अपडेट 141….
थर्ड वेव …..it's शो टाइम…..
दिल्ली आउटर
जोगिन्दर वापस डील वाली जगह आकर देखते ह तोह अंदर सब खली था ड्रग्स का नमो निशान तक नहीं था वंहा था तोह सिर्फ गोलियों के जगह जगह निशान ….फिर उनकी नज़र कौन की तरफ खून से लथपथ पड़ी लाश पर गयी तोह उनका दिल जोरो से तड़कने लगा और मन मई बहुत सरे विचार चलने lage….unke कदम आगे बढ़ हे नहीं रहे the…wo जो सामने था उसे मैंने को तैयार हे नहीं the….yahi न्यूज़ इंटेलिजेंस रूम मई पहुंची तोह shuruti,Ajju तोह मू पर हाथ रख शॉक से जैम गए the…….unhe यकीं नहीं हो रहा था …..
और कुछ हे पालो मई ये खबर न्यूज़ मई आगयी thi…..aur सबसे बड़ी खबर बन कर ….चलने lagi……thi रात मई भी दिल्ली जग गयी थी…..
दूसरी तरफ …….
डगप ने जैसे हे निर्वाण की मौत की खबर दी ….तोह विथल ने भी अपनी दूसरी प्लानिंग को अंजाम देना सुरु कर दिया ……सरे डीलर्स अपनी अपनी सप्लाई लेने आगये थे और उनमे इस बार सुरेंद्र भी आया हुवा था जो अभी अभी नया डीलर बना था उसके चेहरे की मुस्कान और चमक हे अलग दिख रही थी दूर बैठा विथल ये सब लाइव देख रहा tha……uske चेहरे पर भी बहुत बड़ी मुस्कान थी क्योकि आज तक का ये सबसे बड़ा आर्डर था जबसे हिमाचल और उत्तरांचल से जग्गू और रखा अन्थोनी और पशुपति का सफाया हुवा था दिल्ली मई डिमांड डुब्बले हो गयी थी और यंहा से हे वंहा ड्रग्स सप्लाई होना था और इस सप्लाई से विथल की कमाई भी एक झटके मई अरबो की हो जनि thi…..isliye वो हर मूवमेंट पर खुद नज़र रख रहा tha….puri सिटी मई उसके आदमी फैले हुवे थे जो किसी भी सिचुएशन मई पुलिस को ब्लॉक करने के लिए रोडके पास ट्रक्स टैंकर कार लेकर खड़े थे….. विथल साडी सिचुएशन अपने काबू मई देखर संतुस्ट था …….वो मुड़कर बोलै …..” क्यों मंत्री जी लगा न तीर निशाने पर एक तीर से हे निर्वाण मारा गया , दूसरी तरफ पुलिस साडी उलझ के रह गयी ह ,तीसरा हमारा माल आराम से दिल्ली की दूसरी साइड मई डिस्ट्रीब्यूट होकर जल्द हे अपने अपने तीखाने पर पहुंच जायेगा, चौथा मोटा फायदा आपको जमीं मिल गयी ….और मुझे मोटा रोकड़ा मिल gaya….ek साथ माल लेने के लिए लोग एडवांस मई खड़े ह.
यूनियन मिनिस्टर--- है है है …सही कहा तुमने विथल ऐसा लग रहा जैसे आज लक्समी जी ने सारा धयान हमारी तरफ हे कर रखा ह कृपा करने का…. और देखो अभी पैसो की लाइन लगी ह… जश्न बहुत बड़ा होगा…..
