Adultery Raj-- hero of the family - Page 50 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 166….



फर्स्ट लुक….

आज दिल्ली के कमिश्नर हाउस और चीफ ऑफिस मई कोहराम मचा हुवा था…. सोनाली स्पेशल पुलिस फाॅर्स की टीम से रिजाइन कर के वापस शिमला जंहा से उसके सफर की सुरुवात हुवी थी वंही अपने माँ को साथ ले जा कर पोस्टिंग लेकर शिफ्ट हो रही थी जिसकी वजह से सभी परेशां थे और मानाने पर भी उसने अपना इरादा नहीं बदला tha….toh वंही श्वेता को भी सुनील और अपने पापा मम्मी के राज के पास नहीं जाने के डिसिशन लेने से इतना गहरा धक्का लगा था की उसकी वो सरारती और चंचल मुस्कान जो उसके चेहरे पर हमेसा बानी रहती थी वो उससे कोसो दूर चली गयी थी आखिर राज के उसकी जिंदगी मई आने से उसके भाई दोस्त की हर कमी पूरी हो गयी थी राज ने पीछे कितने हे सालो से हर पल उसका सगी बहन से भड़कर…. एक pyar…..ek सच्चे दोस्त…. की तरह ख्याल रखा था …..पर जिस तरह सुनील ने और उसकी माँ ने उसे उसके भाई से दूर करने का निर्णय लिया था उसे उसी बहुत ढक हुवा था इसलिए उसने भी अपने पिता जोगिन्दर से रिक्वेस्ट कर इंडिया से हे बहार पढ़ने का डीडे करलिया था उसका भाई नहीं तोह वो भी nahi….ab उसे किसी से लगाव नहीं रहा था और न किसी से rishta….usai कभी नहीं लगा था की सब मिलकर उसके साथ ऐसा karenge…….sonali और श्वेता के इन डिशन्स ने सबके दिलो मई तूफ़ान उठा दिया था और ये तूफ़ान यही हे ख़त्म नहीं हुवा इसके घेरे मई दीपिका और शिवानी भी आगयी …दीपिका जो राज के बात न करने से बुरी तरह नाराज थी अब परमानेंटली हॉस्टल मई हे शिफ्ट हो गयी थी ….और शिवानी जो राज और सोनाली की वजह से परिवार से जुडी हुवी thi….wo भी अब अलग सी हो गयी थी सिर्फ 48 ऑवर मई हे सब कुछ बिखर गया था जिस परिवार को राज ने बचने के लिए खुद को सबसे दूर किया था वो हे अब बिखरना सुरु हो चूका था और चाहकर भी कोई कुछ नहीं कर सकता था क्योकि चारो हे अपने जिद की पक्की thi…….in सब से बेखबर राज अपने मिशन मई लगा हुवा था जो अनु को प्यार मई फ़साना था….

मुम्बई--

अनु — तुम्हारी गफ कान्हा ह ….

राज-- गयी वो मुझे छोड़कर….

अनु-- पता हे था ….मुझे ज्यादा दिन नहीं टिकेगी तुम्हारे साथ कान्हा वो और कान्हा तुम ..

राज — फिर भी तुजे नहीं बनूँगा अपनी गफ…

अनु —हुऊ… बनना भी कौन चाहता ह…

राज करीब आकर आँखों मई आंखे डालकर सच मई….

अनु की तोह सांसे हे अटक गयी पर जल्द हे खुद पर कभू करके …तुममम गधे पीछे हटो..…

राज — मुस्कराकर ok फिर तू मेरी गाढ़ी….😄

अनु का तोह मू खुला रह गया और वो इर्रिटेट होने लगी….

राज जोर जोर से हसने लगा ….उसकी ऐसी हालत देख कर अनु गुसाई से तिलमिला गयी और फ़्रस्ट्रेशन मई उसके ऊपर झपट पड़ी …”ी विल किल”

राज — अरे अरे जंगली बिल्ली……. रुक जा….. पंजे लग जायेंगे रूक जा ….

अनु और गुसाई मई हाथ चलने lagi…”tu आज मरेगा मेरे हाथ से …मैं तेरा खून पि जाउंगी”

राज “अब तू खून पिने वाली चुड़ैल भी बन gayii….aur क्या खूबी ह तुजमे… ”

राज को मार नहीं पाने और उसकी बाते सून अनु और इर्रिटेट और गुसा होकर ताकत लगाने लगी इस नोख झोख मई अनु राज के ऊपर पूरी तरह लेट गयी थी जिसे उसकी टी शर्ट पेट से खिसकर ऊपर हो गयी thi….raj ने अपने हाथ से उसकी कमर को अपने हाथो से पकड़कर ऊपर उठा दिया तोह अनु को अपने बदन मई झटका सा लगा उसकी आंखे बड़ी और मू बंद हो gaya…..anu की नज़र राज के हाथ पर गयी तोह उसके चेहरे का रंग पूरी तरह लाल हो गया उसने राज को घूरकर देखा … तब राज ने अपने हाथो की तरफ देखा तोह हड़बड़ाकर तुरंत अपने हाथ पीछे कर लिए इसे अनु ुनबलने होकर वापस राज के ऊपर गिराने लगी तोह राज ने उससे बचने के लिए तुरंत अपने हाथ आगे कर दिए ….अब अनु की हालत और ख़राब हो गयी क्योकि राज के हाथ आगे सीधे अनु के ब्रैस्ट पर थे …अनु एक बार राज को तोह एक बार उसके हाथ को देखने लगी राज ने एक बार अनु का चेहरा देखा जो गुसाई से और लाल हो गया था ..अनु जोर चीक पड़ी “इडियट” चीक सुन राज ने जल्दी से अपने हाथ हटा दिए तोह अब अनु के होठ सीधे राज के होठो से मिल gaye…anu की आंखे फटी की फटी रह गयी और यही हाल राज का था राज और अनु की आंखे मिली तोह अनु झटके से पीछे हो गयी ….उसकी हालत ख़राब हो गयी थी गुसा शर्म सब उसके चारे पे था तोह राज के लिए तोह ये सब समाज से बहार हो गया था वो कुछ बोलता उसे पहले हे अनु बोले उसके बंगल से बहार भागकर चली गयी….

राज हक्का बक्का सा पीछे रह गया …हर बार वो सबको शॉक देता था अबकी बार उसे शॉक लगा tha….par उसके शॉक को तोडा बहार से अंदर आती सिमरन ने …

सिमरन — सो स्मार्त्य ये रहा तुम्हारा पार्टी वियर ….

राज ने अपनी सोच से बहार अकार सिमरन को देखा तोह उसे भी झटका सा लगा क्योकि इसवक्त वाकई वो स्वर्ग से उत्तरी अप्सरा हे लग रही थी….

राज को अपनी तरफ घूरते देख कर सिमरन मुस्करा बोली “ लुकिंग गॉर्जियस न”

राज ने भी मुस्करा कर कहा “आप वाकई बहुत सुन्दर हो इसीलिए आप इंडिया की टॉप बेओटीएस मई से एक हो”…

सिमरन ने आगे झुक कर कहा “थैंक यू फॉर अप्रिसिएशन माय सेविंग लार्ड” अब तारीफ हो गयी हो तोह हमारे पास 3 हॉर्स बाकी ह… तुम मेरे साथ औ तुम्हारे लिए भी क्रीम फेसवाश लायी हु…

राज — no no मुझे ये सब पसंद नहीं ह…

सिमरन — अरे यार एक लड़की तुम्हे कह रही ह और तुम मन कर रहे हो खूबसूरत लड़कियों की बात माननी चाहिए ह आखिर ये हमारा हक़ ह और डोंट वोर्री मैं और कुछ नहीं करुँगी..

राज मुस्करा कर — जो हुकम हुसैन इ मलिका का चलिए..….

सिमरन भी हंस पड़ी….

तोह दूसरी taraf….poonam और मनीषा भी अपनी अपनी तयारी मई लगी हुवी थी …और दोनों ने एक बेहद ब्यूटीफुल इंडियन ट्रेडिशन नई लुक मई ड्रेस को सेलेक्ट किया हुवा था जिसमे वो दोनों हे सबसे अलग और क्यूट ब्यूटीफुल नज़र आने वाली thi…..janha मनीषा अपनी माँ के साथ पुलिस की सिक्योरिटी मई पहुंचने वाली थी तोह वंही पूनम अनिरुद्ध गोस्वामी के साथ बोडीगार्ड्स की सिक्योरिटी मई पहुंचने वाली थी …..,

मुम्बई की दिन भर की भागदौड़ भरी जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म होती गयी चली गयी और लाइट से पूरा सहर जगमगाता चला gaya…din भर की थकन को अब पब्स पार्टीज मई दूर किया जा रही था…

प्लेस ला पैराडाइस….

ला पैराडाइस के चारो तरफ प्राइवेट बॉडी गार्ड्स और पुलिस की सिक्योरिटी का भरी घेरा बना हुवा था क्योकि आज कुछ दिएर मई हे मुम्बई की बड़ी बड़ी हस्तिया चाहे वो बिज़नेस इंडस्ट्री हो या फैशन इंडस्ट्री या पोलिटिकल बैकग्राउंड से आज यंहा आने वाले थे और उन सभी की सिक्योरिटी के लिए कमिश्नर के होश उड़े हुवे थे क्योकि बहुत साडी पुलिस इस एरिया को कवर करने मई लगी हुवी थी ….अब अगर फिर भी गड़बड़ हुवी तोह जो मिनिस्टर और गवर्नमेंट के टॉप ऑफिसर्स आने वाले थे वो उसकी वर्दी फाड़ने मई कोई कसार नहीं chodenge…….upar से अंडरवर्ल्ड से प्रोटेक्शन मनी और मांगी गयी थी बुसिनेसस्मेन्स से वो अपने चेहरे पर आरहे पसीने को बारी बारी पूछता जा रहा था….

ला पैराडाइस से 5 कम दूर ….एक बिल्डिंग की रूफटॉप से एक शख्स ब्लैक कोट पंत पहने हुवे निचे हे देख रहा ….उसके कान मई कम्युनिकेशन डिवाइस लगा हुवा था जिस साई वो इंस्ट्रक्शंस देता जा रहा था …

“रोड 3 के पास जो पोलिसस्टेशन ह उसे बिजी रखना ह मेरे इंस्ट्रक्शंस मिलते हे”

फिर एक और इंस्ट्रक्शंस दिए…

“वेहिकल से रोड 5 कम्पलीट ब्लॉक करनी ह”

वो इंस्ट्रक्शंस लगातार एक ऑवर तक ऐसे हे अलग अलग इंस्ट्रँक्शन्स देता रहा और फिर बिल्डिंग से निचे उतर कर आकर अपनी मर्सिडीज मई बैठ कर ला पैराडाइस की तरफ निकल गया….

राज बंगलो…

सिमरन-- लुकिंग अवेसमे राज वाकई तुम मॉडलिंग मई होते तोह नंबर ओने होते मेरा मन तोह तुम्हे किश करने का कर रहा ह रियली यार तुम एक परफेक्ट हस्बैंड मॉडल ho…….aag लग जाएगी पार्टी मई…

राज-- थैंक यू थैंक यू इतनी तारीफ के लिए और आप भी ब्यूटीफुल ,गॉर्जियस और क्या कहते ह …..हम्म्म है सुपर हॉट लग रही हो…..

सिमरन — ओह्ह थैंक यू थैंक यू तोह चले मेरे बॉडीगॉर्ड बर्फ…

इतना कह उसने राज की बाजु को अपने हाथो से पकड़ लिया …दोनों की हे जोड़ी परफेक्ट कपल की तरह लग रही थी राज ने सिमरन को मन नहीं किया बाजु पकड़ने से क्योकि दोनों मई अछि दोस्ती हो गयी थी राज सिमरन को अचे से समाज गया था की वो कैसी h…bahar मित्युदूत पहले हे गररगे से ऑडी निकल कर अपने मास्टर का इंतज़ार कर रहा था ….जब अपने मास्टर को खुनकाटले आम के आलावा जब ऐसे तैयार होकर आते देखा तोह उसका चेहरा जो बिना एक्सप्रेशन के रहता था वो भी आज हैरानी से भर गया tha….raj ने पहले सिमरन के लिए दूर ओपन किया और फिर मित्युदूत ने अपने मास्टर के लिए दूर ओपन kiya…….aur ला पैराडाइस की तरफ चल दिए…

तोह दूसरी तरफ मनीषसे अपनी माँ के साथ लाल बत्ती मई पार्टी के लिए निकल चुकी थी …और …पूनम अपने बड़े पापा को तैयार कर रही थी…

पूनम- बड़े पापा आप लेट हो …पहले टेबलेट लीजिये और ये आपके कोट पंत रेडी ह …आप तैयार हो जाईये…

अनिरुद्ध-- मैं तैयार हे हु बेटी …और तुम्हारी बड़ी माँ तुम्हे ये टेबलेट की डूएटी पकड़ा gayi….tum निचे पहुँचो मैं बस 5 मिनट मई आया …

पर पूनम के बहार निकलते हे उन्होंने कॉल पर अपने बॉडी गॉर्डस को अलर्ट रहने के लिए बोल्दिया जो बंगल से बहार से निगरानी रख रहे थे वो अपनी फॅमिली को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे…….

प्लेस लापरडीसे….

जंहा पर चमचमति हु लाइट्स ….और धीमे म्यूजिक की बीट्स और वंहा की डेकोरेशन ने आने वाले हर मेहमान को तारीफ करने पर मजबूर कर दिया tha……reporters और कैमरा ेट्स अंदर लेजाने और जाने पर सख्त मनाई थी ताकि सबको प्राइवेसी बानी रहे ….

अंदर सिमरन की अड़ कंपनी का बॉस सिमरन का रिप्लेसमेंट फेस ढूंढ़ने के लिए हर नयी यंग लड़की को देख रहा था …..तभी उसे बहार रेड कारपेट के ऊपर से एक लड़की एक आदमी के साथ चलती हुवी नज़र आयी जिसके चेहरे पर मासूमियत और आँखों मई चमक और होठो पर प्यारी सी मुस्कान thi….usai देखते हे बॉस की आंखे चमक उठी और वो अपनी सेकरट्री से उस लड़की के बारे मई पता लगाने के लिए बोलै और वाइन का सिप लेते हुवे उसे हे देखता रहा …पर उस लड़की की नज़र तोह पार्टी मई किसी और को हे ढूंढ रही थी…..

अनिरुद्ध - क्या हुवा मनीषा को ढूंढ रही हो…..

पूनम - है वो दिख नहीं रही ह …जबकि वो तोह पहले निकली थी ..

तभी उसकी आँखों पर पीछे से किसी ने हाथ रखे …

पूनम — तेरे सिवा कौन हो सकता ह जो ऐसा करने की हीमत करता ह….

मनीषा - है ये भी सही ह चल न श्रद्धा कपूर आयी ह तुजे दिखती हु…

पूनम ने अनिरुद्ध को देखा तोह…

अनिरुद्ध- जाओ जाओ मेरे यंहा बिज़नेस फ्रेंड्स ह मैं उनके पास जाऊंगा तुम दोनों एन्जॉय करो और मनीषा बेटी इसका धयान रखना .

मनीषा — डोंट वोर्री अंकल मेरे होते इसको कौन परेशां करने की हीमत करेगा….

पर उन्हें क्या पता था की उन्दोनो के ऊपर एक लार टपकते भूखे कुत्ते की नज़र पढ़ चुकी थी जो उन्दोनो को हे घूरे जा रहा tha…..par वो दोनों बेखबर श्रद्धा कपूर को देखने चली जा रही thi….bahut सरे लड़के भी उन्दोनो की हे खूबसूरती को निहारने मई लगे हुवे थे आखिर दोनों हे सुंदरता की बेहतरीन कलाकृति thi..jisai ऊपर वाले ने धरती पर भेजा था….

