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सुप्रिसे ……और…. सस्पेंस…..
“आज तेरे लिए सुप्रिसे लायी हु”
“सुप्रिसे की छोड़ तू 2 दिन से मिलने नहीं आयी उसका जवाब दे पहले ..,बहन का इतना हे ख्याल ह…”
मनीषा —- सॉरी सॉरी यार ये छोड़ waise….mere सुप्रिसे से तेरी साडी शिकायत दूर हो जाएगी…
पूनम - ाचा …ऐसा क्या सुप्रिसे ह मेरे लिए….
मनीषा — तेरे लिए एक स्वीट सी क्यूट डॉल लायी हु जो तुजे बहुत बहुत पसंद आएगी….
पूनम — और कान्हा ह वो स्वीट डॉल खुद तोह चलकर नहीं आएगी न….
मनीषा — है आएगी न ….मेरा सुप्रिसे ह तोह मामूली तोह होने से रहा …
पूनम — पहेलियाँ मत भुजा ….बता न कान्हा छुपा कर आयी ह डॉल को…
मनीषा मुस्कारने लगी …ok ..ok…lekar अति हु …
मनीषा बहार गयी और कविता को साथ लेकर आयी जो लॉन्ग स्कर्ट और टॉप मई बहुत हे क्यूट लग रही थी ….उसके चेहरे पर आयी मासूमियत उसे एक पूरी बार्बी दल हे बना रही थी …पूनम हैरानी से कविता को देखने लगी….
मनीषा —- ये ह suprise…h न क्यूट डॉल …..और इस क्यूट सी डॉल का नाम h….kavita h….aur ye….aur ये पता ह कौन ह …ये ह …मेरे बेस्ट फ्रेंड राज की लाड़ली सी क्यूट सी बहन h….kaisa लगा मेरा सुप्रिसे…
पूनम तोह ये जानकार हैरानी से कविता को देकने लगी फिर उसकी आँखों मई कविता के लिए बेशुमार प्यार दिखने लगा और कविता को प्यार से निहारने लगी एक बार वो मनीषा को खुसी से देखती तोह एक बार कविता को प्यार से …
कविता — ही डीई..
पूनम — यंहा ao…mere पास….
और कविता पास पहुंची तोह उसके सर पर हाथ फिर कर तुम तोह बहुत हे क्यूट हो ….बिलकुल डॉल की तरह ……..
फिर मनीषा की तरफ को होठ हिलकर थैंक यू कहा ..मनीषा समाज गयी और मुस्कराने लगी….
कविता — दी …आपको ये चोट कैसे लगी….
पूनम —एक्सीडेंट हो गया था …ये छोड़ो मैं अभी मेरी डॉल के लिए आइस क्रीम मंगवाती हु …..
मनीषा — लेती रह आराम से आंटी ने देख लिया था वो भिजवा रही ह ….और आज हम दोनों तेरे पास हे ह तोह तू इससे जी भर के बात कर लेना …..
पूनम — है बिलकुल ….क्यों मेरी क्यूट डॉल करोगी न मेरे साथ बाते …
कविता — ह दी करुँगी न आप बहुत अछि हो ….
मनीषा मन मई — पगली बहुत सच्ची ह और वो तेरा ख्याल जिंदगी भर रखेगी क्योकि वो तेरी होने वाली भाभी ह …तेरे भाई के प्यार मई डूब चुकी मीरा ह ये…
कविता — मनीषा दी अपने कहा कुछ…
मनीषा मन मई अरे इसे भी इसके भाई की तरह पता लग जाता ह क्या …
मनीषा — नहीं कुछ नहीं kaha….tum दोनों बाते करो …मैं आंटी से मिलकर आती hu…manisha के जाने के बाद धीरे धीरे कविता और पूनम की बॉन्डिंग ऐसे बैठी की दोनों की बाते हे ख़तम नहीं हुवी …..
पुणे……
ऋचा — चलो ब्रेक फ़ास्ट करलो फिर मुझे तुमसे बात करनी ह …अगर तुम्हारे पास वक़्त हो
सुनील — आप कबसे इतनी बदल हो गयी क्योकि मैं जिस richaaa….i मैं आपको जनता था वो तोह आर्डर देने मई यकीं करती थी…
ऋचा — बदलना सबको पड़ता ह …और तुम्हारे साथ मेरा एक रिश्ता हमेसा के लिए इस जनम मई जुड़ गया ह जो चाहे राज मेरा हो या न हो वो रहेगा हे मेरी तरफ से ….तोह मुझे उस रिश्ते की मर्यादा भी रखनी होगी न ….
सुनील — काफी बदल गयी हो ap….chaliye दादाजी को नास्ते पर इंतज़ार करना पसंद नहीं ह फिर हम बात करते ह….
नास्ते करने के कुछ दिएर बाद ….
ऋचा — जो पूछूँगी सच बताओगे ….
सुनील सोचलर — अगर जवाब हुवा तोह जरूर दूंगा …
ऋचा — क्या राज मुझे याद करता h….ye कहकर ऋचा सुनील के चेहरे को धयान से देखने लगी…
सुनील ने एक लम्भी सांस छोड़ी और बोलै —- कभी उसने आपका जिक्र नहीं किया पर है ये सच ह की उसने आपको सुरुवात मई बहुत याद किया था …मैंने उसे अकेले मई कितनी बार पुराणी यादो मई दुबे हुवे देखा ह ….इसलिए इतना मैं यकीं से कह सकता हु वो आपको भुला तोह नहीं ह….
ऋचा - भावुक हो गयी …उसका दिल भरी सा होने laga…….usne हीमत कर फिर पूछा “क्या मुझसे नफरत करता ह”
सुनील — मुस्कराकर याद ह न वो आखिरी पल जब भी वो आपको मानाने की कोसिस कर रहा tha….wo आपसे बहुत प्यार करता था और आज भी वो आपको भुला नहीं ह तोह …वो आपसे नफरत कैसे कर सकता ह पर है ….उसकी जिंदगी मई कई लड़कियों ne…ane की कोसिस की …
इतना सुनते हे ऋचा तुरंत सुनील को देखने lagi….uska दिल अब और जोर से ढकने लगा की क्या कोई लड़की ह उसकी जिंदगी mai…Sunil ने भी ऋचा की तरफ देखा और कहा..
