अपडेट-71
अभ अग्गे...
"उफ़ ओह्ह्ह , काट मेरी बात तोह सुनो , इतना क्यों रो रही हो , ाचा बात तोह बताओ..." बेबी ने काट के पास बैठते हुए बोलै ,
काट पिछले आधे घंटे से लगातार , बिन मासूम बरसात की तरह , आँखों से पानी बहा रही थी ,
"बेबी ( रट हुए) , रावी , ओह्ह्ह बेबी , रवि मुज़से प्यार नै करता , में टूट रही हु अंदर से , क्या करू , कुछ समाज नै ा रहा..." काट ने बेहद रट हुए बोलै , उसकी आवाज़ में इक अनचाहा दर्द था ,
"हम्म , तोह यह बात है , क्या रवि ने तुमसे कहा , के वोह मेरी भोली काट को प्यार नै करता..." बेबी ने काट को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,
"नै कहा..."
"तोह , मेरी प्यारी काट , क्यों अपना दिल जला रही हो..." बेबी ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"बेबी (फिर से रट हुए) , उसने मेरी तरफ देखा तक नै , बस फर्जी को लेकर निकल गया , में क्या , लड़की नै हु , तुम समाज रही हो न , में लड़की हु यार , और उसने मुझे देखा तक नै ..." काट ने फिर से रट हुए बोलै , बेबी ने उसकी बतिअन सुन माथा पीट लिया ,
"अहह मेरा बचा , जानती हो , में खुद शॉकेड हु , क्या कहु , रवि हमारी बेटी से इतना प्यार करता है , यह मने अज्ज महसूस किया , काट , बात यह है , उसे फर्जी के बिना तब कुछ नै दिखा , न में दिखी , न तुम , और न कोई और , उसे अपनी बेटी से मिलना था , अभ वोह इक पिता है , जिसकी नज़रिओं में पहले उसकी बेटी है , और बाद में हम सब..." बेबी ने काट को बेहद घोर से समज़ते हुए बोलै ,
"ओह्ह्ह , में यह बात क्यों न समाज पायी , फर्जी से दूर रहकर , उसका दिल तड़फ उठा होगा , और इतने सालो तक वोह उससे मिला भी नै था , अह्ह्ह में अपने रवि को बेवजह गलत समाज रही थी..." काट नाम आँखों से hi मुस्कराते हुए बोली ,
"ओह्ह हो , मेरा रावी , चूलगुजी तू बहुत फ़ास्ट है..." बेबी ने काट के गीले गलो को चूमते हुए बोलै ,
"तू जा , कामिनी कही की..." काट ने शर्मा कर मुस्कराते हुए बोलै ,
"ाचा , में जाऊ , रुक बताती हु..." बेबी ने इतना बोल काट को पीछे बीएड पर गिरा दिया , और उसके ऊपर लेट , अपने होंठ उसके गुलाबी नरम होंठो पर रख दिए , और दोनों प्यार में दुब गई ,
वही दूसरी तरफ...
