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- Dec 5, 2013
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अपडेट 112
Hooriya:Aap जाइये महारानी देवरानी अपना खाना खाये
Devrani:deedi आप भी चलिए खाना खा लीजिये
Hooriya:nahi देवरानी मई सुल्तान को खिला कर खाउंगी
Devrani;,oho इतना pyar,kahi सुल्तान को कुछ और खिलने का तो नहीं सोच रही है आप
Hooriya:chup कर ..जाओ आप खाना खाओ में तैयार हो जाती हु
Devrani:han अचे से तैयार होना क पहले से घायल सुल्तान फिर से घायल हो जाएँ
Hooriya:Tumhe तो जवान शौहर मिलते हे बोली बदल गयी
Devrani:dedi आप भी na..waise एक बात पुछु
Hooriya:han देवरानी पूछो
Devrani:Bura मत मानिये पर आपका देवर आप पे डोरे डेल जा रहा था और आप उनके डोरे से बचते हुए जा रही थी
भूरिया ये बात सुन कर शर्मा जाती है
Hooriya:ab क्या करू देवरानी ये आज की बात नहीं है जब से शादी कर क आई हु तब से गुल शाह की नियत दुरुस्त नहीं
Devrani:aap क़यामत जो लगती हो वैसे गुलशाह की पत्नी कहा है
Hooriya:usne शादी नहीं की
Devrani:kahi आप क..
Hooriya:nahi नहीं ऐसा कुछ नहीं है हरम में बहुत से है लड़कीअ रखा है उसने मिश्रा में
Devrani
ar उन लड़कीओ में वो बात कहा जो आप में है मल्लिका इ जहाँ आप सुल्ताना हो
Hooriya:bass कर तारीफे
Devrani:Waise ये शमशेर नज़र नहीं आरहा
भूरिया ये सुनते हे अपने चेहरे पर सिकन ले आती है
Hooriya:kaha जायेगा ... वही अपने पुराने अड्डे पे ..मैखाने
Devrani:sharab की लत उसकी बुरी है
Hooriya:sirf शराब नहीं कोठे पे भी जाता है है
Devrani:aap उसे समझती क्यू नहीं क ये सब करने से उसके आगे जीवन में विवाह क बाद बुरा असर पड़ेगा
Hooriya:maine तो समझा समझा क थक गयी hu..use नहीं पता उसके इस रवैये से उसको राज गद्दी मिलना मुश्किल हो सकता है
Devrani:man me)ab बेचारा आप से जी जान से प्यार करता है आप प्यार दे दो कही नहीं जायेगा
Hooriya:kya कहा
Devrani:kuch नहीं में ये कह रही हु क आप उसको अचे से समझाइये
Hooriya:Behan मैं और सुल्तान कब से उसे शादी करने कह रहे है 25 साल की उम्र हुई शमशेर की पर वो है क मानता हे नहीं अब तो हमने बोलना हे छोर्र दया है
Devrani:man me)ab बेचारा क्या शादी करे जब डिल आपको दे दया है मुझे लगता है गुल शाह भी आप की मुहब्बत क वजह से हे शादी नहीं की
Devrani:maan जायेगा आज न कल अचे से मनाइये
Hooriya:ab देखो में शमशेर क बचो को देख पति हु क नहीं..
Devrani:hooriya दीदी अभी तो आप जवान है..
Hooriya:matlab..
Devrani:mera मतलब है आप इतनी बूढी तो नहीं हुई आज न कल शमशेर मान जायेगा और शादी करेगा हे
Devrani:man me)aap मां जाओ मल्लिका इ जहाँ तो वो आपको 9 क्या 6 महीने में अपना बचा आपके गॉड के दाल देगा आपको रगड़ क
Hooriya:han अब देखो छोरो तुम जाओ आराम करो में तैयार हो जाती हु
Devrani:ji दीदी आप ख्याल रखे अपना
देवरानी अपने हुजरे में आजाती है जहा पर देवरानी क रहने का इंतेज़ाम था और भूरिया सुल्तान से मिलने की तैयारी में जुट जाती है
इधर रात में हकीम साहब सुल्तान क जख्म की पट्टी बदलने क लये महल के आते है साथ में देवराज भी आते है और सुल्तान की पटी को बदल दी जाती है
हकीम sahab:ab पट्टी मैंने बदल दी सुल्तान अब आप आराम करे
Devraj:Hakeem साहब सुधर हुआ क नहीं कुछ
Hakeem:Maharaj पहले से सुधर है जड़ी बूटी जो हमने दया था उसका असर तो हो रहा है पर धीरे धीरे
Devraj:theek है आप जाये हकीम साहब
हकीम सुल्तान क हुजरे से निकल कर चला जाता है
Devraj:ye शमशेर नज़र नहीं आरहे है
Sultan:Bhai अब लड़का जवान है कही पर रात गुज़र रहा होगा किसी हसीना क साथ
Devraj
ar ये तो गलत है सुल्तान आपकी सोच है अगला सुल्तान शमशेर बने पर जनता क्या शमशेर को स्वीकार karegi,janta तो शहज़ादे शान को हे चुनेगी
Sultan,devraj ji..sultan मेरे वाहिद है जनता नहीं मई जिसे चुनूंगा वो अगला सुल्तान होगा
Devraj:theek है जैसी आपकी मर्ज़ी
Sultan:mujhe कुछ शराब पिलाओ
Devraj
ar आपके स्वस्थ क लये ठीक नहीं है
Sultan:Mujhe पता है मेरा वक़्त आगया है ..मुझे पी लेने दो
Devraj:aisa नहीं है सुल्तान आप ठीक हो रहे है
sultan:tab तो मुझे शराब पीना हे चाहिए
सुल्तान ताली बजता है दो दसिआ आजाती है
"हुकम मेरे सुल्तान"
Sultan:Mere लये जाम बनाओ
कुछ देर में दसिआ जाम बनाने लगती है और बना कर सुल्तान क सामने पेश कर देती है
Sultan:Ab तुम जा सकते हो
दसिआ बहार चली जाती है
Devraj:zyada नहीं पिए सुल्तान
sultan:uff हो देवराज जी आप भी न ये तो दवा का काम करेगी
सुल्तान जातक कर पीने लगता है
Sultan:aaj का जाम इस शाम क नाम ,आप भी लीजिये देवराज जी
Devraj:nahi मई पीऊंगा नहीं
Sultan:waise आपकी बहिन क बारात कब आ रही है देवराज जी
devraj:abhi तक तो कोई सन्देश नहीं मिला
Sultan:dekhte है कब हमारे बहिन देवरानी की विदाई होती hai..vidai पर तो में और पीऊंगा
Devraj:aap भी न सुल्तान ..वैसे सुल्तान क्या मैंने सही निर्णय लिया
Sultan:kitni बार कहु देवराज जी आपने सही निर्णय लिया है आप सोचिये मत ज़्यादा
Devraj,devrani को भी प्रेम करना हे था तो अपने हे बेटे से कोई और होता तो मुझे ज़रा भी दुःख नहीं होता
Sultan:ab आप एक ृत्त ले कर हे बैठ गए
devraj:Ab क्या करू सुल्तान मेरी बहिन और मेरा अपना भांजा पति पत्नी बन गए और में कुछ कर नहीं सका में लोगो को क्या जवाब दूंगा
सुल्तान अपने जाम को गटकते हुए नशे में धुत हुए जा रहे थे
Sultan,dev राज जी आप न में थक गया समझा क आपको उन दोनों एक दूसरे को पसंद कर रहे है तो करने दीजिये
Devraj:baat पसंद की नहीं बात रिश्ते की है
Sultan:chup करो यार जाम का मज़ा कीर किरा कर दया
देवराज ये सुन कर उसके अंदर एक जोश जाग जट्टी है और अपने होठो को हिम्मत कर क हल्का गुस्सा में बोलता है
Devraj:Sultan मेरे बहिन और भांजे की शादी है तो आप कह रहे उनकी इच्छा है तो ठीक क्या आपके साथ ऐसा हो तो ?
गुस्से में आकर देवराज सुल्तान को जवाब दे देता है
sultan:Ary देवराज जी आप तो गुस्सा हो गए..
सुल्तान फिर अपने जाम को अपने गले से अंदर निगलता है
Devraj:aapne उत्तर नहीं दया
sultan:kis बात का
Devraj:agar मेरे जगह पर आप होते यानि क अगर मल्लिका इ जहाँ भूरिया और शहज़ादे शमशेर अगर एक होने की बात करे तो
सुल्तान ये बात सुनते हे अपने आखे बड़ी कर लेता है और गुस्से से पागल हो जाता है पर फिर उसके आखो क सामने वो दृश्य आता है जब जब देवराज ने सुल्तान को मरने से बचाया
Sultan.devraj ji...(garaz कर)
आप की जगह कोई और होता तो में उसकी ज़बान खींच लेता
Devraj:Sultan मैंने सिर्फ कहा है पूछा है क क्या आप वैसे हे सोचते जैसे अभी सोच रहे है अगर उस स्तिथि में होते तो
सुल्तान क ऊपर नशा चढ़ा चूका था और देवराज क इस सवाल पर थका लगते हुए हसने लगता है
Sultan:hahahaha देवराज जी मेरे भाई हो तुम ये मुमकिन हे नहीं हहहह मल्लिका इ जहाँ भूरिया मर्डर जाएगी पर ऐसा सोचेगी भी नहीं
Devraj:Mujhe पता है मल्लिका जहाँ जैसी सटी सावित्री कोई नहीं पर फिर भी मान लीजिये
Sultan:hahahahaha तुम तो इस बेवकूफाना सवाल क पीछे हे पद गए तो सुनो शायद में दोनों को मार देता या दोनों को मन मर्जीअ करने देता जो वो चाहते पर मई अभी नहीं बता सकता हु क में क्या करता
सुल्तान नशे में भी गुस्सा दिखते हुए सुल्तान पर गरजते हुए कहते है
Sultan:Apne सवाल का जवाब मिल गया ?
