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अनीता उस आदमी के साथ ढाबे के पीछे गयी तो एक स्टाफ का वाशरूम दिखा. वह उसे दिखती हुयी उस आदमी से boli,"Udhar स्टाफ वाशरूम है. वहीँ चली जाती हूँ"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are ु भी ससुरा गन्दा होगा"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर boli,"Toh अब और क्या करूँ?"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दूसरे भाग को मसलते हुए bola,"Are उहे जो पिछली बार की थी. चलो खेत में मूट लो"
अनीता यह सुनकर सामने खेत देखती हुयी boli,"Nahin, पिछली बार जो हो गया सो हो गया. मैं फिर से वैसे खुले में नहीं करुँगी"
वह आदमी अनीता से bola,"Are खुले में कहाँ, पिछली बार तुम देखि थी कउनो नहीं था"
अनीता यह सुनकर नखरे से boli,"Haan कोई नहीं था इसलिए आप अपनी जगह छोड़ कर मेरी तरफ देखने लगे थे"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड सहलाते हुए उसके करीब होकर bola,"Are तोहार गांड हम देख लिए तोह का हो गवा. हमरे जइसन असली मरद तोहार गांड नहीं देखेगा तो कउनो ससुरा नामर्द देखेगा जो तोहरी गांड का खूबसूरती नहीं समझे"
फिर वह अनीता की गांड के तरफ देखते हुए उसकी गांड पर से उसकी कमीज उठाते हुए सलवार को देखा जिसमे अनीता की गांड की शेप अच्छे से समझ आ रही थी क्यूंकि वह जो सलवार पहनी थी वह उसकी कमर से लेकर घुटने तक उसकी पेअर से चिपकी हुयी थी और उसके नीचे फ्री फ्लोइंग थी. उस सलवार में अनीता की गांड का शेप पूरा समझ आ रहा था.
वह आदमी जैसे hi अनीता की गांड से कमीज को ऊपर उठाया और उसकी बड़ी गांड की शेप देखा, वह उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. अइसन गांड को ससुरा हमरे जइसन मरद कैसे देखे बिना रहेगा"
अनीता बिना शर्म के उस आदमी के तरफ देख रही थी की कैसे वह खुलकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए उस पर हाथ फेर रहा था. अनीता की चेहरे पर शर्म आने के बजाय गर्व का भाव आ गया और उसे अपनी जवानी और गांड पर गर्व हो रहा था.
वह आदमी अगले पल अनीता को देखते हुए उसकी गांड के बीच हाथ रखकर बीच का ऊँगली उसकी गांड की दरार में घुसते हुए उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Tum बताओ अगर हम तोहरी गांड को देखे बिना रह जाते तो ी हमरे मर्दानगी पर ठु नहीं होता का की अइसन जवान गांड देखने का मौक़ा हम छोड़ दिए. और तोहरी गांड का भी तो बेइज़्ज़ती होता की अइसन मस्त गांड को हमरे जइसन मर्द नहीं देखा"
अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो रही थी. वह तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Ab आप अपनी मर्दानगी की बात ले आये, यह क्या बात हुयी? बस बाते बनाते रहते हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों में देख कर bola,"Are मर्दानगी का hi तो बात है"
वह यह बोलकर अनीता की गांड पर वापस हवस भरा नज़र डालते हुए उसकी गांड की दूसरी भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff सच में का मस्त गांड है तोहार"
उस आदमी को ऐसे अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए उसे दबाकर उसको तारीफ करते देख अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव फिर से आ गयी.
वह गर्व के भाव से उस आदमी के चेहरे पर देख रही थी की तभी वह आदमी वापस उसे देखकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए puchha,"Tum बताओ हमरा जइसन मरद का तोहार जइसन जवान औरत का गांड देखने का मैं नहीं करेगा का? तुम hi बताओ हम का कुछो ग़लत किये तोहार गांड देखकर?"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Achha ठीक है आपने देखा लिया कोई बात नहीं. जो हो गया, पिछली बार वह हो गया. लेकिन ऐसे यहाँ खुले में फिर से करना सही नहीं होगा न"
वह आदमी अनीता को गांड दबाते हुए bola,"Are तो का हो जायेगा. हम तोहार नंगी गांड तो देख hi चूका हूँ. एक बार और देख लूंगा"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin मेरा मतलब वह नहीं है."
अनीता फिर आस पास देखकर boli,"Abhi खेत खुला है तो कोई भी देख लेगा न. मेरा मतलब है कोई और आ जायेगा तो अजीब लगेगा न"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan ी बात तोह सही बोली. हमरा जइसन मरद तोहार गांड देख hi सकत है. मगर ससुरा कउनो और आकर तोहार गांड देख लेगा तो ससुरा का लौड़ा से पानी hi निकल जायेगा हाहाहा"
वह आदमी यह बोलकर हल्का हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसे देखती हुयी अपनी आखें बड़ी करके boli,"Offo मुझे जोर से लगी है और आप सिर्फ बातें बना रहे हैं. मैं वाशरूम में hi जा रही हूँ"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are रुको. ु झड़ी के पीछे चलो. यहां बैठ कर मूट लेना"
अनीता देखि की एक खेत के बाद कुछ पेड़ और झाडी है. अनीता वह देख ने के बाद एक नज़र ढाबे के तरफ दौड़ा कर आस पास देखने लगी की तभी वह आदमी उसकी बायीं हाथ पकड़ कर bola,"jaldi चलो नहीं तो तोहार मूट ीहें निकल जायेगा"
अनीता कुछ बोलती इससे पहले वह आदमी उसकी हाथ पकडे उन पेड़ और झाड़ियों के तरफ जाने लगा. अनीता को भी उसके साथ आगे बढ़ना पड़ा और वह साथ चलती हुयी अपनी आँखें बड़ी करती हुयी boli,"Offo ऐसे क्यों बोलते हैं आप?"
अनीता यह बोलकर उसके साथ चलती हुयी एक बार आस पास देखि की कोई देख तो नहीं रहा है.
वह आदमी अनीता को देखकर bola,"Are तो कौन सा ग़लत बात बोलै हूँ हम"
अनीता यह सुनकर उसके तरफ वापस देखि तो वह आगे bola,"Aese कड़ी रहोगी तो ससुरा मूट इंतज़ार थोड़े करेगा, वह तो ज़्यादा लगेगा तो निकलने hi लगेगा"
अनीता को समझ आ गया की बेवजह का वह भी उसे समझने की कोशिश कर रही है. वह तो जैसा बोलना है वैसे hi बोलेगा और उसका बात तो सही hi है. हाँ अच्छे से सभ्य तरीके से बोल सकता था वह मगर वह तो एक दबंग गुंडा टाइप का आदमी था तो उससे सभ्य बात की उम्मीद करना तो ग़लत hi है.
अगर अनीता को सभ्य बातें सुन्नी है तो सभ्य इंसान से बात करना होगा मगर फिर कोई सभ्य आदमी तो इस बात की परवाह नहीं करता की उसे पेशाब लगी है तो उसे पेशाब करने के लिए जगह खोजने में मदद करे. वह तो सभ्यता दिखने के चक्कर में शायद उसकी परेशानी सुनकर चुप चाप चला जाता या गंदे टॉयलेट hi उसे करने बोलता या मैनेजर के कम्प्लेन करने पर उसका बदतमीज़ी देखकर बात को आगे बढ़ने से बचने के लिए उसे उसके हाल पर छोड़ देता. यह तो इस आदमी का दबंग अंदाज़ hi है की न सिर्फ वह अनीता के लिए उस बद्तमीज़ मैनेजर के सामने खड़ा हुआ बल्कि उसके पेशाब करने का इंतज़ाम भी कर रहा है.
अनीता यह सोच hi रही थी की वह आदमी bola,"Ab बात छोडो और जल्दी चलकर मूट लो" और अगले पल उसकी हाथ छोड़कर उसकी गांड पर हाथ रखते हुए सहलाकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Nahin तो ससुरा ी अपना सलवार में मूट डौगी तो हुंका hi बस से जाकर दूसरा सलवार लाना पड़ेगा"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि मगर कुछ बोली नहीं. उसे पता था कुछ बोल कर फायदा नहीं होगा और उल्टा बात hi बढ़ेगा.
अनीता उसका बात सुनकर बेशर्मी से उसे एक नज़र देखि और फिर एक नज़र आस पास दौड़ाई तो वह आदमी उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are कउनो नहीं देख रहा है की तुम मूतने के लिए हमरे साथ झाड़ियों में जा रही हो"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह यह सुनकर बिना शर्म के उस आदमी के आँखों में देखती हुयी boli,"Phir भी. पता नहीं कौन कब ढाबे के पीछे आकर हमें देख ले. थोड़ा जल्दी चलिए प्लीज"
वह आदमी जवाब में उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are देख लेगा तो देख लेने दो. कउनो देखकर का hi उखाड़ लेगा. कउनो कुछो बोलेगा तो ससुरा का गांड तोड़ दूंगा"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo आप और आपकी बातें. यह दबंगई करना अच्छा लगता है क्या आपको"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड मसल कर bola,"Humka तो तोहार गांड देखना अच्छा लगता है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी अनीता की आँखों में देखा और फिर नज़र नीचे उसकी क्लीवेज पर करके हवस से अनीता की चूँचियों को देखा. अनीता की बदन में उसके बात से एक अजीब सा सनसनी महसूस हुयी और जब वह उसकी चूँचियों को भूखे हवस भरे नज़र से देखा तो वह सनसनी बढ़ गयी. यहाँ तक की उसकी छूट में भी सनसनी महसूस हुयी.
अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए देख बिना कुछ रियेक्ट किये थोड़ी तेज़ी से चलने लगी जिससे उसकी बड़ी गांड मटकने लगी. वह आदमी उसकी गांड की मटक अपने हाथ पर महसूस करके नज़र पीछे करके अनीता की गांड पर लेजाकर उसे देखते हुए bola,"Uff का मस्त गांड मटकत है तोहार"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया और उसकी गांड पर थपथपाते हुए bola,"Are अब तोहार गांड मटकत है तो उहे बोलूंगा न"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Lekin हम कउनो बेकार का बात नहीं करात हूँ. सच में बड़ा मस्त गांड है तोहार"
अनीता की चेहरे पर यह सुनकर एक गर्व की भाव आ गयी और वह गर्व की भाव से उस आदमी को देखती हुयी अपनी गांड को और मटकने लगी. वह आदमी साफ़ साफ़ अपने हाथ पर अनीता की गांड की मटक को बढ़ता हुआ महसूस करके उसकी गांड के तरफ देखा तो पाया की अनीता की गांड की मटक बढ़ गयी है. वह आदमी यह देखकर bola,"ee हुआ न बात. उफ़ का मटकत है तोहार गांड"
अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी अपनी गांड को वैसे hi मटकती हुयी चलने लगी तो वह आदमी अनीता की गांड पर हल्का थपथपा कर bola,"Haan ऐसे hi गांड मटकती हुयी चलो"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उस आदमी के तरफ देखती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo आप भी न कैसी कैसी बातें बोलते रहते हैं. मैं जल्दी चलने की कोशिश कर रही हूँ और आप है की बस बातें बनाये जा रहे हैं"
वह आदमी यह सुनकर जल्दी जल्दी चलते हुए bola,"Are अब तोहार गांड मटकत है उहे तो हम बोलत हूँ"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab चलते वक़्त तो वह होगा hi. इसमें बोलने की क्या बात है"
और फिर एक ऐडा से puchhi,"Hmm? बताइये? चलते वक़्त वैसे तो होगा hi न. इसमें बोलने की क्या बाय है?"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"Achha ठीक है कुछो नहीं बोलूंगा हम. बस तोहार गांड देखूंगा. ऐसे hi अपनी गांड मटकती हुयी चलो"
अनीता यह सुनकर कामुक नज़र से उस आदमी को देखि और फिर एक ऐडा से अपनी कान के पास का बाल कान के पीछे करती हुयी अपनी गांड को और मटकती हुयी चलने लगी.
वह आदमी यह महसूस करके अनीता की गांड को हवस भरे नज़र से देखा. अनीता देखि की कैसे वह आदमी उसकी गांड को देख रहा है. वह आदमी अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Haan ऐसे hi मटकाओ अपनी गांड"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड को और मटकने लगी तो वह आदमी अनीता की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड थपथपाते हुए bola,"Ee हुआ न बात"
अनीता यह सुनकर अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी उसे देखि और फिर सामने देखती हुयी गांड मटकती हुयी चलने लगी. वह आदमी भी उसके साथ चलते हुए अनीता की गांड को देखकर उसे सहलाते हुए उसे कभी कभी थपथपा रहा था. अनीता यह महसूस करके कुछ नहीं बोल रही थी.
आखिरकार वह लोग झाड़ियों के पीछे पहुँच गए. अनीता एक नज़र ढाबे के तरफ देखि तो कोई नहीं था यह देखकर उसे राहत महसूस हुयी.
वह आदमी अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Are कउनो नहीं देख रहा. अब चलो ी सलवार खोलकर जल्दी से मूट लो".
अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखकर boli,"Are फिर से आप कैसी बातें करने लगे"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ रखे सहलाते हुए उसके थोड़ा करीब होकर आँखों में देखकर bola,"Are तो का ग़लत बोले हम? तुम का सलवार पहने hi मूटोगी? ी का खोलोगी नहीं का?"
अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो गयी. उसे उस आदमी का यूँ खुलकर बोलने से एक अजीब सा एहसास हो रहा था. अनीता भी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Are तो एहि बात तो मैं बोल रही हूँ की यह कोई बोलने की बात है. सलवार तो खोलना hi पड़ेगा न मुझे."
वह आदमी अनीता की बात सुनकर हल्का मुस्कुराकर उसकी गांड थपथपाते हुए bola,"Theek है तो सलवार खोलकर मूट लो"
अनीता यह सुनकर एक तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Main उधर पेड़ के पीछे जाकर कर लेती हूँ. आप एहि खड़े रहिये और उधर दूसरी तरफ देखिएगा"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are ीहें मूट लो न. हम तो तोहार नंगी गांड देख hi चूका हूँ"
अनीता की दिल धड़क गयी और सांस और तेज़ हो गयी यह सुनकर. वह अपनी बेशर्मी दिखती हुयी उसके बात पर ऐतराज़ किया बिना boli,"Haan इसलिए फिर से नहीं देखना है आपको. पिछली बार तो बहाना बनाकर देख लिए थे, लेकिन इस बार नहीं. आप उधर खड़े रहिये मैं पेड़ के पीछे जा रही हूँ"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड के तरफ देखकर उसकी गांड की एक भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff बड़ा मस्त गांड है तोहार. चलते वक़्त कैसे हिल रही थी"
अनीता धड़कते दिल और तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Ab बस कीजिये अपनी बातें. कितने गंदे तरीके से बोलते हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are गांड को गांड नहीं बोलूंगा तो और का बोलूंगा?"
अनीता जवाब में boli,"Aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है, बस मनमानी करते रहते हैं आप, लेकिन आज बहाना बनाकर फिर से देखने मत आ जाइएगा. उधर जाकर खड़े होइए आप, मैं पेड़ के पीछे जा रही हूँ"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को प्यार से सहलाते हुए उसकी गांड के तरफ देखते हुए puchha,"Are का देखने के लिए मन कर रही हो?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Jaise आपको पता hi नहीं है?"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Are नहीं पता इसलिए तो पूछत हूँ"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से एक ऐडा से boli,"Wahi जहाँ आप देख रहे थे अभी और जहाँ आपका हाथ है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटाकर मुस्कुराते हुए puchha,"Humra नज़र तो तोहरा खबसूरत चेहरा पर है और हाथ तो कहीं नहीं रखा हुआ है"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haath और नज़र तो हटा लिया आपने. अब जब हटा hi लिया है तो रहने दीजिये. मैं चली पेड़ के पीछे"
अनीता यह बोली hi थी की तभी वह आदमी अपना हाथ वापस उसकी गांड पर रखते हुए सहलाकर bola,"Haan ठीक है जाओ. बहोत ज़ोर से मूट लगा होगा तुमका. ऐसा नहीं हो की ी सलवार में hi तोहार मूट निकल जाये"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Phir से वही बात. कैसी बातें करते हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर हल्का मुस्कुराया तो अनीता कामुक अंदाज़ में boli,"Ab जाइये उधर खड़े रहिये और उधर hi रहिएगा. पेड़ के पीछे आकर देखने मत लगिएगा पिछली बार की तरह"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए puchha,"Are तो एक बार बता तो दो की हम का नहीं देखे"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Bola तो मैंने की जहाँ आपका हाथ है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना हाथ उसकी गांड से हटा दिया तो अनीता बेशर्मी से boli,"Ab हटाकर यह मत पूछियेगा की कहाँ था हाथ आपका"
वह आदमी मुस्कुराकर bola,"Are तो बता दो न हुंका की हमरा हाथ कहाँ था और हम का नहीं देखे?"
अनीता यह सुनकर एक ऐडा से उसे देखती हुयी अपनी बेहयाई, बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत देती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी गांड की दायी भाग पर रखती हुई कामुक अंदाज़ में boli,"Yahan था आपका हाथ"
और अगले पल अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"aur इसे नहीं देखना है आपको"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड देखते हुए उसकी कमीज को गांड से ऊपर करते हुए सीधा उसकी सलवार के ऊपर से गांड पकड़ कर उसे पकड़ कर हिलाते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"U ससुरा कउनो नामर्द hi होगा जो तोहार गांड नहीं देखेगा. इतना मस्त गांड है तोहार की देखे बिना कउनो मर्द रह नहीं सकता. और तुम तो हमार लौड़ा देखि हो और उसका मालिश भी की हो. तुम hi बताओ हमरा जइसन मरद तोहरा जइसन औरत का गांड कैसे नहीं देखेगा"
अनीता की सांस यह सब सुनकर तेज़ हो रही थी और दिल धड़क रही थी. पेशाब तो उसे लगा था मगर उसे उस आदमी का यूँ बात करने का अंदाज़ अच्छा लग रहा था तो वह पेशाब को रोकी हुयी बात कर रही थी.
