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अब आलम यह था की हरिया और रवि सटासट एक के बाद एक जोरदार झटको के साथ नीलम की गांड मार रहे थे
नीलम दोनों के बिच में पड़ी किसी मछली की तरह दर्द से तड़प रही थी
पर न तो रवि को अपनी दीदी समान नीलम पर कोई तरस आ रहा था और न hi हरिया को अपनी फूल सी प्यारी बच्ची पर कोई दया आ रही थी
नीलम- अह्ह्ह्ह मा मैं तो गयी ाअजज्जजज तुम दोनों कमीने एकक साथ मेरी गांड मार रहे हो मैं मर्डर जाउंगी आज अह्हह्ह्ह्ह बापू रेहम करो कुछ तो अपनी बच्ची पररर
हरिया बड़े hi प्यार से नीलम का सर सहलाता हुआ बोलता है
हरिया- कुछ नहीं होगा बेटी कुछ नहीं होगा यह दर्द बस कुछ hi पीएलओ का है उसके बाद से तुझे भी उतना hi मजा आएगा जितना हमे आ रहा है
रवि- भूल गयी दीदी जब तुम्हारे छेद फैलेंगे तभी तो एक साथ सबके लुंड शोगी ना तुमने hi तो खा था
नीलम- मुझे नहीं छोड़ना पुरे गाओं से मेरे ऊपर रेहम करो भगवान् के लिए रुकक्क जाओ बापू मुझे बहुत दर्द हो रहा है
हालत तो नीलम की सच में टाइट थी दर्द के मरे उसका पूरा चेहरा लाल पद गया था
आँखों से आंसू टपक रहे थे
आँखों का काजल पूरी तरह से उसके कामुक चेहरे पर फ़ैल गया था
पर इन सब बातो का अब कोई मतलब नहीं था क्योंकि हरिया और रवि को एक साथ नीलम की गांड मरने में जो कसाव महसूस हो रहा था वो तो किसी ुंचुड़ी छूट से भी ज्यादा मनमोहक था
रवि- दीदी अब इस दर्द को बर्दास्त करना सिख लो क्योंकि अब तो ये दर्द तुम्हे हर रोज होगा जब तुम्हारा पति मैं और काका तीनो एक साथ तुम्हे छोड़ेंगे हहहह क्यों काका
हरिया- ः है बीटा रवि जरूर जरूर
नीलम - अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मायआ कितनी बेरहमी से तू मेरी गांड मार रहे हो भगवान् करे की एक दिन कोई तेरी दीदी को भी इस तरह चोदे
रवि की दीदी का नाम सुनते hi हरिया के चेहरे पर चमक आ जाती है
हरिया- क्या पता वो दिन कब ौएगा जब रेखा रानी एक साथ 2-2 लुंड अपनी गांड से निगलेगी
रवि- अच्छा बुड्ढे मेरी दीदी की बड़ी पड़ी है तुझे पहले अपनी बेटी को तो भोग ले बाद में मेरी दीदी के बारे में सोचना
काफी देर से दोनों नीलम की गांड को चोदे जा रहे थे
गांड से अब तक सफेद पानी भी भेजना शुरू हो चूका था जिससे हरिया पूरी तरह भीग गया था पर चुदाई थी की रुकने का नाम नहीं ले रही थी
ठप्प्प थप्प्प्प की मादक आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था
यह बिगुल था उस शुरुवात का जो नीलम की जिंदगी में नया मोड़ लेन वाली थी
हरिया- बीटा तूने बताया नहीं किस्से छुड़वाएगा मेरी बेटी को
मतलब किस्से शादी करवाएगा नीलम की
रवि- हहहह काका बात तो एक hi है शादी के बाअद तो तुम्हारी बेटी को छोड़ना hi है पति चोदे या न चोदे हम तो है ना हहहह
हरिया- फिर भी बीटा कौन है वो
रवि- काका आपको याद है मैं उस दिन मल्टी भाभी के बाप को आपके घर लाया था
नीलम- वो बुद्धा तो मुझे खा जाने को तैयार था तू उससे शादी करवाएगा मेरी कमीने
रवि एक जोरदार झटका मरता हुआ कहता है
रवि- नहीं मेरी चुदड़ो उससे नहीं बल्कि उसके बेटे से
और है एक बात और हो सकता है तेरा ससुर भी तुझे छोड़ने की इच्छा जताये वैसे भी वो तुम्हारी जवानी का आधा मजा तो चख hi चूका है बचा हुआ आधा सधी के बाद शाखा देना
हरिया- तो ठीक हसि बीटा तू जल्दी hi बात कर उससे नहीं तो अगर ज्यादा देर हो गई और इसका पेट फूलना चालू हो गया तो मैं कहि का नहीं रहूंगा
रवि- पेट फुलाया भी तो तुम्ही ने है न काका
हरिया- अब जो हो गया उसे तो नहीं बदल सकते न बीटा
