Adultery Raj-- hero of the family - Page 43 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

वैसे संडे 6 बसजेबाजे सुप्रिसे अपडेट देना चाहता था पर गॉव ने इंटरनेट बंद करदिया कल देता हु बड़ा अपडेट.....
 
अपडेट ों प्रोसेस हे ह हो पूरी कोसिस रहेगी रात को 10 बजे तक दे दू
 
अपडेट 141….

थर्ड वेव …..it's शो टाइम…..

दिल्ली आउटर

जोगिन्दर वापस डील वाली जगह आकर देखते ह तोह अंदर सब खली था ड्रग्स का नमो निशान तक नहीं था वंहा था तोह सिर्फ गोलियों के जगह जगह निशान ….फिर उनकी नज़र कौन की तरफ खून से लथपथ पड़ी लाश पर गयी तोह उनका दिल जोरो से तड़कने लगा और मन मई बहुत सरे विचार चलने lage….unke कदम आगे बढ़ हे नहीं रहे the…wo जो सामने था उसे मैंने को तैयार हे नहीं the….yahi न्यूज़ इंटेलिजेंस रूम मई पहुंची तोह shuruti,Ajju तोह मू पर हाथ रख शॉक से जैम गए the…….unhe यकीं नहीं हो रहा था …..

और कुछ हे पालो मई ये खबर न्यूज़ मई आगयी thi…..aur सबसे बड़ी खबर बन कर ….चलने lagi……thi रात मई भी दिल्ली जग गयी थी…..

दूसरी तरफ …….

डगप ने जैसे हे निर्वाण की मौत की खबर दी ….तोह विथल ने भी अपनी दूसरी प्लानिंग को अंजाम देना सुरु कर दिया ……सरे डीलर्स अपनी अपनी सप्लाई लेने आगये थे और उनमे इस बार सुरेंद्र भी आया हुवा था जो अभी अभी नया डीलर बना था उसके चेहरे की मुस्कान और चमक हे अलग दिख रही थी दूर बैठा विथल ये सब लाइव देख रहा tha……uske चेहरे पर भी बहुत बड़ी मुस्कान थी क्योकि आज तक का ये सबसे बड़ा आर्डर था जबसे हिमाचल और उत्तरांचल से जग्गू और रखा अन्थोनी और पशुपति का सफाया हुवा था दिल्ली मई डिमांड डुब्बले हो गयी थी और यंहा से हे वंहा ड्रग्स सप्लाई होना था और इस सप्लाई से विथल की कमाई भी एक झटके मई अरबो की हो जनि thi…..isliye वो हर मूवमेंट पर खुद नज़र रख रहा tha….puri सिटी मई उसके आदमी फैले हुवे थे जो किसी भी सिचुएशन मई पुलिस को ब्लॉक करने के लिए रोडके पास ट्रक्स टैंकर कार लेकर खड़े थे….. विथल साडी सिचुएशन अपने काबू मई देखर संतुस्ट था …….वो मुड़कर बोलै …..” क्यों मंत्री जी लगा न तीर निशाने पर एक तीर से हे निर्वाण मारा गया , दूसरी तरफ पुलिस साडी उलझ के रह गयी ह ,तीसरा हमारा माल आराम से दिल्ली की दूसरी साइड मई डिस्ट्रीब्यूट होकर जल्द हे अपने अपने तीखाने पर पहुंच जायेगा, चौथा मोटा फायदा आपको जमीं मिल गयी ….और मुझे मोटा रोकड़ा मिल gaya….ek साथ माल लेने के लिए लोग एडवांस मई खड़े ह.

यूनियन मिनिस्टर--- है है है …सही कहा तुमने विथल ऐसा लग रहा जैसे आज लक्समी जी ने सारा धयान हमारी तरफ हे कर रखा ह कृपा करने का…. और देखो अभी पैसो की लाइन लगी ह… जश्न बहुत बड़ा होगा…..

