Incest kahani - Shikari Ki Bimari - Page 2 - SexBaba
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Incest kahani - Shikari Ki Bimari

अपडेट 6
रिद्धिमा रत में अपने बालकनी में बेचैनी से घूम रही थी , उसके दिमाग में गांव वालो का दर और गजराज की बाटे थी ..

“क्या हुआ रिद्धिमा बेटी बहुत चिंता में दिख रही हो “

ये जमुना काकी थी, जमुना रिद्धिमा के लिए माँ सामान hi थी , जब से होश सम्हाला था तब से वो उसे इस घर में देख रही थी , कहते है की उसका पूरा परिवार hi रिद्धिमा के घर में नौकर था , ये कई पीढ़ियों से ऐसा hi था , की पिता भी वही नौकर थे और उसके बाद उनके बच्चे भी वही नौकर बने … लेकिन इतने सालो की ईमानदारी के कारण रिद्धिमा का परिवार जमुना के परिवार का सम्मान भी बहुत करता था …

“बस काकी उन्ही बातो को सोच रही हु जो गांव में चल रही है ,क्या ये सब अफवाहे है “

काकी हंस पड़ी

“नहीं बीटा ये अफवाहे नहीं है , मैंने अपने परदादा से भी ये कहानिया सुनी थी वो तो कहते थे की उन्होंने एक शिकारी और एक चुड़ैल के बिच का सम्भोग भी देखा है “ जमुना मुँह बड़ा कर हँसाने लगी

“क्या काकी आप भी न “

“अरे तो इसमें क्या हो गया तू अब बड़ी हो चुकी है इन सभी बातो को समझने के लायक “

इतने चिंता की मनोदशा में भी रिद्धिमा के होठो में एक मुस्कान आ गयी

“चची लेकिन अजय कोई शिकारी की बीमारी कैसे लग सकती है वो तो शिकारी नहीं है “

“है लेकिन एक शिकारी ने उसे अपनी दवा पिलाकर जीवनदान दिया है वो भी उसके माँ से वचन लेकर इससे वो शिकारी अब मुक्त हो गया और ये बीमारी अब अजय को लग जायेगी ..”

“तो क्या ये बीमारी गलत है ??”

रिद्धिमा के मासूम से चेहरे में एक अजीब सा भाव आ गया था

“बीटा ताकत कभी गलत या सही नहीं होता , लेकिन ताकत का अभिमान गलत जरूर होता है साथ hi ताकत पाने के लिए जो मोल देना पड़ता है कभी कभी वो बहुत hi बड़ा होता है , न जाने अजय की माँ ने क्या मोल चुकाया होगा “

दोनों hi शांत हो गए थे

“तो क्या अजय हमारे गांव वालो को भी नुकसान पहुचायेगा , गजराज काका तो कह रहे थे की उसने अजय के माँ से बात कर ली है “

जमुना हंस पड़ी

“बेटी ताकत आने के बाद का क्या भरोषा है , हम लोगो की जिंदगी तो अब उसके महेरबानी से hi चलेगी , क्या पता कब उसके दिमाग में बदला लेने के कीड़ा आ जाये और वो पुरे साहनपुर को तबाह कर दे , अब तो तेरे पिता और चाचा भी नहीं है इस तूफान से हमारी रक्षा करने के लिए “

जमुना ने जिस स्वर में ये कहा था उससे रिद्धिमा की चिंता और भी बढ़ गयी थी

“काकी शिकारियों की ताकत को कैसे रोका जा सकता है “

जमुना ने एक नजर भरकर रिद्धिमा को देखा , नौयौवन की सुंदरता देख कर एक बार जमुना भी मोहित सी हो गयी , शरीर के कई हिस्सों में उभर आ रहे थे और उस पर वो मासूम सा चेहरा , उसने मन hi मन कुछ दुदबुदाय

“क्या हुआ चची ऐसे क्यों देख रही हो “

काकी के होठो में मुस्कान आ गयी

“शिकारियों की ताकत को तो केवल चुड़ैल hi रोक सकती है , और मैं देख रही हु की तुझसे खूबसूतत लड़की कौन मिलेगी “

रिद्धिमा को उसकी बात थोड़ी अजीब लगी

“आप कहना क्या चाहती हो काकी ??”

जमुना ने अपना सर झटका

“अगर तुझे अजय को रोकना है तो तुझे चुड़ैल बनना पड़ेगा “

रिद्धिमा के तो पैरो से जैसे जमीं hi खिसक गयी थी

“ये आप क्या बोल रही हो “

“है बीटा , तू खूबसूरत है जवान है तू अजय को अपने आकर्षण में फंसा सकती है , तू hi उसे रोक सकती है .. तेरे hi कंधे में अब पुरे गांव की जिम्मेदारी है , तू hi पुरे गांव को उसके आतंक से बचा सकती है “

“लेकिन .. लेकिन ये कैसे हो सकता है ?? मैं .. मैं कैसे .. वो तो एक जाती है ??”

“है जैसे शिकारियों की एक जाट होती है वैसे hi चुड़ैलों की भी एक जाट होती है लेकिन , जैसे एक शिकारी को वचन देकर किसी दूसरे को शिकारी बनाया जा सकता है वैसे hi चुड़ैलों को बलि देकर किसी को भी चुड़ैल बनाया जा सकता है “

जमुना की बात सुनकर रिद्धिमा बुरी तरह से चौक गयी

“बलि …?? किसकी बलि “

जवाब में जमुना के होठो में एक कातिलाना मुस्कान आ गयी

“वो सब तुझे सोचने की जरुरत नहीं नहीं , बस तू अलगी अमावश्या को तैयार रहना “

“अमावश्या ???”

रिद्धिमा के पुरे शरीर में जैसे झुरझुरी सी दौड़ गयी

“अगर तुझे अपने गांव को बचाना है तो तुझे चुड़ैल बनना hi पड़ेगा रिद्धिमा , कुछ मत सोच की ये कैसे होगा , तेरी ये जमुना चची सब का इंतजाम करेगी , तू बस आराम कर और अमावश्या का इन्तजार कर “

जमुना ने बड़े hi प्यार से रिद्धिमा के गलो को सहला दिया …



 
अपडेट 7
अमावश्या का दिन आ गया था , रत के कोई 9 बज रहे थे , गांव में 9 बजे लगभग सभी सो जाते है , जमुना ने रिद्धिमा के दरवाजे पर दस्तक दी , आज रिद्धिमा का दिल सुबह से hi जोरो से धड़क रहा था , जमुना ने रिद्धिमा कोई किसी को भी ये बात न बताने का वचन लिया था ..

रिद्धिमा अपने माँ और भाई को पहले hi सुला चुकी थी , वो बार बार आगे होने वाली घटना के बारे में सोच सोच कर घबरा रही थी ..

लेकिन फिर उसके आँखों में अपने पिता तारा सींग का मृत शरीर घूम जाता , और अजय के साथ हुआ वो हदशा …

“अजय बदला जरूर लेगा “ वो मन hi मन बुदबुदाई थी , वो नहीं चाहती थी की जैसा हाल उसके पिता का हुआ वैसा hi कत्लेआम पुरे गांव में हो , उसने अपने दिल को मजबूत किया

“जो होगा देखा जायेगा लेकिन गांव वालो की रक्षा के लिए मुझे ये करना hi होगा , जमुना काकी ने तो मुझे माँ जैसा प्यार दिया है वो मुझसे कोई गलत काम नहीं करवा सकती “ उसने फिर से खुद से बात की

तभी दरवाजे पर दस्तक हुई वो जानती थी की ये जमुना hi है ..

रिद्धिमा ने अपने दिल को मजबूत किया और दरवाजा खोला , जमुना के हाथो में एक बेग था

“इसमें क्या है काकी “

“कुछ जरुरत का सामान है बीटा , तू तैयार है न “

“है काकी “

दोनों जंगल की और निकल पड़े थे

“12 बजे से पहले तक हमें वंहा तक पहुंचना होगा जल्दी चल “

थोड़ी hi दूर जाने पर जमुना ने कहा ..

दोनों ने अपने कदमो की रफ़्तार को दादा दिया था

करीब एक घंटे तक चलने के बाद उन्हें कुछ मसाले जलती हुई दिखाई दी ..

“हम बस पहुंचने वाले है “ जंहा जमुना उत्तेजित हो रही थी वही रिद्धिमा के दिल में एक अनजान सा दर बैठ रहा था , वो जंगल के इतने अंदर कभी नहीं आयी थी ..

जमुना ने रिद्धिमा का हाथ थमा और उसके साथ तेजी से आगे की और जाने लगी ..

थोड़ी hi देर में वो एक नदी के किनारे पर खड़े हुए थे , मसाले जल रही थी और कुछ ओउरते एक झुण्ड बनाये बैठी हुई थी , रिद्धिमा ने उन्हें देखा तो उसके चेहरे पर आश्चर्य छ गया , उसने कभी इतनी खूबसूरत एयरटे नहीं देखि थी , सभी लगभग उसके hi उम्र की लग रही थी , सभी ने लाल रंग की सदी पहन रही थी , होठो लाल थे और चेहरे में एक गजब की आभा , सभी के बल खुले हुए थे और वो कमर तक आ रहे थे , पलटी कमर और उठे उठे नितम्भ उन्हें और भी ख़ूबसूरत बना रहे थे ,,, जैसे hi ये दोनों वंहा पहुंचे सभी की नजरे रिद्धिमा पर टिक गयी , कुछ देर के लिए तो रिद्धिमा भी उनकी खूबसूरती में खो गयी थी ..

उनमे एक रिद्धिमा के पास आयी , उसके पायल की आवाज से रत का सन्नाटा भांग हो रहा था , छम छम की आवाज पुरे माहौल में गूंज उठी थी , उसकी वो पतली कमर और कमर की वो लचक किसी को भी दीवाना बना दे , उठे हुए उन्नत वक्ष ब्लाउज को फाड़ने को तैयार दिख रहे थे , मादकता और जवानी की जीती जगती मूरत थी वो ..

उस ायरत ने आकर रिद्धिमा को ऊपर से निचे तक निहारा , उसकी आँखों में प्रशंशा के भाव थे ..

“क्या रूप है , क्या यौवन है , जवानी तो जैसे इसके अंग अंग से छलक रही है , इसका चेहरा कितना मासूम है “ उस ायरत ने रिद्धिमा को देखते हुए कहा , उसने अपने हाथो से उसके बालो को सहलाया

“इसके रूप में तो कोई भी शिकारी दीवाना हो जाये “ पीछे से आती हुई एक दूसरी ायरत बोल उठी, और सभी खिलखिला कर हंस उठे

“जमुना तूने तो नायब हिरा धुंध निकला है तुझे इसका इनाम जरूर मिलेगा , लेकिन क्या ये यंहा अपनी िक्खा से आयी है , क्या इसके पास चुड़ैल बनने की कोई वजह है , क्या ये बलि देने को तैयार होगी ??”

एक तीसरी ायरत बोल उठी

“बिलकुल बिकुल ये अपनी मर्जी से hi यंहा आयी है , इसके पास चुड़ैल बनने की सबसे बड़ी वजह है जिसे कोई ठुकरा नहीं सकता, इसे एक शिकारी का सामना करना है , और है ये बलि देने को तैयार है “

जमुना की बात सुनकर सभी के होठो में मुस्कान आ गयी

“तब तो तुम बिलकुल सही हो .. चलो तयारी शुरू की जाए “

पहली वाली ने रिद्धिमा का हाथ थम लिया था, रिद्धिमा ने एक बार जमुना की और देखा लेकिन जमुना ने अपने आँखों से hi उनके साथ जाने की सहमति दे दी ..

सभी ओउरते मिलकर रिद्धिमा को उस नदी के पास ले गयी , उन्होंने एक एक करके रिद्धिमा के सभी कपडे खोल दिए , रिद्धिमा को ऐसे तो ये सब बहुत hi अजीब लग रहा था लेकिन उसे पता था की अगर उसे चुड़ैल बनना है तो ये सब करना भी जरुरी है ..

