Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 7 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 52इधर मेहुल की भी थोड़ी बात हो जाये. बेचारी का मन hi नहीं लग रहा था अपने भाई के बिना. किचन में माँ की हेल्प कर रही थी. चाय में चीनी की जगह नमक दाल दिया बिना सोचे समझे. माँ ने उसे हिलाकर पूछा, आजकल तेरा ध्यान कहाँ है. सुबह तूने टीशर्ट भी उलटी पहनी हुई थी. किसके ख्यालों में खोयी हो, कोई बॉय फ्रेंड तो नहीं बना liya…maa हँसते हुए बोली.

मेहुल अपनी माँ के हल्का सा मरते hue…arey माँ अगर होगा तो क्या आपको नहीं बताउंगी. और सारा दिन तो घर में पड़ी रहती हूँ. कहाँ से बनाउंगी बर्फ.

Nidhi…aajkal बर्फ बनाने के लिए बहार जाने की क्या जरुरत है. सोशल मीडिया पर इतना तो मटेरियल पड़ा है. लोग उसी प्लेटफार्म को चुनते हैं आजकल साथी ढूंढने के लिए.

Mehul…arey मेरी भोली माँ, जो साथी होते हैं वो बहार मिलने को बुलाते हैं, वो चीज ना भी दूँ हुग और किश तो सभी को चाहिए के नहीं चाहिए.

Nidhi..muh पर हाथ rakhkar…haye कैसे बेशर्मो की तरह बात कर रही हो.

मेहुल हँसते हुए…25 साल होने को आये आपको ये सब करते हुए आपको शर्म नहीं आती शर्म करते हुए.

अबके निधि उसको मारती हुई बोलती hai…aajkal के बचे कितने बेशर्म हो गए हैं.

मेहुल …मन mein….mujhe बेशर्म बोल रही. खुद पापा के इलावा चाचा से भी चुदती hai.tab शर्म कहाँ जाती है इनकी.

Nidhi…ab कहाँ खो गयी फिर से.

Mehul…arey मम्मी आप इस बात को छोडो न. मिलवा दूंगी जब भी होगा कोई.

Nidhi…achha मेरी माँ. चलो तुम दाल को तड़का लगाओ मैं अभी आयी बाथरूम जाकर.

मेहुल फिर से भाई की यादों में खो जाती है. उसे याद आता है वो समय जब रोहन उसकी छूट को कुत्ते की तरह चाट रहा था. मेहुल को अभी भी अपनी छूट पर उसकी जीभ महसूस होने लगती है. आनंद से उसकी ऑंखें मैच जाती है.

मेहुल का हाथ अपने आप अपनी छूट पर पहुँच जाता है. वो उसे सहलाने लगती है. और भाई का नाम पुकारने लगती है. कोई दस मिनट के इस ख्याल में मेहुल अपने चार्म पर पहुंचकर झाड़ जाती है. जब उसका पानी निकल जाता है तो उसे याद अत है के उसकी माँ उसे कुछ काम बोलकर गयी थी.

फिर वो याद करने की कोशिश करती है के निधि ने उसे क्या करने को बोलै था. पर सेक्स के उन्माद की वजह से वो भूल जाती है. इतने में निधि आती है और देखती है के मेहुल फिर से कड़ी सोच रही है. वो आते hi बोलती hai…lagta है अब तेरे पापा को बोलना hi पड़ेगा, के एक अदद दामाद जी का इंतज़ाम कर दें. आपकी बेटी का काम नहीं चल रहा. मेहुल अपनी माँ को मरते हुए गुस्से में बोलती hai…mummy…

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दीक्षा और रोहन नंगे hi लेते हुए थे. दीक्षा रूही को बोलती है तूने अपने भाई के साथ किश तो किया है तो अभी भी किश तो कर hi सकती है न. रूही को दीक्षा की वजह से थोड़ी शर्म आ रही थी. तो वो बैठी रहती है. रोहन उठता है अंडरवियर डालता है और और उसी हाल में रूही के पास जाकर उसको अपनी गॉड में बिठाकर उसके होंठों पर होंठ रख देता है.

दीक्षा को भी लग रहा था के रूही को थोड़ा तो कुछ मिलना चाहिए. इसलिए उसने उसके बारे में सोचा और बोलै. रोहन रूही के कोमल मुलायम और रसीले होंठों को चूसना शुरू कर देता है. रूही को भी ये चाहिए था तो वो भी इस किश का आनंद लेते हुए अपना पूरा जोर लगा देती है किश में.

वो उसकी गॉड में बैठी थी तो ऊपर से घिसती रहती है और इस तरह से जल्दी hi अपना पानी छोड़ देती है. बेचारी को अभी चुदाई का तजुर्बा कहाँ था.

उसको तो जैसे इस किश में hi चुदाई का आनंद मिल रहा था. उसके साथ किश करते करते रोहन का मूड बन गया . हालाँकि वो दो बार पहले भी दीक्षा के साथ चुदाई कर चूका था पर उसे फिर से ठरक जाग जाती है और वो वहां से उठकर अपना अंडरवियर उतर फेंकता है

और सीधे जाकर अपना लुंड दीक्षा के मुँह में घुसेड़ देता है उसके चूसने के लिए. दीक्षा भी एक आज्ञाकारी बचे की तरह उसके लुंड को चूसना शुरू कर देती है. रोहन लुंड चुसवाने में ज्यादा टाइम नहीं लगवाता वो चुदाई में ज्यादा टाइम लगाना छह रहा था.

उसने लुंड को सीधा छूट का रास्ता दिखा दिया और अब तो दानन्दन चुदाई शुरू कर दी सीधे hi. उसने कोई फोर्मलिटी नहीं की के पहले छूट को छठा जाये या उस पर कोई लुबे लगाया जाये. दीक्षा भी दो बार चुदाई करवा के थोड़ा खुल चुकी थी और वो इस मज़ेदार चुदाई का आनंद लेने लगी.

रोहन ने उसके होंठो पर अपने होंठ रखकर अपने हाथों से उसकी दोनों चूचियों को मसलना शुरू कर दिया. दीक्षा को कभी ज़िन्दगी में भी अंदाजा नहीं हुआ होगा के चुदाई में इस हद तक मज़ा आता है. वो तो सोचती थी के सिर्फ थोड़ा बहुत आनंद आता होगा उसके नहीं पता था के चुदाई मतलब स्वर्ग के झूठे.

एक बार अंदर पिचकारी मार दो या दस बार, क्या फर्क पड़ता है. रोहन ने फिर से दीक्षा के अंदर hi पिचकारी मार दी. थोड़ा सुस्ताने के बाद उन लोगों ने अंदर जाने का निर्णय लिया क्यूंकि अब सबको भूख लगी थी.

अंदर कुछ सैंडविच और टोस्ट पड़े थे और ओवन का भी इंतज़ाम कर रखा था उन्होंने. तो बस उन्हें उसको गर्म करके खाना था. चाय और कॉफ़ी के पाउच पड़े थे और कैटल भी थी जिससे वो लोग खुद अपनी अपनी चॉइस का ड्रिंक बना कर पि सकते थे.

सबने कॉफ़ी hi पि और एक एक चीज़ पेट्टी खाई तो कुछ रहत सी मिली. खाना खाने के लिए उन लोगों को रेस्टोरेंट जाना पड़ना था. इतनी हिम्मत उनमे से किसी में नहीं थी. इसलिए उन लोगों ने अभी सोने का निर्णय लिया. तीनो एक hi बीएड पर लेट गए. दोनों लड़कियां रोहन के इर्द गिर्द लेती थी. रोहन बाबू की तो फुल चढ़ाई थी.

शाम को जब इन तीनो की आंख खुली तो भूख के मारे पेट फटने को आ रहे थे इन तीनो के. अब रेस्टोरेंट जाकर hi गुजरा था. खाना टोटली फ्री था. तीनो पूरे कपडे दाल कर निकल लिए रेस्टोरेंट की और. उन्होंने देखा के प्रथम, ruchi,naman और वाणी वहां पहले से बैठे खाना ठूंस रहे थे.

बुफे सिस्टम था. सबने अपनी अपनी प्लेट्स उठाई और अपने हिसाब से खाना डालना शुरू कर दिया. और जब उन लोगों का खाना दाल गया तो वो लोग उन चरों के पास hi आ गए. नमन जो कभी मज़ाक करने से बाज नहीं आता था उसने छेड़ते हुए बोलै.

नमन …हँसते hue…ek के साथ एक फ्री.

Rohan…gusse mein…kya मतलब है तेरा बे.

Naman…muskura kar…chill बीआरओ मैं तो मज़ाक कर रहा हूँ. वैसे भी रूही तो तेरी बहिन है.

Rohan…mazakiya लहजे mein…vani की और देखते hue…aur कुछ लोग तो बहना को भी नहीं chhodte.chod डालते हैं/

नमन और वाणी तो एकदम सकपका गए रोहन की बात सुनकर. वाणी की तो गर्दन hi झुक गयी.

Rohan…mazak भरे लहजे mein…kyun नमन आया मज़ा या तुझे और दिलों मज़ा. प्रथम को बताया तूने?

नमन …अब गुस्से mein…kya बताना है प्रथम को?

Rohan…wahi जो तुम दोनों बातें कर रहे थे झाड़ियों के पीछे se…fir वाणी की और देखते हुए bola…kyun वाणी तुम तो काफी बड़ी लग रही हो नमन से कैसे बानी इसकी गफ. बताओगी क्या? मेरी उम्र की लग रही हो तुम तो.

वाणी ने तो खाना hi छोड़ दिया. उसे लगा उन लोगों की पोल खुल गयी है वो अब नमन को ऑंखें निकाल रही थी और नमन मन hi मन सोच रहा था बहिन छोड़ ये तो पन्गा hi ले लिया इस बन्दे के साथ मज़ाक करके.

Pratham…arey तुम लोग ये इशारों में क्या बातें किये जा रहे हो. हम सब दोस्त हैं. आपस में खुलकर चुदाई कर सकते हैं तो बातें भी खुलकर कर सकते हैं यार. यहाँ कौन सा कोई बेगाना है.

Rohan…mazak में नमन se..oye भेनचोद बता दे न प्रथम को क्या बात है?

नमन और वाणी रोहन के एकदम फ्रैंक होने से घबरा से गए और उन्हें लगा के रोहन दीक्षा और रूही के सामने तो पोल खुल चुकी है अब प्रथम और रूचि के आगे ना खुल जाये कहीं.

Naman…arey यार क्या बातें कर रहे हो रोहन. कुछ भी तो नहीं है. अगर तुम्हे लगता है कुछ है तो तुम hi बता दो न. हम तो दोस्त हैं. और यार सच में सॉरी मैंने तुम्हारे साथ उस वक्त गलत मज़ाक कर दिया. देखो अब तुम्हारे हाथ में है सब कुछ.

रोहन को अब उसका स्वर मिन्नत वाला लगा. तो उसने सोचा चलो इसे बचा लिया जाए.

Rohan…pratham se…kuchh नहीं यार वो हमें इनकी झाड़ियों के पीछे से आवाज़ें आ रही थी. मैंने सुना के नमन जब पहली बार वाणी की चुदाई करने लगा तो अंदर डालने से पहले hi इसका झाड़ गया.

मेरी बात पूरी होते hi प्रथम और रूचि जोर से हंस पड़े. दीक्षा और रूही मेरी और हैरानी से देख रहे थे और नमन को जैसे लगा उसकी जान में जान आ गयी है. वाणी भी अब चैन की सांस ले रही थी.

नमन ने मेरी और ऐसे देखा जैसे के रहा ho..thank यू यार.

प्रथम ने नमन से poochha...oye बहिन छोड़ रोहन सही कह रहा है क्या?

नमन को जबरदस्ती हाँ में सर हिलना पड़ा और वो हड़बड़ा कर bola…hhhhaan.

वो ऐसे बोल hi रहा था के मेरी एक कोने पर बैठे कपल पर निगाह गयी जो किश करने में तल्लीन tha…maine तुरंत रूही से bola…ruhi उधर देख kaun…ruhi ऑंखें फाडे उस कपल को देखने लगी.



दोस्तों आज जितना भी अपडेट मिला है उससे गुजरा करना पड़ेगा और अब से लेकर दस दिन तक आप लोगों को इंतज़ार करना पड़ेगा अगले अपडेट के लिए. क्यूंकि दशहरे तक तो मैं इस साइट को खोलकर भी नहीं देखूंगा. तब तक के लिए अलविदा.
 
Part 53

वो ऐसे बोल hi रहा था के मेरी एक कोने पर बैठे कपल पर निगाह गयी जो किश करने में तल्लीन tha…maine तुरंत रूही से bola…ruhi उधर देख kaun…ruhi ऑंखें फाडे उस कपल को देखने लगी.

रूही ने भी उस और देखा तो वो हैरान रह गयी, ये लड़की कोई और नहीं बल्कि उसके मां की बेटी नेहा थी. ये दोनों उसको साइड से देख पा रहे थे लेकिन दोनों कन्फर्म थे के लड़की नेहा hi थी जो एक उसी की आगे के लड़के के साथ चोंच से चोंच मिला रही थी.

रूही कुछ बोलने लगी तो रोहन ने उसे इशारे से चुप रहने के लिए बोल दिया और उसने अपनी पॉकेट से मोबाइल निकल कर उसकी वीडियो बना ली फिर मोबाइल को वापिस पॉकेट में रखकर bola….chalo यार अब अपने अपने baade(area) में चलते हैं. सभी हंस पड़े और चल पड़े.

अब सभी को नींद आ रही थी. इन लोगों का रात का स्टे था यहाँ पर. दिन में हालाँकि थोड़ी गर्मी थी पर रात ठंडी थी. रोहन ने एक और शॉट लगाया. इतने में रूही और दीक्षा तो सो गयी पर उसे नींद नहीं आ रही थी.

वो टहलने के लिए बहार आ गया और अपनी बहिन नेहा के बारे में सोचने लगा. हालाँकि उसने नेहा को बहुत टाइम बाद देखा था पर फिर भी पहचान लिया था. और वो उसकी बॉडी देखकर हैरान रह गया था के कैसे उसने जबरदस्त बॉडी बना ली है.

फिर मन hi मन सोच कर मुस्कुराने लगा के शायद उसका बर्फ उसे खूब छोड़ता होगा जिससे उसकी बॉडी फूल सी खुल गयी है, क्यूंकि उसके उभार एकदम बड़े बड़े सीने पर अलग hi नज़र आ रहे थे मानो किसी मैदान पर दो पर्वत खड़े हों. पूरा दिन और अभी अभी चुदाई करने के बाद भी रोहन के लुंड ने हरकत करनी शुरू कर दी और ना चाहते हुए भी उसका हाथ अपने लुंड पर पहुँच गया.

अपनी बहिन नेहा की सिर्फ कप्लना मात्र से hi उसके लुंड ने सलामी दे दी थी, अगर वो उसको मिल जाये तो जन्नत hi मिल jaye…rohan सोचने laga…fir हंसने लगा तू साले पक्का बहिन छोड़ बन गया है. तुझे शर्म नहीं आती. किसी बहिन को तो छोड़ दे. वो सोचे जा रहा था और धीरे धीरे लुंड पर हाथ फेरे जा रहा था जिसने अब थोड़ा उठना शुरू कर दिया था.

रोहन ने सोचा आज इसे बहुत बार झाड़ दिया है अब और नहीं. ये सोचकर उसने लुंड को अपने अंडरवियर में दाल लिया. पर वो अंडरवियर में भी पुरे सुरूर में था. सलामी देने को तैयार.

अभी वो अंदर जा hi रहा थे के नमन वाली साइड से उसे वाणी आती हुई नज़र आ गयी. वो हैरान रह गया के वाणी यहाँ क्या लेने आई है.

रोहन थम गया और उसके पास आने का इंतज़ार करने लगा. पास आकर वाणी मुस्कुराती हुई boli…hi रोहन. क्या कर रहे थे. बात करते हुए उसका ध्यान जब रोहन के लुंड पर पड़ा तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट सी छ गयी.

