अपडेट-61
अभ अग्गे...
सीमा बेइंतहा रो रही थी , और कोमल के मुर्दा जिस्म को देख रही थी , वोह फिर िका इक उठी , उसके आँखों में अभ बेहद ब्यांक गुस्सा था ,
"यहहहहहहहह , कोमळळ , अगर तेरी बली न दे पायी तोह क्या हुआ , तेरी पवितर जिस्म को बर्बाद कर दूंगी , तेरे मुर्दा जिस्म को पवितर नै रहने दूंगी , हूउउ , जोकर इसके मुर्दा जिस्म के साथ सहवास (सेक्स) कारु , अभी के अभी..." सीमा बेइंतहा गुस्से में बोलिई ,
बेबी और ख़ुशी ने जब यह सुना , तोह उनकी आँखें खुली की खुली रह गई , इतना कोण गिर सकता है , हैश्च , पर सीमा तोह अभ शेतीअन थी ,
बेबी की आँखें गुस्से से लाल हो गई , उसने अपनी पूरी ताकत इक जुट कर , अपने हाथो को जतका दिया , उसके जतका देते hi , वोह लोहे की जंजीर टूट कर भीकर गई ,
ख़ुशी भी बेहद गुस्से में अपनी तलवार लिए , उनकी तरफ बढ़ने लगी ,
"वही रुक जाओ , वार्ना , रवि के जिस्म को जला कर खाक कर दूंगी , इक कदम भी अग्गे मत बढ़ना , वरना , रवि किसी भी तरह , किसी भी जादू से जिन्दा नै हो पायेगा , रुक जाओ..." सीमा ने दोनों की तरफ देख चीला कर बोलै ,
"सीमा यह महापाप है , ऐसा मत करो , तुम कोमल के साथ ऐसा कैसे कर सकती हो , यह तुम्हारी बहिन है , प्लस , मत करो ऐसा..." बेबी ने रट हुए बोलै ,
"शहहह , अपनी जुबान बंद करो , और ख़ामोशी से सब देखो , जोकर , तुमने सुना नै , जो मने कहा , कोमल के साथ सहवास करो , कपडे उतरो इसके..." सीमा ने पहले बेबी और फिर जोकर की तरफ गुस्से से देख कर बोलै ,
"नै मालिक , हम बुरे जरूर हैं , पर यह पाप नै कर सकते , इसके लिए हमें नाराज में भी जगह नै मिलेगी..." लारा ने अपनी तलवार फेंक , जोकर के कदमो में बेथ रट हुए बोलै , जोकर उदास सा खड़ा था ,
"बेवकूफ लड़की , मेरे खिलाफ जोगी तुम , इसकी सजा तुम भी मिलेगी..." सीमा ने गुस्से में चीला कर बोलै , और फिर आँखें बंद कर मंत्र पढ़ने लगी ,
कुछ hi देर में सीमा की आँखें लाल रौशनी में चमक उठी , सीमा ने लारा के बदन को सर्प मायाजाल में जकड दिया , अभ लारा के जिस्म पर सांप लिपटे हुए थे , जिनकी आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी ,
"अह्ह्ह्हह मालिक बचावू , अहह बहुत दर्द हो रहा है..." लारा ने बेइंतहा रट हुए बोलै ,
"हहै , जोकर कुछ नै करेगा , जोकर उतरो कोमल के कपडे और उसके जिस्म का हर हिस्सा नोच डालो , इसके साथ बेरहमी से सहवास (सेक्स) करो , जल्दी कारु , वार्ना , तुम भी जला कर रख कर दूंगी..." सीमा ने जोकर के करीब जाकर बोलै ,
"नईईई , अह्ह्ह मालिक , ऐसा मत करना , प्लस..." लारा ने बेहद दर्द में चीख कर बोलै ,
"सीमा तुम ऐसा कैसे कर सकती हो , तुम भी इक लड़की हो , प्लस , यह अनरथ मत करो..." ख़ुशी भी वह से दूर कड़ी रट हुए बोली ,
"हम्म , यह तोह होगा , जोकर आखरी बार पूछ रही हु , तुम सहवास करोगे या किसी और को बुलाऊ..." सीमा ने जोकर की आँखों में ज़क कर बोलै , पर जोकर ने अपनी नज़रियन ज़ुका ली ,
