Adultery Raj-- hero of the family - Page 53 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 174



फ़क फुक्का फ़क….

अनु होम…

राज डिनर टेबल पर बैठा कभी अनु को तोह कभी टेबल की तरफ देख रहा tha….usai समाज नहीं ारः था की क्या कहे वो….

अनु ऐसे आंखे फाडे क्या देख रहे हो मैंने बनायीं ह मैंने samjhe…..chalo खाओ…

राज — र ु सूरे ये तुमने बनायीं ह…

अनु — और क्या …कितनी बार फ़ैल हुवी तब जाके बानी ह तुम्हे क्या पता ह कितनी म्हणत से बनती ह….

राज — सच मई ….देवी नमन ह आपको मतलब सुभे सुभे इतना बड़ा बखेड़ा करके ….तुमने मग्गी बनायीं ह मेरे liye…..🤨seriously अनु …और उसमे भी तुम कई बार फ़ैल हुवी हो….

अनु — मू फुलाकर तोह क्या huva…main पहली बार खाना खाने के इलावा बनाने के लिए किचन मई गयी वो भी तुम्हारे लिए सिर्फ तुमहष्र लिए और तुम मुझे अप्प्रिसते करने की बजाये मुझे ताने मार रहे हो जाओ मैं तुमसे अब बात नहीं करती…..

इतना कह वो रूम मई चली गयी….

राज मुस्करा उठा और मग्गी को खाने लगा …..

इतने मई अनु की माँ भी आगयी-- कोई बात नहीं बीटा वो ऐसी हे ह वो बचपन से हे यंहा सहर मई रही h….isliye रिश्ते नाटो के बारे मई उसे कुछ नहीं पता ह

राज — तोह आंटी अनु के दादा दादी मां ममी कोई भी नहीं ह…

अनु की माँ-- मैं अपने मम्मी पापा की इकलौती हे हु बीटा और वो भी अब इस दुनिया से जा चुके ह और रही बात दादा दादी की तोह अनु के पापा तोह अनु के दादा से लड़कर यंहा बस गए और तब से यही ह …न कभी हमने उनसे संपर्क किया और किया और न कभी उन्होंने हमसे संपर्क किया जबकि उन्हें हमारा और हमे उनके बारे मई सब पता ह…. इसी लिए हमने भी अपने बचो को कभी बताया नहीं …खैर ये सब छोड़ो जाओ उसे मन लो …वो गुसैल ह पर दिल की बहुत अछि ह ….उसे दोस्तों और पढ़ाई ेट्स से पहले फुर्सत हे नहीं रहती थी अब तुमसे मिलने के बाद घर पर टिकने लगी ह हमे भी टाइम देती ह….

राज — तीख ह आंटी पर कभी अनु को पता लगा तोह उन्हें कितना दुःख होगा आखिर परिवार परिवार होता ह जिनसे हम लाख मू मोड़ना चाहे par..khun के रिश्ते नहीं टूट ते ह पर ये आपका फैसला ह ….फिर मुस्कराकर और फिक्र न करे आंटी …वो आपकी हर बात मानेगी मैं पहले उसे और गुसा तोह दिला दू बिना उस साई लाडे सुकून मुझे भी नहीं अत ह……

राज की पीठ को देखर “तुम मुझे बहुत पसंद हो तुम्हारे विचार बहुत नेक h…bus एक बार अनु की मर्ज़ी जान लू फिर आगे बात भढ़ोंगी अनु के पापा से…..

ऊपर राज अनु के रूम को धीरे से खोलकर अंदर देखने लगा ….तोह उसे अंदर अनु की बाद बड़ाहट सुनाई दी

“नालायक इडियट गधा ….मेरे कपडे उतर कर देखता ह …तीन लड़कियों के साथ एक रूम मई गंदे काम करता h…aur मैं उसके लिए प्यार से मग्गी बनती हु उसकी बुराई भी करता h….abki बार सच मई ज़हर दे दूंगी कितनी म्हणत से बनानी सीखी उसके लिए और एक ये ह जिसे मेरी परवाह हे नहीं ह अबकी बार दिखा उन चुड़ैलों के साथ तोह सच मई हे ज़हर दे दूंगी”

“वाकई मुझे ज़हर दे डौगी इतनी जलन होती ह किसी और के पास देखने से,”

अनु ने मुड़कर राज को देखा फिर “ जलन तुमसे और उन बंदरिया जैसी सकल वलियो से क्या ह तुम्हे और उनमे ऐसा जो मैं जलु “

राज अनु के बेहद करीब आकर “ ाचा तोह फिर होटल के रूम मई कौन हमेसा साथ रहने का वडा कर रहा था”

अनु - wo….main…

राज — रुकी क्यों बोलो बोलो …..इतना कह अनु को कमर से पकड़कर अपने करीब खिंच लिया ……”बोलो चुप क्यों हो”

अनु क्या बोलती वो राज को देखती रही राज ने अनु को अपने से कसकर सत्ता लिया और बोलै “प्यार तोह नहीं हो गया ह न मुझसे तुम्हे”

राज की बात से अनु का दिल जोर से ढाढने लगा और वो राज को देखने लगी ….

राज - तुम्हारी आंखे तोह है कह रही ह …की नहीं हुवा h…ye सिर्फ अफेक्शन ह

अनु — गुसाई से उसे देखने लगी…..

राज — अब गुसा क्यों aya….sach सुनकर

अनु ने गुसाई से एक पंच राज के पेट मई मारा और उसे बीएड पर धकेल दिया और खुद उसके ऊपर बैठ गयी ….और गुसाई से हे बोली ….”है पसंद करने लगी हु प्यार ह या नहीं मुझे नहीं पता पर है बहुत जलन होती ह दूसरी किसी भी लड़की के पास देख कर ….ऐसा क्या ह जो मुझे मई नहीं ह …ये देखो इतना कह उसने अपना टॉप निकलकर फेंक दिया“

राज उसकी हरकत से से चौंक कर उसे देखने लगा

अनु — सब कुछ दुसरो से ाचा ह पुरे सरीर पर एक भी दाग नहीं ह ….गोरी हु जिम जाती हु ….फिगुरे मेन्टेन ह …कुंवारी हु वेल फॅमिली से हु खाना बनाना भी सिख lungi….tum पहले वो शख्स हो जिसने अनु के दिल मई प्यार जगाया ह अपनी जगह बनायीं h….toh कैसे तुम्हे किसी और के पास देख मुझे जलन नहीं होगी bolo….maine आज तक खुद के भूक लगने पर भी कभी खाना बनाना नहीं सीखा बूत फॉर यू इडियट मैंने मग्गी सीखी जस्ट बेकौसे ी लिखे यू सो मच…

राज ने उसे अपने सीने से लगाना चाहा तोह अनु ने उसके सीने पे मुककमरा

“डोंट touch”phir एक और मुक्का मारा

राज ाऊउउउछह आए मेरी चोट…

अनु सॉरी मैंने फिर से धोखा दिया…

राज है है है जोर से हसने लगा….

अनु राज का चेहरा देखर “कुत्ता कंही का“

राज-- कुत्ते की वाइफ को पता ह न क्या बोलते ह…

अनु — चींईईई chiiii…tum गंदे हो…

राज — ने अनु को अपनी बांहो मई ले लिया ….राज मन मई “अब वक़्त जल्द आने वाला ह जब अनु मेरे प्यार मई होगी “

अनु ने धीरे से राज को बीएड पर लिटाकर खुद ब्रा मई हे उसके ऊपर आकर उसे किश करने lagi….raj जनता था की वो गलत कर रहा ह पर ये उसकी मज़बूरी थी और उस मज़बूरी के लिए वो बुरा बनने को भी तैयार था ….पर बुरा बनने के बाद भी वो किश से आगे नहीं बढ़ा …अनु राज की बांहो मई लेती खूब साडी बात करती रही जो उनके रिश्ते को और गहरा करती जा रही thi…raj हर एक कदम के साथ अनु के दिल की गहराई मई उतरता जा रहा था…

जर विक्टर कॉन्फ्रेंस पर रिपोर्ट देख रहा था…. “ क्या एक लड़के को ढूँढना इतना मुश्किल ह”

मीटिंग हॉल मई बैठा एक शख्स “ उस लड़के को हम हरियाणा मई हर गली मई ढूंढ रहे ह पर अभी तक कोई खबर नहीं ह मिली ह….

दूसरा और तीसरा शख्स “जर विक्टर हम पूरी ईमानदारी से इस शख्स को राजस्थान और पंजाब मई धुंध रहे ह पर अभी तक कोई इनफार्मेशन नहीं मिली ह कुछ समय और लगेगा अगर वो हमारे स्टेट मई ह तोह हम उसे ढूंढ निकालेंगे….

एक और shaks-kya ऐसा हो सकता ह की स शख्स को भी इनफार्मेशन मिल गयी हो और चिप गया हो….

जर विक्टर — कुमार टीम ऐसी बचकानी बात मत किया करो ये लड़का स्कूल से अब कॉलेज मई आया ह कितने हे लिंक होंगे इसके है निर्वाण से अगर इसका रिश्ता ह तोह बहुत लिंक होंगे इस लिए पूरी सतर्कता रखना ….पर हउमै बस किसी भी तरह इस लड़के को ढूँढना ह और जैसे हे मिले सबसे पहले हउमै बताया चाहे उसके बाद हम एक्शन लेंगे…

जर विक्टर दूसरी तरफ गर्दन करकर-- तुम्हारा क्या कहना ह तुम्हे तोह इसकी बहन को ढूँढना था न अब कहदो ये काम भी तुमसे नहीं हुवा…

आदमी — सर जर विक्टर मेरे आदमी 24 हॉर्स उनके नौकर से लेकर कमिश्नर का पीछे करते पर कम्भखत वो लड़की दिखी हे नहीं h….aur कमिश्नर के बंगल पर पुलिस की सिक्योरिटी भी बहुत टाइट ह …..

जर-- तीख ह तुम निगरानी रखे rakho….phir दूसरे आदमी की तरफ देख कर और तुम तुमने प्रोटेक्शन मनी कलेक्ट कर्ली क्योकि 10 दिन मई उन्हें पैसा नहीं मिला तोह तुम्हारे घरकी औरते रंडी बाजार मई धंदे पे बैठेंगी और तुम्हारे सरीर के हर part को निकलकर बेच दिया जायेगा समाज रहे हो न…

आदमी — घबरा कर हो जायेगा विद्या ग्रुप का पैसा मैंने मिनिस्टर लोगो से मंगवा लिया ह जल्द हे आपके पास भिजवाता हु…

जर विक्टर — विद्या group…..tumhara जल्द हे कुछ करना होगा…..

उधर रजनी घर पहुंची तोह उसे याद आया की राज ने उसे वृत्तेर्न एक्सप्लनेशन दिया था उसने उसे निकल कर पढ़ा तोह उसके जैसे पंख लग गए हो उसकी आंखे चमकने लगी उस पेपर मई लिखा था “आपको याद करते करते खवाब आगया …और उस खवाब मई आप एक पारी लग रही थी ….इसलिए खवाब न टूट जाये मैं जगा हे नहीं और उसी वजह से कॉलेज नहीं aapaya…ab साडी गलती तोह आपकी हुवी न किसने बोलै ह इतनी स्वीट दिखने ko……chalo जल्दी से सॉरी बोलो मुझे ”

रजनी की तोह मनो कोई खवाब पूरा हो gaya…..uska दिल तितली की तरह उड़ने लगा और वो उस पेपर को ऐसे देखने लगी जैसे उसके प्रेमी का प्रेम पटतरा हो ….और इसी ख़ुशी से वो अपने बीएड पर लुढ़क gayiii….ankhe खुली नज़र ऊपर की taraf…hotho पर मुस्कान लिए राज के बारे मई सोचने लगी “हैट तुम झूठे हो खली बाते बनानी आती ह tumhe….kya मैंने उसे दन्त कर गलत kiya…..kanhi नाराज हो गया तोह मैं क्या karungiii…bewakoof इडियट दुफर रजनी क्यों डांटा तूने usai….ab क्या करू main….ha उसे खाने के लिए बुला लेती हु रात को …..गुड आईडिया रजनी तू सुपर ह “ वो खुद से हे काफी दिएर ऐसे हे बात करती रही और फिर रात के लिए प्लानिंग करने लगी…..

इधर राज को मैसेज आया “मास्टर इनफार्मेशन आगयी ह ….वो इस वक़्त आपके कॉलेज के एक ट्रस्टी के घर ह और जायदातर वंही हे रहती h…”ye मस्सगे पढ़कर राज के चेहरे पर मुस्कान आगयी …”फ़क फ़क फ़क शक्तिमान हे आएगा मैडम सोनिया… पर फ़क फुक्का फ़क वाला बाहत जबान चलती ह तेरी आज तेरी जबान हमेसा के लिए बंद हो jayegi….tu उन औरतो मई से ह जिनसे मुझे सख्त नफरत करता हु जिन पर मुझे कोई दया नहीं आती ह”

सूरज दूर समुन्द्र मई चिपटा चला गया और रात के अँधेरी चढ़ने लगी …..राज एक बंगल के सामने था जो मुम्बई से आउटर मई था …..जो देखकर हे लग रहा था की किसी आमिर पैसे वाले का ह …राज के चेहरे पर मुस्कान और गहरी हो gayi…..usne दूर बेल्ल बजायी ….और राज की एक्सपेक्टेशंस के मुताबिक मैडम सोनिया ने हे दरवाज़ा khola…..aur वो देखते हे.. “तुम yanha…kyo ए हो तुम्हे यंहा का पता कैसे मिला चले जाओ””

राज “ मम ी म रियली सॉरी मम सिर्फ 5 मिनट मिल सकते ह आपके प्लीज प्लीज मम सिर्फ 5 मिनट प्लीज

मैडम सोनिया-- तीख ह अंदर औ…

राज — मम मैं आपसे कभी पहले नहीं mila..kabhi किसी तरह की बत्तमीज़ी नहीं करि फिर आप मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही ह…

मैडम सोनिया — क्योकि मैं तुम जैसो से नफरत करती हु इतना काफी h….ab हो गया हो तुम्हारा तोह दफा हो जाओ और हां आगे मौका मिलते हे तुम्हारा कर्रिएर बरबरद करदूंगी …..समझे बर्बाद करदूंगी tumhe…ab दफा हो जाओ

राज —-बार्डबॉर्ड करदूंगी …..कर्रिएर बर्बाद kardungi….right ये वर्ड ाचा ह पर जाने से पहले कुछ बोलना ह इज़्ज़ज़त हो तोह बोलू…

मैडम सोनिया- जल्दी बको और दफा हो जाओ

राज “ ओह बेबी ओह बेबी फ़क फ़क फ़क में ओह यस बेबी ऐसे हे बेबी बहुत मज़ा ारः ओह यस yes…fuck फ़क फ़क…“

सोनिया के कान खड़े हो गए और गुसाई से बोली “तुम्हारी हीमत कैसे हुवी ये सब मुझसे बोलने की मैं अभी तुम्हारी कंप्लेंट करती हु”

राज “ ओह व्हाई नॉट जो बेबी जो” इतना कह उसने वीडियो प्ले कर दिया “ओह बेबी ऐसे हे सूचक करो न प्लीज अअअअअ…. बहुत मज़ा ारः ह…..1 मिनट बाद दूसरी आवाज ayi….darling अब तोह मेरा प्रमोशन करदो 2 साल से तुम्हरे लिए सबकुछ कर रही hu….please aaaaa…..darling सलौली ये तुम्हारी हे तोह h….jab चाहे दुबारा से कर लेना ….”

इतना सुनते हे सोनिया की हालत ख़राब हो गयी…..

सोनिया “ तुम”

तदाआक सोनिया के एक गाल पर थपड पड़ा ….और वो दूर जाकर गिरी

राज “कड़ी हो और अपने कपडे उतार 10 सेकंड ह तेरे pass….warn अगली इंडिया की ट्रेंडिंग न्यूज़ तू हे होगी”

10…..9….8…..7…6….5…4…..3….

सोनिया जल्दी जल्दी से अपना सूट उतरने lagi…aur पूरी तरह नंगी हो गयी…

राज उसे धयान से देखकर “ हम्म्म बात तोह ह तुजमे 31 के आसपास उम्र हो गयी ह पर सरीर पूरा कैसा हुवा ह जैसे अभी 21 की हुवी ho….tabhi तोह बहुधा वियाग्रा लेकर तेरी अचे से लेता h….sex करते हुवे भी हांफ रहा था पर रुका नहीं… अरे है बेबी तेरा पति भी तोह ह मीटिंग मई गया ह न उसे तेरी क्लिप बड़ी पसंद आएगी की उसकी बीवी पीछे से बिलकुल मिस नहीं करती ह …वो क्या कहते है याद आया मेरे बब्बू मेरे शोना मैंने तुम्हे बिलकुल मिस नहीं किया”

सोनिया की तोह मनो जान निकल गयी उससे न तोह साँस अंदर ली गयी न बहार छोड़ी गयी …..वो बहुत बानी सीधी कड़ी रही ..

