Adultery Raj-- hero of the family - Page 69 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 219

किंग सून.....220..

Nightmare...Beast मोड...
 
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Nightmare…Beast मोड..

“अब chalo…jaldi से कपडे उतरो…

वो शख्स …. चुप चाप अपने कपडे उतरने लगता ह और इनफैक्ट उसने अपने सरे कपडे यंहा तक अंडरवियर भी उतर दिया लड़की के सामने और लड़की ने भी ऐसा करने पर बिलकुल नार्मल रिएक्शन दिया …

“बदमास ….चलो अब तब मई लेट jao…aj कल आप कुछ जायदा हे गंदे नहीं होने लग गए ह”

वो शख्स बिना कुछ बोले तब मई लेट गया तोह

लड़की “अभी भी नाराज हो जो बोल नहीं रहे हो”

पर वो शख्स अभी भी कुछ नहीं बोलै”

लड़की “अब अगर आप नहीं बोले तोह बोतल नहीं dungi……galti भी हमेशा खुद हे करते हो और फिर मानना भी मुझे हे पड़ता h…ye क्या ाचा लगता ह की आपकी नीचू आपको manaye…bolo बोलो ..”

अब शख्स पलटा और बोलै “आप बहुत गन्दी हो …मुझे रोज सुभे जल्दी उठती ho…phir योग करवाती हो …फिर इतनी साडी एक्सेसिसे करवाती हो मेरे हाथ पेअर दर्द करते ह और फिर वो गन्दी सी बदबू वाले टेल से मालिश करती ho…ap बहुत गन्दी हो ”

लड़की “ ओह्ह तोह ये बात ह ….ये सब तोह आपको स्ट्रांग बनाने के लिए ह na…apko बताया था न की आपकी नीचू के पीछे बहुत सरे गंदे लोग पड़े हो जो आपसे मुझे दूर ले जाना चाहते h…aur अगर आपसे मुझे दूर ले गए तोह आपको नीचु अपना दूदू कैसे पिलाएगी घर घर कैसे खेलेगी आपको प्या..….”

अभी उसकी ये बात पूरी भी नहीं थी की पानी का तब टूट gaya…..ladki ने शख्स की तरफ देखा जिसकी आंखे गुसाई से पूरी तरह लाल हो चुकी थी और मू से घुराहट निकलने लगी thi……ladki ने तुरंत उसके सर को अपने सीने से लगा लिया और बोली मैं कंही नहीं जाउंगी आपको छोड़कर आप तोह मेरे प्यारे स्वीट से दीपू हो इसलिए हे तोह आपको स्ट्रांग बना रही हु न आपकी नीचु को जब वो गंदे लोग लेने ए तोह …वो सीरियल मई हीरो अपनी वाइफ को बचता ह न वैसे हे आप मुझे बचा लो”

शख्स सीने से लगे हुवे हे “मैं सब को मार dunga…jo आपको मुझसे अलग karega….us हीरो की तरह …जान से मार दूंगा….”

लड़की “ाचा ाचा तीख h….ab नहला दू और ये इतने लम्बे बाल अचे लगते ह आपको”

शख्स “है वो हीरो भी लम्बे बाल और धड़ी रखता ह मैं वही hu…bad बॉय जो सिर्फ अपनी नीचू के लिए ाचा ह”

लड़की “हम ये तोह ह आप हो हे बाद बॉय और आज आपका पनिशमेंट ये ह की आज कोई प्यार नहीं मिलेगा और न अपना दूदू पिलाऊंगी…”

ये सुनते हे दीपू का मू उतर गया और उसने नीची गर्दन कर ली

लड़की सर पर शैम्पू लगते हुवे… “पर आज आपकी नीचु ने आपको डांटा ह तोह आज कोई दवाई नहीं दूंगी आज हम साथ साथ खाना बनाएंगे और खाएंगे”

दीपू ये सुनकर खुस हो गया …

लड़की ने उसे अपने हाथो से अचे नहलाया और उसको टी शर्ट और लोअर भी अपने हाथो से हे पहना दी…”

दीपू “टीवी सीरियल मई तोह मैंने देखा था पति खुद सरे कपडे पहनता ह और आप हमेशा मुझे खुद कपडे पहनती हो बाल भी संवारती हो और कला टिका भी लगाती हो नज़र वाला”

लड़की “ओह तोह अब आपको खुद कपडे पहनने ह …पर ऐसा नहीं होगा हमेशा मई हे पहनाऊँगी ..और कला टिका इसलये लगाती हु ताकि कोई नज़र न लगा दे मेरे दीपू को और कल एक बार खुद पहन लेना ड्रेस khuss”itna कह बल संवारते हुवे झुक कर उसके फोरहेड पर किस कर्ली…

दीपू ने जल्दी से न मई गर्दन हिला कर खुद कपडे पहनने से मन कर दिया और उसके इतनी जल्दी न मई रिएक्शन देने पर लड़की खिलखिलाकर हंस padi…aur किचन की तरफ chaldi…janha दोनों ने मिलकर खाना बनाया ….और खाना भी उस शख्स ने लड़की के हाथो से हे khaya….aur लड़की ने भी बड़े प्यार से उसे अपने हाथो से सामने बिठाकर खाने khilaya….aur साथ हे खुद खाया…

लड़की “अब आप जाकर अपनी बोतल पीजिये मैं जब तक साफ़ सफाई करके आती हु ”

दीपू “वो मुझे वो मुझे 500 रुपये चाहिए ह…”

लड़की आगे जाते हुवे बात सुनकर चौंक कर रूक गयी और पलटकर उसे देखने लगी और अपनी तरफ ऐसे देख कर उसने गर्दन नीची कर्ली और बोलै “ सॉरी …….”