डगप जो सीक्रेट प्लेस पर पहुंच गया था वो भी आराम से बैठा लाइव न्यूज़ देख रहा था टीवी पर और न्यूज़ देख कर खुस हो रहा था की उसकी हर चाल कामयाब huvi…uski सेफ्टी के लिए विथल के लोग मौजूद the….isliye वो आराम से सारा तमसा देख रहा था

जंहा कोई दुखी था तोह कंही कोई पैसो की सोच रहा था वंही सिटी मई एक बेसमेंट का शटर ऊपर हुवा और एक बाइक की तेज़ आवाज गूंज उठी …कुछ पालो मई हे उसकी स्पीड हवा को चीरने लगी thi…..wo जावा से ऐसे बात कर रही थी जैसा उसका डायरेक्शन फिक्स हो , डेस्टिनेशन फिक्स ho……aur उसके रोड्स पर अप्पेअर होते he….police इंटेलिजेंस रूम मई मॉनिटरिंग कर रहे स्टाफ मई से एक लड़की बोली ….अगर निर्वाण मर गया ह तोह ये कौन ह जो बाइक से हूबहू निर्वाण जैसा जा रहा h…..uski आवाज रूम मई गुंजी तोह श्रुति और Ajju…ke भी कान खड़े हो गए वो भी मॉनीटर्स की तरफ देखने लगे ….. और जो दिखा उसपर उन्हें यकीं हे नहीं हो प् रहा था…… और दोनों के चेहरे पर मुस्कान agayii….par तभी श्रुति बोली वेट वेट वेट अगर ये निर्वाण ह तोह वो कौन h….wo देखो वो बिलकुल निर्वाण जैसा ह और उसकी जैसी हे बाइक ह पर वो दूसरी तरफ जा रहा ह फिर एक और बोलै तोह वो कौन ह उसकी ड्रेस भी निर्वाण जैसी हे h…..ajju और श्रुति तोह देख कर हे कन्फूसिओं हो गए थे…. अज्जू “ तीन तीन निर्वाण ये राज भाई एक से तीन कैसे हो गए… ये तोह तीख ह मैं बप की टेबलेट साथ रखता हु इनका कोई भरोसा नहीं …कभी भी कुछ भी कर देते ह मेरी मौत हार्ट अटैक से न हो जाये ….फिर जल्दी से वायरलेस पर बोलै …”तीन निर्वाण िडेंटीफ़्य हुवे ह “

जैसे हे ये वर्ड्स बोले गए मनो बिजली दौड़ गयी हो वायरलेस मई जिसके शॉक जैसे हे जोगिन्दर सोनाली और शिवानी को लगे और उनकी बॉडी तुरंत एक्टिव हो गयी …..

तभी …..एक मैसेज …अज्जू ,शिवानी ,सोनाली श्रुति और जोगिन्दर के फ़ोन पर पॉप उप हुवा ……

………….. इतस शो टाइम ……..निर्वाण हंट बेगिंस…..

कुछ मिनट बाद हे ये लाइन पुलिस रूम की हर स्क्रीन पर यही लाइन चल रही thi…sabne कोसिस की पर किसी से ये नहीं हटाई गयी…

तोह सोनाली और शिवानी झटके से कड़ी हो गयी और यही रिएक्शन अंदर जोगिन्दर का था …..वो जल्दी से लाश के पास गए और उसका नकाब हटाया तोह उनका मू खुला रह गया …… उनकी उम्मीद से बहार ये डगप का बीटा था जिसके सरीर पर अभी एक टाइमर चालू था और उसके मू पर टेप लगी हुवी …

जोगिन्दर--- gusai,khusi और फ़्रस्ट्रेशन मई कंपनी लगे और चीक कर …….. ी विल किल यू राज …..…..

जल्द हे तीन मई से एक बाइक बिल्डिंग के आगे आकर रूक गयी …. निर्वाण बाइक से उतरा … और दीवार से झंकार अंदर देखा …. तोह तीन जाने गन लेकर चक्कर काट रहे the….usne अपने हाथ मई नाइफ लिए और एक हे झटके मई तीनो को मार diya….phir 5मिनट निचे चक्कर लगाया और 1 मिनट मई हे सेकंड फ्लोर पर चढ़ गया और अंदर देखने लगा …..उसकी नज़र अंदर हॉल मई खड़े सुरेंद्र पर गयी तोह उसकी आँखों मई चमक आगयी …… और वो अँधेरे से हे बोलै …. “अगर मौत से इतना हे प्यार ह तोह आज तुम देखोगे की जिंदगी कितना दर्द देती ह ….ये कहते हे वो सीधा बीचो बिच टेबल पे कुढ़ gaya…..aur….