तोह वंही बहार बहुत साडी गाड़िया एक के बाद रूकती जा रही थी ..और उनसे विप और व्विप पर्सन्स की एंट्री होती जा रही thi….aur उन्ही मई से एक से उतरा वो ब्लैक कोट पंत वाला शख्स ….जो कुछ वक़्त पहले बिल्डिंग के ऊपर मौजूद था ……उसकी एंट्री के बाद एक कार से राज उतरा और उसने दूर ओपन करके सिमरन को हाथ पकड़ कर उतरा दोनों साथ वाक करते हुवे अंदर पहुंचे तोह ब्लैक कोट पंत वाले शख्स की नज़र उन दोनों पर पड़ी और एक मिनट तक तिकी रही फिर वो बोलै….” सायद इसे हे परफेक्ट कपल्स बोलते ह” इतना कह वो अंदर एक मिनिस्टर की तरफ चला गया जंहा उस मिनिस्टर ने उसका गरम जोशी से वेलकम किया…

मिनिस्टर - आईये आईये अपूर्व सिंह जी आपके दर्शन दुर्लभ हो गए ह…

अपूर्व सिंह-- बड़े लोग मुझे जैसे 20 साल के लड़के को इतनी इज़्ज़त दे ये समाज नहीं अत ह..

मिनिस्टर “माफ़ी अपूर्व सिंह जी कोई ग़ुस्ताख़ी हुवी हो तोह पर ऐसे भिगो कर जुटे मत मारिये “

अपूर्व सिंह “ है है है मंत्री जी आप हमेसा सीधे मुद्दे पर आजाते ह यही बात आपकी मुझे पसंद आती h…ab जब आप मुद्दे पर आगये तोह एक सलाह देता हु समय से पहले हे घर चले जाने वर्ण फिर मुझे शिकायत मत करना अगर जिन्दा रहे तोह “

मिनिस्टर की तोह ये सुनते हे हालत ख़राब हो gayi…..wo सांस भी रूक रूक कर लेने लगा तोह…

अपूर्व सिंह — आप हमरे आदमी ह आपको कैसे कुछ होने देंगे ….इस बार पैसे डबल कर देना …इतना तोह इंट्रेस्ट बनता हे ह मेरा आपको बचने पर…

मिनिस्टर — अपना पसीना पोछकर “हो जायेगा ….मैं अब चलता हु” और वो तुरंत हे अपनी बीवी बेटी के साथ निकल गया …वो जनता था की अपूर्व सिंह किस बाला का नाम h….aur मंत्री के जाने के बाद अपूर्व सिंह पानी का गिलास उठाकर आराम से पानी पिटे हुवे पार्टी एन्जॉय करने लगा उसकी बाज़ की नज़र चारो तरफ घूमती रही और उसे उसका सीकर मिल गया ….तोह दूसरी तरफ रेड ड्रेस मई सिमरन बाला की खूबसूरत लग रही thi…aur उसके साथ राज ने पार्टी मई सबका धयान अपनी तरफ खिंच लिया ….हर लड़की उसे फैशन रोले मॉडल की तरह देख रही थी तोह लड़को की नज़र सिमरन की बैक और फ्रंट पर तिकी हुवी थी क्योकि वो मागज़ीने से जायदा हॉट एंड ब्यूटीफुल नज़र आरही थी बूत ….सबके अट्रैक्शन का सर्किल था वो लड़का जो सिमरन के साथ था जिसके बारे मई कोई नहीं जनता था …बूत जिस तरह सिमरन ने उसके बाजु पकडे हुवे थे उसे साफ़ पता लग रहा था की फ्रेंड्स से ऊपर ह और उसके साथ का कोई नई मॉडल h….par उन्दोनो पर एक शख्स की नज़र पढ़ गयी थी जिसकी आँखों मई दोनों को इस तरह देखकर बेइंतिहा दर्द था ….वो चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता था सिवाए दूर से ये सब देखने के ….जितना वो उन्दोनो को देख रहा था उसका दिल ढक दर्द से भरता जा रहा था …..वो उन्दोनो के ऊपर से नज़र तक हटा नहीं प् रहा था.

सिमरन — हमे उस तरफ जाना ह वंहा टॉप सेलिब्रिटीज होंगे वंहा हमे लीड मिलेगी ….तुम वंहा बस दूर से मुज पर निगाहे rakhna….kuch होगा तोह मैं इशारा कर दूंगी और गड़बड़ हो तोह मुझे अलर्ट कर देना….

राज ने बस है मई गर्दन हिला दी…

तभी वंहा …एक अनाउंसमेंट हुवा

वेलकम आवर तोड़ेस नाईट होस्ट ….मर मनहोर सिंह…

राज भी शॉक हो गया तोह ये इतनी बड़ी पार्टी अनु के पापा ने राखी h….matlb उनकी गहराई और जायदा ह इंट्रेस्टिंग …मर मनोहर singh…….khel शानदार होने वाला ह …

मनोहर सिंह अपनी बेटी अनु के साथ अंदर ए तोह ….सबने उन्हें घेर कर पार्टी की तारीफ करनी सुरु कर di…..manohar सिंह भी सबसे हंस हंस कर बाते करने लगे और वंही अनु अपने दोस्तों के साथ पार्टी मई एन्जॉय करने चली गयी ….

बॉस जो अब पूनम और मनीषा को कभी आगे से तोह कभी पीछे से देख कर उन्हें मॉडलिंग के लिए सेलेक्ट कर चूका था वो अब दोनों को मॉडलिंग के लिए इन्विते करने उनके पास चला गया …

बॉस- Hello

पूनम और मनीषा ने एक लुक उसे देखा और दुबारा वो अपनी फीमेल स्टार को देखने लगी…

बॉस-- आपको मैं इतना सक्सेसफुल और फेमस बना दूंगा की आपकी स्टार भी आपको फॉलो करेगी…

पूनम और मनीषा ने एक लुक उसको हैरानी से देखा ..

बॉस ने अपना कार्ड दिया जो गोल्ड प्लेटेड डिजाइनिंग से बना हुवा था और उसपर लिखा था फ मॉडलिंग agency…boss आगे बोलै …मैं एक फैशन अड़ एजेंसी का ओनर हु जो ब्यूटीफुल अट्रैक्टिव फेसेस लिखे यू …उनको चांस देकर टॉप पर पहुँचता ह…..

तोह दूसरी तरफ राज जो एक तरफ खड़ा होकर वाइन के सिप ले रहा था उसे अपने पीछे से कुछ जनि पहचानी आवाज सुनाई दी …उसने मुड़कर देखा तोह वंहा एक लड़कियों का ग्रुप खड़ा था जो आपस मई खिलखिलाकर बाते कर रहा था उसकी नज़र भीड़ मई कड़ी एक लड़की पर गयी तोह उसने सर पिट लिया “ ये साडी जगह छोड़कर यही आगयी अपनी फ्रेंड्स के साथ साली किस्मत हे ख़राब ह…”

उसका माथा पीटना हुवा और अनु की हलकी सी नज़र उस पर गयी और उसे आज की साडी बात याद आगयी ….और उसके चेहरे का रंग लाल टमाटर की तरह हो गया …..पर वो राज को देख कर हैरान रह गयी पहले तोह वो यंहा क्यों ह और फिर वो इतना हैंडसम कैसे लग रहा ह …..वो आंखे फाडे उसे देखती रही और उसके पास पहुंच गयी….

अनु कुछ bolti….usai पहले हे….

राज धीरे से - तुम्हारे लिए हे आया हु जब से तुम्हारे होठ और …..

अनु गुसाई से —चुप चुप कुछ मत बोलना ….ी हेट यू …..और अपने पेअर पटकती हुवे वापस चली गयी …….

राज — थैंक god….abhi के लिए गयी वर्ण मेरा धयान इसी पर हे रहता सुभे का सीन याद करते हे उसके बदन मई झुरझुरी सी दौड़ गयी….

वंही पूनम और मनीषा पार्टी मई बॉस को इग्नोर मरते हुवे घूमने लगी और अलग अलग इवेंट्स को देखने lagi….piche खड़ा बॉस उन दोनों को निहार रहा था की …सेकरती जल्दी से आया और बोलै बॉस…

बॉस-- अरे वाह तुम आगये इतनी जल्दी बताओ कौन ह ये…

सकरेटरी — इनका बाद मई सोचना पार्टी मई सिमरन भी आयी ह…

बॉस — kyaa….wo अभी भी जिन्दा ह …मुझे लगा उस रात उसे उठाकर ले गए होंगे….

सेकरट्री ये सब chodiye…kyu कान्हा ,कैसे वो उधर कड़ी ह अपने मॉडल्स फ्रेंड के साथ चलिए दिखता हु …

बॉस जल्दी से सिमरन की तरफ चाल्डिया वंही सिमरन अपने मॉडलिंग फ्रेंड्स …और इतर एजेंसीज के ओनर्स के साथ बाते कर रही थी…. तभी उसे पीछे से आवाज सुनाई डीई…

“व्हाट ा प्लीजेंट सुप्रिसे सिमरन मुझे तोह पता था तुम आउट ऑफ़ इंडिया हे हो” इस आवाज को सुनते हे सिमरन के एक्सप्रेशन एक पल चेंज हुवे फिर वो तुरंत नार्मल गयी और हंस कर बोली …. “कल हे आयी हु सर”

बॉस-- मुस्कराकर बताया नहीं

इतना कह पास आकर हम अकेले मई बात कर सकते ह…..

सिमरन — बिलकुल नहीं…

ये सून बॉस को गुस्सा आगया फिर भी मुस्कराकर बोलै — कॉन्ट्रैक्ट मेरे पास हे ह और कॉन्ट्रैक्ट ब्रीच का केस ठोकूंगा न तोह कितने कर रस भरने होंगे तुम्हे पता ह समझी …चलो मेरे साथ और उसका हाथ प्यार से पकड़कर अपने साथ ले जाने लगा…..

मनीषा “ अरे तोह प्यास हे लगी ह न वो देख वो वंहा से बेस्ट मॉकटेल लेकर अजा तेरे मेरे लिए …

पूनम — ड्रिंक न बाबा बिलकुल नहीं …

मनीषा — मेरी भोली दोस्त नहीं पसंद तोह सॉफ्ट ड्रिंक लेकर अजा …यार मैं वायलिन सून लू मुझे बहुत पसंद ह.. …

पूनम ok ….कहकर चलदी पर उसे क्या पता था की वो जंहा जा रही ह वंहा उसका सपनो का राजकुमार उसका प्यार उसकी आत्मा भी मौजूद ह…..

पूनम पहली बार इतनी बड़ी पार्टी मई आयी थी और वो कपल्स को साथ डांस करते हुवे अलग इवेंट्स को देख कर अपनी हे सोच मई मुस्कराती हुवी चल रही thi…aur दूसरी तरफ राज ने जैसे हे देखा की सिमरन को एक मोटा सा आदमी अपने साथ लेकर जा रहा ह तोह वो भी उसके पीछे जाने लगा उसका धयान पूरी तरह उन्दोनो पर हे था ….और सामने से आरही पूनम अपनी धुन मई आरही थी पल पल दोनों की दूरिया मिटटी जा रही thi….dono का धयान हे अलग अलग डायरेक्शन पर था दुरी अब बमुश्किल 2,3 मेटेरे हे बची थी दोनों एक दूसरे से टकराने वाले हे थे की ….अनु आगयी और राज को खींचकर एक तरफ करके बोली… “सुन्दर लड़किया देखि नहीं की तकर मरने के बहाने ढूंढ लेते हो फिर ी म सॉरी कह कर फ़ोन नंबर ेट्स लेना बहुत होसियार हो तुम” पूनम बेखबर अपनी हे दुनिया मई आगे निकल गयी पर 5 कदम आगे जाकर हे अपने दिल पर हाथ रख कर अचानक पलट gayi….aur अपने सामने कुछ दुरी पर खड़े कपल की तरफ देखने लगी जिनकी नोख झोंक उसे साफ़ सुनाई दे रही थी उसे लड़की का चेहरा तोह दिख रहा था पर उसे लड़के की सिर्फ पीठ हे नज़र आरही थी…

पूनम “ ये मुझे अभी कैसा अहसास हुवा क्या वो यही ह ….ऐसा अहसास मुझे पहले भी तोह हुवा था “ उसकी निघाये अभी भी उस लड़के की पीठ की हे तरफ थी …उसका दिल …कई तरह की भावनाओ से घिर उठा उसके कदम खुद बा खुद उस लड़के की तरफ लेकर चल पड़े

राज-- अरे यार तू मानती नहीं ह …

अनु — क्यों मनु दिन मई भी तोह…

राज — ी म सॉरी वो सब गलती से हुवा था …यार पर तुम भी तोह जंगली बिल्ली की तरह मरने लग गयी थी…

अनु — तुम तंग क्यों करते हो फिर ….. ok अब तुम मेरे साथ चलो …

राज — मुझे काम ह ी मैं …मुझे वाश रूम जाना ह …

अनु — ok मुझे भी टच उप करने जाना ह चलो …

राज — ने उसे घूर कर देखा ..

अनु — जब दिन मई हरकत करि थी तब तोह शर्म नहीं आयी thi…ab साथ चलने मई दिकत क्यों…

राज — चल मेरी माँ तू जीती मैं हरा जल्दी चल….

अनु — धीरे से इतना पिटे क्यों हो अगर कण्ट्रोल नहीं होता ह…

राज — उसे घूरकर देखने लगा

पीछे आरही पूनम राज को छू पति उसे पहले हे अनु राज के साथ जिस तरफ सिमरन गयी थी उस तरफ चल di….piche कड़ी पूनम के कदम वंही रूक गए ….वो मन मई बोली “ आवाज दू या नहीं ….दिल तोह कह रहा ह आवाज दे …..पर उसकी गफ साथ h…toh क्या माफ़ी मांग lungi….itna सोच वो बोल उठी एक्सक्यूज़ में… और उसके इतना बोलते हे उसे उसके पीछे से आवाज सुनाई दी “अरे यार तू भी न …कबसे यंहा ह चल मैं लेती हु कोल्ड ड्रिंक” मनीषा की आवाज सुनकर पूनम का पलटना हुवा और उधर राज को लगा जैसे किसी ने उसे पीछे से आवाज दी ह वो भी पलट गया पर पीछे उसे बस एक लड़की की पीठ दिखाई दी ..पर दूसरी की शकल देख उसके चेहरे पर पहले एक हैरानी हुवी और फिर मुस्कान agayiii..par वो जल्दी से पलट गया और उसके वापस पलट ते हे पूनम ने वापस पलटकर देखा …तोह उसे राज अनु दूर जाते दिखाई दिए ….उसने एक ठंडी anha…..bhariiii…

मनीषा …पूनम के साइड्स से राज और अनु को देख कर “ क्या बात ह अपने प्यार की याद आरही ह मेरी जान को”

पूनम — याद …चल छोड़ चलते ह..

मनीषा —राज की बैक को देखती रही और बोली “तू कभी मुझे बताती नहीं h….uske बारे मई कैसे मिले कब मिले” …

पूनम — जिस दिन वो मुझे मिल गया सबसे पहले तुजे हे बताउंगी promise…ab चले ….

दूसरी तरफ ….

बॉस सिमरन को लेकर बिल्डिंग के एक रूम क अंदर आगया था ..

बॉस — देख मुझे तुजसे कुछ नहीं चाहिए ह एक काम और फिर तू फ्री ह..

सिमरन — तुजे जेल नहीं भेज रही हु ये काम ह क्या ..

बॉस — कोई सबूत नहीं ह मैं साफल्य बच जाऊंगा पर तू कितने कर के निचे आजायेगी तुजे अंदाज़ा भी नहीं होगा ऊपर से तेरा कर्रिएर ख़तम वो अलग ….

सिमरन गहरी सोच मई पढ़ गयी पर कुछ सोचकर बोली “क्या कहते हो तुम”..

बॉस — कामिनी मुस्कान के साथ ….मेरे एक खास को खुस करदे और तू फ्री…

सिमरन गुसाई से बिफर पड़ी ….तू हरामी sale….main अब पुलिस को तेरी हरकते बताउंगी….

बॉस — मेरे उस ख़ास के पैरो मई रहती ह पुलिस सामजी अंडरवर्ल्ड से h…aj यंहा एक बुसिनेस्स्में के साथ डील करने आया था …तू उसे खुस करदे तेरा एग्रीमेंट ख़तम …और तू फ्री ….