सुनील-- कई लड़कियों ने अपनी सच्ची मोहोब्बत का इज़हार किया पर उसे प्यार से हे नफरत हो chuki….usai बस अब अपने माबाप के कातिलों को ढूंढ़कर सजा देनी ह….. इसलिए कई लड़कियों के होते हुवे भी वो अकेला ह ….
ऋचा — तुम भी मेरी हे पूरी गलती मानते हो क्या… मैं उस वक़्त इतनी समझदार नहीं थी मेरी उम्र हे क्या थी ….नहीं पता था की प्यार कैसे करना h…..nahi पता था की किस पर यकीं karu…..nahi पता था की सच्चा प्यार क्या होता h…nahi पता था की दोस्त धोखेबाज़ भी होते h…..muje जो दिखाया गया वो मैंने सच mana..main कैसे अपने प्यार को किसी और के साथ उस हालत मई बर्दास्त कर paati….na तुमने… न मेरे प्यार ne….aur न मेरी बेस्ट फ्रेंड श्वेता ने किसी ने भी मुझपर विस्वास किया क्या एक बार मुझे सच बताने की कोसिस करि होती अगर फिर भी मैं नहीं सुनती तोह साडी मेरी गलती hoti…par किसी ने bhi…kisi ने भी …..ये बोलते बोलते ऋचा रोने लगी और रट रट हे बोली इतनी बुरी भी नहीं थी …क्या पता तुम सब समजते मैं समाज jati…..are कौन लड़की अपने प्यार को किसी दूसरी लड़की के साथ उस हालत मई बर्दास्त कर पाती ….बोलो ….क्या मैंने कुछ नहीं खोया मैंने दोस्त खो दिए ….प्यार खो दिया…. बहन जैसी सहेली खो dii…jisne आज तक मुझसे बात तक नहीं की दुबारा se….itna कहते कहते वो फफक फफक रो पड़ी …..
सुनील बोलना तोह चाहता था पर ऋचा के सवाल के आगे वो भी निसबड हो गया tha…richa ने अपने आंसू पूंछे और बोली…. “पर मैं ऋचा हु हार नहीं मानूंगी ….हां मैं उसे बेइंतिहा प्यार करती हु करती रहूंगी और उसी की होकर रहूंगी पर उसे भी सजा जरूर दूंगी गलती की उसकी भी गलती ह अगर अग्नि परीक्षा मुझे देनी ह तोह तुम्हारे भाई ने भी सीमा लाँघि ह सजा तोह उसे भी मिलनी चाहिए”
सुनील हैरानी से ऋचा को देखने लगा और मन मई हे राज के पिटाई की लिस्ट जोड़ने लगा …..
सुनील मन मई साला सब मिली मेन्टल हे मेन्टल हे ह इतना कह खुद के बाल मई जोर जोर से खुजली करने लगा
ऋचा — तुम्हे क्या हुवा…
सुनील जल्दी से गर्दन न मई हिलने लगा सुर बोलै कुछ nahi….muje क्या हुवा ह …वैसे एक बात पुछु….
ऋचा - है….
सुनील झिझक कर — सैक्रिफिएस नाम का वर्ड सुना ह …
ऋचा — मैं रैंक होल्डर हु आल इंडिया की तोह इतना तोह पता हे होगा…
सुनील ऋचा का चेहरा हैरानी से देखकर bola—sacrifies ये सब्द राज की जिंदगी से जुड़े हर शख्स की जिन्दी का हीसा ह और अगर आपको भी अंत मई सैक्रिफिएस करना पद सकता h….sab राज पर ह की वो क्या करता ह….
ऋचा — मतलब …
सुनील — कुछ नहीं बस आप अपनी कोसिस करो बाकि ईश्वर पर छोड़ दो पर राज की जिंदगी मई आपके वापस आने के सिर्फ एक प्रतिसत चांस ह ….अब चलिए मुझे जाना ह और है ….ये मेरी तरफ से आपके लिए गिफ्ट ह …
ऋचा कुछ पल सुनील की बात को समझने की कोसिस करने लगी फिर उसने गिफ्ट बॉक्स को ले liya..Richa ने गिफ्ट बॉक्स को ओपन किया तोह उसमे से लड़कियों की एक बेहद हे यूनिक बेऔतीफुल्ल वृस्त वाच निकली…
ऋचा -पर ये तोह बहुत महंगी लगती ह…
सुनील — आप भी कोई आम नहीं हो… इस वाच मई ट्रैकिंग ट्रैकर ह और वौइस् मेस्सेंजर ह जब भी आप मुसीबत मई होगी और हेल्प की जरुरत होगी तब आपके पास मदद पहुंच jayegi….bus एक मैसेज इस बटन को प्रेस करके वौइस् मैसेज भेजना ह ..
ऋचा — थैंक you….gift बहुत पसंद आया….…
सुनील — ok चले
राज रूम….
राज की सुभे नींद खुली तोह उसे अपने हाथ पर दबाव महसूस हुवा उसने गर्दन घुमाकर देखा तोह वो चौक गया ..क्योकि अनु उसे बिलकुल चिपक कर सो रही थी ….वो हड़बड़ाकर खड़ा होगया और अनु के सर के निचे से राज का हाथ खिसकने से उसकी नींद भी टूट गयी …वो कमसकर बैठ गयी…
अनु — खून नहीं पिया ह तुम्हारा ok…achi नींद आरही थी जगा दिया…..
राज — पागल लड़की तुम यंहा क्या कर रही हो…
अनु — तुमने हे तोह कहा था na….ki मेरे साथ सोना मुझे दर लगता ह सपनो से…
राज - आंखे फाडे उसे देखने लगा….