राज “ बर्बाद करेगी कर्रिएर ख़तम karegi..ha है है कर्रिएर तोह ख़त्म ह पर मेरा नहीं तेरा …पति से डाइवोर्स …कॉलेज से बहार ….और ट्रस्टी अलग से तेरी लेगा और पुरे मुम्बई मई पॉपुलैरिटी वो अलग से मिलेगी क्या बात ह रातो रात पोर्न स्टार अवेसमे बेबी एक कर्रिएर ख़राब होते हे दूसरा बन जायेगा…”

सोनिया — क्या चाहते हो तुम….

राज “ बेबी मई अभी भी ऐटिटूड नहीं gaya…i लिखे आईटी अकड़ तोड़ने मई तोह मुझे बहुत मज़ा अत ह और वैसे भी तेरे पास फाटे हुवे भोसड़े के इलावा ह क्या देने को सब तोह खैरात का ह”

सोनिया जो हमेसा ऐटिटूड और रुवाब मई रहती थी और रजनी के बाद कॉलेज मई टॉप ब्यूटी टीचर्स मई से एक थी आज एक लड़के ने उसके मू पर उसके बदन की बेज़्ज़ती कर दी थी …अपने इसी छूट की हे बदौलत उसने ट्रस्टी को फसाया था …

सोनिया मन मई “ इसे कैसे भी फंसना होगा और मोबाइल लेना होगा वर्ण ये सब बर्बाद कर dega”isliye वो आगे बड़ी और उसके करीब आकर उसकी चेस्ट पर हाथ फिरकर बोली “ सब फटा नहीं ह धयान से देखो मेरे बदन का हर part परफेक्ट शेप मई ह और एक तोह अभी भी कुंवारा ह जो मैं तुम्हे दे सकती हु मैं तुम्हे पूरी तरह संतुस्ट और खुस कर सकती हु”

राज “ तोह फिर कड़ी क्यों हो बेबी दिखाओ जरा कैसे खुस करती हो संतुस्ट muje…chal तुजे एक डील देता हु तू तेरे होठो से मुझे खुस करदे मैं तेरा वीडियो किसी को नहीं दिखाऊंगा ये वडा मेरा”

सोनिया - मन मई हे “ होठो से है है है ये बहुत आसान ह मेरे होठ लगते हे तेरा पानी निकल जायेगा एक बार वीडियो मिल जाये फिर देख तेरा क्या हाल करती हु” अगर तुम सच्चे मर्द हो तोह पलटना मत

राज - ok बेबी वडा ह मेरा…..

सोनिया भी अब सब भूल कर राज की पंत के हुक को खोल दिया और उसकी पंत को निचे कर दिया और जब अंडरवियर को निचा किया तोह राज का अजगर सामने आया तोह सोनिया की आंखे खुली की खुली रह गयी उसने राज की तरफ देख जो आराम से अपना फ़ोन चला रहा था सोनिया मन मई “ ये क्या ह इतना बड़ा खड़ा होगा तब कितना बड़ा होगा पर मुझे इसे संतुस्ट कर चुपके से फ़ोन लेना hoga”….soniya ने राज के लुंड को हाथ मई लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी …

राज “ बेबी बात होठो की हुवी थी ”

सोनिया ने राज को देखा जिसके चारे पर कुटिल मुस्कान थी उसने एक हाथ से लुंड को पकड़ लिया और अपने होतो से राज के लुंड को हलके हलके किश करने लगी राज पीछे खिसकर बीएड पर आराम से बैठ गया और सोनिया उसकी टैंगो के बिच मई घुटने के बल नंगी बैठ गयी ….उसने अपनी जीब बहार निकलकर धीरे धीरे लौड़े को चेतना चूमना सुरु कर दिया कई दिएर baad…raj का अजगर भी धीरे धीरे अंगड़ाई लेने लगा ….जीब से सहलाने के बाद सोनिया ने राज के लुंड को किसी लोली पॉप की तरह उसने अपने दोनों होतो से चुम लिया राज ने भी एक हाथ से उसके बालो को अपने हाथ से पकड़ लिया और आगे झुक कर उसकी गांड पर एक थपड mara….aaahhh सोनिया की चीक निकल gayiiii…..raj “'क्या हुवा बेबी ट्रस्टी मरता ह तब तोह ….ओह यस बेबी बोलती हो अब आअह्ह्ह्ह क्यों….”

सोनिया कुछ बोलती उसे पहले हे राज ने एक झटके से उसके मू मई अपना लुंड दाल diya….soniya की आंखे चौड़ी हो गयी उसके सब्द मू मई हे रह गए आज तक उसने लुल्ली और लुंड हे चूसे थे पर राज के लौड़ा से उसकी हालत ख़राब हो गयी राज का लौड़ा उसके गले तक फंसा हुवा था और अभी भी पूरा मू मई नहीं गया था राज का लावा जो काफी दिनों से अंदर तक भरा हुवा था वो आज फूटने वाला था उसने सोनिया को बालो से पकड़कर आगे पीछे करना सुरु कर diya…..soniya …गूऊलूऊऊप्प्प ….की आवाज हे कर पायी…

राज “बेबी मर्द को संतुस्ट करना ह और मर्द ऐसे संतुस्ट होते ह”

सोनिया कोई जवाब न दे पायी उसकी तोह आवाज हे नहीं आरही थी क्योकि मू के सभी कौन पूरी तरह से बंद हो रखे the….uski हालत ख़राब होने लग gayiiiii..ankho से आंसू बाह निकले दर्द से ..

राज कुआ हुवा बेबी वीडियो सबको दिखवाना ह क्या ….

सोनिया को राज की बात याद आते हे वो अपना दर्द भूल गयी वो सब भूल कर लौड़े को जल्दी जल्दी चूसने लगी अपने बूब्स से लौड़े को रगड़ें देने लगी धीरे उसका मू थकने लग गया उसे यकीं नहीं हो रहा था की इतनी दिएर से चूसने पर भी लौड़े सीक दो भुंड से जायदा पानी नहीं निकला उसने राज की तरफ देखा ..

राज मुस्करा कर “वो तूने बोलै था न सब फटा नहीं ह …मू तेरा मैंने फाड़ दिया ह ….छूट तेरी फटी पड़ी h…..toh….

सोनिया “ नहीं मेरी छूट तुम्हारे लिए टाइट होगी”

राज “बेबी बेबी दुसरो की झुटान मैं नहीं खता हु जरा घूम कर आगे झुको जरा “

सोनिया की तोह रूह काँप गयी उसे पता था की उसकी गांड उसने किसी को नहीं दी ह और वो उसने अपने बड़े फायदे और खास मौके के लिए हे बचा कर राखी थी पर राज का लौड़ा वो सह नहीं पायेगी और अंदर जाने का सोच कर हे उसके बदन मई कंपकंपी छूटने लगी..

सोनिया - मैं चूस कर निकल दूंगी प्लीज मुझे करने do…itna कह वो दुबारा चूसने के लिए आगे हुवी तोह

राज —- अरे बेबी कुछ मुझे भी तोह तुम्हारा बर्बाद करने do….sab ट्रस्टी को हे डौगी क्या ….चलो घूम जाओ..

सोनिया लाख मन करती रही पर राज ने उसे उल्टा कर के टेबल पर झुका दिया और सोनिया हिली तोह गांड पर खिंच कर थपड मारा जिसे सोनिया चीख पड़ी “ हिलना नहीं ह बेबी बर्बाद कैसे करते ह आज पता लगेगा तुजे” इतना कह लौड़े को उसकी गांड के छेद पर सत्ता diya….apni कुंवारी गांड पर राज के मौते लुंड के अहसास से हे सोनिया कसमसाकर हिलने लगी उसकी टंगे कांपने lagi..par राज के आगे उसकी क्या चलनी थी ….

राज “ये सब इसलिए नहीं ह की तूने मुझे धमकी दी उस लड़के के लिए जिसे तूने प्यार मई फंसाया और बर्बाद कर दिया” इतना कह राज ने जोर से झटका मारा …..तोह सोनिया चीक padiiiii…..aaaaaahhhhhhh….uski दर्दनाक चीख पुरे घर मई गूंज गयी वो झटपटाकर हिलने लगी की कैसे भी लौड़ा बहार निकल जाये….

राज ““ अभी कान्हा बेबी …..ये उस लड़के के लिए ह जिसने तेरी वजह से जिंदगी बर्बाद कर सुइड कर लिया याद ह कुछ” इतना कह राज ने एक और जोरदार झटका मारा

सोनिया पिछले दर्द से तड़प रही थी की फिर से दर्द नाक चिक निकल गयी उसकी गांड से खून रिसकर उसकी झांग से होता हुवा निचे टपकने laga..wo बुरी तरह तड़फड़ाने लगी और पूरी कोसिस की लौड़ा बहार निकल जाये .

राज “2 जिन्दगिया बर्बाद करदी तूने तुज जैसी औरत से घिन्न आती ह मुझे वो तेरा स्टूडेंट था पर तूने …उसे बर्बाद करदिया” इतना कहते कहते उसका गुसा बढ़ गया उसने और उसने ताबड़ तोड़ लगतार कई झटके मरे सोनिया की गांड की गुफा हो चुकी गयी खून फर्श पर उसकी गांड से रिसकर निचे टपकने लगा वो बेहोश हो गयी दर्द से …. राज ने कई थपड लगाकर दुबारा से उसे जगाया और जागते हे सोनिया ….

सोनिया — आईएम सॉरी प्लीज ….aaaahhhhhh….nikal लो…… बहुत दर्द हो रहा ह…… मैं दुबारा ऐसा किसी के साथ नहीं करुँगी …दया करो ….बहुत दर्द हो रहा….

राज “ दया मर्सी तब कान्हा गयी थी”

इतना कह उसने लौड़े को जड़ तक गुसा दिया …..और उसके बल और कमर को पकड़कर जोर जोर से छोड़ने लगा …सोनिया हर झटके के साथ चीक रही थी ….उसकी गांड से रिश्ता रहा …. तभी राज का फ़ोन रिंग करने लगा….

राज ने मोबाइल पर नंबर देखा और उठाने के लिए मुदा तोह सोनिया की गांड से लौड़ा निकल लिया सोनिया के पेअर कंपनी लगे और वो सीधा धाम से फर्श पर गिर गयी

राज — Hello क्या हुवा गुसा निकलना अभी बाकि ह क्या…

सामने — ी म सोऊ सोऊ सोर्रीय प्लीज प्लीज माफ़ कार्डो वो तुम्हे नहीं देखा तोह चिंता हो gayi…..upar से तुम कॉल नहीं उठा रहे थे इसलिए गुसा आज्ञा प्लीज सॉरी न मान jao…warna मैं रोने लगूंगी…

राज एक सेकंड होल्ड रखो और कॉल म्यूट पर रखकर “ बच गयी तू …चल अब इसे चूस कर साफ़ कर एक निशान नहीं रहना चाहिए ह समझी जल्दी से वर्ण दुबारा छूट का भोसड़ा हो जायेगा सोनिया के रोंगटे खड़े हो गए दर्द से घुटनो के बल रेंगती हुवी राज के लुंड की तरफ आने लगी 4 कदम की दुरी भी उसे 4 कम जैसी लग रही थी हर बार हिलने से उसकी गांड की दरारों मई रगड़ें से उसे बेइंतिहा दर्द हो रहा था और खून निचे तपता जा रहा था…

राज “ है अब बोलिये”

रजनी बिजी हो…

राज — ज्यादा कुछ नहीं…

रजनी — डिनर के लिए ाजाओ प्लीज मुझे बहुत फील हो रहा ह तुम्हे दन्त kar….please प्लीज प्लीज मैंने आज सब तुम्हरी पसंद का बनाया ह और तुम्हे बाद मई स्वीट भी खिलाऊंगी…

राज — ओह दन्त फिर pyar….apka तीख ह पहले दांतो फिर खिलाओ और manao…..one ऑवर मई पहुँचता हु…

रजनी — इतनी दिएर क्यों लगेगी कंही अनु के पास …..

राज — अरे अरे आप भी न घर मई नहीं हु काम से आया हु

रजनी — ok ok no प्रॉब्लम

….

कॉल कट होते हे देखा तोह सोनिया के होतो पर खून था जो उसी का था और पास पड़े अपने टॉप से बाकि लगे खून को भी उसने साफ़ कर दिया था ..

राज “ बेबी यू अरे गुड सच मई तुम्हारा सब कुछ फटा नहीं था बूत ुंफोरटूनटेली मैं सटिस्फीएड नहीं हुवा हु दुबारा मौका जरूर दूंगा जब तक सबके सामने इज़्ज़त से पेश ao…jald मिलते ह….

राज तोह निकल गया …पीछे फर्श पर लेट गयी और उसे देख कर लग रहा था जैसे एक साथ कईयों ने मिलकर उसका रपे किया हो सोनिया रेंगती रेंगती बाथरूम तक pahuchiii…..jitni बार हिलती उतनी पर दर्द से कराहती उसने सपने मई नहीं सोचा था की आज उसपर एक सांड चढ़ जायेगा…

इधर रजनी घर पर डांस करती हुवी खाना बना रही थी तोह वंही राज बाइक से रजनी की घर की तरफ जा रहा था …अभी वो रेड लाइट के बाद टर्न हुवा तोह …उसके तीख बगल से एक शख्स भागता हुवा निकला और उसके पीछे थे कई सरे लोग ….जो सकल से हे गुंडे लग रहे थे …. और उनके हाथ मई थे hathiyaar…agai भाग रहा शख्स रोड के किनारे से टेड़े मेढे होकर भाग रहा था जिसे पोछा करने वाली बाइक्स और कार भी उस तक पहुंच नहीं प् रही थी …..राज ने ब्रेक मरे और अपनी भरी बुलेट को एक बार मई हे राउंड घुमा दिया और बटन प्रेस किया जिस साई बुलेट के नंबर चेंज हो गए …..वो तेज़ी से उनका पीछे करने laga….wo शख्स भागते हुवे कई गालिया क्रॉस करके आगे पंहुचा तोह आगे कई और गुंडई मिल गए …..वो अब चारो तरफ से घिर गया पर …उसके चेहरे पर दर का नमो निशान तक नहीं tha….wo भी बिना कुछ सोचे सीधा आगे बढ़ गया …..पर ये गली के गुंडे नहीं थे जिन्हे वो बस्ती मई मार चूका tha….ek से दो से दस वो लड़ सकता था पर ये तोह हथियारों के साथ बहुत सरे थे और वो बिना हथियार के थे ….उसने भागकर आगे वाले की चेस्ट पर किक मरी और दूसरे को गले से पकड़कर उठाकर बाकि की तरफ फेंक दिया ….और साइड से आरहे गुंडे के टैंगो के बिच मई किक जड़ दी …वो वंही अपने ाँद पकड़ कर बैठ गया ….और फिर उसका हथियार उठकर पीछे से आरहे गुंडे को घूमकर सर पर वार किया …..तभी उसे अपनी पीठ मई तेज़ दर्द हुवा उसने पलटकर देखा तोह एक जाना तलवार लेकर खड़ा था जिसपर उसका खून लग रखा tha…..wo गुसाई से भर उठा “झक्मी शेर और भयानक होता ह” और अपने हाथ मई पकड़ी रोड को सीधा उसके गले पर दे मरी …..तभी एक और वार उसके पेअर पर हुवा …..वो अपने एक घुटने पर आगया ….पर दर्द की उफ्फ्फ तक नहीं करि की वो दुबारा खड़ा हुवा और वार करने वालो को एक हाथ से ऊपर उठा लिया और अपने एक हाथ से उसका गाला दबाने लगा ….तभी एक वार उसके उसी हाथ पर हुवा पर उसने अपना हाथ नहीं हटाया …अब झुण्ड के बिच वो अकेला घिरा हुवा खड़ा था…

तभी पीछे से …..

