ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE ) - Page 10 - SexBaba
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ATTITUDE.....( MAGIC + ROMANCE )

अब तक आपने पढ़ा की RONIT,ANJALI,MOKALSAR,AKSHAANT और शैला विक्रम के दोनों टेस्ट्स में पास हो जाते हैं....

अब आगे:-

CHAPTER- 2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

मेगा अपडेट- 78

PART-1

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- मीनाक्षी मेन्शन

गुड इवनिंग आंटी...........

मीनू- गुड इवनिंग बच्चों.....

शाम का वक़्त hai......aur विक्रम की माँ को ये गुड इवनिंग का जेस्चर देने वाले लोग हमारे हीरो के दोस्त रोनित और अंजलि हैं पर उनके साथ साथ अवंतिका भी है....

कल के टेस्ट के बाद जब विक्रम ने सबको ये बताया की उनके अगले एडवेंचर ग्लूटो की शुरुआत होने वाली है तोह सबकी एक्सकिटमेंट का ठिकाना नहीं रहा....

खास करके रोनित और शैला ka....kyunki ग्लूटो में होने वाले एडवेंचर का सबसे ज़्यादा इंतज़ार इन दोनों को hi था.....

अवंतिका ने जब ये कहा की वो भी ग्लूटो जाना चाहती है तोह सब ने इसके लिए हाँ कह दिया बिना ये देखे की अवंतिका की बात सुनकर विक्रम के चेहरे पर हलकी उदासी चा गयी थी...

अब ऐसा kyun???ye तोह आपको अगले अपडेट में hi पता चलेगा....

अपने दोस्तों के अवंतिका को हाँ कहने के बाद विक्रम ने भी कुछ नहीं बोलै...

विक्रम ने शैला मोकलसर और अक्षांत को कुछ बताया जिसके बाद तीनो वर्ल्ड दूर से होते हुए वापस चले गए..

उनके जाने के बाद जब रोनित ने विक्रम से पूछा की वो सब कब ग्लूटो जाएंगे तोह विक्रम ने उन्हें कॉलेज के बाद घर आने को कहा और इसीलिए ये तीनो इस वक़्त विक्रम के घर आये हैं....

V/MOM- अरे bacchon..aao आओ.....

अभी तक मीनू की नज़र अवंतिका पर नहीं पड़ी थी पर जैसे hi रोनित और अंजलि थोड़ा आगे गए तोह उसने अवंतिका को जो दोनों के पीछे thi,usse देख लिया....

V/MOM- अरे beta,aap भी आये हो......

अवंतिका- जी आंटी...

ये कहकर अवंतिका ने विक्रम के माँ के पेअर छू लिए......

V/MOM- जीती रहो beti.....us दिन के बाद से आज देख रही हूँ tujhe....beech बीच में घर आयो कर...

रोनित- ये नहीं आती इसीलिए hi तोह मई बार बार आते रहता हूँ aunty,iske हिस्से के एब्सेंट का कोटा पूरा करने के लिए....

अंजलि- तू तोह रहने hi de.....tera बस चले तोह तू यहीं शिफ्ट हो जाए....

रोनित- बस चले matlab!!!!ye मेरा hi तोह घर hai..wo तोह V.J मेरा दोस्त है इसीलिए उसपे एक एहसान करके मैंने उससे यहाँ रहने की परमिशन दी है....

रोनित की बात सुनकर सब है दिए....

V/MOM- तुम दोनों अभी भी लड़ते ho???mujhe तोह लगा था की कपल बन जाने के बाद तुम दोनों की तू तू मई मई ख़त्म हो गयी होगी पर देख रही हूँ की ऐसा कुछ हुआ नहीं है...

अंजलि- और होगा भी नहीं aunty...couple तोह हम अभी अभी बने hain,par फ्रेंड्स तोह हम बचपन से hain,uska असर इतनी जल्दी थोड़ी ना जायेगा.....

V/MOM- वो भी है....

रोनित- aunty,bhook लगी है....

रोनित की बात सुनकर फिरसे सबको हसीं आ गयी....

अंजलि- तुझे V.J के घर आते hi भूक कैसे लग जाती है???

रोनित- आंटी के हाथों में जादू जो hai....bas उसी जादू के असर में मेरा तुममय hai...jab भी आता hun,bhook लग जाती है...

V/MOM- तुम सब ऊपर विक्की के रूम में jaao,mai मग्गी बना कर लाती हूँ....

अवंतिका- चलिए aunty,mai आपकी हेल्प करती हूँ....

V/MOM- अरे नहीं नहीं beta..maggi बनाना कोई टफ काम थोड़ी न है जसिमे हेल्प की ज़रुरत पड़े...

तुम सब jaao,mai मैगी भिजवाती हूँ...

ये बोलकर मीनू किचन की तरफ चल दी और ये तीनो मेरे रूम की तरफ.....

पर जैसे hi तीनो मेरे रूम में pahunche,AVANTIKA को तोह nahi,par रोनित और अंजलि को झटका लगा....

वो इसीलिए की इस वक़्त मई पीठ के बल लेता सीलिंग की तरफ देख रहा था..

तीनो के अंदर आने के बाद भी मई वैसे hi रहा जिससे देखकर रोनित और अंजलि को झटका लगा...

दोनों hi जानते थे की मुझे पहले से सब पता चल जाता है और अगर मेरे मन में कोई बात भी हो तो भी मई उससे अछि तरह छुपाने में माहिर हूँ पर इस वक़्त ऐसा कुछ नहीं हुआ था...

दोनों जब मेरे थोड़ा पास आये तोह उन्होंने मेरे चेहरे पर छलकते मायूसी को देख लिया था और जिससे देखकर दोनों जान गए थे की कोई बोहोत बड़ी बात है जो मुझे सताए जा रही है....

अंजलि- एहम एहम.......

अंजलि की आवाज़ सुनकर मई जैसे होश में आया और अपने सामने तीनो को देखकर मैंने अपने एक्सप्रेशंस तुरंत चेंज कर लिए पर जिससे जो देखना था वो तोह वो देख hi चूका था...

अंजलि- किन ख्यालों में खोये हुए है जनाब???

मई- तेरे hi ख्यालों me..soch रहा था की तूने तोह इससे हाँ कहकर मेरा दिल तोड़ diya.ab इस टूटे दिल को किस्से जुड़वाओं???

जहाँ मेरी बात सुनकर अवंतिका को हसी आ गयी वहीँ अंजलि और रोनित का चेहरा और गंभीर हो गया...

पर वो अवंतिका के सामने कुछ शो करना नहीं चाहते थे इसीलिए मेरी बात को अंजलि ने आगे बढ़ाया...

अंजलि- अभी भी देरी नहीं हुई hai..tu बोल तोह अभी इससे ब्रेकअप करलूं????

रोनित- हाँ yaar.isse मुझे भी कोई नयी g.f मिल जाएगी....

दोनों की बात सुनकर इस बार अवंतिका के साथ साथ मई भी है दिया..

मई- रहने दे bhai.hum ऐसे hi अच्छे...

रोनित- जैसे तू हाँ बोलता तोह हम अलग हो jaate,kyun???

ये बोलकर रोनित ने अंजलि को साइड से हुग किया....

मई- अब तुम दोनों की झप्पी हो गयी हो तोह कुछ काम की बात कर लें....

रोनित- अरे हाँ yaar,jiske लिए आये थे वहीँ पॉइंट भूल गए थे....

चल भाई बता कब निकलना है????

RONIT,ANJALI और अवंतिका तीनो मेरे आस पास कोचेस में बैठ गए.....

पर मई शांत hi रहा और इससे पहले की उन तीनो में से कोई कुछ kehta,MARTHA आंटी रूम में एंटर हुईं..

उनके हांथों में एक ट्रे थी जिसमे मैगी और कॉफ़ी के 3 जुगस थे...

अंजलि और रोनित मरथा आंटी को देखते hi समझ गए थे की वो आने वाली thi,isililiye मैंने कुछ बोलना शुरू नहीं किया.....

और इस बात से वो ये भी समझ गए की वो बात कितनी सीरियस होगी जिसके बारे में सोचने की वजह से मुझे उनके आने तक का ख्याल नहीं रहा......

मरथा आंटी ने मैगी और कॉफ़ी सर्वे की और चली गयी....

रोनित- हाँ तोह कब निकलना है....

मई- अभी.....

मेरी बात सुनकर तीनो चौंके.....

ANJALI-as इन नाउ!!!! इतनी जल्दी????

मई- ग्लूटो में आज फाइट कम्प्टीशन राखी गयी है जिसमे रोनित और शैला पार्टिसिपेट करेंगे.....

मेरी बात सुनकर रोनित खुश हो गया....

AVANTIKA-kya मई कुछ पूछूं??

MAI-haan पूछो....

वैसे तोह मई जानता था की वो क्या पूछना चाहती है पर अपने इस पूर्वाभास वाले टैलेंट को मई उसके सामने अभी शो नहीं करना चाहता था...

AVANTIKA-ye सब kisliye??i मैं इस कम्पटीशन से साबित क्या hoga???aur क्या ये गलत नहीं है???

मई- कभी कभी सब ठीक करने के लिए खुद भी गलत होना पड़ता है AVNI.....ye सब kyun,ye तुम्हे वहां चलकर पता चल जाएगा.....

मेरी बात का मतलब अवंतिका के समझ में तोह नहीं आया पर फिर भी वो चुप hi रही....

उसकी ये चुप्पी इसलिए नहीं थी क्यूंकि वो जानती थी की इससे ज़्यादा मई उससे कुछ नहीं bataunga,balki इसीलिए थी क्यूंकि वो ये बात जानती थी की मई कुछ भी गलत नहीं करूँगा....

और उसकी इस चुप्पी ने मेरे दिल पर एक एहसासों का समंदर पैदा कर दिया tha.mai उससे सब कुछ बताना चाहता tha,sab कुछ...

वो साड़ी बातें भी जिससे मई खुदसे भी करने से डरता tha...jo होने वाला tha,jis बात की मुझे टेंशन हो रही thi,sab उसकी चुप्पी की वजह से कुछ पलों के लिए गायब hi हो गया और रह गया तोह बस एक ुंकाः एहसास...

जिससे मेरे दिल में एक मीठा मीठा दर्द भी हो रहा था और और उसी दर्द से मेरा दिमाग हल्का भी हो रहा था...

पर फ़िलहाल इनमे से कोई भी चीज़ हो तोह सकती नहीं थी इसीलिए मैंने अपने आप को शांत कर लिया...

अंजलि- तोह अब!!!

फिर मैंने उन्हें बताया की हमे अब क्या करना है...

मई- चलें फिर....

मई अपनी बात ख़त्म कर उठ खड़ा hua...par अंजलि और रोनित अभी भी बैठे हुए hi थे और एक दूसरे को देख रहे थे..

मई जानता था की वो दोनों मुझसे क्या पूछना चाहते हैं और इससे पहले की मई कुछ कहता......

अवंतिका- guyss.dad का मिस कॉल hai.mai उनसे बात कर लेती hun...ye बोलकर अवंतिका रूम से बहार चली गयी पर ऐसा करके वो फिर बिना कुछ कहे मेरे दिल में हलचल पैदा कर गयी....

वो इसीलिए क्यूंकि उसके डैड का कोई मिस कॉल नहीं आया tha..ye सब उसने बस इसीलिए किया था क्यूंकि वो समझ गयी थी की मेरे दोनों दोस्तों को अकेले में मुझसे कुछ बात करनी है....

रोनित- तुझे तोह पता hi है की हम क्या पूछना चाहते हैं???

इस वक़्त उन दोनों के दिल में मेरी बेचैनी के राज़ को जानने की जो तेज़ इच्छा thi,mai जानता था की बिना सच जाने वो मानेंगे नहीं और अगर फिर भी मैंने उन्हें ताला तोह इसका असर इस ग्लूटो के सफर पर ज़रूर दिखेगा...

मई- तुम सुन नहीं पाओगे....

अंजलि- माना की तेरे जितने ताकतवर नहीं hai,par इतने कमज़ोर भी नहीं है की अपने दोस्त की तकलीफ ना बाँट सकें....

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और उन्हें अपनी बेचैनी की वजह बतायी जिससे सुनकर दोनों के आँखों में आंसू आ गए...

दोनों मुझसे पूछना चाहते थे की मई कुछ कर क्यों नहीं रहा हूँ पर मुझसे पूछने से पहले hi दोनों के दिल ने उन्हें जवाब दे दिया की मई ऐसा नहीं कर सकता था....

दोनों एक साथ मेरे गले लग गए...

रोनित- हमारी एक बात मानेगा....

मई- ठीक है...

उसके सवाल पूछने से पहले hi मैंने उससे जवाब दे दिया था...

मई- चलो ab...time हो गया है.....

ये बोलकर मई रूम खोलकर बाहर निकल गया और मेरे पीछे पीछे मेरे दोनों दोस्त उदास से चेहरे लिए बहार निकल गए...

वहीँ बाहर:-

क्या सोच रही हो अवनि........?????

अवंतिका पीछे पलटी तोह देखा की मेरी माँ कड़ी है....

अवंतिका- कुछ नहीं aunty,bas ऐसे hi.....

इस वक़्त अवंतिका उसी फाउंटेन के सामने खड़े होकर उससे निहार रही थी जिससे मेरे डैड ने अपने हाथों से माँ के लिए बनाया था...

V/MOM- तुम मुझे बता सकती हो....

अवंतिका- जब भी इससे देखती हूँ तोह ऐसा लगता है जैसे पुरे जहाँ का प्यार पानी बनकर इससे निकल रहा है.....

aunty,u हैवे ा वैरी लोविंग हस्बैंड...& ी मस्ट say,u अरे वैरी लकी....

अवंतिका की बात सुनकर मेरी माँ मुस्कुरा दी....

अवंतिका- aunty,naanaji,naaniji आज घर पर नहीं हैं क्या???

V/MOM- नहीं वो मेरे भाई ने नया होटल खोला है दिल्ली me,sab उसीके इनॉगरेशन में गए हैं...

अवंतिका- आप नहीं गयीं???

V/MOM- फिर विक्की का ख्याल कौन rakhta...usne जाने से मन किया तोह मुझे भी रुकना पड़ा...

अवंतिका- आप V.J से बोहोत ज़्यादा प्यार करती हैं ना???

अवंतिका की बात सुनकर मेरी माँ के चेहरे पर फिरसे मुस्कान नाचा गयी...

V/MOM- दिल से पूछ रही हो की उससे धड़कना आता है या नहीं....!!!!

मेरी माँ की बात सुनकर अवंतिका के सामने मेरा चेहरा नाच गया....

अवंतिका- वाओ aunty,what ा डीप thought..ab मई समझी की V.J इतनी गहरी बातें कैसे कर लेता है....

मई- AVNI,chalo चलें....

अभी दोनों में से कोई कुछ कहता उससे पहले hi मई और मेरे साथ अंजलि और रोनित आ गए....

अवंतिका- मई तोह तुम तीनो का hi वेट कर रही थी...

V/MOM- कहा की तयारी है???

मई- बस यहीं mom,ghum कर आते हैं....

V/MOM- ok beta...aaram से जाना.....

मैंने माँ के फ़ोरेहेअद पे किश किया और बहार निकल गया....

मेरे पीछे पीछे मेरे तीनो दोस्त भी आ गए....

तीनो अवंतिका की कार से hi आये थे...

हम सब उसी में बैठ कर निकल गए...

मैंने एक सुनसान जगह पर कार rukwai...hum सब बाहर आये और अगले hi पल हम सब के सामने एक वर्ल्ड दूर खुल गया था...

अब अवंतिका के लिए भी ये सब नार्मल हो गया tha..hum सब एक एक करके उस वर्ल्ड दूर से होते हुए दूसरी तरफ पहुँच गए जहाँ आलरेडी शैला मोकलसर और अक्षांत खड़े हुए थे...

ट्रेनिंग के बाद मैंने तीनो को यहीं पर वेट करने के लिए कहा था...

RONIT,ANJALI और अवंतिका उन तीनो से mile...AVANTIKA ने इधर उधर देखा तोह शॉकेड रह gayi.....kyunki मई उन सब के बीच से गायब था....

अवंतिका- ये V.J कहाँ गया...???

रोनित- वो कहीं और गया hai..tention न lo,sahin टाइम में आ जाएगा....

ये कहकर रोनित ने वर्ल्ड दूर बंद कर दिया...

वर्ल्ड दूर को बंद करने के बाद सभी एक तरफ निकल गए....

वहीँ हमारे वर्ल्ड दूर में घुसते hi अवंतिका की कार के अंदर 4 लोग प्रकट हुए..

ये चारों और कोई नहीं हमारे hi क्लोन्स the.....STAIRING व्हील पर मेरा क्लोन tha....usne गाडी घुमड़ि और सब निकल गए.....

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- बैटल फील्ड

waah...jitna मैंने सोचा tha,yahan का माहौल तोह उससे भी ाचा है......

haan,socha तोह मैंने भी नहीं था....

युद्ध स्पर्धा..... इसी नाम के बड़े बड़े बैनर हर तरफ लहरा रहे थे....

वो मैदान जिसमे ये कम्पटीशन होने वाला tha,wo दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था.....

लार्ड CRUSEDAR,KING सोलोमन और उनकी पूरी फॅमिली इस वक़्त शाही आयोजित खेमो में बैठे हुए थे....

मैडोक्स और भुविका दोनों hi इस वक़्त प्रतियोगिओं के नामांतरण वाली जगह पर खड़े थे......

मैडोक्स- अब ये देखना है की जिन योद्धाओं के लिए इतनी तैयारियां हुई hain,unme कितना दम है....

निष्कलिका- कुछ देर rooko,sab पता चल jaayega......yudh के बारे में भी और हमारे कुशल योद्धाओं के बारे में भी....

मैडोक्स और भुविका ने पलट कर देखा..

उनकी तरफ चलते हुए निष्कलिका आ रही thi...usse आता देख वहां खड़े सभी लोगों के सर झुक गए थे....

NISHKALIKA-is बार कितने योद्धाओं ने भाग लिया है????

मैडोक्स- 98.......

निष्कलिका- बोहोत ache..pichle साल के मुकलबले लगभग दो गुना.....

मैडोक्स- पिछले साल कितने प्रतियोगी थे????

निष्कलिका- 50.....और इस बार 98......तोह हुआ न लगभग दो गुना....

98 नहीं 100......

अभी मैडोक्स कुछ कहता की इतने में ये आवाज़ सामने से आयी और जब मैडोक्स और निष्कलिका ने सामने देखा तोह उन्हें एक झटका लगा.....

डॉन0- तुम....!!!!!!!!

निष्कलिका और मैडोक्स दोनों के मुँह से ये एक साथ निकला......

दोनों शॉक में इसलिए खड़े थे क्यूंकि उनके सामने और कोई नहीं रोनित और अंजलि खड़े थे.......

निष्कलिका- gudiya,tum जाकर अपने स्थान पर बैठो.....

भुविका बिना कुछ कहे वहां से चली गयी.....

निष्कलिका- मानना padega......bohot साहस है तुझमे....

शैला- अभी सहस देखा कहाँ है tune.....par फ़िक्र मत kar,aaj का दिन ख़त्म होने से पहले तू सब देख लेगी......

मैडोक्स- तू अभी तक ज़िंदा hai..mujhe लगा था की पिछली बार जो मैंने तेरा हाल किया tha,tu उसी हालत में निपट गया होगा..

रोनित- काम हूँ जो निपट jaaunga....par तू भी फ़िक्र मत kar,aaj का दिन ख़त्म होने से पहले तेरा काम ज़रूर निपटा दूंगा....

रोनित की बात सुनकर मैडोक्स ग़ुस्से से आगे बढ़ा hi था की निष्कलिका ने उससे रोक दिया....

निष्कलिका- अभी नहीं MADDOX....ye यहाँ प्रतियोगी बांके आये hain.aur हम प्रतियोगियों पर वार नहीं करते...

इन्हे इस युद्ध प्रतियोगिता में भाग लेने do...inka काम तोह हमारे योद्धा hi तमाम कर देंगे....

शैला- अरे हाँ याद aaya,mujhe भी और किसीसे नहीं बस तुम्हारे गृह के योद्धाओं से लड़ना है...

रोनित- मुझे bhi.......waise कितने नमूने पार्टिसिपेट ी मैं भाग ले रहे हैं तुम्हारे गृह से इस प्रतियोगिता में....

मैडोक्स- 22.......

शैला- तोह ठीक है fir..hum तुम्हारे 22 योद्धाओं से एक साथ लड़ेंगे.....

शैला ने अपनी बात कहकर एक बार रोनित की तरफ देखा क्यूंकि उसने रोनित के बेहल्फ़ में भी खुद hi फैसला ले लिया था...

रोनित- दोने fir..jaisa शैला ने bola,thik वैसा hi hoga.....bhejo अपने 22 छू *** ी मैं योद्धाओं को मैदान में एक साथ.....

रोनित और शैला दोनों की बात सुनकर मैडोक्स और निष्कलिका है दिए...

निष्कलिका- अत्ति आत्मविश्वास भी ठीक नहीं hota..khair,ab तुमने फैसला कर hi लिया है तोह फिर हम क्या कर सकते hain..par एक काम करते हैं...

तुम दोनों एक साथ पहले हमारे 20 योद्धाओं से lado..agar तुम उनसे पार पाए तोह फिर तुम हमारे आखरी 2 योद्धाओं से लड़ lena...thik है....

SHAILA/RONIT- ठीक है......

मैडोक्स- जाओ fir...apni आखरी तैयारीजन कर lo..jab सही वक़्त आएगा तोह तुम्हे बता दिया जाएगा....

रोनित और शैला वहां से अपने योद्धाओं के खेमे की तरफ चले गए जहाँ उनके बाकी के दोस्त पहले से मौजूद थे....

प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ थे केव...

सम्पूर्ण माया भंगम.......

कम्पलीट मैजिक ब्रेक......

बूम..............

काल रक्षा प्रतिभाव.....

डेविल सवियर देतच......

बूम.............

सम्पूर्ण खाजायंधुतेः......

कम्पलीट रेसिस्ट ब्रेकर......

बूम.......

स्वः शक्तियम प्रतिघात.....

सेल्फ पावर अटैक........

बूम बूम बूम........

और इसके बाद भी मैंने नाजाने कितने hi मंत्र बोले पर सत सकिलिअ के द्वारा बनाये गए शील्ड के ऊपर जो शील्ड ास्मोडियस ने लगायी thi,uspe मेरे किसी भी स्पेल से कोई फर्क नहीं पड़ा......

स्पेल्स बोलने से पहले मैंने एक कवच मेरे चारो तरफ लगा दिया था ताकि मेरे स्पेल्स से निकली ऊर्जा से किसी को भी नुक्सान न हो....

वर्ण जितने घातक स्पेल्स मैंने बोले the,uske प्रभाव से तोह पूरा ग्लूटो गृह hi ख़त्म हो जाता...

पर मेरे बनाये शील्ड की वजह से ऐसा हुआ नहीं और नाही कोई आवाज़ बाहर जा रही थी....

पर मेरे हर स्पेल के बाद जो धमाके हो रहे the,unki ऊर्जा वहीँ उस शील्ड के अंदर hi एक जगह पर इकठ्ठा हो रही थी......

पर मुझे इसकी परवाह नहीं thi.....abhi मई एक और स्पेल बोलने hi जा रहा था की.........

शांत हो जाईये लार्ड ऑफ़ ANGELS,WARNA आपके HI स्पेल्स से जो ऊर्जा इकठ्ठा हो रही HAI,WO आपके शैलद को तोड़ते हुए पुरे गृह को बर्बाद कर देगी....

में पलट कर dekha.mujhse थोड़ी hi दूर मेरे शील्ड के दायरे के जस्ट बाहर हवा में सत सेबेस्टियन हाथ जोड़े खड़े थे....