खछःह

खछःह

कचहहहह

खछःह….

की एक साथ आवाज आयी और 1 मिनट मई हे विथल के 10 आदमियों की गर्दन से सर अलग हो गए थे सप्लाई लेने ए लोगो के अलावा और कोई जिन्दा नहीं बचा था……..

निर्वाण--- मौत से दर लग रहा ह …… मौत तोह दर्द से छुटकारा देती ह ….असलो दर्द तोह जिंदगी देती h…..phir एक तरफ झुक कर तू इधर आ ……तेरे तोह दूध के दन्त भी नहीं टूटे ह ….क्या नाम ह तेरा

“ सुरेंद्र मममम मुझे मत मरना …. “

निर्वाण--- एक ड्रग की पुड़िया उठाकर ……चढ़ा इसे….1 मिनट ह जितना दिएर करेंगे उतना दर्द दूंगा तुजे और है सीधा खड़ा रहना …गिरा तोह …..

सुरेंद्र--- ममममम मैं खड़ा रहूँगा…..

फिर अपनी कमर मई बंधे एक डिवाइस को डब्बा दिया जिसे जो जम्मर ों हुवा तोह वो ऑफ हो गया ….” तुम log….tumhe तोह अपने हाथ से सजा dunga…..itna कह उसने अपने डैगर पीठ मई वापस रख लिए और सबसे पहले वाले के हाथ को तोड़ दिया और एक पंच थोबड़े पे दिया जिसे आगे के कई दन्त टूट गए …..फिर दूसरे के जबड़े पर और साइड हटकर दूसरा वार उसकी कनपटी पे प जड़ जड़ दिया ….फिर पीछे चिप रहे एक को गर्दन से पकड़कर उसके गले पे पंच मर diya…phir एक को पकड़कर उठाया और दीवार पर फेंक कर मारा और फिर उसके निचे गिरते हे गले से पकड़कर दुबारा उठाया और फिर दीवार पर फेंक कर mara……..baki लोग इधर उधर भागने लगे पर दरवाज़ा बहार से बंद था और बहार के आदमी दुनिया से पहले हे विदा हो चुके the………phir मूड कर अपना डैगर निकल कर उसे अपने एक हाथ की ऊँगली से घूमने लगा ……

जैसे हे जैमर हटा तोह विथल वापस ऑनलाइन आगया और सामने का सन देख वो सोफे से उछाल पड़ा …..

विथल गुसाई से चीखा पहले तोह सब तीख थफिर 5 मिनट मई हेक्या हो गया और अगर निर्वाण मर गया ह तोह ये क्या उसका भूत ह …..

तोह उधर निर्वाण ने डैगर को हाथ मई घूमते हुवे कमरे की तरफ देखा और 2 उंगलियों को अपनी आंख की तरफ लाकर फिर कमरे की तरफ कर के बोलै

“ मेरे नाम मई ह निर्वाण और मैं मोक्ष देता नहीं हु तड़पता हु तड़पता हु रूह को….. “


विथल तेरी रूह मेरी ह इंतज़ार कर मैं ारः हु तेरी मौत पूरी दुनिया देखेगी ....तेरे हर आदमी को तड़पाऊंगा ….इतना कह कर पीछे मुदा और डैगर से सबकी उंगलिया काटने laga.pure हॉल मई चीक पुकार गूंज गयी ….

विथल जो कमरे से लाइव देख रहा था वो अपना नुकसान होता देख गुसाई से पहले से काँप रहा था मौत की धमकी से और गुसाई मई कांपने लगा ….पर पास मई बैठा यूनियन मिनिस्टर बोलै पर वंहा का लाइव तोह हम सब ने देखा और सुना था न और तुम्हारे आदमियों ने हे कन्फर्म किया न की वो मर गया ह ….. तोह ये झूट कैसे हो सकता ह..

विथल--- ये असलिई ह वो कोई और था जो मारा गया …..हमने नहीं उसने हमारे साथ गेम खेला ह फिर फ़ोन पर जल्दी से अपने आदमियों से बोलै सप्लाई वाली जगह पहुँचो ….और निर्वाण को मार दो…..