Doog….Doog…..Doog…..ki आवाज आने लगी और एक लाइट का फलेश उन सब पर स्ट्रीट लाइट मई भी तेज़ी से पड़ा और उस बुलेट से उतरा राज और आगे आते हुवे हे उसने कहा“ वो मेरा सीकर ह …..और जो मेरा ह उस पर कोई हाथ नहीं दाल सकता ह इसलिए दफा हो जाओ अभी के अभी”

पर जैसे कुत्ते की डूम सीधी नहीं हो सकती ह वैसे हे गुंडों का ात्तिचे कभी काम नहीं होता ह कोई भी गया नहीं बल्कि शख्स को घेर कर खड़े गुंडों मई मई से 10 राज की तरफ आगये …..

राज “ इतने हे हो या और ह

गुंडा “ हम से निपटले और भी ह हमे निपटलेगा तोह वो भी आजायेंगे

राज “ ी लिखे योर ऐटिटूड तू पका गुंडा बनेगा डिस्क्लोज तोह धांसू मरता ह जरा यंहा आ”

पर उसके पास आते हे राज ने उसे एक झापड़ मारा तोह रोड पर ऐसे लेता की जैसे मर गया हो उसके सरीर मई कोई भी हलचल होना बंद गयी “ तोह मैंने कहा था वो शख्स मेरा ह “ इतना कहा हे था की पास की गलियों से और गुंडई आने लगे वो शख्स “तुम भाग जाओ क्यों बेमौत मरना चाहते हो मेरी वजह से….”

राज “ एक कर बकाया ह तुज पर इतनी आसानी से तुजे मरने नहीं दूंगा …..दर लग रहा ह क्या इतना को देख कर”

शख्स — शेरदिल नाम ह मेरा शेर का दिल ह तोह दर क्या होता ह मुझे नहीं पता h…main जान गया कौन हो तुम …

राज के चेहरे पर मुस्कान गयी “रूल नंबर ओने …हमेसा वीक पॉइंट पर वार करो ये सरे नशेड़ी ह इनका दिल और गाला तुम्हारा एक वार नहीं सह पायेगा …

इतना कह पहला वार राज ने हे किया और जिस पर किया उसकी एक हे पंच मई दिल की ढकन रूक gayi….sher दिल ने भी ये वार देख और उसने भी अपनी स्ट्रेंगत से एक वार गले पर किया …और वो दूर उड़कर जाकर गिरा और वंही जमीन पर लेता रह गया ….

राज ने वार करते हुवे कहा लड़ाई का दूसरा नियम लगातार अपनी जगह बदलते रहो ताकि पीठ के वार से बच सको ….इतना कह राज तेज़ी से सबके बिच घूम घूम कर वार करने लगा…

जबकि शेरदिल ने एक गुंडे को उठाया और उसे उठाकर गोल गोल घूम दिया जिसे उसके आसपास की जगह खली हो gayi….raj के चेहरे पर भी मुस्कान आगयी राज लगातार वीक पॉइंट्स पर वार कर रहा था तोह शेरदिल जिसका एक वार हठी के वार की तरह था जिसपर पड़ा उसका कुछ न कुछ तोड़ता गया पर अब उसकी हालत ख़राब होने लगी थी पीठ से खून निकल रहा था राज ने ऊँगली से इशारा किया तोह मिड्यू दूत अँधेरे से निकलकर तुरंत sherdil.ke पास agaya…aur गुंडों ने अपने सामने 6.5 फ़ीट का काळा कपड़ो से ढके हुवे मित्युदूत को देखा तोह उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके सामने यमराज आगया हो मित्युदूत ने अपनी तलवार और नुकीला हंटर निकला तोह सबकी फैट गयी और वो पीछे हटने लगे पर अगले हे पल खछः की आवाज से एक की गर्दन उड़ गयी ….ये सीन देख सबकी इतनी फटी की वो सभी पीछे हैट गए और अपनी जान बचाकर भागने…

मित्युदूत — मास्टर पुलिस आरही जल्दी निकालिये इन्हे मैं ले आऊंगा….

राज “तीख ह”

मित्युदूत - जी मास्टर ….

शेरदिल ने कुछ नहीं कहा और राज तुरंत वंहा से निकल गया… और आगे जाकर टाइम देखा तोह 11 बज रहे थे रात के

राज “ लेट हो गए ….जायदा हे बातो मई….

राज रजनी के घर पंहुचा तोह 12 बज चुके the…..door बेल्ल की आवाज से रजनी ने दूर खोला …

राज ने रजनी का चेहरा देखा तोह वो समाज गया की रजनी रट रट हे सो गयी thi….rajni पीछे मुड़ी और किचन की तरफ जाने लगी तोह ….राज ने रजनी का हाथ पकड़ लिया ….रजनी जोर लगाकर छुड़वाने की कोसिस करने लगी पर छुड़ा नहीं पायी ….राज ने एक झटके मई रजनी को गोद मई उठा liya….aur उठकरर दिंनिंग टेबल के पास चेयर पर बैठा दिया ….

राज — हिलना भी मत यंहा से …

रजनी राज को हे देखती रही ….वो देख रही थी की राज की टी शर्ट के फ्रंट मई खून लगा ….उसे समाज आगया की कुछ हुवा ह तभी वो आने मई लेट हुवा …..उसे ढक हुवा की उसने बेवजह हे राज को गलत समझा ….राज हाथ मू धोकर जल्दी से खाना गरम करके ले आया और एक हे थाली मई खाना डालने लगा तोह रजनी ने उसे अपने पास बैठा लिया और खुद कड़ी हो गयी राज ने कुछ कहना चाहा तोह रजनी ने उसके होठो पर अपने हाथ रख दिए और गर्दन न मई हिलायी …..रजनी का दिल ेमिशन्स से भरा हुवा था और उन्ही इमोशंस ने उसकी आँखों को भिगो दिया उसने अपने हाथो से निवाला तोड़कर राज को खिलाया …राज ने निवाला खिलाना चाहा तोह रजनी ने इशारे से न कहा ….और राज को खिलाती rahi…..jab राज ने अचे से खाना खा लिया तोह रजनी को बहुत ाचा लगा उसने राज के फ़ोरेहेअद पर किश किया और हाथ डलवा कर टॉवेल से साफ़ करवा दिए ….

राज “ लगता ह अब गुस्सा काम हो गया ह”

रजनी “ ने कोई जवाब नहीं दिया और राज को देखती रही राज भी रजनी के दिल की बात समाज रहा था….

रजनी आज यही रूक जाओ न …इतना कह उसने राज का हाथ पकड़ लिया और अपने बीएड रूम की तरफ ले गयी …..राज के लिए उसने नाईट ड्रेस निकली जो आज हे उसने परचेस की thi….jisai देख राज के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी …राज ने भी रजनी को अपनी बांहो मई ले लिया ……रजनी ने थोड़ा ऊपर होकर राज के होठो को चुम लिया और बांहो मई सिमित gayii….Rajni मुझे आज पूरी रात अपना प्यार दो राज….

इधर शेरदिल का डॉ से ट्रीटमेंट करा कर उसे एक नींद का हाई दोसे लगवा दिया था जिसे उसकी नींद जल्दी नहीं खुलने वाली थी….

वंही ….

जर विक्टर….. जो विद्या ग्रुप से बहुत नाराज था उसने वंहा की मद को उठाने के लिए अपने त्रिनेड खूंखार फाइटर की एक टुकड़ी को भेज दिया जिनसे बेखबर ऋचा दिव्या के साथ अपने सेकंड प्रोजेक्ट के लिए पास की और लैंड परचेस करने की डील को फाइनल करने लोनावला जा रही thi…is बात से बेखबर की एक बहुत बड़ा खतरा उनकी तेज़ी से ारः था ….

दूसरी तरफ दिल्ली मई एक बहुत बड़ी चूक हो चुकी थी…..

तुम सूरे हो की तुमने इसे देखा ह

जी भाई इस लड़के ने उस दिन उस सीनियर रिपोर्टर को बचाया था और हमारे तीन आदमी भी पुलिस को पकड़वा दिए थे….

आदमी तू पका सूरे ह ये वही ह पर ये तोह पुराणी बात हो गयी ह …

“ है भाई मैं सूरे हु और इतनी भी पुराणी बात ह ….ये यही दिल्ली हे होगा हम जानकारी देंगे तोह तैराकी होगी अलग आपका रुतबा भी बढ़ जायेगा……

ये न्यूज़ जल्द हे पुरे दिल्ली अंडरवर्ल्ड मई आग की तरह फ़ैल गयी …जब चीफ तक बात पहुंची तोह वो जल्दी से साइबर रूम मई पहुंचे ….

चीफ — आल टीम अलर्ट …इमरजेंसी situation…..is फोटो को स्कैन करे और इसका सारा डिजिटल रिकॉर्ड जंहा भी दिखे उससे डिलीट karo….pahle का देलेटेड ह बूत चेक करो क्या कंही कोई गलती से रह गया ह क्या और जंहा भी एक साल की रिकॉर्डिंग राखी जाती ह वंहा जाओ चेक करो और उस दिन की इनफार्मेशन डिलीट करे जो जो go…..i वांट क्लियर आल इनफार्मेशन वीथिन 24 हॉर्स……

सुभे राज के मोबाइल पर मैसेज पॉपअप हुवा उसके चेहरे के रंग बदलने लगा उसने रजनी के माथे पर किश करि और उसे सोता हुवा छोड़ तुरंत निकल gaya....ek शख्स और निकल पड़ा ... मुम्बई एयरपोर्ट से डेथ हेलो ने भी सुभे की पहली फ्लाइट दिल्ली की ले ली....

Question….kya हो राज के साथ दीपिका अंजना की इमेज मिल जाये …….और क्या हो जब सनकी जोगिन्दर सिंह के रिश्ते डरो को ढूंढ़ते हुवे मंडावा पहुंच जाये…….

आज के लिए इतना हे …..

 
Soñali का रोले अब तक सबसे जायदा आया .....बूत ....अभी बाकि 2 का रोले भी तोह उस लेवल तक आने do.....phir देखते ह क्या होता ह
 
अपकमिंग अपडेट ....

....................टीज़र .................
 
डिअर रीडर्स अपडेट डिले का कंपनसेशन मिलेगा ...जब अपने लाइक्स और रेवोएस मई कोई कमी नहीं की तोह ...तोह फिर मैं कैसे चीट कर सकता हु ...वेट फॉर टोम्मारोव्स अपडेट ...सुप्रिसिंग होगा .....इसीलिए अपडेट का नाम टीज़र ह....
 




अपडेट 175

टीज़र….

War……countdown……begins

21…..उपदेट्स तू लेफ्ट …..

ऋचा — mam…hum ओनर को पुणे भी तोह बुलवा सकते थे न …

दिव्या — राइट ऋचा हम बेशक बुलवा सकते थे पर तुम्हे पता ह जब उस लैंड ओनर को पता लगा की हम वंहा डिसेबल्ड पर्सन्स के ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल बना रहे जिसमे जरुरत मांडो के लिए फ्री ट्रीटमेंट भी होगा तोह वो हाफ प्राइस पर हे हमे देने के लिए एग्री हो गए तोह अब तुम सोचो की क्या हमे पेर्सनली नहीं मिलना चाइये ऐसे पर्सन्स से…

ऋचा-- ohhh…….sahi कहा अपने …हमे ऐसे पर्सन्स से पर्सनली हे मिलना चाहिए ..

दिव्या — बस इसलिए हे जा रहे ह ……

दिल्ली …..

चीफ कॉल par--tum सूरे हो ….

सामने से — ी म सूरे सर आज दिल्ली मई सीक्रेट प्लेस पर अंडरवर्ल्ड की मीटिंग ह जिसमे सभी गैंग्स के लीडर्स आरहे ह पर प्लेस मुझे भी नहीं पता ह ….पहली बार ऐसा हुवा ह की इतनी बड़ी मीटिंग हो रही हो…

चीफ-- ok तुम नज़र रखो और इम्मेडिएटली इन्फॉर्म तो में…

कॉल कट होते हे ….चीफ ने तुरंत जोगिन्दर सिंह को कॉल लगा दिया “जोगिन्दर मुझे अभी इनफार्मेशन मिली ह की आज अंडरवर्ल्ड माफिया की ख़ुफ़िया मीटिंग हो रही h….aur मुझे यकीं ह ये राज या निर्वाण से जुडी हुवी ह तुम पूरी पुलिस फाॅर्स को अलर्ट कार्डो अगले 72 ऑवर तक कोई चूक नहीं होनी चाहिए ह जो संदिग्ध मिले उठा लो ”

जोगिन्दर — तीख ह मैं अभी हे सबको हाई अलर्ट पर कर देता हु….

कुछ हे दिएर मई दिल्ली के हर एरिया मई पुलिस की पीसीआर और बोलेरो गस्त करती नज़र आरही thi….har संदिग्ध की बराबर चेकिंग की जा रही थी ….और जब मिनिस्टर्स लोगो ने बिच मई दखल देने की कोसिस की तोह उन्हें आतंकवादी हमले का हवाल देकर चुप बैठा दिया गया …और इस बहाने के सामने वो कुछ भी नहीं कर सकते थे अगर कुछ भी होता तोह डायरेक्ट रेस्पोंसिब्लिटी उन पर aati….baki का काम सुनील ने खुद कम से मिलकर पार्टिफुन्द मई ाचा पैसा दे दिया जिस साई कम जो पहले से हे करीबी था वो अब बिलकुल शांत और फुल सपोर्ट मई आगया….

प्लेस दिल्ली कॉलेज ….

अंजना — अरे यार तू हमेसा उदास मत रहा कर तुजे सब पता ह फिर भी तू ऐसा करती h…agar वो यंहा होता तोह कितना साद फील करता …

दीपिका — मैं तीख हु anjuu….bus याद आजाती ह जल्द हे राखी आने वाली ह पता नहीं वो आएगा भी या नहीं …

अंजना-- एक भाई भला अपनी बहन से मिले बिना रह सकता ह kya…mera दिल कहता ह वो जरूर जायेगा….

इनके पास राहुल भी आगया और आते हे उसने दीपिका का चेहरा देखा तोह वो समाज गया और अंजना की तरफ देखने लगा की वो उसे कुछ बताये…. अंजना ने भी उसे इशारे से हे समझाया की अपने भाई को मिस कर रही ह पर राहुल को एक बार मई कान्हा बात समाज आने वाली थी…

राहुल-- इतनी सी बात …मैं अभी कार निकलता हु चलो तुम्हे सुनील से मिलकर लता हु…

अंजना ने सर पर हाथ मार liya…aur बोली “दुफर वो राज को मिस कर रही ह राखी आने वाली ह ….”

राहुल — ohh…ye राज भी न हमेसा इसे दुखी रखता ह…

दीपिका ये सुनते हे गुसाई से उसे घूरने lagii….aur उसे अपनी तरफ ऐसे घूरता देख कर …राहुल भी हड़बड़ाते हुवे बोलै “ मेरा मतलब था इतनी स्वीट सी बहन ह उसे दुखी नहीं करना चाहिए मैं ….main..coke लेके अत हु ताकि दिमाग ठंडा हो माला गरम ह”

दीपिका वापस अपने खयालो मई डूब गयी और खुदसे हे बोली “तेरे बिना सब अधरा हे भाई हम सब हिमाचल मई कितने खुस थे जब हम एक साथ रहते थे ….मुझे वो हे पल जीने ह भाई ी मिस ु अब तेरी अदद हो गयी ह तेरी इस बहन ko……please आजा..”

अंजना अभी कुछ बोलने वाली हे थी की दीपिका का फ़ोन रिंग करने लगा और उठाते हे सामने से कुछ कहा गया जिसे सून वो बिलकुल गंभीर हो गयी और अंजना से बोली…

दीपिका — Anjuu..Agai तीन दिन मेरा कॉल नहीं लगेगा न मैं aungi….isliye फ़िक्र मत करना …ok

अंजना — राज तीख ह न ..

दीपिका — सिचुएशन सीरियस h…kuch बड़ा होने वाला ह तू बहार मत जाना और ये सब अपने तक हे रखना ….

इतना कह दीपिका कॉलेज के गेट से बहार निकल कर कड़ी हे हुवी थी की उसके सीक्रेट बॉडी गॉर्डस एक एक करके उसके पास आने लगे और ब्लैक 3 सुव आकर दीपिका के आगे रुकी जिसमे बैठ दीपिका तुरंत सीक्रेट प्लेस पर जाने के लिए निकल गयी…

दीपिका — क्या हम सुनील के यंहा नहीं जा रहे ह…

बॉडीगॉर्ड — मास्टर का आर्डर ह आपको दिल्ली ईस्ट के सीक्रेट प्लेस पर अगले 4 दिन रहना होगा ….

दीपिका — तीख ह…

दीपिका ने ये कह तोह दिया पर अब उसका दिल बेचैन होने लगा था वो जानती थी की पिछली बार जब उसे लेने पुलिस की टीम आयी थी तब क्या हुवा था और आज तोह सुनील के पर्सनल सिक्योरिटी टीम खुद सेक्रेटली लेने आयी ह…..