वह यह सुनकर उस आदमी को देखकर अपनी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Theek है ऐसे hi देख लीजिये. मगर जब मैं पेड़ के पीछे जाकर अपनी सलवार खोलूंगी तो देखने मत आ जाइएगा पिछली बार की तरह. बस ऊपर से देख रहे हैं उतना hi काफी है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Achha तो तोहार कहने का मतबल है की हम तोहार गांड ऐसे ऊपर से देख सकत है मगर नंगा गांड नहीं देख सकत है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo कैसी गंदे तरीके से आप बोलते हैं. कुछ और भी तो बोल सकते हैं"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are अब गांड को गांड hi न बोलूंगा"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखकर boli,"Phir से वही बात. आपको तो कुछ बोलना भी बेकार है. बस अपनी मनमानी करते रहते हैं. अभी मैंने मन किया ऐसे गंदे तरीके से नहीं बोलने फिर भी वही बात बोले जा रहे हैं"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are ससुरा अब हम गांड को और का बोलूं. और तोहार गांड अइसन है की बार बार देखने का मैं करात है हुंका उहे तो बोल रहा हूँ"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Agar इधर देखने से आपको वैसी गन्दी बातें करने का मैं करता है तो मत देखिये"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया और अगले पल अनीता की गांड को देखते हुए उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. अइसन गांड को हम देखे बिना कइसन रह सकत है"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekhe बिना hi रहना होगा, समझे आप"
वह आदमी यह सुनकर उसकी दायी गांड को देखते हुए पकड़ कर हिलाकर bola,"Uff कैसे हम ी गांड को देखे बिना हम रह सकत हूँ. लेकिन कउनो बात नहीं है, अगर तुम बोलत हो तो हम ी गांड नहीं देखूंगा"
फिर वह अनीता की गांड की बायीं भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"lekin ी तोह देख सकत हूँ हम"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उस आदमी के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo कुछ भी नहीं देखना है आपको"
वह आदमी यह सुनकर उसकी बायीं गांड से हाथ हटते हुए दायी गांड पर रखकर हिलाते हुए bola,"Haan तोहार ी गांड नहीं देखूंगा हम"
अनीता अगले पल फिर से अपनी बेहयाई, बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत देती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी दायी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Na इधर देखना है आपको" फिर वह उसका हाथ पकड़ कर अपनी बायीं गांड पर रखती हुयी वैसे hi आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Na इधर. दोनों में से कोई भी नहीं देखना है आपको"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Muskuraiye मत, देखकर समझ लीजिये कहाँ आपकी नज़र नहीं जानी चाहिए जब मैं पेड़ो के पीछे जाकर अपनी सलवार खोलूंगी तो" और अपनी आँखों से उसे देखती हुयी अपनी गांड के तरफ इशारा की तो वह आदमी उसकी गांड की तरफ देखा तो अनीता उसका हाथ पकड़ कर अपनी बायीं गांड से हटाकर दायी गांड पर रखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लीजिये अच्छे से की आपको न यह देखना है" और फिर वह उसका हाथ पकड़ कर बायीं गांड पर रखती हुयी boli,"aur न hi यह देखना है"
वह आदमी मुस्कुराते हुए अनीता की गांड देखते हुए उसे सहलाने लगा और फिर अनीता की तरफ देखा तो वह कामुक अंदाज़ में boli,"Samajh गए न आप कहाँ नहीं देखना है? एक बार आप भी बताइये ताकि मुझे यक़ीन हो जाये की आप समझ गए"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की बायीं गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Tohaar ी गांड नहीं देखूंगा हम"
फिर वह अपनी बायीं गांड के ततफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Sirf इसे या और भी कुछ"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की दायी गांड पर हाथ लाते हुए उसे हलके से मसलते हुए bola,"Aur तोहार ी गांड भी नहीं देखूंगा"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Pakka?"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Haan पक्का. लेकिन तुम जब पेड़ के पीछे मूतने जाओगी तो यह गांड मटकते हुए जाना. हुंका तोहार गांड को मटकते हुए देखना है"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"pura रास्ता तो आपने देखा न? आपका नज़र तो उसी पर था. अब और कितना देखेंगे?"
वह आदमी उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are हमरे जइसन मरद का तोहार गांड का मटक देखने का तो हर वक़त मैं करेगा"
अनीता यह सुनकर अपनी सर हिलायी और फिर एक ऐडा से boli,"Main जा रही हूँ. आप देखिएगा कोई आ न जाये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Haan जाओ. और यह गांड मटकते हुए जाना"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और घूमकर अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटकती हुयी पेड़ के पीछे जाने लगी. वह आदमी यह देखकर bola,"Uff बड़ा मस्त कातिल गांड है तोहार थोड़ा और मटकाओ न"
अनीता की चेहरे पर यह सुनकर गर्व की भाव आ गयी मगर वह कुछ बोले बिना अपनी गांड को और मटकती हुयी पेड़ के पास पहुंचकर पहले अपनी कुर्ती थोड़ी ऊपर उठाई जिससे उसकी गांड का आकर सलवार के ऊपर से साफ़ साफ़ दिख रही थी. फिर वह सलवार में दोनों तरफ से अंगूठा घुसकर उस आदमी के तरफ देखि जो उसकी गांड को hi देख रहा था.
अनीता उसे अपनी गांड को देखते हुए देख बेशर्मी से boli,"Are आप उधर देखिये न की कोई आ न जाये"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड से नज़र हटाकर उसे देखा तो अनीता कामुक अंदाज़ से दूसरे तरफ देखने का इशारा की तो वह आदमी bola,"Are तुम सलवार खोलकर मूतना तो शुरू करो. हम देख रहा हूँ की कउनो ससुरा इधर न आये"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और थोड़ी आगे होकर पेड़ के पीछे पूरी तरह से चली गयी जिससे अब उस आदमी को कुछ नहीं दिख रहा था. वह बस अनीता की सलवार में कैद गांड की आकर और अनीता को सलवार में अपनी अंगूठा डालते हुए hi देखा था.
उस आदमी को कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की पेशाब की धार सुनाई देने लगा. उसके कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की आह की आवाज़ aayi,"Aaahh आउच"
यह सुनकर वह आदमी अनीता के तरफ गया और जैसे hi पेड़ के पीछे गया तो उसे अनीता की नंगी गांड दिख गयी. रात के अँधेरे में अनीता की गोरी गांड चमक रही थी. अनीता चुप चाप पेशाब कर रही थी और वह आदमी अनीता की गांड को देखते हुए उसकी पेशाब की धार की आवाज़ सुन्न रहा था. वह आदमी अनीता की नंगी गांड देख hi रहा था की अनीता फिर से आह nikali,"aaahh" तो वह आदमी तुरंत puchha,"Are का हुआ तुम का. कहे चीख रही हो"
अनीता कराह कर पेशाब करती हुयी hi अपनी बायीं हाथ पीछे लेजाकर अपनी बायीं गांड पर रखकर सहलाने लगी थी की तभी वह उस आदमी का बात सुनकर घबरा कर पीछे देखि तो उसे देखते hi उसकी दिल धड़कने लगी और वह अपनी पेशाब रोककर उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप? यहाँ क्यों आये?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तुम कराह रही थी तो हम घबरा गए और देखने आ गए की का हुआ"
अनीता अपनी पेशाब रोकी हुयी मगर वैसे hi गांड नंगी किये हुए बैठी यह बातें बोल रही थी. वह जान रही थी की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख सकता था, बल्कि बात करते हुए देख रहा था मगर उसे उसकी चिंता अब नहीं थी. वह जानती थी की वह उसकी नंगी गांड पहले भी देख चूका है और अभी आकर फिर से जब देख चूका है तो क्या hi छुपाये. लेकिन वह उसके सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी तो पेशाब रोके वैसे hi नंगी गांड के साथ बैठे उससे बातें करने लगी.
अनीता उसका बात सुनकर boli,"Jhooth मत बोलिये. आप पहले से hi आ गए होंगे देखने के लिए जो आप देख रहे हैं"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are जब हम तोहका अपना जबान दिए थे तो ुका कैसे तोड़ते. ससुरा हम ज़बान का पक्का हूँ. ु ससुरा मरद hi का जो ज़बान का पक्का नहीं हो."
वह आदमी जिस हिसाब से बात बोलै अनीता को भी लगा की वह सच बोल रहा है. अनीता को बुरा लगा की वह सिचुएशन समझे बिना hi उसे जज करने लगी.
वह आदमी आगे bola,"Aur ु भी कउनो मरद नहीं होगा जो औरत का परेशानी जान कर मदद करने नहीं आये. हम तोहार कराह सुने तो देखने आ गए"
अनीता वैसे hi नंगी गांड के साथ बैठी उसका बात सुन्न रही थी और यह बात सुनकर उसे और अच्छा लगा की वह आदमी उधर उसकी आह सुनकर चिंता से आया था. अगर उसे सिर्फ उसकी गांड देखना होता तो अपना दबंगई दिखते हुए ज़बरदस्ती उसकी सलवार खोलकर भी देख सकता था, मगर वह ऐसा नहीं किया. अनीता को अच्छा लगा की वह उसकी चिंता कर रहा था.
वह देखि की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख रहा था मगर अनीता को कोई ऐतराज़ नहीं था बल्कि अगले पल उसे और अच्छा लगा जब वह आदमी उसकी गांड देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर puchha,"Tohaar गांड पर कउनो कीड़ा काट रहा था ka?Hum जब आये तो देखे तुम अपनी गांड सेहला रही थी"
अनीता को उसके भाषा पर कोई ऐतराज़ नहीं हुआ. वह जान रही थी की वह आदमी वैसे hi गंदे भाषा में hi बोलेगा तो ऐतराज़ करके अब कोई फायदा नहीं. अनीता उस आदमी को देखती हुयी बेशर्मी से boli,"Haan"
यह सुनकर वह आदमी अनीता की तरफ देखा तो अनीता boli,"Lekin अब ठीक है आप जाइये"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are फिर से तोहरी गांड पर काट लेगा तो"
फिर वह उसकी नंगी गांड को देखते हुए bola,"Hum रह कर देखता हूँ की ससुरा कौन कीड़ा है जो तोहार ी गोरा नाज़ुक गांड पर काट रहा है"
अनीता इतनी बेशर्म औरत थी की अब उसे उस आदमी का उसकी नंगी गांड को देखने पर कोई ऐतराज़ नहीं था. उसका मानना था की वह आदमी पहले भी एक बार उसकी गांड को नंगी देख चूका था और अभी फिर से दुबारा देख चूका था तो अब छुपाने का कुछ है hi नहीं.
लेकिन वह जितनी भी बेशर्म थी और जितना भी उसके अंदर रान्दीपना थी, वह उस आदमी के सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी. उसे यह थोड़ा अजीब लग रही थी. वह चाहती थी की अगर उस आदमी को उसकी नंगी गांड देखना है तो दूर से देख ले मगर पेशाब करते वक़्त नज़दीक न रहे.
अनीता उस आदमी को वहां से जाने के लिए डायरेक्ट नहीं बोलना चाहती थी क्यूंकि उसे लग रहा था की वह सच में उसकी नंगी गांड देखने के ख्याल से नहीं, बल्कि उसकी कराह सुनकर देखने आया था की सब ठीक है या नहीं. तो वह उसे यक़ीन दिलाना चाहती थी की सब ठीक है ताकि वह वहां से चला जाये.
इसके लिए अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी boli,"Ab ठीक है, कुछ नहीं काटेगा"
अनीता की यह बात सुनकर वह आदमी उसकी गांड से नज़र हटा कर उसकी तरफ देखा तो वह उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Dekh तो रहे हैं आप की कोई कीड़ा अब नहीं है"
वह आदमी यह सुनकर उसकी नंगी गांड के तरफ देखा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Dekh लीजिये कोई कीड़ा अब नहीं है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की चेहरे पर देखा तो वह बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Dekha न आपने अब कुछ नहीं है. अब प्लीज जाइये मुझे अभी और करना है. बर्दाश्त नहीं हो रहा है"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तो मूट लो न. हम तोह यहां दूर खड़ा होकर भी तोहार मूतने का आवाज़ सुन्न रहे थे की कैसे मूट निकल रही है तेज़ी से"
अनीता को यह बहोत hi अजीब लगा. वह आदमी कितना ध्यान से उसकी पेशाब करने की आवाज़ सुन्न रहा था. लेकिन अनीता बहस नहीं करना चाहती थी उससे तो वह उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"please जाइये न जोर होने लगी है. ऐसे अच्छा नहीं लगेगा मुझे आपके सामने hi करना"
वह आदमी यह सुनकर सर हिलाया और एक बार अनीता की नंगी गांड को देखा. अनीता कुछ नहीं बोली. वह आदमी एक पल के लिए उसकी गांड देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर bola,"Hum जा रहत हूँ. लेकिन कउनो परेशानी होगा तो हुंका बोलना. ससुरा हमरे जइसन मरद के होते हुए तोहार कुछो परेशानी होगा तो हुंका अच्छा नहीं लगेगा"
अनीता यह सुनकर सर "हाँ" में हिलायी तो वह आदमी उसकी गांड के तरफ देखकर bola,"Tohaar दूसरी गांड देख लेता हूँ की कुछो है या नहीं"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली तो वह आदमी थोड़ा गर्दन आगे करके उसकी दूसरी गांड को देखा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Wahan भी कुछ नहीं है. होता तो मुझे महसूस होती. अब आप जाइये, अगर कोई परेशानी होगी तो मैं आपको बुला लुंगी"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Achha ठीक है. हम थोड़ा दुरी पर खड़ा होकर तोहार गांड देखते रहता हूँ. कुछो होगा तो हम आ जाऊंगा"
वह आदमी साफ़ साफ़ बोल रहा था की वह दूर तोह खड़ा रहेगा मगर वह अनीता की नंगी गांड को देखते रहेगा. अनीता अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी उस आदमी को देखती हुयी boli,"Theek है. अभी आप जाइये"
वह आदमी एक नज़र और अनीता की गांड को देखा. अनीता देखि की कैसे वह आदमी उसकी नंगी गांड को देख रहा था मगर उसे ज़रा सा भी शर्म नहीं आ रही थी.
वह आदमी एक नज़र उसकी गांड को देखकर वापस जाने लगा और लगभग 15 फ़ीट पीछे जाकर खड़ा हो गया. अनीता थोड़ा गर्दन मोड़ कर उसे जाते हुए देखि और जब वह आदमी पीछे जाकर खड़ा हो गया तो वह खुद bola,"Tum आराम से मूतो अब. हम तोहरा गांड देखता हूँ की कउनो कीड़ा नहीं बैठे"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और सामने देखती हुयी पेशाब की धार छोड़ दी और मूतने लगी. उसे पेशाब करते हुए राहत मिलने लगी और उसे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख रहा था और शायद मूतने की आवाज़ सुन्न सकता था और शायद मूट की धार भी देख सकता था. अनीता बेझिझक मूट रही थी और अभी कुछ सेकण्ड्स hi हुए थे की वह फिर से karahi,"aaahhh" और अपनी बायीं हाथ अपनी बायीं गांड पर लेजाकर सहलाने लगी.
यह देखते hi वह आदमी आगे बढ़ते हुए bola,"Kaa हुआ फिर तोहार गांड पर कुछो काटा का?"
अनीता पेशाब रोकती हुयी अपनी नंगी गांड को सहलाती हुयी गर्दन घुमाये उस आदमी को अपने तरफ आते देख सर हिलती हुयी boli,"Haan". वह देखि की उस आदमी का नज़र उसकी नंगी गांड पर hi था मगर उसे न hi बुरा लगा और न hi कोई ऐतराज़ था.
वह आदमी उसके पास आकर उसके बगल में बैठ गया और उसकी गांड पर रखे उसकी हाथ को पकड़ कर वहां से हटते हुए bola,"Humka देखने दो ससुरा कहाँ काटा है"
अनीता अपनी हाथ अपनी गांड से हटा ली और अगले पल उस आदमी का मरदाना खुरदुरा हाथ अपनी नाज़ुक, मुलायम और बड़ी गद्देदार गांड पर महसूस की. वह आदमी उसकी गांड को सहलाते हुए bola,"Halka लाल हो गवा है इहाँ. ससुरा इतना गोरा और मुलायम गांड को ी कीड़ा काट कर लाल कर दिया"
वह आदमी अनीता की गांड को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर puchha,"Kuchho समझ में आया तुमका की कौन कीड़ा था?"
अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलती हुयी boli,"Nahin. लेकिन अब आप जाइये. बेहतर होगा मैं जल्दी से अपना काम करके उठ जॉन. ऐसे बैठे रहूंगी तो बार बार काट लेगा"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को सहलाते हुए थोड़ा दबाकर उसकी आँखों में देखकर bola,"Haan ठीक है. ससुरा कीड़ा को भी तोहार गांड पसंद आ रहा है और आएगा भी कैसे नहीं. इतना मुलायम और गद्देदार गांड है तोहार"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Offo अब बातें मत बनाइये. जाइये और मैं जल्दी से अपना काम करके उठ जाती हूँ"
वह आदमी यह सुनकर जवाब देता इससे पहले अनीता siski,"isshhhh" और फिर दायी हाथ पीछे ले जाने लगी तो वह आदमी puchha,"Kaa हुआ फिर से गांड पर कुछो काटा का"
अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan"
वह आदमी अनीता को अपनी दायी गांड सहलाते देख bola,"Humka देखने दो"
अनीता यह सुनकर अपनी हाथ अपनी दायी गांड से हटा दी तो वह आदमी उसकी दायी गांड को देखते हुए उस पर हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Humka लग रहा है मच्छर होगा"
अनीता यह सुन्न रही थी की तभी वह आदमी bola,"Haan मच्छर hi है. ससुरा तोहार बया गांड पर बैठ गवा अब"
अनीता यह सुनकर अपनी हाथ पीछे ले जाने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको ऐसे भाग जायेगा. ससुरा को मारना होगा"
अनीता रुक गयी लेकिन तब तक मच्छर उसकी बायीं गांड से हट चूका था. अनीता यह महसूस करके boli,"Lag रहा है भाग गया"
वह आदमी जवाब में bola,"Are ससुरा फिर आ जायेगा. ीका मारना होगा."
