अपडेट 118
फिर पुरे दिन कुछ खास नहीं हुआ, सभी लोग कल की तैयारी कर रहे थे, गुरु पब की शादी की तैयारी में बिजी थी. माहि, ऐडा, अवनि सैंडी के साथ मार्किट चली गयी थी. कामिनी, सविता, अंकिता मंदिर जाने की तैयारी कर रहे थे. एरिका और काजल भी इनका साथ दे रही थी. साक्षी, रेनू, गोपाल ये तीनो पेय और माउद से घुल मिल गए थे और उनके साथ hi खेल रहे थे. लता और सोनल के जाने के बाद पब अपने रूम में अकेला लेता हुआ पता नहीं किस सोच में था. दीनदयाल और मणि उस हवन की तैयारी में लग चुके थे. दिन ऐसे hi बिट गया.
सब लोग बेथ कर डिनर कर रहे थे. मणि जी बोले – कामिनी कल की पूजा की सब तैयारी हो गयी है न.
कामिनी – जी गुरु जी हो गयी. (और फिर कामिनी अपनी तैयारी के बारे में बताने लगी. मणि में उसमे कुछ और भी पूजा विदी को बताया जो की कामिनी को पता hi नहीं थी. कामिनी ने उस पूजा विदी के लिए भी तैयारी करने का बोल दिया. मणि ने उस पूजा विदी के मंत्र गुरु को बताने को बोल दिया डिनर के बाद)
ये सब देख कर पब सोच में पद गया की मणि जी को ये सब कैसे पता.
पब – गुरूजी आप कैसे जानते है. ये तो ठाकुरो की कुलदेवी है न.
मणि जी– पहली बात तो ये की तुम भूल गए मेने इस का ज्ञान गुरु सत्यानंद जी से लिया है. और वो सभी देवी –देवता की पूजा विदी मुझको सीखा कर गए है. और दूसरी बात ये की देवी अस्तिका की पूजा ठाकुर करते नहीं करवाते आये है और मैं उसी कुल से हु जो की सदियों से माँ अस्तिका की पूजा करते आये है.
पब – ोुह्ह्ह अच्छा तो ये बात है. फिर तो आप उन देवी के बारे में सब जानते होंगे.
मणि – हाँ, उनका नाम है अस्तिका देवी, कियोकि उनके 8 रूप है. और सभी रूप उन्होंने नारी हिट के लिए hi लिए है. वो नारी हिट के लिए hi प्रकट हुयी थी. जब समाज में नारियो पैर जुल्म आदिक होने लगा तब वो नारी हिट के लिए प्रकट हुयी और उन्होंने नारियो को समाज में एक सम्माजनक दर्जा दिलवाया.
पब – हम्म ये तो बहुत hi अच्छी देवी है, जो नारी हिट के लिए प्रकट हुयी.
फिर सभी लोग अपनी तैयारी पूरी करके सो गए. अगले दिन सुबह जल्दी hi ये सब लोग देवी दर्शन के लिए निकल गए. जाने वालो में – पब, गुरु, कामिनी, ऐडा, सविता, अंकिता, पारी, एरिका, माहि, माउद, पेय और गोपाल थे. साक्षी और रेनू अपने बापू की मदत के लिए हवेली में hi रुक गयी थी. इन्होने सैंडी को भी अपने साथ ले लिया था. 3 ऑवर के सफर के बाद ये लोग 2 कार्स से मंदिर पहुंच गए. ऐडा पुरे नयी दुल्हन के गेटउप में थी.
कामिनी, ऐडा, गुरु और पब पूजा करने लगे बाकि सब वह खड़े इनको देख रहे थे. एक वह का पंडित भी इनके साथ में पूजा करवा रहा था. जब गुरु ने मणि के बताये मंत्रो का उच्चारद करना सुरु किया तो वो पंडित मुँह खोले गुरु को देखता रहा गया. एक 18 साल की लड़की उन मंत्रो का जप कर रही थी. जनको वो लोग भी ठीक से नहीं जानते थे. वो तो पीछे हो गया. और आगे की पूजा गुरु और पब, ऐडा ने hi पूरी की. जैसे जैसे पूजा आगे बाद रही थी वैसे -2 मोषम भी चेंज हो रहा था. पूजा पूरी होते हुए बहुत hi खुशनुमा मौसम हो चुक्का था.
