Adultery Raj-- hero of the family - Page 52 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 170



सुप्रिसे ……और…. सस्पेंस…..

“आज तेरे लिए सुप्रिसे लायी हु”

“सुप्रिसे की छोड़ तू 2 दिन से मिलने नहीं आयी उसका जवाब दे पहले ..,बहन का इतना हे ख्याल ह…”

मनीषा —- सॉरी सॉरी यार ये छोड़ waise….mere सुप्रिसे से तेरी साडी शिकायत दूर हो जाएगी…

पूनम - ाचा …ऐसा क्या सुप्रिसे ह मेरे लिए….

मनीषा — तेरे लिए एक स्वीट सी क्यूट डॉल लायी हु जो तुजे बहुत बहुत पसंद आएगी….

पूनम — और कान्हा ह वो स्वीट डॉल खुद तोह चलकर नहीं आएगी न….

मनीषा — है आएगी न ….मेरा सुप्रिसे ह तोह मामूली तोह होने से रहा …

पूनम — पहेलियाँ मत भुजा ….बता न कान्हा छुपा कर आयी ह डॉल को…

मनीषा मुस्कारने लगी …ok ..ok…lekar अति हु …

मनीषा बहार गयी और कविता को साथ लेकर आयी जो लॉन्ग स्कर्ट और टॉप मई बहुत हे क्यूट लग रही थी ….उसके चेहरे पर आयी मासूमियत उसे एक पूरी बार्बी दल हे बना रही थी …पूनम हैरानी से कविता को देखने लगी….

मनीषा —- ये ह suprise…h न क्यूट डॉल …..और इस क्यूट सी डॉल का नाम h….kavita h….aur ye….aur ये पता ह कौन ह …ये ह …मेरे बेस्ट फ्रेंड राज की लाड़ली सी क्यूट सी बहन h….kaisa लगा मेरा सुप्रिसे…

पूनम तोह ये जानकार हैरानी से कविता को देकने लगी फिर उसकी आँखों मई कविता के लिए बेशुमार प्यार दिखने लगा और कविता को प्यार से निहारने लगी एक बार वो मनीषा को खुसी से देखती तोह एक बार कविता को प्यार से …

कविता — ही डीई..

पूनम — यंहा ao…mere पास….

और कविता पास पहुंची तोह उसके सर पर हाथ फिर कर तुम तोह बहुत हे क्यूट हो ….बिलकुल डॉल की तरह ……..

फिर मनीषा की तरफ को होठ हिलकर थैंक यू कहा ..मनीषा समाज गयी और मुस्कराने लगी….

कविता — दी …आपको ये चोट कैसे लगी….

पूनम —एक्सीडेंट हो गया था …ये छोड़ो मैं अभी मेरी डॉल के लिए आइस क्रीम मंगवाती हु …..

मनीषा — लेती रह आराम से आंटी ने देख लिया था वो भिजवा रही ह ….और आज हम दोनों तेरे पास हे ह तोह तू इससे जी भर के बात कर लेना …..

पूनम — है बिलकुल ….क्यों मेरी क्यूट डॉल करोगी न मेरे साथ बाते …

कविता — ह दी करुँगी न आप बहुत अछि हो ….

मनीषा मन मई — पगली बहुत सच्ची ह और वो तेरा ख्याल जिंदगी भर रखेगी क्योकि वो तेरी होने वाली भाभी ह …तेरे भाई के प्यार मई डूब चुकी मीरा ह ये…

कविता — मनीषा दी अपने कहा कुछ…

मनीषा मन मई अरे इसे भी इसके भाई की तरह पता लग जाता ह क्या …

मनीषा — नहीं कुछ नहीं kaha….tum दोनों बाते करो …मैं आंटी से मिलकर आती hu…manisha के जाने के बाद धीरे धीरे कविता और पूनम की बॉन्डिंग ऐसे बैठी की दोनों की बाते हे ख़तम नहीं हुवी …..

पुणे……

ऋचा — चलो ब्रेक फ़ास्ट करलो फिर मुझे तुमसे बात करनी ह …अगर तुम्हारे पास वक़्त हो

सुनील — आप कबसे इतनी बदल हो गयी क्योकि मैं जिस richaaa….i मैं आपको जनता था वो तोह आर्डर देने मई यकीं करती थी…

ऋचा — बदलना सबको पड़ता ह …और तुम्हारे साथ मेरा एक रिश्ता हमेसा के लिए इस जनम मई जुड़ गया ह जो चाहे राज मेरा हो या न हो वो रहेगा हे मेरी तरफ से ….तोह मुझे उस रिश्ते की मर्यादा भी रखनी होगी न ….

सुनील — काफी बदल गयी हो ap….chaliye दादाजी को नास्ते पर इंतज़ार करना पसंद नहीं ह फिर हम बात करते ह….

नास्ते करने के कुछ दिएर बाद ….

ऋचा — जो पूछूँगी सच बताओगे ….

सुनील सोचलर — अगर जवाब हुवा तोह जरूर दूंगा …

ऋचा — क्या राज मुझे याद करता h….ye कहकर ऋचा सुनील के चेहरे को धयान से देखने लगी…

सुनील ने एक लम्भी सांस छोड़ी और बोलै —- कभी उसने आपका जिक्र नहीं किया पर है ये सच ह की उसने आपको सुरुवात मई बहुत याद किया था …मैंने उसे अकेले मई कितनी बार पुराणी यादो मई दुबे हुवे देखा ह ….इसलिए इतना मैं यकीं से कह सकता हु वो आपको भुला तोह नहीं ह….

ऋचा - भावुक हो गयी …उसका दिल भरी सा होने laga…….usne हीमत कर फिर पूछा “क्या मुझसे नफरत करता ह”

सुनील — मुस्कराकर याद ह न वो आखिरी पल जब भी वो आपको मानाने की कोसिस कर रहा tha….wo आपसे बहुत प्यार करता था और आज भी वो आपको भुला नहीं ह तोह …वो आपसे नफरत कैसे कर सकता ह पर है ….उसकी जिंदगी मई कई लड़कियों ne…ane की कोसिस की …

इतना सुनते हे ऋचा तुरंत सुनील को देखने lagi….uska दिल अब और जोर से ढकने लगा की क्या कोई लड़की ह उसकी जिंदगी mai…Sunil ने भी ऋचा की तरफ देखा और कहा..

सुनील-- कई लड़कियों ने अपनी सच्ची मोहोब्बत का इज़हार किया पर उसे प्यार से हे नफरत हो chuki….usai बस अब अपने माबाप के कातिलों को ढूंढ़कर सजा देनी ह….. इसलिए कई लड़कियों के होते हुवे भी वो अकेला ह ….

ऋचा — तुम भी मेरी हे पूरी गलती मानते हो क्या… मैं उस वक़्त इतनी समझदार नहीं थी मेरी उम्र हे क्या थी ….नहीं पता था की प्यार कैसे करना h…..nahi पता था की किस पर यकीं karu…..nahi पता था की सच्चा प्यार क्या होता h…nahi पता था की दोस्त धोखेबाज़ भी होते h…..muje जो दिखाया गया वो मैंने सच mana..main कैसे अपने प्यार को किसी और के साथ उस हालत मई बर्दास्त कर paati….na तुमने… न मेरे प्यार ne….aur न मेरी बेस्ट फ्रेंड श्वेता ने किसी ने भी मुझपर विस्वास किया क्या एक बार मुझे सच बताने की कोसिस करि होती अगर फिर भी मैं नहीं सुनती तोह साडी मेरी गलती hoti…par किसी ने bhi…kisi ने भी …..ये बोलते बोलते ऋचा रोने लगी और रट रट हे बोली इतनी बुरी भी नहीं थी …क्या पता तुम सब समजते मैं समाज jati…..are कौन लड़की अपने प्यार को किसी दूसरी लड़की के साथ उस हालत मई बर्दास्त कर पाती ….बोलो ….क्या मैंने कुछ नहीं खोया मैंने दोस्त खो दिए ….प्यार खो दिया…. बहन जैसी सहेली खो dii…jisne आज तक मुझसे बात तक नहीं की दुबारा se….itna कहते कहते वो फफक फफक रो पड़ी …..

सुनील बोलना तोह चाहता था पर ऋचा के सवाल के आगे वो भी निसबड हो गया tha…richa ने अपने आंसू पूंछे और बोली…. “पर मैं ऋचा हु हार नहीं मानूंगी ….हां मैं उसे बेइंतिहा प्यार करती हु करती रहूंगी और उसी की होकर रहूंगी पर उसे भी सजा जरूर दूंगी गलती की उसकी भी गलती ह अगर अग्नि परीक्षा मुझे देनी ह तोह तुम्हारे भाई ने भी सीमा लाँघि ह सजा तोह उसे भी मिलनी चाहिए”

सुनील हैरानी से ऋचा को देखने लगा और मन मई हे राज के पिटाई की लिस्ट जोड़ने लगा …..

सुनील मन मई साला सब मिली मेन्टल हे मेन्टल हे ह इतना कह खुद के बाल मई जोर जोर से खुजली करने लगा

ऋचा — तुम्हे क्या हुवा…

सुनील जल्दी से गर्दन न मई हिलने लगा सुर बोलै कुछ nahi….muje क्या हुवा ह …वैसे एक बात पुछु….

ऋचा - है….

सुनील झिझक कर — सैक्रिफिएस नाम का वर्ड सुना ह …

ऋचा — मैं रैंक होल्डर हु आल इंडिया की तोह इतना तोह पता हे होगा…

सुनील ऋचा का चेहरा हैरानी से देखकर bola—sacrifies ये सब्द राज की जिंदगी से जुड़े हर शख्स की जिन्दी का हीसा ह और अगर आपको भी अंत मई सैक्रिफिएस करना पद सकता h….sab राज पर ह की वो क्या करता ह….

ऋचा — मतलब …

सुनील — कुछ नहीं बस आप अपनी कोसिस करो बाकि ईश्वर पर छोड़ दो पर राज की जिंदगी मई आपके वापस आने के सिर्फ एक प्रतिसत चांस ह ….अब चलिए मुझे जाना ह और है ….ये मेरी तरफ से आपके लिए गिफ्ट ह …

ऋचा कुछ पल सुनील की बात को समझने की कोसिस करने लगी फिर उसने गिफ्ट बॉक्स को ले liya..Richa ने गिफ्ट बॉक्स को ओपन किया तोह उसमे से लड़कियों की एक बेहद हे यूनिक बेऔतीफुल्ल वृस्त वाच निकली…

ऋचा -पर ये तोह बहुत महंगी लगती ह…

सुनील — आप भी कोई आम नहीं हो… इस वाच मई ट्रैकिंग ट्रैकर ह और वौइस् मेस्सेंजर ह जब भी आप मुसीबत मई होगी और हेल्प की जरुरत होगी तब आपके पास मदद पहुंच jayegi….bus एक मैसेज इस बटन को प्रेस करके वौइस् मैसेज भेजना ह ..

ऋचा — थैंक you….gift बहुत पसंद आया….…

सुनील — ok चले

राज रूम….

राज की सुभे नींद खुली तोह उसे अपने हाथ पर दबाव महसूस हुवा उसने गर्दन घुमाकर देखा तोह वो चौक गया ..क्योकि अनु उसे बिलकुल चिपक कर सो रही थी ….वो हड़बड़ाकर खड़ा होगया और अनु के सर के निचे से राज का हाथ खिसकने से उसकी नींद भी टूट गयी …वो कमसकर बैठ गयी…

अनु — खून नहीं पिया ह तुम्हारा ok…achi नींद आरही थी जगा दिया…..

राज — पागल लड़की तुम यंहा क्या कर रही हो…

अनु — तुमने हे तोह कहा था na….ki मेरे साथ सोना मुझे दर लगता ह सपनो से…

राज - आंखे फाडे उसे देखने लगा….

अनु — कलम डाउन ाक्टुअलय मुझे रात को लगा की कंही तुम्हे फिरसे सपने ए toh…isliye आगयी और तुम सच मई नींद मई परेशां हो रहे थे….

राज — मुस्करा कर चुड़ैल की चान्या जो पद गयी ह इसलिए डरावने सपने आते ह…

अनु — यूउ मैं chudail..,itna कह उसने राज को कलर से पकड़कर अपनी तरफ मरने के लिए खिंच लिया ..

राज — चोट लगी ह सीने पर…

अनु — ाचा ह जायदा हिलओगे नहीं

राज मैं तोह मज़ाक कर रहा था…

अनु — नहीं मैं चुड़ैल हु अब तुम्हारा खून piyungi….itna कह वो झूट मुठ हे राज की गर्दन की तरफ बढ़ी …

राज ने तुरंत अनु की नंगी कमर पर अपने हाथ कास लिए …अनु को करंट सा लगा उसकी आंखे छोड़ी हो gayi..aur अगले हे पल दूसरे हाथ से अनु को अपनी बांहो मई ले लिया …अनु का सीना जोर से धडकतेहुवा राज के सीने से टकराने लगा…..

अनु —- राजज….

राज ने कोई जवाब नहीं दिया और धीरे धीरे अपने होठो को उसके होतो के करीब ले गया …अनु की आंखे किश के अहसास से हे बंद होती gayiii….raj ने धीरे से उसके गाल पर किश करि और बोलै….

“अछि बची ये सब नहीं करती ह”

अनु जो किश करने की फीलिंग्स मई डूब गयी थी राज की बातो से होश मई आयी और गुसाई से चीखी “tum…tumm…aj बहुत पिटोगे मुझसे अभी ..मैं बची हु …कान्हा से बची लगती हु”

राज उसे ऊपर से निचे तक देखने लगा..

अनु “कुत्ता कमीना कान्हिका ऐसे भी कोई देखता ह ठरकी कहिके “

राज तुमने तोह कहा की कान्हा से बची हु वंही देख रहा था …वैसे बात तोह सही कुछ जगह काफी बड़ी गयी ह…..

अनु कुत्ते कमीने ….ठरकी …..

राज ने आगे बढ़ जल्दी से उसे पकड़ लिया और उसके होठो को अपने होठो से कैद कर liya….anu का सारा गुसा फुर्र हो गया …और उसके हाथ खुद बा खुद राज के बालो मई चले गए और वो किश का अहसाह लेने lagi…….aur जब साँस टूटी तब अनु का सीना और जोर से धड़कने लगा वो ..

राज — अब तोह गुसा नहीं हो …

अनु ने निचे गर्दन करते हुवे हे न मई सर हिलाया…

राज-- ok तोह मैं नहाने जा रहा हु …मेरे साथ नहाने का इरादा तोह नहीं ह न अब…

अनु पहले तोह शर्मायी फिर जाते हुवे पीछे मुड़कर जीब निकल कर “ीीीी… गंदे लड़के तुम्हारे साथ कौन नहाना छठा ह बड़े ए”

राज — मुस्कराकर कभी तोह साथ नहाना हे पड़ेगा न वर्ण प्यार कैसे होगा…

अनु प्यार कैसे होगा ये सुनते हे …रूक सी गयी और उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी …पर दुबारा से पीछे मुड़कर गुसाई से राज को देखा और चली गयी …

राज भी गीले कपडे से अपने बदन को साफ़ करने चला गया नाहा वो सकता नहीं था क्योकि टाँके जो लगे पड़े थे अपने बदन को साफ़ करके वो बहार आकर अपने घाव को देखने लगा ….तभी दूर को ओपन करके रजनी आगयी …

रजनी ने राज को सिर्फ टॉवल मई देखा तोह एक बार शर्मायी फिर दूर को बंद करके अंदर आगयी …

राज अरे आप इतनी जल्दी…

रजनी — है मैं नहीं आसक्ति हु क्या सिर्फ अनु हे आसक्ति ह क्या ….

राज — वो बात नहीं ह…..

रजनी राज की चेस्ट पर ऊँगली रख कर उसके करीब आकर तोह क्या बात ह….

राज — हड़बड़ाकर कुछ भी तोह नहीं ….

रजनी — उसके चारे के करीब आकर लगता सुभे काफी गुलाबी रही ह जनाब ki…isliye होतो के निचे लिपस्टिक के मामूली से निशान ह….

राज अपनी उंगलियों से साफ़ करने लगा तोह…

रजनी —मुकरकर अनु लगता ह सुभे किश करने आगयी ….तभी मेरा आना क्यों पसंद hoga…wo हे तोह खास ह अब…

इतना कह वो पलट के जाने लगी तोह राज ने उसका हाथपकड़लिया और एक झटके से घुमाकर उसे अपनी तरफ खिंच लिया और एक हाथ उसकी कमर मई दाल लिया ….और अपने चेहरे के उसके चेहरे के करीब ले आया ….

राज — आप एक पारी हो और मई एक डेविल हु जिसके पास आने पर सिर्फ दर्द मिलता ह मुझे पता ह आपके दिल मई क्या ह par…..meri जिंदगी मई प्यार की कोई जगह नहीं h….main कब तक यंहा हु ये भी पता नहीं ह …..आप पवित्र हो और मैं एक पप्पी जिसकी आत्मा तक खून से रंगी हुवी h….isliye मुझसे दूर रहने मई हे आपकी भलाई ह

रजनी राज की आँखों मई आंखे डालकर— तुम कौन हो क्या हो ये मायने नहीं रखता ह राज …tum…ek नेक दिल इंसान हो जो बुरे के साथ बुरा और अचे के साथ बहुत ाचा करता ह ….मुझे बस जब तक यंहा हो तुम्हारा साथ चाहिए ….