Devraj:ji मिल गया सुल्तान आप लेट जाये अगर पी लिए हो तो
Sultan:Mere भाई शुकरिअ मेरी फिक्र करने क लये वैसे तुम दोनों को जान से नहीं मार सकते अब तुम्हे उन दोनों क रिश्ते क मंज़ूर करना क सिवा कोई चारा नहीं
Devraj:shayad अआप ठीक कह रहे है उनका पाप उनके सर
Sultan:ab आप जा सकते है
devraj:jo आज्ञा सुल्तान
देवराज सुल्तान क हुजरे से निकल कर अपने हुजरे में चला जाता है और सुल्तान गुस्स्से से तिलमिला कर उठ खड़ा होता है पर जैसे हे वो उठ कर दोनों टैंगो पैर खड़ा होता है उसे बहुत ज़ोर कर दर्द उसके पीठ क नीचे कमर में होती है सुल्तान सामने रखे गिलास को उठा ता है और ज़ोर से दीवार में दे मरता है
"अअअअअही"
Sultan:Is देवराज ने ऐसा सवाल कर दया क मेरा नशा हे उतर गया
तभी दासी आती है
Dasi:gustakhi मुआफ सुल्तान आप ठीक तो है न..
Sultan:han मई ठीक हु
दासी: आप कहे तो मल्लिका इ जहाँ को आपके खिदमत क लये बुला लू
सुल्तान कुछ सोचने लगते है और कुछ देर बाद
Sultan:Muskan बेगम कहा है?
Dasi:riwaz क हिसाब से सुल्तान आज आपकी खिदमत क लये मल्लिका भूरिया को आना होगा क्यू क वो आपकी पहली बीवी है
Sultan:Riwaz हहह सुनो दासी मेरा मन ठीक नहीं है जाओ और मेरी मुस्कान बेगम को दावत दो आने की
Dasi
ar सुल्तान हक़ तो पहले दिन का पहले बीवी का होता है
Sultan:gustaaakhi..dasi मेरी बात समझ नहीं आती क्या?
Dasi:Jaisi आपकी मर्ज़ी सुल्तान..
Sultan:dafa
दासी सुल्तान क हुजरे से निकल कर जाती है और सुल्तान की सबसे छोटी बेगम मुस्कान को खबर देती है क सुल्तान को आपकी ज़रूरत है कुछ देर में में मुस्कान तैयार हो कर सुल्तान क हुजरे में पेश होती है
Muskan:Salam sultan..aapne याद क्या
Sultan:Ji आइये मेरे मेहबूबा मुस्कान बेगम
मुस्कान अंदर आकर सुल्तान क बिस्तर पर कोने पर बैठ जाती है
Muskan:aap ठीक तो है न सुल्तान
Sultan:bas आप क दवा का असर है
Muskan:sab कहते है भूरिया बाजी क दवा का असर है आप मुझे बेहला रहे है
Sultan:uff हो छोरो सब क्या कहते है मई कहता हु मेरी प्यारी मुस्कान कितनी अच्छी है
Muskan:ab हूर जहाँ से प्यारी में कब से हो गयी
सुल्तान मुस्कान को अपने तरफ खींचते हुए चिपका क अपने होठो को उसके कानो को चाटने लगता है
इधर भूरिया तैयार हो कर रसोई से दूध लेती है और सुल्तान क हुजरे क आगे आकर अंदर जाने लगती है तभी दासी हाथ आगे कर क रोक देती है
Dasi:Gustakhi मुआफ हो मल्लिका इ जहाँ पर अंदर सुल्तान क साथ कोई है
Hooriya:ye क्या गुस्ताखी है अंजाम तुम्हे पता है इसका
Dasi:anjaam पता है मल्लिका जहाँ पर अभी सुल्तान क साथ अभी उनकी बीवी मौजूद है और सुल्तान क नियम क मुताबिक़ किसी और को दाखिल नहीं होने दे सकती ह
ये सुनते हे क सुल्तान क साथ कोई और औरत है अंदर भूरिया काँप जाती है और कुछ देर क लये चुप हो जाती है दासी कड़ी हुई अपने सर को झुके थी और गुज़ारिश कर रही थी वापस चले जाने क लये
भूरिया अपने दर्द को दबा कर अपने लैब खोलती है
Hooriya:andar कौन है ?
Dasi:andar मुस्कान बेगम है मल्लिका इ जहाँ
Hooriya:tumhe पता है न क में सुल्तान की पहली बीवी हु और रिवाज़ है पहला दिन सुल्तान क साथ बिताने का मेरा और मेरा हे हक़ है
Dasi:ji मुझे मालूम है मल्लिका मैंने सुल्तान से गुज़ारिश की क आपको बुला लू पर वो गुस्सा हो गए और मुस्कान बेगम को बुलाने की ज़िद्द करने लगे मैंने उन्हें बताया भी क आज क दिन तो हमेशा आप आती है पर मने नहीं
ये सुन कर भूरिया अपना होश खो बैठ टी है और उसके अपने हक़ खो जाने का दुःख इतना हुआ क उसके आखो से ासु टपक गए
Hooriya:man me)ya खुदा मुझे क्या किस्मत दी इतना सबर की इतनी दवा की सुल्तान क वापसी की वो शख्स मेरा हक़ मार क दूसरे बीवी क साथ अय्याशी कर रहा hai..Maine क्या क्या सपने देख लये थे
Dasi:aap ठीक तो है न मल्लिका इ जहाँ
Hooriya:Theek है कनीज़ कोई बात नहीं पर मुझे अंदर का नज़ारा देख लेने दो
Dasi
ar सुल्तान ने सख्त मन क्या है
Hooriya:Sultan को ये बात पता नहीं चलेगी तुम बास मुझे इन्हे देख लेने दो बदले में तुम चाहे जो कुछ ले लो
Hooriya:man में) कही हो न हो मुस्कान को किसी और काम क लये बुलाये हो ग़लतफहमी में मुझे नफरत की बीज नहीं बोनी चाहिए एक बहार देख लेना चाहिए
Hooriya:bolo कनीज़ क्या चाहिए तुम्हे
दासी क मन में लालच आजाती है और वो भूरिया क गले हार को देखते हुए
Dasi:Mallika इ जहाँ आप कहती है तो अंदर जाये पर जल्दी से वापस आजाये वैसे छोटी मुँह बड़ी बात मुझे आपका ये हार बहुत दिनों से पसंद है
भूरिया दासी की बात समझते हुए अपने हाथ ऊपर कर क हार खींचती है और मोतिओं से लड़ी हार दासी को दे देती है
Hooriya:ye लो हार तुम्हारा में अभी आई
भूरिया अपने हाथ में दूध का गिलास लाइ थी उसे कुछ सोचते हुए दासी को हे देना का फैसला करती है
Hooriya:aisa करो ये दूध का गिलास है इसे भी सम्भालो
Dasi:ji ज़रूर मल्लिका इ जहाँ
भूरिया दबे पाँव सुल्तान क आलिशान हुजरे में घुस जाती है और हुजरे में अँधेरा देखा एक परदे क पीछे छुप जाती है जहा से पलंग का नज़ारा पूरा देख उसके आखो से ासु छलक जाते है
परदे क पीछे कड़ी भूरिया देखती है सुल्तान पलंग पर लेते है और मुस्कान बेगम उनके ऊपर अपने बदन को घास रही है
भूरिया का कलेजा फैट जाता है और उसके मुँह से रोने की सिसकी निकलती उस से से पहले भूरिया अपने मुँह को अपने हाथो से धक् लेती है और उसके आखो से ासु अब भी बह रहे थे ,पलंग पर सुल्तान है रहे थे और साथ में मुस्कान बेगम भी अपने बदन को रगड़ रही थी सुल्तान से
"आह सुल्तान आप 60 साल क होने वाले है फिर भी आपमें कितनी गर्मी है आह इतना गरम बदन"
"आह इधर आ उम् अब तुम्हारी जैसी गरम जवानी मेरे बदन को गरम नहीं तो ठंडा करेगी मुस्कान बेगम"
सुल्तान अब धीरे धीरे मुस्कान क कपडे को उतारने लगते है और उसके दूध को पकड़ कर हाथ से दबाते हुए अपने होठ उसके दूध की घुंडी को अपने मुँह में ले कर चूसने लगता है
"ाः सुल्तान आराम से "
सुल्तान दूध को चूसना छोर ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर देता है
Muskan:Sultan क्या मई आपको इतना पसंद हु
Sultan:Muskan तुम मेरे बूढ़े लैंड में भी जान फूक देती हु
Muskan:nahi आप झूट बोल रहे ho..kya में भूरिया बाजी से भी ज़्यादा खूबसूरत हु
Sultan:Tum मेरी सबसे प्यारी बीवी हो इसलिए तो तुम से शादी की
Muskan:nahi आप मुझसे ज़्यादा तो भूरिया को प्यार करते है वो आपकी पहली बीवी है इसलिए तो आपने उन्हें सुल्ताना बनाया
Sultan:Maine नहीं अब घर क हर अफ़राद ये चाहता था क वो मल्लिका इ जहाँ बने सुल्ताना बने तो ताज पहना दया गया वर्ण उसमे वो बात कहा जो तुम में है मेरी जान ..इधर आओ मेरे लैंड को पकड़ो
ये सुनते हे भूरिया क आखो से ासु फुट फुट क गिरने लगते है वो वापस जाने हे वाली थी पर वो ये बात सुन कर रुक जाती है वही परदे क पीछे अपने शौहर और अपनी सौतन की बाते सुन ने लगती है
Muskan:acha सुल्तान आप मुझे खुश कर रहे है बेहला रहे है
Sultan:Muskan तुम तो मेरी जवान बेगम हो सिर्फ 35 साल की हो इसलिए तो में तुम्हे इतना वक़्त देता हु
Muskan:han आप मुझ से 25 -30 साल बड़े हो पर फिर भी मुझे ऐसा लगता है भूरिया मुझसे ज़्यादा खूबसूरत हसीं है उसके लिए तो नौजवान से बूढ़े तक क़तल हो जाते है सिर्फ निक़ाब में देखने क लिए
सुल्तान एक हाथ से मुस्कान क दूध जो माध्यम आकर क थे और सुल्तान क पुरे हाथो में ायजा रहे थे उन्हें पकड़ते हुए दबाता है और दूसरे हाथ से मुस्कान बेगम क गांड को दबा देता है
"ाः सुल्तान धीरे"
"मुस्कान आपके ये छोटे संतरे जो मेरे हाथ में आजाते है इनको चूसने में जो मज़ा है वो कही नहीं और आपके ये छोटे गोलाकार गांड आह क्या कहना"
"सब तो कहते है में पतली हु मेरे बदन में खाना नहीं लगता "
"मुस्कान बेगम आप का बदन ऐसा है क इसे याद कर क हिन्द में बहुत तरसा हु मई"
"क्या ये सच है सुल्तान"
"हाँ बेगम "
"क्या आपको भूरिया की याद नहीं आई "
"अब भूरिया की जवानी को तो मैंने चूस कर ढीला कर दया अब वो पहले जैसी नहीं रही "
ये सुनते हे भूरिया अपने मुँह पर हाथ रख कर सिसक कर रोने लगती है
Sultan:Hooriya अब बूढी और बहुत भरी हो गयी है जिस तरह से तुम मेरे ऊपर हो अगर वो आजाये तो मेरी जान अभी निकल जाये
ये सुन कर मुस्कान बेगम क होठो पर मुस्कान आजाती है
और उधर भूरिया अपने आखे फाडे रोये जा रही थी
Sultan:Hooriya को में अब गॉड में भी नहीं उठा सकता इतनी भरी हो गयी है उसके गांड इतने बड़े है क दोनों हाथो से पकड़ो तो हाथो में नहीं आते उसके चुचिअ इतनी बड़ी हो गयी क उसके पेट तक नाभि तक लटकती है और एक हाथ में चुकी ले कर दबाना भी मुश्किल है ..मोती हो गयी है बूढी भूरिया..
