Adultery Raj-- hero of the family - Page 49 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट. 163….

तुम....


अनु दोपहर से हे रूम मई घडी मई समय देखती हुवी इधर उधर चक्कर काट रही थी …उसने विंडो से बहार देखा तोह चारो तरफ टाइट सिक्योरिटी दिखाई di….akhir उसके पापा ने बॉम्बे जैसे सहर मई एक विप कॉलोनी जो बसाई हुवी थी इसी से पता लगता था की उनका रुतबा कितना बड़ा tha…anu बहार की सिक्योरिटी को ढक कर खुद से हे बोली “औ बच्चू औ आज तुम्हारी हड्डी पसली टूटनी पक्की h…….phir बनोगे तुम मेरे नौकर …और तुम्हे नचाउंगी अपने इशारो पर फिर देखूंगी कैसे उड़ते हो तुम हवा मई “…पर फिर खुद से हे मन मई बोली और अगर वो सच मई अंदर आगया तोह मुझे तोह खाना बनाना भी नहीं अत h…kya बनाकर खिलाऊंगी उसे और ये क्या मैं कितनी गन्दी लग रही हु इस ड्रेस मई …फिर खुद के सर पर मरते हुवे बोली हटतट मैं भी ये क्या सोचने लगी वो मेरे बीएड रूम मई कैसे आएगा अगर आगया तोह जिन्दा हे नहीं bachega….wo अभी जनता नहीं ह मेरी पावर को अचानक उसका dhayan…ding….ding…ding…. घडी की ऑवर बेल्ल आवाज से टुटा उसकी नज़र धयान घडी पर गयी तोह उसमे टाइम रात के 9 बज रहे थे अनु “ अब तोह 9 बज गए ह अब कोई चांस हे नहीं …….

पर उसे क्या पता था की डिनर टाइम तोह अब सुरु हुवा ह😂😂😂

अनु के बंगले के बहार ……

राज गेट के पास पंहुचा तोह ..

सिक्योरिटी वाला- है भाई किसी मिलना ह…

राज —- अनु मैडम से ….

सिक्योरिटी अफसर-- एक मिनट

फिर उसने बंगले के अंदर कॉल किया तोह अनु के पास एक नौकर पूछने आया तोह अनु ने साफ़ मन कर दिया की उसने किसी को नहीं बुलाया…

सिक्योरिटी अफसर “ अंदर से मन कर दिया ह की उन्होंने किसी को नहीं बुलाया ह..

राज - अरे आप समाज नहीं रहे हो अनु ने मुझे चैलेंज दिया ह की आज बिना किसी जानकारी के अंदर आकर दिखाओ…

सिक्योरिटी अफसर “देख भाई हमे मन कर दिया ह मतलब तुम अब अंदर नहीं जा सकते हो इसलिए अब दफा हो जाओ वर्ण हमे सख्ती बरतनी पड़ेगी जो तुम्हारे लिए तीख नहीं hogi…jao जाओ वापस जाओ जंहा से ए

राज-- अरे भाई तुम समाज नहीं रहे हो हम एक हे क्लास मई ह…

सिक्योरिटी अफसर “छोकरे तू अब दफा हो जा तेरे लिए आखिरी चेतावनी ह ……

राज - आप समझने की कोसिस karo….bhai बहुत जरुरी ह अंदर जाना…

तभी पीछे से कार का हॉर्न बजा तोह…. सिक्योरिटी अफसर ने जल्दी से गेट को ओपन कर दिया …और एक जोरदार सलूट मारा कार मई बैठे शख्स ने राज को सिक्योरिटी अफसर के साथ बहस करते हुवे देखा था इसलिए उस शख्स ने सिक्योरिटी अफसर से पूछा “कौन ह ये और क्या बात ह”

सिक्योरिटी अफसर “ये कह रहा छोटी मेमसाहब ने बुलाया ह पर मैडम ने मन कर दिया ह पर ये लड़का कह रहा ह की मेम साहब ने चैलेंज दिया ह की बिना जानकारी के आज अंदर आकर दिखाओ बस इस लिए वो बहस कर रहा ह …

उस शख्स ने सिक्योरिटी वाले को उसे अंदर लेन को कहा तोह सिक्योरिटी अफसर सिक्योरिटी दूर से स्कैन हो जाने के बाद राज को अंदर लेकर आया…

राज पास कर … “गुड इवनिंग सर”

शख्स - तोह तुम्हे अनु मैडम ने बुलाया ह

राज - है सर ये देखिये मेरी कॉलेज ईद ाक्टुअलय मैं और वो कॉलेज मई एक हे टीम मई ह बूत वो कहती ह आज मेरे घर के अंदर और मेरे रूम के अंदर तक आ कर बुक ढूंढ पाए तोह हम एक टीम मई वर्ण नहीं ….अब क्या करता सर मुझे आना पड़ा अगर हमने टीम नहीं बनायीं तोह रजनी मम मुझे कॉलेज मई शांति से रहने नहीं देंगी ऊपर से सिक्योरिटी वाले अंकल मैंने को तैयार नहीं थे तोह क्या करता मैं…

शख्स - ने साडी बात सुनने के बाद कार से उतरा और जोर जोर से हसने लगा ……और फिर हँसते हुवे हे बोलै चलो हमारे साथ औ … हम तुम्हे ले चलते ह पर याद रखना तुम्हारी बाते झूट निकलने पर तुम्हारी मौत से कोई बचा नहीं पायेगा बरखुद्दर …

राज “ यकीं कीजिये सर मेरी मरने की ीचा क्यों होगी इंडिया की टॉप कॉलेज मई से एक मई हु मेरा फ्यूचर ऐसे हे ब्राइट ह और ऊपर वाले की दया से पैसो की कोई कमी नहीं ह तोह मरने क्यों चाहूंगा और इन पहलवान जैसे बॉडी गार्ड को देख कर ऐसे हे दर रहा हु ऊपर से अभी तोह मेरी शादी भी नहीं हुवी ह …. ..तोह क्यों मरना चाहूंगा..

शख्स —-राज की बात सुनने के बाद जोर जोर से हसने लगा है है है तुम बहदुर के साथ साथ समझदार भी हो तुम हमे पसंद ए …

राज - पसंद क्यों नहीं आऊंगा मैं एक ाचा और ाचा बचा हु…

राज की बात सुनकर वो शख्स दुबारा जोर जोर से हसने लगा और बोलै “वह भाई वह मज़ा आगया तुम्हारी बाते बड़ी दिलचस्प ह क्या नाम ह तुम्हारा

राज “ मेरा नाम राज सिंह ह और दिल्ली से हु….

शख्स-- बहुत अचे …..मैं अनु का फादर हु .

राज - आप अनु के फादर हहहहहह ये हो हे नहीं सकते ह कान्हा आप इतने अचे ho..hansmukh हो और कान्हा वो अकड़ू हमेसा सदा सा चेहरा बना कर रहती ह…

वो शख्स फिर से हसने लगा और बोलै अरे भाई वो अकड़ू ह मुझे तोह आज पता लगा ह और सदी सी सकल है है ha….lagta ह तुम्हे बहुत परेशां किया ह

राज “ आप खुद हे देख लेना अंदर उसके एक्सप्रेशंस को खुद मुझे उसी ने बुलाया ह वो ये मैंने से भी इंकार कर देगी …..और ऐसे रिएक्शन देगी जैसे मैं कोई चोर हु….

शख्स - है है है चलो देखते ह लो आगये पहले मैं जाता हु फिर तुम ana…itna कहकर वो अंदर चला गया…..

दस मिनट बाद …..

राज गेट के पास पंहुचा तोह अनु की माँ ने गेट ओपन किया

अनु माँ- तुम कौन ..

राज - नमस्ते आंटी मेरा नाम राज ह और मैं अनु का क्लासमेट हु उसी ने बुलाया ह …

अनु माँ — ाचा मुझे तोह कोई जानकारी नहीं ह…

राज - होगी भी कैसे ( मन मई चुड़ैल जो ह )

“कौन ह बहार “

अनु माँ — कोई अनु का क्लासमेट ह..

“तोह अंदर बुलाओगी या सरे सवाल बहार हे पूछ लोगी”

अनु माँ “par”ok तुम पहले अंदर औ ….

राज अंदर का इंटीरियर देख कर घर तोह वाकई लाजवाब बनाया ह खर्चा खूब किया ह घर पर …

शख्स — बैठो ….तोह तुम अनु के क्लासमेट हो…

राज - जी अंकल वो कॉलेज मई कम्पटीशन के लिए टीम बनायीं h…usi के लिए बुलाया ह …

शख्स यानि अनु डैड “ ok बैठो”…

ऊपर अनु अपने रूम मई डांस कर रही थी “ याहू मैं जीत गयी मैं जीत gayii….aj मैं ऊपर असम निचे आज मई आगे सारा जंहा ह मेरे पीछे ….yahooo….jaani सारा सहर मुझे अनु सिंह के नाम से जनता ह ये राज जैसे टटपुँजिये कितने ए और कितने गए “

तभी उसके गेट पर नॉक हुवा …..

अनु “हा”

नौकरानी “ मेमसाहब मैडम ने निचे बुलाया ह”

अनु ने डांस करना बंद किया और ड्रेस तीख करके निचे आने lagi….usai यकीन था की डिनर के लिए हे बुलाया होगा इसलिए उसके चेहरे पर डुब्बले मुस्कान थी और इसी मुस्कान के साथ वो सीढ़ियों से चहकती हुवी निचे उतर रही थी …पर उसे क्या पता था की उसकी ये मुस्कान पल भर की हे और थी ….वो निचे एते हे ..

“ मुम्मा जोरो की भूक लगी ह डिनर लगाइये” पर अगले हे पल उसे हॉल मई बैठे शख्स की पीठ दिखी और सामने दिखाई दिए …उसे उसके पापा….

अनु “hi डैड आप जल्दी आगये”….

डैड — है ऑफिस मई काम काम tha…ao…mehmaan आया ह ..

अनु “ कौन डैड”

डैड “ खुद मिल लो”

तभी राज पलटकर “ मैं आगया…. “

अनु राज की शकल देखते हे 5 सेकंड चूँकि पर फिर चीखी “Tummmm”anu के चेहरे पर आयी खुसी गुसाई मई बदल गयी थी …और …वो राज को घर कर देखने लगी और बोली ….. “यू…. तुम कमीने मेरा पीछे करते हुवे मेरे घर तक आगये पर आज जिन्दा नहीं बच पाओगे ….डैड सिक्योरिटी को बुलाइये ये रोज मेरा पीछा करता ह इसके हाथ पेअर तुड़वा दीजिये आप”

अनु के डैड अनु की बात सुनकर हसना कहते थे पर वो चुप रहे …..

राज - सोफों से उछलकर 😯हे भगवन देख तेरे संसार की हालत कितना बदल गया इंसान ….🤨कहदो की मैं तुम्हारा क्लासमेट नहीं हु…

अनु — बिलकुल नहीं …

राज —हे भगवन😧😧 कहदो की मैं और तुम एक टीम मई भी नहीं ह …

अनु — 🙄बिलकुल nahi…main तोह तुम्हे जानती भी नहीं हु😤

राज —हहहह😳😳😳 कहदो की तुमने मुझे घर खाने पर भी नहीं बुलाया ह..

अनु — गर्दन झटक कर “बिलकुल नहीं तुम्हे और खाना हूउउउउ…

राज - अपने सर पर हाथ कर एक्टिंग करते हुवे 🤷🤷देख रहे हो दुनिया वालो इस लड़की ने डिनर के लिए बुलाया ..कह रही थी अपने हाथो से खाना बनाकर खिलाऊंगी ..और अब देखो इस लड़की को …..पलट गयी….

पास मई कड़ी अनु की माँ हैरान होकर👀😱😱 एक बार राज को देखती तोह एक बार अनु को और पीछे बैठे हुवे अनु के पापा राज और अनु की तीखी नोख झोंक देख देख कर मुस्करा रहे थे उन्होंने कैसे भी बस अपनी हंसी दबायी हुवी थी .. ….क्योकि जो राज ने बताया था वही हो रहा था ..

अनु — तुम्हे और मैं बुलाऊंगी वो भी मेरे घर अगर मेरे हाथ मई गन होती तोह तुम्हे अभी मार देती ….

