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Part 76वो तुरंत अपने पापा को फ़ोन लगता hai….papa कहाँ हो आप? मुझे आपसे मिलना है.
रोहित उसे बोलता है के वो दस मिनट में पहुचंह रहा है. इतने में उसे बहार से मेहुल आती दिखाई देती है. वो मेहुल के पास जाकर बोलता hai…arey दीदी कहाँ गए थे आप अकेले.
उसके हाथ में एक बैग था. जिसमे कुछ कपडे the….bhai मैंने टेलर को कुछ कपडे दे रखे थे उन्हें hi लेने गयी थी.
रोहन हैरान hokar…aap गयी कैसे थी?
Mehul…auto में भाई और कैसे?
रोहन… नाराज़ होते hue…arey दीदी आप अकेले गए वो भी ऑटो में. क्या बात आपको इतना भरोसा नहीं के आपका भाई आपको मार्किट लेकर जायेगा.
Mehul…bhai सोचा तो था मैंने. पर तुम अनु बुआ के साथ रजत फूफा को लेने गए थे न. तो इसीलिए मैंने सोचा पास hi तो है खुद hi ले आती हूँ.
Rohan…aage से आप अकेली नहीं जाओगी दीदी और ऑटो में तो बिलकुल भी नहीं. ये बाइक और गाड़ी किसलिए है अगर मेरी बहिन को ौटों में जाना पड़े तो?
मेहुल खुश होकर उसका माथा चूमकर कहती hai…mujhe फख्र है अपने भाई पर.
Rohan…muskura kar…mujhe भी अपनी दीदी पर बहुत फख्र है.
वो अंदर चली जाती है तो रोहन देखता है के रोहित आ गया है. इससे पहले के वो अंदर जाता रोहन उसे आवाज़ देकर पार्क में बुला लेता है.
रोहित रोहन से बोलता hai…kya बात है रोहन कोई जरुरी बात करनी थी क्या?
Rohan…papa बात इतनी भी जरुरी नहीं है पर आपको बतानी भी जरुरी है.
Rohit…haan हाँ बोलो बीटा जो भी बात है खुलकर बताओ.
Rohan…wo मैं आज अनु बुआ के साथ रजत फूफाजी को लेने गया था.
Rohit…haan कुछ हुआ क्या वहां?
Rohan…papa जब वो दोनों अपने रूम में थे तो मैंने उनकी बातें सुन ली थी.
Rohit…koi खास बात जो मुझे बताना चाहते हो?
Rohan…haan पापा. आपको पता hi है रजत फूफाजी को ड्रिंक का शौक है. तो वो अनु बुआ को बोल रहे थे के मैं तो अपने सैलून को बोलूंगा नहीं. क्यूंकि मैं उनसे काफी छोटा हूँ. पर पता नहीं वो मुझे ड्रिंक्स ऑफर करेंगे के नहीं.
रोहित मुस्कुरा कर कहता hai…bas इतनी सी बात है रोहन बीटा. तुमने अच्छा किया मुझे बता दी ये बात. अभी थोड़ी देर में मैं और राकेश रजत जीजा को लेकर बैठने hi वाले थे. तुम चिंता न करो. हम राजा देंगे रजत को व्हिस्की से.
Rohan…muskura kar…bas पापा यही डिसकस करना था आपसे. वैसे सही किया न मैंने.
Rohit…achha तूने तो नहीं लगनी न?
Rohan…hanste hue…aap चिंता न करो पापा हम बचे अपने हिसाब से मज़े कर लेंगे.
Rohit…haan बीटा एन्जॉय करो खूब. दोनों बाप बीटा हंस देते हैं. फिर रोहन अंदर आ जाता है.
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रोहन अपने कमरे में आता है तो देखता है के नेहा बिस्तर पर बैठी अपने बालों को बांध रही थी. अभी अभी उठी थी शायद. उसे देखकर नेहा के चेहरे पर मुस्कान पता नहीं कहाँ से आ गयी.
Neha…muskura kar…yaar रोहन ऊपर जाने का मन नहीं था इसलिए तुम्हारे रूम में hi सो गयी. तुम्हे बुरा तो नहीं लगा न.
Rohan…arey दीदी, पूरा घर आपका है. आप कहीं भी सो सकती हो.
