Adultery Raj-- hero of the family - Page 55 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 180….



हम तुम….

War……countdown……begins

16..उपदेट्स तू लेफ्ट

राज की सुभे कभी इतनी अछि नहीं होती जितनी उसे पूनम से मिलने के बाद होती थी और आज toh….usai पूनम का एक रूप और देखने को मिला…..

मॉर्निंग ….7.00 ऍम पर उसकी नींद खुली वो फ्रेश और नाहा कर निचे की तरफ आने लगा तोह उसके कानो मई आरती के साथ घंटी की आवाज सुनाई दी उसने देखा अनिरुद्ध और पूनम पूजा कर रहे थे …राज “सच मई पूनम जी एक पुरे सोल ह jismaicare,emotions,responsiblity,faith….aisa कुछ नहीं ह जो मैंने न देखा ho….feelings इमोशंस की केयर करना रिश्ता निभाना सब आता ह ….किसी की भी मन की बात वो समाज लेती ह” राज पूनम के बारे मई बाते हे कर रहा था खुदसे तभी पूनम आरती की थाली लेकर पलट गयी उसके चारे पर अभी हमेशा की तरह प्यारी मुस्कान थी राज पूनम के चेहरे पर आयी मुस्कान को देख सब भूल gaya….poonam ने भी राज को एक बड़ी प्यारी सी मुस्कान दी और उसके पास आकर टिका लगाने लगी राज ..बस पूनम को देखता raha…..poonam ने उसी प्यारी मुस्कान के साथ राज के हाथ को उसके सर पर रखा और टिका लगा दिया और फिर वापस आरती की थाली रखकर बोली “ गुड मॉर्निंग आप और बड़े पापा बैठिये मई ब्रेकफास्ट लाती हु फिर कॉलेज भी जाना ह…

अनिरुद्ध “ औ राज “

राज “ अंकल वो फ्लैट “

अनिरुद्ध “ तुम रखो उसे कभी इमरजेंसी मई काम हे आएगा “

राज “मुम्बई से थोड़ी आउटर मई एक सेफ फार्महाउस लीजिये जो सिर्फ नाम का फार्महाउस होगा …फ्लैट से जायदा सेफ हाउस रहेगा क्योकि आगे क्या होगा आपको पता h…aur है ये आपसे बिलकुल जुड़ा नहीं होना चाहिए ह”

अनिरुद्ध “ तीख ह मैं सेफ जगह धुंध लूंगा और जल्द से जल्द परचेस करता hu…tum बस उन कमीनो को धुंध निकालो और हर्मियो ko.”wo और आगे कीच बोलते पूनम बोल पड़ी…

पूनम “ बड़े पापा घर मई कोई गालिया नहीं“

अनिरुद्ध “ सॉरी सॉरी इमोशंस मई आगया था …राज उनको ऐसी मौत देना की दवा करे की दुबारा जनम हे न हो धरती पर”

राज “मौत आसान ह अंकल सब जो अब तक मिले ह वो सभी और रोज तड़पते ह रोज सजा काट ते ह अपने कर्मो की”

पूनम “ बड़े पापा सुभे सुभे मरने मारने की बाते बिलकुल नहीं इन्हे कॉलेज जाना ह पढ़ने …और आप “

अनिरुद्ध “ ok बीटा जी गलती हो गयी तीख ह राज मैं बाद मई इस बारे कॉल करता हु अभी कॉलेज जाओ अगले मंथ सेमेस्टर भी स्टार्ट हो रहे h…tumhare पढ़ाई भी जरुरी ह”

तभी बहार से हॉर्न की आवाज आगयी

पूनम “ लो वो दोनों भी आगयी”

राज “ मैं बाइक से अत हु “

पूनम और राज को एक साथ बहार अत देख मनीषा और कविता हैरान रह गयी…

कविता “दी भाभी तोह बड़ी तेज़ ह भाई रातभर घर रुके रहे और हमे पता भी नहीं ह”

मनीषा - कुटी तू सही कह रही ह चल ाचा हे जितना जायदा राज पूनम के पास रहेगा पूनम की और खींचता जायेगा ….

कविता जल्दी से बहार निकली और अपने भाई के गले लग गयी राज ने भी उसे अपनी बांहो मई कास लिया और उसके फ़ोरेहेअद पर किश करि ….

राज और कविता दोनों कुछ पल बात करते रहे और फिर कॉलेज निकल गए …..

वंही mandawa……pichli रात पूरी हवेली दुल्हन की तरह सजी हुवी थी पुरे गाँव मई जश्न का माहौल था चारो तरफ लोग फूल लेकर खड़े the….aur सबसे जायदा खुस भीमा और जगमाल सिंह थे उनके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी …छोटी चची ममता जहान्वी अजय सभी रूफ पर खड़े होकर इंतज़ार कर रहे the….tabhi हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी जगमाल सिंह ने सबको इशारा कर diya….dhol नगाड़े सहनाई स्वागत के लिए बजने lagi…sabhi की निघाये हेलीकाप्टर की तरफ थी क्योकि ये तभी आता था जब कोई बहुत खास ारः हो हवेली मई वंही गाँव से दूर एक जाना और निगरानी रख रहा था उसे हेलीकाप्टर हे दिखाई दिया उसके सिवाए कुछ दिखाई नहीं दियाउसने बहुत कोसिस की पर नाकामयाब रहा……

हेलीकाप्टर के लैंड होते हे रिफत की माँ ने बहार की तरफ देखा तोह उसे लोगो की भीड़ दिखाई और ढोल सहनाई की आवाज थोड़ी थोड़ी सुनाई di….pilot ने उन्हें इशारे से एक दिशा मई जाने का इशारा किया वो कारपेट पर चलती हुवी आगे बढ़ी गाँव की महिलाओ ने उन्हें घेर लिया और तिलक लगा कर उनका स्वागत किया वो दोनों बहुत कंफ्यूज थी तभी भीमा आगे आया और रिफत की माँ के पेअर चुवे शेरदिल की माँ कन्फूसिओं से उसे देखने लगी …

भीमा “अपने देवर को नहीं पहचान पायी भाभी ….मैं भीमा आपका भीमा …”

शेरदिल की माँ तोह हैरानी और शॉक से एक पल के लिए वैसी की वैसी हे सीधी कड़ी रह गयी पर जल्द हे उसकी आंखे भीग गयी उसने भीमा के गाल पर हाथ फिराया और बोली “ भीमा हमारा भीमा”

भीमा “ है भाभी आपका और अली भाई का छोटा भीमा ….”

शेरदिल की माँ के पास सब्द नहीं थे और न वो कुछ बोल प् रही थी उसकी आंखे भीगी हुवी थी….

भीमा “आप रो क्यों रही ह भाभी ये तोह खुसिया मानाने का वक़्त ह चलिए बाबूजी और माँ आपका इंतज़ार कर रही ह”

शेरदिल की माँ की रुलाई फुट पड़ी ….उसके लिए इस ख़ुशी को हकीकत मन्ना मुश्किल हो रहा था …..

भीमा “ वो जिसे आप मिली आपके सहदेव भाई का बीटा राज ह “

शेरदिल की माँ खुसी से रो पड़ी अब उसके आंसुओ ने अपना काबू छोड़ दिया और वो बाह निकले …..उसके कदम जल्दी जल्दी हवेली की तरफ उठ गए पीछे आरही रिफत हैरान परेशां दोनों थी …उसे थोड़ा थोड़ा समाज ारः था पर उसके दिल मई बहुत सवाल थे बहुत सरे ….जिनका जवाब उसे अभी मिलना मुमकिन नहीं था इसलिए वो पीछे पीछे चलती रही …. पुरे रस्ते उन पर फूलो की बारिश होती रही ….शेरदिल की माँ की नज़र जैसे हे जगमाल सिंह पर पड़ी ….उसके कदम लड़खड़ा गए वो वंही फर्श पर बैठ गयी ….ठाकुर जगमाल सिंह भी जो हमेसा सख्त रहते थे वो भी जल्दी से अपनी बहु के पास आगये ….क्योकि उन्होंने उसे हमेसा बहु से जायदा बेटी हे मन था …दोनों बाप बेटी एक दूसरे गले मिले …..पुरे गाँव ने ये भावुक मिलान देखा तोह सबका दिल और आंखे भरा आयी.. ….

भीमा जोर से “आज की रात जश्न मानेगा नाच गण hoga..Dawat पूरी रात होनी चाहिए …पूरा गाँव भाभी के आने की खुसी मनाएगा ….”

भीमा के एलान करते हे गाँव वालो के नारे गूंज गए ….छोटी चची और दादी ने तिलक लगाकर आरती उतर कर स्वागत किया ….रिफत अभी भी चुप चाप पीछे हे थी उसके पास ममता चली गयी…. और उसे अपने साथ ले liya…taki वो उनकंफर्टबले महसूस न kare….usai अब पता लगा रहा था की उसके पापा का और माँ की क्या हसितात थी उसकी आँखों मई भी खुसी के आंसू आगये the….sabhi लोग जब हवेली के अंदर पहुंचे…

जगमाल सिंह — आखिर उसने तुम्हे धुंध हे लिया मुझे पता था की तुम्हे कुछ नहीं होगा….

शेरदिल माँ — है बाबूजी unhone(ali) ने हमेसा कहा था जब भी खतरा हो बिना सोचे निकल जाना दूर ….और बाबूजी मैं छिपी रही पुरे 3 साल …..जो पैसे थे उन्हें लेकर तमिलनाडु चली gayi….taki कोई हमे पहचान ना सके ….और wanhi….rifat और अहसान की पढ़ाई करवाई कुछ वक़्त और जब वापस आयी तोह उदयपुर की हवेली पूरी खण्डार बन चुकी थी वंहा कोई नहीं tha…pata करने पर पता चला आप सब उसी हवेली मई मरे गए इसलिए मैं टूट गयी और फिर उप आकर रिफत के पिता ने दूर पहड़ि के पास बेस गाँव मई एक जगह ली थी ऐसे हे बुरे वक़्त के लिए वंही रहने lagi…..sherdil को वंही ट्रेनिंग दी ताकि वो आप सबकी मौत का बदला ले सके....

जगमाल सिंह — मुझे तुमसे यही उम्मीद थी bahu….tumhe कैसे पता लगा की राज मुम्बई….

शेरदिल माँ — मुझे नहीं पता था ….पहले सहदेव भाई और अब राज ने हमे बचाया ….और जब हम उसके घर गए तब उसने पूछा तोह मैं खुदको उसे मेरी सचाई बताने से रोक नहीं पायी और किस्मत का खेल देख उसे मिलने के कुछ कुछ घंटो मई हे यंहा हु और …राज ने भी मुझे नहीं बताया की वो मुझे आपके पास भेज रहा ह….

जगमाल सिंह - वो ऐसा हे ह …..ये हमरी पोती ह कितनी छोटी थी और अब देखो ….कितनी बड़ी हो गयी ह …ाचा हमारा शेर कान्हा ह ….क्या वो राज के पास रूक गया ह…

शेरदिल माँ — उसे तोह पता भी नहीं ह …..ह ki….raj उसके मां का लड़का और उसका भाई ह…

जगमाल सिंह — तुम उसे कुछ मत बताना राज खुद बताएगा ….जब उसे तीख लगेगा …तब तक ….तुम भी चुप हे रहना…

“ तीख ह जैसा आप चाहे”

इनकी बाते होती रही और बहार जश्न मई शामिल भी हुवे रिफत अपनी बहनो और भाई अजय से मिलकर बहुत खुस हुवी ….उसे उसका बड़ा सा रूम भी मिल गया था ….

इधर …..मुम्बई करंट टाइम

कविता “ इतस नॉट फारे भाभी आप अकेले जा रही हो”

पूनम उसके गाल पर हाथ सहला कर ….तुम्हारे भाई के लिए हे मन्नत मांगी थी की वो मुझे मिल जाये …तोह उनके साथ हे मंदिर आउंगी इसीलिए जा रही हु akele…agli बार जंहा भी जाउंगी साथ हे चलेंगे बस खुस प्रॉमिस…”

कविता “ yehhhh…..thats व्हाई ी लव ु सो मच भाभी…. आप बहुत बहुत अछि हो आप सब समाज जाती हो आप जाईये भाई बाइक निकल रहे ह और है बिलकुल चिपक कर बैठना प्यार भड़ता ह हे हे हे”

पूनम “बहुत बदमास हो गयी ह कतई”

पूनम पार्किंग की तरफ चल दी ….

राज घडी मई टाइम देख कर जैसे हे पूनम को ढूंढने के लिए पीछे मुदा पूनम पीछे कड़ी थी…

पूनम “ चले राज जी”

राज “ बिलकुल चलिए “

पूनम पीछे एक तरफ दोनों पेअर करके बैठ गयी….

कविता दूर से “ मनीषा दी भाभी ये क्या कर रही ह उन्हें चिपक कर बैठने को कहा था पर वो तोह …..”

मनीषा “वो ऐसी हे ह कुटी मोर्डर्न गर्ल …विथ टिपिकल इंडियन गर्ल नेचर ….वो राज को अपना पति मान चुकी ह इसलिए शर्म और झिझक दोनों कर रही ह”

इधर….

राज “ चले पूनम जी”

पूनम को पकड़ने के लिए कुछ मिल नहीं रहा था ….और राज को पकड़ने मई उसे दिकत हो रही थी ….

राज समाज गया ….पूनम की आवाज न आने पर उसने पूनम का हाथ पकड़ा और अपने कंधे पर रख दिया….

पूनम का दिल जोरो से धड़का क्योकि ये पहली बार था जब राज ने उसके साथ को इस तरह चुवा था उसके चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान थी उसने राज के कंधे को पकड़ लिया …..राज की बुलेट चलदी मंदिर की और पीछे बैठी पूनम की खुसी दूर से भी देखि जा सकती थी ….आखिर होती क्यों नहीं अपने पति के साथ अपने प्यार के साथ बैठना ड्राइव पर जाना हर लड़के और लड़की का सपना होता h…..aur आज उसका ये सपना सच हो रहा था ….रोड पर जब वो किसी दूसरे कपल्स को देखती तोह उसके चेहरे की मुस्कान और बढ़ जाती ….रस्ते मई पुलिस की चेकिंग चल रही थी राज ने भी बाइक को रोक li….jab पुलिस वाले ने लाइसेंस माँगा तोह ….राज ने नहीं मई जवाब दिया …..बाइक डाक्यूमेंट्स मांगे तोह नहीं मई जवाब दिया …पुलिस वाला और उछलता राज ने उसे पॉकेट्स से निकलकर 2000 का नोट थमा दिया …पुलिस वाला मुस्कराने लगा और राज को जाने दिया …. पूनम जोर जोर से आगे निकलते हे खिलखिलाकर हंस padi…..raj के चेहरे पर भी बड़ी सी मुस्कान thi..aj पहली बार था जब कॉमन में की तरह उसने घूस दी थी ….

पूनम “ राज जी आप भी “

राज “ पहली बार वैसे सकल देखि थी उसकी है है है “

पूनम भी जोर से हंस पड़ी….

पूनम ने मंदिर पहुंचते हे अपने सर को धक् लिया और हीमत पत्नी की तरह राज का हाथ पकड़ लिया …..राज ने सोचा भीड़ की वजह से पकड़ा होगा इसलिए कोई धयान नहीं diya…poonam ने मंदिर मई राज के साथ हे किसी जोड़े की तरह एक साथ माथा टेका पर दोनों के मन ख्याल अलग थे जंहा राज अपने मकसद को पूरा होने की दवा मांग रहा था तोह वंही पूनम “हे प्रभु अपने मेरी मन्नत पूरी करि ह …मैं बस इन्हे अपने जीवन साथी के रूप मई चाहती hu….bhagwaan आपकी इस भक्त पर कृपा करे इनके जोभी ढक ह वो मेरी झोली मई डालदे और मेरे हिसाई की खुसिया भी इन्हे दे दे…….”

आज सायद किस्मत अछि थी पूनम की पंडित ने भी आश्रीवाद देते हुवे कहा “ भगवान् दोनों की जोड़ी बनाये रखे” पूनम का रोम रोम खिल गया दोनों बहार आकर ….एक जगह बैठ गए ….

पूनम “ अपने ये मास्क क्यों लगा रख ह राज जी इसे हटा सकते ह “

राज ने पूनम को देखा और कहा “पूनम जी आपके इस दोस्त के दुश्मन इस चेहरे को हर जगह ढूंढ रहे h…muje खुद का दर नहीं ह पर मेरे अपनों को कुछ हो जाये ये मैं कभी नहीं चाहूंगा”

पूनम कुछ पल राज को देखती रही और फिर अपने हाथ की एक डोरी को खोलकर राज के हाथ मई बांध दिया “ ये मेरी भक्ति की शक्ति ह मेरे कान्हा के रहते आप चाहे कितनी भी मुसीबत हो आप सुरक्षित रहोगे”

राज “ भगवन इतना हे सुनता तोह सायद आप और मैं अनाथ हे नहीं होते “

पूनम “ हम अनाथ कान्हा ह आप और मैं साथ ह न “…..

पूनम की बात सुन राज पूनम को देखता हे रह गया ……

पूनम ने फॉरेन बात को पलट ते हुवे कहा “ ाचा तीख ह इस डोरी को हमरी दोस्ती की निशानी समझकर बंधे रखना ये आपको मेरी याद dilayegi…matlb हमारी दोस्ती ki….apka दोस्त आपका इंतज़ार कर रहा ह”

राज के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी…

पूनम “ राज जी वैसे मनीषसे बता रही थी स्कूल लाइफ मई बहुत लड़किया लत्तो थी आप पर ….और आपको भी किसी से प्यार हुवा…”

पूनम ने पूछ तोह लिया पर जवाब उसे भी पता था की क्या आएगा और किस तरह आएगा पर राज ने पूनम को गुसाई के बिलकुल उलट प्यार से जवाब दिया “ पूनम जी …प्यार सिर्फ नाम ह …बिलकुल वैसे हे जैसे परियो की कहानिया होती ह जो होती तोह ह पर सिर्फ खव्बो मई …पर मुझे तोह वो भी नहीं पता क्योकि परियो की कहानी की उम्र मई मैं घर का काम करता tha…aur जब थोड़ी समाज आयी तब ट्रेनिंग स्कूल कब दिन उगता और चिपटा पता हे नहीं होता tha….aur प्यार की बात toh…huva था पर कहते ह न सचाई और भलाई की राह पर सब पीछे रह जाता ह वही यंहा हुवा …छोड़ दिया उसने भी ….दुसरो के बहकावे मई aakar…isliye प्यार सिर्फ धोखे के naam…h ..और धोखे से मुझे शाक्त नफरत h….isliye ी हेट love….i हेट लव….”

दोनों के बिच काफी दिएर ख़ामोशी छायी रही ……

पूनम “ गुसा बहुत गुसा ह आपके मन मई ….क्या उस लड़की के इलावा रिंकी ने आपको धोखा दिया उसने भी तोह आपके सामने प्यार का ीझ हार किया था ….अपने भी तोह उसे मन किया न……”

राज शॉक से उसे देखने लगा

पूनम “ मुझे अपने दोस्तों के बारे मई सब पता होता ह इसलिए ऐसे हैरान मत होईये ……ाचा तोह फिर सोनाली है सोनाली ये नाम मनीषा कविता काफी बोलती h….usne तोह आपके लिए सबकुछ छोड़ दिया ह na….kya उसने आपको धोखा दिया क्या वो आपसे प्यार नहीं karti….raj जी एक ने धोखा दिया इसलिए अपने प्यार की जगह नफरत का सहारा ले लिया …पर क्या बाकी ने सच्चे दिल से आपकी केयर नहीं करि तब आपको प्यार नहीं दिखा अपने भी तोह उनका दिल toda…..kya उन्होंने कभी आपसे नफरत या शिकायत करि …. सच बोलू …मुझे लगता ह आपको प्यार हुवा हे नहीं ….अंकल की बात याद ह आपकी जिंदगी मई प्यार भी सरल नहीं होगा …आपकी जिंदगी मई मेरा दिल कहता ह …बहुत प्यार करने वाली लड़की आएगी या सायद चुकी ह …वो आपकी हर बात समझेगी आपको बेइंतिहा प्यार karegi….apki खुसिया आपके दुख आपकी हर मुश्किल मई साथ कड़ी rahegi….Bus आपको खुद समझना होगा वो कौन ह”

राज के दिल मई पूनम की बाते सुनकर बेचैनी सी उठने लगी ….वो अब और सहन नहीं कर पा रहा tha….uske दिमाग मई सोनाली का चेहरा घूमने लगा वो अब बर्दास्त नहीं कर पा रहा था उसका सर दर्द करने लगा

राज “ चले हमे देरी हो रही ह”

पर पूनम राज की हालत देख कर बोली “ भूक लगी ह”

राज मन करना चाहता था पर पूनम के चेहरे को देखते हे वो सब भूल गया वो मन हे नहीं कर पाया ….

