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अब तक आपने पढ़ा की RONIT,ANJALI,MOKALSAR,AKSHAANT और शैला विक्रम के दोनों टेस्ट्स में पास हो जाते हैं....
अब आगे:-
CHAPTER- 2
( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )
मेगा अपडेट- 78
PART-1
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन
गुड इवनिंग आंटी...........
मीनू- गुड इवनिंग बच्चों.....
शाम का वक़्त hai......aur विक्रम की माँ को ये गुड इवनिंग का जेस्चर देने वाले लोग हमारे हीरो के दोस्त रोनित और अंजलि हैं पर उनके साथ साथ अवंतिका भी है....
कल के टेस्ट के बाद जब विक्रम ने सबको ये बताया की उनके अगले एडवेंचर ग्लूटो की शुरुआत होने वाली है तोह सबकी एक्सकिटमेंट का ठिकाना नहीं रहा....
खास करके रोनित और शैला ka....kyunki ग्लूटो में होने वाले एडवेंचर का सबसे ज़्यादा इंतज़ार इन दोनों को hi था.....
अवंतिका ने जब ये कहा की वो भी ग्लूटो जाना चाहती है तोह सब ने इसके लिए हाँ कह दिया बिना ये देखे की अवंतिका की बात सुनकर विक्रम के चेहरे पर हलकी उदासी चा गयी थी...
अब ऐसा kyun???ye तोह आपको अगले अपडेट में hi पता चलेगा....
अपने दोस्तों के अवंतिका को हाँ कहने के बाद विक्रम ने भी कुछ नहीं बोलै...
विक्रम ने शैला मोकलसर और अक्षांत को कुछ बताया जिसके बाद तीनो वर्ल्ड दूर से होते हुए वापस चले गए..
उनके जाने के बाद जब रोनित ने विक्रम से पूछा की वो सब कब ग्लूटो जाएंगे तोह विक्रम ने उन्हें कॉलेज के बाद घर आने को कहा और इसीलिए ये तीनो इस वक़्त विक्रम के घर आये हैं....
V/MOM- अरे bacchon..aao आओ.....
अभी तक मीनू की नज़र अवंतिका पर नहीं पड़ी थी पर जैसे hi रोनित और अंजलि थोड़ा आगे गए तोह उसने अवंतिका को जो दोनों के पीछे thi,usse देख लिया....
V/MOM- अरे beta,aap भी आये हो......
अवंतिका- जी आंटी...
ये कहकर अवंतिका ने विक्रम के माँ के पेअर छू लिए......
V/MOM- जीती रहो beti.....us दिन के बाद से आज देख रही हूँ tujhe....beech बीच में घर आयो कर...
रोनित- ये नहीं आती इसीलिए hi तोह मई बार बार आते रहता हूँ aunty,iske हिस्से के एब्सेंट का कोटा पूरा करने के लिए....
अंजलि- तू तोह रहने hi de.....tera बस चले तोह तू यहीं शिफ्ट हो जाए....
रोनित- बस चले matlab!!!!ye मेरा hi तोह घर hai..wo तोह V.J मेरा दोस्त है इसीलिए उसपे एक एहसान करके मैंने उससे यहाँ रहने की परमिशन दी है....
रोनित की बात सुनकर सब है दिए....
V/MOM- तुम दोनों अभी भी लड़ते ho???mujhe तोह लगा था की कपल बन जाने के बाद तुम दोनों की तू तू मई मई ख़त्म हो गयी होगी पर देख रही हूँ की ऐसा कुछ हुआ नहीं है...
अंजलि- और होगा भी नहीं aunty...couple तोह हम अभी अभी बने hain,par फ्रेंड्स तोह हम बचपन से hain,uska असर इतनी जल्दी थोड़ी ना जायेगा.....
V/MOM- वो भी है....
रोनित- aunty,bhook लगी है....
रोनित की बात सुनकर फिरसे सबको हसीं आ गयी....
अंजलि- तुझे V.J के घर आते hi भूक कैसे लग जाती है???
रोनित- आंटी के हाथों में जादू जो hai....bas उसी जादू के असर में मेरा तुममय hai...jab भी आता hun,bhook लग जाती है...
V/MOM- तुम सब ऊपर विक्की के रूम में jaao,mai मग्गी बना कर लाती हूँ....
अवंतिका- चलिए aunty,mai आपकी हेल्प करती हूँ....
V/MOM- अरे नहीं नहीं beta..maggi बनाना कोई टफ काम थोड़ी न है जसिमे हेल्प की ज़रुरत पड़े...
तुम सब jaao,mai मैगी भिजवाती हूँ...
ये बोलकर मीनू किचन की तरफ चल दी और ये तीनो मेरे रूम की तरफ.....
पर जैसे hi तीनो मेरे रूम में pahunche,AVANTIKA को तोह nahi,par रोनित और अंजलि को झटका लगा....
वो इसीलिए की इस वक़्त मई पीठ के बल लेता सीलिंग की तरफ देख रहा था..
तीनो के अंदर आने के बाद भी मई वैसे hi रहा जिससे देखकर रोनित और अंजलि को झटका लगा...
दोनों hi जानते थे की मुझे पहले से सब पता चल जाता है और अगर मेरे मन में कोई बात भी हो तो भी मई उससे अछि तरह छुपाने में माहिर हूँ पर इस वक़्त ऐसा कुछ नहीं हुआ था...
दोनों जब मेरे थोड़ा पास आये तोह उन्होंने मेरे चेहरे पर छलकते मायूसी को देख लिया था और जिससे देखकर दोनों जान गए थे की कोई बोहोत बड़ी बात है जो मुझे सताए जा रही है....
अंजलि- एहम एहम.......
अंजलि की आवाज़ सुनकर मई जैसे होश में आया और अपने सामने तीनो को देखकर मैंने अपने एक्सप्रेशंस तुरंत चेंज कर लिए पर जिससे जो देखना था वो तोह वो देख hi चूका था...
अंजलि- किन ख्यालों में खोये हुए है जनाब???
मई- तेरे hi ख्यालों me..soch रहा था की तूने तोह इससे हाँ कहकर मेरा दिल तोड़ diya.ab इस टूटे दिल को किस्से जुड़वाओं???
जहाँ मेरी बात सुनकर अवंतिका को हसी आ गयी वहीँ अंजलि और रोनित का चेहरा और गंभीर हो गया...
पर वो अवंतिका के सामने कुछ शो करना नहीं चाहते थे इसीलिए मेरी बात को अंजलि ने आगे बढ़ाया...
अंजलि- अभी भी देरी नहीं हुई hai..tu बोल तोह अभी इससे ब्रेकअप करलूं????
रोनित- हाँ yaar.isse मुझे भी कोई नयी g.f मिल जाएगी....
दोनों की बात सुनकर इस बार अवंतिका के साथ साथ मई भी है दिया..
मई- रहने दे bhai.hum ऐसे hi अच्छे...
रोनित- जैसे तू हाँ बोलता तोह हम अलग हो jaate,kyun???
ये बोलकर रोनित ने अंजलि को साइड से हुग किया....
मई- अब तुम दोनों की झप्पी हो गयी हो तोह कुछ काम की बात कर लें....
रोनित- अरे हाँ yaar,jiske लिए आये थे वहीँ पॉइंट भूल गए थे....
चल भाई बता कब निकलना है????
RONIT,ANJALI और अवंतिका तीनो मेरे आस पास कोचेस में बैठ गए.....
पर मई शांत hi रहा और इससे पहले की उन तीनो में से कोई कुछ kehta,MARTHA आंटी रूम में एंटर हुईं..
उनके हांथों में एक ट्रे थी जिसमे मैगी और कॉफ़ी के 3 जुगस थे...
अंजलि और रोनित मरथा आंटी को देखते hi समझ गए थे की वो आने वाली thi,isililiye मैंने कुछ बोलना शुरू नहीं किया.....
और इस बात से वो ये भी समझ गए की वो बात कितनी सीरियस होगी जिसके बारे में सोचने की वजह से मुझे उनके आने तक का ख्याल नहीं रहा......
मरथा आंटी ने मैगी और कॉफ़ी सर्वे की और चली गयी....
रोनित- हाँ तोह कब निकलना है....
मई- अभी.....
मेरी बात सुनकर तीनो चौंके.....
ANJALI-as इन नाउ!!!! इतनी जल्दी????
मई- ग्लूटो में आज फाइट कम्प्टीशन राखी गयी है जिसमे रोनित और शैला पार्टिसिपेट करेंगे.....
मेरी बात सुनकर रोनित खुश हो गया....
AVANTIKA-kya मई कुछ पूछूं??
MAI-haan पूछो....