विथल का आर्डर मिलते हे पास के एरिया मई जो भी गुंडे थे वो trucks,tanker,cars, बाइक्स लेकर लोकेशन की तरफ जाने लगे पर वो लोकेशन से 100 मेटेरे हे दूर हे रहे होंगे की रोड के बीचो बिच उन्हें एक 6 फ़ीट 5 इंच का कला साया दिखाई दिया सबसे आगे ट्रक वाले ने हैरानी से सामने देखा पर वो कुछ करता उसे पहले हे बिच मई खड़ा कला साया निर्वाण ने बाइक से राकेट लॉन्चर उठाया और अगले हे पल बोओओओओम की आवाज के साथ ट्रक के चिथड़े उड़ गए …सामने आरहे राकेट लॉन्चर से बचने के लिए बाकि गुंडे इधर उधर भागने लगे और छिपने लगे पर निर्वाण तोह एक बाद एक फायर करता गया और पल भर मई हे आधे से ज्यादा गुंडे मरे गए राकेट लॉन्चर के धमके की गूंज हर दिशा मई फ़ैल गयी …

तोह तीसरी बाइक भी तेज़ी से जंहा पुलिस ने निर्वाण को मारा था वंहा पहुंच गयी और बाइक पर बैठे हे निर्वाण ने नाईट विशन से आसपास देखा फिर सीधा बाइक को …. सोनाली के पास मई लेजाकर रोक दी सोनाली ने अपने सामने बाइक पर बैठे शख्स को देख कर कुछ कहती उसे पहले हे उसने सोनाली को हाथ से पकड़कर बाइक की तरफ खिंचा लिया और बैठा कर किसी के भी रिएक्शन से पहले हे तेज़ी से निकल gaya…piche बैठी सोनाली कुछ बोल भी नहीं payi……aur बाइक चाँद सेकण्ड्स मई हे हवा से बात करने लगी ……

तोह दूसरी ….ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन लोकातिओंपर निर्वाण ने हर को घसीट कर सको दिखा दिखा कर उनके हाथ पेअर की उंगलिया काट दी और आंखे फोड़ने के बाद साडी जगह बम लगा दिए फिर दुबारा जम्मर को ों किया और सुरेंद्र की तरफ गया जो ड्रग्स के नशे मई कौन मई निचे गिरा हुवा था उसे अपने कंधे पे उठाया और बहार आगया फिर बिल्डिंग की तरफ देखा जो बूम की आवाज के साथ 5 सेकण्ड्स मई मलबे मई तब्दील हो गयी थी..

सोनल और निर्वाण की बाइक एक जगह रुकी अभी निर्वाण कोई रिएक्शन देते उसे पहले हे चटककककक उसके गाल पर एक बाद एक तीन थपड पड़े …

सोनाली--- तुम खुद को बहुत बड़ी टॉप समझते हो …. मरने निकले हो …….. हमारी परवाह नहीं ह न तुम्हे …….2 बाते गुसाई से क्या खड़ी कमीना मुझे छोड़के चला गया और ये मू क्यों छिपा रखा ह आँखों मई आंखे दाल कर बात कर आज तेरा भूत न ूउत्त्तताअरररा ….toh….tummmmmm…toh वो कान्हा ह….

वो — मुझे नहीं पता मुझे बस आपको लाना tha….muje नहीं पता था की आप इतनी जोर से भी मरती हो…

सोनाली —बकवास बंद करो तुम्हे सब पता था तुम्हे बाद मई देखूंगी …. यंहा क्या ह…..

वो-- मुझे नहीं पैट ह मुझे इतना बोलै था की अगर आप पूछो तोह इतना कहु की यंहा आपके सवालो के जवाब h….jo अपने पूछे थे…..

सोनाली —— क्याआआ….

आज के लिए इतना he……jald मिलते ह it's शो टाइम part 2 मई ….सो मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का
 
अपकमिंग

फील थे पैन.....
 
अपकमिंग अपडेट 142 टुडे 2.30 पं

फील थे पैन
 
अपडेट 142

फील थे Pain….Part ओने

चीफ एडिटर कुंदन जो न्यूज़ रूम मई बैठा साडी न्यूज़ देख रहा था …वो बोलै कल की सुभे पॉलिटिक्स मई बहुत बड़ा भूचाल लेके आने वाली h…..Nirwana के नाम से सब पहले हे हिले हुवे ह अब जब सबको पता लगेगा की डगप का बीटा निर्वाण की ड्रेस मई मिला ह तोह डगप की तोह बहुत बुरी हालत होगी …..इतना कह कर उसने ये ब्रेकिंग न्यूज़ टीवी पर चला di…turant हे दिल्ली मई ये बवाल मच gaya…..Nirwana के चेहरे के पीछे का खुला राज ……क्या डगप का बीटा हे ह निर्वाण… कुंदन फिर धीरे से बोलै वेटिंग फॉर मोरे सुप्रिसेस…..