अनीता यह सुनते hi boli,"Mujhe लग रहा है फिर से आ गया"
वह आदमी puchha,"Kahan?"
अनीता अपनी दायी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Dayi तरफ"
वह आदमी तुरंत bola,"Hilna मत" और अनीता की दायी गांड के तरफ देखा. अनीता बेशर्मी से देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी नंगी दायी गांड देख रहा है की तभी उसे अपनी दायी गांड पर ज़ोर से थप्पड़ महसूस huyi,"Chatak" और अनीता की मुंह से आठ निकल gayi,"Aahhhh" और साथ hi छूट से पेशाब की धार निकलने लगी. अनीता को अजीब लगा की उसके गांड पर थप्पड़ मारने से उसकी छूट से पेशाब निकल गयी. वह परेशानी की भाव से उस आदमी को देखती हुयी boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप?"
जवाब में वह आदमी बोलने से पहले अपने हाथ में मारा हुआ मच्छर दिखते हुए bola,"Are मच्छर को मार दिए नहीं तो फिर से तोहार गांड पर बैठकर काटने लगता"
अनीता उसके हथेली पर मारा हुआ मच्चर देखकर अजीब सा मुंह बनती हुयी boli,"Eeww प्लीज मुझे मत दिखाइए. कैसा गन्दा लग रहा है"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are नहीं दिखते तो तुम समझती की हम बस तोहार गांड पर थप्पड़ मार रहे हैं"
अनीता यह सुनकर boli,"Theek है मगर धीरे से तो मार सकते थे न. कितनी जोर से मारा है आपने"
वह आदमी यह सुनकर प्यार से अनीता की गांड को सहलाते हुए bola,"Are धीरे धीरे हाथ ले जाता तब तक मच्चर भाग जाता. मच्चर को मारने के लिए तेज़ी से मारना पड़ता है न"
अनीता यह सुनकर boli,"Acchha ठीक है" तोह आदमी उसे देखा. अनीता उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Lagta है और एक मच्चर आ गया".
वह आदमी तुरंत उसकी गांड को देखते हुए bola,"Hilna मत. बताओ ससुरा किधर है"
अनीता अपनी बायीं गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी धीरे से boli,"Bayi तरफ"
वह आदमी उसकी बायीं गांड के तरफ देखा तो अनीता धीरे से puchhi,"Dikha आपको?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan तोहरी बायीं गांड पर बैठा हुआ है. तुम हिलना मत हम मारता हूँ ससुरा को"
अनीता जवाब में boli,"Please थोड़ा धीरे मारिएगा"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are धीरे हाथ ले जाऊंगा तो भाग जायेगा"
अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली की तभी वह आदमी bola,"Lo ससुरा ी बात के चक्कर में भाग गवा"
अनीता boli,"Theek है जाने दीजिये. भाग गया तो अच्छा hi है"
वह आदमी अनीता की आँखों में देखा तभी अनीता karahi,"aaahhh"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता अपनी आँखों से गांड के तरफ इशारा करती हुयी परेशानी से boli,"Jaldi देखिये फिर से बैठकर काटने लगा"
वह आदमी अनीता की गांड के तरफ देखा और अगले पल "चटक" करके जोर से उसकी गांड पर थप्पड़ मारा जिससे अनीता की छूट से फिर से मूट निकल गयी और मुंह से "सीई आअह्ह्ह्ह आउच" करते हुए सिसकारी निकल गयी.
अनीता उस आदमी के तरफ देखि मगर इस बार कोई शिकायत नहीं थी उसके चेहरे पर. वह उसे देखती हुयी puchhi,"Maar दिया आपने मच्छर को?"
वह आदमी अनीता को bola,"Haan".
अनीता राहत की सांस लेती हुयी boli,"Thank गॉड. कितनी देर से काट रहे थे यह मच्छर मुझे, आपने दोनों को मार दिया".
अनीता अपनी बैग से एक वाइप पेपर निकल कर उसे देने लगी तो देखि की उसका नज़र उसकी नंगी गांड पर है तो वह बेशर्मी से puchhi,"Kya हुआ और कोई मच्छर है क्या वहां?"
वह आदमी यह सुनकर उसे देखते हुए मुस्कुराकर bola,"Nahin देख रहा हूँ की तोहार गोरा गांड कैसे लाल हो गवा है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Ab आप अपने इस मजबूत हाथ से वहां मारेंगे तो लाल तो होगा hi न. कितनी जोर से मारा है आपने यह तो मुझे hi पता है"
वह आदमी अनीता की नंगी गांड पर हाथ लेजाकर सहलाते हुए bola,"Are जोर से नहीं मारते तोहार गांड पर तो ससुरा मच्छर मरता नहीं और तोहार गांड से सारा खून चूस लेता काट काट कर"
अनीता अपनी गांड पर उसका हाथ महसूस करके कुछ ऐतराज़ नहीं की बल्कि उसे वाइप पेपर देती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab मच्छर वहां से सारा खून चूस लेता इसका पता नहीं है, लेकिन आपने तो मच्छर का खून कर दिया न और उसका खून आपके हाथ में लगा हुआ है. यह लीजिये आप अपना हाथ पोंछ लीजिये"
वह आदमी वह लेते हुए उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Theek है. लेकिन तुम मूतना कहे रोक दी. मूतो न"
अनीता जवाब में कामुक अंदाज़ में boli,"Aap जाइएगा तब तो. आपके सामने कैसे कर सकती हूँ"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड सहलाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Are तोहार मूट तो निकल hi रहा था जब हम दोनों गांड पर थप्पड़ मारे तो"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Kaise छररर से तोहार मूट निकल रहा था"
अनीता यह सुनते hi अपनी आँखें और बड़ी करके उसे देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Offo यह कैसी बातें करने लगे आप"
वह आदमी जवाब में bola,"Are मूतने के लिए hi तो बोलत हूँ हम. तोहार गांड पर मारने से हमरे सामने तोहार मूट तो निकल hi रहा था. अब बिना मारे hi मूट निकलेगा हमरे सामने तो का हो जायेगा. बेवजह का परेशान हो रही हो. आराम से मूतो तुम और हम भी मूट लेता हूँ"
यह बोलकर वह आदमी अनीता के बगल में खड़ा हुआ और अपने पंत का ज़िप खोलने लगा. अनीता उसे देखती हुयी boli,"Please आप उधर दूसरे तरफ जाकर कीजिये न"
वह आदमी जवाब में bola,"Are हम उधर चला जाऊंगा और तोहार कउनो परेशानी होगा तो का हम"
फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"aese hi लौड़ा से मूट निकलते हुए इधर आऊंगा का"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखती हुयी boli,"Ab यह कैसी बातें करने लगे आप? सच में आप को तो कुछ बोलना hi बेकार है. कर लीजिये एहि पर"
वह आदमी यह सुनकर अपना लुंड पकड़ कर पंत से निकलते हुए bola,"Haan मूतने hi तो जा रहा हूँ हम"
फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekh लो"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके चेहरे से नज़र नीचे करके देखि तो उसका लुंड बाहर आ चूका था और जैसे hi वह देखि उसके लुंड से पेशाब का धार निकलने लगा. यह देखते hi उसकी दिल धड़कने लगी.
वह उसके लुंड को देख hi रही थी तो वह आदमी bola,"Dekh ली न की हम मूट रहा हूँ. अब तुम भी आराम से मूतो, नहीं तो ससुरा तोहार गांड पर और मच्छर आ जायेगा. अइसन मस्त गांड है तोहार की ससुरा मच्छर को भी अच्छा लग रहा है"
अनीता जवाब में बेशर्मी से boli,"Phir से बातें बनाने लगे आप. आप जो कर रहे हैं उस पर ध्यान दीजिये"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखते हुए bola,"Tum भी मूतो न"
अनीता यह सुनकर उसे कामुक नज़र से देखि और देखती हुयी hi पेशाब की धार छोड़ने लगी और उसकी चेहरे पर थोड़ा राहत दिखा. वह आदमी अनीता की छूट से निकलती हुयी पेशाब की धार का आवाज़ सुन्न सकता था.
वह अनीता की चेहरे पर सुकून देखकर मुस्कुराकर bola,"Araam मिला तो तुमका मूतने से. बेवजह का रोके राखी थी तुम"
अनीता यह सुनकर एक नज़र उसे कामुक अंदाज़ से देखि और चुप चाप सामने देखती हुयी पेशाब करने लगी. अब नज़ारा यह था की अनीता बैठी हुयी पेशाब कर रही थी और उसके ठीक बगल में वह आदमी भी पेशाब कर रहा था.
अनीता बहोत हद्द तक पेशाब कर चुकी थी पहले hi और अब थोड़ा बहोत जो बाकी था उसे करने के बाद अपनी बैग से वाइप पेपर निकली और एक उस आदमी को देती हुयी boli,"Yeh लीजिये आप पोंछ लीजियेगा अपना"
वह आदमी यह सुनकर उसके तरफ देखा और लेते हुए puchha,"Ka पोंछे हम?"
अनीता यह सुनकर boli,"Aap पेशाब कर रहे हैं तोह पोंछेंगे नहीं क्या?"
वह आदमी यह सुनकर जवाब में puchha,"Are उहे तो पूछ रहा हूँ. बताओ कहाँ पोंछना है"
अनीता समझ गयी की वह आदमी चाहता है की वह बताये. अगले पल वह आदमी bola,"Are का सोच रही हो? बता दो न"
अनीता यह सुनकर उस आदमी के आँखों में देखि. वह भी बात को बढ़ाना नहीं चाहती थी और शायद उसे बताने में कोई बुराई भी नहीं लग रही थी तो वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Yeh".
वह आदमी अनीता को ऐसे उसके लुंड के तरफ इशारा करते हुए देख मुस्कुराकर bola,"Achha हमार लौड़ा को पोंछने के लिए बोल रही हो तुम?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से सर "हाँ" में हिलती हुयी boli,"Haan"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Kahe? तोहार हमार लौड़ा चूसने का मैं कर रहा है का?"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी और वह अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखकर boli,"Phir से कैसी बातें कर रहे हैं आप? अगर आपको नहीं पोंछना है तो छोड़िये"
और फिर अनीता वह वाइप को अपनी छूट के तरफ लेजाकर बेशर्मी से उस आदमी के सामने hi अपनी छूट पोंछने लगी. हालाँकि अनीता जैसे बैठी थी वह आदमी उसकी छूट नहीं देख सकता था और शायद इसलिए वह वहीँ बैठी हुयी अपनी छूट पोंछ रही थी मगर फिर भी ऐसे ग़ैर मर्द के सामने छूट को ऐसे पोंछना अनीता की बेशर्मी, बेहयाई और रान्दीपना दिखा रहा था.
अनीता अपनी छूट पोंछ कर वह वाइप वहीँ फ़ेंक दी और फिर पंतय और सलवार पकड़ कर उठ गयी. निकलते वक़्त तो सलवार और पंतय एक साथ निकलना आसान था मगर पेहेनते वक़्त दोनों एक साथ पहना नहीं जा सकता था.
अनीता वैसी hi नंगी गांड के साथ उस आदमी के बगल में कड़ी होकर सलवार के अंदर से पंतय पकड़ी ऊपर उठाई और पेहेन ली. वह आदमी यह देख रहा था. वह देखा की अनीता की पंतय का कपडा बहोत छोटा था और पीछे का हिस्सा तो उसकी गांड की दरार में hi ग़ायब हो गया. पंतय पेहेन्ने के बावजूद उसकी गांड की दोनों भाग नंगी hi थी. अनीता एक नज़र उस आदमी के तरफ देखि की कैसे वह उसकी गांड देख रहा था मगर वह कुछ नहीं बोली और खुद बेशर्मी से एक नज़र उसके लुंड के तरफ देख ली जिससे पेशाब की धार निकल रहा था.
वह आदमी देख hi रहा था की तभी अनीता अपनी सलवार ऊपर करने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी रुक गयी और puchhi,"Kya हुआ?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"U तोहार गांड पर मच्छर का थोड़ा खून लगा है. ु गीला पेपर दो हुंका हम पोंछ डेट हैं"
अनीता यह सुनकर boli,"Ohh हाँ. मैं तोह भूल hi गयी थी. अच्छा हुआ की आप ध्यान दे रहे थे. कितना अजीब लगता अगर वह खून वहां पर लगे रहते तो"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ध्यान तो देना hi था. इसलिए तो हम तोहार गांड देख रहे थे"
अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखि की कैसे उसका नज़र उसकी गांड पर hi था. वह कुछ नहीं बोली और फिर अपनी बैग से एक और पेपर वाइप निकल कर अपनी गांड के तरफ ले जाने लगी तो वह आदमी bola,"Are तुमका समझ नहीं आएगा. हुंका दो और अपनी गांड हमरे तरफ करो"
अनीता यह सुनकर boli,"Are नहीं मैं साफ़ कर लुंगी" और यह बोलकर वह पीछे अपनी गांड की तरफ देखने का कोशिश की मगर ज़ाहिर सी बात थी की वह सही से देख नहीं पा रही थी तो वह आदमी bola,"Are कहे परेशान हो रही हो. तुमका अपना गांड कैसे दिखेगा. तुम ु पेपर हुंका दो और अपनी गांड हमरे तरफ कर दो हम पोंछ डेट हूँ"
अनीता को भी एहि ठीक लगा. वह बात सुनकर बिना शर्म के उस आदमी को वह पेपर दे दी और थोड़ा घूमकर उसके तरफ अपनी नंगी गांड कर दी. उसकी सलवार उसकी गांड के नीचे जांघ पर अटकी हुयी थी और पंतय तो दरार में ग़ायब हो चुकी थी. बाकी दोनों गांड नंगी hi थी.
वह आदमी अनीता से bola,"Ee कुर्ती थोड़ा ऊपर करो"
हालांकि अनीता की कुर्ती का नीचे का भाग उसकी पंतय के इलास्टिक में अटक गयी थी जिसे वह सलवार पेहेन्ने के बाद पंतय से निकाल कर सीधा करने वाली थी. इसके कारण उसकी गांड पर कुर्ती का बस थोड़ा सा हिस्सा था जिससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और जहाँ मच्छर के खून लगे थे वह जगह दिख रहा था.
इसके बावजूद जब वह आदमी अनीता को कुर्ती ऊपर करने के लिए बोलै तो वह बिना कोई ऐतराज़ के उसे पकड़ कर ऊपर कमर तक करके अपनी पूरी गांड, कमर पर पंतय का इलास्टिक और उसके ऊपर थोड़ी सी कमर नंगी कर दी और करने के बाद पीछे गर्दन करके उस आदमी को देखकर बेशर्मी से puchhi,"Theek है तो? अब आपको अच्छे से दिख रहा है न?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan तोहार गांड अच्छे से दिख रहा है हुंका. ी पेड़ पकड़ कर थोड़ा सा झुक जाओ"
अनीता यह सुनकर puchhi,"Aese खड़े होने से आपको दिख तो रहा है"
वह आदमी bola,"Haan लेकिन झुक जाओगी तो और अच्छे से दिखेगा हुंका और अच्छे से तोहार गांड साफ़ कर दूंगा"
अनीता यह सुनकर एक नज़र उसे देखि तो वह आदमी bola,"Are घबराओ नहीं. हम तुम का छोड़ने के लिए नहीं झुका रहे"
अनीता की सांस और धड़कन पहले से hi तेज़ थी मगर यह सुनकर उसकी धड़कन अचानक से और तेज़ी से धड़कने लगी और सांस भी तेज़ हो गयी. साथ में उसकी छूट में एक अजीब सी हलचल हुयी. वह न छह कर भी तेज़ी से आँखों के कोने से उसके लुंड के तरफ देखि. उसका लुंड भी हरिया और रामु जैसा बड़ा और मोटा था. यहाँ तक की वह पिछली मुलाक़ात में उसके लुंड का मालिश करके उसका विशाल अकार देखि थी की वह कितना बड़ा और मोटा है.
यह सोचते hi अनीता अपनी सांस और धड़कन काबू करने का कोशिश करती हुयी boli,"Yeh कैसी बातें करने लगे आप फिर से"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तुम सोच रही होगी की हमार लौड़ा बाहर निकला हुआ है और हम तुमको झुका रहे हैं तो कहीं पीछे से तोहार चुदाई न कर दे. तोहार उहे चिंता दूर कर रहे हैं. लेकिन तुमका हमसे छुड़वाने का मैं है तो बोलो. हम चुदाई भी कर दूंगा"
अनीता यह सुनकर अपनी सांस काबू करती हुयी बेशर्मी से boli,"Nahin प्लीज वह सब मत कीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Are तो उहे तो हम बोलत हूँ. अब चलो वक़्त बर्बाद मत करो और झुक कर हुंका बोलो का करना है"
अनीता की सांस और धड़कन तेज़ी से चल रही थी. वह एक नज़र उस आदमी को देखि जो आँखों से उसे पेड़ के तरफ इशारा किया तो अनीता बिना कुछ बोले पेड़ पर अपनी हाथ रखकर थोड़ी सी झुक गयी.
वह आदमी अब तक पेशाब कर चूका था. वह लुंड को वैसे hi नंगा पंत से लटके हुए hi छोड़ कर अनीता की तरफ घूमकर उसकी गांड पर हाथ रखकर थोड़ा सहलाने लगा. अनीता भी अपनी गांड की दायी भाग पर उस आदमी का हाथ महसूस की. उसका खुरदुरा मरदाना हाथ अनीता को अपनी गांड पर अच्छा लग रहा था.