लड़की “किसलिए”

शख्स “आप जॉब थोड़ी करती हो जो आपके पास पैसे होंगे”

लड़की धयान से देखती huvi….aj पैसे क्यों चाहिए आपको पहले तोह कभी नहीं मांगे अपने”

शख्स “वो मैंने टीवी मई देखा वाइफ के हाथो मई खूब साडी कॉर्फूल चुडिया होती ह पर आपके हाथो मई तोह सिर्फ 1 हे ह “

लड़की ने ये सुना तोह उसका दिल भर आया उसने बड़ी मुश्किल से खुदको काबू किया और बोली “ मेला लगा हुवा ह वंहा चलेंगे …जो पसंद ए वो खुद पहना देना अपने हाथो से ठीक ह पति देव जी”

दीपू ख़ुशी से “आपके पास पैसे ह”

लड़की “बहुत सरे ह और आपके लिए तोह बहुत बहुत सरे ह”

दीपू आगे बढ़ा और उस लड़की के गाल को चूम लिया तोह बदले मई लड़की ने उसके मठो को प्यार से चूम लिया …और किचन की तरफ चली gayiiii…aur किचन मई अपने काम पर लग gayiii……aur कुछ दिएर बाद वापस आयी तब उसने देखा की वो शख्स अभी उसका फवौरीते सीरियल हे ख़ुशी से और बड़े धयान से देख रहा था…

दीपू ने जैसे हे लड़की को देखा वो बोलै “निचुउ देखो वो दोनों आपस मई नाराज हो गए ऐसा नहीं होना चाहिए tha….mujhe …गुसा ारः h…wo गन्दा ह उसने उसका दिल दुखाया ह मुझे उसके जैसा नहीं बनना उसने उसे डांटा वो गन्दा ह … वो गन्दा ह….”

लड़की को सडनली कुछ महसूस हुवा पर जब तक वो कुछ समाज पति …उस शख्स का गुसा उस पर हावी हो चूका था …उसने पूरी ताकत से अपना हाथ आगे बढ़ कर टीवी पर दिख रहे लड़के के मू पर मार दिया ….उसका वो पावरफुल पंच टीवी को तोड़े हुवे पार निकल कर दीवार से टकराया …पूरी दीवार काँप gayiii….aur दीवार पर लगी साडी चीजे निचे गिर गयी

लड़की “deeepuuu”cheekte हुवे तुरंत उसके गले लग गयी …और …..लड़की के गले लगने से वो शांत होता चला गया…..

लड़की “जंहा प्यार होता ह वंहा नाराजगी भी होती ह न …आप भी तोह नाराज होकर बहार चले गए थे न…”

शख्स “दीपू भी गन्दा ह…”

लड़की मुस्कारने लगी और लड़के को खूब दिएर तक अपने सीने से लगाए पुचकारती रही समझती रही…


रात के 10 बजे….

लड़की लड़के को लेकर बेसमेंट मई जा रही थी…

शख्स “मुझे दर लगता ह निचे वंहा ”

लड़की “मैं आपके पास हे तोह होती हु फिर दर कैसा”

शख्स “फिर मुझे सुभ्र कुछ याद क्यों नहीं रहता ह और आप मुझसे मेरी बोतल भी ले लेती हो मुझे ऐसा लगता ह जैसे तीन लड़कियों को किसी ने मेरे सामने मार दिया h…aur एक लड़की मुझे सामने कड़ी देख रही ह उसकी आँखों मई आंसू h…..aur और फिर अचानक एक ब्लैक ड्रेस मई कोई दीखता ह जो सबको माँ रहा होता ह जब मई उसे देखता वो गुसाई से मुझे देख कर हर बार एक हे बात कहता ह की तू कमजोर ह …तुझे मर जाना चाहिए ह”

लड़की “आप अपनी नीचू के सपने लीजिये सब तीख ह ये सब बस एक सपना ह बुरा सपना इसीलिए हे तोह आपको दवाई देती ह आपकी नीचू ताकि आप जल्दी से तीख हो जाये”

लड़की ने एक बीएड पर दीपू को बिठाकर दोनों हाथो से मोती मोती झांझीरो से अचे से डोबबले चेक करके बंद दिया और उसके सामने बैठकर बाते करने लगी और उसके बाल सहलाने लगी उसने उसे इतना हे बताया था की तुम नींद मई दूर चले जाते हो इस लिए वो भी कोई सवाल नहीं करता था और हर बाद मंटा था लड़की की आखिर उसकी दुनिया वो हे तोह थी..….

एक ऑवर बाद हे लड़के का सरीर झटके खाना लगा ….और 2 ऑवर बाद दीपू जोर जोर से चीखने लगा ….सामने बैठी लड़की जिसकी आँखों मई इस वक़्त आंसू थे वो दुखी मन से कड़ी हुवी और बहार जाने लगी पर पीछे से उसे चीखने चिल्लाने की आवाजे अति रही ऊपर एते हे वो उसी बेसमेंट के गेट के किनारे हे अपनी पीठ टिका कर रट हुवे हे बैठ gayiii…usne दोनों हाथो से खुदके कान धक् लिए ताकि उस शोर से बच सके ….उससे ये सब सहा नहीं जा रहा tha…pichle कितने हे महीने से वो रोज ये सब करती आरही thi…par अपने प्यार को ऐसी हालत मई देख वो भी तड़प जाती thi…..puri रात गुसाई से चीकने और छटपटाने की आवाजे अति रही जैसे वो उन मोती झांझीरो को तोड़ने की कोसिस कर रहा ho…….subhe के 5 बजे लड़की उठी और वो लड़की निचे पहुंची तोह हमेशा की तरह वो शख्स दीवार के सहरे बैठा हुवा था उसने हाथ मई पकड़ी बोतल टेबल पर राखी और उसका एक हाथ खोलकर दूर कड़ी हो गयी और आवाज मरने lagi….Nirwana ….Nirwana….Nirwana….. कुछ दिएर बाद हे शख्स ने गर्दन ऊपर उठाकर ऊपर की तरफ देखा और सामने कड़ी लड़की को देख कर गुसाई से घुर्राने laga…..par लड़की को बिलकुल भी दर नहीं लगा और वो बोली … “तुम्हारे सोने का वक़्त हो गया h…nirwana …राज को जागने दो”

पर ये सुनते हे निर्वाण पूरी ताकत से उसकी तरफ badha…..par झांझीरो की वजह से झटका खाकर रूक गया …

लड़की “जब तक तुम उसके साथ नहीं जुड़ोगे …तब तक हमेशा तुम ऐसे हे रहोगे इसलिए मेरी बात मन जाओ अपनी जिद छोड़ दो….