रिद्धिमा पूर्ण रूप से नग्न थी , जिस्म पर कोई भी वस्त्र नहीं था उसे नदी के पानी में डूबने को कहा गया , वो अब पुरे तरह से गीली थी , जिस्म का हर कटाव जैसे चीख चीख कर उसके यौवन की गवाही दे रहा था , धीरे धीरे करके सभी ओउरते नग्न होते चली गयी और सभी रिद्धिमा के साथ hi उस नदी में कूद पड़ी , थोड़ी देर बाद hi सभी निर्वस्त्र hi नदी से बहार निकली ..

रिद्धिमा को एक पेड़ के निचे बिठा दिया गया था , जमुना ने अपने साथ लाया हर सामान उन्हें दे दिया था उसमे एक लाल रंग की साड़ी भी थी , उन्होंने रिद्धिमा का श्रृंगार किया और उसे वो साड़ी पहना दी ..

अब जमुना और रिद्धिमा के अलावा सभी ओउरते नग्न थी , वो रिद्धिमा को लेकर एक दूसरे स्थान में गयी जंहा कई मसाले जल रही थी और उसका प्रकाश चारो और फ़ैल रहा था , उस दृश्य को देखकर एक बार रिद्धिमा काँप hi गयी ..

“भुवन काका ??”

उसके मुँह से निकल गया , भुवन जमुना का पति था और रिद्धिमा के घर में hi नौकर था , अभी वो पूर्ण रूप से नंगा बिच में लेता हुआ था उसे चारो और से उन ओउरतो ने घेर रखा था …

भुवन ने एक बार रिद्धिमा को देखा उसके आँखों में आंसू आ गए

“काकी ये क्या है , ये काका को क्या हो गया है “

रिद्धिमा जमुना को देखने लगी , लेकिन उससे पहले hi एक दूसरी ायरत बोल उठी

“ये बलि है रिद्धिमा “

रिद्धिमा की नजर भुवन के पास पड़े एक खंजर पर गयी . रिद्धिमा जैसे समझ गयी थी की उसे क्या करना था वो काँप गयी ..

“नहीं मैं ये नहीं कर सकती “

रिद्धिमा जोरो से चिल्लाई ..

लेकिन तब तक जमुना उसके करीब आ चुकी थी

“रिद्धिमा , रिद्धिमा … तुम मेरी बात सुनो , ये आदमी नाकारा है , इसका इस दुनिया में रहने या न रहने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला , गांव की भलाई और ताकत की प्राप्ति के लिए तुम्हे इसकी बलि देनी होगी “

रिद्धिमा को जैसे अपने कानो पर विस्वाश hi नहीं हो रहा था

“आप ये सब क्या बोल रही हो काकी , ये आपके पति है “

रिद्धिमा की मनोदशा अब भी वैसी hi थी ,आँखों में आश्चर्य और ाँदसु दोनों hi आ गए थे, वो उसे नहीं मार सकती थी जिसने उसे बचपन से अपनी गॉड में खिलाया था , लेकिन उसकी बात को सुनकर जमुना जरूर हंस पड़ी

“अरे कहे का पति , साला खुद तो कई जगह मुँह मरता फिरता है और आज तक कभी मेरे आग को ठंडा नहीं कर पाया, ये कहे का पति हुआ , वो तो सुलभ था जो मेरे जिस्म की आग को भुझे देता था , लेकिन अब तो वो भी जेल में है …”

जमुना की बात सुनकर रिद्धिमा बुरी तरह से चौक गयी

“ये आप क्या बक रही हो काकी “ रिद्धिमा का चेहरा गुस्से से भर गया था , जिससे जमुना को अपनी गलती का अहसास हुआ

“देख बेटी मुझे गलत मत समझना लेकिन जिस्म की आग होती hi ऐसी है, सुलभ को मैं देवर मानती थी लेकिन था तो वो मेरा असली पति .. मैं एक बाँझ हु वर्ण अभी तक न जाने मेरे कोख से सुलभ के कितने बच्चो ने जन्म ले लिया होता , और ये, ये मुझे शादी करके लाया जरूर था लेकिन खुद शराब और दूसरी बाजारू ओउरतो के चक्कर में फंसा रहता , मुझे मारा पिता करता था ,मैं इसे कुछ न कहती तो इसने मेरी शराफत का फायदा उठाया …. एक दिन जब इसने मुझे बहुत मारा था तब मैं रट हुए जंगल की और भाग गयी , उसी समय मुझे एक चुड़ैल मिल गयी , मैं चुड़ैल नहीं बन सकती थी क्योकि इसने मेरे कौमार्य को भांग कर दिया था लेकिन उस चुड़ैल ने मुझे एक छोटी सी ताकत प्रदान किया, उसने कहा की मैं किसी भी एक मर्द को अपनी और सदा के लिए आकर्षित कर सकती हु और वो मर्द मुझे हर वो सुख देगा जो मैं अपने पति से चाहती थी … लेकिन उसने इसके बदले मुझसे एक वचन भी लिया की मैं एक लड़की को चुड़ैल बनूँगी ..

मैंने उसी सकती से सुलभ को अपनी और आकर्षित कर लिया , वो उस समय नौजवान था ताकतवर था उसने मेरे पति के अत्याचारो से मुझे छुड़ाया और उसे धमकाया जिसके बाद से ये मुझसे डरने लगे थे , और मैंने अपने शारीरिक सुख के लिए सुलभ का उपयोग किया, सुलभ ने भी मेरे कारण किसी और लड़की से शादी नहीं की …

मैं हमेशा से सोचती थी की आखिर कैसे मैं अपने वचन को पूरा कर पाऊँगी क्योकि चुड़ैल बनने के लिए पहली बात तो लड़की का कुंवारा होना जरुरी होता है , फिर उसके पास एक मकसद होना चाहिए और लड़की की खुद की मर्जी भी होनी चाहिए … ये सब एक साथ मिलना बहुत मुश्किल होता है , लेकिन तुम्हारे रूप में मुझे ये वचन पूरा करने का मौका मिला …”

जमुना की बात सुनकर रिद्धिमा का गुस्सा सातवे आश्मान पर पहुंच गया उसने खींचकर जमुना के गलो में एक तमाचा मार दिया

“मैंने आपको हमेशा अपनी माँ की तरह मन और आप ऐसी निकली , आपने मेरा इस्तमाल किया , अपने वचन को पूरा करने के लिए आप अपने पति की बलि देने जा रही हो “

रिद्धिमा का चेहरा गुस्से से तमतमा गया था

“ये लड़की रत 12 बजने वाले है अगर तुझे चुड़ैल बनना hi नहीं था तो यंहा आयी क्यों ,और तू क्या उसे गली दे रही है उसने जो किया अपने वचन को पूरा करने के लिए किया लेकिन तू … तू तो अपनी मर्जी से यंहा आयी है न , और इस आदमी के लिए तू दुखी हो रही है इसने ना जाने कितनो की जिंदगी बर्बाद की है , यकीं नहीं आता तो देख “

एक ायरत उसके पास आयी और रिद्धिमा के माथे पर हाथ रख दिया , रिद्धिमा के सामने भुवन की साडी जीवनी चल पड़ी थी , भुवन जितना अच्छा इन लोगो के लिए था उतना असल में नहीं था , उसने कई लड़कियों का इसी जंगल में रपे किया था , नशे की हालत में उसने कुछ को जान से भी मार दिया था , उसने जमुना को भी बेहद hi प्रताड़ित किया था .. ये सब देखने के बाद रिद्धिमा की आंखे लाल हो चुकी थी ..

“अब उठा खंजर और निकाल दे इसका दिल, खा जा इसके दिल को “सभी एक साथ चिल्ला उठे ,

“तू इसे मारेगी तो इसे दर्द जरूर होगा लेकिन ये मंत्र से बंधा हुआ है ये कुछ कर नहीं पायेगा “

जमुना ने नफरत से कहा

रिद्धिमा पर जैसे कोई नशा चढ़ गया था , भुवन का सब किया कराया उसके आँखों के सामने था उसके कानो में वो चीखे गूंज रही थी जो उन लड़कियों के थे जिनका भुवन ने अकेले या अपने दोस्तों के साथ मिलकर बलात्कार किया था , एक लड़की का चेहरा रिद्धिमा के आँखों के सामने बार बार घूमने लगा वो उसी के गांव की थी उसकी बचपन की सहेली थी अचानक से वो कही गायब हो गयी थी लोगो ने बहुत खोजै लेकिन वो नहीं मिली थी ..

आज उसे पता चला की आखिर उसकी उस सहेली के साथ हुआ क्या था , उसकी चीख अब भी रिद्धिमा के कानो में गूंज रही थी , रिद्धिमा के सामने वो दृश्य नाच रहा था जब उस लड़की को भुवन और उसके कुछ शराबी दोस्त उठाकर जंगल की और ले गए और उसके जिस्म को कुत्तो की तरह उधेड़ दिया , बुरी तरह से बलात्कार के बाद उन्होंने उसे मारकर वही गाड़ दिया था …

रिद्धिमा भुवन के पास पहुंच चुकी थी उसके आँखों में अब भुवन के लिए केवल नफरत hi नफरत थी , उसने खंजर उठा लिया ..

“रुको पहले उस मटके में रखे शराब को पियो “ एक ायरत बोल उठी , रिद्धिमा ने अपने हाथ का खंजर जोरो से भुवन के छाती में गदा दिया ,मटके को उठा लिया, भुवन चीखा जरूर लेकिन उसके मुँह से कोई चीख नहीं निकली थी …

रिद्धिमा ने पूरी शराब एक hi साँस में पि ली , अब सर घूम रहा था लेकिन वो नशे में नहीं थी , गुस्से की आग उसके आँखों से बहार आ रही थी , सभी ओउरतो ने भुवन के चारो और एक घेरा बना लिया था सभी एक दूसरे के कंधे पर हाथ रखे हुए नाच रही थी वही जमुना उस घेरे से बहार कड़ी हुई ये सब देख रही थी , उसके आँखों में भी रिद्धिमा को देखकर एक आश्चर्य था उसके माथे पर पसीना अनायास hi आ रहा था ..

रिद्धिमा ने फिर से अपने खंजर को उसकी छाती से निकाल लिया और फिर जोर लगाकर उसकी छाती में गदा दिया , भुवन की आंखे अब भी उस खौफनाक मंजर को देखने के लिए मजबूर थी वो अब भी जिन्दा था, खून बाह रहा था दर्द से वो छटपटा रहा था लेकिन आंखे अब भी खुली हुई थी ..

रिद्धिमा ने जोर लगाया और भुवन की छाती फटते गयी , रिद्धिमा ने उसके पुरे छाती को चीरकर उसके दिल को निकाल लिया , अब तक भुवन की सांसे टूट चुकी थी लेकिन माहौल में ख़ुशी का संचार हो गया था , सभी ओउरते अजीब hi आवाजे निकाल रही थी , उस सुने जंगल में इनकी आवाजे अच्छे अच्छे का मूत निकाल दे ,

रिद्धिमा के हाथो में भुवन का दिल था , अभी तजा तजा खून से सना हुआ , रिद्धिमा की आंखे भरी हो रही थी शराब का नशा उसके पुरे मस्तिष्क पर छाने लगा था ..

“जल्दी से खा ले इसे “ किसी ने चिल्लाया और रिद्धिमा ने वो, अब भी धड़कता हुआ दिल अपने मुँह में दाल दिया वो उसके नरम मॉस को अपने दांतो से चिर रही थी , वो उसे किसी भूखे बच्चे की तरह खा रही थी , रिद्धिमा के पुरे दन्त में खून लग चूका था मुँह से खून की धार बाह रही थी , अब उसका नशा भी थोड़ा काम हो गया था उसे पता था की वो क्या कर रही है , उसने एक बार अपने हाथो में रखे मांस के उस लोथड़े को देखा ..

उसके जमीर ने एक बार उसे रोका की ये मानव का ह्रदय है , ये मानव का तजा मांस है , लेकिन अगले hi पल उसे अपने उस सहेली की याद आयी ..

रिद्धिमा को मकसद मिल गया था उसे ताकत चाहिए थी और ये उसकी क़ुरबानी थी अपने मासूमियत को उसने कुर्बान किया था..

रिद्धिमा ने फिर से उस मांस के टुकड़े को अपने मुँह में दाल दिया, कुछ देर तक वो सब कुछ भूलकर उसे कच्चे ताजे मांस को कहते रही… जब उसने अंतिम टुकड़ा भी खा लिया तो एक ायरत ने उसके सामने फिर से शराब की मटकी रख दी , जब रिद्धिमा उस मटकी से शराब पि रही थी तो उसकी आँखों में आंसू थे …

सर चकराने लगा था और आंखे बंद होने लगी थी ……….