अनु — कलम डाउन ाक्टुअलय मुझे रात को लगा की कंही तुम्हे फिरसे सपने ए toh…isliye आगयी और तुम सच मई नींद मई परेशां हो रहे थे….
राज — मुस्करा कर चुड़ैल की चान्या जो पद गयी ह इसलिए डरावने सपने आते ह…
अनु — यूउ मैं chudail..,itna कह उसने राज को कलर से पकड़कर अपनी तरफ मरने के लिए खिंच लिया ..
राज — चोट लगी ह सीने पर…
अनु — ाचा ह जायदा हिलओगे नहीं
राज मैं तोह मज़ाक कर रहा था…
अनु — नहीं मैं चुड़ैल हु अब तुम्हारा खून piyungi….itna कह वो झूट मुठ हे राज की गर्दन की तरफ बढ़ी …
राज ने तुरंत अनु की नंगी कमर पर अपने हाथ कास लिए …अनु को करंट सा लगा उसकी आंखे छोड़ी हो gayi..aur अगले हे पल दूसरे हाथ से अनु को अपनी बांहो मई ले लिया …अनु का सीना जोर से धडकतेहुवा राज के सीने से टकराने लगा…..
अनु —- राजज….
राज ने कोई जवाब नहीं दिया और धीरे धीरे अपने होठो को उसके होतो के करीब ले गया …अनु की आंखे किश के अहसास से हे बंद होती gayiii….raj ने धीरे से उसके गाल पर किश करि और बोलै….
“अछि बची ये सब नहीं करती ह”
अनु जो किश करने की फीलिंग्स मई डूब गयी थी राज की बातो से होश मई आयी और गुसाई से चीखी “tum…tumm…aj बहुत पिटोगे मुझसे अभी ..मैं बची हु …कान्हा से बची लगती हु”
राज उसे ऊपर से निचे तक देखने लगा..
अनु “कुत्ता कमीना कान्हिका ऐसे भी कोई देखता ह ठरकी कहिके “
राज तुमने तोह कहा की कान्हा से बची हु वंही देख रहा था …वैसे बात तोह सही कुछ जगह काफी बड़ी गयी ह…..
अनु कुत्ते कमीने ….ठरकी …..
राज ने आगे बढ़ जल्दी से उसे पकड़ लिया और उसके होठो को अपने होठो से कैद कर liya….anu का सारा गुसा फुर्र हो गया …और उसके हाथ खुद बा खुद राज के बालो मई चले गए और वो किश का अहसाह लेने lagi…….aur जब साँस टूटी तब अनु का सीना और जोर से धड़कने लगा वो ..
राज — अब तोह गुसा नहीं हो …
अनु ने निचे गर्दन करते हुवे हे न मई सर हिलाया…
राज-- ok तोह मैं नहाने जा रहा हु …मेरे साथ नहाने का इरादा तोह नहीं ह न अब…
अनु पहले तोह शर्मायी फिर जाते हुवे पीछे मुड़कर जीब निकल कर “ीीीी… गंदे लड़के तुम्हारे साथ कौन नहाना छठा ह बड़े ए”
राज — मुस्कराकर कभी तोह साथ नहाना हे पड़ेगा न वर्ण प्यार कैसे होगा…
अनु प्यार कैसे होगा ये सुनते हे …रूक सी गयी और उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी …पर दुबारा से पीछे मुड़कर गुसाई से राज को देखा और चली गयी …
राज भी गीले कपडे से अपने बदन को साफ़ करने चला गया नाहा वो सकता नहीं था क्योकि टाँके जो लगे पड़े थे अपने बदन को साफ़ करके वो बहार आकर अपने घाव को देखने लगा ….तभी दूर को ओपन करके रजनी आगयी …
रजनी ने राज को सिर्फ टॉवल मई देखा तोह एक बार शर्मायी फिर दूर को बंद करके अंदर आगयी …
राज अरे आप इतनी जल्दी…
रजनी — है मैं नहीं आसक्ति हु क्या सिर्फ अनु हे आसक्ति ह क्या ….
राज — वो बात नहीं ह…..
रजनी राज की चेस्ट पर ऊँगली रख कर उसके करीब आकर तोह क्या बात ह….
राज — हड़बड़ाकर कुछ भी तोह नहीं ….
रजनी — उसके चारे के करीब आकर लगता सुभे काफी गुलाबी रही ह जनाब ki…isliye होतो के निचे लिपस्टिक के मामूली से निशान ह….
राज अपनी उंगलियों से साफ़ करने लगा तोह…
रजनी —मुकरकर अनु लगता ह सुभे किश करने आगयी ….तभी मेरा आना क्यों पसंद hoga…wo हे तोह खास ह अब…
इतना कह वो पलट के जाने लगी तोह राज ने उसका हाथपकड़लिया और एक झटके से घुमाकर उसे अपनी तरफ खिंच लिया और एक हाथ उसकी कमर मई दाल लिया ….और अपने चेहरे के उसके चेहरे के करीब ले आया ….
राज — आप एक पारी हो और मई एक डेविल हु जिसके पास आने पर सिर्फ दर्द मिलता ह मुझे पता ह आपके दिल मई क्या ह par…..meri जिंदगी मई प्यार की कोई जगह नहीं h….main कब तक यंहा हु ये भी पता नहीं ह …..आप पवित्र हो और मैं एक पप्पी जिसकी आत्मा तक खून से रंगी हुवी h….isliye मुझसे दूर रहने मई हे आपकी भलाई ह
रजनी राज की आँखों मई आंखे डालकर— तुम कौन हो क्या हो ये मायने नहीं रखता ह राज …tum…ek नेक दिल इंसान हो जो बुरे के साथ बुरा और अचे के साथ बहुत ाचा करता ह ….मुझे बस जब तक यंहा हो तुम्हारा साथ चाहिए ….