निर्वाण “ है है है चीड़ छोड़ du…sabse पहले तू हे maregi…mere हाथो se…”usne इतना कहा हे था की उसे सर मई तेज़ दर्द होने लगा…

लड़की “वो मुझे कुछ नहीं होने dega…par तुम्हे आज़ाद होना ह तोह एक होना हे होगा…. उसे और उसकी यादाश्त को तीख करना हे hoga…ye दुनिया तुम्हारी नहीं ये दुनिया राज की ह”

निर्वाण “ladki….Sab कुछ निर्वाण का हे ह और निर्वाण को खून चाहिए ह …सबका खून बेशुमार khun….tum सब कमजोरी हो…… तुम सबको मर जाना चाहिए ह तुम सब उसकी कमजोरी ho…ek बार जब ये दुनिया छोड़ दूंगा उसे भी साथ ले जाऊंगा है है है है…..”

लड़की “उसके बिना तुम्हारा वजूद भी नहीं rahega….samjhe वो मर गया तोह तुम भी khatam…ho जाओगे”

निर्वाण गुसाई से बहन बनगया ..

लड़की “पिछले 8 महीने से मैं तुम्हे रोज समझती hu…..ye बात पर तुम कीच भी समझने को तैयार नहीं ho…ab चलो बोतल उठाओ और पि जाओ….“

निर्वाण “ताकि वो kamjor..pati बहार अजय और तेरे जैसा कमजोर बन जाये पर कब तक एक दिन तोह मैं उस पर भी हावी हो हे जाऊंगा और सबको मार डालूंगा अपना badlunga….mera कोई इंतज़ार कर रहा ह मुझे उसके पास जाना ह….”. ….इतना कह उसने नफरत से लड़की को देखा और एक हे साँस मई पूरी बोतल पि गया और बोतल पिने के ऑवर बाद वो शख्स ऐसे देखने लगा जैसे नींद से जगा हो और बोलै “नीचू मुझे सुसु जाना ह जोर से आरही h…ladki ने एक बार अचे से देखा और तुरंत उस शख्स को अपनी बांहो मई लेकर उसके चेहरे को चूमने लगी…

“आप रोज ऐसे हे करती हो पर पहले मुझे सुसु जाना ह बहुत जोर से आरही ह”

लड़की “वाइफ तोह ऐसे हे प्यार करती ह न और जाओ जल्दी कंही अंदर हे न कार्डो बचो की तरह और जोर से दीपू को भागते देख हसने लगी”

कुछ दिएर बाद….

लड़की “दीपू कितना टाइम लगेगा इतना टाइम तोह लड़किया लगाती ह….”

दीपू जल्दी से भागकर आया और लड़की को देख कर “इस सूट मई आप बहुत अछि लगती हो मुझे”

लड़की उसके बाजु मई अपने बाजु फंसकर आपके लिए हे तोह तैयार होती हु अब चले फिर गाँव मई मिलने भी जाना ह मरीजों को भी देखना ह…

दीपू “साथ चलते हुवे बाकि डॉ.. तोह फीस लेते ह पर आप तोह सबको फ्री मई तीख करती हो”

लड़की “क्योकि आपकी माँ यही कहती थी की सबकी मदद करनी चाहिए ह… “

दीपू “माँ पापा ऊपर से देखते ह हमे…”

लड़की “बिलकुल इसलिए हमे हर किसी की मदद करनी ह जो मजबूर बेसहारा हो समझे पति देव”

दीपू “समाज gaya….aj मेरी कलाई मई बहुत दर्द हो रहा ह …”

लड़की ने तुरंत एक स्प्रे निकला और दोनों कलाई पर मार दिया “वापस आकर सिकाई कर दूंगी दर्द तीख हो जायेगा…”

दोनों जाने कार के बजाये लड़की की स्कूटी से मेले के लिए निकल गए दीपू बोतल से पिता हुवा लड़की के चिपका हुवा बाते किये जा रहा tha….aur लड़की रस्ते मई सबको नमस्कार सलाम का जवाब देती हुवी स्कूटी चलाये जा रही thi….aisa लग रहा था जैसे सब उसे अचे से जानते ह मेले के एते हे दीपू खुस हो गया और धयान से हर चीज के देखने लगा …

लड़की दीपू के पॉकेट मई पैसे डालती हुवी “ये लीजिये आपके पैसे और है मुझे गोलगप्पे भी खाने ह और आइस क्रीम भी कहानी h…aur सबसे पहले झूला झूलना ह”

दीपू जो सीरियल देख सब समाज गया था औरखुड्को हमेशा उस सीरियल का हीरो और लड़की को उसकी हीरोइन समझता था वो तुरंत लड़की को मेले मई हाथ पकड़कर ले गया ….और उसकी ख़ुशी मई खुद भी खुस होकर झूमने लगा …वो लड़की को हँसता देख कर बहुत खुस होता ऊपर झूले से हे उसकी नज़र एक चूडियो की दुकान पर गयी और वो खुस हो गया ….झूला रुकने के बाद …

लड़की चलो न मुझे गोल गप्पे खाने ह ..

दीपू एक बार चूडियो की दुकान की तरफ देखता तोह कभी गोलगप्पो की रेडी की तरफ फिर लड़की के साथ उस तरफ चल दिया पर तभी बिच मई उसे ठाकुर साब अपने परिवार के साथ मिल गए …

गजेंद्र “अरे डॉ मैडम आप भी यंहा”

लड़की ठाकुर साब और गजेंद्र के पेअर चुकार “कैसे ह आप है इनको घूमने लेकर आयी हु ….”

गजेंद्र “Hello दीपू बीटा कैसे ह आप …हमसे हाथ नहीं मिलाएंगे”

पर दीपू ने कोई रिएक्शन नहीं दिया …क्योकि उसकी दुनिया मई बस 2 हे जाने थे एक वो खुद और एक उसकी दिल की धड़कन nichuu..uske sivaye…usai किसी से फरक नहीं पड़ता था”

उसका रिएक्शन न अत देख लड़की ने डांटा “आप ने फिर बदमाशी सुरु करदी चलिए अंकल को सॉरी कहिये और सब को नमस्ते कीजिये”

दीपू ने सबको देखा और कान पकड़कर सॉरी bola…aur सबको नमस्ते कहा….

