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लास्ट अपडेट में अपने देखा के कर्मा और विनीत मिलकर सावित्री बुआ को छोड़ते hain...phir कर्मा बाथरूम की तरफ आता है अब आगे...
अपडेट 26
मैं बाथरूम में घुसा और फिर चुपचाप से बहार की तरफ का गेट खोला जो आंगन में खुलता tha...maine बहुत धीरे से गेट khola...or बहार झांक कर देखा तो वहां कोई नहीं था... मैंने सोचा वहां hi होगा अचे से देखने के बाद भी कोई नहीं mila...phir मैं बापिस मुदा तो एक चीज़ पर मेरा दिमाग गया.. खिड़की के बगल mein...gamchha और चप्पल पड़ी थी.... मैंने सोचा ये पहले तो यहाँ नहीं थी... मुझे अचे से याद hai...or गमछा किसका हो सकता है ye....nahi कर्मा कुछ तो है... इतने हलके में मत ले.. गमछा या तो फूपाजी डालते हैं या बड़े फूपाजी और अगर इनमे से कोई बहार था तो गड़बड़ होने वाली है... मुझे पता लगाना hi hoga...maine झट से बाथरूम की तरफ से रूम के अंदर gaya...jahan विनीत और बुआ अब भी लगे हुए थे... विनीत बीएड पर लेता हुआ tha...or बुआ अपने भतीजे के लुंड को गांड में लेकर उछाल रही थी और अपनी उँगलियों से अपनी छूट को छोड़ रही थी...

बड़ा hi उत्तेजित करने वाला सन था एक पल को मेरा मन हुआ के बाकि सब बाद में देखा जायेगा अभी मैं भी शामिल हो जॉन चुदाई के खेल mein...par मैंने खुद को रोका और सोचा वो बहुत ज़रूरी है... और कपडे पहनने लगा......
Savitri-aaahhhhhh Ahhhhhhhhhhh कर्मा तू कहाँ आह्ह्ह्ह जा रहा है बछ्ह....
में- बुआ ज़रूरी फ़ोन आ गया आता हूँ... आप लगे रहो...
व्- जल्दी आ karma...aaahhhh बहुत मज़ा ा रहा है ..
Me-aata हूँ...
ये कहकर मैं रूम से निकल gaya...maine आंगन में सब जगह देखा फिर भागकर ऊपर गया दोनों रूम देखे एक मैं रिमझिम दीदी सो रही थी... दुसरे में कोई नहीं था बापिस आया पूर्वी दीदी के रूम में तो बुआ सो रही thi...phir मैंने अपना और विनीत वाला रूम देखा तो वो भी खली tha....phir मैं बुआ फूपाजी वाले रूम की और गया तो गेट बंद था मैंने कान लगा कर सुनने की कोशिश की तो ये फील हुआ के कोई तो अंदर hai...phir मुझे विनीत की बात याद आई.. के बुआ फूपाजी के रूम में भी दो तरफ गेट hain..main झट से पीछे की तरफ उस रूम से सटे बाथरूम में गया और अंदर घुस गया फिर मैंने बड़े धीरे धीरे बाथरूम के दुसरे गेट पर जो रूम की तरफ खुलता था हाथ लगाया और आराम से खींचा तो वो खुल गया अभी कुछ इंच खुला था तो मुझे बस बीएड का किनारा दिखा पर कुछ आवाज़ ज़रूर आई... मैंने गेट को थोड़ा और खोला और सर को घुमा कर देखा तो दांग रह gaya...maine जो देखा मुझे उसपर यकीं नहीहो रहा था ये कैसे हो सकता है.... मेरे सामने का नज़ारा hi कुछ ऐसा था..
सामने बीएड के नीचे की साइड पूर्वी दीदी बैठी हैं उनका पल्लू नीचे गिरा हुआ है... ब्लाउज के सरे बटन खुले हैं और वो बिलकुल खुला हुआ है उनका चिकना पेट नंगा दिख रहा hai...pet से ऊपर उनकी ब्रा नीचे हो राखी है और उनके दोनों बड़ी बड़ी रसीली छुछियां बहार hain...or कोई उन्हें मसल रहा है और पूर्वी दीदी की आँखें बंद हैब मुँह खुला हुआ है और सिसकारियां निकल रही hai...or सबसे बड़ी हैरत की बात जो शख्स इस वक़्त उनके साइड में बैठ kar...unki छूछीयो से खेल रहा hai...wo और कोई नहीं बल्कि उनके पापा यानि फूपाजी हैं....

मैं ये नज़ारा देखकर सुन्न पद गया मेरा लुंड बिलकुल फटने को तैयार tha...ek बाप अपनी बेटी के no की शादीशुदा है एक बच्चे की माँ है उसके छूछीयो से खेल रहा tha....mujhe तो जैसे ये देखकर सांप सूंघ गया tha...baap बेटी की ऐसी अद्भुत रासलीला और ऊपर से पूर्वी दीदी की नंगी सेक्सी छुछियां मुझसे से कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने अपना लुंड पाजामे को नीचे खिसका कर बहार निकल lia...or हिलने लगा मेरी नज़र उन्ही लार तिकी हुई थी....
(अस 3रद पर्सन)- दोस्तों आप सोच रहे होंगे के ये जो अभी कर्मा ने देखा बुआ और फूपाजी के रूम में ये सब कैसे hua...to थोड़ा सा पीछे चलते हैं समय में और देखते हैं...
जब कर्मा और विनीत बुआ के रूम और बाथरूम में घुस जाते हैं तभी पूर्वी का बच्चा रोने लगता hai....wo उठती है और उसे अपनी छुच्छी को बहार निकलती है और बच्चे के मुँह में एक निप्पल डालके उसे दूध पिलाने लगती है थोड़ी देर बाद बच्चा फिर सो जाता है तो वो दूध पिलाना बंद करती है और अपने कपडे ठीक करती है... अपनी माँ को देखती है वो अभी भी सो रही thi..to सोचती hai....chalo चाय पि jaye...phir रूम से बहार आती है और किचन में जाकर सोचती है अकेले के लिए क्या चाय बनाई जाये तो फिर पहले कर्मा और विनीत के रूम में जाती है तो वहां कोई नहीं होता...
पूर्वी- ये दोनों कहाँ गए इस waqt...chalo तै जी से पूछ लेती हु...
फिर वो अपनी तै के रूम की और बढ़ती है जब गेट पर पहुँचती है तो उसे कुछ आवाज़ें आती hain...use समझते देर नहीं लगती ये किस चीज़ की आवाज़ें हैं. मन hi मन मुस्काती hai....tai और ताऊ जी तो इस उम्र में भी लगे रहते hain...mujhe तो लगा था ताऊ जी दुकान पर hain.....mera बड़ा मन कर रहा है के मैं भी तै और ताऊ जी को dekhun....wo पहले तो खुद को डांटती है के नहीं ये गलत है... पर सोचती है के थोड़ा सा देख कर चली जाउंगी... और खिड़की के पास जाकर अंदर झांकने लगती hai...or जो देखती है उसकी आँखें फटी की फटी रह जाती hain......tai जी नीचे बैठती हैं और कर्मा उनके सामने खड़ा है... और वो उसका लुंड बहार निकल रही है... और जैसे hi कर्मा का लुंड बहार आता है तो पूर्वी की आँखें और बड़ी हो जाती hain...haaye राम कितना बड़ा लुंड है कर्मा ka...or मोटाई तो देखो... इसे छूट में जो लेगा मज़ा आएगा use...ye सोचकर उसकी छूट गीली होने लगती hai...phir बुआ जैसे hi कर्मा के लुंड चूसना शुरू करती है तो पूर्वी मुँह जैसे अपने आप सूखने लगता hai....uski जीभ बार बार उसके होंठों को सहलाने लगती है... पूर्वी अंदर देखे जा रही थी और उसके शरीर में गर्मी का एहसास बढ़ा जा रहा tha...uske हाथ अकस्मात् hi अपने आप चलने लगते hain...or धीरे से उसका पल्लू नीचे गिर जाता hai....uske हाथ उसकी गर्दन से लेकर चेस्ट तक रेंगने लगते hain....phir ब्लाउज के ऊपर से hi उन बड़ी बड़ी दूध से भरी छूछीयों को दबाने लगते हैं और उसके मुँह से अपने आप एक आह निकल जाती है जहाँ एक हाथ छूछीयो से. खेल रहा है वहीं दूसरा सपाट और चिकने पेट की सैर पर निकल पड़ता hai...kamre के तूफ़ान के साथ साथ पूर्वी के अंदर का तूफ़ान भी बढ़ता जा रहा tha...tabhi वो देखती है के कर्मा और तै जी ने अपनी पोजीशन चेंज की है अपनी तै के बड़े चूतड़ों को देखकर... उसके चूतड़ों में कसाव आने लगता है और फिर जैसे hi कर्मा अपनी जीभ तै की छूट पर रखता है... पूर्वी भी साड़ी के ऊपर से hi अपनी छूट को दबोच लेती hai...or मसलने लगती hai.....or अब वो इतनी गरम हो गयी थी की वो कहाँ कड़ी है क्यों कड़ी है उसे कुछ होश नहीं tha....wo ब्लाउज के हुक खोलती है और अपनी बड़ी बड़ी दूध से भरी हुई टाइट छूछीयो को ब्रा नीचे करके बहार निकल लेती hai...or अपनी उँगलियों से निप्पल्स को छेड़ने लगती hai...wo देखती है के कर्मा अब तै जी के पीछे खड़ा हो गया है... और अपना लुंड उनकी छूट के मुँह पर लगता है... पूर्वी नीचे से अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर तक उठा कर उन्हें कमर तक कर लेती है और पंतय के ऊपर से hi छूट को रगड़ने लगती है और जैसे hi कर्मा तै की छूट में धक्का लगता है और उसका लुंड छूट में अंदर जाता है पूर्वी का मुँह खुला रह जाता है... पूर्वी को लगता है वो लुंड उसकी छूट के अंदर गया है और वो पंतय साइड करके दो उंगलियां छूट के अंदर दाल देती hai...udhar कर्मा तै की छूट में लुंड को पेल रहा था और इधर पूर्वी उंगलिओ को अपनी छूट mein...dono तरफ चुदाई का खेल जारी है....
ठीक इससे कुछ देर पहले विनीत और पूर्वी के पापा यानि कर्मा के फूपाजी अपनी डेरी पर बैठे हुए सोच रहे थे के कोई ग्राहक hi नहीं दिख रहा आएगा तो चलो घर चलकर थोड़ा आराम hi किया जाये और मौका मिला तो शशि के साथ तो कुछ चुदाई भी हो जाएगी... काफी दिन हो गए बिना चोदे.... और वो डेरी का शटर गिरते हैं अपना गमछा लेकर घर की और निकल पड़ते हैं.. घर में घुस कर देखते हैं तो सन्नाटा है.... तो किचन में जाकर पानी निकलकर पीने लगते हैं तभी उनकी नज़र उनके भैया भाभी के बहार कड़ी हुई उनकी बेटी पूर्वी पर पड़ती hai...or जब वो थोड़ा आगे बढ़कर उसकी हालत देखते हैं तो चौंक जाते hain...ki उनकी बेटी को ये क्या हो गया है.... पूर्वी की साड़ी और पेटीकोट कमर पर हैं नीचे से पूरी नंगी है पंतय साइड में करके अपनी छूट में उंगलिया कर रही hai...or उसके छुछियां ब्लाउज बहार हैं.... पहले तो उन्हें गुस्सा आता है की इसको क्या हो गया है जो इतनी बेशर्मी पर उतर आई hai...koi देख ले तो घर में दो जवान भाई भी hain...par फिर उनका ध्यान एक बात पर जाता है उनका लुंड पूरी तरह से टाइट खड़ा hai...wo थोड़ा झेंप जाते हैं के अपनी hi बेटी को देखकर उनका लुंड खड़ा हो रहा है... फिर वो ध्यान से देखते हैं पंतय में कैसे हुए उसके चूतड़ों को देखकर उनका लुंड और फूल जाता है और झटके मरने लगता है