"मतलब , तुम कुछ नै करोगे , नामर्द हो , ठीक है , लेकिन वोह जरूर करेगा , उसे कोमल जिन्दा मिले या मुर्दा , वोह इसके जिस्म को नोच डालेगा , हहै , जेनिथ , हाँ , तुम सब देखो , कैसे जेनिथ , अपनी सदियों पुराणी हवस शांत करता है , जेनिथ अभ ा भी जाओ , तुम नयी जिंदगी दी है मने..." सीमा ने सबकी तरफ देख वहशी हस्सी हस्ते हुए बोलै ,
"क्या जेनिथ , मतलब कुणाल जिन्दा है , लेकिन रवि ने उसे मर दिया था , वोह कैसे , उसका जिस्म तोह जल गया था..." दयना थोड़ी डरते हुए बोली ,
"में सुहाना हु , में रिंग हु , में इस ब्रह्माण्ड की सबसे बड़ी ताकत हु , में अमर हु , जब तक मेरा मकसद पूरा नै होगा , में इस ब्रह्माण्ड पर रहूगी , में कोमल की बलि देकर रहूगी , कितने जनम लेकर वोह बचेगी , इक न इक दिन , उसे मर कर hi रहूगी , कोई न कोई जनम वोह ऐसा लेगी , जब में उसकी बलि दूंगी , तब उसका यह मनहूस भाई मेरे रस्ते में नै ा पायेगा , और इक बात , कोमल के साथ मेरा जिस्म भी इस दुनिआ में जनम लेगा , हज़ारो लोग की उंगलियों से होकर में , अपने जिस्म तक पहुँच जोगी , फिर मेरा , यानि सुहाना का जनम होगा , हासष्ठ , सीमा तक पहुँचने में , नजाने सदियों तक , कितने लोग ने मुझे पहना , नजाने कितने लोग को मने मारा , और आखिर जब रवि ने मुझे पहना , तब मने सीमा को महसूस किया , सीमा hi मेरा दूसरा जनम थी , कहिअर अभ मुझे इक और जनम लेना पड़ेगा , अपना मकसद पूरा करने के लिए..." सुहाना ने अपने असली रूप में आकर अपनी सचाई बताते हुए बोलै ,
"तोह क्या अप्प रिंग में कैद हो..." दयना ने और जानने की ीचा से बोलै ,
"नयी , मेरी आत्मा , रिंग में कैद नै , वोह तोह मेरे जिस्म के साथ hi ख़तम हो गई , पर मेरी बेटी रमा ने जब मेरे अंदर की बुराई को , मेरी आखरी ीचा को , इक रिंग में दाल दिया , तेन की में तुम लोग जैसी इक दरिंदा न बन जाऊ , तब मेरी सहेतैनी ताकत उस रिंग में जीवट हो गई , क्यों की में अपने पिता शेतीअन के बेहद करीब थी , पर जैसे hi मेरी आत्मा ने नया जिस्म धारण किया , तब मुझे उसका एहसास हो गया था , वोह सीमा थी , वोह मेरे भाई सोनिक का प्यार थी , और आखिर जब सीमा मेरे अंदर आयी , रवि को बचने , तब मने उसकी परीक्षा ली , वोह हर मुश्किल से लड़ती , अमृतमयी कुंड के पास पहुँच गई , जब मेरे कहे अनुसार , उस फूल ने सीमा को उस कुंड में कूदने को कहा , तब बेवकूफ सीमा , बिना कुछ सोचे , उसमे कूद गई , वोह मेरा मायाजाल था , उस कुंड में सुहाना की यदिअण थी , सुहाना की साडी िचाईआं थी , जब कुंड से सीमा बहार आयी , तब वोह सुहाना थी , लेकिन मुझे कोमल को पाना था , मज़बूरी में मुझे रवि को जिन्दा करना पढ़ा , क्यों की नाराज लोग से कोमल को रवि hi ला सकता था , इसके लिए सबके मन में रवि के लिए जहर भरा , तेन की उसकी हर बहिन उससे नफरत करे , इसमें रमा ने मेरा साथ दिया , लेकिन अज्ज में फिर हार गई , अपने मकसद के इतना करीब आकर में हार गई..." सुहाना ने बेइंतहा गुस्से में सब बताते हुए बोलै ,