राज — मतलब मैं झूट बोल रहा हु ह न …

अनु — बिलकुल सारा सर झूट बोल रहे हो तुम…

राज — तोह फिर तुम्हारे रूम मई मेरी बुक भी नहीं होगी…

अनु — अरे कौनसी बुक …..तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया ह ….पगलाते कही के

राज — hhhh😯😯😯mai पगलाते तुम तोह गिरगिट से भी जल्दी रंग बदल लेती हो यार और अगर बुक मिल गयी तोह…

अनु — तोह तुम सही मैं jhuti…aur अगर नहीं मिली तोह….

अनु के डैड पीछे से बोले “तोह आज इसका आखिरी दिन होगा”

राज “अरे ऐसे कैसे आखरी दिन होगा मेरा …..तुम चलो मेरे साथ मैं ढूंढ के दिखता हु…” झूटीई ladkiiiii….girgit भी तुम्हारे आगे रंग बदलने मई फीका पद गया ….

अनु — हहह … मुझे नहीं जाना

राज — दर रही हो…

अनु-- मू टेड़ा कर कर मैं क्यों डरूंगी.. तुमसे तोह मेरी पैरो की झूटी तक न डरे चलो चलो…

राज आंख मारकर चलो फिर…

अनु क्या करती उसे राज को रूम ले जाना हे pada….raj रूम मई पहुंचकर सीधा बीएड पर कुढ़ गया ….

राज “ आह्ह्हआआ क्या बीएड ह फिर खुसबू सूंग कर …तुम्हारा रूम तोह बहुत सुन्दर ह ….क्या खुस्भु h….kya ये खुसबू तुम्हारी ह …पर तुम तोह सदी सकल बनाकर रखती हो तोह ये खुस्भु तुम्हारी तोह हो नहीं सकती ह ..

अनु — गुसाई से आंखे👁️ बड़ी करती हुवी उसे घूरती हुवी बोली “बुक ढूंढो” ….

राज - इतनी जल्दी क्या ह तोह …ढूंढ लेंगे वैसे मैं और तुम एक बीएड पर पूरी रात कम्पटीशन की तयारी करे तोह तयारी शानदार होगी ….

अनु —🤯 तुमममम सच मई बहुत बड़े ठरकी हो …….

राज फटा फैट खड़ा होकर अनु के बिलकुल करीब आगया और बोलै “ाचा क्या मैंने तुम्हे कभी chuwa”raj के पास आने से अनु की साँस तेज़ हो gayii…raj “अनु की कमर को चुकार क्या मैंने तुम्हे कभी ऐसे चुवा” अनु की सांसे और तेज़ हो गयी उसकी छाती ऊपर निचे होने लगी राज अपने होठो को उसके होठो के करीब लेकर “क्या मैंने तुम्हे किश करने की कोसिस की ”अनु राज को अपने इतने करीब और उसकी सांसो की गर्माहट को फील करके अपने सरीर मई एक अजीब सा अहसास फील करने लगी उसका सरीर जैम सा गया ….राज और आगे बढ़ा तोह वो पीछे खिलने लगी और लास्ट पीछे स्टडी टेबल से टकराकर रुक गयी …राज “ पता ह तुम बहुत ख़ूबसूरत हो खासकर तुम्हारी ये काली आंखे जो बताती ह की तुम हो कुछ और दिखती कुछ ho…tumhare ये गुलाबी होठ जिन्हे अपने होठो से चूमने का दिल करता ह ….और तुम्हारी ये हंसी जब तुम मुस्कराती हो तोह किसी का भी दिल खुस हो उठता ह ….राज के दोनों हाथ अनु के पीछे थे और लग भाग अनु राज के गले लग गयी थी और इस अहसास से वो अपनी सुध भूढ़ खोटी जा रही थी तभी टेबल से राज ने अपनी बुक निकली और अनु को दिखते हुवा बोलै “ पर तुम्हारे चेहरे पर ये आने वाले सादे से एक्सप्रेशन पूरा मूड ख़राब कर देते ह …..मेरी जंगली बिल्ली …..

जंगली बिल्ली सुनते हे अनु को होश आया और वो चिल्लायी तुममम कुत्ते कमीने …मैं तुम्हे आज मर dalungiii…tum …रुको मैं बताती हु तुम्हे…

पर राज तोह बुक लेकर निचे पहुंच गया था ….और अनु उसके पीछे जल्दी जल्दी निचे आयी दोनों को ऐसे एक दूसरे के पीछे भागता देख अनु के माँ पापा भी हैरान थे ..

राज “ अंकल मुझे इस जंगली बिल्ली से बचाओ ये मार डालेगी…. शर्त हर गयी ह पर मैंने को तैयार नहीं”

अनु “ तुमने फिर मुझे जंगली बिल्ली कहा …ी विल किल यू….

राज “ पागल लड़की हार मन्ना सीखो”

अनु — हार और तुमसे है है है तुम जिन्दा हे नहीं रहोगे तोह हरी कैसे …

राज — अरे खाना हे खिलाना ह उससे बचने के लिए मुझे मरना जरुरी ह क्या….

अनु — तुजे और खाना डैड आप हटो बिच मई से फिर टेबल से चाकू उठाकर ..तुम्हे तोह ये चाकू खिलाऊंगी

राज “ पीछे से बिलकुल नहीं अंकल इसके हाथ मई चाकू देखो ….आप इसको डॉ को दिखाओ ये पागल हो गयी ह भला अपने टीममाइट को कोई मरता ह”

अनु — टीम मात tum…kabhi नहीं …

अनु डैड - स्टॉप आईटी तुम दोनों बचो की तरह लड़ना बंद करो ….

राज — थैंक गॉड अंकल अपने बचा लिया इस सीचो से ….

अनु - तुम…

अनु डैड-- स्टॉप आईटी और तुम राज बैठ जाओ डिनर करते ह …

ये सुनते हे अनु का चेहरा उतर गया ……

राज — थैंक यू फिर एक नज़र अनु की तरफ देख कर खाने से इतनी अछि खुसबू आरही ह ….इससे ये साफ़ पता लगता ह …फिर अनु की तरफ इशारा करके इसने तोह कुछ बनाया नहीं होगा ..वर्ण खुसबू से हे इंसान मर जाता ह….

अनु — अपनी बेज़त्ती सुनकर गुसाई से कांपने लगी …

पर राज को क्या फर्क पड़ना था …वो फिर से बोलै “ कोई बात नहीं मग्गी तोह छोटे बचे भी बना लेते ह” फिर अनु के चेहरे को देख कर ….पर तुम्हारा चेहरा बता रहा ह की तुम्हे तोह वो भी बनानी नहीं अति होगु …शेम शेम …वैरी बाद वैरी बाद…

अनु-- गुसाई से कांपते हुवे हे🤯😤 टेबल से नाइफ को उठाकर सीधा उसकी तरफ फेंक दिया…

राज ने प्लेट आगे कर दी ….

अनु डैड “ इसका मतलब राज सही कह रहा तुम घमंडी और एक जिद्दी लड़की हो जिसमे घमंड के सिवाए कोई मैनर्स नहीं ह और ये तुम अपनी हरकतों से साबित कर रही हो “

अनु “पर डैड” इतना कह वो लाल आँखों से राज को घूरने लगी ….

राज — मैंने तोह पहले हे कहा था अंकल ये अपना गुसा 5 मिनट भी कण्ट्रोल नहीं कर सकती ह …..

अनु अब क्या कहती वो चुप हो गयी …पर खाना कहते हुवे मन मई उसने क्या क्या कहा होगा ये तोह वो ऊपर वाला या वो हे जानती hogi….par वो मू टेड़ा करके तोह कभी आंखे निकल के राज को घूरती रही

अनु डैड-- अनु …पहली बार तुम्हारा एक दोस्त देखा ह जो इतने साफ दिल का बाकी तुम्हारे दोस्तों को पब और पार्टी के सिवाए कुछ दीखता हे नहीं ह…

राज - है अंकल मैं तोह हमेसा जो बोलता हु सच और साफ़ बोलता हु और सब बड़ो की इज़्ज़त करता हु ….

अनु डैड-- है है है है बहुत खूब तुम हमे पसंद ए …तुम्हारे माता पिता क्या करते ह…

राज - मुस्कराकर वो बस मुझे देखते रहते ह की मैं क्या करता हु हर पल …..

अनु डैड और माँ दोनों कंफ्यूज नज़रो से राज को देखने लगे राज ने खाना छोड़कर दोनों को देखा और मुस्कराते हुवे बोलै “ सोच मई पद गए ….एक्चुअल मेरे माँ पापा ऊपर भगवन के पास ह इसलिए वो ऊपर से मुज पर निगरानी रखते ह इसलिए कहा की वो मुज पर नज़र रखते ह की मैं कंही किसी जंगली बिल्ली के हाथो से मर न जाऊ….”

एक चुप्पी सी चा गयी हॉल मई ….कुछ पल बाद राज हे बोलै “ वैसे खाना बहुत ाचा आंटी ….माँ होती तोह ऐसा हे खाना बनती ..आप …इसे कुछ बनाना क्यों नहीं सीखती हो ऐसे हे बैठे हुवे खा खा कर मोती हो रही ह …

अनु जो राज की बातो से राज के लिए बुरा फिल्कार रही थी वो राज की बात से तुरंत गुसा हो गयी “तुममम”

राज खाना खाकर थैंक यू सो मच आंटी अंकल इतने अचे डिनर के लिए वर्ण आज किसी के भरोसे तोह भूका हे मर जाता. …

अनु डैड — कोई बात नहीं बरखुद्दर आते रहना वैसे कान्हा रहते हो ..

राज - आपकी हे कॉलोनी mai….A ब्लॉक बंगल मई ….

अनु डैड-- तुम मुझे बेहद पसंद ए अनु जाओ अपने फ्रेंड को बहार तक सी ऑफ करके औ….

अनु जी पापा……

बहार जब अनु और राज एक साथ ए तोह राज की पर्सनालिटी पल पल पूरी चेंज होती गयी अब वो चेहरे से नार्मल पर अंदर से बिलकुल सीरियस हो रखा था उसने एक सिंगल वर्ड अनु को नहीं कहा ….दूसरी तरफ अनु का नजरिया थोड़ा चेंज हो गया था राज के लिए हालाँकि वो अभी भी नाराज थी राज से क्योकि राज ने आज उसे बहुत परेशां किया tha…dono हे साथ चलते हुवे कुछ नहीं बोल रहे थे …..आखिर लास्ट मई अनु हे बोली…. “ Ok यू विन अपनी शर्त बताओ”

राज ने कुछ रिप्लाई नहीं दिया उसकी बात का …कुछ दिएर बाद वो बोलै “ गुड नाईट अनु .शर्त भूल जाओ कल मिलते h”……itna कह कर राज तोह चला गया पर पीछे अनु स्तब्ध सी कड़ी रह गयी वो क्या नहीं सोच रही थी की राज क्या शर्त रखेगा क्या वो किश मांगेगा ya…sex मांगेगा या …बला बला बूत वो तोह बिना कुछ कहे हे चला gaya……uske मन मई उठ रहे सवालो के साथ वापस अपने रूम मई तोह आगयी पर उसकी आँखों से आज नींद कोसो दूर थी… वो बिस्तर पर करवट बदल कर राज के बारे मई सोचती rahi…wanhi अनु के पापा अपने सामने खड़े शख्स से इस लड़के के बारे मई पता करो….

तोह दूसरी तरफ राज …वंहा से nikalkar….thodi दूर कड़ी ब्लैक कार मई बैठ गया कार ने उसी वक़्त कॉलोनी को छोड़ दिया ….और जब कार रुकी तोह सामने एक 4 मंजिला बिल्डिंग थी …..

“ मास्टर लास्ट टाइम जब विक्टर कांफ्रेंस मई आया था तब इसी बिल्डिंग के गैंग लीडर को कॉन्ट्रैक्ट मिला था तब से ये लगतार अपना कद बढाकर आज काफी लोकल गैंग्स को लीड कर रहा ह….

राज ने है मई गर्दन हिलायी …और एक मास्क मू पर लगा liya…aur चल पड़ा बिल्डिंग के अंदर ….पर एंट्री करते हे …

आदमी - क्या चाहिए ….

