Incest मजबूरी या जरूरत - Page 13 - SexBaba
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Incest मजबूरी या जरूरत

अपनी छोटी मामी के साथ संजू ने जिस तरह से उसकी मदद करने के बहाने उसकी चूत को अपनी हथेली से मसला था और जिस तरह का आनंद वह अपनी छोटी वाली मामी के चेहरे पर देख पाया था उससे उसे पूरा विश्वास हो गया था कि वह जल्द ही अपनी छोटी मामी को सबसे पहले अपने नीचे लेगा,,,,,, वह कभी सोचा नहीं था कि पहली मुलाकात में ही उसकी छोटी मामी के अद्भुत खजाने को देखने और उसे स्पर्श करने का मौका मिल जाएगा भला हो उस छोटी चुहीया का जिसने उसे इतना खूबसूरत अंग देखने का मौका दिया,,,,, अपनी मामी के चेहरे के बदलते भाव को देखकर संजू समझ गया था कि वह संपूर्ण रूप से संतुष्ट बिल्कुल भी नहीं है उसे एक तगड़े मर्द की जरूरत थी,,,, और उसके जीवन की यह कमी वह पूरी करेगा,,,,,

अपनी छोटी वाली मामी के चलते बदन में जो गर्मी थी वह रात को संजू ने अपनी मां और मौसी की जमकर चुदाई करके उतार लिया था उसके हर एक धक्के पर उसकी मौसी और उसकी मां दोनों चीख उठते थे,,,,,,, दूसरे दिन संजू कि जब आंख खुली तो देखा कि बिस्तर पर उसकी मां और मौसी दोनों नहीं थे वह दोनों जल्दी उठकर कमरे से बाहर चले गए थे,,,, संजू भी अपने आलस को मरोड़ ता हुआ बिस्तर पर उठ कर बैठ गया और फिर घड़ी की तरफ देखा तो ज्यादा समय हो चुका था,,,,, वह जल्दी से घबराकर बिस्तर पर से उठ कर खड़ा हो गया क्योंकि वह अपने मन में सोचने लगा कि इस तरह से विवाह वाले घर में देर से उठना ठीक नहीं है लोग क्या कहेंगे,,,,, इसलिए वह तुरंत अपने कमरे में ही रखे ब्रश को लेकर करना शुरू कर दिया और फिर ब्रश करते करते वह घर के पीछे नहाने के लिए जाने लगा ज्यादा देर हो जाने की वजह से और रस्सियों पर औरतों के कपड़े टंगे होने की वजह से वह समझ गया था कि आज उसे कुछ ज्यादा ही देर हो चुकी है सब लोग नहा चुके थे,,,,,, इसलिए वह भी जल्दी जल्दी हेड पंप की तरफ आगे बढ़ने लगा,,,,,,,,,,,

जहां पर हैंडपंप लगा हुआ था वह जगह तीन तरफ से घीरी हुई थी,,, चार चार फीट की दीवार की गई थी ताकि औरतों को नहाने में सुविधा रहे,,,,, संजू को देर हो चुकी थी उसे अपनी मौसी और अपनी मां पर थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था कि उसे क्यों नहीं जगाई क्योंकि घर वाले क्या सोचेंगे कि विवाह वाले घर में मदद करने की जगह आराम से सो रहा है,,,,,, इसलिए वह बड़ी जल्दबाजी में जैसे ही एडमिन के ठीक सामने पहुंचा तो उसके होश उड़ गए क्योंकि हेड पंप के पास उसकी बड़ी मामी नहा रही थी,,,, उसके बदन पर केवल ब्लाउज और पेटीकोट ही था अपनी बड़ी मम्मी को इस हालत में देखकर संजू के तो होश उड़ गए यह वही जगह थी जहां पर पहली बार उसने अपनी मामी की लड़की लल्ली को देखा था और उसके खूबसूरत बदन को देखकर जो उत्साह और गर्मी उसके बदन में छाई थी उसे वह अपनी मां की चुदाई करने के बाद ही निकाल पाया था,,,,

एकाएक संजू उस जगह पर आ चुका था उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें वह अपनी मामी को ही देख रहा था और जैसे ही उसकी मामी की नजर संजू पर पड़ी,,,, उसके चेहरे पर एक खुशी थी लेकिन संजू समझ नहीं पाया और वह मुस्कुराते हुए बोली,,,।

संजू की बड़ी मामी कुछ इस तरह से

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अरे संजू तू अच्छा हुआ आ गया,,,,, जरा मेरी पीठ मल देना तो बहुत मेल हो गई है,,,,।

ममममम मै,,,,,(एकदम हकलाते स्वर में बोला,,,)

हारे तू ही और कोई है क्या इधर,,,,।

( संजु अपनी मम्मी के व्यवहार को समझ नहीं पा रहा था जबकि उसकी मम्मी के मन में ऐसा कुछ भी नहीं था वह तो संजू को एक छोटा बच्चा ही समझती थी इसलिए उसे ऐसा कह रही थी और संजू इस बात से एकदम से हैरान था कि एक औरत अपने सामने एक जवान लड़के को देखने के बावजूद भी इस हालात में भी एकदम सहज भाव से बोल रही थी ना तो अपने बदन को कहीं से भी छुपाने की कोशिश कर रही थी और ना ही हिचक रही थी,,,, संजू तो हक्का-बक्का अपनी मामी की तरफ यह देख रहा था पल भर में उसने अपनी मम्मी के दोनों खरबूजो का अंदाजा लगा लिया था जो कि ब्लाउज में कैद होने के बावजूद भी बटन तोड़कर बाहर आने के लिए मचल रहे थे और ऊपर से ब्लाउज पूरी तरह से भीग जाने की वजह से चूची की शोभा बढ़ा रहे दोनों किसमिस के दाने एकदम उभरकर ब्लाउज के ऊपर से नजर आ रहे थे जिसे देख कर संजू के तन बदन में अजीब सी लहर उठ रही थी और साथ ही उसका भीगा हुआ पेटिकोट जो की पूरी तरह से उसकी मजबूत मोटी मोटी जांघों से चिपक गया था और उसके चलते उसकी मोटी मोटी जांघों का उभार भी एकदम सहज रुप से दिखाई दे रहा था,,,,। संजू को इस तरह से अपने सामने हक्का-बक्का सा ताकता हुआ देखकर वह बोली,,,)

अरे अब ऐसा देखता ही रहेगा कि मेरी पीठ मिलेगा भी मुझे बहुत काम है कि वह साफ करना है उसे पिसवाने देना है,,,,।

संजू की मामी

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हां,,,,,, हां,,,,,,, अभी मलता हूं,,(और इतना कहने के साथ ही संजू धीरे से अपनी मम्मी के करीब पहुंच गया लेकिन उसकी पीठ मलने से पहले वह चारों तरफ नजर दौड़ा कर देखने लगा कि कहीं कोई देख तो नहीं रहा है पूरी तरह से निश्चिंत होने के बाद वह ,,,, धीरे से चुका और अपनी एक हथेली को अपनी मामी की पीठ पर रख दिया और जैसे ही वह अपनी हथेली को अपनी मामी की पीठ पर रखा वैसे ही उसके लंड की ऐंठन बढ़ने लगी,,,,, और वह धीरे-धीरे अपनी मामी की पीठ मलने लगा,,,, संजू अपनी हथेली हल्के से चला रहा था इसलिए उसकी मामी बोली,,,)

अरे इतना जवान हट्टा कट्टा है जरा दम लगा कर मल,,,

(इतना सुनते ही संजू थोड़ा दम लगा कर वह अपनी मामी की पीठ को मलना शुरू कर दिया,,,, अपनी मामी की नंगी चिकनी पीठ को मलते समय उसकी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी,,,, संजू ठीक अपनी मामी के पीछे खड़ा होकर और झुक कर उसकी पीठ मल रहा था और आगे नजर करके अपनी मामी के दोनों खरबूजा को भी देख रहा था जो कि ऊपर का एक बटन खुला होने की वजह से अपना पूरा वजूद दिखा रहा था,,,,, संजू अपनी मामी के बदन के रखरखाव और उसके बनावट को देखकर अपने मन में यही सोच रहा था कि इस उम्र में भी उसकी मामी एकदम कड़क है लेकिन मामा ढीले हो चुके हैं अगर मामा का कर्तव्य उसे निभाने को मिल जाए तो वह मामी को एकदम तृप्त कर दे,,,, यही सोचकर उसकी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी और पीठ पर से वाकई में मेल निकल रहा था यह देखकर संजू बोला,,,,)

संजू की मामी नहाते हुए

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मामी सच में तुम्हारी पीठ कितनी गंदी है,,,,

मेल निकल रहा है ना,,,

हां मामी बहुत सारा,,,,

तू दोनों हाथ से रगड़ रगड़ कर मल आज पूरी मेल निकाल दे,,,,

ठीक है मामी,,,,(और इतना कहने के साथ ही संजु अपने दोनों हथेली का उपयोग करने लगा और अपने मन में सोचने लगा कि काश उसकी भाभी अपना ब्लाउज उतार देती तो और मजा आ जाता उसका ऐसा सोचना था कि तभी उसकी मामी बोली,,,)

रुक जरा में ब्लाउज उतार दूं,,, फिर अच्छे से मल देना,,(इतना कहने के साथ ही वह एकदम सहज रूप से अपने ब्लाउज के बटन खोलने लगी संजू यह देखकर एकदम हैरान था कि उसकी मामी उसके सामने उसकी मौजूदगी में बिल्कुल भी शर्म किए बिना ही अपने ब्लाउज का बटन खोल रही थी जबकि अब तक हो जितनी भी औरतों से मिला है उनसे शारीरिक संबंध बनाया है पहले औरतें शर्म से ही शुरुआत करती है लेकिन उसकी मामी ना जाने क्यों उसके सामने शर्म क्यों नहीं कर रही थी,,, संजू इस तरह से सोच रहा था लेकिन उसकी मामी संजु को एक बच्चा समझ कर ही इस तरह का बर्ताव कर रही थी संजू का दिल जोरों से धड़क रहा था वह अपनी मामी के ठीक पीछे खड़ा था उसका लंड उसके पेंट में पूरी तरह से अपनी औकात में आ चुका था,,,,, संजू का मन तो कर रहा था अपने लंड को अपनी मामी की नंगी पीठ पर रगड़ रगड़ कर उसकी मेल छुड़ाएं,,,, लेकिन वह इस समय इस तरह कि सिर्फ कल्पना ही कर पा रहा था,,,,,,,,।

संजू की मामी

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देखते ही देखते वह धीरे धीरे ब्लाउज के सारे बटन खोल दी और फिर उसे अपनी बाहों में से बाहर निकालने लगी संजू को लग रहा था कि वह केवल अपने ब्लाउज का बटन खोल कर अपने पेटिकोट को थोड़ा सा ऊपर कर लेगी ताकि वह उसकी पीठ को आराम से रगड़ सके,,,, लेकिन उसके सोच के विरुद्ध उसकी मामी अपने ब्लाउज को अपने बदन से एकदम से अलग कर ली थी उसकी नंगी चूचियां एकदम आजाद होकर पानी में डूबने को तैयार थी संजू का मन कर रहा था कि वह आगे से जाकर अपनी मामी की बड़ी-बड़ी चुचियों के दर्शन करें और देखें कि उसकी मामी की चूचियां कैसी दिखती है लेकिन अपने ब्लाउज को अपने बदन से अलग कर लेने के बाद वह ब्लाउज को गीले कपड़ों में रखते हुए बोली,,,,)

अब अच्छे से रगड़,,,,,,,

(इतना सुनते ही संजू उत्तेजना से एकदम भाव विभोर हो गया उसकी आंखों के सामने उसकी मामी अर्धनग्न अवस्था में थी कमर के नीचे पेटीकोट मेथी लेकिन कमर के ऊपर वह पूरी तरह से नंगी थी अपनी मामी की चोडी नंगी चिकनी पीठ को देखकर संजू की हालत खराब होने लगी तुम्हें दोनों हथेली को अपनी मामी की संपूर्ण मदमस्त कर देने वाली चिकनी पीठ पर रखकर जोर-जोर से मिलना शुरू कर दिया और अपनी हथेली को पीठ के चारों तरफ घुमाने लगा,,,,, संजीव को तो बहुत मजा आ रहा था लेकिन जिस तरह से वह पीठ को रगड़ रहा था उसकी मामी को भी अच्छा लग रहा था हालांकि वह उत्तेजना वाला आनंद बिल्कुल भी नहीं था वह केवल अच्छा महसूस कर रही थी और फिर वह बोली,,,)

संजू की मामी

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थोड़ा सा साबुन लगा ले तब और अच्छा रहेगा,,,,।

(अपनी मामी की बात मानते हुए संजू साबुन उठाकर अपनी मम्मी की चिकनी पीठ पर रगड़ना शुरु कर दिया और फिर साबुन को एक तरफ रख कर फिर से अपनी हथेली को जोर-जोर से दबाते हुए अपनी मामी की पीठ को साफ करने की कोशिश करने लगा लेकिन साबुन लगे होने की वजह से चिकनाहट पाकर उसकी हथेली इधर-उधर सरकने लगी और जब वह पीठ के बीचो बीच दोनों तरफ हथेली करके रगड़ने की कोशिश करता तो उसकी हथेली झटक कर आगे की तरफ जाती और हल्के से उसकी हथेली में उसकी मामी की खरबूजे जैसी चूचियां स्पर्श हो जाती थी और इतने से ही संजू के तन बदन में अजीब सी हलचल होने लगती थी,,,, लेकिन संजू को इसमें मजा आने लगा वह जानबूझकर अपनी हथेली को सरकाने का बहाना करके बार-बार अपनी मामी की चूची को स्पर्श कर रहा था,,,,,,,,, इस बात का एहसास उसे भी अच्छी तरह से हो रहा था लेकिन वह सोच रही थी कि शायद अनजाने में उसके हाथ से ऐसा हो रहा हो क्योंकि ढेर सारा साबुन जो लगा था,,, लेकिन एक बात का एहसास उसे भी अच्छी तरह से हो रहा था कि जब जब संजू की हथेली उसकी चूची से इस पर सो रहा था उसके तन बदन में झनझनाहट सी फैल जा रही थी,,,,,,, कुछ देर तक संजू इसी तरह से अपनी मामी से मजा लेता रहा और अपने मन में यह मनाता रहा कि कोई इस समय यहां पर आना चाहिए ताकि वह अपनी मामी से इस तरह से ही सही मजा तो ले सके,,,,,

संजू की मामी

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बस बस बेटा बहुत अच्छा काम किया तूने,,,,,

लेकिन मामी इतना सारा मेल हो कैसे जाता है आपकी पीठ पर,,,(अपनी दोनों हथेलियों को आखरी बार पीठ पर मिलते हुए और अपनी मामी की दोनों चूचियों की किनारी को स्पर्श करते हुए वह अपनी हथेलियों को हटा लिया)

क्या बताऊं बेटा दिनभर खेतों का काम घर का काम करते करते इतना पसीना होता है कि पसीनो की वजह से मिट्टी जमने लगती हो और फिर मेल बन जाती है कभी-कभी तो खुजली भी होने लगती है,,,,

नहीं मामी तुम अपने शरीर का ध्यान रखा करो,,,,(और इतना कहने के साथ ही बाल्टी में से एक लोटा पानी निकाल कर उसे अपनी मामी की पीठ पर डालते हुए बोला) देखो तो सही पीठ माल देने के बाद तुम्हारी पीठ और भी ज्यादा गोरी हो गई है,,,

सच में,,,(आश्चर्य जताते हुए वह बोली)

हां मामी सच में एकदम मक्खन की तरह चमक रही है,,,,,

और तेरे मामा कहते हैं कि धूप में रह रहे कर काली होती जा रही हो,,,

मामा ऐसा कहते हैं मामी इसका मतलब है कि मामा की आंख का नंबर आ गया है तुम तो मुझे कहीं से भी सांवली नजर नहीं आ रही हो ,,,, बल्की सच कहूं तो मामी तुम बहुत खूबसूरत लगती हो तुम्हारे चेहरे की बनावट तुम्हारे बदन की बनावट तुमने इस उमर में भी अपने बदन को इतना संभाल कर रखी हो कि देखने वाले तुम्हारी उम्र का अंदाजा ही नहीं लगा सकते,,,,,(संजू औरतों को फंसाने का अपना सबसे बढ़िया हथियार का प्रयोग कर रहा था जिसमें किसी भी औरत अपने घुटने टेक देती थी और यही उसके साथ भी हो रहा था अपनी खूबसूरती की तारीफ एक जवान लड़के के मुंह से सुनकर उसके तन बदन में अजीब सी हलचल होने लगी बरसो बाद किसी ने उसके हुस्न की तारीफ किया था इसलिए उसके चेहरे पर शर्म के साथ-साथ मुस्कुराहट भी थी जिससे उसका चेहरा और भी ज्यादा खूबसूरत लग रहा था,,,,, वह मुस्कुराते हुए बोली,,,)

चल रहने दे बातें बनाने को मैं जानती हूं मैं कैसी दिखती हूं,,,

क्या मामी तुम्हें मेरी बातें यूं ही हवा में गोलीबारी की तरह लग रही है ना लेकिन मैं सच कह रहा हूं तुम बहुत खूबसूरत हो तुमने कभी अपने आपको आईने में ठीक से देखी नहीं हो ,,,, परिवार को चलाने में उनकी देखभाल करने में खेतों का काम गाय भैंस को संभालना इन्हीं सब में उलझ कर रह गई हो इसीलिए तुम यह भी भूल गई हो कि तुम कितनी खूबसूरत हो सच कहूं तो जब मैं पहली बार तुम्हें देखा था तो मुझे लगता ही नहीं था कि तुम मेरी बड़ी मामी,,,हो,,,, मैं तो तब दंग रह गया जब मम्मी और मौसी ने यह बताइ कि तुम मेरी बड़ी मामी हो,,,,

चल रहने दे तेरी बातें सुनकर ना जाने मुझे क्या होने लगा,,,,

अब मुझे तो नहीं मालूम मानी लेकिन मैं जो कुछ भी कह रहा हूं एकदम सही कह रहा हुं,,,,, क्योंकि मैं कोई उम्र वाला आदमी तो हूं नहीं मैं जवान लड़का हूं और मुझे अच्छी तरह से पता है कि खूबसूरत किसे कहते हैं और तुम मेरी नज़र में बहुत खूबसूरत हो बाकी तुम्हारी मर्जी मेरी बात को सही मानो या ना मानो जो सच है जो मैं देख रहा हूं वही कह रहा हूं,,,,

चल अब जल्दी से हैंडपंप चला तू तो मुझे पागल कर देगा,,,

पागल क्यों,,,?

वह इसलिए कि पहली बार में अपनी खूबसूरती की तारीफ सुन रही हूं,,,,

यह तो मामी बहुत बुरी बात है कि आज तक तुम्हारे काम की तुम्हारी खूबसूरती की किसी ने सराहना नहीं किया क्या मामा ने भी कभी इस तरह से तुम्हारी खूबसूरती के बारे में तुम्हें नहीं बताया,,,

नहीं रे कभी नहीं,,,,

ओहहह सच में मामा की आंख का नंबर बढ़ गया है,,,(इतना कहने के साथ ही संजू हेडपंप चलाना शुरू कर दिया और अनजाने में ही उसकी नजर संजू के पेंट के आगे वाले भाग पर चली गई जहां पर अच्छा खासा तंबू बना हुआ था एक उम्र दराज औरत होने के नाते उसे समझते देर नहीं लगी कि संजू के पेंट के आगे वाले भाग में तंबू क्यों बना हुआ है अच्छी तरह से समझ रही थी कि संजू का लंड पूरी तरह से खड़ा था,,, और इस बात से वह ज्यादा ही हैरान थी क्योंकि वहां आज तक अपने पति के पेंट के आगे वाले भाग पर इस तरह का तंबू बना हुआ नहीं देखी थी और कभी कभार देखी भी थी तो वह इतना ज्यादा उभरा हुआ नहीं था लेकिन संजू का तो खोटा एकदम इस तरह से खड़ा था कि मानो गाय भैंस को बांधने वाला मोटा खुंटा हो,,,, पल भर में उसके तन बदन में अजीब सी हलचल होने लगी उसकी सांसे ऊपर नीचे होने लगी और वह तिरछी नजर से संजू के पेंट की तरह देखते हुए बाल्टी में से लोटा भर भर कर पानी निकाल कर अपने बदन पर डालने लगी अभी तक उसके बदन में उत्तेजना की लहर अपना असर नहीं दिखाई थी लेकिन इस समय अपनी खूबसूरती की तारीफ और संजू के खूंटे को देखकर उसके बदन में भी हलचल होना शुरू हो गया था,,,,,

जैसे तैसे करके वहां नहा लिया और धीरे से अपनी जगह पर खड़ी होने लगी लेकिन साथ ही अपनी पेटीकोट की डोरी को ढीली करके उसे ऊपर की तरफ करते हुए उसे अपनी चुचियों के ऊपर लाकर ढक ले और फिर धीरे से अपने हाथ को अपने पेटीकोट के अंदर नीचे से डालते हुए अपनी चड्डी को उतारना शुरू कर दि यह देखकर संजू के तन बदन में आग लगने लगी अपनी मामी को इस हालत में देखकर संजीव को औपचारिक रूप से अपनी नजर को फेर लेना चाहिए था दूसरी तरफ नजर घुमा लेना चाहिए था लेकिन संजू के तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ में लगी थी और वैसे भी औरतों के मामले में वह पूरी तरह से पक्का खिलाड़ी हो चुका था इसलिए वह जानता था कि उसकी मामी में भी कहीं ना कहीं वासना की आग दबी हुई है जिसे भड़काना बहुत जरूरी है इसीलिए वह बेझिझक अपनी मामी को इस हालात में देख रहा था,,,, और अभी तक उसकी मामी उसके सामने शर्मा बिल्कुल भी नहीं रही थी लेकिन उसके खूटे को देखकर और उसकी बातों को सुनकर और जिस तरह से वह उसकी तरफ देख रहा था और वह अपनी चड्डी को उतार रही थी ऐसे हालात में उसके तन बदन में अजीब सी लहर के साथ-साथ शर्म का भाव भी उठ रहा था वह शर्म आ रही थी और शर्म से पानी-पानी हो रही थी लेकिन सर्दी भी क्या धीरे से वह अपनी चड्डी को नीचे की तरफ खींच कर अपने पैरों से बाहर करने लगी तो संजू की नजर उसकी कत्थई रंग की चड्डी को देखकर एकदम खुमारी से भरने लगी,,,,,,, संजू एक टक अपनी मामी की चड्डी को ही देख रहा था और यह देख कर उसकी मामी शर्म से पानी पानी हुई जा रही थी,,,,, लेकिन वह एकदम सहज होने का नाटक करते हुए बोली,,,,।

संजू तू नहा ले मैं तेरे कपड़े धो देती हूं साथ में दोनों काम हो जाएगा,,,(और इतना कहते हुए वह जैसे ही अपनी चड्डी को अपने हाथ में लेने के लिए नीचे झुकी पीछे से उसका पेटीकोट उसके नितंबों को छुपाने का कर्तव्य निभा नहीं पाया,,, शायद यह कर्तव्य उसके बस में बिल्कुल भी नहीं था क्योंकि कुछ भारी ही कर्तव्य का बाहर उसके सर पर दे दिया गया था और वह जिस में पूरी तरह से असफल साबित हुआ था और उसकी असफलता संजू के लिए सौगात बन चुकी थी अपनी मामी की गोरी गोरी गांड की झलक पाकर ही वह पूरी तरह से मस्त हो गया और उसके लंड का कडकपन और अधिक बढ़ गया,,,,,, यह नजारा कुछ और देर तक चल पाता इससे पहले ही उसकी मामी को इस बात का एहसास हो गया कि कुछ गड़बड़ हुई और वजह से ही अपनी नजर पीछे की तरफ घुमा ही तो उसे इस बात का एहसास हो गया कि पीछे से उसकी गांड पूरी तरह से दिखाई दे रही थी,,,,, वह तिरछी नजर से यह भी देख ली थी कि संजू की नजर उसकी गांड पर ही थे इसलिए वह तुरंत हाथ पीछे की तरफ ले जाकर अपने पेटिकोट को थोड़ा नीचे कर ली और तुरंत नीचे बैठ गई,,,,, लेकिन इतने से ही उसकी मामी शर्म से पानी पानी हो गई थी,,,, क्योंकि अपनी हालत को देखकर और संजू के पेंट में बने खूंटे को देखकर,,,, इतना तो समझ गई थी कि उसकी हालत ऐसी क्यों है ,,, इसीलिए तो ना जाने क्यों उसकी दोनों टांगों के बीच की कड़ी तरह में भी अजीब सी हलचल मची हुई थी,,,

फिर भी वह संजु के सामने असहज नहीं होना चाहती थी इसलिए वह फिर से बोली,,,,।

अरे जल्दी से कपड़े उतार कर दे मैं धो धुंं,,

(संजू अपनी मामी के हालत को अच्छी तरह से समझ रहा था वह मन ही मन खुश हो रहा था और अपनी मामी की बात मानते हो वह तुरंत अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिया और देखते ही देखते अपने सारे कपड़े उतार कर अपनी मम्मी को धोने के लिए दे दिया केवल अपने अंडरवियर को छोड़कर जिसमें पूरी तरह से खूंटा का बना हुआ था और वह जानबूझकर उसे छुपाने की बिल्कुल भी कोशिश नहीं कर रहा था जिस पर उसकी तिरछी नजर पड़ते ही वहां शर्म से पिघलने लगी उत्तेजना उसके दिलो-दिमाग पर छाने लगी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें आज तक उसने चड्डी के अंदर इस तरह के हालात को कभी नहीं देखी थी वह अपने मन में सोचने लगी कि जब चड्डी में इस तरह से नजर आ रहा है जब बिना चड्डी के एकदम नंगा दिखेगा तो कैसा दिखता होगा यही सोचकर वह अजीब से भंवर में फंसने लगी और संजू जानबूझकर अपने खूटे को बिना छुपाए हेड पंप चला कर पानी भर रहा था इतना तो है समझ गया था कि उसकी मामी उसकी मर्दाना ताकत के सामने घुटने जरूर टेक देगी इसलिए मैं निश्चिंत होकर जल्दी से पानी से बाल्टी को भर दिया और नहाना शुरू कर दिया और उसकी मम्मी भी जल्दी से कपड़ों को धोकर वहां से चली गई क्योंकि उसे डर था कि अगर कुछ देर और वहीं खड़ी रही तो कहीं ऐसा ना हो जाएगी संजू के नंगे लंड के दर्शन उसे हो जाए और अगर ऐसा हो गया तो गजब हो जाएगा और इसीलिए वह अपने आप को संभालते हुए वहां से चली गई थी संजू मुस्कुरा रहा था देखते ही देखते वह तीनों मामी पर अपनी मर्दानगी ताकत का असर दिखा चुका था यह तो केवल एक झलक थी अभी तो बहुत कुछ बाकी था,,,,,।

संजू चाय नाश्ता करके थोड़ा बहुत घर के काम में हाथ बढ़ाकर वह अपनी सबसे छोटी मामी से मिलने के लिए खेतों में से जाने लगा,,,,।
 
अपनी मामी की जवानी का जलवा देख कर और उसके खूबसूरत अंगों को अपनी हथेली से स्पर्श कर कर संजू पूरी तरह से मस्त हो चुका था,,, और उसने अपनी मामी को भी अपनी जवानी का खूंटा दिखाकर अपना इरादा जता दिया था,,,,, संजू की मामी पहले तो बिल्कुल सहज थी लेकिन उसके उत्तेजना रूपी खुंटे को देखकर असफल हो गई थी और तुरंत वहां से चलती बनी थी,,,,,

संजू थोड़ा बहुत काम मे हाथ बंटाकर अपनी सबसे छोटी मामी के घर की ओर निकल पड़ा था क्योंकि वहां भी जिस तरह से उसकी मुलाकात अपनी मामी से हुई थी वह बेहद उत्तेजना आत्मक रूप धारण कर लिया था,,,, छोटी सी चुहीया के चलते संजू को अपनी मां की कीमत मस्त चूत देखने का मौका भी मिला था और उसे स्पर्श करने के साथ-साथ उसे मसलने का भी मौका प्राप्त हुआ था,,,,, संजू की हरकत से रीतू भी पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी जिस तरह से संजू ने अपनी हथेली में भरकर उसकी चूत को दबोचा था वह तुरंत पानी पानी हो गई थी,,,,, ना जाने क्यों अपने भांजे की हरकत की वजह से वह उसकी तरफ थोड़ा बहुत आकर्षित होती जा रही थी,,,, क्योंकि आज भी उसे संजू का इंतजार था,,,, उसे पक्का यकीन तो नहीं था कि संजू आज दोबारा उसके घर पर आएगा लेकिन जिस तरह का नजारा उसके भांजे ने देखा था उसके दिल में कुछ-कुछ हो रहा था और उसे थोड़ा यकीन तो था ही कि आज भी उस का भांजा जरूर आएगा,,,,,

थोड़ी ही देर में संजू अपनी मामी के घर पहुंच गया,,,, वह घर के दरवाजे के सामने खड़े होकर चारों तरफ देखने लगा लेकिन आज उसे घर के बाहर उसकी मामी नजर नहीं आ रही थी पहली बार वह अपनी मम्मी को इसी जगह पर खेतों में काम करते हुए देखा था और पहली बार में ही उसका पिछवाड़ा देखकर मन ही मन उसकी तरफ आकर्षित हो गया था,,,,, संजू ने दरवाजे की तरफ देखा तो दरवाजा बंद था लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था जिससे उसे इतना तो पता चल ही गया कि घर में उसकी मामी मौजूद है इसलिए वह एकदम दरवाजे के करीब पहुंच गया लेकिन जैसे ही दरवाजे पर दस्तक देने के लिए अपना हाथ उठाया ही था कि अंदर से आवाज आने लगी,,,,,

आहहह क्या कर रहे हो,,,, अच्छी तरह से डालो तो सही,,,,, रात को तो घोड़े बेच कर सो जाओगे और सुबह सुबह तुम्हें यही सब सुझता है,,,,

क्या करूं रानी रात को इतना थक जाता हूं कि कुछ समझ में नहीं आता नींद के सिवा,,,,आहहहह बहुत गरम चूत है तुम्हारी,,,,

मेरी चूत हमेशा गर्म रहती है ,,,ठंडा तो तुम्हारा लंड पड़ जाता है,,,,।

(संजू तो इस तरह की बातों को सुनकर एकदम से दंग रह गया लेकिन अपनी मामी की बात सुनकर उसे इस बात का अंदाजा लग गया था कि उसकी मामी अपने पति से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है और ईसी का तो इंतजार था संजू को,,, वह कान लगाकर अंदर की बात को सुनने लगा,,,,)

आहहह आहहहह पूरा अंदर डालो ,,,अंदर तक डालो,,,आहहहह ,,,,,

थोड़ा टांग तो फैला,,,,

अरे तुम्हें तो टांग से ही दिक्कत रहती है डालने वाले तो चाहे जैसे भी डाल देते हैं,,,,,,आहहहह ,,,,, ठीक से जा नहीं रहा है थोड़ा सा थुक लगा लो,,,,,

तेरी चूत तो हमेशा सुखी ही रहती है,,,

पागल हो गए हो क्या चुत तभी गीली होती है जब मर्द उसे पूरी तरह समस्त कर देता है और तुम तो हो सिर्फ साड़ी उठाए और शुरू पड़ गए,,,,,

अच्छा रुक ले गांड के नीचे थोड़ा तकिया लगा ले,,,,,

(संजू तो अपने मामा मामी दोनों की बातें सुनकर एकदम मस्त हुआ जा रहा था बस उसे अंदर का दृश्य देखने को नहीं मिल पा रहा था इसलिए वह देखने का जुगाड़ बना रहा था,,,, तभी वह दरवाजे की दूसरी तरफ बाजू जाने लगा तो उसी खिड़की नजर आ गई और उसकी किस्मत अच्छी थी कि खिड़की खुली हुई थी और वो खिड़की से जैसे ही अंदर की तरफ देखा तो अंदर का नजारा देखा कर एकदम उत्तेजना से भर गया क्योंकि खटिया पर उसकी मामी चारों खाने चित हो कर लेटी हुई थी और दोनों टांग हवा में ऊपर की तरफ उठा हुआ था और उसके मामा अपने हाथ में लंड पकड़े हुए थे अपने मामा के लंड को देखकर संजू की हंसी छूटने वाली थी लेकिन किसी तरह से वह अपनी हंसी को दबा ले गया था,,, संजू समझ गया था कि उसकी मामी जवानी से भरी हुई है और उसकी जवानी की प्यास इतने छोटे से मरियल से लंड से बुझने वाली नहीं थी,,,,, और संजू ने देखा कि उसके मामा अपने लंड को अपनी बीवी की बुर में डाल दिए थे लेकिन बुर में लंड घुसने का एहसास उसकी मामी के चेहरे पर जरा भी नहीं है शायद इसीलिए की लंड में बिल्कुल भी जान नहीं था,,,,, और जैसे ही 2 4 धक्के मारे ही थे कि उसके मामा एकदम से ढेर हो गए और जोर जोर से हांफने लगे,,,, इतने में तो संजू की मामी का गुस्सा फूट पड़ा और वह जोर से बोली,,,,।

जब अच्छी तरह से खत्म नहीं कर पाते तो शुरू क्यों करते हो क्यों मेरे अंदर की प्यास जगा कर चले जाते हो,,,,,।

(संजू के मामा के पास इसका जवाब बिल्कुल भी नहीं था वह धीरे से उसके ऊपर से उठा और अपने कपड़े पहनने लगा,,,, संजू को अपनी मम्मी के चेहरे पर उदासी साफ झलक रही थी अब संतुष्टि का अहसास साफ नजर आ रहा था,,,, और अपनी मम्मी के चेहरे पर कि असंतुष्टि के भाव संजू के लिए उम्मीद की किरण थी,,,,, अपने पेंट का बटन बंद करते हुए वह बोला,,,)

कोशिश तो करता हूं लेकिन हो नहीं पाता क्या करूं,,,,

इसीलिए मुझसे शादी करके अपने घर लाए थे मैंने भी क्या-क्या अरमान देखी थी लेकिन सब धरा का धरा रह गया,,,,,

(संजू जानता था कि उसके मामा अब घर से बाहर निकलने वाले हैं इसलिए तुरंत वहां से हटकर थोड़ी दूर पगडंडी पर चला गया ताकि उसके मामा देखे तो उसे एसा ही लगे कि अभी अभी वह आ रहा है,,,। और ऐसा ही हुआ जैसे ही उसके मामा ने दरवाजा खोला तो सामने से उसे संजू आता हुआ दिखाई दिया तो वह बड़े गौर से संजू की तरफ देखने लगा तो समझो खुद आगे बढ़कर उसके पैर छूकर प्रणाम किया,,,,, और अपने लिए मामा का संबोधन सुनते ही वह खुश हो गया और बोला,,,)

बाप रे कितना बड़ा हो गया है तू,,,,।

(अपने पति की बात सुनकर रितु समझ गई थी कि उसका भांजा आया है इसलिए वह तुरंत बिस्तर पर से उठी और अपने कपड़ों को दुरुस्त करने लगी क्योंकि वह अस्त-व्यस्त कपड़ों में थी,,,, और जल्दी से अपने आंचल को संभालते हुए वह भी दरवाजे पर आ गई और संजू की तरफ देख कर मुस्कुरा कर बोली)

तू आ गया संजू,,,,

कैसे नहीं आता मामी,,,,,, अभी पूरी तरह से एक दूसरे को जाने कहां है,,,,,,, मामा जी आप कहां जा रहे हैं,,,,

अरे संजू मुझे बाजार में थोड़ा काम है इसलिए जा रहा हूं,,,,

चलो कोई बात नहीं मामी तो है ना,,,,,,,

ठीक है तुम दोनों बातें करो मैं जा रहा हूं वरना धूप हो जाएगी ज्यादा तो तकलीफ हो जाएगी,,,,

ठीक है मामा जी,,,,।

(थोड़ी ही देर में संजू का मामा बाजार चला गया और संजू की मामी उसे नाश्ता करने के लिए घर में लेकर आई,,,, वैसे कल वाली घटना की वजह से रितु अपने भांजे से नजर नहीं मिला पा रही थी बार-बार उसकी आंखों के सामने वही दृश्य तैरने लगता था जब वह साड़ी उठाकर खड़ी थी और संजू मदहोशी भरी नजरों से उसकी भरी हुई चूत को देख रहा था,,, उस दृश्य के बारे में याद करते ही उसकी चूत पानी पानी हो जाती थी ना जाने क्यों रितु संजू की तरफ आकर्षित होती जा रही थी,,,,, क्योंकि उसने अपने पिछवाड़े पर संजू के दमदार लंड की चुभन और ठोकर महसूस कर चुकी थी,,,, उसे पूरा यकीन था कि संजू का लंड बम पिलाट है,,,,,,,, जिस इरादे से संजू अपनी छोटी वाली मामी के घर पर आया था उसकी छोटी वाली मामी के दिल के कोने में भी कहीं ना कहीं संजू वाला इरादा भी पनपने लगा था,,,,, संजू नाश्ता कर रहा था और उसे देखकर रितु मंद मंद मुस्कुरा रही थी,,,,, अपनी मामी को इस तरह से मुस्कुराता हुआ देखकर संजू बोला,,,)

क्या हुआ मामी ऐसे क्यों मुस्कुरा रही हो,,,,

कुछ नहीं देख रही हूं कि दीदी का बेटा कितना बड़ा हो गया है एकदम शादी लायक,,,,,,

तुम्हें क्या लगता है मामी कि मैं अभी भी छोटा रहूं,,,,

नहीं-नहीं संजू अच्छा हुआ कि तू इतना बड़ा हो गया है किसी के काम तो आएगा,,,,

मतलब मैं कुछ समझा नहीं,,,,

ममममम मतलब कि तू घर का काम में हाथ बताने में तो काम आएगा ना,,,,

हां हां जरूर मामी,,,,

तू जल्दी से नाश्ता कर ले फिर हम दोनों खेत चलते हैं वहां पर कटी हुई घास का बहुत सारा ढेर रखा हुआ उसे उठाकर इधर लाना है तुझे कोई दिक्कत तो नहीं है,,,

नहीं नहीं मामी मुझे कौन सी दिक्कत होगी बल्कि मुझे तो अच्छा लगेगा तुम्हारी मदद करने में,,,,

चल तब तो अच्छा है,,,,,,,।

(थोड़ी ही देर में संजू नाश्ता कर लिया और दोनों दरवाजा बंद करके खेत की ओर निकल गए रितु आगे-आगे चल रही थी और संजू पीछे पीछे संजु जानबूझकर अपनी मामी के पीछे पीछे चल रहा था क्योंकि पीछे चलने में उसकी मामी की गोल-गोल गांड मटकती भी नजर आ रही थी और ऐसा नजारा देखने में संजू की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी,,,,। बार-बार संजू अपनी मामी की मटकती भी गांड को देखकर अपने लंड को पेंट के ऊपर से ही दबा देता था जो कि मुंह उठाए उसकी गांड को ही देख रहा था,,,,, देखते ही देखते दोनों खेतों के बीचो बीच पहुंच चुके थे,,,,,,,, संजू साड़ी के अंदर से ही अपनी मामी की जवानी को नितंबों के रूप में गर्म तेल की तरह खोलते हुए देख लिया था,,,,, इसलिए जल्द से जल्द अपनी मामी की जवानी से खेलना चाहता था,,,,।,,

खेत के बीचो बीच पहुंचकर संजू की मामी अपनी कमर पर दोनों हाथ रख कर इधर-उधर नजर घुमा कर देखने लगी चारों तरफ घास का ढेर पड़ा था जिसे उसने ही दो-चार दिनों में काटकर इकट्ठा करके रखी थी वह अपने पति के साथ मिलकर इस घास के ढेर को घर पर ले जाना चाहती थी लेकिन समय ही नहीं मिला था,,,,,,, सूरज सर पर चढ़ाया था गर्मी का महीना होने की वजह से बड़े जोरों की गर्मी भी लग रही थी जिससे वह पसीने से तरबतर हो चुकी थी,,,,

बाप रे अभी से इतनी गर्मी लग रही है अभी तो ढेर सारा काम बाकी है,,(इतना कहने के साथ ही वह साड़ी का पल्लू अपने हाथ में लेकर उसे हवा करने लगी और ऐसा करने पर उसकी मदहोश कर देने वाली चौड़ी छाती एकदम से उजागर हो गई जो कि ब्लाउज में कैद होने के बावजूद भी अपने दोनों खरबूजो को बाहर निकालने के लिए मचल रही थी संजू की नजर तुरंत अपनी छोटी वाली मामी की छाती पर पड़ी तो वह देखता ही रह गया एकदम गोरी चिकनी उभार लिए हुए मदमस्त कर देने वाली ब्लाउज में कैद चूची को देखकर संजू के मुंह में पानी आ गया,,,,,, जैसे ही रितु अपने भांजे की नजरिए को अपनी छाती पर डोलते हुए महसूस की एकदम से शर्म से सिहर उठी और तुरंत अपने साड़ी के पल्लू ३ वापस कंधे पर रखते हुए बोली,,,,।)

संजू जल्दी से हाथ बटा वरना और धूप हो गई तो गजब हो जाएगा,,,,।

अरे कुछ गजब नहीं होगा मामी मैं हूं ना तुम्हारी मदद करने के लिए,,,,,

अरे तभी तो कह रही हूं ला यह घास का बोझ मेरे सर पर रख दे,,,,

अरे वाह,,,, यह भी कोई बात हुई मेरी मामी काम करें और मैं देखता रहूं,,,, ऐसा बिल्कुल भी नहीं हो सकता,,,,,(ऐसा कहते हुए संजू अपने शर्ट का बटन खोलने लगा और रितु धड़कते दिल के साथ संजू की इस हरकत को देख रहे थे देखते देखते संजू अपने शर्ट का बटन खोल करके अपने शर्ट को निकाल दिया और उसकी चौड़ी छाती सफेद रंग की गंजी में और भी ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक लगने लगी जिस पर नजर पड़ते ही ऋतु की दोनों टांगों के बीच की पतली दरार में हलचल होने लगी,,, वह अपने मन में ही बोली बाप रे इतनी चौड़ी छाती इसमें तो वह पूरी की पूरी समा जाएगी,,,,,, और संजू अपने शर्ट को अपनी मामी को पकड़ आने के लिए हाथ आगे बढ़ाया और उसकी मामी भी झट से हाथ आगे बढ़ा कर शर्ट को अपने हाथ में ले ली और संजु तुरंत खास के बड़े ढेर को दोनों हाथों से उठाकर अपने कंधे पर रख लिया और बोला ,,,,,

