- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 84,241
अपडेट 92
अनीता हरिया के पेट पर तेल गिरायी वहीँ हरिया अनीता की बाल पकडे अपने टांगों के बीच अपने लुंड के इतने करीब ले आया की फिर से उसका लुंड अनीता की चेहरे पर टिक गया.
अनीता वैसे hi हरिया का लुंड अपनी चेहरे से ठीके रहने दी और हरिया के पेट पर तेल गिराकर उसके पेट से लेकर ऊपरी जांघ तक मालिश करने लगी और साथ hi होंठ को पोत करके कामुक नज़र से हरिया को देखती हुयी उसके लुंड को चूमने लगी.
अनीता को ऐसे अपने लुंड को चूमते देख हरिया का लुंड झटका मारा और हरिया के मुंह से मज़े से "आआह्ह्ह्हह" निकल गया. वह अनीता की बाल छोड़कर सामने टेबल से जूस उठाकर पीने लगा. उसके बाये हाथ में जूस का गिलास था और दया हाथ सोफे के हेडरेस्ट पर फैला दिया जैसे वह कोई मालिक हो और अनीता उसकी रंडी, उसकी रखैल जो उसके लुंड का सेवा कर रही हो.
अनीता को भी यह अच्छा लगा की हरिया आराम से बैठा हुआ जूस पी रहा है और वह उसके लुंड का सेवा कर रही है. उसे हरिया का यह अंदाज़ में मर्दानगी झलक रही थी.
अनीता हरिया के पेट, जांघ के साथ उसके अण्डों और लुंड के जड़ का भी मालिश करने लगी और साथ hi होंठ पोत किये कामुक तरीके से उसके लुंड को चुम रही थी. हरिया का लुंड अकड़ कर झटका मार रहा था अनीता की चेहरे पर और हरिया आराम से बैठा हुआ देख रहा था की कैसे उसका लुंड अनीता के चूमने से अनीता की चेहरे पर झटका मार रहा था. यह दृश्य देख कर उसे मज़ा मिल रहा था की कैसे अनीता जैसी बेहद खूबसूरत औरत जो किसी मॉडल से काम नहीं थी वह एक रंडी की तरह उसके लुंड का सेवा कर रही थी.
लेकिन इसके बावजूद भी हरिया के मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त काम नहीं था. उसके अंदर अनीता की जिस्म के लिए हवस था और होता भी क्यों नहीं. अनीता जैसी जवान और बेहद hi खूबसूरत औरत के लिए उसके जैसे तगड़े लुंड वाला मर्द के अंदर हवस कैसे नहीं होता. उसके जैसे मर्द को अगर अनीता जैसी जवान और खूबसूरत औरत को बिस्तर पर रगड़ने का, उसे छोड़ने का, उसे अपनी रंडी, अपनी रखैल बनाने का मैं नहीं हो तो यह तो प्रकृति के नियम के खिलाफ hi होता की किसी मर्द का, खासकर हरिया जैसे तगड़े लुंड वाले मर्द का अनीता जैसी औरत को देखकर खून क्यों नहीं खौलता है, उसके जिस्म के प्रति आकर्षण क्यों नहीं होता है. तो यह प्रकृति का नियम तो हरिया भी समझता था की एक मर्द होने के नाते उसे अनीता जैसी औरत को छोड़ने का, उसे अपनी रंडी, अपनी रखैल बनाने का मैं करेगा hi, लेकिन इसके बावजूद एक इंसान के तौर पर उसके मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त थी की कैसे वह इतनी अमीर और पढ़ी लिखी होने के बावजूद सबसे अच्छे से पेश आती है.
वहीँ अनीता को भी हरिया के लुंड का मालिश करना अच्छा लग रहा था. हरिया जैसा तगड़ा और बड़ा लुंड वह ज़िन्दगी में कभी नहीं देखि थी और अब तो जब से वह इस छोटे शहर में आयी थी हरिया का दुमदार लुंड उसे देखने और छूने का मौक़ा मिल रहा था. हरिया का लुंड देखने के बाद से उसे समझ आ रहा था की असली लुंड कैसा होता है और जिस अंदाज़ से शुरू से उसे हरिया बेझिजक छेड़ते आ रहा था उसे एहसास हुआ की असली मर्द किसे कहते हैं. उसे हरिया का लुंड छूकर, उसका मालिश कर और उसके वजन को अपनी चेहरे पर महसूस करके एहसास हो रहा था की असली लुंड का सेवा करने में सच में कितना अच्छा लगता है. ऊपर से हरिया का कॉन्फिडेंस से भी वह आकर्षित थी. उसे भी ख़ुशी होने लगी थी की इस नए शहर में उसकी मुलाक़ात हरिया जैसे मर्द से हुआ है.