उसी समय एक स्पोर्ट्स बाइक तेज़ी से सिटी की सिंघानिया ग्रुप की बिल्डिंग से निकली ……जिस पर ब्लैक हेलमेट और ब्लैक ड्रेस से कवर शख्स बैठा हुवा था ….मैं रोड पर उसने आगे की सिक्योरिटी देख तुरंत अपने कान मई पहने एअर पीेछे पर कुछ कहा…. जिसके बाद तुरंत हे बार्रिकडेस के पास खड़े S.I को वायरलेस पर आर्डर मिला और उसने तुरंत हे हड़बड़ाते हुवे खुद के हाथो से बाररिकाड्स को हटा दिया… और उसी वक़्त वो बाइक वंहा से हवा को चीरते हुवे निकल gayi….piche खड़े पुलिस वाले सी को देखते रह गए जो सीधा खड़ा सलूट मार रहा था…

हवलदार- क्या हुवा सर कौन था जिसकी वजह से आप पसीने पसीने हो गए ह….

सी — बाप का फ़ोन था….. बस वो जो भी था …उसके लिए ऊपर से डायरेक्ट आर्डर आया था…..

हवालदार— तब तोह तीख ह ाचा हुवा की आप ने सलूट मर दिया वर्ण आपका बहुत कुछ मारा जाता ….

बाइक पर बैठे शख्स ने दुबारा…. एअर पीेछे मई कुछ कहा ….. और कुछ पल बाद हे उसके फ़ोन पर लोकेशन आगयी और वो तुरंत बाइक को उस डायरेक्शन मई मोड़ कर चला गया…

डगप जो आराम से मुस्कारते हुवे टीवी देख रहा था वो ब्रेकिंग न्यूज़ सुनकर चीक पड़ा “ नहीं………. ये कैसे हो सकता h…..mera बीटा नहीं मर सकता ह वो तोह … पार्टी मई गया था फिर कैसे मर सकता ह….” तभी विथल का आदमी उसके पास फ़ोन लाया

Admi--vithal भाई का कॉल ह…

डगप— hello …

विथल--- निर्वाण मारा नहीं h….humne उसके साथ नहीं उसने हमारे साथ गेम खेला ह इसलिए तुम वंहा सेफ हो मेरे कुछ और आदमी आरहे ह तुम्हारी सेफ्टी के लिए 2 दिन मई मैं पुलिस से डिमांड रख तुम्हे फ्री कर दूंगा तब तक साबरा rakhna….phir साले को ढूंढना …कोई तोह ह जो उसकी मदद कर रहा ह सरे सहर मई पुलिस की नका बंदी ह और वो सहर मई आराम से घूम रहा h..jo भी शामिल सब मरेंगे

डगप-- मैं छोडूंगा नहीं उसे ……..

विथल— साबरा रख…..

कॉल डिस्कनेक्टेड…

सोनाली--- जो कबसे गुसाई से पास मई खड़े शख्स को घूर रही थी ….

wo…..sonali को अपनी तरफ ऐसे देखता देख कर बोलै

“ आप मुझे गुसाई से क्यों देख रही ह …..जिसका प्लान ह उसे हे कहना न …..और ये राज भी न आ नहीं रहा ह पता नहीं मुझे क्यों इनके आगे छोड़ देता h…..uska भरोसा भी नहीं ह कंही फिर से प्लान न चेंज करदे ….

सोनाली अभी भी उसे हे भूखी शेरनी की तरह देख रही थी……..

““ मेरी गलती नहीं ह अब आप मुझे ऐसे मत देखो ““

सोनाली--- सुनील तुम्हे इतना मरुन्गीकी समाज नहीं ayega…jo दुबारा कभी होसियारी करि तोह aur….kanha ह तुम्हारा हीरो आज उसकी साडी अकड़ nikalungi…bahut मरने का शोक ह na…itni खींच खींच हे क्यों मैं हे मार दूंगी ….