भूरिया ये सुन कर रट हुए अपने निक़ाब क कपडे से अपने मुँह पोछती है
Hooriya:man me)Sultan आपके लिए मई हर रोज़ तरसी आपके लिए रोज़ दवा की आपके सल्तनत को संभाली और आप याद मुस्कान को कए ..में बूढी हो गयी मोती हो gayi..itni क आप संभाल नहीं सकते
ये सोच कर भूरिया और रोने लगती है
Muskan:Oh तो मेरी काम लम्बाई है और पतली हु और मेरे दूध छोटे है और चुतर आपके हाथ में समां जाते है इसलिए मुझे पसंद करते hai..mujhe इन बातो क लये तो राणीअ हस्ती है क मेरे अंदर हुस्न नहीं
Sultan:mujhe कमसीन केलिए पसंद hai..Hooriya जैसी भरी भरकम बूढी नहीं
परदे क पीछे कड़ी भूरिया से अब सांस लेना भी मुश्किल होते जा रहा था अब कुछ समय वो और रूकती तो सुल्तान क सामने जा कर पूछती क वो ऐसा क्यू बोल रहे है
भूरिया दबे पाँव अपने ासु पोछते हुए बहार आजाती है जहा पर उसे दासी मिलती है अपने आसुओ को पोछते हुए
Hooriya:kaneez इस बात की भनक भी नहीं लगनी चाहिए और इस दूध को ले जा कर फेक देना
भूरिया वह से दौरना शुरू करती है और सीधे अपने हुजरे में जा कर रूकती है और अपने देश को मन कर देती है अंदर आने से जब तक वो न कहे अपने हुजरे का दरवाज़ा बंद करती है और अपने निक़ाब को उतार कर फेकते हुए
"आआआए "
भूरिया अपने निक़ाब क बाद अपने अंदर पहने हुए काफ्तान को उतार कर फेकने लगती है और धीरे धीरे अपने जवानी को छुपाये हुए लिबास को उतार कर ब्राज़िएर और जांघिए में आए जाती है रट हुए सिसकते हुए अपने पलंग पर पेट क बल लेट जाती है और तकिए से अपना मुँह धक् कर रोने लगती है और सुल्तान की कही हुई हर बात को याद करने लगती है
Hooriya:man me)Kya में इतनी मोती इतनी भद्दी हो गयी हु क्या अब में बूढी हो गयी हु क्या मेरे अंदर वो बात नहीं रही जो पहले थी
भूरिया ये सोचते हुए रट हुए सिसकते हुए आईने क सामने जाती है और अपने आपको देखती है
Hooriya:han में मोती हो गयी हु मेरे दूध हद्द से ज़्यादा बढ़ गए है और लटक गए है
"सुल्तान ठीक कहते है अब में बूढी हो गयी हु अब मेरे अंदर कोई बात नहीं"
और फुट कर रोने लगती है
"ये मेरे पेट बहार निकल गए है मेरे जाँघे चुतर इतनी भरी हो गयी है"
"सुल्तान सही कहते है में पीछे से भी इतनी भद्दी और मोती हो गयी है भला मुझे सुल्तान क्यू पसंद करेंगे जब उनके हरम में एक से एक कच्ची काली है"
और दौड़ कर रट हुए फिर से अपने पलंग पर जा कर रट हुए उल्टा लेट जाती है
"सुल्तान आपको मैंने अपने जान से भी ज़्यादा चाहा आपकी हर मन मानी बर्दाश्त की इसका सिला आपने अपने बूढी बीवी की बुराई कर क निकल दी"
"सुल्तान आपको में दिन रात याद की पूरी ज़िन्दगी हर जुंग में आपकी सलामती की दवा की पर आप मुझे नहीं मुस्कान बेगम को याद कए आपने मेरा दिल चकनाचूर कर दया सुल्तान आप मेरे डिल क भी सुल्तान थे पर आपने मेरे सौतन से मेरी बुराई कर क मेरा प्यार अपनी इज़्ज़त आपने खो दिया सुल्तान"
भूरिया रोये जा रही थी और उसके आसुओ क धरा बह रही थी जो अब पुरे तकिये को गिला कर दी थी
"सुल्तान आप चाहहते तो
मेरी खामिआ मुझसे कहते पर आप को तो कच्ची काली हे पसंद है "
रट हुए आधी रात हो जाती है पर भूरिया क आखो से नींद गायब थी उसे खुद भी पता नहीं चलता उसे कब नींद आई और वो थक कर नींद क आग़ोश में चली जाती है
गहतराष्ट्रा
गहतराष्ट्रा में ख़ुशी का माहौल था आज पुरे दिन की बारात की तैयारी क बाद सब अपने अपने कक्षा में आराम कर रहे थे बद्री और श्याम रुक गए थे क्यू क सुबह हे बरात पारस की ओरे जाने वाली थी बलदेव की बारात
बलदेव अपने कक्षा में अपने मित्रो बद्री और श्याम संग हसी मज़ाक कर रहे थे और उधर राजपाल अपने कक्षा में लेते हुए सोच रहे थे तभी राजपाल क दरवाज़े पे किसी की आवाज़ आई
Jeevika:beta राजपाल सो गए क्या
राजपाल उठ खड़ा होता है और अपने कक्षा क दरवाज़े पे आकर
Rajpal:maa आप इतनी रात गए सब ठीक तो है
Jeevika:mujhe तुम्हारी चिंता खाये जा रही थी तुम ठीक तो हो
Rajpal:maa में ठीक हु आये अंदर
जीविका अंदर आकर एक कुर्सी पर बैठ जाती है और राजपाल पलंग पर जा कर
jeevika:beta नींद नहीं आरही क्या ,सो जाते कल सुबह बरात भी जाना है पारस
Rajpal:maa आप भली भांति मेरी प्रस्थिति समझती है भले हे में आपके कहने अनुसार बलदेव और उसके माँ क रिश्ते को मान लय और कल बारात जा कर विवाह में सम्मिलित में भी हो जाऊंगा पर आप हे सोचे एक पति अपने पुत्र और अपने पत्नी की विवाह क पक्ष में कैसे रह सकता है
Jeevika:beta तुम इतना मत सोचो ..इस समय अपनी जान की सोचो बलदेव ने पहले हे तुम्हारी सजा फांसी सुना दी पर भगवन ने मेरी सुन ली और तुम क़ैद से आज़ाद हो गए
Rajpal:Beta ऐसी आज़ादी का क्या जब मुझे पुरे जीवन इस महल में एक ऐसे बाप की तरह जीना होगा जो अपने बेटे और अपनी पत्नी का विवाह करवा रहा है
Jeevika:beta बुरा मत मान न पर शायद तुम्हारी हे गलती थी जिसके वजह से देवरानी जैसी सटी सावित्री अपने पुत्र से रिश्ता जोड़ी ,,मई नहीं चाहती क मेरा बीटा पुराणी बातो को ले कर दुखी रहे तुम्हारे पास तुम्हारी पत्नी षुरूश्ती है अभी भी मई तो यही कहूँगी क अब षुरूश्ती को ऐसा खुश रखो क उसके पेअर नहीं डगमगाए
Rajpal:han माँ शायद तुम सही कह रही हो
Jeevika:to समय व्यर्थ न करो और पुराणी बातो को भूलते हुए षुरूश्ती को क्षमा कर दो उसने भी बलदेव का साथ परिस्थिति को देखते हुए दी
Rajpal:man me)maine उसके लिए देवरानी को पूरी जीवन ठुकराता रहा और वो अपने जान बचने क उपहार में अपने पति क विरुद्धा हो गयी मुझे ये उम्मीद नहीं थी षुरूश्ती से क वो बलदेव और देवरानी क रिश्ते को अपना लेगी
Jeevika:socho मत में जा कर षुरूश्ती को अंदर भेजती हु उसे सम्भालो नहीं तो कही वो भी हाथ से न बेहाथ हो जाये
इतना कह कर जीविका अपने बहु षुरूश्ती से मिलने जाती है और हर बात समझा कर अपने पति की सेवा करने क लये और पुराणी बातो को भूल कर एक नए जीवन का शुरुवात राजपाल और षुरूश्ती करे इस बात पर ज़ोर देते हुए षुरूश्ती को अपने बेटे राजा राजपाल क कक्षा में भेज देती है और खुद अपने कक्षा में जा कर सो जाती hai,shurushti जैसे राजपाल क कक्षा क दरवाज़े पैर पहुँचती है तो उसके पेअर कांपने लगते है और बीते दिनों क दृश्य उसके आखो क सामने आजाते है कैसे वो पहले सेनापति सोमनाथ से चूड़ी थी फिर उसके बाद पिछले रात तो शमशेर ने भी षुरूश्ती को पेल दया था ये सरे दृश्य उसके आखो क सामने आते हे षुरूश्ती को घबराहट होने लगती है
Shurushti:man me)Beete दिनों मुझे सेनापति ने फसा कर जबरदस्ती छोड़ा और पिछले रात तो शहज़ादे शमशेर ने मुझे निचोड़ क रख दया ये बात अगर जिस दिन राजा राजपाल को कही पता चल जाये to..nahi नहीं राजा राजपाल को कौन बताएगा में ऐसा होने नहीं दूंगी
षुरूश्ती अपने लरजते कांपते होठो से अपने पति राजपाल को आवाज़ लगाती है "महाराज क्या में अंदर आजौ"
राजा राजपाल जो अपने बीते हुए दिन याद कर रहा था अचानक आवाज़ सुनते हे अपने सोच से निकलता है
"आजाओ षुरूश्ती"
Rajpal:man me)Maaa ठीक कह रही है मेरी जीवन अब षुरूश्ती हे सफल कर सकती है मुझे उसे क्षमा कर क एक नए जीवन की शुरुवात करनी चाहिए