रजनी कुछ और बोलती उसे पहले हे राज ने उसके गुलाबी होठो को अपने होठो से जकड लिया …रजनी की आंखे खुली की खुली रह गयी …पर कुछ हे सेकण्ड्स मई राज के बदन से निकलती महक और होठो की तपिश ने उसके बदन के रोम रोम को अपनी तपिश से गरम कर दिया और वो राज के होठो की तपिश और उसकी बांहो मई पिगलति चली गयी … उसकी हालत अभी बिन पानी की मछली की तरह हो गयी थी वो राज की आँखों मई देख रही थी और उसका कैसा हुवा सीना फूल कर कभी राज के सीने से टकराता तोह कभी रगड़ खा रहा tha….rajni की पहली प्यार भरी और पैशनेट किश थी …जब उसकी सांसे कभू मई हुवी तोह अब उसकी आँखों मई शर्म चने लगी और अपनी आँखों को निचे कर लिया ….

राज-- आपकी इस शर्म और सरलता को कभी खोने मत देना …..

रजनी तुम तैयार हो जाओ ….इतना कह वो पलट के जाने लगी और रूक कर बिना पीछे हे मुड़ी हे बोली ….पता नहीं मुझसे तुमसे प्यार ह क्या पर मैं खुस हु जितने दिन तुम मेरे साथ हो वो मेरे जिंदगी के सबसे खुसनसीब पल ह….

राज पीछे खड़ा खुदसे हे बोलै प्यार ये मेरे नसीब मई नहीं ह ….जिससे प्यार किया वो समझी नहीं और जो मुझे प्यार करती ह उन्हें मैं प्यार दे नहीं सकता ….पता नहीं कब मौत से सामना हो jaye….itna कह वो भी तैयार होने लगा….

तोह वंही ….दूर…

सभी और आग चोट से रिकवर हो चुके थे और उन्होंने लगभग मुम्बई का हर कोई कौन छान मारा था पर किलर ग्रुप का उन्हें कुछ पता नहीं लगा था….

सभी - इसे एक बात साफ़ ह की उनके कबीले का तिखना बहुत हे गुप्त ह और वो सब अलग अलग होकर आते ह…..

आग-- हमे उस शख्स को भी ढूँढना चाहिए वो भी हमरी मदद कर सकता…

सभी — ये युद्ध हमारा ह हमरे बदले का ह आग और हमे हे लड़ना होगा क्योकि तभी पता लगेगा की आखिर ऐसा क्या हुवा जो भागवत हो गयी …और सब अलग हो गए सहदेव भाई जैसे नेक दिल इंसान को धोखा mila….yahi वो कड़ी ह जो हमे ढूंढनी ह…

आग — तोह राज को ….

सभी — उसे अभी यंहा आने मई वक़्त लगेगा ….जब तक हमे सब कुछ धुंध कर रखना ह ….उसे दिल्ली पढ़ने दो अभी

पर इन्हे क्या पता था की तूफ़ान तोह चुका ह …और इनके बेहद करीब ह…

वंही इन्ही की तरह जंगल के अंदर पहाड़ो के बिच मई कुछ जमीन के निचे बने एक बहुत बड़े कबीले के बीचो बीचो एक शख्स को बांध रखा था उसके चेहरे पर कोई दर नहीं था….

“ये तेरी सजा ह तुम्हारी वजह से हमारे कबीले के 30 शिष्य मरे गए …तुम मेरे डेस्केन्डेन्ट कैसे हो सकते हो”

डेथ हेलो जो पिछले कई दिनों से नरक से भी कठोर सजा पा रहा था पर उसका सरीर इस सजा और दर्द के बाद और मजबूत होते जा रहा tha…uske चारो तरफ खड़े शिष्या हर 3 ऑवर बाद उसे दस मिनट तक मरते थे जिसे उसकी सहन शक्ति बढ़ती जा रही थी ….वो अपने मस्ती की बाते सुनकर जोर से चीखा …..”मैं तुजे ढूंढ निकलूंगा निर्वाण फिर अपने इन्ही हाथो से चीयर dunga…Aaaaaahhhhhhh”sanki की कुरुरता को सब जानते थे इसलिए जो किलर्स उसे सजा दे रहे थे वो भी रूक गए पर डेथ हेलो ने जैसे हे उन्हें देखा उनका सरीर कंपनी लगा…. “ मारो मुझे मैंने कहा मारो”

सब दर से कांपते हुवे मरने लगे

“और जोर से मारो”

सनकी दर्द को सहते हुवे अपनी आँखों मई गुसा लिए सब सहता रहा और ये सब दूर से खड़ा उसका मास्टर देख रहा tha……..uske होठो पर एक तिरछी मुस्कान thi…aur उसी मुस्कान के साथ उसने कहा सहदेव सहदेव तेरे ये वफादार साथी आज भी तेरी वफादारी कर रहे h….tera गुरु पता नहीं आज तक कान्हा छिपा ह सब मरेंगे मैं नहीं तोह वो मरेंगे …..पर वो राज जानकार रहेंगे जो उस दिन हम सब से छिपा कर उसे छिपा दिया …उसे हम धुंध nikalenge…..bus तेरे परिवार के बाकी लोग मिल jaye…itna कह उसके चेहरे पर भयानक मुस्कान आगयी और वो जोर जोर से हसने लगा “‘है है है है है तुम सब भी उसी की तरह मरोगे तड़प तड़प तड़प कर मरोगे एक बार फिर भीषण संग्राम होगा उस दिन की तरह नरसंहार होगा …..है है है है है” …..

ी होप की कंपनसेशन अपडेट आप सबको बेहद पसंद आया होगा क्योकि आज कुछ प्रतिसत राज खुला ह तोह एक नया सस्पेंस भी सामने आगया होगा की पास्ट मई ऐसा क्या हुवा होगा ……

मस्ती मई पढ़ने का और बिना कंजूसी के लाइक्स ठोकने का ……

 
अपडेट 171 टुडे नाईट.......

समवन क्नोव अबाउट निर्वाण.....
 
अपडेट 171

समवन कनौस अबाउट निर्वाण…..

Dharawayiii……..mumbayi….

“ Sherdil…sherdil ….sherdil….”ki आवाजे जोर जोर से गूंज रही thi…….logo की भीड़ एक तरफ कड़ी थी और उनके सामने सीना तने खड़ा था एक shakhs…aur उसके शामे थे कई सरे लोग

आदमी — sherdil….tu फिर हमारे बिच मई ारः ह ….

शेरदिल — जब तुम जैसे लोग इंसानियत को भूलकर कर इंसानियत को हे ख़त्म करने के लिए इनजैसे लोगो से हाथ मिला लेते हो तब हमारी कॉम का सर निचा हो जाता h….isliye तुम्हारे जैसे के लिए हे अल्लाह ने ताकत से नवाजा ह मुझे ताकि तुम जैसे लोगो का इस दुनिया से नामोनिशान हे मिटा दू….

“ताकत इतने लोगो के सामने क्या करेगा”

शेरदिल- जब नाम शेरदिल ह और खुदा की रहमत ह तोह खुदकसँ आज तुम सब पर अकेला हे भरी पडूंगा …….

शेरदिल के सामने लोकल गुंडों की पूरी फौज कड़ी थी …जिनके हाथ मई हथियारों की कोई कमी नहीं थी पर वो बेखौफ्फ़ अकेला खड़ा था सबके सामने ….जैसे उसका मौत से रोज का लेना देना हो …. लोकल गुंडों की पूरी फौज टूट पड़ी उस पर और वो भी बेखौफ्फ़ भीड़ गया लोहे से लोहे की टकराने की आवाजे और छीके गूंज उठी और जब चीक रुकी तोह …वो अकेला घुटनो के बल सबके बिच खून से सना बैठा हुवा था ….चारो तरफ सब दर्द से कराहते हुवे तोह कई बेहोश हुवे पड़े थे……

“ शेरदिल नाम नहीं एक शेर का बीटा हु न मेरे बाप ने देखि और न मैं बुराई अपनी आँखों के देख सकता हु “ फिर उठकर अपने मू से खून थूका और नल की तरफ चला गया और पानी चालू कर उसके निचे बैठ गया और फिर कुछ दिएर बाद खड़ा होकर “ अगर ऐसे हे रहे तोह एक दिन इस जगह को भी छोड़ना पड़ेगा और फिर एक दिन कूड़े के ढेर और तुम्हारे मई कोई फर्क नहीं रहेगा जिसे सिर्फ समाज से दूर हे फेंका जाता ह”

वो इतना कह चला गया और एक कच्चे माकन मई पंहुचा gaya….andar बैठी लड़की और औरत ने उसको खून से रेंज देखा तोह…..” hi अल्लाह ये क्या हालत बना राखी ह तुमने …क्यों लड़ते हो तुम सबसे हम क्यों यंहा से वंहा जाते ह तुम्हे पता ह क्यों तुम्हे मजबूत किया तुम्हे पता ह फिर क्यों …तुम मेरी बात क्यों नहीं मानते हो”

अपनी अम्मी की बात सुनकर शेरदिल को गुसा आगया …और वो बोलै “सब पता ह सब पता ह और उन्ही की वजह से हम ऐसी हालत मई h….ap पिछले 15 सालो से उन्हें ढूंढ रही हो और अब मैं भी ….आखिर क्या मिला हमे ….” इतना कह वो बहार आगया तोह पीछे उसकी बहन भी उसके पीछे पीछे बहार आगयी …..और बोली “ भाई “

शेरदिल-- देख रिफत तू भी अगर माँ की तरफ से बोलने आयी ह तोह मुझे कुछ नहीं सुन्ना ह “

रिफत-- नहीं भाई मैं उस बारे मई बात नहीं करुँगी क्या जो पुछु उसका जवाब डोज

शेरदिल — है ….

रिफत — वफादारी मई जान दी भी जा सकती और ली भी जा सकती ह ….सही कहा …

शेरदिल — है…

रिफत — एक भाई बहन के लिए क्या करता ह…

शेरदिल — वो जो वो सब कुछ कर सकता ह

रिफत-- अब अगर भाई मर जाये या लापता हो जाये तोह…

शेरदिल — बहन या तोह नयी जिंदगी सुरु करे मतलब भाई को भूल जाये या फिर सचाई का पता करके बदला ले …

रिफत — तोह अम्मी क्या कर रही ह…

शेरदिल — बोलना तोह चाहता था पर अपनी बहन की बातो मई फंसकर रह गया….

रिफत-- मुझे नहीं पता उनका क्या रिश्ता था पर उन्होंने अम्मी को बहन का दर्जा दिया था और पापा को भी सेज भाई भाई की तरह रखा ….कभी फरक नहीं किया ….ये मैं तुमसे बड़ी हु इसलिए पता h….baaki सचाई सामने होगी तब तुम्हे भी पता लग jayegi…ammy ने सब कुछ खोया ह तोह आप समाज सकते ह उन्होंने कितना साबरा किया ह ….हम आराम से U.p मई अपनी जिंदगी गुजर सकते the…par…ap समाज रहे हो न …

शेरदिल ने रिफत को गले लिया … “मैं समाज गया मैं आज हे यंहा की अंडरग्राउंड बॉक्सिंग के लिए जाऊंगा क्या पता कुछ सुराग मिल जाये”

तोह वंही राज और अनु आज कम्पटीशन के 2 राउंड्स जीत कर टॉप 5 मई पहुंच गए the……aur अभी वो बाकि टीम के साथ जो दूसरे कम्पेतितों जैसे science,managment ेट्स क्विज़ के लिए गयी थी उनके साथ अपने होटल वापस पहुंच गए थे ….

रजनी — ok रेस्ट इन रूम रात को 9 बजे डिनर पर मिलते ह….

सब जी मम ….

इतना कह सब अपने अपने रूम मई चले गए रजनी भी अपने रूम मई आकर नहाने लगी और उसे नाहते वक़्त याद आया की आज राज की ड्रेसिंग करनी ह …और उसे साथ हे डॉ की बात याद आगयी की तब तक no फिजिकल ok..…uske हाथ जो अपने पेट और बूब्स को साफ़ कर रहे थे वो रूक गए ..और वो शीशे मई अपने जिस्म को देखने लगी जिसे आज तक किसी मर्द ने नहीं चुवा tha…sangmarmar की तरह उसका पूरा बदन बेहद हे ख़ूबसूरत और बेदाग़ था और अपने बदन को आज दूसरी नजर से देखते हे उसके मन मई एक ख्याल आया और वो उस ख्याल से इतना शर्मा गयी की तुरंत बाथरूम से बहार आगयी …और ऐ आपको कण्ट्रोल करने लगी .. उसने लॉन्ग स्कर्ट और एक ब्लू टॉप दाल लिया …और वो ड्रेसिंग बॉक्स लेकर राज के रूम की तरफ चल दी…..

नॉक नॉक….

“ाजाओ दूर ओपन ह”

रजनी को अंदर अत देख और उसे आज नए लुक मई देखा तोह उसके मू से खुद बा खुद हे निकल गया “ब्यूटीफुल”

रजनी के चेहरे पर मुस्कान आगयी …..

राज — सच कह रहा हु ….आप अभी 18 साल की पारी की तरह लग रही हो…..

रजनी के चेहरे पर शर्म से भरी प्यारी सी मुस्कान और बड़ी हो agayiii…..aur वो बोली “ तुम्हारी ड्रेसिंग का टाइम हो गया ह चलो जल्दी से लेट जाओ ”

राज के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट आगयी…. “मतलब डॉ मम की बातो को सीरियसली लिया जा रहा ह”

रजनी — लिक्विड निकलते हुवे वो नहीं भी कहती तोह भी मैं तुम्हारा ख्याल रखती …समझे कोई डाउट ह क्या तुम्हे…

राज — नहीं बिलकुल नहीं….

रजनी धीरे धीरे राज की ड्रेसिंग करने लगी …

राज — अभी काफी हद तक घाव तीख हो गया ह मेरी रिकवरी आम इंसाने से फास्टर ह ….

रजनी — bilkul…tumhare घाव भरने लगे ह…. पर जायदा ऊधो मत अभी भी तीख होने मई टाइम लगेगा समझे इसलिए….

राज-- इसलिए no फिजिकल …

दोनों हे जोर जोर से हसने लगे ….तभी राज के दूर पर नॉक हुवा रजनी ने दूर ओपन किया तोह सामने अनु thi….aur वो रजनी को इतनी जल्दी और अलग हे ड्रेस मई अंदर देख हैरान हो gayi….rajni की खूबसूरती को जानती हे हे थी की कोल्ड ब्यूटी का तितल कहा मिला हुवा ह उन्हें वो धयान से दोनों को देखने लगी…

रजनी — वो राज को चोट लगी हुवी ह न तोह मुझे थोड़ा मेडिकल नॉलेज ह इसलिए ड्रेसिंग कर रही thi……tumne कंही कुछ उल्टा तोह नहीं सोचा न

अनु-- नहीं नहीं बिलकुल नहीं पर आपको ड्रेसिंग करनी padi….phir राज की तरफ जाकर “ मुझे चोट दिखा अपनी”

राज — तुम्हारे चुड़ैलों वाले पंजे लग गए थे न तोह घायल हो गया…

अनु — गुस्सी से मजाक नहीं दिखाओ मुझे …

राज पाटिया लगी ह …पर अनु नहीं मणि और जब राज ने चोट दिखाई और राज के 2 जगह बड़ी बड़ी पाटिया देखि तोह उसके दिल मई जो सॉफ्ट कार्नर राज के लिए था वो उसकी आँखों मई दिखने लगा और उसकीआँखे भीग गयी …

राज - अरे ये कुछ भी नहीं ह …चोट छोटी ह मम ने पाटिया बड़ी चिपका दी ह…

अनु अपने आंसू पौंछकर चुप रहो तुम समझे….. और तुम कंही नहीं जाओगे ….मैं खाना यही माँगा रही hu….tum बहुत गंदे हो इतनी बड़ी चोट छुपाई मुझसे और मैं तुम्हे मरती रही , परेशां करती रही……

रजनी — अनु राज तीख ह और घाव भर गए ह उसके अब तुम उसे तीख करना चाहती हो या उसको और दर्द देना चाहती ho…ro रो कर …

अनु — अपनी आंखे से आंसू पौंछकर …नहीं मैं गुसा नहीं हु …प्लीज मम इसे यही रहने दीजिये हम दोनों का खाना यही माँगा लेंगे….

रजनी ने राज को आंख मरी-- जिसका मतलब था की तुम्हारा काम हो गया ह इस वक़्त ट्रीटमेंट करना सब राज और रजनी की हे प्लानिंग thi….”ok तीख ह तुम दोनों रूम मई हे माँगा लो….

रजनी के जाते हे

अनु “ तुमने एक बार भी मुझे बताया तक नहीं क्यों…..“

राज — अरे अरे अरे तुम तोह बीवी की तरह बेहवे कर रही हो …पूरी तरह ….

अनु — mainn…..itna कह वो चुप हो गयी और मायूसी से बोली …दर्द होता होगा न तुम्हे और सुभे तोह मैंने तुम्हे मार भी रही थी …..

राज ने उसके लटके चेहरे को देखा तोह उसे खड़े होकर अपने गले से लगा लिया …

अनु राज को दर्द न हो इसलिए पीछे होना lagii…par राज ने उसे अलग नहीं होने दिया और सीने से लगा liya……aur बोलै “ ससष्ठ सब तीख ह मुझे दर्द नहीं होगा अगर तुम मेरी बांहो मई हो ……”

अनु —राज की आँखों मई देखकर तुम दुबारा मुझसे कुछ मत छिपाना राज ….तुम मेरी जिंदगी मई मम्मी पापा और भाई के बाद पहले इंसान हो जिसे दिल से मैं अपना मैंने लगी हु क्योकि तुम सच बोलते हो….

राज —अनु …. तुम्हारी दुनिया बहुत बड़ी ह और मेरी बहुत छोटी अनु जिसमे तुम पूरी तरह मुझे जानती भी नहीं ho….itni जल्दी फैसले मत कर लेना की बाद मई पछतावा हो….