सिमरन-- चक्कर पहले मन मई अंडरवर्ल्ड के लोग यंहा ह मतलब आर्गेनाइजेशन के लोग पास मई h…phir बॉस से बोली तुम एग्रीमेंट की कॉपी मँगाओ और बताओ कान्हा ह वो ….

बॉस-- गुड डिसिशन सिमरन …..क्यों न बाद मई हम भी …

सिमरन — तेरी औकात नहीं ह समजा …

बॉस को इतना गुसा आगया की उसने सिमरन के बाल पकड़ लिए ….और बोलै रंडी …उस दस दिन मई मैंने तुजे नंगा कितनी हे बार चुड़ते हुवे देखा था तभी सोच लिया था की यंहा से निकलते हे तुजे अपनी रंडी बनूँगा पर तू कुटिया दो टेक की मॉडल मुझसे जबान लड़ती ह ….अभी वो आगे कुछ और करता ….पीछे से उससे उसकी गर्दन पर तेज़ दबाव महसूस हुवा और वो दबाव इतना तेज़ था की दर्द की वजह से उसकी आँखों मई पानी agaya…….gardan को पकडे हुवे हे राज ने उसी सीधा किया …और सिमरन से बोलै “ एक कपडा दो इसके मू मई ठूसने के लिए “

सिमरन ने यंहा वंहा कुछ ढूंढा नहीं मिला तोह अपनी लॉन्ग ड्रेस के निचे से अपनी पंतय उतर कर बॉस के मू मई तुस्टी हुवी बोली “ तू लायक इसके भी नहीं ह पर तेरा आखिरी दिन ह इसलिए इसे साथ ले जा राज इसकी वो हालत करना की ये दुबारा किसी लड़की को भी देखे तोह इसकी रूह काँप uthe….itna कह वो बहार भाग गयी … जंहा अनु राज को ढूंढ रही थी उसने सिमरन को बहार ऐसा खड़े देखा तोह उससे डाउट सा huva…usne धयान से देखा तोह सिमरन रो रही thi…aur अपनी ड्रेस सही कह रही thi….kuch दिएर मई राज भी बहार आगया …और राज को देखते हे वो समाज गयी की राज ने कुछ गलत किया ह वो गुसाई से फुट पड़ी और राज के पास आकर “मुझे लगा तुम एक अचे इंसान हो जिसे मज़ाक करना तंग करना पसंद ह पर मुझे नहीं पता था की तुम इतने घटिया इंसान होंगे जो अपनी हवस मिटने के लिए कुछ भी कर सकता ह …..सिमरन समझने को हुवी तोह अनु ने उसे चुप करा diya….aur आगे बोली तुम जानते हो मैं कौन हु मेरे पापा कौन ह जो आगे होगा तुम जानते हो इसलिए निकल जाओ यंहा से दुबारा अपनी सकल तक मत दिखाना ……

राज ने कुछ नहीं कहा ….क्योकि उसके कान मई एअरबुद्स मई लगातार मित्युदूत सीरियस बाते कहता जा रहा था इसलिए उसका धयान अनु की बातो पर न के बारबार हे था ….

अनु — तुम जाते क्यों नहीं हो….

राज की बात मित्युदूत के साथ ख़तम हुवी तोह वो सिमरन से बोलै ..” मुझे आने मई टाइम लगेगा तुम घर चली जाना मैं बाद मई ाजुंगा …और दुबारा कभी रोना मत मैं हु न…...

सिमरन ने कुछ नहीं कहा और उसके लग गयी…..

सिमरन-- थैंक यू राज थैंक यू सो मच ी लव you……Aur तुम्हारा टारगेट रूम no 18 मई ह….

राज —गुड सिमरन थैंक यू तू और तुम जंगली बिल्ली मेरी गफ का अचे से धयान रखना ….samjhi….aur खुद से बाते काम किया करो इतनी भी सुन्दर नहीं हो तुम ….

अनु हक्की बक्की सी रह गयी पर वो बोलती उसे पहले हे सिमरन ने उसे अपने साथ हाथ पकड़कर खिंच लिया और …कुछ सचाई छोड़ कर पूरी बात बताती चली गयी….

राज बिलकुल सीरियस हो रखा था उसने टाइम देखा तोह रात के 12.25 हो चुके थे …उसने अपने जैकेट को खोलकर बहार हे टांग दिया और सीधा रूम नंबर 18 मई चला गया जंहा तीन लोग थे एक बैठा हुवा था और दो खड़े हुवे थे राज ने बिना देरी किये अटैक कर दिया और वो लोग कुछ समाज पते राज ने दो जानो की कितनी हे हड़िया चाँद सेकण्ड्स मई हे तोड़ कर दुनिया से मुक्त कर diya…….raj ने सीधा उस शख्स की आँखों मई आंखे दाल कर पूछा जो फर्श पर अपनी नाक पकड़ कर बैठा हुवा था…

राज “एक सवाल एक जवाब मैं संतुस्ट हुवा तोह तू बच गया वर्ण तेरी मौत तय ह समाज आया”

उस शख्स ने है मई गर्दन हिला दी…..

राज “ गुड आज तुम लोग मनोहर सिंह पर कब अटैक करोगे”

शख्स — ने उलझन भरी निघाओ के साथ राज को देखा …

राज ने उसके रिएक्शन को देखा तोह वो समाज गया की कुछ बड़ी चूक हो गयी ह…

वंही….

मनीषा ने राज की बैक को देख था तबसे वो उलझन मई थी …क्योकि वो राज के साथ काफी वक़्त से घर पर साथ रही थी तोह वो जानती थी राज की हर स्टाइल को इसलिए उसे लगा की वो शख्स जाना पहचाना सा h…tabhi उसकी माँ आगयी

मनीषा माँ “ पार्टी ऑलमोस्ट फिनिश हो गयी ह “

मनीषा माँ हमने डिनर कर लिया h…poonam को अंकल के पास छोड़ दे फिर चलते ह….

पर पीछे से अनिरुद्ध भी आगये और बोले “अरे भाई पार्टी मई बहुत भाग दौड़ मछली अब चले घर और सभी मुस्कराते हुवे पार्टी से घर की तरफ निकल गए ….

राज साइड….

“तेरा काम क्या था”

शख्स — मेरा काम मुझे यंहा कहा गया था की तुम्हे ये बात फैलानी ह की बुसिनेस्स में अनिरुद्ध सिंह को आज टारगेट किया जायेगा और उसका हाल देख लेना वही तुम्हारी फॅमिली के साथ भी होगा …

राज — लिस्ट मई तोह पहला नंबर मनोहर सिंह का था…

शख्स-- मुस्कराते हुवे घडी देख कर …ये सब बेवक़ूफ़ बनाने के तरीके होते h….anirudh सिंह ने अभी 5 साल के लिए जर्मन कंपनी के साथ 1000कर की डील करि ह इसलिए वो पहला टारगेट tha….aur 12 बजे रस्ते मई उस पर अटैक हो भी गया होगा अब तक…..

ये सुनते हे राज को गुस्सा आगया और उसी वक़्त उसने उसकी गर्दन मरोड़ दी….

वंही ….अनिरुद्ध गोस्वामी के कुछ बॉडी गॉर्डस कार को चारो तरफ से घेर कर खड़े और कुछ आगे फाइट कर रहे थे ….पर उनके सामने 20 के करीब लोग थे…

अनिरुद्ध — बेटी कुछ भी हो जाये कार से मत उतरना किसी भी हालत मई…

पूनम अनिरुद्ध का बाजु पकड़ते हुवे बड़े पापा आप मत जाओ प्लीज ……

अनिरुद्ध — तुम बस कार से बहार मत आना और ऋचा और बड़ी माँ का ख्याल रखना और वो कार से बहार निकल गए ….कार की लाइट मई अंदर से पूनम को बहार की मारकाट साफ़ दिखाई दे रही थी और वो अनिरुद्ध के लिए उतनी हे घबराती जा रही थी….. बहार अनिरुद्ध के गॉर्डस लडत्र हुवे मरते जा रहे थे…

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का और बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…….
.



नेक्स्ट अपडेट सन………

Poonam--Nahi ...... छीकते हुवे जग गयी... ……. पास बैठी नर्स ने तुरंत उसे शांत किया पर वो कड़ी होने की कोसिस करने लगी…

नर्स-- मम आपके टाँके लगे हुवे ह प्लीज लेत जाईये वर्ण टाँके टूट जायेंगे ह…

पर पूनम को न दर्द की परवाह थी न किसी और चीज की वो बस अपनी नज़रो से किसी को ढूंढ रही थी…

तभी बहार से दरवाज़ा khula….aur पूनम की नज़र उस शख्स के चारे पर पड़ी तोह वो तुरंत शांत हो गयी उसकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू आगये ….वो एक तक बस उसे हे देखती रही ….

वो शख्स —अब आप कैसा फील कर रही ह…….

पूनम क्या कहे क्या करे उसे कुछ समाज नहीं ारः था वो सबकुछ भूलकर बस उसे हे देखि जा रही thi….uski ये तड़प ये खुसी सिर्फ वो हे समाज सकता था जिसने सच्चा प्यार किया ho...uska प्यार उसकी सोल उसकी आँखों के सामने उसके पास था ..

राज -- उसके पास जास्कर बैठ गया ....

और राज को अपने इतने करीब देख कर उसकी आँखों से आंसू बाह निकले ...

राज ने अपने हाथ से उसके आंसुओ को पूछा....

 
अपकमिंग मेघा अपडेट ों फ्राइडे नाईट ....

पूनम सेक्रिफिएस...


राज इन एक्शन....

सुनील इस बैक इन बीस्ट मोड मनीषा मीट राज
 
अपडेट 167

राज entry…poonam सैक्रिफिएस.

नाहीईई …………पूनम छीकते हुवे बिस्तर पर बैठ गयी ……. पास मई बैठी नर्स ने तुरंत उसे शांत करने की कोसिस की पर वो कड़ी होने की कोसिस करने लगी…

नर्स-- मम आपको टाँके लगे हुवे ह प्लीज आप वापस लेत जाईये वर्ण टाँके टूट सकते ह…

पर पूनम को तोह न दर्द की परवाह थी न किसी और चीज की वो बस अपनी नज़रो से किसी को ढूंढ रही थी…

तभी बहार से दरवाज़ा khula….aur उस शख्स पर पूनम की नज़र पड़ी तोह वो तुरंत शांत हो गयी उसकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू आगये ….वो एक तक बस उसे हे देखती रही ….

वो शख्स पास एते हुवे — अब आप कैसी h…….apki चीक मैंने

पूनम क्या कहे क्या करे उसे कुछ समाज हे नहीं ारः था वो सबकुछ भूलकर बस उसे हे देखि जा रही थी जो उसके दिल का मालिक tha…jisai मिलने के लिए सायद हे किसी दिन उसने प्राथना न की ho…….uski ये तड़प ये खुसी सिर्फ वो हे समाज सकता था जिसने सच्चा प्यार किया हो वो एक तक राज को देखती रही उसकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू अपने आप बहे जा रहे थे अभी भी उसे जैसे ये सब सपना हे लग रहा था इसलिए उसने राज को चुने के लिए अपना हाथ उसके चेहरे की और badhaya….par बिच मई हे कमजोरी की वजह से वो दुबारा से बेहोश हो गयी पर राज ने उसके हाथ को थम लिया राज ने चिंता से नर्स की तरफ देखा तोह

नर्स-- सर वो अभी वीक ह काफी ब्लड लोस्स हुवा ह और हैवी मेडिसिन की वजह से नींद आना नार्मल ह …1 -2 दिन ऐसा होगा फिर नार्मल होती jayengi….Dont वोर्री वो बिलकुल तीख ह…

राज को नर्स की बात सुनकर राहत मिली पर उसकी नज़र पूनम की हे तरफ थी उसने अपने एक हाथ से पूनम के चेहरे पर ए बालो को साइड हटा दिया …..वो बेहोसी मई लेती हुवी पूनम के चेहरे पर छायी हलकी मुस्कान आसानी से देख सकता था राज जाने के लिए जैसे हे खड़ा हुवा तोह उसे झटका सा लगा क्योकि पूनम ने बेहोशी मई भी राज के हाथ को नहीं छोड़ा tha……Raj दुबारा से उसके पास हे बैठ gaya…..pata नहीं क्यों पर उसे पूनम को देख कर अपने दिल मई दर्द सा महसूस हो रहा था उसकी आँखों के आगे रात का वो पल घूमने laga…..jab पूनम उसकी बांहो मई घायल पड़ी होने के बौजूद भी उसे मुस्कराकर देखती हुवी हे बेहोश हो गयी थी….

अभी वो रात की बात सोच हे रहा था की गेट खुलने की आवाज आयी और अनिरुद्ध सिंह अंदर ए …..

राज ने एक बार उन्हें देखा दोनों की आंखे मिली पर किसी ने कुछ नहीं kaha….anirudh ने बहार आने का ईशर कर दिया ….राज ने पूनम का हाथ अपने हाथ से छुड़ाया तोह पूनम के सरीर मई हलचल सी हुवी जैसे उसकी आत्मा उसके सरीर से किसी ने खिंच ली हो …राज ने तुरंत उसके सर पर हाथ फेरा ..और राज के हाथ के अहसास से हे पूनम शांत होती चली gayii…..raj ने एक बार बहार जाने से पहले उसे देखा और बहार आगया……

अनिरुद्ध — थैंक यू राज बीटा…..

राज — आपको मेरे पापा न वडा किया था हमेसा आपकी सुरक्षा का मेरे पिता तोह अब इस दुनिया मई नहीं ह पर मैं उनका बीटा राज सिंह निर्वाण अपने पिता का वडा nibhaunga….ek सवाल ह मेरा आपसे आपके एक हे लड़की ह …फिर ये कौन ह…..

अनिरुद्ध राज के सवाल के तरीके से समाज गया की अब ऋचा के लिए उसके दिल मई कोई फीलिंग्स नहीं बची ह … उन्होंने आराम से जवाब दिया “वो मेरे जिगरी भाई जैसे दोस्त की बेटी ह ….पूनम” …

पूनम नाम सुनके राज के दिल मई एक लहार सी उठी पर जल्द हे वो शांत भी हो गयी …अनिरुद्ध ने आगे कहा

“इस नेक दिल बची के माता पिता भी इसे बचपन मई हे छोड़कर ईश्वर को प्यारे हो gaye…ye भी बिन माबाप के हे पाली बड़ी h….bahut नेक दिल बची ह इसे इसके मापापा का सपना पूरा करना ह उसी के लिए जी तोड़ म्हणत कर रही ह…”

राज को तोह ये सुनकर हे पूनम का चेहरा याद आगया की बिन माबाप के पाली ह क्योकि वो जनता था की बिन माबाप के इस बेरहम दुनिया मई होना कैसा महसूस होता h….anjane मई हे सही पर राज की तरफ से एक रिश्ता जुड़ गया था पूनम के लिए …….

Anirudh“Per राज तुम तोह पार्टी मई थे जब हम वंहा से निकले फिर तुम्हे कैसे पता लगा की हम पर अटैक होने वाला ह”

राज- कुछ दिन पहले जो बिल्डिंग जलने की न्यूज़ आयी थी वो मैंने हे किया था ..

अनिरुद्ध — क्याआ पर….

राज-- आगे सुनिए वंही से मुझे लिस्ट मिली थी और उसमे पहला नाम मनोहर सिंह का था फिर आपका पर ..अटैक आप पर हुवा यही मेरी चूक हो गयी थी….

अनिरुद्ध लम्बी साँस छोड़ कर वो दोनों और वो ब्लैक ड्रेस मई इतने सरे लोग कौन थे….

राज आगे कुछ बोलता उसी वक़्त डॉ आगया और राज को बैठा देख कर गुस्सा हो गया ….

डॉ - आपको 20स्ट्रेचेस ए ह और आप ऐसे बैठे ह जैसे कुछ हुवा हे नहीं हो आपको रेस्ट करना चाहिए ह …और अनिरुद्ध जी ..आपसे ये उम्मीद नहीं thi…..chalo तुम अपनी टी शर्ट उतरो …नर्स इनकी पट्टी हटाओ …..

