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- Dec 5, 2013
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सावित्री अपने कमरे में जाकर राजेश की आने का इंतजार करने लगी।
सुमित्रा _राजेश, अब क्या होगा? मुझे लगता है कि सावित्री दीदी को सब पता चल गया।
क्या सोच रही होंगी मेरे बारे में वैसे भी आज मुझे देर तक करवाने का मूड था सब गुड गोबर हो गया।
राजेश _मामी आप चिन्ता मत करो। तुम तैयार रहना। जैसे ही मैं आवाज लगाऊंगा कमरे में आ जाना।
सुमित्रा _क्यू दीदी के कमरे में जाकर मै क्या करूंगी?
राजेश _थ्रीसम करेंगे और क्या?
वैसे भी मैं 2/3दिन ही यहां रहूंगा फिर अपना घर चला जाऊंगा। मेरी याद आयेगी फिर सारी रात जागती रहोगी।
आज हम थ्रीसम करेंगे। फिर जब भी मेरी याद आयेगी तुम और बड़ी मामी एक दूसरे की प्यास बुझा लेना।
सुमित्रा _इसका मतलब तुम सावित्री दीदी का भी भोग लगा लिए।
राजेश _मुस्कुराने लगा।
सुमित्रा _हे भगवान, पर ये सब huwa कैसे? सावित्री दीदी तो धार्मिक संस्कारी और पतिव्रता स्त्री है वह किसी गैर मर्द के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकती फिर तुमने उसे राजी कैसे किया।
राजेश _अरे मामी छोड़ो न जानकर क्या करोगी?
अच्छा मै जा रहा हूं बड़े मामी के कमरे में तुम तैयार रहना।
राजेश सुमित्रा के कमरे से निकल कर सावित्री के कमरे में चला गया।
सावित्री _कब से चल रहा है तेरे और सुमित्रा के बीच।
राजेश _क्या ? मै समझा नही।
सावित्री _ज्यादा भोले मत बनो। मैंने सुमित्रा की सिसकारी सुनी।
बताओ सच सच।
राजेश _जब इलाज के लिए, शहर गई थी तब।
सावित्री _इसका मतलब, उसके बच्चे का असली बाप तू है।
राजेश _छोटे मामा में ही कमी थी, उसके बीज मे वो क्षमता नही था कि वो छोटे मामी को मां बना सके।
तो मैंने उसकी मदद की।
क्या मैंने ठीक नहीं किया?
सावित्री _क्या ये बात किसी और को मालूम है?
राजेश _हा, प्रिया दी और मां को पता है।
सावित्री _ओह, ये बात किसी बाहर वाले को पता नही चलनी चाहिए। नही तो बड़ी बदनामी होगी।
राजेश _जी।
अच्छा अब मैं चलता हूं।
सावित्री _क्यों, मन भर गया क्या मुझसे?
राजेश _जी यह जानने के बाद शायद आपका मूड खराब हो गया हो।
सावित्री _पता नही, तुमने क्या जादू कर दिया है, बेड पर सोते ही, तेरा घोड़ा याद आने लगता है। ऊपर से सुमित्रा की सिसकारी सुनकर आग और भड़क गई है।
आज मुझे जमकर चोद।
सावित्री ने राजेश की लोवर खिसका कर उसका लंद बाहर निकाल लिया और उसका लंद पकड़ कर चूसना शुरू कर दी।
राजेश, प्यार से उसकी बालों को सहलाने लगा। सावित्री
लंद चूसते चूसते कही खो गई।
राजेश _मामी कहा खो गई।
सावित्री होश में आई।
सावित्री _मै कुछ सोच रही थी।
राजेश _क्या सोचने लगीं।
सावित्री _सुप्रिया बता रही थी कि उसकी सास उसे ताने मारती रहती है।
राजेश _क्यूं?
सावित्री _उसका कोई लडका नही है न इस कारण।
राजेश _तो लडके के लिए दीदी और जीजू और प्रयास क्यों नहीं करती।
सावित्री _उन लोगो ने दो बार और प्रयास किया था, पर जांच में पता चला की वे भी लड़किया है तो उसकी सास ने तीन माह में ही बच्चे गिरा दी।
राजेश _ओह।
सावित्री _ज्यादा गर्भपात कराने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है इसलिए डॉक्टर ने और गर्भ पात न कराने की सलाह दी है। इसलिए उन दोनो ने अब उम्मीद छोड़ दी।
राजेश मै सोच रही हूं कि क्यू न तुम सुप्रिया को एक बच्चा दो?