राज ने एक पंच गले पर मारा तोह उसकी जिंदगी के प्राण पखेरू उसी वक़्त दुनिया से रुखसत हो गए ….पीछे खड़े शख्स ने जब ये देखा तो तुरंत बजर बाज़ा दिया जो पूरी बिल्डिंग मई गूंज गया ….और उसी के साथ गूंज गयी पूरी बिल्डिंग मई ुंगीनेंट पैरो की awaj…..raj आगे बिल्डिंग के हॉल तक पंहुचा तोह सीढ़ियों से उसे कदमो की आवाज सुनाई दी …और सीढ़ियों से उतरे एक दर्ज़न लोग जिनके हाथ मई हॉकी कुल्हाड़ी रोड चाकू तलवारे थी …पर राज के कदम नहीं रुके वो आगे सीढ़ियों की तरफ बढ़ता गया आगे से आरहे लोग अटैक करते उसे पहले हे राज के दोनों साइड से दो साये तेज़ी से आगे बढे और 5 मिनट के अंदर हे वो सभी निचे मरे पड़े थे ….राज ने फर्स्ट फ्लोर को पूरा अचे से देखा और सेकंड फ्लोर की स्टैर्स पर चल diya…..wo इस समय मौत का सौदागर लग रहा था और उसके साथ चल रहे काळा साये मौत के दूत लग रहे थे जो राज के एक इशारे पर सबको मौत के घाट उतर रहे the…..raj के हर कदम के साथ फर्श खून से लाल होता जा रहा था ..राज के वो मिर्त्यु दूत हर कमरे मई घूस घूस कर मौत बनकर बरस रहे थे …अभी वो दोनों अलग रूम मई घुसकर मौत का कहर बरसा रहे थे तभी गैलरी के कौन मई से राज की तरफ एक 7 फ़ीट का इंसान अपने दोनों हाथो मई हैमर 🔨 लेता हुवा aya…..Raj ने उसकी तरफ देखा दोनों की आंखे मिली उस शख्स ने अपने हाथ मई पकड़ा हथोड़ा फेंक कर मारा जो तेज़ी से राज की तरफ आया राज ने फुर्ती दिखते हुवे अपने आप को एक तरफ कर लिया …जिसे हथोड़ा फर्श पर जा गिरा और फर्श के उस हीसाई के चितदे उदा दिए ……अपने हथोड़े को खली जाता देख उसका चेहरा गुसाई से भर गया उसने पास एते हुवे होथोड़े को ऊपर उठा कर राज के सर पर वार किया पर राज साइड हैट ते हुवे उसके जबड़े पर एक कसकर वार किया वो कई कदम पीछे खिसता हुवा gaya….raj ने अगले हे पल जम्प करके एक घुटने की उसके चेस्ट पर जड़ दी जिसे वो ुनबलने होकर पीछे गिर गया …राज ने उसे अगला मौका हे नहीं दिया और अपना घुटना दुबारा जम्प के साथ उसकी चेस्ट पर मर दिया और जैसे हे उसके दोनों हाथ खुद की चेस्ट पर aye…raj ने ताकत के साथ एक पंच उसके गले पर मार दिया …उसकी आत्मा उसी वक़्त उसका सरीर छोड़ गयी ….राज उसे वंही मारा छोड़कर आगे बढ़ता गया ……जब वो सेकंड फ्लोर की गल्लारी के आखिर मई पंहुचा तोह उसे एक गेट दिखाई दिया ….राज ने उसे खोल दिया और अंदर घुस गया …और अंदर घुसते हे उसे दिखाई दिए कई लड़के और लड़किया जो ड्रग्स के नशे मई चूर आधे फर्श पर तोह आधे सोफे पर पड़े हुवे थे ….राज ने उनसब को देखा तोह उसे घिरना हो गयी उनसब से …वो तुरंत बहार aagaya….aur अपने दोनों मिर्त्यु दूतो के साथ ऊपर थर्ड फ्लोर की तरफ चल diya…..aur ुन्तीणो को स्वागत हुवा गोलियों से ….राज ने अपने मिर्त्यु दूतो की तरफ देखा तोह …एक मिर्त्यु दूत तेज़ी से खिड़की से बहार बिल्डिंग के कौन से होते हुवे उन सबके पीछे पंहुचा और मौत का खेल सुरु कर दिया गल्लारी mai…cheek पुकार गूंज gayi….dono तरफ से मित्यु दूतो ने सबको गाजर मूली की तरह काटना सुरु कर diya…raj खिड़की से बहार निकल पाइप के सहरे 4तह मंजिल जो आखिरी थी उसकी तरफ चढ़ने laga..kyo की निचे उसे पता था की क्या होने वाला था ..उसे तोह बस गैंग लीडर से इनफार्मेशन चाहिए थी … जो उसकी जानकारी के अनुसार चौथी मंजिल पर tha…Raj ने एक विंडो को खोला और अंदर घुस गया …जिस रूम मई वो घुसा एक लुगरी रूम था …राज को उस रूम मई कोई दिखाई नहीं दिया ….उसने सरे रूम को अचे से चेक किया फिर बाथरूम का दरवाज़ा खोला तोह उसकी आंखे पहले हैरानी और फिर गुसाई से जल उठी अंदर एक लड़की बिलकुल नंगी बेसुध पड़ी हुवी थी जिसके हाथ बंधे हुवे थे पुरे सरीर पर काटने खरोचने के निशान थे ….राज ने चेक किया तोह वो जिन्दा थी राज ने उसके चेहरे पर पानी डाला तोह उसके सरीर मई हल चल huvi…par उसकी हालत से राज सब समाज गया था …उस लड़की ने आंखे तोह खोली पर वो कुछ नहीं बोली राज ने उसे गोदी मई उठाया और रूम मई लेकर आया …..लड़की बिलकुल कमजोर महसूस कर रही थी …पर उसने अपनी धुंधली आँखों से राज को देखा ….राज ने उसे पानी pilaya…toh लड़की सारा पानी एक साथ पि गयी ….राज ने रूम के अंदर फ्रिज मई से कुछ खाने को निकलकर उस लड़की को दिया …और बोलै “ सिर्फ एक सवाल सुर एक जवाब बोलना मेरा सवाल ह क्या बदला चाहिए ….”

लड़की “जिसकी आत्मा मर चुकी thi…wo क्या बोले उसे समाज नहीं आया पर उसने अपनी गर्दन है मई हिला “

राज अभी उसे बात कर रहा था की गेट अनलॉक होने की आवाज आयी ….और गेट पूरा खोल कर शख्स अंदर भी नहीं आया था की राज ने फुर्ती के साथ गेट के पास पहुंच कर उसको गले से पकड़ अंदर खिंच लिया और दरवाज़ा बंद कर दिया ….

आदमी कौन हो तुम अंदर कैसे ए ….

राज ने कोई जवाब नहीं दिया उसके हाथ को पकड़ा और कड़क की आवाज से उसका हाथ तोड़ दिया उसकी चीक गूंज गयी …कमरे मई जिसे सुनकर वो लड़की भी होश मई आगयीईइ ह ..राज ने दूसरा हाथ भी तोड़ दिया और फिर उसके हाथ पेअर कसकर बांड दिए …..

राज — जिंदगी एक बार मौका देती ह ..मैं जब वापस अउ तब तक इसे इतना तड़पना की ये न जिन्दा रहे न मर पाए जो इसने तुम्हारे साथ किया उसे जायदा इसके साथ करना ….

राज के कहे हर सब्दो ने उस लड़की मई उसके सरीर मई एक नयी जान सी फूंक दी थी राज के निकलते हे लड़की ने पूरी हीमत जूता कर अंदर से रूम बंद किया और उस जंगली वहसि के पास पहुंच गयी..

वंही राज के सामने बड़ा सा हॉल था जिसपर एक मोटा सा आदमी बैठा हुवा था और उसके आसपास 4 आदमी सोफे पर बैठे हुवे थे सकल से पता लग रहा था की फिघ्टर्स h…..Raj ने उनचारो को इग्नोर किया और सिर्फ उस लीडर की तरफ देखा और कहा सिर्फ दो सवाल और दो जवाब मैं चल जाऊंगा……..

लीडर — ने गर्दन मई हिलायी….

राज —- तू यंहा का लीडर ह….

राज के इस सवाल पर चार फिघ्टर्स मई से एक खड़ा हुवा ….और राज की तरफ चल दिया राज ने एक बार लीडर की तरफ देखा और फिर आरहे फाइटर की तरफ देखने लगा ….फाइटर एक वार भी पूरा नहीं किया था की राज ने फुर्ती से उसकी गर्दन पीछे से पकड़ी और निचे फारस पर उसका थोबड़ा भिड़ा दिया और लगतार भिड़ाता गया …पर उसकी नज़र लीडर की हे तरफ थी पर लीडर की नज़र अपने त्रिनेड फाइटर की तरफ जिसका चेहरा खुनसे लाल हो गया था और जल्द हे वो मर भी गया …लीडर की आँखों मई हैरानी साफ़ देखि जा सकती थी…

राज — दूसरा सवाल क्या तूने अभी कोई काम लिया ह कलेक्शन का…

लीडर अब गुसाई से जल उठा और अपने दो आदमियों को इशारा किया …तीन मई से दो राज की तरफ लपके राज ने भाग कर दोनों को एक फ्लाइंग किक दी दोनों पीछे की तरफ खिसक गए ….. अब दोनों मई से एक ने खड़े होकर पहले वार किया तोह राज साइड हैट गया और एक किक उसके सीने पर जड़ दी जिसे वो जमीन पर घसीट ता हुवा सीधा लीडर की टेबल से टकराया …..और उसी टेबल मई धंस गया …दूसरे आदमी ने अपने पहले आदमी की हालत देखि तोह वो गन निकलकर फायर करना चाहता था पर राज ने उसे मौका नहीं दिया और गन उसके हाथ से छीनकर दूर फेंक दी और उसका एक हाथ मरोड़ दिया और साइड से हे उसके रिब्स पर किक मरी दी वो कई फ़ीट दूर उड़ता हुवा जाकर ऐसे गिरा की उठने की सोच हे नहीं पाया ….

बचा हुवा एक आदमी ने हाथ मई पकड़ा नाइफ राज की तरफ फेंक कर मारा जिसे राज ने झुकार डॉज किया और उसकी तरफ भागकर उसके गले को पकड़ा और हवा मई उठा ते हुवे खिड़की के पास ले गया और उठाकर बहार फेंक दिया ….ये सीन देखकर लीडर जिसके होश उड़ चुके थे उसने जल्दी से गन निकल ली फायर करने के लिए…

लीडर - अब तू मरेगा chutiye......aahhhhhh ….

खछः ………

एक ब्लेड आकर उसके गन वाले हाथ मई लगी और वो दर्द से बिलबिलाते हुवे चीखा …..राज ने आगे बढ़कर उसके कलर को पकड़ा और टेबल के ऊपर से उठाकर निचे फर्श पर पटक दिया लीडर की गांड फाड़ चिक निकल गयीईइ…..

राज — एक मिनट ह तेरे पास…

लीडर — मुझे मत मारो मैं बताता हु है मेरे पास मनी कलेक्शन का काम आया ह जिनमे सभी बुसिनेस्स्में से मिलकर 1 अरब िक्खते करने ह ..और जो न दे उनकी फॅमिली को मर देना ह ……..

राज कौन कौन ह लिस्ट मई ….

लीडर ने दर्द मई कराहते हुवे टेबल की तरफ इशारा किया…..

राज और कौन ह तेरे इलावा…..

लीडर —मुझे नहीं पता ह पर कल से कलेक्शन सुरु होगा मैंने सब बता दिया अब मुझे छोड़ दो ….

राज — इसे खिड़की से बहार छोड़ दो और है याद रखना सर के बल गिरना चाहिए ह ye….iska दिमाग जायदा चलता ह

राज इतना कह टेबल पर पड़ी फाइल को देखने लगा toh…..uske चारे के एक्सप्रेशन ऊपर के 3 नाम देखर हे बदल गए और सबसे पहले नाम को देखकर वो गहरी सोच मई पद गया….

1 मनोहर सिंह

सोन शक्ति सिंह ..

दौघ्तर अनु सिंह……

आज के लिए इतना हे…….

लाइक्स मई कंजूसी नहीं रखने का यही मेरा रिवॉर्ड ह……


सो मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का ….
 


अपकमिंग.....164.....


चेस... बेगिंस.....
 




दोस्तों ये मत समझना की गोली दे दी या और कुछ ...ाक्टुअलय अपडेट मई मुझे कमी लग रही ह इसलिए पोस्ट नहीं किया ह उसे दूर करके आज हर हल मई पोस्ट कर दूंगा
 
अपडेट 164



बेओटीएस अटैक…..

