MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 5 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 35

अंकिता – क्या कहा तुमने 150 लड़किया??

पब – हाँ, अपने ठाकुर भानु का नाम सुना है. उस की हवेली पे hi जाना है.

अंकिता – क्या ठाकुर साहब ने बेजा है. पैर उन जैसे अच्छे आदमी के यहाँ पैर 150लड़कियों का एक साथ बीमार होना कुछ समाज नहीं आया. वो वह पे इतनी लड़किया आये कहा से.

पब – (थोड़े गुस्से में) – भानु और अच्छा आदमी… वो सेटन है सेटन. आप चलो मेरे साथ में आपको बताता हु. सस्ते में सब बूत प्लीज चोलो नहीं तो वो सब लड़किया मर भी सकती है. और इसकी जिम्मेदार आप होगी.

अंकिता भी इतनी जिंदगियों को बचने के लिए उनके साथ चलने को तैयार हो जाती है. और अपना जरुरी सामान ले कर चल देती है उस दोनों के साथ. और हेल्पर को कहा देती है की सभी से कहा देना की मैं एक एमर्जेन्सी में गयी हु. रस्ते में पब अंकिता को बताता है. की वो एक ठाकुर है और उसने कामिनी को पाने के लिए भानु को ललकारा और भानु लड़ाई में हार गया और वह से भाग गया. और जब उसने हवेली की तलासी ली तो उसको एक तहखाना मिला. जिस में 186 लड़किया कैद है. भानु एक दल्ला था. जो लड़कियों को बेचता था. अंकिता को पहले तो यकीं नहीं होता. पैर कोई इस तरह का मज़ाक करेगा भी क्यों. और उसने ठाकुर की हवेली को एक बार देख भी रखा था. वो ऐडा को नहीं जानती थी. पैर कामिनी से उसकी मुलाकात 1-2 पार्टीज में हो चुकी थी. 30 मं में जब वो लोग हवेली पहुंचे और अंकिता ने कामिनी से बात की और उसने भी वो hi बताया तो अंकिता को पूरा विस्वास हो गया की पब सच बोल रहा है. पब उसकी आखों पे कपड़ा बंद केर गर्डर वाले रस्ते से उसको अंदर ले गया. और जुली को अंकिता से मिलवा दिया. अंकिता की भी इतनी लड़कियों की इतनी बुरी कंडीशन देख कर रोने लगी और फिर चक करने लगी. कुछ देर चक कर के बोली – मेरे तो समाज में hi नहीं आ रहा की क्या करू और कैसे करू. ये तो इस कंडीशन में है या तो इनको इसी कंडीशन में रहने दिया जाये. तो ये जिन्दा रहेगी. और यदि इनके दिमाग को अब और छेड़ा गया तो ये मर भी सकती है.

पब – क्या तुमको लगता है. की इस कंडीशन में किसी भी लड़की को रखना उचित है. क्या इस जिंदगी से अच्छा मूट नहीं है?

अंकिता (आँखों में आशु लिए) – हाँ सच कह रहे हो इस कंडीशन से तो अच्छा मूट है. पैर मैं या कोई और भी डॉ. ने इनको छेड़ा तो कुछ भी हो सकता है. और ये स्टेज 3 वलियो का तो मंद ी बंद किया हुआ है. मेने इसकी ट्रेनिंग का पूरा परोसिस भी देख लिया मुझको तो नहीं लगता कोई डॉ. कुछ कर सकता है.

अंकिता की बात सुन कर जुली और पब टूट से जाते है और रोने लगते है. और जुली तो अंकिता के पेअर पाकर लेती है

जुली – प्लीज डॉ. कुछ करो, मेरे किये की सजा इन मासूस लड़कियों को मत दो. आप जो बोलेगी जैसा बोलेगी में वो करने को तैयार हु. पैर इन लड़कियों को बच लो. मेने पूरी जिंदगी बहुत लड़कियों की जिंदगी ख़राब की है. आज एक मौका मिला है कुछ करने का प्लीज प्लीज … डॉ. …. इन अब को बच लो … नहीं तो हम सब भी मर जायेगे. ..

अंकिता से पब और जुली का रोना देखा नहीं गया. वो सोचने लगी क्या लड़का है ये. वह हॉस्पिटल में मुझको ऐसे घर रहा था जैसे कभी लड़की न देखि हो. और यहाँ इन नंगी लड़कियों के साथ कुछ गलत करने की जगह इनको बचने के लिए रो रहा है. और एक ये है जुली, जिसने खुद hi इन लड़कियों की ये हालत की है और अब खुद hi इनको बचने के लिए कुछ भी करने को तैयार है.

अंकिता – ठीक है मैं 1 स्टेज 2 वाली लड़की पे तरय करती हु. यदि सब अच्छा रहा तो में सब को ठीक कर दूगी. मैं कुछ दवाइया लिख रही हु. और इस खुजली का एंटी दोस भी लिख रही हु. ये तुम सहर से मगवा दो.

पब उससे वो परचा ले कर ऐडा को दे अत है. ऐडा के साथ अवनि को भी जाने को बोलता है. तो वो दोनों चली जाती है. जब तक अंकिता स्टेज 1 वाली लड़कीको का इलाज करने लगती है. उनकी कंडीशन तो जुली और उसकी टीम ने hi ठीक कर दे थी. पैर वो जो सीख चुकी थी उसको भूलना मुश्किल था. केवल 10 लड़की hi अपने घर जाने के लिए तैयार थी वाकई सब ने मन कर दिया था. सबका कहना था. की अब हम जायेगे तो कोई भी हमको नहीं अपनाएगा. इससे अच्छा तो मर जाये. या यही रहे. पब भी उनकी बात से सहमत था. वो दुखी था की वो कुछ नहीं कर प् रहा है किसी के लिए भी. उन 10 लड़कियों को जुली की टीम घर छोड़ने के लिए जा चुकी थी. बाकि लड़कियों के लिए पब ने जुली से कहा की अभी इन को स्टेज 2 और 3 वाली लड़कियों की देख भल में लगाओ और फिर वो कुछ सोचता है की क्या करना है. इन सब के लिए.

2 ऑवर में दवा भी आ जाती है और फिर सब लग जाते है काम पैर. स्टेज 2 की सभी लड़कियों की खुजली पैर वो एंटी दोस लगा दिया जाता है. कर पब नहीं लगा पता उसको नंगी लड़कियों को छूने में सरम आ रही थी तो वो बहार hi बेथ कर सब को देखता रहता है. दूसरी तरफ अंकिता भी अपने काम में लगी थी. वो एक लड़की को ठीक करने में लगी थी. कुछ देर बाद

जुली – सबको एंटी दोस लगा दिया है. पैर इनकी कंडीशन अभी भी बेसी hi है. बस खुजली बंद हो गई है. पैर तुम्हारी पारी अब ठीक है. वो अभी भी योग की मुद्रा में है.

पब – हम्म देखो डॉ. कोसिस कर रही है. भगवन करे की ये सफल हो जाये.

जुली – हाँ इनको सफल होना hi होगा. भगवन मुझको इनको बच्चन को मौका दे कर अब इनको नहीं मर सकता है.

तभी अंदर से अंकिता के चिल्लाने की आवाज आती है नहीं , नहीं , नहीं … ये नहीं हो सकता….
 
अपडेट 36

पब – हम्म देखो डॉ. कोसिस कर रही है. भगवन करे की ये सफल हो जाये.

जुली – हाँ इनको सफल होना hi होगा. भगवन मुझको इनको बच्चन को मौका दे कर अब इनको नहीं मर सकता है.

तभी अंदर से अंकिता के चिल्लाने की आवाज आती है नहीं , नहीं , नहीं … ये नहीं हो सकता….

जुली और पब भाग कर रेस्ट रूम 2 में जाते है तो देखते है की वो लड़की मर गयी है. और अंकिता मूर्ति की तरह मरी लड़की को देख रही है. जुली और पब अंकिता को ले कर बहार आ जाते है. सब की आखों में आशु थे. जुली किसी तरह अंकिता को होश में लती है. और अंकिता रोने लगती है.

अंकिता – मेने कहा था न. की कुछ भी हो सकता है. देखो वो मर गई. मेने मर दिया एक लड़की को. मेरा डॉ. होना मुझको आज बेकार लग रहा है. इतनी जिंदगी मूट के मुँह में है . और में एक को भी नहीं बचा सकती. क्या करू में, भगवन क्या करू… कोई तो उपाए होगा की इस सब को बचाया जा सके….

तभी गुरु और मणि जी आते दिखाई देते है पब भाग कर उनके पैरो में बेथ जाता है. और बोलता है – अप्प सही टाइम पे आये है अब आप hi बताये क्या करे की इन सब को बचाया जा सके. (फिर वो रोने लगता है)

मणि जी – बीटा पहले तो संत हो जाओ. इनको बच्या जा सकता है पैर पहले तुम संत हो जाओ.

पब मणि जी की बात से एक दम चुप हो कर बेथ जाता है. तो अंकिता मणि जी को घूरने लगती है. सोचती है की ये झूट बोल रहे है. वो बस अपने डॉ. मंद से hi सोच रही थी.

अंकिता – आप झूट क्यों कहा रहे है. दुनिया का कोई भी डॉ. इनको ठीक नहीं कर सकता. या तो ये ऐसे hi रहेगी. या इनको बचने की कोसिस की तो ये मर जाएगी. जैसे मेने मर दिया उस मासूम लड़की को. मेने मारा एक लड़की को. आप झूट बोल रहे है. आप भी मर देंगे यदि किसी को ठीक करने की कोसिस की तो. मैं अब खुनी हु. मेने डॉ. हो कर खून कर दिया. जानती थी की ठीक नहीं होगी फिर भी मर दिया उसको.

मणि जी – बेटी तुम भी अपने मंद को संत करो. कोई न कोई उपाए जरूर होगा.

पब – क्या उपाए है गुरु जी. आप बताइये क्या किया जा सकता है.

मणि जी – तुम हो उपाए… तुम कर सकते हो ये सब. तुम भूल गए तुम क्या हो….

पब एक मं में समाज जाता है. की उसको एक और सकती हासिल करनी होगी जिससे इन लड़कियों को बच्च्या जा सके. पर अंकिता को कुछ समाज नहीं आता. वो तो बस पागलो की तरह पब और मणि को देख रही थी.

तभी मणि जी – बेटी क्या तुम कुवारी हो?

इस तरह का सवाल वो भी एक अजनबी के मुँह से, इतने लोगो के बिच में सुन कर अंकिता हड़बड़ा जाती है. और बोली – जी मेरी अभी शादी नहीं हुई है.

मणि – नहीं बेटी, हमने पूछ की तुम कुवारी हो या नहीं?

अंकिता सरम और गब्रहत में बस हाँ में सर हिला देती है.

मणि जी – पब अब तुम इसके बात कर लो, अब तुम दोनों hi इन सब को बचा सकते हो, और कैसे ये तुम जानते हो. मैं हॉल में जा रहा हु.