कहां रखना है बस यह बता दो,,,,

अरे संजू यह क्या कर रहा है तू मेहमान है और तुझे इस तरह से कोई काम करते हुए देखेगा तो मुझे ही दो बात बोलेगा,,,,

अरे कुछ नहीं मम्मी एक मर्द के होते हुए औरत को काम नहीं करना चाहिए,,,,, आखिरकार तुम मेरी मामी हो तुम एक औरत हो और मैं तुम्हारा भांजा मतलब की एक मर्द हूं मर्द की हाजिरी में एक औरत काम करेगा मर्द के लिए तो डूब मरने वाली बात होगी,,,,,,(संजू अपनी मम्मी से दो अर्थ वाली बातें कर रहा था एक तरह से वह मामी भांजा वाला रिश्ता जतारा था और दूसरी तरफ से इस बात का एहसास भी दिला रहा था कि उसकी मामी एक औरत है और वह एक मर्द जिनके बीच सब कुछ हो सकता है अगर चाहो तो अपने भांजे की बात से रितु प्रभावित हुई और मुस्कुराते हुए बोली,,,)

सच कह रहा है तू आखिरकार यह सब काम भी तो एक मर दिखाइए लेकिन तेरे मामा को देख खेतों के काम में तो हाथ बंटाते ही नहीं है,,,,

अरे तो क्या हुआ मामी जब तक मैं हूं यहां पर मामा के हिस्से का काम में कर दूंगा बस,,,,।

(संजू की यह बात सुनते ही वह अपने मन में बोलने लगी काश तो बिस्तर वाला भी अपने मामा का काम अपने सिर पर ले लेता तो बहुत मजा आ जाता,,,,)

तू बहुत अच्छा है,,,,, जाना वही दीवार के पास रख देना,,,

ठीक है मामी,,,,(इतना कहने के साथ ही संजू कंधे पर बोझा लिए,,,,, अपनी मामी के घर की तरफ निकल गया और रितु धड़कते दिल के साथ संजू को जाते हुए देखते रह गई हट्टा कट्टा मर्दाना शरीर 6 फुट लंबाई चौड़ी छाती वह सब कुछ था जो रितु अपने पति में शादी से पहले देखती थी लेकिन शादी होते ही उसके अरमान ढेर हो गए,,,, जहां एक तरफ अपने सपनों का सौदागर को पति के रूप में ना पाकर एक सामान्य से इंसान के रूप में पति को पाकर दुखी हुई थी वहीं दूसरी तरफ बिस्तर पर भी अपने पति को कमजोर पाकर उसके सारे सपने चकनाचूर हो गए थे लेकिन फिर भी वह जैसे तैसे जीवन निर्वाह कर रही थी लेकिन संजू को देखकर एक बार फिर से उसके अरमान मचल गए थे संजू की चौड़ी छाती बात करने की गजब की छटा उसका व्यक्तित्व सबकुछ रितु को भाने लगा था और तो और संजू को देखते ही उसकी दोनों टांगों के बीच की पतली दरार में हलचल होने लगती थी,,,,० ना चाहते हुए भी ना जाने कि उसके मन में अपने भांजे के साथ ही शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा प्रकट होने लगती थी उसका मन मचलने लगता था वह अपने मन में सोचती थी कि संजू का लंड कैसा होगा मोटा तगड़ा लंबा,,,,, क्योंकि वह अपनी गांड के बीचो-बीच अपने भांजे के लंड की रगड़ को महसूस कर चुकी थी,,,, और उसे पूरा यकीन था कि संजू अपने लंड से किसी भी औरत की प्यास बुझाने में पूरी तरह से सक्षम है,,,,।

संजू की ममी

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रितु अपने भांजे को अपनी जवानी के प्रति आकर्षित करना चाहती थी ताकि वह उसके साथ संबंध बना चुके क्योंकि कुछ देर पहले ही उसकी खूबसूरत जवानी के तूफान में उसका पति पल भर भी नहीं कर पाया था और चारों खाने चित हो गया था जिससे उसके पूरे अरमान बह गए थे लेकिन अपने भांजे को देखकर एक बार फिर से उसकी इच्छा जानने लगी थी वह अपने मन में इस तरह की कल्पना कर दी थी कि अगर संजू अपने मोटे तगड़े लंड को उसकी चूत में डाल कर देगा तो उसे कैसा महसूस होगा,,,,, उसके हाथ में संजू टी-शर्ट थी जिसमें उसके बलिष्ठ शरीर के पसीने की खुशबू आ रही थी जिसे वह अपने नाक से लगाकर उसकी मर्दाना ताकत को सुंघने की कोशिश कर रही थी और एकदम से चुदवासी हुई जा रही थी,,,,, मदहोशी के आलम में अपने भांजे के साथ से आ रही पसीने की गंध को अपने छाती में भरते ही उसकी चूत गीली होने लगी थी,,,, उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें,,,,

और देखते ही देखते संजू घास का ढेर रखकर वापस आ गया था और फिर उसी तरह से मुस्कुराते हुए घास का ढेर उठाकर वापस ले जाने लगा ,,,, और देखते ही देखते संजू लगभग लगभग सारे घास के ढेर को पहुंचा चुका था बस एक घास का ढेर रह चुका था और संजू उस ढेर को भी लेने आने वाला था कि तभी रितु को बड़े जोरों की पेशाब लग गई और वह इधर-उधर देखने लगी,,,, उसके मन में बहुत सी बातें चल रही थी वह किसी भी तरह से संजू को अपनी तरफ आकर्षित करना चाहती थी और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहती थी क्योंकि जब से विवाह हुआ था तब से उसे जुदाई का सुख प्राप्त नहीं हुआ था इसीलिए वह आज अपने संस्कारों से भटक कर अपने पति की गैर हाजरी में अपने ही भांजे के साथ अपनी प्यास बुझाना चाहती थी और तभी उसके दिमाग में एक युक्ती सूजी और वहां जहां पर घास काटे रखा हुआ था ठीक उसके सामने झाड़ियों में जाकर पेशाब करने की सोचने लगी क्योंकि वह जानती थी कि अगर संजु घास का ढेर उठाएगा तो उसकी नजर जरूर उसके ऊपर पड़ेगी,,, और जैसे ही दूर से उसे संजू आता हुआ नजर आया वह तुरंत घास के ढेर के आगे तकरीबन 3 मीटर की दूरी पर जाकर झाड़ियों में अपनी साड़ी कमर तक उठा कर बैठ गई आज भी वह चड्डी नहीं पहनी थी क्योंकि गर्मी में उसे चड्डी पहनना अच्छा नहीं लगता था,,,,, उसका दिन बड़े जोरों से धड़क रहा था आज पहली बार वह किसी गैर मर्द को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश कर रही थी अपनी जवानी का जलवा दिखा कर उससे अपनी जवानी की प्यास बुझाना चाहती थी,,,,

संजू की मामी

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औरत का चरित्र भी मर्दों को समझ में आ जाए ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता औरत का चरित्र समझने के लिए तो जीवन निकल जाता है तब भी वह औरत के चरित्र को नहीं समझ पाता अब तक रितु बड़े संस्कार से अपनी जवानी को संभाल कर रखी थी किसी गैर मर्द को अपना बदन स्पर्श करने भी नहीं देती और ना ही कभी इस बारे में सोचती थी भले ही अपने पति से वह पूरी तरह से संतुष्ट नहीं थी प्यासी थी लेकिन फिर भी एक मर्यादा में थी लेकिन संजू को देखते ही उसकी यह मर्यादा की दीवार टूटने लगी उसके अंदर के संस्कार पानी के बुलबुले की तरह फूटने लगे,,,,,

रितु अच्छी तरह से जानती थी कि जिस तरह से वह बैठेगी ऐसे में उसके भांजे को ठीक उसकी गोल-गोल बड़ी बड़ी गांड नजर आएगी और दुनिया का कोई भी मर्द इस नजारे को देखकर जरूर उत्तेजित हो जाएगा और संजू भी इस नजारे को देखकर उसके प्रति उत्तेजित जरूर होगा वैसे कल भी वह उसकी उत्तेजना का परिचय अपनी गांड पर देख चुकी थी जैसे ही संजू करीब आने लगा हुआ तुरंत अपनी साड़ी कमर तक उठाकर नीचे बैठ गई और पेशाब करने लगे संजू वहां पहुंचा तो इधर-उधर देखा तो उसे अपनी मामी नजर नहीं आई और वह तुरंत आखरी पड़े घास के ढेर को उठाने के लिए जैसे ही नीचे झुका उसकी नजर ठीक सामने चली गई और उसे उसकी मामी की गोल गोल गाना नजर आने लगी जिसे देखते ही उसका दिल जोरो से धड़कने लगा और पल भर में उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ गया,,,, और वह अपनी मामी की नंगी गांड को देखता ही रहेगा और उसके कानों में जैसे ही अपनी मा की चूत से मुतने की आवाज आई संजू के तन बदन में आग लग गई,,,, वह पल भर में सोचने लगा कि उसकी मामी तो इधर-उधर भी जा सकती थी पेशाब करने के लिए लेकिन जानती थी कि अगर वह घास उठाएगा तो उसकी नजर जरूर उसके ऊपर पड़ेगी इतने से ही समझो समझ गया कि उसकी मामी जानबूझकर उसकी आंखों के सामने अपनी जवानी का जलवा दिखा रही है जिसे देख कर उसके मुंह में पानी आ गया था संजू घास का ढेर ना उठाकर अपनी मम्मी की नंगी जवानी को अपनी आंखों से पी रहा था,,,,, रितु को इस बात का एहसास हो गया था कि ठीक उसके पीछे संजू खड़ा होकर उसकी तरफ भी देख रहा है इसलिए उसके बदन में अजीब सी कशमसाहट और हलचल हो रही थी,,,, उसका दिल भी जोरों से धड़क रहा था पहली बार वह किसी गैर मर्द को अपनी नंगी गांड दिखा रही थी और वह भी एकदम खूबसूरत गांड जिसे देखते ही कोई भी मर्द चोदने के लिए तैयार हो जाए और यही तो वह चाहती थी,,,,,

संजू की मामी

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पेशाब की तीव्रता कमजोर पड़ चुकी थी गुलाबी चूत के छेद में से निकलने वाली पेशाब की खत्म हो चुकी थी आखरी बूंदों को कमर पर हल्का सा झटका देते हुए वह उसे भी नीचे गिरा दी और बिना संजू की तरफ देखे वह तुरंत खड़ी हो गई और अपनी साड़ी को खड़ी होने तक कमर तक पकड़ी रह गई और जैसे ही खड़ी हुई तुरंत अपनी साड़ी को नीचे गिरा दी और एक खूबसूरत दृश्य पर पर्दा पड़ गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी क्योंकि जिसे वह दिखाना चाहती थी उसने सब कुछ देख चुका था संजू के बदन में पानी की लहर अपना पूरा असर दिखा रही थी,,,।

रितु जैसे ही घुमी वैसे ही अपने ठीक सामने समझो को खड़ा देखकर अनजान बनते हुए बोली,,,।

अरे संजू तू,,,, तु कब आया,,,,

बस अभी-अभी आया हूं मामी यह आखरी बोझ उठाने में मदद कर दो थोड़ा भारी है,,,,

ठीक है,,,,(और इतना कहने के साथ ही वह थोड़ा सा झुक गई और बोझ उठाने में मदद करने लगी जिस तरह का नजारा रितु ने अपने भांजे को दिखाई थी उसके चलते ऋतु का दिल बड़े जोरों से धड़क रहा था और उसे अपनी चूत गीली महसूस हो रही थी,,, देखते ही देखते ऋतु बोझ को उठाने लगी लेकिन वह केवल हाथ लगाई थी बाकि पूरा दम संजू लगा रहा था देखते ही देखते वह दोनों एकदम से खड़े हो गए और संजू ने अपने सर पर बोझा रखने लगा तो रितु के हाथ भी एकदम से सीधे हो गए और देखते ही देखते रही तो एकदम से संजू के करीब आ गई इतनी करीब कि उसकी उन्नत छातियां संजू की छातियों से रगड़ खाने लगी और संजू जैसे ही अपनी मामी की मदमस्त कर देने वाली चूची का स्पर्श अपनी छातियों पर महसूस किया वैसे ही वह पूरी तरह से मचलने लगा और रितु भी मदहोश हो गई वह अपने पैरों को ठीक से संभाल नहीं पाई और एकदम से संजू की तरफ बढ़ गई जिससे संजू के भीतर डगमगा गए और वहां पीठ के बल गिर गया और उसके ऊपर रितु गिर गई ,,,

संजू की मामी और संजू

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संजू घास के ढेर पर गिरा हुआ था और उसके ऊपर रितु थी दोनों की सांसे बड़ी तेजी से चल रही तेरी तो पूरी तरह से अपनी चूची का दबाव संजू के ऊपर रख चुके थे संजू अपनी मामी की चूची की गर्मी को अपनी छाती पर महसूस करके उत्तेजित हुआ जा रहा था और जिस तरह से रितु उसके ऊपर गिरी हुई थी उसकी साड़ी एकदम जांगू तक उठ गई थी जिसका एहसास संजू को अच्छी तरह से हो रहा था और संजू इसी पल का फायदा उठाते हुए अपने दोनों हाथों को उसकी नंगी जांघों पर रख दिया था जिससे रितु एकदम से सिहर उठी थी लेकिन संजू को अपना हाथ हटाने के लिए बिल्कुल भी नहीं बोल रही थी रितु पूरी तरह से मदहोश हुए जा रही थी वह संजू की आंखों में देख रही थी और संजू अपनी मामी की आंखों में दोनों पागलों की तरह दूसरे की आंखों में देख रहे थे दोनों की आंखों में जवानी का नशा छाया हुआ था और संजू इसी नशा को और ज्यादा बढ़ाते हुए अपने दोनों हाथों को धीरे-धीरे करके उसकी साड़ी को ऊपर की तरफ लाकर उसकी गोरी गोरी गांड पर रख दिया था और उसे जोर से दबा दिया था,,, उत्तेजित अवस्था में संजू की हरकत से और ज्यादा गर्म होकर अपने आप ही रितु ने अपने लाल-लाल होठों को संजू के होठों पर रख दी और फिर क्या था संजु को तो खुला दौर मिल गया था वह पागलों की तरह अपनी मामी के लाल-लाल होठों को चाटना शुरू कर दिया था उसे मुंह में भर कर पीना शुरू कर दिया था,,,, साथ ही वह अपनी मामी की गांड को अपनी हथेली में भरकर जोर जोर से दबा रहा था जिससे दोनों की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी और रितु को तो अपनी चूत के द्वार पर संजू का खडा लंड पेंट में होने के बावजूद भी दस्तक देता हुआ महसूस हो रहा था,,,,। इस वजह से रितु पानी पानी हुए जा रही थी वह काफी उत्तेजना का अनुभव कर रही थी और संजू उसकी उत्तेजना को निरंतर बढ़ाता जा रहा था क्योंकि औरतों से खेलने का और उन्हें मस्त करने का हुनर हो अच्छी तरह से जानता था वह पागलों की तरह अपनी मामी की गांड को दोनों हथेली में लेकर जोर जोर से दबा रहा था और हल्के हल्के अपनी कमर को ऊपर की तरफ धक्का भी दे रहा था,,,,।

जितना उत्सुक संजू था उससे भी कहीं ज्यादा उतावली रितु थी वह पागलों की तरह संजू के लाल-लाल होठों को चूस रही थी और अपने होंठों को चूसवा रही थी उसकी गदराई चूचियां संजू की छाती पर शोले बरसा रही थी,,,, संजू से झगड़ा नहीं किया तो संजू ने तुरंत अपने दोनों हाथों को अपनी मामी की गांड पर से हटा कर उसे ब्लाउज को खोलने में व्यस्त कर दिया और जैसे ही रितु को इस बात का एहसास हुआ कि उस का भांजा उसका ब्लाउज के बटन खोल रहा है वह तेरे से हल्के से अपनी छाती को ऊपर की तरफ उठाती ताकि वह बड़े आराम से उसके ब्लाउज के बटन को खोल सके और देखते ही देखते संजू ने अपनी मामी के ब्लाउज के सारे बटन खोल दिया और काली रंग की ब्रा नजर आने लगी और ब्रा के ऊपर से ही वह अपनी मामी की चूचियों को दबाना शुरू कर दिया संजू इस कदर से जोर लगा कर अपनी मामी की चूची को दबा रहा था कि रितु को दर्द भी महसूस हो रहा था और मजा भी अद्भुत प्राप्त हो रहा था क्योंकि इस तरह से जोर लगाकर आज तक उसके पति ने उसकी चूची को दबाया नहीं था उस‌से खेला नहीं था,,,, इसलिए तो आज रितु को बहुत मजा आ रहा था लेकिन वह चाहती थी कि संजू खुलकर उसकी चूची का आनंद लें इसलिए वह तुरंत अपने होठों को संजू के होठों से हटाई और संजू के ऊपर ही बैठ गई और फिर अपने दोनों हाथ को पीछे की तरफ ले जाकर अपनी ब्रा को खोलने की जगह वह सीधे-सीधे आगे से ही अपनी ब्रा के कप को पकड़कर उसे ऊपर की तरफ उठा दी और अपनी चुचियों को एकदम आजाद कर दी और एक तरफ की छाती को आगे बढ़ाते हुए जैसे बच्चे को दूध पिलाते हैं वैसे ही वह अपनी एक चूची को संजू के मुंह में डाल दी हो संजू छोटे बच्चे की तरह अपनी मामी की चूची को मुंह में लेकर पीना शुरु कर दिया अपनी मामी की यह अदा उसे बेहद उत्तेजनात्मक लगी थी,,,,

वह पागलों की तरह बारी-बारी से अपनी मामी की दोनों चुचियों को पीना शुरू कर दिया था,,,, दोनों इतने ज्यादा उत्तेजित हो चुके थे की जगह का भी दोनों को भान नहीं था ना तो पेड़ के नीचे ही थे वह दोनों एकदम खड़ी धूप में एक दूसरे से मजा ले रहे थे पसीने से तरबतर होने के बावजूद भी दोनों संभोग की पराकाष्ठा में पूरी तरह से डूब चुके थे हालांकि यह तो शुरुआत थी संभोग के पहले की क्रियाकलाप जिसमें दोनों पूरी तरह से मगन हो चुके थे संजू पूरा दम लगा कर अपनी मामी की दोनों चूची को दशहरी आम समझकर जोर-जोर से दबाता हुआ उसका रसपान कर रहा था इस तरह से आज तक उसके पति ने भी उसकी चुचियों से खेला नहीं था उससे प्यार नहीं किया था इसीलिए तो वह संजू की इस हरकत पर पूरी तरह से वारी न्यारी हो गई थी,,,,

संजू इतना तो जान ही गया था कि उसकी मम्मी ने आज भी चड्डी नहीं पहनी थी इसलिए वह अपनी मम्मी की दोनों चुचियों को बिना हाथ के सहारा अपने मुंह में लेकर चूसने हुए अपने दोनों हाथों को नीचे की तरफ ले जाकर अपने फ्रेंड की बटन खोलने लगा और देखते-देखते हुआ धीरे से अपनी कमर उठा कर अपनी पेंट को नीचे घुटनों तक सरका दिया,,,और फिर अपने खड़े लंड को हाथ में पकड़ कर उसे हिलाते हुए अपनी मामी की गांड पर पटकने लगा और एक मोटे तगड़े लंबे लंड को अपनी गांड पर महसूस करते ही ऋतु का धैर्य जवाब दे करावा एकदम पागल हो गई और तुरंत नीचे हाथ बढ़ाकर अपने भांजे के लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और बिना कुछ बोले अपनी गांड को हल्का सा उठाकर उसे अपनी गुलाबी चूत से लगा दी उसकी चूत पूरी तरह से मदन रस से चिपचिपी हो गई थी इसलिए जैसे ही वह अपने भांजे के लंड के सुपाड़े को अपनी चूत पर लगाई उसका दिल जोरो से धड़कने लगा उसकी सांसे ऊपर नीचे होने लगी उसके बदन में कसमस आहट बढ़ने लगी क्योंकि पहली मर्तबा वह इतने मोटे तगड़े लंड को अपने हाथ में पकड़ रही थी और उसे अपनी चुत पर स्पर्श कर आ रही थी एक गहरी सांस लेते हुए वह अपनी भारी-भरकम गांड का दबाव अपने भांजे के लंड पर बढ़ाने लगी और देखते ही मोटा तगड़ा लंड का सुपाड़ा जोकि आलूबुखारा के सपने में नजर आ रहा था वह धीरे-धीरे रितु की चूत में घुसना शुरू कर दिया हालांकि रितु को दर्द तो हो रहा था क्योंकि अभी तक उसकी चूत में उसके पति का पतला और मरियल सा लंड ही प्रवेश कर पाया था लेकिन आज पहली बार एक मर्दाना ताकत से भरे हुए मर्द का लंड उसकी चूत में जा रहा था इसलिए दर्द होना लाजमी था लेकिन मजा भी अद्भुत आ रहा था देखते ही देखते अपनी मेहनत को अंजाम देते हुए रितु अपने भांजे के लंड को धीरे-धीरे अपनी चूत के अंदर लेना शुरू कर दी और देखते-देखते उसकी मेहनत रंग लाने लगी और संजू का आधा लंड उसकी चूत में समा गया था,,,,, रितु अपनी दोनों टांगों के बीच अपनी चूत की स्थिति को ना देखते हुए संजू की आंखों में देख रही थी उसकी आंखों में उमडता हुआ जवानी का तूफान देख रही थी और संजू भी अपनी मामी का हौसला बढ़ाते हुए बोल रहा था,,,,।

बस बस मामी थोड़ा सा और आधा ले ली हो आधा बाकी,,,, है,,,,आहहहहह बहुत मजा आ रहा है मामी तुम बहुत गर्म हो रहा था तुम्हारी चूत कितनी गुलाबी है मुझे तो बहुत मजा आ रहा है मामी बस धीरे-धीरे और अंदर ले लो

देख संजू अंदर जा रहा है कि नहीं,,,(रितु भी अपने भांजे के सुर में सुर मिलाते हुए बोली)

जा रहा है मामी थोड़ा और जोर लगाओ,,,,

सहहहह आहहहहह बहुत मोटा है रे तेरा,,,,

क्यों मामा जी का नहीं है क्या मामी,,,,

अरे उनका मोटा होता तो अब तक घुस नहीं गया होता,,,

बस बस मामी आराम से जा रहा है,,,(संजू अपने लंड की तरफ देखते हैं बोला जो कि धीरे-धीरे रितु की चूत में घुसता चला जा रहा है और देखते ही देखते रितु भी पूरी कोशिश करते हुए आखिरकार किनारे पर पहुंच ही गई उसकी चूत में मोटा तगड़ा लंड पूरी तरह से खो चुका था,,,,) बस मामी घुस गया,,,,

सच में,,,

हां मामी खुद ही देख लो,,,,

(इतना सुनते ही रितु अपनी नजरों को अपनी दोनों टांगों के बीच टीका कर देखने लगी तो उसके भी आश्चर्य का ठिकाना ना था एक मोटा तगड़ा लंबा लंड उसकी चूत में खो गया था अंदर घुस गया था पूरी तरह से समा गया था और वो खुश होते हुए बोली)

बाप रे मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है,,,,

बस मामी,,,, अब अपनी चूत को मेरे लंड पर पटको,,,

(और इतना सुनते ही रितु अपनी गांड को लंड पर पटकना शुरू कर दी जब वह अपनी गांड ऊपर की तरफ उठाती तो उसकी चूत से मोटा लंड निकलना शुरू कर देता है और जब वह नीचे की तरफ लाती तो मोटा तगड़ा लंड अंदर की तरफ घुसना शुरू कर देता था ऐसा करने में रितु को बहुत मजा आ रहा था बस जोर-जोर से अपनी गांड को ऊपर नीचे कर रही थी संजू भी नीचे से धक्का लगाते हुए अपनी मामी का साथ दे रहा था,,,,, संभोग बड़ी तीव्रता से हो रहा था इसलिए दोनों में उत्तेजना भरपूर छाई हुई थी संजू तुरंत उसके गले में अपने बाहों का हार डालकर उसे अपनी तरफ खींचा और उसके लाल-लाल होठों को अपने होठों के बीच रखकर चूसते हुए नीचे से अपनी कमर उठा उठा कर अपनी मामी को चोद रहा था आज रीतु को अद्भुत आनंद की प्राप्ति हो रही थी ऐसी चुदाई उसने आज तक नहीं करवाई थी,,,,, रितु पागलों की तरह अपनी गोल-गोल गांड को संजू के मोटे तगड़े लंड पर पटक रही थी,,,

रितु अच्छी तरह से जानती थी कि वह दोनों जिस जगह पर संभोग का आनंद ले रहे थे उस जगह पर कोई आने वाला नहीं था क्योंकि दूर-दूर तक कोई भी घर नहीं था और रितु ने अपना घर खेतों के बीच बनवाई थी इसलिए यहां से ना तो कोई सड़क गुजरती थी और ना ही कोई आस पड़ोस में रहता था इसलिए दोनों खुलकर एकदम चुदाई का मजा ले रहे थे देखते ही देखते रितु की सांसे ऊपर नीचे होने लगी वह संजू के साथ पहली बार चरमसुख पर पहुंच रही थी जो कि बेहद अद्भुत था संजू अपनी मामी की ऊपर नीचे हो रही सांसो की गति को देखकर समझ गया था कि उसका पानी निकलने वाला है इसलिए वह तुरंत अपनी बाहों में उसे कस लिया था और नीचे से जितना हो सकता था इतनी जोर जोर से धक्के मार रहा था क्योंकि वह भी अपनी मामी के साथ ही अपना पानी निकालना चाहता था,,,, और ऐसा ही हुआ दोनों एक साथ झड़ना शुरु हो गए,,,,।
 
गांव में आकर संजू पहली कामयाबी हासिल कर चुका था,,,, संजू की छोटी मामी अपने भांजे के प्रति आकर्षित होकर संस्कार और मर्यादा की दीवार को लांघ कर खेत में ही अपने भांजे के साथ संभोग सुख प्राप्त कर ली थी लेकिन यह संभोग की शुरुआत भी बहुत ही जल्द बाजी हुई थी और जल्दबाजी में खेत में भी हो चुकी थी लेकिन जो चुका

रितु को प्राप्त हुआ था उस बारे में उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी अपने व्यवहारिक जीवन में आज तक उसने इस तरह का सुख नहीं भोग पाई थी,,,,, अपने पति से उसे इस तरह के सुख की कामना ही नहीं रह गई थी क्योंकि वह अपने पति की शारीरिक क्षमता को अच्छी तरह से समझ चुकी थी और वह जानती थी कि उसका पति उसे कभी भी संतुष्ट नहीं कर सकता लेकिन इसके बावजूद भी वह अपने वैवाहिक जीवन में अपने आप को खुश रखने की कोशिश करती थी और खुश भी थी क्योंकि आज तक उसने अपने पति को छोड़कर किसी गैर मर्द के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बारे में सोचा भी नहीं थी लेकिन जब से संजू उसके घर पर आया था तब से ना जाने क्यों उसका आकर्षण संजू की तरफ बढ़ता ही जा रहा था वैसे भी संजू ने पहले दिन ही चालाकी दिखाते हुए उसके खूबसूरत है जिसमें के बेशकीमती अंग को देख भी लिया था और उसे अपनी हथेली में लेकर दबोच भी दिया था और अपने मर्दाना अंग को उसकी गांड पर रगड़ कर उसे इस बात का एहसास भी दिला दिया था कि जिस मर्द के लिए वह तड़प रही है वह मर्द आ चुका है,,,,,।

ऐसा नहीं था कि वह अपने भांजे के प्रति आकर्षित होकर सीधे-सीधे उसके साथ जिस्मानी ताल्लुकात बना ली थी इसके पहले वह अपने आप को समझाने की लाख कोशिश की थी लेकिन जब जब वह अपने आप को समझाने की कोशिश करती थी तब तब उसका झुकाव अपने भांजे के प्रति बढ़ता जा रहा था,,, एक तो पहले से ही वह काम भावना से ग्रस्त अपने पति से वह बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं थी वह जानती थी कि उसका पति उसे कभी भी संतुष्टि प्रदान नहीं कर सकता और इसीलिए जाने अनजाने में उसका झुकाव अपने ही भांजे के प्रति बढ़ने लगा और खेत में हाथ बढ़ाने के दौरान उसने अपने संस्कारों मर्यादा से हटकर कुछ ऐसा कर दिखाई कि जिसके चलते वह जीवन में पहली बार गैर मर्द के साथ जिस्मानी ताल्लुकात बनाने पर विवश हो गई,,,,

रितु ने ऐसा कार्य कभी भी नहीं की थी लेकिन आज पहली बार उसने अपने भांजे के सामने अपनी साड़ी को उठाकर अपनी गांड दिखाते हुए पेशाब करने बैठ गई थी यह जानते हुए भी कि उस का भांजा उसे देख लेगा और ऐसा ही हुआ संजू की नजर अपनी मामी पर जैसे ही पड़ी वह तुरंत एकदम उत्तेजना से भर गया क्योंकि उसकी आंखों के सामने जवानी से भरपूर एक खूबसूरत औरत अपनी गांड दिखा रही थी जिसे देखने के बाद वह अपने काबू में बिल्कुल भी नहीं रह गया था,,,, और घास का ढेर उठाने के बाद जो कुछ भी हुआ दोनों पूरी तरह से संतुष्ट हो चुके थे,,,, रितु का तो यह पहली बार था गैर मर्द के साथ जिस्मानी ताल्लुकात बनाना लेकिन संजू की तो फितरत बन चुकी थी पराई औरतों के साथ जिस्मानी ताल्लुकात बनाना और इसी के चक्कर में तो वह अपनी छोटी वाली मामी से मिलने उसके घर पर आया था वह जानता नहीं था कितनी जल्दी सब कुछ हो जाएगा लेकिन यह संभोग उसे जीवन भर याद रहने वाला था क्योंकि ना तो पेड़ के नीचे ना घर के अंदर ना तो बिस्तर पर नहीं चटाई बिछाकर घास के ढेर पर पहली बार हुआ किसी औरत की चुदाई किया था जिसमें वह पूरी बागडोर खुद अपनी मामी के हाथों में सौंप दिया था,,,, खुद ही रितु का अपने भांजे के लंड पर छड जाना उसकी प्यास को झलकाता था,,,,, इस क्रिया को रितु पहली बार कर रही थी और उसे इतना मजा आया था कि पूछो मत पहली बार उसके बच्चेदानी से कोई लंड टकराया था वरना उसके पति का लंड तो आधा जाने के बाद ही सो जाता था,,,,

संजू और उसकी मामी

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रितु जिंदगी में पहली बार ही इतने मोटे तगड़े और लंबे लंड को देख रही थी उसे हाथ में पकड़ने के बाद जो हलचल उसके तन बदन में हुई थी उससे वह पूरी तरह से मस्त हो गई थी,,,,,, मोटे लंड की रगड़ व पहली बार अपनी चूत की अंदरूनी दीवारों पर महसूस कर रही थी और उस रगड़ से उसकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी,,,, संजू के द्वारा वह पहली बार स्तन मर्दन और स्तनपान का मजा भी भरपुर मात्रा में उठाई थी,,,,

वासना का तूफान शांत हो चुका था दोनों का पानी निकल चुका था खड़ी दोपहरी में दोनों ने खेत में जिस तरह का आनंद लिए थे रितु और ना संजू कभी सोच भी नहीं सकते थे रितु ने तो आज तक कभी भी अपने पति के साथ इस तरह से खेत में चुदाई का मजा नहीं लेते लेकिन संजू के चलते आज उसका यह अनुभव बेहतरीन रहा था,,,,, धीरे से रितु संजू के लंड को अपनी चूत से बाहर करते हुए अपनी गांड को ऊपर की तरफ उठाई और पुच्च की आवाज के साथ संजू का बमपिलाट लंड उसके गुलाबी चुत से बाहर आ गया,,,,,,,, लेकिन संजू से संभोग करते हुए जिस तरह से वह एकदम बेशर्म बन चुकी थी लेकिन अब चूत से लंड बाहर निकलते ही वह शर्म से पानी पानी हुई जा रही थी वह संजू से नजर मिलाने से कतरा रही थी और संजू भी उसे कुछ बोल नहीं रहा था,,,,,

संजू और उसकी मामी कुछ इस तरह से

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रितु जल्दी से अपने भांजे के ऊपर से नीचे उतरी और फिर अपने कपड़ों को दुरुस्त करके अपने ब्लाउज का बटन बंद करके वहां से लगभग भागते हुए अपने घर की तरफ जाने लगी संजू अपनी मामी को जाते हुए देखता रह गया,,,,,,,

संजू बहुत खुश नजर आ रहा था अपनी तीन मामी में से सबसे छोटी वाली मामी कि जवानी का स्वाद चख चुका था,,,, संजू कुछ देर तक उसी तरह से लेटा रहा,,, सूरज ठीक उसके सर पर नजर आ रहा था जिसकी वजह से ही बड़ी तेज धूप लग रही थी,,, संजू का लंड अभी भी उसके पेंट से बाहर था वो धीरे से उठ कर बैठ गया और फिर अपने पेंट को ऊपर करके अपने लंड को अंदर करके चैन बंद कर लिया और बटन बंद करके अपने कपड़ों को झाड़ने लगा,,,,, तकरीबन 10 मिनट गुजरने के बाद आखरी बचे घास के ढेर को,,, उठा कर कंधे पर रखा और धीरे-धीरे जाने लगा उसका दिल भी जोरों से धड़क रहा था उसे भी महसूस हो रहा था कि उसकी मामी की चूत शादीशुदा होने के बावजूद भी एकदम कसी हुई थी अगर इत्मीनान से लिया जाता तो और ज्यादा मजा आता,,,, लेकिन अपने मन में सोच रहा था कि जितना भी होगा उतने में भी उसे बहुत मजा आया अपनी मामी के उतावलेपन से वह अत्यधिक प्रभावित हुआ था,,,,

देखते ही देखते वह घर पर पहुंच गया और घास के ढेर को घर की दीवार के पास रख कर वह दरवाजे की तरफ देखा तो दरवाजा खुला था वह धीरे से घर में प्रवेश करने लगा लेकिन घर में उसे कहीं अपनी मामी दिखाई नहीं दी तो वह धीरे धीरे अंदर की तरफ जाने लगा और सामने ही हेडपंप पर नजर गई तो वहां का नजारा देख कर एक बार फिर से उसके बदन में उत्तेजना का संचार होने लगा,,,,, उसकी मामी का ध्यान संजू पर बिल्कुल भी नहीं था और वह साड़ी कमर तक उठाकर एक हाथ से हेंडपंप चलाकर और धीरे-धीरे पानी के छींटे अपनी चूत पर मार कर उसे साफ कर रही थी इस दृश्य को देखकर संजू का लंड फिर से अपनी औकात में आने लगा और एक बार फिर से उसमें जवानी का जोश भरने लगा,,,, इस दृश्य को देखकर आगे बढ़ने की जगह वह अपने कदम को पीछे लिया और सीधे जाकर दरवाजे को बंद करके कड़ी लगा दिया ताकि कोई अंदर आकर इस तरह के दृश्य को देख ना सके अभी भी उसकी मामी अपने कार्य में लगी हुई थी ,,,, और संजू ठीक है उसके पास पहुंच गया और उसका हाथ पकड़ लिया रितु कुछ भी बोल नहीं पा रही थी बस संजू को देखे जा रही थी और संजू था कि उसका हाथ पकड़ कर उसकी कमर में एक हाथ डालकर उसे अपनी तरफ खींचा और उसके लाल-लाल होठों पर अपने होंठ रख कर उसे चूसना शुरू कर दिया है एक बार फिर से ऋतु के तन बदन में उत्तेजना की लहर उमड़ने लगी,,,,, अभी भी रितु की साड़ी कमर तक उठी हुई थी और संजू उसके लाला होठों का रसपान करने के बाद धीरे-धीरे नीचे की तरफ आने लगा और देखते ही देखते अपने घुटनों के बल बैठ गया और उसकी एक टांग को उठाकर सीधे अपने कंधों पर रख दिया रितु को समझ पाती इससे पहले ही अपनी प्यासी होठों को वह अपनी मामी की गुलाबी चूत पर रख कर उसे चाटना शुरू कर दिया यह ऋतु के लिए एकदम नया था एकदम अद्भुत अतुलनीय जिसकी तुलना हुआ है किसी से भी नहीं कर सकती थी क्योंकि इस तरह का आनंद उसके पति ने भी आज तक उसे नहीं दिया था देखते ही देखते संजू ने कब अपनी जीभ को उसके गुलाबी छेद में डालकर चाटने लगा उसे पता ही नहीं चला लेकिन उसके बदन में सनसनाहट से दौड़ने लगी वह मचलने लगी ऐसा लग रहा था कि जैसे ढेर सारी चिंटीया उसकी चूत में रेंग रही हो,,,,,,, रितु की सांसे ऊपर नीचे होने लगी थी वह गहरी गहरी सांस ले रही थी और संजू दोनों हाथों से अपनी मामी की गांड को पकड़कर उसे अपनी तरफ दबाए हुए उसकी चूत को चाट रहा था रितु पागल हुए जा रही थी एक बार फिर से संजू के लंड के लिए वह तड़प उठी थी,,,,।

हैंडपंप क पास hi अपनी ममी की चुदाई करता हुआ

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हेड पंप के किनारे ही संजू एक बार फिर से अपनी मामी को पूरी तरह से गर्म कर चुका था,,,, रितु से बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था उसके मुंह से गरमा गरम सिसकारी की आवाज आ रही थी जिससे पूरा वातावरण और ज्यादा गर्म होता चला जा रहा था कुछ देर तक संजू इसी तरह से अपनी मामी की चूत का मजा लेता रहा लेकिन फिर इसके बाद वह धीरे से खड़ा हुआ और अपनी मम्मी की आंखों के सामने यह अपने पेंट का बटन खोल कर उसे धीरे से नीचे सरका दिया और अपने लंड को हिलाता हुआ एक हाथ वह अपनी मामी के सर पर रख दिया और उसे नीचे की तरफ दबाने लगा उसकी मामी को समझ नहीं पा रही थी लेकिन हथेली के दबाव में हुए नीचे झुकती चली जा रही थी और देखते ही देखते वह खुद घुटने के बल हो गई थी और फिर क्या था संजू खुद अपनी कमर आगे करके अपने लंड के आलूबुखारे जैसे सुपाडे को उसके लाल-लाल होठों पर रगड़ने लगा एक औरत होने के नाते उसे पता था कि उसे क्या करना है और वह हल्के से अपनी लाल-लाल होठों को खोलकर अपने भांजे के लंड को अपने मुंह में लेने के लिए इजाजत दे दी और देखते ही देखते वह पागलों की तरह आइसक्रीम के कौन की तरह अपने भांजे के लंड को चाटने शुरू कर दी पहली बार वह इतने मोटे लंड को अपने मुंह में ले कर मजा ले रही थी,,,,,

संजू की ममी अपने भांजे से मजा लेती हुयी

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दोनों एकदम मस्त हुए जा रहे थे रितु तो हैरान थी कि इतनी जल्दी उसके भांजे का लंड फिर से चोदने के लिए तैयार हो चुका था वरना उसके पति का तो एक बार पानी निकल जाए तो फिर लाख कोशिश करने के बावजूद भी खड़ा नहीं होता था,,,,, कुछ देर तक इसी तरह से मजा लेने के बाद संजू अपनी मामी के दोनों कंधों को पकड़कर उसे खड़ी किया और एक पेर को उठाकर वह हेड पंप के ऊपर रख दिया और फिर आगे से ही अपने लंड को उसकी चूत में डालकर चोदना शुरू कर दिया एक बार फिर से रितु पूरी तरह से मदहोश होने लगी वह इस तरह की चुदाई के बारे में कभी जानती नहीं थी लेकिन संजू उसे हर बार एक नया सुख दे रहा था वह पूरी तरह से मस्त हो जा रही थी संजू की मर्दाना ताकत से वह पूरी तरह से प्रभावित भी हो रही थी उसे यकीन नहीं हो रहा था कि एक मर्द में इतनी ज्यादा ताकत होती है वह उसकी कमर को दोनों हाथों से पकड़कर इतनी तेज तेज धक्के दे रहा था कि अगर वह उसकी कमर छोड़ देता तो शायद वह गिर जाती,,,,,।

संजू अपनी मामी से भरपूर मजा लेते हुए

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रितु कुछ बोल नहीं रही थी बस संजू की चुदाई का मजा ले रही थी और संजू कुछ देर तक इसी तरह से चोदने के बाद देखते ही देखते उसके ब्लाउज के बटन खोलने लगा और देखते ही देखते उसके बदन पर से सारे वस्त्र उतार कब से पूरी तरह से नंगी कर दिया और खुद भी अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो गया एक दूसरे को दोनों पहली बार लग्न अवस्था में देख रहे थे संजू के लंड को देखकर रितु की हालत खराब हुए जा रही थी संजू बिना कुछ बोले रितु को अपनी गोद में उठा लिया और उसी तरह से गोद में उठाए हुए ही उसे आगे वाले कमरे में आकर बिस्तर पर पटक दिया और फिर उसके ऊपर सवार हो गया और उसे चोदना शुरु कर दिया बिस्तर पर तो संजू की ताकत पानी दुगना हो गई थी वह जोर जोर से धक्के मार कर अपनी मामी को चोद रहा था इतनी तेज धक्कों के साथ उसने कभी भी चुदवाई नहीं थी इसलिए पूरी तरह से पानी पानी में जा रही थी और हर धक्के के साथ उसके मुंह से गरमा गरम आह निकल जा रही थी,,,,,।

