- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 103,565
Part 27रोहन को अपने पेअर पर कुछ नरमाहट का सा एहसास हुआ तो उसकी आंख खुल गयी. उसने देखा उसके एक पेअर का अंगूठा उसकी दीदी की छूट पर था. अरे ऐसा कैसे हो गया क्या उसकी दीदी ऐसे hi बैठी बैठी सो गयी थी और वो भी वैसे hi सो गया था. और पता नहीं कब उसका अंगूठा दीदी की टांगों के बीच पहुँच गया और उसकी छूट को सहलाने लगा. हालाँकि उस स्पर्श के बहुत hi सुखद अनुभव हो रहा था पर फिर उसने जल्द hi अपना पेअर परे कर लिया के कहीं अगर दीदी को पता चल गया के उसका सागा भाई उसकी छूट पर जान बूझकर स्पर्श कर रहा है तो वो उसके बारे में क्या सोचेगी. यही सोचकर वो उससे दूर हो गया.
फिर वो खुद hi अपने बारे में सोचकर हैरान रह gaya…yaar साला मैं कर क्या रहा था वैसे. खुद अपनी hi बहिन की छूट को sparsh…fir अपने सर पर हाथ मारकर बोलता है. ये गलत है रोहन. तू ऐसा नहीं कर सकता.
पर उसके बाद उसका ध्यान बार बार मेहुल की छूट पर hi जा रहा था. उसके अंगूठे से रगड़ने की वजह से उसकी सलवार थोड़ा अंदर धस गयी थी. तो छूट की छवि नज़र आने लगी थी सलवार पड़ी होने के बावजूद. वो देखता hi रह गया. उसने दीक्षा की छूट का स्पर्श किया था चाहे कुछ पलों के लिए hi सही. आज उसे अपनी बहिन की छूट के स्पर्श में उससे भी ज्यादा मज़ा आया चाहे ये डायरेक्ट स्पर्श नहीं था.
वो मन hi मन हंसने लगा. यार मैं इतना कुछ सोच रहा हूँ इसका मतलब ये तो नहीं के मैं बहिन छोड़ हूँ. फिर धीरे से हंस diya…hahaha.
उसके विचारों में दुविधा के साथ साथ एक बात पर वो दृढ था के उसे ऐसा करने में मज़ा बहुत आया. और सबसे ज्यादा आया. वो रूही के साथ भी कुछ बातें कर चूका था पर असली मज़ा तो उसे आज आया था पानी दीदी के साथ.
चाहे ये थोड़ा सा hi मज़ा था पर असली मज़ा था. सोचते सोचते पता नहीं कब सुबह हो गयी और ये लोग पुणे पहुँच गए. रोहन ने बैग उठाया और उस होटल में चल दिए जिसे इन्होने ऑनलाइन बुक किया था.
रिसेप्शन पर पहुँच कर रोहन ने अपने ईद की कॉपी दी. उसने अपना और मेहुल का नाम बताया और रिलेशन पूछने पर उसने बोलै मेरी बहिन है. तो रिसेप्शन पर बैठी लड़की boli…sir आजकल डरने की जरुरत नहीं है. अगर गफ है तो आप गफ लिखवाओ. आप लीगली रूम ले सकते हो.
उसकी बात सुनकर रोहन को गुस्सा आ गया और bola…..arey मैडम जब हैं hi भाई बहिन तो गफ बर्फ क्यों लिखवाऊं. फिर उसने दोनों का ईद दिखाया और दोनों पर hi शामे फादर नाम और शामे एड्रेस देखकर रिसेप्शनिस्ट शर्मिंदा सी हो गयी और boli…sorry सर. वैसे मैं भी गलत नहीं हूँ बहुत कपल्स आते हैं यहाँ रूम लेने और आकर भाई बहिन बताते हैं.
रोहन को उसकी बात समझ में आ गयी थी वो मुस्कुरा कर bola…koi बात नहीं. गलती किसी से भी हो जाती है. आप हमें रूम की चाबी dijiye…wo रिसेप्शनिस्ट जिसका नाम पूजा था एक लड़के को boli…jao साहिब का लगेज लेकर रूम नंबर 205 ले जाओ. और चेक करो टॉवल सोप वगैरह है के नहीं. वो लड़का हाँ में गर्दन हिलाकर उनका सामान उठाकर उन्हें bola…chaliye साहिब.