Rohan…kuchh नहीं बहार मौसम का आनंद ले रहा था. और तुम सुनाओ तुम इधर कैसे. बातें चल रही थी पर वाणी की नज़र रोहन के खड़े हुए लुंड पर hi थी.

Vani….rohan तुम्हे कैसे पता चला के मैं और नमन भाई बहिन हैं.

Rohan…arey यार तुम दोनों ने खुद बताया. रोहन मुस्कुरा रहा था.

Vani…hairani se….ham दोनों ने कब बताया.

मुस्कुराते हुए रोहन bola…jab तुम दोनों चुदाई कर रहे थे तो कैसे भाई बहिन की बातें करते करते नमन ने डिस्क्लोसे किया था के तुम दोनों भाई बहिन हो और फिर वो तुम्हे दीदी बोल रहा था.

वाणी की तो गर्दन hi झुक गयी उसकी बात सुनकर इस पर रोहन उसके चेहरे को ऊपर उठाते हुए bola…vani तुमने कुछ गलत नहीं किया. तुम्हे पता है मेरी बहिन रूही भी मेरे बारे में सपने देखती है वो मुझसे छोड़ना चाहती है पर अभी वो 18 से काम है तो मैं उसके बारे में सोच भी नहीं सकता. इसलिए तुम निश्चिन्त रहो के तुमसे कोई गलती हुई है.

वाणी भी मुस्कुराने lagi…thanks यार तुमने मेरे दिल पर पड़ा बोझ सा उतार दिया. फिर उसने कुछ अप्रत्याशित सा कर दिया. उसने उसके अंडरवियर में से उसका लुंड निकलते हुए boli…ab तुमने मेरा इतना बड़ा काम किया है तो कुछ रहत तो मैं तुम्हे भी दे देती हूँ.

रोहन bola…par तुम तो अपने भाई के साथ आई हो. उसे बुरा नहीं लगेगा. हालाँकि रोहन को वाणी के हाथों का सॉफ्ट सा टच बहुत अच्छा लग रहा था पर फिर भी एक जिम्मेदारी का एहसास सा था जो उसे रोक रहा था.

Vani…muskurate hue…maine नमन को अपनी विर्जिनिटी देने का वादा किया था. उसके बाद मैं किसी से भी चुदुँ इसमें उसे कोई प्रॉब्लम नहीं. ये हम दोनों में समझौता हुआ था.

Rohan….wah क्या बात है तुम दोनों भाई बहिन को तो बहुत स्मार्ट हो.

Vani….ab बातें hi करोगे या फिर कुछ करवाओगे भी?

रोहन मुस्कुराते hue…kariye मैडम आपने क्या करना है. वाणी घुटनो के बल घास पर बैठ गई और अपने मुँह को सीधे रोहन के लुंड पर ले जाती है और कुछ सोचकर रूकती हुई बोलती hai…diksha के साथ सेक्स करने के बाद इसे धोया भी है क्या? हँसते हुए वाणी बोली तो रोहन बोलै.

Rohan..main नहाया था और इसे साबुन से साफ़ किया था. उसके कुछ भी बोलने से पहले वाणी ने रोहन ने खड़े हुए लुंड को अपने मुँह में ले लिया और लगी चूसने. रोहन की आनंद से आँखें बंद हो गयी. उसने तो सोचा था अब इसे थोड़ा आराम दूंगा पर इसकी किस्मत में आराम कहाँ. मन hi मन हंसने लगा रोहन.

वाणी बड़ी hi शिद्दत के साथ रोहन के लुंड को चूसने लगी और ऊपर मुँह करके उसकी आँखों में ऑंखें डेल बैठी थी. एक काम उम्र और एक मातुरे लड़की में फर्क तो होता hi है. कुछ चीजें अपने आप सिख जाती है चाहे उसने पहले कभी कुछ इस तरह का किया हो या न.

उसका यूँ लुंड चूसते हुए आँखों में देखना रोहन के मज़े को दुगुना कर रहा था. रोहन ने उसके बालों को पकड़ा और जोर जोर से अपने लुंड पर उसके मुँह को आगे पीछे करने लगा. इससे उसको तो बहुत मज़ा आया पर वाणी की सांसे hi रुक गयी. पर उसके लिए ये एक अनोखा अनुभव था. कुछ अच्छा भी लगा कुछ दुखदाई भी.

रोहन से जब और सहा न गया तो उसने वाणी को ऊपर उठाया और उसकी टीशर्ट को पकड़ कर निकलने से पहले bola….vani तुम चुदाई के लिए तैयार हो क्या?

वाणी boli…haan रोहन. निकल दो मेरे कपडे. रोहन ने एक मिनट भी नहीं लगाया वाणी को निर्वस्त्र करने में.

वाणी की स्पंज जैसी मुलायम और एकदम तानी हुई चिचियाँ देखकर रोहन का लुंड हिलोरे खाने लगा. वो सलामी दे रहा था. खड़े खड़े उसका लुंड वाणी की छूट से टकरा रहा था रोहन ने पहले उसकी चूचियों को चूसना शुरू किया. वाणी की सिसकारिआं रोहन को और उत्तेजित कर रही थी.

खड़े खड़े hi वाणी के बूब्स चूसते हुए रोहन अपने लुंड को वाणी की छूट से टकरा रहा था. वाणी उफ़ उफ़ आह आह करके सेक्स की वजह से उसके शरीर में हो रही हलचल को जाहिर कर रही थी. उत्तेजना ने दोनों को ऐसा घेरा के अब और सेहन करना मुश्किल था. हालाँकि दोनों कितनी hi बार चुदाई कर चुके थे पर यहाँ पर इकोनॉमिक्स का घटते प्रतिफल का नियम भी फ़ैल हो जाता है. सेक्स से इंसान का कुछ समय के लिए तो मन उखड सकता है पर बहुत ज्यादा समय वो इससे दूर नहीं रह सकता.

रोहन ने वाणी को घास पर hi लिटा दिया और लगा उसके शरीर को बेतहाशा चूमने. वाणी आँखें बंद करके इस अति उत्तेजना पूर्ण क्रिया को महसूस कर रही थी. वाणी का शरीर उत्तेजना के मारे बार बार ऊपर की और उठ रहा था. उसको अपने भाई के साथ सेक्स में वो मज़ा कहाँ आया था जो अभी रोहन के साथ फोरसेक्स में आ रहा था.

कभी बूब्स कभी पेट फिर नाभि और चूमते चूमते रोहन निचे आ गया जहाँ पर प्रकीर्णित प्रदत्त एक बहुत hi सुन्दर और सुगन्धित फूल होता है. उस फूल के रास का स्वाद इंसान आदिकाल से लेता आया है और उसका रास चखने के लिए तो इंसान भूतकाल में मरने मारने पर भी उतारू हुए हैं.

तो रोहन तैयार था उस फूल का रास चूसने को इसलिए उसने अपनी जीभ को उस जगह पर टिका कर उसे सख्त जीभ से कुरेदना शुरू कर दिया. बंद आँखों से उछलती हुई वाणी अपने सामयिक प्रेमी की इस क्रिया का पूरे दिल से आनंद ले रही थी. जब वो उछलती तो रोहन की जीभ थोड़ी और अंदर चली जाती और उसे ऐसा करते जब दो मिनट के करीब हो गए तो रोहन के लुंड ने बगावत कर दी.

उससे जब रहा न गया तो उसने उठकर अपने लुंड को वाणी की छूट पर टिका दिया. वाणी boli.aram से करना तुम्हारा लुंड नमन के लुंड से दोगुना बड़ा है.

रोहन शरारती अंदाज़ में मुस्कुराया और अपने लुंड को छूट की दरार पर टिका कर उसने एक जोरदार धक्का मारा. ऐसा दर्द तो वाणी को पहली बार में नहीं हुआ था जैसा अभी एक hi झटके में हुआ. उसकी ऑंखें जोर से भींच गयी और उसके मुँह से nikla….teri बहिन की छूट rohan…bola था न के आराम से करना. भें छोड़ फिर भी छूट फाड़ डाली तुमने.

रोहन मुस्कुराता हुआ boli…saali भाई छोड़. अभी तो मैंने बहने छोड़ी नहीं हैं अपनी पर तू तो भाई को छोड़ चुकी है. अब तक तूने आराम से होने वाले सेक्स का आनंद लिया है अब जोरदार ताबड़तोड़ सेक्स में हो रहे दर्द का मज़ा ले. कसम है मुझे अपने लुंड की तेरी छूट की तसल्ली न करवा दी तो मुझे भी रोहन नहीं लोदु कहना.

वाणी की तो ऑंखें चौड़ी हो गयी रोहन की बातें सुनकर. पर वो सही भी तो बोल रहा था के इस दर्द में भी इक अलग hi मज़ा है. जो वाणी अब चख रही थी. दर्द में भी उसे असीम आनंद मिल रहा था. अब वाणी उछाल उछाल कर रोहणके लुंड और गहराई तक लेने की कोशिश करने लगी.

रोहन भी तो स्वर्ग की अनुभूति कर रहा था. वो अपने आप को सातवें आसमान पर पहुंचा महसूस कर रहा था. बहुत hi तेज़ और तबाडोज़ चुदाई ने माहौल कुछ ऐसा बना दिया था के दोनों की सिसकारियों की आवाज़ें कोई दूर से भी सुन सकता था. रोहन वाणी की गर्म गर्म गुफा को महसूस करके उत्तेजित हो जाता तो वाणी अपने अंदर हो रहे मूसल के प्रहारों से. ऐसे hi दोनों को इस खेल को खेलते हुए जब 15-20 मिनट हो गया तो वाणी दूसरी बार झड़ी. उसके कुछ hi पलों में रोहन भी झड़ने लगा. वो बहुत ज्यादा थक चूका था.

उसने देखा के वाणी के चेहरे पर मुस्कान है. वो बोलै क्यों दर्द इतना पसंद आया के मुस्कुरा रही हो तो वाणी boli….apne पीछे देखो.

रोहन ने मुड़कर देखा तो नमन बड़े गौर से अपनी बहिन को किसी पराये मर्द से चुड़ते हुए देख कर बड़ी hi हैरानी से खड़ा था.

रोहन के उसकी और देखते hi नमन वाणी से bola…chudai का आज तेरा पहला hi दिन था और तू एक hi दिन में रंडी बन गयी साली.

Vani…tu तो बोल hi मत कुत्ते. तूने मुझे कहा हुआ था तुझे विर्जिनिटी दूंगी तो उसके बाद मैं चाहे किसी काळा कुत्ते से भी चुदाई कर लूँ, रोहन तो फिर भी असली मर्द है.

Naman…kyun मैं असली मर्द नहीं था. मेरे लुंड में ताकत नहीं थी क्या.

Vani…wo ताकत नहीं थी कमीने जो रोहन के लुंड में है. इसने मुझे वो मज़ा दिया है जिसकी मैंने सदा से कल्पना की थी.

फिर अपनी छूट पर ऊँगली लगा कर उसे दिखती हुई boli…dekh तूने आधी अधूरी विर्जिनिटी ली थी मेरी. बाकि की आधी तो रोहन के हिस्से आयी. उसने मेरी पूरी सील तोड़ी. तुम्हारा तो कुछ इंच अंदर जाने के बाद hi जवाब दे गया. पर रोहन ने बताया के असली चुदाई क्या होती है.

Naman….chal अब ज्यादा बातें ना बना अपनी तरफ चल मेरा बहुत मन हो रहा है तुझे छोड़ने का.

वाणी कानो को हाथ लगते हुए boli…na बाबा न अब और चुदाई नहीं. तेरा मैं मुँह से कर दूंगी. इसने तो मुझे दो दिन बिस्तर से उठने के काबिल नहीं छोड़ा है.

वाणी उठी अपने कपडे पहने और लंगड़ा कर चलने लगी. रोहन उसे इस हाल में देख कर मुस्कुरा रहा था. आज उसने असली मज़ा लिया था चुदाई का. जैसे गुस्से में कर रहा हो. रोहन नंगा hi अंदर चला गया और देखा के दोनों लड़कियां घोड़े गधे बेच कर सो रही हैं. रूही के ऊपर कपडा नहीं था उसने बड़े hi प्यार से उसके चेहरे पर हाथ फेरने के बाद उस पर कपडा दाल दिया और दोनों के बीच दीक्षा को जफ्फी डालकर सो गया.

अगले दिन सुबह ब्रेकफास्ट पर नमन की बेवकूफी की वजह से वाणी और रोहन की चुदाई की पोल खुल गयी क्यूंकि वाणी सुबह भी लंगड़ा कर चल रही थी तो कारन पूछने पर नमन ने सबको बता दिया.

दीक्षा अजीब सी नज़रों से रोहन की और देखने लगी तो रोहन bola…dekho दीक्षा अभी मैंने तुमसे कोई कमिटमेंट नहीं की है. तुम्हे भी कोई और पसंद आता है तो तुम उससे चुदाई कर सकती हो.

दीक्षा ने नज़रे नीची कर ली पर कुछ नहीं बोली. वो शायद सोचने लगी थी के रोहन उसका बॉय फ्रेंड है. रूही ने धीरे से उसके कान में कुछ कहा तो दीक्षा थोड़ी मुस्कुराने लगी. फिर सब लोग आराम से

रूचि लगातार रोहन की और hi देखे जा रही थी और मन hi मन सोच रही थी के असली मर्द है रोहन जिसने वाणी की ये हालत कर दी है. काश वो भी एक बार उसके साथ सेक्स कर सकती तो कितना अच्छा होता. पर वो किसी भी हाल में अपने बॉय फ्रेंड प्रथम को नाराज़ नहीं करना चाहती थी.

ऐसे hi इनको शाम हो जाती है और इन्हे वन वापिस होटल के लिए लेने आती है, जिसमे ये लोग वापिस चले जाते हैं. इन्हे फिर से दुबारा नेहा कहीं भी दिखाई नहीं देती है.

रोहन महसूस कर रहा था के वापिस होटल में आने के बाद दीक्षा रोहन के टच का आनंद नहीं ले प् रही थी तो वो भी उससे थोड़ी दूरी बना लेता है.

रूही इस बात को नोटिस कर रही थी पर उसने दोनों से इस बारे में कुछ नहीं कहा. रोहन ने सुबह उठते hi सबसे पहले दीक्षा से एक और बार क्लियर कर दिया के वो अभी किसी कमिटेड रिलेशन में नहीं रहना चाहता. वो सिर्फ फन करना चाहता है. ये सब बाद में देखा जायेगा. दीक्षा भी समझ जाती है और खुश हो जाती है. दोनों अच्छे दोस्तों की तरह वापिस आते हैं. रूही भी खुश थी के दोनों की ग़लतफ़हमीयन दूर हो गयी हैं.

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घर आने पर सब लोग इनका बेसरी से इंतज़ार कर रहे थे. मेहुल hi इन दोनों के लिए पानी लेका आई. रोहन ने बस hi दीदी बोलै और पानी पिने लगा. उसने उसे ना तो घर कर देखा और न hi कोई बात की.

मेहुल ने खुद hi बात की शुरुआत करते हुए kaha…to कैसा रहा तुम दोनों का ट्रिप.

मैं कुछ कहता उससे पहले hi रूही बोल padi…..bahut मज़ा आया दीदी हम लोग वहां दो दिन खूब घूमे खाया पिया. मेहुल हैरान थी के रोहन उसकी बात का जवाब नहीं दे रहा है.

Mehul…oh अच्छा और रोहन लगता है तुमने मज़े नहीं किये वहां.

रोहन bola…arey नहीं दीदी. बहुत मज़े किये. इस तो थे पॉइंट जवाब से मेहुल संतुष्ट नहीं हुई. उसे लग रहा था के रोहन के मन में कुछ तो चल रहा है.

जी हाँ दोस्तों रोहन के मन में वाकई कुछ चल रहा था. उसकी बहिन उसे अपना शरीर दिखाना नहीं चाहती थी और रोहन का मन कर रहा था वो अपनी बहिन की छूट के चीथड़े उदा दे. वो तड़प रहा था अपनी बहिन को पाने के लिए.