सुनील--- मन मई सही ह पहले खुद हे पंगे लो और फिर दुसरो को परेशां करो ये पुलिस वाले कभी नहीं सुधरेंगे श्वेता तीख हे बोलती ह सटकली ह ये पूरी… और इन सब मई हर बार मैं दोनों लैला और मजनू के बिच पीस जाता हु और ये राज तोह मजनू भी नहीं ह इनका अगर ऐसे हे चलता रहा तोह मेरा घर कभी नहीं basega..inke लफड़े हे सुलझाता रह जाऊंगा जिंदगी भर ….

सोनाली--- सुनील के एक्सप्रेशन और और कुढ़ से बात करता देख कर….. बोली ओह हीरो इधर उधर क्या गर्दन हिलाकर बड़बड़ा रहा मेरी तरफ देख के बोल…

सुनील —- अरे क्या बोलू bhabhiji….matlb mam…ap तोह सरे हथियार लेकर मेरे ऊपर छड़ी हो जैसा सारा मेरा हे किया धरा हो. जिसका किया धरा ह वो ारः ह न उसके लिए भी कुछ हथियार बचा कर रखो..

सोनाली —- तीख ह

सुनील ने जो सोचा वही हुवा ..उसका का भाभी कहने वाला बह्रमास्त्र काम कर gaya…..sonali भाभी सुनकर बिलकुल चुप हो गयीईइ

सुनील सोनाली के चेहरे को देख कर धीरे से बोलै शुक्र ह …देवी माँ का प्रकोप मुझसे हैट gaya…..beta राज तू तोह गया ….तेरे निर्वाण किसी और को डरा सकता ह पर आज ये चंडी तुज पर भरी पड़ेगी ..

अभी सुनील ये बात बोलै हे था की ..बाइक आकर उसके पास रुकी ….और सोनाली भड़क गयी वो बोलती उसे पहले हे 2 और बाइक आकर रूक gayi…teeno हे सोनाली को देखने लगे …… और सोनाली कंफ्यूज होकर देखने लगी की तीन तीन राज ……धीरे धीरे उन सबके हेलमेट ऊपर हुवे तोह …. सोनालिका का मू खुला रह गया पर एक को देख कर उसका गुसा बढ़ गया और वो बोली

सोनाली--- अभय tum…tum तोह हमारे साथ थे न फिर तुम कैसे मतलब तुम हे थे जो साडी न्यूज़ राज को दे रहे the…….aur इतनी सी बात मैं समाज हे नहीं payi…..phir दूसरी तरफ और सभी सर आप भी यंहा ho….ap तीनो यंहा हो तोह वो खुद कान्हा ह…..

सभी — तुम्हे क्या लगता h……wo जंहा ह वंहा मौत का साया चा गया होगा…..

विथल रूम मई चक्कर लगा रहा था ….उसके चेहरे पर गुसाई और सिकन के भाव थे ….वो कक्तव मई आस पास की हर चीज को देख रहा था…..

यूनियन मिनिस्टर —- जो हो गया उसे बदला नहीं जा सकता ह विथल हम दोस्त ह मैं हेल्प कर सकता hu…tumhari अगर लोस्स की बात ह तोह….

विथल —- तुम्हे पता ह मैं किसके लिए काम करता हु ….

यूनियन मिनिस्टर— नहीं तुमने कभी बताया हे नहीं…

विथल — आज जान लो मैं जर विक्टर के लिए ….वो नार्थ इंडिया के रुलर्स मई से एक ह ….और उसका मालिक ह सर विक्टर जो किसी भी गलती के लिए माफ़ नहीं करते ह मैं माफ़ी मांग भी लूंगा तोह हो सकता ह वो मेरी वफादारी देख कर माफ़ बी करदे ….बूत उनके किंगडम को कोई चैलेंज करे वो बर्दास्त नहीं कर सकता h…is बारयही हुवा ह

यूनियन मिनिस्टर— जर विक्टर सर विक्टर इनका नाम तोह सुना ह बूत देखा नहीं कभी…

विथल — देखने वाला कभी जिन्दा हे नहीं रहा h….aur इस वक़्त उनका सबसे खास किलर दिल्ली मई हे h…..aur वो मौत का दूसरा नाम ह …..उसे पता लग गया होगा …अब तक ये सब …..अब हम कुछ नहीं कर सकते …

यूनियन मिनिस्टर —- तोह फिर अब क्या होगा.…

विथल — मुझे नहीं पता h……par इतना पता ह उसे एक ऐसे कबीले से परवरिश मिली ह जो बचपन से मौत का खेल सकते ह ….उसकी असली चेहरा क्या ह कोई नहीं जनता ह….

