MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 9 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 71

पब जब मॉल पहुँचता है तब तक सबकी शॉपपिंग हो चुकी थी और वो पब का hi वेट कर रहे थे. उसके वह पहुंचते hi सब लोग घर के लिए निकल जाते है. पब घर पहुंच कर गुरु को मला के घर क्या हुआ वो सब बता देता है.

गुरु – तुमको ऐसे अपनी सक्तियो का प्रदशन करना ठीक नहीं है. और तुम संभु को भी नहीं जानते. वो त्रिकाल का मैं चेला है. तो जाहिर सी बात है की ये सब त्रिकाल को भी पता चलेगा की तुमने क्या किया है. अब तुमको और हम सबको डायन से रहना होगा. यदि अभी त्रिकाल ने हमला कर दिया तो तुम और मैं उसके आगे कुछ नहीं कर पाएंगे. चलो कोई बात नहीं है पैर आगे से कुछ भी करने से पहले सोचना की तुम अब अकेले नहीं हो.

पब को भी गुरु की बात सही लगती है. उसको अहसास होता है की वो जल्दीवाजी में गलती कर बैठा है. पैर अब कुछ नहीं हो सकता था. पब बहुत देर तक सोचता रहता है. और डिनर कर के सो जाता है. रात में गुरु उसके साथ hi थी. सुबह उड़ कर वो अपनी सदना करके जुली के पास पहुंच जाता है. जुली ने ट्रेनिंग सुरु hi की थी. पब को देख कर वो उसके पास आती है.

जुली – कैसे हो आप.

पब – अच्छा हु. तुम किसी हो? और किसी चल रही है ये ट्रेनिंग ???

जुली – मैं ठीक हु. ट्रेनिंग तो बहुत hi अच्छी चल रही है. ये सब बहुत स्ट्रांग है. और इनको एक जूनून सा हो गया है. मुझको लगता है की ये लोग 3 मंथ में hi 6 मंथ की ट्रेनिंग कम्पलीट कर लेगी.

पब – अभी तो तुम बस इनके फिजिकल पे डायन दो. और जब तुमको लगे की फिजिकल ट्रेनिंग कम्पलीट हो गई है तब तुम इनके स्किल चक करना और जो लड़की जिस चीज में अच्छी हो उसको उसकी ट्रेनिंग देना. पैर फाइटिंग स्किल में सबको रेडी करना है. कुछ को स्पाई बनाओ, कुछ को आईटी एक्सपर्ट, कुछ को शार्प शूटर, कुछ को हतियारो में एक्सपर्ट करना है. और जिनका मंद अच्छा हो, और वो टीम को लीड कर सके 4-5 ऐसी भी लड़की तैयार करो..

जुली – आप तो पूरी आर्मी hi बनाना चाहते हो. मुझको नहीं आता ये सब. मैं कैसे कर सकती हु??

पब – जुली तुम एक्सपर्ट्स को हिरे करो, अपने देश से बुलाओ. जो भी पैसा लगेगा मैं दुगा. पैर ये लड़किया ऐसी होनी चाहिए की कोई भी ठीक न सके..

जुली – हम्म में कांटेक्ट करती हु एक्सपर्ट्स से. पैर उन लोगो की जरुरत तो 2-3 मंथ बाद hi पड़ेगी. मैं बात कर के सब रेडी कर लेती हु. और हाँ टीम लीडर के लिए 2 तो मेरी टीम मेंबर परफेक्ट है. एक पारी बहुत अच्छी लीडर बन सकती है. 2 और लड़किया इनमे से में देख लगी.

पब – हम्म मैं भी पारी को ये सब करने की सोच रहा था. मैं आज hi उससे बात कर लगा. पैर वो 14 के बाद hi ट्रेनिंग ज्वाइन कर पायेगी. और तुम सब रेडी करो. और हाँ मेने ये सब करने के लिए पहाड़ी के पीछे के जंगल के लिए सोचा है. वह पे तुम अपना कैंप बना लो. और सब लड़कियों के लिए आर्मी जैसी ड्रेस बंबा लो.

जुली – हाँ उस जंगल में कोई नहीं जाता. यदि हम वह रहा कर ट्रेनिंग करे तो ये सेफ रहेगा. पैर ये आर्मी की ड्रेस क्यों??

पब – यदि कोई पहुंच भी जाये तो किसी को सक न हो. आर्मी की ड्रेस में होगी तो ुको लगेगा की आर्मी की ट्रेनिंग चल रही है. और गाओं वाले ज्यादा सोचते नहीं है. और यहाँ पहाड़ी इलाको में आर्मी के कैंप लगते रहते है. फिर भी कोई प्रॉब्लम आएगी तो तब hi देखेंगे. पैर तुम पूरा आर्मी के कैंप जैसा कैंप लगाना. जो भी चाहिए आज hi ले आओ. और 2 दिन में कैंप कम्पलीट करके यहाँ से निकल जाओ. मेरे साथ फ़ोन पे हमेशा बानी रहना. वैसे भी कैंप की जरुरत केवल 1-1.5 मंथ की होगी.

जुली – हम्म ठीक है. आज की ट्रेनिंग मेरी टीम करवाएगी. मैं इस काम पे लग जाती हु.

पब – ok अब मैं चलता हु. कोई भी काम हो तो मुझको कॉल कर लेना.

पब वह से निकल कर फ्रेश हो कर दिंनिंग टेबल पे पहुंच जाता है. वह पैर सब थे. और सभी सधी की बाते hi कर रहे थे. अवनि तो बहुत hi एक्ससिटेड थी. जय अब खुस नजर आ रहा था. घर में खुशियों का माहौल था. पेय अपनी हरकतों से सबको हँसा रही थी. पब भी सब के साथ शामिल हो गया.

कुछ देर बाद पब पारी और गुरु को ले कर रूम में पंहुचा.

पब – गुरु और पारी तुम दोनों जानती हो की मैं इन लड़किया को क्यों तैयार कर रहा हु. मैं एक आर्मी बनाना चाहता हु. जो की लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने वालो पैर मूट बन कर टूटे. और इन सब लड़कियों का बदला भी पूरा हो.

गुरु – हाँ हम ये जानते है. पैर अभी इन बातो का क्या मतलब है. तुम क्या कहना चाहते हो??

पब – मैं पारी के मन की बात जानना चाहता हु. वो क्या चाहती है. वो इस सब में लड़कियों के साथ है. या इस हवेली में सन्ति से रहना चाहती है.

गुरु – क्या मतलब है तुम्हारा ?? ये तुम्हारी बीबी है और ये तुम्हारे साथ नहीं रहेगी तो कहा रहेगी?? तुम क्या चाहते हाउ ो साफ़ -2 बोलो

पब – हम्म, मेरे हिसाब से पारी को भी ये ट्रेनिंग करनी चाहिए. मैं भी करुगा पैर मुझको फिजिकल ट्रेनिंग की जरुरत नहीं है. पैर पारी को है. मैं चाहता हु पारी आर्मी की एक टीम को लीड करे. ये मिशन पैर जाये..

गुरु – पारी ट्रेनिंग तो कर सकती है. पैर मिशन पैर नहीं जा सकती. तुम भूल क्यों जाते हो की हम सब जुड़े है.

पब – मैं आज तक तुम्हारी इस बात को समाज नहीं पाया. आज पूरी बात बताओ.

गुरु – तुमने जो क्रिया सुरु की है. ये क्रिया अभी un-complete है. जब तुम अपनी 11 सक्तियो को हासिल कर लोगे. तब तुमको अपनी उन 11रो पत्नियों के साथ एक बार में सामूहिक सम्भोग करना होगा. तब ये क्रिया पूरी होगी. और तुम्हारी सकती हमेशा के लिए तुम्हारे साथ रहेगी. यदि उससे पहले यदि तुम्हारी कोई सिब hi पत्नी मर गई या तुमको छोड़ कर चली गई तो सब के सब मर जायेगे. हम सब एक दूसरे से जुड़ चुके है. किसो कुछ भी होने का मतलब सबकी मूट है. इसलिए hi तो मला के साथ तुमने जो किया वो मुझको पसंद नहीं आया. सोचो यदि उसने तुमसे बदला लेने के लिए हम्मे से किसी को टारगेट किया तो क्या हो सकता है.

पब – ोुह्ह्ह ये तो बहुत hi गंभीर बात है, और तुम आज बता रही हो. मतलब यदि त्रिकाल इस क्रिया के बारे में जनता होगा तो वो तुमने से किसी को टारगेट कर के एक बार में hi जंग जीत जायेगा.

गुरु – हाँ ये सच है की यदि किसी ने हममे से किसी को टारगेट किया तो वो आसानी से जीत सकता है. पैर मुझको नहीं लगता की त्रिकाल को इस क्रिया के बारे में पता है. नहीं तो अब तक वो कुछ न कुछ तो कर hi चुक्का होता. वैसे भी अभी तब उसकी तरफ से कोई भी एक्टिविटी नहीं हुयी है. वैसे भी मणि जी ने त्रिकाल के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए अपने कुछ चलो को भेज दिया है. जब से मणि जी को पता चला है की हवेली से लड़कियों की सप्लाई त्रिकाल के लिए हो रही है. तब से वो त्रिकाल के बारे में पता करने में hi लगे है.

पब – हम्म मन मणि जी लगे है. और त्रिकाल को भी इस क्रिया के बारे में पता नहीं है. फिर भी हमको अलर्ट तो रहना hi होगा न. और कुछ ऐसा भी करना होगा की यदि कोई प्रॉब्लम आये तो आसानी से निपटा जा सके..

पारी – पैर हम क्या कर सकते है??

पब – मेरे हिसाब से तुम सब को जुली के साथ ट्रेनिंग करनी चाहिए. जिससे छोटे मोठे खतरों से तो तुम लोग खुद hi निपट लोगे. और गुरु एक काम हो सकता है. त्रिकाल या किसी बड़े खतरे से लड़ने के लिए.

गुरु – क्या हो सकता है??

पब – यदि तुम सब को मन hi मन में बात करना सीखा दो तो किसी को भी कोई भी प्रॉब्लम होगी तो वो तुर्रंत दूसरे की मदत मैग सकता है. और कुछ ऐसा करना की मन hi मन बात करने के लिए समादि की मुद्रा में बेतना न पड़े..

गुरु – आईडिया तो बहुत अच्छा है. पैर बहुत हार्ड भी है. मन hi मन बात करना सिखने में बहुत टाइम लगता है. और रोज सड़ना करनी पड़ती है. और भी आसान लगाए बात करने के लिए मंद को बहुत कण्ट्रोल करना पड़ता है. जो हर कोई नहीं कर सकता. मेरे हिसाब से पारी और अंकिता को छोड़ कर और कोई नहीं कर पायेगा.

पब – क्या मैं इनके मंद को कण्ट्रोल करने में इनकी हेल्प कर सकता हु.

गुरु – अरे हाँ यदि तुम सबके मंद को इस काम के लिए सेट कर दो तो 2-3 मंथ की सड़ना से hi सब मन hi मन बात करने लगेंगे.

पब – हम्म तब तो आज रात को hi ये काम किया जायेगा. और कल से सब सड़ना सुरु करोगे. और जय की सधी के बाद सब लोग जुली के साथ ट्रेनिंग भी करोगे.

गुरु – ये ठीक है.

पारी – पैर सब लोग इस ट्रेनिंग को कर पाएंगे?? और सब कामो का क्या होगा??

पब – देखो खेतो को तो लखन देख लेगा और मिल्स को जय और अवनि हैंडल करेंगे. ये दोनों यदि 2-3 हॉर्स भी जायेगे तो भी ये सब हो जायेगा. वैसे भी जिन्दा रहने के लिए से सब करना और सीखना जरुरी है.

पारी को भी सही लगा की जिन्दा रहना है तो ये सब सीखना hi होगा. फिर तीनो लंच के लिए बहार चले गए. पूरा दिन सधी की तैयारी में hi निकल गया रात में पब ने सबको वो सब बता दिया. सबको मन्ना hi था. ये इन सबकी जिंदगी का सवाल था. गुरु ने पब को बताया की मंद में क्या चेंज करने है. पब ने एक -2 करके सबके मंद को इस काम के लिए सेट कर दिया केवल गुरु को छोड़ कर कियोकि वो पहले से hi सीखी हुई थी. जय, अवनि, पेय, ऐडा को भी त्रिनेड किया जा रहा था.
 