रोहन और मेहुल एक साथ हो लिए. मेहुल से तो नज़रे भी नहीं मिले जा रही थी रोहन के साथ. वो अपने भाई के साथ पहली बार इस तरह से आयी थी और पहली बार hi उसे उसकी गफ बना दिया गया. वो मन hi मन बहुत ावक्वार्ड सा फील कर रही थी. के ऐसे कैसे कोई भाई को बर्फ बना dega.fir उसकी और देखकर मुस्कुराई और सोचने लगी. वैसे रोहन जिसका भी बर्फ होगा लड़की होगी बड़ी किस्मत वाली. कितना हैंडसम है ये. गोलू सा. चेहरे पर हर वक्त स्माइल . लड़कियों को ऐसे hi लड़के तो चाहिए होते हैं.
फिर सोचने lagi…maine भी तो सोचा था के इसे अपना सब कुछ सौंप दूंगी. अभी गफ कहने पर तो ऐसी बुरी फीलिंग आ रही है अगर सच में इसका लुंड मेरी छूट mein…fir खुद को आगे सोचने से रोकते हुए खुद hi अपने सर पर चपत लगाती है जैसे रोहन ने लगाई थी. और आ रहे विचारों को रोकने की कोशिश करती है.
रोहन उसे अपने जैसे hi सर पर चपत मारते देखता है तो बोलता hai….kya हुआ दीदी कोई गलती हो गयी क्या आपसे जो इस तरह मारा अपने खुद को. वो मुस्कुरा रहा था और मेहुल फंस चुकी थी. वो सोच रही थी क्या बहाना बनाये. जल्दबाजी में boli…main अपनी एक डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी घर पर hi भूल आयी.
रोहन bola…to क्या हुआ didi..original तो होगा आपके पास. मैं फोटोकॉपी करवा दूंगा.
मेहुल ने सोचा चलो जान बची. अब मैं इसे कोई भी डॉक्यूमेंट दे दूंगी कॉपी करवाने के लिए. Boli…haan ये सही रहेगा. पर मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है. जल्दी करवानी होगी. ब्रेकफास्ट के बाद मुझे निकलना भी होगा पेपर देने के लिए.
रोहन bola…main आपको छोड़ कर आऊंगा दीदी. Mehul…kyun फालतू में परेशान होगा. मैं कैब कर लुंगी. ज्यादा दूर नहीं है यहाँ से. बस पांच मिनट का रास्ता है.
रोहन बोलै ok फिर वो जल्द hi ब्रेकफास्ट का आर्डर दे देता है. आर्डर रिसेप्शन पर पूजा ने hi लिया था. वो अब उससे बड़े अच्छे से बात कर रही थी. उसे दर था के कहीं क्लाइंट को बुरा न लग गया हो. ब्रेकफास्ट के बाद मेहुल उसे दो डाक्यूमेंट्स दे देती है कॉपी करवाने के लिए.
रोहन निचे चला जाता है रिसेप्शन पर और पूछने लगता hai…madam यहाँ आस पास कोई फोटोकॉपी की शॉप है क्या?
Pooja…muskurate hue…photocopy तो हम आपकी यहीं कर देंगे पर उसके लिए एक शर्त है.
Rohan…thoda हैरान hokar…kya शर्त है?
Pooja…aap मुझे मैडम नहीं पूजा बोलोगे.
रोहन मुस्कुरा दिया उसकी नज़र लगातार पूजा के बड़े बड़े दुधुं पर थी. उसे उन्हें देखते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था और शायद पूजा ने भी ये बात नोटिस कर ली थी. वो थोड़ी देर में bola…ohk पूजा जी,
Pooja…arey फिर wahi…pooja जी नहीं सिर्फ पूजा. पूजा नोटिस कर रही थी के इसकी नज़र लगातार उसके बूब्स पर है. इसलिए इसने देरी से जवाब दिया.
Rohan…ok pooja…yaar प्लीज मेरा ये मसला हल कर दो. दीदी को लेकर जाना है. उसका एग्जाम है आज.
Pooja…par रूम तो आपने दो दिन के लिए बुक किया है.
Rohan…muskurate hue…kal घूम लेंगे ना. आज तो शाम 6-7 बजे तक दीदी फ्री hi होंगी.
Pooja…ohk अच्छा रोहन जी आपने मुझे माफ़ तो कर दिया न. पूजा उसे फोटोकोपिएस पकड़ते हुए बोली.