राज ने टी शर्ट हटा दी और ….बिना किसी दर्द जलन के अपने सरीर पर दवाई पत्तिया दुबारा लगवा ली……

डॉ — तुम मेरी जिंदगी के पहले पेशेंट हो जिसे मैंने इंजेक्शन स्ट्रेचेस डेटोल सब लगाए पर किसी के भी असर से तुमने पालक तक नहीं झपकाई क्या तुम्हे दर्द महसूस नहीं होते ह….

राज ने मुस्कराकर टी शर्ट पहनी और कहा “ इसे पैन नहीं कहते ह डॉ ..फिर अपने दिल के ऊपर ऊँगली रख कर मुझे सिर्फ अपनों का दर्द होता ह और यहाँ इस दिल मई इतना दर्द ह की उसके आगे ये घाव का दर्द कुछ नहीं ह”

इतना कह राज रूम की तरफ चला गया पर निचे डॉ ठगा सा मू लेकर उसे देखता रहा और अनिरुद्ध राज के जवाब से अलग हे सोच मई चले गए थे …..दूसरी तरफ दिल्ली से फ्लाइट टेक ऑफ हो चुकी थी मुम्बई के लिए जिसमे कविता और सुनील दोनों मौजूद the….janha कविता बहुत खुस थी तोह सुनील का चेहरा सुनील सिंघानिया की तरह न होकर उस सुनील की तरह था जो 5 साल की उम्र से हे ट्रेनिंग ले रहा था और कितने हे लोगो को जान से मार चूका था पर अभी उसके पास उसकी छोटी बहन थी जो सब बातो से अनजान थी इसलिए वो शांत हे बैठा हुवा tha…usai जबसे मित्युदूत ने न्यूज़ दी थी की क्या हुवा ह वो पहली बार इतना बौखलाया और गुसाई मई था की मुम्बई मई आने वाले दिनों मई बहुत कुछ होने वाला tha….aur राज इन सब से बेखबर था की आगे के 24 हॉर्स मई उसकी जिंदगी मई भयंकर उथल पुथल होने वाली ह….

उधर

जब दुबारा पूनम की नींद खुली तोह राज को आसपास न देख कर वो फिर से पैनिक होने लग गयी….

नर्स — आप शांत रहिये वो कहकर गए थे की दुबारा जल्दी हे मिलने आएंगे अभी उन्हें जरुरी काम था वो चले गए h….apko दुबारा से देखने ए थे पर आप उस्वक़्त बेहोश थी ….

चले गए h….chale गए ह ……चले गए h….ye सब्द पूनम के दिमाग मई गूंजने लगे ….मनो सब कुछ हे दूर चला गया हो उसने टाइम देखा तोह वो पिछले 14 ऑवर से बेहोश थी…….….

मनीष घर पर गुसाई और इर्रिटेशन से भरी हुवी थी “ये लड़की फ़ोन नहीं उठा रही ह क्या कोई गड़बड़ ह मुझे जाकर देखना चाहिए ….कुछ गलत ह वर्ण वो इन्फॉर्म जरूर karti”wo तुरंत ड्राइवर के साथ पूनम से मिलने निकल पड़ी और जल्द हे उसका सक सही भी हो गया जब घर के बहार इतनी सिक्योरिटी को देखा …उसका दिल घबराने लगा कुछ पूछ ताज के बाद जब वो अंदर पहुंची तोह अनिरुद्ध गोस्वामी उसे सोफे पर आराम से बैठे दिखाई दिए ….

मनीषा — अंकल पुलिस सिक्योरिटी सब तीख ह न ..

अनिरुद्ध — पार्टी वाली रात जब आरहे थे तब अटैक हुवा था उसी की वजह से इतनी सिक्योरिटी ह…

मनीषा घबराकर - पूनम तीख ह न …

अनिरुद्ध — वो ऊपर ह …खुद जाकर देख लो…..

मनीषा घबराये मन के साथ उसके रूम मई गयी तोह पूनम को टी शर्ट मई लेता हुवा और ड्रिप लगी हुवी देख कर वो दर गयी…

मनीषा जल्दी से उसके पास आगयी “तू तीख न और ये सब क्या ह प्लीज बता मेरा दिल बैठा जा रहा ह…

पूनम — शांत मेरी bahan…bus यू समजले प्यार के झकम ह ….

मनीषा — शट उप ….प्यार के झकम ऐसे होते ह पेट के ऊपर इतना बड़ा घाव लेकर …और तेरा रूम पूरा हॉस्पिटल बना हुवा ह मुझे बेवक़ूफ़ समझती ह मुझे सच बता प्लीज….

पूनम गहरी सांस चोकर-- याद ह मैंने तुजे कहा था जब वो मिलेंगे मैं सबसे पहले तुजे बताउंगी …

मनीषा — है बोलै था पर उसका तेरी चोट से क्या मतलब…

पूनम — उसके लिए हे तोह झख्म लिया ह

मनीषा — पहलिया मत भुजा यार मेरा दिल पहले हे तुजे ऐसे देख कर बैठा हुवा ….

पूनम — परसो रात हम पर अटैक हुवा था …और फिर…

पूनम धीरे धीरे साडी बात बताता gayiiiii…jisai सून मनीषा कभी डर्टी तोह कभी चौंक जाती …पर धीरे धीरे उसका चेहरा सीरियस होता चला गया….

पूनम — अब samjhi…..ki कैसे क्या हुवा था ….

पर मनीषा ने कोई जवाब नहीं दिया उसका चेहरा बता रहा था की वो गहरी सोच मई घूम ह..

पूनम- क्या हुवा तुजे अब ..

मनीषा ने एक बार उसे देखा और बोली…

“क्या वो गोरा था”

पूनम हां

“क्या उसकी हिघ्त 6 फ़ीट के करीब थी”

पूनम हां

“क्या उसकी आंखे काली थी”

पूनम हआ…

पूनम का हर जवाब मनीषा के दिमाग मई हथोड़े की तरह पद रहा था उसका चेहरा गुसाई से लाल होता जा रहा था…

पूनम- पर तू कैसे ये सब जानती ह ….

मनीषा ने कुछ सोचकर अपनी पॉकेट से फ़ोन निकला और एक फोटो निकली …

मनीषा “ अब आखिरी सवाल क्या वो यही था”

पूनम ने फोटो देखि तोह वो चौंक गयी क्योकि फोटो शामे थी बस अभी उसके बाल स्टाइलिश और हलकी शेव चेहरे पर थी…

पूनम — हां हां बस अभी बाल थोड़े लम्बे स्टाइलिश और चेहरे पर शेव ह….

मनीषसे- हम्म्म्म….

मनीषा तोह हम्म बोलकर रूक गयी पर पूनम के दिल और दिमाग मई बम फटने की तरह आवाज कर गयी

पूनम तू कैसे जानती ह बोलना तू कैसे जानती ह…….. प्लीज यार चुप मत हो जवाब दे मुझे……

मनीषा अभी इतने गुसाई मई थी की उसने कोई जवाब नहीं दिया

मनीषा कब दुबारा कब आएगा वो….

पूनम — पहले ये बता तू कैसे जानती ह उन्हें..…

मनीषा ने कोई जवाब नहीं दिया फिर कुछ सोच कर उसे फ़ोन मई एक फोटो दिखा दी ….

पूनम ने वो फोटो देखि तोह मनो कई बिजलिया सी गिर गयी हो उस par….wo फोटो को धयान से देखे जा रही थी और मनीषा पूनम के चेहरे को ….जिस पर इस वक़्त कितने हे रिएक्शंस आरहे the….kyoki उस फोटो मई मनीषा ने बैठे हुवे राज को पीछे से झुक कर गले मई बांहे दाल कर मुस्कराते हुवे पकड़ा हुवा था और दोनों के हे चारे पर मुस्कान thi…..poonam को इतनी दिएर तोह दर्द नहीं हुवा पर अब जरूर दिल मई दर्द होने लगा था ….दोनों सहेलिया जो थी कुछ हे महीनो मई एक दूसरे के इतने करीब आगयी थी …उन्दोनो मई एक शांति सी चा गयी पर मनीषा पूनम के चारे को हे देखती रही उसने एक सब्द नहीं बोलै तोह …वंही पूनम क्या करे क्या नहीं वो मन हे सोचती रही वो इतनी खुद गरज भी नहीं थी की … अपने प्यार के लिए अपनी हे दोस्त के प्यार पर नज़र रखे पर उसमे मेरा क्या कसूर ….इस कसम कस मई एक ऑवर 2 ऑवर 4 ऑवर बिट गए ….न मनीषा कुछ बोली न पूनम कुछ बोली …..निचे हॉल मई राज चुका था ……जंहा अनिरुद्ध गोस्वामी बैठे हुवे थे …

राज — मैंने अपने 2 आदमी आपको सेफ्टी के लिए लगा दिए ह जो तभी सामने आएंगे जब आप पर बहुत जायदा खतरा होगा …..मुझे अब अपने घर जाना होगा …

अनिरुद्ध — राज तुम तीख नहीं हुवे हो कुछ दिन रूक जाओ ….

राज — ये चोट कुछ नहीं मुझे उन सबको ढूंढ निकलना ह जिनकी वजह से मेरे माबाप मुझसे दूर हो गए ….मेरे पास वक़्त बहुत काम ह …..दादा जी को दिया वडा पूरा करना h….main एक बार पूनम से मिलकर थैंक यू बोलना चाहट्स हु अगर आपकी इज़्ज़ज़त हो…

अनिरुद्ध-- है जरूर राज ….

अनिरुद्ध ने बदले मई सिर्फ इतना हे कहा….

पर राज को क्या पता था जिस साई अब तक वो बचता फिर रहा था वो आज उसे यही हे मिल jayegi……wo bye कहने के लिए दरवाजा खोलकर अंदर गया तोह उसे वंहा नर्स की जगह कोई और बैठी दिखाई दी और उसकी पीठ राज की तरफ थी …….राज ने उसे अवॉयड कर दिया और कहा…

“ मुझे नहीं पता क्यों अपने अपनी जान खतरे मई दाल कर मेरी जान bachayi..par..Ye राज आपका अहसानमंद रहेगा जिंदगी मई कभी भी जब आपके पास रास्ता न बचे एक बार मुझे जरूर याद करना ….अपना धयान रहा अब मैं चलता हु …जिंदगी रही तोह दुबारा मिलकर ख़ुशी होगी….

“ख़ुशी होगी ….गधे कुत्ते …… तू जिन्दा रहेगा तोह खुसी होगी न …“

राज की ये आवाज सुनते हे हवईया उड़ने लगी आखिर ये आवाज उसने 2 साल लगातार सुनी थी वो आधी नींद मई इस आवाज को पहचान सकता था …वो धीरे धीरे उस बैठी हुवी लड़की की तरफ आगे बढ़ा ….और कन्फर्म करने लिए जैसे हे चेहरा देखने आगे आया तोह …

Tadaaaakkk………..ek जोरदार थपड उसके गाल पर पड़ा ….और वो अपने गाल पर हाथ रखते हुवे बोलै “अपपपपप”

मनीषा — टी शर्ट उतरो जल्दी से…

राज - कककक क्यययों…..

मनीषा — तुम्हारी हीमत कैसे हुवी मुझसे वापस सवाल पूछ ने की…

राज बेचारा क्या करता आखिर वो मनीषा को दिल से अपनी भाभी मान चूका था उसने एक बार पूनम की तरफ देखा…

मनीषा —इधर उधर क्या देख रहे हो जल्दी से सूना….. नहीं…

राज ने टी शर्ट उतर दी और उसके सरीर पर दो जगह पट्टी देख कर उसे थोड़ी शांति मिली फिर जल्दी से उसने अपनी पोनी टेल को कास लिया और राज के ऊपर अटैक कर दिया उसके पंचेस और किक्स राज के बाजु पर और फेस पर हे अटैक कर रही थे….

राज मन मई “ इनकी मूवमेंट्स पहले से काफी शार्प हो गयी ह मतलब ये रेगुलर प्रक्टिसे कर रही ह……

उधर पूनम पहले से हे शॉक मई थी अब मनीषसे को इतनी तेज़ी से राज पर अटैक करते हुवे देख देख कर वो पैनिक होने लग गयी

राज — आप पहले से तेज़ हो गयी….

मनीषा ने खींचकर एक किक उसके लेग पर मार्डी

राज — ाऑस्छ्ह आअह्ह्ह मायआ….

राज की आवाज सुनकर पूनम चीक उठी “रूक जा मनीषा”

मनीषा ने एक बार पूनम को गुसाई से देखा और अपने अटैक रोक उसके एक कान को पकड़कर कसकर खिंच दिया …

राज — आयी माँ दर्द होता ह …..आप अभी भी मेरे कान हे क्यों पकड़ती हो….

मनीषा — क्योकि तुम्हे मार का असर नहीं होता ह और वैसे भी मैं हु हे कौन और क्यों लड़ रही तुमसे …रिश्ता क्या ह मेरा तुमसे …….इतना कह उसने कान छोड़ कर मू फेर लिया…

राज — के चेहरे पर मुस्कान आगयी और उसने पहले टी शर्ट पहनी फिर आगे अपने कान पकड़कर खड़ा हो गया ….

पर मनीषसे ने दूसरी तरफ मू फेर लिया…

राज ने मनीषा के दोनों कंधे पकड़कर अपनी तरफ घुमा लिया ….पर मनीषा ने मू दूसरी तरफ कर लिया …

राज — मुझे तोह लगता था आप मुझे सबसे अचे से समझती हो par…..manisha फाई4 भी कुछ नहीं बोली तब राज आगे बोलै ….मतलब वो वेड कस्मै सब झूटी थी…

वेड कस्मै सुनकर पूनम बेचारी की साँसे ऊपर निचे होने लगी…

मनीषा — ी हेट यू ….मेरा तुमसे कोई रिश्ता नहीं ह …..और कहा न मैं हु हे कौन …

राज — आप मेरी सब कुछ हो …आप जो पनिशमेंट डौगी मुझे सब मंजूर ह….

मनीषा की आँखों मई अब धीरे धीरे चमक आगयी पर ये राज को दिख न जाये अपनी आंखे बंद कर li…..raj ने आगे kaha….please अब तोह मन जाओ अब पेअर पकडू इतना कह वो पेअर पकड़ने निचे झुक गया ….

मनीषा के चारे पर मुस्कान आगयी उसने भी तुरंत कहा “ सदा खुस रहो तुम्हारी तपस्या सफल हुवी पर गलती की सजा तुम्हे मिलेगी चलो खड़े हो जाओ”

राज सीधा खड़ा हुवा तोह मनीषा उसके गले लग गयीईइ …

मनीषा — तुम बहुत बुरे ho…..muje सब जानना ह तुम कब से यंहा हो …तुम्हारा फ़ोन क्यों बंद था ..इतने दिन से मुझसे बात क्यों नहीं मिले ..मेरी याद नहीं आयी…..

राज ने मनीषा के हाथ पकड़ा कर उसे बैठाया और एक पानी का गिलास दिया और बोलै “सब बता दूंगा अब मैं यही हु न ”

मनीषा ने पूनम की तरफ देखा जिसके आंसू बाह निकलने वाले हे थे आखिर तब से मनीषा उसे परेशां कर रही थी उसने तुरंत पूनम के सर पर हाथ फिर कर कहा “पूनम इसे तू चाहे मेरा बेस्ट फ्रेंड ……बॉय फ्रेंड ….lover….bhaiiii….jo चाहे समाज सकती ह…..

पूनम बड़ी बड़ी आँखों से मनीषा को देखने लगी …मनीषा आगे बोली

“पर सच ये ह की ये मेरी लाइफ का वो पर्सन ह जो मेरी माँ के बाद मेरी लाइफ का सबसे जरुरी हिस्सा ह जिसके न होना पर मेरे जीवन मई मैं खुसियो की उम्मीद भी नहीं कर सकती हु”

पूनम - पर वो फाइट…

मनीषा — वो इनकी हे सिखाई हुवी ह ये मेरे गुरु भी ह …और यही नीर…..

राज —शांत शांत शांत गदाधारी भीम ….