संजू और उसकी मामी

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एक बार दोनों का पानी निकल चुका था इसलिए चुदाई कुछ लंबी चलने वाली थी इसलिए संजू स्थिति को बदल बदल कर हर तरीके से अपनी मामी को चोद रहा था और हर तरीके से रितु आनंद के सागर में गोते लगा रही थी जिस तरह के आसन का प्रयोग करके संजू उसकी चुदाई कर रहा था इस बारे में तो कभी रितु सोची भी नहीं थी,,,, देखते ही देखते दोनों की सांसे फिर से तेज होने लगी थी लेकिन इसी दौरान संजू का मामा वीर घर पर वापस आ चुका था और घर का दरवाजा बंद होने पर वह समझ नहीं पाया कि यह दोनों कहां चले गए हैं लेकिन इतना तो पता चल रहा था कि दरवाजा अंदर से बंद है इसलिए वह सोचा कि शायद उसकी बीवी आराम कर रही होगी इसलिए वह खिड़की की तरफ आया और खिड़की में से जो नजारा उसे दिखाई दिया उसे देखकर उसके होश उड़ गए उसे साफ साफ दिखाई दे रहा था कि उसकी बीवी अपने भांजे के साथ जबरदस्त चुदवा रही थी,,,, और संजू का मामा खुद संजू के तेज रखो को देखकर हैरान था संजू का मामा कुछ बोल नहीं पा रहा था बस अपनी आंखों से इस बेशर्मी भरे नजारे को देखता चला जा रहा था वह देख रहा था कि उसकी बीवी संजू के साथ कितना मजा ले रही थी उसके चेहरे का हाव भाव बता रहा था कि उसकी बीवी को बहुत मजा आ रहा था यह देखकर वह एकदम शर्मिंदा हो गया था लेकिन कुछ बोल नहीं पा रहा था इसलिए शर्मिंदगी का अहसास लेकर वह उस जगह से हट गया और वहां से चला गया,,,,।

संजू क साथ मजा लेती हुयी

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इसके बाद संजू मुस्कुराता हुआ अपनी मामी के ऊपर से उठा और अपने कपड़े पहनने के लिए अंदर की तरफ चला गया और उसकी मम्मी भी धीरे से अंदर की तरफ चली गई और संजू की तरफ देख कर मुस्कुरा कर बोली,,,।

मैं कभी सोच ही नहीं थी कि तेरे में इतना दम है,,,

मैं भी कभी नहीं सोचा था मामी कि शादीशुदा होने के बावजूद भी तुम्हारी चूत इतनी कसी हुई होगी बहुत मजा आया,,,,।

(अपनी चूत की तारीफ सुनकर रितु मुस्कुराते हुए वही एक कोने में बैठकर पेशाब करने लगी यह देखकर संजू बोला)

वीर अपनी बीबी को अपने भांजे क साथ देख लिया

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देखो मामी जल्दी से खड़ी हो जाओ,,, वरना इस बार अगर लंड खड़ा हो गया ना तो तुम्हारी चूत का भोसड़ा बना दूंगा,,,,

नहीं नहीं अभी कुछ भी मत करना तेरे मामा का आने का समय हो गया है,,,,,(और इतना कहने के साथ ही उसकी मामी पेशाब करके उठ कर खड़ी हो गई और अपने कपड़े पहनने लगी और संजू वहां से मुस्कुराता हुआ चला गया आज जिंदगी में पहली बार,, रितु सही मायने में औरत होने का सुख भोग रही थी,,,,।)

संजू की ममी इस तरह से पेशाब कर रही थी



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संजू अपनी सबसे छोटी वाली मामी की चूत का मजा ले चुका था और उसे इस बात का एहसास हुआ कि शादीशुदा होने के बावजूद भी उसकी छोटी वाली मामी की चूत एकदम कसी हुई थी जिसके अंदर अपने लंड को डालकर उसे बेहद आनंद की प्राप्ति हुई थी,,,,, जब से वह अपनी छोटी वाली मामी के दर्शन किया था तब से वह उसे चोदने के फिराक में था लेकिन इतने जल्दी उसे इतना सुनहरा मौका मिल जाएगा उसे विश्वास नहीं हो रहा था दूसरी मुलाकात में ही वह अपनी छोटी वाली मामी की जवानी पर काबू पा चुका था,,,,, उसे पूरा विश्वास था कि आज उसकी छोटी वाली मामी उसके मोटे तगड़े लंबे लंड को अपनी चूत में लेकर पूरी तरह से मस्त हो गई होगी और ऐसा ही था जिंदगी में पहली बार,,,, रितु किसी मर्द के साथ संभोग सुख प्राप्त की थी अपने पति के साथ तो उसे चुदाई क्या होती है इस बात का एहसास तक नहीं होता था,,,, लेकिन अपने भांजे के साथ जिस तरह का सुख उसने प्राप्त की थी वह कभी अपने जीवन में भूलने वाली नहीं थी रितु को इस बात का एहसास हो रहा था कि उसके भांजे ने अपनी हर एक तेज धक्के से उसके बदन के पोर पोर को हिला कर रख दिया था,,,, उसका हर एक धक्का स्वर्ग का सुख दे रहा था हर एक धक्के के साथ उसका लंड उसके बच्चेदानी पर ठोकर मार रहा था जिसका एहसास उसे आज तक नहीं हुआ था रितु को ऐसा महसूस होता था कि जैसे उसकी चूत की अंदरूनी दीवारों की नसें एकदम रगड़ रगड़ कर अपना पानी छोड़ रही थी,,,,,, और रितु इस बात से भी पूरी तरह से मस्त हो गई थी कि पहली बार तथा उसकी चूत को किसी ने चाटा था अपनी जीभ से,,,, और यह एहसास उसके लिए बेहद अद्भुत था,,,,,,,

संजू घर पर पहुंचा तो बहुत खुश नजर आ रहा था घर के सभी लोग खाना खा चुके थे केवल संजू ही रह गया था संजू को देखकर उसकी बड़ी वाली मामी बोली,,,।

कहां चले गए थे संजू,,,,,

छोटी वाली मामी के घर चला गया था,,,,

वहां क्यों गए थे तुम जानते हो ना उन लोगों से हमारा कोई रिश्ता नहीं है,,,,

संजू और उसकी छोटी मामी

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ऐसा नहीं है मामी इसका पछतावा छोटी वाली मामी को बहुत है वह मुझसे कह रही थी जो कुछ भी हुआ बहुत गलत हुआ,,,,, परिवार से अलग होकर वह भी दुखी है,,,

यह सब किसने कहा तुमसे,,,,

छोटी वाली मामी ने उनका भी बहुत मन करता था परिवार के साथ रहने के लिए लेकिन वह खुद बता रही थी कि ना जाने उन्हें भी क्या हो गया कि गुस्से गुस्से में सब कुछ अलग कर ली,,,,

आग तो उसे ही लगी थी हम तो चाहते नहीं थे कि वह अलग हो,,,,

तभी तो इस बात का पछतावा है मामी,,,,,

अपने छोटे वाले मामा से मिला वह क्या कह रहा है,,,,

मिला था वह बाजार के लिए निकल रहे थे उनसे ज्यादा बातचीत तो नहीं हुई लेकिन मामी बता रही थी कि,,,, आप लोगों के साथ बात करने का उठने बैठने का उनका भी बहुत मन करता है,,,,।

मन करता है तो चले आना चाहिए था ना रोका किसने है अगर यह सोचकर उन लोगों का सर नीचा हो जा रहा है कि हम लोग कुछ कह नहीं रहे हैं तो सामने से क्यों चलकर रिश्ता बढ़ाएं इस गलतफहमी में ना रहे मैं उनके हाथ पर जोड़ने वाली नहीं हुं,,,,



ऐसा कुछ भी नहीं है मामी शादी में आने के लिए कह रही थी और यह भी कह रही थी कि मैं लल्ली की शादी में बहुत नाचूंगी,,,,,

चलो देर आए दुरुस्त आए आंख तो खुली उन लोगों की,,,,, तुम जाकर खाना खा लो सब लोग खाना खा लिए हैं सुहानी तुम्हारा इंतजार कर रही थी,,,,, सुहानी संजू आ गया है खाना निकाल देना तो,,,,

संजू और उसकी छोटी मामी

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जी दीदी अभी आई,,,,,,(अंदर के कमरे से आवाज आई और संजू बोला)

तब तक मैं हाथ मुंह धो कर आ जाता हूं,,,,।

(और इतना कहने के साथ ही संजु हाथ मुंह धोने चला गया अपनी छोटी वाली मामी के बारे में संजू सब कुछ अपने मन से कह रहा था वह किसी भी तरह से दोनों परिवारों को मिलाना चाहता था उसे अच्छा नहीं लग रहा था कि एक मामा मामी अकेले रह रहे हैं वह चाहता था कि वह दोनों भी साथ में मिलकर रहें और उसे इस बात की खुशी थी कि उसकी बात सुनकर उसकी बड़ी वाली मामी को थोड़ी तसल्ली हुई थी,,,,, थोड़ी देर में संजू हाथ मुंह धोकर रसोई घर की तरफ आगे बढ़ने लगा वह रसोईघर के दरवाजे पर पहुंचकर देखा कि उसकी मामी हाथ ऊपर करके कुछ उतारने की कोशिश कर रही थी जब ध्यान से देखा तो उसकी मामी आचार के डिब्बे को उतार रही थी और वहां तक उनका हाथ पहुंच नहीं रहा था और जिस तरह से वह अपने पैर की उंगलियों पर खड़ी होकर अचार के डिब्बे को उतारने की कोशिश कर रही थी ऐसे हालात में उनका पूरा बदन एकदम सीधा टटा्र हो चुका था और इस अवस्था में उसके नितंबों का आकार कुछ ज्यादा ही गोल और बाहर की तरफ निकला हुआ नजर आ रहा था जिसे देखते ही संजू के मुंह में पानी आ गया अभी कुछ देर पहले ही अपनी जवानी से भरी हुई छोटी वाली मामी के खूबसूरत बदन से जी भर कर खेल कर आ रहा था और आते ही रसोई घर में अपनी बीच वाली मामी के नितंबों को देखकर उसके तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी,,,,,,,।

इस नजारे को देखकर संजू अगल-बगल नजर दौड़ा कर देखने लगा कि कहीं कोई है तो नहीं लेकिन दोपहर का समय हो रहा था और सब लोग खाना खाकर अपने अपने कमरे में आराम कर रहे थे इस समय रसोई घर में सिर्फ उसकी बीच वाली मामी की और दरवाजे पर सिर्फ वह खड़ा था और कोई भी नहीं था संजू को छत वाली बात याद आ गई जब वह अपनी मामी की आंखों के सामने उसकी ब्रा और उसकी चड्डी को हाथ में लेकर दिखा रहा था और तो और,,,,, उसे संभालने के चक्कर में जिस तरह से अनजाने में ही उसके हाथ सुहानी के सूचियों पर पड़ गई थी और ऐसे हालात में उसकी मामी के तन बदन में जो लहर उठ रही थी उस बात से संजू अनजान बिल्कुल भी नहीं था इसलिए उसके मन में शरारत सोचने लगी और वह बिना कुछ सोचे समझे एक बार फिर से चारों तरफ नजर उठाकर रसोई घर में प्रवेश कर गया सुहानी को इस बात का अहसास तक नहीं हुआ कि संजू रसोई घर में आ गया है,,,,। और संजू ने तुरंत अपनी मामी के पीछे आकर उसकी कमर में दोनों हाथ डालकर उसे उठा दिया और इस हरकत से सुहानी एकदम से चौक गई और उसके मुंह से हल्की सी चीख निकल गई,,,, सुहानी कुछ समझ पाती इससे पहले ही संजु ने उसे उठा लिया था और वह एकदम से उठ गई थी,,,,।

घबराओ मत मामी में हूं कितनी मेहनत कर रही हो आचार के डिब्बे तक पहुंचने की,,,,

मुझे नीचे उतार संजू तु गिरा देगा,,,,

अरे कुछ नहीं होगा मामी मेरी भुजाओं में बहुत दम है कहो तो इसी तरह से उठाकर पूरे घर में घूम सकता हूं,,,,

संजू अपनी सबसे छोटी मामी क साथ

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नहीं नहीं ऐसा बिल्कुल भी मत करना,,,,

तुम डर रही हो इसलिए कह रहा हूं,,,,(ऐसा कहते हुए धीरे-धीरे संजू उसे थोड़ा और ऊपर उठाने लगा और देखते ही देखते उसके नितंबों को वह एकदम अपने चेहरे पर लाकर स्थिर कर दिया और ऐसे हालात में समझे अपने चेहरे को उसके नरम नरम गोल-गोल नितंबों के बीच सटा दिया ऐसा करने में उसे इतना अद्भुत आनंद की प्राप्ति हुई कि पल भर में उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आकर खड़ा हो गया,,,,,, गहरी सांस लेते हुए संजू बोला)

उतार लो मामी जो उतारना चाहती हो,,,,।

(अभी तक सुहानी इस तरह से उठाए जाने पर हड़बड़ा रही थी लेकिन उसे भी इस बात का एहसास हो गया कि कुछ अजीब हो रहा है उसे अपने नितंबों पर अपने भांजे का चेहरा एकदम साफ महसूस हो रहा था और ऐसी स्थिति में उसके तन बदन में अजीब सी हलचल होना शुरू हो गई थी वह मदहोश में जा रही थी अपने भांजे की भुजाओं का दम देखकर,,,,, और उसकी कामातुर हरकत देखकर,,,, आज तक उसके पति ने भी इस तरह से अपनी गोद में उसे नहीं उठाया था लेकिन आज अपने भांजे की हरकत पर वह पूरी तरह से मस्त हो गई थी खास करके उसकी गोल-गोल नितंबों के बीच में बीच अपने भांजे के चेहरे को महसूस करके और उसके नथुनों से निकल रही गर्म सांसो को अपने नितंबों के बीचो बीच अपनी चूत तक महसूस करके वह अपनी चूत में मदन रस का रिसाव होता हुआ महसूस करने लगी थी,,,,,, पल भर में ही सुहानी की सांसे गहरी हो चली थी वह अपने बदन में अद्भुत उत्तेजना का संचार होता हुआ महसूस कर रही थी,,,,। वह धीरे से अपना हाथ अचार की बरनी पर रख दी संजू ने उसे इतना ऊपर उठा लिया था कि उसे हाथ ऊपर करने की जरूरत नहीं की बल्कि अचार की बलि लेने के लिए उसे नीचे हाथ करना पड़ रहा था और अचार की बरनी को दोनों हाथ में पकड़ कर वह बोली,,,)

बस कर संजू अब नीचे उतार,,,,,

(सुहानी पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी उसे इस बात का एहसास हो रहा था कि वह एक मर्दाना बलिष्ठ भुजाओं के बीच सिमटी हुई थी जिसका एहसास उसे आज तक नहीं हुआ था और वह अपने आपको इसी तरह की भुजाओं में सी मरती हुई महसूस करना चाहती थी लेकिन उसकी यह मनसा ख्वाब बनकर ही रह गई थी लेकिन आज उसे ऐसा लग रहा था कि जैसे उसका ख्वाब सच हो रहा हो अपनी मम्मी की बात सुनकर संजू बोला,,,)

संजू अपनी सबसे छोटी मामी क साथ

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और कुछ लेना हो तो ले लो मामी घबराओ मत मैं थकने वाला नहीं हूं,,,,

नहीं नहीं बस हो गया,,,,,।

(और इतना कहने के साथ ही संजू अपनी मामी को धीरे-धीरे नीचे की तरफ उतारने लगा संजू को यह अच्छी तरह से मालूम था कि अब आगे क्या होने वाला है अपनी हरकत के बारे में उससे पहले से ही मालूम था वह धीरे-धीरे सुहानी को अपनी भुजाओं से नीचे उतारने लगा,,,, और देखते-देखते संजू सुहानी के पैर जमीन पर पड़ते इससे पहले वह अपनी मामी को अपने बदन से एकदम सटाया हुआ था,,,, और जैसे ही सुहानी के नितंबों का उभार संजू के तने हुए खुंटे के पास आया संजु जानबूझकर अपनी कमर को आगे की तरफ फेल दिया था ताकि उसके तने हुए लंड का एहसास उसकी मामी अपने नितंबों पर अच्छी तरह से कर सके,,,,, और ऐसा ही हो रहा था सुहानी मदहोश हो जा रही थी लेकिन जैसे ही उसके नितंबों के नीचे ली छोर पर कुछ चुभता हुआ गडता हुआ महसूस हुआ उसे समझते देर नहीं लगी कि उसके नितंबों पर संजू के बदन का कौन सा हिस्सा चुभ रहा है वह‌उस हिस्से के बारे में सोच कर ही पानी पानी होने लगी,,,, उसकी सांसों की गति बड़ी तेजी से चलने लगी देखते ही देखते संजु का खूंटा उसके नितंबों के फांकों के बीच की दरार में से रगड़ता हुआ ऊपर की तरफ आ रहा था,,,, और इस अद्भुत एहसास के चलते उसकी सांस उखड़ने लगी थी वह पल भर में ही भांप गई थी कि संजू का हथियार कितना जबरदस्त है,,,, संजू का खून था बड़े आराम से उसकी गांड की फांकों के बीच की दरार के बीचो बीच से रगड़ता हुआ ऊपर की तरफ आ रहा था,,,, और जैसे ही सुहानी के पैर जमीन पर पड़े संजू का लंड भी एकदम ऊपर की तरफ स्थिर हो गया और संजू धीरे से अपने आपको अपनी मामी के बदन से अलग करते हुए बोला,,,,।

संजू अपनी छोटी मामी की चुदाई करता हुआ

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अचार लगता है बहुत स्वादिष्ट है यहां तक खुशबू आ रही है,,,,।

(सुहानी कुछ बोली नहीं वह अचार की भरने को किचन पर रखते हुए तिरछी नजर संजू के पेंट की तरफ डाली तो एकदम भौंचक्की रह गई,,,, क्योंकि उसने जो नजारा देखी उसे देखकर वह खुद हैरान हो गई थी संजू के पेंट में बना तंबू ऐसा लग रहा था कि जैसे गाय भैंस को बांधने वाला कोई खूंटा हो सुहानी पल भर में ही यह सोचने लगे कि अगर संजू का लंड चूत में घुस जाए तो कैसा गदर मचाएगा,,,, संजू ने अपना काम कर दिया था वह अपनी मर्दाना अंग की ताकत की रगड़ को वह अपनी मामी के नितंबों पर महसूस करा कर उसे यह जता दिया था कि उसका इरादा क्या है और मदहोश होते हुए सुहानी अपने आप को सहज करते हुए बोली,,,,)

हाथ मुंह धो कर आए हो ना,,,,

हां मामी,,,,, जल्दी से खाना लाओ मुझसे रहा नहीं जा रहा है,,,,,,,(इतना कहते हुए संजू वही रसोई मे हीं पलाठी मारकर बैठ गया,,,,)

जब भूख बर्दाश्त नहीं हो रही थी तो जहां गए थे वही खाकर आ गए होते,,,,

ऐसा नहीं है खाना तो मुझे तुम्हारे हाथों का ही बहुत अच्छा लगने लगा है तुम्हारे हाथों में तो जादू है,,,,

अच्छा तो यह बात है लेकिन घर वालों ने तो यह बात कभी नहीं कहा,,,,

उन लोगों को स्वाद के बारे में कुछ पता नहीं है मामी वैसे भी वह लोग घर वाले हैं हम तो बाहर वाले हैं और किसी भी चीज की उत्तमता की परख केवल बाहर वाले ही बता सकते हैं,,,,

तो तुम घर वाले नहीं हो,,,,

नहीं अगर बनाना चाहती हो तो बना लो अपना घर वाला,,,,।

(संजू क्या कहने के मतलब को समझते ही सुहानी के गाल सुर्ख लाल हो गए और वह मुस्कुराते हुए बोली)

संजू अपनी छोटी मामी की चुदाई करता हुआ

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बहुत शैतान हो गए हो तुम,,,,(और इतना कहने के साथ है स्वादिष्ट भोजन को थाली में परोस कर संजू के सामने रख दी,,,,, और संजू अपनी मम्मी की आंखों के सामने ही अपनी आंखों को बंद करके भोजन की खुशबू को ऐसे अपने नाखूनों से खींचने लगा उसकी खुशबू लेने लगा मानो कि जैसे किसी खूबसूरत औरत की दोनों टांगों के बीच अपनी नाक टीका कर उसकी खुशबू अपने अंदर ले रहा हो इस बात का एहसास होते ही सुहानी एक बार फिर से शर्म से पानी पानी हो गई,,,,, और खुशबू लेने के बाद निवाला मुंह में डालते हुए संजू बोला,,,)

सच में मामी बहुत स्वादिष्ट खाना है,,,,, मन तो करता है कि तुम्हारे हाथ को चूम लूं,,,,

चलो रहने दो इतना भी स्वादिष्ट नहीं है वह तो तुम्हें इतनी जोरों की भूख लगी है इसलिए,,,,

नहीं नहीं मामी मैं सच कह रहा हूं मेरे सर की कसम,,,

कसम खाने को रहने दो और खाना खाओ मुझे आराम करना है,,,,

बाकी सभी लोग खाना खा लिए क्या,,,?

सब लोग खा लिए हैं सिर्फ तुम नहीं गए हो तुम्हारी वजह से ही मैं जाग रही हूं वरना कमरे में जाकर आराम कर रही होती,,,,

यह बात है मामी तो मैं माफी चाहता हूं,,,, आइंदा से ऐसा नहीं होगा लेकिन मैं सोचता हूं कि मामाजी कितने खुश किस्मत है कि आप जैसी खूबसूरत बीवी मिली है जो खाना खाने के लिए भी इतना इंतजार करती है,,,,

खुशकिस्मत,,,,, तुम्हारे मामा होंगे लेकिन मैं बिल्कुल भी खुशकिस्मत नहीं हूं इस घर में तो आकर ऐसा लगता है कि मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया है,,,

ऐसा क्यों कह रही हो मामी इतना अच्छा परिवार तो है,,,,(निवाला मुंह में डालते हुए बोला)

परिवार अच्छा होने से क्या होता है संजू जिसके साथ विवाह कर के घर में आए हैं उसे भी तो अच्छा होना चाहिए,,,,

तुम ऐसा क्यों कह रही हो मामी,,,,(खाना खाते खाते एकदम से शांत होते हुए संजू बोला)

तुम नहीं जानते संजू तेरे मामा मेरी जगह से भी ना तो बात मानते ना तो इज्जत करते हैं देख रहे हो इतना समय हो गया है लेकिन अभी तक खाना खाने घर पर आए नहीं है और ना ही कभी मुझसे खाना खाने के लिए पूछते हैं कि खाना खाई हो कि नहीं खाई हो,,,, एक औरत को और क्या चाहिए सिर्फ इतना ही कि उसका पति की इज्जत करें और उससे प्यार करें और फिर औरत हंसते-हंसते पूरी जिंदगी उसके साथ गुजार देती है ताकि तेरे मामा यह सब नहीं समझते,,,,

संजू की छोटी मामी और संजू

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तुम खाना नहीं खाई हो मामी,,,,(संजू एकदम से अपनी मामी की आंखों में देखते हुए बोला तो सुभानी की आंखों में आंसू चमकने लगे और वह अपने चेहरे को दूसरी तरफ घुमा ली,,,,, संजू ने तुरंत एक निवाला बनाकर अपनी मामी के होठों से लगाते हुए बोला,,,)

तुमको मेरे सर की कसम मामी मेरे हाथ से खाना खाना पड़ेगा,,,,

नहीं संजू मैं खाना खाई हूं,,,,

नहीं नहीं तुम्हें खाना ही होगा मैंने तुम्हें अपनी कसम दिया हूं,,,,,।

(और इस बार संजू की जीद और उसका प्यार उसकी दी हुई कसम देखकर सुहानी अपने लाल-लाल होठों को हल कैसे खोलते हुए निवाले को अपने मुंह में भर लिया और उसे खाने लगी जैसे तैसे करके संजू तीन-चार निवाला अपनी मामी को खिलाया और सुहानी एकदम से शर्मा गई जब उसे इस बात का एहसास हुआ कि वह क्या कर रही है क्योंकि भावनाओं में वह पूरी तरह से हो गई थी और संजू इसी मौके का फायदा उठाना अच्छी तरह से जानता था लेकिन संजू कुछ आगे कर पाता उससे पहले ही सुहानी वहां से उठी और लगभग भागते हुए अपने कमरे की ओर चली गई हो अपने कमरे में प्रवेश कर के दरवाजे को बंद कर दी और गहरी गहरी सांस लेने लगी पल भर में ही वह सारी घटनाओं के बारे में सोचने लगी खास करके बरनी उतारते समय संजू ने जिस तरह से उसके नितंबों पर अपने चेहरे को बनाकर गहरी गहरी सांस लिया था उसकी गर्माहट उसे अभी तक अपनी चूत पर महसूस हो रही थी,,,, और अपने मर्दाना अंग को गांड के बीचो-बीच रगड़ कर उसकी मदहोशी को जिस तरह से बढ़ाया था उसके चलती है उसे अपनी चूत गीली होती हुई महसूस हो रही थी,,,,,।

संजू अपनी मामी क साथ

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संजू ने सुहानी को पूरी तरह से उत्तेजित कर दिया था अपनी उत्तेजित हरकतों से और उससे भावनात्मक रूप से जुड़कर पूरी तरह से सुहानी के दिलों दिमाग पर संजू ने अपना जादू चला दिया था,,,, उसकी सांसे ऊपर नीचे हो रही थी अभी भी अपने कमरे में होने के बाद जेसी उसे अपने नितंबों पर अपने भांजे के मोटे तगड़े हथियार की रगड़ महसूस हो रही थी जिसकी वजह से उसकी चूत पानी छोड़ रही थी उसे रहा नहीं जा रहा था वह अपने पति से संतुष्ट बिल्कुल भी नहीं थी क्योंकि उसका पति सिर्फ अपनी प्यास बुझाने में अपना पानी निकाल देता था वह कभी भी अपने पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाया था बस पानी निकलते ही करवट लेकर सो जाता था तभी पूछने की भी कोशिश नहीं किया था कि उसे कैसा लग रहा है,,,,, सुहानी यही सब सोचते हुए अपने बिस्तर पर आकर बैठ गई थी और दूसरी तरफ समझो खाना खाकर अपने कमरे में चला गया था जो कि कमरे का दरवाजा खुला हुआ था क्योंकि उसकी मां और मौसी जानते थे कि संजू आएगा और कमरे में आते ही वह कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और देखा कि उसकी मां और मौसी दोनों आपस में बातें कर रही थी,,,,।

तुम दोनों जन आराम नहीं कर रही हो मुझे तो लगा कि सो गई होंगी,,,,

तू था कहां पर,,,,(साधना बोली,,,)

अरे कहीं नहीं बस छोटी वाली मामी से मिलने चला गया था,,,,

संजू अपनी ममी क साथ

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मिलने ही गया था कि कहीं कुछ और करने,,,, देख भाई तेरा भरोसा नहीं है तो किसी के ऊपर भी चढ जाएगा मौका देख कर,,,(साधना मुस्कुराते हुए बोली तो आराधना भी मुस्कुराने लगी,,,)

क्या मौसी तुम भी सिर्फ मिलने गया था क्योंकि वह बहुत अकेली रहती है मैं चाहता हूं कि दोनों परिवार फिर से एक हो जाए,,,,

क्या बात है संजू बेटा तेरी सोच तो बहुत अच्छी है,,,, लेकिन यह सब होगा कैसे,,,(अपने बेटे की बात सुनकर आराधना बोली)

हो जाएगा,,,,

अरे वह सब छोड़ो मैं तेरी मम्मीजी से बातें कर रही थी उस दिन के बारे में,,,

किस दिन के बारे में मौसी,,,,(अपनी टीशर्ट को उतारकर सिरहाने रखते हुए बोला)

अरे उस दिन के बारे में तूफानी रात तेज बारिश बिजली की गड़गड़ाहट और वह खंडहर,,,,,।

(अपनी मौसी की बात सुनकर ही संजू मुस्कुराने लगा और बोला)

क्या मौसी तुम भी,,,

नहीं रे मैं सच कह रही हूं तेरी मम्मी से पूछ रही थी कि तुझे कैसा लगा,,,,

तो मम्मी क्या बोली,,,(संजू अपनी मां की तरफ देखते हुए बोला)

संजू की मामी

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कुछ बता नहीं रही है बस मुस्कुराए जा रही है,,,,

मुस्कुराए जा रही है मतलब मम्मी को अच्छा लगा,,, क्यों मम्मी सच कह रहा हूं ना,,,,

धत् तुम दोनों भी ना,,,,(आराधना एकदम से शर्माने का नाटक करते हुए बोली)

तुम दोनों भी क्या अरे मैं भी तो थी उसे दिन मैं तो नहीं शर्मा रही हूं तू क्यों शर्मा रही है बल्कि उसे दिन तो अच्छा ही हुआ कि सब कुछ हो गया तेरे लिए एक सहारा तो मिल गया,,,, वरना तो मुझे इस बात का डर था कि अब बिना पति के तू जिंदगी कैसे गुजारे गी अशोक का तो मैं देख ही रही हूं,,, और आराधना मुझे तो इस बात का डर भी था कि तो ऑफिस आती जाती थी कहीं ऐसा ना हो जाए कि ऑफिस में किसी से तेरा चक्कर चलने लगी और फिर किसी और को ही अपनी चूत दे बैठे,,,,

क्या दीदी तुम भी,,,,

तुम सच कह रही है मौसी मुझे भी इस बात का डर था क्योंकि मम्मी जिस तरह से सज धज कर निकलती थी ना मेरी खुद की हालत खराब हो जाती थी तो दूसरों की बात ही क्या करना ,,,,

अच्छा,,,,,(अपने बेटे की बात सुनते ही आराधना संजू की तरफ आंख निकाल कर बोली)

हां मम्मी मैं सच कह रहा हूं,,,,

अच्छा यह बता तेरी मम्मी में तुझे क्या अच्छा लगता था,,,,

अपनी ममी की गदरायी जवानी देखकर किचन में संजू का लुंड खड़ा होने लगा

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देखो मौसी अब हम तीनों के बीच इस तरह का रिश्ता हो चुका है उसके चलते में सब कुछ बता देता हूं वरना यह सब बताना शर्म से डूब मरने जैसी बात थी,,,,

हां बताना क्या अच्छा लगता था,,,,,(साधना उत्सुकता दिखाते हुए बोली आराधना भी अपने बेटे की तरफ देखने लगी उन दोनों के बीच पहले से ही इस तरह का रिश्ता पनप चुका था वह तो केवल आराधना अपनी बहन के सामने अनजान बनने का नाटक कर रही थी शर्मा ने का नाटक कर रही थी)

मौसी जब भी मम्मी तैयार होती थी ना और जब अपनी साड़ी को अपनी कमर पर कसकर बनती थी ना तो मम्मी की गांड और ज्यादा बड़ी लगने लगती थी सच कहूं तो मम्मी की बड़ी-बड़ी और कशी भी गांड देखकर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता था,,,

बाप रे बहुत चालू है तू,,, और क्या अच्छा लगता था बता,,,,

मम्मी की चूचियां बहुत लाजवाब लगती थी एक आद बार तो मैं बिना ब्लाउज के लिए मम्मी की चूची को देख चुका था इसलिए मेरा आकर्षण मम्मी की चूची की तरफ बहुत ज्यादा था मन करता था कि दोनों हाथों में पकड़ कर जोर जोर से,,,,दबाऊं,,,,

यह बात है कब देखा था तू,,,,

कमरे में जब मम्मी कपड़े बदल रही थी तो मैं अनजाने में पहुंच गया था उस समय मम्मी ब्लाउज तो पहन चुकी थी लेकिन उसका बटन नहीं बंद करी थी और मुझे देखते ही एकदम से घबरा गई थी,,,,।

(इतना सुनते ही आराधना शर्माने का नाटक करने लगी और वह चित्र से जानती थी कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था संजू बनी बनाई बात कह रहा था जिसे सुनकर आराधना तो मजे ले रही थी साधना के तन बदन में अजीब सी हलचल हो रही थी और उसकी चूत पानी छोड़ रही थी)

किचन में संजू और सुहानी कुछ इस तरह से

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बाप रे आराधना तू भी ना अपने बेटे पर अपनी जवानी का जलवा दिखा रही थी,,,,

क्या दीदी तुम भी वह तो सब अनजाने में हो गया था,,,,

जाने नहीं सब कुछ होता है मेरी रानी अगर तेरा बेटा तेरे बदन के तरफ आकर्षित ना होता तो शायद तेरी चूत में उसका लंड ना होता,,,, और बात संजू,,,,,

और क्या मौसी यह सब के बारे में सोचने पर देखने पर हम जैसे जवान लड़कों का ध्यान सबसे ज्यादा कहां जाता है बताओ,,,,

कहां जाता है तू ही बता अपने मुंह से,,,,

चूत पर,,,,, हालांकि मैंने कभी मम्मी की चूत को देखा नहीं था लेकिन कल्पना करता था कि मम्मी की चूत कैसी दिखती होगी और सही कहूं तो मैं किसी की चूत देखा भी नहीं था इसलिए उसके आकार के बारे में कोई सही निष्कर्ष मेरे दिमाग में नहीं आता था लेकिन फिर भी जब भी मैं मम्मी की चूत के बारे में सोचता था तो मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो जाता था और मुझे अपने आप को शांत करने के लिए अपने हाथ से हीलाना पड़ता था,,,,।

संजू तू भी दूसरे लड़कों की तरह हो गया था,,,,(आराधना आश्चर्य जताते हुए बोली)

क्या करूं मम्मी तुम्हारी जवानी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी,,,

और आखिरकार संजू की चाहत रंग लाई और जिस छूत में से बाहर निकला था उसी चूत में लंड डालने का सुनहरा मौका भी मिल गया अच्छा यह बता समझो अपनी मां को चोदने में तुझे कैसा महसूस हो रहा था,,,,

संजू की बिच वाली ममी सुहानी

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पूछो मत मौसी स्वर्ग का मजा मिल रहा था मैं कभी सोचा नहीं था कि मुझे अपनी ही मां की चूत मिलेगी और इतनी कसी हुई थी कि मेरा लंड फटने की स्थिति में हो गया था,,,,,

(अपने बेटे की बात सुनकर आराधना शर्माने का नाटक करते हो अपने दोनों हाथों से अपने खूबसूरत चेहरे को छुपा ली थी यह देखकर साधना बोली)

अब शर्म आने का कोई मतलब नहीं है मेरी रानी उस समय तो कितना मजा ले रही थी संजू के हर एक धक्के पर चीख निकल जा रही थी,,,,

संजू का मोटा और लंबा भी तो है दीदी,,,,

हां सो तो है,,,,, लेकिन तुझे भी बहुत मजा आया ना,,,,

(इस सवाल पर आराधना कुछ बोली नहीं बस शर्मा कर आंखें बंद करके हां में सिर हिला दी और आराधना का जवाब सुनकर साधना मुस्कुराने लगी और बोली)

तूने अभी ठीक से चुदाई का मजा नहीं ली है आराधना चल इसी कमरे में हो जाए एक बार क्यों संजू तैयार है,,,।

मैं तो हमेशा से तैयार हूं मौसी मम्मी की चूत में फिर से डालने के लिए तो मैं तड़प रहा हूं,,,,

ओहहह हो,,, बेटा तो तैयार है क्या मां भी तैयार है,,,,

नहीं दीदी कोई आ गया तो,,,,

अरे कोई नहीं आएगा मेरी रानी और दरवाजा बंद तो है और इतनी कड़ी धूप है सब अपने अपने कमरे में आराम कर रहे हैं चल एक बार हो जाए,,,,।

(संजू बहुत खुश था आज वह अपनी छोटी वाली मामी को चोद कर आ रहा था और बीच वाली मामी को पूरी तरह से उत्तेजित करके अपने कमरे में आ चुका था और अब उसे इस कमरे में दो-दो चूत मिलने वाली थी चोदने के लिए वह अपने आपको किस्मत का धनी समझ रहा था और दूसरी तरफ संजू की हरकतों की वजह से पूरी तरह से उत्तेजित होकर सुहानी अपने बिस्तर पर बैठकर अपनी साड़ी को अपने कंधे पर से गिरा कर खुद ही ब्लाउज के ऊपर से अपनी चूची को जोर जोर से दबाकर गर्म आहै भर रही थी उसे रहा नहीं जा रहा था अगर इस समय संजू उसके पास होता तो शायद वह अपना सब रखो देती और खुद ही उसके साथ संभोग करने के लिए तैयार हो जाती,,,, लेकिन जिस तरह का तूफान चूत में उठ रहा था उसे शांत करना बहुत जरूरी था इसलिए वह अपने हाथों से अपने ब्लाउज का बटन खोलने लगी,,,, और देखते ही देखते अपने ब्लाउज का सारे बटन खोलकर वह अपनी नंगी चूचियों को अपनी हथेली में लेकर संजू के बारे में कल्पना करते हुए अपनी चूचियों को दबाना शुरू कर दी मानो कि जैसे उसकी चुचियों को खुद संजु अपनी हथेली में लेकर दबा रहा हो उसके मुख से गरमा गरम सिसकारी की आवाज फुट रही थी,,,,, सुहानी अपनी गोल-गोल चुचियों से कह रही थी यह पहली मर्तबा था जब वह अपने ही हाथ से अपनी चूचियों को मसल रही थी उसे दबा रही थी ऐसा करने में उसे उत्तेजना का अनुभव हो रहा था वह देखते ही देखते अपनी चूचियों को हाथ से दबा कर दबा कर बिस्तर पर पीठ के बल लेट गई और उसे गर्म सांसे लेते हुए साड़ी के ऊपर से अपनी चीज पर अपनी हथेली का दबाव बनाने लगी जिससे उसे महसूस होने लगा कि उसकी चूत गीली हो चुकी थी,,,,,। इस समय सुहानी को संजू के मोटे तगड़े लंड की अत्यधिक आवश्यकता थी लेकिन इस समय वह मजबूर थे वह धीरे-धीरे की साड़ी को ऊपर की तरफ उठाने लगी और देखते ही देखते अपनी पूरी साड़ी को कमर तक खींच ली थी कमर के नीचे वह पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी और अपनी चूत पर हथेली रखकर अपनी ही चूत के पानी से गीलेपन को महसूस करके वह मस्त होने लगी और हल्की सी सिसकारी की आवाज के साथ वह अपनी हथेली को अपनी चूत पर रगड़ना शुरू कर दी,,,,।

संजू की हरकत से सुहानी एकदम मस्त हो गयी थी

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सहहहह आहहहहह,,,,,ऊममममममम ,,,(इस तरह की कामुक आवाज के साथ वह बिस्तर पर तड़पने लगी वह चुदवाना चाहती थी अपने भांजे से अपने भांजे के मोटे तगड़े लंड को अपनी चूत की गहराई में महसूस करना चाहती थी वह देखना चाहती थी कि जब अपनी हरकतों से वह एक औरत को इतना ज्यादा मस्त कर सकता है तो उसकी चूत में लंड डालकर बार औरत को कितना सुख प्रदान कर सकता है,,,,,, वह अपनी आंखों को बंद करके कल्पना करने लगे कि उसकी दोनों टांगों के बीच उस का भांजा संपूर्ण नगर अवस्था में अपने मोटे तगड़े लंड को हाथ में लेकर हिलाते हुए उसकी तरफ आगे बढ़ रहा है और दोनों टांगों के बीच जगह बनाकर अपनी मोटे तगड़े लंड के मोटे आलूबुखारे जैसे सुपाड़े को,,,,, उसकी गुलाबी चूत पर पटक रहा है और उसके वार से वह मचल रही है सक पका रही हैं,,,, संजू के बारे में कल्पना करके सुहानी इतना अत्यधिक उत्तेजना का अनुभव कर रही थी कि अपनी बीच वाली उंगली को धीरे से अपनी गुलाबी छेद में डालना शुरू कर दी और महसूस करने लगी कि जैसे संजू अपने लंड को उसकी चूत में प्रवेश कर रहा हूं और देखते ही देखते संजू का पूरा लंड उसकी चूत की गहराई में घुस गया और अपनी कमर हिला करवा उसे चोदना शुरू कर दिया और यही सोचकर सुहानी अपनी उंगली को अंदर बाहर करके आनंद के सागर में गोते लगाने लगी यह पहली मर्तबा था जब सुहानी अपने ही उंगली से अपने आप को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही थी,,,,,।

सुहानी अपने हाथ से मजा लेते हुए

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दूसरी तरफ साधना बिस्तर पर बैठी हुई थी और ठीक उसके बगल में आराधना करवट लेकर लेटी हुई थी और संजू की तरफ देख रही थी संजू अपने बिस्तर पर से उठाकर मदहोशी भरे आलम में धीरे-धीरे अपनी पेंट उतारने लगा देखते देखते वह अपनी पैंट उतार कर केवल अंडरवियर में खड़ा हो गया और उसके अंडरवियर में लाजवाब खूंटा बना हुआ था जिसे देखकर दोनों बहने पानी पानी हो रही थी,,,,।

संजू अपनी मां की तरफ देखकर उत्तेजित होता हुआ अपने होंठ को अपने दांत से काटने लगा और अपनी मां को देखकर मदहोश होते हुए चड्डी के ऊपर से तो अपने लंड को पकड़ कर जोर से दबाना शुरू कर दिया यह देखकर आराधना की हालत खराब होती जा रही थी उसका मन कर रहा था कि आगे बढ़कर खुद ही अपने बेटे की चड्डी उतार कर उसके लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दे,,,, संजू उसी तरह से अपने अंडरवियर के छेद में सेल अपने लंड को बाहर निकाला और पिलाना शुरू कर दिया गया देखा करो साधना की खुद की चूत पानी फेंकने लगी उसका खुद का मन संजू से चुदवाने के लिए तड़पने लगा लेकिन वह आज पहले अपनी छोटी बहन की चूत में संजू के लंड को डलवाना चाहती थी इसलिए वह बात आगे बढ़ा कर समझो कि लंड को पकड़ लिया और लंड को पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचने लगी और बोली,,,,।