हरिया जूस पीते हुए अनीता को देख रहा था वहीँ अनीता हरिया को देखती हुयी उसके लुंड के आस पास मालिश करती हुयी अपनी होंठों को पोत करके उसके लुंड को चुम रही थी.
अनीता उसके लुंड को चुम hi रही थी की तभी ठन्डे गिलास के साइड से थोड़ा पानी हरिया के लुंड पर गिरा और उसका लुंड अनीता की चेहरे पर झटका मारा तो हरिया मुस्कुराने लगा. जवाब में अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुरा दी की तभी हरिया के लुंड पर एक बार फिर एक बंध पानी गिरा और उसका लुंड फिर से अनीता की चेहरे पर झटका मारा तो वह दोनों एक दूसरे को देखते हुए मुस्कुरा रहे थे. अनीता अगले पल हरिया के आँखों में देखती हुयी ऐसा काम की जिसका हरिया भी उम्मीद नहीं कर रहा था. वह अपने होंठों को खोल कर हरिया के लुंड पर जिस जगह पानी गिरा था उस जगह से पानी का जो भी अंश बचा था उसे मुंह में ले ली.
हरिया यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को एक बार और चूमकर उसके लुंड के आस पास मालिश करती रही तो हरिया bola,"Bahot प्यासी लग रही हैं आप मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर उसके लुंड को एक बार और चूमकर उसके लुंड के आए पास मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी टी बहोत प्यासे हैं. और जूस पीजिये न"
हरिया यह सुनकर अपना दया हाथ नीचे लेजाकर अनीता की बायीं चूंकि की ब्लाउज के ऊपर से मुट्ठी में भरकर दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरा प्यास तो इससे बुझेगा, आपकी चूंकि का रास से, आपके दूध से"
अनीता यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी इतना तो पिया है आपने थोड़ी देर पहले. इतना पीकर भी प्यास नहीं बुझा क्या आपका?"
हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब कइसन बात करात हैं आप. आपके जवानी से, आपके चूंकि के रास से, आपके दूध से इतना जल्दी प्यास बुझेगा का हमरा. अरे मेमसाहेब हमरा प्यास तो और बढ़त जाट है आपका ी जवानी, आपकी चूंकि और गांड देखकर"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ से उसका लुंड चूमकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी और पीने का मैं है क्या आपको?"
हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए puchha,"Kaa मेमसाहेब? का पीने का बात कर रही हैं आप?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Uhhm हरिया जी आप फिर से आप अनजान बनने लगे. बताइये न हरिया जी पीने का मैं कर रहा है क्या?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर दुबारा puchha,"Are मेमसाहेब बताइयेगा तब तो हम समझूंगा. बोलिये न मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी आँखों से नीचे अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करके कामुक अंदाज़ में boli,"Inko हरिया जी जिसे आप अपने मज़बूत मरदाना हाथ से मसल रहे हैं"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Achha मेमसाहेब तो आप अपनी चूंकि, अपना दूध का थांन का बात कर रहे हैं?"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhm हाँ हरिया जी" फिर वह आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करके आगे boli,"Inki hi बात कर रही हूँ"
हरिया यह सुनकर उसकी बायीं चूंकि को बेरहमी से मसल दिया तो अनीता की मुंह से "ाःह" निकल गयी मगर वह आज भी कामुक अंदाज़ में की और फिर अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबा ली.