वह आदमी अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. इतना मुलायम और मखमल जैसा चिकना, ऊपर से इतना बड़ा"
फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Sasura इसलिए तोहार गांड पर मच्छर बैठा था. ुका भी तोहार गांड अच्छा लग रहा था"
अनीता की साँसे यह सुनकर तेज़ी से चल रही थी. वह झुकी हुयी hi गर्दन घुमाकर पीछे देखकर मुस्कुराकर उस आदमी से कामुक अंदाज़ में boli,"Offo"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए मुस्कुराकर अनीता को देखा तो वह मुस्कुराती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab साफ़ कर दीजिये जल्दी नहीं तो और भी मच्छर आ जायेंगे"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए puchha,"To आ जायेगा तो का हो जायेगा?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Kaatne लगेंगे मुझे"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए puchha,"Kahan काटेगा ससुरा मच्छर"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए boli,"Yahan. देख नहीं रहे थे आप कैसे यहाँ मच्चर बैठ कर काट रहे थे. पता नहीं काट कर लाल भी कर दिया होगा. आपने तो थप्पड़ मारकर लाल कर hi दिया है. देखकर बताइये मच्छर भी काट कर लाल कर दिया है क्या?"
वह आदमी यह सुनकर puchha,"Ka देखे हम? तोहार गांड"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी सर हिलाकर boli,"Haan" और फिर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Dekhiye न"
वह आदमी को अनीता की यह बेशर्मी और उसकी रान्दीपना को देखकर अच्छा लगा और उसका खून गरम होने लगा जिससे उसका लुंड का सख्ती बढ़ने लगा.
वह यह सुनकर उसकी गांड की दायी भाग पर देखकर उसे सहलाते हुए bola,"Haan थोड़ा सा लाल तो हो गवा है. ससुरा इतना गोरा गांड है तोहार. थोड़ा सा कुछो होने पर लाल तो हो जायेगा"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के कामुक आवाज़ में boli,"Upar से आपने अपने मजबूत हाथ से इतना जोर से मारा यहाँ. उससे भी तो लाल हो गए होंगे"
वह आदमी अनीता को गांड सहलाते हुए आगे bola,"Are तोहार गांड पर थप्पड़ नहीं मारे हम. ु तोह मच्छर को मारे हम जो तोहार गोरा गांड पर बैठकर काट रहा था. उफ़ अइसन मस्त गांड है तोहार, ससुरा मच्छर का भी का दोष दे. ुका भी तोहार गांड पसंद आ गवा और तोहार गांड के चक्कर में जान गवा बैठा. ससुरा तोहार गांड का नशा ुका जान ले गवा. सच में कातिल गांड है तोहार"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से एक ऐडा से boli,"To अब उसके जान के लिए मैं ज़िम्मेदार हो गयी?"
वह आदमी अनीता को देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are तुम नहीं, तोहार गांड"
अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan तोह वह तो मेरी hi है न"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए उसे देखकर bola,"Haan गांड तोहार है लेकिन ससुरा तुम थोड़े बोली मच्चर को तोहार गांड पर बैठने के लिए. ु तो ु खुद बैठ गवा तोहार गांड का ख़बसूरती देख कर"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ohh माय गॉड आप और आपकी बातें. अब बातें बनाना बांध कीजिये और जल्दी से पोंछ दीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा और फिर अगले पल वह आदमी अनीता की गांड के तरफ नज़र लेजाकर उसे सहलाते हुए bola,"Uff सच में का मस्त गांड है तोहार, एकदम चिकना और मुलायम, ससुरा मच्छर भी का करता."
वह आदमी यह बोलकर अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए उसकी गांड को हवस भरे अंदाज़ में देखने लगा. अनीता देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी गांड को हवस से देख रहा है लेकिन वह कुछ नहीं बोली या रियेक्ट की. उसकी चेहरे पर उल्टा गर्व का भाव आ गया और तिरछी नज़र से वह उस आदमी के नंगे लुंड को देखि जो पंत के ज़िप से बाहर लटक रहा था.
अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi चुप रही और उस आदमी के लुंड और उसके नज़र को अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए देखती रही. कुछ सेकण्ड्स बाद वह खुद boli,"Saaf कर दीजिये न. हमें लेट भी हो रहा है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता उसे देखकर बेशर्मी से आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करके कामुक अंदाज़ में boli,"Wahan से खून साफ़ कर दीजिये न"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan पोंछ डेट हैं तोहार गांड"
अनीता यह सुनकर चुप चाप झुकी हुयी उस आदमी को देखि जो वेट वाइप्स लेकर उसकी दायी गांड के ऊपर पोंछने लगा. वह वहां पोंछते हुए अनीता की आँखों में देखा तो वह बेशर्मी से puchhi,"Saaf हो गया क्या?"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड के तरफ देखा और वापस अनीता को देखकर bola,"Haan साफ़ हो गवा. अब ी दूसरी गांड को पोंछ देता हूँ"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Haan पोंछ दीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की बायीं गांड पोंछने लगा तो अनीता puchhi,"Idhar भी लाल हो गया है क्या?"
वह आदमी अनीता की आँखों में देखकर puchha,"Idhar की गांड?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से सर "हाँ" में हिलाकर boli,"Haan. देखकर बताइये न लाल हो गया है क्या?"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को देखते हुए bola,"Haan लाल तो हो गवा है. अब तोहार गांड इतना गोरा है तो लाल होगा hi"
यह बोलकर वह आदमी वह वेट वाइप फ़ेंक कर दोनों हाथों से अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर हिलने लगा और bola,"Bahot गोरा और चिकना गांड है तोहार"
फिर वह अनीता की आँखों में देखकर puchha,"Kauno हीरोइन से काम नहीं हो तुम. एक दम मस्त गांड है तोहार" और यह बोलकर वह फिर से अनीता की गांड को हवस से देखते हुए हिलने लगा तो अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Aap तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे आपने किसी हीरोइन का भी ऐसे देखा है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो वह कामुक अंदाज़ में अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Dekha है क्या किसी हीरोइन का आपने ऐसे?"
वह आदमी यह सुनकर puchha,"Kaa गांड?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से "हाँ" में सर हिला दी.
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are ससुरी हीरोइन लोग तो कच्चा पेहेन कर तो फिलम में दिखती है तो"
अनीता यह सुनकर तुरंत बोल padi,"Haan तो फिल्म में देखे हैं न, ऐसे छूकर तोह नहीं?"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Jaise मेरी देख रहे हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan ी बात तो है. लेकिन फिर भी कह सकत हूँ की तोहार गांड बड़ा मस्त है, हीरोइन लोग जइसन hi गोरा और चिकना. बल्कि तोहार गांड और ज़ादा मस्त लग रहा है ी कच्चा में, उफ़ ससुरा तोहार कच्चा तो पूरा गांड के दरार में घुस गवा है और पूरा गांड नंगा है. अइसन तो हीरोइन लोग भी नहीं पेहनत है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Achha ठीक है अब बस कीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Are हम सच बोलत हूँ. तोहार गांड बड़ा मस्त है. हीरोइन लोगन से भी ज़्यादा मस्त और कातिल भी. ससुरा मच्छर का कतल हो गवा ी गांड के चक्कर में हाहाहा"
अनीता भी यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी उसे देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से boli,"Offo आप और आपकी बातें"
वह आदमी उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Achha एक बात बताओ. तुम का अइसन hi कच्चा पेहनत हो हमेशा?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर बेशर्मी से boli,"Humesha क्या पहनती हूँ वह छोड़िये. अभी जो पहनी हूँ वह तो देख hi रहे हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are दिख कहाँ रहा हैं ससुरा. ु तो तोहार गांड में घुस गवा है और तोहार दोनों गांड नंगा hi है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab जो है सो है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भाग पकड़ कर अलग करते हुए उसकी दरार में देखने लगा तो अनीता अपनी गांड थोड़ी हिलती हुयी boli,"Offo क्या करने लगे आप? छोड़िये इसे?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are देख रहा हूँ कच्चा कहाँ ग़ायब हो गवा है"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Are अभी तो आप बोल रहे थे की कहाँ घुसा है तो फिर देखने की क्या ज़रूरत है. अब आपने साफ़ कर दिया है तो चले हम?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are नहीं साफ़ करात हूँ हम अभी"
अनीता यह सुनकर boli,"To साफ़ कीजिये न. बस बातें बना रहे हैं आप"
वह आदमी उससे bola,"Ek और साफ़ करने वाला दो. ु पहले वाला हम फ़ेंक दिए"
अनीता यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी अपनी नंगी गांड उस आदमी के तरफ की हुयी बैग से एक वेट वाइप्स निकालने लगी.
वह आदमी तब तक उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Achha ी तो बताओ की तुमका अइसन कच्चा पेहेनना अच्छा लगत है की ससुरा कच्चा गांड की दरार में घुस जाये और दोनों गांड नंगा रहे?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab आप तोह बस उसी बात पर अटक गए हैं"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ी तो बोलो"
अनीता यह सुनकर उसे वेट वाइप देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan ऐसे आराम मिलता है, खासकर सफर वगैरह के लिए सही रहता है क्यूंकि ऐसे पसीना नहीं होता है"
वह आदमी यह सुनकर सर हिलाते हुए उसकी गांड पोंछते हुए bola,"Achha. तब तो सही है, तुम अइसन hi कच्चा पहना करो. देखने में भी अच्छा लागत है?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी तो वह आदमी भी मुस्कुरा दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में puchhi,"Lekin आपको दिख कहाँ रहा है जो आप बोल रहे हैं की दिखने में अच्छा लग रहा है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are हम कच्चा का नहीं, अइसन कच्चा पहने से तोहार ी गांड जो दिख रहा है ी बोल रहा हूँ की अच्छा लग रहा है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी मुस्कुराकर अनीता की गांड पर हल्का थप्पड़ मार दिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ouchh ुह्ह्हम्म"
वह आदमी यह देखकर है दिया तो अनीता बेशर्मी से उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Yeh क्या कर रहे है आप? मारना ज़रूरी था क्या? ुहह्म्म?"
वह आदमी अनीता की गांड को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are अब अइसन गांड देखकर कइसन रोक पाते हम"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उस आदमी को देखकर कामुक अंदाज़ में अपनी सर हिलाकर अपनी बाल में हाथ फेरती हुयी puchhi,"Ab आपने साफ़ कर दिया है तो मैं सीधे कड़ी हो जॉन?"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are रुको थोड़ा अंदर में भी देख लूँ कहीं कुछो लगा है या नहीं"
यह बोलकर वह आदमी अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर अलग किया तो अनीता अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Offo अब बस कीजिये अंदर में कुछ नहीं लगा है"
वह आदमी अनीता की गांड की दरार में पंतय का डोरी देखा. अनीता बेशर्मी से उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देख रही थी. अनीता की चेहरे पर ज़रा सा भी शर्म नहीं थी.
वह कुछ सेकण्ड्स तक उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देखने के बाद कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लिया न आपने की कुछ नहीं लगा है? अब हो गया मैं घूम जाती हूँ"
वह आदमी अगले पल bola,"Are ी कच्चा का डोरी हटा कर देख लेता हूँ"
अनीता यह सुनकर boli,"Are उतना करने की ज़रूरत नहीं है. कुछ नहीं लगा है"
वह आदमी अगले पल अनीता की गांड की दरार में अपना बीच का ऊँगली रखते हुए पंतय के डोरी के ऊपर से उसकी गांड की छेड़ पर ऊँगली से दबाओ बनाते हुए bola,"Are इहाँ कुछो लगा होगा देख लेता हूँ"
अनीता जैसे hi उस आदमी का ऊँगली अपनी पंतय की डोरी के ऊपर से गांड के छेड़ पर महसूस की वह तुरंत घूमकर boli,"Nahin अब हो गया. अब और कुछ नहीं देखना है. चलिए अब"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Achha ठीक है"
फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Lekin पेशाब करने के बाद हमार लौड़ा कहाँ साफ़ किये हैं. देखो अभी भी वैसा hi है"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखकर boli,"Ohh हाँ. आपने तो इसे अभी साफ़ कहाँ किया है"
फिर वह सीढ़ी होकर वैसे hi सलवार पहने बिना, जो उसकी जांघ पर अटकी हुयी थी, अपनी बैग से वेट वाइप निकल कर उसे देती हुयी boli,"Lijiye साफ़ कर लीजिये"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ी कौन बात हुआ. हम तोहार गांड साफ़ किये वैसे hi तुम हमार लौड़ा साफ़ कर दो"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Are तो वह तोह मेरे पीछे हैं न और ऐसे भी आपने hi तो बोलै की आप साफ़ कर देंगे"
फिर वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Yeh तो आप खुद से साफ़ कर सकते हैं"
वह आदमी यह सुनकर उसके करीब होकर नंगी गांड पर वापस हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Are कर तो सकत हूँ. लेकिन तुम कर डौगी तो का हो जायेगा?"
वह आदमी अनीता की गांड पर हाथ फेरकर उसे दबाते हुए bola,"Hum तोहार गांड साफ़ किये है बदले में तुम का हमार लौड़ा साफ़ नहीं कर सकत हो का"
वह आदमी यह बोलकर अनीता की नंगी गांड को दबाते हुए अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekho ीका साफ़ कर डौगी तो का हो जायेगा"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि तो वह आदमी अपने पेट पर दबाओ बनाकर अपने लुंड को ऊपर नीचे किया. अनीता देखि की कैसे उसका बड़ा और मोटा लुंड ऊपर नीचे हो रहा है.
अनीता को अपना लुंड देखते हुए वह आदमी उसकी गांड दबाते हुए bola,"Tum बताओ का ीका हम साफ़ करूँगा तो अच्छा लगेगा क्या?"
अनीता यह सुनकर उसकी आँखों में देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड को वापस देखने लगी. वह आदमी पेट पर दबाओ बनाकर अपने लुंड को ऊपर नीचे कर रहा था. अनीता को उसके तगड़े लुंड को ऐसे ऊपर नीचे होते देख अच्छा लग रहा था.
अगले पल वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए puchha,"Ab बताओ ीका हम साफ़ करूँगा तो अच्छा होगा या तुम साफ़ करोगी वह अच्छा होगा?"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर बेशर्मी से boli,"Haan सही कह रहे हैं आप की मुझे hi इसे साफ़ करना चाहिए. आपने मेरे लिए इतना कुछ किया है तो मैं तो इतना कर hi सकती हूँ."
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Nahin तो पूरा रास्ता आप मुझे सुनते रहेंगे की कैसे आपने मेरा साफ़ किया और मैंने आपका नहीं किया"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Hum का साफ़ किये तोहार?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में उसे देखती हुयी boli,"Wahi जहाँ आपने अपना हाथ रखा है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटा कर bola,"Lekin हमार हाथ कहाँ है"
अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखकर मुस्कुरायी और अपनी हाथ से उसका हाथ पकड़ कर बेशर्मी से अपनी गांड पर रखती हुयी boli,"Yahan और कहाँ"
अगले पल वह आदमी अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में siski,"Ouch सीईई"
वह आदमी यह सुनकर हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"uhhhm मारना ज़रूरी था क्या?"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Achha ठीक है सेहला डेट हूँ. तुम हमार लौड़ा साफ़ करो तो"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड सहलाने लगा तो वह मुस्कुराती हुयी उसे देखि.
वह आदमी आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा karke,"Humaar लौड़ा पोंछो तो"
अनीता यह सुनकर सर "हाँ" में हिलती हुयी वह वेट वाइप उसके लुंड पर रखकर पोंछने लगी तो वह आदमी bola,"Are ऐसे नहीं?"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से puchhi,"To और कैसे?"
वह आदमी bola,"Are तुम आराम से हमार सामने बैठ जाओ और फिर हमार लौड़ा को साफ़ करो"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo ऐसे साफ़ तो हो hi जायेगा"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Lekin वैसे बैठ कर साफ़ करोगी तो अच्छे से साफ़ होगा. बैठ जाओ न"
अनीता उस आदमी के साथ ढाबे के पीछे गयी तो एक स्टाफ का वाशरूम दिखा. वह उसे दिखती हुयी उस आदमी से boli,"Udhar स्टाफ वाशरूम है. वहीँ चली जाती हूँ"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड मसलते हुए bola,"Are ु भी ससुरा गन्दा होगा"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर boli,"Toh अब और क्या करूँ?"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दूसरे भाग को मसलते हुए bola,"Are उहे जो पिछली बार की थी. चलो खेत में मूट लो"
अनीता यह सुनकर सामने खेत देखती हुयी boli,"Nahin, पिछली बार जो हो गया सो हो गया. मैं फिर से वैसे खुले में नहीं करुँगी"
वह आदमी अनीता से bola,"Are खुले में कहाँ, पिछली बार तुम देखि थी कउनो नहीं था"
अनीता यह सुनकर नखरे से boli,"Haan कोई नहीं था इसलिए आप अपनी जगह छोड़ कर मेरी तरफ देखने लगे थे"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड सहलाते हुए उसके करीब होकर bola,"Are तोहार गांड हम देख लिए तोह का हो गवा. हमरे जइसन असली मरद तोहार गांड नहीं देखेगा तो कउनो ससुरा नामर्द देखेगा जो तोहरी गांड का खूबसूरती नहीं समझे"
फिर वह अनीता की गांड के तरफ देखते हुए उसकी गांड पर से उसकी कमीज उठाते हुए सलवार को देखा जिसमे अनीता की गांड की शेप अच्छे से समझ आ रही थी क्यूंकि वह जो सलवार पहनी थी वह उसकी कमर से लेकर घुटने तक उसकी पेअर से चिपकी हुयी थी और उसके नीचे फ्री फ्लोइंग थी. उस सलवार में अनीता की गांड का शेप पूरा समझ आ रहा था.
वह आदमी जैसे hi अनीता की गांड से कमीज को ऊपर उठाया और उसकी बड़ी गांड की शेप देखा, वह उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. अइसन गांड को ससुरा हमरे जइसन मरद कैसे देखे बिना रहेगा"
अनीता बिना शर्म के उस आदमी के तरफ देख रही थी की कैसे वह खुलकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए हवस भरे नज़र से उसकी गांड को देखते हुए उस पर हाथ फेर रहा था. अनीता की चेहरे पर शर्म आने के बजाय गर्व का भाव आ गया और उसे अपनी जवानी और गांड पर गर्व हो रहा था.