षुरूश्ती अपने कांपते पेअर से धीरे चलते हुए राजा राजपाल क सामने कड़ी हो जाती है रेशमी लिबास में 48 वर्षीया छोटे कद काठी की महिला षुरूश्ती क भारी दूध और भरा बदन पारम्परिक रेशमी वस्त्र में गज़ब ध रही थी
Shurushti:Namaskar महाराज
Rajpal
arwaza बंद कर क आओ बैठो
षुरूश्ती मुद कर दरवाज़ा बंद करने जाती है और उसके भरी गांड को राजपाल देख रहा था जो पहले से भरी लग रहे थे
Rajpal:Waise पहले से तुम बदल गयी हो
Shurushti:Wo कैसे महाराज में वैसी हे हु आपकी पहली पत्नी षुरूश्ती जैसे पहले थी वो तो मई बलदेव का साथ सिर्फ इसलिए दी क वो मेरी हे नहीं गहतराष्ट्रा की बहुत साडी स्त्रीयो की इज़्ज़त लूटने से बचा lya..aapko बुरा लगा हो क मैंने बलदेव और देवरानी को उनके रिश्ते को अपना लय हो तो क्षमा कर दे
Rajpal:Mai वो सब भूल गया और में चाहता हु क तुम भी सब भूल जाओ षुरूश्ती ,मई तो ये कह रहा था क तुम बदल गयी हो पहले से ज़्यादा खिली खिली लग रही हो
Shurushti:man me)Pehle से zyada..me पेलने से ज़्यादा खिली हु जो आप कभी ठीक से नहीं कर पाए
Rajpal:tumhara बदन और भर्र गया है षुरूश्ती रानी
Shurushti:Han जो है सब आपका हे है महाराज
Shurushti:man me)ab क्या बताऊ महाराज सेनापति ने अपने 7 इंच लैंड से और शमशेर ने 9 इंच लैंड से मेरी खोख तक खोल दया कल रात अगर एक दो बार और में शमशेर से चुद जाती तो शायद में भी बचे की माँ बन जाती गर्भवती हो कर
Rajpal:man me)Kya में इतना गया गुज़रा हु क अपने पत्नी को संभल नहीं पाया और वो अपने बेटे से ब्याह कर ली
राजपाल षुरूश्ती को ऊपर से निचे तक ताड़ता है और अपने हाथ से षुरूश्ती को अपनी ओरे खींच कर अपने गॉड में बिठा लेता है
"ाः जाओ रानी मेरे गोद में बैठो"
"आह महाराज आराम से "
"महारानी षुरूश्ती क्या आपको लगता है क मई इतना कमज़ोर मर्द हु क मेरी पत्नी भी अपने बेटे से विवाह कर ली"
"कौन कहा महाराज आपसे ऐसा ये गलत है"
"क्या में नामर्द हु षुरूश्ती"
"नहीं महाराज आप में कोई कमी नहीं आप मेरे जीवन क पहले प्यार हो "
राजा राजपाल क अंदर एक ज्वाला जल रही थी देवरानी क भागने क वजह से और वो देवरानी को याद कर क अंदर से क्रोधित हो जाता राजा राजपाल ने षुरूश्ती को गॉड में बैठा कर अपने बाहो में घेर लिया और जकड कर अपने लैंड को षुरूश्ती क गांड पे दबाने लगा
"आह"
"क्या हुआ शुरुहस्ती"
"महाराज कुछ नहीं""
और मुस्कुरा देती है
षुरूश्ती भी अपने गांड को धीरे धीरे हिला कर राजपाल क लैंड को खड़ा करने लगती है राजपाल आगे झुक कर पहले षुरूश्ती क छाती क ऊपर लगे छोटे से ब्लाउज को उतार फेकता है और षुरूश्ती क भरी मम्मी बहार लटक जाते है राजपाल अपने दोनों हाथो से दोनों मम्मो को पकड़ निचोड़ने लगता है "ाः महाराज dheere"shuruhsti की सिसक बढ़ जाती है राजपाल उसके होठो को अपने होठ में ले कर चूसने लगता है और थोड़ी देर चूसने क बाद षुरूश्ती को बिस्तर पर लिटा देता है और खुद उसके ऊपर लेट जाता है और षुरूश्ती को बेतहासा चूमने चाटने लगता है
"ाः महाराज ाः"
राजा राजपाल अब बारी बारी से षुरूश्ती क भरी मम्मो को पकड़ क चुस्त है और अपने मुँह में रख कर दांत से ज़ोर से काटने लगता है
Shurushti:aaah महाराआआअआज नहीं काटे नाहीईई
Rajpal:man me)me दिखता हु में कैसा मर्द हु
राजपाल षुरूश्ती को निचे से भी नंगा कर देता है और षुरूश्ती क दोनों पेअर खोलते हे उसके नज़र षुरूश्ती क छूट क खड़े पे पड़ता है जो पहले से ज़्यादा फैला और गोल लग रहा था जैसे किसी ने षुरूश्ती क छूट में कोई मोती चीज़ घुसा क राखी हो बहुत देर तक
rajpal:man me)shurushti की छूट तो इतनी गोल और मोती नहीं थी क्या षुरूश्ती ने किसी से शारीरिक सम्बन्ध बनाया होगा !
Rajpal:Shurushti रानी आपके छूट तो पहले से ज़्यादा खुले और इसका छेड़ तो बड़ा लग रहा है
Shurushti:man me)ab महाराज कैसे बताऊ शमशेर ने अपने 9 इंच मुसल से इस छूट को भोसड़ा बना दया
Shurushti:wo महाराज आपने हे क्या है ये हाल इसका
राजपाल अपने एक ऊँगली डालता है तो आसानी से घुस जाता है फिर दो ऊँगली डालता है छूट में वो भी आसानी से घुस जाता है और षुरूश्ती क मुँह से छू नहीं निकलती
Rajpal:shurushti पहले तो एक ऊँगली डालने से तुम चिल्ला देती थी पर अब दो ऊँगली डालने पर भी कुछ दर्द नहीं हुआ तुमको
Shurushti:man me)Ab महाराज इस छूट ने 9 इंच का लम्बाई और 3 इंच का मोटाई का शमशेर का मुसल हुल्लाबी लौड़ा निगल लय तो अब ये आप क ऊँगली से क्या आप क लौड़े से भी मई नहीं चिल्लाओ
Shurushti:maharaj दर्द तो बहुत हो रहा है पर आज बहुत दिनों बाद मुझे ये सुख मिल रहा है इसलिए आनंद ले रही हो दर्द को सेह कर
षुरूश्ती बड़े चालाकी से अपने हर बात को छुपा रही थी राजा राजपाल क अंदर ज्वाला बढ़ी थी अपने पत्नी क भागने का और वो अंदर से गुस्सा भी था
Rajpal:aaja षुरूश्ती अब मेरे लौड़े को खड़ा कर
षुरूश्ती राजपाल को लिटा कर खुद उसके निचे बैठ गल्प कर क पूरा 4 इंच का लौड़ा पुरे मुँह में निगल जाती है और चबा चबा कर चूसने लगती है
Rajpal:aah तुमने तो पूरा हे मुँह में ले लय
Shurushti:man me)is मुँह में शमशेर का 9 इंच का लौड़ा ले लय तो नहीं ये तो आसान है
षुरूश्ती खूब चौ से चूसते है और धीरे धीरे लैंड अकड़ जाता है और खड़ा होता है राजपाल उठ खड़ा होता है और षुरूश्ती को पटक कर
Rajpal:ab तुम्हारे छूट का भोसड़ा बनता हु
षुरूश्ती क छूट पर अपना लैंड फसाये जैसे झुकता है तो छूट बिना रोक टोक क पूरा 4 इंच का लौड़ा अंदर जातक जाती है राजपाल अंदर पेलता है पर उसे अंदर छूट की कोई दीवार लैंड पैर महसूस नहीं होता उसे लगता है जैसे किसी खली घर में लैंड घुस गया है.
राजपाल षुरूश्ती क पेअर मोड़ कर धक्के लगाना शुरू करता है पर हर धक्के क बाद न तो षुरूश्ती चीख रही थी और न उसके लैंड पर कुछ महसूस हो रहा तह
rajpal:man me)aisa क्यू लग रहा है जैसे में छूट नहीं कही खली जगह पर धक्के मार रहा हु इतनी ढीली और छूट में इतनी जगह कैसे बानी षुरूश्ती क
अभी 5 मिंट हे हुए थे क राजपाल पानी छोर देता है
षुरूश्ती अब जैसे हे गरम होने लगी थी क उसके छूट में कुछ बुँदे गिरती हुई महसूस की
Shurushti:man me)hey भगवन ऐसा पति दया क पत्नी क गरम होने से पहले हे पानी छोर दया इसने
राजपाल हाँफते हुए बिस्तर पर गिर जाता है
Shurushti:aap ने तो मुझे अधूरा छोर दया आप कहते तो में ऊपर निचे बैठ कर करती आप की इतनी म्हणत करने की उम्र नहीं अब आप 57 वर्ष क हो गए
Rajpal:Shurushti तुम शायद ठीक कह रही हो अब मेरा समय नहीं रहा ,,अब से में इस बात पर ध्यान दूंगा क में धक्के लगा कर नहीं ठाकु और तुम करो बैठ कर ऊपर निचे मेरे लिंग पे तो हम थोड़ी देर और टिक जाते
Shurushti:man me)maharaj आप का समय तो कभी था हे नहीं आपने तो कभी छोड़ा हे नहीं ढंग से मुझे ..अगर में शमशेर से नहीं चूड़ी होती तो जीवन में कभी मालूम हे नहीं पड़ता क असली चुदाई क्या होती है
राजपाल कुछ देर में थक्क क चूर हो जाता है और अपने आखे बंद कए सो जाता है और रानी षुरूश्ती अपने छूट में ऊँगली कर थोड़े देर में झाड़ जाती है और अपने डिल को मार कर सो जाती है
तो बे कॉन्टिनोएड...