अपडेट 72

नेक्स्ट डे से गुरु की ट्रेनिंग सुरु हो चुकी थी. तो पारी ने भी सबको फिट करने के लिए योग सुरु करवा दिया था. ये सब करके सब लोग सधी और पार्टी की तैयारियां करते रहे. और सधी के एक दिन पहले हवेली में तो रौनक का माहौल था. गाओं में भी पूरी रौनक थी. पैर रतन के घर पैर लता और रतन में बहस हो रही थी ----

रतन – लता आखिर तुम क्यों मिलने गई थी अंकिता से. जब उसने हॉस्टल से भाग कर हमको पराया कर दिया तो तुम फिर उससे मिलने क्यों गई.

रतन को पता चल चुक्का था की लता अपनी बेटी से मिल कर आयी है और उसकी बेटी की सधी भी हो चुकी है.

लता – उसने हमको पराया किया रतन या हमने अपनी बेटी को अनाथ बनाया ??

रतन – हमने तो बस उसको इस घर से दूर रखा था. और हमने उसको किसी चीज की कमी नहीं होने दी.

लता – क्या कभी उसे माँ बाप का प्यार मिला. क्या मिला उसको रतन?? एक अनाथ की जिंदगी जी है उसने.. वो भी माँ बाप के जिन्दा होते हुए. तुमको क्या हो गया है रतन तुम कब से रेस्टो की जगह पेसो को देने लग गए.

रतन – तो मैं क्या करता उसको इस घर में रख कर खुद बर्बाद होता रहता. मैं भी अपनी बेटी को प्यार करता था. पैर एक बेटी के लिए सब बर्बाद तो नहीं कर सकता था न.

लता – उन पुराणी बातो को छोड़ो. उन पैर बहस करने से कुछ हासिल नहीं होगा. पैर एक बात बताओ अब क्यों दूर भाग रहे हो अपनी बेटी से. तुम्हारे गुरु के हिसाब से उसको इस घर में रखने से hi प्रॉब्लम होनी थी न. तो अब तो उसकी सधी हो चुकी है और वो हमेशा के लिए दूसरे की हो चुकी है. अब वो कभी इस घर में नहीं आएगी. पैर तुम तो पहले भी उससे मिलने जाते थे न. तो अब मैं मिल आयी तो क्या हो गया.

रतन लता की बात का कोई जबाब न दे सका. देता भी कैसे लता ने सच कहा था. रतन अंकिता से हमेशा मिलने जाता था. और लता को इसलिए नहीं ले जाता था की कही लता को फिर से अटैक न पड़ने लगे. कियोकि पहले तो सोनल और अल्पना ने उसको बचा लिया था. पैर अभी वो भी नहीं थी. और अब जब लता अंकिता से मिल आयी थी और वो ठीक भी थी तो फिर रतन का ये गुस्सा भी बेमतलब था. अंकिता के ऐसे भाग जाने से रतन के मन में अंकिता के लिए एक गुस्सा था. जो लता पे निकल रहा था. और लता की बातो से काम भी हो रहा था. रतन को भी लगने लगा की लता अपनी जगह ठीक है. एक माँ जो अपनी बेटी को देखने के लिए भी तरसी हो उसको अपनी बेटी से मिलने जाना सभाबिक है.

लता – रतन आप भी तो अंकिता से बहुत प्यार करते है. और मुझसे भी करते है. तो आप हम दोनों को खुस देख कर गुस्सा क्यों हो रहे है. आपको केवल अपनी बेटी को खुद से दूर रखना था. तो देखो वो सधी करके हमेशा के लिए हमसे दूर चली गई. और मैं अभागी माँ इतना कुछ होते हुए भी अपनी बेटी को विदा तक न कर सकीय. एक गरीब भी अपनी बेटी का कन्या दान लेता है तो सोचता है की उसका कामना सफल हो गया. और हमारे पास इतना सब होते हुए भी कन्यादान तक न कर सके. कितने गरीब है हम. तुम हर साल कितनी गरीब लड़कियों की सधी करवाते हो. पैर अपनी खुद की बेटी की सधी न करवा सके तो क्या फायदा इस सब का.

रतन – बस करो लता बस करो… मैं भी अपनी बेटी को चाहता हु. वो hi मेरे दिल का टुकड़ा है. पैर मैं क्या करता जब वो खुद hi भाग गयी. मेने भी उसकी सधी के सपने सजाये थे. पता नहीं क्या -2 सोचा था. पैर वो खुद hi मेरे सपनो को तोड़ कर भाग गई. और आज जब मिली है तो उसकी सधी हो चुकी है. तुम बताओ इसमें मैं क्या कर सकता हु. उसके भागने से hi मेरे दिल में उसके लिए गुस्सा था. मेरे सपने जो तोड़ दिए थे. पैर सायद ये मेरे उन पापो की सजा है जो मेने अंकिता को इस घर से दूर करके किये है..

लता – जब आप भी उसको छाते है तो मिल क्यों नहीं आते अपनी बेटी और दामाद से. वो दोनों आपको देख कर बहुत खुस होंगे.

रतन – हाँ तुम ठीक कहती हो. हम दोनों को चलना चाहिए. मैं अकेले नहीं जा पाउगा तुम मेरे साथ होगी तो ठीक रहेगा… पैर अपना दामाद कोण है?? क्या करता है??

लता – आप भी न.. इतना बड़ा एम्पायर चला रहे है और बेटी से मिलने में दर रहे है. मैं भी चलुगी आपके साथ. परसो (14 को) उन्होंने अपने उसी होटल में सधी की पार्टी राखी है. जो होटल अपने अंकिता के लिए बनबाया है. मैं वो होटल उसी को दे आयी हु. आप परसो hi चलिए पार्टी में तो वो बहुत खुस होगी आपको देख कर…

रतन – हम्म ठीक कहती हो हम लोग परसो hi चलेंगे. पैर तुमने बताया नहीं की दामाद कोण है, उसके माँ बाप कोण है..

लता – आप उसके माँ बाप को जानते है.

रतन – कण है वो??

लता – अल्पना और प्रतिक..

रतन – क्या कहा………….. तुम उन दोनों की बात कर रही हो???? क्या जो मैं सोच रहा हु ये सच है.

लता – हाँ एप क दम सही सोच रहे है. ये आपके दोस्त प्रतिक का बीटा है. पैर एक दुःख की बात भी है की वो दोनों अब दुनिया में नहीं रहे…

रतन – ऊऊह्ह्ह्हह्ह मेरे भाई प्रतिक.. (और रोने लगा ) तुम्हारी आज खबर मिली भी तो ये की तुम अब नहीं रहे… क्यों चले गए मुझको छोड़ के…..

लता – रतन सम्भालिये अपने आपको, जो होना था व ओहो चुक्का है. उनकी आखरी निशानी ने हमको फिर से उनके नजदीक कर दिया है…

रतन – आखरी निशानी मतलब ????? मेरी बेटी गुड़िया कहा है. और उनके बीटा कब हुआ? कही ये कोई बहरूपिया तो नहीं है न???

लता (आखों से आशु बहते हुए) – मेरी सोनल भी नहीं रही इस दुनिया में… मुझसे बिना मिले hi दुनिया छोड़ गई वो… (लता रोने लगी थी)

रतन – नहीं ये नहीं हो सकता मेरी वो बेटी भी मुझको छोड़ कर चली गई… (उसका दिल तड़फ रहा था. उसे बहुत दुःख था. आखों से आशु बहा रहे थे.)

लता – समबलिये अपने आप को जो चले गए उनको वापिस नहीं लाया जा सकता पैर जो है उनको तो अपनाया जा सकता है न..

रतन – कही ऐसा तो नहीं की ये लड़का झूट बोल रहा हो..

लता – नहीं ऐसा नहीं है वो तो जनता भी नहीं है की उसके माँ बाप हमारे लिए क्या थे. पंकज भी अपनी ***** कंपनी में काम कर चुक्का है. मेने वह से साडी डिटेल्स चक करवाई है. (ये सच है की लता ने उसी रात पब के होटल से जाने के बाद अपनी कंपनी से उसका सारा डाटा निकलवा कर चक किया था. अंकिता को भी इस बारे में पता नहीं चला उसको लगा उसकी माँ कोई ऑफिस का काम कर रही है.)

रतन – पैर प्रतिक, अल्पना और गुड़िया को क्या हुआ ??? कैसे हुई उनकी मूट??

लता – प्रतिक तो 15साल पहले रोड एक्सीडेंट में मर गया था. और अल्पना और गुड़िया ने 6-7 मंथ पहले आत्महत्या कर ली थी.

रतन – क्या पैर क्यों???

लता – पता नहीं ये तो किसी को नहीं पता (न जाने क्यों लता ने ये सच रतन को नहीं बताया)

रतन – हम्म पैर अब में अपने भाई प्रतिक के bête को कही नहीं जाने दुगा. उसको अपने साथ रखुगा.

लता – आप भूल रहे है अब वो हमारा दामाद है. और आप अपनी बेटी को कभी इस घर में नहीं आने देंगे.. इसलिए हमको परसो अपनी बेटी और दामाद से मिलने जाना चाहिए. मैं चाहती हु की आप भी पंकज को न बताये की आप उसके माँ बाप को जानते है. और वो आपके लिए क्या थे..

रतन – हम्म ठीक है….. (रतन की आखों में उसकी बेबसी के आशु थे. वो तब भी कुछ नहीं कर पाया जब प्रतिक उसको छोड़ कर गया था और आज भी वो बेबस था)

फिर दोनों के बिच एक ख़ामोशी छ जाती है. ये ख़ामोशी बहुत कुछ कहा रही थी. दोनों के मन में बहुत सवाल थे पैर जवाब केवल मणि जी के पास hi थे.
 
अपडेट 73

फिर दोनों के बिच एक ख़ामोशी छ जाती है. ये ख़ामोशी बहुत कुछ कहा रही थी. दोनों के मन में बहुत सवाल थे पैर जवाब केवल मणि जी के पास hi थे.

नेक्स्ट डे मॉर्निंग में हवेली में बहुत हल्ला गुल्ला था. आज जय की सधी थी. अवनि कामिनी और सविता इन तीनो के कदम जमीं पे नहीं थे. अपना हीरो भी बखूबी इनका साथ दे रहा था. अभी हवेली में जुली और उस लड़कियों में से कोई नहीं था. केवल सैंडी थी उनके पास में. एक -2 करके सधी की सब रस्मे हो रही थी. कुछ तो पहले भी हो चुकी थी.

सयम को बारात मुखिया के घर के बहार लगे पंडाल में पहुंची. मुखिया ने बारे hi सम्मान के साथ उनका सवागत किया. मुखिया ने अपनी और से कोई कसार नहीं छोड़ी थी सधी में. सधी पुरे दम डैम से हो रही थी. पूरा गाओं सधी में आया हुआ था. पब और उसकी पत्नियों की खास मेहमान नवाजी हो रही थी. गाओं की लड़किया नाच गए रही थी. कुछ जय से हसी मजाक कर रही थी. बहुत hi हसी ख़ुशी माहौल में सधी पूरी हो गई. कामिनी ने सधी में एक माँ होने का फर्ज पूरी तरह निभाया था. (फ्रेंड्स मेने ये सधी जल्दी ख़तम कर दी है कियोकि ये जरुरी नहीं है स्टोरी में.)

सधी होने के बाद सुबह 5-6 ऍम को विदाई हुयी. तो पब मुखिया और कुछ लोगो को रात की पार्टी के लिए इन्विते कर दिया. और फिर सब लोग काजल को ले कर हवेली पहुंच गए. और फिर सविता और कामिनी की रिवाजे सुरु हो गई. पब तो रात का थका हुआ था तो वो रूम में जा कर सो गया. ये लोग अपनी रिवाजो में लगे रहे.

लंच टाइम पैर पब की आखें खुली, वो फ्रेश हो कर बहार आया तब तक अभी रस्मे हो चुकी थी. और सभी लोगो के फेस पैर तकन दिख रही थी. सब लोग डिनर टेबल पे लंच के लिए bêthe थे. कामिनी और सविता किचेन से खाना सर्वे कर रही थी. पब भी अपनी चेयर पे बेथ गया. और लंच करने लगा.

पब – कामिनी सविता तुम लोग भी आओ, लंच करो…

कामिनी – जी बस एक मं.