राजेश _मामी ये आप क्या कह रही है?
सावित्री _मेरी बेटी को कोई ताना मारे, ये मुझे बर्दास्त नही होता जबकि मेरी बेटी की कोई गलती नही है। लडका या लड़की होना ये तो पुरष पर निर्भर करता है न। औरतों पर नही।
तुम ज्यादा दिन तो यहां रुकोगे नही। इसलिए मैं सोच रही हूं की क्यू न आज से ही शुरू करे।
राजेश _पर क्या दीदी इसके लिए तैयार होगी।
सावित्री _मै उसे मनाऊंगी।
तुम तैयार हो न।
राजेश _अगर आप दोनो, तैयार हो तो पर मेरी एक शर्त है।
सावित्री _कैसी शर्त?
राजेश _आपके सामने ही, उसके गर्भ में अपना बीज डालूंगा।
सावित्री _ये कैसी शर्त है, मेरे सामने ही।
राजेश _हा और सुमित्रा मामी भी साथ होगी।
सावित्री _ये कैसा हो सकता है?
राजेश _हो सकता है, अगर आप चाहे तो।
सावित्री _पर सुमित्रा की सामने मौजुद रहने की क्या जरूरत है, मै रह जाऊंगी।
राजेश _मेरी इच्छा है, क्या मेरी इच्छा के लिए ये आप नही कर सकती।
वैसे भी, छोटी मामी की इच्छा अभी पूरी नही हुई थी आपके कारण, मुझे उसे बिना संतुष्ट किए ही, आना पड़ा।
वो साथ में रहेगी तो, मै तीनो को ठंडा कर पाऊंगा। और सभी चैन से सो पाएंगे।
सावित्री _पर अपनी बेटी के सामने मै नंगी नही हो पाऊंगी।
सुप्रिया क्या सोचेगी मेरे बारे में, उसकी मां जो सती सावित्री बनी फिरती थी वो रण्डी निकली।
न बाबा मै उसके सामने नही कर पाऊंगी।
मैं शर्म से मर ही जाऊंगी।
राजेश _अरे मामी, अपनी ही बेटी के सामने चुदने में आपको डबल मजा आयेगा।
सावित्री _न बाबा न मुझसे नही हो पाएगा।
राजेश _ठीक है फिर रहने दो, मुझे नही बनना है सुप्रिया दीदी के बच्चे का बाप।
सावित्री _तू समझ क्यू नही रहा है? मै सुप्रिया के सामने नही chud पाऊंगी।
राजेश _अच्छा ठीक है, तुम मत chudna पर साथ में रहना।
सावित्री _ठीक है। तुम सुमित्रा को बुला लो। मै सुप्रिया को लेकर आती हूं।
सावित्री अपने कमरे से निकल कर सुप्रिया के कमरे के पास जाकर दरवाज़ा खटखटाया।
सुप्रिया ने दरवाज़ा खोली।
सुप्रिया _मां, आप इस समय, कुछ काम था क्या?
सावित्री _हा बेटी, बच्चे सो गए क्या?
सुप्रिया _हा, दोनो सो रहे हैं।
सावित्री _इधर आओ, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।
सावित्री और सुप्रिया दोनो हाल में आ गए।
सुप्रिया _क्या बात है मां?
सावित्री _बेटी, क्या तुम्हारी सास तुम्हे अब भी ताना देती है, लडका पैदा न कर पाने को लेकर।
सुप्रिया _मां, ये सब बातें इतनी रात को क्यों पूछ रही हो।
सावित्री _हा बेटी, तुम्हे अजीब तो ज़रूर लग रहा होगा, पर मै तुम्हारी खुशियां चाहती हूं, मै नही चाहती की मेरी बेकसूर बेटी को कोई ताना मारे।
सुप्रिया _मां, आप कहना क्या चाह रही हो?
सावित्री _बेटी, लड़की या लडका पैदा करना, पुरुषो के ऊपर होता है, औरतों के ऊपर नही, दामाद जी और तुमने चार बार कोशिश की, मुझे लगता है कि दामाद जी में लडका पैदा करने की क्षमता नही है, बार बार गर्भपात कराने से तुम्हारे जान पर भी बन सकती हैं।
सुप्रिया _तो क्या सकते हैं मां? हमारे बस में तो कुछ है नही।
सावित्री _बेटी, दामाद जी के बस में भले ही न हो पर तुम्हारे बस में है, अगर तुम चाहो।
सुप्रिया _मै कुछ समझा नही मां?