मणि जी वह से चले जाते है. पब और गुरु तो सब समाज गए थे पर अंकिता और जुली को कुछ समाज नहीं आ रहा था. गुरु और पब अंकिता को ले कर ठाकुर वाले रूम में ले जाते है. और सम्भोग किरिया और उससे मिलने वाले वरदान, और बाकि बातो के बारे में बताते है. और पब अपनी पुराणी ताकत भी दिखता है. अंकिता को भी विस्वास हो जाता है की ये हो सकता है. पर वो सधी कर ले. कैसे? फिर उसको इतनी लड़कियों की जिंदगी का ख्याल आया. पर शादी वो भी एक दम अचानक से. वो दुविद्या में थी. क्या करे और क्या न करे. एक तरफ तो उसको लग रहा था. की इतनी लड़कियों को बचने के लिए ये कोई बरी बात नहीं है. तो दूसरी तरफ वो सवारती हो रही थी की पता नहीं कोण लड़का है. केसा है. और सबरे बरी बात ये की पहले से hi 3 सधी (ऐडा के बारे में नहीं पता अभी किसी को) कर चूका है. और भी करने को कहा रहा है. हर लड़की के अपने जीवन साथी को ले कर कुछ सपने होते है. वो एक सिंपल सी लड़की थी. तो उसने भी हर लड़की की तरह एक राजकुमार के सपने देखे थे. जो बस उसका हो. एक छोटी सी दुनिया हो. वो, उनका पति और उनके बच्चे. दोनों अपने – 2 काम पर जाये स्याम को साथ बेथ कर प्यार करे. उसे बचपन से hi प्यार नहीं मिला था. तो उसका सपना था. की वो शादी के बाद अपनी एक अलग दुनिया बनाएगी. पर अभी तो उसको सब बिखरता सा नजर आ रहा था. पर फिर इतनी जिन्दगियो का सबल भी था. और उसका फर्ज भी था लोगो को बचाना. वो तो बचपन से hi दुसरो की हेल्प करे की कोसिस करती थी. तभी तो डॉ. बानी. की वो लोगो की सेवा कर सके. पर अभी बात खुद को कुरआन करने की लग रही थी.

गुरु उसको कहती है की तुम सोच लो, यदि तुमको लगे की इतनी जान बचने के लिए ये शादी जरुरी है. तब hi हाँ कहना. नहीं तो यदि भींच में तुमने मन किया तो पब और उसकी बिबिया भी मर जायेगे. एक बार हाँ कह कर पीछे नहीं हटा जा सकता है. फिर तीनो बहार आ जाते है. और जुली और उसकी टीम उस मरी हुई लड़की के अंतिमसंस्कार की तैयारी कर देते है.

पब अंकिता से पूछता है की वो उसे उसके घर छोड़ आये पर अंकिता का मान लड़कियों को इस हाल में छोड़ के जाने को नहीं था. तो वो ऐडा के रूम में चली जाती है. वह सविता उसको समजने लगती है. और बताती है की उसने पब से शादी क्यों की. अपने मान का सारा हाल बता देती है. जिसको सुन कर अंकिता भी सधी करने की सोचने लगती है. पर अभी भी मान में कुछ चल रहा था.

गुरु मणि जी के पास जा कर उसने जो भी हवेली में फील किया था. और जो जुली ने बताया सब पूरी डिटेल्स से बताने लगती है. और वो दोनों अपनी और भी बहुत सी बातो में लग जाते है.

पब को अभी थकन हो रही थी. उसका मान उदास था की यदि अंकिता में मन कर दिया तो वो कैसे उन सब लड़कियों को बचाएगा. पब ठाकुर के रूम में लेता हुआ था. और अपनी hi सोच में था. तभी उसको पारी की यद् आती है. की वो बचा सकती है. और जब उसने खुद से सब देखा है. और झेला है तो वो शादी के लिए मन नहीं करेगी. पर वो तो अभी 2 दिन बाद hi अपनी योग सड़ना से उड़ेगी. हो सकता है तब तक अंकिता hi हाँ कह दे. और नहीं मणि तो पारी तो है hi. ये सोच कर पब के दिल को सकूँ आता है. और वो बहुत कुछ सोचते हुए सो जाता है. रात के 9 बजे कामिनी उसको उदा देती है. तो वो फ्रेश हो कर बहार आता है. सब दिंनिंग टेबल पे बैठे थे. आज कुछ जयादा hi लोग थे. बस मणि जी नहीं थे टेबल पे. उन्होंने रूम में hi खाया था. वह पे ठाकुर वाली बरी चेयर hi खली थी. सब पब को देखते है और उदार बैठने का इसरा करते है. तो पब वह पे बैठ्जाता है. और सब खाना खाने लगते है
 
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सब दिंनिंग टेबल पे बैठे थे. आज कुछ जयादा hi लोग थे. बस मणि जी नहीं थे टेबल पे. उन्होंने रूम में hi खाया था. वह पे ठाकुर वाली बरी चेयर hi खली थी. सब पब को देखते है और उदार बैठने का इसरा करते है. तो पब वह पे बैठ्जाता है. और सब खाना खाने लगते है

पब – कामिनी, जुली से बोल देना की वो सबको खाना खिला दे और सबका डायन rakhe…(abhi तब घर के सब लोगो को पता चल चूका था. निचे लड़कियों के बारे में)

कामिनी – जी बोल दूगी.

पब – अवनि तुमने क्या सोच है. क्या करना चाहती हो. दुवारा जा कर जब करोगी या यही पर रहना है.

सविता तो अब कही रहेगी मेरे साथ. क्यों सविता या नहीं रहना मेरे साथ?

सविता (जल्दी से) – नहीं नहीं मैं तो आपके साथ hi रहूगी.

अवनि – मैं भी यहाँ रहना चाहती हु. (वो पब के साथ रहना चाहती थी, उसके दिल में जो प्यार है वो उसको पब से दूर नहीं होने देना चाहता है) पर यहाँ रहा कर मेरा करियर का क्या होगा. और मैं यहाँ बोर हो जोगी. (वो पब को बताना चाहा रही थी की वो उस पर डायन नहीं दे रहा है)

पब –(कुछ सोच कर) कामिनी मेने सुना है की भानु की 2 शुगर मिल थी?

कामिनी – जी थी पर अब वो सब आपकी है.

पब – हम्म तो अवनि तुम उनको सम्बल सकती हो मैं तो नहीं सभाल सकता अभी कुछ भी. और कामिनी और ऐडा तुम भी इसकी हेल्प करना.

तीनो – हम्म ठीक है.

पब – जय तुमने क्या सोचा है.

जय – भाई मैं तो अपने खेतो पे hi ठीक हु. वो hi देखूगा.

पब – हम्म ठीक है. पर अब तुम खुद मजदूरी नहीं करोगे. अब से तुम भानु और अपने अब खेतो की देखभाल करोगे.

जय – क्या ठाकुर भानु के पास तो गाओं के आड़े खेत है. इतना को में कैसे सभालुगा.

पब – तुमको कुछ नहीं करना. मजदुर रखो और भानु के खेतो को पहले भी तो कोई देखता hi होगा न.

कामिनी – हाँ एक मुंसी है. मैं जय को उससे मिलवा दूगी.

जय – तब ठीक है खेतो की जिम्मेदारी आज से मेरी.

पब – सवी तुम हवेली का और सब लोगो का डायन रखोगी. और कामिनी तुमको मिल्स के साथ साथ जुली और उन लड़कियों का भी डायन रखना है.

दोनों –ok जी.

पब – गुरु तुम और मैं अपने टारगेट पे डायन देंगे.

गुरु – हम्म

पेय जो बहुत देर से पब को देख रही थी. पब ने सबको कुछ न कुछ काम दिया पर वो hi रह गई तो उसने बोलै – बहिया में क्या करुँगी. अपने सबको बता दिया की क्या करना है. बस मुझको भूल गए.

पेय की बात से सब मुस्कुरा देते है

पब (एक स्माइल के साथ ) – मेरी गुड़िया रोज स्कूल जाएगी और अपने भैया से रोज प्यारी -2 बाते कारगी. और अपने भैया का डायन रखेगी.

पेय – हम्म मुझको तो सबसे हार्ड काम मिला है. आपका डायन रखने का. पर मुझको कुछ चाहिए तभी में कुछ करुँगी…

पब – क्या चाहिए मेरी गुड़िया को…

पेय – चॉक्लेट वो भी बहुत साडी…

पेय की बात से सब है देते है. पब – ठीक है पर आपको रोज एक hi मिलेगी ok….

पेय – एक से क्या होगा… 2 तो चाहिए न. नहीं तो में आपका डायन कैसे रख paugi…(badi hi मासूम सी सकल बाला के बोली थी)

पब – चल ठीक है नोटंकी…..

और सब का खाना हो जाता है. तो सब अपने रूम में जाने लगते है. पब अंकिता को रोक लेता है. गुरु भी रुक जाती है.

पब – देखो अंकिता तुमको परेशां होने की जरुरत नहीं है. मेने एक और तरीका खोज लिया है. अब तुम ये सोच कर शादी के लिए हाँ मत कहना की यदि तुमने मन किया तो उन लड़कियों का क्या होगा. वो मेरी जिम्मेदारी है. और मुझको किसी भी हाल में उनको बचाना hi है. बस तुमसे एक रिक्वेस्ट है की जो भी हमने तुमको बताया है और जो भी तुमने देखा है वो किसी को नहीं बताओगी.

अंकिता तो पब को देखती hi रहा गई. कहा वो इतनी परेशां थी. और पब ने एक hi जटके में उसकी साडी सोच को hi बदल दिया. अभी तक उसको लग रहा था की वो hi है. जो सब को बचा सकती है. कहा पब ने उसको कहा दिया की तुम्हारी जरुरत hi नहीं. अंकिता को समाज hi नहीं आ रहा था की क्या लड़का है ये. जब पहली बार मिला तो एक मजनू की तरह, फिर उन अनजान लड़कियों को बचने के लिए, उनको नयी जिंदगी देने के लिए एक रक्षक वैन गया. फिर पता चला की ये सुपर पावर भी रखता है. फिर अभी तोड़ी देर पहले एक परिवार को सभालने वाला जिम्मेदार आदमी के रूप में देखा. और अब मेरी परेशानी को एक पल में ख़तम कर के सब अपने उप्पेर ले ली. है क्या ये. अब अंकिता को उसकी अच्छाइयों से प्यार हो गया. उसको लगने लगा की इससे अच्छा जीवन साथी उसको नहीं मिल सकता. जब उसकी 3 बिबिया एक साथ प्यार से एक hi घर में है. तो वो क्यों नहीं रहा सकती उनके साथ. ख़ुशी तो परिवार से है. और ये तो एक अनोखा परिवार है. अंकिता अपनी सोच में कड़ी रहा गई. और पब और गुरु चल दिए मणि जी के रूम में.

गुरु – तुमने सबको काम पे क्यों लगा दिया. वैसे hi सब डिस्टर्ब है. तुमने और सबको काम दे दिए.

पब – सब डिस्टर्ब है तभी तो काम दिए है. नहीं तो सब इन्ही सोचो में रहते और परेशां रहते. अब सबका डायन बटेगा. और धीरे – धीरे सब नार्मल होने लगेंगे. ये दो अलग -2 परिवार है दोनों को एक भी करना है. इसलिए सबको काम देना जरुरी था. अब सब एक दूसरे के साथ काम करेंगे तो प्यार बढ़ेगा. और सब ठीक हो जायेगा.

गुरु – तुम तो बहुत समझदार हो यार.. मुझको ख़ुशी है की तुम्हारी बीबी हु…..

पब – चोलो जयादा तारीफ मत करो. ये सब अब मेरी जिम्मेदारी है. तो उसी को निभा रहा हु. अब चलो मणि जी से भी मिलना है.

