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- Dec 5, 2013
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अब ये कोण है ये तो आगे hi पता चलेगा. पैर ये जो भी है इसने hi संभु की मदद की थी दूसरा सेक्स ट्रेनिंग सेण्टर (जस्ट लिखे भानु ठाकुर बेसमेंट) खोलने में. और पब का हवेली कर कब्ज़ा करने के बाद त्रिकाल को इस सेण्टर से hi लड़किया मिल रही थी बलि के लिए.
इसके बाद संभु सबका इन्तजार करते हुए अपना प्लान बनाना लगता hai.PB की पत्नियों पैर कब और कैसे हमला करना है. उसके लिए उसे बहुत कुछ जानना था. और इस लिए hi उसने रवि को बुलाया था.
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ीदार जब पब और मंजू हवेली पहुंचे तो सबने मिल कर उनका खूब अच्छे से वेलकम किया. फिर पब ने मंजू को सबसे मिलाया. सब मंजू से ऐसे मिली जैसे कब से उसे जानती हो. सभी लोग हॉल में बेथ कर गप्पे मरने लगे. इस बिच टिया और स्नैक्स का दूर भी चला. मंजू 1-2 हॉर्स में hi सबसे ऐसे घुल मिल गयी जैसे सालो से साथ सहा रही हो. उसको यहाँ आ कर बहुत अच्छा लग रहा था. उसने भी या तो आश्रम में या फिर अकेले hi ये जीवन कटा था. तो अपनों के बिच बेथ कर सबके साथ हाशि मज़ाक करने का उसका 1सत चांस था. गुरु भी वही बैठी हुयी थी. पैर गुरु के मन में अभी भी कल रात की घटना hi चल रही थी. तो उसने पब को इशारा किया उसके साथ रूम में चलने का. पब भी समाज गया की गुरु किस लिए उसको बुला रही है जब दस माँ ने उसे बता hi दिया था की गुरु के कारन hi वो उसके पास आयी है. तो ये तो होना hi था. और पब पहले hi अपना मंद मेक उप कर भी चुक्का था. जब गुरु और पब रूम में पहुंचे तो पब ने बिना गुरु के पूछे hi सब बता दिया जो भी रात को हुआ. गुरु को एक बार तो विस्वास hi नहीं हुआ की संभु ये भी कर सकता है. पैर सच तो ये hi था की संभु ने ये कर दिया था.
गुरु को भी ये किसी जटके से काम नहीं था. वो दिल hi दिल दस माँ को थैंक यू बोल रही थी. पब से दस माँ की कही हुयी बातो को सुन कर गुरु भी बहार आ गयी. जब ये दोनों बहार आये तो जय भी वह पैर बैठा था. सभी लोग फिर से बात करने लगे. तब पब जय से बोलै –
पब – जय किसी चल रही है दानव सेना की ट्रेनिंग ???
जय – भैया बहुत hi अच्छी चल रही है. ये सब लड़किया सब अच्छे से सीखः रही है.
पब – अभी तक 2 hi अटैक किये है दानव सेना ने. आगे का कुछ सोचा है.
जय – हाँ भैया जुली बता रही थी. की 2 और अटैक की तैयारी की जा रही है एक साथ 2 जगह पैर अटैक होगा. दोनों गुंडों का ज्यादा बड़ा गैंग नहीं है इसलिए एक साथ 2 जगह जाना है. इससे खौफ और फैलेगा.
पब – हम्म तैयारी करो, मैं भी एक बार देख लगा सब..
जय – हम्म ok, पैर आपको आप चिंता करने की जरुरत नहीं है. सब अच्छे से चल रहा है.
पब (सब की देख कर) – ok अब मैं चलता हु. मुझको डायन भी लगाना है. सलोनी (सलोनी की और देख कर) तुम मेरे साथ चलो मेरी हेल्प करना..
अंकिता – एक मं आपको एक बात कहानी थी.
पब – हम्म बोलो अंकिता..
अंकिता – वो नैना (नैना की और एक नज़र देख कर) आपसे शादी करना चाहती है.
अंकिता की बात से सब खुश हो जाते है. एक अवनि थी जिसको ये सुन कर जतका लगा. और आज अपने प्यार का इजहार करने वाली थी. पैर उससे पहले hi नैना आ गयी. और अवनि चाहा कर भी कुछ न बोल पायी. और इस बात से पब किसी सोच में गम हो गया. गुरु के फेस पैर भी ऐसे hi भाव थे. कुछ सोच कर पब नैना से बोलै – नैना क्या मैं तुमसे अकेले मैं बात कर सकता हु??