वैसे तोह मई जानता था की वो क्या पूछना चाहती है पर अपने इस पूर्वाभास वाले टैलेंट को मई उसके सामने अभी शो नहीं करना चाहता था...
AVANTIKA-ye सब kisliye??i मैं इस कम्पटीशन से साबित क्या hoga???aur क्या ये गलत नहीं है???
मई- कभी कभी सब ठीक करने के लिए खुद भी गलत होना पड़ता है AVNI.....ye सब kyun,ye तुम्हे वहां चलकर पता चल जाएगा.....
मेरी बात का मतलब अवंतिका के समझ में तोह नहीं आया पर फिर भी वो चुप hi रही....
उसकी ये चुप्पी इसलिए नहीं थी क्यूंकि वो जानती थी की इससे ज़्यादा मई उससे कुछ नहीं bataunga,balki इसीलिए थी क्यूंकि वो ये बात जानती थी की मई कुछ भी गलत नहीं करूँगा....
और उसकी इस चुप्पी ने मेरे दिल पर एक एहसासों का समंदर पैदा कर दिया tha.mai उससे सब कुछ बताना चाहता tha,sab कुछ...
वो साड़ी बातें भी जिससे मई खुदसे भी करने से डरता tha...jo होने वाला tha,jis बात की मुझे टेंशन हो रही thi,sab उसकी चुप्पी की वजह से कुछ पलों के लिए गायब hi हो गया और रह गया तोह बस एक ुंकाः एहसास...
जिससे मेरे दिल में एक मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था और और उसी दर्द से मेरा दिमाग हल्का भी हो रहा था...
पर फ़िलहाल इनमे से कोई भी चीज़ हो तोह सकती नहीं थी इसीलिए मैंने अपने आप को शांत कर लिया...
अंजलि- तोह अब!!!
फिर मैंने उन्हें बताया की हमे अब क्या करना है...
मई- चलें फिर....
मई अपनी बात ख़त्म कर उठ खड़ा hua...par अंजलि और रोनित अभी भी बैठे हुए hi थे और एक दूसरे को देख रहे थे..
मई जानता था की वो दोनों मुझसे क्या पूछना चाहते हैं और इससे पहले की मई कुछ कहता......
अवंतिका- guyss.dad का मिस कॉल hai.mai उनसे बात कर लेती hun...ye बोलकर अवंतिका रूम से बहार चली गयी पर ऐसा करके वो फिर बिना कुछ कहे मेरे दिल में हलचल पैदा कर गयी....
वो इसीलिए क्यूंकि उसके डैड का कोई मिस कॉल नहीं आया tha..ye सब उसने बस इसीलिए किया था क्यूंकि वो समझ गयी थी की मेरे दोनों दोस्तों को अकेले में मुझसे कुछ बात करनी है....
रोनित- तुझे तोह पता hi है की हम क्या पूछना चाहते हैं???
इस वक़्त उन दोनों के दिल में मेरी बेचैनी के राज़ को जानने की जो तेज़ इच्छा thi,mai जानता था की बिना सच जाने वो मानेंगे नहीं और अगर फिर भी मैंने उन्हें ताला तोह इसका असर इस ग्लूटो के सफर पर ज़रूर दिखेगा...
मई- तुम सुन नहीं पाओगे....
अंजलि- माना की तेरे जितने ताकतवर नहीं hai,par इतने कमज़ोर भी नहीं है की अपने दोस्त की तकलीफ ना बाँट सकें....
मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और उन्हें अपनी बेचैनी की वजह बतायी जिससे सुनकर दोनों के आँखों में आंसू आ गए...
दोनों मुझसे पूछना चाहते थे की मई कुछ कर क्यों नहीं रहा हूँ पर मुझसे पूछने से पहले hi दोनों के दिल ने उन्हें जवाब दे दिया की मई ऐसा नहीं कर सकता था....
दोनों एक साथ मेरे गले लग गए...
रोनित- हमारी एक बात मानेगा....
मई- ठीक है...
उसके सवाल पूछने से पहले hi मैंने उससे जवाब दे दिया था...
मई- चलो ab...time हो गया है.....
ये बोलकर मई रूम खोलकर बाहर निकल गया और मेरे पीछे पीछे मेरे दोनों दोस्त उदास से चेहरे लिए बहार निकल गए...
वहीँ बाहर:-
क्या सोच रही हो अवनि........?????
अवंतिका पीछे पलटी तोह देखा की मेरी माँ कड़ी है....
अवंतिका- कुछ नहीं aunty,bas ऐसे hi.....
इस वक़्त अवंतिका उसी फाउंटेन के सामने खड़े होकर उससे निहार रही थी जिससे मेरे डैड ने अपने हाथों से माँ के लिए बनाया था...
V/MOM- तुम मुझे बता सकती हो....
अवंतिका- जब भी इससे देखती हूँ तोह ऐसा लगता है जैसे पुरे जहाँ का प्यार पानी बनकर इससे निकल रहा है.....
aunty,u हैवे ा वैरी लोविंग हस्बैंड...& ी मस्ट say,u अरे वैरी लकी....
अवंतिका की बात सुनकर मेरी माँ मुस्कुरा दी....
अवंतिका- aunty,naanaji,naaniji आज घर पर नहीं हैं क्या???
V/MOM- नहीं वो मेरे भाई ने नया होटल खोला है दिल्ली me,sab उसीके इनॉगरेशन में गए हैं...
अवंतिका- आप नहीं गयीं???
V/MOM- फिर विक्की का ख्याल कौन rakhta...usne जाने से मन किया तोह मुझे भी रुकना पड़ा...
अवंतिका- आप V.J से बोहोत ज़्यादा प्यार करती हैं ना???
अवंतिका की बात सुनकर मेरी माँ के चेहरे पर फिरसे मुस्कान नाचा गयी...
V/MOM- दिल से पूछ रही हो की उससे धड़कना आता है या नहीं....!!!!
मेरी माँ की बात सुनकर अवंतिका के सामने मेरा चेहरा नाच गया....
अवंतिका- वाओ aunty,what ा डीप thought..ab मई समझी की V.J इतनी गहरी बातें कैसे कर लेता है....
मई- AVNI,chalo चलें....
अभी दोनों में से कोई कुछ कहता उससे पहले hi मई और मेरे साथ अंजलि और रोनित आ गए....
अवंतिका- मई तोह तुम तीनो का hi वेट कर रही थी...
V/MOM- कहा की तयारी है???
मई- बस यहीं mom,ghum कर आते हैं....
V/MOM- ok beta...aaram से जाना.....
मैंने माँ के फ़ोरेहेअद पे किश किया और बहार निकल गया....
मेरे पीछे पीछे मेरे तीनो दोस्त भी आ गए....
तीनो अवंतिका की कार से hi आये थे...
हम सब उसी में बैठ कर निकल गए...
मैंने एक सुनसान जगह पर कार rukwai...hum सब बाहर आये और अगले hi पल हम सब के सामने एक वर्ल्ड दूर खुल गया था...
अब अवंतिका के लिए भी ये सब नार्मल हो गया tha..hum सब एक एक करके उस वर्ल्ड दूर से होते हुए दूसरी तरफ पहुँच गए जहाँ आलरेडी शैला मोकलसर और अक्षांत खड़े हुए थे...
ट्रेनिंग के बाद मैंने तीनो को यहीं पर वेट करने के लिए कहा था...
RONIT,ANJALI और अवंतिका उन तीनो से mile...AVANTIKA ने इधर उधर देखा तोह शॉकेड रह gayi.....kyunki मई उन सब के बीच से गायब था....
अवंतिका- ये V.J कहाँ गया...???
रोनित- वो कहीं और गया hai..tention न lo,sahin टाइम में आ जाएगा....
ये कहकर रोनित ने वर्ल्ड दूर बंद कर दिया...
वर्ल्ड दूर को बंद करने के बाद सभी एक तरफ निकल गए....
वहीँ हमारे वर्ल्ड दूर में घुसते hi अवंतिका की कार के अंदर 4 लोग प्रकट हुए..
ये चारों और कोई नहीं हमारे hi क्लोन्स the.....STAIRING व्हील पर मेरा क्लोन tha....usne गाडी घुमड़ि और सब निकल गए.....
प्लेनेट- ग्लूटो
प्लेस- बैटल फील्ड
waah...jitna मैंने सोचा tha,yahan का माहौल तोह उससे भी ाचा है......
haan,socha तोह मैंने भी नहीं था....
युद्ध स्पर्धा..... इसी नाम के बड़े बड़े बैनर हर तरफ लहरा रहे थे....
वो मैदान जिसमे ये कम्पटीशन होने वाला tha,wo दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था.....