दोनों मणि जी से रूम में पहुंच जाते है. मणि जी उनका hi वेट कर रहे थे. वो रूम में घुसे hi थे की अंकिता उनके पीछे आ गई. पर वो जब तक उनके पास पहुँचती वो दोनों अंदर थे. और अंकिता गेट पे. अंकिता गेट खोलती उससे पहले hi उसको मणि जी की बात सुनाई दे गई तो वो गेट पे hi खरी रहा गयी.
 
अपडेट 38

दोनों मणि जी से रूम में पहुंच जाते है. मणि जी उनका hi वेट कर रहे थे. वो रूम में घुसे hi थे की अंकिता उनके पीछे आ गई. पर वो जब तक उनके पास पहुँचती वो दोनों अंदर थे. और अंकिता गेट पे. अंकिता गेट खोलती उससे पहले hi उसको मणि जी की बात सुनाई दे गई तो वो गेट पे hi खरी रहा गयी.

मणि – तो अंकिता ने क्या कहा?

पब – वो अभी भी उल्जन में है. पैर मेने एक और उपाए सोच है. इसके लिए.

मणि – क्या?

पब –स्टेज 2 में एक लड़की है पारी. वो भी ये कर सकती है. (और फिर पब पारी के बारे में सब बता देता है)

मणि – हम्म ठीक है अंकिता मन जाये तो अच्छा है नहीं तो पारी hi सही..

पब – अंकिता hi क्यों?

मणि – बीटा तुम अभी नहीं समाज रहे हो. तुम अपनी पत्नियों का चुनाब नहीं कर रहे हो. नियति कर रही है. यदि नियति की बात को नहीं मानोगे तो तुम जानते हो तुम्हारे साथ क्या हुआ था.

पब मणि की बात से दुखी हो जाता है उसको अपनी माँ और बहिन की याद आ जाती है.

पब – पर हम जबरदस्ती भी तो नहीं कर सकते न. चाहे वो बाद में पछताए. जैसे की में अपनी माँ और बहिन को खो कर पछता रहा हु.

मणि – हाँ ये तो है.

अंकिता इन लोगो की बात सुन कर सोच चुकी थी की अब वो जरूर सधी करेगी और ये बोलने के लिए अंदर आती उससे पहले पब की बात सुन कर फिर रुक गई.

पब – मणि जी ये त्रिकाल कोण है?

मणि – बीटा एहि वो दनिन्दा है जिससे तुमको लड़ना है. इसलिए hi दस माँ ने तुमको ये सब करने को बोलै है. अभी तक तो लगा था की वो ठीक नहीं हुआ है पैर गुरु ने बताया की वो 10 मंथ से 7 लड़कियों को बुलाता है. इसका मतलब बहुत खतरनाक है.

पब – तो आप बताइये न की कोण है वो. और क्या करना है मुझको?

मणि – बीटा बस तुम एक बार अपने मंद को मजबूत कर लो तब तुम ये सब सुन पाओगे. तुमको हम सब बताएगी बस कुछ दिन और इंतजार करो. अब तो तुमको भी जल्दी hi अपनी साडी सक्तियो को पाना है. नहीं तो तुम उसका कुछ नहीं बिगड़ पाओगे.

पब – कुछ तो बताइये की वो चाहता क्या है.

मणि – त्रिकार और उसके 2 चेले रतन सिंह और संबु, ये तीनो मिल कर इस दुनिया के राज करना चाहते है. वो इस दुनिया के भगवन बनना चाहते है.

पब – कोण रतन सिंह, कही आप इंडिया के रिचेस्ट परसों रतन सिंह की तो बात नहीं कर रहे है.

मणि – हाँ हम उसकी hi बात कर रहे है. वो पहले एक मामूली ड्राइवर था. वो इतना आमिर भी त्रिकाल की मदद से बना है. रतन सिंह त्रिकाल के लिए कुछ भी कर सकता है. तुमको पता है त्रिकाल के कहने पैर hi 26 साल पहले रतन सिंह ने अपनी 1 साल एक बेटी को घर से निकल दिया था. बस उसको पैसे भेजता रहा. और जानते हो त्रिकाल ने ऐसा क्यों किया था.

पब – क्यों किया?

मणि – जिससे रतन सिंह उसके हाथ से न निकल जाये. उस टाइम त्रिकाल इतनी सकती नहीं रक्त था. और उसको अपने दोनों चलो की जरूरत थी. जिससे वो अपनी सक्तियो को बड़ा सके. और उसने उसके बाद 1 साल में hi इतनी सकतिया प् ली की उसकी टक्कर कोई नहीं ले सकता था. और से सब उन तीनो का मिला जुला काम था. रतन त्रिकाल के कहे अनुसार पैसा कमाता और उसका एक हिस्सा त्रिकाल को देता. इस रस से संभु त्रिकाल के लिए सब कुछ अर्रेंज करता. और त्रिकाल केवल अपनी सड़ना करता. बिना रस के कुछ नहीं हो सकता था. तो वो रतन को जाने नहीं देना चाहता था.

पब – पर मणि जी, रतन उस 1 साल की बच्ची के कारन कैसे त्रिकाल से दूर हो सकता था. ी साल की बच्ची तो कुछ नहीं कर सकती है.

मणि – हाँ बीटा 1 साल की बच्ची कुछ नहीं कर सकती. पैर वो बहुत पोसिटिव एनर्जी के साथ पैदा हुई थी. वो बहुत भाग्यशाली थी. रतन का पैसा त्रिकाल की जगह उस लड़की के भाग्य से बाद रहा था. पैर त्रिकाल ने उसको घर से दूर कर के रतन के दिमाग में ये दाल दिया की ये मनहूस है. तो रतन ने अपनी बेटी को खुद से दूर कर दिया. रतन वैसे गलत आदमी नहीं था. वो तो बस पैसा कमाने के लिए त्रिकाल के पास जाता था. रतन को नहीं पता था की त्रिकाल क्या करता है उसके दिए पेसो का. त्रिकाल भी उसको अपनी सक्तियो से ये बताता रहता था की ये बस्सनेस करो तो ज्यादा प्रॉफिट होगा. त्रिकाल उसको पैसे कमाने के अच्छे और सरल रस्ते बताता था. और रतन का नाम और पैसा उसकी बेटी की वजह से बढ़ता चला गया. पैर रतन ये आज तक नहीं समाज पाया की वो अपनी बेटी के भाग्य से बाद रहा है. न की त्रिकाल की सक्तियो से. पैर संभु उसके हर काम में भागी है.

पब – तो उस बच्ची का क्या हुआ?

मणि – पता नहीं कहा है वो. रतन के अलावा कोई नहीं जनता की वो कहा है. और किसी दिखती है. उस लड़की की किस्मत भी अजीब है. बाप के लिए तो उसकी किस्मत अच्छी और कूद के लिए उतनी hi ख़राब. सोचो क्या बीती होगी उस लड़की पे जो माँ बाप के होते हुए भी अनाथ बन कर रही है.

पब – हो सकता है की वो मर गई हो?

मणि – नहीं वो नहीं मर सकती. यदि वो मर जाती तो रतन का नाम और पैसा भी काम होने लगता.

पब – मणि जी आप ये सब कैसे जानते है. रतन के बारे में इतनी बाटे तो कोई भी नहीं जनता होगा.

मणि – बीटा त्रिकाल और में जवानी में साथ सड़ना करते थे. पैर त्रिकाल ने गलत रास्ता चुना और मेने अलग रास्ता. रतन पहले मेरे पास hi आता था. उसकी बीबी लता मेरी बक्त है. और आज भी वो मेरे पास आती है. एक बार रतन के दिमाग से त्रिकाल का भूत उतर जाये. तो उसका परिवार भी सुखी हो जाये. मेने भी उसकी बेटी को खोजने की कोसिस की पैर नहीं खोज पाया.

पब – यानि यदि रतन त्रिकाल का साथ न दे तो त्रिकाल को परेशानी होगी.

मणि – नहीं बीटा अब तो वो बहुत सकती साली है. वो रतन जैसा आमिर आदमी कुछ hi दिनों में बना सकता है. पर रतन का परिवार पूरा हो जायेगा. लता को वो ख़ुशी मिलेगी जो उस आज तक नहीं मिली. उसके 2 बेटे और है. पैर वो आज भी अपनी बेटी के लिए तड़प रही है.

पब – हम्म यानि की त्रिकाल को हरने के लिए कुछ और hi सोचना होगा.

मणि – तुम उससे उलझने की सोचना भी मत अभी तो तुम अपनी सकती पाने पे डायन दो.

पब – क्या में उस लड़की को खोज सकता हु.

मणि – नहीं, तुम सिर्फ और सिर्फ अपनी सकती पे डायन दो. यदि तुम समय रहते अपनी सक्तियो को नहीं प् सके तो सब मरे जायेगे. त्रिकाल उड़ चूका है. और अपनी सकतिया बड़ा रहा है. और मुझको लगता है की उसको तुहरे बारे में भी पता चल चूका होगा. जैसे hi वो अपनी सड़ना पूरी करेगा. सबसे पहले वो हम सब को hi मरेगा. और फिर रतन और उसके परिवार को. और खुद बन जायेगा उसकी प्रॉपर्टी का मालिक. और फिर अपनी सक्तियो से पूरी दुनिया पे राज करेगा. ये उसका 26 साल पुराण सपना है. वो अब देर नहीं करेगा.

पब – जैसी आपकी आगया.

मणि – चलो जाओ और सो जाओ. कल देखते है अंकिता क्या कहती है.
 
अपडेट 39

बहार अंकिता का ये सब सुन कर बुरा हाल था. वो रो रही थी. आज उसको वो सच सुनने को मिला था. जिसको की वो बचपन से जानना छाती थी. की उसके बाप ने उसे खुद से अलग क्यों किया. उसने क्यों अनाथो की जिंदगी बीते है. पैर वो जल्दी hi सभाल गई थी उसको पता था की पब अब बहार आने वाला है. तभी पब बहार अत है. तो उसको देख के पूछता है की तुम यहाँ क्यों कड़ी हो. तो वो कहती है की उसे मणि जी से बात करनी है. पब सोचता है की वो अभी भी सधी को लेकर कुछ बात करना छाती होगी. इसलिए उसको वह छोड़ के अपने रूम में जा कर सो जाता है. और अंकिता अंदर चली जाती है.

अंकिता – मणि जी में आपसे कुछ पूछ सकती हु?

मणि – हाँ बेटी बोलू क्या पूछना है.

अंकिता – अभी अपने पब को जो भी कहा वो मेने सब सुन लिया है. अब में ये जानना छाती हु की अपने पब से झूट क्यों बोलै (जबकि उसको पता था की वो सच है)

मणि – नहीं बेटी वो सब सच है.

अंकिता – तो क्या आप मेरी लता जी से बात करवा सकते है.

मणि – हाँ बिलकुल करवा सकता हु (मणि लता को फ़ोन मिला कर अंकिता को दे देता है)

फ़ोन पे

लता – गुरु नमस्ते. आज अपने खुद फ़ोन किया. में तो दांया हो गई. बताइये क्या आगया है.

अंकिता – मैं गुरु जी है हु.

लता –कोण हो तुम और गुरु जी का फ़ोन तुम्हारे पास कैसे?

अंकिता – क्या आप बता सकती है की आप कोण बोल रही है?

लता – मैं मिस लाला रतन सिंह बोल रही हु.

अंकिता – कोण वो india’s रिचेस्ट पर्सन रतन सिंह?