पूर्वी की गांड hi कुछ ऐसी थी की मुर्दो का लुंड भी खड़ा करदे ये तो जीता जगता इंसान tha...Phoopaji का हाथ खुद hi लुंड के ऊपर चला जाता है... और उसे लुण्डि के ऊपर से मसलने लगते हैं जब मन नहीं मंटा तो लुंगी को सौदे करके अपना धरी वाला कच्चा नीचे खिसकते हैं और लुंड बहार निकल लेते hain...or अपनी बेटी की गांड को देखकर मुठियाने लगते हैं.. पूर्वी पूरी दुनिया से बेखबर अपनी आवाज़ को दबाये हुए कर्मा और तै जी की चुदाई देख रही थी और साथ hi खुद की छूट को उंगलिओ से सुख देने की कोशिश कर रही थी...
उधर फूपाजी के पेअर अपने आप hi धीरे धीरे आगे बढ़ने लगते हैं और वो अपनी बेटी के ठीक पीछे जाकर खड़े हो जाते hain...tabhi उनकी नज़र उस नज़ारे पर पड़ती है जिसे उनकी बेटी देखकर अपनी छूट को छोड़ रही थी अंदर कर्मा उनकी भाभी जी को घोड़ी बनाकर पीछे से छोड़ रहा tha....ye देखकर तो उनको झटका लगता hai...ke उनकी भाभी अपने बेटे की उम्र के जो की उनका भतीजा लगता है उससे अपनी छूट मरवा रही hai...unka बुरा हाल हो जाता है उनका मन ये सब रोकना भी चाहता था और लुंड को तो कुछ और hi मंज़ूर tha...unki एक नज़र अपनी भाभी के बड़े चूतड़ों पर पड़ती hai..or उनके दिमाग से सही गलत का सारा ज्ञान गायब हो जाता है... वो काबू में नहीं रहते और अपना हाथ पूर्वी की कमर पर रख देते है और उससे पीछे से चिपक के खड़े हो जाते हैं.... पूर्वी को जैसे hi ये एहसास होता है की किसी का हाथ उसकी कमर पर है वो फ़ौरन मुड़ती है और अपने पापा को देखकर बहुत दर जाती है... पूर्वी को जैसे सांप सूंघ जाता है जैसे काटो तो खून नहीं... पूर्वी के घूमने से उसकी बड़ी बड़ी छुछियां उसी पापा के सामने आ जाती हैं और उनकी नज़र उन पर टिक जाती है... इतनी बड़ी बड़ी और टाइट छुछियां वो भी खुद की बेटी की उन्हें देखकर फूपाजी का लुंड ठोकरे मरने लगता है और वो काबू खो देते hain...or जो हाथ पूर्वी की कमर पर थे अब वो उसके चूतड़ों पर पहुंच जाते हैं और वो अपनी बेटी के चूतड़ों को पकड़ कर मसल देते है...

पूर्वी अपने पापा के इस कदम से घबरा जाती hai...or तभी उसके पेट पर उसे कुछ चुभता हुआ लगता है तो वो नीचे देखती है के उसके पापा का लुंड उनके कच्चे से बहार है और उसके पेट पर टक्कर मार रहा है... वो ये देखकर बिलकुल hi सहम जाती है उसे समझ नहीं आता अब वो क्या kare...or एक बार लुंड की तरफ और देखती है और फिर नज़रें फिरने के चक्कर में घूम जाती hai...jo उसे बाद में फील होता है के एक और बड़ी गलती thi...uske पापा पीछे से उससे चिपक जाते हैं उनका लुंड उसकी गांड की दरार में घुस जाता है और उनके हाथ उसके छूछीयो की तरफ बाद जाते हैं.... पूर्वी बुरी तरह से गरम हो चुकी thi...phir भी उसके मन के एक छोटे से हिस्से में अब भी था के ये सब गलत हो रहा है और वो खुद को और पापा को रोकने की कोशिश कर रही thi....tabhi अंदर की आवाज़ से उनका ध्यान फिर से अंदर जाता hai....unhone देखा के कर्मा ने अपना लुंड तै की छूट से निकल लिए है और साइड हैट गया और तै उसे लुंड बापिस डालने को बोल रही हैं... तभी कोई और कर्मा की जगह आता है और अपना लुंड तै जी की छूट में घुसेड़ देता है.....
ये देखकर पूर्वी और पापा दोनों की आँखें फटी की फटी रह gayi...ke तै जी को सिर्फ कर्मा hi नहीं एक और कोई छोड़ रहा है और जब उन्हें ये नज़र आया ये कोई और नहीं बल्कि विनीत है तो उनकी तो जैसे आँखें hi जैम gayi...Poorvi का bhai...Phoopaji का बीटा उनकी भाभी ko...apani माँ जैसी ताई को छोड़ रहा tha...or कर्मा ने अपना लुंड तै जी के मुँह में दाल dia..wo एक साथ दो दो जवान लुंड को खुश कर रही thi...or अपने अंदर ले रही थी ये देखकर पूर्वी और फूपाजी के अंदर जो रहा सहा सही गलत का भाव था वो भी मिट गया और उसकी जगह हवस और उत्तेजना ने ले ली..... फूपाजी के हाथ पूर्वी के नंगे छूछीयो पर कास gaye...or पूर्वी ने भी अपनी गांड अपने पापा के लुंड से पूरी तरीके से चिपका दी और ऊपर नीचे करने लगी..