Hooriya:Aap जाइये महारानी देवरानी अपना खाना खाये
Devrani:deedi आप भी चलिए खाना खा लीजिये
Hooriya:nahi देवरानी मई सुल्तान को खिला कर खाउंगी
Devrani;,oho इतना pyar,kahi सुल्तान को कुछ और खिलने का तो नहीं सोच रही है आप
Hooriya:chup कर ..जाओ आप खाना खाओ में तैयार हो जाती हु
Devrani:han अचे से तैयार होना क पहले से घायल सुल्तान फिर से घायल हो जाएँ
Hooriya:Tumhe तो जवान शौहर मिलते हे बोली बदल गयी
Devrani:dedi आप भी na..waise एक बात पुछु
Hooriya:han देवरानी पूछो
Devrani:Bura मत मानिये पर आपका देवर आप पे डोरे डेल जा रहा था और आप उनके डोरे से बचते हुए जा रही थी
भूरिया ये बात सुन कर शर्मा जाती है
Hooriya:ab क्या करू देवरानी ये आज की बात नहीं है जब से शादी कर क आई हु तब से गुल शाह की नियत दुरुस्त नहीं
Devrani:aap क़यामत जो लगती हो वैसे गुलशाह की पत्नी कहा है
Hooriya:usne शादी नहीं की
Devrani:kahi आप क..
Hooriya:nahi नहीं ऐसा कुछ नहीं है हरम में बहुत से है लड़कीअ रखा है उसने मिश्रा में
Devrani
Hooriya:bass कर तारीफे
Devrani:Waise ये शमशेर नज़र नहीं आरहा
भूरिया ये सुनते हे अपने चेहरे पर सिकन ले आती है
Hooriya:kaha जायेगा ... वही अपने पुराने अड्डे पे ..मैखाने
Devrani:sharab की लत उसकी बुरी है
Hooriya:sirf शराब नहीं कोठे पे भी जाता है है
Devrani:aap उसे समझती क्यू नहीं क ये सब करने से उसके आगे जीवन में विवाह क बाद बुरा असर पड़ेगा
Hooriya:maine तो समझा समझा क थक गयी hu..use नहीं पता उसके इस रवैये से उसको राज गद्दी मिलना मुश्किल हो सकता है
Devrani:man me)ab बेचारा आप से जी जान से प्यार करता है आप प्यार दे दो कही नहीं जायेगा
Hooriya:kya कहा
Devrani:kuch नहीं में ये कह रही हु क आप उसको अचे से समझाइये
Hooriya:Behan मैं और सुल्तान कब से उसे शादी करने कह रहे है 25 साल की उम्र हुई शमशेर की पर वो है क मानता हे नहीं अब तो हमने बोलना हे छोर्र दया है
Devrani:man me)ab बेचारा क्या शादी करे जब डिल आपको दे दया है मुझे लगता है गुल शाह भी आप की मुहब्बत क वजह से हे शादी नहीं की
Devrani:maan जायेगा आज न कल अचे से मनाइये
Hooriya:ab देखो में शमशेर क बचो को देख पति हु क नहीं..
Devrani:hooriya दीदी अभी तो आप जवान है..
Hooriya:matlab..
Devrani:mera मतलब है आप इतनी बूढी तो नहीं हुई आज न कल शमशेर मान जायेगा और शादी करेगा हे
Devrani:man me)aap मां जाओ मल्लिका इ जहाँ तो वो आपको 9 क्या 6 महीने में अपना बचा आपके गॉड के दाल देगा आपको रगड़ क
Hooriya:han अब देखो छोरो तुम जाओ आराम करो में तैयार हो जाती हु
Devrani:ji दीदी आप ख्याल रखे अपना
देवरानी अपने हुजरे में आजाती है जहा पर देवरानी क रहने का इंतेज़ाम था और भूरिया सुल्तान से मिलने की तैयारी में जुट जाती है
इधर रात में हकीम साहब सुल्तान क जख्म की पट्टी बदलने क लये महल के आते है साथ में देवराज भी आते है और सुल्तान की पटी को बदल दी जाती है
हकीम sahab:ab पट्टी मैंने बदल दी सुल्तान अब आप आराम करे
Devraj:Hakeem साहब सुधर हुआ क नहीं कुछ
Hakeem:Maharaj पहले से सुधर है जड़ी बूटी जो हमने दया था उसका असर तो हो रहा है पर धीरे धीरे
Devraj:theek है आप जाये हकीम साहब
हकीम सुल्तान क हुजरे से निकल कर चला जाता है
Devraj:ye शमशेर नज़र नहीं आरहे है
Sultan:Bhai अब लड़का जवान है कही पर रात गुज़र रहा होगा किसी हसीना क साथ
Devraj
Sultan,devraj ji..sultan मेरे वाहिद है जनता नहीं मई जिसे चुनूंगा वो अगला सुल्तान होगा
Devraj:theek है जैसी आपकी मर्ज़ी
Sultan:mujhe कुछ शराब पिलाओ
Devraj
Sultan:Mujhe पता है मेरा वक़्त आगया है ..मुझे पी लेने दो
Devraj:aisa नहीं है सुल्तान आप ठीक हो रहे है
sultan:tab तो मुझे शराब पीना हे चाहिए
सुल्तान ताली बजता है दो दसिआ आजाती है
"हुकम मेरे सुल्तान"
Sultan:Mere लये जाम बनाओ
कुछ देर में दसिआ जाम बनाने लगती है और बना कर सुल्तान क सामने पेश कर देती है
Sultan:Ab तुम जा सकते हो
दसिआ बहार चली जाती है
Devraj:zyada नहीं पिए सुल्तान
sultan:uff हो देवराज जी आप भी न ये तो दवा का काम करेगी
सुल्तान जातक कर पीने लगता है
Sultan:aaj का जाम इस शाम क नाम ,आप भी लीजिये देवराज जी
Devraj:nahi मई पीऊंगा नहीं
Sultan:waise आपकी बहिन क बारात कब आ रही है देवराज जी
devraj:abhi तक तो कोई सन्देश नहीं मिला
Sultan:dekhte है कब हमारे बहिन देवरानी की विदाई होती hai..vidai पर तो में और पीऊंगा
Devraj:aap भी न सुल्तान ..वैसे सुल्तान क्या मैंने सही निर्णय लिया
Sultan:kitni बार कहु देवराज जी आपने सही निर्णय लिया है आप सोचिये मत ज़्यादा
Devraj,devrani को भी प्रेम करना हे था तो अपने हे बेटे से कोई और होता तो मुझे ज़रा भी दुःख नहीं होता
Sultan:ab आप एक ृत्त ले कर हे बैठ गए
devraj:Ab क्या करू सुल्तान मेरी बहिन और मेरा अपना भांजा पति पत्नी बन गए और में कुछ कर नहीं सका में लोगो को क्या जवाब दूंगा
सुल्तान अपने जाम को गटकते हुए नशे में धुत हुए जा रहे थे
Sultan,dev राज जी आप न में थक गया समझा क आपको उन दोनों एक दूसरे को पसंद कर रहे है तो करने दीजिये
Devraj:baat पसंद की नहीं बात रिश्ते की है
Sultan:chup करो यार जाम का मज़ा कीर किरा कर दया
देवराज ये सुन कर उसके अंदर एक जोश जाग जट्टी है और अपने होठो को हिम्मत कर क हल्का गुस्सा में बोलता है
Devraj:Sultan मेरे बहिन और भांजे की शादी है तो आप कह रहे उनकी इच्छा है तो ठीक क्या आपके साथ ऐसा हो तो ?
गुस्से में आकर देवराज सुल्तान को जवाब दे देता है
sultan:Ary देवराज जी आप तो गुस्सा हो गए..
सुल्तान फिर अपने जाम को अपने गले से अंदर निगलता है
Devraj:aapne उत्तर नहीं दया
sultan:kis बात का
Devraj:agar मेरे जगह पर आप होते यानि क अगर मल्लिका इ जहाँ भूरिया और शहज़ादे शमशेर अगर एक होने की बात करे तो
सुल्तान ये बात सुनते हे अपने आखे बड़ी कर लेता है और गुस्से से पागल हो जाता है पर फिर उसके आखो क सामने वो दृश्य आता है जब जब देवराज ने सुल्तान को मरने से बचाया
Sultan.devraj ji...(garaz कर)
आप की जगह कोई और होता तो में उसकी ज़बान खींच लेता
Devraj:Sultan मैंने सिर्फ कहा है पूछा है क क्या आप वैसे हे सोचते जैसे अभी सोच रहे है अगर उस स्तिथि में होते तो
सुल्तान क ऊपर नशा चढ़ा चूका था और देवराज क इस सवाल पर थका लगते हुए हसने लगता है
Sultan:hahahaha देवराज जी मेरे भाई हो तुम ये मुमकिन हे नहीं हहहह मल्लिका इ जहाँ भूरिया मर्डर जाएगी पर ऐसा सोचेगी भी नहीं
Devraj:Mujhe पता है मल्लिका जहाँ जैसी सटी सावित्री कोई नहीं पर फिर भी मान लीजिये
Sultan:hahahahaha तुम तो इस बेवकूफाना सवाल क पीछे हे पद गए तो सुनो शायद में दोनों को मार देता या दोनों को मन मर्जीअ करने देता जो वो चाहते पर मई अभी नहीं बता सकता हु क में क्या करता
सुल्तान नशे में भी गुस्सा दिखते हुए सुल्तान पर गरजते हुए कहते है
Sultan:Apne सवाल का जवाब मिल गया ?