लार्ड CRUSEDAR,KING सोलोमन और उनकी पूरी फॅमिली इस वक़्त शाही आयोजित खेमो में बैठे हुए थे....
मैडोक्स और भुविका दोनों hi इस वक़्त प्रतियोगिओं के नामांतरण वाली जगह पर खड़े थे......
मैडोक्स- अब ये देखना है की जिन योद्धाओं के लिए इतनी तैयारियां हुई hain,unme कितना दम है....
निष्कलिका- कुछ देर rooko,sab पता चल jaayega......yudh के बारे में भी और हमारे कुशल योद्धाओं के बारे में भी....
मैडोक्स और भुविका ने पलट कर देखा..
उनकी तरफ चलते हुए निष्कलिका आ रही thi...usse आता देख वहां खड़े सभी लोगों के सर झुक गए थे....
NISHKALIKA-is बार कितने योद्धाओं ने भाग लिया है????
मैडोक्स- 98.......
निष्कलिका- बोहोत ache..pichle साल के मुकलबले लगभग दो गुना.....
मैडोक्स- पिछले साल कितने प्रतियोगी थे????
निष्कलिका- 50.....और इस बार 98......तोह हुआ न लगभग दो गुना....
98 नहीं 100......
अभी मैडोक्स कुछ कहता की इतने में ये आवाज़ सामने से आयी और जब मैडोक्स और निष्कलिका ने सामने देखा तोह उन्हें एक झटका लगा.....
डॉन0- तुम....!!!!!!!!
निष्कलिका और मैडोक्स दोनों के मुँह से ये एक साथ निकला......
दोनों शॉक में इसलिए खड़े थे क्यूंकि उनके सामने और कोई नहीं रोनित और अंजलि खड़े थे.......
निष्कलिका- gudiya,tum जाकर अपने स्थान पर बैठो.....
भुविका बिना कुछ कहे वहां से चली गयी.....
निष्कलिका- मानना padega......bohot साहस है तुझमे....
शैला- अभी सहस देखा कहाँ है tune.....par फ़िक्र मत kar,aaj का दिन ख़त्म होने से पहले तू सब देख लेगी......
मैडोक्स- तू अभी तक ज़िंदा hai..mujhe लगा था की पिछली बार जो मैंने तेरा हाल किया tha,tu उसी हालत में निपट गया होगा..
रोनित- काम हूँ जो निपट jaaunga....par तू भी फ़िक्र मत kar,aaj का दिन ख़त्म होने से पहले तेरा काम ज़रूर निपटा दूंगा....
रोनित की बात सुनकर मैडोक्स ग़ुस्से से आगे बढ़ा hi था की निष्कलिका ने उससे रोक दिया....
निष्कलिका- अभी नहीं MADDOX....ye यहाँ प्रतियोगी बांके आये hain.aur हम प्रतियोगियों पर वार नहीं करते...
इन्हे इस युद्ध प्रतियोगिता में भाग लेने do...inka काम तोह हमारे योद्धा hi तमाम कर देंगे....
शैला- अरे हाँ याद aaya,mujhe भी और किसीसे नहीं बस तुम्हारे गृह के योद्धाओं से लड़ना है...
रोनित- मुझे bhi.......waise कितने नमूने पार्टिसिपेट ी मैं भाग ले रहे हैं तुम्हारे गृह से इस प्रतियोगिता में....
मैडोक्स- 22.......
शैला- तोह ठीक है fir..hum तुम्हारे 22 योद्धाओं से एक साथ लड़ेंगे.....
शैला ने अपनी बात कहकर एक बार रोनित की तरफ देखा क्यूंकि उसने रोनित के बेहल्फ़ में भी खुद hi फैसला ले लिया था...
रोनित- दोने fir..jaisa शैला ने bola,thik वैसा hi hoga.....bhejo अपने 22 छू *** ी मैं योद्धाओं को मैदान में एक साथ.....
रोनित और शैला दोनों की बात सुनकर मैडोक्स और निष्कलिका है दिए...
निष्कलिका- अत्ति आत्मविश्वास भी ठीक नहीं hota..khair,ab तुमने फैसला कर hi लिया है तोह फिर हम क्या कर सकते hain..par एक काम करते हैं...
तुम दोनों एक साथ पहले हमारे 20 योद्धाओं से lado..agar तुम उनसे पार पाए तोह फिर तुम हमारे आखरी 2 योद्धाओं से लड़ lena...thik है....
SHAILA/RONIT- ठीक है......
मैडोक्स- जाओ fir...apni आखरी तैयारीजन कर lo..jab सही वक़्त आएगा तोह तुम्हे बता दिया जाएगा....
रोनित और शैला वहां से अपने योद्धाओं के खेमे की तरफ चले गए जहाँ उनके बाकी के दोस्त पहले से मौजूद थे....
प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ थे केव...
सम्पूर्ण माया भंगम.......
कम्पलीट मैजिक ब्रेक......
बूम..............
काल रक्षा प्रतिभाव.....
डेविल सवियर देतच......
बूम.............
सम्पूर्ण खाजायंधुतेः......
कम्पलीट रेसिस्ट ब्रेकर......
बूम.......
स्वः शक्तियम प्रतिघात.....
सेल्फ पावर अटैक........
बूम बूम बूम........
और इसके बाद भी मैंने नाजाने कितने hi मंत्र बोले पर सत सकिलिअ के द्वारा बनाये गए शील्ड के ऊपर जो शील्ड ास्मोडियस ने लगायी thi,uspe मेरे किसी भी स्पेल से कोई फर्क नहीं पड़ा......
स्पेल्स बोलने से पहले मैंने एक कवच मेरे चारो तरफ लगा दिया था ताकि मेरे स्पेल्स से निकली ऊर्जा से किसी को भी नुक्सान न हो....
वर्ण जितने घातक स्पेल्स मैंने बोले the,uske प्रभाव से तोह पूरा ग्लूटो गृह hi ख़त्म हो जाता...
पर मेरे बनाये शील्ड की वजह से ऐसा हुआ नहीं और नाही कोई आवाज़ बाहर जा रही थी....
पर मेरे हर स्पेल के बाद जो धमाके हो रहे the,unki ऊर्जा वहीँ उस शील्ड के अंदर hi एक जगह पर इकठ्ठा हो रही थी......
पर मुझे इसकी परवाह नहीं thi.....abhi मई एक और स्पेल बोलने hi जा रहा था की.........
शांत हो जाईये लार्ड ऑफ़ ANGELS,WARNA आपके HI स्पेल्स से जो ऊर्जा इकठ्ठा हो रही HAI,WO आपके शैलद को तोड़ते हुए पुरे गृह को बर्बाद कर देगी....
में पलट कर dekha.mujhse थोड़ी hi दूर मेरे शील्ड के दायरे के जस्ट बाहर हवा में सत सेबेस्टियन हाथ जोड़े खड़े थे....
मैंने अपने हाथ आगे kiye,agle hi पल मेरे द्वारा फैली हुई शील्ड हैट गयी.....
वहीँ उनकी कही बात को सुनते hi मैंने अपने सामने देखा जहाँ मेरे स्पेल्स से इक्कठा हुई ऊर्जा चमक रही थी...
अगर मैंने और एक दो स्पेल्स बोल दिए होते तोह वो ऊर्जा अपने आप को संभल नहीं पाती और फैट जाती जिससे इस गृह का समूह नाश हो जाता.....
सत सेबेस्टियन- और कोई उपाय नहीं है LORD.....aapko ये करना hi होगा...
मैंने सत सेबेस्टियन को घूर कर dekha...unhone तुरंत अपना सर झुका लिया....
मई अपनी आखें बंद कुछ सोच hi रहा था की.......
BETA.....JAB मुझे कोई आपत्ति नहीं है तोह तुम क्यों इतने परेशां हो रहे हो.
इस आवाज़ को सुनते hi मैंने झट से अपनी आखें खोल di..mere सामने सत सेबेस्टियन के साथ कोई tha.......koi ऐसा जिसको बचने के लिए hi मई ये सारे स्पेल्स बोल रहा था.....
अननोन- नियति से कोई नहीं भाग सकता beta...aur यकीं maano,tumhare काम आकर मई न सिर्फ मेरा फ़र्ज़ पूरा होगा बल्कि मेरे दिल को ठंडक भी मिलेगी.....
उनकी बातों से मेरे अंदर कुछ टूटता हुआ सा महसूस हुआ क्यूंकि मई जान गया था की मई जिस चीज़ को होने देने से दर रहा tha,rok रहा tha,wo हो कर hi रहेगा..
मई- मई कैसे आपको ख़ुदकुशी करने के लिए हाँ कहदूँ....