पब – तुम सब बहुत थके हुए हो. तो लंच कर के सो जाना. मैं सयम की पार्टी की तैयारी करता हु. सब लोग सयम को टाइम से रेडी रहना साथ मैं चलेंगे…

अंकिता – पैर अभी मेरे को मैनेजर से बात करनी है.

पब – तुमको कुछ करने की जरुरत नहीं है. मैनेजर ने सब कुछ कर लिया होगा. मैं बात कर लगा. तुम सब जा कर सो जाओ.. और काजल तुमको भी साथ चलना है. अभी कुछ देर आराम कर लो फिर रेडी हो जाना. आज से ये तुम्हारा भी घर है.

काजल – जी ठाकुर साहब…

पब – काजल ये ठाकुर साहब क्यों बोलै.?? तुम इस घर की hi हो. और जय मेरे छोटे भाई जैसा है. तुम मुझको भाई बुला सकती हो…

काजल – जी … पैर आप माँ के पति है. और गाओं के ठाकुर है. मैं आपको भाई कहुगी तो गलत …..(बिच में hi)

पब – कुछ गलत नहीं होगा. जय मेरा भाई जैसा है. और तुम भाई hi बोलोगी … ok

काजल – जी..

पब – देखो आज से ये घर तुम्हारा भी है. और इसमें क्या होता है ये बहार किसी को पता नहीं चलना चाहिए. तुमको किसी भी तरह की कोई भी प्रॉब्लम हो तो मुझको या कामिनी को कहा सकती हो.

काजल – जी..

फिर सब लोग आराम करने के लिए चले जाते है. पब पार्टी की तैयारियों में लग जाता है. वो एक बार होटल जा कर सब देख लेता है. सरे इंतजाम बहुत अच्छे किये गए थे. जब वो लोट्टा है तब तब सब तैयार होने लगे थे. तो पब भी तैयार होने चला जाता है. और एक अच्छा सा सूट पहन कर बहार आ जाता है. ये उसके लिए अंकिता ने करेड़ा था.

कुछ देर में hi एक –एक करके पब की पत्निया आने लगती है. और पब का दिल मचलने लगता है. सब एक से बाद कर एक थी. कामिनी और सविता के ड्रेस से जिस्म डाका तो था पैर एक -2 उभर और कट साफ़ नजर आ रहा था. पारी, ऐडा, अंकिता, गुरु, काजल इन सब ने वेस्टन ड्रेस पहनी थी जिसने जिस्म चुप काम रहा था और दिख ज्यादा रहा था. सब की सब सेक्सी लग रही थी. पब का मन कर रहा था की अभी पकड़ कर छोड़ दे. पैर दिल के अरमान पुरे नहीं किये जा सकते थे. वो इनको देख देख कर hi दिल को बहला रहा था. की तभी अवनि वह आ जाती है. अवनि तो वैसे भी जान थी और अभी जान लेने पे तुली थी. उसका ड्रेस उप भी वेस्टन hi था. पैर लग एक दम क़यामत रही थी. आज पहली बार पब ने अवनि को ऐसी ड्रेस में देखा था. उसके मेक उप भी कमल का था. पब किन अजर अवनि से हैट hi नहीं रही थी. तो गुरु ने बोलै..

गुरु – कहा खो गए हो जी.. चलना नहीं है क्या??

पब गुरु की बात से दुनिया में वापस आता है. और गुरु की और बाद जाता है. उसके नजदीक जा कर बोलै

पब – कतल के इरादे है क्या तुम सब के. क्यों बिजलिया गिरा रही हो मुज गरीब पैर. ऐसा न हो की में सब भूल कर तुमने से किसी एक कोप ेल दू. हाईए आज तो लूट गया मैं… बिबिया क़यामत ध रही है. और हम कुछ कर भी नहीं सकते…

गुरु – हाहाहाहाहा… अब चलो भी पार्टी के लिए लेट हो रहा है…

पब – न मैं नहीं जाउगा पार्टी में. अब तो मन कुछ और करने का हो रहा है…

अंकिता ने पब की बात सुन ली थी.

अंकिता – जनाब चलिए… जयादा आशिक मत बनिए..

पब – रुक अभी रुक तू…

और पब अंकिता को पकड़ कर उसके होटों को चुम लेता है… सब ये देख कर हसने लगते है…

गुरु – लगता है आज आपसे बचके रहना होगा…. अब चलो मेहमान वेट कर रहे होये..

पब – तुम लोगो को मुझसे नहीं सबसे बचना होगा. 1-2 तो इन ादयो पे मर hi जायेगे…

सब बहार की और चल देते है. तो पब को भी उनके पीछे जाना पड़ता है. सब लोग कार्स से होटल पहुंच जाते है. वह के तैयारियां देख कर पब को छोड़ कर सब चौक जाते है. किसी ने भी ऐसी पार्टी नहीं देखि थी. इससे पहले पब ने भी नहीं देखि थी पैर वो अभी यहाँ से गया था. तो उसको तो सब पता था. पार्टी होटल के गार्डन में थी. ये एक बड़ा ग्राउंड था. जो इस टाइम मेहमानो से पूरा बारे हुआ था. सिटी के सब आमिर आदमी और अफसर इस पार्टी में शामिल हो चुके थे. अंकिता की सभी मेहमान भी आ चुके थे. ऐडा और पेय के फ्रेंड्स भी वह मौजूद थे. अवनि ने मिल्स के कुछ स्टाफ को बुलाया था. जय के 3-4 दोस्त भी थे. लखन भी उसमे शामिल था. मला रवि की वाइफ वंदना भी वह थी. मला तो चलने लायक hi नहीं था तो केवल वंदना आयी थी. काजल की पूरी फॅमिली भी वह आयी हुई थी. मुखिया को तो लग रहा था की वो स्वर्ग में आ गया है.

ग्राउंड पैर खाने पिने का पूरा इंतजाम था. वेग, नॉन वेग, स्वीट्स, सभी तरह के 100 से भी जयादा आइटम थे खाने में. बार पे हर ब्रांड मौजूद था. लेडीज और गेंट दोनों तरह के वेटर सबकी मेहमान नवाजी कर रहे थे. कुछ मनचले उन लेडीज वेटर्स के साथ छेद चढ़ कर रहे थे. स्टेज पैर विदेसी कलाकारों ने दम मचा राखी थी. सभी लोग इस पार्टी का लुफ्त उदा रहे थे.
 
अपडेट 74

ग्राउंड पैर खाने पिने का पूरा इंतजाम था. वेग, नॉन वेग, स्वीट्स, सभी तरह के 100 से भी जयादा आइटम थे खाने में. बार पे हर ब्रांड मौजूद था. लेडीज और गेंट दोनों तरह के वेटर सबकी मेहमान नवाजी कर रहे थे. कुछ मनचले उन लेडीज वेटर्स के साथ छेद चढ़ कर रहे थे. स्टेज पैर विदेसी कलाकारों ने दम मचा राखी थी. सभी लोग इस पार्टी का लुफ्त उदा रहे थे.

हमारा हीरो और उसके साथ सभी लेडीज भी सब लोगो से मिल रहे थे. आपस में हसी मजाक कर रहे थे. जय अपने दोस्तों के साथ बिजी हो गया. ऐडा और पेय भी अपनी फ्रेंड्स के साथ थे. काजल अपनी फॅमिली के पास बेथ गयी थी. सब पार्टी का मज़ा ले रहे थे.

स्टेज पैर प्रोग्रम्मेस चल रहे थे. बिच में hi लेडी होस्ट ने पंकज और उसकी फॅमिली को स्टेज पे आने को बोलै. पब सबको ले कर स्टेज पैर पहुंच जाता है. और माइक पे बोलता है..

पब – थैंक यू लेडीज एंड जेंटलमेन फॉर किंग तो माय पार्टी.. ी रॉय वैरी हैप्पी तो सी आल ऑफ़ यू.. मैं पंकज और पानीपुर गोअन का ठाकुर हु. और ये मेरी फॅमिली है. मैं दोस्तों का दोस्त और दुश्मनो का दुसमन हु. ये पार्टी मेने आप सब का साथ पाने के लिए सखी है. ी होप आप सभी लोग फ्यूचर में भी हमारा साथ देंगे… ओने अगेन थैंक्स फॉर किंग…

सब लोग तालिया बजाते है. तालिया बज hi रही थी की गेट पैर एक के बाद एक गाड़िया आने लगती है सब एक से बाद कर एक थी. एक रोल्स रोये घोस्ट गेट पी ा कर रूकती है. कियोकि प्रोग्राम ग्राउंड में था तो वह स्टेज से सब दिख रहा था. और पार्टी में मौजूद सब लोग भी इस कार को देख कर चौक गए थे. सभी हाई प्रोफाइल लोग थे कुछ को छोड़ कर. अदिकतर जानते थे इस कार के वेयर में. इस कार का इस छोटी सी सिटी में होना hi बड़ी बात थी. फिर उसमे से रतन & लता उतारते है. इन दोनों को देख कर तो पार्टी में खुसुर फुसुर सुरु हो चुकी थी. होती भी क्यों न रतन सिंह को देश का बच्चा -2 जनता है. और स्टेज पे कड़ी अंकिता की आखों में चमक और आशु आ गए थे.

वो दोनों कार से निकल कर स्टेज की और बाद जाते है. होटल मैनेजर रतन और लता को देख कर कपङे लगता है. उसको दर था की यदि पार्टी में कोई कमी लगी तो उसकी नौकरी तो गई… मैनेजर ने सोचा भी नहीं था की पार्टी में खुद रतन सिंह आएंगे.

रतन सिंह स्टेज पैर पहुंच कर अंकिता की और देख रहा था और अंकिता रतन की और. दोनों की बिच छुपी थी. सिर्फ आशु बहा रहे थे. रतन की आखों में भी आशु थे. पब भी आश्चर्य से रतन को देख रहा था. उसको तो समाज hi रही आ रहा था की कैसे रियेक्ट करे.

रतन – बेटी अपने पापा को माफ़ कर दो. गले लगा लो मुझको. मैं भी अपनी बेटी के लिए बहुत तड़पा हु.

अंकिता तो ये सुन कर hi खुस हो गई. कियोकि रतन ने उसको सबके सामने कभी बेटी नहीं मन था. वो जब भी मिलने आता तो अकेले में उससे मिलता और चला जाता. केवल डॉक्. में अंकिता के फादर नाम में रतन का नाम था. जो कोई भी नहीं जनता था की ये रतन कोण है. केवल प्रिन्सिपल्स को छोड़ कर.

अंकिता एक दम रतन की बहो में समां गई. और उसके कंडे पे सर रख कर रोने लगी. और सब लोग तो सास थामे इन दोनों को देख रहे थे. थोड़ी देर तक दोनों ऐसे hi रहे तब लता बोली

लता – आप केवल बेटी से hi मिलेंगे या दामाद से भी मिलना है.

रतन – हाँ मैं अपने दामाद से क्यों नहीं मिलुंगा… एक hi तो दामाद है हमारा..

रतन ये कहा कर पब की और देखता है और इसारे में उसको बुलाता है. पब को देख कर रतन को प्रतिक की याद आगि थी. पब का फेस प्रतिक से बहुत मिलता भी था. रतन पब को भी अपनी बाँहों में ले लेता है. अब अंकिता और पब दोनों रतन की बाँहों में थे. कुछ देर बाद रतन दोनों से अलग होता है. और माइक हाथ में लेता है.

रतन – दोस्तों आप लोग मुझको तो जानते hi लोगे. फिर भी में बता देता हु. मैं हु रतन सिंह रतन ग्रुप ऑफ़ कंपनी का मालिक.. और अभी जो पंकज ने अपना इंट्रो दिया है वो ादुरा है. ये मेरा दामाद है. मेरी बेटी अंकिता का पति… ये मेरी और लता की पहली संतान है. जिसको हमने किसी वजह से अपने से दूर रखा था. पैर आज मैं सबको बहुत ख़ुशी से बता रहा हु की अंकिता hi हमारी पहली बेटी है.

ये सुन कर तो सब लोग चौक जाते है. कयोकि अंकिता रतन सिंह की बेटी है ये तो अंकिता की फ्रेंड्स को भी नहीं पता था. वह 1-2 छोटे मोठे न्यूज़ रिपोर्टर्स थे. वो इस पार्टी को कवर करने आये थे. पैर उनको क्या पता था की उनको ऐसी न्यूज़ मिलेगी जो पुरे देश में चर्चा का विषय बनेगी. उन रिपोटर्स ने रतन की एते hi अपने कमरा उस की और मोड़ दिया था. और इनकी ये रिकॉर्डिंग आज की ब्रेकिंग न्यूज़ बन गई थी.