अनु — राज की आँखों मई एक तक देखती रही …..फिर खुद बा खुद हे राज के होठो पर अपने होठो को रख दिया ….2 मिनट तक प्यार का अहसास पाकर अनु अलग हुवी …

राज — मीठा तोह खाने के बाद कहते ह na……koyi बात नहीं बाद मई फिर से ले लूंगा …डबल दोसे हो जाएगी …

अनु — छप्पपपपप गंदे लड़के……

खाना आने के बाद अनु ने राज को अपने हाथो से खाना खिलाया …..और जब वो राज को खाना खिला रही थी तब राज की आँखों मई आंसू भी आगये थे जैसे उसे अंदर हे अंदर बहुत दुख या खुसी हुवी हो…

अनु- डोंट वोर्री तुम अब इस दुनिया मई अकेले नहीं हो मैं हु न तुम्हारे साथ…..

राज — तुम हो मेरे साथ ….जानती हे क्या हो ..ये प्यार नहीं अफेक्शन ह अनु जो लड़का और लड़की के बिच होता h….jo तुम्हे मुझसे हो गया h…tum ग्रेट रियल स्टेट किंग मनोहर सिंह की बेटी हो ….जो अरबो रस की दौलत की मालकिन ह …

अनु राज की तरफ देखने लगी…

राज — तुम अभी किसी के बारे मई भी कुछ नहीं जानती हो अनु ….किसी के मतलब किसी के भी बारे मई भी नहीं और जब तुम्हे समाज आएगी तुम सह नहीं पाओगी..

अनु — तुम इतनी उलझी बाटे क्यों कर रहे हो तुम तोह ऐसे नहीं ho….ok तोह तुम्हे जानना ह न …फिर राज की आँखों मई देख कर रात को तुम्हरे पास हे हु जान लुंगी…. इतना कह वो मुस्करा उठी….

राज — तुम्हे पता ह की मुझे चोट लगी ह इसलिए ..इतनी बाते आरही ह…

अनु — हे हे हे ….फिर कान के पास आकर और नहीं लगी होती तोह भी तुम्हे कुछ नहीं करने deti…..he हे हे ….

इतना कह वो वाशरूम हैंडवाश करने चली गयीईइ…

राज — ok तुम रेस्ट करो मैं थोड़ा वाक करके अत हु सुभे से हे बिजी बिजी ह हम….

अनु — है मैं भी जब तक घर पर बात कर लुंगी ….इधर उधर मत जानना समझे …

राज वाक करते हुवे होटल के ऊपर के फ्लोर से निचे की तरफ ारः था तभी उसके फ़ोन पर कॉल आया…

रजनी — Hello राज कान्हा हो एक बार निचे औ….

राज — क्या बात आप इतना घबरा क्यों रही हो …

तभी उसे दूसरी तरफ से किसी और के बोलने की आवाज आयी …. “ बुलाले बुलाले जिसे चाहे बुलाले ये सहर मेरे बाप का ह और तू मुझे बहुत पसंद आगयी ह तोह तुजे तोह आज नहीं जाने दूंगा….

राज ने पीछे की म्यूजिक की आवाज और शोर से समाज गया था की वो लोग कान्हा ह वो तुरंत रिसेप्शन पर लिफ्ट से पंहुचा और पूछकर तुरंत पहुंच गया होटल के बेसमेंट मई बने डांस एंड बार मई ….जंहा ….एक लड़के ने रजनी का हाथ पकड़ा हुवा था और बाकि टीम के लड़के जमीं पर पड़े हुवे थे …..और लड़किया सहमी हुवी थी..

राज धीरे धीरे उन सबके पास आया और जिसने रजनी का हाथ पकड़ा हुवा था उसे बोलै “ सर कैन ी टॉक यू इन प्राइवेट ओनली फॉर 5 मिनट्स प्लीज “

उसकी बास्त सुनकर सभी हसने लगे …..

लड़का-- है है है फिर राज के गाल को थपथपाकर क्यों नहीं बचे चल अजा क्या बात करनी ह …देख वो तुम्हारी मैडम तोह मुझे पसंद आगयी गरम ह.. एक दम कड़क मुझे कुछ नहीं करना ह बस वो मुझे आज अपने हाथो से दारू पिलदे बस ….इतना हे चाहिए था पर साली उछाल रही थी जायदा हे….

ये सब वो राज के गले मई हाथ डालकर साथ चलते हुवे बाटे कर रहा tha…..aur राज बस चुप चाप सुने जा रहा tha…..par जब अकेले मई पहुंचे toh…..raj के हावभाव बदल गए …

राज — जो कहूंगा उसे अपनी कान और गांड दोनों छेद खोलकर अचे से सुन्ना फिर जो चाहे करना …..

नंबर ओने— मेरी पीठ के निचे हाथ लगा कर देख…

लड़के- क्यों लागू मैं गे नहीं हु samja…aur तू ये बोलने वाला …

वो आगे बोलता उसे पहले हे राज बोल पड़ा

राज — ससष्ठ हाथ लगा ले फिर अफसोस न हो कंही की बात क्यों नहीं मणि….

लड़के ने थोड़ा सोचा फिर हाथ लगाया तोह उसकी गांड फटने लगी …..

राज —- और भी बहुत कुछ ह जगह बताऊ क्या …

2ंद ऑप्शन -ये ले इसे देख ले तेरे बाप की भी इतनी हीमत नहीं होगी फिर….. 2 ऑप्शन तेरे पुरे हो गए ह अब थर्ड ऑप्शन तेरी इज़्ज़त रह जाएगी ….. मुस्कराकर माफ़ी मांग …और जान पहचान का बहाना बना कर तुरंत निकल जा बात तेरे मेरे बिच रह jayegi…warna आज जो हुवा तूने किसी को भी मतलब किसी को भी जिक्र किया तोह तू मरेगा ये तोह तय ह तेरा बाप भी तुजे नहीं बचा पायेगा प्रॉमिस….

लड़के ने सामने राखी चीज को धयान से देखा तोह बस उसका मूट निकलना बाकी रह गया था वो दर से कांपने लगा ….और जल्दी से खड़ा हो गया ..

राज —भी खड़ा होकर तुरंत अचे स्टूडेंट की तरह बन gaya…bahar रजनी और बाकी लड़किया टेंशन मई हो गयी थी की राज के साथ भी वो बुरा न करदे…. जब रजनी और लड़कियों ने लड़के को मुस्कराते हुवे राज के साथ आराम से आते देखा तोह वो हैरान हो गयी ….वो लड़का सीधा रजनी के पास आया और बोलै ….सॉरी मम मुझे नहीं पता था आप राज भाई की मैडम हो मैं तोह इन्ही से हे मिलने आया tha…..aur गलती से आप लोगो से उलझ गया सॉरी मम एंड सॉरी सिस्टर्स …..ok राज भाई मैं अभी मैनेजर को कहकर इनके लिए अछि वाइन मंगवाता हु और डॉ के लिए भी कह देता हु ….सॉरी ओनेस अगेन …..

राज — ok बीआरओ मिलते ह मुम्बई ए तोह मिलना और कल मेरा फाइनल ह जरूर आना

लड़का — है भाई …bye …

फिर लड़को से चलो रे ….jaldi…jaldi उसने पीछे मुड़के देखने तक की भी हीमत नहीं की….

रजनी — कुछ बोलती उसे पहले हे….

राज —- मुझे आपसे ये उम्मीद नहीं थी हम दूसरी सिटी मई ह और आप पर इनसब की रेस्पोंसिब्लिटी ह फिर आप इन्हे यंहा कैसे ला सकती h….Aj अगर कुछ हो जाता आपको और इनको toh….raj एक सांस कहता चला gaya….Rajni राज की बाते सुनती रही और उसकी आँखों मई खुद के लिए फ़िक्र देख उसे बहुत ाचा लग रहा tha….tabhi साथ कड़ी लड़कियों मई से एक हीमत करके बोली ….

लड़की-- इसमे मम की कोई गलती नहीं ह आप इन्हे कुछ मत kahiye…humne हे उन्हें फाॅर्स किया था आज मिली जीत को हम सब लोग एक साथ सेलिब्रेट करना कहते थे …..पर ये सब हो गया ….

राज — ने सब लड़को को सहारा देकर सोफे पर बैठाया और वंहा के मैनेजर को अपने पास आने का इशारा किया ….और कहा “ एक सपरते रूम”

मैनेजर पहले हे बोल पड़ा — है सर मुझे पहले हे कह दिया गया ह आप मेरे साथ आईये …और सब मैनेजर के पीछे पहुंचे toh….maneger ने एक रूम ओपन कर दिया …

कुछ पल बाद सभी आमने सामने बैठे थे और अनु भी निचे आगयी थी वंहा लड़को के गाल लाल देख कर हे वो साडी कहानी समाज गयी …..राज ने तंग माहौल को हल्का बनाने के लिए ….

राज — वैसे एक बात तोह पक्की ह जो होगी हे hogi….itna कह वो जोर जोर से हसने लग्न ..

सभी उसे अजीब सी नजरो से देखने लगे…

राज — अरे भाई देखो कल फाइनल h….aur दोपहर को प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन h……h या नहीं

सब — है ह तोह..…

राज — ये भी सच ह की हम 1सत 2ंद या 3रद पोस्टिव लेंगे हे लेंगे…..

सब — है उम्मीद ह…..

राज — तोह सोचो जरा अगर प्राइज लेते वक़्त लड़कियों से जायदा लड़को के गाल लाल दिखेंगे तोह कैसा लगेगा…..

राज की ये बात सुनते हे अनु को जोर की हंसी आगयी और बाकी लड़किया और रजनी भी जोर जोर से हसने लगी जिन्हे देख लड़के शर्मिंदा हो गए …..

राज — अरे यार तुम क्यों शर्मिंदा हो रहे ho…..bhai तुम ने तोह सबकी सेफ्टी के लिए फाइट करि ह….

अनु वैसे बात तोह सही ह …हीमत तोह दिखाई ह पीठ दिखा कर भागे तोह nahi….Rajni की आंखे चमक उठी और बोली ok वैसे भी एक लड़का और लड़की टीम मई हो ….तोह तुम हे डीएड कर लेना की अपने टीम मात को कैसे गिफ्ट डौगी आज की बहादुरी के लिए …..लड़को के तोह चेहरे हे खिल gaye…par इनसब से जायदा रजनी की आँखों मई चमक थी….

साडी लड़किया एक दूसरे को देखने lagi…aur मुस्कराने लगी…..

राज — अरे मैंने भी तोह मदद की h…muje भी …

वो इतना हे कह पाया था की उसके दोनों पैरो पर एक किक padi…..uska मू तुरंत बंद हो गया और चेहरा तुरंत लाल हो गया ….वो आगे कुछ बोल हे नहीं पाया …उसने दोनों तरफ देखा तोह अनु और रजनी उसे हे घर रही थी…

रजनी — लो वाइन आगयी ह ओनली इन लिमिट इतर वाइज …सब पहले हे पि चुके ह ok…Sabne है मई गर्दन हिलायी राज ने अपने लिए जूस मंगवाया था तोह….

अनु — तुम वाइन नहीं पिटे हो …

राज — सरब से दुरी अछि ह मैडम नशे मई क्या हो जाये कुछ पता नहीं रहता ह…..

रजनी — ये वाइन ह इसमे इतना नशा नहीं ह….

राज — मम बुरा मत मानियेगा ….बूत इतनी ब्यूटीफुल फेसेस यंहा ह तोह नशा वाइन मई हो या न हो पर नशा चढ़ हे जायेगा …

राज की बाते सून साडी लड़किया शर्मा gayiii….aur 2 तोह चोर नज़रो से राज को भी देखने लगी जो अनु ने देख लिया

अनु मन मई ठरकी “तू यंहा से निकल फिर बताती हु तुजे…..”

2ऑवर बाद..…..

“कहा भी था नशा हो jayega….par ये महारानियाँ मने तब न तब तोह अरे हम ह न कुछ नहीं hoga…ye मानती भी तोह नहीं ह किसी ki….ab देखो कैसे इन्हे सहरा देके लाना पद रहा h…..badi आयी मुझे सँभालने वाली ….

अनु और रजनी दोनों राज का सहारा लेकर चल रही thi….rajni को थोड़ा होश था पर उसके कदम भी लड़खड़ा रहे थे ..तोह अनु तोह पूरी नशे मई तून थी

“बेवडी चुड़ैल क्यों पी थी इतनी… “

रजनी नशे मई— वो अब तुम्हारी बात नहीं सुनेगी….

राज —ओह्ह्ह तोह आप होश मई ह क्या बात ह क्यों पि थी इतनी ….

रजनी — ताकि ये नशे मई तुम्हे प्यार करे समझे अगर मैं न पीती तोह ये भी नहीं पीती …. सिर्फ तुम्हारे लिए इडियट ….

राज-- इतनी जायदा के लिए भी नहीं कहा था मैंने लो रूम आगया ह …. के दो

रजनी — स्कर्ट की पॉकेट मई ह निकल लो

राज — अभी भी आपको तंग करना ह मस्ती सूज रही… फिर स्कर्ट मई हाथ डालकार्ड निकल रूम खोल दिया …

रजनी के रूम मई जाते हे ….अनु को बीएड पे बिठाया तोह वो कसमसाते हुवे वंही बीएड पर लुढ़क gayi….par रजनी को कान्हा नींद अणि thi….wo राज पर टूट पड़ी और उसे बेइंतिहा किश करने लगी …..राज ने भी कुछ दिएर उनका साथ दिया और फिर उन्हें बीएड पर लेता दिया

राज — no फिजिकल गुड नाईट कह उनके फोरहेड पर किस कर दी

रजनी — रूक जाओ न मेरे पास he…tumhe आज के लिए बहुत बहुत सारा थैंक यू बोलना ह…

राज — आप सो जाईये बाद मई आराम से करदेना थैंक you…..good नाईट…

फिर अनु को गोद मई उठाकर उसके रूम की तरफ चल दिया और पॉकेट से कार्ड निकल कर दूर ओपन किया और उसे लेता कर जाने laga…wo गेट तक पंहुचा तोह उसे पीछे से आवाज आयी उसने मूड कर देखा तोह अनु पीछे कड़ी हो रही thi….par वो हो नहीं प् रही थी….

राज — क्या हुवा पानी पीना ह….

अनु जिसने वाइन के बाद वोडका के कई शॉट्स लगातार लगाए थे अभी वो इतने नशे मई थी ki…usai ये भी नहीं पता लगा की वो घर ह या hotel….wo राज की आवाज सुनकर बोली “पापा दोस्तों ने पीला दी थी …आप कमला आंटी को भेज दीजिये….”

राज समाज गया की क्या चल हो रहा उसने आगे बढ़ अनु को सहारा दिया…

अनु — कमला आंटी जल्दी आगयी आज बड़ी ताकतवर लग रही हो मुझे वाशरूम तक ले चलिए….

राज को अब इतनी शर्म आगयी थी की वो बोल भी नहीं पाया और उसे वाशरूम ले गया पर यंहा भी उसकी दिकत ख़तम नहीं हुवी …अनु से उसकी जीन्स हे नहीं खुल रही थी….

राज ने चुपके से देखा और मन हे मन खुदको कोसते हुवे उसकी जीन्स का बटन कांपते हाथो से खोल दिया…

अनु — थैंक यू कमला आंटी … मैं अति हु….

राज थैंक गॉड ….वो मन हे मन थैंक यू बोलते हुवे बहार gaya…..kuch हे मिनट बाद बाथरूम से जोर की आवाज ayiii….raj तुरंत अंदर भगा तोह देखा अनु तब मई गिरी पड़ी और पानी मई तैरने की कोसिस कर रही थी….

राज “हे भगवन क्या करलु इस लड़की का परेशानी की खदान ह ये …मतलब पिने के बाद स्विमिंग”

उसने उसे उसे तब से बहार निकला पर वो सोच मई पद गया की अब क्या करे …वो पूरी गीली थी और अंदर A.c से रूम ठंडा हो चूका था वो ा स बंद करके बहार से बाथरूम मई आया तोह अनु अपना टॉप निकल चुकी थी…..

अनु — कमला अन्त्य नहाने मई मजा ारः था….

राज हे भगवन रहम कर मुज पर मन मिशन ह मेरा मैं पहले हे बहुत बड़ा पाप कर चूका हु पर ये मेरी बहन ह मई अपने मिशन अपने बदले के लिए और निचे नहीं गिर सकता हु अनु को वंही बाथरूम मई सिर्फ ब्रा मई छोड़ …. वो तुरंत रजनी के रूम मई गया और रजनी के मू पर पानी छिड़क छिड़क कर उसे नींद से उठाया और साडी बात बताई…..

अगली subhe….jab अनु की आंख खुली तोह उसके सर मई दर्द होने लगा वो बिस्तर से बाथ रूम के लिए उठकर गयी और …जब वो बाथरूम मई अपने गीले कपडे इधर उधर पड़े देखे और फिर तुरंत अपने कपडे देखे और जब उसने अपने शॉर्ट्स के टॉप के अंदर देखा तोह न ब्रा थी न पंतय वो चौंक गयी पर ये समाज गयी थी की उसके साथ कुछ भी नहीं हुवा ह पर मेरे कपडे वो किसने बदले क्या राज ने इतना सोचते हे उसकी आंखे फ़ैल गयी और खुद से हे बोली तोह क्या उसने सब देख liya…itna कहता कहते इसकी आँखों मई शर्म और गुसा दोनों आगये उसने अपने कपडे उतरे और खुद के बदन को निहारने लगी … ….उधर राज को रात मई रजनी ने अपने साथ हे जबरदस्ती सुला लिया था और अभी वो बाथ रूम मैं नाहते हुवे रात की बाते याद करती हुवी अपने बूब्स को सहला रही थी क्योकि राज ने रात को किश करते हुवे उसके बूब्स को सहलाया tha…phir नशे मई रजनी ने अपने टॉप और ब्रा को निकल दिया था राजने भी किश करते हुवे बेहरहमी से उसके बूब्स पर अपना लव बाईट छोड़ दिया था जिसे वो अभी निहार रही थी तभी रजनी के मू से िस्ष्ह की आवाज निकल गयी वो अपने एक बूब पर बने राज की लव बाईट को देखते हुवे रात के पल महसूस करते करते उसके बूब्स के निप्पल कड़क हो गए और ये महसूस करते हे उसे शर्म आने lagi…aur इन दोनों की हरकतों और खयालो से बेखबर राज निचे तैयार होकर सबका वेट कर रहा था क्योकि आज फाइनल था….