रजनी कुछ और बोलती उसे पहले हे राज ने उसके गुलाबी होठो को अपने होठो से जकड लिया …रजनी की आंखे खुली की खुली रह गयी …पर कुछ हे सेकण्ड्स मई राज के बदन से निकलती महक और होठो की तपिश ने उसके बदन के रोम रोम को अपनी तपिश से गरम कर दिया और वो राज के होठो की तपिश और उसकी बांहो मई पिगलति चली गयी … उसकी हालत अभी बिन पानी की मछली की तरह हो गयी थी वो राज की आँखों मई देख रही थी और उसका कैसा हुवा सीना फूल कर कभी राज के सीने से टकराता तोह कभी रगड़ खा रहा tha….rajni की पहली प्यार भरी और पैशनेट किश थी …जब उसकी सांसे कभू मई हुवी तोह अब उसकी आँखों मई शर्म चने लगी और अपनी आँखों को निचे कर लिया ….
राज-- आपकी इस शर्म और सरलता को कभी खोने मत देना …..
रजनी तुम तैयार हो जाओ ….इतना कह वो पलट के जाने लगी और रूक कर बिना पीछे हे मुड़ी हे बोली ….पता नहीं मुझसे तुमसे प्यार ह क्या पर मैं खुस हु जितने दिन तुम मेरे साथ हो वो मेरे जिंदगी के सबसे खुसनसीब पल ह….
राज पीछे खड़ा खुदसे हे बोलै प्यार ये मेरे नसीब मई नहीं ह ….जिससे प्यार किया वो समझी नहीं और जो मुझे प्यार करती ह उन्हें मैं प्यार दे नहीं सकता ….पता नहीं कब मौत से सामना हो jaye….itna कह वो भी तैयार होने लगा….
तोह वंही ….दूर…
सभी और आग चोट से रिकवर हो चुके थे और उन्होंने लगभग मुम्बई का हर कोई कौन छान मारा था पर किलर ग्रुप का उन्हें कुछ पता नहीं लगा था….
सभी - इसे एक बात साफ़ ह की उनके कबीले का तिखना बहुत हे गुप्त ह और वो सब अलग अलग होकर आते ह…..
आग-- हमे उस शख्स को भी ढूँढना चाहिए वो भी हमरी मदद कर सकता…
सभी — ये युद्ध हमारा ह हमरे बदले का ह आग और हमे हे लड़ना होगा क्योकि तभी पता लगेगा की आखिर ऐसा क्या हुवा जो भागवत हो गयी …और सब अलग हो गए सहदेव भाई जैसे नेक दिल इंसान को धोखा mila….yahi वो कड़ी ह जो हमे ढूंढनी ह…
आग — तोह राज को ….
सभी — उसे अभी यंहा आने मई वक़्त लगेगा ….जब तक हमे सब कुछ धुंध कर रखना ह ….उसे दिल्ली पढ़ने दो अभी
पर इन्हे क्या पता था की तूफ़ान तोह चुका ह …और इनके बेहद करीब ह…
वंही इन्ही की तरह जंगल के अंदर पहाड़ो के बिच मई कुछ जमीन के निचे बने एक बहुत बड़े कबीले के बीचो बीचो एक शख्स को बांध रखा था उसके चेहरे पर कोई दर नहीं था….
“ये तेरी सजा ह तुम्हारी वजह से हमारे कबीले के 30 शिष्य मरे गए …तुम मेरे डेस्केन्डेन्ट कैसे हो सकते हो”
डेथ हेलो जो पिछले कई दिनों से नरक से भी कठोर सजा पा रहा था पर उसका सरीर इस सजा और दर्द के बाद और मजबूत होते जा रहा tha…uske चारो तरफ खड़े शिष्या हर 3 ऑवर बाद उसे दस मिनट तक मरते थे जिसे उसकी सहन शक्ति बढ़ती जा रही थी ….वो अपने मस्ती की बाते सुनकर जोर से चीखा …..”मैं तुजे ढूंढ निकलूंगा निर्वाण फिर अपने इन्ही हाथो से चीयर dunga…Aaaaaahhhhhhh”sanki की कुरुरता को सब जानते थे इसलिए जो किलर्स उसे सजा दे रहे थे वो भी रूक गए पर डेथ हेलो ने जैसे हे उन्हें देखा उनका सरीर कंपनी लगा…. “ मारो मुझे मैंने कहा मारो”
सब दर से कांपते हुवे मरने लगे
“और जोर से मारो”
सनकी दर्द को सहते हुवे अपनी आँखों मई गुसा लिए सब सहता रहा और ये सब दूर से खड़ा उसका मास्टर देख रहा tha……..uske होठो पर एक तिरछी मुस्कान thi…aur उसी मुस्कान के साथ उसने कहा सहदेव सहदेव तेरे ये वफादार साथी आज भी तेरी वफादारी कर रहे h….tera गुरु पता नहीं आज तक कान्हा छिपा ह सब मरेंगे मैं नहीं तोह वो मरेंगे …..पर वो राज जानकार रहेंगे जो उस दिन हम सब से छिपा कर उसे छिपा दिया …उसे हम धुंध nikalenge…..bus तेरे परिवार के बाकी लोग मिल jaye…itna कह उसके चेहरे पर भयानक मुस्कान आगयी और वो जोर जोर से हसने लगा “‘है है है है है तुम सब भी उसी की तरह मरोगे तड़प तड़प तड़प कर मरोगे एक बार फिर भीषण संग्राम होगा उस दिन की तरह नरसंहार होगा …..है है है है है” …..
ी होप की कंपनसेशन अपडेट आप सबको बेहद पसंद आया होगा क्योकि आज कुछ प्रतिसत राज खुला ह तोह एक नया सस्पेंस भी सामने आगया होगा की पास्ट मई ऐसा क्या हुवा होगा ……
मस्ती मई पढ़ने का और बिना कंजूसी के लाइक्स ठोकने का ……
सुप्रिसे ……और…. सस्पेंस…..