मैंने अपने हाथ आगे kiye,agle hi पल मेरे द्वारा फैली हुई शील्ड हैट गयी.....

वहीँ उनकी कही बात को सुनते hi मैंने अपने सामने देखा जहाँ मेरे स्पेल्स से इक्कठा हुई ऊर्जा चमक रही थी...

अगर मैंने और एक दो स्पेल्स बोल दिए होते तोह वो ऊर्जा अपने आप को संभल नहीं पाती और फैट जाती जिससे इस गृह का समूह नाश हो जाता.....

सत सेबेस्टियन- और कोई उपाय नहीं है LORD.....aapko ये करना hi होगा...

मैंने सत सेबेस्टियन को घूर कर dekha...unhone तुरंत अपना सर झुका लिया....

मई अपनी आखें बंद कुछ सोच hi रहा था की.......

BETA.....JAB मुझे कोई आपत्ति नहीं है तोह तुम क्यों इतने परेशां हो रहे हो.

इस आवाज़ को सुनते hi मैंने झट से अपनी आखें खोल di..mere सामने सत सेबेस्टियन के साथ कोई tha.......koi ऐसा जिसको बचने के लिए hi मई ये सारे स्पेल्स बोल रहा था.....

अननोन- नियति से कोई नहीं भाग सकता beta...aur यकीं maano,tumhare काम आकर मई न सिर्फ मेरा फ़र्ज़ पूरा होगा बल्कि मेरे दिल को ठंडक भी मिलेगी.....

उनकी बातों से मेरे अंदर कुछ टूटता हुआ सा महसूस हुआ क्यूंकि मई जान गया था की मई जिस चीज़ को होने देने से दर रहा tha,rok रहा tha,wo हो कर hi रहेगा..

मई- मई कैसे आपको ख़ुदकुशी करने के लिए हाँ कहदूँ....

मैंने आपको अपनी छोटी माँ का दर्जा दिया है भागवती माँ.....

जी हाँ doston,ye जो शक्श हमारे हीरो के सामने कड़ी thi,ye और कोई नहीं भागवती माँ thi...pujariji की बीवी..

वहीँ पुजारीजी जिन्होंने मेरा रास्ता आसान बनाने के liye,DHAWALI झील को काली शक्तियों से दूर रखने के लिए अपना बलिदान दिया था....

और आज इतिहास अपने आप को एक बार फिरसे दोहराने वाला tha...aaj पुजारीजी की hi तरह मेरा रास्ता आसान करने के लिए उनकी biwi,BHAAGWATI माँ अपना बलिदान देने वाली थी....

doston,yahi था वो सपने का भाग जिससे देखने के बाद मई काफी तेनसेद हो गया था और मेरे मूड को ठीक करने के लिए मेरे डैड को मुझे समझाना पड़ा था....

अब आप सब सोच रहे होंगे की भागवती माँ को बलिदान क्यों देना पद रहा है???

क्यूंकि जैसा की मैंने फर्स्ट chapter में बताया था की पुजारीजी और उनके वंशज का जन्म hi इसीलिए हुआ है की वो अपना बलिदान देकर स्पीयर और उसकी ताकत को उसके मालिक के पास पहुंचा सकें....

काली शक्तियों को अपने मन्त्रों से बाँध कर स्पीयर को मुझतक पहुँचाने के लिए एक बलिदान पुजारीजी ने दिया था.

और आज भी मई जिस ताकत को पाने के लिए यहाँ आया हुआ hun,wo भी स्पीयर की hi ताकत है और उसके आगे भी स्पीयर की hi तरह डार्क मैजिक किया हुआ है जिससे सिर्फ पुजारीजी का जीवन साथी hi काट सकता है....

और इसीलिए इस शील्ड को और कोई नहीं भागवती माँ hi तोड़ सकती हैं.....

भागवती माँ- आपने मुझे माँ का दर्जा diya,mere लिए इससे बड़ी बात और कुछ नहीं हो sakti.....par कृपया मुझे मेरे कर्त्तव्य को पूरा करने से ना रोकें..

मेरी शादी के दिन से hi मई इस कर्त्तव्य से बांध चुकी हूँ.......

यहाँ मई समझ गया था की इस वक़्त को और इसमें होने वाले क्रिया को ताला नहीं जा सकता

और अगले hi पल...................

मेरे ठीक दाएं बाएं दो लोग प्रकट हुए जिनके हाथ भागवती माँ के सामने जुड़े हुए थे...

ये दो और कोई नहीं मेरे दोनों दोस्त रोनित और अंजलि थे....

घर पर रोनित ने हमारी एक बात MAANEGA,ye इसीलिए hi कहा था....

रोनित और अंजलि मेरे साथ साथ भागवती माँ को उनके बलिदान के लिए एक बार नमन करना चाहते थे...

हम तीनो ने hi उनके आगे एक बार झुककर अपना माथा तक दिया.....

भागवती माँ ने एक बार मुस्कुराकर हमारी तरफ देखा और मुझसे अपने आखरी शब्द कहे....

भागवती- मेरे बाद मेरी ाशी का ख्याल रखना.....

ये कहकर वो तुरंत पलटी और आगे बढ़ गयी......

और जैसे hi उनका शरीर उस अदृश्य शील्ड से टकराया...................

बूम.............

और सब कुछ ख़त्म हो गया.......

उस अदृश्य शैलद से टकराते hi भागवती माँ का शरीर काटते चला गया...

उनके खून के चीतों को ज़मीं भी नसीब नहीं हो पायीं.......

उनके शरीर का सारा खून उस शील्ड पर पड़ा और उससे सोखने लगा जिससे वो शील्ड एक धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया....

जहाँ मेरे दोनों दोस्तों के आँखों में आंसूं थे वहीँ मेरी आँखें पत्र गयी थी....

कोई भाव नहीं था unme.....sunya को घूरते हुए मुझे अपनी पूरी ज़िन्दगी अर्थहीन लग रही थी...

कुछ देर तक मई इसी हालत में रहा और फिर खड़ा हो गया.....

मेरे साथ साथ मेरे दोनों दोस्त भी खड़े हो गए और इससे पहले की वो कुछ kehte,wo गायब हो चुके थे..

या यूँ कहूं की मैंने उन्हें वापस भेज दिया tha..kyunki इस वक़्त मई किसीसे भी बात नहीं करना चाहता था.....

वहीँ मेरे दोस्तों के गायब होते hi सत सेबेस्टियन भी गायब हो गए...

अभी सिर्फ ास्मोडियस द्वारा बिछाई गयी शील्ड ख़त्म हुई थी, सत सकिलिअ द्वारा बिछाई गयी GOD'S बैरियर शील्ड अब भी वहां मौजूद थी....

पर उससे हटाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं थी क्युकी वो बैरियर सिर्फ मुझसे hi खुल सकती थी..

मैंने एक बार सामने उस अदृश्य बैरियर की तरफ घर कर देखा और अगले hi पल वो बैरियर गायब हो गयी...

मुझे तुरंत अंदर चले जाना चाहिए था पर मई कुछ देर तक रूका रहा...

मई चाहता था की किसी भी तरह एक बार ास्मोडियस मेरे सामने आ जाए पर मई ये भी जानता था की ये होगा नहीं...

ास्मोडियस के शील्ड भले hi तोड़ दी गयी थी पर आज एक बार फिरसे ास्मोडियस मुझसे हार कर भी जीत गया था...

वो मुझे अंदर से एक और बार तोड़ने में कामियाब हुआ tha...aaj मुझे अपने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स होने की ख़ुशी नहीं गम हो रहा था...

पर इन सब के बीच एक और बात हुई thi..jaise hi दोनों शेड्स hatin,mere अंदर मौजूद स्पीयर ने मुझे अंदर से धक्का देना शुरू कर दिया tha.....uski बाकी की शक्ति जो अंदर थी.....

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और गुफा के अंदर जाने के लिए अपने कदम बढ़ा लिए...

वहीँ दूसरी तरफ:-

अरे यार ये रोनित कहाँ gaya????humara बुलावा कभी भी आ सकता है...

मोकलसर- अभी थोड़ी देर पहले तोह यहीं tha...waise अंजलि भी नहीं दिख रही hai....lagta है दोनों कहीं घूम रहे honge.....dekh कर आता हूँ......

रोनित- उसकी ज़रुरत नहीं hai..hum आ गए...

रोनित और अंजलि दोनों के आँखें अब भी लाल the,par वो अपने आप को कण्ट्रोल में किये हुए थे.......

शैला- ये लो RONIT,taiyar हो jaao.....aaj हमे निष्कलिका के सारे घमंड को तोडना है और उससे ऐसी मौत देनी है की उसकी रूह तक तड़प जाए....

शैला ने रोनित को फाइट गार्ड्स देते हुए कहा...

रोनित और अंजलि तोह अपने hi गम में डूबे हुए थे इसीलिए उन्होंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया पर ये साड़ी बातें बोलते वक़्त शैला की आँखों में जो नफरत पनप रही thi,usse अवंतिका ने देख लिया था....

रोनित और अंजलि ने अवंतिका को बता दिया था की शैला को निष्कलिका ने युद्ध में हारने के बाद काफी ज़लील किया था इसीलिए शैला उससे अपने अपमान का बदला लेना चाहती है पर इस वक़्त जो भाव शैला के आँखों में the,usse देखकर अवंतिका ये समझ गयी थी की असल बात कुछ और है...

अवंतिका- एक बात पूछूं शैला????

शैला- hmm.pucho???

अवंतिका- इतनी नफरत सिर्फ एक हार या अपमान की वजह से तोह हो नहीं sakti....baat कुछ और hai,haina????!!!!

जहाँ अवंतिका की बात सुनकर रोनित और अंजलि एक झटके में अपनी सोच से बाहर आये वही शैला के आँखों में आंसू आ गए जिससे देखकर अवंतिका झट से उसके पास गयी और उससे गले से लगा लिया...

अवंतिका- अगर मैंने कुछ गलत कह दिया है तोह प्लीज मुझे माफ़ कर do......aur अगर बात इतनी hi गहरी है तोह मुझे नहीं जानना....

शैला कुछ देर तक आँखों में आंसू भरे कड़ी रही फिर उसने एक बार अक्षांत की तरफ देखा जिसने उससे आँखों से hi सच बताने का इशारा किया.....

शैला- निष्कलिका ने मेरे माँ और पिताजी की हत्या की है......

आज के लिए इतना HI......

आपका अपना V....J......
 
अब तक आपने पढ़ा की भागवती माँ के बलिदान की वजह से ास्मोडियस का कवच टूट जाता है वहीँ शैला ये खुलासा करती है की निष्कलिका ने उसके माँ बाप की हत्या की है....

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

मेगा अपडेट-79

PART-2

PLANET-GLUTO

प्लेस- WARRIOR'S कैंप

इतनी बड़ी बात और तुमने हमे बताया तक NAHI.....KYA हम तुम्हारे दुःख बाटने के लायक नहीं हैं......?????

जैसे hi शैला ने बताया की उसके माता पिता की हत्या निष्कलिका ने की hai,toh RONIT,ANJALI और AVANTIKA,teeno जैसे किसी सदमे में चले गए थे...

पर कुछ देर बाद जब तीनो नार्मल hue,toh रोनित ने शैला से इतनी बड़ी बात को छुपाने के लिए शिकायत की....

शैला- तुम्हे खुद पता है रोनित की मैंने तुम तीनो को दिल से अपना दोस्त माना है..

और तुम्हे ये बात नहीं बताने के लिए मुझे V.J ने कहा था....

मेरा नाम सुनकर तीनो को एक बार और झटका laga,khaas कर के अंजलि और रोनित को....

अंजलि- पर क्यों????

रोनित- आने दो साले ko,batata hun........saari अछि cheezen,ache पल हमारे हिस्से में डालकर हमेशा दर्द वाले रास्ते पर खुद निकल पड़ता है......

शैला- इसीलिए hi V.J ने मुझे तुम दोनों को कुछ भी बताने से रोका tha...wo जानता था की ये सच्चाई सुनकर तुम सब अपने आप से नियत्रण खो बैठोगे....

जो तुम्हारे प्रशिक्षण के लिए ठीक नहीं होगा..

पर अब क्यूंकि तुम दोनों का प्रशिक्षण ख़त्म हो गया hai,isiliye मैंने बता दिया...

शैला की बात दोनों को सही लगी वहीँ अवंतिका के मन में V.J नाम की गुत्थी और उलझती जा रही थी...

जब भी उससे लगता था की वो V.J को जानने लग गयी hai,uska एक नया रूप उससे देखने या उसके बारे में सुनाने को मिलता था....

जवानी की देहलीज़ में अभी अभी कदम रखने वाले एक नौजवान के अंदर इतनी दूरदर्शिता होना उसके लिए एक बोहोत बड़ा सरप्राइज था...

अवंतिका नजाने और क्या क्या सोचती रहती पर तभी अंजलि की आवाज़ सुनकर वो होश में आयी....

अंजलि- पर अब तोह तुम हमे बता सकती हो ना की ये सब कैसे हुआ????

अंजलि की बात सुनकर शैला कुछ देर तक शुन्य में घूरती रही जैसे वापस खुदको उस दिल छेर्ने वाले वक़्त में ले जा रही ho,fir उसके लैब हिले और उसने बोलना शुरू किया...

शैला- ग्लूटो का नियम है की जो भी वार्षिक युद्ध स्प्रद्धा को जीतता hai,usse उससे पिछले साल के विजेता से लड़ना होता है और जो उस युद्ध को जीत जाता hai,wahiyahan का नया शाशनकार बनता है...

निष्कलिका से पहले मेरे पितः और माँ इस गृह के राजा और रानी थे.....

शैला की बात सुनकर एक बार फिरसे रोनित अंजलि और अवंतिका को शॉक लगा...

शैला- इसी स्प्रद्धा के दौरान hi मेरी माँ और पिताजी की पहली मुलाकात हुई थी...

दोनों hi इस स्प्रद्धा के अंतिम दो प्रतियोगी थे..

पर दोनों के बीच हुए युद्ध का कोई नतीजा नहीं nikla.dono में एक सी ताकत थी....

इसी वजह से दोनों को hi उस वर्ष का विजेता घोषित कर दिया गया...

फिर वो दोनों पिछले साल के विजेता से लड़कर जीत गए और इसी तरह दोनों को hi यहाँ का राजा और रानी घोषित कर दिया गया..

अपने शाशन काल के दौरान hi उन दोनों में प्रेम हुआ और दोनों ने विवाह कर लिया....

मई 10 वर्ष की थी जब निष्कलिका ने इस वार्षिक युद्ध उत्सव में भाग लिया था....

वो बोहोत अछि योद्धा थी पर उसके अंदर से काली शक्तियों की ऊर्जा साफ़ दिखती थी....

सबको हराकर उसने मेरे माता और पिताजी को चुनौती दी....

पर परिणाम कुछ भी नहीं nikla...naahi वो मेरे पिताजी को हरा पायी और नाही मेरी माँ को...

और मेरे माता पिता भी उससे हारने में नाकामियाब रहे..

तब निष्कलिका ने कहा की मेरे माता पितः की hi तरह उससे भी एक शाषणकर्ता के रूप में स्वीकार कर लिया जाए...

पर इसके लिए मेरे माता पितः राज़ी नहीं थे....

ऐसा नहीं था की मेरे माता पितः के मन में सत्ता का कोई मोह था पर वो जानते थे की निष्कलिका एक अछि शाषणकर्ता नहीं बन सकती.....

पर क्यूंकि निष्कलिका को दोनों hi नहीं हरा पाए थे इसीलिए वो उससे सीधे तौर पर मन भी नहीं कर सकते थे...

इसीलिए मेरे पितः ने निष्कलिका से कहा की ये फैसला ग्लूटो की जनता करेगी....

अगर उन्होंने निष्कलिका को रानी मान लिया तोह उन्हें कोई आपत्ति नहीं है....

अगले दिन इस बात का फैसला होना tha....par निष्कलिका जाटनी थी की यहाँ की जनता उससे अपनी रानी के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेगी इसीलिए उसने रात को hi मेरे माता पिता की उनके सोते वक़्त हत्या कर दी....

मई उस वक़्त मेरे माता पितः के पास hi सोई thi....usne मुझे नहीं मारा बस मेरे पास आकर मुझसे इतना बोली की निष्कलिका को जो भी चाहिए होता hai,usse वो किसी भी हालत में पा कर रहती है...

मई रात भर रोटी rahi.......subah ये बात हर तरफ फैले गयी की ग्लूटो के महाराज और रानी की किसीने हत्या कर दी है....

और नियम के अनुसार इस साल की विजेता निष्कलिका को मेरे माता पितः की जगह रानी बना दिया गया...

निष्कलिका ने मुझे धक्के मारकर महल से निकलवा diya....ek साल तक मई यहाँ के सड़कों पर सोते hue,rote हुए जीती रही..

पर अगले साल आयोजित हुए प्रतियोगिता में मेरे गृह से अक्षांत के पितः यहाँ आये और उनकी नज़र मुझपर पढ़ गयी..

वो मेरे पितः के बोहोत अच्छे दोस्त the...meri हालत देखकर उन्हें बोहोत बुरा laga..maine उन्हें यहाँ जो कुछ भी हुआ hai,uske बारे में बता दिया...

वो क्रोध में आकर निष्कलिका के सामने पहुँच गए पर निष्कलिका की ताक़त उनसे कहीं अधिक thi..usne उन्हें बोहोत मारा और उन्हें अधमरा कर के रास्ते में फेक दिया...

कुछ समय बाद जब उनको होश आया तोह हम दोनों जैसे तैसे करके अपने गृह में वापस चले गए...

उन्होंने मुझे अपनी बेटी बना liya...mai,AKSHAANT और मोकलसर तीनो उनसे लगातार प्रशिक्षण लेते रहे और फिर बाद में अलग अलग जगह जाकर कुछ न कुछ नया सीखते रहे..

जब मुझे लगा की मई अब काफी कुछ सिख गयी हूँ तब यहाँ वापस आयी और स्प्रद्धा जीतकर मैंने निष्कलिका को चुनौती दी .

पर मई ये नहीं जानती थी की उसने भी तब तक काफी साड़ी काली शक्तियां हासिल कर ली थी..

उसने मुझे काफी आसानी से हरा दिया और फिर मेरा सबके सामने मखौल भी उदय....

बस तभी से मई और कठिन परिश्रम कर रही थी और इंतज़ार कर रही थी सही समाया आने का....

और dekho,aaj आखिर में वो सही समय आ hi गया...

शैला की बात सुनकर सभी की आँखों में एक बार फिरसे आंसू आ गए the..sabhi ने उससे बारी बारी से हुग किया...

रोनित- बिलकुल वक़्त आ गया है और अब तोह उसकी और उसके उस चूतिये साथी मैडोक्स की ऐसी हालत करेंगे की मौत उन्हें ज़िन्दगी से आसान लगेगी....

कभी उस मैडोक्स ने भी अपनी काली शक्तियों के दम में मुझे बोहोत मारा था..

V.J ने मुझे प्रॉमिस किया था की एक दिन मई उससे और उसकी उन काली शक्तियों की ऐसी की तैसी करूँगा और आज वो दिन आ hi गया....

अभी कोई कुछ कहता इतने में ग्लूटो का एक सैनिक उनके खेमे में आया..

सैनिक- अगली बारी तुम दोनों की hai.taiyar हो जाओ...

रोनित- बीटा हम तोह तैयार hi hain..aur अगली बारी हमारी नहीं तेरी वो रानी निष्कलिका और उसका नया ch***ye साथी मैडोक्स की है..

रोनित की बात सुनकर सभी है diye..us सैनिक ने सबको घर कर देखा पर वो प्रतियोगियों के साथ बदसलूकी नहीं कर सकता था इसीलिए अपनी बात ख़त्म कर चुप चाप निकल गया...

शैला- चलें फिर!!!!

रोनित- चलो.........

और इसी के साथ सभी एक के बाद एक करके बैटल फील्ड की तरफ निकल गए.....

प्लेस- इन्फ्रोन्ट ऑफ़ केव.....

मई- मेरी hi शक्तियों को वापस पाने के लिए लिए मेरे hi अपनों को कुर्बानी देनी पड़ती है....

ये बोलते वक़्त मेरे चेहरे पर एक दर्द भरी मुस्कान आ gayi...maine अपने कदम अंदर की तरफ बढ़ा दिए....

पर जैसे hi मई उस गुफा के अंदर pahuncha,jitne भी डायमंड्स नुमा शक्तियां वहां हवा में घूम रही thi,unka प्रकाश और तेज हो गया....

मई उन सारे डायमंड्स को ध्यान से देखने लगा....

शक्तियों की ऊर्जा से जो तेज़ रौशनी

उन डायमंड्स के अंदर से निकल रही thi,unse मेरी आँखों को बोहोत ठंडक मिल रही थी...

वहीँ मेरे सीने में हो रहे विब्रेशन्स और तेज़ हो गए the.apni बाकी की शक्ति को अपने सामने देखकर मेरा स्पीयर मेरे अंदर मचल सा रहा था पर क्यूंकि मैंने अभी तक उससे बाहर आने की परमिशन नहीं दी thi,isiliye वो मेरे अंदर hi घूमे जा रहा था....

मैंने अपने सीने के ऊपर हाथ फेरा और कहा....

मई- chalo,kamsekam तुझे तोह कोई अपना वापस मिलने वाला hai.....CHAL,BAAHAR आजा......

मेरे कहने बस की hi देरी thi,agle hi पल एक साथ दो चीज़ें हुई......

1सत- मेरे सीने के बीच एक तेज़ उजाला हुआ और उसी प्रकाश के बीच में से मेरा स्पीयर बाहर निकला....

2ND-JO तेज़ उजाला मेरे स्पीयर की वजह से हुआ THA,WO पुरे गुफा में फैले गया..

और जैसे HI उस प्रकाश ने उन डायमंड्स को CHHUA,WO सारे डायमंड्स गोल गोल घूमते हुए एक दूसरे के पास आने लगे.....

पर ये क्या!!!!??????

जैसे hi सारे डायमंड्स ने एक दूसरे को chua,toh एक दूसरे से टकराकर बिखरने की जगह सारे डायमंड्स एक डायमंड के अंदर समाने लगे...

और देखते hi देखते सारे डायमंड्स ने एक डायमंड की शक्ल ले li...us डायमंड से हर सेकंड अलग अलग रौशनी निकल रही थी....

की तभी.......

मेरे स्पीयर की नोक से एक पतली सी रे निकली और जाकर उस डायमंड पर पड़ी....

रे के उस डायमंड पर पढ़ते hi वो डायमंड खींचता हुआ सा मेरे स्पीयर के पास आने लगा.....

पर तभी कुछ ऐसा हुआ जिससे मुझे एक झटका लगा...

डायमंड स्पीयर के पास आकर भी उसके अंदर नहीं samaaya,balki उसकी नोक से टकराकर वापस पीछे चला गया....

फिर अगले hi पल वो डायमंड दोबारा स्पीयर के पास गया पर फिर वही hua..uski नोक से टकराकर डायमंड दोबारा पीछे हैट गया....

और फिर यही घटना क्रम लगातार होने लगा...

पर अब सिर्फ यही नहीं हो रहा tha....DIAMOND और स्पीयर के टकराने की वजह से उस गुफा में हलकी हलकी कम्पन होनी शुरू हो गयी थी....

मैंने तुरंत अपने हाथ को हर तरफ घुमा दिया और मेरे ऐसा करते hi कम्पन रूक गयी...

मैंने अपने आस पास के सब जगह को बाँध दिया था....

एक मुश्किल तोह आसानी से ख़त्म हो गयी थी पर इस मुश्किल के पैदा होने की वजह अभी भी कायम थी...