यंहा से अलग भी बहुत कुछ हो रहा था……

सीनियर और जर विक्टर दोनों गुस्सी से उबाल रहे थे क्योकि उन्हें जो पेमेंट कलेक्ट करना था उनमे से दो अनिरुद्ध और विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स ने उन्हें फूटी कोड़ी तक नहीं दी थी ऊपर से कितने हे उनके खास आदमी मरे गए थे….

जर विक्टर — कौन ह जो हर बार हमरे बिच ारः ह और ये निर्वाण का नाम किलर आर्गेनाइजेशन वालो ने बताया ये कान्हा से आगया….

सर विक्टर--- यही वो शख्स था जो उस रात उनके बिच मई आया tha…aur ये निर्वाण नाम बहुत सुना सुना सा लगता ह मुझे पर याद नहीं ारः ह…

जर विक्टर सोचते हुवे अचानक चौंक उठा और बोलै —- कुछ महीने पहले दिल्ली मई भी निर्वाण नाम के शख्स का जिक्र हुवा था जिसने पुलिस और मिनिस्टर के और अपने भी आदमी मरे थे …..और वीडियो अपलोड किये थे…..

सर विक्टर-- याद agaya…yakinan ये वही ह पर ये यंहा क्यों ह ये महज इत्तेफ़ाक़ तोह नहीं हो सकता ह ….जरूर कोई बहुत बड़ी प्लानिंग हो रही h…..jiske बारे मई हमे खबर भी नहीं ह…

जर विक्टर — कोई तोह होगा जो निर्वाण को जनता होगा कोई तोह होगा ….जो हमे इनफार्मेशन दे सके ……सिर्फ एक बार पता चल जाये फिर उसके पुरे खानदान को उसके किये की सजा चुकानी होगी….

सर विक्टर —- मिलेगा मिलेगा बस चारो तरफ न्यूज़ फ़ैल दो 1 कर का इनाम और उसकी आइडेंटिटी गुप्त राखी जाएगी …चारो तरफ ये न्यूज़ फैला दो…. कोई तोह होगा जो गद्दारी करेगा ….है है है …बाप बड़ा न bhaiya…sabse बड़ा rupayiya……samjhe

कुछ दिन बाद….

हरिद्वार……

पंडित — अब अस्थियो को गंगा मई विसर्जित करो….

शख्स — ने अस्थिया विसर्जित कर दी…..

पंडित — आपके भाई की आत्मा को मुक्ति मिल गयी ह….

शख्स ने पंडित की बात का कोई जवाब नहीं दिया और वंहा से निकल गया….

और वो 2 दिन बाद वो दिखाई दिया मुम्बई एयरपोर्ट पर

शख्स — अबसरू होगा मेरा खेल ….मुझे जो हथियार चाहिए था वो मिल गया h……ha है है …अब तू मरेगा निर्वाण तू marega…..ha है ha…tune भी गलती की क्या सोचा तुजे कोई पहचान नहीं payega…..main अब इतने लोग तेरी मौत के लिए भेजूंगा की तेरी रूह कैंप उठेगी ….50 कर तेरे सर की कीमत hogi…wo जैसे हे एयरपोर्ट से बहार आया ….उसके सामने कार आकर रुकी …और वो उसमे बैठकर निकल gaya…….jald हे पुरे अंडरवर्ल्ड मई तेज़ी से 50 कर वाली न्यूज़ फैलने लगी …. और ये इनफार्मेशन जल्द हे राज तक भी पहुंच गयी …..और उसने दिमाग का हर कौन लगा दिया इस बात को समझने मई की कौन हो सकता ह …..ya…sirf ये एक अफवाह h….ya मुझे फंसने की चाल h……ya वाकई कोई ह जो पता कर सकता ह की मैं हे निर्वाण हु पर कैसे ….कैसे …kaise……usai कोई जवाब नहीं मिल रहा था ….तोह वो बोलै क्या सोनाली से पुछु सायद वो हेल्प करदे पर अगले हे पल नहीं नहीं nahi……toh फिर तोह phir….koun कौन कौन हो सकता h…raj एक हे जगह बैठा कितने हे घंटो से इस घुठि को सुलझाने की कोसिस कर रहा था पर उसे कुछ समाज नहीं ारः था…

एक शख्स और था जो अपनी सजा पूरी करके इस जानकारी के लिए मुम्बई ारः tha….aur उसके आने से जर विक्टर sr..victor सभी के हालत खासते हो गए थे ये पहली बार था जब डेथ हेलो खुद अंडरवर्ल्ड मई सीधा जानकारी लेने आरहा था ……निर्वाण मुम्बई मई ह ये न्यूज़ पुलिस को भी उनकी मुखबिरों ने पंहुचा दी थी जिसकी वजह से पुलिस कमश्नर की नींद उडी हुवी थी क्योकि उनकी भी पहले की कई मीटिंग मई निर्वाण का जिक्र हो चूका था और निष्कर्ष यही निकला था की वो जंहा होगा वंहा मौत का तांडव hoga……police कमिश्नर ,minsters,gunde सबकी नींद उड़ चुकी थी …. निर्वाण की न्यूज़ से

मनीषा होम--

अपनी माँ को रात के 1 बजे अत देख वो उनके पास आयी …और लेट आने का कारन पूछा….

म .माँ-- बीटा मीटिंग थी ….कोई निर्वाण नाम का शख्स ह वो मुम्बई मई ह उसी की वजह से ये हाई अलर्ट मीटिंग हुवी थी….. जाओ सो jao….raat बहुत हो गयी ह….

मनीषा गण कहकर चलदी पर मन हे मन बोली “ अगर ये कहु की जिसने सबकी नींद उदा राखी ह वो निर्वाण आपकी लाड़ली बेटी से डरता ह तोह आपकी क्या हालत होगी हे हे हे…..

हिमाचल —-

सोनाली पंचेस और किक्स सामने लटक रहे बैग्स पर भरसा रही थी उसकी टी शर्ट पसीने से तर बतर हो गयी थी ……तभी उसके पास मैसेज aya….usne मैसेज ओपन किया तोह “मेरी भोली दी क्या कहा था मैंने वो मुम्बई मई h….aur वो मुम्बई मई हे निकला ह पूरी मुम्बई हिल गयी ह निर्वाण की न्यूज़ से bye तक”

सोनाली के चेहरे पर कोई भाव नहीं ए और उसने मैसेज को डिलीट मारा और दुबारा से अपनी प्रैक्टिस करने लगी इस बार उसकी किक और बॉक्सिंग की स्पीड और तेज़ हो गयी थी …..पर आँखों मई उठ रही चमक को वो छिपा न सकीय ….

पुलिस कमिश्नर ,अंडरवर्ल्ड ,डेथ हेलो, collecter,sp,acp,sonali,shiwani,jogindar singh,chief इन सबका रूटीन सिर्फ एक नाम ने 2 हे दिन मई बदल दिया tha…..aur जिसने बदला था वो राज के अंदर गहरी नींद मई सो रहा tha……sikar एक था और सीकरी अनेक ….अब जल्द सुरु होना वाला ह खेल सीकर का जिसमे निर्वाण के सर की कीमत होगी 50 cr…..par कौन था वो शख्स जो निर्वाण की पहचान को लेकर सूरे tha…..Jisne रचाई थी ये शतरंज की बिसात ….जिसने लगाया था इतना बड़ा दांव…

आज के लिए इतना he…..masti मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
अपडेट इन फाइव मिनट्स
 
अपडेट 172…

ओह माय गॉड

राज सुभे सुभे वाकिंग पर घूम रहा था तभी उसे पीछे से आवाज आयी …

“ कैसे हो बरखुद्दर दुबारा कभी घर दिखाई नहीं दिए”

राज-- “गम sir…apke यंहा और दुबारा …उस चुड़ैल का पता ह न आपको जान से मरने के लिए चाकू उठा लिया था उस ये तोह आप थे जो बच गया वर्ण वो मुझे अकेला मिलते हे मार दे”

मनोहर सिंह-- रहने भी दो …मुझे सब पता ह ….तुम दोनों फर्स्ट ए हो कम्पटीशन मई … वो सब बता देती ह मुझे ….

राज-- सही कहा सर …डॉ से बात छुपती नहीं ह और लड़कियों से बात छुपाई नहीं जाती ह…

मनहर सिंह — है है है ….औ घर चल कर छाए साथ पीते ह….

राज — par…wo मुझे देखते हे पागल हो जाएगी..

मनहोर सिंह जोर से ठहाका लगाकर हंस pade….jab दोनों घर पहुंचे तोह राज के साथ अलग हे सीन हुवा अनु भड़कना तोह दूर इन्फेक्ट दोनों के लिए टिया लेकर खुद ईई…

मनोहर सिंह और राज एक बार एक दूसरे को तोह एक बार अनु को देख रहे थे…

मनोहर — ये kaise….matlb तुम्हारी तबियत तोह तीख ह न बेटी…

पर राज को कान्हा शांति मिलने वाली थी ……बिना chede….wo बोल हे पड़ा “इसकी तबियत तीख ह सर ये जरूर इसमे मेरे लिए ज़हर मिला के लायी ह इससे मेरी खुसी देखि नहीं गयी आपके साथ” बस फिर क्या था अनु का चेहरा तमतमा gaya…uski मुठिया भिन्छ गयी और वो जोर से पेअर पटकते हुवे वापस बिना कुछ कहे चली गयीईइ

मनोहर — लो दिला दिया गुसा…

राज — अपने ये देखा पर ये देखा की गुसा कण्ट्रोल करना ारः ह उसे…

मनोहर — अरे है ये तोह देखा हे nahi….good एक बार उसने अपने भाई के खिंच कर गुसाई मैचकू मर दिया था तबसे दोनों के बिच बहुत काम बनती ह….

राज — ओह्ह्ह वैसे वो कान्हा ह…

मनोहर — वो यही मुंबई मई दूसरी जगह रहता ह अनु की वजह से ….

राज — ok अंकल मैं चलता hu……dubara मिलता हु …

मनोहर ने तीख कहा और फिर पीछे से किसी को इशारा करके बुलाया और पूछा “तुम्हे एक काम दिया था”

आदमी — सर बैकग्राउंड का कुछ पता नहीं ह कॉलेज डाक्यूमेंट्स मई दिल्ली के कमिश्नर जोगिन्दर सिंह हे इसके एक मात्रा रिलेटिव ह मदर फादर की जगह भी उनका नाम हे लिखा ह पता करने पर पता चला ह की ये गोद लिया हुवा ह और बचपन से हे उनसे दूर रहा h……koyi क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं ह बूत एक बात बेहद अजीब ह …की इस लड़के ने देहरादून मई अकेले अपने दोस्तों को बचने के लिए कई सरे गुंडों से लड़ाई ….

मनोहर सिंह — इंट्रेस्टिंग और कुछ …

आदमी-- और तोह कुछ है …उसी दिन वंहा निर्वाण नाम के शख्स को देखा गया….

मनोहर सिंह-- इस लड़के का चैरेक्टर काफी पेचीदा ह मेरा अनुभव कहता ह ये इतना सरल भी नहीं h…par क्रिमिनल भीं नहीं ह ये ाचा ह …..

ऊपर से अनु राज को बंगल से बहार जाता देखती rahi…..usne धीरे से कहा …बड़े ए मेरे कपडे बिना मुझसे पूछे बदले ठरकीय कंही के ….ये कहते हुवे वो मुस्कराते हुवे शर्माने लगी…

राज अभी अनु के घरसे कुछ कदम हे निकला था की उसका फ़ोन रिंग करने लग gaya…..aur जब उसने कॉल निकल कर अननोन नंबर देखा तोह एक पल सोच मई पढ़ gaya….aur फिर कॉल अटेंड कर लिया….

“ तुम मुम्बई मई हो”

राज को आवाज पहचानते दिएर नहीं लगी वो तुरंत हे बोल bada….haaa…

“और कुछ दिन पहले जो किलर आर्गेनाइजेशन से लड़ रहा था वो तुम हे थे”

हां वो मैं हे था…

सभी का गुस्सा फुट पड़ा- “किस साई से पूछ कर ए तुम यंहा खेल चल रहा जो तुम आगये और तुमने उस दिन किलर आर्गेनाइजेशन से फाइट भी करि क्या सोचा बहुत बड़ा काम किया h…matlb अफवाहे सही ह की निर्वाण मुम्बई मई ह तोह ये भी सच हे ह की कोई तुम्हारी आइडेंटिटी जनता ह …सोचा ह क्या होगा फॅमिली ka…..phir से वही sab…….itna कहते कहते सभी रूक गए ….

राज-- “तोह आप बताईये कोई मेरी फॅमिली को आकर मार जाये मैं हाथ पर रखे देखते रहा hu..main खिसि को भी कुछ होने से पहले खुद का मरना पसंद करूँगा पर मेरे जिन्दा रहते तोह नहीं देखता रहूँगा ….मार दूंगा सबको जान से”

सभी — मर दूंगा जान से जिन्दा रहोगे तब मरोगे बेवक़ूफ़ …सिर्फ कुछ महीने अलग छोड़ा ह तुम्हे और तुम गुसाई से काम लेने लगे गुरूजी को तुम्हारी हरकते पता लगी तोह सोचा ह उन्हें कितना ढक होगा क्या इसीलिए तुम्हारे दादाजी इतना सब कुछ सहा ऐसे बदला लोगे (फिर गहरी सांस छोड़कर अपना गुसा काम करके आगे बोले) कान्हा हो तुम…

राज — घर मिलना तीख नहीं rahega..ap मुझे .xxxxxx..mall मई मिलिए 10 बजे…

कॉल कट होते हे राज तुरंत घर मई पहुंच गया और सोचने लगा कौन होगा wo….aur सभी आग सर यंहा क्यों ह कब से ह …वो क्यों किलर आर्गेनाइजेशन के पीछे ह

दूसरी तरफ….

मनीषा और कविता पूनम के घर थी…

कविता-- दी ये वाला सूट पहनो आप पर बहुत ाचा लगेगा..

पूनम — ok जो मेरी कुटी को पसंद ho….itna कह वो सूट पहन ने लगी ….वैसे कुटी तुम्हारा हिटलर भाई दिखा नहीं दुबारा से …

कविता— हे हे हे हिटलर भाई हे हे हे वो क्या …दी वो कॉलेज मई हे दीखते ह बहार तोह मिलते भी नहीं h..dekho न मुझे ए कितने दिन हो गए और एक बार भी नहीं मिले mujse…ap कल चलोगी न कॉलेज तब दिखा dungi…aj शॉपिंग कर लेते ह…

मनीषा — अगर तुम दोनों की बाते ख़तम हो गयी हो तोह चले ….

कविता — तोह चलो न दी आप हे बाते करती रहती हो हम दोनों तोह कब से तैयार ह…

मनीषा- आआह्ह्ह बड़ी ayi….chamchi चलो…

ये भी अपना ग्रुप बना कर निकल गयी शॉपिंग के लिए …..उधर राज सभी के साथ रेस्टुरेंट के प्राइवेट मई

राज — ये एक ट्रैप ह क्योकि मैं यंहा हु सिर्फ सुनील दिव्या बुआ चीफ सर और दादाजी जानते ह…

सभी — देखो राज गड़बड़ तोह ह क्योकि उस पर्सन का डायरेक्ट मुम्बई आना महज इत्तेफ़ाक़ तोह नहीं ह…

राज-- सर मुम्बई किलर्स का मैं प्लेस ह इसलिए हो सकता ह वो सिर्फ मेरे नाम की सुपारी देने आया हो….

सभी - हो सकता h…but वो जो भी ह मेरा एक्सपीरियंस कहता ह तुम बहुत बहुत बड़ी मुसीबत मई पढ़ने वाले ho…Agar वो लोग निर्वाण के पीछे ह तोह तीख पर क्या होगा अगर वो राज के पीछे पद गए..

