MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 20 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

अपडेट 151

समय बीतता गया और फिर त्रिकाल ने डलासुर जी को बंदी बना लिया. वो उसके मंसूबो को जान चुके थे. पैर फिर भी बिना किसी विरोद के उसके कैद में चले गए नहीं तो त्रिकाल जैसा डलासुर को बंदी बना ले और उनके 5 पुत्र और उनकी पत्नी हाथ पैर हाथ रख कर बैठे रहे ऐसा कैसे हो सकता है. नियति माँ के आदेश को न मन्ना डलासुर के वश में नहीं था. इसलिए ये दोनों अपने उप्पेर हो रही घटनाओ में भी बिना कुछ किये उनको अपनाते चले गए. न कोई विरोद और न कोई कोसिस कुछ भी बदलने की.

बैक इस एन्ड..

प्रेजेंट –

कुछ देर तक तो गुरु, कामिनी, सलोनी और पब चुप बेथ कर उस कहानी के बारे में सोचते hi रहे. और फिर पब बोलै

पब – गुरूजी कहानी तो समाज में आयी. ये भी पता चला की त्रिकाल डलासुर जी को कैद करने में क्यों सफल हुआ. और सम्भोग से क्यों डलासुर और दस माँ खुश होते है ये भी पता चला. पैर कुछ बाते है जो मेरी समाज में नहीं आयी.

दयासुर – और वो बाते क्या है??

पब – सबसे पहली बात तो ये की हम सब इस कहानी से कैसे जुड़े हुए है. हम भी दस माँ और दानवराज के और भक्तो के जैसे hi है. जो सम्भोग क्रिया से कुछ पावर प् रहे है.

गुरु – और अपने सुरु में कहा था की अब इस घटनाक्रम का अंत निश्चित है. तो आप ये कैसे कहा सकते है की ये सब ख़तम होने वाला है. क्या दस माँ ने आपको भविष्य बता दिया है??

सलोनी – जब आप 5 भाइयो ने ये ठान लिया था की आप सब को शादी hi नहीं करनी है तो फिर अपने अब माँ से शादी क्यों की???

कामिनी – और जब सबको नार्मल सम्भोग क्रिया से hi वर मिलते है तो इनके साथ hi इतनी पाबन्दी क्यों??

दयासुर – ारे बच्चो एक -2 करके. तुम्हारे हर सवाल का जवाब दुगा.

दयासुर – सबसे पहली बात तो ये की माता ने कभी भी किसी को उस भविष्य के बारे में नहीं बताया. हाँ पैर अंत निश्चित है ये इसलिए की पब hi वो लड़का है जो आहिल जी के कहे अनुशार माता और पिता जी को मुक्ति दिलवाएगा. और पब इस लिए hi तुम इस कहानी से जुड़े हुए हो. और तुम्हारे साथ तुम्हारी साडी पत्निया भी जुड़ गयी है. और तुम्हारा मैं टारगेट भी ये hi है – डलासुर और दक्षसूरी को इस दानव रूप से मुक्त करवाना है.

पब की तो ये सुन कर hi पहात गयी. उसको तो कोई आईडिया hi नहीं था ये सब कैसे करना है. और ये सब आज hi उसको पता चला और आज hi उसे अपने उस टारगेट का भी पता चला जिसके लिए उसका जनम हुआ है. वो सोच में दुब गया.

दयासुर – तुमको कुछ सोचने की जरुरत नहीं है. तुम तो बस वो करते रहो जो तुम्हारा धर्म है. जब एक तपश्वी का श्राप आज तक गलत नहीं हुआ तो उसका वर कैसे झूठा हो सकता है. नियति अपने आप तुमसे वो सब करवाएगी जिससे ये सब होना है. बस कभी भी नियति की आवाज को मत ठुकराना.

पब – जैसी आपकी आज्ञा गुरूजी. पैर आपको कैसे पता की में hi वो लड़का हु जो ये करेगा.

दयासुर – तुम खुद बताओ की माता का कोई और पुत्र भी है जो एक पतिव्रता नारी का बीटा हो. और वो दस माँ का भी बीटा हो. तुमने इस सब से भागना भी चाहा पैर नियति ने फिर तुमको वही ला कर खड़ा कर दिया जहा से तुम भागे थे. पैर इस वॉर नियति ने तुम्हारे भागने के सरे मार्ग भी बंद कर दिए. क्यों?? त्रिकाल जैसे सिद्ध तांत्रिक की भी हाल चल नियति ने फ़ैल कर दी पैर तुम ऐसे आम लड़के को कुछ नहीं होने दिया. क्यों??? इन सबका एक hi मतलब है नियति ने तुमको जिस काम के लिए चुना है. उस टारगेट तक पहुंचने में नियति भी तुम्हारी मदत कर रही है.

पब – इसका मतलब तो ये हुआ की मुझको कुछ भी करने की जरुरत hi नहीं है. नियति खुद hi मुझसे वो सब करवा लेगी जो भविष्य में लिखा है.

दयासुर – नहीं ऐसा तो बिलकुल भी नहीं है. तुम भूल रहे हो कर्म से भविष्य को बदला जा सकता है. यदि तुम कर्म करना छोड़ डोज तो नियति इसकी सजा तुमको जरूर देगी. और जो तुम्हारा है तुम उसे भी खो डोज. पैर तुम्हारे कर्म तुमको hi करने होंगे. करम hi प्रदान है

पब – हम्म मैं अपने करम बिना किसी से डरे करुगा.

मणि – ये हुई न बात. अब तुम बस अपने कर्म करते जाओ ये मत सोचो की इसका क्या फल मिलेगा. जीतेंगे भी या नहीं. लड़ना तुम्हारा करम है और जीतना या हारना नियति….

पब – ये सब तो ठीक है पैर गुरूजी कुछ तो आईडिया होना चाहिए न की किस रहा पैर चल कर आपको मंजिल मिलेगी. क्या पता हम त्रिकाल के चाकर में hi लगे रहे और दस माँ और दानवराज की मुक्ति की रहा तक पहुंच hi न पाए. मुझको ये तो पता होना चाहिए न की ऐसा कोण सा काम है जिसको करने से में अपना टारगेट प् सकूगा. जैसे की अपने पहले त्रिकाल की कैद से दानवराज को मुक्त करवाने के लिए मुझसे कहा तो ये भी बताया की उसके लिए तुमको पावर्स हाशिल करनी है. और मैं उसी रहा पैर चलने लगा. मेरी रहा में आने वलिहार प्रॉब्लम को आप लोगो ने सोल्वे भी किया है. आप लोगो के मार्गदर्शन से में ये सब हाशिल कर पाया हु. तो बिना रहा के मंजिल कैसे मिलेगी??

अब दयासुर और मणि भी सोच में पद गए. कियोकि वो भी नहीं जानते थे की मुक्ति के लिए क्या करना है और क्या नहीं. आहिल जी का वर भी ये hi था की पब मुक्ति का कारन बनेगा. पैर जब तक उसे पता hi न हो की करना क्या है तो वो सफल कैसे हो रक्त है. पब की बात में दम था. जब दोनों को hi समाज नहीं आया तो दस माँ को याद करने लगे. और दस माँ भी वह आ गयी. सब उनको देख कर उनके पेअर छू कर आशीर्वाद लेने लगे. गुरु ने तो बहुत साल उनकी भक्ति की थी. पैर आज sa-sharir पहली बार देखा था. जब वो पब को बच्चन आयी थी तब वो दानव रूप में थी और वो उनका साया मात्रा था. गुरु तो आज खुद को दांय मन रही थी. सलोनी अपनी दादी से गले लग गयी थी. कियोकि अभी जो उसने अपनी दादी की कहानी सुनी थी तो उसको रोना आ गया था. दस माँ भी उसे शांत कर रही थी. दस माँ भी आज अपने 2 बेटो को एक साथ बैठा देख खुश थी.

दस माँ – इसका जवाब में दूगी बीटा. तुम अभी जिस रहा पैर होवो hi हमको मुक्ति दिलवाएगी. तुम खुद सोचो जब तक दानवराज कैद है उनकी मुक्ति कैसे संभव है. इसलिए hi तो तुमको 1सत टारगेट उनको वह से आज़ाद करवाना है. और उसके बाद तुमको क्या करना है ये भी तुम्हारे गुरु (मई और दयासुर की और इशारा कर के) बताते रहेंगे.

पब – जैसी आपकी आज्ञा माँ. क्या मैं कुछ और अपने पूछ सकता हु.

दस माँ – हाँ क्यों नहीं. हम आये hi तुम्हारी हर जिज्ञाषा को शांत करने के लिए.

पब – यदि अपने सालो पहले भविषय देखा था. और उसमे घटित होने वाले घटना क्रम से आप दुखी थी. तो क्या में ये जान सकता हु की कोई ऐसी बात अपने जब देखि हो और वो अब घटित हो चुकी हो. मतलब जब का फ्यूचर आज का पास्ट हो. और यदि ऐसा है तो क्या वो वैसे hi घटा है जैसा की अपने देखा था??

दस माँ – हाँ बीटा बुल्कुल वो hi हो रहा है जो हमने देखा था. सबसे पहले त्रिकाल का दानवराज को कैद करना. फिर तुम्हारा जनम. ये दोनों घटनाये ठीक वैसे hi देखि थी ऐसे की हुयी है. हमने उस टाइम जो देखा था यदि उसे तुम्हारी भाषा में बोलू तो वो एक नाटक की हेडलाइंस की तरह थी. कुछ -2 पालो के बहुत से स्कीन हमने देखे थे. 2 वैसे hi घाट चुके है. जैसे की देखे थे. हम दोनों hi जानते थे की त्रिकाल दानवराज को कैद कर लेगा. पैर फिर भी में रहे कियोकि नियति का ये hi आदेश था. (दस माँ मन ने सोचती है बीटा 3रद स्कीन भी कल रात को घटित हो चुक्का है. हमारे बेटो का संभु को वचन देना. और ये सोच कर उनकी आखों में पानी आ गया)

पब – माँ मैने तो भविष्य नहीं देखा तो क्या में अपने कर्मो से भविष्य बदल सकता हु. और यदि ऐसा है तो मुझको बताइये की मुझको क्या करना होगा??