स्पीयर और डायमंड एक दूसरे से टकराकर पीछे हैट जा रहे थे....

स्पीयर तोह मेरे अंदर thi,isiliye उसमे तोह कोई प्रॉब्लम नहीं हो sakti,isiliye मई समझ गया की जो भी परेशानी hai,wo डायमंड में hi है....

मैंने डायमंड की तरफ अपनी एक ऊँगली दिखाई और उससे अपने पास आने का इशारा किया...

मेरे इशारा करते hi डायमंड मेरे सामने आकर रूक गयी...

मैंने अपना एक हाथ उस डायमंड के ऊपर घुमाया और........

प्रत्यभिजना......

डिटेक्ट.............

मेरे मंत्र के उच्चारित करते hi मेरे हाथों से एक रे की चादर सी निकली और उस चादर ने पुरे डायमंड को अपने अंदर लपेट लिया.....

और इसके बाद जो हुआ उससे देखकर मेरी आँखों की पुतलियां बड़ी हो गयीं.....

मेरे मंत्र ने उस डायमंड की असली परेशानी ढूंढ ली thi....ab जो डायमंड मेरे सामने था उसकी चमक काम हो गयी थी...

मेरे मंत्र के प्रभाव की वजह से उसकी असली problem,KAALI शक्ति जो की उसके अंदर समायी हुई thi,wo उसके चमक को ढककर दिखने लगी...

ये वही काली शक्ति है दोस्तों जो उस डायमंड को दिग्विजय और निष्कलिका की शक्ति को सोखने की वजह से मिली thi...jiski वजह से वो दूषित हो गयी थी.....

पर जब मैंने उस काली शक्ति के श्रोत को पता लगाने की कोशिश की तोह मई असफल रहा...

उन काली शक्तियों की वजह से अब तक उस डायमंड ने मुझे नहीं अपनाया था जिसकी वजह से मई उसके राज़ को नहीं जान पा रहा था....

मई मन में- अरे yaar...ek प्रॉब्लम ख़त्म होती नहीं की दूसरी आ जाती hai.....khair,pehle इसको शुद्ध कर देता hun,phir तोह अपने आप hi सब कुछ पता चल hi जाएगा....

जो रे मैंने डायमंड के अंदर उसकी प्रॉब्लम को डिटेक्ट करने के लिए छोड़ी thi,maine उससे एक बार फिरसे याद किया.....

मेरे ऐसा करते hi उस रे ने वापस एक चादर का रूप लिया और डायमंड के बाहर आ गयी...

पर इस बार वो अकेली नहीं थी बल्कि उसके साथ डायमंड के अंदर मौजूद ब्लैक एनर्जी के पावर की कॉपी भी थी....

मैंने उस ब्लैक एनर्जी के कॉपी को छुआ और.....

विषागना......

एंटीडोट......

और इस मंत्र के उच्चारित होते hi जो जवाब मेरे आँखों के सामने आया उससे देखकर मई थोड़ा शॉकेड भी हुआ और खुश भी....

मई- WAAH,AAJ मेरा दर्द HI मेरी दवा बन गयी.....

और अगले hi पल mai,SPEAR और डायमंड उस गुफा से गायब हो चुके थे.....

प्लेनेट- एअर्थ.....

प्लेस-*********

मई- किस्से पता था की आज वापस वहां आना पड़ेगा जहाँ से इस सफर की शुरुआत हुई थी...

धवली JHEEL..........kya संयोग है...

एक बार मेरे स्पीयर ने तुझे दूषित कर दिया था और आज तू उसी स्पीयर के दूसरे भाग को स्वच्छ करेगी...

जी हाँ doston.....wo धवली झील hi है जो मेरे स्पीयर की बाकी की शक्ति मतलब डायमंड को पुनः स्वच्छ कर सकती है....

और इसका कारण है मेरे लार्ड ऑफ़ एंजेल बनाने के बाद निकले हुए पहले आंसू....

जो की और कहीं नहीं धवली झील में hi गिरे थे और इसी वजह से धवली झील के पानी में डुबकी लगाने से लोग रोग मुक्त हो रहे थे...

मेरे लार्ड ऑफ़ एंगेल्स बनाने के बाद गिरने वाले आंसू में बोहोत ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी मौजूद थी जो की धवली झील के पानी में गिरने की वजह से एक किस्म की एंटीडोट बन गयी थी......

और आज इसी एंटीडोट से मेरे रास्ते का एक रोड़ा ख़त्म होने वाला था....

MAI-shayad इसीलिए hi हौली स्पिरिट्स ने अपनी परिक्रमा के लिए तुझे चुना tha...teri स्वच्छता बड़े से बड़े काली शक्ति को भी धोकर साफ़ करने के काबिल है....

धवली झील को वापस देखकर सिर्फ मई hi खुश नहीं हुआ tha,balki वो डायमंड जिसमे काली शक्ति का वास tha,wo भी गोल गोल घूमने लगा tha...JISKA मतलब था की उससे भी यहाँ आने की ख़ुशी थी...

इस वक़्त रात का तीसरा पहर चल रहा tha.isiliye हर तरफ घनघोर अँधेरा था...

और आगे जो होने वाला था उसके लिए ये टाइम एक दम परफेक्ट था...

मैंने अपना हाथ आगे कर डायमंड को आगे जाने की अनुमति दी.....

डायमंड इसी के इंतज़ार में thi...mere इशारा करते hi वो धवली झील के सेंटर की तरफ उड़ पड़ी और उसके पीछे पीछे मेरा स्पीयर भी उड़ते हुए जाने लगा....

सेंटर इसीलिए दोस्तों क्यूंकि उसी जगह पर मेरे आंसू गिरे थे और इसी वजह से सबसे ज़्यादा ऊर्जा वहीँ थी...

डायमंड और स्पीयर उड़ते हुए धवली झील के बीच में पहुंचे और रूक गए...

बीच में पहुंचकर स्पीयर तोह वहीँ हवा में hi रुकी रही पर डायमंड अपनी जगह पर गोल घूमते घूमते निचे जाने लगा और कुछ hi पलों में वो डायमंड पानी के अंदर था......

वहीँ मैंने अपना हाथ एक बार सब तरफ घुमा diya..ab धवली झील के चारों तरफ एक सिघ्त शील्ड बन गयी thi.....ye करने के पीछे एक कारण है जो आपको कुछ hi देर में पता चल जाएगा...

तभी..................

डायमंड के पानी के अंदर जाने के कुछ hi पलों के बाद पुरे झील में हलचल शुरू हो गयी...

झील का सारा पानी अपने आप को सोखते हुए नीचे जाने लगा और कुछ पलों में hi पानी से भरा धवली झील पूरी तरह सूख चूका था...

यहाँ तक की सतह की मिटटी भी कड़क हो गयी थी...

धवली झील के ठीक बीच में मेरे स्पीयर का डायमंड तेज़ चमक रहा था...

इस वक़्त उस डायमंड की चमक इतनी तेज़ थी की इस अँधेरी रात में भी मेरे चारों तरफ दिन सा उजाला हो गया था...

और इसीलिए hi मैंने सिघ्त शील्ड लगायी थी जिसकी वजह से ये तेज़ रौशनी मेरे शील्ड के दायरे में hi सिमट कर रह गयी थी....

वहीँ वो डायमंड अब धीरे धीरे हवा में उठता हुआ स्पीयर की तरफ जाने लगा पर इस बार जैसे hi स्पीयर और डायमंड ने एक दूसरे को छुआ............

जो तेज़ रौशनी हर तरफ फैले हुई thi,wo और तेज़ हो gayi....aur उसी चमकते माहौल के बीच मेरा स्पीयर मेरे तरफ आने लगा और ठीक मेरे सामने आकर रूक गया..

अब तक स्पीयर ने डायमंड की जो की उसी की शक्ति thi,usse पूरी तरह से ऑब्सेर्वे कर लिया था इसीलिए स्पीयर की चमक अब काम हो चुकी थी....

वहीँ मई अपने स्पीयर को ध्यान से देखने laga...SPEAR के हैंडल में hi वो डायमंड हल्का सा उभर कर फिट हो गया था जिससे स्पीयर की खूबसूरती और बढ़ गयी थी....

मैंने अपना हाथ बढ़ाया और जैसे hi मैंने अपने स्पीयर के हैंडल को पकड़ा............

मेरी बॉडी को एक झटका लगा पर मैंने हैंडल छोड़ा nahi...kuch देर तक मुझे झटके लगते रहे फिर बंद हो गए पर अब भी मेरी बॉडी लगातार विबरते हो रही थी....

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी पूरी बॉडी भारी हो गयी है और मई कुछ hi देर में थक जाऊँगा....

पर इन सब निगेटिव्स के बीच एक पॉजिटिव चीज़ भी हुई और वो ये की स्पीयर को छूटे hi मुझे उसमे लगे डायमंड्स के अंदर जो कुछ देर पहले तक ब्लैक एनर्जी thi,uske बारे में सब कुछ पता चल गया था.....

मेरे साथ जो हो रहा था उसके बारे में मई कुछ पता लगाऊं उससे पहले hi मेरे अंदर से एक आवाज़ आयी जिससे सुनकर मुझे पता चल गया की ये सब मेरे साथ क्यों हो रहा है...

मई- बाहर आ जाओ.....

मेरे इतना बोलते hi मेरे अंदर GOD'S टेअर की जो बुक थी वो बाहर आ गयी और मेरे सामने हवा में hi रूक गयी...

बुक के रूकते hi वो ओपन भी हो गयी और उसके ओपन होते hi मैंने जिस हाथ में स्पीयर को पकड़ा हुआ tha,usse सामने कर दिया...

स्पीयर मेरे हाथों से निकलकर वापस बुक में चली गयी....

स्पीयर के अपनी जगह पर वापस जाते hi बुक बंद होकर वापस मेरे अंदर चली गयी....

अब मई बिलकुल ठीक tha...mujhe कोई विब्रेशन्स फील नहीं हो रहे थे...

मैंने जो सिघ्त शील्ड बनायीं thi,maine उससे हटाया hi था की.......

मेरे आँखों के सामने एक दृश्य नाच गया जिससे देखकर मुझे ग़ुस्सा तोह बोहोत आया पर मैंने कुछ किया नहीं बस कहा.....

MAI-KISI से ये उम्मीद करना की वो तुम्हारे साथ ाचा करे सिर्फ इसलिए क्यूंकि तुम अच्छे HO,YE ठीक वैसा HI है जैसे एक शेर से ये उम्मीद करना की वो तुम्हे ना खाये क्यूंकि तुम शुद्ध शाकाहारी हो......

ये बोलकर मई गायब हो गया..........

प्लेनेट- ग्लूटो

प्लेस- बैटल फील्ड

khach,khach,khach,khach,khach.............

शैला- क्या hua???rook क्यों gaye???..aao....NISHKALIKA की तरफ से लड़कर तुम सब ने वैसे hi अपनी मौत खुदही चुन ली है.....

अब तुम लड़ो या ना lado,mout तोह तुम्हे मिलेगी hi......

जब शैला और रोनित बत्तलेग्राउण्ड में पहुंचे तोह उन्होंने अपने सामने 20 प्रतिवंदियों को खड़े पाया....

वहीँ वो 20 योद्धा अपने सामने सिर्फ 2 प्रतिद्वंदियों को देखकर हसने लगे..

यही हाल ग्राउंड को घेरे लोगों का भी था..

सभी रोनित और शैला पर है रहे थे..

पर एक खेमा ऐसा था जिनके चेहरे पर हसी नहीं चिंता के भाव the....ye लार्ड क्रूसेडर खेमा था.....

वो रोनित और शैला के लिए चिंतित the....par जैसे hi युद्ध शुरू hua,LORD CRUSEDAR.KING सोलोमन उनकी पत्नी और पुत्री अलेसेन्द्र के चेहरे के भाव बदल गए....

और अब उनके चेहरों पर विस्मय और प्रस्सनता दिख रही थी.....

वहीँ जो सारे लोग शैला और रोनित के ऊपर है रहे the,unki नानी मर गयी thi....pure बत्तलेग्राउण्ड में सन्नाटा पसरा हुआ था...

क्यूंकि युद्ध के शुरू होने एक 1 सेकंड के अंदर hi शैला ने अकेले hi निष्कलिका के 5 योद्धाओं के गर्दन उनके सर से अलग कर दिए थे...

शैला के दहाड़ के बाद बचे हुए 15 योद्धा एक साथ आगे बढे पर तभी........

रोनित का जिस्म शैला के ऊपर से तैरता हुआ आगे badha....RONIT के हाथ में एक तलवार चमक रही थी पर अगले hi पल उसके हाथों में दो तलवार हो गयी जिससे उसने इतनी तेज़ी से घुमाया की किसी को कुछ दिखा hi नहीं

और नतीजा..............

15 में से 10 योद्धाओं के सर ज़मीं पर पड़े थे......

रोनित के दोनों तलवारों से खून टपक रहा था...

रोनित ने निष्कलिका और मैडोक्स की तरफ देखा और अपने तलवार को हवा में घुमाया...

तलवार के घूमते hi हवा में दो बड़े से अक्षर बन gaye....ek अक्षर बड़ा सा म था जिसका मतलब मैडोक्स था और दूसरा न तह जिसका मतलब निष्कलिका था....

दोनों अक्षरों को बनाने के अगले hi पल रोनित की तलवार एक बार और घूमी और दोनों अक्षरों को बीच से चीरती हुई निकल गयी...

जहाँ ये सब देखकर निष्कलिका और मैडोक्स को ग़ुस्सा आ रहा था वहीँ उनके बाजू में बैठी भुविका के दिल में दर ने घर कर लिया था...

उसने रोनित और शैला के hi आँखों में अपनी बेहेन के लिए अपार नफतरत देखि thi...par वो चुप चाप बैठी रही....

शैला- क्या yaar.....maine तोह 5 को मारा tha,tumhe भी उतने hi मारने थे ना...

रोनित- तोह तुम हिसाब बराबर कर दो naa.par jaldi,dekho,baaki के बचे पांच भाग रहे हैं...

शैला ने जब सामने देखा तोह उससे हसी आ gayi.....kyunki बाकी के बचे पांच वाकई में भाग रहे थे पर इससे पहले की वो कुछ करती.....

अचानक उन पाँचों के ऊपर बिजली गिरी और वो सब राख में बदल गए....

ये बिजली निष्कलिका ने छोड़ी थी....

निष्कलिका- जो युद्ध से पीठ दिखा कर bhaage,usse जीने का कोई हक़ नहीं....

वहीँ निष्कलिका की हरकत को देखकर वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए..

निष्कलिका-20 लोगों को तोह तुम दोनों ने ख़त्म कर diya,ab वादे के मुताबिक तुम दोनों को हमारे आखरी दो योद्धाओं से लड़ना होगा....

निष्कलिका के ये कहते hi मैदान के बीच में दो बिजलियाँ कड़की और उन बिजलियों के बीच में से दो योद्धा प्रकट हुए जिन्हे देखकर निष्कलिका के होंठों पर एक मुस्कान नाच गयी.....

जैसा की मैंने बताया था की निष्कलिका की सैन्य बल इस वक़्त ब्रम्हांड की सबसे शक्तिशाली सैन्य बल है और ये दोनों योद्धा उसी सेना के दो सेनापति हैं....

लोग भगवन की या फिर शैतान की पूजा करते hai,tapasya करते हैं पर इन दोनों ने निष्कलिका की तपस्या कर उससे खुश किया है और फल स्वरुप निष्कलिका ने इन्हे एक बेहतरीन योद्धा बन जाने का वरदान दिया है.....

दोनों योद्धाओं ने एक बार निष्कलिका की तरफ देखा और उसके आगे हाथ जोड़कर नमन kiya.NISHKALIKA ने उन दोनों के नमन का सर हिला के अभिवादन किया और युद्ध को शुरू करने की घसह्ना की....

और अगले hi पल..........

उन दोनों योद्धाओं के शरीर हवा में the...dono के hi एक हाथ में तलवार और दूसरे में खडग था.....

रोनित और शैला दोनों hi तैयार the...dono ने एक पल के लिए अपनी आखें बंद करके भगवन और मुझे याद किया और अगले hi पल जब दोनों की आंखें खुली तोह दोनों के hi आँखों में बोहोत ज़्यादा कॉन्फिडेंस थे...

वहीँ उनके सामने से उड़ते हुए आते निष्कलिका के दोनों योद्धाओं ने अपने दोनों हाथों को पूरी शक्ति से आगे की तरफ घुमाया और.......

TANNNNN....TANNNNN...DHOOBBBB.DHOOOOBBBBBB....

एक साथ दो चीज़ें हुई.......

पहली ये की शैला और रोनित ने अपनी तलवार आगे कर दी जिससे उन दो योधन के चलाये गए तलवार और खडग टकराये और रूक गए....

और उसके अगले hi पल शैला और रोनित के पेअर तेज़ी से चले और उन दोनों योद्धाओं के पेट पर पड़े.....

दोनों योद्धा उड़ते hi पीछे की तरफ जा गिरे...

जहाँ ये सब देखकर ,मेरे दोस्तों और लार्ड क्रूसेडर के खेमो में ख़ुशी की लेहेर दौड़ गयी वहीँ निष्कलिका और मैडोक्स की सुलग गयी....

वहीँ वो दोनों योद्धा गिरते hi तुरंत उठ गए और एक बार फिरसे उन्होंने सामने छलांग लगा दी.....

पर इस बार उन दोनों ने एक साथ दो दो हमले किये...

हवा में उठते hi उनके खडग के अंदर से hi बोहोत से खडग निकले और मेरे दोनों दोस्तों की तरफ चल दिए....

वो दोनों योद्धा मेरे दोस्तों का ध्यान भटकाना चाहते थे....

दोनों की ये चाल थी की यहाँ मेरे दोस्त उनके छोड़े गए अस्त्रों से लड़ते रहते वहां वो दोनों उनके पास पहुंचकर मेरे दोस्तों पर हुम्ला कर देते...

पर जो हुआ उससे देखकर निष्कलिका और वहां मौजूद सभी शॉकेड रह गए....

मेरे दोनों दोस्त उन सारे खडग जो की उन दोनों योद्धाओं ने छोड़े the,un सारे खडग के ऊपर से चलते हुए आगे बढ़ने लगे...

शॉक सिर्फ वहां मौजूद दर्शकों को hi नहीं लगा tha,balki उन दोनों योद्धाओं को भी लगा था जिनके ये अस्त्र थे....

और इससे पहले की वो दोनों कुछ karte,mere दोनों दोस्तों ने उन दोनों के hi शास्त्रों को हवा में hi एक एक वार करके गिरा दिया..

पर दोनों इतने में hi नहीं rooke....dono ने हवा में hi उन दोनों योद्धाओं की गर्दन पकड़ ली और उन्हें मरोड़ते हुए ज़मीं पर गिराने लगे...

DHAMMMMMM.......AAAAHHHHHHH...

इसी आवाज़ के साथ चारों नीचे गिरे...

पर क्यूंकि मेरे दोनों दोस्त उन दो योद्धाओं के ऊपर the,isiliye उन्हें कुछ भी नहीं हुआ पर उन दोनों योद्धाओं के मुँह से दर्द भरी आह निकल गयी......

पर शैला और रोनित इतने में hi नहीं ruke....dono गिरते hi एक झटके में खड़े हो गए....

वहीँ वो दो योद्धा धीरे धीरे खड़े हो hi रहे थे की मेरे दोनों दोस्त उल्टा घूम गए और अगले hi पल उन दोनों के पेअर कैंची की शक्ल लेकर उन दोनों योद्धाओं के गर्दन में फसे हुए थे....

दोनों उनकी गर्दन पर अपनी टांगों को कस्ते हुए दो बार गोल घूम गए और तीसरे राउंड में शैला और रोनित ने अपनी पूरी ताकत अपने पैरों में डालते हुए दोनों योद्धाओं को दूर फेक दिया...

धाम धाम और आह्हः की आवाज़ के बार और nikli.....dono योद्धा अपने पेट के बल लेते हाफ रहे the..dono में hi अब उठने की शक्ति नहीं बची थी........

वहीँ दूसरी तरफ मेरे दोनों दोस्तों के दावों को देखकर खुश होते हुए लार्ड क्रूसेडर के खेमे के सभी लोग खड़े होकर ताली बजाने लगे.....

मेरे बाकी के तीन दोस्त जो अलग खेमे में थे वो भी इस हौसला अफ़ज़ाई में शामिल थे....

और उनके पीछे पीछे hi बैटल फील्ड वहां मौजूद सारे दर्शकों के तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया...

इन सब के बीच अलेसेन्द्र जो बोहोत देर से रोनित को पहचानने के कोशिश कर रही thi,achanak उसकी आँखें चमक गयी.....

अलेसेन्द्र- ये दोनों लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के मित्र हैं.....

अलेसेन्द्र की बात सुनकर किंग SOLOMON,unki वाइफ और लार्ड क्रूसेडर को एक झटका लगा...

सब- क्या??????

अलेसेन्द्र- haan,jis जगह से मई विक्रम को अपने साथ अपने गृह लायी thi,wahan ये लड़का ( रोनित ) भी था....

इससे बचने के लिए hi विक्रम ने अपनी शील्ड इससे दे दी थी....

और अगर ये लड़की उसके साथ लड़ रही है तोह ये भी ज़रूर उनकी दोस्त होगी...

ये जानकार की उनके सामने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स के मित्र खड़े hain,sabhi खुश हो गए...

लार्ड क्रूसेडर- तभी ये दोनों इतने पराक्रमी hain...LORD ऑफ़ एंगेल्स के ना sahi,kam से काम उनके मित्रों के तोह दर्शन हमे हो गए.....

अलेसेन्द्र ये अब सुनकर मुस्कुरा दी क्यूंकि सिर्फ वही जानती थी की किसी भी वक़्त विक्रम वहां आजायेगा....

एक तरफ अपने योद्धाओं की नाकामी और दूसरी तरफ तालियों की gadgadahat.....itna काफी था निष्कलिका और मैडोक्स के खून को जलने के लिए पर दोनों hi अभी सीधे टूर पर कुछ नहीं करना चाहते थे..

दोनों ने एक दूसरे की आँखों में देखा और एक नयी चाल चली....

दोनों के hi हाथों से अदृश्य रेज़ निकलकर उनके दोनों योद्धाओं की तरफ जाने लगीं और...............

अचानक से ताली की गड़गड़ाहट बंद हो गयी....

kaaran,NISHKALIKA के दोनों योद्धा एक झटके में अपने पैरों पर खड़े हो गए थे....

निष्कलिका और मैडोक्स ने दोनों के hi शरीर में अपनी पावर थोड़ी थोड़ी मात्रा में डालनी शुरू जो कर दी थी....

इस बार उन दोनों योद्धाओं की आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi....dono hi अपनी जगह से उछले और उनका शरीर इतनी तेज़ी से आगे बढे की रोनित और शैला दोनों को कुछ दिखा hi नहीं और..............

आह्ह्ह्हह्ह..............

उन दोनों योद्धाओं ने अपने सर से शैला और रोनित के सर पर चोट करी...

एक दर्द भरी आठ के साथ दोनों hi पीछे की तरफ गिर गए पर अगले hi पल दोनों खड़े भी हो गए....

शैला और रोनित दोनों के हाथ में तलवार अब भी thi..wo दोगुनी तेज़ी से आगे बढे पर इस बार वो दोनों योद्धा भी तैयार थे....

उन दोनों ने मेरे दोनों दोस्तों के हर आक्रमण का जवाब बोहोत अचे से दिया और बस इतना hi nahi,beech बीच में वो शैला और रोनित को चोट पहुँचाने में कामियाब भी हो रहे थे....

इसकी वजह से मेरे दोनों दोस्तों का कॉन्फिडेंस भी काम होता जा रहा था...

