MANAV or DANAV sex story - part 1 - Page 42 - SexBaba
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MANAV or DANAV sex story - part 1

थैंक यू बीआरओ फॉर लवली कमेंट .. :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे: :अप्प्लायसे:

हाँ भाई उसको उन लड़कियों के बारे में पता चल गया था. बूत उनकी प्रॉब्लम सेक्स करने से hi कर हो सकती है. और अभी पब सेक्स करने के लिए फ्री नहीं है पहले उसको अभी सभी पावर गर्ल्स के साथ सेक्स करके सम्भोग क्रिया को पूरा करना है...

दानव गुरु का रिएक्शन पब के बहार आने के साथ आएगा.... अभी तो पब दानव बेस में hi है जहा उस पैर कोई नजर नहीं रख सकता
 
अपडेट 275

पब – कोण से वरदान गुरूजी?? ऐसे कोण से वरदान है जिसके आगे आप सभी फ़ैल हो गए???

दयासुर जी – उसके वरदान hi कुछ ऐसे थे की उसके आगे किसी की न चली, उसने एक वरदान में माँगा – “इस संसार में होने वाले सभी पापो (गलत करम) से मेरी जीवन शक्ति बढ़ती रहे.”

पब – क्या?? पैर ये कैसे संभव है. दुनिया में तो हर समय अनगिनत पाप होते hi रहते है. तो क्या उसकी जीवन शक्ति बढ़ती hi रहेगी??

दयासुर – हाँ पुत्र ऐसा hi है. मानवो के देव और दानव कुछ इस तरह hi जुड़े हुए है. की मानवो के पाप करने पैर दानव शक्ति और मानवो के पुण्य करने पैर देव शक्ति बढ़ती है. पैर त्रिकाल ने मानव हो कर अपनी जीवन शक्ति को मानवो के पाप के साथ जोड़ लिया. इतना hi नहीं त्रिकाल ने एक और वरदान में माँगा की – “यदि मैं (त्रिकाल) किसी की भी हत्या करू तो उसके अंदर की जीवन शक्ति और उसकी सभी प्रकार की शक्तिया मुझको (त्रिकाल) को मिले”

पब – ोुह्ह्ह मतलब की वो जिसको भी मरता है उसकी शक्तिया उसे मिलती है. जैसे महाराज बाली के सामने आने से उनके प्रतिदंद्वी की आधी शक्तिया उनकी हो जाती थी ठीक वैसे hi त्रिकाल के किसी की भी हत्या करने पैर उसकी शक्तियों को प् लेता था..

दयासुर – हाँ तुम ठीक समजे… इन दोनों वरदानो को पाने के बाद त्रिकाल तो rishi-muniyo की हत्या करके उनकी शक्तिया छीनने निकल गया. और यहाँ संभु ने लोगो पैर अपनी तांत्रिक शक्तियों का उसे करके उसको पापी बनाना सुरु कर दिया. संसार में पाप तो पहले से hi था कलयुग में पाप का hi बोल बाला होता है तो त्रिकाल को हर दिन यथा जीवन शक्ति मिलने लगी. और हमको लगता है की कोई त्रिकाल का सुबह चिंतक है उसी ने संसार में ये आतंक मचाया हुआ है जिससे त्रिकाल को शक्तिया मिलती रहे. और देवता कमजोर हो जाये. कोई बड़ा युद्ध hi है जो चुप कर इतनी अच्छी प्लानिंग से त्रिकाल का साथ दे रहा है और किसी को उसके वेयर में पता भी नहीं है. पहले तो हमको लगता था की केवल दानव रक्षक (डॉ) hi है जो आतंक फेलिन के लिए ये सब कर रहे है पैर अब उनका उद्देश्य समाज आ रहा है की कोई है जो डॉ से ये सब करवा रहा है केवल त्रिकाल को शक्तिशाली बनाना के लिए……

पब – सच में गुरूजी ये तो बहुत hi गहरी चल है और इस चल को फ़ैल करने के लिए सबसे पहले हमको उस व्यक्ति तक पूछना होगा जो ये सब कर रहा है..

मणि – कोई फायदा नहीं है पुत्र. हम सब ये कोसिस करके देख चुके है. पैर उसका कोई फायदा नहीं हुआ.

भलासुर – पुत्र यहाँ तो क्या हम पातळ में भी उसको खोजने की कोसिस कर चुके है पैर उसका कोई पता नहीं चल रहा…

पब – हम्म पैर फिर भी मैं एक बार कोसिस करके देखना चाहुगा…

नकसुर – जैसी तुम्हारी मर्जी..

पब – गुरूजी यदि हम संभु को मार दे तो क्या उससे त्रिकाल नहीं टूट जायेगा…

मणि – तुमने ठीक कहा पब पैर उसके पास एक ऐसा कवच है जिसके चलते हम वो भी नहीं कर सकते.

पब – गुरूजी मुझको शायद उस कवच को हटाने का मार्ग मिल चुक्का है. तो क्या मैं संभु को मार सकता हु.

मणि (खुश होते हुए) – हाँ यदि तुम मार सकते हो तो जरूर मारो.. ये तो त्रिकाल को सबसे बड़ा झटका होगा. और शायद वो इस झटके से सुधर जाये…

ये सभी लोग बहुत देर तक ऐसे hi प्लानिंग करते रहे. और फिर अंत में पब को सम्भोग क्रिया पूरा करने को बोल कर चले गए. उदार पब की सभी पत्निया उस रूम से बहार आ कर पूरी दानव बेस में तितलियों की तरह उड़ती फिर रही थी. अभी आज बहुत खुश थी होती भी क्यों न कितने लम्बे इन्तजार के बाद उनका उसके प्रेमी से मिलान होने वाला था. उसको वो प्यार फिर एक बार मिलने वाला था जिसको उन्होंने केवल एक बार hi महसूस किया था. अपने प्रेमी के साथ होने hi कल्पना भी सरीर में एक झुरझुरी पैदा कर रही थी वही जब ये ख्याल आता की मिलान अकेले में नहीं वल्कि सब के साथ होना है तो खुद से hi शर्म आ जाती… एक लम्बे दुखो के बाद ये ख़ुशी के पल उसको फांख लगा कर ुधा रहे थे. गुरु और कामिनी इस सभी से मज़े ले रही थी.

गुरुओ के जाने के बाद पब अपनी गुरु के पास पहुंच गया. और उससे सम्भोग क्रिया के बारे में बात करने लगा. कुछ देर बाद सभी डिनर के लिए एक रूम में बैठे थे. आज फिर से टेबल पैर बहुत रौनक थी. सभी के फेस पैर ख़ुशी और शर्म थी. गुरु ने खाने का सभी सामान रूम में रखवाने के बाद रूम बंद कर लिया था.

पब – तो बताओ मेरी देवियो कहा और कैसे माननी है सुहागरात….

सभी शर्मा केर निचे देखने लगी. तो लास्ट में किसी को भी न बोलता देख कर पारी बोली – आप जहा कहेगे हम सभी के लिए वो hi जगह ok है..

माहि शरमाते हुए – क्या आप मेरी एक बात मानेगे की आपके साथ रूम में एक बार में हम सभी में से एक आये और जब उसका हो जाये तो दूसरी आ जाये. इससे किसी को भी शर्म नहीं आएगी..

अवनि, मंजू, सविता,, नैना, अंकिता – हाँ हाँ ये बहुत अच्छा आईडिया है. ऐसा करने पैर हमको शर्म भी नहीं आएगी. और सभी का काम भी हो जायेगा….

पब – नहीं बिलकुल नहीं सब एक साथ एक जगह पैर मेरे सामने नंगी होगी. तब hi मजा आएगा… और तुम सभी की शर्म ख़तम होगी. मुझको बीएड पैर न शर्माने वाली पार्टनर चाहिए. जो मेरा पूरा साथ दे….

गुरु – तुम सभी शर्मा क्यों रही हो. ये हमारे पति है तो जब मौका मिला है तो मज़े लो और दो इसका नाम hi तो जिंदगी है…

सलोनी – मुझको कोई प्रॉब्लम नहीं है मैं तो हर तरह से तैयार हु.

पब – गुरु पहले ये बताओ तुमने सोच कुछ गुरूजी की उस बात के बारे में की सभी को मेरा प्रशाद बराबर मिलना चाहिए. कैसे होगा ये??

एरिका – कोण सा प्रशाद??

कामिनी – हाहाहाहाहा तुमको नहीं पता चुदाई के बाद कोण सा प्रशाद मिलता है.. हाहाहाहा इनके वीर्य की बात हो रही है…

एरिका झेप जाती है कामिनी की बात से, गुरु – मेरे हिसाब से तो इसका एक hi हाल है की आप अपना किसी के अंदर न छोड़ कर किसी गिलास में निकलना फिर से मिल बाँट कर थोड़ा थोड़ा पी लेगी..

माहि – छ्हीईई ये क्या है हमको इनका वो पीना पड़ेगा….

अवनि – छियई मैं तो नहीं पीने वाली…

सलोनी – दीदी यदि ये अपना वो दूध के गिलास में निकले तो टास्ते भी ख़राब नै लगेगा और बाटने में भी आसानी होगी..

पब – पैर इतने में बाटने के लिए एक गिलास दूध तो काम रहेगा. एक जग दूध में निकलूंगा तो सब थोड़ा थोड़ा दूध पि लेना..

ये सुन कर अवनि, माहि, नैना, अंकिता के मुँह बनने लगे. पैर वो जानती थी ये तो करना hi होगा. तो फिर जगह की बात पैर पब बोलै – देखो मेने और गुरु ने सोचा है की हमको एक ग्रैंड पार्टी रखते है अपने ालर होटल में. उससे सभी को पता चल जायेगा की पब वापिस आ गया है. इससे 2 फायदे होंगे. एक तो हमारी तलाश कर रहे दुश्मन मासूमो पैर जुल्म करना बंद कर देंगे. और दूसरा वो हमसे सिद्ध तकरेगे.. जिससे हमको उसके पीछे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी..

ेबेचा – पैर इस तरह से तो हम पैर हमले बहुत होंगे… हो सकता है पहले की तरह चुप कर हमले हो..

पब – हाँ होंगे तो सही पैर मासूमो को बच्चन के लिए हमको सामने तो आना hi है. और जो दुश्मन मेरे बारे में जानते है वो अब हमला करने से पहले सोचेंगे. कियोकि पहले वो हमको कमजोर समाज रहे थे पैर अब त्रिकाल के उस जाल को तोड़ने के बाद कोई भी ऐसा नहीं सोचेगा. और मेरे हिसाब से हमारे बहार आते hi ये दरिंदगी काम हो जाएगी. मुझको एक बार फिर दानवपुत्र का खौफ पैदा करना होगा. जिससे आतंक काम हो..

गुरु – ारे आप भी क्या ले कर बेथ गए पहले पार्टी की बात करिये. अब ये लड़ाई तो हम सभी के जीवन का एक हिस्सा है पैर इस लड़ाई के चक्कर में हमको अपने खूबसूरत पल ख़राब नहीं करने है. तो पहले होगी पार्टी और फिर उस होटल के टॉप फ्लोर के सबसे बड़े हॉल में होगी तुम सभी की सुहागरात… केसा है प्लान??

पारी – एक दम मस्त…. पैर पार्टी कब रखनी है??

पब – परसो शयाम को….

अंकिता – पैर इतनी जल्दी पार्टी के ाररेंग्मेंट कैसे होंगे??

गुरु – उसकी टेंशन मत लो हमक और दीपक सब संभल लगे. और फिर जय और जुली भी है..