Mumbayii….mai सुभे से राज ने क्या kiya…..dekhte ह…

सुभे राज यमदूत का मैसेज पढ़ते हे सीधे घर पर पंहुचा ….

राज — वो कान्हा ह ….

सेकंड mityudoot(note--- राज को 2 शामे हिघ्त शामे फैसिक के मितिदूत प्रोटेक्ट करते ह जिसमे से ये दूसरा ह)— मास्टर वो जग गए ह और घर के अंदर आपकी हे परतीक्षा कर रहे ह…

राज — इम्प्रेससिवे नींद की हैवी दोसे से जग गया good…usai लेकर ाजाओ..

मित्युदूत — मास्टर क्या उसे घर दिखाना तीख रहेगा…

राज — हम्म तीख ह तोह आप जूस ले ao…main वंही जाता हु….

यमदूत - यस मास्टर..

जब राज न वो दूर खोला तोह अंदर शेरदिल बैठा हुवा टीवी देख रहा tha….raj ने आने से पहले मू पर मास्क लगा लिया ….शेरदिल ने राज को देखा ……और फिर बोलै “रूम अचे से मेन्टेन ह मतलब ये तुम्हारे घर का हे हीसा ह….

राज ने शांति से शेरदिल की बात सुनी और चलकर उसके सामने बैठ गया …

शेरदिल आगे बोलै “ मुझे तुममे बचाया ह और इतने लोगो से लड़कर बचाया ह इसे एक बात तोह साफ़ ह तुम बुरे इंसान तोह नहीं हो”

शेरदिल की बात सुन राज के चेहरे पर हलकी सी मुस्कान आगयी जो शेरदिल उसकी आँखों मई देख पा रहा tha….isliye वो आगे बोलै “मुझे सिर्फ तुमने एक कर के लिए तोह नहीं बचाया h…toh सवाल ये ह की फिर क्यों बचाया ह”

राज — रात को कहा था न एक कर लड़ाई के लिए दिए ह toh…bina लाडे कैसे मरने देता ….ये तोह था तुम्हारे सवाल का जवाब अब मेरे कुछ सवालो का भी जवाब दो”

शेरदिल ने भी गर्दन हिलाकर पूछने के लिए इशारा दिया …

राज — विसवास और जीवन मई से तुम किसी चुनते हो…

शेरदिल — विस्वास ….

राज — पैसे का मोल क्या ह…

श्वर्डिल - मेरे लिए कुछ भी नहीं ह ….किसी को भी लूटकर ….किसी को भी मार कर पैसा कमा सकता हु पर ऐसी मेरी परवरिश नहीं ह तोह मेरे लिए पैसा को मोल कुछ नहीं ह…

राज — अंतिम सवाल “ वो लोग”

शेरदिल — भलाई ….धरवाई मई ये लोग जबरन कब्ज़ा करना चाहते थे …बाकि तुम समाज गए होंगे…

राज — तीख ह ….तुम्हारे घाव भरे नहीं ह इसलिए कुछ दिन आराम करो ……याद रखना मेरा अहसान ह तुम पर….

शेरदिल — वो मर्द क्या ….जो मदद भूल जाये जब जरुरत हो तब याद करलेना जान का बदला जान से चुकाऊंगा …..

राज — 7.30 हो गए ह मेरा आदमी तुम्हे छोड़ देगा….

शेरदिल — तीख ह….

राज पहले जूस पिलो और ये मेडिसिन ह जो तुम्हे रेगुलर लेनी ह….

मित्युदूत शेरदिल को लेकर निकल gaya….toh राज कॉलेज के लिए निकल gaya……aur वंही कॉलेज के अंदर कविता और पूनम की जोड़ी के साथ कविता की जोड़ी ने तहलका मचा रखा था …कुछ हे दिनों मई कविता की खूबसूरती के चर्चो से कॉलेज के स्टूडेंट्स दीवाने हो गए थे ….सीनियर जूनियर अलग स्ट्रीम्स के लड़को की भीड़ के चक्कर लगे रहते थे क्लास के agai……aur फ़िलहाल इंटीनो ने कॉलेज की कैंटीन को हाउस फुल कर रखा tha…par कोई लड़का तीनो के पास जाने की हीमत नहीं जूता पा रहा था क्योकि तीनो हे मिलकर बहुत बुरा मरती थी खासकर manisha….is लिए लड़के दूर से आहे हे भर सकते थे और लड़किया सिर्फ जल हे सकती थी…

इधर राज भी अपना लेक्चर ख़तम कर कैंटीन की तरफ गर्वित के साथ पंहुचा तोह …

गर्वित —🙄🤨 भाई जगदा हुवा ह क्या यंहा…

राज —🙄 लगता तोह नहीं ह …वर्ण सब इधर इधर भाग रहे होते चल अंदर चलकर देखते ह…

राज और गर्वित धाखे मरते हुवे कैंटीन के काउंटर पर पहुंचे …

गर्वित — भाई क्या बात ह कोई डांस करने लिए लड़की वड़की बुला ली ह क्या जो लौंडो की इतनी भीड़ h..waise आईडिया बुरा नहीं ह बेनस्टॉकेश मस्त भीड़ हो गयी तेरी तोह निकल पड़ी ..

काउंटर बॉय — अरे नहीं नहीं भाई मरवाओगे आप …अरे कॉलेज की तीनो सुन्दरिया यंहा ह जिन्होंने मिनी स्कर्ट वलियो की दाजिया उदा राखी ह पहले तोह दो हे थी अब तीसरी एक और आयी ह और वो तोह भाई पारी की तरह लगती ह इसलिए कुंवारे लौंडो की भीड़ टूटी पड़ी ह तीनो के liye….agar देखने के लिए और तीनो रजनी मम से बिलकुल भी काम नहीं ह…

राज — achaa…matlb ये लोग बाप के पैसे बर्बाद करने मई लगे ह पढ़ने ए ह या आशिकी करने ….

गर्वित — ओह तेरी वो बबा वाली क्या ….

रिसेप्शन बॉय-- है भाई वही तीन देविया हक बार दर्शन करलो दिन ाचा हो जायेगा…

गर्वित — ओह तेरी मैं अभी दर्शन करके अत हु तू भी चल न भाई

राज गर्वित के बाल पकड़कर — रुक जा….

इधर रजनी भी कैंटीन अनु के साथ राज को धुनते हुवे आरही थी …दोनों हे बहुत अचे मूड मई लग रही thi….ek की रात अछि नींद मई गयी थी तोह एक को दिन मई प्यार की दोसे मिली थी..

अनु — ये कैंटीन मई भीड़ क्यों ह इतनी….

रजनी ने कैंटीन के अंदर एंटर करके पता नहीं अनु देखते ह “ सिदेहातो और तुम सूरे वो यही आया ह”

अनु — है मम मैंने खुद सुना था की वो कैंटीन हे जा रहा ह…

इतनी प्यारी आवाज सुन अचानक एक के बाद एक लड़को का धयान अनु और रजनी की तरफ गया …कोल्ड और हॉट दोनों को एक साथ देख सबकी आंखे दोनों पर जैम गयी …कॉलेज की कैंटीन को तोह मनो अब सांप सूंग गया हो इतनी शांति हो गयी ……

गर्वित-- बीआरओ तीनो सबसे सुन्दर h…..achanak उसका धयान अनु और रजनी पर गया “ और आज तोह कोल्ड ब्यूटी रजनी और हॉट ब्यूटी अनु भी यही हे ह “

राज जिसने पानी का एक घूँट हे लिया था उसने सारा पानी गर्वित के मू पर हे फेंक diya…aur गेट की तरफ देखने लगा …भीड़ की हलचल ने पूनम कविता और मनीषा का धयान भी अपनी तरफ खिंचा …और वो भी लड़के जंहा देख रहे थे उस तरफ देखने लगी और उन्हें दिखाई थी अनु और उसके साथ टीचर रजनी और उन दोनों की नज़र भी राज पर पड़ी जिसे उनके चेहरे पर मुस्कान आगयी …..रजनी और अनु को सामने की तरफ मुस्कराता देख वो तीनो भी उस तरफ देखने लगी जंहा रजनी और अनु की नज़र थी पर उन्हें कुछ भी नहीं दिखाई diya…par जैसे जैसे वो दोनों आगे बढ़ती गयी भीड़ हैट टी गयी और जब राज के सामने रजनी और अनु आकर रुकी तोह पूनम कविता और मनीषा को दिखाई दिया raj…..jo पानी की बोतल लिए शांति से खड़ा tha…..aur तीनो के चेहरे के भाव तुरंत बदल गए पर मुस्कान अभी भी उनके चेहरे पर थी ….क्योकि तीनो हे राज को देख कर बहुत खुस थी ….

कविता — दी ये चुड़ैल फिर भाई के पास h…aur ये मम क्यों ह इसके साथ

पूनम — बात तोह तीख ह मेरी कुटी ..

मनीषा — कौनसा जादू टोना करती ह ये ….हमे भी सीखना होगा पर वो खड़ूस सेफ्टी सेफ्टी के बहाने देकर पास भी तोह नहीं आने देता ह……

पूनम — सिर्फ राज को देखती रही जैसे बाकि लोग उसके लिए एक्सिस्ट हे नहीं करते हो…

इधर रजनी — तोह तुम यंहा हो ….चलो ब्रेकफास्ट करते ह ….

राज — यंहा ….

अनु — दर लग रहा ह क्या…….

राज — हड़बड़ाकर दर और मुझे चलो चलो पर मन हे मन मई “ हे भगवन मनीषा कविता क्लास मई हो बस भगवन कृपा रखना बचे पर”

रजनी को अनु ने एक टेबल की तरफ इशारा किया और वो दोनों चलकर उस टेबल की तरफ गयी और अपने सामने अपनी ब्यूटी मिस रजनी को देखते हे स्टूडेंट्स ने वो टेबल तुरंत खली कर दी और रजनी ने स्माइल करते हुवे थैंक यू कहा स्टूडेंट्स के लिए तोह इतना हे बहुत था ….….रजनी और अनु बैठ गयी ….गर्वित मू फाडे दूर से हे देख रहा था की ये हो क्या रहा h…..anu “ ऐसे नीची गरदण्ड करके खुद से बड़बड़ाते हुवे हे खड़े रहोगे या बैठोगे भी”

राज “ हा हा” इतना बोलते बोलते उसकी गर्दन ऊपर हुवी तोह उसकी नज़र अनु की पीछे की टेबल पर गयी …..उसको हज़ारो बोल्ट का झटका लगा वो बिना एक्सप्रेशन सीधा खड़ा रहा पर अंदर मन मई जोर जोर से उछाल रहा tha“hey भगवन ये तीनो matlb….Deepika दी दिव्या bua….shweta…..sunil…puri दुनिया को खबर लग जाएगी और ये एक तोह पिटाई का कोई मौका नहीं छोड़ती h…..ab क्या करू …..कैसे बच्चू ….”

रजनी और अनु के चेहरे पर मुस्कान थी ..तोह पीछे पूनम के चेहरे पर भी प्यारी सी मुस्कान थी वो समाज रही थी की राज की हालत ह पर कविता और मनीषा के एक्सप्रेशन को देख उसका दिल तेज़ी से धड़कने लगा…

रजनी “ बैठो भी ….”

राज — है है क्यों नहीं ….वैसे भी अब जायदा भूक लग गयी h…..man मई “बकरा कसाई घर मई आहे गया ह तोह काटने से पहले अचे से खा तोह ले”

अनु — रेअल्ल्य….

राज — चुड़ैल ….मंगवा न …भूक लगी h….kitni पातर पातर करती ह

अनु - तुम …..

रजनी — लड़ना सुरु मत करो…

पर पंगे यंहा कान्हा ख़तम होने वाले थे…..

कविता को पूनम रोक पाती तब तक कविता कड़ी होकर टेबल पर पहुंच गयी और अनु को मुस्करा कर देखने लगी जिससे अनु की सुलग gayi….usai पता था की ये जरूर कुछ तोह करेगी…

कविता — hello मर raj…nice तू मीट यू सुनील भैया के इंट्रोडस करने के बाद से कॉलेज मई आप मिलते हे नहीं ह मुझे हेल्प चाहिए थी….

अनु मन मई “कामिनी अभी हे तोह अपनी दोनों सहेलियों के साथ रूम मई अकेली गुटरगूँ कर रही थी अब कॉलेज मई भी इसे अकेला निचोड़ेगी कामिनी कंही की कीड़े लगेंगे तेरे”

राज — है क्यों नहीं बैठो …baitho….oh पीछे आपकी फ्रेंड्स भी ह

राज आगे कुछ कहता उसे पहले हे कविता ने बिना देरी किये इशारे से उन्हें बुला लिया ये मूव रजनी और अनु के लिए बाउंसर गया ….वो चाहकर भी कुछ नहीं कर पायी…5 टॉप कॉलेज की बेओटीएस की जॉइंट टेबल मई राज इकलौता मेल बैठा हुवा था ये सन देख कर कितने लौंडे के पिछवाड़े जलकर रख गए ये उनके चेहरे देख साफ़ पता लगाया जा सकता था ….पर हद जब हुवी जब पांचो ने एक साथ हे जल्दी से वेटर को अल्लू के परांठे आर्डर कर diye…..sab एक दूसरे की तरफ देखने लगी और फिर राज की तरफ पर राज बेचारा गर्दन निचे कर सभी भगवन को याद कर रहा था ऊपर से सब नार्मल था पर अंदर हे अंदर वो दीवारों से सर पिट रहा था अपना की कोई बचाओ उसे ….पांचो ख़ूबसूरत बलए बहुत कुछ समाज रही थी की क्या हुवा ह पर किसी ने कुछ नहीं बोलै ….पर पूनम समाज गयी थी की राज को ाचा फील नहीं हो रहा ह इसलिए …उसने कुछ सोचा और बोली..

पूनम “अरे यार मैं भूल गयी 5 तह लेक्चर मई प्रेजेंटेशन सबमिट करनी ह मुझे और उसके लिए मैंने प्रिंट नहीं निकल वाये ह तोह प्रिंट निकलवाने ह …सॉरी मम हउमै जाना होगा चलो कविता मनीषा….

राज “मन मई थैंक यू थैंक यू सो मच पूनम जी बचने के लिए …..इतना प्रेशर …..तोह ट्रेनिंग मई भी नहीं मिला कभी..”

तीनो एक साथ “bye राज फिर मिलते ह”

राज “मन मई चीक कर फिर मिलते ह पागल लड़किया एक साथ तोह कभी नहीं मिलेंगे फिर ok bye bye फिर मिलते ह“

रजनी “लो पानी पियो बहुत पसीने आरहे ह तुम्हे”

राज मन mai“pasine जान गले मई आगयी थी मेरी ” है आज गर्मी जायदा ह

अनु — रियली….

रजनी के चारे पर मुस्कराहट आगयी …और जो आर्डर उन पांचो ने किया था वो भी राज को हे अकेले खाना पड़ा🤣🤣🤣🤣

दूसरी तरफ दिव्या और ऋचा

दिव्या — सर ये तोह अपने बहुत बड़ी हेल्प करदी ह वर्ण प्रोजेक्ट मैनेज करना बहुत मुश्किल होता हमरे लिए….

शख्स — बेटी विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स मई से एक उत्तरप्रदेश के हॉस्पिटल मई मेरा ट्रीटमेंट हुवा ह और वंहा के स्टाफ की केयर और नेचर देख कर मेरा मन बहुत खुस हुवा ….इसलिए जब सेकरट्री ने कहा की आपको वो जमीन चाहिए तोह मुझे भी खुसी हुवी ….

Divya—Oh फ़िलहाल तोह मैं भी वंहा नहीं गयी हु अभी तक फिर भी अगेन थैंक यू सो मच सर कभी वक़्त मिले तोह आप जरूर आईयेगा ……

शख्स — जरूर जरूर बेटी ….

दिव्या — सर अब परमिशन दीजिये जाने की प्रोजेक्ट को जल्दी से जल्दी पूरा करना ह…

शख्स — लंच तोह करलो बेटी …

दिव्या — सर सुभे ब्रेकफास्ट किया था और पुणे ह हे कितनी दूर….

शख्स — ये तोह ह ….

वंही ….इन कॉल

आदमी — भाई मैं लोनावला हु

सामने से — तोह भोस्डिके पहले क्यों नहीं बोलै….