लता – हाँ, पैर तुम कोण हो?

अंकिता (रट हुए) – मैं एक ाबागी लड़की हु. जिसको आप सालो से तलाश कर रही है…….. माँ…….

(अंकिता की बात सुन कर मणि जी और गुरु दोनों hi समाज जाते है. की वो कोण है. और दोनों की आखों में आशु आ जाते है)

लता – क्या कहा … माँ… तुम कोण हो. और मुझको माँ क्यों बोल रही हो. और रो क्यों रही हो..

अंकिता – कियोकि एक माँ अपनी बेटी से पूछ रही है की वो कोण है.. और मैं आज 27 साल की आगे में अपनी माँ से पहली बार बात कर रही हु. मैं हु माँ आपकी बेटी अंकिता. जिसने आपको कभी नहीं देखा. बस फोटो देखे है अपनी माँ के…

लता तो ये सुन कर hi ख़ुशी से पागल हो गई और रोने लगी… तू सच में मेरी बेटी अंकिता है…

अंकिता – हाँ मैं hi आपकी बेटी हु. एक मं रुको माँ. आपके फ़ोन पे विडिओ कॉल इस नंबर पे है न.

लता – हाँ बीटा..

अंकिता तुर्रंत अपना फ़ोन निकल कर विडिओ कॉल कर देती है लता को… और वो एक पल में उसको उड़ लेती है. दोनों माँ बेटी ने एक दूसरे के फोटो 5 साल पहले तक के hi देखे थे. तो दोनों एक दूसरे को देखती hi रहती है. दोनों के आशु रुक नहीं रहे थे. दोनों में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था. बस एक दूसरे को देखे जा रही थी. दोनों के मान में इतना कुछ था बोलने को पर जबान साथ नहीं दे रही थी. बस रोने की आवाजे hi निकल रही थी. 10 मं तक एक दूसरे को देख कर लता बोली – बीटा रो मत आज तुझको पहली बार देख रही हु. तू रोयेगी तो में खुद को सबल नहीं पाउगी…

अंकिता – माँ ये तो कृषि के आशु है. आज मुझको माँ मिली है. माँ में आपसे मिलना चाहती हु.

लता – बीटा में भी तुजसे मिलना छाती हु. पैर में अभी नहीं आ रक्ति है. मैं दुबई मैं हु. इंडिया एते hi तुजसे मिलने आ जोगी मेरी बच्ची….

अंकिता – कोई बात नहीं माँ. मैं और कुछ दिन इंतजार कर लगी. माँ में शादी कर रही हु…

लता – क्या, तू सधी कर रही है, किस्से..

अंकिता – मणि जी करवा रहे है…

लता – गुरूजी करवा रहे है तो कोई बात नहीं वो कभी कुछ गलत नहीं कर सकते. और तू गुरु जी का नाम क्यों ले रही है,

अंकिता – सॉरी माँ..

लता – चल कोई बात नहीं. तू हमेशा खुस रहना और यदि किसी भी चीज की जरुरत हो तो बोल देना. सर्मना नहीं..

अंकिता – मुझको बस माँ चाहिए. बाकि सब है मेरे पास. मेरा क्लिनिक अच्छा चलता है माँ…

लता – अरे मेरी बेटी तो एक अच्छी डॉ बन गयी. क्या बात है…

और दोनों माँ बेटी बहुत देर तक बाते करती रही और मणि जी और गुरु उसको देखते रहे. फिर फ़ोन रखने के बाद अंकिता ने मणि जी के पेअर पाकर लिए.

अंकिता – मुझको माफ़ कर देना गुरूजी मेने आप पर सक किया.

मणि – कोई बात नहीं बीटा. तुम्हारी जगह कोई भी होता तो इस बात पे यकीं कर भी नहीं सकता था. पर में आज बहुत खुस हु. की लता को उसकी बेटी मिल गयी और तुमको तुम्हारी माँ. तो तुम सधी के लिए तैयार हो?

अंकिता – हाँ (और शर्मा जाती है)

मणि – इरादा बदलोगी तो नहीं..

अंकिता – नहीं, मुझको इनकी खुबिया भ गई है.

मणि – अच्छी बात है. तुम सदा सुखी रहो…

गुरु और अंकिता दोनों बहार को आ जाती है. तो गुरु – बड़ाई हो मेरी सौतन बनने की…

अंकिता – सौतन नहीं बहिन बनने की, मेरी बहन बनोगी न. मेने कभी किसी अपने का प्यार नहीं पाया है.

गुरु – हाँ आज से हम बहन है.

उसको गले लगा लेती है. गुरु और अंकिता एक साथ एक रूम में चल देती है और रात बार बाते करती रहती है. गुरु ने उसको वो भी समजा दिया था जो सविता को संजय था. दोनों एक रात में hi पक्की वाली बहन बन जाती है. वो दोनों सुबह 4 बजे सोती है.
 
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गुरु और अंकिता एक साथ एक रूम में चल देती है और रात बार बाते करती रहती है. गुरु ने उसको वो भी समजा दिया था जो सविता को संजय था. दोनों एक रात में hi पक्की वाली बहन बन जाती है. वो दोनों सुबह 4 बजे सोती है. और हमारा हीरो 5 बजे उड़ कर अपना डायन लगाने लगता है. और फिर 8 बजे तक फ्रेश हो कर बहार आ जाता है. तो किचन में कामिनी और सविता hi थी. बाकि सब रूमो में थे. दोनों स्लैब के पास कड़ी हो कर ब्रेक फ़ास्ट की तैयारी कर रही थी तो पब को ये अच्छा मौका लगता है. और पहुंच जाता है किचन में. और सविता के पीछे सात कर खड़ा हो जाता है. और अपने हाथो को सविता के नंगे पेट पे रख देता है. दोनों hi साड़ी में थी. सविता दर के पीछे देखती है. तो शर्मा जाती है.

सविता – (डेरे से) – क्या कर रहे हो जी, कामिनी जी देख रही है.

पब – (अपना हाथ उसके परत पे गुमने लगता है) – तो क्या हुआ मैं तो अपनी बीबी को प्यार कर रहा हु.

कामिनी पब की बात सुन के हसने लगती है. जिससे सविता और शर्मा जाती है. तो पब अपना दूसरा हाथ कामिनी के पेट पर रख कर अपनी और खींच लेता है. और उसके पेट को भी सहलाने लगता है. अब कामिनी सरमने लगती है. दोनों hi एक दूसरे से नजरे चुरा रही थी. और ीदार पब दोनों के पेट को सहला रहा था. उसका लुंड सविता को चूब रहा था. कुछ देर तक वो दोनों से मज़े लेता रहता है. दोनों hi चुप थी. तभी दोनों की नजर एक दूसरे से मिलती है. और एक दूसरे को इस्सर करती है.

दोनों एक साथ – गुरु दीदी.. (थोड़ा तेज़ आवाज में)

पब ये सुन के पीछे हैट जाता है. और अब वो दोनों हसने लगती है. पब का तो पोपट हो गया था. तो वो चुप चाप बहार आ जाता hai.Or दिंनिंग टेबल पे बेथ जाता है. कुछ देर में अवनि भी आ कर बेथ जाती है. दोनों एक दूसरे को विश करते है. और नार्मल बाटे करने लगते है. बाटे करते करते कब दोनों एक दूसरे में खो जाते है. उनको पता नहीं चलता. बस एक दूसरे को देख रहे थे. तभी गुरु आती है और पब से बोली – मेरे मजनू के क्या हाल है....., गुरु की आवाज से दोनों फिर होश में आते है. और पब गुरु की और देख कर मुस्कुरा रहा था. तो अवनि ने अपनी नजरे झुका ली थी. कुश देर में सब आ जाते है. अंकिता पब को देख कर शर्मा रही थी. और मुस्कुरा भी रही थी. जब पब का डायन उस पर गया तो उसको थोड़ा अजीब लगा तो उसने गुरु को इसारे में पूछा की इसको क्या हुआ. तो गुरु ने उसको इसारे में बता दिया की हाँ कहा दी है. ये सुन कर पब के फेस पे स्माइल आ गई. पब अब अंकिता को इसारे में मिलने को बोलै तो उसने हाँ बोल दिया. सब ब्रेक फ़ास्ट कर के जाने लगे तो अंकिता पब के रूम में पहुंच गई.

पब – अंकिता तुमने क्या सोच फिर?

अंकिता – मैं आपसे सधी करना चाहती हु (ये उसने बहुत सरम से कही थी)

पब – तुम किसी दबाब या जल्दबाजी में तो ये फैसला नहीं ले रही हो न? कल को ऐसा न हो की तुम दुखी हो की मेने सधी क्यों की..

अंकिता – नहीं मेने बहुत कुछ सोच कर hi ये फैसला किया है. जहा तक मैं आपको जान पाई हु आप किसी अपने को कभी दुखी नहीं होने देंगे...

पब – (उसको अपनी बांहो में भर लेता है) थैंक यू माय डिअर अंकिता फॉर किंग इन माय हार्ट एंड माय लाइफ forever.............i ऍम प्रॉमिस तो यू, यू विल नेवर फील साद.

अंकिता उसे और चिपक जाती है. और कुछ देर दोनों एक दूसरे को फील करते है. तो पब उसके माथे को किश करके उसको अलग कर देता है.

अंकिता –अपने अपनी पिछले जिंदगी के बारे में नहीं बताया?

पब – मेरा अब कोई नहीं है दुनिया में सब मर चुके है. जो भी ये परिवार hi मेरा परिवार है. हाँ मैं पहले जॉब करता था. और अवनि का बॉस था. मैं ***** कम्पनी में जॉब करता था.

अंकिता - *****कम्पनी ने.. जानते हो वो जिसकी है..

पब – हाँ रतन ग्रुप ऑफ़ कम्पनी का एक part है. और तुम्हारे माँ बाप कहा है?

अंकिता मान में सोचती है की यदि मेने इसको अभी बता दिया की में रतन की बेटी हु. तो कही ये सधी को न कर सकता है. और ये मेरी स्टोरी भी जनता है. तो कही पब को मुज पर दया आएगी. प्यार नहीं. मैं इनको अभी कुछ नहीं बताती.

पब – बोलै न कहा खो गई?

अंकिता – मेने अनाथो की जिंदगी बीतते है. मैं हमेशा अकेली रही हु.

पब – अब तुम अकेली नहीं हो. अब मैं हु तुम्हारे साथ.

फिर से दोनों चिपक जाते है. तभी गुरु अंदर आ जाती है.

गुरु – क्या हो रहा है. जो भी करना है रात में करना. अभी से hi सुरु हो गए...

अंकिता तो सरम से भाग जाती है. और पब गुरु को पाकर लेता है. और गुदगुदी करने लगता है.

गुरु – हाहाहाहाहा ... छोड़ो न.... हाहाहा छोड़ो प्लीज..

पब – अब छेड़ेगी.. हाँ बोलो अब परेशां करोगी .......

गुरु – नहीं ... हाहाहाहा... नहीं माफ़ कर दो... हाहाहा.. मेरी एक बात तो सुनो....

पब उसको छोड़ देता है. और गुरु – आज रात को तुम्हारी सधी है. तो तुम अब आराम करो में कामिनी के साथ सिटी जा रही हु. पूजा का सामान लेने.

पब – अंकिता को भी ले जाओ.. सायद उसको भी कुछ खरीदना हो. या अपने घर से कुछ लेना हो..