पब – नहीं गुरु जुली कही नहीं जाएगी. जय, दीपक और हमक बहुत है ये सब करने के लिए… और पार्टी में मेहमान ज्यादा नहीं होने है केवल विप और व्विप लोग hi इन्विते किये जायेगे. सलोनी और नैना तुम उन सभी पैर धयान देना कोण कोण दानव है नोट कटी जाना. साले सभी विप में दानव आ चुके है पता नहीं इतने दानव कहा से आ गए है धरती पैर..

सलोनी और नैना – ok हम ये देख लगे..

पब – पैर धयान रहे अभी किसी पैर हमला नहीं करना है. वो रात अपने जासं की रात है तो एन्जॉय ओनली.. ok…

सभी – ok…

फिर ऐसे hi बातो में डिनर फिनिश करके सभी सो जाते है. पब आज hi ठीक हुआ था तो उसके सरीर में कमजोरी थी. तो लेटते hi सो गया. और ये सभी तो न जाने कितने दिनों बात चैन की नीड सोई थी. पैर अगली सुबह सभी जल्दी उड़ कर धयान में बैठे. अगली सुबह सभी अपनी कार्स में बेथ कर पीछे के रस्ते होते हुए हवेली पहुंच गए. सभी को ये hi लगा की ये सभी कही बहार से आये है. पुरे गाओं में पब और उसकी पत्नियों के लौटने की बात आग की तरह फेल गयी.

संभु, दानव गुरु तक भी ये बात पहुंची पैर पब के साथ होने के कारन सीधा हमला करने की हिम्मत अभी उनमे नहीं थी. सभी अपने मनसूबे बनाना लगे. तो गुरु, कामिनी, अंकिता, माहि ये सभी लोग इनविटेशन देने के काम में लग गए. पब ने दीपक, जय और हमक को बुला कर पार्टी के बारे में सब समजा दिया. जय इतने दिन से हमक, दीपक के साथ में hi था. जय hi था जो इनके लिए हवेली से फण्ड लेन लेजाने का काम करता था दानव बेस के रास्ते. जय ने सच में बहुत अच्छे से अपनी जिम्मेदारिओं को निभाया था. तो काजल ने खोद को जुली की टीम का एक हिस्सा बना लिया था. वो पब की पत्नियों के ाररेंग्मेंट करने में जुली के साथ थी.

दानव बेस से कुछ लड़कियों को बुला कर हवेली को फिर से पहला जैसा बना लिया गया था. जो सामान टूट गया था उसको भी आर्डर करके मांगा लिया था. अब शयाम में ये सभी लोग शॉपिंग के लिए चले गए. वह पैर सभी ने पूरी मस्ती की और देर साडी शॉपिंग भी की. कुछ सड़क चाप गुंडों ने बतानीजी करने की कोसिस भी की तो उनको इन लड़कियों ने hi सबक सीखा दिया. (भाइयो शॉपिंग को स्किप किया है नहीं तो एक अपडेट इसमें hi लग जाता)
 
अपडेट 276

दानव बेस से कुछ लड़कियों को बुला कर हवेली को फिर से पहला जैसा बना लिया गया था. जो सामान टूट गया था उसको भी आर्डर करके मांगा लिया था. अब शयाम में ये सभी लोग शॉपिंग के लिए चले गए. वह पैर सभी ने पूरी मस्ती की और देर साडी शॉपिंग भी की. कुछ सड़क चाप गुंडों ने बतानीजी करने की कोसिस भी की तो उनको इन लड़कियों ने hi सबक सीखा दिया.

डिनर भी सभी ने बहार hi किया था. हवेली आते hi सभी अपने रूम्स में सोन ेके लिए जाने लगी तो पब ने कहा – सुनो, सभी को सुबह जल्दी उड़ कर मेरे साथ धयान में बैठना है. कल मैं तुम सभी की पावर्स को एक शील्ड से ब्लॉक करुगा.

मंजू – क्या आप खुद हमारी पावर्स ब्लॉक करेंगे?? पैर क्यों??

पब – ारे पहले सुनो तो यार, देखो कल चाहे दुश्मन हमला करने को तैयार नहीं है पैर वो अपने आदमी भेज कर ये जरूर जानना चाहेगा की हमारी पावर्स क्या क्या है. और मुझको उस जहर से कुछ नुकशान हुआ भी है या है. सबसे पहले वो हमारी पावर्स का पता करेगा और फिर हमला करेगा. और ये hi युद्ध निति भी कहती है. तो जब कल कोई हम सब की पावर्स जानने के लिए हम पैर हमला करे या किसी और तरीके से पावर्स जानने की कोसिस करे तो उसको ये hi लग्न चाहिए की तुम सभी की पावर्स ख़तम हो गयी है और मेरे पास भी नाम की पावर्स hi है.

गुरु – हम्म अच्छा प्लान है उससे वो हमको कमजोर समाज कर सामने आएंगे और फिर मरे जयेगे… पैर मेरी पावर्स ब्लॉक मत करना. कियोकि मैं तुम्हारी पावर गर्ल नहीं हु तो मेरी पावर्स मेरे पास hi रहेगी और पार्टी में कुछ हुआ भी तो मैं उसको संभल लगी.

पब – हाँ गुरु की बात ठीक है. और वैसे तो कुछ होना नहीं है पैर यदि कुछ भी बड़ा हो तो फिर मैं तो हु hi…

सलोनी – यदि आप हमारी पावर्स ब्लॉक कर देंगे तो फिर कल पार्टी में हम दानवो को पहचानेगे कैसे??

पब – हम्म ये तो है… चलो फिर ये काम भी मैं hi करुगा. तुम सब बस आम लड़कियों की तरह पार्टी एन्जॉय करना…

सभी – ok…

फिर सभी सोने चले जाते है. और सुबह उड़ कर पब सभी की पावर्स ब्लॉक कर देता है गुरु को छोड़ कर. और सभी को साथ रहने को बोलता है पार्टी में.

शयाम के 5 बजे hi पब की सभी पत्निया, काजल, माउद और पेय ब्यूटी पार्लर के लिए चली जाती hai.to पब भी ालर होटल पहुंच जाता है और वह के ाररेंग्मेंट करवाने लगता है. जब पब उन सब कामो से फ्री होता है तो हमक, दीपक और जय से स्कूल्ज और कलागेस का अपडेट लेता है जो की इन सभी ने बनवा तो दिए थे पैर अभी वह स्टूडेंट्स आने में डरते थे. और जो आना चाहते थे उनको ये लोग एडमिशन नहीं दे रहे थे कियोकि वो सब पड़ने के लिए नहीं बल्कि केवल फाइट्स सिखने, गुंडा गर्दी करने और मस्ती करने के लिए आने वाले स्टूडेंट्स थे. पब ने जो सोच कर ये स्कूल गरीब लोगो के लिए बनवाये थे वो लोग तो दर से घर में छुपे बैठे थे.

धिरे – धिरे गस्त आने लगे थे. ये बहुत लोगो की पार्टी नहीं थी केवल कुछ स्पाइकल लोग hi इसमें इन्वितेद थे. और ये सभी सरकारी ऑफिसेस, बड़े राजनेता, और टॉप बुसिनेस्स्में hi थे. होटल के बहार एक से एक बड़ी और मॅहगी कार्स की लाइन लगी हुयी थी और उससे ज्यादा थी इन लोगो के साथ आयी सिक्योरिटी वाले लोगो की भीड़. लगभग हर आदमी अपने साथ सिक्योरिटी ले कर hi चल रहा था. दीपक को ये पता था तो उनसे इन सभी के खाने पिने का ाररेंग्मेंट भी कर रखा था. पार्टी अपने पुरे सबब पैर थी पैर पब की फॅमिली का कही पता नहीं था. जय और पब ने तो होटल में hi अपने कपडे चेंज कर लिए थे. पैर उनकी पत्निया 2 हॉर्स से 5 मं का hi बोले जा रही थी. पब लगातार उन सभी से फ़ोन पैर बात कर रहा था और पार्टी में आये मेहमानो को भी अटैंड कर रहा था. पब यहाँ आये हर इन्शान को देख और समाज रहा था की वो क्या है …

रात के करीब 9 बजे होटल के बहार 6 गाड़िया आ कर रुकी और जब उनमे से उतरने वालो पैर सभी की निघा पड़ी तो सब उनको hi देखते रहा गए. पब का तो बप hi बढ़ने लगा था. ऐसे में दीपक ने भी अपना काम किया और पुरे मैं हॉल की लाइट्स एक दम डिम करके गाड़ियों से बहार आती उन हसीं बालाओ पैर फोकस लाइट कर दी. और अब तो सभी का डायन की तरफ hi हो गया. न जाने कितने तो अपना लुंड hi मसलने लगे उन अप्सराओ को देख कर. पब की 11 पावर गर्ल्स जिनकी की आज सुहागरात थी वो सभी एक से बाद कर ड्रेस में थी. पब का बम्बू भी पूरा खड़ा हो चुक्का था. उसको समाज नहीं आ रहा था की किसको देखे और किस पैर से नजरे हटाए. कोई एक दम हॉट लुक में थी तो कोई बड़ी hi प्यारी लग रही थी.



सविता



अंकिता

अंकिता



पारी



ऐडा



एरिका



माहि



सलोनी



मंजू



नैना



ेबेचा



अवनि

जब ये सब अंदर आ कर पब के चारो तरफ कड़ी हो गयी तो फिर बरी आयी 2 बच्चियों की. पैर आज पब को पता चला की ये भी अब बच्चिया नहीं रही है. इनसे दूर hi रहना होगा.



माउद



पेय

जब ये दोनों भी अंदर आ गयी तो फिर एंट्री हुयी काजल की. और काजल को देख कर पब ने अपनी नजरे अपनी पत्नियों की और कर ली कियोकि जय भी पास में hi था. और पब काजल को गलत निघाओ से नहीं देखना चाहता था.



काजल

जय तो काजल में खो hi गया. आज वो भी न जाने कितने दिनों के बाद काजल को यु सजे सव्रे हुए देख रहा था. जब से काजल ने अपना बच्चा खोया था तब से उसने जय को हाथ भी नहीं लगाने दिया था पहले तो वो गुस्सा थी और फिर हालत hi ऐसे होते गए की जय अपनी जिम्मेदारियों से बहार और काजल घर के अंदर बंद गयी. पैर आज दोनों एक दूसरे के साथ थे. और काजल भी आ कर जय की बांहो में सिमट गयी.

काजल के आने के बाद आयी गुरु और कामिनी. दोनों ने hi आज साडी पहनी थी और दोनों hi कमल लग रही थी. काजल, कामिनी और गुरु ने लगभग एक जैसा hi लुक लिया हुआ था. पैर गुरु और कामिनी के आगे काजल फीकी लग रही थी.





गुरुपित



कामिनी

इन दोनों के पीछे जुली शशि को ले कर आ रही थी. सभी के पब के पास आने के बाद लाइट फिर से चालू हो चुकी थी. पब इनको देखने में खो गया. ये दोनों कब पास आ गयी उसको पता hi नहीं चला. लाइट के चालू होने से पब का धयान टुटा तो वो अपने चारो तरफ देखने लगा. उसके हर तरफ कुब्शुर्ति बिखरी पड़ी थी. कामिनी की नजर पब के तम्बू पैर जा चुकी थी. तो वो मन hi मन मुस्कुरा रही थी. पब को यु चारो तरफ देकते हुए देख कर कामिनी बोली – क्या देख रहे है आप?? क्या मैं अच्छी नहीं लगी आपको जो अपने एक बार भी तारीफ नहीं की…

पब – हहैययी जान ये क्या कहा रही हो. मैं तो तुमको देख कर खो hi गया था. आज लग रही हो एक दम मेरी ठकुराइन….

