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- Dec 5, 2013
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Part 40उसको चुप देखर मेहुल boli…dekho रोहन अब जो होना था सो हो गया. तुम भी आज भावनाओ में बह गए थे तो खुद पर कण्ट्रोल नहीं रख सके. और मैं भी सपने में न जाने क्या कुछ कर बैठी.
रोहन को शर्म भी थी इस बात की के वो इस हाल में अपनी दीदी के साथ सो गया और अब वो उठना चाहता था तो bola…didi वो सब ठीक है पर मुझे अभी बिस्तर से निकलना है. ऐसे hi बहार आऊंगा तो ठीक नहीं होगा न. वो मेरा अंडरवियर पकड़ना तो ज़रा.
मेहुल शर्मा कर मुस्कुरा दी उसकी बात सुनकर. पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया जो वो इस तरह से शर्मा दी. उधर रोहन को भी ध्यान आया के तीन बार चुदाई करने के बावजूद उसे अपनी बहिन के साथ नंगा लेटने में मज़ा आ रहा था. और उसकी बहिन का उसके लुंड को पकड़ना सोच कर hi सिहर गया रोहन.
मेहुल जैसे hi उसे वो अंडरवियर उठा के पकड़ने लगी तो उसने देखा के उससे रोहन ने माल पोंछा हुआ था क्यूंकि वो एकदम से भीगा हुआ था. मेहुल ने उसे तुरंत वहीँ गिरा दिया और boli…bhai ये तो ख़राब हो गया है मैं दूसरा दे देती हूँ.
मेहुल उसे बैग में से फ्रेश अंडरवियर दे देती है और फिर उसका वो गन्दा वाला अंडरवियर भी उठा लेती है. रोहन जो अंडरवियर पहन कर उठ चूका था उसे अपना अंडरवियर उठाये देख हैरानी से पूछता hai….kya हुआ दीदी उस ख़राब अंडरवियर को क्यों उठा लिया तो मेहुल एक बार फिर से शर्मा जाती है.
पर तुरंत सँभालते हुए बोलती hai….bhai इसे ख़राब hi लेकर जाना है क्या घर. मैं धो देती hun…rohan उसे पकड़ने की कोशिश करता hai…main खुद hi धो लेता हूँ बहिन आप क्यों डोवोगे.
मेहुल उसे लेने नहीं देती और बोलती hai…arey भाई. रहने दो मैं दो देती हूँ तुम चिंता न करो. उसकी नज़र रोहन के अंडरवियर पर पड़ती है जो उसने डाला हुआ था. वो फिर से उभरा हुआ था. मेहुल हँसते हुए बोलती hai…bhai पहले ये कितना शरीफ था न. अब देखो जब मर्जी खड़ा hi रहता है.
मेहुल कितनी खुल गयी थी अपने भाई के साथ के लुंड की बातें एकदम बेशर्मी से करने लगी थी. रोहन bola…kya करूँ दीदी इसे तो लत लग गयी है. दो दो लड़कियों को छोड़ चूका हूँ. और तो और मेरे बहिन ने भी मेरे लुंड को पकड़ के दबाया है. अब ये शैतान नहीं होगा तो क्या शरीफ रहेगा.
मेहुल को हंसी आ जाती है वो उसे मरते हुए बोलती hai…pagal कैसी बातें करते हो अपनी बहिन के साथ.
रोहन भी मज़े लेते हुए बोलता hai..behan है तो क्या हुआ वो भी जवान है. जिसके कुछ अरमान हैं. हाँ फर्क इतना है के उन दो ने तो मेरे लुंड से अपनी भावनाओ को शांत कर लिया पर अफ़सोस मेरी बहिन को अपनी उँगलियों का इस्तेमाल करना पड़ा उन्हें शांत करने के लिए.
मेहुल हैरान रह गयी के इसे कैसे पता चला मैंने उँगलियों से अपनी छूट को शांत किया है. वो boli..ye तुम क्या कह रहे हो rohan…aur शर्मा कर गर्दन झुका लेती है.
