Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 5 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 37वो अंदर आयी और जैसे hi आगे बढ़ने लगी तो रोहन दरवाजा बंद करने के बाद उसकी और लपका और पीछे से उसे अपनी बाँहों में भर लिया. रोहन का खड़ा लुंड मेहुल की गांड में धस गया और रोहन पीछे से उसकी गर्दन को चूसने लगा. उसके चूसने में सेक्स का आभास हो रहा था. मेहुल का मन कर रहा था धक्का मारे अपने भाई को.

दोस्तों अब तक की वोटिंग के हिसाब से मुझे यही लग रहा है के ज़्यदातर जनता सेडक्टिव HI चाहती है. वैसे मेरी खुद की भी यही मंशा थी. थैंक्स ा लोट इस पोल्ल का हिस्सा बनने के लिए. अब कहानी को आगे कंटिन्यू कर रहा हूँ.

रोहन धक्का लगने की वजह से एकदम से पीछे हैट गया और दिवार से लगा. मेहुल को उसके ऐसे दिवार से टकराने पर तरस सा आ गया और वो उसके पास गयी और उसके होंठों पर हलकी सी किश कर दी. और एकदम से पीछे हैट गयी.

रोहन बुलाने laga….didi अब किश करने लगे थे तो अच्छे से करनी थी न. मेहुल मुस्कुराते हुए पीछे hi हटती जा रही थी.

रोहन ने देखा के दीदी का मन तो है किश करना का पर वो शर्मा रही है. इसलिए वो आगे बढ़ा मेहुल की गाल पर दोनों साइड हाथ रखकर अपने होंठ उसके होंठो से जोड़ दिए. मेहुल को इस बात का अंदाजा भी था और इंतज़ार भी.

रोहन बड़ी hi शिद्दत के साथ अपनी प्यारी बहिन के होंठों को चूसने लगा. मेहुल ने सोचा अब शर्म करके क्या फायदा कौन सा ये पहली बार हो रहा है. वो भी उस किश का भरपूर आनंद लेने लगी. उसके हाथ रोहन की पीठ पर ऐसे चल रहे थे के उसे किश का आनंद दुगुना बढ़ गया. रोहन ने आज दीप्ति की फुद्दी मारी थी और उसे सिर्फ एक hi बार चुदाई नसीब हुई थी. ये लुंड का स्वाभाव है के उसे जिस दिन एक बार चुदाई नसीब हो और वो दूसरी बार चाहता हो तो वो लाठी की तरह अकड़ा hi रहता है. आप उसे जितना मर्जी शांत कर लो हाथ से वो कभी होता hi नहीं.

मेहुल रोहन के लुंड को अपनी छूट पर महसूस कर रही थी. उसे उस स्पर्श से आनंद तो पूरा मिल रहा था पर वो कश्मकश में थी के उसे अपने भाई के लुंड को इस तरह से महसूस करके आनंद लेना चाहिए या नहीं. पर दूसरी और वो ये भी सोच रही थी के उसके बस में कहाँ है. ये तो कुदरती एहसास हैं और इन्हे त्यागा नहीं जा सकता, इसलिए उसने सोचा के जो जैसा चल रहा है उसे चलने देते हैं.

ऐसे hi किश बहुत लम्बी चल रही थी, दोनों की मंजूरी थी, दोनों को hi आनंद आ रहा था और दोनों को टोकने वाला कोई था नहीं क्यूंकि दोनों अकेले जो थे रूम में. रोहन अपने लुंड को जानबूझकर अपनी दीदी की छूट में धकेल रहा था. उसका लुंड अंडरवियर में एकदम खुला था, इसलिए मेहुल को भी उसका पूरा एहसास मिल रहा था.

मेहुल ने भी सूट और सलवार पहना था. सलवार पतली hi होती है तो हलके से दो परदे hi थे लुंड और छूट के बीच में. मेहुल एक तरफ घबरा भी रही थी और दूसरी और आनंदित भी हो रही थी.

रोहन बहुत ज्यादा जोश में था. इतना जोश में के अब तो मेहुल को साँस लेना भी मुश्किल हो गया था. जोश जोश में रोहन ने थोड़ी जल्दबाजी दिखा दी. उससे गलती हो गयी. मस्ती में भर कर उसने अपनी दीदी के बूब्स को पकड़ लिया. दोनों हाथों से दोनों और मजबूत पकड़ बना ली.

मेहुल शॉकेड रह गयी. उसे अपने भाई से इस तरह की हरकत की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी. अभी किश तक तो उसके मन ने एक्सेप्ट कर लिया था. कपडे के बीच अपने आप हो रहे स्पर्श को भी उसने एक तरह से स्वीकृति दे दी थी. पर वो अभी जानबूझकर किसी सेक्सुअल एक्टिविटी को करने नहीं देना चाहती थी. इसलिए उसने रोहन को परे धकेल दिया और जोर से boli…bhai…ye क्या कर रहे हो तुम. किश कर रहे थे किश तक hi सिमित रहते न. ये हरकत मत करो. हम भाई बहिन हैं.

रोहन का चेहरा एकदम से बुझ गया. उसे तो लगा उसकी दीदी अब हर चीज के लिए तैयार है. किश वो बड़ी शिद्दत के साथ कर रही थी, लुंड का स्पर्श भी उसको मंजूर था फिर ये मुम्मे छूटे hi इसे क्या हो गया. वो सोचने लगा के हाँ उससे जल्दबाजी हो गयी.

उधर मेहुल भी अपने भाई को विचारों में गुमसुम सा देख कर एकदम से परेशान हो गयी. उसे अपने पर गुस्सा आने लगा. उसे अपने भाई के साथ ऐसे नहीं करना चाहिए था. उसे उसको आराम से समझाना चाहिए था. पर फिर उसने सोचा के ये उसने जानबूझकर तो किया नहीं. ये तो अपने आप होने वाली हरकत थी.

उसे लगा भाई को मानना चाहिए, वो बड़े hi प्यार से boli…bhai इधर आओ. रोहन यंत्रवत सा उसकी और आया और मेहुल ने उसके दोनों हाथ पकड़कर kaha….dekho भाई. इतना सोचो मत. पर हाँ हमें कुछ तो मर्यादा में रहना चाहिए. हम भाई बहिन हैं. किश तो चलो ठीक है. पर आप मेरे इन अंगों को नहीं पकड़ सकते न. ये गलत है.

रोहन भी धीरे से उदास स्वर में bola….wo दीदी आज फिर सेक्स हुआ. दीप्ति आयी थी पूजा की फ्रेंड. वो तो साफ़ सफाई देखने आयी थी. हम दोनों से hi रहा नहीं गया और सेक्स हो गया. हम तो दूसरी बार भी करना चाहते थे पर उसको काम आ गया था. तो दीदी इसलिए मेरा फिर से मन कर रहा था. क्यूंकि एक आस सी थी दुसरे सेक्स की. इसलिए ये इस हाल में है तो मुझसे रहा नहीं गया और हो गया.

मेहुल ने उसके लुंड की और देखा जो अंडरवियर से बहार निकलने को तैयार था. मेहुल के चेहरे पर स्माइल सी आ गयी. उसे अपने भाई पर तरस भी आ रहा था. पर वो मजबूर थी और उसकी कोई मदद नहीं कर सकती थी.

इसलिए वो रोहन से boli….bhai बाथरूम में जाकर हल्का हो आओ. नहीं तो सर दर्द करने लगेगा तुम्हारा.

रोहन bola…abhi रहने देते हैं दीदी इसे ऐसे hi. मैं कपडे पहन लेता हूँ ताकि आपको कोई परेशानी न हो. मेहुल हँसते हुए boli…arey कोई बात नहीं ऐसे hi रहो मुझे कोई परेशानी नहीं है. अभी एक बार देख hi लिया है तो कोई बात नहीं.

फिर उसके बाद मेहुल ने चेंज किया. पता नहीं क्यों उसने आज अंडरवियर और ब्रा नहीं पहनी. पतला सा लोअर और डीप नैक टीशर्ट सी पहनी.

खाना खाने के बाद वो दोनों बीएड पर लेट गए. मेहुल रोहन के नजदीक आकर उससे चिपक गयी. अंडरवियर के बिना उसने कुछ नहीं पहना था. रोहन ने उसकी टैंगो में टंगे फंसा दी. अब उसका लुंड एकदम उसकी छूट पर था. उसके बूब्स रोहन की छाती पर स्पर्श कर रहे थे और ये रगड़ रोहन को मस्त कर रही थी. मेहुल ने खुद hi एक बार किश करनी शुरू कर दी. वो अपने भाई को थोड़ा सा मज़ा देना चाहती थी.

वो उसे फिर से boli…bhai जाओ बाथरूम में जाकर इसे ठंडा कर दो.

रोहन bola…nahi बहिन मैं इसे ठंडा नहीं करना चाहता अभी. ऐसे hi आनंद लेने दो न. उसका मतलब था अगर ये शांत हो गया तो उसकी छूट के स्पर्श का आनंद नहीं ले सकता था न.

मेहुल बात बदलते हुए boli…bhai हम लोग कल चले जायेंगे. एक बार अपनी दोस्त पूजा से बात कर लेते. रोहन को उसकी बात अच्छी लगी. उसने तुरंत पूजा को फ़ोन मिला दिया.

पूजा भी जैसे उससे फ़ोन पर बात करने को तैयार hi बैठी thi…boli…are रोहन अगर तुम फ़ोन न करते तो मैं फ़ोन करने वाली थी तुम्हे. पता है आज घर पर कोई भी नहीं है. मैं अकेली बोर हो रही थी.

रोहन bola…pooja मैंने ये बताने के लिए फ़ोन किया था के हम लोग कल वापिस जा रहे हैं तो अब पता नहीं कब मुलाकात हो तुमसे.

Pooja…par तुम लोग चेक आउट तो मेरे आने के बाद hi करोगे न.

रोहन bola…nahi यार हमारी ट्रैन अर्ली मॉर्निंग की है तो हम सुबह 8 बजे निकल जायेंगे.

पूजा उदास सी हो गयी और boli…to क्या तुम मुझे मिलकर नहीं जाओगे.

रोहन हँसते हुए bola…waise मिल तो हम अब भी सकते hain…usne ये बोलते वक्त अपने लुंड पर हाथ फेरा और इस चक्कर में उसका अंगूठा मेहुल की छूट से टकरा गया और मेहुल के मुँह से सीई की आवाज़ आयी. उसको बहुत अच्छा लगा था रोहन के अंगूठे के अपनी छूट पर स्पर्श से.

पूजा boli…main कैसे मिल सकती हूँ. अगर तुम चाहो तो मेरे घर आ जाओ. यहाँ कोई भी नहीं है.

रोहन bola…arey नहीं यार मैं अनजान शहर में अपनी दीदी को अकेले छोड़कर नहीं जा सकती. अगर तुम यहाँ आ जाओ. उसका हाथ अभी भी अपने लुंड पर hi चल रहा tha.aur साथ hi अपनी बहिन की छूट से भी स्पर्श हो रहा था. मेहुल को हालाँकि एहसास था के उसके भाई का हाथ उसकी छूट से टच हो रहा है पर वो कुछ बोल नहीं रही थी रोहन को.