दस माँ – हाँ तुम कर सकते हो. तुम कोसिस जरूर कर सकते हो पैर हम तुमको नहीं बता सकते की तुमको क्या करना होगा. बस इतना जान लो सच्चाई, जान कल्याण, न्याय, प्रेम और धरम की रहा hi नियति के फेशलो को भी बदल देती है.

पब – जी मैं ये जरूर याद रखुगा. और जान कल्याण के लिए मेने एक आर्मी भी तैयार की है. दानव सेना के मान से. आप तो ये जानती hi होगी. अब मैं हम क्राइम को ख़तम करने की कोसिस करुगा उस आर्मी से.

दस माँ – हाँ मैं जानती हु. और ये बहुत अच्छा काम किया है तुमने. पैर केवल हिंसा से hi जान कल्याण नहीं होता पुत्र तुमको उन लोगो की मदत भी करनी चाहिए जो आशय है. जो सच में किसी की मदद के लिए विवश है. जैसे की तुमने उन लड़कियों को रखा के पास से तो छुड़वा लिया पैर ये समाज अब उनको वो सम्मान नहीं देगा जो उनके लिए जरुरी है. अब उन लड़कियों की मददद तुमको करनी होगी.

पब – हाँ माँ मेरे भी ये hi सोच कर उनको जंगल के कैंप में रोका है. हवेली में रखना भी उचित न लगा. अभी में ये सोच नहीं पाया हु की क्या करना चाहिए. उन सब के लिए.

दस माँ – तुम्हारी एक समस्या में ख़तम कर देती हु. (ये बोल कर दस माँ ने अपनी आखें बंद की और कुछ देर तक अपनी हाथ को हवा में गुमटी रही और फिर आखें खोल कर बोली) अब तुम्हारी हवेली के पीछे के पहाड़ के निचे एक ऐसा निवेश िस्थान बन गया है जहा 3000-4000 लोग आराम से रहा सकते है. और उसका एक गेट तुम्हारी हवेली के बेसमेंट से है तो दुशरा पहाड़ी के पीछे के जंगल में खुलता है. और इन दोनों गेट को केवल वो hi खोल सकेगा जिसका परिचय तुम खुद उन गेट को डोज.

पब – ये तो अपने मेरी बहुत बड़ी प्रॉब्लम दूर कर दी. थैंक यू माँ…. और पब उनके गले लग गया.

दस माँ – माँ भी बोलता है और थैंक यू भी. तुम ये जो काम कर रहे हो ये काम पहले पतासुर और भीमासुर का था. उन्होंने बहुत लोगो की मदद की है. अब तुम इस काम को कर रहे हो तो मेरा भी फर्ज है की तुम्हारी मदद करू. अब मैं चलती हु. यदि फिर मेरी जरुरत हो तो मुझको याद कर लेना.

उसके बाद दस माँ वह से चली गयी. और सब कुछ देर में hi रहे
 
हाँ भाई पब को जोश दिलाने और उसका मैं टारगेट बताने के लिए HI ये स्टोरी सुनाई है दयासुर जी ने..........

दस माँ पैर क्या बीत रही है ये तो वो HI जान सकती है. पति अभी कैद में है. और उसके बेटे HI उसको कैद ने रख कर पहरा दे रहे है. और दस माँ को कुछ तो यश पता है जिसको वो फ्यूचर में न होने देने की कामना कर रही है. चाहे वो मुक्त HI क्यों न हो.............

थैंक यू फ्रेंड
 
अपडेट 152

दस माँ – माँ भी बोलता है और थैंक यू भी. तुम ये जो काम कर रहे हो ये काम पहले पतासुर और भीमासुर का था. उन्होंने बहुत लोगो की मदद की है. अब तुम इस काम को कर रहे हो तो मेरा भी फर्ज है की तुम्हारी मदद करू. अब मैं चलती हु. यदि फिर मेरी जरुरत हो तो मुझको याद कर लेना.

उसके बाद दस माँ वह से चली गयी. और सब कुछ देर में hi रहे फिर ये छुपी सलोनी ने तोड़ी

सलोनी – बाबा अपने मेरी बात का जवाब तो दिया hi नहीं.

कामिनी – और बाबा मेरी बात का भी..

कामिनी के बाबा कहने पैर दयासुर को बहुत ख़ुशी हुई. कियोकि वो कामिनी को भी अपनी बेटी मानते थे.

दयासुर – सलोनी तुम्हारी माँ से शादी मेने तुम्हारी दादी के कहने पैर hi की थी. उनकी हर बात में कोई रहश्य होता है. इसलिए मेने उनकी बात मान कर शादी कर ली. और देखो उस वजह से hi आज तुम हो. और ये सब मेरे पास है.

कामिनी – और मेरी बात??

दयासुर – तुम्हारी बात का जवाब तोड़ा तेरा है. पहले तुम सलोनी से उस दश्य के बारे में पता करो जो मेने अभी कुछ देर पहले इन दोनों को दिखाया था.

सलोनी फिर उस सन के वेयर में डिटेल में बता देती है. पैर कुछ मैं बाते मिस कर देती है. तो

दयासुर – पब तुमने कुछ और देखा उसमे??

पब – नहीं जो सलोनी ने बताया वो hi देखा था. और 2 दानव और थे उस तालाब के किनारे पैर. पैर वाओ अहा क्या कर रहे थे ये समाज नहीं आया.

दयासुर – बीटा वो दोनों मेरे बड़े भाई है नकसुर और भलासुर. और वो दोनों वह पैर उस तालाब में कैद मेरे पिताजी की सुरक्षा कर रहे है. ताकि कोई उनको वह से छुड़ा न सके.

दयासुर की बात सुन कर पब सन्न रहा गया. अब उनको समाज आ रहा था की दयासुर ने वो सन क्यों दिखाया था. ये hi वो कैद है जहा से उसे डलासुर को छुड़ाना है. पैर उसके ये समाज नहीं आया की वह पैर इतने लोग कैसे पहुंच गए और वो सब सेक्स क्यों कर रहे है. जहा तक उसे बताया गया था की डलासुर के देव रूप को कैद ऐसी जगह किया गया है जहा से उनको बहार निकलना बहुत मुश्किल है. हर देव भी उस जगह नहीं जा सकता. फिर ये सब कैसे पहुंच गए वह.

पब – गुरूजी यदि ये दानवराज के देव रूप का कैदखाना है तो वो सब लोग कोण थे जो वह पैर सेक्स कर रहे थे. और क्या था उस सन में ऐसा की उसको देखने के बाद हम दोनों इतना उत्तेजित हो गए की अपने आप को रोक नहीं पाए??

दयासुर – बीटा सब कुछ त्रिकाल का तलिशम है और कुछ नहीं. तुमने मुझसे पूछा था न की ये दानव प्रवति क्यों एक्टिव हुयी है. तो पहले मेरे एक सवाल का जवाब दो. – यदि मैं तुमसे कहु की तुमको सेक्स कर रहे इस सभी लोगो को मरना है तो तुम क्या करोगे??

पब – ये क्या कहा रहे है आप?? ये तो निर्दोष लोग लग रहे है. इनको क्यों मरना है?? इन्होने क्या बिगाड़ा है जो इनको मरना पड़े??

दयासुर – बस बीटा उस चक्रवेव में तुम्हारे दिमाग में ऐसे ख्याल न आये इसलिए hi तुम्हारी दानव प्रवति को एक्टिव किया है. यदि तुम केवल मानव मन से सोचोगे तो कभी भी उस चक्रवेव से नहीं निकल पाओगे. और यदि केवल तुम दानवो की तरह सोचोगे तब भी ये संभव नहीं होगा. वह तुमको सही जगह पैर सही फेशला लेना होगा. कुछ जगह इनदोषो को मरना भी होगा तो कुछ जगह दर कर पीछे हन्ता और भागना hi उचित होगा. वह तुमको बहुत सयम से काम लेना होगा. ये जो भी लोग तुमने देखे थे ये त्रिकाल की माया से प्रभावित है और त्रिकाल ने इनको वह केवल सेक्स करने को भी रखा है. इससे वह का माहौल और उस तालाब का पानी हमेशा वाष्ण से पारी पुराण रहे. उस तालाब का पानी और उस जगह की हवा में इतनी वाष्ण भरी है की जो भी वह जायेगा वो वाष्ण का गुलाम बन जायेगा. उस पैर केवल वाष्ण का बहुत होगा और कुछ भी नहीं. ये सब त्रिकाल ने बहुत सोच समाज कर किया था. एक तो इससे वह कैद पिताजी कभी भी शांति से कुछ नहीं सोच सकगे. जिससे वो भागने का प्रयाश न करे. और कोई उनको छुड़ाने वह गया तो वो वाष्ण के आधीन हो कर वह उन लोगो के साथ सेक्स करता hi रहा जायेगा. अब आते है कामिनी के सवाल पर – कामिनी ने पूछा था की इनको सम्भोग क्रिया के लिए इतनी बन्दिस क्यों है. तो बात ये है बेटी की सम्भोग क्रिया का उद्देश्य था पिता जी और माता जी की वाष्ण की आग को शांत करना. और अभी जहा पिताजी है वह पैर वाष्ण की ऐसी आग लगी है की यदि नार्मल सम्भोग किरिया होती तो उनको कोई भी संतुष्टि नहीं मिलती. वो उन तक पहुँचती hi नहीं. पैर जब पब अपनी प्रेमिका से विवहा कर उस अटूट प्रेम के साथ सम्भोग करता है तो ये एक सदरद सम्भोग नहीं होता ये होता है प्रेम का प्रथम मिलम. और प्रेम की इस मिलान से प्रेम hi पैदा होता है. और प्रेम से बड़ी कोई वाष्ण नहीं हो सकती तो जब उस मिलान से प्रेम उत्त्पन होता है तो वो इस कैद में भी पिता जी शांत कर देता है उससे hi वो पब को वरदान दे पते है. प्रेम hi इस संसार का वो सर है जिसके उत्त्पन होने के बाद और कोई भावना नहीं बचती. हकीकत में ये सम्भोग क्रिया नहीं प्रेम क्रिया है.