संजू और उसकी छोटी मामी

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अरे हरामि कितना तड़पाएगा अपनी मां को देख नहीं रहा है कितना तड़प रही है मुंह में लेने के लिए,,,(और इतना कहने के साथ ही संजू के लंड को पकड़कर हुआ थी आराधना के मुंह के सामने उसके लंड को कर दी और आराधना प्यासी नजरों से संजू के लंड की तरफ और फिर अपनी बहन की तरफ देखने लगी और हां में सिर हिला कर आराधना उसे आगे बढ़ने की इजाजत दे दी बस फिर क्या था आराधना अपना हाथ आगे बढ़ाई और अपने बेटे के लंड को पकड़ ली जो कि बहुत गर्म था और फिर अपनी लाल-लाल होठों को खोलकर अपने बेटे के आलूबुखारे जैसे सुपाड़े को अपने होंठों के बीच लेकर चाटना शुरू कर दी,,,,, इस गरमा-गरम दृश्य को देखकर साधना बोली,,,,।

बाप रे कितना जबरदस्त दृश्य है मैंने तो कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी एक माह अपने ही बेटे के लंड को मुंह में लेकर चूस रही है यह देखकर तो मेरी हालत खराब हो रही है,,,,सहहहहह आहहहहहहह संजू,,,,,,(साधना का इतना कहना था कि आराधना अपना पूरा मुंह खोल कर अपने बेटे के लंड को मुंह में भर ली और संजू अपना हाथ आगे बढ़ाकर ब्लाउज के ऊपर से ही अपनी मौसी की चूची को दबाना शुरू कर दिया देखते ही देखते दोनों बहने मदहोश होने लगी और संजू अपनी कमर आगे पीछे करके हिलाता हुआ दोनों हाथों से अपनी मौसी के ब्लाउज का बटन खोलने लगा और देखते-देखते वह अपनी मौसी के ब्लाउज के सारे बटन खोल कर उसकी नंगी चूची को हाथ में लेकर जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया आराधना पूरी तरह से मदहोश हुए जा रही थी वह पागल हो जा रही थी,,,,

वह दोनों कभी सपने में नहीं सोची थी कि अपने मायके में आकर उन्हें इतना सुनहरा मौका मिलेगा अपने बेटे के साथ वक्त गुजारने के लिए इसलिए इस तरह के सुनहरे मौके को वहां अपने हाथों से जाने नहीं देना चाहती थी,,,,, आराधना अपने बेटे के लंड को पहले तक लेकर उस का आनंद ले रही थी और साधना अपनी जीभ को लंड के नीचे दोनों गोटे को चाट कर मजा ले रही थी यह देखकर आराधना अपने मुंह में से अपने बेटे के लंड को निकाल कर उसे अपनी बड़ी बहन के मुंह में डाल देती थी और दोनों बारी-बारी से संजू के लंड की चुसाई का मजा ले रहे थे,,,,,

कैसा लग रहा है संजू अपनी मां के मुंह में देकर,,,,

पूछ मत मौसी इतना आनंद तो मुझे कभी नहीं आया,,,,

ओहहहह संजू मस्त कर दे अपनी मां को आज,,,,,

संजू अपनी छोटी मामी क साथ

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(और संजू कुछ दिन तक इसी तरह से अपनी कमर आगे पीछे हिला कर अपनी मां के मुंह को संजू अपनी सबसे छोटी वाली मामी की चूत का मजा ले चुका था और उसे इस बात का एहसास हुआ कि शादीशुदा होने के बावजूद भी उसकी छोटी वाली मामी की चूत एकदम कसी हुई थी जिसके अंदर अपने लंड को डालकर उसे बेहद आनंद की प्राप्ति हुई थी,,,,, जब से वह अपनी छोटी वाली मामी के दर्शन किया था तब से वह उसे चोदने के फिराक में था लेकिन इतने जल्दी उसे इतना सुनहरा मौका मिल जाएगा उसे विश्वास नहीं हो रहा था दूसरी मुलाकात में ही वह अपनी छोटी वाली मामी की जवानी पर काबू पा चुका था,,,,, उसे पूरा विश्वास था कि आज उसकी छोटी वाली मामी उसके मोटे तगड़े लंबे लंड को अपनी चूत में लेकर पूरी तरह से मस्त हो गई होगी और ऐसा ही था जिंदगी में पहली बार,,,, रितु किसी मर्द के साथ संभोग सुख प्राप्त की थी अपने पति के साथ तो उसे चुदाई क्या होती है इस बात का एहसास तक नहीं होता था,,,, लेकिन अपने भांजे के साथ जिस तरह का सुख उसने प्राप्त की थी वह कभी अपने जीवन में भूलने वाली नहीं थी रितु को इस बात का एहसास हो रहा था कि उसके भांजे ने अपनी हर एक तेज धक्के से उसके बदन के पोर पोर को हिला कर रख दिया था,,,, उसका हर एक धक्का स्वर्ग का सुख दे रहा था हर एक धक्के के साथ उसका लंड उसके बच्चेदानी पर ठोकर मार रहा था जिसका एहसास उसे आज तक नहीं हुआ था रितु को ऐसा महसूस होता था कि जैसे उसकी चूत की अंदरूनी दीवारों की नसें एकदम रगड़ रगड़ कर अपना पानी छोड़ रही थी,,,,,, और रितु इस बात से भी पूरी तरह से मस्त हो गई थी कि पहली बार तथा उसकी चूत को किसी ने चाटा था अपनी जीभ से,,,, और यह एहसास उसके लिए बेहद अद्भुत था,,,,,,,

संजू घर पर पहुंचा तो बहुत खुश नजर आ रहा था घर के सभी लोग खाना खा चुके थे केवल संजू ही रह गया था संजू को देखकर उसकी बड़ी वाली मामी बोली,,,।

कहां चले गए थे संजू,,,,,

छोटी वाली मामी के घर चला गया था,,,,

वहां क्यों गए थे तुम जानते हो ना उन लोगों से हमारा कोई रिश्ता नहीं है,,,,

ऐसा नहीं है मामी इसका पछतावा छोटी वाली मामी को बहुत है वह मुझसे कह रही थी जो कुछ भी हुआ बहुत गलत हुआ,,,,, परिवार से अलग होकर वह भी दुखी है,,,

यह सब किसने कहा तुमसे,,,,

छोटी वाली मामी ने उनका भी बहुत मन करता था परिवार के साथ रहने के लिए लेकिन वह खुद बता रही थी कि ना जाने उन्हें भी क्या हो गया कि गुस्से गुस्से में सब कुछ अलग कर ली,,,,

आग तो उसे ही लगी थी हम तो चाहते नहीं थे कि वह अलग हो,,,,

तभी तो इस बात का पछतावा है मामी,,,,,

अपने छोटे वाले मामा से मिला वह क्या कह रहा है,,,,

मिला था वह बाजार के लिए निकल रहे थे उनसे ज्यादा बातचीत तो नहीं हुई लेकिन मामी बता रही थी कि,,,, आप लोगों के साथ बात करने का उठने बैठने का उनका भी बहुत मन करता है,,,,।

मन करता है तो चले आना चाहिए था ना रोका किसने है अगर यह सोचकर उन लोगों का सर नीचा हो जा रहा है कि हम लोग कुछ कह नहीं रहे हैं तो सामने से क्यों चलकर रिश्ता बढ़ाएं इस गलतफहमी में ना रहे मैं उनके हाथ पर जोड़ने वाली नहीं हुं,,,,



ऐसा कुछ भी नहीं है मामी शादी में आने के लिए कह रही थी और यह भी कह रही थी कि मैं लल्ली की शादी में बहुत नाचूंगी,,,,,

चलो देर आए दुरुस्त आए आंख तो खुली उन लोगों की,,,,, तुम जाकर खाना खा लो सब लोग खाना खा लिए हैं सुहानी तुम्हारा इंतजार कर रही थी,,,,, सुहानी संजू आ गया है खाना निकाल देना तो,,,,

जी दीदी अभी आई,,,,,,(अंदर के कमरे से आवाज आई और संजू बोला)

तब तक मैं हाथ मुंह धो कर आ जाता हूं,,,,।

(और इतना कहने के साथ ही संजु हाथ मुंह धोने चला गया अपनी छोटी वाली मामी के बारे में संजू सब कुछ अपने मन से कह रहा था वह किसी भी तरह से दोनों परिवारों को मिलाना चाहता था उसे अच्छा नहीं लग रहा था कि एक मामा मामी अकेले रह रहे हैं वह चाहता था कि वह दोनों भी साथ में मिलकर रहें और उसे इस बात की खुशी थी कि उसकी बात सुनकर उसकी बड़ी वाली मामी को थोड़ी तसल्ली हुई थी,,,,, थोड़ी देर में संजू हाथ मुंह धोकर रसोई घर की तरफ आगे बढ़ने लगा वह रसोईघर के दरवाजे पर पहुंचकर देखा कि उसकी मामी हाथ ऊपर करके कुछ उतारने की कोशिश कर रही थी जब ध्यान से देखा तो उसकी मामी आचार के डिब्बे को उतार रही थी और वहां तक उनका हाथ पहुंच नहीं रहा था और जिस तरह से वह अपने पैर की उंगलियों पर खड़ी होकर अचार के डिब्बे को उतारने की कोशिश कर रही थी ऐसे हालात में उनका पूरा बदन एकदम सीधा टटा्र हो चुका था और इस अवस्था में उसके नितंबों का आकार कुछ ज्यादा ही गोल और बाहर की तरफ निकला हुआ नजर आ रहा था जिसे देखते ही संजू के मुंह में पानी आ गया अभी कुछ देर पहले ही अपनी जवानी से भरी हुई छोटी वाली मामी के खूबसूरत बदन से जी भर कर खेल कर आ रहा था और आते ही रसोई घर में अपनी बीच वाली मामी के नितंबों को देखकर उसके तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी,,,,,,,।
 
इस नजारे को देखकर संजू अगल-बगल नजर दौड़ा कर देखने लगा कि कहीं कोई है तो नहीं लेकिन दोपहर का समय हो रहा था और सब लोग खाना खाकर अपने अपने कमरे में आराम कर रहे थे इस समय रसोई घर में सिर्फ उसकी बीच वाली मामी की और दरवाजे पर सिर्फ वह खड़ा था और कोई भी नहीं था संजू को छत वाली बात याद आ गई जब वह अपनी मामी की आंखों के सामने उसकी ब्रा और उसकी चड्डी को हाथ में लेकर दिखा रहा था और तो और,,,,, उसे संभालने के चक्कर में जिस तरह से अनजाने में ही उसके हाथ सुहानी के सूचियों पर पड़ गई थी और ऐसे हालात में उसकी मामी के तन बदन में जो लहर उठ रही थी उस बात से संजू अनजान बिल्कुल भी नहीं था इसलिए उसके मन में शरारत सोचने लगी और वह बिना कुछ सोचे समझे एक बार फिर से चारों तरफ नजर उठाकर रसोई घर में प्रवेश कर गया सुहानी को इस बात का अहसास तक नहीं हुआ कि संजू रसोई घर में आ गया है,,,,। और संजू ने तुरंत अपनी मामी के पीछे आकर उसकी कमर में दोनों हाथ डालकर उसे उठा दिया और इस हरकत से सुहानी एकदम से चौक गई और उसके मुंह से हल्की सी चीख निकल गई,,,, सुहानी कुछ समझ पाती इससे पहले ही संजु ने उसे उठा लिया था और वह एकदम से उठ गई थी,,,,।

घबराओ मत मामी में हूं कितनी मेहनत कर रही हो आचार के डिब्बे तक पहुंचने की,,,,

मुझे नीचे उतार संजू तु गिरा देगा,,,,

अरे कुछ नहीं होगा मामी मेरी भुजाओं में बहुत दम है कहो तो इसी तरह से उठाकर पूरे घर में घूम सकता हूं,,,,

नहीं नहीं ऐसा बिल्कुल भी मत करना,,,,

तुम डर रही हो इसलिए कह रहा हूं,,,,(ऐसा कहते हुए धीरे-धीरे संजू उसे थोड़ा और ऊपर उठाने लगा और देखते ही देखते उसके नितंबों को वह एकदम अपने चेहरे पर लाकर स्थिर कर दिया और ऐसे हालात में समझे अपने चेहरे को उसके नरम नरम गोल-गोल नितंबों के बीच सटा दिया ऐसा करने में उसे इतना अद्भुत आनंद की प्राप्ति हुई कि पल भर में उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आकर खड़ा हो गया,,,,,, गहरी सांस लेते हुए संजू बोला)

संजू की मम्मी की जवानी

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उतार लो मामी जो उतारना चाहती हो,,,,।

(अभी तक सुहानी इस तरह से उठाए जाने पर हड़बड़ा रही थी लेकिन उसे भी इस बात का एहसास हो गया कि कुछ अजीब हो रहा है उसे अपने नितंबों पर अपने भांजे का चेहरा एकदम साफ महसूस हो रहा था और ऐसी स्थिति में उसके तन बदन में अजीब सी हलचल होना शुरू हो गई थी वह मदहोश में जा रही थी अपने भांजे की भुजाओं का दम देखकर,,,,, और उसकी कामातुर हरकत देखकर,,,, आज तक उसके पति ने भी इस तरह से अपनी गोद में उसे नहीं उठाया था लेकिन आज अपने भांजे की हरकत पर वह पूरी तरह से मस्त हो गई थी खास करके उसकी गोल-गोल नितंबों के बीच में बीच अपने भांजे के चेहरे को महसूस करके और उसके नथुनों से निकल रही गर्म सांसो को अपने नितंबों के बीचो बीच अपनी चूत तक महसूस करके वह अपनी चूत में मदन रस का रिसाव होता हुआ महसूस करने लगी थी,,,,,, पल भर में ही सुहानी की सांसे गहरी हो चली थी वह अपने बदन में अद्भुत उत्तेजना का संचार होता हुआ महसूस कर रही थी,,,,। वह धीरे से अपना हाथ अचार की बरनी पर रख दी संजू ने उसे इतना ऊपर उठा लिया था कि उसे हाथ ऊपर करने की जरूरत नहीं की बल्कि अचार की बलि लेने के लिए उसे नीचे हाथ करना पड़ रहा था और अचार की बरनी को दोनों हाथ में पकड़ कर वह बोली,,,)

बस कर संजू अब नीचे उतार,,,,,

(सुहानी पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी उसे इस बात का एहसास हो रहा था कि वह एक मर्दाना बलिष्ठ भुजाओं के बीच सिमटी हुई थी जिसका एहसास उसे आज तक नहीं हुआ था और वह अपने आपको इसी तरह की भुजाओं में सी मरती हुई महसूस करना चाहती थी लेकिन उसकी यह मनसा ख्वाब बनकर ही रह गई थी लेकिन आज उसे ऐसा लग रहा था कि जैसे उसका ख्वाब सच हो रहा हो अपनी मम्मी की बात सुनकर संजू बोला,,,)

और कुछ लेना हो तो ले लो मामी घबराओ मत मैं थकने वाला नहीं हूं,,,,

नहीं नहीं बस हो गया,,,,,।

(और इतना कहने के साथ ही संजू अपनी मामी को धीरे-धीरे नीचे की तरफ उतारने लगा संजू को यह अच्छी तरह से मालूम था कि अब आगे क्या होने वाला है अपनी हरकत के बारे में उससे पहले से ही मालूम था वह धीरे-धीरे सुहानी को अपनी भुजाओं से नीचे उतारने लगा,,,, और देखते-देखते संजू सुहानी के पैर जमीन पर पड़ते इससे पहले वह अपनी मामी को अपने बदन से एकदम सटाया हुआ था,,,, और जैसे ही सुहानी के नितंबों का उभार संजू के तने हुए खुंटे के पास आया संजु जानबूझकर अपनी कमर को आगे की तरफ फेल दिया था ताकि उसके तने हुए लंड का एहसास उसकी मामी अपने नितंबों पर अच्छी तरह से कर सके,,,,, और ऐसा ही हो रहा था सुहानी मदहोश हो जा रही थी लेकिन जैसे ही उसके नितंबों के नीचे ली छोर पर कुछ चुभता हुआ गडता हुआ महसूस हुआ उसे समझते देर नहीं लगी कि उसके नितंबों पर संजू के बदन का कौन सा हिस्सा चुभ रहा है वह‌उस हिस्से के बारे में सोच कर ही पानी पानी होने लगी,,,, उसकी सांसों की गति बड़ी तेजी से चलने लगी देखते ही देखते संजु का खूंटा उसके नितंबों के फांकों के बीच की दरार में से रगड़ता हुआ ऊपर की तरफ आ रहा था,,,, और इस अद्भुत एहसास के चलते उसकी सांस उखड़ने लगी थी वह पल भर में ही भांप गई थी कि संजू का हथियार कितना जबरदस्त है,,,, संजू का खून था बड़े आराम से उसकी गांड की फांकों के बीच की दरार के बीचो बीच से रगड़ता हुआ ऊपर की तरफ आ रहा था,,,, और जैसे ही सुहानी के पैर जमीन पर पड़े संजू का लंड भी एकदम ऊपर की तरफ स्थिर हो गया और संजू धीरे से अपने आपको अपनी मामी के बदन से अलग करते हुए बोला,,,,।

संजू की मम्मी

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अचार लगता है बहुत स्वादिष्ट है यहां तक खुशबू आ रही है,,,,।

(सुहानी कुछ बोली नहीं वह अचार की भरने को किचन पर रखते हुए तिरछी नजर संजू के पेंट की तरफ डाली तो एकदम भौंचक्की रह गई,,,, क्योंकि उसने जो नजारा देखी उसे देखकर वह खुद हैरान हो गई थी संजू के पेंट में बना तंबू ऐसा लग रहा था कि जैसे गाय भैंस को बांधने वाला कोई खूंटा हो सुहानी पल भर में ही यह सोचने लगे कि अगर संजू का लंड चूत में घुस जाए तो कैसा गदर मचाएगा,,,, संजू ने अपना काम कर दिया था वह अपनी मर्दाना अंग की ताकत की रगड़ को वह अपनी मामी के नितंबों पर महसूस करा कर उसे यह जता दिया था कि उसका इरादा क्या है और मदहोश होते हुए सुहानी अपने आप को सहज करते हुए बोली,,,,)

हाथ मुंह धो कर आए हो ना,,,,

हां मामी,,,,, जल्दी से खाना लाओ मुझसे रहा नहीं जा रहा है,,,,,,,(इतना कहते हुए संजू वही रसोई मे हीं पलाठी मारकर बैठ गया,,,,)

जब भूख बर्दाश्त नहीं हो रही थी तो जहां गए थे वही खाकर आ गए होते,,,,

ऐसा नहीं है खाना तो मुझे तुम्हारे हाथों का ही बहुत अच्छा लगने लगा है तुम्हारे हाथों में तो जादू है,,,,

अच्छा तो यह बात है लेकिन घर वालों ने तो यह बात कभी नहीं कहा,,,,

उन लोगों को स्वाद के बारे में कुछ पता नहीं है मामी वैसे भी वह लोग घर वाले हैं हम तो बाहर वाले हैं और किसी भी चीज की उत्तमता की परख केवल बाहर वाले ही बता सकते हैं,,,,

तो तुम घर वाले नहीं हो,,,,

नहीं अगर बनाना चाहती हो तो बना लो अपना घर वाला,,,,।

(संजू क्या कहने के मतलब को समझते ही सुहानी के गाल सुर्ख लाल हो गए और वह मुस्कुराते हुए बोली)

बहुत शैतान हो गए हो तुम,,,,(और इतना कहने के साथ है स्वादिष्ट भोजन को थाली में परोस कर संजू के सामने रख दी,,,,, और संजू अपनी मम्मी की आंखों के सामने ही अपनी आंखों को बंद करके भोजन की खुशबू को ऐसे अपने नाखूनों से खींचने लगा उसकी खुशबू लेने लगा मानो कि जैसे किसी खूबसूरत औरत की दोनों टांगों के बीच अपनी नाक टीका कर उसकी खुशबू अपने अंदर ले रहा हो इस बात का एहसास होते ही सुहानी एक बार फिर से शर्म से पानी पानी हो गई,,,,, और खुशबू लेने के बाद निवाला मुंह में डालते हुए संजू बोला,,,)

सच में मामी बहुत स्वादिष्ट खाना है,,,,, मन तो करता है कि तुम्हारे हाथ को चूम लूं,,,,

चलो रहने दो इतना भी स्वादिष्ट नहीं है वह तो तुम्हें इतनी जोरों की भूख लगी है इसलिए,,,,

नहीं नहीं मामी मैं सच कह रहा हूं मेरे सर की कसम,,,

कसम खाने को रहने दो और खाना खाओ मुझे आराम करना है,,,,

बाकी सभी लोग खाना खा लिए क्या,,,?

सब लोग खा लिए हैं सिर्फ तुम नहीं गए हो तुम्हारी वजह से ही मैं जाग रही हूं वरना कमरे में जाकर आराम कर रही होती,,,,

यह बात है मामी तो मैं माफी चाहता हूं,,,, आइंदा से ऐसा नहीं होगा लेकिन मैं सोचता हूं कि मामाजी कितने खुश किस्मत है कि आप जैसी खूबसूरत बीवी मिली है जो खाना खाने के लिए भी इतना इंतजार करती है,,,,

खुशकिस्मत,,,,, तुम्हारे मामा होंगे लेकिन मैं बिल्कुल भी खुशकिस्मत नहीं हूं इस घर में तो आकर ऐसा लगता है कि मुझसे बहुत बड़ा पाप हो गया है,,,

अर्धना अपने बेटे क साथ

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ऐसा क्यों कह रही हो मामी इतना अच्छा परिवार तो है,,,,(निवाला मुंह में डालते हुए बोला)

परिवार अच्छा होने से क्या होता है संजू जिसके साथ विवाह कर के घर में आए हैं उसे भी तो अच्छा होना चाहिए,,,,

तुम ऐसा क्यों कह रही हो मामी,,,,(खाना खाते खाते एकदम से शांत होते हुए संजू बोला)

तुम नहीं जानते संजू तेरे मामा मेरी जगह से भी ना तो बात मानते ना तो इज्जत करते हैं देख रहे हो इतना समय हो गया है लेकिन अभी तक खाना खाने घर पर आए नहीं है और ना ही कभी मुझसे खाना खाने के लिए पूछते हैं कि खाना खाई हो कि नहीं खाई हो,,,, एक औरत को और क्या चाहिए सिर्फ इतना ही कि उसका पति की इज्जत करें और उससे प्यार करें और फिर औरत हंसते-हंसते पूरी जिंदगी उसके साथ गुजार देती है ताकि तेरे मामा यह सब नहीं समझते,,,,

तुम खाना नहीं खाई हो मामी,,,,(संजू एकदम से अपनी मामी की आंखों में देखते हुए बोला तो सुभानी की आंखों में आंसू चमकने लगे और वह अपने चेहरे को दूसरी तरफ घुमा ली,,,,, संजू ने तुरंत एक निवाला बनाकर अपनी मामी के होठों से लगाते हुए बोला,,,)

तुमको मेरे सर की कसम मामी मेरे हाथ से खाना खाना पड़ेगा,,,,

नहीं संजू मैं खाना खाई हूं,,,,

नहीं नहीं तुम्हें खाना ही होगा मैंने तुम्हें अपनी कसम दिया हूं,,,,,।

(और इस बार संजू की जीद और उसका प्यार उसकी दी हुई कसम देखकर सुहानी अपने लाल-लाल होठों को हल कैसे खोलते हुए निवाले को अपने मुंह में भर लिया और उसे खाने लगी जैसे तैसे करके संजू तीन-चार निवाला अपनी मामी को खिलाया और सुहानी एकदम से शर्मा गई जब उसे इस बात का एहसास हुआ कि वह क्या कर रही है क्योंकि भावनाओं में वह पूरी तरह से हो गई थी और संजू इसी मौके का फायदा उठाना अच्छी तरह से जानता था लेकिन संजू कुछ आगे कर पाता उससे पहले ही सुहानी वहां से उठी और लगभग भागते हुए अपने कमरे की ओर चली गई हो अपने कमरे में प्रवेश कर के दरवाजे को बंद कर दी और गहरी गहरी सांस लेने लगी पल भर में ही वह सारी घटनाओं के बारे में सोचने लगी खास करके बरनी उतारते समय संजू ने जिस तरह से उसके नितंबों पर अपने चेहरे को बनाकर गहरी गहरी सांस लिया था उसकी गर्माहट उसे अभी तक अपनी चूत पर महसूस हो रही थी,,,, और अपने मर्दाना अंग को गांड के बीचो-बीच रगड़ कर उसकी मदहोशी को जिस तरह से बढ़ाया था उसके चलती है उसे अपनी चूत गीली होती हुई महसूस हो रही थी,,,,,।

आराधना अपने बेटे को मस्त करती हुयी

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संजू ने सुहानी को पूरी तरह से उत्तेजित कर दिया था अपनी उत्तेजित हरकतों से और उससे भावनात्मक रूप से जुड़कर पूरी तरह से सुहानी के दिलों दिमाग पर संजू ने अपना जादू चला दिया था,,,, उसकी सांसे ऊपर नीचे हो रही थी अभी भी अपने कमरे में होने के बाद जेसी उसे अपने नितंबों पर अपने भांजे के मोटे तगड़े हथियार की रगड़ महसूस हो रही थी जिसकी वजह से उसकी चूत पानी छोड़ रही थी उसे रहा नहीं जा रहा था वह अपने पति से संतुष्ट बिल्कुल भी नहीं थी क्योंकि उसका पति सिर्फ अपनी प्यास बुझाने में अपना पानी निकाल देता था वह कभी भी अपने पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाया था बस पानी निकलते ही करवट लेकर सो जाता था तभी पूछने की भी कोशिश नहीं किया था कि उसे कैसा लग रहा है,,,,, सुहानी यही सब सोचते हुए अपने बिस्तर पर आकर बैठ गई थी और दूसरी तरफ समझो खाना खाकर अपने कमरे में चला गया था जो कि कमरे का दरवाजा खुला हुआ था क्योंकि उसकी मां और मौसी जानते थे कि संजू आएगा और कमरे में आते ही वह कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और देखा कि उसकी मां और मौसी दोनों आपस में बातें कर रही थी,,,,।

तुम दोनों जन आराम नहीं कर रही हो मुझे तो लगा कि सो गई होंगी,,,,

तू था कहां पर,,,,(साधना बोली,,,)

अरे कहीं नहीं बस छोटी वाली मामी से मिलने चला गया था,,,,

मिलने ही गया था कि कहीं कुछ और करने,,,, देख भाई तेरा भरोसा नहीं है तो किसी के ऊपर भी चढ जाएगा मौका देख कर,,,(साधना मुस्कुराते हुए बोली तो आराधना भी मुस्कुराने लगी,,,)

आराधना अपने बेटे क साथ

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क्या मौसी तुम भी सिर्फ मिलने गया था क्योंकि वह बहुत अकेली रहती है मैं चाहता हूं कि दोनों परिवार फिर से एक हो जाए,,,,

क्या बात है संजू बेटा तेरी सोच तो बहुत अच्छी है,,,, लेकिन यह सब होगा कैसे,,,(अपने बेटे की बात सुनकर आराधना बोली)

हो जाएगा,,,,

अरे वह सब छोड़ो मैं तेरी मम्मीजी से बातें कर रही थी उस दिन के बारे में,,,

किस दिन के बारे में मौसी,,,,(अपनी टीशर्ट को उतारकर सिरहाने रखते हुए बोला)

अरे उस दिन के बारे में तूफानी रात तेज बारिश बिजली की गड़गड़ाहट और वह खंडहर,,,,,।

(अपनी मौसी की बात सुनकर ही संजू मुस्कुराने लगा और बोला)

क्या मौसी तुम भी,,,

नहीं रे मैं सच कह रही हूं तेरी मम्मी से पूछ रही थी कि तुझे कैसा लगा,,,,

तो मम्मी क्या बोली,,,(संजू अपनी मां की तरफ देखते हुए बोला)

कुछ बता नहीं रही है बस मुस्कुराए जा रही है,,,,

मुस्कुराए जा रही है मतलब मम्मी को अच्छा लगा,,, क्यों मम्मी सच कह रहा हूं ना,,,,

धत् तुम दोनों भी ना,,,,(आराधना एकदम से शर्माने का नाटक करते हुए बोली)

तुम दोनों भी क्या अरे मैं भी तो थी उसे दिन मैं तो नहीं शर्मा रही हूं तू क्यों शर्मा रही है बल्कि उसे दिन तो अच्छा ही हुआ कि सब कुछ हो गया तेरे लिए एक सहारा तो मिल गया,,,, वरना तो मुझे इस बात का डर था कि अब बिना पति के तू जिंदगी कैसे गुजारे गी अशोक का तो मैं देख ही रही हूं,,, और आराधना मुझे तो इस बात का डर भी था कि तो ऑफिस आती जाती थी कहीं ऐसा ना हो जाए कि ऑफिस में किसी से तेरा चक्कर चलने लगी और फिर किसी और को ही अपनी चूत दे बैठे,,,,

क्या दीदी तुम भी,,,,

अपने बेटे को खुश करती हुयी

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तुम सच कह रही है मौसी मुझे भी इस बात का डर था क्योंकि मम्मी जिस तरह से सज धज कर निकलती थी ना मेरी खुद की हालत खराब हो जाती थी तो दूसरों की बात ही क्या करना ,,,,

अच्छा,,,,,(अपने बेटे की बात सुनते ही आराधना संजू की तरफ आंख निकाल कर बोली)

हां मम्मी मैं सच कह रहा हूं,,,,

अच्छा यह बता तेरी मम्मी में तुझे क्या अच्छा लगता था,,,,

देखो मौसी अब हम तीनों के बीच इस तरह का रिश्ता हो चुका है उसके चलते में सब कुछ बता देता हूं वरना यह सब बताना शर्म से डूब मरने जैसी बात थी,,,,

हां बताना क्या अच्छा लगता था,,,,,(साधना उत्सुकता दिखाते हुए बोली आराधना भी अपने बेटे की तरफ देखने लगी उन दोनों के बीच पहले से ही इस तरह का रिश्ता पनप चुका था वह तो केवल आराधना अपनी बहन के सामने अनजान बनने का नाटक कर रही थी शर्मा ने का नाटक कर रही थी)

मौसी जब भी मम्मी तैयार होती थी ना और जब अपनी साड़ी को अपनी कमर पर कसकर बनती थी ना तो मम्मी की गांड और ज्यादा बड़ी लगने लगती थी सच कहूं तो मम्मी की बड़ी-बड़ी और कशी भी गांड देखकर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता था,,,

बाप रे बहुत चालू है तू,,, और क्या अच्छा लगता था बता,,,,

मम्मी की चूचियां बहुत लाजवाब लगती थी एक आद बार तो मैं बिना ब्लाउज के लिए मम्मी की चूची को देख चुका था इसलिए मेरा आकर्षण मम्मी की चूची की तरफ बहुत ज्यादा था मन करता था कि दोनों हाथों में पकड़ कर जोर जोर से,,,,दबाऊं,,,,

यह बात है कब देखा था तू,,,,

कमरे में जब मम्मी कपड़े बदल रही थी तो मैं अनजाने में पहुंच गया था उस समय मम्मी ब्लाउज तो पहन चुकी थी लेकिन उसका बटन नहीं बंद करी थी और मुझे देखते ही एकदम से घबरा गई थी,,,,।

(इतना सुनते ही आराधना शर्माने का नाटक करने लगी और वह चित्र से जानती थी कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था संजू बनी बनाई बात कह रहा था जिसे सुनकर आराधना तो मजे ले रही थी साधना के तन बदन में अजीब सी हलचल हो रही थी और उसकी चूत पानी छोड़ रही थी)

संजू अपनी माँ क साथ

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बाप रे आराधना तू भी ना अपने बेटे पर अपनी जवानी का जलवा दिखा रही थी,,,,

क्या दीदी तुम भी वह तो सब अनजाने में हो गया था,,,,

जाने नहीं सब कुछ होता है मेरी रानी अगर तेरा बेटा तेरे बदन के तरफ आकर्षित ना होता तो शायद तेरी चूत में उसका लंड ना होता,,,, और बात संजू,,,,,

और क्या मौसी यह सब के बारे में सोचने पर देखने पर हम जैसे जवान लड़कों का ध्यान सबसे ज्यादा कहां जाता है बताओ,,,,

कहां जाता है तू ही बता अपने मुंह से,,,,

चूत पर,,,,, हालांकि मैंने कभी मम्मी की चूत को देखा नहीं था लेकिन कल्पना करता था कि मम्मी की चूत कैसी दिखती होगी और सही कहूं तो मैं किसी की चूत देखा भी नहीं था इसलिए उसके आकार के बारे में कोई सही निष्कर्ष मेरे दिमाग में नहीं आता था लेकिन फिर भी जब भी मैं मम्मी की चूत के बारे में सोचता था तो मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो जाता था और मुझे अपने आप को शांत करने के लिए अपने हाथ से हीलाना पड़ता था,,,,।

संजू तू भी दूसरे लड़कों की तरह हो गया था,,,,(आराधना आश्चर्य जताते हुए बोली)

क्या करूं मम्मी तुम्हारी जवानी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी,,,

और आखिरकार संजू की चाहत रंग लाई और जिस छूत में से बाहर निकला था उसी चूत में लंड डालने का सुनहरा मौका भी मिल गया अच्छा यह बता समझो अपनी मां को चोदने में तुझे कैसा महसूस हो रहा था,,,,

आप ी माँ की रसीली छूट में लुंड डालता हुआ संजू

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पूछो मत मौसी स्वर्ग का मजा मिल रहा था मैं कभी सोचा नहीं था कि मुझे अपनी ही मां की चूत मिलेगी और इतनी कसी हुई थी कि मेरा लंड फटने की स्थिति में हो गया था,,,,,

(अपने बेटे की बात सुनकर आराधना शर्माने का नाटक करते हो अपने दोनों हाथों से अपने खूबसूरत चेहरे को छुपा ली थी यह देखकर साधना बोली)

अब शर्म आने का कोई मतलब नहीं है मेरी रानी उस समय तो कितना मजा ले रही थी संजू के हर एक धक्के पर चीख निकल जा रही थी,,,,

संजू का मोटा और लंबा भी तो है दीदी,,,,

हां सो तो है,,,,, लेकिन तुझे भी बहुत मजा आया ना,,,,

(इस सवाल पर आराधना कुछ बोली नहीं बस शर्मा कर आंखें बंद करके हां में सिर हिला दी और आराधना का जवाब सुनकर साधना मुस्कुराने लगी और बोली)

तूने अभी ठीक से चुदाई का मजा नहीं ली है आराधना चल इसी कमरे में हो जाए एक बार क्यों संजू तैयार है,,,।

मैं तो हमेशा से तैयार हूं मौसी मम्मी की चूत में फिर से डालने के लिए तो मैं तड़प रहा हूं,,,,

ओहहह हो,,, बेटा तो तैयार है क्या मां भी तैयार है,,,,

नहीं दीदी कोई आ गया तो,,,,

अरे कोई नहीं आएगा मेरी रानी और दरवाजा बंद तो है और इतनी कड़ी धूप है सब अपने अपने कमरे में आराम कर रहे हैं चल एक बार हो जाए,,,,।

(संजू बहुत खुश था आज वह अपनी छोटी वाली मामी को चोद कर आ रहा था और बीच वाली मामी को पूरी तरह से उत्तेजित करके अपने कमरे में आ चुका था और अब उसे इस कमरे में दो-दो चूत मिलने वाली थी चोदने के लिए वह अपने आपको किस्मत का धनी समझ रहा था और दूसरी तरफ संजू की हरकतों की वजह से पूरी तरह से उत्तेजित होकर सुहानी अपने बिस्तर पर बैठकर अपनी साड़ी को अपने कंधे पर से गिरा कर खुद ही ब्लाउज के ऊपर से अपनी चूची को जोर जोर से दबाकर गर्म आहै भर रही थी उसे रहा नहीं जा रहा था अगर इस समय संजू उसके पास होता तो शायद वह अपना सब रखो देती और खुद ही उसके साथ संभोग करने के लिए तैयार हो जाती,,,, लेकिन जिस तरह का तूफान चूत में उठ रहा था उसे शांत करना बहुत जरूरी था इसलिए वह अपने हाथों से अपने ब्लाउज का बटन खोलने लगी,,,, और देखते ही देखते अपने ब्लाउज का सारे बटन खोलकर वह अपनी नंगी चूचियों को अपनी हथेली में लेकर संजू के बारे में कल्पना करते हुए अपनी चूचियों को दबाना शुरू कर दी मानो कि जैसे उसकी चुचियों को खुद संजु अपनी हथेली में लेकर दबा रहा हो उसके मुख से गरमा गरम सिसकारी की आवाज फुट रही थी,,,,, सुहानी अपनी गोल-गोल चुचियों से कह रही थी यह पहली मर्तबा था जब वह अपने ही हाथ से अपनी चूचियों को मसल रही थी उसे दबा रही थी ऐसा करने में उसे उत्तेजना का अनुभव हो रहा था वह देखते ही देखते अपनी चूचियों को हाथ से दबा कर दबा कर बिस्तर पर पीठ के बल लेट गई और उसे गर्म सांसे लेते हुए साड़ी के ऊपर से अपनी चीज पर अपनी हथेली का दबाव बनाने लगी जिससे उसे महसूस होने लगा कि उसकी चूत गीली हो चुकी थी,,,,,। इस समय सुहानी को संजू के मोटे तगड़े लंड की अत्यधिक आवश्यकता थी लेकिन इस समय वह मजबूर थे वह धीरे-धीरे की साड़ी को ऊपर की तरफ उठाने लगी और देखते ही देखते अपनी पूरी साड़ी को कमर तक खींच ली थी कमर के नीचे वह पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी और अपनी चूत पर हथेली रखकर अपनी ही चूत के पानी से गीलेपन को महसूस करके वह मस्त होने लगी और हल्की सी सिसकारी की आवाज के साथ वह अपनी हथेली को अपनी चूत पर रगड़ना शुरू कर दी,,,,।

संजू और उसकी मौसी

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सहहहह आहहहहह,,,,,ऊममममममम ,,,(इस तरह की कामुक आवाज के साथ वह बिस्तर पर तड़पने लगी वह चुदवाना चाहती थी अपने भांजे से अपने भांजे के मोटे तगड़े लंड को अपनी चूत की गहराई में महसूस करना चाहती थी वह देखना चाहती थी कि जब अपनी हरकतों से वह एक औरत को इतना ज्यादा मस्त कर सकता है तो उसकी चूत में लंड डालकर बार औरत को कितना सुख प्रदान कर सकता है,,,,,, वह अपनी आंखों को बंद करके कल्पना करने लगे कि उसकी दोनों टांगों के बीच उस का भांजा संपूर्ण नगर अवस्था में अपने मोटे तगड़े लंड को हाथ में लेकर हिलाते हुए उसकी तरफ आगे बढ़ रहा है और दोनों टांगों के बीच जगह बनाकर अपनी मोटे तगड़े लंड के मोटे आलूबुखारे जैसे सुपाड़े को,,,,, उसकी गुलाबी चूत पर पटक रहा है और उसके वार से वह मचल रही है सक पका रही हैं,,,, संजू के बारे में कल्पना करके सुहानी इतना अत्यधिक उत्तेजना का अनुभव कर रही थी कि अपनी बीच वाली उंगली को धीरे से अपनी गुलाबी छेद में डालना शुरू कर दी और महसूस करने लगी कि जैसे संजू अपने लंड को उसकी चूत में प्रवेश कर रहा हो और देखते ही देखते संजू का पूरा लंड उसकी चूत की गहराई में घुस गया और अपनी कमर हिला करवा उसे चोदना शुरू कर दिया और यही सोचकर सुहानी अपनी उंगली को अंदर बाहर करके आनंद के सागर में गोते लगाने लगी यह पहली मर्तबा था जब सुहानी अपने ही उंगली से अपने आप को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही थी,,,,,।

दूसरी तरफ साधना बिस्तर पर बैठी हुई थी और ठीक उसके बगल में आराधना करवट लेकर लेटी हुई थी और संजू की तरफ देख रही थी संजू अपने बिस्तर पर से उठाकर मदहोशी भरे आलम में धीरे-धीरे अपनी पेंट उतारने लगा देखते देखते वह अपनी पैंट उतार कर केवल अंडरवियर में खड़ा हो गया और उसके अंडरवियर में लाजवाब खूंटा बना हुआ था जिसे देखकर दोनों बहने पानी पानी हो रही थी,,,,।

संजू अपनी मां की तरफ देखकर उत्तेजित होता हुआ अपने होंठ को अपने दांत से काटने लगा और अपनी मां को देखकर मदहोश होते हुए चड्डी के ऊपर से तो अपने लंड को पकड़ कर जोर से दबाना शुरू कर दिया यह देखकर आराधना की हालत खराब होती जा रही थी उसका मन कर रहा था कि आगे बढ़कर खुद ही अपने बेटे की चड्डी उतार कर उसके लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दे,,,, संजू उसी तरह से अपने अंडरवियर के छेद में सेल अपने लंड को बाहर निकाला और पिलाना शुरू कर दिया गया देखा करो साधना की खुद की चूत पानी फेंकने लगी उसका खुद का मन संजू से चुदवाने के लिए तड़पने लगा लेकिन वह आज पहले अपनी छोटी बहन की चूत में संजू के लंड को डलवाना चाहती थी इसलिए वह बात आगे बढ़ा कर संजु के लंड को पकड़ लिया और लंड को पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचने लगी और बोली,,,,।

संजू अपनी माँ की पीछे से लेता हुआ

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अरे हरामि कितना तड़पाएगा अपनी मां को देख नहीं रहा है कितना तड़प रही है मुंह में लेने के लिए,,,(और इतना कहने के साथ ही संजू के लंड को पकड़कर हुआ थी आराधना के मुंह के सामने उसके लंड को कर दी और आराधना प्यासी नजरों से संजू के लंड की तरफ और फिर अपनी बहन की तरफ देखने लगी और हां में सिर हिला कर आराधना उसे आगे बढ़ने की इजाजत दे दी बस फिर क्या था आराधना अपना हाथ आगे बढ़ाई और अपने बेटे के लंड को पकड़ ली जो कि बहुत गर्म था और फिर अपनी लाल-लाल होठों को खोलकर अपने बेटे के आलूबुखारे जैसे सुपाड़े को अपने होंठों के बीच लेकर चाटना शुरू कर दी,,,,, इस गरमा-गरम दृश्य को देखकर साधना बोली,,,,।

बाप रे कितना जबरदस्त दृश्य है मैंने तो कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी एक माह अपने ही बेटे के लंड को मुंह में लेकर चूस रही है यह देखकर तो मेरी हालत खराब हो रही है,,,,सहहहहह आहहहहहहह संजू,,,,,,(साधना का इतना कहना था कि आराधना अपना पूरा मुंह खोल कर अपने बेटे के लंड को मुंह में भर ली और संजू अपना हाथ आगे बढ़ाकर ब्लाउज के ऊपर से ही अपनी मौसी की चूची को दबाना शुरू कर दिया देखते ही देखते दोनों बहने मदहोश होने लगी और संजू अपनी कमर आगे पीछे करके हिलाता हुआ दोनों हाथों से अपनी मौसी के ब्लाउज का बटन खोलने लगा और देखते-देखते वह अपनी मौसी के ब्लाउज के सारे बटन खोल कर उसकी नंगी चूची को हाथ में लेकर जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया आराधना पूरी तरह से मदहोश हुए जा रही थी वह पागल हो जा रही थी,,,,

वह दोनों कभी सपने में नहीं सोची थी कि अपने मायके में आकर उन्हें इतना सुनहरा मौका मिलेगा अपने बेटे के साथ वक्त गुजारने के लिए इसलिए इस तरह के सुनहरे मौके को वहां अपने हाथों से जाने नहीं देना चाहती थी,,,,, आराधना अपने बेटे के लंड को गले तक लेकर उस का आनंद ले रही थी और साधना अपनी जीभ को लंड के नीचे दोनों गोटे को चाट कर मजा ले रही थी यह देखकर आराधना अपने मुंह में से अपने बेटे के लंड को निकाल कर उसे अपनी बड़ी बहन के मुंह में डाल देती थी और दोनों बारी-बारी से संजू के लंड की चुसाई का मजा ले रहे थे,,,,,

कुछ देर तक संजू इसी तरह से अपनी कमर‌ हीला कर अपनी मां के मुंह को ही चोदता रहा और फिर धीरे से अपने लंड को अपनी मां के मुंह में से बाहर निकल आज संजू भी अपनी मौसी के सामने अपनी मां को चोदा जाता था और पूरी तरह से अपनी मौसी के सामने अपनी और अपनी मां के बीच की शर्म की दीवार को गिरा देने का नाटक दिखाना चाहता था इसीलिए वह बिना कुछ बोले अपनी मां की दोनों टांग को पकड़कर बिस्तर के अपने वाले चोर पर कर लिया और अपने हाथों से साड़ी को कमर तक उठाकर उसकी नंगी चूत को देखकर गर्म आहें भरते हुए बोला,,,,,,,।

देख रही हो मौसी मम्मी की चूत कितना पानी छोड़ रही है आज तो बहुत मजा आ जाएगा,,,,

हां संजू अपना लंड डालकर फाड़ दे अपनी मां की चूत का भोसड़ा बना दे,,,,

तुम चिंता मत करो मौसी आज मैं कोई कसर नहीं छोडूंगा मैं आज मम्मी को एकदम रंडी बना दूंगा ताकि तुम्हारी हादसे में वह एकदम बेशर्म बनकर मेरे लंड पर चढ़ जाए,,,,

देख रही आराधना अपने बेटे को और तू है कि सती सावित्री बनी रहती है पहले ही अपने बेटे को मौका दे देती तो तुझे पहले से ही मस्त कर देता ,,,,

(जवाब में आराधना कुछ बोल नहीं रही थी बस गहरी गहरी सांसे ले रही थी और संजू अपनी मां की दोनों टांगों के बीच घुटनों के बल बैठ गया और मोटी मोटी जांघों को हाथ से पकड़ कर फैलाते हुए अपने प्यार से होठों को अपनी मां की चूत पर रख कर चाटना शुरू कर दिया अपनी बड़ी बहन की हाजिरी में अपने बेटे की मदहोश कर देने वाली हरकत का असर आराधना के बदन और उसके मन में बहुत गहरा हो रहा था पल भर में उसके मुख से गहरी गहरी सिसकारी की आवाज निकलने लगी जो कि बेहद कामुक थी जिसे देखकर और सुनकर खुद साधना की हालत खराब होती जा रही थी,,,,.