ये सुन कर सविता अपनी साडी का पल्लू थोड़ा निचे करके बोली – क्या केवल कामिनी hi अच्छी लग रही है. मैं अच्छी नहीं लगी आपपपपपककककुआऊ……

पब – न कर जान क्यों तड़फा रही हो. अभी बहुत टाइम बाकि है हमारी सुहागरात में. कही ऐसा न हो की मैं बहक जाऊ और पार्टी ख़तम होने से पहले hi तेरा no लग जाये… वैसे भी तुम सबको देख कर मुझको रुका नहीं जा रहा है.

पब ये बोल कर सविता के चुत्तड़ मशाल देता है. और सविता आह्हः भर कर रहा जाती है और वाकई सभी हसने लगती है. तो पारी पब की पेण्ट के उप्पेर से hi उसका लुंड सेहला देती. ये सब यु hi मस्ती करते हुए पार्टी का एन्जॉय करते रहते है और पब एन्जॉय करते हुए भी उन सभी लोगो पैर नजर बनाये हुए था जो उसकी नजरो में आ चुके थे.

पब को ये पार्टी रखने से 2 फायदे हुए. एक तो पब को ये पता चला की 3 दिन बाद एक इंटरनेशनल मीटिंग है जिसमे सभी देश के पं और प्रेजिडेंट हिस्सा लेने वाले है और ये मीटिंग भी दुनिया की बिगड़ी हुयी हालत को ले कर hi राखी गयी थी. और दूसरा पब को अपने राज्य में टॉप मोस्ट पोस्ट्स पैर बैठे दानवो का पता चल गया था और ये भी पता चला था की जो मानव हाई पोस्ट पैर है वो भी पैसे और पावर के लिए इन सभी के गुलाम बन कर आम जनता को लूट रहे है. आतंक मचा रहे है. केवल कुछ hi लोग वह ऐसे थे जो सरीफ और ईमानदार थे. पैर वो भी आंखें और कान बंद करके अपनी जॉब कर रहे थे कियोकि वो जानते थे यदि ऊँगली की तो मूट पक्की है.

पार्टी में पब ने hi नहीं और भी बहुत से लोगो ने जानकारिया जुताई थी. और ये आदमी थे दानव गुरु के भेजे हुए दानव. कुछ संभु ने भी अपने चेले भी भेजे थे. तो कुछ उस राज्य के ुंडेरवोर्ड के रहनुमा ताराचंद के आदमी थे. वो भी पब का पावर और पैसा देखने आये थे ताकि पब के साथ दोस्ती करनी है या उससे जिन्दा रहने के लिए मंथली लेनी है ये जानने के लिए आये हुए थे. पैर 2-3 लोग ऐसे भी थे जो किसी गैंग या ग्रुप से नहीं थे बल्कि वो तो केवल पब के जिन्दा होने की बात सच है या झूट इसका पता करके अपने मालिक तक ये खबर देने के लिए hi वह आये हुए थे.

पार्टी में सबका अपना अपना ऑब्जेक्ट था. जैसे ये पार्टी न हो कर लड़ाई सुरु होने से पहले दुसमन की शक्ति आंकने का मंच हो. सब एक दूसरे को आंकने में लगे थे. पैर कोण किसको कितना सही से पहचान पाया ये तो युद्ध के दुराण hi पता चलना था.
 
अपडेट 277ा

पार्टी में सबका अपना अपना ऑब्जेक्ट था. जैसे ये पार्टी न हो कर लड़ाई सुरु होने से पहले दुसमन की शक्ति आंकने का मंच हो. सब एक दूसरे को आंकने में लगे थे. पैर कोण किसको कितना सही से पहचान पाया ये तो युद्ध के दुराण hi पता चलना था.

पार्टी के ख़तम होने के बाद सभी लोग अपने घर चले गए तो पब और उसकी 11 पावर गर्ल्स एक हनीमून सुईठे में पहुंच गए. जबकि एक सुईठे के एक रूम में गुरु, कामिनी, साक्षी थी और दूसरे रूम में जुली, पेय और मूड थी, ये सुईठे उसी फ्लोर पैर hi थे. बाकि उस फ्लोर पैर कोई नहीं था. जय और काजल भी एक दूसरे फ्लोर के रूम में बहुत पहले hi आ गए थे. आज उनके भी मिलान की रात थी.

पब और पावर गर्ल्स का वो सुईठे देख कर दिल खुस हो गया था. एक बड़े मास्टर बीएड रूम के साथ में 1 बीएड रूम और एक ड्राइंग रूम भी था. पुरे सुईठे में बहुत hi मस्त खुसबू फैली हुयी थी. रूम्स को तरह तरह के फॉलो से सजाया हुआ था. और म. बीएड रूम में एक किंग साइज राउंड बीएड रूम के सेण्टर में पड़ा था. और साइड में 10 सीटर सोफे, सेण्टर टेबल, फ्लोर पैर बहुत hi मुलायम कालीन (कारपेट) बिच हुआ था. रूम को एक दम ठंडा किया हुआ था अंदर आते hi एक बार सभी को ठंडी का अहसास hua.Room और बीएड की सजावट देख कर सभी का दिल खुश हो गया.

पब जा कर सोफे पैर बेथ गया. तो सविता ने बहार ड्राइंग रूम से दूध का जग ला कर रख दिया ये दूध उन सभी को लास्ट में पीना था पब का प्रशाद मिला कर. वो पार्टी में कुड़कती घु रही थी उन सभी को अब शर्म आ रही थी. रूम में 12 जानो को होते हुए भी एक दम शांति थी. तो वो शांति पब ने hi भांग की.

पब - मेरे हिसाब से पहले तुम सब फ्रेश हो जाओ. फिर आगे की बात करते है.

पब के ये कहते hi सब एक करके बाथरूम में फ्रेश हो कर आ गयी. इतनी hi देर में पब ने एक अलग तरह की शील्ड बनाई, इस शील्ड के रहते कोई भी उनकी पावर्स को नहीं देख सकता था बाकि इंसान देखे जा सकते थे. पब की सभी पत्निया फ्रेश हो कर उसके पास sofe’s पैर hi बेथ गयी. फिर पब ने सभी की शक्तियों को un-block किया. कियोकि ये उसका उसकी शक्तियों के साथ मिलान था. रूम में शांति छायी हुए थी तो एक बार फिर शांति को पब ने hi भांग किया – तुम सब इतना क्यों दर रही हो?? क्या कोई ये सब नहीं करना चाहता है क्या??

मंजू – नहीं वो बात नहीं है न तो दर है और हम सब भी आपके साथ इस दिन के लिए वेट करते आये है और आपके साथ सब करना भी है. पैर शर्म बहुत आ रही है… ऐसे इतने जानो के बिच …

पब – तुम सब मेरी पत्निया हो और सब एक दूसरे को प्यार भी करती हो. तो फिर शर्म किस बात की. तुमको तो शर्म छोड़ कर एन्जॉय करना चाहिए. चलो सुरु करो…

सविता – मैं क्या कहती हु की क्यों न आप hi सुरु करे धिरे धिरे हमारी शर्म भी अपने आप काम हो जाएगी. हम सब भी आपका पूरा साथ देगी…

पब – हम्म ठीक है… पैर देखो मैं जो भी करुगा तुम सबको अपनी आँखें खुली रखनी होगी और मुझको पूरा सपोर्ट करना होगा….. पारी ीदार आ…

पब परिको अपनी गोद में बिठा कर उसके होंटो को चूसने लगता है तो पास बैठी मंजू की बहार झक्ति चूचियों पैर हाथ फेरने लगता है. पारी भी पब का पूरा साथ देने लगती है. किश तोड़ कर ेबेचा को अपने पास दूसरी तरफ बिठा कर उसकी खुली जहांहो पैर हाथ फेरने लगता है. इतने में ऐडा भी उसके दूसरी झांग पैर बेथ कर उसको किश करने लगती है.

अब पब मंजू की ड्रेस को चुचो पैर से हटा कर उसके नंगे चुके हो मसल रहा था तो दूसरा हाथ ेबेचा की पंतय में घुसा कर उसके डेन को कुरेद रहा था. ऐडा और पारी उसके शरीर पैर हाथ फेरते हुए उसको जगह झगहा चूमे जा रही थी. और बाकि सभी नजरे चुकाए बैठी थी.

पब एक बार झोर से मंजू की चुकी मशाल कर खड़ा हो जाता है और नैना के सामने जा कर उसके सर पैर हाथ फेरता है तो नैना उसकी तरफ देखती है जो की अभी तक ऑंखें बंद करके बैठी थी. नैना कड़ी हो कर पब की बांहो में समां जाती है तो पब उसको किश करने लगता है और एक हाथ से चुचो को मशालते हुए उसकी सलवार को खोल देता है. और उसकी छूट को पंतय के उप्पेर से hi मशाल कर उसके सूट को भी उत्तर देता है. नैना ब्रा पेंटी में पब से लिपटी खाड़ी थी. तो पब सलोनी को कपडे उतरने का इशारा करता है सलोनी तुर्रंत अपनी ड्रेस उतर कर एक तरफ कर देती है सलोनी पंतय में क़यामत लग रही थी. इतनी लम्बी तगड़ी एक दम गोरी लड़की केवल पेंटी में किसी को भी हैरतफाइल करने के लिए काफी थी.

पब भी उसकी तरफ खींचता चला गया. और उसके जिस्म को मसलते हुए उसे किश करने लगा. ेबेचा की आग बादक गयी थी तो वो पब के पीछे से चिपक कर उसकी शर्ट को उतरने लगी. और अपने जिस्म को उसके जिस्म पैर जिसने लगी. मंजू ने भी खुद hi अपनी ड्रेस निकल फेकि और पब से एक साइड से छिपने लगी. उन 3 लड़कियों के बिच में पब छिपा हुआ था. ेबेचा के कपडे पब ने उतरने की कोसिस की तो वो पहात गए. पब इस 3no को बीएड पैर बैठा कर सविता अंकिता के पास पहुंच गया. और अंकिता की चुकी ड्रेस के उप्पेर से मशालते हुए सविता की गर्दन को चाटने लगा. अंकिता नजरे निचे करके सिसक रही थी तो सविता मुँह उप्पेर करके अपने होंटो को काटते हुए अपनी सिसकिया रोकने की कोसिस कर रही थी. पब से हाथ दोनों के जिस्मो से खेल रहे थे. सविता का ब्लाउज उतारते hi उसके निप्पल्स को पब ने अपनी उंगलियों से दबना और खींचना सुरु कर दिया. और सविता के लिए ये बहुत था. सोफे की पोस्ट पैर गर्दन टिकाये सविता झड़ने लगी.

