रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - १५०
दोनोही आइसक्रिम खाते अपने फ्युचरके बारेमे बाते कर रहेथे.. तब सहेरमे सृतीभी अपने घरपे आ चुकी थी.. तब भुमीका खाना बनाके रेडी ही थी.. वो सुबहसे ही देवायतके गांव जानेके लीये अेक्साइटेड थी.. तो कंपलीट रेडी होकर सृतीका वेइट कर रहीथी.. तो सृतीके आतेही दोनोने खाना खालीया.. फीर फटाफट सब काम नीपटाकर दोनोही घरको ताला लगाके अपनी कार लेकर देवायतके गांवकी ओर नीकल गइ.... अब आगे
तो दुसरी ओर सहेरसे दुर.. राजीवके गांव सबलोग होलमे बैठकर आपसमे गपे लगाते रहे.. तबतक भावना ओर चंदाने लंच बनालीया तो सबलोग अेक साथ खाना खाने बैठ गये.. चंदाने सब खाना राजीवकी पसंदका बनाया था.. तो राजीवभी खाना देखकर खुस होगया.. नीर्मला उनसे सटकर ही पासमे बैठी थी.. तो मंजु भावना ओर चंदा उनकी सामनेकी चैरपे बैठे खाना खा रहीथी..
कल नीर्मलाने उसे प्यार कीया तबसेही राजीवकी सेक्सके प्रती चाहत वापस बढ गइ थी.. वो नीर्मलाको जल्दसे जल्द चोदना चाहता था.. नीर्मला उसे कामदेवकी मुरत लग रहीथी तो खाना खाते भी नीचेसे अपने पैरोसे नीर्मलाके पैरोको सहेला रहाथा.. तब नीर्मला बहुत ही कामुक होगइ.. ओर खाना खातेही अेक हाथ नीचे लेजाते राजीवके लंडको पेन्टके उपरसेही पकड लीया ओर होले होले सहेलाने लगी.. जीनकी वजहसे राजीवकी वासना अेकदम बढ गइ.. तब..
राजीव : (धीरेसे कानमे) नीमु.. बस.. कर.. नही रहा जाता.. अभी थोडा कंट्रोल कर.. सब बच्चे इधर ही हे.. देख लेगे..
नीर्मला : (मुस्कुराते धीरेसे कानमे) भाइ.. तो क्यु मुजे पैरोसे छेड रहे हो.. आपकोभी पता हे मे नही रेह सकती.. भाइ.. मुजे चोदलो..
राजीव : (कानमे) तो दोपहोरको जल्दी हमारे रुमके अंदर आजाना.. वही कुछ करेगे..
भावना : (जोरोसे) ओ.. मोम.. ओ.. डेड.. कबसे दोनो आपसमे अेक दुसरेके कानमे खुसर पुसर कर रहे हो..? हम तीनो भी यहा बैठी हे.. बोलना हे तो जोरोसे बोलीयेना ताकी हमभी सुन सके.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सरमाकर हसते) चुप कर.. ये हम पती पत्नीकी आपसकी बात हे.. तु बीचमे बडबड मत कर.. हें..हें..हें.. अगर तेरे कामकी बात होगी तो हम तुजे बता देगे.. हें..हें..हें.. क्यु राजीव..?
चंदा : (हसते खाना खाते) रहेनेदे भावु.. यहा दीदीके पास तेरी दाल गलने वाली नही.. हें..हें..हें..
राजीव : (मुस्कुराते) अरे मंजुबेटी.. सुन.. तुम कल केह रहीथी भुमी आने वाली हे.. तो क्या यहा आने वाली हे.. की तुम्हारे घर..? तो देवुको फोन करके बतादे की उसे यहा छोडदे.. सब साथमे हे तो कीतना मजा आता हे..
मंजुला : (हसते) जी पापा.. लेकीन वहा पुनोदीदी आइ हे तो सृती तो नही आयेगी.. लेकीन मे देवुको फोन कर दुगी.. की वो भुमी आंटीको इधर छोड जाये..
नीर्मला : (जुठा गुसा करते) अरे.. वो अभी अभी तीन चार दिन पहेले मीलके गइ हे.. फीर भी तुम्हारा जी नही भरा.. राजीव.. कही तुम मेरी सौतन लानेके चकरमे तो नही..? हें..हें..हें..