इसलिए उसने सोचा के कुछ दिन बहिन से थोड़ी दूरी बनाई जाये. ताकि वो भी तड़पे. क्यूंकि खून तो उसके मुँह को भी लग hi चूका है. वो जब तक खुद न कहे के भाई मेरी मार लो तब तक रोहन उसे तड़पने वाला था.

उसने सोच लिया था के वो उसके साथ बिलकुल नार्मल बेहवे करेगा पर एक भाई की तरह. उसके साथ किसी भी सेक्सुअल गतिविधि में हिस्सा नहीं लेगा न hi उसे कोई मौका देगा ऐसा करने का. एक तरह से कह लो तो रोहन मेहुल को मज़ा चखने वाला था.

वैसे कुछ hi दिनों में इनके मम्मी पापा की ट्वेंटी फिफ्थ एनिवर्सरी आने वाली थी. उसकी तयारी के लिए इन्हे एक दुसरे का बहुत साथ चाहिए था. इसलिए रोहन के लिए ये मुश्किल तो होने वाला था पर उसने सोच लिया था के उसने मेहुल को कैसे हैंडल करना था.

इसलिए बहुत hi सोच समझकर वो उसके साथ ऐसा बेहवे कर रहा था. मेहुल उसके बाद चाय बना लाइ. और बातें डिटेल में निकलवाने की कोशिश करने कर रही थी पर रोहन तो थे पॉइंट hi बात किये जा रहा था. इसका एक और भी कारन था. रोहन ने वहां सिर्फ और सिर्फ चुदाई की थी, वो भला क्या बताता मेहुल को के वहां क्या किया था.

मेहुल ने भी फिर ज्यादा बात नहीं की इस बारे में पर उसे चिंता हो hi गयी थी के रोहन उसके साथ सही बेहवे क्यों नहीं कर रहा है.

शाम को रोहन घर पर hi बने गयम में चला गया एक्सरसाइज करने. उसे लगा के एनर्जी बहुत वास्ते कर ली है अब कुछ बनाई जाये. वापिस आया तो वो पसीने में भीगा हुआ था. उसने बस एक रंगदार सी बनियान और लोअर पहन कर आया तो उसका शरीर पूरा चमक रहा था. खासकर उसकी छाती बहुत hi ज्यादा चमक रही थी पसीने की वजह से और एक बहुत hi सेक्सी लुक दे रही थी.

पता नहीं अचानक या फिर जान बूझकर रोहन रसोई के पास से गुजरा. मेहुल रसोई के बहार hi राखी चेयर पर बैठी थी. उसकी निगाह अपने भाई के शरीर पर जाती है तो उसका दिल धक् से रह जाता है और छूट में सरसराहट सी होती है. और उसके साथ hi रोहन के गुजरने से उसके पसीने की गंध जब मेहुल के नथुनों तक पहुँचती है तो वो पागल सी हो जाती है और सोचने पर मजबूर हो जाती है के क्या उसे रोहन के साथ सेक्स करना चाहिए. पर अगले hi पल उसका दूसरा मन इस बात को नकार देता है.

ऐसे hi करते करते शाम हो जाती है और मेहुल और रोहन का कई बार टकरा होता है पर बातचीत नहीं. हालाँकि मेहुल को दर्शाने के लिए के वो नार्मल है, कई बार वो उसे देखकर मुस्कुरा देता. मेहुल को उसकी इस मुस्कराहट में बनावटी पैन नज़र आता.

अब मेहुल रात होने का इंतज़ार कर रही थी और सोच रही थी के रोहन को पहले से भी ज्यादा मज़ा देगी. फिर वो अपने आप नार्मल हो जायेगा. पर ये तो मेहुल की अपनी सोच थी ना.

रात भी होनी hi थी, हो गयी और मेहुल ने रूही के सोने का इंतज़ार किया. रूही ने आज जल्दी सोना hi था क्यूंकि थकी हुई थी. मेहुल ने बहार जाकर रोहन के कमरे का दरवाजा खटखटाया जैसे वो पहले खटखटाती थी. बहुत hi धीरे, ताकि किसी को पता न चले. पर कोई हलचल नहीं होती, जबकि पहले तो एक इशारा hi चाहिए होता था और रोहन तुरंत भाग के दरवाजा खोल देता था या फिर दरवाजा खुला hi रखता था. पर आज दरवाजे पर लॉक लगा हुआ था.

इधर रोहन की बात करें तो उसे मेहुल के दरवाजा खटखटाने से पहले hi उसके आने का पता उसकी पदचाप से चल गया था. वो ऐसे hi लेता हुआ था और अपनी बहिन के नाम की hi मुठ मार रहा था. आह दीदी तुम्हे तड़पने में बड़ा मज़ा आ रहा है, ऐसे नहीं तड़पाऊंगा तो तुम्हारी छूट कैसे मरूंगा. छूट मरते हुए रोहन ये सब बड़बड़ा रहा था.



बहार कड़ी मेहुल को जब दस बारह मिनट हो गए तो वो निराश हो गयी और वापिस अपने कमरे में आ गयी. हालाँकि रोहन को अपनी बहिन के लिए बहुत बुरा लग रहा था. पर ये इस रिश्ते को आगे बढ़ने के लिए बेहद जरुरी था.
 
दोस्तों आज एक लम्बे आरसे बाद नया अपडेट आया है. देरी के लिए माफ़ी चाहता हूँ. इनकम टैक्स रिटर्न्स, जिनकी फर्म्स ऑडिट होती हैं उसमे बिजी था एक और रेतुर्न जो कम्पनीज एक्ट के तहत होती है. उसमे भी. हर इंसान की लाइफ में अपनी hi तरह की vyast-tayen होती हैं. आशा करता है आप लोग समझोगे और इस कहानी को ऐसे hi प्यार देते रहोगे.
 
Part 54मेहुल सोच में पद गयी के रूही के साथ ट्रिप पर जाने के रोहन एकदम से बदल गया है. इसका क्या कारन हो सकता है. अगले दिन रात को मेहुल रूही से पूछती है.

Mehul…to रूही तुम लोग कौन कौन गए थे ट्रिप पर.

रूही को तो पता hi नहीं था के उसकी दीदी ऐसे क्यों पूछ रही है. उसने सबके नाम बता दिए के दीक्षा, मैं भाई, एक दोस्त नमन उसकी फ्रेंड vani(usne बहिन नहीं बताया) , प्रथम और रूचि इन सबके नाम बता दिए और उन सबको दोस्त बताया.

मेहुल ओह गुड, काफी लोग थे, rohan,tumhare और दीक्षा के इलावा बाकि दो तो कपल hi रहे होंगे ना.

Ruhi…haan दीदी वो दोनों तो कपल hi थे. अभी तक भी रूही को कुछ भी पता नहीं था के मेहुल का ऐसा पूछने का क्या मंतव्य है.

मेहुल… तो फिर उन दोनों ने तो अपने अपने रूम लिए होंगे न.

Ruhi…haan दीदी ऑब्वियस्ली वो दोनों अपने अपने रूम में थे.

Mehul…aur तुम तीनो एक रूम में या भाई ने अलग रूम लिया. अब जाकर रूही को महसूस हुआ के मेहुल कुछ ज्यादा hi तहकीकात कर रही है.

Ruhi…kya बात है दीदी. आप इतना कुछ क्यों पूछ रहे हो. कोई बात है क्या आपके मन में?

Mehul…nahi रूही. वो रूठने का नाटक करते हुए बोलती hai…achha तुम लोग घूम आओ और मैं कुछ पूछ भी नहीं सकती क्या?

Ruhi…muskura kar…arey बिलकुल पूछ सकती हो didi….haan हम तीनो ने एक hi रूम लिया.

Mehul….achha रूही हम चाहे बहने हैं या हूँ कहो के मैं तुम्हारी बड़ी बहिन हूँ पर फिर भी हम दोस्तों की तरह रहते हैं न.

Ruhi…muskuraka… बिलकुल दीदी. इसमें तो कोई शक नहीं है.

Mehul….to फिर मैं तुमसे कुछ भी खुल कर पूछ सकती हूँ. मुझे ये जानना है के उन दोनों कपल्स में कुछ तो हुआ होगा न.

Ruhi…ab वो अपने रूम्स में थे दीदी मुझे क्या पता कुछ हुआ होगा या नहीं. रूही ज्यादा खुलना नहीं चाहती थी मेहुल के साथ इस मामले में. उसे पता था उसकी बहिन ने एन्ड में रोहन पर hi आना था. क्योंकि वो खुद रोहन के साथ इन्वॉल्व थी.

Mehul…fir भी अंदाज़ा तो होगा hi तुम्हे. दरअसल मुझे बड़ी उत्सुकता है रूही.

Ruhi…sach कहूं दीदी तो उन दोनों कपल्स में हुआ है और ये बातें आपस में शेयर भी की हैं उन्होंने.

Mehul…wow फिर तो उन लोगों ने ट्रिप खूब एन्जॉय किया. और तुम दोनों ने ी मैं रोहन और तुमने नहीं कुछ एन्जॉय किया?

रूही का शक सही निकला मेहुल एन्ड में रोहन तक पहुँच hi गयी. रूही boli…ghumne फिरने तक तो ठीक है दीदी और क्या एन्जॉय करेंगे भला हम आप hi बताओ.

मेहुल एक बार को तो सकपका गयी उसकी बातें सुनकर. Boli…main तुम्हारे और रोहन के बारे में नहीं बोल रही पागल. दीक्षा और रोहन के बारे में पूछ रही हूँ. उन्होंने कुछ किया क्या?

Ruhi…didi आप इतनी तहकीकात क्यों कर रहे हो. रोहन भाई कहीं भी कुछ करे हम दोनों बहने हैं हमें फर्क थोड़े पड़ना chahiye…ruhi ने उसकी भावनाओ पर चोट मरते हुए सीधे hi बोल दिया तो मेहुल एक बार को तो हिल hi गयी पर फिर सँभालते हुए बोली.

Mehul…arey रूही फिर वही बात कर रही हो. मैं तो बस उत्सुकता वश पूछ रही थी.

Ruhi…didi ये सच है. दीक्षा और रोहन भाई के बीच में सब कुछ हुआ और बहुत बार हुआ. और अब आप पूछोगी मैं वहीँ थी तो मैं कहना चाहूंगी के मैंने चद्दर ओढ़ राखी थी और दूसरी और मुँह था मेरा और उन्हें इस बात का पता है के मुझे भी पता है. बस या और कुछ भी जानना है aapko….ruhi ने खीझते हुए बोलै तो मेहुल के होश hi उड़ गए. उसकी छोटी बहिन उससे पहली बार इतने गुस्से में बोली थी.

Mehul…tu गुस्से क्यों हो रही है रूही. मैंने तो बस ऐसे hi पूछा.

Ruhi…aise hi ऐसे hi करते करते आपने कितना कुछ पूछ लिया. मैंने क्या आपसे पुणे के ट्रिप के बारे में कुछ पूछा के भाई ने किसके साथ क्या क्या किया. और आप वहां पर थी क्या?

मेहुल उसको जफ्फी दाल कर प्यार करती हुई boli…meri प्यारी बहन रूठ गयी है. लाओ मैं इसे मानती hun…kehte हुए वो उसके गुदगुदी करने लग जाती है. रूही हंसने लगती है और अब उसके दिल में मेहुल के लिए कुछ भी नहीं होता.

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सुबह मेहुल झीनी सी निघ्त्य पहने जान बूझकर रसोई के पास बैठकर चाय पिने लग जाती है. उसे पता था के रोहन गयम करके आएगा और पानी पियेगा. उस निघ्त्य में से उसकी ब्रा और पंतय साफ़ झलक रहे थे. मेहुल बेचारी को अब रोहन को पाने के लिए क्या क्या करना पद रहा था. उसे पता था रोहन उसे आसानी से मिल सकता है. पर वो अपना सब कुछ उसकी नंगी आँखों से सामने नहीं खोलना चाहती थी और ना hi अपनी छूट में उसका लुंड डलवाना चाहती थी. पर दोनों बातें एक साथ नहीं हो सकती थी न. मतलब चित और पैट दोनों एक की नहीं हो सकती न. एक की चित होगी तो दुसरे की पैट.

मेहुल ने सोचा रात वाला बंद आँखों वाला खेल चलने देते हैं. उसके लिए वो रोहन को आकर्षित करने की सोच रही थी. पर रोहन था के उसे तो अब अपनी दीदी की छूट से काम कुछ नहीं चाहिए था और वो भी सरे आम न के ऑंखें बंद करके. वो भी तो अपनी दीदी के गोर गोर अंगों मोठे मोठे ामो और प्यारी सी फूली हुई छूट के दीदार करना चाहता था. उसके लिए वो कोई कोम्प्रोमाईज़ नहीं करना चाहता था.

रोहन दूर से अपनी बहिन का ये रूप देखता है तो उसे अपनी योजना सफल होती नज़र आती है. वो मन hi मन तो मुस्कुरा रहा होता है पर चेहरे से ऊपरी तौर पर गंभीर बना होता है. वो उसके पास आता है तो बिना उसकी और dekhe…good मॉर्निंग दीदी बोलकर किचन में चला जाता है.

पानी की बोतल उठता है और अपने रूम की और जाने लगता है तो मेहुल उसे गुड मॉर्निंग का रिप्लाई देते हुए कहती hai…rohan जब से तू ट्रिप से वापिस आया है अपनी दीदी को तो भूल hi गया है. पता है मैंने दो दिन तुम्हारा दरवाजा खटखटाया, पर तुमने खोला नहीं.

रोहन उसकी और इस तरह से देखता है जैसे उसने देखा hi न हो. वर्ण तो उसके अंदर ज्वालामुखी फैट रहा था अपनी दीदी के कामुक अवतार को देखकर. वो bola…didi सॉरी, मैं ट्रिप की वजह से जल्दी सो जाता हूँ. मुझे पता hi नहीं चला. किस वक्त आये थे आप. रोहन झूठ बोलते हुए कहता है.

Mehul….mujhe सब पता है तुम मुझे इग्नोर कर रहे हो. अभी भी मुझे देखकर रुके नहीं पहले कैसे मेरे आगे पीछे मंडराते रहते हो. हाँ अब तुम्हे कच्ची उम्र की लड़कियों से सब कुछ मिल रहा है तो अपनी दीदी को कहाँ याद रखोगे तुम.

Rohan…anjaan बनते hue…arey आप ये सब क्या कह रहे हो. कौन सी कच्ची की उम्र की लड़की मुझे मिली है भला.

Mehul….jyada अनजान बनने की कोशिश मत करो. मुझे पता है तुमने ट्रिप के दौरान दीक्षा की खूब ली है इन दो दिनों में. मेहुल एकदम बेशर्म बनते हुए बोलती है.

रोहन …थोड़ा गुस्से mein…aapko ये सब किसने कहा दीदी.

Mehul…mujhe भला कौन कुछ कहेगा मुझे पता है तुमने किया होगा. उसने ये छुपा लिया के उसे रूही ने बताया है. उसे दर था के कहीं रोहन उसे दन्त ना दे और उसकी प्यारी बहिन उससे नाराज न हो जाये कहीं.

रोहन को समझ नहीं आ रही थी के उसे क्या कहे. पर फिर भी वो ये कहता हुआ अपने कमरे में चला जाता है के पता नहीं दीदी आपको कौन क्या क्या कहता रहता है. मैंने तो ऐसा कुछ नहीं किया हो मुझे नहीं करना चाहिए था. रोहन गोल मोल बात करता हुआ अपने कमरे की और चला जाता है तेजी से.

मेहुल वहीँ बैठी सोचने लगती है के अब तो भाई हाथ से निकल रहा है. वो उसे अपना खिलौना बना कर रखना चाहती थी पर वो तो उसके हाथ से निकलते hi जा रहा था.