सविता के झड़ते hi पब ने अवनि को सविता के पास बिठा कर उसका टॉप निकल दिया. और उसके चोचे चूसने लगा. अब सन ये था की पब सविता के एक पेअर पैर बेथ अवनि के चुके चूस रहा था तो अंकिता के नंगे चुचो को मशाल रहा था. अवनि के चुचो को कभी कटा तो कभी छत्ता तो कभी उसके निप्पल को मुँह में ले कर चूसने लगता. पब इन दोनों से खेल रहा था और सविता ये सब देख कर फिर से गरम हो रही थी. पारी को भी बर्दाश न हुआ तो वो पब के सामने घुटनो पैर बेथ कर उसकी पेण्ट निकलने लगी. और उसके लुंड को हाथ में ले कर मशलने लगी. पब का 11इंच का लुंड किसी रोड की तरह सख्त हो रखा था. पारी की मुट्ठी में भी उसकी पूरी मोटाई नहीं आ रही थी. पर पारी तो इसके साथ पहले भी बहुत खेल चुकी थी चाहे छूट में 1 बार hi गया तहत है पैर मुँह में तो पारी ने बहुत लिया था तो पारी ने आज फिर उसको अपने मुँह में ले कर चूसना शुरू कर दिया. उसका अक्षर अंकिता और अवनि के चुचो पैर होने लगा. पब पुरे जोश से उनके चुचो को मशलने को चूसने लगा. पारी को चुस्त देख कर ऐडा भी साथ ने लग गयी. अवनि और सविता बहुत गरम होने लगी थी उनकी पंतय गीली हो चुकी थी. पुरे रूम में इन दोनों की शिशकीया और चाप – चुप की आवाजे hi गूंज रही थी.

पब सोफे पैर सविता के पास में बैठता है. और पारी और ऐडा को सबको नंगा करने का इशारा करता है. और अंकिता को अपने लुंड पैर झुका देता है. अंकिता भी पब के लुंड को चूसने लगती है तो पब सविता की सदी को उदा कर उसकी मोती झांघो को दबाने लगता है. और उसकी गर्दन को चूसने लगता है. अवनि भी फुल गरम थी तो वो पब के सरीर को सहला रही थी. इतनी देर में ऐडा और पारी सभी के बचे कूचे कपडे भी निकल दी थी केवल माहि और एरिका ने अपने कपडे नहीं उतरने दिए थे. और इन दोनों ने फाॅर्स भी नहीं किया.

पब सविता को नागा होते hi उसकी छूट को देख कर एक बार उसको मशलता है और फिर अपनी जीभ निकल कर उसकी छूट को चाटने लगता है सविता तो आसमान में उड़ने लगी थी. जब सविता को बर्दाश नहीं हुआ तो सविता ने सोफे पैर अपनी टैंगो को फैला कर अवनि से पब के लुंड को छुड़ा कर बोली – अब और बसदेश नहीं होता घुसा दो न इसको…

सविता को अवनि से लुंड छुड़ाने ने एक बार शर्म भी आयी पैर छोट की आग में वो जाल गयी. और उसकी शर्म को पब ने नोट भी किया इसलिए पब बोलै – सविता यदि लुंड लेना है तो अवनि से बोल न इसको तेरी छूट पैर रख कर इसको रास्ता दिखाए..

अवनि तो ये सुन कर पानी पानी हो गयी. पैर सविता उसे याचना भरी नजरो से देखने लगी. पैर बोल नहीं पायी. वाकई सभी भी ये देख रही थी बड़ा hi कामुक सन था एक माँ अपनी बेटी से याचना कर रही थी की वो लुंड को पकड़ पैर अपनी माँ की छूट से लगा दे ताकि वो लुंड उसकी माँ की छूट को ठंडा कर सके.

अवनि ने भी अपनी माँ की नजरो को समजा तो पब के लुंड को पकड़ कर पब को उदा कर सविता की टैंगो के बिच में कर दिया. सविता के सामने पब को खड़ा केर दिया. तो पब ने अवनि की छूट को हथेली से मशलने लगा और बोलै – अवनि तुझको बड़ी जल्दी है अपनी माँ को छुड़वाने की. उसने तुजसे बोलै भी नहीं और तू मेरा लुंड ले कर पहुंच गयी अपनी माँ छुड़वाने…

अवनि तो ये सुन कर जमीन में गाड़ने को हो गयी. और सविता समाज गयी जब तक मैं बोलूगी नहीं ये मुझको छोड़ेगे नहीं. और वाकई सभी भी सविता को hi देख रही थी जैसे कहा रही हो की सविता जल्दी कर ताकि हमारा no भी आये..

सविता ने अपना मुँह फेर कर बोली – अवनि प्लीज हमारे पति का वो पकड़ कर यहाँ लगा दो..

पब ने फिर सविता को ज्यादा परेशां न करते हुए अवनि के हाथ को अपने लुंड पैर रखा तो अवनि नेउसे ाँपी माँ की छूट के मुँह से लगा दिया. और पब ने भी एक करारा दक्का मार दिया. और सविता के जावेद कास गए और उसकी आखों में पानी आ गया. सविता की छूट में लिंड के घुसते hi उसके शरीर ने चमकना सुरु कर दिया.

पब एक दक्का मर कर hi रुक गया और सविता के चुचो से खेलने लगा. जब उसको लगा की सविता कुछ नार्मल हो गयी है तो पब ने एक बार फिर दक्का दे दिया और उसका ½ लुंड छूट में उतर गया. सविता के रुके हुए आशु बहाने सुरु हो गए तो पब ने उसके निप्पल को चूसना सुरु कर दिया. कुछ hi देर मैं सविता को मज़ा आने लगा तो पब ने उतने hi लुंड को अंदर बहार करना सुरु कर दिया तो सविता दर्द और मज़े की मिक्स सिसकिया निकलने लगी.

सविता – आअह्हह्हआआ ोुह्ह्ह्हआआ ससीईईइस्सस्स्स्सस्स दीरीईईए…. डीईडीईए…

पब – सविता तू बड़ी hi गरम हो रही है ज्जाणंन मेरा लुंड जाल रहा है तेरी छूट मेई… आअह्ह्ह बड़ा hi मज़ा आ रहा है जाननं… तुझको केसा लग रहा है…

सविता – ोुह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है जी … बस करते रहो… करते रहो..

पब – तो पूरा घुसा दू क्या??? बोल झेल लेगी????

सविता – क्या अभी तक अपने पूरा नहीं घुसाया??? (और फिर हाथ निचे ले जा कर लुंड को देखने लगती है) ोुह्ह्ह ये तो अभी आधा बहार है… घुसा दो जी अपना पूरा घुसा दो… आपकी पत्नी सब बर्दाश कर लेगी… आह्ह्ह्ह ऊऊऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मायआ माअररर गायियीईई… ोुह्ह्हह्ह रूयकककोऊ थोड़ाआ

पब ने सविता के बोलने के साथ hi पूरी जान लगा कर एक धक्का मर दिया तो लुंड छूट की धजिया उड़ाते हुए उसकी बच्चेदानी से जा लगा. तो सविता दर्द से तड़फ उडी. पैर सविता को अभी कोई होश नहीं था की वो क्या बोल रही है और क्या कर रही है उसको केवल अपने पति से छोड़ना था…

सविता – आअह्ह्ह्ह मा फाड़ दी मीरररीीी दुवारा फाडड्ड डीई…. हहयययययी कितना दर्द डोज….. आअह्ह्ह्ह अब ाकच्चाआ लग रहा है जी… थोड़ाआ धिरे धिरे हिलाओ न….

पब – ोुह्ह्ह मेरी रानी डिरररी डीडीए क्यों… अब तो तेरी फात गयी न तो अब तो तू पुरे मज़े ले…. ले मेरा पूरा ले अपनी इस भट्टी me…aaahhhhh

पब सविता को सोफे पैर झुक कर चोदे जा रहा था और सविता चूड़े जा रही थी. दकके पे दकके लग रहे थे. और बाकि सभी इस चुदाई को देख रही थी. अवनि के हाथ पब के शरीर पैर घूम रहे थे. सविता की छूट में दकके मरने की स्पीड को और तेज़ करके जब पब ने सामने देखा तो एरिका और माहि को छोड़ कर सभी नंगी उसको hi देख रही थी सभी की आँखों में लाल डोरे दिखाई दे रहे थे. सभी अपने hi नंगे सरीर को मशाल रही थी. पैर माहि अपने कपड़ो में सर झुकाये कड़ी थी तो एरिका अपनी ड्रेस के उप्पेर से hi अपनी छूट को सहलाती हुए चुदाई का लाइव शो देख रही थी. पब ने इशारे से माहि और एरिका को अपने पास बुलाया.
 
अपडेट 277बी

पब (माहि को अपनी तरफ खींचते हुए) – क्या बात है जान तुम अभी तक कपड़ो में हो. और ये देखो सविता अपनी छूट कुतवा रही है. (सविता तो आँखें बंद करके अपनी चुदाई का मज़ा ले रही थी. वर्षो के इन्तजार का फल मिल रहा था. उनको इस टाइम किसी से कोई मतलब hi नहीं रहा था वो तो स्वर्ग की सेर कर रही थी)

माहि (पब की गाल पैर किश करके) – जानू मुझको बहुत शर्म आ रही है. तुम hi कुछ करो न…

पब माहि के फेस को अपने फेस के पास करके उसके होंटो को चूसने लगता है. पैर उसके सविता की छूट में दकके अभी भी चालू थे. और हाथ माहि की जीन्स को खोलने में लगे थे. माहि को चूमते हुए hi पब ने उसकी जीन्स को पंतय सहित निचे सरका दिया और उसके दाने को अंगूठे से दवाने लगा. माहि पब से और जयादा लिपटती गयी. और इतने में पारी ने उसकी जीन्स को उसके पैरो से निकल फेका. अवनि ने हाथ बड़ा कर माहि के एक चोचे को मशाल दिया तो पारी ने उसकी गांड की दरार में ऊँगली फिर दी. माहि इतने हमलो से छोड़ने को आतुर हो गयी. और पब के होंटो को चबाने लगी.

सविता की छूट में दकके स्लो होने लगे तो वो बड़बड़ाने लगी – ोुह्ह्ह तेज़ तेज़ करो न जी… बहुत मज़ा आ रहा है आज पता चल रहा है की इसमें इतना मज़ा आता है जोर जोर से ऑर्डर तज करो ऊऊओह्ह्ह्हह आअह्ह्ह्ह ये क्या हो रहा है ोुह्ह्ह मुझको पकड़ लो …ोुह्ह्ह तेज़ … ahhhhh…ooohhhh ससीईईई…. म्मम्माआआआ aaaaaaaaaaa..

सविता ने जैसे hi तेज़ करने को बोलै पब ने भी उसकी इच्छा पूरी कर दी. और तेज़ तेज़ दकके मरने लगा. सविता भी अपने चरम के नजदीक थी तो कुछ hi दकको में उसकी छूट में पानी छोड़ दिया. और वो हाफने लगी और उसका शरीर की चमक बढ़ने लगी.