दोनों hi हवस और शरीर की प्यास में बिलकुल बेसुध हो चुके थे... पूर्वी अब बिना किसी विरोध के अपने पापा से अपनी छूछीयो को मसलवा रही थी और साथ hi अपनी गांड पर उनका लुंड महसूस कर रही thi...uska मुँह खुला हुआ tha....or मुँह से हलकी हलकी सिसकारियां निकल रही थी... उधर उनका ध्यान कमरे में हो रही रासलीला पर भी था अब देखा तो कर्मा लेता हुआ था और तै जी उसका लुंड गांड में लेकर उछाल रही थी और विनीत का लुंड उनके मुँह में था जिसे वो शिद्दत से चूस रही थी... फूपाजी ने आगे झुककर पूर्वी के एक चुके को अपने मुँह में ले लिए और चूसने लगे.. और जैसे hi उन्होंने चूसना शुरू किआ उनके मुँह में पूर्वी के निप्पल से उसका मीठा दूध आने laga...ye सोचकर उनका लुंड और टाइट हो गया पूर्वी की छूट भी इस ख्याल से बहने लगी के मैब आज अपना दूध अपने बाप को पीला रही hun...kya कभी कोई बेटी ऐसा करती hogi...or इसी उत्तेजना मैं उसका हाथ उसके बाप के लुंड पर चला गया और उसे पकड़ लिए... फूपाजी का लुंड कर्मा जैसा तो नहीं पर एक नार्मल लम्बाई वाला tha...bas अपनी लम्बाई के हिसाब से ज़्यादा मोटा था जो उसकी मुठी ने भर के आ रहा था... जब फूपाजी के लुंड पर उनकी बेटी के हाथ पड़े तो उन्हें एक बेहद सुखद अनुभव प्राप्त हुआ... मुँह में बेटी के निप्पल से बहता हुआ doodh...lund पर बेटी का हाथ इस अनुभव को पाते हुए उनका खुद का हाथ बेटी की छूट पर पहुंच गया और पापा का हाथ अपनी छूट पर महसूस होते hi पूर्वी ने अपना हाथ छूट से हटा लिए और अपनी छूट की ज़िम्मेदारी पापा के हाथ को दे दी....

बेटी की रास बहती छूट में हाथ लगते hi फूपाजी की कमर अपने आप झटके मरने लगी और वो पूर्वी के हाथ को hi छोड़ने लगे... पूर्वी के हाथो की पकड़ भी फूपाजी के लुंड पर थोड़ी टाइट हो गयी और इधर फूपाजी ने अपनी उंगली पूर्वी की छूट में ghusadi...andar ऐसा लगा जैसे गरम भट्टी में उन्होंने अपनी उंगली दाल दी हो...
पूर्वी पापा की उंगली छूट में घुसते hi सिसक पड़ी.... बेटी की आवाज़ को दबाने के लिए फूपाजी ने अपने होंठो को पूर्वी के होंठों पर रख diya...or अपनी बेटी के रसीले होंठों का रास पीने लगे इधर से पूर्वी भी अपने पापा का पूरा साथ दे रही thi...thodi देर बाद जब दोनों के होंठ अलग हुए तो कमरे के अंदर देखने के लिए फूपाजी फिर से पूर्वी के पीछे आ गए और एक हाथ से छूट में उंगली करने लगे तो वहीं दुसरे से छूछीयो को सहला रहे the...unka लुंड पूर्वी की दंड की दरार में पंतय के ऊपर से रगड़ रहा tha...kamre के अंदर का सन बहुत hi उत्तेजक tha...karma और विनीत अब एक साथ तै जी को छोड़ रहे the...karma का लुंड गांड में था तो वहीं विनीत का छूट में जैसे जैसे कमरे के अंदर चुदाई अपने चरम पर पहुंच रही थी... फूपाजी और पूर्वी भी उत्तेजना के समंदर में बहते जा रहे थे...
फूपाजी का लुंड पूर्वी की दरार में ऐसी ठोकरे मार रहा था मनो अभी पंतय को चीरकर छूट में समां jayega...unki उंगलियां भी पूर्वी की छूट में काफी तेज़ चल रही थी जिसका असर पूर्वी पर साफ़ दिख रहा था पूर्वी अपने होंठ काटते हुए खुद को चीखने से रोक रही थी और फिर अगले hi pal...wo एक हलकी आअह्ह्ह के साथ पापा की उँगलियों पर झड़ने लगी और उधर अपनी उँगलियों पर बेटी का रास का अनुभव होते hi फूपाजी भी खुद को न रोक पाए और बेटी की गांड को अपने रास से भीगने lage....poora गीला करने लगे.... दोनों थोड़ी देर बिना किसी हरकत के ऐसे hi खड़े रहे फिर जब साँसों की स्पीड नार्मल हुई तो फूपाजी बोले बेटी चल कमरे में चलते हैं... पूर्वी ने भी हाँ कर दिए....
फूपाजी- तेरी माँ कहाँ है?
पूर्वी- मेरे कमरे में सो रही है...
फूपाजी- तो चल मेरे कमरे में चलते हैं..
और उन दोनों ने थोड़ा बहुत अपने कपडे ठीक kiye...or जल्दी से कमरे की और निकल gaye....kamre में पहुँचते hi जल्दी से गेट बंद किआ or...phir से एक दुसरे से चिपकने लगे... पूर्वी बीएड पर जाकर बैठ गयी और फूपाजी भी उसके बगल में बैठ गए और पल्लू नीचे गिरा दिए... पूर्वी का ब्लाउज तो पहले से hi खुला हुआ था तो छुछियां बहार आ गयी और फूपाजी उनके साथ खेलने लगे...
यही वो पल था जब कर्मा ने इन्हे देखा tha....to आगे की कहानी हमारे चाहते कर्मा की ज़ुबानी....
मैं तो बस उन दोनों को देखे जा रहा था की कैसे बाप बेटी एक दुसरे के शरीर से मज़े ले रहे hain...phir फूपाजी ने पूर्वी दीदी के छूछे को मुँह में भर लिए और चूसने lage....or फिर उन्होंने थोड़ी देर चूसने के बाद अपना मुँह खोला और बहुत सारा वाइट वाइट कुछ दीदी के छूछे पर गिरा दिए जिससे उनका पूरा छूछा भीग गया और फिर वो उसे चाटने lage......main सोचने लगा की ये क्या चीज़ है और फिर जैसे hi मेरे दिमाग में ख्याल आया मुझे मेरा लुंड फूलता हुआ महसूस hua...wo पूर्वी दीदी का दूध है जो वो बच्ची को पिलाती हैं.... आआह्ह्ह्हह और आज अपने बाप को पीला रही हैं... परिवार की हवस का ये खेल देखकर मैं खुद को कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा tha..phir फूपाजी ने दुसरे छूछे के साथ भी ऐसा hi kia...phir उन्होंने पूर्वी दीदी का हाथ पकड़ा और अपनी लुंगी के बीच में लुंड पर रख दिए और पूर्वी दीदी उसे हिलने lagi....kuch देर बाद वो खड़े हुए और अपने कपडे निकलने लगे इधर पूर्वी दीदी ने भी अपनी साड़ी और पेटीकोट को नीचे खिसका दिए उनकी नंगी गांड देखकर तो मैं पागल hi हो गया क्या मस्त लग रही तह... ब्लाउज बिलकुल खुला हुआ साड़ी और पेटीकोट पंतय जांघो में फँसी हुई थी....

फिर उन्होंने अपना ब्लाउज और ब्रा पूरी तरह से अपने शरीर से अलग कर दिए और ऊपर से बिलकुल नंगी हो gayi....phir अपने पैरों को हिलाया तो साड़ी और पेटीकोट भी नीचे गिर gaya...or फिर उनकी पंतय जो के भीगी हुई थी... उसे हुई उन्होंने उतर दिए और बिक्कुल नंगी हो गयी अपने बाप के सामने.... फूपाजी भी पूरी तरह नंगे होगये और उनका लुंड अपनी बेटी के नंगे बदन को देख कर अकड़ रहा tha...wohin फूपाजी की आँखें पूर्वी दीदी के एक एक अंग को नंगा अपनी आँखों में उतर रहे the...phir वो बीएड पर जाकर नीचे की और पेअर करके बैठ gaye...or पूर्वी दीदी को पकड़ कर उन्हें अपने ऊपर झुकाया और किश करने लगे थोड़ी देर किश करने के बाद फूपाजी पीछे की और लेट gaye...idhar पूर्वी डीसी थोड़ा और झुक गयी और अपने पापा के लुंड को हाथ में ले lia...or हिलने लगी... उनके झुकने की वजह से उनकी गांड मेरी तरफ आ गयी और फिर वो थोड़ा और झुकी और झुक कर फूपाजी के लुंड के टोपे को चाट लिए फूपाजी तो जैसे जन्नत में the...idhar मेरी हालत ख़राब थी मैं सिर्फ देखना नहीं चाहता था कुछ करना चाहता था मेरे लुंड में भी दर्द हो रहा था उधर पूर्वी दीदी ने फूपाजी के लुंड को मुँह में भर लिए और चूसने लगी...