ठाकुर साब “दीपू बीटा …रात को हमारे घर आएंगे खाना खाने वंहा आपका फवौरीते चूरमा …खीर भी होंगी आपको बहुत पसंद ह न”

ये सुनते हे दीपू के चेहरे पर ख़ुशी आगयी फिर जल्दी से लड़की की तरफ देख कर बोलै … “रात को बहार भूत घूमते ह मुझे दर लगता ह मैं नहीं आऊंगा”

उसकी ये बात सुनते हे सब हसने लगे …

ठाकुर साब सब चुप हो जाओ “ ाचा तोह फिर अभी मेले घूमने के बाद चले ये तोह तीख रहेगा न…”

दीपू “ लड़की की तरफ देखा”

लड़की मुस्कुरा कर “तीख ह दोपहर को तीख rahega….inko नीड लेनी बहुत जरुरी ह तभी रिकवरी जल्दी होगी …और खाने के बहाने मैं नानी को भी देख लुंगी ..”

दीपू “नीचु मैं अभी अत हु”

लड़की “जल्दी आना ह प्रॉमिस कीजिये पहले कोई बदमाशी नहीं यंहा वंहा नहीं जाओगे “

दीपू “प्रॉमिस प्रॉमिस”

दीपू का जाना हुवा था की कल जिनकी धुलाई हुवी थी उनमे से एक 30 40 आदमियों के साथ आगया….

“भाई वो हे लौंडिया ह जो ठाकुर के पास मई कड़ी ह न कंटाप माल”

आदमी “बस वो तोह डॉ ह बे एक हे डॉ ह आस पास मई अभी कुछ महीने पहले हे तोह रहने आयी ह इसे तोह छोड़ देता भोस्डिको जो नयी लड़की दिखती अपना लुंड खड़ा कर लेते हो …पता ह न बलराम भाई के यंहा से क्या आर्डर मिला हुवा ह “

“भाई हम तोह वही कर रहे थे पर िसलूंडिया के साथ वो एक रक्षास भी ह ”

आदमी “अबे साला वो तोह पागल ह जो दिन भर इस डॉ के साथ हे रहता ह”

“पागल ह जानवर ह साला अपने हॉस्पिटल मई देखा न बाकि सबका क्या हाल किया ह मुझे छोड़कर इसलिए लौंडियो को छोड़कर पहले उसे तिखने लगाना ह ”

वो आदमी ठाकुर साब केपास पहुंच कर “ क्या थुकुर साब थुकुर गिरी दुबारा आगयी क्या “

ठाकुर साब “खानदानी ह मरने के बाद भी नहीं jayegiii….tera बाप से पूछ लेना …उस वक़्त तू चड्डी मई मूत ता था… ”

आदमी को गुसा नहीं आया और वो हँसते हुवे बोलै “अभी भी जायदा पि लेता हु तोह नशे मई मूट देता हु इसमे शर्म कए की पर तेरी क्या हालत ह तू जनता हे ह अभी तोह तू काटने वाले मुर्गे की तरह फाड् फाड़ा रहा ह”

गजेंद्र जबान संभलकर

आदमी “अरे रे मैं तोह दर gaya….gajendra ठाकुर भी यंहा h….ha है है …लगता ह हड़िया जुड़ gayii…h अखाड़े की मार भूल गए की कैसे …बलराम भाई ने तुम्हे उठा उठा के फेंका tha….wo तोह वो अपने ससुर को मरना नहीं चाहते थे तोह तुम्हे छोड़ दिया वर्ण भाभी बिन बाप के हो जाती”

ठाकुर “क्यों ए हो यंहा”

आदमी “अरे हम तोह डॉ मैडम से मिलने ए ह सुना ह हड़िया जोड़ने के साथ तोड़ने भी लगीई ह….”

लड़की “ बोलने की तमीज नहीं ह तुम्हारे इन घटिया आदमियों को तरीका सिखाओ …वर्ण हडियो का क्या ह वो तोह टूट हे जाती ह”

आदमी पीछे मूड कर “तू तोह सही बोलै क्या जबान चलती ह रे इसकी ..इसका इलाज तोह करना हे पड़ेगा साला अपुन सोचा डॉ ह छोड़ देते ह पर ये तोह बहुत फुदकती ह वैसे भी आज तक किसी डॉ को चुवा नहीं ह ”इतना कह उसने लड़की का हाथ पकड़ने की कोसिस की तोह गहेन्द्र न उसका हाथ पकड़ लिया …

आदमी “ दूर हो जा ठाकुर ये हमारा मामला ह”

गजेंद्र “वो हमारी मेहमान ह अब बहुत हो गया ह तुम्हारा समझे दफा हो जाओ “

आदमी नहीं तोह…

ठाकुर साब “नहीं गजेंद्र” पर गजेंद्र सिंह जो कितने हे महीनो से गुसा दबाये हुवे थे अब उनसे बर्दास्त नहीं हुवा और अपने दांतो को कसकर फिस्ट हुवे आगे बढ़ एक पंच उसके मू पर जड़ दिया और एक के बाद एक पंच तीन चार बार उसके मू पर मार दिए वो आगे और मार पाते उसे पहले हे… कई सरे गुंडों ने उन्हें पकड़ लिया …….

गुंडों का वो लीडर मू से खून थूकता हुवा…. “मन बलराम भाई के खास आदमी नहीं ह पर उनके लिए मर्डर बहुत किये ह और तेरी लौंडिया तोह वैसे भी वंहा की नाचने वाली बायीं बनेगी ……अगर तू ये सोच रहा ह की तेरे लिए वो मुझे मरेंगे तोह गलत सोच रहा ह tu….isi डॉ के लिए तूने मुज पर हाथ उठाया na….isai हे तेरे और आसपास के सरे गाँव वालो के सामने नंगा कर के घूमूँगा”

गजेंद्र “सेल हिंजड़े नामर्द कंही के ….दम ह तोह मुझसे लड़कर दिखा…”

पर उस आदमी के चेहरे पर ये सुनकर घिनौनी मुस्कान आगयीईइ …”

ठाकुर साब “तुम बहुत आगे बढ़ रहे हो …ये गाँव वाले आज भी मेरे ह …”

आदमी “ ठाकुर साब क्यों बेवजह इस डॉ के लिए …अपनी कब्र खोद रहे हो दूर रहो …पता लगा बलराम भाई ने आपके घर की सभी औरते से शादी करने की जिद कर्ली तोह क्या होगा और ये गाँव वाले भी फोकट मई अपनी बेतिया छुड़वा लेंगे ये उप ह और पुरे उप मई बलराम भाई की चलती ह” उसके इतना कहते हे सरे जाने जोर जोर से हंस पड़े …इधर वो उस लड़की की तरफ बढ़ने लगा लड़की के चेहरे पर दर का कोई निशान तक नहीं था वो बस अपनी गुसाई भरी आँखों से ये सब देख रही thi….….par कुछ कदम पहले हे उन दोनों के बिच मई …दीपू agaya….uske चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी ….