आदमी — भाई मैंने कॉल किया था अपने उठाया हे नहीं मैं इनका पीछे करते करते यंहा आगया…

सामने से — भोस्डिके …गांडू मैं बिजी tha…toh मैसेज कर deta…ya उसमे भी मैंने मन किया था….

आदमी — भाई गलती हो गयी….

सामने से-- चूतिये अब खबर करते रहना हम टर्न लेकर वंही आरहे ह …

इन कार लोनावाल से थोड़े डिस्टेंस पर आने पर…

ऋचा — ड्राइवर अंकल कोई ाचा सा रेस्टुरेंट देख कर रोकना.

दिव्या — क्या हुवा…

ऋचा-- मम वाशरूम जाना ह…

दिव्या मुस्करा कर तीख ह …भैया रेस्टुरेंट देख रोक लेना

ड्राइवर —मम बिच मई रोकना तीख नहीं hoga….master ने मन किया ह….

दिव्या — तुम्हारे मास्टर सुनील की बुआ हु….

ड्राइवर — पर मम वो बड़े मास्टर…

दिव्या बिच मई he—unhe भी देख लुंगी… कुछ नहीं होगा 10 मिनट की बात h….majburi ह…

ऋचा मन मई सोचने लगी की सुनील मास्टर h…wo इतना खतरनाक कब से हो गया h..par ये तोह किसी और की बात कर रहे ह जरूर वो दादाजी हे होंगे….

ड्राइवर तीख ह मम पर देरी मत कीजियेगा please….itna कह द्रवीर ने कार को कुछ हे दिएर मई एक अचे से रेस्टुरेंट के आगे रोक diya…..par उन्हें क्या पता था की कार से निकलना उनकी सबसे बड़ी भूल होगी दूसरी तरफ से एक के बाद एक कई साडी कार्स शार्ट कट से उनके बेहद पास आगयी थी जो दिव्या की कार का पीछा कर रहे शख्स की लाइव लोकेशन ट्रैक कर रहे थे और उसी की वजह से वो लोकेशन पर जल्दी हे पहुंचने वाले थे और ये लोग जर विक्टर की खास आर्मी की ऐसी टुकड़ी थी जिसमे सिर्फ त्रिनेड किलर्स थे जो हमेसा गन्स और स्वोर्ड्स के साथ अटैक के लिए तैयार रहते थे जिनका मिशन सक्सेस रेट 90 पेरेंट्स से ऊपर का था ये अब कभी भी दिव्या और ऋचा के सामने हो सकते थे अटैक के लिए….

दिव्या —- तुम फ्रेश होकर औ मैं रस्ते के लिए जूस और चिप्स ले लेती हु…

ऋचा है मई गर्दन हिलाकर चली गयी 15 मिनट हे गुजरे होंगे की गाड़ियों के त्येर घसीटने की तेज़ आवाज तुवि…..

निगरानी रखने वाले शख्स तुरंत कार की तरफ भगा और इशारा करके बोलै “एक ड्राइवर ह बस साथ मई और दो जनि ह “

रेस्टोरेंट के अंदर….

दिव्या को भी कई साडी गाड़ियों की आवाज आयी उसने शीशे से बहार झांक कर देखा तोह सोच मई पढ़ गयी और अंदाज़ा हो गया की क्या हुवा h….usne वाशरूम की तरफ से आरही ऋचा की तरफ देख और उसे वंही रुकने का इशारा कर दिया आखिर उसने ऐसी सिचुएशन का पहले कई सालो तक सामना किया था…

दिव्या झुकते हुवे ऋचा के पास गयी और उसका हाथ पकड़ लिया “डरना नहीं ह डरने से और मुसीबत bhadegi”un दोनों ने ड्राइवर की तरफ देखा जो एक तक बहार की तरफ देख रहा tha…..aur वो पलट कर बोलै “ कार पीछे की तरफ ह आप दोनों वंहा तक पहुँचिये कुछ भी हो जाये मेरे सिवाए दूर ओपन मत करना चाहे कुछ भी हो जाये“ तभी बहार से आवाज आयी “हम सिर्फ बात करना चाहते ह इस लिए आपको हमरे साथ चलना होगा मद ऋचा और इतना बता दू मैं सिर्फ एक बार हे कहता हु” पीछे ऋचा और दिव्या कार की पार्किंग तक पहुंच कर कार मई बैठ गयी ….ड्राइवर अभी भी उन सबको देखता रहा ….जैसे वो कोई कैलकुलेशन कर रहा हो तभी बहार खड़े आदमियों के लीडर ने ईशर दिया और आगे वाले दस जानो ने गन निकल ली ….और अंदर की तरफ आने लगे जिसे देख ड्राइवर के हाव भाव तुरंत बदल गए ….और उसने भी बैक से गन निकल ली और सभी को झुक जाने को कहा और बहार की तरफ ताबड़ तोड़ फायरिंग सुरु करदी अचानक हुवे फायर से 3 जाने ों थे स्पॉट मरे गए और बदले मई सामने से फायरिंग सुरु हो gayi..aur एक साथ ुनगिनानात गोलिया फायर हुवी जिसका सामना करना मुश्किल था ड्राइवर भी निचे झुक गया वो जम्प करके दूसरी साइड कूड़ा और दुबारा फायरिंग सुरु कर di…goliyo की आवाज ऋचा और दिव्या तक भी गयी जिन्हे सून ऋचा घबरा gayiii…Divya ड्राइविंग सीट पर बैठी हुवी थी उसे भी ड्राइवर की बात न मैंने का पछतावा था….10 मिनट बाद हे ड्राइवर तेज़ी से उसे कार की तरफ भागता हुवा नज़र आया दिव्या ने तुतंत कार स्टार्ट करके अनलॉक कर दी …और साइड वाली सीट पर बैठ गयी जब ड्राइवर अंदर आया तोह उसके कंधे से खून निकल रहा था…

ऋचा — khooonn…apka खून निकल रहा …

ड्राइवर — सीट बेल्ट लगा लो

और फिर तेज़ी से कार को दौड़ा दिया ….. रेस्टुरेंट के पीछे से कार को स्पीड से निकलता देख सभी कार्स लेकर उनके पीछे हो गए…

रोड पर दिव्या की कार पर एक के बाअद एक गोलिया फायर होरही थी…..

ऋचा— मम अब कैसे बचेंगे इनसे ये तोह बहुत सरे ह …

दिव्या — भैया आप चुप क्यों हो ….

ड्राइवर —मैं जिन्दा हु जब तक वो आपको छू भी नहीं सकते h….sabse पीछे एक बॉक्स पड़ा ह उसे निकलकर दीजिये और अब आप कार ड्राइव कीजिये ….

दिव्या पहले हिचकिचाई फिर कार ड्राइव करने लगी ऋचा ने भरी से बॉक्स को बड़ी मुश्किल से निकल कर सीट पर रखा जब ड्राइवर ने पीछे वाली सीट पर आकर उसे खोला तोह ऋचा की आंखे फ़ैल गयी पीछे म416 थी और उसकी 2 मगज़ीन्स राखी हुवी थी …

ऋचा ने हैरानी से पूछा —आप कौन ह

ड्राइवर — बुरे लोग मुझे ….YAMDOOT…..kahte ह इतना कह उसने गन लोड करि और विंडो निचे कर फायरिंग सुरु करदी पहले वाली कार वाला कुछ कर पता उसे पहले हे कितनी हे गोलियों ने कार के अंदर बैठे गुंडों के सरीर को भेद दिया और कार ुनबलने हो कर साइड मई ढलान से लुडक्ति चली गयी ……ऋचा ये सीन देख कर हैरान रह गयी और ऐसी हे हालत दिव्या की भी थी जिसने बैक मिरर मई ये सब देखा था ऐसे हे तीन कार्स को मित्यु दूत ने एक के बाद एक गिरा दिया ….और फिर बोलै “ ऐसे हम बच नहीं पाएंगे हमरी गोलिया जल्द ख़तम हो जाएँगी”

ऋचा “अब हम क्या करे पुलिस स्टेशन ले चले पुलिस हमारी हेल्प करेगी“

यमदूत - तोह भी बचेंगे नहीं हम मुझे अपनी परवाह नहीं ह पर आपको कुछ हो गया तोह …अब एक हे रास्ता ह …..

दोनों एक साथ — और वो क्या ह….

यमदूत ने मोबाइल निकला और नंबर डायल कर दिया कुछ हे सेकण्ड्स मई रिंग gayiii…usne अपने एअर पीेछे मई कहा…

मुम्बई….

राज जो क्लास अटेंड कर रहा था क्लास मई तेज़ रिंग की साउंड होने लगी ….सोनिया जो क्लास ले रही thi….wo भड़क उठी …” कौन ह ये बात तमीज़” पर तभी उसकी नज़र राज पर गयी ….राज ने मोबाइल हाथ मई लिया और बोलै “hello”

सामने से कुछ कहा गया जिसे सुनते हे उसने तुरंत एआरपीस कान मई लगा लिया और मोबाइल को पॉकेट मई दाल कर हवा के तेज़ झोंखे की तरह क्लास से निकल गया और थर्ड फ्लोर से बंजी जम्प करते हुवे सीधा सोंड फ्लोर की दीवार को कौन से पकड़ा और फिर फर्स्ट फ्लोर पर सीधा कुढ़ गया …..पीछे सभी बहार उसे देखने आयी की मर तोह नहीं गया पर जो सन उन्हें दिखा उसे देख सबकी आंखे फटी की फटी रह गयी खासकर अनु की क्योकि राज ग्रॉन्फ़्लूर पर आसानी से खड़ा था मात्रा 5 सेकण्ड्स मई क्लास रूम से निचे the….raj तेज़ी से बहार की तरफ भगा …..

उधर कार की ड्राइविंग को अब यमदूत ने अपने हाथ मई ले लिया और कुछ हे दूर पर ु टर्न लेकर कार को वापस लोनावला की तरफ सुव को मोड़ दिया इस तरह सुव को मोड़ता देख कर दिव्या और ऋचा हैरान तोह हुवी पर बोली कुछ नहीं यमदूत ने स्पीड और बढ़ा दी …पीछे से लगतार गोलिया शीशे पर लगती जा रही थी जिसे शीशा भी कमजोर होता जा रहा था….40 मिनट से चल रही इस चैसिंग के खेल मई दिव्या की बुलेट प्रूफ सुव का हुलिया हे बदल गया था और अब वो कभी भी दम तोड़ सकती थी यमदूत ने सुव को हाईवे पर चढ़ा दी और कार को दिव्या को देकर कहा “बस ड्राइव करते रहिएगा मैं इन्हे रोकता हु मदद आरही ह…”

दिव्या ने है मई गर्दन हिला दी और ड्राइव करने लगी पर दिव्या और ऋचा दोनों की हे घबराहट अपने चरम पर thi……tabhi एक गोली आगे वाले त्येर को लगी और दिव्या जो त्रिनेड ड्राइवर नहीं थी इसलिए गाड़ी ुनबलने हो गयी ….मित्युदूत ने तुरंत मूव किया और कोई हादसा हो उसे पहले हे हैंड बरअक्स खींच दिए जिसकी वजह से गाड़ी रोड के बीचो बिछे स्कीट होते हुवे रुकी …..

मित्युदूत “कार मई रहिएगा ….बहार मत आईयेगा” और खुद गन लेकर बहार आगया और और पीछे की तरफ से आरही कार्स पर फायरिंग करने लगा ….

“लीडर ने एक को इशारा किया दूसरी तरफ से जाने का ….मित्युदूत ने देख लिया और तुरंत उसका भेजा उदा दिया …..अपनी साथी की मौत देख कर सभी ने एक साथ फायरिंग कर दी …इधर मित्युदूत ने गोलिया को चेक किया तोह उसकी गोलिया ख़तम होने वाली थी ….तभी एक गोली उसके पेअर पर लगी और वो निचे गिर gaya…divya को जब यमदूत दिखाई नहीं दिया तोह उसने सुव से निचे उतर कर देखा तोह यमदूत के पेअर मई गोली लगी हुवी थी दिव्या को देखते हे यमदूत “मम प्लीज आप अंदर जाइये आपकी जान मेरी जान से बहुत कीमती ह अंदर से लॉक कर लीजिये प्लीज प्लीज ..”

दिव्या बेचारी क्या करती वो वापस सुव मई बैठ गयी और दूर को लॉक कर लिया…

ऋचा - अब क्या होगा

दिव्या - कुछ नहीं होगा तुम घबराओ mat..madad आरही ह …पर अंदर हे अंदर उसका दिल बैठा जा रहा था …..उसने राज को भी कॉल लगाया था पर राज का कॉल लगातार बिजी ारः था…

तोह यमदूत की तरफ से फायरिंग नहीं होती देख कर सभी गुंडे कार को कवर बनाकर उसके पीछे पीछे आगे भड़ने लगे …..कार के अंदर दिव्या ने ये देखा तोह पहली बार मौत का अहसास महसूस हुवा …..यमदूत ने कार के कवर से फायर किया और एक को मार दिया …..पर कार का कवर लेकर वो बहुत करीब आगये और अब लगातार फायर करते हुवे आगे भड़ने लगे …..तभी यमदूत को कार की तेज़ स्पीड से अति हुवी आवाज सुनाई दी …उसने झुक कर देखा तोह उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी ….उसने अपनी खली गन को साइड मई फेंक diya….andar दिव्या और ऋचा ने गुंडों को गन के साथ अपने 25 मीटर तक करीब आते देख लिया था पुरे हाईवे पर ….लोग खड़े थे जो दूर खड़े होकर वीडियो बना रहे थे पर किसी ने पुलिस को कॉल तक नहीं किया था और किया तोह पुलिस आयी हे नहीं …अपने पास अति मौत को देख कर जंहा दिव्या और ऋचा दरी हुवी तोह वंही मित्युदूत के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान thi….usai तेज़ रफ़्तार से आरही कार साफ़ दिखने लगी ….और जल्द हे वो कार ड्रिफ्ट करती हुवी उनके कार के साइड से निकलती हुवी आगे आकर रुकी कार स्कीट की आवाज से ऋचा और दिव्या ने भी ड्रिफ्ट करती हुवी उस कार को देखा और कार के रुकने से पहले हे उतरा राज ……..जिसने एक बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखा था …चेहरे पर मास्क लगा हुवा था उसने तुरंत आगे बढ़ यमदूत को उठाया और दिव्या को दूर ओपन करने को कहा दूर ओपन होते हे उसे अंदर बिठा दिया …

यमदूत - पर मैं आपके….

राज — अपने पहले हे बहुत कुछ कर liya…..aj इनमे से कोई जिन्दा नहीं बचेगा…

इतना कह उसने दूर बंद कर दिया …तभी उसकी कार से उतरा दूसरा यमदूत और उसने हाथ मई पकड़ी म416 राज की तरफ उछाल दी अंदर बैठे यमदूत ने ये देखा तोह शॉक हो गया और शॉक मई हे उसके मू से निकल गया मास्टर और गन नहीं ये नहीं हो सकता ह…

ऋचा और दिव्या दोनों एक साथ “…….मास्टर…..”

यमदूत — है ये हे तोह ह जिन्होंने मन किया था बिच मई रूकने से

दिव्या हैरानी से -कौन ह ये

Yamdoot---Master राज

दिव्या — राज…..

ऋचा — राजजज…..

दोनों की आंखे राज की तरफ मूड गयी ….

राज ने गन को अपने कंधे से लगाकर एआईएम लिया और म416 से बुलेट फुट पड़ी राज तेज़ी से फायर करता हुवा आगे बढ़ने लगा बुलेट 1 सेकंड के भी कई मिनी सेकण्ड्स मई सामने किसी के सर तोह किसी के पेअर मई लग रही थी जिसके पेअर मई लगी अगली गोली ने उसके सर के परखचे उदा दिए ….वो सभी भी अलग अलग साइड कड़ी अपनी कार के पीछे से छिपकर फायर करते जा रहे थे पर राज कार्स का कवर लेकर लगातार एक के बाद एक करके मार गिरता जा रहा था उसके हाथ मागज़ीने रीलोड करते हुवे भी इतने तेज़ी से चल रहे रहे थे की जैसे ये काम उसने हज़ारो बार किया हो और हर पल उसकी स्पीड और एक्यूरेसी और बढ़ती जा रही थी tad….tad….tad…. एक जाना कार से हल्का निकल कर फायर करने की कोसिस करि पर उसे पहले हे राज ने अपनी म416 से फायर करके उसके भेझा खोल दिया राज इतनी तेज़ी से मूव करते हुवे ऊपर निचे राइट लेफ्ट फायर करते हुवे सबके बिच घुसता हुवा फायर करता जा रहा था उसकी लग भाग सभी गोलिया किसी के मू पर तोह किसी के हेड पर हे लगी थी करीब 15 मिनट मई हे सरे गुंडे मरे जा चुके थे जर विक्टर की किलर टुकड़ी के सरे आदमी जो मौत का दूसरा नाम थे वो लाश बन कर रोड पर पड़े थे पूरी रोड गोलियों से भरी पड़ी थी … राज ने अपनी बैक से गन निकली और एक एक करके सबके सर मई डोबबले चेक के लिए गोली मार दी और पलटकर एक जिसको जिन्दा छोड़ा था उसके पास जाकर “ नाम “

आदमी — मैं नहीं जा….