दिल्ली……..

शिवानी-- ये देखो दी न्यूज़ मई क्या ारः ह …

सोनाली जो ऑफिस के लिए तैयार हो रही थी …वो शिवानी की आवाज सून कर शर्ट पहनती हुवी शिवानी के पास आयी सुर टीवी मई न्यूज़ देखने लगी..

“ब्रेकिंग न्यूज़ ….मुंबई की एक चार मंजिला इमारत मई हुवा धमाका 50 से अधिक लोगो की हुवी maut…..sutro के अनुसार मने तोह इस बिल्डिंग का अंडरवर्ल्ड के लोगो से था सीधा वास्ता ….अभी तक पुख्ता सबूत नहीं मिले ह पर अनुमान लगाया जा रहा ह की ये दूसरे गैंग का काम हो सकता ह”

सोनाली-- हम्म्म बहुत बड़ी घटना ह …मुम्बई जल्द हे गंगवार मई डूबने वाली ह….

शिवानी —🤦 अपने सर पर हाथ मारकर बोली हे भगवन दी आप पुलिस डूएटी के ऊपर भी बढ़ो🤨 बुढ़ापा ारः ह आपके …और अगर ऐसा रहा तोह😥 मैं भी सिंगल हे marungi….aur अब आप ऐसे घुरिये मत मुझे …ये जरूर राज का काम ह …

सोनाली — 🤨तू इतना मत सोच ..ये उसका स्टाइल नहीं h….wo मरता ह तोह वीडियो जरूर अत ह uska…..chal तू अब रेस्ट कर और राज को धुनती रह ….

पीछे बैठी शिवानी 😧अरे मेरी भोली दी मुझे यकीं ह ये उसका काम हे h…kya पता उसने स्टाइल चेंज करलिया हो ताकि सक न हो…. आप मनो या न मोनो ये उसी का काम ह फिर कुछ याद एते हे ….अरे आज तोह वो दोनों भी आने वाली ह न …..

तोह जोगिन्दर सिंह के घर….

सुनील — बड़ी माँ मीटिंग ह मेरे पहुंचना जरुरी ह…..

जोगिन्दर — बर्खुदार मुझे पता ह तुम उन्दोनो से बचकर भाग रहे हो…

सुनील —😁😁😁मैं क्यों भागूंगा मैं डरता थोड़ी हे हु …

जोगिन्दर — बच्चू बड़ा बाप हु तुम्हारा इसीलिए बाप को मत सिखाओ ….वैसे भी बकरा कब तक खैर मनाएगा आज नहीं तोह कल कसाई के हाथे चढ़ हे jayega….aise हे वो दोनों तुजे ढूंढ लेंगी..

श्वेता माँ--- aaaahaha…bade ए खुद जो मीटिंग का बहाना बनाकर एक हफ्ते के लिए जा रहे वो क्या ह ….उसे भी भागना हे कहते h….delhi का कमिश्नर अपनी बेटियों के दर से घर छोड़ कर भाग रहा ह…

सुनील — वह वह वह उल्टा चोर कोतवाल को दांते …वैसे भी शामको आएंगी

श्वेता माँ - तुम दोनों हे चोर ho…par जो भी ho…tum दोनों हे बकरे हो ….समझे ….काटोगे जरूर

सुनील और जोगिन्दर ने एक दूसरे के की तरफ देखा और फिर घडी की तरफ और जल्दी से अपनी अपनी कार से निकल गए क्योकि उन्हें पता था की कौन ारः ह ….ये तोह भला हो दिव्या का जो जोगिन्दर सिंह को बता दिया था वर्ण आज उन्दोनो को फसने से कोई नहीं बचा पता …पर तूफ़ान को भला कौन रोक पता ह वो घुस हे जाता ह ..और फिर तभी मचता हे मचता ह ऐसी हे हे ये तूफान दो ख़ूबसूरत बालाओ के रूप मई ारः था जो क्या क्या करने वाली थी ये तोह खुद ऊपर वाला भी नहीं जनता था ……जोगिन्दर सिंह और सुनील ऑफिस तोह पहुंच गए पर उनका धयान ऑफिस मई लग हे नहीं रहा था….

सेकरट्री — सर र ु फीलिंग टायर्ड…

सुनील — No ी म फाइन ….

सेक्रेटरी — सर आपको पता ह न राज सर नेमुझे स्ट्रिक्टली कहा हुवा ह….

सुनील तुम और तुम्हारा राज सर ok…… फाइन मुझे हेडाचे हो रहा ह….

सेक्रेटरी ने डॉ को तुरंत बुला लिया बेचारा सुनील क्या करता सेकरट्री को राज ने इतने खतरनाक इंस्ट्रक्शंस दिए थे की वो सुनील के झखम होने पर भी डॉ को बुला लेती thi….ek तोह सुनील को उन्दोनो आफत की वजह से सिरदर्द हो रहा था ऊपर से दीपिका नाराज thi…aur ऊपर से सेकरट्री जो खाने से लेकर सोने तक बोलती रहती थी ….🤣🤣🤣🤣🤣तोह बेचारे का सर दर्द न हो तोह और क्या हो…..

दोपहर के 12 बज रहे थे ….और कमिश्नर ऑफिस के अंदर 2 ख़ूबसूरत बलए एंटर कर चुकी थी..

इंस्पेक्टर — श्वेता betii….tum आज यंहा….

श्वेता - नमस्ते अंकल पापा ह अंदर ….

इंस्पेक्टर — नहीं तोह वो नहीं h….wo बहार गए ह मीटिंग के लिए…

श्वेता-- अपनी कमर पर हाथ रख कर “नहीं तोह वो नहीं h..wo बहार गए ह मीटिंग के liye….toh अंकल वो बहार वो देखो दूसरी तरफ जो फोर्टनेर छुपा कर कड़ी की गयी ह वो तोह किसी और की ह क्यों सही कहा na….apko क्या ह अकाल की जरुरत ह सोनाली मम को कॉल लागू फिर मत बोलना की ….ये क्या कर दिया हम उनके काम से आयी ह“ ….

इंस्पेक्टर सोनाली के नाम से हे सर खुजलाने लगा और बोलै -अरे बेटी क्यों भूखी शेरनी को छेद रही हो कमश्नर सर अंदर हे ह तुम जाओ

श्वेता — अपनी कमर से हाथ हटा करो चल बेब वो हमारे बाप ह तोह हम भी उनकी बेतिया ह…..

कविता-- लेटस जो बेब ….हउमै रोक सके इतना ज़माने मई दम नहीं …

वो दोनों हे लॉन्ग स्कर्ट और टॉप मई ट्विन सिस्टर्स की तरह साथ कमिश्नर ऑफिस की तरफ जाने लगी ….श्वेता को सब जानते थे तोह किसी ने भी रोकने की कोसिस नहीं की पर ऑफिस के बहार खड़े कांस्टेबल ने श्वेता को देख कर तुरंत हे अंदर जोगिन्दर सिंह को इन्फॉर्म कर दिया ….

जोगिन्दर सिंह —🤯🤯 वो आगयी पर वो दोनों तोह शामको आने वाली thi…ye कहते हे तुरंत अपने 🤦माथे पर हाथ मरकर बोले “दोनों ने सबको बेवक़ूफ़ बनाया सुर दिव्या भी शामिल ह इसमे हे भगवान् अब तोह खुद की बेटियों पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता ह क्या करू मैं 😭

कमिश्नर को ऐसे बेचैन देख कांस्टेबल भी हैरान हो गया ह …..

तभी ऑफिस का दूर खुला और दोनों अंदर आगयी जोगिन्दर भी खड़े होकर आगे ए …कविता ने पेअर चुवा तोह …जोगिन्दर सिंह ने उसे गले लगा लिया

जोगिन्दर —- वाकई जैसा तुम्हे फोटो मई देखा था बिलकुल वैसी हे हो तुम ….

श्वेता —हो गया आपका और मैं तोह चुड़ैल जैसी हु ह न ….

जोगिन्दर — तोह गलत क्या ह तुम चुड़ैल हे तोह हो मुझे भी तुजसे दर लगता ह ….

श्वेता-- बेब इधर औ टीम मत बदल ….और है हम ये पूछने ए थे की ….लड़की और लड़का बलिक हो तोह शादी कर सकते ह न….

जोगिन्दर सिंह एक पल तोह शॉक हुवे फिर है कर सकते ह …

कविता — ok और बड़े पापा अगर लड़की की फॅमिली मई पोलिसवाले हो वो परेशां करे तोह…

जोगिन्दर सिंह और हैरान हुवे फिर बोले — तोह मैं हु न एक एप्लीकेशन लिख कर दे दो मैं खुद सिक्योरिटी प्रोवाइड करवाऊंगा वैसे किसे चाहिए….

श्वेता और कविता ने एक दूसरे की तरफ देखा और बोली हम दोनों को 2 लड़के पसंद आगये नशेड़ी ह ,चोर ह पर हमे पसंद ह…

जोगिन्दर —- क्याआआ ..

श्वेता- कविता की आगे अभी पूरी नहीं हुवी ह तोह इंगेजमेंट कर सकते और मैं शादी कर लुंगी …..

जोगिन्दर — व्हाट रब्बिश श्वेता और कविता तुम bhi…..iske साथ इसके पागलपन मई…

कविता — सॉरी बड़े पापा अब जो ह वो ह हम दोनों अपना डिसिशन नहीं बदलेंगी…. अगर अपना परेशां किया तोह हम दोनों भाग जाएँगी…

जोगिन्दर — अरे भाई क्यों तुम दोनों मेरा बप हाई कर रही हो…

कविता —— बड़े papa…sachi मुछियई वो बहुत पसंद ह….

जोगिन्दर — 😤😡झुंझलाकर …अरे कौन लड़के …मैं अभी मार दूंगा….

श्वेता — देखा आप पलट गए …

जोगिन्दर —🤔 तुम क्या चाहती हो…

कविता — शादीय

जोगीन्दार — 😱😡नाहीइ…

श्वेता-- हां….

जोगिन्दर-- 😡नाहीइ इसके इलावा कुछ भी….

कविता — फिर हम कमिश्नर ऑफिस के सामने धरना देंगी….

जोगिन्दर — 😱बेटी तुम भी …

श्वेता-- 🙄चल बेब …पुलिस भी हमारी मदद नहीं करेगीइ …

कविता श्वेता जल्दी से ऑफिस से बहार निकली तोह पीछे हैरान खड़े जोगिन्दर सिंह जल्दी से बहार भागे और उनके आगे खड़े हो गए ….

जोगिन्दर--😥 अरे भाई साफ़ बोलो न क्या चाहिए tumhe….car पैसे …क्या चाहिए….

दोनों एक साथ —- 🤔😄पैसा हम दोनों के पास बहुत ह …“ आप भूल गए हो दोनों भाइयो ने कितने रस दिए the….aur कार भी ह…”

जोगिन्दर सिंह ने आसपास नज़र डाली तोह सब उन्हें हे देख रहे थे …वो हाथ जोड़कर लाचारी 🙏से बोले तोह क्या चाहिए तुम्हे मुझसे…

श्वेता कविता-- हमारे हाथ पर हाथ रख कर प्रॉमिस कीजिये

जोगिन्दर — प्रॉमिस …

श्वेता कविता के चेहरे पर मुस्कान आगयीईइ और दोनों फिर एक साथ बोली …. “ कान्हा ह भाई…..

जोगिन्दर “🤣🤣🤣🤣है है है है है ha……..tumne गलत आदमी से गलत सवाल पूछ लिया…..

श्वेता कविता भी साथ मुस्करायी और बोली वे क्नोव …..बस ये कन्फर्म करना ह की …सुनील को पता ह न….

जोगिन्दर मंद हे मंद मुस्कराये और फिर बोले है है ..बिलकुल उसे तोह पता हे होगा ….और है सोनाली को भी पता ह….