हरिया उसकी चूंकि को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरे हाथ में तो आपका एक चूंकि, एक hi दूध का थांन है और आप उनको बोल रही हैं. आपका दूसरा चूंकि, दूसरा दूध का थांन कहाँ है"
अनीता यह सुनकर हरिया को कामुक अंदाज़ से देखती हुयी अपनी दायी चूंकि के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Idhar है हरिया जी"
हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए puchha,"kidhar है memsaheb?Hum तो आपकी यह चूंकि महसूस कर सकत हूँ, दूसरा किधर है आप बताइये न"
अनीता यह सुनकर हरिया के बाये हाथ से गिलास लेकर टेबल पर राखी और उसका हाथ पकड़ कर अपनी दायी चूंकि पर रखकर boli,"To महसूस कीजिये न हरिया जी"
हरिया अपना बया हाथ से अनीता की दायी चूंकि को बेरहमी से मसल दिया तो अनीता रणदीपाने वाली अंदाज़ में "आअह्ह्ह" की और कामुक रणदीपाने वाले अंदाज़ से हरिया को देखि. अनीता की चेहरे पर अभी कोई मुस्कराहट नहीं थी, बल्कि कामुक रणदीपाने वाला भाव था.
वह आह करके रणदीपाने वाली अंदाज़ में puchhi,"Ab समझ आ रहा है न हरिया जी की मैं क्या पीने की बात कर रही हूँ. वही जो अब आपके दोनों मज़बूत हाथों में हैं और जिसे आप इतनी बेरहमी से मसल रहे हैं"
हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप अपनी ी दोनों दूध का थांन का बात कर रही हैं"
अनीता यह सुनकर boli,"Inhe पीने का मैं है तो पी लीजिये हरिया जी"
हरिया यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ज़रूर पिएंगे. मगर अभी हम भी आपके होंठों पर हमार लौड़ा के लिए प्यास देख रहा हूँ. आप हमार लौड़ा से प्यास बुझा लीजिये ऊके बाद हम आपका दोनों चूंकि को फिर से पियूँगा"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Meri होंठों पर आप किस चीज़ की प्यास देख रहे हैं हरिया जी?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपने लुंड के तरफ इशारा करके bola,"Ee हमार लौड़ा का मेमसाहेब जिसे आप कितने प्यास से चुम रही हैं"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में उसका लुंड चूमती हुयी puchhi,"Kidhar है वह?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपने लुंड में तनाव लाकर झटका मारकर अनीता की चेहरे को लुंड से थपथपाते हुए bola,"Ee है हमार लौड़ा मेमसाहेब देख लीजिये, ेके लिए hi आपका होंठ प्यासा है"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसके लुंड को देखि और उसे वापस से बाये हाथ से पकड़ कर उसे मालिश करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी आप भी तो बहोत प्यासे हैं" और फिर अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करके boli,"Mere इन दोनों के लिए"
हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को देखा तो अनीता रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekhiye कैसे आप देख रहे हैं इन दोनों को" फिर वह दूसरे हाथ से टेबल से गिलास लेकर हरिया के होंठों के तरफ बढाती हुयी boli,"Lekin अभी तो आप चाहते हैं की मैं आपका हथियार का ख्याल रखूं तो तब तक यह जूस से hi प्यास बुझाइये अपना"
हरिया यह सुनकर अपना मुंह खोल दिया तो अनीता उसे जूस पिलाने लगी. क्यूंकि अनीता बैठी हुयी hi उसे जूस पीला रही थी तो गिलास सही से टिल्टेड न होने के कारण साइड से थोड़ा जूस हरिया के छाती पर गिरकर नीचे पेट के तरफ गिरने लगा और दो बूंद जूस का उसके लुंड पर भी गिर गया.
हरिया आखिरकार गिलास से मुंह हटाया तो अनीता उसे टेबल पर रख दी और फिर हरिया को देखि तो वह bola,"Memsaheb हमार लौड़ा पर जूस गिर गवा है"
अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि और होंठ खोलकर उसके लुंड को चूमती हुयी जूस को होंठों के नीचे लेकर पि गयी. यह देखकर हरिया अगले पल गिलास उठाया जिसमे थोड़ा सा जूस था और अनीता को bola,"Munh खोलिये मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर हरिया को सवालिया नज़र से देखि तो हरिया bola,"Ka हुआ मेमसाहेब आप हम ग़रीब का जूठा जूस नहीं पीना चाहती क्या?"
अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी से हरिया को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी कैसी बात कर रहे हैं आप. मेरे लिए आप कोई ग़रीब नहीं है, बल्कि आप तो सबसे अमीर है मेरे लिए"
फिर वह उसके लुंड के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Itna बड़ा खज़ाना है आपके पास और आप बोलते हैं आप ग़रीब है"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी मुंह खोल दी. हरिया अपना लुंड उसके मुंह के ऊपर करके अपने लुंड पर जूस गिराने लगा जो उसके लुंड से टपकते हुए अनीता की मुंह में गिरने लगी. ऐसा होते hi अनीता की बदन में मानो आग लगने लगी और उसकी छूट में बेचैनी बढ़ने लगी. उसे एक अजीब सा मज़ा मिलने लगा.
जब उसके मुंह में थोड़ा सा जूस इकठ्ठा हो गया तो हरिया रोक दिया तो अनीता उसे देखती हुयी जूस पी गयी और रणदीपाने वाली अंदाज़ में अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर हरिया को देखि तो हरिया puchha,"Kaisan लगा मेमसाहेब?"
अनीता जवाब में कामुक अंदाज़ से उसके लुंड पर लगे जूस को चूमती हुयी बिना कुछ बोले रणदीपाने वाली अंदाज़ में मुंह खोल दी तो हरिया फिर से अपने लुंड पर जूस गिराने लगा और वह जूस उसके लुंड से होते हुए अनीता की मुंह में जाने लगी और अनीता फिर से वह जूस पी गयी और रणदीपाने वाली अंदाज़ में फिर से होंठों पैट ज़बान फिरा दी.
हरिया अगले पल गिलास लिया और अपने लुंड के नीचे रखकर लुंड पर जूस गिराने लगा और वह जूस गिलास में इकट्ठा होने लगा. अनीता समझ रही थी की क्या होने वाला है. गिलास तीन चौथाई जूस से भर गया तो हरिया जूस का बोतल टेबल पर रखा. अनीता उम्मीद कर रही थी की अब वह उसे पीने के लिए देगा की तभी हरिया अपना लुंड को उस गिलास में डूबा दिया.
अनीता की दिल धड़कने लगी यह देखकर और सोचकर की अब आगे क्या होने वाला है.
हरिया उस में लुंड डूबा कर गिलास अनीता को दिया तो वह उसे पकड़ कर जूस में देखि. उस में जूस के साथ हरिया के लुंड में लगे तेल का अंश भी था और फिर अनीता की नज़र एक चीज़ पर पड़ी तो उसकी दिल जोर से धड़क गई. उसमे दो बाल भी थे. अनीता समझ गयी की वह बाल कहाँ का है. वह उसे देखकर हरिया से boli,"Hariya जी इसमें तो..."
वह पूरा बोलती इससे पहले हरिया bola,"Humaar लौड़ा का बाल है"
अनीता का दिल धड़क गया यह सुनकर. वह आगे कुछ बोलती इससे पहले हरिया bola,"To का हो गया मेमसाहेब. हमार लौड़ा से जुड़ा हर चीज़ तो आपके लिए अमृत है. पी जाइये आपको अच्छा लगेगा"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़क रही थी मगर साथ hi एक अजीब सा मज़ा भी आ रहा था. वह एक पल गिलास में देखि और फिर उसे उठाकर अपनी होंठो से लगा कर एक सांस में पी गयी. जूस पीते हुए उस की दिल तेज़ी से धड़क रही थी और एक अजीब सा मज़ा मिल रहा था.
अनीता हरिया के पेट पर तेल गिरायी वहीँ हरिया अनीता की बाल पकडे अपने टांगों के बीच अपने लुंड के इतने करीब ले आया की फिर से उसका लुंड अनीता की चेहरे पर टिक गया.
अनीता वैसे hi हरिया का लुंड अपनी चेहरे से ठीके रहने दी और हरिया के पेट पर तेल गिराकर उसके पेट से लेकर ऊपरी जांघ तक मालिश करने लगी और साथ hi होंठ को पोत करके कामुक नज़र से हरिया को देखती हुयी उसके लुंड को चूमने लगी.