वह आदमी अगले पल अनीता को देखते हुए उसकी गांड के बीच हाथ रखकर बीच का ऊँगली उसकी गांड की दरार में घुसते हुए उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Tum बताओ अगर हम तोहरी गांड को देखे बिना रह जाते तो ी हमरे मर्दानगी पर ठु नहीं होता का की अइसन जवान गांड देखने का मौक़ा हम छोड़ दिए. और तोहरी गांड का भी तो बेइज़्ज़ती होता की अइसन मस्त गांड को हमरे जइसन मर्द नहीं देखा"
अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो रही थी. वह तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Ab आप अपनी मर्दानगी की बात ले आये, यह क्या बात हुयी? बस बाते बनाते रहते हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की आँखों में देख कर bola,"Are मर्दानगी का hi तो बात है"
वह यह बोलकर अनीता की गांड पर वापस हवस भरा नज़र डालते हुए उसकी गांड की दूसरी भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff सच में का मस्त गांड है तोहार"
उस आदमी को ऐसे अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए उसे दबाकर उसको तारीफ करते देख अनीता की चेहरे पर गर्व की भाव फिर से आ गयी.
वह गर्व के भाव से उस आदमी के चेहरे पर देख रही थी की तभी वह आदमी वापस उसे देखकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए puchha,"Tum बताओ हमरा जइसन मरद का तोहार जइसन जवान औरत का गांड देखने का मैं नहीं करेगा का? तुम hi बताओ हम का कुछो ग़लत किये तोहार गांड देखकर?"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Achha ठीक है आपने देखा लिया कोई बात नहीं. जो हो गया, पिछली बार वह हो गया. लेकिन ऐसे यहाँ खुले में फिर से करना सही नहीं होगा न"
वह आदमी अनीता को गांड दबाते हुए bola,"Are तो का हो जायेगा. हम तोहार नंगी गांड तो देख hi चूका हूँ. एक बार और देख लूंगा"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Nahin मेरा मतलब वह नहीं है."
अनीता फिर आस पास देखकर boli,"Abhi खेत खुला है तो कोई भी देख लेगा न. मेरा मतलब है कोई और आ जायेगा तो अजीब लगेगा न"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan ी बात तोह सही बोली. हमरा जइसन मरद तोहार गांड देख hi सकत है. मगर ससुरा कउनो और आकर तोहार गांड देख लेगा तो ससुरा का लौड़ा से पानी hi निकल जायेगा हाहाहा"
वह आदमी यह बोलकर हल्का हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसे देखती हुयी अपनी आखें बड़ी करके boli,"Offo मुझे जोर से लगी है और आप सिर्फ बातें बना रहे हैं. मैं वाशरूम में hi जा रही हूँ"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड दबाते हुए bola,"Are रुको. ु झड़ी के पीछे चलो. यहां बैठ कर मूट लेना"
अनीता देखि की एक खेत के बाद कुछ पेड़ और झाडी है. अनीता वह देख ने के बाद एक नज़र ढाबे के तरफ दौड़ा कर आस पास देखने लगी की तभी वह आदमी उसकी बायीं हाथ पकड़ कर bola,"jaldi चलो नहीं तो तोहार मूट ीहें निकल जायेगा"
अनीता कुछ बोलती इससे पहले वह आदमी उसकी हाथ पकडे उन पेड़ और झाड़ियों के तरफ जाने लगा. अनीता को भी उसके साथ आगे बढ़ना पड़ा और वह साथ चलती हुयी अपनी आँखें बड़ी करती हुयी boli,"Offo ऐसे क्यों बोलते हैं आप?"
अनीता यह बोलकर उसके साथ चलती हुयी एक बार आस पास देखि की कोई देख तो नहीं रहा है.
वह आदमी अनीता को देखकर bola,"Are तो कौन सा ग़लत बात बोलै हूँ हम"
अनीता यह सुनकर उसके तरफ वापस देखि तो वह आगे bola,"Aese कड़ी रहोगी तो ससुरा मूट इंतज़ार थोड़े करेगा, वह तो ज़्यादा लगेगा तो निकलने hi लगेगा"
अनीता को समझ आ गया की बेवजह का वह भी उसे समझने की कोशिश कर रही है. वह तो जैसा बोलना है वैसे hi बोलेगा और उसका बात तो सही hi है. हाँ अच्छे से सभ्य तरीके से बोल सकता था वह मगर वह तो एक दबंग गुंडा टाइप का आदमी था तो उससे सभ्य बात की उम्मीद करना तो ग़लत hi है.
अगर अनीता को सभ्य बातें सुन्नी है तो सभ्य इंसान से बात करना होगा मगर फिर कोई सभ्य आदमी तो इस बात की परवाह नहीं करता की उसे पेशाब लगी है तो उसे पेशाब करने के लिए जगह खोजने में मदद करे. वह तो सभ्यता दिखने के चक्कर में शायद उसकी परेशानी सुनकर चुप चाप चला जाता या गंदे टॉयलेट hi उसे करने बोलता या मैनेजर के कम्प्लेन करने पर उसका बदतमीज़ी देखकर बात को आगे बढ़ने से बचने के लिए उसे उसके हाल पर छोड़ देता. यह तो इस आदमी का दबंग अंदाज़ hi है की न सिर्फ वह अनीता के लिए उस बद्तमीज़ मैनेजर के सामने खड़ा हुआ बल्कि उसके पेशाब करने का इंतज़ाम भी कर रहा है.
अनीता यह सोच hi रही थी की वह आदमी bola,"Ab बात छोडो और जल्दी चलकर मूट लो" और अगले पल उसकी हाथ छोड़कर उसकी गांड पर हाथ रखते हुए सहलाकर अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"Nahin तो ससुरा ी अपना सलवार में मूट डौगी तो हुंका hi बस से जाकर दूसरा सलवार लाना पड़ेगा"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि मगर कुछ बोली नहीं. उसे पता था कुछ बोल कर फायदा नहीं होगा और उल्टा बात hi बढ़ेगा.
अनीता उसका बात सुनकर बेशर्मी से उसे एक नज़र देखि और फिर एक नज़र आस पास दौड़ाई तो वह आदमी उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are कउनो नहीं देख रहा है की तुम मूतने के लिए हमरे साथ झाड़ियों में जा रही हो"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़क गयी. वह यह सुनकर बिना शर्म के उस आदमी के आँखों में देखती हुयी boli,"Phir भी. पता नहीं कौन कब ढाबे के पीछे आकर हमें देख ले. थोड़ा जल्दी चलिए प्लीज"
वह आदमी जवाब में उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are देख लेगा तो देख लेने दो. कउनो देखकर का hi उखाड़ लेगा. कउनो कुछो बोलेगा तो ससुरा का गांड तोड़ दूंगा"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo आप और आपकी बातें. यह दबंगई करना अच्छा लगता है क्या आपको"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड मसल कर bola,"Humka तो तोहार गांड देखना अच्छा लगता है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी अनीता की आँखों में देखा और फिर नज़र नीचे उसकी क्लीवेज पर करके हवस से अनीता की चूँचियों को देखा. अनीता की बदन में उसके बात से एक अजीब सा सनसनी महसूस हुयी और जब वह उसकी चूँचियों को भूखे हवस भरे नज़र से देखा तो वह सनसनी बढ़ गयी. यहाँ तक की उसकी छूट में भी सनसनी महसूस हुयी.
अनीता उसे अपनी चूँचियों को देखते हुए देख बिना कुछ रियेक्ट किये थोड़ी तेज़ी से चलने लगी जिससे उसकी बड़ी गांड मटकने लगी. वह आदमी उसकी गांड की मटक अपने हाथ पर महसूस करके नज़र पीछे करके अनीता की गांड पर लेजाकर उसे देखते हुए bola,"Uff का मस्त गांड मटकत है तोहार"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया और उसकी गांड पर थपथपाते हुए bola,"Are अब तोहार गांड मटकत है तो उहे बोलूंगा न"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसकी गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Lekin हम कउनो बेकार का बात नहीं करात हूँ. सच में बड़ा मस्त गांड है तोहार"
अनीता की चेहरे पर यह सुनकर एक गर्व की भाव आ गयी और वह गर्व की भाव से उस आदमी को देखती हुयी अपनी गांड को और मटकने लगी. वह आदमी साफ़ साफ़ अपने हाथ पर अनीता की गांड की मटक को बढ़ता हुआ महसूस करके उसकी गांड के तरफ देखा तो पाया की अनीता की गांड की मटक बढ़ गयी है. वह आदमी यह देखकर bola,"ee हुआ न बात. उफ़ का मटकत है तोहार गांड"
अनीता अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी अपनी गांड को वैसे hi मटकती हुयी चलने लगी तो वह आदमी अनीता की गांड पर हल्का थपथपा कर bola,"Haan ऐसे hi गांड मटकती हुयी चलो"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उस आदमी के तरफ देखती हुयी अपनी गांड मटकती हुयी चलती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo आप भी न कैसी कैसी बातें बोलते रहते हैं. मैं जल्दी चलने की कोशिश कर रही हूँ और आप है की बस बातें बनाये जा रहे हैं"
वह आदमी यह सुनकर जल्दी जल्दी चलते हुए bola,"Are अब तोहार गांड मटकत है उहे तो हम बोलत हूँ"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab चलते वक़्त तो वह होगा hi. इसमें बोलने की क्या बात है"
और फिर एक ऐडा से puchhi,"Hmm? बताइये? चलते वक़्त वैसे तो होगा hi न. इसमें बोलने की क्या बाय है?"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता को देखकर उसकी गांड मसलते हुए bola,"Achha ठीक है कुछो नहीं बोलूंगा हम. बस तोहार गांड देखूंगा. ऐसे hi अपनी गांड मटकती हुयी चलो"
अनीता यह सुनकर कामुक नज़र से उस आदमी को देखि और फिर एक ऐडा से अपनी कान के पास का बाल कान के पीछे करती हुयी अपनी गांड को और मटकती हुयी चलने लगी.
वह आदमी यह महसूस करके अनीता की गांड को हवस भरे नज़र से देखा. अनीता देखि की कैसे वह आदमी उसकी गांड को देख रहा है. वह आदमी अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Haan ऐसे hi मटकाओ अपनी गांड"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड को और मटकने लगी तो वह आदमी अनीता की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए उसकी गांड थपथपाते हुए bola,"Ee हुआ न बात"
अनीता यह सुनकर अपनी चेहरे पर गर्व का भाव लाती हुयी उसे देखि और फिर सामने देखती हुयी गांड मटकती हुयी चलने लगी. वह आदमी भी उसके साथ चलते हुए अनीता की गांड को देखकर उसे सहलाते हुए उसे कभी कभी थपथपा रहा था. अनीता यह महसूस करके कुछ नहीं बोल रही थी.
आखिरकार वह लोग झाड़ियों के पीछे पहुँच गए. अनीता एक नज़र ढाबे के तरफ देखि तो कोई नहीं था यह देखकर उसे राहत महसूस हुयी.
वह आदमी अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Are कउनो नहीं देख रहा. अब चलो ी सलवार खोलकर जल्दी से मूट लो".
अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखकर boli,"Are फिर से आप कैसी बातें करने लगे"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पर हाथ रखे सहलाते हुए उसके थोड़ा करीब होकर आँखों में देखकर bola,"Are तो का ग़लत बोले हम? तुम का सलवार पहने hi मूटोगी? ी का खोलोगी नहीं का?"
अनीता की सांस यह सुनकर तेज़ हो गयी. उसे उस आदमी का यूँ खुलकर बोलने से एक अजीब सा एहसास हो रहा था. अनीता भी उसके आँखों में देखती हुयी कामुक आवाज़ में boli,"Are तो एहि बात तो मैं बोल रही हूँ की यह कोई बोलने की बात है. सलवार तो खोलना hi पड़ेगा न मुझे."
वह आदमी अनीता की बात सुनकर हल्का मुस्कुराकर उसकी गांड थपथपाते हुए bola,"Theek है तो सलवार खोलकर मूट लो"
अनीता यह सुनकर एक तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Main उधर पेड़ के पीछे जाकर कर लेती हूँ. आप एहि खड़े रहिये और उधर दूसरी तरफ देखिएगा"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are ीहें मूट लो न. हम तो तोहार नंगी गांड देख hi चूका हूँ"
अनीता की दिल धड़क गयी और सांस और तेज़ हो गयी यह सुनकर. वह अपनी बेशर्मी दिखती हुयी उसके बात पर ऐतराज़ किया बिना boli,"Haan इसलिए फिर से नहीं देखना है आपको. पिछली बार तो बहाना बनाकर देख लिए थे, लेकिन इस बार नहीं. आप उधर खड़े रहिये मैं पेड़ के पीछे जा रही हूँ"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड के तरफ देखकर उसकी गांड की एक भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff बड़ा मस्त गांड है तोहार. चलते वक़्त कैसे हिल रही थी"
अनीता धड़कते दिल और तेज़ सांस लेती हुयी boli,"Ab बस कीजिये अपनी बातें. कितने गंदे तरीके से बोलते हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are गांड को गांड नहीं बोलूंगा तो और का बोलूंगा?"
अनीता जवाब में boli,"Aapko तो कुछ बोलना hi बेकार है, बस मनमानी करते रहते हैं आप, लेकिन आज बहाना बनाकर फिर से देखने मत आ जाइएगा. उधर जाकर खड़े होइए आप, मैं पेड़ के पीछे जा रही हूँ"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड को प्यार से सहलाते हुए उसकी गांड के तरफ देखते हुए puchha,"Are का देखने के लिए मन कर रही हो?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Jaise आपको पता hi नहीं है?"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर bola,"Are नहीं पता इसलिए तो पूछत हूँ"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से एक ऐडा से boli,"Wahi जहाँ आप देख रहे थे अभी और जहाँ आपका हाथ है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटाकर मुस्कुराते हुए puchha,"Humra नज़र तो तोहरा खबसूरत चेहरा पर है और हाथ तो कहीं नहीं रखा हुआ है"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Haath और नज़र तो हटा लिया आपने. अब जब हटा hi लिया है तो रहने दीजिये. मैं चली पेड़ के पीछे"
अनीता यह बोली hi थी की तभी वह आदमी अपना हाथ वापस उसकी गांड पर रखते हुए सहलाकर bola,"Haan ठीक है जाओ. बहोत ज़ोर से मूट लगा होगा तुमका. ऐसा नहीं हो की ी सलवार में hi तोहार मूट निकल जाये"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Phir से वही बात. कैसी बातें करते हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर हल्का मुस्कुराया तो अनीता कामुक अंदाज़ में boli,"Ab जाइये उधर खड़े रहिये और उधर hi रहिएगा. पेड़ के पीछे आकर देखने मत लगिएगा पिछली बार की तरह"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए puchha,"Are तो एक बार बता तो दो की हम का नहीं देखे"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Bola तो मैंने की जहाँ आपका हाथ है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अपना हाथ उसकी गांड से हटा दिया तो अनीता बेशर्मी से boli,"Ab हटाकर यह मत पूछियेगा की कहाँ था हाथ आपका"
वह आदमी मुस्कुराकर bola,"Are तो बता दो न हुंका की हमरा हाथ कहाँ था और हम का नहीं देखे?"
अनीता यह सुनकर एक ऐडा से उसे देखती हुयी अपनी बेहयाई, बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत देती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी गांड की दायी भाग पर रखती हुई कामुक अंदाज़ में boli,"Yahan था आपका हाथ"
और अगले पल अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"aur इसे नहीं देखना है आपको"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड देखते हुए उसकी कमीज को गांड से ऊपर करते हुए सीधा उसकी सलवार के ऊपर से गांड पकड़ कर उसे पकड़ कर हिलाते हुए अनीता की आँखों में देखते हुए bola,"U ससुरा कउनो नामर्द hi होगा जो तोहार गांड नहीं देखेगा. इतना मस्त गांड है तोहार की देखे बिना कउनो मर्द रह नहीं सकता. और तुम तो हमार लौड़ा देखि हो और उसका मालिश भी की हो. तुम hi बताओ हमरा जइसन मरद तोहरा जइसन औरत का गांड कैसे नहीं देखेगा"
अनीता की सांस यह सब सुनकर तेज़ हो रही थी और दिल धड़क रही थी. पेशाब तो उसे लगा था मगर उसे उस आदमी का यूँ बात करने का अंदाज़ अच्छा लग रहा था तो वह पेशाब को रोकी हुयी बात कर रही थी.