“चलो हाथ आगे करो मैं आपके लिए कुछ लाया हु”

लड़की के चेहरे के एक्सप्रेशन तुरंत चेंज हो गए और वो अब मुस्कुराते हुवे दीपू को देखकर अपने हाथ आगे कर diye….deepu ने अपने हाथो मई ले राखी रंगबिरंगी चुडिया हिलायी और लड़की को पहनने लगा पर उससे जब पहनाई नहीं गयी तोह ….किसी छोटे बचे की तरह मू फुला लिया …जिस पर लड़की खिलखिलाकर हंस पड़ी….

पीछे खड़ा वो आदमी लड़की को ऐसे हँसता हुवा देख कर गुसाई से फैट पड़ा और दीपू को पीछे से खींचकर पीछे गिरा दिया ….जिसका नतीजा ये हुवा की दीपू के हाथ से उसकी नीचू के लिए लायी गयी चुडिया गिर gayiiii….wo निचे गिरा चूडियो को देखने laga…ladki उसकी तरफ भागी तोह आदमी ने उसे पकड़ लिया ….और अपना हाथ खींचकर उसे थपड mara……ek चीक गूंज gayiiiii……..ladki के चेहरे पर बड़ी हे खतरनाक मुस्कान जो एक किलर के मू पर आती ह वैसी मुस्कराहट आगयी….

दीपू ने लड़की की तरफ देखा और मू गाल और हाथ पेअर सब को चेक करता हुवा “आपको दर्द हुवा”

लड़की ने तुरंत दीपू के अपने चेहरे की तरफ देखते हे एक्सप्रेशन चेंज कर रोने वाले परेशन बना लिए और बोली “दर्द हुवा यंहा उसने मुझे चुवा और गन्दी गन्दी बाते कर रहा था … “

दीपू जिसका दिमागी संतुलन अपनी नीचू को रोटा और डरा देख कर पूरा हिल जाता था अभी वही हो गया था…..

2 मिनट pahle…..fleshback…

जैसे हे उस आदमी ने लड़की को मरने के लिए हाथ उठाया … दीपू ने उसी वक़्त सामने देखा था …गुसाई से एक झटके मई खड़ा हो गया और पीछे से इतनी फाॅर्स के साथ रैप्टा उसकी कनपट्टी पे मारा था की वो कई मीटर दूर साइड मई निचे गिरा झटके खा रहा था उसके कान से खून नाह रहा tha….aur वो उसे गुस्सी से घूरने लगा

करेंट time….deepu गुसाई से फुंकार रहा tha…..jo आदमी उन सबको लेकर आया था वो सबसे पीछे खिसकता हुवा खुदसे बोलै “वापस से दौरे पद गए ह इसे बस मैं बोलै था की उस लड़की को मत छेड़ना सीधा उसे हे मरना पर बस लड़की देखते हे इनका दिमाग ऊपर से उतारकर निचे लुंड मई चला आजाता ह …माँ छुड़ाए मुझे नहीं छोड़नी ये डॉ मैं आज हे ये जगह छोड़ दूंगा” इतना कह वो पीछे चुप चाप खिसकता हुवा ….निकल gaya….aur बाकि सरे एक बार अपने मुखिया को देखते तोह एक बार दीपू ko…yahi हाल आसपास के सभी जानो का था…….

लड़की “मैं तीख हु दीपू आप गुसा मत होईये …आप मेरी तरफ देखिये ….हम हम दूसरी चुडिया ले लेंगे”

सरे गुंडे शॉक मई थे की बस ये ह क्या …इस लड़की को तोह चोट भी नहीं लगी h…aur ये ऐसे नौटंकी कर रही ह जैसे कितना मारा गया हो isai….ek जाना “ डॉ बांध कर तेरी नौटंकी”

उसने इतना हे कहा था की एक पंच उसके पेट मई बहुत तेज़ी से पड़ा था पर आवाज पीछे की तरफ से आयी और पीठ की तरफ कड़क की आवाज के साथ रीद की हदी बहार की तरफ निकल आयी और वो एक शॉक मई हे दुनिया से अलविदा हो gaya……apne साथी को मरता देख बाकि सरे गुसाई मई आगये ……और दीपू को घूरने लगे….

थुकुर साब “बेटी तुम आज हे यंहा से चली जाना हमारी जिंदगी तोह बर्बाद हो गयी ह वर्ण तुम्हारी भी बर्बाद हो जाएगी..”

लड़की मन मई “आपके परिवार की यानि हमारे परिवार की जिंदगी हे तोह बचने आयी हु… भले हे सहदेव पापा और विद्या माँ इस दुनिया मई नहीं ह पर उनका बीटा जिन्दा ह …..”

लड़की अपनी सोच से बहार आकर “आखिर कौन ह ये…”

ठाकुर साब घर चलकर बताता हु

इधर सरे गुंडों ने दीपू घेर liya…par दीपू अभी अपने आप को उसी सीरियल वाला हीरो समाज रहा था जो हरीओने को सरे दुश्मनो से बचता h…par उसे क्या पता था की वो था हे रियल मई हीरो जिसने कितने हे परिवारों को बचाया था जो दुश्मन के लिए उनका नाईटमेयर था जिसका नाम सुनने के बाद कोई भी क्रिमिनल चैन से सो नहीं पता था….