मैंने आपको अपनी छोटी माँ का दर्जा दिया है भागवती माँ.....
जी हाँ doston,ye जो शक्श हमारे हीरो के सामने कड़ी thi,ye और कोई नहीं भागवती माँ thi...pujariji की बीवी..
वहीँ पुजारीजी जिन्होंने मेरा रास्ता आसान बनाने के liye,DHAWALI झील को काली शक्तियों से दूर रखने के लिए अपना बलिदान दिया था....
और आज इतिहास अपने आप को एक बार फिरसे दोहराने वाला tha...aaj पुजारीजी की hi तरह मेरा रास्ता आसान करने के लिए उनकी biwi,BHAAGWATI माँ अपना बलिदान देने वाली थी....
doston,yahi था वो सपने का भाग जिससे देखने के बाद मई काफी तेनसेद हो गया था और मेरे मूड को ठीक करने के लिए मेरे डैड को मुझे समझाना पड़ा था....
अब आप सब सोच रहे होंगे की भागवती माँ को बलिदान क्यों देना पद रहा है???
क्यूंकि जैसा की मैंने फर्स्ट chapter में बताया था की पुजारीजी और उनके वंशज का जन्म hi इसीलिए हुआ है की वो अपना बलिदान देकर स्पीयर और उसकी ताकत को उसके मालिक के पास पहुंचा सकें....
काली शक्तियों को अपने मन्त्रों से बाँध कर स्पीयर को मुझतक पहुँचाने के लिए एक बलिदान पुजारीजी ने दिया था.
और आज भी मई जिस ताकत को पाने के लिए यहाँ आया हुआ hun,wo भी स्पीयर की hi ताकत है और उसके आगे भी स्पीयर की hi तरह डार्क मैजिक किया हुआ है जिससे सिर्फ पुजारीजी का जीवन साथी hi काट सकता है....
और इसीलिए इस शील्ड को और कोई नहीं भागवती माँ hi तोड़ सकती हैं.....
भागवती माँ- आपने मुझे माँ का दर्जा diya,mere लिए इससे बड़ी बात और कुछ नहीं हो sakti.....par कृपया मुझे मेरे कर्त्तव्य को पूरा करने से ना रोकें..
मेरी शादी के दिन से hi मई इस कर्त्तव्य से बांध चुकी हूँ.......
यहाँ मई समझ गया था की इस वक़्त को और इसमें होने वाले क्रिया को ताला नहीं जा सकता
और अगले hi पल...................
मेरे ठीक दाएं बाएं दो लोग प्रकट हुए जिनके हाथ भागवती माँ के सामने जुड़े हुए थे...
ये दो और कोई नहीं मेरे दोनों दोस्त रोनित और अंजलि थे....
घर पर रोनित ने हमारी एक बात MAANEGA,ye इसीलिए hi कहा था....
रोनित और अंजलि मेरे साथ साथ भागवती माँ को उनके बलिदान के लिए एक बार नमन करना चाहते थे...
हम तीनो ने hi उनके आगे एक बार झुककर अपना माथा तक दिया.....
भागवती माँ ने एक बार मुस्कुराकर हमारी तरफ देखा और मुझसे अपने आखरी शब्द कहे....
भागवती- मेरे बाद मेरी ाशी का ख्याल रखना.....
ये कहकर वो तुरंत पलटी और आगे बढ़ गयी......
और जैसे hi उनका शरीर उस अदृश्य शील्ड से टकराया...................
बूम.............
और सब कुछ ख़त्म हो गया.......
उस अदृश्य शैलद से टकराते hi भागवती माँ का शरीर काटते चला गया...
उनके खून के चीतों को ज़मीं भी नसीब नहीं हो पायीं.......
उनके शरीर का सारा खून उस शील्ड पर पड़ा और उससे सोखने लगा जिससे वो शील्ड एक धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया....
जहाँ मेरे दोनों दोस्तों के आँखों में आंसूं थे वहीँ मेरी आँखें पत्र गयी थी....
कोई भाव नहीं था unme.....sunya को घूरते हुए मुझे अपनी पूरी ज़िन्दगी अर्थहीन लग रही थी...
कुछ देर तक मई इसी हालत में रहा और फिर खड़ा हो गया.....
मेरे साथ साथ मेरे दोनों दोस्त भी खड़े हो गए और इससे पहले की वो कुछ kehte,wo गायब हो चुके थे..
या यूँ कहूं की मैंने उन्हें वापस भेज दिया tha..kyunki इस वक़्त मई किसीसे भी बात नहीं करना चाहता था.....
वहीँ मेरे दोस्तों के गायब होते hi सत सेबेस्टियन भी गायब हो गए...
अभी सिर्फ ास्मोडियस द्वारा बिछाई गयी शील्ड ख़त्म हुई थी, सत सकिलिअ द्वारा बिछाई गयी GOD'S बैरियर शील्ड अब भी वहां मौजूद थी....
पर उससे हटाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी क्युकी वो बैरियर सिर्फ मुझसे hi खुल सकती थी..
मैंने एक बार सामने उस अदृश्य बैरियर की तरफ घर कर देखा और अगले hi पल वो बैरियर गायब हो गयी...
मुझे तुरंत अंदर चले जाना चाहिए था पर मई कुछ देर तक रूका रहा...
मई चाहता था की किसी भी तरह एक बार ास्मोडियस मेरे सामने आ जाए पर मई ये भी जानता था की ये होगा नहीं...
ास्मोडियस के शील्ड भले hi तोड़ दी गयी थी पर आज एक बार फिरसे ास्मोडियस मुझसे हार कर भी जीत गया था...
वो मुझे अंदर से एक और बार तोड़ने में कामियाब हुआ tha...aaj मुझे अपने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स होने की ख़ुशी नहीं गम हो रहा था...
पर इन सब के बीच एक और बात हुई thi..jaise hi दोनों शेड्स hatin,mere अंदर मौजूद स्पीयर ने मुझे अंदर से धक्का देना शुरू कर दिया tha.....uski बाकी की शक्ति जो अंदर थी.....
मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और गुफा के अंदर जाने के लिए अपने कदम बढ़ा लिए...
वहीँ दूसरी तरफ:-
अरे यार ये रोनित कहाँ gaya????humara बुलावा कभी भी आ सकता है...
मोकलसर- अभी थोड़ी देर पहले तोह यहीं tha...waise अंजलि भी नहीं दिख रही hai....lagta है दोनों कहीं घूम रहे honge.....dekh कर आता हूँ......
रोनित- उसकी ज़रुरत नहीं hai..hum आ गए...
रोनित और अंजलि दोनों के आँखें अब भी लाल the,par वो अपने आप को कण्ट्रोल में किये हुए थे.......
शैला- ये लो RONIT,taiyar हो jaao.....aaj हमे निष्कलिका के सारे घमंड को तोडना है और उससे ऐसी मौत देनी है की उसकी रूह तक तड़प जाए....
शैला ने रोनित को फाइट गार्ड्स देते हुए कहा...
रोनित और अंजलि तोह अपने hi गम में डूबे हुए थे इसीलिए उन्होंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया पर ये साड़ी बातें बोलते वक़्त शैला की आँखों में जो नफरत पनप रही thi,usse अवंतिका ने देख लिया था....
रोनित और अंजलि ने अवंतिका को बता दिया था की शैला को निष्कलिका ने युद्ध में हारने के बाद काफी ज़लील किया था इसीलिए शैला उससे अपने अपमान का बदला लेना चाहती है पर इस वक़्त जो भाव शैला के आँखों में the,usse देखकर अवंतिका ये समझ गयी थी की असल बात कुछ और है...
अवंतिका- एक बात पूछूं शैला????
शैला- hmm.pucho???
अवंतिका- इतनी नफरत सिर्फ एक हार या अपमान की वजह से तोह हो नहीं sakti....baat कुछ और hai,haina????!!!!
जहाँ अवंतिका की बात सुनकर रोनित और अंजलि एक झटके में अपनी सोच से बाहर आये वही शैला के आँखों में आंसू आ गए जिससे देखकर अवंतिका झट से उसके पास गयी और उससे गले से लगा लिया...
अवंतिका- अगर मैंने कुछ गलत कह दिया है तोह प्लीज मुझे माफ़ कर do......aur अगर बात इतनी hi गहरी है तोह मुझे नहीं जानना....
शैला कुछ देर तक आँखों में आंसू भरे कड़ी रही फिर उसने एक बार अक्षांत की तरफ देखा जिसने उससे आँखों से hi सच बताने का इशारा किया.....
शैला- निष्कलिका ने मेरे माँ और पिताजी की हत्या की है......