दयासुर की इन बातो ने सभी को चकित कर दिया. अब किसी के पास कोई सवाल नहीं था. सब समाज चुके थे की क्यों पब उस लड़की से hi विवहा कर रक्त है जिसको देख कर उसके मन में प्रेम उत्त्पन हो. कुछ देर बाद पब बोलै

पब – गुरूजी पैर मैं आज यहाँ जिस लिए आया था वो प्रॉब्लम तो वैसे की वैसी hi है. मन की मेरे अंदर के दानव को एक्टिव करना जरुरी था. पैर अब इसको में अपने कण्ट्रोल में कैसे करू. कोई तो उपपाये बताइये??

मणि – इसका उपपाये मैं बताता हु. तुमको डायन लगाना होगा. और वो भी उस तरीके से जो की कभी आहिल जी ने दानव राज को बताया था. इसको करने से न केवल तुम अपने आपको कण्ट्रोल कर पाओगे. बल्कि तुम्हारे अंदर की सभी दानवीय शक्ति एक्टिव हो जाएगी. और तुमको उससे बहुत पावर अपने अंदर महसूस होने लगेगी. इससे तुम्हारी सभी पावर्स और भी बाद जाएगी.

फिर मणि पब को डायन लगाने की वो किरिया समजता है. सलोनी भी उसके साथ में वो सब सीखती है. जब ये दोनों उस को सिख जाते है तो वही पैर डायन में बेथ जाते है. और 3 हॉर्स तक ये सब करते रहते है. अब शयाम हो चुकी थी. कामिनी और गुरु मणि जी और दयासुर जी से आते करती रही और वह गुमी भी. डायन से उड़ कर पब मणि को उनके आश्रम छोड़ कर अपनी 3no पत्नियों को ले कर हवेली पहुंच गया.

और वह पहुंच कर फ्रेश हो कर बेसमेंट में चला गया. उस बेस को देखने जो की दस माँ ने बनाया था. और जब वो बी किंग वाले रूम में पंहुचा तो वह पैर एक नया गेट नज़र आया. और वो उसमे घुस गया. अंदर जा कर तो वो पलके जपकाना hi भूल गया. अंदर कहा से रौशनी आ रही थी और कहा से हवा इसका उसे कोई अंदाजा hi नहीं हुआ. 30 फ़ीट हाइट का एक बहुत बड़ा ग्राउंड था. और उस ग्राउंड के चारो और बहुत सरे रूम बने हुए थे. रूम की देवर स्टोन की hi थी. यह अक माहौल कुछ -2 दस माँ के निवेश के जैसा था. बस रौशनी और खुला पैन उतना नहीं था. फिर वो कुछ सोच कर बहार आ गया और जुली को भी बुला लाया. पैर जुली को वो गेट नहीं दिखा.

पब – चलो जुली में तुमको अपना नया बेस दिखता हु. अब तुम यहाँ सभी लड़कियों के साथ रहोगी.

जुली – हाँ चलिए जाना कहा है??

पब – ारे सामने वाले गेट में और kaha..(gate की और इशारा करते हुए)

जुली – वह गेट कहा है. आप को हो क्या गया है??

पब को तब दस माँ की बात याद आयी की ये गेट केवल उसी को देखेगा जिसको पब चाहेगा और उसका परिचय गेट से करवाएगा. पैर फिर कुछ सोच कर पब जुली का हाथ पकड़ कर अंदर ले गया. और जुली भी उसके साथ गश्ती चली गयी. जुली को लगा की आज तो सर फटना तय है पैर वो जब अंदर पहुंची तो देख कर हैरान रहा गयी. उसने तो सपनो में भी ऐसा बेस नहीं देखा था. फिर पब गेट को जुली के लिए कुछ इंस्ट्रक्शन देता है. जुली और पब वह के रूम्स को भी देखते है. वह एक लैब, कण्ट्रोल रूम, मेडिकल रूम भी था. एक बहुत बड़ा किचन भी था. और वो खाने के सामान से भरा हुआ था. और भी न जाने क्या -2 था. 3000 लोगो के सोने के लिए बेड्स भी थे. ट्रेनिंग के लिए सभी तरह के हतियार भी थे. फिर जब दोनों बहार आये तो जुली ने बताया की 5 एक्सपर्ट आ चुके है. और वो जंगल वाले कैंप में रुके है कल से ट्रेनिंग सुरु करेंगे. इस सब में बहुत समय हो चुक्का था रात के 10 बज चुके थे तो पब भी बहुत थक गया था तो डिनर करके सोने चला गया.
 
अपडेट 153

फिर जब दोनों बहार आये तो जुली ने बताया की 5 एक्सपर्ट आ चुके है. और वो जंगल वाले कैंप में रुके है कल से ट्रेनिंग सुरु करेंगे. इस सब में बहुत समय हो चुक्का था रात के 10 बज चुके थे तो पब भी बहुत थक गया था तो डिनर करके सोने चला गया.

सुबह जल्दी उड़ कर पब डायन में बेथ गया. और 3 हर तक डायन करने के बाद जब वो हॉल में पंहुचा था उसकी नजर न्यूज़ पेपर पैर गयी. जिसके दानव सेना की किसी लड़की का फोटो था. वो भी फुल ड्रेस में. और हैडलाइन थी “कोण है ये दानव सेना – रक्षक या भक्षक” फिर उसमे लिख था की ये फोटो उन्हें रखा के कक्तव के रिकॉर्ड से मिली है. और भी बहुत कुछ लिखा था. ये सब पद कर पब के फेस पैर एक स्माइल आ गयी और फिर वो दिंनिंग टेबल पैर पहुंच गया. ब्रेक फ़ास्ट के लिए उसकी सभी पत्निया भी अपनी ट्रेनिंग कर के टेबल पैर आ चुकी थी. पैर वह पैर एक नया फेस और था और वो था उस ब्लेंड लड़की का जो की पब को रखा के अड्डे पर मिली थी. उसको वह देख कर पब के मन में एक बार फिर उसके लिए प्यार उम्दा. पैर वो शांति से वह बेथ गया और बोलै

पब – चलो सुरु करो..

सब पब के वह आते hi ब्रेकफास्ट सुरु कर देते है. गुरु ने पब को उस लड़की के लिए इशारा किया. तो पब ने उससे बात सुरु की.

पब – क्या नाम है तुम्हारा??

लड़की – जी अपने मुझसे कुछ कहा???

पब – जी आपसे hi नाम पूछा था.

लड़की – नैना.

पब – हम्म नीस नाम. आगे का क्या सोचा है??

नैना – मैं तो सोच रही थी की आप मुझको किसी ब्लेंड हाउस या फिर किसी गोवत. आश्रम में छोड़ देंगे. पैर अपने मेरे साथ की सभी लड़कियों को एक कैंप में रखा और मुझको यहाँ अपने घर पैर?? कुछ तो वजह होगी इस मेहरबानी की. क्या मैं जान सकती हु वो वजह क्या है??

पब – गुड तुम्हारा मंद तो बहुत शार्प है. सब कुछ समाज गयी बिना बताये. मैं अपना वजह बताने से पहले जानना चाहुगा की तुम आगे क्या करना चाहती हो. तुम्हारी अपनी सोच क्या है. तुम यहाँ पैर किसी की कैद में नहीं हो तुम आज़ाद हो.

नैना – हाँ ये तो मैं भी समाज गयी हु की एप क अच्छे इन्शान है. और जब अपने वह मोजोद किसी भी लड़की को अपनी कैद में नहीं रखा तो मुझको hi क्यों रखगे. मेरे मन ने आपको जितना फील किया है उससे तो लगता है की एप क नेकदिल इन्शान हो. और रही मेरी सोच की बात तो वो तो बहुत पहले से hi एक hi बात पैर अटकी है की मुझको अपने छोटे भाई की मूट का बदला लेना है. पैर मुझको पता नहीं मैं वो कैसे करुँगी. एक तो ये आखें उप्पेर से जिससे बदला लेना है वो एक ागोरी है.

पब (कुछ सोच कर) – क्या आप बचपन से ब्लेंड है??

नैना – नहीं ये आखें भी उस ागोरी ने hi छेनी है मुझसे. मेरा भाई मेरी आखें दोनों का छीनने वाला एक hi है.

पब (कुछ सोच कर) – अंकिता इसकी आखों के ट्रीटमेंट की बात करो. आज hi इसको किसी अच्छे डॉ. के पास ले जाना. और अकेली मत जाना. किसी को अपने साथ ले जाना.

नैना (चोकते हुए) – मेरी आखों का ट्रीटमेंट??? अब तो आपको बताना hi होगा अपनी मेहरबानी की वजह को. कीक्योंकि बिना किसी स्वार्थ के तो ये मेहरवानी नहीं को सकती.

पब – मैं बस इतना hi कहा सकता हु की तुम मुझको अच्छी लगी.

नैना – अच्छी लगी???? ऊऊह्ह्ह अब समझी…. तो तुम भी वो hi निकले… हवश के भूखे भेड़िये… तुमको भी मेरा ये जिस्म चाहिए. (रट हुए) तुमसे अच्छा तो वो रखा था जिसने साफ़ कहा तो था की वो मेरे जिस्म के बदले में hi मुझको रखेगा. पैर मैं hi नहीं मान रही थी. जहा भी जाती हु तुम जैसे हवश के पुजारी hi मिलते है. लो कर लो अपने मान की (अपनी टी शर्ट उत्तर देती है). थक चुकी हु इस जिस्म को बचते -2. (फिर रोने लगती है)

नैना के ऐसे रिएक्शन की किसी को उम्मीद भी नहीं थी. कुछ मं तक तो कोई कुछ बोल hi नहीं पाया. ये सब देख कर पब की आँखों में आशु आ गए. आज तक उसने किसी भी लड़की से ऐसी बाते नहीं सुनी थी. किसी भी लड़की ने उसको यु जलील नहीं किया था. उसका दिल टूट गया था. उसे दुःख था की क्यों उसको ये सब करना पद रहा है. टूटे हुए दिल को ले कर वो आधा ब्रेक फ़ास्ट करके उड़ गया. और उसकी टी शर्ट से उसके चुचो पैर दाल कर बोलै

पब – अंकिता तुम इसको डॉ. के पास ले जाना और ट्रीटमेंट करवा कर इसको कैंप में hi छोड़ आना. शायद ये वही पैर कम्फर्टबले रहे. और इससे पूछ लेना की यदि ये कही और जाना चाहती हो तो इस्को वह छोड़ आने का इंतजाम कर देना.