आज अमावश्या की रात थी ,यही वो रात थी जब अजय अपनी चची के साथ पहली बार अपनी हवस मिटा रहा था , आज एक शिकारी जाग गया था और एक चुड़ैल भी …….
 
अपडेट 8
सुबह जब रिद्धिमा की नींद खुली तो उसने खुद को अपने कमरे में पाया , वो अपने घर के कपड़ो में थी , वो चौक कर उठी , सामने कड़ी जमुना उसे देख कर मुस्कुरा रही थी ..

“मुबारक हो , तुमने कर दिखाया “

लेकिन रिद्धिमा के चेहरे में कोई भी ख़ुशी नहीं थी वो रोई , वो जोरो से रोने लगी , जमुना ने उसके कंधे पर अपना हाथ रखा और उसे सांत्वना देने लगी ..

“तुमने ये अपने लिए तो नहीं किया न , तूने लोगो के भलाई के लिए hi ये किया है “

रिद्धिमा जमुना से लिपट गयी थी …

इधर

सुबह किसी की आहत से मेरी नींद खुली , मुझे रात की यद् तजा हो गयी जब मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी ायरत को भोगा था और वो मेरी चची थी ..

चची और उस मिलान की याद आते hi मेरा मुरझाया हुआ लिंग फिर से अकड़ने लगा था मैं नग्न hi अपने कम्बल के अंदर पड़ा हुआ था ,

वही मुझे आहत आयी की कोई दरवाजा पिट रहा है , शायद चची ने जाकर दरवाजा खोला था ..

“अरे क्या कर रही है वो सोया हुआ है , आहत की तो जाग जायेगा “

रेवती चची खुसफुसाने लगी

“दीदी मुझे आपकी बहुत चिंता हो रही थी , कल राज जब भी मैं इस कमरे से गुजारी तो आपकी चीख सुनाई देती … “

ये रानी चची थी जिनके आवाज में घबराहट मुझे साफ साफ सुनाई दे रही थी ..

लेकिन रेवती चची की तरफ से कोई जवाब अभी तक नहीं आया था ..

“दीदी आप मुस्कुरा क्यों रही हो … हे भगवन ये आदमी है की जानवर आपके शरीर में इतने निशान “ :ो

रानी की बात सुनकर रेवती चची हंस पड़ी

“अरे पगली ये तो हमारे मिलान के निशान है “

रेवती के बदले हुए तेवर देखकर रानी चुप hi हो गयी

“ये क्या बोल रही हो दीदी ??”

“क्या करू रे , इसे तो हमेशा से अपना बीटा hi मन लेकिन कल रात इसने मुझे जैसे रगड़ा उतना तो कभी मेरे मर्द ने मुझे नहीं रगड़ा था , इसने जो मजा कल मुझे दिया मैं तो इसकी दीवानी hi हो गयी, एक बच्चे की माँ हु लेकिन आज तक कभी इतना दर्द किसी ने नहीं दिया ठीक से खड़े होते भी नहीं बन रहा है “

रेवती चची के चेहरे में शर्म उतर आया था

“दीदी आप ये क्या बोल रही हो अगर बड़ी दीदी ने सुन लिया तो ..”

“अरे उन्हें कौन बताएगा , और आज दो महीने के बाद इस जिस्म को ठंडक मिली है , क्या तुझे भी ये ठंडक नहीं चाहिए या जीवन भर अपने पति की यद् में रोने का इरादा है ..”

रेवती चची की बात सुनकर रानी चची ने एक ठंडी सी साँस छोड़ी

“दीदी क्या बताऊ कल आपकी चीख सुनकर तो मेरा भी मन किया की मैं अंदर hi आ जाऊ लेकिन लोक लाज और परिवार की मर्यादा भी तो कोई चीज होती है न , मैं कल कितनी गीली हुई वो तो मैं hi जानती हु “

“मुझे पता है रानी की तू अभी जवान है देवर जी ने तो तेरे जिस्म को अच्छे से निचोड़ा भी नहीं होगा , तेरे सामने पूरी जिंदगी बची है और ये हमें संतुष्टि करेगा , और उससे भी जयदा .. क्या ताकत है इसकी किसी घोड़े की तरह शुरू होता है तो रुकता hi नहीं है .. है हम दोनों को एक साथ बेहोश कर डेल “

रेवती चची फिर से गीली होने लगी थी , वही रानी ने भी गर्म आहे छोड़ी

“दीदी आप तो मुझे अभी से hi गिला कर रही हो , मेरा नंबर तो आज रत से है “

इन दोनों की बाटे सुनकर मेरा लिंग बेकाबू होने लगा था , मैं पलटा और आंखे बंद किये हुए hi अपने कम्बल को अपने जिस्म से फेक दिया और पीठ के बल लेट कर सोने का नाटक करने लगा ..

रानी चची की तो जैसे सांसे hi रुक गयी

“इतना बड़ा “ वो फुसफुसाई

“है रे और जब अंदर जाता है न तो… मत hi पूछ “

“दीदी मुझे तो दर लग रहा है “

रानी चची की धड़कने बहुत hi तेज हो चुकी थी

“आ छूकर देख “

“अरे नहीं आप hi जाओ मैं तो रत में hi देखूंगी “

रानी चची वही कड़ी रही , वही रेवती चची ने मेरे पास आकर मेरे लिंग को अपने हाथो से भर लिया ..

“आह्हः “ मेरे मुँह से एक सिसकी निकली और मेरी आंखे खुल गयी , मैंने उनके बालो को पकड़कर उसे उठा लिया और उसके मुँह को अपने लिंग पर टिका दिया ,

रेवती चची ने अपना जादू दिखाया और अपने नरम नरम होठो को मेरे लिंग से घेर लिया , उसके होठो की छुवन और थूक के गीलेपन से मेरा लिंग और भी जयदा फुंकार मरने लगा था , मैंने एक बार रानी चची की और देखा वो बिस्टेर के बाजु में खड़े हुए आंखे फाडे हमें देख रही थी उनका पूरा जिस्म hi काँप रहा था , मैंने हाथो से उन्हें पास आने का इशारा किया लेकिन वो बस दूर से hi हमें देख रही थी ..

मैं उठा और रानी चची को भी बिस्टेर में पटक दिया , वो थोड़ी हड़बड़ाई , मैंने अपना मुँह उनके गले के पास लगा दिया था , थोड़ी hi देर में वो सिसकिया लेने लगी थी ..

“तुम दोनों मजे करो मैं फ्रेश होकर आती हु “

रेवती चची वंहा से जाने लगी लेकिन मैंने फिर से उनके हाथो को पकड़कर उन्हें बिस्टेर में दाल दिया , मैं एक साथ दोनों से hi खेल रहा था , रानी की ब्लाउज को जैसे मैंने फाड़ hi दिया और उनके उन्नत वक्षो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा , वो और भी जयदा छटपटा रही थी लेकिन उनकी यही छटपटाहट से मुझे मजा आ रहा था मैं उनके ऊपर छ गया , रेवती चची बस बाजु में सोई रही और हमें देखते रही , थोड़ी देर बाद मैंने रानी चची को पूरी तरह से नग्न कर दिया …

वो अब भी दरी हुई थी लेकिन मुँह से सिसकिया भी निकल hi रही थी , मेरा लिंग उनके योनि की दिवार पर चोट करने लगा ..

“रुक जा बीटा वो लोशन तो लगा ले “ रेवती चची जल्दी से उठी और पास hi पड़े लोशन के डिब्बे को लेकर मेरे लिंग और रानी चची की योनि में लगाने लगी , लोशन की चिपचिपाहट से मेरी उत्तेजना और भी बढ़ रही थी मैं सीधे अपने अकड़े हुए लिंग को चची की योनि की दिवार में रगड़ने लगा ..

“आअह्ह्ह “ वो लगभग रट हुए बोली और मैंने हलके हलके से अपने लिंग को रानी चची की योनि में प्रवेश करवा दिया ..

“आअह्ह्ह बीटा “ उन्होंने मुझे जोरो से जकड लिया था, मैं हलके हलके धक्के देता हुआ उनके मजे में डूब रहा था और जैसे जैसे मैं उनके अंदर जाता मेरे हवस की आग और भी बढ़ते जाती मेरे धक्के तेज होने लगते , वो चिल्लाने लगती थी , मैं तब तक उन्हें धक्के लगता रहा जब तक की वो थक कर ढेर न हो गयी …

“बीटा इसका पहली बार है थोड़ा थक गयी होगी “ रेवती चची अब तक नंग हो चुकी थी और अपने योनि को अपने हाथो से सहला रही थी , मैं समझ चूका था की वो क्या कह रही थी, मैं उन्हें उठा कर बाथरूम में ले आया और शावर चालू कर उनके जिस्म को रगड़ने लगा , मैंने उन्हें तब तक रगड़ा जब तक की वो थक कर चूर नहीं हो गयी ..

अब मैं परेशां था , मैंने दो उम्रदराज महिलाओ को भी चार्म सुख दे दिया था लेकिन अभी तक मेरी वासना शांत नहीं हुई थी , जब की लिंग और भी कड़ा हो रहा था ..

मेरी नजरो को जैसे रेवती चची समझ गयी थी उन्होंने अपने घुटनो के बल बैठ कर मेरे लिंग को अपने मुँह में ले लिया , कुछ देर तक वो सूए चूसते रही लेकिन कोई फायदा नहीं ..

“ये ऐसे ठंडा नहीं होगा चची , इसे तो बस योनि का गर्म पानी hi ठंडा कर सकता है “

मैं बाथरूम का दरवाजा खोल कमरे में आया और रानी चची को देखने लगा , उनके पुरे कपडे मैंने फाड़ फाड़ कर अलग कर दिए थे , वो नंग और थकी हुई सोई हुई थी , एक की हवा में भी उनके माथे पर पसीना था , उनके नाजुक जिस्म के दर्शन करके मेरे लिंग ने फुंकार मारी और मैं उन्हें उठा कर बाथरूम में ले आया ..

“नहीं नहीं अजय सोने दे न मैं थक गयी हु” वो चिल्लाती रही लेकिन मैं नहीं मन और उन्हें भी शावर के निचे लेकर खड़ा कर दिया मैंने झट से उनके पैरो को फैला दिया ..

“रुक जा बीटा ऐसे तो ये मर जायेगी , थोड़ा गिला कर ले पहले “

रेवती चची ने मुझे रोका

“चची जो करना है जल्दी करो मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा है “

रेवती चची जल्दी से बाथरूम में रखे नारियल के तेल को मेरे लिंग में लगाने लगी, मैं देर नहीं करते हुए फिर से रानी चची के योनि में समां गया …

“मार डालेगा ये लड़का , दीदी बचाओ “वो थोड़े देर तक चिल्लाती रही और फिर खुद को मेरे हवाले कर दिया , मैंने तब तक धक्के लगाए जब तक की मैंने उनकी कोख नहीं भर दी ………



 
अपडेट 9
सुबह के नाश्ते के लिए मैं निचे पहुंच चूका था , और मेरी दोनों चचिया लड़खड़ा कर चल रही थी , जानते तो सभी थे लेकिन बोल कोई कुछ भी नहीं रहा था , घर में एक अजीब सा सन्नाटा छाया हुआ था ..

मेरी माँ और अन्य दीदी ने दोनों चाचियों से काम न करने और बैठ कर नाश्ता करने के लिए कहा , मेरे अंदर अपने किये की कोई भी शर्मिंदगी नहीं थी बल्कि मैं बहुत hi फ्रेश और ताकतवर महसूस कर रहा था ..

“बीटा तुझे अखाड़े में जाकर थोड़ी वर्गीस करनी चाहिए “

माँ ने धीरे से कहा

“माँ अभी तो मैं हॉस्पिटल से निकला हु “

है सच में मैं एक दिन पहले तक हॉस्पिटल में था लेकिन इतने जल्दी से रिकवर कर रहा था की मुझे खुद भी यकीं नहीं हो रहा था…

मैं अपना वीर्य गिराने के बाद और भी तजा शांत और ताकतवर महसूस करने लगा था ..