जहाँ ये सब देखकर मेरे बाकी के तीनो फ्रेंड्स और लार्ड क्रूसेडर के खेमे के लोगों को बुरा लग रहा था वहीँ मैडोक्स और निष्कलिका खुश भी थे पर साथ hi साथ उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें भी थी..

चिंता इसीलिए क्यूंकि उनके दोनों योद्धाओं में अभी उनकी शक्ति का भाग था फिर भी रोनित और शैला बराबर का ना सही पर कड़ी टक्कर तोह दे hi रहे थे.....

इतनी सिद्धियां प्राप्त करने के बाद भी ऐसा होने से दोनों की टेंशन थोड़ी बढ़ गयी थी...

वहीँ बैटल ग्राउंड का माहौल काफी गर्म हो गया tha..chaaron का युद्ध स्टार अपने पुरे शबाब में दिख रहा था की तभी.....

आह्ह्ह्हह्ह......

उन दोनों योद्धाओं ने शैला और रोनित पर एक साथ दो दो हमले kiye..pehle उन्होंने अपनी तलवार उन दोनों पे चलायी जिससे मेरे दोनों दोस्तों ने कुशलता पूर्वक रोक diya,par अगले hi पल दोनों योद्धाओं ने तलवार के हैंडल को छोड़ कर अपने हथेली की मुट्ठी बना शैला और रोनित के पेट पर एक एक पंच मारा....

मेरे दोनों दोस्त इसके लिए तैयार नहीं थे.....

दोनों एक दर्द भरी आवाज़ के साथ पीछे पलट गए.....

दर्द तोह दोनों को बोहोत hua,par साथ साथ उन्हें हैरानी भी हुई की जहाँ वो दोनों इतना युद्ध करने के बाद थक गए थे वहीँ उनके सामने खड़े योद्धा जिन्हे उन्होंने पहले काफी चोट पहुंचाई thi,wo अभी भी फ्रेश दिख रहे थे...

शामे डाउट खेमे में बैठे मेरे बाकी के तीनो दोस्तों को भी फील हुई..

शैला और रोनित को इसमें कुछ गड़बड़ लगी.....

अप्रत्यक्षं दृष्टि.....

इनविजिबल व्यू.......

ये स्पेल शैला के साथ साथ अक्षांत ने जो की अपने खेमे में बैठा tha,dono ने साथ में बोलै था...

और स्पेल बोलते hi जो नज़ारा मेरे सारे दोस्तों के सामने आया उससे उन्हें बोहोत ग़ुस्सा आया.....

क्यूंकि उनकी नज़र अब उस रे को देख सकती थी जो निष्कलिका और मैडोक्स से होते हुए उन दोनों योद्धाओं में समां रही थी....

रोनित- यार ये तोह गलत hai...hume इसके बारे में यहाँ मौजूद सारे लोगों को बताना चाहिए...

शैला- बिलकुल....

और यही बात मेरे बाकी के तीनो दोस्त जो की शैला और रोनित के दिमाग से जुड़े हुए the,unhone भी कही....

पर इससे पहले की उनमे से कोई कुछ kehta,paanchon के कानो में मेरी आवाज़ गूंज गयी.....

ये वही दृश्य था जो मेरे आँखों के सामने घूम गया था और ये वही बातें थी जो मैंने धवली झील के पास खड़े खड़े बोली थी और जिन्हे बोलकर मई गायब हो गया था.....

जैसे hi मेरे दोस्तों के कानो में मेरी आवाज़ gunji,unke इरादे बदल गए....

रोनित और शैला ने अपनी आखें बंद की और अपने सारे शक्तियों को अपने दिमाग के साथ जोड़ने लगे...

वहीँ मेरे तीनो दोस्तों ने भी एक दूसरे का हाथ पकड़ा और आँखें बंद कर अपनी साड़ी शक्ति शैला और रोनित के बॉडीज में ट्रांसफर करने लगे.....

एक अदृश्य बीम उन तीनो से होते हुए मेरे दोनों दोस्तों की बॉडी में पहुंची और क्यूंकि शैला और रोनित अपनी शक्तियों को अपने चित पर ला रहे the,isiliye ये शक्ति भी उनके मस्तिष्क की तरफ चल दी.....

वही शैला और रोनित से कुछ दूर खड़े दोनों योद्धाओं ने जब देखा की शैला और रोनित की आँखें बंद हैं तोह वो दोनों उनके गाला काटने के नियत से आगे दौड़े पर इससे पहले की वो उनके पास पहुँच पाते....

भूमममममममम...........

और इसी आवाज़ के साथ निष्कलिका और मैडोक्स के शरीर को भी एक ज़ोर का झटका लगा पर वो दोनों जल्दी hi संभल गए...

तोह हुआ यूँ की SHAILA,RONIT और उनके साथ साथ मेरे दोनों दोस्तों की शक्ति जो की उन दोनों के मस्तिष्क के बीच इकठ्ठा हो रही thi,achanak उस जगह पर तेज़ रौशनी हुई और वो रौशनी एक गाढ़ी वाइट रे में बदलकर सामने से आ रहे दोनों योद्धाओं के शरीर के बीच लगी और ऐसा होते hi एक तेज़ धमाका हुआ और उन दोनों योद्धाओं के शरीर फैट गए....

वहीँ ुण्डों के शरीर से अपनी शक्तियों को जोड़ने की वजह से निष्कलिका और मैडोक्स को भी झटके लगे पर डायमंड की शक्ति की वजह से निष्कलिका को और वाइट शक्ति जो अपनी माँ की क़ुरबानी देकर मैडोक्स को मिली थी उसकी वजह से मैडोक्स को सिर्फ एक तेज़ झटका लगा......

लार्ड क्रूसेडर के खेमे के साथ साथ वहां मौजूद सभी लोगों की आँखें इस घटना से बड़ी हो गयीं....

धमाके का असर ख़त्म होने के बाद शैला और रोनित दोनों ने अपनी आखें खोली और इस वक़्त दोनों की hi आँखें अपने मंज़िल निष्कलिका और मैडोक्स को घर रहे थे....

रोनित- तुम्हारी 22 की गिनती ख़त्म हो gayi....ab तेरी बारी है मैडोक्स.....

शैला- तेरी अंतिम घडी आ गयी है NISHKALIKA.......bohot सी शक्तियों को गले लगाया है ना tune,aaj अपनी मौत को भी ज़रा गले लगा कर देख........

शैला और रोनित की बात सुनकर मैडोक्स और निष्कलिका को ग़ुस्सा आ गया....

मैडोक्स- तू मुझे maarega....bhale hi अब तुझमे काफी ताकत आ गयी hai,par मेरे सामने आज भी तेरी औकाद किसी कीड़े मकौड़े से ज़्यादा नहीं है.....

और ठीक किसी कीड़े की hi तरह आज मई तुझे मसल दूंगा.......

निष्कलिका- मुझे तू बस अपने सपने में hi मार सकती है SHAILA......teri उम्र से ज़्यादा सिद्धियां प्राप्त की है मैंने......

मेरा तू क्या कोई भी कुछ नहीं बिगड़ सकता..........

अहंपदार्था मूलवरगाम आत्मक्षति..........

ईगो इस थे फाउंडेशन ऑफ़ सेल्फ डिस्ट्रक्शन......

घमंड HI खुद की बर्बादी का नीव है......

अभी कोई कुछ कहता उससे पहले hi हर तरफ ये आवाज़ गूंज गयी.....

जहाँ एक तरफ ये आवाज़ सुनकर सभी चौंक गए थे वहीँ मेरे दोस्तों और अलेसेन्द्र के चेहरे पर ख़ुशी नाच गयी....

रोनित- आ गया मेरा भाई.........

अलेसेन्द्र- लार्ड ऑफ़ एंगेल्स बनाने के बाद आज पहली बार आपके दर्शन होंगे....

जहाँ मेरी आवाज़ सुनकर कोई खुश हो रहा था तोह कोई chakit,wahin अवंतिका की दिल की धकड़कन तेज़ हो गयी thi.....usne जो सवाल मुझसे अपनी आँखों से पूछा tha,usse लग रहा था जैसे आज उसका उससे जवाब मिल जाएगा....

कुछ देर लगा पर निष्कलिका भी समझ गयी की ये आवाज़ क्सिकी है???

निष्कलिका- इस बार भी सिर्फ अपनी आवाज़ सुनाने का hi इरादा है या फिर सामने भी आओगे.....

निष्कलिका के इतना बोलते hi मैदान के बीच में एक तेज़ रौशनी चमकी जिसके फल स्वरुप उस मैदान के आस पास मौजूद सभी के आँखें बंद हो गयी....

धीरे धीरे जब वो रौशनी काम हुई तोह सबने अपनी आखें खोली...

और उस रौशनी वाली जगह पर एक लड़के को देखकर सभी चौंक गए..

वहीँ निष्कलिका की नज़रें तोह जैसे मुझपर जैम सी गयी thi..jis तरह वो एकटक ास्मोडियस को घर रही thi,waise hi इस वक़्त उसकी निगाहें मेरा दीदार कर रही थी.....

पर उसके पार्टनर का रिएक्शन कुछ अलग tha.NISHKALIKA के बाजू में बैठे मैडोक्स की तोह मुझे देखते hi सटक gayi...wo ग़ुस्से से मुझे घर रहा था......

अलेसेन्द्र- यहीं हैं लार्ड ऑफ़ एंगेल्स.....

अलेसेन्द्र की बात सुनकर उसके बाजू में खड़े उसके pitah,maa,aur लार्ड क्रूसेडर को जैसे एक झटका लगा.....

सब- सच....!!!!!

अलेसेन्द्र ने अपनी गर्दन हाँ में हिला दी....

जहाँ मुझे देख कोई शॉक में tha,koi खुश हो रहा था वहीँ हमारे मैडोक्स भाई साहब की सुलगी हुई थी....

और जैसे hi उसने मधुर वचन निकालने के अपना मुँह खोला तभी............

मैडोक्स- arre,mai यहाँ कैसे आ गया....

मैडोक्स की आवाज़ और बात सुन निष्कलिका जैसे किसी सम्मोहन से बाहर आयी.....

और जैसे hi उसने आस पास dekha,wo भी शॉक हो गयी.....

क्यूंकि इस वक़्त मैडोक्स और वो अपने खेमे में नहीं बल्कि मुझसे कुछ दूर मेरे सामने खड़े थे....

मई- मई नीचे खड़ा हूँ और तुम दोनों ऊपर बैठे ho,ye तोह गलत है ना......

मेरी बात सुनकर निष्कलिका और मैडोक्स को ग़ुस्सा आ गया.....

निष्कलिका- क्यों हमसे उलझ कर अपने इस सुन्दर रूप को ख़राब करना चाहते हो....????

मई- रूप तोह तुम्हारा भी सुन्दर है NISHKALIKA......par मन उतना hi कुरूप.....

मई तुम दोनों के सामने इसीलिए नहीं आया क्यूंकि तुम दोनों मेरे दोस्तों से लड़ने जाने वाले the,balki इसीलिए आया हूँ क्यूंकि तुम दोनों का hi वक़्त आ चूका है....

और तुम दोनों ने जो जो घृणित कार्य किये hain,uski वजह से तुम्हारे शरीर के साथ साथ तुम दोनों की आत्मा को भी ख़त्म होना होगा...

मेरी बात सुनकर मैडोक्स और निष्कलिका दोनों हसने लगे.....

मैडोक्स- मेरे भाई को मारकर तू अपने आप को बोहोत बड़ा टॉप समझने लगा hai,kyun????aaj तेरी साड़ी ग़लतफहमी दूर कर दूंगा....

दीदी........

यहाँ हम बात कर रहे थे वहां भुविका के दिल में कुछ गलत होने की आशंका ने जन्म ले लिया था इसीलिए वो अपनी दीदी का नाम पुकारकर दौड़ते हुए अपनी बेहेन के पास आ रही थी...

मई जानता था की वो मासूम है इसीलिए मैंने उससे अदृश्य जाल में बाँध diya...ab वो हिल भी नहीं पा रही थी.......

अगर वो हमारे पास आती तोह पक्का उससे अनजाने में hi sahi,chot ज़रूर लगती...

अपनी बेहेन को बांधते देख निष्कलिका को ग़ुस्सा आ गया और उसने मुझपे अग्नि अस्त्र फेका और..........

आह्ह्ह्हह्ह.............

वो अस्त्र आधे रास्ते से वापस घूम गया और वापस जाकर निष्कलिका को hi लगा जिसकी वजह से उसकी आह निकल गयी.....

तभी मैडोक्स के शरीर से कई सारे बाण निकल कर मेरी तरफ आने लगे पर मई बस अपनी जगह पर खड़ा रहा...

वह सारे बाण मुझसे टकराये और निचे गिर गए......

ये देखकर मैडोक्स के साथ साथ निष्कलिका भी चौंक गयी.....

दोनों बेवकूफ ये नहीं जानते थे की वो जिसपे हुम्ला कर रहे hain,wo इस ब्रम्हांड के फैले सारे वाइट ेनेर्गीएस का एकलौता वारिस hai..toh फिर उन दोनों के अंदर मौजूद वाइट एनर्जी अपने असली मालिक को चोट कैसे पहुंचा सकती थी.....

khair,dono थे तोह कुत्ते hi,aur कुत्ते भोंकना तोह छोड़ नहीं सकते.....

दोनों ने एक साथ अपने हाथ जोड़े और.......

वायु बंधन.......

एयर लॉक

जलम बंधन........

वाटर लॉक

दोनों ने इन दोनों मन्त्रों का उच्चारण किया पर उसके बाद जो हुआ उससे देखकर दोनों को बोहोत बड़ा झटका लगा.....

हुआ ये की कुछ भी नहीं हुआ..........

नहीं समझे naa,mera मतलब है की दोनों के मन्त्रों ने कुछ काम hi नहीं किया...

ना तोह पानी बहार आया और ना hi हवा चली.....

अपने मंत्रो को काम ना करता देख दोनों ने एक के बाद एक कई सारे स्पेल्स बोल दिए पर नतीजा वही nikla....dono के एक भी स्पेल्स काम नहीं किये.......

और अब दोनों आँख फाड़े मेरी तरफ देख रहे थे......

मई- बोहोत गुरूर था ना तुम दोनों को अपनी ताकत पर.......

मैंने तुम दोनों की साड़ी शक्तियों को बाँध दिया hai.......ab तुम किसी भी मंत्र का इस्तेमाल नहीं कर पाओगे....

मेरी बात सुनकर उन दोनों को एक और झटका laga......par अब मई उन दोनों के साथ और ज़्यादा टाइम पास नहीं करना चाहता था....

मई- RONIT......SHAILA............

मेरे आवाज़ देते hi मेरे दोनों दोस्त मेरे पास आ गए.....

मई- जाओ और अपना बदला lelo....par उससे पहले.........

मैंने अपना हाथ आगे घुमाया और अगले hi पल हवा में hi तलवार के शेप लिए हुए पानी प्रकट हुआ......

मई- जानते हो MADDOX,ye क्या है....?????

ये वही हौली वाटर है जिससे पीने से ाचा तुम्हे अपनी माँ को मारना आसान लगा.....

इस ब्रम्हांड की सबसे बड़ी शक्ति माँ का आशीर्वाद होता है जिससे तुमने ठुकराकर दैविक और आसुरी शक्तियों को चुना जो की तुम्हारी कभी भी नहीं हो सकती हैं....

तुम्हारे फैसले से जितना दर्द तुम्हारी माँ को हुआ tha,utna तोह तुम्हे मई नहीं दे सकता पर जिस चीज़ के दर्द से बचने के लिए तुमने वो घृणित काम किया tha,us दर्द को तोह मई तुम्हे दोबारा दे hi सकता हूँ ना....

निष्कलिका........... सिर्फ अपनी हुकूमत स्थापित करने के लिए तुमने एक बेटी से उसके माँ बाप को चीन liya.....is जुर्म के बराबर की सजा तोह है hi nahi,par अगर उसी बेटी के हाथों तुम्हारा अंत ho,toh उसके माँ और पितः की आत्मा को शान्ति ज़रूर मिल जायेगी....

जो हौली वाटर हवा में रूका हुआ tha,usse मैंने रोनित की तलवार को ओढ़ा दिया.....

अब रोनित के तलवार द्वारा किये गए हर वार में उस हौली वाटर के कण मौजूद होने वाले थे....

रोनित और शैला तलवार को हाथों में लिए हुए आगे badhe......wahin मैडोक्स और न्सीहकलिका के आँखों में दर की रेखाएं तैरने लगीं जिससे देखकर मेरे दोनों दोस्तों की आँखों में ख़ुशी की चमक आ गयी...

और अगले hi पल...............

SAAYEN,SAAYEN,SAAYEN............

AAAAHHHHHHH....NAHI..........AAAHHHHHH..............

तीन बार रोनित की तलवार चली और इसीके साथ मैडोक्स की कानों को फाड़ने वाली आवाज़ हर तरफ गूंज गयी....

उसकी आवाज़ में इतना दर्द था की वहां मौजूद सभी दर्शकों के दिल तक हिल गए थे....

पर रोनित को मैडोक्स पर बिलकुल भी दया नहीं aayi.......usne लगातार मैडोक्स के शरीर के हर हिस्से पर बोहोत से वार किये....

और हर वार के बाद मैडोक्स की हालत और बेकार होती चली गयी....

हौली वाटर के प्रभाव से उसके ज़ख्म भर जा रहे थे पर क्यूंकि उसपे वार भी हौली वाटर के ज़रिये hi किया जा रहा tha,isiliye हर चोट वाली जगह का दर्द बढ़ता hi जा रहा था.......

आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह...................

इस बार ये आवाज़ मैडोक्स की नहीं निष्कलिका के मुँह से निकली thi....SHAILA ने उसके लेफ्ट हाथ की छोटी ऊँगली काट दी थी.....

शैला- kyun,dard हो रहा hai.....toh सोच मेरे माँ और पिताजी को कितना दर्द हुआ होगा जब तूने उनके सीने में खंजर उतर दिया था.....

ये बोलते वक़्त शैला का चेहरा ग़ुस्से से थरथरा उठा और .............

AAHHHHH....AHHHHHH......AHHHHHHH....

शैला की तलवार 3 बार चली और इसीके साथ निष्कलिका के हाथों की तीन उँगलियाँ गायब हो गयी.....

अपनी बेहेन की हालत देखकर भुविका जैसे वक सदमे में चली गयी thi...wo पथराई आँखों से अपनी बेहेन का पतन देख रही थी..

वहीँ रोनित ने अपनी तलवार उठायी hi थी की मैडोक्स चीख उठा.........

मैडोक्स- plz,rook jao........mai इस दर्द को और नहीं झेल sakta.......ya तोह मुझे मार दो या तोह माफ़ कर दो.......

रोनित- तुझ जैसे पापी को जिसने अपनी माँ की हत्या की उससे माफ़ कर दें.....

मई- ठीक hai,par एक शर्त पर????

मेरी बात सुनकर रोनित शॉकेड हो गया वहीँ मैडोक्स की आँखों में एक चमक आ गयी पर मेरी आगे की बात सुनकर वो चमक गायब भी हो गयी....

मई- अपनी माँ से कह की तेरी जान को बक्श दिया jaaye..agar उन्होंने हाँ केहड़ी तोह मई तुझे जीवन दान दे दूंगा......

मैडोक्स- पर ये कैसे पॉसिबल hai..mom तोह............

पर इससे आगे वो कुछ बोल नहीं paaya..itna hi nahi,uski आँखें हैरत से फैले गयी थी.....

और ये सब इसीलिए क्यूंकि जस्ट मेरे बाजू में इस वक़्त उसकी माँ की आत्मा कड़ी हुई थी......

मई- क्या आप चाहती हैं की इससे जीवन दान दे दिया जाए....

मैडोक्स की माँ की आत्मा ने कुछ नहीं कहा बस ना में अपना सर हिला दिया....

मई- आप जा सकती हैं....

मेरे इतना कहती hi वो गायब हो गयीं....

वहीँ मैडोक्स और उसके साथ साथ निष्कलिका की आखें अब भी हैरत से खुली हुई थी......

दोनों ये समझने की कोशिश कर रहे थे की आखिर ये हैं कौन जिसने उनकी इतनी प्रबल शक्तियों को भी बाँध दिया और यही नहीं जो मरे हुए लोगों को भी बुला सकता है....

और ये सवाल सिर्फ उन दोनों के मन में hi नहीं उठ रहे थे बल्कि मेरी असलियत से वाकिफ लोगों को छोड़ वहां मौजूद हर शक्श के मन यही सवाल पनप रहा था......

अब इस खेल का ख़त्म करने का समय आ गया था......

मई- NISHKALIKA,MADDOX.......tum दोनों के जीने का समय समाप्त हुआ......

मरने से पहले कोई आखरी ख्वाहिश!!!!

दोनों को जैसे ऐसा hi किसी बात का इंतज़ार था....

और इसके बाद दोनों के लैब हिले और उनसे वही बात निकली जो कुछ दिन पहले अवंतिका सोच रही thi......aur आज इनके साथ साथ उससे भी उसके सवाल का जवाब मिलने वाला था....

NISHKALIKA/MADDOX- आखिर कौन हो तुम???????

जैसे hi उन दोनों का सवाल ख़त्म हुआ तभी कुछ ऐसा हुआ की उन दोनों के साथ साथ वहां मौजूद हर किसीके शॉकेड होने की सीमा ना रही.......

उन सब के सामने का सारा मंज़र hi बदल चूका tha......mera शरीर हवा में उठ चूका था और इस वक़्त मई अपनी असली पहचान के लिबास में ढाका हुआ था....

मेरे पुरे शरीर पर वही वाइट कपडे आ गए थे जो मेरे पहली बार अपनी असलियत जानने के वक़्त आये थे.....

मेरे पीछे अपने घुटनो के बल तीनो GOD'S मैसेंजर बैठे हुए थे और उनके पीछे हज़ारों की भीड़ में ब्रम्हांड के सभी एंगेल्स सर झुकाये बैठे हुए थे......

वहीँ मेरे वास्तविक रूप को देखते hi वहां मौजूद हर कोई हाथ जोड़े अपने घुटनो पर आ गया था.....

लार्ड CRUSEDAR,ALESENDRA,ASHLEY,KING सोलोमन, और डिफेंडर जो की मेरे असली रूप को देखने के लिए अभी अभी पहुंचा tha,wo,wahan मौजूद सारे दर्शक और उनके साथ मेरे सारे दोस्त भी अपने घुटनो पर सर झुकाये बैठे थे....

आज मुझे मेरे दोस्तों का झुकना बुरा नहीं लग रहा था क्यूंकि मई जानता था की वो मेरे आगे नहीं बल्कि मेरे vaastavikta,mere ओहदे के आगे झुक रहे hain....VIKRAM के आगे नहीं GOD'S सोन के आगे झुक रहे हैं.....

पर इन सब के बीच एक चेहरा था जिसके आँखों में पानी और दिल में दर्द भर चूका था.....

और जो इन दोनों को hi ज़ब्त करने की कोशिश कर रहा tha.....ye और कोई नहीं अवंतिका थी....

उससे अपने अंदर कुछ टूटता सा महसूस हो रहा tha...wo सोच रही थी की वो ब्रम्हांड के सबसे खूबसूरत लड़के को भी पा सकती है पर लार्ड ऑफ़ एंजेल के करीब भी जाना उसकी हैसियत के बाहर था....

और इसी बात का मुझे दर tha.isiliye hi मई अवंतिका को यहाँ नहीं लाना चाहता tha...uske अंदर इन साड़ी फीलिंग्स का जन्म लेना एकदम नार्मल सी बात थी.....