रमा खामोश कड़ी सब बतिअन सुन रही थी , उसके मन में , कुछ और hi चल रहा था , उसे रिंग चाहये थी , जो सीमा के अंदर थी , और जब तक रिंग सीमा के अंदर थी , वोह कुछ नै कर सकती थी ,
"जेनिथ कहा हो तुम , ायो , जल्दी ायो..." सुहाना ने फिर से चीखते हुए बोलै ,
तभी तेज़ हवा चलने लगी , आसमान कला पढ़ गया , सूरज की रौशनी काळा बदलो में कही चिप सा गई , और फिर आसमान से इक काली परछाई जमीन पर उतर गई , यह था , दानवी सेना का प्रिंस जेनिथ , जो बेहद वहशी लग रहा था , उसने इक ओहदा के विस्तार धारण कर रखे थे , और हाथो में इक बेहद बड़ा हथोड़ा (हैमर) था ,
जोकर , दयना , बाकि सब , जेनिथ को देख कम्प सा गए , बस सुहाना और रमा को छोड़ कर , लेकिन अजीब बात थी , अभ तक रमा ने इक शब्द नै बोलै था , जब के वोह जान चुकी थी , सुहाना ने उसका इस्तेमाल किया था ,
"जेनिथ अप्प ा गए , यह रही आपकी कोमल , अभ अपनी बरसो पुराणी हवस , अपनी ीचा पूरी कर लो , इसका लाजवाब जिस्म , आपको में तोहफे में देती हु..." सुहाना ने बेहद ख़ुशी में बोलै ,
जेनिथ चलते चलते अपने असली रूप में ा गया , अभ वोह कुणाल था , कुणाल अग्गे बाद कोमल के पास बेथ गया , और उसके खूबसूरत चेहरे पर हाथ फिरा मुस्कराने लगा , और फिर उसके गुलाबी होंठो पर अपनी उंगलियाँ फिरा मुस्कराते हुए बोलै ,
"उफ्फ्फ , लाजवाब , बेहद कामुक , हज़ारो अप्सरियों को मत देती , उम् , इसका जिस्म , अह्ह्ह्ह , शुक्रिया मलिका ..." कुणाल अपनी शर्ट उतारते हुए बोलै ,
उसने निचे झुक कोमल के होंठो को चुम लिया और फिर उसकी टीशर्ट खींच कर फाड् दी , उफ़ कोमल का लाजवाब हुसैन अभ इक काली ब्रा में कैद था , उसके खूबसूरत दूध जैसे सफेद जिस्म पर छोटू के निशान पड़े हुए थे ,
"नईईई , नयी , कुणाल ऐसा मत करूओ..." बेबी ने बेहद गुस्से में छीलते हुए बोलै ,
"शहहह , कोमल अभ मेरी है , इसका जिस्म अभ मेरा है , इसके जिस्म को अपने साथ ले जाउगा , और जब मन करेगा , इसके जिस्म से अपनी हवस शांत करुगा , हाहाहा..." कुणाल ने बेहद हस्ते हुए बोलै ,
पर तभी कुछ ऐसा हुआ , जिसकी उम्मीद किसी को नै थी , रमा ने बेइंतहा गुस्से में कुणाल की गर्दन को अपने बालो से जकड लिया , और उसे पीछे खींच लिया ,
"रमा , पागल हो गई हो..." सुहाना ने बेहद गुस्से में बोलै ,
"शठ , माँ , आपका मकसद अभ भी पूरा हो सकता है , लेकिन अगर किसी ने , किसी ने भी , मेरी बहिन पर बुरी नज़र डाली , तोह विनाश कर दूंगी , सबका , अभी अप्प ने मेरा वहशी रूप देखा नै है , और इस हरामजादे ने मेरी बहिन के होंठो को चूमा , इसकी गर्दन धड़ से अलग कर दूंगी , तभी मुझे चैन मिलेगा..." रमा ने बेइंतहा गुस्से में बोलै , किसी की हिमेट नै थी , रमा के खिलाफ जाने की , सब खामोश खड़े थे ,
"अह्ह्ह्ह मलिका , इस कुटिया को बोलो , मेरी गर्दन छोड़ दे , वार्ना पहले इसका रपे करुगा , पिछली बार बच गई थी , इस बार नै बचेगी..." कुणाल ने बेहद दर्द से कहरहते हुए बोलै , कुणाल की बात सुन सुहाना ने अपना माथा पीट लिया , वोह जानती थी , अभ रमा का पूरा गुस्सा कुणाल पर निकलेगा...