पूजा boli…chalo फिर ठीक है 15 मिनट इंतज़ार करो मैं तुम्हारे पास आ रही हूँ. पर तुम्हारी दीदी को तो कोई ऐतराज़ नहीं होगा न मेरे इस तरह रूम में आने से.

फ़ोन स्पीकर पर था तो रोहन ने अपनी दीदी की और देखा जिसने ये बात सुनते hi ना में गर्दन हिला दी तो रोहन bola…yaar दीदी को कोई ऐतराज़ नहीं है. तुम आ जाओ बस.

पूजा boli…abhi आयी. कहकर उसने फ़ोन रखा तो रोहन ख़ुशी के मारे अपनी दीदी के ऊपर hi चढ़ गया और bola…ooo दीदी मैं बहुत खुश हूँ, पूजा जो आ रही है और कुछ तो hoga..wo मेहुल की छूट से स्पर्श करके छोड़ने वाले स्टाइल में धक्के से मरने लगा. मेहुल को हंसी आ गयी और रोहन भी हंसने लगा. पर उसके ऐसा करने से दोनों को खूब मज़ा आ रहा था.

 
Part 38पूजा वाकई 15 मिनट में रोहन के रूम में थी. उसको अपनी बहिन के सामने सिर्फ अंडरवियर में देखकर पूजा एक बार तो चौंक गयी. पर उसने सोचा के मुझे क्या. पूजा अंदर आ गयी तो मेहुल ने भी उसका स्वागत किया. रोहन पूजा को अपनी गॉड में लेकर कुर्सी पर बैठ गया. पर पूजा को शर्म आ रही थी. उसे उम्मीद नहीं थी के रोहन अपनी दीदी के सामने उससे ऐसी कोई हरकत करेगा.

पूजा उसकी गॉड से उठने लगी तो रोहन से पहले मेहुल hi बोल padi…pooja तुम दोनों कम्फर्टेबले रहो. हम दोनों भाई बहिन जरूर हैं पर साथ hi दोस्त भी हैं. देखो न मेरा भाई मेरे सामने किस हाल में है. और मैंने hi इसे तुम्हे फ़ोन करने को बोलै था. इसने मुझे तुम्हारे और दीप्ति के बारे में बताया है. इसलिए तुम्हे कोई चिंता करने की जरुरत नहीं है.

पूजा हैरान थी. उसे तो विश्वास hi नहीं हो रहा था के मेरी बहिन इतनी ज्यादा बोल्ड है. उसे भी फिर क्या परवाह थी. उसने रोहन का साथ एन्जॉय करना शुरू कर दिया. मेहुल का हालाँकि मन कर रहा था उनकी गतिविधियों को देखने का पर उसने लेते लेते दूसरी तरफ मुँह कर लिया और boli…tum लोग कुछ भी कर सकते हो पूजा. मुझे कोई परेशानी नहीं है. मेरी वजह से अपना मज़ा ख़राब मत करना.

पूजा को और भी ज्यादा हैरानी हुई. पर उसके लिए तो ये एक खुशखबरी थी. वो तो सोच कर आयी थी के किश इस हो सकती है बस. पर यहाँ तो इसे पूरा पैकेज मिल रहा था. मेहुल ने इंदिरेक्ट्ली उन लोगों को चुदाई का लाइसेंस दे दिया था. रोहन तो पूजा से भी जयदा खुश था क्यूंकि उसका लुंड फटने को हो रहा था. तो उसे अब इसका इलाज करवाना था अपनी अभी की पार्टनर पूजा से. उसने पूजा को फटाफट कुर्सी से निचे उतरने को बोल दिया. उसकी बहिन की पीठ थी इन लोगों की तरफ. रोहन ने अपना अंडरवियर बड़ी hi बेदर्दी से उतर कर फेंक दिया और स्प्रिंग की माफिक उसका लुंड उछालते हुए पूजा के मुँह पर लगा.

पूजा ने उसे बिना पकडे hi ग्रैब कर लिया और तुरंत अपने मुँह में लेकर आगे पीछे होने लगी. रोहन का लुंड पहले से लार छोड़ रहा था तो पूजा को पहले तो इसका स्वाद कुछ बकबका सा लगा पर जल्द hi वो इसका आनंद लेने लग गयी.

मेरा पर्सनल तजुर्बा है के लड़कियां या तो लुंड को मुँह में लेंगी hi nahi..ghin karengi..naftar करेंगी इससे या फिर वो इसे ऐसे चूसेंगी मानो इसमें से कुछ जीवन दायक तत्त्व निकल रहा हो. बहुत आनंद आता है दोस्तों. कुछ ऐसा hi आनंद आज रोहन को मिल रहा था उसकी साथी पूजा से. जो सेक्स लाइफ की शुरुआत में hi अच्छी सकिंग करने लगी थी.

वैसे जो वो कर रही थी उसे सकिंग नहीं ब्लो जॉब कहना ठीक रहेगा. पूरा का पूरा मुँह में लेकर बिना उसे पकडे वो अपने मुँह को आगे पीछे कर रही थी और कई बार तो रोहन का लुंड उसके हलक में फंस जाता और उसकी खांसी छूट जाती.

अपने हाथ से वो उसके अंडकोष को स्पर्श करके उसकी उत्तेजना को दुगुना करने का काम कर रही थी. (दोस्तों कल स्पा में मुझे ऐसी hi लड़की मिली एक जिसने मेरी ब्लो जॉब में तौबा तौबा hi करवा दी.)

रोहन को लगने लगा था के अब कहीं उसका छूट न जाये. वो अब चुदाई करना चाहता था पर बीएड पर उसकी प्यारी दीदी मेहुल लेती हुई थी. वो पूजा को गॉड में उठा कर काउच पर चला गया. मेहुल को सुनाई सब दे रहा था और उसकी छूट में खुजली भी मच गयी थी.

उसने अपने ऊपर कपडा ले रखा था और अपना एक हाथ उसने अपनी लोअर में दाल रखा था. वो उस हाथ से अपनी छूट को सहलाने लगी. चाहे उसने आज तक कभी चुदाई न करवाई हो पर उसे इतना तो पता था चुदाई क्या होती है और उससे मिलने वाला आनंद क्या होता है.

उसका हाथ उसे वो आनंद तो नहीं दे सकता था पर उसकी छूट की प्यास को कुछ हद तक तो शांत कर hi सकता था. उसने निश्चय किया के वो अपने हाथ से छूट को शांत करेगी और वो धीरे धीरे अपनी तीन उँगलियों से छूट पर मस्सगे करने लगी. उसे मज़ा आने लगा.

उधर रोहन पूजा के कपडे उतर कर उसकी टांगों के बीचो बीच जा चूका था और जीभ को उसकी छूट में घुसा चूका था. पूजा को सेक्स के टाइम बोलने की आदत thi…wo boli…oh रोहन अपनी जीभ को और अंदर तक लेकर जाओ आह मज़ा आ रहा है और ander…haan हाँ ऐसे hi.

उधर मेहुल सब सुन रही थी और उसने अपनी मिडिल फिंगर को अपने भाई की जीभ समझ कर अपनी छूट में घुसा दिया और अंदर बहार करने लगी. जैसे जैसे पूजा बोल रही थी और तेज रोहन ,,,रोहन तेजी से जीभ फेरने लगता उसी रफ़्तार से मेहुल भी अपनी छूट में अपनी मिडिल फिंगर को चलने लगती.

यानि रोहन एक लड़की से डायरेक्ट सेक्स कर रहा था तो दूसरी जो के उसकी सगी बड़ी बहिन थी उससे इंदिरेक्ट. पर रोहन को इंदिरेक्ट सेक्स की बिलकुल भी जानकारी नहीं थी. ये सिर्फ मेहुल को hi पता था के वो अपने भाई की जीभ को इमेजिन करके अपनी छूट में आनंद ले रही थी.

रोहन से अब रहा नहीं जा रहा था वो पूजा के ऊपर आया अपने लुंड को पूजा की रसीली छूट पर रखकर एक जोरदार धक्का मर दिया. पूजा की तो चीख hi निकल गयी क्यूंकि धक्का है hi बड़ा जोरदार था. पूजा को हालाँकि बाद में शर्मिंदगी भी उठानी पड़ी. पर इस धक्के ने मेहुल के तन बदन में आग hi लगा दी.

पर रोहन को तो मस्ती चढ़ी हुई थी. उसने बड़ी hi बेदर्दी से पूजा की चुदाई शुरू कर दी. पूजा को मज़ा तो बहुत आ रहा था पर उसकी चीखें लगातार निकल रही थी. मेहुल की ऊँगली ने भी अपना कमाल दिखाना शुरू कर दिया. उसने बड़ी hi तेजी से अपनी ऊँगली अपनी hi छूट में फिरनी शुरू कर दी. उसका सर घुमा हुआ था इस वक्त. उसे कुछ सूझ नहीं रहा था. उसे महसूस हो रहा था के जैसे उसके भाई का लुंड उसकी छूट में हो. वो अपनी ऊँगली को वही समझ कर खुद को अपनी hi ऊँगली से छोड़ने लगी.



रोहन के लुंड ने पूजा की छूट में hi पिचकारियां छोड़ दी और वो कुछ देर बाद धड़ाम से उसके ऊपर गिर गया. पूजा भी हैरान थी के इस बार रोहन को हो क्या गया है. पर उसने इस बार की चुदाई में खुद को तीन बार झड़वाया था. उसकी तो जैसे जान hi निकल गयी थी. पर उसके बाद उसका शरीर एकदम से हल्का हो गया था और उसने अपने ऊपर लेते हुए रोहन को जफ्फी दाल दी.
 
Part 39दोनों मस्ती से लेते थे और ऐसे कोई एक घंटा लेते रहे होंगे के रोहन और पूजा की आग फिर से भड़क गयी. रोहन ने अपना सर उठाकर पूजा की और देखा तो उसे समझ आया के पूजा खुद भी एक और बार सेक्स चाहती थी. रोहन खुश हो गया ये देखकर. पर इस बार मेहुल सो चुकी थी और इस बात का दोनों को एहसास था क्यूंकि मेहुल के बाकायदा खर्राटे सुन रहे थे दोनों.

पूजा उसके कान में boli…is बार हिसाब से करना रोहन. दीदी सो रही हैं. कहीं उनकी आंख न खुल जाये. खामखाह उनकी नींद में खलल होगा.

रोहन ने हाँ में गर्दन हिला दी. चाहे अब तक बहुत कुछ ओपन हो चूका था दीदी के सामने पर फिर भी एक शर्म तो थी न. रोहन और पूजा की फिर से चुदाई शुरू हो गयी. पर इस बार मेहुल को बिलकुल भी पता नहीं चला. इन्होने इस बार भी बहुत अच्छी चुदाई की. इस बार रोहन का टारगेट पूजा के बूब्स रहे. वो बार उसके दोनों निप्पल्स को चूसे जा रहा था.

जहाँ पिछली बार ब्लो जॉब में ज्यादा टाइम गया तो इस बार रोहन चुदाई में ज्यादा टाइम लगाना चाहता था और शायद पूजा भी यही चाहती थी इसलिए उसने भी ब्लो जॉब के लिए कोई उत्सुकता नहीं दिखाई. डायरेक्ट चुदाई से hi शुरुआत हुई. पूजा के मखमली स्पॉन्जी बूब्स रोहन को बहुत ज्यादा उत्तेजित कर रहे थे.