Devraj:ji मिल गया सुल्तान आप लेट जाये अगर पी लिए हो तो
Sultan:Mere भाई शुकरिअ मेरी फिक्र करने क लये वैसे तुम दोनों को जान से नहीं मार सकते अब तुम्हे उन दोनों क रिश्ते क मंज़ूर करना क सिवा कोई चारा नहीं
Devraj:shayad अआप ठीक कह रहे है उनका पाप उनके सर
Sultan:ab आप जा सकते है
devraj:jo आज्ञा सुल्तान
देवराज सुल्तान क हुजरे से निकल कर अपने हुजरे में चला जाता है और सुल्तान गुस्स्से से तिलमिला कर उठ खड़ा होता है पर जैसे हे वो उठ कर दोनों टैंगो पैर खड़ा होता है उसे बहुत ज़ोर कर दर्द उसके पीठ क नीचे कमर में होती है सुल्तान सामने रखे गिलास को उठा ता है और ज़ोर से दीवार में दे मरता है
"अअअअअही"
Sultan:Is देवराज ने ऐसा सवाल कर दया क मेरा नशा हे उतर गया
तभी दासी आती है
Dasi:gustakhi मुआफ सुल्तान आप ठीक तो है न..
Sultan:han मई ठीक हु
दासी: आप कहे तो मल्लिका इ जहाँ को आपके खिदमत क लये बुला लू
सुल्तान कुछ सोचने लगते है और कुछ देर बाद
Sultan:Muskan बेगम कहा है?
Dasi:riwaz क हिसाब से सुल्तान आज आपकी खिदमत क लये मल्लिका भूरिया को आना होगा क्यू क वो आपकी पहली बीवी है
Sultan:Riwaz हहह सुनो दासी मेरा मन ठीक नहीं है जाओ और मेरी मुस्कान बेगम को दावत दो आने की
Dasi
Sultan:gustaaakhi..dasi मेरी बात समझ नहीं आती क्या?
Dasi:Jaisi आपकी मर्ज़ी सुल्तान..
Sultan:dafa
दासी सुल्तान क हुजरे से निकल कर जाती है और सुल्तान की सबसे छोटी बेगम मुस्कान को खबर देती है क सुल्तान को आपकी ज़रूरत है कुछ देर में में मुस्कान तैयार हो कर सुल्तान क हुजरे में पेश होती है
Muskan:Salam sultan..aapne याद क्या
Sultan:Ji आइये मेरे मेहबूबा मुस्कान बेगम
मुस्कान अंदर आकर सुल्तान क बिस्तर पर कोने पर बैठ जाती है
Muskan:aap ठीक तो है न सुल्तान
Sultan:bas आप क दवा का असर है
Muskan:sab कहते है भूरिया बाजी क दवा का असर है आप मुझे बेहला रहे है
Sultan:uff हो छोरो सब क्या कहते है मई कहता हु मेरी प्यारी मुस्कान कितनी अच्छी है
Muskan:ab हूर जहाँ से प्यारी में कब से हो गयी
सुल्तान मुस्कान को अपने तरफ खींचते हुए चिपका क अपने होठो को उसके कानो को चाटने लगता है
इधर भूरिया तैयार हो कर रसोई से दूध लेती है और सुल्तान क हुजरे क आगे आकर अंदर जाने लगती है तभी दासी हाथ आगे कर क रोक देती है
Dasi:Gustakhi मुआफ हो मल्लिका इ जहाँ पर अंदर सुल्तान क साथ कोई है
Hooriya:ye क्या गुस्ताखी है अंजाम तुम्हे पता है इसका
Dasi:anjaam पता है मल्लिका जहाँ पर अभी सुल्तान क साथ अभी उनकी बीवी मौजूद है और सुल्तान क नियम क मुताबिक़ किसी और को दाखिल नहीं होने दे सकती ह
ये सुनते हे क सुल्तान क साथ कोई और औरत है अंदर भूरिया काँप जाती है और कुछ देर क लये चुप हो जाती है दासी कड़ी हुई अपने सर को झुके थी और गुज़ारिश कर रही थी वापस चले जाने क लये
भूरिया अपने दर्द को दबा कर अपने लैब खोलती है
Hooriya:andar कौन है ?
Dasi:andar मुस्कान बेगम है मल्लिका इ जहाँ
Hooriya:tumhe पता है न क में सुल्तान की पहली बीवी हु और रिवाज़ है पहला दिन सुल्तान क साथ बिताने का मेरा और मेरा हे हक़ है
Dasi:ji मुझे मालूम है मल्लिका मैंने सुल्तान से गुज़ारिश की क आपको बुला लू पर वो गुस्सा हो गए और मुस्कान बेगम को बुलाने की ज़िद्द करने लगे मैंने उन्हें बताया भी क आज क दिन तो हमेशा आप आती है पर मने नहीं
ये सुन कर भूरिया अपना होश खो बैठ टी है और उसके अपने हक़ खो जाने का दुःख इतना हुआ क उसके आखो से ासु टपक गए
Hooriya:man me)ya खुदा मुझे क्या किस्मत दी इतना सबर की इतनी दवा की सुल्तान क वापसी की वो शख्स मेरा हक़ मार क दूसरे बीवी क साथ अय्याशी कर रहा hai..Maine क्या क्या सपने देख लये थे
Dasi:aap ठीक तो है न मल्लिका इ जहाँ
Hooriya:Theek है कनीज़ कोई बात नहीं पर मुझे अंदर का नज़ारा देख लेने दो
Dasi
Hooriya:Sultan को ये बात पता नहीं चलेगी तुम बास मुझे इन्हे देख लेने दो बदले में तुम चाहे जो कुछ ले लो
Hooriya:man में) कही हो न हो मुस्कान को किसी और काम क लये बुलाये हो ग़लतफहमी में मुझे नफरत की बीज नहीं बोनी चाहिए एक बहार देख लेना चाहिए
Hooriya:bolo कनीज़ क्या चाहिए तुम्हे
दासी क मन में लालच आजाती है और वो भूरिया क गले हार को देखते हुए
Dasi:Mallika इ जहाँ आप कहती है तो अंदर जाये पर जल्दी से वापस आजाये वैसे छोटी मुँह बड़ी बात मुझे आपका ये हार बहुत दिनों से पसंद है
भूरिया दासी की बात समझते हुए अपने हाथ ऊपर कर क हार खींचती है और मोतिओं से लड़ी हार दासी को दे देती है
Hooriya:ye लो हार तुम्हारा में अभी आई
भूरिया अपने हाथ में दूध का गिलास लाइ थी उसे कुछ सोचते हुए दासी को हे देना का फैसला करती है
Hooriya:aisa करो ये दूध का गिलास है इसे भी सम्भालो
Dasi:ji ज़रूर मल्लिका इ जहाँ
भूरिया दबे पाँव सुल्तान क आलिशान हुजरे में घुस जाती है और हुजरे में अँधेरा देखा एक परदे क पीछे छुप जाती है जहा से पलंग का नज़ारा पूरा देख उसके आखो से ासु छलक जाते है
परदे क पीछे कड़ी भूरिया देखती है सुल्तान पलंग पर लेते है और मुस्कान बेगम उनके ऊपर अपने बदन को घास रही है
भूरिया का कलेजा फैट जाता है और उसके मुँह से रोने की सिसकी निकलती उस से से पहले भूरिया अपने मुँह को अपने हाथो से धक् लेती है और उसके आखो से ासु अब भी बह रहे थे ,पलंग पर सुल्तान है रहे थे और साथ में मुस्कान बेगम भी अपने बदन को रगड़ रही थी सुल्तान से
"आह सुल्तान आप 60 साल क होने वाले है फिर भी आपमें कितनी गर्मी है आह इतना गरम बदन"
"आह इधर आ उम् अब तुम्हारी जैसी गरम जवानी मेरे बदन को गरम नहीं तो ठंडा करेगी मुस्कान बेगम"
सुल्तान अब धीरे धीरे मुस्कान क कपडे को उतारने लगते है और उसके दूध को पकड़ कर हाथ से दबाते हुए अपने होठ उसके दूध की घुंडी को अपने मुँह में ले कर चूसने लगता है
"ाः सुल्तान आराम से "
सुल्तान दूध को चूसना छोर ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर देता है
Muskan:Sultan क्या मई आपको इतना पसंद हु
Sultan:Muskan तुम मेरे बूढ़े लैंड में भी जान फूक देती हु
Muskan:nahi आप झूट बोल रहे ho..kya में भूरिया बाजी से भी ज़्यादा खूबसूरत हु
Sultan:Tum मेरी सबसे प्यारी बीवी हो इसलिए तो तुम से शादी की
Muskan:nahi आप मुझसे ज़्यादा तो भूरिया को प्यार करते है वो आपकी पहली बीवी है इसलिए तो आपने उन्हें सुल्ताना बनाया
Sultan:Maine नहीं अब घर क हर अफ़राद ये चाहता था क वो मल्लिका इ जहाँ बने सुल्ताना बने तो ताज पहना दया गया वर्ण उसमे वो बात कहा जो तुम में है मेरी जान ..इधर आओ मेरे लैंड को पकड़ो
ये सुनते हे भूरिया क आखो से ासु फुट फुट क गिरने लगते है वो वापस जाने हे वाली थी पर वो ये बात सुन कर रुक जाती है वही परदे क पीछे अपने शौहर और अपनी सौतन की बाते सुन ने लगती है
Muskan:acha सुल्तान आप मुझे खुश कर रहे है बेहला रहे है
Sultan:Muskan तुम तो मेरी जवान बेगम हो सिर्फ 35 साल की हो इसलिए तो में तुम्हे इतना वक़्त देता हु
Muskan:han आप मुझ से 25 -30 साल बड़े हो पर फिर भी मुझे ऐसा लगता है भूरिया मुझसे ज़्यादा खूबसूरत हसीं है उसके लिए तो नौजवान से बूढ़े तक क़तल हो जाते है सिर्फ निक़ाब में देखने क लिए
सुल्तान एक हाथ से मुस्कान क दूध जो माध्यम आकर क थे और सुल्तान क पुरे हाथो में ायजा रहे थे उन्हें पकड़ते हुए दबाता है और दूसरे हाथ से मुस्कान बेगम क गांड को दबा देता है
"ाः सुल्तान धीरे"
"मुस्कान आपके ये छोटे संतरे जो मेरे हाथ में आजाते है इनको चूसने में जो मज़ा है वो कही नहीं और आपके ये छोटे गोलाकार गांड आह क्या कहना"
"सब तो कहते है में पतली हु मेरे बदन में खाना नहीं लगता "
"मुस्कान बेगम आप का बदन ऐसा है क इसे याद कर क हिन्द में बहुत तरसा हु मई"
"क्या ये सच है सुल्तान"
"हाँ बेगम "
"क्या आपको भूरिया की याद नहीं आई "
"अब भूरिया की जवानी को तो मैंने चूस कर ढीला कर दया अब वो पहले जैसी नहीं रही "
ये सुनते हे भूरिया अपने मुँह पर हाथ रख कर सिसक कर रोने लगती है
Sultan:Hooriya अब बूढी और बहुत भरी हो गयी है जिस तरह से तुम मेरे ऊपर हो अगर वो आजाये तो मेरी जान अभी निकल जाये
ये सुन कर मुस्कान बेगम क होठो पर मुस्कान आजाती है
और उधर भूरिया अपने आखे फाडे रोये जा रही थी
Sultan:Hooriya को में अब गॉड में भी नहीं उठा सकता इतनी भरी हो गयी है उसके गांड इतने बड़े है क दोनों हाथो से पकड़ो तो हाथो में नहीं आते उसके चुचिअ इतनी बड़ी हो गयी क उसके पेट तक नाभि तक लटकती है और एक हाथ में चुकी ले कर दबाना भी मुश्किल है ..मोती हो गयी है बूढी भूरिया..