“आज तेरे लिए सुप्रिसे लायी हु”
“सुप्रिसे की छोड़ तू 2 दिन से मिलने नहीं आयी उसका जवाब दे पहले ..,बहन का इतना हे ख्याल ह…”
मनीषा —- सॉरी सॉरी यार ये छोड़ waise….mere सुप्रिसे से तेरी साडी शिकायत दूर हो जाएगी…
पूनम - ाचा …ऐसा क्या सुप्रिसे ह मेरे लिए….
मनीषा — तेरे लिए एक स्वीट सी क्यूट डॉल लायी हु जो तुजे बहुत बहुत पसंद आएगी….
पूनम — और कान्हा ह वो स्वीट डॉल खुद तोह चलकर नहीं आएगी न….
मनीषा — है आएगी न ….मेरा सुप्रिसे ह तोह मामूली तोह होने से रहा …
पूनम — पहेलियाँ मत भुजा ….बता न कान्हा छुपा कर आयी ह डॉल को…
मनीषा मुस्कारने लगी …ok ..ok…lekar अति हु …
मनीषा बहार गयी और कविता को साथ लेकर आयी जो लॉन्ग स्कर्ट और टॉप मई बहुत हे क्यूट लग रही थी ….उसके चेहरे पर आयी मासूमियत उसे एक पूरी बार्बी दल हे बना रही थी …पूनम हैरानी से कविता को देखने लगी….
मनीषा —- ये ह suprise…h न क्यूट डॉल …..और इस क्यूट सी डॉल का नाम h….kavita h….aur ye….aur ये पता ह कौन ह …ये ह …मेरे बेस्ट फ्रेंड राज की लाड़ली सी क्यूट सी बहन h….kaisa लगा मेरा सुप्रिसे…
पूनम तोह ये जानकार हैरानी से कविता को देकने लगी फिर उसकी आँखों मई कविता के लिए बेशुमार प्यार दिखने लगा और कविता को प्यार से निहारने लगी एक बार वो मनीषा को खुसी से देखती तोह एक बार कविता को प्यार से …
कविता — ही डीई..
पूनम — यंहा ao…mere पास….
और कविता पास पहुंची तोह उसके सर पर हाथ फिर कर तुम तोह बहुत हे क्यूट हो ….बिलकुल डॉल की तरह ……..
फिर मनीषा की तरफ को होठ हिलकर थैंक यू कहा ..मनीषा समाज गयी और मुस्कराने लगी….
कविता — दी …आपको ये चोट कैसे लगी….
पूनम —एक्सीडेंट हो गया था …ये छोड़ो मैं अभी मेरी डॉल के लिए आइस क्रीम मंगवाती हु …..
मनीषा — लेती रह आराम से आंटी ने देख लिया था वो भिजवा रही ह ….और आज हम दोनों तेरे पास हे ह तोह तू इससे जी भर के बात कर लेना …..
पूनम — है बिलकुल ….क्यों मेरी क्यूट डॉल करोगी न मेरे साथ बाते …
कविता — ह दी करुँगी न आप बहुत अछि हो ….
मनीषा मन मई — पगली बहुत सच्ची ह और वो तेरा ख्याल जिंदगी भर रखेगी क्योकि वो तेरी होने वाली भाभी ह …तेरे भाई के प्यार मई डूब चुकी मीरा ह ये…
कविता — मनीषा दी अपने कहा कुछ…
मनीषा मन मई अरे इसे भी इसके भाई की तरह पता लग जाता ह क्या …
मनीषा — नहीं कुछ नहीं kaha….tum दोनों बाते करो …मैं आंटी से मिलकर आती hu…manisha के जाने के बाद धीरे धीरे कविता और पूनम की बॉन्डिंग ऐसे बैठी की दोनों की बाते हे ख़तम नहीं हुवी …..
पुणे……
ऋचा — चलो ब्रेक फ़ास्ट करलो फिर मुझे तुमसे बात करनी ह …अगर तुम्हारे पास वक़्त हो
सुनील — आप कबसे इतनी बदल हो गयी क्योकि मैं जिस richaaa….i मैं आपको जनता था वो तोह आर्डर देने मई यकीं करती थी…
ऋचा — बदलना सबको पड़ता ह …और तुम्हारे साथ मेरा एक रिश्ता हमेसा के लिए इस जनम मई जुड़ गया ह जो चाहे राज मेरा हो या न हो वो रहेगा हे मेरी तरफ से ….तोह मुझे उस रिश्ते की मर्यादा भी रखनी होगी न ….
सुनील — काफी बदल गयी हो ap….chaliye दादाजी को नास्ते पर इंतज़ार करना पसंद नहीं ह फिर हम बात करते ह….
नास्ते करने के कुछ दिएर बाद ….
ऋचा — जो पूछूँगी सच बताओगे ….
सुनील सोचलर — अगर जवाब हुवा तोह जरूर दूंगा …
ऋचा — क्या राज मुझे याद करता h….ye कहकर ऋचा सुनील के चेहरे को धयान से देखने लगी…
सुनील ने एक लम्भी सांस छोड़ी और बोलै —- कभी उसने आपका जिक्र नहीं किया पर है ये सच ह की उसने आपको सुरुवात मई बहुत याद किया था …मैंने उसे अकेले मई कितनी बार पुराणी यादो मई दुबे हुवे देखा ह ….इसलिए इतना मैं यकीं से कह सकता हु वो आपको भुला तोह नहीं ह….
ऋचा - भावुक हो गयी …उसका दिल भरी सा होने laga…….usne हीमत कर फिर पूछा “क्या मुझसे नफरत करता ह”
सुनील — मुस्कराकर याद ह न वो आखिरी पल जब भी वो आपको मानाने की कोसिस कर रहा tha….wo आपसे बहुत प्यार करता था और आज भी वो आपको भुला नहीं ह तोह …वो आपसे नफरत कैसे कर सकता ह पर है ….उसकी जिंदगी मई कई लड़कियों ne…ane की कोसिस की …
इतना सुनते हे ऋचा तुरंत सुनील को देखने lagi….uska दिल अब और जोर से ढकने लगा की क्या कोई लड़की ह उसकी जिंदगी mai…Sunil ने भी ऋचा की तरफ देखा और कहा..