गुरु – नहीं वो अवनि और ऐडा के साथ जाएगी. चाहे तो तुम भी चले जाओ..

पब – नहीं उसको अकेले hi लेने दो सधी का सामान, हो सकता है मेरे साथ वो सरमाये. इसके बाद तो हमेशा मेरे साथ hi जाना है.

गुरु – हम्म ठीक है तो तुम आराम करो और एक बार जुली से भी मिल लेना...

पब – ok

गुरु, कामिनी, ऐडा, अंकिता, अवनि सभी लोग 2 कार में सिटी निकर जाते है. मणि जी तो सुबह hi निकल गए थे. अभी घर पे पेय, सविता और पब ये लोग hi बचे थे. तो पब पहले जुली से मिल आता है और जुली के साथ लड़कियों से मिल कर आता है. सब वैसे hi थी. बस स्टेज 1 वाली एक दम ठीक लग रही थी. फिर पब सविता के पास जाता है. अभी तक सविता पेय को सुला चुकी थी. पब सविता को ले कर अपने रूम में आ जाता है. और दोनों आपस में प्यार भरी बाते करते हुए सो जाते है.
 
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गुरु, कामिनी, ऐडा, अंकिता, अवनि सभी लोग 2 कार में सिटी निकर जाते है. मणि जी तो सुबह hi निकल गए थे. अभी घर पे पेय, सविता और पब ये लोग hi बचे थे. तो पब पहले जुली से मिल आता है और जुली के साथ लड़कियों से मिल कर आता है. सब वैसे hi थी. बस स्टेज 1 वाली एक दम ठीक लग रही थी. फिर पब सविता के पास जाता है. अभी तक सविता पेय को सुला चुकी थी. पब सविता को ले कर अपने रूम में आ जाता है. और दोनों आपस में प्यार भरी बाते करते हुए सो जाते है. दोनों एक दूसरे से चिपक कर सो रहे थे. दोनों सोते hi रहते है. जब गुरु और कामिनी वह पहुंचते है तो उस दोनों को यु सोता देख उनके फेस पे स्माइल आ जाती है. वो दोनों भी उन दोनों से चपक कर लत जाती है. गुरु पब से चिपकी थी तो कामिनी सविता से. उनको भी ऐसा सुकून मिलता है. की वो दोनों भी सो जाती है. कुछ देर में ऐडा और अवनि रूम में आती है. वो अंकिता को तैयार होने का बोल कर गुरु को देखने आये थी की गुरु बताये की आगे क्या करना है. अभी तक कोई भी तैयारी नहीं हुई थी. सब सो जो रहे थे. ऐडा तो ये स्कीन देख के स्माइल करती है. पर अवनि को अच्छा नहीं लगता. तो वो ऐडा को उन लोगो को उड़ने का बोल कर खुद चली जाती है. अंकिता के पास. ीदार ऐडा उन लोगो के फेस को डेक्टि है. सब के फेस पर एक सुकून था. उसे पहली बार कामिनी के फेस पे इतना सुकून और सन्ति दिख रही थी. वो उनको उड़ाना नहीं चाहती थी पर सधी भी तो थी. तो वो गुरु को हिलने लगती है. और गुरु को उड़ाकर ले जाती है. और कुछ देर में ये तीनो भी उड़ जाते है. और टाइम देखते है तो फिर भाग -2 कर तैयारी करने लगते है.

अभी गुरु अंकिता और पब पूजा पर बेथ चुके है. अंकिता का मेक उप अवनि ने hi किया था. वो सिटी से शादी का लहगा, और सब कुछ ले आयी थी. वो बहुत सुन्दर लग रही थी. एक तो वो थी hi इतनी गोरी. उप्पेर से इतना अच्छा मेकअप, फिर सधी का जोड़ा. कुल मिला कर एक बहुत hi प्यारी सी दुल्हन लग रही थी. और हराम हीरो भी काम नहीं लग रहा था. ऐडा पब के लिए एक शेरवानी ले आयी थी जिसमे वो कही का राजकुमार लग रहा था. एक दम मस्त सिक्स पैक बॉडी और दूर मासूम सा फेस. दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी लग रही थी. वह पे बस वो तीन लोग hi थे. वो पब का रूम था जो साउंड प्रूफ था. ठाकुर ने अपने रूम को साउंड प्रूफ बनबाया था. जो आज पब के काम आने वह था.

पूजा पूरी होने पैर गुरु ने पब के अंगूठा पर कट लगाना चाहा तो कोई असर नहीं हुआ. पब ने खुद hi किया ये काम और कुंड में दोनों के ब्लड की 2 ड्राप दाल कर उसने अंकिता की मांग भर दी. गुरु ने अंकिता और पब को फिर से सब संजय. और गुरु पब को ले कर बहार चली गयी और बोली - इस बार सविता की तरह नहीं करना. पहले पूरा गर्म कर लीना और छूट को चक करना जब उसकी छूट पूरी गीली हो तब hi आगे भड़ना.

पब – ok मैं डायन रखुगा.

गुरु – और विश क्या मांगने वाले हो.

पब – तुम्ही बता दो क्या मग्न है.

गुरु – “‘हे डलासुर और दक्षसूरी माँ, मेरे को इतनी सकती दो की मैं पृथ्वी पैर रहने वाले किसी भी प्राणी की दिमाग को नियंत्रित कर सकू और उस में कोई भी परिवर्तन कर सकू.”

पब – हम्म ये ठीक है. (और वो अंदर चल देता है)

पब जा अंदर पहुंच तो अंकिता बीएड पर बैठी हुई थी. और उसने घूँघट कर रखा था. उसके होंठ देख रहे थे. वो अपने पैरो को मोड़ कर बैठी थी. जैसे की अक्सर दुल्हन बैठती है पब भी उसके पास पहुंच गया. और उसके पास बीएड पे बेथ गया. तो अंकित सिकुड़ सी गई. पब ने उसके एक हाथ को अपने हाथ में ले लिया. और उसकी हथेली को सहलाने लगा. अंकिता अंदर से कपङे लगी. पब को कोई जल्दी नहीं थी तो वो उसके हाथो को सहलाते हुए उसके होंटो को देख रहा था. जो धिरे धिरे हिल रहे थे. पिंक लिपस्टिक से सजे होंठ बहुत hi कामुक लग रहे थे. उसकी नजर जब थोड़ी निचे हुई तो चोली में से दिखती चुचो की घाटी उसे बुलाने लगी. लुंड तो बहुत देर से खरा था. अब वो और सख्त होने लगा. वो बहुत देर तक संत बैठा रहा. अंकिता उसके कुछ करने का वेट करती रही. जब अंकिता ने देखा की पब की तरफ से कोई हरकत नहीं हो रही है. तो उसने अपने घूँघट में से hi पब की और देख. जो उसके चुचो को देखने में बिजी था. ये देख कर उसकी सास थोड़ी तेज़ हो गई और पब को और अच्छा नज़र देखने को मिलने लगा.

अंकिता कुछ देर में एक दम नार्मल हो गई उसके मन में आ रहा था की पब कुछ कर क्यों नहीं रहा है वो तो कब से उसके कुछ करने का वेट कर रही है. तो इस चुप्पी को थोरटी है

अंकिता – सुनिए....

पब – कहिये...

अंकिता को समाज नहीं आया की वो क्या बोले. पर पब समाज गया की अब टाइम है आगे बढ़ने का. तो उसने उसका घूँघट उड़ने लगता है

पब – आप कब से इस चाँद को हमरी नजरो से दूर किये है. अब तो इस चाँद को देखने दीजिये न....

अंकिता तो कुछ नहीं बोली बस उसने अपनी नजरे झुका ली. पब ने उसके घूँघट को हटा कर उसके सामने एक डायमंड नेकलेस रखता है. जो उसे कामिनी ने दिया था अंकिता को देते के लिए.

पब – जान ये आपके लिए छोटा सा गिफ्ट….

अंकिता उसको देख कर खुस हो जाती है. बात ये नहीं थी की उसे नेकलेस से प्यास था. बात ये थी की ये उसके प्यार का पहला गिफ्ट था.

अंकिता – बहुत सुन्दर है.

पब – अभी कहा सुन्दर है. जब ये आपके गले में होगा तब सुन्दर लगेगा.

अंकिता – तो पहना दीजिये न…

पब उसको नेकलेस पहनाने के लिए उस पर झुक जाता है. तो पब की गर्म सासे पहले उसके फेस पे फिर गर्दन पे फील होती है. उसकी फिंगर उसकी गले पे पीछे चलने लगती है. और उसको उत्तेजित करती है.

अंकिता – आअह्ह्ह्ह जान…….. (उसकी एक सिसकी निकल जाती है)

अंकिता – पर में आपसे कुछ उस मांगना चाहती हु.. देंगे मुझको….

पब – आप हुकम तो करो आना डार्लिंग……

अंकिता – आना… बहुत hi अच्छा नाम है. आप अब से मुझको आना hi कहना.

पब – हाँ मेरी आना डार्लिंग… बताये आप क्या चाहती है….

अंकिता – मैं आपका प्यार चाहती हु. मुझको कभी भी किसी का प्यार नहीं मिला. मैं अब आपका प्यार चाहती हु. मैं बस आपके साथ रहना चाहती हु. मैं बहुत लड़ी हु अपने अकेले पैन से अब मुझसे और नहीं लड़ा जाता. आप अब हमेशा मेरे साथ hi रहे बस यही चाहती हु…

पब – उसको अपनी बाँहों में भींच लिटा है जोर से. – जान अब तुम कभी अकेली नहीं रहोगी. ये वादा है मेरा आपसे.. मैं और ये हमारा परिवार आपके साथ होगा हर डैम….

अंकिता – हाँ ऐसे hi मुझको हमेशा अपने सीने से लगा कर रखना. आज पहली बार मुझको ऐसा लग रहा है की कोई तो है मेरा………..