नैना – हम्म (नैना को शर्म आ रही थी. उसको ऐसा फील हो रहा था की कोई लड़का उसको देखने आया है और वो उससे अकेले में बात करना चाहता है.)
पब नैना को अपने साथ ले कर अपने रूम में आ जाता है. गुरु भी आना चाहा रही थी पैर पब ने इसारे में मन कर दिया. नैना बहुत नर्वस फील कर रही थी. दिल में ख़ुशी भी थी. कियोकि उसके दिल को आज तक सबने चोट hi पहुचायी थी. केवल पब और ये फॅमिली hi थी जिसने उसे सुख का अहसास दिलवाया था. यौ ो जब कभी खुश होती थी जब उसका छोटा भाई किसी छोटी मोती बात पैर खुश हो जाता था तो उसकी ख़ुशी में hi अपनी ख़ुशी देख लेती थी. अंदर आ कर बैठने के बाद 2 मं तक शांति छायी रही और इस शांति को पब ने hi तोडा
पब – नैना क्या ये सच है जो अंकिता ने कहा है.
नैना (शर्म के मरे बोल hi नहीं पति)- हम्म
पब – पैर तुम मुझसे शादी क्यों करना चाहती हो??
अब पब के इस सवाल ने नैना को आशमान से जमीन पैर ला दिया. अब क्या जवाब दे. उसके पास कोई जवाब नहीं था. और कहा भी नहीं प् रही थी की मैं तुमसे प्यार करने लगी हु. वो चुप रही.
पब – क्या हुआ नैना जवाब नहीं दिया तुमने?? किसी के दवाब में आ कर ये फैसला किया है क्या??
नैना – नहीं – नहीं येशी बात नहीं है.
पब – फिर किसी बात है?? कही तुम ये तो नहीं सोच रही की मेने तुम्हारी हेल्प की साधु से बदला लेने में. तो उसका अहसान चुकाने के लिए तुम मुझसे शादी करना चाहा रही हो?? (पब को मंजू से मिले धोके ने हिला कर रख दिया था. इसलिए वो कन्फर्म करना चाहता था की नैना भी तो धोखा तो नहीं दे रही है)
नैना – नहीं एशा भी नहीं है.
पब – फिर क्या बात है?? किसी ने मेरे लिए तुमसे कुछ कहा तो नहीं है न?? कही तुम कोई धोखा तो नहीं करना चाहती हो न??
पब के दिल की बात जवान पैर आ hi गयी. पैर इस बात ने नैना को हिला कर रख दिया. उसकी आखों से आशु गिरने लगे. वो बैठे -2 रोने लगी. उसके आशु उसके दिल का हाल बया कर रहे थे. कुछ पल रोने के बाद नैना बोली
नैना – यदि मैं आपको पाषंड नहीं हु तो साफ़ मन करना चाहिए था. यु धोखा देने का इल्जाम लगाने की क्या जरुरत थी. मैं hi पागल थी जो ये सोच बैठी की कोई मुज आंधी को भी अपना सकता है. और वो भी उस आदमी के लिए जिसके पास एक से बाद कर एक पत्नी पहले से hi हो. शायद मेरी hi किस्मत में परिवार का सुख नहीं है. पागल थी जो अंकिता के दिखाए सपने को सच करने के लिए आपसे दिल लगा बैठी. एक गरीब आंधी लड़की किसी के बिस्तर की रौनक तो बन सकती है पैर घर परिवार का सुख पाने के लिए उसके घर का एक हिस्सा नहीं बन सकती. माफ़ करना ठाकुर साहब को मेने आपके प्यार में पद कर एक सुखी जीवन की कामना कर ली. जो की मेरे नसीब में है hi नहीं… (फिर रोने लगती है)
पब नैना की बातो को सुन कर उसके आशुओ को देख कर समाज जाता है की नैना झूट नहीं बोल रही. वो कोई भी धोखा नहीं देना चाहती है. नैना को रोटा देख कर पब नैना को अपनी बांहो में ले लेता है. नैना को भी उसकी बांहो में एक सुकून सा मिलने लगता है. एक अपना पैन लगता है. दिल की बेचेनिया अपने आप ख़तम होने लगती है. उसे केसा लगता है की शायद जीवन भर को इन बांहो के लिए तराशती आ रही है. जैसे उसके सभी दुखो का अंत इन बांहो में hi हो गया है. वो भी इस सुख की अनुभूति में पब से और भी चिपकती जाती है. उसका रोना अपने आप बंद हो गया. वो मदहोश हो गयी थी इस बांहो में आ कर.