तभी विथल की नज़र कक्तव पर गयी ….और वो आंखे चौड़ी करते हुवे बोलै impossible……ye यंहा हो हे नहीं सकता h….hum सिटी के अपोजिट डायरेक्शन मई ह ड्रग्स डील की लोकेशन से …..तोह ये इतनी जल्दी कैसे आसक्त h….aur इसे कैसे पता मैं यंहा हु कैसे कैसे ……..तभी उसने यूनियन मिनिस्टर को देखा ..

यूनियन मिनिस्टर — kya….?????maine किसी को नहीं बताया….

विथल— पता ह मुझे ….पर तुम्हारी कार पर ट्रैकर लगा हो सकता ह तुम्हारे मोबाइल से ट्रैक कर सकता ह ,तुम्हारे शूज मई ट्रैकर लगा सकता ह और बहुत से तरीके ह …हमने इसे बहुत काम करके आंका ह

यूनियन मिनिस्टर — पर मैं तोह घर से बिना रुके यही आया हु …. और हमारे किसी भी खबरि ने मेरी कार का पीछा करते किसी को नहीं देखा ……

पर विथल तोह कक्तव मई दिख रहे शख्स को हे देख रहा था जो खुद कक्तव की तरफ हे देख रहा था ….और वो धीरे धीरे चलते हुवे कक्तव के पास आया और बोलै

………फील थे पैन……..

और उसके सब्द पुरे होते हे उस जगह के सरे घरो की लाइट चली गयी ……

विथल —- सबको अलर्ट कार्डो वो यही ह देखते हे मार दो सेल को ….मैं भी देखता हु यंहा से कैसे बचेगा….

और विथल के बोलते हे सभी आसपास के मकानों मई बैठे ,रेस्ट कर रहे सभी आदमी बहार फेल गए ….कुछ ने अपने मोबाइल की लाइट ों कर्ली और निगरानी करने लगे पर उन्हें क्या पता था की मौत तोह ऊपर से उन्हें निचे की तरफ देख रही थी ..और उनमे से एक को जैसे हे अपने पीछे किसी के साँस लेने का अहसास हुवा और वो पलटा ..खछःह की आवाज से खंजर मू के निचे से निकल कर सर के पार हो गया पर निचे गिरने की हुवी आवाज से तीन जाने चौकन्ना हो गए और उन्होंने आवाज की तरफ मोबाइल की लाइट करि तोह अपने आदमी को मारा हुवा देख उसके पास तुरंत pahuche…..aur उसका सर फटा देख और अलर्ट हो गए एक ने खड़े होकर इधर उधर देखा पर कुछ नहीं दिखा अचानक एक हवा का झोंखा पीछे से आया और उसे गर्दन से पकड़कर उठा ले गया और भच्हहह ……दीवार से उसको टकरा दिया और उसके सर के मास्स के चीथड़े दीवार पर चिपक गए ….बचे हुवे दोनों आदमी खड़े होकर गन को कसकर पकड़ मोबाइल लाइट से इधर उधर देखने लगे पर उन्हें दिखा सिर्फ अपना साथी जिसका खून दीवार से रिसकर निचे ारः था ….अपने साथी के खून को देखर एक गुसाई से कुछ बोलना हे चाहता था की ….उसे एक साया उसके करीब अत हुवा दिखा और एक घुटना उसे अपने सीने पर महसूस हुवा और अगले पल उसकी चेतना लौटी तोह खुद को कई फ़ीट दूर पड़ा देखा और फिर उसके मू से खून की उल्टिया होने लगी और वो वंही लेत gaya….bacha हुवा एक अपने साथियो की मौत को देख इतना दर गया था की वो अँधा धुन फायर करने लगा और जब उसे महूस हुवा गन खली हो गयी ह वो तुरंत भागने के लिए पलटा पर पलट ते हे हलकी लाइट मई उसे अपनी मौत दिख गयी और उसके आवाज निकलने से पहले हे एक मुक्का उसके गले मई पड़ा और कान आंख से खून निकलने लगा …….उसकी आत्मा उसके सरीर को छोड़ गयी…