पूनम “ मुझे गोलगप्पे और भेल पूरी कहानी ह कहते ह मुम्बई की चाट सबसे बेस्ट होती ह मुझे मौका हे नहीं मिला ह घूमने का”

राज पूनम के चेहरे पर आरही खुसी को देखर अपनी बेचैनी को भूल बैठा उसने उसके छरहरे को गौर से कुछ पल देखा तोह ….उसे उसका चेहरा …अपने सपनो वाली लड़की की तरह दिखा …..पल भर मई हे उसका मन शर हो गया..

पूनम “ आप फिर सोच मई डूब गए अब इतनी सी डिमांड पर भी आप इतना सोचने लगे “

राज ने है मई गर्दन हिलाड़ी और पूनम को लेकर चौपथी पहुंच गया उसने पूनम के साथ गोलगप्पे भेलपुरी ..और भी बहुत कुछ खाया और दोनों ने काफी वक़्त समुन्द्र के किनारे साथ बैठकर तोह किनारे पर चलकर बिताया ….आज पूनम और राज के रिश्ते की एक सुरुवात हो चुकी thi….raj को पूनम की बाते और उसका साथ बहुत ाचा और सुकून भरा लग रहा tha…..poonam ने अपनी साफ़ और प्यारी बातो से राज के दिल मई जगह बना ली थी उसे इस वक़्त न समय की चिंता थी न किसी बात की वो तोह चाहती की वक़्त यही रूक जाये और वो राज के साथ ऐसे हे रहे ..वो कभी घूमती …कभी muskarati….raj भी पूनम की ख़ुशी से खुस था ….उसे पूनम से जुड़ाव पहले हे महसूस होता था और पूनम बिलकुल वैसी हे थी जैसा वो था रेस्पेक्ट करने वाली …केयर करने wali….pyar बांटने वाली….

राज “पूनम जी 4 बज गए ह हमे चलना चाहिए ह”

पूनम ने एक ाँह भरी और बोली “ वक़्त आपके साथ जैसे चाँद पालो मई हे गुजर गया थैंक यू सो मच आज के लिए राज ji..pata ह मैं कभी अपने बाबा और चची के सिवाए कंही गयी हे नहीं ….कभी पूजा पथ बस गाँव की शादी तक जाना या बस स्कूल यही मेरी दुनिया thi…kabhi दोस्त बने हे नहीं …पर यंहा आकर मनीषा जैसी बहन कविता जैसी डॉल और आपके जैसा एक सच्चा दोस्त मिला ….फॅमिली मई लगा जैसे मेरे भी अपने h…par आज का ये दिन मेरी अब तक की जिंदगी का सबसे ाचा दिन ह ….मैं बहुत खुस हु….

राज समाज पा रहा था की पूनम कैसा महसूस कर रही h…isliye उसने अभी कुछ नहीं कहा….

पूनम ने दोनों की ढेरो सेल्फी ली थी …जिसे वो अपने एल्बम मई लगाने वाली thi….raste मई वो राज के करीब होकर baithi….wo हर पल जीना चाहती थी….

जब वो घर पहुंची तोह कविता पहले से हे वंहा मौजूद थी पूनम ने कविता को देखते हे पकड़ लिया और और गले लगते हुवे उसके साथ नाचने लगी …..

कविता “ भाभी आज क्या क्या किया बताओ न प्लीज”

पर पूनम तोह उसे पकडे हुवे मुस्कराये जा रही थी और नाच रही थी उसने कविता के बार बार पूछने पर भी कोई जवाब नहीं दिया

कविता,” हे भगवन मेरी भाभी को पागल कर दिया अपने …..अभी से ये हालत ह तोह शादी के बाद क्या हाल होगा इनका”

पूनम ऐसे हे काफी दिएर नाचती घुन घुनती रही और कविता बस पूनम को देखती रही…

कविता “इनके लिए मैं तोह जैसे हु हे नहीं ये तोह अभी पिछली याद मई हे ह”

इनसे दूर ….दिल्ली…..

डेथ हेलो - 30 तारिक को रक्षाबंधन ह तोह वो लड़की अपने भाई को राखी बांधने जरूर घर से निकलेगी …अगर घर होगी तोह…. कमिश्नर के घर पर निघाये जमाये रखना ….और खासकर सिंघानिया परिवार पर kyoki…us दूसरी क्या नाम ह दीपिका उसका भी इस लड़की श्वेता से खास रिश्ता लगता h…Aur अगर मेरा सक सही ह तोह ये जरूर सब उस दिन एक साथ हे होंगे और वो लड़का राज भी ayega…..tum लोग बस उनका पीछा करो ….की कान्हा जाते h…..muje साडी जानकारी चाहिए ह ….कोई गलती नहीं ….इस बार इनका रक्षा का बंधन हमेसा के लिए हे तोड़ dunga….waise भी कप्तान सिंघनिया तोह बिस्तर पर पहुंच हे गया ह …धीरे धीरे एक एक करके सबको मुक्ति मिल jayegi…..sirf एक प्रोजेक्ट के लिए मेरे भाई को मारा क्या सोचा कोई नहीं ह उसके पीछे जैसें को मारकर खतरा ताल गया ……बस एक वार और इस बार तुम्हरा खेल ख़तम हो जायेगा…..

डेथ हेलो ने पूरी दिल्ली मई सायद हे कोई जगह चौड़ी हो जंहा उसके आदमी न हो …हर जगह अंडरवर्ल्ड के आदमी Raj,Deepika और श्वेता को ढूंढ रहे थे पर इंटीनो की कोई भी खबर डेथ हेलो को अब तक नहीं मिली thi..wo बहुत जायदा ..गुसाई मई था पर उसे पता था की उसका वक़्त भी आएगा और वक़्त आने वाला भी tha…..kyoki रक्षाबंधन का दिन भी पास ारः tha…aur हर बहन के लिए ये दिन बहुत खास होता ह ….पर ….यंहा भी इस बार कुछ ऐसा होने वाला था जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी यंहा इस बार किसी एक की दुनिया पलट जाने वाली थी ….सभी अपनी अपनी तयारी मई लग गयी thi…Mandawa...Mamta और जहान्वी छोटी chachi…Rifat ….सब बाजार मई आज खरीदारी करने gayi…thi …जिसमे सबसे जायदा एक्ससिटेड जहान्वी थी जो बहुत जायदा खुस थी ….क्योकि बहार जाना मतलब आइस क्रीम चॉकलेट पिज़्ज़ा उसे मिलता था और जो सबसे जायदा परेशां था वो अजय क्योकि उसे सबके बैग्स उठाने बिलकुल ाचा नहीं लग रहा था और तोह और किसकी राखी अछि ह ये सब भी बताना पढ़ रहा tha……uski हालत सबसे बुरी थी

जहान्वी-- ममता दी ये वाली भाई के लिए अछि होंगी …..न ….

ममता-- अपने जो पसंद की वो बहुत अछि ह ….पर आपको 4 राखी लेनी होगी ….आपके 4 भाई होंगे ….इस बार …

जहान्वी - वो 4 भाई मतलब खूब साडी पॉकेट मनी hurre……main चार हे लुंगी…..

रिफत - कन्फूसिओं से ममता को देखने लगी….

ममता- रिफत आपको तीन भाई तोह पता ह आपके चौथे भाई का नाम सुनील सिंघानिया ह …..राज और वो बचपन से हे साथ साथ रहे ह हमेसा ….वो राज की फॅमिली को हे अपनी फॅमिली मंटा ह ….

रिफत — आप मिली हो उनसे…

ममता — क्या रिश्ता बनाने और निभाने के मिलना जरुरी होता h….rishta अपने आप जुड़ जाता ह जब कोई आपके और आपके उस हर शख्स की केयर करे जिसे आप पसंद या चाहते हो और सुनील भाई ऐसे हे ह ….

रिफत — तब तोह मैं उनके लिए जरूर लुंगी….

पीछे घर पर …

जगमाल सिंह — कौन ह ये भीमा

भीमा - बाबूजी ये …गाँव के बहार हेलीकाप्टर से कौन आया ह पूछ ताज कर रहा tha….aur ऐसा …राजस्थान के हर जिले मई निर्वाण परिवार के साथ कर रहे ह ऐसा लगता ह कोई हमे कई सालो से धुंध रहा h….par निर्वाण परिवार बहुत सरे ह…

जगमाल सिंह — है है है ….आसपास के गाँव हमरे ह ….यंहा कोई गद्दारी नहीं करेगा खासकर आसपास के दस गाँव तक पर हेलीकाप्टर आना बड़ी बात होती h….koun ह इस कुत्ते का मालिक …

भीमा — हरी सिंह….

जगमाल — हरी सिंह ये भी कुत्ता हे ह ….इसे मरना आसान ह …और उसे मार दिया तोह और लोगो के भी राज खुल जायेंगे इसका मोबाइल लो सुर हमारे आदमी को इसकी जगह लगाकर गलत जानकारी भेजते रहने को बोलो वात आने पर उसी भी निपटा जायेगा……

भीमा जी बाबूजी….

Mumbayi…..mai भी रक्षाबंधा की तैयारियां चल रही thi…kavita पूनम और मनीषा तीनो मार्किट आयी हुवी thi….poonam और मनीषा को कोई सागा भाई नहीं था पर वो दोनों हे खुस थी क्योकि दोनों मनीषा के मां के लड़के को राखी बांधने जाने वाली thi….….teeno ने नयी ड्रेस और सुन्दर रखिये खरीदी ……गिने चुने दिन हे रह गए थे अब राखी के लिए ……कविता बहुत बहुत जायदा खुद थी क्योकि बचपन के बाद पहली बार वो राज को राखी बांधने वाली थी वो 10 तरह की अलग अलग राखी ले चुखी थी…

पूनम “कुटी 3 हे राखी बंधिनी ह पर तू दस ले चुखी h…ab चल …कुछ कहते ह ….

कविता — दी आईडिया ह आप दोनों भी मेरे साथ चलिए न मंडावा वंहा सब होंगे वैसे भी आप कंही और जाओगी नहीं ..यंहा से फ्लाइट ह और वंहा से 3 ऑवर की ड्राइविंग इस बहाने आप अपना ससुराल भी देख लेंगी….

पूनम “ अपने जोर से धधकते दिल के साथ शादी से पहले न बाबा न”

मनीषा- इडियट अभी हो गयी शादी तेरी हो गयी तेरी मांगी …कर्ली ह तेरी रिश्ते की baat….are यही तोह मौका ह …वंहा सब होंगी …मतलब सब …तू चल तोह सही …ससुराल देख नाचने न लगे तोह कहना

पूनम “ पर बाबा और चची और बड़े पापा..”

कविता मनीषा एक साथ हम मन lenge…unhe….waise भी तुजे कौन मन करेगा हमारे साथ जाने से …

पूनम के चेहरे पर शर्म की एक मुस्कान आगयी….

मनीषा-- ोये होये दुल्हनिया ससुराल jayegiii….dekh देख कैसे शर्मा रही h….jaise सच मई इसकी विदाई हो रही ….

पूनम “ तू पिटेगी मुझसे” इतना कह वो मू थक कर मुस्कराने लगी

कविता और मनीषा जोर जोर से हसने लगी पूनम को dekhkar….poonam का चेहरा उतर गया …..

पर बाते अभी ख़तम कान्हा हुवी थी ये तोह सुरुवात थी इस बार बवाल बहुत बड़ा होने वाला था …

पुणे …

दिव्या — ये लो ऋचा वर्क दोने हो गया ह …

ऋचा- यस मम…

दिव्या — सिर्फ बुआ ….

ऋचा — जी मम ी मैं बुआ …

दिव्या — तुम मेरे सामने इतनी घबराई घबराई सी क्यों होती हो

ऋचा — नहीं …ऐसा कुछ नहीं…..

दिव्या मंद मंद सब जानते हुवे मुस्करा रही thi…..usai पता था की क्यों ऋचा हड़बड़ा जाती ह उसे पास देख कर आखिर अपनी होने वाली सास को देख कर कौन नयी दुल्हन हड़बड़ा नहीं जाती ह जिसमे ऋचा की बहुत बड़ी उम्मीद तोह दिव्या हे थी और दिव्या भी उसे बखूभी परख रही थी…

ऋचा — मैं पेमेंट का चेक करती हु वर्कर्स को एडवांस मिला या नहीं …क्योकि रक्षाबंधन पर काफी मजदुर जायेंगे तोह वर्क तीन दिन स्टॉप रहेगा…

दिव्या — तुम नहीं jaogi…..ghar ….

ऋचा — पापा मम्मी के पास दीवाली को जाउंगी …वैसे भी रक्षाबंधन मैं यही मानती हु…

दिव्या — तोह इस बार तुम मेरे साथ चलोगी …अनिरुद्ध भाईसाब से मैं बात करलूँगी…..

ऋचा की तोह सांस हे अटक गयी ….

दिव्या - वंहा हम राजस्थान के कुछ देसिग्नेर्स से भी मिलेंगे ताकि इंटीरियर ओल्ड लुक मई ए विंटेज फीलिंग के साथ बहुत ाचा लगेगा….

ऋचा — जी मम सॉरी बुआ जो आप कहे हम कब निकलेंगे ….( ऋचा भैंसासुराल के नाम से मन हे मन खुस हो उठी)

दिव्या — हंयँहा 27 मॉर्निंग को निकलेंगे 28 को मुम्बई से niklenge…shopping करेंगे और वंही से निकलन जायेंगे …मैं भी देखु वो नालायक कैसे रहता h….mumbayi mai…..kyoki मैंने बहुत सुना ह की जंहा वो रहता ह उसके पास लड़कियों तितलियों की तरह मंडराती रहती ह तुम भी तोह उसके साथ पढ़ी हो…..

ऋचा — बुआ राज ऐसा नहीं h…par…

दिव्या -पर क्या… तुम उसके साथ सिर्फ पढ़ी ho….aur सिमरन से मिल हे चुकी हो वो दस दिन उसके घर रही thi…jabki मैंने उसे इनसबसे दूर रहने को कहा था …..अरे ये मैं कैसे भूल गयी थी मुझे तोह उसे इस बारे मई उस नालायक से बात करनी थी…..

तोह यंहा राज सुनील से बात करा रहा था…

राज — तोह मेरे भाई कोई लड़की पसंद की मतलब गफ बानी ….

सुनील — तुजे पता ह न मुझे ये बिलकुल भी पसंद नहीं वैसे भी तेरे पीछे वाली साडी मेरी हे जान कहती h….aur यंहा ऑफिस से फुर्सत नहीं होती h…aur पापा का पता हे छोटा सा एक्सीडेंट हो गया था तोह लोड जायदा ह

राज — हम्म्म वैसे यार आज सुभे से हे हिचकिया आरही ह इसीलिए तुजे फ़ोन किया सब तीख तोह ह न…

सुनील — है है है …..तुझेक्या टेंशन होगी सेल ….तेरी वाली किसी का भी तेरे पर जोर चलता नहीं ह तेरे सामने बोलती निकलती नहीं ह और सब मेरे पर हे अपनी भड़ास उतरती ह ….खासकर वो दोनों झाँसी की रनिया …सोनाली मम और शिवानी मम ….कमीने दोनों कभी तेरे पिछवाड़े मई एक साथ गोलिया दाग देंगी ये जो एक बीवी और एक साली ह ले लेंगी teri….waise यार आज सुभे से मेरा दिल भी बहुत बेचैन h….sabki सिक्योरिटी भी तीख ह कोई खतरा अभी तोह दिख नहीं रहा ह…..

राज…— है यार यंहा भी अभी तक सिचुएशन मेरे अकॉर्डिंग हे ह कंही कोई खतरा दिख नहीं रहा ह फिर पता नहीं ये हिचकिया और जी घबराना क्यों हो रहा ह कल तक तोह सब तीख था ….

तभी सुनील के ऑफिस केबिन पर नॉक हुवा ….

सुनील — भाई एक सेकंड ….होल्ड रखना फिर “ के इन “

तभी सुनील की सेकरट्री अंदर आयी….

सेकरट्री - सर मुझे थ्री डेज की लाइव चाहिए थी 29 से….

सुनील — क्यों क्या हुवा ….शादी ह या कोई फंक्शन ह…

सेकरट्री — नहीं सर 30 को रक्षाबंधन ह…

सुनील —- रक्षाबंधन ……..

राज फ़ोन की दूसरी तरफ rakhsabandhan….naam से उछाल पड़ा

सुनील — तीख ह तीख जितने दिन चाहिए ले लो ….

सुनील की बास्त सून सेकरट्री हैरान रह गयी जो बॉस लीव के नाम पर बहुत सरे सवाल पूछता था आज ऐसे हे सिर्फ ऐसे हे है करदी…..

सेकरट्री - सर र यू फाइन शुड ी कॉल तो डॉ….

सुनील — या ी म फाइन फिर फ़ोन पर “ भाई ये तूने इसे सेकरट्री क्यों बनाया ह ….यार एक मिनट मुझे परेशां देखते हे डॉ को बुला लेती ह….

राज - तू उसे छोड़ अब समाज आया …रक्षाबंधन मतलब तूने और मैंने घंटा कुछ नहीं किया h….bhai तू हे ले ले na….is बार भी प्लीज

सुनील - चल सेल बोलना भी मत वर्ण …

सेकरट्री में सुनील के मू से गली सुनी तोह मऊ.. खुला रहा गया सुनील की उस पर नज़र पड़ी तोह उसे इशारे से जाने को बोलै…

सुनील” पिछली बार तेरी वजह से बिना वजा दीपिका दी से पिता था …तू जाने तेरा गिफ्ट जाने मुझे नहीं pata….wo सेकण्ड्स मई पहचान लेती ह किसने ख़रीदा ह मैं नहीं पड़ने वाला तेरे पचड़े मई और वैसे भी इस बार सब नाराज ह tujse…toh मैं पीटना नहीं चाहता हु”

राज “ बहुत पछतायेगा मुझे मन कर रहा h..mera वक़्त भी आएगा ….समझा”

सुनील “चल चल हवा आने दे बड़ा आया धमकाने वाला तेरी धमकी से जायदा उनकी पिटाई का दर लगता ह मैं तोह जा रहा हु पूरी दूकान उठाने पता नहीं दी को कौनसी पसंद ए और है इस बार तेरी प्यारी अंजना डार्लिंग भी होगी गाँव मई तोह बीटा बच के रहना तेरी एक गलती तेरी कायदे से लगवा देगी ….क्योकि दिव्या बुआ को तू जनता हे …वो सबके सामने हे रख देती ह ….मुझे तोह ऑफिस मई गुसा होने पर सरका दिया था…..

राज “ मुझे अब सच मई दर लग रहा ….”

राज का डरना वाकई बहुत जरुरी था …क्योकि अंजना दीपिका ऋचा पूनम मनीषा श्वेता कविता ममता और उस चुटकी बम जहान्वी का होने बहुत खतरनाक tha….par राज को क्या पता था की नाम तोह और जुड़ने वाले थे अभी पर उसकी टेंशन तोह अभी ये थी की ….वो बहनो के लिए गिफ्ट क्या le…usai कोई रास्ता नहीं दिखा तोह उसे पूनम की याद agayiii…usne तुरंत पूनम को कॉल लगा दी….

इधर पूनम कविता और मनीषा के साथ संडे की वजह से शॉपिंग का पूरा फायदा उठा रही thi….uske मोबाइल पर रिंग हुवी तोह …उसने मोबाइल बहार निकलकर ज़ुल्मते नाम देखा तोह वो खुस हो गयी…

पूनम “राज का कॉल ह”

मनीषा— उठा तोह…

पूनम “ hello राज जी”

राज “ hello पूनम जी आपके पास आज कुछ वक़्त ह….”