सावित्री _बेटी मै चाहती हु,तुम किसी और के साथ एक बार कोशिश करके देख लो, शायद लडका हो जाय।
सुप्रिया _मां, ये आप क्या कह रही है?
सावित्री _हा बेटी, काफी सोचने के बाद मैंने ये तुम्हे सलाह देने की सोंचा है।
सुप्रिया _पर मां मैं किसी और से बच्चा पैदा करू,ये मुझसे नही हो पाएगा।
सावित्री _अरे बेटी कब तक अपनी सास की ताना सुनती रहेगी, तुम्हारी सास गर्भपात करा करा कर तुम्हारी जान ही ले लेगी। तुम मेरी सलाह मान लो।
सुप्रिया _मां वैसे इसकी क्या गारेंटी है जिसके साथ मै सोऊंगी, उससे लडका ही होगा।
सावित्री _क्यों की वह लडका पैदा कर चुका है?
सुप्रिया _कौन है वो, जिसके साथ मुझे सोने को बोल रही हो, मै भी तो जानू।
सावित्री _तुम्हारा भाई।
सुप्रिया _मेरा भाई, मै समझा नही। तुम किसकी बात कर रही हो।
सावित्री _अरे राजेश, और कौन है, तेरा भाई।
सुप्रिया _क्या?
सावित्री _हां मै चाहती हूं की तुम राजेश से बच्चा पैदा कर लो।
सुप्रिया _मां आप तो कह रही थी, वो एक लडके का बाप है?
राजेश का तो अभी शादी नहीं हुई है।
सावित्री _बाप बनने के लिए क्या शादी होना जरूरी है?
सुप्रिया _मतलब , राजेश ने किसीदूसरी की औरत को पेट से किया? मै भी तो जानू, वो किसके बच्चे का बाप है?
सावित्री _तुम्हारी, चाची के,,
सुप्रिया _क्या?
सावित्री _तुम्हारे चाचा के बीज में बच्चा पैदा करने की क्षमता नही था, तो सुमित्रा ने राजेश का मदद लिया। मै चाहती हूं, तुम भी राजेश से लडका पैदा कर लो।
सुप्रिया मुस्कुराने लगी।
वह अपने आप से कहने लगी,,
ये राजेश तो छुपा रुस्तम निकला, मतलब ये प्रिया दीदी के साथ साथ चाची का भी बजा रहा है।
हे भगवान मै तो पहले से ही सोच रही थी की क्यू न मै राजेश से लडका पैदा करने की कोशिश कर लूं।
पर डर रही थी किसी को पता न चल जाए। अब तो मां खुद ही कह रही है।
मै राजेश की बच्चे की मां बनूंगी, इससे अच्छी बात तो और हो ही नहीं सकती।
सावित्री _बेटी क्या सोचने लगी।
सुप्रिया _पर मां क्या राजेश इसके लिए तैयार होगा।
सावित्री _, मैने राजेश से बात कर ली है। वो तैयार है पर उसकी एक शर्त है।
सुप्रिया _कैसी शर्त मां।
सावित्री _वो चाहता है की, जब तुम दोनो एक दूसरे के क़रीब आओ तो उस समय मैं और तेरी चाची भी मौजुद रहे।
सुप्रिया _क्या?
मतलब शैतान, चाची और मां के सामने ही मेरी लेना चाहता है, वह अपने मन में बोली।
सावित्री _बेटी फिर क्या सोचने लगी?
सुप्रिया _मां, मुझे बड़ी शर्म आयेगी, मै आपके और चाची के सामने ही कैसे राजेश के साथ सो पाऊंगी?