डगप जो सीक्रेट प्लेस पर पहुंच गया था वो भी आराम से बैठा लाइव न्यूज़ देख रहा था टीवी पर और न्यूज़ देख कर खुस हो रहा था की उसकी हर चाल कामयाब huvi…uski सेफ्टी के लिए विथल के लोग मौजूद the….isliye वो आराम से सारा तमसा देख रहा था
जंहा कोई दुखी था तोह कंही कोई पैसो की सोच रहा था वंही सिटी मई एक बेसमेंट का शटर ऊपर हुवा और एक बाइक की तेज़ आवाज गूंज उठी …कुछ पालो मई हे उसकी स्पीड हवा को चीरने लगी thi…..wo जावा से ऐसे बात कर रही थी जैसा उसका डायरेक्शन फिक्स हो , डेस्टिनेशन फिक्स ho……aur उसके रोड्स पर अप्पेअर होते he….police इंटेलिजेंस रूम मई मॉनिटरिंग कर रहे स्टाफ मई से एक लड़की बोली ….अगर निर्वाण मर गया ह तोह ये कौन ह जो बाइक से हूबहू निर्वाण जैसा जा रहा h…..uski आवाज रूम मई गुंजी तोह श्रुति और Ajju…ke भी कान खड़े हो गए वो भी मॉनीटर्स की तरफ देखने लगे ….. और जो दिखा उसपर उन्हें यकीं हे नहीं हो प् रहा था…… और दोनों के चेहरे पर मुस्कान agayii….par तभी श्रुति बोली वेट वेट वेट अगर ये निर्वाण ह तोह वो कौन h….wo देखो वो बिलकुल निर्वाण जैसा ह और उसकी जैसी हे बाइक ह पर वो दूसरी तरफ जा रहा ह फिर एक और बोलै तोह वो कौन ह उसकी ड्रेस भी निर्वाण जैसी हे h…..ajju और श्रुति तोह देख कर हे कन्फूसिओं हो गए थे…. अज्जू “ तीन तीन निर्वाण ये राज भाई एक से तीन कैसे हो गए… ये तोह तीख ह मैं बप की टेबलेट साथ रखता हु इनका कोई भरोसा नहीं …कभी भी कुछ भी कर देते ह मेरी मौत हार्ट अटैक से न हो जाये ….फिर जल्दी से वायरलेस पर बोलै …”तीन निर्वाण िडेंटीफ़्य हुवे ह “
जैसे हे ये वर्ड्स बोले गए मनो बिजली दौड़ गयी हो वायरलेस मई जिसके शॉक जैसे हे जोगिन्दर सोनाली और शिवानी को लगे और उनकी बॉडी तुरंत एक्टिव हो गयी …..
तभी …..एक मैसेज …अज्जू ,शिवानी ,सोनाली श्रुति और जोगिन्दर के फ़ोन पर पॉप उप हुवा ……
………….. इतस शो टाइम ……..निर्वाण हंट बेगिंस…..
कुछ मिनट बाद हे ये लाइन पुलिस रूम की हर स्क्रीन पर यही लाइन चल रही thi…sabne कोसिस की पर किसी से ये नहीं हटाई गयी…
तोह सोनाली और शिवानी झटके से कड़ी हो गयी और यही रिएक्शन अंदर जोगिन्दर का था …..वो जल्दी से लाश के पास गए और उसका नकाब हटाया तोह उनका मू खुला रह गया …… उनकी उम्मीद से बहार ये डगप का बीटा था जिसके सरीर पर अभी एक टाइमर चालू था और उसके मू पर टेप लगी हुवी …
जोगिन्दर--- gusai,khusi और फ़्रस्ट्रेशन मई कंपनी लगे और चीक कर …….. ी विल किल यू राज …..…..
जल्द हे तीन मई से एक बाइक बिल्डिंग के आगे आकर रूक गयी …. निर्वाण बाइक से उतरा … और दीवार से झंकार अंदर देखा …. तोह तीन जाने गन लेकर चक्कर काट रहे the….usne अपने हाथ मई नाइफ लिए और एक हे झटके मई तीनो को मार diya….phir 5मिनट निचे चक्कर लगाया और 1 मिनट मई हे सेकंड फ्लोर पर चढ़ गया और अंदर देखने लगा …..उसकी नज़र अंदर हॉल मई खड़े सुरेंद्र पर गयी तोह उसकी आँखों मई चमक आगयी …… और वो अँधेरे से हे बोलै …. “अगर मौत से इतना हे प्यार ह तोह आज तुम देखोगे की जिंदगी कितना दर्द देती ह ….ये कहते हे वो सीधा बीचो बिच टेबल पे कुढ़ gaya…..aur….