आज के लिए इतना HI......
आपका अपना V....J......
अब आगे:-
CHAPTER- 2
( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )
मेगा अपडेट- 78
PART-1
प्लेनेट- एअर्थ
प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन
गुड इवनिंग आंटी...........
मीनू- गुड इवनिंग बच्चों.....
शाम का वक़्त hai......aur विक्रम की माँ को ये गुड इवनिंग का जेस्चर देने वाले लोग हमारे हीरो के दोस्त रोनित और अंजलि हैं पर उनके साथ साथ अवंतिका भी है....
कल के टेस्ट के बाद जब विक्रम ने सबको ये बताया की उनके अगले एडवेंचर ग्लूटो की शुरुआत होने वाली है तोह सबकी एक्सकिटमेंट का ठिकाना नहीं रहा....
खास करके रोनित और शैला ka....kyunki ग्लूटो में होने वाले एडवेंचर का सबसे ज़्यादा इंतज़ार इन दोनों को hi था.....
अवंतिका ने जब ये कहा की वो भी ग्लूटो जाना चाहती है तोह सब ने इसके लिए हाँ कह दिया बिना ये देखे की अवंतिका की बात सुनकर विक्रम के चेहरे पर हलकी उदासी चा गयी थी...
अब ऐसा kyun???ye तोह आपको अगले अपडेट में hi पता चलेगा....
अपने दोस्तों के अवंतिका को हाँ कहने के बाद विक्रम ने भी कुछ नहीं बोलै...
विक्रम ने शैला मोकलसर और अक्षांत को कुछ बताया जिसके बाद तीनो वर्ल्ड दूर से होते हुए वापस चले गए..
उनके जाने के बाद जब रोनित ने विक्रम से पूछा की वो सब कब ग्लूटो जाएंगे तोह विक्रम ने उन्हें कॉलेज के बाद घर आने को कहा और इसीलिए ये तीनो इस वक़्त विक्रम के घर आये हैं....
V/MOM- अरे bacchon..aao आओ.....
अभी तक मीनू की नज़र अवंतिका पर नहीं पड़ी थी पर जैसे hi रोनित और अंजलि थोड़ा आगे गए तोह उसने अवंतिका को जो दोनों के पीछे thi,usse देख लिया....
V/MOM- अरे beta,aap भी आये हो......
अवंतिका- जी आंटी...
ये कहकर अवंतिका ने विक्रम के माँ के पेअर छू लिए......
V/MOM- जीती रहो beti.....us दिन के बाद से आज देख रही हूँ tujhe....beech बीच में घर आयो कर...
रोनित- ये नहीं आती इसीलिए hi तोह मई बार बार आते रहता हूँ aunty,iske हिस्से के एब्सेंट का कोटा पूरा करने के लिए....
अंजलि- तू तोह रहने hi de.....tera बस चले तोह तू यहीं शिफ्ट हो जाए....
रोनित- बस चले matlab!!!!ye मेरा hi तोह घर hai..wo तोह V.J मेरा दोस्त है इसीलिए उसपे एक एहसान करके मैंने उससे यहाँ रहने की परमिशन दी है....
रोनित की बात सुनकर सब है दिए....
V/MOM- तुम दोनों अभी भी लड़ते ho???mujhe तोह लगा था की कपल बन जाने के बाद तुम दोनों की तू तू मई मई ख़त्म हो गयी होगी पर देख रही हूँ की ऐसा कुछ हुआ नहीं है...
अंजलि- और होगा भी नहीं aunty...couple तोह हम अभी अभी बने hain,par फ्रेंड्स तोह हम बचपन से hain,uska असर इतनी जल्दी थोड़ी ना जायेगा.....
V/MOM- वो भी है....
रोनित- aunty,bhook लगी है....
रोनित की बात सुनकर फिरसे सबको हसीं आ गयी....
अंजलि- तुझे V.J के घर आते hi भूक कैसे लग जाती है???
रोनित- आंटी के हाथों में जादू जो hai....bas उसी जादू के असर में मेरा तुममय hai...jab भी आता hun,bhook लग जाती है...
V/MOM- तुम सब ऊपर विक्की के रूम में jaao,mai मग्गी बना कर लाती हूँ....
अवंतिका- चलिए aunty,mai आपकी हेल्प करती हूँ....
V/MOM- अरे नहीं नहीं beta..maggi बनाना कोई टफ काम थोड़ी न है जसिमे हेल्प की ज़रुरत पड़े...
तुम सब jaao,mai मैगी भिजवाती हूँ...
ये बोलकर मीनू किचन की तरफ चल दी और ये तीनो मेरे रूम की तरफ.....
पर जैसे hi तीनो मेरे रूम में pahunche,AVANTIKA को तोह nahi,par रोनित और अंजलि को झटका लगा....
वो इसीलिए की इस वक़्त मई पीठ के बल लेता सीलिंग की तरफ देख रहा था..
तीनो के अंदर आने के बाद भी मई वैसे hi रहा जिससे देखकर रोनित और अंजलि को झटका लगा...
दोनों hi जानते थे की मुझे पहले से सब पता चल जाता है और अगर मेरे मन में कोई बात भी हो तो भी मई उससे अछि तरह छुपाने में माहिर हूँ पर इस वक़्त ऐसा कुछ नहीं हुआ था...
दोनों जब मेरे थोड़ा पास आये तोह उन्होंने मेरे चेहरे पर छलकते मायूसी को देख लिया था और जिससे देखकर दोनों जान गए थे की कोई बोहोत बड़ी बात है जो मुझे सताए जा रही है....
अंजलि- एहम एहम.......
अंजलि की आवाज़ सुनकर मई जैसे होश में आया और अपने सामने तीनो को देखकर मैंने अपने एक्सप्रेशंस तुरंत चेंज कर लिए पर जिससे जो देखना था वो तोह वो देख hi चूका था...
अंजलि- किन ख्यालों में खोये हुए है जनाब???
मई- तेरे hi ख्यालों me..soch रहा था की तूने तोह इससे हाँ कहकर मेरा दिल तोड़ diya.ab इस टूटे दिल को किस्से जुड़वाओं???
जहाँ मेरी बात सुनकर अवंतिका को हसी आ गयी वहीँ अंजलि और रोनित का चेहरा और गंभीर हो गया...
पर वो अवंतिका के सामने कुछ शो करना नहीं चाहते थे इसीलिए मेरी बात को अंजलि ने आगे बढ़ाया...
अंजलि- अभी भी देरी नहीं हुई hai..tu बोल तोह अभी इससे ब्रेकअप करलूं????
रोनित- हाँ yaar.isse मुझे भी कोई नयी g.f मिल जाएगी....
दोनों की बात सुनकर इस बार अवंतिका के साथ साथ मई भी है दिया..
मई- रहने दे bhai.hum ऐसे hi अच्छे...
रोनित- जैसे तू हाँ बोलता तोह हम अलग हो jaate,kyun???
ये बोलकर रोनित ने अंजलि को साइड से हुग किया....
मई- अब तुम दोनों की झप्पी हो गयी हो तोह कुछ काम की बात कर लें....
रोनित- अरे हाँ yaar,jiske लिए आये थे वहीँ पॉइंट भूल गए थे....
चल भाई बता कब निकलना है????
RONIT,ANJALI और अवंतिका तीनो मेरे आस पास कोचेस में बैठ गए.....
पर मई शांत hi रहा और इससे पहले की उन तीनो में से कोई कुछ kehta,MARTHA आंटी रूम में एंटर हुईं..
उनके हांथों में एक ट्रे थी जिसमे मैगी और कॉफ़ी के 3 जुगस थे...
अंजलि और रोनित मरथा आंटी को देखते hi समझ गए थे की वो आने वाली thi,isililiye मैंने कुछ बोलना शुरू नहीं किया.....
और इस बात से वो ये भी समझ गए की वो बात कितनी सीरियस होगी जिसके बारे में सोचने की वजह से मुझे उनके आने तक का ख्याल नहीं रहा......
मरथा आंटी ने मैगी और कॉफ़ी सर्वे की और चली गयी....
रोनित- हाँ तोह कब निकलना है....
मई- अभी.....
मेरी बात सुनकर तीनो चौंके.....
ANJALI-as इन नाउ!!!! इतनी जल्दी????
मई- ग्लूटो में आज फाइट कम्प्टीशन राखी गयी है जिसमे रोनित और शैला पार्टिसिपेट करेंगे.....
मेरी बात सुनकर रोनित खुश हो गया....
AVANTIKA-kya मई कुछ पूछूं??
MAI-haan पूछो....