कविता मनीषा जो कान लगा कर सुनरहि थी उन्होंने क्यों पूछने का इशारा किया…

पूनम “ क्या हुवा राज जी “

राज “ कुछ नहीं वो रक्षाबंधन ह तोह बहनो के लिए गिफ्ट लेने ह और मैं इन सब मई जीरो हु और मेरी बहनो का आप जानती हे हो”

मनीषा कविता ने है बोलने को कहा …

पूनम “ ok आप क्सक्सक्स मॉल पहुँचो मुझे भी कुछ सामान लेना ह मैं भी पहुंच जाती हु”

राज ok दोने मैं अभी अत हु…

कविता - पक्का सुनील भाई ने राखी का याद दिलाया होगा तभी गिफ्ट ेट्स लेने आरहे ह ..हम कुछ मिनट्स बाद निकलते ह

मनीषा — पूनम मेरी बहन राज तुजे अपना ाचा दोस्त मैंने लग गया ह ….मैं खुस हु की तू उसके दिल मई जगह बना रही ह वो बहुत ाचा ह और तुजसे अछि लड़की उसे नहीं मिलेगी ये भी मैं जानती हु …..तू अंकल से कहकर टिकट बुक जरूर करवा देना भीड़ रहेगी वर्ण टिकट्स नहीं मिलेंगी….

पूनम “ है मैं अभी कह देती हु”

अनिरुद्ध गोस्वामी के पास उसी वक़्त फ़ोन आया…

दिव्या — कैसे हो भैया …

अनिरुद्ध - अरे गुड़िया ….

दिव्या — मैं अब गुड़िया नहीं हु मेरे भी गुड़िया हो गयी….

अनिरुद्ध — है है है है मेरे लिए तोह h….aur हमेसा तू गुड़िया हे rahegi…,kaise याद किया गुड़िया ने आज..

दिव्या - मैं ऋचा को लेकर मंडावा जा रही हु रक्षाबंधन को आपको टिकट्स बुक करवानी h….aur है मैं एक दिन मुम्बई हे रुकूंगी देखु जरा कैसे रहता ह नालायक ….

अनिरुद्ध — अरे ये भी कोई कहने की बात ह जब दिल करे तब आ ….मैं टिकट बुक करवाता हु…

दिव्या तीख भाई रखती हु….

अभी कॉल कट हे हुवा था ki…tabhi पूनम का कॉल अनिरुद्ध के मोबाइल पर आने लगा…

अनिरुद्ध , “ आज पूनम को अपनी दोस्तों के पास रहते हुवे बड़े पापा की याद कैसे आयी”

पूनम “ बड़े पापा मैं तोह आपको हमेसा याद करती हु …है वो मनीषा का कॉल आया था न आपके पास …

अनिरुद्ध- नहीं aya…kya हुवा…

पूनम — कविता और मनीषा मुझे रक्षाबंधन पर मंडावा लेकर जा रही ह मैंने मन किया पर कविता जिद कर रही ह….

अनिरुद्ध - तोह प्रॉब्लम क्या घूमकर ajao…chacha चची को मैं समझा दूंगा…

पूनम - तोह बड़े पापा 28 की टिकट्स बुक करनी h….flight की…

अनिरुद्ध — ok दोने ……

कॉल कट होते हे.

अनिरुद्ध वो दोनों भी मंडावा जा रही और ये तीनो भी मंडावा जा रही ह …. राज भी जा रहा h…..anirudh अचानक हे जोर से जोर से हसने lage……aur हँसते हुवे हे बोले “ वाकई इसकी जिंदगी मई एक से जायदा का प्यार ह ….और अगर उस योगी बाबा की ये बात सही ह तोह वो बात भी सही hogi…nahi नहीं …हे ईश्वर ऐसा घोर अनर्थ मत करना ….राज को कुछ मत होने देना भगवन ….”अनिरुद्ध के चेहरे की मुस्कान उड़ गयी …..

अनिरुद्ध गोस्वामी का दिल घबराने लगा उन्होंने राज को अकेले कंही नहीं जाने का फैसला किया ….और तुरंत राज को कॉल लगा दिया…

राज - है अंकल…

अनिरुद्ध — तुम मंडावा जाओगे….

राज - है ….

अनिरुद्ध — दिव्या भी आरही ह उसके साथ हे चले जाना ….

राज - पर यंहा जरुरी काम ह अंकल…

अनिरुद्ध मैंने तुमसे एडवाइस नहीं पूछी h…main प्राइवेट प्लेन बुक करवा रहा हु मैं भी साथ चलूँगा ….

राज — तीख h…jaisa आप चाहे….

कॉल कट होने के बाद …” अब इन्हे क्या हुवा यार ये क्यों भड़के हुवे ह …आज के दिन हो क्या रहा ह ओह सहित पूनम जी इंतज़ार कर रही होंगी” पर जल्द बाज़ी मई वी भूल गया की दिव्या भी मुम्बई आरही h…..raj ने तुरंत अपनी …बाइक दौड़ा दी ….और जल्द हे वो पूनम के पास पहुँच गया …

राज “ आप तोह मुझसे भी पहले पहुंच गयी ह…”

पूनम “ मैं यही थी कुटी और मनीषा के साथ वो घर गयी और मैं आपका इंतज़ार कर रही हु”

राज — ओह्ह तब तोह वो नाराज होंगी मुझसे …एक्चुअली मुझे सभी के लिए गिफ्ट लेना था तोह मैंने उन्हें नहीं बताया क्योकि …आपकी मू बोली बहन हमेसा शिकायत करती ह की मैं उनके लिए कुछ नहीं लेता हु तोह सोचा आपकी हेल्प से गिफ्ट lu…sabhi बहने खुस हो जाएँगी और मनीषा bhi…khus हो जाएँगी…

पूनम अपनी चिर परिचित प्यारी मुस्कराहट के साथ मुझे पता ह …वैसे गिफ्ट मई ड्रेस दे सकते ह …ब्यूटी से जुडी हुवी परफ्यूम हैंड बैग्स कुछ भी दे सकते h…yanha सब गिफ्ट्स के लिए चीजे मौजूद ह…

राज इधर उधर देखते हुवे सोचता रहा क्या गिफ्ट करू …पूनम ने राज का हाथ पकड़ते उसे अपने साथ खिंच लिया” दूर से क्या पास से चलकर देखते ह….”

तभी राज की नज़र ज्वेलरी स्टोर पर gayii….aur पूनम को उस तरफ जाने का इशारा किया …

राज और पूनम अंदर पहुंचे तोह सबको लगा कपल्स ए ह रिंग ेट्स के लिए इसलिए सबने जायदा धयान नहीं दिया ….पर कहते ह न किस्मत कभी भी खुल सकती ह वही आज किसी एक साथ होने वाला tha…sabko छोड़ एक लड़के ने दोनों का वेलकम किया….

राज “ मुझे रक्षाबंधन पर अपनी बहन को गिफ्ट करने के लिए बिलकुल यूनिक और ब्यूटीफुल पीेछे चाहिए ह”

सेल्समैन — जी सर आईये और राज और पूनम के बैठते हे उसने 10000 से लेकर लाख रस तक की रिंग्स और ब्रेसलेट दिखाए जो राज और पूनम को पसंद नहीं ए …

राज — दोस्त क्या मैं आपसे यही उम्मीद कर सकता hu….ki यही ह आपके पास …

सेल्समेन — सर बजट बता dijiye..main और दीखता हु

राज - आप लेकर तोह औ दोस्त ….आप दिखाओगे तभी तोह बजट बनेगा …अगर नहीं हुवे तोह मन कर दूंगा और हुवे तोह ले लूंगा ….

राज की बात सून बाकी सेल्स भी उत्सुकता से सामने चल रहे टाइम पास को देखने लगे …..अंदर केबिन से देख रहा मैनेजर भी agaya…wo समझदार था….

मैनेजर सर आप मेरे साथ आईये …

राज - सेल्समैन की तरफ देखकर आप इन्हे साथ लीजिये ये एक अचे इंसान ह….

मैनेजर — ok

और फिर राज के सामने यूनिक और कॉस्टली दसिग्नस आने lagi….Raj ने पूनम की तरफ देखा तोह उसके चेहरे पर खुसी देख वो समाज गया और उसे अचानक कुछ सूजा ….पर उसने उस वक़्त कुछ नहीं कहा…

पूनम “ राज ये चार डिज़ाइन सबसे अछि ह इन मई से कोई भी पसंद कर सकते हो…

सेल्समैन “ को दर लगने लगा क्योकि प्राइस देखते हे उसे उम्मीद थी की राज मन कर देगा और मज़ाक बन जायेगा….”

राज -ok तोह तीख ह और बाकि ये …

पूनम “है ये भी अछि ह….”

राज मन मई जोड़ने लगा ….और बोलै 9 पीेछे बनवाने ह ….

ये सुनते हे सबकी आंखे फटी रह गयी …..मैनेजर आपका मतलब 9 सेट

राज है 9 सेट अरे नहीं 10 सेट और एक सेट मुझे अभी चाहिए और 3 ब्रेसलेट जो सबसे यूनिक हो ….

पूनम “ ये वाले डिज़ाइन अचे ह राज मुझे ये बहुत पसंद ह आप जिसे देना चाहते हो उसे जरूर पसंद आएगा”

राज 2 ब्रेसलेट ये बनवाने ह और एक ब्रेसलेट जो सिर्फ एक बार हे बने या ररली हे दिखे वो चाहिए ह 27 की नाईट तक ….आप कर पाएंगे…

सेल्समेन मैनेजर की तरफ देखने लगा दोनों हैरान थे …

राज - ओह है ये लीजिये कार्ड जो आपकी पेमेंट ह कम्पलीट डेडक्ट कर लीजिये …बूत 27 नाईट …को मैं यंहा से पिक करवा लूंगा …

मैनेजर ने फटा फैट आर्डर स्लिप बनवायी और कीमत करोड़ो मई थी …पूनम भी राज को देखने लगी और एक नेकलेस जो राज को अनु के लिए चाहिए था वो उसने अभी ले लिया ….

बहार एते हे पूनम “ क्या बात ह खूब साडी गफ ह क्या जो इतने नेकलेस लिए ह ….”

राज “ जिन्दा रहने के लिए ये कीमत बड़ी नहीं ह पूनमजी आपको मैं बता नहीं सकता हु आगे क्या होने वाला h….ap ये समाज लो बहुत पीटती होने वाली ह घर जाते हे”

पूनम “ मुस्कारते हुवे इस बार आपके साथ मैं भी होउंगी और देखूंगी जिसे सब डरते ह वो पिट ते हुवे खुद कैसा दिखतः ह ये कहते वक़्त उसकी आँखों मई चमक थी और चेहरे पर मुस्कान”

सायद आप सबकी उम्मीद के परे….. ki…..sabki मुलाकात कैसे होगी श्वेता जो ऋचा की बेस्ट फ्रेंड हुवा करती थी वो दोनों आमने सामने hogi….Anjana जो राज की सेक्स और इमोशनल पार्टनर थी वो होगी दीपिका और ममता होंगी …मनीषा के सामने सुनील hoga….bawal तोह होना तय ह कैसे करेगा राज सबको मैनेज और इनसबके बिच सुनील की हालत क्या होगी ….ये सब देखना बहुत रोचक रहने वाला ह जब पता लगेगा की सुनील को सब पता था……

आज के लिए इतना हे ….6.5क वर्ड्स का ह सो बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का ….

 
अपकमिंग अपडेट181 ों वेडनेसडे....
 
अपडेट टोम्मारो आफ्टरनून 2पं
 
अपडेट 181…

बेचारा…..

War……countdown……begins

15…..उपदेट्स तू लेफ्ट

डेट..27 Aug…morning….

राज — कान्हा ह चुड़ैल..

अनु गुसाई से — तुम….. क्या हुवा तैयार हो रही हु कॉलेज के लिए…

राज — घर से होती हुवी जाना ….

अनु - कॉलेज मिलते ह न …

राज — तुजे एक बार मई मेरी बात नहीं माननी होती ह न ..

अनु - भड़क क्यों रहा h….aati हु न ….अब रखेगा तब आउंगी न …..कैसा भाई मिला ह ाचा हुवा तू भाई निकला वर्ण मैं लड़कर हे मर जाती…

राज - मर मैं जाता आखिर तू रोज खून जो पीती मेरा …और है तेरे लिए खून रखा h.i मैं ब्रेकफास्ट बनाया ह तोह ऐसे हे अजना…

अनु गुसाई से तड़फड़ा उठी- रूक तुजे मैं बताती हु मैं तेरा खून पीती हु.. …..

कॉल कट होते हे राज मुस्करा उठा …उसने टेबल पर सारा नास्ता लगाया और अनु का इंतज़ार करने लगा…

कुछ हे दिएर मई अनु भी आगयी और राज के दूर ओपन करते हे उसके ऊपर झपट पड़ी…

राज “ अरे अरे …लग जाएगी …😅चुड़ैल..

Tere…tere…👻nakhun देख रूक जा ….

अनु — मैं तोह 😾चुड़ैल हु खून पीती हु न …और हर्ज़ क्या h…tum मेरे भाई हो तोह😼 तुम्हारा खून तो piungi…he न…

राज ने अनु को अपनी बांहो मई कास लिया “ 😉अरे मज़ाक कर रहा था तेरे साथ”

अनु “ तुम्हे बहुत मज़ा अत ह😡 मुझे तंग करने मई “

राज “ एक भाई का इतना☺️ हक़ तोह बनता और वैसे भी मुझे सच मई तुजसे लड़ना तुजे तंग करना ाचा लगता ह… आए बैठ तेरे लिए सैंडविच …और वो तेरा फव. पास्ता ..सब बनाया ह”

अनु “ मेरे लिए ब्रेक फ़ास्ट …बनाया वो सो स्वीट 😘…और राज के गाल पर किश कर दी”

अनु को बिठाकर नास्ता करने लगा …

राज - सत्य मत 😳हो बताया तोह था

अनु चिढ़कर “ 🤨हुऊ मैं क्यों सत्य होउंगी वैसे कोई काम था”

राज “ ओह है ….वेट अभी आया “

फिर राज गिफ्ट को लेकर आया और अनु के सामने रख दिया ….

अनु “ ओह मेरे लिए वो😊 …”वो जैसे हे खोलने लगी राज ने उसके हाथ पर थपड मारा …अनु के मू से 😦ोुकच्छ की आवाज निकल गयी..

राज “इसे बाद मई देखलेना अपने साथ लेजाकर समझी अभी सिर्फ ब्रेकफास्ट कर”

अनु जीब निकलकर “अकड़ू भाई🙄 गन्दा भाई….”

राज “ जोर जोर से हसने लगा ….

अनु के साथ कुछ और बाते करि अनु गिफ्ट लेकर चली gayiii….usai साबरा हे नहीं हो रहा …था इसलिए उसने कार मई हे बॉक्स को ओपन कर liya….pahle उसे एक नोट मिला

“ एक उपहार रक्षाबंधन का मेरी pyari…gusail बहन को उसके इस भाई की तरफ से ….कल मैं कुछ दिन के लिए बहार जा रहा हु तोह राखी को तेरे पास नहीं hounga…par मेरा प्यार और साथ तेरे साथ हमेशा रहेगा”

अनु की आंखे भर आयी आखिर उसका खुद का भाई शक्ति पिछले कितने हे सालो मई एक बार भी उसे मिलने तक नहीं आया था ….ये त्यौहार ये दिन उसके लिए सबसे बड़े ढक के दिन के रूप मई अत tha…hamesha उसे रुलाता था पर आज उसकी आँखों मई ख़ुशी के आंसू थे उसने उन्ही ख़ुशी के आंसुओ के साथ गिफ्ट को खोला तोह अंदर बेहद सुन्दर नेकलेस था जिसे देख उसके उसके चेहरे पर ख़ुशी की बड़ी सी मकान आगयी आगयी … “ ी लव यू भईईई”

इधर …..

अनिरुद्ध “ पूनम बेटी तुम कॉलेज जाओ मैं हु न “

पूनम - बड़े पापा ऋचा मेरी बहन आरही ह तोह मैं कैसे जा सकती हु कितने वक़्त बाद आरही ह …आप जाइये मुझे मेरी बहन से मिलना ह “

अनिरुद्ध -अरे भाई मैं कान्हा जाऊ मेरी भी तोह गुड़िया आरही ह …अगर उसे पता चला मैं ऑफिस गया हु तोह वो सब तहस नहस कर देगी..

पूनम ने सोचा ऋचा की बात कर रहे ह इसलिए वो मुस्कराने लगी और …सबके लिए ब्रेकफास्ट की तयारी करने लगी …मनीषा और पूनम भी पहुंच गयी और जब उन्हें ऋचा के आने का पता लगा तोह वो भी घर हे रूक गयी कविता नहीं पता था की बुआ भी आरही ह ….वो तोह मजे करने lagi….usai पता था आज उसकी भाभी जरूर स्पेशल बनाएंगी और उसे खाने का बहुत शोख tha…..par उसे क्या पता था की कुछ हे दिएर मई उसके होश उड़ने वाले ह …

अनिरुद्ध मोबाइल से जरुरी इंस्ट्रक्शंस दे रहे थे सोफे पर बैठे ….सभी अपने काम मई लगे हुवे थे…

मनीषा- टिकट्स बुक करवा दी ह ..

पूनम — है बड़े पापा को कह दिया था manisha-waise राज का पता नहीं ह वो कब जायेगा मैं पुछु क्या…

पूनम — उन्हें काम ह बताया था उन्होंने ….

कविता - ाचा भाई ने क्या लिया बताओ न…

पूनम — कुटी फिर सुप्रिसे कैसा रहेगा ये ले तू ये चीज़ सैंडविच खा …..

मनीषा - तू हमारी तरफ ह या उसकी तरफ …पूनम “मेरी बहन यंहा बात सुप्रिसे की ह एक भाई ने दिल से गिफ्ट लिए ह अपनी बहनो के लिए ….तोह सोच बता दिया तोह उसपर क्या बीतेगी…”

9 हे बजे थे की घर की बेल्ल रिंग हुवी…

अनिरुद्ध ने जल्दी से खड़े होकर दूर ओपन किया तोह सामने ऋचा कड़ी थी…

“पापा ी मिस्स्स ोूउउ सूऊऊ सोऊ मछःह…..” इतना कह वो गले से लग गयी…

अनिरुद्ध भी भावुक हो गए आखिर ऋचा पिछले 3 साल से घर से दूर थी और साल मई 5 या 6 दिन हे अति थी….

अनिरुद्ध अपने आंसू पूंछते हुवे “ मेरी बेटी तोह बड़ी हो गयी ह..”

ऋचा “ पापा आप फिरसे”

अनिरुद्ध “ बाप बाप होते ह उसकी औलाद हे उसका सबकुछ ह ….इतने दिनों बाद बेटी से बाप मिलेगा तोह इतना हक़ तोह उसका बनता हे ह”

पीछे से आवाज आयी “ सही कहा भाई अपने”

अनिरुद्ध “ गुड़िया अजा …”

और अनिरुद्ध ने उसे भी गले लगा लिया …और पीछे कड़ी पूनम जो बापबेटी के मिलान से इमोशनल thi….wo धयान से दिव्या को देखने लगी ….

दिव्या “ हम्म भाई घर तोह खूब बड़ा लिया हुवा ह….”

अनिरुद्ध “ गुड़िया तेरी अदद आज भी वही h…chal अजा ….”

दिव्या जैसे हे अंदर आयी उसकी नज़र पूनम पर padi….toh वंही हैरान परेशां थी कविता ऊपर रूम मई थी उसे कोई खबर हे नहीं thi…..ki निचे क्या हो रहा ह ….

दिव्या “ अरे तुम ….तुम तोह वही हो न हरिद्वार …कॉल waali…maine तुम्हे कितना ढूंढा पर तुम मिली हे नहीं”

पूनम भी पहचानते हे खुस हो गयी “ है मैं वंही हु और आप yanha…maine सपने मई भी नहीं सोचा था की ऐसे मुलाकात hogi…apse…”

अनिरुद्ध और ऋचा एक साथ —आप जानत ह एक दूसरे को …

दिव्या ने साडी बात टिया पिटे हुवी batayiii….jisai सून अनिरुद्ध और ऋचा के रौंगटे खड़े हो गए …

दिव्या “ और देखो तुम्हारी वजह से मेरा राज मेरा बीटा मुझे मिल गया “

बूम…… पूनम को तोह सांप सूंग गया सुनकर ….वो क्या बोले सब उसकी समाज से बहार tha…..usne जल्दी से आगे बढ़कर …दिव्या के पेअर चुवे ….

