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जब मंजू अपने अंदर के तूफ़ान में फाशी थी. पब उसके चुके दबाने लगा था. और होंटो को पि रहा था. जब मंजू पैर बर्दाश नहीं हुआ तो वो थोड़ा सा पीछे हो गयी. और किश तोड़ दिया. दोनों हाफ रहे थे. जब सांसे ठीक हुयी तो मंजू को बोलना hi पड़ा.
मंजू (नजरे झुका कर शरमाते हुए) – सुनिए मैं आपसे कुछ कहना चाहती हु.
पब (उसके जिस्म को अपनी फिंगर से छेड़ते हुए) – हाँ मेरी रानी बोलो .
मंजू – वो मैं ये चाहती हु की पहले हम वो मंत्र पद ले फिर आगे बड़े. मुझको दर है की मैं रुक नहीं पाउगी. सालो से प्यासी हु. और आज आपके प्यार में पूरी तरह बहकना चाहती हु. बिच में मंत्र पड़ना भूल गए तो सब गड़बड़ हो जाएगी.
पब ने उसकी इच्छा का सम्मान करते हुए उसकी बात को मन लिया और ok कहा दिया दोनों 2 मं तक यु hi खड़े रहे. ये शांति सी छ गयी थी. उस शांति को पब ने hi भांग किया.
पब – मंत्र पड़ने के लिए कपडे निकने होंगे.
मंजू सिर्फ हम्म hi कहा पायी और नजरे निचे करके अपने कपडे निकलने लगी. जब उसने अपने पुरे कपडे निकल दिए तो पब उसके नंगे बदन को देखता hi रहा गया. इतनी देर में पब ने भी अपने कपडे उत्तर दिए थे. मंजू की नजरे जोकि हुयी थी. तो वो पब के लुंड से टकरा गयी. मंजू ने अपनी पूरी जिंदगी में इतना बड़ा और सूंदर लुंड नहीं देखा था. आज अपने खड़े लुंड को देख कर पब भी चौक गया था. कियोकि वो अब पहले से भी बड़ा हो चुक्का था. और इसका कारन सलोनी के साथ किया गया वो सेक्स था जिसने उसके सरीर में इतने बदलाव लाये थे की उसकी लम्बाई भी बाद गयी थी. उसके अंदर की दानव शक्ति जागने से उसका लुंड दानवो के जैसा हो गया था. किसी लड़की की कलाई जितना मोटा लग रहा था. और लम्बाई भी 10-11 इंच तो थी hi. उप्पेर से मोटा सूपड़ा जो एक दम लाल था. जो उसके गोर लुंड को और भी दिलकश बना रहा था. लुंड मंजू को सामने नंगा देख कर पूरा खड़ा हो कर जटके मर रहा था. एक बार तो मंजू ने दर के मरे अपना तुक घटक फिर अपने आप पैर कण्ट्रोल कर मंत्रो का जप करने लगी. जब दोनों ने मंत्र जप कर लिया तो पब ने उसके हाथ को पकड़ कर अपनी और खींचा पैर मंजू ने उसके हाथ को छिटक दिया. अभी उसकी सांसे बहुत तेज़ चल रही थी. सेक्स का नशा उसके सर पर चढ़ने लगा था. पैर वो अपनी आखें बंद करके अपने आप को कण्ट्रोल करने के लिए तेज़- 2 सांसे ले रही थी. उसके हाथ छिटकने से पब को दक्का लगा. उसे समाज hi नहीं आया मंजू का ये रिएक्शन. जब उसने मंजू की और देखा तो वो अपनी आखें बंद किये अपने आप को कभू में करने की कोसिस कर रही थी. और कुछ hi देर में कामियाब भी हो गयी थी. पैर ये तो केवल मंजू hi जान सकती है की मंत्र पड़ने के बाद आने वाली उत्तेजना को वो कैसे कण्ट्रोल कर गयी.
कुछ देर बाद जब पब ने फिर उसका कंध पकड़ा तो फिर से उसने उसके हाथ को छिटक दिया. तो पब बोलै – क्या हुआ मंजू कैसे रियेक्ट क्यों कर रही हो?
मंजू – बात ये है की मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं कर सकती ये मुझसे नहीं हो पायेगा. मैं जा रही हु.