पूजा अब उछाल उछाल कर अपना योगदान दे रही थी चुदाई में. रोहन को अब पहले से भी ज्यादा मज़ा आ रहा था. इन लोगों का ये सेशन बहुत मज़ेदार रहा. इसके बाद पूजा ने वापिस घर जाना था. हालाँकि रोहन ने उसे रुकने को बोलै भी पर पूजा ने ये कहते हुए असमर्थता जताई के घर पर कोई भी नहीं है. उसे हर हाल में वापिस जाना hi होगा.

रोहन भी उसकी इस मजबूरी को समझता था. पूजा ने अपने कपडे पहने और निकलने से पहले उसे वारं करके गयी के बहिन के साथ बीएड पर लेटने से पहले वो कपडे पहन ले. रोहन ने हाँ तो कर दी पर पता नहीं उसे क्या सुझा वो ऐसे hi मेहुल की चादर में घुस गया. एकदम नंगा. या शायद वो इतना थक चूका था के उसकी हिम्मत hi नहीं हुई.

रोहन को लेटते hi नींद ने अपनी आगोश में ले लिया और वो अपनी दीदी की पीठ से लग कर सो गया था. कुछ इस तरह से के उसका लुंड उसकी दोनों टैंगो के बीच आ गया था एकदम नंगा. वो गहरी नींद में बिलकुल बेख्याल होकर सोई हुई थी के उसका अलफ नंगा भाई उसके साथ ऐसे चिपक के सो रहा है मानो वो उसकी गफ हो.

रोहन को भी कहाँ सूरत थी. वो अपनी दीदी के पेट पर हाथ रखकर गहरी नींद में था. गहरी नींद आये भी क्यों न, सुबह से कुल मिलकर तीन बार चुदाई जो कर चूका था वो.

अचानक :-

रोहन नंग धडंग निचे खड़े हुए अपनी बहिन को हुग किये हुए था. और उसे बेतहाशा चुम रहा था. कितनी hi देर ये सब चलता रहा. मेहुल भी इस बात की परवाह किये बिना के वो नंगा है उसका पूरा साथ दे रही थी. रोहन का लुंड के बार फिर से टॉप बन चूका था.

फिर कुछ देर बाद रोहन ने अपनी बहिन को अपने से अलग किया और उसे bola…didi आज तो आप अपने सारे कपडे निकल hi दो. हो जाने दो जो होता है आज.

मेहुल भी अपनी पूरी फॉर्म में थी आज. उसने भी कपडे उतरे पर इतनी शर्म उसे थी के उसने ब्रा और पंतय नहीं उतरी. मेहुल की नज़र अपने भाई के लुंड पर गयी जहाँ इस किश की वजह से या आज हुए सेक्स की वजह से उसका लुंड तना खड़ा था.

रोहन उसे उठा कर बीएड पर ले गया. उसे बीएड पर लेता कर दोनों एक दुसरे की और मुँह करके लेट गए और फिर से होंठ चूसने लगे. रोहन ने अपनी एक तंग अपनी दीदी की दोनों टांगों में घुसा दी. उसकी नरम नरम जगहों के स्पर्श ने रोहन के लुंड में और भी ऊर्जा भर दी. और वो इतना सख्त हो गया के पंतय कपडे डाले होने के बावजूद मेहुल को अपनी छूट पर बाकायदा महसूस हो रहा था. उसे तो लग रहा था के ये कपडे फाड़ कर उसकी छूट में घुस hi जायेगा.

रोहन उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था और मेहुल उसकी पीठ पर. दोनों आनंद के सागर में गोते लगा रहे थे पर इन लोगों को पता नहीं था के इनकी मज़िल कहाँ पर जाकर रुकेगी. किश काफी देर तक चलती रही पर आखिर कितनी देर तक चलती. टूट गयी.

पर इसके बाद भी रोहन कभी उसकी गाल पर कभी गर्दन पर तो कभी कंधे पर किश करता रहा. मेहुल चुपचाप उसकी किश का आनंद ले रही थी. उसका मन तो ये हो रहा था के रोहन उसे छोड़ दे. पर पहल कैसे कर सकती थी बेचारी.

रोहन के हाथ अब पीछे से उसकी पंतय के अंदर चले गए थे और वो उसकी मखमली गांड को हाथ में दबा कर मसलने लगा. मेहुल की उत्तेजना और बढ़ गयी. वो आगे आगे हो रही थी. जिससे रोहन को धक्के से लग रहे थे और उसका लुंड उतनी hi फुर्ती से उछाल कूद कर रहा था.

अब बर्दाश्त की भी कोई हद होती है. रोहन को आखिर बोलना hi पद गया मेहुल se…..didi लुंड के खेलो न अगर आप बुरा न मानो तो?

Mehul…hunh बुरा? पता है हम किस हाल में हैं इस वक्त. ऐसे वक्त में भला कोई बुरा मंटा है भाई.

रोहन को और क्या चाहिए था . मेहुल का हाथ अपने आप उसके लुंड पर चला गया.

बड़ी hi सोफ़्त्ल्य वो उसके लुंड को पकड़ कर बड़ी हैरानी से देखने लगती है. रोहन को इतना तो पता था hi के उसकी बहिन ुंचुड़ी है. उसके इस सॉफ्ट टच से रोहन की उत्तेजना और बढ़ गयी और उसने अपनी बहिन को गर्दन से पकड़ कर उसके मुँह को अपने लुंड के ऊपरी हिस्से पर ले गया.

कोई भी लड़की पहली बार में इतनी आसानी से लुंड को मुँह में नहीं लेती. ऐसे hi मेहुल भी छह तो रही थी अपने भाई के लुंड का स्वाद चखना पर उसे थोड़ी घिन सी आ रही थी. और उसकी गंध भी कुछ अजीब सी लग रही थी मेहुल को.

रोहन उसे लुंड चूसने के लिए इंसिस्ट करते हुए bola…didi आप सोच क्या रही हो? एक बार मुँह में लेकर देखो. आपने इससे टेस्टी चीज कोई देखि नहीं होगी अपने जीवन में.

मेहुल जोश में आकर उसके लुंड को आगे पीछे करते हुए जोर से दबा देती hai..itne में एक चीख के साथ रोहन की आंख खुल जाती है. वो देखता है के उसके लुंड पर मेहुल का हाथ था और उसने उत्तेजना वश होकर उसका लुंड जोर से दबा दिया था.

उधर मेहुल भी जाग चुकी थी, दरअसल ये मेहुल का सपना था न के रोहन का. उसने नींद में शायद रोहन के लुंड को पकड़ लिया था और जब वो सपने में उसे चूसने जा रही थी तो उत्तेजना के कारन उसने उसको जोर से दबा दिया.

उठते hi मेहुल एकदम से कड़ी हो गयी बीएड से और boli…ye क्या भाई. तुम नंगे hi सो गए थे क्या मेरे साथ? उसके चेहरे पर हैरानी के भाव थे.

अब रोहन को भी याद आने लगा के पूजा के जाते hi उसे इतनी गहरी नींद आयी के उसे कपडे डालने की भी होश नहीं रही.

वो हड़बड़ा कर bola…wo वो didi…main इतनी गहरी नींद में था के सोते वक्त कपडे डालना भूल gaya…sorry दीदी. उसने भोला सा मुँह बनाकर बोलै तो मेहुल पिघल गयी.



वो boli…dekho भाई मैं समझ सकती हूँ. रोहन को समझ नहीं आ रही थी के वो क्या करे और कैसे बिस्तर से बहार आये.
 
Part 40उसको चुप देखर मेहुल boli…dekho रोहन अब जो होना था सो हो गया. तुम भी आज भावनाओ में बह गए थे तो खुद पर कण्ट्रोल नहीं रख सके. और मैं भी सपने में न जाने क्या कुछ कर बैठी.

रोहन को शर्म भी थी इस बात की के वो इस हाल में अपनी दीदी के साथ सो गया और अब वो उठना चाहता था तो bola…didi वो सब ठीक है पर मुझे अभी बिस्तर से निकलना है. ऐसे hi बहार आऊंगा तो ठीक नहीं होगा न. वो मेरा अंडरवियर पकड़ना तो ज़रा.

मेहुल शर्मा कर मुस्कुरा दी उसकी बात सुनकर. पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया जो वो इस तरह से शर्मा दी. उधर रोहन को भी ध्यान आया के तीन बार चुदाई करने के बावजूद उसे अपनी बहिन के साथ नंगा लेटने में मज़ा आ रहा था. और उसकी बहिन का उसके लुंड को पकड़ना सोच कर hi सिहर गया रोहन.

मेहुल जैसे hi उसे वो अंडरवियर उठा के पकड़ने लगी तो उसने देखा के उससे रोहन ने माल पोंछा हुआ था क्यूंकि वो एकदम से भीगा हुआ था. मेहुल ने उसे तुरंत वहीँ गिरा दिया और boli…bhai ये तो ख़राब हो गया है मैं दूसरा दे देती हूँ.

मेहुल उसे बैग में से फ्रेश अंडरवियर दे देती है और फिर उसका वो गन्दा वाला अंडरवियर भी उठा लेती है. रोहन जो अंडरवियर पहन कर उठ चूका था उसे अपना अंडरवियर उठाये देख हैरानी से पूछता hai….kya हुआ दीदी उस ख़राब अंडरवियर को क्यों उठा लिया तो मेहुल एक बार फिर से शर्मा जाती है.

पर तुरंत सँभालते हुए बोलती hai….bhai इसे ख़राब hi लेकर जाना है क्या घर. मैं धो देती hun…rohan उसे पकड़ने की कोशिश करता hai…main खुद hi धो लेता हूँ बहिन आप क्यों डोवोगे.

मेहुल उसे लेने नहीं देती और बोलती hai…arey भाई. रहने दो मैं दो देती हूँ तुम चिंता न करो. उसकी नज़र रोहन के अंडरवियर पर पड़ती है जो उसने डाला हुआ था. वो फिर से उभरा हुआ था. मेहुल हँसते हुए बोलती hai…bhai पहले ये कितना शरीफ था न. अब देखो जब मर्जी खड़ा hi रहता है.

मेहुल कितनी खुल गयी थी अपने भाई के साथ के लुंड की बातें एकदम बेशर्मी से करने लगी थी. रोहन bola…kya करूँ दीदी इसे तो लत लग गयी है. दो दो लड़कियों को छोड़ चूका हूँ. और तो और मेरे बहिन ने भी मेरे लुंड को पकड़ के दबाया है. अब ये शैतान नहीं होगा तो क्या शरीफ रहेगा.

मेहुल को हंसी आ जाती है वो उसे मरते हुए बोलती hai…pagal कैसी बातें करते हो अपनी बहिन के साथ.

रोहन भी मज़े लेते हुए बोलता hai..behan है तो क्या हुआ वो भी जवान है. जिसके कुछ अरमान हैं. हाँ फर्क इतना है के उन दो ने तो मेरे लुंड से अपनी भावनाओ को शांत कर लिया पर अफ़सोस मेरी बहिन को अपनी उँगलियों का इस्तेमाल करना पड़ा उन्हें शांत करने के लिए.

मेहुल हैरान रह गयी के इसे कैसे पता चला मैंने उँगलियों से अपनी छूट को शांत किया है. वो boli..ye तुम क्या कह रहे हो rohan…aur शर्मा कर गर्दन झुका लेती है.