वह यह सुनकर उस आदमी को देखकर अपनी बेशर्मी का प्रदर्शन करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Theek है ऐसे hi देख लीजिये. मगर जब मैं पेड़ के पीछे जाकर अपनी सलवार खोलूंगी तो देखने मत आ जाइएगा पिछली बार की तरह. बस ऊपर से देख रहे हैं उतना hi काफी है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Achha तो तोहार कहने का मतबल है की हम तोहार गांड ऐसे ऊपर से देख सकत है मगर नंगा गांड नहीं देख सकत है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Offo कैसी गंदे तरीके से आप बोलते हैं. कुछ और भी तो बोल सकते हैं"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को मसलते हुए bola,"Are अब गांड को गांड hi न बोलूंगा"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखकर boli,"Phir से वही बात. आपको तो कुछ बोलना भी बेकार है. बस अपनी मनमानी करते रहते हैं. अभी मैंने मन किया ऐसे गंदे तरीके से नहीं बोलने फिर भी वही बात बोले जा रहे हैं"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Are ससुरा अब हम गांड को और का बोलूं. और तोहार गांड अइसन है की बार बार देखने का मैं करात है हुंका उहे तो बोल रहा हूँ"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Agar इधर देखने से आपको वैसी गन्दी बातें करने का मैं करता है तो मत देखिये"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया और अगले पल अनीता की गांड को देखते हुए उसे पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. अइसन गांड को हम देखे बिना कइसन रह सकत है"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekhe बिना hi रहना होगा, समझे आप"
वह आदमी यह सुनकर उसकी दायी गांड को देखते हुए पकड़ कर हिलाकर bola,"Uff कैसे हम ी गांड को देखे बिना हम रह सकत हूँ. लेकिन कउनो बात नहीं है, अगर तुम बोलत हो तो हम ी गांड नहीं देखूंगा"
फिर वह अनीता की गांड की बायीं भाग को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"lekin ी तोह देख सकत हूँ हम"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उस आदमी के आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo कुछ भी नहीं देखना है आपको"
वह आदमी यह सुनकर उसकी बायीं गांड से हाथ हटते हुए दायी गांड पर रखकर हिलाते हुए bola,"Haan तोहार ी गांड नहीं देखूंगा हम"
अनीता अगले पल फिर से अपनी बेहयाई, बेशर्मी और रणदीपाने का साबुत देती हुयी उसका हाथ पकड़ कर अपनी दायी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Na इधर देखना है आपको" फिर वह उसका हाथ पकड़ कर अपनी बायीं गांड पर रखती हुयी वैसे hi आँखों से इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Na इधर. दोनों में से कोई भी नहीं देखना है आपको"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Muskuraiye मत, देखकर समझ लीजिये कहाँ आपकी नज़र नहीं जानी चाहिए जब मैं पेड़ो के पीछे जाकर अपनी सलवार खोलूंगी तो" और अपनी आँखों से उसे देखती हुयी अपनी गांड के तरफ इशारा की तो वह आदमी उसकी गांड की तरफ देखा तो अनीता उसका हाथ पकड़ कर अपनी बायीं गांड से हटाकर दायी गांड पर रखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लीजिये अच्छे से की आपको न यह देखना है" और फिर वह उसका हाथ पकड़ कर बायीं गांड पर रखती हुयी boli,"aur न hi यह देखना है"
वह आदमी मुस्कुराते हुए अनीता की गांड देखते हुए उसे सहलाने लगा और फिर अनीता की तरफ देखा तो वह कामुक अंदाज़ में boli,"Samajh गए न आप कहाँ नहीं देखना है? एक बार आप भी बताइये ताकि मुझे यक़ीन हो जाये की आप समझ गए"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की बायीं गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Tohaar ी गांड नहीं देखूंगा हम"
फिर वह अपनी बायीं गांड के ततफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Sirf इसे या और भी कुछ"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की दायी गांड पर हाथ लाते हुए उसे हलके से मसलते हुए bola,"Aur तोहार ी गांड भी नहीं देखूंगा"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Pakka?"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Haan पक्का. लेकिन तुम जब पेड़ के पीछे मूतने जाओगी तो यह गांड मटकते हुए जाना. हुंका तोहार गांड को मटकते हुए देखना है"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"pura रास्ता तो आपने देखा न? आपका नज़र तो उसी पर था. अब और कितना देखेंगे?"
वह आदमी उसकी गांड दबाते हुए bola,"Are हमरे जइसन मरद का तोहार गांड का मटक देखने का तो हर वक़त मैं करेगा"
अनीता यह सुनकर अपनी सर हिलायी और फिर एक ऐडा से boli,"Main जा रही हूँ. आप देखिएगा कोई आ न जाये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड थपथपाते हुए bola,"Haan जाओ. और यह गांड मटकते हुए जाना"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और घूमकर अपनी गांड को नार्मल से ज़्यादा मटकती हुयी पेड़ के पीछे जाने लगी. वह आदमी यह देखकर bola,"Uff बड़ा मस्त कातिल गांड है तोहार थोड़ा और मटकाओ न"
अनीता की चेहरे पर यह सुनकर गर्व की भाव आ गयी मगर वह कुछ बोले बिना अपनी गांड को और मटकती हुयी पेड़ के पास पहुंचकर पहले अपनी कुर्ती थोड़ी ऊपर उठाई जिससे उसकी गांड का आकर सलवार के ऊपर से साफ़ साफ़ दिख रही थी. फिर वह सलवार में दोनों तरफ से अंगूठा घुसकर उस आदमी के तरफ देखि जो उसकी गांड को hi देख रहा था.
अनीता उसे अपनी गांड को देखते हुए देख बेशर्मी से boli,"Are आप उधर देखिये न की कोई आ न जाये"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड से नज़र हटाकर उसे देखा तो अनीता कामुक अंदाज़ से दूसरे तरफ देखने का इशारा की तो वह आदमी bola,"Are तुम सलवार खोलकर मूतना तो शुरू करो. हम देख रहा हूँ की कउनो ससुरा इधर न आये"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और थोड़ी आगे होकर पेड़ के पीछे पूरी तरह से चली गयी जिससे अब उस आदमी को कुछ नहीं दिख रहा था. वह बस अनीता की सलवार में कैद गांड की आकर और अनीता को सलवार में अपनी अंगूठा डालते हुए hi देखा था.
उस आदमी को कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की पेशाब की धार सुनाई देने लगा. उसके कुछ सेकण्ड्स बाद अनीता की आह की आवाज़ aayi,"Aaahh आउच"
यह सुनकर वह आदमी अनीता के तरफ गया और जैसे hi पेड़ के पीछे गया तो उसे अनीता की नंगी गांड दिख गयी. रात के अँधेरे में अनीता की गोरी गांड चमक रही थी. अनीता चुप चाप पेशाब कर रही थी और वह आदमी अनीता की गांड को देखते हुए उसकी पेशाब की धार की आवाज़ सुन्न रहा था. वह आदमी अनीता की नंगी गांड देख hi रहा था की अनीता फिर से आह nikali,"aaahh" तो वह आदमी तुरंत puchha,"Are का हुआ तुम का. कहे चीख रही हो"
अनीता कराह कर पेशाब करती हुयी hi अपनी बायीं हाथ पीछे लेजाकर अपनी बायीं गांड पर रखकर सहलाने लगी थी की तभी वह उस आदमी का बात सुनकर घबरा कर पीछे देखि तो उसे देखते hi उसकी दिल धड़कने लगी और वह अपनी पेशाब रोककर उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप? यहाँ क्यों आये?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तुम कराह रही थी तो हम घबरा गए और देखने आ गए की का हुआ"
अनीता अपनी पेशाब रोकी हुयी मगर वैसे hi गांड नंगी किये हुए बैठी यह बातें बोल रही थी. वह जान रही थी की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख सकता था, बल्कि बात करते हुए देख रहा था मगर उसे उसकी चिंता अब नहीं थी. वह जानती थी की वह उसकी नंगी गांड पहले भी देख चूका है और अभी आकर फिर से जब देख चूका है तो क्या hi छुपाये. लेकिन वह उसके सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी तो पेशाब रोके वैसे hi नंगी गांड के साथ बैठे उससे बातें करने लगी.
अनीता उसका बात सुनकर boli,"Jhooth मत बोलिये. आप पहले से hi आ गए होंगे देखने के लिए जो आप देख रहे हैं"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are जब हम तोहका अपना जबान दिए थे तो ुका कैसे तोड़ते. ससुरा हम ज़बान का पक्का हूँ. ु ससुरा मरद hi का जो ज़बान का पक्का नहीं हो."
वह आदमी जिस हिसाब से बात बोलै अनीता को भी लगा की वह सच बोल रहा है. अनीता को बुरा लगा की वह सिचुएशन समझे बिना hi उसे जज करने लगी.
वह आदमी आगे bola,"Aur ु भी कउनो मरद नहीं होगा जो औरत का परेशानी जान कर मदद करने नहीं आये. हम तोहार कराह सुने तो देखने आ गए"
अनीता वैसे hi नंगी गांड के साथ बैठी उसका बात सुन्न रही थी और यह बात सुनकर उसे और अच्छा लगा की वह आदमी उधर उसकी आह सुनकर चिंता से आया था. अगर उसे सिर्फ उसकी गांड देखना होता तो अपना दबंगई दिखते हुए ज़बरदस्ती उसकी सलवार खोलकर भी देख सकता था, मगर वह ऐसा नहीं किया. अनीता को अच्छा लगा की वह उसकी चिंता कर रहा था.
वह देखि की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख रहा था मगर अनीता को कोई ऐतराज़ नहीं था बल्कि अगले पल उसे और अच्छा लगा जब वह आदमी उसकी गांड देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर puchha,"Tohaar गांड पर कउनो कीड़ा काट रहा था ka?Hum जब आये तो देखे तुम अपनी गांड सेहला रही थी"
अनीता को उसके भाषा पर कोई ऐतराज़ नहीं हुआ. वह जान रही थी की वह आदमी वैसे hi गंदे भाषा में hi बोलेगा तो ऐतराज़ करके अब कोई फायदा नहीं. अनीता उस आदमी को देखती हुयी बेशर्मी से boli,"Haan"
यह सुनकर वह आदमी अनीता की तरफ देखा तो अनीता boli,"Lekin अब ठीक है आप जाइये"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are फिर से तोहरी गांड पर काट लेगा तो"
फिर वह उसकी नंगी गांड को देखते हुए bola,"Hum रह कर देखता हूँ की ससुरा कौन कीड़ा है जो तोहार ी गोरा नाज़ुक गांड पर काट रहा है"
अनीता इतनी बेशर्म औरत थी की अब उसे उस आदमी का उसकी नंगी गांड को देखने पर कोई ऐतराज़ नहीं था. उसका मानना था की वह आदमी पहले भी एक बार उसकी गांड को नंगी देख चूका था और अभी फिर से दुबारा देख चूका था तो अब छुपाने का कुछ है hi नहीं.
लेकिन वह जितनी भी बेशर्म थी और जितना भी उसके अंदर रान्दीपना थी, वह उस आदमी के सामने पेशाब नहीं करना चाहती थी. उसे यह थोड़ा अजीब लग रही थी. वह चाहती थी की अगर उस आदमी को उसकी नंगी गांड देखना है तो दूर से देख ले मगर पेशाब करते वक़्त नज़दीक न रहे.
अनीता उस आदमी को वहां से जाने के लिए डायरेक्ट नहीं बोलना चाहती थी क्यूंकि उसे लग रहा था की वह सच में उसकी नंगी गांड देखने के ख्याल से नहीं, बल्कि उसकी कराह सुनकर देखने आया था की सब ठीक है या नहीं. तो वह उसे यक़ीन दिलाना चाहती थी की सब ठीक है ताकि वह वहां से चला जाये.
इसके लिए अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी boli,"Ab ठीक है, कुछ नहीं काटेगा"
अनीता की यह बात सुनकर वह आदमी उसकी गांड से नज़र हटा कर उसकी तरफ देखा तो वह उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Dekh तो रहे हैं आप की कोई कीड़ा अब नहीं है"
वह आदमी यह सुनकर उसकी नंगी गांड के तरफ देखा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Dekh लीजिये कोई कीड़ा अब नहीं है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की चेहरे पर देखा तो वह बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी boli,"Dekha न आपने अब कुछ नहीं है. अब प्लीज जाइये मुझे अभी और करना है. बर्दाश्त नहीं हो रहा है"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तो मूट लो न. हम तोह यहां दूर खड़ा होकर भी तोहार मूतने का आवाज़ सुन्न रहे थे की कैसे मूट निकल रही है तेज़ी से"
अनीता को यह बहोत hi अजीब लगा. वह आदमी कितना ध्यान से उसकी पेशाब करने की आवाज़ सुन्न रहा था. लेकिन अनीता बहस नहीं करना चाहती थी उससे तो वह उसे देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"please जाइये न जोर होने लगी है. ऐसे अच्छा नहीं लगेगा मुझे आपके सामने hi करना"
वह आदमी यह सुनकर सर हिलाया और एक बार अनीता की नंगी गांड को देखा. अनीता कुछ नहीं बोली. वह आदमी एक पल के लिए उसकी गांड देखने के बाद उसकी चेहरे पर देखकर bola,"Hum जा रहत हूँ. लेकिन कउनो परेशानी होगा तो हुंका बोलना. ससुरा हमरे जइसन मरद के होते हुए तोहार कुछो परेशानी होगा तो हुंका अच्छा नहीं लगेगा"
अनीता यह सुनकर सर "हाँ" में हिलायी तो वह आदमी उसकी गांड के तरफ देखकर bola,"Tohaar दूसरी गांड देख लेता हूँ की कुछो है या नहीं"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली तो वह आदमी थोड़ा गर्दन आगे करके उसकी दूसरी गांड को देखा तो अनीता बेशर्मी से boli,"Wahan भी कुछ नहीं है. होता तो मुझे महसूस होती. अब आप जाइये, अगर कोई परेशानी होगी तो मैं आपको बुला लुंगी"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Achha ठीक है. हम थोड़ा दुरी पर खड़ा होकर तोहार गांड देखते रहता हूँ. कुछो होगा तो हम आ जाऊंगा"
वह आदमी साफ़ साफ़ बोल रहा था की वह दूर तोह खड़ा रहेगा मगर वह अनीता की नंगी गांड को देखते रहेगा. अनीता अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी उस आदमी को देखती हुयी boli,"Theek है. अभी आप जाइये"
वह आदमी एक नज़र और अनीता की गांड को देखा. अनीता देखि की कैसे वह आदमी उसकी नंगी गांड को देख रहा था मगर उसे ज़रा सा भी शर्म नहीं आ रही थी.
वह आदमी एक नज़र उसकी गांड को देखकर वापस जाने लगा और लगभग 15 फ़ीट पीछे जाकर खड़ा हो गया. अनीता थोड़ा गर्दन मोड़ कर उसे जाते हुए देखि और जब वह आदमी पीछे जाकर खड़ा हो गया तो वह खुद bola,"Tum आराम से मूतो अब. हम तोहरा गांड देखता हूँ की कउनो कीड़ा नहीं बैठे"
अनीता यह सुनकर कुछ नहीं बोली और सामने देखती हुयी पेशाब की धार छोड़ दी और मूतने लगी. उसे पेशाब करते हुए राहत मिलने लगी और उसे कोई फ़र्क़ नहीं पद रहा था की वह आदमी उसकी नंगी गांड देख रहा था और शायद मूतने की आवाज़ सुन्न सकता था और शायद मूट की धार भी देख सकता था. अनीता बेझिझक मूट रही थी और अभी कुछ सेकण्ड्स hi हुए थे की वह फिर से karahi,"aaahhh" और अपनी बायीं हाथ अपनी बायीं गांड पर लेजाकर सहलाने लगी.
यह देखते hi वह आदमी आगे बढ़ते हुए bola,"Kaa हुआ फिर तोहार गांड पर कुछो काटा का?"
अनीता पेशाब रोकती हुयी अपनी नंगी गांड को सहलाती हुयी गर्दन घुमाये उस आदमी को अपने तरफ आते देख सर हिलती हुयी boli,"Haan". वह देखि की उस आदमी का नज़र उसकी नंगी गांड पर hi था मगर उसे न hi बुरा लगा और न hi कोई ऐतराज़ था.
वह आदमी उसके पास आकर उसके बगल में बैठ गया और उसकी गांड पर रखे उसकी हाथ को पकड़ कर वहां से हटते हुए bola,"Humka देखने दो ससुरा कहाँ काटा है"
अनीता अपनी हाथ अपनी गांड से हटा ली और अगले पल उस आदमी का मरदाना खुरदुरा हाथ अपनी नाज़ुक, मुलायम और बड़ी गद्देदार गांड पर महसूस की. वह आदमी उसकी गांड को सहलाते हुए bola,"Halka लाल हो गवा है इहाँ. ससुरा इतना गोरा और मुलायम गांड को ी कीड़ा काट कर लाल कर दिया"
वह आदमी अनीता की गांड को सहलाते हुए उसकी आँखों में देखकर puchha,"Kuchho समझ में आया तुमका की कौन कीड़ा था?"
अनीता यह सुनकर "न" में सर हिलती हुयी boli,"Nahin. लेकिन अब आप जाइये. बेहतर होगा मैं जल्दी से अपना काम करके उठ जॉन. ऐसे बैठे रहूंगी तो बार बार काट लेगा"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को सहलाते हुए थोड़ा दबाकर उसकी आँखों में देखकर bola,"Haan ठीक है. ससुरा कीड़ा को भी तोहार गांड पसंद आ रहा है और आएगा भी कैसे नहीं. इतना मुलायम और गद्देदार गांड है तोहार"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Offo अब बातें मत बनाइये. जाइये और मैं जल्दी से अपना काम करके उठ जाती हूँ"
वह आदमी यह सुनकर जवाब देता इससे पहले अनीता siski,"isshhhh" और फिर दायी हाथ पीछे ले जाने लगी तो वह आदमी puchha,"Kaa हुआ फिर से गांड पर कुछो काटा का"
अनीता यह सुनकर "हाँ" में सर हिलती हुयी boli,"Haan"
वह आदमी अनीता को अपनी दायी गांड सहलाते देख bola,"Humka देखने दो"
अनीता यह सुनकर अपनी हाथ अपनी दायी गांड से हटा दी तो वह आदमी उसकी दायी गांड को देखते हुए उस पर हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Humka लग रहा है मच्छर होगा"
अनीता यह सुन्न रही थी की तभी वह आदमी bola,"Haan मच्छर hi है. ससुरा तोहार बया गांड पर बैठ गवा अब"
अनीता यह सुनकर अपनी हाथ पीछे ले जाने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको ऐसे भाग जायेगा. ससुरा को मारना होगा"
अनीता रुक गयी लेकिन तब तक मच्छर उसकी बायीं गांड से हट चूका था. अनीता यह महसूस करके boli,"Lag रहा है भाग गया"
वह आदमी जवाब में bola,"Are ससुरा फिर आ जायेगा. ीका मारना होगा."
अनीता यह सुनते hi boli,"Mujhe लग रहा है फिर से आ गया"
वह आदमी puchha,"Kahan?"
अनीता अपनी दायी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Dayi तरफ"
वह आदमी तुरंत bola,"Hilna मत" और अनीता की दायी गांड के तरफ देखा. अनीता बेशर्मी से देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी नंगी दायी गांड देख रहा है की तभी उसे अपनी दायी गांड पर ज़ोर से थप्पड़ महसूस huyi,"Chatak" और अनीता की मुंह से आठ निकल gayi,"Aahhhh" और साथ hi छूट से पेशाब की धार निकलने लगी. अनीता को अजीब लगा की उसके गांड पर थप्पड़ मारने से उसकी छूट से पेशाब निकल गयी. वह परेशानी की भाव से उस आदमी को देखती हुयी boli,"Yeh क्या कर रहे हैं आप?"