“बीटा तू अब पूरी तरह से ठीक हो चूका है , फ़िक्र मत कर थोड़ी कसरत करेगा तो तुझे भी अच्छा लगेगा “

माँ ने फिर से कहा , मैंने भी सहमति में सर हिला दिया

“है बीटा दीदी सही कह रही है ,थोड़ी ताकत वंहा भी लगा “ रानी चची के मुँह से निकल गया जिसे सुनकर जंहा रेवती चची हंस पड़ी वही माँ और दीदी थोड़ी झेप सी गयी ..

सब फिर से शांत हो चुके थे तभी मेरी दोनों छोटी बहने शिरीन और ऋतू दौड़ते हुए निचे आयी और आते hi मुझसे लिपट गयी ..

दोनों ने मेरे एक एक गाल पर किश किया

“गुड मॉर्निंग भैया , तबियत कैसी है आपकी “

शिरीन बोल उठी

“ठीक हु मेरी गुड़िया आज से कॉलेज जाना है “ मैंने मुस्कुराते हुए शिरीन को देखा , शिरीन मुझसे बस 1 साल hi छोटी थी ये रेवाड़ी चची की बेटी थी वही ऋतू महज 3 साल की छोटी थी और रानी चची की बेटी थी , मैं इन सबका इकलौता भाई था इसलिए मेरी 3no बहने हमेशा से मुझपर जान छिड़कती थी …

शिरीन मेरे hi कॉलेज में मेरे hi क्लास में पढ़ती थी , फिर भी मैं उसे गुड़िया hi कहा करता था …

“है बिलकुल जाना है , आप भी चलोगोंए ???”

शिरीन ने पहले मुझे फिर माँ की और देखा , माँ भी चिंता में पद गयी ..

“माँ मुझे लगता है की अजय अब ठीक हो गया है वो घर से बहार निकल सकता है , “ अन्य दीदी ने माँ की दुविधा को देख कर कहा

“लेकिन बीटा … “

“उसके लिए दवाई है न दीदी , ऐसे भी मैंने और रानी ने मिलकर अजय की खूब सेवा की है अब आशा है की दिन भर उसे कोई तकलीफ न हो “ रेवती चची का लहजा थोड़ा शरारती सा था ..

“ोकक ठीक है लेकिन बीटा अपनी दवाई साथ रखना मत भूलना थोड़ा भी अजीब लगे तो उसे तुरंत खा लेना और अगर उससे भी आराम न मिले तो तुरंत hi घर आ जाना …” माँ बहुत चिंतित थी और होती भी क्यों न अगर उत्तेजना जगी तो मैं कुछ भी कर सकता था , इस एक रात में hi मुझे अपने बारे में समझ आ गया था , उत्तेजना जागने पर मैं न जाने क्या कर जाता , मैंने हां में सर हिला दिया और ऊपर जाकर कॉलेज के लिए तैयार होने लगा ……..

मैं दो महीने के बाद कॉलेज पंहुचा था मेरे सभी दोस्त इससे भहुत खुस थे , हम कैंटीन में बैठे हुए गप्पे मार रहे थे की मेरी नजर एक हर की पारी पर पड़ी , देखा तो मैंने उसे पहले भी था लेकिन इस बार पता नहीं उसके अंदर क्या था की मेरी नजर बस उसपर रुक hi गयी , कह सकते है की वो पहली लड़की थी जिसे मैं पसंद करता था लेकिन कभी मुझे ये नहीं लगा की मैं उसे पसंद करता हु , वो होता है न बचपन के प्यार का पता भी तो नहीं चलता की वो कब एक दूसरे को पसंद करने लगे है ,मैं उसे तब से देखता आ रहा था जब हमारे पिता घुघर के मैदान में बने अखाड़े में varjis(vayayam) किया करते थे ,हमने आज तक कभी एक दूसरे से बात नहीं की थी लेकिन आँखों hi आँखों में न जाने कितनी बाटे अभी तक हम कर चुके थे , उस दिन लड़ाई के बाद मैंने आज उसे पहली बार देखा था , लेकिन आज वो थोड़ी अलग सी लग रही थी , कुछ जयदा hi खूबसूरत कुछ जयदा hi आकर्षक …

उसने भी मुझे एक नजर देखा और उसके चेहरे में एक स्माइल आ गयी , वो मेरी hi और आ रही थी और जैसे जैसे वो मेरी और आ रही थी मेरे दिल की धड़कने और भी बढ़ते जा रही थी ..

“ही अजय अब तबियत कैसी है तुम्हारी “ क्या आवाज थी , मैंने आज पहली बार उसकी आवाज सुनी थी , कितनी प्यारी आवाज थी वो .. जैसे शहद हो , नरम , मुलायम और बहुत hi पैरी सी मिठास के साथ …

“तुम्हारे चाचा ने तो इसे मार hi दिया था वो तो भला हो शिकारी बाबा का जिन्होंने सही समय में बूटी खिला कर इसे जिन्दा कर दिया “

मेरा बचपन का दोस्त देव बोल उठा , उसकी बात सुनकर रिद्धिमा थोड़ी झेप सी गयी

“ये क्या बोल रहे हो चुप “मैंने देव के सर पर एक चपत मारी

“अरे देव क्या गलत बोल रहा है , इसके चाचा ने नियम तोडा है और हमारे गांव के मुखिया के घर के चिराग को भी छीनने की कोशिस की है “ ये देव का भाई आनंद था दोनों hi मेरे गांव के थे, जुड़वाँ थे और मेरे बचपन के दोस्त थे ..

“जो मेरे चाचा ने किया उसके लिए मैं बस माफ़ी hi मांग सकती हु अजय , उन्होंने जो किया वो नियम के खिलाफ था , अब मैं गांव की मुखिया हु क्या तुम चाचा की गलती की सजा पुरे गांव को दोगो ..?? सभी जानते है की हम दोनों के पिता कितने अच्छे दोस्त थे क्या हम भी दोस्त नहीं बन सकते “

मैं बस उसके मासूम से चेहरे को hi देखता रह गया , ये मुझे क्या हो रहा था मैं उससे इतना आकर्षित क्यों हो रहा था , आजकल जब मैं किसी लड़की के यौवन को निहारता हु तो मेरे दिल में नहीं मेरे लिंग में हलचल होती है , लेकिन ये मुझे इतनी प्यारी क्यों लग रही थी , शरीर में या फिर मन में ?? किस कोने में ?? एक हलचल सी तो उठ रही थी , लेकिन कहा ये मैं पता नहीं कर प् रहा था …

“क्यों नहीं रिद्धिमा हम दोनों दोस्त hi तो है , तुम्हारे चाचा ने जो किया उसकी सजा तो उन्हें कानून देगा “

मैंने हाथ आगे बढ़ाया उसने भी बड़ी hi प्यारी स्माइल के साथ मेरे हाथो को अपने हाथो से मिला लिया , मुझे ऐसा लगा जैसे कोई कर्रेंट मेरे शरीर में दौड़ गयी हो , मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे आंखे बड़ी हो गयी थी सांसे जैसे थम सी गयी ..

वही रिद्धिमा का चेहरा भी लाल हो गया था ाजिसे खून उतर आया हो , मैंने झट से उसका हाथ छोड़ा वो भी बड़ी hi नर्वस दिखाई दी ..

“ोकक bye बाद में मिलते है “ रिद्धिमा तेजी से वंहा से निकली मुझे समझ hi नहीं आया की ये मुझे और उसे हुआ क्या ??

मैं अपने ख्याल में hi डूबा हुआ खड़ा था की मुझे किसी लड़की की आवाज सुनाई दी

“उस लड़की की हिम्मत कैसे हुई तुमसे बात करने की “

मेरा ध्यान टुटा तो सामने शिरीन कड़ी थी

“क्या हुआ गुड़िया ??”

“क्या हुआ , अपने दुशमन से हाथ मिला कर पूछ रहे हो की क्या हुआ , उसके चाचा ने हमारे पुरे परिवार को उजाड़ दिया और तुम पूछ रहे हो क्या हुआ ??”

वो गुस्से से गुर्राई

“अरे तो ये सब उसके चाचा ने किया न उसमे इसकी क्या गलती है , और हमारे पिता भी तो दोस्त थे ने “

“है वो दोस्त थे लेकिन इस दोस्ती का अंत क्या हुआ पता है न तुम्हे , ताऊ जी को उसके पिता का गाला काटना पड़ा वो भी 3no गांव के सामने , तुम्हे क्या लगता है की रिद्धिमा इतने आसानी से ये सब भूल जायेगी की उसके पिता को तुम्हारे पिता ने मारा था “

मैं शिरीन की बात से पूरी तरह से निरुत्तर था और न hi मुझे ये सोचने का मन भी था , मैं तो उस अजीब से आकर्षण के बारे में सोच रहा था जो की मुझे रिद्धिमा के प्रति हो रहा था और मेरे शरीर में चेंज जो की रिद्धिमा के छूने से मुझे हुआ ..

इधर

हाथ मिलाने के बाद रिद्धिमा जल्दी से कैंटीन से बहार आयी और दौड़ते हुए वाशरूम की और भागी ..

“हे भगवन ये मुझे क्या हो रहा है , वो मुझे इतना आकर्षक क्यों लग रहा है , उससे मिलकर तो ऐसा लगा जैसे मैं उसके लिए hi बानी हु , मुझे वो शर्म सी क्यों हो रही थी , मेरा मन इतना खुस क्यों हो रहा है … मुझे इतनी उमंग सा महसूस क्यों हो रहा है … “

रिद्धिमा अपने चेहरे को पानी से धोने लगी , पानी का छिता पड़ते hi उसके मन थोड़ा शांत हुआ , वो अपनी तेज सांसो को काबू में करते हुए वही बैठ गयी ..

वो वंहा से निकल कर जमुना को फ़ोन लगाने लगी

उसने पूरी बात जमुना को बताई ..

“अरे यही तो तेरी परीक्षा है की तू कैसे खुद को उस शिकारी के आकर्षण से बचाएगी , अब तू एक चुड़ैल है और हर चुड़ैल के साथ ये होता है की वो शिकारी के प्रति तीव्र आकर्षण से भर जाती है ,और तू तो चुड़ैल hi उस खास शिकारी की ताकत को काबू में करने के लिए बानी है , वो भी तेरे आकर्षण में फंस जायेगा लेकिन तू भी फसेंगी , जो अपने दिल को समझा लेगा वही राज करेगा ..”

जमुना की बात सुनकर रिद्धिमा ने पास रखा पानी पिया

“लेकिन मेरे साथ ऐसा पहले कभी हुआ नहीं है काकी “

जमुना जोरो से हँसाने लगी

“अरे पगली यही तो जवानी है , और घबराहट भी प्यार की निशानी है “

जमुनिया जोरो से हंसी

“आप पागल हो गयी हो क्या ..?? क्या प्यार प्यार कर रही हो “

“अरे मैं तो बस तुझे छेड़ रही थी पगली , सम्हाल कर रहना कही उस शिकारी के काबू में मत आ जाना , जब भी कुछ लगे तो जाकर अपना चेहरा पानी से धोना थोड़ा शांति मिलेगी तुझे “

“ये आपने कहा फंसा दिया काकी मैं तो ऐसे hi ठीक थी , चुड़ैल बनने के चक्कर में मैं कही अजय के प्यार में न फंस जाऊ “

“अरे बेटी फ़िक्र मत कर , तुझे पता है की तू क्या कर रही है लेकिन उसे तो नहीं पता न ,सभी जानते है की वो एक शिकारी है लेकिन ये बात किसी को नहीं पता की तू चुड़ैल है, बस तुझे इतना ध्यान रखना है की तुझे फसना नहीं फ़साना है, समझी “

“है काकी “

जमुना से बात करके रिद्धिमा को थोड़ा अच्छा लगा और वो अपनी सहेलियों के पास चली गयी …

 
अपडेट 10
मैं अपने क्लास की और hi जा रहा था की मुझे सामने से रिद्धिमा आते दिखाई दी , साथ hi उसकी दो सहेलिया रेखा और राखी भी थी ,रेखा और राखी दोनों hi जुड़वाँ बहाने थी और गजराज चाचा की बेटी थी, उनका भाई परिमल मेरा बहुत hi अच्छा दोस्त था इसलिए दोनों मुझे भी भैया hi कहती ..