Neha…uski गाल पर चिकोटी kat-te hue…waise तुम हो बहुत क्यूट. कहते हुए बाथरूम में चली जाती है और शायद पेशाब करने लगी थी अंदर जाकर क्यूंकि सिटी बजने जैसी आवाज़ आ रही थी और ये आवाज़ रोहन को अक्सर एक्साइट कर देती है. रोहन के लुंड में हलचल होने लगती है.
रोहन दरवाजे की और hi देख रहा था जब नेहा वहां से बहार निकलती है. क्या?? नेहा उसको ऐसे उत्सुकता से देखते हुए देखती है. रोहन मुस्कुरा कर ना में गर्दन हिला देता है. नेहा भी न में गर्दन हिलती है जैसे कहना छह रही हो इन लड़को का कुछ नहीं हो सकता और वो रूम से बहार निकल जाती है.
भंवरा जहाँ होगा मधुमखियां आ hi जाती हैं. सबसे पहले रूही आयी और रोहन की गॉड में बैठ कर बोलती hai…bhai कल मेरा गिफ्ट याद है जो मुझे आपसे चाहिए.
रोहन उसकी गाल पर किश करते हुए बोलता hai…waise तो मुझे अंदाज़ा है रूही तुम्हे क्या चाहिए पर फिर भी मैं तुमसे कल hi पूछूंगा आज नहीं.
रूही मुस्कुरा देती है और कहती hai….aap सच में बहुत अच्छे हो भाई. बहनो का कितना ख्याल है आपको. बिना बोले hi आपको हर बात पता चल जाती है.
Rohan…muskura kar…to और कौन है मेरा मेरी बहनो के सिवा. रूही उसके होंठों पर होंठ रख देती है तो रोहन उन्हें चूसने लगता है और बोलता hai…happy बर्थडे इन एडवांस माय लिटिल डॉल.
रूही खुश हो जाती है. उसे उसकी मम्मी आवाज़ लगाती है तो उसे जाना पड़ता है. इतने में शानू आ जाती है. उसकी एकलौती बहिन जिसको रोहन ने छोड़ा है. एक तरह से वो उसकी गर्ल फ्रेंड बन चुकी थी. रोहन अपने ऊपर चद्दर ओढ़ के बैठा था. शानू उसके बगल में बैठकर उसे किश करते हुए उसकी लोअर में हाथ डालकर उसके लुंड को पकड़ते हुए कहती hai…bhai मुझे ये चाहिए.
Rohan…usko किश करते hue…par बचे अभी सभी हैं. कैसे कर सकता हूँ भला.
Shanu…sabhi को तो पता है के तुम मुझे छोड़ते हो. तो फिर कैसी शर्म.
Rohan…nahi बचे. अभी बड़ों को नहीं पता, नेहा को नहीं पता. तुम्हारी मम्मी ने देख लिया तो अच्छा नहीं होगा बीटा.
शानू बेबसी सी दिखती है और कहती hai…achha चूस तो सकती हूँ न भाई?
Rohan…haan चद्दर में मुँह डालकर चूस लो थोड़ा. शानू चद्दर में मुँह डालकर चूसने लगती है तो रोहन की ऑंखें बंद हो जाती हैं. उसे ये भी दर था के कोई आ न जाये. पर वो अपनी बहनो की ज़िद के आगे झुक hi जाता था.
दो मिनट भी नहीं हुए थे के मेहुल दीदी आ जाती है. वो देखती है के चद्दर में हलचल हो रही है तो मुस्कराकर इशारे से रोहन से पूछती है. रोहन कहता hai..shanu है दीदी. बेचारी हाफ मज़ा ले रही है.
Mehul…to बेचारी को फुल मज़ा दे दो न. क्यों तड़पा रहे हो.
Rohan…didi कोई आ न जाये कहीं. मेहुल उसे कहती है के वो सभी बहनो को फ़ोन करके बोल देती है कोई ना आये.
कहकर वो दरवाजा लॉक करके खुद दूसरी साइड पर बैठ जाती है. और इमेजिन करती है के चद्दर के अंदर क्या चल रहा होगा.
Mehul…kar लो भाई. बची को क्यों तड़पा रहे हो.
रोहन का खुद भी मन था. उसने जब से नेहा की छूट की सिटी सुनी थी तब से उसके लुंड को हसरत हो गयी थी छूट की. उसने शानू को लेटाया और उसके कपडे उतर कर फेंक दिए. पहले तो जो मज़ा उसे शानू से मिला था वही मज़ा अब वो उसे देने लगा था यानि शानू ने उसका लुंड चूसा था तो अब वो शानू की छूट चूसने लगा था.