सावित्री _शर्म तो मुझे भी बहुत आयेगी बेटी, पर कमबख्त की यही ईच्छा है।
अब मजबूरी है।
सुप्रिया सुबह ही राजेश से chudi थी, जिसका दर्द अभी गया नही था।
अब जब उसे उसे पता चला कि वह अपनी मां और चाची के सामने ही राजेश से चुदेगी यह सोचकर उसे शर्म तो आ रही थी। पर उसकी boor में फिर से पानी रिसना शुरू हो गया।
उधर राजेश ने सुमित्रा को सारी बाते बता दी थी।
सुमित्रा और राजेश सावित्री के कमरे में इन्तजार कर रही थी।
सुप्रिया और सावित्री दोनो कमरे में पहुंची।
राजेश और सुमित्रा दोनो पहले से मौजूद थे।
राजेश _मामी क्या दीदी तैयार है मेरे बच्चे की मां बनने के लिए।
सावित्री _खुद ही पूछ लो।
सुप्रिया _मां तुम भी न, शर्म से पानी पानी होते हुए बोली।
राजेश _दीदी तो शर्माने लगी।
सावित्री _सुप्रिया की हां है।
राजेश _तो शुरू करे।
सुमित्रा _हां, पहले तुम अपने कपड़े उतारो।
राजेश अपना कपड़ा उतार कर नंगा हो गया।
उसका तना huwa लंद झटका मारते हुए सबके सामने आ गया।
सुमित्रा _तेरा घोड़ा तो पहले से और लंबा और मोटा लग रहा है re, कही अपनी बहन को मां बनाने का सोच कर तो और ज्यादा फूल कर, ठुमक तो नही रहा।
सुप्रिया शर्म से पानी पानी हो गई।
राजेश _हा मुझे भी लगता है। मेरा नुनु दीदी को मां बनाने के लिए ज्यादा मोटा और लंबा हो गया है।
सुमित्रा _चल सुप्रिया तू भी उतार दे अपने कपड़े और दिखा दे अपनी गुफा अपनी भाई को, ताकि वहा घुस कर तेरी कोख में अपना बीज डालकर अपना पानी निकाल सके।
सुप्रिया _चाची तुम भी न,
सावित्री और सुमित्रा हसने लगी।
सुप्रिया _मां मै अपने कपड़े नही उतारूंगी। आप लोगो के सामने मुझे बड़ी शर्म आ रही है।
सुमित्रा _
अरे लडका पैदा करना है तो शर्म छोड़नी पड़ेगी।
सावित्री _अच्छा ठीक है, तू अपना नाइटी पहनी रह, अपनी पेंटी उतार दे।
सुप्रिया अपनी पेंटी, खिसका कर उतार दी।
सुमित्रा _चल अब घोड़ी बन जा।
सावित्री हसने लगी।
सुप्रिया _चाची आप भी न।
सुमित्रा _अरे झुकेगी तभी तो तुम्हारे गुफा में राजेश घुसेगा।
सावित्री हसने लगी।
सुप्रिया बेड पकड़ कर घोड़ी बन गई।
सुमित्रा ने उसकी नाइटी ऊपर उठा दिया।
सुमित्रा _दीदी, अब शुरू हो जाओ, राजेश का घोड़ा को तैयार करो, गुफा में घुसने के लिए। मै गुफा को तैयार करती हूं।
सावित्री राजेश के पैरो के नीचे बैठ गई और राजेश का लंद पकड़ कर चूसने लगी।
इधर सुमित्रा, सुप्रिया की chut चाटने लगी।
जिससे सुप्रिया सिसकने लगीं।
राजेश नीचे झुक कर सावित्री की ब्लाउज के ऊपर से ही चूची मसलने लगा।
जिससे सावित्री गर्म होने लगी।
राजेश _मामी खोल दो न अपनी ब्लाउज। तुम्हारी चूंची से खेलना है मुझे।
सावित्री गर्म हो गई थी वह अपनी ब्लाउज निकाल दी।
राजेश नीचे झुक कर उसकी चूची मसलने लगा।
राजेश _छोटे मामी तुम भी अपने सारे कपड़े उतार दो, मुझे तुम्हारे दूध पीना है।
सुमित्रा, एक एक कर अपनी सारे कपड़े उतार दी और पूरी नंगी हो गई।
फिर से वह सुप्रिया की boor चाटने लगी।
सुमित्रा _सावित्री दीदी अब राजेश का घोड़ा सुप्रिया की गुफा में डाल दो।
सावित्री ने राजेश का लंद पकड़ कर उसे सुप्रिया की boor में सेट कर दिया।
राजेश ने एक जोर का धक्का मारा।
लंद boor चीरकर आधा से ज्यादा अदंर समा गया।
सुप्रिया _उई मां,
सावित्री _क्या huwa बेटी?
