Incest Katha Chodampur Ki - Page 6 - SexBaba
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Incest Katha Chodampur Ki

रिमझिम कहाँ है बीटा तू... और दीदी ने तुरंत अपना हाथ बसपिस खींच लिए और चिल्ला कर बोली..

रिम- आए मम्मी...

और फिर तुरंत अपने कपडे पहनने लगी...

मेरे मुँह से बस एक hi शब्द निकला... सत्यानाश...

दीदी अपनी ब्रा और ब्लाउज पहन कर चली gayi...or मैं खड़ा लुंड लिए हिये हाथ में बैठा रहा.... अब आगे..

अपडेट 32

मैं कुछ देर लेटने के बाद घर पर फ़ोन किआ तो माँ ने उठाया..

माँ- कैसा है मेरा बच्चा...

में- बस आपके इंतज़ार में हूँ माँ..

माँ- मुझे भी तेरी बहुत याद आ रही है...

में- माँ तो फिर जल्दी आ जाओ न...

माँ- आएंगे बीटा पर यहाँ भी पूरा घर है सँभालने के लिए...

में- हाँ माँ और सब कहाँ हैं?... पापा और अनुज...?

माँ- पापा तो बाघ में गए हैं और अनुज का पता नहीं शायद दोस्तों के साथ कहीं निकल गया होगा...

में- ाचा तो हम दोनों अकेले हैं बस घर mein....kash मैं अभी वहां होता...

माँ- हाँ काश होता beta...par तू क्यों चिंता करता है बस दो चार दिनों की बात है फिर तो यहीं होंगे हम सब

में- माँ तुम्हारे बारे में सोचते hi मुझे कुछ हो जाता है...

माँ- ाचा क्या हो जाता है मुझे भी तो बता..

में- अरे माँ वो मेरा वो टाइट हो जाता है...

माँ- क्या टाइट हो जाता है.. साफ़ साफ़ बोल...

में- वो अहह अरे वो मेरा लल ललललललंनंद...

माँ- बदमाश ऐसी बातें करता है माँ के sath...tu यहाँ आ तब बताउंगी तुझे और तेरे उस लुंड को...

में- पर माँ मेरी क्या गलती खड़ा तो लुंड होता है न....

माँ- तो उसे सजा मिलेगी...

में- कैसी सजा माँ..

Maa-tu आएगा तब पता चल jayega...jail में कैद करुँगी उसे...

Me-kaisi जेल

माँ- मेरी जेल.... ले अनुज भी आ gaya...chal बीटा तू अपना ख्याल रख....

मैंने शरारत करते हुए बोलै मुझे पता था माँ कुछ नहीं बोल पाएंगी अनुज सामने है...

में- और लुंड का ख्याल...

माँ- ाचा वो तो मैं रख लुंगी तू ज़्यादा बदमाश हो गया है...

तब तक बुआ मुझे बुलाने भी आ गयी खाने के liye...to मैंने माँ को बोलकर फ़ोन कट कर दिए...

बुआ- घर पर बात कर रहा था..

में- हाँ बुआ माँ से...

बुआ- ाचा कैसी हैं भाभी और सब कैसे हैं वहां पर..

में- अचे हैं sab...kyun पापा के लुंड की याद ा रही hai....he हे हे...

बुआ शर्मा गयी और बोली...

बुआ- नालायक है तू एक नंबर का चल नीचे चल...

में- चलो मेरी जान....

बुआ- कुछ प्लान है आज का रात में?

में- है न बहुत सिंपल

बुआ- क्या बता?

मैंने बुआ को समझाया और फिर हम खाना खाने ा गए हम सब खाना खा रहे थे रिमझिम बार बार मुझे देख रही थी और मुस्कुरा रही thi...main भी उसकी आँखों में देख कर मुस्कुरा देता... वो ऐसे बेहवे कर रही थी जैसे मेरी गफ हो.. मुझे भी ाचा लग रहा था...

सबने खाना खा लिए फिर कुछ देर ऐसे hi बातें करने के बाद सब अपने अपने रूम की तरफ जाने lage...jab रिमझिम ऊपर चली गयी और बड़े फूपाजी और बुआ जी उनके कमरे में चले गए तो मैंने विनीत और पूर्वी को बोलै फूपाजी के कमरे में चलने ko...undono ने मुझसे पुछा इस वक़्त तो माँ होंगी... मैंने बोलै वो किचन में हैं तुम चलो तो सही तो हम लोग बुआ फूपाजी के कमरे में पहुंचे... फूपाजी हमें देखकर थोड़ा चौंके क्या हुआ कोई परेशानी है क्या.?

में - नहीं फूपाजी सोचा आपसे मिल लें...

फूपाजी- अभी पता है न तेरी बुआ आने वाली है तो कुछ सोचना भी मत...

तभी गेट से बड़ी बुआ भी अंदर आ गयी...

फूपाजी- भाभी तुम भी इस वक़्त यहाँ...

बड़ी बुआ- मुझे तो शशि ने बोलै था के जेठजी के सोने के बाद मेरे कमरे में आ जाना...

में- मुझे भी तो बुआ ने hi बोलै था आने को...

फूपाजी- क्या बात हो सकती है? उसे कुछ पता तो नहीं चल गया....

में- वो तो बुआ के आने के बाअद hi पता चलेगा...

सब लोग टेंशन में बैठ gaye...or एक दुसरे की और देखने लगे... मैं मन hi मन मुस्कुरा रहा था...

फिर कर्म का गेट खुला और बुआ अंदर आई सब की नज़रें उन पर टिक gayi...bua भी बिलकुल सीरियस लग रही थी...

फूपाजी- शशि तूने इन सब को यहाँ पर क्यों बुलाया है...

बुआ ने कुछ जवाब नहीं दिए और पास आकर कड़ी हो gayi...logo की टेंशन और बढ़ गयी....

बुआ- तुम सब सोच रहे होंगे की मैंने यहाँ तुम्हे क्यों बुलाया hai...to पहली बात तो ये है की तुम लोगो के बीच क्या क्या होता है वो मुझे सब पता है...

सब ये सुनकर चौंक gaye..or एक दुसरे की तरफ तो कभी बुआ की तरफ देखने लगे...

फूपाजी- पपपता है? क्या पता है तुम किस बारे में बात कर रही हो...

बुआ- ज़्यादा छुपाने की अब ज़रुरत नहीं hai...tum सब की चुदाई के बारे में पता है...

बुआ के मुँह से चुदाई सुनके सब हक्के बक्के रह gaye...sabka बुरा हाल था...

बुआ- तुमने अपनी बेटी और भाभी को छोड़ा है... विनीत अपनी बहिन को और तै जी को छोड़ता hai..karma भी तुम दोनों को छोड़ता है...

सब बुरी तरह से दर गए थे पूर्वी दीदी की आँखों में तो आंसू आ गए the..sab परेशां थे...

बुआ- कर्मा ने मुझे सब बता दिया है...

सब मेरी तरफ सवाल भरी नज़रो से देखने लगे...

मुझे दुःख इस बात का है की तुमने किसी ने बजी एक बार भी मेरे बारे में नहीं सोचा...

बड़ी बुआ- शशि हमें माफ़ करदे ये सब तो बच्चे थे पर हम भी खुद को न रोक पाए...

फूपाजी- हाँ शशि माफ़ करदे और ये बस एक बार हुआ है और आगे से कभी ऐसा नहीं होगा...

बुआ- वाह जी वाह अकेले अकेले मज़े ले लिए और जब मुझे पता चला तो आगे से कभी नहीं होगा ये सही है...

फूपाजी- तुम कहना क्या छह रही हो...

में- ओफ्फो बुआ बहुत हो गया देखो सब बहुत परेशां हो गए हैं अब बंद भी करो...

सब मेरी तरफ हैरत से देखने लगे की ये हो क्या रहा है...

बुआ- तूने hi बोलै था ये सब करने के लिए मुझे मज़ा आने लगा फिर...

में- सब सुनो बात ये है की मैंने बुआ को हम लोगो के बारे में सब बता दिया है और बुआ को कोई ऐतराज़ नहीं है वो भी हमारे साथ शामिल होना चाहती hain...or चुदाई करना चाहती है...

सब एक साथ- क्या...

में- क्यों विनीत कैसा लगा मेरा मज़ाक..? और छोड़ेगा नहीं अपनी माँ को...

व्- भाई तू बहुत गन्दा है... डरा hi दिए तूने तो मुझे...( विनीत खुश होते हुए बोलै)

और बाकि सब की जान में भी जैसे जान आई....

में- फूपाजी तो आपको मंज़ूर होगा की आपकी बीवी आपके बेटे और मुझसे आपके सामने चुदाई करे...

फूपाजी- सच कहूं तो पहली बार से hi मुझे बस ये hi पछतावा था की मैं शशि के साथ धोखा कर रहा हूँ पर मुझे ाचा भी इतना लगा था के मैं रोकना भी नहीं चाहता tha...ab अगर शशि की हाँ है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है जब मैं अपनी बेटी को छोड़ सकता हूँ भाभी को छोड़ सकता हु. तो वो क्यों नहीं...

ये सुनकर सब खुश हो गए...

में- तो लग जाओ सब अपने अपने काम पर

मैं गया और पूर्वी दीदी को उठा कर उनके आंसू पोछने तो उन्होंने झूठे गुस्से से मुझे मारा और फिर अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख dia...hum दोनों एक दुसरे के होंठों को चूसने लगे...

उधर विनीत को तो कब से इस पल का इंतज़ार था वो अपनी मम्मी के पास जाकर उनके सामने खड़ा हो गया और उनकी होंठों को चूसने लगा बुआ भी अपने बेटे का पूरा साथ दे रही थी दोनों के होंठों के चूसने में एक दुसरे के शरीर की भूख साफ़ दिख रही थी...





माँ बेटे का ऐसा मिलान हमेशा से hi एक कामुक दृषिअ होता hai...wo दोनों तो जैसे एक दुसरे को खा जाना चाहते the...ek दुसरे को होंठों को चूसते तो कभी एक दुसरे के मुँह में जीभ डालकर चूसते... मैंने पूर्वी दीदी के होंठों को छोड़ा और दोनों माँ बेटे को देखा फिर मेरी नज़र फूपाजी पर पड़ी तो वो भी उनकी तरफ देख रहे the...shayad अपनी पत्नी और बेटे की चुदाई देखना एक बाप के लिए कितना अलग hi भाव होता होगा... मैं भी अपने बारे में सोचने लगा के क्या होगा अगर पापा मेरी और माँ की चुदाई देखें तो... क्या दृषिअ होगा wo...mera लुंड तो पहले से hi उफान पर था और ये सोचके और कड़क हो गया...

पूर्वी दीदी ने मेरा ध्यान बापिस लाया और मैं उनके पीछे से अपना लुंड उनके चूतड़ों पर घिसने लगा और उनकी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा diya...or हाथ कमर पर लेजाकर उनके चिकने पेट और कमर को मसलने लगा और साथ hi में उनके होंठो को चूसने लगा....





उनके मखमली पेट को हाथ लगा कर मेरा लुंड तो जैसे उनके पिछवाड़े में घुसने लगा... मैं उनकी और वो मेरे मुँह में जीभ डालकर चूसने लगी...

दूसरी तरफ बीएड पर देखा तो अब फूपाजी और बड़ी बुआ भी एक दुसरे को किश कर रहे थे देवर भाभी एक दुसरे के होंठों को चूसने में लगे हुए थे....

बीएड के पास hi विनीत और बुआ के मुँह अभी भी आपस में जुड़े हुए the...or विनीत का हाथ बुआ की कमर को मसल रहा था... वो पागलो की तरह एक दुसरे की जीभ चूस रहे थे तो कभी विनीत उनके पूरे चेहरे पर चूम रहा था तो कभी उनकी गर्दन पर और फिर बापिस होंठों पर... उसके हाथ बुआ के पेट के नंगे मॉस को मसल रहे थे...





माँ बेटे की रासलीला देख कर मैं भी उत्तेजित होता जा रहा था.. मैंने अपने हाथ पूर्वी दीदी के छूछीयो के ऊपर रख दिए और दबाने लगा...

पीछे हाथ ले जाकर मैंने अपने पाजामे को नीचे खिसका कर उतर दिया और अपने लुंड को आज़ाद कर दिया और उसे पूर्वी दीदी की गांड की दरार में फंसा दिया और घिसने लगा और सामने से पूर्वी दीदी के के ब्लाउज के हुक्स खोलने लगा...

उधर फूपाजी ने बड़ी बुआ को बीएड पर लिटा दिए था और उनके होंठो को तो कभी गर्दन को और फिर नीचे जाकर उनके पेट को मसलने लगे और चूमने चाटने lage...har चूमने के साथ बड़ी बुआ के मुँह से एक आअह्ह्ह निकल jati...or वो सिसकने लगती





देवर और भाभी वासना की भूख एक दुसरे के जिस्म से मिटा रहे थे, बड़ी बुआ बीएड पर कराह रही थी अपने हाथ इधर उधर चला रही thi...phir फूपाजी उनके पेट पर हाथ फिरते हुए उनके होंठो को चूसने चाटने lage...or ब्लाउज के ऊपर से hi उनकी छूछीयो को दबा रहे थे.....

मेरा ये देख कर बुरा हाल था मैंने पूर्वी दीदी की साड़ी को पकड़ा और उतार dia...or फिर पेटीकोट के नारे को पकड़ कर खींच कर उसे भी उनके जिस्म से अलग कर दिया अब मेरा लुंड उनकी गांड में पंतय के ऊपर से उनके चूतड़ों पर ठोकर मार रहा था और मेरे हाथ उनकी छूछीयो और पेट पर चल रहे थे और दीदी मेरे होंठों को चूस रही थी...

वहीं बीएड पर दूसरी और विनीत ने बुआ को अब बीएड पे लिटा लिए था और उनके होंठो और गर्दन को चूसते हुए उनके पेट पर हाथ फिरा रहा था...





विनीत ने पेट पर हाथ फिरते हुए अपना हाथ नीचे लेजाकर साड़ी के नीचे अंदर से घुसेड़ दिए और अपनी मम्मी की छूट पर अपनी उंगलियां ले gaya....apani छूट पर बेटे की उँगलियों के स्पर्श से hi बुआ की aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh निकल गयी और उनका जिस्म झटके खाने लगा और उनका मुँह खुला रह गया, वो अपने हाथ अपने बेटे के बालो में फिरते हुए उसे और उकसा रही थी... विनीत तो जैसे आज अपनी मुम्ममय को महा जाना चाहता था...

मैंने भी आगे बढ़ाते हुए अपने सरे कपडे उतर दिये और नंगा हो गया फिर मैंने पूर्वी दीदी को आगे झुकाया और बड़े आराम से उनकी पंतय को उनके बड़े बड़े चूतड़ों से नीचे kia...unki नंगी गांड मेरे सामने आ gayi...didi की गांड बेहद hi खूबसूरत और कामुक hai.....unki गांड का भूरा छेड़ उनकी रसीली छूट, उनके बड़े बड़े चूतड़ों को देखकर तो किसी का भी ईमान दोल जाये मैंने उनकी पंतय को उनके चूतड़ों के नीचे टिका दिए और उनकी जांघो को पकड़ के हिलने लगा तो दीदी के चूतड़ हिलने लगे उनकी गांड कभी खुलती तो कभी बंद होती ये नज़ारा देखकर तो मेरा लुंड लोहे का हो गया... दीदी की गांड का ये बेहद कामुक नाच देखकर मुर्दों में भी जान आ जाये





मैंने कुछ देर तक इस बेहद कुक और उत्तेजक नाच का मज़ा लिया उनकी गांड और छूट देखकर मेरा मुँह लार टपकने लगा ऐसा लग रहा था जैसे मैं कबसे प्यासा हूँ

मैंने अपना मुँह उनकी छूट पर रख दिया और उसे चाटने laga..unki छूट के जेके और रसीले होंठो को अपने होंठो में लेकर उनका रास पीने लगा... फिर मैनेअपनी जीभ से उनकी छूट से लेकर उनकी गांड के छेड़ तक चाटने लगा वो अपनी गांड को हिलाकर मुझे उकसा रही थी साथ में उनके मुँह से भी सिसकारियां निकल रही थी...

पूर्वी- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कर्मा मेरे भाई चाट मेरी छूट खा जा इसे आअह्ह्ह भाई आह्हः ऐसे hi...

मैं मममम करते हुए उनकी छूट और गांड चाटने में लगा हुआ था...

वहीं बीएड के दूसरी तरफ बड़ी बुआ का ब्लाउज उतर चूका था और फूपाजी उनके छूछीयो को ब्रा के ऊपर से hi चूस रहे थे और साथ में दबा रहे थे





बड़ी बुआ अपने देवर के सर को पकड़ कर अपने छूछीयो पर दबा रही थी जैसे बोल रही हो के खाजाओ inhe...phoopaji भी पूरी शिद्दत से उनकी छूछीयो पर लगे हुए the...sath में हाथो से उन्हें मसल भी रहे थे... बड़ी बुआ अपनी छाती बीएड से उठा उठा कर देवर के मुँह में अपनी बड़ी बड़ी छूछीयों को दे रही थी जैसे अपने देवर को दूध पीला कर ताकत देना छह रही थी.... फूपाजी साथ में अपने लुंड को कपड़ो के ऊपर से hi अपनी भाभी की छूट और जांघ पर घिस रहे थे...

वहीं बीएड की दूसरी तरफ बात काफी आगे बढ़ चुकी थी... विनीत और बुआ दोनों hi पूरी तरह से नंगे थे दोनों माँ बेटे एक दुसरे के सामने पूरी तरह से नंगे होकर अपनी रासलीला में व्यस्त the...Bua बीएड पर लेती थी और उनका बीटा उनकी पेट पर बैठा था और अपने लुंड को अपनी माँ की छूछीयो के बीच फंसा कर उन्हें छोड़ रहा था....