शानू की आनंद से ऑंखें बंद हो गयी इतना मज़ा आ रहा था उसे. फिर रोहन ने टाइम वास्ते न करते हुए एक hi झट में अपना लुंड शानू की छूट में घुसा दिया. शानू boli…dhire किया करो भाई. दर्द होता है.
रोहन को मस्ती चढ़ी हुई थी आज वो रफ़ सेक्स के मूड में था. उसने जोरदार सेक्स करना शुरू कर दिया. दोनों की आहों से मेहुल को खुद भी मस्ती चढ़ गयी थी. वो भी चद्दर के अंदर hi थी. रोहन मेहुल से bola…didi अपनी लोअर निचे सरका दी. मेहुल ने ऐसा hi किया. रोहन अपने हाथ से मेहुल को भी मज़े देने लगा.
मेहुल के लिए इतना hi काफी था. वैसे आज की डेट में वो रोहन से और भी बहुत कुछ चाहती थी. जैसे hi तीनो फारिग हुए तो किसी ने अचानक दरवाजा खटखटाया. तीनो ने फटफट कपडे सेट किये और मेहुल ने दरवाजा खोला तो नेहा हैरान सी कड़ी थी दरवाजे पर.
वो अंदर आयी और तीनो के चेहरे को पढ़ने की कोशिश करने लगी. वो फिर अचानक से सूंघने लगी और boli…tum लोग क्या कर रहे थे यार कुण्डी लगाकर और ये अजीब सी गंघ कैसी है. शायद उसे समझ ना आ गयी हो कहीं क्यूंकि ये इन तीनो के मज़े की गंध थी.
मेहुल hi बोली akhir…didi कैसी गंध हमें तो महसूस नहीं हो रही.
Neha…bed की बैक पर से अपना क्लिप उठाते hue..arey मेहुल मुझे बेवकूफ न बनाओ. मैं इस रूम में तीन घंटे सोकर गयी हूँ तब कोई गंध नहीं थी अभी आधे घंटे में ऐसा क्या हो गया जो ये तीखी गंध फ़ैल गयी.
रोहन बात को ख़त्म करते हुए bola…arey दीदी आपको ऐसा hi लग रह है. अच्छा आप लोगों को आइस क्रीम कहानी है क्या? यहाँ मोड़ पर hi एक आइस क्रीम पार्लर खुला है.
तीनो ने बड़े जोश के साथ kaha…haan. यार इन लड़कियों को आइसक्रीम इतनी पसंद होती है के इसके बदले चाहे इनकी छूट भी मार लो. हहहह जस्ट किडिंग.
रोहन ने अपने साथ रूही, मितली और श्रुति भाभी को भी ले लिया. नहीं तो उसे ताने सुनने को मिलने थे.
इन सब को देखकर सोनिआ ममी boli…ye पल्टन को कहाँ लेकर जा रहे हो रोहन.
रोहन bola…mami, यहाँ पास hi आइसक्रीम पार्लर खुला है. वही खाने जा रहे हैं. अभी आते हैं.
Sonia…to क्या हमारा मन नहीं करता. हमारे लिए भी लेकर आना.
Rohan…okay ममी जी. आप बस सबका फलवूर मुझे मैसेज कर देना. सोनिआ बोली ok.
फिर ये सब चल पड़ते हैं घर के मोड़ की और. आइसक्रीम खाने. वो सबके टास्ते हिसाब से उनको आइस क्रीम दिलवा देता है. खुद के लिए नहीं लेता और फिर मम्मी मसि, अनु और ममी के लिए भी पैक करवा के लड़कियों से बोलता hai….tum लोग खाओ मैं उन्हें देकर आता हूँ अभी. अगले मोड़ पर फ़ूड पॉइंट है. बहुत सरे ठेले हैं तरह तरह के खाने और स्नैक्स ke.Tum लोगों का जो मन हो खाना. बस थोड़ी देर वेट करो.
रोहन वापिस घर आ जाता है. उन लोगों को आइस क्रीम देकर जैसे hi वो वापिस जाने लगता है तो देखता है के उसका फूफा रजत पेड़ के पीछे छिपकर किसी से बात कर रहा था. पहले तो वो निकलने लगता है पर फिर सोचता है के एक बार देखा तो जाये के क्या बातचीत हो रही है. तो वो उसके पास आता है. रोहन उसकी बात सुनता है और जो अभी रजत बोल रहा होता है उसे सुनकर रोहन बहुत हैरान होता है.