दिव्या “बेटी तुम्हारी जगह मेरे दिल मई तुम्हारी वजह से हे हम उस दिन बच पाए थे क्या नाम ह तुम्हारा”

पूनम “ जी पूनम”

दिव्या “ बहुत ाचा नाम ह बिलकुल तुम्हारी तरह ….और तुम मनीषा कैसी हो बेटी”

मनीषा ने भी आगे बढ़कर पाँव चुवे

मनीषा “ बुआ मैं अछि हु …फिर हँसते हुवे …कविता भी यही ह”

दिव्या “ क्या वो यंहा h…bulao ज़रा उसे “

अनिरुद्ध “ बचे ह क्यों एते हे पद गयी उनके पीछे “

दिव्या “ भैया बेतिया ह अगले घर भी जाना ह …कॉलेज नहीं जाना inhe…khana इन्हे बनाना नहीं अत …हालत देखो inki…jayda फ्रीडम भी ाचा नहीं होता ह “

कविता जैसे हे निचे आयी उसकी ख़ुशी उड़ गयी क्योकि उसने दिव्या को मंडावा मई देखा था की वो कुछ बातो को लेकर बहुत स्ट्रिक्ट thi….isliye नीची गर्दन करके कड़ी हो गयी…

साइड मई …मनीषा पूनम से “ ये ह तेरी असली सास डॉ दिव्या निर्वाण और कामचोर log…jhut बोलने वाले इन्हे बिलकुल पसंद नहीं ह और मैंने सुना ह जब ये तीन आगे मई थी गन चलना सीकर करना इनकी हॉबी thi….inke आगे तोह राज की छू भी नहीं निकलती ह”

पूनम एक बार मनीषा को तोह एक बार दिव्या को देखती की अब क्या होगा ….

कविता - सॉरी बुआ …..आगे से …कॉलेज मिस नहीं करुँगी..

दिव्या — यही तीख रहेगा …वर्ण आप जानती ह की अगर हमने कोई फैसला लिया तोह ..कोई उसे बदल नहीं payega…breakfast kiya…aur नहीं किया तोह हमारे साथ कीजिये….

पूनम ने जल्दी से सबके लिए ब्रेकफास्ट लगाया टेबल पर सब चुप हे थे…

अनिरुद्ध “ अरे भाई सब चुप क्यों हो दिव्या एक माँ ह तोह बचे गलती करे तोह दन्त पड़ती हे ह अब सब तीख ह”

दिव्या भी मुस्कराकर “ अपने माता पिता का नाम कभी झुकने मत देना किसी भी वजह से बस ये याद रखना …इसने( कविता ने) बहुत बवाल किया था यंहा तक आने के लिए इसलिए इसे दांत पड़ी ह

सब कविता को 😳देखने लगे कविता नीची गर्दन करके जूस 🤗पिने लगी…

दिव्या “ इसकी भोली सकल पर मत जाना ये और इसकी जोड़ी दार श्वेता अफाट की पुड़िया h…bechare जोगिन्दर भाई का बप हाई करवा दिया दोनों ने मिलकर एक भागने की धंखी देती तोह एक बिखरी और गुंडे से शादी करने की धमकी देती….”

पूनम मनीषा 😲😲 हहहहह कुटी….

दिव्या “कुटी अरे ye…..toh अफाट सुनामी h…dono एक साथ हुवी नहीं की …भूचाल आना तय h….mandawa पुलिस वालो से लड़कर agayiii…..papa को रात को सोने नहीं दिया ….sunil…ko ऑफिस मई घुटनो के बल बिठाये रखा …..और तोह और कमिश्नर ऑफिस तक को नहीं छोड़ा दोनों ने “

सबके मू खुले 😲😲हुवे थे इवन अनिरुद्ध भी हैरान😳 थे….

कविता “ हे 🤗हे हे वो तोह किसी ने भाई से मिलने नहीं दिया तोह क्या करती हम बचो की कोई सुनता हे कान्हा ह”

दिव्या “है जैसे हमारी बात मान हे ली तुमने अब ये छोड़ो वो नालायक कान्हा ह”

कविता को लगा जैसे भाई को पता था फिर भी नहीं बताया इसलिए उसे भी शरत शूज gayiii….aur उसके होठो पर बड़ी सी 😈मुस्कान आगयी ….मनीषा कुछ बोलती उसे पहले हे ..

“भाई क्या …वो होंगे अपनी😏 गफ के साथ honge…college आते हे कान्हा ह उसके साथ हे घूमते ह”

दिव्या क्या ……

मनीषा पूनम ऋचा की आंखे बड़ी हो गयी ऋचा हैरान थी की राज की गफ ह तोह पूनम मनीषा परेशां थी ये कब हुवा गफ कब बानी और बानी तोह बानी उसके साथ घूमता कब ह….

कविता “ है बुआ 😏वैसे भी घर अकेले हे होते ह एक बार हम तीनो थी तब भी एक लड़की आयी थी वो क्या नाम था उसका है याद आया अनु ….”

दिव्या - क्या घर भी आती ह …

कविता “ है हमेसा अति ह 😈अब कितनी दिएर रूकती ह वो मुझे नहीं पता ह और आज भाई कॉलेज के लिए मन कर चुके थे ….क्यों मनीषा दी …पूनम dii…ap भी बोलो आती ह न

दोनों क्या बोलती तोह उन्हें सच बोलकर हामी भरनी हे पड़ी….

दिव्या “ क्या कहा था ऋचा मैंने वो लड़का बिगड़ गया ह तुम्हारे साथ तक हे तीख था wo…aj लेती हु उसकी खबर ..कोई उसे बताएगा नहीं वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा मुझे बोलता ह माँ जो आप कहोगी वही करूँगा और अब श्वेता को छोड़ना चाहिए था उसके पास “….

कविता “🤗 बुआ मैं हु न”

दिव्या “🤨 आप तोह अभी भी यही हो न फिर क्या कर लिया”

कविता के चेहरे पर दुबारा😈 कामिनी मुस्कान agayii…aur बोली… “ मैं उनकी गफ नहीं हु न और 😘आजकल के लड़के लड़कियों के प्यार को आप जानती हे वैसे भी अब भाइयो को बहनो से जायदा गफ प्यारी होती ह”

कविता के चेहरे पर कामिनी मुस्कान देखकर …मनीषा पूनम तोह उसके हक्की बक्की रह gayiii….ki ये लड़की कितनी शातिर h….poonam ने निचे से पेअर भी मारा पर कविता तोह कविता थी वो कान्हा रुकने वाली थी….

दिव्या —😤 आज शामको हे उसकी खबर लेती हु…..

ऋचा पूनम मनीषा तीनो हे अलग अलग सोचने लगी ….

पूनम “ ये कविता भी न राज जी को बिना फालतू मई दांत पड़ेगी …अब अगर मैं कुछ बोलती हु तोह …मुझे पर सक karengi…kya करू..”

ऋचा “ओह तोह ये ह मनीषा दिखने मई भी सुन्दर ह …ये राज के साथ रही थी और राज भी मुम्बई ह कंही दोनों का अफेयर नहीं नहीं ये नहीं हो सकता ह”

मनीषा “ मतलब राज तोह गया क्या इन्हे मेरे और राज के रिलेशन पर भी डाउट होगा …..और ये तोह सॉफ्ट से तोतली स्ट्रिक्ट हो गयी ह “

दिव्या “ वैसे मनीषा तुम और राज भी तोह देहरादून साथ हे रहे थे ….”

मनीषा जल्दी से “ हहहह हम तोह दोस्त ह क्लास्स्मेटिस …बस और कुछ नहीं”

दिव्या “ पर मैंने तोह ये सब पूछा हे नहीं तुमसे….”

मनीष मन मई “ हे भगवन कितने सवाल पूछ रही ह ाचा ह मेरी सास नहीं बानी वर्ण क्या होता मेरा “

दिव्या “ क्या हुवा सोचने लगी मुझे तुम्हारे मम्मी पापा से भी मिलना “

मनीषा का दिल जोर से धड़कने लगा “कक्को क्क्क्य हुवा”

दिव्या “ बात करनी ह कोई दिकत ह “

मनीषा “ नहीं तोह बिलकुल नहीं “

अनिरुद्ध- गुड़िया कितने सवाल करती ह आदत नहीं गयी तू मिलने आयी ह या इनकी क्लास लेने …चल नास्ता करले फिर हम बाटे करते ह…

दिव्या — जी Bhai…..apne टिकट बुक करवा दी…

अनिरुद्ध — मैंने प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन बुक करवा दिया ह …

दिव्या “ ये तोह और भी अछि बात ह ..”

मनीषा पूनम एक साथ पूरा प्राइवेट प्लेन बुक करवा दिया ह….

ऋचा - बहुत ाचा किया पापा अपने ये ….

दिव्या -Ok तोह फिर हम कुछ दिएर बाद शॉपिंग पर चलते ह फिर शामको उस नालायक के पास हे रुकेंगे और वंही से एयरपोर्ट चलेंगे….

अनिरुद्ध — गुड़िया खतरा जायदा ह ……तुम्हारे राज ने बिना बॉडी गॉर्डस को कंही भी जाने से शाक्त मन किया ह औ मैं तुम्हे बताता हु …और दिव्या को अपने स्टडी रूम मई साडी बाते बताई पूनम के राज को बचने से लेकर अब तक की….

दिव्या “ ok उसे इवनिंग का कह देना की आप आएंगे और कुछ मत बताना और 7 सीटर हे ले चलेंगे hum…taaki एक हे कार मई अजय और लगगे सारा आप डायरेक्ट हे पहुँचवा देना “

अनिरुद्ध - ये सही रहेगा…

इनके पीछे ….

पूनम ने घोर नहीं किया या अवॉयड किया पर दिव्या की बात सुनते हे मनीषा के कान खड़े हो गए थे की ऋचा राज के साथ पढ़ी हुवी h…..aur उसके दिमाग मई बहुत साडी बाते घूमने लगी और उनसबको कन्फर्म करने का तरीका थी श्वेता जो उसके मन मई आरहे खयालो की सचाई बता सकती thi…usai दर लग रहा था की अगर राज का पहला प्यार र से सुरु था और वो र हे ऋचा ह तोह क्या होगा पूनम और ऋचा बहन से भी बढ़कर ह क्या बीतेगी दोनों पर ..…उसका दिल दर से घबराने लगा….

पूनम “ क्या हुवा तुजे “

मनीषा “ कुछ नहीं मैं तीख हु मैं वाशरूम जाकर आती hu”usne बाथरूम मई आकर कई बार श्वेता को कॉल लगाया पर उसे पता नहीं था की वो अब दिल्ली से दूर चली गयी ह…..

उधर ….अनु काफी दिएर अकेले हे सोच मई बैठी रही फिर कॉलेज से अपनी फ्रेंड को lekar….raj के लिए राखी लेने चली गयी उसने बड़े प्यार से राज के लिए राखी kharidi……usne अब दिल से राज को अपना भाई अपना लिया …..वो बहुत खुस थी की शामको राज को राखी बंधेगी और साथ खाना खायेगी…..

दूसरी taraf…Delhi मई…

सुनील — दी आप कब तक मुझसे नाराज रहोगी मैंने क्या किया ये तोह raj….wo आगे कुछ बोलता उसे पहले हे..

“ चुप बिलकुल चुप तुम दोनों एक जैसे हो और तुजे सब पता ह न ….की वो कान्हा ह….”

सुनील — दीपिका के सामने बैठकर मेरी प्यारी दी ….अपने अपनी बस्ती से (अंजना) पूछा न क्या हुवा तोह सोचो राज सह पायेगा की कोई आपको ज़रा सा भी ढक पहुचाये वो आपको सबदे जायदा मंटा ह आपको पता ह फिर भी ….और वैसे भी मैंने तोह कुछ नहीं किया फिर मुझे क्यों दन्त पड़ती ह हमेशा

अंजना — है है है क्योकि तुम उसके बेस्ट फ्रेंड भाई सब जो हो

सुनील - सो फनी न ….मैं आपके लिए राखी लाया hu….jo पसंद ए ले lo….kyoki कल मांडवा के लिए निकल रहे h…par हमे आज रात हे कंही जाना होगा पहले…..

दीपिका हैरानी को छिपकर “ तू झूट बोल रहा ह न हम मंडावा जायेंगे ”

सुनील — अरे दी मैं आपसे कभी झूट बोलल…...

दीपिका गुसाई से आंख दिखती हुवी

सुनील - आपकी कसम राज कल पहुंच जायेगा मंडावा बाकि आप उसी से पूछ लेना आप बोलो तोह पीटने मई मैं भी हेल्प करूँगा ….

अंजना “ खुसी से सुनील के गाल चूमकर सच मई आएगा”

सुनील गाल साफ़ करते हुवे “ आप मुझे क्यों किश कर रही हो वो आएगा उसे हे कर लेना “

अंजना मुस्कराते हुवे सुनील के बालो मई हाथ फेरकर “ अरे पगले तुजमे मुझे भाई नज़र अत ह ….अब रिलेशन ऐसे कम्प्लीकेटेड ह की मैं दीपिका को बहन मानती हु और राज मेरा प्यार h….rishta निभाने जाऊ तोह बहुत मुश्किल ह इसलिए दिल से जो ह वो ह …और मेरे दिल ने पहली बार मई हे तुजमे भाई देखा था “

सुनील सर खुजलाते हुवे “ ये राज हमेशा मुझे उलझा के रखता ह”

दीपिका — चल जल्दी से रखिये दिखा ….मुझे पसंद करनी ह और मेरी नई ड्रेस जो पहनूंगी वो कान्हा ह…

सुनील — दी सब ह आप दुबारा से गुसा मत हो जाना आप तोह बस पसंद करो निचे कार्स ह उनमे सब ह देखलो जो पसंद ए रख लेना बस…

दीपिका — तीख ह तुजे माफ़ किया इतना कहते वक़्त उसके चेहरे पर मुस्कान thi…sunil सीधा दीपिका के गले लग गया …..और दीपिका ने भी उसे ख़ुशी से गले लगाकर खूब प्यार दिया ……

मुंबई….

दिन का वक़्त गुजरता गया और शाम हो gayiii…..anu राज के घर पहुचीइ

राज - अरे चुड़ैल इस वक़्त …..

अनु — अब चुड़ैल अपने भाई रक्षास के पास आएगी न खून पिने …

राज - तोह कैसा लगा गिफ्ट ….

अनु अंदर जाते हुवे “ हम्म्म सस्ता था ….पर इतस ok “

राज पीछे से अनु को गुदगुदी करते हुवे “ क्या बोलै तूने “

अनु “ हे हे हे हे मज़ाक कर रही thi…bus bus….bhai प्लीज …सच …..bolti….hu…rook…jao…”

राज - अब आयी न लाइन पर सच बता ….

अनु राज के गले मई दोनों हाथ डालकर राज के दोनों गाल पर किश करते हुवे “वर्ल्डस बेस्ट गिफ्ट ….थैंक यू सो मच …..मुझे इस गिफ्ट से जो ख़ुशी मिली ह वो अब तक नहीं मिली ह…. और फिर राज को हाथ स पकड़कर उसे सोफे पर बिठा दिया फिर ….अपने बैग से राखी nikali….par राखी निकलते निकलते उसकी ख़ुशी उसके आँखों मई दिखने lagi…usne खुसी को बहने दिया और राखी के प्लास्टिक पैकेजिंग से निकल कर राज को कलाई आगे करने का इशारा किया राज भी अनु को देखते हुवे हे हाथ आगे कर दिया …..राज अनु को देखता रहा और अनु भी राखी बनते हुवे राज को देखती rahi…raj ने अनु को अपने गले लगा लिया ….दोनों हे बहुत खुस थे …..

राज “ चल साथ खाना कहते h…..ghar पर मन कर दे…..”

अनु “ मैं भी सीखूंगी बनाना

राज - सूरे ok अजा…..

और दोनों लग गए तयारी mai….janha राज अनु को चिड़ाये जा रहा था

शाम के 7 बज गए थे…

राज “ पगली अत ऐसे थोड़ी गुंथा जाता ह सरे हाथ और कपडे ख़राब कर लिए …

अनु ने रोनी सकल बना ली …

तभी दूर बेल्ल की आवाज हुवी….

राज “ इसे मैं करता हु तू देख कौन ह”

Anu….usi हालत मई दूर ओपन करने गयी और दूर ओपन करते हे सामने कविता कड़ी थी

कविता “ तुम यंहा और ये क्या हालत बना राखी ह”

अनु कोनसी काम थी वो कविता श्वेता से 2 कदम आगे thi….usne भी उल्टा जवाब दिया “ हम मिलकर खाना बने रहे ह तुम्हे कोई दिकत “

राज “कौन ह अनु”

अनु “ janu…..wo तुम्हारे दोस्त की बहन आयी ह….

राज तुरंत सब छोड़ बहार आया बहार तब तक दिएर हो चुकी थी मनीषा ऋचा पूनम कविता के पीछे दिखाई दी अनु भी उन्हें हे सामने कड़ी घूर रही thi….janha ऋचा मनीषा कविता गुसा थी तोह पूनम राज की हालत पर मुस्करा रही thi….raj सबको हक्का बक्का देखता रहा…

“ओह तोह जनाब यंहा जणू जणू खेल रहे ह खाना बनाना सीखा रहे ह …और मुझे तोह बोलै था है है जैसा आप कहोगी वैसा होगा दिख रहा ह कैसा हो रहा ह और कितनी बात मणि जा रही ह”

राज के तोह आवाज सुनते हे हाथ पाँव फूल गए ….वो भागता हुवा गेट के पास आया …पर अनु को कान्हा परवा थी वो तोह अपनी हे धुन मई थी

अनु “ ओह्ह आज तोह एक और आयी ह “

राज “ चुप हो जा मेरी माँ ….क्यों मेरी कब्र खोद रही ह”

तभी चारो के पीछे से दिव्या आगे ईई….

“रूक तुजे मई बताती हु”

राज “ मायआ”

अनु “ मा” इससष्ठ कहते हुवे उसने अपनी जइब दांतो टेल चबलि….

दिव्या अनु की तरफ देख कर - और तुम ….तुमसे बाद मई बात करती hu…..”aur तुम …एक दिन नहीं काट ता ह तुमसे इन तितलियों के बिना”

राज “ तितलियाँ माँ मेरी बात तोह सुनो”

दिव्या “सुन्ना क्या ह आँखों से हे देख रही हु मैं “…

राज ने आगे बढ़कर दिव्या को गोदी मई उठा लिया

दिव्या “ उतर मुझे निचे तेरी चिकनी चुपड़ी बाते नहीं सुन्नी ह मुझे और न अब मैं आने वाली हु ….”

पीछे सभी धीरे धीरे राज की हालत देख मुस्करा रहे थे और कविता वीडियो बना रही thi….anu भी चुप चाप एक तरफ कड़ी थी…

राज “ नहीं उतरूंगा …आप पहले मेरी बात सुनोगी”

दिव्या “ नहीं ….बिलकुल नहीं ……

राज “ तोह मैं भी निचे नहीं उतरूंगा”

दिव्या “बस बस तीख ह तीख h….pahle निचे उतर मुझे…”

राज “तीख ह मेरी स्वीट सी माँ”

दिव्या “ और तुम( अनु ) यंहा औ …कान्हा ह तुम्हारे माँ पापा ……जणू बेबी ……क्या ह ye….padhne की उम्र मई ये सब करती हो…

राज ने जल्दी से दिव्या के मू पर हाथ रख दिया “ मेरी माँ इस बचे की भी सुनलो एक बार”

अनिरुद्ध “ गुड़िया उसकी भी सुनले एक बार

कविता “ सुन्ना क्या h…humne सब सुना और अपनी इन बड़ी बड़ी आँखों से देखा ह..”

राज “ चुहिया चुप कर तू “

कविता “ देखा न आप सबने अब आप बताओ ये मुझे ऐसे दन्त ते ह …एक तोह चोरी और ऊपर से सीना जोरि..”

पूनम मनीषा एक दूसरे को टुकर टुकर देखती रही ….पूनम ने आगे बढ़ कविता को पीछे खींच लिया और उसे चुप करा दिया….

राज “ माँ ये अनु ह ….”

दिव्या “ गफ जो रात को घर रूकती ह ..”

राज “ हे भगवन ……हे भगवन माँ तेरे सर की कसम ऐसा कुछ नहीं ह …और तू …चुड़ैल यंहा आ …जब देखो उल्टा पुल्टा बोलती रहती ह…..”

दिव्या “ वो क्या बोलेगी “

राज “ अरे तू यंहा आ न ….तब से वंही कड़ी अब पीतवके मानेगी मुझे”

पीछे मनीषा “ाचा ह 4 ,5 पड़े तोह कुछ जायदा हे आशिकी का भूत सवार ह …सही कहती ह बुआ तितलियाँ मंडराती रहनी चाहिए इसे अपने पास ..