मनीषा — तू समाज गयी न की ये मेरा क्या ह …..

पूनम क्या हे बोलती उसे रिश्ता समाज नहीं आया पर वो बहुत कुछ समाज गयी thi……abhi सब नार्मल हे रहा था की तभी एक बार फिर जल्दी से दरवाज़ा खुला …और सुनील अंदर आया और सुनील को देखते हे राज ने मन हे मन मित्युदूत को गालिया निकालनी सुरु कर di….wo कुछ बोलता तभी उसके दूसरे गाल पर पांच उंगलिया छप्प gayi…..sunil उसे अवॉयड कर पूनम के पास आया और उसके हाथ को अपने हाथ मई लेकर अपने माथे पर लगा कर बोलै

“ये सुनील सिंघानिया जिंदगी भर आपका कर्ज़दार रहेगा अपने इसकी जान बचाकर मुझे अपना कर्ज़दार बना लिया …

पूनम -प्लीज आप खड़े हो जाईये ……सुनील खड़ा होकर राज को घूरने लगा और बोलै 20 स्ट्रेचेस ए ह न ….इतना केयर लेस्स कैसे हो सकता ह तू ….जो तुजे लड़की बचने आगे आगयी ….

पूनम — वो ….

मनीषा ने स्सह्ह्ह्हह्ह का ईशर कर उसे चुप कर दिया …

सुनील तू अभी के अभी चल और फिर पास पड़ी पत्तियों से घावों को और कवर कर दिया …..

मनीषा — कान्हा …

सुनील — सॉरी मनीषसे जी अभी जाना hoga…par डोंट वोर्री ये आपसे अब रोज मिलेगा ी मैं दिखेगा ये वडा ह मेरा …..

मनीषा से जायदा तोह पूनम खुस हो गयी थी की सुनील की बात सुनकर की वो अब अपनी सोल को रोज देख सकेगी….

सुनील राज को ले गया…….

पीछे

पूनम — ये सब क्या था और ये कौन था अंधी की तरह आया और तूफ़ान की तरह चला गया….

मनीषा — मेरी बहन अब मेरी बात धयान से सून राज मेरा प्यार नहीं ह अब खुस ….दूसरी बात वो इंसान जो तेरे हाथ पकड़कर थैंक यू कर रहा था वो कोई आम इंसान नहीं ह वो सुनील सिंघानिया ह था यंगेस्ट सक्सेस्फुल सीईओ ऑफ़ इंडिया ….और जिसे तू प्यार करती h…tu उसके बारे मई 1 प्रतिसत भी नहीं जानती ह तू क्या इवन मैं भी वो कौन ह उसकी पहचान क्या मैं भी नहीं जानती हु….

पूनम हैरानी से क्या मतलब …..

मनीषा — तू मेरी बहन ह सिर्फ इतना हे कहूँगी “वो एक ऐसा यौद्धा ह जो अपने माँ बाप के कातिलों को ढूंढ रहा ह और उसके लिए अब तक वो लाशो के कितने ढेर लगा चूका ह और कितने और लगाएगा इसका कोई अंदाज़ा नहीं ह वो मुम्बई ह मतलब यंहा सब डिस्ट्रॉय होने वाला ह न पुलिस ना पॉलिटिशियन कोई उसे छू तक नहीं सकता h….tuje क्या लगता ह वो परसो ऐसे हे आगया …बिलकुल नहीं उसे सब पता होता ह की कब क्या होने वाला h….He इस ओने में आर्मी …जिसने अपना बचपन फाइटिंग मई त्रिनेड होने मई लगाया ह और एक बात तुजे जननी बहुत जरुरी ह …उसे प्यार से सख्त नफरत ह …

पूनम का तोह मनो आज इतने सुप्रिसेस सीक्रेट्स पता लगने से हे हालत ख़राब थी वो सब समझने की नाकामयाब कोसिस कर रही थी वो बोली “पर क्यों नफरत ह प्यार से”…

मनीषा ने उसे वही स्टोरी सुनती गयी जो राज ने उसे सुनाई थी बस उसमे उस लड़की का नाम और जगह शामिल नहीं tha….jisai सुनकर पूनम की आँखों मई आंसू थे ….पर कुछ पल बाद उसकी आँखों मई एक सख्त इरादे वाली चमक दिखने लगी तोह

वंही राज अपने बंगल पर पंहुचा तोह मित्युदूत सुनील के पीछे चिप गया पर राज उसे हे घूरता रहा ….

तभी एक लड़की ऊपर भाई कहती हुवी भगति हुवी आयी जिसकी आवाज सुनकर राज ने उस तरफ देख तोह उसके चेहरे के सख्त भाव नरम पड़ते गए ..वो लड़की बहकर राज के गले लग गयी और उसके माथे पर और गालो को पागलो की तरह चूमने लगी राज ने उसे ऊपर उठा लिया दोनों भाई बहन दुनिया को दूर छोड़ कर अपनी हे दिनिया मई खो गए ….जंहा कविता बस रोये जा रही थी …और राज अपनी भीगी आँखों से उसे मुस्कारते हुवा देखे जा रहा था….

कविता ी हेट यू भाई …..एक बार भी मेरी याद … नहीं ईई न …

राज कविता की शिकायतों को मुस्कारते हुवा सुनता रहा वो बस अपनी छोटी सी बहन को अपने सामने इतनी बड़ी देख बहुत जायदा इमोशनल होता हो गया था और उसने उसे अपने सीने से लगा liya…kavita भी साडी शिकायते छोड़ उसके गले लग गईइइइइइइइ….

सुनील-- एक ऑवर हो गया ह ऐसे गले लगे हुवे…

तभी सिमरन ने आवाज दी — लंच रेडी ह ाजाओ…..

राज - चल आज तुजे अपने हाथ से खाना खिलता हु जैसे बचपन मई कहते थे….

कविता ने अपने भाई को अपनी पकड़ से बिलकुल आज़ाद नागि किया था वो राज को पकड़ी हुवी हे साथ चलती रही …राज ने उसे अपने हाथो से खाना खिलाया

सुनील — तुम àबी यही हो कविता इसलिए उसका हाथ छोड़ सकती हो….

कविता-- नहीं भाई वो बात नहीं ह बस बचपन मई भाई के साथ दिन भर खेलती , बात करती, साथ ही सोती थी इसलिए आज वो पल याद आगये ….

राज ने अपनी छोटी बहन को कसकर गले लगा लिया ……और बोलै “ी म सॉरी कब्बू तेरा भाई इतना मजबूर ह की वो चाहकर भी तेरे पास नहीं आसक्त ह क्या पता मेरी नज़र तुजे लग जाये और तू मुझसे फिर से दूर हो जाये”

कविता ने तुरंत राज के मू पर हाथ रख दिया …और बोली “भाई की नज़र बहन को नहीं लग सकती ह ….सुनील भाई ने सब बता दिया ह मुझे …मैं आपके किसी काम के बिच मई नहीं आउंगी आपको जो करना हो वो करो …..मैं आपसे अनजान मिलके हे मिलूंगी ….मैं बस आपको रोजाना देखना चाहती हु…

राज ने सुनील की तरफ देखा तोह…

सुनील —अगर तूने दुबारा आंखे निकली या ऐसे देखा तोह सर फोड़ दूंगा तेरा समजा ….

वंही पीछे …. अननोन प्लेस पर ….

लाशो का ढेर लगा हवस था किसीके हाथ किसी के पेअर कटे हुवे थे तोह किसी के हाथ तोह किसी की गर्दन ….और उनके सामने खड़ा था एक मास्क पहने हुवे शख्स ….जिसके कुछ न बोलने से हे वंहा मौसम गरम हो रखा था और सिवाए लाशो के रखने के सिवाए कोई आवाज नहीं हो रही thi…..par अंत मई उस शख्स का भी साबरा टूट गया ….

शख्स — सिर्फ 24 हॉर्स ह मुझे जानना ह वो शख्स कौन ह ….वर्ण तुम आकर इनके साथ हे खुद को जला लेना वर्ण तुम्हारे परिवार को मैं खुद जिन्दा जलाऊंगा……

इतना कह वो तोह चला गया पर पीछे मौत का सन्नाटा बिखर गया ….

रात मई ….जंहा आज मनीषसे पूनम की केयर और उससे खूब साडी बाते कर रही थी तोह दूसरी तरफ …..कविता अपने भाई की बांहो को बाथरूम जाने के अलावा पल भर के लिए भी नहीं छोड़ा tha…..aur छोड़ती भी क्यों कितने हे सालो बाद वो अपने भाई की बांहो मई जो थी…….

राज ने टेबलेट्स ली …तोह…

कविता-- क्या हुवा ह भाई ….

राज — कुछ नहीं हुवा …अजा सोते ह …जायदा सोच मत ….छोटी मोती चोट लगती हे रहती ह….

कविता — पक्का न भाई ….

राज — उसे बांहो मई लेकर पक्का …….

कविता को सुलाते सुलाते राज को भी गहरी नींद आगयी दोनों भाई बहन बरसो बाद एक दूसरे की बांहो मई सोये the……par सपनो की दुनिया मई भी आज राज को चैन नहीं मिलने वाला था गहरी नींद मई जाते हे उसका दिमाग पहुंच गया परसो रात की हुवी घटना मई………

परसो रात की घटना…..

राज —- तुम कान्हा हो…

अनिर्ध की सिक्योरिटी मई लगा राज का काळा कपड़ो वाला शख्स — मास्टर हम कुछ हे दूर ह उनसे ….

राज — कितने लोग ह….

सामने से- मास्टर करीब 3 दर्जन लोग ह और पीछे के रस्ते ब्लॉक कर दिए गए ह ताकि पुलिस की हेल्प न मिल पाए

राज-- मैं ारः हु जब तक जीने मरने की बात न हो ….तुम सामने मत आना …..

सामने से जी मास्टर….

राज बहार आकर …इधर उधर कोई व्हीकल ढूंढने लगा पर कुछ नहीं मिला वो थोड़ी दूर भगा तोह थोड़ी दुरी पे कड़ी हुवी किसी की पल्सर 180कक को उठा लिया और एक झटके से बाइक हवा मई उछली और रोड पर ट्रैफिक मई राफ्तेर से भाग कड़ी huvi….uske कान मई लगतार जीपीएस साउंड की आवाज आती जा रही थी “ टर्न राइट आफ्टर 50 मीटर्स ,जो स्ट्रैट 1 कम थें टेक सलीगत राइट”

उधर अनिरुद्ध भी अपने बॉडी गॉर्ड के पीछे फाइट के लिए रेडी हो गया था ….उसके 6 बॉडी गॉर्डस के सामने इतने लोगो को देख अनिरुद्ध को अब यकीन हो गया था की उसका आज बचना मुश्किल ह उसने एक बार कार के अंदर पूनम को देखा जो घबराती हुवी बस अनिरुद्ध की तरफ हे देख रही थी…….

अनिरुद्ध के 4 बॉडी गॉर्ड और बुरी तरह अधमरी हालत मई घायल होकर निचे गिर गए और 2 जाने अपनी जान बचने के लिए भाग उठे तोह उन पर दो गोलिया चली और वो वंही ढेर हो गए...

सामने se--Humse उलझने पर तोह मौत हे मिलती ह क्यों अनिरुद्ध गोस्वामी तुजे उस दिन ऑफिस मई कहा था न ….

अनिरुद्ध — वो कमाई मेरी ईमानदारी की ह हराम की नहीं …संथालय मई दे दूंगा पर तुम जैसे दो कौड़ी के गुंडों को नहीं दूंगा समझा ….

सामने से — मेरे पास वक़्त नहीं ह samjha….iske गले मई रस्सी बांधो और लटका दो ………वैसे तेरे साथ एक लड़की भी थी ……

अनिरुद्ध गरजते हुवे हरामखोर अगर मैं जिन्दा बचा यकीं रख तुम सबकी पहचान ढूंढकर तुम्हारे खंडन को अपने इन्ही हाथो से ख़तम करूँगा

सामने से— मारकर लटका दो इसे और गाड़ी मई बैठी उस कुटिया को भी….

अनिरुद्ध को मरने लोग आगे बढे तोह अचानक हे 2 काळा साये उड़ते हुवे दोनों के बिच मई आगये ………

पर तभी वंहा एक आवाज और गूंज गयीईइ…….

“वेलकम मर सभी अपने बहुत इंतज़ार कराया और आप जरूर मर आग होंगे सभी के खास टीम मात मेरे गुरु अक्सर आप दोनों की बात करते ह ….

सभी “ तू और तेरा वो घटिया गुरु यकीं मान तुम्हे जमीं भी नसीब नहीं होने दूंगा…

सामने से मुस्कराता हुवा “वैसे माय सेल्फ सनकी पर लोग मुझे डेथ हेलो के नाम से भी जानते ह बी थे वे मेरी भी आप दोनों के लिए यही फीलिंग ह और उसके हाथ घूमते हे 50 से जायदा काळा साये चारो तरफ से निकल कर आगये …..

डेथ हेलो —- सेशल्ल्य आप दोनों के लिए हे तोह ये प्लान बनाया ह..

पहले खड़े 30 गुंडे और अनिरुद्ध तोह इतने लोगो को देख कर बुरी तरह घबरा गए क्योकि रोड की दोनों तरफ पेड़ो पर जमीन पर सब अटैक की पोजीशन मई खड़े थे ऊपर से निचे तक काली ड्रेस मई ढके huve….xabhi और आग भी सोच मई पद गए क्यों की इतने ट्रैंड किलर से बच कर निकलना बहुत मुश्किल था ऊपर से ये सब स्ट्रेंगत मई भी जायदा थे….

वंही मित्यु दूत भी सिमरन को ड्राप करते हे राज की हेल्प के लिए तेज़ी से निकल गया….

डेथ हेलो — और तुम लोग जल्दी अपना काम निपटाओ वर्ण तुम भी जल्दी हे निपट जाओगे…..

वो सरे अंडरवर्ल्ड के गुंडे अनिरुद्ध को मरने आगे ए तोह ….राज के वो दोनों काळा साये पीछे से तेज़ी से भागकर अनिरुद्ध के सामने आगये…

सभी — तुम कौन हो ….

एक कला साया — हम इनकी सुरक्षा के लिए ह…..

डेथ हेलो ने ये देखा तोह अचानक हे उसकी सनकने लग गयी उसकी गर्दन घूमने लगी और वो चिल्लाया बाकि सबको छोड़ कर इन इनदोनो को भी और सभी और आग को मारकर मेरे सामने लाओ…

सनकी की आवाज सुनते हे भयंकर लड़ाई चीड़ गयी जंहा एक तरफ राज के 2 काळा साये सभी और आग थे तोह दूसरी तरफ 30-34 अंडरवर्ल्ड के गुंडे और डेथ हेलो के 50 किलर्स थे …..सभी और आग के हथियार इतने तेज़ी से घूम रहे थे की साधारण इंसान को तोह उनकी राफ्टर दिख तक नहीं सकती थी और यही हाल अनिरुद्ध का भी था उन्होंने भी इतनी भयानक लड़ाई आज तक नहीं देखि थी और वो अभी ए 2काळा सयो लोगो की बात सुनकर भी हैरान थे की वो दोनों उसकी सिक्योरिटी के लिए ए ह वो उनकी फाइट स्किल्स देख कर और हैरान थे क्योकि वो दोनों अंडरवर्ल्ड के लोगो को गाजर मूली की तरह काट ते जा रहे थे …उन्हें उनके सरीर पर लगने वाले घाव की इंच भर की परवाह तक नहीं thi…….par सामने भी ट्रैंड किलर आर्गेनाइजेशन के किलर्स थे उनहोंने जल्द हे राज के 2 काळा सयो को घेर लिया और एक के पेट के आरपार सोर्ड करदी और एक और सोर्ड दूसरे की पीठ से आरपार हो गयी पर फिर भी वो दोनों लड़ते रहे ….उधर सभी और आग भी बुरी तरह अलग अलग घिरे हुवे थे और वो अपनी तरफ आरही उड़ती हुवे ब्लेड्स को तलवार से ब्लॉक कर रहे थे अब किलर्स आर्गेनाईजेशन के किलर्स करीब आकर उनपर वार कर रहे थे 5-6 वार मई से एक वार उनके सरीर पर लग रहा tha…toh वंही अंडरवर्ल्ड गुंडों का बॉस दोनों राज के काळा सयो के मरते हे कार के करीब आगया अनिरुद्ध ने आगे बढ़ एक पंच उसके मू पर जड़ दिया पर बदले मई उसने कई पंच अनिरुद्ध के चेहरे और पेट मई जड़ दिए …अंदर बैठी पूनम ने अपने बड़े पापा की ये हालत देखि तोह वो कार से उतरने के लिए हिली तोह अनिरुद्ध ने इशारे से न करके मन कर दिया और अपनी आंखे बंद कर मौत को काबुल करलिया. अंदर बैठी पूनम की भी आँखों से आंसू जहर पड़े …..उसने भी बेबसी मई शीशे पर अपने दोनों हाथ पटक liye……par किस्मत मई इनके मौत अभी कान्हा लिखी थी इनकी हिफाज़त तोह वो कर रहा था जिसे मौत भी सामने से चुने की हीमत नहीं करती थी….