रोहित उसे बोलता है के वो दस मिनट में पहुचंह रहा है. इतने में उसे बहार से मेहुल आती दिखाई देती है. वो मेहुल के पास जाकर बोलता hai…arey दीदी कहाँ गए थे आप अकेले.
उसके हाथ में एक बैग था. जिसमे कुछ कपडे the….bhai मैंने टेलर को कुछ कपडे दे रखे थे उन्हें hi लेने गयी थी.
रोहन हैरान hokar…aap गयी कैसे थी?
Mehul…auto में भाई और कैसे?
रोहन… नाराज़ होते hue…arey दीदी आप अकेले गए वो भी ऑटो में. क्या बात आपको इतना भरोसा नहीं के आपका भाई आपको मार्किट लेकर जायेगा.
Mehul…bhai सोचा तो था मैंने. पर तुम अनु बुआ के साथ रजत फूफा को लेने गए थे न. तो इसीलिए मैंने सोचा पास hi तो है खुद hi ले आती हूँ.
Rohan…aage से आप अकेली नहीं जाओगी दीदी और ऑटो में तो बिलकुल भी नहीं. ये बाइक और गाड़ी किसलिए है अगर मेरी बहिन को ौटों में जाना पड़े तो?
मेहुल खुश होकर उसका माथा चूमकर कहती hai…mujhe फख्र है अपने भाई पर.
Rohan…muskura kar…mujhe भी अपनी दीदी पर बहुत फख्र है.
वो अंदर चली जाती है तो रोहन देखता है के रोहित आ गया है. इससे पहले के वो अंदर जाता रोहन उसे आवाज़ देकर पार्क में बुला लेता है.
रोहित रोहन से बोलता hai…kya बात है रोहन कोई जरुरी बात करनी थी क्या?
Rohan…papa बात इतनी भी जरुरी नहीं है पर आपको बतानी भी जरुरी है.
Rohit…haan हाँ बोलो बीटा जो भी बात है खुलकर बताओ.
Rohan…wo मैं आज अनु बुआ के साथ रजत फूफाजी को लेने गया था.
Rohit…haan कुछ हुआ क्या वहां?
Rohan…papa जब वो दोनों अपने रूम में थे तो मैंने उनकी बातें सुन ली थी.
Rohit…koi खास बात जो मुझे बताना चाहते हो?
Rohan…haan पापा. आपको पता hi है रजत फूफाजी को ड्रिंक का शौक है. तो वो अनु बुआ को बोल रहे थे के मैं तो अपने सैलून को बोलूंगा नहीं. क्यूंकि मैं उनसे काफी छोटा हूँ. पर पता नहीं वो मुझे ड्रिंक्स ऑफर करेंगे के नहीं.
रोहित मुस्कुरा कर कहता hai…bas इतनी सी बात है रोहन बीटा. तुमने अच्छा किया मुझे बता दी ये बात. अभी थोड़ी देर में मैं और राकेश रजत जीजा को लेकर बैठने hi वाले थे. तुम चिंता न करो. हम राजा देंगे रजत को व्हिस्की से.
Rohan…muskura kar…bas पापा यही डिसकस करना था आपसे. वैसे सही किया न मैंने.
Rohit…achha तूने तो नहीं लगनी न?
Rohan…hanste hue…aap चिंता न करो पापा हम बचे अपने हिसाब से मज़े कर लेंगे.
Rohit…haan बीटा एन्जॉय करो खूब. दोनों बाप बीटा हंस देते हैं. फिर रोहन अंदर आ जाता है.
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रोहन अपने कमरे में आता है तो देखता है के नेहा बिस्तर पर बैठी अपने बालों को बांध रही थी. अभी अभी उठी थी शायद. उसे देखकर नेहा के चेहरे पर मुस्कान पता नहीं कहाँ से आ गयी.
Neha…muskura kar…yaar रोहन ऊपर जाने का मन नहीं था इसलिए तुम्हारे रूम में hi सो गयी. तुम्हे बुरा तो नहीं लगा न.
Rohan…arey दीदी, पूरा घर आपका है. आप कहीं भी सो सकती हो.
Neha…uski गाल पर चिकोटी kat-te hue…waise तुम हो बहुत क्यूट. कहते हुए बाथरूम में चली जाती है और शायद पेशाब करने लगी थी अंदर जाकर क्यूंकि सिटी बजने जैसी आवाज़ आ रही थी और ये आवाज़ रोहन को अक्सर एक्साइट कर देती है. रोहन के लुंड में हलचल होने लगती है.