अंकिता इस बात से बहुत hi खुश थी की आज से वो दुनिया की नजरो में अनाथ नहीं है. अनाथ होने का क्या दुःख होता है ये तो कोई अनाथ hi बता सकता है. पैर अंकिता तो maa-baap के होते हुए ानाथ थी. पैर आज वो बहुत खुश थी. उसको माँ बाप दोनों मिल गए थे.

फिर रतन अंकिता और पब के हाथो में एक के देता है. और बोलै – बीटा ये मेरी तरफ से तुम दोनों की सधी का गिफ्ट है.

अंकिता – पापा मुझको कोई गिफ्ट नहीं चाहिए. आज अपने जो दिया है मेरे लिए एहि बहुत है. मैं आज से ानाथ नहीं हु. मेरे लिए इससे बड़ी कोई बात नहीं. आप यदि कुछ देना hi चाहते है तो बस अपनी बेटी को हमेशा के लिए एक बेटी का प्यार देते रहना. और मुझको कुछ नहीं चाहिए….

रतन – किसी बात करती हो बेटी, ये तो तुम भी जानती हो की मैं तुमसे कितना प्यार करता हु. पैर कभी कहा नहीं पाया. और इसको अपने पापा का प्यार समाज कर hi रख लो..

अंकिता पब की और देखती है पब हाँ में गार्डन हिला देता है.

अंकिता – पैर पापा ये है की चीज की के.

रतन – तुम दोनों के लिए एक कार की के है.

अंकिता चुप हो जाती है कियोकि एक कार खरीदना रतन के लिए खिलौना खरीदने जैसा था. अंकिता रतन को सब लोगो से मिल आती है. और फिर सब लोग स्टेज से निचे आ जाते है. पार्टी में आये सभी लोग रतन सिंह से मिलना चाहते थे. पैर ये पॉसिबल नहीं था. तो रतन कुछ लोगो से मिल कर पब से बोलै

रतन – बीटा क्या अब हम अंकिता को ले कर रूम में जा सकते है. बहुत साडी बाते करनी है इससे हमे..

पब – पापा किसी बात करते है. आप बिलकुल जा सकते है. आपका हक़ है हम दोनों पे.

रतन, लता और अंकिता होटल के रूम में पहुंच जाते है. और यहाँ सब लोग फिर से पार्टी का एन्जॉय करने में लग जाते है. पैर अब सब लोगो में रतन और अंकिता को ले कर hi बात हो रही थी. पब बाकि सब के साथ में पार्टी एन्जॉय कर रहा था. बस ऐडा एक बार भी पब के पास भी नहीं आये थी. पब सब लोगो के रहते ऐडा से कुछ कहा भी नहीं रहा था. पैर उसको लग रहा था की ऐडा उससे नाराज है.

धीरे -2 करके सब मेहमान चले गए तो पब और उसकी फॅमिली भी हवेली के लिए निकल गए थे. अंकिता आज होटल में hi रुकने वाली थी. सब लोग खुश थे. और रस्ते में पार्टी की hi बाते करते हुए घर पहुंच गए. और सब सो गए.
 
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धीरे -2 करके सब मेहमान चले गए तो पब और उसकी फॅमिली भी हवेली के लिए निकल गए थे. अंकिता आज होटल में hi रुकने वाली थी. सब लोग खुश थे. और रस्ते में पार्टी की hi बाते करते हुए घर पहुंच गए. और सब सो गए.

सुबह सभी लोग लेट जगे थे. पब तो अंकिता की कॉल से जगा. जो की उसे होटल बुला रही थी. रतन और लता जा रहे थे. पब भी उड़ कर फ्रेश हुआ और पहुंच गया होटल सैंडी को भी साथ ले गया था. रतन और लता भी होटल एक मैं हॉल मैं बेथ कर टिया पे रहे थे. पब ने भी उनको ज्वाइन कर लिया. अंकिता भी वही बेटी थी. 4रो लोगो में यहाँ वह की बाते होती रही. बातो में पार्टी का जिक्र भी आया. तो पब ने कहा की उसको कल की पार्टी बहुत अच्छी लगी. तब रतन ने मैनेजर को बुलाया और उसे 5 लाख का चेक दिया इनाम के रूप में और कहा की ये दोनों मेरे बच्चे है इनको यदि किसी भी चीज की जरुरत हो तो तुम उसका ख्याल रखोगे. मैनेजर तो इनाम प् कर बहुत खुश हो गया. कुछ देर और यहाँ वह की बातो के बाद रतन और लता चले गए. तब अंकिता और पब भी बहार आ गए हवेली जाने के लिए. मैनेजर ने उनसे कहा - सर आप लोग गिफ्ट वाली कार ले जायेगे या मैं भिजवा दू.

अंकिता – अरे पहले देख तो ले पापा ने कोण सी कार दी है. मैं तो उसमे hi जोगी.

पब – हाँ चलो देखते है कोण सी कार है. हम दोनों उसने चलेंगे. और मेरी कार को सैंडी ले आएगी घर.

अंकिता – हम्म ok

दोनों पार्किंग एरिया में पहुंच जाते है. वह पैर एक नई ब्रांड rolls-royce डौन कड़ी थी. उस कार को देख कर दोनों चौक जाते है की पापा ने कितनी कॉस्टली कार दी है.



पब – अंकिता ये कार दे है पापा ने. ये तो बहुत महगी है. हमको ये नहीं लेनी चाहिए थी.

अंकिता – हाँ मुझको भी नहीं पता था की ये कार दे है. पैर अब तो हमने एक्सेप्ट कर ली है तो कुछ नहीं हो सकता चलो न आईएसएम ीक लॉन्ग ड्राइव पे षाले है..

पब भी अंकिता की बात से सहमत था तो दोनों निकल जाते है लॉन्ग ड्राइव पैर. पहले कार पब ड्राइव कर रहा था. अंकिता उसको छेद रही थी. कभी गलो पे किश करती तो कभी चुटकी काट लेती तो कभी उसके लुंड को सहला देती. दोनों फूल मस्ती के मूड में थे. कार अपनी स्पीड से चलती जा रही थी. वो अपने सिटी और सिटी के पहाड़ो को पीछे छोड़ चुके थे. और दूसरे सिटी पलु में एंट्री ले चुके थे. अभी ये लोग एक पलाइन से एरिया में पहुंचे थे. चारो और जंगल था. पब ने एक और कार रोक दी. और अंकिता को अपनी बाँहों में खींच लिया. और उसके होंटो को चूसने लगा. हलकी धुप की गर्मी और पहाड़ो की ठंडी हवा दोनों ने मौसम को बड़ा hi रोमांटिक बनाया हुआ था. और ये दोनों अपनी मस्ती कर रहे थे. कुछ देर में जब किश टुटा तो पब ने अंकिता को अपनी गॉड (लैप) में बिठा लिया. और अंकिता से बोलै की अब तुम कार ड्राइव करो. अंकिता पब की गोद में बैठी हुयी कार ड्राइव काने लगी. उसने अभी एक लूज सा ट्रॉउज़र पहन रखा था. पब ने एक पतले कपडे की पंत पहनी थी. और आज सुबह की जल्द बजी में उसने अंडरवियर नहीं पहना था. पब का लुंड खड़ा हो चुक्का था. जिसको पब ने कण्ट्रोल करने की जरुरत भी नहीं सामजी थी. और वो अभी अंकिता की छूट पे टकरा रहा था. अंकिता की रंगो का खून तेज़ी से बहने लगा. उसकी सासे भरी हो रही थी. आग में घी का काम पब के हाथो ने कर रखा था. वो उसके बदन को टटोल रहे थे. पब के दोनों हाथ उसकी t-shirt के अंदर थे. और एक हाथ पेट पैर तो दूसरा उसके चुचो से खेल रहा था. अंकिता ने कार की स्पीड काम की हुई थी. और वैसे भी ट्रैफिक न के बराबर था. पब ने टी शर्ट के अंदर से उसकी ब्रा को खोल दिया था. और उप्पेर की और कर रखा था. उसके हाथ अंकिता की चूचियों को सहला रहे थे. अंकिता ने भी अपनी कमर को हिलना चालू कर दिया था. और अपनी छूट को पब के लुंड पैर रगड़ रही थी. पब ने भी दोनों हाथो में चुचो को पकड़ कर जोर -2 से मसलना सुरु कर दिया था. अब अंकिता को ड्राइव नहीं किया जा रहा था. तो उसने एक साइड में कार को रोक दिया. कार को रोकते hi अंकिता ने अपनी दबी हुयी सिसकियों को तेज़ कर दिया. और पब ने उसके फेस को घुमा कर किश करने लगा. दोनों एक दूसने के होटों को चूस रहे थे. उत्तेजना में आ कर दोनों ने एक दूसरे के होटों को काट लिया था. पब का एक हाथ अंकिता की पेंटी के अंदर छूट पे पहुंच गया था. जिससे वो उसकी छूट के डेन छेद रहा था. अंकिता ने भी पब के लुंड को बहार निकल लिया था और उसको मुठिया रही थी. खुली कार में रोड के एक साइड में दोनों एक दूसरे ंव खोये हुए थे. दोनों को ये दर भी नहीं था की कोई उनको देख न ले. वैसे तो ये सब इस इलाके में आम बात थी कियोकि ये एक टूरिस्ट प्लेस था जहा पैर लोग होउनीमून मानाने आते है. तो ऐसे बहक जाना कोई बड़ी बात नहीं थी. पैर ये दोनों तो अपनी hi दुनिया में खोये एक दूसरे के जिस्मो से खेल रहे थे. अंकिता के हाथ की स्पीड पब के हाथ की रगड़ के साथ बाद रही थी. पब ने भी अपने आप को फ्री कर रखा था. खुद पैर कोई कण्ट्रोल नहीं कर रहा था. बस अंकिता के जिस्म से मज़े ले रहा था. दोनों hi थोड़ी देर में जड़ने लगे. और तेज़ –तेज़ सिसकिया निकलने लगे. पब का हाथ अंकिता के पानी से भीगने लगा तो पब के लुंड से निकला पानी अंकिता के फेस और t-shirt पे गिरने लगा. कुछ देर तक दोनों हफ्ते रहे. जब सासे सम्ब्ली तो एक दूसरे की आखों में देख कर मुस्कुराने लगे. अंकिता ने पर्स से चाणक्य निकल कर फेस को साफ़ किया और टी शर्ट को भी साफ़ करने लगी.

अंकिता (बनाबटी गुस्से से) – आप बहुत गंदे हो. मुझको पूरा का पूरा गिला कर दिया. निचे से भी पंतय गीली है. और उप्पेर से t-shirt और फेस…

पब – हहहहहहह जब प्यार करोगी तो गीली तो होगी न. हाहाहाहा

अंकिता (उसके प्यार से घुसे मरती है) – बड़ी हसी आ रही है आपको. मेरी हालत ख़राब है. और आप है रही है. ये नहीं की अपनी बीबी की कुछ हेल्प कर दे..

पब – हसी नहीं प्यार आ रहा है तुम पर जान. आप हुकुम करो क्या करना है.. बाँदा आपकी खिदमत में हाजिर है…

अंकिता – प्लस पानी लाइए न फेस और t-shirt दोनी है.

पब – हम्म ok देखता हु. पैर उससे पहले तुम उन जडियो के पीछे जा कर पंतय उत्तर दो. और केवल ट्रॉउज़र पहन लो. तो तुमको निचे से सही लगेगा.

अंकिता – हम्म आईडिया अच्छा है. अभी चेंज कर के आती हु.

फिर अंकिता वही जडियो के पीछे जा कर पंतय उतर देती है और उससे hi अपनी छूट को साफ़ करके पंतय को फेक देती है. और ट्रॉउज़र पहन कर पब के पास पहुंच जाती hai.fir दोनों कार स्टार्ट करके पानी ढूढ़ने निकलते है. तोड़ी दूर जा कर उनको एक लकड़ी (वुड) की शॉप (खोखा) दिखाई देती है. जिस पैर वाटर बोत्तल, कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट, गुटका, चिप्स ेट्स. छोटी मोती चीज़े थी.
 