एक गोली उसके कंधे मई लगी….

राज — नाम

आदमी — जर विक्टर….

राज ने उसे एक हाथ से ऊपर उठाया सुर पूछा “ठीकहाना” पर उस आदमी से जवाब नहीं मिला तोह राज ने जिस पूल पर वो अभी खड़े थे उसी से निचे फेंक दिया ..ऋचा ने ये सन देखा तोह उसकी आंखे हैरानी से फटी की फटी रह गयी उसका हाथ अपने हैरानी से खुले मू को ढके हुवे था उसने कभी नहीं सोचा था की उसकी मुलाकात राज से इस तरह hogi…..raj पलटकर जिस कार मई आया था उस कार की तरफ वापस आगया उसने एक बार चारो तरफ देखा और फिर कार मई बैठ गया जिसमे ऋचा और दिव्या पहले से हे बैठ गयी थी उसने जैकेट मई से एक ग्रेनेड दिव्या वाली कार के अंदर फेंक दिया ताकि कोई सबूत न बचे और फिर मित्युदूत ने कार को पुणे के लिए दौड़ा दिया ….कुछ दूर आते हे उसने बटन पुश किया तोह नंबर प्लेट चेंज हो गयी….

राज ने यमदूत को देख कर पूछा “गोली”

यमदूत - कंधे और पेअर के आरपार हो गयी h….par खून रोक दिया ह अगले 3 ऑवर तक कोई दिकत नहीं ह…….

राज ने मॉर्फिन का इंजेक्शन लिया और यमदूत की झांग मई घुसा दिया ….

ऋचा बस मास्क पहने राज को हे देख रही thi….abhi क्या हुवा क्या नहीं वो सब भूल चुकी थी………

राज ने दिव्या को देख कर कहा “सुनील ने बॉडी गॉर्डस आपकी सेफ्टी के लिए रखे थे न वो साथ क्यों नहीं ह ….

दिव्या — वो मैंने उन्हें मन कर दिया था हम अचे काम के लिए जा रहे थे तोह मैंने सोचा …

राज — तोह वो आपको अचे काम से रोकते ….अभी जो हुवा उसकी जिम्मे dari……apki जिमि दरी ….फिर यमदूत की तरफ इशारा कर के इनकी जिमि dari….kiski hoti…….apko पता ह माँ …. लाखो सायद कार्डो लोगो मई से सिर्फ एक हे शख्स इनके जैसा होते ह और मैं किसी भी कीमत पर इन्हे खोना नहीं चाहता हु मुझे पता था की पिछली बार अटैक के बाद दुबारा जरूर अटैक होगा इसीलिए ये आपके पास ड्राइवर के तोह कभी पेओन के तोह कभी गार्ड के रूप मई मौजूद थे ….आपको सब पता था फिर भी …..

दिव्या — सॉरी …..दुबारा ऐसा नहीं करुँगी …

राज — माँ …..आज मैं पास था पर क्या होता आज मैं न होता तोह कल को मैं नहीं raha…itna कहा वो चुप हो गया फिर गहरी सांस छोड़कर bola….main पहले हे बहुत कुछ खो चूका हु और दुबारा वो सब सहन नहीं कर पाउँगा…..

मीटुडुत-- मास्टर मैं कुछ कहु…

राज — यही न की मुझे गन कैसे चलनी आती ह जबकि मैंने तोह मन किया था की मुझे नहीं आती ह ..

मित्युदूत —हां…

राज — सबके राज होते ह इस राज के भी बहुत राज ह कुछ मुझे पता ह कुछ को मैं ढूंढ रहा hu…phir गन की तरफ इशारा करके ये मेरे हाथ मई जब भी हुवी ह कितने मरे गए ह मुझे खुद अंदाज़ा नहीं ह इसलिए ये मुझे जायदा पसंद नहीं h….main बारूद से चुने से दूर रहना हे पसंद करता हु …और गन वैसे भी उसे जायदा पसंद नहीं ह

यमदूत-- किसी मास्टर

राज — वक़्त आने पर मिलोगे पर दुबारा मिलने की ीचा नहीं करोगे ये कहते कहते राज की नज़र ऋचा पर गयी और एक पल के लिए दोनों की आंखे mili….aur दोनों ने हे एक दूसरे को देखा ….पर राज के दिल मई तैसे सी उठी उसे ऋचा की कही हर बात याद आगयी उसने और उसने ऐसे अपनी नज़रे फेरली जैसे वो दोनों अजनबी हो …पर ऋचा राज को देखती रही उसे सुनील की कही बात याद agayiii….aur उसका दिल तड़प utha…..usne खुद से हे कहा की सच मई ऋचा तेरे प्यार की रह बहुत मुश्किल ह…

इधर हाईवे पर हुवी वरदाद का वीडियो अलग अलग ग्रुप्स और यू तुबे पर पोस्ट हो चूका था किसी ने लाइव दिखाया तोह किसी ने बाद मई पोस्ट किया ….और 3 हॉर्स मई हे ट्रेंडिंग वीडियोस मई टॉप 5 मई पहुंच चूका tha….par मज़े की बात ये थे की दिव्या की ब्लैक शीशो की कार की वजह से किसी को भी सकल साफ़ साफ़ नहीं दिखाई दी थी यमदूत का चेहरा भी पोलुशन मास्क से कवर था और और राज ने पुणे पहुंचते हे मित्यु दूत को रेस्टुरेंट भेज दिया जंहा पर दिव्या ऋचा रुकी थी वंहा की हार्ड डिस्क लेन को कह दिया और सबूत मिटने का आदेश दे diya….aur मिट्यूडी ने ऐसा काम किया की पुलिस भी आयी तोह सभी ने कहा की सकल याद नहीं ह हम सब तोह चिप्प गए थे जान बचने के liye…..manisha जो घर मई बैठी मोबाइल देख रही थी उसे नोटिफिकेशन मिला और जब उसने नोटिफिकेशन पर क्लिक कर वीडियो को देखा तोह कुछ हे पल मई उसकी आंखे हैरानी से फैलती चली gayi….kyoki उसने शर्ट और पंत और राज के लुक्स से उसे पहचान लिया था …. वो जोर से चील्लाई “कतई”

मनीषा “ ओह माय गॉड तोह तुम्हे गन चलनी भी आती ह फिर मुझे मन क्यों किया

उसने तुरंत वीडियो पूनम को भेज दिया और निचे मैसेज टाइप किया तेरा जेम्स बांड ….पूनम ने वीडियो देखा तोह उसे बहुत बेचैनी हुवी ……..उसके पास राज के नंबर थे जो उसने कविता के मोबाइल से चुपके से ले लिए थे पर वो मैसेज करने से डर्टी थी पर अभी का वीडियो को देख कर वो खुद को रोक नहीं पायी और मोबाइल निकल मैसेज कर दिया “ आपकी जान की कीमत कभी अपनी बहन से पूछना की उसके लिए क्या h….apki जान की कीमत अपने दोस्त से पूछना की उसके लिए क्या …आपकी जान की कीमत उसे से पूछना जिसकी जिंदगी आपसे सुरु आपसे ख़तम होती h…..ap बहुत खास हो राज ji…apki जान की कीमत का कोई मोल नहीं h…apki जान के साथ बहुत से लोगो की जान जुडी h….maaf कीजियेगा अपने इस दोस्त को मन करने के बाद भी आपको मैसेज किया….

आपकी दोस्त पूनम….”

और साथ मई पूनम ने वीडियो लिंक भी आत्ताच कर दिया राज नाहा कर जब रूम मई आया तोह उसने मैसेज नोटिफिकेशन और वीडियो लिंक देखा तोह पहले वीडियो देखा और तुरंत चीफ को मैसेज कर दिया …..और फिर फ़ोन को साइड मई रख दिया और सेरियल्य सोचने लगा तभी उसे मैसेज का ख्याल आया ….उसने उसी सीरियस चेहरे के साथ मैसेज पढ़ा तोह …..अंत तक जाते जाते उसके चेहरे पर हलकी सी मुस्कान आगयी ……..

तभी उसके दूर पर खटखटाने की आवाज हुवी ….

राज — अंदर ाजाओ…

दूर ओपन हुवा तोह राज को दिखाई दी ऋचा …….

वो कुछ कहती उसे पहले हे …..

राज — आप वापस जा सकती ह मिस ऋचा गोस्वामी

आज के लिए इतना हे …..



ी होप कंपनसेशन पस्न्द आया होगा तोह लाइक्स और रेवोएस पेलने का…
 
3.क वर्ड्स कम्प्लेटेड ...ट्यूसडे नाईट या आफ्टरनून अपडेट मिल जायेगा
 
अपडेट 176..

Police…police…police…

War……countdown……begins

20 ..उपदेट्स तू लेफ्ट …..

राज — आप वापस जा सकती ह मिस ऋचा गोस्वामी….

ऋचा राज की ऐसी बातो के लिए पहले से हे तैयार थी उसे पूरी उम्मीद थी की राज का यही रिएक्शन होगा उसके पास आने par…..isliye उसने शांति से ह…

“दिव्या मम का आर्डर ह आपका चेक उप करके हे वापस औ और अगर आप मन करे तोह उन्हें तुरंत कॉल करू…”

राज दूसरी तरफ मू करके खड़ा रहा ….और बोलै “ किसी और को भेज दो”

ऋचा- क्यों क्या मुझसे दर लग रहा ह …दिव्या मम ने खुद भेजा ह तोह यकीं तोह होगा हे न उन्हें मुज पर अब अगर आपको दिव्या मम पर ट्रस्ट नहीं ह तोह बात अलग ह…

राज गुसाई से दन्त पिस्ता रह gaya….aur बीएड पर चुप चाप लेट गया….

ऋचा — शर्ट उतरना पड़ेगा apko…jaruri ह…

राज — मुझे नहीं करना कोई चेक उप मैं खुद माँ को मन कर देता हु पर कॉल कनेक्ट होने के 5 सेकंड बाद हे शर्ट उतारकर लेट गया….

ऋचा के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और उसने अपना किट निकल liya..aur राज के पास पहुंच गयी ….उसके दिल के अंदर कितने भाव थे ये कोई नहीं कह बता सकता था सिवाए खुद उसके जो इस वक़्त बहुत तेज़ी से धधक रहा tha…usne उसका एक प्रतिसत भी अपने चेहरे पर नहीं आने दिया… राज को कल की फायरिंग के दौरान सामने से जो बुलेट्स उसे बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी थी वंहा वंहा खून जमा हो गया था ऋचा ने वंहा अपने हाथो से टेबलेट देने के बजाये क्रीम लगायी ताकि अपने प्यार को इतने समय बाद झु सके उसने बड़ी मुश्किल से खुद के आंसुओ को रोक कर रखा हुवा tha…raj के न चाहते हुवे भी राज के दिमाग मई पुराणी यदि दुबारा से याद आगयी… “ऋचा - छोड़ो न राज सुनील कृति जावेद कोमल सब ह यंहा …कोई देख lega….Raj “ ाचा जी मतलब अब तुम्हे प्यार करने से पहले देखु की कोई देख तोह नहीं रहा h….ye मुझसे नहीं hoga….Richa“ हे हे हे छोड़ो मुझे हे हे हे कान पर नहीं जीब से गुदगुदी होती ह प्लीज न हे हे हे छोड़ो न राज” ……राज के होठ के कौन धीरे से ऊपर की तरफ हुवे पर तुरंत उसे फिर वही बाते याद आगयी जो अंत मई ऋचा ने उसे कही थी वो तुरंत खड़ा हो गया “बस बहुत हो गया चेक उप”

ऋचा -पर अभी तोह….

राज “ माँ को बोल देना मन कर दिया usne….aur आप मिस ऋचा मुझसे जितना दूर रहेंगी उतना मेरे और आपके लिए ाचा होगा…..”

इतना कह राज बहार निकल gaya…..par अंदर कड़ी ऋचा जो खुद के इमोशन रोक कर बैठी थी वो घुटनो के बलबैठ गयी उसकी आँखों से आंसू फूटपड़े वो बिलखबीलाख कर रो पड़ी उसे पता था की यही सब होगा जब वो राज से मिलेगी पर क्या करे वो भी ….ह तोह वो भी 19 20 की लड़की हे और जब उससे ये सब हुवा तब 16 हे उम्र थी uski…usai क्या पता था की लोग दोस्ती मई भी मत्लभी होते ह किसी को पाने के लिए नफरत का भीज बो देते ह ….पर जल्द हे उसने अपने आंसू पॉंच लिए ….और बोली “पता ह की एक परसेंट हे चांस ह की तुम मुझे एक्सेप्ट करोगे पर मेरा प्यार मत्लभी नहीं ह राज….. ये मैं साबित करके rahungi…bhale हे मैं दुसरो के बहकावे मई उस वक़्त आगयी थी पर अब मैं वो ऋचा नहीं hu….tum मेरे थे मेरे हो और मेरे हे रहोगे प्यार का धागा भले हे टूट गया हो पर मैं ऋचा इसे दुबारा अपनी सचाई और प्रेम से जोड़ कर रहूंगी भले हे चाहे कोई भी कीमत चुकानी pade….warna इस जीवन मई किसी की नहीं houngi….tumhari आज की एक छोटी सी मुस्कराहट ने ये तोह बता दिया ह की हमारे प्यार की यादे मिटी तोह नहीं तुम्हारे दिल se….main बहुत प्यार दूंगी tumhe…itna दूंगी की खुद तुम मुझे अपनाओगे…..

ऋचा ये कहकर उठकर रूम से ऑफिस की तरफ चली गयी toh….wanhi …poonam…ke दिल मई फिरसे बैचनी uthi…..usne बोतल से पानी पिया पर फिर भी दिल की घबराहट काम न huvi…wo खुदसे हे बोली “राज तीख तोह होंगे न क्या पुछु main……..nahi दुबारा मैसेज किया तोह गुसा honge….toh क्या करू ab…muje बैचनी तब हे होती ह जब मेरे पास हो या कंही कोई उन्हें मुझसे छीनने की कोसिस कर रहा h….hey कान्हा ..मेरी मदद करना….”

इधर हिमाचल…

सोनाली ….ऑफिस मई सिग्नेचर करते करते रूक गयी …और पता नहीं उसके दिमाग मई क्या चढ़ा की वो बहार आयी और लॉकअप की तरफ जाने lagi….uske बहार आते हे सबकी हालत ख़राब हो gayiii….kyoki 15 मिनट पहले जो चेहरे पर हलकी मुस्कान थी उसकी जगह गुसाई के एक्सप्रेशन थे…

Sub-inspector - आज फिर रौद्र रूप मई ह मैडम पर सुभे सुभे हे क्या हो गया इन्हे ….पता नहीं किसकी वजह से इनका दिमाग अचानक खिसक जाता h…aur जब जब खिसकता ह किसी नई किसी की लगती h….phir कांस्टेबल की तरफ देख कर भाग जल्दी से लॉक उप की चब्बिया लेकर वर्ण तेरी गांड सुताई और मेरी नाईट डूएटी लग jayegi….lagta ह आज वो रपे वाला लौंडा गया…..

दोनों जल्दी से एक साथ सोनाली की तरफ भागे कैदियों से जायदा तोह स्टाफ के लोगो को दर लगता था की …ये भूखी शेरनी कब झप्पटा मार दे….

सोनाली — कुछ बका इसने ….

सी -नहीं मम ….

सोनाली — तुम चुडिया पहन lo..remand पर ह ये समझे और चुटिया आराम से निचे बैठा ह अगर किसी ने इसके बाप से रिस्वत खायी ह तोह याद रखना मुझसे बुरा कोई नहीं hoga….la डंडा ला और क़तर लेकर आ छोड़ने का बहुत शोख ह न इसे खुद के पिछवाड़े मई डंडा गुसेगा तोह पता lagega….ki जबरदस्ती किसी कहते ह

बैठे हुवे शख्स की तोह फटने लगी थी क्योकि कुछ दिएर पहले हे मार खायी थी उसने पर उसे वकील ने साफ़ कहा था की तुम मार खाने के इलावा कुछ कर नहीं सकते ह 3 दिन की मार साहनी ह या उम्र कैद तुम खुद देखलो बस जुर्म काबुल मत करना बाकि मैं संभल lunga….isliye वो चुप हे raha…aur हर मिनट गईं गईं कर दो दिन निकल दिए थे आज आखिरी दिन था उसका…

सी-- पर मम वो wakeel..court मई हंगामा करदेगा…

सोनाली ने गुसाई से उसे देखा तोह वो चुप चाप दूर हो गया….