राजीव : (हसते) चुप कर.. बहेन हे वो मेरी.. जब देखो पतीपे संका करती हो.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (मुस्कुराते कातीलाना अंदाजमे) अच्छा..? तो फीर मे कौन थी..?
कहातो राजीव हसते हुअे सर जुकाते चुपचाप खाने लगा.. तब चंदा भावना मंजु ओर नीर्मला जोरोसे हसने लगी.. सबने अेक दुसरेकी टांग खीचते मस्ती मजाकमे खाना खा लीया.. तो चंदा भावना ओर मंजु सब काम नीपटाने लगी.. तबतक नीर्मला ओर राजीव दोनोही होलमे बैठकर भावना मंजुके बच्चोके साथ खेलते रहे.. जब सब काम नीपट गयातो मंजु भावना अपने बच्चेको लेकर अपने रुममे चली गइ..
तो साथमे चंदाभी चली गइ.. ओर नीर्मला राजीव अेक दुसरेके सामने खुस होतकर हसने लगे.. ओर अपने रुममे आराम करने चले गये.. तो अंदर जातेही नीर्मलाने दरवाजा बंध करदीया.. ओर दोडकर राजीवकी बाहोमे समा गइ.. जबसे नीर्मलाको राजीवने छेडाथा तबसे दोनोही अेक दुसरेको मीलनेके लीये अेक्साइटेड होगये थे.. तब राजीव नीर्मलाके चहेरेको पागलोकी तराह चुमते उनके बुब्सको मसलने लगा.. तब नीर्मला बहुतही उतेजीत होगइ..
नीर्मला : (मदहोसीमे) बस.. रा..जी..व.. बस.. ओर नही मे नही रेह पाउगी.. तुमने क्या आग लगाइ हे..
राजीव : (जोरसे होंठ चुमते) हंम.. अंअअ.. बु..च.. नीमु.. प्लीज अेक बार करने दे.. बहुत मन हो रहा हे..
नीर्मला : (राजीवको जोरोसे बाहोमे भीचते) हंम.. बस.. भाइ.. बस भी करो.. आप रातमे मुजे चोद लेना.. कीतने दिन होगये.. मेने आपका लंड अपनी चुतमे नही लीया.. आज रातको पका दुगी..
राजीव : (लडडखडाती आवाजमे) नी..मु.. बस.. अेक बार.. अेक बार अभी अंदर डालने देने.. हंम.. फीर नीकाल लुंगा.. मुजे तुमको अभी चोदना हे.. प्लीज.. नीमु.. इधर बेडपे आजा..
नीर्मला : (कामुक आवाजमे) भाइ.. अभी नही.. हम रातमे करते हेनां..? चलो अभी मे आपको अैसेही ठंडा कर देती हु.. ओर आपभी मुजे ठंडी करदो.. बीना डाले अैसेही.. हंम..?
राजीव : (कामुक आवाजमे) हंम.. नीमु.. आजा.. नही रहा जाता.. बस अेक बार..
कहातो नीर्मला सरमा गइ.. ओर राजीवसे अलग होकर उनके सामने जाकर अपना गाउन नीकाल दीया.. ओर कामुक नजरोसे राजीवकी ओर अदासे देखने लगी.. तो राजीव उनका हाथ पकडके बेडपे ले गया.. तब कुछही देरके बाद दोनोके जीस्मपे अेकभी कपडे नही थे.. नीर्मला आज राजीवको बहुत प्यार देना चाहती थी.. वो राजीवकी हर बात मानती थी.. ओर राजीव नीर्मलाको सुलाके उनके पैरोके बीच चला गया..
राजीवने पैरोके बीच जातेही सीधे नीर्मलाकी चुतपे मुह लगाके हमला कर दीया.. वो चुतमे अपनी जीभ डालकर नीर्मलाकी चुतके दानेको छेडने लगा.. वो जानता था उनकी बहेन नीर्मला बहुत कामी ओरत हे.. उसे बीस्तरमे वसमे करना कीसीके वसकी बात नही हे.. ये बात वो बखुबी जानता था.. तो नीर्मला भी पुरी तराह मदहोस होगइ.. वो होले होले राजीवके सरको सहेलाते सीसकारीया करने लगी.. ओर बेडपे छटपटाने लगी..