श्वेता--- सो फनी डैड सोनाली मम को पता होता तोह वो खुद यंहा होती क्या आप जो चाहते हो वो नहीं होगा आपको होसियारी आप हे रखो ….पर हा मैं जरूर उन्हें ये कह सकती हु की आपको राज कान्हा ह ये हमेसा से पता था फिर आप जाने और आपकी होने वाली बहु बता du..…….apko पता हे वो क्या हाल करेंगी आपका

जोगिन्दर हैरानी से फिर हाथ जोड़कर “न न मेरी प्यारी बेटी ये भूल कर मत कर देना वो पहले से हे छिड़ी हुवी ह”

श्वेता — फिर तीख हम चलते ह मन होगा तोह घर आएंगे…

पीछे खड़े जोगिन्दर अपने दन्त पीसते रह गए और दोनों को देख कर बोले ये लड़की दिन बा दिन बहुत चालक होती जा रही ह और ये कविता तोह इसी की अकाल की निकली हे भगवन अब क्या करूँगा main……phir पलट कर स्टाफ को गुसाई से देखा जो बस उन्हें हे आंखे फाडे देख रहे the….aur बिना कुछ कहे अपने केबिन चले गए ….

बहार दोनों आयी तोह ….कविता ने पूछ लिया… “ये बहु…. सोनाली ….ये क्या चक्कर ह”

श्वेता — ओह ये क्या ….बेब देख सोनाली ने राज के लिए और हमारे लिए इतनी बार जान जोखिम मई डाली ह की ….उन्होंने दादाजी और पापा को ये दिखा दिया की राज के लिए आइडियल वाइफ वंही ह मतलब बोले तोह वो राज की बॉडीगार्ड ह ……ऊपर से उनका राज की केयर करना बहार जंगली बिल्ली बनना तोह फॅमिली मई संस्कारी सुशिल शांत लड़की बनना इसलिए सब बड़ो ने राज से पूछे बिना हे सोनाली को बहु बना रखा ह और ये बात राज को छोड़कर सबको पता ह …अब तू और मैं अलग थोड़ी ह इसलिए सीक्रेट तुजे भी बता दिया ..

कविता —- ओह तोह ये बात मतलब भाई को नहीं बताना ह….

श्वेता-- नौपे…..

कविता-- तू सही कहती ह बेब …मुझे पूरा यकीं हो गए ह कैसे भी किसी भी तरह अभी भी कोई न कोई चुड़ैल उसके करीब होने की कोसिस हे कर रही hogi….aur पक्का ये एक हे ह न

श्वेता — क्या पता ….और भी हो सकती ह…😂😂😂

मुम्बई……

राज आज कॉलेज नहीं आया तोह अनु का मूड बिगड़ा हुवा था वो सुभे से कई बार पोछे मूड मुड़कर देख चुकी thi….asusal अंत मई हमेसा की तरह उसका साबरा जल्दी हे टूट गया और अपनी कार लेकर वो कॉलेज से निकल गयी …..कॉलोनी के गेट से राज के बंगल का एड्रेस उसे मिल गया …

राज के बंगल पर पहुंची तोह 4 आंखे उसे घर रही thi….ye और कोई नहीं वो मित्यु दूत हे थे जो राज की सेफ्टी के लिए सुनील ने अपनी कसम देकर उसके साथ रखे हुवे the…..unhone अपने हथियार भी तैयार कर लिए थे …पर कुछ सोचकर एक जाना निचे आया ….

मीयुदूत — जी आप कौन ह और किस्से मिलना ह…

अनु — ने उसको ऊपर से निचे देखा और बोली …मैं राज की क्लासमेट हु तुम्हारे साहब को बोलो अनु सिंह मिलने आयी….

मित्युदूत-- जी आप मेरे साथ आईये….

मित्युदूत ने अनु का हॉल मई बैठा दिया और खुद राज के रूम के अंदर नॉक करके गया

मित्युदूत — मास्टर …

राज ने आंखे खोलकर मित्युदूत को देखा ..तोह मित्युदूत ने कहा मास्टर मिस अनु सिंह आयी ह आपसे मिलना चाहती ह…

राज — ये जंगली बिल्ली अब सोने भी नहीं देगी क्या …..

तोह वंही निचे अनु पुरे घर को देख रही थी जो बिलकुल सिंपल हर तरफ लाइट कोर्स से हे सजा हुवा था घर की सिम्पलिसिटी और लाइट कोर्स से उसका मूड काफी हद तक शांत हो चूका tha….aur वो शांति से अब सोफे पर बैठी हुवी थी…. राज भी निचे अत हुवा …

“मिस अनु को मेरी याद आरही थी”

अब अनु ये कैसे कह देती की है उसी की वजह से हे तोह वो यंहा आयी ह की क्यों वो कॉलेज नहीं आया पर लड़किया एक्सेप्ट कर ले ये कभी हो हे नहीं सकता ह ..

अनु “याद और तुम्हारी सकल देखि ह अपनी”

राज — है जस्ट अभी देखि ह अछि ह काम से काम जंगली बिल्ली से तोह अछि ह ..

अनु — तुममममम …..पहले ये बताओ कॉलेज क्यों नहीं ए ….

राज को भी मज़ाक सुजा …और उसने तुरंत बोल दिया “ मेरी गफ की तबियत ख़राब थी तोह नहीं आपया ….”

अनु - तुम्हारी और गफ क्या मजाक ह….

राज — लो क्या कमी h….gf की तबियत ख़राब ह भुखार हो गया ह तेज़ …इसलिए पूरी रात भर देख भल करि ….

अनु — सो funny…(anu ये सब बोल तोह रही थी पर उसका दिल बहुत जोर से धड़क रहा था और एक दर्द की लहार सी उठ रही थी मन मई जो क्यों थी उससे खुद समज नहीं ारः था)

अनु -वैसे कान्हा ह मैं भी तोह देखु…..

राज — तुम नज़र लगा डौगी उसे…

अनु — हां. haa..haaa …सो फनी …मई क्यों जलूँगी बस देखना चाहती हु तुम्हारी ऐरी gairi..gf को..

राज ok औ मेरे साथ बूत डिस्टर्ब मत karna…….wo सो रही ह….

राज के साथ अनु जब ऊपर रूम मई आयी तोह वो रात वाली लड़की हे थी जो कल उस वहसि को मरते मरते बेहोश हो गयी थी और राज ने घर पर डॉ को बुलाकर उसका इलाज करवाया था और अभी वो इंजेक्शंस की वजह से गहरी नींद मई thi…….anu ने जब बीएड पर लड़की को देखा था उसे बहुत बड़ा झटका लगा उसे अभी तक यही लग रहा था की राज मज़ाक कर रहा ह बूत अब उसे ये जानकार शॉक लगा की राज ने सही कहा था ..

अनु मन मई “मुझे क्यों बुरा फील हो रहा ह उसकी गफ से मुझे जलन क्यों हो रही ह ….और ये मेरा दिल क्यों धड़क रहा ह तेज़ी से”.

पर जब वो और पास जाती गयी और जब उसने लड़की की शकल धयान से देखि तोह वो एक बार राज को तोह एक बार लड़की को देखती jatii….raj ने भी ये नोटिस किया और pucha“kyo जल गयी न”…

पर अनु तोह और किसी और हे सोच मई थी फिर वो हैरानी बोली “ ये मुम्बई की टॉप यंग मॉडल तुम्हारी गफ ह ….हाउ …kaise…..kyo……”

राज जो अभी तक लड़की के बारे मई कुछ नहीं जनता था वो अब जान गया तोह वो और जानने के लिए बोलै “ तोह क्या तुम जानती हो मेरी गफ को”

Anu--isai हर फैशन लवर जनता ह duffer…but ी चैंट बेलीवे की ये तुम्हारी गफ ह कौन यकीं करेगा की मुंबई की राइजिंग स्टार मॉडल तुम्हारी गफ होगी ….. इम्पॉसिबल मुझे तोह अभी भी यकीं नहीं होरहा ह…

Raj-tumhe जलन हो रही ….

अनु — no ….

राज — yes….jungli बिल्ली

अनु — गुसाई से tharki….main जा रही हु ….सोचा तुम मर गए होंगे तोह आगयी ….

राज — ओह रियली बूत तुम मेरी गफ देख कर जल रही हो ..oh……tumhe अब कंही अफसोस तोह नहीं हो रहा ह की मैं तुम्हारा बॉयफ्रेंड नहीं बन सका ….

अनु — हूउउ …..सपने देखो….

राज — सपने मई तोह हम लवर और……..

अनु — चुप्प्प चीई ठरकीय …

राज —- अरे मैं तोह ये कहने वाला था की तुम मेरी लवर बनकर गले भी लग चुकी हो पर तुमने क्या सोचा ….ohhhhhh…shame shame…jungli बिल्ली…

अनु — चुप्प चुप कुछ मत बोलना फिर सपने पेअर पटक कर मैं पागल हो जाउंगी …तुम्हारे साथ ……..

राज — माध इन माय लव ….

अनु —- मैं जा रही हु कल कॉलेज ajana….chup चाप….

राज पीछे से आवाज मारकर -वो अपने हाथो से खाना नहीं खिलाओगी….

अनु जाते जाते पीछे मुड़कर ज़हर न खिला दू तुम्हे…….

बहार खड़े मित्यु दूत ने जब ये नज़ारा देखा तोह वो ऐसे मू बनाये हुवे था की जैसे अथवा अजूबा देख लिया ho…wo इतना हैरान था की बस अब खुदके बाल नोचने बाकि थे की उनका मास्टर हँसता भी ह …और बाते भी करता ह…..

राज हॉल मई चुप चाप खड़ा था ….फिर पलट कर “मैंने जो कहा था वो होगया”

मित्युदूत — जी मास्टर …

राज-- किलर आर्गेनाइजेशन के बारे मई खबर ……

मित्युदूत — अंडरवर्ल्ड मई हर बड़े बुसिनेस्स्में से पैसा िक्खता होकर किलर आर्गेनाइजेशन के पास jayega….aur अभी समुन्द्र के किनारे फाइट हुवी थी जंहा पर ब्लैक ड्रेस मई लोग देखे गए ह……

राज -तीख नज़र रखो..

दिल्ली…….

सिंघानिया ऑफिस….

सुनील अपना सर पकड़कर निचे बैठा हुवा था और उसके सामने कविता और श्वेता पुरे ऑफिस मई बखेड़ा किये हुवे कड़ी थी

Sunil--muje नहीं पता ह तुम दोनों फ़ोन ले लो ऑफिस चेक कर लो मेल चेक करलो जो देखना ह देखलो पर मुझे नहीं पता ह वो कान्हा ह …….

कविता — सुनील भैया आप हमे बेवक़ूफ़ नहीं बना सकते ho…humse पन्गा भरी पड़ेगा apko..🤨main पहले हे बता देती हु …..

सुनील बेचारा जो सिंघानिया ग्रुप सीईओ था जिस से ऑफिस को 300 एम्प्लाइज नज़र तक नहीं मिलते थे वो आज चुप चाप बैठा सफाई दे रहा था…

सुनील--🙏😳 मैं हाथ जोड़ता हु मुझे नहीं पता ह …

श्वेता--- 🙄😤ओह रियली ….

कविता-- 😸भैया सूरज इधर से उधर राइज हो जाये ये मैं मान लुंगी बूत …जो अपने कहा उस पर यकीं नहीं करेंगी हम…

सुनील — 🤦😥अरे क्यों मेरी इज़्ज़त की धजिया उदा रही हो …सारा स्टाफ देख रहा ह…

श्वेता — 😤ये आपकी सजा ह ….

सुनील-- 🙄दादाजी को पता ह राज का .

कविता —🤨 तोह पूछ के बताओ …

सुनील —😥 हीमत नहीं ह …

कविता और श्वेता अभी सुनील की क्लास ले हे रही thi…tabhi उनकी तरफ व्हीट शर्ट विथ ब्लू जीन्स मई आँखों पर सनग्लासेस लगाए हुवे एक लड़की सामने से आती हुवी दिखी …..जिसे देखने के लिए सारा स्टाफ तक पलट गया ….

एक एम्प्लोयी-- ओह माय गॉड ये तोह लेडी सुपर कप सोनाली ह ….

लेडी एम्प्लोयी-- ये यंहा ह जरूर आज सुनील सर की आफत ह ….

तोह यही हाल सुनील का भी था जिसके कान मई उसकी सेकरट्री ने कहा था …वो 👀👀आंखे फाडे उसे हे देखे जा रहा था पर मन उसका जोर जोर से थाहादे 😭😭😭😭मारमारकर रो रहा था …पर दिखा नहीं सकता था …शामे यही श्वेता का हाल था बबिता वाली हालत देखकर वो🤢🤢🤢3 कदम दूर हे रहती थी ….इसलिए इस वक़्त उसकी सिटी पित्ती घुल थी …पर सोनाली की निघाये कविता पर हे थी वो एक तक उसे हे देख रही थी ..