"ओह्ह पापा वोह देखो टाइगर कितना बड़ा है..." फर्जी ने इक जड़ी में चुप कर नदी के दूसरी तरफ टिगर्स का इक झुंड देखते हुए बोलै , जो धुप में आराम कर रहे थे ,
"हम्म , मने कहा था , पापा तुम टाइगर दिखने लेकर जायेगे , अभ मेरी बेटी खुश है..." रवि ने मुस्कराते हुए फर्जी का माथा चुम कर बोलै ,
"पापा बहुत खुश हु , काश में उनको छू कर देख पति , कितने बड़े हैं पापा , और कितने कहकर भी हहै ..." फर्जी फिर से टिगर्स को देख कर हस्ते हुए बोली ,
"ओह्ह मेरी बेटी , कितनी प्यारी है , यह सब उस काट ने किया , मुझे मेरी बेटी से दूर रखा , उसे इसकी सजा मिलेगी , लेकिन कोनसी सजा उसके लियाक है , अहन , यह ठीक रहेगा...." रवि ने मन hi मन गुस्से में मुस्कराते हुए बोलै ,
"पापा वोह देखो , दो टाइगर खेल रहे हैं..." फर्जी ने मुस्कराते हुए बोलै ,
रवि भी फर्जी के साथ देखने लगा , लेकिन तभी आसमान से कोई चीज़ जमीन पर गिरी , उन टिगर्स के पास , उफ्फ्फ इक तेज़ धमाका हुआ , टिगर्स भी दर कर भाग गए ,
"पापा यह कोण है..." फर्जी ने बेहद डरते हुए बोलै ,
"शहहह , आवाज़ मत करना..." रवि ने फर्जी की तरफ देख अपने होंठो पर ऊँगली रख बोलै ,
क्यों की सामने 7 फ़ीट का इक आदमी खड़ा था , जिसके जिस्म पर काळा विस्तार धारण किये हुए थे , वोह इक ओहदा की तरह लग रहा था , उसके हाथ में इक तेज़ चमकती तलवार थी , और उसकी आँखें हरे (ग्रीन) रंग में चमक रही थी ,
"उफ़ क्या मुसीबत है , अगर इस से लड़ा तोह फर्जी को मेरा असली रूप दिख जायेगा , हम ऐसा नै कर सकते , हमें कोई और रास्ता ढूंढ़ना होगा , यह कम्बख्त तामस कहा गई , वह हेलल में तोह बड़े वादे कर रही थी , हम आपके लिए जान दे देगी , अभ कहा गई..." रवि मन hi मन ख़ुशी को गळ्यां देता बोलै ,
मार्को अभ धीरे धीरे रवि की तरफ बढ़ रहा था , अचानक उसने जैसे hi नदी में अपना पेअर रखा , पानी पूरी तरह से सुख गया , अभ नदी खली थी , और मार्को रवि की तरफ बढ़ रहा था ,
तभी रवि ने देखा , आसमान से बिजली जमीन पर गिरी , और जब रौशनी काम हुई , तब रवि ने देखा , वोह ख़ुशी थी , हाथ में तलवार लिए हुए ,
"वह मेरी बेवडी जानेमन ..." रवि मुस्कराते हुए बोलै ,
"पापा यह लड़की कोण है..."
"चलो घर चले , हमें लेट हो रहा है.." रवि तेज़ी से फर्जी को गॉड में उठा घर की तरफ जाते हुए बोलै ,
"पापा , मुझे उनको लड़ते देखना है..." फर्जी , रवि की गॉड में uchal-kud मचाते हुए बोली ,
"गन्दी बात , बीटा बड़ो को लड़ते नै देखते..."
"तोह कब देखते हैं ..." फर्जी ने नादानी में इक और सवाल पूछ लिया ,
"खाना कहते हुए देखते हैं.."
"पर उसमे देखने वाली क्या बात होती है , पापा..." फर्जी ने अपना तेज़ दिमाग चलते हुए बोलै , फर्जी का दिमाग बेहद तेज़ हो रहा था , खास कर जब वोह रवि के बेहद करीब थी , उसका दिमाग तेज़ी से बढ़ रहा था ,
"हम्म , यह बात भी है..."
"पापा अप्प मुम्मा से कब मिले , और अप्प हमारे साथ क्यों नै रहते , मुम्मा और काट मुम्मा इक साथ क्यों रहती हैं..." फर्जी ने ढेर सरे सवाल रवि को करते हुए बोलै ,
"हे भगवन , इतने सवाल , बीटा में काम में बिजी रहता हु , तोह इसलिए मुम्मा और काट मुम्मा इक साथ रहती हैं..." रवि , फर्जी के सवालों से बचता हुआ बोलै ,
"पापा , क्या डेविल होता है..." फर्जी ने मसोमीयत से पूछा ,
"ओह्ह (इक लम्बी साँस लेकर) , तुम किसने बताया..."