अनीता को ऐसे अपने लुंड को चूमते देख हरिया का लुंड झटका मारा और हरिया के मुंह से मज़े से "आआह्ह्ह्हह" निकल गया. वह अनीता की बाल छोड़कर सामने टेबल से जूस उठाकर पीने लगा. उसके बाये हाथ में जूस का गिलास था और दया हाथ सोफे के हेडरेस्ट पर फैला दिया जैसे वह कोई मालिक हो और अनीता उसकी रंडी, उसकी रखैल जो उसके लुंड का सेवा कर रही हो.
अनीता को भी यह अच्छा लगा की हरिया आराम से बैठा हुआ जूस पी रहा है और वह उसके लुंड का सेवा कर रही है. उसे हरिया का यह अंदाज़ में मर्दानगी झलक रही थी.
अनीता हरिया के पेट, जांघ के साथ उसके अण्डों और लुंड के जड़ का भी मालिश करने लगी और साथ hi होंठ पोत किये कामुक तरीके से उसके लुंड को चुम रही थी. हरिया का लुंड अकड़ कर झटका मार रहा था अनीता की चेहरे पर और हरिया आराम से बैठा हुआ देख रहा था की कैसे उसका लुंड अनीता के चूमने से अनीता की चेहरे पर झटका मार रहा था. यह दृश्य देख कर उसे मज़ा मिल रहा था की कैसे अनीता जैसी बेहद खूबसूरत औरत जो किसी मॉडल से काम नहीं थी वह एक रंडी की तरह उसके लुंड का सेवा कर रही थी.
लेकिन इसके बावजूद भी हरिया के मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त काम नहीं था. उसके अंदर अनीता की जिस्म के लिए हवस था और होता भी क्यों नहीं. अनीता जैसी जवान और बेहद hi खूबसूरत औरत के लिए उसके जैसे तगड़े लुंड वाला मर्द के अंदर हवस कैसे नहीं होता. उसके जैसे मर्द को अगर अनीता जैसी जवान और खूबसूरत औरत को बिस्तर पर रगड़ने का, उसे छोड़ने का, उसे अपनी रंडी, अपनी रखैल बनाने का मैं नहीं हो तो यह तो प्रकृति के नियम के खिलाफ hi होता की किसी मर्द का, खासकर हरिया जैसे तगड़े लुंड वाले मर्द का अनीता जैसी औरत को देखकर खून क्यों नहीं खौलता है, उसके जिस्म के प्रति आकर्षण क्यों नहीं होता है. तो यह प्रकृति का नियम तो हरिया भी समझता था की एक मर्द होने के नाते उसे अनीता जैसी औरत को छोड़ने का, उसे अपनी रंडी, अपनी रखैल बनाने का मैं करेगा hi, लेकिन इसके बावजूद एक इंसान के तौर पर उसके मैं में अनीता के लिए इज़्ज़त थी की कैसे वह इतनी अमीर और पढ़ी लिखी होने के बावजूद सबसे अच्छे से पेश आती है.
वहीँ अनीता को भी हरिया के लुंड का मालिश करना अच्छा लग रहा था. हरिया जैसा तगड़ा और बड़ा लुंड वह ज़िन्दगी में कभी नहीं देखि थी और अब तो जब से वह इस छोटे शहर में आयी थी हरिया का दुमदार लुंड उसे देखने और छूने का मौक़ा मिल रहा था. हरिया का लुंड देखने के बाद से उसे समझ आ रहा था की असली लुंड कैसा होता है और जिस अंदाज़ से शुरू से उसे हरिया बेझिजक छेड़ते आ रहा था उसे एहसास हुआ की असली मर्द किसे कहते हैं. उसे हरिया का लुंड छूकर, उसका मालिश कर और उसके वजन को अपनी चेहरे पर महसूस करके एहसास हो रहा था की असली लुंड का सेवा करने में सच में कितना अच्छा लगता है. ऊपर से हरिया का कॉन्फिडेंस से भी वह आकर्षित थी. उसे भी ख़ुशी होने लगी थी की इस नए शहर में उसकी मुलाक़ात हरिया जैसे मर्द से हुआ है.
हरिया जूस पीते हुए अनीता को देख रहा था वहीँ अनीता हरिया को देखती हुयी उसके लुंड के आस पास मालिश करती हुयी अपनी होंठों को पोत करके उसके लुंड को चुम रही थी.