पब उसको और कास लेता है बाँहों में. और उसकी आखों में देकने लगता है. दोनों अब अपने दिल की बाते आखों से कर रहे थे. दोनों की गर्म सासे एक दूसरे को उत्तेजित कर रही थी. दोनों के होंठ नजदीक आते जा रहे थे. और फिर मिल गए. और होंटो को चूसना सुरु होगया था. बहुत hi डेरे -2 एक दूसरे के होंटो को चूस रहे थे. और उनके रास का मज़ा ले रहे थे. पब के हाथ उसकी नंगी पथ पर चल रहे थे. कुछ देर में पब किश थोड़ कर आराम से बेथ जाता है. और उसकी चूचियों को देखने लगता है. अंकिता भी उसको देख रही थी फिर से दोनों के होंठ मिल जाते है. पर इस बार किश थोड़ा सा वाइल्ड था. और किश करते हुए hi पब उसकी जनहो पे हाथ रख कर लेंगे के ऊपर से सहलाने लगता है. तो अंकिता को लेंगे की वजह से थोड़ी तकलीफ हो रही थी. पैर अच्छा भी लग रहा था. पर वो सरम और तकलीफ से उसके हाथ को हटा देती है. तो पब उसकी पथ पे रख कर उसे सहलाने लगता है. कुछ देर में पब किश को थोड़ कर उसके फेस को देखता है जो चमक रहा था. एक ख़ुशी सी जलक रही थी उसके फेस पे. पब उसको देखते हुए उसे बीएड पर लिटा देता है. और अपनी शेरवानी उतर कर, खुद भी उसकी और मुँह कर के लेट जाता है. और अपने होंटो को फिर से उसके होंटो पे रख कर किश करने लगता है. और अपनी जीब को भी उसके मुँह में दाल देता है. आना भी उसकी जीब को चूसने लगती है. और पब का हाथ इस टाइम आना के नंगे पेट पे था. वो उसको रहला रहा था. ऊपर से दोनों किश करने में बिजी थे. और निचे हाथ अपना काम कर रहा था. पब ने अपनी एक फिंगर को उसकी गहरी नाभि पे रख कर उसको कुरेदने में लगा हुआ था. तो आना और जोश से उसके होंटो को चूस रही थी. और अपनी जीब भी उसने पब के मुँह में गुसा दे थी जैसे पब बारे मज़े से चूस रहा था. उसकी नाभि से खेलने के बाद पब ने अपना हाथ जस्ट लहजे के ऊपर के पेट को सहला रहा था. और आना का सरीर भी गर्म होने लगा था. उसकी छूट से कुछ बुँदे निकल गयी थी. पब का हाथ उसके लहजे की डोरी में उलझ गए तो पब ने तुरंत hi उसको खोल दिया. और जिस जगह पे लेहगा बड़ा था वह पे निशान पारा हुआ था. उस निशान पे सहलाने लगा था. आना को तो कुछ भी होश नहीं था की उसका लहगा खुल चूका है वो तो बस किश में hi खो गई थी. दोनों की सासे फूलती तो दोनों 2 मं के लिए किश रोक लेते और अपनी गर्म सासो को ठीक करने लगते जिससे उनके चेहरों पे वो गर्म सासे और भी आग लगा देती तो वो फिरर से किश करने में लग जाते. आना तो सीडी लेती थी और पब उसके ऊपर ऐडा छडा हुआ था. उसका लेफ्ट बूब्स उसके सीने से दाब रहा था. और हाथ उसके पेट से खेल रहे थे. उसके हाथ उसकी पेंटी के ऊपरी भाग पे घूम रहे थे. पैर उसने अभी उसकी छूट को नहीं छुआ था. फिर उसके हाथ बापिसुप्पेर की और चलने लगे थे. और उसके बूब्स के निचे के पेट पे अपना कमल दिखा रहे थे. आना भी को तो पता hi नहीं चल रहा था की उसके हाथ कहा कहा पहुंच रहे है. वो तो बस उसकी सहलाने से मदहोश सी होती जा रही थी. पब ने अपने हाथो को और ऊपर कर के उसके ब्लाउज के ऊपर hi रख दिया था और डेरे -2 दबा रहा था. पण ने आना को अपनी किश करने में बिजी करके उसके ससिस से खेल रहा था. आना भी इसका पूरा मज़ा ले रही थी. उसने आना के ब्लाउज के सरे हुक खोल दिए थे. अंदर लाइट पिंक ब्रा में उसके गोर बूब्स बहुत hi सुन्दर लग रहे थे. अब पब को साबरा नहीं हो रहा था. उसने किश तो तोड़ते हुए उसकी गर्दन को चूमना सुरु कर दिया था. और वो निचे को बाद रहा था. और उसके हाथ ब्रा के ऊपर से hi उसकी चूचियों को दबाने में लगे थे. अब वो उसके बूब्स के बिच के हिस्से को चाटने में लगा हुआ था. और अपने हाथो को उसकी पथ के निचे ले जाता है. और उसकी ब्रा को भी भूल देता है. फिर उसको थोड़ा ऊपर कर के उसके बूब्स को आजाद कर देता है. उसके गरे बूब्स को देख कर तो वो पागल सा होने लगता है. बूब्स पे ग्रीन नशे भी चमक रही थी. एक दम गोल शेप के बूब्स थे. निप्पल एक दम पिंक. पब इतनी लड़कियों को नंगा देख चूका था. पर ऐसे बूब्स किसी के नहीं थे. वो तो उन कर कुत्तो की तरह टूट परता है. उसके बूब को कहते जा रहा था. दोनों बूब्स उसके थूक से पुरे गीले हो चुके थे. अंकिता का भी बुरा हाल था. एक तो उसको सरम आ रही थी. धौर्रा वो मदहोश होती जा रही थी. उसकी छूट पानी बहा रही थी. पब भी उसको पूरी तरह गर्म करना चाहता था. उसके बूब्स को चाटने के बाद किसी बच्चे की तरह चूस रहा था. अब उससे रुका नहीं जा रहा था. तो वो उसके ऊपर से उड़ कर काढ़ा हो जाता है अपने सरे कपड़े उतर देता है. और एक दम नंगा उसकी और बढ़ता है. अंकिता उस को hi देख रही थी. पैर उसके लुंड को देख कर वो अपनी आखें बंद कर लेती है. वो एक डॉ. थी तो जानती थी की उसका लुंड जरुरत से जयादा बारे है. और किसी भी लड़की को पूरा मज़ा दे सकता है. वो उसके लौंद के साइज को देख कर और भी उत्तेजित हो रही थी साथ में दर भी रही थी की इतना बारे लुंड जब एक बार में उसके अंदर जायेगा तो उसका क्या होगा. और वो उसको रोक भी नहीं सकती. इसी बात से उसका दर बाद रहा था. इस टाइम उसके फेस पे कई भाव थे. दर था, उत्तेजना थी, सरम थी, प्यार था. कुल मिला कर फेस लाल हो चूका था. एक गोरा मासूम सा फेस, लाल हो कर और भी सेक्सी लग रहा था. पब उसके फेस को देकते हुए उसके हाथो को पाकर लेता है और उसको बैठने लगता है. तो अंकिता भी बेथ जाती है. पैर वो मरे सरम के आखें नहीं खोल रही थी. पब उसकी ब्रा और ब्लाउज को उतर कर एक साइड में फेक देता है. और उसके और करीब आ जाता है. तो उसका लुंड उसके बूब्स को चुने लगता है. उसके लुंड का अहसास अपने बूब्स पे होते hi उसके मुँह से एक अह्हह्ह्ह्ह निकल जाती है. पब उस को उदा कर खड़ा कर देता है और उसके खड़े हॉट hi उसका लेहगा उसके पैरो में था. तो वो जल्दी से आखें खोल के निचे देखती है. तो वो इस टाइम बस एक पंतय में थी. फिर उसकी नजर पब पे पार्टी है तो वो उसको घूरे जा रहा था. वो मरे सरम के उसकी भहों में चुप जाती है. तो पब उसकी गांड पे हाथ रख कर उसको मसलने लगता है. उसकी सिसकी निकल जाती है. पब 2 मं में hi उसकी पंतय को भी निचे कर देता है. और उससे दूर हो कर उसको देखने लगता है.
 
पब – आना बहुत सुन्दर लग रही हो जान… तुम अंदर से इतनी सुन्दर हो पता hi नहीं था….

अंकिता शर्मा जाती है. और खुस भी थी की उसके पति को उसका जिस्म पसंद आया. वो सरम के मरे फिर उससे चिपक जाती है. और उसके सीने पे एक प्यारी सी चपत मरती है और बोली – आप बहुत गंदे है…

पब मुस्कुराने लगता है. और उसकी चुकी को दबा देता है. तो अंकिता फिर से एक चपत लगा देती है. पब भी उसकी चुकी को दबा देता है. और उसकी गांड को मसल देता है. अंकिता को भी सररत सूजती है तो वो पब के एक निप्पल को मुँह में ले कर काट लेती है. इस बार पब के मुँह से आअह्ह्ह निकल जाती है.

पब – अरे ये तो कटती भी है. कटखनी बिल्ली

अंकिता – मैं बिल्ली….. जाओ में आपसे बात नहीं करती….

पब – पक्का…. (और उसको थोड़ा सा अपने से दूर कर देता है. इस टाइम अंकिता की पथ पब की तरफ थी तो वो उसकी गांड को खा जाने वाली नजरो से देख रहा था. )

अंकिता को लगता है पब उससे नाराज हो गया तो वो पलटकि देखती है. तो उसे पता चलता है की वो उसकी गांड को गुरे जा रहा है. और वो फिर से उससे चिपक जाती है.

अंकिता – आज मुझको नजरो से hi खाने का इरादा है क्या.. जनाब..

पब – आना तुम सच में बहुत सुन्दर हो. मेरा तो दिल कर रहा है की बस देखता hi राहु… बहुत सेक्सी फिगर है तुम्हारी. आज मैं तुमको पूरा खा जाउगा…

अंकिता – सब आपका hi है… जो चाहो करो… मैं भी तो ये चाहती हु की आप मुज में समां जाओ…

कुछ देर पब और अंकिता ऐसे hi चिपके रहते है. फिर पब – चलो जान मंत्र पद ले. पर डायन रखना दूसरा मंत्र पड़ने का तुमको hi याद दिलाना है.

अंकिता – जी बिलकुल…

फिर दोनों अपना – 2 मंटा पड़ते है. और फिर पब अपनी विश मांगता है. कुछ hi पालो में दोनों पे वासना का भूत सवार हो जाता है. पब को तो कण्ट्रोल था खुद पर पैर अंकिता तो जलने लगी थी वासना की आग में. वो जल्दी से पब से चिपक जाती है. और बोली – चलो न कुछ करो मुझसे बरदास नहीं हो रहा है…

पब उसको बाँहों में ले कर उसके होंटो को बुरी तरह चूसने लगता है. अंकिता भी और भड़कने लगती है. पब उसके होंटो को दांतो से चबाने लगता है. तो उसके होंठ से खून निकल जाता है. उस खून को पब चाट जाता है. और उसका एक हाथ अंकिता की छूट पे चल रहा था. वो उसकी छूट को मसलने में लगा था. पैर अंकिता की छूट से रास नहीं आ रहा था. लग hi नहीं रहा था की वो एंटी गरम है. छूट सुखी पारी थी. पब समाज जाता है ये मंत्र का कमल है. उसे अंकिता को फिर से बहुत गर्म करना होगा नहीं तो उसको सवी जैसा hi दर्द होगा. पैर अंकिता को तो पहले hi सहन नहीं हो रहा था. और छूट के मसलने और होंटो की चूसै से वो और भड़क गई थी. उसके हाथ पब की पथ पर थे और वो उसको और बाँहों में जाकर जा रही थी.

अंकिता – चलो न जान. क्यों तरसा रहे हो..

पब – डार्लिंग पहले प्यार तो कर लू तेरे इस नाजुक बदन को. देख कितना सेक्सी है ये. मान कर रहा है की तेरे जिस्म से खेलता राहु..

अंकिता – हाँ खेहो मेरे जिस्म से. मैं तो सालो से पयासी हु. मेरी प्यास भुजा दो…

पब – पायस भी भुझेगी. पैर पहले इसको तो चूसने दे. देख केसा तन गया है. (वो उसकी एक चुकी को हाथ से पाकर कर उसके निप्पल को उसे दीखता है. और फिर उसके निप्पल को चूसने लगता है. फिर दांतो से पाकर कर खींच देता है. अंकिता की तो सिसकिया तेज़ हो गई थी)

अंकिता – ऊऊह्ह्ह आआह्ह्ह्हह्ह, आअह्ह्ह्ह…. हाँ काटो खा जाओ इनको….. ोूहः इतनी तेज़ मत काटो दर्द हो रहा है.. नहीं और काटो … निचोड़ दो इनको.. बहुत मज़ा आ रहा है… ओह्ह्ह आअह्ह्ह्हह

पब उसके दोनों चुचो को पाकर कर मसल रहा था. और निप्पल से खेल रहा था. अंकिता को और भी गर्मी चढ़ने लगी थी. कुछ hi देर में दोनों चुके एक दम लाल हो गए थे. पब ने फिर से छूट को छेड़ना चालू कर दिया.