वैसे तोह मई जानता था की वो क्या पूछना चाहती है पर अपने इस पूर्वाभास वाले टैलेंट को मई उसके सामने अभी शो नहीं करना चाहता था...
AVANTIKA-ye सब kisliye??i मैं इस कम्पटीशन से साबित क्या hoga???aur क्या ये गलत नहीं है???
मई- कभी कभी सब ठीक करने के लिए खुद भी गलत होना पड़ता है AVNI.....ye सब kyun,ye तुम्हे वहां चलकर पता चल जाएगा.....
मेरी बात का मतलब अवंतिका के समझ में तोह नहीं आया पर फिर भी वो चुप hi रही....
उसकी ये चुप्पी इसलिए नहीं थी क्यूंकि वो जानती थी की इससे ज़्यादा मई उससे कुछ नहीं bataunga,balki इसीलिए थी क्यूंकि वो ये बात जानती थी की मई कुछ भी गलत नहीं करूँगा....
और उसकी इस चुप्पी ने मेरे दिल पर एक एहसासों का समंदर पैदा कर दिया tha.mai उससे सब कुछ बताना चाहता tha,sab कुछ...
वो साड़ी बातें भी जिससे मई खुदसे भी करने से डरता tha...jo होने वाला tha,jis बात की मुझे टेंशन हो रही thi,sab उसकी चुप्पी की वजह से कुछ पलों के लिए गायब hi हो गया और रह गया तोह बस एक ुंकाः एहसास...
जिससे मेरे दिल में एक मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था और और उसी दर्द से मेरा दिमाग हल्का भी हो रहा था...
पर फ़िलहाल इनमे से कोई भी चीज़ हो तोह सकती नहीं थी इसीलिए मैंने अपने आप को शांत कर लिया...
अंजलि- तोह अब!!!
फिर मैंने उन्हें बताया की हमे अब क्या करना है...
मई- चलें फिर....
मई अपनी बात ख़त्म कर उठ खड़ा hua...par अंजलि और रोनित अभी भी बैठे हुए hi थे और एक दूसरे को देख रहे थे..
मई जानता था की वो दोनों मुझसे क्या पूछना चाहते हैं और इससे पहले की मई कुछ कहता......
अवंतिका- guyss.dad का मिस कॉल hai.mai उनसे बात कर लेती hun...ye बोलकर अवंतिका रूम से बहार चली गयी पर ऐसा करके वो फिर बिना कुछ कहे मेरे दिल में हलचल पैदा कर गयी....
वो इसीलिए क्यूंकि उसके डैड का कोई मिस कॉल नहीं आया tha..ye सब उसने बस इसीलिए किया था क्यूंकि वो समझ गयी थी की मेरे दोनों दोस्तों को अकेले में मुझसे कुछ बात करनी है....
रोनित- तुझे तोह पता hi है की हम क्या पूछना चाहते हैं???
इस वक़्त उन दोनों के दिल में मेरी बेचैनी के राज़ को जानने की जो तेज़ इच्छा thi,mai जानता था की बिना सच जाने वो मानेंगे नहीं और अगर फिर भी मैंने उन्हें ताला तोह इसका असर इस ग्लूटो के सफर पर ज़रूर दिखेगा...
मई- तुम सुन नहीं पाओगे....
अंजलि- माना की तेरे जितने ताकतवर नहीं hai,par इतने कमज़ोर भी नहीं है की अपने दोस्त की तकलीफ ना बाँट सकें....
मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और उन्हें अपनी बेचैनी की वजह बतायी जिससे सुनकर दोनों के आँखों में आंसू आ गए...
दोनों मुझसे पूछना चाहते थे की मई कुछ कर क्यों नहीं रहा हूँ पर मुझसे पूछने से पहले hi दोनों के दिल ने उन्हें जवाब दे दिया की मई ऐसा नहीं कर सकता था....
दोनों एक साथ मेरे गले लग गए...
रोनित- हमारी एक बात मानेगा....
मई- ठीक है...
उसके सवाल पूछने से पहले hi मैंने उससे जवाब दे दिया था...
मई- चलो ab...time हो गया है.....
ये बोलकर मई रूम खोलकर बाहर निकल गया और मेरे पीछे पीछे मेरे दोनों दोस्त उदास से चेहरे लिए बहार निकल गए...
वहीँ बाहर:-
क्या सोच रही हो अवनि........?????
अवंतिका पीछे पलटी तोह देखा की मेरी माँ कड़ी है....
अवंतिका- कुछ नहीं aunty,bas ऐसे hi.....
इस वक़्त अवंतिका उसी फाउंटेन के सामने खड़े होकर उससे निहार रही थी जिससे मेरे डैड ने अपने हाथों से माँ के लिए बनाया था...
V/MOM- तुम मुझे बता सकती हो....
अवंतिका- जब भी इससे देखती हूँ तोह ऐसा लगता है जैसे पुरे जहाँ का प्यार पानी बनकर इससे निकल रहा है.....
aunty,u हैवे ा वैरी लोविंग हस्बैंड...& ी मस्ट say,u अरे वैरी लकी....
अवंतिका की बात सुनकर मेरी माँ मुस्कुरा दी....
अवंतिका- aunty,naanaji,naaniji आज घर पर नहीं हैं क्या???
V/MOM- नहीं वो मेरे भाई ने नया होटल खोला है दिल्ली me,sab उसीके इनॉगरेशन में गए हैं...
अवंतिका- आप नहीं गयीं???
V/MOM- फिर विक्की का ख्याल कौन rakhta...usne जाने से मन किया तोह मुझे भी रुकना पड़ा...
अवंतिका- आप V.J से बोहोत ज़्यादा प्यार करती हैं ना???
अवंतिका की बात सुनकर मेरी माँ के चेहरे पर फिरसे मुस्कान नाचा गयी...
V/MOM- दिल से पूछ रही हो की उससे धड़कना आता है या नहीं....!!!!
मेरी माँ की बात सुनकर अवंतिका के सामने मेरा चेहरा नाच गया....
अवंतिका- वाओ aunty,what ा डीप thought..ab मई समझी की V.J इतनी गहरी बातें कैसे कर लेता है....
मई- AVNI,chalo चलें....
अभी दोनों में से कोई कुछ कहता उससे पहले hi मई और मेरे साथ अंजलि और रोनित आ गए....
अवंतिका- मई तोह तुम तीनो का hi वेट कर रही थी...
V/MOM- कहा की तयारी है???
मई- बस यहीं mom,ghum कर आते हैं....
V/MOM- ok beta...aaram से जाना.....
मैंने माँ के फ़ोरेहेअद पे किश किया और बहार निकल गया....
मेरे पीछे पीछे मेरे तीनो दोस्त भी आ गए....
तीनो अवंतिका की कार से hi आये थे...
हम सब उसी में बैठ कर निकल गए...
मैंने एक सुनसान जगह पर कार rukwai...hum सब बाहर आये और अगले hi पल हम सब के सामने एक वर्ल्ड दूर खुल गया था...
अब अवंतिका के लिए भी ये सब नार्मल हो गया tha..hum सब एक एक करके उस वर्ल्ड दूर से होते हुए दूसरी तरफ पहुँच गए जहाँ आलरेडी शैला मोकलसर और अक्षांत खड़े हुए थे...
ट्रेनिंग के बाद मैंने तीनो को यहीं पर वेट करने के लिए कहा था...
RONIT,ANJALI और अवंतिका उन तीनो से mile...AVANTIKA ने इधर उधर देखा तोह शॉकेड रह gayi.....kyunki मई उन सब के बीच से गायब था....
अवंतिका- ये V.J कहाँ गया...???
रोनित- वो कहीं और गया hai..tention न lo,sahin टाइम में आ जाएगा....
ये कहकर रोनित ने वर्ल्ड दूर बंद कर दिया...
वर्ल्ड दूर को बंद करने के बाद सभी एक तरफ निकल गए....
वहीँ हमारे वर्ल्ड दूर में घुसते hi अवंतिका की कार के अंदर 4 लोग प्रकट हुए..
ये चारों और कोई नहीं हमारे hi क्लोन्स the.....STAIRING व्हील पर मेरा क्लोन tha....usne गाडी घुमड़ि और सब निकल गए.....
प्लेनेट- ग्लूटो
प्लेस- बैटल फील्ड
waah...jitna मैंने सोचा tha,yahan का माहौल तोह उससे भी ाचा है......
haan,socha तोह मैंने भी नहीं था....
युद्ध स्पर्धा..... इसी नाम के बड़े बड़े बैनर हर तरफ लहरा रहे थे....
वो मैदान जिसमे ये कम्पटीशन होने वाला tha,wo दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था.....