राज बड़ी बड़ी करके मनीषा को देखने लगा …वंही ऋचा भी हैरानी और शॉक से सब देख रही thi….bura तोह उसे भी महसूस हो रहा था पर …वो चुप हे रही …..वंही पूनम की नज़र राज की कलाई पर गयी तोह उसे समझते दिएर नहीं लगीई और उसका दिल मई जो हल्का सा दर्द अनु को देख कर उठा था वो भी अब दूर हो गया और उसने राज की बातो पर गौर किया तोह ….साडी कड़िया उसने पल भर मई हे जोड़ ली इसलिए वो धीरे से दिव्या की तरफ चलने लगी जंहा दिव्या राज को दांते जा रही थी राज की नज़र भी पूनम पर गयी ….पर पूनम उसे मुस्कारते हुवे देखती रही…

पूनम “ मैं कुछ bolu…..agar आप इज़्ज़ज़त दे”

दिव्या ने एक पल उसे देखा और बोली मुझे पता ह तुम क्या बोलना चाहती हो ….

पूनम “ वो राज जी सही बोल रहे ह “

दिव्या “ पता ह मुझे की अनु उसकी गर्ल फ्रेंड न होकर बहन ह यही न “

अब चौंकने की बरी ….बाकि सबको thi…..sab दिव्या को देखने लगे

दिव्या “ जनम नहीं दिया हो पर बीटा इसे दिल से मन ह… मैं बस इसे थोड़ा परेशां कर रही thi…phir राज की तरफ देख कर ….लगता ह जैसे तुम्हारी दोस्त जायदा परेशां हो गयी तुम्हे ऐसे देख कर “

पूनम की हीमत हे नहीं हुवी दिव्या की तरफ देखने ki..raj भी …हड़बड़ा सा गया …….और दोनों की ऐसी हालत देख kar..Divya जोर से हंस पड़ी ….” मैंने राखी देखली थी और टेबल पर मिठाई और कुछ रखिये और राखी हुवी ह इसलिए मुझे कुछ वक़्त बाद हे सब समाज आगया tha….aur वैसे भी राज को मैं अचे से जानती hu…aur बेटी तुम …”

अनु “सॉरी “

दिव्या “लगता ह कविता के साथ तुम्हारी लड़ाई ह “

राज “ maa….its नॉट फेयर “

दिव्या “ एव्री थिंग इस फेयर इन लव एंड वॉर माय सोन और ये तोह छोटा सा मज़ाक था अब एक माँ इतना तोह कर हे सकती ह”

कविता “ हे हे हे क्यों भाई कैसा लगा मज़ाक मेरा ….”

पूनम मन मई “ क्या बहन ह एक मिनट मई पलटा मार गयी इसका मतलब श्वेता इसे भी खतरनाक hogi…bhai हाथो से नहीं जितने देता ह तोह ये बहन बातो से “

राज ने आगे बढ़ कविता की पोनी टेल पकड़ कर ऊँची कर दी “अब बोल जरा क्या उलटी पुलटि पुलटि पट्टी पढ़ा रही थी तू ….शादी करके अफ्रीका भिजवा दूंगा”

कविता “ ाःह दर्द होता ह bhai…aur अफ्रीका गयी तोह आपको साथ लेकर जाउंगी वर्ण जायदा तीन पंच करि तोह आपकी बीवी को हे साठले जाउंगी समझे कविता और श्वेता से पन्गा लेना महंगा पड़ेगा”

राज “ चुहिया इतनी सी ह और मुझे dhamki…degi….”

मनीषा “ छोड़ो उसे एक तोह गलती करते हो अब हमे सपना थोड़ी अत ह हम तोह जब भी ए या तोह ये मिली या वो मॉडल और उसके छोटे chote….ke कपडे “ इतना कहते हे उसने दांतो टेल जीब डबली ….उसे पता था फिर हंगमा खड़ा कर दिया उसने …

अनिरुद्ध धीरे धीरे मुस्कुराते हुवे “ अरे भाई 9 बजा दिए खाना वैगरह ….भी मिलेगा या यू हे खड़े रखोगे राज ….

राज - बैठिये न और खाना …तभी पूनम ऋचा राज की आवाज एक साथ निकली मैं बना देता हु( देती hu)teeno एक दूसरे को देखने लगे ….

और तीनो हे किचन मई चले गए …और सब टेरनो को जाते देखते रहे ….

अनु मनीषा कविता ने भी एक दूसरे से मिलकर साडी ग़लतफ़हमी दूर कर ली और अपनी बाते करने लगी….

पीछे अनिरुद्ध और दिव्या भी साथ हे बैठ गए….

दिव्या “ घर तोह साफ़ सुथरा ह इसके बॉडी गार्ड्स कान्हा ह….”

अनिरुद्ध “ छिपे हुवे होंगे वैसे गुड़िया ….ऋचा और राज की जोड़ी कैसी ह”

दिव्या “ अछि ह बहुत अछि ह पर इनके बिच कुछ तोह बहुत बड़ा हुवा ह जिसकी वजह से ये दूर हो गए ह और राज ऋचा से ऐसे मिलता ह जैसे वो कुछ दिनों से हे उसे जनता ह”

अनिरुद्ध “ मेरी हे गलती ह पैसे और मेरे प्यार ने उसे सफल तोह बना दिया पर मैं उसे विद्या भाभी जैसे संस्कार न दे पाया उन्होंने कहा भी था की इसे सबकी मदद इज़्ज़त करने वाली होनहार लड़की बनाना ह पर मैं उसे वैसा नहीं बना पाया और ऋचा ने घमंड पैसे और ग़लतफ़हमी के चलते राज से दूर हो gayi…..jo अब इनका दुबारा पास आना मुश्किल दीखता …दुख होता ह की सहदेव भाई और भाभी को दिया वडा पूरा हो पायेगा की ऋचा उनके घर की बहु बनेगी…”

दिव्या “ दिल छोटा न करे …राज के लिए उसके माँ पापा का वचन हे सबकुछ ह और अभी पीछे दोनों ने पुणे मई थोड़ी बाते भी करि h….aur वैसे भी ऋचा बेटी अब शयनी हो गयी h…wo अब पहले वाली ऋचा नहीं रही ह ….वो विद्या भाभी का सपना हे पूरा कर रही ह और मुझे यकीं ह राज अपनी माँ की वजह से और ऋचा की केयर की वजह से जरूर उसे अपनाएगा ….”

अनिरुद्ध “ ऐसा हे हो गुड़िया वर्ण मैं तोह अपनी हे नज़रो मई गिर जाऊंगा ऋचा की आँखों मई साफ़ दीखता ह की वो भी राज के बिना नहीं जी पायेगीइ”

अंदर उस वक़्त किचन मई …

ऋचा जल्दी से वेजटेबल्स कट कर रही और अट्टा गूँथ रही थी जब की राज पनीर भून रहा था..

पूनम “ ओह तोह आप दोनों क्लास मात थे क्या बात ह मुझे तोह पता हे नहीं लगा…..”

राज “ है हम क्लासमेट थे ……”

पूनम “ तोह मुलाकात कैसे हुवी मतलब जान पहचान कैसे हुवी मुझे भी बताओ “

राज “ इन्हे लगा मैं गरीब परिवार से हु तोह इन्हे गरीबो से चीड़ थी तोह जगदे से हे सुरु हुवी फिर श्वेता की वजह से जान पहचान हुवी राज ने सपाट लहजे मई बिना किसी एक्सप्रेशन के कहा“

ऋचा वेजिटेबल काट ते हुवे एक पल तोह रुकी फिर और तेज़ी से कट करने lagiii….usne कुछ नहीं बोलै…

पूनम “ राज जी गलत बात मेरी बहन को कुछ बोलै toh….ye बहुत अछि ह …”

राज ने पूनमकी तरफ देख कर मुस्कान दी….

पूनम “ तोह आप सब तोह फिर घूमने गए होंगे खूब मौज मस्ती भी करि होगी घर से दूर …हिमाचल तोह वैसे भी घूमने की सबसे अछि जगह ह…”

राज “ घूमने ….शिमला हे घूमे है देहरादून भी गए ….और है एक जगह थी स्कूल से थोड़ी दूर वंहा एक झील थी …जो मेरे लिए सबसे सुकून भरी जगह thi….wanha बैठना बाते करना वेड करना उन्हें पूरा होने का सपना देखना ….बस वही मेरी सबसे प्यारी यादे थी पूनम ji…jo अब दुबारा कभी नहीं आसक्ति ह”

ऋचा का दिल राज की कही बात से भर आया उसे पता था उसके वेड वाली साडी बाते उसी के लिए हे thi….akhir राज को उसके साथ झील किनारे वक़्त बीतने बाते करना ाचा लगता tha…..ankhe से आंसू न बाह निकले इसलिए उसने खुद को बहुत रोक रखा tha….aur वो कुछ नहीं बोली …

पूनम “ और मेरी बहन रिचुउ तू भी कुछ बोल न “

ऋचा ने एक घूंट पानी का लिया और बोली “ मुझे उस झील से थोड़ी दुरी पर एक झरना h…muje वो जगह सबसे अछि लगती ह …वंहा एक घर बनवाना ह लकड़ी का जिसमे गर्दन मई सिर्फ अलग अलग तरह के फूल हो और उनके बिच एक झूला …उस घर की रूफ ट्रांसपेरेंट हो जिसे रौशनी घर को जगमग करदे …..ये मेरा एक ख्वाब ह जो मुझे उम्मीद ह एक दिन जरूर पूरा होगा….

राज काम करते करते रूक गया उसे पता था की उसने हे ऋचा को उसकी गोदी मई सोते वक़्त कहा था की ….जब हमारी शादी होगी तब हम दोनों यंहा घर बनाएंगे जो इस तरह hoga….usne ऋचा की तरफ देखा पर उसे ऋचा की पीठ हे दिखी वो उसके चेहरे के भाव देख नहीं पाया पर ऋचा के कुछ आंसू चालक पड़े थे जिसे उसने जल्दी से साफ़ कर लिए…

पूनम “ वो ….बहुत मज़े किये ह सबने और आपके ड्रीम्स तोह वाकई बहुत अचे ह”

पर उसे कोई जवाब नहीं मिला …. “अरे चुप क्यों हो गए तुम दोनों कौनसी यादो मई खो गए “

राज “ कंही नहीं ये लीजिये आपके अल्लू मेष कर दिए ह …पनीर रेडी ह और कुछ करना ह तोह बताईये”

ऋचा “ तोह फिर अब आप जाकर रेस्ट कीजिये हम बना लेंगी खाना “

राज हैरानी से“ तुम्हे खाना बनाना अत ह“

ऋचा “ पूछ रहे हो या पहले की तरह इतना बोल वो चुप हो gayii….phir बोली तीख यही रुको और खुद देख लो”

राज ने कोई जवाब नहीं दिया पर उसके दिमाग मई पुराणी बाते घूमने लग ….gayiii….aur वो बहार जाने लगा तोह…

पूनम “ रुकिए अपना हाथ आगे कीजिये …और ये मसाला चेक कीजिये “

राज चेक करके परफेक्ट ह हमेशा की तरह…

ऋचा मन मई “ परफेक्ट ह हमेशा की तरह मतलब राज को पूनम के हाथ का खाना पसंद ह …उसके चेहरे पर मुस्कान आगयी ….आखिर तीन सालो मई उसने भी तोह फ़ोन पर पूनम से खाना बनाना सीखा था और वो भी ाचा खाना बनाने लगी थी…….

खाना बन कर एक ऑवर मई तैयार हो gaya….raj ऊपर रूम की तरफ चला गया मनीषस के पास…

राज “ आप मेरे साथ आईये …”

मनीषा “ क्या हुवा राज”

राज मनीषा को साइड मई लेकर उनके दोनों कंधे पकड़कर “ मुझे एक बात बताओ …हम दोनों साथ रहने वाले ह न …”

मनीषा “ कोई सक “

राज “ तोह मेरी माँ मतलब …

अब क्या हे बोलू …माँ यंहा ह खाना छाए कुछ तोह banayiye…ap…kyo नेगेटिव इम्प्रैशन दे रही ho….kal को पूछेंगी नहीं की मनीषा तेरे साथ क्यों ह सोचिये जरा ….”

मनीषा “ हम्म्म टिक ह मैं जाती हु….”

राज “ मनीषा के जाते हे ….” ये भाभी न ऐसे बहुत समझदार ह पर ऐसे बहुत भोली h…ladwa लो उसके लिए हमेशा तैयार रहेंगी पर किचन से दर लगता ह हे भगवन…. कैसे मानूंगा सबको शादी के लिए….”

कुछ हे दिएर मई सब खाने की टेबल पर थे जंहा दाल चावल से लेकर …पनीर मटर …अल्लू paranthe…chapatiii…mix वेजिटेबल salad…mojud था….

विद्या “ तीनो ने मिलकर बनाया “

राज “ खाकर बताईये कैसा लगा “

दिव्या कहते हे .. “ बहुत ाचा ह ….तुम तीनो ने वाकई ाचा खाना बनाया ह “

पूनम की आंखे चमकने lagi….raj ने भी खाना खाया तोह उसका दिल खुस हो गया …कुछ निवाले कहते हे वो पहचान गया की ऋचा ने क्या बनाया ह और पूनम ने ….पूनम सबकी नज़रो से बचकर एक बार राज को देख लेती …उसने एक भी सब्द नहीं कहे …पर उसकी वो प्यारी सी मुस्कान अभी भी चेहरे पर थी…

दिव्या “तुम क्यों नहीं खा रही हो पूनम ..”

पूनम हिचकिचाते हुवे बोली “ खाने के बिच मई उठना ाचा नहीं होता ह और मैंतोह …बड़ो को खाना खिलाकर हे कहती हु ….इसलिए आप और बड़े पापा खा लीजिये फिर मैं खा लुंगी…..”

दिव्या धयान से पूनम को देखने लगी उसने कुछ भी नहीं कहा ……और यही हाल राज का था पर पूनम की इस बात ने उसके दिल मई अपनी चाप गहरी छोड़ दी थी….

सबके खाने के बाद …..

राज ने खुद प्लेट मई खाना डालकर पूनम को दिया …

राज “ अपने अपने मन की कर ली हो तोह अब आप खाना खाइये बाकि सब हम कर लेंगे ….”

सब अपने रूम मई सोने चले गए gaye….par राज दिव्या के रूम मई दिव्या के पेअर दबा रहा tha….aur दिव्या उसे बाते कर रही थी….

तोह दूसरी तरफ …..

पूनम “ अब ये कान्हा गए “

कविता “ वो क्या मेरे साथ औ भाभी” और कविता ने दिखाया की राज दिव्या के पैरो मई पेअर दबाते हुवे हे सो गया था …..

पूनम “ वाकई ये एक बहुत अचे इंसान ह …”

वंही अनु जो खाना कहते हे निकल गयी थी वो सभी का प्यार पाकर बहुत खुस थी और आज के बारे मई हे बाते सोचते हुवे सो गयी …….

रात बिट gayiii….aur सुभे हे पीछे की तरफ 2 सुव आकर रुकी …जिसमे वो सभी एयर पोर्ट की तरफ निकल गए ….ऋचा और मनीषा ने जहा लॉन्ग स्कर्ट और उसे मैच करता टॉप पहना हुवा था तोह कविता जीन्स और शर्ट मई थी ….पूनम ने एक ब्लू कलर मई सूट पहना हुवा tha…..sab प्लेन के पास पहुंचे और अपनी सीट लेकर बैठ गए ….पर राज निचे वेट करता रहा ….

अनिरुद्ध “ इन्फॉर्म तोह कर दिया था “

राज “ों थे वे ह 5 मिनट “

उसी वक़्त कार आकर उनके बगल मई रुकी जिसमे से तीन 7 फुट केआस पास के बन्दे उतरे ….जिन्हे देख राज के चेहरे पर मुस्कान आगयीईइ……

उनमे से एक राज को हे देख रहा था….

राज मुस्कराकर “ कैसे हो शेरदिल “

शेरदिल “ आखिर आप मेरी इतनी मदद क्यों कर रहे ह”

राज “ अभी चले सब जवाब आगे मिल जायेंगे वैसे भी तुम्हे मुझसे लड़ना ह क्या ये बात काफी नहीं ह तुम्हे बचने के लिए “

रीडर्स ….अपडेट तिमली और बड़े मिल रहे ह मैं अपने स्टडी टाइम मई से सेव करके आप सबके लिए अपडेट लिखता हु तोह वो लोग जो सिर्फ रीड करके हे चले जाते ह उनसे रिक्वेस्ट ह ऐसा न करे …..

सो मस्त मई पढ़ने का लाइक्स और रेवोएस पेलने का…..

Ohhh….bura लगा काफी रीडर्स को डोंट वोर्री एक और अपडेट आज हे लाइन मई ह वो भी ारः h……ha भाईलोग वही जो आप कहते थे रक्षाबंधन स्पेशल …..क्या बात ह सबके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी ….हंसो दोस्तों यही जिंदगी h…..milte h…night मई ….तक ….

 
अपडेट 181 पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

अपडेट 182 पोस्टेड मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का

183अपडेट आने को ह और 182 पर अभी भी100 परसेंट रेस्पॉन्स नहीं आया ह ...कुछ भाईलोग बिना किसी रिएक्शन के चले जाते ह और मैं देखता हु वो जब एते ह जब अपडेट उन्हें नहीं मिलता h....aur मज़े की बात उनके कमेंट ऐसी स्टोरीज पर देखता हु जिनके वरिटेरस का कोई अटपटा नहीं होता ह और न वो रीडर्स को रेस्पॉन्स देते अरे भाई जो कंटिन्यू अपडेट दे रहा ह उसे तोह एक लिखे तक सपोर्ट नहीं दे पा रहे हो .....ऐसा क्यों भाई क्या कोई रिएक्शन देने से पैसे लग जायेंगे नहीं न फिर क्यों ....

अपडेट टुनाइट 10 पं

मॉन्स्टर वस monsters..aur पहले भी कर सकता हु क्योकि मैच देखते हुवे एडिटिंग चल रही h....toh 8 बजे भी आसक्त ह
 
अपडेट 182…

Hopeless….oopss हेल्पलेस

War……countdown……begins

14....उपदेट्स तू लेफ्ट

अंदर सभी 7 फ़ीट के आसपास की हिघ्त के तीन जानो को देखकर चौंक गए ….दो ने दिव्या को और अनिरुद्ध को गुड मॉर्निंग विश किया जबकि शेरदिल कंफ्यूज tha…wo चुप चाप एक सीट पर बैठ गया

अनिरुद्ध बहार राज के पास खड़े होकर अब किसका इंतज़ार ह …..

राज “ मन आप मुझसे बड़े ह पर मुझसे कुछ नहीं चिप सकता ह सिर्फ आपकी मन की बाते हे चिप सकती h…..main जनता हु वो भी यंहा ह …..और वो आपसे कई बार मिल चुकी ह “

अनिरुद्ध “ के चेहरे पर 😃मुस्कराहट आगयीईइ”

अंदर से पूनम और ऋचा भी बहार राज और अनिरुद्ध को हे देख रही थी….

अनिरुद्ध “ तोह तुम्हे पता था सब “

राज “ मेरी हर अपने पर नज़र होती ह….”

अनिरुद्ध “ तोह ऋचा पर अटैक हुवा था वो भी पता ह…”

राज ने है मई गर्दन हिला दी…. “ और ये भी बता दू उनलोगो की पूरी गैंग को मार दिया ह….”

अनिरुद्ध ख़ुशी से“ तुम्हे कैसे पता वो”

राज “ अंकल वो फॅमिली का हिस्सा ह और वो उसकी मू बोली बहन ह और कोई भी उसे तकलीफ दे वो मुझसे बर्दास्त नहीं होता ह…..”