संजू पागलों की तरह अपनी मां की चूत को ऊपर से नीचे तक चाट रहा था उत्तेजना के मारे आराधना की चूत कचोरी की तरह फूल गई थी,,,,,

पूरी जीभ डालकर चाट बेटा अपनी मां की चूत की मलाई चाट डाल,,,, तेरी मां केबदन में बहुत जवानी भरी हुई है तू बहुत खुश किस्मत है जो तुझे अपनी मां की जवानी भोगने का मौका मिल रहा है वरना यह जवानी तेरी मां किसी और पर लुटा देती,,,,,सहहहहहह कसम से तुम दोनों मां-बेटे को देख कर तो मेरी सिसकारी छूट जा रही है,,,,।

आराधना पूरी तरह से अपने बेटे की हरकत की मदहोशी में खो चुकी थी वह भूल चुकी थी कि वह अपने घर पर नहीं बल्कि अपने मायके में है और बेझिझक गर्म गर्म सांसों के साथ-साथ गरमा गरम सिसकारी की आवाज उसके मुंह से निकल रही थी,,,,, संजू अपनी मां की कसमसाहट और उसकी जवानी की गर्मी को समझ गया था तुरंत अपनी मां के रसीले चूत से अपने होठों को अलग किया और उसी जगह पर खड़ा हो गया उसका लंड पूरी तरह से आसमान की तरफ मुंह उठाए खड़ा था जिसे वह अपनी मां की चूत में डाल कर उसका करतब अपनी मां को दिखाना चाहता था,,,,, आराधना प्यासी आंखों से अपनी दोनों टांगों के बीच देख रही थी क्योंकि वह जानती थी कि किसी भी वक्त उसका बेटा अपने मोटे तगड़े लंड उसकी चूत में प्रवेश करा देगा और ऐसा ही हुआ वह प्यासी आंखों से देख रही थी और संजू अपने लंड को धीरे-धीरे अपनी मां की चूत में डालना शुरू कर दिया,,,,, इस अद्भुत नजारे को देखकर आराधना के साथ-साथ साधना की हालत खराब होने लगी और वह अगले पर अपनी साड़ी कमर तक उठाकर अपनी हथेली से ही अपनी चूत को रगड़ना शुरू कर दी,,,,

संजू अपनी मां की टांगे फैला कर उसे चोदना शुरू कर दिया था उसकी कमर बड़ी तेजी से आगे पीछे हो रही थी और बड़ी रफ्तार के साथ संजू मोटा तगड़ा लंड आराधना की चूत की गहराई तक घुस कर बाहर आ रहा था आराधना पूरी तरह से मस्त ‌हुई जा रही थी दोपहर के समय जब घर के सभी लोग अपने अपने कमरे में आराम कर रहे थे तब दोनों बहने और संजू आपस में मजे ले रहे थे सब झूठा मोटा तगड़ा लंड अपनी मां की चूत में पूरी तरह से तूफान मचाया हुआ था हर धक्के के साथ आराधना की आह निकल जा रही थी,,,,, और अपनी मौसी की मदहोशी और उत्तेजना को देखकर संजू से रहा नहीं जा रहा था और संजू अपने होठों को आगे बढ़ाकर अपनी मौसी के होठों को अपने मुंह में भर कर चूसने शुरू कर दिया था और एक तरफ अपनी कमर हिला डाला दोनों हाथों को अपनी मौसी की चूची पर रख कर उसे दबा दबा कर मजे ले रहा था और अपनी कमर हिला कर अपनी मां को चोद रहा था कुछ देर तक इसी तरह से मजा लेने के बाद संजू बिना कुछ बोले अपने लंड को अपनी मां की चूत से बाहर निकाला,,, और फिर अपनी मां की कमर पर दोनों हाथ रख कर उसे पलटने का संकेत देते हुए वह बोला,,,।

अब घुम जा मेरी रानी तेरी चूत में पीछे से डालूंगा,,,,,

(इस तरह से अपनी मौसी के सामने पहली बार संजू अपनी मां से बोल रहा था और इस तरह की भाषा का प्रयोग करते हुए उसे जिस तरह का आनंद प्राप्त हो रहा था उससे कई ज्यादा साधना और आराधना को इस तरह की भाषा का प्रयोग सुनकर मजा आ रहा था,,,) घोड़ी बन जा मेरी रानी तुझे घोड़ा बनकर चोदूंगा,,,,, देखो तो सही पीछे से कितना मजा देती है तू,,,,

बहुत मजा देगी मेरे राजा तेरी मां हर जगह से बहुत मजा देगी घूम जा मेरी रानी तेरा बेटा तेरे को पीछे से लेना चाहता है,,,,।

(इतना सुनते ही आराधना घोड़ी बन गई और बिस्तर के किनारे पर अपने घुटनों को टीका पर अपनी गांड को तोप की तरह हवा में ऊपर की तरफ उठा दी जिसे संजू अपने दोनों हाथों से पकड़ कर उसे काबू में लाते हुए थोड़ा सा नीचे की तरफ लाया और जैसे ही संजू को अपनी मां की गुलाबी चूत का छेद अपने लंड के सामने नजर आया वह तुरंत उसी जगह पर अपनी मां की गांड को स्थिर कर दिया और फिर पीछे से अपनी मां की चूत में लंड डालकर उसकी बड़ी-बड़ी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर चोदना शुरू कर दिया दोनों पूरी तरह से मस्त हो जा रहे थे आराधना तो दुनिया को भूल कर गरमा गरम सिसकारी की आवाज अपने मुंह से निकाल कर पूरे कमरे को गर्म कर रही थी,,,,,

इस खेल को खेलने में काफी समय गुजर गया था कि तभी आराधना अपनी चूत की गहराई में अपने बेटे के लंड के दर्द को महसूस करते हुए दरवाजे की दस्तक की आवाज को सुनते ही एकदम से चौक गई,,,,,,

दरवाजे पर हो रही दस्तक की आवाज को सुनकर तीनों दरवाजे की तरफ देखने लगे,,,,,, काफी देर से लल्ली हाथ में चाय की ट्रे लेकर दरवाजे के बाहर खड़ी थी और अंदर आ रही अजीब अजीब आवाज को सुनकर वह हैरान हुए जा रही थी इस तरह की आवाज को पहली बार सुनी थी इस आवाज से लल्ली पूरी तरह से अंजाम थी क्योंकि उसने आज तक इस तरह का सुख ना तो प्राप्त की थी और ना ही इस तरह का सुख लेते हुए किसी को देखी थी इसलिए औरत के मुंह से आ रही इस तरह की कामुकता भरी आवाज से वह बिल्कुल अनजान थी,,,, वह काफी देर से इस तरह की आवाज को सुन रही थी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि यह किसकी आवाज़ आ रही है और क्या हो रहा है इसीलिए वह जोर-जोर से दरवाजे पर दस्तक दे रही थी और दस्तक देते हुए बोली,,,,,

यह आवाजें कैसी आ रही है बुआ क्या हो रहा है कोई तकलीफ है क्या,,,,।

(इतना सुनते ही तीनों के चेहरे का रंग उड़ गया संजू दरवाजे की तरफ देख भी रहा था और अपनी कमर को जोर जोर से हिला भी रहा था क्योंकि वह दोनों चर्मसुख के बेहद करीब थे लेकिन अब आगे बढ़ पाना मुश्किल था इसलिए इशारे से ही साधना संजू को बिस्तर पर चादर ओढ़ कर सोने का नाटक करने के लिए बोली और संजू भी तुरंत अपनी मां की चूत में से अपने लंड को बाहर निकाल कर और अपने कपड़ों को बिस्तर के नीचे डालकर बिस्तर पर लेट गया और चादर ओढ़ लिया क्योंकि वह पूरी तरह से नंगा था और कपड़े पहनने का समय उसके पास बिल्कुल भी नहीं था साधना भी जल्दी-जल्दी अपने ब्लाउज का बटन का बंद करके अपने कपड़ों को दुरुस्त कर ली आराधना भी फुर्ती दिखाते हुए अपने ब्लाउज का बटन बंद करके अपनी साड़ी को दुरुस्त करके बिस्तर पर कमर के बल लेट गई क्योंकि ऐसा करने को इशारे में ही साधना ने उसे बोली थी और तुरंत अलमारी में से मुंह क्रीम निकाल कर उसकी कमर पर चुपड दी थी और उसे उसी तरह से आवाज निकालने के लिए बोल रही थी लेकिन गर्मागर्म सिसकारी नहीं इस बार दर्द भरी कराहने की आवाज निकालने के लिए बोली और आराधना अपनी बहन की बात मानते हुए उसी तरह की आवाज निकालने लगी,,,,,,,,,।

सब कुछ सही देखकर अभी भी दरवाजे पर आ रही दस्तक की आवाज सुनकर साधना धीरे से खड़ी हुई और थकी होने का नाटक करते हुए दरवाजा खोलते हुए बोली,,,,।

अरे लल्ली तु चाय लेकर आई है इसकी क्या जरूरत थी बेटी,,,,

चाय का समय हो गया है बुआ लेकिन यह आवाज किस तरह की आ रही थी,,,,

आजा तू ही देख ले तेरी बुआ दर्द से कराह रही है कमर की नस चढ़ गई है ना खुद सोई ना मुझे सोने दी,,,,

अरे बाप रे,,,( आराधना की तरफ देखकर दया भाव से) ज्यादा दर्द हो रहा है ना बुआ,,,,

हां बेटी बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है,,,,,

लाइए में मालिश कर देती हूं,,,,(चाय की ट्रे टेबल पर रखते हुए बोली)

नहीं-नहीं लल्ली मैं कर लूंगी तुझे और भी काम होंगे ना दूसरों को भी चाय देना होगा,,,,

नहीं बुआ में मालिश कर देती हूं,,,,

रहने दे बेटी जाकर अपना काम कर बड़ी दीदी मालिश कर देंगी,,,,,

ज्यादा तकलीफ तो नहीं हो रही है ना बुआ,,,,

नहीं अभी तो थोड़ा आराम लग रहा है दीदी में अच्छी तरह से मालिश कर रही हैं,,,,,।

(दोनों बहने किसी भी तरह से लल्ली को कमरे से बाहर निकालना चाहती थी क्योंकि बिस्तर के नीचे संजू की पेंट और टीशर्ट पड़ी हुई थी जिसे देखकर लली को शक हो जाता,,,,, थोड़ी देर में लल्ली संजू की तरफ नजर डालकर जो कि सोने का नाटक कर रहा था कमरे से बाहर चली गई और जैसे ही वह कमरे से बाहर गई साथ में जल्दी से उठी हूं फिर से दरवाजा बंद कर दी अधूरा काम पूरा करने के लिए क्योंकि वह भी अच्छी तरह से जानती थी कि दोनों का स्खलन नहीं हुआ था,,,,।

दरवाजा बंद होते ही संजू इधर-उधर देखने लगा और फिर चादर अपने ऊपर से फेंकते हुए उठ कर खड़ा हो गया और एक बार फिर से अपनी मां को घोड़ी बनाकर चोदना शुरू कर दिया और इस बार अपनी मां का पानी निकालने के बाद अपनी मौसी की भी चूत में डाल कर उसे चोदना शुरू कर दिया दोनों को शांत करने के बाद उसका खुद का पानी निकल गया,,,,,। और तीनों इस बात से कुछ ज्यादा ही खुश थे कि लल्ली को जरा भी शक नहीं हुआ था नहीं तो आज हंगामा हो जाता,,,,।
 
ननिहाल में आकर संजू के मजे ही मजे हैं संजू हर तरफ से मजा लूट रहा था,,,,, अपनी मां और मौसी दोनों का प्यार तो उसे मिलता ही था लेकिन अब मामीया भी लाइन में थी और वह भी एक से बढ़कर एक,,,,, छोटी वाली मामी की जवानी पर काबू तो पा चुका था और अपनी बीच वाली मामी के बदन में चुदास की जो लहर उसने उठाया था वह बहुत ऊंची उठने वाली थी और इसमें संजू को पूरी तरह से भिगो देने वाली थी संजू की संगत में संजू की हरकत से कामातुर होकर सुहानी जीवन में पहली बार अपनी जवानी की आग बुझाने के लिए अपनी उंगलियों का सहारा ली थी और इसमें तो उसे संतुष्टि प्रदान नहीं हुई बल्कि उसकी प्यास और ज्यादा बढ़ गई बार-बार उसे अपनी गांड की दरार के बीचोबीच संजू का मोटा तगड़ा लंड रगड़ खाता हुआ महसूस होता था,,,,। जिसके चलते बार-बार उसकी चूत गीली हो जाती थी चूत को इस कदर प्यासी उसने कभी महसूस नहीं की थी,,,,, अपनी भावनाओं को संस्कार और मर्यादा की डोरी में वह पूरी तरह से बांधकर काबू में की हुई थी लेकिन उसे ऐसा लगने लगा था कि अब उसकी संस्कार और मर्यादा की दूरी उसकी भावनाओं के आगे कमजोर पड़ती जा रही थी,,,, उसे महसूस होने लगा था कि किसी भी वक्त संजू के हाथों उसके संस्कार और मर्यादाओं की डोरी टूट जानी है,,,,, और वह खुद अंदर से मचल रही थी अपनी मर्यादा की दीवार को गिराने के लिए क्योंकि उसे लगने लगा था कि शायद मर्यादा की दीवार के आगे ही जिंदगी का असली सुख छुपा हुआ है और उसे सुख को पाने के लिए वह अपनी मर्यादा की दीवार को लांघने के लिए उसे गिराने के लिए तैयार हो चुकी थी,,,,,,,।

दूसरी तरफ लल्ली एकदम अनछुई कली थी जिसका जल्द ही विवाह होने वाला था और उसे औरत और मर्द के बीच के रिश्ते के बारे में पता तो था लेकिन कभी उसे ना तो अपनी आंखों से देखी थी ना तो कानों से सुनी थी और ना ही कभी महसूस की थी इसीलिए तो अपनी बुआ के कमरे में से आ रही मादक सिसकारियां की आवाज भी उसे दर्द भरी कराह की आवाज लग रही थी इसलिए वह,, कमरे में से आ रही मादक शिसकारीयो की आवाज को पहचान नहीं पाई,,,,, और उसके भोलेपन के चलते हैं आराधना साधना और संजू का गहरा राज ,,,,राज बनकर रह गया वरना जल्दी जरा सा भी खेली खाई लड़की होती तो ‌ उसे पता चल जाता कि बंद कमरे के अंदर क्या हो रहा है,,,,,

रात को खाना खाते समय घर के सभी लोग बैठे हुए थे और संजू के बड़े मामा सबको बता रहे थे कि क्या क्या करना है क्योंकि विवाह का दिन नजदीक आ रहा था और ढेर सारे काम बाकी थे,,,,,, निमंत्रण बांटने का कार्य बीच वाले मामा को दे दिया गया,,,,, घर का रंग रोगन तो पहले से ही हो चुका था बस थोड़ी बहुत सफाई करनी बाकी थी जो की घर की औरतें अच्छी तरह से जानती थी कि कैसे करना है और,,,, हलवाई को बुलाकर कितने प्रकार के व्यंजन बनाना है मिठाईयां बनानी है सबकुछ की लिस्ट बना ली गई थी और लिस्ट के मुताबिक सामान खरीदने के लिए खुद बड़े वाले मामा जाने वाले थे,,,,, सभी को थोड़ा-थोड़ा कम दे दिया गया था,,,,, संजू इस तरह के विवाह में पहली बार सम्मिलित हो रहा था इसलिए उससे ज्यादा तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या क्या करना है लेकिन फिर भी छोटे-मोटे काम में वह हाथ बंटाता ही रहता था,,,,

दूसरे दिन सुबह सुबह वह जल्दी उठ गया था,,,, बिस्तर पर से उठ कर वह बैठ गया उसकी मां चुकी उसके ही बिस्तर पर सोई थी और रात भर जमकर चुदवाई भी थी जिसके चलते वह पूरी तरह से नग्न अवस्था में थी,,,, संजू अपनी मां के खूबसूरत चेहरे की तरफ देखा तो देखता ही रह गया सुबह सुबह उसके चेहरे पर कुछ ज्यादा ही मासूमियत और खूबसूरती भरी हुई नजर आ रही थी जिसके चलते संजू से रहा नहीं गया और वह नीचे झुक कर अपनी मां के गाल पर होठ रख कर चुंबन कर लिया और इस वजह से आराधना के बदन में थोड़ी सी हरकत हुई और उसकी आंख खुल गई,,,,,,,,, अपने बेटे पर नजर पड़ते ही आराधना के चेहरे पर मुस्कान तैरने लगी और मुस्कुराते हुए अंगड़ाई लेने लगी और बोली,,,,।

क्या बात है आज बहुत जल्दी उठ गया,,,,,

क्या करूं तुम्हारी नंगी जवानी की गर्मी,,(आराधना की बड़ी-बड़ी गांड पर हाथ रखते हुए) बर्दाश्त नहीं हुई तो मेरी नींद खुल गई,,,,,

रात भर मजे किया है फिर भी,,,,,

तो क्या हुआ यह प्यास ही ऐसी है कि बार-बार लग जाती है कभी बुझने वाली नहीं है,,,,,,,,,, मौसी को देखो कैसे सो रही है इतनी गहरी नींद में भी अगर मैं उनकी चूत में लंड डाल दु तो भी वह इनकार नहीं करेंगी और मजे लेना शुरू कर देंगी,,,,,,,(संजू अपनी मां से बातें भी कर रहा था और साथ में उसकी गोल-गोल गांड को सहलाने के साथ-साथ उसकी चूची को भी तक आ रहा था जिसके चलते आराधना के तन बदन में मदहोशी एक बार फिर से अपना असर दिखाने लगी थी वैसे भी सुबह के समय प्राकृतिक रूप से मर्द और औरत दोनों के बदन में उत्तेजना का असर रहता ही है और संजू किस तरह की हरकत से बहुत ही जल्द आराधना उत्तेजित हो गई,,,,, संजू की हरकत से उत्तेजित होने के बावजूद भी नाटक करते हुए आराधना बोली,,,)

मुझे सोने दे नींद आ रही है,,,

मेरी नींद उड़ा कर बोलती हो कि मुझे सोने दे,,,,

मैंने कब तेरी नींद उड़ाई,,,

मेरे बगल में इस तरह से नंगी सोऔगी तो भला मेरे जैसे जवान लड़के को नींद कैसे आने वाली है,,,, देखो तो सही सुबह के समय खिड़की से कितनी ठंडी ठंडी हवा रही है,,,,,

(संजू की बात सुनकर आराधना खिड़की की तरफ देखने लगी जिसमें से ठंडी ठंडी हवा कमरे में आ रही थी और पूरे कमरे को ठंडा कर रही थी यही तो गांव की अद्भुत बात होती है कि सुबह के समय एकदम स्वर्ग का सुकून प्राप्त होता है जिसे महसूस करने के लिए गांव में होना बहुत जरूरी होता है वरना इस तरह का आनंद इस तरह की ठंडी हवा का अनुभव शहर में कहां मिलता है,,,, संजू की बात सुनकर आराधना बिस्तर पर उठ कर बैठ गई और खिड़की की तरफ देखने लगी,,,,, संजू भी नंगा ही था वो धीरे से बिस्तर पर से उठाकर नंगा ही खिड़की की तरफ जाने लगा उसे इस तरह से चलता हुआ देखकर आराधना की नजर अपने बेटे के हिलते हुए लंड पर पड़ी जिसे देखते ही उसकी खुद की चूत में उबाल आना शुरू हो गया,,,,,।

सुबह होने वाली थी लेकिन अभी भी हल्का-हल्का अंधेरा था इस तरह के मौसम का अनुभव शहर में देखने को बिल्कुल भी नहीं मिलता था इसलिए अपने बेटे की हरकत से उत्तेजित अवस्था में और सुबह की ठंडी हवा के चलते वह भी धीरे से बिस्तर पर से उठकर खड़ी हो गई और अपने बदन पर बिना कोई कपड़ा लपेट वह भी नग्न अवस्था में दो कदम चलकर खिड़की के पास पहुंच गए संजू को अपनी मां का यह रूप बेहद मदहोश कर देने वाला लग रहा था वह अपनी मां को प्यासी आंखों से देख रहा था,,,, वैसे भी आराधना की यह अदा किसी भी मर्द को पागल बना देने में सक्षम थी क्योंकि अक्सर कई मर्दों की जिंदगी केवल बिस्तर पर औरत को नंगी देखने में ही और उनके साथ संभोग करने में गुजर जाती है वह जिंदगी भर एक खूबसूरत औरत को भले ही उसकी पत्नी क्यों ना हो घर में चल का आदमी करते हुए नग्न अवस्था में नहीं देख पाते,,,,,, इसीलिए यह पल संजू के लिए बेहद खास था वह अपनी मां को नग्न अवस्था में खिड़की की तरफ चहल कदमी करते हुए देखकर पूरी तरह से उत्तेजित हो गया था और जो कुछ पल पहले ऊपर नीचे होकर लंड ही रहा था वह पूरी तरह से लोहे की रोड की तरह छत की तरफ मुंह उठाए खड़ा हो चुका था,,,,,

आराधना खिड़की के पास पहुंच चुकी थी और अपने दोनों हाथों को खिड़की पर टिका कर खड़ी हो गई थी और अपनी आंखों को बंद करके शीतल हवाओं का आनंद लेते हुए मन ही मन खुश होते हुए अपने बेटे से बोली,,,,।

आहहहहह इस तरह का आनंद केवल गांव में ही मिल सकता है,,,,(ओर ऐसा कहते हुए अपनी गोल-गोल भारी भरकम गांड को मादक अदा के साथ दाएं बाएं हिलाते हुए अपने बेटे को अपनी तरफ रिझाने की कोशिश करने लगी और संजू की अपनी मां का यह रूप देखकर पूरी तरह से कामा तूर हो गया उससे अब बर्दाश्त कर पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हुआ जा रहा था वह तुरंत अपनी खड़े लंड को लेकर अपनी मां के ठीक पीछे आकर खड़ा हो गया और अपनी मां की चिकनी कमर को दोनों हाथों से पकड़ कर उसे हल्के से आगे की तरफ दबाकर उसकी गोल गोल गांड को ऊपर की तरफ उठाने का इशारा करते हुए बोला,,,)

और ऐसा मजा केवल एक मा ही दे सकती है,,,,,

(और इतना कहने के साथ ही संजू अपने लंड को छुपाने को अपनी मां की गुलाबी चूत के सिरहाने रख कर एक जोरदार धक्का मारा और पहले प्रयास में ही आराधना की गीली चूत में उसके बेटे का लंड आधा घुस गया संजू ने इतनी जोरदार से धक्का मारा था कि आराधना के मुंह से चीख निकलते निकलते रह गई,,,,, और दूसरे प्रयास में ही संजु ने बाकी बचा लंड भी अपनी मां की चूत में डाल दिया उसी तरह से उसकी कमर पकड़े हुए अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया इस तरह से खिड़की पर वह पहली बार अपनी मां को चोद रहा था,,,,, ऐसा संजू अपने मन में सोच रहा था कि तभी उसे ख्याल आया कि इस तरह से तो वह गेस्ट हाउस में भी अपनी मां को खिड़की के करीब ले जाकर उसे चोद रहा था,,,,, लेकिन अपनी मां की चूत में अपने लंड को अंदर बाहर करते हुए उसे इस बात का एहसास हो रहा था कि गेस्ट हाउस के कमरे से ज्यादा मजा उसे गांव के इस कमरे में आ रहा था सुबह की ठंडी तेज हवा दोनों के बदन को ठंडा करने का प्रयास कर रही थी लेकिन जवानी की गर्मी गांव कि शीतलता भरी हवा पर भी भारी पड़ रही थी,,,,, संजू पागलों की तरह धक्के पर धक्के लगा रहा था और आराधना,,,,आहहह ऊहहहह की आवाज के साथ चुदवाने का मजा लूट रही थी खुली खिड़की से भी किसी के देखे जाने का डर बिल्कुल भी नहीं था क्योंकि ठीक सामने घने घने पेड़ और हरे भरे खेत नजर आ रहे थे और ठीक उसके पीछे नदी बह रही थी इसलिए यह दृश्य और भी ज्यादा नयनरम्य होता जा रहा था,,,, संजू के हर एक तेज धक्के के साथ आराधना का संपूर्ण वजूद हील जा रहा था,,, खिड़की से आ रही तेज हवाओं के साथ आराधना के खुले रेशमी बाल हवा में लहरा उठाते थे जिसके चलते संजू की उत्तेजना और ज्यादा बढ़ जा रही थी संजू अपनी मां की नंगी चूचियों को दोनों हाथों में दशहरी आम की तरह पकड़कर उसे दबाते हुए अपनी कमर हिला रहा था,,,,

रात भर आराधना अपने बेटे के लंड से चोदने के बाद संतुष्ट होकर गहरी नींद में सो गई थी लेकिन सुबह सुबह अपने बेटे के साथ संभोग करने में एक बार फिर से उसे बेहद आनंद की प्राप्ति हो रही थी और वह अपने बेटे की हरकत से पूरी तरह से खुश नजर आ रही थी उसका चेहरा उत्तेजना के मारे टमाटर की तरह तमतमा रहा था ,,, संजू का लंड इस अवस्था में भी आराधना की भारी-भरकम गांड‌ की गोलाई के चलते भी बड़े आराम से उसके बच्चेदानी तक पहुंच रहा था देखते ही देखते दोनों की सांसें उखड़ने लगी और फिर आखरी तेज धक्को के साथ संजू अपनी मां के ऊपर ही ढेर हो गया,,,,,,,,,

संजू को अपने बदन में थकान महसूस होने लगी और वह बिस्तर पर थोड़ा आराम करने के लिए लेट गया और कब उसकी आंख लगती है उसे पता ही नहीं चला लेकिन आराधना सुबह हो चुकी थी इसलिए अपने कपड़े पहन कर एकदम तरोताजा हो गई थी,,,,,,,

समय पर आराधना और साधना दोनों उठकर कमरे से बाहर चली गई थी और नहा धोकर तैयार हो गई थी लेकिन संजू फिर से अपने उसी समय पर उठा और जल्दी जल्दी नहा कर‌ वह भी चाय नाश्ता करके तैयार हो गया,,,,, चाय नाश्ता कर लेने के बाद वह बरामदे में अपने बड़े वाले मामा के पास पहुंचा और उन्हें नमस्कार करते हुए बोला,,,,।

मामा जी मुझे भी कोई काम बताइए ताकि मैं आप लोगों की कोई मदद कर सकूं,,,,

क्या बात है संजू तुम्हारे अंदर तुम्हारी मां का ही संस्कार है हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तत्पर रहते हो,,,, वैसे तो आज कोई इतना काम नहीं है तुम्हारे छोटे वाले मामा निमंत्रण बांटने के लिए निकल चुके हैं,,,, लेकिन हां,,,(इतना कहने के साथ ही पास में पड़े टेबल पर से कुछ निमंत्रण कार्ड उठाते हुए उसे देख कर उस पर लिखा नाम पढ़ते हुए बोले) इतने निमंत्रण कार्ड गांव के और गांव के अगल-बगल के ही हैं इन्हें पहुंचाना था लेकिन तुम तो यहां किसी को जानते नहीं हो,,,,,

तो क्या हुआ मामा जी मेरे साथ किसी को भेज दो,,,,,, मैं पहुंचा दूंगा,,,,

हां यह तुम ठीक कह रहे हो लेकिन किसको भेजूं तुम्हारे साथ,,,(कुछ सोचते हुए इधर-उधर नजर घूमाकर देखते हुए,,) लल्ली,,,,, जरा इधर आना तो,,,,,

(जो की आंगन में झाड़ू लगा रही थी और झाड़ू लगाते समय झुकाने की वजह से बार-बार संजू की नजर उसकी गोलाकार गांड पर चली जा रही थी जिसे देखकर मन ही मन भर उत्तेजित हुआ जा रहा था,,,,)

जी पिताजी,,,,

बेटी यह कुछ कार्ड है गांव के ही हैं संजू तो किसी को जानता नहीं है लेकिन तुम सब को जानती हो और गांव की ही बात है इसलिए कोई दिक्कत नहीं होगी तुम संजू को लेकर चली जाओ और इतने निमंत्रण कार्ड अगर पहुंचा देती तो अच्छा होता,,,,

जी पिताजी,,,,,(इतना कहने के साथ ही लल्ली हाथ बढ़ाकर अपने पिताजी के हाथ में से निमंत्रण कार्ड ले ली और,,, संजू को लेकर कार्ड को बांटने के लिए निकल पड़ी,,,, लल्ली के साथ गांव घूमने में संजू को बहुत मजा आ रहा था रास्ते पर संजू की नजर केवल लल्ली के खूबसूरत बदन के कटाव पर ही टीकी रहती थी,,, लल्ली का बोलना जालना उठना बैठना बात करना चलने का ढंग पैर उठाने का ढंग बात करते समय अपनी उंगलियों का इशारा करने का ढंग उसके नितंबों का घेराव उसकी छाती की शोभा बढ़ा रहे दो अमरुद सब कुछ बेहद लाजवाब किस्म के थे संजू अपने मन में यही सोच रहा था कि जिसके नसीब में यह फूल जा रहा है इसे पाकर वह पूरी तरह से मस्त हो जाएगा और जी भर कर नीचोड़कर इसका रस निकालेगा,,,,। दो चार घरों में देने के बाद लल्ली संजू से बोली,,,)

यहां का हो गया अब हमें अकेले गांव की तरफ जाना होगा,,,,

ठीक है कोई बात नहीं,,,,,

(इतना कहने के साथ ही दोनों हरे भरे खेतों के बीच से आगे की तरफ जाने लगे और चलते-चलते बात की शुरुआत करते हुए लल्ली बोली)

एक बात तो है संजू तुम बड़े निर्मोही हो तुम्हारे में दया भाव बिल्कुल भी नहीं है,,,,

यह क्या कह रही हो,,,, दीदी,,,,

दीदी मत कहो मेरी और तुम्हारी उम्र मैं कुछ ज्यादा फर्क नहीं है इसलिए नाम लेकर कहो तो भी चलेगा,,,

ठीक है लल्ली,,,, लेकिन तुम यह क्या बोल रही थी कि मेरे में दया भाव नहीं है,,,,,

हां तो सही तो कह रही हो,,,(पतली सी पगडंडी के ऊपर से अपने पैर को संभाल कर रखते हुए ललित आगे-आगे चल रही थी और संजू पीछे-पीछे इस तरह से गांव की ऊंची नीची पगडंडी पर चलते समय जिस तरह की चाल लल्ली चल रही थी उसके नितंबों का आकार कभी बढ़ जा रहा था तो कभी फेल जा रहा था उसकी गांड की दोनों फांके आपस में बराबर रगड़ खाते हुए ऊपर नीचे हो रही थी जिसे देखकर संजू का लंड अपनी औकात में आ चुका था,,,)

नहीं-नहीं या झूठ है ऐसा कुछ भी नहीं है,,,

अगर ऐसा नहीं है तो बताओ उस दिन तुम्हारी मम्मी दर्द से कराह रही थी लेकिन तुम बगल में सो रहे थे चैन की नींद बोलो जरा भी तुम्हें शर्म नहीं आई तुम्हारी मम्मी दर्द से तड़प रही थी और तुम आराम से सो रहे थे,,,,।

किस दिन की बात कर रही हो,,,,(संजू समझ गया था की लाली किस दिन की बात कर रही है,,,,,)

अरे कल ही की तो बात है,,, मैं चाय लेकर आई थी और कमरे से बुआ की दर्द भरी कराहने की आवाज आ रही थी,,,,।

(संजू समझ गया था वह अपने मन में बोला कि दर्द भरी कहानी की आवाज नहीं बल्कि मस्ती भरी सिसकारी की आवाज थी,,,, लेकिन संजू को यह समझ में नहीं आ रहा था कि औरत और मर्द के रिश्ते के बारे में सचमुच लल्ली अनजान है या फिर अनजान बनने की कोशिश कर रही है संजू को समझ में नहीं आ रहा था फिर भी वह बोला,,,)

वह कहना कि मैं बहुत थक गया था इसलिए मुझे कुछ भी पता नहीं है,,,,

अरे इतना भी लापरवाह मत बन जाओ अपनी मम्मी का ख्याल रखा करो,,,,

रखता हूं ना बहुत रखता हूं,,,,

क्या खाक रखते हो,,,,,

( लल्ली की बात सुनकर और उसकी गोल-गोल गांड की तरफ देखते हुए अपने मन में ही संजू बोला मैं अपनी मां का कितना ख्याल रखता हूं तुम्हें क्या पता काश तुम्हारी मां का भी ख्याल रखने का मौका मिल जाता तो बहुत मजा आता,,,,)

चलो ठीक है अाईंदा से ऐसा नहीं होगा,,,,,।

(ऐसा कहते हुए दोनों हरे-भरे खेत के बीचो-बीच पतली सी उम्र खबर पगडंडी पर से आगे बढ़ने लगे मौसम बहुत सुहाना था दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था और संजू को इस तरह से एक खूबसूरत लड़की के साथ घूमने में बहुत मजा आ रहा था,,,,)
 
चलो ठीक है अाईंदा से ऐसा नहीं होगा,,,,,।

(ऐसा कहते हुए दोनों हरे-भरे खेत के बीचो-बीच पतली सी उबड़खाबड़ पगडंडी पर से आगे बढ़ने लगे मौसम बहुत सुहाना था दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था और संजू को इस तरह से एक खूबसूरत लड़की के साथ घूमने में बहुत मजा आ रहा था,,,,,,,, संजू की नजर आगे आगे चल रही लल्ली की गोलाकार नितंबों पर ही टिकी हुई थी जो की चलने की वजह से ऊपर नीचे हो रही थी और नितंबों का ऊपर नीचे होना संजू के लंड की स्थिति को डामाडोल कर रही थी,,,,, संजू इस बात को अच्छी तरह से जानता था कि लल्ली बला की खूबसूरत थी एक मर्द को अपनी तरफ आकर्षित करने का हर एक खूबसूरत अंग उसके बदन की खूबसूरती को बढ़ा रहा था,,,,, और संजू की सबसे बड़ी कमजोरी थी गोल-गोल नितंब जोकि बेहद आकर्षक रूप से बाहर की तरह उभरी हुई नजर आ रही थी जिसे देखकर संजू पूरी तरह से मदहोश हुआ जा रहा था,,,,,,,, संजू को समझ में नहीं आ रहा था कि वह लल्ली से बात करने की शुरुआत कैसे करें,,,, औपचारिकता वस्तु वह बातें औपचारिक रुप की करी रहा था लेकिन संजु को उस तरह की बातें करनी थी जिससे दोनों के बीच कुछ होने की संभावना निश्चित हो जिसे सुनकर लल्ली के तन बदन में हलचल मच जाए,,,, वैसे तो इस तरह की बातें करने में संजू पूरी तरह से निपुण था लेकिन अपने मां की लड़की से इस तरह की बात करने में उसे थोड़ी घबराहट हो रही थी क्योंकि वह लाली के व्यक्तित्व से बिल्कुल भी वाकिफ नहीं,,, था उसे इस बात का डर था कि कहीं,,, उसे बुरा लग गया तो उसके लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी इसीलिए वहां लाख मन होने के बावजूद भी इस तरह की बातें करने से कतरा रहा था लेकिन आगे आगे चल रही लल्ली की गांड को देख कर संजू कमल मचलने लगा था उसकी हिम्मत बढ़ने लगी थी और वह बात की शुरुआत करते हुए बोला,,।

संजू लल्ली क साथ सपना देखने लगा था

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लल्ली एक बात पूछूं,,,,

पूछो,,,,(संजू की तरफ देखे बिना ही वह बोली)

जिससे तुम्हारा विवाह होने वाला है मतलब की जीजा जी को तुमने देखी हो कभी,,,,

(संजू का यह सवाल सुनकर लल्ली मन ही मन मुस्कुराने लगी और अपनी जगह पर अपनी कमर पर हाथ रख कर खड़ी हो गई और संजू की तरफ देखकर बोली,,,)

नहीं तो,,,,

क्या कह रही हो लल्ली,,,,(एकदम आश्चर्य जताते हुए संजू बोला) क्या सच में तुमने अपने होने वाले पति को नहीं देखी हो,,,,

नहीं तो,,,,

तो तुम तैयार कैसे हो गई विवाह के लिए,,,,

कैसी बातें कर रहे हो संजू मम्मी पापा ने देखा है परिवार वालों ने देखा है मेरे देखने ना देखने से कोई फर्क नहीं पड़ता,,,,।

नहीं लल्ली यह तो गलत बात है अपने होने वाले पति के बारे में तुम्हें जानना चाहिए उसे देखना चाहिए कैसा है कैसा नहीं है कल को अगर तुमसे विपरीत किसी भी लड़के से शादी हो गई तो तुम्हारी तो जिंदगी खराब हो जाएगी तुम इतनी खूबसूरत दूध जैसी गोरी,,,, चिट्ठी अगर कोई सावला मिल गया तो,,,,।

संजू को पूरा यकीं तह की लल्ली बहोत मजा देगी

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(संजू की बात सुनकर लल्ली सोच में पड़ गई थी,,,, एक तरफ संजू के मुंह से अपनी खूबसूरती की तारीफ सुनकर वह मन ही मन प्रसन्न भी हो रही थी तो उसके मुंह से ,,, हकीकत की सभ्यता के बारे में सोचकर परेशान भी हो रही थी इस बात को तो अभी अच्छी तरह से जानती थी कि वह बेहद खूबसूरत लड़की थी और ऐसे में अगर सच में उसे उसके मन का राजकुमार ना मिला तो उसकी जिंदगी खराब हो जाएगी जैसा कि वह चाहती नहीं थी,,,,, फिर भी वह बोली,,,,)