बाइक के आने की आवाज धीरे धीरे तेज़ और तेज़ होती गयी अनिरुद्ध को सामने जो लीडर खड़ा था उसने दायी तरफ देखा तोह उससे उसकी तरफ तेज़ी से लाइट अति हुवी दिखाई दी और तेज़ी से उसके पीछे से निकलती हुवी किलर ऑर्गॅनिटिओं किलर्स के कितने हे किलर्स को घसीट टी हुवी साथ ले गयी …तोह पीछे लीडर जब तक कुछ और देखता तब तक एक घुटना ऊपर से उसके सर पर पर पड़ा और उसकी गर्दन अंदर धंस gayi….aur ुअनिरुद्ध को दिखा ब्लैक कोट पंत मई एक नकाब पहना शख्स …..जिसने निचे गिर चुके अनिरुद्ध सिंह को देखा अनिरुद्ध हैरानी से उसे देखने लगे ….

उस शख्स ने अपना नकाब हटाया तोह अनिरुद्ध को इतने हैरानी नहीं हुवे थी जितनी अंदर बैठी पूनम को जिसने अभी अभी राज का चेहरा देख था ……पूनम तुरंत कार से बहार आगयी….

राज-- आप इनका धयान रखिये ….

पूनम बस राज को हे देखती रही राज ने दुबारा अपना मास्क दाल लिया और कोट निकलकर साइड मई फेंक दिया किलर्स आर्गेनाईजेशन के किलर्स को देख कर ..उसे अपने दोस्तों की हालत याद आगयी उसे जंगल की साडी घटना उसके आँखों के आगे से घूमने लग गयी और उसका गुसा अब उस पर हावी होने लगा …उसने दूर जब 2 जानो को इतने किलर्स से गिरा हुवा देखा तोह तुरंत पीछे से उनकी मदद को पहुंच गया और चुपके से जाकर पीछे वाले की गर्दन मरोड़कर सोर्ड अपने हाथ मई ले ली और एक एक कर सबको मरने लगा और जल्द हे सभी और आग पर …बना दबाव काम हो गया अब वो बराबर की तकर मई आगये क्योकि क्योकि अब काफी किलर्स राज के सामने आगये थे …..दूसरी तरफ डेथ हेलो ने जब ये देखा तोह उसकी सनक उस पर पूरी तरह हवाई हो गयी और वो अपनी बैक से सोर्ड निकलकर राज को मरने चल दिया …उधर पूनम की नज़र बराबर राज पर हे थी …जिसे वो कब से ढूंढ रही थी वो अब उसके तीख सामने tha…..uski नज़र जब डेथ हेलो पर गयी तोह वो घबरा गयी क्योकि डेथ हेलो पल पल राज के करीब पहुँचता जा रहा था और पूनम के हिसाब से राज का पूरा धयान सामने की तरफ tha…..isliye उसका दिल जोरो से धड़कने लगा उसके दिल घबराने लगा ….वो जल्दी से कड़ी हुवी और राज की तरफ भागी ….उधर डेथ हेलो जो पूरी तरह सनकी बन चूका था वो गुसाई मई राज को पीछे से अत हुवा देखे जा रहा था ….उसकी आँखों क्रोध से जल रही thi…..tabhi पूनम चीखी “nahiii”sanki की तलवार उठी तभी राज पीछे पलट गया और सनकी के वार को रोक diya…..aur किक उसके सीने पर जड़ दी सनकी कई फ़ीट पीछे घसीट ता हुवा गया उसने एक बार राज को देखा और फिर पलटकर पूनम की तरफ देख आज ये नहीं मारा तोह तू जरूर मारेगी “ कहैछःह” और तलवार उसके पेट के आरपार कर दी….

राज की आंखे क्रोध से जल उठी और सनकी पर कई वार कर दिए तभी …..मित्युदूत की कार घसीट ते हुवे वंहा आयी और उतारते उसने गन से सनकी की तरफ फायर कर दिए पर सनकी तुरंत पीछे की तरफ टेड़ा मेदा राउंड लेते हुवे भाग गया और दूर से राज की तरह गर्दन पर ऊँगली फिर कर मौत की चेतावनी दे दी ….राज ने पलट कर जल्दी इ पूनम को अपनी बांहो मई उठा लिया पूनम उसे मुस्कराते हुवे देख रही thi….raj “ आंखे खुली रखना मैं तुम्हे कुछ नहीं होने दूंगा फिर वो गरजा मित्युदूत … “

पूनम — “ मैंने कितना इंतज़ार किया आपका बहुत दिएर लगाडी अपने आने मई …

पूनम ये सब बहुत धीरे बोल रही थी जो राज को सुनाई तक नहीं दिया उसने एक बार पूनम को देखा जिसकी आंखे खुल और बंद हो रही थी….

राज “तुम्हे कुछ नहीं होगा ….मैं तुम्हे कुछ नहीं होने dunga”jaldi इसे और अनिरुद्ध को तुरंत हॉस्पिटल ले जाओ और वंहा से घर तुरंत हे चाहे जो हो हॉस्पिटल जायदा दिएर मत रुकना जो पीछे ए मार्डन …

इतना कह उसने कार की बैक सीट से अपनी स्वोर्ड्स निकल ली ….अब वो राज नहीं …..निर्वाण बन चूका था ….जो किसी भी अपने को खोने से डरता था जो अपने क्रोध जलाता THA….”JO तड़पता था अपने धुंधमानो को तड़पता था उनकी रूह को”


“ तुम आज सोचेंगे की तुम इस दुनिया मई क्यों ए आज तुम मई से किसी को भी यंहा से जिन्दा नहीं निकलने दूंगा ”

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का .....
 
ी क्नोव थोड़ा लेट हो गए बूत खुद हे रीड करते हुवे टाइम लग गया😁
 
अपकमिंग..... निर्वाण वस डेथ halo...Beast वस बीस्ट

टोम्मारो नाईट 10 पं
 
अपडेट टोम्मारो नाईट ....
 
अपडेट 168….

निर्वाण वस डेथ halo’s सनक

Raj….pahle हे किलर आर्गेनाइजेशन के हमले सा श्रुति अज्जू और अभय, sonali,shiwani को पहुंची चोट से गुसाई मई था अब सनकी की इस हरकत से वो अपने आप से बहार हो गया था …..गुसाई के मरे उसकी सोच पर निर्वाण की दरिंदगी राज पर हावी होती जा रही थी गुसाई से उसके जबड़े कास कर चिपके हुवे the…..usne एक नज़र उठा कर सनकी को देखा जो दूर से खड़ा उसे हे देख रहा tha……dono की आंखे एक दूसरे से मिली …..पर उन्दोनो के बिच खड़े थे कई सरे किलर्स और वो सब गोलिया रुकतरे हे तुरंत राज की तरफ आगये the…..par राज एक तक बस सनकी को हे देखे जा रहा था ….जब एक किलर ने अटैक किया तोह राज ने झुक कर डॉज किया और अपनी सोर्ड को उसके पेट मई गुसा कर पूरी ताकत से ऊपर की तरफ खिंच दिया जिससे उसका पेट ऊपर तक चीरता चला गया और उसकी अंतड़िया बहार आगयी ….पीछे से एक ने चुपके से हमला किया पर राज ने अपनी दोनों सोर्ड को पीछे करके ब्लॉक कर दिया और एक फ्लिप आगे की तरफ करते हुवे पीछे से किक उसके जबड़े पर जड़ दी और पलट कर अपनी सोर्ड उसके सर मई धंसा दी राज को देख कर एक पल तोह किलर्स रुके पर वापस अपनी फार्मेशन मई अटैक के लिए तैयार हो gaye….ye सब दूर से तमाशा देख रहा सनकी भी निर्वाण की उसकी तरफ आने लगा लड़ने के लिए …राज ने आगे खड़े 2 किलर्स पर इतनी फुर्ती से मूव करते हुवे वार किया की वो वॉर को रोकते उसे पहले हे एक की मौत हो चुकी thi…ab तीन किलर्स एक साथ राज पर अटैक करने लगे राज उनके हर वार को रोकताता हुवा उनसे फाइट कर रहा था …उन तीनो के अटैक और तेज़ हो गए ….राज तीनो पर अटैक का एक मौका देख रहा था अबकी बार राइट साइड वाले ने वार किया तोह राज ने पीछे की तरफ जम्प मरते हुवे हे अपनी सोर्ड सीधी उसके पेट की तरफ फेंक दी जो उस किलर के लिए अनएक्सपेक्टेड थी वो सीधी उसके पेट मई घुस गयी बाकि पीछे खड़े और किलर्स राज की तरफ अटैक करने ए तोह सनकी ने उन्हें हाथ के इशारे से सभी और आग की तरफ भेज दिया और खुद राज को लड़ते हुवे देखने लगा उसने अपनी सोर्ड पर लगे पूनम के खून को देखा तोह उसकी आँखों मई खून की प्यास बढ़ गयी और उसकी सनक उस पर हावी होने लगी ये वो सनक थी जिसके निचे लाशो के ढेरो ढेर लग चुके थे जब जब वो डेथ हेलो से सनकी बना था उसने खून की बारिश करवा दी thi..udhar राज का दूसरा साथी मितिदूत भी पहुंच गया था उसकी नज़र राज से मिली तोह राज ने इशारे से उन दोनों शख्स की हेल्प करने को कहा जो चारो तरफ से गिरे हुवे the…mitydoot बेखौफ्फ़ मौत का दूत बनकर टूट पड़ा …और खून की तेज़ गंध आसपास फ़ैल गयी थी..….. राज किलर्स के पीछे खड़े सनकी को देखा तोह उसका गुसा अपने चरम पर पहुंच गया उसने एक बार राइट साइड मूव किया फिर एक बार लेफ्ट मूव किया और सामने वाले की गर्दन को कट कर दिया ….और फिर दोनों किलर्स की तरफ देखा और एक के वार को ब्लॉक किया और दूसरे वाले के सोर्ड फेंक कर सीधा दिल के आर पार करदी अब सिर्फ एक बचा था जिसकी सोर्ड को राज ने ब्लॉक कर रखा था …राज ने उसे अपने हाथ से गले से पकड़कर ऊपर उठा लिया और सीधा जमीं पर पता दिया उसने उसे दूबर ऊपर उठाया और निचे पताका पर उसकी नज़र सनकी पर हे थी और सनकी उसे मुस्कारते हुवे देख रहा था …राज ने उस किलर को किक मार के दूर फेंक दिया और अपनी सोर्ड पीठ पर टांग lii…sanki ने भी हाथ मई पकड़ी अपनी सोर्ड को दूर फेंक दिया फिर बैक मेल लगी इमरजेंसी के लिए राखी गन निकल कर राज की तरफ तान दी पर राज उसे घूरकर देखता रहा फिर सनकी ने गन को उनलोडेड करके राज को दिखते हुवे एक साइड गन की मागज़ीने को और दूसरी तरफ गन को फेंक दिया और अपने दोनों हाथ की उंगलिया खली करके सामने राज को दिखाई और दोनों हाथो की उंगलियों से आने का इशारा किया ……राज ने बिना देर किये सीधे उसकी तरफ बढ़कर राइट हैंड से वार किया जिसे सनकी ने हल्का सा मूव करके अपने लेफ्ट हैंड से ब्लॉक करलिया और राइट हैंड की कोहनी से राज के चारे पर कोहनी की जड़ दी राज 2 कदम पीछे हैट गया ….राज और सनकी की नज़र दुबारा से मिली आपकी बार सनकी ने जम्प करके राज की चेस्ट पर वार किया राज ने अपने दोनों हाथ क्रॉस करके वार को ब्लॉक किया पर किक के प्रेशर से पीछे कई कदम खिसकता चला गया …..सनकी के चारे पर क्रूर भाव आगये उसने पहले राइट फिर लेफ्ट लिया राज को लगा पंच से पेट पर वार करेगा पर सनकी ने लेफ्ट लेग का सपोर्ट लेकर राइट किक बहुत तेज़ राज की चेस्ट पर किक मारी जिसे राज कई फ़ीट पीछे जाकर गिरा ….और गिरते हे एक झटके से खड़ा हो gaya…..aur सनकी की तरफ देखने लगा….

सनकी —-क्या हुवा माशूका का दुख हो रहा ह …

निर्वाण ने कुछ नहीं कहा पर इसकी मुठिया कास गयी उसने एक पेअर को जमीन जोर से पुश किया और सीधा सनकी के आगे उतर गया …..और राइट पंच का तेज़ वार किया जिसे सनकी ने ब्लॉक करलिया पर सनकी को सुप्रिसे मिला राज की लेफ्ट किक से क्योकि राइट पंच तोह फेख पंच था लेफ्टकीक के पढ़ते हे सनकी को तेज़ दर्द हुवा वो भी कई कदम लेफ्ट साइड खिसकते चला गया ….

निर्वाण - वो कौन ह मैं नहीं जनता पर तुजे उसे बिच मई नहीं लाना चाहिए था…

सनकी “ सच मई “

निर्वाण — सच …है है है सच ये ह मुझे तुजे तड़पना h…..tadpana ह तेरी रूह को….

निर्वाण ने वार किया तोह सनकी ने अपने हाथ को घुमाया ….राज की दर्द से अह्ह्ह्हह्हह निकल गयी राज पीछे हटा तोह उसकी राइट चेस्ट मई नाइफ घुसा हुवा था….

सनकी ने अपने दोनों हाथो की उंगलियों फिर से घुमाया तोह एक हाथ मई नाइफ आगया और उसने राज के पेट की तरफ मारा दिया निर्वाण ने उसके हाथ को पकड़ लिया सनकी ने नाइफ छोड़ा और दूसरे से हाथ से पकड़कर निर्वाण की चेस्ट पर कट मार दिया राज की वाइट शर्ट पूरी तरह से लाल हो गयी ……

निर्वाण के चेहरे पर क्रूर मुस्कान आगयी जिसे देख सनकी भी एक बार तोह हैरान हुवा ….. “चल खेल बहुत हुवा”

इतना कह निर्वाण तेज़ी से आगे बढ़ा और एक किक डेथ हेलो की तरफ मार दी जिसे डेथ हेलो कई कदम पीछे हैट गया पर जब तक वो सम्भलता निर्वाण का राइट घुटना उसकी चेस्ट पर लगा जिसे वो कई फ़ीट उड़ते हुवे पीछे खड़े पेड़ से टकरा गया …..निर्वाण ने तेज़ी से कदम आगे भदए और एक राइट पंच डेथ हेलो के मू की तरफ मार दिया ..डेथ हेलो स्ने साइड मई लुढ़क कर निर्वाण के वार को डॉज कर diya…..death हेलो ने खड़े हो कर अपने मू से खून थूका और बोलै “इम्प्रेससिवे ….तुम पहले हो जिसने आज तक इतनी दिएर तक मुझसे फाइट करि ह”

इसके रिएक्शन मई निर्वाण ने उसे देखा और कहा “मुझे तेरी रूह चाहिए” इतना कहा उसने एक साथ कई लेफ्ट राइट करके पंच डेथ हेलो पर किये जिसे डेथ हेलो ब्लॉक करता गया …इन दोनों के वॉर एकदूसरे पर इतने तेज़ हो रहे थे की बाकी भी इन दोनों को फाइट देखने लग गए थे …..