"मुम्मा ने , मुम्मा कहती है , बुरे इंसान डेविल होते हैं..."
"हम्म , सही कहती है मुम्मा , वोह देखो घर ा गया , तुम घर पर रहना , में इक काम निपटा कर जल्द hi वापिस ा जाउगा..." रवि ने घर के पास पहुँच फर्जी को अपने सीने से लगते हुए बोलै ,
"अप्प उस डेविल से लड़ने जा रहे हो..." फर्जी ने रवि के कनु में धीरे से बोलै ,
"नै , नै , मेरी नटखट बेटी , में क्यों लडूगा , तुम गलत समाज रही हो.." रवि , फर्जी को घर के बहार अपनी गॉड से निचे उतरता हुआ बोलै , और उसके सामने घुटनो के बल बेथ गया ,
"ाचा , पापा अप्प मेरे साथ घर चलो , अगर आपको लड़ना नै है..." फर्जी ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"अहह , ठीक है , मुझे लड़ना है , में उस डेविल को रोकना चाहता हु , पर तुम्हारे सामने नै , क्यों की तुम मेरी बेटी हो , और में तुम्हारी नज़रिओं में इक ाचा बाप बनना चाहता हु , न के बुरा..." रवि ने बेहद दर्द भरी आवाज़ में बोलै ,
"पापा सॉरी , अप्प बहुत अचे पापा हो..." फर्जी ने रवि के गले लग उसके गाल चूमते हुए बोलै ,
"क्या कहा तुमने , में ाचा हु..." रवि को यह सुन कर मन में इक सकूं सा महसूस हुआ ,
"हाँ पापा , अप्प बहुत अचे हो , अप्प मेरे बेस्ट पापा हो , पापा अप्प जाओ , और जल्दी वापिस एना..." फर्जी ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"हाँ मेरी बची , में अभी ा जाउगा..." रवि ने फर्जी का माथा चूमा और उठ कर जाने लगा ,
"ा गए दोनों बाप बेटी घूम कर..." बेबी घर के बहार आकर मुस्कराते हुए बोली , उसके साथ काट भी थी ,
"मुम्मा , पापा को कही जाना है , इक जरुरी काम के लिए , पापा अप्प जाओ..."
"पापा की बची , तुम चुप रहो , ाचा रवि , मुझे तुमसे कोई बात करनी थी..." बेबी ने मुस्करा कर बोलै ,
"बेबी अभी नै , अभी मुझे जाना है..."
"ठीक है , ाचा तुम काट को अपने साथ ले जाओ..." बेबी ने फर्जी को अपनी गॉड में उठा रवि की तरफ देख कर बोलै ,
"काट , नै , नै , काट को वोह दरिंदा चोट पहुंचा सकता है..." रवि ने मन hi मन सोचते हुए बोलै ,
"बेबी , काट मेरे साथ नै जा सकती , मतलब , मुझे जाना है , bye..." रवि इतना बोल तेज़ी से उस तरफ बढ़ने लगा , यहाँ ख़ुशी अकेले मार्को से लड़ रही थी ,
रवि के जाने के बाद काट , और बेबी ने इक दूसरे की तरफ देखा ,
"बेबी , उसने मेरी तरफ देखा तक नै , में कल वापिस जा रही हु शहर , अगर तुम जाना है , तोह मेरे साथ चलो , वार्ना तुम यही रुक जाओ..." काट रट हुए इतना बोली और घर के अंदर चली गई ,
"मुम्मा , काट मुम्मा क्यों रो रही थी..."
"बीटा , यह बड़ो की बात है , तुम नै समाज पाउगी..." बेबी ने फर्जी के गाल को चुम कर बोलै ,
"लगता है काट मुम्मा से पापा नाराज़ हैं , में बात करुँगी पापा से..." फर्जी ने मन hi मन सोचते हुए बोलै ,
वही दूसरी तरफ...