रोहन दरवाजे की और hi देख रहा था जब नेहा वहां से बहार निकलती है. क्या?? नेहा उसको ऐसे उत्सुकता से देखते हुए देखती है. रोहन मुस्कुरा कर ना में गर्दन हिला देता है. नेहा भी न में गर्दन हिलती है जैसे कहना छह रही हो इन लड़को का कुछ नहीं हो सकता और वो रूम से बहार निकल जाती है.
भंवरा जहाँ होगा मधुमखियां आ hi जाती हैं. सबसे पहले रूही आयी और रोहन की गॉड में बैठ कर बोलती hai…bhai कल मेरा गिफ्ट याद है जो मुझे आपसे चाहिए.
रोहन उसकी गाल पर किश करते हुए बोलता hai…waise तो मुझे अंदाज़ा है रूही तुम्हे क्या चाहिए पर फिर भी मैं तुमसे कल hi पूछूंगा आज नहीं.
रूही मुस्कुरा देती है और कहती hai….aap सच में बहुत अच्छे हो भाई. बहनो का कितना ख्याल है आपको. बिना बोले hi आपको हर बात पता चल जाती है.
Rohan…muskura kar…to और कौन है मेरा मेरी बहनो के सिवा. रूही उसके होंठों पर होंठ रख देती है तो रोहन उन्हें चूसने लगता है और बोलता hai…happy बर्थडे इन एडवांस माय लिटिल डॉल.
रूही खुश हो जाती है. उसे उसकी मम्मी आवाज़ लगाती है तो उसे जाना पड़ता है. इतने में शानू आ जाती है. उसकी एकलौती बहिन जिसको रोहन ने छोड़ा है. एक तरह से वो उसकी गर्ल फ्रेंड बन चुकी थी. रोहन अपने ऊपर चद्दर ओढ़ के बैठा था. शानू उसके बगल में बैठकर उसे किश करते हुए उसकी लोअर में हाथ डालकर उसके लुंड को पकड़ते हुए कहती hai…bhai मुझे ये चाहिए.
Rohan…usko किश करते hue…par बचे अभी सभी हैं. कैसे कर सकता हूँ भला.
Shanu…sabhi को तो पता है के तुम मुझे छोड़ते हो. तो फिर कैसी शर्म.
Rohan…nahi बचे. अभी बड़ों को नहीं पता, नेहा को नहीं पता. तुम्हारी मम्मी ने देख लिया तो अच्छा नहीं होगा बीटा.
शानू बेबसी सी दिखती है और कहती hai…achha चूस तो सकती हूँ न भाई?
Rohan…haan चद्दर में मुँह डालकर चूस लो थोड़ा. शानू चद्दर में मुँह डालकर चूसने लगती है तो रोहन की ऑंखें बंद हो जाती हैं. उसे ये भी दर था के कोई आ न जाये. पर वो अपनी बहनो की ज़िद के आगे झुक hi जाता था.
दो मिनट भी नहीं हुए थे के मेहुल दीदी आ जाती है. वो देखती है के चद्दर में हलचल हो रही है तो मुस्कराकर इशारे से रोहन से पूछती है. रोहन कहता hai..shanu है दीदी. बेचारी हाफ मज़ा ले रही है.
Mehul…to बेचारी को फुल मज़ा दे दो न. क्यों तड़पा रहे हो.
Rohan…didi कोई आ न जाये कहीं. मेहुल उसे कहती है के वो सभी बहनो को फ़ोन करके बोल देती है कोई ना आये.
कहकर वो दरवाजा लॉक करके खुद दूसरी साइड पर बैठ जाती है. और इमेजिन करती है के चद्दर के अंदर क्या चल रहा होगा.
Mehul…kar लो भाई. बची को क्यों तड़पा रहे हो.
रोहन का खुद भी मन था. उसने जब से नेहा की छूट की सिटी सुनी थी तब से उसके लुंड को हसरत हो गयी थी छूट की. उसने शानू को लेटाया और उसके कपडे उतर कर फेंक दिए. पहले तो जो मज़ा उसे शानू से मिला था वही मज़ा अब वो उसे देने लगा था यानि शानू ने उसका लुंड चूसा था तो अब वो शानू की छूट चूसने लगा था.