सविता को झाड़ता हुआ फील करके पब ने भी अपने दकके रोक दिए. तब तक माहि बेकाबू होने लगी तो पब ने माहि को सविता के उप्पेर hi घोड़ी बना दिया. और सविता की छूट से गिला लुंड निकल कर उसकी छूट पैर जिसने लगा. तो माहि की छुडास और बड़कने लगी. माहि – अब दाल भी दे न यार क्यों इतना तड़फा रहा है. मेरे जानू मेरे दोस्त अब नहीं रहा जा रहा मुझको तृप्त कर दे……

पब भी माहि की बात सुन कर उसकी बेचैनी को समझने लगा तो उसने भी देर न करते हुए अपने मोठे लुंड के सुपडे को उसकी छूट की लकीर पैर टिका कर हलके से पुश किया तो लुंड का टोपा उसकी छूट में घुस गया. और माहि की चीख निकल गयी. – आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मायआ….. baaaaaaaapppppppuuuuuuuuuu…. ऊऊह्ह्ह्ह

माहि केवल टोपे से hi तडफने लगी तो पब ने जोर के 2-3 दकके लगातार मरते हुए लुंड को जड़ तक उसकी छूट में घुसा दिया. छूट के चीथड़े उड़ चुके थे. लुंड के साइड्स से खून बहा कर जांघो पैर आ रहा था. माहि की चीख पुरे होटल में hi गुंजी होगी. पैर माहि और चीखती उससे पहले hi अंकिता ने माहि के मुँह पैर हाथ रख दिया. और पब की और गुस्से से देखने लगी. पब को भी एहसास हुआ की उसने गलती कर दी. जो एक बार में hi इतना दर्द दे दिया. तो पब ने उसके टॉप में हाथ घुसा कर निचे को लटके चुचो को सहलान सुरु कर दिया. तो पारी ने उसके छूट के दाने को छेड़ना सुरु कर दिया. अंकिता ने भी हाथ हटा कर अपने होंठ उसके होंटो से चिपका दिए. कुछ hi देर में माहि का दर्द काम होने लगा तो अपनी कमर हिलने लगी तो पब भी उसका साथ देते हुए धिरे धिरे दकके मरने लगा. कुछ hi दकको में माहि की छूट ने रोना सुरु कर दिया और छूट ने लुंड के लिए जगह बना ली तो पब ने भी अपनी स्पीड बड़ा दी. पैर अंकिता और पारी ने माहि को छोड़ा नहीं था वो अभी भी उसके जिस्म से खेल रही थी. अवनि और ऐडा पब से पीछे से चुपकी हुई उसके सरीर को सहला रही थी. पब ने नज़र घुमा के देखा तो सलोनी, मंजू और ेबेचा एक दूसरे के होंटो को खा रही thi.or नैना उसको देख देख कर अपने चुचो को सहला रही थी. एरिका अभी भी पब से तोड़ा दूर खड़े हो कर माहि की चुदाई को hi देख रही थी.

पब (एरिका की और देखते हुए) –क्या हुआ मेरी विलायती गुड़िया तुझको भी शर्म आ रही है क्या जोट ु सभी नंगो के बिच में अपने जिस्म को इस ड्रेस से छुपा रही है.

एरिका ( पब के पास आ कर) – नहीं श्रम तो इतनी नहीं आ रही बूत मैं कुछ चाहती हु…

पब – बोल न जान क्या इच्छा है तेरी….

एरिका – डिअर मैं चाहती हु की तुम मेरी ये ड्रेस उतरो. और इसको उतारते हुए hi मुझको प्यार भी करो….

पब – हम्म जरूर… जब तक तू लाइव शो देख कर ग्राम हो. फिर तुझको मैं ठंडी करता हु…

ये बोल कर पब एरिका को किश करने लगा. और माहि की छूट में झटके tez-tez मरने लगा. हर दकके के साथ माहि का पूरा बदन हिलने लगा था माहि न तो मज़े से चीख प् रही थी और न hi उन तीन तरफा हमले को झील प् रही थी. माहि पारी से अपने होंठ छुटटी तो अंकिता उन्हें चूसने लगती. माहि के 34 स के चुके पारी ने लाल कर दिए थे. सविता भी कब से निचे से ये सब देख रही थी. तो सविता ने अपने आप को एडजेस्ट करके पब के टैटू को चेतना सुरु कर दिया. इसका असर पब पैर बहुत hi तेज़ हुआ. वो एरिका के होंटो को ऐसे चूसने लगा की उखड hi लेगा.

जब एरिका को साँस लेना भरी हो गया तो उसने खुद को पब से छुड़ाया तो ऐडा ने अपने चुचो पैर पब के मुँह को दबा दिया. और फिर तो पब ने ऐडा के चुचो पैर अपनी भड़ास निकलते हुए दकके तेज़ कर दिए तो सविता के मुँह पैर टैटू से तप्पड़ से पड़ने लगे.

इस दुअडर चुदाई से माहि टिक न सकीय और झटके कहती हुयी झड़ने लगी. माहि इस कदर झड़ी थी की उसका पूरा शरीर कैंप गया और वो सविता के उप्पेर गिर पड़ी. लुंड छूट ने बहार हो चुक्का था. तो पब ने एक दम ऐडा को गौड़ में उदा कर लुंड उसकी छूट पैर लगाया पब दक्का मरने hi वाला था की अवनि ने उसके लुंड को ऐडा की छूट से हटा दिया.

अवनि – ये क्या कर रहे हो आप. ऐडा के साथ सबसे लास्ट में करना है न…

पब (ऐडा को निचे उत्तर कर उसकी गांड पैर एक चपत मरता है) – साली तू अभी दूर hi रहा नहीं तो सब गड़बड़ हो जाएगी..

ऐडा – ाओऊंचहहहह (नकली गुस्से से गुरति है)

पब फिर अवनि को hi पकड़ लिया और उसको गॉड में उदा केर उसकी छूट पैर लुंड सेट करके एक दक्का मारा तो लुंड थोड़ा सा अंदर चला गया. अवनि – आअह्हह्ह्ह्ह रुकुओवो …….माआआ …..

पब – क्या हुआ जान अभी तो थोड़ा सा hi गया है.

अवनि – ऐसे नहीं वह बीएड पैर … पहली बार भी मेने पत्थरो पैर hi किया था आज मैं बीएड पैर आराम से तुमको अपने अंदर फील करना चाहती हु. उस दिन न तुम होश मैं थे और न hi मैं ठीक थी. पैर आज इन लम्हो को अपने दिल में हमेशा के लिए कैद करना चाहती हु….

अवनि की बात ने बता दिया की वो अपनी पहली चुदाई से खुश नहीं है. और होती भी कैसे वो तो उसकी और पब का प्रेम मिलान न हो कर वासना को प्रेम तक पहुंचने का सफर था. अवनि के दर्द को वाकई सभी भी समाज रही थी तो सभी ने आँखों hi आँखों में डीडे किया की अभी कोई भी बिच में नहीं आएगा…

पब अवनि को ले कर बीएड पैर पंहुचा तो अवनि को बीएड पैर प्यार से निचे लिटाया और खुद उसके उप्पेर चढ़ गया और उसके होंटो को बहुत hi धिरे धिरे चूसने लगा. पब की कुछ देर पहले की उत्तेजना अवनि की एक बात ने काम कर्त hi. और अभी वो अवनि को केवल प्यार देना चाहता था. और अवनि भी उसमे उसका पूरा साथ दे रही थी. होंटो को चूसने के बाद पब उसके पुरे फेस को चूमने लगा. उसकी गर्दन को चाटने लगा. फिर उसके कान की लुआ को चूसा और कान में जीभ से छेड़छाड़ करने लगा. पब के साथ इस पालो को जी कर अवनि का दिल ख़ुशी और प्रेम से भर गया. और उसने पब को अपनी बांहो में कस्ते हुए उसके होंटो को चूसना सुरु कर दिया. अवनि ने भी पब के साथ वो सब किया. इतनी देर से ये दोनों एक दूसरे को चूमने चलते में लगे थे और लुंड महाराज छूट पैर टोकर पैर टोकर मरे जा रहे थे. लुंड की टोकरो ने अवनि की छूट को रुला दिया था तो अवनि ने पब के लुंड को पकड़ कर अपनी छूट पैर रखा और अपनी आँखों से आगे बढ़ने का इशारा किया. पब ने भी धिरे से पुश किया तो अवनि के मुँह से सिसकी निकल गयी. – आअह्ह्ह.

पब ऐसे hi धिरे धिरे पूछ करता रहा और अवनि की आँखों में देखता रहा. और उसके चोचो को सहलाता रहा. कब पूरा लुंड उसकी छूट में उतरा ये उन दोनों को पता hi न चला. न अवनि को दर्द हो रहा था और न hi पब को दकके मरने की जल्दी हो रही थी. दोनों एक दूसरे में समां जाना चाहते थे. और आँखों के रिश्ते एक दूसरे में समां रहे थे. आँखें hi आँखों से बाटे कर रही थी. और सरीर अपने आप हरकते कर रहे थे पैर इन दोनों का डायन जिस्मो की सररतो की जगह दिल में उड़ रही उन प्रेम की भावनाओ पैर था जो हमेशा इनके दिल में दबी रही थी. दोनों की कमर अपने एप क रिदम में हिल रही थी. दोनों कभी किश करते तो अभी आँखों में देखते कभी एक दूसरे के जिस्म को सहलाते तो कभी एक दूसे के जिस्म पैर चुम्बनों की बौछार करते. कभी अवनि उप्पेर तो कभी पब … शरीर के लयबद्ध हिलने के साथ hi ये एक दूसरे में समाते जा रहे थे. और इनको देखते हुए बाकि की सभी के दिल में भी केवल प्रेम hi फुट रहा था. पलके भी झपकने को कोई भी तैयार नहीं था. यहाँ वासना तो कोस कोस दूर तक नहीं थी था तो केवल प्रेम मिलान. न कोई जल्दी थी और न hi रुकने की कोई चाहा… पैर कहते है न हर सफर का अंत कोटा hi है तो इस प्रेम के सफर का भी अंत नजदीक आने लगा तो दोनों की राफ्तेर अपने आप hi बढ़ने लगी. पब की हरकतों को देख कर मंजू ने पब को हिलाया – आपको इसके साथ झड़ना नहीं है याद रखियेगा… अभी हम सब भी है…

मंजू के हिलने से hi पब दुनिया में वापिस आया था. और सच भी ये था की यदि मंजू ने न हिलाया होता तो पब भी अवनि के साथ hi छूटने को तैयार था. वो सब कुछ भूल चुक्का था. पैर अब उसने खुद को कण्ट्रोल कर लिया और अगले 2-3 दकको में hi अवनि झड़ने लगी और पब को अपने से चिपका hi. बहुत देर तक वो ऐसे hi छुपी रही. और जब नार्मल हुयी तो धिरे से बोली – थैंक यू माय स्वीटेस्ट हस्बैंड फॉर गिविंग तहत लवली मोमेंट्स इन लाइफ.

पब उसके होंटो पैर एक किश करके कुछ पल उसकी आँखों में देखता रहा और फिर एक दम से उसके उप्पेर से उदा तो लुंड भी छूट से बहार आ गया. और पब ने अवनि के चुत्तड़ पैर एक हलके से तप्पड़ मर कर बोलै – यार तू तो बहुत खतरनाक है. तेरे साथ तो मैं खुद को hi भूल गया.

पब की बात से सभी के फेस पैर एक स्माइल आ गयी थी कियोकि पब सभी के साथ hi उसके रंग में रंग जाता था. और खुद को भूल कर उसको केवल प्यार hi प्यार देता था वो बात और थी की सबके साथ अंदाज़ अलग hi होता था. सभी को पब के साथ दितायी अपनी 1सत नाईट याद थी. केवल ऐडा और अवनि ने hi वो फील नहीं किया था तो आज अवनि भी अपने इन पालो में वो खुशिया बटोर ली थी जिन्होंने उनके दिल और दिमाग पैर एक अमित चाप छोड़ दी थी.
 
अपडेट 277स

पब ने अवनि पैर से ुध कर एरिका के पास पंहुचा कियोकि वो hi अभी तक कपड़ो में थी. और वो भी कुछ चाहती थी. तो पब ने पहले उसको किश करना सुरु किया और फिर उसके फेस पैर किश करने लगा. फिर उसकी गर्दन को छत्ते हुए उसके चुचो के ऊपरी भाग को चाटने लगा. फिर उसने एरिका को पलट दिया और उसकी पीठ पैर किश करते हुए उसकी ड्रेस की चैन को खोने लगा चिकन को खोलते हुए उसकी पथ पैर हर जगह चूमने लगा. चाटने लगा. फिर उसकी ड्रेस को उसके हाथ में से निकलते हुए उसके हाथ को चुने लगा. धिरे धिरे उसकी ड्रीस्स को उसके सरीर से अलग कर दिया और उसके पुरे शरीर को अपने चुम्बनों से भर दिया. एरिका नंगी होते इतनी उत्तेजित हो गयी की वो तुर्रंत पलट कर पब के पुरे शरीर को चुने लगी और फिर घुटनो पैर बेथ कर उसके लुंड को मुँह में ले कर चूसने लगी. तो पब ने नैना को अपने पास खींच लिया और उसके चुचो को मशलने लगा.

