे ह…
राज---- मैं बस आपको हे देख रहा हु …..आप इस दुल्हन के जोड़े मई बहुत सुन्दर लग रही हो..
Madhu----muskarakar पर मैं अब आपकी हो चुकी हु बिना सिन्दूर, बिना किसी फेरो के बिना किसी मंगल सूत्र के इस जनम मई जब तक जिऊंगी सिर्फ आपकी rahungi………meri मांग मई सिन्दूर आपके नाम का रहेगा….
राज ने धीरे से मधु का चेहरा ऊपर उठाया और घूँघट उठा दिया ……. मधु का चेहरा नयी दुल्हन की तरह चमक रहा tha……gulabi हॉट गलो पर छायी लाली मांग मई सुन्दर आँखों मई शर्म साफ़ साफ़ दिख रहा था की उसने राज को दिल से अपना मन ह
राज---- मधु के गाल पर हाथ रखकर आप बहुत सुन्दर हो और उसे सुन्दर आपका मन h….par क्या मैं इस हक़ के लायक हु …….
मधु,—- राज की आँखों मई देखकर आप यंहा से जल्द हे चले जाओगे पता नहीं फिर मिलेंगे या नहीं milenge….par जब तक हो बस मुझे प्यार दो …..बेइंतिहा प्यार दो ….मुझे आगे का कुछ नहीं चाहिए ह न जानना ह बस 2 मोनथस आप मुझे मत रोकियेगा मैं इन हर लम्हो को अपनी यादो की गहराई मई बसना चाहती हु…
राज ने मधु को अपने गले से लगा लिया …..दोनों एक दूसरे से लिपट गए रात की ठण्ड मई प्यार की खुमारी और 2 जवान जिस्मो का पास होना …..इस ठण्ड मई भी गर्मी का अहसास दिल रहा था और गुलाब के फूलो की खुस्भु कमरे को प्यार और माधोसी का अहसास से शराबोर कर रही thi..raj के होठ खुद बा खुद मधु के होतो की तरफ झुकते गए और मधु की आंखे बंद होती गयी मधु को प्यार की किश का ये पहला अनुभव होने वाला था दोनों को होठ एक दूसरे के होठो से मिल गए …दोनों को कोई जल्दी नहीं थी पूरी रात उनकी थी ….मधु ने राज को अपनी बांहो मई भर लिया दोनों हे प्यार से एक दूसरे के होतो को चुम रहे थे …राज मधु के होतो को चूमते हुवे हे बीएड पे लेके लेत gaya…kabhi वो ऊपर के होठ को चुस्त तोह कभी निचे वाले होतो को …जब किश टूटी तोह …मधु सीधी लेती हुवी थी उसकी आंखे बंद थी और सीने जोर जोर से ऊपर निचे हो रहा tha……raj ने हौले से माथे से घूंघट को पूरा हटा दिया …फिर मांग टीका को उतार दिया मधु ने अपनी आंखे तक नहीं खोली वो aj……..uska दिल प्यार और रोमांच से भरा हुवा था और फिर राज ने ….एयरिंग्स को भी प्यार से उतर दिया मधु की दिल की धड़कन और तेज़ होती जा रही थी इतना प्यार भरा अहसास कभी उसके पति के साथ नहीं हुवा था उसे अचे से याद था उसका पति सुहागरात को भी पीकर आया था …और बस वो सुहागरात थी बस नाम की जैसा उसने सुना था जैसे उसने सपने संजोये थे वैसा कुछ नहीं हुवा ह उसे उस रात कुछ फील नहीं हुवा पर आज उसे ये अहसास हो रहा था की इसी अहसास की तालाश थी और उसकी आँखों से आंसू निकल पड़े …..राज ने जब ये देखा तोह वो समाज गया दिल का दर्द ह उसने आंसुओ को पूछा और होतो को चूमते हुवे बोलै आज की रात सिर्फ प्यार की ह …मधु ने अपनी आँखों खोली और राज की आँखों मई देखने लगी राज ने धीरे से नाथ बी उतर दी दोनों एक दूसरे की बांहो मई समां गए …..2 जिस्म एक जान हो गए कपडे जिसम से दूर होते गए ….मधु ने राज के जिस्म को अपने ऊपर धक् liya…do जिस्म एक जान हो गए पूरी रात सिर्फ पायल और सिसकियों की आवाज गूंजती रही…… और दोनों हे एक दूसरे मई समाये हुवे हे सो गए ………
सुभे 7 बजे…
मधु की नींद खुली तोह ….उसकी आँखों मई शर्म और प्यार और चुदाई की खुमारी आँखों मई अभी भी देखि जा सकती thi…upar उसने जब राज को देखा तोह उसकी आँखों मई शर्म का भाव agaye…..kyoki राज का मू उसकी नागि छाती मई था वो बस उसे प्यार से देखने लगी और उसके सर को सहलाने लगी अचानक हे वो शरमाते हुवे मुस्कराने लगी ….उसे रात की बाते याद आगयी जब रात को बेइंतिहा दर्द सहने के बाद वो एक्ससिटेमेंट मई क्या क्या बोल रही थी और उसकी क्या हरकते की थी …. उसने अपना मू थक लिया जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी हो …….उसने धीरे से खुद के साइड मई सरकाया तोह उसे महसूस हुवा उसके एक बूब का निप्पल तोह राज के मू मई ह और इस अहसास ने उसे और पानी पानी कर दिया क्योकि रात को राज ने उसके बूब्स को बेदर्दी से मसला और चूसा था …वो फिर से मुस्कारते हुवे अपना निप्पल मू से निकलते हुवे बोली बदमास कंही का पूरी रात दूध निकलने के चाकर मई क्या हाल कर दिया इनका और अभी भी चूस रहा ह ….वो धीरे से बाथ रूम जाने के लिए कड़ी हुवी तोह …..आयआयएईईईईईई maaa……ki चीक निकल गयी और वापस धड़ाम से बीएड पर गिर gayi….aur आँखों मई आंसू agaye…raj की भी नींद खुल गयी ..उसने देखा की मधु दर्द से तड़प रही ह तोह वो फटा फैट खड़ा होकर पास आगया और बोलो क्या हुवा….