खछःह
खछःह
कचहहहह
खछःह….
की एक साथ आवाज आयी और 1 मिनट मई हे विथल के 10 आदमियों की गर्दन से सर अलग हो गए थे सप्लाई लेने ए लोगो के अलावा और कोई जिन्दा नहीं बचा था……..
निर्वाण--- मौत से दर लग रहा ह …… मौत तोह दर्द से छुटकारा देती ह ….असलो दर्द तोह जिंदगी देती h…..phir एक तरफ झुक कर तू इधर आ ……तेरे तोह दूध के दन्त भी नहीं टूटे ह ….क्या नाम ह तेरा
“ सुरेंद्र मममम मुझे मत मरना …. “
निर्वाण--- एक ड्रग की पुड़िया उठाकर ……चढ़ा इसे….1 मिनट ह जितना दिएर करेंगे उतना दर्द दूंगा तुजे और है सीधा खड़ा रहना …गिरा तोह …..
सुरेंद्र--- ममममम मैं खड़ा रहूँगा…..
फिर अपनी कमर मई बंधे एक डिवाइस को डब्बा दिया जिसे जो जम्मर ों हुवा तोह वो ऑफ हो गया ….” तुम log….tumhe तोह अपने हाथ से सजा dunga…..itna कह उसने अपने डैगर पीठ मई वापस रख लिए और सबसे पहले वाले के हाथ को तोड़ दिया और एक पंच थोबड़े पे दिया जिसे आगे के कई दन्त टूट गए …..फिर दूसरे के जबड़े पर और साइड हटकर दूसरा वार उसकी कनपटी पे प जड़ जड़ दिया ….फिर पीछे चिप रहे एक को गर्दन से पकड़कर उसके गले पे पंच मर diya…phir एक को पकड़कर उठाया और दीवार पर फेंक कर मारा और फिर उसके निचे गिरते हे गले से पकड़कर दुबारा उठाया और फिर दीवार पर फेंक कर mara……..baki लोग इधर उधर भागने लगे पर दरवाज़ा बहार से बंद था और बहार के आदमी दुनिया से पहले हे विदा हो चुके the………phir मूड कर अपना डैगर निकल कर उसे अपने एक हाथ की ऊँगली से घूमने लगा ……
जैसे हे जैमर हटा तोह विथल वापस ऑनलाइन आगया और सामने का सन देख वो सोफे से उछाल पड़ा …..
विथल गुसाई से चीखा पहले तोह सब तीख थफिर 5 मिनट मई हेक्या हो गया और अगर निर्वाण मर गया ह तोह ये क्या उसका भूत ह …..
तोह उधर निर्वाण ने डैगर को हाथ मई घूमते हुवे कमरे की तरफ देखा और 2 उंगलियों को अपनी आंख की तरफ लाकर फिर कमरे की तरफ कर के बोलै
“ मेरे नाम मई ह निर्वाण और मैं मोक्ष देता नहीं हु तड़पता हु तड़पता हु रूह को….. “
विथल तेरी रूह मेरी ह इंतज़ार कर मैं ारः हु तेरी मौत पूरी दुनिया देखेगी ....तेरे हर आदमी को तड़पाऊंगा ….इतना कह कर पीछे मुदा और डैगर से सबकी उंगलिया काटने laga.pure हॉल मई चीक पुकार गूंज गयी ….
विथल जो कमरे से लाइव देख रहा था वो अपना नुकसान होता देख गुसाई से पहले से काँप रहा था मौत की धमकी से और गुसाई मई कांपने लगा ….पर पास मई बैठा यूनियन मिनिस्टर बोलै पर वंहा का लाइव तोह हम सब ने देखा और सुना था न और तुम्हारे आदमियों ने हे कन्फर्म किया न की वो मर गया ह ….. तोह ये झूट कैसे हो सकता ह..