बुआ भी हर धक्के के साथ विनीत का हौंसला बढ़ा रही थी और उसे उकसा रही थी,...

बुआ- आह्ह्ह्हह बीटा छोड़ अपनी माँ की छूछीयो को आह्हः कितना मस्त लग रहा है तेरा lund...meri चूचियों के बीच आह्ह्ह्ह बीटा ऐसे hi ...

V-ohhh मा हॉँण्णन मस्त छुछियां हैं तुम्हारी कबसे मैं इनमे लुंड दाल के छोड़ना चाहता था आह्ह्हह्ह्ह्ह माँ...

दोनों माँ बेटे एक दुसरे को जिस्म का सुख देने में बेखबर होकर लगे हुए थे...

मैं और पूर्वी दीदी भी कुछ पीछे नहीं the...hum दोनों भी मादरजात नंगे थे और जो सुख मैंने पूर्वी दीदी को कुछ देर पहले दिया था उनकी छूट और गांड को चाटकर वहीं सुख दीदी अब मुझे दे रही थी...





मैं बीएड पर लेता हुआ था और दीदी मेरे ऊपर झुक कर मेरे लुंड को चूस रही thi...unke लुंड को चूसने का तरीका बेहद hi कामुक था वो पहले लुंड पर थूकती फिर मेरे टोपे पर अपनी जीभ से चाटने लगती और फिर मेरे पूरे लुंड को मुँह में भरकर choosti...aisi लुंड चूसै में मुझे परम आनंद मिल रहा था...

में- ाःह चूस रंडी ऐसे hi choos....kya मस्त चूसती है तू मेरी जान ....आअह्ह्ह्हह

दीदी बिना कुछ बोले बस चूसने में व्यस्त थी....

वहीं अब बीएड की दूसरी तरफ बड़ी बुआ और फूपाजी भी बिलकुल नंगे थे और फूपाजी बीएड के बलाल में खड़े थे और बड़ी बुआ बीएड पर बैठी थी और फूपाजी का लुंड उनकी भाभी के मुँह में था....





फूपाजी अपनी भाभी के बालो को पकड़ कर अपना लुंड उनके मुँह में अंदर बहार कर रहे the...unke झटके और रदम ऐसा hi था जैसे वो उनके मुँह को छोड़ रहे ho...badi बुआ अपनी आँखें बंद करके अपने देवर को अपना मुँह उसे करने दे रही thi...badi बुआ के बड़े छुछियां फूपाजी के झटको के साथ हिल रही थी.....

बीएड के लेफ्ट साइड में माँ बेटे ने भी काफी तरक्की कर ली thi...or बुआ अब अपने बेटे को को अपने मुँह का सुख प्रदान कर रही थी..





विनीत बीएड पर लेता था और बुआ उसके साइड में बेथ कर उसका लुंड चूसने में व्यस्त thi...bua के झुके होने से उनकी बड़ी गांड मेरी तरफ थी और जसे देखकर मुझे अपना लुंड पूर्वी दीदी से चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था... विनीत लेट कर अपनी कमर के झटको से अपना लुंड अपनी मुम्ममय के मुँह में अंदर बहार कर रहा tha...or कभी बुआ के पीछे हाथ लेजाकर उनके चूतड़ों को मसल रहा था...

इधर अब मुझसे और सहन नहीं हुआ तो मैंने पूर्वी दीदी को बीएड पर लिटाया और खुद उनकी टैंगो के बीच gaya....or अपने लुंड को पकड़ कर उनकी छूट पर घिसने लगा दीदी भी बहुत गरम हो गयी थी और अपनी गांड उठा कर मेरा लुंड छूट में लेने की कोशिश कर रही थी पर मैं उन्हें तड़पा रहा था...

पूर्वी- अह्हह्ह्ह्ह भेनचोद दाल दे न क्यों तड़पा रहा है.

में- और क्या दाल दूँ और कहाँ.. साफ़ साफ़ बोलो दीदी...

पूर्वी- आह्ह्ह्हह अपना लुंड अझह्म्म्म इस मूसल को दाल दे मेरी इस चुड़क्कड़ छूट में और छोड़ मुझे बहिन छोड़...

अपने माँ बाप के सामने गली देने से दीदी और भी उत्तेजित हो रही थी वहीं... उनके ऐसे बोलने से सब पर ऐसा hi असर हो रहा tha....bua ने अपने मुँह से विनीत का लुंड निकला और हमारी तरफ देखकर बोली...

बुआ- दाल दे अपना लुंड कर्मा मेरी रंडी बेटी की छूट mein....bahut प्यासी है इसकी छूट.. रंडी माँ की रंडी बेटी है ये...

फूपाजी-- आआह्ह्ह साली तुम तीनो hi रंडी हो...( बड़ी बुआ से) अह्हह्ह्ह्ह ऐसे hi चूसो रंडी bhabhi...daal दे कर्मा इसकी छूट में लुंड ...और मैंने भी देर न करते हुए अपना लुंड पकड़ा और उसे पूर्वी दीदी की छूट के मुँह पर लेकर तगड़ा झटका दिया और मेरा आधा लुंड उनकी छूट में चला गया...

पूर्वी- आअह्ह्ह सेल फाड़ दी मेरी choot...aahhh माँ देखो इसमें तुम्हारी प्यारी बेटी की छूट फाड् दी... इतना लम्बा लुंड एक hi बार में घुसेड़ दिए...

में- आह्हः रैंड बड़ा तरस रही थी न लुंड के लिए तो अब चुद

और मैं तगड़े धक्को से दीदी को छोड़ने लगा..





दीदी कोहनी पर उठकर मेरा लुंड उनकी छूट में जाते हुए देख रही thi...or आह्ह्ह्हह कर्मा ऐसे hi आअह्हह्ह्ह्ह छोड़ अपनी बहिन ko...aaahhhhhhh मम्मी...

मैं उनके उछलती छूछीयो को देखकर और उत्तेजित हो गया और तेज़ छोड़ने लगा... हमारी चुदाई से बड़ी तेज़ थप थप की आवाज़ें आ रही थी... पूर्वी दीदी की कासी हुई छूट में मेरे लुंड को एक गर्मी का एहसास मिल रहा tha...or पूर्वी दीदी भी बड़े मज़े से छुड़वा रही थी...

तभी एक आह्ह्ह्ह की आवाज़ से मेरा ध्यान राइट में गया तो देखा बड़ी बुआ घोड़ी बानी हुई हैं और फूपाजी ने अपना लुंड पीछे से उनकी छूट में दाल दिया... और फिर छोड़ रहे थे...





फूपाजी- आअह्ह्ह्ह भाभी क्या गरम है छूट है teri.....aaaahhh साली रैंड पहले पता होता तू इतनी प्यासी है तो कबसे तेरी प्यास बुझा देता... अह्हह्ह्ह्ह... ले अपनी छूट में...

बड़ी बुआ- हनन मार हमारी छूट आअह्ह्ह अपनी बिटिया बछ्ह और बीवी के सामने छोड़कर कैसा लग रहा है तुझे..

Phoopaji-isi बात से तो मैं और गरम हो रहा हूँ के मैं अपनी बीवी के सामने तुझे छोड़ रहा hun...l जहाँ वो मेरे बेटे से लहि हुई है मेरी बेटी अपने मां के लड़के से छुड़वा रही है कैसे उछाल उछाल कर लुंड ले रही हसि....

पूर्वी- हाँ पापा छोड़ दो तै जी की बड़ी छूट आअह्हह्ह्ह्ह फाड़ दो

और फूपाजी अपनी भाभी को बड़े बड़े झक्को से छोड़ने lage...idhar मैं भी पूर्वी दीदी को मसल मसल कर छोड़ रहा था...

तभी लेफ्ट से विनीत की आवाज़ आए...

व्- आह्ह्ह्ह मा इस पल का तो मैं कबसे इंतज़ार कर रहा था...

मैंने देखा की बुआ लेती हुई है और विनीत उनके पैरों के बीच है और अपना लुंड पकड़ कर अपनी माँ की छूट पर मार रहा है जैसे अंदर जाने से पहले गेट खटकता रहा हो..





बुआ का मुँह खुला हुआ था और साँसे तेज़ thi..apane बेटे के लुंड का पहली बार घुसने का इंतज़ार साफ़ साफ बुआ के चेहरे पर दिख रहा tha..is पल को देखने के लिए हम सब hi रुक गए the....mere धक्के भी पूर्वी दीदी की छूट में रुक गए थे और हम दोनों की नज़र उस कामुक दृषिअ पर thi...udhar बड़ी बुआ और फूपाजी भी अपनी चुदाई रोक कर उन्ही माँ बेटे की तरफ देख रहे थे....

पूर्वी- दाल दे मम्मी की छूट में अपना लुंड bhai....or भें छोड़ के साथ साथ मदर छोड़ भी बन ja....ahhh मम्मी..

बड़ी बुआ- हाआनंनं बछ्ह तूने अपनी बड़ी माँ को तो छोड़ लिए अब अपनी माँ को भी छोड़ उसे भी ये सुख दे...

में- दाल दे विनीत ये hi तू और बुआ न जाने कबसे चाहते थे... बनालो माँ बेटे का सबसे करीब और अलग रिश्ता...

फूपाजी- कल तक मुझे इस बात का कोई अंदाज़ा नहीं था की ये सब होगा पर जब आअज हो रहा है तो मैं भी यही चाहता हूँ की शशि तू ले ले अपने बेटे का लुंड अपने andar...sama ले उसे अपनी छूट mein...chod दे बीटा अपनी मुम्ममय को...

ये दृषिअ जितना उत्तेजक कामुक और गरम करने वाला तो था hi इसके साथ साथ कहीं न कहीं भावुक भी था इसलिए सबने अपनी अपनी सहमति माँ बेटे को दी....

एक माँ का बेटे से ऐसा मिलान सचमें माँ बेटे के रिश्ते को और भी मज़बूत करदेता है...

Bua-aaahhh बेटे अब और मत तड़पा और घुसा दे अपना लुंड अपनी माँ की छूट mein...bapis वहीं घुस जा जहाँ से तू निकला hai...aaaja मेरे बच्ची अह्ह्ह्हह्हह...

विनीत कुछ बोलने की हालत में नहीं था और उसने अपनी माँ की आंखों में देखते हुए एक धक्का मारा और उसका लुंड बुआ की छूट में घुस गया...

Bua-aaahhh मेरे लाल..... आह्ह्हह्ह्ह्ह पुरा दाल दे...

व्- आह्ह्ह्ह maaa...tumhari छूट कितनी गरम है...

हम सबने विनीत का लुंड बुआ की छूट में जाता हुआ देखा और सबके मुँह से एक अह्ह्ह जैसी निकक गयी फिर विनीत ने अपना लुंड बहार निकल कर एक धक्का और मारा और पूरा लुंड अपनी मुम्ममय की चुत में पेल दिया....

बुआ ने उसे आगे खींचकर उसके होंठों को चूम लिए और बोली- अब छोड़ अपनी माँ को beta...faad दे मेरी छूट अपने लुंड से...

विनीत ने अपनी माँ की बात मानकर धक्के लगाने शुरू किये..

V-hmmmm ले माँ अपने बेटे का लुंड अपनी छूट में आह्ह्ह्हह मम्मी कबसे तुझे छोड़ना चाहता tha...aahhhhhh..

उन दोनों के साथ साथ हम लोग भी बापिस अपनी चुदाई में जुट गए.... फूपाजी फिर से बड़ी बुआ को घोड़ी बनाकर छोड़ने lage....or मैं पूर्वी दीदी की छूट में लुंड पेलने लगा...

पूर्वी दीदी अपने भाई और माँ की चुदाई देख कर बहुत उत्तेजित हो गयी थी और यही हाल मेरा था मैं उन्हें बहुत तेज़ धक्को के साथ छोड़ने लगा मेरा लुंड उनकी छूट से मशीन की तरह अंदर बहार हो रहा tha...or फिर पूर्वी दीदी ने मुझे खुद से चिपका लिए और मेरे लुंड पर झड़ने लगी....

पूर्वी- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हजहहह maaaaaaaaaaa अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्हह ...

उनका झड़ना जब बंद हुआ तो उनकी पकड़ मुझसे कुछ ढीली हुई और वो फिर उठ कर बैठ गयी जिससे मेरा लुंड उनकी छूट से निकल गया और तुरंत उन्होंने उसे अपने मुँह में लिए और अपनी छूट का रास मेरे लुंड से चाटने lagi...phir एक मिनट तक लुंड चूसने के बाद घोड़ी बन गयी और बोली कर्मा दाल अपना लुंड मेरी गांड में...

मैं उनकी गांड का तो दीवाना था तो उन्हें कैसे मन कर सकता था मैंने उनके पीछे जाकर अपना लुंड पूर्वी दीदी की गांड के छेड़ पर रखा और धक्के से अंदर घुसा dia...lund दीदी की गांड को चीरता हुआ अंदर चला गया...





पूर्वी- आअह्ह्ह्ह भाई कितना बड़ा लुंड है रे तेरा हर बार गांड में दर्द होता है लेने में आअह्ह्ह्ह अब मार मेरी गांड अपने मुसल से....

में- मस्त गांड है दीदी तेरी... ऐसी तो रणदीव की भी न हो ाआहजहहह इतनी बड़ी और टाइट आह्ह्ह्हह्ह्ह्हजहह मज़ा आ रहा है मेरी रांड...

मैं और दीदी गांड चुदाई में व्यस्त हो गए... दीदी अपनी गांड पीछे करके मेरा लुंड लेने लगी गांड में...

हमसे थोड़ी दूर राइट में... बड़ी बुआ फूपाजी की तरफ पीठ करके उनके लुंड को अपनी छूट में लेकर उनके ऊपर बैठके उछाल रही थी...





फूपाजी भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर अपना लुंड बड़ी बुआ की छूट में पेल रहे the...bua हर झटके के साठः आअह्ह्ह आहहहहक कर रही थी और उनके उछलने की गति भी काफी तेज़ थी....

बड़ी bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह... भैया छोड़ो लल्ला आह्ह्ह्ह फाड़ दो अपनी भाभी की आह्हः...

Phoopaji-hmmm भाभी ऐसे hi उछलो मेरे लुंड पर अह्ह्ह...

बड़ी बुआ की बड़ी बड़ी छुछियां उनके उछलने से ऊपर नीचे हो रही थी....

मेरे लेफ्ट साइड में भी चुदाई का तूफ़ान पूरी तबाही मचा रहा था... विनीत अपना पूरा ज़ोर लगाकर बुआ को छोड़ रहा था...





बुआ की टाँगे बिलकुल फैली हुई थी और विनीत उनकी जाह्गो को पकड़ कर बहुत तगड़े धक्के अपनी माँ की छूट में लगा रहा tha...bua का मुँह फटा हुआ था वो बस विनीत की आँखों में देख कर उसके लुंड का प्रहार अपनी छूट में सह रही thi...dono hi काफी उत्तेजित थे और फिर ऐसे hi कुछ और तगड़े झटको के साथ विनीत अपनी माँ की छूट में झड़ने laga...apani माँ की छूट की गर्मी के आगे वो और न टिक सका और उसने अपनी मलाई की धार अपनी मुम्ममय की छूट में मर दी.... बुआ ने जैसे hi विनीत का का रास अपनी छूट में बहता हुआ महसूस किआ वो भी इस एहसास के आगे टिक नहीं पाई और झड़ने लगी दोनों माँ बेटे करीब करीब साथ hi झाड़ गए...

विनीत तो अपनी माँ के ऊपर गिर गया... बुआ ने उसके माथे को चूम लिए और दोनों एक दुसरे से चिपक कर लेते रहे.....

और हमारी चुदाई देखने लगे... मैंने पूर्वी दीदी की गांड मरते हुए अपनी दो उंगलियां उनकी छूट में घुसेड़ दी और उनके छूट के डेन को अपने अंगूठे से रगड़ने लगा....

तभी हमारे राइट में फूपाजी और बुआ जी भी एक साथ झड़ने लगे फूपाजी ने अपना रास अपनी भाभी की छूट में भर diya...or बड़ी बुआ उनके ऊपर से हटकर उनके साइड में लेट गयी और उनके लुंड चाटकर साफ किआ फिर दोनों आराम करने लगे......

इधर दोहरे मज़े से पूर्वी दीदी का बुरा हाल था गांड मैं मेरा लुंड सततत उनकी गांड मारे जा रहा tha...or वहीं मेरी उंगलियां उनकी छूट को मज़े दे रही thi...wo इस दोहरे हमले के आगे ज़्यादा देर नहीं टिक पाई और झड़ने लगी उनकी छूट से रास बहने लगा जो मेरी उंगलियों को भीगने lagaa...unki कमर झटके खाने लगी और फिर पूर्वी दीदी झटको के साथ आगे बीएड पर गिर गयी और मेरा लुंड उनकी गांड से पक्क से निकल गया पर जैसे hi उनका झड़ना ख़त्म हुआ वो तुरंत hi पलट कर मेरे सामने बैठ गयी और अपनी गांड के रास से भीगा हुआ मेरा लुंड चूसने लगी or...unhone अपने हाथो से मेरे चूतड़ों को पकड़ लिए और मेरा लुंड आधा मुँह में भर कर चूसने lagi...phir दीदी ने अपनी उंगली मेरी गांड की दरार में फिरै जो की मुझे उत्तेजित करने के लिए काफी थी और मैं भी अपने शिखर पर पहुंच गया और जैसे hi दीदी को लगा मैं झड़ने वाला हूँ वो अपनी जीभ निकल कर लुंड के सामने हो गयी और मेरे लुंड से निकलती धार से उनका चेहरा भीगने लगा...



