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रिद्धिमा रत में अपने बालकनी में बेचैनी से घूम रही थी , उसके दिमाग में गांव वालो का दर और गजराज की बाटे थी ..
“क्या हुआ रिद्धिमा बेटी बहुत चिंता में दिख रही हो “
ये जमुना काकी थी, जमुना रिद्धिमा के लिए माँ सामान hi थी , जब से होश सम्हाला था तब से वो उसे इस घर में देख रही थी , कहते है की उसका पूरा परिवार hi रिद्धिमा के घर में नौकर था , ये कई पीढ़ियों से ऐसा hi था , की पिता भी वही नौकर थे और उसके बाद उनके बच्चे भी वही नौकर बने … लेकिन इतने सालो की ईमानदारी के कारण रिद्धिमा का परिवार जमुना के परिवार का सम्मान भी बहुत करता था …
“बस काकी उन्ही बातो को सोच रही हु जो गांव में चल रही है ,क्या ये सब अफवाहे है “
काकी हंस पड़ी
“नहीं बीटा ये अफवाहे नहीं है , मैंने अपने परदादा से भी ये कहानिया सुनी थी वो तो कहते थे की उन्होंने एक शिकारी और एक चुड़ैल के बिच का सम्भोग भी देखा है “ जमुना मुँह बड़ा कर हँसाने लगी
“क्या काकी आप भी न “
“अरे तो इसमें क्या हो गया तू अब बड़ी हो चुकी है इन सभी बातो को समझने के लायक “
इतने चिंता की मनोदशा में भी रिद्धिमा के होठो में एक मुस्कान आ गयी
“चची लेकिन अजय कोई शिकारी की बीमारी कैसे लग सकती है वो तो शिकारी नहीं है “
“है लेकिन एक शिकारी ने उसे अपनी दवा पिलाकर जीवनदान दिया है वो भी उसके माँ से वचन लेकर इससे वो शिकारी अब मुक्त हो गया और ये बीमारी अब अजय को लग जायेगी ..”
“तो क्या ये बीमारी गलत है ??”
रिद्धिमा के मासूम से चेहरे में एक अजीब सा भाव आ गया था
“बीटा ताकत कभी गलत या सही नहीं होता , लेकिन ताकत का अभिमान गलत जरूर होता है साथ hi ताकत पाने के लिए जो मोल देना पड़ता है कभी कभी वो बहुत hi बड़ा होता है , न जाने अजय की माँ ने क्या मोल चुकाया होगा “
दोनों hi शांत हो गए थे
“तो क्या अजय हमारे गांव वालो को भी नुकसान पहुचायेगा , गजराज काका तो कह रहे थे की उसने अजय के माँ से बात कर ली है “
जमुना हंस पड़ी
“बेटी ताकत आने के बाद का क्या भरोषा है , हम लोगो की जिंदगी तो अब उसके महेरबानी से hi चलेगी , क्या पता कब उसके दिमाग में बदला लेने के कीड़ा आ जाये और वो पुरे साहनपुर को तबाह कर दे , अब तो तेरे पिता और चाचा भी नहीं है इस तूफान से हमारी रक्षा करने के लिए “
जमुना ने जिस स्वर में ये कहा था उससे रिद्धिमा की चिंता और भी बढ़ गयी थी
“काकी शिकारियों की ताकत को कैसे रोका जा सकता है “
जमुना ने एक नजर भरकर रिद्धिमा को देखा , नौयौवन की सुंदरता देख कर एक बार जमुना भी मोहित सी हो गयी , शरीर के कई हिस्सों में उभर आ रहे थे और उस पर वो मासूम सा चेहरा , उसने मन hi मन कुछ दुदबुदाय
“क्या हुआ चची ऐसे क्यों देख रही हो “
काकी के होठो में मुस्कान आ गयी
“शिकारियों की ताकत को तो केवल चुड़ैल hi रोक सकती है , और मैं देख रही हु की तुझसे खूबसूतत लड़की कौन मिलेगी “
रिद्धिमा को उसकी बात थोड़ी अजीब लगी
“आप कहना क्या चाहती हो काकी ??”