दीपू अपनी नीचू को देख कर “…अभी आया आप गोल गप्पे खाओ तब तक …”

लड़की ने हां मई सर हिला दिया और गोलगप्पे खाने के लिए चली gayii…aur उसके जाते हे दीपू आँखों मई एक चमक agayiii…aur अचानक एक तेज़ दर्द हुवा उसके दिमाग मई जो कुछ सेकण्ड्स का हे था सुर जब वो हटा तोह दीपू का चेहरा एक्सप्रेशन लेस्स हो गया और उसने अपने सामने खड़े शख्स के गले पर एक वार किया और फिर दूसरे के सर पर पूरी ताकत से मुक्का मारा …गर्दन टूटी और वंही बेहोश हो gaya….aur फिर फिर स्पीड से भीड़ मई घुस गया और जिसको मारा वो कई फ़ीट दूर दूर जाकर गिरता करीब 5 मिनट भिन्पुरे नहीं हुवे थे की वो सरे जमीं पर निचे दर्द मई पड़े तड़फड़ा रहे थे …दीपू का गुसा अभी सातवे आसमान पर था वो सबके पास एक एक करके जाता और उसके घुटने पर किक मरता और तोड़ देता जैसे बचे मटके के टुकड़े को रोड पर पड़ा देख कर पैरो से फोड़ देते the….sabko दर्द से तड़फड़ाता देख के चेहरे पर सूकन सा अत उसके और जब वो सबको दर्द से तड़पता देख कर शांत हुवा उसकी नज़र लड़की पर गयी उसको एक झटका सा लगा और वो तुरंत लड़की के पास मू खोल कर खड़ा हो गया …लड़की को हंसी आगयी पहले उसने एक चपत लगायी और एक गोलगप्पा उसको खिला दिया और मू को अपने रुमाल से साफ़ कर दिया…

पीछे खड़े ठाकुर साब गजेंद्र सिंह …सिम्मी …dimppi…nitti…teeno बहाने और घर की औरते आदमी बचे और पुरे गाँव वाले मू फाडे सब देखे जा रहे the…par लड़की और राज को घंटा फर्क नहीं पड़ा ….

लड़की “और मेरी चुडिया”

दीपू ने भी खुस होते हुवे हाथ पकड़ा और चूडियो की दुकान की तरफ ले जाने लगा तोह लड़की ने ठाकुर साब को अभी आने का इशारा kiya….deepu….chudiyo की दुकान पर लाकर ख़ुशी से चुडिया दिखा दिखा कर एक जोड़ी पसंद करके उसे पहना दी और खुसी से लड़की के गाल को चुम लिया लड़की ने भी दीपू की बाजु को अपने दोनों हाथो से पकड़ लिया और ठाकुर साब के पास आगयी…

ठाकुर साब “ चले बेटी चले दीपू बीटा”

लड़की “मेरी स्कूटी”

ठाकुर साब ने गजेंद्र की तरफ देखा तोह उन्हें किसी को इशारा कर दिया…

लड़की एक मिनट इतना कह उसने स्कूटी से एक पैक बोतल निकली जो साफल्य राखी गयी थी उसे दीपू को दे दी और वो खुसी से उसे पीने laga…ye सब देख कर ठाकुर साब गजेंद्र और तीनो लड़किया भी हैरान रह गयीईइ…

कुछ दिएर बाद सभी ठाकुर साब के घर के अंदर एंटर huve…..ladki जो तीसरी बार आरही थी एक फोटो को dekhkar“ye आंटी कौन ह बहुत प्यारी h…aur इनकी फोटो सबसे अलग क्यों ह …..कितनी सुन्दर ऐसा लगता ह जैसे मैं इन्हे जानती हु”

ठाकुर साब “छोङकर क्या कभी तुमने इन्हे देख ह …तुम कैसे जानती हो”

लड़की “याद नहीं ारः ह अचे se…par ी थिंक मेरे साथ स्कूल मई एक लड़का पढता था शिमला मई …राज उसकी मम्मी की फोटो से इनकी सकल मिलती h…main यकीन से तोह नहीं कह सकती की यही ह वो पर इनकी और उनकी सकल बिलकुल शामे ह बस मांग मई सिंदूर गले मई हार और हाथ मई चूडियो हो तोह बिलकुल शामे लगेंगी पर इनके साथ एक अंकल भी थे”

ठाकुर साब खुसी से “ वो आदमी कैसा दीखते ह …..एक मिनट रुको” इतना कह वो सबके सामने हे अपने रूम की तरफ भागे और एक फोटो लेकर ए और बोले क्या ऐसे दीखते थे वो “

लड़की फोटो हाथ मई लेकर “है ऐसे हे दीखते थे ….”

ठाकुर साब “ तोह तोह वो मेरा पोता ह राज ….हां राज यही नाम ह उसका राज बेटीइ ऋचा कान्हा ह वो मुझे उसके पास ले चलो…”

लड़की दुखी होकर “एक साल पहले उसकी डेथ हो गयी …ी म सॉरी …”

ठाकुर साब लड़खड़कर धाम से निचे गिर गए ……गजेंद्र और बाकी सब ने तुरंत उन्हें संभाला कुर्सी पर बिठाया ऋचा ने उन्हें पानी पिलाया…..

कुछ दिएर बाद ठाकुर साब “सब मेरी हे गलती ह मैं कभी अपनी बेटी को प्यार नहीं दे पाया …..वो कितनी खुस होकर अपने बेटे को लेकर मेरे पास आयी thi…par मैंने उसे अपनाया हे nahi….dekh रहा ह गजेंद्र उसकी निशानी जिसे हम ढूंढ़ते रहे उसके बारे मई जब पता लगा तोह वो भी हमे इस दुनिया से छोड़कर चला गया ….मुझसे अभागा कौन hoga…wo कहती रही की सहदेव बिलकुल आपकी तरह मेरा ख्याल रखते ह ….पर मैं अपनी खोखली इज़्ज़त के लिए उसे दुत्कारता नकारता रहा और जब इसे अपनाने के लिए तड़पता रहा तोह वो दुनिया से हे चली गयी….

लड़की ठाकुर साब को गहराई से देख रही thi…usne कुछ नहीं बोलै…..