मेरी असलियत का सच इतना बड़ा है की कोई एंजेल भी उसके आस पास आने से डरेगा फिर अवंतिका तोह एक मासूम सी लड़की थी...

khair,jo हो चूका hai,usse बदला तोह जा नहीं सकता और फ़िलहाल मुझे अपना अधूरा काम भी पूरा करना था इसीलिए मैंने अपनी नज़रें और ध्यान अवंतिका के ऊपर से फ़िलहाल के लिए हटा लिया....

मैंने मैडोक्स और निष्कलिका की तरफ देखा जो पथराई आँखों से मेरे सच को हज़म करने की कोशिश कर रहे थे..

उन दोनों को कुछ कुछ तोह समझ आ hi गया था और बाकी का आधा अभी जो मई बोलने वाला tha,usse पता लग जाना था....

पर कुछ बोलने से पहले मैंने मन hi मन शैला और रोनित को खड़े होने को kaha....dono खड़े हो गए........

और फिर मेरे लैब हिले.....

मई- मई ईश्वर पुत्र VIKRAM,LORD ऑफ़ एंगेल्स की हैसियत और अधिकार से, NISHKALIKA,TUMHARE अंदर मौजूद मेरे स्पीयर की शक्ति और MADDOX,TUMHARE अंदर मौजूद हौली वाटर की शक्ति तुमसे वापस लेता हूँ......

मेरे ये बोलते hi निष्कलिका और मैडोक्स की एक बार और चीख निकल गयी.....

उन दोनों के शरीर के अंदर मौदूद साड़ी वाइट एनर्जी उनके शरीर से बाहर आकर मुझमे सामने लगी और जैसे hi साड़ी एनर्जी मेरे अंदर समायी........

निष्कलिका और मैडोक्स में खड़े होने तक की शक्ति नहीं बची थी पर इससे पहले की दोनों नीचे गिरते............

साईंनननन..........

साईंनननन..........

रोनित और शैला की तलवार एक एक बार चली और अगले hi पल निष्कलिका और मैडोक्स का सर उनके धड़ से लगा होकर गिर गया......

भुविका- NAHIIIIIIIIIIIIIIIIII..............

आज के लिए इतना HI.....

आपका अपना V..J......
 
उस मैदान में जो कुछ भी HUA,WO भुविका ने भी देखा था... भूवुका के इंट्रो अपडेट में मैंने कहा था की उससे अपनी बेहेन के आगे कुछ भी सही गलत नहीं दीखता... इस कहानी को समझने न एक मूल मंत्र है और वो ये की जो भी हो रहा है या HOGA,WO या तोह विक्रम की मर्ज़ी से हो रहा है या फिर ास्मोडियस KE...PURI कहानी इन दो चरक्टेर्स के मैजिक और लॉजिक के ऊपर है.. जब भी कोई कन्फुसिंग सन आप PADHEN,TOHNUS बात को याद RAKHIYEGA...YUNHI साथ बने रहिये
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपनी स्पीयर की ताकत को पा लेता है पर वो पावर थोड़ी उन्स्तब्ले हो जाती है वहीँ निष्कलिका और मैडोक्स के जीवन का भी अंत हो जाता है

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे हौली स्पिरिट )

अपडेट-80

प्लेनेट- एअर्थ

प्लेस- कॉलेज कैंटीन

BHAI,MERA तोह कल का हैंगओवर अभी तक नहीं उतरा.....

अंजलि- हैंग over????kal तूने ड्रिंक लिया था????

रोनित- ड्रिंक लेता तोह तेरे सामने थोड़ी न कुछ कहता....

अंजलि- क्या?????

वो तोह गनीमत है की रोनित ने अपनी बात धीरे से कही थी जिस वजह से अंजलि को कुछ भी ठीक से सुनाई नहीं दिया वर्ण आज लड़के की लग जानी थी.....

रोनित- अरे yaar,mai शराब के हैंगओवर के बारे में नहीं बल्कि कल जो हमने ग्लूटो में झंडे गाड़े उसके हैंगओवर के बारे में बात कर रहा हूँ..

मेरे दिमाग में अब भी वही सब चल रहा है....

सुबह का वक़्त hai.GLUTO का समय चक्र हमारे प्लेनेट के मुकाबले तेज़ चलता है.....

ग्लूटो के एडवेंचर को ख़त्म करके हम कल रात hi वापस आये the...par जब हम वापस एअर्थ पहुंचे तोह 1 वीक निकल चूका था...

और वापस आते hi जब मैंने ये बात अपने दोस्तों को बताई तोह सभी शॉकेड हो गए पर ये बात सभी को पहले से hi पता थी की हमारे ग्लूटो जाते hi हमारी जगह हमारे क्लोन्स ने ले ली थी.....

मैंने सबको गायब करके उनके कमरों तक पहुंचा दिया था......

और आज हम तीनो रेडी होकर कॉलेज में मिले पर क्यूंकि अब फाइनल एक्साम्स नज़दीक थे इसीलिए क्लासेज लगने बंद हो गए थे इसीलिए हम तीनो ने कैंटीन में डेरा डाला......

अंजलि- मज़ा तोह तुझे और शैला को aaya......hum तोह बाकियों की hi तरह बस ऑडियंस बनकर बैठे हुए थे.....

रोनित- अरे यार मई लड़ूँ या तू lade,baat तोह एक hi है ना.....

अंजलि- हाँ वो भी hai....waise आज अवनि और शनाया दोनों नहीं आये.....

मई- शनाया फाइनल पेपर के प्रेप्स करने से पहले एक बार अपने घर धवलगढ़ गयी हुई है....

अंजलि- और अवनि????

मई- पता नहीं......

ये बोलकर मई दूसरी तरफ देखने लगा और वहीँ रोनित और अंजलि एक दूसरे की तरफ....

अंजलि ने मेरे हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया.....

अंजलि- तू हमें कह सकता था न की अवनि को ना ले जाय जाए......

मई- उससे बुरा लगता......

रोनित- वो तोह अब भी लग रहा है....

मई- फर्क है.....

अंजलि- मई बात करूँ उससे....

मई- जस्बात कोई सबक नहीं...

जो समझाना पड़े...

मंज़िल hai,jisse पाने के

लिए चलना पड़ेगा...

चाहे जितना दूर जाना पड़े...

ये बोलते वक़्त मई कुछ उदास सा था जिससे मेरे दोनों फ्रंज भांप गए....

रोनित- भाई वैसे एक बात bata,AVNI उस प्रिंसेस se,kya नाम था उसका?????

अंजलि- अलेसेन्द्र.

रोनित- haan,ALESENDRA से क्या बातें कर रही thi...i मैं उन दोनों की फर्स्ट मुलाकात थी पर ऐसा लग नहीं रहा था...

अंजलि- अरे मुझे तोह दोनों एक सी लग रही thi....i mean,dono hi अलग hain,par जब दोनों साथ कड़ी थी थी मुझे ऐसा लग रहा था मानो दोनों जुड़ सी गयी हैं....

दोनों को देखकर एक सी फीलिंग आ रही थी.....

रोनित और अंजलि की बात सुनकर मई मुस्कुरा diya....ab उन्हें क्या बताता की हम दो भाइयों के dimag,usse पैदा होने वाली सोच तोह काफी अलग अलग हैं पर दिल के मामले में हमारी चॉइस एक सी है.....

जिस तरह के चेहरे की खूबसूरती से उससे प्यार हुआ tha,ussi चेहरे सा एक चेहरा, जिसकी सादगी से मेरा भी दिल मचल गया था...

और इन सब से upar,ALESENDRA और अवंतिका दोनों में दो और चीज़ थी जो एक सी थी...

एक तोह उन दोनों के नाम का पहला अक्षर और दूसरा उनके दिल की सच्चाई......

रोनित- अब्बे कहाँ खो gaya....bolega कुछ...!!!

रोनित की आवाज़ से मई अपनी सोच से बाहर आया...

मई- क्या bolun...tera सवाल hi बकवास है...

अब गर्ल्स टॉक के बीच भी अपने कान घूसों क्या.....????

अंजलि- बिलकुल सही kaha..aur तुझे क्यों जानना है की वो दोनों क्या बात कर रही थी???

रोनित- अरे मई तोह बस ऐसे hi....

मई- अब्बे ये सब बातों को छोड़ कर अपने इन्कम्प्लीट सिलेबस के ऊपर ध्यान de.....exams पास hi हैं......

चलो मेरे ghar...kuch पदहई भी कर लेते हैं....

रोनित- अब्बे तुझे पढ़ने की क्या ज़रुरत hai???aisa क्या है जो तुझे नहीं पता...

मई- बीटा तुझे तोह hai..aur मुझे पता है की अगर तू अपने घर गया तोह सीधे सो जाएगा इसीलिए मेरे घर चलो तुम दोनों...

हम तीनो उठे और पार्किंग की तरफ निकला पड़े....

ये तीनो तोह घर जा रहे हैं और अभी फ़िलहाल एक्साम्स तक इनकी लिफेस नार्मल या ये कहूं बोरिंग HI रहने वाली है इसीलिए फ़िलहाल के लिए चलिए कल में वापस चलते हैं और देखते हैं की निष्कलिका और मैडोक्स के मरने के बाद क्या हुआ......

ा स्माल फ्लैशबैक फ्रॉम यस्टरडे

लार्ड ऑफ़ एंगेल्स को हमारा नमन....

ये कहकर लार्ड क्रूसेडर ने मेरे आगे झुक कर हाथ जोड़ दिए..

और ठीक उनके बाद यही चीज़ उनके साथ खड़े किंग सोलोमोनौर उनकी पत्नी अश्ली ने भी किया..

पर जैसे hi अलेसेन्द्र मेरे आगे झुकने को hui,maine उससे रोक दिया....

MAI-aapko मेरे आगे झुकने की ज़रुरत नहीं है ALESENDRA...aapne मेरी जान बचायी थी...

और उसके upar,naa चाहते हुए भी हम दोनों एक बोहोत hi मज़बूत रिश्ते में भी बंधे हुए हैं जिसमे आपका किरदार हाथ जोड़ने का नहीं बल्कि मेरे सर पर अपने हाथ रख आशीर्वाद देने का है.....

अलेसेन्द्र- आप का कथन सत्य है विक्रम..... पर उस रिश्ते से भी ऊपर आपकी पहचान है जिसके आगे पुरे ब्रम्हांड का नतमस्तक होना अनिवार्य है....

मई- उस पहचान के आगे आप पहले hi झुक चुकीं hai...is वक़्त मई आपके सामने लार्ड ऑफ़ एंगेल्स की हैसियत से नहीं बल्कि एक मित्र के हैसियत से खड़ा हूँ.....

मेरी बात सुनकर अलेसेन्द्र के चेहरे पर एक मुस्कान नाच gayi....aur ऐसी hi मुस्कान वहां खड़े हर एक व्यक्ति के चेहरे पर थी सिवाए अवंतिका के..

उससे तोह समझ hi नहीं आ रहा था की मई अलेसेन्द्र से किस रिश्ते की बात कर रहा हूँ पर इस वक़्त वो अपने hi गम में इतनी ज़्यादा डूबी हुई थी की उसने इस बात पे ज़्यादा ध्यान नहीं दिया...

मई- डिफेंडर...........

मुझे आगे कुछ कहना hi नहीं pada,DEFENDER जानता था की मई क्या पूछना चाहता हूँ इसीलिए उसने बस अपना नाम सुनते hi बोलने शुरू कर दिया.....

डिफेंडर- गृह सेतु का काम कुछ hi दिनों में पूरा हो जाएगा.....

किंग सोलोमन- लार्ड ऑफ़ एंगेल्स......

मई- VIKRAM....aur अगर ये नाम भी बड़ा लग रहा है तोह आप मुझे पुत्र कह सकते हैं...

मेरी बात सुनकर किंग सोलोमन खुश हो गए....

किंग सोलोमन- putra,hamara आपसे एक निवेदन hai...hum चाहते हैं की इस गृह सेतु का सबसे पहला उपयोग आप करें...

डिफेंडर- हाँ LORD,aapke आशीर्वाद और कृपा के बिना ये सेतु बनाने का कार्य कभी संभव hi नहीं हो paata.....kripya इस निवेदन को मान कर हमारे ग्रहों में अपने चरण रख हमे पावन करें.....

मई- मैंने पहले hi कहा है आपसे की मैंने नाही आप पे कोई कृपा की है नाही ये मेरा कोई आशीर्वाद है...

ये आपकी खुद hi की म्हणत और बलिदान का नतीजा है की आपको आपकी पुराणी शक्तियां वापस मिली हैं....

और किंग SOLOMON.....aapko मुझसे कोई भी निवेदन करने की आवश्यकता नहीं hai...aapne मुझे पुत्र कहा है तोह ये मेरा फ़र्ज़ बनता है की मई आपकी हर इच्छा पूरी करूँ....

और आपकी जो इच्छा है वो मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी किन्तु अभी मई ये नहीं कर paaunga.....aapko कुछ वक़्त तक इंतज़ार करना होगा???

डिफेंडर- आपके चरण हमारे ग्रहों में पुनः padenge,yahi हमारे लिए सौभाग्य की बात hai...hum इंतज़ार करेंगे.....

इसके बाद मैंने किंग सोलोमन लार्ड क्रूसेडर और बाकी के लोगों को मेरे पाँचों दोस्तों से मिलवाया.....

लार्ड क्रूसेडर किंग सोलोमन और उनकी फॅमिली सभी से मिलकर बोहोत खुश hue,khaas करके रोनित और शैला से..

अभी अभी उनका पराक्रम जो देखा था उन सब ने.....

अभी लार्ड क्रूसेडर मुझसे कुछ कहने hi वाले थे की इतने में मोकलसर मेरे पास आया...

मोकलसर- VIKRAM,bahar यहाँ की साड़ी प्रजा कड़ी हुई है और वो सब तुम्हे एक और बार देखना चाहते हैं....

मई- मुझे भी एक घोषणा करनी hai...chalo......

फिर मई वहां के सभी लोगों को लेकर खेमे के बाहर आया जहाँ इस वक़्त ग्लूटो की पूरी प्रजा कड़ी thi...jahan तक नज़र जाएँ वहां तक लोग hi लोग खड़े थे....

मेरे बाहर आते hi वो सभी अपने घुटनो पर बैठ गए...

मई- खड़े हो जाईये........

मैंने ये सब धीरे से बोलै था पर मेरी आवाज़ उन प्रजा की भीड़ में खड़े आखरी व्यक्ति के कानो में भी बराबर hi सुनाई दे रही थी...

मई- अबसे यहाँ पर कोई भी युद्ध स्पर्धा कभी आयोजित नहीं hogi...aur नाही यहाँ का शाशक कभी किसी चुनौती के बल पर बदलेगा.....

शैला ,सामने आओ.....

शैला मेरे पास आकर कड़ी हो गयी....

मई- आज से इस गृह की नयी शाशक नयी रानी शैला होगी....

जहाँ मेरी बात सुनकर पूरी प्रजा खुश हो gayi,wahin शैला मुँह फाड़े मेरी तरफ देखने लगी....

मई- क्या hua??itni हैरान क्यों हो..???

शैला- मई कैसे???

मई- तुमने अपनी ज़िन्दगी में बोहोत तकलीफे झेलीं है इसीलिए तुम अपनी प्रजा की साड़ी परेशानी को ना सिर्फ समझोगी बल्कि उन्हें कुशलता पूर्वक दूर भी करोगी....

शैला- पर मुझे कोई भी राजनितिक फैसले या मसले संभालना नहीं आता....

मैंने शैला की बात सुनकर किंग सोलोमन और लार्ड क्रूसेडर की तरफ देखा...

लार्ड क्रूसेडर- उसकी चिंता मत करो putri..wo हम तुम्हे सिखाएंगे.....

किंग सोलोमन- bilkul......aur मुझे भी इस बात का यकीं है की तुम एक बोहोत अछि शाशक बनोगी....

इसके बाद शैला ने कुछ नहीं kaha...kuch hi देर में उसकी ताजपोशी भी हो गयी.....

MAI-kisi भी मनुष्य की सरलता hi उसका सबसे मेहेंगा आभूषण होता है शैला....

भले hi तुम्हे अपने मस्तिष्क को एक रानी की तरह दौड़ना pade,kathor करना पड़े पर अपने ह्रदय को हमेशा कोमल hi बनाये रखना....

शैला ने कुछ नहीं कहा बस मुझसे गले लग gayi....abhi भी उसके आन्ह्कों से बारिश hi हो रही थी पर ये बारिश ख़ुशी की थी...

मई उससे अलग हुआ और मैंने मोकलसर और अक्षांत को आवाज़ di...dono hi मेरे पास आ गए...

लार्ड क्रूसेडर अब भी मेरे पास hi खड़े थे...

मई- लार्ड CRUSEDAR,aap कुछ कहना चाहते हैं???

लार्ड क्रूसेडर- आप से क्या छुपा हुआ है...???

मई- hmm...AKSHAANT,MOKALSAR....aaj से तुम दोनों को वारियर्स वर्ल्ड के लोगों को युद्ध कला में पारंगत बनाना hai....kya तुम दोनों इसके लिए तैयार हो???

अक्षांत- तुमने कह diya,samjho हो गया......

मई- लार्ड CRUSEDAR,MOKALSAR और अक्षांत भी शैला के hi बराबर के योद्धा hain..isiliye आप निश्चिन्त रहिये...

ये सब संभल लेंगे...

लार्ड क्रूसेडर कुछ कह नहीं paaye...wo बोहोत ज़्यादा खुश दिख रहे थे...

तभी मेरी नज़र अलेसेन्द्र पर गयी जो ावनतिका से बात कर रही थी और बात करने के बाद वो मेरे पास आने लगी..

मई भी उसकी तरफ चल दिया....

अलेसेन्द्र- एक बात पूछूं विक्रम???

मई- V.J....mere दोस्त मुझे V.J बुलाते हैं...

पर अलेसेन्द्र ने कुछ कहा नहीं बस मेरी आँखों में देखने लगी....

मई- क्या hua??aise क्या देख रही हो...???

अलेसेन्द्र- देख रही हूँ की तुम्हारी और अवंतिका के चेहरे के भाव कितने मिलते जुलते हैं..

मई- मतलब???

अलेसेन्द्र- मतलब तुम दोनों के hi चेहरे पर मुस्कराहट दिख रही है पर आँखें दर्द से ढकीं हुई है.....

ऐसा तोह तभी हो सकता है जब दो लोगों की ख़ुशी और gum,ek दूसरे से जुड़े हुए हो...

अलेसेन्द्र की बात सुनकर इस बार मई उसकी आँखों में देखने लगा...

MAI-uski आँखों में वही दर्द है अलेसेन्द्र जो ास्मोडियस की असलियत जानने के बाद तुमने महसूस किया था..

बस फर्क सिर्फ इतना है की ास्मोडियस की असलियत जानते वक़्त तुम्हे उसके पापों का भी ज्ञान हो गया था इसीलिए तुम्हारे मन में एक साथ अनेको विचारों ने जन्म लिए जिसकी वजह से तुम सामान्य hi रही पर अवंतिका के मामले में ऐसा कुछ नहीं है...

मेरी बात सुनकर अलेसेन्द्र शॉकेड हो गयी...

उसकी ये हालत कुछ देर तक रही पर फिर धीरे धीरे उसकी सोच ने मेरी सोच को समर्थन दिया....

उसने एक बार पलट कर अवंतिका को देखा जो फ़िलहाल शैला के साथ कड़ी होकर बात कर रही थी.....

अलेसेन्द्र को उसकी हालत पर तरस आ गया...

अलेसेन्द्र- तुम्हे तोह सब कुछ पता रहता hai..fir तुम उसकी ये बेचैनी ख़त्म क्यों नहीं कर देते.....

मई- तुम्हारे सवाल में hi तुम्हारा जवाब छुपा हुआ है....

अलेसेन्द्र को मेरी बात का मतलब समझ में नहीं आया...

मई- ज़्यादा मत socho..jab सहीं वक़्त aayega,toh सबसे पहले तुम्हे hi पता चलेगा...

इसके बाद अलेसेन्द्र और मेरे बीच कुछ और देर तक बातें hui.is दौरान एक बार जैसे hi मेरी नज़र अवंतिका पर gayi,toh अवंतिका हड़बड़ा गयी क्यूंकि वो मेरी hi तरफ देख रही थी..

उसने तुरंत अपनी नज़रें घुमा ली.....

आँखों में आंसू नहीं हैं

आँखें फिर भी नुम hi हैं..

हमारी कोई गलती नहीं

फिर भी कुसूरवार हम hi हैं..

khair,maine भी नज़रें अवनि से हटली और अलेसेन्द्र को लेकर लार्ड क्रूसेडर और किंग सोलोमन के पास पहुंचा....

मई- हमारे जाने का वक़्त हो चूका hai..ab आप सब हमे इजाज़त दें....

लार्ड क्रूसेडर और उनके साथ आये सभी ने फिरसे मेरे आगे हाथ जोड़ दिए....

किंग सोलोमन- गृह सेतु से पहली यात्रा आप hi को करना hai....hume आपका इंतज़ार रहेगा.......

मई- इंतज़ार तोह मुझे भी rahega....aapki संपत्ति जो आपको पुनः लौटानी है किंग सोलोमन.....

मेरी बात सुनकर सब chownke...kisiko भी मेरी बात का मतलब समझ नहीं आया...

मई- फाउंटेन ऑफ़ लाइट........

मेरी बात सुनकर एक बार फिर सब चौंके पर अगले hi पल सबके चेहरे खिल गए....

अलेसेन्द्र- अरे haan..ye मई कैसे भूल gayi...usse तोह बस तुम hi ढूंढ सकते हो....

मई- जानता हूँ....

इसके बाद मई एक बार फिर सबसे mila...SHAILA को एक और बार रानी बनाने की बधाई di...mai अभी भी यहाँ हूँ ये जानने की वजह से प्रजा अब भी बहार hi कड़ी थी.....

मई एक बार बहार gaya.mujhe देखते hi वो सब फिरसे मेरे ओहदे का नाम लेकर चिल्लाने लगे...

मैंने अपना हाथ ऊपर कर सबको शांत किया..

वैसे तोह मई मुस्कुरा रहा था पर मेरी आँखों में बेचैनी थी....

और वो इसीलिए क्यूंकि उस भीड़ में एक चेहरा नदारद था....

भुविका...... जो इस वक़्त एक बंज़र सी जगह पर बैठी रो रही थी.....

निष्कलिका और मैडोक्स क्यूंकि काली शक्तियों के प्रतीक थे इसीलिए उनके मरते hi उनका शरीर धुंए में बदल कर गायब हो चूका था और उनकी साड़ी काली शक्तियां अपनी मंज़िल पर पहुँच चुकी थी...

वहीँ इस वक़्त भुविका के चेरे पर कई भाव आ जा रहे थे पर जो हुआ उससे देखते हुए ये साड़ी चीज़ें तोह स्वाभाविक थी..

मुझे बेचैनी भुविका के दिल की वजह से हो रही थी....

जितने भी भाव इस वक़्त उसके चेहरे पर आ जा रहे the,wo तोह उसके दिमाग के उपज थे पर इस वक़्त उसका दिल एक दम कोरा था....

मतलब भाव shunya...naa कोई dard,naa कोई और bhaav...aisa लग रहा है जैसे उसके दिल की साड़ी भावना ख़त्म हो गयी है....

और ये कोई छोटी मोती बात नहीं thi...aisa कुछ होते हुए मई पहली बार देख रहा था....

पर मई इस बारे में कुछ कर नहीं सकता tha.....aur नाही भुविका को समझा सकता था क्यूंकि भुविका के लिए निष्कलिका की सच्चाई से ज़्यादा उसका प्रेम प्रिय था...

अगर निष्कलिका और इस ब्रम्हांड के बीच में से भुविका को कुछ चुनना hota,toh भी भुविका अपनी बेहेन को hi chunti...aise विचारों के स्वामी को समझाया नहीं जा सकता...