रोहन आगे बढ़कर उसकी गर्दन ऊपर उठा कर बोलता hai…behan आप जब चद्दर में अपनी उँगलियों से कर रहे थे तो मुझे साफ़ पता चल रहा था. और इसमें गलत क्या है. गलत तो तब था जब आप अपने अरमानो को मन में मर लेते.

मेहुल को पता नहीं क्या सूझता है वो अपने भाई के गए से लग जाती है और फिर से दोनों में एक जोरदार किश होती है. मेहुल अब और भी ज्यादा खुल गयी thi…tum अगर मेरे भाई न होते न तो आज तुम्हारे इससे hi शांत होकर घर jaati…usne अंडरवियर में खड़े हुए लुंड को देखकर बोलै.

रोहन bola…to एक बार भूल जाते हैं न के हम दोनों भाई बहिन हैं. बहुत सारे भाई बहिन हैं दुनिया में जो सेक्स करते हैं बहिन. अकेले हम hi नहीं होंगे.

मेहुल जो अभी अपने भाई के पास कड़ी थी , बाथ रूम में ऐसे भागी जैसे उसका भाई उसे छोड़ hi देगा और boli…nahi भाई. हम ऐसे hi ठीक हैं. तुम्हे तो कुछ लड़कियां मिल गयी हैं कुछ और मिल जाएँगी. मैं तो तुम्हारे जीजू से hi छुड़वाई करवुंगी.

रोहन bola…to क्या जीजू के आने तक ऐसे hi तड़पती रहोगी. रोहन ने इतना बोलते बोलते अपने लुंड को बहार निकल लिया था और उसे हिलाने लगा.

मेहुल ने तुरंत बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया था के कहीं कुछ हो न जाये. उसे शायद रोहन पर नहीं खुद पर भरोसा नहीं था. उसे लग रहा था जैसे वो hi रोहन का ुंस्वेवेअर खोलकर चुदाई शुरू कर देगी.

अंदर जाते hi जैसे hi वो अंडरवियर धोने बैठी उसे अजीब सी गंध सूंघने को मिली. क्यूंकि अब अंडरवियर उसके काफी करीब था. उसने जब उसे नाक के करीब किया तो उस अजीब सी गंध ने उसे मदहोश कर दिया. ऐसे जैसे उसने कोई नशा किया हो.

उधर उसकी छूट में पहले hi खुजली शुरू हो गयी थी मस्ती भरी बातें करके. उसको पता नहीं क्या सुझा अंडरवियर एक साइड में रखकर अपने सारे कपडे उतर दिए. और अंडरवियर को उठा कर सूंघने लगी और एक हाथ को अपन छूट पर लेजाकर उस पर रब करने लगी धीरे धीरे. उसकी ऑंखें बंद होने लगी.

उसे फिर पता नहीं क्या सुझा के उसने अंडरवियर को hi छूट पर रगड़ना शुरू कर दिया. उसकी छूट में झुनझुनाहट सी होने लगी और वो पूरी तरह से मस्त हो गयी थी. आह आह की आवाज़ें ऐसी थी शायद बहार तक भी चली जाती.

पर बहार वाला भी तो उसी मोड में था. उसे आज पता नहीं क्या हो गया था. या यूँ कह लो के अपनी दीदी के साथ हुई अभी अभी की गरमा गर्म बातचीत का असर था के वो मुठ मरते हुए दीदी दीदी बोलने लगा. आह दीदी. ओह्ह्ह दीदी..

न दीदी को उसकी आवाज़ें सुन रही थी न उसे दीदी की. क्यूंकि दोनों hi अपनी अपनी क्रिया में मस्त थे. लगे थे दोनों खुद को शांत करने को. और मज़े की बात देखिये दोनों ने एक साथ hi धार छोड़नी शुरू की. मेहुल को लगा जैसे वो गिर hi जाएगी तो वो बंद पड़ी टॉयलेट सीट पर बैठ गयी शांत होने के बाद.

इधर रोहन ने भी ढेर सारा पानी छोड़ा तो शांत हो गया. पर उसने फर्श गन्दा कर दिया था.

रोहन को अब फील भी हो रहा था के दीदी क्या सोचेगी. पहले अंडरवियर गन्दा कर दिया अब फर्श. पर उसकी इतनी हिम्मत नहीं थी के वो उठ कर फर्श को साफ़ कर दे.

उधर मेहुल थोड़ी देर ऐसे hi बैठी रही और फिर उसे लगा के अब उठना hi पड़ेगा तो उठ कर उसने अंडरवियर साफ़ करना शुरू किया जिसमे अब उसका खुद का रास भी मिल गया था.

उधर रोहन ने लुंड को अंदर दाल लिया था पर लेता हुआ था. मेहुल शावर लेकर वही नाईट सूट पहन कर बहार आ जाती है और जैसे hi वो गन्दा फर्श देखती है तो रोहन को चांटा दिखते हुए बोलती hai…tum नहीं सुधरोगे रोहन…

रोहन हँसते हुए बोलता hai…lagta है अब तुम मुझे सुधरने भी नहीं डौगी didi…mehul उसकी बात सुनकर हंसने लगती है.

और फिर एक टॉवल लेकर वो फर्श साफ़ करने लग जाती है. उसके बाद मेहुल और रोहन एक घंटा रूम में rahe..jis दौरान उन्होंने ब्रेकफास्ट किया और तीन बार किश किया. एक बार फिर से रोहन का खड़ा हो गया तो मेहुल ने फिर से इशारा करते हुए रोहन को bola…ja बाथरूम में जाकर शांत हो आ. यहाँ फिर से फर्श नहीं साफ करने wali…rohan हँसता हुआ बाथरूम जाते जाते बोलता hai…thik hai..aap भी उतनी देर बिस्तर में घुस कर अपनी छूट को शांत कर लो.



मेहुल हैरान थी के उसने एकदम से छूट शब्द का इस्तेमाल किया. पर इन दोनों में अब कोई भी बात हैरानी वाली नहीं रही थी, क्यूंकि ये दोनों इतने ज्यादा खुल जो गए थे जितना एक भाई बहिन को खुलना नहीं चाहिए होता. उसके बाद दोनों वापिस घर की और चल देते हैं.
 
Part 41जब दो लोग इतने ज्यादा खुल जाएँ के एक hi रूम में सेक्स हो रहा है चाहे उन दोनों के बीच ना भी हो तो फिर रह hi क्या जाता है. जब स्मूच हो गया, किश हो गयी और सेक्सुअल वर्ड्स इस्तेमाल करने लग गए एक दुसरे के साथ तो फिर इसके बाद अगर कुछ बचता है तो वो है छूट में लुंड डालना बस (साभार संजू भाई)

ऐसे hi इन दोनों भाई और बहिन यानि के मेहुल और रोहन के बीच अब कुछ बचा थोड़े था. रोहन और मेहुल एक दुसरे से चिपक कर बैठे थे. एक कोच था तो कोई दिक्कत भी नहीं थी. हाँ पहले से पढ़ी चद्दर सी को इन दोनों ने ओढ़ रखा था. वैसे तो इन दोनों की सीटें आमने सामने थी पर मेहुल को खिड़की वाली साइड बिठा कर उससे एकदम सत्कार बैठा था रोहन.

वो थोड़ी देर बाद कोई न कोई ऐसी हरकत कर देता जिससे मेहुल के चेहरे पर मुस्कान आ जाती और आज पहली बार मेहुल ने उसके लिए एक शब्द की ईजाद की थी और वो शब्द tha…kamina. क्यूंकि सेक्स के उन्माद में मस्त रोहन ने अभी कुछ दिनों में इतना सेक्स कर लिया था के उसे सेक्स hi अपनी दुनिया लगने लगा था.

अभी अभी उसने अपनी बहिन की जांघ के नीचे वाली साइड हाथ दाल दिया. उनके ऊपर चद्दर थी इसलिए किसी को पता नहीं चला. वैसे ट्रैन में इतना ज्यादा रश नहीं था पर सामने एक युवा दंपत्ति बैठा था. बातचीत से गुजरती लग रहा था. उन दोनों में भी थोड़ी बहुत छेड़ चाँद चल रही थी पर वो लोग तो देखने में पति पत्नी लग रहे थे. इन दोनों की तरह वो भाई बहिन थोड़े थे.

वो दोनों अपने में मस्त थे इसलिए रोहन को कुछ न कुछ करने का मौका मिल रहा था. और मेहुल उसकी हरकतों से परेशान हो गयी थी. वो boli…kamine मत करो ऐसा. क्यूंकि वो उसकी जांघ के नीचे वाले हिस्से में हाथ घुसा कर उँगलियों को इस तरह से हिला रहा था जैसे खुजली कर रहा हो. वो रुका इसलिए नहीं क्यूंकि मेहुल जो बोल रही थी वो मुस्कुरा कर बोल रही थी. जिसका अर्थ रोहन ने ये लगाया होगा के वो जो कर रहा है उसमे मेहुल की मंजूरी है.

थोड़ी देर बाद रोहन ने जब देखा के उन दोनों पति पत्नी को नींद आ गयी है तो उसका हौसला थोड़ा और बढ़ा और उसने मेहुल की जांघ के ऊपर हाथ रख कर फेरने laga…mehul फिर से उसी तरह मुस्कुरा कर boli…pagal हो गया है क्या रोहन छोड़ इसे. कमीना कहीं का.

रोहन bola…haan दीदी मुझे तो यही लग रहा है जैसे पागल हो गया हूँ. बल्कि मेरा तो दिल कर रहा है के मैं किसी की छूट मरुँ. अभी रोहन के अंदर इतनी शर्म तो थी के वो इतना नहीं बोलै के दीदी आपकी छूट मरुँ.

मेहुल धीरे से हंसकर boli..to कमीने पूजा के पास hi रुक जाना था न. मेरे पीछे क्यों पड़ा है.

रोहन उसकी की टोन में हँसते हुए bola…apki जांघ पर hi तो हाथ फेर रहा हूँ. कौन सा आपकी छूट मार रहा हूँ.

मेहुल को और भी हंसी आ गयी उसकी बात पर. वो उसे मरते हुए boli….pagal कैसी बातें कर रहा है. दीदी हूँ मैं तेरी.

रोहन हँसता हुआ bola…achha उस वक्त दीदी कहाँ थी जब मेरा लुंड हाथ में लेकर मज़े ले रही थी और उसे जोर से दबा भी दिया था.

मेहुल उसे फिर से मरते हुए boli..to किसने कहा था मेरे साथ नंगा होकर सोने को. ख़बरदार जो फिर से ऐसी हरकत की to…nahi तो अबकी बार.

रोहन आंख मार कर bola…to क्या दीदी अबकी बार ऐसा किया तो क्या लुंड को छूट में ले लोगी दीदी.

वैसे तो मेहुल को भी बहुत मज़ा आ रहा था इन बातों में पर अभी झूठा गुस्सा दिखाना भी जरुरी था क्यूंकि रोहन ने बात hi कुछ ऐसी कह दी थी.

वो उसे गुस्से होते हुए boli..khabardaar रोहन जो ऐसी बात कही. हम भाई बहिन है. हमें एक सीमा तक रहना चाहिए.

रोहन bola…waise एक बात कहूं दीदी. हम दोनों भाई बहिन वाले रिश्ते से बहुत आगे बढ़ चुके हैं और सच कहूं अब तो मेरा मन भी हो रहा है आपकी छूट मरने का.