कुछ hi देर में पब ने एरिका को रोका और उसको ुधा कर बीएड पैर घोड़ी बना दिया. और लुंड को उसकी छूट पैर सेट काने लगा तो एरिका ने पीछे मुद कर बोलै – प्लीज सलौली..

पब ने भी धिरे धिरे उसकी छूट ने लुंड उतरने लगा कुछ hi देर में पूरा लुंड एरिका की छूट में था और उसके फेस पैर दर्द के भाव दिखाई दे रहे थे. आँखों से अंशु और छोट से खून बहने लगा था. तो एरिका को शांत करने के लिए पब ने धिरे दकको के साथ उसके चुचो को मशलना सुरु किया को अंकिता पब के पीछे से जा चुपकी. कुछ hi देर में एरिका नार्मल हो गयी तो बड़बड़ानी लगी – ोुह्ह्ह्ह गऊओऊडड़ड़… ऊऊह्ह्हह्ह मययययययय हबब्बैय्यिययी…. की फ़ास्ट… ोुह्ह्ह फ़ास्ट … फ़क में… फ़क में हार्ड…. ोुह्ह्ह ग्रेट….. यू अरे टूवू गुड्ड़… फ़क में…. के ों … फ़ास्ट…

पब को भी एरिका की बाटे सुन कर जोश आने लगा तो उसने भी अपनी स्पीड बड़ा दी… और एरिका के चुत्तड़ो पैर तप्पड़ मरते हुए उसकी छूट का कचुम्बर बनने लगा – ोूहः यू अरे तू हॉट एरिका .. ोू टेक आईटी… आअह्ह्ह्हह

एरिका – फ़ास्ट फ़ास्ट… स्लैप में…. ोुह्ह्ह स्लैप मोरे ….. ोुह्ह्हह्ह आअह्ह्ह्ह ोोू स्टॉप स्टॉप…..

एरिका के स्टॉप कहने पैर पब रुक गया और एरिका को सवाल भरी नजरो से देखने लगा तो एरिका एक दम घूम कर उसकी गॉड में चढ़ गयी. और खुद hi पब का लुंड अपनी छूट पैर सेट करे एक hi झटके में पूरा 11 इंच का मोटा लुंड ले लिया तो एक चीख उसके मुँह से निकल गयी… आअह्हह्ह्ह्ह…

पब – what’s हप्पेन एरिका… जब बेबी.. जम्प… (और पब ने 2-3 तप्पड़ उसकी गांड पैर मर दिए.)

अभी तक एरिका के चुत्तड़ वाइट से रेड हो चुके थे.. पैर एरिका को इसमें बहुत मज़ा आ रहा था वो तेज़ –तेज़ पब के लुंड पैर उच्छल रही थी. अपने चुचो को पब की छाती से रगड़ रही थी. पब भी उसकी गांड को मसलते हुए उसको उछलने में सपोर्ट कर रहा था. कुछ hi देर में एरिका भी झड़ने लगी तो पब से चुपक कर तेज़ तेज़ सांसे लेने लगी. कुछ पालो बाद पब ने एरिका को बीएड पैर लिटा दिया. और अंकिता और नैना को अपने पास खींच लिया…

अंकिता और नैना इतनी देर से लाइव चुदाई देख कर और चूमा छाती करने से बहुत गरम हो चुकी थी. तो दोनों hi पब के खींचते hi किसी बेल की तरह चुपक गयी अंकिता पब के लुंड को सहलाने लगी तो नैना ने उसके सीने पैर हाथ फेरना सुरु कर दिया. पब ने दोनों के चूतड़ों को अपने एक एक हाथ से मशलना सुरु कर दिया था. कुछ देर बाद पब बोलै – बता अंकिता तू कैसे अपनी सील तोड़बाना चाहेगी??

अंकिता – जैसा आप चाहे… बस अब बरदास नहीं हो रहा आप बस कर दो जानू…

अंकिता सच में बहुत गरम हो चुकी थी. उसकी आँखें और फेस इसकी गवाही दे रहे थे तो पब ने भी देर न करते हुए अंकिता को बीएड पैर लिटा दिया और उसकी दोनों टैंगो को उप्पेर करके बिच में बेथ गया. फिर अपना लुंड सेट करके उसकी छूट में धिरे धिरे दकके मरने लगा. 2-3 दकको में अदा लुंड उसकी छूट में उसकी सील को फाड़ता हुआ घुस चुक्का था. अंकिता की आँखों से अंशु निकलने लगे. मुँह से निकलती हुयी चीख ये बता रही थी की अंकिता को बहुत दर्द हो रहा है तो पब ने भी रुकना hi ठीक समजा और अंकिता के चुचो को दबाते हुए उसके होंटो को चूसने लगा. तो नैना ने अंकिता की छूट के दाने पर हाथ पंहुचा कर उसे रगड़ना सुरु कर दिया. कुछ hi देर में अंकिता नार्मल होने लगी तो पब ने उतने hi लुंड से दकके मरने सुरु कर दिए.

अंकिता – आअह्ह्ह्ह अब मज़ा आ रहा है.. ऐसे hi … धिरे धिरे… dire…aaahhh…sssiiiii dire…ooohhhhh

पब – अब केसा लग रहा है मेरी रानी… मज़ा आ रहा है न लुंड लेने में…

अंकिता – ोुह्ह्ह हाँ बहुत मज़ा आ रहा है ऐसे hi करते रहो न… आह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह थोड़ा तेज़… आह्हः

पब ने अंकिता की कंडीशन देख कर धिरे धिरे अपना पूरा लुंड उसकी छूट में उतर दिया. जो सीदा उसकी बच्चेदानी स जा लगा. अंकिता तो दर्द और मज़े में सिसक रही थी….

अंकिता – आह्ह्ह्ह जांणण…. तेज़ थोड़ा… तेज़… आअह्ह्ह्ह सीइससस… मज़ा… ोुह्ह्ह ये …ितननननाआ mazzzaaaa…oohhh

पब अंकिता की सिसकिया सुन कर समाज गया की अंकिता झाड़नी वाली है पैर अभी पब का मन नहीं बारे था अंकिता को छोड़ कर तो उसने एक दम से लुंड बहार निकल लिया. तो अंकिता गुस्से से पब को देखने लगी. पब बीएड से निचे आ गया और फिर अंकिता को बीएड के किनारे करके एक बार उसकी छूट को मसला तो अंकिता तड़फ कर रहा गयी. पब ने नैना को पकड़ कर उसे अंकिता के उप्पेर घोड़ी बना दिया. अंकिता बड़े hi हेरात और गुस्से से पब को देख रही थी पैर पब ने नैना को घोड़ी बना कर उसकी छूट पैर लुंड सेट किया और एक दक्का मर दिया. ीदार नैना की चीख निकली ितदार अंकिता का गुस्सा…

नैना – aaaaaaaiiiiiiii…..maaaaaa…. मारररर गाय्यीइइइइइ…. फफफ्फ़ाअतततत गगगआयीईई मम्मीरररीी… माआ

अंकिता – ये क्या बात हुयी जी??? मुझको एस बिच में छोड़ कर आप नैना के साथ करने लगे?? मेरा बस होने वाला था और अपने बिच में hi रोक दिया…

पब (मुस्कुराते हुए) – आना डार्लिंग नाराज क्यों होती हो… अभी फिर से छोड़ूगा तुमको…. तुम hi इतनी जल्दी ख़तम होने को थी…. अभी तो छोड़ना सुरु किया था तुमको और तुम अभी से फिनिश… नान ा डार्लिंग तुझको तो अभी बहुत देर ठोकूंगा…

अंकिता ये सुन कर शर्मा गयी और उसका गुस्सा भी फर हो गया. उसको भी शर्म आ रही थी की वो इतनी जल्दी कैसे झड़ने को हो गयी थी.. फिर अंकिता ने नैना के होंटो को अपने होंटो में ले लिया और उसके चुके दबते हुए पब को आगे बढ़ने का इशारा किया तो पब ने भी अपना बचा कुछ लुंड नैना की छूट ने उत्तर दिया. नैना की चीखे अंकिता के मुँह में दाब कर रहा गयी. पैर पब को पता था की नैना को दर्द हो रहा होगा तो वो रुक कर उसकी पीठ को चूमने को चाटने लगा. निचे से अंकिता उसके चुचो और होंटो से खेल रही थी. नैना बहुत hi जल्दी नार्मल हो कर अपनी कमर हिलने लगी. तो पब ने भी धिरे धिरे दकके मरने सुरु कर दिए…

कुछ देर तक नैना को छोड़ने के बाद पब ने एक दम उसकी छूट से लुंड निकल कर एक hi दकके में अंकिता की छूट में घुसा दिया. अंकिता की चीख निकल गयी….

अंकिता – आआह्ह्ह्हह aaaiiiiiiii…..ooohhhh…. काम से काम… डाटा दो देते…. फाड़ दी…. ोुह्ह्ह माआ…

पब ने 5-7 मं अंकिता की छूट का कचुँबर निकल और फिर एक दम से नैना की छूट में लुंड घुसा दिया.. तो इस बार आवाज नैना के मुँह से निकली..

नैना – आयआईईई… ोुह्ह्ह्हह्ह ायणकककीततता… ये आज हम दोनों को पागल कर देंगे…. कभी दर्द .. कभी.. मज़ा… कभी इंतज़ार… ोुह्ह्ह्ह..

पब बिना कुछ बोले बस मुस्कुराते हुए नैना की छूट को दिली करने में लगा था और जैसे hi उसे लगा की नैना झड़ने के करीब आ रही है तुर्रंत अंकिता की छूट में लुंड पेल दिया…. अब अंकिता थोड़े दर्द के साथ मज़े ले रही थी.

कुछ देर में जब अंकिता को लगा की वो आने वाली है तो उसने भी चल चली और मंजू को इशारा किया. तो मंजू ने पब के पीछे से जा कर उसका फेस घुमय और उसको किश करने लगी. पैर पब ने अपने दकके नहीं रोके तो अंकिता भी सिसकिया भर्ती हुयी झड़ने लगी….. अंकिता की छूट का गरम पानी अपने लुंड पैर फील करके पब ने अंकिता की और देखा तो उसकी फेस पैर संतुष्टि और प्यार भरी के मुस्कान थी. फिर पब ने मंजू को गुस्से से देखा और उसकी गांड पैर एक तप्पड़ मर दिया..

मंजू – ाओऊंचहहहह

अंकिता पब को अपने उप्पेर झुका कर उसे किश करि और बोली – माय डिअर हस्बैंड, आप गुस्सा क्यों होते है अब तो आप कभी भी कर सकते है न तो आज के बाद जब भी आपका मन होगा आपकी ये वाइफ आपके निचे hi मिलेगी. चाहे जितना छोड़ना.. मैं भी तो ये चाहती हु बूत अभी ये सब भी इन्तजार में है………..
 