जवाब में वह आदमी बोलने से पहले अपने हाथ में मारा हुआ मच्छर दिखते हुए bola,"Are मच्छर को मार दिए नहीं तो फिर से तोहार गांड पर बैठकर काटने लगता"
अनीता उसके हथेली पर मारा हुआ मच्चर देखकर अजीब सा मुंह बनती हुयी boli,"Eeww प्लीज मुझे मत दिखाइए. कैसा गन्दा लग रहा है"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are नहीं दिखते तो तुम समझती की हम बस तोहार गांड पर थप्पड़ मार रहे हैं"
अनीता यह सुनकर boli,"Theek है मगर धीरे से तो मार सकते थे न. कितनी जोर से मारा है आपने"
वह आदमी यह सुनकर प्यार से अनीता की गांड को सहलाते हुए bola,"Are धीरे धीरे हाथ ले जाता तब तक मच्चर भाग जाता. मच्चर को मारने के लिए तेज़ी से मारना पड़ता है न"
अनीता यह सुनकर boli,"Acchha ठीक है" तोह आदमी उसे देखा. अनीता उसे देखती हुयी धीरे से boli,"Lagta है और एक मच्चर आ गया".
वह आदमी तुरंत उसकी गांड को देखते हुए bola,"Hilna मत. बताओ ससुरा किधर है"
अनीता अपनी बायीं गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी धीरे से boli,"Bayi तरफ"
वह आदमी उसकी बायीं गांड के तरफ देखा तो अनीता धीरे से puchhi,"Dikha आपको?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan तोहरी बायीं गांड पर बैठा हुआ है. तुम हिलना मत हम मारता हूँ ससुरा को"
अनीता जवाब में boli,"Please थोड़ा धीरे मारिएगा"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are धीरे हाथ ले जाऊंगा तो भाग जायेगा"
अनीता जवाब में कुछ नहीं बोली की तभी वह आदमी bola,"Lo ससुरा ी बात के चक्कर में भाग गवा"
अनीता boli,"Theek है जाने दीजिये. भाग गया तो अच्छा hi है"
वह आदमी अनीता की आँखों में देखा तभी अनीता karahi,"aaahhh"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता अपनी आँखों से गांड के तरफ इशारा करती हुयी परेशानी से boli,"Jaldi देखिये फिर से बैठकर काटने लगा"
वह आदमी अनीता की गांड के तरफ देखा और अगले पल "चटक" करके जोर से उसकी गांड पर थप्पड़ मारा जिससे अनीता की छूट से फिर से मूट निकल गयी और मुंह से "सीई आअह्ह्ह्ह आउच" करते हुए सिसकारी निकल गयी.
अनीता उस आदमी के तरफ देखि मगर इस बार कोई शिकायत नहीं थी उसके चेहरे पर. वह उसे देखती हुयी puchhi,"Maar दिया आपने मच्छर को?"
वह आदमी अनीता को bola,"Haan".
अनीता राहत की सांस लेती हुयी boli,"Thank गॉड. कितनी देर से काट रहे थे यह मच्छर मुझे, आपने दोनों को मार दिया".
अनीता अपनी बैग से एक वाइप पेपर निकल कर उसे देने लगी तो देखि की उसका नज़र उसकी नंगी गांड पर है तो वह बेशर्मी से puchhi,"Kya हुआ और कोई मच्छर है क्या वहां?"
वह आदमी यह सुनकर उसे देखते हुए मुस्कुराकर bola,"Nahin देख रहा हूँ की तोहार गोरा गांड कैसे लाल हो गवा है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से कामुक आवाज़ में boli,"Ab आप अपने इस मजबूत हाथ से वहां मारेंगे तो लाल तो होगा hi न. कितनी जोर से मारा है आपने यह तो मुझे hi पता है"
वह आदमी अनीता की नंगी गांड पर हाथ लेजाकर सहलाते हुए bola,"Are जोर से नहीं मारते तोहार गांड पर तो ससुरा मच्छर मरता नहीं और तोहार गांड से सारा खून चूस लेता काट काट कर"
अनीता अपनी गांड पर उसका हाथ महसूस करके कुछ ऐतराज़ नहीं की बल्कि उसे वाइप पेपर देती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab मच्छर वहां से सारा खून चूस लेता इसका पता नहीं है, लेकिन आपने तो मच्छर का खून कर दिया न और उसका खून आपके हाथ में लगा हुआ है. यह लीजिये आप अपना हाथ पोंछ लीजिये"
वह आदमी वह लेते हुए उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Theek है. लेकिन तुम मूतना कहे रोक दी. मूतो न"
अनीता जवाब में कामुक अंदाज़ में boli,"Aap जाइएगा तब तो. आपके सामने कैसे कर सकती हूँ"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड सहलाते हुए उसकी आँखों में देखते हुए bola,"Are तोहार मूट तो निकल hi रहा था जब हम दोनों गांड पर थप्पड़ मारे तो"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखि तो वह मुस्कुराते हुए bola,"Kaise छररर से तोहार मूट निकल रहा था"
अनीता यह सुनते hi अपनी आँखें और बड़ी करके उसे देखती हुयी बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Offo यह कैसी बातें करने लगे आप"
वह आदमी जवाब में bola,"Are मूतने के लिए hi तो बोलत हूँ हम. तोहार गांड पर मारने से हमरे सामने तोहार मूट तो निकल hi रहा था. अब बिना मारे hi मूट निकलेगा हमरे सामने तो का हो जायेगा. बेवजह का परेशान हो रही हो. आराम से मूतो तुम और हम भी मूट लेता हूँ"
यह बोलकर वह आदमी अनीता के बगल में खड़ा हुआ और अपने पंत का ज़िप खोलने लगा. अनीता उसे देखती हुयी boli,"Please आप उधर दूसरे तरफ जाकर कीजिये न"
वह आदमी जवाब में bola,"Are हम उधर चला जाऊंगा और तोहार कउनो परेशानी होगा तो का हम"
फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"aese hi लौड़ा से मूट निकलते हुए इधर आऊंगा का"
अनीता यह सुनकर अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखती हुयी boli,"Ab यह कैसी बातें करने लगे आप? सच में आप को तो कुछ बोलना hi बेकार है. कर लीजिये एहि पर"
वह आदमी यह सुनकर अपना लुंड पकड़ कर पंत से निकलते हुए bola,"Haan मूतने hi तो जा रहा हूँ हम"
फिर वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekh लो"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके चेहरे से नज़र नीचे करके देखि तो उसका लुंड बाहर आ चूका था और जैसे hi वह देखि उसके लुंड से पेशाब का धार निकलने लगा. यह देखते hi उसकी दिल धड़कने लगी.
वह उसके लुंड को देख hi रही थी तो वह आदमी bola,"Dekh ली न की हम मूट रहा हूँ. अब तुम भी आराम से मूतो, नहीं तो ससुरा तोहार गांड पर और मच्छर आ जायेगा. अइसन मस्त गांड है तोहार की ससुरा मच्छर को भी अच्छा लग रहा है"
अनीता जवाब में बेशर्मी से boli,"Phir से बातें बनाने लगे आप. आप जो कर रहे हैं उस पर ध्यान दीजिये"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर उसे देखते हुए bola,"Tum भी मूतो न"
अनीता यह सुनकर उसे कामुक नज़र से देखि और देखती हुयी hi पेशाब की धार छोड़ने लगी और उसकी चेहरे पर थोड़ा राहत दिखा. वह आदमी अनीता की छूट से निकलती हुयी पेशाब की धार का आवाज़ सुन्न सकता था.
वह अनीता की चेहरे पर सुकून देखकर मुस्कुराकर bola,"Araam मिला तो तुमका मूतने से. बेवजह का रोके राखी थी तुम"
अनीता यह सुनकर एक नज़र उसे कामुक अंदाज़ से देखि और चुप चाप सामने देखती हुयी पेशाब करने लगी. अब नज़ारा यह था की अनीता बैठी हुयी पेशाब कर रही थी और उसके ठीक बगल में वह आदमी भी पेशाब कर रहा था.
अनीता बहोत हद्द तक पेशाब कर चुकी थी पहले hi और अब थोड़ा बहोत जो बाकी था उसे करने के बाद अपनी बैग से वाइप पेपर निकली और एक उस आदमी को देती हुयी boli,"Yeh लीजिये आप पोंछ लीजियेगा अपना"
वह आदमी यह सुनकर उसके तरफ देखा और लेते हुए puchha,"Ka पोंछे हम?"
अनीता यह सुनकर boli,"Aap पेशाब कर रहे हैं तोह पोंछेंगे नहीं क्या?"
वह आदमी यह सुनकर जवाब में puchha,"Are उहे तो पूछ रहा हूँ. बताओ कहाँ पोंछना है"
अनीता समझ गयी की वह आदमी चाहता है की वह बताये. अगले पल वह आदमी bola,"Are का सोच रही हो? बता दो न"
अनीता यह सुनकर उस आदमी के आँखों में देखि. वह भी बात को बढ़ाना नहीं चाहती थी और शायद उसे बताने में कोई बुराई भी नहीं लग रही थी तो वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Yeh".
वह आदमी अनीता को ऐसे उसके लुंड के तरफ इशारा करते हुए देख मुस्कुराकर bola,"Achha हमार लौड़ा को पोंछने के लिए बोल रही हो तुम?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से सर "हाँ" में हिलती हुयी boli,"Haan"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए puchha,"Kahe? तोहार हमार लौड़ा चूसने का मैं कर रहा है का?"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़कने लगी और वह अपनी आँखें बड़ी करती हुयी उसे देखकर boli,"Phir से कैसी बातें कर रहे हैं आप? अगर आपको नहीं पोंछना है तो छोड़िये"
और फिर अनीता वह वाइप को अपनी छूट के तरफ लेजाकर बेशर्मी से उस आदमी के सामने hi अपनी छूट पोंछने लगी. हालाँकि अनीता जैसे बैठी थी वह आदमी उसकी छूट नहीं देख सकता था और शायद इसलिए वह वहीँ बैठी हुयी अपनी छूट पोंछ रही थी मगर फिर भी ऐसे ग़ैर मर्द के सामने छूट को ऐसे पोंछना अनीता की बेशर्मी, बेहयाई और रान्दीपना दिखा रहा था.
अनीता अपनी छूट पोंछ कर वह वाइप वहीँ फ़ेंक दी और फिर पंतय और सलवार पकड़ कर उठ गयी. निकलते वक़्त तो सलवार और पंतय एक साथ निकलना आसान था मगर पेहेनते वक़्त दोनों एक साथ पहना नहीं जा सकता था.
अनीता वैसी hi नंगी गांड के साथ उस आदमी के बगल में कड़ी होकर सलवार के अंदर से पंतय पकड़ी ऊपर उठाई और पेहेन ली. वह आदमी यह देख रहा था. वह देखा की अनीता की पंतय का कपडा बहोत छोटा था और पीछे का हिस्सा तो उसकी गांड की दरार में hi ग़ायब हो गया. पंतय पेहेन्ने के बावजूद उसकी गांड की दोनों भाग नंगी hi थी. अनीता एक नज़र उस आदमी के तरफ देखि की कैसे वह उसकी गांड देख रहा था मगर वह कुछ नहीं बोली और खुद बेशर्मी से एक नज़र उसके लुंड के तरफ देख ली जिससे पेशाब की धार निकल रहा था.
वह आदमी देख hi रहा था की तभी अनीता अपनी सलवार ऊपर करने लगी तो वह आदमी bola,"Are रुको"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी रुक गयी और puchhi,"Kya हुआ?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"U तोहार गांड पर मच्छर का थोड़ा खून लगा है. ु गीला पेपर दो हुंका हम पोंछ डेट हैं"
अनीता यह सुनकर boli,"Ohh हाँ. मैं तोह भूल hi गयी थी. अच्छा हुआ की आप ध्यान दे रहे थे. कितना अजीब लगता अगर वह खून वहां पर लगे रहते तो"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ध्यान तो देना hi था. इसलिए तो हम तोहार गांड देख रहे थे"
अनीता यह सुनकर उस आदमी के तरफ देखि की कैसे उसका नज़र उसकी गांड पर hi था. वह कुछ नहीं बोली और फिर अपनी बैग से एक और पेपर वाइप निकल कर अपनी गांड के तरफ ले जाने लगी तो वह आदमी bola,"Are तुमका समझ नहीं आएगा. हुंका दो और अपनी गांड हमरे तरफ करो"
अनीता यह सुनकर boli,"Are नहीं मैं साफ़ कर लुंगी" और यह बोलकर वह पीछे अपनी गांड की तरफ देखने का कोशिश की मगर ज़ाहिर सी बात थी की वह सही से देख नहीं पा रही थी तो वह आदमी bola,"Are कहे परेशान हो रही हो. तुमका अपना गांड कैसे दिखेगा. तुम ु पेपर हुंका दो और अपनी गांड हमरे तरफ कर दो हम पोंछ डेट हूँ"
अनीता को भी एहि ठीक लगा. वह बात सुनकर बिना शर्म के उस आदमी को वह पेपर दे दी और थोड़ा घूमकर उसके तरफ अपनी नंगी गांड कर दी. उसकी सलवार उसकी गांड के नीचे जांघ पर अटकी हुयी थी और पंतय तो दरार में ग़ायब हो चुकी थी. बाकी दोनों गांड नंगी hi थी.
वह आदमी अनीता से bola,"Ee कुर्ती थोड़ा ऊपर करो"
हालांकि अनीता की कुर्ती का नीचे का भाग उसकी पंतय के इलास्टिक में अटक गयी थी जिसे वह सलवार पेहेन्ने के बाद पंतय से निकाल कर सीधा करने वाली थी. इसके कारण उसकी गांड पर कुर्ती का बस थोड़ा सा हिस्सा था जिससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और जहाँ मच्छर के खून लगे थे वह जगह दिख रहा था.
इसके बावजूद जब वह आदमी अनीता को कुर्ती ऊपर करने के लिए बोलै तो वह बिना कोई ऐतराज़ के उसे पकड़ कर ऊपर कमर तक करके अपनी पूरी गांड, कमर पर पंतय का इलास्टिक और उसके ऊपर थोड़ी सी कमर नंगी कर दी और करने के बाद पीछे गर्दन करके उस आदमी को देखकर बेशर्मी से puchhi,"Theek है तो? अब आपको अच्छे से दिख रहा है न?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan तोहार गांड अच्छे से दिख रहा है हुंका. ी पेड़ पकड़ कर थोड़ा सा झुक जाओ"
अनीता यह सुनकर puchhi,"Aese खड़े होने से आपको दिख तो रहा है"
वह आदमी bola,"Haan लेकिन झुक जाओगी तो और अच्छे से दिखेगा हुंका और अच्छे से तोहार गांड साफ़ कर दूंगा"
अनीता यह सुनकर एक नज़र उसे देखि तो वह आदमी bola,"Are घबराओ नहीं. हम तुम का छोड़ने के लिए नहीं झुका रहे"
अनीता की सांस और धड़कन पहले से hi तेज़ थी मगर यह सुनकर उसकी धड़कन अचानक से और तेज़ी से धड़कने लगी और सांस भी तेज़ हो गयी. साथ में उसकी छूट में एक अजीब सी हलचल हुयी. वह न छह कर भी तेज़ी से आँखों के कोने से उसके लुंड के तरफ देखि. उसका लुंड भी हरिया और रामु जैसा बड़ा और मोटा था. यहाँ तक की वह पिछली मुलाक़ात में उसके लुंड का मालिश करके उसका विशाल अकार देखि थी की वह कितना बड़ा और मोटा है.
यह सोचते hi अनीता अपनी सांस और धड़कन काबू करने का कोशिश करती हुयी boli,"Yeh कैसी बातें करने लगे आप फिर से"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are तुम सोच रही होगी की हमार लौड़ा बाहर निकला हुआ है और हम तुमको झुका रहे हैं तो कहीं पीछे से तोहार चुदाई न कर दे. तोहार उहे चिंता दूर कर रहे हैं. लेकिन तुमका हमसे छुड़वाने का मैं है तो बोलो. हम चुदाई भी कर दूंगा"
अनीता यह सुनकर अपनी सांस काबू करती हुयी बेशर्मी से boli,"Nahin प्लीज वह सब मत कीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखते हुए bola,"Are तो उहे तो हम बोलत हूँ. अब चलो वक़्त बर्बाद मत करो और झुक कर हुंका बोलो का करना है"
अनीता की सांस और धड़कन तेज़ी से चल रही थी. वह एक नज़र उस आदमी को देखि जो आँखों से उसे पेड़ के तरफ इशारा किया तो अनीता बिना कुछ बोले पेड़ पर अपनी हाथ रखकर थोड़ी सी झुक गयी.
वह आदमी अब तक पेशाब कर चूका था. वह लुंड को वैसे hi नंगा पंत से लटके हुए hi छोड़ कर अनीता की तरफ घूमकर उसकी गांड पर हाथ रखकर थोड़ा सहलाने लगा. अनीता भी अपनी गांड की दायी भाग पर उस आदमी का हाथ महसूस की. उसका खुरदुरा मरदाना हाथ अनीता को अपनी गांड पर अच्छा लग रहा था.