अनीता उसके लुंड को चुम hi रही थी की तभी ठन्डे गिलास के साइड से थोड़ा पानी हरिया के लुंड पर गिरा और उसका लुंड अनीता की चेहरे पर झटका मारा तो हरिया मुस्कुराने लगा. जवाब में अनीता भी बेशर्मी से मुस्कुरा दी की तभी हरिया के लुंड पर एक बार फिर एक बंध पानी गिरा और उसका लुंड फिर से अनीता की चेहरे पर झटका मारा तो वह दोनों एक दूसरे को देखते हुए मुस्कुरा रहे थे. अनीता अगले पल हरिया के आँखों में देखती हुयी ऐसा काम की जिसका हरिया भी उम्मीद नहीं कर रहा था. वह अपने होंठों को खोल कर हरिया के लुंड पर जिस जगह पानी गिरा था उस जगह से पानी का जो भी अंश बचा था उसे मुंह में ले ली.
हरिया यह देखकर मुस्कुराया तो अनीता मुस्कुराती हुयी उसके लुंड को एक बार और चूमकर उसके लुंड के आस पास मालिश करती रही तो हरिया bola,"Bahot प्यासी लग रही हैं आप मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर उसके लुंड को एक बार और चूमकर उसके लुंड के आए पास मालिश करती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Hariya जी आप भी टी बहोत प्यासे हैं. और जूस पीजिये न"
हरिया यह सुनकर अपना दया हाथ नीचे लेजाकर अनीता की बायीं चूंकि की ब्लाउज के ऊपर से मुट्ठी में भरकर दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरा प्यास तो इससे बुझेगा, आपकी चूंकि का रास से, आपके दूध से"
अनीता यह सुनकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी इतना तो पिया है आपने थोड़ी देर पहले. इतना पीकर भी प्यास नहीं बुझा क्या आपका?"
हरिया उसकी चूंकि दबाते हुए bola,"Are मेमसाहेब कइसन बात करात हैं आप. आपके जवानी से, आपके चूंकि के रास से, आपके दूध से इतना जल्दी प्यास बुझेगा का हमरा. अरे मेमसाहेब हमरा प्यास तो और बढ़त जाट है आपका ी जवानी, आपकी चूंकि और गांड देखकर"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ से उसका लुंड चूमकर रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी और पीने का मैं है क्या आपको?"
हरिया यह सुनकर उसकी चूंकि दबाते हुए puchha,"Kaa मेमसाहेब? का पीने का बात कर रही हैं आप?"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर boli,"Uhhm हरिया जी आप फिर से आप अनजान बनने लगे. बताइये न हरिया जी पीने का मैं कर रहा है क्या?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर दुबारा puchha,"Are मेमसाहेब बताइयेगा तब तो हम समझूंगा. बोलिये न मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर अपनी आँखों से नीचे अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करके कामुक अंदाज़ में boli,"Inko हरिया जी जिसे आप अपने मज़बूत मरदाना हाथ से मसल रहे हैं"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर bola,"Achha मेमसाहेब तो आप अपनी चूंकि, अपना दूध का थांन का बात कर रहे हैं?"
अनीता यह सुनकर बिना शर्म के हरिया के आँखों में देखती हुयी रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Uhhhm हाँ हरिया जी" फिर वह आँखों से अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करके आगे boli,"Inki hi बात कर रही हूँ"
हरिया यह सुनकर उसकी बायीं चूंकि को बेरहमी से मसल दिया तो अनीता की मुंह से "ाःह" निकल गयी मगर वह आज भी कामुक अंदाज़ में की और फिर अपनी निचली होंठ दांतों के बीच दबा ली.