रोहन आगे बढ़कर उसकी गर्दन ऊपर उठा कर बोलता hai…behan आप जब चद्दर में अपनी उँगलियों से कर रहे थे तो मुझे साफ़ पता चल रहा था. और इसमें गलत क्या है. गलत तो तब था जब आप अपने अरमानो को मन में मर लेते.
मेहुल को पता नहीं क्या सूझता है वो अपने भाई के गए से लग जाती है और फिर से दोनों में एक जोरदार किश होती है. मेहुल अब और भी ज्यादा खुल गयी thi…tum अगर मेरे भाई न होते न तो आज तुम्हारे इससे hi शांत होकर घर jaati…usne अंडरवियर में खड़े हुए लुंड को देखकर बोलै.
रोहन bola…to एक बार भूल जाते हैं न के हम दोनों भाई बहिन हैं. बहुत सारे भाई बहिन हैं दुनिया में जो सेक्स करते हैं बहिन. अकेले हम hi नहीं होंगे.
मेहुल जो अभी अपने भाई के पास कड़ी थी , बाथ रूम में ऐसे भागी जैसे उसका भाई उसे छोड़ hi देगा और boli…nahi भाई. हम ऐसे hi ठीक हैं. तुम्हे तो कुछ लड़कियां मिल गयी हैं कुछ और मिल जाएँगी. मैं तो तुम्हारे जीजू से hi छुड़वाई करवुंगी.
रोहन bola…to क्या जीजू के आने तक ऐसे hi तड़पती रहोगी. रोहन ने इतना बोलते बोलते अपने लुंड को बहार निकल लिया था और उसे हिलाने लगा.
मेहुल ने तुरंत बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया था के कहीं कुछ हो न जाये. उसे शायद रोहन पर नहीं खुद पर भरोसा नहीं था. उसे लग रहा था जैसे वो hi रोहन का ुंस्वेवेअर खोलकर चुदाई शुरू कर देगी.
अंदर जाते hi जैसे hi वो अंडरवियर धोने बैठी उसे अजीब सी गंध सूंघने को मिली. क्यूंकि अब अंडरवियर उसके काफी करीब था. उसने जब उसे नाक के करीब किया तो उस अजीब सी गंध ने उसे मदहोश कर दिया. ऐसे जैसे उसने कोई नशा किया हो.
उधर उसकी छूट में पहले hi खुजली शुरू हो गयी थी मस्ती भरी बातें करके. उसको पता नहीं क्या सुझा अंडरवियर एक साइड में रखकर अपने सारे कपडे उतर दिए. और अंडरवियर को उठा कर सूंघने लगी और एक हाथ को अपन छूट पर लेजाकर उस पर रब करने लगी धीरे धीरे. उसकी ऑंखें बंद होने लगी.
उसे फिर पता नहीं क्या सुझा के उसने अंडरवियर को hi छूट पर रगड़ना शुरू कर दिया. उसकी छूट में झुनझुनाहट सी होने लगी और वो पूरी तरह से मस्त हो गयी थी. आह आह की आवाज़ें ऐसी थी शायद बहार तक भी चली जाती.
पर बहार वाला भी तो उसी मोड में था. उसे आज पता नहीं क्या हो गया था. या यूँ कह लो के अपनी दीदी के साथ हुई अभी अभी की गरमा गर्म बातचीत का असर था के वो मुठ मरते हुए दीदी दीदी बोलने लगा. आह दीदी. ओह्ह्ह दीदी..
न दीदी को उसकी आवाज़ें सुन रही थी न उसे दीदी की. क्यूंकि दोनों hi अपनी अपनी क्रिया में मस्त थे. लगे थे दोनों खुद को शांत करने को. और मज़े की बात देखिये दोनों ने एक साथ hi धार छोड़नी शुरू की. मेहुल को लगा जैसे वो गिर hi जाएगी तो वो बंद पड़ी टॉयलेट सीट पर बैठ गयी शांत होने के बाद.
इधर रोहन ने भी ढेर सारा पानी छोड़ा तो शांत हो गया. पर उसने फर्श गन्दा कर दिया था.