ठाकुर साब “ और क्या जानती हो तुम राज के बारे मई”

ऋचा ने एक बार दीपू को देखा जो आराम से अपनी बोतल पि रहा था उसके गाल को सहलाया ….और फिर बोली… “वो नफरत करता था आप सबसे ….उसने बताया था की कैसे उसके मापापा आपको मानाने एते थे पर आप उन्हें जलील करके भेज देते the…..wo भी एक बार अपनी माँ की अंतिम ीचा पूरी करने के लिए आने वाला tha…ki आप उसकी माँ को माफ़ करदे और उनकी आत्मा को शांति मिल जाये पर 10 तह क्लास के बाद वो अलग हो गया …और फिर मैं कभी मिली हे नहीं ….बस एक साल पहले न्यूज़ सुनी की प्रयाग राज मई पहाड़ से गिरकर मौत हो गयी उसकी”

ये सब सुनकर सरे परिवार को दुख हुवा नानाजी रो पड़े …पर उन सब मई से सिम्मी गुसाई से जल रही थी और वो बोली…. “वो नफरत करता ह humse….ye साडी मुसीबत उसकी माँ की हे तोह दी huviii…h…unhi की वजह से मेरी जिंदगी नरक बन गयी h….unke कर्मो की सजा मैं भोग रागी हु…. नफरत तोह मैं उनसे करती hu….aur अपनी अंतिम साँस तक करुँगी…”

गजेंद्र गुसाई से “बेहवे योर सेल्फ सिम्मी अंदर जाओ अभी के अभी”

सिम्मी गुसाई से अपने पेअर पटकते हुवे चली गयी...

अभी कोई और कुछ बोलता तभी पुलिस के साईरन की आवाज आने लगी और एक दर्जन पुलिस. वाले अंदर आगये ….

इंस्पेक्टर मिश्रा अंदर एते हे एक तरफ मू के अंदर चबाते हुवे पान की पिचकारी मरते हुवे “किधर ह बे बहुते हे पेला ह सबको चलो बीटा तुम्हारे दिन हो गए पुरे बहुत कर्ली तुमने पेलम पिलाई अब पुलिस करेगी तुम्हारी सुताई”

ठाकुर साब ने गजेंद्र को इशारा कर दिया की वकील को तुरंत कॉल लगा कर साडी बात समझा दे ..और आगे की कार्य वही के liye…bata दे….

इधर इंस्पेक्टर मिश्रा लड़के को देखकर “ है भाई पहलवान चल खड़ा हो जा ….सबकी हड़िया तोड़ यंहा बैठ कर दारू पि रहा ह”

ठाकुर साब “ और कीन्हे गिरफ्तार किया ह मिश्रा “

आईएनएस मिश्रा “ अरे रे ठाकुर साब परनाम आप भी यंहा ह …अरे रे मैं तोह भूल हे गया की ये तोह आपका हे घर ह ..पर अब क्या करे अब आपकी पावर तो नहीं रही …कोई बात नहीं हम तोह इसे लेने ए ह चल खड़ा हो बे”

पर दीपू तस से मास नहीं हुवा….

ऋचा “र यू सूरे इंस्पेक्टर आप इन्हे गिरफ्तार करना चाहते ह जबकि इनकी गलती भी नहीं “

मिश्रा “मैडम जी उनकी हालत देखि थी मैंने कितनी बुरी तरह से मारा ह इस हीरो ने तोह केस तोह बन हे गया h….ab तोह मर्डर की कोसिस करने के इल्जाम मई 10 साल केलिए तोह जायेगा हे”

इतना कह उसने दीपू को पकड़ा तोह दीपू की आंखे मई जान लेवा भाव आगया और एक गुस्सा उसके मू पर जड़ दिया …और मिश्रा जी कई फ़ीट दूर जाकर गिरे और मू से अब खून बहार आया या पान मिश्रा जी हे बता सकते थे मिश्रा और दर्द से बिल बिला कर उठा…

मिश्रा ने तुरंत अपनी गन निकली और दीपू पर तान dii…par मिश्रा को क्या पता था की वो किस पर गन तान रहा ह दीपू अभी आगे कुछ करता …उसी वक़्त लड़की ने न मई गर्दन हिलाड़ी …मिश्रा ने हथकडिया निकली और हाथो मई लगा di…..tab तक गजेंद्र ने वकील को बुला लिया था और सभी अभी वकील का हे इंतज़ार कर रहे थे…

ठाकुर साब “चिंता मत karo…richa बेटी हम अभी आपके पति को छुड़वा लेंगे”

ऋचा ने बस हां मई गर्दन हिला डीई….

इधर मिश्रा ने दीपू को लॉकअप मई डाला और कॉन्स्टेबल्स को बोलै इसकी बोतल चिन्नो और सेल को बांधो पुलिस वाले पर हाथ बांधने का अंजाम क्या होता h…ye इसे आज बताऊंगा …बहार एक कांस्टेबल दीपू के सामने पड़े हुवे वॉलेट की तलाशी लेने लगा और उसे एक पेपर उसके पर्स मई मिला ….जिसे पढ़कर उसे एक शॉक सा लगा….. “उसने तुरंत पेपर उठाया और अंदर आईएनएस मिश्रा की तरफ भगा ….और चिल्लाया सर जी सर जी …”

मिश्रा “क्या ह बे कहे इतना भुनभुनाराहे हो …पिछवाड़े मई छानने काट रहे ह क्या”

कांस्टेबल “सर ये पेपर देखो”

मिश्रा “तेरी बीवी का लव लेटर ह क्या”

कांस्टेबल “अरे देख तोह लीजिये”

मिश्रा ने भून भुनाते हुवा पेपर देखा और पढ़कर बोलै बस ये तोह मेंटली बीमार ह बोले तोह पगलाते ह बे कोई न कुछ डंडे तोह मार हे सकते ह”

इतना कह वो मरने laga….toh पुलिस ठाणे मई रिंग आने लगी…. मिश्रा तिलमिलाता हुवा बोलै जाओ उठा बे कौन अपनी माँ छुड़ा रहा फ़ोन पर…

कांस्टेबल फ़ोन उठा कर कोण ह बे

सामने से आवाज आयी … “तुम्हारा बाप कमिश्नर “

कांस्टेबल “सर सर सिर्रर्र”

कमिश्नर “कान्हा मिश्रा उसे बालाओ”

कांस्टेबल जल्दी से मिश्रा की तरफ भगा और बोलै सर जी ..