सुनील-- 🤦साला दिन हे मनहूस क्यों रुका मैं ऑफिस ाचा खासा जा रहा था न बहार ..ये सब बड़े पापा का किया धरा ह छोडूंगा नहीं …पर इन तीन बालाओ का क्या करू …..

सोनाली बिलकुल करीब चुकी थी और वो समाज गयी थी की क्या हो रहा ह यंहा ..पर उसने एते हे कविता को गले लगा liya….aur उसके सर पर हाथ फेरते हुवे बोली ..

सोनाली — तुम बिलकुल वैसी हे हो जैसी राज बताता था मुझे ….अगर उसे पता होता की तुम आगयी हो तोह वो तुरंत भगा चल आता ….

सडनली 😡एक्सप्रेशन चेंज हो गए और सुनील को घूरती हुवी बोली …ये नालायक न यंहा की वंहा बताएगा और न वंहा की यंहा ….🤬देख लेना सुनील …जब मईñ बदला लुंगी तोह बिलकुल रहम नहीं दिखाउंगी …

सुनील —😳 भ …..मतलब मम मुझे नहीं पता ह ……

सोनाली — श्वेता — कविता तीनो उसे घूरने लगी …

सुनील — आप क्यों जिद कर रही हो मैं नहीं बता सकता हु ..

तीनो फिर करीब👁️👁️👁️ आकर घूरने लगीई…

सुनील — ऐसे क्यों देख रही हो तीनो ……

पर तीनो आज पता करके जाने वाली हे थी राज का

सुनील — बेचारा अपना सर पकड़कर बैठ गया और बोलै ok ok फाइन एक कंडीशन पर बता सकता हु

तीनो ख़ुशी से 😸😸😸….दोने दाना दोने…

सुनील ok स्टाफ की तरफ देखता ह तोह सेकण्ड्स मई हे पूरी भीड़ तितरभीतर हो गयी…

सुनील ऑफिस मई गया और सबको सोफे पर बैठा दिया …

सुनील सेकरट्री से — एक हेडाचे पैन किलर दे do…..itna सिरदर्द कभी नहीं हुवा…

सोनाली — इतनी सी बूढी जायदा लगाओगे तोह फैट जायेगा एक दिन .

सुनील — आप हमेसा मेरे पीछे हे क्यों पड़ी रहती उससे से तोह आपसे कुछ कहा नहीं जाता ह. तब तोह आप ….आगे बोलते बोलते चुप हो gaya…par सोनाली की बोलती जरूर बंद हो गयी थी ….

सुनील-- तोह जो कंडीशन बोलूंगा वो माननी पड़ेगी विथाउट अन्य क्वेश्चन मंजूर ….

तीनो एक साथ बूत एड्रेस पूरा बताना होगा ..

सुनील 🥱🥱🤭🤭🤭अरे एड्रेस क्या मोबिल नंबर तक दूंगा अब है ह न सबकी ….

सोनाली क्या चल रहा ह तुम्हारे दिमाग मई ..

सुनील —- दीपिका दी आप श्वेता अब ये कविता ….पापा बड़ेपापा फिर वो गधा कुछ और चलने दे तोह कुछ चले दिमाग मई ..

तीनो अब क्या हे बोलती वो चुप हो गयी ..

सुनील टेबलेट खाकर …. कंडीशन सिंपल ह ….तुम दोनों राज से मिल नहीं सकती हो …जब तक वो न chahe…..aur उसके किसी भी काम मई इंटरफारे नहीं करोगी चाहे वो कुछ भी करे मतलब कुछ भी खासकर कोई लड़की भी पास हो तब भी ….वर्ण कुछ गड़बड़ हुवी तोह उसकी कीमत मौत होगी जो राज बर्दास्त नहीं कर सकता इसलिए अनजान हे रहना होगा ताज से देख सकती हो बस पर सक न हो किसी ko….sunil की बात सुनते हे दोनों गुसाई से सोफे से उछाल पड़ी…

सुनील —- प्रॉमिस कसम याद ह न ….

श्वेता — िहाते यू भाई…

कविता-- पर भैया …

सुनील-- तुम मुझे बुरा कहो या जो भी पर यही कंडीशन ह ..और आपके लिए यही ह की अपने जो गलती की …

सोनाली ने तुरंत सुनील के बालो को पकड़कर जोर जोर से हिलते हुवे बोली गधे सब तुम्हारी वजह से हुवा नालायक मैंने तुम्हारी वजह से नहीं बताया था वर्ण मैं तोह खुस थी uske….phir चुप हो गयी

सुनील -; ok ok ी म सॉरी सजा मुझे भी तोह मिली h…ab आप अपनी स्किल्स को पूरे एक साल तक लगातार इम्प्रूव करेंगी …..पर जब तक no टचिंग ….फिर मैं खुद मिलवाऊंगा ..

कविता श्वेता का मू खुला रह गया टचिंग की बात सुनकर सुनील बात को सँभालते हुवे….

सुनील-- बेवक़ूफ़ लड़कियों टचिंग मतलब no मिलना जुलना no पार्टी no hi hello वगैरह वगैरह samjhi….phir मन मई “ अपने पर कण्ट्रोल रख वर्ण तुजे मरते टाइम नहीं लगाएंगी ये तीनो”

सोनाली की सकल पूरी तरह मुरझा गयी वो रोई नहीं पर बिना कुछ कहे कड़ी हुवी और कविता के सरपर प्यार से हाथ फेरकर बिना कुछ कहे हे चली gayi…..koyi समझे या न समझे पर सुनील जरूर जनता था की सोनाली के दिल पर क्या बीत रही होगी इस वक़्त …..सोनाली के जाने के बाद तीनो आपस मई देर शाम तक बात करते rahe….phir श्वेता और कविता शिवानी के पास चली गयी…

इवनिंग ….अनिरुद्ध गोस्वामी ऑफिस…..

आदमी —- देख गोस्वामी हम कौन ह कौन नहीं ये तुजे सब पता ह और तेरे आगे पीछे ऊपर निचे कौन ह ये हमे पता ह ….ये सूट बूट पहनकर प्यार से तुजे यही समझने आया हु …..50 करोड़ देने ह और तू मुम्बई चैन से जी पायेगा ..

अनिरुद्ध कुछ नहीं बोले….

आदमी — पुलिस का ऑप्शन ह तेरे पास पर कितने दिन जिस दिन वो सिक्योरिटी से hate….bus उसी दिन बाकि तू समझदार ह .. और है मैंने सुना ह तेरी एक बेटी डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही ह तोह दूसरी निम्स कॉलेज मई h….family से बढ़कर पैसा नहीं h…..kya पता कब कौन गायब हो जाये हमारा क्या हमारे आगे पीछे कोई नहीं ह…..

अनिरुद्ध — अभी भी कुछ नहीं बोले थे ..

आदमी - चलता हु आज बहुत काम ह …..याद रखना अबकी बार कॉल ए यह पैसा तैयार रखना….

शामे टाइम ……..

मनोहर singh(anu dad)office मई भी शामे यही घाट रहा tha..aur शामे रिएक्शन हे मोहर सिंह का था उन्होंने भी कुछ रिप्लाई नहीं किया और आदमी समझा कर चला गया…..

दिएर रात पुलिस की इमरजेंसी मीटिंग चल रही थी….

कमिश्नर — अंडरवर्ल्ड दुबारा से धमकाने लगा ह एक अरब से लेकर करोड़ो की धमकी मिली ह …..आप मई से किसी को इनफार्मेशन ह भी या सभी नींद मई हे हो…

ैप-- सर हमे भी अभी कुछ दिएर पहले हे पता लगा ह…..

दूसरा ैप — सर इस बार भी वही नाम जूनियर विक्टर पर आज तक उसे किसी ने नहीं देखा ह कोई रिकॉर्ड कोई जानकारी नहीं ह ….जैसे ये शख्स दुनिया मई भूत बनकर रह रहा हो जो ह तोह सही पर दीखता किसी को नहीं ह …

कमिश्नर - शट उप …आपके ये एक्सक्यूसेस आप हे रखो समझे मैं नहीं चाहता पूरा देश मुम्बई पुलिस पर हांसे ..

सब कमिश्नर की दहाड़ से चुप हो गए थे…..

कमिश्नर —- कोई ह जो यंहा कुछ ऐसा कहना चाहेगा जो काम का हो ..

एक ैप - सर हमे हमे सबसे बड़े बिज़नेस मेंस को सिक्योरिटी और उनके ऑफिस घर पर धयान रखना चाहिए ताकि एक्सटॉरशन मनी वालो का क्लू और लोकेशन मिले …..

कमिश्नर good…..ye तीख ह फ़िलहाल आप सब अपने अपने एरिया के टॉप बुसिनेस्स men's को कवर करे…

वंही एक सेकेरेट कॉन्फ्रेंस पर……

“तुम्हारे पास 30 दिन ह “

जूनियर विक्टर — “ इस बार इतना पैसा क्या मैं जान सकता हु”

“ औकात से बहार मत निकल तेरा बाप सर विक्टर भी सवाल पूछने की हीमत नहीं करता ह”

जर विक्टर — माफ़ कर दीजिये भूल हुवी ……

“10 किलर्स भेज रहा हु जो न दे उनकी फॅमिली को एक एक करके मार दो ताकि खुद बा खुद पैसे देने ए “

जर विक्टर “ जी सर जैसे आप कहे”

“ और ये आदमी सिर्फ मरना जानते ह इसलिए काम तुम अपने आदमियों से करवाना जब तक इमरजेंसी न हो इनका इस्तेमाल मत करना “

जर विक्टर “गर्दन झुकार ऐसा हे होगा”

कॉन्फ्रेंस कट होते हे पूरी मुम्बई मई रातो रात गर्मी बढ़ गयी पुलिस पॉलिटिशियन साडी जगह अफरा तफरी thi….aur सुभे होते होते हे ये और बढ़ गयी क्यों की एक बुस्सिनेस्स्में की पूरी फॅमिली को गोलियों से भून दिया गया tha…..jissai पूरी मुंबई तनाव मई थी….

अनिरुद्ध गोस्वामी न्यूज़ पढ़ कर गहरी सोच मई पढ़ गए थे वो बिलकुल नहीं चाहते थे की उनका परिवार किसी मुसीबत मई पढ़े ….

पूनम — क्या बात ह बड़े पापा आप सुभे गहरी सोच मई हो…

अनिरुद्ध-- अरे पूनम बैठो बेटी ….मैं किसी सोच मई नहीं हु…

पूनम — आप मुझसे झूट बोल रहे ह…

अनिरुद्ध — अरे नहीं बेटी दरशल माहौल ख़राब ह इसलिए आप बस अपना धयान रखे

पूनम — बड़े पापा 3 चार को तोह मैं अकेले हे पिट दूंगी ….आप चिंता न करे …

अनिरुद्ध — तीख ह beti……ab हमे फ़िक्र नहीं ह…. और है वो 2 दिन बाद शादी अटेंड करने चलना ह हम दोनों को

पूनम — जी बड़े पापा अब मैं जाती हु कॉलेज टाइम हो गया ह……

पूनम तोह चली गयी पर पीछे अनिरुद्ध अभी भी परेशानी और सोच मई tha….ki अपनी म्हणत से कमाई हुवी कमाई दे या न दे …..या पुलिस की हेल्प ले

राज हाउस …

मित्युदूत — मास्टर अनिरुद्ध गोस्वामी और मनोहर सिंह को एक्सटॉरशन मनी के लिए कहा गया ह ….

राज-- कितने …

मित्युदूत — 50 करोड़ …….और मास्टर आज सुभे जो बुसिनेस्स्में की मौत इसीलिए हुवी ह क्योकि उसने साफ़ मन कर दिया था तोह ये सभी के लिए वार्निंग थी….

राज — और kuch….bhi कहना चाहते हो …

मित्युदूत — यस मास्टर ..

फिर मित्युदूत राज को बताता चल गया …

राज —- तोह वो दूसरे लोग कौन ह जो किलर आर्गेनाइजेशन से लड़ रहे ह …

मित्युदूत — उनका पता नहीं लगा ह मास्टर ….

राज — तीख ह वो जरूर दुबारा से फिर सामने आएंगे नज़र रखो …..