गोलिया से हो रही आवाज से काफी जाने वंहा आगये पर उन्हें वंहा दिखी सिर्फ बुरी हालत मई लाशे ……

ये लोग इस तरफ ए तोह निर्वाण दूसरी तरफ पहुंच गया और कोई कुछ सोचता या समझता उसे पहले हे निर्वाण ने उनके प्राण पखेरू दुनिया से उदा diye……charo तरफ आरही गोलियों और चिकने की आवाजे विथल के कानो तक भी जा रही thi…..usne फ़ोन पर अपने सभी आदमियों को अपने माकन के पास बुला लिया ……

पर अँधेरे मई से 2 आंखे सभी आदमियों को घर रही थी…… उसने सबके हथियारों को देखा ….और फिर छठ पर चलता हुवा उनके करीब आगया …..निचे खड़े लोगो मई से एक की नज़र ऊपर गयी तोह चाँद की परछाई के बिच दिखी उन्हें अपनी मौत …..जो विथल की 2 मंजिल इम्मारत को देख रही थी ….उनके गोली चलने से पहले हे 3 बम उनकी तरफ उड़ते हुवे ए ….और उन लोगो ने जब ये देखा तोह वो घबरा गए और पीछे हटने लगे …पर बम फटने से किसी की मौत नहीं हुवी …..उन बम के फटने से चारो तरफ धुवा फेल गया ….विसिब्लिटी और काम हो गयी सरे देखने की कोसिस करने लगे पर धुंवे मई उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था ….पर कोई और था जो मौत का दूत बांके इनसबके बिच खड़ा था …..और जैसा हे वो हिला मौत की चीक गूंज गयी किसी का हाथ तोह किसी के पेअर हर पल काट कर जमीं पर गिर रहे the…..bache हुवे लोग घबराकर कर अँधा धुन गोलिया चलने लगे और जब सब शांत हुवा तोह निचे 30 से जायदा लोग जमीं पर तड़फड़ा रहे थे या मर चुके थे …..विथल की बिल्डिंग से किसी ने टॉर्च से जब निचे देखा तोह दर के मरे वो पीछे गिर पड़ा …..क्योकि निचे खून हे खून बाह रहा tha….andar विथल ने सब देखा तोह वो भी घबरा गया ….क्योकि अब उसके पास सिर्फ कुछ हे आदमी बचे थे उसे अपने सरीर मई चीरने काटने जैसा महसूस होने लगा tha…bahar से अति हुवी खून की गंध ने उसके सरीर को ठंडा करना सुरु कर diya…..maut का दर्द उसे अपने दिल मई महसूस होने लगा ..वो खुद को खिड़की से पीछे हटा ता गया तोह उसे आवाज आयी……

““विथल…..”” मौत तोह मोक्ष देती ह तू उसी से दर रहा ह…..

इस आवाज को सुनते हे उसके सरीर मई जहर झूरी सी दौड़ गयी और पूरा सरीर कांपने लगा …वो डरते हुवे बोलै

…..सनकीई……..

दूसरी तरफ

सभी —— ok सुनील तुम्हे पता हे अब क्या करना…

सुनील--- जी सर डगप को मरना ह …

Xabhi--ok तोह तुम सोनाली को लेकर निकल जाओ और अभय तुम मेरे साथ चलोगे

सोनाली — पर ….

सभी — सोनाली को हाथ दिखा कर मुझे सवाल सुनने की आदत नहीं ह ……

और इतना कहकर वो अभय को लेकर निकल गए…..

सुनील--- इनका यंहा होना बता रहा की बहुत बड़ा खतरा हमारे आस पास ह…….. जिसे पुलिस भी नहीं बचा सकती ह……

पर इन्हे क्या पता था की खतरा तोह अब चुका था और वो भी निर्वाण के सामने …..मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का ....

आज के लिए इतना इतना हे……
 
आज रिव्यु देख कर आया शार्ट स्टोरी पर ...इतने रीडर मई से किसी ने भी नहीं दिए ....ये ह मेरे लॉयल रीडर्स ....फीलिंग गुड....
 
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