अंकिता – आआह्ह्ह्हह्ह ोुह्ह्ह हहममम ाःह क्या कर दिया है अपने….. आह्हः

पब उसकी छूट को मसलता हुआ. उसके कानो को चूसने लगता है. तो कभी गर्दन को छत्ता है तो कभी गर्दन पे अपने दांतो के नीसाण छोड़ता है…. को उसके सरीर पे जगह -2 काट रहा था. उसने अंकिता का हाथ पकड़ कर अपने लुंड पैर रख दिया. तो दोनों के सरीर में एक लहार सी दूर गई. अंकिता भी उसके लुंड को कर के पकड़ने लगी और उसको आगे – पीछे करने लगी. वो एक डॉ. थी उसको सेक्स के वेयर में थ्योरेटिकल सब पता था. प्रैक्टिकल आज कर रही थी.

वो लुंड से खेलते हुए – आइये न. अब को करो न.. अब बरदास नहीहो रहा है..

पब – क्या करू मेरी जान, ये तो बताओ न…

अंकिता – मुझको चुड़िये… (सेक्स के नशे में कहा तो दिया, फिर सरमने लगी )

पब – कैसे छोड़ू ये तो बताओ डार्लिंग…

अंकिता – क्यों परेशां कर रहे है, आप को सब पता है.

पब – तुम भी तो डॉ. हो तुमको भी तो पता होगा. बताओ न… नहीं तो छोड़ूगा नहीं….

अंकिता इस टाइम लुंड के लिए तरस रही थी. उसकी छूट भी अब पानी छोड़ने लगी थी. इतनी देर से पब उसकी छूट को मसल रहा था. तो कभी उसके डेन को रगड़ रहा था. वो दर गई की कही पब नाराज न हो जाये इसलिए वो बोली – अपना ये मुसल जैसा लुंड मेरी इस छोटी सी छूट में दाल कर मुझको छोड़िये… और मुझको हमेशा के लिए अपनी दासी बना लीजिये…

पब – दासी नहीं तुम तो रानी हो मेरे दिल की… पैर ये मुसल तेरी छूट को फाड़ देगा. इसको पहले थोड़ा गिला तो कर न जान…

अंकिता समाज गई की वो उसे लुंड चूसने को कहा रहा है. तो तुर्रंत निचे बेथ गई. और उसके लुंड को देखने लगी. उसने अपना पूरा मुँह खोल कर लुंड को मुँह में लेने की कोसिस की. पैर वो गया hi नहीं. ये कोई नार्मल लुंड नहीं था जो यही मुँह में घुस जाये इसको लेने के लिए कुछ तो आना चाहिए न. तो अंकिता फिर से कोसिस करती है. और अपना पूरा मुँह खोल लिटी है. और उसके रुपए को होंटो में दबा कर कोसिस करती है. इस बार टोपा मुँह में था. पैर उसको ऐसा लग रहा था की उसके होंटो के जॉइंट फात जायेगे. इसलिए वो बस 2मं में hi उसको बहार निकल देती है. और खस्ने लगती है. अपनी सासो को संभल कर वो चूसना छोड़ कर लुंड को चाटने लगती है और चाट चाट कर उसके पुरे लुंड को गिला कर देती है. पब को भी जयादा मज़ा नहीं आता कियोकि वो पहली बार कर रही थी. और अभी दोनों को चुदाई की जल्दी भी थी तो पब लुंड को गिला होते hi पीछे हैट जाता है. और उसको बीएड पैर लिटा देता है. अंकिता भी समाज जाती है की अब उसका टाइम है जिसके लिए वो कब से तरस रही थी. पैर उसको अभी याद नहीं था की ये उसे कितना दर्द देने वाला है. पब अब अंकिता के ऊपर था और उसकी छूट पे लुंड को सेट कर दिया था. लुंड छूट के उप्पेर रखते hi पब को एक नशा सा हो जाता है. और अब उसको एक पल भी नहीं रुका जा रहा था. उसने तुर्रंत hi अंकिता की कमर को कर के पाकर कर उसको अपने निचे दबा लिया. और एक जोर का दक्का मारा. उसका लुंड उसकी छूट और उसके कुंवारे पैन को चीरता हुआ अड़े से जायदा घुस गया. अंकिता की साडी गर्मी एक बार में hi उतर गई. और उसकी मुँह से एक जोर की चीख निकली आआह्ह्हह्ह्ह्ह मां मार gai…me तू … बचा लो…. आआअह्हह्हआआ…. पैर पब को उसकी चीख से कोई फरफ नहीं पारा उसने तुर्रंत hi दूसरा दक्का लगा दिया और इस बार पूरा लुंड अंदर था. और वो अंदर किसी चीज से टकरा रहा था. अंकिता की एक और जोरदार चीख गुज उडी. यदि ये रूम साउंड प्रूफ नहीं होता तो पूरी हवेली में चीखे सुनाई दी होती. पब इस पर भी नहीं रुका और फिर से पूरा लुंड बहार निकल कर घुसा दिया एक hi बार में. फिर सर चीख निकल गई. पहले चीख गले से पूरी होती उससे पहले hi दूसरी निकल जाती. लुंड तो बिना रुके आगे पीछे हो रहा था. और पब का मुँह उसके चुचो को चूसने में बिजी था. तभी अंकिता के हाथ उसके सर को पाकर कर उप्पेर खींचते है. तो पब की नजर उसके फेस पे पार्टी है. उसके फेस पैर दर्द और आँखों से बहते आशु से उसको कुछ होश आता है. और उसको मंत्र पर्ने की याद आ जाती है. तो वो मंत्र परता है. उसके बाद वो अपने दकको को स्लो कर लेता है. फिर भी दकके चालू थे. अंकिता की हालत कुछ ठीक होती है. तो

अंकिता – आह्ह्ह्ह थोडटो डेरे करो न. मुझको मज़ा नहीं आ रहा है.. … आअह्ह्हा दर्द हो रहा है जी….

पब को उसकी दर्द भरी मीठी सी बात सुन कर अच्छा लगता है तो वो स्लो हो जाता है… तो अंकिता समाज जाती है की यदि अब मज़े करने है तो पब को स्पीड काम करने के लिए प्यार से कहना होगा..

अंकिता - .. हाँ जी ऐसे hi स्लो -2 छोड़ते रहिये अपनी आना को… आअह्ह्ह्ह थोड़ा और स्लो होइए न ji…aahhhh कितना मज़ा आ रहा है… (अंकिता उसके मुँह को अपने चुचो पे दबा देती है ) लो इनको भी तो पियो न कब से अपने मुँह में जाना चाहा रहे है. इनको भी तो चूसिये… (पब उसके चुके को मुँह ने लेकर उसको बुरी तरह काटने लगता है. पैर चुके में डायन लगने से उसके दकके बहुत स्लो हो जाते है. और अंकिता को अब रहत मिलने लगती है. उसके चुचो के दर्द से निचे का दर्द काम हने लगता है. छूट में पानी आने लगता है. अब अंकिता सभाल चुकी थी)

अंकिता - … हाँ ऐसे hi चूसते रहिये.. इसको भी तो चूसिये न… (वो पहले को निकल कर दूसने चुके को उसके मुँह में घुसा देती है. पहले चुके पे कई जगह से खून जलक रहा था. और पूरा चुका लाल हो गया था. )

छूट में पानी आने से अंकिता को अब मज़ा आने लगा था. वो जोर जोर से सिसकिया ले रही थी और बड़बड़ा रही थी – आआह्ह्ह्ह और चूसिये… खा जाइये इनको…. आअह्ह्ह्ह जोर से दकके मारो न जान… बहुत मज़ा आ रहा है अब ….. आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह और तेज़ करो फाड् दो मेरी छूट को…. खा जाओ मुझको….

पब – ोुह्ह्ह्ह तू बहुत तेअसत्य है मेरी रानी…. तेरी छूट भी बहुत hi कासी हुई है….. आअह्ह्ह्ह मेरे लुंड का तो दम hi घुट रहा है…. आआह्ह्ह्ह

और उसकके दकके तेज़ होते जा रहे थे. छूट में पानी की बजह रे फच – 2 की आवाजे आ रही थी. और दोनों की कमर ताल से ताल मिला कर थिरक रही थी. दोनों एक ों होने के बावजूद पसीना -2 हो रहे थे. दोनों उत्तेजना की चार्म की और बाद रहे थे. बढ़ते भी क्यों न चुदाई पिछले 35 मं से जारी थी. दोनों कुछ भी बोले जा रहे थे. पैर वो रुके नहीं थे अभी तक, और कुछ hi देर में अंकिता का पानी छूटने लगता है..

अंकिता – ोुह्ह्ह माय स्वीट हार्ट … मेरा होने वाला है और तेज़ पेलो मुझको…. समां जाओ मुज में… आअह्ह्ह ोुह्ह्ह ी म किंग …. ोूहः प्लीज फ़क हार्ड मोरे…. ोुह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्हह

और वो इसी के साथ जरने लगती है. उसकी छूट का गर्म पानी पब के लुंड के सब्र को तोड़ देता है. और पब भी उस गर्मी में पिघलता चला जाता है और 8-10 तकड़े सॉर्ट मर कर जरने लगता है…. उसके लुंड से निकला गर्म वीर्य अपनी बच्चे दानी पैर महसूस कर के अंकिता की आखें बंद हो जाती है. दोनों आखें बंद किये हाफ रहे थे. और उनको चोरो और से एक चमक ने घेर रखा था. पैर ये उसने महसूस नहीं हो रहा था. वो अब अपनी आखें खोल कर एक दूसरे की आखों में देखते है. और मुरकुरा देते है. पब उसके होंटो पे एक छोटा सा किश कर देता है. अभी भी उसका लुंड अंकिता की छूट में hi था. अंकिता से चुदाई का भूत उतरता है. तो उसको बहुत दर्द फील होता है. पैर अभी वो दर्द मीठा लग रहा था.

अंकिता –ुड़िये न… दर्द हो रहा है….

पब उस पे से उड़ जाता है. और साइड में लत जाता है. लुंड पांच की आवाज के साथ बहार अत है. और उसके बहार आते hi अंकिता की दर्द भरी एक चीख निकलती है. और वो बेहोश हो जाती है.
 
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पब उस पे से उड़ जाता है. और साइड में लत जाता है. लुंड पांच की आवाज के साथ बहार अत है. और उसके बहार आते hi अंकिता की दर्द भरी एक चीख निकलती है. और वो बेहोश हो जाती है. पब दर जाता है. उसकी नजर निचे पार्टी है. तो उसकी वो प्यारी सी छोटी सी छूट अभी सूज कर पाबरोटी बानी हुई थी और उसमे से खून और वीर्य बाह रहा था, छूट बहुत बुरी कंडीशन में दिख रही थी. निचे चादर पैर भी खून का एक बड़ा सा डब्बा था. पब दर कर गुरु को फ़ोन करता है. इस टाइम उसमे भी हिम्मत नहीं थी की वो कुछ कर सके. गुरु पब का फ़ोन देखते hi उसके रूम पे पहुंच जाती है. पब बड़ी मुश्किल से खरा हो कर गेट खोलता है. गुरु उसको एक साइड बैठा कर अंकिता को देख कर मुस्कुरा जाती है. फिर उसकी साफ़ सफाई कर के पब को उसे गोदी में लेने को बोलती है तो पब उसको गोदी में लेता है. और गुरु चादर भी चेंज कर देती है. पैर हिलने डुलने से अंकिता के फेस पे दर्द के भाव बाद गए थे. तो गुरु उसको वैसे hi लेटने को बोल देती है. और पब को कहती है की तुम भी फ्रेश हो कर सो जाओ. पब भी फ्रेश हो कर सो जाता है.