और ये बोल कर उसने कपडे पहनना सुरु कर दिया. पब तो ये सुन कर बूत बन गया था उसके पैरो टेल जमीन निकल गयी थी. उसे अपना और अपनी पत्नियों का अंत दिखाई दे रहा था. उसका तना हुआ लुंड एक hi जटके में बेथ चुक्का था. उसके मंद ने काम करना बंद कर दिया था की ये क्या कहा रही है. फिर भी हिम्मत करके बोलै – पैर बात क्या है मंजू तुम तो सम्भोग क्रिया के बारे में जानती हो यदि ये सेक्स नहीं हुआ तो सब ख़तम हो जायेगा. तुम ऐसा क्यों कर रही हो. ऐसी क्या गलती हो गयी जो तुम ये सब कर रही हो???
मंजू – मैं तुमको कुछ भी नहीं बताना चाहती मैं जा रही हु. तुम जियो या मारो मुझको उससे कोई मतलब नहीं.
मंजू की इतनी रूडली बात करने से पब को भी गुस्सा आ गया – तुम ऐसे नहीं जा सकती. तुमको मेरी बात का जवाब देना होगा ये हम सब की जिंदगी का सवाल है. (पब ने ये बात पुरे गुस्से में गजरते हुए कही थी.)
उसकी गुस्से भरी आवाज से एक बार मंजू दर गयी पैर फिर बोली – तो क्या अब तुम मेरे साथ जबरदस्ती करोगे???
पब की आखों में आशु आ चुके थे. दिल में गुस्सा भरा हुआ था. उसका सरीर गुस्से से कैंप रहा था. आखें दुःख में आशु बहा रही थी. उसकी दानव प्रवाटिया उस पैर हावी होने लगी थी. जिनको वो किसी तरह अपने अंदर दबाने की कोसिस कर रहा था. उसको तो समाज hi नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या न करे. उसे केवल अंत नज़र आ रहा था वो भूल गया की वो मंजू को समजने के लिए मणि जी को या गुरु को बुला सकता है. वो भूल गया की वो मंजू के मंद को पद कर पता कर सकता है की ऐसी क्या बात हो गयी जो वो अब पीछे हैट रही है. उसका मंद ब्लॉक हो चुक्का था. यदि उसके मंद में कुछ था तो बस ये की यदि मंजू उसको छोड़ कर चली गयी तो सब मरेंगे. उसके उप्पेर हावी होती दानव प्रवति ने उसकी मंद को ब्लॉक कर दिया था.
जब मंजू ने अपने पुरे कपडे पहन लिए तो पब ने एक बार फिर पागलो की तरह उसकी और देखा और फिर उसे रोकने की कोसिस करते हुए बोलै – बात क्या है ये तो बता दो. मेने तुम्हारी इच्छा से hi ये सब सुरु किया था तुम्हारे साथ न पहले जबरदस्ती की थी और न hi अब कर रहा हु. फिर भी तुम मुझको मरने के लिए छोड़ कर जा रही हो. काम से काम ये तो बता दो की मेरा गुन्हा क्या है किसके लिए मुझको मूट की सजा दे कर तुम जा रही हो.
अब मंजू ने भी अपना रंग दिखाया – मैं तुमको कुछ नहीं बताना चाहती. मुझको भी मेरे सवालो का जवाब नहीं दिया गया था. मुझको भी कभी यु hi ठुकरा दिया गया था. आज तुमको रोटा गिड़गिड़ाता देख कर मेरे दिल को बहुत सुकून मिल रहा है. आज मेरा बदला पूरा हो गया.
पब बस मंजू को देखता hi रहा गया. और मंजू भी उसकी और देख रही थी पैर मंजू उसकी आखों का सामना नहीं कर पायी कियोकि उसके दिल को पता था की वो जो कर रही है वो गलत है. वो पब की आखों में जो दिख रहा है वो सच. इसलिए वो पब की नजरो से नजर हटा कर जाने लगी. और पब घुटनो पैर बेथ कर रोने लगा. कुछ hi देर में उसकी दुनिया ख़तम होने वाली थी. दैविये प्रवति को रोकते रोकते वो ये भी भूल गया की उसके पास इस प्रॉब्लम से निकलने के लिए पावर भी है. जिनके जरिये वो मंजू के मंद को पद सकता है. गुरु या मणि जी को अपनी सहायता के लिए बुला सकता है.
