मर्द का बच्चा. अपडेट 3.
अनिल काका- लल्लू बीटा, आज अपने पदोष मई सदी है तो नयी क यहाँ चला जा और अपना हुलिया सही करवा ले. देख कितने बड़े बाल हो गए है.
लल्लू- काका ये तो कुछ भी नहीं है मई तो और भी बड़ा करने का सोच रहा था.
पापा- चुप चाप जा क्र बाल कटवा. जानवर क जैसा लगता है.
लल्लू- पापा, गधा तो जानवर hi है न.
पापा- है क्यू.
लल्लू- आप hi तो बार बार मुझे गधा कहते है. जब जानवर जैसा दीखता हु तभी तो कहते है.
अनिल- तुम्हे मई क्या कहा है. जा क्र वो क्र.
लल्लू मुँह लटका क्र वह से जाने लगा.
सुनील- इधर आ.
लल्लू मुँह लटकाये हुए सुनील काका क पास गया.
सुनील- ये कुछ पैसे रख ले. नै क पास जा और उसे कहना की बाल न कटे बस इसे अच्छे से सेट क्र दे. और कही किसी से उलझ मत जाना. चुप चाप जाना और फिर बाल बनवा क्र आ जाना.
लल्लू अब खुश हो गया. पैसा ले क्र वो गौण क बहार जो चौक है वह छोटा सा बाजार लगता है तो उस और चल दिया.
आज तो नदी क तरफ भी नहीं गया. नदिया रानी आज इंतजार hi करती रह गई आज.
लल्लू गौण क गलियों से होता हुआ आगे बढ़ रहा था.
एक लड़का- अरे वो देख लल्लू आ रहा है. चल उसके साथ थोड़ा मजे लेते है.
दूसरा लड़का- बीटा उस पर कब पागलपन सवार हो जय उसका पता नहीं. गांड मर लेगा बिना थूक लगाए
अगर एक बार उसका सर घूम गया तो.
तीसरा लड़का- तू तो फत्तू है साला. जा बहन की चड्डी मई जा क्र घुस जा.
पहला लड़का- बहन क या माँ क. ( तीनो हस्ता हुआ)
तीसरा- अबे बहन का इस लिए कहा है की कही माँ क चड्डी मई घुसेगा और वह से कही अंदर hi घुस गया तो हमे भी निकलने मई गन्दा होना पड़ेगा लेकिन बहन वाली तो अभी खुली नहीं होगी तो वह अभी अंडर नहीं जा पाएगा और मन लो अगर खुल भी गया होगा तो ज्यादा बड़ा रास्ता नहीं होगा तो भी ये सेफ है ककी ये ज्यादा दूर नहीं जा पाएगा तो हमे भी निकलने मई ज्यादा म्हणत नहीं करना पड़ेगा.
दूसरा लड़का-( जो अभी इतने देर से बेजत्ती करवा रहा था.)
बहिन छोड़ो जब वो लल्लू तुम दोनों की माँ और बहन की चड्डी उतरेगा न तब मेरे पास न आना मेरा लैंड पकड़ने.
पहला लड़का- तेरा लैंड पकड़ने क्यू आऊंगा. मई अपना खुद पकड़ लूंगा.
फिर दोनों हुस्ने लगे.
लल्लू उनके पास आ गया था.
दूसरा लड़का- नमस्ते लल्लू भैया.
लल्लू- क्यू रे चिरकुट. यहाँ क्या अपनी माँ छुड़वा रहा है. गौण मई ब्याह है तो उस आँगन जा वह कुछ काम धाम क्र. अभी थोड़ी देर मई आ रहा हु अगर यहाँ दिखा तो सब की बहन की चड्डी खोल क्र लुल्ली दाल क्र देखूंगा की कौन चूड़ी है और कौन बिंछूड़ी.
तीनो लड़के वह से चुपचाप भाग गए.
लल्लू थोड़ा आगे बढ़ा तो पदोष की एक चची मिल गई.
चची- कहा जा रहे हो लल्लू.
लल्लू- चाक जा रहा हु. कोई काम था क्या चची.
चची- देख न तेरे चाचा कब क डॉक्टर क पास गए है दवाई लेन. लगता है बनाने hi लगे.
लल्लू- क्यू क्या हुआ. तबियत सही नहीं है क्या.
चची- बचे को दस्त आ रहा है बीटा.
लल्लू- ज्यादा दूध पीला दिए क्या चची.
चची- पता नहीं बीटा. जरा जा रहे हो तो चाचा को जल्दी से भेज देना.
लल्लू- ठीक है चची.
लल्लू वह से निकल क्र लम्बे डेग भरता हुआ चाक की और चल दिया.
चाक पहुंच क्र पहले डॉक्टर क क्लिनिक पर गया तो वह क्लिनिक बंद था.
लल्लू पडोसी चाचा को ढूंढने लगा.