"याहहहहहहह , मेरा रपे करेगा , मेरे जिसमं पारर मेरी भैई का हक्क हीी , कुटी..." रमा ने बेइंतहा गुस्से में कुणाल को अपने करीब खींच अपने बालो में जकड़ते हुए बोलै ,
रमा अभ अपने वहशी रूप में ा चुकी थी , तभी उसके माथे के बेच का मास्स फटना सुरु हो गया , मास्स के निचे , इक बेहद तेज़ रौशनी निकली , जो कुणाल के बदन पर पढ़ने लगी ,
"आह्ह्ह्हह्ह मा बचावू , अह्ह्ह्ह ..." कुणाल बेहद दर्द से तडफने लगा ,
तभी रमा ने कुछ ऐसा किया , जिसकी उम्मीद शयद किसी को नै थी , रमा ने कुणाल की पेण्ट फाड् , उसके लिंग को अपने हाथो से खींच कर उखड दिया , लिंग के साथ साथ कुणाल का मास्स भी , उतर गया , बेइंतहा खून बहने लगा ,
"हूउउ हुऊ बहुत्त घमंडद हैई टूजी अपनीइ मर्दांगीई परररर , हेही , अभह नईईई करुँगी..." रमा उसके खून से लथपथ लिंग को उसके खुले मोह में घुसते हुए बोली ,
"ागलीई बार्डर जनम्म लू तोहह औरतो की
इजाजत करना , हुऊ..." रमा ने कुणाल की दर्द से बंद होती आँखों में देख कर बोलै और फिर उसके सीने से उसके जिस्म को बेच से फाड् दिया , रमा का कला बदन खून में चमक रहा था ,
फिर रमा , कोमल के पास गई , और उसके जिस्म को उसकी टीशर्ट से धक् दिया , फिर वोह कुछ पल अपने भाई की तरफ देखती रही , और फिर सुहाना की तरफ देख कर बोली ,
"मा , अप्प इनको जिन्दा करो , आपकी रिंग , इनको जिन्दा कर सकती है , रिंग को अपने सीने से बहार निकालो , फिर इनको जिन्दा करो , अप्प कोमल की बलि दे देना और रवि को अपना गुलाम बना लेना , आपकी हर ीचा पूरी हो जाएगी..." रमा ने अपनी बातिओं में सुहाना को फसते हुए बोलै ,
"हम्म , बेटी , यह मने पहले क्यों नै सोचा , ाचा हुआ तुमने कोमल को बचा लिया , वार्ना में इसकी बलि न दे पति ..." सुहाना ने बेहद ख़ुशी में मुस्कराते हुए बोलै , जब के रमा के होंठो पर इक रहस्मयी मुस्कान थी ,
फिर सुहाना ने अपनी आँखें बंद कर ली , उसके सीने में तेज़ रौशनी उठी , और फिर वोह रिंग उसके हाथ में थी , जो सफेद रौशनी में चमक रही थी ,
सबकी आँखों में इक चमक सी ा गई थी उस रिंग को देख कर , यहाँ खड़ा हर शेतीअन , इस रिंग को पाना चाहता था ,
सुहाना ने रिंग की तरफ देखते हुए अपनी आँखें बंद कर ली , धीरे धीरे आसमान में बिजली चमकने लगी , सुहाना , भगवन के बनाये ासोलो को तोड़ रही थी , पूरी पृथ्वी पर हाहाकार मच गई थी ,
सुहाना की रिंग से चमकती लाल रौशनी निकलने लगी , जो धीरे धीरे , रवि और कोमल के सीने में समाती गई , आखिर कुछ पलु बाद वोह पूरी रौशनी रवि और कोमल के जिस्म में समां गई ,
"हहै , अभ में बलि दूंगी , कोमल की..." सुहाना ने रिंग को अपनी ऊँगली में धारण करते हुए बोलै ,
"मा , मेरी प्यारी माँ , अप्प इस दुनिआ की नै , इस ब्रह्माण्ड की मलिका हो , मेरी माँ मलिका है..." रमा ने सुहाना की बाद चढ़ कर बड़ाई करते हुए उसे अपने प्यार में बंद लिया ,