तीनो ने हमारी और देखा लेकिन रिद्धिमा ने झट से अपना सर निचे कर लिया ..

“ोूय छम्मक छल्लो , छम्मक छल्लो जरा धीरे चलो जरा धीरे चलो “

हमें किसी की आवाज आयी और सभी की निगाहे उस और चली गयी , वो कुछ लड़के और लड़कियों का ग्रुप था जो की रिद्धिमा और उसकी सहेलियों को छेड़ रहे थे , रिद्धिमा ने उन लड़को को गुस्से से देखा

“ये गुस्से से क्या देख रही है , मेरे भाई को तू पसंद आ गयी है “

एक लड़की ने हसते हुए कहा

“और मुझे ये दोनों, एक साथ लूंगा इनकी “ एक दूसरा लड़का बोल उठा और सभी हँसाने लगे

उनकी बात सुनकर रिद्धिमा के साथ साथ परिमल भी गुस्से में आ गया जो की मेरे hi साथ खड़ा था ..

हम सभी भी उनकी तरफ बढ़ने लगे थे

“ये क्या बत्तमीजी है “ रिद्धिमा चिल्लाई

“है मेरी भाभी के ताव तो देखो , जफ़र भाई ये तो तुझे बहुत मजा देगी “ वही लड़की फिर से बोल उठी

“है हिना, क्या कड़क माल है , अब तो यही तेरी भाभी बनेगी भले hi एक रत के लिए सही “

वो लड़का रिद्धिमा को छूने के लिए हाथ बढ़ाया hi था की ..

“रुक सेल “ मैंने उसके कालर को पकड़ लिया

जफ़र मुझे घर कर देखने लगा

“तू कौन है बे चूतिये “ इस बार बोलने वाला एक दूसरा लड़का था जो की उनके hi ग्रुप का था

“अरे भाई ये तुम्हारी आइटम का भाई है “ एक दूसरी लड़की शिरीन की और देखते हुए बोल उठी

“ओह्ह मेरा साला है “ वो लड़का जोरो से हंसा लेकिन उससे पहले मैं जफ़र का कालर छोड़ कर सीधे उसके पास पहुंच गया , मेरा हाथ घुमा और उसके चेहरे पर जोरो का पांच पड़ा जिससे वो वही गिर गया , मेरी इस हरकत से उसके बाकि दोस्त जो की दोस्त काम और noukar(chele) जयदा लग रहे थे वो मुझपर झपट पड़े, वही जफ़र भी मेरे ऊपर झपट पड़ा , मेरे साथ आये मेरे दोस्त परिमल , देव और आनद भी हाथपाई में कूद पड़े थे ..

मैंने उस लड़के को जमकर कुत्ता जिसने शिरीन के बारे में बोलै था ,

“ये यंहा क्या हो रहा है “ एक कड़कती आवाज हमारे कानो तक आयी , तब तक हम सभी के चेहरे पर छोटो के निशान थे , और इसके साथ hi कुछ लोग आकर हमें छुड़ाने लगे ..

हमारे सामने कॉलेज के प्रिंसिपल थे

“सर ये लोग हमारी बहनो के बारे में गलत बोल रहे थे “ परिमल ने मुँह खोला hi था की प्रिंसिपल ने इशारे से उसे चुप करवा दिया

“कुंदन , सोनी तुम दोनों मला साहब के बच्चे हो और तुम लोग hi ये सब कर रहे हो , और जफ़र ,हिना तुम ऐसे लड़ोगे तो फिर मैं शरीफ भाई को क्या मुँह दिखाऊंगा ,और तुम लोग अगर किसी से कोई प्रॉब्लम है तो मुझे कम्प्लेन करते गुंडा गर्दी करने की क्या जरुरत थी “

“लेकिन सर ..” मैं कुछ बोलने hi वाला था की उसने इशारे से मुझे चुप करवा दिया

“चुप रहो … तुम्हारी इतनी हिम्मत की तुम मुझसे जुबान लड़ाओगे “

प्रिंसिपल की बात से हम सभी शौक थे , वो कुछ सुनने को तैयार hi नहीं था बल्कि वो जफ़र और कुंदन का पक्ष ले रहा था , उसकी बात सुनकर वो लोग बिना कुछ बोले hi वंहा से चले गए ..

प्रिंसिपल अब हमारी और देखने लगा

“अरे बीटा तुम लोग इनके मुँह क्यों लगते हो , तुम्हे पता नहीं क्या की ये कौन है कुंदन और सोनी हमारे मला ठाकुर बुलंद सिंह के बच्चे है और जफ़र और हिना इस शहर के डॉन शरीफ भाई के “

“वो किसी के भी बच्चे रहे इससे उन्हें ये अधिकार तो नहीं मिल जाता की वो जो मन में आये वो करे , इनके बाप का राज है क्या ??“ रिद्धिमा प्रिंसिपल के रवैये से भड़क गयी थी

“बीटा मेरी बात को समझो , यंहा इनके बाप का hi राज है , एक पॉलिटिशियन और दूसरा गुंडा , सालो ने सभी के नाक में डैम कर रखा है ,लेकिन कोई इन्हे कुछ नहीं बोल सकता , वही इनके बच्चे है जो जब दिल चाहे जो जी चाहे वो करते रहते है , शिरीन इनके बारे में पहले से जानती है , वो कुंदन शिरीन को परेशां करता रहता है “

प्रिंसिपल की आवाज में एक मजबूरी थी जिसे हम समझ सकते थे , मैंने शिरीन की और देखा जो की मुझसे नजरे चुरा रही थी ..

“तूने मुझे पहले क्यों नहीं बताया “ मुझे शिरीन के इस रवैये पर गुस्सा आ रहा था

“भाई मैं तुम्हे किसी मुसीबत में नहीं डालना चाहती थी “

शिरीन रट हुए मुझसे लिपट गयी , मेरे साइन में जैसे आग सी जल गयी थी

“तू फ़िक्र मत कर आज से वो तुम्हे कभी नहीं सतायेंगे “मैंने एक निगाह परिमाल को देखा और उसने भी हां में सर हिलाया ..

*************

रात को मैं फिर से दोनों चाचियों को जमकर बजाय और सो गया ..

सुबह दोस्तों के व्हाट्सप्प ग्रुप में आये एक खबर को देखते hi मेरी आंखे फटी की फटी रह गयी थी ..

खबर थी

‘मला बुलंद सिंह और मशहूर रहिस शरीफ खान के बेटो कुंदन और जफ़र सहित 4 लोगो की लाश नेशनल हाईवे के पास मिली , 4रो को बहुत hi बेदर्दी से मारा गया, ताजुब्ब की बात ये है की उनके शरीर से उनका दिल गायब है , पुराणी मान्यता है की जंगल के इस इलाके में चुड़ैलों का राज है और वो लोगो के जीते जी hi उनका दिल निकाल कर खा जाती है ,लेकिन ऐसी घटना अभी तक कभी देखने को नहीं मिली , पुलिस जाँच कर रही है लाशो को पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया गया है ..”

मैं कुछ सोच पता उससे पहले hi मेरे फ़ोन का रिंग बजा , कॉल करने वाला परिमाल था …

“भाई ये क्या भसड़ मच गयी “

परिमाल बुरी तरह से घबराया हुआ था

“टेंशन मत ले हमने उन्हें थोड़ी मारा है “

“हमने मारा नहीं लेकिन उनके हाथ पेअर तो तोड़ hi दिए थे ,पुलिस ढूंढेगी तो शायद हमारे खिलाफ hi सबूत मिले उन्हें “

उसकी बात से मैं भी चिंता में पद गया
 
अपडेट 11
“भाई ये क्या भसड़ मच गयी “

परिमाल बुरी तरह से घबराया हुआ था

“टेंशन मत ले हमने उन्हें थोड़ी मारा है “

“हमने मारा नहीं लेकिन उनके हाथ पेअर तो तोड़ hi दिए थे ,पुलिस ढूंढेगी तो शायद हमारे खिलाफ hi सबूत मिले उन्हें “

उसकी बात से मैं भी चिंता में पद गया

“अरे कुछ नहीं होगा हमें किसी ने नहीं देखा था , और ऐसे भी लोगो को तो यही लगेगा की ये चुड़ैलों का काम है , पढ़ा नहीं किसी ने उनके दिल तक निकाल लिए “

“वही तो साला मुश्किल है , अब उनके बाप हमें नहीं छोड़ने वाले , भले hi पुलिस को कुछ न मिले लेकिन कॉलेज से और उनकी बहनो से उन्हें ये तो पता चल hi जायेगा की कल उनका और हमारा झगड़ा हुआ है , फिर वो तो हमें नहीं छोड़ने वाले , मैंने पता किया सेल दोनों जल्लाद है एक no. के कमीने “

परिमाल बहुत घबराया हुआ था

“अबे तो हम कौन से सीधे है , देख लेंगे उन्हें तू गजराज चाचा से बात कर “

“मुझे नहीं मरना है उनसे बात करके सेल तुझसे तो बड़ा प्यार से बात करते है लेकिन मेरे लिए तो जल्लाद है “

उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा हंसा , फिर एक गहरी साँस ली

“ठीक है सम्हाल लेंगे फ़िक्र मत कर , आज कॉलेज चलेगा ?”

“भाई मैं नहीं जा रहा कॉलेज और न hi राखी रेखा को भेजूंगा , देवानंद भी नहीं जाने वाले तेरे साथ ,और हो सके तो तू और शिरीन भी घर में hi रहो “

मैंने उसकी बात सुनी लेकिन फिर भी चुप hi रहा

“हम्म्म्म”

मैं परिमल से बात करके फ़ोन रखा hi था की मुझे मेरे लिंग में कुछ नरम नरम और गिला गिला सा महसूस हुआ , निचे रानी चची ने मेरा पूरा लिंग अपने मुँह में ले रखा था , वही रेवती चची दूर कड़ी ये सब देख कर मुस्कुरा रही थी , मेरे हाथो में चाय का प्याला था जिस अब मैंने साइड में रख दिया था और रेवती चची को इशारे से अपने पास बुला लिया , वो भी इठलाती हुई मेरे पास आ गयी थी और मेरे साइन को चूमने लगी , हमारे होठ मिल गए और मेरी वासना की आग और भी बहडाकने लगी ..

“सुबह का नाश्ता पहले कौन करेगा “

मेरे कहने पर दोनों की आंखे मिल गयी

“सुबह से एक एक बार तो हमारी ले hi चूका है अब और नाश्ता करवाएगा “

रेवती चची ने इठलाते हुए कहा

“अरे मेरी जान अभी तक निकला कहा है जब आग लगा दी हो तो बुझा भी दो “

रेवती चची हसंते हुए कड़ी हुई और अपनी गांड मेरे सामने करके कड़ी हो गयी ..

“ले बीटा मार ले “ उनका पिछवाड़ा दिल के जैसा दिखाई पद रहा था , आज मुझे समझ में आया की ये दिल का शेप ऐसा क्यों बनाया गया है , साला कोई अपनी महबूब को पीछे से ले रहा होगा और तभी उसे ये ख्याल आया होगा ..

मैंने रानी चची के मुँह से अपना लिंग निकला और वही गिला गिला लिंग सीधे पीछे से रेवती चची के योनि में दाल दिया ,

जैसे hi लिंग योनि के गीलेपन से लगता मैं दुनिया hi भूल जाता था , मेरे अंदर हैवान समां जाता, मैं रेवती चची के बालो को पकडे हुए पीछे से जोर जोर के धक्के लगा रहा था , मुझे गिरना था मैं बेचैन था दोनों के साथ चाय पिने से पहले एक एक बार कर भी चूका था लेकिन अभी तक मेरा गिरा नहीं था ,इसलिए बेचैनी और भी जयदा थी …

“आह आह बीटा धीरे आह आराम से “

रेवती चची मेरे सामने झुकी हुई हिल रही थी

“कहे का आराम साली कुटिया , गिरना है मुझे , मारा जा रहा हु मैं “ मैं और भी तेज हो गया

तभी मेरी नजर कमरे के दरवाजे पर पड़ी जो की खुला हुआ था , सामने शिरीन थी मुझे देखकर वो बुरी तरह से घबरा सी गयी थी , चेहरे पर गुस्सा और आँखों में आंसू छलक रहे थे ..