उस दिन मेहुल ने दरवाजा नहीं खटखटाया. वो अपने आप को भी कोस रही थी के या तो उसे खुद को पूरी तरह से सौंप दे या फिर उसे भूल जाये. ऐसे बीच आधार में लटकने से कोई फायदा नहीं.

अब तो एक हफ्ता hi बचा था उनके मम्मी पापा की पचीसवी सालगिरह और रूही का बर्थडे था. जिसकी इन्होने ग्रैंड सेलिब्रेशन रख राखी थी. अब तो रोहन को मजबूरन मेहुल के साथ मिलकर काम करना था क्यूंकि इन दोनों ने hi सरे इंतज़ाम करने थे.

रात को सब लोग जब डिनर कर रहे थे तो मेहुल ने रोहन को सबके सामने hi bola….bhai आज आप यहीं रुक जाना हमें एनिवर्सरी की तयारी भी शुरू करनी है. अब टाइम hi कितना बचा है. आज हम लिस्ट बना लेते हैं. रोहन को मजबूरन उसे हाँ बोलना पड़ता है.

फिर वो अपने पापा को बोलती hai….papa रिश्तेदारों की लिस्ट तो हम दोनों बना लेंगे पर अपने फ्रेंड्स की लिस्ट तो आपको hi बनानी है. फिर चाचा से बोलती है के आप भी अपने सर्किल में जितने भी लोग है उसकी लिस्ट बना लो.

पापा और चाचा भी बोल देते हैं के उन दोनों को कल लिस्ट मिल जाएगी. मेहुल ने आज निक्केर पहनी हुई थी. वो रोहन को पटाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ने वाली थी. पर इधर अपना रोहन भी अपनी बात पर अडिग था के कुछ भी हो जाये इसे इतना तड़पना है के ये खुद अपनी छूट खोलकर खुद मेरा लुंड उसमे न दाल दे.

सब लोग चले जाते हैं. रूही वहीँ बैठी रहती है. मेहुल उसे बोलती hai…ja बचा तू जाकर पढ़ ले. ये काम तो मैं और भाई मिलकर भी कर सकते हैं.

रूही को पता था के उसकी कामुकता से भरी हुई बहिन ने कौन सा काम करना था. उसका मन तो था रुकने का पर वो मजबूरी वश वहां से चली जाती है. आखिर उसे अपनी बहिन की बात भी तो रखनी थी.

फिर मेहुल रोहन से सत्कार बैठ जाती है. बी चांस रोहन ने भी निक्केर पहनी होती है. रोहन को उसके सत्कार बैठने से परेशानी तो हो रही थी पर वो आखिर कहता भी तो क्या कहता. मेहुल ने हाथ में एक डायरी और पेन पकड़ा और रिश्तेदारों की लिस्ट बनाने लगी

सबसे पहले दोनों मां की फॅमिली और साथ में पाठकों के लिए उनकी इंट्रोडक्शन भी.



मां फॅमिली बड़े मां : नरेश कदम - डायमंड बिज़नेस इन सूरत

ममी : ज्योति - हाउसवाइफ

बीटा : सूरज (32)- इन बिज़नेस विथ फादर

पत्नी: श्रुति (30)- हाउसवाइफ बूत हेल्प्स हस्बैंड इन बिज़नेस

बेटी नेहा -27 - U.K. में स्टडीज की है ब की और टॉप क्लास जॉब कर रही है इंडिया में hi, बहुत hi मॉडर्न और कपडे तो इसे पहनाने को बोलो hi मत. ऐटिटूड दुनिया भर का.

छोटे मां : महेश कदम - विथ एल्डर बरोथेर

ममी : सोनिआ (38) -ग्लैमरस लेडी

बेटी : शनाया (19) - जस्ट बिजी विथ हेर फ़ोन (ऑलवेज उप्लोअडिंग रील्स)

उसके बाद दोनों बुआ :-


बुआ की फॅमिली FUFA…42...Dhiraj खोते… बिल्डर हैं खूब पैसे वाले

BUA….40…Nandita खोते (नंदू बुआ)

Beti…..20…reema khote…rohan और इनकी बहुत गहरी जोड़ी है. बचपन में कहीं भी मिलते थे तो हस्बैंड वाइफ का खेल खेलते थे. अब ये लोग कोई पांच साल बाद मिल रहे हैं.

दूसरी बुआ अनुराधा

Fufa…30….Rajat शर्मा वकील

Bua…27….Anuradha शर्मा वकील (अनु बुआ)

ये दोनों पेशे से वकील हैं. अनु एक एक्सीडेंटल चाइल्ड थी. रोहन के दादा जी ने अपने बेटे की शादी के कुछ टाइम पहले जोश जोश में अपनी सुन्दर पत्नी रुक्मिणी के साथ ऐसी ठुकाई की के कंडोम लगाना भूल गया और अनुराधा का अवतरण हुआ.

मेहुल रोहन से डिसकस करते हुए बस उनके नाम hi लिख रही है. ये डिटेल्ड इंट्रोडक्शन तो मैंने आप लोगों की सहूलियत और मुँह में पानी (सॉरी छूट और लुंड में) लाने के लिए दी है.

दोस्तों मैंने यहाँ उन्ही मेहमानो का जिक्र किया है जिनकी जरुरत है. वर्ण कुछ और मेहमान भी आ रहे हैं, जिनमे इनके पडोसी, फॅमिली फ्रेंड्स और दूर के रिश्तेदार भी हैं.

बातों बातों में मेहुल रोहन की जांघ पर हाथ रखकर पूछती hai…bhai चाय पियोगे?

रोहन का चाय पिने का मन भी था और उसे ये भी था के ये थोड़ी देर के लिए दूर चली जाये नहीं तो उसका लुंड खड़ा हो जाना था. वो bola…haan दीदी बना लाओ.

मेहुल कड़ी हुई और मुस्कुराती हुई boli…abhi ले.

इधर रूही की और….

रूही उलटे दिन गईं रही thi…wo सोच रही थी के अब सिर्फ 6 दिन रह गए हैं फिर मैं एडल्ट हो जाउंगी और उसी दिन मैं खुद को अपने प्यारे भाई को सौंप दूंगी. कितना अच्छा लगेगा न उस दिन जब मेरे भाई का विशाल लुंड मेरी इस नन्ही सी छूट में जायेगा.

ये सोचते hi उसका हाथ अपने आप hi अपनी छूट पर पहुँच जाता है. वो अपनी भाई के लुंड को याद करते हुए छूट को सहलाने लग जाती है. और साथ hi साथ अपने भाई को याद करते हुए बोलती hai…aah भाई अपना लुंड इसमें कब डालोगे. कब मुझे संतुष्ट करोगे आप. आपकी ये नन्ही सी बहिन की नन्ही सी छूट आपके उस नाग को अपने अंदर लेना चाहती है.

आह आह करते हुए रूही की छूट ढेर सारा पानी छोड़ देती है. और उसके बाद तुरंत रूही को नींद आ जाती है.

इधर मेहुल जब चाय बना के लाती है तो देखती है के रोहन का लुंड अपने असली रूप में आ चूका था. निक्केर में उसकी असली शेप नज़र आ रही थी. वैसे तो उसके मुँह में पानी और छूट में झुरझुरी सी उठती है पर उसे पता था के रोहन अभी मैंने वाला नहीं है.
 
Part 55न चाहते हुए भी मेहुल का हाथ रोहन के लुंड पर चला जाता है. रोहन उसके हाथ को परे करके अपने लुंड वाली जगह पर सोफे वाली गद्दी रख लेता है. मेहुल का चेहरा उतर जाता है. वैसे रोहन को अपनी प्यारी दीदी के इस तरह उदास होने से दुःख होता है पर उसे पता था के ये सामयिक दुःख बाद में सदा सदा के सुख में तब्दील होने वाला था.

रोहन और मेहुल फिर डिस्कशन में लग जाते हैं. रोहन मेहुल को बोलता है के समय बहुत काम रह गया है तो डिजिटल कार्ड hi बनवा लेते हैं और सबको व्हाट्सप्प पर hi कार्ड सेंड कर देंगे. मेहुल को उसकी ये बात बहुत अच्छी लगती है. वैसे टाइम वाकई बहुत काम रह जाता है. मेहुल ने कहा के वो एक बार पापा से बोलेगी के सुबह hi सरे रिश्तेदारों को फ़ोन पर तो काम से काम मैसेज दे दिया जाये.

वैसे पैलेस बुक हो चूका था. कैटरिंग सर्विस भी हिरे कर ली गयी थी. लगभग सभी अर्रंगेमेन्ट्स हो गए थे. जैसे रेतुर्न गिफ्ट्स साथ में मिठाई के डिब्बे. इन्होने अपने मम्मी पापा के लिए मॉरिशस का एक हफ्ते का ट्रिप भी ले लिया था. बस अब बाकि था तो इनविटेशन का काम.

सुबह उठते hi इनके मम्मी पापा चाचा चची लिस्ट बनाने लगते हैं, जो इनके जानकर पडोसी और दोस्त थे. पहले तो सोचा था के सौ से ज्यादा लोग नहीं होंगे पर लिस्ट बनने के बाद पता चला के ये तो दो सौ के करीब पहुँच गए. खैर डेढ़ सौ का तो पैलेस में कह रखा था और उन्होंने अपनी तरफ से दो सौ के लिए बोल दिया था के हमारा इंतज़ाम दो सौ का रहेगा.

तो इतनी परेशानी वाली बात नहीं थी. रोहन के साथ एक लड़की पढ़ती थी जो नर्सरी से hi इसके साथ थी. पर +1 में उसने साइंस ले ली और रोहन ने कॉमर्स तो ये अलग हो गए पर इनकी दोस्ती बहुत अच्छी थी. मितली ने बाद में B.Tech की पढाई शुरू कर दी और ये उसका फाइनल ईयर है.

उसने मितली से एक डिजिटल कार्ड बनाने को बोलै क्यूंकि उसकी स्ट्रीम कंप्यूटर साइंस थी. मितली के लिए ये बाएं हाथ का काम था. उसने तीन चार तरह के सैंपल रोहन को भेज दिए पर उसे तो एक hi चूसे करना था. हालाँकि थे सभी कमाल के.

रोहन ने अपने मम्मी पापा और मेहुल के साथ मिल कर एक कार्ड को फाइनल कर दिया और मितली को साडी डिटेल्स सेंड कर दी जो फइलल करके मितली ने सिर्फ आधे घंटे में उसे कार्ड सेंड कर दिया. रोहन ने सबसे पहला कार्ड मितली को hi सेंड करके उसे सबसे पहला इनविटेशन भेज दिया और अपनी मम्मी की भी बात करवा di.Nidhi ने मितली से बोलै के वो अपने पूरे परिवार के साथ इन्वितेद है और उसे जरूर आना है. मितली को उनके इतने आग्रह के बाद हाँ hi केहनी पड़ती है. वैसे भी उसकी टर्मिनल हॉलीडेज चल रही थी.



मितली सिंहयहाँ एक और करैक्टर ऐड होता है. मितली सिंह जो रोहन की hi उम्र की है और बचपन से hi इसके साथ पढ़ी है. पर बाद में स्ट्रीम बदलने की वजह से ये दोनों अलग हो गए. पर ये दोनों कांटेक्ट में थे पर अब दोनों अपनी अपनी लाइफ में बिजी हो गए तो कांटेक्ट छूट गया. अब जब डिजिटल कार्ड बनवाने की बात चली तो रोहन को याद आया के क्यों न मितली से hi बनवा लिया जाये तो उसने पूरे हक़ से जैसे पहले कहता था मितली को बोल दिया और मितली ने भी एक अच्छे दोस्त की तरह तुरंत उसका काम कर दिया. तो ऐसी है इनकी दोस्ती.

इधर आते हैं रूही की और. इस दौरान हालाँकि उसे ज्यादा काम नहीं था पर उसने अपने लिए एक काम धुंध लिया था. वो दबाकर पोर्न पर पोर्न देख रही थी के सेक्स कैसे करते हैं. उसके विभिन्न पोसेस, कैसे अपने पार्टनर को सटिस्फी करते हैं तो ये मैडम अपने 18वे बर्थडे वाले दिन के लिए अपनी सुहागरात की पूरी तयारी कर रही थी.

रात को साड़ी तयारी के बाद जब सब लोग सोने चले गए तो फिर से रोहन और मेहुल hi रह जाते हैं. मेहुल रोहन से बोलती hai….bhai आपको मुझ पर तरस नहीं आता है क्या?

Rohan…maine ऐसा क्या कर दिया मेहुल जो तुम ऐसा बोल रही हो. रोहन को पता तो सब था पर वो अनजान बनते हुए बोलता है

Mehul…jaise तुम्हे कुछ पता hi नहीं. हम वही ब्लैंडफोल्ड आईज वाला खेल खेलें आज भी. देखो उस दिन तुम्हे भी तो कितना मज़ा आया था.

Rohan…isme कोई शक नहीं दीदी मुझे उस दिन उस खेल में बहुत मज़ा आया था. पर मैं हर बार उस तरह से नहीं खेल सकता. मुझे खुला खेल पसंद है न के लुका छुपी वाला. जब हमें करना है तो करना है मतलब खुल कर करना है. ऐसे क्या मज़ा के ऑंखें बंद हो कुछ दिखाई hi ना दे तो फिर सेक्स में मज़ा hi क्या है. और सबसे बड़ी बात जब तक लुंड छूट में नहीं जाता तब तक मुझे काम से काम मज़ा नहीं आता मुझे आपका पता नहीं.

रोहन ने अपनी बातों के जरिये एक तरह से मेहुल को खरी खोटी सुनाई थी.

मेहुल की ऑंखें जहर जहर बहने लगी. वो रट हुए boli…tum सिर्फ अपने लिए सोच रहे हो भाई. मेरे बारे सोचा एक भी बार. अगर मन मार रहा होता तो कब की तुम्हे अपनी छूट दे देती.

Rohan…maine कब कहा के मुझे जबरदस्ती कुछ दो इसलिए तो मैं पीछे हैट गया दीदी. पर तुम्हे अगर मुझसे कुछ चाहिए तो ठीक वैसे hi मेरी ऑंखें बांध कर कर सकती हो पर ये जबरदस्ती होगा.

रोहन उसे इमोशनली ब्लैकमेल करते हुए बोलता है. हालाँकि उसे पता है के जबरदस्त तो मेहुल भी नहीं करेगी.

मेहुल ये कहते hue….tum जबरदस्ती नहीं करोगे तो क्या मैं जबरदस्ती कर लुंगी. मैं भी तो तुम्हारी बहिन हूँ. अपने कमरे में भाग जाती है रट हुए.

रोहन बेचारा अपना लुंड मसलता रह जाता है. दरअसल आज रोहन ने टीशर्ट के साथ सिर्फ अंडरवियर hi पहना था अपनी बहिन को तैसे करने के लिए. मेहुल कौन सा काम थी. उसने झीनी सी निघ्त्य पहनी थी. रोहन को तैसे करने के लिए. रोहन तैसे हुआ तो उसका बुरी तरह से खड़ा हो गया. जिसे देख कर मेहुल ने वो बात बोली थी.

उसके जाने के बाद रोहन को बड़ा दुःख हुआ. पर वो अभी मेहुल को टाइम देना चाहता था. इसलिए वो भी अपने रूम में चला जाता है और अपनी दीदी को याद करके मुठ मरने लगता है.

तभी उसके फ़ोन पर मितली की वीडियो कॉल आती है. रोहन के टट्टे शार्ट हो जाते हैं उसकी कॉल देखकर. वो तुरंत वीडियो कॉल कैंसिल करके नार्मल कॉल लगता है.

Rohan…hello मितली कैसी हो.

Mitali…kyun रे, वीडियो कॉल क्यों काट दी.

Rohan….yaar समझा कर न.

Mitali…hanste hue…kya समझू सेल, गंदे काम कर रहा था क्या इस वक्त? मितली और रोहन शुरू से hi एक दुसरे के साथ बड़े बोल्ड तरीके से बात करते थे.