लार्ड CRUSEDAR,KING सोलोमन और उनकी पूरी फॅमिली इस वक़्त शाही आयोजित खेमो में बैठे हुए थे....
मैडोक्स और भुविका दोनों hi इस वक़्त प्रतियोगिओं के नामांतरण वाली जगह पर खड़े थे......
मैडोक्स- अब ये देखना है की जिन योद्धाओं के लिए इतनी तैयारियां हुई hain,unme कितना दम है....
निष्कलिका- कुछ देर rooko,sab पता चल jaayega......yudh के बारे में भी और हमारे कुशल योद्धाओं के बारे में भी....
मैडोक्स और भुविका ने पलट कर देखा..
उनकी तरफ चलते हुए निष्कलिका आ रही thi...usse आता देख वहां खड़े सभी लोगों के सर झुक गए थे....
NISHKALIKA-is बार कितने योद्धाओं ने भाग लिया है????
मैडोक्स- 98.......
निष्कलिका- बोहोत ache..pichle साल के मुकलबले लगभग दो गुना.....
मैडोक्स- पिछले साल कितने प्रतियोगी थे????
निष्कलिका- 50.....और इस बार 98......तोह हुआ न लगभग दो गुना....
98 नहीं 100......
अभी मैडोक्स कुछ कहता की इतने में ये आवाज़ सामने से आयी और जब मैडोक्स और निष्कलिका ने सामने देखा तोह उन्हें एक झटका लगा.....
डॉन0- तुम....!!!!!!!!
निष्कलिका और मैडोक्स दोनों के मुँह से ये एक साथ निकला......
दोनों शॉक में इसलिए खड़े थे क्यूंकि उनके सामने और कोई नहीं रोनित और अंजलि खड़े थे.......
निष्कलिका- gudiya,tum जाकर अपने स्थान पर बैठो.....
भुविका बिना कुछ कहे वहां से चली गयी.....
निष्कलिका- मानना padega......bohot साहस है तुझमे....
शैला- अभी सहस देखा कहाँ है tune.....par फ़िक्र मत kar,aaj का दिन ख़त्म होने से पहले तू सब देख लेगी......
मैडोक्स- तू अभी तक ज़िंदा hai..mujhe लगा था की पिछली बार जो मैंने तेरा हाल किया tha,tu उसी हालत में निपट गया होगा..
रोनित- काम हूँ जो निपट jaaunga....par तू भी फ़िक्र मत kar,aaj का दिन ख़त्म होने से पहले तेरा काम ज़रूर निपटा दूंगा....
रोनित की बात सुनकर मैडोक्स ग़ुस्से से आगे बढ़ा hi था की निष्कलिका ने उससे रोक दिया....
निष्कलिका- अभी नहीं MADDOX....ye यहाँ प्रतियोगी बांके आये hain.aur हम प्रतियोगियों पर वार नहीं करते...
इन्हे इस युद्ध प्रतियोगिता में भाग लेने do...inka काम तोह हमारे योद्धा hi तमाम कर देंगे....
शैला- अरे हाँ याद aaya,mujhe भी और किसीसे नहीं बस तुम्हारे गृह के योद्धाओं से लड़ना है...
रोनित- मुझे bhi.......waise कितने नमूने पार्टिसिपेट ी मैं भाग ले रहे हैं तुम्हारे गृह से इस प्रतियोगिता में....
मैडोक्स- 22.......
शैला- तोह ठीक है fir..hum तुम्हारे 22 योद्धाओं से एक साथ लड़ेंगे.....
शैला ने अपनी बात कहकर एक बार रोनित की तरफ देखा क्यूंकि उसने रोनित के बेहल्फ़ में भी खुद hi फैसला ले लिया था...
रोनित- दोने fir..jaisa शैला ने bola,thik वैसा hi hoga.....bhejo अपने 22 छू *** ी मैं योद्धाओं को मैदान में एक साथ.....
रोनित और शैला दोनों की बात सुनकर मैडोक्स और निष्कलिका है दिए...
निष्कलिका- अत्ति आत्मविश्वास भी ठीक नहीं hota..khair,ab तुमने फैसला कर hi लिया है तोह फिर हम क्या कर सकते hain..par एक काम करते हैं...
तुम दोनों एक साथ पहले हमारे 20 योद्धाओं से lado..agar तुम उनसे पार पाए तोह फिर तुम हमारे आखरी 2 योद्धाओं से लड़ lena...thik है....
SHAILA/RONIT- ठीक है......
मैडोक्स- जाओ fir...apni आखरी तैयारीजन कर lo..jab सही वक़्त आएगा तोह तुम्हे बता दिया जाएगा....
रोनित और शैला वहां से अपने योद्धाओं के खेमे की तरफ चले गए जहाँ उनके बाकी के दोस्त पहले से मौजूद थे....
प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ थे केव...
सम्पूर्ण माया भंगम.......
कम्पलीट मैजिक ब्रेक......
बूम..............
काल रक्षा प्रतिभाव.....
डेविल सवियर देतच......
बूम.............
सम्पूर्ण खाजायंधुतेः......
कम्पलीट रेसिस्ट ब्रेकर......
बूम.......
स्वः शक्तियम प्रतिघात.....
सेल्फ पावर अटैक........
बूम बूम बूम........
और इसके बाद भी मैंने नाजाने कितने hi मंत्र बोले पर सत सकिलिअ के द्वारा बनाये गए शील्ड के ऊपर जो शील्ड ास्मोडियस ने लगायी thi,uspe मेरे किसी भी स्पेल से कोई फर्क नहीं पड़ा......
स्पेल्स बोलने से पहले मैंने एक कवच मेरे चारो तरफ लगा दिया था ताकि मेरे स्पेल्स से निकली ऊर्जा से किसी को भी नुक्सान न हो....
वर्ण जितने घातक स्पेल्स मैंने बोले the,uske प्रभाव से तोह पूरा ग्लूटो गृह hi ख़त्म हो जाता...
पर मेरे बनाये शील्ड की वजह से ऐसा हुआ नहीं और नाही कोई आवाज़ बाहर जा रही थी....
पर मेरे हर स्पेल के बाद जो धमाके हो रहे the,unki ऊर्जा वहीँ उस शील्ड के अंदर hi एक जगह पर इकठ्ठा हो रही थी......
पर मुझे इसकी परवाह नहीं thi.....abhi मई एक और स्पेल बोलने hi जा रहा था की.........
शांत हो जाईये लार्ड ऑफ़ ANGELS,WARNA आपके HI स्पेल्स से जो ऊर्जा इकठ्ठा हो रही HAI,WO आपके शैलद को तोड़ते हुए पुरे गृह को बर्बाद कर देगी....
में पलट कर dekha.mujhse थोड़ी hi दूर मेरे शील्ड के दायरे के जस्ट बाहर हवा में सत सेबेस्टियन हाथ जोड़े खड़े थे....
मैंने अपने हाथ आगे kiye,agle hi पल मेरे द्वारा फैली हुई शील्ड हैट गयी.....
वहीँ उनकी कही बात को सुनते hi मैंने अपने सामने देखा जहाँ मेरे स्पेल्स से इक्कठा हुई ऊर्जा चमक रही थी...
अगर मैंने और एक दो स्पेल्स बोल दिए होते तोह वो ऊर्जा अपने आप को संभल नहीं पाती और फैट जाती जिससे इस गृह का समूह नाश हो जाता.....
सत सेबेस्टियन- और कोई उपाय नहीं है LORD.....aapko ये करना hi होगा...
मैंने सत सेबेस्टियन को घूर कर dekha...unhone तुरंत अपना सर झुका लिया....
मई अपनी आखें बंद कुछ सोच hi रहा था की.......
BETA.....JAB मुझे कोई आपत्ति नहीं है तोह तुम क्यों इतने परेशां हो रहे हो.
इस आवाज़ को सुनते hi मैंने झट से अपनी आखें खोल di..mere सामने सत सेबेस्टियन के साथ कोई tha.......koi ऐसा जिसको बचने के लिए hi मई ये सारे स्पेल्स बोल रहा था.....
अननोन- नियति से कोई नहीं भाग सकता beta...aur यकीं maano,tumhare काम आकर मई न सिर्फ मेरा फ़र्ज़ पूरा होगा बल्कि मेरे दिल को ठंडक भी मिलेगी.....
उनकी बातों से मेरे अंदर कुछ टूटता हुआ सा महसूस हुआ क्यूंकि मई जान गया था की मई जिस चीज़ को होने देने से दर रहा tha,rok रहा tha,wo हो कर hi रहेगा..
मई- मई कैसे आपको ख़ुदकुशी करने के लिए हाँ कहदूँ....