उनका सर मुझे फूपाजी के लुंड पर ऊपर नीचे होता हुआ दिख रहा था पहिए दीदी ने अपने पैरो को थोड़ा सीधा किआ और आराम से झुक कर लुंड चूसने लगी... पर उनके ऐसा करने से मेरी हालत और ख़राब होने lagi....kyunki अब मेरी आँखों के सामने पूर्वी दीदी की गांड थी...

उनकी choot...bhoori गांड का ched...mere लुंड में बड़ी ज़ोरो से दर्द होने laga...mujhse अब सिर्फ देखा नहीं जायेगा मैंने socha...phir उनकी गांड को देखा तो जैसे लुंड को उसका खाना दिख रहा था... फूपाजी अपनी आँखें बंद करके अपनी बेटी से लुंड चूसै का मज़ा ले रहे थे पूर्वी दीदी का पूरा ध्यान अपने पापा के लुंड पर tha.....mere कदम अपने आप उनकी तरफ बढ़ने लगे मैं बीएड के किनारे पूर्वी दीदी की गांड के पास जाकर खड़ा हो गया... मुझे कुछ सही गलत, ाचा बुरा, कुछ भी नहीं पता था मुझे तो बस अपने लुंड में होता हुआ दर्द दिख रहा था और पूर्वी दीदी की gand....lund ने एक और ठुमका मारा तो मैं जैसे हिम्मत से भर गया और बस एक लाइन दिमाग में आई जो होगा देखा jayega...phir तुरंत मैंने अपने हाथ पर थूका और उसे अपने लुंड के टोपे पर लगा लिए और अपने लुंड को थोड़ा चिकना कर लिए....
और फिर बिना किसी देरी के अपने लुंड को हाथ में पकड़ा और एक हाथ से जल्दी से पूर्वी दीदी की कमर और अपना लुंड उनकी छूट के मुँह पर रखा और धक्क्क मार दिए लुंड तीन इंच अंदर घुस गया.... पूर्वी दीदी का मुँह वहीं रुक गया उनकी चीख फूपाजी के लुंड की वजह से उनके मुँह में hi डाब गयी....

मुझे तो जैसे दर्द से रहत मिल गयी... पूर्वी दीदी की टाइट छूट के अंदर मेरे लुंड को जो गर्मी मिल रही थी मुझे बड़ा सुख दे रही thi...par तुरंत पूर्वी दीदी ने फूपाजी के लुंड को मुँह से निकला और आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह करती हुई पीछे मुड़ी और मुझे देखा तो चौंक gayi...maine उनकी कमर को दोनों हाथो से पकड़ लिए और एक और झटका मार दिए जिससे लुंड आधे से ज़्यादा अंदर चला गया.... पूर्वी दीदी के मुँह से बस aaahhhhhhhhhhhhhhh निकला उधर फूपाजी की भी आँखें आवाज़ और पूर्वी दीद के मुँह से लुंड निकलने की वजह से खुल gayi....unhone पूर्वी दीदी की आँखों में देखा तो आंसू थे फिर उन्होंने पीछे देखा उठकर उन्हें मैं दिखा और मुझे देखकर वो चौंक गए....
फूपाजी- कर्मा तू... तू... यहाँ...
उनके जवाब देने से पहले मैंने उनकी बेटी की छूट में लुंड का एक और झटका मारा और पूरा लुंड पूर्वी दीदी की छूट में घुस गया ....
पूर्वी- aaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....... कर्मा...
फूपाजी थोड़ी देर तो समझते hi रहे की ये हुआ क्या अभी फिर उनकी आँखों में गुस्सा आने लगा शायद उनकी जगह मैंने उनकी बेटी की छूट में मैंने लुंड घुसेड़ दिए इस वजह से या उनके सामने उनकी बेटी को छोड़रहा था इसलिए पर वो बहुत गुस्से में दिखे और गुस्से में बोले....
फूपाजी- कर्मा ये क्या hai...teri.....
वो इससे आगे कुछ बोल पाते इतने में पूर्वी दीदी बोल पड़ी...
पूर्वी- आह्ह्ह्हह कर्मा बता कर डालना चाहिए था na....dekh दर्द हुआ मुझे इतना बड़ा लुंड है तेरा ....
उनकी बात सुनकर मुझे हैरानी hui...or मुझसे भी कहीं ज़्यादा हैरानी मुझे फूपाजी के चेहरे पर दिखी...
फूपाजी- मेरे घर की साड़ी औरतें hi एक नंबर की रांड हैं....
पूर्वी दीदी ने इस बात पर कुछ नहीं कहा और मुझसे बोली..
पूर्वी- कर्मा थोड़ा आराम से कर न भाई....
मैं भी उनकी कमर पकड़ कर उन्हें हाकडे धक्को से छोड़ने लगा...
फूपाजी ने फिर कुछ न सोचते हुए कदम आगे बढ़ाये और तुरंत अपनी बेटी का मुँह पकड़कर अपना लुंड पूर्वी दीदी के मुँह में दाल dia....idhar में उनकी छूट को छोड़ रहा था और दूसरी तरफ से उनके पापा का लुंड उनके मुँह को छोड़ रहा था

मैंने ये देखकर अपने झटके तेज़ कर diye...or अब कसकर उनकी छूट का कचूमर बनाने laga...ek बच्चा होने जे बाद भी उनकी छूट बेहद टाइट थी और अंदर से भट्टी जैसी गरम थी... मुझे तो बहुत मज़ा मिल रहा tha...unki छूट में लुंड पेलने mein...maine साथ साथ उनके चूतड़ों को मसल रहा tha....idhar मेरी स्पीड बढ़ने से पूर्वी दीदी के चूसने की रफ़्तार भी बढ़ gayi...or वो फूपाजी के लुंड को बुरी तरीके से चूसने लगी... फूपाजी अब सारा गुस्सा भूल चुके थे और मज़े ले रहे the...mere हिप्स दीदी के चूतड़ों से टकरा क्र थप थप थप की आवाज़ कर रहे the...mera जोश भी अब बढ़ता जा रहा था उसके साथ साथ मेरे धक्को की स्पीड bhi....mera लुंड पूर्वी दीदी की छूट में बहुत तेज़ अंदर बहार हो रहा tha....or फिर वो मेरे लुंड लार झड़ने लगी . .. और अपनी बेटी का झड़ना फूपाजी भी बर्दाश्त नहीं कर paye...apani बेटी के मुँह में अपनी रास धार छोड़ने लगे... बेटी भी किसी आदर्श रैंड की तरह अपने पापा का सारा रास पि gayi...or एक बेटी का बाप का रास पीना देख कर मैं भी बहुत उत्तेजित हो गया और पूर्वी दीदी को बुरी तरीके से छोड़ने laga...mera लुंड एक मशीन की तरह से उनकी छूट से अंदर बहार हो raha....tha वो बस आहहहहहहहहह का एक रदम में बोले जा रही थी...
पूर्वी- आह्ह्ह्ह कृष्णा छोड़ भेनचोद फाड़ दे आअह्हह्ह्ह्ह अपनी बहिन की छूट...
पूर्वी दीदी छुड़ाते हुए बहुत गरम हो गयी थी जिससे मैं और फूपाजी दोनों hi हैरान थे...
पूर्वी- देखो न पापा कैसे छोड़ रहा है ....अह्ह्ह्ह कर्मा मेरी छूट ko....tumhari बेटी की छूट को... तुंहरे सामने छोड़ छोड़ कर चटनी बना रहा hai...aaaahhhh कर्मा वैसे hi छोड़ जैसे तै जी को छोड़ रहा tha.....aaahhh
मैं समझ गया की इन्होने hi देखा था मुझे और विनीत को चिड़ै करते huye...main और तेज़ छोड़ने लगा और फिर दो चार तेज़ झटके मार के पूर्वी दीदी की छूट में अपना रास उढेल dia....ek एक बाद एक बहुत सी धरें मैंने उनकी छूट में भर di....or फिर जब मेरा झड़ना बंद हुआ तो मैं थक कर उनके ऊपर hi बीएड पर लेट गया और वो भी बीएड पर पड़ी rahi...mera लुंड उनकी छूट में था फूपाजी हमारी तरफ hi देख रहे थी पर कुछ नहीं कहा और फिर वो भी लेट gaye...maine फिर अपने आप को पूर्वी दीदी की बॉडी से हटाया और साइड होकर लेता तो मेरी नज़र बाथरूम के दरवाज़े पर gayi...to वहां सावित्री बुआ और विनीत खड़े the...wo हमें देख कर थोड़े शॉकेड थे मैंने उनकी तरफ देखते हुए एक स्माइल करदी...
फिर इसके बाद क्या हुआ वो अगली अपडेट में आप सब प्लीज पढ़ते रहिये और कमैंट्स करते रहिये... शुक्रिया....
अपडेट 26
मैं बाथरूम में घुसा और फिर चुपचाप से बहार की तरफ का गेट खोला जो आंगन में खुलता tha...maine बहुत धीरे से गेट khola...or बहार झांक कर देखा तो वहां कोई नहीं था... मैंने सोचा वहां hi होगा अचे से देखने के बाद भी कोई नहीं mila...phir मैं बापिस मुदा तो एक चीज़ पर मेरा दिमाग गया.. खिड़की के बगल mein...gamchha और चप्पल पड़ी थी.... मैंने सोचा ये पहले तो यहाँ नहीं थी... मुझे अचे से याद hai...or गमछा किसका हो सकता है ye....nahi कर्मा कुछ तो है... इतने हलके में मत ले.. गमछा या तो फूपाजी डालते हैं या बड़े फूपाजी और अगर इनमे से कोई बहार था तो गड़बड़ होने वाली है... मुझे पता लगाना hi hoga...maine झट से बाथरूम की तरफ से रूम के अंदर gaya...jahan विनीत और बुआ अब भी लगे हुए थे... विनीत बीएड पर लेता हुआ tha...or बुआ अपने भतीजे के लुंड को गांड में लेकर उछाल रही थी और अपनी उँगलियों से अपनी छूट को छोड़ रही थी...