राज-- सर पैदा हुवा तब से हे मुसीबत मई हु …हर दिन कभी खुद से तोह कभी अपनों के लिए लड़ा हु…

सभी — अभी कुछ भी नहीं किया ह ..तुम्हारा nanihaal…khair तुम अब मेरी बात कान खोलके सुन लो डोबबले अलर्ट rahna…Aag सर भी यही ह हम किलर आर्गेनाइजेशन के तहिखने को ढूंढ रहे ह…

राज — मैं पूछूंगा तोह भी आप बताएँगे नहीं की आपकी उनके साथ क्या दुश्मनी ह…

सभी — कुछ दिएर चुप रहकर बोले “इतना जान लो इस दुनिया मई बहुत पॉवरफुल लोग ह खुद की स्किल्स को डेवेलोप करते रहे …ताकि जब सामना हो कंज़ोर न पदों क्योकि तुम्हारे अंदर तुम्हारे पिता की 30 प्रतिसत हे पावर h….toh उनके दुश्मन क्या ह तुम सोच सकते ह ..और किलर आर्गेनाइजेशन का सवाल तोह ये वो लोग ह जो तुम्हारे पिता के साथ जुड़े हुवे थे ….किलर आर्गेनाइजेशन को शुरू करने मई तुम्हारे पिता का बहुत बड़ा रोले था…

राज शॉक से तोह फिर ये लोग ऐसे गिनने काम…

सभी — वक़्त आने पर पता लगेगा जवाब तोह मुझे भी chahiye…aur ये जवाब उनका वो मास्टर देगा जो छिपकर बैठा ह जो कटपुतली ह किसी और के हाथ ki….ab तुम जाओ और तैयार रहो ….बहुत जल्द बहुत बड़ा थंडरस्टॉर्म स्टॉर्म आने वाला ह और उसकी गूंज मुझे अभी से सुनाई देने वाली ह…

राज कितना वक़्त ह मेरे पास

सभी “सायद 6 महीने या एक साल बस ….फिर खिड़की से बहार देख कर एक और महा संग्राम होगा…”

राज को अकेला टेबल पर बैठा छोड़ सभी चले गए राज गहरी सोच मई बैठा सोचता रहा और बैठे बैठे उसे 2 ऑवर निकल गए …उसके चारे पर सोच गुसा और नफरत सभी के भाव थे वो सीधा ट्रेनिंग के जाने के लिए खड़ा होकर nikla….wo बहार आया और बिलिंग काउंटर पर पाय laga….aur पाय करते करते उसकी नज़र एक तरफ़पडी ….वो पहले हे गुसाई मई था की अब उसे जो दिखा उस साई उसे और गुसा आने लगा ….वो बिलिंग काउंटर के पीछे बैठे लड़के से बोले “मैनेजर को 2 मिनट मई यंहा बुला लेना वर्ण उसकी हड़िया ऐसे टूटेंगी की डॉ भी नहीं जोड़ payega…samjha…”

इतना कह वो एक टेबल की तरफ चल दिया …

और वंहा बैठी थी उसकी जिगर का टुकड़ा उसकी बहन कविता और उसकी भाभी मनीषा और साथ मई थी उसके लिए जान तक न्योछावर कर देने वाली poona….jinke साइड मई कई सरे हाई फि सोसाइटी के छिछोरे लड़के बैठे the…aur ये सब देखना किसी भी भाई को बर्दास्त नहीं होता h…kavita की नज़र अपने भाई पर पद गयी थी उसके चेहरे पर 440 वाल्ट की मुस्कान agayii…wo कड़ी होने लगी तोह पास बैठे लड़के ने हाथ पकड़कर बैठा लिया था ….मनीषा और पूनम की पीठ राज की तरफ थी इसलिए उन्हें नहीं पता था की अब तक गुसाई से टमटमराही कविता अब मुस्करा क्यों रही h…manisha और पूनम दोनों उन सभी को गुसाई से बोले जा रही थी …पर वो दोनों कविता को देख मुस्कराता देख सोच मई पढ़ गयी उनकी ये सोच जायदा दिएर नहीं रही तभी राज कविता के बिलकुल पास आगया…

राज — kabbu….apni आंखे बंद करो अछि लड़किया ये सब नहीं देखती ह…

कविता ने भी एक अछि छोटी बहन की तरह तुरंत गर्दन है मई हिलाकर आंखे बंद कर्ली….

मनीष राज को देखकर स्लो मोशन मई बोली OH….MY….GOD…. ये तोह गए ….और एक हाथ से सर और हार्ट पर हाथ लगाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए दवा करने लगी….

पूनम का रिएक्शन अलग था वो तोह बस सब भूल राज को बिना पलके झपकाए देखे जा रही thi….usai अब बिलकुल फरक नहीं पढ़ रहा था की क्या हो रहा h…pure 15 दिन हो गए थे राज को देखे हुवे….

तभी धड़ाम की आवाज से उसका धयान टुटा उसने देखा की जिसने कविता का हाथ पकड़ा था वो कई फ़ीट दूर टेबल पर जाकर पड़ा था अगले हे पल एक जाना और उन दोनों के ऊपर से उड़ता हुवा उन्हें दिखाई दिया …वो दोनों उस लड़के को उड़ता हुवा दूर जाता देखती रही …

मनीषा “कितनी बार समझाया था की तुम्हारा फ्यूचर ख़राब हो जायेगा पर नहीं….”

तोह इधर कविता एक आंख को चुपके से खोलकर अपने भाई की फाइटिंग का लाइव टेलीकास्ट देख रही थी और उसका मू शॉक से खुला हुवा tha…..kyoki आज तक उसने श्वेता से ये सब सिर्फ सुना हे था की राज भाई क्या फाइट करते h…par आज उसने सब अपनी आँखों से देख लाइव देख लिया…

राज ने सबको इतनी बार उठा उठा के इतनी जल्दी जल्दी मई पताका की टेबल चेयर टूटने की आवाज मई उनकी हड़िया टूटने की आवाज डाब गयी thi….jab सबको तोड़कर भी राज शांत नहीं हुवा वो और मरता उसी वक़्त कविता भाग कर अपने भाई के गले लग गयी….

कविता — ी लव यू ी लव यू सो मच भाई …..आप हमसे मिलने ए हो न …

राज के सर पर तोह जैसे ठंडा पानी सा गिर गया हो वो “ है क्यों नहीं मिलने आसक्त मेरी गुड़िया से”

इनकी बिच की बात पूरी होती तब तक मैनेजर भी आगया और पुलिस भी आगयी …

मैनेजर — ये दोनों ग्रुप हे ह जो जगदा कर रहे थे और देखो क्या हाल कर दिया यंहा का…

पुलिस इंस्पेक्टर — ok …इंसबको ले चलो ठाणे….

पुलिस वाले आगे बढे तोह…

मनीषा — मेरी माँ यंहा की कलेक्टर ह और बिना किसी वजह से आप हमे गिरफ्तार कर रहे ह जबकि गलती इन लड़को की और इस मैनेजर की h….wo हमे छेद रहे थे तब ये कान्हा था…

इंस्पेक्टर — ने एक लड़के पहचान लिए जो एक बड़े बुसिनेस्स्में का लड़का था इसलिए वो बोलै

तुम्हे जो भी बोलना ह थाना चलकर बोलना समझी ….अब सीधी तरह चलो ….हम सभी को गिरफ्तार कर रहे ह…

मनीषा — तुममम

पूनम - मैं अभी बड़े पापा को कॉल करती हु…

इंस्पेक्टर — ठाणे तोह चलना हे पड़ेगा मैडम चाहे किसी को भी कॉल करलो कलेक्टर मैडम खुद हे क्यों न अजय…

उधर पूनम ने कॉल लगाकर अनिरुद्ध गोस्वामी को सब कहा तोह उसे जो जवाब मिला उसे सून वो राज को देखने लगी ….इधर बात को बढ़ती देख और इंस्पेक्टर का रवईया देख कर ….

राज-- क्यों यार हमेसा ये सब करने को मजबूर करते ह हर बार ये घिसा पिता सन मूवीज ेट्स मई होता ह अब तोह रियल मई भी होने लगा सही कहा ह मूवीज रियल लाइफ से हे इंस्पायर्ड होती h…itna कहते हुवे वो आगे आया और बोलै “ तीख ह sir..sari मेरी गलती ह क्या मुझे एक मिनट मिल सकते ह आपके साथ अकेले मई …. Ok सिर्फ दस सेकंड नहीं नहीं सिर्फ 5 सेकंड”

इंस्पेक्टर — सिर्फ 5 सेकंड तीख ह …

पर ये 5 सेकंड उसकी गांड फाड़ने के लिए बहुत थे ….

पूनम तोह बस अनिरुद्ध की बात सुनकर हे उसे देख रही thi…..anirudh ने उसे कहा था “उसकी पावर क्या ह स्टेटस क्या ह वो खुद भी अभी पूरी तरह नहीं जनता ह वो इस बात को चुटकियो मई निपटा देगा”

राज के साथ अकेले मई जाते हे राज ने उसको कुछ दिखाया ….

5 सेकंड बाद

इंस्पेक्टर — इस मैनेजर और लड़को को गिरफ्तार करो और यंहा की कक्तव कमरे की हार्ड डिस्क को जला दो और फिर बाकि सब से तुम मई से किसी ने भी यंहा का वीडियो बनाया ह तोह डिलीट मार दो ..वर्ण तुम्हारे पुरे खंडन पर ऐसे चार्ज लगूंगा की जिंदगी भर जेल मई सड़ोगे समझे…

राज —थैंक यू सर आपकी ये हेल्प मुझे हमेसा याद रहेगी …

इंस्पेक्टर — no प्रॉब्लम राज …कभी जरुरत हो तोह याद करलेना…

मनीषा …👀पूनम 👀…कविता👀… की आंखे फटी पड़ी थी …पूनम को मनीषा की बात दुबारा याद आयी की राज कौन ह क्या ह मुझे खुद पूरी तरह पता नहीं ह…

तभी राज ने एक क्लैप बजायी तोह एक ब्लैक कोट पेण्ट मई यमदूत जैसा शख्स तुरंत हाजिर हो gaya…poonam और कविता तोह उस बन्दे को देख कर हे हैरान थी की 6.5 का फ़ीट का बिना किसी एक्सप्रेशन के राज के सामने हाथ पीछे करके खड़ा था….

राज —- आप इंटीनो के पीछे साये की तरह रहोगे जब ये कॉलेज से लेकर घर आने तक अगर कोई भी लड़का या कोई भी शख्स इनके पास गलत इंटेंशन्स से दिखे तोह उसी जान से मार देना …

शख्स -यस मास्टर इतना कह वो तुरंत वंहा से चला गया

पूनम कविता दोनों राज की बात सुनकर शॉक हो गयी …क्योकि मनीषा को ये सब पता था

राज-- अब सब तीख ह ….ok तोह क्या आप तीनो मेरे साथ लंच करना चाहोगी….

मनीषा — राज की पीठ मई पंच मरकर …. “ अगर अपने हाथो से बनाकर खिलाओगे तोह”

राज “हेल्प करनी पड़ेगी”

मनीषा “ ok done….sir खाने मई करुँगी हे हे हे”

कविता — सच मई भाई को खाना बनाना अत ह….

मनीषा — खाना अरे बहुत टेस्टी बनता ह वेग नॉन वेग जो भी बनवा लो मैंने तोह इसी से खाना कुक करवाती थी…

राज ने पूनम की तरफ देखा और प्यार से बोलै -आप कैसी ह पूनम जी….

पूनम — जी अब तीख हु कुछ और दिनों मई पूरी तरह तीख हो जाउंगी.. ….

पूनम का दिल जनता थकी उसने कैसे रिप्लाई किया ह पर ये कहते वक़्त उसकी हीमत हे नहीं हुवी राज की तरफ देखने की …

राज —आपको रेस्ट करना चाहिए ….और जब तक पूरी तरह तीख न हो जाये तब तक आपको हिलना भी नहीं चाहिए….

पूनम कुछ बोल हे नहीं पायी बस “जी” कहकर है मई गर्दन हिला दी….

तभी मनीषा ने उसके कान पकड़ लिए और बोली “तुम्हे बड़ी परवाह ह ..इतनी हे परवाह ह तोह इतने दिन मिलने क्यों नहीं आये तुम …और जब मिली ह तोह रॉब जमा रहे हो रेस्ट करना चाहिए अरे वो बीएड पे लेते लेते परेशां हो चुकी ह …”

“आअह्ह्ह दर्द हो रहा h….main तोह उनको जल्दी तीख देखना चाहता हु इसलिए कहा”

राज की ये साइड देख पूनम के चेहरे पर मुस्कान आगयी और मनीषा से बोली “मनीषà छोड़ो उन्हें दर्द हो रहा ह”

मनीषा — “हहहह दर्द हो रहा उंहेये वक़्त वो पूनम को देखने लगी पूनम की आंखे शर्म से निचे झुक गयी… “सिर्फ तेरे कहने पर इसे छोड़ देती हु…”

राज — आअह्ह्ह थैंक यू रहम करने के liye….maine सोचा था थोड़ी अकाल आगयी होगी पर आप तोह …

पूनम मनीषा और राज की नोख झोक को देख मुस्करा रही thi..wo तोह मन हे मन बहुत खुस थी की वो आज राज के घर जा रही …उसके दिल मई बहुत से सवाल थे की घर कैसा होगा ….कान्हा रहते होंगे …कैसे रहते होंगे …वगैरह वगैरह …

राज — “घर पर वैसे जायदा कुछ ह नहीं तोह वेजटेबल्स ले ले …

मनीषा — ok मुझे और कविता को कुछ पता नहीं ह पर पूनम को पता ह वो जाएगी तुम्हारे साथ और मैं और कविता लेट ह इसराम चलो कुटी …और दोनों साथ चल दी…

पीछे राज और पूनम हे सिर्फ अकेले खड़े रह गए ….

राज — आप पूरी तरह तीख नहीं हुवी हो आप रेस्ट करो मैं लेकर अत हु …

पूनम — मैं पिछले कई दिनों से आराम हे कर रही हु और आप भी तोह घूम रहे ह आपको मुझसे जायदा आराम की जरुरत ह फिर आप क्यों….

राज पूनम को देखने लगा .. दोनों की नज़रे एक दूर से मिली और दोनों हे कुछ नहीं बोल पाए और साथ साथ वेजिटेबल स्टोर की तरफ चल दिए ….

पूनम पता ह यंहा की सब्जिया कोल्ड स्टोर की होती h…kyo न बहार फ्रेश सब्जी ले …रस्ते मई हे ह सब्जी मंडी मैंने देखि थी….

कुछ दिएर बाद

पूनम — राज जी कुछ पुछु

राज - पूछिए

पूनम —आपको खाने मई क्या पसंद ह…

राज — मुझे ….कोई खास तोह पसंद नहीं ह पर अल्लू के परांठे बहुत पसंद ह….

पूनम — और कुछ …..

राज — है जब छोटा था तब छोटी चची रोटी चिन्नी और घी का चूरमा बनती थी कविता ममता के लिए वो कभी कभी खा लेता था …बहार खाया पर उसमे वो स्वाद हे नहीं मिला …बस बाकी सब कुछ खलता हु …कोई शिकायत नहीं खाने से अगर वो घर का हो तोह

राज तोह अपनी बात कहता रहा पर उसे क्या पता था की उसके पास मई चल रही पूनम के होठो पर प्यारी सी मुस्कान thi…….wo दोनों कविता मनीषा को कार मई छोड़कर सब्जी खरीदने मंडी मई पैदल चले गए …जंहा पूनम टमाटर प्याज अल्लू मिर्ची पालक सबको देख लार खरीद रही थी राज बस पूनम को देखता रहा पर पूनम को कान्हा खबर थी वो तोह अपनी सोच मई खोयी सब ख़रीदे जा रही thi….aur जब उसकी पर्चासिंग ख़तम हुवी toh…piche राज के हाथ मई सूखे मसले से लेकर सब्जियों के कई बैग हो गए थे…

पूनम — लाईये ये मसले वाले बैग मुझे दे दीजिये …मैंने आपको परेशां कर दिया…

राज — कोई बात नहीं चलिए वैसे …क्या घर पर भी आप हे परचेस करती ह…

पूनम — वंहा बाबा के साथ बाजार जाती थी… तब सब कुछ सिख liya….isliye थोड़ी बहुत समाज और रसोई का सारा काम खुद करती थी तोह सीखती सख्त सिख गयी..

.

राज पूनम की मन हे मन तारीफ जरते हुवे खुदसे हे बोलै “जिंदगी भी माँ बाप के बिना इंसान को सबकुछ सीखा देती ह …इस लड़की का जीवन भी किसी संघर्ष से काम नहीं ह”

पूनम “आप भी अपने बारे मई कुछ बताईये न”

राज मुस्कराकर -मुझे लगता ह मनीषा और कविता आपको सब बता चुकी होंगी …

पूनम के कदम चलते चलते रूक gaye….wo बोली “ आप खुद नहीं बताना चाहते तोह कोई बात नहीं”

राज पूनम का जवाब सून पूनम को देखने लगा पर पूनम ने नज़रे नीची कर ली…

राज “ वैसे मेरे बारे मई बताने जैसा ….कुछ नहीं h….bus इतना ह ki…ek शख्स जिसके पास सब कुछ ह पर कुछ भी नहीं h…mahfil मई भी अकेला ह”

पूनम और राज के बिच राज की बात से कुछ पल शांति सी छ gayi….par पूनम मन मई समाज रही थी की वो क्या कहना चाहता था ….और क्या मतलब tha…..is लिए उसने कुछ सोचकर कहा .. “ सब कुछ होना और नहीं होना एक हे सिक्के के 2 पहलु ह राज जी …जब हमने सोचा हमरे पास कुछ नहीं ह तोह कुछ भी नहीं होता ह सब खली हे दीखता ह ये सिक्के का एक pahlu…par सिक्के दूसरा पहलु भी ह एक पल सोचकर देखे तोह हमारी जिंदगी मई बहुत से अपने होंगे जो हमारे लिए सैक्रिफिएस करते h,hume कहते ह और हमे उनके अपनेपन का अहसास होते हुवे भी हम उन्हें अनदेखा करते ह और इसलिए हम खुदको सब कुछ होते हुवे भी अकेला तनहा पाते ह…”

राज के दिल और दिमाग मई पूनम की हर बात बार गुंजन रही thi…..ussai सबसे पहले सोनाली का मुस्कराता हुवा चेहरा दिखाई दिया जो उसे हे मुस्कराते हुवे देख रही थी … फिर उसकी आंखे के सगाई सबका चेहरा घूमने लगा …पूनम राज के चेहरे पर ए भाव को समाज रही थी वो जानती थी की राज के दिल मई क्या कसमकस चल रही ह इसीलिए उसने कुछ नहीं कहा ….

ये चुप्पी दोनों के बिच घर तक रही ….राज तोह किचन मई चला गया …

मनीषा — तुम यंहा औ ….

राज — हे भगवन अब क्या हुवा इन्हे ….