रोहन को अब फील भी हो रहा था के दीदी क्या सोचेगी. पहले अंडरवियर गन्दा कर दिया अब फर्श. पर उसकी इतनी हिम्मत नहीं थी के वो उठ कर फर्श को साफ़ कर दे.
उधर मेहुल थोड़ी देर ऐसे hi बैठी रही और फिर उसे लगा के अब उठना hi पड़ेगा तो उठ कर उसने अंडरवियर साफ़ करना शुरू किया जिसमे अब उसका खुद का रास भी मिल गया था.
उधर रोहन ने लुंड को अंदर दाल लिया था पर लेता हुआ था. मेहुल शावर लेकर वही नाईट सूट पहन कर बहार आ जाती है और जैसे hi वो गन्दा फर्श देखती है तो रोहन को चांटा दिखते हुए बोलती hai…tum नहीं सुधरोगे रोहन…
रोहन हँसते हुए बोलता hai…lagta है अब तुम मुझे सुधरने भी नहीं डौगी didi…mehul उसकी बात सुनकर हंसने लगती है.
और फिर एक टॉवल लेकर वो फर्श साफ़ करने लग जाती है. उसके बाद मेहुल और रोहन एक घंटा रूम में rahe..jis दौरान उन्होंने ब्रेकफास्ट किया और तीन बार किश किया. एक बार फिर से रोहन का खड़ा हो गया तो मेहुल ने फिर से इशारा करते हुए रोहन को bola…ja बाथरूम में जाकर शांत हो आ. यहाँ फिर से फर्श नहीं साफ करने wali…rohan हँसता हुआ बाथरूम जाते जाते बोलता hai…thik hai..aap भी उतनी देर बिस्तर में घुस कर अपनी छूट को शांत कर लो.
मेहुल हैरान थी के उसने एकदम से छूट शब्द का इस्तेमाल किया. पर इन दोनों में अब कोई भी बात हैरानी वाली नहीं रही थी, क्यूंकि ये दोनों इतने ज्यादा खुल जो गए थे जितना एक भाई बहिन को खुलना नहीं चाहिए होता. उसके बाद दोनों वापिस घर की और चल देते हैं.
रोहन को शर्म भी थी इस बात की के वो इस हाल में अपनी दीदी के साथ सो गया और अब वो उठना चाहता था तो bola…didi वो सब ठीक है पर मुझे अभी बिस्तर से निकलना है. ऐसे hi बहार आऊंगा तो ठीक नहीं होगा न. वो मेरा अंडरवियर पकड़ना तो ज़रा.
मेहुल शर्मा कर मुस्कुरा दी उसकी बात सुनकर. पता नहीं उसके दिमाग में क्या आया जो वो इस तरह से शर्मा दी. उधर रोहन को भी ध्यान आया के तीन बार चुदाई करने के बावजूद उसे अपनी बहिन के साथ नंगा लेटने में मज़ा आ रहा था. और उसकी बहिन का उसके लुंड को पकड़ना सोच कर hi सिहर गया रोहन.
मेहुल जैसे hi उसे वो अंडरवियर उठा के पकड़ने लगी तो उसने देखा के उससे रोहन ने माल पोंछा हुआ था क्यूंकि वो एकदम से भीगा हुआ था. मेहुल ने उसे तुरंत वहीँ गिरा दिया और boli…bhai ये तो ख़राब हो गया है मैं दूसरा दे देती हूँ.
मेहुल उसे बैग में से फ्रेश अंडरवियर दे देती है और फिर उसका वो गन्दा वाला अंडरवियर भी उठा लेती है. रोहन जो अंडरवियर पहन कर उठ चूका था उसे अपना अंडरवियर उठाये देख हैरानी से पूछता hai….kya हुआ दीदी उस ख़राब अंडरवियर को क्यों उठा लिया तो मेहुल एक बार फिर से शर्मा जाती है.
पर तुरंत सँभालते हुए बोलती hai….bhai इसे ख़राब hi लेकर जाना है क्या घर. मैं धो देती hun…rohan उसे पकड़ने की कोशिश करता hai…main खुद hi धो लेता हूँ बहिन आप क्यों डोवोगे.