हरिया उसकी चूंकि को मसलते हुए bola,"Are मेमसाहेब हमरे हाथ में तो आपका एक चूंकि, एक hi दूध का थांन है और आप उनको बोल रही हैं. आपका दूसरा चूंकि, दूसरा दूध का थांन कहाँ है"
अनीता यह सुनकर हरिया को कामुक अंदाज़ से देखती हुयी अपनी दायी चूंकि के तरफ आँखों से इशारा करती हुयी boli,"Idhar है हरिया जी"
हरिया यह सुनकर अनीता को देखते हुए puchha,"kidhar है memsaheb?Hum तो आपकी यह चूंकि महसूस कर सकत हूँ, दूसरा किधर है आप बताइये न"
अनीता यह सुनकर हरिया के बाये हाथ से गिलास लेकर टेबल पर राखी और उसका हाथ पकड़ कर अपनी दायी चूंकि पर रखकर boli,"To महसूस कीजिये न हरिया जी"
हरिया अपना बया हाथ से अनीता की दायी चूंकि को बेरहमी से मसल दिया तो अनीता रणदीपाने वाली अंदाज़ में "आअह्ह्ह" की और कामुक रणदीपाने वाले अंदाज़ से हरिया को देखि. अनीता की चेहरे पर अभी कोई मुस्कराहट नहीं थी, बल्कि कामुक रणदीपाने वाला भाव था.
वह आह करके रणदीपाने वाली अंदाज़ में puchhi,"Ab समझ आ रहा है न हरिया जी की मैं क्या पीने की बात कर रही हूँ. वही जो अब आपके दोनों मज़बूत हाथों में हैं और जिसे आप इतनी बेरहमी से मसल रहे हैं"
हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब आप अपनी ी दोनों दूध का थांन का बात कर रही हैं"
अनीता यह सुनकर boli,"Inhe पीने का मैं है तो पी लीजिये हरिया जी"
हरिया यह सुनकर उसकी दोनों चूँचियों को मसलते हुए bola,"Haan मेमसाहेब ज़रूर पिएंगे. मगर अभी हम भी आपके होंठों पर हमार लौड़ा के लिए प्यास देख रहा हूँ. आप हमार लौड़ा से प्यास बुझा लीजिये ऊके बाद हम आपका दोनों चूंकि को फिर से पियूँगा"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में puchhi,"Meri होंठों पर आप किस चीज़ की प्यास देख रहे हैं हरिया जी?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपने लुंड के तरफ इशारा करके bola,"Ee हमार लौड़ा का मेमसाहेब जिसे आप कितने प्यास से चुम रही हैं"
अनीता यह सुनकर कामुक अंदाज़ में उसका लुंड चूमती हुयी puchhi,"Kidhar है वह?"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराकर अपने लुंड में तनाव लाकर झटका मारकर अनीता की चेहरे को लुंड से थपथपाते हुए bola,"Ee है हमार लौड़ा मेमसाहेब देख लीजिये, ेके लिए hi आपका होंठ प्यासा है"
अनीता यह सुनकर मुस्कुराकर उसके लुंड को देखि और उसे वापस से बाये हाथ से पकड़ कर उसे मालिश करती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Uhhm हरिया जी आप भी तो बहोत प्यासे हैं" और फिर अपनी चूँचियों के तरफ इशारा करके boli,"Mere इन दोनों के लिए"
हरिया यह सुनकर उसकी चूँचियों को देखा तो अनीता रणदीपाने वाली आवाज़ में boli,"Dekhiye कैसे आप देख रहे हैं इन दोनों को" फिर वह दूसरे हाथ से टेबल से गिलास लेकर हरिया के होंठों के तरफ बढाती हुयी boli,"Lekin अभी तो आप चाहते हैं की मैं आपका हथियार का ख्याल रखूं तो तब तक यह जूस से hi प्यास बुझाइये अपना"
हरिया यह सुनकर अपना मुंह खोल दिया तो अनीता उसे जूस पिलाने लगी. क्यूंकि अनीता बैठी हुयी hi उसे जूस पीला रही थी तो गिलास सही से टिल्टेड न होने के कारण साइड से थोड़ा जूस हरिया के छाती पर गिरकर नीचे पेट के तरफ गिरने लगा और दो बूंद जूस का उसके लुंड पर भी गिर गया.
हरिया आखिरकार गिलास से मुंह हटाया तो अनीता उसे टेबल पर रख दी और फिर हरिया को देखि तो वह bola,"Memsaheb हमार लौड़ा पर जूस गिर गवा है"
अनीता यह सुनकर उसके लुंड के तरफ देखि और होंठ खोलकर उसके लुंड को चूमती हुयी जूस को होंठों के नीचे लेकर पि गयी. यह देखकर हरिया अगले पल गिलास उठाया जिसमे थोड़ा सा जूस था और अनीता को bola,"Munh खोलिये मेमसाहेब"
अनीता यह सुनकर हरिया को सवालिया नज़र से देखि तो हरिया bola,"Ka हुआ मेमसाहेब आप हम ग़रीब का जूठा जूस नहीं पीना चाहती क्या?"