कुछ रास उनकी जीभ पर गिरा जिसे वो पि गयी तो कुछ उनके चेहरे पर जब मेरा झड़ना बंद हुआ तो दीदी ने बापिस मेरा लुंड चूसा जैसे एक एक बूँद निचोड़ लेना चाहती हो और जब उन्हें यकीं हो गया के सब ख़त्म हो गया तो उन्होंने मेरा लुंड छोड़ दिए और मैं उनके बगल में बीएड पर लेट गया....

तभी बुआ ने दीदी को अपने पास bulaya...or दीदी अपनी माँ के पास गयी तो बुआ ने दीदी के चेहरे को अपने हाथो में पकड़ा और उनके होंठो चूसने लगी मेरा जो रास दीदी के होंठों और चेहरे पर लगा था बुआ ने वो सब चाट कर साफ़ कर diya...or सारा पि गयी फिर दीदी ने दोबारा से अपनी माँ के होंठों को अपने होंठों की कैद में ले लिए और चूसने lagi...sath hi वो एक दुसरे के छूछीयो को भी दबाने लगी....

माँ बेटी के ऐसे प्यार को देखकर हम मर्दो के लुंड फिर से सर उठाने लगे...

इसके बाद क्या हुआ वो सब अगली अपडेट में क्यूंकि अभी भी पूरी रात बाकि hai....aap लोग पढ़ते रहिये एन्जॉय करते रशिये और प्लीज कमैंट्स करके अपने विचार बताते रहिये... शुक्रिया
 
गाइस योर रेविएवस अरे नीडेड तो गाइड में अहेड... प्लीज फील फ्री तो गिव सुग्गेस्टियन्स
 
तभी बुआ ने दीदी को अपने पास bulaya...or दीदी अपनी माँ के पास गयी तो बुआ ने दीदी के चेहरे को अपने हाथो में पकड़ा और उनके होंठो चूसने लगी मेरा जो रास दीदी के होंठों और चेहरे पर लगा था बुआ ने वो सब चाट कर साफ़ कर diya...or सारा पि गयी फिर दीदी ने दोबारा से अपनी माँ के होंठों को अपने होंठों की कैद में ले लिए और चूसने lagi...sath hi वो एक दुसरे के छूछीयो को भी दबाने लगी....

माँ बेटी के ऐसे प्यार को देखकर हम मर्दो के लुंड फिर से सर उठाने lage...ab आगे...

अपडेट 32
हम सब लोग मिलकर दीदी और बुआ की रासलीला में खोये हुए the...mera हाथ अपने आप मेरे लुंड पर पहुंच गया tha...maa बेटी का इस तरह एक दुसरे को चूमना चेतना उतना hi कामुक होता है जितना की माँ बेटे के beech...tabhi बड़ी बुआ की आवाज़ से हम सब का ध्यान उनकी और गया..

बड़ी बुआ- बच्चा हुंका अब जाना padi...tere ताऊजी उठ जायेंगे तो बवाल कर देंगे...

और ये कहके वो अपने कपडे उठा कर पहनने लगी...

फूपाजी- हाँ भाभी भैया को शक हो जायेगा तुम जाओ..

में- हाँ हम लोग भी चलते हैं अपने अपने बिस्तर में...

व्- भाई पर अभी??

में- हाँ समझ रहा हूँ तू क्या छह रहा है... बिस्तर पर जाने का मतलब अपने अपने पार्टनर के साथ जाना है...

व्- तो क्या मैं माँ के साथ सो सकता हूँ आज रात

विनीत ने फूपाजी की तरफ देखते हुए poochha...bua के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और फूपाजी भी उसको देख कर हंस पड़े..

में- हाँ मुझे पता था तू ये hi बोलेगा हाँ तू बुआ के साथ सो सकता है पर मुझे नहीं लगता के तू पूरी रात सोयेगा bhi..na बुआ को सोने देगा...

पूर्वी- अच्छा तो फिर हम सब...

में- आप फूपाजी के साथ... अपने पापा को भी तो प्यार दो थोड़ा...

ये सुनकर वो शर्मा gayi...or अपना मुँह अपनी माँ की बड़ी छूछीयो में छुपा लिए...

में- बाप के सामने नंगी बैठी हो और शर्मा रही हो...

फूपाजी- और तू किसके साथ रहेगा हमारे या तेरी बुआ और विनीत के...?

में- नहीं आज आप लोग अकेले माँ बेटे, और बाप बेटी मज़े lo...mujhe कुछ अधूरा काम निपटना है...

फूपाजी- इस टाइम क्या काम?

बुआ- अरे जाने दो use...wo बोल रहा है तो..

और ये ककहकार बुआ ने मेरी आँखों में देखा और मुस्कुराने लगी जैसे सब समझ रही हो क मैं किस काम की बात कर रहा hun...tab तक बड़ी बुआ अपने कपडे पहन चुकी थी... और वो कमरे से निकल गयी फिर पूर्वी दीदी ने भी अपनी सारी ब्लाउज वगेरा पहना और फूपाजी ने अपनी लुंगी लपेटी और फिर दोनों पूर्वी दीदी वाले कमरे में चले गए और मैं बहार आ गया...

( अस 3रद पर्सन) तो आज की रात सोने के अलावा भी बहुत कुछ होने वाला था इस घर में हर कमरे की अलग कहानी होने वाली thi....ek कमरे में माँ beta...to एक कमरे में बाप और बेटी तो वहीं सबसे अलग क्या है कर्मा का वो अधूरा काम... तो ज़्यादा देर न करते हुए चलते हैं पूर्वी के कमरे की और झांककर देखते हैं क्या हो रहा है अंदर...

अंदर जाते hi उन्होंने गेट बंद कर दिए... पूर्वी ने जाकर बच्चे को देखा तो वो सो रहा था...

पूर्वी- ाचा है ये सो रहा hai...ise उठा कर पलने में सुला देती हूँ...

फूपाजी बीएड पर बैठ कर अपनी बेटी को ध्यान से देखने लगते hain...par जैसे hi पूर्वी बच्ची को उठती है वो जाग जाता hai...or रोने लगता है पूर्वी बापिस बीएड पर बैठ जाती है और अपने ब्लाउज के दो हुक खोलकर अपनी एक छुच्छी को बहार निकल कर बच्चे के मुँह में निप्पल को दाल देती है बछ्ह दूध पीने लगता है और रोना बंद हो जाता है... पुष्पेंद्र अपनी बेटी को दूध पिलाता देख कर उसके नंगे छूछे को देखकर उत्तेजित होने लगते हैं और उनका पहले से hi खड़ा लुंड और टाइट होने लगता है.... पूर्वी अपने पापा को उसकी तरफ ध्यान से देखते हुए पाती है तो पूछती है

पूर्वी- क्या हुआ पापा आप इतने चुप क्यों हैं..

(यहाँ में पुष्पेंदर को फूपाजी hi लिखूंगा)

फूपाजी- बेटी बस सोच रहा था की वक़्त कितनी जल्दी बीत जाता है ऐसा लगता है की कल की hi बात है जब तू पैदा हुई थी तो पहली बार जब तुझे गॉड में उठाया tha...main बहुत खुश था उस दिन.....

पूर्वी अपने. पापा की आँखों में प्यार भरी नज़रों से देखते हुए मुस्कुराने लगती है...

फूपाजी- मेरी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी ख़ुशी थी tu...mujhe आज भी याद है जब तेरी माँ तुझे दूध पिलाती थी तो मैं बड़े ध्यान से तुझे दूध पिटे हुए देखता tha...meri नज़रें हटती hi नहीं थी तुझसे और तेरे माँ की छूछीयो se...or आज देख तू मेरे सामने अपने बच्ची को दूध पीला रही है...

पूर्वी- पापा मैं कितनी भी बड़ी हो jaun..maa या दादी क्यों न बन जॉन आपके लिए मैं हमेशा वैसे hi रहूंगी.. मुझे भी याद है आप मुझे अपनी गोदी में बिठा कर खाना खिलते the...wo अब भी मेरे लिए बहुत अछि यादें हैं...

इस भावुक मौके पर भी फूपाजी का लुंड भी भावुक हो रहा था और तन ता जा रहा था उन्होंने उसे मसल दिए और फिर से उनकी नज़र बेटी के नंगे चुके पर टिक गयी... वो ऐसे देख रहे थे जैसे उन्होंने कभी उसे नंगा देखा hi न हो.....

फूपाजी अपनी नज़र बिना हटते हुए बोले- कितनी सुन्दर छुछियां हैं तेरी बेटी...

पूर्वी- हाँ बच्चा होने से बड़ी हो गयी हैं दूध भरा रहता हैं तो भरी रहती हैं...

फूपाजी- कितना भाग्य वाला है तेरा बच्चा जो तेरा स्वादिष्ट दूध पिता है...

पूर्वी- पापा आप चाहो तो आप भी भाग्यशाली हो सकते ho...aap बताओ आपको भी भूख लगी है...?

फूपाजी- हाँ बीटा तेरे दूध के लिए तो मैं कबसे प्यासा हूँ. मिटाएगी अपने पापा की प्यास...?

पूर्वी- हाँ पापा बिलकुल मैं आपकी हर प्यास को bujhaungi...apki बेटी आपको प्यासा नहीं रहने देगी...

फूपाजी- तो क्या मैं पीलू तेरा दूध ? अभी?

पूर्वी- हाँ पापा इधर आओ न मेरी गॉड में अपना सर रखो... फूपाजी एक सेकंड भी न लगते हुए बेटी की गॉड में सर रख देते हैं... पूर्वी अपने ब्लाउज के दो हुक और खोलती है और दूसरी छुच्छी को भी बहार निकल लेती है और अपने निप्पल को पकड़कर अपने पापा के होंठों पर लगा देती है जिसे तुरंत फूपाजी अपने मुँह में भर लेते हैं....

अपनी बेटी के निप्पल को मुँह में लेने के एहसास के साथ hi.. फूपाजी का लुंड तो जैसे लोहे का हो जाता hai....or वो अपनी बेटी के निप्पल को चूसने लगते hain....papa के मुँह में निप्पल जाते hi पूर्वी के शरीर में भी एक करंट सा दौड़ जाता है और उसकी छूट भी पानी पानी होने लगती है..... फूपाजी के चूसते hi पूर्वी के निप्पल से दूध उनके मुँह में आने लगता है जिसे वो बड़े चौ से गटकने लगते hain...or आँखें बंद करके उसका स्वाद लेने लगते हैं...

पूर्वी अपने छूछीयो पर देखती है एक छूछे पर उसकी खुद की संतान उसके शरीर का अंग और एक तरफ उसके पिता जिसके शरीर का हिस्सा वो खुद है जिसके बीज से वो खुद bani...ue दृषिअ जितना उसके लिए सुखद और सुकून देने वाला था उतना hi कामुक और उत्तेजक भी tha...jiski गवाही उसकी बहती हुई छूट दे रही thi....or उधर फूपाजी की लुंगी में बना तम्बू भी गवाह बन कर खड़ा था... उसका खुद का पिता उसके छूछे से उसके बच्चे के साथ दूध पि रहा था....

फूपाजी तो जैसे किसी अलग hi दुनिआ में थे और बस अपनी बेटी के छूछे को चूस रहे the...uske निप्पल से निकलता हुआ doodh...uski मिठास फूपाजी को अमृत जैसी लग रही थी...

पूर्वी ने देखा के बच्चा फिर से सो गया है..

पूर्वी- पापा बच्चा सो गया है एक मिनट रुको इसको पलने में सुला दूँ....

फूपाजी को तो जैसे वो एक मिनट भी बहुत ज़्यादा लग रहा था वो अपने मुँह से बेटी के निप्पल को निकलना hi नहीं चाहते the...phir नचाहते हुए भी उन्होंने अपना मुँह हटाया तो पूर्वी गई और बच्चे को पलने में lita...or बापिस जैसे hi बीएड पर आकर बैठी तो फूपाजी ने बापिस जल्दी से उसकी चुकी को मुँह में भर लिए और फिरसे दूध पीने लगे...





पूर्वी अपने पापा की उत्सुकता देख हंस पड़ी और प्यार से अपने पापा के बाल में हाथ फेरने lagi...jab एक छुच्छी से दूध आना बंद हो गया तो तुरंत फूपाजी ने दूसरी चुकी पर हमला बोल दिए और अब उसके मीठे दूध को पीने lage...beti के दूध के प्यासे पापा ने जल्दी hi अपनी बेटी की दूसरी चूची का दूध भी ख़तम कर दिए... पूर्वी पापा की आँखों में मुस्कुराते हुए बोली..

पूर्वी- क्या हुआ पापा दूध ख़त्म हो गया

फूपाजी- हाँ बेटी ख़त्म हो गया पर इससे स्वादिष्ट चीज़ मैंने आजतक नहीं चखी बेटी... आअह्ह्ह अमृत था ये तो...

पूर्वी- तो क्या आप मुझे अमृत नहीं चखाओगे पापा...

फूपाजी ने बेटी को बात को समझते हुए तुरंत अपने होंठों को बेटी के होंठों पर रख दिया और चूसने लगे... बेटी भी पापा का पूरा साथ दे रही thi...thodi देर बाद जब किश ख़त्म हुई तो दोनों हांफ रहे थे...

पूर्वी- अहह अह्ह्ह पापा अपने तो अपनी इच्छ्हा पूरी कर्ली मेरा दूध पीकर पर मेरी िछहहहआ का क्या??

फूपाजी- कैसी इच्छा बीटा तू बता तो सही ज़रूर पूरी करूँगा...

पूर्वी- मुझे भी पहले की तरह आपकी गॉड में बैठना...

फूपाजी- बस इतनी सी बात आजा मेरी gudiya...or ये कहकर तुरंत फूपाजी बैठ गए और पूर्वी को अपनी और खींच लिए... पूर्वी भी तुरंत अपने चूतड़ों को लेकर पापा की गॉड में बैठ गयी फूपाजी ने अपना लुंड उसकी गांड की दरार में एडजस्ट किआ और बिठा लिए अपनी बेटी को गॉड mein...lund को चूतड़ों को एहसास होते hi वो और फनफनाने लगा... वहीं अपने पापा का लुंड गांड पर महसूस करके पूर्वी की छूट में तो जैसे बाद आ रही हो..

फूपाजी ने अपनी बाहें दीदी के इर्द गिर्द कसली फिर बोले...

फूपाजी- अरे बीटा इसका क्या काम ब्लाउज को उतर देते हैं ये ठीक से मुझे तुम्हे प्यार नहीं करने दे रहा

और ये कहते हुए फूपाजी ने खुद hi पूर्वी के ब्लाउज के बचे हुए हूवोक्स को खोल कर ब्लाउज उतर दिए और उसके शरीर से अलग कर दिए.. फिर पीठ पर हाथ ले जा कर ब्रा खोलकर उसे भी अलग कर के बीएड पर फ़ेंक dia..ab पूर्वी अपने पापा की गॉड में ऊपर से नंगी होकर बैठी थी इधर फूपाजी अपने हाथ बेटी के दोनों नंगे छूछीयो पर जिन्हे अभी चूस चूस कर खली किआ था उन पर लेजाकर उन्हें मसलने लगे...





पूर्वी- अह्ह्ह्ह पापा हॉँण्णन ऐसे hi दबाओ अपनी बेटी की छुछियां अह्हह्ह्ह्ह पापा आपका लुंड मेरी गांड में चुभ रहा है....

फूपाजी- बहुत मस्त हैं बीटा तेरी ये बड़ी बड़ी छुछियां मन hi नहीं भरता इनको दबाने se....or जब बेटी की गांड और छूछे ऐसे होंगे तो लुंड तो चुभेगा hi न बीटा...

Poorvi-aaaahhhhhhhhhhhhhhhhhh पापा

फूपाजी अपने हाथो को बेटी के छूछीयो को मसलने का सुख दे रहे थी... वहीं पूर्वी अपने पापा से अपने नंगे छूछीयो को दबवाने पर उत्तेजित हो रही थी और अपनी गांड पापा के लुंड पर घिसने लगी...

फूपाजी. भी ये महसूस करके और उत्तेजित हो गए और बेटी के चूतड़ों में खुद भी नीचे से धक्के लगाने lage...sath में उसकी चूचियों को भी मरोड़ रहे थे..

फिर फूपाजी का लुंड ज़्यादा राइट हो गया और उन्हें दर्द का एहसास होने लगा तो बोले..

फूपाजी- बीटा एक मिनट अपने चूतड़ों को उठा और

जैसे hi दीदी ने अपने चूतड़ों को उठाया फूपाजी ने अपनी लुंगी हटा दी और नंगा लुंड बहार निकल लिए और वहीं दीदी से बोले

फूपाजी- बीटा तू भी ये साड़ी उतर दे बेकार में गर्मी में पहन राखी है और ये ककहकार उन्होंने खुद hi साड़ी का चोर पकड़ कर खींच दिए दीदी ने भी उनकी मदद की और साड़ी उतर दी और उसके बाद वही हॉल पेटीकोट का हुआ वो भी पूर्वी के जिस्म से जुड़ा हो गया..

अब पूर्वी सिर्फ एक पंतय में अपने पापा के नंगे लुंड के ऊपर बैठी thi..or अपनी गांड फिर से आगे पीछे करने लगी...





बेटी के बड़े बड़े चूतड़ों के बीच फूपाजी का लुंड मज़े से ऊपर नीचे हो रहा था...... पूर्वी को भी गांड पर पापा का नंगा लुंड महसूस हो रहा था और इसीलिए वो और कामुक तरीके से अपनी गांड को उनके लुंड पर घुमा रही thi...baap का लुंड बेटी की छूट और गांड के छेड़ से रगड़ खा कर फुंकार रहा था ...दोनों के बीच सिर्फ एक पंतय के पतले से कपडे की दूरी थी...