Rohan…hanste hue…haan यार मुठ मार रहा था.

mitali…O bhainchod…tu इतना बड़ा कब से हो गया. खड़ा भी होता है क्या तेरा?

Rohan…tu कहे तो वीडियो कॉल पर दिखा दूँ तुझे अपना नाग.

Mitali..ghabra जाती hai…na बाबा मुझे नहीं देखना.

रोहन को उसके साथ अब मज़ा आ रहा था ऐसी बातें करते हुए. उसे उम्मीद नहीं थी के वो अब भी उसके साथ इतनी फ्रैंकली बात करेगी. Rohan….waise तेरे बेर भी अब आम बन गए होंगे.

Mitali…ber कब थे रे, जब हम दसवीं में थे तो अमरुद थे हाँ अब संतरे बन गए हैं. किसी महापुरुष का स्पर्श मिलेगा तो आम भी बन jayenge…hahaha हंसने लगती है बिंदास.

पीछे से उसकी सहेलियों की भी हंसने की आवाज़ आती है. रोहन बोलता hai….lagta है मज़े लिए जा रहे हैं सहेलियों के साथ.

मितली… हाँ यार आज आखरी दिन है. कल सब अपने अपने घर फिर दो महीने की छुट्टियां हैं.

Rohan…ok. अच्छा एक बात तो बता. तूने अपनी छूट मरवाई किसी से क्या?

Mitali…kahan यार. अपने मतलब का बाँदा टकरा hi नहीं अभी तक.

Rohan…tujh जैसी गन्दी लड़की से कोई तकरेगा भी कैसे. देख लड़की होकर कैसे गन्दा बोल रही है.

Mitali…kyun सेल बहनचोद, तेरे भाई को छोडूं, ये गन्दा बोलने का लाइसेंस तुम लड़कों ने hi ले रखा है क्या?

Rohan…sali हरामखोर, भाई तो नहीं है मेरा, मुझसे hi चुद जा.

Mitali…sale तेरा तो एकदम पतला सा होगा. उससे मेरा क्या होगा? दोनों में खूब कम्पटीशन चल रहा था एक दुसरे से बढ़कर गन्दा बोलने का. रोहन को भी मज़ा आ रहा था.

रोहन… ओह माय गॉड, तू तो एकदम रंडी बन गयी है मितली. मज़ा आएगा तुझे छोड़ने में.

मितली… सेल तू अभी बचा है. लड़के ख्वाब देखते हैं मितली को पाने के. और तुझे क्या लगता है तुझ जैसे लागूर को ये हूर मिल सकती है क्या कभी? सवाल hi पैदा नहीं होता.

फिर वो कुछ सोचकर बोलती है. अच्छा रोहन मज़ाक chhod…chut का सवाद चखा के नहीं तूने.

रोहन पूरे गर्व के sath….teen तीन लड़कियों की छूट मार चूका हूँ अभी तक और एक लड़की से सब कुछ कर चूका हूँ बस छूट hi नहीं मारी.

Mitali…shabash मेरे शेर. मुझे तुझसे यही उम्मीद थी. मैं शुरू से जानती थी मेरा हीरो बड़ा होकर खूब गुल खिलायेगा. पर यार ज्यादा मुठ मत मारा कर. सेहत ख़राब होती है.

Rohan…kya करूँ यार गन्दा सोच सोच कर खड़ा हो जाता है तो जब तक मुठ नहीं मरता दुखता रहता है.

Mitali…ye जगह जगह मुँह मरने से अच्छा है एक अच्छी सी गफ बना ले.

Rohan…hanste hue…tu बन जा मेरी गफ. तुझसे बढ़कर मुझे कोई नहीं जनता और मुझसे बढ़कर तुझे कोई नहीं जनता.

Mitali…serious hokar…nahi रे. ऐसे नहीं. अगर हम दोनों को कुछ लगेगा तभी आगे बढ़ सकते हैं न. मैं तो अभी तक मज़ाक कर रही थी. वैसे बात ये नहीं है के तुम मेरे लायक नहीं हो. पर अभी तक मैंने तुम्हारे बारे में ऐसा कुछ सोचा नहीं है.

Rohan…baat तो तुम्हारी सही है. वैसे तुम तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन जाओगी तो तुम्हे हस्बैंड भी तो अपने फील्ड का hi चाहिए होगा.

Mitali…aisa कुछ नहीं है यार. जो दिल को भायेगा उसी से शादी करुँगी और वैसे भी अभी 5-6 साल दबा के जॉब करनी है. उसके बाद hi शादी का सोचना है.

Rohan…mera भी यही प्लान है.

Mitali…hanste hue…par अपने पप्पू को थोड़ा विश्राम दिया करो यार. ऐसे रोज़ रोज़ बेचारे का गाला घोंटने से एक दिन तुम उसे मार hi डोज और तुम्हारी बीवी को भाभी जी भाभी जी बोलकर पडोसी छोड़ेंगे.

रोहन और उसकी सहेलियों को भी हंसी आ जाती है उसकी बात पर तो रोहन बोलता है. तू तो ऐसे मुझे लेक्चर दे रही है जैसे तू छूट में में ऊँगली नहीं करती.

Mitali…karti हूँ यार हफ्ते दस दिन में एक बार करती हूँ. और वैसे भी हमारी छूट को इतना फर्क नहीं पड़ता जितना तुम लोगों के लुंड को पड़ता है. सुना है ज्यादा मुठ मरने से उसकी नसें ढीली हो जाती हैं.

Rohan…ho सकता है. अच्छा सुन. देखेगी मुझे मुठ मरते हुए.

Mitali…sale बहनचोद अपनी बहिन को दिखा… मैं काट रही हूँ फ़ोन. कहते हुए उसने रोहन की बात सुने बिना hi फ़ोन काट दिया.

इधर रोहन बुदबुदाने laga…main तो कब से बोल रहा हूँ बहिन को के देख ले पर वो माने तब न. और हहहह करके हांसे लगता है.

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सुबह मेहुल का मूड बिगड़ा होता है. वो रोहन से बात hi नहीं कर रही होती है. रोहन भी अपने ऐटिटूड में बैठा होता है. मम्मी नाश्ता लाती है. रोहन तो खाने लगता है और मेहुल गुस्से में उठा कर अपने रूम में ले जाने लगती है तो मम्मी बोलती है.

Nidhi…arey तुझे सुबह सुबह क्या हो गया. किसी से झगड़ा हुआ क्या?

Radha…nahi दीदी ये बचे तो आपस में कभी किसी से लड़ते झगड़ते नहीं हैं.

Mehul….nahi ऐसे hi मम्मी. ताबियार ठीक नहीं है.

राधा भूल जाती है के रोहन बैठा है. वो बोलती hai…shayad पीरियड्स ए होंगे. उस दौरान मूड स्विंग्स होते रहते हैं.

निधि राधा को कोहनी मार्के रोहन की और इशारा करती है तो राधा अपने मुँह पर हाथ rakhkar…haaaaa बोलती है. मतलब गलती हो गयी.

रोहन मन hi मन सोचता है ये मौसी भी न बोलते वक्त कुछ सोचती hi नहीं है.

(अभी रोहन के मन में अपनी माँ और मौसी के लिए कुछ भी गलत फीलिंग्स नहीं हैं)

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रोहन अपने चाचा राकेश के साथ कार में गिफ्ट्स उठाने जाता है. वहां पर मार्किट में उसे अपनी anuradha(anu) बुआ मिल जाती है. रोहन पेअर छूने को आगे बढ़ता है तो अनु उसे रोक कर कहती hai…pagal हम दोनों की उम्र में फर्क hi कितना है. वैसे तो Hi-Hello hi बोल दिया कर पर फिर भी तू रेस्पेक्ट hi करना चाहता है तो ज्यादा से ज्यादा नमस्ते कर दिया कर.

राकेश हँसता hai…arey रोहन कहाँ तूने इस मिर्ची को छेड़ दिया. वैसे भी वकील है ये तुझे बात नहीं आने देगी.



अनुराधा बुआ (अनु बुआ)अनु ने पिंक कलर का टॉप और ब्लू जीन्स पहनी हुई थी. हेयर स्टाइल शैग कट, हाई लेंथ के साथ हाई हील पहनना अनु बुआ का शौक था, इस तरह वो रोहन जैसे हेइटेड बॉय से हाई लगती थी. बचा अभी प्लान नहीं किया क्यूंकि ये और इसका हस्बैंड अभी दो काम करने में लगे हैं एक तो वकील के रूप में अपना अपना करियर बनाने में और दूसरा चुदाई के मज़े लेने में. इनका मन्ना था के बचे चुदाई में सबसे बड़े बाधक होते हैं. हालाँकि ये दोनों hi बचे चाहते हैं पर पर अभी नहीं. पतली सी कमर के साथ अगर बूब्स का साइज 36 हो तो किसी का लुंड भला क्यों न खड़ा हो.

रोहन जो अपनी बहनो के प्रति तो आकर्षित हो चूका है पर अपनी माँ और मसि के प्रति नहीं तो उसे अनुराधा में अपनी बहिन hi नज़र आई. एक यंग सिस्टेरलीके बुआ. रोहन की नज़र अपनी बुआ के बूब्स पर टिक गयी इसलिए उसको अपने चाचा की बात सुनाई hi नहीं दी.

अनु एक वकील ऊपर से क्रिमिनल लॉयर, उसे तो एक सेकंड नहीं लगा समझने में के रोहन उसके बड़े बड़े ामो को ताड़ रहा है.

अनु ने खांसी करते हुए bola…rohan वापिस आ जाओ अब, तुम्हे पता भी है तुम्हारे चाचा यानि मेरे भाई साहिब ने तुम्हे कुछ कहा है..

रोहन तो एकदम से घबरा गया. उसे पता था उसकी ये अनु बुआ तीखी मिर्ची है. इससे बचकर रहना पड़ेगा. पर इतनी जबरदस्त फिगर को भला कोई जवान लड़का इग्नोर कर सकता है क्या?

रोहन हड़बड़ा कर bola…ji बुआ सॉरी वो मेरा ध्यान कहीं और था तो मुझे उनकी बात सुनाई नहीं दी.

अनु फिर से कड़क आवाज़ में boli…mujhe पता है बीटा तुम्हारा ध्यान कहाँ था और अगर आगे से वहां न हो तभी तुम्हारी भलाई है और हाँ तुम्हे कितनी बार बोलै है मुझे बुआ नहीं दीदी hi बोलै करो. यार तुम लोग क्यों मुझे भरी जवानी में बूढी बना रहे हो.



राकेश और रोहन उसकी इस बात पर हंस देते हैं और कड़क स्वाभाव वाली अनु भी अपनी hi बात पर हंस देती है.
 
भाई आने वाले दिनों में काफी रौनक लगने वाली है इनके घर में. अब कोई लड़की आये और रोहन के निचे न ए तो मज़ा नहीं आएगा न. पर हाँ सवाल ये है के आये कैसे. ऐसे hi आसानी से आ जाये तो फिर तो कोई फायदा नहीं. मेहुल बड़ी नखरेबाज है, उसे लगता है दुनिआ उसके हिसाब से चलती है पर ऐसा नहीं है. अगर उसे इसकी समझ आ गयी तो बहुत मज़े karegi....bahut बहुत धन्यवाद भाई जी इतनी स्पेशल समीक्षा के लिए. आपकी समीक्षा पढ़कर चित्त प्रसन्न हो जाता है और जी करता है बस लिखता hi रहूं छूट और लुंड के बारे mein...hahahahaha
 
Part 56 मेहुल को रोहन के साथ ट्रेवल एजेंट के यहाँ जाना होता है कुछ डाक्यूमेंट्स सबमिट करने. रोहन एक भाई की तरह तो बिलकुल नार्मल बेहवे कर रहा था पर जैसे पहले खुलकर बातें करता था वैसे उसने बोलना छोड़ दिया था.

मेहुल को यही चुभता था. पर उसे मन hi मन इस बात की ख़ुशी थी के वो अपने भाई के साथ कहीं जा रही है. वो दोनों ट्रेवल एजेंट के यहाँ जाते हैं और बोलते हैं के रिक्वायर्ड डाक्यूमेंट्स लेकर ए हैं तो वो लेकर एजेंट उन्हें टिकट्स दे देता है.

और रोहन को समझते हुए बोलता है के तुम्हारे मम्मी पापा को दिक्कत न हो इसलिए हवाई यात्रा से 48 घंटे पहले वेब चेक इन कर देना. रोहन एजेंट से उसका प्रोसेस समझ लेता है. रोहन को भूख लगी होती है या यूँ कह लो आजकल के बच्चों को फ़ास्ट फ़ूड की रेहड़ी देखते hi भूख लग जाती है.

वो अपनी दीदी को बोलता hai…didi मोमोस खाओगे.

Mehul…haan क्यों नहीं. चलो कहते हैं. रोहन उसे मोमोस वाली रेहड़ी पर ले जाता है. वहां एक बड़े बड़े मम्मों वाली लड़की कड़ी मोमोस खा रही होती है. रोहन उसके मम्मो को ताड़ने लग जाता है.

ऐसा नहीं के उस लड़की को एहसास नहीं था के ये लड़का उसे ताड़ रहा है पर लड़कियां भी तो चाहती है के बॉडी बिल्डर टाइप और हीरो जैसा दिखने वाला लड़का उन्हें देखे. मेहुल इन दोनों को देखकर मन hi मन जलती है. इस रोहन के बचे को साडी दुनिआ नज़र आती है पर मैं नहीं.

उस लड़की को मिर्ची लगती है. रोहन के बिलकुल बगल में पानी का कैंपर पड़ा था. वो लड़की इधर आती है और गिलास उठा कर पानी भर्ती है तो जान बूझकर अपने मुम्मे रोहन के साथ टकरा देती है. रोहन उसकी और ध्यान से देखता है तो वो ऐसे रियेक्ट करती है जैसे उसने जानबूझकर ना किया हो. रोहन कौन सा बेवकूफ था, वो थोड़ी बहुत लाइन मरता तो लड़की लाइन पर आ जाती. पर अभी साथ में उसकी मेहुल दीदी थी और उसने उसकी लेनी थी, वो पहले hi बिदकी हुई थी अगर रोहन उससे बात करता तो मेहुल को और गुस्सा आ जाना था.

इसलिए उसने उस लड़की का विचार त्याग दिया. लड़के ने एक बार तो हद hi कर दी. बुरी तरह से ढसा दिए अपना एक मुम्मा रोहन की बाजु में. रोहन हिल सा गया तो उसने उस लड़की को बोल hi diya…excuse में मां. वो लड़की boli…sorry, गलती से हो गया. फिर वो बड़बड़ाती हुई वहां से चली गयी.

रोहन मन hi मन bola…sorry तो मेरी तरफ से मां, मैं थोड़ा आगे बढ़ता तो आप मेरे लुंड को सुकून दे hi देती. खैर वो वहां से चलने लगते हैं.

मेहुल boli…bhai हम मार्किट ए hi हुए हैं तो मेरी ड्रेस आल्टर करनी दे राखी थी वो ले जाते हैं.

Rohan…muskura kar..haan बिलकुल दीदी. आप एड्रेस बताओ कहाँ जाना है. मेहुल उसकी मुस्कराहट का जवाब नहीं देती वैसे hi सादे से मुँह से वो उसको एड्रेस बता देती है.

रोहन उस जगह चला जाता है जहाँ पर मेहुल की ड्रेस आल्टर करनी दे राखी थी. आज मेहुल की किस्मत hi खराब थी. मेहुल जैसे hi अंदर जाती है तो देखती है मितली वहां पहले hi कड़ी अपना कुछ करवा रही थी. रोहन बहार hi रुका हुआ था. मितली मेहुल को देखकर बोलती hai…arey दीदी आप? रोहन भी आया है क्या?

मेहुल भी उसे देखकर खुश हो जाती hai…arey मितली तुम? तुम तो चंदनपुर (काल्पनिक नाम) में पढ़ती हो न.

Mitali…haan दीदी, मेरी कल hi सेमेस्टर की छुट्टिआं हुई हैं. फिर से पूछती hai…rohan भी आया है क्या?