नहीं नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा मम्मी पापा ने अच्छा ही देखा होगा,,,,

हां यह बात तो सच है कि मामा मामी ने देखा है तो अच्छा ही देखा होगा लेकिन फिर भी कुछ गलत हो गया तो,,,,

तो क्या किस्मत में जैसा लिखा होगा वैसा ही होगा किसी के चाहने न चाहने से तो कुछ होता नहीं है,,,,

लेकिन फिर भी लल्ली कुछ तो सोच ही होगी अपने सपनों के राजकुमार के बारे में कैसा दिखता होगा कैसा होगा क्या करता होगा कुछ तो,,,,,

(चलते चलते दोनों काफी दूर निकल चुके थे एक घने से पेड़ के नीचे उसकी शीतल छांव में दोनों खड़े हो गए थे लल्ली अपनी कमर पर दोनों हाथ रख कर इधर-उधर देखते हुए कुछ सोचकर बोली,,,)

देखो भाई तुमसे क्या छुपाना तुम शहर के हो समझदार हो इसलिए तुमसे कहती हूं सभी लड़कियों की तरह मेरे भी तो कुछ अरमान है ना मैं भी तो चाहती हूं कि मेरा होने वाला पति बहुत खूबसूरत हो हीरो की तरह दिखता हूं अच्छा कद काठी गोरा रंग,,,,,

Sanju or lalli

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कुछ नहीं तो मेरे जैसा,,,(संजू बीच में तपाक से बोला,,,, संजू किस तरह की बात सुनते ही लाली के चेहरे पर मुस्कान तैरने लगी और वह मुस्कुराते हुए संजू की तरफ देखकर बोली)

हां कुछ-कुछ तुम्हारे जैसा वैसे भी देखने में तुम बुरे नहीं हो,,,,।

(लाली की यह बात सुनकर संजू मुस्कुरा दिया)

चलो यही रुके रहोगे आगे गांव में भी जाना है ,,,,

हां हां चलो चलो,,,,,,(इतना कहते हुए आगे हाथ बढ़ा कर संजू लल्ली को आगे आगे चलने के लिए बोला जिसमें उसका खुद का स्वार्थ निहित था,,, क्योंकि इस तरह से वह लाली की खूबसूरत गोल-गोल नितंबों के हालांकि चालान और आपस में घर्षण को अच्छी तरह से अपनी नजरों से देख सकता था,,,, और संजू का इशारा बातें ही हाथ में अपनी ही शादी का कार्ड लिए वह आगे आगे चलने लगी,,,,, अब तक की बातचीत से संजू संतुष्ट था क्योंकि इस तरह के सवाल का जवाब लल्ली नाराज होकर नहीं बल्कि मुस्कुरा कर दी थी इसलिए संजू की हिम्मत बढ़ने लगी थी,,,, इसलिए संजू अपने मन में आगे का सवाल सोच रहा था और फिर बोला,,,)

अच्छा एक बात बताओ लल्ली वैसे तो यह सवाल तुमसे पूछना नहीं चाहिए था लेकिन,,, अब तुम्हारा विवाह होने वाला है तुम समझदार हो इसलिए तुमसे पूछना चाहता हूं अगर इजाजत हो तो,,,,

संजू और लल्ली

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कैसा सवाल,,,,(रास्ते में खड़ी होकर संजू की तरफ ऊपर से नीचे तक देखते हुए कुछ सोचकर लल्ली बोली,,,)

सवाल थोड़ा अटपटा है लेकिन मैं जानता हूं कि तुम जवाब देने में सक्षम हो,,,,

(लल्ली कुछ बोली नहीं और फिर से आगे आगे चलने लगी,,,, संजू की हिम्मत बढ़ने लगी और वह बोला)

तुमने किसी से प्यार किया है,,,, देखो मैं औपचारिक रूप से पूछ रहा हूं क्योंकि तुम इतनी खूबसूरत हो और अभी तक मैं इस पूरे गांव में तुम्हारी जैसी खूबसूरत लड़की देखा नहीं हूं इसलिए कह रहा हूं कितनी खूबसूरत लड़की अगर गांव में है तो जरूर गांव के लड़के पीछे तो पढ़ते ही होंगे तो ऐसे में कहीं किसी से प्यार हो जाए,,,,,।

(संजू औरतों को अपने झांसे में लेने में पूरी तरह से माहिर हो चुका था वह जानता था कि किस बात से लड़कियां नाराज होती है और किस बात से उन्हें प्रसन्नता होती है इसलिए अपने सवाल के साथ-साथ वह अपने सवाल में लल्ली की खूबसूरत की तारीफ भी कर दिया था जिससे माहौल पूरी तरह से बदल गया था,,,, संजू के इस सवाल पर पहले तो लल्ली एकदम से चौक गई थी लेकिन फिर अपनी खूबसूरती की तारीफ को सुनकर वह थोड़ा सा सहज हुई और बोली,,,)

नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है हमने कभी इस बारे में कुछ सोचा ही नहीं घर का कामकाज पढ़ाई बस यही तक हम सीमित हैं हमारी गांव में कोई सहेलियां भी नहीं है क्योंकि हम किसी से मिलते भी नहीं है तो प्यार होने का कोई सवाल नहीं पैदा नहीं होता,,,,

(लल्ली की यह बात सुनकर संजू मन ही मन बहुत खुश हो रहा था उसे यकीन हो चला था कि लल्ली पूरी तरह से अनछुई है,,,, और फिर आश्चर्य जताने का नाटक करते हुए बोला,,,)

क्या बात कर रही हो लल्ली मुझे तो बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा है,,,,

क्यों यकीन नहीं हो रहा है,,,,

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अरे कैसे यकीन हो जाएगा इतनी बला की खूबसूरत लड़की गांव में लगता है कि जैसे कोई परी उतर आई हो और कोई उसका चाहने वाला ना हो ऐसा कैसे हो सकता है,,,,

देखो संजू यह तो मुझे नहीं मालूम लेकिन इस तरह की बातें मुझसे मत करो,,,,

कोई बात नहीं नहीं करूंगा यह तो मैं ऐसे ही पूछ रहा था क्योंकि शहर में तो यह सब आम बात है,,,,,

मतलब कि तुम शहर में,,,,,(इतना कहकर लल्ल६ खामोश हो गई क्योंकि इस तरह की बातें उसने कभी कि नहीं थी इसलिए आगे क्या कहना है उसे समझ में नहीं आया लेकिन संजू उसके कहने के मतलब को समझ गया था इसलिए उसकी बात सुनते ही वह बोला,,,,)

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हां क्यों नहीं शहर में तो यह सब आम बात है मेरी तो वहां पर दो-तीन गर्लफ्रेंड है,,,, गर्लफ्रेंड का तो मतलब समझती हो ना,,,,

ऊमम,,,,

मुझे लगा कि इस तरह का तुम्हारा कुछ चक्कर ही नहीं है तो इस बारे में भी पता नहीं चलता होगा,,,

गवार नहीं है हम पढ़े लिखे हैं समझे,,,, लेकिन क्या,,, बुआ जी को पता है,,,,

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तो क्या लल्ली,,,, मम्मी को सब पता है,,,, और सच कहूं तो,,,,, हम दोनों के बीच बहुत कुछ हो चुका है,,,,।

(संजू जानबूझकर उसके सामने इस तरह की बातें कर रहा था क्योंकि संजू अच्छी तरह से जानता था कि वह उसके मामा की लड़की थी जिसके साथ उसे प्यार व्यार का चक्कर तो करना नहीं था,,,, जो दो-तीन लड़की के बारे में सुनकर जल्दी के गुस्से में आने का उसे कोई फिक्र हो वह तो अपने तरीके से लल्ली जैसी खूबसूरत लड़की के मन में जवानी का जोश जगाना चाहता था,,,, क्योंकि संजू इस बात को अच्छी तरह से जानता था कि उसका विवाह होने वाला है और ऐसे में अगर वह कुछ भी नहीं जानती हो लेकिन इतना तो जानती हो कि शादी के बाद सुहागरात में एक औरत और मर्द के बीच क्या होता है इसलिए संजू इस तरह की बातों को छोड़कर उसके मन में जवानी की उमंग को पूछना चाहता था जिससे वह थोड़ा बहुत बहक सके और जिसका फायदा वह उठा सकें,,,, संजू की बात सुनकर लल्ली के कान खड़े हो गए थे और वह बिना संजू की तरफ देखे बिना बोली ,,,)

बहुत कुछ मतलब,,,,

अरे बहुत कुछ मतलब बहुत कुछ मतलब एक औरत और मर्द के बीच जो कुछ भी होता है वह सब कुछ,,,,

बाप रे संजू बुआ को नहीं पता है,,,(इस बार लल्ली एकदम आश्चर्य के साथ संजू की तरफ घूम कर शर्म के मारे अपने मुंह पर हाथ रखते हुए बोली)

मम्मी को इस बारे में थोड़ी पता है और वैसे भी मम्मी को इतना तो पता ही होगा कि एक लड़के और लड़की के बीच किस तरह के संबंध स्थापित हो सकते हैं,,,,

बाप रे बाप,,,,,

बाप रे बाप क्या,,,, इसमें आश्चर्य जताने वाली कोई बात नहीं है शहर में तो यह सब आम है,,,, तुम्हें सुनकर थोड़ा और आश्चर्य होगा कि संबंध बनाने के लिए मैं नहीं बल्कि उस लड़की ने हीं पहल की थी,,,,।

(इस बार जैसे फिर से लल्ली के सर पर बम फूटा हो वह फिर से आश्चर्य से संजू की तरफ देखते हुए बोली)

क्या बकवास कर रहे हो संजू कोई लड़की भला इस तरह से थोड़ी रहेगी,,,,,,

अरे तुम नहीं जानती लल्ली,,,,,(संजू का इतना कहना था कि ललित उसे हाथ के इशारे से चुप कराने लगी क्योंकि वह दोनों उस द्वार पर पहुंच चुके थे जहां पर उन्हें निमंत्रण देना था और मौके की नजाकत को समझते हुए संजू भी एकदम खामोश हो गया और लल्ली मुस्कुरा कर अपना निमंत्रण कार्ड उस व्यक्ति को थमाते हुए,,,,, आगे निकल गई और सभी निमंत्रण कार्ड को बांटने के बाद ही जब वह दोनों वापस घर लौटते समय बीच सड़क पर पहुंचे तब लल्ली मन में उत्सुकता लिए एक अजीब सी हलचल लिए संजू से बोली,,,)

हां तो तुम क्या कह रहे थे,,,, की लड़की ने,,,,

हां हा में सच कह रहा हूं भला तुमसे झूठ कहकर मुझे क्या मिलेगा,,,, और सच कहूं तो मेरे साथ संबंध बनाने के लिए उसे लड़की का दिया हुआ कारण भी बहुत ठोस था सुनोगी तो तुम भी हैरान रह जाओगी और वास्तव में वह सच ही कह रही थी,,,,।

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कैसा ठोस कारण,,,,,(संजू को लाली के सवाल में उसकी बातों में उसके चेहरे पर उत्सुकता और हैरानी के साथ-साथ एक अजीब सी मदहोशी भारी हलचल भी दिखाई दे रही थी जिसे देखकर संजू मन ही मन बहुत प्रसन्न हो रहा था इस हलचल इस मदहोशी को वह अच्छे से पहचानता था जो कि इसी तरह की हलचल और उत्सुकता को वह अपनी मम्मी अपनी बहन अपनी मौसी के साथ-साथ अपनी मौसी की लड़की के चेहरे पर भी देख चुका था और वही भावेश उसे अपनी मां की लड़की के चेहरे पर दिखाई दे रहा था जो की आने वाले अच्छे संकेत की निशानी थी,,,, जो कुछ भी संजू कह रहा था उसमें किसी भी प्रकार की सच्चाई नहीं थी वह मनगढ़ंत कहानी सुना रहा था केवल अपने मामा की लड़की को अपने झांसे में लेने के लिए और उसका यह करण कारगर भी हो रहा था ,,,,)

अरे रुको तो सही बताता हूं थोड़ा सा नल चला दो बहुत प्यास भी लगी हो थोड़ी थकान भी हो गई है,,,,।

(दोनों आम के बड़े से घने पेड़ के नीचे उसकी घनी छांव में खड़े हो गए थे जहां पर हेड पंप लगा हुआ था और लल्ली संजू की तरफ देखकर हेडपंप चलाने लगी और संजू थोड़ा सा नीचे झुक कर अपने दोनों हाथों को आगे नल के नीचे रखकर उसमें गिर रहे पानी को पीने लगा और फिर प्यास बुझाने के बाद उसे ठंडे पानी से अपने चेहरे को धो कर रुमाल से पोछने लगा ,,,,, लल्ली उसी तरह से खड़ी थी उसके चेहरे पर अपने सवाल का जवाब पाने की उत्सुकता एकदम साफ दिखाई दे रही थी और वैसे भी जवाब भी कहीं ना कहीं एक लड़की होने के नाते उससे भी जुड़ा हुआ था इसलिए वह जब आपको सुनने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही थी संजू अपने आपको तरोताजा करने के बाद हेडपंप को पकड़ लिया और उसे चलाने लगा और बोला,,,)

तुम भी पानी पी लो बहुत ठंडा है,,,,,

(और फिर लल्ली भी नीचे छुपकर संजू की तरह ही पानी पीने लगी लेकिन संजू की नजर उसकी कुर्ती में से झांक रहे उसके दोनों नारंगी ऊपर चली गई जो कि एकदम साफ नजर आ रहे थे ऐसे हालात में संजू को इस बात का एहसास हुआ कि लंबी कुर्ती के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी जिसकी वजह से उसके नारंगी हो की शोभा बढ़ा रहे छोटे से किसमिस भी नजर आ रहे थे जिसे देखकर संजू का लंड पूरी तरह से टनटना गया,,,,, और इस बात से अनजान की ऐसी हालत में पानी पीने के लिए झुकाने की वजह से उसकी दोनों चूचियां एकदम साथ नजर आ रही है और उसे देखकर संजू मन ही मन उत्तेजित हुआ जा रहा है वह औपचारिक रूप से एकदम सहज होकर पानी पीकर अपनी प्यास बुझाई और फिर अपने ही दुपट्टे से अपना मुंह साफ करके गहरी सांस लेने लगी संजू बड़े इत्मीनान से लाली को बनी बनाई बात कहना चाहता था इसलिए बोला,,,,)

और कुछ देर यहीं बैठकर बातें करते हैं थोड़ा सा थकान भी महसूस हो रहा है और यहां पर ठंडी हवा चल रही है,,,।

(अगर कोई और बात होती तो शायद ललली इस जगह पर रुकने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं होती लेकिन जिस तरह की बात की जिक्र संजू कर रहा था उसका जवाब सुनने के लिए वह तड़प रही थी इसलिए ना चाहते हो हुए भी वह वहीं पर बड़े से पत्थर पर बैठ गई और संजू की तरफ देखकर बोली,,,)

अब बताओ कौन सा कारण था जो उस लड़की ने तुमसे कह कर तुम्हारे साथ,,,,,(इतना कहकर‌ वह आगे कुछ बोल नहीं पाई और चुप हो गए संजू जानता था कि इस समय वह क्या सुनना चाहती है इसलिए अंदर ही अंदर प्रसन्न होते हुए बोला,,,)

देखो लल्ली वैसे तो वह लड़की मेरे साथ 2 साल से थी उसे प्यार भी बहुत करती थी लेकिन उसकी शादी कहीं और तय हो गई थी और उसके विवाह में 1 साल का समय था और उसे अनुभव लेना था,,,

अनुभव,,,, कैसा अनुभव,,,,(वह आश्चर्य जताते हुए बोली)

संभोग का अनुभव,,,,, (इतना कहकर वह लल्ली की तरफ देखने लगा और वह समझ गया कि उसके कहने का मतलब को लल्ली समझ नहीं पाई इसलिए वह बोला) चुदाई का अनुभव,,,,.

(संजू के मुंह से चुदाई शब्द सुनते ही लल्ली के खूबसूरत चेहरे पर लालिमा छाने लगी हो शर्म से एकदम लाल हो गई और अपने चेहरे को दूसरी तरफ शर्म के मारे घुमाते हुए बोली)

छी,,,,,,,

इसमें छी करने वाली कौन सी बात है,,, उसकी बात सुनोगे तो तुम्हें भी समझ में आएगा कि वह किस लिए कह रही थी,,,,,

किस लिए,,,,,

उसका विवाह होने वाला था और विवाह होने के बाद पहली रात सुहागरात मनाई जाती है इतना तो पता ही होगा तुम्हें,,,,,(वह बोली कुछ नहीं बस खामोश रही) उसमें एक दूल्हा अपनी बीवी के साथ क्या करता है पता है ना और शादी की रात सुहागरात को जो क्रिया की जाती है उसके बारे में उसे लड़की को बिल्कुल भी अनुभव नहीं था वह बिल्कुल अनजान थी उसे नहीं मालूम था कि उसे रात को लड़की को क्या करना चाहिए,,,,, और वह वही जानना चाहती थी वही सीखना चाहती थी,,,, और लल्ली इसमें कुछ गलत भी नहीं था तुम तो यह सब बातों से बिल्कुल अनजान हो लड़कियों को पता होना चाहिए कि उनकी चुत,, में कितना मोटा लंड घुस सकता है,,,,।

(संजू के मौसी चूत और लंड के बारे में खुले शब्दों में सुनकर लल्ली के तो होश उड़ गए उसकी सांसे बड़ी तेजी से चलने लगी और उसकी हिम्मत नहीं थी कि संजू की तरफ नजर उठा कर देख सके वह एकदम शर्म से पानी-पानी हुई जा रही थी और उसी का फायदा उठाते हुए संजू अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोला)

इसी अनुभव के लिए वह लड़की मुझसे खुले शब्दों में बोली थी कि तुम मुझे चोदो मैं देखना चाहती हूं कि मेरी चूत में तुम्हारा मोटा लंड घुस पाता है या नहीं क्योंकि पहली रात में अगर पति का नहीं घुस पाया तो बड़ा गजब हो जाएगा पता नहीं पति मेरे बारे में क्या क्या सोचेगा,,,,,

(संजू अपनी मनगढ़ंत बातों को लल्ली से कहे जा रहा था और उसकी तरफ देखे जा रहा था लाली शर्म से पानी पानी हो रही थी संजू के मुंह से निकले एक-एक शब्द उसके तन बदन में आग लग रहे थे खास करके उसकी दोनों टांगों के बीच की स्थिति एकदम खराब होती जा रही थी उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि उसकी चूत में से कुछ पानी जैसा बाहर निकल रहा है,,,,, संजू लल्ली के भोलेपन का पूरा फायदा उठाना चाहता था इसलिए अपने मुंह से जितना हो सकता था उतना अश्लील से अश्लील गंदी बातें उसके सामने कर रहा था उसके चेहरे का हाव भाव उसकी तेज चलती सांसों के साथ उठते ही बैठती चूचियों को देखकर समझो कि तन बदन में आग लग रही थी और उसे इस बात का अहसास हो रहा था कि लल्ली इस बात से पूरी तरह से अनजान है उसे कुछ भी नहीं मालूम एक औरत और मर्द के बीच के बारे में,,,, वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोला,,,,)

लल्ली उसे बिल्कुल भी ऐतराज नहीं था वह कुछ सीखना चाहती थी अपने पति को सुख देना चाहती थी वह पहली रात में ही पागलों जैसा व्यवहार नहीं करना चाहती थी वह नहीं चाहती थी कि उसका पति उसके बारे में कुछ गलत सोचे क्योंकि वह पढ़ी लिखी थी समझदार थी और वह चाहती थी कि उसका पति भी उसे समझदार समझे पढ़ी-लिखी समझे ना कि गवार जिसे औरत और मर्द के बीच के रिश्ते के बारे में बिल्कुल भी ज्ञान ना हो और मैंने इसी अनुभव के लिए उसे वह सुख दिया जिस की हकदार थी और सच कहूं तो,,,, उसको चोदने में जितना मुझे मजा आया था उससे कहीं ज्यादा उसे मजा आया था क्योंकि मेरा मोटा और लंबा लंड उसकी चूत में थोड़ी मशक्कत के बाद खुश हो गया था लेकिन इतना मजा उसे दिया था कि वह पागल हो गई थी इतना सुख उसने कभी प्राप्त नहीं की थी और वह मुझे कसके अपने गले लगा ली थी और मुझे बार-बार धन्यवाद कह रही थी और धन्यवाद मालूम है किस लिए,,,,

किस लिए,,,,(उत्तेजना भरे शब्दों में ललली बोली,,,,)

वह इसलिए कि मैं बड़े आराम से उसकी चूत में अपना मोटा लंड डालकर उसकी चूत में एक मोटे तगड़े लंड के लिए जगह बना दिया था वरना उसे इस बात का डर था कि कहीं जोश में जाकर उसका पति पहली रात में अगर एक झटके में भी उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया तो उसकी चूत एकदम फट जाएगी और वह दर्द सह नहीं पाएगी इसी बात का डर उसके मन में हमेशा से बना हुआ था और वह मेरे साथ संबंध बनाकर अपना यह डर खत्म कर दी थी,,,, क्योंकि तुम नहीं जानती लल्ली लड़कियों की चूत एकदम कोमल होती है अगर उसने एक झटके से लंड डाला जाए तो उसके फैलने और फटने का डर बना रहता है अगर आदमी समझदार मिल गया तो कोई बात नहीं अगर ना समझी मैं जोश में आकर कुछ ऐसा कर दिया तो गजब हो जाएगा और लल्ली मुझे तो सच कहूं तुम्हारी फिक्र है क्योंकि तुम बहुत खूबसूरत हो और मुझे नहीं लगता कि पहली रात में जीजा अपने आप पर सब्र कर पाएंगे क्योंकि तुम इतनी खूबसूरत हो कि हमसे सब्र होगा ही नहीं और कहीं एक झटके में तुम्हारी चूत में अपना लंड डाल दी तो तुम्हारी चूत फट जाएगी और तुम दर्द से तिल मिला उठोगी,,,,।

(जहां एक तरफ संजू की मदहोशी भरी बातों को सुनकर लल्ली के तन बदन में उत्तेजना की लहर उठ रही थी वहीं दूसरी तरफ चूत फटने वाली बात को सुनकर वह थोड़ा सा हम गई थी लेकिन जो कुछ भी वह अपने कानों से सुन रही थी वह बेहद शर्मनाक और उत्तेजना से भरी हुई थी और इस तरह की बातों को कभी भी लल्ली सुनी नहीं थी इसलिए वह मदहोश भी हो रही थी और घबरा गई रही थी उसकी चूत से काम रस की बूंद टपक रही थी वह पूरी तरह से गीली होती जा रही थी उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि उसे बड़े जोरों की पेशाब लगी हुई है वह अब इससे ज्यादा सुनना नहीं चाहती थी इसलिए अपनी जगह पर खड़ी हुई और अपने दोनों हाथों से अपने पिछवाड़े पर लगी मिट्टी को झाड़ते हुए बोली,,,)

चलो अब बहुत देर हो रहा है,,,,

(उसकी बात सुनते ही संजू की अपनी जगह से खड़ा हो गया और बोला)

हां हां चलते हैं लेकिन तुम नाराज तो नहीं हो ना जो कुछ भी मैंने कहा,,,,,

(संजू की बात सुनकर वह कुछ बोली नहीं बस ना में सिर हिला दी और आगे चलने लगी,,, उत्तेजना की वजह से उसकी चूत से काम रस टपक रहा था और उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि जैसे से बड़े जोरों की पेशाब लगी हुई हैं,,,, उसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था और वह कुछ दूरी पर जाकर जब छोटी नलियां पर आ गई तो,,,,, इधर-उधर देखते हुए वह संजू से बोली,,,)

तुम यही रुकना मैं 1 मिनट में आती हुं,,,,,(इतना कहकर वह पगडंडी से नीचे की तरफ उतरने लगी तो संजू पीछे से बोला,,,)

अरे कहां जा रही हो,,,,

अभी आती हूं,,,,, लेकिन इधर बिल्कुल भी मत आना वहीं खड़े रहना,,,,(और इतना कहकर वह नीचे झाड़ियां की तरफ उतरने लगी संजू को समझते देर नहीं लगी कि वह क्या करने जा रही है और सोच कर ही उसके तन-बाद में अजीब सी हलचल होने लगी और उसके लंड का आकार बढ़ने लगा वह समझ गया था कि लल्ली पेशाब करने जा रही है,,,,, और संजू उसे तिरछी नजर से देखता रह गया और वह बड़े से पत्थर के पीछे चली गई संजू अपने मन में ही सोचने लगा कि वह पत्थर के पीछे जाकर क्या कर रही होगी वह अपने मन में सोचने लगा कि वह अपने सलवार की डोरी खोल रही होगी अपनी कुर्ती को अपनी तोड़ी से छाती पर दबाकर अपनी सलवार को खोल रही होगी और अपनी कुर्ती को संभाल रही होगी और धीरे-धीरे अपनी सलवार को पेंटी सहित गोरी गोरी जांघों तक खींचकर वही पत्थर के पीछे बैठकर अपनी गुलाबी छेद में से पेशाब की धार मार रही होगी और यही सोचकर उसके तन-बदन में अजीब सी हलचल हो रही थी वह अपने आप को रोक नहीं पाया और धीरे से नीचे की तरफ उतरा और धीरे से पत्थर के पीछे देखने लगा जहां पर वहां पत्थर के सामने की तरफ मुंह करके पेशाब कर रही थी और उसे बिल्कुल भी ऐसा आज तक नहीं हुआ कि संजू पत्थर के करीब आ गया है और संजू को उसकी गोरी गोरी गांड दिखाई दे रही थी जिस पर काला सा तिल था जिसे देखकर संजू की उत्तेजना एकदम से बढ़ गई वह ज्यादा देर तक इस नजारे को देख नहीं पाया और जल्दी से वापस अपनी जाकर पर आकर खड़ा हो गया लेकिन इस बीच लल्ली को इस बात का एहसास हुआ कि शायद जैसे उसके पास कोई आया था,,,,, थोड़ी ही देर में पेशाब करने के बाद लल्ली अपनी जगह पर खड़ी हुई और अपने सलवार को अपनी चड्डी सहित ऊपर करके बांधकर बड़े से पत्थर के पीछे से बाहर आ गई और वापस संजू के पास आकर आगे आगे चलने लगी,,,, संजू मन ही मन बहुत खुश हो रहा था आगे आगे चलती हुई लाली की मदमस्त कर देने वाली गांड को देखकर जो कि कुछ देर पहले उसकी नंगी गांड को वह देख चुका था संजू से रहा नहीं गया,,,, वह लोग घर के करीब भी पहुंच गए थे सामने ही घर दिखाई दे रहा था इसलिए संजू हिम्मत करके लल्ली से बोला,,,,।)

एक बात कहूं लल्ली नाराज मत होना,,,

क्या,,,?(उसी तरह से चलते हुए संजू की तरफ देख कर वह बोली)

तुम्हारी गांड पर जो काला तिल है ना एकदम जानलेवा है मैं तो देख कर एकदम मस्त हो गया,,,,।

(लल्ली तो संजू की यह बात सुनते ही एकदम सन्न रह गई उसे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि वह क्या सुन रही है और संजू क्या बोल रहा है उसके तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी,,,, वह कुछ भी बोल सकने की स्थिति में नहीं थी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि संजू की बात पर गुस्सा करे खुश होए या इस बात को किसी से बता दें क्योंकि वह अपने घर पर पहुंच भी चुकी थी वह शर्म से पानी पानी में जा रही थी क्योंकि संजू के मुंह से अपने लिए इस तरह के शब्द सुनने कि उसे बिल्कुल भी आशंका नहीं थी वही हमसे शर्म आती थी और संजू की तरफ देखे बिना ही वह भागते हुए अपने कमरे की ओर चली गई थी संजू से जाता हुआ देख रहा था और भागते हुए उसके बदन का कटाव और नितंबों का थीरकन और उठाव और भी ज्यादा मदहोश कर देने वाला लग रहा था संजू इस बात से खुश था कि आज उसने अपना काम कर दिया था अब उसकी बात का असर कितना होता है बस यह देखना था,,,।)
 
संजू पूरी तरह से माहौल बन चुका था लल्ली को वह पूरी तरह से अपने बातों के जाल में फसाने में कामयाब हो गया था अब तक लल्ली से इस तरह की किसी ने अश्लील बातें नहीं किया था,,,, संजू पहला शख्स था जो लल्ली से इस तरह की अश्लील बातें किया था और इस तरह की अश्लील बातों का असर उसके ऊपर भी पूरी तरह से छाने लगा था,,, संजू की बातों ने लल्ली को सोचने पर मजबूर कर दिया था कि वाकई में पहली रात में अगर उसके पति ने अपने लंड को उसकी चूत में एक झटके में डाला तो सच में उसकी चूत फट जाएगी,,,,, संजू की बातों को सुनकर उसके मन में थोड़ी बहुत घबराहट महसूस होने लगी थी पहली रात को लेकर क्योंकि आज तक उसने इस तरह के संबंधों के बारे में कुछ जानती ही नहीं थी,,,,, पहली बार उसे इस बात का एहसास हुआ था और वह भी संजू की बातों को सुनकर की औरतों की चूत और मर्दों के लंड के आकार में भी 19 20 होता रहता है,,,,, लल्ली को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें,,,,, और ऊपर से संजू ने उसे पेशाब करते हुए भी देख लिया था और बड़ी बेशर्मी दिखाते हुए उसकी गांड के ऊपर काले तिल के बारे में भी बता दिया था जिसे सुनकर वह शर्म से पानी पानी हो गई थी वह संजू से नजर मिलने तक की हिम्मत खो बैठी थी,,,,,। संजू अपनी बातों का जादू का असर अपने मां की लड़की के खूबसूरत चेहरे पर होता हुआ साफ देख पा रहा था,,,, संजू को पूरा यकीन हो चुका था कि बहुत ही जल्द वह अपनी मां की खूबसूरत लड़की को अपने काबू में कर लेगा,,,,।

संजू की छोटी मामी और संजू

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संजू दिनभर इधर-उधर के काम में सबका हाथ बंटाता रहा,,, यह देखकर उसकी बड़ी वाली मामी संजू से काफी प्रभावित हो रही थी क्योंकि वह अच्छी तरह से जानती थी कि संजू शहरी लड़का था और गांव में शादी विवाह में किस तरह से कम किया जाता है इस बारे में जाहिर तौर से वह बिल्कुल भी नहीं जानता था लेकिन फिर भी अपने तरीके से जितना हो सकता था वह उतना हर काम में सबकी मदद कर रहा था,,,,,,,,,

इसी तरह से संजू अपनी मामी के कमरे में अलमारी को दूसरी तरफ कर रहा था वैसे तो यह काम उसकी बड़ी मामी के अकेले बस की बात बिल्कुल भी नहीं थे लेकिन संजू अपने हाथों का दम दिखाते हुए अलमारी को बड़े आराम से धक्का देते हुए दूसरी तरफ कर रहा था गर्मी अधिक होने की वजह से संजू के माथे से पसीना टपक रहा था संजू की मेहनत और लगन देखकर उसकी बड़ी मामी बहुत खुश हो रही थी और उसके माथे पर उपस रहे पसीने को देखकर उसकी बड़ी मामी बोली,,,।

लल्ली और संजू

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रहने दे संजू तू बड़ी मेहनत कर रहा है मुझे अच्छा नहीं लग रहा है क्योंकि तू इस घर का मेहमान है,,,।

क्या मामी तुम भी यह बोलकर तुम मुझे शर्मिंदा कर रही हो और एक तरह से मेरा अपमान भी कर रही हो मैं अपने आप को इस घर का मेहमान नहीं समझता और तुम हो कि मुझे मेहमान कह रही हो मेहमान और घर के सदस्य में फर्क होता है मामी,,,,(अलमारी को धीरे-धीरे धक्का देते हुए संजू बोला)

अरे मेरे कहने का यह मतलब नहीं था तो यह घर का सदस्य ही है और यह घर तेरा ही है तो मैं यह कह रही थी कि तू शहर का रहने वाला है तुझसे यह कामकाज होने वाला नहीं है,,,,

क्यों मामी शहर के लोग कमजोर होते हैं क्या देख नहीं रही हो अकेले इतनी बड़ी अलमारी धीरे-धीरे सरका ही दिया,,,,,(अलमारी को ठीक से एकदम कोने में दीवाल से लगाते हुए संजू गहरी सांस लेते हुए बोला)

संजू अपनी सुहानी मामी से इस तरह से मजा लेना चाहता था

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नहीं फिर भी तू शहर का रहने वाला है,,,

क्या मानी फिर से शहर का रहने वाला है अरे शहर के लड़के भी गांव के लड़के की तरह होते हैं बल्कि यहां के लड़के से ज्यादा मेहनत तो शहर के लड़के करते हैं,,,

नहीं ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं है संजू,,,

तुम यकीन नहीं कर रही हो ना मामी यहां के लड़कों को मैं देखता हूं कि सुबह थोड़ा बहुत काम करके दिन भर आराम करते हैं और फिर शाम को थोड़ा बहुत काम करके फिर वही आराम और शहर के लड़कों को जानती हो सुबह से उसको भूल जाते हैं फिर घर आकर 10:15 मिनट का भी समय नहीं मिलता फिर वापस कोचिंग के लिए चले जाते हैं फिर वहां से आते ही किसी और एक्टिविटी में लग जाते हैं,,, और तो और मामी अपने स्कूल का खर्चा निकालने के लिए काम भी कर लेते हैं तो मेरा मानना तो यही है कि गांव के लड़कों से ज्यादा मेहनत शहर के लड़के करते हैं,,,,

संजू और लल्ली

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अच्छा बाबा तू सही बस,,,,, तुझे बहुत पसीना हो रहा है रुक में साफ कर दुं,,,(और इतना कहने के साथ ही वह अपने साड़ी के पल्लू को उठाकर संजू के माथे से टपक रहे पसीने को साफ करने लगी और ऐसा करने पर उसके आगे का भाग उसकी छाती पूरी तरह से नजर आने लगी हट्टा कट्टा का दिखाती होने की वजह से संजू की मामी की छातियां भी छोड़ी थी और घर का काम काज करने की वजह से ब्लाउज का पहला बटन खुला हुआ था जिसकी वजह से उसकी भारी-भरकम खरबूजे जैसी चूचियां ब्लाउज फाड़ कर बाहर आने के लिए आतुर नजर आ रही थी,,, संजू की नजर जैसे ही अपनी बड़ी मामी की छाती ऊपर पड़ी उसके तो होश उड़ गए,,, वह एक टक अपनी मामी की चूचियों को देखता रह गया जो की ब्लाउज में कैद होने के बावजूद भी अपना संपूर्ण जाकर ब्लाउज में से बाहर निकाले हुए थी,,,, संजू की मामी इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि संजू की नजर उस की भारी-भरकम छातियों से चिपकी हुई है वह अच्छे से पसीना साफ करने के लिए थोड़ा और आगे बढ़ी तो संजू का चेहरा ठीक उसकी मामी के छातियों के बीचो बीच ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी चूचियों से स्पर्श करने लगी संजू के तन बदन के साथ-साथ उसके लंड की अकड़ भी बढ़ने लगी अनजाने में ही हो रहे इस स्पर्श का असर संजू केतन बदन में बड़ी ही तीव्र गति से हो रहा था उसे अपनी बड़ी मामी की चूचियों की मादकता का एहसास बड़े अच्छे से हो रहा था ,,,। उत्तेजना के मारे संजू गहरी गहरी सांस लेने लगा था और उसके सांस की गर्मी उसकी बड़ी मम्मी को अपनी चुचियों पर जैसे ही महसूस हुई उसे इस बात का एहसास हुआ कि उसकी चूची उसके भांजे के चेहरे से चिपकी हुई है और वजह से ही अपनी नजरों को नीचे करके संजू की तरफ देखी तो उसके होश उड़ गए,,, संजू की बड़ी वाली मामी अपने उम्र के हिसाब से लड़कों की नजर को अच्छी तरह से पहचानती थी,,, क्योंकि वह घर गृहस्ती वाली थी ,,, और उम्र के हर दौर से गुजर चुकी थी इसीलिए संजू की नजरों को पहचानने में उसे बिल्कुल भी डर नहीं लगी संजू अपनी आंखों को बंद करके गहरी गहरी सांस ले रहा था उसकी नाक उसकी दोनों चूचियों के बीच दबी हुई थी जिसकी वजह से उसकी नथुनों में से निकल रही गर्म सांसे उसे अपनी चूचियों पर साफ महसूस हो रही थी,,,,।

संजू अपनी बड़ी मामी क साथ

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संजू की बड़ी मामी इस दृश्य को देख रही थी लेकिन न जाने उसे क्या हो गया था कि वह इस दृश्य की मादकता में पूरी तरह से खो चुकी थी उम्र के इस पड़ाव पर पहली बार उसे अपने बदन में कुछ हरकत से महसूस हो रही थी संजू की हरकत की वजह से उसे न जाने क्यों एक नशा सा छाने लगा था,,,, वह उसी तरह से संजू के माथे से अपने साड़ी के पल्लू से पसीना को साफ करते हुए उसके द्वारा ली जा रही गहरी गहरी सांस को महसूस भी कर रही थी और अपनी गहरी सांस की बदौलत अपनी भारी-भरकम चुचियों का ऊपर नीचे होना भी एकदम साफ नजर आ रहा था,,,,,, तभी वह दरवाजे की तरफ नजर घुमाकर देखी तो उसके होश उड़ गए क्योंकि दरवाजा खुला हुआ था और जिस अवस्था में दोनों थे अगर इस अवस्था में कोई घर का सदस्य उन्हें देख लेता तो ना जाने क्या समझने लगता है इसलिए वह धीरे से अपने आपको अलग करते हुए एकदम सहज भाव से बोली,,,,।)

संजू अपनी बड़ी मामी क साथ

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यह तूने अच्छा किया की अलमारी को दूसरी तरफ कर दिया मैं कई दिनों से अपने कमरे में अलमारी को दूसरी तरफ करने के बारे में सोच रही थी मैं तेरे मामा से भी बहुत बार कह चुकी हूं लेकिन वह कहां सुनते हैं,,,,,।

कोई बात नहीं मामी जो काम हो मुझे बोल दिया करो जब तक हूं तब तक तुम्हारी सेवा करने के लिए तत्पर रहूंगा,,,,

वह क्या बात है जवाब तो बड़ा अच्छा देता है,,,,

सेवा भी बहुत अच्छे से करूंगा,,,,,

नहीं नहीं रहने दे भांजे से मुझे कोई सेवा नहीं करवाना है,,,,,

(इतना कहने के साथ ही वह दूसरी तरफ घूम गई और दो कदम चल कर कपाट पर रखी हुई दवा उठा ली इस अवस्था में संजू की नजर इसकी भारी भरकम कसी हुई चूतड़ों पर चली गई जिसे देखकर संजू का लंड पेट में ही ऊपर नीचे होना शुरू कर दिया,,,, क्योंकि वह अपनी कमर पर साड़ी को कुछ ज्यादा ही कसके बंद कर पहनी हुई थी जिसकी वजह से नितंबों के उभार पर साड़ी एकदम कसी हुई नजर आ रही थी और नितंबों की गोली के नीचे से साड़ी थोड़ी ढीली पड़ जा रही थी और ऐसी अवस्था में उसकी गांड को ज्यादा ही जानलेवा नजर आ रही थी जिसे देखकर संजू तो क्या कोई और मर्द होता तो उसकी भी हालत खराब हो जाती लेकिन अपनी मामी को दवा लेते- देखकर वह तुरंत अपनी मामी की तरफ गया और बोला,,,)

यह दवा किस बात की है,,,

 Saंजु और उसकी बड़ी मामी

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अरे यह तो मुझे रोज लेना पड़ता है मेरे पैरों में इतना दर्द रहता है कि मुझसे बर्दाश्त नहीं होता इस दवा को खाने के बाद ही मैं काम कर पाती हूं,,,

क्या बात कर रही हो मामी तुम्हें दवा की नहीं बल्कि थोड़ी बहुत कसरत की ओर सेवा की जरूरत है अगर तुम्हारे पैरों की मालिश की जाए तो यह दर्द पल भर में जाता रहेगा,,,,

अरे संजू तू तो देख ही रहा है कि घर में कितना काम रहता है किसी को फुर्सत नहीं मिलती सेवा करने के लिए एक लल्ली है जो थोड़ा बहुत ध्यान रखती है लेकिन शादी के बाद वह भी अपने ससुराल चली जाएगी तब कौन सेवा करेगा,,,।

अरे मामी तब की तब देखेंगे अभी तो मैं हूं ना चलो मैं तुम्हारे पैरों की मालिश कर देता हूं,,,,(इतना कहने के साथ ही संजू अपनी मामी का हाथ पकड़कर उसे बिस्तर की तरफ ले जाने लगा उसकी मामी उसे रोकती रह गई और वह माना नहीं वह अपनी मामी को बिस्तर पर बैठा दिया और उसके दोनों पैर नीचे जमीन के ऊपर लटक रहे थे संजू तुरंत घुटनों के बल बैठ गया और साड़ी के ऊपर से ही अपनी मामी के पेड़ को दबाना शुरू कर दिया वह किसी की तरह से अपनी मामी को खुश करना चाहता था क्योंकि अपनी मामी को खुश करने के पीछे भी उसका खुद का स्वार्थ छिपा हुआ था वह अपनी मामी की सेवा करके टांगों को दबाकर उसके दोनों टांगों के बीच पहुंचाना चाहता था,,,,, संजू ने जैसे ही पैर को दबाना शुरू किया उसकी मम्मी उसे हटाने लगे लेकिन संजू कहां मानने वाला था और वह तुरंत पेट दबाना शुरू कर दिया साड़ी के ऊपर से ही संजू किस तरह से अपने हाथों का जादू दिखा रहा था कि उसकी मां ने उसे ज्यादा देर तक इनकार नहीं कर पाई और उसके द्वारा पैर दबाने का आनंद लेने लगी सच में संजू पैर दबाने में इतना माही रे इस बात का पता अब चल रहा था,,,,।)