फूपाजी बेटी के बड़े चूतड़ों में लुंड दाल कर उनके चूतड़ों से अपने लुंड की मस्सगे करवा रहे the...sath में उसकी चूचियों को भी निचोड़ रहे थे...

Poorvi-aaaahhhhhhhhhhhhhhhhhmmmm पापा बहुत मज़ा ा रहा है आपकी गॉड में बैठकर पहले से भी ज़्यादा..

फूपाजी- मुझे तो अपनी गुड़िया रानी को गॉड में बिठाना हमेशा hi बहुत ाचा लगा है बेटी और आअज तो बहुत hi ाचा लग रहा है ऐसा लग रहा है वो दिन बापिस आ गए...

पूर्वी- देखिये न पापा आपके इस लुंड की वजह से आपकी गुड़िया रानी की छूट कितनी गीली हो गयी है...

फूपाजी- ये भी तो तेरे चूतड़ों में रगड़ रगड़ कर तुझसे प्यार करने को बोल रहा hai...ye चाहता है की तू इसे प्यार करे....

पूर्वी- और तुम क्या चाहते हो पापा?

फूपाजी- मैं भी चाहता हूँ की तू इसे प्यार करे...

पूर्वी- तो लाओ आज इसे मैं खूब सारा प्यार करुँगी

इतना कहकर पूर्वी घूम कर बैठ जाती है और अपने पापा के लुंड को हाथ में पकड़ लेती है.. और पापा की आँखों में देल्हते हुए अपना चेहरा नीचे लेजाकर उनके लुंड के टोपे पर जीभ फिरती है... फूपाजी तो सिहर जाते हैं उस एहसास से... फिर पूर्वी अपने पापा के लुंड को अपने मुँह में भर लेती है और चूसने लगती है...





पूर्वी अपने पापा का लुंड अपने मुँह के अंदर ज़्यादा से ज़्यादा लेकर चूसने लगती है और जब बहार निकलती है तो लुंड पूरा थूक से गीला होता है.. उसके सलीवा की एक डोर उसके होंठ को लुंड से जोड़ देती hai...or फिर दोबारा ये hi प्रक्रिया दोहराती है.... फूपाजी तो जैसे इस आनंद को पाकर जन्नत में थे अपनी बेटी से लुंड चुसवाना ालहिर कितने hi बाप के नसीब में होगा?...

फूपाजी- आह्ह्ह्ह गुड़िया रानी ऐसे hi चूसो पापा के लोल्लिपोप को..... बचपन में तेरे लाइट लोल्लिपोप लता था तो ऐसे hi प्यार से चूसती थी न. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

पूर्वी- ummmmmmhhaaaaaaaaaaaaahhhhhh mmmmmmmmmmmmm लपपपपपपपप

फूपाजी- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मेरी गुड़िया....

थोड़ी देर लुंड चूसने के बाद पूर्वी अपना मुँह हटती है लुंड से

पूर्वी- पापा मेरी छूट का कुछ करो न बहुत खुजली हो रही है...

फूपाजी- ाचा खुजली हो रही है गुड़िया की छूट परेशां कर रही है उसे अभी देखता हूँ रुक तू

और ये कहकर वो पूर्वी को बीएड पर लिटा देते हैं और उसकी छूट को देखते हैं पंतय पूरी तरह से गीली हो चुकी hai...wo झट से उसकी पंतय उतर देते है और अपनी बेटी की छूट को देखने लगते हैं और फिर चेहरा आहे बढाकर अपना मुँह बेटी की रसीली छूट पर टिका देते हैं और उसके होंठों को चूमने चाटने लगते हैं...





पूर्वी अपने पापा के होंठों को छूट पर पड़ते hi सिसकने लगती है...

पूर्वी- aaahhhhhhhhhh पापा अह्ह्ह हांण ऐसे hi chooso...chat लो सारा रास अपनी बेटी की छूट का बहुत पानी बहती है ये अह्ह्ह्ह

फूपाजी बस ममममम करते हुए चूसने में व्यस्त थे... पूर्वी उत्तेजित होकर अपनी बड़ी बड़ी छूछीयों को मसल रही थे... फूपाजी एक उंगली पूर्वी की छूट में घुसेड़ देते है और साथ hi अपनी जीभ से उसके छूट के डेन को. कुरेदने लगते हैं... पूर्वी का तो बुआ हाल है वो सर को इधर फेंकती है तो कभी अपने पापा के बाल पकड़ कर उनका चेहरा अपनी छूट में दबा देती है... फूपाजी अपनी उंगली निकलते हैं और अपनी जीभ नुकीली करके बेटी की छूट में अंदर बहार करने लगते हैं... पूर्वी की कमर तो जैसे झटके खाने लगती है और कुछ hi पालो में वो अपने पापा के मुँह में झड़ने लगती है... फूपाजी अपनी बेटी की छूट से निकले सरे रास को पी जाते हैं पूर्वी की सांसे बहुत तेज़ चलती hain...jab वो थोड़ा शांत होती है तो पापा से बोलती है...

पूर्वी- ाःभःछ पापा अब दाल दो न जल्दी से..

फूपाजी बेटी की बात सुनकर उठकर बैठ गए और अपना लुंड पकड़ा और पूर्वी की छूट पर लगा कर घिसने लगे...

पूर्वी- ओह्ह्ह पापा अब दाल भी दो अपना लुंड अपनी बेटी की छूट में अब और मत tadpao...aahhh जल्दी पापा..

फूपाजी- ले गुड़िया रानी मेरा लुंड तेरी प्यारी सी छूट में जाने को बेक़रार hai...ahhh

और फिर फूपाजी अपने लुंड के टोपे को बेटी मि छूट के द्वार पर टिकते हैं और एक धक्का लगते हैं जिससे उनका लुंड पूर्वी की छूट में घुसता चला जाता hai....lund के अंदर जाते hi बाप और बेटी दोनों की hi ाहजहह निकल जाती है... बेटी की गरम छूट में लुंड जाकर तो फूपाजी को जैसे जन्नत मिल जाती है वहीं उनकी गुड़िया रानी की छूट पापा के लुंड को कसके जकड लेती है ....फिर फूपाजी एक दो धक्के और मार कर अपना पूरा लुंड बेटी की छूट में घुसा देते हैं और पूर्वी की टंगे मोड़ कर कंधे तक कर देते हैं और दोनों बाप बेटी एक दुसरे की आँखों में देखते हैं साथ hi फूपाजी अपनी कमर को हिलना चालू करते हैं और सर झुककर बेटी के होंठों को चूसने लगते hain...hontho को चूसने के साथ वो लुंड के छूट में धक्के लगाने लगते हैं





पूर्वी अपने पापा के लुंड से छुड़वाने में बहुत उत्तेजित पर खुश thi...baap से अपनी छूट की चुदाई करवाना शायद hi हर बेटी के दिल का एक दवा हुआ ख्वाब होता होगा जो पूर्वी का आज पूरा हो रहा था... फूपाजी का लुंड पूर्वी की छूट की दीवारों को चीरता हुआ अंदर बहार हो रहा था...

फूपाजी बड़े ध्यान से बेटी के चेहरे को देख रहे the...jab उनका लुंड पूरा अंदर जाता तो पूर्वी का मुँह थोड़ा सा खुल जाता... फूपाजी अपनी बेटी के मासूम और खूबसूरत चेहरे के बदलते भावो को देखकर और उत्तेजित हो गए और फिर और तेज़ झटको से अपनी बेटी को छोड़ने लगे...

पूर्वी भी अपने पापा से छुड़वा कर बहुत उत्तेजित हो रही थी....

पूर्वी- आह्ह्ह्ह पापा छोड़ो अपनी बेटी को पहाड़ दो मेरी छूट ko...ahhhhhh पापा घुसेड़ दो अपना लुंड आह्हः मेरी छूट में.....

फूपाजी- अह्ह्ह्हह मेरी गुड़िया रानी क्या गरम भट्टी जैसी छूट है teri....aahhhhh मेरी बेटी ले अपने पापा का lund....aahhhh

और ये कहकर फूपाजी पूर्वी को बीएड के किनारे खिसका ले गए और खुद नीचे खड़े होकर और तगड़े झटको से बेटी की छूट में लुंड डालने लगे...





पूर्वी अपने हाथो से अपने पैरो को पकडे हुए थी जिससे उसकी गांड और छूट ऊपर की और उठी हुई थी और फूपाजी का लुंड और अंदर तक अपनी बेटी की छूट में जा रहा था...

पूर्वी- आह्ह्ह्ह पापा बहुत मज़ा ा रहा hai...ahhhh ऐसे hi बस ...

फूपाजी- ले मेरी गुड़िया रानी आह्ह्ह्हह्ह लेले अपनी छूट में अपने पापा का लुंड ाःह...

फिर थोड़ी देर बाद पूर्वी को टंगे उठाये हुए दर्द हो gaya...or उसने पापा को पोजीशन बदलने को बोलै...

फूपाजी बेटी की बात सुनकर खुद बीएड पर लेट गए और पूर्वी उनकी कमर के दोनों तरफ पेअर रखकर अपने पापा का लुंड पकड़ कर अपनी छूट पर टिकाया और फिर नीचे होती चली गयी और उसके पापा का लुंड उसकी छूट में घुसता चला गया... फिर फूपाजी ने उसकी कमाए पकड़ी और नीचे से अपना लुंड बेटी की छूट में पेलने लगे और बाप बेटी की चुदाई का खेल फिर से शुरू हो गया





पूर्वी फिर से आँखें बंद करके अपनी छूट चुदाई का पापा से मज़े लेने लगी... फूपाजी भी बेटी की छुछियां में मुँह दाल कर उसको गांड उठा उठा कर छोड़ने लगे... पूर्वी ज़्यादा गरम हो गयी थी और बोलने लगी..

पूर्वी- आहवः पापा आअह्ह्ह्हह छोड़ो अपनी रंडी बेटी को छोड़ छोड़ कर छूट पहाड़ दो. आअह्ह्ह्ह बेटीचोद छोड़.... आअह्ह्ह्ह

फूपाजी थोड़ा हैरान हुए बूत उन्हें भी अपनी बेटी की बातें सुनकर ाचा लगा

फूपाजी- साली रंडी है तू अपनी माँ की तरह आअह्ह्ह्हह मेरी बेटी मेरी रंडी गुड़िया rani....apane बाप से छुड़वा रही है... अपने बेटीचोद बाप से ाःह...

पूर्वी- आह्ह्ह्ह हैं मैं रंडी हूँ जो अपने बाप का लुंड छूट में लेकर उछाल रही hun...meri रंडी माँ भी अपने बेटे के लुंड पर उछाल रही होगी.. और इस तरह एक दुसरे की उत्तेजना को बढ़ा कर बाप बेटी और तेज़ी से एक दुसरे को छोड़ने लगे... और कुछ मिनट्स बाद hi दोनों साथ में hi अपने चरम पर पहुंच गए और फूपाजी ने अपने लुंड का रास अपनी बेटी की छूट में भर दिए और तब तक भरते रहे जब तक उनका लुंड बिलकुल खली होकर सिकुड़ नहीं गया.... पूर्वी भी पापा के लुंड पर झड़ती गयी उसने अपना मुँह अपने पापा की छाती में छुपा लिए और उनके ऊपर लेती रही ...कुछ देर बाद दोनों नार्मल हुए

पूर्वी- बहुत मज़ा आया papa...apane पापा से चुसवाने में...

फूपाजी- मुझे भी तेरी छूट दुनिआ की सबसे खूबसूरत छूट लगी beti...or ये कहकर दोनों एक दुसरे के होंठों को चूसने लगे... होंठों को चूस्त्व हुए फूपाजी ने अपना हाथ पूर्वी के चूतड़ों पर ले जाकर एक उंगली उसकी गांड में घुसेड़ दी पूर्वी थोड़ा सा कसमसाई और फिर नार्मल हो गयी फूपाजी उंगली को बेटी की गांड में अंदर बहार करने lage...thodi देर में दोनों ने एक दुसरे के होंठों को छोड़ा...

फूपाजी- बेटी मैं तेरी गांड मरना चाहता हूँ.... देगी अपने पापा को अपना लुंड तेरी गांड में डालने की इजाज़त...

पूर्वी- पापा मेरा पूरा जिस्म आपका है... दाल दो अपना लुंड अपनी गुड़िया रानी की गांड में और पहाड़ के रख दो...

फूपाजी- मेरे लुंड को खड़ा कर मेरी गुड़िया रानी... पूर्वी झट से उठी पापा के ऊपर से और उनका लुंड मुँह में भरकर चूसने lagi...or कुछ hi देर में बेटी के मुँह की गर्मी ने फूपाजी का लुंड खड़ा कर दिए और उन्होंने पूर्वी को घोड़ी बना दिए और उसके पीछे जाकर उसकी गांड के छेड़ पर अपना मुँह टिका दिए और जीभ से चाटने लगे...

पूर्वी- आह्ह्ह्ह पापा छतो अपनी बेटी का सबसे गन्दा छेड़ अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह...

फूपाजी ने उसकी गांड को फैलाया और अपनी जीभ डालकर उसे चाटने lage....phir सर उठाकर बोले...

फूपाजी- बेटी तेरे पास तेल है क्या..

पूर्वी- तेल तो पापा बच्चे की मालिश वाला है बीएड के बगल में रखा है....

फूपाजी ने झट से तेल उठाया और ढक्कन खोलकर बेटी की गांड पर ढेर सारा तेल दाल दिए...

पूर्वी- ये क्या कर रहे हो पापा...

फूपाजी- तेरी गांड बहुत मस्त है गुड़िया मैं तेल लगा कर अचे से मरना चाहता हूँ...

पूर्वी- जैसा आपका मन करे पापा अब मेरी गांड का छेड़ तुम्हारे लुंड के हवाले है..

फूपाजी ने उसके दोनों चूतड़ों को तेल से गीला कर दिया और अचे से रगड़ रगड़ कर मसलने लगा उसके बाद तेल को इकठा कर के गांड की दरार में डाला और गांड का छेड़ खोलकर खूब सारा तेल उसने दाल दिए और उंगलिया डालकर अंदर बहार करने लगे... पूर्वी बस आअह्ह्ह्हह करके सिसक रही थी फूपाजी फिर अपना लुंड उसके चूतड़ों और गांड की दरार में घिसने लगे

फूपाजी-

आअह्ह्ह बेटी बहुत मज़ा आ रहा है...

पूर्वी- पापा अंदर डालिये न अब मेरी गांड में खुजली हो रही है...

फिर फूपाजी ने घिसते घिसते hi लुंड को बेटी की गांड के छेड़ के ऊपर लाये और फिर एक झटके के साथ hi लुंड अंदर घुसेड़ दिए....

और दोनों hi बाप बेटी की आह निकल गयी...

पूर्वी- हैं पापा पूरा घुसेड़ दो अपना लुंड अपनी बेटी की गांड में मज़ा आ रहा hai...aahhh कैसा लग रहा है पहली बार बेटी की गांड मार्के..

फूपाजी- ओह्ह्ह मेरी गुडिअ रानी तेरी गांड में तो जन्नत है रे पहले क्यों नहीं मरवाई tune...aahhh क्या गांड है अह्ह्ह मक्खन के जैसी...

और फिर फूपाजी अपनी कमर आगे पीछे करके बेटी की गांड को मरने लगे...





अपने दोनों हाथो से बेटी के दोनों बड़े बड़े चूतड़ों को पकड़ कर फूपाजी अपना लुंड बेटी की गांड में अंदर बहार करने लगे और आह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर रहे थे...

पूर्वी अपना सर झुकाये अपने पापा को अपनी गांड का सुख दे रही thi...har धक्के के साथ फूपाजी अपनी गति बढ़ाते जा रहे थे और कुछ hi देर में वो बड़े तगड़े धक्को से पूर्वी की गांड मार रहे थे.. फिर उन दोनों ने पोजीशन बदली और फूपाजी बीएड पर लेट गए और पूर्वी ने उनकी तरफ पीठ करके फिर से उनका लुंड गांड में लेकर बैठ गयी... फूपाजी ने तेल की बोतल उठाई और खूब सारा तेल फिर से पूर्वी के चूतड़ों पर दाल दिया और नीचे से गांड उठा कर फिर से बेटी की गांड मरने लगे...

Poorvi-ahhhh पापा मज़ा आ रहा है ऐसे hi मारो बेटी की गांड अह्ह्ह

फूपाजी- बस ऐसे hi अपनी गांड हवा में उठा कर रख बीटा बस ऐसे hi अह्ह्ह...





हर धक्के के साथ पूर्वी के चूतड़ों में लहार आ जाती थी जिसे देखकर फूपाजी को बड़ा ाचा लग रहा था और वो सततत पूर्वी को पेल रहे थे... पूर्वी भी अपनी गांड को हवा में रखकर पापा का पूरा साथ दे रही thi...par ये पोजीशन थोड़ी उनकंफर्टबले थी तो पूर्वी ज़्यादा देर तक ऐसे न रह पाई और फिर पीछे होकर पापा के ऊपर गिर गयी...

फूपाजी ने पूर्वी को साइड में लिटा लिए और पीछे से उसकी गांड लटके मरने lage...is पोजीशन में दोनों को hi बहुत मज़ा ा रहा था और फूपाजी पूर्वी को कास के पकड़ कर खुद से चिपका कर छोड़ रहे थे...