"शुक्रिया बेटी , यह सब तुम्हारे कारन हुआ , बोलो क्या मांगती हो अपनी माँ से..." सुहाना ने घमंड में चूर चूर होकर बोलै ,
"रिंग , मेरा मतलब , माँ में आपकी रिंग को छू कर देखना चाहती हु , बस इक पल के लिए , वैसे भी में इस रिंग को धारण नै कर सकती..." रमा ने थोड़ा उदास होकर बोलै ,
"ओह्ह , मेरी बेटी , यह लो रिंग , देख लो..." सुहाना ने रमा की बातिओं से , उसके प्यार में , पिगल कर रिंग अपनी ऊँगली से उतर रमा को देते हुए बोलै ,
रमा , रिंग को अपने हाथो में लेकर छू कर देखने लगी , तभी उसके करीब इक कला धुआँ सा उठा , वोह नकाबपोश औरत अभ रमा के पीछे कड़ी थी ,
"यह लो माँ रिंग..." रमा ने मुस्करा कर बोलै , जैसे hi सुहाना ने अपना हाथ अग्गे किया तब रमा बोली.." अप्प नै मलिका , में अपनी माँ से कह रही हु..." रमा ने हस्ते हुए बोलै ,
"पर तुम्हारी माँ तोह में हु..." सुहाना बेहद पछताते हुए बोली , उसने अपनी ीचा से रिंग रमा को दी थी , अभ रमा अगर अपनी ीचा से उसे रिंग देती , तभी वोह रिंग को धारण कर पति ,
"यह लू माँ ..." रमा ने घूम कर वोह रिंग उस नकाबपोश औरत को देदी , जिसने अपनी ऊँगली में वोह रिंग पहन ली , अभ वोह इस दुनिआ की सबसे ताकतवर औरत थी ,
अभ रवि और कोमल को होश ऐनी लगा था , अभ रिंग की आधी ताकत रवि में थी और आधी कोमल में , अभ वोह बेहद ताकतवर हो चुके थे , उन दोनों की खुली आँखें लाल रौशनी में चमक रही थी , अभ वोह वैम्पायर नै थे , अभ वोह इंसान थे , और वोह भी बेहद शक्तिशाली ,
"धोकेबाज .." सुहाना ने इतना बोल रमा को मरना चाहा , पर रमा के जादुई लाल बालो ने सुहाना को जकड लिया , फिर रमा बोली ,
"मलिका अभ आपका रिंग में जाने का वख्त हो गया है , जाओ रिंग में , और मेरी इंसानी माँ को छोड़ दो , आपको क्या लगा , यह सब में आपके कहने पर कर रही थी , मेरी माँ सीमा को जो भी दर्द देगा , उसे में इस दुनिआ से मिटा दूंगी..." रमा ने बेइंतहा गुस्से में बोलै ,
"अह्ह्ह नै जोगी रिंग मी..." सुहाना ने दर्द से कहरहते हुए बोलै ,
तभी उस औरत ने रिंग की तरफ देखते हुए अपने मन में कुछ बोलै , फिर सुहाना की सोच शक्ति , सीमा के सार से निकल कर , रिंग में समां गई ,
सीमा अपने इंसानी रूप में एते hi जमीन पर गिर गई , वोह बेहद कमज़ोर दिख रही थी , रमा ने निचे बेथ , सीमा को अपनी बहु में भर लिया ,
तभी रवि और कोमल उठ कर बेथ गए , दोनों ने इक दूसरे की तरफ मुस्करा कर देखा ,
वोह नकाबपोश औरत वह से गयाब हो गई , जोकर भी वह से भाग गया , पर दयना अभ भी वह थी , वोह रिंग को पाना चाहती थी ,
रवि उठ खड़ा हुआ और दयना की तरफ बढ़ने लगा , क्या दयना अभ रवि का मुकाबला कर पति , जिसमे अभ रिंग की कई शक्तियाँ थी , जो अभ रिंग से जुड़ चूका था...