सुप्रिया _मां देखो न बदमाश ने एक ही बार में पुरा घुसा दिया।
सावित्री हसने लगी।
अब राजेश सुमित्रा को अपने पास खीच लिया और उसकी चूची को मुंह में भर कर चूसते हुए।
सुप्रिया को चोदना शुरु कर दिया।
उसका लंद सुप्रिया की boor में गपा गप अदंर बाहर होने लगा।
यह दृश्य देखकर सावित्री उत्तेजित हो गई और अपने कपडे उतार कर नंगी हो कर अपनी हाथ boor खुजाने लगी।
सुमित्रा _राजेश, अब क्या होगा? मुझे लगता है कि सावित्री दीदी को सब पता चल गया।
क्या सोच रही होंगी मेरे बारे में वैसे भी आज मुझे देर तक करवाने का मूड था सब गुड गोबर हो गया।
राजेश _मामी आप चिन्ता मत करो। तुम तैयार रहना। जैसे ही मैं आवाज लगाऊंगा कमरे में आ जाना।
सुमित्रा _क्यू दीदी के कमरे में जाकर मै क्या करूंगी?
राजेश _थ्रीसम करेंगे और क्या?
वैसे भी मैं 2/3दिन ही यहां रहूंगा फिर अपना घर चला जाऊंगा। मेरी याद आयेगी फिर सारी रात जागती रहोगी।
आज हम थ्रीसम करेंगे। फिर जब भी मेरी याद आयेगी तुम और बड़ी मामी एक दूसरे की प्यास बुझा लेना।
सुमित्रा _इसका मतलब तुम सावित्री दीदी का भी भोग लगा लिए।
राजेश _मुस्कुराने लगा।
सुमित्रा _हे भगवान, पर ये सब huwa कैसे? सावित्री दीदी तो धार्मिक संस्कारी और पतिव्रता स्त्री है वह किसी गैर मर्द के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकती फिर तुमने उसे राजी कैसे किया।
राजेश _अरे मामी छोड़ो न जानकर क्या करोगी?
अच्छा मै जा रहा हूं बड़े मामी के कमरे में तुम तैयार रहना।
राजेश सुमित्रा के कमरे से निकल कर सावित्री के कमरे में चला गया।
सावित्री _कब से चल रहा है तेरे और सुमित्रा के बीच।
राजेश _क्या ? मै समझा नही।
सावित्री _ज्यादा भोले मत बनो। मैंने सुमित्रा की सिसकारी सुनी।
बताओ सच सच।
राजेश _जब इलाज के लिए, शहर गई थी तब।
सावित्री _इसका मतलब, उसके बच्चे का असली बाप तू है।
राजेश _छोटे मामा में ही कमी थी, उसके बीज मे वो क्षमता नही था कि वो छोटे मामी को मां बना सके।
तो मैंने उसकी मदद की।
क्या मैंने ठीक नहीं किया?
सावित्री _क्या ये बात किसी और को मालूम है?
राजेश _हा, प्रिया दी और मां को पता है।
सावित्री _ओह, ये बात किसी बाहर वाले को पता नही चलनी चाहिए। नही तो बड़ी बदनामी होगी।
राजेश _जी।
अच्छा अब मैं चलता हूं।
सावित्री _क्यों, मन भर गया क्या मुझसे?
राजेश _जी यह जानने के बाद शायद आपका मूड खराब हो गया हो।
सावित्री _पता नही, तुमने क्या जादू कर दिया है, बेड पर सोते ही, तेरा घोड़ा याद आने लगता है। ऊपर से सुमित्रा की सिसकारी सुनकर आग और भड़क गई है।
आज मुझे जमकर चोद।
सावित्री ने राजेश की लोवर खिसका कर उसका लंद बाहर निकाल लिया और उसका लंद पकड़ कर चूसना शुरू कर दी।
राजेश, प्यार से उसकी बालों को सहलाने लगा। सावित्री
लंद चूसते चूसते कही खो गई।
राजेश _मामी कहा खो गई।
सावित्री होश में आई।
सावित्री _मै कुछ सोच रही थी।
राजेश _क्या सोचने लगीं।
सावित्री _सुप्रिया बता रही थी कि उसकी सास उसे ताने मारती रहती है।
राजेश _क्यूं?
सावित्री _उसका कोई लडका नही है न इस कारण।
राजेश _तो लडके के लिए दीदी और जीजू और प्रयास क्यों नहीं करती।
सावित्री _उन लोगो ने दो बार और प्रयास किया था, पर जांच में पता चला की वे भी लड़किया है तो उसकी सास ने तीन माह में ही बच्चे गिरा दी।
राजेश _ओह।
सावित्री _ज्यादा गर्भपात कराने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है इसलिए डॉक्टर ने और गर्भ पात न कराने की सलाह दी है। इसलिए उन दोनो ने अब उम्मीद छोड़ दी।
राजेश मै सोच रही हूं कि क्यू न तुम सुप्रिया को एक बच्चा दो?