अनिरुद्ध “ तीख ह तुम उसे लेकर औ मैं अंदर जाता हु गुड़िया के पास”

पूनम ऋचा की दिलचस्पी भी बढ़ गयी थी की राज बहार क्यों खड़ा ह ….और वो पल भी दूर हो गया जब वाइट कलर की फोर्टनेर उनके प्लेन के करीब आकर ruki….aur वाइट शर्ट, पोनी टेल मई छोटी किये हुवे और फिटिंग ब्लू जीन्स और ब्लैक सनग्लास लगाए huve…ek बेहद खूबसूरत लड़की उत्तरी …..पूनम और ऋचा मन मई “ अब ये कौन सी 😏तितली आगयी पर इन दोनों की भावना से दूर उस लड़की ने राज को कसकर गले लगा लिया और गाल पर किश करदी ….इस बार toh..poonam भी 😲शॉक हो गयी जबकि ऋचा का भी रोम रोम जलन😡 से जल उठा…

राज “ आप अभी भी बदली नहीं हो”

लड़की “ शुक्र मनाओ दी यंहा नहीं ह वर्ण तुम्हे गोली मर देती क्यों परेशां करते हो”

राज “ मैं मन लूंगा उन्हें चले अब “

लड़की ने राज के हाथ मई हाथ दाल लिया“ सोनाली दी इस बार नहीं मानेगी …..इस बार घुटने टेकने पड़ेंगे तुम्हे”

राज “ शिवानी मम आपको पता ह न वो मुझसे जायदा दिएर नाराज नहीं रह सकती ह”

शिवानी “देखते ह तुम सही होते हो या मैं वैसे 😉ऑफर अभी भी ह मैं हु न हॉट केयरिंग गुसा भी नहीं होती 🤗हु डील पाकी करे रोज मरेंगे दुश्मनो को वंही प्यार करेंगे …और सेक्स…😉

राज ने तुरंत शिवानी के होठो पर हाथ रख दिए “ 😳रूक जाओ आप भी न ऐसा मरू या न मरू पर आप जरूर मरवा डौगी …उसे पता लगा न हमरे बिच ये बात हुवी ह वो जान से मार देगी और प्लेन मई सभी ह दिव्या माँ भी”

शिवानी 🤣🤣खिलखिलाकर हंस पड़ी और दोनों अंदर जैसे हे पहुंचे शिवानी ने दिव्या के और अनिरुद्ध के पेअर चुवे ….

दिव्या “ खुस रहो बेटी “

दिव्या उठकर गले लगी राज और शिवानी पीछे जाकर बैठ गए पर पूनम और ऋचा की नज़र दोनों की वंही हे thi…..ki आखिर ये ह कौन और पीछे शिवानी सुर राज खिल खिलाकर हंस रहे थे बाते कर रहे थे जिसे ऋचा को थोड़ा डाउट हुवा पर उसने अपने दिल को समझा लिया और पूनम ने अपने कान्हा से पहले हे प्राथना कर ली थी और मज़े की बात मनीषा 🤣ने भी कुछ नहीं बताया और साफ़ मन कर दिया अगर वो नाम बताती तोह पूनम पहचान जाती पर उसने भी उसे तड़पने diya…jab प्राइवेट प्लेन आस्मां मई स्टेबल हुवी तोह राज उठकर अनिरुद्ध और दिव्या के पास आया

राज “रक्षा बंधन तोह परसो ह पर आपके लिए एक खास तोहफा ह मेरे पास …जिसे देख आप खुस हो जाएँगी…”

दिव्या वो क्या ….जल्दी दे मैं भी देखु क्या गिफ्ट लिया ह अपनी माँ के लिए…..

राज ने शेरदिल को इशारा किया आने का ….शेरदिल इस वक़्त कोट पेण्ट मई एक पर्फेक्ट जेंटलमैन लग रहा tha….divya शेरदिल को कन्फूसिओं से देखने लगी और यही हाल शेरदिल का था ….वो भी बेहद कंफ्यूज था इसवक्त …..

राज “ तुम अपने बारे मई माँ को बताओ “

शेरदिल ने राज को देखा और बोलै “ मेरा नाम शेरदिल ह और मई उप से रहने वाला हु”

दिव्या तोह शेरदिल नाम सुनते हे सोच मई पढ़ गयी और वो नाम को याद करने लगी ..

“मेरे पिता का नाम अली ह और माँ का नाम “

तभी दिव्या उसके गले लग गयी जिसे शेरदिल ….असहज हो गया सुर राज की तरफ देखने लगा जो मुस्करा रहा tha…uski तरफ देखकर शेरदिल और कंफ्यूज हो गया ….

दिव्या अलग हुवी तोह उसकी आंखे भीगी हुवी थी ….और चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी….

शेरदिल “ आप कौन ह मैं समाज नहीं प् राहु hu…kya हो रहा ह मुझे बताएगा कोई”

दिव्या “ इतना नहीं …हाथ के इशारे इतना सा था तू जब राज के साथ मेरी गोदी मई खेला करता tha…..aur और आज इतना बड़ा हो गया ह बिलकुल अली जीजाजी की तरह …वही सरीर वही हिघ्त …”

राज “ इतना सोचने की जरुरत नहीं h….ye तुम्हारी छोटी मौसी और तुम्हारे मां जो अब इस दुनिया मई नहीं जिन्हे तुम धुंध रहे हो उनकी बहन h..Divya निर्वाण

ये राज़ जैसे शेरदिल पर बम की तरह फूटा वो आज तक अपनी माँ से सिर्फ बाते हे सुनता आया था ….और दिव्या के नाम को बखूभी जनता था उसकी माँ उसे बताती थी की सबसे बदमाश हुवा करती थी दिव्या ….ऐसा कर देती थी वैसा कर देती thi….sherdil की आँखों मई भी पानी आगया….

राज वापस शिवानी के पास आकर बैठ gaya……aur शिवानी को भी सब बता दिया की कौन ह ये…..

दिव्या “ तुम्हारी माँ कान्हा ह और चुटकी रिफत कान्हा ह वो तोह 2 महीने की हे थी.. “

शेरदिल ने पीछे राज की तरफ देखा तोह राज “सब यही जानना ह क्या …..आप दोनों तोह मिल लो पहले” …इतना कह उसने शिवानी के कंधे पर सर रखलिया …

शिवानी “ पिटोगे बहुत पिटोगे और इस बार मैं भी नहीं बचाऊंगी तुम्हे“

राज ने गर्दन घूमकर चुपके से एक किश गाल 😘पर करदी और बोलै “ अब भी नहीं हेल्प करोगी मेरी“

शिवानी ने अपने होठ आगे कर दिए और बोली “ लिप्स 😋पर दो तब सोचूंगी“

राज “ बचे की इज़्ज़त लुटोगी “

शिवानी “ ाचा 😏दी के साथ जब रात को…

राज “ 😳ससष्ठ आप बहुत बिगड़ गयी ho..marwaogi मैंने कुछ नहीं किया ह उनके साथ आपकी कसम ”

शिवानी “मैं नहीं मानती जब भी तुम्हारे रूम से आती ह तब तोह🤗 बड़ी खुस होती h….waise मैं सोच रही हु श्वेता को बता दू ….नहीं दीपिका को बता दू…

राज ने जल्दी से शिवानी के होठो पर किश कर दी “ अब तोह तीख ह ….”

शिवानी “ है अभी इतने से काम चल jayega…par बाद मई …”

राज “ काम चल जायेगा से क्या मतलब ह आपका ….और बाद मई क्या”

शिवानी मुस्कराकर “ वो बाद मई बताउंगी और दी को मैं मानाने मई हेल्प करुँगी पर फीस बड़ी लगेगी …”

राज हैरानी से शिवानी को देखने लगा और शिवानी मुस्कराते हुवे उसे देखती rahi…..par इनदोनो की हंसी जब भी पूनम और ऋचा देखती तोह उनकी सांसे कुछ पल ऊपर निचे हो जाती आखिर शिवानी फिजिकली उन दोनों से फिट थी और रंग गोरा होने की वजह से खूबसूरती मई भी वो दोनों से काम नहीं थी..

वंही…. पिछली रात…

सुनील एक कौन मई निचे घुटनो पर बैठा हुवा था अपने एक गाल को पकड़कर और धीरे धीरे बड़बड़ा रहा था “ यार आखिर मेरी क्या गलती ह साला मैंने क्या किया होता ह सब उस हटिये ने किया उसके सामने तोह ये मेरा बाबू सोना करती रहती ह उसे तोह कुछ कहा नहीं जाता ह मुझे ढोल बनाकर पिट टी रहती ह …आह्हः माँ अभी तक दर्द हो रहा ह और पता नहीं अब कौनसे बाबा की घुट्टी ले ली ह इन्होने जो इतनी पावर आगयी साला ऐसे भी कोई मरता h….uske पैरो के पास गोलियों के कई निशान थे …..और अंजना एक रूम से छिपकर सब देख रही थी जबकि दीपिका आराम से कॉफ़ी पि रही थी.

दीपिका “ वन्स मोरे वन्स मोरे भाभी “

अंजना अंदर से खुदसे हे बोलते हुवे “ वन्स मोरे की बची गोली लग जाएगी देख तोह सही पागल हो गयी ह ये भगवन बस एक बार बच जाऊ यंहा से प्रसाद चढ़ाउंगी आज बचाले बस इस पागल लड़की से “

दीपिका “ भाभी वन्स मोरे न ….और पिता इन्हे अरे इतने से इसकी धुल हे साफ हुवी होगी बहुत मोती चमड़ी के ह दोनों “

सुनील मन मई “ हे भगवन बहन मेरी और साइड भाभी की …दिल्ली मई तोह एते वक़्त लव यू भाई …तू बहुत ाचा ह …तू ग्रेट ह और यंहा एते हे रंग बदल लिया साला गोर्जित भी इतनी जल्दी रंग नहीं बदलता होगा अगर वो देख ले इनके रंग तोह सुइड करले….

सुनील “ प्यास लगी ह “

धन्य…

सुनील “ ok ok तीख ह नहीं लगी हे हे हे लग भी नहीं सकती ह हे हे हे ….पर मेरी गलती क्या ह मैंने क्या किया..”

धन्य…

सुनील “ ok ok सब मेरी हे गलती ह …और किसकी गलती होती h….sab मेरी हे तोह गलती होती ह आप दोनों को भी तोह मैं हे लड़ता हु …सब मेरी हे गलती h….waise कुछ गुसा उसके लिए भी बचा रखा ह या….

गुसाई भरी आंखे देख कर ….

“ Ok ok मई समाज gaya….par ok अब मैं नहीं बोलूंगा कुछ भी नहीं” इतना कह वो वंही निचे आंखे बंद कर लेट गया … “कोई इज़्ज़त हे नहीं …. जो अति ह पिट जाती ह…”

दीपिका “ अब छोड़ भी दो भाभी आपका इकलौता देवर ह …आपको लेने भी तोह आया h…apka ख्याल ह तभी तोह लेने आया ह न …”

सुनील ने दीपिका की बात सुनकर धीरे से एक आंख खोलकर सोनाली को देखा पर सोनाली को अपनी तरफ घूरता देखता देख वापस आंखे बंद कर ली सोनाली कड़ी हो गयी और चुप चाप किचन मई चली गयी और खाने की तयारी करने लगी ….किचन से अति बर्तन की आवाज सुनकर सुनील ने शटर मुर्ग की तरह गर्दन उठाकर देखा और सोनाली को न पाकर सोफे पर बैठ गया …..अंजना भी धीरे धीरे से रूम से बहार आगयीईइ…

अंजना “ तू सच बता ये राज से शादी करेगी “

दीपिका “ सच मई करेगी”

अंजना “ तोह मेरे ी मैं राज का क्या होगा “

दीपिका के हाथ से कप गिरते गिरते बचा ….” मरना चाहती ह क्या चुप रहा कुछ मत बोल”

अंदर सोनाली जोर से बोलती हुवी “ तुम्हारा भाई कोई हीरो नहीं नहीं ह समझे ….फिर भी भी उसे प्यार किया सोचा समाज जायेगा पर सेल की अकड़ देखो भाव हे ख़तम नहीं होते ह मन तोह करता पकड़ कर pitu…..muje बेवक़ूफ़ बना rakha…..are यंहा उसके लिए गोलिया तक खाई पर उसे अकड़ दिखानी ह बड़ा बनना h……..aur तुम ….मन तोह करता ह पहले तुम्हारी हे टाँगे तोड़ दू “

सुनील “ हे भगवन फिर धोरे पड़ने लगे इन्हे और दी आपको भाई की परवा नहीं ह “

दीपिका “ हीरो तुम दोनों को बनना था न बनो मैं मेरी भाभी की तरफ हु”

सुनील जल्दी से सोफे के पीछे कुढ़ गया …

सोनाली एते वाले हाथ लेकर किचन से बहार आयी “ तुम मुझे भाभी बोलते हो और तुमने मुझे तक नहीं बताया जबकि तुम्हे सब पता था” …सोनाली का गुसा फिर से बढ़ने लगा “चिंता मत कर तुम्हारी भी शादी होगी ….तब dekhungi….beta मार न खिल वाई बीवी से तोह मेरा नाम सोनाली नहीं चैन से तुम दोनों को भी नहीं जीने दूंगी“

सुनील सोफे के पीछे से सफ़ेद रुमाल निकलकर लहराने लगा ……

सोनाली “ huuuu”Karti हुवी वापस किचन मई चली गयी …..रात को खाने के वक़्त भी सुनील दिंनिंग टेबल पर चुप रहा ….जबकि सोनाली अपनी माँ को अपने हाथो से खाना खिलाती रही और उसे घूरती रही ……..रात को सुनील को सोने के लिए भी सोफे हे मिला ….वो लेते लेते गालिया देता रहा पर रात को अंजना सुनील के लिए गद्दा लेकर आयी जिसे बिछाकर सुनील सो गया …पर सोते हुवे भी मुस्करा रहा था … “ तेरा क्या होगा मेरे भाई …..तू तोह gaya….beta कहा था एक बार कॉल करले …पर तुजे भी हीरो बनना ह अब पिटेगा तब हीरो गिरी निकलेगी teri…jab पता ह की ये पंगे करेंगी तोह बोल हे देता काम से काम पर मुझे क्या मैं तोह सोता हु तू झेल मेरा तोह कोटा हो गया ह पूरा….”

सुभे सोनाली ने सुनील को कफ दी ..पर बोली कुछ नहीं ….

सुनील “ मतलब मुझे बख्स diya….chalo वैसे इतनी बुरी भी नहीं ह …..पर क्या हे किस्मत ह …राज तेरी …एक पुलिस वाली दूसरी डॉ है है है एक गोली मारेगी दूसरी गोली से तीख करेगी है है है”

अंजना देख मेरे भाई का क्या हाल कर दिया ह खड़े खड़े खुदसे हे बात करते हुवे मुस्करा रहा ह अंजना ने आगे बढ़ सुनील के बाजु पकड़ लिए और बोली “ तू चिंता मत कर मैं हु न चल बेफालतू मई डरा दिया मेरे भाई को “

सुनील भी चुप चाप चल दिया और जल्दी हे सोनाली अपनी माँ और अंजना ,दीपिका सुनील के साथ रवाना हो गयी ….

सोनाली ने फ्लाइट मई सुनील के गाल पर प्यार से हाथ फेरा और एक पल उसे देख कर माँ के पास सीट पर बैठ गयी….

सुनील हैरान परेशां सा हो gaya….usai समाज नहीं आया की आखिर अब सुभे इनमे कौनसी देवी की आत्मा आगयी जो प्यार भड़ास रहा h….wo लैपटॉप निकल कर ऑफिस का काम निपटने लगा …..उसका काफी काम पेंडिंग हो गया था ….वो बिना कुछ बोले काम करता रहा और यही वो सुव मई करने वाला था तब सोनाली ने उसे घर कर देखा तोह उसने लैपटॉप बंद कर दिया …..2 सुव मई वो मंडावा के लिए रवाना हो गए ….वंही …….एक ऐसी भी थी जिसे राज के चुने हुवे स्पेशल बॉडी गॉर्डस प्रोटेक्ट कर रहे थे और इस वक़्त उसे…. अंडमान निकोबार के ख़ूबसूरत आइलैंड से लेकर आरहे थे और वो अकेली किसी क्वीन की तरह वंहा वोकेशन बिता रही thi….subhe पढ़ाई और फिर masti….uske 4 बॉडी गार्ड्स हमेसा उसकी सिक्योरिटी मई रहते थे और अभी उनकी सेफ्टी मई हे वो अपने भाई से मिलने मंडावा आरही thi…aur इस बात की खुसी उसके चेहरे पर फुट फुट कर दिख रही thi……….aur जाने से पहले उसे अचे से गिफ्ट भी मिले थे …….

3 हॉर्स पहले

श्वेता “ डोंट वोर्री दी मैं चली jaungi….aram से …मैं बड़ी हो गयी हु …बस आप अज्जू भाई का ख्याल रखना ….मैं जल्दी हे वापस आजाऊंगी….”

श्रुति - तीख ह हर पल मैसेज छोड़ती रहना …..मैं तुम्हे ट्रैक कर रही हु…

श्वेता गले मिली और रवाना हो गयी

करंट टाइम ….श्वेता जयपुर एयरपोर्ट पर शाम 4 बजे तक पहुंचने वाली थी…..

तोह वंही राज अनिरुद्ध शेरदिल पूनम शिवानी दिव्या कविता मीटीडोट्स का काफिला एयरपोर्ट से निकल कर मंडावा के लिए प्राइवेट स्पेशल तवो सीटर बस मई रवाना हो गया …

“ मनीषा तेरे मौज रहेगी …दादाजी बेटियों का पक्ष लेते ह छोटी चची भी बहुत अछि ह है एक चाचा और चची उनके बचे बहुत बुरे ह पर राज ह न ….”

पूनम “हम्म्म “

मनीषा क्या हम्म “ अरे राज को दूर दूर तक गाँव का बचा बचा जनता ह और लड़किया तोह पूछ हे मत ….राज ने जो भी लड़किया 70 परसेंट से ऊपर लाता ह उनका खर्चा उठता ह ….वो हर लड़की का हीरो ह ….देखना जब जाएगी तब पता लगेगा तुजे”

पूनम “ राज जी बहुत अचे ह “

मनीषा “ और तुजे उसे भी ाचा होना ह …पूनम …राज को मैंने कभी किसी से आज तक इतने प्यार से बात करते नहीं देखा ह जितनी वो तेरे साथ करता h….sach कहु तुजे वो सायद पसंद करता ह दोस्त की नज़र से मैंने उसकी आँखों मई देखा …कभी उसका दिल मत dhukhana….maine उसे रात को अकेले रट देखा ….अपनों के लिए …बिना किसी दर के लड़ते देखा ह …सायद मेरी किस्मत मई उसका दोस्त बनना हे लिखा ह ….उसने कभी मुझे उस नज़र से नहीं देखा उसने हमेशा मुझे इज़्ज़त दी ..मेरी हर बात मणि h….isliye तू कभी उसे ढक मत पहुंचना ….वर्ण फिर सायद वो किसी और पर विस्वास नहीं कर पायेगा….”

पूनम मनीषा का हाथ apne…hath मई लेकर ….ये सांस चल रही ह जब तक मैं किसी भी हालत मई उन्हें ढक नहीं pahuchaungi…..aur अगर ये सांसे भी बिच मई आयी तोह इन्हे भी दूर कर दूंगी…”

पूनम राज को देखने लगी जो सीट पर आराम से सो रहा था ….और जल्द हे समय बिट गया और बस मंडावा मई हवेली के आगे पहुंच गयी और सबको जोर दर स्वागत हुवा ……इनसब मई एक शख्स और था जो पूनम से भी जायदा एक्ससिटेड था वो था शेर दिल …..वो उतारकर हवेली को देखने लगा ….वो अपनी हे दुनिया मई था …राज ने उसके कंधे पर हाथ रखा तोह वो होश मई आया…

शेरदिल “ तुम मुझे बता सकते थे”

राज “ बताने से वो ख़ुशी कैसे देखता जो अभी तुम्हारे चेहरे पर देख पा रहा हु….”