जब रवि वह से गया , तब ख़ुशी और मार्को इक दूसरे के सामने खड़े थे , ख़ुशी मुस्करा रही थी , उसके इक हाथ में तलवार थी , और इक हाथ में मदिरा (शराब) ,
"अहह में बोर हो रही थी , यहाँ जंगल में कुछ भी करने को नै था , तुमने तोह मेरा दिन बना दिया , अभ आएगा मज़ा..." ख़ुशी मदिरा के छोटे छोटे सिप लेते हुए बोली ,
मार्को ने अपनी तलवार उठाई और ख़ुशी की तरफ बढ़ने लगा , ख़ुशी ने अपनी मदिरा की बोतल ख़तम की , और वोह भी मार्को की तरफ बढ़ने लगी ,
"तुम इक घटिया इंसान हो , बेहद घटिया , और ख़ुशी तुम कभी खुश नै रहने देगी ..." ख़ुशी ने तलवार का जोरदार वॉर मार्को की गर्दन पर करते हुए बोलै ,
"बूढ़ी कही की..." मार्को पहली बार कुछ बोलै , लेकिन जो उसने बोलै , उससे ख़ुशी का गुस्सा और भी बढ़ गया ,
"मुझे बूढ़ी बोलै , सेल , तुझे नै छोडूगी..." ख़ुशी ने बेहद गुस्से में चीख कर बोलै ,
ख़ुशी ने तलवार के कई तेज़ वॉर मार्को पर किये , पर मार्को तलवार चलने में माहिर था , उससे तेज़ इस दुनिआ में कोई तलवार नै चला सकता था , क्यों की वोह इक खतरनाक योद्धा था ,
िका इक ख़ुशी ने तलवार का वॉर मार्को की गर्दन पर किया , जैसे hi मार्को ने अपना बचाव करने के लिए तलवार ऊपर की , ख़ुशी ने अपना दांव बदल दिया , ख़ुशी ने निचे झुकते हुए तलवार का वॉर मार्को की कमर पर कर दिया , मार्को की कमर चीरती हुई तलवार ने इक बड़ा सा कट लगा दिया ,
"अह्ह्ह बूढ़ी , तूने धोके से मारा..." मार्को ने अपनी कमर पर हाथ रखते हुए बोलै .."इसकी सजा तुम मिलेगी , बहुत हुआ खेल अभ जान जाने तक लड़ते हैं..." मार्को ने इतना बोलै , और ख़ुशी पर तलवार का वॉर किया , जो ख़ुशी ने रोक लिया ,
पर तभी मार्को की आँखों से इक ग्रीन रौशनी निकली , जो इक लाइट की तरह सीधा ख़ुशी के चेहरे पर पढ़ी , ख़ुशी पीछे की तरफ गिर गई , उसे बेहद जलन हो रही थी ,
"तुम , तुम इक डेमों हो , ः , जब में मर कर हेलल में था , तब तुम्हारे भाई बहनो ने मुझे बहुत टार्चर किया , तुम डेमों हो..." मार्को ने हरिजन होते हुए बोलै , क्यों की ख़ुशी के लाल जिस्म से उसे सचाई का पता चल गया था ,
"हाँ , में डेमों हु , और इम्मोर्टल (अमर) भी हु , तुम मुझे नै मर सकते , लेकिन हाँ , में तुम उतना hi टार्चर करुँगी , जितना तुम हेलल में किया गया था..." ख़ुशी ने मुस्कराते हुए उठ कर बोलै ,
"अहह वोह हेलल था , यहाँ अभ में नै हु , यह पृथ्वी है , यहाँ मुझे ताकत मिलती है..." मार्को ने इतना बोल ख़ुशी के पेट पर इक लत्त जड़ दी , ख़ुशी उड़ते हुए इक पेड़ से जा टकराई और निचे जमीन पर गिर गई ,
"अभ खेल ख़तम..." मार्को ने इतना बोलते हुए उड़द कर तलवार का वॉर सीधा ख़ुशी के ऊपर किया ,
पर तभी किसी ने तेज़ रफ़्तार से ख़ुशी को वह से हटा दिया , मार्को की तलवार जमीन में आधी घुस गई ,
"तोह मेरी ख़ुशी , में ा गया हु , तुम मुझे थैंक्स बोल सकती हो , अगर तुम्हारा नशा थोड़ा काम हो गया हो..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