विथल--- ये असलिई ह वो कोई और था जो मारा गया …..हमने नहीं उसने हमारे साथ गेम खेला ह फिर फ़ोन पर जल्दी से अपने आदमियों से बोलै सप्लाई वाली जगह पहुँचो ….और निर्वाण को मार दो…..
विथल का आर्डर मिलते हे पास के एरिया मई जो भी गुंडे थे वो trucks,tanker,cars, बाइक्स लेकर लोकेशन की तरफ जाने लगे पर वो लोकेशन से 100 मेटेरे हे दूर हे रहे होंगे की रोड के बीचो बिच उन्हें एक 6 फ़ीट 5 इंच का कला साया दिखाई दिया सबसे आगे ट्रक वाले ने हैरानी से सामने देखा पर वो कुछ करता उसे पहले हे बिच मई खड़ा कला साया निर्वाण ने बाइक से राकेट लॉन्चर उठाया और अगले हे पल बोओओओओम की आवाज के साथ ट्रक के चिथड़े उड़ गए …सामने आरहे राकेट लॉन्चर से बचने के लिए बाकि गुंडे इधर उधर भागने लगे और छिपने लगे पर निर्वाण तोह एक बाद एक फायर करता गया और पल भर मई हे आधे से ज्यादा गुंडे मरे गए राकेट लॉन्चर के धमके की गूंज हर दिशा मई फ़ैल गयी …
तोह तीसरी बाइक भी तेज़ी से जंहा पुलिस ने निर्वाण को मारा था वंहा पहुंच गयी और बाइक पर बैठे हे निर्वाण ने नाईट विशन से आसपास देखा फिर सीधा बाइक को …. सोनाली के पास मई लेजाकर रोक दी सोनाली ने अपने सामने बाइक पर बैठे शख्स को देख कर कुछ कहती उसे पहले हे उसने सोनाली को हाथ से पकड़कर बाइक की तरफ खिंचा लिया और बैठा कर किसी के भी रिएक्शन से पहले हे तेज़ी से निकल gaya…piche बैठी सोनाली कुछ बोल भी नहीं payi……aur बाइक चाँद सेकण्ड्स मई हे हवा से बात करने लगी ……
तोह दूसरी ….ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन लोकातिओंपर निर्वाण ने हर को घसीट कर सको दिखा दिखा कर उनके हाथ पेअर की उंगलिया काट दी और आंखे फोड़ने के बाद साडी जगह बम लगा दिए फिर दुबारा जम्मर को ों किया और सुरेंद्र की तरफ गया जो ड्रग्स के नशे मई कौन मई निचे गिरा हुवा था उसे अपने कंधे पे उठाया और बहार आगया फिर बिल्डिंग की तरफ देखा जो बूम की आवाज के साथ 5 सेकण्ड्स मई मलबे मई तब्दील हो गयी थी..
सोनल और निर्वाण की बाइक एक जगह रुकी अभी निर्वाण कोई रिएक्शन देते उसे पहले हे चटककककक उसके गाल पर एक बाद एक तीन थपड पड़े …
सोनाली--- तुम खुद को बहुत बड़ी टॉप समझते हो …. मरने निकले हो …….. हमारी परवाह नहीं ह न तुम्हे …….2 बाते गुसाई से क्या खड़ी कमीना मुझे छोड़के चला गया और ये मू क्यों छिपा रखा ह आँखों मई आंखे दाल कर बात कर आज तेरा भूत न ूउत्त्तताअरररा ….toh….tummmmmm…toh वो कान्हा ह….
वो — मुझे नहीं पता मुझे बस आपको लाना tha….muje नहीं पता था की आप इतनी जोर से भी मरती हो…
सोनाली —बकवास बंद करो तुम्हे सब पता था तुम्हे बाद मई देखूंगी …. यंहा क्या ह…..
वो-- मुझे नहीं पैट ह मुझे इतना बोलै था की अगर आप पूछो तोह इतना कहु की यंहा आपके सवालो के जवाब h….jo अपने पूछे थे…..
सोनाली —— क्याआआ….
आज के लिए इतना he……jald मिलते ह it's शो टाइम part 2 मई ….सो मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का