शेरदिल “ मुझे अभी भी सब सपना हे लग रहा ह मतलब इतने सालो से मैं जिन अपनों को धुंध रहा हु वो मेरे सामने ह”

राज “ बिलकुल सामने ह ….पर इसका ये मतलब नहीं ह की फाइट नहीं होगी वो तोह होगी “

शेरदिल “ भाई के साथ नहीं लड़ते ह”

राज मुस्कराकर “ अपनी लड़ाई अपनों से हे हो सकती ह हम आगे जिसे लाडे वो हमारा चाचा या भाई या मां कोई भी हो सकता h……isliye हमे तैयार रहना ह”

शेरदिल ने सिर्फ है मई गर्दन हिला दी …

राज “ देख रहे हो इन्हे …ये वो ह जिन्हे हमने पाया h….hum इन्हे कैसे कुछ होने दे सकते ह”

शेरदिल “ मेरे रहते कुछ होने भी नहीं देंगे ये हाथ देख रहे हो इनमे एक बार कोई फंस जाये दबा कर मसल दू इतनी टक्कट ह…”

राज मुस्कराकर “ ाचा तोह ये जो तुम्हारे साथ खड़े ह इन्हे जब हरा डोज मैं मान जाऊंगा “

इधर दादाजी हवेली से बहार आकर दिव्या अनिरुद्ध और सबको देख कर बहुत खुस हुवे पर एक की निघाये ऐसी भी thi…jo सिर्फ राज को हे देख रही थी और उसकी आँखों मई खुसी के आंसू थे ….वो बस राज को निहार रही थी ….और जब राज को महसूस हुवा तोह उसने भी दादाजी के पीछे की तरफ देखा था उसका दिल भी भावनाओ से भर गया ….और उसके कदम खुड़बा खुद आगे चल पड़े ….उसने दादाजी और दादी के पाँव चुवे और बिना कुछ कहे उस लड़की की तरफ चल दिया जो आँखों मई ख़ुशी के आंसू लिए उसे हे देख रही थी और राज ने जैसे हे अपनी बांहे फैलाई वो भागकर राज के गले लग gayii……dono ने एक दूसरे से कुछ नहीं bola…par कुछ दिएर बाद राज बोलै “ ी म” पर ममता ने उसके होठो पर हरह रख दिए और बोली “ नहीं भाई मैं सब जानती और समझती हु की मेरे भाई के हालत क्या h…muje koyi..muje कोई शिकायत नहीं मेरे भाई से ी लव यू सो मच ….ी मिस ु सो मच भाई”

कविता धीरे से “ भाभी वो ममता दी ह …भाई को चुपके से लड्डू चुरा कर खिलाती थी”

पूनम भी मिलान देखकर दोनों की हालत समाज रही थी ऐसे हे दिव्या ने ऋचा को ममता के बारे मई बताया

ऋचा ने दादाजी के पेअर चुवे

जगमाल सिंह “ खुस रहो ाचा लगा तुमसे दुबारा मिलकर …. पुणे हम जायदा बात नहीं कर पाए पर यंहा हम अचे से बाद मई बात करेंगे “

ऋचा जी दादा ji…jaisa आप कहे …

दादाजी “ और ये बची कौन ह हम पहले नहीं मिले ह….”

पूनम ने सर पर चुन्नी को ओढ़ा और दादाजी के पेअर चुवे

कविता “ दादाजी मेरी बेस्ट बेस्ट बेस्ट फ्रेंड ह पूनम “

अनिरुद्ध “ ठाकुर साब ये पूनम ह …”

दादाजी “ पापा का क्या नाम ह बेटी सांस्कार तोह उन्होंने तुम्हे बहुत अचे दिए ह “

पूनम “ पापा का नाम रविंदर सिंह “

अनिरुद्ध “ ठाकुर साब रविंदर सिंह ….वही जो अब इस दुनिया मई नहीं ह आप पहचान गए न”

जगमाल सिंह हैरानी से …अनिरुद्ध को देखने लगे फिर शांत हो गए दादाजी ने आगे बढ़कर पूनम को गले लगा liya…..raj ममता के पास था …किसी को कुछ समाज नहीं आया पर अनिरुद्ध सब समाज रहे थे ….वो चुप हे रहे

पूनम भी सोच मई thi…..par उसने फिर दिमाग से सरे ख्याल निकाल दिए …

इधर शेरदिल अपनी माँ और बहन से मिलकर बहुत खुस हुवा पूरी हवेली आज मेहमानो से भरी हुवी thi….sabhi ख़ुशी ख़ुशी हंस बोल रहे the…..richa की बॉन्डिंग ममता के साथ अछि बैठ गयी और जल्द हे दोनों अछि दोस्त बन गयी….

तोह घर के अंदर एक तरफ राज घुटनो पर बैठा हुवा माफ़ी मांग रहा था पर वो छोटी लड़की ऐटिटूड से आगे चल रही थी और राज उसके पीछे “ प्लीज माफ़ कार्डो प्लीज जानू ी म सॉरी न “

जहान्वी “ no सॉरी आप उड़कर आसक्ति थे तोह ए क्यों नहीं आप अब गंदे सुपरमैन हो गए हो ….”

राज “ और ये सुपर में खूब साडी चॉकलेट दे तोह भी सॉरी नहीं मिलेगी”

जहान्वी की आंखे चमकने लगी “ है तब सोचसकती हु …”

राज “ तोह फिर अपनी आंखे बंद कर 100 तक काउंट करो ….”

जहान्वी ने आंखे जब खोली तोह वाकई एक पूरा बॉक्स चॉकलेट्स से भरा हुवा था …जिसे देखती हे हो राज के गले लग गयी ….और राज ने भी उसे गोदी मई उठा लिया

राज “ कैसा ह अजय”

अजय “ भैया मैं ाचा हंबुस लेडीज की शॉपिंग से दुखी हो जाता हु “

राज “ है है है …कोई न तू सबसे छोटा ह न इसलिए …

अजय “ भ आप भी ….और जहान्वी चल हमे प्रोग्राम पर बहुत काम करना ह “

राज क्या क्या

अजय “ हम एक प्रोग्राम बनाने की कोसिस कर रहे ह जिसे ….किसी भी ट्रैकिंग की उस कर सकते ह ..जैसे डिस्टेंस जायदा हो और आसपास कोई भी टावर तक न हो तब हम किसी भी रेडियो फ्रेक्वेंसे से भी उस हम उसे कनेक्ट कर सके मतलब किसी भी फरेवुएन्स भी जैसे रेडियो चल रहा हो तोह वंहा की फ्रीक्वेंसी से कनेक्ट हो जाये …इसे हम किसी को भी दिगीतालय किसी भी सगनल से ट्रैक कर सकते ह

राज ने पॉकेट से कार्ड निकल कर उसे दिया “ ये ले जो चाहिए वो माँगा लिया कर पर इंडिया से कुछ परचेस मत करना तेरे सुनील भैया के पास मंगवाया कर ….”

अजय “ थैंक यू भाई अब तोह मैं मेरे जपानवाले फ्रेंड्स को भी ऐड कर लूंगा वैसे भाई कितने लाख रस ह इसमे “

राज मुस्कराकर “ लगभग 50 कर के आसपास “पपछास cr….ajay वंही बीएड पर बेहोश हो गया …


राज बाते करने के बाद अपने रूम की तरफ गया और ओपन किया तोह अंदर पूनम और मनीषा थी….

मनीषा - दफा हो jao….knock करके आना चाहिए न …

राज - सॉरी पर ये तोह mera…room

मनीषसे- बिच मई हे “था अब मैंने ले लिया और कुछ निचे jao….aur पानी लाकर दो चलो जल्दी से”

पूनम राज को देखती रही ….

राज “ तीख जो आगया आपकी और कोई khawish….par देख रहा हु आजकल टीम बदली जा रही ह “

राज के जाते हे दोनों को हंसी आगयी…

पूनम “गन्दी बात ह उन्हें बुरा लगेगा पर थैंक यू मुझे ये रूम बहुत पसंद ह और फिर राज की फोटो वाल पर जो लगी हुवी थी देखने लगी”

राज छोटी चची के पास चला गया और उनसे बाते करने लगा तभी बहार से गाड़ियों का हॉर्न की आवाज आने लगी तोह वो भी सबके साथ बहार आगया…..

बहार 2 सुव आकर रुकी और उनमे से उत्तरी दीपिका फिर अंजना …..और फिर सुनील और सोनाली की maa….aur सोनाली की माँ को देखते हे राज की सीटी पित्ती घूम हो गयी “ मतलब वो भी आयी ह यानि मेरी उम्मीद सच हो gayi….par वो तोह आने वाली हे नहीं थी न …शिवानी ने झूट बोलै मुझसे ये कभी नहीं सुधरेंगी“

वो जैसे हे पीछे भागने को हुवा पीछे से एक हाथ आया और उसे पकड़ लिया

शिवानी “ कान्हा भाग रहे हो बच्चू …”

राज “ कंही कंही भी तोह नहीं …..बाथरूम बाथरूम जा रहा हु…”

शिवानी “ साथ हे चले बाथरूम ...नहाना भी हो जायेगा ....फिर कंही जाने की जरुरत नहीं ह यही रहो कल नहाना दोनों साथ नहाएंगे ”

राज ने लम्भी सांस भरी और सुनील दीपिका को सबसे मिलते हुवे देखने laga….unke पीछे कड़ी पूनम “ये राज जी ऐसे हड़बड़ा क्यों रहे ह और ये शिवानी जी ने पकड़ा क्यों ह”

मनीषा “ क्यों की तेरी सौतन जो राज को पसंद करती ह वो आगयी h…..aur पूरी पुलिस फाॅर्स उसे सुपर कप सोनाली के नाम से जानती h….par तेरे पति के सामने वो किसी छुईमुई शर्मीली पत्नी की तरह व्यवहार करती ह बाकियो के लिए वो किसी बुरे खवाब से काम नहीं ह और वो जो ह हां वो पास वाली वो दीपिका ह …जिसे राज बहनो मई सबसे जायदा मंटा h…aur वो अपने भाई को बहुत मतलब बहुत जायदा लाड प्यार से रखती h…uske सामने कभी बुरा नहीं बनना ह और जो उनके पास ह वो राज की फ्रेंड या गफ ह ….तेरी कॉम्पिटिटर नहीं ह …पर राज के वो करीब ह”

पूनम की नज़र दीपिका पर हे थी तभी उसे दिखाई दी पीछे 5.6 की हिघ्त चेहरे पर मुस्कराहट …वाली sonali…..aur उसे देखती हे पूनम इम्प्रेस हो गयी और हैरान भी “ ओह ये तोह वही ह जो उस दिन राज जी के लिए पुलिस लेकर हेल्प करने आयी thi….iska मतलब वाकई इनकी फीलिंग बहुत डीप ह राज के liye….par राज ने तोह अभी तक किसी का प्यार एक्सेप्ट नहीं किया h….aur मैं बेवक़ूफ़ उन्हें मंदिर मई खुद की फीलिंग बताने की बजाये उन्हें इनकी फीलिंग समझा रही थी बेवक़ूफ़ ह तू पूनम ……तेरे लिए आगे की राह बहुत मुश्किल होने वाली ह”

इधर पूनम अपने ख्याल मई तोह ऋचा अपने खयालो मई थी “ हम तोह बुआ के हिसाब से सोनाली जी राज से बेसुमार प्यार करती ह पर बताया नहीं h…toh फिर ये कौन ह जो दीपिका जी के पास ह इसकी नज़र तोह राज पर h….kanhi ये भी तोह ….मेरी गलती थी ….वर्ण मेरा जणू सिर्फ मेरा होता अब ये कितनी चुड़ैल आसपास मंडराने लगी ह …पर मैं भी हार नहीं मानूंगी”

इनसबसे अलग सुनील की हालत और बुरी थी उसका सर फैट रहा था इतनी लड़कियों को देख कर “ हे भगवन इस बार क्या होने वाला उसने एक नज़र सोनाली को देखा जो बुआ चची और सबसे मिल रही थी और माँ को मिलवा रही थी “फिर उसकी नज़र राज पर गयी जो सबके पीछे शिवानी के पास था वो तुरंत उसके पास पहुंच गया…

सुनील - तू इधर आ और साइड मई लेते हे “ अबे क्या ह ये इतनी सुनामी कान्हा से ….आगयी ह ….”

राज “ भाई पता नहीं ह”

सुनील” सालो कल मरते मरते बचा हु 10 गोलिया फायर करि ह मुझपर तेरी प्रेमिका ने …और अब तोह पता नहीं क्या कहती ह पावर भी घोड़ी जैसी हो गयी ह “

राज “ भाई दर लग रहा ह”

सुनील “ chuu…sale तेरी वजह से सबसे पिट ता हु अब तू भी पीटना …मैं नहीं आऊंगा तेरे साथ पीटने जा मिल ले “

राज “ भाई “

सुनील “ इनसबके बिच मैं नहीं ॉन्गबॉल दिया na…phir ही श्वानि जी कैसी हो इतना कह वो निकल शिवानी के पास आगया...

राज की नज़र दीपिका से मिली दीपिका अपने भाई को देखते हे खुस हो गयी थी पर उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशंस नहीं थे…

राज कैसी हो दी ये कह कर वो आगे गले मिलने के लिए बढ़ा तोह …दीपिका बिना किसी एक्सप्रेशन के साइड से निकलकर शिवानी के पास पहुंच गयी और ऐसे मिली जैसे कोई बस्ती मिल रही हो बरसो बाद…

राज पीछे हैरान खड़ा रह गया ….पर आगे से अंजना आकर गले लग गयी…..

अंजना “ कोई नहीं राज मैं हूँ न…”

राज ने भी ख़ुशी से अंजना को गले लगाया तोह ….उसकी नज़र जब सोनाली की तरफ गयी जो उसे खा जाने वाली नज़रो से घूर रही थी तोह जल्दी से अलग हो गया …..और सोनाली की तरफ चल गया….

राज को सोनाली की तरफ जाता देख सबकी निघाये उन्दोनो की तरफ हो गयी सभी उन्हें हे देखने लगे …की अब क्या होगा

राज कैसी ह आप….

सोनाली ने आगे बढ़ राज को धीरे से गले लगाया सुर प्यार से बोली “ मैं तीख hu…tum कैसे हो

दूर से सुनील उछाल पड़ा“ अब आएगा मज़ा ये पड़ी पड़ी …हहहहह ये क्या huva…..pata था मुझे ये ह न मेरे सामने हे गुसा करती ह राज के सामने एते हे मेरा शोना बाबू जणू ..करने लग जाती ह”

सुनील को फ़्रस्ट्रेशन से टिल मिलता देख कर शिवानी बोली “ ये तूफ़ान के आने से पहले की शांति h…yanha सब ह इसलिए कुछ नहीं किया क्योकि दिव्याजी और दादाजी चची क्या सोचते उनके बारे मई वेट फॉर नाईट पिक्चर अभी बाकी ह”

सुनील “ ये हुवी न बात मैं हे क्यों पितु हमेसा सबसे जो करता ह उसे भी पीटना चाहिए “

राज सोचता रहा की ये हो क्या रहा ह ….इसलिए वो अपना सर खुजलाता rah…gaya तोह पूनम और मनीषा भी हैरान रह गयी

ममता ऋचा से “ मुझे पता ह तुम राज का पहला प्यार हो ….और तुम अभी भी उसे बहुत चाहती हो तोह ….ये सोनाली h…jo भाई को बहुत प्यार करती ह और वो अंजना ह भाई की गफ मतलब थी या अभी ह पता नहीं ……अब मुझे कैसे पता तोह ये सब तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड श्वेता से मुझे पता ह ….और वही तुम्हे सही राह दिखा सकती h…baki मैं तुम्हारी पूरी मदद करुँगी”

ऋचा “ वो मेरी बहन की तरह ह मैं उसे माफ़ी मांगूंगी चाहे वो जो भी करे”

तोह इनसे अलग बड़ो के रूम मई अलग हे बाते कर रहे थे ….

जगमाल - सोनाली बिटिया यंहा ह ….ऋचा बिटिया यंहा ह …. बहुत बड़ी समस्या ह राज के साथ….

दिव्या - क्या पापा क्या दिकत h…raj के साथ…..

अनिरुद्ध “ जो मैं सोच रहा हु आप वही तोह नहीं कहने वाला ह…

जगमाल सिंह बिलकुल ….अनिरुद्ध हमे उस योगी बाबा की बाते याद ह उन्होंने जो कहा वो अब तक लगभग सच हुवा ह ….और उनके anusaar…raj के ऊपर 20 से 21 साल के बिच सबसे बड़ा खतरा होगा ….और उसकी जान की रक्षा उसका प्यार हे करेगा …पर इसे तोह किसी से प्यार हे नहीं ह….

दिव्या - पापा डराइए मुझे बताईये क्या बात ह ….मुझे सच जानना ह….

जगमाल सिंह-- बेटी दिव्या …..सहदेव एक योगी बाबा को बहुत मंटा था …उन्ही की दिखाई राह पर वो चल रहा tha…ab बाबा कौन थे कान्हा से एते थे मुझे नहीं पता पर वो एते रहते the….aur तुम भी मिल चुकी हो याद ह जब राज का नामकरण हुवा था तब वो योगी बाबा ने कहा था तुम्हे की तुम्हारी जिंदगी मई बहुत दिखाते आएगी….

दिव्या - है मुझे याद ह….

जगमाल सिंह -उन्होंने हे राज के बारे मई बताया था की ये अपने पिता की तरह बनेगा …और वैसे हे जान कलयाण करेगा….. पर इसकी जिंदगी मई बहुत उलझने होंगी और उसकी वजह भी खुद इसका मन होगा………

दिव्या — पापा तोह इसमे डरने की क्या बात ह …..

जगमाल सिंह खड़े होकर — उन्होंने ये बताया था की राज की जिंदगी एक से जायदा विवाह के योग h….par ऐसा हो ये जरुरी नहीं h……..aur फिर कहा था …

योगी बाबा “ सहदेव तुम्हारे पुत्र जिसे प्यार करेगा वो लड़की कन्या राशि की होगी और वही इसकी जान 21 वर्ष की आयु से पहले मित्यु संकट से कई बार bachayegi…agar तुम्हरा पुत्र जिया तोह उसी दवा से जियेगा…….”

सहदेव “ गुरूजी कोई तोह उपाए होगा “

योगी बाबा “ सब विधाता का खेल ह ….पुत्र ….उसने जो लिख दिया वो लिख दिया …h….sab ाचा होगा…..”

दिव्या — नहीं ऐसा नहीं हो सकता ह ….मैं भाई भाभी को खो चुखी हु पर मेरे बेटे को कुछ नहीं होने दूंगी मैं उसे कंही नहीं जाने दूंगी ab….muje नहीं चाहिए बदला …मुझे मेरा राज चाहिए ह….

जगमाल सिंह-- क्या मैंने कुछ नहीं खोया h….ye उसके भाग्य मई लिखा ह …इसलिए ….जो हो रहा ह उसमे हम कुछ नहीं कर सकते ह”

दिव्या मैं नहीं मानती हु पापा …..और न manungi….wo मेरे भाई भाभी की निशानी ह ….क्या मू दिखाएंगे हम उन्हें ….ऊपर जाकर की पता होते हुवे भी मरने दिया उसे ….ये कहते कहते दिव्या रोने लगी….

अनिरुद्ध “ गुड़िया सम्भालो …..सोचो तुम्हारी भाभी और भाई का क्या हाल हुवा होगा ……और पता ह तुम्हारी भाभी ने क्या कहा था ….मेरे बीटा जैसे भी जियेगा जितना भी जियेगा ….एक शेर की तरह जियरगा जो अपने मई प्यार और दुश्मनो मई खोफ्फ़ की तरह जियेगा ..तुम तोह इतने से हे दर गयी “

दिव्या ..पर मैं…

जगमाल — बेटी दिव्या आज ख़ुशी का दिन ह वो तुम्हे रोटा और ऐसे देखेगा तोह क्या वो खुस रहेगा नहीं न तुम उसे कुछ नहीं बताओगी ….अगर उसे उसका प्यार बचाएगा तोह वो भी आएगा अब कैसे बचाएगा ये मुझे पता नहीं पर …मुझे यकीं ह ईश्वर हमरे साथ इतना बुरा नहीं करेगा…..”

इधर श्वेता भी हवेली मई एंटर कर gayiii….aur एक हे बार मई हवेली को सर पर उठा लिया क्योकि उसने साइलेंट एंट्री ली थी.

“ भाई …bhai….bhaiii…kanha ho….Bhaii….kanha….ho….” उसकी चीखे सून सभी बहार आगये ….और श्वेता राज को देखते हे उछाल पड़ी और उसकी तरफ भाग कड़ी हुवी और जम्प करके सीधी बांहो मई लिपट गयी “ ी लोवीए ोूउउ सोऊ सोऊ मच भाई उमंमाहहह …मैंने कितना मिस किया आपको ….”

राज “ लव यू ताऊ मैंने भी तुजे मिस किया …..आइलैंड कैसा लगा पसंद आया न “

श्वेता “ वो भाई मस्त मज़ा आगया ….पूरा दिन मस्ती पर आपके बिना कुछ ाचा नहीं लगता ह …पर श्रुति दी मेरा पूरा ख्याल रखती ह…”

बाकि सब दोनों की बात सुनकर हैरान हो गए ….मतलब श्वेता हॉलिडे पर थी और वो भी एक आइलैंड पर ….सब दोनों को घूरने लगे पर श्वेता तोह श्वेता उसे फर्क कान्हा पड़ता tha….usai तोह उसका भाई हे दिख रहा था बस …

सोनाली “ देख रही ह deepa…bhai ने बहन को टूर पर भेजा था और हमे …भूल गया ….”

दीपिका कान मई “ है भाभी ये भाई बहन जायदा हे उड़ रहे ह …पंख कुतरने पड़ेंगे ….”