शायद वो मुझे ब्रेकफास्ट के लिए बुलाने आयी थी ताकि हम जल्दी से कॉलेज के लिए निकल सके , मेरी नजर पड़ते hi वो एक बार फिर से गुस्से से मुझे देखि लेकिन मैं तो अपने hi दुनिया में मग्न था , वो झट से पलट कर भाग गयी .. और मैंने और जोरो से चची को पेलना शुरू कर दिया ……..

आज मैं कॉलेज के लिए अकेला hi निकल गया , नाश्ते के समय शिरीन कही दिखाई नहीं दी , मैं समझ गया था की वो परेशां होगी लेकिन अभी उसे समझने का मेरे पास न तो समय था और न hi जरुरत ..

मैं कॉलेज के गेट पर पंहुचा था , आज मेरा कोई दोस्त मेरे साथ नहीं था ..

“यही है वो ..”

मुझे एक लड़की की आवाज सुनाई दी सामने हिना थी जो कुछ लोगो के साथ आयी थी , मैं कुछ कर या कह पता उससे पहले hi मेरे सर पर जोरो की छोट लगी और आँखों के सामने अँधेरा छटा गया ………

 
अपडेट 12
जब आंखे खुली तो मैंने खुद को एक गोदाम नुमा कमरे में बंधे हुए पाया , मुझे पहले से hi बहुत पिता जा चूका था , मेरे शरीर से खून निकल रहे थे, ऐसा लगा जैसे मेरी हड्डियों को भी मार मार कर तोड़ दिया गया हो , मेरे हाथ ऊपर थे जो रस्सियों से बंधे हुए थे और उसी के सहारे मेरा पूरा शरीर झूल रहा था ..

ऐसा लगा जैसे अभी अभी मेरे ऊपर पूरी बाल्टी पानी डाली गयी हो …

“इसे होश आ गया “

मेरे सामने खड़े एक आदमी ने कहा , तभी वही खुर्सी में बैठे 4 लोग उठाकर मेरे पास आ गए , उनमे से दो को मैं जनता था एक हिना थी और दूसरी सोनी, उसके साथ दो और लड़के थे, जैसा मैंने इनके परिवार के बारे में पता किया था शायद ये इन दोनों के भाई होंगे ,

बुलंद सिंह के 3 बच्चे थे , कुंदन , सोनी और वीरेंदर ,कुंदन मारा जा चुके था तो ये वीरेंदर hi होगा ..

और शरीफ खान के भी 3 बच्चे थे , जाफर , हिना और रहमत

जाफर मारा जा चूका था तो ये रहमत hi होगा ..

वीरेंदर और रहमत दोनों hi उम्र में हमसे बड़े थे और चेहरे से खूंखार दिखाई पद रहे थे और साथ hi बहुत गुस्से में भी ..

“बोल मादरचोद किसने मारा है मेरे भाई को “

वीरेंदर मेरे गलो को अपने हाथो से दबाने लगा , वही रहमत ने सीधे एक लोहे की रोड उठा ली और घुमाकर सीधे मेरे पेट में दे मारा ..

“आह्हः..” दर्द से मेरी चीख निकल गयी थी

“मुझे नहीं पता की तुम्हारे भाई को किसने मारा है , हमारी उनसे लड़ाई जरूर हुई थी लेकिन उसके बाद वो अपने रस्ते चले गए थे”

मैं बड़ी hi मुश्किल से बोल पाया था , पूरा शरीर जैसे टूट रहा था ..

“मादरचोद तेरी हिम्मत कैसे हुई की हमारे भाई से लड़ेगा तू, मारो इस मादरचोद को , तोड़ दो हर हड्डी “

रहमत ने आदेश सुनाया और फिर उसके गुंडे मुझे तोड़ने लगे , सालो के हाथ में जो था उसे hi लेकर वो मेरे ऊपर कूद पड़े थे , किसी के हाथ में बेसबॉल का डंडा था तो कोई लोहे की रोड पकडे खड़ा था , मेरी हर हड्डियों पर उन्होंने वार किया था , मेरे पैरो में जैसे खड़े होने तक की हिम्मत नहीं थी .. मैं वही झूल गया था , हाथो में भी ऐसा दर्द हो रहा था जैसे वो मेरे शरीर से उखाड़ने hi वाले है …

“भाई मुझे नहीं लगता की इसमें इतनी हिम्मत होगी की ये किसी का दिल निकाल ले, ये काम चुड़ैलों का hi हो सकता है ..”

हिना ने सुबकते हुए कहा ,रो रो कर उसकी आंखे लाल हो चुकी थी

“मैं जनता हु हिना लेकिन इस सेल ने हमारे भाइयो से लड़ने की गुस्ताखी की है , इसकी सजा तो इसे मिलनी hi चाहिए न , ताकि फिर कोई हमारे परिवार के लोगो के सामने नज़ारे ऊँची न कर सके ..”

रहमत बोल उठा था ……..

“जब ये मर जाये तो इसे कॉलेज के सामने फेक देना ,ताकि लोगो को पता चले की हमसे पन्गा लेने वालो के साथ क्या होता है, और तुम दोनों hi अपनी इक्छा पूरी कर लो जितना चाहो इसे मारो , मार hi डालो सेल को , हम भाइयो के कातिल को ढूंढने जा रहे है “ वीरेंदर ने सोनी और हिना को देखते हुए कहा

और वीरेंदर ,रहमत बाकि के गुंडों के साथ वंहा से निकल गए …

अब मेरे सामने बस सोनी और हिना hi थे , मेरी नज़ारे थोड़ी दुँधली हो रही थी लेकिन फिर मुझे अहसास हुआ की मेरे सामने कड़ी हुई एक लड़की के साइन में उगे हुए आम बड़े hi कोमल और तजा दिख रहे है ..

मेरी आँखों में थोड़ी रोशनी सी आ गयी , सामने हिना और सोनी खड़े थे और उनके हटो में लोहे की रोड थी …

लेकिन मेरी नजरे हिना के वक्षो पर टिक गयी थी , मेरे अंदर हवस का जन्म होने लगा , मेरे लिंग में एक सिरसुरी सी उठने लगी थी ..

जैसे जैसे मेरी हवस बढ़ते गयी मेरे अंदर एक ताकत का संचार होने लगा ..

मैंने अपने पैरो में खड़ा हो गया …

“कमीना बहुत hi ढीठ है , इतना मारा इसे लेकिन अभी तक बेहोश नहीं हुआ , कोई और होता तो मर hi जाता “

सोनी ने हिना को देखते हुए कहा , लेकिन हिना की निगाहे अभी मेरी निगाहो के पीछे थी ..

“साला मेरे बूब्स को देख रहा है “ हिना की आवाज में आश्चर्य भरा हुआ था , उसकी बात सुनकर सोनी भी आश्चर्य से भर गयी , क्योकि जब उसने मुझे देखा तो उसने मुझे हिना के बूब्स को घूरते हुए पाया ..

“मादरचोद सेल ..”

सोनी चिल्लाई और जोरो अपना रोड घुमा दिया , जो की सीधा मेरे पसलियों में जा पड़ा ..

“आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह” मेरे मुँह से एक चीख निकली लेकिन फिर मेरी नजरे सोनी के जांघो के बिच चली गयी , उसने एक टाइट योग पंत पहना था और उसमे उसके उभर साफ साफ दिख रहे थे , वही शायद उसने अंदर कोई उंडेर्गारमेंट न पहना हो इसलिए उसकी योनि की आकर मुझे साफ साफ दिखने लगा , उसकी इस हालत को देखकर मेरा मुँह खुला का खुला रह गया था , योनि की गहराई में कपडा फंसा हुआ था ..

मेरे सरे दर्द गायब हो गए थे और मेरे लिंग में जोरो की सुरसुरी सी हो रही थी ..

सोनी ने अपनी नजर से मेरी नजर का पीछा किया , उसने झट से अपने कपडे को सही किया लेकिन तब तक दोनों लड़कियों के माथे पर पसीना आ चूका था ..

“मादरचोद ये कैसा आदमी है “ हिना को जैसे विस्वास hi नहीं हो रहा था की कोई ऐसे कैसे कर सकता है .. मुझे कई घंटो तक बुरी तरह से मारा गया था , मेरे हर हड्डियों को बुरी तरह से तोडा गया था लेकिन मैं फिर भी लड़कियों को देख कर लार टपका रहा था ..

“तुम दोनों बहुत hi सेक्सी हो , क्या तुम मुझे छोड़ने डौगी ..”

मेरे मुँह से अनायास hi निकल गया , मेरे जीन्स से भी मेरा लिंग दिखने लगा था , लिंग का उभर जीन्स से भी साफ साफ झलक रहा था दोनों की निगाहे मेरे लिंग में आ तिकी ..

“बहनचोद सेल “

हिना चिल्लाई और अपना रोड गुमा दिया , उसने वो रोड सीधे मेरे दोनों जांघो के बिच का निशाना लगा कर घुमाया था ..

“मर गए मादरचोद ..” मेरे मुँह से निकल गया , ऐसा लगा जैसे मेरे दोनों ांडे hi टूट गए हो ..

“सेल तेरी पूरी हवस अभी निकलती हु “

हिना और सोनी मुझे बुरी तरह से मरने लगे थे . लेकिन इसके कारण उनका पूरा शरीर पसीने से भीग गया था और हलके t-shirt शरीर से चिपक चुके थे , उनकी मार का जैसे मुझपर कोई भी असर नहीं हो रहा था , अब मुझे समझ आया की शिकारी होना किसे कहते है ..

मुझे जैसे एक आईडिया आ गया मुझे समझ आ गया की हवस के होने से मैं और भी जयदा ताकत वॉर हो जाता हु , मैंने अपनी निगाहो में हवस भरकर निगाहो को सीधे उन दोनों के जिस्म में hi टिका दिया , वो लोग मुझे मार मार कर थक चुके थे , लेकिन मेरी निगाहे उनके जिस्म से नहीं हटी , उलटे मेरा लिंग और भी जयदा टाइट हो गया ..

“प्लस मुझे छोड़ने दो न ,मैं तुम दोनों को कुटिया बनाकर छोड़ना चाहता हु , नंगी करके तुम्हे पुरे गोदाम में घुमाऊंगा , दौड़ा दौड़ा कर छोडूंगा तुम दोनों को .. हिना सोनी मेरी रंडी बन जाओ , सिर्फ आज के लिए “

मेरी बात सुनकर वो दोनों परेशां थी और मुझे और भी बुरी तरह से मार रही थी , न जाने कितनी बार उन्होंने मेरे जांघो के बिच वार किया था लेकिन मेरा लिंग था की झुकाने का नाम hi नहीं ले रहा था ,

अब उन दोनों के चेहरे में गुस्से की जगह दर आ गया था , वो दोनों hi पसीने से चूर होकर अलग कड़ी हो गयी ..

“ये साला आदमी है की शैतान “

हिना ने धीरे से सोनी से कहा, लेकिन सोनी भी तो निशब्द बस मुझे hi देख रही थी

“ऐसा करो छुड़वा नहीं सकती तो काम से काम चूस hi लो , मेरा जीन्स उतर दो बहुत दर्द हो रहा है एक बार मुँह में ले लो , तुम्हारे होठ कितने रसीले है “

मेरी बात सुनकर वो लगभग रो पड़ी थी

“मादरचोद तेरी हिम्मत कैसे हुई हमसे ऐसे बात करने की “ हिना जोरो से चिल्लाई थी लेकिन उसकी आवाज में एक मजबूरी थी , कुछ न कर पाने की मजबूरी , ये दोनों वो लड़किया थी जिनसे आज तक किसी ने ुचि आवाज में भी बात न किया हो , ताकतवर परिवार की बेतिया , जिसे कोई लड़का आंखे उठाकर देखने की भी हिम्मत नहीं करता और आज उनके सामने बंधा हुआ एक लड़का उनके बारे में ऐसा कह रहा था ..

और वो मुझे मरने के सिवा और कुछ नहीं कर प् रही थी , लेकिन मार खाने पर भी मैं चुप नहीं हो रहा था , असल में जब मैं गन्दी बाटे करता तो मेरे अंदर का हवस और भी बढ़ जाता था और इससे मुझे ताकत मिलती थी ,मैं खुद को और भी ज्यादा अच्छा महसूस करता ..