रोहन को पता नहीं कितना मज़ा आया ये बोलते हुए के उसने उसकी जांघ के गुदाज मांस को मुट्ठी में इस तरह से भरा के मेहुल सिहर उठी और boli…aah भाई क्या करते हो. छोडो अब. इस तरह से मत करो. ये गलत है.

रोहन को पता नहीं क्या sujhi…usne अपनी दीदी का हाथ पकड़ा और लुंड पर रखते हुए bola..didi देखो ये तड़पा पड़ा है अब. देखो न क्या हाल हो रखा है इसका.

वैसे तो मेहुल की छूट का भी यही हाल हो रकह था और वो शायद बोल hi देती रोहन को पर अभी थोड़ी शर्म बाकी थी उसमे. उसने तुरंत अपना हाथ परे कर लिया और boli…itne hi परेशान हो तो बाथरूम में क्यों नहीं चले जाते. जाकर शांत हो जाओ.

रोहन bola…wo तो कभी भी हो जाऊंगा. दीदी एक काम कर दो न. आप ऐसे चद्दर में इसे शांत कर दो न अपने हाथ से. उसने ऐसा कहते हुए फिर से उसका हाथ अपने लुंड पर रख दिया और मेहुल ने फिर से हाथ झटकते हुए kaha…nahi भाई मैं ऐसा नहीं कर सकती. प्लीज तुम बाथरूम में जाकर शांत हो जाओ.

रोहन ने बचे जैसा मुँह बना लिया जैसे बचे रूठते हैं. तो मेहुल हंसकर boli…dekho कैसी भोली शकल बना रहा है जैसे बहुत शरीफ हो. अपनी दीदी को वो करने को बोल रहा है जो इसकी गर्ल फ्रेंड को करना चाहिए. भाई मैं नहीं कर पाऊँगी जो तुम बोल रहे हो. प्लीज बाथरूम में जाओ और कर लो खुद को शांत.

रोहन ने फिर कुछ नहीं कहा और चुपचाप बैठ गया. उसने अपना हाथ भी हटा लिया अपनी बहिन की जांघ से और थोड़ी दूरी भी बना ली.

मेहुल ने ये महसूस किया तो उसे अच्छा नहीं लगा. उसे मज़ा भी आ रहा था और दूसरी बात उसको अपने भाई का रूठना भी अच्छा नहीं लग रहा था. उसे लगा उसकी वजह से उसका भाई नाराज हो गया है.

तो उसने फिर से रोहन का हाथ पकड़ा और अपनी जांघ पर रख कर उसके ऊपर अपना हाथ रख दिया. पर रोहन ने अपना हाथ वापिस खिंच लिया और इस बार तो उसने अपना मुँह भी दूसरी और घुमा लिया.

मेहुल परेशान सी होकर boli…mat कर भाई ऐसा. तुम्हे पता hi है. हर रिश्ते की कुछ मर्यादा होती है. क्यों नहीं समझते हो तुम.

रोहन भी उदास से स्वर में और रूठने वाले अंदाज़ में bola…to मैं कहाँ आपको कुछ बोल रहा हूँ. अब तो दूर भी हो गया हूँ आपसे. अब क्या प्रॉब्लम है भला.

मेहुल ना जाने कितनी देर तक उसे मानती रही. पर उसकी लाख कोशिशों के बाद भी रोहन मैंने को तैयार न हुआ.

मेहुल हँसते हुए boli…mujhe पता है तू पागल और ज़िद्दी है बचपन से ऐसे नहीं मानेगा तू.



फिर मेहुल ने कुछ ऐसा किया जिसकी शायद रोहन ने तो क्या किसी और ने भी अपेक्षा नहीं की होगी.
 
Part 42फिर मेहुल ने कुछ ऐसा किया जिसकी शायद रोहन ने तो क्या किसी और ने भी अपेक्षा नहीं की होगी.

मेहुल ने शायद अनमने ढंग से hi सही पर रोहन के लोअर में हाथ डाला और उसके लुंड को अपने हाथ में लिया. पहले वो धीरे धीरे उसे मसलने लगी. रोहन ने कभी भी इस बात की अपेक्षा नहीं की थी के उसकी दीदी इतनी आसानी से उसके लुंड को पकड़ सकती है.

मेहुल और रोहन एक दुसरे की आँखों में ऑंखें दाल कर बैठे थे और मेहुल उसके लुंड को मसल रही थी. बड़ी hi सोफ़्त्ल्य वो ऐसा कर रही थी. रोहन के आनंद की कोई सीमा ना रही. बीच बीच में दोनों सामने बैठे कपल को देख लेते के कहीं जाग तो नहीं गए. उनमे जो लड़का था लड़की के कंधे पर सर रखकर सो रहा था और लड़की उसका हाथ पकड़कर सो रही थी.

मेहुल और रोहन को कोई देखता तो यही लगता के दोनों कपल हैं. जिस तरह प्यार से एक दुसरे को दोनों देख रहे थे वैसे किसी को भी ये लगता के ये बर्फ गफ हैं. मेहुल ने अनमने ढंग से रोहन के लुंड को पकड़ा था पर अब उसे उसका सॉफ्ट सा टच बहुत अच्छा लग रहा था.

मेहुल रोहन को तो पूरा मज़ा दे रही थी पर बेचारी खुद तड़प रही थी क्यूंकि उसकी छूट में अब खुजली सी उठने लगी थी. उसका भी मन कर रहा था के वो अपनी छूट पर उँगलियाँ चला कर उसे शांत कर दे. पर उसे बहुत ज्यादा शर्म आ रही थी.

रोहन ने अब ऑंखें बंद कर ली थी. वो आराम से चल रही इस प्रक्रिया का बहुत hi मज़े से लुत्फ़ उठा रहा tha.use तो जैसे दुनिया जहाँ की खुशियां मिल गयी थी. एक बार उसकी बहिन उसके साथ पूरी तरह से खुल जाये तो भला उसे क्या जरुरत है बहार कहीं जाने की. उसकी जरुरत घर में hi जो पूरी हो जाएगी.

यही सोचते हुए वो अपने हार्ड हो चुके लुंड पर अपनी दीदी के नरम मुलायम हाथों का स्पर्श महसूस करके पागल हुआ जा रहा था. गाड़ी अपनी तेज रफ़्तार से चली जा रही थी उससे कहीं ज्यादा रफ़्तार अब रोहन की सांसों और मेहुल की धड़कनो की हो गयी थी. अब मेहुल के हाथ ने गति भी पकड़ ली थी.

रोहन को मेहुल का चेहरा देखकर उसकी आँखों में छ रही लाली से महसूस हो गया था के उसकी दीदी को भी तो कुछ मज़ा आना चाहिए. ये सोचते हुए उसने अपना बयां हाथ, क्यूंकि मेहुल का डायन हाथ रोहन की और था तो स्वाभाविक है के रोहन का बयां हाथ मेहुल की और होगा उसने उसकी जांघ पर रख दिया. और उस जगह पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.

इतने पर तो मेहुल ने कुछ नहीं बोलै बल्कि उसको मज़ा hi आ रहा था. उसके ऐसा करने से मेहुल की रफ़्तार और भी तेज़ हो गयी थी रोहन के लुंड पर. रोहन के लुंड ने हल्का हल्का प्रेकम यानि जो रास पहले निकलता है वो छोड़ना शुरू कर दिया था. एक दो आहें भी निकली रोहन की तो मेहुल ने बड़ी फुर्ती से सामने की और देखा तो पाया के वो दोनों तो घुप्प नींद में सोये पड़े हैं.

रोहन बहुत ज्यादा जोश में आ गया. उसका हाथ अपनी दीदी की छूट पर पहुँच गया. कपडे में hi सही पर उसने जैसे hi वहां स्पर्श किया तो जैसे मेहुल की जान hi निकल गयी. उसे इतना आनंद आया के एक पल को तो सोचने समझने की शक्ति hi चली गयी पर अगले hi पल उसे एहसास हुआ के जो हाथ उसकी छूट पर है वो खुद उसका नहीं उसके सेज भाई का है.

उसने रोहन के हाथ को झटकने की कोशिश की तो रोहन ने उसे छोड़ना तो एक तरफ बल्कि लोअर के अंदर से डालकर अब सीधा छूट पर हाथ फेरना शुरू कर दिया. अपनी दीदी की कुंवारी छूट का स्पर्श पाकर तो रोहन जैसे धन्य हो गया. मेहुल को ऐसा नहीं के मज़ा नहीं आ रहा था. मज़ा तो उसे खूब आ रहा था पर उसे इस बात का एहसास भी था के उसकी छूट को मज़ा देने वाला उसका भाई hai.wo हटाना चाहती थी उसका हाथ इस चक्कर में उसने रोहन के लुंड को छोड़ भी दिया फिर रोहन ने कुछ ऐसा कहा के मेहुल को फिर से रोहन को लुंड को पकड़ कर हिलना पड़ा.

रोहन bola…didi आपको मेरी कसम अगर आपने मेरे लुंड को बिना पानी निकले हटाया या आपने अपनी छूट से मेरे हाथ को हटाया.

रोहन का बस इतना hi कहना था के मेहुल चुपचाप चद्दर में hi वैसे hi रोहन की मुठ मरने लगी और रोहन अपनी उँगलियों से मेहुल की छूट के साथ खेलने लगा. मेहुल ने सोचा अब जो हो रहा है उसे तो रोका नहीं जा सकता तो क्यों न इसका आनंद hi ले लिया जाये. ये सोचकर उसने अपनी ऑंखें बंद कर ली और चुपचाप अपनी छूट पर चल रही रोहन की उँगलियों का लुत्फ़ उठाने लगी. रोहन उसकी बंद ऑंखें देखकर मुस्कुराने लगा.

उसे समझ आ गया था के उसकी बहिन ने भी अपनी छूट पर पूरा मज़ा लेना शुरू कर दिया है. ये उसके लिए न सिर्फ ख़ुशी की बात थी पर बहुत बड़ी अचीवमेंट भी थी. उसे अभी इस बात का अंदाज़ा भी नहीं था के उसकी ये एक छोटी सी शुरुआत उसे छूटों के महासागर में ले जाएगी. जहाँ उसे अपने hi परिवार की अनगिनत छूटों से साक्षात्कार करने का मौका मिलेगा.

उसने अभी तक दो लड़कियों की छूट मार ली थी इन तीन चार दिनों में. पर इस तरह शिद्दत के साथ किसी लड़की की छूट पर उँगलियाँ नहीं चलाई थी. आज उसे इस क्रिया में एक अलग hi मज़ा आ रहा था जिसको बयां करना भी मुश्किल है.

दोनों की hi रफ़्तार तेज़ थी. जिस वजह से अब चद्दर भी हिल रही थी. उन दोनों को hi मन hi मन इस बात का दर था के सामने वाले कपल न उठ जाएँ. कहीं उन्हें ये काम बीच में hi रोकना पद जाये. रोहन ने ये बात अब मन में ठान ली थी के जैसे hi उसके पानी का बहाव बहार की और आएगा वो उसे रुकने नहीं देगा, जल्द hi तेरी से बहने देगा. ताकि ये काम अब जल्दी ख़त्म हो जाये.