संजू अपनी बड़ी मामी क साथ बिस्तर पर

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सच कह रहा हूं मामी सिर्फ 15 मिनट अगर पैर को दबाकर मालिश किया जाए तो दर्द छूमंतर हो जाएगा तुम्हें दवा की जरूरत नहीं पड़ेगी,,,,,(और इतना कहने के साथ ही संजू एक पेड़ को उठाकर तुरंत अपने कंधे पर रख लिया उसकी मम्मी एकदम से चौंक गई लेकिन जब तक वह कुछ कह पाती इससे पहले ही संजू अपनी उंगलियों का करतब दिखाते हुए उसके पैर के तलवे पर अपनी उंगलियां चलाना शुरु कर दिया और यह इतनी संवेदनशील जगह थी कि अगर वाकई में अपनी उंगलियों का कमाल दिखाई जाए तो कोई भी औरत तुरंत काबू में आ जाती है और ऐसा ही होगा संजू की मामी एकदम से मत होने लगी संजू की उंगलियां उसकी पर के तलवे पर अपना जादू दिखा रही थी वह धीरे-धीरे पर के तलवों को दबाते हुए आनंद ले रहा था,,,,,।)

कैसा लग रहा है मामी,,,,

संजू जैसे hi अपनी मामी की दोनों टांगो को फैलाया उसे ये नजारा दिखाई दिया

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आहहह बहुत मजा आ रहा है मैं आज तक इस तरह से पैर की मालिश नहीं करवाई तू तो एकदम जादूगर है रे,,,,

अरे जादूगर नहीं हूं मैं तो तुम्हारा भांजा हूं और मेरा फर्ज है तुम्हारी सेवा करना,,,,,,,(संजू समझ गया था कि उसकी हरकत और उसकी बातों का असर उसकी मामी पर बहुत ही अच्छी तरह से हो रहा है और वह इसी मौके का फायदा उठाते हुए दूसरी टांग को भी तुरंत उठा कर अपने दूसरे कंधे पर रख दिया इस तरह से वह अपनी मामी के दोनों टांगों के बीच आ गया था ,,,, संजू की इस हरकत पर उसकी मामी एकदम से हडबढ़ाते हुए बोली,,,)

आहहहह यह क्या कर रहा है संजू कोई देखेगा तो क्या कहेगा कि संजू की बड़ी मामी संजू से सेवा करवा रही है उसे अपने पैर दबवा रही है,,,,

लल्ली और संजू

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अरे ऐसा कुछ भी नहीं है मामी ऐसा भी तो सोच सकता है कि एक भांजा अपनी मामी की सेवा कर रहा है,,,,,।(ऐसा कहते हुए संजू अपनी मामी की साड़ी के अंदर की तरफ देखने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था की तभी संजू जानबूझकर अपने आप को थोड़ा व्यवस्थित करने के लिए थोड़ा सा ऊपर उठा ऐसा करने से संजू की मामी की दोनों टांगें जो कि संजू के कंधों पर थी उसके ऊपर इधर-उधर होने की वजह से संजू की मामी अपने आप को व्यवस्थित नहीं कर पा रही थी और धीरे से पीछे की तरफ झुक कर अपने हाथ की कहानी का सहारा लेकर आराम से बिस्तर पर लेट गई थी और इसी मौके का फायदा उठाते हुए संजू बेझिझक अपनी मामी की साड़ी के अंदर झांकना शुरू कर दिया,,,,, थोड़ा बहुत ऊपर उठने की वजह से संजू की मामी की साड़ी भी उसके घुटने तक आ गई थी जिसके बदौलत संजू खिड़की से आ रही धूप की रोशनी में अपनी मामी की साड़ी के अंदर झांक कर जल्द ही अपनी आंखों की पहुंच को अपनी मामी की चूत तक पहुंचा दिया,,,,, संजू की सांस ऊपर नीचे होने लगी वह बहुत ही जल्द अपनी मामी की चूत के दर्शन कर लिया था जो की घुंघराले बालों के झुरमुट से घिरी हुई थी,,,,, संजू के तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी संजू अपनी मामी की चूत को देखकर एकदम से उत्तेजित हो गया था,,,, अपनी मामी की चूत की गर्मी से अपनी आंखों को सेंकता हुआ संजू उसी तरह से पैर के तलवे की मालिश कर रहा था,,,,, और गहरी सांस लेते हुए बोला,,,)

अब कैसा लग रहा है मामी,,,।

पूछ मत संजू,,,(आंखों को बंद करके गहरी सांस लेते हुए) बहुत अच्छा लग रहा है आज तक ऐसा सुकून मुझे कभी नहीं मिला तो तो एकदम जादूगर हैं सच में तेरे हाथ में जादू है तेरी उंगलियों में जादू है तू तो कमाल का लड़का है,,,,

आराधना आपने बेटे क लिए

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अभी तो असली कमाल दिखाया कहां हूं मामी जब असली कमल दिखाऊंगा तब देखना,,,,,।

(संजू अपनी मामी की चूत की मोटी फांकों को देखकर उत्तेजित होता हुआ बोला,,,, यह चूत दर्शन कुछ और ज्यादा देर चल पाता है उससे पहले ही आवाज सुनाई दी,,,)

दीदी,,,, कहां हो दीदी,,,,।

(इतना सुनते ही संजू की बड़ी मामी जैसे होश में आई होगा तुरंत अपनी आंखों को खोलकर अपनी स्थिति का भान करते ही एकदम सजाग हो गई और तुरंत बैठते हुए अपने पैर को अपने भांजे के कंधे से हटाते हुए बोली,,)

लल्ली

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तेरी बीच वाली मामी आ गई,,,, जल्दी से बिस्तर पर बैठ जा,,,, मैं तो वह न जाने क्या सोचेगी,,,।

(संजू भी अच्छी तरह से समझता था और वह तुरंत उठकर बिस्तर पर बैठ गया और उसकी बड़ी वाली मामी भी अपने कपड़ों को दुरुस्त करके सहज रूप से बैठ गई कि तभी उसकी छोटी वाली मामी कमरे में दाखिल होते हुए बोली,,,)

अरे दीदी तुम यहां बैठी हो नीचे चूड़ी वाला आया है चलकर चूड़ी खरीद लो,,,,

संजू अपनी माँ की चुदाई करता हुआ

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अरे अच्छा हुआ चूड़ी वाला आ गया नहीं तो बाजार जाना पड़ता,,,, चल मैं भी चलती हूं,,,,,

मैं भी चलूं क्या मामी,,,,।

(संजू की बात सुनते ही उसकी बीच वाली मामी बोली)

तुम्हारी चूड़ियां पहनना है तो चल सकते हो,,,,(इतना कहते हैं खिलखिला कर हंसने लगी और उसकी बात सुनकर उसकी बड़ी वाली मामी भी हंसने लगी और वह दोनों संजू की तरफ देखते हुए कमरे से बाहर निकल गए संजू उन दोनों को जाता हुआ देखता रह गया दोनों की मटकती हुई गांड देखकर वह अपने हाथ को अपने लंड पर रखकर धीरे से मसल दिया और अपने मन में ही बोला,,,)

शाली दोनों एक से बढ़कर एक है,,,,।

संजू और लल्ली

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रात को गाना बजाना हो रहा था गांव की औरतें आंगन में इकट्ठा होकर गाना गा रही थी ढोलक की थाप पर ठप पड़ रही थी कुछ औरते नाच रही थी संजू भी वहीं पर कुर्सी लेकर बैठा हुआ था संजू के तन बदन में उत्तेजना की लहर उठ रही थी क्योंकि औरतों को जब नाचता हुआ देखा था तब उनकी हिलती हुई मटकती हुई गांड और उनकी भारी भरकम चूचियों को देखकर उसका लंड आंहे भर रहा था,,,,

और लल्ली चोर नजरों से संजू की तरफ देख रही थी उसकी बातें उसकी हरकत के बारे में सोचकर उसके तन-बदन में अजीब सी हलचल होने लगती थी,,,, और न जाने क्यों वह धीरे-धीरे संजू की तरफ आकर्षित होते चली जा रही थी,,,। संजू नाचती हुई औरतो को देखकर अपने मन में कल्पना कर रहा था कि अगर सारी औरतें एकदम नग्न अवस्था में एकदम नंगी होकर नाचने लगेंगी तो कैसी दिखेगी और यही कल्पना करके,,, संजू मन ही मन में उत्तेजित हुआ जा रहा था कि तभी उसके कान में आवाज आई और उस आवाज को सुनकर वह एकदम से उत्सुक हो गया,,,।

सुहानी मामी

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दीदी आप दीदी आप,,,, चलो ना दीदी,,,,,(संजू की बीच वाली मामी संजू की मां का हाथ पकड़ कर उसे उठा रही थी और नाचने के लिए बोल रही थी और आराधना शर्म के मारे अपने चेहरे को छुपाने की कोशिश कर रही थी ,,,, संजू की बीच वाली मामी के साथ-साथ गांव की कुछ औरतें भी आराधना को नाचने पर उतारू हो गई और उन औरतों के आगे आराधना की एक न चाली संजू मन ही मन खुश हो रहा था आखिरकार ना चाहते हुए भी आराधना को नाचना पड़ा और अपनी मां को पहली बार संजू नाचते हुए देख रहा था और आराधना भी अपनी गांड मटका मटका रही थी संजू अपनी मां की गोल-गोल गांड को देखकर उसका नाच देख कर हुआ पूरी तरह से उत्तेजित हो गया था वह जल्द से जल्द अपनी मां की गांड पड़कर उसे चोदना चाहता था वॉइस कदर उत्तेजित हो गया था कि औरतों के बीच बैठा होने के बावजूद भी सबसे नजर बचाकर अपने लंड को सहला रहा था,,,,, संजू को अपनी मां का नाचना एकदम उत्तेजित कर गया था,,,, वह जल्द से जल्द अपनी मां को अपने कमरे में देखना चाहता था,,,, और फिर आखिरकार नाचना गाना दोनों समाप्त हो गया औरतें अपने-अपने घर की तरफ जाने लगी,,,,,

लल्ली का मादक रूप

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सबको जाता हुआ देखकर संजू तुरंत अपनी मां और अपनी मौसी के पहले ही अपने कमरे में पहुंच गया और अपनी मां का इंतजार करने लगा थोड़ी ही देर में पायल और चूड़ियों के झांकने की आवाज सुनकर संजू के तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी और वह एकदम से उत्तेजित हो गया उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ गया और जैसे ही आराधना और साधना दोनों कमरे में प्रवेश की संजू एकदम बेशर्मी की हद पार करता हुआ अपनी मौसी के सामने ही अपनी मां को करके अपनी बाहों में पकड़ लिया और उसके लाल लाल हो तो पर अपने होंठ रखकर चुंबन करना शुरू कर दिया यह देखकर साधना एकदम भौंचक्की रह गई और जल्दी से दरवाजा बंद करके कड़ी लगा दी और बोली,,,,।)

बाप रे संजू तू तो एकदम उतावला हो गया थोड़ा तो सब्र कर ले,,,,,।

बिल्कुल भी नहीं होता मौसी,,,(इतना कहने के साथ ही संजु एक झटके से अपनी मां को दूसरी तरफ घूमते हुए उसे अपनी तरफ खींच लिया और ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी चूची को दबाते हुए अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोला,,,) आज मम्मी को नाचते हुए देख कर मेरा लंड बिल्कुल भी काबू में नहीं है,,,,,)

आहहह संजू आराम से बेटा,,,,

बिल्कुल भी काबू नहीं हो रहा है मेरी रानी कितना मस्त गांड मटका मटका के नाच रही थी ,,,,आहहहहह,,(ब्लाउज के बटन को जल्दबाजी से खोलते हुए बोला,,,, संजू का उतावलापन उसकी जल्दबाजी देखकर साधना मुस्कुराते हुए बोली,,,)

देख रही है आराधना तेरे बेटे से तेरी जवानी देखकर बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा है,,,, वैसे तो मानना पड़े आराधना तो नाचती एकदम हेमा मालिनी की तरह दिखती भी उसी की तरह है तेरी बड़ी-बड़ी गाना दे तब तो खुद मेरी हालत खराब हो गई थी जब तू कमर पर हाथ रखकर मटका मटका के नजर ही थी अगर कोई और मर्द देख लेता तो शायद उसका पानी निकल जाता और इसीलिए तेरे बेटे से सब्र नहीं हो रहा है,,,,,।

आहहह ,,,(दर्द से स्तन मर्दन की वजह से) क्या दीदी तुम भी,,,,,

मौसी सच कह रही है मम्मी तुम एकदम हेमा मालिनी की तरह नाच रही थी,,,,, वह तो सिर्फ मैं देख रहा था अगर तुम्हारे भाई लोग भी देखते तो शायद वह भी तुम्हारे ऊपर चढ जाते ,,,,।

धत कितना बेशर्म हो गया है,,,

मैं सच कह रहा हूं मम्मी,,,(अपनी मां की चूचियों को जोर-जोर से दबाते हुए) तुम्हारी गांड देखकर ही तो मेरी हालत खराब हुई है,,,, अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है,,,,(और इतना कहने के साथ ही संजू अपनी मां को बिस्तर पर झुका कर पीछे से उसकी साड़ी उठाकर उसकी कमर तक खींच दिया आराधना साड़ी के अंदर चड्डी नहीं पहनी थी वह पूरी तरह से नंगी थी जिसे देखकर संजू की आंखों में चमक आ गई और वह अपनी मां की गोरी गोरी गांड पर दो-चार चपत लगता हुआ बोल,,,)

हाय मेरी रानी पहले से ही तैयार थी क्या चड्डी नहीं पहनी हो,,,

मुझे भी ऐसा ही लग रहा है संजू देख तो सही तेरी मां चड्डी भी नहीं पहनी है मतलब तेरी मां को पता था कि तू आज इसके ऊपर चढ़ने वाला है इसलिए पहले से ही तैयारी बना कर रखी है,,,,

क्या दीदी तुम भी,,,,आहहहहहहहह ,,,(आराधना आगे कुछ बोल पाती इससे पहले ही जल्दबाजी दिखाते हुए संजू अपने लंड को एक झटके में ही अपनी मां की चूत में डाल दिया जिसकी वजह से आराधना के मुंह से आह निकल गई और वह बोली,,,) अरे हरामि थोड़ा गीला तो कर लिया होता थोड़ा सा थूक लगा लिया होता एक झटके में डाल दिया,,,,

कह तो रहा हूं मम्मी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है,,,,,

अरे वह तो अच्छा हुआ आराधना की तो कमरे में है वरना मुझे तो लग रहा था कि आज बाहर ही तेरा बेटा तुझे पकड़ लेगा,,,,

सच कह रही हो मौसी,,,(जोर-जोर से अपनी कमर हिलाता हुआ) आज तो मम्मी बला की खूबसूरत लग रही है,,,।

और फिर संजू अपनी मां को तेज रफ्तार से चोदना शुरू कर दिया और यह देखकर साधना से भी रहा नहीं गया और वह अपने सारे कपड़े उतार कर एकदम से नंगी हो गई और फिर आराधना का पानी निकालने के बाद आराधना की जगह साधना अपनी गांड उठाकर पीछे से छुड़वाना शुरू कर दी और संजू अपनी मौसी को भी पूरी तरह से तृप्त करने के बाद खुद झाड़ गया और तीनों फिर से एक ही बिस्तर पर नग्न अवस्था में एक दूसरे को अपनी बाहों में लिए चैन की नींद सो गए,,,,।

दूसरे दिन दोपहर का समय था और संजू की छोटी वाली मामी गाय को चारा डाल रही थी,,,, तभी संजू भी अपने जुगाड़ के चलते घर के पीछे तबेले जैसी जगह पर पहुंच गया जहां पर उसकी सुहानी मामी गाय को चारा खिला रही थी,,,,,, सुहानी छुपकर गाय के आगे चारा डाल रही थी जिससे उसका पिछवाड़ा एकदम कसा हुआ नजर आ रहा था और उस मदमस्त कर देने वाले नितंबों के कसाव को देखकर संजू का मन डोलने लगा और वह आवाज लगाता हुआ बोला,,,,)

अरे मामी तुम यहां हो मैं कब से तुम्हें ढूंढ रहा हूं,,,,

मुझे क्यों ढुंढ रहे हो,,,,(गाय के सामने चारा डालते हुए सुहानी बोली)

ऐसे ही बात करने के लिए कोई मिला नहीं सब सो रहे हैं इसलिए तुम्हें ढूंढता हुआ यहां आ गया,,,,

चलो अच्छा ही हुआ कि यहां पर आ गए मेरा हाथ तो बंटा दोगे,,,,,

हां हां बोलो क्या करना है,,,।

(काम में मदद करने की उत्सुकता को देखकर सुहानी को पहले दिन वाली घटना याद आ गई जब पहली बार संजू उसकी मदद करने के लिए छत पर गया था और जो कुछ भी हुआ था उसे महसूस करके सुहानी के तन बदन में अभी भी उत्तेजना की लहर दौड़ने लगती थी पहली बार में ही संजू ने अपने लंड की रगड़ उसकी गांड पर महसूस करवा कर उसे पूरी तरह से मस्त कर दिया था,,,, उस दिन वाली घटना के बारे में सोच कर सुहानी के तन बदन में अजीब सी हलचल होने लगी थी लेकिन वह फिर भी सहज बनते हुए बोली,,,)

ठीक है तुम भी वह घास के ढेर को दूसरी गाय के आगे डालो,,,,।

(और इतना सुनते ही संजू तुरंत गया और घास के ढेर को उठाकर दूसरी गाय के आगे डालना शुरू कर दिया यह देखकर सुहानी मन ही मन मुस्कुरा रही थी और वह धीरे से संजू की तरफ आगे बढ़ने लगी और वह भी थोड़ी-थोड़ी घास सभी जानवरों के आगे डालने लगी कि तभी कहीं से एक सांड आया और जिस गाय को पहले चारा दे रही थी उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड बाहर निकाल कर संभोग शुरू कर दिया इस नजारे पर संजू की नजर गई तो वह चौक गया और वह जानबूझकर अपनी मामी का भी ध्यान उसी दृश्य पर लगाने हेतु बोला,,,)

मामी वह सांड भी अपना ही है क्या,,,,

(इतना सुनते ही जैसे ही सुहानी गाय की तरफ देखी तो उसके होश उड़ गए एकदम से शर्म से पानी पानी हो गई उसकी आंखों के सामने उसकी गाय पर एक आवारा सांड चढ गया था,,,, सुहानी को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें उसकी आंखों के सामने संभोग दृश्य चल रहा था और एक जवान लड़के के सामने इस तरह के दृश्य देखने में उसे असहजता महसूस हो रही थी लेकिन फिर भी जो कुछ भी हो रहा था वह होना नहीं चाहिए था इसलिए वह ना चाहते हुए भी संजू से बोली,,,)

अरे अरे संजू उसे रोक,,,, अभी इसकी जरूरत नहीं है,,,,

(संजू क्या करता है उसका तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था लेकिन इस तरह के दृश्य को और अपनी मम्मी के सामने देख कर उसके तन बदन में भी अजीब सी हलचल हो रही थी एक तरह से इस तरह का दृश्य उसकी मामी के तन बदन में भी उत्तेजना बढ़ा रहा था और संजू का काम कर रहा था अपनी मम्मी की बात सुनकर संजू उसे हटाने की कोशिश करने लगा लेकिन संजू को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें,,,, जब वह लाख कोशिश के बावजूद भी उसके ऊपर से नहीं उतरा तो वह पानी भरी बाल्टी को उठाकर तुरंत सांड के ऊपर डाल दिया और सांड एकदम से उतर कर जहां से आया था वहां चला गया और राहत की सांस लेते हुए संजू बोला,,,।

मामी लगता है वह अपना काम करके चला गया,,,।

(सुहानी संजू के कहने के मतलब को अच्छी तरह से समझ रही थी इसलिए वह एकदम से शर्म से पानी पानी हो गई वह संजू से नजर तक नहीं मिल पा रही थी,,,)
 
१,,सुहानी अपने भांजे से नजर नहीं मिला पा रही थी,,,, ऐसा बिल्कुल भी नहीं था कि वह इस तरह के नजारे को पहली बार देख रही थी वह पहले भी इतरा के नजारे को देख चुकी थी लेकिन आज पड़ोस की औरतों के साथ अपनी जेठानी के साथ और अपनी देव रानी के साथ यह पहली मर्तबा था कि वह एक जवान लड़के के साथ इस तरह की नजारे को देख रही थी इसलिए शर्म से पानी पानी हुए जा रही थी,,, क्योंकि ऐसे भी अपने ही भांजे के साथ का अनुभव बेहद काम उत्तेजना से भरा हुआ था इसलिए तो वह संजू की उपस्थिति में इस तरह के नजारे को देख कर एकदम अजीब सा महसूस करने लगी थी उसके तन बदन में हलचल सी होने लगी थी,,,,,,,

संजू और सुहानी

जहां एक तरफ सुहानी जानवरों के संभोग को देखकर शर्म से पानी पानी हो जा रही थी वहीं दूसरी तरफ संजू अपनी ही मामी के साथ इस तरह के नजारे को देखकर इस पल का पूरा फायदा उठाना चाहता था इसलिए उसकी आंखों में बिल्कुल भी शर्म दिखाई नहीं दे रही थी वह एकदम बेशर्म बन चुका था और एकदम बेशर्मी दिखाते हुए बोला,,,।

क्या करोगी मामी यह पल ही ऐसा होता है कि जितना भी रोकने की कोशिश करो कोई रोक नहीं पता और यह तो जानवर था अपना काम करके चला गया,,,,

अच्छा तुमको बहुत मालूम पड़ रहा है ना कि अपना काम करके चला गया क्या अपना काम करके चला गया,,,

अपनी गर्मी शांत करके अपना पानी निकाल के और क्या यही तो करने के लिए वह यहां आया था,,,।

(संजू की बेशर्मी भरी बातें सुनकर सुहानी का कलेजा धक से करके रह गया उसे यकीन नहीं हो रहा था कि इतनी खुले शब्दों में संजू उसे सब कुछ कह जाएगा,,, उत्तेजना के मारे सुहानी की सांस ऊपर नीचे हो रही थी,,, लेकिन फिर भी इस तरह की बातें सुनकर सुहानी हल्की सी डांट लगाते हुए बोली,,,)

अपनी मामी को देखकर संजू

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बाप रे संजू कितना बेशर्म हो तुम कोई सुन लेगा तो क्या कहेगा,,,,,,

अब लो मैंने ऐसा क्या कह दिया कि बुरा लग जाएगा और इसमें बेशर्मी वाली कौन सी बात है मामी सच ही तो कह रहा हूं,,,,, और भला हुआ सांड अपनी गाय के पास क्या करने के लिए आया था,,,, वह‌ सांड अपना था,,?

नहीं अपना तो नहीं था,,,,

तो फिर उसके बदन में आग लगी और वह अपनी आंख ठंडी करने के लिए अपनी गाय के पास चला आया और तो और हम लोगों को इतना बुरा लग रहा है मैंने उसे भगाने की पूरी कोशिश किया लेकिन गाय नहीं तो कुछ भी नहीं करी वह तो बस खड़ी रह गई,,,,

(संजू किस तरह की बातें सुनकर सुहानी को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या कहें क्या जवाब दे लेकिन उसकी बातें सुनकर उसके तन-बाद में हलचल सी होने लगी थी खासकर के उसकी दोनों टांगों के बीच की पतली दरार में से रीसाव सा होने लगा था,,,,वह बात के रुख को मोड़ते हुए बोली,,,)

अच्छा छोडो दूसरी गायों को भी चारा दो,,,,

ठीक है मामी,,,(और इतना कहने के साथ ही वह फिर से घास के ढेर को उठा लिया और दूसरी गायों की तरफ जाते हुए बोला) लेकिन जानवरों का अच्छा है,,,

क्या अच्छा है,,,(सुहानी भी गाय को पानी पिलाते हुए बोली)

यही कि जब मन करे किसी पर भी चढ़ जाओ,,,,

संजू और उसकी मामी

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हाय दइया कितने हरामि हो तुम,,,,

इसमें हरामी वाली कौन सी बात है मामी तुम्हें अपना समझता हूं इसलिए बता रहा हूं नहीं तो मैं भी इस तरह की बातें किसी से नहीं करता,,,, अच्छी नहीं यहां पर मैं खड़ा था तुम खड़ी थी लेकिन फिर भी उसे सांड को जरा भी फर्क नहीं पड़ा और अपनी इच्छा पूरी करने के लिए अपनी ही गाय पर चढ़ गया हम दोनों कुछ नहीं कर पाए,,,,।

(जहां एक तरफ संजू के मुंह से इस तरह की बातें सुनकर सुहानी को बड़ा अजीब लग रहा था वहीं दूसरी तरफ इस तरह की खुली बातें सुनकर उसके तन-बदन में उत्तेजना की लहर उठ रही थी उसकी चूचियों के दोनों निप्पल खड़े होते जा रहे थे उत्तेजना के मारे उसकी चूत से मदन रस का बहाव होना शुरू हो गया था वह अपने आप को उत्तेजित होने से रोक नहीं पा रही थी लेकिन फिर भी संजू की बात पर जानबूझकर एतराज जताते हुए बोली,,,)

तुम्हें जरा भी डर नहीं लग रहा है मुझे इस तरह की बातें करने से अगर मैं तुम्हारी मम्मी को बता दी तो तुम जानते हो ना तुम्हारा क्या हाल होगा,,,,

मैं जानता हूं तुम मम्मी को बिल्कुल भी नहीं बताओगी,,,(गाय को चारा डालते हुए बोला)

क्यों नहीं बताऊंगी मैं बता दूंगी,,,,

तुम बिल्कुल भी नहीं बताओगी क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम इतनी बेशर्म नहीं हो किस तरह की बातों को एक औरत होने के बावजूद भी एक औरत से बताओ क्योंकि तुम बहुत अच्छी हो संस्कारी हो और मेहनती भी,,,,,

(संजू किस तरह की बातें खास करके उसके बड़प्पन वाली सुहानी को अच्छी लग रही थी संजू के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर सुहानी की छाती गदगद हुए जा रही थी,,,, संजू की बात सुनकर वह बोली कुछ नहीं बस अपना काम करती रह गई,,,,, देखते ही देखते दोनों तबेले में सभी गाय भैंस और बकरियों को चारा पानी देकर वही एक बड़े से पत्थर पर बैठ गए संजू केतन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ रही थी,,,,, क्योंकि उसे ऐसा लगने लगा था कि उसकी सुहानी मामी भी ज्यादा देर नहीं लगेगी उसके सामने अपनी दोनों टांगें फैलाने में,,,,, कुछ देर की खामोशी के बाद संजू बात की शुरुआत करते हुए बोला,,,,।)

संजू और उसकी मामी

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अच्छा मामी एक बात बताओ,,,, क्या पहले भी तुम इस तरह के नजारे को देखी हो,,,,

यह कैसा सवाल है संजू तुझे शर्म नहीं आती इस तरह की बातें करते हुए,,,,

का तो रहा हूं मामी मैंने इस तरह की बातें आज तक किसी से नहीं किया तुम्हें अपना जानकर मां की उत्सुकता को मिटा रहा हूं,,, बोलो ना देखी हो कभी पहले इस तरह के नजारे को,,,,

लेकिन तुम ऐसा, क्यों पूछ रहे हो,,,,

कुछ खास नहीं लेकिन एक बात मुझे नजर आई है इसलिए पूछ रहा हूं बोलो ना देखी हो पहले,,,

यह गांव है और जैसे कि तुम देख रहे हो कि तबेले में ढेर सारी गए भेज बकरियां है तो निश्चित तौर पर इस तरह के नजारे को मैं पहले भी देख चुकी हूं,,,,

चलो कोई बात नहीं तब तो मुझे अपने सवाल का जवाब मिल जाएगा,,,,

कैसा सवाल,,,?(सुहानी उत्सुकता दिखाते हुए बोली)

यही की सांड का लंड कुछ छोटा नहीं था,,,।

(इतना सुनते ही सुहानी के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी संजू के मुंह से वह खुले शब्दों में लंड शब्द सुनकर एकदम से मदहोश हो गई उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें ,,,वह अपने चेहरे पर बदलते भाव को छुपा नहीं पा रही थी वह अपनी नजरों को इधर-उधर दौड़ा कर नीचे अपने पैरों की तरफ स्थिर कर ली शर्म के मारे वह अपनी नजरों को झुका ली थी,,,, अपनी मामी के चेहरे पर बदलते हवाओं को देखकर संजू का दिल जोरो से धड़कने लगा और वह फिर बोला,,)

सुहानी

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क्या हुआ मामी तुम खामोश क्यों हो गई,,,, मैं सच कह रहा हूं उसका कुछ ज्यादा ही छोटा था क्योंकि मैं भी इस तरह के नजारे को शहर में बहुत बार देख चुका हूं लेकिन इतना छोटा नहीं देखा था उससे बड़ा तो मेरा है,,,,(गहरी सांस लेते हुए संजू एक झटके से अपना इरादा अपनी मामी के सामने रख दिया था और उसकी मामी हैरान थी संजू की बातों को सुनकर क्योंकि सीधे-सीधे संजू अपने लंड के बारे में बता रहा था और इशारों मैं ही उसे समझाने की कोशिश कर रहा था कि उसका लंड कुछ ज्यादा ही मोटा और लंबा है,,,,,, और एक औरत होने के नाते सुहानी इस बात को अच्छी तरह से जानती थी कि एक औरत के लिए मर्द का मोटा तगड़ा लंबा लंड कितने मायने रखता है,,, तुरंत उसे अपने पति के लंड के बारे में ख्याल आ गया जो कि ज्यादा मोटा तगड़ा बिल्कुल भी नहीं था,,,,, और हमेशा से वह अपने मन में यही सोचती थी कि काश उसके पति का लंड थोड़ा और लंबा होता है तो कितना मजा आता,,,, और इसलिए वह संजू के साथ छत पर पहली मुलाकात के बारे में सोचने लगी जो की साड़ी के ऊपर से ही अपने लंड की रगड़ और मोटी को बराबर उसकी गांड के तह तक एहसास कर रहा था,,, उसे मुलाकात से ही सुहानी अंदाजा लगा ली थी कि संजू के पास मोटा तगड़ा हथियार है जो कि किसी भी औरत को संतुष्ट करने के लिए सक्षम था,,,, कुछ देर के लिए खामोशी छा गई थी,,,,,, सुहानी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि हो क्या करें वह चकर पकर चारों तरफ नजर दौड़ा कर देख ले रही थी कि कहीं कोई आ तो नहीं रहा है क्योंकि वह जैसा भी हो जो सुख उसे प्राप्त हो रहा था उसमें खलल बिल्कुल भी नहीं चाहती थी,,,, क्योंकि संजू की बातों से उसे भी बहुत आनंद प्राप्त हो रहा था,,,,, खामोशी को तोड़ते हुए संजू ही बोला,,,)

लगता है मामी तुम्हें विश्वास नहीं हो रहा है मेरी बातों पर ना तुम्हें लगता है कि मेरा मोटा तगड़ा और लंबा नहीं है छोटा सा है इसीलिए ऐसे इधर-उधर देख रही हो,,,,,(संजू के मन मस्तिष्क में वासना का भूत सवार हो चुका था वह किसी भी तरह से अपनी बीच वाली मामी को हासिल करना चाहता था जिस तरह से वह अपनी छोटी वाली मानी को चोद कर संतुष्ट हुआ था उसी तरह से अपनी बीच वाली मामी को भी अपने नीचे लाना चाहता था,,,, और अपनी बीच वाली मामी को पाने के लिए वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हो चुका था क्योंकि अभी तक के अनुभव सेवा समझ गया था कि उसकी मामी भी उसकी बातों से संतुष्ट और आनंद प्राप्त कर रही है वरना वह कब का उसे डांट फटकार कर भगा दी होती,,,, और संजू की बातों को सुनकर सुहानी को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या जवाब दे वह अपने चेहरे के हाव-भाव को छुपाने की बहुत कोशिश कर रही थी लेकिन मन की उत्तेजना उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी फिर भी अपने मन की बात को दबाते हुए वह बोली,,,)

सुहानी

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तुम यह कैसी बातें कर रहे हो संजू मैं भला ऐसा कब बोली,,,

मतलब की मामी तुम मानती हो कि मेरा मोटा और तगड़ा है,,,

फिर वही बात मैंने ऐसा भी कब बोली,,,

फिर तो तुम्हें शंका है मेरी बातों पर,,,।

संजू तुम मुझे अपनी बात में उलझने की कोशिश मत करो जैसा तुम समझ रहे हो वैसा मैंने कुछ भी नहीं कहीं हूं,,,,

लेकिन फिर भी मानी तुम्हारे मन के शंका को मैं दूर करना चाहता हूं वरना तुम भी अपने मन में यही सोचोगी कि मैं भी दूसरों की तरह हूं मैं ye yदिखाना चाहता हूं कि मेरे पास दूसरों से कहीं ज्यादा बेहतर मोटा तगड़ा है जो औरतों को पूरी तरह से संतुष्टि प्रदान करता है,,,,।

संजू और उसकी मामी

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(संजू की बेशर्मी भरी बातों को सुनकर सुहानी के तन बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ने लगी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा आखिरकार उसके मन में भी यही हो रहा था कि वह संजू के हथियार को देखें,,,, लेकिन अपने मां की आकांक्षा को अपने होठों पर लाने में सब महसूस कर रही थी उसे समझ मैं नहीं आ रहा था कि वह अपने मन की बात संजू से कैसे कहें,,,,, वह अपने मन में ऐसा भी सोच रही थी कि काश संजू उसके मन की बात को अपने आप ही समझ जाए और बिना कुछ उसके कहे अपने लंड के दर्शन उसे कर दे वह भी तो देखें जबरदस्त रगड़ और चुभन देने वाला हथियार कैसा है,,,, अपनी मामी को फिर से खामोश देखकर संजू बोला,,,)

क्या हुआ मामी फिर तुम चुप हो गई अगर शर्मा के मारे नहीं बोल पा रही हो तो बता देना मैं बिना कुछ ऐतराज़ के तुम्हें दिखा दूंगा ऐसा कुछ भी नहीं है मैं समझ सकता हूं तुम गांव की औरत हो इसलिए शर्मा रही हो अगर शहर की औरत होती तो अब तक खुद अपने हाथों से मेरे पेट की बटन खोलकर बाहर निकाल ली होती,,,,,(इतना कहने के साथ ही संजु उसे जगह से एकदम से खड़ा हो गया और सुहानी की आंखों के सामने आकर खड़ा हो गया उत्तेजना के मारे उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आकर खड़ा था और पेट में तंबू बनाया हुआ था जो की बेहद जबरदस्त नजर आ रहा था ऐसा लग रहा था कि कोई खूंटा पेट में फंसा दिया गया हो और संजू बेशर्मी की हद पार करते हुए अपनी मामी की आंखों के सामने ही अपना हाथ अपने खूंटे पर रखकर उसे ज़ोर से दबाते हुए बोला,,,)

देखो मामी इतने से ही तुम्हें अंदाजा लगा लेना चाहिए कि मेरे पेंट में कैसा हथियार है,,,,

(सुहानी के सांस बड़ी तेजी से चल रही थी क्योंकि वह तिरछी नजर से संजू के पेट में बना तंबू देख चुकी थी उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें उसके तन बदन में उत्तेजना पूरी तरह से अपना आसन जमा चुका था संजू की बात सुनकर हिम्मत दिखाते हुए सुहानी अपनी नजर को ऊपर की तरफ उठाई और प्यासी नजरों से संजू के पेट की तरफ देखने लगी जो की पूरी तरह से अपनी औकात में था और सुहानी इस नजारे को देखकर उत्तेजना के मारे अपनी चूत से पानी गिराना शुरू कर दी,,,, इतने से ही सुहानी झड़ चुकी थी उसे यकीन नहीं हो रहा था की मात्र इस तरह की बातें और पेट में बने उभार को देखकर ही उसकी चूत से पानी निकल गया है वह पूरी तरह से अपनी सांसों को दुरुस्त करने में लगी हुई थी और नजर भरकर संजू के पेट की तरफ देख रही थी,,,,,। संजू अपनी मामी के मनो दशा को अच्छी तरह से समझ रहा था और मन ही मन प्रसन्न हो रहा था,,, संजू खड़ा था और सुहानी बड़ी से पत्थर पर बैठी हुई थी जिसकी वजह से संजू को उसके ब्लाउज में से झांक थी उसकी चूचियों के बीच की पतली दरार एकदम गहरी नजर आ रही थी जिसे देखकर उसके मुंह में पानी आ रहा था संजू से रहा नहीं जा रहा था और इतना तो समझ गया था कि उसकी बातों को सुनकर उसकी हरकत की वजह से उसकी मामी के तन बदन में चुदास की लहर दौड़ रही है वह समझ सकता था की सुहानी के मन में क्या चल रहा है वह जानता था की सुहानी फैसला नहीं कर पा रही है कि उसे क्या करना है उसे आगे बढ़ना है कि यहां से वापस लौट जाना है,,,, लेकिन संजू ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहता था वह नहीं चाहता था कि उसकी मामी अपने कदमों को पीछे ले ले क्योंकि ऐसा मौका फिर कभी आने वाला नहीं था इसलिए संजू अपने बातों की जाल में फसाते हुए बोला,,,।)

संजू अपनी मामी क साथ

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तुम्हारे मन में क्या चल रहा है मामी में समझ सकता हूं इस जगह पर,,(चारों तरफ नजर दौड़ा कर) तुम शायद अपने मन की बात बात नहीं पा रही हो तो ऐसा करते हैं तुम्हारे कमरे में चलते हैं दोपहर का समय है मामा भी घर पर नहीं है और सब लोग अपनी-अपने कमरे में सो रहे हैं मौका भी अच्छा है दस्तूर भी है क्यों ना अपने मन की क्षमता को दूर कर लो क्योंकि जो चीज में तुम्हें दिखाना चाहता हूं पेट के ऊपर से देखने में संतुष्टि नहीं मिलेगी,,,,.