नीर्मला : (मदहोसीमे आंख बंध करते) रा..जी..व.. तुम.. बहुत.. कमीने हो.. तुमने तो मुजे गरम करदीया.. बस.. ओर नही.. चल आजा .. इधर लेटजा मेही कुछ करती हु.. वरना तुमतो आज पका मुजे चोद लोगे..
कहेतेही नीर्मलाने राजीवके बाल पकडके उनको अपने उपर खीचलीया.. तो राजीवने उपर आतेही नीर्मलाके बुब्सको अपने मुहमे लेकर हमला बोल दीया.. तब राजीवका लंड नीर्मलाकी चुतमे घुसनेके लीये चुतपे दस्तक देने लगा.. तो नीर्मला ओर भडक गइ.. ओर जोरोसे सीसकारीया करते राजीवको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लेती हे.. ओर उनकी कमरमे पैर डालकर पलट जाती हे.. अब नीर्मला राजीवके उपर लेटी हुइ थी.. ओर उसने जोरोसे राजीवके होठोको अपने होठोसे भीच लीया..
फीर धीरेसे चुमते हुअे नीचेकी ओर जाने लगी.. ओर राजीवके पैरोके बीच चली गइ.. नीर्मलाने आहीस्तासे सर जुकाते राजीवके लंडको अपनी मुठीमे पकडलीया.. ओर अपना मुह जुकाते लंडको अपने मुहमे लेलीया.. ओर होले होले चुसने लगी.. तो राजीवभी सातवे आसमानपे चला गया.. वो अपनी दोनो आंख बंध करते परम आंनदकी अनुभुती मे सीसकारीया करने लगा..
राजीव : (मदहोसीमे) बस.. बस.. नीमु.. अभी नीकल जायेगा.. क्या अेक बारभी नही डालने देगी..? हंम..? थोडासा डालने देनां..
नीर्मला : (लंड मुहमे रखते राजीवकी ओर नां मे गरदन हीलाते) हंममम.. गलप.. गलप.. गलप..
राजीव : (कामुकक्तासे) नी..मु.. आइ.. लव.. यु.. बस.. बस.. आजा.. प्लीज.. घुमजा.. मुजे भी करना हे..
कहतो नीर्मला लंडको मुहमे रखकर ही राजीवके उपर घुमकर आगइ.. ओर उनके उपर दोनो ओर पैर रखते घुटनोसे मोडके बैठ गइ.. ओर अपनी कमर पीछे लेजाते अपनी चुत राजीवके मुहके पास रख देती हे.. फीर वो लंडको थोडा जोरोसे मुहमे अंदर बहार करते चुसने लगी.. तो राजीवने भी अपना मुह नीर्मलाकी चुतपे लगा दीया ओर अपनी जीभसे नीर्मलाकी चुतको खरोदने लगा.. दोनोही सीक्स नाइन पोजीसनमे चरम पे पहोंच गये..
नीर्मलापे पुरी तराह वासना हावी हो चुकीथी.. राजीवने उनकी चुतपे पुरी तराह हमला कर दीयाथा.. वो अपनी पुरी जीभ नीर्मलाकी चुतमे घुसाते जीभसेही नीर्मलाको चोदने लगाथा.. ओर नीर्मलासे बरदास्त करना मुस्कील होने लगा.. उसने जटसे मुहसे लंडको नीकाल दीया.. ओर मुह घुमाकर राजीवकी ओर वासना भरी नजरोसे देखने लगी.. उनकी आंख पुरी तराह लाल हो चुकीथी.. तभी राजीवभी बेडपे बैठ गया..
वो कुछभी सोचने समजनेकी स्थीतीमे नही थी.. ओर वो जटसे घुमकर राजीवकी कमरपे बैठ गइ.. राजीव उनकी ओर देखता ही रेह गया ओर नीर्मलाने अपनी कमर उची करके लंडको पकडकर अपनी चुतपे सेट करदीया.. फीर आंख बंध करते धीरेसे लंको अपनी चुतकी गीरफ्तमे लेलीया.. वो राजीवके पुरे लंडको अपनी चुतमे नीगइ गइ.. फीर धीरेसे वासना भरी नजरोसे देखते राजीवके चहेरेकी ओर जुकते बैठ गइ.. आखीर नीर्मलाने राजीवका लंड अपनी चुतमे लेही लीया..