पब ये बोल कर अपने रूम में निकल गया. और पीछे छोड़ गया अच्चम्भे में बैठी अपनी पत्नियों को और रोटी हुयी नैना को. पब को ऐसा जाता देख उसकी पत्निया भी उड़ कर उसके पीछे जाने लगी. तो गुरु ने सबको वही रोक दिया और खुद उसके रूम में जाने लगी तो सलोनी ने बोलै

सलोनी – दीदी मैं भी चालू आपके साथ ?? यदि उन पैर इस टाइम दानव हावी होने लगा तो आप अकेले उसको रोक नहीं पायेगी.

गुरु – ठीक है चलो.

फिर ये दोनों जा पहुंची पब के रूम में. पब वह बैठा रो रहा था. और सोच रहा था की क्यों उसको ये सब करना पद रहा है. शायद उसकी पत्निया भी उसे हवश का पुजारी hi समझती हो. और पता नहीं ऐसे -2 उलटे ख्याल उसके मन में आ रहे थे. पैर वो अपने खयालो में जयादा देर न रहा सका कियोकि गुरु और सलोनी ने उसे संभल लिया था. गुरु और सलोनी के प्यार ने उसे टूटने न दिया. उसके टूटने से पहले hi उन दोनों ने अपने प्यार के मलहम से उसके दिल को शांत कर दिया. बहुत देर तक दोनों उसको समझती रही.

ीदार गुरु और सलोनी के जाने के बाद ऐडा और पारी नैना पैर चढ़ गयी. सविता, कामिनी, एरिका, माहि तो चुप बैठी गुस्से से नैना को देख रही थी. अंकिता शायद नैना के मन के हाल को समाज रही थी इसलिए उसे टी – शर्ट पहना कर उसे संभल रही थी. गुस्सा तो उसे भी आ रहा था पैर वो एक डॉ भी थी और वो समाज रही थी की नैना ने ऐसा क्यों बोलै है. इसलिए उसे अपने गले लगा कर शांत कर रही थी. पैर ऐडा और पारी का तो पारा hi हाई हो चुक्का था.

पारी – ये लड़की अपने आप को समझती क्या है?? कही की सहजादी है तू. जो तुझको देख कर वो लट्टू हो जायेगे. साली है क्यात ु. तूने क्या सोच कर बोलै ये सब??

ऐडा – साली रंडी… है क्या तू?? जब वो रखा hi तुझको इतना अच्छा लगा था तो सो जाती उसके निचे. साली ाहेशन फरामोश.. एक तो तुझको उस दरिंदे से वो बचा कर लाये. और तू उनको hi उस दरिंदे से भी बेकार कहा रही है.

पारी – जानती क्या है तू रखा के बारे में?? रही कितने दिन थी तू वह?? जानती है मैं कोण हु. क्या थी. और आज क्या हु. क्या कहु तुजसे.. समाज भी नहीं आ रहा. क्या सोच कर बोलै तूने ये सब बोल साली अब चुप क्यों है जब तो बहुत जवान चल रही थी तेरी.. बोल न अब…

नैना – तो क्या गलत कहा मेने?? क्या वो मेरे इस जिस्म को पाना नहीं चाहते??? और यदि नहीं तो क्यों कर रहे है मुज पैर ये अहसान??? क्या लगती हु मैं?? हर कोई मेरे इस जिस्म के पीछे है सबको ये चाहिए. कोई डरा कर मांगता है तो कोई डंका कर, कोई रोटी का लालच दे कर .. और ये तो अहसान के बदले भी ये जिस्म hi चाहते है. जब ये जिस्म hi चाहिए तो मत करो कोई अहसान मुज पैर लूट लो मेरे इस जिस्म को. अब ये सब सहन नहीं होता. अब मैं और नहीं जीना चाहती इस मतलबी दुनिया में. मार दो मुझको… लूट लो… मार दो…. (ये बोलते हुए वो बहुत तेज़ -2 रोने लगी)

नैना की बातो ने फिर इस सब के मन में नैना के लिए गुस्सा आने लगा. वही अंकिता नैना के हाल को समाज रही थी. वो समाज रही थी नैना को कभी भी प्यार नहीं मिला है इसलिए वो ये सब बोल रही है. अंकिता के पास बहुत से ऐसे केस पहले भी आ चुके थे. जब किसी वो पूरी जिंदगी नफरत और गलियों के साथ जीना पड़ा हो. और फिर कोई उनसे प्यार से बात भी करे तो उनको लगता है की जरूर ये हमसे कुछ चाहता है. जब किसी ने पूरी जिंदगी मतलबी और खुदगर्ज लोगो के बेच बितायी हो तो वो किसी के अपने पैन को भी हजम नहीं कर पते. जब किसी लड़की ने हमेशा मर्दो की नज़र में उसके लिए हवस देखि हो तो उनको प्यार में भी हवस hi नज़र आती है. और यही नैना के साथ हो रहा था. इसलिए अंकिता पारी और ऐडा को शांत होने का इशारा कर देती है. और नैना को वह से रूम में ले जाती है. और उसको अपने गले से लगा कर शांत करने लगती है. अंकिता जानती थी की ऐसे मरीजों के साथ कैसे पेश आया जाता है. इनके हर गलत बात को प्यार और अपनेपन से hi कटा जा सकता है. ये चाहे कितना भी बुरा बोले पैर पैर आप अपना प्यार दिखते रहिये. तो जल्दी hi ऐसे लोग नार्मल होने लगते है. कियोकि प्यार से hi इनके दिल में भरी उस नफरत को ख़तम किया जा सकता है. अंकिता प्यार से समझा कर उसे सुला देती है. और फिर पब के रूम में जा कर उसके बारे में बताने लगती है. अंकिता की बातो से पब पैर भी फर्क पड़ता है और वो समाज जाता है की नैना ने ऐसा क्यों बोलै था उसे. कियोकि ा तक जो भी उसे मिला था वो उसके जिस्म को hi चाहता था. हर किसी ने उसे भोगने का एक सामान hi समजा था. और आज उसकी सोच भी वही हो गयी थी. इसलिए जब पब ने कहा की तुम अच्छी लगी तो वो समझी की ये भी मेरे जिस्म से खेलना चाहता है. और वो सब बोल दिया.
 
भाई शायद मैं ये सही से लिख नहीं पाया ये बात तो पब के फ़्लैश बैक में HI दी थी.

जब त्रिकाल ने अल्पना के साथ सम्भोग क्रिया करने के लिए मंत्र पद कर सेक्स करना स्टार्ट HI किया तो अल्पना भाग गयी. मंत्र पड़े जा चुके थे. इसलिए दस माँ का अंश अल्पना के सरीर में था. और उस अंश के कारन HI वो सेक्स के लिए पागल भी हो राखी थी. तो जैसे HI वो घर पहुंची उसने अपने उप्पेर अपने पति को चढ़ा लिया. पूरी रात के इस सेक्स से अल्पना प्रेग्नेंट हो गयी. और जब वो प्रेग्नेंट हुयी तब दस माँ का अंश भी अल्पना के सरीर में था. वो फुल सेक्स सटिस्फैक्शन के बाद HI गया.

अब दस माँ के अंश के रहते अल्पना से पब को पाया तो ये दोनों HI पब की माँ हुयी ना.....

थैंक यू बीआरओ फॉर लवली कमेंट............
 
अपडेट 154

पब अंकिता की बातो से शांत हो चुक्का था. अब उसे याद आया की उसे जुली से मिलने भी जाना था. जुली ने उसे बताया था की 5 एक्सपर्ट आ चुके है लड़कियों की आगे की ट्रेनिंग के लिए. और वो ट्रेनिंग भी आज से सुरु हो चुकी होगी. तो उसे भी एक बार उन सब से मिलना होगा. ये सोच कर पब जुली के पास चल देता है.

जब वो वह जंगल में पंहुचा तो देखता है की सभी एक्सपर्ट्स लड़कियों का बेसिक टेस्ट ले रहे है. कोण लड़की की किस चीज में रूचि है किसको किस फील्ड की ज्यादा क्नोवगे है. ये सब देख रहे थे. वही जुली रखा के अड्डे से मिली लड़कियों को टेस्ट कर रही थी. कोण लड़की उसकी टीम का हिस्सा बन सकती है. और बची हुयी लड़किया क्या काम आ सकती है. वह हर और चहल पहल थी. पब ये सब देख कर सोचने लगा की यदि यहाँ खुले में इतनी चहल पहल रही तो जल्दी hi ये सब दुनिया वालो की नज़रो में आ जायेगे. इसलिए इनको बेस में ले जाना hi ठीक रहेगा. पैर एक्सपर्ट्स और नई लड़कियों पैर विस्वाश भी नहीं किया जा सकता था. फिर कुछ सोच कर पब के फेस पैर स्माइल आ गयी. वो जुली के पास गया. जुली पब को देखते hi उसकी और आ गयी. और अपनी टीम की एक मेंबर को लगा दिया उस काम में.

पब – जुली यहाँ पैर ये सब उचित नहीं लग रहा. एक तो दानव सेना के पीछे पुलिस ने अपनी टीम लगा दी होगी. और फिर खुले में तो कोई भी पकड़ सकता है. इसलिए इन सब को बेस में ले जाओ. जो नई लड़किया है उसकी आखों पैर पट्टी बंद कर ले जाना. और एक्सपर्ट्स को भी.

जुली – हम्म आपकी बात ठीक है. मैं आज hi सबको अंदर ले जाती हु.

पब – और इस बात का याद रखना. बेसमेंट के गेट को कभी भी किसी के सामने उसे मत करना. वो केवल इमरजेंसी में और मेरे उसे के लिए hi रहेगा.

जुली – ok

पब – चलो अब एक्सपर्ट्स से भी मिल लेते है.

जुली – हाँ चलो, मैं आपको सबसे मिलवाती हु.

पब और जुली उन एक्सपर्ट्स की टीम के पास पहुंच जाते है.

जुली – इनसे मिलिए ये है हमारे मालिक. इनके कहने पैर hi मेने आप सब को हिरे किया है. (पब की और देखते हुए उन एक्सपर्ट्स के बारे में बताती है)

ये है – शक्ति – ये बॉम्ब्स एक्सपर्ट्स है. केसा भी बम ये बना भी सकते है और दिफूज़ भी कर सकते है.