(संजू किस तरह की बातों को सुनकर सुहानी नजर उठाकर संजू की तरफ देखने लगी सुहानी की आंखों में प्यास और ललक दोनों साफ नजर आ रहा था,,,, और संजू इसी तरह के मौके का फायदा उठाने में माहिर था वह मौके का फायदा उठाना अच्छी तरह से जानता था इसीलिए तो सही मौके और दस्तूर का फायदा उठाते हो उसने अब तक अपनी सगी मौसी अपनी मां अपनी बहन और अपनी मौसी की लड़की सब के साथ चुदाई का सुख भोग चुका था उसके लिए रिश्ते कोई मायने नहीं रखते थे रिश्तो से जुड़ी चुत का सुख उसे बेहद आनंद की प्राप्ति कराता था,,,, और इसीलिए दोपहर के सन्नाटे का पूरा फायदा उठाते हुए अपना हाथ आगे बढ़कर अपनी मामी का हाथ पकड़ लिया और बोला,,,)

चलो मामी तुम्हारे कमरे में इत्मीनान से मैं तुम्हें सब कुछ दिखाऊंगा,,,, जिसे देखकर तुम्हारे होश उड़ जाएंगे और मुझे पूरा यकीन है कि तुमने आज तक ऐसा मोटा तगड़ा लंबा लंड देखी नहीं होगी,,,,।

(फिर क्या था सुहानी के लिए क्या करना है कुछ समझ में नहीं आ रहा था वह पूरी तरह से संजू के मोह पास में बंद चुकी थी,,,, संजू के व्यक्तित्व उसके आकर्षण उसकी आंखों के नशा में वह पूरी तरह से डूबने लगी थी इसलिए संजू की हरकत का बिल्कुल भी विरोध ना करते हुए वह भी धीरे से अपनी जगह से खड़ी हो गई और संजू जैसे-जैसे उसे हाथ पकड़ कर ले जाने लगा वह उसके पीछे-पीछे चल दी उसे बिल्कुल भी शुद्ध बुद्ध नहीं था वह पूरी तरह से उत्तेजना के सागर में गोते लगाने को तैयार हो चुकी थी संजू के द्वारा अपनी कलाई पकड़े जाने पर उसके तन बदन में एक झटका सा लगा था और उस मदहोश कर देने वाले झटके में वह पूरी तरह से अपने आप को परास्त महसूस करने लगी थी देखते ही देखते संजू सबसे नजर बचाकर उसका हाथ पकड़े हुए ही वह उसके कमरे तक ले आया और अपने हाथों से ही कमरे का दरवाजा खोलकर,,, अपनी मामी को लेकर उसके ही कमरे में प्रवेश कर गया और अपने हाथों से दरवाजा बंद करके सिटकनी लगा दिया,,,,, दरवाजा बंद होने के बावजूद भी दोनों तरफ की खिड़की खुली हुई थी जिसमें से हवा और रोशनी दोनों कमरे में बराबर आ रही थी और जिसकी वजह से अपनी मामी की मदद कर देने वाली जवानी देखने में उसे बिल्कुल भी दिक्कत आने वाली नहीं थी,,,,,,।

संजू यह तुम क्या कर रहे हो कोई देख लिया तो गजब हो जाएगा,,,,

कुछ गजब नहीं होगा मामी सब लोग अपनी-अपने कमरे में सो रहे हैं जब तक उठेंगे तब तक अपना काम हो जाएगा,,,

कैसा काम संजू,,,,,

संजू अपनी मामी को गॉड में उठा क

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अब इतनी भी नादान मत बनो मानी तुमने भी दुनिया देखी हो,,,,,(इतना कहने के साथ ही संजु सुहानी का हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचा और अपनी सीने से लगा लिया,,,, और उसे अपनी बाहों में भींच लिया और संजू अपनी मामी की आंखों में आंखें डाल कर बोला,,,)

तुम बहुत खूबसूरत हो मामि पहली बार से ही तुम्हें देखा हूं तो बस तुम्हारे बारे में ही सोचता रहता हूं,,, मैं कभी सोच भी नहीं सकता था कि गांव में इतनी खूबसूरत औरत भी हो सकती है,,,,(एक तरफ संजू अपने मुंह से अपनी मामी की खूबसूरती की तारीफ के पुल बांधे जा रहा था और दूसरी तरफ नीचे से अपने खड़े लंड की ठोकर को साड़ी के ऊपर से ही अपनी मामी की चूत पर दे मार रहा था जिसे सुहानी अच्छी तरह से अपनी चूत पर महसूस कर रही थी और पानी पानी हुए जा रही थी,,,,,)

सहहहह संजू मुझे बहुत डर लग रहा है कोई देख लिया तो गजब हो जाएगा,,,,

कोई नहीं देखेगा मामी,,,(और इतना कहने के साथ ही संजू अपने प्यास होठों को अपनी मामी के दहकते हुए होंठ पर रखकर चुंबन करना शुरू कर दिया,,,, सुहानी का यह पहला चुंबन था किसी गैर मर्द के साथ और इस चुंबन की गर्मी से वह अपने आप को पिघलता हुआ महसूस कर रही थी,,,,,, उसकी सांसे बड़ी तेजी से चल रही थी संजू समझ गया था कि यह पूरी तरह से चुदवासी हो चुकी है इसलिए तुरंत अपने हाथ को ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूची पर रखकर दबाना शुरू कर दिया ,,,, जिससे चुंबन करने के बावजूद भी उसके मुख से गरमा गरम सिसकारी फूट पड़ी,,,,, संजू पागलों की तरह तीनों तरफ से अपनी मामी को पूरी तरह से अपनी आगोश में लेकर उसे पर उत्तेजना से भरा हुआ हमला कर रहा था एक तो चुंबन से उसे पूरी तरह से पागल किए हुए था दूसरा उसका स्तन ब्लाउज के ऊपर से ही जोर-जोर से दबाकर उसे लाल करने पर उतारू था और नीचे से अपने लंड की ठोकर उसकी चूत पर मारकर उसे चुदवाने के लिए मजबूर कर रहा था,,,, हालत बिगड़ते चले जा रहे थे,,,,,,,, सुहानी मदहोश हुए जा रही थी और संजू उसके कंधे से साड़ी का पल्लू पकड़ कर नीचे गिरा दिया था उसकी छाती पूरी तरह से खुल चुकी थी बस ब्लाउज का बटन खोलना बाकी था और संजू कोई कसर बाकी रखना नहीं चाहता था वह अपनी मामी को चुंबन करते हैं उसके ब्लाउज का बटन एक-एक करके खोलना शुरू कर दिया और आखिरी बटन खोलने के साथ ही छाती की शोभा बड़ा रहे दोनों दास एरिया में एकदम से लग्नावस्था में नजर आने लगे जिसे देखकर संजू की आंखों में वासना का सैलाब उठने लगा और वह तुरंत अपने दोनों हाथों की हथेलियां को अपनी मामी की दोनों दशहरी आम पर रखकर उसे जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया मानव की जैसे दबा दबा कर उसका सारा रस निचोड़ डालेगा,,,,,

सहहहह आहहहहह संजू,,,ऊममममममममम आहहहहहह

संजू अपनी मामी क साथ

अपनी मामी कि ईस तरह की गरमा गरम से सिसकारीयो की आवाज सुनकर संजू का हौसला और भी ज्यादा बुलंद होता जा रहा था वह अपनी मामी को खुश करने में कोई भी कसर बाकी रखना नहीं चाहता था वह पागलों की तरह अपने मामी के लाल-लाल होठों का रसपान करते हुए उसके दोनों दशहरी आम को दबा दबा कर टमाटर की तरह लाल कर दिया था सुहानी को भी इस बात का एहसास हो रहा था कि जिस तरह से संजू उसके बदन से खेल रहा है इस तरह का खेल आज तक उसके पति ने उसके बदन से कभी नहीं खेला था बस जब भी उसके पास आया था अपनी भूख मिटा कर एक तरफ करवट लेकर सो गया था और यही कसक सुहानी को आज अपने भांजे की तरफ आकर्षित होने का कारण बन रही थी,,,।)

सहहहरहह आहहहहहह मामी कसम से शहर की औरतों को भी तुम एकदम फेल कर दी हो तुम्हारी चूचियां कितनी जानदार और शानदार है इस तरह की कड़क चूचियां मैं आज तक नहीं देखा बहुत खूबसूरत चुची है मामी तुम्हारी,,,आहहहह मेरी तो हालत खराब हो रही है,,,(अपनी मामी के लाल-लाल होठों से अपने होठों को दूर करता हुआ और अपनी हथेली को जोर-जोर से दोनों चूचियों पर कसता हुआ संजू बोल एक तरफ संजू की हरकतें और दूसरी तरफ उसके मुंह से अपनी जवानी की तारीफ सुनकर सुहानी उत्तेजना के साथ-साथ गर्व से गदगद हुए जा रही थी वह पागल हुए जा रही थी,,,,,, दोनों कमरे के बीचों बीच खड़े थे उसके साड़ी का पल्लू नीचे जमीन पर लहरा रहा था कमर के ऊपर वह अर्धनग्नवस्था में थी ब्लाउज का बटन खुला हुआ था दोनों चूचियां संजू के हाथों में थी जिसे वह जोर-जोर से दबा रहा था,,,,,,,, सुहानी का दिल जोरो से धड़क रहा था और जैसे उसके ऊपर बहुत जबर्दस्त प्रहार हुआ हो उसे तरह से उसके पूरे बदन में सनसनी की लहर दौड़ गई जैसे ही संजू ने अपने होठों के बीच उसकी चूची के चौर जैसे निप्पल को लेकर चूसना शुरू कर दिया संजू के द्वारा इस तरह की हरकत के बारे में उसने कभी सोचा ही नहीं थी क्योंकि आज तक उसके पति ने इस तरह से उसकी चूची को मुंह में लेकर पिया नहीं था बस दबाया ही था लेकिन संजू ने उसकी उम्मीद पर खरे उतरते हुए उसे दुगना मजा दे रहा था संजू की हरकत की वजह से उसकी चूत में मदन रस का सैलाब उठने लगा उसकी चूत से पानी निकलना शुरू कर दिया,,,, संजू सुहानी को पूरी तरह से उत्तेजना के चरण शिखर पर ले जाना चाहता था जहां पर ले जाकर वह उसे पूरी तरह से संतुष्ट करने के बाद ही अपनी आगोश से आजाद करना चाहता था ताकि वह इस पल को जिंदगी भर याद रख सके,,,,।

संजू पागलों की तरह अपनी मामी की दोनों चूचियों को बारी-बारी से मुंह में लेकर पी रहा था,,,,, सुहानी पल पल पल हो जा रही थी संजू दोनों हाथों में दोनों चूचियों को दशहरी आम की तरह लेकर दबा दबा कर पी रहा था देखते ही देखते उसकी दोनों चूचियों की निप्पल एकदम कड़क हो गई थी कैडबरी चॉकलेट की तरह उत्तेजना के मारे सुहानी को समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें अब वह अपने भांजे का इस खेल में पूरा साथ दे रही थी और उसके सर पर हाथ रखकर जैसे उसका हौसला बढ़ा रही हो वह उसके बालों को सहला रही थी,,, कुछ देर तक इसी तरह से अपनी मामी को स्तन मर्दन और स्तन चुसाई का आनंद देने के बाद संजू अपने मुंह में से अपनी मामी की चूची को अलग करते हुए गहरी सांस लेते हुए अपनी मामी की तरफ देखने लगा सुहानी अपने भांजे की आंखों में देख कर कर में के मारे अपनी आंखों को नीचे झुका ली और संजू एक बार फिर से उसे अपनी तरफ खींचकर उसे अपनी बाहों में भर लिया और साड़ी के ऊपर से ही उसकी बड़ी-बड़ी गोल-गोल नितंबों को हथेली से दबा दबा कर मजा लेने लगा देखते ही देखते संजू पागलों की तरह अपनी मामी के गर्दन पर चुंबनों की बौछार करते हुए उसकी साड़ी को ऊपर की तरफ उठने लगा और उसकी नंगी गांड को जोर-जोर से दबाना शुरू कर दिया,,,,, सुहानी को एक अलग एहसास का अनुभव हो रहा था सुहानी पूरी तरह से मस्त हुए जा रही थी वह आनंद के सागर में गोते लगा रही थी आज तक इसे इतना आनंद उसे कभी प्राप्त नहीं हुआ था,,,,। संजू उसकी साड़ी को कमर तक उठाकर उसकी नंगी कहां पर जोर-जोर से चपत लगाकर उसकी गोरी गोरी गांड को टमाटर की तरह लाल कर दिया था,,,, संजू को अपनी मामी की नंगी गांड देखकर इस बात का एहसास हो रहा था कि गांव की औरतें अधिकतर साड़ी के नीचे कुछ भी नहीं पहनती हैं और यह एक जवान मर्द के लिए बहुत ही ज्यादा उत्तेजित कर देने वाली बात थी काश करके शहर के लड़कों के लिए क्योंकि शहर में तो अक्सर सभी औरतें साड़ी के अंदर चड्डी पहनती हैं लेकिन यहां की औरतें साड़ी के अंदर नंगी ही रहती हैं अगर किसी का किसी के साथ चक्कर चल रहा हो तो ज्यादा दिक्कत पेश नहीं आती उन्हें चोदने में बस साड़ी कमर तक उठाओ और पीछे से डालना शुरू कर दो,,,,।

संजू आज पूरी तरह से इस मौके का फायदा उठा लेना चाहता था इसलिए कमर से भरी हुई साड़ी को अपने हाथों से खोलकर उसे अलग करने लगा और कुछ ही देर में संजू अपनी मामी की साड़ी उतार कर नीचे जमीन पर फेंक दिया ब्लाउज को खुद सुहानी ही अपने बदन से अलग करके नीचे फेंक दी थी,,, सुहानी अब केवल पेटीकोट में ही कमरे के बीचो-बीच खड़ी थी शर्म के मारे उसकी आंखें झुकी हुई थी और संजू अपने पेट में खूंटा बनाए हुए उसे अपनी बाहों में लेकर उसके नंगे बदन पर नंगी चूचियों पर नंगे पेट पर अपने हथेली को घुमाते हुए अपनी हथेली को पेटिकोट जो की साइड में से थोड़ी सी कटी हुई होती है उसमें से अपनी दो-तीन उंगली को उसमें प्रवेश करवा कर उसकी चूत को स्पर्श करने की कोशिश करने लगा,,,,। यह हरकत सुहानी के लिए बेहद मादकता भरी थी वह इस हरकत से पूरी तरह से मदहोश हो गई और अपनी आंखों को बंद कर ली और अगले ही पल संजू अपनी उंगली को उसकी चूत तक पहुंचने में कामयाब हो गया उसकी चूत कचोरी की तरह उत्तेजना के मारे फुल चुकी थी,,,।

सहहहहह मामी तुम्हारी चूत तो खोल कर कचोरी हो गई है आज तुम्हारी चूत का पूरा रस निकाल दूंगा,,,,

जो भी करना है जल्दी करो संजू कोई आ जाएगा,,,।

(सुहानी के इन शब्दों में तड़प थी उत्सुकता थी जो पूरी तरह से चुदाई से भरी हुई थी और बिल्कुल भी डर ना करते हुए संजू तुरंत पेटिकोट की डोरी कोई खान से पकड़ कर जल्दी से खींच दिया और तुरंत कमर पर कई हुई पेटिकोट एकदम से ढीली हो गई और अगले ही पल पेटिकोट उसके कदमों में जागीर और सुहानी अगले ही पल एकदम से संपूर्ण नंगी हो गई नग्न अवस्था में गोरे-गोरे बदन जवानी से लदी हुई सुहानी स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा नजर आ रही थी,,,, सुहानी के मदमस्त नंगे बदन को देखकर संजू से रहने गया और वह तुरंत एक बार फिर से उसे अपने बाहों में कसकर दबा दिया उसकी नंगी गांड को दोनों हाथों से पड़कर उसके ललन होठों पर चुंबन करने लगा और एक हाथ नीचे की तरफ ले जाकर उसकी चूत पर स्पर्श करने लगा जो की पूरी तरह से मदन रस से गीली हो चुकी थी संजू से अब देर करना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और तुरंत घुटनों के बल बैठकर एक टांग को अपने हाथों से उठाकर अपने कंधे पर रख दिया और उसके गुलाबी चूत पर अपने होठों पर रखकर चाटना शुरू कर दिया,,,,

संजू की इस हरकत पर सुहानी पूरी तरह से मस्त हो गई और उसके बदन में सनसनी से दौड़ने लगी,,,, वह कभी सोच नहीं सकती थी कि कोई मर्द इस तरह से भी औरत को खुश कर सकता है कि उसके पेशाब निकलने वाली जगह को अपने होठों से चाट सकता है लेकिन जो कुछ भी हो रहा था वह पूरी तरह से हकीकत था,,, और जिसके चलते सुहानी अपनी उत्तेजना पर काबू नहीं कर पाई और कस के अपनी कमर को आगे की तरफ खेलते हुए संजू के बालों को दोनों हाथों से पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दी यह दर्शा रहा था की सुहानी कितनी मस्त हो चुकी है कितनी मस्त हो रही थी कितनी उत्तेजित हुए जा रही है,,,,,

Aradhna or sadhna

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संजू पागलों की तरह जितना हो सकता था अपनी अजीब उसकी चूत की फांकों में डालकर उसे चाट रहा था उसकी मलाई को अपने गले के नीचे उतर रहा था,,,, सुहानी अपनी उत्तेजना को काबू नहीं कर पा रही थी और उसके मुख से गरमा गरम सिसकारी की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी कैमरा एक तरफ कोने में होने की वजह से इस तरह की गरमा गरम सिसकारी की आवाज कमरे से बाहर नहीं जा रही थी और खली खिड़कियों से उसकी गरमा गरम शिसकारी की आवाज हवा में ओझल हो जा रही थी ,,,,

संजू अपनी मामी की मदहोशी और कसमशाहट देखकर , समझ गया कि लोहा पूरी तरह से गर्म हो चुका है या हथौड़ा मारने की तैयारी कर देनी चाहिए,,,, इसलिए संजू तुरंत अपनी मामी की चूत से ध्यान हटाकर खड़ा हुआ और तुरंत अपनी मामी को दोनों हाथों का सहारा लेकर उसे गोद में उठा लिया उसकी मामी एकदम से चौंक गई,,,, लेकिन फिर शर्म के मारे अपनी आंखों को बंद कर ली और संजू उसे गोद में उठा वही तीन चार कदम आगे बढ़ा और नरम नरम बिस्तर पर ले जाकर पटक दिया,,, सुहानी पूरी तरह से उतावली थी पुरुष संसर्ग के लिए और संजू भी अपनी मामी की चूत में अपना लंड डालने के लिए तड़प रहा था इसलिए वह तुरंत जल्दबाजी में अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिया और जैसे ही उसने अपने अंदर बियर को उतार कर फेंक वह अपनी मामी की आंखों के सामने एकदम नंगा हो गया,,,, सुहानी की नजर जैसे ही संजू के टनटनाए लंड पर पड़ी उसके होश उड़ गए,,,, इतना मोटा तगड़ा लंबा लंड उसने आज तक नहीं देखी थी,, आश्चर्य से उसका मुंह खुला का खुला रह गया था जहां एक तरफ उत्सुकता थी वहीं दूसरी तरफ उसके मन में डर बैठने लगा कितना मोटा तगड़ा लंबा लंड वह अपनी चूत में ले कैसे पाएगी,,, आश्चर्य से उसका मुंह खुला का खुला रह गया था,,,, वह उत्तेजना से दबे स्वर में बोली,,,,

संजू तुम्हारा तो सच में बहुत मोटा और लंबा है मैं तो सोच भी नहीं सकती थी ,,,,
 
फिर क्या मामी तभी तो कह रहा था दिखाऊंगा तभी तुम्हें यकीन होगा,,,(संजू अपने लंड को हाथ में पकड़ कर उसे हिलाते हुए बिस्तर की तरफ आगे बढ़ने लगा और बिस्तर पर घुटनों के बाल चढ़ते हुए बोला.,‌‌) बस मामी अब इतना कर दो किसी मुंह में लेकर जिला कर दो ताकि तुम्हारी चूत में बड़े आराम से जा सके,,,,

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संजू की बात सुनते ही उसके होश उड़ गए क्योंकि उसने आज तक इस तरह की क्रिया कभी कि नहीं थी लेकिन आज वह पूरी तरह से मजबूर थी क्योंकि जिस तरह की आज संजू ने उसके बदन में लगाई थी उसे बुझाने के लिए संजू की बात मानना बेहद जरूरी था,,,, लेकिन वह कुछ बोल पाती से पहले संजू खुद घुटनों के बाल आगे बढ़ता हुआ तुरंत अपनी मामी के सिरहाने पहुंच गया और अपना एक हाथ उसके सिर के नीचे रखकर उसे ऊपर की तरफ उठाते हुए अपने लंड को उसके लाल-लाल होठों से सटा दिया,,,,,,

सुहानी अपने भांजे क साथ

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यह पल सुहानी के लिए बेहद अद्भुत था आज तक उसके पति ने ना उसकी चूत को अपने होठों से लगाया था और ना ही वह खुद अपने पति के लंड को अपने होठों से लगाई थी,,, लेकिन इस समय हालात पूरी तरह से बदल चुके थे,,, अपने पति के साथ बिताए हुए पल की बात कुछ और थी और इस पल और हालात की बात कुछ और थी उसके पति ने आज तक इस तरह की ऊष्मा और उन्माद उसके बदन में अपनी हरकतों से जगह नहीं पाया था लेकिन संजू उसके तन बदन में वासना की आग लगा चुका था उसके तन बदन से उत्तेजना और उन्मादकता की चिंगारी फूट रही थी वह पूरी तरह से संजू के आकर्षण ने खो चुकी थी संजू की हर एक हरकत उसे उत्तेजना के चरम शिखर पर लिए जा रही थी वह अपने आप में नहीं थी ना ही अपने काबू में थी इसलिए जिंदगी में पहली बार एक मोटे तगड़े लंड का स्पर्श अपने होठों पर होते ही वह पूरी तरह से गदगद हो गई,,,, उसके बदन में वासना की चिंगारी फूटने लगी और वह अपने आप में न होकर खुद अपने लाल-लाल होठों को मोटे तगड़े लंड को आमंत्रित करने के लिए खोल दी,,, संजू अपनी मामी की इस हरकत पर पूरी तरह से मदहोश हो गया उसकी सांसे गहरी चलने लगी वह भी पूरी तरह से नग्न अवस्था में था और उसकी मामी भी पूरी तरह से नंगी थी,,,, संजू अपनी मामी की नंगी जवान देखकर पूरी तरह से पागल हुआ जा रहा था वह झट से अपने मोटे सुपाड़े को अपनी मामी के लाल-लाल होठों के बीच प्रवेश कराना शुरू कर दिया,,,,, धड़कते दिल के साथ मदहोशी के आलम में सुहानी अपने भांजे के मोटे तगड़े लंड को अपने होठों के बीच लेकर उसे पर हल्के हल्के जीभ घूमाना शुरू कर दी थी,,,, पहले तो लंड का स्वाद और उसकी गंध सुहानी को थोड़ा अजीब लग रही थी लेकिन,,,, धीरे-धीरे उसे मजा आने लगा वह आइसक्रीम के कौन की तरह लंड के सुपाड़े के इर्द-गिर्द अपनी जीभ घुमा घुमा कर चाटना शुरू कर दी,,,, पहली मर्तबा ही सुहानी लंड चटाई और चुसाई दोनों में अपने भांजे को आनंद दे रही थी,,, संजू पागल हुआ जा रहा था उसकी आंखें बंद हो चुकी थी खिड़की से आ रही ठंडी हवा दोनों के बदन की गर्मी को शीतलता प्रदान करने में नाकामयाब साबित हो रही थी संजू धीरे-धीरे अपनी कमर हिलता हुआ अपनी मामी के मुंह को ही चोद रहा था और,,, सुहानी भी अपने लाल-लाल होठों का छल्ला बनाकर अपने भांजे के लंड पर कसी हुई थी जिससे संजू का आनंद बढ़ता चला जा रहा था,,,,

संजू अपनी मामी क साथ

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पहली बार में ही संजू अपनी मामी की मदहोश कर देने वाली जवानी पर काबू पा चुका था संजू की हरकतें और उसकी बातों में आकर सुहानी आज अपने संस्कार और मर्यादा की दीवार को गिराकर बिस्तर पर सेज बनाकर आनंद लूट रही थी,,,, सुहानी कभी सपने में भी नहीं सोची थी कि इस कदर उसके पर डगमगाएंगे कि अपने ही भांजे के साथ वह हम बिस्तर होने पर उतारू हो जाएगी,,, एक तो पहले ही वह संजू के मोटे तगड़े लंबे बम पिलाट लंड को देखकर पूरी तरह से आश्चर्यचकित हो गई थी उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि किसी मर्द का लंड इतना मोटा और लंबा होता है,,,, सांड के लंड वाली बात किसी हद तक सुहानी को सच लगने लगी थी वाकई में संजू का उससे भी ज्यादा मोटा और लंबा था लेकिन एक सवाल अभी भी उसके मन में था कि क्या वह इतना मोटा और तगड़ा लंड उसे अपनी चूत में ले लेगी क्योंकि आज तक वह अपने पति के नुनी जैसे लंड से ही चुदवाती आई थी,,,, मन में एक भय होने के बावजूद भी वह उत्सुक थी अपने भांजे के लंड को अपनी चूत में लेने के लिए वह देखना चाहती थी कि एक मोटा तगड़ा लंड उसकी चूत की क्या हालत करता है क्या उसे संपूर्ण रूप से संतुष्टि प्रदान कर पता है या उसके पति की तरह ही टांय टांय फिश हो जाएगा,,,,,

सुहानी अपने भांजे को मस्त करती हुयी

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अब समय आ गया था असली हुनर दिखाने का और इस खेल में संजू पूरी तरह से माहिर था वह तब तक अपने लंड को औरत की चूत से बाहर नहीं निकलता था जब तक वह पूरी तरह से पानी पानी ना हो जाए और वह पूरी तरह से आत्मविश्वास में था कि वह अपनी मामी की जवानी की गर्मी को पिघला देगा इसलिए वह धीरे से अपने लंड पर अपनी मामी के मुंह में से बाहर निकाला जो की पूरी तरह से थुक और लार से सना हुआ था,,,,, अपने लंड की हालत को देखकर संजू प्रसन्न होता हुआ बोला,,,,।

मामी तुमने तो कमाल कर दिया अब देखना मैं तुम्हारी क्या हालत करता हूं आज तुम्हें ऐसा सुख दूंगा कि तुम जिंदगी भर याद रखोगी,,,,,

संजू मस्त होता हुआ

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जो तुम कह रहे हो अगर सच करके दिखा दिए तो मैं सच में तुम्हें जिंदगी भर याद रखेगी और मान जाऊंगी कि तुम्हारे जैसा मर्द कोई नहीं है,,,,

चिंता मत करो मानी यह लंड नहीं जादू की छड़ है जो तुम्हें ऐसा सुख देगी कि तुम निहाल हो जाओगी,,,,,‌‌(ऐसा कहते हुए संजू घुटनों के बाल ही चलते हुए वह बिस्तर के दूसरी ओर जाने लगा और जैसे-जैसे वह उसकी दोनों टांगों की तरफ जा रहा था वैसे-वैसे सुहानी का दिल जोरो से धड़क रहा था क्योंकि वह जानती थी कि कुछ ही देर में वह पल आने वाला है जिसके लिए वह बेसब्री से इंतजार कर रही थी ,,, देखते ही देखते संजू अपनी मामी की मोटी मोटी जांघों के बीच अपने लिए जगह बनाने लगा,,,, सुहानी का दिल जोरो से धड़क रहा था वह खुद संजू के लिए अपनी दोनों टांगों को खोल दी थी और संजू के सामने अपनी गुलाबी चूत को परोस कर रख दी थी,,,, संजू के मुंह में पानी आ रहा था अपनी मामी की चूत को देखकर जो की पूरी तरह से कचोरी की तरह खुली हुई थी संजू अपना हाथ आगे बढ़कर अपनी हथेली को अपनी मामी की चूत पर रखकर उसे कस के अपनी हथेली में दबोचते हुए बोला,,,।)

संजू और सुहानी

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मामी कसम से तुम्हारी चूत एकदम कमसिन लग रही है ऐसा लगता ही नहीं है कि तुमने इस चूत में लंड ली हो ऐसा लग रहा है कि आज जैसे पहली बार अपनी चूत में लंड लेने जा रही हो,,,, लगता है मामा ने तुम्हारी चूत की सेवा बराबर किए नहीं है,,,,।

अगर ठीक से किए होते तो तुम्हारे सामने टांग फैलाए लेटि ना होती,,,,

तब तो अच्छा ही हुआ मामी की मां ने तुम्हारी चूत की सेवा नहीं किए हैं और तुम्हारी सेवा करने का मौका मुझे प्राप्त हो रहा है वरना इतना अनमोल तोहफा मुझे कैसे प्राप्त होता,,,(गुलाबी पत्तियों को उंगलियों के बीच लेकर कुरेदेते हुए बोला जिससे सुहानी एकदम से सिहर उठी,,,,)

संजू उतावलापन दिखते हुए

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सहहहहह आहहहहहहह ,,,,

क्या मामी इतने से ही पागल हुए जा रही हो अभी तो लंड डालना बाकी है तब क्या हालत होगी,,,,

ओहहहह संजू आराम से डालना इतना मोटा और लंबा आज तक इसमें गया नहीं है,,,,

तभी तो मामी तुम्हें आज एक नया सुख देने जा रहा हूं जिसे तुम जिंदगी भर याद रखोगी,,,,(इतना कहने के साथ ही संजू अपने लंड को एक हाथ से पकड़ कर हथौड़े की तरह सुहानी की चूत पर पटकने शुरू कर दिया मानो की गर्म लोहे को हथौड़े से मार मार कर उसे जाकर दे रहा हो,,,, संजू की इस हरकत से सुहानी के तन बदन में नशा छाने लगा,,,,, लंड के हर एक ठाप पर वह सिहर जाती थी और उत्तेजना के मारे अपने चेहरे को दाएं बाएं पटक रही थी,,,, संजू मजा लेने के हेतु अपने लंड को जड़ से पकड़ कर अपनी मामी की चूत पर पूरा का पूरा रख दिया जो कि उसका सुपाड़ा सीधे-सीधे उसकी नाभि तक पहुंचने लगा था,,,, जिसे सुहानी भी अपनी आंखों से देख रही थी और इस नजारे को देखकर अंदर ही अंदर भयभीत हो रही थी और इसी डर को और ज्यादा बढ़ाते हुए संजू बोला,,,)

बिस्तर पर मजा लेते मामी और भांजा

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देख रही हो मम्मी लगता है आज तुम्हारी चूत फट जाएगी,,,

नहीं नहीं संजू ऐसा बिल्कुल भी मत करना जो भी करना एकदम आराम से करना,,,,।

(अपनी मामी के मुंह से इस तरह की बातें सुनकर संजू के चेहरे पर मुस्कान तैरने लगी और वह धीरे से अपने आलू बुखारे जैसे सुपाड़े को अपनी मामी की गुलाबी चूत पर सटाया और धीरे-धीरे उसे अंदर प्रवेश करने लगा हालांकि सुहानी इतने मोटे सपने को पहली बार अपनी चूत में ले रही थी लेकिन फिर भी उसे अंदर लेने के लिए उत्सुक भी थी और घबरा भी रही थी वह अपनी गर्दन को थोड़ा ऊपर की तरफ उठाकर अपनी नजरों को अपनी दोनों टांगों के बीच स्थिर की हुई थी संजू अपना पूरा हुनर दिखाता हुआ धीरे-धीरे चूत के काम रस के गीलेपन से और ढेर सारा थूक अपनी मामी की चूत पर गिरा कर उसे गीला करते हुए अपने लंड के सुपाडे को अंदर डालने की पूरी कोशिश कर रहा था,,,। और उसकी यह मेहनत धीरे-धीरे रंग ला रही थी भले ही सुहानी की चूत में मोटा तगड़ा लंड अभी तक प्रवेश नहीं कर सका हो लेकिन संजू की सूझबूझ और धैर्य के बदौलत धीरे-धीरे सुहानी अपनी कोमल चूत में अपने भांजे के कठोर लंड को धीरे-धीरे ले रही थी,,,, संजू अपनी मामी के चेहरे पर दर्द के भाव साफ तौर पर देख पा रहा था इसलिए वह बोला,,,,।)

सुहानी अपने भांजे क ऊपर

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क्या हुआ मामी कैसा लग रहा है,,,?

तुम्हारा बहुत मोटा है दर्द महसूस हो रहा है,,,,(दर्द से सिसकती हुई सुहानी बोली)

कोई बात नहीं मामी बस थोड़ा सा दर्द झेल लो इसके बाद तो मजा ही मजा है यह बात तो तुम भी अच्छी तरह से जानती हो,,,,

नहीं नहीं मुझे जिस तरह का दर्द आज महसूस हो रहा है ऐसा दर्द कभी महसूस नहीं हुआ,,,

संजू अपनी मामी की चुदाई करता हुआ

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वह इसलिए कि मामा जी का बड़ा ही कमजोर सा लंड है,,, अगर मजबूत मेरे जैसा मोटा तगड़ा होता तो शायद तुम्हारी चूत में सांचा बन गया होता और बड़े आराम से तुम मेरा ले लेती,,,,,(संजू अपनी बातों की जाल में उलझा कर अपने मोटे तगड़े सुपाड़े को अपनी मामी की चूत में प्रवेश कराने की पूरी कोशिश कर रहा था और धीरे-धीरे कामयाबी हो रहा था देखते ही देखते उसका पूरा सुपाड़ा सुहानी की चूत में प्रवेश कर गया,,,, और संजू उत्साहित होता हुआ बोला,,,)

संजू और उसकी मामी

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बस घुस गया ना मामी,,,

(इतना सुनते ही सुहानी वापस अपनी नजरों को अपनी दोनों टांगों के बीच टिका दी और ने देखने लगी और वाकई में संजू के लंड का पूरा सुपाड़ा उसकी चूत में खो गया था और उसके चेहरे पर भी दर्द के भाव के साथ-साथ उत्तेजना और प्रसन्नता के भाव नजर आने लगे उसकी आंखों में नशा के साथ-साथ खुशी भी साथ झलक रही थी,,) अब देखना मामी में तुम्हें कैसे चोदता हूं,,,,।

(और फिर इतना कहने के साथ एक करारा झटका मारा और आधा लंड सुहानी की चूत में घुस गया सुहानी फटी आंखों से अपनी चूत की तरफ देखने लगी उसकी चूत में खूंटे की तरह आधा लंड धसा हुआ था दर्द का एहसास सुहानी को बड़ी अच्छी तरीके से हो रहा था लेकिन एक खुशी भी उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी उसे इस बात की खुशी थी कि आज वह अपनी चूत में एक मर्द के लंड को देख रही थी जो कि आधा उसकी चूत में समाया हुआ था,,,, इस अद्भुत प्रहार से सुहानी के मुंह से हल्कि सी आहह निकल गई थी,,,, और संजू अपनी उत्तेजना पर काबू रखते हुए जितना घुसा था उसी को बाहर निकाल कर उतने से ही उसे चोदना शुरू कर दिया एक तरह से सुहानी के लिए संजू का आधा लंड भी बहुत था वह पूरी तरह से मत हुए जा रही थी उसकी चूत पानी पर पानी छोड़ रही थी संजू आधे लंड से ही उसकी चुदाई करना शुरू कर दिया था अभी तो आधा बचा था,,,, संजू इस तरीके को पहली बार अपनी मामी पर राजमा रहा था वरना एक दो झटके में तो वह कैसी भी चुत हो उसमें अपना लंड प्रवेश कर ही देता था,,,,, लेकिन अपनी सुहानी मामी के मामले में वह थोड़ी नरमी बरस रहा था देखते ही देखते शिवानी के मुंह से गरमा गरम सिसकारी की आवाज फूटने लगी नरम-नरम गद्दे पर सुहानी पूरी तरह से नंगी होकर अपने भांजे से चुदाई का आनंद लूट रही थी,,,, सुहानी कभी सपने में भी नहीं सोची थी कि इस कदर कोई चुदाई भी करता है अब लग तो उसका पति दो-तीन धक्के में ही देर हो जाता लेकिन संजू एक तगड़ा मर्द था जो अपने आधे लंड से ही अपनी मामी की चुदाई करके उसे तृप्त कर रहा था आधे लंड से भर ही सुहानी को मजा आ रहा था लेकिन संजू को अभी पूरा आनंद प्राप्त नहीं हो रहा था जब तक वह अपना पूरा लंड अपनी मामी की चूत में घुस नहीं देता तब तक उसे चुदाई में मजा नहीं आता,,,,।

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सुहानी की चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी जिसमें संजू का आधा लंड पड़े आराम से अंदर बाहर हो रहा था और चुदाई का मजा उसकी मामी भरपूर लूट रही थी उसकी आंखें मदहोशी में बंद हो चुकी थी और उसके हर एक ढक के साथ उसकी खरबूजे जैसी चूचियां छातियो पर पानी भरे गुब्बारे की तरह लहर उठ रही थी,,,, अपनी मामी की हालत देखकर संजू समझ गया कि अब अगला प्रहार करना बेहद जरूरी हो चुका है इसलिए वह अपनी मामी की खरबूजे जैसी चूचियों को दोनों हाथ में दबा लिया और जोरदार धक्का लगाया और इस बार पूरा का पुरा लंड सीधे-सीधे उसके बच्चेदानी से जा टकराया और सुहानी की एकदम से हालत खराब हो गई उसके मुंह से चीख की आवाज निकलती से पहले ही संजू मौके की नजाकत को समझते हुए तुरंत उसके होठों पर अपने हॉट रखकर उसके आवाज को दबा दिया,,,,, और जब तक उसका दर्द कम नहीं हो गया तब तक वह अपने होंठ मैं उसके होठों को भरकर उसके होठों का रस पिता रहा और जैसे ही सुहानी का दर्द आनंद में बदल वैसे ही संजू अपनी कमर को पीछे की तरफ लेकर फिर से धक्का मारा और फिर उसे चोदना शुरू कर दिया उसके हर एक धक्के पर पलंग चरमरा रही थी संजू को बहुत मजा आ रहा था और सुहानी तो मानो स्वर्ग का सुख भोग रही हो,,,,।

संजू अपनी मामी को मस्त करता हुआ

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सुहानी की मोटी मोटी जांघो को अपनी जांघों पर चढ़ाकर संजू धक्के पर धक्के लगा रहा था संजू के फुले हुए अंडकोष बार-बार सुहानी की गांड से टकरा जा रहे थे जिससे एक अलग ही ठाप की आवाज सुनाई दे रही थी,,,,

मामी और भांजे दोनों की मदहोशी का ठिकाना नहीं था,,,, सुहानी दोपहर के समय,,, अपने पति की फिर हाजिरी में अपने ही कमरे में अपने ही भांजे के साथ हम बिस्तर होगी इस बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं थी और ना ही कभी ऐसा करने की कोशिश की थी लेकिन आज सब कुछ बदल गया था,,,,, संजू की चिकनी चुपड़ी बातों में वह पुरी तरह से मदहोश हो चुकी थी ऐसा नहीं था कि इसमें सारा कसूर संजू का ही था सुहानी की जरूरत भी यही थी बस वह अभी तक अपनी जरूरत को अपने अरमानों को सच करने की कोशिश नहीं की थी लेकिन आज संजू ने उसके मन के उबाल को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया था और जिसका नतीजा वह बिस्तर पर नंगी होकर अपने ही भांजे से चुदवा रही थी,,,,,

कुछ देर तक संजू इसी अवस्था में सुहानी की चुदाई करता रहा कमरे की दोनों खिड़कियों से ठंडी हवा दोनों के बदन को कुछ राहत प्रदान कर रही थी लेकिन दोनों की जवानी की गर्मी इतनी जबरदस्ती थी कि बार-बार दोनों के बदन से पसीने की बूंदें टपक रही थी यह पसीने की बूंदे दोनों की मेहनत का नतीजा था दोनों किसी भी तरह की कसर बाकी रखना नहीं चाहते थे संजू के दिलों दिमाग पर सुहानी की मदमाश कर देने वाली जवानी पूरा असर दिख रही थी वह जल्दी से अपने लंड को अपनी मामी की चूत से बाहर निकाला और तुरंत उसे पलटने के लिए कह दिया शादीशुदा सुहानी अच्छी तरह से जानती थी कि उसे आप क्या करना है वह तुरंत घुटनों और हाथ की कहानी केवल बिस्तर पर घोड़ी बन गई और संजू पीछे से अपनी मामी की गोल-गोल बड़ी-बड़ी गांड को दोनों हाथों से पकड़ कर एक झटके में उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और फिर कमर हिलाना शुरू कर दिया हर तरीके से संजू अपनी मामी को प्रसन्न करना चाह रहा था और सुहानी को संजू के हर तरीके से बेहद आनंद की प्राप्ति हो रही थी पीछे से तो उसकी चूत के अंदर तक संजू का लंड महसूस हो रहा था,,,,।

मामी और भांजे दोनों की कम लीला को तकरीबन डेढ़ घंटे का समय हो गया था इस दौरान सुहानी दो बार पानी छोड़ चुकी थी लेकिन संजू अभी भी बरकरार था इसलिए तो सुहानी भी एकदम हैरान हो गई थी अपने भांजे की मर्दाना ताकत को देख कर,,,,, लगातार कमरे में सुहानी की गरमा गरम सिसकारी और आहहह ऊहहहह की आवाज गूंज रही थी जिससे संजू का हौसला बढ़ता जा रहा था दो बार झड़ने के बावजूद भी सुहानी भी संजू का बराबर का साथ दे रही थी,,,,, लेकिन अभी तक संजू का पानी निकला नहीं था इसलिए वह एक पोजीशन और बदलना चाहता था और वह तुरंत पीछे से अपनी मामी की चूत में से अपना लंड बाहर निकाला और बिस्तर पर चित लेट गया,,,, और फिर संजु एक हाथ से अपने लंड को पकड़ कर हिलाते हुए अपनी मामी से बोला,,,,।

आ जाओ मामी ईस पर चढ़ जाओ,,,,।

(संजु की इस बात को सुनकर सुहानी एकदम से शर्मा गई क्योंकि आज तक उसने अपने पति के साथ किस तरह की क्रिया नहीं की थी और ना ही उसके पति ने इस तरह से कभी करने के लिए बोला था,,,)

शरमाओ मत मामी आ जाओ बहुत मजा आएगा,,,।

(फिर जैसे तैसे करके सुहानी शरमाते हुए अपने घुटनों के बाल संजू के इर्द-गिर्द अपना घुटना रखकर एक हाथ नीचे की तरफ ले गई और पहली बार वह संजू के लंड को अपने हाथ से पकड़ रही थी इसलिए एक बार फिर से उसके बदन में उत्तेजना की लहर दौड़ गई संजू के लंड को मुंह में लेकर चूसने के बावजूद भी है संजू के लंड को अपने हाथ से पकड़ी नहीं थी,,,, लेकिन इस समय उसके तन बदन में नई हलचल महसूस होने लगी थी वह संजू के लंड को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत के मुख पर रख रही थी शर्म सील और मर्यादा से लदी हुई सुहानी के लिए हरकत करना शर्मसार कर देने वाला था वह शर्म से गाड़ी जा रही थी लेकिन उत्तेजना से पूरी तरह से डूब चुकी सुहानी को इस हरकत से जहां शर्मा महसूस हो रही थी वही आनंद की पराकाष्ठा भी महसूस हो रही थी वह धीरे से संजू के लंड को अपनी चूत के मुहाने पर लगाई और अपनी गोल-गोल गांड का दबाव लंड पर बढ़ाने लगी,,, और देखते ही देखते सुहानी संजू के लंड को अपनी चूत में भर ली और फिर उसे पर कूदना शुरू कर दो आज तक ऐसी हरकत उसने अपने पति के साथ नहीं की थी लेकिन संजू के साथ करने में उसे बेहद आनंद की प्राप्ति हो रही थी संजू भी बहुत खुश था उसकी उछाटलती हुई चूचियों को संजू अपने दोनों हाथों से पकड़ कर नीचे से भी धक्का लगा रहा था,,,,, कुछ देर तक सुहानी इसी तरह से अपने भांजे के लंड पर उठक बैठक करती रही,,, लेकिन आप संजू झड़ने के कगार पर पहुंच चुका था और ऐसे हालात में तेज धकके साथ ही उसे ज्यादा मजा आता था इसलिए वह सुहानी से बिना कुछ बोले,,,वह अपनी मामी को अपनी बाहों में कस लिया और तुरंत पलटी मार दिया और इस तरह से एक बार फिर से संजू की मामी उसके नीचे आ गई और संजू उसके ऊपर और फिर वह धक्का मारना शुरू कर दिया और ऐसे तेज धक्के मार रहा था कि ऐसा लग रहा था कि उसकी पलंग टूट जाएगी लेकिन इस तरह के तेज धक्के से सुहानी एकदम निहाल हो गई और गहरी गहरी सांस लेते हुए वह दोनों एकदम साथ में झड़ गए,,,,,।

सुहानी ने आज तक इस तरह का सुख कभी भी प्राप्त नहीं की थी और ना ही कभी इस तरह के सुख के बारे में कभी कल्पना ही की थी लेकिन संजू ने उसे संभोग की एक नई परिभाषा सिखाया था जो उसे अपने अरमानों की ऊंचाई तक ले गया था सुहानी पूरी तरह से खुश थी लेकिन समय ज्यादा हो गया था वह जल्दी से उठकर अपने कपड़े पहनना शुरू कर दी और संजू को भी कपड़े पहनने के लिए बोली संजू जल्दी से कपड़े पहन कर सबसे नजर बचाकर अपनी मामी के कमरे से बाहर निकल गया और सुहानी कुछ देर तक वही कपड़े पहन कर लेट कर आराम करने के बाद बाहर निकाल कर आई आज उसके चेहरे पर बड़ी ही तक की नजर आ रही थी संतुष्टि के भाव नजर आ रहे थे जो कि आज तक उसे अपने पति से प्राप्त नहीं हुआ था,,,।
 
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