भूरिया ये सुन कर रट हुए अपने निक़ाब क कपडे से अपने मुँह पोछती है
Hooriya:man me)Sultan आपके लिए मई हर रोज़ तरसी आपके लिए रोज़ दवा की आपके सल्तनत को संभाली और आप याद मुस्कान को कए ..में बूढी हो गयी मोती हो gayi..itni क आप संभाल नहीं सकते
ये सोच कर भूरिया और रोने लगती है
Muskan:Oh तो मेरी काम लम्बाई है और पतली हु और मेरे दूध छोटे है और चुतर आपके हाथ में समां जाते है इसलिए मुझे पसंद करते hai..mujhe इन बातो क लये तो राणीअ हस्ती है क मेरे अंदर हुस्न नहीं
Sultan:mujhe कमसीन केलिए पसंद hai..Hooriya जैसी भरी भरकम बूढी नहीं
परदे क पीछे कड़ी भूरिया से अब सांस लेना भी मुश्किल होते जा रहा था अब कुछ समय वो और रूकती तो सुल्तान क सामने जा कर पूछती क वो ऐसा क्यू बोल रहे है
भूरिया दबे पाँव अपने ासु पोछते हुए बहार आजाती है जहा पर उसे दासी मिलती है अपने आसुओ को पोछते हुए
Hooriya:kaneez इस बात की भनक भी नहीं लगनी चाहिए और इस दूध को ले जा कर फेक देना
भूरिया वह से दौरना शुरू करती है और सीधे अपने हुजरे में जा कर रूकती है और अपने देश को मन कर देती है अंदर आने से जब तक वो न कहे अपने हुजरे का दरवाज़ा बंद करती है और अपने निक़ाब को उतार कर फेकते हुए
"आआआए "
भूरिया अपने निक़ाब क बाद अपने अंदर पहने हुए काफ्तान को उतार कर फेकने लगती है और धीरे धीरे अपने जवानी को छुपाये हुए लिबास को उतार कर ब्राज़िएर और जांघिए में आए जाती है रट हुए सिसकते हुए अपने पलंग पर पेट क बल लेट जाती है और तकिए से अपना मुँह धक् कर रोने लगती है और सुल्तान की कही हुई हर बात को याद करने लगती है
Hooriya:man me)Kya में इतनी मोती इतनी भद्दी हो गयी हु क्या अब में बूढी हो गयी हु क्या मेरे अंदर वो बात नहीं रही जो पहले थी
भूरिया ये सोचते हुए रट हुए सिसकते हुए आईने क सामने जाती है और अपने आपको देखती है
Hooriya:han में मोती हो गयी हु मेरे दूध हद्द से ज़्यादा बढ़ गए है और लटक गए है
"सुल्तान ठीक कहते है अब में बूढी हो गयी हु अब मेरे अंदर कोई बात नहीं"
और फुट कर रोने लगती है
"ये मेरे पेट बहार निकल गए है मेरे जाँघे चुतर इतनी भरी हो गयी है"
"सुल्तान सही कहते है में पीछे से भी इतनी भद्दी और मोती हो गयी है भला मुझे सुल्तान क्यू पसंद करेंगे जब उनके हरम में एक से एक कच्ची काली है"
और दौड़ कर रट हुए फिर से अपने पलंग पर जा कर रट हुए उल्टा लेट जाती है
"सुल्तान आपको मैंने अपने जान से भी ज़्यादा चाहा आपकी हर मन मानी बर्दाश्त की इसका सिला आपने अपने बूढी बीवी की बुराई कर क निकल दी"
"सुल्तान आपको में दिन रात याद की पूरी ज़िन्दगी हर जुंग में आपकी सलामती की दवा की पर आप मुझे नहीं मुस्कान बेगम को याद कए आपने मेरा दिल चकनाचूर कर दया सुल्तान आप मेरे डिल क भी सुल्तान थे पर आपने मेरे सौतन से मेरी बुराई कर क मेरा प्यार अपनी इज़्ज़त आपने खो दिया सुल्तान"
भूरिया रोये जा रही थी और उसके आसुओ क धरा बह रही थी जो अब पुरे तकिये को गिला कर दी थी
"सुल्तान आप चाहहते तो
मेरी खामिआ मुझसे कहते पर आप को तो कच्ची काली हे पसंद है "
रट हुए आधी रात हो जाती है पर भूरिया क आखो से नींद गायब थी उसे खुद भी पता नहीं चलता उसे कब नींद आई और वो थक कर नींद क आग़ोश में चली जाती है
गहतराष्ट्रा
गहतराष्ट्रा में ख़ुशी का माहौल था आज पुरे दिन की बारात की तैयारी क बाद सब अपने अपने कक्षा में आराम कर रहे थे बद्री और श्याम रुक गए थे क्यू क सुबह हे बरात पारस की ओरे जाने वाली थी बलदेव की बारात
बलदेव अपने कक्षा में अपने मित्रो बद्री और श्याम संग हसी मज़ाक कर रहे थे और उधर राजपाल अपने कक्षा में लेते हुए सोच रहे थे तभी राजपाल क दरवाज़े पे किसी की आवाज़ आई
Jeevika:beta राजपाल सो गए क्या
राजपाल उठ खड़ा होता है और अपने कक्षा क दरवाज़े पे आकर
Rajpal:maa आप इतनी रात गए सब ठीक तो है
Jeevika:mujhe तुम्हारी चिंता खाये जा रही थी तुम ठीक तो हो
Rajpal:maa में ठीक हु आये अंदर
जीविका अंदर आकर एक कुर्सी पर बैठ जाती है और राजपाल पलंग पर जा कर
jeevika:beta नींद नहीं आरही क्या ,सो जाते कल सुबह बरात भी जाना है पारस
Rajpal:maa आप भली भांति मेरी प्रस्थिति समझती है भले हे में आपके कहने अनुसार बलदेव और उसके माँ क रिश्ते को मान लय और कल बारात जा कर विवाह में सम्मिलित में भी हो जाऊंगा पर आप हे सोचे एक पति अपने पुत्र और अपने पत्नी की विवाह क पक्ष में कैसे रह सकता है
Jeevika:beta तुम इतना मत सोचो ..इस समय अपनी जान की सोचो बलदेव ने पहले हे तुम्हारी सजा फांसी सुना दी पर भगवन ने मेरी सुन ली और तुम क़ैद से आज़ाद हो गए
Rajpal:Beta ऐसी आज़ादी का क्या जब मुझे पुरे जीवन इस महल में एक ऐसे बाप की तरह जीना होगा जो अपने बेटे और अपनी पत्नी का विवाह करवा रहा है
Jeevika:beta बुरा मत मान न पर शायद तुम्हारी हे गलती थी जिसके वजह से देवरानी जैसी सटी सावित्री अपने पुत्र से रिश्ता जोड़ी ,,मई नहीं चाहती क मेरा बीटा पुराणी बातो को ले कर दुखी रहे तुम्हारे पास तुम्हारी पत्नी षुरूश्ती है अभी भी मई तो यही कहूँगी क अब षुरूश्ती को ऐसा खुश रखो क उसके पेअर नहीं डगमगाए
Rajpal:han माँ शायद तुम सही कह रही हो
Jeevika:to समय व्यर्थ न करो और पुराणी बातो को भूलते हुए षुरूश्ती को क्षमा कर दो उसने भी बलदेव का साथ परिस्थिति को देखते हुए दी
Rajpal:man me)maine उसके लिए देवरानी को पूरी जीवन ठुकराता रहा और वो अपने जान बचने क उपहार में अपने पति क विरुद्धा हो गयी मुझे ये उम्मीद नहीं थी षुरूश्ती से क वो बलदेव और देवरानी क रिश्ते को अपना लेगी
Jeevika:socho मत में जा कर षुरूश्ती को अंदर भेजती हु उसे सम्भालो नहीं तो कही वो भी हाथ से न बेहाथ हो जाये
इतना कह कर जीविका अपने बहु षुरूश्ती से मिलने जाती है और हर बात समझा कर अपने पति की सेवा करने क लये और पुराणी बातो को भूल कर एक नए जीवन का शुरुवात राजपाल और षुरूश्ती करे इस बात पर ज़ोर देते हुए षुरूश्ती को अपने बेटे राजा राजपाल क कक्षा में भेज देती है और खुद अपने कक्षा में जा कर सो जाती hai,shurushti जैसे राजपाल क कक्षा क दरवाज़े पैर पहुँचती है तो उसके पेअर कांपने लगते है और बीते दिनों क दृश्य उसके आखो क सामने आजाते है कैसे वो पहले सेनापति सोमनाथ से चूड़ी थी फिर उसके बाद पिछले रात तो शमशेर ने भी षुरूश्ती को पेल दया था ये सरे दृश्य उसके आखो क सामने आते हे षुरूश्ती को घबराहट होने लगती है
Shurushti:man me)Beete दिनों मुझे सेनापति ने फसा कर जबरदस्ती छोड़ा और पिछले रात तो शहज़ादे शमशेर ने मुझे निचोड़ क रख दया ये बात अगर जिस दिन राजा राजपाल को कही पता चल जाये to..nahi नहीं राजा राजपाल को कौन बताएगा में ऐसा होने नहीं दूंगी
षुरूश्ती अपने लरजते कांपते होठो से अपने पति राजपाल को आवाज़ लगाती है "महाराज क्या में अंदर आजौ"
राजा राजपाल जो अपने बीते हुए दिन याद कर रहा था अचानक आवाज़ सुनते हे अपने सोच से निकलता है
"आजाओ षुरूश्ती"
Rajpal:man me)Maaa ठीक कह रही है मेरी जीवन अब षुरूश्ती हे सफल कर सकती है मुझे उसे क्षमा कर क एक नए जीवन की शुरुवात करनी चाहिए