पूर्वी- हनननननन पापा बस ऐसे uiiiiiiiiiiiiiiiiii

फूपाजी- उम्मम्मम उम्मन और फिर पूर्वी अपनी उँगलियों को आगे लेकर अपनी छूट में घुसाने लगी साथ hi फूपाजी उसकी गांड मरने में कोई कसार नहीं छोड़ रहे थे तो थोड़ी देर और सहने के बाद पूर्वी का हौसला टूट गया और वो झड़ने lagi...kamar एक के बाद एक कई झटके खाने लगी बेटी का झड़ना देख फूपाजी भी काफी उत्तेजित हो गए और तेज़ तेज़ बेटी की गांड मरने लगे और फिर पूर्वी को माँ की गुड़िया की तरह उठाया और बापिस घोड़ी बना दिए और लुंड गांड में घुसेड़ कर तुफामी झटके मरने लगे... फूपाजी भी अपने शिखर के करीब थे ये उनके धक्को से साफ़ ज़ाहिर हो रहा था और फिर अचानक से उन्होंने अपना लुंड बहार निकला और ब्वती के बड़े बड़े चूतड़ों पर पिचकारियां मरने लगे..





जैसे वो अपनी बेटी के चूतड़ों को अपने रास से भर देना चाहते हो... और अपना सारा रास पूर्वी की गांड पर उढेल दिए और पीछे लेट कर साँसे लेने लगे... पूर्वी ने भी पलट कर पापा के लुंड को झटसे मुँह में भर लिए जो की अभी उसकी गांड में था और उसे अपनी गांड के रास को चाट कर साफ़ किआ फिर अपने पापा के बगल में लेट gayi..or दोनों ने एक दुसरे को बाहों में भर लिए और एक दुसरे से चिपक कर सो गए...

दुसरे कमरों में क्या क्या रासलीला हुई वो सब अगली अपडेट में ....आप लोग पढ़ते रहिये एन्जॉय करते रहिये और कमैंट्स करते रहिये...
 
Thank-you आल एंड वर्किंग ों आईटी विल अपडेट सून...
 
और अपना सारा रास पूर्वी की गांड पर उढेल दिए और पीछे लेट कर साँसे लेने लगे... पूर्वी ने भी पलट कर पापा के लुंड को झटसे मुँह में भर लिए जो की अभी उसकी गांड में था और उसे अपनी गांड के रास को चाट कर साफ़ किआ फिर अपने पापा के बगल में लेट gayi..or दोनों ने एक दुसरे को बाहों में भर लिए और एक दुसरे से चिपक कर सो गए...

अपडेट 33

जहाँ एक तरफ बाप और बेटी चुदाई करके सो गए वहीँ घर के दुसरे कमरे में भी कुछ बहुत खास हुआ था तो चलिए देखते हैं..

सब के रूम से बहार निकलते hi विनीत ने कमरे का गेट बंद कर लिया अब वो और उसकी माँ एक बंद कमरे में नंगे the...or ये बात कितनी ख़ुशी की थी ये विनीत का अकड़ा हुआ लुंड साफ़ ज़ाहिर कर रहा था...

विनीत बीएड पर आकर अपनी माँ के पास बैठ gaya...uske सामने नंगी लेती उसकी माँ उसे किसी अप्सरा से काम नहीं लग रही थी..

व्- माँ तुम बहुत सुन्दर हो...

बुआ- नंगी माँ को देखकर तारीफ करता है बदमाश हो गया है तू...

व्- माँ सच बोल रहा हूँ तुम बहुत सुन्दर हो, और मैं बहुत लकी हूँ की तुम आज मेरे सामने नंगी हो हम दोनों बिना कपड़ो के एक साथ एक रूम में hain.....is पल का इंतज़ार तो न जाने कब से कर रहा था मैं...

बुआ- मैं भी बहुत खुश हूँ बीटा तेरा साथ पाकर ऐसी ख़ुशी किसी को नसीब होती है के वो अपने बेटे के सामने नंगी हो सके, उसको प्यार कर सके हर तरीके से सुख दे सके...

व्- काश हमने पहले ये सब कर लिए होता तो मुझे इतना तड़पना नहीं पड़ता.... बहुत तड़पा हूँ माँ तुम्हारे लिए...

बुआ ने विनीत को बुलाकर अपने गले से लगे लिए उनकी बड़ी बड़ी छुछियां विनीत के सीने में डाब गयी...

बुआ- मेरा बछ्ह मैंने तुझे तड़पाया है मुझे माफ़ कर दे मेरे लाल..

मैं पहले डर्टी थी इस समाज के नियम कानूनों से, सही गलत के भंवर में फांसी हुई थी...

व्- माँ ऐसे मत बोलो तुम्हे मुझसे माफ़ी नहीं मांगनी chahiye...ab बस मुझसे प्यार करो..

बुआ- हाँ बीटा अब ज़माने का नहीं सोचूंगी, जो हमारे लिए सही hoga...jisme मेरे बेटे को ख़ुशी मिलेगी अब वो hi करुँगी...

और ये कहकर बुआ विनीत के होंठों को चूसने लगती है... विनीत भी अपनी माँ का पूरा साथ देता hai.....phir बुआ विनीत के मुँह में अपनी जीभ दाल देती है जिसे विनीत बड़े स्वाद के साथ चूसता है और फिर विनीत बुआ के मुँह में अपनी जीभ घुसेड़ देता है जिसे बुआ चूसने लगती है... माँ बेटे को जीभ एक दुसरे के मुँह में कुश्ती कर रही थी तो वहीं उनके हाथ एक दुसरे के बदन को नाप रहे थे, विनीत अपने हाथ अपनी माँ के पीछे लेजाकर अपनी माँ के बड़े बड़े चूतड़ों को मसल रहा tha....itane मसल और बड़े माँ के चूतड़ों को दबाने में विनीत के हाथो को बहुत मज़ा ा रहा था, इतने मुलायम गद्देदार चूतड़ थे उसकी माँ के...

बुआ भी अपना एक हाथ विनीत की पीठ पर तो एक हाथ नीचे लेजाकर उसके ांडो को पकड़ कर सहला रही थी.. विनीत का लुंड बुआ के पेट पर टक्कर मार रहा था और बुआ ांडो को सहला कर उठा उठाकर देख रही थी जैसे नाप रही हो की इनमे कितना गदा रास भरा हुआ है जिसे वो अपने अंदर लेना चाहती थी... जब किश टूटी तो दोनों खुल कर एक दुसरे के शरीर को मसलने लगे...

व्- अह्हह्ह्ह्ह माँ ाचा लग रहा है...

Bua-mujhe भी बीटा दबा अपनी माँ के चूतड़ों को....

विनीत ने झुककर अपना मुँह अपनी माँ की एक छुच्छी पर रख लिए और चूसने laga...bua के मुँह से एक सिसकी निकल गयी..

और उन्होंने अपने हाथ से विनीत का सर अपनी छूछीयो पर दबा दिया...

बुआ- चूस मेरे लाल पि अपने माँ का दूध... बचपन में तूने इनसे दूध पिया है अब फिर से पीकर अपनी प्यास बुझा ले बेटे...

V-hmmmmmmm sluppppppppppppppppppppppppppppppp mhhhmmmmmmmmmmmmmmmmmmm

बुआ विनीत के ांडो को और रगड़ने लगी साथ में उसके लुंड को भी सहलाने लगी... विनीत की तो जैसे जान माँ की छूछीयो पर hi अटकी हुई थी, वो दोनों छूछीयो को चूसने में लगा हुआ था बदल बदल kar...uske हाथ अब भी चूतड़ों का रास निचोड़ने में लगे हुए थे.... तो कभी उंगलियां गांड की दरार में चली जाने की जुर्रत भी कर रही थी...

बुआ भी उसका हौसला बढ़ाये जा रही थी- आअह्हह्ह्ह्हह मेरे लाल पी ले मम्मी की छूछीयों जा सारा रास बहुत तड़पाया है न मैंने तुझे आह्ह्ह्ह पी ले मेरे राजा....

विनीत ने खूब जमकर अपनी मुम्ममय की छूछीयों को चूसा फिर थोड़ा नीचे आया और उनके गदराये पेट को चाटने लगा चूमने laga...poore पेट पर अपनी जीभ फिरा रहा था कोई जगह वो छोड़ना नहीं चाहता था फिर विनीत ने अपनी जीभ बुआ की नाभि में दाल di...or चूसने लगा... बुआ की सिसकिया निकलने lagi...wo आह्हः अह्ह्ह कर रही थी... विनीत अपनी मुम्ममय की नाभि में जीभ अंदर तक घुसा घुसा कर चाट रहा tha...or फिर थोड़ा और नीचे पेट को चाटता हुआ वो अपने जन्म द्वार के सामने ा गया.....

विनीत अपनी मुम्ममय की छूट को ध्यान से देख रहा tha...uske खुले हुए और मोठे होंठ उसके अंदर का लाल हिस्सा.. उसमे से बहता हुआ रास...

बुआ ने जब विनीत को अपनी छूट को घूरते हुए देखा तो बोली- बीटा ये hi है तेरा जन्म sthan...isi से तू निकला था कई साल पहले और आज वो hi तेरे सामने hai....dekh बीटा माँ की छूट को ध्यान से देख...

अपने बेटे द्वारा अपनी छूट देखे जाने पर बुआ भी उत्तेजित हो रही thi..or उत्तेजना में विनीत को उकसा रही थी...

विनीत तो मंत्र मुग्धा होकर बस अपनी मुम्ममय की छूट को निहार रहा था जैसे उसकी रूप रेखा को आँखों में बसा लेना चाहता ho....or जाने कब देखते hi देखते उसके होंठ अपने आप छूट पर जाकर टिक गए उसे भी पता न चला....

चुत पर बेटे के होंठों के टच होते hi बुआ के पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ gayi...or वो भर भरा के झड़ने lagi...unki छूट से रास की धार बहने लगी जिसे विनीत ने अपने मुँह में रास्ता दे दिए और सारा जातक गया और फिर से अपनी माँ की छूट चूसै में शिद्दत से लग gaya...kabhi छूट के होंठों को चूसता तो कभी पूरी छूट के ऊपर जीभ फिरता और फिर जीभ को छूट की गहराई में डुबो देता...



बुआ का तो मज़े से बुरा हाल tha...wo अपना सर इधर से उधर पटक रही थी तो कभी हाथ से बेटे का सर अपनी छूट में दबा deti...bete द्वारा छूट चाटने का सुख उन्हें वो सुख दे रहा था जिसकी उन्होंने शायद hi कभी कल्पना की हो...

बुआ- आअह्ह्ह आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह बछ्ह ऐसे hi चाट अपनी मुम्ममय की छूट ko...kha जा बीटा मेरी इस निगोड़ी छूट को आज 20 साल बाद फिर से तेरा मिलान हुआ hai...choos बीटा aahhhhhhhhhhhhh ऐसे hi अंदर दाल जीभ को आअह्ह्ह....

विनीत अपने माँ के कहे अनुसार जीभ को चाट रहा था बुआ से जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होंने विनीत का सर पकड़ कर ऊपर खींच कर उसके होंठों को चूसने लगी उसकी जीभ और होंठों पर लगे अपनी छूट के रास को चाटने लगी..

माँ बेटे की जीभ फिर से कुश्ती कर रही thi...vineet ने अपने लुंड को पकड़ा जो बेहद टाइट हो गया था और अपनी माँ को लिटा कर उनकी कमर पर आकर बैठ गया...

और अपने लुंड को अपनी माँ की दोनों छूछीयो के बीच फंसा dia....bua ने भी दोनों हाथो से अपने छूछीयो को पकड़ कर बेटे की मदद की और विनीत अपनी कमर हिला कर अपनी मुम्ममय के छूछीयो को छोड़ने लगा...





बुआ ने अपना मुँह खोल कर जीभ बहार निकल ली और जब बेटे का लुंड छूछीयो की घाटी से निकल कर बहार आता तो वो अपनी जीभ से उसको सहला deti...or जब लुंड बापिस जाता तो उसका इंतज़ार karti...dono माँ बेटे इस छूछीयो की चुदाई का आनंद ले रहे थे...

V-aahhhhh मम्मी बहुत मज़ा आ रहा है, तुम्हारी ये बड़ी बड़ी कोमल छूछीयो के बीच लुंड को बड़ा आराम मिल रहा है...

Mummmmmmmmmmmmmyyyyyyyyyyyyyyy कितनी कोमल और गरम हैं ये अह्ह्हम्म्म

बुआ ने जीभ अंदर करके बोलै- अह्ह्ह बहुत पसंद है न मेरे बछहहए तुझे मेरी चूचियां..... छोड़ इन्हे ऐसे hi छोड़ बच्ची अहभ ममममममहंमम

और बुआ फिर से जीभ निकल कर उसे चाटने लगी... mhhhmmmmmmmmmmmmmmmmmmm

व्- हाँ मम्मी मुझे तुम्हारी ये बड़ी बड़ी दूध की थैलियां बहुत पसन् hain....jab तुम साड़ी पहनकर घर में घूमती थी और ब्लाउज में से इन बड़ी बड़ी छूछीयो को देखता था तो मन करता था के ाभ्ही ब्लाउज फाड़ कर इन्हे नंगा कर दूँ और दोनों के बीच लुंड फंसा कर ज़ोर ज़ोर से छोडूं.... मेरा लुंड बिलकुल खड़ा हो जाता था......

विनीत तेज़ तेज़ झटको से मुम्ममय की छूछीयों को चोदे जा रहा tha...bua ने उसकी गति बढ़ता देखकर रोका और उसे बीएड पर लिटा दिए और खुद झुककर उसका लुंड मुँह में भर लिए और चूसने लगी...





बुआ बेटे के लुंड को ज़्यादा से ज़्यादा मुँह में लेकर चूस रही thi....or विनीत को अपने लुंड पर अपनी मुम्ममय के मुँह का एहसास बहुत ाचा लग रहा tha...or विनीत अपनी माँ के मुँह में लुंड देखकर बहुत उत्तेजित भी होता जा रहा था...

व्- हसनननन चूसो मेरा लुंड maa.....kya मस्त चूसती ho..chooso अपने बेटे का लुंड और अंदर तक लो aahhhhhhhhhhhhh ऐसे hi .....अब मेरे ाँद चूसो...

और बुआ ने झट से लुंड निकल कर बेटे के एक ाँद को मुँह में भर लिए और चूसने lagi....or हाथ से उसके लुंड को हिलने lagi....kabhi एक ाँद को मुँह में लेकर चूसती तो कभी दुसरे को....

व्- हाँ मुम्ममय ऐसे hi चूसो अपने बेटे की गोलिओ को जिसका रास तुम्हारे अंदर jayega...legi न अपने बेटे का रास अपने अपने अंदर...

बुआ- ह्म्म्मम्म ummmmmmhhaaaaaaaaaaaaahhhhhh sluppppppppppppppppppppppppppppppp

बुआ बेटे की गोलियां ऐसे चूस रही थी जैसे इन्ही से रास निकल कर पि जाएँगी... विनीत को जब लगा के अगर मुम्ममय ऐसे hi करती रही तो वो झाड़ जायेगा तो उसने बुआ को हटा दिया और बोलै मुम्ममय अब छोड़ने दो न....

बुआ ने उसकी गोलियां मुँह से निकली और अपने दोनों घुटने बेटे की कमर के दोनों तरफ किये और बेटे का लुंड पकड़ कर अपने छूट के होंठों पर लगाया और घिसने लगी...

व्- मुम्ममय घुसेड़ दो अब अपनी छूट में रहा नहीं जा रहा...

बुआ- आअह्ह्ह बछ्ह बहुत काम लोग होंगे ऐसे जिन्हे ये नसीब मिला होगा की उस छूट में अपना लुंड दाल कर छोड़ सकें जिससे वो निकले थे... आज तूने ये मौका पाया है और अबसे रोज़ मिलेगा...

व्- हॉँण्णन मुम्ममय न जाने कबसे मैं तुम्हारी छूट में लुंड घुसेड़ कर छोड़ना चाहता था और ये इच्छ्हा आज पूरी हुई है.... मुझे अपने अंदर समां लो अब..

बुआ ने भी और देरी नहीं की और लुंड को चुत के द्वार पर रोका और नीचे बैठने लगी





बुआ नीचे बैठते गयी और बेटे का लुंड उनकी छूट को चीरता हुआ अंदर घुसता चला गया...

व्- हॉँण्णन मुम्ममय क्या गरम छूट है tumhari...bhatti जैसी...

Bua-aaahhh ऊह्ह्ह्ह बेटे देख तेरा लुंड तेरी मुम्ममय की छूट में hai...jis छूट ने तुझे जनम दिए तू उसी में बापिस आ गया hai....mere लाल तेरा लुंड मेरी छूट में है तेरी माँ की छूट में...

बुआ इस समय की वास्तविकता को जानकर और उत्तेजित हो रही थी साथ में उनकी बातों से विनीत भी बहुत उत्तेजित होता जा रहा था...

बी

व्- हॉँण्णन मुम्ममय मैं अपनी माँ की छूट में hun...or अब उसे छोडूंगा और आज के बाद रोज़ मेरा लुंड तुम्हारी छूट में जाया करेगा...

और इन्ही बातों से उत्तेजित हो कर बुआ और तेज़ तेज़ अपने बेटे के लुंड पर कूदने लगी विनीत भी नीचे से गांड उठा कर अपनी माँ छोड़ने लगा...

Bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह बछ्ह भट ाचा अह्ह्ह ऐसे hi chod...mhmmmmm

व्- क्या ान्मम मस्त छूट है मुम्ममय माज़आआआ आ रहा hai.....hmmmmm.

थोड़ी देर तक छोड़ने के बाद बुआ लुंड को चुत में लिए हुए hi घूम गयी अब उनकी पीठ विनीत के चेहरे की तरफ थी और अपने हाथ पीछे टिका लिए जिससे वो थोड़ी ऊपर हो गयी और अब विनीत उनकी कमर पकड़ कर नीचे से उनकी छूट में धक्के लगाने लगा...