ये है – पालवी – ये एक स्पाई है. ये कभी सीबीआई में थी. इनकी दी हुयी कोई भी रिपोर्ट गलत नहीं हुई. ये मेक उप एक्सपर्ट भी है. कब कोनसा रूप बना ले किसी को पता नहीं चलता.

ये है – रोबर्ट – ये कबि फबि में थे. और इन्होने फबि में जो भी मिशन किये. सभी में प्लानिंग इनकी hi थी. इनका रिकॉर्ड है फबि में. सबके काम कसुअलटी में सबसे ज्यादा सक्सेस.

ये है – बेबी – केबल नाम की. नहीं तो इनको 12 देश की पुलिस खोज रही है. इन्होने उन सभी देखो में हैकिंग का ऐसा जाल बिछाया की देश की सभी बैंक्स का सभी डाटा hi अपने पास रख कर वह से डिलीट कर दिया. और फिर उस डाटा के बदले एक मोती रकम भी ली.

ये है – हमक – हर तरह की फाइट के एक्सपर्ट. कोई भी किसी भी तरह की फाइट हो इनको सभी आती है. वेपेंस की भी फुल क्नोवगे है.

पब – आप सब से मिल कर ख़ुशी हुयी. बस मैं आप सबसे ये hi कहुगा की आप इन लड़कियों को भी अपनी तरह hi एक्सपर्ट बना दे. और कीमत आपके मन की. पैर एक बात और है की आप ये बात कभी भी किसी को नहीं बतायेगे. ये भी प्रॉमिस करना होगा.

बेबी मन में सोच रही थी. कितना चिकना है और एक दम चुटिया भी. केवल हमारे प्रॉमिस करने पैर hi मान लेगा की हम किसी को कुछ नहीं बतायेगे. साला चुटिया. और ये सोचते हुए वो पब की तरफ hi देख रही थी. और पब की आखें भी उससे मिल गयी और वो इसके मन की बात को जान गया.

पब – बेबी ये मत सोचो की केवल आप लोगो के प्रॉमिस करने पैर hi मैं ये मान लगा. यदि मेने आप लोगो को यहाँ बुलाया है तो कुछ तो सोच कर ली बुलाया होगा न. यदि आप सब एक्सपर्ट हो तो ये मत सोचो की सामने वाला चुटिया है. क्या पता वो आपसे भी ज्यादा टेलेंट रखता हो.

बेबी तो उसकी बात सुन कर सन्न रहा गयी. उसके मन की बात जो पब ने पद ली थी. पैर शक्ति और हमक को लगा की पब उनको चैलेंज कर रहा है.

हमक – ोुह्ह्ह यदि ये बात है तो आप भी अपना टैलेंट दिखा दो. हमें भी तो पता चले आप कितने पानी में हो.

पब – (मुस्कुराते हुए) – छोडो इस बात को. अभी तुम लोग मुझको जानते नहीं हो इसलिए ये बोल रहे हो. आप लोग जिस काम से यहाँ आये है. उस पैर डायन दो. मेरे से अपने से कोई भी नहीं लड़ पायेगा.

हमक – ओह्ह्ह ओवर कॉन्फिडेंस… ये अच्छा नहीं होता. आपको क्या लगता है की हम कोई दूध पिटे बच्चे है जो आपके सामने नहीं ठीक पाएंगे. एक फाइट तो करो तब पता चलेगा कोण कितने पानी में है.

पब – हम्म ok. पैर ये फ्रेंडली मैच होगा.

हमक – लगता है की दर रहे हो.

पब – हाँ दर तो रहा हु पैर तुम्हारे लिए. कही तुमको कुछ न हो जाये.

हमक को पब की ये बात ऐसी लगी की वो उसका मजाक उदा रहा हो. वो अंदर से गुस्से से भर गया. दोनों कुछ hi देर में एक दूसरे के सामने थे. जुली रेफरी का काम कर रही थी. और जैसे hi जुली ने फाइट का इशारा किया. हमक ने पल भर में hi एक किक मर दी. किक इतनी तेज़ी के साथ पब को लगी की उसे पता hi न चला की किक कब उसके पास आयी और उसकी पसलियों पैर अपनी चाप छोड़ कर चली गयी. पैर हमक ने अपना पेअर निचे रखा भी नहीं था की पब का एक करते का हाथ उसके कंधे पैर पड़ा. फिर तो दोनों लोग अपनी -2 स्टाइल से एक दूसरे पैर अटैक करते रहे पैर हमक के ज्यादातर वार खली जा रहे थे. जबकि पब का हर वॉर उसके सरीर पैर hi पद रहा था. पब अपनी ताकत से उसे नहीं मार रहा था नहीं तो पब के 2 वॉर में hi वो जमीन पैर होता. पब केवल उसकी बॉडी से अपने हाथ पेअर को टच कर रहा था. दम नहीं लगा रहा था. नहीं तो वो मर hi जाता.

कुछ देर की फाइट में hi हमक समाज गया की वो पब ने नहीं जीत सकता. कियोकि वो अपने हर वॉर को आजमा चुक्का था. पैर उसके कुछ hi वॉर पब को लगे थे. और उनका भी कोई अक्षर नहीं था. थड़ी और कोसिस के बाद हमक ने अपनी हार मन ली और बोलै

हमक – आप दूसरे हो जिसको मैं नहीं हरा पाया. सच में आपकी फाइटिंग स्किल बहुत hi अच्छी है.

पब – मेने तो पहले hi कहा था की तुम मुझसे जीत नहीं पाओगे. पैर सच में तुम भी बहुत अच्छे फाइटर हो. यदि तुम अपनी जैसी फाइट इन लड़कियों को सीखा दो तो इनको भी कोई नहीं हरा पायेगा.

हमक – ट्रेनिंग तो मैं इन सबको दे दुगा. पैर मेरी एक शर्त है. या ये कहु की वो hi मेरी फी है.
 
अपडेट 155

पब – मेने तो पहले hi कहा था की तुम मुझसे जीत नहीं पाओगे. पैर सच में तुम भी बहुत अच्छे फाइटर हो. यदि तुम अपनी जैसी फाइट इन लड़कियों को सीखा दो तो इनको भी कोई नहीं हरा पायेगा.

हमक – ट्रेनिंग तो मैं इन सबको दे दुगा. पैर मेरी एक शर्त है. या ये कहु की वो hi मेरी फी है.

पब – और वो क्या है??

हमक - जैसे की मेने अभी कहा की आप दूसरे हो किस्से मैं हरा हु. और पहली है – ेबेचा. ये मुझसे भी अच्छी फाइटर है. देखने में जितनी कोमल और सुन्दर है उतनी hi खतरनाक फाइटर भी है. और उससे भी ज्यादा इसको वेपेंस की क्नोवगे है. हमारे फाइटिंग स्कूल में हाल साल एक कटिशन होता है. और जो उस कम्पटीशन को जीतता है उसे हमारे गुरु ये हंबा एक सोर्ड गिफ्ट करते है. हल साल वो सोर्ड ेबेचा hi ले जाती है. मेने और उसने साथ में hi उस स्कूल को ज्वाइन किया था. और तब से आज तक मैं उस कम्पटीशन को नहीं जीत पाया. उसने हर बार मुझको हरा दिया. अब मैं चाहता हु की इस बार तुम उसको हरा दो. और वो सोर्ड मुझको दो. ये कम्पटीशन भी आज से 10 दिन बाद सुरु होने वाला है. इसलिए hi हार से मुँह छुपा कर मैं यहाँ चला आया. क्या तुम उस लड़की को हरा कर वो सोर्ड मुझको दे सकते हो.??

पब – हम्म तो ये बात है. पैर यदि मैं उसको हरा भी दुगा तब भी तुम कहा जीतोगे. यदि वो सोर्ड मैं तुमको दे भी दू. तब भी तो वो सोर्ड तुमको गिफ्ट में hi मिलेगी न.

हमक – नहीं बात ये है की उसने एक बार मुझसे कहा था की “तुम मुझको कभी भी हारते हुए है देखोगे. और न hi कभी इस सोर्ड को ले पाओगे.” बस मैं एक बार उसको हारता हुआ देखना चाहता हु.

पब (कुछ देर सोच कर) – ok डील. मैं उस लड़की को हराऊंगा. और तुम यहाँ सबको अपने जैसी फाइटिंग शिखाओगे.

हमक – ok

तभी बेबी वह आ गयी और पब से बोली – मन की आप फाइटिंग में एक्सपोर्ट हो. पैर आईटी की कनौलागे है भी या नहीं ये तो प्रूफ नहीं हुआ. अभी तक…

पब – कंप्यूटर क्या चीज है हम तो आपके दिल को hi हैक कर लेते है. एक बार कहो तो… (और ये बोलते हुए पब बेबी की आखों में देखने लगा. बेबी को लगा की वो उसके साथ फ़्लर्ट कर रहा है)

बेबी – ोोुयीईइ मेरे साथ ये सब नहीं चलेगा. मैं यहाँ लव के चक्कर में पड़ने नहीं आयी मैं तो यहाँ छुपने के लिए आयी हु. माहौल अभी गरम है अभी कुछ दिन पहले की एक कांड किया है तो छुपने के लिए यहाँ चली आयी.

पब (उसके एक दम पास आ कर धिरे से) – तुमको देख कर तो ये भी नहीं लगता की तुम्हारे एक. ######## में ी#### रस है. यार तुम तो बहुत आमिर हो.

पब की बात सुन कर बेबी हैंग हो गयी. और बोली – तुम मेरा एक. No. कैसे जानते हो?? मेरे इस एक. के बारे में मरे अलावा कोई नहीं जनता…

पब – तुम कंप्यूटर हैक करती हो और मैं तुम जैसी हाशिनाओ को हैक कर लेता हु.

बेबी – प्लीज इस बारे में किसी को मत बताना. मेने बड़ी मुश्किल से वो पैसे जोड़े है.

पब (फ़्लर्ट स्टाइल में) – पैर तुमको मेरा एक काम करना होगा.

बेबी – देखो मैं ऐसी लड़की नहीं हु.

पब – ारे नहीं मैं उस काम के लिए नहीं कहा रहा मेरी एक फ्रेंड है अवनि तुमको उसको भी अपने जैसा आईटी एक्सपोर्ट बनाना होगा. वैसे भी वो आईटी इंजीनियर रहा चुकी है.