मेहुल को भी थोड़ी चिंता थी और वो भी चाहती थी के उसकी छूट जल्द से जल्द अपने चार्म पर पहुँच जाये. दोनों की इच्छा पूरी हुई और दोनों और से जबरदस्त रसधार बेहनी शुरू हुई. रोहन के लुंड ने तो पहले दो लड़कियों के हाथों और दो छूटों का स्पर्श कर लिया था पर मेहुल की छूट को आज पहली बार उसके हाथ के इलावा किसी और के हाथ छुए जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. वो भी एक लड़के के जो के उसका भाई था वो भी सागा भाई.
 
दोस्तों अपडेट दाल दिया है. बहुत रिक्वेस्ट आती है लगातार अपडेट की तो मैं माफ़ी चाहूंगा के लगातार अपडेट नहीं दाल सकता. और मोटालूंड भाई मैं पिक्चर और GIF बिलकुल भी नहीं दाल सकता. मुझे बहुत HI ज्यादा एहतियात के साथ लिखना पड़ता है. भाई मेरा परिवार पहले है बाकि सब बाद में. बीच बीच में कुछ दिनों के लिए गायब हो जाता हूँ वो अपने परिवार की वजह से HI HAI....SO. माफ़ी चाहूंगा मैं अपने हिसाब से HI लिख सकता हूँ. आपके इस बार पहले से ज्यादा कमैंट्स आये. उसके लिए शुक्र गुजर HUN....DHANYAVAAD दोस्तों.
 
Part 43दोनों घर लौटे थे तो उनके साथ लौटी थी कुछ हसीं यादें. कुछ यादें रोहन की थी तो कुछ मेहुल की और कुछ यादें इन दोनों की कॉमन थी. मेहुल को शुरुआत के कुछ पलों में थोड़ा अजीब लगा था थोड़ी ग्लानि हुई थी पर फिर उसने वो सभी भाव उतर के दूर फेंक दिए थे, शायद रस्ते में hi किसी नदी में फेंक आयी होगी क्यूंकि घर के एंटर होते हुए वो बिलकुल फ्रेश महसूस कर रही थी एकदम तारो तजा.

तारो तजा होती भी क्यों नहीं इस सफर में उसे एक अनोखे स्पर्श से चार्म सुख जो मिला था, इतना सुख जिसकी उसने कपलपाना भी नहीं की थी. हालाँकि अभी उसने वो सुख केवल भाई के हाथों से महसूस किया था ना के उसके लुंड से पर फिर भी उसके लिए यही बहुत था.

रोहन ने आते hi चरों बड़ों के पेअर छुए और रूही तो उसके गले से लग कर ऐसे रोई मनो वो साल दो साल बाद लौटा हो. अब तो रूही उसे मिस भी करने लगी थी. उसका दोस्त इतने दिनों के लिए उससे दूर जो हो गया था. रूही के मम्मी डैडी और उसके मौसा मौसी सभी हंस रहे थे भाई बहिन के इस प्यार को देखकर.

जबकि इसमें कोई शक नहीं के रूही के दिमाग में भी भाई बहिन वाला प्यार था पर उसके दिमाग में कुछ और भी था. इस दौरान उसने अपने भाई को इमेजिन करके इतनी बार फिंगरिंग कर ली थी के उसे अब शक होने लगा था के उसके भाई का लुंड कहीं उसकी छूट में चला तो नहीं गया.

वो जोर से चिपकी हुई थी रोहन के साथ. वो इतनी देर चिपकी रही के रोहन को मज़ा सा आने लगा था. उसका लुंड भी हिचकोले लेने लगा था. उसने सोचा सबके सामने ावक्वार्ड सिचुएशन न बन जाए तो उसने उस लड़की को अपने से दूर करने की कोशिश की पर वो तो जोंक की तरह उससे चिपकी हुई थी.

मेहुल को पहले तो हंसी आ रही थी उसे इस तरह का व्यवहार करते देखकर पर फिर उसे थोड़ी जलन भी होने लगी. पता नहीं ये कैसी जलन थी. वो थोड़ा आगे हुई और उसने रूही को अलग करते हुए bola…chhipkali वो दिवार नहीं है हम दोनों का भाई है. देखो कैसे चिपकी हुई हो. सब लोग ठहाका मार कर हंस पड़े.

रोहन का लुंड खड़ा हो गया था जिसके आगे उसने बैग कर लिया. फिर बाथरूम जाने का बहाना बना कर सीधे अपने रूम में गया. लगेज रखा और सीधे बाथरूम में घुस गया. उधर मेहुल भी बाथरूम में घुस गयी थी आते hi. उसे भी थोड़ा फ्रेश होना था.

रोहन का तो बुरा हाल हो रखा था उसे एक बार फिर से मुठ मारनी थी. उसकी दीदी ने उसे पागल hi कर दिया था. वो मुठ मरने लगा. फिर उसे पता नहीं क्या सुझा के वो होल की और चला गया हाथ में लुंड लिए हुए. वहां जाकर उसने देखा तो उसके होश hi उड़ गए. उसकी बहिन अपनी छूट पर हाथ रखकर उसे सेहला रही थी और ऑंखें बंद किये कुछ बुदबुदा रही थी.

रोहन को समझ आ गयी थी के उसकी बहिन भी अब उसके रंग में रंग चुकी है उसने सोचा के जल्द hi इसका काम नहीं किया तो ये किसी और के चक्कर में फंस जाएगी. दोनों अपना अपना पानी निकल कर फ्रेश होने के बाद डाइनिंग एरिया में आ गए.

माँ और मौसी ने आज इन दोनों के लिए ढेर सारा तरह तरह का खाना बना रखा था. ये दोनों इतने दिनों बाद घर जो लौटे थे. माँ को लग रहा था के मेरे बच्चों ने अच्छे से खाना नहीं खाया होगा बहार

सब लोग खुश नज़र आ रहे थे. बच्चे इतने दिनों बाद घर जो लौटे थे. रूही खास तौर से खुश थी अपने भाई छुम फ्रेंड से मिलकर. वो डाइनिंग टेबल पर भी उसके साथ hi बैठी, जिसे सबने नोटिस कर लिया था.

वो सबके सामने hi रोहन से boli…bhai मैंने आपको बहुत मिस किया.

मेहुल को फिर से जलन हो रही थी. हालाँकि उसे पता था के रूही पहले भी उससे चिपकी रहती थी पर आज उसे पता नहीं क्यों कुछ ज्यादा hi जलन हो रही थी पर उसे ये बात शो नहीं करनी थी.

मेहुल शिकायत भरे लहजे में रूही से boli…achha सिर्फ अपने भाई को मिस किया, दीदी को नहीं?

रूही को अपनी गलती का एहसास हुआ और जोरदार हुआ. उसने सोचा जब से दीदी आयी है उसने उसे इग्नोर hi किया है. वो गलती मानते हुए boli…didi आपको तो पता hi है मैं आपसे कितना प्यार करती हूँ तो ऑब्वियस्ली आपको भी बहुत मिस किया. सॉरी मैंने आपको बोलै नहीं. मुझे माफ़ कर दो दीदी.

मेहुल अपनी छोटी बहिन के इस कॉन्फेशन से पिघल गयी और boli…nahi गुड़िया तुझे सॉरी बोलने की जरुरत नहीं है.

माहौल बहुत खुशनुमा बना हुआ था. थोड़ी देर उनके पुणे टूर की बातें होती रही. रूही ने ढेरों सवाल किये. स्वाभाविक है के इन दोनों ने सेक्सुअल बातों को छोड़कर साड़ी बातें बताई. सब लोग बड़ी उत्सुकता से उनकी बातें सुन रहे थे.

अचानक रूही ने रोहन से एक ऐसा सवाल कर दिया के सबके चेहरे पर मुस्कराहट आ गयी. वो boli…bhai वहां आपको कोई लड़की नहीं mili…aur मुस्कुराने लगी, इनके घर का माहौल बहुत खुला था, क्यूंकि जब माँ बाप hi इतने खुले विचारों के थे तो बच्चों को खुले विचारों के होने से भला कौन रोक सकता था.

रोहन bola…meri लाइफ में जब ये दो दो लड़कियां यानि मेरी बहने हैं तो भला मुझे और किसी लड़की की क्या जरुरत है.

रूही ने अपने माथे पर हाथ मारकर boli…offo भाई. हम तो आपकी बहने हैं. मेरा मतलब गर्ल फ्रेंड से था. फिर से सब लोग हंस पड़े उसकी बात सुनकर.

रोहन उसके सर के पीछे चपत लगा कर bola…tu न अभी अठारह की भी नहीं हुई. और ऐसी बातें करने लगी है.

रूही तो और ज्यादा बोल्डनेस दिखा रही थी जिसे सुनकर मेहुल ने बड़े अजीब ढंग से रूही की और dekha….bhai, आप मुझे छोटी बोल रहे हो. मेरी सहेलियों के दो सैलून से बॉय फ्रेंड हैं. सिर्फ मेरा नहीं है.

रोहन हँसते हुए bola…achha तो क्या तुझे भी बॉय फ्रेंड बनाना है?

रूही उसको एक साइड से जफ्फी डालकर boli…mujhe क्या जरुरत है भला. मेरा भाई है न मेरे साथ.

रोहन bola…to वही तो मैं बोल रहा था. रूही boli…oh मैं भी न एकदम झल्ली हूँ.

सब लोग फिर से हंस पड़े.

आज रूही ने मन hi मन एक फैसला लिया था के रात को अपने भाई के रूम में जाएगी जब उसकी मेहुल दीदी सो जाएगी.

रोहन अपने कमरे में गया तो उसे एकदम से नींद आ गयी. क्यूंकि वो बहुत थका हुआ था.

उधर मेहुल के साथ उल्टा था. उसे नींद hi नहीं आ रही थी. वो मोबाइल पर लगी हुई थी. रूही हालाँकि सोने का नाटक कर रही थी पर वो मेहुल के सोने का इंतज़ार कर रही थी.

कितनी देर तक नींद नहीं आती. मेहुल को कोई एक डेढ़ घंटे बाद नींद आ गयी. उसके खर्राटे उसकी गहरी नींद की पहचान थे.

रूही ने अपने भाई को सरप्राइज देना चाहा. दरअसल उन लोगों के जाने के बाद रोहन की अलमारी से रूही को उसके रूम की एक डुप्लीकेट चाबी मिल गयी थी. उसने सोचा वो उस डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोलकर अंदर जाएगी और अंदर जाकर भाई को जफ्फी डालेगी तो वो हक्का बक्का रह जायेगा.

ये सोचकर रूही ने जैसे hi धीरे से चाबी के साथ दरवाजा खोला तो रोहन को सरप्राइज देने चली रूही को hi सरप्राइज मिल गया. हुआ ये के जैसे hi उसने दरवाजा खोला तो उसने पाया के रोहन एकदम नंग धडंग बिस्तर पर बैठा है और उसके हाथ में उसका आठ इंच लम्बा लुंड पकड़ा हुआ है और वो मुठ मार रहा है.



सिर्फ रूही hi हक्की बक्की नहीं रही बल्कि रोहन भी उसे अपने कमरे में घुसता देखकर हक्का बक्का रह गया क्यूंकि उसे अच्छे से याद था के सोने से पहले उसने दरवाजे को लॉक किया था.
 