सोनाली-- एक तोह तुम जैसे दुनिया मई मुझे दुखी करते ह ….एक और वो चुटिया भाव खता ह ….जैसे महराजा हो कुत्ता kamina…man तोह करता ह जो तेरे साथ करने वाली हु उसके साथ करू ताकि दिमाग तहिखने पर रहे…

सी मन मई ये मैडम क्या बोल रही ह लगता ह आज सुभे हे लड़कर आयी ह पर सुभे तोह मुस्करा रही thi….Boyfriend या लवर तोह नहीं ह इनका कोई पर मैडम को तोह कभी बात करते हे नहीं देखा मोबाइल पर और वैसे भी खूंखार शेरनी को कौन पर्पस करेगा …जिसकी जीने की ीचा ख़तम हो गयी हो वो हे jayega…itna कह वो अपना सर कन्फूसिओं से खुजलाने लगा…

सोनाली — तू सोच रहा होगा तेरा वकील बचा लेगा tuje…..par वो कुछ नहीं कर पायेगा मैं आज रात हे उसको मरवा दूंगी और तुजे लापता करवा दूंगी मेरा क्या एक महीने का सस्पेंशन बस जैसे तेरे पास पैसा ह मेरी भी ऊपर तक पहुंच ह जल्द हे वापस डूएटी पर वापस अजुनगी पर तेरे सरीर की हड़िया तक नहीं milengi….bahut से तुज जैसे लोग मेरे लिए कर देंगे ये काम और तू अब तेरा सोच फिर चिल्लाकर रोड कान्हा रह गयी…

“ मम मैं कबूल करता हु मैंने हे रपे किया था और मेरे साथ जैकी और राजू भी थे”

तोते की तरह वो हर डिटेल बताता गया कान्हा किया कैसे किया…

सोनाली —इसका बयां लो ….और इसके जो साथी ह उनके परिवार मई से किसी भी लेडीज या लड़की को उठा लो और एड्रेस पूछे जब तक न बताये छोड़ना मत और जायदा करे तोह केस बनाओ और उसे जेल मई थोक do….jab जेल कोर्ट मई काबुल करे तब छोड़ देना…

इतना कह वो बहार agayi…par ऑफिस आते हे…. “ ी हेट यू राज तुम कुत्ते हो तुम कमीने हो …क्यों करते हो तुम मेरे साथ ऐसा ….तुमसे इन सबका हिसाब लुंगी main……i हेट यू ी हेट यू कितना प्यार करती हु तुमसे इसी बात का फाइदा उठते हो न”

और ये सब वो राज की फोटो मोबाइल मई देखते हुवे बोल रही thi….tabhi उसके ऑफिस मई फैक्स मशीन पर फैक्स आने की आवाज हुवी सोनाली ने वो प्रिंट तुरंत अपने हाथ मई ले लिया …..जिसे पढ़ते हे वो सोच मई पढ़ गयी.…….

दिल्ली ……

किलर आर्गेनाइजेशन के सीक्रेट प्लेस पर…

डेथ हेलो अपनी बड़े से सोफे पर बैठा हुवा tha…uske सामने वंहा की लोकल गैंग्स के लीडर्स बैठे हुवे थे….

डेथ हेलो — तोह तुमने इसे देखा था ….

सामने खड़ा आदमी — जी bhai..jab हम उस एडिटर का पीछा कर रहे थे है याद आया कुंदन नाम ह उस सीनियर एडिटर का उसे इसी छोकरे ने बचाया था……

डेथ हेलो -फिर

“ भाई फिर वो कुंदन को लेकर कमिश्नर के बंगल की तरफ चला गया ….अब ये नहीं पता ह की उस छोकरे का कोई कनेक्शन ह क्या कमिश्नर से”

डेथ हेलो के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान agayi…jaise उसे कुछ मिल गया हो…

डेथ हेलो-- इस कमश्नर की बेटी को ढूंढने की जिमि दरी किसकी ह…


आदमी — सर मेरी ह….

डेथ हेलो — तोह तुम अब तक उसे ढूंढ नहीं पाए …

आदमी — सर मेरे आदमी कमिश्नर की कामवाली से लेकर धुंधवाली के पीछे ह पर ऐसा लगता ह वो लड़की इस सहर मई हे नहीं h….kisi खिड़की किसी दरवाजे कंही नज़र नहीं आयी ह …..

डेथ हेलो — थॉट्स व्हाई तुम आज तक यही ho…kya उसके दोस्त को ढूंढा किस कॉलेज मई जाती h…koun साथ पढता ह उनसे पूछा ….नहीं क्योकि झांट जितनी अकाल ह तुम मई …..एक महीना ह सब कुछ हर वो शख्स जो घर के बहार रहा ह उसके साथ जुडी हुवी मुझे हर जानकारी चाहिए ह समझे….

डेथ हेलो की घुराहट से उसकी कंपकंपी छूटने लगी “जी सर”

डेथ हेलो ने नमो की लेक लिस्ट फेंकी और कहा मुझे इनकी भी डिटेल चाहिए ये कान्हा ह….

जब सबने नाम देखे तोह….

स्पेशल अफसर — अज्जू ,abhay,shrutii..

ैप-- शिवानी जस्वाल….

ैप-- Sonali…super कप…

दिल्ली उन्देर्वोरल leader--Boss इन मई से 2का ट्रांसफर हो गया h…aur ये अभी कान्हा ह मुझे भी नहीं पता h…..aur ये तीन शख्स भी दुबारा दिखाई नहीं दिए ह दिल्ली mai…..inhone नाक मई दम कर रखा था पहले…

डेथ हेलो— इंट्रेस्टिंग intresting…toh फिर ये शख्स ….एक और इमेज सामने फेंकी …

लीडर — सर ये तोह सुनील सिंघानिया ह ….एक्सपोर्ट इम्पोर्ट किंग कप्तान सिंघानिया का beta…….phir मुड़कर अपने आदमियों से कुछ kaha….aur वापस डेथ हेलो की तरफ देख kar….iski लोकेशन मैं अभी ट्रैक करवा के बताता हु….

डेथ हेलो — इसकी एक बहन भी ह

लीडर — मालूम नहीं पर मैं पता करवाता हु…

डेथ हेलो — नहीं बस पता करो वो कान्हा होगी अभी …मैं खुद मिलूंगा उसे….

लीडर भाई — हम…..

बाकि सब्द उसके मू मई हे रह गए क्योकि डेथ हेलो की लाल आंखे उसे घर रही थी और इसका मतलब सिर्फ मौत हे थी….

कुछ पल बाद वो जोर जोर से हसने laga…..uski हंसी उस शांत महल मई किसी क्रूर रक्षास की तरह गूंजने लगी….

“ मेरे भाई को मारा …जैसें को mara…mere चलैं के किलर्स को मारा तोह क्या सोचा तुम बच जाओगे …तुम्हरी मौत का तमाशा तोह पूरी दिल्ली देखेगी तोह मेरा शक सही निकला तुम सब मिले हो और फिर राज की इमेज देख कर तू सबसे इंट्रेस्टिंग ह ये कहते वक़्त डेथ हेलो फोटो के बेहद करीब आगया ….और बोलै तेरी सकल कुछ और तेरी आंखे कुछ और कहती ह …तुजसे तोह मिलना हे होगा आखिर कान्हा ह तू”

जिस बात का दर था वही हुवा आखिर डेथ हेलो श्वेता के दोस्तों की जानकारी ढूंढने लगा जो की एक बहुत बड़ी मुसीबत होने वाली थी क्योकि डेथ हेलो खुद वंहा ह तोह खतरा के लेवल जैसें से भी दुगना होने वाला tha……kyoki न राज न सोनाली न शिवानी न अज्जू न हे अभय था …कोई था तोह सिर्फ डेथ halo…..aur उसका सामना करने अकेला खड़ा होने वाला था sunil….underworld के लोगो ने कुछ स्टूडेंट्स को पैसे देकर खरीद लिया और उन सबकी जानकरी निकलने लगे….

पुणे……..

Raj….Ek हॉल मई घुटनो के बल बैठा हुवा था उसके सामने उसकी माँ और पापा की फोटो दीवार पर तंगी हुवी थी जिस पर फूलो की एक नयी माला छड़ी हुवी thi…..uski आंखे आंसुओ से भीगी हुवी थिई……

“तुम्हारे मम्मी पापा ऊपर से तुम्हे देख रहे ह राज और वो कभी नहीं चाहेंगे की उनका बीटा उन्हें याद करके इस तरह आंसू भहाये…..”

राज रट हुवे गुसाई से bola“tum चली जाओ …मुझसे दूर रहो …..मैं एक हवस का भूखा ….घटिया इंसान हु …दफा हो जाओ मैं तुम्हारी सकल तक नहीं देखना चाहता hu…please मुझे अकेला छोड़”

ऋचा के तोह दिल पर राज के हर सब्द किसी तीर की तरह दिल मई चुभ रहे थे पर वो जानती थी की राज के दिल मई बहुत गुसा ह और वो निकलना जरुरी ह इसलिए उसने शांति से कहा “तुम अपने पापा और माँ के बारे मई भी नहीं चाहोगे”

राज ने पलटकर ऋचा की तरफ देखा….

ऋचा “ मैं यंहा 2.5 साल से भी जायदा टाइम से यंहा हु ….जब वो सब huva….khair उनसब पुराणी बातो को छोड़ो …तुम्हारे मम्मी पापा ने हे मेरा नाम रखा tha…mere नाम कारन वाले दिन…

राज बिच मई हे“ मुझे ये सब नहीं माँ पापा के बारे मई जानना ह”

ऋचा “ ये भी जानना जरुरी ह क्या तुम शांति से मेरी बात sunoge……jab मेरा नाम विद्या आंटी ने रखा तब उनके दिल मई एक ख्याल आया था और उन्होंने कहा की …..सुनिए जी क्यों न हम गरीबो और जरुरतमंदो के लिए हॉस्पिटल बनवाये ….और पता ह तुम्हारे पापा ने क्या कहा….

राज नाम आँखों से “ क्या”

सहदेव “ाचा तोह हॉस्पिटल सँभालने के लिए हमे रात को और प्यार करना पड़ेगा क्योकि राज तोह मेरी तरह फाइटर बनेगा इसलिए हमे एक बचे की समाज रही हो न मैं क्या कहना छह रहा हु…”

तब विद्या आंटी ने कहा “ कोई जरुरत नहीं ह बड़े ए तुम्हे बहाना चाहिए ह …ये सब इस बची को देख कर हुवा h….toh यही sambhalegi….kyo अनिरुद्ध भाईसाब संभालेगी न

अनिरुद्ध -जी भाभी ये भी कोई पूछने की बात ह …मैं वचन देता हु की ऋचा हे इसे sambhalegi….aur मैं इसे इस काबिल बनाऊंगा की अकेले ये सब संभल ले…

तब तुम्हारे पापा ने कहा पर ये तोह लड़की h…aur पता ह तुम्हारी माँ ने कहा मैं भी एक औरत हे hu….aur फिर तुम्हारे पापा ने अपने कान पकड़कर सबके सामने माफ़ी मांगते हुवे उठक बैठक लगायी थी …

राज के चेहरे पर आंसुओ के साथ होठो पर मुस्कान आगयी

ऋचा “ फिर विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल की सुरुवात हुवी और उस समय 2 हॉस्पिटल्स खुले और मुझे यंहा आके …पता लगा की सबसे पहला हॉस्पिटल उप मई खोला गया था …तुम्हारे ननिहाल मई…”

राज जो चुप चाप सब सून रहा था वो हैरानी से ऋचा की तरफ देखने लगा…..

ऋचा “ मुझे पता ह तुम्हे इतना सब नहीं पता h….tumhe ये तोह पता ह न अंकल आंटी की लव मर्रिज हुवी थी…….

राज “ हां”

ऋचा “ तुम्हारे नाना ने आंटी की शादी कंही और तय की thi….isliye विद्या आंटी से तुम्हारे नाना जी की बहुत बहस हुवी …और विद्या आंटी को घर से बहार जाने की इज़्ज़त नहीं थी ….और जब तुम्हरे पिता को पता लगा तोह पुरे उप मई बुरे हालत हो गए थे ….उस दिन जिस साई विद्या आंटी की शादी होने वाली थी उसने अपने हजारो एडमिन सहर के बहार लगा दिए the…tab सहदेव अंकल ने लाशो के ढेर लगा दिए थे विद्या आंटी के लिए और पुलिस को तुम्हारे नाना और पापा के बिच मई आना पड़ा था ……और विद्या आंटी बालिक थी तोह मज़बूरी मई तुम्हारे नाना को पीछे हटना पड़ा ….

राज ऋचा की बाते सुनते वक़्त उसे हे देखता रहा …..

ऋचा “जब मई 10 तह क्लास से घर लौटी तब मुझे सचाई पता लगी की क्यों तुमने वो सब किया …इसलिए मैं टूट गयी थी तब पापा ने मुझे ये सब बताया की पास्ट मई वो अंकल को कैसे जानते थे कैसे सहदेव अंकल की वजह से हे मुंय पापा और मैं जिन्दा bache…isliye जैसे पापा ने वचन दिया था ….और तुम्हारी सचाई जानकार मैं खुद यंहा agayiii…..aur विद्या आंटी के सपने को पूरा करने की तब से हर मुमकिन कोसिस कर रही हु हर जरूरतमंद को इलाज पंहुचा kar….aur तुम्हे पता ह हजारो जरूरतमंद लोग रोजाना इलाज फ्री पाते ह कितनी दूवये देते ह वो….

राज के दिल मई आज फिर अपनी माँ को लेकर बहुत से इमोशंस जग गए थे वो अपनी माँ के गले लग्न चाहता था जी भर कर रोना चाहता था….

ऋचा — चलती हु ….कल वेडनेसडे ह और कल हम जिन बुजर्गो को उनके बचे घर से बुढ़ापे मई निकल देते ह उनके आश्रम जाना ह रूटीन चेक उप और ट्रीटमेंट के लिए…..

राज के दिल मई ऋचा को लेकर जो नफरत थी …उसका कुछ प्रतिसत तोह आज ऋचा की इंसानियत देख कर काम हो गयी थी वो अब उतनी नफरत नहीं कर रहा था जितनी सुभे हो रही thi….har बेटे का उसका सॉफ्ट कार्नर उसकी माँ होती ह और ऋचा ने वही सब बताकर अपनी रह मामूली सी आसान बना ली थी…..

राज - थैंक you….so मच

ऋचा — वो किसलिए ….ाचा उन बातो के लिए ये तुम्हारा हक़ h….aur है एक बात ….तुम्हारी माँ को अपने मम्मी पापा की बहुत याद आती थी वो उनसे माफ़ी मांगना चाहती thi….wo अपने पिता से बहुत प्यार करती थी हो सके तोह तुम उनकी ये खाविश पूरी जरूर करना….

राज ने है मई गर्दन हिला di….aur फोटो की तरफ देख कर बोलै “ माँ मैं जरूर जाऊंगा आपकी खातिर जरूर माफ़ी मांगूंगा चाहे कितनी हे बड़ी दुश्मनी क्यों न रही हो पापा और नाना के बिच मैं माफ़ी mangunga”raj ने पॉकेट से एक कार्ड निकला और ऋचा की तरफ किया…

ऋचा ये क्या ह…

राज कल जब जाओ तोह कपडे और जिस चीज की जरुरत हो ले जाना ..

ऋचा — इसकी जरुरत नहीं …

राज — जरुरत hogi..ismai 50 कर रूपए ह मुझे ख़ुशी होगी अगर ये बुजर्गो और गरीब बचो और उनकी एजुकेशन मई काम ए …मुझे पैसो से न कल प्यार था न आज ह ….मुझे ख़ुशी होगी अगर ये पैसा अछि जगह लगे फ़िलहाल यही कार्ड ह मेरे pass….agar और चाहिए हो तोह बेशक मई भिजवा दूंगा ….

ऋचा — नहीं पर ये तुम्हारी खुसी ह तोह मैं इनका उसे जरूर जैसा तुमने चाहा उसी मई इनका उसे करुँगी….