मधु---- दर्द मई भी मुस्कराकर राज के लुंड की तरफ इशारा कर बोली सब तोह पता h..apko की क्या हुवा
राज---- साद सा फेस बनाकर ओह सॉरी….. दर्द जायदा हो रहा ह
Madhu,—halka सा मुस्कराकर आप भी न ये तोह हर लड़की को सहना होता ह… ये हमारी खुसी ह ….ये दर्द ये प्यार हे तोह हमरे रिश्ते को गहराई से जोड़ता ह ….ये एक वाइफ का समर्पण होता ह अपने पति के लिए….
राज---- आप मुझे काम बता देती आप कड़ी क्यों हुवी.
मधु,— वो muje…..wo मुझे….
राज---- अपने दिमाग पे मरते हुवे …बाथरूम जाना ह मैं ले चलता हु……
मधु को नंगी हे गोद मई उठाकर बाथरूम मई लगाया और तब मई गरम पानी चालू कर दिया ……मधु बेचारी शर्म से चूर थी क्योकि राज भी नंगा हे था और वो भी नंगी मधु ने राज को बहार भेजा और टॉयलेट करने बैठी तोह तेज़ प्रेशर के कारन उसे बहुत जलन हुवी ….वो दर्द से फिर से बिलबिला uthi…raj तुरंत अंदर आगया जिसे मधु बेहद शर्मा गयी राज ने मधु को गॉड मई उठा लिया और तब मई लेता दिया गरम पानी से मधु के बेहद सुकून मिला ….राज ने मधु की योनि को साफ़ किया ..मधु राज को ऐसा करता देख शरमाते हुवे बोली …बहुत खुसनसीब होगी जो तुम्हारी ज़िंदगी की हमसफ़र banegi…raj ने अचे से मधु को नहलाकर बिस्तर पर लेता diya….aur क्रीम योनि पर लगा दी …पर इस पुरे वक़्त मधु शर्म के मरे अपने मू को थक कर रखे रही राज मधु की इस हरकत पर मुस्कराता रहा…..
ओने मंथ लेटर…….
मनीषा---- ने रिंकी को छेड़ने के लिए kaha….waise रिंकी एक बात कहु जबसे राज मम के साथ ट्रिप से आया ह दोनों जायदा फ्रैंक नहीं हो गए ह…. मतलब मधु मम राज को खाना परोसती ह डेली हे नाईट का खाना बनती ह ी मैं जैसे पत्नी अपने पति का ख्याल राखतीह बिलकुल वैसा करती ह तुजे क्या लगता h……..phir उसने रिंकी को देखा ..
जंहा रिंकी का पूरा सरीर गुसाई और जलन से काँप रहा था और हाथ मई पकडे हुवे कागज के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे…..
Manisha----dheere से ये कह कर खिसक ली मुझे प्यास लगी मैं पानी पीकर आती हु…
पीछे रिंकी कसमसाती रह गयी ..और बड़बड़ाते रही …बहार आकर मनीषा खिलखिलकर हसने lagiii…..bahar श्वेता ने उसे अकेले मुस्कराते देखा तोह पूछ बैठी..
श्वेता —- आपको क्या हुवा h…..jo पागलो की तरह हंस रही हो
मनीषा खिलखिलकर होने क्या ह राज के लिए कितनी हे पागल ह जो पास होती ह वो खुस और जो दूर से किसी दूसरी को राज के पास देखती ह वो दुखी और gusa……..yahi सब देख कर हंसी आरही ह अभी रिंकी मधु मम को पास देख जल रही ह तोह मैंने और छेद दिया ….
श्वेता--- है है है है है ha…..phir सीरियस होकर मनीषा आप राज का साथ मत छोड़ना बहुत ढक देखे ह मेरे भाई ने और वो आपको अपना सबसे ाचा दोस्त मंटा ह इसलिए कुछ भी हो चाहे कोई कितनी हे गलत बात क्यों न होना उसका साथ मत छोड़ना …..वो कभी कुछ बेवजह नहीं करेगा….. मुझे पता ह वो क्यों मुझे अपने पास नहीं रहने दे सकता ह….
मनीषा —- श्वेता को गले लगाकर राज का मैं हमेसा धयान रखूंगी…. वो मेरे लिए दोस्त से बढ़कर ह…
श्वेता-- मतलब आप भी… लाइन मई हो
मनीषा— नहीं नहीं…. हम दोस्त ह पगली …मतलब हमारा रिश्ता एक सब्द मई नहीं बयां कर सकते h…..muje बिना कहे हे वो क्या कहना चाहता ह समाज आजाता h…ek म्यूच्यूअल अंडरस्टैंडिंग ह हमरे बिच वो मुझे बहुत रेस्पेक्ट देता ह पहले ऐसा नहीं tha….par स्कूल के बहार फाइट फिर सिनेमा हॉल इसी बिच कब हम बहुत अचे दोस्त bangaye,ek दूसरे से जुड़ गए पता हे नहीं चला वो मुझे अपनी हर बात बताता ह जो अपनी बहनो को और दोस्त को नहीं बता पता ह ….वो कहता की हमरा रिश्ता दोस्त प्यार और कभी कभी तोह बहुत डीप बाते करता ह बूत ….बहुत रेस्पेक्ट करता ह….
श्वेता--- बाप रे बाप आप भी भाई की तरह बात करती हो इसीलिए आप दोनों की खूब पैट तो h….taiyari कीजिये एक मंथ बचा h…..pepar का ….
बहुत दूर …..
बेटी तुम सो जाओ जल्द हे तुम्हरे फाइनल पेपर देने ह …इनसबका धयान मैं रकने के लिए और भी ह न तुम्हे अचे नंबर लेन …अगर ऐसे हे करती रहोगी तोह बीमार हो जाओगी…. रेस्ट भी जरुरी ह न
Ladki….ap सो जाइये और मैं सो जाउंगी मैं पढ़ हे रही हु न चाहे रूम मई पढू या यंहा बात एक हे ह na….is बहाने इनका धयान भी रख लुंगी ….वैसे भी डॉक्टर मई बीएड ह न मैं वंहा सो जाउंगी
औरत---- बेटी तुम एक साल से मेडिकल और स्कूल की पढ़ायी कर रहीए हो मैं रोज तुम्हे देखती hu…aisa मैंने पहली बार देखा h…..ki कोई इतनी म्हणत कर सकता ह ये सब क्यों बेटी इतनी म्हणत क्यों …..तुम आराम से बाद मई भी ये कर सकती थी..