Part 44रोहन ने बड़ी hi फुर्ती के साथ अपने ऊपर चादर ली और रूही को गुस्से से देखने लगा. रूही पहले तो ये सब देखकर हक्की बक्की रह गयी फिर अपने भाई को गुस्से से देखते हुए देख थोड़ी सेहम भी गयी.

जब रोहन ने उसे डरा सेहमा सा देखा तो वो उसे थोड़ा सख्त लहजे में hi bola….tumhare पास मेरे कमरे की चाबियाँ कहाँ से आयी ruhi.aur इस वक्त मेरे कमरे में यूँ चोरी चोरी आने का क्या मकसद था तुम्हारा.

रूही थोड़ा डरते डरते boli….wo भाई आपके पीछे से आपकी अलमारी से निकली थी. मैं तो आपको सरप्राइज देना चाहती थी और कुछ नहीं.

रोहन को अब उस गुस्सा नहीं तरस आ रहा था क्यूंकि वो तो उसे प्यार भरा सरप्राइज देना चाहती थी और रोहन कैसे उसे दन्त रहा था.

वो अब थोड़ा प्यार भरे स्वर में bola…dekho रूही तुम्हे पता है न ये भाई का रूम है. तो तुम्हे दरवाजा खटखटा कर आना चाहिए न के ऐसे धड़ाम से अंदर घुस जाना चाहिए.

रूही हाँ में गर्दन हिलाते हुए boli…haan भाई आपकी बात एकदम सही है. गलती तो मुझसे हुई है और आगे से ऐसी गलती नहीं होगी कभी.

रोहन प्यार से bola…koi बात नहीं अब तो हो गयी न. पर आगे से ऐसा सरप्राइज न देना के सामने से hi सरप्राइज मिल जाये. और हंसने लगा.

रूही को शर्म आ गयी boli…kya भाई आप भी कैसी बातें कर रहे हो. बोल रही हूँ न गलती हो गयी. आप तो शर्मिंदा कर रहे हो.

रोहन bola…arey अपनी गुड़िया को शर्मिंदा करूँगा क्या. अच्छा यहाँ आओ मेरे पास.

रूही उसके एकदम पास आकर बैठ गयी. रोहन ने उसे साइड से हुग कर लिया. उसे ध्यान hi नहीं रहा के वो अलफ नंगा है. उसने रूही की गाल पर किश करते हुए bola…koi स्पेशल बात तो नहीं करनी थी तुझे मेरे साथ.

रूही boli….nahi भाई. आप इतने दिनों बाद आये तो आपसे मिलने चली आयी.

रोहन bola…achha एक बात तो बताओ. जिस दिन मम्मी पापा की एनिवर्सरी है. उस दिन तुम्हारा बर्थडे भी तो है. तुम अठारह की हो जाओगी उस दिन. बोलो तुम्हे क्या गिफ्ट चाहिए.

रूही boli…waise तो आप अक्सर मुझे कुछ न कुछ लेकर देते रहते hi भाई. पर उस दिन कुछ स्पेशल मांगूंगी आपसे. आपको देना होगा.

रोहन फिर से उसे किश करते हुए bola…dunga न मेरी माँ. पर मुझे पहले hi बताना होगा न. ताकि मैं तुम्हारे लिए लेकर रख लूँ पहले से.

रूही boli…nahi आपको उसी दिन बताउंगी.

रोहन अब थोड़ा कंफ्यूज हो गया. ये क्या सरप्राइज गिफ्ट तो मुझे इसे देना चाहिए ये गिफ्ट लेने में भी सरप्राइज रख रही है. वो bola…bata भी दो गुड़िया इतना क्या सरप्राइज.

रूही boli…wo तो उसी दिन बताउंगी भाई. और हँसते हुए उसके होंठों को किश करके उसके रूम से भाग गयी.

रोहन ने ना में गर्दन hilai…pagal लड़की बोलकर दरवाजा लगाया और फिर से बिस्तर पर बैठकर अपना काम पूरा करने लगा. वो अपनी कल्पना में अपनी बड़ी बहिन मेहुल की छूट मार रहा था और अब तो उसे बहुत ज्यादा आनंद आने लगा था मेहुल के बारे में सोचकर. ऐसा लग रहा था उसे जल्द hi मेहुल की छूट चाहिए.

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निधि अपने बेटे रोहन के साथ मार्किट जाने लगती है तो मेहुल बोलती है के मुझे भी आप लोगों के साथ जाना है. दरअसल निधि और रोहित की 25तह एनिवर्सरी आने वाली थी तो ये लोग बड़ा प्रोग्राम करके उसे धूम धाम से किसी पैलेस में सेलिब्रेट करने वाले the,uske लिए इनकी शॉपिंग शुरू हो गयी थी.

निधि को कुछ कास्मेटिक और आर्टिफीसियल ज्वेलरी लेनी थी. मेहुल बोली मुझे भी कुछ देखना है मार्किट में तो वो भी साथ हो ली. पहले तो रोहन बाइक पर जाने वाला था पर जब उसने देखा के उसकी दीदी भी साथ जा रही है तो वो गेराज में से गाड़ी निकाल लाया.

निधि तो मैं बाजार में खरीदारी करने को बोल रही थी पर रोहन बोलै के वहां पार्किंग की दिक्कत होगी. इसलिए वो उन लोगों को मॉल में ले गया. पहले निधि ने अपनी शॉपिंग की. इस दौरान रोहन अपनी दीदी को इधर उधर टच करता रहा. वैसे तो मेहुल को अब आदत सी होने लगी थी पर साथ में इनकी मम्मी थी तो उसे थोड़ी परेशानी हो रही थी.

फिर मेहुल ने अपने लिए ब्रा और पंतय लेनी थी. इतने में निधि को बाथरूम जाना पद गया तो ये दोनों hi रह गए. हालाँकि मेहुल ने रोहन को अपने साथ आने को मन भी किया पर अब वो कहाँ मैंने वाला था. वो उसके साथ हो लिया.

चाहे कितना भी खुल गए हों आपस में पर मेहुल को बड़ी दिक्कत हो रही थी उसके सामने अपने ये वाले कपडे खरीदते हुए.

मेहुल के लाख कोशिश के बावजूद भी वो नहीं टाला और उसके साथ hi चिपका रहा. बल्कि अच्छे से चिपका रहा. एक तो मेहुल को वैसे hi शर्म आ रही थी उसके सामने दुसरे उसे दर था के उसकी मम्मी ना जाये कहीं.

पर उसकी ये परेशानी पांच मिनट में hi हल हो गयी क्यूंकि उसकी मम्मी का रोहन के पास फ़ोन आ गया के वो लोग रीमा ौंटी (मोहल्ले की ौंटी) के साथ घर जा रही है. वो उन्हें बाथरूम के पास hi मिल गयी थी. उन्होंने रोहन को बोलै के वो लोग बाद में आराम से आ जाएँ.

बल्कि रोहन ने तो ये भी पूछ लिया के हम लोग मूवी देख आएं तो मम्मी ने तुरंत हाँ कर दी. मेहुल उसका चेहरा देख रही थी और मन hi मन सोच रही थी के ये कौन से ख्याली पुलाव पका रहा है.

रोहन को भी बाथरूम जाना पद गया. इतने में मेहुल ने ठंडी सांस ली के चलो शुक्र है थोड़ी देर के लिए तो टाला. उसके जाने के बाद जब सेल्स गर्ल ने देखा के उसने रहत की सांस ली है तो वो boli…madam सर आपको इतना प्यार तो करते हैं, फिर आप ऐसे बेहवे क्यों कर रही हो.

मेहुल कन्फ्यूज्ड होकर सेल्स गर्ल की और देखते हुए kaha…pyar से तुम्हारा मतलब.

उस झल्ली सी दिखने वाली सेल्स गर्ल ने शरमाते हुए bola…jaise एक बॉय फ्रेंड गर्ल फ्रेंड से करता है. मेरा बॉय फ्रेंड भी मुझसे बहुत बहुत प्यार करता hai..fir शर्माने का ड्रामा करती hai…uski बकबक अभी बंद नहीं हुई thi….ham दोनों हर सैटरडे नाईट मिलते हैं. तुम लोग भी मिलते हो क्या?

मेहुल का मन कर रहा था के वो अपना सर पीट le…uski बातों से मेहुल को बहुत गुस्सा आ रहा था. वो सोचने लगी के ये रोहन को मेरा बॉय फ्रेंड समझ रही है. फिर सोचने लगी, वैसे वो अगर ऐसा सोच रही है तो गलत कहाँ सोच रही है. रोहन की हरकतें hi आजकल ऐसी हैं, बॉय फ्रेंड से काम बेहवे कहाँ कर रहा है वो आजकल. और छी ये लड़की मुझे क्या क्या बातें बता रही है. हर सैटरडे नाईट को मिलते हैं. भाई मिलो कुछ भी करो मुझे क्या मतलब.

सेल्स गर्ल की आवाज़ ने उसे chaunkaya….arey मैडम आ जायेंगे आपके वो. इतना भी क्या के आप उनके ख्यालों में गम हो गयी.

सच में बड़ी कोफ़्त हो रही थी मेहुल को उसकी ओवर एक्टिंग se.par वो कर भी क्या सकती थी सिवाय रोहन के इंतज़ार के. उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था के क्या ख़रीदे. उसने सोचा अब रोहन पर बॉय फ्रेंड का ठप्पा लग hi गया है तो उसकी पसंद का hi खरीद लुंगी.

उधर रोहन बाथरूम जाकर वापिस आया तो उसे सामने दीक्षा मिल गयी. रोहन उसे देखकर मुस्कुराया तो वो भी मुस्कुरा दी.

Rohan…arey दीक्षा व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज. इधर कैसे. कुछ खरीदना था क्या?

Diksha…arey हाँ. कुछ लेना था. आप भी कुछ लेने आये थे क्या?

Rohan…muskura kar…main भाई मम्मी और दीदी के साथ शॉपिंग के लिए आया था. और हो गयी शॉपिंग?

Diksha…hanji हो गयी. वापिस जा रही थी तो आप नज़र आ गए. उसने मुस्कुरा कर फिर से kaha…par आप तो उस दिन के बाद भूल hi गए. कुछ गलती हो गयी क्या.. वो धीरे से हंस दी.

जब दीक्षा उस दिन की बात बोली तो रोहन का हाथ अपने आप hi लुंड पर चला गया और दीक्षा ये देख कर मुस्कुरा दी. रोहन bola….main दीदी के साथ पुणे गया हुआ था. वैसे तुमने भी तो नहीं बुलाया उसके बाद. रोहन आंख मरते हुए मुस्कुरा कर बोलै.

Diksha…muskurate hue…uske बाद मम्मी पापा कहीं गए hi नहीं. मैं तो इंतज़ार में हूँ. वैसे रूही ने बताया होगा आपको नेक्स्ट वीक हम फ्रेंड्स का ग्रुप खंडाला जा रहा है.

Rohan…nahi अभी तो बात नहीं हुई. दरअसल कल hi आये हैं हम पुणे से वापिस तो भूल गयी होगी बताना.

Diksha…aapko तो बताएगी hi वो. आप उसके प्यारे भाई जो हो. हंस दी दीक्षा ये बोलकर.

Rohan…hanste hue..haan ये बात तो hai.Agar कोई और जाना चाहे तो जगह है क्या?