राज हां मई गर्दन हिलाकर निकल गया पीछे ऋचा और बहुत कुछ कहना चाहती थी पर वो चुप रही वो इतने से हे खुस थी की राज की नफरत कुछ तोह काम हुवी…….

ऋचा “कहना तोह बहुत हो तुमसे मेरे पतिदेव पर कह नहीं सकती हु …वैसे स्मार्ट बहुत लगने लगे हो …..”

उधर मुम्बई….

कमश्नर ऑफिस मई —

कमिश्नर — मतलब तुम ये कहना चाहते हो की …तुम्हे कोई खबर नहीं h…r ु किडिंग विथ में ….कितने लोग मरे गए लोगे की लाशे और बुलेट्स के ढेर लगे हुवे ह और तुम कहते हो मुझे कुछ नहीं पता ह एक अनजान शख्स किसी फ़िल्मी हीरो की तरह कार को ड्रिफ्ट करते हुवे अत ह और पर्फेक्ट्ली सबको शूट करके अपनों लोगो को बचा के लेजाता ह और तुम कहते हो मुझे कुछ नहीं पता h….ya तोह तुम गधे हो या मुझे समाज रहे हो …तुम्हे पता ह कैसे मेमेस बने रहे ह सोशल मीडिया पर मुम्बई पुलिस पर और ये वीडियो डिलीट भी हो गया जैसे कभी था हे नहीं और तुम कहते हो मुझे कुछ नहीं पता h….koyi भी शख्स जो यंहा मौजूद ह कोई जवाब दे सकता ह….

किसी की भी कोई आवाज नहीं हुवी …

कमिश्नर — तुम ैप lokhande….suspend हो चुके हो तुम्हारे ऊपर इन्क्वारी बैठेगी और ट्रस्ट में जितने भी तुम्हारे साथ ह उनके पेंशन तक के लाले पड़ने वाला h….agar तुम लोग दोषी साबित हुवे तोह ट्रस्ट में तुम्हारी जिंदगी नरक बना dunga…..police फाॅर्स को मज़ाक बना दिया ह तुम सब ने मुझे इस शख्स का पता चाहिए ह कैसे भी ढूंढो पर इस शख्स को ढूंढो ……..किलर आर्गेनाईजेशन ……underworld…..aur निर्वाण और अब ये मर जमिस्बेंड ………ी वांट रिजल्ट्स ीडोन्ट वांट अन्य फुरदर एक्सक्यूसेस… एक एक शख्स से पूछ ताज करो ..जब तक नहीं मिले तुम से कोई ऑफ डूएटी नहीं दिखना चाहिए ह मुझे….

सब — यस सर….

सबके जाने के बाद …. कमिश्नर सीरियस होकर बैठ गया ….क्योकि उसे बखूभी पता था की कितना बड़ा खतरा मंडरा रहा ह ….और ऊपर से इस नए शख्स की ऐसी एंट्री जिसे देख वो समाज नहीं प् रहा था हलाकि उस शख्स ने जिन्हे मारा वो खूंखार से भी खूंखार क्रिमिनल्स the……isliye वो किसी भी हाल मई मुम्बई के अंदर खून की नदिया नहीं बहाने देना चाहता था…..

कमिश्नर - भले हे डिपार्टमेंट मई गद्दार हो पर फिर भी मैं किसी के बुरे मंसूबे कामयाब नहीं होने दूंगा……

तभी एक इंस्पेक्टर — सर ये आपके लिए…

कमिश्नर ने - लिफाफा खोला तोह उसमे 2 लेटर थे जिन्हे पढ़ कर ….वो गहरी सोच मई डूब गया उसे कुछ समाज हे नहीं ारः था की क्या हो रहा h….aur इन सब से निकलने का रास्ता भी नहीं मिल रहा था ुसईई …

Udhar….delhi मई सुनील ऑफिस के अंदर अपने सीक्रेट रूम मई ….वाइट बोर्ड पर लिखे …नेम्स को देख रहा था….

श्वेता —- सेफ….

माँ डैड — सेफ….

दीपिका दी सेफ ….

बड़े पापा मम्मी — सेफ ….

ऋचा दिव्या बुआ-- सेफ…..

सोनाली भाभी और उनकी बहन शिवानी-- सेफ …

श्रुती अज्जू अभय पहले हे सेफ ह…..

मंडावा तक कोई पहुंच नहीं payega…..ok तोह सभी सेफ ह …..और कोई …और कोई ….और koyi…..tabhi उसकी आंखे हैरानी से चौड़ी हो गयी और वो छीकते हुवे बोलै उन्हें कैसे भूल गया उसने तुरंत जोगिन्दर सिंह को फ़ोन मिला दिया …… “hello बड़े पापा कुंदन अंकल को अलर्ट कीजिये उन पर बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा “

जोगिन्दर - कुंदन क्यों सुनील उसने क्या ……उसके बाकि सब्द मू मई हे rah….kyoki उसी ने हे तोह राज की मदद करि thi…..vithal की साडी इनफार्मेशन देने मई ….अगर अंडरवर्ल्ड की मीटिंग राज और निर्वाण को लेकर ह तोह डेफिनिटेली कुंदन को टार्चर करके या कैसे भी …. इनफार्मेशन निकल हे lenge….jogindar सिंह की रूह काँप गयी वो तुरंत ऑफिस से भगा पर ……जोगिन्दर सिंह के ऑफिस से बहार तेज़ी से भागते देख पूरा कमिश्नर ऑफिस अलर्ट हो गया …..पुलिस के सिरेन्स की गूंज पुरे एरिया मई गूंजने लगी…..


एक ऑवर पहले…

“ Hello मम कुंदन सर ने बुलाया ह अर्जेंट इनफार्मेशन देनी ह…”

औरत — पर वो तोह घर पर किसी को बुलाते नहीं ह ..आप रुकिए मैं उनसे पूछ कर आती हु….

शख्स — थैंक यू मम….

“ाजी सुनिए कोई आया ह बोल रहा जरुरी इनफार्मेशन ह अपने मंगवाई ह…”

अंदर जब कुंदन ने ये सुना तोह उसको कुछ बहुत बुरा होने का अहसास हुवा और वो जल्दी से रूम से बहार सारा काम छोड़कर bhaga”par जैसे हे वो बहार आया उसके होश उड़ गए …

“ कैसे हो कुंदन babu…..suna ह बहुत बड़े एडिटर ….इनफॉर्मर …एंकर …हो “

कुंदन — कौन हो तुम…

शख्स-- न न कुंदन बाबू गलत sawal….puch लिया ….सही सवाल ह क्या चाहते हो…..

कुंदन — क्या चाहते हो ….

शख्स — बताएँगे बताएँगे …बताने हे तोह आया hu…….ha तोह पहले rules….are ये क्या तेरे बीटा बेटी नहीं दिख रहे ह …यंहा….

कुंदन-- क्या चाहते हो आखिर …..

शख्स — बहुत खुजली ह तेरे जानने की …मेरा नाम डेथ हेलो h….tune ये नाम नहीं सुना hoga…….par …sankiii…naam जरूर सुना होगा……

सनकी का नाम सुनके कुंदन की आंखे हैरानी से चौड़ी हुवी फिर उसके चेहरे पर मुस्कराहट आगयीईइ…..

डेथ हेलो — मतलब तू जनता ह मैं यंहा क्यों हु …..

कुंदन — बिलकुल जनता हु….

डेथ हेलो — फिर भी मुस्करा रहा ह…

कुंदन - तेरे सामने रहम मांगना मगरमछ से जिंदगी मांगने जैसा ह जिसका पेट भरा भी होगा तोह भी वो खायेगा और तू मरे बिना जायेगा नहीं….

डेथ थम्ब्स उप दिखा कर —-तू दूसरा शख्स ह जिसके चेहरे पर मेरे सामने मौत का कोई खोफ्फ़ नहीं ह….

कुंदन — पहला निर्वाण ह ….

डेथ के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी…..

डेथ — तुजे तेरे बीवी बचो की परवाह नहीं ह …

कुंदन — हम दोनों का मरना तय h…aur रही बात बचो की तोह उनकी सेफ्टी निर्वाण खुद कर रहा ह तोह …तोह यक़ीनन मुझे कोई दर नहीं ह ….

डेथ हेलो — मेरे एक सवाल का जवाब देगा…..

कुंदन — मुझे पता हुवा तोह जरूर दूंगा……

डेथ हेलो — कान्हा मिलेगा….

कुंदन —- ये तोह मुझे भी नहीं पता h…aur सच बोलू तोह किसी को भी नहीं पता होगा ….

डेथ हेलो —कोई आखिरी खाविश ….

कुंदन - 5 मिनट ….अपनी से बात करना चाहता हु …

डेथ हेलो — 5 मिनट की कीमत ह ….कीमत चूका और मिल जायेंगे 5 मिनट …

कुंदन के चेहरे पर फीकी मगर बड़ी सी मुस्कान thi….wo बोलै “ वो तुजसे खुद मिलेगा ….जायदा से जायदा एक साल बस …..तूने उसका वीडियो देखा होगा ….वो क्या कहता ह “ मेरे नाम मई ह निर्वाण और मैं मोक्ष देता नहीं hu……tadpada हु ….तड़पता हु उसकी रूह को….” तू उसके एक अपने को छुएगा वो तेरे 100 लोगो को मरेगा

डेथ हेलो — अब जाते जाते मेरी बात सुनता जा मुझे पता ह वो मुम्बई ह और हमारी मुलाकात भी हो चुकी ह यंहा तोह मई ….तुजे जिस छोकरे ने बचाया था राज उसे ढूंढने आया हु…

कुंदन डेथ हेलो की बात सुनकर जोर जोर से हसने लगा…….

डेथ हेलो भी हंसी देखकर हैरान हुवा फिर …

गोलियों की आवाज हुवी …और कुंदन और उसकी बीवी मरे गए ………

करंट time…..police की कई गाड़िया एक के बाद कुंदन के घर के बहार रुकी थी और जब पुलिस अंदर पहुंची तोह पूरा घर बिखरा हुवा था ……जैसे उन लोगो कुछ ढूंढने की कोसिस की हो …….जब जोगिन्दर की नज़र सामने की तरफ गयी तोह ….दीवार पर खून से लिखा हुवा था…..

“ ये तोह बस सुरुवात ह …..तेरे हर अपने को धुंध धुंध कर marunga…..mumbayi हु मैं तेरे इंतज़ार mai...Death हेलो …..”

जोगिन्दर — कैसे कैसे चूक गया मैं …..

इन से अपोजिट सुनील भी तेज़ी से कंही जा रहा था……..

इन कॉल….

सुनील — दी जल्दी से बताओ अंजना अभी कान्हा होगी ….

दीपिका — क्या….

सुनील अंजना कान्हा होगी ….अभी quick….fast….

दीपिका — बास्केट बॉल कोर्ट मई होती ह इस वक़्त wo….par क्यों….

सुनील ने कॉल कट कर दी …और तुरंत कार को दौड़ा दिया साथ हे जोगिन्दर सिंह को कॉल किया “ बड़े पापा”

जोगिन्दर “ कुंदन नहीं रहा सुनील….”

सुनील — दीपिका दी और श्वेता की दोस्त अनजाना भी खतरे मई होगी जल्दी से गर्ल्स हॉस्टल पहुँचिये …..मैं वंहा पहुंचने वाला हु ….

हॉस्टल…..

अंजना दीपिका के बिना अकेला फील कर रही थी इसलिए बास्केट बॉल खेलने आगयी क्योकि शाम के इस वक़्त दोनों हे बास्केट बॉल खेला करती थी …….पर आज उसका मन नहीं था इसलिए वो साइड मई बैठ गयी …तभी 4 साये धीरे धीरे से बॉउंड्री क्रॉस करके ……लड़की द्वारा बताई गयी लोकेशन यानि बास्केट बॉल कोर्ट की तरफ चले गए और जब बास्केट बॉल कोर्ट की बॉउंड्री के अंदर कूड़े toh….ladkiyo का धयान उन चार लड़को की तरफ गया तोह हंगामा सा मच gaya…aur सभी कन्फूसिओं से उन्हें देखने लगी ….वो चारो धीरे धीरे अंजना की तरफ बढ़ने लगे जैसे हे अंजना का ध्यान उनपर गया …तोह वो खतरा भांप गयी और तुरंत हे वो बास्केट बॉल कोर्ट की बॉउंड्री के दरवाजे की तरफ भागी तोह वो चारो भी दरवाजे की तरफ अंजना के पीछे पीछे भागे उन मई से एक ने नाइफ पॉकेट से निकला और अंजना की तरफ फेंक दिया …..पर आज अंजना की मौत नहीं लिखी थी…. नाइफ उसे छू पता उसे पहले हे और नाइफ हवा को चीरते हुवे उस नाइफ टकरा gaya…..anjana सीधी सुनील से takrayi…….sunil ने उन्हें अपने पीछे किया और सामने खड़े चारो की तरफ चल दिया ….हंसमुख और हमेसा मज़ाक करने वाला सुनील …किसी भी कीमत पर अपने भाई की दोस्त को कैसे कुछ होने दे सकता था और अंजना ने तोह जब राज ऋचा की वजह से दुखी था तब उसको बखूभी संभाला मेंटली और फैसिकालय दोनों तरह सपोर्ट किया tha……..usne बिना पल गौएँ सीधे आगे वाले की गर्दन पकड़ एक झटके मई पूरी मरोड़ di…..agai की जगह अब उसका मू पीछे घूम गया था…..

सुनील — किसने भेजा नहीं पूछूंगा सवाल एक ह किसने बताया की ये यंहा ह ….

सुनील का सवाल सुनने की बाद भी कोई कुछ नहीं बोलै ….तोह सुनील जो कुंदन अंकल की मौत से पहले हे उफान रहा था उसने अपना डैगर निकल लिया …और सिर्फ 3 मूव्स मई किसी का हाथ तोह किसी का पेअर काट दिया ….और ये भयानक सीन देख कर लड़किया चीक पड़ी …. उनकी चीखे सुनकर हॉस्टल की और लड़किया इखट्टी होती गयी….

सुनील — 20 मिनट मई हॉस्पिटल नहीं पहुंचे तोह तुम मरे जाओगे ….इसलिए जवाब दो किसने बताया की ये यंहा होगी….

तीनो अपनी मौत देख कर घबरागयी और एक ने मोबाइल सुनील की तरफ कर दिया ….. सुनील ने मोबाइल लिया और नंबर डायल किया कोर्ट के अंदर कड़ी लड़कियों के बिच से रिंग की आवाज आने लगी ….एक लड़की बुरी तरह घबरा गयी और धीरे धीरे बहार की तरफ निकलने लगी ….सुनील के कान फड़क उठे और 3 सेकण्ड्स मई हे उसने उसलड़की को पकड़ लिया और उठाकर सबके बिच मई फेंक दिया जब सबने उस लड़की को देखा तोह वो हक्के बक्के रह गए क्योकि वो …..अंजना दीपिका की क्लासमेट हे थी…..

अंजना — सोनी तू तूने किया ये सब तू तोह मेरी दोस्त ह न तोह फिर क्योऊ….

सुनील — पैसो के लिए ….कोई ये ड्रग एडिक्ट h….isliye…..aur किस्मत से ये आपकी क्लास मई हे निकली जब इसे पता लगा की दी के बारे मई कोई बताने वाले को पैसा दे रहा ह तोह ….इसको लालच आगया ……

सुनील के बोलते बोलते हे पुलिस आगयी ……सुनील ने उनमे से एक का फ़ोन लिया और नंबर डायल किया और कॉल उठाते हे……

सुनील--- सुनील सिंघनिया बोल रहा हु… मेरे परिवार पर नज़र डालने वालो की 7 पुस्तो को बाजार मई बेच देता हु समजा क्योकि मौत से बुरी सजा देता हु….

कुंदन की मौत की खबर हर न्यूज़ पेपर हर न्यूज़ चैनल की मैं हेडलाइंस बानी हुवी थी…….

दूसरी तरफ डेथ हेलो

डेथ हेलो —तोह …..

जोगिन्दर सिंह ….फॅमिली…

सुनील सिंघानिया फॅमिली….

और दोस्त इन सब को बहुत चाहता ह तू …..


ये सब मरेंगे अब तेरी दहकती राग मेरे हाथो मई h…….bahut मज़ा आने वाला ह खेल मई…. देखता हु कब तक छिपा रहेगा तू ….मैं तुजे मजबूर कर दूंगा बिल से बहार निकलने के लिए..

आज के लिए इतना हे ……..मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रीवोएस पेलने का
 
अपडेट आज रात 10 बजे के आसपास मिल जायेगा
 
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