दयना वह से भागने लगी , पर रवि ने हवा से भी तेज़ , दयना को पीछे से अपनी बहु में जकड लिया , रवि ने उसकी गर्दन अपनी बहु में जकड ली , और कोमल की तरफ देख कर बोलै ,
"कोमलललल , मर्डर दू ऐसी..." रवि ने चीला कर बोलै ,
तभी कोमल ने वोह रमा के काळा जादुई टुकड़े उठा लिए , और पालक झपकते hi दयना के पास कड़ी हो गई ,
"मूज़ी मेरे भइआ से दूर किया..." कोमल ने इतना बोलै , और वोह दोनों टुकड़ो , दयना के सीने में घुसा दिए ,
"अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह शहहह..." दयना दर्द से कहरः उठी , कुछ hi पलु में उन जादुई टुकड़ो ने , दयना की पूरी शेतीआणि ताकत चूस ली , दयना का जिस्म रख बन कर उड़द गया ,
कोमल ने अपने भाई को बहु में भर लिया , और पगलू की तरह उसके होंठ चूसने लगी , रवि ने कोमल को कमर से उठा लिया , कोमल ने अपनी टंगे रवि के पेट से लपेट ली , और अपने भाई के बालो को सहलाती , उसके होंठो को चुस्ती रही , दोनों ने मन को सकूं पहुँचने तक किश किया , फिर दोनों हफ्ते हुए इक दूसरे की आँखों में देखने लगे ,
कोमल अभी निचे उतरी hi थी , के ख़ुशी भागते हुए रवि के गले लग गई , अभ ख़ुशी पगलू की तरह रवि के होंठ चूसने लगी , करीब 5 मिंट ख़ुशी , रवि के बालो में हाथ फिरती , उसके होंठो को चुस्ती रही , जब ख़ुशी का मन भरा दोनों अलग हो गए ,
अभी रवि अपनी तेज़ संसू को कण्ट्रोल कर hi रहा था , के बेबी ने उसे बहु में भर लिया , अभ बेबी वहशी रूप में एते हुए , अपने प्रेमी के होंठो को चूसने लगी , रवि की तोह बंद बज गई थी , इक के बाद इक , हमले उसके होंठो पर हो रहे थे ,
लेकिन वोह किसी को रोक नै रहा था , क्यों की वोह जनता था , सब उसे बेहद चाहती हैं , बेबी का जब मन भरा , तब वोह रवि से अलग होकर , कोमल से मिलने लगीई ,
"हासष्ठ , थककक गया मी...." रवि अभी तेज़ तेज़ सांसे ले hi रहा था , के रमा के बालो ने उसे जकड लिया , कोमल , ख़ुशी और बेबी , रमा की तरफ देखने लगी ,
"भइआए मुझे भी किश करना हैई..." रमा मुस्कराते हुए बोली , और रवि को अपने करीब खींच लिया , कोमल , ख़ुशी और बेबी हसने लगीई ,
"रमा तुम इंसानी रूप में ायो न..." रवि , रमा के काळा जिस्म की तरफ देखते हुए बोलै , पर रमा उदास हो गई , उसने अपनी नज़रियन ज़ुका ली , उसके बालो ने रवि को छोड़ दिया ,
"ओह्ह्ह मेरीए सेक्सयीय रएमाआ..." रवि मुस्कराते हुए रमा को बहु में भरता बोलै , और अपने होंठ , रमा के ब्लैक होंठो पर रख दिए , रवि बड़े प्यार से , बेहद शिदत से रमा के होंठो को चूस रहा था ,
और रमा के लाल जादुई बाल रवि के चेहरे को छू रहे थे , कुछ देर बाद दोनों अलग हुए ,
"मेरी जान तुम कैसी भी हूँ , बस मेरी हूँ , और मेरी रहुगीय..." रवि ने मुस्करा कर रमा की आँखों में देख बोलै , तोह रमा भी मुस्कराने लगी ,
"अह्ह्ह्ह मी कहा हूँ..." सीमा अपना सार दोनों हाथो में दबाते बोली ,
रवि ने भाग कर सीमा को अपनी बहु में भर लिया , उसके पोरे चेहरे को चूमने लगा , आखिर सब ठीक हो गया था , और सब साथ थे , फिर रवि की नज़र लारा पर पढ़ी ,
रवि उसके पास गया , तब लारा चेहरा ज़ुका कर बोली ,