अपडेट 277डी

पब को भी अंकिता की बात रही लगी अब तो वो जब चाहे किसी को भी छोड़ सकता था तो अभी एक बार सबको छोड़ कर ये क्रिया पूरी करना hi ठीक था. तो पब ने अंकिता के होंटो को चूसना सुरु कर दिया तो अंकिता ने अपना हाथ निचे को ले जा कर पब के लुंड को नैना की छूट पैर रख दिया. और अंकिता ने आँखों से इशारा किया तो पब ने नैना की छूट में एक बार में hi लुंड घुस दिया. नैना अंकिता और पब के बिच में फाशी हुयी दर्द में चीख पड़ी. पैर ये दर्द बहुत काम था और मज़ा ज्यादा. पब ने भी अंकिता के होंटो को प्यार से चूसते हुए नैना की छूट में दकके मरने सुरु कर दिए तो मंजू ने निचे बेथ कर लुंड और छूट के जॉइंट पैर झिव लगा दी. नैना मंजू की झिव के स्पर्श से सिहर गयी. एक तो पब का लुंड उसकी छूट में कोहराम मचा रहा था डसना मंजू की झिव और तीसरा उसके चुके अंकिता के चुचो से रघद रहे थे. नैना 2-3 बार डिस्चार्ज होते होते रहा गयी थी तो अब ज्यादा देर ठीक न सकीय और कहराते हुए झड़ने लगी.

अभी तक जो जो लड़की झाड़ चुकी थी सभी के शरीर चमक रहे थे और वो एक दम सुस्त हो कर यहाँ वह पड़ी थी. नैना के झड़ने के बाद मंजू ने पब को घुमा दिया और उसके नैना की छूट से साणे लुंड को मुँह में ले कर चूसने लगी. मंजू लुंड काफी अच्छे से चूस रही थी. पब ने भी मज़े में उसके बालो को पकड़ कर लुंड को हिलना सुरु कर दिया और आँखें बंद कर आह्ह्ह भरने लगा. तो ेबेचा पब के पिच से मंजू की तरह घुटने के बाल बेथ कर उसके टैटू को चूसने लगी.

कुछ देर लुंड चुसवाने के बाद पब ने मंजू को उड़ाया और अपनी गॉड में ले लिया. मंजू पब की गॉड में आते hi पब की गर्दन को चाटने लगी तो ेबेचा ने आगे आ कर लुंड को पकड़ कर मंजू की छूट पैर सेट कर दिया. और पब ने एक हल्का सा दक्का मार्के टोपा अंदर कई तो मंजू सिसक पड़ी और पब ने जोर से चुपक गयी.

पब ने 2-3 दकको में अद्धे से ज्यादा लुंड मंजू की छूट में उत्तर दिया था तो मंजू की छूट भी खून बहाने लगी. पैर मंजू ने रुकने को नहीं बोलै. और पब भी उतने hi लुंड को घुसाए दकके मरने लगा. कुछ hi देर में लुंड पूरा अंदर हो चुक्का था और मंजू भी नार्मल हो कर बड़बड़ाये जा रही थी.

मंजू – आह्हः ऐसे hi छोड़ो और जोर से छोड़ो न … आअह्ह्ह्ह ीिसस्स जाने कब से तड़फ रही हु इस पल के लिए … ायियी मिटना मोटा है आपका…. बिलकुल रगड़ कर जाता है… और हर दकके पैर लगता है की पेट में घुस गया हो… ऊऊह्ह्ह्हम्मम्मअअअअअ……

पब – मंजू डार्लिंग थोड़ा तेज़ कूद न… साडी म्हणत मुझसे hi करबाएगी क्या…

मंजू तेज़ तेज़ कूदने लगती है कुछ देर बाद पब मंजू को सलोनी के पास लिटाया, अभी सलोनी पारी के साथ बिजी थी दोनों एक दूसरे की छूट चूस रही थी. पब मंजू को लेता कर मंजू की छूट में दकके मरने लगा और सलोनी के बड़े और ठोस चुचो को दबाने लगा. कुछ देर मंजू की छूट में दकके मरता रहा तो मंजू ने उसे रुके का इशारा किया. पब भी रुक गया तो मंजू ने उसको लेटाया और खुद पब के उप्पेर सवार हो कर कूदने लगी. पब अब लेता हुआ था और मंजू उसके भयानक लुंड को अपनी छूट में जड़ तक ले कर उस पैर कूद रही थी. और पब उसकी गांड को मसल रहा था. अभी पब को बड़ा मज़ा आ रहा था कियोकि इतनी देर से वो hi म्हणत कर रहा था तो अब उसको कुछ आराम मिलने लगा था और साथ में मंजू की गरम छूट का अहसास अपने लुंड पैर पागल कर रहा था. मंजू की ताप्ती हुयी छूट में पब का लुंड पिघलने को होने लगा तो पब ने पावर उसे करके खुद को कण्ट्रोल किया. और कुछ hi देर में मंजू का कण्ट्रोल ख़तम हो गया तो उसकी बॉडी भी चमकने लगी और वो झाड़ कर एक साइड में लटक गयी.

मंजू के हट्टे hi ेबेचा पब के उप्पेर आ गयी और उसको किश करने लगी. िभेचा के बदन की गर्मी ने पब के लुंड को उछलने पैर मजबूर कर दिया तो पब ने ेबेचा को अपने साइड में कार्बेट के बल लेता कर उसकी एक तंग को हवा में ुधा दिया और अपने लुंड को उसकी छूट पैर सेट करके दकके मरने लगा. ेबेचा बहुत मजबूत लड़की थी फिर भी वो पब के सील तोड़ते hi रोने लग गयी. तो पब ने उसका सर अपनी तरफ घुमा कर उसके होंटो को चूसने लगा. तो ऐडा ने आगे से उसके चुचो को मुँह में बार लिया और किसी बच्ची की तरह चूसने लगी.

कुछ देर में जब ेबेचा थोड़ी नार्मल हुयी तो पब ने दकके मरने सुरु कर दिए कुछ hi दकको के बाद पब की स्पीड बढ़ने लगी और ेबेचा सिसकिया लेने लगी. फिर ेबेचा एक दम से पलटने लगी और पब के उप्पेर आ कर उसके लुंड पैर कूदने लगी तो पब ने ऐडा को खींच कर अपने मुँह पैर बैठा लिया और ऐडा की छूट को चूसने लगा. दोनों काफी देर तक अपनी छूट को पब के मुँह और लुंड पैर घिसती रही. और कुछ hi देर में झड़ने लगी. जहा ेबेचा के शरीर की चमक बाद गयी थी और वो सुस्त पड़ने लगी थी वही ऐडा हाफ रही थी और उसकी आखों में खुमारी और आदिक बढ़ने लगी थी. एक बार पब ने ऐडा को देखा और फिर सलोनी को अपने ऊपर खींच लिया. तो सलोनी बोली

सलोनी – आईई रुनिये टूवू

पब – क्या हुआ जान???

सलोनी – कुछ नै बूत मैं आपसे कुछ कहना चाहती हु..

पब – तो बोलो न फिर… मुझसे अब और बर्दाश नहीं हो रहा है…

सलोनी – वो आप जानते है न मैं एक दानव कन्या हु. और मुझको केसा सेक्स पसंद है तो बस आप भी दानवो के जैसे hi करना… नहीं तो मैं हो नहीं पाउगी….

पब – जैसी तेरी मर्जी मेरी जान….

और ये कहा कर पब ने सलोनी को अपने निचे करते हुए उसके बड़े बड़े चुचो को मुट्ठी में बिच लिया और उसको बुरी तरह मशलने लगा. और सलोनी आह्हः अह्ह्ह करने लगी. फिर पब ने उसके एक चुके को मुँह में भर लिया और उसके निप्पल पैर दन्त लगाने लगा तो सलोनी के सरीर में मज़े की तरंगे उड़ने लगी. पब का एक हाथ उसके दूसरे चुके पैर था तो दूसरा हाथ सलोनी के पेट को मशाल रह था कुछ hi देर में पब ने दूसरे चुके को चूसना सुरु किया तो पहले वाले को मसलने लगा. सलोनी के दोनों चुके लाल पद गए तब पब ने उस पैर से अपना मुँह हटाया और सनोली की छूट पैर लुंड सेट करने लगा तो सलोनी ने उसको फिर रोका और उसको हटा पैर बीएड के किनारे पैर कुत्तिया बन गयी.

सलोनी – आइये और अपनी इस दासी की छूट को फाड् के रख दीजिये. मुज पैर कोई रहम मत करना प्लीज … और वैसे भी आपका मेरे अंदर जाते hi अपनी दानव प्रवति मचलने लगेगी. तो उसको रोकना नहीं बहार आने देना. और उसको संतुस्ट करना अपनी इस दासी से… दानव तभी संतुस्ट होता है जब केवल भोग हो.. वासना चरम पैर हो…

पब को सलोनी की आधी बात तो अभी समाज hi नहीं आयी पैर वो ये जनता था की सलोनी को एक दमदार चुदाई hi संतुस्ट कर सकती है नहीं तो ये हावी होने लग गयी तो ये अपना चरम hi नहीं प् सकेगी. इसलिए पब ने भी कुछ सोच और अपने लुंड को सलोनी की छूट के लगा दिया. और एक hi जबर्दश्त दकके में जड़ तक घुसा दिया. सलोनी की एक हलकी सी चीख के साथ उसके आशु निकलने लगे. पैर पब रुका नहीं उसने धिरे -2 दकके लगाने सुरु कर दिए.

पैर पब का लुंड सलोनी की छूट में और ज्यादा फूलने लगा. और उसके अंदर वासना उमड़ने लगी. उसका मन सलोनी को दर्द देते हुए चुने को करने लगा. उसको लगने लगा की आज इसको छोड़ छोड़ कर hi मरना है. न चाहते हुए भी पब के दकको की स्पीड तेज़ होने लगी तो सलोनी भी उसको उकसाने लगी..

सलोनी – आह्ह्ह्ह और तेज़ करो जी और तेज़… देखो मेरे इन लटकते चुचो को इनको मसलो.. आह्हः देखो मेरे इस गोर बदन को दुम्को पुकार रहा है मसलो इसको मेरे ान गैंग को मसल दो …. भोग लगाओ मेरे जिस्म के हर हिस्से का … खा जाओ मेरे इस गुलाबी होंटो को….. आह्ह्ह्हह

पब – सलोनी मत कर ऐसी बात मुझको कुछ हो रहा है मेरा मन तुझको बुरी तरह कुचलते हुए छोड़ने को कर रहा है मन में आ रहा है की तुझको ऐसे छोड़ू किट ु मार जाये.. तेरा उप्पेर जानवर बन कर टूट पदु…

सलोनी – ोुह्ह्ह्ह जान मैं भी तो ये hi चाहती हु तुम अपने अंदर के जानवर को बहार लाओ… अपने अंदर छुपे उस दानव को बहार लाओ जो मेरे रोम रोम को हिला दे रगड़ के रख दे मुझको… तुम चिंता मत करो तुम्हारी ये दरिंदगी hi मुझको चाहिए… मत बुलो मैं एक दानव कन्या हु… और जब तक तुम अपने अंदर के दानव को मुज पैर सवार नहीं करके मुझको मज़ा नहीं आएगा और न आप पूरी तरह संतुस्ट हो पाओगे…