Rohan…arey मैं तो कब का भूल गया उस बात को. आप ज्यादा टेंशन मत लो. मुस्कुरा कर रोहन बोलै, थैंक्स बोलै एक आखरी नज़र पूजा के बूब्स पर मारी और ऊपर अपने रूम में चला गया और एकदम से दरवाजा खोला तो देखा मेहुल पंत दाल रही थी. उसने पिंक कलर की पंतय पहनी हुई थी. वो एकदम से हड़बड़ा गयी और रोहन फाटक से बहार चला गया. ये सब इतना जल्दी हुआ के दोनों को पता hi नहीं चल पाया. रोहन बहुत शर्मिंदा था के उसने नॉक क्यों नहीं किया उधर मेहुल शर्मिंदा थी के उसने लॉक क्यों नहीं किया. दोनों अपनी अपनी जगह पर शर्मसार थे.
पर जो होना होता है वो होकर रहता है. रोहन तो डबल शर्मिंदा था क्यूंकि उसकी नज़र सबसे पहले अपनी दीदी की पंतय में मौजूद उसकी छूट पर hi गयी. वो सोच सोच कर परेशान था के वो अपनी बहिन के बारे में इतना गलत क्यों होता जा रहा है. थोड़ी देर में मेहुल ने खुद दरवाजा खोला. उसकी गर्दन झुकी हुई थी. रोहन ने कपीस मेहुल को पकड़े और धीरे से bola…sorry didi…to मेहुल ने भी उसी टोन में जवाब diya…sorry तो मुझे बोलना चाहिए रोहन मुझे लॉक करना चाहिए tha…rohan. पर दीदी मुझे भी तो नॉक करना चाहिए था.
फिर रोहन bola…chhodo न दीदी इन बातों को छोड़ते हैं, आप जाओ आपके एग्जाम का टाइम हो गया है. और हाँ पेपर अच्छा करके आना.
मेहुल मुस्कुरा दी. उसने भी सोचा के पेपर है. दिमाग पर फालतू बोझ डालने से क्या फायदा. वो रोहन को थैंक्स बोलकर एग्जाम के लिए निकल जाती है.
रोहन मेहुल के जाने के बाद नहाने चला जाता है. क्यूंकि उन लोगों को आते hi ब्रेकफास्ट करना था. मेहुल को देर हो रही थी तो वो तो बिना नहाये hi निकल गयी थी. रोहन ने सोचा अब नाहा ले.
रोहन का पीछे से मन नहीं लग रहा था तो उसने फ़ोन उठा लिया. आखिर फ़ोन भी इंसान कितना देख लेगा. वो सोने की कोशिश करने लगा तो सोया भी नहीं गया. क्यूंकि ट्रैन में hi नींद पूरी हो गयी थी. और सुबह सुबह कहाँ इंसान को नींद आती है. वो सोचने लग गया के क्या किया जाये. तभी उसे पूजा याद आयी.
फिर वो खुद hi अपने बारे में सोचकर हैरान रह gaya…yaar साला मैं कर क्या रहा था वैसे. खुद अपनी hi बहिन की छूट को sparsh…fir अपने सर पर हाथ मारकर बोलता है. ये गलत है रोहन. तू ऐसा नहीं कर सकता.
पर उसके बाद उसका ध्यान बार बार मेहुल की छूट पर hi जा रहा था. उसके अंगूठे से रगड़ने की वजह से उसकी सलवार थोड़ा अंदर धस गयी थी. तो छूट की छवि नज़र आने लगी थी सलवार पड़ी होने के बावजूद. वो देखता hi रह गया. उसने दीक्षा की छूट का स्पर्श किया था चाहे कुछ पलों के लिए hi सही. आज उसे अपनी बहिन की छूट के स्पर्श में उससे भी ज्यादा मज़ा आया चाहे ये डायरेक्ट स्पर्श नहीं था.
वो मन hi मन हंसने लगा. यार मैं इतना कुछ सोच रहा हूँ इसका मतलब ये तो नहीं के मैं बहिन छोड़ हूँ. फिर धीरे से हंस diya…hahaha.
उसके विचारों में दुविधा के साथ साथ एक बात पर वो दृढ था के उसे ऐसा करने में मज़ा बहुत आया. और सबसे ज्यादा आया. वो रूही के साथ भी कुछ बातें कर चूका था पर असली मज़ा तो उसे आज आया था पानी दीदी के साथ.
चाहे ये थोड़ा सा hi मज़ा था पर असली मज़ा था. सोचते सोचते पता नहीं कब सुबह हो गयी और ये लोग पुणे पहुँच गए. रोहन ने बैग उठाया और उस होटल में चल दिए जिसे इन्होने ऑनलाइन बुक किया था.