"में बेहद बुरी हु , पर , क्या , मेरा मतलब , क्या , मतलब , वोह , क्या..." लारा अभी बोल hi रही थी के रवि ने उसके होंठो पर ऊँगली रख दी ,
"शह्ह्ह्ह , अज्ज से तुम मेरे परिवार का हिस्सा हो , ायो , में तुम अपनी बहनो से मिलवाता हु..." रवि , लारा का हाथ थामे उसे सब के पास ले आया ,
"अभ घर जाना है या नयी..." बेबी मुस्कराते हुए बोली ,
"में क्या कह रही थी , हम सब इतने दिनों बाद , इक हुए हैं , थोड़े दिन , इस खूबसूरत कबीले में रहते हैं , मस्ती करते हैं , क्यों , क्या कहते हो सब..." कोमल सबकी तरफ देख मुस्कराते हुए बोली ,
सब ने हाँ बोल दी , फिर ख़ुशी ने रवि के कहने पर , कबीले के टूटे घरो को ठीक कर दिया , और सब साथ में बतिअन करने लगे ,
फिर ख़ुशी , रेहान और बाकि कबीले वालो को गुफा से बहार ले आयी , रिमी और शूरति भी , अपने भइआ से मिल कर बेहद खुश हुई ,
"भइआ , कितना ाचा लग रहा है , हम सब साथ हैं , और खास कर , मेरी देदी सीमा को देख कर , है न सीमा देदी..." कोमल गहरी मुस्कान लिए सीमा की तरफ देख कर बोली ,
सीमा ने अग्गे बढ़ कोमल को बहु में भर लिया , और उसके चेहरे को कुछ देर चूमा , फिर उसे गले लगा , उसके कनु में धीरे से बोली ,
"कोमल अभ अपनी अस्स मरवा ले , ाचा मौका है , जंगल में तेरी चीख भी कोई नै सुनेगा..."
"धत्त्त , डीडीई , अभ भी मेरी अस्स के पीछे पढ़ी हो , लेकिन मने आपको बहुत मिस किया , ी लव ु , मेरी जान , अभ मेरे पास मेरे भइआ भी हैं , और मेरी क्यूट सी जान भी..." कोमल ने सीमा की आँखों में देखते हुए बोलै , फिर दोनों हसने लगी , और इक दूसरे को बहु में भर लिया ,
फिर सीमा , अपनी बेटी रमा के पास गई , उसे देखते hi उसकी आँखों में असनु ा गए , रमा के लाल बाल उसके असनु पोछने लगे ,
"मा , मेरीए प्यारी माँ..." रमा , सीमा को अपनी बहु में भर कर बोली ,
"मेरी प्यारी बेटी , तूने मेरी जान बचाई , मेरी बाछीइ , तू सच में , मेरी बेटी ही , में कितनी खुशनसीब हु , के तुज जैसी बेटीइ मुझे मिली , मेरी बेटी का बाल कितने खूबसूरत हैं..." सीमा , रमा के चेहरे को चूमते हुए बोली , फिर उसके बालो से खेलने लगी , जो बेहद बड़े होकर , सीमा के चेहरे को प्यार से छू रहे थे , रमा की आँखें नाम थी , उसकी माँ ने उसे इस रूप में भी इतना प्यार दिया था ,
तभी आसमान से बारिश होने लगी , सब उस बारिश में भेजने लगे , खेलने लगे , रमा भी बेहद खुश थी , और उसके जादुई लाल बाल भी.....
(आपको यह part कैसा लगा... कोण सा करैक्टर पसंद आया.. रेबु में जरूर बताना.. और निचे जो लिखा.. उसे रीड जरूर करना .. शुक्रिया)
थे एन्ड...
तोह यह था थर्ड part , कुछ मुश्किलें आयी , जब ष्प बंद हुआ , तब उम्मीद नै थी , के दुबारा स्टोरी स्टार्ट कर पाउगा , इसके लिए में लव1994 और अतुल भाई को थैंक्स बोलना चाहुगा...
अभ बात करते हैं , नेक्स्ट फोरूथ Part की , वोह में अज्ज से ठीक 3 दिन बाद स्टार्ट करुगा , वही टाइम रत को 10 बजे , तोह मिलते हैं अभ नेक्स्ट part में , यहाँ नए दुश्मन होंगे , कुछ नए सस्पेंस , और कुछ यही सस्पेंस जो अग्गे जाकर पता चल जायेगे , नेक्स्ट part में मैजिक भी होगा ,
शुक्रिया सभी प्यारे दोस्तों का .. जो इतना प्यार दिया .. दिल से थैंक्स...
तो बे कुनिटेड...