सुनील-- कई लड़कियों ने अपनी सच्ची मोहोब्बत का इज़हार किया पर उसे प्यार से हे नफरत हो chuki….usai बस अब अपने माबाप के कातिलों को ढूंढ़कर सजा देनी ह….. इसलिए कई लड़कियों के होते हुवे भी वो अकेला ह ….
ऋचा — तुम भी मेरी हे पूरी गलती मानते हो क्या… मैं उस वक़्त इतनी समझदार नहीं थी मेरी उम्र हे क्या थी ….नहीं पता था की प्यार कैसे करना h…..nahi पता था की किस पर यकीं karu…..nahi पता था की सच्चा प्यार क्या होता h…nahi पता था की दोस्त धोखेबाज़ भी होते h…..muje जो दिखाया गया वो मैंने सच mana..main कैसे अपने प्यार को किसी और के साथ उस हालत मई बर्दास्त कर paati….na तुमने… न मेरे प्यार ne….aur न मेरी बेस्ट फ्रेंड श्वेता ने किसी ने भी मुझपर विस्वास किया क्या एक बार मुझे सच बताने की कोसिस करि होती अगर फिर भी मैं नहीं सुनती तोह साडी मेरी गलती hoti…par किसी ने bhi…kisi ने भी …..ये बोलते बोलते ऋचा रोने लगी और रट रट हे बोली इतनी बुरी भी नहीं थी …क्या पता तुम सब समजते मैं समाज jati…..are कौन लड़की अपने प्यार को किसी दूसरी लड़की के साथ उस हालत मई बर्दास्त कर पाती ….बोलो ….क्या मैंने कुछ नहीं खोया मैंने दोस्त खो दिए ….प्यार खो दिया…. बहन जैसी सहेली खो dii…jisne आज तक मुझसे बात तक नहीं की दुबारा se….itna कहते कहते वो फफक फफक रो पड़ी …..
सुनील बोलना तोह चाहता था पर ऋचा के सवाल के आगे वो भी निसबड हो गया tha…richa ने अपने आंसू पूंछे और बोली…. “पर मैं ऋचा हु हार नहीं मानूंगी ….हां मैं उसे बेइंतिहा प्यार करती हु करती रहूंगी और उसी की होकर रहूंगी पर उसे भी सजा जरूर दूंगी गलती की उसकी भी गलती ह अगर अग्नि परीक्षा मुझे देनी ह तोह तुम्हारे भाई ने भी सीमा लाँघि ह सजा तोह उसे भी मिलनी चाहिए”
सुनील हैरानी से ऋचा को देखने लगा और मन मई हे राज के पिटाई की लिस्ट जोड़ने लगा …..
सुनील मन मई साला सब मिली मेन्टल हे मेन्टल हे ह इतना कह खुद के बाल मई जोर जोर से खुजली करने लगा
ऋचा — तुम्हे क्या हुवा…
सुनील जल्दी से गर्दन न मई हिलने लगा सुर बोलै कुछ nahi….muje क्या हुवा ह …वैसे एक बात पुछु….
ऋचा - है….
सुनील झिझक कर — सैक्रिफिएस नाम का वर्ड सुना ह …
ऋचा — मैं रैंक होल्डर हु आल इंडिया की तोह इतना तोह पता हे होगा…
सुनील ऋचा का चेहरा हैरानी से देखकर bola—sacrifies ये सब्द राज की जिंदगी से जुड़े हर शख्स की जिन्दी का हीसा ह और अगर आपको भी अंत मई सैक्रिफिएस करना पद सकता h….sab राज पर ह की वो क्या करता ह….
ऋचा — मतलब …
सुनील — कुछ नहीं बस आप अपनी कोसिस करो बाकि ईश्वर पर छोड़ दो पर राज की जिंदगी मई आपके वापस आने के सिर्फ एक प्रतिसत चांस ह ….अब चलिए मुझे जाना ह और है ….ये मेरी तरफ से आपके लिए गिफ्ट ह …
ऋचा कुछ पल सुनील की बात को समझने की कोसिस करने लगी फिर उसने गिफ्ट बॉक्स को ले liya..Richa ने गिफ्ट बॉक्स को ओपन किया तोह उसमे से लड़कियों की एक बेहद हे यूनिक बेऔतीफुल्ल वृस्त वाच निकली…
ऋचा -पर ये तोह बहुत महंगी लगती ह…
सुनील — आप भी कोई आम नहीं हो… इस वाच मई ट्रैकिंग ट्रैकर ह और वौइस् मेस्सेंजर ह जब भी आप मुसीबत मई होगी और हेल्प की जरुरत होगी तब आपके पास मदद पहुंच jayegi….bus एक मैसेज इस बटन को प्रेस करके वौइस् मैसेज भेजना ह ..
ऋचा — थैंक you….gift बहुत पसंद आया….…
सुनील — ok चले
राज रूम….
राज की सुभे नींद खुली तोह उसे अपने हाथ पर दबाव महसूस हुवा उसने गर्दन घुमाकर देखा तोह वो चौक गया ..क्योकि अनु उसे बिलकुल चिपक कर सो रही थी ….वो हड़बड़ाकर खड़ा होगया और अनु के सर के निचे से राज का हाथ खिसकने से उसकी नींद भी टूट गयी …वो कमसकर बैठ गयी…
अनु — खून नहीं पिया ह तुम्हारा ok…achi नींद आरही थी जगा दिया…..
राज — पागल लड़की तुम यंहा क्या कर रही हो…
अनु — तुमने हे तोह कहा था na….ki मेरे साथ सोना मुझे दर लगता ह सपनो से…
राज - आंखे फाडे उसे देखने लगा….