पब की बात से बेबी का पोपट हो गया. उसे लगा की पब उसके साथ नाईट बिताना चाहता है. वैसे वो भी अंदर से कुछ जैसा hi चाहा रही थी. वो थी hi ऐसी दिल खोल कर जेटी थी. जो उसे पसंद आ जाये उसके सामने अपनी तागे फैला देती थी. उसे लगा की पब भी उसकी लेना चाहता है और वो देना भी चाहती थी पैर कुछ नखरे दिखा कर. पैर अब पब ने उसके अरमानो पैर पानी फेर दिया.

पब उन सभी से कुछ देर तक वह बाते करता है फिर ये सब अपने काम पैर लग जाते है तो पब और जुली एक दूसरे के साथ मिल कर प्लान करने लगते है की अगला हमला किस पैर और कैसे करना है. पब जुली को सबको बेस में लेन का भी बोल देता है.

पब के जाने के कुछ देर बाद hi अंकिता नैना के रूम में चली जाती है. तो देखती है नैना उड़ चुकी है. और किसी सोच में डूबी है. अंकिता नैना के पास जा कर बेथ जाती है और प्यार से उसके सर पैर हाथ फेर कर बोली

अंकिता – नैना अब किसी हो. और क्या सोच रही हो??

नैना – मैं आज जो हुआ उसके बारे में hi सोच रही थी. क्या मेने सही किया था?? या मेने उनको पहचानने में गलती कर दी.

अंकिता – देखो नैना जो हो गया उसे भूल जाओ. तुम्हारे साथ शायद पास्ट में कुछ बहुत गलत हुआ है. और जहा तक मुझको लगता है तुमको कभी किसी का प्यार नहीं मिला. और कोई ऐसा दर्द है तुम्हारे दिल में जो तुमको कभी भी चैन से बैठने नहीं देता.

नैना – पैर आप ये सब कैसे कहा सकती है?? ( शक करना उसकी फितरत में जो आ गया था)

अंकिता – कियोकि मैं एक साइकोलोजिस्ट हु. तुमको देख कर hi ये पता लग जाता है.

नैना – हम्म ये बात है. आपका अंदाजा सही है. मुझको अपने भाई की मूट का बदला लेना है. पैर आखों के बिना, एक अकेली लड़की क्या और कैसे करे कुछ समाज नहीं आता.

अंकिता – यदि तुमको ठीक लगे तो तुम मुझको बता सकती हो की तुम्हारे साथ क्या हुआ था. और तुम किस्से बदला लेना चाहती हो?? यदि तुम चाहोगी तो तुम्हारा बदला हमारे पति ले सकते है.

नैना – पैर वो क्यों कर्ज ये??

अंकिता – तुम ये जानती हो की वो रखा को मरने क्यों गए थे??

नैना – नहीं, क्यों गए थे??

अंकिता – उनके साथ जो लड़किया वह गयी थी न उनका बदला लेने के लिए. जब वो इस हवेली में आये तो यहाँ पैर उनको ये सब लड़किया मिली. और इनके साथ भी इस हवेली में पहले रखा के यहाँ से भी बत्तर सलूकी होता था. पैर उन्होंने इस हवेली के उस मालिक को मार कर इस सब लड़कियों को मुक्त करवा लिया. और फिर इनको ट्रेनिंग दे कर इस काबिल बनाया की वो खुद जुर्म के खिलाफ लड़ सके. और इस लड़कियों में से कुछ को यहाँ तक पाहुचने वाला रखा था. इसलिए ये रखा को उन लड़कियों में मरवाने निकल पड़े. तुम जानती होय अहा पैर 180 लड़किया है और सब की सब इंक ीक इशारे पैर उनके निचे लेटने को तैयार है पैर आज तक उन्होंने किसी भी लड़की को छुआ तक नहीं है.

नैना – यदि ऐसी बात है तो फिर इन्होने इतनी साडी शादिया क्यों की है. यदि ये इतने hi अच्छे है तो किसी एक के हो कर क्यों नहीं रहे.

अंकिता – इसके पीछे भी एक वजह है जो तुम अभी समाज नहीं पाओगी. और तुमको पता है हम सब का ये पूरा डायन रखते है. कोई अपनी एक पत्नी से भी इतना प्यार नै करता होगा जितना ये हम सबसे करते है.

नैना – ऐसी क्या वजह हो सकती है??? (नैना अपने आप में सोचती हुयी बोल उडी)

अंकिता – अरे इनकी बात छोडो तुम ये बताओ की तुम्हारे साथ क्या हुआ था. वैसे भी यदि तुम अपने दिल को हल्का करना चाहती हो तो बता दू मुझको अपने हर दर्द को. यदि मैं तुम्हारे दर्द को दूर भी न कर सकीय तो दर्द बाटने से काम जरूर हो जायेगा.
 
भाई सरत तो रख दी है. और ये उसने क्यों किया है ये देखने वाली बात है......

पब ये कर भी देगा. जब उसे दानवो से दानव बन कर युद्ध करना है. तो ये तो एक लड़की है. पैर इससे हुमुक को क्या फायदा है. और पब को क्या नुकशान होगा या इसमें भी पब का कोई फायदा है...

ये देखने वाली बात है.........

थैंक यू फॉर लवली कमेंट...
 
अपडेट 156

अंकिता – अरे इनकी बात छोडो तुम ये बताओ की तुम्हारे साथ क्या हुआ था. वैसे भी यदि तुम अपने दिल को हल्का करना चाहती हो तो बता दू मुझको अपने हर दर्द को. यदि मैं तुम्हारे दर्द को दूर भी न कर सकीय तो दर्द बाटने से काम जरूर हो जायेगा.

नैना पैर अंकिता की इन प्यार भरी बातो का अक्षर हुआ और वो बोली – ज्यादा कुछ है hi नहीं बताने को. मैं अपनी माँ के साथ गुजरात के एक छोटे से गाओं में रहती थी. बचपन में जब में 6 साल की थी तब hi माँ बीमारी से चल बाशी. पापा तो पहले से hi नहीं थे. माँ के मरने के बाद 1 साल के छोटे भाई की जिम्मेदारी मेरे उप्पेर आ गयी. अब इस उम्र में कोई काम तो नहीं देता तो भीख मैग कर अपना और अपने भाई का पेट भरने लगी. और जब कुछ बड़ी हुयी तो घरो में काम करती. जहा भी जाती नफरत और गाली के अलावा कुछ नहीं मिलता. किसी तरह हम भाई बहन बड़े होते गए. आज से करीब 1 साल पहले एक आदमी ने मेरे भाई को उदा लिया. जब मेने पता किया तो पता चला की ये एक अगोरी का काम था वो छोटे बच्चो की बलि दे कर कोई सिद्धि हाशिल करना चाहता था. उसका नाम था – साधु (दोस्तों ये वो hi साधु है जिसने त्रिकाल और मणि के साथ पड़े की थी गुरुकुल में). जब में वह पहुंची तो देर तो चुकी थी मेने भाई का सर मेरे वह पहुंचते hi उसके शरीर से अलग हो चुक्का था ये देख कर मैं वही बेहोश हो गयी और जब होश में आयी तो देखा की मेरे कपडे कोई उत्तर रहा है और वो साधु hi था. उससे अपने आप को किसी तरह बचा कर भागने लगी तो उसने कुछ मंत्र पद कर मेरे उप्पेर पानी फेक दिया. और मेरी आखों में जलन सुरु हो गयी. बड़ी hi मुश्किल से गिरते पड़ते मैं वह से भाग आयी पैर अपनी झोपडी पैर पहुंचने से पहले hi मेरी आखें ख़राब हो चुकी थी. मेरा भाई मुझसे छीन चुक्का था आखें बेकार हो चुकी थी. मैं यहाँ से वह भटक रही थी की एक ट्रैक से टक्कर होते -2 बची. उस ट्रैक वही ने मुझको अपने ट्रैक में बैठा लिया. और मुझको खाने को भी दिया. मुझको लगा की ये कोई भला आदमी होगा. पैर ये भी कमीना निकला. उसने मुझको एक दलाल को बेच दिया. और फिर तो मैं जैसे कोई सामान बन गयी. एक सील पैक माल… एक दूसरे को दूसरा तीसरे को. पता नहीं कितनो ने मेरा सौदा किया. और अभी कुछ दिन पहले रखा के पास पहुंची तो उसने साफ़ कहा दिया यदि जिन्दा रहना चाहती हो तो छोड़ना होगा. मेने तुम्हारा सौदा एक पुलिस वाले के साथ किया है एक रात के लिए. वो hi सबसे पहले तुम्हारी पड़ेगा. पैर उससे पहले तुम अपना ये हुलिया ठीक कर लो. मैं भी अब थक चुकी थी. वैसे भी मैं बाजार में बिकने वाला एक सामान थी जिसकी अपनी कोई फीलिंग नहीं होती. मुझको रखा की बात को मन्ना पड़ा. जिस दिन रखा मारा था उसके अगले दिन hi मुझको उस पुलिस वाले के पास जाना था. बस ये hi थी मेरी कहानी…

अंकिता नैना की आप बीती सुन कर रो पड़ी थी. उसके अंदाजे से भी ज्यादा दर्द झेल चुक्का थी नैना. नैना वो लड़की थी जिसने कभी ख़ुशी का एक पल भी नहीं जिया था. 6 साल की उम्र से अब तक उसके हिस्से में केवल दर्द hi दर्द आया था. अंकिता ने खुद को संभल कर जब नैना की और देखा तो उसकी आखों से भी आशु बहा रहे थे. अंकिता ने तुर्रंत नैना को गले से लगा लिया.

अंकिता – नैना मेरी बहन मुझको माफ़ कर देना. जो मेरी वजह से तुमको आज फिर रोना पड़ा. पैर मैं वादा करती हु की आज के बाद कोई भी दर्द तुम्हारे पास तक नहीं आ पायेगा. आज से तुम मेरी बहन हो.