जब मंजू अपने अंदर के तूफ़ान में फाशी थी. पब उसके चुके दबाने लगा था. और होंटो को पि रहा था. जब मंजू पैर बर्दाश नहीं हुआ तो वो थोड़ा सा पीछे हो गयी. और किश तोड़ दिया. दोनों हाफ रहे थे. जब सांसे ठीक हुयी तो मंजू को बोलना hi पड़ा.
मंजू (नजरे झुका कर शरमाते हुए) – सुनिए मैं आपसे कुछ कहना चाहती हु.
पब (उसके जिस्म को अपनी फिंगर से छेड़ते हुए) – हाँ मेरी रानी बोलो .
मंजू – वो मैं ये चाहती हु की पहले हम वो मंत्र पद ले फिर आगे बड़े. मुझको दर है की मैं रुक नहीं पाउगी. सालो से प्यासी हु. और आज आपके प्यार में पूरी तरह बहकना चाहती हु. बिच में मंत्र पड़ना भूल गए तो सब गड़बड़ हो जाएगी.
पब ने उसकी इच्छा का सम्मान करते हुए उसकी बात को मन लिया और ok कहा दिया दोनों 2 मं तक यु hi खड़े रहे. ये शांति सी छ गयी थी. उस शांति को पब ने hi भांग किया.
पब – मंत्र पड़ने के लिए कपडे निकने होंगे.
मंजू सिर्फ हम्म hi कहा पायी और नजरे निचे करके अपने कपडे निकलने लगी. जब उसने अपने पुरे कपडे निकल दिए तो पब उसके नंगे बदन को देखता hi रहा गया. इतनी देर में पब ने भी अपने कपडे उत्तर दिए थे. मंजू की नजरे जोकि हुयी थी. तो वो पब के लुंड से टकरा गयी. मंजू ने अपनी पूरी जिंदगी में इतना बड़ा और सूंदर लुंड नहीं देखा था. आज अपने खड़े लुंड को देख कर पब भी चौक गया था. कियोकि वो अब पहले से भी बड़ा हो चुक्का था. और इसका कारन सलोनी के साथ किया गया वो सेक्स था जिसने उसके सरीर में इतने बदलाव लाये थे की उसकी लम्बाई भी बाद गयी थी. उसके अंदर की दानव शक्ति जागने से उसका लुंड दानवो के जैसा हो गया था. किसी लड़की की कलाई जितना मोटा लग रहा था. और लम्बाई भी 10-11 इंच तो थी hi. उप्पेर से मोटा सूपड़ा जो एक दम लाल था. जो उसके गोर लुंड को और भी दिलकश बना रहा था. लुंड मंजू को सामने नंगा देख कर पूरा खड़ा हो कर जटके मर रहा था. एक बार तो मंजू ने दर के मरे अपना तुक घटक फिर अपने आप पैर कण्ट्रोल कर मंत्रो का जप करने लगी. जब दोनों ने मंत्र जप कर लिया तो पब ने उसके हाथ को पकड़ कर अपनी और खींचा पैर मंजू ने उसके हाथ को छिटक दिया. अभी उसकी सांसे बहुत तेज़ चल रही थी. सेक्स का नशा उसके सर पर चढ़ने लगा था. पैर वो अपनी आखें बंद करके अपने आप को कण्ट्रोल करने के लिए तेज़- 2 सांसे ले रही थी. उसके हाथ छिटकने से पब को दक्का लगा. उसे समाज hi नहीं आया मंजू का ये रिएक्शन. जब उसने मंजू की और देखा तो वो अपनी आखें बंद किये अपने आप को कभू में करने की कोसिस कर रही थी. और कुछ hi देर में कामियाब भी हो गयी थी. पैर ये तो केवल मंजू hi जान सकती है की मंत्र पड़ने के बाद आने वाली उत्तेजना को वो कैसे कण्ट्रोल कर गयी.
कुछ देर बाद जब पब ने फिर उसका कंध पकड़ा तो फिर से उसने उसके हाथ को छिटक दिया. तो पब बोलै – क्या हुआ मंजू कैसे रियेक्ट क्यों कर रही हो?
मंजू – बात ये है की मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं कर सकती ये मुझसे नहीं हो पायेगा. मैं जा रही हु.