मितिदूत “ मुझे नहीं पता था की मास्टर की फाइट स्किल्स इतनी भयानक ह”

सभी और आग एक दूसरे की तरफ देख कर “ ये कौन ह जो हमारी मदद कर रहा ह”

इधर डेथ हेलो और निर्वाण का पंच एक दूसरे को एक साथ पड़ा जिसे दोनों दूर पीछे उड़ते हुवे गिरे …..और एक साथ हे खड़े हो गए और एक दूसरे की तरफ भागे निर्वाण ने

डेथ हेलो को झुक कर ऊपर उठालिया और तेज़ी से पीछे फेंक दिया ……डेथ हेलो के सर से खून निकलने लगे ….उसका गुसा भी अपने चरम पर था ….निर्वाण के जायदा खून निकलने से कमजोरी दिखने लगी थी ….वो तेज़ी से डेथ हेलो की तरफ फिनिशिंग अटैक करने के लिए भाड़ा क्योकि अब उसे पता था की वो अब और जायदा दिएर नहीं लड़ पायेगा ….उधर डेथ हेलो गुसाई मई बुरी तरह उफान रहा tha….wo निर्वाण को हर हॉलमै मई मरना चाहता tha….dono एक दूसरे की तरफ बढे ….दोनों के पंच एक दूसरे से टकराने वाले थे तभी एन्ड मौके पर निर्वाण ने अपनी चेस्ट मई धनशा निफे बहार निकला और लेफ्ट हैंड से नाइफ को डेथ हेलो की चेस्ट के अन्दर तक घुसा दिया ….इधर डेथ हेलो का पंच निर्वाण को लगा वो दूर जाकर गिरा …किलर्स आर्गेनाईजेशन के किलर्स नाइफ डेथ हेलो को लगा देख कर जल्दी से स्मोक बम फेंकने लगे …..

निर्वाण की आंखे डेथ हेलो की तरफ हे थी और डेथ हेलो अपने किलर्स के सहरे खड़ा होकर दर्द से दन्त पीसकर निर्वाण को देख रहा था ….वो वंही से गुसाई मई निर्वाण की तरफ बढ़ा तोह किलर्स आर्गेनाईजेशन के किलर्स ने उसे पकड़ लिया स्मोक बम के धुंवे से हे डेथ हेलो चिल्लाया “डेथ हेलो से आज तक कोई नहीं बचा ह तू मरेगा “

निर्वाण की सरीर से खून निकलने की वजह से वो एक घुटने पर बैठ गया पर उसकी आँखों मई अभी भी खून की प्यास थी उसने धुवे मई गायब हो रहे डेथ हैल्लो की तरफ देखा और पूरी ताकत से उसकी तरफ भगा …और खून उस धुंवे मई फैलता गया ….मित्युदूत को अपने मास्टर की फिक्र थी इसलिए उसने सभी और आग को जाने का इशारा किया वो भी जल्दी से मास्टर के पीछे गया ….कुछ पल बाद जब स्मोक थोड़ी सी हटी तोह निर्वाण सोर्ड के सहारे घुटनो पर था उसके चारो तरफ किसी का हाथ तोह किसी की गर्दन तोह किसी का पेअर पड़ा हुवा tha…..wo वंही से चीखा “ जिस दिन तू निर्वाण से दुबारा से मिलेगा वो दिन तेरा या मेरा आखिरी दिन होगा” उसकी आंखे स्मोक भी डेथ हेलो को ढूंढ रही थी पर उसे कुछ नहीं दिखाई दिया उसकी आंखे धुंधली होने लगी और उसी धुंधली आँखों से स्मोक मई निर्वाण को दिखा एक मुस्कराता हुवा चेहरा जो उसे हे देखे जा रहा था निर्वाण जिसका चेहरा क्रोध की अग्नि से धधकता रहता था उस चेहरे को देख उसके चेहरे पर पहली बार मुस्कान आगयी उसने अपना हाथ उस चेहरे को चुने के लिए भधय तोह…. अचानक हे एक सोर्ड उस प्यारी सी मुस्कान वाली लड़की के पेट से आरपार आती उसे दिखाई दी ….जिसे देख उसके चेहरे पर दर्द के भाव आगये उसे खोने के दर से वो गुसाई और दर्द से तिलमिलाने लगा इधर राज को नींद मई ऐसे हिलते बैचैन होने से कविता की नींद टूट गयी ….अपने भाई को यू नींद मई तड़पता हुवा देख वो घबरा गयी वो राज को आवाज को देने लगी “ भाई क्या हुवा भाई उठो भाई ”इधर नींद मई निर्वाण “ मैं तुम्हे कुछ नहीं होगा ….मैं तुम्हे कुछ नहीं होने dunga”…par उस लड़की के चारे पर दर्द मई भी मुस्कान थी ….और उसी मुस्कान मई उसने दम तोड़ दिया और निर्वाण भी नींद मई हे चीक पड़ा “Nnnnaaaahhhhiiiiiii”cheekte हुवे बैठ गया

कविता — भाई भाई भाई क्या हुवा आपको

राज “ कौन हो तुम”

कविता भाई bhai….koun कौन ह

राज होश मई आते हुवे कविता की तरफ देखा और बोलै पानी…..

कविता झटके से कड़ी हुवी और गिलास मई पानी डालकर राज को दे दिया और अपने भाई के चेहरे पर ए पसीने को साफ़ करने लगी ….

कविता — बुरा सपना देखा क्या अपने…

राज —- कविता को अपने गले लगते हुवे …. “है बुरा सपना था मैं तीख हु”

कविता कुछ नहीं बोली पर वो अपने भाई की ये हालत देख समाज रही थी की उसके भाई की जिंदगी आसान नहीं रही hogi….usne राज से अलग होकर उसके सर को अपनी गोदी मई रख लिया और बचपन की तरह सर को सहलाने लगीई …जिससे राज को कुछ हे ढेर मई गहरी नींद agayi…..apne भाई को यू चैन की नींद सोते देख उसकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू आगये….. “मैं हमेसा हर मुसीबत मई आपका साथ दूंगी भाई मुझे पता ह आप मुझे कभी अपना दर्द नहीं बताओगे …पर आपकी ये बहन आपके साथ रहेगी और हमेसा रहेगी”

ये कहते हुवे वो भी अपने भाई के पास उसके सीने से लगकर सो गयी…..

सुभे ….राज ने कविता को उठाया और उसे फ्रेश होने के लिए कहा और खुद निचे आगया जंहा सुनील ब्रेकफास्ट कर रहा tha….raj को अपनी तरफ घूरते हुवे आता देख वो गुसाई से उसे देखने लगा…

सुनील — तुजे मार कहानी ह तोह ऐसे हे बोलदे …..यू आंखे मत फाड़ समझा

राज उसे घूरते हुवे सामने बैठ गया ….

सुनील — तेरी वजह से श्वेता मुझसे बात नहीं करती ह ….सोनाली bhaaa….sonali बहुत गुसाई मई नाराज हो गयी ह …..और तोह और वो शिवानी मम …गालिया देती रहती ह गन्दी गाण्डीय….. दीपिका दी मुझसे बात करना तोह दूर हॉस्टल मई हे शिफ्ट हो गयी h….aur कविता इस ने ….इतना इमोशनल किया की सेल मैं खुद को और नहीं रोक सकता पाया ….समझा और चू सेल मुझे घर रहा ह आंखे दिखा रहा h….tu मिल सबसे …तेरे चेहरे को थपेड़ो से ऐसा कर देंगी की बन्दर के पिछवाड़े मई और तेरे चेहरे मई ट्रस्ट में कोई फर्क नहीं कर पायेगा जो कंही से लाल कंही से कला होगा और जस्ट इमेजिन तू इनमे से किसी को भी पलटकर जवाब नहीं दे सकता ह न रोक सकता ह …..

राज के सरीर मई जहर झूरी सी दौड़ gayiiii…aur वो बोलै “बात तेरी भी सही ह पर तू जनता ह न अगर मैंने बात की तोह मैं उन्हें आने और मिलने से खुद को रोक नहीं पाउँगा

सुनील — वो मुझे नहीं पता मैं पगले हे बहुत पिट चूका हु सबसे पर तू ये सिमरन नाम की इस खूबसूरत बाला को घर पर रखा ह अगर ये बात सोनाली और श्वेता को पता चली तोह ….तू समाज रहा न ….

तभी ऊपर की एक तरफ की सीढ़ियों से सिमरन टी शर्ट और शॉर्ट्स मई निचे आरही थी तोह एक तरफ से कविता निचे आरही thi….raj सुर सुनील ने उन्दोनो को देखा और फिर एक दूसरे की तरफ देखा😯😯😯🤦 और दुबारा उन दोनों को देखने lage…..aur यही हाल शामे कविता और सिमरन का था दोनों हे एक दूसरे को देख कर ऊपर से तोह मुस्करायी पर अंदर हे अंदर एक दूसरे की खूबसूरती से जल uthi….kyoki जंहा सिमरन इंडिया की टॉप यंगेस्ट हॉट एंड ब्यूटीफुल मॉडल्स मई से एक थी तोह कविता खूबसूरती मई उसकी बराबर की thi….aur लड़की लड़की की खूबसूरती को देख 🙄जले बिना रह हे नहीं सकती ह ……निचे राज और सुनील आँखों की इस लड़ाई को आसानी से देख सकते the…..par मुसीबत यंहा ख़तम थोड़ी हे होने वाली थी 🤣🤣🤣ये तोह सुरुवात थी ….कविता जो अभी गुसाई और जलन से अंदर हे अंदर जल रही थी …उसके जले पर नमक छिड़कने तीखी मिर्च अनु आगयी …उसके चलने से आरही tap….tap….ki आवाज से सबका धयान उधर गया तोह राज ने अपना🤦🤦 सर पिट लिया और सुनील हैरानी 😳से राज को तोह कभी अनु को देखने लाग्स क्योकि अनु ने इस वक्त एक स्कर्ट और टॉप पहन रखा था जिसमे उसकी गोरी टाँगे और 34 के बूब्स पर्फेक्ट्ली दिख रहे the….anu ने जब राज के तीख बगल मई एक बेहद खूबसूरत लड़की को टी शर्ट और शॉर्ट्स मई देखा तोह वो अंदर 🤯😡तक जल उठी और बोली….

अनु-- 2 दिन से तुम्हे ढूंढ रही हु 🤬🤬…..पर तुम्हे अपनी गफ से फुर्सत हे नहीं ह उस रात तोह पार्टी मई बड़ा कह रहे थे की तुम्हारे लिए हे पार्टी मई आया हु और अब…. खैर कॉलेज के क्विज कम्पटीशन का दिन आगया ह समझे मिस कोल्ड ब्यूटी रजनी मम तुम्हे ढूंढ रही ह और तुमसे बहुत गुसा ह अब देते रहना जवाब उन्हें ….

राज जितनी दिएर अनु बोलती रही मन मई बोलता रहा 🙏🙏🤫“मेरी माँ कुछ उल्टा पुल्टा मत बोल देना ….प्लीज please…satayanash तेरा बेडा गर्ग कर दिया ……अब तोह chupp🤫…hoja …क्या खाया था तेरे बाप ने उस रात ….बस कर मेरी maa….bus……ab ..toh…gaya main…ab ये कविता दिव्या माँ को सब बता देगी फिर सोनाली फिर शिवानी फिर दीपिका दी और वो तीखी मिर्च shweta….bhaaddhhh मई गया mission…jinda हे नहीं रहूँगा अब…

तोह इधर सुनील 🤨राज को घूरते हुवे मन मई “वाह बेटे 2 ख़ूबसूरत बलए एक घरवाली तोह एक बाहरवाली और दोनों की आँखों मई एक दूसरे के लिए जलन ….ये यंहा मौज मई ह रूक मैं हे सोनाली भाभी को बताऊंगा अब तोह”

तोह कविता मन मई “ हम्म्म इतनी साडी गोपिया हे भगवन ऊपर से इनदोनो की मुझे देख कर जलन मतलब भाई को पसंद करती ह”

राज ने सबको देख और फिर बोलै🤫🤫🤫🙏🙏🙏 “चुप हो जा मेरी माँ बस कर अब मेरी भी सुनले …या अपनी हे गए गई…

अनु---🙄 हूउउ तोह बोलो न मैंने कौनसा तुम्हारे मू पर हाथ रखा हुवा ह ..

राज — ये सुनील सिंघानिया ह मेरे दोस्त और ये उनकी सिस्टर ह मिस कविता कल हे दिल्ली से ए ह ये हमारे हे कॉलेज मई पढेंगी उसी के एडमिशन के लिए ह ….

अनु — तोह पहले नहीं बोल सकते थे …..

राज हैरानी से “ वंहा 100 मेटेरे दूर से सुरु हो गयी थी तुम बोलने दिया मुझे ….स्पीकर भी तुम्हारे आगे फ़ैल ह …

अनु — हुऊ परसो टूर पर जाना ह आज रजनी मम का ऑफ ह उनसे घर जाकर मिल लेना समझे ..और परसो मेरे साथ हे चलना …..मैं पिक करलूँगी तुम्हे bye…

राज हाथ🙏🙏🙏 जोड़कर जो हुकुम आपका देवी जी….

अनु पीछे मुड़ी और स्टाइल से बहार चली गयी….. आग तोह वो लगा हे चुकी थी…..

सिमरन — ाचा राज मैं कल शाम को हॉस्पिटल के लिए निकल जाउंगी जाउंगी …..

राज — आप सुनील से कांटेक्ट मई रहना ये आपको वंहा का एड्रेस और किनसे मिलना ह सब बता देंगे और दिल्ली मई कभी कोई भी हेल्प चाहिए हो आप इनसे मिल लेना…

सुनील — वैसे पौंआ मैं भी हॉस्पिटल जुआंग प्रोजेक्ट के लिए तोह इन्हे साथ ले जाऊंगा….. एडवरटाइजिंग नई प्रोजेक्ट सब देखना ह काफी चंगेस करने h…..tu तोह पगले हे मन कर चूका ह…

राज फिर से सुरु मत हो जाना … आज एडमिशन करवा देना कविता का पर कविता ….

सुनील-- मुझे पता ह और तेरे साथ नहीं रहेगी ये मनीषा के घर रहेगी ….समझा तेरे साथ मैं इसे रहने भी नहीं देता …..तेरा न अत ह न पता ह….

राज ने कविता के सर पर हाथ फेरा …और बोलै बस इसलिए तेरा भाई तुजसे मिल नहीं सकता ह मेरे दुश्मन कौनसा कान्हा बैठा हुवा ह और कब वार करदे मुझे भी नहीं पता ह …..

कविता -कोई बात नहीं मैं आपको देखकर हे खुस हु मैं भाई के साथ मनीषा दी के घर चली जाउंगी …..

सुनील तोह तीख ह छोटी तू नाहा ले हम निकलते ह वर्ण इसके भरोसे तेरा एडमिशन नहीं होगा…

सिमरन — फिर मैं ब्रेकफास्ट रेडी कर लेती हु सबके लिए ….

कविता के जाते हे सिमरन बोली -आपके चाहने वाले बहुत ह खासकर लड़किया श्वेता सब बता चुकी ह मुझे…..

राज के तोह ये सुनते हे तोते उड़ gaye…usne अपने सर पर हाथ मार liya….aur सिमरन उसे हँसता हुवा किचन से देखती रही….

एक तरफ राज कोल्ड ब्यूटी मिस रजनी के घर की तरफ निकल गया तोह सुनील मनीषा के घर की तरफ निकल गया उसने अपने साथ खूबसरे फ्रूट्स और स्वीट्स ले लिए थे…..

कविता — भैया ये मनीषा दी भाई की क्लासमेट थी न .

सुनील — वो उसकी बेस्ट फ्रेंड भी ह …..उसने श्वेता को बचने के लिए गोलिया भी खायी ह सो ….उनसे हमेसा रेस्पेक्ट से बात करना ….राज भी उनकी बहुत बहुत इज़्ज़त करता ह …

कविता — ok ी अंडरस्टैंड ….मैं धयान रखूंगी…..