नैना ये सुन कर खुश हो जाती है वैसे भी नैना को अपनी कहानी सुना कर एक सुकून सा मिला था. ऐसा लग रहा था की दिल पैर रखा एक बोझ काम हो गया हो. दर्द ख़तम तो नहीं हो सकता था. पैर हाँ काम जरूर था. और फिर अंकिता के बहन बनने से उसे आज इस दुनिया में कोई पहली बार अपना मिला था. नहीं तो आज तक सभी ने उसे हवस या नफरत से hi देखा था. दोनों बहुत देर तक यही बाते करती रही. और फिर अंकिता नैना को अपने साथ ऑय के डॉ. के पास ले गयी. जो की अंकिता की पहचान का hi था. उसकी आखों के टेस्ट कर कल आने को बोल दिया डॉ. ने. जब ये दोनों वापस आ रहे थे तो नैना ने एक वॉर उस कैंप में जाने के लिए अंकिता से कहा. कियोकि नैना को अभी भी विश्वास नहीं था की कोई बिना किसी अपने हिट के किसी के लिए इतना कुछ कर सकता है. जैसे की अंकिता ने उसे बताया था. जब ये लोग वह पहुंचे तब तक पब वह से जा चुक्का था.

नैना पहले उन लड़कियों से मिली जो उसके साथ रखा के अड्डे पैर थी. जब उसने उन सब के हाल चल पूछे तो सब खुश थी. सभी यहाँ अपने आप को सेफ फील कर रही थी. उनकी बातो ने नैना के उप्पेर एक अक्षर छोड़ा. और फिर जब वो पुराणी लड़कियों से मिली तब तो उसका सारा शक hi ख़तम हो गया. उस लड़कियों ने जब वो सब डिटेल में बताया जो की अंकिता शार्ट ने उसे बता चुकी थी. उन्होंने बताया की भानु ने उनको कैसे सेक्स मशीन बना दिया था. फिर उनको बचने के लिए कैसे पब ने अपनी जान पर खेल कर उन सब को ठीक किया. कैसे उनकी हर जरुरत के लिए पैसा पानी की तरह बहाया. और बदले में केवल हमको त्रिनेड किया और हमारे हाथो hi हमको बर्बाद करने को सजा दिलवाना सुरु किया है. आज तक कभी भी हमसे उन्होंने कुछ नहीं मांगा केवल दिया है. वो एक देवता है. हम तो सभी लड़किया उनकी पूजा करती है और हम सबने के प्रतिज्ञा भी ले राखी है की उनके अलावा कोई भी हमारे जिस्म को हाथ भी नहीं लगा पायेगा. फिर भी देखो न कभी किसी की और ऐसी नज़र से देखते भी नहीं. नैना यदि तुम उनको अच्छी लगी हो तो तुम बहुत खुश किस्मत हो जो उन्होंने तुमको चुना है काश एक रात के लिए hi हम उनको अच्छी लग जाये. तो ये जिस्म उनको सोप कर हम भी दांया हो जाये. तुमको पता है पारी भी हमने से एक थी. पैर आज वो पुरे समाज ने उनकी पत्नी के रूप ने जनि जाती है. ये उसकी किस्मत थी की उसको हमारे भगवन ने उसे अपना लिया नहीं तो हम सब तो एक अंधेरी रात भी उनके साथ बिता ले तो भी अपना के जीवन दांया मान लगे.

इन सबकी बातो ने नैना को विश्वास दिला दिया की पब एक नेकदिल इन्शान है. जैसा की उसे पहली मुलाकात में लगा था. यदि सच में उसे जिस्म की भूख होती तो अब तक इस सब लड़कियों को अपने निचे ले आता जबकि ये खुद तैयार बैठी है. उन सबसे बात करके नैना अंकिता के साथ फिर से हवेली पहुंच गयी. पैर नैना के मंद में केवल पब hi चल रहा था. वो सोच रही थी वैसे भी पब ने उसे कहा hi क्या था बस इतना hi तो कहा था की उसे मैं अच्छी लगती हु. अच्छी लगने का ये तो मतलब नहीं होता की वो मेरे जिस्म को hi पाना चाहता है. हो सकता है उसे मुझसे प्यार हो गया हो. नहीं-2 ऐसा कैसे हो सकता है एक इतना पैसे वाला आदमी जिसके पास पहले से hi इतनी पत्निया हो वो मुज जैसी ब्लेंड लड़की से प्यार करे ये नहीं हो सकता. तो फिर उसके अच्छे लगने से क्या मतलब था. एक आदमी को कोई लड़की अच्छी लगती है तो वो उसे पाना चाहता है. पैर जब वो इतनी साडी लड़कियों के साथ गलत नहीं कर रहा तो मेरे साथ hi क्यों करेगा?? उसे पारी भी अच्छी लगी थी जैसे की उन सब लड़कियों ने बताया तो उसने पारी से शादी कर ली और उसे समाज में, अपनी जिंदगी में एक पत्नी का दर्जा दिया. तो क्या वो मुझको भी वो दर्जा देना चाहते है. नहीं नैना इतने बड़े खवाब मत देख जो कभी पुरे hi न हो सके. तेरी औकात बाजार में बिकने वाले सामान जैसी है. जिसे लोग अच्छा लगने पैर घर में सजाते तो है पैर उनकी जिंदगी में उसकी अहमियत कुछ नहीं होती. जब तेरी आखें ठीक थी तब तुझको किसी ने प्यार से अपने पास तक नहीं बिठाया तो आज तुझको एक ब्लेंड लड़की को प्यार से अपनी जिंदगी का हिस्सा कोई कैसे बना सकता है. और न जाने क्या-2 सोचती रही वो.

ीदार जब अपना हीरो पब जुली के पास से आया तो वो अपने डायन में बेथ गया. अभी वो ज्यादा से ज्यादा टाइम डायन में लगा कर अपने आप पैर पूरी तरह काबू पाना चाहता था. जब वो डायन से उदा तो रात हो चुकी थी. पैर डायन लगने से उसे अपने अंदर एक नयी शक्ति का अनुभव हो रहा था. उसका मन एक दम शांत था. जब उसने आखें खोली तो अंकिता, एरिका और सलोनी उसको hi देख रही थी. फिर अंकिता ने पब को नैना की वो दर्द भरी कहानी सुना दी. पब अब सब समाज चुक्का था. उसके मन में नैना की सुबह की बातो को ले कर कोई गिला नहीं था. वो भी समझता था की जिस लड़की को पूरी जिंदगी गलत लोग hi मिले हो उसको एक सही आदमी भी गलत hi नज़र आएगा. और फिर ये सब डिनर के लिए पहुंच गए. टेबल पैर नैना भी थी. जिसको देख कर एक बार फिर पब के दिल में उसके लिए प्यार आया. और उसके दर्द को याद करके आखों में आशु भी. जिनको उसने अभी से नज़र बचा कर साफ़ कर लिया. और अपनी सीट पैर बेथ गया. और सब डिनर करने लगे. तभी नैना बोली

नैना – ठाकुर साहब से सुबह के लिए आपसे माफ़ी मांगती हु. मेने hi आपको गलत समजा था.

पब – कोई बात नहीं है नैना. मैं तुम्हारे हालातो को समाज सकता हु. अंकिता ने मुझको सब बता दिया है. और तुम चिंता मत करो कल सुबह hi में उस साधु को उसके कर्मो का दंड देने जा रहा हु. अब उस अघोरी को मुझसे कोई नहीं बचा सकता.

नैना – नहीं -2 आप केसा बिलकुल भी नहीं करेंगे. मेरे एक बदले के लिए आपको उससे उलझने की जरुरत नहीं है. उसके पास बहुत सी तांत्रिक शक्तिया है. उन तांत्रिक शक्तियों से hi उसने मुझको आधा बना दिया. आप मेरे लिए अपनी जान खतरे में मत डालिये.

पब – तुम चिंता मत करो वो मेरा कुछ नहीं बिगड़ पायेगा. यदि उसके पास तांत्रिक शक्ति है तो मेरे पास मेरी पत्नियों की शक्ति है. (मतलब वो शातिया जो उसने अपनी पत्नियों से सम्भोग करके मिली थी. पैर ये बात नैना के समाज के बहार थी.)

नैना – मानती हु की आपकी पत्निया आपसे बहुत प्यार करती है और प्यार बहुत शक्तिशाली होता है. पैर वो एक तांत्रिक है. आप उसका सामना कैसे करेंगे.

पब – नैना तुम ये सब मत सोचो. वो सब में हैंडल कर लगा. बस तुम इन्तजार करना तुम्हारा बदला मैं जरूर ले कर hi वापिस आउगा.

सलोनी – पैर मैं आपके साथ जोगी. अभी आपको अकेले नहीं जाने दे सकती.

माहि – और मैं भी आपके साथ जाओगी. मुझको भी देखना है की मैं क्या कर सकती हु.

पब कुछ सोच कर – ok तुम दोनों मेरे साथ चलना. कल सुबह चलेंगे.

नैना को तो ये सब पागल hi लग रहे थे. वो सोच रही थी की क्या पागल पैन है ये सब इनके साथ जाने के लिए ऐसे कहा रही है जैसे की ये इनको गुमने ले जा रहा हो.
 
अपडेट 157

पब कुछ सोच कर – ok तुम दोनों मेरे साथ चलना. कल सुबह चलेंगे.

नैना को तो ये सब पागल hi लग रहे थे. वो सोच रही थी की क्या पागल पैन है ये सब इनके साथ जाने के लिए ऐसे कहा रही है जैसे की ये इनको गुमने ले जा रहा हो.

पब जब रूम में पहुंच कर साधु के बारे में सोचने लगता है तो उसे लगता है की ये नाम उसने पहले भी कही सुना है. कुछ देर याद करता है तो उसे याद आता है की साधु नाम का एक बाँदा मणि जी के साथ भी था. तो वो मणि जी से मन hi मन कुछ बात करता है. और उनसे साधु के बारे में कुछ जानकारी ले लेता है. और उनके बेस पैर अपनी प्लानिंग करता है. मणि जी ने उसे सावधान किया था कियोकि साधु भी बहुत सी पावर प् चुक्का था. और पहले ये त्रिकाल के संपर्क में भी था अब है या नहीं ये मणि जी को नहीं पता था.

अगली सुबह पहले पब डायन में बैठता है. और डायन लगने के बाद साधु के पास जाने के लिए तैयार हो जाता है. सलोनी और माहि भी उसके पास आ जाती है. पब ने नैना से साधु के आश्रम का पता पूछ लिया था. और अभी पब ने अपना और उन दोनों का किसी तांत्रिक के जैसा भेष बना लिया था. और जा पंहुचा साधु के आश्रम के बहार.