मैंने एक लम्बी सांस छोड़ी और भुविका नाम के विचार को अपने दिमाग से जाने दिया.....

अवंतिका रोनित और अंजलि मेरे पास आ गए the...maine एक बार फिर सबसे अनुमति ली और हम तीनो गायब हो गए.....

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस...

बिल्जेबब- ऐसा कब तक चलेगा FATHER.????VIKRAM एक के बाद एक नयी शक्तियां पाते चला जा रहा है और हम कुछ भी नहीं कर रहे हैं.....

ना आप उससे रोक रहे हैं ना मुझे रोकने दे रहे हैं....

ास्मोडियस- हहहहहहह............

बिल्जेबब की बात सुनकर ास्मोडियस हसने laga....wahin बिल्जेबब अपने पितः को यूँ अचानक हस्ते देख सोच में पद गया...

ास्मोडियस- दो baatein..pehli की विक्रम को हम नहीं सिर्फ मई रोक सकता hun....usse रोकना तुम्हारे बस की बात नहीं है..

और इसका एक छोटा सा उदहारण तुम उस ढाबे में देख hi चुके हो....

बिल्जेबउब ास्मोडियस की बात सुनकर शर्मसार हो गया......

ास्मोडियस- और दूसरी baat...USSE नहीं UNHE......mat भूलो की विक्रम मेरा भाई hai.....rishte और ओहदे में वो तुमसे कई गन आगे है....

जब भी उसका नाम lo,izzat से लो.....

और जहाँ तक उसके शक्तियों को पाने और उससे रोकने की बात है तोह तुम ये नहीं देख पा रहे हो की उससे वो शक्तियां किस कीमत पर मिली हैं..

जबकि वो साड़ी शक्तियां तोह उसी की thi..mai चाहकर भी उन्हें हासिल नहीं कर सकता था तोह उससे रोकने का क्या फायदा....

पर अब वो वक़्त दूर नहीं जब ास्मोडियस और विक्रम आमने सामने होंगे......

बिल्जेबब- kya???sach..!!!!!kya मई...

ास्मोडियस- ठीक hai....par उससे पहले कुछ और होना बाकी है!!!!!

बिल्जेबब- क्या???

ास्मोडियस ने कुछ कहा नहीं बस बिल्जेबब को सामने देखने का इशारा किया...

और जैसे hi बिलजुबूब ने सामने देखा वो शॉकेड हो गया क्यूंकि उसके सामने कोई बैठा हुआ था....

शॉकेड सिर्फ बिल्जेबब नहीं हुआ tha,us शक्श की भी आँखें हैरत से बड़ी हो गयी थी....

अब अचानक जगह बदलेगी तोह शॉक तोह लगेगा hi ना.....

फिर जब उस शक्श की नज़र सामने गयी तोह उससे फिर से शॉक लगा...

उसके सामने दो लोग थे जो गर्दन से पेअर तक काले लिबास में बैठे उससे hi घर रहे थे..

ास्मोडियस- तुम्हारा स्वागत है भुविका....

आज के लिए इतना HI...

आपका अपना V..J....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम शैला को ग्लूटो की नयी महारानी बना देता है वहीँ भुविका अपने आप को अचानक ास्मोडियस के सामने देखकर शॉकेड हो जाती है....

अब आगे

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट- 81

PLANET-EARTH

प्लेस- कॉलेज कैंपस

HAASH........finally बुखार ख़त्म हुआ.......

अंजलि- ....WHATTT...tujhe बुखार था और तूने मुझे बताया तक nahi.....dekhun toh,kahin अब भी फीवर तोह नहीं है.....

ये बोलकर अंजलि रोनित के माथे पर हाथ रख कर चेक करने लगी वहीँ मई ज़ोर ज़ोर से हसने लगा...

मुझे हस्ता देख अंजलि सवाल भरी आँखों से मेरी तरफ देखने लगी की तभी रोनित भी मेरी तरह हसने लगा....

अंजलि- तुम दोनों का दिमाग ख़राब हो गया है kya???yun बिना वजह हसे जा रहे हो...

MAI-hamara दिमाग ख़राब नहीं हुआ hai,tera दिमाग चलना आज कल कुछ काम हो गया है...

अंजलि- मतलब??

मई- मतलब ये तेरा B.F बॉडी के बुखार की नहीं एक्साम्स के बुखार की बात कर रहा है..

अंजलि- oh,toh सीधे सीधे नहीं बोल सकता क्या तू.....

मई- lai,isne आज तक कोई बात सीधी सीधी बोली है जो आज बोलेगा....

और तू saale,bol तोह ऐसे रहा है जैसे साल भर दिन रात मेहनत की थी तूने एक्साम्स के liye,kyun???

रोनित- अब्बे तूने जो पिछले एक महीने से मेरी दिन रात लगा राखी है naa,usme मेरा साल भर का kya,do साल की पढ़ाई का कोटा भी पूरा हो गया है...

रोनित की बात सुनकर अंजलि और मई हसने लगे.....

ऐसे hi हसी मज़ाक करते हुए हम कैंटीन पहुँच गए....

आज हमारा फर्स्ट ईयर का फाइनल एग्जाम ख़त्म हुआ hai...GLUTO से वापस आये आज हमे एक महीने से ऊपर हो चूका है....

इस एक महीने में मैंने रोनित से दिन रात पढ़ाई करवाई hai...is दौरान बाकी सब तोह नार्मल रहा hai,bas एक चीज़ बदली है और वो क्या हो सकता है, इसके बारे में तोह आप सब जानते hi हैं..

वो है अवंतिका का मेरे प्रति rawaiya...waise तोह वो सबके सामने हस्ते मुस्कुराते रहती hai,mujhse भी बातें करती hai,par जब भी वो मेरे सामने आती है और मुझसे बात करती है तोह उसके रवैये और बोलचाल में हलकी झिझक रहती है....

ये बात शनाया ने तोह नोट नहीं की पर मेरे दोस्तों ने इस बात पर हमेशा गौर किया है..

वो दोनों इस बारे में अवंतिका से बात भी करना चाहते थे पर मैंने उन्हें रोक दिया...

दिल की बातें समझायी नहीं जाती बल्कि खुद समझी जाती हैं....

मई जानता था की उसका वजूद मेरी हक़ीक़त को अपनाने से दर रहा hai,par इस जुंग को उससे खुद hi जितना tha..apne दर को उससे खुद hi हराना था....

khair,is बारे में मई जब कुछ कर नहीं सकता था सोच कर क्या फायदा..

मैंने भी अवंतिका की झिझक के ऊपर उससे कुछ कहा नहीं और वो ज़्यादा उनकफोराबले ना ho,isiliye मई उसके सामने काम hi आता था....

रोनित- चल भाई शुरू हो जा और बता क्या प्लान है???

अभी हम बैठे hi थे की रोनित भाई ने अपना मुँह फाड़ दिया....

अंजलि- प्लान कैसा प्लान???

रोनित- इस्ला का और कहाँ ka.humara अगला एडवेंचर वही है ना.....

मई- मेरे पास एक बाद न्यूज़ है और एक गुड news..batao,pehle क्या सुन्ना चाहोगे....???

रोनित- अब ये क्या बात hui??chal ठीक hai,pehle बाद न्यूज़ सुनादे फिर गुड सुना दियो....

कमसेकम बाद न्यूज़ सुनके जो मूड ऑफ hoga,usse ठीक करने के लिए कुछ तोह बचा होगा....

मई- तोह बाद न्यूज़ ये है की इस्ला मई जा रहा hun,tum दोनों नहीं.......

दोनों- व्हाट????

रोनित- kyun,hum क्यों नहीं जाएंगे....???

मई- तुम दोनों अभी तैयार नहीं हो...

अंजलि- matlab???itna कुछ तोह सिख गए हैं और तूने hi तोह कहा था की हमसे बेहतर योद्धा शायद hi कोई होगा!!!

मई- वो भी एक सच था और जो मई अभी कह रहा हूँ वो भी एक सच है.....

कुछ चीज़ें मई तुम्हे अभी नहीं बता सकता पर यकीं maano,sahi वक़्त आने पर तुम दोनों को सब पता चल जाएगा.....

मेरी बात सुनकर रोनित और अंजलि दोनों उदास हो गए....

मई- अरे यार तुम दोनों उदास मत ho...abhi गुड न्यूज़ बाकी है....

रोनित- saale,pura मूड ऑफ करके बोलता है की गुड न्यूज़ बाकी है....

मई- ाचा मतलब तुम दोनों को गुड न्यूज़ नहीं सुननी hai,right!!!!

अंजलि- अब ज़्यादा भाव मत khaa,aur बता क्या गुड न्यूज़ है...

मई- उससे पहले ये बताओ की अगले हफ्ते क्या है???

रोनित- यार वैसे hi तूने दिमाग ख़राब कर दिया hai..ab ये कौन बनेगा क्रोरेपति खेलकर मूड और ख़राब मत कर.....

MAI-abbe मई कौनसा तुझे 4 ओप्तिओंस दे रहा hun...sidha सा सवाल hai,uska जवाब दे....

अंजलि- हैंग on,hang on....mujhe पता है तू किस दिन के बारे में बात कर रहा है...

अंजलि जो मेरी बात सुनकर सोचने लग गयी thi,uske दिमाग की बत्ती जाली....

अंजलि- नेक्स्ट ट्यूसडे अंकल आंटी की मैरिज एनिवर्सरी है....

रोनित- ोये तेरी ki...ye मई कैसे भूल गया...

मई- क्यूंकि तेरे दिमाग में भूसा भरा हुआ है....

अंजलि- तू इस गुड न्यूज़ की बात कर रहा था....!!!!

मई- nopes.....good न्यूज़ ये है की इस बार हम सब माँ डैड की एनिवर्सरी सेलिब्रेट करने स्विट्ज़रलैंड जा रहे हैं......

दोनों- व्हाट?????

मई- ु हर्ड में....

रोनित और अंजलि ने मुझे दोनों साइड से हुग कर लिया....

रोनित- क्या न्यूज़ सुनाई है तूने भाई मज़ा आ गया....

अंजलि- हाँ yaar...ye मेरा स्विट्ज़रलैंड का फर्स्ट ट्रिप hoga....maza आ जायेगा....

रोनित- वो तोह मेरा भी फर्स्ट टाइम hi hai....chal,ghar चलकर सबको ये प्लान बताते हैं....

अंजलि- हाँ फिर होटल वगैरह भी तोह बुक करनी होगी ना....

मई- घर में सबको पता hai....aur मैंने होटल भी बुक कर लिया है.....

अंजलि- kya???matlab ये सब प्रेपलन्नेड़ था जिसके बारे में सबको पता था सिवाए हम दोनों के....

मई- haan..warna ये महाराज स्टडी में ठीक से कंसन्ट्रेट नहीं कर पाते....

अंजलि- haan,ye तोह hai....par अब तोह हमे भी पता चल hi गया है naa.ab यहाँ से जाते hi मई शॉपिंग करने जाउंगी....

SHOPPING...!!!!!!WOW..........yun achanak....anything स्पेशल!!!!!!!

अंजलि की बात सामने से आती हुई शनाया ने सुन ली thi.uske साथ अवंतिका भी थी जिसने एक बार मेरी तरफ देखा पर फिर अपनी नज़र बाकियों की तरफ घुमा ली....

अब ये मेरे लिए नार्मल हो गया था इसीलिए मैंने भी ज़्यादा गौर नहीं किया....

अंजलि- haan,special तोह hai...next ट्यूसडे मीनू आंटी और जयराज अंकल की मैरिज एनिवर्सरी है.

RONIT/ANJALI-aur हम सब उससे सेलिब्रेट करने के लिए स्विट्ज़रलैंड जा रहे हैं...

ये बोलकर दोनों बच्चो की तरह शोर मचने लगे...

मई- अरे कोई चॉकलेट लाकर दो मेरे दोनों बच्चो को.....

मेरी बात सुनकर शनाया हसने लगी वहीँ अवंतिका के चेहरे पर भी हलकी सी मुस्कान नाच गयी.....

अंजलि- chupkar....ek तोह हमारे बिना hi सब प्लानिंग कर लेता है और अब जब हमे पता चला है तोह क्या हम खुश भी ना हों...

शनाया- ओह तोह ये सब V.J का प्लान है....

रोनित- और नहीं तोह kya????aur पता hai,iske बारे में हमारे घर वालों को भी पहले से पता hai,bas हम दोनों को hi अभी पता चला...

मई- अब्बे बताया तोह की तेरी कंसंट्रेशन ख़राब ना हो इसीलिए नहीं छुपा कर रखा था...

शनाया- अरे वो सब chhodo....the पॉइंट इस की तुम सब स्विट्ज़रलैंड जा रहे ho....yaar,tum सब कितने लकी हो.....

अंजलि- अरे तोह तुम दोनों भी लकी बन जाओ naa.humare साथ चलो....

अंजलि की बात सुनकर शनाया और अवंतिका शॉकेड हो गए...

शनाया- कुछ भी naa...tum सब लोनावला नहीं स्विट्ज़रलैंड जा रहे ho...aise hi चले जाएँ क्या हम भी....

रोनित- ऐसे hi matlab!!!toh क्या तुम दोनों को ले जाने के लिए हमे पहले इनविटेशन कार्ड देना होगा....

शनाया- अरे यार इतने शार्ट नोटिस में टिकट्स कहाँ से अवेलेबल honge..i mean,tum सब hi इतने सारे लोग हो तोह फ्लाइट तोह फुल हो hi चुकी होगी..

शनाया की बात सुनकर अंजलि और रोनित हसने लगे वहीँ अवंतिका और शनाया उन्हें सवाल भरी नज़रों से देखने लगे....

शनाया- हमने कोई जोके मारा क्या???

रोनित- जोके hi तोह मारा hai..tujhe किसने कहा की हममे स्विट्ज़रलैंड जाने के लिए टिकट्स की ज़रुरत पड़ेगी???

शनाया- मतलब???!!!!

अंजलि- मतलब ये की जयराज अंकल के पास अपना खुदका प्लेन है और हमे जब भी कभी किसी फॉरेन कंट्री में हॉलिडे के लिए जाना होता है तोह हम उसी में जाते हैं...

अंजलि की बात सुनकर शनाया और अवंतिका की आँखें बड़ी हो गयी और इससे पहले की वो अपने भाव व्यक्त करते

मई- अब प्लीज haan,oh माय गॉड से शुरू होने वाली कोई स्टेटमेंट मत देना...

अब प्लेन है तोह hai...not ा बिग deal....tu बस इतना बता की साथ चलेगी की nahi.....agar तेरे पास पासपोर्ट नहीं भी है तोह टेंशन ना le,banwa देंगे...

शनाया- नहीं पासपोर्ट तोह hai....par एक बार घर वालों से पूछ लेते हैं...

मई- cool.aur अगर कोई प्रॉब्लम हो तोह रोनित और अंजलि को बता dena..ye तुम्हारे घर आकर तुम्हारे माँ डैड को मन लेंगे...

वैसे तोह अब हमारे और अवंतिका के घर वालों के बीच सब कुछ नार्मल tha..bohot सी सोशल गाथेरिंग्स में हमारी मुलाकात भी हो जाय करती थी...

पर फिर भी मैंने उनके घर में घुसके जो दबंगई दिखाई thi,uski वजह से मई कभी उनके घर नहीं जाता था....

और ये बात शनाया और अवंतिका भी जानते the..dono ने मुझे कई बार कहा भी की मेरे बारे में जब भी उनके घर में बात होती है तोह उनके घर वाले हमेशा मेरे लिए पॉजिटिव रिएक्शंस hi देते हैं पर फिर भी मैंने अवॉयड hi किया...

शनाया- ठीक hai...hum शाम तक बताते हैं.....

मई- ठीक है fir..aaj काफी लेट हो गया hai...ab घर निकलना चाहिए....

ये बोलकर मई उठ gaya.ANJALI और रोनित ने अवंतिका और शनाया को बारी बारी साइड हुग किया और मैंने सिर्फ शनाया ko...AVANTIKA को मैंने बस bye कहा....

फिर हम निकल गए....

इस पुरे दौरान बस bye बोलते वक़्त hi मैंने अवंतिका की तरफ देखा tha,baaki वक़्त मैंने उसकी तरफ नज़र भी नहीं घुमाई थी..

अवंतिका ने कई बार मेरी तरफ देखा था पर इस दौरान उसने ये रीलीज़ किया की मई उसकी तरफ नहीं देख रहा हूँ...

उसके ऊपर मैंने स्विट्ज़रलैंड जाने वाली बात पर सिर्फ शनाया को hi pucha,usse नहीं जिससे उससे बुरा laga,par अब कर भी क्या सकते हैं..

मुझे अवॉयड करने का फैसला भी तोह उसीका tha...ab हर एक्शन का कोई न कोई रिएक्शन तोह होता hi है....

khair,hamesha की तरह रोनित और अंजलि एक बाइक पर आये थे और मई apne....hum तीनो साथ hi nikle.....fir घर के रास्ते पर पहुँच कर मैंने दोनों को शाम को आने को कहा और बाइक अपने घर की तरफ घुमा दी....

घर पहुँचने पर जैसे hi मैंने बाइक को स्टैंड कर पलटा तोह मेरे दिल में एक तीस सी उठी..

ये तीस उस दर्द की थी जिसका घाव शायद ज़िन्दगी भर न भरे...

मुझसे थोड़ी hi दूर ाशी पूल के पास बैठी ऊपर आसमान की तरफ देख रही थी..

दरअसल वो अपनी माँ भागवती माँ को याद कर रही थी...

भागवती माँ के बलिदान के बाद मैंने उनका एक क्लोन बना दिया था....

भागवती माँ के क्लोन ने मेरे घर पर अपने पति की आत्मा की शान्ति की पूजा करने के लिए केदारनाथ की यात्रा पर जाने की बात कहो और मेरे नानाजी से इजाज़त मांगी.....

नानाजी से इजाज़त लेकर वो क्लोन चली गयी और फिर कभी ना लौटी....

बस ये खबर आयी की भागवती माँ का एक्सीडेंट हो गया है और उस हादसे में उनकी बॉडी तक पूरी तरीके से डैमेज हो गयी है...

अगर मई चाहता तोह उसी क्लोन को भागवती माँ की जगह ज़िन्दगी भर के लिए रख सकता था पर ये एक पाप होता...

झूठी ज़िन्दगी से ाचा झूठी मौत सही...

मेरे माँ डैड ने ाशी को गोद ले liya...AASHI छोटी ज़रूर थी पर इतनी नहीं की अपनी माँ की मौत का मतलब भी ना जान सके...

वो हमेशा गुमसुम hi रहती thi....aur हर वक़्त अपनी माँ को याद करती रहती thi...hum सब हमेशा कोशिश करते रहते उससे खुश रखने की पर कहते हैं naa,jispe बीतती है वही जानता है...

यही साड़ी बातें सोचते हुए मई उसकी तरफ बढ़ गया.....

मई- मेरी ाशी क्या कर रही है यहाँ अकेले अकेले....

ये कहकर मई उसकी साइड में बैठ गया..

ाशी- कुछ नहीं bhaiya....bas ऐसे hi बैठी हूँ....

मई उसकी आँखों में देखने laga..itni सी उम्र में अपने दर्द को छुपाने के लिए झूट बोलने का हुनर सिख गयी ये बची...

शायद अपनी माँ को खोने की वजह से ाशी वक़्त से पहले hi मातुरे होने लगी थी...

MAI-mummy की याद आ रही है??????

मेरे मुँह से मम्मी शब्द सुनते hi उसकी आँखों से आंसू बहने लगे...

मैंने उससे अपनी बाहों में समेत लिया...

मैंने उससे कुछ देर रोने diya...aur जब कुछ देर रोने के बाद उसका दिल कुछ हल्का हुआ तोह मैंने उससे खुद से अलग किया और अपने दोनों हाथों से उसके दोनों हाथों को थाम लिया..

मई- baccha,pata है जब भागवती माँ यहाँ से गयी थी ना तोह उन्होंने मुझसे कहा था की मेरी ाशी का ख्याल रखना...

अगर तू ऐसे रोयेगी तोह उन्हें लगेगा की मई तेरा ख्याल नहीं रख रहा hun...wo मुझसे नाराज़ हो जाएंगी....

मेरी बात सुनकर एक बार फिरसे ाशी के आँखों से मोती निकलने लगे...

मई- baccha,meri माँ अब तेरी भी माँ hain..agar तू यूँही उदास रहेगी तोह उन्हें कितना बुरा लगेगा....

उन्हें लगेगा की तू उन्हें अपनी माँ नहीं maanti....teri तरह वो भी रओं इ लगेंगी...

लगेंगी kya,dekh,wo रो hi रहे hai...kya तू उन्हें रुलाना चाहती है???

मेरी बात सुनकर ाशी ने झट से मेरे पीछे देखा जहाँ इस वक़्त मेरी माँ कड़ी हमारी बात सुन रही थी और उनके आँखों में आंसू थे....

ाशी झट से मेरे गोद से उठी और जाकर माँ के पैरों में चिपक गयी.....

माँ ने उससे अपनी गोद में उठा लिया....

ाशी- सॉरी mummy....ab मई नहीं roungi....please आप भी मत रोना ना..

ये कहकर ाशी माँ के आंसू पोछने लगी...

माँ- प्रॉमिस करो की फिर कभी नहीं रोज आप....

ाशी- प्रॉमिस....

माँ ने ाशी का माथा चुम लिया....

माँ- तुझे कैसे पता चला की मई तेरे पीछे हूँ....????

मई- lai,apni माँ को महसूस नहीं कर पाऊंगा तोह फिर किस्से करूँगा...

ाशी- आपकी नहीं मेरी माँ...

ाशी की बात सुनकर हम दोनों है दिए..

माँ- हाँ bacha,mai बस आपकी माँ हूँ...

मई- ठीक है fir.tu अपनी माँ rakh,mai अपना बैग रखकर आता हूँ...

ये कहकर मैंने क बार ाशी के गाल खींचे और घर अंदर चला गया...

फिर कुछ ख़ास नहीं hua..shaam को मेरे दोनों दोस्त aaye,kuch देर तक उन्हें पहले से प्लान के बारे में ना बताने की वजह से माँ से नाराज़ होने की एक्टिंग की फिर कमीने खुद hi मान गए...

फिर हम तीनो निकल गए शॉपिंग करने....

चलिए, जब तक ये तीनो शॉपिंग कर रहे hain,hum ज़रा उसी वक़्त में वापस चलते हैं जब ास्मोडियस और बिल्जेबब के सामने भुविका प्रकट हुई थी....

प्लेनेट- मांसलिकेल

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

भुविका- कौन हो तुम dono?????aur मई यहाँ कैसे आ गयी.....

भुविका अपने आँखों में पहले से मौजूद बेशुमार दर्द के भाव के साथ हैरत के भाव को जोड़ते हुए इधर उधर देखने लगी.....

वहीँ उसके सामने खड़े बिल्जेबब और ास्मोडियस के मन में दो अलग अलग भाव उत्पन्न हो रहे थे....

बिल्जेबब को अपने अंदर एक अजीब सी कमज़ोरी महसूस हो रही थी वहीँ ास्मोडियस की मन में एक व्याकुलता थी..

वहीँ अपने सवाल का जवाब ना मिलने पर भुविका ने फिरसे सवाल किया....

BHUVIKA-kya तुम दोनों भी उन लोगों के साथी हो जिसने मेरी दीदी की जान li...agar ऐसा है तोह मुझे भी मार do....waise भी मेरी बेहेन के बिना मेरा कोई अस्तित्व नहीं है.....

ये बोलते बोलते भुविका की आखें एक और बार आंसुओं से भर गए थे.....