लड़की--- की आँखों मई एक दर्द की लहार उठी पर फ़ौरन हे उसने दबा ली और मुस्करा कर बोली आप आराम कीजिये मैं संभल लुंगी वैसे भी सुभे कैंप ह न आप रेस्ट कीजिये कल बहुत काम होंगे और औरत के जाने के बाद उसके सीने मई दबा हुवा दर्द आँखों से बहार आंसुओ मई बाह निकला पर उसने जल्दी से अपने आंसुओ को पूछ लिया और एक झूटी मुस्कान चेहरे पे ले आयी और फिर से अपनी पढ़ाई करने लगी …..….और पढ़ते पढ़ते हे वो बुक पर हे सर रख कर सो गयी ………..
देहरादून…
मधु राज से मिलने आरही थी और वो बहुत खुस थी क्योकि उसने प्रेगनेंसी टेस्ट किया था और रिजल्ट पॉजिटिव आया था उसने खुसी मई मई आज सबके लिए उसने स्पेशल बनाया था … और उसकी इसी खुसी का कारन सिर्फ राज को पता था और उसने भी फिश जो उसकी स्पेशलिटी थी वो बनायीं thi…..table पर बैठी रिंकी …हे सिर्फ जलन से जल रही थी बाकि सभी खुसी का कारन जानना चाहते थे….
रिंकी--- आज आयी हो तब से हे खुस हो आप क्या बात ह हमे भी बता दो ….हम भी थोड़ा खुस हो जायेंगे…
रिंकी की ये बात सुनके मनीषा और श्वेता भी मुस्कुरा उठी उन्हें पता था की रिंकी इतना क्यों रियेक्ट कर रही ह पर अभी असली झटका तोह बाकि था….
मधु---- वो वो…..
रिंकी--- इतना क्या शर्मा रही हो आप जैसे प्रग्नेंट हो गयी हो….
श्वेता--- रिंकी ….प्लीज ऐसी बाटे नहीं …
पर रिंकी का मू हे खुला रह गया जब. मधु ने शरमाते हुवे गर्दन है मई हिला दी…..
Rinky----kya
Shweta-kya
Manisha--what
रिंकी — हाउ ………ी मैं kab…kaise
मधु---- ओने मंथ एंड 4 डेज होगये और क्या मतलब कैसे ….
बस मधु की इस बात से तीनो हे राज को देखने लगी क्योकि उन्हें पता था मधु हस्बैंड तोह घर ए हे नहीं थे तोह kaise…par राज तोह आराम से खाना खाने मई व्यस्त tha……usne तीनो पे कोई धयान नहीं दिया फिर उसने गर्दन ऊपर करके कहा
राज---- कोंग्रटुलतिओन्स मम yani….apne सर के साथ गाँव मई अचे पल बिताये ……उन्हें भी मेरी तरफ से कोंग्रटुलतिओन्स kahna…unhone मेरा बहुत ख्याल रखा था..
मधु---- थैंक यू राज …..मैं उन्हें जरूर जरूर कह दूंगी….
राज की ये बात सून तीनो देविया एक दूसरे को देखकर गर्दन न मई हिलने लगी जैसे उनका सक दूर हो गया हो …और फिर मुस्करा मधु को गले लगा लिया ….. तीनो हे मधु से बात कर रही थी तब राज निचे गर्दन करके मंद मंद मुस्करा रहा tha……sabne शाम को दिएर रात तक सेलिब्रेट किया .. ……अगले काफी दिनों तक मधु और राज के बिच प्यार का हर पल रोमांस भरा रहा ……जो मधु के जीवन की मीठी याद बनता गया ….उसने हर बार किसी न किसी बहाने राज को अपने पास रात को बुला हे लिया ताकि वो जी भर प्यार कर सके पर पेपर के लिए अंत मई सैक्रिफिकेस भी किया ….और इसी बिच पेपर की एक रात राज के रूम मई..
रिंकी — बीएड से गुसाई मई उठकर व्हाई व्हाई व्हाई आखिर क्यों….
राज---- रिंकी को वापस प्यार से बीएड पे बैठते हुवे ी म सॉरी रिंकी हम बहुत अचे दोस्त ी क्नोव पहले हुवा वो गलत था पर सेक्स कर मैं राजीव अंकल का विस्वास नहीं तोड़ सकता हु ….तुम्हारी माँ मुझे बहुत मानती ह अगर तुम चाहती हो की मैं उनकी नज़रो मई गिर जाऊ तोह बेशक मैं वो सब करने को तैयार हु जो तुम छाती हो मुझे पहले जो हुवा उसका अब तक पछतावा ह…..
रिंकी राज की बाते सुनकर रोने लगी ….और बोली ये गलत ह राज …मेरी खाविश का क्या …meri..chahat का क्या….
राज---- रिंकी को गले लगाकर ….कभी कभी हमे अपने चाहने वालो के विश्वास उनके प्यार के लिए अपनी ख़वीशो और चाहते का सैक्रिफाइस करना पड़ता ह ….बूत है आज रात मैं तुम्हे अपनी बांहो मई सुलाऊँगा…..
रिंकी--- ी हेट ु राज ी हेट ु सो much…..aur ये कहते हुवे वो गले लगी गयी ….वो जो चाहती थी वो नहीं मिला ….पर फिर भी वो खुश थी …की उसे एक सच्चा दोस्त मिला जो हमेसा उसका दोस्त रहेगा…….
तोह वंही कंही और एक थी जो दूर होकर भी अपने प्यार को पाने की चाहत और पिता के सपने के लिए हर मुमकिन कोसिस कर रही थी ……….
Admi---Poonam सजा बेटी तुम इतनी लापरवा क्यों हो गयी हो…..
पूनम-- बाबा आप सो जाइये मैं सो जाउंगी….
बाबा-- बेटी तू जल्द हे हमसे दूर हो जाएगी …मुझे नहीं पता तेरे दिलमे क्या ह ..या क्या चल रहा ह ….क्यों मुझे नहीं बताना नहीं चाहती ह ….पर एक बाद हमेसा याद रखना दुनिया इधर से उधर हो जाये पर तेरे पीछे ये तेरा बाबा हमेसा खड़ा मिलेगा तू बेजिझक कर बस जो तेरा दिल करे…..