वो एक चाय दुकान पर बैठ क्र वह राजनीती पर बहस करने मई लगे थे.
लल्लू दवाई दुकान ढूंढने लगा तो वो भी बंद था अभी.
दोपहर को अमूमन गौण मई दुकाने बंद क्र देते है सब फिर सब 3-4 क करीब खोलते है.
लल्लू आस पास देखा तो एक बाइसिकल दिख गया.
वो ले क्र डॉक्टर क घर चला गया. वह डॉक्टर से दवाई ले क्र वो चची क घर आया.
यहाँ चची घर क बहार hi इंतजार क्र रही थी.
लल्लू आ क्र बाइसिकल से उतरा.
लल्लू- लो चची डॉक्टर का क्लिनिक बंद था. और चाचा वही इंतजार क्र रहे है. मई उसके घर से ले आया हु.
चची- आह लल्लू. बीटा तुझे मेरी भी उम्र लग जय. आ बीटा बैठ थोड़ा पानी पि आराम क्र फिर जाना.
लल्लू- नहीं चची. मुझे और भी काम है. अभी चलता हु फिर आऊंगा.
चची- चुप चाप बैठ यहाँ. थोड़ी देर से कुछ नहीं हो जाएगा.
लल्लू घर क अंदर जा क्र बैठ गया.
चची का बच्चा अभी 2 साल का था.
चची पहले उसे दवाई पिलाई और फिर पानी ला क्र लल्लू को दी.
चची- क्या क्र रहा था तेरा चाचा.
लल्लू- चाय दुकान पर चाय वाले की घरवाली घरवाली से बात क्र रहे the.
लल्लू- चची ये क्या है. ( बीएड पर चची का ब्रा रखा हुआ था वो उठा क्र बोलै.
चची- ye..ye. तू रहने दे. ( लल्लू क हाथ से ब्रा झपट क्र लेती हुई बोली.
लल्लू- चची इसका क्या होता है.
चची- ये तेरे काम का नहीं है.
लल्लू- तो किस क काम का है ये चची.
चची- ये औरते पहनती है.( कितना भोला है ये.)
चची को नहीं पता की आग का गोला है ये.
लल्लू- चची औरते तो साडी पहनती है. ये छोटा सा कैसे पहनती है.
चची- जब तेरा ब्याह होगा तब अपनी घर वाली से पूछ लेना.
लल्लू- क्या ये बात सिर्फ घर वाली hi बताती है.
चची- है ये सिर्फ घरवाली hi बताती है.
लल्लू- चची तो फिर आप hi बता दो न. आप भी तो घर वाली hi हो कौन सा बहार वाली ho.

:lol:
चची- (सर पर हाथ मरती हुई अपने मन मई.) कहा फस्स गई मई. क्यू इसे साथ ले क्र आ गई. भला होता जो बहार से hi भेज देती. लेकिन कितना भोला है. कुछ भी नहीं पता इसे.
चची- इसे अंडर पहनते है.
लल्लू- अंदर मतलब चची. घर क अंदर पहनते है. (होठ पर ऊँगली रख क्र सोचता हुआ.)
चची- नहीं रे बुद्धू. साडी क निचे पहनते है इसे.
लल्लू- क्या चची. साडी क निचे तो पेटीकोट होता है.
चची- ( खीझ क्र) मई दिखती हु.
चची कड़ी हुई और दरवाजा बंद क्र दिया जा क्र बहार का फिर अंदर आ क्र वो दरवाजा भी बंद क्र दिया.
लल्लू का लुल्ली खड़ा होने लगा.
चची अपने छाती से साडी हटा क्र ब्लाउज खोल दी.
ब्लाउज खुलते hi चची की दूध से भरी दोनों टंकी कुद्द क्र बहार आ गए.
गोर गोर उस दूध से भरे बड़े बड़े गुब्बारे को देख क्र लल्लू का लुल्ली तो खड़ा हो hi गया साथ hi खुद भी खड़ा हो गया वो.
गुब्बारे क उप्पेर एक इंच का चुचुक गुलाबी घेरा ाः, आनंदमई दृश्य.
लल्लू ये देख क्र कपट कदमो से आगे चची क पास जा पंहुचा.
चची तो ब्लाउज निकलने मई मस्त थी.
लल्लू देखा की उन एक इंच बड़े चुचुक से बून्द बून्द क्र क दूध निकल रहा है.
लल्लू- चची इस मई से दूध निकल रहा है.
चची- है बचे का तबियत ख़राब है तो अभी ये पि नहीं रहा है न इस लिए भरा हुआ है. बहुत दर्द करता है.
लल्लू- चची m.a.i मई kh..a..li क्र दू.( कपट हुए बोलै.)
चची- नहीं नहीं. किसी को पता चल गया तो मई कही की नहीं रहूंगी.