रवि- और वैसे भी वो कुछ hi दिन में अपनी बेटी को लेकर आने वाला है मैं तभी उससे बात करलूँगा और हो सखे तो लड़की दिखने तुम्हारे घर भी ले आऊंगा उसी
वैसे तो वो पहले hi लड़की को छुड़वाते हुए देख चूका है हाहाः
नीलम- है है हस्स ले कमीने है ले
कुछ hi देर में रवि और हरिया दोनों एक साथ नीलम की गांड में झाड़ जाते है जैसे hi दोनों लुंड मुरझाते हुआ बहार आते है नीलम की गांड से एक जोरदार पाद के साथ साथ उसके बापू और रवि का वीर्य भी बहार आने लगता है
नीलम जमीन पर पड़ी पड़ी हाफ रही थी उसकी हालत इस पल देखने लायक थी
नीलम की गांड का छेद किसी बड़ी बाल जितना खुल गया था जिसे देख कर रवि एक जोरदार छठा उसकी गांड पर मरता है
रवि- देखो तो काका कैसे खुल रहा है दीदी का छेद अब ये हो गयी एक साथ 3-3 लुंड से छुड़वाने लायक
पर अभी इसके दूसरे छेद को भी बढ़ाना होगा
नीलम रवि की बात सुनते hi पताक से खड़ी होती हुई अपने कपडे पेहेन कर बहार भाग जाती है
हरिया- बीटा आज नहीं उसे कुछ ज्यादा hi दर्द हुआ मालूम पड़ता किसी और दिन एक साथ उसकी सबूत छोड़ेंगे
रवि- तो तय रहा काका जिस दिन तुम्हारा समधी आएगा उसी दिन नीलम दीदी की छूट में एक साथ लुंड डालेंगे
हरिया - ः बीटा जरूर वैसे रेखा को भी ला सकते हो क्या तुम उस दिन बड़े दिन हो गए इससे मिले हुए
रवि- सेल बुड्डेह इजात से बात कर रहा हु तो रास नहीं आ रही चुप चाप निकल जा लौड़े नहीं तो यही झुका कर तेरा छेद भी तेरी बेटी जितना hi फैला दूंगा
हरिया रवि की बात सुनकर तुरंत hi भाग जाता है
रवि वैसे hi नंगा अपनी खत पर पसर जाता है
रवि का लुंड अब तक नीलम की गांड के निकली चिपचिपाहट से सना हुआ था
रवि- अब तुम्हे मुझसे कोई दूर नहीं कर सकता कम्मो दीदी तुम सिर्फ मेरी हो सिर्फ मेरी मेरी दोनों दीदियो पर सिर्फ मेरा हक़्क़क़ होगा सिर्फ और सिर्फ मेरा
अब आलम यह था की हरिया और रवि सटासट एक के बाद एक जोरदार झटको के साथ नीलम की गांड मार रहे थे
नीलम दोनों के बिच में पड़ी किसी मछली की तरह दर्द से तड़प रही थी
पर न तो रवि को अपनी दीदी समान नीलम पर कोई तरस आ रहा था और न hi हरिया को अपनी फूल सी प्यारी बच्ची पर कोई दया आ रही थी
नीलम- अह्ह्ह्ह मा मैं तो गयी ाअजज्जजज तुम दोनों कमीने एकक साथ मेरी गांड मार रहे हो मैं मर्डर जाउंगी आज अह्हह्ह्ह्ह बापू रेहम करो कुछ तो अपनी बच्ची पररर
हरिया बड़े hi प्यार से नीलम का सर सहलाता हुआ बोलता है
हरिया- कुछ नहीं होगा बेटी कुछ नहीं होगा यह दर्द बस कुछ hi पीएलओ का है उसके बाद से तुझे भी उतना hi मजा आएगा जितना हमे आ रहा है
रवि- भूल गयी दीदी जब तुम्हारे छेद फैलेंगे तभी तो एक साथ सबके लुंड शोगी ना तुमने hi तो खा था
नीलम- मुझे नहीं छोड़ना पुरे गाओं से मेरे ऊपर रेहम करो भगवान् के लिए रुकक्क जाओ बापू मुझे बहुत दर्द हो रहा है
हालत तो नीलम की सच में टाइट थी दर्द के मरे उसका पूरा चेहरा लाल पद गया था
आँखों से आंसू टपक रहे थे
आँखों का काजल पूरी तरह से उसके कामुक चेहरे पर फ़ैल गया था
पर इन सब बातो का अब कोई मतलब नहीं था क्योंकि हरिया और रवि को एक साथ नीलम की गांड मरने में जो कसाव महसूस हो रहा था वो तो किसी ुंचुड़ी छूट से भी ज्यादा मनमोहक था
रवि- दीदी अब इस दर्द को बर्दास्त करना सिख लो क्योंकि अब तो ये दर्द तुम्हे हर रोज होगा जब तुम्हारा पति मैं और काका तीनो एक साथ तुम्हे छोड़ेंगे हहहह क्यों काका
हरिया- ः है बीटा रवि जरूर जरूर
नीलम - अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मायआ कितनी बेरहमी से तू मेरी गांड मार रहे हो भगवान् करे की एक दिन कोई तेरी दीदी को भी इस तरह चोदे