मिश्रा कोण था बे…

कांस्टेबल “सर जी पापा जी का फ़ोन”

मिश्रा “चूतिये मेरा बाप तोह कब का मर गया ह अब ये नया बाप कान्हा से पैदा हो गया”

कांस्टेबल “अरे सर जी अपनी हे पेले जा रहे हमरी भी सुनलो बाप जी मतलब कमिश्नर साहब का कॉल ह”

बस मिश्रा के रंग उड़ गया और वो बहार टेलीफोन की तरफ भगा और अभी कान के हे लगाया था की एक कांस्टेबल लॉकअप का गेट तोड़ते हुवे बहार आया ….और दीवार से टकराकर वंही बेहोश हो गया ….पर अभी तोह पिक्चर सुरु हुवी थी मिश्रा ने बहार पड़े कांस्टेबल को नज़र अंदाज़ करते हुवे दुबारा hello बोलने को हुवा था एक और जाना लॉकअप के सरिये तोड़ते हुवे बहार आकर गिरा…

कमिश्नर “मिश्रा क्या हो रहा ह

वंहा पर”

पर मिश्रा तोह दीपू को रोकने चला गया था पर दीपू गुसाई से “मेरी बोतल क्यों तोड़ी तूने मुझे मेरी बोतल चाहिए ह …”

दीपू ने जो अत गया सबको तोड़ता गया कुछ किसी को दीवार मई फेई किया तोह कोई अलमारी मई जाकर गिरा तोह कोई टेबल तोड़ता हुवा पड़ा …पर ये तय था की बहुतो का बहुत कुछ टूट गया था कुछ दिएर बाद कमिश्नर साब अपनी गाड़ी से और ठाकुर साब ऋचा के साथ वंहा पहुंचे तोह अंदर का हाल देख वो सब हैरान रह गए क्योकि …सब कुछ टुटा हुवा tha…..aur मिश्रा एक लॉकअप मई कुढ़ को बंद कर कोइने मई दुबका हुवा था …पर कमिश्नर को देखते हे चिल्लाया “ हमे बचाइए सर ये रक्षास सबको मर देगा सेल ने दारू की बोतल के लिए सबकी ये हालत करदी…”

इधर ऋचा ने ये सब देखा तोह उसे पहले तोह मिश्रा पर गुसा आया फिर आवाज की साइड मई जाकर देखा तोह …दीपू कांस्टेबल की टांग तोड़ रहा था…..

ऋचा ने तुरंत आगे बढ़कर दीपू कान पकड़ लिए “ आप को मन किया था आप ने फिर मेरी बात नहीं मणि न”

दीपू “वो मेरी बोतल तोड़ दी उसने”

ऋचा “ाचा तीख ह दूसरी दे दूंगी आप वंहा बैठिये और ोहिर पलट कर “इनका ये सर्टिफिकेट टेबल पर ह ये मेंटली डिस्टर्बेद ह बीमार उसके बावजूद इन्होने बिना किसी प्रूफ के गिरफ्तार किया इनकी मेडिसिन जो बोतल मई थी वो गिरायी …फिजिकली असाल्ट किया …”

कमिश्नर “मम मैं संभल लूंगा ये आज के बाद आसपास भी नहीं दिखेगा इसे ससपेंड करके एक्शन लूंगा और जेल भेज दूंगा आप आराम से सर के साथ जाईये”

कमिश्नर की बात सुनकर वकील गजेंद्र ठाकुर साब हैरान थे की ये क्या हो रहा ह

ऋचा और सबके जाते हे …मिश्रा बहार एते हे जीजू ये क्या आप उसे सर सर बोल रहे थे ..

कमिश्नर ने एक थपड मारा खींचकर “हरामखोर तू साला न तोह तेरा इनकाउंटर पक्का tha…uske लिए बहुत ऊपर से फ़ोन आया ह मैं नहीं जनता वो कौन ह क्या ह पर ….मुझे 20 मिनट मिले थे तेरा इंकॉउंटकार्ने के लिए और केस को रफा डी करने के लिए”

मिश्रा ये तोह बस डॉ ह और वो पागल …

कमिश्नर “,भोस्डिके मेरे ससुर के फटे कंडोम का नतीजा ह तू …इतनी भी अकाल नहीं ..उसने इतना को अकेले मार दिया वो नार्मल इंसान नहीं ह और न उस लड़की का बैकग्राउंड नार्मल ह ..तू अभी यंहा से निकल जा और 2 साल तक सकल मत दिखाना जिन्दा रहना चाहता ह तोह”

मिश्रा की ऐसी फटी की वो जल्दी से निकल gaya…par रात को जब वो चुप चाप कार से उप से बहार निकल रहा था एक गोली उसके भेजे के आरपार हो गयीईइ….

आज के लिए इतना हे ……जल्द मिलते ह…..
 
अपकमिंग अपडेट 221....

पास्ट ....
 
अपडेट 221

ी हैवे ओनली 90 डेज फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम ...

थॉट्स व्हाई स्टोरी गोइंग ों hold...for नेक्स्ट 3 मंथ फ्रॉम नाउ....

बूत बिफोर गोइंग ी म गिविंग यू ा मेघा अपडेट रिलेटेड तो पास्ट इन्सिडेंट्स तहत गिवेस यू इम्पोर्टेन्ट इनफार्मेशन अबाउट पास्ट व्हिच इस रियली इम्पोर्टेन्ट फॉर story....i होप यू आल विल अंडरस्टैंड माय सिचुएशन ...

एग्जाम हेल्ड इन अगस्त फर्स्ट वीक और इन सेकंड वीक ...सो डोंट वोर्री आफ्टर तहत वे विल मीट अगेन विथ मेघा एंड अल्ट्रा मेघा उपदटेस
 
टोम्मारो नाईट अपडेट मिल जायेगा ...फिर बाद मई मिलते ह एक्साम्स के
 
बताओ अपडेट का इंतज़ार हो रहा ह और पिछले अपडेट पर 100 लाइक्स तक न हुवे ....lol.....
 
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