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अंकिता वही जडियो के पीछे जा कर पंतय उतर देती है और उससे hi अपनी छूट को साफ़ करके पंतय को फेक देती है. और ट्रॉउज़र पहन कर पब के पास पहुंच जाती है. फिर दोनों कार स्टार्ट करके पानी ढूढ़ने निकलते है. तोड़ी दूर जा कर उनको एक लकड़ी (वुड) की शॉप (खोखा) दिखाई देती है. जिस पैर वाटर बोत्तल, कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट, गुटका, चिप्स ेट्स. छोटी मोती चीज़े थी. जब वो उस दुकान पैर जाता है तो उस पैर एक लड़की बैठी हुयी थी. लड़की सावली थी पैर फेस कटाई अच्छी थी. पैर उसने एक बड़ा सा चस्मा लगया था. और दांतो में तार बड़ा था. बालो को सर पैर ऐसे बड़ा गया था जैसे घोसला हो. कपडे प्यूरीन तो थे hi पैर लूज इतने थे की बाबा जी का ठेला. कुल मिला कर उस लड़की को कोई भी पसंद नहीं करता वो इस कंडीशन में थी. पैर हमारे हीरो को उस लड़की को देख कर कुछ होने लगा. एक अजीब सी फीलिंग उसके मान में थी. एक तो उसे देखते hi दिल की धड़कन तेज़ हो गई. दूसरा वो फीलिंग उड़ने लगी जो की पब की बीबी के लिए होनी थी. मतलब प्यार वाली फीलिंग्स. उप्पेर से पब को ये लग रहा था की वो इस लड़की को अच्छे से जनता है. पैर उसको याद नहीं आ रहा था. पब खुद इतनी साड़ी फीलिंग एक साथ होने से कंफ्यूज सा हो गया था की उसके साथ हो क्या रहा है. देखने को तो वो खड़ा हुआ उस लड़की को गुर रहा था पैर उसका मंद अपने आप को समझने की कोसिस कर रहा था.

जब उस लड़की ने देखा की कोई उसको गुरे जा रहा है. और जब उसने उस लड़के की और डायन से देखा था वो भी चौक गई. पैर उसने खुद को तुर्रंत संभल लिया. और बोली

लड़की (पहाड़ी गाओं वाली भाषा में) – क्या लेना है बाबूजी.. ऐसे क्या देखा रहे हो..

पब – एक पानी की बोत्तल दे दो. मुझको लगता है मेने तुमको कही देखा है.. (पब को ये लैंग्वेज आती है इतने दिन से यहाँ है तो आएगी hi न)

लड़की (शामे स्टाइल) – पानी लो बाबूजी पानी… मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हु… मैं तो नहीं जानती आपको और आप भी हमारे गाओं के नहीं लगते. तो कहा से देख लिया मुझको..

पब – नहीं मैं नैनपुर सिटी के पानीपुर गाओं में रहता हु. मेरा नाम पंकज है.

लड़की – अरे बेकरी में चिपक रहे हो.. कहा न नहीं जानती.. पानी लेना है तो लो नहीं तो जाओ यहाँ से…

पब लड़की की बात सुन कर वाटर बोत्तल ले कर कार में आ जाता है. और सोचने लगता है हो सकता है की इसको मेने पहले जब देखा होगा जब मैं गुरु के साथ गाओं -2 घूम रहा था. पब अपनी सोच में गम था अंकिता तब तक अपने आप को ठीक करके पब को हिलती है.

अंकिता – कहा खो गए.. चलना नहीं है क्या ? हम लोगो को बहुत टाइम हो चुक्का है. अब लौटना चाहिए.

पब – हम्म, चलो घर चलते है.

फिर दोनों कार को घर की दिशा में दूध देते है. पब ने भी इस लड़की को अपने मंद से निकल कर अंकिता पैर डायन देने लगा. दोनों फिर से हलकी पुलकि मस्ती करते हुए घर पहुंच गए. शयाम का वक्त हो चुक्का था सभी लोग कल की पार्टी की थकन मिटा कर हॉल में बेथ कर पार्टी की hi बाटे कर रहे थे. पब तो घर पे पहुंच कर रूम में घुस गया और सो गया.

डिनर टेबल पे सब एक साथ बैठे थे. और डिनर कर रहे थे. तब पब

पब – देखो पार्टी हो चुकी है. और सधी भी अब कल से हम सब की ट्रेनिंग सुरु होगी. मेने जुली से बोल दिया है. तुम सब कल सुबह से रेडी रहना. पहले गुरु की क्लास फिर जुली की और फिर पारी की क्लास उसके बाद कोई कुछ करेगा. अब से सब अपनी फिटनेस पैर डायन देंगे.

सब हाँ में सर हिला देते है पैर काजल को कुछ समाज नहीं आया पैर वो चुप hi रही.

पब – जय तुम काजल को भी बता देना इस सब के बारे में.

जय – ok..

अंकिता – वो मेरी एक फ्रेंड ने 2 दिन बाद पार्टी राखी है. आपको और मुझको इन्विते किया है. आप चलेंगे न??

पब – हम्म ok पार्टी तो सयम में होगी तो हम लोग चलेंगे. पैर अब से कोई भी ट्रेनिंग मिस नहीं करेगा.

ऐडा – पैर मैं कैसे कर सकती हु. मुझको तो सोल्लगे भी जाना होगा न. यदि हम 6ऍम को भी सुरु करेंगे तब भी पूरी ट्रेनिंग होते -2 11ऍम तो हो hi जायेगे. फिर मेरा इस साल 12तह है. या तो स्टडी छोड़ दू या फिर ट्रेनिंग ??

पब – हम्म बात तो ठीक है. तुम ऐसा करना गुरु की ट्रेनिंग में आना और फिर सोल्लगे चले जाना. पैर तुम और पेय आज से कही भी अकेले नहीं जाओगे. जुली की एक टीम मेंबर को मैं तुम्हारे साथ रख देता हु. वो तुम दोनों डायन रखेगी.

ऐडा बुरा सा मुँह बनाते हुए – हम्म ठीक है.

कामिनी – मेरी भी एक फ्रेंड के घर पैर 5 दिन बाद पार्टी है उसने भी हम सब को इन्विते किया है. आप उसमे भी चलेंगे न.

गुरु – हां ये जायेगे.

पब गुरु को देखता है तो गुरु उसको संत रहने का इसरा करती है.

पब – जय वो जमीं के पेपर वकील साहब ने तुमको दे दिए न??

जय – हाँ भाई, बूत मैं उनका क्या करुगा. अपने जमीं मेरे नाम करनी थी कर दी. पैर अब वो पेपर कामिनी माँ के पास hi रहेंगे. मेने उनको दे दिए है.

पब – हम्म जैसी तुम्हारी मर्जी.

कुछ देर मैं सब खाना खा कर रूम में चले जाते है. पब गुरु को अपने रूम में बुला लेता है. और उसको बाँहों में ले कर बीएड कर लेट जाता है.

पब – गुरु तुमने पार्टी ने जाने को हां क्यों कहा??

गुरु – जान तुम भूल रहे हो हमको अभी भी 7 लड़कियों की और तलाश है. जो तुम्हारी पत्नी बन सके..

पब – 7 नहीं 8 और ..

गुरु – अरे एक तो अवनि है hi. उसको एक न एक दिन तुम्हारी पत्नी बनना hi है. वो अभी खुद को तैयार नहीं कर प् रही है. पैर मैं जानती हु वो तुमसे hi सधी करेगी ..

पब – हां यार प्यार तो मैं भी उससे करता हु. पैर वो राजी hi नहीं होती..

गुरु – होगी इन्तजार करो जब तक और लड़कियों को दुदो. देखो पार्टी में बहुत साडी लड़किया आती है क्या पता उसमे hi कोई मिल जाये.

पब – हम्म आईडिया अच्छा है. फिर तो मैं जयादा पार्टी अटेंड करुगा.

गुरु – तुमने उस मला रवि का क्या सोचा है..

पब – मेने पार्टी में उसकी वाइफ वंदना से बात की थी वो बता रही थी की रवि के दोनों घुटनो की हड्डिया टूट गयी है जिनको ठीक होने में 3-4 मंथ लगेंगे. और उसके बाद भी उसको चलने फिरने लायक होने में 6 मंथ तो लग hi जायेगे. और वंदना उस पैर हर टाइम नजर रखती है. वो बता रही थी की रवि बहुत दर गया है उसने उन सब पुलिस वालो को तो ट्रांसफर कर hi दिया है. और अभी अपने काळा डंडे भी बंद कर के सन्ति से घर पे आराम कर रहा है.

गुरु – ये अच्छा हुआ की ये मामला सन्ति से hi निपट गया. चलो अब सो जाते है.

फिर दोनों लोग एक दूसरे की बाँहों में hi सो जाते है. जय ने भी काजल को सब समजा दिया था. सुबह से hi ट्रेनिंग सुरु हो गई.
 
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फिर दोनों लोग एक दूसरे की बाँहों में hi सो जाते है. जय ने भी काजल को सब समजा दिया था. सुबह से hi ट्रेनिंग सुरु हो गई.

ट्रेनिंग में सुरु में तो सबको बहुत प्रॉब्लम हुयी. पैर फिर आदत हो गयी. डेरे -2 टाइम निकलता गया पब का ृतिअन ये हो गया की सुबह ट्रेनिंग, फिर कभी खेत, तो कभी गाओं, तो कभी होटल, तो कभी मिल्स तो कभी वो अपनी किसी पत्नी को ले कर किसी भी गाओं में घूमने निकल जाता. वो सब पत्नियों को टाइम दे रहा था. किसी को ले कर घूमने निकल जाता तो अभी सबको शॉपपिंग पे ले जाता. और रात में पार्टीज में जाता. जब से लोगो को पता चला था की पब रतन सिंह का दामाद है तब से पार्टीज के इनविटेशन बहुत आ रहे थे. पब भी अपनी तलाश के लिए उनको अटेंड कर रहा था. और पार्टी में भी उसकी कोई न कोई पत्नी उनके साथ होती थी. गुरु भी अपनी जवानी एन्जॉय करने के लिए पार्टीज में जाती डांस करती, बच्चो जैसी हरकत करती. तो सविता और पारी पब से अकेले में देर साडी बाते करती और पार्टी में उसके साथ बानी रहती. कामिनी और अंकिता अक्सर पार्टीज में और मेहमानो के साथ बिजी हो जाती और पब आजादी से घूमता रहता. और अकेले में दोनों कभी भी बोल्ड हो जाती थी. मौका मिलते hi पब का लुंड उनके मुँह में होता था. ऐडा ने पब को नजर अंदाज करना सुरु कर दिया था. पब को भी ये पता था की ऐडा उसको नजर अंदाज कर रही है. और इसके लिए ऐडा अदिकतर पड़े और पेय के साथ रहने लगी थी. जिससे पब बहुत खुस था इन दोनों के बिच में बाते भी नहीं होती थी. अवनि तो जान कर पब को तड़पा रही थी. न तो उसके दिल में पब के लिए प्यार काम था. और न hi पब के दिल में उसके लिए. और अब उसको लगने भी लगा था की पब अपनी सब पत्नियों का अच्छे से डायन रखता है. तो उसको इतनी पत्नियों का होने में कोई बुराई नजर नहीं आती थी. पैर फिर भी इस बात को ले कर बैठी थी की वो इतनी पत्नियों के होते हुए पब का साथ नहीं दे सकती. पेय तो ऐडा के साथ मस्त थी. जय और काजल अपनी hi दुनिया में रहते थे. पब ने उनको हनीमून को भी भेजा था और वो लौट भी ए थे पैर फिर भी अभी तक हनी मून कथं नहीं हुआ था.