और ये बोल कर उसने कपडे पहनना सुरु कर दिया. पब तो ये सुन कर बूत बन गया था उसके पैरो टेल जमीन निकल गयी थी. उसे अपना और अपनी पत्नियों का अंत दिखाई दे रहा था. उसका तना हुआ लुंड एक hi जटके में बेथ चुक्का था. उसके मंद ने काम करना बंद कर दिया था की ये क्या कहा रही है. फिर भी हिम्मत करके बोलै – पैर बात क्या है मंजू तुम तो सम्भोग क्रिया के बारे में जानती हो यदि ये सेक्स नहीं हुआ तो सब ख़तम हो जायेगा. तुम ऐसा क्यों कर रही हो. ऐसी क्या गलती हो गयी जो तुम ये सब कर रही हो???
मंजू – मैं तुमको कुछ भी नहीं बताना चाहती मैं जा रही हु. तुम जियो या मारो मुझको उससे कोई मतलब नहीं.
मंजू की इतनी रूडली बात करने से पब को भी गुस्सा आ गया – तुम ऐसे नहीं जा सकती. तुमको मेरी बात का जवाब देना होगा ये हम सब की जिंदगी का सवाल है. (पब ने ये बात पुरे गुस्से में गजरते हुए कही थी.)
उसकी गुस्से भरी आवाज से एक बार मंजू दर गयी पैर फिर बोली – तो क्या अब तुम मेरे साथ जबरदस्ती करोगे???
पब की आखों में आशु आ चुके थे. दिल में गुस्सा भरा हुआ था. उसका सरीर गुस्से से कैंप रहा था. आखें दुःख में आशु बहा रही थी. उसकी दानव प्रवाटिया उस पैर हावी होने लगी थी. जिनको वो किसी तरह अपने अंदर दबाने की कोसिस कर रहा था. उसको तो समाज hi नहीं आ रहा था की वो क्या करे और क्या न करे. उसे केवल अंत नज़र आ रहा था वो भूल गया की वो मंजू को समजने के लिए मणि जी को या गुरु को बुला सकता है. वो भूल गया की वो मंजू के मंद को पद कर पता कर सकता है की ऐसी क्या बात हो गयी जो वो अब पीछे हैट रही है. उसका मंद ब्लॉक हो चुक्का था. यदि उसके मंद में कुछ था तो बस ये की यदि मंजू उसको छोड़ कर चली गयी तो सब मरेंगे. उसके उप्पेर हावी होती दानव प्रवति ने उसकी मंद को ब्लॉक कर दिया था.
जब मंजू ने अपने पुरे कपडे पहन लिए तो पब ने एक बार फिर पागलो की तरह उसकी और देखा और फिर उसे रोकने की कोसिस करते हुए बोलै – बात क्या है ये तो बता दो. मेने तुम्हारी इच्छा से hi ये सब सुरु किया था तुम्हारे साथ न पहले जबरदस्ती की थी और न hi अब कर रहा हु. फिर भी तुम मुझको मरने के लिए छोड़ कर जा रही हो. काम से काम ये तो बता दो की मेरा गुन्हा क्या है किसके लिए मुझको मूट की सजा दे कर तुम जा रही हो.
अब मंजू ने भी अपना रंग दिखाया – मैं तुमको कुछ नहीं बताना चाहती. मुझको भी मेरे सवालो का जवाब नहीं दिया गया था. मुझको भी कभी यु hi ठुकरा दिया गया था. आज तुमको रोटा गिड़गिड़ाता देख कर मेरे दिल को बहुत सुकून मिल रहा है. आज मेरा बदला पूरा हो गया.
पब बस मंजू को देखता hi रहा गया. और मंजू भी उसकी और देख रही थी पैर मंजू उसकी आखों का सामना नहीं कर पायी कियोकि उसके दिल को पता था की वो जो कर रही है वो गलत है. वो पब की आखों में जो दिख रहा है वो सच. इसलिए वो पब की नजरो से नजर हटा कर जाने लगी. और पब घुटनो पैर बेथ कर रोने लगा. कुछ hi देर में उसकी दुनिया ख़तम होने वाली थी. दैविये प्रवति को रोकते रोकते वो ये भी भूल गया की उसके पास इस प्रॉब्लम से निकलने के लिए पावर भी है. जिनके जरिये वो मंजू के मंद को पद सकता है. गुरु या मणि जी को अपनी सहायता के लिए बुला सकता है.