राजेश _मामी ये आप क्या कह रही है?
सावित्री _मेरी बेटी को कोई ताना मारे, ये मुझे बर्दास्त नही होता जबकि मेरी बेटी की कोई गलती नही है। लडका या लड़की होना ये तो पुरष पर निर्भर करता है न। औरतों पर नही।
तुम ज्यादा दिन तो यहां रुकोगे नही। इसलिए मैं सोच रही हूं की क्यू न आज से ही शुरू करे।
राजेश _पर क्या दीदी इसके लिए तैयार होगी।
सावित्री _मै उसे मनाऊंगी।
तुम तैयार हो न।
राजेश _अगर आप दोनो, तैयार हो तो पर मेरी एक शर्त है।
सावित्री _कैसी शर्त?
राजेश _आपके सामने ही, उसके गर्भ में अपना बीज डालूंगा।
सावित्री _ये कैसी शर्त है, मेरे सामने ही।
राजेश _हा और सुमित्रा मामी भी साथ होगी।
सावित्री _ये कैसा हो सकता है?
राजेश _हो सकता है, अगर आप चाहे तो।
सावित्री _पर सुमित्रा की सामने मौजुद रहने की क्या जरूरत है, मै रह जाऊंगी।
राजेश _मेरी इच्छा है, क्या मेरी इच्छा के लिए ये आप नही कर सकती।
वैसे भी, छोटी मामी की इच्छा अभी पूरी नही हुई थी आपके कारण, मुझे उसे बिना संतुष्ट किए ही, आना पड़ा।
वो साथ में रहेगी तो, मै तीनो को ठंडा कर पाऊंगा। और सभी चैन से सो पाएंगे।
सावित्री _पर अपनी बेटी के सामने मै नंगी नही हो पाऊंगी।
सुप्रिया क्या सोचेगी मेरे बारे में, उसकी मां जो सती सावित्री बनी फिरती थी वो रण्डी निकली।
न बाबा मै उसके सामने नही कर पाऊंगी।
मैं शर्म से मर ही जाऊंगी।
राजेश _अरे मामी, अपनी ही बेटी के सामने चुदने में आपको डबल मजा आयेगा।
सावित्री _न बाबा न मुझसे नही हो पाएगा।
राजेश _ठीक है फिर रहने दो, मुझे नही बनना है सुप्रिया दीदी के बच्चे का बाप।
सावित्री _तू समझ क्यू नही रहा है? मै सुप्रिया के सामने नही chud पाऊंगी।
राजेश _अच्छा ठीक है, तुम मत chudna पर साथ में रहना।
सावित्री _ठीक है। तुम सुमित्रा को बुला लो। मै सुप्रिया को लेकर आती हूं।
सावित्री अपने कमरे से निकल कर सुप्रिया के कमरे के पास जाकर दरवाज़ा खटखटाया।
सुप्रिया ने दरवाज़ा खोली।
सुप्रिया _मां, आप इस समय, कुछ काम था क्या?
सावित्री _हा बेटी, बच्चे सो गए क्या?
सुप्रिया _हा, दोनो सो रहे हैं।
सावित्री _इधर आओ, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है।
सावित्री और सुप्रिया दोनो हाल में आ गए।
सुप्रिया _क्या बात है मां?
सावित्री _बेटी, क्या तुम्हारी सास तुम्हे अब भी ताना देती है, लडका पैदा न कर पाने को लेकर।
सुप्रिया _मां, ये सब बातें इतनी रात को क्यों पूछ रही हो।
सावित्री _हा बेटी, तुम्हे अजीब तो ज़रूर लग रहा होगा, पर मै तुम्हारी खुशियां चाहती हूं, मै नही चाहती की मेरी बेकसूर बेटी को कोई ताना मारे।
सुप्रिया _मां, आप कहना क्या चाह रही हो?
सावित्री _बेटी, लड़की या लडका पैदा करना, पुरुषो के ऊपर होता है, औरतों के ऊपर नही, दामाद जी और तुमने चार बार कोशिश की, मुझे लगता है कि दामाद जी में लडका पैदा करने की क्षमता नही है, बार बार गर्भपात कराने से तुम्हारे जान पर भी बन सकती हैं।
सुप्रिया _तो क्या सकते हैं मां? हमारे बस में तो कुछ है नही।
सावित्री _बेटी, दामाद जी के बस में भले ही न हो पर तुम्हारे बस में है, अगर तुम चाहो।
सुप्रिया _मै कुछ समझा नही मां?