ास्मोडियस- हम तुम्हारे शुभचिंतक हैं BHUVIKA.......dushman नहीं....

ास्मोडियस की बात सुनकर एक बार फिरसे भुविका के आँखों की पुतलियों में हैरत नाच गयी....

भुविका- मई कैसे मान लूँ...???

भुविका जी बात सुनकर ास्मोडियस के होंठों पर मुस्कान आ gayi.usme कुछ कहा नहीं बस अपना हाथ आगे कर diya.ASMODEUS के हाथों से एक नीली रे निकली और अगले hi पल ास्मोडियस से थोड़ा आगे एक आकृति बनाने लगी और जैसे hi वो आकृति ने इंसानी रूप liya,BHUVIKA और बिल्जेबब को एक झटका लगा.

वो आकृति जिसने अभी अभी इंसानी रूप लिया tha,wo और कोई नहीं विक्रम था......

पर बिल्जेबब और भुविका के शॉकेड होने की वजह अलग अलग थी......

और इससे पहले की दोनों में से कोई रियेक्ट करता,

तंत्र.........

इस आवाज़ से जैसे भुविका होश में आयी और जब उसमे अपने सामने देखा तोह पाया की उसके आगे एक तलवार गिरी हुई है....

वहीँ बिल्जेबब ास्मोडियस से कुछ कहने hi जा रहा था की ास्मोडियस ने उससे मन में hi चुप रहने का हुक्म दिया....

ास्मोडियस- lo,ye खड़ा है तुम्हारा गुनेहगार और तुम्हारे सामने पड़ी है talwar....iske साथ जो करना chaho,kar लो....

भुविका कुछ देर तक एक तक विक्रम को देखती rahi,fir धीरे धीरे उसकी आँखों में विक्रम के लिए नफरत और असीम क्रोध के भाव उत्पन्न होना शुरू हो गए...

उसने अपने सामे पड़ी तलवार उठायी और विक्रम के सामने पहुँच गयी....

और सायंत्र...

सायंत्र.......

भुविका लगातार तलवार चलती रही और देखते hi देखते विक्रम का पूरा शरीर काटते चला गया....

जिस लड़की ने आज तक चिति भी नहीं मारी thi,aaj उसने बिना एक पल गवाएं किसी इंसान की जान ले ली थी......

वहीँ जैसे hi भुविका ने विक्रम पर वार किया, बिल्जेबब के शरीर में हो रही कमज़ोरी गायब होने लगी...

विक्रम के शरीर पर वार करते वक़्त भुविका के आँखों से आंसुओं की बाद सी निकल रही थी पर आखरी वार करते करते wo.aansu रूक ए और उनकी जगह शॉक ने ले ली....

और वो इसीलिए क्यूंकि विक्रम की पूरी बॉडी काट चुकी thi,par अभी तक उसके शरीर से एक बून्द भी खून का नहीं निकला था.....

और जैसे hi भुविका ने विक्रम की बॉडी को चुने के लिए हाथ आगे badhaya,body धुआं बांके हवा में गायब हो गयी.....

भुविका कभी उस जगह को देखती जहाँ कुछ देर पहले विक्रम की कटी हुई बॉडी थी तोह कभी ास्मोडियस की तरफ जो उसी को मुस्कुराते हुए देख रहा था....

वहीँ इन दोनों से अलग बिल्जेबब अपने फादर की योजना को समझने की कोशिश कर रहा था..

क्यूंकि ास्मोडियस के विक्रम को सामने प्रकट करते hi वो समझ गया था की सामने खड़ा शक्श विक्रम का क्लोन है...

भुविका- ये सब क्या hai???aur वो जिससे मैंने अभी मारा था वो कहाँ gaya??aur उसके शरीर से खून क्यों नहीं निकला रहा था...

ास्मोडियस- क्यूंकि वो कोई इंसान नहीं बस एक बहरूपिया था....

ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका को ग़ुस्सा आ गया और उसने जो तलवार हाथ में पकड़ी हुई thi,usse ास्मोडियस के सर को निशाना बनाकर चला दिया

पर........

भुविका ने घुमाया तोह तलवार hi था पर अस्मोदस के गले तक पहुँचते पहुँचते वो तलवार गायब हो चुकी थी....

वहीँ भुविका की हरकत को देखकर ास्मोडियस और बिल्जेबब हसने लगे....

भुविका- है lo....jab पता हो की खुद के पास ज़्यादा ताकत है तोह दिखने में बोहोत मज़ा आता है....

ख़ास कर मुझ जैसे के आगे जो शक्तिहीन है??

ास्मोडियस- और अगर तुम्हे शक्तिशाली बना दिया जाए तोह!!!!

अगर तुम्हारे अंदर असीम शक्ति भर दी जाए तोह!!!!

ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका के साथ साथ बिल्जेबब भी चौंक गया...

भुविका- फिर मई उस व्यक्ति जिसका बहरूपिया अभी यहाँ खड़ा tha,uska हाल भी उसके बहरूपिये जैसा कर दूंगी...

भुविका की बात सुनकर ास्मोडियस फिर से हसने लगा वहीँ भुविका फिरसे आँखों में सवाल लिए ास्मोडियस की तरफ देखने लगी..

ास्मोडियस- बेवकूफ लड़की.....

क्या तुम्हारी आँखों में पट्टी बंधी हुई थी जब विक्रम ने अपना असली रूप पुरे ग्लूटो को दिखाया था....

ताकत से तुम उससे को कभी नहीं हरा सकती....

भुविका ास्मोडियस की बात सुनकर बोहोत निराश हो गयी....

ास्मोडियस- तुम उससे मार तोह नहीं sakti,par उससे एक ऐसा घाव ज़रूर दे सकती ho,jo उसके लिए मौत से भी बदतर होगा....

ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका की आँखों में एक खुनी चमक आ गया...

भुविका- अगर ऐसा हो सकता है तोह ऐसा करने के लिए आप मुझे जो करने के लिए kahenge,mai करने को तैयार हूँ....

वहीँ बिल्जेबब जो शुरू से अपने फादर और भुविका के बीच की बात सुन रहा tha,wo बोल उठा..

बिल्जेबब- FATHER,kya मई आपसे कुछ पूछ सकता हूँ???

ास्मोडियस- उससे पहले ये जानना नहीं चाहोगे की इसके आते hi तुम्हारे अंदर कमज़ोरी कैसे आने लगी थी और भुविका के विक्रम के बेहरुपीये को मारते hi वो कमज़ोरी गायब कैसे हो गयी???....

ास्मोडियस की बात सुनकर भुविका फिर शॉकेड हो गयी....

और यही वो बात थी जिसकी वजह से ास्मोडियस भी व्याकुल हो गया था..

बेल्ज़ेबुब- हाँ जानना चाहता हूँ...

ास्मोडियस- क्यूंकि इस ब्रम्हांड के 99 प्रतिशत लोगों के अंदर कहीं न कहीं हल्का सा hi सही पर

पाप अवश्य hi छुपा हुआ होता है पर भुविका के मन में कुछ वक़्त पहले तक लेश मात्रा पाप की भावना भी नहीं थी....

और इसीलिए उसके शरीर से निकलती अदृश्य वाइट एनर्जी की तरंगे तुम्हारे काली शक्तियों को निचोड़ रही थीं जिस वजह से तुम्हे कमज़ोरी महसूस हो रही थी...

पर विक्रम के बहरूपिये को मारते hi इसका मन बदल गया जिस वजह से वो वाइट ेनेर्गीएस की तरंगो का असर काम हो गया और तुम्हारी कमज़ोरी भी जाती रही....

और अब तुम्हारे सवाल पर आएं तोह तुम यही पूछना चाहते हो ना की ये नाज़ुक सी भुविका जिसका मन भी कोमल सा hai,wo विक्रम को कैसे चोट पहुंचा सकती है???

बिल्जेबब- हाँ...

ास्मोडियस- BHUVIKA,maine जो कहा hai,wo हो सकता है पर हर चीज़ की कीमत होती है और क्यूंकि बदला तुम्हारा है इसीलिए कीमत भी तुम्हे hi चुकानी होगी......

क्या तुम कीमत ऐडा करने के लिए तैयार हो......

भुविका ने कुछ कहा नहीं बस उसकी आँखों में कॉन्फिडेंस का एक ऐसा सैलाब उठा जिससे देखकर ास्मोडियस के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान नाच गयी...

ास्मोडियस- तुम्हे दो काम करने होंगे...

1सत- तुम्हारे अंदर बोहोत ज़्यादा मात्रा में वाइट एनर्जी hai,jisse एक झटके में ख़त्म करने के लिए तुम्हे बिल्जेबब का खून पीना पड़ेगा....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब और भुविका को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा...

पर भुविका तुरनत संभल भी गयी....

बिल्जेबब- मेरा hi खून kyun???iska काम लिए तोह किसी भी डेविल का खून इस्तेमाल कर सकते हैं ना..

ास्मोडियस- नहीं कर sakte....BHUVIKA के अंदर की एनर्जी को बस तुम्हारा खून hi संभल सकता है.....

जानती हो ये क्या है भुविका....??

इस वक़्त ास्मोडियस के हाथों एक ऊपर दो ब्लैक ेनेर्गीएस के धुंए तैर रहे थे...

भुविका ने ना में गर्दन हिला दिया...

ास्मोडियस- ये तुम्हारी बेहेन निष्कलिका और उसके साथी मैडोक्स की काली शक्तियां हैं...

अगर तुमने अपना पहला काम किया तोह इनाम स्वरुप तुम्हे ये दोनों शक्तियां मिलेंगी....

भुविका- मई तैयार hun....mera दूसरा काम क्या है.....???

ास्मोडियस- तुम्हे बिल्जेबब से शादी करनी होगी.......

आज के लिए इतना HI....

आपका अपना V..J.....
 
बरोथेर, ये बात तोह भुविका क8 एंट्री पर hi मैंने लिख दिया था की इसका किरदार बोहोत इम्प है...

भुविका को किसी भी और रोले में रखना उसस्के करैक्टर को फालतू में लाना कहलाता...

उसके ज़रिये hi ये कहानी फिर ghumegi....aur मैं बट ये कहानी सिर्फ विक्रम और ास्मोडियस के इर्द गिर्द hi घूमेगी, बाकी सब बस मोहरे हैं....
 
थैंक्स बरोथेर... और कितने 100स होंगे ये तोह कह नहीं सकते क्यूंकि हम कहानी के मध्यांतर को क्रॉस कर चुके hain...kuch उपदटेस aur,fir हमारा सेकंड chapter भी ख़त्म हो jaayega....par कहते हैं naa,ki ज़िन्दगी और कहानी लम्बी नहीं बड़ी honi.chahiye..toh उसी तर्क पर हम अपना बाकी का सफर तय karenge...saath बने रहिये
 
थैंक्स 4 थे रिव्यु बरोथेर... इंग्लिश में एक कहावत है बरोथेर की एव्री बॉक्सर है ा प्लान टिल hi रइवेस ा पंच... sachayi,achayi,maasumiyat सब की बिसात इसी तर्ज पर hi तिकी hai...jab तक कुछ गलत ना ho,asliyat से मुलाकात न ho,sab अचे hi रहते hain....kabhi एक मासूम से बचे से पूछिए की क्या वो अपनी माँ के बिना रह paayega..wo तुरंत ना में सर hilayega..par कितने hi बचे बड़े hokar,shadi करके अपनी माँ को घर से निकल देते hain...yahi है वो असलियत जो जब तक सही समय नहीं आ jaata,tab तक छुपी रहती hai...ussi आधार पर ूिश काल्पनिक कहानी में हलकी hi हक़ीक़त की झलक डालने की कोशिश कर रहा हूँ mai...saath बने रहिये....
 
अब तक आपने पढ़ा की विक्रम अपने माँ डैड की मैरिज एनिवर्सरी को स्विट्ज़रलैंड में सेलिब्रेट करने के प्लान के बारे में रोनित और अंजलि को बताता HAI.WAHIN दूसरी तरफ ास्मोडियस भुविका को अपने बेटे से शादी करने के लिए कहता है:-

अब आगे:-

CHAPTER-2

( कर्स ऑफ़ थे स्वीट पाइजन )

अपडेट-82

PLANET-MONSLICKEL

प्लेस- ास्मोडियस पैलेस

आप जानते हैं की आप क्या मांग रहे hain????aap एक नफरत के पुतले को मोहोब्बत के सबसे बड़ी चादर से ओढ़ना चाहते हैं.....

ये बात भुविका के मुँह से निकली थी और वजह तोह आप सब जानते hi हैं.....

ास्मोडियस का दूसरा काम या ये कहूं उसकी दूसरी शर्त....

भुविका की बिल्जेबब की शादी....

ास्मोडियस की शर्त को सुनकर भुविका तोह शॉकेड हुई hi थी पर उससे ज़्यादा बिल्जेबब शॉकेड हुआ था..

पर साथ hi वो अपने फादर के फैसले से खफा भी tha....aur इसका कारण ये था की वो शादी शब्द से hi नफरत करता था...

और इसकी wajah.....uske फादर और माँ की शादी और उसका फल मतलब वो.....

जिसकी पहचान उसके पैदा होते साथ hi तय कर दी गयी थी की वो एक शैतान है....

पर उसकी इतनी हिम्मत और हैसियत नहीं थी की वो अपने फादर की बात को काट sake...isiliye वो चुप चाप खड़ा रहा...

पर भुविका ने अपनी बात या ये कहूं अपना तर्क ास्मोडियस के सामने रख दिया..

बेवकूफ इतना भी नहीं जानती थी की तर्क पेश करने के मामले में इन दोनों भाइयों से कोई नहीं जीत सकता....

ास्मोडियस- जिस तरह आग को आग नहीं बुझा sakti..uske लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है उसी तरह नफरत को भी सिर्फ मोहोब्बत hi ख़त्म कर सकती है....

अपन फादर के मुँह से मोहोब्बत सुनकर बिल्जेबब फिरसे शॉकेड हो गया....

हज़ारों सालों में पहली बात आज बिल्जेबब ने ास्मोडियस के मुँह से इस शब्द को सुना था...

वहीँ ास्मोडियस भी अपने बेटे की सोच से महरूम नहीं था..

ास्मोडियस- ऐसे शब्दों का समूह अक्सर मेरा भाई इस्तेमाल करता hai..socha,aaj मई भी करके dekhu..pata तोह chale,ye सब बोलने से क्या मिलता है....

पर afsos,kuch भी महसूस नहीं हुआ...

BHUVIKA,maine तुम्हे बिल्जेबब से शादी करने के लिए कहा hai...rishta निभाने के लिए नहीं....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब और भुविका दोनों कन्फ्यूज्ड हो gaye....dono को hi समझ नहीं आया की ास्मोडियस आखिर चाहता क्या है...

अब इन्हे कौन samjhaye,ASMODEUS को samajhna,inke बस की ना है.....

ास्मोडियस- बस इतना समझ लो की ये तुम दोनों के लिए ज़रूरी है....

भुविका- ठीक hai..mai तैयार हूँ....

ास्मोडियस ने बिल्जेबब की तरफ देखा..

बिल्जेबब ने अपना एक हाथ आगे kiya..agle hi पल उसके हाथ में एक बड़ा सा कटोरा था...

फिर बिल्जेबब ने अपना दूसरा हाथ आगे किया और जैसे hi उसने ये किया...

ास्मोडियस ने अपनी एक उंगली को हवा में तलवार को घूमने जैसा चलाया और अगले hi पल........

बिल्जेबब की कलाई काट gayi.....wahan से तेज़ धार काला खून निकलने लगा....

पर वो खून निचे नहीं गिरा बल्कि बिल्जेबब के दूसरे हाथ में रखे कटोरे में गिरने लगा.....

वहीँ भुविका ये सब हैरत भरी नज़रों से देख रही थी....

कुछ hi देर में वो कटोरा पूरा बिल्जेबब के खून से भर गया....

जैसे hi कटोरा bhara,BEELZEBUB की कलाई भी ठीक हो गयी.....

बिल्जेबब ने कटोरा सामने कर diya..wo कटोरा हवा में तैरता हुआ आगे बढ़ा और भुविका के सामने जाकर रूक गया...

खून से भरे कटोरे को देख कर भुविका को उबकाई आ गयी....

ास्मोडियस- अपनी बेहेन की मौत को याद करो भुविका.....

BEHENNNN..is शब्द ने भुविका के अंदर एक सैलाब पैदा कर दिया..

और अगले hi पल वो खून से भरा कटोरा भुविका के होंठों के बीच फसा हुआ था..

होंठ के दोनों तरफ से हल्का हल्का खून रिस रहा था.

वहीँ भुविका को लगातार बिना मुँह हटाए या ये कहूं बिना चीखे चिल्लाये खून पिता देख बिल्जेबब की आँखें हैरत से फैले गयी...

वहीँ ास्मोडियस को भी ये समझ आ गया की भुविका को चुनकर उसने गलत नहीं किया...

और इसका कारण ये था की बिल्जेबब का खून बॉयल्ड वाटर से भी ज़्यादा गरम था...

उसके ऊपर उस खून में नुकीले काटों की चुभन भी थी...

इस वक़्त भुविका को वही दर्द महसूस हो रहा था जो कुछ समय पहले मैडोक्स ने हौली वाटर को पीते वक़्त महसूस किया था...

पर इस असीम दर्द के बावजूद भुविका गटागट वो खून पीते चली जा रही थी...

भुविका के आँखों से आंसू बह रहे the..par वो आंसू उस आग को बुझाने में असमर्थ थे जो आग इस वक़्त भुविका के दिल में लगी हुई थी.....

कुछ hi पलों में वो खून से भरा कटोरा भी खाली हो गया.....

भुविका ने उस कटोरे को फेक diya...uske गले में बोहोत ज़्यादा दर्द हो रहा tha..usse ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके गले को अंदर से काट रहा है..

पर इसके बावजूद उसके मुँह से उफ़ तक नहीं निकली...

अब तक बिल्जेबब भी समझ गया था की जिस लड़की को वो एक नाज़ुक सी काली समझ रहा hai,wo अंदर से उतनी hi कठोर भी है...

और अब बिल्जेबब को भुविका से शादी करने में कोई आपत्ति भी नहीं फील हो रही थी...

पर अब भी वो ये जानना चाह रहा था की उसके फादर ऐसा क्यों चाहते हैं...

वहीँ ास्मोडियस को भुविका का यूँ असहनीय दर्द को भी बिना कुछ बोले सहते रहना देख बोहोत ाचा लगा...

ास्मोडियस ने अपना हाथ आगे कर diya...uske हाथ से एक काली रौशनी निकली और भुविका के गले में समां गयी..

और इसीके साथ भुविका का दर्द भी ख़त्म हो गया....

अभी भुविका दर्द से निजात पाकर चैन की सांस ले hi रही थी की..........

उसका शरीर बदलने laga.....uske शरीर का आकर बढ़ने laga..uske हाथ पेअर भी फूलने लगे.....

पर कुछ देर तक आकर बढ़ने और शरीर फूलने के बाद भुविका का शरीर वापस नार्मल हो गया और ये देखकर ास्मोडियस खुश हो गया.....

वहीँ भुविका को अपने साथ हो रहे बदलाव को देखकर शॉक लगा था....

भुविका- ये सब क्या था????

ास्मोडियस- मुबारक ho.....BLACK एनर्जी ने तुम्हारे शरीर को अपना लिया है...

अभी जो बदलाव तुम्हारे अंदर आ रहे the,wo इसीलिए hi the...BLACK एनर्जी तुम्हारे अंदर खुद को ठीक से समायोजित कर रही थी...

यहाँ ास्मोडियस अपनी बात कह रहा tha,wahin भुविका को अपने अंदर असीम शक्ति फील हो रही थी जो लगातार बढ़ hi रही थी.....

भुविका- मुझे अजीब सा लग रहा hai..aisa लग रहा है जैसे मेरे अंदर किसी चीज़ का संचार हो रहा है...

ास्मोडियस- तुम शक्तिशाली हो रही हो....

भुविका- तोह क्या अब मई अपना बदला ले सकती हूँ....

ास्मोडियस- nahi...usme वक़्त hai...filhal.....

ये कहकर ास्मोडियस ने अपना हाथ आगे कर diya...uske हाथों में मैडोक्स और निष्कलिका की जो काली शक्तियां thi,wo उसके हाथों से निकल कर भुविका के अंदर सामने लगी.....

और जैसे hi मैडोक्स और उसकी बेहेन की साड़ी शक्ति उसके अंदर samayi,BHUVIKA की आँखें लाल हो gayin.....uske पुरे शरीर में बिल्जेबब की hi तरह काला लिबास आ गया..

रंग बर्फ की तरह सफ़ेद हो gaya.....BHUVIKA को ऐसा लगने लगा जैसे वो अगर चाहे तोह पुरे गृह को भी चुटकी में मिटा सकती है....

ास्मोडियस- अब दूसरे काम को अंजाम देने का वक़्त आ गया है....

बिल्जेबब- मई तैयार हूँ...

भुविका- मई भी.....

ास्मोडियस- संविभाग सर्वतोमुखम

शेयर स्पिरिट....

एक दूसरे का हाथ पकड़ तुम दोनों को इस स्पेल को बोलना hai...isse तुम दोनों की आत्मा के आधे हिस्से एक दूसरे से जुड़ जाएंगे...

बिल्जेबब और भुविका ने जैसा ास्मोडियस ने कहा tha,waise hi kiya...haath पकड़ कर जैसे hi दोनों ने मंत्र उच्चारित किया....

दोनों के शरीर से उनकी रूह बाहर निकली...

जहाँ बिल्जेबब की रूह पूरी काली thi,wahin भुविका की रूह आधी काली और आधी सफ़ेद थी.....

और जैसे hi दोनों की रूह ने एक दूसरे को chua,BHUVIKA और बिल्जेबब की आखें बांध हो गयीं...

जहाँ भुविका को अपना कोई हिस्सा बिल्जेबब से जुड़ता हुआ सा laga,wahin बिल्जेबब को अपने अंदर कुछ दरवाज़े खुलते हुए से दिखे.....

कुछ देर तक ऐसा hi चलता raha,fir दोनों की रूह अपने मालिक और मालकिन के बॉडी में वापस चले gaye...aisa होते hi दोनों वापस नार्मल हो गए....

ास्मोडियस- अब तुम दोनों एक दूसरे से जुड़ गए ho...BHUVIKA,BEELZEBUB ने जो भी कुछ सीखा hai,ab वो तुम्हारे मस्तिष्क के किसी कोने में भी मौजूद है...

ध्यान के माध्यम से तुम्हे उन साड़ी चीज़ों को बाहर लाना hai..jis दिन तुम ये करने में सफल hui,tum अपना बदला ले सकती हो......

पर तुम वही करोगी जो करने के लिए मई तुमसे कहूंगा....

भुविका ने कुछ कहा नहीं बस अपनी गर्दन हाँ में हिला दी......

ास्मोडियस- मुबारक हो BEELZEBUB....BHUVIKA की वजह से अब तुम्हारा शरीर वाइट एनर्जी को झेलने के काबिल हो गया है....

ास्मोडियस की बात सुनकर बिल्जेबब की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा क्यूंकि वो ास्मोडियस की अनकही बात भी समझ गया था....

बिल्जेबब- थैंक यू फादर.......

ास्मोडियस- भुविका को लेकर किसी ऐसी जगह जाओ जहाँ ये शान्ति से ड़याँ लगा सके....

भुविका और बिल्जेबब ने एक बार ास्मोडियस के आगे अपना सर झुकाया और गायब हो गए....

ास्मोडियस- वो क्या कहते हैं भाई तुम्हारे गृह par????haan.........

थे गेम इस ों........

प्लेनेट- एअर्थ

PLACE-AHUJA'S मेन्शन

ी होप यार घर वाले मान जाएँ और हमे स्विट्ज़रलैंड जाने की परमिशन दे den...mera बोहोत मन है जाने का....