अनीता यह सुनकर थोड़ी नाराज़गी से हरिया को देखती हुयी कामुक अंदाज़ में boli,"Offo हरिया जी कैसी बात कर रहे हैं आप. मेरे लिए आप कोई ग़रीब नहीं है, बल्कि आप तो सबसे अमीर है मेरे लिए"
फिर वह उसके लुंड के तरफ इशारा करती हुयी boli,"Itna बड़ा खज़ाना है आपके पास और आप बोलते हैं आप ग़रीब है"
हरिया यह सुनकर मुस्कुराया तो अनीता उसे देखती हुयी अपनी मुंह खोल दी. हरिया अपना लुंड उसके मुंह के ऊपर करके अपने लुंड पर जूस गिराने लगा जो उसके लुंड से टपकते हुए अनीता की मुंह में गिरने लगी. ऐसा होते hi अनीता की बदन में मानो आग लगने लगी और उसकी छूट में बेचैनी बढ़ने लगी. उसे एक अजीब सा मज़ा मिलने लगा.
जब उसके मुंह में थोड़ा सा जूस इकठ्ठा हो गया तो हरिया रोक दिया तो अनीता उसे देखती हुयी जूस पी गयी और रणदीपाने वाली अंदाज़ में अपनी होंठों पर ज़बान फिरकर हरिया को देखि तो हरिया puchha,"Kaisan लगा मेमसाहेब?"
अनीता जवाब में कामुक अंदाज़ से उसके लुंड पर लगे जूस को चूमती हुयी बिना कुछ बोले रणदीपाने वाली अंदाज़ में मुंह खोल दी तो हरिया फिर से अपने लुंड पर जूस गिराने लगा और वह जूस उसके लुंड से होते हुए अनीता की मुंह में जाने लगी और अनीता फिर से वह जूस पी गयी और रणदीपाने वाली अंदाज़ में फिर से होंठों पैट ज़बान फिरा दी.
हरिया अगले पल गिलास लिया और अपने लुंड के नीचे रखकर लुंड पर जूस गिराने लगा और वह जूस गिलास में इकट्ठा होने लगा. अनीता समझ रही थी की क्या होने वाला है. गिलास तीन चौथाई जूस से भर गया तो हरिया जूस का बोतल टेबल पर रखा. अनीता उम्मीद कर रही थी की अब वह उसे पीने के लिए देगा की तभी हरिया अपना लुंड को उस गिलास में डूबा दिया.
अनीता की दिल धड़कने लगी यह देखकर और सोचकर की अब आगे क्या होने वाला है.
हरिया उस में लुंड डूबा कर गिलास अनीता को दिया तो वह उसे पकड़ कर जूस में देखि. उस में जूस के साथ हरिया के लुंड में लगे तेल का अंश भी था और फिर अनीता की नज़र एक चीज़ पर पड़ी तो उसकी दिल जोर से धड़क गई. उसमे दो बाल भी थे. अनीता समझ गयी की वह बाल कहाँ का है. वह उसे देखकर हरिया से boli,"Hariya जी इसमें तो..."
वह पूरा बोलती इससे पहले हरिया bola,"Humaar लौड़ा का बाल है"
अनीता का दिल धड़क गया यह सुनकर. वह आगे कुछ बोलती इससे पहले हरिया bola,"To का हो गया मेमसाहेब. हमार लौड़ा से जुड़ा हर चीज़ तो आपके लिए अमृत है. पी जाइये आपको अच्छा लगेगा"
अनीता की दिल यह सुनकर धड़क रही थी मगर साथ hi एक अजीब सा मज़ा भी आ रहा था. वह एक पल गिलास में देखि और फिर उसे उठाकर अपनी होंठो से लगा कर एक सांस में पी गयी. जूस पीते हुए उस की दिल तेज़ी से धड़क रही थी और एक अजीब सा मज़ा मिल रहा था.