फॅमिली परफेक्ट चल रही थी. पैर पार्टीज अटेंड करे और इतने गुमने के बाद भी अभी तक उसको कोई भी नहीं मिली थी. वो उस खोखे वाली लड़की को तो भूल hi चुक्का था. दूसरी तरफ जुली ने भी अपनी आर्मी तैयार करने के लिए एक्सपर्ट्स से बात कर ली थी. पैर उनको 3 मंथ की ट्रेनिंग के बाद hi बुलाया गया था. सब लड़किया पूरी म्हणत और लगन से ट्रेनिंग कर रही थी. तो यहाँ घर में भी सब पूरी म्हणत कर रहे थे. और म्हणत नजर भी आने लगी थी. जो पहले से hi सुन्दर थी वो अब और भी जान लेवा होती जा रही थी. सब के फेस पे एक ग्लो आ गया था. बॉडी की शाप और निखार गई थी. पैर सविता इन सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्गे थी. जो काम और कोई नहीं कर पता वो सविता कर रही थी. सविता को भी खुद पैर यकीं नहीं हो रहा था की वो इतनी पावरफुल है. एक दिन ट्रेनिंग पैर सविता लेट हो गयी तो उसको पनिशमेंट में 100 डिप्स मरने को बोलै. वो सविता ने बहुत hi जल्दी कर लिए और लगा hi नहीं की वो थकी है. ये देख कर गुरु मुस्कुरा गयी वो जानती थी की सविता के पास पब की पावर्स का एक अंश है. और ये सब उनका hi रिजल्ट है

और गुरु की क्लास में अंकिता और पब सबसे तेज़ चल रहे थे. अंकिता अपने मंद को एक दम से संत कर लेती थी. उसका पूरा डायन केवल मन hi मन बात करने की प्रक्रिया में होता. अंकिता का कंसंट्रेशन बहुत अच्छा था. पारी भी बहुत हद तक अपनी योग से कंसंट्रेशन करने में लगी थी. उसको डेली योग करने का दोनों ट्रेनिंग में फायदा मिल रहा था. पैर कामिनी, ऐडा, अवनि, काजल, जय को कुछ प्रॉब्लम हो रही थी. पैर वो सब भी दिल लगा कर कर रहे थे. पेय का तो मन होता तो करती नहीं तो सोती रहती. ऐडा भी केवल गुरु की क्लास में hi भाग ले रही थी.

टाइम बीतने के साथ -2 मणि की चिंता भी बाद रही थी. वो गुरु से कई बार बात कर चुक्का था पैर कुछ अच्छी खबर नहीं थी. दूसरी तरफ मणि की बहुत कोसिसो के बाद मणि को केवल ये बता चला था की त्रिकाल किसी सड़ना पे बैठा है इसलिए अभी तब वो संत है. पैर वो सड़ना पे क्या पाने के लिए बैठा है और ये कब तक पूरी होगी ये सब वो पता नहीं लगा पाए थे. पार्टी को हुए पूरा 1 मंथ हो चुक्का था. लड़कियों की अब फाइटिंग स्किल की ट्रेनिंग सुरु हो चुकी थी. पब भी उनको ज्वाइन कर चुक्का था. पैर वो अभी भी दुसरो की पार्टीज में रेगुलर जाता था.

1 मंथ के बाद एक रात को पब एक पार्टी में गया हुआ था. उसके साथ अंकिता और काजल थी. तीनो पार्टी को एन्जॉय कर रहे थे. पब हर लड़की को गुर से देख रहा था. पैर उसको कोई भी अपने लायक नहीं मिल रही थी. पार्टी में एक वेदिशि म्यूजिक पार्टी सांग प्ले कर रही थी. घूमते हुए पब भी उस और पहुंच गया. और म्यूजिक को सुनने लगा. बड़ा hi सुरीला म्यूजिक था. और गाने वाली लड़की की आवाज भी बहुत अच्छी थी. पब थक गया था तो स्टेज के सामने एक चेयर पे बेथ कर आखें बंद कर म्यूजिक के मज़ा ले रहा था. कुछ देर में सांग ख़तम हो गया तो कुछ लोगो ने तालिया बजायी तब पब ने आखें खोली और उस लड़की को देखने लगा. पब को वो लड़की भ गयी. उसका दूध सा बदन, खिला हुआ फेस, गोल्डन कलर के बाल एक दम कमल लग रही थी.



पब को उसे देख कर प्यार वाली फीलिंग आने लगी. पब उसको देखने में लगा हुआ था. और उसने दूसरा सांग गण सुरु कर दिया था. पब को लग रहा था की वो उसके लिए hi गए रही है. ये एक रोमांटिक सांग था. पब उसमे और उसके सांग में खोया था की एक वेटर ने उसको एक सॉफ्ट ड्रिंक दे कर चला गया. अब पब ड्रिंक के साथ उसके सांग का मज़ा ले रहा था. और उसकी आखें उसकी बॉडी को स्कैन कर रही थी. कुछ hi देर में वो सांग भी ख़तम हो गया. और होस्ट ने आ कर दूसरे सिंगर को बुला लिया. तो पब उस लेडी सिंगर से मिलने के लिए खड़ा हुआ. उसका ड्रिंक ख़तम हो चुक्का था. और वो जैसे hi खड़ा हुआ. उसका सर घूम गया. उसको चक्कर सा आया और वो गिरते -2 बचा. वो फिर से बेथ गया. जब उसने खुद संभाला तो उसको बेचैनी होने लगी और गुरु की याद आने लगी. उसको बहुत hi अजीब फीलिंग हो रही थी. तो उसने घर चलने का सोचा और अंकिता को कॉल करके अपने पास बुला लिया अंकिता और काजल दोनों साथ में hi उसके पास आ गए तो पब के कहने पैर घर की और निकल गए.

अभी कार अंकिता ड्राइव कर रही थी और पब उसके पास में बैठा था. उसकी आखें बंद थी. काजल पीछे बैठी हुई थी. पब ने एक दम से बंद आखों से बोलै – गुरु मेरी जान कहा हो तुम जल्दी से मुझको बाँहों में लो न.

आवाज तेज़ थी काजल ने भी सुना. अंकिता ये सुन कर चौक गयी. पैर कुछ बोली नहीं. 2 मं बाद पब ने आखें खोली और बोलै – अंकिता मेरा सर बहुत गम रहा है और बैठा नहीं जा रहा कार रूक मैं पीछे लेट जाता हु. काजल तुम्हारे पास बेथ जाएगी.

अंकिता ने तुर्रंत कार रोक दी. और पब को पीछे लिटाया. अंकिता ने काजल को बोलै की अब वो ड्राइव करे. अंकिता पब को ले कर पीछे बेथ गयी. अंकिता ने उसको चक किया तो उसे कुछ समाज नहीं आया. बस बॉडी गरम हो गई थी जैसे की हल्का सा फीवर हो. अंकिता ने पब का सर अपनी गॉड में रख लिया था. और उसके बालो को सहला रही थी. और काजल को तेज़ चलने को भी बोल रही थी.

एक दम से पब ने आखें खोली और बोलै – ोूह गुरु तुम आ गई मेने पास. (और पब ने अंकिता को निचे जुका कर उसके होंटो को चुम लिया.)

पब – आओ न ीदार गुरु तुमको छोड़ने को मन कर रहा है.

अंकिता – आपको क्या हो गया है. होश में आइये. मैं अंकिता हु गुरु दीदी तो घर पे है.

पब एक दम से उड़ कर बेथ जाता है और – तू गुरु नहीं है तो मेरे पास क्यों आयी चल हैट यहाँ से साली रंडी.. (ये बोल कर पब एक साइड में हो कर बेथ गया और आखें बंद कर ली)

अंकिता को अब सॉलिड वाला जतका लगा. पब ने आज तक उसको डांटा नहीं था. और अभी गली दे रहा है. कुछ तो बड़बड़ है जो मेरे समाज के बहार है. अंकिता ये सोच कर तुरंत गुरु को फ़ोन मिला देती है.

गुरु, कामिनी, सविता और अवनि चोरो एक साथ बेथ कर बाते कर ररहे थे. और सोने hi जा रहे थे की अंकिता का फ़ोन गुरु के फ़ोन पैर बजने लगा. गुरु ने फ़ोन उदा लिया.

अंकिता – दीदी hello दीदी (अंकिता की आवाज में परेशानी जलक रही थी)

गुरु – हां अंकिता बोलो क्या हुआ, तुम परेशां क्यों हो??

अंकिता – दीदी इनकी तबियत ठीक नहीं है. सरीर गरम है. और उल्दी सीडी बाते कर रहे है.

गुरु – क्या कहा रही हो, पूरी बात बताओ क्या हुआ है…

तभी पब एक दम जोर से चिल्लाता है – आआअह्हह्ह्ह्ह अंकिता बचाओ मुझे बहुत तेज़ सर दर्द है… आआह्ह्ह्हह (और अपने बाल नोचने लगता है)

पब की ये हालत देख कर अंकिता उसके सर को दबाने लगती है फ़ोन हाथ से छूट कर गिर जाता है. और ऑफ हो जाता है. गुरु ने भी पब की चीख सुनी थी. वो गबरा गई थी. वो अंकिता को फिर से फ़ोन मिलती है पैर फ़ोन ऑफ बता रहा था. गुरु और दर जाती है. कामिनी उसे काजल को फ़ोन करने को कहती है. काजल तो पहले से hi दर रही थी. पब दर्द के मरे बुरी तरह चिल्ला रहा था. कोई 5 मं चिल्लाने के बाद वो बेहोश हो चुक्का था.
 
अपडेट 78

पब की ये हालत देख कर अंकिता उसके सर को दबाने लगती है फ़ोन हाथ से छूट कर गिर जाता है. और ऑफ हो जाता है. गुरु ने भी पब की चीख सुनी थी. वो गबरा गई थी. वो अंकिता को फिर से फ़ोन मिलती है पैर फ़ोन ऑफ बता रहा था. गुरु और दर जाती है. कामिनी उसे काजल को फ़ोन करने को कहती है. काजल तो पहले से hi दर रही थी. पब दर्द के मरे बुरी तरह चिल्ला रहा था. कोई 5 मं चिल्लाने के बाद वो बेहोश हो चुक्का था. उसके बेहोश होते hi काजल का फ़ोन बजने लगता है. तो अंकिता तुर्रंत फ़ोन को उससे ले कर काजल को कार फुल स्पीड से घर ले जाने को कहती है.

अंकिता – hello दीदी मैं अंकिता ..

गुरु – क्या हुआ है उनको. वो चीखे क्यों थे.

अंकिता – दीदी पता नहीं क्या हुआ है. अभी सर दर्द से चिल्ला रहे थे. और अब बेहोश है.

गुरु – तुम पूरी बात बताओ क्या हुआ है.

अंकिता – दीदी ये एक चेयर पे बेथ कर सांग सुन रहे थे तो मैं और काजल इनसे कुछ दूर और लोगो से मिलने चले गए. कुछ देर बाद इनका फ़ोन आया की तबियत ठीक नहीं है घर चलना है तो हम घर के लिए निकल लिए. फिर मुझको ये गुरु कहा कर पुकारने लगे. फिर अंकिता ने अभी तक जो कार ने हुआ वो बता दिया.

गुरु कुछ सोच hi रही थी. की पब को होश आ गया. और बोलै – ारे कामिनी कहा है उसको बुलाओ न. हम जा कहा रहे है, मुझको कामिनी के पास जाना है…

उसकी ये बाते गुरु ने भी सुनी थी. गुरु अंकिता से – अंकिता इनसे मेरी बात करवाओ….

अंकिता पब से – लो आप गुरु दीदी से बात कर लो

पब फ़ोन ले कर – hello गुरु मेरी जान कहा है तू…

गुरु – मैं तो घर पे हु आपको क्या हुआ है.?

पब – मैं तो एक दम ठीक हु. पैर आज तुजे छोड़ने का मन कर रहा है. देख मेरा लुंड तुजसे बात करने से hi खड़ा हो रहा है. तू तैयार रह. मैं आज तुझको जम कर छोड़ूगा.

अंकिता और काजर पब की बातो से चौक जाते है.

गुरु – आप मेरे पति है आप कुछ भी कर रकते है पर आप भूल रहे है की आप अभी मुझको नहीं छोड़ सकते आप अपने टारगेट ko..(bich ने hi पब बोलै)

पब (गुस्से में) – साली रंडी बकवास मत कर. टारगेट का माँ का भोसड़ा.. मैं आज तुझको छोड़ूगा तो छोड़ूगा.. तुझको आज कोई नहीं बचा सकता मुझसे..

गुरु पब की बात सुन कर चौक जाती है. वो समाज गई थी की पब पे किसी का साया है. और कुछ बड़ी गड़बड़ है. तो गुरु कन्फर्म करने के लिए मंत्र पड़ने लगती है फ़ोन पे hi.

पब मनरा सुन कर – आई रंडी ये मंत्र किसको सुना रही है. इन मंत्रो से कुछ नहीं होने वाला सामजी.. चुप चाप नंगी हो कर मेरा इन्तजार कर में आ कर तुझको छोड़ूगा..