पब अभी भी आखें बंद किये अस्तिका देवी का नाम जप रहा था. एक दम उसके कान में आवाज आयी – आखें खोलो पुत्र.. मैं तुम्हारी पूजा से खुश हु. बहुत समय के बाद किसी ने पुरे विदी विद्वान से मेरी पूजा की है. और तुमने जो भानु को मर कर उन लड़कियों को बचाया है मैं उससे तो तुमसे बहुत खुश हु.
पब ने जब आखें खोली तो सामने देवी की मूर्ति जीवित हो चुकी थी. और वो hi बोल रही थी. जब उसने चारो और देख तो सब ऐसे हो गए थे की किसी ने सबको मूर्ति बना दिया हो. जो मूर्ति थी वो बोल रही थी और जो इंसान थे वो मूर्ति जैसे हो गए थे. ये देख कर पब तोड़ा गहरा गया. उसकी मनो दशा देख कर देवी बोली – चिंता मत करो पुत्र से सब कुछ देर के लिए है ये सब फिर से ठीक हो जायेगे. तुम चिंता मत करो.
पब – मैं आज दांया हो गया जो एक देवी के दर्शन मुझको मिल गए.
देवी – मैं तुमसे बहुत खुश हु और तुमको वरदान में 2 सकतिया देना चाहती हु. परन्तु उससे पहले तुमको कुछ करना होगा.
पब – देवी माँ मैं तो आपके दर्शन से hi दांया हो गया हु. फिर भी आप यदि कुछ देना चाहती है और मुझको अपनी सेवा का मौका देना चाहती है तो ये भी मेरे लिए ख़ुशी की बात होगी. बताई माँ क्या आदेश है मेरे लिए…
देवी – तुम यदि वो 2 सकतिया पाना चाहते हो तो तुमको 21 कुवारी लड़कियों की बलि देनी होगी. वैसे भी तुम्हारे पास में तो बहुत साडी लड़किया है. ये तुम आराम से कर सकते हो.
देवी की बात सुन कर पब को गुस्सा आ गया. फिर भी वो आराम से बोलै
पब – किसी बात करती है आप, एप क देवी हो कर लड़कियों की बलि चाहती है. मैं ये कैसे कर सकता हु. वैसे तो आप भी नारी हिट के लिए प्रकट हुयी थी. और आज आप खुद hi नारी की बलि चाहती है.
देवी – हाँ तुम सच बोल रहे हो. मैं नारी हिट के लिए hi आयी हु इस दुनिया में. और नारी hi मेरी सकती है. तुम जिन लड़कियों की बलि डोज उनसे मुझको बल मिलेगा. और उस ताकत से hi मैं तुमको वो सकतिया दे पाउगी.
पब – यदि ये बात है तो मुझको कोई भी शक्ति नहीं चाहिए. मुझको कोई भी पावर नहीं चाहिए. आप जा सकती है. पैर मैं किसी भी लड़की की बलि नहीं दे सकता. मेने उन लड़कियों को इसलिए नहीं बचाया था की मैं उनकी बलि दे सकू. उनके सरीर पैर एक खरोच भी नहीं देख सकता मैं. आप उनको मरने की बात कर रही है. मैं नहीं मंटा की आप कोई देवी भी है.
देवी (गुस्से से)– तुम हमारा अपमान कर रहे हो पुत्र. तुम जानते नहीं इसका क्या परिडाम हो सकता है.
पब – मेरा आपका अपमान करने का कोई उदेशय नहीं था. मैं तो खुद hi आपकी पूजा करने आया था. पैर आप जो कहा रही है वो मेरे लिए सम्भब नहीं है. मैं पावर पाने के लिए किसी नारी को मरना तो दूर उसका दिल भी नहीं दुखाना चाहता हु. ये तो मेरी मज़बूरी है की मैं अपनी पत्नियों को खुश नहीं कर प् रहा. नहीं तो इन सबकी ख़ुशी के लिए मैं कुछ भी कर सकता हु.