पूनम-- बाबा मैं मेरे माँ बाबा आप हे मैं आपसे दूर जा सकती हु क्या मैं आपको और चची को अपने साथ हे रखूंगी आप हे तोह सब कुछ हो मेरे …..
पर चाचा के जाने के बाद उसके दिल मई दर्द की लहार उठ गयी
पूनम--- मैं नहीं जानती तुम कौन हो कान्हा रहते हो पर मैंने तुम्हे दिल से चाहा ह अपनी दुवाओ की गहराई से तुम्हे रोज भगवन से माँगा h…agar मेरा प्यार सच्चा ह मेरी भक्ति सच्ची ह तोह हम फिर मिलेंगे और तब मई तुम्हे नहीं जाने dungi……hum फिर मिलेंगे
लास्ट डे ……इन देहरादून
आज सुभे से हे राज सबको अलविदा कह रहा था वो अपने स्कूल गया उसे देखा तोह एक आठ सी निकल gayi..uske मू से ….
राज---- जिंदगी कितनी जल्दी निकल जाती ह ….स्कूल के ये पल कभी दुबारा नहीं एते ह मैंने तोह कभी जिए हे नहीं…..
मनीषा---- ने राज के कंधे पे हाथ रखा और बोली तुम सबकुछ अपनी ीचा से नहीं कर सकते हो राज …बस जो पल मिलते ह उन्हें जी भर जिओ और इसे पहले दीपिका कृति अंजना सोनाली मम सुनील और श्वेता जैसी नटखट बहन नहीं मिली
राज---- ने मुड़कर मुस्कराकर कहा मैं आपको बहुत मिस करूँगा …..
मनीषा---- दुखी मन से मुस्कराकर ी मिस ु तू सूऊओ मच….. राज इतना कहकर गले लग गयी उसकी आँखों मई भी आंसू थे जिन्हे उसने भरपूर छुपाने की कोसिस की पर रोक न पायी …..और बोली तुम मुझसे मिलने आओगे बस समजे तुम होगी तुम निर्वाण …पर मुझसे मिलने नहीं ए तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा फिर दुनिया देखेगी की निर्वाण की दुलहई कैसी होती ह.
राज---- मनीषा के आंसू पोछकर मैं प्रॉमिस करता हु जब तक जिन्दा हु आपको कभी दूर जाने नहीं दूंगा हमेसा आपसे मिलता रहूँगा और आपको पता ह मैं अपना प्रॉमिस नहीं तोड़ता हु अब तोह हंस दीजिये……
मनीषा के चेहरे पे बड़ी सी मुस्कान आगयी
चलिए आपकी फ्लाइट का टाइम हो gaya……phir हाथ पकड़कर आप रोटी बिलकुल अछि नहीं लगती हो ….
राज के ये 2 महीने बहुत शांति से गुजर gaye…family के साथ बाते पढ़ाई प्यार दोस्ती ये पल जिए उसने……
पर दिल्ली मई …….कोई हर पल
सुनील ,shruti,Ajju,aur अभय ,शिवानी और सोनाली पर नज़र रखे हुवे the………wo कितने चालक थे इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता था की अभी भी उन 6 को अहसास तक नहीं हुवा था की कोई उन पर लम्बे समय से नज़र रखे हुवे ….पर अभी तक उनपर कोई अटैक नहीं हुवा था सिर्फ एक शांति थी जो मौत की आभा बिखेर रही थी और ये 6 इस बात से बेखबर की मौत का तूफ़ान इनकी जिंदगियों मई जड़ आने वाला ह ये सब सोनाली के पिता के कातिलों को ढूंढने मई जी जान से जुटे थे….
माफ़ कर दीजिये ……सर ……मेरी गलती नहीं थी……
आदमी अपनी गर्दन को कई बार झटका देता ह और अपने हाथ को मू पर लगे खून को पॉंच कर एक ऊँगली से अपनी जीब पर लगता h…..tumhari गलती ये ह की तुम जिन्दा क्यों हो तुम्हारी गलती ये ह की तुम्हारे खून मई गाडरी का स्वाद ह ..……..और उस आदमी को सर से पकड़कर अपने सामने की टेबल पर लेता देता ह और अपने हाथ मई मांस काटने वाले चूरे से उसकी गर्दन पे वॉर करता ह जिसे गर्दन आधी काट जाती ह पर वो दुबारा वार करता ह फिर तीसरी बार वार करता ह और गर्दन अलग कर देता निचे पड़ा आदमी पहले से हे तड़फड़ा रहा होता ह और वो आदमी उसे तड़फड़ाता देख मुस्कराता ह फिर छुरी को हाथ मई पकड़ कर इसकी धार काम हो गयी ….फिर एक एक करके उसके छोटे छोटे टुकड़े करके …..एक टोकरी मई दाल पीछे पिंजरे मई बंधे हुवे अपने जंगली कुत्तो को खिला देता ह ….ये सारा सन सामने खड़े 50 आदमी देख रहे होते ह जिनकी रूह अंदर से काँप रही होती ह वो बखूभी जानते थे की सामने खड़ा शख्स आया हे सिर्फ उनके लीडर को सजा देना था पर उन्हें ये भी पता था की सामने खड़ा सख्स चारे से सुन्दर दीखता ह पर ह वो बेहद क्रूर निर्दयी ह जिसके लिए आदमी एक मांस का टुकड़ा भर h.…….Tabhi उसका फ़ोन विबरते करने लगता h……..aur उसे सामने से एक मिनट तक कहा जाता ह और कॉल कट होने के बाद वो निकल जाता ह और उसके साथ निकल जाते ह उसके खास admi……..aur उसके साथ हे चली जाती ह डेथ halo…nikal जाती ह मौत की आभा जो उसके साथ उसके साये की तरह रहती h………aj के लिए इतना हे ….मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स और रेवोएस ठोकने का एड्स से बचने के लिए पेज रिफ्रेश करते रहने का………….
एंडिंग ऑफ़ फेज ओने एंड बेगिनिंग ऑफ़ फेज तवो
डेथ हेलो अरिसेस……
जब राज ने अंदर मधु को नयी दुल्हन की तरह सजी हुवी देखा तोह उसकी दिल की धड़कन बढ़ gayiiii…..uske दिल मई एक हे सवाल उठा क्या मधु ने उसे अपना पति मान लिया h……..wo यही सोचता हुवा मधु के पास चला गया और मधु ने भी नयी दुल्हन की तरह अपने पांव थोड़े से सिकोड़ लिए ….राज मधु के पास बीएड पर बैठ गया ……. और मधु को निहारने लगा पर घूँघट की वजह से उसे धुंधला सा दिखाई नहीं दिया….