बड़ा hi उत्तेजित करने वाला सन था एक पल को मेरा मन हुआ के बाकि सब बाद में देखा जायेगा अभी मैं भी शामिल हो जॉन चुदाई के खेल mein...par मैंने खुद को रोका और सोचा वो बहुत ज़रूरी है... और कपडे पहनने लगा......
Savitri-aaahhhhhh Ahhhhhhhhhhh कर्मा तू कहाँ आह्ह्ह्ह जा रहा है बछ्ह....
में- बुआ ज़रूरी फ़ोन आ गया आता हूँ... आप लगे रहो...
व्- जल्दी आ karma...aaahhhh बहुत मज़ा ा रहा है ..
Me-aata हूँ...
ये कहकर मैं रूम से निकल gaya...maine आंगन में सब जगह देखा फिर भागकर ऊपर गया दोनों रूम देखे एक मैं रिमझिम दीदी सो रही थी... दुसरे में कोई नहीं था बापिस आया पूर्वी दीदी के रूम में तो बुआ सो रही thi...phir मैंने अपना और विनीत वाला रूम देखा तो वो भी खली tha....phir मैं बुआ फूपाजी वाले रूम की और गया तो गेट बंद था मैंने कान लगा कर सुनने की कोशिश की तो ये फील हुआ के कोई तो अंदर hai...phir मुझे विनीत की बात याद आई.. के बुआ फूपाजी के रूम में भी दो तरफ गेट hain..main झट से पीछे की तरफ उस रूम से सटे बाथरूम में गया और अंदर घुस गया फिर मैंने बड़े धीरे धीरे बाथरूम के दुसरे गेट पर जो रूम की तरफ खुलता था हाथ लगाया और आराम से खींचा तो वो खुल गया अभी कुछ इंच खुला था तो मुझे बस बीएड का किनारा दिखा पर कुछ आवाज़ ज़रूर आई... मैंने गेट को थोड़ा और खोला और सर को घुमा कर देखा तो दांग रह gaya...maine जो देखा मुझे उसपर यकीं नहीहो रहा था ये कैसे हो सकता है.... मेरे सामने का नज़ारा hi कुछ ऐसा था..
सामने बीएड के नीचे की साइड पूर्वी दीदी बैठी हैं उनका पल्लू नीचे गिरा हुआ है... ब्लाउज के सरे बटन खुले हैं और वो बिलकुल खुला हुआ है उनका चिकना पेट नंगा दिख रहा hai...pet से ऊपर उनकी ब्रा नीचे हो राखी है और उनके दोनों बड़ी बड़ी रसीली छुछियां बहार hain...or कोई उन्हें मसल रहा है और पूर्वी दीदी की आँखें बंद हैब मुँह खुला हुआ है और सिसकारियां निकल रही hai...or सबसे बड़ी हैरत की बात जो शख्स इस वक़्त उनके साइड में बैठ kar...unki छूछीयो से खेल रहा hai...wo और कोई नहीं बल्कि उनके पापा यानि फूपाजी हैं....

मैं ये नज़ारा देखकर सुन्न पद गया मेरा लुंड बिलकुल फटने को तैयार tha...ek बाप अपनी बेटी के no की शादीशुदा है एक बच्चे की माँ है उसके छूछीयो से खेल रहा tha....mujhe तो जैसे ये देखकर सांप सूंघ गया tha...baap बेटी की ऐसी अद्भुत रासलीला और ऊपर से पूर्वी दीदी की नंगी सेक्सी छुछियां मुझसे से कण्ट्रोल नहीं हुआ और मैंने अपना लुंड पाजामे को नीचे खिसका कर बहार निकल lia...or हिलने लगा मेरी नज़र उन्ही लार तिकी हुई थी....
(अस 3रद पर्सन)- दोस्तों आप सोच रहे होंगे के ये जो अभी कर्मा ने देखा बुआ और फूपाजी के रूम में ये सब कैसे hua...to थोड़ा सा पीछे चलते हैं समय में और देखते हैं...
जब कर्मा और विनीत बुआ के रूम और बाथरूम में घुस जाते हैं तभी पूर्वी का बच्चा रोने लगता hai....wo उठती है और उसे अपनी छुच्छी को बहार निकलती है और बच्चे के मुँह में एक निप्पल डालके उसे दूध पिलाने लगती है थोड़ी देर बाद बच्चा फिर सो जाता है तो वो दूध पिलाना बंद करती है और अपने कपडे ठीक करती है... अपनी माँ को देखती है वो अभी भी सो रही thi..to सोचती hai....chalo चाय पि jaye...phir रूम से बहार आती है और किचन में जाकर सोचती है अकेले के लिए क्या चाय बनाई जाये तो फिर पहले कर्मा और विनीत के रूम में जाती है तो वहां कोई नहीं होता...
पूर्वी- ये दोनों कहाँ गए इस waqt...chalo तै जी से पूछ लेती हु...
फिर वो अपनी तै के रूम की और बढ़ती है जब गेट पर पहुँचती है तो उसे कुछ आवाज़ें आती hain...use समझते देर नहीं लगती ये किस चीज़ की आवाज़ें हैं. मन hi मन मुस्काती hai....tai और ताऊ जी तो इस उम्र में भी लगे रहते hain...mujhe तो लगा था ताऊ जी दुकान पर hain.....mera बड़ा मन कर रहा है के मैं भी तै और ताऊ जी को dekhun....wo पहले तो खुद को डांटती है के नहीं ये गलत है... पर सोचती है के थोड़ा सा देख कर चली जाउंगी... और खिड़की के पास जाकर अंदर झांकने लगती hai...or जो देखती है उसकी आँखें फटी की फटी रह जाती hain......tai जी नीचे बैठती हैं और कर्मा उनके सामने खड़ा है... और वो उसका लुंड बहार निकल रही है... और जैसे hi कर्मा का लुंड बहार आता है तो पूर्वी की आँखें और बड़ी हो जाती hain...haaye राम कितना बड़ा लुंड है कर्मा ka...or मोटाई तो देखो... इसे छूट में जो लेगा मज़ा आएगा use...ye सोचकर उसकी छूट गीली होने लगती hai...phir बुआ जैसे hi कर्मा के लुंड चूसना शुरू करती है तो पूर्वी मुँह जैसे अपने आप सूखने लगता hai....uski जीभ बार बार उसके होंठों को सहलाने लगती है... पूर्वी अंदर देखे जा रही थी और उसके शरीर में गर्मी का एहसास बढ़ा जा रहा tha...uske हाथ अकस्मात् hi अपने आप चलने लगते hain...or धीरे से उसका पल्लू नीचे गिर जाता hai....uske हाथ उसकी गर्दन से लेकर चेस्ट तक रेंगने लगते hain....phir ब्लाउज के ऊपर से hi उन बड़ी बड़ी दूध से भरी छूछीयों को दबाने लगते हैं और उसके मुँह से अपने आप एक आह निकल जाती है जहाँ एक हाथ छूछीयो से. खेल रहा है वहीं दूसरा सपाट और चिकने पेट की सैर पर निकल पड़ता hai...kamre के तूफ़ान के साथ साथ पूर्वी के अंदर का तूफ़ान भी बढ़ता जा रहा tha...tabhi वो देखती है के कर्मा और तै जी ने अपनी पोजीशन चेंज की है अपनी तै के बड़े चूतड़ों को देखकर... उसके चूतड़ों में कसाव आने लगता है और फिर जैसे hi कर्मा अपनी जीभ तै की छूट पर रखता है... पूर्वी भी साड़ी के ऊपर से hi अपनी छूट को दबोच लेती hai...or मसलने लगती hai.....or अब वो इतनी गरम हो गयी थी की वो कहाँ कड़ी है क्यों कड़ी है उसे कुछ होश नहीं tha....wo ब्लाउज के हुक खोलती है और अपनी बड़ी बड़ी दूध से भरी हुई टाइट छूछीयो को ब्रा नीचे करके बहार निकल लेती hai...or अपनी उँगलियों से निप्पल्स को छेड़ने लगती hai...wo देखती है के कर्मा अब तै जी के पीछे खड़ा हो गया है... और अपना लुंड उनकी छूट के मुँह पर लगता है... पूर्वी नीचे से अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर तक उठा कर उन्हें कमर तक कर लेती है और पंतय के ऊपर से hi छूट को रगड़ने लगती है और जैसे hi कर्मा तै की छूट में धक्का लगता है और उसका लुंड छूट में अंदर जाता है पूर्वी का मुँह खुला रह जाता है... पूर्वी को लगता है वो लुंड उसकी छूट के अंदर गया है और वो पंतय साइड करके दो उंगलियां छूट के अंदर दाल देती hai...udhar कर्मा तै की छूट में लुंड को पेल रहा था और इधर पूर्वी उंगलिओ को अपनी छूट mein...dono तरफ चुदाई का खेल जारी है....
ठीक इससे कुछ देर पहले विनीत और पूर्वी के पापा यानि कर्मा के फूपाजी अपनी डेरी पर बैठे हुए सोच रहे थे के कोई ग्राहक hi नहीं दिख रहा आएगा तो चलो घर चलकर थोड़ा आराम hi किया जाये और मौका मिला तो शशि के साथ तो कुछ चुदाई भी हो जाएगी... काफी दिन हो गए बिना चोदे.... और वो डेरी का शटर गिरते हैं अपना गमछा लेकर घर की और निकल पड़ते हैं.. घर में घुस कर देखते हैं तो सन्नाटा है.... तो किचन में जाकर पानी निकलकर पीने लगते हैं तभी उनकी नज़र उनके भैया भाभी के बहार कड़ी हुई उनकी बेटी पूर्वी पर पड़ती hai...or जब वो थोड़ा आगे बढ़कर उसकी हालत देखते हैं तो चौंक जाते hain...ki उनकी बेटी को ये क्या हो गया है.... पूर्वी की साड़ी और पेटीकोट कमर पर हैं नीचे से पूरी नंगी है पंतय साइड में करके अपनी छूट में उंगलिया कर रही hai...or उसके छुछियां ब्लाउज बहार हैं.... पहले तो उन्हें गुस्सा आता है की इसको क्या हो गया है जो इतनी बेशर्मी पर उतर आई hai...koi देख ले तो घर में दो जवान भाई भी hain...par फिर उनका ध्यान एक बात पर जाता है उनका लुंड पूरी तरह से टाइट खड़ा hai...wo थोड़ा झेंप जाते हैं के अपनी hi बेटी को देखकर उनका लुंड खड़ा हो रहा है... फिर वो ध्यान से देखते हैं पंतय में कैसे हुए उसके चूतड़ों को देखकर उनका लुंड और फूल जाता है और झटके मरने लगता है