अह्ह्ह्हह राज की पीठ मई फिर मुक्का पड़ा

मनीषा — इतना बड़ा घर ले रखा मुझे बुलाया तक नहीं

राज — ये घर भी आप ले lo…bus खुस अब तोह मत मारो आपकी फ्रेंड क्या सोचेगी…

मनीषा — हम्म्म्म पर तुम काम हे ऐसे करते ho….tumne वडा किया था की हमेसा अपने पास rakhoge….aise रखोगे बोलो …

इनकी लड़ाई से बेखबर पूनम घरकी एक एक जगह को निहार रही thi….usai घर मई सब बहुत सिंपल दिखा जो उसे पसंद आया …..बहार बने छोटे से गर्दन मई गयी जंहा सिर्फ गुलाब के हे फूल लगे हुवे the…..wo सब कुछ देखते हुवे वापस राज के पास किचन मई आगयी…

राज — आप बैठ जाइये ….मैं बना लूंगा…

पूनम — आप बैठिये और मनीषा को यंहा भेज दीजिये ….कविता आपको बहुत मिस करती ह आप उसे बात कीजिये ऐसा कोई दिन नहीं जब वो आपकी बाते नहीं करती ह उससे बात कीजिये ….

राज कुछ कहना चाहता था पर पूनम ने मू दूसरी तरफ करलिया और सब्जिया धोने लगी राज के जाते हे उसके चेहरे पर बहुत बड़ी मुस्कान आगयी और वो नयी दुल्हन की तरह चहक उठी जो पहली बार अपने पति के लिए खाना बना रही हो …मनीषा के आते हे उसे थोड़े काम बताये और खुद लग पड़ी आलू उबलने …धनिया और मसाले तैयार करने ….मनीषा तोह उसकी स्पीड देख कर हे हैरान थी उसने 1 ऑवर मई अल्लू के परांठे दही ….पालक पनीर ….ग्रीन सलाद …. और खासकर खीर राज के लिए तैयार कर दी थी ….

मनीषा —तू तोह सच मई बिना शादी के हे उसकी बीवी हो गयी ह…..

बीवी सुनकर पूनम के चारे पर मुस्कान आगयी….

मनीषा ोये होये शर्मा गयी ….ladki…dekho ज़रा ऐसे शर्मा रही ह जैसे शादी के बाद का पहला दिन हो बस दुल्हन के जोड़े की कमी ह ..वैसे कोई नहीं कहे तोह सुहागरात की भी तयारी कर दू…

पूनम — हप्पप्प गन्दी लड़की अब चलो खाना कहते ह वो इंतज़ार कर रहे h….waise उन्हें पसंद तोह आएगा न ….खाना..

मनीषा-- है ये तोह अगर नहीं आया तोह फिर शादी कैंसिल ह …

पूनम का चेहरा उतर गया ….

मनीषा-- पगली मैं तोह मजाक कर रही थी उसे खाना बहुत पसंद ayega..par यंहा लेके कड़ी रही थी तोह नहीं ayega….chal …

राज भी इतना खाना देखकर हैरान था …पूनम ने राज को अपने हाथो से हे खाना परोसकर दिया …

राज — अब आप बैठ जैइए अपने मन की बहुत कर ली ह….

पूनम -जी….

इतना कह वो भी कविता के पास हे बैठ gayii….aur राज के खाने के पहला निवाला लेने का वेट करने लगी उसके दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से धड़क रहा था …उसके दिल की हालत सिवाए उसके कोई नहीं समाज सकता था इसी पहले कितनी हे बार उसने आलू के परांठे और सब्जी रोटियां बनायीं थी पर आज का दिन उसकी जिंदगी का खास दिन था …आज उसने अपनी सोल अपने प्यार के लिए खाना बनाया tha…..isliye मन हे मन घबरा रही थी….

राज — ने अल्लू के परांठे देखे तोह उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी…..

राज जैसे जैसे निवाला तोड़ कर मू की तरफ लेकर जा रहा था वैसे वैसे …पूनम राज को देखे जा रही थी जैसे हे राज ने पहला निवाला लिया ….पूनम सीधी होकर एक तक राज को देखने लगी….

राज ने पूनम को देखा तोह पूनम की दिल की धड़कन और जोर से धड़कने लगी उसके हाथ मई पसीना आने laga…wo बस राज के रिप्लाई का बेसब्री से वेट कर रही थी ये उसके लिए तीख वैसा था जैसे राज उसे प्यार के लिए है कहेगा या न कहेगा…

राज — अरे अपने खाना सुरु नहीं किया आप भी खाइये ….माफ़ करना आलू के परांठे देख कर भूल हे गया की आप हमारी मेहमान हो……

पूनम — कोई बात नहीं…

पर मन हे मन वो राज के रिप्लाई क वेट कर रही थी…..

पर राज ने एक सब्द नहीं कहा वो बस खता रहा…

पूनम मन हे मन बोली “क्या इन्हे पसंद नहीं ए …सायद इसीलिए इन्होने कुछ नहीं कहा …अब मैं क्या करुँगी इन्हे मेरे हाथ का खाना पसंद हे नहीं aya….hey कान्हा ये क्या हो गया ….मैंने तोह बहुत अचे से बनाये थे बाबा तोह हमेसा कहते थे की पूनम से ाचा खाना कोई नहीं बना सकता h….toh क्या वो यू हे मेरी तारीफ कर देते थे “पूनम अपनी सोच मई इतनी डूबी की उसे कुछ पता हे नहीं laga….manisha सामने से ये सब देख कर मुस्करा रही थी उसने भी कुछ नहीं कहा …..

“पूनम जी और अल्लू के परांठे देना ….”

इस आवाज से वो बहार आयी तोह देखा राज मुस्कारते हुवा उसी की तरफ देख रहा था

“क्या हुवा आप किस सोच मई ह और अल्लू के परांठे ह क्या “

पूनम हड़बड़ाकर “हहहहहह फिर है ह न उसने 2 परांठे रख दिए “

वो छोटा सा निवाला कहते हुवे बस चोर नज़रो से राज को कहते देख रही थी….

“और ह क्या”

पूनम के टेंशन भरे चेहरे पर मुस्कान आगयी उसने एक और रख दिया और अभी और लाती हु कहकर …सबकुछ छोड़ किचन मई चली गयी उसके चेहरे पर सुकून से भरी बहुत प्यारी मुस्कान थी ..वो एक छोटी बची की तरह नाच कर अपनी ख़ुशी दिखाना चाहती thi….par अभी वो अपने प्यार के घर थी पर उसका दिल तोह पंख लगाकर जैसे उड़ कर नचा रहा था…

मनीषा राज के कान पकड़कर “ उसकी चोट तीख नहीं हुवी ह 6 परांठे खा चुके हो तुम्हे और खाने ह ….शर्म ह….”

राज — अरे वो परांठे सच मई बहुत बहुत टेस्टी बने ह आपकी कसम मैंने आज तक ऐसे टेस्टी परांठे नहीं खाये ह आप भी सिख लो न पूनम जी से ….

मनीषा “ बड़ा आया और मैं क्यों सिख लू”

राज — ागैई ी मैं मैं आपके घर तभी आऊंगा जब आप ये खुद बना कर खिलाओगी वर्ण आपकी दोस्त के पास जाऊंगा काम से कमखाना तोह ाचा मिलेगा…

मनीषा ने टेबल पर पड़ा चाकू उठा लिया ….

कविता हे हे हे वैसे भैया …आप ह न इतना ाचा खाना बनाने वाली भाभी हे ढूँढना मेरे लिए …..आज तोह इन्होने रोज से भी ाचा खाना बनाया ह…..

राज — भाभी खाना …हहहहहह तू ये छोड़ कब्बू तू पूनम जी से बोलकर इन्हे खाना बनवाना सीखा दे मेरे लिए यही बहुत ह

मनीषा — नौपे …

राज — मैं वडा करता हु आपके हाथ का खाना खाने जरूर aunga….please वर्ण…

मनीषा - धमकी …वो भी मुझे…

तभी पूनम आगयी….

और राज की प्लेट मई गरमा गरम 4 परांठे रख दिए …

राज — खुसी से ….वाकई आपके हाथो मई जादू ह आप बहुत ाचा खाना बनती हो…

पूनम मन मई “ जिंदगी भर बनूँगी आपके लिए जब कहोगे तब बनाउंगी….”

राज कुछ कहा अपने …

मनीषा मन मई “ पका पूनम ने राज के लिए कुछ कहा होगा ये और कविता दोनों को हे डेजावू अत ह”

पूनम —नहीं toh….agar आपको पसंद ह तोह आप कभी भी घर आसक्ति ह मुझे खुसी होगी आपके लिए बनाने मई….

राज — मौका मिला तोह जरूर आऊंगा……

पूनम तोह सातवे आसमान पर उड़ रही thi….tabhi बहार बारिश बहुत तेज़ होने लगी …..और इन्हे पता भी नहीं laga….par खाना खाकर जब वो घर जाने के लिए निकलने लगे तोह …

मित्युदूत सामने आगया…- मास्टर बहार तेज़ बारिश हो रही ह काफी वक़्त से और अभी भी ये रुकेगी नहीं इसलिए बहार जाना सही नहीं होगा …

राज — तीख ह….

राज तीनो को लेकर वापस अंदर आगया….

पूनम को तोह ऊपर वाले का दिल से धन्यवाद देने लगी क्योकि उसका दिल भी नहीं था जाने का …वो अपने चेहरे की खुसी को दबा रही थी जबकि मनीषा और कविता तेज खुसी से उछाल पड़ी ….इधर सभी खुस थे तोह….

वंही ….मुम्बई अंडरवर्ल्ड मई …. सीक्रेट प्लेस पर मीटिंग हो रही thi….janha जूनियर विक्टर और सीनियर विक्टर खुद भी मौजूद the…aur बिच की सीट पर मास्क पहने बैठा था डेथ हेलो ….और उन सब की नज़र थी सामने चल रहे प्रोजेक्टर की स्क्रीन पर दिख रहे शख्स पर…..

सर विक्टर — सब यंहा ह तुम अब बोल सकते हो…

वो शख्स -बात लम्भी ह हम सुरु से चलते ह ….सबसे पहले दिखा निर्वाण नाम का ये शख्स हिमाचल मई …एक टूरिस्ट प्लेस पर तोह क्या वो अकेला गया tha…..aur उसको इतना गुसा क्यों आया की रात को इतने लड़को को काट दिया वीडियो बना कर वायरल कर diya…yani किसी ने उसके साथ या फिर उसके साथ आयी किसी लड़की या औरत के साथ कुछ तोह किया …पर कौन थी वो लड़की किसी को नहीं पता लगा इसे एक बात तय ह वो अपने परिवार के साथ रहता h…..ab नंबर तवो ….फिर अचानक से वो एक लड़ाई मई दीखता ह और कुछ लड़कियों को कैद से छुड़ाता ह …पर वो गया नहीं वो उत्तराखंड हे रहा …वो अचानक हे देहरादून एक लड़ाई मई दिखाई देता ह इस लड़के के साथ …….जब ये लड़का अपने दोस्तों को बचने के लिए लड़ रहा tha…..sabhi लोग स्क्रीन पर आरही फोटो को देखने लगे h….jo राज की thi…..ho सकता ह ये इत्तेफ़ाक़ हो पर जब iski..bahan पर हमला हुवा तब एक और नकाबपोश आदमी दिखा जिसकी रफ़्तार बिलकुल निर्वाण की तरह थी फिर निर्वाण दिखा दिल्ली मई जंहा क्या हुवा आप सब जानते h…..tab से लेकर अब तक ये लड़का कान्हा ह मुझे नहीं पता ह अगर निर्वाण से किसी भी तरह अगर ये लड़का जुड़ा हुवा ह तोह हमे निर्वाण मिल सकता ह ….मुझे..50 परसेंट यकीन ह निर्वाण और इस शख्स का कोई तोह रिश्ता ह….

सर विक्टर — 50 परसेंट यकीन ये सब तुम्हारी कल्पना ह और तुम कहते हो हम इस लड़के को ढूंढे …..

शख्स — और है मैं बताना भूल गया इसका नाम राज h…ye कान्हा रहता ह कौन ह इसके मातापिता कौन ह ये किसी को नहीं पता h…..bus इसकी एक बहन ह श्वेता

सर विक्टर - तुमने हमारा वक़्त बर्बाद किया …..

शख्स — सचाई अधूरी हे होती ह ….तोह आधा सच आप लोग भी ढूंढो तभी इनाम इनाम 50 कर ह निर्वाण आपका और ये फोटो वाला लड़का mera….ye इस पुरे देश मई कंही भी हो सकता ह इस वक़्त …..

कोई और कुछ कहता डेथ बोल पड़ा “एक बात याद रखना अगर तेरी बात सच हुवी और ये लड़का निर्वाण से थोड़ा भी जुड़ा ह तोह तेरी उम्र लम्भी वर्ण तुजे मई पटल से भी खोज nikalunga…kyoki निर्वाण से जायदा खतरनाक मई हु”

शख्स — मुझे मौत से दर नहीं h….muje बस इसकी मौत चाहिए जिस दिन धुंधला उसी दिन मौत का खेल सुरु उसकी गर्दन और 50 कर गर्दन दिखने वाले के ….लेटस हंट Begin….ha है है ha…..meeting के ख़तम होते हे

डेथ हेलो — विक्टर ….पुरे देश मई इस लड़के को ढूंढो जंहा मिले जिन्दा लेकर औ इसे मेरे पास ….वर्ण दुनिया मई से अब विक्टर सर और जर का नाम मिटने का वक़्त आगया ह …

सर विक्टर जी सनकी भाई मैं अभी सबको काम पर लगवा देता हु….

डेथ हेलो — हमारी पैमेंट का क्या हुवा

विक्टर — वो भी बहुत जल्द आप तक पंहुचा दी जाएगी…..

डेथ हेलो — बेहतर रहेगा….

डेथ हेलो के निकलते हे

रात के वक़्त

पूनम ने राज के दिल मई अपनी जगह बना के लिए उसके लिए चूतमा बनाया ….

कविता और राज दोनों के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी….

राज — सायद हे इतने सालो मई मैंने इतना ाचा खाना पुरे दिन खाया हो….

पूनम — सामने तोह कुछ बोल नहीं सकती थी पर दिल मई वो क्या बोल रही थी ये राज नहीं सून सकता था पर उसकी आंखे सब बोल रही थी “ आप मेरा प्यार हो राज मैं आपको पूरी जिंदगी अपने हाथ से खिलने को तैयार हु ….मैं आपको कभी दुःख नहीं दूंगी ….मेरा प्यार किसी तारीफ पैसे का मोहताज़ नहीं ह उसी बस आपका थोड़ा सा साथ चाहिए आप जैसे रहोगे जैसे रखोगे मैं रह लुंगी मैं आपको बहुत बहुत प्यार करती हु “पूनम आज बहुत खुस थी उसे वो सब मिल रहा था जो वो छह रही …जिसके लिए वो तदपि थी वो अपने प्यार के घर उसके बेहद करीब थी पर फैसला अभी भी बहुत बड़ा था….

राज “ आप जिसकी जिंदगी मई जाएँगी वो बहुत लकी होगा पूनम जी आप बहुत अछि नेक दिल लड़की हो जैसा अनिरुद्ध अंकल ने कहा था”

पूनम राज को देखने लगी तोह राज की भी नज़र पूनम पर gayi…..raj ने पूनम के भोले और मासूम चेरे को ध्यान से देखा …और दोनों की हे नज़रे कुछ पल एक दूसरे पर तिकी rahi….kuch दिएर बाद सभी अपने रूम मई सोने चले गए

राज अपने रूम मई सो रहा था उसे वापस वो मुस्कुराता हुवा चेहरा दिखाई दिया जो धुंधला सा था उसने उससे पास से देखने की कोसिस करि पर वो दूर होता जा रहा था …राज नींद मई बेचैन होकर बोलने लगा वो लगतार सपनो मई उस चेहरे की तरफ भाग रहा था और हकीकत मई वो बीएड पर तड़फड़ा रहा tha….uska एक हाथ सपने वाली लड़की को चुने के लिए उठे हुवे the…..uske रूम मई खड़े उस साये ने ये देखा और राज की नींद टूटने के दर से वापस जाने के लिए मुदा तोह राज सपने वाली लड़की से बोलै मत jao…par ये सब्द उसने हकीकत मई भी बोले …जो लड़की यानि पूनम ने भी सुने और मुड़कर राज का हाथ पकड़ लिया ….राज तुरंत शांत हो gaya…..poonam उसके सिराहने निचे फर्श पर बैठ गयी और उसके सर को सहलाने lagiii….wo पूरी रात राज को निहारती रही और सिराहने हे उसका हाथ पकडे पकडे हे बीएड से सर टीकाकार सो गयी उसकी नींद खुली उसने टाइम देखा तोह 5 बज रहे थे उसने राज को निहारा और अपना हाथ को हलके छुड़ाकर पूरी हीमत करके राज के फोरहेड पर प्यार से किश करि “ मेरे रहते आपको कोई बुरे सपने नहीं आएंगे …आपके हर बुरे खवाब को मैं मेरे प्यार की खुसियो से भर दूंगी “ इतना कह वो चुपके से रूम मई चली गयी……

आज के लिए इतना हे ….

मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…..
 
अपडेट 173

थंडरबोल्ट राइजिंग….

सुभे राज टिया बनाकर …..पूनम के लिए लेकर गया ….गेट पर नॉक की आवाज से पूनम की नींद टूट gayii….usne टाइम देखा तो 7 बज रहे the….aj पहली बार था जब वो लेट उठी ….उसने दूर ओपन किया तोह ….उसके चेहरे पे प्यारी सी स्माइल आगयी उसे सब कुछ सपना सा लग रहा था राज अपने हाथ मई टिया का कप लिए हुवे उसके तीख सामने खड़ा मुस्करा रहा था….