शानू की आनंद से ऑंखें बंद हो गयी इतना मज़ा आ रहा था उसे. फिर रोहन ने टाइम वास्ते न करते हुए एक hi झट में अपना लुंड शानू की छूट में घुसा दिया. शानू boli…dhire किया करो भाई. दर्द होता है.
रोहन को मस्ती चढ़ी हुई थी आज वो रफ़ सेक्स के मूड में था. उसने जोरदार सेक्स करना शुरू कर दिया. दोनों की आहों से मेहुल को खुद भी मस्ती चढ़ गयी थी. वो भी चद्दर के अंदर hi थी. रोहन मेहुल से bola…didi अपनी लोअर निचे सरका दी. मेहुल ने ऐसा hi किया. रोहन अपने हाथ से मेहुल को भी मज़े देने लगा.
मेहुल के लिए इतना hi काफी था. वैसे आज की डेट में वो रोहन से और भी बहुत कुछ चाहती थी. जैसे hi तीनो फारिग हुए तो किसी ने अचानक दरवाजा खटखटाया. तीनो ने फटफट कपडे सेट किये और मेहुल ने दरवाजा खोला तो नेहा हैरान सी कड़ी थी दरवाजे पर.
वो अंदर आयी और तीनो के चेहरे को पढ़ने की कोशिश करने लगी. वो फिर अचानक से सूंघने लगी और boli…tum लोग क्या कर रहे थे यार कुण्डी लगाकर और ये अजीब सी गंघ कैसी है. शायद उसे समझ ना आ गयी हो कहीं क्यूंकि ये इन तीनो के मज़े की गंध थी.
मेहुल hi बोली akhir…didi कैसी गंध हमें तो महसूस नहीं हो रही.
Neha…bed की बैक पर से अपना क्लिप उठाते hue..arey मेहुल मुझे बेवकूफ न बनाओ. मैं इस रूम में तीन घंटे सोकर गयी हूँ तब कोई गंध नहीं थी अभी आधे घंटे में ऐसा क्या हो गया जो ये तीखी गंध फ़ैल गयी.
रोहन बात को ख़त्म करते हुए bola…arey दीदी आपको ऐसा hi लग रह है. अच्छा आप लोगों को आइस क्रीम कहानी है क्या? यहाँ मोड़ पर hi एक आइस क्रीम पार्लर खुला है.
तीनो ने बड़े जोश के साथ kaha…haan. यार इन लड़कियों को आइसक्रीम इतनी पसंद होती है के इसके बदले चाहे इनकी छूट भी मार लो. हहहह जस्ट किडिंग.
रोहन ने अपने साथ रूही, मितली और श्रुति भाभी को भी ले लिया. नहीं तो उसे ताने सुनने को मिलने थे.
इन सब को देखकर सोनिआ ममी boli…ye पल्टन को कहाँ लेकर जा रहे हो रोहन.
रोहन bola…mami, यहाँ पास hi आइसक्रीम पार्लर खुला है. वही खाने जा रहे हैं. अभी आते हैं.
Sonia…to क्या हमारा मन नहीं करता. हमारे लिए भी लेकर आना.
Rohan…okay ममी जी. आप बस सबका फलवूर मुझे मैसेज कर देना. सोनिआ बोली ok.
फिर ये सब चल पड़ते हैं घर के मोड़ की और. आइसक्रीम खाने. वो सबके टास्ते हिसाब से उनको आइस क्रीम दिलवा देता है. खुद के लिए नहीं लेता और फिर मम्मी मसि, अनु और ममी के लिए भी पैक करवा के लड़कियों से बोलता hai….tum लोग खाओ मैं उन्हें देकर आता हूँ अभी. अगले मोड़ पर फ़ूड पॉइंट है. बहुत सरे ठेले हैं तरह तरह के खाने और स्नैक्स ke.Tum लोगों का जो मन हो खाना. बस थोड़ी देर वेट करो.
रोहन वापिस घर आ जाता है. उन लोगों को आइस क्रीम देकर जैसे hi वो वापिस जाने लगता है तो देखता है के उसका फूफा रजत पेड़ के पीछे छिपकर किसी से बात कर रहा था. पहले तो वो निकलने लगता है पर फिर सोचता है के एक बार देखा तो जाये के क्या बातचीत हो रही है. तो वो उसके पास आता है. रोहन उसकी बात सुनता है और जो अभी रजत बोल रहा होता है उसे सुनकर रोहन बहुत हैरान होता है.