“चूस लो न प्लस “

मैंने बड़े hi मासूमियत से कहा , और सोनी ने अपना रोड फिर से मेरे जांघो के बिच मार दिया , इस बार मुझे थोड़ा मीठा मीठा सा दर्द हुआ

“आह्हः मजा आ गया ..ऐसे hi एक दो बार और मारो न मजा आ रहा है , मैं इसे hi तुम्हारी छूट समझ कर खुस हो जाऊंगा सोनी , काम से काम इसे hi रगड़ दो “

मेरी बात सुनकर सोनी के हाथो से वो रोड hi छूट गया

“ये साला पागल है हिना चल यंहा से लड़को को भेजते है “

हिना और सोनी वंहा से ऐसे भागी जैसे कोई भूत देख लिया हो

“अरे रुक जाओ मेरी जणू कहा जा रही हो तुम दोनों , छूट नहीं तो गांड hi दे दो , मुँह से hi चूस लो , अरे काम से रगड़ कर hi ठंडा कर दो … अरे रुको .. अरे रुको ना “

मैं चिल्लाता रहा लेकिन वो दोनों तेजी से वंहा से भागी ..

थोड़ी hi देर बाद 10-15 गुंडे वंहा आये , लड़कियों के जाने के बाद मैं थोड़ा सुस्त हो रहा था, लिंग को जगा कर रखने की कोशिस कर रहा था लेकिन शरीर का दर्द फिर से उभर कर आने लगा था ..

वो लोग आते hi मुझपर ऐसे टूटे जैसे जन्मो के प्यासे हो , सालो ने ताबड़तोड़ धोया , थोड़ी देर तक तो मैं अपनी हवस को जगाने में कामियाब रहा लेकिन फिर कोई भी ावलम्बन (स्टीमुलेंट) न मिलने के कारन हवस दिमाग से निकल गया और शरीर की पीड़ा हावी होने लगी ..

उन्होंने मुझे तब तक तोडा जब तक मैं बेहोश न हो गया , शायद उसके बाद मुझे मारा हुआ समझ कर उन्होंने मुझे कॉलेज के बहार फेक दिया था ………..

मुझे किसी के छूने से थोड़ा होश आया , सामने वो चेहरा धुंधला सा दिखाई दे रहा था , वो मेरे गलो को सहला रही थी ..

“रिद्धिमा..??”

मैं बस इतना hi बोल पाया था ……..
 
अपडेट 13

मुझे किसी के छूने से थोड़ा होश आया , सामने वो चेहरा धुंधला सा दिखाई दे रहा था , वो मेरे गलो को सहला रही थी ..

“रिद्धिमा..??”

मैं बस इतना hi बोल पाया था ……..

रिद्धिमा ने मुझे सहारा दिया और कुछ लोगो की मदद से मुझे हॉस्पिटल पंहुचा दिया , और मेरे घर में खबर कर दी ,शाम तक मेरी छुट्टी भी हो गयी थी ……

रत को मैं दोनों चाचियों के साथ बिस्तर में था और उन्हें घोड़ी बनाकर उनकी सवारी कर रहा था ..

इसे कहते है पावर ऑफ़ शिकारी :lol1:

मेरे दिमाग में बार बार हिना और सोनी का जिस्म आ जाता , तो मेरा लिंग और भी झटके खाने लगता ..

“चची मुझे एक अपने उम्र की लड़की छोड़नी है “

मैंने अभी अभी रेवती चची के अंदर झाड़ा था , रत के 3 बज चुके थे और दोनों चाचियों की अब बोलने तक की हिम्मत नहीं थी ..

रेवती चची ने कोई जवाब नहीं दिया ,शायद वो ठक्कर सो चुकी थी ..

मैं अपने कमरे से बहार आया और पता नहीं मेरे दिमाग ने क्या सोचा मैं शिरीन के कमरे में चला गया , दरवाजा खटखटाने के थोड़ी hi देर में वो ऊंघते हुए बहार आयी और मुझे देखकर बुरी तरह से चौक गई ..

“भैया आप ???”

“है गुड़िया , असल में मुझे तुझसे उस बारे में बात करनी थी जो तूने कल देखा “

उसने एक बार मुझे घुरा

“अभी ..?? रत के 3 बज रहे है “

“है मैं अभी तो फ्री हुआ हु “

“आपको आज बुलंद और शरीफ के आदमी उठा कर ले गए थे न “

“अरे मैं क्या बोल रहा हु और तू क्या बोल रही है “

“वो लोग आपको मार डालते, आज भी मार hi डाला था वो तो भला हो रिद्धिमा का जिसने आपको हॉस्पिटल पहुंचाया , वर्ण कॉलेज में कोई आपको छूने की भी हिम्मत नहीं कर रहा था , इसीलिए मैंने कभी कुंदन के बारे में आपको नहीं बताया “

“अरे छोड़ न जो हो गया वो हो गया , तू भी किन चीजों की टेंशन ले के बैठी है “

मैं उसकी बातो से झल्ला गया था

“टेंशन ?? आपने hi कुंदन और जफीर को मारा है न ,आप लोगो की लड़ाई हुई थी और आपने उन दोनों को बुरी तरह से मारा था , है न ?? मैंने परिमल भैया से बात की थी “

“अरे बोलै न जो हो गया वो हो गया छोड़ ये सब, मैं क्या बोल रहा हु और तू क्या बात ले के बैठी है “

शिरीन एक बार मुझे गुस्से से घुरा फिर इधर उधर देख कर मेरा हाथ खींचते हुए मुझे कमरे के अंदर ले आयी और दरवाजा बंद कर दिया

उसने मुझे बिस्तर में बिठा दिया था …

“मुझे दीदी ने सब बताया की आपके साथ ये क्या हो रहा है और किसलिए आप माँ के साथ ये सब कर रहे हो , तो अब मैं आपसे गुस्सा नहीं हु ठीक .. लेकिन उसके साथ मुझे दर भी लगता है , आपको फिर से कॉलेज में देखकर न जाने वो लोग क्या करेंगे “

“क्या करेंगे , सेल धोखा से मुझे उठा कर ले गए थे , हाथ बांध दिया था इसलिए मेरी ये हालत हो गयी , वर्ण मैं तो उनकी माँ … छोडो “

“है है बोल दो न , ऐसे भी मेरी तो माँ छोड़ hi रहे हो “

शिरीन हलके आवाज में बोल गयी

“क्या .. क्या बोलै तुमने “

“कुछ नहीं , अब जाओ मुझे नींदी आ रही है “

मैं उठ कर जाने लगा तभी शिरीन ने एक और प्रश्न दाग दिया

“भैया .. क्या आप बहनो के साथ भी ऐसा करोगे जैसा माँ और चची के साथ करते हो “

मैं उसे निरुत्तर होकर देखने लगा था

“मतलब अगर आपको वो हवस का दौरा आया और आपके पास कोई नहीं है बल्कि हम 3no बहनो में कोई है तो , तो आप खुद को कण्ट्रोल कर पाओगे या हमारे ऊपर hi झपटा मार डोज “

मैंने बस अपने कंधे उचकाए …

“मुझे नहीं पता , जब होगा तो देखेंगे , अभी तो दोनों चची मिलकर मुझे शांत कर पा रही है “

“अगर आप हमारे साथ ऐसा कुछ करो तो क्या आपको दुःख होगा “

शिरीन ने सीधा मेरी आँखों में देखा था

“नहीं … नहीं पता की मुझे क्या होगा , शायद नहीं होगा .. दुखी होने के लिए है भी क्या इसमें “

शिरीन के चेहरे में अजीब से भाव आये

“और अगर अन्य दीदी या ताई जी (मेरी माँ) हो तो “

मैं उसे घूरकर देखने लगा मैं समझ रहा है की वो क्या कहना छह रही थी

“तुझे लगता है की मैंने कभी तुझमे ,ऋतू और अन्य दीदी में कोई फर्क किया है , या माँ और चाचियों में कोई फर्क किया है , मेरे लिए तुम 3no मेरी बहन हो और वो 3no मेरी माँ जैसी है “

“तो माँ के साथ कोई ऐसा करता है क्या “

“ये मेरी मजबूरी है “

“लेकिन आपको अपने किये पर कोई दुःख भी तो नहीं है “

“दुखी होकर करूँगा भी क्या , जो हो चूका उसके लिए दुखी होने से कुछ होगा तो नहीं न , और अगर दुखी हो भी जाऊ तो बस मैं मर जाउगा उससे जयदा क्या होगा, अगर चचिया मुझे शांत न कर पायी तो मैं अपनी बहनो पर hi टूट जाऊंगा , या किसी और लड़की पर शायद उनका रपे hi कर दू , या फिर खुद hi मर जाऊ … “

शिरीन शांत हो गयी थी , और मैं कमरे से निकल गया …….

शिरीन की बाटे मेरे दिमाग में घर कर गयी थी , मैं उसे बहुत चाहता था ,मुझे अपने सभी बहनो से प्यार था लेकिन शिरीन मेरी बहन के साथ साथ एक दोस्त भी थी ..

“मुझे किसी ऐसी लड़की की जरुरत है जो मुझे सच में शांत कर सके , जो मेरे हवस पर आराम से कण्ट्रोल पा सके “

मैंने खुद में hi बुदबुदाया ………..

************

मैं सुबह से hi घुघर चला गया , और जाकर सीधे अखाडा पंहुचा , वंहा परिमल पहले से मौजूद था, गजराज चाचा भी मुझे देख कर खुस हो गए ..

“तुमने ये सही किया बेटे , इस अखाड़े में हमारे पूर्वजो ने अपना पसीना बहा कर खुद को फौलाद की तरह मजबूत बनाया है , मुझे ख़ुशी हुई की तुम अखाड़े में आये “

उन्होंने मुझे कुछ पहलवानो से मिलवाया जिनसे मुझे लड़ाई के दावपेच, और अलग अलग तरीके के एक्सरसाइजेज सीखने थे और उसी दिन से मेरी ट्रेनिंग स्टार्ट हो गयी ..

अखाडा देसी गयम की तरह होता है लेकिन यंहा के रूल्स थोड़े अलग होते है , यंहा कुस्ती सिखाई जाती है लोग यंहा आकर व्यायाम करते है , लेकिन ये सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ने की जगह नहीं होती यंहा अपने कला की पूजा करना भी सिखाया जाता है , लोगो के लिए ये किसी धर्म से काम नहीं होता , यंहा एक्सरसाइज केवल मसल्स को बढ़ने के लिए नहीं किये जाते उसके साथ लचक और मूवमेंट का भी बहुत ध्यान रखा जाता है, ऐसे तो सभी चीजे यंहा मेरे लिए ठीक थी केवल एक के , वो था ब्रम्हचर्य .. वो मुझसे नहीं होने वाला था क्योकि नार्मल लोगो के लिए ब्रम्हचर्य और वीर्य की रक्षा उनके ताकत कोई बढ़ने के साधन थे लेकिन मेरे लिए ये कहानी जस्ट उलटी थी , मैं हवस में डूबकर hi खुद को जयदा ताकतवर पता था ..

जैसा भी था अब मैं इस रणभूमि का हिस्सा था ….
 
सबूत :एक्स: :हाईड2:

और ये सन कहा से कॉपी हुआ , मुझे तो नहीं पता ?

चलिए ठीक है शब्दों में नहीं पड़ते , अब आपसे मैं शब्दों और भाषा में नहीं जीत सकता :अप्प्रोवे:

जैसे जी से भाषण में नहीं जीता जा सकता :डी

मैं एक वाइल्ड सेक्स सन लिखूंगा वो भी मेरे स्टाइल में :यस1:

कुछ ऑप्शन है देख कर बताना कौन सा चुना जाये ..