खुद को यू निहारता देख मधु भी शर्मा गयी और शरमाते हुवे हे पूछा…
मधु---- आप ऐसे क्या देख रहे ह…
राज---- मैं बस आपको हे देख रहा हु …..आप इस दुल्हन के जोड़े मई बहुत सुन्दर लग रही हो..
Madhu----muskarakar पर मैं अब आपकी हो चुकी हु बिना सिन्दूर, बिना किसी फेरो के बिना किसी मंगल सूत्र के इस जनम मई जब तक जिऊंगी सिर्फ आपकी rahungi………meri मांग मई सिन्दूर आपके नाम का रहेगा….
राज ने धीरे से मधु का चेहरा ऊपर उठाया और घूँघट उठा दिया ……. मधु का चेहरा नयी दुल्हन की तरह चमक रहा tha……gulabi हॉट गलो पर छायी लाली मांग मई सुन्दर आँखों मई शर्म साफ़ साफ़ दिख रहा था की उसने राज को दिल से अपना मन ह
राज---- मधु के गाल पर हाथ रखकर आप बहुत सुन्दर हो और उसे सुन्दर आपका मन h….par क्या मैं इस हक़ के लायक हु …….
मधु,—- राज की आँखों मई देखकर आप यंहा से जल्द हे चले जाओगे पता नहीं फिर मिलेंगे या नहीं milenge….par जब तक हो बस मुझे प्यार दो …..बेइंतिहा प्यार दो ….मुझे आगे का कुछ नहीं चाहिए ह न जानना ह बस 2 मोनथस आप मुझे मत रोकियेगा मैं इन हर लम्हो को अपनी यादो की गहराई मई बसना चाहती हु…
राज ने मधु को अपने गले से लगा लिया …..दोनों एक दूसरे से लिपट गए रात की ठण्ड मई प्यार की खुमारी और 2 जवान जिस्मो का पास होना …..इस ठण्ड मई भी गर्मी का अहसास दिल रहा था और गुलाब के फूलो की खुस्भु कमरे को प्यार और माधोसी का अहसास से शराबोर कर रही thi..raj के होठ खुद बा खुद मधु के होतो की तरफ झुकते गए और मधु की आंखे बंद होती गयी मधु को प्यार की किश का ये पहला अनुभव होने वाला था दोनों को होठ एक दूसरे के होठो से मिल गए …दोनों को कोई जल्दी नहीं थी पूरी रात उनकी थी ….मधु ने राज को अपनी बांहो मई भर लिया दोनों हे प्यार से एक दूसरे के होतो को चुम रहे थे …राज मधु के होतो को चूमते हुवे हे बीएड पे लेके लेत gaya…kabhi वो ऊपर के होठ को चुस्त तोह कभी निचे वाले होतो को …जब किश टूटी तोह …मधु सीधी लेती हुवी थी उसकी आंखे बंद थी और सीने जोर जोर से ऊपर निचे हो रहा tha……raj ने हौले से माथे से घूंघट को पूरा हटा दिया …फिर मांग टीका को उतार दिया मधु ने अपनी आंखे तक नहीं खोली वो aj……..uska दिल प्यार और रोमांच से भरा हुवा था और फिर राज ने ….एयरिंग्स को भी प्यार से उतर दिया मधु की दिल की धड़कन और तेज़ होती जा रही थी इतना प्यार भरा अहसास कभी उसके पति के साथ नहीं हुवा था उसे अचे से याद था उसका पति सुहागरात को भी पीकर आया था …और बस वो सुहागरात थी बस नाम की जैसा उसने सुना था जैसे उसने सपने संजोये थे वैसा कुछ नहीं हुवा ह उसे उस रात कुछ फील नहीं हुवा पर आज उसे ये अहसास हो रहा था की इसी अहसास की तालाश थी और उसकी आँखों से आंसू निकल पड़े …..राज ने जब ये देखा तोह वो समाज गया दिल का दर्द ह उसने आंसुओ को पूछा और होतो को चूमते हुवे बोलै आज की रात सिर्फ प्यार की ह …मधु ने अपनी आँखों खोली और राज की आँखों मई देखने लगी राज ने धीरे से नाथ बी उतर दी दोनों एक दूसरे की बांहो मई समां गए …..2 जिस्म एक जान हो गए कपडे जिसम से दूर होते गए ….मधु ने राज के जिस्म को अपने ऊपर धक् liya…do जिस्म एक जान हो गए पूरी रात सिर्फ पायल और सिसकियों की आवाज गूंजती रही…… और दोनों हे एक दूसरे मई समाये हुवे हे सो गए ………
सुभे 7 बजे…
मधु की नींद खुली तोह ….उसकी आँखों मई शर्म और प्यार और चुदाई की खुमारी आँखों मई अभी भी देखि जा सकती thi…upar उसने जब राज को देखा तोह उसकी आँखों मई शर्म का भाव agaye…..kyoki राज का मू उसकी नागि छाती मई था वो बस उसे प्यार से देखने लगी और उसके सर को सहलाने लगी अचानक हे वो शरमाते हुवे मुस्कराने लगी ….उसे रात की बाते याद आगयी जब रात को बेइंतिहा दर्द सहने के बाद वो एक्ससिटेमेंट मई क्या क्या बोल रही थी और उसकी क्या हरकते की थी …. उसने अपना मू थक लिया जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी हो …….उसने धीरे से खुद के साइड मई सरकाया तोह उसे महसूस हुवा उसके एक बूब का निप्पल तोह राज के मू मई ह और इस अहसास ने उसे और पानी पानी कर दिया क्योकि रात को राज ने उसके बूब्स को बेदर्दी से मसला और चूसा था …वो फिर से मुस्कारते हुवे अपना निप्पल मू से निकलते हुवे बोली बदमास कंही का पूरी रात दूध निकलने के चाकर मई क्या हाल कर दिया इनका और अभी भी चूस रहा ह ….वो धीरे से बाथ रूम जाने के लिए कड़ी हुवी तोह …..आयआयएईईईईईई maaa……ki चीक निकल गयी और वापस धड़ाम से बीएड पर गिर gayi….aur आँखों मई आंसू agaye…raj की भी नींद खुल गयी ..उसने देखा की मधु दर्द से तड़प रही ह तोह वो फटा फैट खड़ा होकर पास आगया और बोलो क्या हुवा….