Mehul…muskura कर …हाँ बहार खड़ा है न.

मितली भाग कर बहार जाती है और रोहन के गले से लगकर बोलती hai…kamine तुझे मिलने का टाइम hi नहीं मिला क्या?

रोहन मुस्कुरा kar…maine सोचा फंक्शन तो आ hi रहा है. वहां मिलना तो है.

Mitali…chal मैं तुझसे बात नहीं करती.

Rohan…mazak mein…achha आज रात आ जाऊंगा. दरवाजा खुला रखना, कपडे उतर के रखना और टंगे खोल के रखना मुझे बस कपडे उतर कर डालने का hi टाइम लगे. इतना बंदोबस्त रखना.

मितली उसे मारते hue…itna भी क्यों करना है सेल बहनचोद नंगा hi आ जाना न. ताकि रस्ते में कोई तेरी गांड मार ले.

उधर मेहुल आ जाती है और इन दोनों की लास्ट वाली बात सुनती है तो जैसे उसे अपने कानो पर विश्वास hi नहीं होता. इतनी शरीफ लड़की और इतनी गन्दी लैंग्वेज. रोहन देखता है के मेहुल आ गयी है और उसने इनकी बातें सुन ली है. मेहुल ना में इशारा करती है के मत बता क्यूंकि मितली की पीठ थी मेहुल की और. मेहुल वापिस अंदर चली जाती है और सोचने लगती है के वैसे तो मितली बहुत सही है रोहन के लिए. पर हर लड़की मेरे भाई के hi पीछे क्यों पड़ी है. कुछ कर मेहुल नहीं तो तेरी कोई वैल्यू नहीं रहेगी उसके सामने.

एक बात उसे मन hi मन समझ आ रही थी के इन दोनों की जोड़ी बहुत जाँच रही है. वो सोच रही थी के भाभी के रूप में मितली कितनी अच्छी लगेगी. पर अभी तो उसकी छूट में खुजली थी. उसका निवारण भी तो करना था उसने. जिसका एक मन तो कर रहा था पर दूसरा मन उसे रोक रहा था.

मितली और रोहन कोई दस मिनट तक बातें करते रहते हैं. रोहन ने मितली के कंधे पर हाथ रख रखा था. इन दोनों दोस्तों में जो भी होता था खुलकर होता था. अंदर मेहुल का काम अभी चल रहा था. थोड़ी बहुत चंगेस वो करवा रही थी. इधर ये दोनों फुद्दू बातें करने में लगे हुए थे.

Rohan…yaar सच में ज़िन्दगी में एक बार तेरी फुद्दी जरूर लेनी है.

Mitali…sapna तो मेरा भी है तेरा लुंड लेने का. पर एक बार नहीं अगर लिया तो साडी ज़िन्दगी लेना है.

रोहन… तू मुझसे शादी करना चाहती है क्या?

Mitali…maine ये तो नहीं बोलै अभी. पर तुझसे ऐसा रिश्ता रखूंगी तो पूरी गंभीरता से ज़िन्दगी भर निभाने वाला रिश्ता rakhungi..tu टाइम पास नहीं हस्बैंड मटेरियल है मेरे दोस्त.

मेहुल भी सुन लेती है ये बात और बोलती hai…mitali मुझे बहुत ख़ुशी होगी अगर तू मेरी भाभी बनेगी तो.

मितली मुस्कुरा देती hai…didi ख़ुशी तो मुझे भी होगी पर अभी मैंने इस बारे में सोचा नहीं है और मुझे पूरा विश्वास है के रोहन ने भी अभी इस बारे में कुछ नहीं सोचा होगा और वैसे भी अभी एकदम बेकार इंसान है. ऐसे इंसान से भला कोई अच्छी लड़की शादी करेगी क्या?

Rohan…o मैडम, बेकार किसे कह रही है. तेरे यार की गवर्नमेंट जॉब लग गयी है. जल्द hi जाना है मुझे, नेक्स्ट मंथ जोइनिंग है मेरी.

Mitali…wah बहनचोद, पार्टी कौन देगा fir…fir उसे एहसास होता है के वो क्या बोल गयी. तो मेहुल से बोलती hai…sorry दीदी वो हम दोनों बचपन से एक दुसरे से ऐसे hi बात करते हैं न,

मेहुल हँसते हुए कहती hai…arey मैं तुम दोनों की राग राग से वाकिफ हूँ. मुझे तो ये भी पता है के जब जब तुम दोनों दसवीं में थे और एक बार तुम लोग तुम्हारे घर पर ग्रुप स्टडी कर रहे थे तो क्या हुआ था. और हंसने लगती है.

रोहन गुस्सा होकर कहता hai…didi क्या आप भी पुराणी बातें स्टार्ट करके बैठ गयी.

Mitali…kyun बोलने दो न दीदी को तुम्हारी पुराणी हरकते बताने दो. दीदी आप बताओ.

Mehul…tum पढ़ते पढ़ते सो गयी thi.ye कमीना, मस्तराम की किताब निकल कर पढ़ने लगा, इसे जोश आ गया और तुम्हारी टीशर्ट में हाथ दाल कर तुम्हारे बूब्स को दबाने लगा. तुम नींद में थी अचानक उठ कर तुमने थप्पड़ जड़ दिया. तुम्हे ये ध्यान hi नहीं रहा था तुम्हारे साथ कौन है. अगर पता होता रोहन है तो शायद तुम न मरती.

मितली हाँ दीदी पक्का मैं न मरती समझा देती बस. और दीदी पता है ये रोने लग गया tha…bechara बचा hi तो था उस वक्त.

Rohan…bas करो तुम दोनों. क्या फुद्दू बातें लेकर बैठ गयी हो.

मेहुल बताने दे न भाई. मितली तुमने कैसे इसको बार बार माफ़ी मांग कर चुप करवाया था न.

मितली हँसते हुए बोलती hai…haan दीदी ये तो है. वैसे रोहन तुमने हिम्मत कैसे की मेरे बूब्स को हाथ लगाने की.

रोहन को पता था वो चिढ़ा रही है उसे. अब वो मज़ा लेते हुए bola…wo तो तुमने वहीँ रोक लिया वर्ण मैं तुम्हारा लोअर निकल कर…

वो आगे कुछ कहता मितली उसके मुँह पर हाथ रख कर boli…bas कर यार. मत बोल.

रोहन जबरदस्ती हाथ हटा कर bola…kyun जब तुम दोनों बूब्स की बात कर रहे थे तब शर्म नहीं आयी अब मैं पुसी की बात करने लगा हूँ तो तुम्हे शर्म आ रही है.

मितली तो शर्म से पानी पानी हो गयी क्यूंकि वहां मेहुल थी. वर्ण तो वो कुछ भी बोल सकती थी उसके सामने.

मेहुल boli…bas कर भाई सॉरी हमने इतनी बातें की तुम्हे छेड़ने के लिए बस अब और कुछ मत बोलना देखो बेचारी कैसे शर्मा रही है.

रोहन को भी अब थोड़ा एहसास होता है. वो मितली को हुग करते हुए बोलता hai…sorry मितली अब और कुछ नहीं बोलूंगा.

मितली भी ढीली सी आवाज़ में बोलती hai…sorry मत बोल यार मेरा भी तो कुसूर है.

मेहुल मितली को बोलती है. चल घर चल हमारे साथ. रोहन तुम्हे छोड़ आएगा.

Mitali…nahi दीदी कल hi आयी हूँ. बहुत काम हैं मार्किट के और हाँ फिर फंक्शन की भी तो तयारी करनी है मुझे.

Mehul…thik है पर टाइम से आ जाना फंक्शन में.

Mitali…wo सूरे है दीदी. टाइम से पहले hi आउंगी. मम्मी पापा अपने टाइम पे आ जायेंगे मैं पहले आ जाउंगी.

Rohan…good. इंतज़ार करूँगा.

Mehul…dekh अब तेरे प्रेमी ने भी बोल दिया.

रोहन और मितली हंसने लगते हैं.

मेहुल और रोहन फिर वापिस घर आ जाते हैं और रोहन सोफे पर बैठा होता है. घर पर और कोई भी नहीं था. मेहुल को पता नहीं क्या सूझता है वो रोहन की गॉड में आकर बैठ जाती है तो रोहन बोलता है.

Rohan…kya करती हो didi…utho ऐसे नहीं baithna.rukhe से स्वर में रोहन बोलता है.

मेहुल…. मैं तो बैठूंगी. अपने प्यारे भाई की गॉड में. फिर वो दोनों तरफ टंगे करके उसकी और फेस करके बैठ जाती है और बोलती hai…ab मैं कुछ करुँगी उसके बाद अपने लुंड को खड़ा होने से रोक सकते हो तो रोक लो.

Rohan…aap कुछ नहीं करोगी दीदी. प्लीज उठ जाइये.

मेहुल उसकी बात नहीं सुनती और उसके होंठों से अपने होंठ जोड़कर उन्हें बुरी तरह से चूसने लगती है. और धीरे धीरे अपने आप को उसके लुंड पर घिसने लगती है.

इतनी प्यारी लड़की ऐसी हरकतें करे और रोहन जैसे भरपूर जवान लड़के का लुंड खड़ा न हो ऐसे भला कभी हो सकता है. उसका लुंड खड़ा हो गया था जो मेहुल के निचे छूट पर चुभ रहा था. दोनों hi पूरे जोश में आ गए थे. रोहन अच्छे से उस किश का लुत्फ़ उठा रहा था.

मेहुल उसे boli…tumhare सर की कसम भाई. फंक्शन के बाद मैं तुम जो कहोगे करुँगी बस आज मेरी बात मान लो. तुम्हे ब्लैंडफोल्ड करुँगी और हाथ पेअर बांधूंगी. हम उस दिन वाला खेल खेलेंगे.

Rohan..,muskura kar….apko कसम खाने की जरुरत नहीं है दीदी. मुझे पता है आप जो कहोगी वो करोगी. पर आज के लिए मेरी एक शर्त है.

मेहुल….. वो क्या भाई?

Rohan…dekho आपने मुझे अपने अंगों को देखने hi नहीं देना है. छूने में तो कोई प्रॉब्लम नहीं है न. आप मेरी ऑंखें बंद कर दो, पर हाथ पेअर नहीं.

मेहुल ….मुस्कुरा kar…chalo मंजूर.

रोहन …तो चलें फिर मेरे बैडरूम में?

Mehul…darwaja लॉक्ड है घर पर कोई है नहीं, फिर हमें किस बात की फ़िक्र. यहीं करते हैं न खुले में मज़ा आएगा.

Rohan…ap चीटिंग कर रही हो वैसे दीदी, आप तो सब कुछ देख लोगे पर मैं नहीं.

Mehul…tumhe भी dikhaungi..itne दिनों में इतना मन समझ गया है अब थोड़े दिन और फिर सम्पूर्ण समर्पण फिर अच्छे से देखना अपनी बहिन की छूट और चूचियों को. मेहुल रोहन का लुंड दबाते हुए बोलती है. रोहन का लुंड झटके मरने लगता है.

फिर वो एकदम से उठता है और जेब से रुमाल निकल कर अपनी दीदी को देता है के मेरी ऑंखें बांध दो दीदी. दरअसल वो आज इसलिए भी जल्दी तैयार हो गया था क्यूंकि आज मितली और मेहुल से अच्छी खासी चुदाई वाली बातें हो गयी थी और अब जो मेहुल ने अटैक किया था तो रोहन बेचारा संभल नहीं पाया और मेहुल की बात मान गया. एक और बात, रोहन बेचारा अपनी बहनो की बात कभी नहीं टालता. अब तो उसे आस भी हो गयी थी के एनिवर्सरी के बाद बहिन की छूट मिलेगी.
 
Part 57 Mehul….bhai बस कुछ दिन और इन बंद आँखों के साथ. फिर मेरी शर्म पूरी तरह से उतर जाएगी.

Rohan…muskurakar…koi बात नहीं दीदी अब तो इंज़ार है कब ये (लुंड पर हाथ फेरते हुए) आपका छोटा भाई अपनी छोटी बहिन (दीदी की छूट) से मिलान करेगा.

Mehul…muskurakar… मुझे भी इंतज़ार है इस बात का भाई. अच्छा अब जल्दी से अपने कपडे उतर दो.

कहते हुए मेहुल अपने कपडे उतरने लगती है. और दो मिनट में hi अपने सरे कपडे उतर देती है. रोहन को तो इससे भी काम समय लगता है. मेहुल रोहन के गले लग कर सबसे पहले उसके होंठों पर होंठ रखकर उनका रसपान करने लगती है.

रोहन भी अपनी दीदी की गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़कर मसलने लगता है. और उसे अपनी और खींचकर अपने खड़े हो रहे लुंड को उसकी छूट पर रगड़ने लगता है. दोनों hi वासना के सागर में घुस चुके थे और गोते लगाने को तैयार थे.

मेहुल को इतने दिनों बाद ये सुख मिल रहा था. मन में तो वो निश्चय कर hi चुकी थी के अपने भाई को अपनी छूट थाली में परोस कर देगी पर अभी उसने एनिवर्सरी से पहले ये विचार इसलिए त्याग दिया था के कहीं उसकी छूट की अच्छी सर्विस हो गयी तो वो दो तीन दिन चलने फिरने के काबिल नहीं रहेगी. सो वो प्लान बना रही थी एनिवर्सरी के बाद का जब उसके मम्मी पापा ट्रिप पर जायेंगे उस दौरान.

रोहन अपनी दीदी को लेकर निचे बिछे कालीन पर hi लेट जाता है और जैसे वो खड़े होकर जो भी कर रहे थे वही सब वो लेटकर करने लगता है. रोहन अपनी दीदी के ऊपर था और उसकी छूट पर अपना लुंड घिस रहा था. और अपने दोनों हाथों से उसने अब मेहुल के दोनों बूब्स दबाने शुरू कर दिए. दोनों के होंठों ने लिप लॉक किया हुआ था. ऐसे उन्होंने अपने आज के सेक्स की शुरुआत की.

रोहन के लुंड और मेहुल की छूट में से पानी निकलने लगा था. और अब इन दोनों जगहों को सर्विस की जरुरत थी तो रोहन बोलता है दीदी अब तुम ऊपर आओ और अपनी छूट को मेरे मुँह पर रखकर मेरे लुंड को चुसो. यानि के सीधी भाषा में उसने अपनी दीदी को 69 की पोजीशन बनाने को बोलै.

मेहुल ने आज्ञाकारी बचे की तरह उठकर साथ में लेते रोहन के मुँह को टारगेट करके अपनी छूट को उसके ठीक ऊपर सेट किया और उसके लुंड पर झुककर उसने तुरंत उसके सुपडे पर किश करना शुरू कर दिया.

रोहन ने भी शुरुआत करते हुए पहले ऊँगली से मेहुल की छूट को कुरेदना शुरू किया उसके निकल रहे हलके हलके रास को सुडुप सुडुप करके चूसने लगा और फिर जल्द hi उसने अपनी जीभ को उसकी छूट पर फेरना शुरू कर दिया. मेहुल ने आनंद से अपनी ऑंखें बंद कर ली.

उत्तेजना ने दोनों पर hi अपना कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया था. और दोनों hi लग गए थे एक दुसरे को संतुष्टि देने. 69 की पोजीशन इतनी बढ़िया होती है के दो लोगों को एक साथ पूरा मज़ा मिल रहा होता है. सुडुप सुडुप कर मेहुल रोहन के लुंड पर अपना मुँह आगे पीछे कर रही थी. उसके गर्म गर्म मुँह का स्पर्श रोहन की जान निकल रहा था और वो इस वजह से दुगुने उत्साह के साथ अपनी जीभ को सख्त कर मेहुल की छूट को चाट रहा था. इस तरह दोनों hi सुख के सागर में डूबे हुए थे.

रोहन को अपने पेट पर मेहुल के उभारों की डोडियन (निप्पल्स) चुभते से महसूस हो रहे थे यानि ये लड़की उत्तेजना के शिखर पर थी और वो निप्पल्स का स्पर्श रोहन को एक और hi दुनिया में ले जा रहा था.