सुनील सर पर हाथ फेर कर गुड गर्ल..

दोनों ने जब घर के बहार सिक्योरिटी को इन्फॉर्म किया तब मनीषा बहार खुद रइवे करने आयी ….और सुनील को देख कर ही किया और बोली “वो गधा कान्हा ह”

सुनील - वो पढ़ाई के काम से गया हुवा…

मनीषा-- पढायीईइ….

सुनील घर के अंदर सोफे पर बैठते हुवे बोलै इसका मतलब आपको कुछ नहीं पता ह…..

मनीषा कन्फूसिओं भरी आँखों से उसे देखने लगी तोह सुनील मुस्करा कर बोलै “वो आपके हे तोह कॉलेज मई ह

मनीषा छीकते हुवे “क्याआ…..”

सुनील को राज की पिटाई करवानी थी इसलिए उसने और आग लगाने की सोचली और बोलै “मुझे लगा था आप उसकी बेस्ट फ्रेंड हो तोह इतना तोह आपको पता होगा पर अपने तोह उसे कल हे देखा ह …सो साद आपको कैसे पता होगा”

बस फिर क्या था मनीषा की हाथ की मुठिया कास गयीईइ और वो जवाला मुखी की तरह उबलने लगी और धीरे से बोली “गधा कंही का मेरे हे कॉलेज मई होकर मुझसे नहीं मिला मतलब उसे सब पता था की मैं कौनसे कॉलेज मई हु इतना बड़ा धोखा …छोडूंगी नहीं उसे मैं” फिर सुनील से और ये कौन ह…

सुनील — अरे ु किडिंग….

मनीषा — No ी म नॉट…

सुनील-- सो व्हाई डोंट यू क्नोव हेर…

मनीषा — मुझे क्या पता…

सुनील — ये आपके बेस्ट फ्रेंड की छोटी बहन कविता ह….

कविता — ही डीई….

मनीषा — what……ye कविता ह ओह माय गॉड ये तोह फोटो से बिलकुल अलग ह पहले इसके छोटे बाल थे और अब तोह ये पारी बन गयी h….aur इतना कह उसे खड़े होकर गले लगा लिया…

कविता — डीई वो एक ड्रामा की फोटो भेजी थी श्वेता दी को बाल तब भी लम्बे थे वो तोह छोटे दिखा रखे थे ड्रामा की वजह से….

मनीषा उसके गाल खींचते हुवे सो स्वीट ये कितनी प्यारी ह ……

सुनील — ये बहुत इंटेलीजेंट भी ह क्लासेस जब करते हुवे डायरेक्ट फर्स्ट ईयर तक आगयी h…..aur अब आपके साथ हे रहेगी …ये आपके बेस्ट फ्रेंड ने हे कहा ..

मनीषा — ाचा किया उस नालायक ने अब जब इसे मिलने आएगा पिटेगा mujse….aur अब मुझे भी घर पर अकेला नहीं रहना पड़ेगा…….

इधर राज रजनी मम के घर पहुंच गया …रजनी गेट ओपन किया तोह बहार राज को देख वो बिना कुछ बोले हे अंदर चली gayi….Raj भी पीछे पीछे दूर क्लोज करके अंदर agaya…..rajni सोफे पर बैठी तोह वो भी सामने बैठ गया…..

रजनी — अब बोलोगे या ऐसे हे चुप रहोगे…

राज — हम्म्म ये समाज लीजिये जैसे उस दिन जो अपने देखा था वही सब कर रहा tha….aur थोड़ी चोट लग गयी thi…..ab आपसे मिलने के बाद डॉ के पास हे jaunga…..dubara ड्रेसिंग के लिए…..

रजनी जो अब तक गुसा थी वो गुसा छोड़कर चिंतित होते हुवे boli…kya हुवा कान्हा लगी दिखाओ..

राज-- सब तीख ह….

रजनी — तुम मेरे साथ चलो ड्रेसिंग करने पहले ड्रेसिंग जरुरी ह….

राज — पर …

रजनी — फ़िलहाल मैं तुम्हारी दोस्त हु और दोस्त को इस दोस्त की बहुत परवाह ह वो तुरंत रूम मई गयी और जीन और टॉप पहन के आगयी जिसमे उसकी नाभि और गोरी पतली कमर साफ़ दिख रही थी…

राज उसे देखता रह gaya…..apni और राज को ऐसे घोरता देख कर रजनी ने अपनी ड्रेस देखि और पूछा “अछि नहीं ह”…

राज मुस्करा कर आप सच मई बहुत खूबसूरत हो ….

रजनी के तोह मनो पंख हे लग गए हो …उसने राज का हाथ पकड़ा और कार गर्रिअगे की तरफ जाने lagi…….raj बस उसके साथ चलता रहा ….जब दोनों क्लिनिक पहुंचे तोह वंहा डॉ फीमेल हे थी राज पहले हे रजनी के सामने टी शर्ट ओपन करने की सोच कर झिझक रहा था अब तोह फीमेल डॉ भी सामने थी…..

डॉ — इतना तोह लड़किया भी नहीं शर्माती ह फिर रजनी की तरफ देखकर “क्या तुम अपनी गफ के सामने भी टी शर्ट खोलते वक़्त इतना शरमाते ho….ya आज कुछ स्पेशल ह…

राज क्या बोलता की रजनी उसकी गफ नहीं h….usne बिना कुछ कहे अपनी टी शर्ट ओपन करदी…

डॉ की भी आंखे उसकी बॉडी देख चमकने लगी …फिर पत्तिया हटाई तोह स्ट्रेचेस देख रजनी दर गयी और डॉ भी बोली “ इतने स्ट्रेचेस कैसे ए तुम्हे ये ऐसे हे तोह नहीं ए ह”

राज क्या हे बोलता पर वो सच भी नहीं बोल सकता था इसलिए बोलै “सच बता रहा हु ी होप आप किसी को नहीं बताएंगी मेरी गफ के साथ कुछ गुंडे जबरदस्ती कर रहे थे इसलिए उसे बचने मई ये घाव ए ह मुझे पुलिस केस नहीं चाहिए था ”

फीमेल डॉ-- ok….phir रजनी की तरफ देख कर तुम खुसनसीब हो की तुम्हरा बर्फ ाचा ह जो तुम्हारी इतनी केयर करता h…isliye तुम्हे भी अपना प्यार दिखते हुवे इसकी पत्तिया करनी चाहिए ताकि इसे पैन काम हो…

रजनी - राज का झूट समाज गयी थी पर राज के लिए दिल मई सॉफ्ट कार्नर तोह था हे उसके दिल मई इसलिए उसने अपने सॉफ्ट हैंड से बिना झिझके उसके घाव की पत्तिया डॉ की गुइडेन्स मई चेंज कर दी …..

डॉ — ये पत्तिया और ये दवाईया ले लो हर दूसरे से तीसरे दिन पत्तिया चेंज करना और 10 दिन बाद चेक उप करके टांको को कट कर देंगे हम …..और है इस कंडीशन मई no फिजिकल रिलेशन शिप कुछ दिन पेशेंस rakhe…streches पर जोर आएगा….

रजनी तोह शर्म से पानी पानी हो गयी वो बस “पर मैं” इतना हे बोली …..

राज — ok डॉ मैं धयान rakhunga…no फिजिकल relation…..thank यू….

रस्ते मई रजनी कुछ नहीं बोली …

राज — टूर पर कब जाना ह …

रजनी-- परसो और मैं भी होउंगी टीम के साथ …. जिसे तुम्हे अनु के करीब जाने मई हेल्प होगी…

राज — वो कैसे…

रजनी-- तुम्हारी उससे दोस्ती भी नहीं हुवी ह पूरी तरह मैं तुम दोनों को अकेला रहने का मौका दूंगी ताकि तुम उसके और करीब ..जा सको…

राज — अकेले तोह वो कई बार मेरे घर भी होती h….hum अकेले हे होते ह उस वक़्त भी…

रजनी झुंझलाकर इडियट ….प्यार की बाते करो …गले लगाओ किश करो …..उसके दिल को चुवे ….

राज को दिल को छुवो सुनकर वो पल याद आगया जब उसने अनु के बूब्स पकड़ लिए थे …….

रजनी —- जब मेंटली और फैसिकालय वो तुम्हारे प्यार मई होगी तब तुम जो बोलोगे वो सब karegii…ab फैसिकालय मतलब समाज रहे हो न या वो भी नहीं पता ह….

राज — दूसरी तरफ देख कर पता ह मुझे …आप ssseeeexxx..ki बात कर रही हो…

रजनी — बड़ी शर्म आरही ह जब डॉ कह रहा था तब बड़े मेरे बर्फ बनकर दवाई लगवा रहे थे मुझसे ….

राज — तोह कौन इडियट होगा जो आपसे नहीं लगवायेगा ……

रजनी — मतलब मेरा पास आना ाचा लगता ह तुम्हे ….

राज — wo….ye….maine ..ऐसा तोह नहीं कहा ….

रजनी — राज के चेहरे पर ऊँगली घुमा कर तोह फिर कैसे कहा…..

राज के चेहरे पर पसीने आने लगे …..पहाङी पानी पीना ह….

रजनी —- जोर से खिलखिलाकर हंस पड़ी और राज के गाल को प्यार से चुम liya…..tum बहुत स्वीट हो राज……

राज — रजनी को देखने लगा…..

रजनी जीन्स मई किचन की तरफ जाते हुवे बोली …..लड़की का मन और तन जिस दिन जीत लिया वो तुम्हारे लिए कुछ भी करेगी ….और ये जब होगा जब वो दोनों सहमति से तुम्हे दे मन भी और तन भी …ये बात हर लड़की पर लागु होती ह…..

राज — झिझकते हुवे पर सेक्स ….

रजनी — प्यार मई शादी हे हो लास्ट मई ये कंही लिखा नहीं ह राज ..फिर खुद से बोली जैसे तुम और मैं चाहा कर भी एक नहीं हो सकते h…….phir जोर से …जो होता ह वो दोनों की सहमति से होता ह राज प्यार पाने का हे नाम नहीं ह कभी कभी उसमे सब पाकर भी खोना पड़ता ह…….

राज — आप इतनी गहरी बाते भी बोलती हो …..

रजनी कॉफ़ी बनाते हुवे “ हर लड़की का एक खवाब होता ह …..समझे mr…abhi तुम मेरे दोस्त हो और वो भी स्पेशल वाले तुम वो पहले लड़के हो जो मेरे घर ए हो….

राज — ok….Thank यू ……..सो मच…

रजनी-- सो लंच karoge….main खाना ाचा बनती hu….kya खाओगे ..

राज —- वैसे मुझे अल्लू के परांठे बहुत पसंद ह आज घर का खाने की मेरी भी ीचा ह ….

रजनी — ok तोह तुम और सिर्फ मैं …..

राज — मुस्कराकर इरादे नेक ह न …

रजनी — उस रात जब मुझे गुंडों से बचाया था और मुझे ब्रा और पंतय मई देखकर भी तुमने मेरी इतनी रेस्पेक्ट और केयर की थी ये घर रेंट पे ावेलिएबले करवाया …. तोह मुझे मेरे इरादों पर सक हो सकता ह पर तुम्हारे पर nahi….aur वैसे भी तुम और मैं हे घर मई तोह मुझे तोह कोई दिकत नहीं ह अगर तुम हो तोह ….इरादे नेक न हो तोह मुझे कोई दिकत नागि ह….

राज को यूउ आंखे फाड़ता देख रजनी आगे बोली “ाचा ये बताओ मुझे वंहा घुमाओगे बिलकुल बर्फ की तरह no मम no टीचर ok”

राज — जो हुकुम आपका …..किसी लड़की ने कहा था खूबसूरती को मन नहीं करना चाहिए ….

राज की इस बात पर दोनों हंस पड़े ……

लंच फिनिश कर राज ने रजनी को थैंक यू कहा तोह ….

रजनी बोली ऐसे नहीं फिर राज के बेहद करीब आकर उसकी आँखों मई देखकर अपने गाल आगे करती हुवे बोली यंहा पर थैंक यू दो आज इसी से काम चला लुंगी राज ने जल्दी से उसके गाल पर किश दी और निकल gaya…piche रजनी मुस्कराती रह गयी उसके चेहरे पर सच्ची मुस्कान थी जो कितने सालो बाद आयी थी…..

तोह मुम्बई मई कंही अंडरवर्ल्ड की कॉन्फ्रेंस मीटिंग मई..

विक्टर गुसाई से उबाल रहा था-- तुम मई से कोई बताएगा की क्यों किसी को नहीं पता ह की वंहा इतनी लाशे कैसे बिछी कौन थे वो लोग जो किलर्स आर्गेनाईजेशन और हमसे भीड़ gaye…….aur हमारा एक भी आदमी जिन्दा नहीं बचा क्या तुम लोग इतने नाकारा बन गए ho….tum सबको पता ह हम सब लोग किलर्स आर्गेनाईजेशन के रहम पर पालते ह …………

सभी को चुप देख कर …..विक्टर चीखा-- अब कोई जवाब देगा ….

पर किसी की भी कोई आवाज नहीं आयी…..

विक्टर--- मुम्बई मई अब कुछ दिन शांति रखो …कुछ दिन मामला गरम रहेगा अब बहार के सहरो को टारगेट karo…..Aur अभी हाल हे मई पौंआ मई विद्या ग्रुप ऑफ़ मेडिकल कॉलेज ने नई प्रोजेक्ट मई बड़ा इन्वेस्टमेंट किया ह वंहा से सुरुवात karo…..is बार ये तुम संभालोगे …..जिगरा…..

जिगरा-- जी जर. विक्टर ऐसा हे होगा मैं आज हे निकल जाता हु……

तोह उधर ….पौंआ मई…

“आप सब इतने लज़ी क्यों हो …फ़ास्ट करो भाई परसो ….फंक्शन ह … क्या इज़्ज़त रहेगी हमरी…

लड़का-- मम आप आप रेस्ट कीजिये सब हो जायेगा हम सब लगे ह न….

लड़की “ ये मेडिकल कॉलेज मेरे लिए सबकुछ ह इसलिए कोई गलती नहीं मेरे दादाजी आएंगे ….समझे कोई गड़बड़ हुवी तोह सबको पिटूंगी ….

डीन - पीछे से आते हो ऋचा बेटी सब सही से हो रहा ह …तुम रेस्ट करो सुभे से लगी हुवी हो…..

ऋचा — अंकल आप इस मेडिकल कॉलेज के डीन और मद हो आपसे ऐसी उम्मीद नहीं ह मुझे….

डीन — oh…..by थे वे जंहा तक मुझे पता ह तुम हो रियल ओनर तोह ….मैं तोह सिर्फ नाम का मद हु..

ऋचा —- स्सह्ह्ह्हह्ह अंकल आप ऐसी बाटे मत किया करो मैं स्टूडेंट हे तीख हु

डीन— है है है चलो कुछ खालो परसो ठाकुर जगमाल सिंघजी भी आएंगे और तुम्हरे लिए बता दू उनकी खोयी हुवी बेटी दिव्या अस ा सर डॉ ज्वाइन कर रही ह वो हे इस प्रोजेक्ट को हैंडल करेंगी……

ऋचा मन मई - राज की बुआ भी ह क्या राज भी ayega…..bahut समय बिट गया ह क्या सच मई मुझे भूल गया होगा ……..क्यों राज kyo….ek बार सच बताया तोह होता muje……phir लम्भी सांस chodkar…..sayad मेरे प्यार और विश्वास मई हे कमी रह गयी होगी ी लव यू राज मैं तुमसे बहुत प्यार करती hu…ye कहते कहते उसका मन भर आया था उसे उसकी आखिरी बाते याद आने लग गयी थी जो रात को उसने कही thi…..richa की आंखे भीग गयी ……और उन्ही भीगी आँखों से वो बोली ी म सॉरी राज ….ी मिस सो मच…..

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स पेलने ka……..so फाइनली जो वेट कर रहे थे ऋचा का उसकी एक झलक अब देखने को मिलेगी…..
 
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