राज मन मई ..” कौन ह जो मेरे अलावा भी किलर आर्गेनाइजेशन के दुश्मन h……muje तोह अभी तक पापा के ुंसाथियो का भी पता नहीं लगा ह और दुश्मनो की तादात बढ़ती जा रही h…muje हमेसा तैयार रहना होगा …..मैं जितना खोदुंगा मैं उतना करीब पहुँचूँगा ….बस यही तरीका ह अब चाहे दुश्मन एक हो या हज़ार ….कोई फरक नहीं पड़ता ह मुझे अंदर घुसते जाना होगा..…..

आज के लिए इतना हे ….
 
अपडेट 164 मस्ती मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का

अपकमिंग -- स्पार्किंग...
 
अपडेट टुनाइट 10 पं .......स्पार्किंग.....
 
अपडेट 165….

स्पार्किंग ……

Manisha--ok अब परेशां मत हो तू मेरे साथ चलना आज शॉपिंग के liye….ab तोह खुस…

पूनम — खुसी से मनीषा को साइड से गले लगते हुवे तू मेरी पके पके वाली सबसे अछि फ्रेंड ह…..

मनीषा — पर शॉपिंग के बाद …पार्टी तू हे देगी….

पूनम — तीख ह tikh…done …

Manisha--waise कंही ऐसा तोह नहीं की तेरे लिए अंकल लड़का पसंद करने के लिए तुजे साथ लेकर जा रहे ह पार्टी मई…..

पूनम — तू भी न …ऐसा हो सकता ह kya…muje न… पहले ब करना ह फिर ….पापा का ड्रीम पूरा करना ह तब जाकर शादी करुँगी….

मनीषस —- मतलब बुढ़ापे मई हे करेगी शादी …..तब तोह धयान रखना किश इस करते वक़्त तू सांस न आने पर मर न जाये…

पूनम ने एक मुक्का उसकी बज्जू पर मारा…

मनीषा — ोूछहः तोह और kya…college की मिस रजनी के बाद सरे लड़के 2 महीने मई हे तेरे दीवाने हो रखे ह…

पूनम — है तभी लड़के ी लव यू तुजे बोलने आते ह…..

मनीषा —-अब तू धमकाएगी तोह कौन बोलेगा …

पूनम-- ऐसी बात नहीं ह …तुजे पता ह न मुझे मेरे सपनो के राजकुमार की तलाश ह ….

मनीषा-- बस बस तू अब उसकी मीरा बन कर प्रेम राग मत गण सुरु kardena…muje पता ह ….तू उसी से शादी karegi,wo तेरी आत्मा h,tu उसे बहुत प्यार करती h…bla बला….

पूनम — जलन ..हो रही ह तुजे….

मनीषा —- जलन नहीं मैं तोह खुदस होउंगी अगर तुजे तेरा प्यार मिल जाये और यकीं रख तुजे तेरे प्यार से मिलाने के लिए मैं हर कोसिस करुँगी…..

पूनम-- पता नहीं कब मिलेगा वो….

मनीषा — यंहा क्लास मई बैठे बैठे तोह बिलकुल भी नहीं मिलेगा……

मनीषा की ये बात सुनते हे पूनम को हंसी आगयी ….तोह मनीषा भी जोर से हसने लगी …और इनदोनो की प्यारी मुस्कान मई खोये हुवे थे क्लास के सरे लड़के जिनकी ये दोनों लड़किया क्रश thi…..aur दोनों का क्रश या प्यार दोस्त होने वाला राज भी इन्ही के बेहद करीब होकर भी इनदोनो से दूर था….. पर किसी और के करीब होता जा रहा था…..

इन लाइब्रेरी …..

अनु-- मैंने जनरल अवेर्नेस के टॉपिक ऑलमोस्ट क्लियर कर लिए ह …

राज — jungli………opps सॉरी ऑलमोस्ट जनरल टॉपिक कवर कर लिए क्या होते h….aise कान्हू तोह घर पर मैंने ऑलमोस्ट तुम्हे किश कर हे लिया था तोह उसे किश मन जायेगा क्या….

🤯😡अनु “तुमममम” इतना कह उसने लाइब्रेरी मई हे उसके बाजु को बाईट कर लिया….

राज — धीरे से कराह उठा आआह्ह्ह्हह्ह “ जंगली बिल्ली अब तुम सच मैं काटने भी लगी”

अनु- तुम फिर मुझे जंगली बिल्ली क्यों बोलते हो…

राज-- कान के पास आकर बेकौसे ी लिखे जंगली बिल्ली….

अनु-- ठरकीय जाओ तुम तुम्हारी गफ के पास …बड़े ए…

राज-- तुम बन जाती तोह तुम्हारे पास आजाता 🤣🤣

अनु-- तुममम मैं तुम्हे अपने करीब भी न आने दू….

राज-- इतनी करीब आ तोह गयी हो ….अब बस..…

अनु —चुप चुप बिलकुल चुप ….

राज-- ाचा ये बता कब खाना खिला रही ह….

अनु-- मू टेड़ा करके मुझे नहीं अत ह खाना बनाना….

राज खड़ा होकर सिख लेना मैं चलता हु गफ को संभालना ह…..

तोह वंही राज के बंगलो पर वो लड़की कड़ी होकर निचे आयी तोह उसे मित्युदूत दिखाई दिया जिसकी हिघ्त और पर्सनालिटी देख वो लड़की बुरी तरह घबरा गयीईइ….. मित्युदूत ने ये देखा तोह वो इज़्ज़त के साथ बोलै ….

मित्युदूत — मिस आप सेफ ह मैं यंहा का केयर टेकर हु मास्टर यंहा कुछ हे वक़्त मई आजायेंगे अगर आपको कुछ चाहिए तोह मुझे बता दीजिये….

लड़की-- थोड़ी शांत हुवी और बोली “मममुजे भूक लगी ह”…

मित्युदूत —ok आईये…

लड़की मित्युदूत के पीछे पीछे चलने लगी किचन के पास राखी दिंनिंग टेबल पर वो बैठ gayi….aur आसपास की जगह को देखने लगी तोह उसे सबकुछ सिंपल हे दिखा ….मित्युदूत ने उसके लिए खाना लगाया हे था की राज भी घर पहुंच गया …..और सीधा ऊपर अपने रूम मई ड्रेस चेंज की फिर उस लड़की के रूम की तरफ गया तोह वो उसे वंहा नहीं दिखाई दी तोह उसने सोचा बाथरूम मई होगी इसलिए वो लंच करने निचे आगया और निचे आकर मिली उसे वो लड़की….

राज-- अरे आप यंहा ह अब आप पहले से काफी तीख लग रही हो…

लड़की ने राज को धयान से देखा क्योकि पिछली बार वो देखने की हालत मई भी नहीं thi….apne सवियर को अपनी आँखों के सामने देख लड़की के आंसू चालक पड़े …….राज ने पानी का गिलास उठाकर उसे दिया पर बोलै कुछ नहीं …..कुछ दिएर बाद जब लड़की नार्मल हुवी तोह खुद हे बोली “ थैंक यू सो मच मुझे सेव करने के लिए मेरा नाम सिमरन ह”

राज — सिमरन मैं आपके बारे मई सब जनता हु कल मेरी फ्रेंड ने आपको पहचान लिया था मैं आपके होश मई आने का हे वेट कर रहा था …पहले हम लंच कर लेते ह फिर बात करेंगे अपने कल से कुछ खाया नहीं h….simran ने बिना कुछ बोले खाना खाया फिर राज खड़ा होकर खुद हे ऊपर जाकर उसके लिए डॉ मेडिसिन बताकर गया था वो लेकर निचे आया ….

राज - अगर आपको फीमेल नर्स की जरुरत ह तोह कह सकती ह …लेडी डॉ ने तोह मुझे पूरी बात बता दी ह …..क्या आप बताना चाहेंगी की आप वंहा कैसे फंस गयी …कोई जरुरी नहीं ह बताना और आप जब तक चाहे यंहा रह सकती ह …और या आप जंहा चाहे वंहा मैं आपको ड्राप करवा सकता हु पर आपके तीख होने के बाद…

सिमरन ने एक गहरी सांस छोड़ी …और दुखी मन से बोली-- पता ह राज मैं क्यों थी उस नरक मई ….

राज उसे देखता raha….aur सिमरन के आगे बोलने का इंतज़ार करने लगा…

सिमरन - kyoki….mere एजेंसी के बॉस को वो वहसि फंडिंग करता था …और उस वहसि ने कई बार मेरी इमेजेज को कई मगज़ीन्स मई देखा था और मगज़ीन्स मई हमरा फिगर सब दीखता हे h….isliye वो मेरे साथ एक रात गुजरना चाहता था …और जब उसने एक फैशन शो मई मुझे लाइव देखा तोह उसने हर वो कोसिस करि जिससे मैं उसके बिस्तर तक अजौ पर मैं बचती रही और अंत मई मेरे बॉस ने डिनर पार्टी का कह कर मुझे वंहा खुद ले gaya…aur तब से मैं वंही thi…sayad एक वीक या उसे भी जायदा ऐसा कोई दिन नहीं था जब उसने मुझे अपनी हवस का शिकार न बनाया ho….maine भी साडी उम्मीद छोड़ दी थी पर सायद जिंदगी मई कुछ तोह बहुत ाचा किया था जो तुम आगये …..इस जनम मई तोह तुम्हारा क़र्ज़ कभी उतर नहीं पाऊँगी ….

राज — क़र्ज़ आपका मुझपर था पिछले जनम का जो मैंने उतरा ह इसलिए भूल जाइये अब आप क्या चाहती ह….

सिमरन के चारे के भाव बदल गए और बोली वापस जाकर उस दरिंदे की बर्बादी….

राज — और अगर मैं उसे भी बुरी हालत करू तोह उसकी

सिमरन के चारे पर चमक आगयी “ क्या करोगे और मेरे पास ऐसा कुछ नहीं ह जो बदले मई आपको दे सकू”

राज- ह जो आप दे सकती ह ….ाचा आप एक बात बताईये की आप साडी हीफी पार्टीज मई भी जाती होंगी …

सिमरन - है ….

राज — तोह आप मेरी हेल्प कर सकती ह…..

सिमरन — तुम बस कहो….

राज — याद रखना पकडे जाने पर मौत हे मिलेगी..

सिमरन — मुस्करा कर अब मौत से दर nahi…h

राज-- तोह सुनिए जब भी आप किसी हीफी पार्टी मई जाये तोह कभी भी कोई भी आपके सामने या आपकी फ्रेंड के सामने किलर आर्गेनाइजेशन का जिक्र करे तोह ये खबर मुज तक पहुचानी ह …

फिर राज ने एक हाथ हिलाकर एक का इशारा किया तोह कुछ हे पालो मई मित्युदूत एक बैग लेकर आया …राज ने बैग उसके आगे रख diya….simran ने बैग खोल कर देखा तोह उसमे 1 करोड़ रस थे उसके चेहरे पर फीकी मुस्कान आगयी….

सिमरन — मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए …..इतना बोल वो कड़ी हुवी और राज के होठो पर एक किश लेकर boli…bus ये मेरे लिए बहुत h….aur वो जाने लगी

राज ने कुछ सोचा और पीछे से उसका हाथ पकड़कर बोलै “ विद्या ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स का नाम सुना ह”

सिमरन - है सुना ह वो गर्रेबो से लेकर अमीरो तक का इलाज फ्री मई करता ह…

राज — उसकी प्रमोटर banogi…Simran पहले तोह बहुत हैरान हुवी फिर सोचकर बोली दोस्त बनना पड़ेगा ….

राज — ट्रू फ्रेंड्स …..

Simran-Done ट्रू फ्रेंड्स …

दोनों के चारे पर मुस्कान थी …फिर डॉ.. आयी और दुबारा से उसने सिमरन का चेक उप किया …और टेबलेट्स दे दी…

वंही दिल्ली मई ….

सुनील — ी म सॉरी मैं अब कुछ हेल्प नहीं कर सकता हु ….no मीन्स no ….बिलकुल भी नहीं ….no इमोशनल ड्रामा अब कविता ..

कविता — भैया मुझे भाई को देखना ह बचपन मई देखा था …आप क्यों नहीं समाज रहे हो हाउ मच ी मिस हिम…..

सुनील-- यू हैवे एड्रेस जो एंड मीट हिम…

है ये कविता हे थी जो सुभे सुभे हे सुनील के रूम मई पहुंचकर रिक्वेस्ट कर रही थी …..और जब सुनील ने कोई हेल्प नहीं की तोह वो रुवासी होकर वापस जाने लगी …..तोह पीछे से श्वेता की माँ यानि बड़ी माँ ने कविता को रोके liya…aur उसके सर पर हाथ फेर कर वापस रूम मई ले आयी और सुनील को देखने lagi….sunil ने भी बड़ी माँ को देखा….