वह आदमी अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए bola,"Uff का मस्त गांड है तोहार. इतना मुलायम और मखमल जैसा चिकना, ऊपर से इतना बड़ा"
फिर वह अनीता को देखते हुए bola,"Sasura इसलिए तोहार गांड पर मच्छर बैठा था. ुका भी तोहार गांड अच्छा लग रहा था"
अनीता की साँसे यह सुनकर तेज़ी से चल रही थी. वह झुकी हुयी hi गर्दन घुमाकर पीछे देखकर मुस्कुराकर उस आदमी से कामुक अंदाज़ में boli,"Offo"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड पर हाथ फेरते हुए मुस्कुराकर अनीता को देखा तो वह मुस्कुराती हुयी आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Ab साफ़ कर दीजिये जल्दी नहीं तो और भी मच्छर आ जायेंगे"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए puchha,"To आ जायेगा तो का हो जायेगा?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर कामुक अंदाज़ में boli,"Kaatne लगेंगे मुझे"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड को सहलाते हुए puchha,"Kahan काटेगा ससुरा मच्छर"
अनीता यह सुनकर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए boli,"Yahan. देख नहीं रहे थे आप कैसे यहाँ मच्चर बैठ कर काट रहे थे. पता नहीं काट कर लाल भी कर दिया होगा. आपने तो थप्पड़ मारकर लाल कर hi दिया है. देखकर बताइये मच्छर भी काट कर लाल कर दिया है क्या?"
वह आदमी यह सुनकर puchha,"Ka देखे हम? तोहार गांड"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से अपनी सर हिलाकर boli,"Haan" और फिर अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Dekhiye न"
वह आदमी को अनीता की यह बेशर्मी और उसकी रान्दीपना को देखकर अच्छा लगा और उसका खून गरम होने लगा जिससे उसका लुंड का सख्ती बढ़ने लगा.
वह यह सुनकर उसकी गांड की दायी भाग पर देखकर उसे सहलाते हुए bola,"Haan थोड़ा सा लाल तो हो गवा है. ससुरा इतना गोरा गांड है तोहार. थोड़ा सा कुछो होने पर लाल तो हो जायेगा"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के कामुक आवाज़ में boli,"Upar से आपने अपने मजबूत हाथ से इतना जोर से मारा यहाँ. उससे भी तो लाल हो गए होंगे"
वह आदमी अनीता को गांड सहलाते हुए आगे bola,"Are तोहार गांड पर थप्पड़ नहीं मारे हम. ु तोह मच्छर को मारे हम जो तोहार गोरा गांड पर बैठकर काट रहा था. उफ़ अइसन मस्त गांड है तोहार, ससुरा मच्छर का भी का दोष दे. ुका भी तोहार गांड पसंद आ गवा और तोहार गांड के चक्कर में जान गवा बैठा. ससुरा तोहार गांड का नशा ुका जान ले गवा. सच में कातिल गांड है तोहार"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से एक ऐडा से boli,"To अब उसके जान के लिए मैं ज़िम्मेदार हो गयी?"
वह आदमी अनीता को देखते हुए उसकी गांड सहलाते हुए bola,"Are तुम नहीं, तोहार गांड"
अनीता अगले पल अपनी बेशर्मी का साबुत देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan तोह वह तो मेरी hi है न"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए उसे देखकर bola,"Haan गांड तोहार है लेकिन ससुरा तुम थोड़े बोली मच्चर को तोहार गांड पर बैठने के लिए. ु तो ु खुद बैठ गवा तोहार गांड का ख़बसूरती देख कर"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ohh माय गॉड आप और आपकी बातें. अब बातें बनाना बांध कीजिये और जल्दी से पोंछ दीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा और फिर अगले पल वह आदमी अनीता की गांड के तरफ नज़र लेजाकर उसे सहलाते हुए bola,"Uff सच में का मस्त गांड है तोहार, एकदम चिकना और मुलायम, ससुरा मच्छर भी का करता."
वह आदमी यह बोलकर अनीता की गांड पर हाथ फेरते हुए उसकी गांड को हवस भरे अंदाज़ में देखने लगा. अनीता देख रही थी की कैसे वह आदमी उसकी गांड को हवस से देख रहा है लेकिन वह कुछ नहीं बोली या रियेक्ट की. उसकी चेहरे पर उल्टा गर्व का भाव आ गया और तिरछी नज़र से वह उस आदमी के नंगे लुंड को देखि जो पंत के ज़िप से बाहर लटक रहा था.
अनीता कुछ सेकण्ड्स वैसे hi चुप रही और उस आदमी के लुंड और उसके नज़र को अपनी गांड को हवस भरे नज़र से देखते हुए देखती रही. कुछ सेकण्ड्स बाद वह खुद boli,"Saaf कर दीजिये न. हमें लेट भी हो रहा है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो अनीता उसे देखकर बेशर्मी से आँखों से अपनी गांड के तरफ इशारा करके कामुक अंदाज़ में boli,"Wahan से खून साफ़ कर दीजिये न"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan पोंछ डेट हैं तोहार गांड"
अनीता यह सुनकर चुप चाप झुकी हुयी उस आदमी को देखि जो वेट वाइप्स लेकर उसकी दायी गांड के ऊपर पोंछने लगा. वह वहां पोंछते हुए अनीता की आँखों में देखा तो वह बेशर्मी से puchhi,"Saaf हो गया क्या?"
वह आदमी यह सुनकर उसकी गांड के तरफ देखा और वापस अनीता को देखकर bola,"Haan साफ़ हो गवा. अब ी दूसरी गांड को पोंछ देता हूँ"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Haan पोंछ दीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की बायीं गांड पोंछने लगा तो अनीता puchhi,"Idhar भी लाल हो गया है क्या?"
वह आदमी अनीता की आँखों में देखकर puchha,"Idhar की गांड?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से सर "हाँ" में हिलाकर boli,"Haan. देखकर बताइये न लाल हो गया है क्या?"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड को देखते हुए bola,"Haan लाल तो हो गवा है. अब तोहार गांड इतना गोरा है तो लाल होगा hi"
यह बोलकर वह आदमी वह वेट वाइप फ़ेंक कर दोनों हाथों से अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर हिलने लगा और bola,"Bahot गोरा और चिकना गांड है तोहार"
फिर वह अनीता की आँखों में देखकर puchha,"Kauno हीरोइन से काम नहीं हो तुम. एक दम मस्त गांड है तोहार" और यह बोलकर वह फिर से अनीता की गांड को हवस से देखते हुए हिलने लगा तो अनीता अपनी बेशर्मी दिखती हुयी कामुक अंदाज़ में puchhi,"Aap तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे आपने किसी हीरोइन का भी ऐसे देखा है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखा तो वह कामुक अंदाज़ में अपनी गांड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Dekha है क्या किसी हीरोइन का आपने ऐसे?"
वह आदमी यह सुनकर puchha,"Kaa गांड?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से "हाँ" में सर हिला दी.
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are ससुरी हीरोइन लोग तो कच्चा पेहेन कर तो फिलम में दिखती है तो"
अनीता यह सुनकर तुरंत बोल padi,"Haan तो फिल्म में देखे हैं न, ऐसे छूकर तोह नहीं?"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर मुस्कुरा दिया तो अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी गांड की तरफ आँखों से इशारा करके boli,"Jaise मेरी देख रहे हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Haan ी बात तो है. लेकिन फिर भी कह सकत हूँ की तोहार गांड बड़ा मस्त है, हीरोइन लोग जइसन hi गोरा और चिकना. बल्कि तोहार गांड और ज़ादा मस्त लग रहा है ी कच्चा में, उफ़ ससुरा तोहार कच्चा तो पूरा गांड के दरार में घुस गवा है और पूरा गांड नंगा है. अइसन तो हीरोइन लोग भी नहीं पेहनत है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी boli,"Achha ठीक है अब बस कीजिये"
वह आदमी यह सुनकर अनीता को देखकर उसकी गांड को हिलाते हुए bola,"Are हम सच बोलत हूँ. तोहार गांड बड़ा मस्त है. हीरोइन लोगन से भी ज़्यादा मस्त और कातिल भी. ससुरा मच्छर का कतल हो गवा ी गांड के चक्कर में हाहाहा"
अनीता भी यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी उसे देखकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से boli,"Offo आप और आपकी बातें"
वह आदमी उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Achha एक बात बताओ. तुम का अइसन hi कच्चा पेहनत हो हमेशा?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर बेशर्मी से boli,"Humesha क्या पहनती हूँ वह छोड़िये. अभी जो पहनी हूँ वह तो देख hi रहे हैं आप"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are दिख कहाँ रहा हैं ससुरा. ु तो तोहार गांड में घुस गवा है और तोहार दोनों गांड नंगा hi है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से boli,"Ab जो है सो है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड की दोनों भाग पकड़ कर अलग करते हुए उसकी दरार में देखने लगा तो अनीता अपनी गांड थोड़ी हिलती हुयी boli,"Offo क्या करने लगे आप? छोड़िये इसे?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are देख रहा हूँ कच्चा कहाँ ग़ायब हो गवा है"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Are अभी तो आप बोल रहे थे की कहाँ घुसा है तो फिर देखने की क्या ज़रूरत है. अब आपने साफ़ कर दिया है तो चले हम?"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are नहीं साफ़ करात हूँ हम अभी"
अनीता यह सुनकर boli,"To साफ़ कीजिये न. बस बातें बना रहे हैं आप"
वह आदमी उससे bola,"Ek और साफ़ करने वाला दो. ु पहले वाला हम फ़ेंक दिए"
अनीता यह सुनकर वैसे hi झुकी हुयी अपनी नंगी गांड उस आदमी के तरफ की हुयी बैग से एक वेट वाइप्स निकालने लगी.
वह आदमी तब तक उसकी गांड सहलाते हुए puchha,"Achha ी तो बताओ की तुमका अइसन कच्चा पेहेनना अच्छा लगत है की ससुरा कच्चा गांड की दरार में घुस जाये और दोनों गांड नंगा रहे?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ab आप तोह बस उसी बात पर अटक गए हैं"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ी तो बोलो"
अनीता यह सुनकर उसे वेट वाइप देती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Haan ऐसे आराम मिलता है, खासकर सफर वगैरह के लिए सही रहता है क्यूंकि ऐसे पसीना नहीं होता है"
वह आदमी यह सुनकर सर हिलाते हुए उसकी गांड पोंछते हुए bola,"Achha. तब तो सही है, तुम अइसन hi कच्चा पहना करो. देखने में भी अच्छा लागत है?"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुरा दी तो वह आदमी भी मुस्कुरा दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में puchhi,"Lekin आपको दिख कहाँ रहा है जो आप बोल रहे हैं की दिखने में अच्छा लग रहा है"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराकर अनीता की गांड पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are हम कच्चा का नहीं, अइसन कच्चा पहने से तोहार ी गांड जो दिख रहा है ी बोल रहा हूँ की अच्छा लग रहा है"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी अपनी आँखें बड़ी करके उसे देखि तो वह आदमी मुस्कुराकर अनीता की गांड पर हल्का थप्पड़ मार दिया तो अनीता बेशर्मी से मुस्कुराकर boli,"Ouchh ुह्ह्हम्म"
वह आदमी यह देखकर है दिया तो अनीता बेशर्मी से उसे देखकर कामुक अंदाज़ में boli,"Yeh क्या कर रहे है आप? मारना ज़रूरी था क्या? ुहह्म्म?"
वह आदमी अनीता की गांड को पकड़ कर हिलाते हुए bola,"Are अब अइसन गांड देखकर कइसन रोक पाते हम"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से मुस्कुराती हुयी उस आदमी को देखकर कामुक अंदाज़ में अपनी सर हिलाकर अपनी बाल में हाथ फेरती हुयी puchhi,"Ab आपने साफ़ कर दिया है तो मैं सीधे कड़ी हो जॉन?"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए bola,"Are रुको थोड़ा अंदर में भी देख लूँ कहीं कुछो लगा है या नहीं"
यह बोलकर वह आदमी अनीता की गांड की दोनों भागो को पकड़ कर अलग किया तो अनीता अपनी आँखें बड़ी करके boli,"Offo अब बस कीजिये अंदर में कुछ नहीं लगा है"
वह आदमी अनीता की गांड की दरार में पंतय का डोरी देखा. अनीता बेशर्मी से उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देख रही थी. अनीता की चेहरे पर ज़रा सा भी शर्म नहीं थी.
वह कुछ सेकण्ड्स तक उस आदमी को अपनी गांड की दरार में देखते हुए देखने के बाद कामुक अंदाज़ में boli,"Dekh लिया न आपने की कुछ नहीं लगा है? अब हो गया मैं घूम जाती हूँ"
वह आदमी अगले पल bola,"Are ी कच्चा का डोरी हटा कर देख लेता हूँ"
अनीता यह सुनकर boli,"Are उतना करने की ज़रूरत नहीं है. कुछ नहीं लगा है"
वह आदमी अगले पल अनीता की गांड की दरार में अपना बीच का ऊँगली रखते हुए पंतय के डोरी के ऊपर से उसकी गांड की छेड़ पर ऊँगली से दबाओ बनाते हुए bola,"Are इहाँ कुछो लगा होगा देख लेता हूँ"
अनीता जैसे hi उस आदमी का ऊँगली अपनी पंतय की डोरी के ऊपर से गांड के छेड़ पर महसूस की वह तुरंत घूमकर boli,"Nahin अब हो गया. अब और कुछ नहीं देखना है. चलिए अब"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Achha ठीक है"
फिर वह अपने लुंड के तरफ इशारा करते हुए bola,"Lekin पेशाब करने के बाद हमार लौड़ा कहाँ साफ़ किये हैं. देखो अभी भी वैसा hi है"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के उसके लुंड के तरफ देखकर boli,"Ohh हाँ. आपने तो इसे अभी साफ़ कहाँ किया है"
फिर वह सीढ़ी होकर वैसे hi सलवार पहने बिना, जो उसकी जांघ पर अटकी हुयी थी, अपनी बैग से वेट वाइप निकल कर उसे देती हुयी boli,"Lijiye साफ़ कर लीजिये"
वह आदमी यह सुनकर bola,"Are ी कौन बात हुआ. हम तोहार गांड साफ़ किये वैसे hi तुम हमार लौड़ा साफ़ कर दो"
अनीता यह सुनकर उसे देखती हुयी boli,"Are तो वह तोह मेरे पीछे हैं न और ऐसे भी आपने hi तो बोलै की आप साफ़ कर देंगे"
फिर वह बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Yeh तो आप खुद से साफ़ कर सकते हैं"
वह आदमी यह सुनकर उसके करीब होकर नंगी गांड पर वापस हाथ रखकर सहलाते हुए bola,"Are कर तो सकत हूँ. लेकिन तुम कर डौगी तो का हो जायेगा?"
वह आदमी अनीता की गांड पर हाथ फेरकर उसे दबाते हुए bola,"Hum तोहार गांड साफ़ किये है बदले में तुम का हमार लौड़ा साफ़ नहीं कर सकत हो का"
वह आदमी यह बोलकर अनीता की नंगी गांड को दबाते हुए अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा करते हुए bola,"Dekho ीका साफ़ कर डौगी तो का हो जायेगा"
अनीता यह सुनकर बेशर्मी से उसके लुंड के तरफ देखि तो वह आदमी अपने पेट पर दबाओ बनाकर अपने लुंड को ऊपर नीचे किया. अनीता देखि की कैसे उसका बड़ा और मोटा लुंड ऊपर नीचे हो रहा है.
अनीता को अपना लुंड देखते हुए वह आदमी उसकी गांड दबाते हुए bola,"Tum बताओ का ीका हम साफ़ करूँगा तो अच्छा लगेगा क्या?"
अनीता यह सुनकर उसकी आँखों में देखि तो वह अपने लुंड के तरफ आँखों से इशारा किया तो अनीता बेशर्मी से उसके लुंड को वापस देखने लगी. वह आदमी पेट पर दबाओ बनाकर अपने लुंड को ऊपर नीचे कर रहा था. अनीता को उसके तगड़े लुंड को ऐसे ऊपर नीचे होते देख अच्छा लग रहा था.
अगले पल वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए puchha,"Ab बताओ ीका हम साफ़ करूँगा तो अच्छा होगा या तुम साफ़ करोगी वह अच्छा होगा?"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर बेशर्मी से boli,"Haan सही कह रहे हैं आप की मुझे hi इसे साफ़ करना चाहिए. आपने मेरे लिए इतना कुछ किया है तो मैं तो इतना कर hi सकती हूँ."
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता भी मुस्कुराती हुयी boli,"Nahin तो पूरा रास्ता आप मुझे सुनते रहेंगे की कैसे आपने मेरा साफ़ किया और मैंने आपका नहीं किया"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड दबाते हुए puchha,"Hum का साफ़ किये तोहार?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराती हुयी कामुक अंदाज़ में उसे देखती हुयी boli,"Wahi जहाँ आपने अपना हाथ रखा है"
वह आदमी यह सुनकर अनीता की गांड से हाथ हटा कर bola,"Lekin हमार हाथ कहाँ है"
अनीता यह सुनकर उसके आँखों में देखकर मुस्कुरायी और अपनी हाथ से उसका हाथ पकड़ कर बेशर्मी से अपनी गांड पर रखती हुयी boli,"Yahan और कहाँ"
अगले पल वह आदमी अनीता की गांड पर थप्पड़ मार दिया तो अनीता कामुक अंदाज़ में siski,"Ouch सीईई"
वह आदमी यह सुनकर हसने लगा तो अनीता बेशर्मी से उसके आँखों में देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"uhhhm मारना ज़रूरी था क्या?"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Achha ठीक है सेहला डेट हूँ. तुम हमार लौड़ा साफ़ करो तो"
वह आदमी यह सुनकर मुस्कुराते हुए अनीता की गांड सहलाने लगा तो वह मुस्कुराती हुयी उसे देखि.
वह आदमी आँखों से अपने लुंड के तरफ इशारा karke,"Humaar लौड़ा पोंछो तो"
अनीता यह सुनकर सर "हाँ" में हिलती हुयी वह वेट वाइप उसके लुंड पर रखकर पोंछने लगी तो वह आदमी bola,"Are ऐसे नहीं?"
अनीता यह सुनकर उसे देखकर मुस्कुराती हुयी एक ऐडा से puchhi,"To और कैसे?"
वह आदमी bola,"Are तुम आराम से हमार सामने बैठ जाओ और फिर हमार लौड़ा को साफ़ करो"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में boli,"Offo ऐसे साफ़ तो हो hi जायेगा"
वह आदमी अनीता की गांड सहलाते हुए bola,"Lekin वैसे बैठ कर साफ़ करोगी तो अच्छे से साफ़ होगा. बैठ जाओ न"