मधु---- दर्द मई भी मुस्कराकर राज के लुंड की तरफ इशारा कर बोली सब तोह पता h..apko की क्या हुवा
राज---- साद सा फेस बनाकर ओह सॉरी….. दर्द जायदा हो रहा ह
Madhu,—halka सा मुस्कराकर आप भी न ये तोह हर लड़की को सहना होता ह… ये हमारी खुसी ह ….ये दर्द ये प्यार हे तोह हमरे रिश्ते को गहराई से जोड़ता ह ….ये एक वाइफ का समर्पण होता ह अपने पति के लिए….
राज---- आप मुझे काम बता देती आप कड़ी क्यों हुवी.
मधु,— वो muje…..wo मुझे….
राज---- अपने दिमाग पे मरते हुवे …बाथरूम जाना ह मैं ले चलता हु……
मधु को नंगी हे गोद मई उठाकर बाथरूम मई लगाया और तब मई गरम पानी चालू कर दिया ……मधु बेचारी शर्म से चूर थी क्योकि राज भी नंगा हे था और वो भी नंगी मधु ने राज को बहार भेजा और टॉयलेट करने बैठी तोह तेज़ प्रेशर के कारन उसे बहुत जलन हुवी ….वो दर्द से फिर से बिलबिला uthi…raj तुरंत अंदर आगया जिसे मधु बेहद शर्मा गयी राज ने मधु को गॉड मई उठा लिया और तब मई लेता दिया गरम पानी से मधु के बेहद सुकून मिला ….राज ने मधु की योनि को साफ़ किया ..मधु राज को ऐसा करता देख शरमाते हुवे बोली …बहुत खुसनसीब होगी जो तुम्हारी ज़िंदगी की हमसफ़र banegi…raj ने अचे से मधु को नहलाकर बिस्तर पर लेता diya….aur क्रीम योनि पर लगा दी …पर इस पुरे वक़्त मधु शर्म के मरे अपने मू को थक कर रखे रही राज मधु की इस हरकत पर मुस्कराता रहा…..
ओने मंथ लेटर…….
मनीषा---- ने रिंकी को छेड़ने के लिए kaha….waise रिंकी एक बात कहु जबसे राज मम के साथ ट्रिप से आया ह दोनों जायदा फ्रैंक नहीं हो गए ह…. मतलब मधु मम राज को खाना परोसती ह डेली हे नाईट का खाना बनती ह ी मैं जैसे पत्नी अपने पति का ख्याल राखतीह बिलकुल वैसा करती ह तुजे क्या लगता h……..phir उसने रिंकी को देखा ..
जंहा रिंकी का पूरा सरीर गुसाई और जलन से काँप रहा था और हाथ मई पकडे हुवे कागज के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे…..
Manisha----dheere से ये कह कर खिसक ली मुझे प्यास लगी मैं पानी पीकर आती हु…
पीछे रिंकी कसमसाती रह गयी ..और बड़बड़ाते रही …बहार आकर मनीषा खिलखिलकर हसने lagiii…..bahar श्वेता ने उसे अकेले मुस्कराते देखा तोह पूछ बैठी..
श्वेता —- आपको क्या हुवा h…..jo पागलो की तरह हंस रही हो
मनीषा खिलखिलकर होने क्या ह राज के लिए कितनी हे पागल ह जो पास होती ह वो खुस और जो दूर से किसी दूसरी को राज के पास देखती ह वो दुखी और gusa……..yahi सब देख कर हंसी आरही ह अभी रिंकी मधु मम को पास देख जल रही ह तोह मैंने और छेद दिया ….
श्वेता--- है है है है है ha…..phir सीरियस होकर मनीषा आप राज का साथ मत छोड़ना बहुत ढक देखे ह मेरे भाई ने और वो आपको अपना सबसे ाचा दोस्त मंटा ह इसलिए कुछ भी हो चाहे कोई कितनी हे गलत बात क्यों न होना उसका साथ मत छोड़ना …..वो कभी कुछ बेवजह नहीं करेगा….. मुझे पता ह वो क्यों मुझे अपने पास नहीं रहने दे सकता ह….
मनीषा —- श्वेता को गले लगाकर राज का मैं हमेसा धयान रखूंगी…. वो मेरे लिए दोस्त से बढ़कर ह…
श्वेता-- मतलब आप भी… लाइन मई हो
मनीषा— नहीं नहीं…. हम दोस्त ह पगली …मतलब हमारा रिश्ता एक सब्द मई नहीं बयां कर सकते h…..muje बिना कहे हे वो क्या कहना चाहता ह समाज आजाता h…ek म्यूच्यूअल अंडरस्टैंडिंग ह हमरे बिच वो मुझे बहुत रेस्पेक्ट देता ह पहले ऐसा नहीं tha….par स्कूल के बहार फाइट फिर सिनेमा हॉल इसी बिच कब हम बहुत अचे दोस्त bangaye,ek दूसरे से जुड़ गए पता हे नहीं चला वो मुझे अपनी हर बात बताता ह जो अपनी बहनो को और दोस्त को नहीं बता पता ह ….वो कहता की हमरा रिश्ता दोस्त प्यार और कभी कभी तोह बहुत डीप बाते करता ह बूत ….बहुत रेस्पेक्ट करता ह….
श्वेता--- बाप रे बाप आप भी भाई की तरह बात करती हो इसीलिए आप दोनों की खूब पैट तो h….taiyari कीजिये एक मंथ बचा h…..pepar का ….
बहुत दूर …..
बेटी तुम सो जाओ जल्द हे तुम्हरे फाइनल पेपर देने ह …इनसबका धयान मैं रकने के लिए और भी ह न तुम्हे अचे नंबर लेन …अगर ऐसे हे करती रहोगी तोह बीमार हो जाओगी…. रेस्ट भी जरुरी ह न
Ladki….ap सो जाइये और मैं सो जाउंगी मैं पढ़ हे रही हु न चाहे रूम मई पढू या यंहा बात एक हे ह na….is बहाने इनका धयान भी रख लुंगी ….वैसे भी डॉक्टर मई बीएड ह न मैं वंहा सो जाउंगी
औरत---- बेटी तुम एक साल से मेडिकल और स्कूल की पढ़ायी कर रहीए हो मैं रोज तुम्हे देखती hu…aisa मैंने पहली बार देखा h…..ki कोई इतनी म्हणत कर सकता ह ये सब क्यों बेटी इतनी म्हणत क्यों …..तुम आराम से बाद मई भी ये कर सकती थी..