तुझे क्या लगता hai,ghar वाले हम दोनों को अल्लोव करेंगे!!!!!

शाम का वक़्त hai...waise तोह अवंतिका और शनाया दोपहर को hi कॉलेज से घर वापस आ गए थे पर उस वक़्त घर पर सिर्फ औरतें hi थी...

इसीलिए शनाया ने डीडे किया की वो शाम को जब सारे घरवाले मौजूद honge,us वक़्त जाकर सबसे स्विट्ज़रलैंड जाने की परमिशन लेगी....

AVANTIKA-hum दोनों नहीं सिर्फ तुझे.....

शनाया- मतलब!!!???

अवंतिका- मतलब मुझे कोई परमिशन नहीं leni...mai कहीं नहीं जा रही हूँ....

शनाया- what!!!par kyun..????Switzerland जाना तोह तेरा ड्रीम था ना...

अवंतिका- हाँ toh....wo तोह आज नहीं तोह कल मई जाउंगी hi.par फ़िलहाल मुझे कहीं नहीं जाना...

शनाया ने पहले अवंतिका को मानाने की sochi,par फिर उसने सोचा की जब अवंतिका का मन hi नहीं hai,toh जबरन उससे फाॅर्स करने का कोई मतलब भी नहीं है...

शनाया- ठीक hai...teri marzi.....par मुझे तोह जाना है इसीलिए मई चली सबको पटाने.....

ये बोलकर शनाया निचे हॉल की तरफ चली गयी जहाँ इस वक़्त लगभग सभी घरवाले मौजूद थे.....

वहीँ शनाया के कमरे से बहार जाने के बाद अवंतिका अपने बीएड पर लेट गयी और बुदबुदाने लगी....

अवंतिका खुद से- मई क्यों जाऊं...?? उसने तोह मुझे एक बार पूछा तक नहीं.....

तभी अवंतिका के दिल से आवाज़ आयी......

A/DIL- और वो भला तुझसे कुछ क्यों puchega....????pichle एक महीने से तू उससे लगातार अवॉयड किये जा रही है..

इसीलिए उसने भी तुझसे पूछना ज़रूरी नहीं समझा....

अवंतिका- अरे भला ये क्या बात hui???wo मटर दूसरा है और ये dusra..dono को मिक्स क्यों करना???

A/DIL- ACHA!!!!aur वो भला kaise....jisse तू इग्नोर कर रही hai,ussi का hi तोह ये हॉलिडे का प्लान है naa....jab बाँदा वही hai,toh मटर अलग कैसे हुआ....

अवंतिका- हाँ तोह उसने भी तोह मुझसे अपनी इतनी बड़ी असलियत छुपाई है.....

A/DIL- क्या सच me!!!!!kya तुझे उसने ये नहीं बोलै था की सहीं वक़्त आने पर तुझे सब कुछ अपने आप पता चल जाएगा....

और क्या उसने अपना वो वादा नहीं nibahaya..tujhe उसकी असलियत उसीके थ्रू नहीं पता chali...kya तुझे किसी और से पता चला....

तुझे पता है की असली प्रॉब्लम क्या hai????asli प्रॉब्लम ये है की तू उससे चाहने लगी है.....

और अब जब तुझे उसकी asliyat,uske वजूद के बारे में पता चल गया है तोह तू खुदको बोहोत छोटा मानने लगी है...

बूत ु क्नोव what????jaise तुम दोनों के पहली मुलाकात के वक़्त तूने उससे गलत इन्टरप्रेट कर लिया tha,thik वैसा hi कुछ तू अब भी कर रही है.....

इतने वक़्त में तू कमसेकम इतना तोह जान hi चुकी होगी की भले hi उससे समजझना मुश्किल ho,par एक बात है जो क्रिस्टल क्लियर है और वो ये है की वो कभी भी किसीको छोटा नहीं समझता...

और उसके बड़े हो जाने से तू छोटी नहीं हो jaati...ye सारे निगेटिव्स बस तेरे दिमाग की उपज हैं और कुछ नहीं..

और तेरे दिमाग के मैथ्स के हिसाब से भी अगर सिचुएशन को देखा जाए तोह चलो माना की तुम दोनों के बीच आगे कुछ नहीं हो सकता पर एक चीज़ तोह अभी भी है hi naa.DOSTI......

फिर तू अपनी फीलिंग्स की वजह से इस रिश्ते को ख़राब करने पे क्यों तुली हुई है....

तुझे ये बात अभी अभी पता चली है की वो कौन hai,par उससे तोह अपने बारे में पहले से hi पता होगा ना..

उसके बावजूद क्या उसने तुझे कभी भी ये एहसास होने दिया की तू उसकी फ्रेंड बनाने के लायक नहीं है....

तुम दोनों के बीच जो भी दूरियां आयी hai,ye सब तेरा किया धरा है....

और अब इस हॉलिडे में ना जाकर तू इस दूरी को और बढ़ा रही है..

क्या pata,ek दिन सच में hi वो तेरा दोस्त भी न रहे....

अवंतिका- nahi......mai ऐसा नहीं होने dungi...mai भी इस हॉलिडे पे ज़रूर जाउंगी....

ये बोलकर अवंतिका एक झटके में उठ कर कड़ी हो गयी और कमरा खोलकर नीचे की तरफ तेज़ी से निकल गयी.....

वहीँ निचे....

शनाया- dad,bade papa,mujhe आपसे कुछ कहना है...

शनाया और अवंतिका के डैड हॉल में बैठ कुछ बिज़नेस की बातें डिसकस कर रहे the,itne में उनके कानो में शनाया की ये आवाज़ पड़ी....

A/DAD- हाँ बीटा बोलो क्या बात है????

S/DAD- क्रेडिट कार्ड की लिमिट फिरसे क्रॉस कर दी क्या तूने???

ये बॉलर निखलेश और नवीन हसने lage....wahin उनके सामने कड़ी शनाया ने मुँह बना लिया...

शनाया- ओफ्फो dad..hamesha ऐसा थोड़ी ना होता hai,wo तोह बस कभी कभी ज़्यादा शॉपिंग हो जाने पर लिमिट ख़त्म हो जाती है....

S/DAD- HAAN,aur ये तेरा कभी कभी पिछले 6 मोनथस से लगातार हो रहा है.....

ये बोलकर फिर दोनों हसने लगे.....

शनाया- क्या बड़े papa,aap bhi......dekhna,jis दिन मेरी जॉब लगी naa,aapki पायी पायी लौटा दूंगी....

दोनों- सच....!!!!

शनाया- झूठ........

शनाया का जवाब सुनकर फिरसे दोनों है पड़े पर इस बार शनाया भी इस हसी में शामिल थी...

शनाया- acha,wo सब chhodiye,mujhe आप दोनों से कुछ कहना है एक्चुअली परमिशन लेनी है.....

S/DAD- कहीं कोई लड़का तोह पसंद नहीं कर लिया तूने...!!!!

क्या!!!!! तूने लड़का भी पसंद कर लिया और हमे अभी तक बताया भी nahi.....chal जल्दी से पूरी डिटेल्स de....ladke का नाम क्या है??? किस घर से hai????mummy पापा क्या करते हैं????

कोई बुरी आदत तोह नहीं है ना usme....ab बता naa,ye सर पर हाथ क्यों रखा हुआ है तूने.....?????

इससे पहले की शनाया अपने डैड के मज़ाक में पूछे गए सवाल का कोई जवाब deti,kitchen से बाहर आती हुई हुई उसकी माँ ने उसके पति की बोली हुई बात सुनली और सच मान ली..

और उसके बाद जो राशन पानी लेकर वो शनाया के ऊपर chaddhi,wo तोह आप सब ने पढ़ hi लिया है...

जहाँ अमृता की बात सुनकर नवीन और निखलेश हसने लगे वहीँ शनाया ने अपने सर पर हाथ रख लिया.....

शनाया- अरे mom,maine कोई लड़का पसंद नहीं किया hai..dad मज़ाक कर रहे हैं...

अपनी बेटी की बात सुनकर जब अमृता ने अपने हस्बैंड और जेठ की तरफ देखा तोह पाया की वो दोनों अपनी मुँह को दबाये हुए है रहे थे....

S/MOM- क्या जी आप भी naa.najaane मैंने क्या क्या सोच लिया था....

इस बार दोनों अपनी हसी दबा नहीं पाएं और ज़ोर ज़ोर से हसने लगे...

शनाया- हो गया आप दोनों ka..ab मई कुछ bolun???actually मई अपने फ्रेंड्स की फॅमिली के साथ एक हॉलिडे पर जाना चाहती हूँ.....

मई नहीं हम........

शनाया ने पीछे पलट कर देखा जहाँ से अवंतिका उसकी तरफ आ रही थी.....

अवंतिका को आता देख और ये जानकार की उसने अपना मंद चेंज कर लिया है और वो भी अब उसके साथ चलेगी, ये जानकार शनाया खुश हो गयी....

अवंतिका- हम दोनों अपने फ्रंज और उनकी फॅमिली के साथ हॉलिडे पर जाना चाहते हैं....

A/DAD- हाँ तोह वत्स थे बिग deal???chale जाओ....

अवंतिका और शनाया अवंतिका के डैड की बात सुनकर खुश हो गए....

S/MOM- ऐसे hi हाँ कह diya....pehle पूछ तोह लो की जा कहाँ रहे हैं...

SHANAYA-switzerland.....

शनाया की बात सुनकर सभी बड़े शॉकेड हो गए....

S/MOM- कोई ज़रुरत नहीं है इतनी दूर जाने की...

शनाया- माँ प्लीज naa.....waise hi हमारे हॉलीडेज शुरू हो गए hain...ek ट्रिप तोह बनता है naa.aur आपको तोह पता है की मुझे और अवंतिका दोनों को स्विट्ज़रलैंड देखने का कितना मन है....

A/DAD- वो सब तोह ठीक है बीटा पर स्विट्ज़रलैंड कोई इंडिया में तोह है नहीं जो ऐसे hi चले गए.....

शनाया- बड़े पापा, वो हमारे फ्रेंड के डैड के पास खुदकी प्लेन है और वो हम दोनों को भी अपनी बेटी hi मानते हैं तोह कोई प्रॉब्लम नहीं होगी...

A/DAD- खुद की प्लेन hai..kiski बात कर रही हो???

शनाया- विक्रम के डैड की.....

मेरा नाम सुनते hi शनाया अऊर अवंतिका के दादस का मंद चेंज होने लगा...

जितने बार भी हम मिले the,utni बार में उनके मन में मेरे लिए पाजिटिविटी आ गयी थी..

उसके ऊपर वो मेरे डैड के बारे में भी जानते the..wo जानते थे की मेरे डैड के रहते उनकी बच्चियां सेफ रहेंगी...

पर उसी वक़्त उनके अंदर का पिता उन्हें अपनी बच्चियों को अकेले भेजने से रोक रहा था...

शनाया- प्ल्ज़ मान जाईये ना...

ये बोलकर शनाया ने अवंतिका को कोहनी मारी....

वो जानती थी की अवंतिका की बात कोई नहीं टालता...

अवंतिका- dad,plz.........

A/DAD- ठीक hai...chale जाना....

अवंतिका के डैड के परमिशन देते hi अवंतिका और शनाया खुश हो गए पर अगले hi पल उनके चेहरों पर एक बार फिरसे टेंशन दिखने lagi..aur ये टेंशन शनाया की माँ की वजह से आया था....

S/MOM- arre,jawan बच्चियों को यूँ अकेला कैसे छोड़ सकते हैं?????

A/DAD- किसने कहा की ये दोनों अकेली जा रा रहीं हैं... रियांश और देवांश भी इनके साथ जाएंगे....

अपने डैड और बड़े पापा की बात सुनकर अवंतिका और शनाया के चेहरे पर एक साथ दो दो भाव आये..

पहला भाव था ख़ुशी का और दूसरा टेंशन का..

ख़ुशी इस बात की की उन्हें जाने की परमिशन मिल गयी थी और टेंशन इस बात की क्यूंकि रियांश और देवांश के साथ विक्रम की हिस्ट्री अछि नहीं रही थी..

हालांकि उन दोनों ने भी विक्रम & फॅमिली से माफ़ी मांग ली hai,fir भी माफ़ी माँगना और जिनसे माफ़ी मांगी हो उनके साथ हैंग आउट करने में फर्क होता है.....

अवंतिका- डैड, रियांश भैया और देवांश भैया नहीं मानेंगे.....

A/DAD- इनकी फ़िक्र मत karo..un दोनों को मई समझा dunga..tum दोनों एक बार विक्रम से पूछ लो...

AVANTIKA-theek है डैड.....

ये बोलकर अवंतिका और शनाया अपने रूम की तरफ चल दिए....

इन रूम

अवंतिका- अब क्या करें yaar????bhale hi डैड के आर्डर को हमारे दोनों भैया ताल ना payen,par वो दोनों ख़ुशी ख़ुशी जाने के लिए रेडी नहीं होंगे.....

शनाया- haan,wo तोह hai....par कर भी क्या सकते हैं??? पर पहले विक्रम से तोह पूछ लें....

अवंतिका- वो मन नहीं karega..problem भैया लोगों की hai..ek बार उन्हें मन len,uske बाद विक्रम को मिलकर पूछ लेंगे...

शनाया- हाँ ये भी ठीक hai.....chal देखते hain,kya होता है....

और हुआ भी वही जो अवंतिका सोच रही thi.....shaam को जब रियांश और देवांश घर आये तोह अवंतिका के डैड ने उन्हें सब बताया और कहा की उन्हें भी अपनी बहेनो के साथ जाना होगा..

अपने डैड के सामने तोह दोनों कुछ नहीं बोल पाए पर फिर दोनों अवंतिका के रूम की तरफ उनसे बात करने चल दिए....

जहाँ पहले से hi अवंतिका और शनाया उन दोनों का इंतज़ार कर रहे थे...

रियांश- yaar,ye तुम दोनों ने हम दोनों को कहाँ फसा दिया...

रियांश ने अवंतिका के रूम में घुसते hi सवाल किया...

शनाया कुछ कहने hi वाली थी पर अवंतिका ने उससे रोक दिया..

अवंतिका- पहले आप दोनों एक बात bataiye....kya आप दोनों के मन में अभी भी विक्रम, अंजलि और रोनित के लिए बैर है??? नेगेटिविटी है????

दोनों- बिलकुल भी nahi.jab गलती हमारी थी तोह उन्हें गलत क्यों samajhna....par फिर भी.....

अवंतिका- ओड लगता hai....right.....

दोनों ने हाँ में सर हिला दिया...

अवंतिका- और इसीलिए hi V.J भी कभी हमारे घर नहीं aata..taaki आप दोनों को कभी ओड ना lage.par कब तक ऐसा चलेगा..

अब हम सब एक hi ग्रुप में hain...toh हनारे फैमिलीज़ को भी मिलकर रहना चाहिए na.aur ये करने के लिए इससे बेटर मौका नहीं milega....is हॉलिडे में आप दोनों के मन की ावकवर्डनेस्स ख़त्म हो जायेगी....

दोनों लड़कों को अवंतिका की बात सहीं लगी...

देवांश- पर अगर उन तीनो में से किसीको हमारा आना ाचा नहीं लगा तोह!!!

शनाया- आपका ये डाउट भी क्लियर कर देते hain...ek बार उन तीनो से मिल लेते हैं...

ये बोलकर शनाया ने फ़ोन निकला और मुझे कॉल लगा दिया..

इस वक़्त हम तीनो शॉपिंग ख़त्म कर रेस्टोरेंट के लिए निकलने hi वाले थे....

मेरे फ़ोन उठाते hi शनाया ने हम तीनो से कब मिल सकते hain,ye pucha...toh मैंने उन्हें अभी hi अपने साथ डिनर के लिए इन्विते कर diya....SHANAYA मान गयी...

वहां वो चारों भाई बेहेन हमसे मिलने nikle,yahan मैंने रोनित और अंजलि को बता दिया की अवंतिका के घर पर क्या क्या बातें हुई हैं और वो चारों हमसे मिलने अभी क्यों आ रहें हैं....

मैंने दोनों को रियांश और देवांश से ऐसे बात करने के लिए कहा जैसे उन्हें ये लगे की हमारे बीच कभी कुछ हुआ hi नहीं था.....

करीब 1 घंटे बाद हम सब हमारे तय किये रेस्टुरेंट में पहुंचे....

जैसे की मैंने अपने दोस्तों को बताया tha,RIYANSH और देवांश हमारे सामने आते hi कुछ उनकंफर्टबले से दिखे..

पर मैंने रोनित और अंजलि ने मिलकर उन दोनों को चिल्ड आउट कर दिया...

कुछ hi देर में वो दोनों नार्मल हो गए और हमारे साथ ओपनली बात करने lage....par अभी तक हमारे बीच हॉलिडे की बात नहीं हुई थी...

इसी दौरान....

मई- bye थे way,hum सब मेरे माँ डैड की मर्रिअगे एनिवर्सरी सेलिब्रेट करने स्विट्ज़रलैंड जा रहे hain....so व्हाई डोंट ु गुइज़ ज्वाइन us....bohot मज़ा आएगा....

मेरी बात सुनकर रियांश और देवांश खुश हो गए क्यूंकि दोनों hi इस टॉपिक पर बात करना छह रहे थे पर

उन्हें समझ नहीं आ रहा था की स्टार्ट कैसे करें???

रियांश- वे वोउल्ड लव तू. इनफैक्ट हम यहाँ इसीलिए hi आये hain..darasal माँ डैड ने अवंतिका और शनाया को जाने की परमिशन दे दी है पर साथ में ये कंडीशन भी राखी है की हम दोनों भी इनके साथ जाएँ....

रोनित- हाँ तोह इसमें प्रॉब्लम क्या hai...u बोथ अरे मोरे थान इन्वितेद यार....

अंजलि- exactly....next ट्यूसडे को निकलना hai,toh जो भी शॉपिंग वगैरह करनी hai,usse पहले कर lo...humne तोह कर्ली...

मई- और haan,apne पासपोर्ट्स मुझे दे dena...visa के लिए ज़रुरत पड़ेगी....

शनाया- तुम लोगों ने शॉपिंग भी कर्ली और हमे बताया तक nahi..not फेयर यार...

अंजलि- अरे तूने हमे क्लियर कहाँ किया था की तुम भी चलोगे इसीलिए हमने कर ली..

पर टेंशन ना le,jab भी शोपिंग पर jaayegi,mujhe बता देना..

मई- ये मोहतरमा सर पर कफ़न बाँध कर पहुँच jaayengi...wo क्या है naa,inhe शॉपिंग नाम की जुंग को लड़ने में बोहोत मज़ा आता है...

अंजलि की बात काटकर बाकी की बात मैंने कह दी जिससे सुनकर सब हसने लगे वहीँ अंजलि ने मुँह बना लिया...

शनाया- इसकी बात मत सुन ANJU..ye लड़के क्या jaane,shopping करना किसी जुंग लड़ने से काम नहीं hota.kahin कुछ गलत सेलेक्ट कर लिया तोह पैसे भी gaye,saath में लुक भी ख़राब हो जाता है...

मई- अर्ज़ किया है,,,

तीनो LADKE-IRSHAD इरशाद.......

मई- अछि सूरत को सवारने की ज़रुरत क्या है....???!!!!!

सादगी में भी क़यामत की अदा होती है....

रियांश- क्या बात है yaar.....awesome....

जहाँ मेरी बात सुनकर लड़के वाह वाह कर रहे the,wahin शनाया और अंजलि के मुँह बन गए थे.....

इस दौरान मैंने अवंतिका की तरफ एक बार भी नहीं देखा था पर अवंतिका लगातार मेरी hi तरफ देख रही थी....

इसी तरह हसी मज़ाक करते करते कब डिनर ख़त्म hua,pata hi नहीं chala...dinner के बाद हम सब बाहर की तरफ चल दिए...

हम तीनो उन चारों को कार तक छोड़ने गए......

इस दौरान रोनित रियांश और देवांश से बात करता हुआ जा रहा tha,ANJALI और शनाया एक दूसरे के साथ लगे हुए the.waise तोह अवंतिका भी उनके साथ hi थी पर वो चुप thi.wahin मई सबसे पीछे चल रहा था....

मौका देखकर अवंतिका ने भी अपने कदम धीरे कर लिए ताकि बाकी सब आगे निकल जाएँ और कुछ hi पल बाद मई और अवंतिका साथ चल रहे थे..

पर मैंने तब भी उसकी तरफ नहीं देखा और सामने देखकर चलता रहा जबकि वो मेरी तरफ hi देख रही थी...

तभी........

आह्हः.....

और इस आवाज़ के आने के बाद वाले पल में अवंतिका मेरी बाहों में थी..

हुआ ये की अवंतिका के पेअर के नीचे एक पत्थर आ गया जिससे उसके पेअर मुद gaye..usse ज़्यादा दर्द तोह नहीं हुआ पर डिस्बैलेंस होने की वजह से उसके मुँह से आह निकल गयी पर इससे पहले की वो girti,maine उससे संभल लिया था......

वो एक तक मेरी आँखों में देख रही thi..dekh तोह मई भी रहा था पर मैंने अपनी नज़रें उसपर से हटा उससे सीधा खड़ा कर दिया...

पर जैसे hi मई आगे बढ़ने को hua,AVANTIKA ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

मई पलटा और उसकी आँखों में देखने लगा.....

कहना तोह वो बोहोत कुछ चाह रही thi,lab कई बार खुलने के लिए थरथराये भी पर लफ़्ज़ों ने जुबां पर आते आते hi दम तोड़ दिया...

पर जो दिल की बात न samjhe,wo V.J नहीं...

उसके दिल की ghabrahat,khwahish,tapish,tadap,sukoon सब कुछ मुझतक पहुँच चूका था....

दोनों के दिलों ने अपना काम कर दिया था और दोनों के बीच फैली हुई ख़ामोशी ने अपना...

कुछ hi पलों में बिना एक लफ्ज़ मुँह से निकले हम दोनों के बीच के सारे गीले शिकवे ख़त्म हो गए थे....

पर कभी कभी एहसास को कमसेकम एक छोटी सी hi सही पर सही अलफ़ाज़ की ज़रुरत पड़ती है ताकि वो खुदको एक नए रिश्ते का रूप दे सके....

अक्सर लोगों को कहते सुना है की दोस्ती या फिर किसी भी स्पेशल रिलेशनशिप में सॉरी और थैंक्स की जगह नहीं होती पर मई इस बात को नहीं मानता....

जहाँ गलती हो और उस गलती का एहसास ho,wahan माफ़ी का फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना ज़रूरी होता है..

और मेरा दिल और मई इसी इंतज़ार में थे की कब ये रिक्वेस्ट अवंतिका के मुँह से निकले....

की तभी वो शब्द निकला.....

अवंतिका- सॉरी........

मई- माफ़ किया.......

आज के लिए इतना HI....

आज के लिए इतना HI.....
 
थैंक्स 4 अप्प्रेसिएटिंग brother.....sometimes सम वर्ड्स अरे बेटर थान थे व्होले अपडेट...& ी फेल्ट तहत व्हेन ी re-read थे हार्ट थ्रस्टिंग वर्ड्स बिटवीन थे फ्यूचर लव birds....first हाफ ऑफ़ थे अपडेट वास् मैंट तो स्क्रैच थे पाजिटिविटी आउट ऑफ़ भुविका & सेकंड part तो रब थे डस्ट ऑफ़ मिसुन्दरस्टण्डींग बिटवीन थे leads....the अपडेट वास् मैंट तो सुमरीज़े तहत वे इन आर्डर तो क्लीन थे स्लेट ऑफ़ फ्यूचर updates..lot's मोरे 2 come..just बे अलोंग
 
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