कुछ देर तक इस अपने पैन को अहोभाव करती रहती है फिर एक दम से अलग होने लगती है. पैर पब उसे अलग नहीं होने देता.
नैना – छोड़िये ठाकुर साहब इस गरीब को 2 पल की ख़ुशी मत दीजिये. उस अपनेपन का अहसास मत करवाइये जो उसके नसीब में है hi नहीं.
पब – माफ़ कर दो नैना, मैं तुमको हर्ट नहीं करना चाहता था. अब तुम कभी दुखी नहीं रहोगी. अब तुम मरी पत्नी बनने वाली हो तुम्हारा हर दुख मेरा और मेरी हर ख़ुशी तुम्हारी….
पब की बात सुन कर पब की बांहो से निकलने की कोसिस करती नैना भी रुक जाती है. वैसे भी उसका दिल इन बांहो से निकलने का था hi नहीं. पब की बात सुन कर उसे बहुत ख़ुशी होती है. और कुछ बोल नहीं पति. पब से फिर से और भी चिपकने लगती है. तो पब बोलता है – करोगी न मुझसे शादी.. बोलो नैना बनोगी मेरी दुल्हन…
नैना – हम्म (अब वो फिर से खुश हो गयी थी. फिर से उसके मन के मेयर नाचने लगे थे. और शर्म भी आने आगि थी. तो वो चुप चाप उसकी बांहो में रहा कर उसे फील कर रही थी.)
पब – नैना मैं बस इतना कहुगा की बस कभी भी मुझको धोखा मत देना. आज से मैं और ये परिवार तुम्हारा है. और तुम इस परिवार का एक हिस्सा. कभी भी कोई भी प्रॉब्लम हो मुझको बताना…
नैना – हम्म
पैर नैना पब से दूर hi नहीं हो रही थी. उसका दिल मान hi नहीं रहा था दूर होने को. और पब भी उसे अपनी बांहो में लिए प्यार से उसके बालो को सहला रहा था. कुछ देर दोनों ऐसे hi रहे तभी अंकिता और गुरु दोनों रूम में आ गयी और बोली – न जी न.. अभी शादी तक का तो इन्तजार करो…
नैना अंकिता और गुरु की आवाज सुन कर चौक जाती है. और मरे शर्म के एक दम पब को छोड़ कर दूर बेथ जाती है.
अब ये कोण है ये तो आगे hi पता चलेगा. पैर ये जो भी है इसने hi संभु की मदद की थी दूसरा सेक्स ट्रेनिंग सेण्टर (जस्ट लिखे भानु ठाकुर बेसमेंट) खोलने में. और पब का हवेली कर कब्ज़ा करने के बाद त्रिकाल को इस सेण्टर से hi लड़किया मिल रही थी बलि के लिए.
इसके बाद संभु सबका इन्तजार करते हुए अपना प्लान बनाना लगता hai.PB की पत्नियों पैर कब और कैसे हमला करना है. उसके लिए उसे बहुत कुछ जानना था. और इस लिए hi उसने रवि को बुलाया था.
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ीदार जब पब और मंजू हवेली पहुंचे तो सबने मिल कर उनका खूब अच्छे से वेलकम किया. फिर पब ने मंजू को सबसे मिलाया. सब मंजू से ऐसे मिली जैसे कब से उसे जानती हो. सभी लोग हॉल में बेथ कर गप्पे मरने लगे. इस बिच टिया और स्नैक्स का दूर भी चला. मंजू 1-2 हॉर्स में hi सबसे ऐसे घुल मिल गयी जैसे सालो से साथ सहा रही हो. उसको यहाँ आ कर बहुत अच्छा लग रहा था. उसने भी या तो आश्रम में या फिर अकेले hi ये जीवन कटा था. तो अपनों के बिच बेथ कर सबके साथ हाशि मज़ाक करने का उसका 1सत चांस था. गुरु भी वही बैठी हुयी थी. पैर गुरु के मन में अभी भी कल रात की घटना hi चल रही थी. तो उसने पब को इशारा किया उसके साथ रूम में चलने का. पब भी समाज गया की गुरु किस लिए उसको बुला रही है जब दस माँ ने उसे बता hi दिया था की गुरु के कारन hi वो उसके पास आयी है. तो ये तो होना hi था. और पब पहले hi अपना मंद मेक उप कर भी चुक्का था. जब गुरु और पब रूम में पहुंचे तो पब ने बिना गुरु के पूछे hi सब बता दिया जो भी रात को हुआ. गुरु को एक बार तो विस्वास hi नहीं हुआ की संभु ये भी कर सकता है. पैर सच तो ये hi था की संभु ने ये कर दिया था.