विनीत के झटके अब तूफानी हो चुके थे और वहीं बुआ की हालत भी इन झटको की वजह से काफी अछि नहीं thi...unke बेटे का लुंड उनकी छूट में तबाही मचा रहा था जिससे बुआ गरम होती जा रही थी...

बुआ- आअह्ह्ह आह्ह्ह्हह Ahhhhhhhhhhh हांमं आआअह्ह्ह छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ सेल मदरायःहःहः madarchod....ahhhh छहःछहूऊऊडड़ड़ अपणीइइइइइइ maaaaaaaaaaa को.... रंडी की औलाद.. भेनचोद बुझा दे अपनी रंडी मा की choooooooooot की प्यास आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.... बहुत रंडी haiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii तेरी मा

विनीत अपनी माँ के मुँह से गाली सुनकर हैरान भी हुआ और उत्तेजित भी तो वो भी माँ का साथ देने लगा....

व्- हॉँण्णन ले साली रंडी अपनी गरम छूट mein..le ले मेरा लुंड अपने भोसड़े mein....bahut खुजली है न तेरी छूट में जो सबसे चुदाई कराती फिरती है और आअज अपने बेटे से hi चुद रही hai....aaahhhhh रायणनंदददद..

बुआ- आअह्ह्ह आह्ह्ह्हह Ahhhhhhhhhhh हांमं हूँ मैं रंडी..... तेरे लुंड में दम हो तो बुझदे मेरी छूट की प्यास बनाले मुझे अपनी रांड छोड़ छोड़ के भड़वे की aulaad.......wo साला भादवा यहाँ अपनी बीवी की छूट को बेटे के हवाले कर खुद जा कर घुस गया अपनी रंडी बेटी की छूट mein....to मैं तो teraaaaaaaaaahhhhhhhhh लुँड्ड़डडडडडड लाऊंगी hi न मादरचोद....

उनकी चुदाई की गति बढ़ती hi जा रही थी दोनों hi माँ बेटे एक दुसरे को गलियां देकर उत्तेजित कर रहे थे...

बुआ बहुत उत्तेजित हो गयी और अपने बेटे के लुंड के प्रहार को और ज़्यादा न झेल सकीय और झड़ने lagi...unka झड़ना इतना ताकतवर था की उनकी पूरी बॉडी झटके खा रही thi....or जिसे देखते hi विनीत भी आप खो बैठा और उसके लुंड से एक के बाद एक लुंड से रास की धार उसकी मम्मी की छूट में गिरने लगी....

V-haannnnnn मुम्ममय ले ले मेरा रास अपनी choooooooooot में ahhhhhhhhhhhhhhhh mummmmmmmmmmmmmyyyyyyyyyyyyyyy

Bua-aaahhh हॉँण्णन हननननन हॉँण्णन बीटा.. vineeeeeeeeeeeeee

और दोनों ऐसे hi बीएड पर पीछे गिर गए....

बुआ विनीत के ऊपर लेती हुई थी दोनों की साँसे ट्रैन के इंजन की तरह तेज़ तेज़ चल रही थी और जब थोड़ा नार्मल हुए तो एक दुसरे को बाहों में भर कर लेट गए.. बुआ का सर विनीत की छाती पर था और विनीत का हाथ बुआ की कमर पर...

व्- मुम्ममय बहुत मज़ाआ आया.

बुआ- बीटा माँ छोड़ने का मज़ा hi अलग होता है. और ये कहकर हंस गयी विनीत भी माँ की बात सुनकर हंसने लगा....

व्- मुम्ममय मुझे तुमसे कुछ पूछना है..

बुआ- हैं बीटा मुझे पता है तेरे मन में कई सवाल होंगे तू पूछ मैं तेरे सरे सवालों का जवाब दूंगी.....

व्- तुम्हे मुझसे चुद कर कैसा लगता है?

बुआ- बीटा अपनी माँ को अब तक तू इतना तो जान गया होगा की मैं बहुत hi छुडासी औरत हूँ... और इसे कहने मैं मुझे बिलकुल शर्म नहीं aati...or जब चुदाई ऐसे किसी के साथ हो जिसे ये समाज गलत मंटा है तो चुदाई का मज़ा अपने आप hi कई गुना बढ़ जाता है... और दुनिया का सबसे गहरा रिश्ता होता है माँ बेटे का और जब एक औरत अपने बेटे से चुदती है तो वो अपने बेटे के इतने करीब पहुंच जाती है की कोई उतना नहीं जा sakta....bete के साथ चुदाई करना ये सोचकर hi एक बिजली सी दौड़ जाती है तो तू खुद सोच सकता है की छुड़वाने में क्या आनंद मिलता होगा....

विनीत ने ये सुनकर अपनी मुम्ममय के होंठों को चूम लिए....

व्- ओह्ह्ह्ह mummmmmmmmmmmmmyyyyyyyyyyyyyyy muuuuuhhhhhhmmmmm..tum कितने अचे से समझती हो...

अघा मुम्ममय तुम मेरे, पापा के और कर्मा के अलावा और किसी से वो अपनी...

बुआ- चुदाई कराइ है यही न?

व्- हॉँण्णन...

बुआ- इसके अलावा तेरे मां ने छोड़ा है मुझे..

विनीत चौंकाते हुए...

व्- छोटे मां ने?

Bua-haan.....beta कर्मा और उसके बाप दोनों छोड़ चुके हैं मुझे....

विनीत का लुंड ये सुनकर टाइट होने लगा की उसकी माँ अपने सेज भाई से चूड़ी है...

व्- ओह्ह्ह्ह मुम्ममय कब कैसे कहाँ ये सब...

बुआ हँसते हुए- शांत हो जा सब बताती हूँ तुझे अब तुझसे कुछ भी छिपाने का कोई कारन नहीं है...

व्- हैं मुम्ममय बताओ न प्लीज...

बुआ- तो सुन, और फिर बुआ ने विनीत को उनकी और उनके भाई के बीच हुई चुदाई की कहानी शुरू से लेकर अंत तक बतादि....

जिसे सुनकर विनीत का लुंड फिर से खड़ा हो गया...

व्- वाह मुम्ममय तुम और मां तो छिपे रुस्तम निकले.... मुझे तो लगा था की मैंने hi अपनी बहन को छोड़ा है आप और मां तो मेरे जनम से छोड़ रहे हो... पर क्या ये बात पापा को पता है...

बुआ- नहीं तेरे अलावा कर्मा को पता hai...par अब तेरे पापा को भी खुद hi बता दूंगी उनका जानने का हक़ है...

व्- हाँ मुझे नहीं लगता की पापा को अब कोई ऐतराज़ होगा इस बात से....

Bua-hona तो नहीं chahiye...tera ये हथियार फिर से कैसे टाइट हो गया...

बुआ ने बेटे के लुंड को हाथ में ले लिए...

व्- वो आपकी चुदाई की दास्ताँ सुनकर... कोई और ऐसा है जो तुम्हे लगता है तुम्हे छोड़ना चाहता है...

बुआ- बहुत हैं बेटे गाओं में हर मर्द ऐसे hi देखता है जैसे अभी नंगी करके यहीं सड़क पर hi छोड़ देगा...

व्- मेरी मम्मी चीज़ hi मस्त है...

बुआ- मुम्ममय को चीज़ बोलता है बदमाश... और घर में तो तेरे ताऊ जी...

व्- क्या तुम्हे पता है मम्मी की वो तुम्हे?

बुआ- हाँ beta....aurat जान लेती है नज़र देखकर की कौन उसके लिए क्या विचार रखता है...

व्- तो फिर क्या तुम उन्हें अपने साथ करने डौगी.... चुदाई...

बुआ- पता नहीं बीटा अभी कुछ सोचा नहीं hai...par जिस हिसाब से घर के हालात हैं ये जल्दी भी हो सकता hai...tujhe कैसा लगेगा अगर तेरे ताऊजी तेरी मुम्ममय को छोड़ेंगे तो....

व्- मेरा तो ये सोचकर hi लुंड खड़ा हो जाता है की तुम्हे कोई छोड़ रहा hai...mera बड़ा मन होता है की तुम्हे चुड़ते हुए देखूं... तो मुझे तो ाचा hi लगेगा और जब मन नहीं मानेगा तो मैं भी उनके साथ मिलकर तुम्हे छोडूंगा...

बुआ- अपनी माँ को दूसरो से चुड़ते देखने में तुझे मज़ा आता है ....बड़ा छोड़ू है रे तू...

व्- मैं छोड़ू हूँ तो तुम्हारी चुत क्यों बाह रही है...

ये कहके विनीत ने एक उंगली. बुआ की छूट में डालदी ....

बुआ- लुंड तो तेरा भी खम्बे की तरह खड़ा है... अपनी मुम्ममय को छुड़ाने की सोचकर...

व्- तो देख क्या रही है साली रंडी चूस इसे मुँह में लेकर.....

बुआ को गालिया देकर चुदाई करने में मज़ा आता था तो वो ये सुनकर खुश हो गयी और झट से बेटे का लुंड मुँह में ले लिए ... विनीत ने बुआ की गांड को अपने मुँह की तरफ घुमा लिए और वो दोनों 69 में आ गए बुआ बेटे का लुंड चूस रही थी और विनीत अपनी माँ की छूट चाटने laga.....or साथ में अपनी गर्दन उठा कर गांड के छेड़ को भी चाट रहा था ...फिर थोड़ी देर बाद बुआ के दोनों चूतड़ों को फैला कर अपनी जीभ को नुकीला कर के बुआ की गांड के छहद में डालने laga...bua को और उत्तेजित हो गयी और ज़ोरो से बेटे का लुंड चूसने लगी... थोड़ी देर बाद विनीत ने बुआ को अपने ऊपर से हटा दिए और घोड़ी बना दिए और बोलै...

व्- मुम्ममय मुझे तुंहारी गांड मारनी है...

बुआ- तेरे लिए तो सब खुला है बीटा कहीं भी daalde....marle अपनी रंडी माँ की gand....ghused दे अपना लुंड..

व्- ओह्ह्ह मेरी रंडी मुम्ममय तू कितनी अच्छी है अपने बेटे को गांड भी देगी...

Bua--haan तुझे किसी भी चीज़ के लिए मन नहीं मेरे laal...le ले अपनी माँ की गांड...

और विनीत ने अपना लुंड बुआ की गाब्द के छहद पर रखा जो विनीत के चाटने से पहले से hi गीला था और एक धक्का लगा दिए.... विनीत का तीन इंच लुंड उसकी मम्मी की गांड में घुस गया.....

बुआ- aaahhhhhhhhhhhhhhhhh मेरे लाल...

व्- कितनी मस्त और chikniiiiiiiiiiiiiiiiiiii गांड है Ahhhhhhhhhhh मुम्ममय

और फिर विनीत धक्के लगा कर अपनी माँ की गांड मरने लगा...





बुआ की गांड में आराम से विनीत का लुंड अंदर बहार हो रहा था....

बुआ- आअह्ह्ह आह्ह्ह्हह बीटा मार अपनी माँ की gand...gand को शरीर का सबसे गन्दा छहद मन जाता है और आज तू अपनी माँ के उस छहद में लुंड दाल कर उसे छोड़ रहा hai...main तो रंडी बन गयी रे...

व्- mummmy.....apani मुम्ममय कीइइइइइइइ गांड मारना दुनिआ का सबसे मज़ेदार काम hai...aaahhhhhh क्या मज़ा आ रहा है तुम्हारी गांड में मा.....

बुआ- तो मार न बेटे और तेज़ maar....faad दे तेरी मम्मी की गांड को.... aaaaaaaaaaaaajhhhhhhhhh..

व्- साली रंडी मेरा तो सपना था ye....saree में अपने बड़े बड़े चूतड़ों को हिलाकर जब घर में काम करती थी न तो मन करता था अभी तेरी साड़ी उठा कर तेरी गांड में लुंड घुसा dun...kitni मुठी मरी है तेरी गांड को याद कर करके साली kutiya...ab तुझे कुटिया बना कर तेरी गांड मार रहा हूँ..

बुआ- तो ताभ्ही दाल देता न भड़वे अपना लुंड मेरी गांड में और जी भर के marta....meri गांड भी तो हमेशः खुजलाती रहती hai....ek बार लुंड घुस जाता तो कभी मन नहीं करती तुझे...

व्- अब साडी कसार निकल लूंगा रंडी mummmy.....roz तेरी गांड marunga.......ek भी दिन बिना लुंड गांड में घुसे नहीं जाने दूंगा...

बुआ- हमेशा घुसाए रखना मैं नहीं रोकूंगी...

ऐसी बातें करते हुए विनीत बुआ की गांड तेज़ तेज़ मरने लगा थोड़ी देर बाद बुआ के पेअर थकने लगे तो दोनों ने पोजीशन बदली और अब बुआ लेती थी उनके पेअर मोड़ कर विनीत ने उनके कंधे से लगा दिए और फिरसे लुंड गांड में दाल दिया...





और फिरसे. गांड मरने और मरने का खेल ज़ोरो शोरो से चलने लगे....

Bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह बछ्ह ऐसे hi maaaaaaaaaaarrrrrr मेरिइइइ गानंदददद....

व्- हाँ मेरी रैंड ऐसे hi मरूंगा teri....aaahhhhh क्या मा है मेरी........

बुआ- रंडी मा. है तेरी beta....jo सबसे चुदती है और चुदवाती रहेगी... अपने भाई से, भतीजे से और अपने बेटे se....or फिर भी छूट में खुजली होती रहती hai....teri माँ की..

व्- अब मैं हूँ न मेरी रंडी mummmy....jab भी खुजली होगी लुंड दाल दिया करूँगा तेरी छूट और गांड में.....

बुआ- betaaaaaaaaaaaaaaaA आआअह्ह्ह्हह maaaaarrrrrrrrrr...

उनकी रफ़्तार अब काफी तेज़ हो गयी थी और दोनों एक दुसरे को उकसाते हुए मज़े ले रहे थे...





विनीत बेरहमी से अपनी माँ की गांड मार रहा था ...एक हाथ से उसके छूछीयो को भी मसल रहा tha...or गांड में लुंड पेल रहा था....

व्- ले साली रंडी आअह्ह्ह क्या मस्त गांड वाली है तू मेरा तो मन करता है तुझे दिन भर नंगी रखूं घर में जिससे जिसका भी जब मन करे तुझे छोड़ दे....

बुआ- हाँ तुझे तो मज़ा आता है न जब कोई मुझे छोड़ता है तो उसे देखकर.... बेटे तेरे लिए खूब छुडवाउंगी मैं sabse...tu देखना जब तेरा tau...tera मां और कर्मा मिलकर तेरी माँ की चुदाई karenge...tab तो तुझे ख़ुशी होगी न और तुम दोनों बाप बेटे मुझे चुड़ते हुए dekhna....or अपनी रंडी बहिन को छोड़ना.....

विनीत का तो सोचकर hi जैसे सारा खून उसके लुंड में आ गया और usne..bua को गुडिअ की तरह घुमा कर फिर से घोड़ी बना दिए और फिर तूफानी धक्को से बुआ की गांड मरने लगा...

Bua-aaahhh आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह हॉँण्णन अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह बच्चा छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ अह्हह्ह्ह्ह

हर धक्के के साथ बस इतनी आवाज़ निकक रही थी बुआ की.. विनीत बुआ के चूतड़ों को पकड़ कर बस चोदे जा रहा tha...or उसके चेहरे से साफ़ ज़ाहिर हो रहा था की वो बस झड़ने hi वाला hai...or अगले कुछ hi जानलेवा झटको क्र बाद उसने अपना वीर्य अपनी माँ की गांड में भर दिए कई पिचकारियां छोड़ने के बाद जब उसने अपना लुंड बुआ की गांड से निकला तो बुआ की गांड के खुले छेड़ से रास बहकर बहार आ रहा था...





देखने में ये दृषिअ बेहद hi कामुक लग रहा था ....माँ की गांड के छेड़ से बेटे का रास बाह कर बहार आ रहा tha...agar विनीत अभी पहले hi दो बार न झाड़ा होता तो ये देखकर उसका लुंड दोबारा खड़ा हो jata...par चुदाई के बाद वो दोनों बहुत थक गए थे तो दोनों एक दुसरे की बाहों में नंगे hi चिपक कर सो गए....

आगे क्या है कर्मा का अधूरा काम जानने के लिए पढ़े अगली update...or कमैंट्स करते रहिये जितने ज़्यादा आप कमैंट्स करते रहेंगे स्टोरी और उतनी अछि बनती rahegi...apke कमैंट्स hi कहानी को ाचा बनाते hain...so कीप कमेंटिंग... शुक्रिया
 
देखने में ये दृषिअ बेहद hi कामुक लग रहा था ....माँ की गांड के छेड़ से बेटे का रास बाह कर बहार आ रहा tha...agar विनीत अभी पहले hi दो बार न झाड़ा होता तो ये देखकर उसका लुंड दोबारा खड़ा हो jata...par चुदाई के बाद वो दोनों बहुत थक गए थे तो दोनों एक दुसरे की बाहों में नंगे hi चिपक कर सो gaye....ab आगे

अपडेट 34
जहाँ दोनों hi कमरे में एक परिवार की चुदाई का खेल पूरी रात चल रहा tha...ek में माँ और बेटे का तो दुसरे में बाप और बेटी एक दुसरे को जिस्मानी सुख देने में व्यस्त the...wohin अपना दोस्त कर्मा कुछ अधूरे काम पूरे करने गया था तो कर्मा की ज़ुबानी hi सुनते हैं क्या था वो काम...