जमुना ने अपना सर झटका
“अगर तुझे अजय को रोकना है तो तुझे चुड़ैल बनना पड़ेगा “
रिद्धिमा के तो पैरो से जैसे जमीं hi खिसक गयी थी
“ये आप क्या बोल रही हो “
“है बीटा , तू खूबसूरत है जवान है तू अजय को अपने आकर्षण में फंसा सकती है , तू hi उसे रोक सकती है .. तेरे hi कंधे में अब पुरे गांव की जिम्मेदारी है , तू hi पुरे गांव को उसके आतंक से बचा सकती है “
“लेकिन .. लेकिन ये कैसे हो सकता है ?? मैं .. मैं कैसे .. वो तो एक जाती है ??”
“है जैसे शिकारियों की एक जाट होती है वैसे hi चुड़ैलों की भी एक जाट होती है लेकिन , जैसे एक शिकारी को वचन देकर किसी दूसरे को शिकारी बनाया जा सकता है वैसे hi चुड़ैलों को बलि देकर किसी को भी चुड़ैल बनाया जा सकता है “
जमुना की बात सुनकर रिद्धिमा बुरी तरह से चौक गयी
“बलि …?? किसकी बलि “
जवाब में जमुना के होठो में एक कातिलाना मुस्कान आ गयी
“वो सब तुझे सोचने की जरुरत नहीं नहीं , बस तू अलगी अमावश्या को तैयार रहना “
“अमावश्या ???”
रिद्धिमा के पुरे शरीर में जैसे झुरझुरी सी दौड़ गयी
“अगर तुझे अपने गांव को बचाना है तो तुझे चुड़ैल बनना hi पड़ेगा रिद्धिमा , कुछ मत सोच की ये कैसे होगा , तेरी ये जमुना चची सब का इंतजाम करेगी , तू बस आराम कर और अमावश्या का इन्तजार कर “
जमुना ने बड़े hi प्यार से रिद्धिमा के गलो को सहला दिया …
रिद्धिमा रत में अपने बालकनी में बेचैनी से घूम रही थी , उसके दिमाग में गांव वालो का दर और गजराज की बाटे थी ..
“क्या हुआ रिद्धिमा बेटी बहुत चिंता में दिख रही हो “
ये जमुना काकी थी, जमुना रिद्धिमा के लिए माँ सामान hi थी , जब से होश सम्हाला था तब से वो उसे इस घर में देख रही थी , कहते है की उसका पूरा परिवार hi रिद्धिमा के घर में नौकर था , ये कई पीढ़ियों से ऐसा hi था , की पिता भी वही नौकर थे और उसके बाद उनके बच्चे भी वही नौकर बने … लेकिन इतने सालो की ईमानदारी के कारण रिद्धिमा का परिवार जमुना के परिवार का सम्मान भी बहुत करता था …
“बस काकी उन्ही बातो को सोच रही हु जो गांव में चल रही है ,क्या ये सब अफवाहे है “
काकी हंस पड़ी
“नहीं बीटा ये अफवाहे नहीं है , मैंने अपने परदादा से भी ये कहानिया सुनी थी वो तो कहते थे की उन्होंने एक शिकारी और एक चुड़ैल के बिच का सम्भोग भी देखा है “ जमुना मुँह बड़ा कर हँसाने लगी
“क्या काकी आप भी न “
“अरे तो इसमें क्या हो गया तू अब बड़ी हो चुकी है इन सभी बातो को समझने के लायक “
इतने चिंता की मनोदशा में भी रिद्धिमा के होठो में एक मुस्कान आ गयी
“चची लेकिन अजय कोई शिकारी की बीमारी कैसे लग सकती है वो तो शिकारी नहीं है “
“है लेकिन एक शिकारी ने उसे अपनी दवा पिलाकर जीवनदान दिया है वो भी उसके माँ से वचन लेकर इससे वो शिकारी अब मुक्त हो गया और ये बीमारी अब अजय को लग जायेगी ..”
“तो क्या ये बीमारी गलत है ??”