पूर्वी की गांड hi कुछ ऐसी थी की मुर्दो का लुंड भी खड़ा करदे ये तो जीता जगता इंसान tha...Phoopaji का हाथ खुद hi लुंड के ऊपर चला जाता है... और उसे लुण्डि के ऊपर से मसलने लगते हैं जब मन नहीं मंटा तो लुंगी को सौदे करके अपना धरी वाला कच्चा नीचे खिसकते हैं और लुंड बहार निकल लेते hain...or अपनी बेटी की गांड को देखकर मुठियाने लगते हैं.. पूर्वी पूरी दुनिया से बेखबर अपनी आवाज़ को दबाये हुए कर्मा और तै जी की चुदाई देख रही थी और साथ hi खुद की छूट को उंगलिओ से सुख देने की कोशिश कर रही थी...
उधर फूपाजी के पेअर अपने आप hi धीरे धीरे आगे बढ़ने लगते हैं और वो अपनी बेटी के ठीक पीछे जाकर खड़े हो जाते hain...tabhi उनकी नज़र उस नज़ारे पर पड़ती है जिसे उनकी बेटी देखकर अपनी छूट को छोड़ रही थी अंदर कर्मा उनकी भाभी जी को घोड़ी बनाकर पीछे से छोड़ रहा tha....ye देखकर तो उनको झटका लगता hai...ke उनकी भाभी अपने बेटे की उम्र के जो की उनका भतीजा लगता है उससे अपनी छूट मरवा रही hai...unka बुरा हाल हो जाता है उनका मन ये सब रोकना भी चाहता था और लुंड को तो कुछ और hi मंज़ूर tha...unki एक नज़र अपनी भाभी के बड़े चूतड़ों पर पड़ती hai..or उनके दिमाग से सही गलत का सारा ज्ञान गायब हो जाता है... वो काबू में नहीं रहते और अपना हाथ पूर्वी की कमर पर रख देते है और उससे पीछे से चिपक के खड़े हो जाते हैं.... पूर्वी को जैसे hi ये एहसास होता है की किसी का हाथ उसकी कमर पर है वो फ़ौरन मुड़ती है और अपने पापा को देखकर बहुत दर जाती है... पूर्वी को जैसे सांप सूंघ जाता है जैसे काटो तो खून नहीं... पूर्वी के घूमने से उसकी बड़ी बड़ी छुछियां उसी पापा के सामने आ जाती हैं और उनकी नज़र उन पर टिक जाती है... इतनी बड़ी बड़ी और टाइट छुछियां वो भी खुद की बेटी की उन्हें देखकर फूपाजी का लुंड ठोकरे मरने लगता है और वो काबू खो देते hain...or जो हाथ पूर्वी की कमर पर थे अब वो उसके चूतड़ों पर पहुंच जाते हैं और वो अपनी बेटी के चूतड़ों को पकड़ कर मसल देते है...

पूर्वी अपने पापा के इस कदम से घबरा जाती hai...or तभी उसके पेट पर उसे कुछ चुभता हुआ लगता है तो वो नीचे देखती है के उसके पापा का लुंड उनके कच्चे से बहार है और उसके पेट पर टक्कर मार रहा है... वो ये देखकर बिलकुल hi सहम जाती है उसे समझ नहीं आता अब वो क्या kare...or एक बार लुंड की तरफ और देखती है और फिर नज़रें फिरने के चक्कर में घूम जाती hai...jo उसे बाद में फील होता है के एक और बड़ी गलती thi...uske पापा पीछे से उससे चिपक जाते हैं उनका लुंड उसकी गांड की दरार में घुस जाता है और उनके हाथ उसके छूछीयो की तरफ बाद जाते हैं.... पूर्वी बुरी तरह से गरम हो चुकी thi...phir भी उसके मन के एक छोटे से हिस्से में अब भी था के ये सब गलत हो रहा है और वो खुद को और पापा को रोकने की कोशिश कर रही thi....tabhi अंदर की आवाज़ से उनका ध्यान फिर से अंदर जाता hai....unhone देखा के कर्मा ने अपना लुंड तै की छूट से निकल लिए है और साइड हैट गया और तै उसे लुंड बापिस डालने को बोल रही हैं... तभी कोई और कर्मा की जगह आता है और अपना लुंड तै जी की छूट में घुसेड़ देता है.....
ये देखकर पूर्वी और पापा दोनों की आँखें फटी की फटी रह gayi...ke तै जी को सिर्फ कर्मा hi नहीं एक और कोई छोड़ रहा है और जब उन्हें ये नज़र आया ये कोई और नहीं बल्कि विनीत है तो उनकी तो जैसे आँखें hi जैम gayi...Poorvi का bhai...Phoopaji का बीटा उनकी भाभी ko...apani माँ जैसी ताई को छोड़ रहा tha...or कर्मा ने अपना लुंड तै जी के मुँह में दाल dia..wo एक साथ दो दो जवान लुंड को खुश कर रही thi...or अपने अंदर ले रही थी ये देखकर पूर्वी और फूपाजी के अंदर जो रहा सहा सही गलत का भाव था वो भी मिट गया और उसकी जगह हवस और उत्तेजना ने ले ली..... फूपाजी के हाथ पूर्वी के नंगे छूछीयो पर कास gaye...or पूर्वी ने भी अपनी गांड अपने पापा के लुंड से पूरी तरीके से चिपका दी और ऊपर नीचे करने लगी..