षुरूश्ती अपने कांपते पेअर से धीरे चलते हुए राजा राजपाल क सामने कड़ी हो जाती है रेशमी लिबास में 48 वर्षीया छोटे कद काठी की महिला षुरूश्ती क भारी दूध और भरा बदन पारम्परिक रेशमी वस्त्र में गज़ब ध रही थी
Shurushti:Namaskar महाराज
Rajpal
षुरूश्ती मुद कर दरवाज़ा बंद करने जाती है और उसके भरी गांड को राजपाल देख रहा था जो पहले से भरी लग रहे थे
Rajpal:Waise पहले से तुम बदल गयी हो
Shurushti:Wo कैसे महाराज में वैसी हे हु आपकी पहली पत्नी षुरूश्ती जैसे पहले थी वो तो मई बलदेव का साथ सिर्फ इसलिए दी क वो मेरी हे नहीं गहतराष्ट्रा की बहुत साडी स्त्रीयो की इज़्ज़त लूटने से बचा lya..aapko बुरा लगा हो क मैंने बलदेव और देवरानी को उनके रिश्ते को अपना लय हो तो क्षमा कर दे
Rajpal:Mai वो सब भूल गया और में चाहता हु क तुम भी सब भूल जाओ षुरूश्ती ,मई तो ये कह रहा था क तुम बदल गयी हो पहले से ज़्यादा खिली खिली लग रही हो
Shurushti:man me)Pehle से zyada..me पेलने से ज़्यादा खिली हु जो आप कभी ठीक से नहीं कर पाए
Rajpal:tumhara बदन और भर्र गया है षुरूश्ती रानी
Shurushti:Han जो है सब आपका हे है महाराज
Shurushti:man me)ab क्या बताऊ महाराज सेनापति ने अपने 7 इंच लैंड से और शमशेर ने 9 इंच लैंड से मेरी खोख तक खोल दया कल रात अगर एक दो बार और में शमशेर से चुद जाती तो शायद में भी बचे की माँ बन जाती गर्भवती हो कर
Rajpal:man me)Kya में इतना गया गुज़रा हु क अपने पत्नी को संभल नहीं पाया और वो अपने बेटे से ब्याह कर ली
राजपाल षुरूश्ती को ऊपर से निचे तक ताड़ता है और अपने हाथ से षुरूश्ती को अपनी ओरे खींच कर अपने गॉड में बिठा लेता है
"ाः जाओ रानी मेरे गोद में बैठो"
"आह महाराज आराम से "
"महारानी षुरूश्ती क्या आपको लगता है क मई इतना कमज़ोर मर्द हु क मेरी पत्नी भी अपने बेटे से विवाह कर ली"
"कौन कहा महाराज आपसे ऐसा ये गलत है"
"क्या में नामर्द हु षुरूश्ती"
"नहीं महाराज आप में कोई कमी नहीं आप मेरे जीवन क पहले प्यार हो "
राजा राजपाल क अंदर एक ज्वाला जल रही थी देवरानी क भागने क वजह से और वो देवरानी को याद कर क अंदर से क्रोधित हो जाता राजा राजपाल ने षुरूश्ती को गॉड में बैठा कर अपने बाहो में घेर लिया और जकड कर अपने लैंड को षुरूश्ती क गांड पे दबाने लगा
"आह"
"क्या हुआ शुरुहस्ती"
"महाराज कुछ नहीं""
और मुस्कुरा देती है
षुरूश्ती भी अपने गांड को धीरे धीरे हिला कर राजपाल क लैंड को खड़ा करने लगती है राजपाल आगे झुक कर पहले षुरूश्ती क छाती क ऊपर लगे छोटे से ब्लाउज को उतार फेकता है और षुरूश्ती क भरी मम्मी बहार लटक जाते है राजपाल अपने दोनों हाथो से दोनों मम्मो को पकड़ निचोड़ने लगता है "ाः महाराज dheere"shuruhsti की सिसक बढ़ जाती है राजपाल उसके होठो को अपने होठ में ले कर चूसने लगता है और थोड़ी देर चूसने क बाद षुरूश्ती को बिस्तर पर लिटा देता है और खुद उसके ऊपर लेट जाता है और षुरूश्ती को बेतहासा चूमने चाटने लगता है
"ाः महाराज ाः"
राजा राजपाल अब बारी बारी से षुरूश्ती क भरी मम्मो को पकड़ क चुस्त है और अपने मुँह में रख कर दांत से ज़ोर से काटने लगता है
Shurushti:aaah महाराआआअआज नहीं काटे नाहीईई
Rajpal:man me)me दिखता हु में कैसा मर्द हु
राजपाल षुरूश्ती को निचे से भी नंगा कर देता है और षुरूश्ती क दोनों पेअर खोलते हे उसके नज़र षुरूश्ती क छूट क खड़े पे पड़ता है जो पहले से ज़्यादा फैला और गोल लग रहा था जैसे किसी ने षुरूश्ती क छूट में कोई मोती चीज़ घुसा क राखी हो बहुत देर तक
rajpal:man me)shurushti की छूट तो इतनी गोल और मोती नहीं थी क्या षुरूश्ती ने किसी से शारीरिक सम्बन्ध बनाया होगा !
Rajpal:Shurushti रानी आपके छूट तो पहले से ज़्यादा खुले और इसका छेड़ तो बड़ा लग रहा है
Shurushti:man me)ab महाराज कैसे बताऊ शमशेर ने अपने 9 इंच मुसल से इस छूट को भोसड़ा बना दया
Shurushti:wo महाराज आपने हे क्या है ये हाल इसका
राजपाल अपने एक ऊँगली डालता है तो आसानी से घुस जाता है फिर दो ऊँगली डालता है छूट में वो भी आसानी से घुस जाता है और षुरूश्ती क मुँह से छू नहीं निकलती
Rajpal:shurushti पहले तो एक ऊँगली डालने से तुम चिल्ला देती थी पर अब दो ऊँगली डालने पर भी कुछ दर्द नहीं हुआ तुमको
Shurushti:man me)Ab महाराज इस छूट ने 9 इंच का लम्बाई और 3 इंच का मोटाई का शमशेर का मुसल हुल्लाबी लौड़ा निगल लय तो अब ये आप क ऊँगली से क्या आप क लौड़े से भी मई नहीं चिल्लाओ
Shurushti:maharaj दर्द तो बहुत हो रहा है पर आज बहुत दिनों बाद मुझे ये सुख मिल रहा है इसलिए आनंद ले रही हो दर्द को सेह कर
षुरूश्ती बड़े चालाकी से अपने हर बात को छुपा रही थी राजा राजपाल क अंदर ज्वाला बढ़ी थी अपने पत्नी क भागने का और वो अंदर से गुस्सा भी था
Rajpal:aaja षुरूश्ती अब मेरे लौड़े को खड़ा कर
षुरूश्ती राजपाल को लिटा कर खुद उसके निचे बैठ गल्प कर क पूरा 4 इंच का लौड़ा पुरे मुँह में निगल जाती है और चबा चबा कर चूसने लगती है
Rajpal:aah तुमने तो पूरा हे मुँह में ले लय
Shurushti:man me)is मुँह में शमशेर का 9 इंच का लौड़ा ले लय तो नहीं ये तो आसान है
षुरूश्ती खूब चौ से चूसते है और धीरे धीरे लैंड अकड़ जाता है और खड़ा होता है राजपाल उठ खड़ा होता है और षुरूश्ती को पटक कर
Rajpal:ab तुम्हारे छूट का भोसड़ा बनता हु
षुरूश्ती क छूट पर अपना लैंड फसाये जैसे झुकता है तो छूट बिना रोक टोक क पूरा 4 इंच का लौड़ा अंदर जातक जाती है राजपाल अंदर पेलता है पर उसे अंदर छूट की कोई दीवार लैंड पैर महसूस नहीं होता उसे लगता है जैसे किसी खली घर में लैंड घुस गया है.
राजपाल षुरूश्ती क पेअर मोड़ कर धक्के लगाना शुरू करता है पर हर धक्के क बाद न तो षुरूश्ती चीख रही थी और न उसके लैंड पर कुछ महसूस हो रहा तह
rajpal:man me)aisa क्यू लग रहा है जैसे में छूट नहीं कही खली जगह पर धक्के मार रहा हु इतनी ढीली और छूट में इतनी जगह कैसे बानी षुरूश्ती क
अभी 5 मिंट हे हुए थे क राजपाल पानी छोर देता है
षुरूश्ती अब जैसे हे गरम होने लगी थी क उसके छूट में कुछ बुँदे गिरती हुई महसूस की
Shurushti:man me)hey भगवन ऐसा पति दया क पत्नी क गरम होने से पहले हे पानी छोर दया इसने
राजपाल हाँफते हुए बिस्तर पर गिर जाता है
Shurushti:aap ने तो मुझे अधूरा छोर दया आप कहते तो में ऊपर निचे बैठ कर करती आप की इतनी म्हणत करने की उम्र नहीं अब आप 57 वर्ष क हो गए
Rajpal:Shurushti तुम शायद ठीक कह रही हो अब मेरा समय नहीं रहा ,,अब से में इस बात पर ध्यान दूंगा क में धक्के लगा कर नहीं ठाकु और तुम करो बैठ कर ऊपर निचे मेरे लिंग पे तो हम थोड़ी देर और टिक जाते
Shurushti:man me)maharaj आप का समय तो कभी था हे नहीं आपने तो कभी छोड़ा हे नहीं ढंग से मुझे ..अगर में शमशेर से नहीं चूड़ी होती तो जीवन में कभी मालूम हे नहीं पड़ता क असली चुदाई क्या होती है
राजपाल कुछ देर में थक्क क चूर हो जाता है और अपने आखे बंद कए सो जाता है और रानी षुरूश्ती अपने छूट में ऊँगली कर थोड़े देर में झाड़ जाती है और अपने डिल को मार कर सो जाती है
तो बे कॉन्टिनोएड...