लड़की--- की आँखों मई एक दर्द की लहार उठी पर फ़ौरन हे उसने दबा ली और मुस्करा कर बोली आप आराम कीजिये मैं संभल लुंगी वैसे भी सुभे कैंप ह न आप रेस्ट कीजिये कल बहुत काम होंगे और औरत के जाने के बाद उसके सीने मई दबा हुवा दर्द आँखों से बहार आंसुओ मई बाह निकला पर उसने जल्दी से अपने आंसुओ को पूछ लिया और एक झूटी मुस्कान चेहरे पे ले आयी और फिर से अपनी पढ़ाई करने लगी …..….और पढ़ते पढ़ते हे वो बुक पर हे सर रख कर सो गयी ………..
देहरादून…
मधु राज से मिलने आरही थी और वो बहुत खुस थी क्योकि उसने प्रेगनेंसी टेस्ट किया था और रिजल्ट पॉजिटिव आया था उसने खुसी मई मई आज सबके लिए उसने स्पेशल बनाया था … और उसकी इसी खुसी का कारन सिर्फ राज को पता था और उसने भी फिश जो उसकी स्पेशलिटी थी वो बनायीं thi…..table पर बैठी रिंकी …हे सिर्फ जलन से जल रही थी बाकि सभी खुसी का कारन जानना चाहते थे….
रिंकी--- आज आयी हो तब से हे खुस हो आप क्या बात ह हमे भी बता दो ….हम भी थोड़ा खुस हो जायेंगे…
रिंकी की ये बात सुनके मनीषा और श्वेता भी मुस्कुरा उठी उन्हें पता था की रिंकी इतना क्यों रियेक्ट कर रही ह पर अभी असली झटका तोह बाकि था….
मधु---- वो वो…..
रिंकी--- इतना क्या शर्मा रही हो आप जैसे प्रग्नेंट हो गयी हो….
श्वेता--- रिंकी ….प्लीज ऐसी बाटे नहीं …
पर रिंकी का मू हे खुला रह गया जब. मधु ने शरमाते हुवे गर्दन है मई हिला दी…..
Rinky----kya
Shweta-kya
Manisha--what
रिंकी — हाउ ………ी मैं kab…kaise
मधु---- ओने मंथ एंड 4 डेज होगये और क्या मतलब कैसे ….
बस मधु की इस बात से तीनो हे राज को देखने लगी क्योकि उन्हें पता था मधु हस्बैंड तोह घर ए हे नहीं थे तोह kaise…par राज तोह आराम से खाना खाने मई व्यस्त tha……usne तीनो पे कोई धयान नहीं दिया फिर उसने गर्दन ऊपर करके कहा
राज---- कोंग्रटुलतिओन्स मम yani….apne सर के साथ गाँव मई अचे पल बिताये ……उन्हें भी मेरी तरफ से कोंग्रटुलतिओन्स kahna…unhone मेरा बहुत ख्याल रखा था..
मधु---- थैंक यू राज …..मैं उन्हें जरूर जरूर कह दूंगी….
राज की ये बात सून तीनो देविया एक दूसरे को देखकर गर्दन न मई हिलने लगी जैसे उनका सक दूर हो गया हो …और फिर मुस्करा मधु को गले लगा लिया ….. तीनो हे मधु से बात कर रही थी तब राज निचे गर्दन करके मंद मंद मुस्करा रहा tha……sabne शाम को दिएर रात तक सेलिब्रेट किया .. ……अगले काफी दिनों तक मधु और राज के बिच प्यार का हर पल रोमांस भरा रहा ……जो मधु के जीवन की मीठी याद बनता गया ….उसने हर बार किसी न किसी बहाने राज को अपने पास रात को बुला हे लिया ताकि वो जी भर प्यार कर सके पर पेपर के लिए अंत मई सैक्रिफिकेस भी किया ….और इसी बिच पेपर की एक रात राज के रूम मई..
रिंकी — बीएड से गुसाई मई उठकर व्हाई व्हाई व्हाई आखिर क्यों….
राज---- रिंकी को वापस प्यार से बीएड पे बैठते हुवे ी म सॉरी रिंकी हम बहुत अचे दोस्त ी क्नोव पहले हुवा वो गलत था पर सेक्स कर मैं राजीव अंकल का विस्वास नहीं तोड़ सकता हु ….तुम्हारी माँ मुझे बहुत मानती ह अगर तुम चाहती हो की मैं उनकी नज़रो मई गिर जाऊ तोह बेशक मैं वो सब करने को तैयार हु जो तुम छाती हो मुझे पहले जो हुवा उसका अब तक पछतावा ह…..
रिंकी राज की बाते सुनकर रोने लगी ….और बोली ये गलत ह राज …मेरी खाविश का क्या …meri..chahat का क्या….
राज---- रिंकी को गले लगाकर ….कभी कभी हमे अपने चाहने वालो के विश्वास उनके प्यार के लिए अपनी ख़वीशो और चाहते का सैक्रिफाइस करना पड़ता ह ….बूत है आज रात मैं तुम्हे अपनी बांहो मई सुलाऊँगा…..
रिंकी--- ी हेट ु राज ी हेट ु सो much…..aur ये कहते हुवे वो गले लगी गयी ….वो जो चाहती थी वो नहीं मिला ….पर फिर भी वो खुश थी …की उसे एक सच्चा दोस्त मिला जो हमेसा उसका दोस्त रहेगा…….
तोह वंही कंही और एक थी जो दूर होकर भी अपने प्यार को पाने की चाहत और पिता के सपने के लिए हर मुमकिन कोसिस कर रही थी ……….
Admi---Poonam सजा बेटी तुम इतनी लापरवा क्यों हो गयी हो…..
पूनम-- बाबा आप सो जाइये मैं सो जाउंगी….