गुरु को भी ये किसी जटके से काम नहीं था. वो दिल hi दिल दस माँ को थैंक यू बोल रही थी. पब से दस माँ की कही हुयी बातो को सुन कर गुरु भी बहार आ गयी. जब ये दोनों बहार आये तो जय भी वह पैर बैठा था. सभी लोग फिर से बात करने लगे. तब पब जय से बोलै –
पब – जय किसी चल रही है दानव सेना की ट्रेनिंग ???
जय – भैया बहुत hi अच्छी चल रही है. ये सब लड़किया सब अच्छे से सीखः रही है.
पब – अभी तक 2 hi अटैक किये है दानव सेना ने. आगे का कुछ सोचा है.
जय – हाँ भैया जुली बता रही थी. की 2 और अटैक की तैयारी की जा रही है एक साथ 2 जगह पैर अटैक होगा. दोनों गुंडों का ज्यादा बड़ा गैंग नहीं है इसलिए एक साथ 2 जगह जाना है. इससे खौफ और फैलेगा.
पब – हम्म तैयारी करो, मैं भी एक बार देख लगा सब..
जय – हम्म ok, पैर आपको आप चिंता करने की जरुरत नहीं है. सब अच्छे से चल रहा है.
पब (सब की देख कर) – ok अब मैं चलता हु. मुझको डायन भी लगाना है. सलोनी (सलोनी की और देख कर) तुम मेरे साथ चलो मेरी हेल्प करना..
अंकिता – एक मं आपको एक बात कहानी थी.
पब – हम्म बोलो अंकिता..
अंकिता – वो नैना (नैना की और एक नज़र देख कर) आपसे शादी करना चाहती है.
अंकिता की बात से सब खुश हो जाते है. एक अवनि थी जिसको ये सुन कर जतका लगा. और आज अपने प्यार का इजहार करने वाली थी. पैर उससे पहले hi नैना आ गयी. और अवनि चाहा कर भी कुछ न बोल पायी. और इस बात से पब किसी सोच में गम हो गया. गुरु के फेस पैर भी ऐसे hi भाव थे. कुछ सोच कर पब नैना से बोलै – नैना क्या मैं तुमसे अकेले मैं बात कर सकता हु??
नैना – हम्म (नैना को शर्म आ रही थी. उसको ऐसा फील हो रहा था की कोई लड़का उसको देखने आया है और वो उससे अकेले में बात करना चाहता है.)
पब नैना को अपने साथ ले कर अपने रूम में आ जाता है. गुरु भी आना चाहा रही थी पैर पब ने इसारे में मन कर दिया. नैना बहुत नर्वस फील कर रही थी. दिल में ख़ुशी भी थी. कियोकि उसके दिल को आज तक सबने चोट hi पहुचायी थी. केवल पब और ये फॅमिली hi थी जिसने उसे सुख का अहसास दिलवाया था. यौ ो जब कभी खुश होती थी जब उसका छोटा भाई किसी छोटी मोती बात पैर खुश हो जाता था तो उसकी ख़ुशी में hi अपनी ख़ुशी देख लेती थी. अंदर आ कर बैठने के बाद 2 मं तक शांति छायी रही और इस शांति को पब ने hi तोडा
पब – नैना क्या ये सच है जो अंकिता ने कहा है.
नैना (शर्म के मरे बोल hi नहीं पति)- हम्म
पब – पैर तुम मुझसे शादी क्यों करना चाहती हो??
अब पब के इस सवाल ने नैना को आशमान से जमीन पैर ला दिया. अब क्या जवाब दे. उसके पास कोई जवाब नहीं था. और कहा भी नहीं प् रही थी की मैं तुमसे प्यार करने लगी हु. वो चुप रही.
पब – क्या हुआ नैना जवाब नहीं दिया तुमने?? किसी के दवाब में आ कर ये फैसला किया है क्या??
नैना – नहीं – नहीं येशी बात नहीं है.
पब – फिर किसी बात है?? कही तुम ये तो नहीं सोच रही की मेने तुम्हारी हेल्प की साधु से बदला लेने में. तो उसका अहसान चुकाने के लिए तुम मुझसे शादी करना चाहा रही हो?? (पब को मंजू से मिले धोके ने हिला कर रख दिया था. इसलिए वो कन्फर्म करना चाहता था की नैना भी तो धोखा तो नहीं दे रही है)
नैना – नहीं एशा भी नहीं है.
पब – फिर क्या बात है?? किसी ने मेरे लिए तुमसे कुछ कहा तो नहीं है न?? कही तुम कोई धोखा तो नहीं करना चाहती हो न??