राज “ गुड मॉर्निंग पूनम जी

पूनम — आप

राज — बिलकुल ये मैं हे हु ये लीजिये सुभे की गरमा गरम छाए …पीजिये और तैयार होकर निचे ाजाईये मैं ब्रेकफास्ट तैयार करता हु …राज इतना कह चला गया पर पूनम वंही राज को जाता देखती रही उसके होठो पर बहुत प्यारी सी मुस्कान खुद बा खुद आगयी …. “ थैंक यू कान्हा इन्हे मेरी जिंदगी मई लेन के लिए ये बिलकुल बाबा की तरह ह जो सबका ख्याल रखते ह …” वो नहाने के लिए जाने लगी तोह उसे याद आया उसके पास कपडे हे नहीं ह ..वो निचे आयी तोह राज ने देख लिया….

“अरे आप इतनी जल्दी आगयी पर”

पूनम कैसे बोले उसे कुछ समाज नहीं ारः था …वो अपने हाथ की उंगलियों को एक दूसरे से टकराते लगी …तब राज बोलै… “ ओह मैं समाज गया” आप मेरे साथ आईये फिर एक रूम मई लेकर आया और एक अलमीरा को खोल दिया ये लीजिये इसमे गर्ल्स के ड्रेस ह आपको जो पसंद ए वो पहन लीजिये …और इधर भी ह और जैसे हे अलमीरा ओपन की सामने ब्रा पेंटी के सेट्स और नाईट ड्रेस के सेट्स लगे हुवे थे उसने जल्दी से वापस अलमीरा को बंद कर दिया और हड़बड़ाकर बोलै “ आप ये रूम उसे करलीजिये इसमे सब ह जो ाचा लगे उसे कर लीजिये मैं निचे जाता हु “ राज को ऐसे जल्दी से जाता देख पूनम कंफ्यूज हो गयी और उसने सामने अलमीरा मई इतनी साडी ड्रेसेस देखि तोह वो चौंक gayi….aur फिर दूसरी अलमीरा खोली तोह आँखों के सामने ब्रा और पंतय के सेट्स लगे हुवे थे जिन्हे देख पूनम को हंसी के साथ शर्म आगयी और वो राज के इतनी जल्दी जाने का कारन समाज गयी “ ाचा तोह जनाब आप ये सब भी रखते ह पर किसके लिए ??? वो भी इतनी मोर्डर्न innerwears…main क्या करू इसमे तोह कोई सूट भी नहीं ह और नाईट ड्रेस …की इतनी छोटा टॉप इसे से तोह पूरी कमर दिखती ह और निचे ये शॉर्ट्स क्या करू ….है ये जीन्स तीख ह ….और ये टॉप ये तीख रहेगा थोड़ा बड़ा लग रहा ह…. पता नहीं ये सब किस चुड़ैल के लिए इन्होने ख़रीदे होंगे हे कान्हा मेरे प्यार को बुरी चुड़ैलों से दूर रखना वर्ण आपकी इस बची का घर बसने से पहले हे उजाड़ जायेगा ये बहुत भोले ह और आज की ये चुड़ैले बहुत तेज़ ह इन्हे दूर रखना ” इतना कहते कहते रूम लॉक किया और नहाने चली गयी …उधर मनीषा और कविता भी कुछ हे दिएर बाद निचे आगयी और टिया कॉफ़ी पिने लगी …….

राज ने जैसे हे कुछ बोल

Fuuuuu…….ek साथ उसके ऊपर टिया और कॉफ़ी आकर गिरी …राज हक्का बक्का सा रह gaya…..usne उन्दोनो को कहने के लिए नज़र ऊपर की तोह वो खुद हैरान रह गया क्योकि वो दोनों आंखे फाडे फाडे फाडे उसके पीछे ऊपर की तरफ देख रही थी …..और जब उसने पीछे मूड कर देखा तोह स्टैर्स से पूनम टॉप और जीन्स मई निचे आरही थी …वो दोनों हाथो से बरी बरी टॉप को निचे खिंच रही थी …उसे बहुत जायदा शर्म और उनकंफर्टबले महसूस हो रहा tha…par कविता और मनीषा के मू से इतना हे निकला wao…….looking तू गॉर्जियस …राज की नज़र भी पूनम पर तिकी रह गयी…

कविता — दी आप जीन्स और टॉप मई क्या मैं सपना देख रही हु…

मनीषा-- कुटी हम सपना हे देख रहे ह आज सूरज वेस्ट से निकला ह ….कितनी बेऔतीफुल्ल लग रही h….meri बहन ….इस ड्रेस मई

पूनम की तोह नज़रे हे ऊपर नहीं उठ रही थी …उसने हमेसा सूट लॉन्ग स्कर्ट्स हे पहनी थे और टॉप भी ऐसे पहने थे जिनसे बॉडी part एक्सपोज़ न हो पर आज जेसन्स स्किन फ़ीट थी और टॉप से नाभि दिख रही thi….isliye वो शर्म से पानी पानी हो रही थी की राज उसके बारे मई क्या सोचेंगे ….

कविता — दी इतना शर्माओ मत आप बहुत बहुत अछि लग रही हो…..

राज — क्या हुवा …

मनीषा-- होना क्या पूनम को ऐसे कपडे बिलकुल पसंद नहीं ह ….इसे सिम्पलिसिटी पसंद ह इसलिए ये उनकंफर्टबले महसूस कर रही ह समझे…

कविता — बी थे वे भाई ये कपडे कान्हा से ए आपके घर….

पूनम के कान भी खड़े हो गए आखिर उसे भी तोह इसी सवाल का जवाब चाहिए tha….usne अपनी पलके उठाकर राज की और देखा …पर राज को चुप देख कर उसे बेचैनी होने लगी और उसी बेचैनी मई उसके मू से निकल गया “ ऊपर तोह 2 अलमीरा भरी पड़ी ह” इतना कह उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया …मनीषा कविता हैरानी 😳😳 से आंखे फाडे राज को देखने लगी और एक साथ ऊपर के रूम की तरफ दौड़ पड़ी ….पीछे राज ठगा सा पूनम को देखने लगा….

पूनम दोनों कान पकड़कर सॉरी बोली तोह राज की नज़र …पूनम के कमर की तरफ चली गयी जो दूध की तरह गोरी और कमल की पंखुड़ियों की तरह सॉफ्ट लग रही थी …पर उसकी नज़र पूनम के घाव पर थी जिस पर पट्टी एक तरफ से खुल गयी thi….poonam को जब राज की नज़र अपने पेअर पर दिखी तोह उसने तुरंत टॉप को निचे खिंच लिया …

राज — आपकी पट्टी की टेप खुल गयी h….rukiye मैं टेप लाता हु आप बैठ जाईये…

पूनम — मन मई तोह क्या अब ये खुद टेप लगयेन्गे ……उसके पुरे बदन मई जहर झूरी सी दूध गयी वो तुरंत मनीषा और कविता के पास पहुंच gayi…aur राज भी कुछ पल बाद हे पीछे पीछे पहुंच गया ….उसने पूनम को देखा फिर कविता को बुलाकर पूनम की पट्टी पर मेडिकल टेप लगाने को kaha….ye सून पूनम की जान मई जान आयी वर्ण उसका दिल अब तक खुद को राज से चुने के अहसास से हे जोर जोर से धड़क रहा था….

राज — आपके कपडे 2 ऑवर मई ड्राई क्लीन होकर मिल जायेंगे जब तक आप इस टॉप की जगह ये मेरी टी शर्ट पहन लीजिये थोड़ी बड़ी ह बूत आपको कम्फर्टेबले फील होगा ….

मनीषा — तुम ये बताओ किसकी ह ये छोटी छोटी ड्रेसेस ….और इतने सरे महंगे ब्रांड्स आज तक मुझे एक शॉपिंग नहीं कराई और यंहा जनाब इनर गारमेंट्स तक खरीद रहे ह….

राज-- हहहह ….अरे अरे रुकिए क्या मैं आपको ऐसा लगता हु…

पूनम मन मई “तोह ये ड्रेस खुद के लिए तोह नहीं लिए होंगे न बताओ बताओ”

मनीषा — बनो मत सच bolo…warna अभी श्वेता को फ़ोन करती हु…

राज — आप ये ब्लैकमेल मत किया करो ये मेरी फ्रेंड के ह ..

मनीषस — झूट…

राज — रुको रुको पूरी बात तोह सुनलो पहले ये मेरी दोस्त के हे ह वो एक्सीडेंट मई घायल हो गयी थी दस दिन तक यही रही थी तोह उसने अपने घर से ये कपडे यंहा मंगवा लिए थे….

पूनम —👀😭

मनीषा-- 10 दिन …

कविता — वो भाई गफ इतनी जल्दी …

मनीषा - क्या नाम ह उस चुड़ैल का …

राज — सिमरन नाम ह मॉडल ह ..

मनीषा — सिमरन ….क्या कहा सिमरन फेमस मॉडल ह ….कंही फेमस मॉडल सिमरन तोह नहीं …इतना कह उसने साद आँखों से पूनम को देखा…

पूनम सवालिया निघाओ से कौन ह ये सिमरन ….

मनीषा — इंडिया की टॉप यंग मॉडल्स मई से एक ह सही कहु तोह फैशन और ब्यूटी क्वीन ह ….हर फैशन मागज़ीने मई उसकी फोटो आती ह देख लेना …

राज — अरे कहा न वो घायल थी बहुत चोट लगी थी उनकी जान को खतरा था इसलिए वो यंहा रही और उसके जाने के बाद ये ड्रेस यंहा हे रह गयी ….कविता की कसम यार अब तोह ट्रस्ट करो …..सभी को उसकी बातो पर यकीन होगया कविता की कसम खाने से पूनम की तोह मनो आत्मा वापस उसके सरीर मई आगयी हो पर राज की जिंदगी मई सब आराम से कैसे हो जाये…. तभी निचे से आवाज आयी…

“छाए मई ज़हर डाला था मर तोह नहीं गए तुम ….और नहीं मरे तोह अभी तुम्हे मार dungi….bahut जबान चलती ह tumhari…kanchi की तरह कछार पचार”

राज धीरे से खुद से हे “सच मई ये फिर से इस वक़्त ….अभी अभी तोह ये झाँसी की रानी शांत हुवी थी अब ये पता नहीं किसी किसी फ़ोन करके बताएगी …. क्यों भगवन क्यों …बहार के दुश्मनो से जायदा दर तोह मुझे मेरे अपनों से लगता ह”

“सच मई मर गए क्या ok मैं ढूंढ लुंगी तुम्हारी लाश “

अभी वो कुछ और कहती पहले ऊपर से कविता निचे की तरफ आती दिखाई दी फिर मनीषा ….और फिर पूनम तीनो की हे नज़र अनु पर थी और अनु की कातिल नज़र तीनो पर और खासकर कविता पर thi….sabse लास्ट मई आया राज जो अनु को हे देख रहा था ….

अनु मन मई — ओह तोह जनाब तीन तीन के साथ बिजी ह तोह मेरी याद कैसे आएगी thraki…itni हे ठरक ह तोह मैं की की ये मैं क्या सोचने लगी और इतनी इतनी क्या ट्रक ह जो एक से मिट टी हे नहीं h….aur ये चुड़ैले आयी कान्हा से h….pahle वो सिमरन अब ये कुछ तोह करना पादागेगा तुजे अनु और आगे वाली ये कुछ जायदा हे राज से चिपकी नहीं रहती ह कुछ सोच अनु कुछ पल बाद he….anu के चेहरे पर कातिल मुस्कान आगयी और वो बोली….

अनु “ओह तोह जनाब बहुत बिजी ह..”

राज “ नहीं वो तोह आज ये मेरी”

वो कुछ बोलता मनीषा बोल. गयी “है बहुत बिजी था हमरे साथ रूम मई कोई दिकत”

अनु कातिल मुस्कान के साथ राज की तरफ चलते हुवे “ कोई बात नहीं जवान ह गरम खून ह थोड़ा बिजी तोह होगा हे”

तीनो की आँखों मई जानलेवा आभा उभर गईइइइइइइइ पर अनु को घंटा फरक पड़ने वाला था वो उनके बिच से अदा के साथ चलती हुवी राज के करीब आगयी और जल्दी से उसके गाल पर किश कर दी पर इतना मई हे कान्हा संतुस्ती मिलनी थी उसे “ok डार्लिंग अगर खेलने से फुर्सत मिल जाये तोह दोपहर को खाने पर घर अजना मैंने अपने हाथो से तुम्हरे लिए खाना बनाया ह bye तक मिस यू” फिर उनके बिच से निकलते हुवे तीनो को घूरती रही पर चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान thi…..par एक गुसाई से भर चुकी थी वो अब अपनी शर्म छोड़कर बोल हे पड़ी “राज जी ये तोह आपकी बहुत गलत बात ह आपकी बहन आपको खाने पर बुलाने आयी ह और अपने थैंक यू भी नहीं कहा चलिए थैंक यू बोलिये बहन ने घर बुलाया जरूर जाना चलो छोड़ो मई हे बोल देती hu…Thank यू मिस मैं सोच हे रही थी रात का खाना तोह मैंने अपने हाथो से खिला दिया पर दिन मई भूखे रह जायेंगे तभी आप आगयी थैंक you”anu के कदम ठिठक पड़े तोह मनीषा के तोह पेअर लचक गए वो आंखे फाडे पूनम को देखने लगी और यही हाल कविता का था अनु पीछे मूड कर पूनम को देखने लगी तोह पूनम भी 2 कदम आगे आकर मुस्कारते हुवे अनु को देखने लगी दोनों करीब 2 मिनट दोनों एक दूसरे को ऐसे हे घूरती रही ……

कविता को कुछ याद आया तोह उसने तुरंत पूनम का हाथ पकड़ कर उसे खिंच लिया ..कविता पूनम को ऊपर रूम मई ले गयी और अनु भी चली गयी पीछे राज और मनीषा अकेले खड़े रह गए …

राज ने जैसे हे कुछ बोलना चाहा तोह….

मनीषा ने उसे चुप करा दिया और सीरियस होकर बोली …. “ मुझे नहीं पता तुम मुम्बई क्यों हो और क्यों नहीं पर मैं इतना जानती हु की मेरा बेस्ट फ्रेंड किसी भी लड़की के कपडे घर मई नहीं रखेगा और न हे वो अपनी बहन के सामने किसी लड़की को खुदके पास आने और किश करने देगा इसलिए तुम्हे कुछ कहने की जरुरत नहीं ह वे ट्रस्ट यू ….

राज ने एक गहरी सांस छोड़ी वो इमोशनल हो गया था उसे रिश्तो के टूटने का हमेसा दर रहता था इसलिए भावुक होकर आज पहली बार अपनी भाभी के गले लग गया सायद उसे आज उसकी सबसे बेस्ट फ्रेंड और भाभी की जरुरत thi…..aur इसी भावुकता मई वो गले लगे हुवे हे बोलै “ जिंदगी मई सबसे लड़ सकता हु सिर्फ अपनों से नहीं …..आप मुझे समझती हो इसलिए हे कहा था हमेसा आपको अपने पास rakhunga…..kuch भी बेवजह नहीं करता हु बस इस बात पर हमेसा यकीं रखना”

मनीषा राज के सर पर और पीठ पर हाथ फिरकर उसे शांत करती रही ….और फिर अलग होकर तुम चिंता मत करो मैं हु न तुम्हारे साथ अब जाकर उन्दोनो को देखती hu….itna कह वो ऊपर चली गयी …. जंहा कविता बहार बीएड पर बैठी थी और पूनम बाथरूम मई थी वो समाज गयी की क्या बात ह….

मनीषा — तुम भाई के पास जाओ ….

कविता — वो दी पूनम दीदी का पेट …

मनीषा- तुम राज के पास जाओ मैं देखती हु….

और उसके जाते हे … “ अगर तू बाथरूम से बहार नहीं निकली toh…main अंदर आजाऊंगी कविता चली गयी ह”

कुछ हे पल बाद पूनम बहार आगयी जिसकी आंखे लाल थी …वो सीधी मनीषा के गले लग कर रो पड़ी….

मनीषा ने उसे कुछ नहीं कहा न संजय ….10 मिनट तक पूनम के रोने और नार्मल होने के बाद उसे पानी पिलाया फिर वो बोली …. “बस इतनी जल्दी आंसू आगये ……क्या होगा जब तू सोनाली मम से मिलेगी क्या होगा जब तू रिंकी से मिलेगी क्या होगा जब तू अंजना से मिलेगी क्या होगा जब तू और किसी राज दीवानी से मिली… मेरी बहन तू क्या नाम था वो लड़की जिसे राज प्यार करता था कैसे इनसबका सामना करेंगी ये सब किसी भी मतलब किसी भी कंडीशन मई सिर्फ राज से प्यार करती ह ….”

पूनम “पर मैं “…..इतना कहते कहते वो रूक गयी..

मनीषा — पर क्या मेरी बहन तू राज को अभी जानती नहीं ह …उसके जीवन मई प्यार की कोई जगह नहीं ह तुजे क्या लगता ह कोई भाई किसी लड़की को अपने बहन के सामने ये करने देगा नौपे …राज तोह बिलकुल नहीं ….अगर राज को खोने का दर ह तोह अभी हे पीछे हैट जा क्योकि उसे वही जीत पायेगी जी जो जलन जिद गुसा सब सह पायेगी …..तुजे मीरा बनना होगा पूनम पर ये मीरा अपने प्यार को पायेगी ये मेरा वडा ह तुजसे बस तू हीमत मत हार कोसिस करती rah….itni करेऔर साथ दे की उसका दिल खुद कहे की ….राज ये ह तेरा सच्चा प्यार ….