दोनों hi हवस और शरीर की प्यास में बिलकुल बेसुध हो चुके थे... पूर्वी अब बिना किसी विरोध के अपने पापा से अपनी छूछीयो को मसलवा रही थी और साथ hi अपनी गांड पर उनका लुंड महसूस कर रही thi...uska मुँह खुला हुआ tha....or मुँह से हलकी हलकी सिसकारियां निकल रही थी... उधर उनका ध्यान कमरे में हो रही रासलीला पर भी था अब देखा तो कर्मा लेता हुआ था और तै जी उसका लुंड गांड में लेकर उछाल रही थी और विनीत का लुंड उनके मुँह में था जिसे वो शिद्दत से चूस रही थी... फूपाजी ने आगे झुककर पूर्वी के एक चुके को अपने मुँह में ले लिए और चूसने लगे.. और जैसे hi उन्होंने चूसना शुरू किआ उनके मुँह में पूर्वी के निप्पल से उसका मीठा दूध आने laga...ye सोचकर उनका लुंड और टाइट हो गया पूर्वी की छूट भी इस ख्याल से बहने लगी के मैब आज अपना दूध अपने बाप को पीला रही hun...kya कभी कोई बेटी ऐसा करती hogi...or इसी उत्तेजना मैं उसका हाथ उसके बाप के लुंड पर चला गया और उसे पकड़ लिए... फूपाजी का लुंड कर्मा जैसा तो नहीं पर एक नार्मल लम्बाई वाला tha...bas अपनी लम्बाई के हिसाब से ज़्यादा मोटा था जो उसकी मुठी ने भर के आ रहा था... जब फूपाजी के लुंड पर उनकी बेटी के हाथ पड़े तो उन्हें एक बेहद सुखद अनुभव प्राप्त हुआ... मुँह में बेटी के निप्पल से बहता हुआ doodh...lund पर बेटी का हाथ इस अनुभव को पाते हुए उनका खुद का हाथ बेटी की छूट पर पहुंच गया और पापा का हाथ अपनी छूट पर महसूस होते hi पूर्वी ने अपना हाथ छूट से हटा लिए और अपनी छूट की ज़िम्मेदारी पापा के हाथ को दे दी....

बेटी की रास बहती छूट में हाथ लगते hi फूपाजी की कमर अपने आप झटके मरने लगी और वो पूर्वी के हाथ को hi छोड़ने लगे... पूर्वी के हाथो की पकड़ भी फूपाजी के लुंड पर थोड़ी टाइट हो गयी और इधर फूपाजी ने अपनी उंगली पूर्वी की छूट में ghusadi...andar ऐसा लगा जैसे गरम भट्टी में उन्होंने अपनी उंगली दाल दी हो...
पूर्वी पापा की उंगली छूट में घुसते hi सिसक पड़ी.... बेटी की आवाज़ को दबाने के लिए फूपाजी ने अपने होंठो को पूर्वी के होंठों पर रख diya...or अपनी बेटी के रसीले होंठों का रास पीने लगे इधर से पूर्वी भी अपने पापा का पूरा साथ दे रही thi...thodi देर बाद जब दोनों के होंठ अलग हुए तो कमरे के अंदर देखने के लिए फूपाजी फिर से पूर्वी के पीछे आ गए और एक हाथ से छूट में उंगली करने लगे तो वहीं दुसरे से छूछीयो को सहला रहे the...unka लुंड पूर्वी की दंड की दरार में पंतय के ऊपर से रगड़ रहा tha...kamre के अंदर का सन बहुत hi उत्तेजक tha...karma और विनीत अब एक साथ तै जी को छोड़ रहे the...karma का लुंड गांड में था तो वहीं विनीत का छूट में जैसे जैसे कमरे के अंदर चुदाई अपने चरम पर पहुंच रही थी... फूपाजी और पूर्वी भी उत्तेजना के समंदर में बहते जा रहे थे...
फूपाजी का लुंड पूर्वी की दरार में ऐसी ठोकरे मार रहा था मनो अभी पंतय को चीरकर छूट में समां jayega...unki उंगलियां भी पूर्वी की छूट में काफी तेज़ चल रही थी जिसका असर पूर्वी पर साफ़ दिख रहा था पूर्वी अपने होंठ काटते हुए खुद को चीखने से रोक रही थी और फिर अगले hi pal...wo एक हलकी आअह्ह्ह के साथ पापा की उँगलियों पर झड़ने लगी और उधर अपनी उँगलियों पर बेटी का रास का अनुभव होते hi फूपाजी भी खुद को न रोक पाए और बेटी की गांड को अपने रास से भीगने lage....poora गीला करने लगे.... दोनों थोड़ी देर बिना किसी हरकत के ऐसे hi खड़े रहे फिर जब साँसों की स्पीड नार्मल हुई तो फूपाजी बोले बेटी चल कमरे में चलते हैं... पूर्वी ने भी हाँ कर दिए....
फूपाजी- तेरी माँ कहाँ है?
पूर्वी- मेरे कमरे में सो रही है...
फूपाजी- तो चल मेरे कमरे में चलते हैं..
और उन दोनों ने थोड़ा बहुत अपने कपडे ठीक kiye...or जल्दी से कमरे की और निकल gaye....kamre में पहुँचते hi जल्दी से गेट बंद किआ or...phir से एक दुसरे से चिपकने लगे... पूर्वी बीएड पर जाकर बैठ गयी और फूपाजी भी उसके बगल में बैठ गए और पल्लू नीचे गिरा दिए... पूर्वी का ब्लाउज तो पहले से hi खुला हुआ था तो छुछियां बहार आ गयी और फूपाजी उनके साथ खेलने लगे...
यही वो पल था जब कर्मा ने इन्हे देखा tha....to आगे की कहानी हमारे चाहते कर्मा की ज़ुबानी....
मैं तो बस उन दोनों को देखे जा रहा था की कैसे बाप बेटी एक दुसरे के शरीर से मज़े ले रहे hain...phir फूपाजी ने पूर्वी दीदी के छूछे को मुँह में भर लिए और चूसने lage....or फिर उन्होंने थोड़ी देर चूसने के बाद अपना मुँह खोला और बहुत सारा वाइट वाइट कुछ दीदी के छूछे पर गिरा दिए जिससे उनका पूरा छूछा भीग गया और फिर वो उसे चाटने lage......main सोचने लगा की ये क्या चीज़ है और फिर जैसे hi मेरे दिमाग में ख्याल आया मुझे मेरा लुंड फूलता हुआ महसूस hua...wo पूर्वी दीदी का दूध है जो वो बच्ची को पिलाती हैं.... आआह्ह्ह्हह और आज अपने बाप को पीला रही हैं... परिवार की हवस का ये खेल देखकर मैं खुद को कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा tha..phir फूपाजी ने दुसरे छूछे के साथ भी ऐसा hi kia...phir उन्होंने पूर्वी दीदी का हाथ पकड़ा और अपनी लुंगी के बीच में लुंड पर रख दिए और पूर्वी दीदी उसे हिलने lagi....kuch देर बाद वो खड़े हुए और अपने कपडे निकलने लगे इधर पूर्वी दीदी ने भी अपनी साड़ी और पेटीकोट को नीचे खिसका दिए उनकी नंगी गांड देखकर तो मैं पागल hi हो गया क्या मस्त लग रही तह... ब्लाउज बिलकुल खुला हुआ साड़ी और पेटीकोट पंतय जांघो में फँसी हुई थी....

फिर उन्होंने अपना ब्लाउज और ब्रा पूरी तरह से अपने शरीर से अलग कर दिए और ऊपर से बिलकुल नंगी हो gayi....phir अपने पैरों को हिलाया तो साड़ी और पेटीकोट भी नीचे गिर gaya...or फिर उनकी पंतय जो के भीगी हुई थी... उसे हुई उन्होंने उतर दिए और बिक्कुल नंगी हो गयी अपने बाप के सामने.... फूपाजी भी पूरी तरह नंगे होगये और उनका लुंड अपनी बेटी के नंगे बदन को देख कर अकड़ रहा tha...wohin फूपाजी की आँखें पूर्वी दीदी के एक एक अंग को नंगा अपनी आँखों में उतर रहे the...phir वो बीएड पर जाकर नीचे की और पेअर करके बैठ gaye...or पूर्वी दीदी को पकड़ कर उन्हें अपने ऊपर झुकाया और किश करने लगे थोड़ी देर किश करने के बाद फूपाजी पीछे की और लेट gaye...idhar पूर्वी डीसी थोड़ा और झुक गयी और अपने पापा के लुंड को हाथ में ले lia...or हिलने लगी... उनके झुकने की वजह से उनकी गांड मेरी तरफ आ गयी और फिर वो थोड़ा और झुकी और झुक कर फूपाजी के लुंड के टोपे को चाट लिए फूपाजी तो जैसे जन्नत में the...idhar मेरी हालत ख़राब थी मैं सिर्फ देखना नहीं चाहता था कुछ करना चाहता था मेरे लुंड में भी दर्द हो रहा था उधर पूर्वी दीदी ने फूपाजी के लुंड को मुँह में भर लिए और चूसने लगी...