मैं जब बुआ के कमरे से बहार निकला तो मेरे दिमाग में बस एक hi काम था और मुझे लगा इससे ाचा समय और कोई नहीं मिल सकता मुझे उस अधूरे काम को निपटने ka...main सीधा सीढ़ियों से चढ़ता हुआ ऊपर छत पर पहुँच गया और नीचे का नज़ारा देखा तो सब सूनसान था मैं रिमझिम दीदी के कमरे के गेट के पास गया और देखा तो वो अंदर से बंद tha...maine धीरे धीरे से नॉक kia...kareeb 5 मिनट्स तक मैं गेट खटखटाता रहा पर गेट नहीं khola...phir मैंने दीदी के मोबाइल पर कॉल किआ और साथ hi गेट भी खटखटाने laga...jaise hi मोबाइल पर कॉल दूसरी तरफ से पिक हुआ मैंने कट कर दिए और गेट बजने laga...do मिनट बाद गेट khula...didi सो रही थी बेचारी साड़ी पहन कर hi सोती thi...unka वो नींद से भरा हुआ चेहरा काफी मासूम और प्यारा लग रहा था उसी नींद में उन्होंने मुझे देखा और पुछा...

रिम- कर्मा क्या hua...tu यहाँ इतनी रात को?

में- दीदी अंदर चलें...


Rim-haan आजा..

और फिर अंदर जाते hi मैंने गेट बंद कर लिए वो मेरे बगल में कड़ी हुई थी और मुझे सवाल भरी नज़रों से देख रही thi...main उसके चेहरे को ध्यान से देखने लगा...

रिम- क्या देख रहा है ाइस्स्स्सस्म्म्म्मम्म्म्म....

वो आगे बोल पाती उससे पहले hi मैंने अपने होंठो को उसके होंठों पर रख दिए और चूसने laga...wo चौंक गयी और साथ hi मुझे कसकर पकड़ लिए मैं उसके रसीले होंठो को चूसे जा रहा था...






थोड़ी झटपटाहट के बाद वो भी मेरा साथ देने lagi...or फिर वो मुझसे अलग हो गयी...

रिम- कर्मा ये सही नहीं है मेरी शादी होने वाली hai...or तू मेरा भाई है...

में- अगर तुम रोकना चाहती हो तो रोक देना मैं रुक जाऊंगा didi....par जो इतना ाचा लग रहा है वो गलत कैसे हो सकता hai....sari दुनिया की मत सोचो बस अपने लिए सोचो...

और मैंने फिर से उसे बाहों में भर लिए और दोबारा उसके होंठों को चूसने laga...wo अब भी कंफ्यूज लग रही thi...par मैंने अपना काम करना जारी rakha...phir मैंने दीदी को घुमा लिए और उनके पीछे आकर उन्हें पीछे से पकड़ लिए मेरा खड़ा लुंड उनकी गांड से घिसने Laga....main उनकी गर्दन को चूमने laga...didi ने कुछ नहीं कहा तो मैंने उनका पल्लू नीचे गिरा दिए और उनके पेट और पूरे बदन पर हाथ फेरने लगा...






दीदी अब भी असमंझस से मेरा साथ देना भी छह रही थी और नहीं भी प्रहार गुज़रते पल के साथ गरम होती जा रही thi...mere हाथ अब उनके नंगे पेट और कमर पर चल रहे the....or मेरे होंठ दीदी की गर्दन पर अपनी छहप छोड़ रहे थे .... रिमझिम दीदी मुँह से आह्ह्ह्हह अह्ह्ह की सिसकारी निकल रही thi...hum दोनों का बदन उत्तेजना में तप्त जा रहा tha...ab भी उनके मन में एक कमज़ोर सी दीवार थी जो उन्हें मेरे साथ इस खेल में पूरी तरह से शामिल होने से रोक रही thi...par मुझे भी पता था की ये दीवार... उत्तेजना और वासना के तूफ़ान में ज़्यादा देर नहीं टिक पायेगी....

दीदी ने अपनी आखिरी कोशिस की और मुझे झटका देकर दूर भागने की पर उनकी साड़ी का पल्लू मेरे हाथ में आ गया और दीदी के भागने से साड़ी मेरे हाथ में अटक गयी और दीदी गोल घूमती हुई बीएड पर गिर गयी उनकी साड़ी उनके जिस्म से अलग हो गयी थी...

मैंने भी साड़ी के पल्लू को नीचे फेंका

दीदी बीएड पर बैठी थी और साँसे तेज़ तेज़ चल रही थी जिससे उनका ब्लाउज और उसमे भरी हुई छुछिया साफ़ ऊपर नीचे होती हुई दिख रही thi...wo मेरी आँखों में देख रही थी और मैं उनकी आँखों mein....main उनकी वासना को इतना बढ़ा देना चाहता था की उनके मन में एक विचार तक न आये के जो हम कर रहे हैं वो गलत है...

मैंने उनकी आँखों में देखते हुए अपनी टी शर्ट उतर दी और उसके साथ hi अपना लोअर भी अब उनके सामने मैं बस अपने अंडरवियर में था... दीदी तो बस आँखें फाड़े मुझे देखे जा रही थी और मैं अब उनके पास गया तो अपने अआप वो कड़ी हो gayi...main उनके पीछे से फिरसे चिपक कर खड़ा हो gaya...mera लुंड उनके पेटीकोट के उपरसे उनके चूतड़ों से रगड़ने laga...didi को भी वो महसूस हो रहा था मैंने एहसास को और बढ़ने के लिए हाथ से अपना अंडरवियर भी नीचे खिसका दिए अब मैं पूरा नंगा दीदी से चिपक कर खड़ा था... मैंने अपने हाथ उनके पुरे बदन पर फिरने शुरू किये





मैंने दीदी के हाथ को पकड़ा िर पीछे लेजाकर अपने लुंड पर रख diya...didi का हाथ वहीं जैम गया..

मेरे हाथ दीदी की छूछीयो से लेकर उनके नंगे चिकने सपाट पेट उनकी नंगी कमर पर चल रहे थे और दबा रहे थे..

दीदी अपने हाथो से मेरे लुंड को महसूस कर रही थी जो की पूरी तरह से तन के खड़ा था... दीदी अपने दोनों हाथो से मेरे पूरे लुंड को टटोल टटोल कर देख रही थी जैसे उसका स्पर्श अपने हाथो में बसलेना चाहती ho...main अब उनके पेट पर हाथ फिरते हुए उनके पेटीकोट के ऊपर से hi उनकी छूट तक भी जाने लगा उनका बदन और टाइट होने लगा और दीदी के हाथो की पकड़ मेरे लुंड पर कास गयी... मैंने अपने होंठों को भी उन्हें चूमने के काम पर लगा dia...or गर्दन पीठ और गाल पर चूमने laga...har चुम्बन के साथ दीदी का बदन सिहर जाता..

दोबारा से जैसे hi मेरा हाथ दीदी के छूट के करीब पंहुचा तो उन्होंने अपनी पूरी बॉडी को ढीला छोड़ दिए मेरे ऊपर मैं पीछे बीएड पर बैठ गया और दीदी को गॉड में बैठा लिए और फिर से वही कहर जारी rakha...ab दीदी भी कोई विरोद नहीं कर रही thi...didi मेरी लेफ्ट जांघ पर बैठी थी मैंने आगे झुककर अपने होंठों को दीदी के पेट पर रख दिया दीदी के शरीर में तो जैसे करंट दौड़ गयी हो





रिमझिम दीदी ने तब से लेकर अब पहली बार कुछ बोलै- Karmaaaaaahhhhhhhhhhhh.

और ये बोलकर फिर से वो अपनी आँखें बंद करके बस आठ अह्ह्ह्ह करने लगी और मैं उनके पेट को चाट रहा था चूम रहा था... उनकी नाभि में जीभ दाल रहा था और उनके हाथ मेरे सर को सहलाने में व्यस्त the...mera लुंड उनके चूतड़ पर चुभ रहा था और दीदी की उत्तेजना को और बढ़ा रहा था...

मैंने जब उनके पूरे पेट को चाट लिए तो मैं संतुष्ट हुआ और हाथ ऊपर लेजाकर उनके ब्लाउज पर रख दिए और धीरे धीरे एक एक हुक खोलने लगा दीदी अब मेरा पूरा साथ दे रही थी ब्लाउज का आखरी हुक खुलते hi ब्लाउज के दोनों छोर खुल गए और दीदी की छुछियां ब्रा मैं कैद सामने आ गयी...

हाय इस नज़ारे को तो मैं जितनी बार देखता था उतनी बार लगता था पहली बार देख रहा हूँ....

ब्रा में कैद बड़ी बड़ी छुछियां बिलकुल ठोस अकड़ कर झांकती thi...maine ब्रा को थोड़ा साइड खींचा तो दोनों छूछे और निप्पल आधे बहार आ gaye....haaye क्या गाहब के कोमल छुछियां थी दीदी की... उन्हें देखते hi मेरे मुँह में पानी आ गया और मैंने देर न करते हुए जल्दी से अपना मुँह उनपर लेजा कर एक एक करके दोनों छूछीयो को चूसने लगा....





छूछीयो पर मेरे होंठों के टच होते hi दीदी तो जैसे पागल सी हो गयी और हाय कर्मा aaahhhhhhhhhhhhjhhhh और मेरे बाल पकड़ कर खींचने लगी....

रिम- आह्ह्ह्ह कर्मा ऐसे hi choooooooooooozsssssssssaaaaaaaa हननननन मज़ा...

मुझे तो जैसे जन्नत मिल गयी हो और मैं उनकी छूछीयो को पिता जा रहा tha...unke सरे रास को निचोड़ रहा था..

रिम- आह्ह्ह्ह कर्मा eeeeeeeeeeeee ी लव यू Karmaaaaaahhhhhhhhhhhh ऐसा कभी nahiiiiiiiiiiiiiii महसूस कीईईआआए आआह्ह्ह्ह मैं मरररररर जाउंगी.....

मैंने उनकी छूछीयो को चूसते हुए hi उनके ब्लाउज को उनसे अलग कर दिए और फिर पीछे हाथ लेजाकर ब्रा भी खोल दी और उतर di...ab दीदी ऊपर से बिलकुल नंगी thi....mera लुंड चट्टान की कठोर हो गया tha.....main तो बस उनकी छूछीयो पर टूट पड़ा था





दीदी भी बड़ी शिद्दत से अपने छूछीयो को चुसवा रही thi...or कुछ देर बाद दीदी का पूरा बदन अकड़ने लगा और कमर झटके खाने लगी मुझे उनका चेहरा देख कर समझ आया की दीदी अपनी छूछीयो को चुसवाने से hi झाड़ गयी hai...iska मतलब दीदी कितनी ज़्यादा उत्तेजित हैं.... दीदी मेरे ऊपर गिर गयी उनका पेटीकोट मुझे छूट के पास से गीला नज़र आ रहा था मैंने उसके नारे को पकड़ कर खोल दिए और वो नीचे सरका दिए दीदी बस अब एक पंतय में thi...didi की जब साँसे नार्मल हुई तो उन्होंने मुझे देखा और मेरे होंठों को चूसने लगी.... फिर थोड़ी देर बाद छोड़ा

रिम- आह्ह्ह्ह भाई ऐसा कभी महसूस नहीं किआ मैंने कभी?

Me-kyun दीदी तुम्हारे बर्फ ने नहीं चूसे थे कभी ये...

रिम- एक दो बार दबाये तो थे पर चूसना कभी नहीं मैंने उसके आगे का hi उसे बढ़ने hi नहीं दिए..

मैं चौंक गया..

में- मतलब तुमने अभी तक chu...matlab सेक्स नहीं किआ है...

रिम- नहीं कर्मा, आजतक इस जिस्म पर किसी ने कुछ नहीं किआ hai...aaj जो तूने किआ है बस उसके अलावा और कुछ नहीं...

में- सचमे दीदी आप कुंवारी हैं तो मेरे साथ ये सब Kyun...aap चाहे तो पति जे साथ पहली बार कर सकती हैं...

रिम- नहीं करना मैं इस घर से कुंवारी नहीं जाना chahti...ek बार जी भर के चुदाई का सुख भोगना चाहती hun...phir उस घर जाके जैसा होगा रह lungi...jisse मैं प्यार करती थी वो भी मुझे शायद इसीलिए मुझे छोड़ कर किसी और के साथ भाग gaya....maine सोच लिए था की न किसी से कभी शादी करुँगी और न hi किसी के साथ सेक्स करुँगी पर अब जब शादी कर रही हूँ अपने घरवालों की ख़ुशी के लिए तो एक बार मैं अपनी मर्ज़ी से इस सुख को भोगना चाहती हूँ...( ये कहते हुए उनकी आँखों से आंसू टपक कर गिर गया)

मुझे उनकी बातें सुनकर उनपर बहुत प्यार आया बेचारी कितनी भोली हैं didi....aur अगर वो एक बार चुदाई करना चाहती हैं शादी से पहले तो इसमें गलत क्या hai...unka हक़ है उनके जीवन पर...

में- दीदी तुम बहुत प्यारी ho...or जो तुम्हे चाहिए वो सब तुम्हे मिलेगा मेरा वादा है...

रिम- तो कर्मा मिटादे आज मेरी प्यास ko...bahut तड़पाया है मैंने खुद ko..saza दे रही थी पता नहीं किस जुर्म की पर आज मैं खुद को तुझे सौंप रही हूँ.. देगा मुझे वो सब सुख?... छोड़ेगा अपनी दीदी को?

मैंने जवाब न देते हुए उनके होंठों को फिर से चूम लिए और हाथ नीचे लेजा कर उनकी पंतय भी उतर दी अब हम दोनों भाई बहन एक कमरे में एक बीएड पर नंगे एक दुसरे से लिपटे हुए थे... मैंने दीदी के होंठों को छोड़ा और फिर उनकी गर्दन को चूमा और फिर उनके सीने पर और ऐसे hi चूमते हुए मैं उनके शरीर पर नीचे आने laga...nabhi में जीभ डाली तो उनकी सिसकारी निकल गयी थोड़ा और नीचे आया तो मेरे सामने उनकी अनछुई छूट thi...ek दम Khoobsurat...bina बालो वाली Choot...honth बिलकुल आपस में जुड़े huye...uske ऊपर छूट का दाना अकड़ कर खड़ा था होंठों के बीच से बहता रास जिसने पूरी छूट को गीला कर दिए tha...mere लुंड ने एक दो बूँद लार भी टपका दी ऐसी छूट थी दीदी की... मैंने धीरे से जीभ उनकी छूट के ऊपर फेर दी .... रिमझिम दीदी की चीख निकल गयी पहली बार अपनी छूट पर किसी और की जीभ का sparsh..wo सह नहीं पाई और चीख पड़ी...

मैंने फिर धीरे धीरे करले उनके छूट पर जीभ घूमना शुरू kia....wo अपना सर इधर उधर पटकने लगी और मेरे बाल पकड़ कर मुझे छूट पर दबाने लगी...

मैं छूट के होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसने लगा फिर छूट के डेन को मुँह में लेकर चूसा और फिर अपनी जीभ को उनकी छूट के अंदर दाल दिए और अंदर बहार करने लगा और अगले दो मिनट में hi दीदी ने अपना धीरज तोड़ दिए और मेरे मुँह पर झड़ने lagi....main उनकी छूट का सारा रास पि gaya....or फिर भी काफी देर तक छूट चाटता रहा.... फिर दीदी ने मेरा सर पकड़ कर मुझे किश किआ और फिर बीएड पर लिटाकर वो भी मेरे पूरे बदन को चूमने लगी ...मेरे लुंड का तो हाल बुआ हो गया था... दीदी चूमते हुए मेरे लुंड के पास पहुंच गयी उसे पकड़ कर हिलने लगी और फिर अपनी जीभ निकल कर टोपे को चाटने लगी.....

Me-Aaahh didiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

दीदी ने फिर से टोपे को छठा और फिर मेरे लुंड को मुज में भर lia....wo लुंड को बड़े hi आक्रामक तरीके से चूसने lagi....shayad अनुभव की कमी या उसकी उत्तेजना इसकी वजह थी पर मुझे उसकी आक्रामकता अछि लगी





पूरे लुंड को चाटती तो कभी. टोपे को मुँह में भर लेती मुझे बहुत मज़ा आ रहा था... मैं उसकी उत्सुकता देखकर बहुत खुश था की दीदी सच में आज चुदाई करना चाहती hain.....didi ने फिर मेरा लुंड मुँह में लिए और अपने मुँह लुंड पर दबा दिया जिससे करीब आधा लुंड मुँह में चला गया.... मेरा लुंड उनके मुँह में फूलने लगा... और हाथो से वो मेरी गोटिया सहलाने lagi...mujhe इस हरकत से तो लगा hi नहीं की वो पहली बार लुंड चूस रही हैं पर इससे आगे कुस्ज मैं नहीं सोच पाया और मेरे लुंड ने रास की धार रिमझिम दीदी के मुँह में छोड़ दी... दीदी ने पीछे होने की भी कोशिश नहीं की और फिर जब कई धार हो गयी तो दीदी ने अपना चेहरा पीछे किआ पर लुंड को बहार नहीं निकला और चूसते rahi...wo मेरा सारा रास पि gayi...mujhe ये देखकर बड़ी हैरानी hui...or जब लुंड साफ़ हो गया तो दीदी ने अपना मुँह हटाया लुंड से और मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखा.....

इसके आगे क्या हुआ जानिए अगली अपडेट mein...tab तक पढ़ते रहिये और कमैंट्स करते रहिये शुकरिअ
 
थैंक्यू सो मच गाइस फॉर थे अप्प्रेसिअशन.... स्टोरी रीछेड टिल 100 पेजेज जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ योर love...keep शोवेरिंग योर प्राइसेस... thank-you
 
दीदी ने पीछे होने की भी कोशिश नहीं की और फिर जब कई धार हो गयी तो दीदी ने अपना चेहरा पीछे किआ पर लुंड को बहार नहीं निकला और चूसते rahi...wo मेरा सारा रास पि gayi...mujhe ये देखकर बड़ी हैरानी hui...or जब लुंड साफ़ हो गया तो दीदी ने अपना मुँह हटाया लुंड से और मेरी तरफ मुस्कुरा कर dekha.....ab आगे...