सोनाली “ पंख तू देखना मैं इसका सब कुछ कुतर ढूँगी खासकर टंगे ….ताकि भागना भूल जाये और वो छोड़ उधर उसे देख सुनील को … कितना खुस मतलब अर्रंगेमेन्ट्स इसी ने किये ह…”

दीपिका है भाभी कल छोड़कर गलती की …कल गोली दोनों टैंगो मई मसर हे देनी थी….

सुनील को बुरा सा महसूस हुवा उसने नज़र घुमा कर देखा तोह ….उसकी फैट कर चार हो गयी …और ेओ धीरे से खिसक लिया…..

निचे श्वेता “ वो इतने सरे ी म सो हैप्पी “

राज “ जा सबसे मिल ले …”

ऊपर पूनम सबके रिएक्शन नोट कर रही थी खासकर सोनाली के क्योकि वो देखना चाहती थी की वो फॅमिली मई कैसा रिएक्शन देती ह सबको देख kar…aur महूस हो गया की दीपिका और सोनाली का रिश्ता बहुत खास h….udhar श्वेता ने जब ऋचा को देखा तोह उसे हैरानी हुवी और उसी पल …मनीषस का सक यकीन मई बदल गया की र फॉर ऋचा हे राज का पहला प्यार ह …उसने पूनम की तरफ देखा जो सबकी तरफ देख रही thi….uske दिल मई तैसे से उठी और वो खुदसे हे बोली “ नहीं नहीं पूनम बहुत नेक दिल लड़की ह उसी उसका प्यार मिलना हे चाहिए h….main इसका दिल नहीं टूटने दूंगी ….”

ऋचा “कैसी ह ….मुझे पता ह तू मुझसे नाराज h…aur होना भी chahiye…ho सके तोह अपनी इस दोस्त को माफ़ करदे ….”

श्वेता “ मुझे कोई शिकायत नहीं ऋचा …पर वक़्त निकल गया ह अब उन सब बातो का “ इतना कह वो आगे निकल gayiii…..piche ऋचा बस जाते देखती रही …..

ममता “ ऋचा वक़्त और आपकी कोसिस सब बदल देती ह इसलिए हीमत मत हरो …बस अपनी कोसिस जारी रखो बाकि मैं माँ दिव्या बुआ और दादाजी ह न ….”

ऋचा “ है मैं कोसिस करती रहूंगी”

रात को सब बड़ो ने एक साथ खाना खाया तोह बाकि सब रूफ पर पहुंच गए जंहा उनके लिए पार्टी का फुल अरेंजमेंट tha…..matlb हार्ड ड्रिंक सॉफ्ट ड्रिंक ेट्स का …..

राज के पास ममता और ऋचा बैठी बाकि सब आसपास हे बैठे थे और सुनील सोनाली से दूर पूनम और मनीषा के पास बैठा था…..

पूनम धीरे से “ क्या राज जी पिटे ह”

सुनील “ जब बहुत दुखी हो या बहुत खुस “

मनीषा “ और जनाब आप”

सुनील “ मनीषा जी ये बाँदा कोई नशा नहीं करता ह और वैसे भी आपका दोस्त कुछ करने दे तोह करू न देख रही हो कितने जाने मुझे मारने को तैयार ह “

मनीषा “ सो तोह ह ….दांतवारी हमारे पास सेफ हो”

सुनील “ आप कौनसी काम हो पीटने मई आप सबसे आगे हो सब पता ह आपका मुझे “

मनीषा “ गुसाई क्या कहा “

सुनील “ देखा ….”

मनीषा ने मू बिगाड़ लिया ….

राज सोनाली की तरफ हे देख रहा था पर सोनाली ने उसे एक बार भी नहीं देखा ….तभी सुनील को खुराफात सूजी

सुनील ने एक टेक्स्ट मैसेज अंजना को भेझा और अंजना ने भी अपना गिलास लेकर राज के पास पहुंच गयी …

अंजना “ तुम इतने नेर्वेस क्यों हो ….जितना सोचोगे उतना फंसोगे ….ये पियो और दर को दूर फेंक दो …”

राज “ सोनाली की तरफ देखते हुवे सही कहती हो और एक झटके मई अंजना एक हाथो से पीकर गिलास खली कर दिया “

पूनम ने सोनाली को देखा तोह सोनाली की मुठिया कासी हुवी thi….jinhe देख कर पूनम के चेहरे पर मुस्कान आगयी….

शिवानी खुदसे “ ये क्या किया राज क्यों दी को छेद रहे हो… वभरी पड़ी हे …”

श्वेता “ ओह माय गॉड ये सोनाली मम क्यों भड़की हुवी दिख रही ह कंही भाई ने छेड़ा तोह नहीं ह”

दीपिका “ गधा नालायक ….इडियट …ज़रा भी अकाल नहीं ह…”

ऋचा “ बस देखती रही उसके दिल के हालत इसके चेहरे पर बिलकुल नहीं ए वो बस राज को हे देखती रही “

सोनाली ने भी 3 गिलास लगातार पीकर खली कर दिए ….श्वेता कड़ी होकर राज के पास चली गयी और भाई के साथ डांस करने लगी…..

सुनील “ आज बीटा राज तू बहुत पिटेगा “

सोनाली बस राज को हे देख रही थी ……

पूनम “ ये साइड भी ह राज जी की ….इन्हे इस प्यार और साथ की जरुरत भी ह ….मैं बस इन्हे ऐसे हे खुस देखना चाहती हु..”

तभी सोनाली और पूनम की नज़रे एक दूसरे से मिली और पूनम ने प्यारी सी मुस्कान di…sonali बस शांति से उसे देखती रही तोह दूसरी तरफ पूनम भी उसी प्यारी मुस्कान से उन्हें देखती रही…..

राज ने सबको धीरे धीरे खड़ा कर लिया और डांस करने laga….aur फिर पूनम के पास पहुंच कर इज़्ज़त के साथ “ पूनम जी क्या आप मेरे साथ डांस करना पसंद करेंगी सॉरी थोड़ी पि ली ह बूत टुडे ी म सो हैप्पी “

पूनम ने भी अपना हाथ राज के हाथ मई रख दिया उसने एक नज़र सोनाली को देखा और राज के साथ डांस करने लगी …


कविता — “ श्वेता बेब …ये हमारी भाभी ह ….बाद मई मिलवाउंगी तुझे …ये बहुत बहुत अछि ह यार ी मैं बहुत इनोसेंट स्वीट मेरे पास वर्ड्स नहीं ह इनके लिए देख दोनों कितने परफेक्ट लग रहे ह”

श्वेता ok बेब मैं जरूर मिलूंगी भाभी से तुजे पसंद तोह मुझे भी पसंद …..

राज ने ममता को खड़ा करने की कोसिस की हे थी की नमता ने ऋचा का हाथ जल्दी से थमा दिया ….ऋचा और राज की नज़रे मिली तोह ..दोनों एक दूसरे को देखते रहे ऋचा राज के करीब आगयी और एक कपल की तरह स्कूल वाला डांस जो पहले साथ करते थे वही करने लगे दोनों के स्टेप्स एक साथ शानदार तरीके से मैच हो रहे थे सब दोनों को देखने लगे और चीयर करने …..दोनों हे ऐसे लग रहे थे जैसे कितनी हे बार डांस किया हो …लास्ट मई राज ने ऋचा को ऊपर उठा लिया …ऋचा राज की आंखे मिली …दोनों की आँखों मई पुराणी यदि agayiii…raj ने ऋचा को निचे उतरा और मूड गया अब वो सीधा ….सोनाली की तरफ गया ….सोनाली ने गुसाई से देखा तोह राज मुस्कराने लगा …..

सोनल बस घूरती रही ….और कुछ नहीं बोली ….धीरे धीरे सबको दिव्या ने सोने भेज दिया ऊपर पूनम के साथ खाने के लिए दीपिका मनीषा और शिवानी हे थे सिर्फ सुनील तोह एक कौन मई छिपा हुवा बैठा था सोनाली की वजह से…..

राज “ मैं कबसे माफ़ी मांग रहा हु ी म सॉरी ना”

सोनाली ने आगे बढ़ एक पंच दिया राज के पेट मई “

पूनम तोह हक्की बाकि रह गयी वो आगे बढ़ी तोह मनीषा ने रोक liya…sonali ने भी एक नज़र पूनम को देख पूनम सोनालिनकी आँखों मई गुसा साफ़ देख सकती थी….

राज “ मैं तोह बस आपको सेफ रखना चाहता था “

सोनाली ने बैक से गन निकली और राज पर फायर कर दी ….

सबकी हालत ख़राब हो गयी की सोनाली ने राज को गोली मार दी राज उड़ता हुवा पीछे जाकर गिरा ….

पूनम की आँखों मई इस वक़्त जान लेवा गुसा आगया सोनाली के लिए ….

मनीषा “शांत रह वो राज को प्यार करती ह तोह कैसे नुक्सान पंहुचा सकती ह अभी वो गुसाई मई ह निकल जाने दे साडी फ़्रस्ट्रेशन …उसकी दुनिया राज हे ह उसी से सुरु उसी पर ख़तम ह”

सुनील भी बरसात के मेंढक की तरह निकल कर सामने आगया “ मारो मारो मारो” के नारे लगाने लगा

राज दर्दसे कररहते हुवे खड़ा हुवा उसका सरीर कई जगह से दर्द कर रहा था”

सोनाली ने उसे उठाकर पटक दिया

राज “ बचे की जान लोगी क्या “

दीपिका शिवानी “ ोुह्ह्ह जोर से लगी अबकी बार”

सभी दूवये मांग रही थी की जल्दी हे सोनाली का गुसा शांत हो जाये पर सोनाली ने कुछ नहीं कहा और एक तरफ आगयी और सबके लिए खाने की प्लेट लगाने लगी ….और सबको खाना खिलने लगी …

सोनाली पूनम की तरफ “ तुम्हे अलग से बोलना होगा बैठो”

पूनम “ मैं खा लुंगी”

सोनाली “ यंहा मेहमान को भूखा नहीं रखा जाता ह अब बिना सवाल बैठ जाओ “

दीपिका - सोनाली को देखने लगी फिर कुछ सोचकर बैठ गयी….

राज बैठने आया तोह सोनाली” एक रात नहीं खाओगे मर नहीं जाओगे समझे जाओ तुम्हे तोह पिणि ह जाक्सर पियो देखो कोई दुश्मन न अजय यही रहो और हमे सेफ रखो “

राज एक तरफ बैठ गया और सबको देखने लगा पर उसके चेहरे पर हलकी मुस्कान थी ….

दीपिका अब भी खा लीजिये

सोनाली मैं बाद मई खा लुंगी ….दीपा सबके रूम देख लेना पानी रख दिया ह न रूम मई ….

दीपिका - जी ….

रात को सब रूम मई चले गए ….पूनम धीरे से रूम से निकल कर एक अनजान जगह पर भी राज के रूम की तरफ बढ़ी जंहा राज सो रहा tha….usne देखा तोह राज सो गया था ….वो वापस मोदी जाने के लिए तोह पीछे उसी सोनाली कड़ी दिखी …..और दोनों की नज़ारे आपस मई मिली ….


पूनम - बिना डरे राज की तरफ देख कर सोनाली से बोली “राज जी आपकी बहुत परवाह करते ह मुझे नहीं पता की वो प्यार ह या क्या ह पर है वो आपको याद करते ह …और आपका जिक्र होने पर उनकी आँखों मई एक चमक आती h….bhale हे आप आज गुसा थी ….उन्होंने आपको नहीं bataya…ki वो कान्हा h….par क्या इसे उनके दिल मई आपकी जगह किसी और ने ली नहीं न और ना हे कोई ले पायेगी ….पर अगर …आप अपने प्यार को यू चोट पहुंचकर अपना गुसा काम करती ह तोह जरूर एक दिन उन्हें खो dengi….ap मुझसे बड़ी ह ….इसलिए प्यार का मतलब आप मुझसे जायदा समझती ह….

सोनाली पूनम को जो अब तक सून रही थी वो बोली “ तुम्हारा क्या रिश्ता ह राज से जो रात को उसके रूम मई आगयी.. “

वही जो सब कुछ खो चुके एक इंसान का दूसरे के साथ होता h…..wahi जो बिना कहे एक दूसरे के मन की बात समाज jaye…wahi जो एक को दर्द हो तोह दूसरा भी दर्द महसूस करे.....

उन्होंने आपके लिए एक गिफ्ट लिया ये कहकर की सायद सोना वंहा आएगी मुझसे बहुत नाराज होगी ….पर मैं उसे मन लूंगा मैंने कभी उसे कोई गिफ्ट नहीं दिया पर ये उसी के लिए ……और अपने क्या किया …..पिता उसे ....

सोनाली “ पहली बात तुम्हे यंहा नहीं होना चाहिए था ….और मेरी बात तोह मेरी जिंदगी मेरी दुनिया मेरी सुभे, मेरी शाम राज से सुरु और उसी पर ख़तम h…..muje प्यार जाताना नहीं अत पर मेरे इलावा कोई उसे हाथ लगाए तोह मैं उसकी 7 पीडियो को ख़तम करने से भी नहीं hichkungi….wo मेरा पति मेरा प्यार मेरा सबकुछ ह ….मैं बस इतना जानती हु …राज मेरा ह ….और मैं जैसी भी उसे बहुत प्यार करती हु...

पूनम - अपनी प्यारी मुस्कान के साथ ….एक बात आज हमेसा दिमाग मई बिठा लेना सोनाली जी ….अगर आप राज पर हक़ जटाओगी तोह आप उसे खो डौगी ….आप कुछ नहीं जानती ह अभिराज की जिंदगी के बारे मई …याद रखना राज पर हक़ जताया तोह आप उसे हमेशा के लिए खो dengi…usai प्यार दो और जो होता ह वो होने दो भगवन ने आपकी जोड़ी लिखी ह तोह वो आपका होगा और जबरदस्ती हक़ जताया तोह आपका प्यार राज हे दुखी होगा ….और थैंक यू आप उसके लिए खाना लेकर आयी …..खिला dijiyega…..ap एक अछि वाइफ बनेगी फुटरे मई गुड नाईट….

सोनाली पूनम को देखती हे रह गयी की क्या लड़की ह ye….poonam के जाते हे सोनाली के आंसू फुट पड़े और उसने राज को जगाया …

राज सोनाली को देखने लगा वो कुछ बोलता सोनाली ने उसके होठो पर हाथ रख दिए और खाने की थाली लेकर अपने हाथो से उसे खाना खिलने लगी …..सोनाली के आंसू बाह रहे थे पर वो खाना खिलाती रही ….राज भी सिर्फ सोना को हे देखता रहा और फिर अपने हाथ से निवाला तोड़कर उसे खिलने laga…….sona के चेहरे पर मुस्कान agayiii….khana खिलने के बाद राज ने सोनाली को अपनी बांहो मई हे सुला लिया ….वो भी बिना कुछ कहे राज के सीने से लगकर सो गयी …आखिर इसी प्यार के लिए हे तोह तड़पती थी वो जीती थी…….

अगले दिन सबने जी भर मस्ती करि बाते करि और 30 तारिक भी आगयी….

सुभे हे लड़किया एक से बढ़कर एक तैयार होकर कड़ी थी और पूनम ऋचा सोनाली शिवानी ….रिफत जहान्वी अंजना श्वेता कविता mamta…anjana पर असली प्रोब्ले म तोह अब सुरु हुवी सोनाली शिवानी अंजना पूनम ऋचा का कोई भाई नहीं था….. सिचुएशन बड़ी अजीब थी ….

दादाजी - देखो अब तरीका तोह ह पर सब राजी हो जाओ तोह

सभी लड़किया बताईये दादाजी ….

राज और सुनील की नज़ारे मिली और उन्हें गड़बड़ी का अहसास huva….wo दोनों जल्दी से दादाजी को देखने लगे ….

दादाजी — भाई सुनील

नाम सुनए हे सुनील उछाल पड़ा …..

दादाजी — सोनाली ..अंजना …पूनम ..ऋचा ..शिवानी तुम्हारा भाई आज से सुनील होगा

राज खड़े खड़े हे निचे गिर पड़ा और यही हाल सुनील का भी था ….खासकर सोनाली का भाई बनने के नाम पर….

दिव्या — है ये तीख रहेगा….

सुनील और राज दोनों एक साथ हाउ पॉसिबल …सभी लड़किया एक दूसरे को देखकसर हमे मंजूर …

राज और सुनील की आंखे चौड़ी हो गयी मंजीर ह से क्या मतलब ह ….. दीपिका मैं दोनों को बांडुंगी ी …

दादाजी - तीख h…aur तुम दोनों और sherdil,ajay बीटा खड़े हो जाओ चलो ..

साडी लड़कियों ने सुनील को घेर लिया और उसकी कलाई राजहियो से भर दी ….

सुनील के गाल पर बहनो के लिपिस्टिक के खूब सरे निशान थे …पूनम और ऋचा सुनील को भाई बनाकर बहुत खुस थी पूनम ने राखी के साथ भाई की आरती भी उतरी ताकि उसके भाई को बुरी नज़र न लगे …..

तोह राज और शेरदिल श्वेता और दीपिका रिफत कविता ममता जहान्वी से राखी बंधवाकर खुस थे ….पर सबसे जायदा खुस शेरदिल था क्योकि उसे परिवार की खुलगी मिल gayi…thi….

सुनील ने सोनाली के हाथ से राखी बंधवाते वक़्त “ आप तोह नहीं पिताजी .ुजे छोटा भाई हु”

सोनाली “ तोह फिर …उसकी साइड मत लेना वर्ण इस बार जायदा पिटूंगी “

सुनील “ हे भगवन किस मुसीबत मई पढ़ गया मैं “

सोनाली उसके फ़ोरेहेअद पर किस करके …..अपनी दीदी की बाते मन्ना बस….

राज और सुनील बस एक दूसरे को देखते रह गए और जब सबको गिफ्ट्स मिले तोह सब खुस से भर गए…..

राज ने पूनम को गिफ्ट दिया “ ये आपके लिए ….ह “

पूनम “ मेरा गिफ्ट हमरी दोस्ती और आपका साथ ह मुझे और कुछ नहीं चाहिए…

राज “ प्लीज “

पूनम “ हम्म मुम्बई अपने हाथ से पहनाओगे तोह पहनूंगी और घुमाओगे भी“

राज मुस्कराकर जो आज्ञा देवी जी की …

राज “ और ये आपके लिए स्पेशल …”

सोनाली “ थैंक यू”

राज “ ओह देवी शांत हो गयी फिर धीरे से तोह रात को……

सोनाली “ बेशरम”

श्वेता कविता ममता ृफ्ताट और जहान्वी ने राज और शेरदिल के साथ धेरी सेल्फी ली ….शेरदिल ने राज को कसकर गले लगा लिया …शेरदिल “ भाई की तरह जियेंगे ….शान से जियेंगे ….साथ हे शान से marengd…mere भाई पर चलने वाली golin…pahle ये भाई khayega…..ye शेरदिल का वचन ह”

राज - हम जियेंगे मेरे भाई जी भर जियरंगे”

सुनील दूर से हे “ भाई राज मतलब राज ….अब मैं इनसे छिपा नहीं पाउँगा dekhle…phir मत कहना की तूने बता दिया “

राज “ चुप सेल इतनी जल्दी पार्टी बदल ली रूक तुझे मैं बतात हु”

तभी पूनम ऋचा सोनाली शिवानी अंजना आगे आगयी तोह राज की तरफ से दीपिका कविता ममता श्वेता रिफत जहान्वी आगयी …और अचानक सबकी हंसी हॉल मई गूंज गयी …

रात को सुनील और राज शेरदिल बैठे हुवे थे

राज “ इस्लियेतु उसदिन बोल रहा था मेरा दिल घबरा रहा ह “

सुनील “ है भाई …मुझे क्या पता था ये होगा और तू ….कमीने तू भी सबको मुम्बई से ले आया…..

राज “ तोह क्या करता “

सुनील “ जो रेयर से भी रेयर पिता था वो हिचकी लेते हुवे अबे तेरा क्या ह वो पीटने वाली तोह साडी मेरी बहने ह और मजे की बात तेरा गुसा मुज पर निकलती ह…..

तभी साडी एक साथ आयी और तीनो को निचे ले गयी और अपने हाथो से खाना खिलने लगी

आज के लिए इतना हे सुभ्रातृ हैप्पी रक्षाबंधन ….प्यार और साथ देते रहना कोई वर्ड मिस्टेक हो तोह maafi.....Agla अपडेट आपको जल्द सैटरडे को मिल जायेगा
 
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