जब वो आश्रम में जाने लगा तो एक चेले ने उसको रोकने की कोसिस की तो उसने कहा की हमको साधु जी से मिलना है और हमको मणि जी ने बेझा है. जब साधु ने मणि का नाम सुना तो वो चौक गया. दोनों दोस्त न सही साथ में रहे तो थे hi. वो तुर्रंत उनको अंदर बुला लेता है. जब ये तीनो अंदर की और जाने लगते है तो पब की नजर वह दूर एक कोने में बैठी एक साध्वी (लेडी) पैर नज़र पड़ती है. उसके चेहरे पैर एक तेज़ था. उसने अपने रंग रूप को भाषाम और चन्दन से धक् रखा था. फिर भी उनको देख कर पब के दिल में एक प्यार की लहार उडी थी. पब को भी इस बात पैर बड़ा आच्मभा हो रहा था की एक बुरे तांत्रिक के आश्रम में पूजा करती एक साध्वी को देख कर उसके मन में प्यार क्यों पैदा हो रहा है. यदि ये एक अच्छी और सच्ची होती तो ये यहाँ नहीं होनी चाहिए थी. और यदि ये यहाँ अपनी मर्जी से अपनी सड़ना कर रही है तो ये भी साधु जैसी hi होगी. फिर इसको देख कर प्यार पैदा होना उसके समाज नहीं आया. उसने अपने इस विचरो को अपने से दूर किया और साधु पैर अपना डायन लगाया. अब तक ये तीनो साधु के सामने खड़े थे.

साधु – क्यों भेजा है मणि ने तुम तीनो को??? क्या चाहते हो मुझसे??

पब – मैं तुमसे युद्ध करना चाहता हु. और तुमको मार कर उन बच्चो की मूट का दंड देना चाहता हु जिनको तुमने अपनी सिद्धि पाने के लिए बलि चढ़ा दिया.

साधु – हाहाहाहाहा मुर्ख.. तू खुद hi मेरे हाथो मारा जायेगा. तू नहीं जनता तू किसके सामने खड़ा है. जा भाग जा नहीं तो अभी पल भर में में तुझको रख बना दुगा.

माहि – शायद तू नहीं जनता की तू किसको डरा रहा है. तेरे जैसे को तो मैं hi रख में मिला दूगी. इनको तो लड़ने की जरुरत hi नहीं पड़ेगी.

साधु – लड़की चली जा इसको साथ लेकर नहीं तो मेरे सर 3 तांत्रिको की मूट का डब्बा लग जायेगा.

सलोनी – साले जब तूने मासूम बच्चो की बलि देते हुए नहीं सोचा तो अब क्यों दर रहा है हिम्मत है तो युद्ध कर नहीं तो मरने को तैयार हो जा.

सलोनी की बातो ने साधु को पूरा भड़का दिया था. ये सब पब के प्लान का हिस्सा था. मणि ने बताया था की साधु तांत्रिको की दिल से इज्जत करता है. और यदि उसे एक बार करोड़ आ जाये तो वो अपने एप से बहार हो जाता है. और एक तांत्रिक का एप से भर होना मतलब उसकी आधी हार. कियोकि यदि तांत्रिक अपने आप को शांत hi नहीं रख पायेगा तो मंत्रो को पद कर अपनी पावर्स को जैसे एक्टिव करेगा.

साधु – अब तुम तीनो को मुझसे कोई नहीं बचा सकता ..

और ये बोल कर वो अपने मंत्रो को पड़ते हुए पानी उनकी और फेक देता है. जवाब में माहि एक मंत्र पद कर अपना हाथ आगे कर देती है. तो वो पानी वही जमीन पैर hi गिर जाता है उन तक पहुँचता hi नहीं पैर जमीन पैर गिरते hi जमीन से एसिड की बदबू उड़ने लगती है.

अपने बार को बेकार हुआ देख कर साधु फिर से एक मंत्र पद कर उनकी और फुकता है. तो उनके चारो और से जहरीली हवा उनको घेरने लगती है. पैर इस बार पब एक मंत्र पद फुकता है तो वो हवा ख़तम हो जाती है ये सब देख कर साधु के चेले उनको मरने के लिए तलवार ले कर उन पर हमला करने आते है तो इस बार सलोनी एक्शन में आ जाती है और अकेले hi उन सभी चलो से भीड़ जाती है. ये सब देख कर साधु का गुस्सा सातमे आश्मान पैर पहुंच जाता है. और वो एक मंत्र पद अपना हाथ आगे करता है तो उसके हाथ से एक साथ तेज़ी से कई सरे नाइफ निकल कर पब और माहि की और आने लगते है. पैर उनकी स्पीड इतनी थी की और जवाबी हमला नहीं कर सकते थे. तो पब माहि के सामने खड़ा हो जाता है. और वो सब नाइफ पब के शरीर से टकरा कर वही गिर जाते है. फिर ऐसे hi दोनों एक दूसरे पैर बहुत से वॉर करते है. पैर दोनों तरफ से hi कोई भी काम नहीं पद रहा था. पब के मन में एक दर भी था जो मणि जी में उनसे कहा था की साधु ने बच्चो की बलि दे कर एक ऐसी सिद्धि प् राखी है. जिसका तोड़ नहीं होगा तुम्हारे पास. इसलिए पब इस युद्ध को जल्दी hi ख़तम करना चाहता था. वो तो गुस्से की वजह से वो अभी तक उस सिद्धि की पावर को उसे नहीं किया था. यदि कर लेता तो इन दोनों का बचना मुश्किल होता. तभी पब को दयासुर कैग ओले की याद आती है. तो वो उसे जान लेने के लिए इस्तेमाल करने वाले मंत्र को पद कर उस गोले को साधु के उप्पेर फेक देता है. और साधु का उसने दम घुटने लगता है. साधु का डायन अपनी सिद्धि की और न जाये इसलिए पब साधु को अपने और मणि की के वेयर में बताता हुआ ुलजाये रखता है. ीदार सलोनी ने अभी तक साधु के सभी चलो को मूट के घाट उत्तर दिया था. और यहाँ साधु भी उस गोले में कैद अपनी अंतिम सांस ले रहा था.

कुछ hi देर में साधु की आत्मा साधु के शरीर क छोड़ देती है. मतलब की साधु मार जाता है. और वह उसके चेले भी मार गए थे. पैर मरने वालो में पब को वो साध्वी नज़र नहीं आ रही थी. फिर ये तीनो बहार को निकलने लगे. गोला अपना काम पूरा करके साधु के मृत सरीर को छोड़ कर जा चुक्का था. जब वो लोग अंदर ए थे तब यहाँ पैर बहुत से लोग यहाँ से वह घूम रहे थे. और अभी वह कोई नहीं था. केवल लाशे hi थी. वो भी उस रूम ने hi थी. जब ये लोग बहार आये तो पब की नज़र उस और चली गयी जहा उसने उस साध्वी को देखा था. वो अभी भी अपने हवन में लगी हुई थी. ये देख कर पब को कुछ समाज नहीं आया की जहा साधु के सभी चेले साधु को बचने के लिए अपनी जान दे चुक्के थे वही ये अभी भी अपने हवन में लगी थी जैसे की कुछ हुआ hi न हो. तो पब के पेअर भी उसकी और बाद गए. जब वो उसके पास पहुंचे तब भी उसने इनकी और डायन नहीं दिया. अपना हवन hi करती रही. और पब उसके फेस को देखता रहा. उसके फेस पैर एक तेज़ था. और वो उस तेज़ में खो रहा था. ये बात तो अब उसे भी समाज आ चुकी थी की ये भी उसकी पत्नी बनने योगये है. पैर कुछ बाते थी की यदि वो सभु के साथ थी तो उसका रास्ता भी आदराम का होगा. तब ये मुंकिन नहीं था. और यदि ये उसके साथ थी तो उसने साधु को बचने के लिए युद्ध में भाग क्यों नहीं लिया. कुछ देर ऐसी hi बाते पब के मंद में चलती रही और वो वही खड़ा उसके तेज़ युक्त चेहरे को निहारता रहा. वैसे तो फेस पैर और तांत्रिको की तरह hi चन्दन और भाषाम लगा हुआ था जिससे उसके फेस की ोर्गिनाल्टी छुपी हुई थी. बाकि की बॉडी काळा रंग की साडी से कवर था. केवल हाथ hi दिखाई दे रहे थे. उन पैर भी कई जगह चन्दन की लाइन थी. और कलाई में लाख और चंडी की चुडिया और कलावे (मोली) बन्दे हुए थे. सर पैर बालो का जुड़ा था. उसको देख कर hi लगता था की वो कई महीनो से खुला hi नहीं है बाल धोना तो दूर की बात थी.

कुछ देर बाद जब उस लेडी का हवन पूरा हो गया तो वो हवन को प्रदम करके कड़ी हो गयी और बोली – आप मेरे पास क्यों खड़े है कुछ काम था मुझसे??

पब – मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हु.

सदवि – जी बोलिये??

पब – मेने अभी साधु को मार दिया. उसके सभी चेले उस युद्ध में शामिल लिए और हम तीनो के हाथो मारे भी गए पैर आप युद्ध में नहीं आयी ऐसा क्यों??

सदवि – कियोकि साधु जी मेरे गुरु नहीं थे. मैं तो केवल उनके आश्रम में रहा कर अपनी सड़ना कर रही हु. उसके किये गए कर्मो से मेरा कोई लेना देना नहीं. हर इंसान को अपने कर्मो का फल खुद hi भुगतना होता है. और अपने गलत कर्मो से hi आप जो मारे गए है. पैर एक बात साधु जी में बहुत अच्छी थी की वो हर तांत्रिक का बहुत सम्मान करते थे. और इस वजह से hi मैं उनके आश्रम में रहा कर अपनी साधना कर रही हु.

पब – ोुह्ह्ह ये बात है तो क्या मैं आपके गुरु का और आपका नाम जान सकता हु??

सदवि – मैं हु मणि शंकर जी की शिष्य मंजिमा… प्यार से मेरे गुरु मुझको मंजू बुलाते थे.

पब और ये दोनों भी इस बात से चौक जाते है की ये मणि जी की शिष्य है. पब (चोकते हुए) – क्या आपस अच् में मणि शंकर जी की शिष्य है जिनके गुरु सत्यानंद जी है. और वो साधु के भी गुरु भाई है.
 
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