पूनम रट रट हे दुबारा मनीषा के गले लग गईइइइइइइइ……

उधर निचे राज …. “ कविता इसीलिए मई सबसे दूर हु क्योकि मैं हारूंगा तोह सिर्फ अपनों से हे ….अब जब तक मैं खुद तुम सब से न मिलु तब तक तुम भी मुझसे मत मिलना …..वडा कर मुझसे …”

“पर भाई …..फिर रुवासी होकर तीख ह ये वडा ह हमरा जब तक आप नहीं चाहेंगे जब तक हम मई से कोई आपसे मिलने नहीं आएगा”

राज — ी लव यू माय सीस एक बार ये ख़तम होगा तोह बचपन की तरह हम तीनो भाई बहन होंगे ….एक साथ सिर्फ हम तीन ….

कविता — ी लव यू तू भाई मैं हमेसा इंतज़ार करुँगी उन लम्हो का …

कविता के वेड के बाद राज बहार निकल गया उसने पलट के भी नहीं देखा क्योकि उसकी आंखे भी भीग चुकी thi….khusiyo का पल आंसुओ मई बदल गया …राज कार से उतारकर जब रुका तोह सामने …..था अंडरग्राउंड फाइटिंग प्लेस …..वो सीधा ढूंढ़ता हुवा उसी पर्सन के पास पहुंच गया ….

राज — ओने मोरे फाइट ….

आदमी — कौन ह बे और जब पीछे मुड़कर देखा तोह …..निर्वाण भाई…..

राज —फाइट अर्रंगे होगी अभी..…..

आदमी — आपके बराबर का कोई नहीं ह आज पर आप विप रूम मई वेट कीजिये मैं अर्रंगे करता हु …..

राज — तीख ह पर नाम निर्वाण नहीं इस बार कुछ और रखना …….

आदमी — कुछ और भाई आप तोह प्यार से एक हे वार मई मार कर फाइटर का चुम्बर बना देते हो ….

Raj—ok तीख ह निर्वाण हे रहने

आदमी — जैसा आप तीख कहे फिर राज को वंही छोड़ तुरंत अपने मोबाइल से लगातार कॉल करने लगा…

राज फाइटिंग केज की तरफ फाइट देखने लगा …..

तभी अन्नोउंसेड हुवा — अब आपके सामने आएगा पिछली 2 बार की फाइट का नया विजेता sherdil…..jisne अपने शेरो वाले अंदाज़ मई एते हे तहलका मचा रखा ह….

राज ने आगे झुक कर निचे खड़े शख्स शेर दिल को देखा जो बिलकुल शांत बिना किसी भाव के अपने कॉम्पिटिटर फाइटर का इंतज़ार कर रहा tha…aur जब उसके साथ फाइट करने वाला फाइटर आया तोह शेरदिल के चेहरे के भाव तुरंत बदल गए …….

एंकर — जो भी इस फाइट मई जीतेगा उसे यानाः के फाइटिंग क्लब मई परमानेंट मेम्बरशिप मिल जाएगी ….और आगे किलर सिलेक्शन प्रोसेस मई पार्टिसिपेट करने का मौका मिलेगा….

किलर नाम सुनते हे भीड़ मई शोर मच गया ….पर राज का धयान तोह शेरदिल पर हे थी उसे न जाने क्यों उस की छुपी मई एक तूफ़ान नज़र ारः था…

शेरदिल और उस फाइटर की फाइट सुरु हुवी जंहा शेरदिल ने वार किया तोह सामने के फाइटर ने वार को बिच मई हे रोक लिया और बदले मई लगातार 3 वार एक के बाद एक किये शेरदिल दूर जाकर रिंग के एक कौन मई गिरा…..

फाइटर-- खड़ा हो चूजे …

इतना कह वो शेर दिल के पास गया और उसे गर्दन से पकड़ कर ऊपर उठा liya…aur सीधा खड़ा करके शेरदिल की चेस्ट पर किक जड़ दी …..शेर दिल दुबारा पीछे जाकर पीठ के बल गिरा …..उसने दोनों हाथ टीकाकार खुद को दुबारा से खड़ा कर लिया और सामने देखने लगा …फाइटर के पास शेर दिल के पास एते हे शेर दिल ने एक जबरदस्त वारकीया …पर फाइटर ने दुबारा से ब्लॉक कर लिया और बदले मई शेरदिल को दोनों हाथो से ऊपर उठाकर दूर फेंक दिया….

ऊपर राज के पास वो आदमी आकर बोलै “निर्वाण फैन निर्वाण भाई आज तोह कोई फाइटर फाइट के लिए अवेलेबल नहीं ह…..

राज-- निचे की तरफ इशारा करके मुझे उसके साथ फाइट करनी ह….

आदमी मुस्करा ok भाई वो फाइटर उस शेरदिल को हरा दे फिर करता हु मैं इंतज़ाम…

राज — मुझे शेरदिल के साथ फाइट करनी ह….

आदमी — भाई वो तोह पिट रहा ह और जल्द हे हार जायेगा ..आप उस हरे हुवे के साथ क्या लड़ेंगे

राज — मेरे 5 कर लगा दे शेरदिल पर …

आदमी — भाई वो पैसे एडवांस देने पड़ते ह बैटिंग के लिए पर भाई वो हर जायेगा अपने मुझे पिछली बार हेल्प करि थी आप उस पर पैसा मत लगाओ….

राज — अपनी पॉकेट से कार्ड निकलकर रियली ..ये ले 5 कर …3 परसेंट तेरा कमशन काट कर पैसा तैयार करले.. और जीतने पे एक कर फाइट के उसे एडवांस दे देना..

आदमी हैरानी से देखने लगा ….और फिर चला गया…

राज धीरे से “ तुम जो हो वो दीखते नहीं मैं भी देखना चाहता हु की तुम्हारी रियल स्ट्रेंगत क्या ह …”

अंदर शेर दिल दस मिनट से मार खा रहा था उसके सरीर से कई जगह से खून निकल रहा था …अचानक उसके होठो पर हलकी मुस्कान आयी और उसने अगले वार को अपने एक हाथ से पकड़ लिया …ऊपर से ये देख कर राज “ तोह अब तुम अपनी पावर दिखाओगे पर कितने वार मई ये देखना दिलचस्प होगा” निचे शेरदिल ने उसके वार को रोका और एक पंच उसकी चेस्ट पर मारा जिसे वो फाइटर कई कदम दूर तक घसीट ता हुवा गया …और फिर उसे मौका हे नहीं मिला शेर दिल भूखे शेर की तरह अपने सीकर पर टूट पड़ा ….उसके हर पंच हथोड़े की तरह सामने वाले फाइटर पर पड़ते रहे और वो फाइटर 3 मिनट मई फर्श पर ढेर हो रखा था पूरी भीड़ मई सन्नाटा च गया….. शेर दिल जैसे हे रिंग से बहार निकला राज के साथ वाला आदमी उसके पहुंच गया ….

आदमी — ये तुम्हारे 1 कर …ह

शेरदिल — हैरानी से मेरे तोह 10 लाख ह न…

आदमी — ऊपर की तरफ इशारा करके सबने तुम्हारी हार पर लगाए थे पर उस शख्स ने कहा था तुम जीतोगे ….

शेरदिल — कह देना शेरदिल खैरात देता ह लेता नहीं ह….

आदमी — ये खैरात नहीं ह अगली फाइट की कीमत ह जो तुम्हे उसे लड़नी ह कब लड़नी ह ये जल्द हे बता दिया जायेगा….

शेरदिल — अभी क्यों नहीं ..

आदमी — उनका मन्ना घायल से लड़ाई लड़ने मई कोई नशा नहीं h….jao खुद को तीख करो…

शेरदिल — ऊपर की तरफ देखर कौन ह वो…

आदमी ने ऊपर की तरफ देख कर कहा “ 11 बार की फाइट के विनर को एक पंच से नॉक आउट करने वाला निर्वाण ह वो …..”

शेरदिल सीधे की तरफ देखता रहा वो राज को नहीं देख सकता था पर राज उसे अचे से देख पा रहा tha….par शेरदिल उसकी तेज़ नज़र को खुद पर महसूस कर प् रहा tha….aur वो तुरंत वंहा से निकल गया…..

दिल्ली ……

जोगिन्दर सिंह — जो तुम कह रहे वो सच ह…

चेइफ़ - बिलकुल सच ह अंडरवर्ल्ड मई सभी राज और निर्वाण को ढूंढ रहे ह …

जोगिन्दर — पर जंहा तक मुझे पता ह सुनील और सोनाली ने राज के सरे रिकार्ड्स तोह जला रखे ह मतलब कोई भी ये नहीं पता सकता की राज कौन ह कान्हा से ह सिवाए मेरे …..

चीफ — पता नहीं पर कोई तोह ह जो राज को कुछ हद तक जनता ह और उसने ब्लफ खेला ह निर्वाण को लेकर ये मेरा अंदाज़ा h…par मुझे यकीं ह की वो राज को जनता ह तोह श्वेता उसकी बहन ह ये भी जनता होगा ….

चेइफ़ की बात सुनकर जोगिन्दर सिंह गहरी सोच मई पढ़ गए अचानक हे उन्हें जैसे कुछ समाज आगया हो….

जोगिन्दर — अपनी आंखे फैलाकर ….मैं समाज गया मैं समाज गया श्वेता का इंडिया से बहार जाने का डिसिशन ऐसे हे नहीं था तभी मैं सोचु जो लड़की अपने भाई से मिलने के लिए इतने नाटक कर रही ह वो अचानक आउट ऑफ़ इंडिया क्यों गयी क्यों कविता ने श्वेता को रोका नहीं ….

चीफ — क्या बोल रहे हो ap…..main समजा नहीं ….

जोगिन्दर — समझा तोह मैं भी नहीं हु पर कुछ कुछ समाज ारः ह दीपिका का अचानक हॉस्टल शिफ्ट होना …..सोनाली का हिमाचल जाना शिवानी का अचानक सबसे अलगहोकर डूएटी करना सुनील की चुप्पी …राज का मुम्बई मई अचानक सबके सामने आना ……ये सब आपस मई जुड़े हुवे ह…..

चीफ — चीफ ….इसलिए अभय जॉब छोड़कर ट्रेनिंग ले रहा ह श्रुति और अज्जू का कुछ पता नहीं ह…. पर ये सब…

जोगिन्दर — मैं राज को जितना जनता हु उस हिसाब से वो हमारी सोच से भी बहुत बड़ा करने वाला h….aur इसलिए सुनील ने इतने बॉडी गार्ड्स लगा रखे ह …..पर मेरी समाज मई अभी कुछ नहीं ारः ह की….

चेइफ़ — जो भी हो जोगिंदरन तुम्हे और मुझे भी तैयार रहना hoga….hume राज की मदद हर हाल मई करनी ह…

जोगिन्दर — तीख कहा अपने भले हे सहदेव भाई नहीं ह यंहा पर मैं बड़ा बाप होने का फ़र्ज़ निभाउंगा …..

फिर दोनों के बिच मई काफी साडी बाते और हुवी…

उधर मुम्बई

डेथ हेलो भी अपनी मार्टिकल आर्ट्स की प्रैक्टिस मई बुरी तरह लगा हुवा था तोह इधर राज bhi.andar बने जिम मई पुषप पुल्ल यूपीएस और अपने मूव्स की प्रैक्टिस घंटो करता रहा जिसमे उसका सपोर्ट मित्युदूत भी करता रहा …….राज के फोटो गरफ हर गैंग की मैं टेबल पर थी और किलर आर्गेनाइजेशन का नाम से किसी की हीमत नहीं थी राज को ढूंढने से मन करने की पर राज तोह मू पर मास्क लगा कर रखता था जिसकी वजह से किसी को भी राज का तिखना नहीं मिल रहा tha…….raj नेक्स्ट डे क्लास मई पंहुचा तोह रजनी ने सीधा क्लास से आउट कर दिया और वृत्तेर्न मई एक्सप्लनेशन लिखने को कहा ये देख अनु के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी उसने राज को जीब निकलकर chidaya….period ओवर होने के बाद …राज ने वृत्तेर्न एक्सप्लेशन का पेपर मिस रजनी को दिया और बिना कुछ बोले क्लास मई agaya…aur फिर आयी खड़ूस मैडम जो स्टार्ट से हे राज से चिढ़ती thi….wo राज को देखते हे भड़क उठी…

“ये इंडिया के टॉप कॉलेजेस मई से एक ह कोई धर्मशाला नहीं ह जो मू उठा के आगये पता नहीं कान्हा से तुम्हे एडमिशन मिल गया “

राज — मम वो मेरा…

मैडम — चुप दफा हो जाओ मेरी क्लास से समझे ….और मुझे तुम्हारे जैसे लोफर गैर जिम्मेदार बिना मैनर्स के स्टूडेंट नहीं चाहिए ह

राज की आंखे गुस्सी से लाल हो राखी थी…. वो खा जाने वाली निघाओ से मैडम को देखने लगा

अनु खुद से “ये जायदा हो गया अब ….”

राज खड़ा होकर क्लास से बहार कैंटीन की तरफ आगया उसका मूड लेक्चर अटेंड करने का बिलकुल नहीं tha….usne एक टेबल खली देखि और बैठकर कॉफ़ी पिने लगा कुछ दिएर बाद उसके पास गर्वित आगया “ भाई तू नहीं आया तोह उस कुटिया ने मुझे भी बहुत परेशां किया साली हर वाट तना देने का कोई मौका नहीं छोड़ती थी“

राज कॉफ़ी पियेगा…

गर्वित पि लूंगा भाई….

अभी राज और गर्वित कैंटीन मई कॉफ़ी पि रहे थे की …वेटर आया …. “ भैया आप हे राज ह”

राज “है”

वेटर भैया ये लीजिये सुभे एक लड़की ने आपकी फोटो दिखार देने को कहा tha…raj ने सक भरी निघाओ से उसे देखकर कहा

राज - तुजे इतना स्टूडेंट्स मई से मेरी सकल याद रह गयी…

वेटर मुस्करा हे हे he“wo भैया दीदी ने 2000 का नोट दिया था तोह याद तोह रहनी हे थी….

पर राज को क्या पता था किसी कौन से ये सब कोई झुप झुप कर देख रही थी …

गर्वित क्या बात ह भाई गफ भी बना ली …..देख जरा क्या ह….

राज ने रैपर को ओपन किया था उसमे टिफ़िन बॉक्स था ….

गर्वित ये तोह टिफ़िन बॉक्स ह वो भी इतना बड़ा भाई….

राज ने बॉक्स के साइड मई पड़े कागज़ को उठाया और उसे खोला …

“दोस्त से यु रूठा नहीं करते h…milne से अपने को रोका नहीं करते h…gunha ह hamra…par इतनी बड़ी सजा दिया नहीं karte..……ab जब अपने सजा दे हे दी ह तोह सोचा माफ़ी मंगली जाये क्या पता राज जी माफ़ हे karde….i म सॉरी राज जी मैंने अपने अचे सच्चे प्यारे दोस्त का दिल दुखाया ह मेरी तरफ से छोटी सी माफ़ी “ आगे स्माइल का इमोजी बना हुवा था और उसके निचे सॉरी ..sorry..sorry..likha हुवा tha….raj ने जैसे हे टिफ़िन खोला एक खुसबू उसके नाक से होती हुवी पेट मई पहुंच गयी अभी तक जो उसका मूड ख़राब था वो अब तीख होने लगा उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान आगयी …ये सब पूनम दूर से देख रही थी राज को मुस्कारते देख उसके चेहरे पर भी बड़ी मुस्कान आगयी …इतने दिनों से जमी उदासी उसके चेहरे से कोसी दूर भाग गयी और अब उसका चेहरा नए खिले फूल की तरह खिल उठा लगा …

राज ने जल्दी से पहला निवाला तोडा और टास्ते को फील करने लगा गर्वित ने भी खाने के लिए हाथग्सी भदया तोह राज ने तुरंत तुफ्फिन पीछे खिंच लिया …..

राज “भाई पूरी कैंटीन खा ला मैं पेड कर दूंगा पर इस टिफ़िन मई से कुछ नहीं दूंगा”

पूनम को समाज तोह नहीं की राज ने क्या कहा पर वो खिलखिलाकर हंस पड़ी जब राज ने टिफ़िन अपनी तरफ खिंच लिया राज ने से सरे परांठे खा लिए और निचे उसे मिला churma….jisai उसने टिफ़िन मई हे रहने दिया गर्वित बेचारा सामने चोट भठूरे खता रह गया…..

देहरादून……

राजीव अपना काम कर रहा था तभी उसे …कॉल आया….

राजीव तुरंत पुलिस वालो के साथ निकल गया ….जाने से पहले उसने सर्विस गन के इलावा एक और गन ले ली …राजीव के साथ सिविल वर्दी मई 5 जाने और आगये ….

पुलिस अफसर — सर सुभे से तीन जाने रिंकी बिटिया का पीछा कर रहे ह जैसे अपने कहा उन्होंने सिर्फ पीछा किया कोई एक्शन नहीं लिया ये तीसरी बार ह ….

राजीव-- ये आचायी की कीमत ह राज याद ह ये लोग उसी को ढूंढ रहे ह ….पर उन्हें मिलेगी मौत ….

फिर रात को सहर के कौन मई वो पूंछो लोग मरे पड़े थे……

राजीव —- एक आ जाओ चाहे 100 ाजाओ सबको मौत हे मिलेगी ….

फिर मोबाइल निकलकर मैसेज टाइप कर दिया “दोने”…

मैसेज को पढ़ते हे दूसरी तरफ…. “उसे ढूंढने से पहले मुझसे होकर गुजरना पड़ेगा और मुझसे केवल तुम्हे मौत milegi”itna कह उसने वापस मोबाइल रख दिया….


अब आगे का काम रीडर्स का h…..So मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का ….
 
अपडेट ों सैटरडे आफ्टरनून
 
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