पब के दिल की बात जवान पैर आ hi गयी. पैर इस बात ने नैना को हिला कर रख दिया. उसकी आखों से आशु गिरने लगे. वो बैठे -2 रोने लगी. उसके आशु उसके दिल का हाल बया कर रहे थे. कुछ पल रोने के बाद नैना बोली
नैना – यदि मैं आपको पाषंड नहीं हु तो साफ़ मन करना चाहिए था. यु धोखा देने का इल्जाम लगाने की क्या जरुरत थी. मैं hi पागल थी जो ये सोच बैठी की कोई मुज आंधी को भी अपना सकता है. और वो भी उस आदमी के लिए जिसके पास एक से बाद कर एक पत्नी पहले से hi हो. शायद मेरी hi किस्मत में परिवार का सुख नहीं है. पागल थी जो अंकिता के दिखाए सपने को सच करने के लिए आपसे दिल लगा बैठी. एक गरीब आंधी लड़की किसी के बिस्तर की रौनक तो बन सकती है पैर घर परिवार का सुख पाने के लिए उसके घर का एक हिस्सा नहीं बन सकती. माफ़ करना ठाकुर साहब को मेने आपके प्यार में पद कर एक सुखी जीवन की कामना कर ली. जो की मेरे नसीब में है hi नहीं… (फिर रोने लगती है)
पब नैना की बातो को सुन कर उसके आशुओ को देख कर समाज जाता है की नैना झूट नहीं बोल रही. वो कोई भी धोखा नहीं देना चाहती है. नैना को रोटा देख कर पब नैना को अपनी बांहो में ले लेता है. नैना को भी उसकी बांहो में एक सुकून सा मिलने लगता है. एक अपना पैन लगता है. दिल की बेचेनिया अपने आप ख़तम होने लगती है. उसे केसा लगता है की शायद जीवन भर को इन बांहो के लिए तराशती आ रही है. जैसे उसके सभी दुखो का अंत इन बांहो में hi हो गया है. वो भी इस सुख की अनुभूति में पब से और भी चिपकती जाती है. उसका रोना अपने आप बंद हो गया. वो मदहोश हो गयी थी इस बांहो में आ कर.
कुछ देर तक इस अपने पैन को अहोभाव करती रहती है फिर एक दम से अलग होने लगती है. पैर पब उसे अलग नहीं होने देता.
नैना – छोड़िये ठाकुर साहब इस गरीब को 2 पल की ख़ुशी मत दीजिये. उस अपनेपन का अहसास मत करवाइये जो उसके नसीब में है hi नहीं.
पब – माफ़ कर दो नैना, मैं तुमको हर्ट नहीं करना चाहता था. अब तुम कभी दुखी नहीं रहोगी. अब तुम मरी पत्नी बनने वाली हो तुम्हारा हर दुख मेरा और मेरी हर ख़ुशी तुम्हारी….
पब की बात सुन कर पब की बांहो से निकलने की कोसिस करती नैना भी रुक जाती है. वैसे भी उसका दिल इन बांहो से निकलने का था hi नहीं. पब की बात सुन कर उसे बहुत ख़ुशी होती है. और कुछ बोल नहीं पति. पब से फिर से और भी चिपकने लगती है. तो पब बोलता है – करोगी न मुझसे शादी.. बोलो नैना बनोगी मेरी दुल्हन…
नैना – हम्म (अब वो फिर से खुश हो गयी थी. फिर से उसके मन के मेयर नाचने लगे थे. और शर्म भी आने आगि थी. तो वो चुप चाप उसकी बांहो में रहा कर उसे फील कर रही थी.)
पब – नैना मैं बस इतना कहुगा की बस कभी भी मुझको धोखा मत देना. आज से मैं और ये परिवार तुम्हारा है. और तुम इस परिवार का एक हिस्सा. कभी भी कोई भी प्रॉब्लम हो मुझको बताना…
नैना – हम्म
पैर नैना पब से दूर hi नहीं हो रही थी. उसका दिल मान hi नहीं रहा था दूर होने को. और पब भी उसे अपनी बांहो में लिए प्यार से उसके बालो को सहला रहा था. कुछ देर दोनों ऐसे hi रहे तभी अंकिता और गुरु दोनों रूम में आ गयी और बोली – न जी न.. अभी शादी तक का तो इन्तजार करो…
नैना अंकिता और गुरु की आवाज सुन कर चौक जाती है. और मरे शर्म के एक दम पब को छोड़ कर दूर बेथ जाती है.