तभी रवि को कुछ आवाज़ सुनाई दी ,
"तुम कोण हो , ओह्ह्ह तोह तुम हो डेविल , हेलल के प्रिंस , हेलल बहुत बुरी जगह है , यहाँ बार बार , हर पल , टार्चर किया जाता है , और यह सब तुम करते हो..." मार्को ने रवि की तरफ बढ़ते हुए बोलै ,
"करता हु , मतलब नै , मार्को मेरे भाई , हम दोनों इक जैसे हैं , में भी डेविल , तुम भी डेविल , तोह लड़ना क्यों , हम दोस्त हैं..." रवि ने मुस्कराते हुए बोलै ,
"तुम क्या बकवास कर रहे हो , उसे मर कर खेल ख़तम करो..." ख़ुशी ने गुस्से से रवि की तरफ देखते हुए बोलै ,
"अहह यह मेरी अंगरक्षक है , और गुससेखोर भी , और बूढ़ी भी , मेरा मतलब , यह मेरी है , मेरी खास डेमों , तोह मेहेरबानी करके ख़ुशी तुम अपना मोह बंद रखोगी..." रवि ने ख़ुशी की तरफ देख कर बोलै ,
"बढ़ में जाओ ..." ख़ुशी ने बेहद गुस्से में चीखते हुए बोलै ,
"हाँ , तोह में कहा था , मार्को हम इक जैसे हैं..." रवि अभी बोल hi रहा था के मार्को बेच में बोल पढ़ा ,
"हम इक जैसे नै हैं , में तुमसे भी बुरा हु , तुम मरना hi मेरा मकसद है , तोह वापिस हेलल जाने के लिए त्यार हो जाओ..." मार्को ने बेहद गुस्से में बोलै ,
मार्को ने इतना बोल भागते हुए अपनी तलवार रवि के सीने में घुसा दी ,
"जो तो हेलल , डेविल..." मार्को हस्ते हुए बोलै ,
"बेवकूफ , में डेविल हु , में इम्मोर्टल हु , में मर नै सकता , क्यों की मेरी कोई कमज़ोरी नै , कमज़ोरी..." रवि कुछ बोलते बोलते थम सा गया ,
"अहह यह नै हो सकता , में तुम मर कर hi डैम लूंगा..." मार्को ने अभी इतना hi बोलै था , के रवि ने उसे कास कर इक पंच जड़ दिया , मार्को के गाल चील गए और खून बहने लगा ,
"में डेविल हु , डेविल को मर नै सकते , या शयद मर सकते हैं , पर कैसे , ओह्ह्ह छोड़ो ें बातिओं को , अभ बोल मेरी स्वीटी तेरे साथ क्या सलूक करू..." रवि ने वोह तलवार अपने सीने से निकल बेहद गुस्से में बोलै , उसकी आँखें लाल हो गई , और चेहरा भी बेहद ब्यांक और लाल हो गया , दन्त बढ़ कर नोकीले हो गए ,
"तुम मुझे नै मर सकते , क्यों की में पहले hi मर चूका हु , मेरी मौत नै हो सकती , में फिर ायुगा..." मार्को इतना बोल वह से गयाब हो गया , रवि ने नार्मल होकर ख़ुशी की तरफ देखा , जो उसे खा जाने वाली नज़रिओं से घर रही थी ,
"क्या , वोह सच बोल रहा था , उसे नै मर सकते , वैसे भी वोह मुझे नै मर सकता में उसे नै मर सकता , न हम दोनों इक दूसरे की मर सकते हैं , तोह बात यही ख़तम..." रवि ने इतना बोल वह से चलते हुए बोलै ,
"तुम , तुम बदल रहे हो , तुम इंसानी रूप को छोड़ कर , अपने असली रूप में ा रहे हो , ओह्ह्ह यह बहुत बुरा होगा..." ख़ुशी ने थोड़ा चिंता में बोलै ,
"में रवि हु , हाँ में hi रवि हु , तुम्हारा रवि , और हाँ , तुम यह कह सकती हो , में डेविल भी हु , और मुझे सजा देनी है लोग को , इस लिए में..."