रिसेप्शन पर पहुँच कर रोहन ने अपने ईद की कॉपी दी. उसने अपना और मेहुल का नाम बताया और रिलेशन पूछने पर उसने बोलै मेरी बहिन है. तो रिसेप्शन पर बैठी लड़की boli…sir आजकल डरने की जरुरत नहीं है. अगर गफ है तो आप गफ लिखवाओ. आप लीगली रूम ले सकते हो.
उसकी बात सुनकर रोहन को गुस्सा आ गया और bola…..arey मैडम जब हैं hi भाई बहिन तो गफ बर्फ क्यों लिखवाऊं. फिर उसने दोनों का ईद दिखाया और दोनों पर hi शामे फादर नाम और शामे एड्रेस देखकर रिसेप्शनिस्ट शर्मिंदा सी हो गयी और boli…sorry सर. वैसे मैं भी गलत नहीं हूँ बहुत कपल्स आते हैं यहाँ रूम लेने और आकर भाई बहिन बताते हैं.
रोहन को उसकी बात समझ में आ गयी थी वो मुस्कुरा कर bola…koi बात नहीं. गलती किसी से भी हो जाती है. आप हमें रूम की चाबी dijiye…wo रिसेप्शनिस्ट जिसका नाम पूजा था एक लड़के को boli…jao साहिब का लगेज लेकर रूम नंबर 205 ले जाओ. और चेक करो टॉवल सोप वगैरह है के नहीं. वो लड़का हाँ में गर्दन हिलाकर उनका सामान उठाकर उन्हें bola…chaliye साहिब.
रोहन और मेहुल एक साथ हो लिए. मेहुल से तो नज़रे भी नहीं मिले जा रही थी रोहन के साथ. वो अपने भाई के साथ पहली बार इस तरह से आयी थी और पहली बार hi उसे उसकी गफ बना दिया गया. वो मन hi मन बहुत ावक्वार्ड सा फील कर रही थी. के ऐसे कैसे कोई भाई को बर्फ बना dega.fir उसकी और देखकर मुस्कुराई और सोचने लगी. वैसे रोहन जिसका भी बर्फ होगा लड़की होगी बड़ी किस्मत वाली. कितना हैंडसम है ये. गोलू सा. चेहरे पर हर वक्त स्माइल . लड़कियों को ऐसे hi लड़के तो चाहिए होते हैं.
फिर सोचने lagi…maine भी तो सोचा था के इसे अपना सब कुछ सौंप दूंगी. अभी गफ कहने पर तो ऐसी बुरी फीलिंग आ रही है अगर सच में इसका लुंड मेरी छूट mein…fir खुद को आगे सोचने से रोकते हुए खुद hi अपने सर पर चपत लगाती है जैसे रोहन ने लगाई थी. और आ रहे विचारों को रोकने की कोशिश करती है.
रोहन उसे अपने जैसे hi सर पर चपत मारते देखता है तो बोलता hai….kya हुआ दीदी कोई गलती हो गयी क्या आपसे जो इस तरह मारा अपने खुद को. वो मुस्कुरा रहा था और मेहुल फंस चुकी थी. वो सोच रही थी क्या बहाना बनाये. जल्दबाजी में boli…main अपनी एक डॉक्यूमेंट की फोटोकॉपी घर पर hi भूल आयी.
रोहन bola…to क्या हुआ didi..original तो होगा आपके पास. मैं फोटोकॉपी करवा दूंगा.
मेहुल ने सोचा चलो जान बची. अब मैं इसे कोई भी डॉक्यूमेंट दे दूंगी कॉपी करवाने के लिए. Boli…haan ये सही रहेगा. पर मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है. जल्दी करवानी होगी. ब्रेकफास्ट के बाद मुझे निकलना भी होगा पेपर देने के लिए.
रोहन bola…main आपको छोड़ कर आऊंगा दीदी. Mehul…kyun फालतू में परेशान होगा. मैं कैब कर लुंगी. ज्यादा दूर नहीं है यहाँ से. बस पांच मिनट का रास्ता है.
रोहन बोलै ok फिर वो जल्द hi ब्रेकफास्ट का आर्डर दे देता है. आर्डर रिसेप्शन पर पूजा ने hi लिया था. वो अब उससे बड़े अच्छे से बात कर रही थी. उसे दर था के कहीं क्लाइंट को बुरा न लग गया हो. ब्रेकफास्ट के बाद मेहुल उसे दो डाक्यूमेंट्स दे देती है कॉपी करवाने के लिए.