Diksha…arey इसमें पूछने वाली क्या बात है. वैसे रूही को खुद hi बात करने देना.

Rohan…haa हाँ बिलकुल वो खुद बताएगी तभी बात करूँगा. फिर रोहन सोचता है के कल आयी तो थी. शायद यही न बताने आयी हो. फिर उसे हंसी आ जाती है के वो कैसे लुंड हाथ में लिए बैठा था जब रूही कमरे में दाखिल हुई.

रोहन को खोया देख दीक्षा boli…ok रोहन जी. अब मैं चलती हूँ. मुझे देर हो रही है. देख लेना अगर आपका प्रोग्राम बने.

Rohan…haan जरूर. फिर दोनों ने विदा ली.

उधर वो सेल्स गर्ल ने मेहुल का दिमाग खा रखा था. जैसे hi रोहन वापिस उस शोरूम में गया जहाँ से मेहुल उन्देर्गर्मेन्ट्स खरीद रही थी तो उसने सुना, सेल्स गर्ल बोल रही थी.



सेल्स girl…niche एक स्पा है. उसमे रूम्स मिल जाते हैं. आपने अपने बॉय फ्रेंड के साथ एन्जॉय करना है तो वहां जा सकते हो. रोहन हैरान था ये दीदी से किस बॉय फ्रेंड की बात कर रही है.
 
Part 45सेल्स girl…niche एक स्पा है. उसमे रूम्स मिल जाते हैं. आपने अपने बॉय फ्रेंड के साथ एन्जॉय करना है तो वहां जा सकते हो. रोहन हैरान था ये दीदी से किस बॉय फ्रेंड की बात कर रही है.

उसके पहुँचने से पहले hi मेहुल उस लड़की से झुंझलाकर boli…aap वो सब बातें छोड़िये मुझे और कोई वैरायटी दिखाइए. वो मन hi मन सोच रही थी के ये रोहन का बचा कहाँ रह गया.

इतने में रोहन वहां पहुँच गया और इससे पहले के वो मेहुल से poochhta…didi ये लड़की क्या बोल रही है, आपका बॉय friend?...uske ऐसा बोलने से पहले hi वो बातूनी लड़की बोल padi…dekhiye मैडम आपके बॉय फ्रेंड की उम्र कितनी लम्बी है. अभी उन्हें hi याद कर रहे थे और वो आ भी गए. और खुद hi हंसने लगी. मेहुल ने मुड़कर देखा तो रोहन उसके बगल में hi आकर खड़ा हो गया था और उसे समझ में आ गयी थी के ये लड़की उसे मेहुल का बॉय फ्रेंड समझ रही है. जहाँ पहले वो थोड़ा सा जल गया था इस बात को सुनकर अब उसे मन hi मन अच्छा लग रहा था.

मेहुल उसे देखते hi फटाफट कुछ ब्रा दिखते हुए boli…rohan इनमे से देखकर बताओ के कौन सी सही रहेगी मेरे लिए.

रोहन बहुत खुश हुआ के उसकी दीदी उसे ब्रा पंतय चूसे करने के लिए बोल रही है. वहां पर भीड़ बहुत थी नहीं तो रोहन शायद देखने भी चला जाता क्यूंकि उसने दो तीन पीेछे शार्ट लिस्ट किये थे जिन्हे मेहुल तरय करने गयी थी.

मेहुल ने उसकी चॉइस के hi दो सेट पसंद किये और ये दोनों वापिस आने लगे तो अचानक रोहन को स्पा में रूम वाली बात याद आयी. वो उछलकर एकदम से मेहुल के सामने आकर bola…didi वो सेल्स गर्ल क्या बोल रही थी भला.

मेहुल बिना उसकी बात को तवज्जो दिए boli…arey वो तो ऐसे hi बकबक किये जा रही थी. तुम उसकी बात को सीरियसली मत lo..mehul ने सोचा ये बॉय फ्रेंड वाली बात पर बोल रहा है. और रोहन भी समझ गया था के मेहुल ये सोच रही है.

इसलिए वो बात को क्लियर करते हुए bola…nahi वो बोल रही थी स्पा में रूम मिल जाता है. तो हम एकाध घंटा स्पेंड करें स्पा mein..rohan तो दिन में hi सपने देखने लगा था अपनी दीदी के साथ.

मेहुल ने ऑंखें चौड़ी करके kaha,.aur हम वहां करेंगे क्या? हाथ को उठा कर पूछने वाले इशारे करे हुए मेहुल बोली.

रोहन bola…didi किश कर लेंगे थोड़ी बहुत छेड़ छड़ और अगर आपको ठीक लगा तो आप मेरी मुठ मार देना. अब रोहन इतना बेशर्म हो गया था अपनी दीदी के सामने के वो सीधी hi ऐसे शब्द बोलने लगा था.

मेहुल को जैसे पहले से आभास था इन बातों का वो भी तैयार थी जवाब देने के liye…rohan, मेरे भाई. ये सब ठीक नहीं है. अपने शहर के बहार हमने थोड़ा बहुत कर लिया. वो ठीक है . पर अभी ये सब ठीक नहीं लग रहा मुझे. किसी ने देख लिया न तो क्या सोचेगा. प्लीज हमारे खंडन की इज़्ज़त को ख़राब मत करो.

रोहन को बात कहते में पड़ती नज़र आयी. वो रुआंसी सी आवाज़ में bola…chalo ठीक है दीदी. जैसा आपको ठीक लगे.

और गर्दन सी गिरा कर चलने लगा. मेहुल को उसकी शकल देखकर उस पर दया आ गयी. Boli…ruth गया क्या मेरा भाई. अच्छा ये रूम वाला आईडिया ड्राप करो. मैं रात को आती हूँ न तुम्हारे रूम में. थोड़ा बहुत कुछ करेंगे. पर हाँ ज्यादा की उम्मीद मत रखना मुझसे.

रोहन को उसकी बहिन के उसके रूम में आने की बात सुनकर थोड़ी रहत सी मिली. वो पक्का करना चाहता था इसलिए बात को घुमा कर bola…nahi दीदी आप नहीं आओगे मुझे पता है अभी टालने के लिए बोल रहे हो आप.

मेहुल boli…teri कसम भाई. जब रूही सो जाएगी तो आ जाउंगी पक्का. प्रॉमिस.

रोहन खुश हो गया उसकी बात सुनकर. उसको साइड से हुग करके bola..didi यू अरे ग्रेट.

मेहुल भी खुश हो गयी और boli…achha अब चुपचाप घर चलो.

घर आकर दोनों ने चाय पि. फिर सभी बैठकर इधर उधर की बातें करने लगे. आज रूही रोहन से नज़रें नहीं मिला रही थी. वैसे सभी बैठे थे तो उसे अपने मम्मी पापा से कुछ परमिशन लेनी थी. वो बात शुरू करती है.

Ruhi…rakesh se….papa मुझे आपसे कोई बात करनी थी.

राकेश मुस्कुरा kar…haan बेटे बोलो क्या बात करनी है मेरी गुडिअ को.

Ruhi..thoda झिझकते hue…wo हम दोस्त लोग मिलकर खंडाला जाना चाहते हैं, अगर आपकी परमिशन हो तो.

राकेश अक्सर अपने बड़े भाई रोहित से पूछकर hi डिसिशन लेता था तो उसने राकेश की और देखा. राकेश रूही से बोलता hai…beta ये कौन लोग हैं. सिर्फ लड़कियां हैं या लड़के भी है.

Ruhi…bade पापा. दो लड़कियां और हैं, जिनमे एक दीक्षा को तो आप लोग जानते hi हो. और दो लड़के हैं यानि कुल मिलकर हम पांच लोग हैं.

Nidhi…dekho बीटा ऐसा नहीं है के हमें तुम पर भरोसा नहीं है. पर ज़माना ख़राब है. कहीं कोई ऊंच नीच हो गयी तो दिक्कत हो जाएगी.

Ruhi…mummy आप बेफिक्र रहो वो लड़के बहुत अच्छे घरों से हैं.

रोहन इनकी बातें सुन रहा था. उसका मन कर रहा था के बोल दे वो भी चलना छह रहा है. पर खुद से कैसे बोले. वो दरअसल दीक्षा की वजह से चाहता था जाना.

Radha…ruhi की mummy….tum ऐसा क्यों नहीं करती अपने रोहन भैया को साथ ले जाओ. हमें कोई चिंता भी नहीं रहेगी. क्यों रोहन तुम साथ जा सकते हो न.

रोहन रूही की और देखता हुआ bola…arey मुझे भला क्या दिक्कत हो सकती है मसि. अगर इसे प्रॉब्लम न हो तो.

Rakesh…ise भला क्या प्रॉब्लम hogi…kyun रूही तुम्हे कोई दिक्कत तो नहीं है.

वैसे तो मन hi मन रूही बहुत खुश थी. पर कल वाले इंसिडेंट की वजह से वो रोहन से शर्मा रही थी तो वो गर्दन को निचे किये hi boli…jaisa आप सब लोग ठीक समझो. मुझे क्या ऐतराज़ हो सकता है भला भाई के साथ जाने से.

राकेश…. तो ठीक है रोहन ये तय हो गया के तुम रूही के साथ जाओगे. बीटा ध्यान रखना इसे कोई प्रॉब्लम न हो.

Rohan…chacha जी आप चिंता न करो. मैं इसे कोई प्रॉब्लम नहीं होने दूंगा.

रूही मन hi मन खुश हो गयी ये बात जानकर के उसका भाई उसके साथ रहेगा. पर अभी तक वो शर्मा hi रही थी. फिर उसके बाद वो लोग खाना खा कर अपने अपने रूम में चले जाते हैं. रूही भी आज रोहन के कमरे में नहीं जा रही थी. कल बहुत ऐम्बर्राके हो ली थी wo.use तो अपने कमरे में जाते hi नींद आ गयी थी.

मेहुल इसी बात का इंतज़ार कर रही थी के उसे नींद आये और वो अपने वाडे के मुताबिक अपने भाई के कमरे में जाए. रूही को सोया पाकर मेहुल फटाफट रोहन के कमरे में जाने को तैयार हुई. वो मन hi मन सोच रही थी के वो इसलिए जा रही है के उसने अपने भी को वादा किया है या फिर उसे खुद जल्दी मची हुई है उसके रूम में जाने की.

उसके मन में दुविधा थी खुद के लिए. पर उसने खुद को इस बात के लिए सूरे कर लिया था के वो खुद बड़ी उत्सुक है उधर जाने के लिए. वो कमरे में गयी तो देखा के रोहन चद्दर लेकर बैठा था. उसे बड़ी हैरानी हुई के वो चद्दर लेकर क्यों बैठा है.

उसे देखकर रोहन मुस्कुराया और bola….di. मुझे पूरी उम्मीद थी के मेरी बहिन मुझे मिलने जरूर आएगी.



Mehul…muskurate hue…arey आती क्यों नहीं मेरे प्यारे भाई ने जो बुलाया था. वो उसके बगल में बैठ गयी और उसकी गाल चूमते हुए उसने ये बोलै. फिर जब चद्दर के अंदर उसके शरीर ने रोहन के शरीर को स्पर्श किया तो मेहुल को ये जान्ने में एक मिनट भी नहीं लगा के रोहन एकदम नंगा बैठा है. वो घबरा सी गयी.
 
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