नीर्मला : (मदहोसीमे होंठ चुमते) भा..इ.. तुम बहुत कमीने हो.. आखीर मुजे चोदने के लीये मजबुर कर ही दीया.. आप लेटे रहो.. मेही आपको चोदती हु.. कीतने महीनोके बाद ये लंड नसीब हुआ हे..
राजीव : (कामुक आवाजमे) हां मेरी बहेन.. बस.. मुजे यही चुत चाहीये.. चोदले मुजे..
नीर्मला पुरी तराह कामातुर हो चुकीथी.. वो धीरे धीरे अपनी कमर हीलाते राजीवको चोदने लगी.. तब राजीवको अैसा लगने लगाकी अपना लंड कीसी गरम भठीमे डालदीया हो.. नीर्मलाकी चुत लगातार पानी छोड रहीथी.. ओर पुरे रुममे सनाटा छाया हुआ था.. रुममे सीर्फ फच..फच.. फच.. की आवाज आ रहीथी.. ओर बीच बीचमे नीर्मला आंख बंध करते सीसकारीया कर रहीथी.. ओर राजीवके होठोको चुम रही थी..
राजीव : (मदहोसीमे बुब्स चुमते) नीमु.. आइ लव यु.. बहेनको चोदनेका अेक अलगही मजा हे.. बस अैसेही मुजे चोदती रहेना..
नीर्मला : (वासनाभरी नजरोसे देखते धीरेसे) भाइ.. मे आपको खुब प्यार दुगी.. आज पुरी रात हम अपनी सुहागरात मनायेगे.. क्या आप मुजे चोदना चाहते थेनां..? हंम.. आज अपनी इस बहेनको जी भरके चोद लेना.. जैसे आपने मुजे पहेली बार चोदा था..कीतनी हसीन रात थी वो.. आपने पुरी रात मुजे चोदा था..
राजीव : (होंठ चुमते) हां नीमु.. बस.. अैसेही चोदती रहे.. बहुत मजा आता हे..
दोनोही अेक दुसरेकी आंखोमे वासनाभरी नजरोसे देखते चुदाइका आनंद ले रहेथे.. तब कुछ ही देरकी चुदाइके बाद नीर्मलाका सरीर अकडने लगा.. ओर उसने जोरोसे राजीवको अपनी बाहोमे भीचलीया.. ओर राजीवके होठोपे लीपलोक करलीया.. तभी वो जडने लगी.. तो राजीवको अपने लंडपे बहुतही गरमाहट महेसु हुइ.. ओर वोभी कांपने लगा.. ओर नीर्मलाके साथही जडने लगा..
दोनोही जड गये.. तब अेक दुसरेकी बाहोमे अैसेही सीथील होकर पडे रहे.. नीर्मला राजीवके सीनेपे सर रखके ढेर हो चुकीथी.. तब राजीव नीर्मलाके सरपे हाथ डालके उनके सरको सहेलाता रहा.. तभी अचानक नीर्मलाको खयाल आयाकी राजीवको कुछ नही हुआ.. तो वो मनमे खुस होते राजीवकी ओर सर उचा करते देखते मुस्कुराने लगी.. ओर उसने अेक बार फीर राजीवको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचलीया.. तब..
राजीव : (मुस्कुराते) नीमु.. क्या हुआ..? हंम..? मुजे कुछ नही हुआ इसीलीये हस रही हेनां..? हंम..?
नीर्मला : (सरमाते मुस्कुराते सीनेपे सर रखते) हां भाइ.. बस.. अेक डरसा लग रहा था.. की कही आपको कुछ होना जाये.. भाइ.. आजमे बहुत खुस हु.. मे आपको अैसेही प्यार करती रहुगी..
राजीव : (नीर्मलाके सरको सहेलाते) नीमु.. अेक बात कहु..? हंम..? बाय चान्स मुजे कुछ होजाये.. तो तुम मंजुके घर चली जाना.. हमारा देवु बहुत अच्छा हे..