"क्या , तुम करना क्या चाहते हो..."
"में , में यानि डेविल , में पुलिस में काम करुगा , मतलब अनु के साथ , इससे दो फयदे होंगे , में अनु के पास भी रहुगा और लोगो को सजा भी दूंगा , इस में मज़ा आएगा..." रवि बेहद खुश होते हुए बोलै ,
"ओह्ह मतलब में भी डेमों बन गई हु , पर कैसे , अह्ह्ह में ख़ुशी हु , लेकिन वही , जिद्दी , बूढ़ी ख़ुशी , में अपने असली रूप में ा गई हु..." ख़ुशी ने हरिजन सा होते हुए बोलै ,
"वही तोह , हम सब बदल रहे हैं , इसके पीछे जरूर पिता जी का हाथ होगा , और हमें अभ पिता जी से लड़ना है , उनकी हर साज़िश हमें नाकाम करनी होगी , वैसे में इक बात बता दू , तुम जिद्दी और बूढ़ी hi अछि लगती हो ..." रवि ने ख़ुशी को अपनी बहु में भरते हुए बोलै ,
"छोड़ो मुझे , तुम पिता जी से नै जीत सकते , वोह बहुत ताकतवर हैं , और मुझे वापिस हेलल जाना है..." ख़ुशी ने गुस्से में बोलै ,
"क्या , तुम पागल हो , इतनी खूबसूरत दुनिआ को छोड़ कर , उस गंदे , बदबूदार , हेलल में जाना चाहती हो..." रवि , ख़ुशी के साथ चलते बोलै ,
"मुझे लोग को मरना है , और उनको टार्चर भी करना है , और मुझे इस में मज़ा मिलता है , सेक्स से भी जायदा..." ख़ुशी ने अपने गुलाबी होंठ दांतो में चबाते हुए बोलै , वोह थोड़ी अजीब लग रही थी , यह सब करते हुए ,
"तुम यह क्या कर रही हो , तुम बहका रही हो मुझे , पर क्यों.."
"अहह मुझे सेक्स करना है , और तुम अगर सेक्स नै करोगे , तोह में तुम्हारा वोह काट दूंगी..." ख़ुशी ने अपना डेमों खंजर पर अपनी जीभ घूमते हुए बोलै ,
"अहह , ाचा ठीक है , में सोचुगा , मतलब रत को करुगा , पर तुम सच में , मेरे साथ सोना चाहती हो..."
"क्यों में लड़की नै हु , में लड़की हु , और मुझे भूक लगी है , सेक्स की , बहुत जायदा सेक्स की , इतनी भूक..."
"ाचा , ाचा , में समाज गया , तुम भूक लगी है सेक्स की ..."
"हाँ , और भूक के साथ साथ प्यास भी लगी है , उम्म्म , मुझे तुम्हारे ें दिलकश होंठो का रास चूसना है..." ख़ुशी ने अपने होंठो पर जीभ फिरते हुए बोलै ,
"अहह , घर ा गया , रत को मिलता हु..."