मैंने आपको अपनी छोटी माँ का दर्जा दिया है भागवती माँ.....
जी हाँ doston,ye जो शक्श हमारे हीरो के सामने कड़ी thi,ye और कोई नहीं भागवती माँ thi...pujariji की बीवी..
वहीँ पुजारीजी जिन्होंने मेरा रास्ता आसान बनाने के liye,DHAWALI झील को काली शक्तियों से दूर रखने के लिए अपना बलिदान दिया था....
और आज इतिहास अपने आप को एक बार फिरसे दोहराने वाला tha...aaj पुजारीजी की hi तरह मेरा रास्ता आसान करने के लिए उनकी biwi,BHAAGWATI माँ अपना बलिदान देने वाली थी....
doston,yahi था वो सपने का भाग जिससे देखने के बाद मई काफी तेनसेद हो गया था और मेरे मूड को ठीक करने के लिए मेरे डैड को मुझे समझाना पड़ा था....
अब आप सब सोच रहे होंगे की भागवती माँ को बलिदान क्यों देना पद रहा है???
क्यूंकि जैसा की मैंने फर्स्ट chapter में बताया था की पुजारीजी और उनके वंशज का जन्म hi इसीलिए हुआ है की वो अपना बलिदान देकर स्पीयर और उसकी ताकत को उसके मालिक के पास पहुंचा सकें....
काली शक्तियों को अपने मन्त्रों से बाँध कर स्पीयर को मुझतक पहुँचाने के लिए एक बलिदान पुजारीजी ने दिया था.
और आज भी मई जिस ताकत को पाने के लिए यहाँ आया हुआ hun,wo भी स्पीयर की hi ताकत है और उसके आगे भी स्पीयर की hi तरह डार्क मैजिक किया हुआ है जिससे सिर्फ पुजारीजी का जीवन साथी hi काट सकता है....
और इसीलिए इस शील्ड को और कोई नहीं भागवती माँ hi तोड़ सकती हैं.....
भागवती माँ- आपने मुझे माँ का दर्जा diya,mere लिए इससे बड़ी बात और कुछ नहीं हो sakti.....par कृपया मुझे मेरे कर्त्तव्य को पूरा करने से ना रोकें..
मेरी शादी के दिन से hi मई इस कर्त्तव्य से बांध चुकी हूँ.......
यहाँ मई समझ गया था की इस वक़्त को और इसमें होने वाले क्रिया को ताला नहीं जा सकता
और अगले hi पल...................
मेरे ठीक दाएं बाएं दो लोग प्रकट हुए जिनके हाथ भागवती माँ के सामने जुड़े हुए थे...
ये दो और कोई नहीं मेरे दोनों दोस्त रोनित और अंजलि थे....
घर पर रोनित ने हमारी एक बात MAANEGA,ye इसीलिए hi कहा था....
रोनित और अंजलि मेरे साथ साथ भागवती माँ को उनके बलिदान के लिए एक बार नमन करना चाहते थे...
हम तीनो ने hi उनके आगे एक बार झुककर अपना माथा तक दिया.....
भागवती माँ ने एक बार मुस्कुराकर हमारी तरफ देखा और मुझसे अपने आखरी शब्द कहे....
भागवती- मेरे बाद मेरी ाशी का ख्याल रखना.....
ये कहकर वो तुरंत पलटी और आगे बढ़ गयी......
और जैसे hi उनका शरीर उस अदृश्य शील्ड से टकराया...................
बूम.............
और सब कुछ ख़त्म हो गया.......
उस अदृश्य शैलद से टकराते hi भागवती माँ का शरीर काटते चला गया...
उनके खून के चीतों को ज़मीं भी नसीब नहीं हो पायीं.......
उनके शरीर का सारा खून उस शील्ड पर पड़ा और उससे सोखने लगा जिससे वो शील्ड एक धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया....
जहाँ मेरे दोनों दोस्तों के आँखों में आंसूं थे वहीँ मेरी आँखें पत्र गयी थी....
कोई भाव नहीं था unme.....sunya को घूरते हुए मुझे अपनी पूरी ज़िन्दगी अर्थहीन लग रही थी...
कुछ देर तक मई इसी हालत में रहा और फिर खड़ा हो गया.....
मेरे साथ साथ मेरे दोनों दोस्त भी खड़े हो गए और इससे पहले की वो कुछ kehte,wo गायब हो चुके थे..
या यूँ कहूं की मैंने उन्हें वापस भेज दिया tha..kyunki इस वक़्त मई किसीसे भी बात नहीं करना चाहता था.....
वहीँ मेरे दोस्तों के गायब होते hi सत सेबेस्टियन भी गायब हो गए...
अभी सिर्फ ास्मोडियस द्वारा बिछाई गयी शील्ड ख़त्म हुई थी, सत सकिलिअ द्वारा बिछाई गयी GOD'S बैरियर शील्ड अब भी वहां मौजूद थी....
पर उससे हटाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी क्युकी वो बैरियर सिर्फ मुझसे hi खुल सकती थी..
मैंने एक बार सामने उस अदृश्य बैरियर की तरफ घर कर देखा और अगले hi पल वो बैरियर गायब हो गयी...
मुझे तुरंत अंदर चले जाना चाहिए था पर मई कुछ देर तक रूका रहा...
मई चाहता था की किसी भी तरह एक बार ास्मोडियस मेरे सामने आ जाए पर मई ये भी जानता था की ये होगा नहीं...
ास्मोडियस के शील्ड भले hi तोड़ दी गयी थी पर आज एक बार फिरसे ास्मोडियस मुझसे हार कर भी जीत गया था...
वो मुझे अंदर से एक और बार तोड़ने में कामियाब हुआ tha...aaj मुझे अपने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स होने की ख़ुशी नहीं गम हो रहा था...
पर इन सब के बीच एक और बात हुई thi..jaise hi दोनों शेड्स hatin,mere अंदर मौजूद स्पीयर ने मुझे अंदर से धक्का देना शुरू कर दिया tha.....uski बाकी की शक्ति जो अंदर थी.....
मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और गुफा के अंदर जाने के लिए अपने कदम बढ़ा लिए...
वहीँ दूसरी तरफ:-
अरे यार ये रोनित कहाँ gaya????humara बुलावा कभी भी आ सकता है...
मोकलसर- अभी थोड़ी देर पहले तोह यहीं tha...waise अंजलि भी नहीं दिख रही hai....lagta है दोनों कहीं घूम रहे honge.....dekh कर आता हूँ......
रोनित- उसकी ज़रुरत नहीं hai..hum आ गए...
रोनित और अंजलि दोनों के आँखें अब भी लाल the,par वो अपने आप को कण्ट्रोल में किये हुए थे.......
शैला- ये लो RONIT,taiyar हो jaao.....aaj हमे निष्कलिका के सारे घमंड को तोडना है और उससे ऐसी मौत देनी है की उसकी रूह तक तड़प जाए....
शैला ने रोनित को फाइट गार्ड्स देते हुए कहा...
रोनित और अंजलि तोह अपने hi गम में डूबे हुए थे इसीलिए उन्होंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया पर ये साड़ी बातें बोलते वक़्त शैला की आँखों में जो नफरत पनप रही thi,usse अवंतिका ने देख लिया था....
रोनित और अंजलि ने अवंतिका को बता दिया था की शैला को निष्कलिका ने युद्ध में हारने के बाद काफी ज़लील किया था इसीलिए शैला उससे अपने अपमान का बदला लेना चाहती है पर इस वक़्त जो भाव शैला के आँखों में the,usse देखकर अवंतिका ये समझ गयी थी की असल बात कुछ और है...
अवंतिका- एक बात पूछूं शैला????
शैला- hmm.pucho???
अवंतिका- इतनी नफरत सिर्फ एक हार या अपमान की वजह से तोह हो नहीं sakti....baat कुछ और hai,haina????!!!!
जहाँ अवंतिका की बात सुनकर रोनित और अंजलि एक झटके में अपनी सोच से बाहर आये वही शैला के आँखों में आंसू आ गए जिससे देखकर अवंतिका झट से उसके पास गयी और उससे गले से लगा लिया...
अवंतिका- अगर मैंने कुछ गलत कह दिया है तोह प्लीज मुझे माफ़ कर do......aur अगर बात इतनी hi गहरी है तोह मुझे नहीं जानना....
शैला कुछ देर तक आँखों में आंसू भरे कड़ी रही फिर उसने एक बार अक्षांत की तरफ देखा जिसने उससे आँखों से hi सच बताने का इशारा किया.....
शैला- निष्कलिका ने मेरे माँ और पिताजी की हत्या की है......
आज के लिए इतना HI......
आपका अपना V....J......