1. रिद्धिमा दिल खा रही हो किसी का और खून मुँह से टपक रहा हो और अजय के साथ दोनों का सेक्स सन हो :मेकअप:

2. जमुना काकी और अजय के बिच - दोनों नंगे किसी पेड़ से उलटे लटके हो, और दोनों खून से साणे हुए हो , अभी अभी उसे किसी ने अजय को चाकू मारा है :ो लेकिन अजय को जोश आ गया अब वो सेक्स करेगा :अप्प्रोवे:

3. नदी के किनारे , अजय को एक शेर में घायल कर दिया है , वो खून से सना हुआ है शिरीन आती है और अजय उसे देखकर जोश में आ जाता है :एक्स:

और एक दो है , जैसे नदी के किनारे , ट्रैन की पटरी par(aise ये दोनों लिख चूका हु कुछ नया करना है अब) .. तो अखाड़े में युद्ध के बिच :आईडिया:

या फिर एरोप्लेन से खुदते समय पैराशूट बांधकर :omg: या फिर जंगल में मंगल दौड़ा दौड़ा कर वाला :डांसिंग:

कुछ आपका आईडिया हो तो बताना :अप्प्रोवे:
 
अपडेट 14
इधर

जब कुंदन और जफर प्रिंसिपल की दन्त सुनकर वंहा से चले गए थे , तो उनके मन इस बात से आहात था की कोई ऐरा गैर लड़का कैसे उनके साथ लड़ सकता है वो भी उनकी बहनो के सामने ..

दोनों ने मिलकर पहले अजय और परिमल को ठिकाना लगाने का प्लान बनाया उसके बाद वो शिरीन और रिद्धिमा से निपटने वाले थे ..

वही अजय और परिमल तो पहले से hi कुंदन और जफर को सबक सीखने के फ़िराक में थे , उन्होंने जफर और कुंदन को ढूंढना नहीं पड़ा था वो दोनों उन्हें रस्ते में hi मिल गए, अजय और परिमल जानबूझ कर थोड़े सुनसान रोड से जा रहे थे , उन लोगो ने उन्हें घेर लिया और फिर शुरू हुई एक लड़ाई , वो लोग 4 थे और हथियारों से भरे हुए थे वही अजय और परिमल भी अपनी तयारी के साथ आये थे , उन 4रो के हाथ पॉ तोड़ दिए और चेतावनी देकर घर की और चल दिए ,

लेकिन कुंदन और जफर के लिए उनके आत्मसम्मान की बात थी वो गुस्से से और जल रहे थे , उन्होंने वही प्लान बनाया अजय और परिमल की बहनो को hi उठा लिया जाए और उनसे बदला लिया जाए , वो कामियाब भी हो जाते लेकिन उन्हें नहीं पता था की उनकी बात कोई और सुन रहा है ……

वो रिद्धिमा थी , जो पहले से hi जफर और कुंदन के इरादों को समझ चुकी थी जब वो अजय को मरने के लिए निकले थे , लेकिन रिद्धिमा को बिच में नहीं पड़ना पड़ा क्योकि अजय ने परिमल के साथ मिलकर उन चारो की बंद hi बजा दी थी ..

लेकिन अब उनकी बाटे सुनकर रिद्धिमा का गुस्सा सातवे आसमान में चढ़ गया था .. चुड़ैलों की खासियत में ये भी था की वो बलात्कारियो से सख्त नफरत करती थी , वही बात अब रिद्धिमा के अंदर भी आ गयी थी , अभी तक तो वो ठीक थी लेकिन जब उन्होंने शिरीन और खुद रिद्धिमा के बारे में गन्दी बाटे करनी शुरू की तो रिद्धिमा की सांसे अपने आप hi तेज होने लगी , उसका दिमाग भन्ना गया और वो उन्हें मरने के लिए आतुर हो गयी …..

वो बहार आयी , अँधेरा गहरा गया था , कुंदन और जफर अपने 2 और दोस्तों के साथ, साथ लाया हुआ शराब पि रहे थे सभी बहुत hi गुस्से में थे क्योकि थोड़ी देर पहले hi उन्हें अजय ने बुरी तरह से मारा था ,

“उन सलियो को तो मैं अपनी रंडी बना कर रखूँगा तू देखना “

जफर गुस्से से चिल्लाया ,

तभी माहौल में पायलो को आवाज गूंजने लगी, सभी की नजरे उसी और थी , रिद्धिमा का चेहरा अँधेरे में भी दमक रहा था उसके जिस्म के कटाव उभर कर सामने आ रहे थे जिसे देखकर 4रो की आंखे बस उसके ऊपर hi रुक गयी ..

“ये तो वही है न जो उनके साथ थी आज “

कुंदन बुदबुदाया

“अच्छे समय में दिखी है साली , उठाओ इसे “

सभी अपने शराब को छोड़कर उसकी और बढ़ने लगे , उन्हें अपने सामने देखकर रिद्धिमा भी घबराना की एक्टिंग करने लगी ..

“आज तू हाथ लगी है साली देखना हम तेरा क्या हश्र करेंगे “

कुंदन जोरो से बोलै लेकिन उसकी आवाज सुनकर रिद्धिमा जोरो से हंसी

“मैं तुम्हारे नहीं तुम मेरे हाथ लगे हो कमीनो “

और उसने अपना हाथ घुमा दिया जो सीधा जाकर कुंदन के गले में फंसा और उसने कुंदन को सीधे जमीं में गिरा दिया , बाकि के तीनो लड़के उसकी इस ताकत को देखकर थोड़ा सकते में आ गए थे , उनके कदम अपने hi आप पीछे की और हो गए ..

रिद्धिमा के बल खुले हुए थे और उसने अपने कपडे भी खोलने शुरू कर दिया , कुंदन बड़ी मुश्किल से उठ पाया ,पहले hi वो अजय से बहुत मार खा चूका था और अब ये , उसके सर से खून निकल रहा था ..

थोड़ी hi देर में रिद्धिमा पूर्ण रूप से नग्न थी , उसका सौंदर्य ऐसा था की कोई भी मोहित हो जाये ये तो आम इंसान थे ..

सभी बस अपना मुँह खोले हुए उसे hi देख रहे थे , रिद्धिमा के हर अंग जैसे उनके लालच को बढ़ा रहे थे , उनके मुँह में लार आ गयी थी , वो हवस के वसीभूत हो गए थे ..

रिद्धिमा आगे बढ़ी उसके पायलो की आवाज 4रो को पागल बना रही थी , उसने एक के गलो पर अपनी उंगली फेरी और जंगल की और चल दी , किसी को समझ hi नहीं आ रहा था की ये हो क्या रहा है , पहले तो इसने उन्हें डरा दिया था फिर ऐसा खुला आमंत्रण ??

4रो उसके पीछे चल दिए वो थोड़ी hi दूर गए थे की रिद्धिमा ने उनपर हमला कर दिया , वो सभी पहले से hi घायल थे और अब रिद्धिमा का जानलेवा हमला , थोड़ी hi देर में सभी जमीं पर पड़े हुए थे , सबसे पहले रिद्धिमा ने अपना हाथ सीधे कुंदन के साइन में गदा दिया , कुंदन की चीख से जैसे बाकियो की मूत hi निकल गयी थी , रिद्धिमा ने अपने हाथो से hi उसका दिल निकाल लिया था ,

रिद्धिमा के इस रूप को देखकर बाकि अलग अलग तरफ भागने लगे लेकिन इससे उन्हें कोई भी मदद नहीं मिलने वाली थी क्योकि वो रिद्धिमा ने सभी को धुंध लिया और एक एक का दिल निकाल कर खा गयी ……

सुबह जब उसकी नींद खुली तो वो खबर को देखकर चिंतित थी , उसने सब कुछ जमुना को बताया , जमुना खुद रिद्धिमा के इस रूप को सुनकर घबरा गयी थी ……

“इससे तुम्हारी शक्ति में तो इजाफा होगा लेकिन तुम्हे अपने इस गुस्से को काबू में रखना होगा , वर्ण .. वर्ण अनर्थ हो जायेगा “

जमुना घबराते हुए बोली

“काकी लेकिन मैंने गलत क्या किया है , वो सेल जब अजय और परिमल से नहीं लड़ पाए तो वो शिरीन और मुझे उठाने की बात कर रहे थे , वो रेखा राखी को उठाना चाहते थे , अगर मैं उन्हें नहीं मरती तो शायद वो कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर देते “

“बेटी तूने कुछ गलत नहीं किया लेकिन इससे लोगो में चुड़ैल का खौफ फ़ैल जायेगा ..”

“मैं किसी बेगुनाह को नहीं मरने वाली , ऐसे मेरी चिंता इस बात को लेकर है की इन सबमे अब अजय और परिमल न फंस जाये क्योकि उन्होंने hi उन लोगो को पहले मारा था “

रिद्धिमा की बात सुनकर जमुना मुस्कुरा उठी

“उसकी फ़िक्र मत करो बेटी , जंहा तक मैंने बुलंद और शरीफ के बारे में सुना है वो लोग पुलिस का चक्कर hi नहीं पालते अगर उन्हें अजय पर कोई भी शक होगा तो वो सीधा उसे उठा कर मार देंगे , और अजय की फ़िक्र मत करो वो एक शिकारी है उसे मरना सभी के बस की बात नहीं है “

रिद्धिमा को जमुना की बातो से कोई भी मदद नहीं मिली , उसका दिल अब भी अजय के लिए घबरा रहा था , पता नहीं क्यों लेकिन एक अजीब सा अपनापन उन दोनों के बिच हमेशा से रहा , नजरो से बाटे होती रही थी , और ये सब बचपन से hi था , भले hi दोनों एक दूसरे से बात न करते हो लेकिन फिर भी दोनों में एक अजीब सा सम्मोहन तो रहा hi था…

वो कॉलेज की और निकल गयी आज उसकी कोई सहेली उसके साथ कॉलेज नहीं जा रही थी , वंहा पहुंचकर उसने देखा की आज तो अजय और परिमल भी कॉलेज नहीं आये है न hi उसके कोई और दोस्त ..

वो शाम का वक़्त था जब कॉलेज ख़त्म होने वाला था , तभी एक शोर ने सभी का ध्यान आकर्षित किया , रिद्धिमा ने जब वो दृश्य देखा तो वो दहल गई ,

सामने खून से लथपथ अजय का शरीर पड़ा था , अभी अभी एक गाड़ी में शरीफ के आदमियों ने आकर उसे वंहा फेका था ,और कोई भी उसके पास नहीं जा रहा था …

जैसे hi रिद्धिमा उसके पास आयी उसका दिल जोरो से धड़कने लगा ..

वो झुकी और सबसे पहले उसने अजय के दिल पर हाथ रखा , वो बुरी तरह से घबरा गयी थी उसकी आँखों में आंसू आ गए थे , अजय के दिल की धड़कने बहुत hi धीमी थी , सांसे टूट रही थी , रिद्धिमा के दिमाग में जमुना काकी की बात गुंजी ,

“नहीं ऐसा नहीं हो सकता , अजय वो एक शिकारी है ये ऐसे नहीं मर सकता “

रिद्धिमा की आँखों में आंसू डबडबाने लगा था , ये वही अजय था जिसके दर से रिद्धिमा चुड़ैल बानी थी , उसके मन ने ये बात कभी स्वीकार नहीं किया की अजय उनके साथ कुछ गलत कर सकता है लेकिन फिर भी जमुना के डरने पर वो दर गयी थी , ये वही अजय था जिससे मन hi मन वो प्रेम करती थी न जाने कब से शायद जब से होश सम्हाला था , लेकिन कभी उस प्रेम को उसने स्वीकारा नहीं था , और अब वो चुड़ैल बन चुकी थी और अजय एक शिकारी , पुराण प्यार और ऊपर से ये अजीब सा आकर्षण , लेकिन फिर भी shikari-Chudail के आकर्षण से भी ज्यादा रिद्धिमा के दिल में अजय के लिए एक जगह थी , अजय की ये हालत उससे देखि नहीं गयी , उसने अपना हाथ अजय के गाल पर रख दिया और …

“रिद्धिमा …”

अजय ने हलके से आंखे खोली , रिद्धिमा को ऐसा लगा जैसे अचानक से उसकी सांसे वापस आ गयी हो , वो खुश थी और ख़ुशी से चिल्लाना चाहती थी लेकिन उसने अपनी उस ख़ुशी को अपने hi अंदर दबा लिया , ये रिद्धिमा के मन का प्रेम hi था जिसने अजय की सांसो को वापस लाया था , अजय को जीने की राह दिखा दी थी , या फिर ये महज शिकारी और चुड़ैल के संपर्क के उस आकर्षण की शक्ति थी जिसके बारे में वो सुनते आ रहे थे ….

जो भी हो अजय की हालत ठीक थी और ये रिद्धिमा के लिए एक बड़ी बात थी ..

उसने तुरंत hi गजराज को फ़ोन लगा दिया और अजय को लेकर हॉस्पिटल चली गयी …….
 
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