सावित्री _बेटी मै चाहती हु,तुम किसी और के साथ एक बार कोशिश करके देख लो, शायद लडका हो जाय।
सुप्रिया _मां, ये आप क्या कह रही है?
सावित्री _हा बेटी, काफी सोचने के बाद मैंने ये तुम्हे सलाह देने की सोंचा है।
सुप्रिया _पर मां मैं किसी और से बच्चा पैदा करू,ये मुझसे नही हो पाएगा।
सावित्री _अरे बेटी कब तक अपनी सास की ताना सुनती रहेगी, तुम्हारी सास गर्भपात करा करा कर तुम्हारी जान ही ले लेगी। तुम मेरी सलाह मान लो।
सुप्रिया _मां वैसे इसकी क्या गारेंटी है जिसके साथ मै सोऊंगी, उससे लडका ही होगा।
सावित्री _क्यों की वह लडका पैदा कर चुका है?
सुप्रिया _कौन है वो, जिसके साथ मुझे सोने को बोल रही हो, मै भी तो जानू।
सावित्री _तुम्हारा भाई।
सुप्रिया _मेरा भाई, मै समझा नही। तुम किसकी बात कर रही हो।
सावित्री _अरे राजेश, और कौन है, तेरा भाई।
सुप्रिया _क्या?
सावित्री _हां मै चाहती हूं की तुम राजेश से बच्चा पैदा कर लो।
सुप्रिया _मां आप तो कह रही थी, वो एक लडके का बाप है?
राजेश का तो अभी शादी नहीं हुई है।
सावित्री _बाप बनने के लिए क्या शादी होना जरूरी है?
सुप्रिया _मतलब , राजेश ने किसीदूसरी की औरत को पेट से किया? मै भी तो जानू, वो किसके बच्चे का बाप है?
सावित्री _तुम्हारी, चाची के,,
सुप्रिया _क्या?
सावित्री _तुम्हारे चाचा के बीज में बच्चा पैदा करने की क्षमता नही था, तो सुमित्रा ने राजेश का मदद लिया। मै चाहती हूं, तुम भी राजेश से लडका पैदा कर लो।
सुप्रिया मुस्कुराने लगी।
वह अपने आप से कहने लगी,,
ये राजेश तो छुपा रुस्तम निकला, मतलब ये प्रिया दीदी के साथ साथ चाची का भी बजा रहा है।
हे भगवान मै तो पहले से ही सोच रही थी की क्यू न मै राजेश से लडका पैदा करने की कोशिश कर लूं।
पर डर रही थी किसी को पता न चल जाए। अब तो मां खुद ही कह रही है।
मै राजेश की बच्चे की मां बनूंगी, इससे अच्छी बात तो और हो ही नहीं सकती।
सावित्री _बेटी क्या सोचने लगी।
सुप्रिया _पर मां क्या राजेश इसके लिए तैयार होगा।
सावित्री _, मैने राजेश से बात कर ली है। वो तैयार है पर उसकी एक शर्त है।
सुप्रिया _कैसी शर्त मां।
सावित्री _वो चाहता है की, जब तुम दोनो एक दूसरे के क़रीब आओ तो उस समय मैं और तेरी चाची भी मौजुद रहे।
सुप्रिया _क्या?
मतलब शैतान, चाची और मां के सामने ही मेरी लेना चाहता है, वह अपने मन में बोली।
सावित्री _बेटी फिर क्या सोचने लगी?
सुप्रिया _मां, मुझे बड़ी शर्म आयेगी, मै आपके और चाची के सामने ही कैसे राजेश के साथ सो पाऊंगी?