अनु — कलम डाउन ाक्टुअलय मुझे रात को लगा की कंही तुम्हे फिरसे सपने ए toh…isliye आगयी और तुम सच मई नींद मई परेशां हो रहे थे….
राज — मुस्करा कर चुड़ैल की चान्या जो पद गयी ह इसलिए डरावने सपने आते ह…
अनु — यूउ मैं chudail..,itna कह उसने राज को कलर से पकड़कर अपनी तरफ मरने के लिए खिंच लिया ..
राज — चोट लगी ह सीने पर…
अनु — ाचा ह जायदा हिलओगे नहीं
राज मैं तोह मज़ाक कर रहा था…
अनु — नहीं मैं चुड़ैल हु अब तुम्हारा खून piyungi….itna कह वो झूट मुठ हे राज की गर्दन की तरफ बढ़ी …
राज ने तुरंत अनु की नंगी कमर पर अपने हाथ कास लिए …अनु को करंट सा लगा उसकी आंखे छोड़ी हो gayi..aur अगले हे पल दूसरे हाथ से अनु को अपनी बांहो मई ले लिया …अनु का सीना जोर से धडकतेहुवा राज के सीने से टकराने लगा…..
अनु —- राजज….
राज ने कोई जवाब नहीं दिया और धीरे धीरे अपने होठो को उसके होतो के करीब ले गया …अनु की आंखे किश के अहसास से हे बंद होती gayiii….raj ने धीरे से उसके गाल पर किश करि और बोलै….
“अछि बची ये सब नहीं करती ह”
अनु जो किश करने की फीलिंग्स मई डूब गयी थी राज की बातो से होश मई आयी और गुसाई से चीखी “tum…tumm…aj बहुत पिटोगे मुझसे अभी ..मैं बची हु …कान्हा से बची लगती हु”
राज उसे ऊपर से निचे तक देखने लगा..
अनु “कुत्ता कमीना कान्हिका ऐसे भी कोई देखता ह ठरकी कहिके “
राज तुमने तोह कहा की कान्हा से बची हु वंही देख रहा था …वैसे बात तोह सही कुछ जगह काफी बड़ी गयी ह…..
अनु कुत्ते कमीने ….ठरकी …..
राज ने आगे बढ़ जल्दी से उसे पकड़ लिया और उसके होठो को अपने होठो से कैद कर liya….anu का सारा गुसा फुर्र हो गया …और उसके हाथ खुद बा खुद राज के बालो मई चले गए और वो किश का अहसाह लेने lagi…….aur जब साँस टूटी तब अनु का सीना और जोर से धड़कने लगा वो ..
राज — अब तोह गुसा नहीं हो …
अनु ने निचे गर्दन करते हुवे हे न मई सर हिलाया…
राज-- ok तोह मैं नहाने जा रहा हु …मेरे साथ नहाने का इरादा तोह नहीं ह न अब…
अनु पहले तोह शर्मायी फिर जाते हुवे पीछे मुड़कर जीब निकल कर “ीीीी… गंदे लड़के तुम्हारे साथ कौन नहाना छठा ह बड़े ए”
राज — मुस्कराकर कभी तोह साथ नहाना हे पड़ेगा न वर्ण प्यार कैसे होगा…
अनु प्यार कैसे होगा ये सुनते हे …रूक सी गयी और उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी …पर दुबारा से पीछे मुड़कर गुसाई से राज को देखा और चली गयी …
राज भी गीले कपडे से अपने बदन को साफ़ करने चला गया नाहा वो सकता नहीं था क्योकि टाँके जो लगे पड़े थे अपने बदन को साफ़ करके वो बहार आकर अपने घाव को देखने लगा ….तभी दूर को ओपन करके रजनी आगयी …
रजनी ने राज को सिर्फ टॉवल मई देखा तोह एक बार शर्मायी फिर दूर को बंद करके अंदर आगयी …
राज अरे आप इतनी जल्दी…
रजनी — है मैं नहीं आसक्ति हु क्या सिर्फ अनु हे आसक्ति ह क्या ….
राज — वो बात नहीं ह…..
रजनी राज की चेस्ट पर ऊँगली रख कर उसके करीब आकर तोह क्या बात ह….
राज — हड़बड़ाकर कुछ भी तोह नहीं ….
रजनी — उसके चारे के करीब आकर लगता सुभे काफी गुलाबी रही ह जनाब ki…isliye होतो के निचे लिपस्टिक के मामूली से निशान ह….
राज अपनी उंगलियों से साफ़ करने लगा तोह…
रजनी —मुकरकर अनु लगता ह सुभे किश करने आगयी ….तभी मेरा आना क्यों पसंद hoga…wo हे तोह खास ह अब…
इतना कह वो पलट के जाने लगी तोह राज ने उसका हाथपकड़लिया और एक झटके से घुमाकर उसे अपनी तरफ खिंच लिया और एक हाथ उसकी कमर मई दाल लिया ….और अपने चेहरे के उसके चेहरे के करीब ले आया ….
राज — आप एक पारी हो और मई एक डेविल हु जिसके पास आने पर सिर्फ दर्द मिलता ह मुझे पता ह आपके दिल मई क्या ह par…..meri जिंदगी मई प्यार की कोई जगह नहीं h….main कब तक यंहा हु ये भी पता नहीं ह …..आप पवित्र हो और मैं एक पप्पी जिसकी आत्मा तक खून से रंगी हुवी h….isliye मुझसे दूर रहने मई हे आपकी भलाई ह
रजनी राज की आँखों मई आंखे डालकर— तुम कौन हो क्या हो ये मायने नहीं रखता ह राज …tum…ek नेक दिल इंसान हो जो बुरे के साथ बुरा और अचे के साथ बहुत ाचा करता ह ….मुझे बस जब तक यंहा हो तुम्हारा साथ चाहिए ….