गुरु अब समाज गयी थी की साया है. पैर उसको ये समाज नहीं आया की ये कैसे हो सकता है पब के ससिर पे साया होना बड़ी बात थी. दस माँ का आशीर्वाद. और इतनी पावर के होते हुए कोई साया उस पैर अटैक नहीं कर सकता था. गुरु को कुछ बड़ी गड़बड़ लगी. तो गुरु ने प्यार ने पब को बोलै – मेरे पतिदेव आप मुझको छोड़ना चाहते है न तो मैं भी अपने छोडूगी. हर पत्नी करती है ये तो मैं भी करुँगी. आप मेरी बात अंकिता से करवाए मैं उसको बोलती हु की वो आपको जल्दी से घर ले कर आ जाये. ताकि आप मुझको छोड़ सके.

पब गुरु की बात सुन कर अंकिता को फ़ोन दे देता है वॉक हश था गुरु के मन जाने से…

गुरु – अंकिता ये मंत्र डायन से सुनो, इनके सर पे हाथ रख कर ये मंत्र पांडा ये बेहोश हो जायेगे. और तुम जल्दी से जल्दी इनको घर ले कर आओ.

फिर गुरु अंकिता को वो मंत्र बता कर फ़ोन कट कर देती है और मणि से संपर्क सड़ती है. ीदार अंकिता वो मंत्र पद कर पब को बेहोश कर देती है. और काजल की जगह खुद ड्राइविंग करती है फुल स्पीड से.

पब से बहुत दूर दिल्ली के पास के जंगल में एक आलीशान माकन था. उस माकन के एक बड़े हॉल में त्रिकाल एक हवन कुंड के पास बैठा है रहा था और संभु उसका साथ दे रहा था. अभी ये दोनों hi थे इस हॉल में..

त्रिकाल – हाहाहाःहाहा

संभु – क्या हुआ गुरु जी, आप है क्यों रहे है.

त्रिकाल – संभु ये गुरुपित पब को अब मंत्रो से बेहोश करके बचाना चाहती है.

संभु – हाहाहाहाहा गुरु जी उसकी भी गलती नहीं है. उस रैंड को कहा पता होगा की पब के अंदर क्या जा चुक्का है..

त्रिकाल – उसको क्या उस पाखड़ी मणि को भी इस मिक्सचर के बारे में पता नहीं होगा. ये कोई मामूली चीज नहीं है.

संभु – हाँ आपकी चल कभी फ़ैल नहीं हो सकती. इसकी मूट निश्चित है.

त्रिकाल – हाँ संभु ये तो आज रात को मर जायेगा. पैर फिर मुझको उस मणि को भी मरना है. वो मेरे जीवन का सनी है.

संभु – पैर गुरु जी अपने बताया नहीं की ये कैसे होगा, अपने डलासुर के असुर रूप के साये को उसके उप्पेर भेजा है, वो भी उसकी पत्नियों के साथ सम्भोग के लिए. कोई भी आदमी अपनी पत्नी के साथ सम्भोग कर के कैसे मर सकता है??

त्रिकाल – तुझको पता है मैं इतने दिन तक चुप क्यों रहा. कियोकि मैं पहले इनकी चल समाज रहा था. तू जनता है की मुझे इन लोगो के वेयर में ठाकुर के मरने के बाद hi पता चल गया था. जब इस रैंड (गुरु) ने मेरे जाल को उस हवेली से हटाया तब hi मैं जान गया था की मणि फिर किसी फ़िराक में है. पैर उसने इस झांट से लोंदे (पब) को क्यों चुना. और इससे क्या करवा रहा है ये जानने में लग गया.

संभु – हाँ गुरु जी ये तो मेरे भी समाज नहीं आया की इस लोंदे में क्या है जो आपके खिलाफ खड़ा हो गया. है तो ये उसी रंडी अल्पना का बीटा जिसकी वजह से आपके साथ वो सब हुआ था. पैर ये है एक दम नार्मल लड़का hi. फिर ये मैदान में आ कैसे गया. और इतना कुछ कर भी लिया. कुछ समाज नहीं आया…

त्रिकाल – तुझको कुछ न पता हो पैर मैं अब सब जनता हु. पैर कुछ बाते है जो मुझको अभी भी नहीं पता. वो मेरे गुरु सत्यानंद की बजह से है. पंकज को तू नार्मल लड़का समाज रहा है न. ये नार्मल नहीं है. ये मेरी उस गलती की वजह से हुआ है जिसकी वजह से मेरे 24 साल बेकार हुए है. और मैं अपनी बहुत सी पावर खो चुक्का हु. वो तो तूने अल्पना को अपने जाल में फिर से फसा कर मुझको बचा लिया नहीं तो मेरे बचने की कोई सम्भाबना नहीं थी.

संभु – नहीं गुरु वो सब तो मेने आपके आशीर्वाद से hi किया है. सब आपका hi सिखाया है. पैर मेरे अभी तक कुछ समाज नहीं आया, की ये क्या और कैसे हो रहा है.

त्रिकाल – चल मैं तुझको सब बताता हु. देख जब मुझको पता चला की मणि फिर से मेरे खिलाफ कुछ कर रहा है तब मेने उसकी चल को जानने की कोसिस की तो मुझको पता चला की खुद दस माँ ने पंकज और मणि को एक अद्भुत क्रिया करने को बोलै है. ये क्रिया वैसी hi है जैसी की मेने 26 साल पहले की थी. पैर इसमें कुछ बंदन ज्यादा है. और इसको हर कई नहीं कर सकता. मुझको इस क्रिया के बारे में पूरा तो नहीं पता चला पैर इतना जनता हु की यदि पब अभी किसी चूड़ी हुई नारी को छोड़ेगा तो के क्रिया उनकंप्लेटे रहा जाएगी और तू जनता है की एक उनकंप्लेटे क्रिया ने hi मेरा सब कुछ बर्बाद कर दिया था. तो मेने इसको hi हतियार बनाना की सोचा. गुरुपित और कामिनी दोनों hi चूड़ी हुई है. तो मेने तेरी मदत से उन दोनों के बाल मगवाये (ये बाल मॉल में हुयी उस टक्कर से उन दोनों लड़कियों ने लाये थे. टकराते वक्त इन दोनों लड़कियों ने गुरु और कनिमि के बाल तोड़ लिए थे –अपडेट 53) और फिर उन बालो और अपनी 5 वीक की तपस्या से वो लिकुड तैयार किया किस्से अब पब के उप्पेर डलासुर का साया है. और वो उन दोनों में से किसी एक को छोड़ कर hi मानेगा. और यदि उसने नहीं छोड़ा तो वो डलासुर की कामाग्नि से hi मर कयेगा. जैसे भी पब के लुंड में दस माँ की सकती बस्ती है. तो वो तो डलासुर के साये में एक दम खतरनाक हो जायेगा और बिना किसी को चोदे नहीं मानेगा. एक बार उसका लुंड इन दोनों की छूट में गया तुरंत hi ये मरेगा.

संभु – हम्म अब आया समाज में. पैर यदि ये किसी और लड़की को छोड़ दे तब क्या होगा.

त्रिकाल – पहले तो ऐसा हो नहीं सकता कियोकि डलासुर को इन दोनों के नाम के साथ hi भेजा है. पैर फिर भी इन लोगो ने किसी तरह किसी और के साथ पब का सम्भोग करवाया और वो उसकी पत्नी न हुयी तो भी रिजल्ट शामे होगा. हाँ ये यदि अपनी किसी कुवारी पत्नी के साथ सम्भोग करे तो ये बच सकता है. और इस लिए hi मेने अपनी एक नजर हवेली पैर राखी थी.

संभु – पैर गुरु जी वो लोग उसकी सधी भी तो करवा सकते है न.

त्रिकाल – नहीं इस टाइम सधी संभव नहीं है. और न hi उसकी वो कुवारी बीबी काम आएगी जो उसे पावर देने के बाद भी कुवारी है. यदि उसने उनके साथ सम्भोग कर भी लिया तो क्रिया पूरी हो जाएगी और ये तीन सक्तियो से हमारा कुछ नहीं बिगड़ पायेगा.

संभु – क्या मतलब पावर देने के बाद भी कुवारी है?? आप उन तीनो की बात तो नहीं कर रहे जिनको छोड़ कर उसने ये पावर हाशिल की है. ??

त्रिकाल – हाँ उनकी hi बात कर रहे है. कियोकि ये क्रिया पूरी hi तब होती है जब एक hi लड़की को 2 बार उसकी मर्जी से छुड़ा जाये. ये जब अपनी उन पत्नियों को दुवारा चुडेगा तब ये पावर सदा के लिए इसकी होगी और क्रिया पूरी होगी. मैं भी इस क्रिया के बारे में पूरी तरह नहीं जनता. मेरे गुरु सत्यानंद ने के सब उस मणि को hi बताया था. इतना सब भी मुझको अभी कुछ दिन पहले hi पता चला है.

संभु – गुरु जी आपको इतना सब करने की क्या जरुरत थी. आप एक बार खुद उसे घेर लेते तो उसका बचना नामुनकिन था.

त्रिकाल – इसके पीछे भी 2 वजह है. 1 तो मुझको अपनी सड़ना छोड़नी पड़ती. जो पिछले 16 मंथ से हम कर रहे है. और जो पिछले 11 मंथ से हमने इतनी बलि दी है वो भी सब बेकार हो जाता. अभी हम इस माकन से बहार नहीं जा सकते. और दूसरी ये की मुझको पता चला की गुरुपित ने अनजाने में इस लड़के (पब) की बलि देनी चाही तो दस माँ ने खुद प्रकट हो कर उसको बचा लिया. और गुरु को hi उसके साथ रहने का हुकुम दे दिया. अब यदि मैं उसको मरने जाता और दस माँ आ जाती तो मैं कुछ नहीं कर सकता था. पैर अब खुद डलासुर उस लड़के की मूट की वजह बनेगे. तो दस माँ भी कुछ नहीं कर पायेगी.

संभु – गुरूजी अपने तो बहुत दूर तक की सोची है. अब तो इस लड़के को कोई नहीं बचा सकता. गुरु जी आप हमेशा दूर की सोचते हो. आप ने तब भी दूर की सोची जब आप को होश आया और मेने आपको ठाकुर ने मिलने बलि लड़कियों के बारे में बताया की मेने ठाकुर से ऐसी लड़किया तैयार करवाई है जो खुद अपनी बलि अपनी ईचच से देगी. तब अपने मुझको ऐसा एक और ट्रेनिंग कैंप बनाना को बोलै जो मेरे अंडर में हो. जब तो मुझको लगा की गुरु जी बेकार में इतनी म्हणत करवा रहे है. पैर यदि तब हमने ो सब न किया होता तो आज फिर से हमारी पूजा में समस्या आ जाती. 1.5 ईयर की म्हणत से जो ट्रेनिंग कैंप सुरु किया था. अब वो काम आ गया. बस 2 मंथ और ठाकुर से लड़की मिल जाती तो आधी त्रिनेड लड़कियों की बलि देने की भी जरुरत नहीं पड़ती. आप हमेशा दूर की सोचते है. आप दांय है गुरूजी.

त्रिकाल – हाँ हम सोचते तो है दूर की तभी तो इतना कुछ हासिल किया है. पैर एक गलती हो गई. उस रतन को हमने केवल उस लड़की को घर से दूर रखने को बोलै. और उसने रखा भी. तभी रतन से उस लड़की (अंकिता) को किसी अनाथाश्रम में फिकवा देते तो आज रतन उसकी सधी के बाद भी उसे नहीं अपनाता. अब हमको जॉब hi करना है रतन से चुप कर hi करना होगा. अभी हम रतन को खुद से दूर नहीं कर सकते. एक बार ये सड़ना पूरी हो जाये और मुझको मेरी सकतिया वापस मिल जाये जो उस रंडी अल्पना की वजह से चली गई है. फिर इस रतन को भी देख लगा. तब तक हमको चुप hi रहना होगा. कियोकि ये माकन और वो ट्रेनिंग कैंप वाला माकन दोनों रतन के hi है. और उसकी पावर और रेपुटेशन की वजह से सेफ भी है. अभी हमको इतनी सेफ जगह और कोई नहीं मिल सकती. अब हम उस पंकज पे भी खुल कर हमला नहीं कर सकते. रतन को पता चला तो सब बड़बड़ हो सकती है.