नीर्मला : (जोरोसे बाहोमे भीचते आंख गीली करते) भाइ.. मत करो अैसी बाते.. मुजे बहुत डर लग रहा हे..
राजीव : (नीर्मलाके सरको उचा करते उनकी आंओमे देखते) नीमु.. डर मत.. सबको अेक दिन जाना ही हे.. तुम हमारी मंजु ओर भावुका खयाल रखना.. मेरी भावुतो अभी बच्ची हे.. उनकोतो कुछ पताभी नही हे.. की दुनीया दारी क्या हे..? वो ओर हमारी चंदा बडी ही मासुम हे.. तुजे तीनोको सम्हालना हे..
नीर्मला : (प्यारसे गाल सहेलाते) भाइ फीकर मत करो.. हमारा देवु हेनां..? वोही इतना काबील हे की वो अकेला ही हम सबको सम्हाल सकता हे.. देवुने हमारी भावुकी पुरी जीम्वेवारी लेली हे.. अब सब सही हो गया हे.. आपको कीसीकी चीन्ता करनेकी जरुरत नही..
राजीव : (प्यारसे देखते) नीमु.. अेक बात कहु..? तुजे नही लगता हमने भावुकी सादी भानुसे करके बहुत बडी गलती करदी.. हंम..? अगर भानुकी जगाह हम भावुकी सादी देवुसे कर देते तो कीतना अच्छा होता.. तुजेभी पता हे उनके खानदीनमे कीतनी भी सादी करले.. कोइ पुछने वाला नही..
नीर्मला : (मुस्कुराते) भाइ.. अगर आगे जाकर अैसी कोइ सीचुअेशन आइ तो मे वोही करुगी.. आप भावुकी चीन्ता छोड ही दो.. क्या अपनी भावुको बहोत प्यार करते हे..? हंम..?
राजीव : नही नीमु.. मे प्यारतो सबको करता हु.. लेकीन.. भावु.. हम दोनोके प्यारकी नीशानी हे.. तो उनके प्रती कुछ ज्यादाही लगाव हे.. बस.. ओर कुछ नही..
नीर्मला : (सामने देखते) भाइ.. आइ अेम सोरी.. मेरी अेक गलतीकी वजहसे मे आपको अपना कौमार्य नही देसकी.. ओर आपने भी मुजे खुसी खुसी स्वीकार करलीया.. ओर पतीका वो हर सुख दीया.. जो अेक पत्नी चाहती हे.. मे आपको पाकर धन्य होगइ.. आइ लव यु.. भाइ.. आइ लव यु सो मच..
राजीव : (प्यारसे गाल सहेलाते) नही नीमु.. तुम दिल छोटा मत कर.. हम सब नसीब वाले हे.. जो उस खानदानके साथ जुडे हुअे हे.. तुजेतो सब पता हे.. वहा खुद वो इश्वरका अंस जन्म लेने वाला हे.. ओर ये सब प्रकृतीने पहेलेसे ही तैय कीया हुआ हे.. तो तेरा देवुके पीता कीशनके साथ जुडना लाजमी हे..
नीर्मला : (सामने देखते) भाइ.. फीरभी दिलमे अेक गील्टी फील होती हे.. की मे आपको अपना कौमार्य नही सोप सकी.. भाइ.. कीतना अजीब हेनां..? उन्होने खुद अपनी बहेनसे सादी करली.. अगर उनके खानदानमे सब अपनी बहेनसे सादी करते आये हे तो फीर मे उनके प्यारमे कैसे फसी..? मेरी तो समजमे ही नही आ रहा.. छोडो सब.. अब आप थोडा आरामभी करलो.. मे बाथरुममे जाकर आती हु..
कहेतेही नीर्मला राजीवके उपरसे हट गइ.. तो उनकी चुतसे दोनोका कामरस बहेने लगा.. तब नीर्मलाने बेडसे उतरतेही अपने नीकरसे अपनी चुतको साफ करलीया ओर नीकर लेकर बाथरुममे घुस गइ.. तब वो बाथरुमसे बहार आइ तबतक राजीव अैसेही नंगा नींदकी आगोसमे चला गया था.. तब नीर्मला उनको देखकर मुस्कुराइ.. ओर रावीवके पास लेटकर उनकी बाहोमे नंगी ही सोगइ..