मेहुल उसे लेने नहीं देती और बोलती hai…arey भाई. रहने दो मैं दो देती हूँ तुम चिंता न करो. उसकी नज़र रोहन के अंडरवियर पर पड़ती है जो उसने डाला हुआ था. वो फिर से उभरा हुआ था. मेहुल हँसते हुए बोलती hai…bhai पहले ये कितना शरीफ था न. अब देखो जब मर्जी खड़ा hi रहता है.
मेहुल कितनी खुल गयी थी अपने भाई के साथ के लुंड की बातें एकदम बेशर्मी से करने लगी थी. रोहन bola…kya करूँ दीदी इसे तो लत लग गयी है. दो दो लड़कियों को छोड़ चूका हूँ. और तो और मेरे बहिन ने भी मेरे लुंड को पकड़ के दबाया है. अब ये शैतान नहीं होगा तो क्या शरीफ रहेगा.
मेहुल को हंसी आ जाती है वो उसे मरते हुए बोलती hai…pagal कैसी बातें करते हो अपनी बहिन के साथ.
रोहन भी मज़े लेते हुए बोलता hai..behan है तो क्या हुआ वो भी जवान है. जिसके कुछ अरमान हैं. हाँ फर्क इतना है के उन दो ने तो मेरे लुंड से अपनी भावनाओ को शांत कर लिया पर अफ़सोस मेरी बहिन को अपनी उँगलियों का इस्तेमाल करना पड़ा उन्हें शांत करने के लिए.
मेहुल हैरान रह गयी के इसे कैसे पता चला मैंने उँगलियों से अपनी छूट को शांत किया है. वो boli..ye तुम क्या कह रहे हो rohan…aur शर्मा कर गर्दन झुका लेती है.
रोहन आगे बढ़कर उसकी गर्दन ऊपर उठा कर बोलता hai…behan आप जब चद्दर में अपनी उँगलियों से कर रहे थे तो मुझे साफ़ पता चल रहा था. और इसमें गलत क्या है. गलत तो तब था जब आप अपने अरमानो को मन में मर लेते.
मेहुल को पता नहीं क्या सूझता है वो अपने भाई के गए से लग जाती है और फिर से दोनों में एक जोरदार किश होती है. मेहुल अब और भी ज्यादा खुल गयी thi…tum अगर मेरे भाई न होते न तो आज तुम्हारे इससे hi शांत होकर घर jaati…usne अंडरवियर में खड़े हुए लुंड को देखकर बोलै.
रोहन bola…to एक बार भूल जाते हैं न के हम दोनों भाई बहिन हैं. बहुत सारे भाई बहिन हैं दुनिया में जो सेक्स करते हैं बहिन. अकेले हम hi नहीं होंगे.
मेहुल जो अभी अपने भाई के पास कड़ी थी , बाथ रूम में ऐसे भागी जैसे उसका भाई उसे छोड़ hi देगा और boli…nahi भाई. हम ऐसे hi ठीक हैं. तुम्हे तो कुछ लड़कियां मिल गयी हैं कुछ और मिल जाएँगी. मैं तो तुम्हारे जीजू से hi छुड़वाई करवुंगी.
रोहन bola…to क्या जीजू के आने तक ऐसे hi तड़पती रहोगी. रोहन ने इतना बोलते बोलते अपने लुंड को बहार निकल लिया था और उसे हिलाने लगा.
मेहुल ने तुरंत बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया था के कहीं कुछ हो न जाये. उसे शायद रोहन पर नहीं खुद पर भरोसा नहीं था. उसे लग रहा था जैसे वो hi रोहन का ुंस्वेवेअर खोलकर चुदाई शुरू कर देगी.
अंदर जाते hi जैसे hi वो अंडरवियर धोने बैठी उसे अजीब सी गंध सूंघने को मिली. क्यूंकि अब अंडरवियर उसके काफी करीब था. उसने जब उसे नाक के करीब किया तो उस अजीब सी गंध ने उसे मदहोश कर दिया. ऐसे जैसे उसने कोई नशा किया हो.