रिद्धिमा के मासूम से चेहरे में एक अजीब सा भाव आ गया था
“बीटा ताकत कभी गलत या सही नहीं होता , लेकिन ताकत का अभिमान गलत जरूर होता है साथ hi ताकत पाने के लिए जो मोल देना पड़ता है कभी कभी वो बहुत hi बड़ा होता है , न जाने अजय की माँ ने क्या मोल चुकाया होगा “
दोनों hi शांत हो गए थे
“तो क्या अजय हमारे गांव वालो को भी नुकसान पहुचायेगा , गजराज काका तो कह रहे थे की उसने अजय के माँ से बात कर ली है “
जमुना हंस पड़ी
“बेटी ताकत आने के बाद का क्या भरोषा है , हम लोगो की जिंदगी तो अब उसके महेरबानी से hi चलेगी , क्या पता कब उसके दिमाग में बदला लेने के कीड़ा आ जाये और वो पुरे साहनपुर को तबाह कर दे , अब तो तेरे पिता और चाचा भी नहीं है इस तूफान से हमारी रक्षा करने के लिए “
जमुना ने जिस स्वर में ये कहा था उससे रिद्धिमा की चिंता और भी बढ़ गयी थी
“काकी शिकारियों की ताकत को कैसे रोका जा सकता है “
जमुना ने एक नजर भरकर रिद्धिमा को देखा , नौयौवन की सुंदरता देख कर एक बार जमुना भी मोहित सी हो गयी , शरीर के कई हिस्सों में उभर आ रहे थे और उस पर वो मासूम सा चेहरा , उसने मन hi मन कुछ दुदबुदाय
“क्या हुआ चची ऐसे क्यों देख रही हो “
काकी के होठो में मुस्कान आ गयी
“शिकारियों की ताकत को तो केवल चुड़ैल hi रोक सकती है , और मैं देख रही हु की तुझसे खूबसूतत लड़की कौन मिलेगी “
रिद्धिमा को उसकी बात थोड़ी अजीब लगी
“आप कहना क्या चाहती हो काकी ??”
जमुना ने अपना सर झटका
“अगर तुझे अजय को रोकना है तो तुझे चुड़ैल बनना पड़ेगा “
रिद्धिमा के तो पैरो से जैसे जमीं hi खिसक गयी थी
“ये आप क्या बोल रही हो “
“है बीटा , तू खूबसूरत है जवान है तू अजय को अपने आकर्षण में फंसा सकती है , तू hi उसे रोक सकती है .. तेरे hi कंधे में अब पुरे गांव की जिम्मेदारी है , तू hi पुरे गांव को उसके आतंक से बचा सकती है “
“लेकिन .. लेकिन ये कैसे हो सकता है ?? मैं .. मैं कैसे .. वो तो एक जाती है ??”
“है जैसे शिकारियों की एक जाट होती है वैसे hi चुड़ैलों की भी एक जाट होती है लेकिन , जैसे एक शिकारी को वचन देकर किसी दूसरे को शिकारी बनाया जा सकता है वैसे hi चुड़ैलों को बलि देकर किसी को भी चुड़ैल बनाया जा सकता है “
जमुना की बात सुनकर रिद्धिमा बुरी तरह से चौक गयी
“बलि …?? किसकी बलि “
जवाब में जमुना के होठो में एक कातिलाना मुस्कान आ गयी
“वो सब तुझे सोचने की जरुरत नहीं नहीं , बस तू अलगी अमावश्या को तैयार रहना “
“अमावश्या ???”
रिद्धिमा के पुरे शरीर में जैसे झुरझुरी सी दौड़ गयी
“अगर तुझे अपने गांव को बचाना है तो तुझे चुड़ैल बनना hi पड़ेगा रिद्धिमा , कुछ मत सोच की ये कैसे होगा , तेरी ये जमुना चची सब का इंतजाम करेगी , तू बस आराम कर और अमावश्या का इन्तजार कर “
जमुना ने बड़े hi प्यार से रिद्धिमा के गलो को सहला दिया …