सावित्री _शर्म तो मुझे भी बहुत आयेगी बेटी, पर कमबख्त की यही ईच्छा है।
अब मजबूरी है।
सुप्रिया सुबह ही राजेश से chudi थी, जिसका दर्द अभी गया नही था।
अब जब उसे उसे पता चला कि वह अपनी मां और चाची के सामने ही राजेश से चुदेगी यह सोचकर उसे शर्म तो आ रही थी। पर उसकी boor में फिर से पानी रिसना शुरू हो गया।
उधर राजेश ने सुमित्रा को सारी बाते बता दी थी।
सुमित्रा और राजेश सावित्री के कमरे में इन्तजार कर रही थी।
सुप्रिया और सावित्री दोनो कमरे में पहुंची।
राजेश और सुमित्रा दोनो पहले से मौजूद थे।
राजेश _मामी क्या दीदी तैयार है मेरे बच्चे की मां बनने के लिए।
सावित्री _खुद ही पूछ लो।
सुप्रिया _मां तुम भी न, शर्म से पानी पानी होते हुए बोली।
राजेश _दीदी तो शर्माने लगी।
सावित्री _सुप्रिया की हां है।
राजेश _तो शुरू करे।
सुमित्रा _हां, पहले तुम अपने कपड़े उतारो।
राजेश अपना कपड़ा उतार कर नंगा हो गया।
उसका तना huwa लंद झटका मारते हुए सबके सामने आ गया।
सुमित्रा _तेरा घोड़ा तो पहले से और लंबा और मोटा लग रहा है re, कही अपनी बहन को मां बनाने का सोच कर तो और ज्यादा फूल कर, ठुमक तो नही रहा।
सुप्रिया शर्म से पानी पानी हो गई।
राजेश _हा मुझे भी लगता है। मेरा नुनु दीदी को मां बनाने के लिए ज्यादा मोटा और लंबा हो गया है।
सुमित्रा _चल सुप्रिया तू भी उतार दे अपने कपड़े और दिखा दे अपनी गुफा अपनी भाई को, ताकि वहा घुस कर तेरी कोख में अपना बीज डालकर अपना पानी निकाल सके।
सुप्रिया _चाची तुम भी न,
सावित्री और सुमित्रा हसने लगी।
सुप्रिया _मां मै अपने कपड़े नही उतारूंगी। आप लोगो के सामने मुझे बड़ी शर्म आ रही है।
सुमित्रा _
अरे लडका पैदा करना है तो शर्म छोड़नी पड़ेगी।
सावित्री _अच्छा ठीक है, तू अपना नाइटी पहनी रह, अपनी पेंटी उतार दे।
सुप्रिया अपनी पेंटी, खिसका कर उतार दी।
सुमित्रा _चल अब घोड़ी बन जा।
सावित्री हसने लगी।
सुप्रिया _चाची आप भी न।
सुमित्रा _अरे झुकेगी तभी तो तुम्हारे गुफा में राजेश घुसेगा।
सावित्री हसने लगी।
सुप्रिया बेड पकड़ कर घोड़ी बन गई।
सुमित्रा ने उसकी नाइटी ऊपर उठा दिया।
सुमित्रा _दीदी, अब शुरू हो जाओ, राजेश का घोड़ा को तैयार करो, गुफा में घुसने के लिए। मै गुफा को तैयार करती हूं।
सावित्री राजेश के पैरो के नीचे बैठ गई और राजेश का लंद पकड़ कर चूसने लगी।
इधर सुमित्रा, सुप्रिया की chut चाटने लगी।
जिससे सुप्रिया सिसकने लगीं।
राजेश नीचे झुक कर सावित्री की ब्लाउज के ऊपर से ही चूची मसलने लगा।
जिससे सावित्री गर्म होने लगी।
राजेश _मामी खोल दो न अपनी ब्लाउज। तुम्हारी चूंची से खेलना है मुझे।
सावित्री गर्म हो गई थी वह अपनी ब्लाउज निकाल दी।
राजेश नीचे झुक कर उसकी चूची मसलने लगा।
राजेश _छोटे मामी तुम भी अपने सारे कपड़े उतार दो, मुझे तुम्हारे दूध पीना है।
सुमित्रा, एक एक कर अपनी सारे कपड़े उतार दी और पूरी नंगी हो गई।
फिर से वह सुप्रिया की boor चाटने लगी।
सुमित्रा _सावित्री दीदी अब राजेश का घोड़ा सुप्रिया की गुफा में डाल दो।
सावित्री ने राजेश का लंद पकड़ कर उसे सुप्रिया की boor में सेट कर दिया।
राजेश ने एक जोर का धक्का मारा।
लंद boor चीरकर आधा से ज्यादा अदंर समा गया।
सुप्रिया _उई मां,
सावित्री _क्या huwa बेटी?
सुप्रिया _मां देखो न बदमाश ने एक ही बार में पुरा घुसा दिया।
सावित्री हसने लगी।
अब राजेश सुमित्रा को अपने पास खीच लिया और उसकी चूची को मुंह में भर कर चूसते हुए।
सुप्रिया को चोदना शुरु कर दिया।
उसका लंद सुप्रिया की boor में गपा गप अदंर बाहर होने लगा।
यह दृश्य देखकर सावित्री उत्तेजित हो गई और अपने कपडे उतार कर नंगी हो कर अपनी हाथ boor खुजाने लगी।