रवि की दीदी का नाम सुनते hi हरिया के चेहरे पर चमक आ जाती है
हरिया- क्या पता वो दिन कब ौएगा जब रेखा रानी एक साथ 2-2 लुंड अपनी गांड से निगलेगी
रवि- अच्छा बुड्ढे मेरी दीदी की बड़ी पड़ी है तुझे पहले अपनी बेटी को तो भोग ले बाद में मेरी दीदी के बारे में सोचना
काफी देर से दोनों नीलम की गांड को चोदे जा रहे थे
गांड से अब तक सफेद पानी भी भेजना शुरू हो चूका था जिससे हरिया पूरी तरह भीग गया था पर चुदाई थी की रुकने का नाम नहीं ले रही थी
ठप्प्प थप्प्प्प की मादक आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था
यह बिगुल था उस शुरुवात का जो नीलम की जिंदगी में नया मोड़ लेन वाली थी
हरिया- बीटा तूने बताया नहीं किस्से छुड़वाएगा मेरी बेटी को
मतलब किस्से शादी करवाएगा नीलम की
रवि- हहहह काका बात तो एक hi है शादी के बाअद तो तुम्हारी बेटी को छोड़ना hi है पति चोदे या न चोदे हम तो है ना हहहह
हरिया- फिर भी बीटा कौन है वो
रवि- काका आपको याद है मैं उस दिन मल्टी भाभी के बाप को आपके घर लाया था
नीलम- वो बुद्धा तो मुझे खा जाने को तैयार था तू उससे शादी करवाएगा मेरी कमीने
रवि एक जोरदार झटका मरता हुआ कहता है
रवि- नहीं मेरी चुदड़ो उससे नहीं बल्कि उसके बेटे से
और है एक बात और हो सकता है तेरा ससुर भी तुझे छोड़ने की इच्छा जताये वैसे भी वो तुम्हारी जवानी का आधा मजा तो चख hi चूका है बचा हुआ आधा सधी के बाद शाखा देना
हरिया- तो ठीक हसि बीटा तू जल्दी hi बात कर उससे नहीं तो अगर ज्यादा देर हो गई और इसका पेट फूलना चालू हो गया तो मैं कहि का नहीं रहूंगा
रवि- पेट फुलाया भी तो तुम्ही ने है न काका
हरिया- अब जो हो गया उसे तो नहीं बदल सकते न बीटा
रवि- और वैसे भी वो कुछ hi दिन में अपनी बेटी को लेकर आने वाला है मैं तभी उससे बात करलूँगा और हो सखे तो लड़की दिखने तुम्हारे घर भी ले आऊंगा उसी
वैसे तो वो पहले hi लड़की को छुड़वाते हुए देख चूका है हाहाः
नीलम- है है हस्स ले कमीने है ले
कुछ hi देर में रवि और हरिया दोनों एक साथ नीलम की गांड में झाड़ जाते है जैसे hi दोनों लुंड मुरझाते हुआ बहार आते है नीलम की गांड से एक जोरदार पाद के साथ साथ उसके बापू और रवि का वीर्य भी बहार आने लगता है
नीलम जमीन पर पड़ी पड़ी हाफ रही थी उसकी हालत इस पल देखने लायक थी
नीलम की गांड का छेद किसी बड़ी बाल जितना खुल गया था जिसे देख कर रवि एक जोरदार छठा उसकी गांड पर मरता है
रवि- देखो तो काका कैसे खुल रहा है दीदी का छेद अब ये हो गयी एक साथ 3-3 लुंड से छुड़वाने लायक
पर अभी इसके दूसरे छेद को भी बढ़ाना होगा
नीलम रवि की बात सुनते hi पताक से खड़ी होती हुई अपने कपडे पेहेन कर बहार भाग जाती है
हरिया- बीटा आज नहीं उसे कुछ ज्यादा hi दर्द हुआ मालूम पड़ता किसी और दिन एक साथ उसकी सबूत छोड़ेंगे
रवि- तो तय रहा काका जिस दिन तुम्हारा समधी आएगा उसी दिन नीलम दीदी की छूट में एक साथ लुंड डालेंगे
हरिया - ः बीटा जरूर वैसे रेखा को भी ला सकते हो क्या तुम उस दिन बड़े दिन हो गए इससे मिले हुए
रवि- सेल बुड्डेह इजात से बात कर रहा हु तो रास नहीं आ रही चुप चाप निकल जा लौड़े नहीं तो यही झुका कर तेरा छेद भी तेरी बेटी जितना hi फैला दूंगा
हरिया रवि की बात सुनकर तुरंत hi भाग जाता है
रवि वैसे hi नंगा अपनी खत पर पसर जाता है
रवि का लुंड अब तक नीलम की गांड के निकली चिपचिपाहट से सना हुआ था
रवि- अब तुम्हे मुझसे कोई दूर नहीं कर सकता कम्मो दीदी तुम सिर्फ मेरी हो सिर्फ मेरी मेरी दोनों दीदियो पर सिर्फ मेरा हक़्क़क़ होगा सिर्फ और सिर्फ मेरा