"अगर नै ए , तोह यह खंजर तुम्हारी गांड में घुसा दूंगी , तुम्हारे रूम में आकर..." ख़ुशी ने मुस्कराते हुए बोलै , और रवि डरते हुए भाग कर घर में घुस गया ,
घर में घुसते hi काट उसके सामने ा गई , उसने काट की तरफ देखा , और फिर जाने लगा ,
"रवि , प्लस माफ़ कार्डो , मुज़से गलती हो गई , पर में तुमसे प्यार करती हु , बहुत जायदा प्यार ..." काट ने रट हुए बोलै ,
"ओह्ह प्यार , काट मुझे एहसास हो गया है , तुमसे दूर रहकर , मतलब हम दोनों अलग है , में तुमसे प्यार नै करता हु , और में डेविल भी हु..."
"ओह्ह डेविल , इससे ाचा तोह यह बोल देते , के में इक गे हु , वोह में मन भी लेती , पर डेविल (हस्ते हुए ) , में क्या तुम पागल लगती हु..." काट ने हस्ते हुए बोलै ,
"तुम यह मज़ाक लगता है , में इक डेविल हु , में हेलल का प्रिंस हु , में लोग को सजा देता हु , में बहुत बुरा हु..." रवि ने बेहद गुस्से में बोलै ,
"ओह्ह डेविल , तुम बहुत अजीब हो , पर डेविल नै हो , और यह hell-vell कुछ नै होता..."
"होता है , वह बुरे लोग को सजा मिलती है , और में यह दावे के साथ कह सकता हु , तुम भी हेलल hi जोगी..."
"शट उप , इडियट , में तुमसे प्यार का इजहार कर रही हु और तुम मुझे हेलल बेहज रहे हो , अह्ह्ह में पागल जो जोगी..." काट इतना बोल पेअर पटकते हुए वह से जाने लगी , पर तभी रवि ने उसका हाथ पकड़ लिया ,
"काट , में सच बोल रहा हु , तुम यकीन करना होगा , क्यों की में डेविल हु , मेरी आँखों में देखो..." रवि ने काट के चेहरे के बेहद करीब होकर बोलै , काट ने जैसे hi उसकी आँखों में देखा , रवि की आँखें वैसी hi रही , जैसे पहले थी ,
"अहह तुम मुझे चाहते हो , मुझे तुम्हारी आँखों में दिख रहा है..." काट ने मुस्करा कर बोलै ,
"लेकिन तुम दर क्यों नै रही हो , मेरी आँखें लाल रौशनी में चमक रही हैं , और तुम दर नै लग रहा , यह कैसे..." रवि ने थोड़ा चिंता में बोलै ,
"तुम पागल हो , इक डैम पागल , पर में तुम प्यार करती हु , ी लव उउउ , और खुद को डेविल कहना बंद करो..." काट ने रवि के कनु में धीरे से बोलै ,
"अरे में सच में डेविल हु..." रवि ने बेहद चिंता में बोलै ,
"अह्ह्ह्हू , अगर इक बार और डेविल वाला मज़ाक किया , तोह में तुम ऐसी जगह किक मृगी , के तुम इक वीक तक , किसी लड़की को मोह नै दिखा पाओगे , में तुमसे प्यार भरी बतिअन कर रही हु , ोहू तुम सच में पागल हो..." काट जोर से पेअर पटक कर गुस्से में जाते हुए बोली ,
"में डेविल हु , पर काट को यह एहसास क्यों नै करवा पाया , ओह्ह कोमल के पास इसका जवाब hoga..."ravi ने मन hi मन खुद से बोलै ,
रवि ने इक लम्बी साँस ली और वह से जाने लगा , तभी उसके चेहरे के रंग उड़द गए , क्यों की सामने फर्जी कड़ी थी....
"फर्जी बीटा , तट ...तुम यहाँ पर..." रवि ने हकलाते हुए बोलै ,
"पापा अप्प..." फर्जी ने इतना बोल अपने होंठो पर हाथ रख लिया....
तो बे कुनिटेड...