बड़ी माँ-- तू इसके दिल की हालत नहीं समाज सकता ह इसने बचपन मई अपने भाई को रट देखा ह उसे मार कहते देखा ह ..usai…akele रात भर रट हुवे देखा h….ye कैसे बहार रही ह तुजसे जायदा कौन समझेगा …इसके लिए वो सिर्फ भाई नहीं इसकी आत्मा ह.. तोह फिर तू और मैं कौन होता ह इसको इसके अपने भाई से जुड़ा रखने वाले और तू ये कैसे भूल गया ये तेरी सबसे छोटी बहन …इसने तुजसे क्या माँगा अपने भाई के पास पहुंचने का रास्ता और बदले मई तेरी हर शर्त मानी और तेरी हे शर्ट की वजह से ये सीधी जाकर उससे मिल नहीं सकती h…ab और तू क्या चाहता ह …मुझे ये कतई मंजूर नहीं ह …

सुनील — पर बड़ी माँ…

बड़ी माँ — मैं तुजसे वडा करती हु ये कोई परेशानी कड़ी नहीं करेगी …

कविता जो तबसे सिसक रही रही थी वोसिसकते हुवे बोली…. “वडा ह भैया राज भाई की कसम मैं उनके सामने होकर भी अनजान हे रहुंगीय उनके किसी काम मई परेशानी नहीं karungi…bus उन्हें रोज देख पाव मेरे लिए यही बहुत ह”

सुनील कविता की बात सुनकर इमोशनल हो गया था उसे वो पल याद आने लगे जब राज कविता को याद करता था उसने खड़े होकर कविता को गले लगाया तोह कविता की रुलाई फुट पड़ी और वो फफक कर रोने लगी ….

सुनील — मुझे तेरी बात पर यकीं h….par तू अकेले जाएगीइ…..

कविता — पर श्वेता….

बड़ी माँ-- मैं वडा करती हु श्वेता यही रहेगीइ उसे उसके हिस्से के प्यार से जायदा मिल चूका ह तू इस बची को उसके भाई से मिलवा दे इसने कैसे जम्प करके अपनी पढ़ाई की ह तू समाज सकता ह 17 साल की उम्र मई बचे 10तह 11तह करते ह और ये 1ईयर मई ह…

सुनील कविता के आंसू और बड़ी माँ के वेड के आगे हार मान चूका tha…..ab उसे दर था श्वेता का जो उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ने वाली थी …..बड़ी बहन पहले से हे बहुत जायदा नाराज थी और अब छोटी बहन भी भयंकर नाराज हो जाने वाली thi…..par वो छह कर भी कुछ नहीं कर सकता था…

तोह वंही ……

शिवानी के पास दीपिका बैठी हुवी थी ..

दीपिका — माहौल इतना गरम क्यों ह और ये भाभी इतने पसीने मई tar-batar क्यों ह…

शिवानी- क्योकि तुम्हरी भाभी को एक🤭🤭🤭😁😁 साल का एकांतवास दिया ह तुम्हारे भाई ने…

दीपिका — 😯😯ओह्ह तभी ये इतनी भड़की हुवी ह… 🙄ये दोनों कुछ जायदा हे बड़े हो गए h…par कोई बात नहीं वक़्त आने दो हिसाब तोह हम भी पूरा करेंगे …आज उनका दिन ह कल हमरा होगा…

फिर वो कड़ी होकर सोनाली के पास चली गयी…

दीपिका-- भाभी उस बेवक़ूफ़ के लिए इतना सोचने की जरुरत नहीं गलती उन्दोनो की ह और भुगतो आप …..बिल्किल भी नहीं ….फिर सोनाली को पलट कर गले लगाकर आप सबसे अछि हो ….उस गधे को आपसे अछि वाइफ इस जनम तोह क्या सात जनम मई भी नहीं मिलेगी …. आप उसके लिए दुखी मत होवो वो आएगा आपके पास हे आएगा….

सोनाली क्या हे बोलती ये तोह उसका दिल जनता था की आज की लड़कियों की तरह उसे प्यार करना और जाताना नहीं अत था उसे अत ह तोह सिर्फ सच्ची फीलिंग्स को जाताना दिखाना …..उसने तोह अपने प्यार को खुस करने के लिए अपनी वर्जीनित्य भी देनी चाही थी पर फिर भी राज ने उसे दूर कर दिया जब की इस बार उसकी गलती नहीं थी …..ये सब सोचते हुवे उसकी आँखों से आंसू girpade…jo दीपिका को तुरंत महसूस हो गए …..

दीपिका — भाभी प्लीज आप रोईए मत आज उसे नहीं रीलीज़ हो रहा ह की आप उसे बिना किसी खवाइश के इतना चाहती हो ……जब कोई दूसरी कहेगी न ये छोड़ दो वो छोड़ दो उससे छोड़ दो तब आपकी क़द्र समाज ayegi….ap प्लीज रोईए mat….meri भाभी आप हो और आप हे हमेसा रहोगी ….

सोनाली — नहीं deepika….usai उसकी जिंदगी जीने दो वो जो चाहता ह करने do…..agar उसकी जिंदगी मई कोई दूसरी भी आगयी तोह मैं हँसते हँसते अलग हो जाउंगी ये कहते वक़्त उसकी आँखों से आंसू बहते जा रहे थे ….फिर वो आगे बोली और वैसे भी अब ह हे कौन …..जिंदगी मई ….एक माँ ह जो जल्द हे भूल जाएगी की उसकी एक बेटी भी ह…… और दूसरा मेरा प्यार जो मुझे लायक नहीं समझता ह..

इतना कहकर वो जिम मई से अपने रूम मई चली गयी ….अब उसके साबरा का बांध टूट चूका tha….deepika उसके पीछे जाने लगी तोह शिवानी ने उसे रोक दिया…

शिवानी-- इनके प्यार की रह बहुत मुश्किल ह जिसमे कितनी बार अग्नि परीक्षा देनी होगी ये तोह रब हे jane…abhi उन्हें रो लेने दो ताकि उनका दिल का दर्द हल्का हो जाये…..

दीपिका और शिवानी ने बाद मई कविता और श्वेता को भी बुला लिया घर पर जंहा इन ख़ूबसूरत बालाओ की बहुत से बाते huvi….aur सोनाली ने कविता और श्वेता की जबरदस्त क्लास ली उन दोनों को ये महसूस कराया की भाई के लिए प्यार ाचा ह पर कभी भी अपने हद को न भूले …..श्वेता और कविता समाज गयी थी की जो हरकत उन्होंने जोगिन्दर सिंह के पास की थी उसके लिए हे उसकी क्लास लगायी गयी ह उन्हें भी रीलीज़ हुवा की उनकी बहुत बड़ी गलती थी…..

तोह दूसरी तरफ….

एक अड़ कंपनी मई …..एक शख्स बहुत गहरी सोच मई था ….उसे समाज हे नहीं ारः था kuch……ye सिमरन का हे बॉस था और पैसे खिलाकर उसने ये पता कर लिया था की वंहा किसी फीमेल की बॉडी नहीं मिली thi…aur इसी बात से वो परेशां था की फिर सिमरन कान्हा gayii…kyoki वो उसकी सोने की चिड़िया था जिसे उसने अचे पैसो मई हर रात की बड़ी कीमत पर बैच दिया था पर अब न सिमरन थी न वो बिल्डिंग न उसको मिलने वाला बड़ा पैसा ऊपर से सिमरन एडवरटाइजिंग से जो पैसा कंपनी को दिला रही थी वो भी कैंसिल होता जा रहा था …..इसलिए इस वक़्त वो बहुत जायदा परेशां tha…tabhi उसके दूर पर नॉक हुवा

सेकरट्री — बॉस ला पैराडाइस मई पार्टी ह …..मुम्बई की सभी जनि मणि हस्ती आएंगी ….आपको वंहा सिमरन का रिप्लेसमेंट मिल सकता ह और हमारी एजेंसी फिर से पैसो मई खेलिगी सर …..

बॉस-- गुड आईडिया हम जरूर चलेंगे….

तोह wanhi---manisha के घर ..

मनीषा माँ-- अरे आगयी tum…acha ये पार्टी इनविटेशन ह तुम्हारे पापा तोह ह नहीं यंहा तोह तुम चलना मेरे साथ….

मनीषा — माँ आप कलेक्टर हो आप हे जाओ hi प्रोफाइल पार्टी मई मुझे नहीं जाना ह…

मनीषस माँ — अरे ला प्रदिसे मई ह सभी जनि मणि हस्तिया होंगी wanha…sab अपने बचो के साथ आएंगे और मैं हे अकेली होउंगी वंहा ..

मनीषा — चौंक कर ला प्रदिसे ok ok मैं चलूंगी पका माँ..

मनीषा माँ छोङकर ….इतनी जल्दी चेंज हो गयी लड़की..

मनीष-- माँ मैं अपनी फ्रेंड को बता के आती हु ……

पीछे मनीषा माँ पता नहीं ये उस लड़के राज के साथ कैसे रही होगी ….पर जैसा इसने बताया मुझे वो लड़का इसके लिए पसंद ह वो हे इसे संभल सकता ह इसके पापा को फुर्सत मिले तोह रिश्ते की बात करके दोनों की सगाई करदे…..

वंही राज हाउस …

सिमरन को राज ने नई लेटेस्ट ी फ़ोन लाकर दे दिया था और उसे हे चेक करते हुवे वो बोली …

सिमरन — परसो बहुत बड़ी पार्टी ह ला पैराडाइस मई …और जैसा तुमने बताया ह उस तरीके से मैं एक बात कन्फर्म कर सकती हु की वंहा अंडरवर्ल्ड के लोग भी honge….aur हो सकता ह किलर आर्गेनाईजेशन के लोग भी हो ….तुम्हे वंहा जाना चाहिए …

राज गहरी सोच मई सोचकर हम्म्म सही kaha….apne …मैं अभी वंहा का इनविटेशन अर्रंगे करता हु…

सिमरन — कोई जरुरत नहीं h…mere पास इनविटेशन आया हुवा ह…

राज — पर आप.

सिमरन — मुस्कराकर इसका भी रास्ता ह आप मेरे बॉडी गॉर्ड बनकर चलना ……वंहा इतने लोग होंगे की एंटर करने के बाद एक दूसरे से मिलना भी इजी नहीं h….aur कुछ हुवा तोह तुम होंगे हे साथ

राज —- तीख ह आईडिया ाचा ह ….

सिमरन — मुझे कुछ तयारी करनी ह फिर राज की आँखों मई देख कर मतलब मेक उप ड्रेस एंड आल…

राज — ok निचे गररगे मई कार्स ह जो पसंद हो आप उसे कर सकती ह मुझे कार ेट्स पसंद नहीं ..

सिमरन - मुस्करा कर तुम्हे भी पर्सनालिटी ग्रूमिंग की जरुरत पड़ेगी ात लीस्ट एक पार्टीवेयर तोह होना हे चाहिए और ग्रूमिंग मैं कर दूंगी ….….

एक साइड और भी बड़ी प्लानिंग चल रही थी…

डेथ हेलो--- इस पार्टी मई कोई कमी नहीं hogii….yanha मिनिस्टर्स से लेकर बिज़नेस में और उनकी फॅमिली होगी ….इसलिए ये जगह अछि रहेगी हमारी प्लानिंग के लिए…

मास्टर-- सनकी जैसे हम सोच रहे ह वैसे हे सभी भी वंहा मौजूद होगा…

डेथ हेलो-- इसलिए हे तोह मास्टर हम बात फैलाएंगे की हम किस पर टारगेट कर रहे ह और वंहा वो लोग हमरा सीकर करने पहुंचेंगे और हमारा एक्चुअल टारगेट उनका सीकर करना होंगे …

मास्टर-- शाबास तुम मेरे डेस्केन्डेन्ट कहलाने के पुरे काबिल हो तीख ह इस मिशन को तुम खुद लीड करोगे…..

डेथ हेलो- यस मास्टर कल की रात मुम्बई दहल जाएगी जब कई बुसिनेस्स्में मरेंगे और एक तरफ हम सभी नाम के दुश्मन को हमेसा के लिए मरेंगे ……..

आज के लिए इतना हे
 
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