इस तरह दोनों hi पूरी मस्ती में डूबे इस खेल का भरपूर लुत्फ़ उठा रहे थे के मेहुल की योनि में से पानी निकलना शुरू हो गया और उसके कुछ देर बाद रोहन के लुंड ने पानी की बारिश शुरू कर दी. दोनों बहिन भाई एक दुसरे का पानी इस तरह से पी गए जैसे जन्म जन्मांतर के प्यासे हों.

फिर उसके बाद दोनों वही कालीन पर ढेर हो गए. मेहुल उठकर अपने भाई के सर की तरफ सर करके लेट गयी. कुछ देर बाद जब रोहन में एनर्जी वापिस आयी तो वो मेहुल की और करवट लेकर बैठ गया और अपनी एक तंग कुछ इस तरह से मेहुल की टैंगो पर राखी के रोहन की जांघ का कुछ हिस्सा मेहुल की छूट पर आ रहा था. मेहुल की छूट में तो फिर से किडियन लड़ने लगी.

रोहन ने एक हाथ मेहुल की गर्दन के नीचे और दुसरे हाथ से उसकी चूचियों की मसलते हुए bola…to दीदी कैसा लगा आपको ये खेल.

Mehul…muskurakar…apne भाई के साथ तो मुझे इतना मज़ा आता है के लगता hi नहीं ये मेरा भाई है ऐसा लगता है मेरा लवर है ये.

Rohan…uski एक चुकी को चूमते hue…to भाई के साथ साथ आपका लवर भी तो हूँ दीदी. कितना तो लव करता हूँ आपको.

Mehul…muskurakar…haan भाई. सच कह रहे हो. सॉरी भाई मैंने आपको इतना टाइम सुख से वंचित रखा. पर अब और नहीं.

रोहन bola…koi बात नहीं दीदी, अच्छा अब आप कहीं इधर उधर हो जाओ कुछ देर के लिए. क्यूंकि मुझे बाथरूम जाना है. कपडे साथ hi ले जाना पर पहनना नहीं. क्यूंकि एक राउंड और लगाएंगे अभी.

मेहुल मुस्कुराकर. ठीक है भाई. बोलकर अपने कपडे लेकर कीतचने में घुस जाती है और रोहन लोअर पहनकर बाथरूम में घुस जाता है. वो टॉयलेट सीट पर बैठता है तो उसे लोअर में फ़ोन महसूस होता है. फ़ोन निकलकर वो ऐसे hi घर के बहार कक्तव कैमरा की वीडियो ों करता है तो देखकर हक्का बक्का रह जाता है, उसकी अनु बुआ की गाड़ी आकर रुकी थी. मतलब उसके पास दो मिनट का भी टाइम नहीं था.

उसने फटाफट खुद को धोया, टीशर्ट पहनी और रेडी था दरवाजा खोलने के लिए. इससे पहले वो आवाज़ देकर मेहुल को कपडे पहनाने को बोल चूका था. एक मिनट में घंटी बजी और रोहन ने जाकर दरवाजा खोला. मेहुल वहीँ किचन में कपडे पहनकर काम करने का ड्रामा करने लगी.

अनु बुआ आई तो रोहन ने उसे नमस्ते बोलकर उनका घर में स्वागत किया. मैंने मेहुल को आवाज़ देकर bola…mehul देखो तो कौन आया है. मेहुल को पता तो था कौन आया है वो किचन से बहार आकर boli…arey वह अनु बुआ, नमस्ते अनु बुआ.

Anu…khush रहो बचे. वैसे तुम दोनों को कई बार बोलै है के मुझे दीदी hi बोलै करो.

Rohan…socha अब इसको थोड़ा टाइट किया जाये बहुत सख्त बनती है न. बुआ अपने पेअर छूने से मन करके नमस्ते बोलने को बोलै तो हमने आपकी बात मान ली. पर क्या रिश्ते बदल सकते हैं कभी? छोटी हो या बड़ी आप हो तो मेरी बुआ hi न. इसलिए बुआ तो हम बोलेंगे आपको.

Anu…uske सर पर हल्का सा मरती hui…mera भतीजा अब बड़ा और समझदार हो गया है तू तो. और स्माइल करती हुई रोहन को सीने से लगा लेती है. रोहन तो पहले से दुसरे राउंड के लिए रेडी था अनु के बूब्स के स्पर्श की वजह से उसने एक झटका सा मारा तो अनु ने उसे अलग करते हुए अपने दूर करके bola…wakai तू बड़ा हो गया है रोहन.

मेहुल कुछ कुछ समझ चुकी थी वो मुँह पर हाथ रखकर हंसने लगती है अनु के ऐसा कहने से.

अनु उसे देखकर बोलती hai…tujhe क्या दिख गया मेहुल जो ऐसे हंस रही है.

मेहुल को पता था ये बुआ पूरी हरी मिर्ची है. इसे छेड़ना नहीं चाहिए फिर भी जानबूझकर छेड़ते हुए boli…dikha नहीं बुआ, महसूस हुआ.

अब तो अनु को भी समझ आ गयी के ये लड़की मुझे छेड़ रही है तो वो चिढ़कर boli…tum दोनों बहिन भाई बहुत बिगड़ गए हो. लगता है सुधारना पड़ेगा तुम लोगों को.

दोनों चुप कर जाते हैं क्यूंकि अभी चुप रहने में hi भलाई थी. फिर रोहन अनु का सूटकेस पकड़कर अपने मम्मी पापा वाले रूम के बगल वाले रूम में लेजाकर रख देता है और दीदी को सोफे पर बिठाकर मेहुल को बोलता hai…jao बुआ के लिए पानी लाओ.

मेहुल ट्रे में पानी का गिलास ले आती है. और चाय के लिए पूछती है. तो अनु बोलती hai…teeno के लिए बना लो न. मैं अकेली थोड़ी पियूँगी.

ज्यादा बहस न करती हुई मेहुल किचन में चली जाती है और तीन कप चाय के साथ बिस्कुट नमकीन लेकर आती है. अनु चाय पीते पीते दोनों को पूछती है.

अनु ….तो तुम दोनों अभी क्या कर रहे हो?

Rohan…bua मुझे गोवत जॉब मिल गयी है और मैं जल्द hi ज्वाइन करने जा रहा हूँ.

Anu…good और तुम मेहुल.

Mehul…abhi तो कुछ नहीं कर रही थी बुआ. सोच रही हूँ पोस्ट ग्रेजुएशन कर लू.

Anu…to इसमें सोचना कैसा. कर दो शुरू.

Mehul…ji bua…bas इतना hi बोलै उसने सोचा इसे तो थे पॉइंट hi जवाब देना चाहिए.

रोहन अनु से बोलै आपको आराम करना है तो कर लीजिये बुआ.

Anu…arey नहीं मैं दिन में आराम नहीं करती. तुम दोनों को करना है तो कर लो उतनी देर मैं एक केस स्टडी कर लेती हूँ.

Rohan…jaise आपको ठीक लगे बुआ. वो दरअसल पूछने लगा था के आज कैसे आई वो भी सूटकेस लेकर पर मजाल है पूछ पता. फिर सोचा एनिवर्सरी के लिए आई होगी पर उसमे अभी तीन दिन बाकि हैं.

अभी वो सोच hi रहा था के इसके मम्मी पापा चाचा चची और रूही आ जाते हैं. अनु को देखकर सभी खुश हो जाते हैं.

रूही अनु को नमस्ते करके उसके सीने से लग जाती है.

रोहित बोलता hai…anu बहुत अच्छा किया जो तू पहले hi आ गयी.

Anu…muskura kar..haanji भाई वो कोर्ट की छुट्टियां चल रही हैं तो सोचा के पहले hi चली जॉन कुछ काम भी करवा दूंगी.



फिर वो सबके गले से मिलती है और सभी बैठकर बातें करने लगते हैं.
 
Part 58अनु बुआ वैसे तो अच्छी थी पर वो सख्त बहुत थी. दरअसल आजकल कोर्ट की छुट्टिआं चल रही थी उन्होने सोचा के क्यों न पहले hi चला जाये. वैसे भी उनको टाइम कहाँ मिलता है मायके आने का.

अनु बुआ की नज़र बड़ी पैनी थी. उनकी वजह से मैं अपनी प्यारी बहिन मेहुल के करीब नहीं जा प् रहा था. उधर रूही भी इंतज़ार में थी के कब उसके बिरहत्दाय वाला दिन ए और कब उसके प्यारे भाई के हाथों उसकी सील टूटे.

बुआ के लिए ऊपर एक कमरा खोल दिया गया था. उन्होंने रूही से बोलै के ये कुछ दिन वो उनके साथ hi रहे. रूही को पता नहीं क्यों अच्छा नहीं लग रहा था. उसे पता था के निचे उसका भाई और मेहुल मिलकर जरूर कुछ न कुछ गुल खिलाएंगे रात को.

आज छोटे मां महेश और ममी सोनिया आ रहे थे. साथ में उनकी प्यारी सी बेटी शनाया भी आ रही थी. जिसे सभी शानू कहते थे.

पहले चुप चुप सी रहने वाली शानू अब बहुत बोलने लगी थी. हर वक्त सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती. उसके चैनल पर कोई 10क फोल्लोवेर्स थे तो वो खुद को बहुत बड़ी इन्फ्लुएंसर समझने लगी थी. उसके चैनल का नाम शान्दारस्वीटशनो था.

इनको भी ऊपर hi रूम मिला था. पर शानू एक जगह रुकने वाली कहाँ थी. वो तो हर वक्त तितली की तरह इधर उधर मंडराती रहती थी. रोहन और शानू की बहुत ज्यादा बनती थी. शानू शुरू से hi अपने भाई के साथ अपने दिल की हर बात शेयर करती थी और लास्ट टाइम ये लोग दो साल पहले आये थे. उस वक्त रोहन के दिल में बहनो के लिए कोई भी गलत भावना नहीं थी.

शानू जब भाई से मिली तो उसने जोर से जफ्फी डाली और अपने ऑनलाइन फ्रेंड्स को boli…guys ये है मेरी जान. मेरी लाइफ का सबसे प्यारा इंसान और यही एक इंसान है जो शानू से भी ज्यादा शानदार है. ये हैं मेरे प्यारे भैया रोहन, जो मेरे भाई भी हैं, दोस्त भी और हमराज़ भी. तो दोस्तों अभी मुझे कुछ टाइम के लिए आप लोगों को अलविदा कहना पड़ेगा मैं अपने प्यारे भाई से कुछ बातें कर लूँ. तब तक के लिए टाटा bye bye अपना ख्याल रखिये, वीडियो को लिखे करना भूले, चैनल को सब्सक्राइब कीजिये और कमेंट बॉक्स में लिखिए के आपको रोहन भैया कैसे लगे.

कहते हुए वो वीडियो कट कर देती है. अभी भी उसने रोहन की जफ्फी डाली हुई थी. वो वीडियो कट करते hi रोहन की गाल पर किश कर देती है. बदले में रोहन भी उसके गाल पर किश करता है.

महेश सोनिआ रोहित निधि राकेश और राधा हंसने लगते हैं उसकी बातों से .

Radha..hamari शानू अब बड़ी हो गयी है देखो कितने फोल्लोवेर्स बना लिए हैं इसने.

Sonia…kya खाक फोल्लोवेर्स बना लिए हैं दीदी. ये तो सारा दिन इसी काम में लगी रहती है. पता नहीं पढ़ती कब है?

Shanu…offo मम्मी आपको तो हमेशा मुझसे प्रॉब्लम hi रहती है. दो साल हो गए मुझे सोशल मीडिया पर कभी फ़ैल हुई हूँ क्या?

Sonia…fail नहीं हुई तो क्या इंतज़ार कर रही है फ़ैल होने का. अभी कॉलेज जाने लगी है. स्कूल नहीं है ये. पर इसे समझाना बेकार है रोहन तू hi इसे समझा ये तेरी बात hi सुनती है के सारा दिन इस पर लगे रहने से इसके करियर का क्या बनेगा.

Shanu…mummy आप कब समझोगे के जो मैं कर रही हूँ वही करियर है.

इतने में अनु बुआ आ जाती है. शानू भी इसे बुआ hi कहती है. अनु ने आते वक्त इनकी साडी बातें सुन ली थी.

Anu…sahi तो कह रही है तुम्हारी मम्मी. ट्रेडिशनल करियर hi असली करियर होता है शानू.

Shanu…bua जी मैं कुछ hi सैलून में इतना कमा लुंगी जितना एक आम इंसान पूरे तीस साल के करियर में कमा पता है.

Anu…achha एक बात बता अभी तक तूने कितना कमाया. और आगे कितने तक जा सकती हो.

Shanu…abhi तो कुछ ज्यादा नहीं आ रहा बुआ. पर हर महीने बढ़ तो रहा है न.

Anu…aur इस चक्कर में तुम खुद की नार्मल लाइफ भी ख़त्म करती जा रही हो. तुम दो साल बाद अपने भाई से मिल रही हो और वो भी खुद नहीं अपने फोल्लोवेर्स के साथ मिल रही हो. क्या ये सही है बीटा? और बात सिर्फ कमाई की नहीं होती, जॉब सटिस्फैक्शन भी कोई चीज होती है.

शानू… आप शायद ठीक कह रही हो बुआ. ऐसा नहीं था के शानू को बुआ की बात पसंद आ गयी थी, उसे पता था के कोई भी इंसान दुनिआ में अनु बुआ से बहस में जीत नहीं sakta..khud रजत फूफा भी नहीं.

जब ये दोनों बातें कर रही थी तो रोहन की नज़र अनु बुआ के बूब्स पर चली जाती है. पर वो थोड़ी देर देखकर मुँह परे कर लेता है. और थोड़ी देर बाद फिर से देखता है.

दरअसल आज बुआ ने पतली सी कुर्ती डाली हुई टी और शायद अपने कम्फर्ट के लिए उसने निचे ब्रा नहीं पहनी थी जिससे उसके निप्पल्स कुर्ती में से पोक कर रहे थे और बड़े hi सेक्सी लग रहे थे. अब तो रोहन को हर तरफ रिश्तों की जगह औरतें hi नज़र आने लगी थी और नज़र आने लगा था उनका शरीर.

एक बार अनु की निगाह पद hi जाती है. रोहन झेंप जाता है और वहां से उठ कर जाने लगता है तो अनु बुआ boli…tu कहाँ जा रहा है. बैठा रह. उन्होंने भी सोचा के इस बेशर्म को कुछ कहने का फायदा तो है नहीं.

इतने में शानू रोहन से बोलती hai…bhai मुझे मार्किट जाना है चलोगे.

रोहन को भी अब अनु बुआ की जलती हुई नज़रों से बचना था तो वो उसे बोलता है. हाँ चल शानू.

सोनिआ mami…kya लाना है अब तूने मार्किट से. अभी तो आये हैं हम लोग.

Shanu…mujhe कुछ खा पि के आना है. और कुछ खरीदना भी है.

Nidhi…jane दो सोनिआ. बची है. रोहन जा खिला ला इसको जो चाहिए. अब जब ननद ने बोल दिया तो छोटी भाभी क्या कहती भला.

शानू खुश हो जाती है और रोहन का हाथ पकड़कर कहती hai…bhai चलें. सोनिआ ऑंखें दिखती है शानू को पर वो उसे बेशर्मी से आंख मरकर चली जाती है तो पीछे से सभी उसकी इस हरकत से हंसने लगते hai…sirf अनु बुआ को छोड़कर.

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रोहन और शानू बाइक पर जाते हैं और शानू उससे एकदम चिपक के बैठी होती है. वो रोहन को बोलती hai..bhai बाइक को झील की तरफ ले चलो. मुझे रील बनानी है.

Rohan…par उधर टाइम बहुत लग जायेगा शानू.