उनका सर मुझे फूपाजी के लुंड पर ऊपर नीचे होता हुआ दिख रहा था पहिए दीदी ने अपने पैरो को थोड़ा सीधा किआ और आराम से झुक कर लुंड चूसने लगी... पर उनके ऐसा करने से मेरी हालत और ख़राब होने lagi....kyunki अब मेरी आँखों के सामने पूर्वी दीदी की गांड थी...

उनकी choot...bhoori गांड का ched...mere लुंड में बड़ी ज़ोरो से दर्द होने laga...mujhse अब सिर्फ देखा नहीं जायेगा मैंने socha...phir उनकी गांड को देखा तो जैसे लुंड को उसका खाना दिख रहा था... फूपाजी अपनी आँखें बंद करके अपनी बेटी से लुंड चूसै का मज़ा ले रहे थे पूर्वी दीदी का पूरा ध्यान अपने पापा के लुंड पर tha.....mere कदम अपने आप उनकी तरफ बढ़ने लगे मैं बीएड के किनारे पूर्वी दीदी की गांड के पास जाकर खड़ा हो गया... मुझे कुछ सही गलत, ाचा बुरा, कुछ भी नहीं पता था मुझे तो बस अपने लुंड में होता हुआ दर्द दिख रहा था और पूर्वी दीदी की gand....lund ने एक और ठुमका मारा तो मैं जैसे हिम्मत से भर गया और बस एक लाइन दिमाग में आई जो होगा देखा jayega...phir तुरंत मैंने अपने हाथ पर थूका और उसे अपने लुंड के टोपे पर लगा लिए और अपने लुंड को थोड़ा चिकना कर लिए....
और फिर बिना किसी देरी के अपने लुंड को हाथ में पकड़ा और एक हाथ से जल्दी से पूर्वी दीदी की कमर और अपना लुंड उनकी छूट के मुँह पर रखा और धक्क्क मार दिए लुंड तीन इंच अंदर घुस गया.... पूर्वी दीदी का मुँह वहीं रुक गया उनकी चीख फूपाजी के लुंड की वजह से उनके मुँह में hi डाब गयी....

मुझे तो जैसे दर्द से रहत मिल गयी... पूर्वी दीदी की टाइट छूट के अंदर मेरे लुंड को जो गर्मी मिल रही थी मुझे बड़ा सुख दे रही thi...par तुरंत पूर्वी दीदी ने फूपाजी के लुंड को मुँह से निकला और आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह करती हुई पीछे मुड़ी और मुझे देखा तो चौंक gayi...maine उनकी कमर को दोनों हाथो से पकड़ लिए और एक और झटका मार दिए जिससे लुंड आधे से ज़्यादा अंदर चला गया.... पूर्वी दीदी के मुँह से बस aaahhhhhhhhhhhhhhh निकला उधर फूपाजी की भी आँखें आवाज़ और पूर्वी दीद के मुँह से लुंड निकलने की वजह से खुल gayi....unhone पूर्वी दीदी की आँखों में देखा तो आंसू थे फिर उन्होंने पीछे देखा उठकर उन्हें मैं दिखा और मुझे देखकर वो चौंक गए....
फूपाजी- कर्मा तू... तू... यहाँ...
उनके जवाब देने से पहले मैंने उनकी बेटी की छूट में लुंड का एक और झटका मारा और पूरा लुंड पूर्वी दीदी की छूट में घुस गया ....
पूर्वी- aaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaa....... कर्मा...
फूपाजी थोड़ी देर तो समझते hi रहे की ये हुआ क्या अभी फिर उनकी आँखों में गुस्सा आने लगा शायद उनकी जगह मैंने उनकी बेटी की छूट में मैंने लुंड घुसेड़ दिए इस वजह से या उनके सामने उनकी बेटी को छोड़रहा था इसलिए पर वो बहुत गुस्से में दिखे और गुस्से में बोले....
फूपाजी- कर्मा ये क्या hai...teri.....
वो इससे आगे कुछ बोल पाते इतने में पूर्वी दीदी बोल पड़ी...
पूर्वी- आह्ह्ह्हह कर्मा बता कर डालना चाहिए था na....dekh दर्द हुआ मुझे इतना बड़ा लुंड है तेरा ....
उनकी बात सुनकर मुझे हैरानी hui...or मुझसे भी कहीं ज़्यादा हैरानी मुझे फूपाजी के चेहरे पर दिखी...
फूपाजी- मेरे घर की साड़ी औरतें hi एक नंबर की रांड हैं....
पूर्वी दीदी ने इस बात पर कुछ नहीं कहा और मुझसे बोली..
पूर्वी- कर्मा थोड़ा आराम से कर न भाई....
मैं भी उनकी कमर पकड़ कर उन्हें हाकडे धक्को से छोड़ने लगा...
फूपाजी ने फिर कुछ न सोचते हुए कदम आगे बढ़ाये और तुरंत अपनी बेटी का मुँह पकड़कर अपना लुंड पूर्वी दीदी के मुँह में दाल dia....idhar में उनकी छूट को छोड़ रहा था और दूसरी तरफ से उनके पापा का लुंड उनके मुँह को छोड़ रहा था

मैंने ये देखकर अपने झटके तेज़ कर diye...or अब कसकर उनकी छूट का कचूमर बनाने laga...ek बच्चा होने जे बाद भी उनकी छूट बेहद टाइट थी और अंदर से भट्टी जैसी गरम थी... मुझे तो बहुत मज़ा मिल रहा tha...unki छूट में लुंड पेलने mein...maine साथ साथ उनके चूतड़ों को मसल रहा tha....idhar मेरी स्पीड बढ़ने से पूर्वी दीदी के चूसने की रफ़्तार भी बढ़ gayi...or वो फूपाजी के लुंड को बुरी तरीके से चूसने लगी... फूपाजी अब सारा गुस्सा भूल चुके थे और मज़े ले रहे the...mere हिप्स दीदी के चूतड़ों से टकरा क्र थप थप थप की आवाज़ कर रहे the...mera जोश भी अब बढ़ता जा रहा था उसके साथ साथ मेरे धक्को की स्पीड bhi....mera लुंड पूर्वी दीदी की छूट में बहुत तेज़ अंदर बहार हो रहा tha....or फिर वो मेरे लुंड लार झड़ने लगी . .. और अपनी बेटी का झड़ना फूपाजी भी बर्दाश्त नहीं कर paye...apani बेटी के मुँह में अपनी रास धार छोड़ने लगे... बेटी भी किसी आदर्श रैंड की तरह अपने पापा का सारा रास पि gayi...or एक बेटी का बाप का रास पीना देख कर मैं भी बहुत उत्तेजित हो गया और पूर्वी दीदी को बुरी तरीके से छोड़ने laga...mera लुंड एक मशीन की तरह से उनकी छूट से अंदर बहार हो raha....tha वो बस आहहहहहहहहह का एक रदम में बोले जा रही थी...
पूर्वी- आह्ह्ह्ह कृष्णा छोड़ भेनचोद फाड़ दे आअह्हह्ह्ह्ह अपनी बहिन की छूट...
पूर्वी दीदी छुड़ाते हुए बहुत गरम हो गयी थी जिससे मैं और फूपाजी दोनों hi हैरान थे...
पूर्वी- देखो न पापा कैसे छोड़ रहा है ....अह्ह्ह्ह कर्मा मेरी छूट ko....tumhari बेटी की छूट को... तुंहरे सामने छोड़ छोड़ कर चटनी बना रहा hai...aaaahhhh कर्मा वैसे hi छोड़ जैसे तै जी को छोड़ रहा tha.....aaahhh
मैं समझ गया की इन्होने hi देखा था मुझे और विनीत को चिड़ै करते huye...main और तेज़ छोड़ने लगा और फिर दो चार तेज़ झटके मार के पूर्वी दीदी की छूट में अपना रास उढेल dia....ek एक बाद एक बहुत सी धरें मैंने उनकी छूट में भर di....or फिर जब मेरा झड़ना बंद हुआ तो मैं थक कर उनके ऊपर hi बीएड पर लेट गया और वो भी बीएड पर पड़ी rahi...mera लुंड उनकी छूट में था फूपाजी हमारी तरफ hi देख रहे थी पर कुछ नहीं कहा और फिर वो भी लेट gaye...maine फिर अपने आप को पूर्वी दीदी की बॉडी से हटाया और साइड होकर लेता तो मेरी नज़र बाथरूम के दरवाज़े पर gayi...to वहां सावित्री बुआ और विनीत खड़े the...wo हमें देख कर थोड़े शॉकेड थे मैंने उनकी तरफ देखते हुए एक स्माइल करदी...
फिर इसके बाद क्या हुआ वो अगली अपडेट में आप सब प्लीज पढ़ते रहिये और कमैंट्स करते रहिये... शुक्रिया....
















































