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कुछ छोटे छोटे वाक्यांशों से, छोटी छोटी बातों से रोमांस के पलों को दिखाने की मेरी कोशिश रहती है जैसे जो आखिरी भाग आप ने पढ़ा उसी की कुछ लाइनें,...
मैं उन्हें मुंह उठा के देखती रहती थी ,
अपनी बड़ी बड़ी दीये सी आँखों से , उनकी आँखो को , जिसमें मैं बसी थी , जागते भी सोते भी , ..
...
बस जान नहीं निकलती ,
लेकिन इस दर्द को तो मैं तरसती थी , जब वो पास नहीं होते थे ,
यही पल तो अगल पांच दिन तक मेरे सहारे होने वाले थे , जब ये लड़का पास नहीं होगा , ...
...
लेकिन ये पंक्तियाँ भी आप का इन्तजार कर रही थीं की आप आएं उनके सुख को समझे सराहें
बहुत बहुत आभार की एक बड़ी कहानी लिखने की व्यस्तता के बाद भी आप आ के न सिर्फ पढ़ती हैं बल्कि कमेंट भी करती हैं।
मैं उन्हें मुंह उठा के देखती रहती थी ,
अपनी बड़ी बड़ी दीये सी आँखों से , उनकी आँखो को , जिसमें मैं बसी थी , जागते भी सोते भी , ..
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बस जान नहीं निकलती ,
लेकिन इस दर्द को तो मैं तरसती थी , जब वो पास नहीं होते थे ,
यही पल तो अगल पांच दिन तक मेरे सहारे होने वाले थे , जब ये लड़का पास नहीं होगा , ...
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लेकिन ये पंक्तियाँ भी आप का इन्तजार कर रही थीं की आप आएं उनके सुख को समझे सराहें
बहुत बहुत आभार की एक बड़ी कहानी लिखने की व्यस्तता के बाद भी आप आ के न सिर्फ पढ़ती हैं बल्कि कमेंट भी करती हैं।