लल्लू- किसी को कौन बताएगा. क्या आप बताओगे. और आप को दर्द भी क्र रहा है न.
चची- नहीं मई खली क्र लुंगी.
लल्लू- कैसे. आप कैसे करोगे.
चची- अपने हाथ से और कैसे.
लल्लू- चची फिर तो वो बर्बाद हो जाएगा. मई खली क्र देता हु जरा सा भी बर्बाद नहीं होगा.( लल्लू अपने होठ पर जीभ फिरता बोलै जो इस दृश्य को देख क्र सुख गया था.)
चची- तुम कैसे करोगे.
लल्लू- जैसे अपना मुन्ना करता है.
चची- क्या.. tu..tum पियोगे.
लल्लू- है. आप मेरी माँ क जैसी hi तो हो. जैसे मुन्ना है वैसा मई भी तो hi आप का.
चची- नहीं नहीं किसी को पता चल गया तो.
लल्लू- किसी को पता नहीं चलेगा.( लल्लू बोलते बोलते एक चुचुक को मुँह मई भर चूका था.
चची घबरा क्र हटना चाहती थी लेकिन लल्लू क होठो मई तो एक अंगूर जा चूका था.
लल्लू आँखे बंद किये उस आनंद को अनुभव करता हुआ एक हाथ से दूसरे गुब्बारे को पकड़ क्र सहलाने लगा.
चची की मजे से आँखे बंद हो गई.
लल्लू थोड़ा आगे हो क्र दूसरे हाथ से चची को पीछे से अपने से चिपका लिया.
चची आँखे बंद किये हुए लल्लू का सर सहला रही थी.
लल्लू गटागट टंकी से दूध खली किये जा रहा था और दूसरे को हौले हौले सहला रहा था की उस का दूध न छलके.
चची- बीटा, ये खली हो गया. अब दूसरा भी क्र दे.
लल्लू अब इस को मुँह से निकल क्र इस को हाथ मई ले लिया और उस वाले को मुँह मई.
लल्लू मुँह खोल क्र जितना उसके मुँह मई जा सकता था उतना दाल क्र चूसक रहा था.
चची- ीिसस्स… आराम से बीटा. दर्द करता है.
लल्लू अब जो खली हो गया था उसे दबाते हुए दूसरे हाथ को चची क पीछे उसके पीठ पर ले जा क्र उसे सहलाने लगा.
लल्लू पीठ सहलाता सहलाता अपना दूसरा हाथ निचे करने लगा और एक समय आया की उसका हाथ निचे कमर पर आ गया जहा चची साडी बांध राखी थी.
चची लल्लू क सर को अपने छाती मई अब घुसाए जा रही थी सहलाते सहलाते.
चची की मजे से आँखे बंद थी.
लल्लू अपना हाथ अब चची क कमर से फिर उप्पेर ला क्र पुरे पीठ पर सहलाने लगा.
चची मजे से सिसकी लिए जा रही थी.
अब मजे से चची का पेअर कम्पनी लगा.
लल्लू का हाथ एक बार फिर निचे का सफर क्र रहा था.
अब उस से भी सबर नहीं हुआ और उसका हाथ कमर से निचे चची क नितम्ब पर जा पंहुचा.
चची मजे मई लल्लू क बालो को कास क्र पकड़ क्र मुँह उठा दी और उसके होठो पर अपना होठ लगा दी.
लल्लू अब दूध पीना छोड़ क्र चची क मुँह का सहद चखने लगा.
लल्लू का हाथ अब चची क नितम्ब पर फिलहाल रहा था.
लल्लू से बर्दास्त नहीं हुआ और उसका पहला हाथ जरा जोर से एक चुचुक को दबा दिया और दूसरा हाथ चची क नितम्ब का एक फांक मुठी मई भर क्र मशाल दिया.
चची लल्लू क होठो को अपने दांतो से कुचलती हुई झरने लगी.
मदहोशी मई झरते हुए चची पूरा लल्लू क साइन पर ढेर हो गई.
लल्लू उन्हें आगोश मई लिए हुए अभी भी उनके होठो का रास पि रहा था.
चची की जब खुमारी हटी तो वो एक झटके मई लल्लू को परे धकेल दिया.
लल्लू जा क्र बीएड पर गिरा.
चची तुरंत अपना ब्लाउज पहन ली और साडी सही क्र ली.
चची- लल्लू बीटा. तुम्हे काम था चाक पर. लेट हो जाएगा तुम्हे. अपना काम क्र लो जा क्र.
लल्लू चुप चाप वह से निकल लिया.
लल्लू बाइसिकल उठाया और चाक चला गया.
वह जिसका बाइसिकल था उसे दे के थैंक्स किया और नाई क पास चला गया.
नाइ इस समय खली hi बैठा था तो तुरंत उस से अपना बाल सेट करवाया और वापस घर की और चल दिया.