उधर उसकी छूट में पहले hi खुजली शुरू हो गयी थी मस्ती भरी बातें करके. उसको पता नहीं क्या सुझा अंडरवियर एक साइड में रखकर अपने सारे कपडे उतर दिए. और अंडरवियर को उठा कर सूंघने लगी और एक हाथ को अपन छूट पर लेजाकर उस पर रब करने लगी धीरे धीरे. उसकी ऑंखें बंद होने लगी.
उसे फिर पता नहीं क्या सुझा के उसने अंडरवियर को hi छूट पर रगड़ना शुरू कर दिया. उसकी छूट में झुनझुनाहट सी होने लगी और वो पूरी तरह से मस्त हो गयी थी. आह आह की आवाज़ें ऐसी थी शायद बहार तक भी चली जाती.
पर बहार वाला भी तो उसी मोड में था. उसे आज पता नहीं क्या हो गया था. या यूँ कह लो के अपनी दीदी के साथ हुई अभी अभी की गरमा गर्म बातचीत का असर था के वो मुठ मरते हुए दीदी दीदी बोलने लगा. आह दीदी. ओह्ह्ह दीदी..
न दीदी को उसकी आवाज़ें सुन रही थी न उसे दीदी की. क्यूंकि दोनों hi अपनी अपनी क्रिया में मस्त थे. लगे थे दोनों खुद को शांत करने को. और मज़े की बात देखिये दोनों ने एक साथ hi धार छोड़नी शुरू की. मेहुल को लगा जैसे वो गिर hi जाएगी तो वो बंद पड़ी टॉयलेट सीट पर बैठ गयी शांत होने के बाद.
इधर रोहन ने भी ढेर सारा पानी छोड़ा तो शांत हो गया. पर उसने फर्श गन्दा कर दिया था.
रोहन को अब फील भी हो रहा था के दीदी क्या सोचेगी. पहले अंडरवियर गन्दा कर दिया अब फर्श. पर उसकी इतनी हिम्मत नहीं थी के वो उठ कर फर्श को साफ़ कर दे.
उधर मेहुल थोड़ी देर ऐसे hi बैठी रही और फिर उसे लगा के अब उठना hi पड़ेगा तो उठ कर उसने अंडरवियर साफ़ करना शुरू किया जिसमे अब उसका खुद का रास भी मिल गया था.
उधर रोहन ने लुंड को अंदर दाल लिया था पर लेता हुआ था. मेहुल शावर लेकर वही नाईट सूट पहन कर बहार आ जाती है और जैसे hi वो गन्दा फर्श देखती है तो रोहन को चांटा दिखते हुए बोलती hai…tum नहीं सुधरोगे रोहन…
रोहन हँसते हुए बोलता hai…lagta है अब तुम मुझे सुधरने भी नहीं डौगी didi…mehul उसकी बात सुनकर हंसने लगती है.
और फिर एक टॉवल लेकर वो फर्श साफ़ करने लग जाती है. उसके बाद मेहुल और रोहन एक घंटा रूम में rahe..jis दौरान उन्होंने ब्रेकफास्ट किया और तीन बार किश किया. एक बार फिर से रोहन का खड़ा हो गया तो मेहुल ने फिर से इशारा करते हुए रोहन को bola…ja बाथरूम में जाकर शांत हो आ. यहाँ फिर से फर्श नहीं साफ करने wali…rohan हँसता हुआ बाथरूम जाते जाते बोलता hai…thik hai..aap भी उतनी देर बिस्तर में घुस कर अपनी छूट को शांत कर लो.
मेहुल हैरान थी के उसने एकदम से छूट शब्द का इस्तेमाल किया. पर इन दोनों में अब कोई भी बात हैरानी वाली नहीं रही थी, क्यूंकि ये दोनों इतने ज्यादा खुल जो गए थे जितना एक भाई बहिन को खुलना नहीं चाहिए होता. उसके बाद दोनों वापिस घर की और चल देते हैं.