सुबह दोनों की नीड देर से खुलती है. पहले अंकिता उड़ती है. तो उसको अपना नंगा बदन और पब को देख कर रात का पूरा नजारा याद आ जाता है. तो वो मुस्कुराने लगती है. सरमने लगती है. उसको उस दर्द की याद अति है तो उसको फील होता है की अभी तो उसको कोई भी दर्द नहीं हो रहा है. वो भी सवी की तरह चौक जाती है. और खुद को चक करती है. डॉ. हो कर भी उसको कुछ भी समाज नहीं आता तो वो फ्रेश हो कर गुरु के पर पहुंच जाती है. गुरु उसको सब बताती है. किये सब कैसे हुआ. फिर गुरु पब के पास आ जाती है. अंकिता भी उसके पीछे थी. गुरु प्यार से पब को उड़ाती है. तो पब गुरु को देख कर उसको अपने ऊपर खींच लिटा है. अंकिता हसने लगती है. तो पब अंकिता का हाथ पाकर कर उसको भी खींच लेता है. अब दो बिबिया उसके दोनों साइड में थी. ीदार सविता और कामिनी को भी सब पता था. और अंकिता और गुरु को पब के रूम में जाता देख वो भी समाज गई थी की उनका पति उड़ गया है. तो वो दोनों भी टिया ले कर चल देती है पब के रूम में. और अंदर का नजारा देख कर मुस्कुराती हुयी उनके पास बेथ जाती है. और दोनों अंकिता को छेड़ने लगती है. अंकिता को तो बहुत सरम आ रही थी. पैर पब को रात की बात याद करके खुस हो रहा था. सब ख़ुशी -2 टिया पे रहे थे. तभी पब दुखी सा हो कर गुरु से पूछता है

पब – गुरु, कल रात भी वही हुआ. अंकिता हो अनलिमिटेड दर्द था. पर में न तो रुक सकता था. और न hi उसके दर्द को बरदास कर प् रहा था. यार मेरी बीबी होने की ये सजा क्यों मिलती है. (उसकी आखों में आशु थे)

अंकिता – तुम्हारी बीबी होने के लिए ये तो कुछ भी नहीं है, क्यों सविता जी…

सविता – हाँ मुझको भी यही लगता है.

पब – नहीं गुरु क्या कुछ ऐसा नहीं हो सकता की आगे किसी को दर्द न हो..

गुरु – दर्द तो होगा hi. अपना देख है कभी. ये तो एक रंडी के भी आशु निकल दे. तुम तो कुँवरियो की बात कर रहे हो…

ये सुन कर सविता और अंकिता दोनों शर्मा जाती है. तो कामिनी और पब मुस्कुराने लगती है.

पब – हाँ पैर में रुक कर उनका दर्द तो काम कर hi सकता हु न..

गुरु – हम्म ये हो सकता है. पैर इसके लिए तुमको एक और पावर की जरुरत होगी. और उसकी जरुरत तुमको आने वाले वक्त में भी पड़ेगी.

पब – कोण सी पावर की..

गुरु – अपनी kaam-vasna (सेक्स) को खुद कण्ट्रोल करने की power…wese तो ये योग से भी सम्भब है पर उसमे टाइम बहुत लगेगा. और अब तुम्हारे पास टाइम काम है.

पब समाज जाता है. की इस काम के लिए पारी hi उसके काम आएगी. और आज पारी अपनी सड़ना से भी उड़ेगी.

गुरु – अरे यार तुम नयी पावर की बात करने लगे पैर कल जो तुमको मिली है उसको तो देखा hi नहीं…

पब – हाँ मुझको बस अपने दिमाग के एक सन्ति सी लग रही है. ऐसा लग रहा है की मेरा मंद काफी तेज़ चल रहा है..

अंकिता – पैर तुमको उन लड़ईको को ठीक करना है न. तो बताओ कब करोगे.

गुरु – नहीं पहले इसको किसी ठीक इंसान का मंद रीड करना चाहिए. जिससे ये सिख सके की मंद रीड कैसे करते है. और फिर इसको उन लड़कियों के मंद में चेंज करने का सोचना होगा की कैसे करना है.

पब – तो गुरु तुम्हारा hi मंद रीड करू…

गुरु –पब मुझसे वादा करो की तुम कभी भी मेरा मंद रीड नहीं करोगी. कियोकि मेरे मंद में बहुत कुछ ऐसा है की जो यदि टाइम से पहले सबके सामने आएगा तो प्रॉब्लम हो सकती है. और मंद रीड करते हुए यदि तुमसे गलती से भी कुछ ीदार उदार हो गया तो हम सब बर्बाद हो सकते है. तुम जानते हो में क्या हु…

पब – ok यार वादा रहा नहीं करुगा तुम्हारा मंद रीड ok… पैर अपनी और किसी बीबी को ये छूट नहीं दुगा. सब का मंद परके देखूगा मुझसे कोण कोण कितना प्यार करती है…

सविता, कामिनी और अंकिता – चाहे मंद पारो या दिल तुमको बस प्यार hi मिलेगा अपने लिए..

पब – हम्म्म में जनता हु तुम सब मुझसे बहुत प्यार करती हो… ..

पब – मुझको अंकिता पे तरय करना चाहिए. एक तो ये सकती मिली भी इसकी वजह से है. और ये डॉ भी है तो मैं भी कुछ सिख जाउगा की लड़कियों के मंद को कैसे ठीक कर सकते है…

गुरु – हाँ ये ठीक रहेगा.

फिर गुरु बताती है की किसी का भी मंद रीड करने के लिए उसकी आँखों में देखना होता है. और फिर वो उसको सब जरुरी बाते बता देती है. फ़ी अंकिता भी उसको मंद से जुड़ी जरुरी बाते उसको बताती है. फिर पब अंकिता को अपने सामने बिता कर उसके मंद को रीड करने लगता है. तो उसको पहले तो दुःख होता है की उसने क्यों नहीं बताया की वो रतन की बेटी है.
 
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फिर गुरु बताती है की किसी का भी मंद रीड करने के लिए उसकी आँखों में देखना होता है. और फिर वो उसको सब जरुरी बाते बता देती है. फ़ी अंकिता भी उसको मंद से जुड़ी जरुरी बाते उसको बताती है. फिर पब अंकिता को अपने सामने बिता कर उसके मंद को रीड करने लगता है. तो उसको पहले तो दुःख होता है की उसने क्यों नहीं बताया की वो रतन की बेटी है. पैर फिर वो उसकी भावनाओ को रीड कर लिटा है. तो उसको उस पर वो भी जयादा प्यार आता है. फिर वो उसकी डॉ. की पड़े को पड़नी लगता है. उसके मंद में बहुत से केस थे जो की उसने अपनी लाइफ में सोल्वे किये थे. उन सब को रीड करके पब को बहुत कुछ सिखने को मिलता है. वो अंकिता के मंद को 1 ऑवर तक परता रहता है और सब चुप चाप बेथ कर ये देखते रहते है. बिच में अवनि और ऐडा आती है तो सविता उनको सब बहार ले जा कर समजा देती है. तो अवनि और ऐडा आज घर का काम देखती है. पूरा मंद रीड करने के बाद जब दोनों उड़ते है तो दोनों को कुछ कमजोरी फील होती है. पैर पब को न के बराबर थी.

पब – अंकिता तुमने बताया नहीकी तुम रतन सिंह की बेटी हो…

अंकिता (आशु के साथ) – सॉरी जान में …. (पब मुँह पे हाथ रख देता है)

पब – कुछ भी बोलने की जरुरत नहीं है. में सब पद चूका हु. और मुझको इस बात पे तुम्हारे उप्पेर और भी प्यार आ रहा है. (और पब ऊके होंटो को चुम लेता है)

सब ये देख कर हस्ते है तो अंकिता शर्मा जाती है.

पब – सब झस्ना बंद करो नहीं तो अभी में सबको बताता हु…

पैर सब को जोर से हस्ते है तो पब एक –2 कर के सब को किश करता है. और सबके साथ मस्ती करने लगता है. सब है रहे थे. काफी खुशनुमा माहौल था…

अंकिता - बहुत मस्ती हो गई अब हमको सभी लड़कियों को ठीक करना है. पैर उसके लिए कुछ डावाओ की और कुछ त्रिनेड लोगो की जरुरत होगी. कियोकि पब जिसके मंद को भी चेंज करेगा उसको बहुत जयादा कमजोरी आ जाएगी. और इसके लिए हमको पहले से hi तैयार होना होगा.

पब – त्रिनेड लोगो के बात है तो जुली और उसकी टीम काफी है. और फिर तुम सब भी तो हो.. और रही डावाओ की बात तो एक काम करो जितनी भी दवाये चाहिए. लिख कर दे दो. ऐडा और अवनि जा कर ले आएगी. जब तक निचे भी साडी तैयारी करनी होगी. उसको तुम सब लोग मिल कर करो…

सब पब की बात से सहमत थे. तो सब लग जाते है काम में. पब जुली को सब बताता है. जुली और उसकी टीम खुस हो जाती है और दुगनी स्पीड से काम करने लगती है. सब तैयारी होने में 3 ऑवर निकल जाती है तो सब लंच कर के फिर से निचे पहुंच जाते है. ऊपर केवल ऐडा और पेय थे.

पब सबसे पहले एक स्टेज 2 की लड़की को चुनता है जो ससिर से बहुत मजबूत लग रही थी और लड़कियों से.

उस लड़की को ले कर स्टेज 3 वाले रूम में आ जाता है. स्टेज 1 और 2 के रूम्स को हॉस्पिटल में बदल दिया था. अभी वह पैर पब की ठीक की हुई लड़कियों को रखना था. स्टेज 3 के रूम में इस टाइम सब लोग मौजूद थे. पैर पिन ड्राप साइलेंट था. पब पहले उसके मंद को रीड करता है तो उसको केवल उसमे कुछ उसकी पुराणी जिंदगी की यदि थी नहीं तो पूरा मंद ट्रेनिंग की यादो से hi बारे हुआ था. वो उस्सकी उन यादो को मिटाने लगता है. 2 ऑवर में जा कर वो उसकी साडी ट्रेनिंग की यादो को मिटने में कामियाब हो पता है. और जब उसके बाद उस लड़की को देखता है. तो वो एक जिन्दा लाश बन चुकी थी. अंकिता उसको चक करती है. और बोली – की ये तुमने क्या कर दिया इस लड़की के साथ अब ये कुछ भी नहीं कर पायेगी. ये अब कुछ भी नहीं जानती. तुमने इसके मंद से सब कुछ मिटा दिया. अब ये सिर्फ बैठी रहेगी जिंदगी भर. या कोई इसको इतना त्रिनेड करे जैसे की एक माँ अपने बच्चे को सब चीज सिखाती है एक एक कर के (और फिर ये सुन कर सब रोने लगते है एक और मासूम जिंदगी बर्बाद हो गई थी)
 
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