Shanu…to भाई घर पर रहकर भी क्या करेंगे. एक मम्मी क्या काम थी जो ये बुआ भी अब लेक्चर देने आ गयी है. अच्छा है न दूर है. उसने जितनी देर दूर रहे उतना अच्छा है.

Rohan…hanste hue…jhalli ऐसा नहीं बोलते. बड़े हमारे फायदे के लिए hi बोलते हैं.

Shanu…arey इन्हे क्या पता मेरा अच्छा बुरा किस्मे है. और अब मैं 19 की हो गयी हूँ. एडल्ट हूँ. गवर्नमेंट ने मुझे वोट का अधिकार भी दिया है और हँसते हुए और हाँ शादी का भी.

Rohan…Anu बुआ की तरह तुझसे भी बहस करना आसान कहाँ है शानू.

Shanu…hahaha करके हांसे लगती है. और झटके लगने से जब उसके अमरुद जैसे उभर रोहन की पीठ पर चुभते हैं तो रोहन को झटके लगने शुरू हो जाते हैं. और झटके लगते हैं रोहन के लुंड पर.

रोहन सोचता है यार मैं क्या पक्का बहनचोद बन गया हूँ. किसी को नहीं छोड़ता. इस मासूम शानू को भी नहीं. पर ये मासूम कहाँ है. अब तो 19 की हो गयी है, कैसी कैसी बातें करने लगी है.

शानू रोहन को बोलती है. क्या बात है भाई. आपकी बोलती क्यों बंद है.

Rohan..kuchh नहीं. बस मैं बाइक चला रहा था.

Shanu…achha आपको याद है आपने मुझसे कोई वादा किया था.

Rohan…sochte hue…kya वादा किया था मैंने?

Shanu…yaad karo…hanste हुए.

Rohan…aisa क्या वादा किया था मैंने. मुझे कुछ याद नहीं.

Shanu…hanste hue…koi बात नहीं वहां चल के बताउंगी.

Rohan…chal ठीक है. बस 5 मिनट में हम झील पर होंगे वैसे सही कहा तुमने. वहां तुम्हारी बहुत अच्छी रील बनेगी.

Shanu…aapka फायदा उठाउंगी. खूब रील्स बनवाऊंगी.

Rohan…hanste hue…achha बाबा. जितनी मर्जी बनवा लेना.

दोनों झील पर पहुँच जाते हैं. ये बहुत पुराणी झील थी. पर पानी एकदम साफ़ था. पर सर्कार की कमजोरी कहें के इसे पर्यटन स्थल के तौर पर प्रसिद्ध नहीं कर पाए. लेकिन फिर भी बहुत से लोग संडे या छुट्टी के दिनों में यहाँ पिकनिक मानाने आते थे.

जब भी शानू अपनी बुआ यहाँ आती तो रोहन को लेकर इस झील पर जरूर आती थी. फर्क बस इतना था के पहले वो यहाँ आकर रोहन से बातें किया करती थी पर इस बार रील बनवाने आयी थी और अपने भाई को पिछले वादा याद दिलाने.



तो दोस्तों क्या आप लोग गेस कर सकते हो के रोहन ने शानू से क्या वादा किया था और क्या रोहन अपना वादा पूरा कर पायेगा. गेस करने वाले लड़के को मिलेगी एक सरप्राइज छूट और लड़की को किंग साइज लुंड.
 
Part 59शानू ने रील के लिए कपडे बदलना चाहती थी. वहां झील पर बीच में किनारे पर एक पोस्ट सी बानी थी. शायद कभी वहां कोई चौकीदार रहता होगा. रोहन उसे उस केबिन के पास ले जाकर बोलता है के यहाँ बदल लो. पर तुम्हारे पास बदलने को कपडे तो है नहीं.

शानू दन्त दिखने लगती है. और उस केबिन में जाकर पता नहीं क्या करती है के बहार आते hi नंग धडंगी वापिस आती है. उसके हाथ में उसकी टीशर्ट और जीन्स थी और उसने जो पहना हुआ था अब वो शायद उसने निचे hi पहना था. क्यूंकि निचे वाले हिस्से में कतरन वाली निस्केर और ऊपर ब्लाउज टाइप कुछ था और वो भी कटा फटा.

वैसे तो रोहन उसे देखता hi रह गया और उसके लुंड ने हरकत भी शुरू कर दी पर वो प्रत्यक्ष में शानू को bola…ye क्या पहना है शानू तुमने इससे तो ये भी नहीं पहनती.

शानू बच्चों की तरह हँसते हुए boli…ye क्या बोल रहे हो भैया. अपनी बहिन से ऐसी बातें कर रहे हो आप? देखिये ढकने वाली चीजें तो ढकी हुई हैं न.

फिर वो खुद hi शर्मा गयी अपनी बात पर उसने जो अभी ढकने वाली चीजें ढकी हैं बोलै तो रोहन चेहरे पर शैतानी मुस्कान आ गयी और bola…achha तुम्हे पता है के क्या ढकना चाहिए.

वो बात को टालते हुए boli…ye सब छोडो भाई बस आप वीडियोग्राफी करो. मुझे उम्मीद है आप अच्छी वीडियो कैप्चर कर लेते होंगे.

रोहन bola…wo तो मैं कर दूंगा पर क्या तुम इन कपड़ों में बनाई वीडियो अपलोड करोगी नेट पर?

शानू फिर से हंस पड़ी और boli…bhai लगता है आप आजकल की रील्स नहीं देख रहे हो. जब तक ऐसे कपडे पहन कर वीडियो न बनाओ. कोई देखता hi नहीं लाइक्स कमैंट्स तो दूर की बात है.

रोहन ने सोचा उसे क्या. ये इसकी लाइफ है वो वीडियो बनाने लगा जो बहुत hi सेक्सी गाने पर आधारित थी और शानू ने शायद पहले से रिहर्सल कर राखी होगी इसलिए वो इस गाने पर इतना अच्छा डांस कर रही थी.

गण पूरा होने पर जब शानू ने उसे चला कर देखा तो रोहन के गले से लगकर उसकी गाल चूमते हुए boli..wah भाई आपने तो कमल hi कर दिया. पहली बार में hi परफेक्ट वीडियो. पहले तो कभी मैं अच्छे से डांस नहीं कर पति और कभी सामने वाला अच्छी वीडियो नहीं बना पता. आज दोनों hi परफेक्ट हो गया.

उसने रोहन को अभी भी गले से लगाया हुआ था और रोहन के लुंड ने तो पहले से hi बगावत कर राखी थी. उसमे हिलडुल शुरू हो चुकी थी इसलिए वो शानू से अलग होते हुए bola..yaar मुझे तो याद नहीं के तुमने मुझसे कभी वादा लिया हो के मैं झील पर तुझे लेकर तेरी रील के लिए कोई वीडियो बनाऊंगा.

शानू अपने hi अंदाज़ में हंसती हुई boli…bhai मैंने आपको कब कहा के आपने मुझसे कोई ऐसा वादा किया था.

Rohan…to फिर कोई और रीज़न भी है हमारे यहाँ आने का. बहुत जोर लगाकर भी रोहन को याद नहीं आ रहा था के उसने शानू को क्यों बुलाया है.

Shanu…aur नहीं तो क्या भाई. आप तो पूरे भुलक्कड़ हो. फिर उसे याद कराती हुई बोलती है. याद है आपको पिछले बार दो साल पहले जब आप और मैं यहाँ आये थे तो मैंने आपको बताया था के मेरी कितनी hi फ्रेंड्स ने बर्फ बना रखे हैं और सेक्स भी कर चुकी हैं. और मेरा भी मन करता है बर्फ बनाने का.

तब आपने मुझे डांटते हुए कहा था के तुम अभी अपनी पढाई पर फोकस करो. ये टाइम नहीं बर्फ बनाने का. जब अब्दी हो जाओ तो समझदार सा लड़का देखकर उसको बर्फ बनाओ और उससे hi शादी करो.

रोहन को याद आ जाती हैं थोड़ी थोड़ी baten…haan अब ध्यान आ रहा है हमारी ऐसी hi कुछ बातें हुई थी. आगे क्या हुआ था.

Shanu…aage ये हुआ था के आपने मुझे बोलै दूसरी बात तू अभी 17 की है और अभी ऐसा कुछ भी करना लीगल भी नहीं है. इसलिए बाद में hi कोई अच्छा लड़का देखकर बर्फ बनाना. तब मैंने आपसे बोलै था के मेरे सामने मेरी एक फ्रेंड ने लिप्स पर किश की थी. काम से काम मुझे उसका तो एक्सपीरियंस लेना hi है.

तब आपने कहा था के उसके लिए भी तो वेट करनी hi होगी. मैंने कहा था के उसके लिए तो किसी बर्फ की जरुरत नहीं. इतना तो आप hi मेरे लिए कर सकते हो. पर आपने मुझे शायद टालते हुए बोलै के अभी तुम काम उम्र की हो लिप किश अगर मुझसे भी करनी है तो 18 साल की उम्र के बाद hi आना.

रोहन bola…haan अब याद आया ये तो मैंने तुम्हे बस उस वक्त टालने के लिए बोलै था. पर तू अब शायद इतनी तो समझदार हो गयी हो के तुम्हे पता होगा ऐसा भाई बहिन में नहीं हो सकता.

रोहन शायद उसे नहीं बताना चाहता होगा के वो अपनी बहनो के साथ क्या क्या कर चूका है.

शानू… भाई आपने मुझे वादा किया था. तो क्या वादा तोड़ डोज अभी. शानू ने बच्चों की तरह बेचारा सा मुँह बनाकर कहा.

वो दोनों एक जगह पर बैठ चुके थे और शानू उसके बगल में उसके कंधे पर सर रखकर बैठी थी.

Rohan…shanu समझा करो. भाई बहिन में ये सब पॉसिबल नहीं है. तुम्हारी आगे जरूर 19 साल हो चुकी है पर तुम्हारे अंदर अभी भी बचपना है. तुम्हे नहीं पता लिप किश कौन करता है.

शानू… आप मुझे अभी भी बची समझ रहे हो . मुझे पता है लिप किश लवर्स के बीच में hi हो सकती है. भाई कर लो न प्लीज मैंने दो साल वेट क्या है इसके लिए. मेरी फंतासी है लिप किश. और अगर आपने नहीं किया तो मुझे मजबूरन कोई बर्फ बनाना पड़ेगा और मैं उसके साथ अपनी फंतासी पूरी कर लुंगी.

रोहन को लगा के ये तो छुरी खुद खरबूजे पर गिरने को तैयार है.

Rohan…shaitani अंदाज़ में हँसते हुए bola…achha तुम्हे अगर इस बात का पता है के लिप किश लवर्स के बीच में होती है तो तुम्हे ये भी पता होगा के और क्या हो सकता है लवर्स के बीच में.

Shanu…mujhe सब पता है भाई. अगर आप एक बार मुझे किश कर दो तो उसके बाद आप कुछ भी कर सकते हो. क्यूंकि मैं तो आपको लवर की तरह hi मानती हूँ. एक भाई से ज्यादा क्यूंकि आपने मुझे उस वक्त संभाला जब मैं किसी भी जगह गिर सकती थी. आपसे समझदार लवर मुझे और कहाँ मिलेगा भला. शानू साइड से hi गाल पर किश करते हुए बोली. तो मेरे लुंड की हलचल बढ़ गयी. अरे ये तो वाकई मुर्गी हलाल होने पर उतारू है.

रोहन कुछ सोचते हुए उसे केबिन में ले गया और bola…tum सच में रेडी हो न शानू.

शानू ने सोचा के शायद रोहन उसे सेक्स के लिए बोल रहा हूँ. वो कपडे उतरने lagi…haan भाई आपको मुझसे सेक्स करना है आप कर सकते हो. मैं ख़ुशी ख़ुशी तैयार हूँ.

रोहन ने उसे रोकते हुए kaha…arey पगली मैं तो बस किश की बात कर रहा था अभी. घर से क्या सोच के आयी थी के रोहन भाई से छोड़ना है तूने. उसने हँसते हुए बोलै.

सोच के तो किश का hi आयी थी भाई. पर अगर ये सेक्स नाम का बोनस भी मिल जाये तो क्या हर्ज है. आप सोच लो एक बार.

रोहन कुछ sochkar…abhi के लिए किश hi काफी है. बाकि बाद में सोचेंगे.

Shanu..haan में गर्दन हिलाकर रोहन के करीब आयी उसकी गाल को दोनों हाथों में लिया और अपने होंठ उसके पास करके boli..bhai मैं तैयार हूँ. आप तैयार हो क्या?

वैसे तो रोहन को पता था के ये इसका बचपना है पर फिर भी अब उसके अंदर आग लग चुकी थी. छूट का चस्का तो रोहन को लग hi चूका था तो हाथ आई को कैसे मन कर सकता था सोचा तो ये था के वो किश करके छोड़ देगा पर फिर भी मन में कहीं न कहीं एक आस तो जग चुकी थी.

रोहन ने शानू को उसकी पीठ से पकड़कर आगे किया और उसे अपने से चिपका कर उसके नरम मुलायम रास से भरे होंठों पर होंठ रख दिए. ओह क्या लजीज़ होंठ थे शानू के. और उनमे तड़प ऐसी के जैसे बहुत ज्यादा बेकरार थे रोहन के होंठो से मिलने को. कभी ऊपर वाला और कभी निचे वाला होंठ चुस्त रहा रोहन और ऐसा करते करते वो इतना मस्त हो चूका था के उसके हाथ अपने आप पता नहीं कब शानू की गांड पर चले गए और उसने उन्हें जोर से दबा दिया जिससे शानू की छूट रोहन के पूरे खड़े हुए लुंड पर जाकर टकरा गयी और शानू के मुँह से आह्हः सी निकली तो रोहन को एक बार तो गलती का एहसास हुआ और वो उसे छोड़ता हुआ bola…shayad तुम्हे नहीं पता शानू ये क्या चल रह रहा है. हो सकता है मैं अपने पर कण्ट्रोल न कर पौन. पता नहीं ये खेल किस हद तक चला जाये.

शानू उसके होंठों के पास अपने होंठ ले जाकर बड़े hi मादक अंदाज़ में बोली…15 की थी जब से सेक्स के किस्से सुनते आ रही हूँ. आपने जिस दिन समझाया था मुझे उसी दिन आपको बर्फ मान लिया था. उसी दिन बोलते तो उसी दिन चुद जाती आपसे. पर आपने मुझे समझाया उम्र का वास्ता दिया और पता है आपको ये दो साल मैंने कैसे गजरे हैं. प्लीज अब मुझे मत रोकिये.

फिर शानू ने खुद hi आगे बढ़कर उसके होंठों पर होंठ लगाकर bola….bhai आप वैसे hi पीछे हाथ रखकर आगे को दबाओ. मेरी इसमें भी खुजली हो रही है. आपके उससे टकरा कर बड़ा मज़ा आ रहा है. किश का मज़ा दुगुना हो जायेगा.

रोहन को भला और क्या चाहिए था उसे सब कुछ बना बनाया मिल रहा था. वो पशनातेली शानू को किश करने लगा. उसकी जीभ को चूसा. शानू भी अपने प्यारे भाई की जीभ को चूसने लगी. दोनों के रास मिलकर एक बहुत प्यारा रास बना रहे थे. कामर्स और दोनों बुरी तरह से उस कामर्स में डूब चुके थे.

जैसे हार्ट अटैक के मरीज को एक गोली जीभ के निचे रखने को दी जाती है जिसके रखते hi उसका असर सीधा हार्ट पर जाता है. वैसे hi इनके एक दुसरे की जीभ चूसने से सीधा असर निचे वाले पार्ट्स में जा रहा था. शायद जीभ में कोई ऐसी नसे हैं जो शरीर के दुसरे अंगों को प्रभावित करती हैं. खैर ये दोनों बुरी तरह से काम के वश में चले गए थे.



निस्केर बुरी तरह से फटी हुई थी और निचे पंतय पहनी नहीं थी. तो रोहन उसकी लगभग नंगी गांड पर हाथ फेरने लगा. खुद भी मस्त हो गया और उसे भी करने लगा.
 
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