बाबा-- बेटी तू जल्द हे हमसे दूर हो जाएगी …मुझे नहीं पता तेरे दिलमे क्या ह ..या क्या चल रहा ह ….क्यों मुझे नहीं बताना नहीं चाहती ह ….पर एक बाद हमेसा याद रखना दुनिया इधर से उधर हो जाये पर तेरे पीछे ये तेरा बाबा हमेसा खड़ा मिलेगा तू बेजिझक कर बस जो तेरा दिल करे…..
पूनम-- बाबा मैं मेरे माँ बाबा आप हे मैं आपसे दूर जा सकती हु क्या मैं आपको और चची को अपने साथ हे रखूंगी आप हे तोह सब कुछ हो मेरे …..
पर चाचा के जाने के बाद उसके दिल मई दर्द की लहार उठ गयी
पूनम--- मैं नहीं जानती तुम कौन हो कान्हा रहते हो पर मैंने तुम्हे दिल से चाहा ह अपनी दुवाओ की गहराई से तुम्हे रोज भगवन से माँगा h…agar मेरा प्यार सच्चा ह मेरी भक्ति सच्ची ह तोह हम फिर मिलेंगे और तब मई तुम्हे नहीं जाने dungi……hum फिर मिलेंगे
लास्ट डे ……इन देहरादून
आज सुभे से हे राज सबको अलविदा कह रहा था वो अपने स्कूल गया उसे देखा तोह एक आठ सी निकल gayi..uske मू से ….
राज---- जिंदगी कितनी जल्दी निकल जाती ह ….स्कूल के ये पल कभी दुबारा नहीं एते ह मैंने तोह कभी जिए हे नहीं…..
मनीषा---- ने राज के कंधे पे हाथ रखा और बोली तुम सबकुछ अपनी ीचा से नहीं कर सकते हो राज …बस जो पल मिलते ह उन्हें जी भर जिओ और इसे पहले दीपिका कृति अंजना सोनाली मम सुनील और श्वेता जैसी नटखट बहन नहीं मिली
राज---- ने मुड़कर मुस्कराकर कहा मैं आपको बहुत मिस करूँगा …..
मनीषा---- दुखी मन से मुस्कराकर ी मिस ु तू सूऊओ मच….. राज इतना कहकर गले लग गयी उसकी आँखों मई भी आंसू थे जिन्हे उसने भरपूर छुपाने की कोसिस की पर रोक न पायी …..और बोली तुम मुझसे मिलने आओगे बस समजे तुम होगी तुम निर्वाण …पर मुझसे मिलने नहीं ए तोह मुझसे बुरा कोई नहीं होगा फिर दुनिया देखेगी की निर्वाण की दुलहई कैसी होती ह.
राज---- मनीषा के आंसू पोछकर मैं प्रॉमिस करता हु जब तक जिन्दा हु आपको कभी दूर जाने नहीं दूंगा हमेसा आपसे मिलता रहूँगा और आपको पता ह मैं अपना प्रॉमिस नहीं तोड़ता हु अब तोह हंस दीजिये……
मनीषा के चेहरे पे बड़ी सी मुस्कान आगयी
चलिए आपकी फ्लाइट का टाइम हो gaya……phir हाथ पकड़कर आप रोटी बिलकुल अछि नहीं लगती हो ….
राज के ये 2 महीने बहुत शांति से गुजर gaye…family के साथ बाते पढ़ाई प्यार दोस्ती ये पल जिए उसने……
पर दिल्ली मई …….कोई हर पल
सुनील ,shruti,Ajju,aur अभय ,शिवानी और सोनाली पर नज़र रखे हुवे the………wo कितने चालक थे इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता था की अभी भी उन 6 को अहसास तक नहीं हुवा था की कोई उन पर लम्बे समय से नज़र रखे हुवे ….पर अभी तक उनपर कोई अटैक नहीं हुवा था सिर्फ एक शांति थी जो मौत की आभा बिखेर रही थी और ये 6 इस बात से बेखबर की मौत का तूफ़ान इनकी जिंदगियों मई जड़ आने वाला ह ये सब सोनाली के पिता के कातिलों को ढूंढने मई जी जान से जुटे थे….
माफ़ कर दीजिये ……सर ……मेरी गलती नहीं थी……
आदमी अपनी गर्दन को कई बार झटका देता ह और अपने हाथ को मू पर लगे खून को पॉंच कर एक ऊँगली से अपनी जीब पर लगता h…..tumhari गलती ये ह की तुम जिन्दा क्यों हो तुम्हारी गलती ये ह की तुम्हारे खून मई गाडरी का स्वाद ह ..……..और उस आदमी को सर से पकड़कर अपने सामने की टेबल पर लेता देता ह और अपने हाथ मई मांस काटने वाले चूरे से उसकी गर्दन पे वॉर करता ह जिसे गर्दन आधी काट जाती ह पर वो दुबारा वार करता ह फिर तीसरी बार वार करता ह और गर्दन अलग कर देता निचे पड़ा आदमी पहले से हे तड़फड़ा रहा होता ह और वो आदमी उसे तड़फड़ाता देख मुस्कराता ह फिर छुरी को हाथ मई पकड़ कर इसकी धार काम हो गयी ….फिर एक एक करके उसके छोटे छोटे टुकड़े करके …..एक टोकरी मई दाल पीछे पिंजरे मई बंधे हुवे अपने जंगली कुत्तो को खिला देता ह ….ये सारा सन सामने खड़े 50 आदमी देख रहे होते ह जिनकी रूह अंदर से काँप रही होती ह वो बखूभी जानते थे की सामने खड़ा शख्स आया हे सिर्फ उनके लीडर को सजा देना था पर उन्हें ये भी पता था की सामने खड़ा सख्स चारे से सुन्दर दीखता ह पर ह वो बेहद क्रूर निर्दयी ह जिसके लिए आदमी एक मांस का टुकड़ा भर h.…….Tabhi उसका फ़ोन विबरते करने लगता h……..aur उसे सामने से एक मिनट तक कहा जाता ह और कॉल कट होने के बाद वो निकल जाता ह और उसके साथ निकल जाते ह उसके खास admi……..aur उसके साथ हे चली जाती ह डेथ halo…nikal जाती ह मौत की आभा जो उसके साथ उसके साये की तरह रहती h………aj के लिए इतना हे ….मस्ती मई पढ़ने का और लाइक्स और रेवोएस ठोकने का एड्स से बचने के लिए पेज रिफ्रेश करते रहने का………….