रजनी कुछ और बोलती उसे पहले हे राज ने उसके गुलाबी होठो को अपने होठो से जकड लिया …रजनी की आंखे खुली की खुली रह गयी …पर कुछ हे सेकण्ड्स मई राज के बदन से निकलती महक और होठो की तपिश ने उसके बदन के रोम रोम को अपनी तपिश से गरम कर दिया और वो राज के होठो की तपिश और उसकी बांहो मई पिगलति चली गयी … उसकी हालत अभी बिन पानी की मछली की तरह हो गयी थी वो राज की आँखों मई देख रही थी और उसका कैसा हुवा सीना फूल कर कभी राज के सीने से टकराता तोह कभी रगड़ खा रहा tha….rajni की पहली प्यार भरी और पैशनेट किश थी …जब उसकी सांसे कभू मई हुवी तोह अब उसकी आँखों मई शर्म चने लगी और अपनी आँखों को निचे कर लिया ….
राज-- आपकी इस शर्म और सरलता को कभी खोने मत देना …..
रजनी तुम तैयार हो जाओ ….इतना कह वो पलट के जाने लगी और रूक कर बिना पीछे हे मुड़ी हे बोली ….पता नहीं मुझसे तुमसे प्यार ह क्या पर मैं खुस हु जितने दिन तुम मेरे साथ हो वो मेरे जिंदगी के सबसे खुसनसीब पल ह….
राज पीछे खड़ा खुदसे हे बोलै प्यार ये मेरे नसीब मई नहीं ह ….जिससे प्यार किया वो समझी नहीं और जो मुझे प्यार करती ह उन्हें मैं प्यार दे नहीं सकता ….पता नहीं कब मौत से सामना हो jaye….itna कह वो भी तैयार होने लगा….
तोह वंही ….दूर…
सभी और आग चोट से रिकवर हो चुके थे और उन्होंने लगभग मुम्बई का हर कोई कौन छान मारा था पर किलर ग्रुप का उन्हें कुछ पता नहीं लगा था….
सभी - इसे एक बात साफ़ ह की उनके कबीले का तिखना बहुत हे गुप्त ह और वो सब अलग अलग होकर आते ह…..
आग-- हमे उस शख्स को भी ढूँढना चाहिए वो भी हमरी मदद कर सकता…
सभी — ये युद्ध हमारा ह हमरे बदले का ह आग और हमे हे लड़ना होगा क्योकि तभी पता लगेगा की आखिर ऐसा क्या हुवा जो भागवत हो गयी …और सब अलग हो गए सहदेव भाई जैसे नेक दिल इंसान को धोखा mila….yahi वो कड़ी ह जो हमे ढूंढनी ह…
आग — तोह राज को ….
सभी — उसे अभी यंहा आने मई वक़्त लगेगा ….जब तक हमे सब कुछ धुंध कर रखना ह ….उसे दिल्ली पढ़ने दो अभी
पर इन्हे क्या पता था की तूफ़ान तोह चुका ह …और इनके बेहद करीब ह…
वंही इन्ही की तरह जंगल के अंदर पहाड़ो के बिच मई कुछ जमीन के निचे बने एक बहुत बड़े कबीले के बीचो बीचो एक शख्स को बांध रखा था उसके चेहरे पर कोई दर नहीं था….
“ये तेरी सजा ह तुम्हारी वजह से हमारे कबीले के 30 शिष्य मरे गए …तुम मेरे डेस्केन्डेन्ट कैसे हो सकते हो”
डेथ हेलो जो पिछले कई दिनों से नरक से भी कठोर सजा पा रहा था पर उसका सरीर इस सजा और दर्द के बाद और मजबूत होते जा रहा tha…uske चारो तरफ खड़े शिष्या हर 3 ऑवर बाद उसे दस मिनट तक मरते थे जिसे उसकी सहन शक्ति बढ़ती जा रही थी ….वो अपने मस्ती की बाते सुनकर जोर से चीखा …..”मैं तुजे ढूंढ निकलूंगा निर्वाण फिर अपने इन्ही हाथो से चीयर dunga…Aaaaaahhhhhhh”sanki की कुरुरता को सब जानते थे इसलिए जो किलर्स उसे सजा दे रहे थे वो भी रूक गए पर डेथ हेलो ने जैसे हे उन्हें देखा उनका सरीर कंपनी लगा…. “ मारो मुझे मैंने कहा मारो”
सब दर से कांपते हुवे मरने लगे
“और जोर से मारो”
सनकी दर्द को सहते हुवे अपनी आँखों मई गुसा लिए सब सहता रहा और ये सब दूर से खड़ा उसका मास्टर देख रहा tha……..uske होठो पर एक तिरछी मुस्कान thi…aur उसी मुस्कान के साथ उसने कहा सहदेव सहदेव तेरे ये वफादार साथी आज भी तेरी वफादारी कर रहे h….tera गुरु पता नहीं आज तक कान्हा छिपा ह सब मरेंगे मैं नहीं तोह वो मरेंगे …..पर वो राज जानकार रहेंगे जो उस दिन हम सब से छिपा कर उसे छिपा दिया …उसे हम धुंध nikalenge…..bus तेरे परिवार के बाकी लोग मिल jaye…itna कह उसके चेहरे पर भयानक मुस्कान आगयी और वो जोर जोर से हसने लगा “‘है है है है है तुम सब भी उसी की तरह मरोगे तड़प तड़प तड़प कर मरोगे एक बार फिर भीषण संग्राम होगा उस दिन की तरह नरसंहार होगा …..है है है है है” …..
ी होप की कंपनसेशन अपडेट आप सबको बेहद पसंद आया होगा क्योकि आज कुछ प्रतिसत राज खुला ह तोह एक नया सस्पेंस भी सामने आगया होगा की पास्ट मई ऐसा क्या हुवा होगा ……
मस्ती मई पढ़ने का और बिना कंजूसी के लाइक्स ठोकने का ……