संभु – हाँ गुरूजी ये तो है. एक तो सड़ना का और ट्रेनिंग का सारा पैसा भी रतन hi देता है. पैर आज तक उसको नहीं पता चला की हम उसके पैसे से ये सब करते है. और रतन की चलती भी बहुत है इस देश में. अपने एक चेले रवि ने भी पब के घर पे उन लड़कियों को खोजने के लिए पुलिस बेजी तो लता के एक फ़ोन से वो बापस हो गई. और फिर पब ने उस रवि की बंद बजा दी. (फिर संभु ने त्रिकाल को रवि की बताई पूरी बात बता दी. और ये भी बताया की उसकी बीबी (वंदना) कैसे एक दम पलट गई)

त्रिकाल – कोण रवि.. वो मला जो ठाकुर का पटनेर था??

संभु – हाँ वो hi..

त्रिकाल – हम्म वंदना को पब ने अपनी पावर से अपना गुलाम बना लिया होगा. अभी वो पब का कुछ नहीं कर पायेगा. उससे बोलो की वो उस सहर को छोड़ कर कही और चला जाये. जब सही मुका होगा हम उसे बता देंगे. की बदला कब और कैसे लेना है.

संभु – ok गुरु जी

फिर संभु रवि को फ़ोन कर के बोल देता है. और त्रिकाल पब पे अपना डायन लगा कर बेथ जाता है.
 
अभी तक सब सोच रहे थे की त्रिकाल ने क्यों कुछ नहीं किया....

जबकि लड़कियों की सप्लाई तो बहुत पहले HI बंद हो चुकी है. तो त्रिकाल को पता होगा की पब ने HI ठाकुर को मारा है.

त्रिकाल की चल बहुत पहले HI शुरू हो चुकी थी. उन लड़कियों का गुरु और कामिनी से टकराना त्रिकाल की HI चल थी...

अब देखना ये है की त्रिकाल का प्लान तो बहुत अच्छा है. पैर अपना हीरो कैसे बचता है.... क्या कोई बता सकता है की कोण बचाएगा हीरो को................
 
अपडेट 79

दूसरी तरफ –

गुरु फ़ोन कट करने के बाद बहुत चिंता मैं थी. उसके फेस को देख कर कोई भी समाज सकता था की इस टाइम उसके मंद में कितनी उथल – पुथल है. मणि से गुरु की बात हो चुकी थी. मणि भी अपनी कोसिसो में लग गया था की पब को हुआ क्या है और उसका हल क्या है. जब तक गुरु पब के आने से पहले अपनी तैयारी कर लेना चाहती थी.

गुरु – कामिनी तुम एक बड़े बाउल में साफ़ पानी, हल्दी, कुमकुम और एक चाकू आ कर रखो. मैं अभी जंगल से हो कर आती हु. और अवनि तुम रूम में जाओ और ऐडा को भी बोल देना की बहार से कितनी भी आवाजे आये वो बहार न निकले.

कामिनी तुर्रंत किचन में और गुरु गेट की और चल देती है. अवनि भी जा कर ऐडा को बता देती है. की पंकज को कुछ हो गया है. गुरु दीदी ने कहा है की हम तीनो में से किसी को बहार नहीं आना. ऐडा पब को कुछ हो गया है ये सुन कर hi बीचेन हो जाती है. वो उसका पति था. कोई भी पत्नी पति की ऐसी हालत में उससे दूर नहीं रहा सकती. तो ऐडा अवनि से तो हां बोल देती है पैर हॉल में चुप कर देखने लगती है.

कुछ देर में hi गुरु कुछ पत्तो के साथ घर में आती है. और उनको पीस कर उनका लुक्विड (रास) निकल लेती है. और हॉल में जमीं पे बेथ कर वाटर बाउल को रख कर मंत्र पड़ने लगती है. कामिनी और सविता उसको ये सब करते हुए देख रहे थे. ऐडा भी छुप कर देख रही थी. गुरु उस पानी में हल्दी, कुमकुम और वो पत्तो का रास मिला देती है. और फिर मंत्र पड़ती है. कुछ मंत्र पड़ने के बाद वो चाकू उदा कर अपनी हथेली पैर कट मरती है और अपना खून उस बाउल में डालने लगती है. हथेली से खून निकलता देख कामिनी और सविता की हलकी सी चीखा निकल जाती है. गुरु उनको अपनी लाल आखों में गर्ने लगती है. और गुरु को देख कर दर जाती है. इस टाइम गुरु का फेस एक दम सख्त और डरावना लग रहा था. गुरु के मंत्र जारी थे. की बहार से हसी की आवाज अति है. ये आवाज पब की थी.

तभी गेट कहता है और उससे पब अंदर आता है. पीछे -2 अंकिता और काजल भी थे.

पब – ओह्ह मेरी जान कामिनी आ मेरे पास में तुझको प्यार करू.

कामिनी तो दर जाती है और पीछे हो जाती है. कामिनी को पता था की अभी पब पे किसी का साया है. तो वो उसके पास जाने में दर रही थी. इसलिए वो पीछे हो गई और न में गार्डन हिलने लगी.

पब – साली रंडी मुझसे मन करती है. चल जल्दी आ और नंगी हो कर अपने पति की गॉड में बेथ जा.

कामिनी दर के मरे गुरु की और देखती है. गुरु उसे आगे जाने का इसरा करती है. कामिनी डरते हुए पब के नजदीक जाती है. पब भेखे भेड़िये की तरह उसको दबोच लेता है. और उसके होंटो को चूसने लगता है. कामिनी किश में पूरा साथ देने लगती है. कियोकि उसके पास और कोई रास्ता नहीं था. किश करने से कामिनी की सासो में पब की सासे गुलने लगती है. कामिनी को भी सेक्स का नशा चढ़ने लगता है. अभी किश को 4-5 मं hi हुए थे की कामिनी की छूट पूरी तरह पनिया गई थी. और गुरु का काम भी पूरा हो चुक्का था वो सबदनी से उस बाउल को पब के पास दिंनिंग टेबल पे रख कर पब ने कामिनी को चुदती है और पब की आखों में देखने लगती है. उसके हाथ को भी पकड़ लिया था.

गुरु – जान सारा प्यार कामिनी को hi करोगे मुझको नहीं ???

पब – अरे मेरी छमिया मैं तो तेरा hi हु आजा तू भी.

गुरु पब के एक हाथ को बाउल में दाल देती है और फिर उसके होंटो की और अपने होंठ बढ़ती है. तो पब एक दम उसके होंटो की और बढ़ता है. तब गुरु अपने फेस को पीछे करती है पब भी उसके पीछे hi अपना फेस लेन लगता है. वो उसके होंटो को चुना चाहता था. गुरु पीछे होते हुए सर को निचे करके मंत्र पड़ती है और इस तरह होंटो का पीछा करने से पब का फेस इस टाइम बाउल के ऊपर था. और उसमे उसका फेस मिरर की तरह दिख रहा था. जैसे hi गुरु मंत्र की फुक बाउल में मरती है तो उसमे पब के फेस की जगह किसी और का फेस आ जाता है. उस फेस को देखते hi गुरु की दर के मरे चीख निकल जाती है. और वो दर के मरे पीछे हो कर कंपनी लगती है. पब उसकी और बढ़ता है और उसके होंटो को चूसने लगता है. गुरु तो दर से कैंप रही थी वो पब का साथ क्या देती. पब को मज़ा नहीं आता तो वो गुरु को छोड़ कर फिर से कामिनी को किश करने लगता है. सविता और अंकिता सब कुछ देख रही थी. उन्होंने काजल को तो आते hi रूम में भेज दिया था. पैर पारी को अभी तक कुछ पता नहीं था. वो तो मज़े से रूम में सो रही थी. गुरु की चीख से उसकी नीड खुली तो वो हॉल की और गयी. पारी ने हॉल में कदम hi रखा था की गुरु चीची

गुरु – सविता और अंकिता तुम दोनों जल्दी से अपने कपडे उतरो और इनको अपनी और बुलाओ. देखो ये तुम्हारे पास आते है या नहीं… जल्दी करो…

सविता और अंकिता को सरम आने लगी सबके सामने इस कंडीशन में नंगा होना समाज के परे था. जब 1 मं तक दोनों ने कपड़ो को हाथ भी नहीं लगया तो गुरु गुस्से में उनके पास गई और दोनों के गाल पे एक -2 तप्पड़ मार दिया.

गुरु – सुनाई नहीं दे रहा है क्या ? या सब मरना चाहती हो??

तप्पड़ पड़ने से जहा सविता और अंकिता सकते में आ गई वही पारी को समाज आ गया की कोई गंभीर बात है. पारी ढूढ़ कर गुरु के पास गई.

पारी – क्या हुआ दीदी?? आप इनको क्यों मर रही है. और ये हॉल में hi कामिनी के साथ ????

गुरु – ये सब छोड़ ये बता अपने पति को जिन्दा देखना चाहती है या नहीं ??

पारी के कानो में तो ये सुन कर hi साये -2 की आवाजे आने लगी. आखों से आशु गिरने लगे.

गुरु – अभी आशु बहाने का टाइम नहीं है. यदि पब को बचाना चाहती है तो अभी नंगी हो कर उससे लिपट जा बस डायन रहे की उसका लुंड तेरी या किसी की छूट में न जाये और उसको अपने जिस्म से खिला. उसके लुंड को मुँह में ले हाथो से कर पैर उसको कुछ देर के लिए संभल बस. नहीं तो हम सब मरेजाएगे.

पारी गुरु की बाते करते हुए hi नंगी हो गयी. और गुरु की बात पूरी होते hi पब से जा लिपटी. पब अभी भी कामिनी के होंटो को चूस रहा था. और चूचियों को मसल रहा था. किमिनी की छूट गंगा यमुना बहा रही थी. उसकी सासे उखड रही थी. पैर पब उसको छोड़ नहीं रहा था. कामिनी खुद भी उससे दूर नहीं होना चाहा रही थी. ीदार पारी को देख कर और गुरु की बात सुन कर अंकिता और सविता भी नंगी हो कर पब के पास पहुंच गयी थी. पब को अपने पीछे किसी के चुपके होने का पता लगते hi वो कामिनी को छोड़ कर पारी को देखता है तो उसे सविता, अंकिता और पारी तीनो नंगी दिखाई देती है. उनको नंगा देख कर पब बुरा सा मुँह बनता है. पब के ऐसे मुँह बनता देख कर गुरु और दर जाती है. और इसारे से कामिनी को बुलाती है. कामिनी अपनी सासे सभालती हुयी गुरु के पास जाती है.

गुरु – कामिनी तुमको अभी केसा लग रहा है??

कामिनी – दीदी दिल से तो जॉब hi हो रहा है अच्छा नहीं लग रहा. पैर मेरा सरीर बेकाबू हो रहा है. मेरी छूट चीख -2 कर लुंड मांग रही है. यदि आज उन्होंने मुझको छोड़ने की कोसिस की तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाउगी.

गुरु (गुस्से से) – हाँ तो जा और चुद, और मार दे हम सब को कर दे दुसमन को कामियाब….

कामिनी – दीदी मेरा वो मतलब नहीं था. पैर मेरा सरीर मेरे साथ नहीं है. और उसको रोकना हममे से किसी के भी बस का नहीं है.

गुरु – हम्म ये बात तो है, ले ये पट्टी खा लो, तुम्हारी उत्तेजना काम हो जाएगी. और फिर तुम पब को ले कर रूम में जाओ. इन तीनो को भी ले जाना, जॉब hi करना पड़े पब को संभालना, बस उसका लुंड किसी की छूट में नहीं जाना चाहिए.

कामिनी वो पट्टी खा जाती है. और पब के पास चल देती है.

अभी तक पारी ने उसको बातो में लगा रखा था. पारी की बातो पे गुस्सा हो कर पब ने पारी को 2-3 तप्पड़ भी मर दिए थे. पैर पारी तस से मास न हुई. कामिनी के आते hi पब कामिनी को पकड़ना चाहता है पैर कामिनी दूर से hi

कामिनी – न जी न यहाँ नहीं अंदर रूम में चलो, यहाँ कोई भी आ सकता है. अंदर आप जो कहेगे मैं वो करुँगी. मैं इनकी तरह बे शर्मा नहीं हु. चलो अंदर चलते है.

कामिनी ये कहा कर पब के रूम की और बाद जाती है. और उन तीनो को भी साथ आने का इस्सर कर देती है. सब लोग रूम में पहुंच जाती है. बहार गुरु थी. वो डायन लगाती है और मणि से बात करने लगती है.
 
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