अपडेट 35


मैंने भी ये परवाह किये बिना के उनके मुँह में मेरे रास का स्वाद होगा उन्हें उठाया और अपने होंठों को उनके होंठो पर रख दिया और चूसने laga...sath साथ उनकी छूछीयो को मसलने लगा और फिर धक्का देकर मैंने उन्हें बीएड पर लिटा दिए अब मुझसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैंने दीदी की दोनों टंगे फैला दी और उनके बीच में आ गया दीदी की आँखों में देखने laga..unke चेहरे पर दर के भाव साफ़ साफ़ दिख रहे थे....

रिम- कर्मा मेरे bhai...araam से करना तेरा बहुत बड़ा है...

में- मेरी जान हो तुम दीदी तुम्हे तकलीफ नहीं dunga..zara भी..

रिम- तो अब और मत तड़पा अपनी दीदी को अब दाल दे...

मैंने अपने लुंड को उनकी छूट के ऊपर रखा वो आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ahhhhhmmmmmmmmmmmm करने lagi...maine दो तीन बार लुंड को छूट पर घिसा तो दीदी अपनी कमर उछलने लगी... जैसे खुद hi लुंड को छूट में ले legi...mujhe उनकी बेसब्री अछि लगी पर अब मैं भी नहीं रुकना चाहता था तो मैंने सुपडे को छूट के मुँह पर रखा और धक्क्क दिए तो दीदी की चीख तो निकली पर लुंड अंदर नहीं ghusa...didi की छूट बिलकुल भी नहीं खुली thi...to लुंड अंदर hi नहीं जा रहा tha....ek बार और कोशिश की पर नतीजा यही हुआ...

में- दीदी तेल है यहाँ पर...

Rim-hmmmmmm यहाँ बीएड के पास सरसों का तेल रखा hai...malish वाला..

में- ाःह बस काम बन गया

फिर मैंने तेल उठाया और उंगलिओ से दीदी की छूट में लगाया सच में दीदी की छूट बहुत टाइट थी मेरी उंगलिओ के छूट से टच होते hi दीदी की सिसकारी निकल gayi...ungaaliya भी टाइट से अंदर जा रही थी एक बार तो मुझे भी ख्याल aaya...ke मेरा लुंड कैसे जायेगा इतनी टाइट छूट mein..par मैंने अचे से उनकी छूट के अंदर तक तेल भर दिए...

और फिर हथेली में तेल लेकर पूरे लुंड पर लगाया और अचे से चिकना कर lia...or फिर दोबारा से लुंड को उनकी छूट पर रखा और दो तीन बार छूट पर लुंड से मारा... दीदी तो बिलबिला उठी...

रिम- Karmaaaaaahhhhhhhhhhhh अब daaaaaallllllllllllll डीईई...

मैंने भी अब और देर करना ठीक नहीं samjha...or लुंड को होंठो के बीच घुसकर एक करारा झटका lagaya...or एक तगड़ी आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह की चीख निकली दीदी के मुँह से और मेरे मुँह से भी ाः निकल गया दीदी की चीख काफी तेज़ थी मुझे to.dar लगा कहीं कोई जाग न गया ho...mere लुंड का टोपा उनकी छूट में घुस गया था...

रिम- shhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh aahhhhhhhhhhhhhhh माआआआ मर gayii....baaharrrrrrrr निकल karma....bahutftttt ड़ड़ड़ड़ड़ड़ हो रहा है....

में- दीदी बस थोड़ा शांत हो jao....ho गया अब ज़्यादा दर्द नहीं होगा...

और ये कहकर मैं आगे झुका और उनके होंठो चूसने laga...phir छूछीयो को चूसने लगा तो दीदी की आअह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह निकलने lagi...kuch देर बाद दीदी नार्मल लगी मुझे तो मैंने फिर से उनके होंठो को अपने होंठो में लेकर एक हल्का सा धक्का लगाया तो मेरा लुंड किसी चीज़ से जाकर टकरा गया... मैं समझ गया ये दीदी की छूट की झिल्ली है बस ये बढ़ा को और चीरते हुए जाना होगा...

मैंने उसी तरह उनके होंठों को दबाये रखा और नीचे हाथ लेजाकर उनके पैरो को पकड़ा और एक धक्का लगाया जिससे मेरा लुंड उनकी छूट की झिल्ली को चीरता हुआ उनकी छूट में 3 इंच तक घुस गया...

दीदी मेरे नीचे पड़ी हुई झटपटा रही thi....dabe हुए होंठों से भी guhhhhgggggggggghg की आवाज़ कर रही थी... आँखों से ाआंसुओ बाह रहे थे.... उनकी छूट इतनी टाइट थी की मुझे भी लुंड पर खिचाव से दर्द हुआ था अंदर डालते huye....par अब दीदी कुंवारी नहीं रही थी उन्होंने अपना कुंवारापन अपनी सबसे बड़ी धरोहर मेरे लुंड के नाम कर दी thi....mujhse ज़्यादा नसीब वाला शायद hi कोई और दुनिया में होगा... मैं दीदी के दर्द को काम करने के लिए उनकी छूछीयो को दबाने लगा... उनके होंठो से अपने होंठो को हटाया तो वो तेज़ तेज़ सांस ले रही thi...main उनके चेहरे की तरफ देखने laga...dard अब भी साफ़ झलक रहा था... मैं उनकी तरफ देखते हुए सोचने laga...ki इस परिवार की साडी औरतें मुझसे चुद gayi...aaj एक आखिरी बची थी वो भी मेरे लुंड के नीचे hai...or ये सोचकर मुझे बहुत ख़ुशी का एहसास हुआ... आखिरकार दीदी ने आँखें खोली और मेरी आँखों में देखा...

में- दीदी अब आप कुंवारी नहीं rahi...I लव यू...

दीदी के चेहरे पर भी बड़ी मुश्किल से एक मुस्कान आई

Rim-aahhhh ी लव यू तू Karma...aaahhhh अब छोड़ अपनी बहिन को....

दीदी के मुँह से ये सुनकर मुझे बड़ी ख़ुशी hui...or मैं हलके हलके धक्के मरकर लुंड को धीरे धीरे अंदर करने लगा जिससे उन्हें ज़्यादा तकलीफ न ho...or अंत में एक दुमदार धक्का मारा और पूरा लुंड दीदी की छूट में घुसा दिया...

Rim-nahi आह्ह्ह्ह करमाआहहह मेरी छूट फाड़ दी तूने... कितना बड़ा है tera.....mere पेट तक लग रहा है अंदर आह्ह्ह्हह्ह.....

में- दीदी बस अब जितना दर्द होना था हो गया अब मज़े की बरी है...

और मैंने लुंड बहार निकला और फिर अंदर धक्का देकर घुसा दिए और फिर एक बार ऐसा hi किआ...

रिम- आह्ह्ह्ह कर्मा ऐसे hi...

में- ाःह दीदी बहुत टाइट छूट है teri...mazaaaaaa आ रहा है..

और मैं दीदी को धक्के दे देकर छोड़ने लगा...





अब दीदी को भी मज़ा आने लगा tha...wo भी मज़े से सिसकारियां ले रही thi...bahar आते हुए मेरे लुंड पर देखा तो खून लगा हुआ tha....jo दीदी के कुंवारे पैन के मिटने का सबूत था...

मुझे दीदी को छोड़ने में बहुत मज़ा आ रहा tha...unki टाइट छूट मेरे लुंड को जकड़े हुयेथी ....और अंदर गरम भट्टी जैसा महसूस हो रहा tha...main अब अचे से दीदी को छोड़ने laga...mere धक्को की रफ़्तार भी बाद गयी थी... और दीदी की सिसकारियां भी..

रिम- आह्ह्ह्ह कर्मा आह्ह्ह्ह हनणननणम ऐसे hi छहःछहूऊऊडड़ड़ mujhe...faaaaadddddddd दे मेरी छूट...

में- ले साली क्या टाइट छूट hai......teri माँ को छोडूं.... आह्हः बहुत खुजली थी न तेरी कुंवारी छूट में आज साडी मिटा दूंगा...

दीदी मेरे मुँह से ये सब सुनकर थोड़ी हैरान हुई पर उन्हें ाचा भी लगा...

Rim-hnnnnn तो छोड़ड़ड़ड़ नाहा सल्ल्लीीे... भेनचोद इतना बड़ा लुंड लिए घूमताआआआ hai...mere काम ना आये तो किश काम का भाई है तू... आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ahhhhhmmmmmmmmmmmm मार मेरी छूट और तेज़...

मैं और तेज़ झटको दीदी की छूट में लुंड पेलने लगा जिससे दीदी तो पागल जैसी हो गयी और सर इधर उधर पटकने लगी और कुछ hi देर में वो अपनी पहली चालूड़ै का सुख झेल नहीं पाई और मेरे लुंड पर झाड़ gayi....unki कमर हवा में उठगयी आँखें बंद थी.... साँसें किसी मशीन की तरह चल रही थी और जब तूफ़ान शांत हुआ तो बापिस बीएड पर धमममममम से गिर gayi....or मेरा लुंड बहार निकल gaya....lund के निकलते hi उनकी छूट से उनका रास लाल होकर बहार आ रहा tha...jisme उनका खून भी मिला हुआ tha...maine झट से साड़ी लेकर उसे साफ़ किआ और फिर अपने लुंड को भी पोंछा जिसपर खून लगा हुआ था और फिर बीएड पर लेट गया और रिमझिम को पकड़ कर अपने ऊपर खींचा ..और दोनों पेअर दोनों तरफ करके अपना लुंड उसकी छूट पर टिका दिए और वो फिर नीचे बैठ gayi.....hum दोनों की hi आअह्हह्ह्ह्ह निकल gayi....mera लुंड उनकी छूट को चीरता हुआ पूरा अंदर चला gaya...or इस बार ज़्यादा देर न करते हुए मैंने उनके दोनों कोमल और बड़े चूतड़ों को पकड़ा और उन्हें अपनी कमर पर उछलने laga...ab तो दीदी भी अपनी कमर उछाल उछाल कर छोड़ने lagi...lag hi नहीं रहा tha....ki वो आज पहली बार चुद रही है....





रिम- आह्ह्ह्ह कर्मा ऐसे hi छहःछहूऊऊडड़ड़ अपनी बहन को अहहह सेल बहनचोद फाड़ दे मेरी छूट....

में- अह्ह्ह साली अब तक कैसे रो रही थी और ा. लुंड चाहिए तुझे.... साली चुड़क्कड़... तेरे पूरे परिवार की छूटें छोडूंगा साली रंडी...

रिम- हननननन मन सेल छोड़ लिओ सबको... बना ले सबको अपने लुंड की घुलम....

मैं मन में सोचने लगा साली इस घर की साडी औरतें hi चुड़क्कड़ हैं एक से बढ़कर ek....ya फिर साडी औरतें hi ऐसी होती हैं बस कोई सच्चाई बहार लेन वाला चाहिए....

Me-ahhhhhhhhhhh तेरी टाइट chooot...bada मज़ा दे रही है मेरी rani...ahhhh तेरी मा की छूट...

रिम- हननननन मेरी माँ की भी मार लिओ और अपनी उस रंडी बुआ की bhi...sabki छूट में घुसेड़ देना ये तेरा मुसल ख़ुशी ख़ुशी छुडवायेगी तुझसे...

में- साली तुम सब को एक साथ chodunga....bol छुड़ेगी अपनी माँ के साथ..

Rim-haaannnnn अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह chudunnnnnggggggggggiiiiiiiiiiiii....or वो मेरे ऊपर गिर कर मुझे किश करने लगीई.....

थोड़ी देर किश करने के बाद मैंने उसे पलट दिए और अब उसकी पीठ मेरी तरफ थी और मैं फिर से उसे नीचे से छोड़ने लगा..





उसके बड़े बड़े चूतड़ मेरे ऊपर गिर रहे थे जिन्हे मुझे बड़ा लग रहा था और मैं उन्हें पकड़ कर उसे अपने लुंड पर ऊपर नीचे कर रहा था...

Me-teri माँ और चाची को भी ऐसे hi chodunga...aaahhh

Rim-aahhhh कर्मा आह्ह्ह्ह हनणननणम छोड़ दे bhai....par ममुझे कभी छोड़ने को मन नहीं करना अह्ह्ह भाई तेरे लुंड की घुलम हो गयी मैं तो......

में- तू छुडवायेगी अपनी माँ को mujhse....tu लाएगी उसे मेरे लुंड के नीचे...

रिम- मैं कैसे ahhhhhhhh......haannnnn मैं लाऊंगी बस ऐसे hiiiiiiiiiiiiii.

और ये कहके वो खुद से बड़ी तेज़ तेज़ मेरे लुंड पर उछलने lagi...apani माँ को खुदसे छुड़वाने के ख्याल से वो बहुत ज़्यादा गरम हो गयी थी और कमर को पटकने लगी... उसके चूतड़ मेरी कमर पर आ आकर लग रहे थे.... और मेरा लुंड पूरा उसकी छूट में घुस कर मज़ा दे रहा था और वो एक बार फिर से झाड़ gayi...or मेरे ऊपर गिर gayi....or हांफने lagi....mera झड़ना अभी दूर था क्यूंकि पहले hi मैं पूर्वी को छोड़ चूका था उसमे बाद रिमझिम के मुँह में भी एक बार झाड़ चूका था... मेरा लुंड अभी बस रिमझिम की छूट मांग रहा tha...maine उसे अपने ऊपर से उठाया और घोड़ी बना दिए और उसके बड़े बड़े चूतड़ मेरे सामने आ gaye...maine झुक कर दोनों चूतड़ों को छाता और फिर बापिस घुटनो पर आकर अपना लुंड उसकी छूट में पेल दिए और उसे पीछे से छोड़ने लगा.....





दीदी आँखें बंद करके एक बार फिर से चुदाई के मज़े लेने lagi....maine उसके बड़े बड़े चूतड़ों को अपने हाथो में थमा और... फिर उन्हें मसलते हुए अपने धक्को की गति बढ़ा दी और फिर से बुरी तरह रिमझिम दीदी को छोड़ने laga......humari चुदाई से थप थप थप की आवाज़ें पूरे कमरे में शोर कर रही thi....sath में दीदी की अह्ह्ह्हह्हह और मेरी गुर्राने की आवाज़ निकल रही थी..... मैं ताबड़तोड़ झटको से दीदी को चोदे जा रहा था और दीदी अपना सर झुकाये बस चुदाई का आनंद ले रही थी और झटको के साथ हलकी अह्ह्ह अह्ह्ह्ह कर रही thi...phir मेरी गति और बढ़ गयी और इतनी तेज़ हो गयी की दीदी झटको से आगे गिर गयी बीएड ओर और पेट के बल लेट gayi.....mera लुंड उनकी छूट से निकल gaya....maine उसे बिना उठाये हुए ऐसे hi दोबारा उनकी छूट में लुंड दाल दिए और उनके ऊपर झुक कर बुरी तरह चुत में. लुंड पेलने लगा...





दीदी का मुँह खुला हुआ था और हर झटके के साथ आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर रही thi....mera लुंड पूरा छूट में अंदर बहार हो रहा था और मेरे हिप्स से उनके गद्देदार चूतड़ टकरा रहे थे जिससे मुझे बड़ा मज़ा आ रहा tha...or मेरे झटके और तेज़ होते जा रहे the...or मुझे भी अपना वीर्य अब अपने लुंड में भरता हुआ महसूस हो रहा था... दीदी तो बस अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह करे जा रही थी और अचानक से उनकी aahhhhhhhhhhhhh बंद हुई और उन्होंने कसके बीएड की चादर को पकड़ लिए मुठी में और उनकी कमर झटके खाने लगी और वो एक बार फिर से झाड़ गयी... और शांत लेट गयी मैं फिर भी अपने काम पर लगा रहा और दीदी को उसी गति से छोड़ता रहा और फिर मेरी गति अपने आप थोड़ी बाद गयी और मैं भी अपने चरम पर पहुंच gaya...aaahhhhhhh दीदी दीदी ...माकन झड़ने वाला hun....andarrrrrrrrrrr hiiiiiiiiiiiiiiiiiiii और इतना बोलते hi मैंने अपने लुंड का रास उनकी छूट में भर दिए.... एकक एक बूँद उनकी छूट में. जमा kardi...or उनके ऊपर गिर गया....

रिम- अह्ह्ह्ह karma..meri छूट में तेरा रास hai...tere लुंड का ras....aise hi लेता रह लुंड अंदर hi रख मैं नहीं चाहती ये कहीं बहार निकले....

में- प्रेग्नेंट हो गयी तो..

रिम- यही तो चाहती हूँ की मैं तेरा बच्चा पैदा करूँ...

में- क्यों दीदी तुम्हारी शादी है अगर किसी को पता चल गया तो...

रिम- नहीं chalega...tune मुझे चुदाई का पहला सुख दिए है तो मेरे बच्चे का बाप भी तू hi बनेगा....

मुझे भी ये बात सुनकर बहुत ख़ुशी hui...or मैंने आगे झुककर उन्हें चूम्लीए और होंठो को चूसने लगा...

Me-I लव यू दीदी..

रिम- लव यू तू मेरे छोड़ू भाई....

और हम दोनों हंसने लगे...

रिम- अब हैट मेरे ऊपर से बहुत भरी है तू..

मैं हँसते हुए उनके ऊपर से हैट गया और फिर हम बहुत थक गए थे तो नंगे hi एक दुसरे की बाहों में सो गए....
 
वास् बिजी टुडे विल पोस्ट इन थे नाईट... वर्किंग ों आईटी...
 
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