रोहन निचे चला जाता है रिसेप्शन पर और पूछने लगता hai…madam यहाँ आस पास कोई फोटोकॉपी की शॉप है क्या?
Pooja…muskurate hue…photocopy तो हम आपकी यहीं कर देंगे पर उसके लिए एक शर्त है.
Rohan…thoda हैरान hokar…kya शर्त है?
Pooja…aap मुझे मैडम नहीं पूजा बोलोगे.
रोहन मुस्कुरा दिया उसकी नज़र लगातार पूजा के बड़े बड़े दुधुं पर थी. उसे उन्हें देखते हुए बड़ा मज़ा आ रहा था और शायद पूजा ने भी ये बात नोटिस कर ली थी. वो थोड़ी देर में bola…ohk पूजा जी,
Pooja…arey फिर wahi…pooja जी नहीं सिर्फ पूजा. पूजा नोटिस कर रही थी के इसकी नज़र लगातार उसके बूब्स पर है. इसलिए इसने देरी से जवाब दिया.
Rohan…ok pooja…yaar प्लीज मेरा ये मसला हल कर दो. दीदी को लेकर जाना है. उसका एग्जाम है आज.
Pooja…par रूम तो आपने दो दिन के लिए बुक किया है.
Rohan…muskurate hue…kal घूम लेंगे ना. आज तो शाम 6-7 बजे तक दीदी फ्री hi होंगी.
Pooja…ohk अच्छा रोहन जी आपने मुझे माफ़ तो कर दिया न. पूजा उसे फोटोकोपिएस पकड़ते हुए बोली.
Rohan…arey मैं तो कब का भूल गया उस बात को. आप ज्यादा टेंशन मत लो. मुस्कुरा कर रोहन बोलै, थैंक्स बोलै एक आखरी नज़र पूजा के बूब्स पर मारी और ऊपर अपने रूम में चला गया और एकदम से दरवाजा खोला तो देखा मेहुल पंत दाल रही थी. उसने पिंक कलर की पंतय पहनी हुई थी. वो एकदम से हड़बड़ा गयी और रोहन फाटक से बहार चला गया. ये सब इतना जल्दी हुआ के दोनों को पता hi नहीं चल पाया. रोहन बहुत शर्मिंदा था के उसने नॉक क्यों नहीं किया उधर मेहुल शर्मिंदा थी के उसने लॉक क्यों नहीं किया. दोनों अपनी अपनी जगह पर शर्मसार थे.
पर जो होना होता है वो होकर रहता है. रोहन तो डबल शर्मिंदा था क्यूंकि उसकी नज़र सबसे पहले अपनी दीदी की पंतय में मौजूद उसकी छूट पर hi गयी. वो सोच सोच कर परेशान था के वो अपनी बहिन के बारे में इतना गलत क्यों होता जा रहा है. थोड़ी देर में मेहुल ने खुद दरवाजा खोला. उसकी गर्दन झुकी हुई थी. रोहन ने कपीस मेहुल को पकड़े और धीरे से bola…sorry didi…to मेहुल ने भी उसी टोन में जवाब diya…sorry तो मुझे बोलना चाहिए रोहन मुझे लॉक करना चाहिए tha…rohan. पर दीदी मुझे भी तो नॉक करना चाहिए था.
फिर रोहन bola…chhodo न दीदी इन बातों को छोड़ते हैं, आप जाओ आपके एग्जाम का टाइम हो गया है. और हाँ पेपर अच्छा करके आना.
मेहुल मुस्कुरा दी. उसने भी सोचा के पेपर है. दिमाग पर फालतू बोझ डालने से क्या फायदा. वो रोहन को थैंक्स बोलकर एग्जाम के लिए निकल जाती है.
रोहन मेहुल के जाने के बाद नहाने चला जाता है. क्यूंकि उन लोगों को आते hi ब्रेकफास्ट करना था. मेहुल को देर हो रही थी तो वो तो बिना नहाये hi निकल गयी थी. रोहन ने सोचा अब नाहा ले.
रोहन का पीछे से मन नहीं लग रहा था तो उसने फ़ोन उठा लिया. आखिर फ़ोन भी इंसान कितना देख लेगा. वो सोने की कोशिश करने लगा तो सोया भी नहीं गया. क्यूंकि ट्रैन में hi नींद पूरी हो गयी थी. और सुबह सुबह कहाँ इंसान को नींद आती है. वो सोचने लग गया के क्या किया जाये. तभी उसे पूजा याद आयी.