सलोनी की बातो ने पब के अंदर आग hi लगा दी उसने तुर्रंत एक तेज़ तप्पड़ उसकी गांड पैर मारा. एक hi तप्पड़ में गांड लाल हो गयी. पैर अब पब अपने अंदर उड़ रहे तूफान को शांत करना चाहता था उसने उसको दबाने की जगह उसको शांत करने का सोचने लगा. तो उसने सलोनी पैर रहम करना बंद कर दिया और एक हाथ से उसके बालो को पकड़ कर खींचा और तूफानी राफ्तेर से दकके मरने लगा. उसकी बाकि की पत्नियों की तो ये स्पीड देख कर hi पत्नी लगी. पैर सलोनी को इसमें मज़ा आ रहा था. बाल खींच रहे थे लुंड पूरी स्पीड से उसकी छूट की दाजिया उदा रहा था. तो पब का दूसरा हाथ कभी उसके चुचो को बेहरहमी से मशलता तो कभी उसकी गांड और पथ पैर तप्पड़ बरसाने लगता. पब के मुँह से गुर्राने की आवाजे निकल रही थी. और सलोनी आह्हः ोुह्ह्ह्ह करती हुयी उस दम दर चुदाई का मज़ा ले रही थी जब पब ने देखा की सलोनी को इसमें मज़ा आ रहा है तो उसने अंदर के जानवर ने उसके और तकलीफ देने के लिए अक्षय. तो पब ने सलोनी के बालो को तेज़ी से पीछे की तरफ खींचा तो सलोनी का फेस पब के फेस के पास आ गया पब ने थोड़ा झुक कर उसके होंटो को अपने मुँह में भर लिया और उसके बालो को खींचते हुए उसके चुचो को मशलने लगा. होंटो को काटने लगा. फिर पब ने सलोनी की नाक बंद कर दी मुँह तो मुँह से बंद था नाक बंद होते hi सलोनी झटपटाने लगी ये देख कर पब को सकूँ मिलने लगा. जब सलोनी की झटपटाहट तेज़ हो गयी तो पब ने उसके होंटो को और नाक को छोड़ दिया. पैर अभी भी लुंड फुल स्पीड से सलोनी की छूट बजा रहा था. सलोनी हाफने लगी तो उसके गालो पैर तप्पड़ मर मर कर गालो को लाल कर दिया. सलोनी इतने दर्द में भी मुस्कुरा ुधि तो पब ने उसके मुँह में ऊँगली दाल कर गाल को एक तरफ से खींच दिया… फिर उसके मुँह और 2-3 तप्पड़ मर दिए…

बहुत देर तक पब सलोनी के साथ ऐसे hi चुदाई करता रहा और सभी तो ये सब आँखें फाडे देख रहे थे. पैर पब और सलोनी hi जानते थे की उनको कितना मज़ा आ रहा है. पैर ये भी सच था की सलोनी की जगह कोई और लड़की होती तो वो अभी तक मरने की कगार पर होती सलोनी hi थी जो उसको इस दानवीय चुदाई में मज़ा आ रहा था, थी भी तो वो दानव कन्या….
 
अपडेट 277इ

जब सलोनी झड़ने लगी तो पब भी उसके साथ झड़ने को होने लगा पैर तभी पारी ने उसको पीछे खींच लिया और उसके टट्टे दबा दिए. पब के मुँह से चीख निकल गयी और वो होश में आ गया. पैर पारी की सुंदरता को देख कर उस पैर टूटने को हुआ तो पारी ने निचे बेथ कर उसके टैटू को चेतना सुरु कर दिया. जब पब को कुछ आराम मिला तो पारी ने खड़े हो कर उसके होंटो को चूसा और फिर बोली – दानवो की तरह नहीं करना मेरे साथ…

पब – तो फिर कैसे तू hi बता दे…

पारी – आप जानते है मैं आपकी सेक्स पावर हु. आपके साथ साथ मैं भी बहुत स्टैमिना रखती हु. और न जाने कितनी बार आपकी यात्रा के दुराण अपने लावे को अपने अंदर दवाया है. (यात्रा यानि की चक्र्विएव में जब भी पब ने अपने अंदर ुधि सेक्स भावनाओ को कण्ट्रोल किया था तो उसमे पारी की जीवन शक्ति लगी थी. और अंत में तालाब के किनारे, जितना वासना की तड़फ को पब ने झेला था उतना hi पारी ने भी झेला था. पब तो अवनि की छूट में रिलीज़ हो गया था पैर पारी का वो लावा उनके अंदर आज भी था) तो आप जानते है की आप hi है वो जिसने पहले भी मेरे अंदर के उस लावे को निकला है. पैर मैं सलोनी की तरह इस तूफानी चुदाई को नहीं झेल पाउगी अब आपको hi करना है की मेरा लावा भी निकल जाये और सलोनी की तरह भी आपको नहीं करना पड़े कियोकि उनकी बॉडी में में उतनी टक्कट है मैं उनसे कमजोर हु.

पब – चिंता न कर मेरी पारी, तुझको तो खाने में वैसे भी सबसे ज्यादा मज़ा आता है. तेरे साथ मैं सबसे अलग फील करता हु सायद इसलिए किट ु मेरी सेक्स पावर गर्ल है. पैर देख जोट ु कहा रही है उसमे तुझको तकलीफ तो होगी. पैर तू ये मत सोचना की मैं तेरे साथ गुस्सा हु. या तेरे साथ कुछ बुरा कर रहा हु…

पारी – ये अपने सोच भी कैसे.. हम सब आपको अच्छी तरह जानते है. और मैं हर ताफलीफ जलने को तैयार हु पैर बस सलोनी की छूट अपने जिस स्पीड से फड़ी है उतनी स्पीड नै झेल सकती, वाकई आप मेरे साथ कुछ भी करो मैं सब सहा सकती हु…

पारी की तरफ से ग्रीन सिग्नल मिलते hi पब ने अपने हाथ पीछे ले कर उसकी गांड पैर 2 तप्पड़ मर दिए और उसको गॉड में ुधा लिया. गॉड में आते hi पारी ने पब के होंटो को चूसना सुरु कर दिया. कुछ hi देर बाद पब ने उसको अपनी गॉड में गुमा दिया और उसकी छूट अपने मुँह के सामने कर ली. कंडीशन ये थी की पारी पब के उप्पेर उलटी लटकी थी. पारी के मुँह के सामने पब का नाग फुंकार रहा था तो पारी की छूट का रास पब के होंटो पैर आने को तैयार था.

पब ने समय न ख़राब करते हुए पारी के मुँह में अपना पूरा लुंड पेल दिया और एक हाथ से उसको संभाते हुए दूसरे साथ से उसके बालो को पकड़ कर उसके मुँह को आगे पीछे करने लगा. और अपना मुँह उसकी छूट से लगा दिया. जीभ उसके डेन से खेलने गली फिर जीभ से पारी की छूट को छोड़ना सुरु कर दिया. बिच िच में छूट की फैंको पैर दन्त भी गदा देता.. इससे पारी को बड़ा hi मज़ा आता. पारी की छूट में दर्द और मज़ा दोनों एक साथ पनपते तो पारी को अलौकिक सुच मिलता. पारी के उलटे लटकने से पारी का दिमाग सुन्न सा हो रहा था. वो पूरी तरह इस सुख में डूबी हुयी थी. तभी पब ने एक बार जोर में पारी की छूट पैर काट लिया और उसके मुँह को लुंड पैर दबाये रखा. पारी की हालत ख़राब हो गयी. पैर उसे आईएसएम ीक अलग hi मज़ा मिल रहा था. पब ने ये थोड़ी थोड़ी देर में 2-3 बार किया और फिर पारी को बीएड पैर लिटा दिया.

पारी को बीएड के किनारे पैर करके पारी का मुँह बीएड से निचे लटका दिया और उसके मुँह पैर अपनी गांड रख दी और अपना लुंड पारी के चुचो के बिच में फसा कर पारी के चुचो की चुदाई सुरु कर दी. पारी ने भी जोश में आ कर पब की गांड चेतना सुरु कर दिया तो पब तो मज़े से हवा में उड़ने लगा और उसके हाथ पारी के चुचो पैर और भी सख्त हो गए. और कमर की मोमेंट भी बढ़ने लगी. कुछ देर पारी के चुचो को लाल करने के बाद पब ने पारी को बीएड पैर कुत्तिया बांया और उसकी छूट में एक बार में लुंड घुसा दिया. और रुक गया..

पारी - aaaiiiiiii….ooooooohhhhhhhhhhhhhh मममममममममअअअअअअ….. माआरररररर डडडडडआलललललआआआ… हहहहहहाआयियीईईए…. मंम्मीीररररीी फफफ्फ़ाअतततत गगगगगगआयय्ययएईए…. ोुह्ह्ह्ह मेइनी मंमांनना ककककीियय्यआआ त्तठ्ठाआ कक्कीी ममममीए सससालल्लोऊंनी ककककीय तआर्रहहहा नननाहहीइ जजीएलल sssaaaaakkktttiiiii…..oooohhhhh फफफ्फ़ीीिररर ब्बभठ्ठीई

पब – उसके चुचो को मसलते हुए… जान सलोनी के जैसे कहा कर रहा हु अभी तो केबा लुंड डाला हैई चुदाई तो बाकी ही जान..

पारी ने अपना हाथ निचे ले जा कर अपनी छूट पैर रखा तो उसको हाथ पैर कुछ गिला गिला फील हुआ. उसने हाथ आगे ले जा कर देखा तो वो उसका खून था. तो बोली – देखो कितना खून निकल रहा है अपने मेरी एक बार में hi फाड् के रख दी.

पब –देख फटनी तो थी तेरी भी जब सबकी फटी है तो तेरी कैसे बच जाती… पैर सच बता तुझको इस दर्द में एक खुश नहीं मिला..

पारी (नजरे जुका कर) – हाँ मिला (धिरे से)

पब – फिर क्यों ???

पारी – तो क्या अब मैं रौ भी नहीं?? ारे अपने नहीं कहु तो किस्से कहु की अपने हमारी फाड् दी है..

अब पब और पारी बिना सर पेअर की बाते कर रहे थे और पारी अपना दर्द काम करने की कोसिस कर रही थी. जैसे hi पब को लगा की पारी अब ठीक है तो उसने धिरे धिरे दकके सुरु कर दिए. पैर उसकी हाथ की सकती उसकी चुचो पैर बाद गयी. थोड़ी hi देर मैं दकके तेज़ होने लगे तो पारी मदहोश hi होने लगी. इस समय पब ने पारी के बालो को पकड़ा हुआ था जैसे वो घोड़ी की लगाम हो. पारी मदहोशी में आखें बंद किये बड़बड़ा रही थी. और पब उसकी छूट की नशो को ढीला करने में लगा था. कुछ देर तक दकके मरते रहने के बाद पब ने पूरा लुंड बहार निकल कर एक जोर का दक्का मारा तो पारी उस स्पीड को झेल नहीं पायी और पेट के बल ब्रिस्टल पैर गिर गयी पब भी उसके उप्पेर. गिरने से जो लुंड बहार आने को हुआ था वो पब के ऊपर गिरते hi झाड़ तक पीछे से उसकी छूट में समां गया. पारी उलटी लेती हुयी थी और पब उसके उप्पेर ुरा लेता हुआ था पब के मजबूत और विशाल सरीर के निचे पारी का मुलायम और कमशीन जिस्म दबा हुआ था. पब के भरी बरकम शरीर का दबाब पारी को बहुत hi सुखद लग रहा था. पब पूरी जोश से पूरा लुंड बहार निकल निकल कर दकके मर रहा था दकको की स्पीड कर्त hi पैर चोट गैलरी दे रहा था. पब ने अपने हाथ पारी के निचे ले जा कर उसके चुचो को मसलना सुरु कर दिया. पारी तो हवाओ में उड़ने लगी. पब ने पारी की गर्दन और गालो पैर लव बिट्स बनाना सुरु कर दिए थे. पारी को आज ऐसा लग रहा था की जो उसके शरीर में बर्षो से एक अकड़न थी वो पब के निचे दबने से ख़तम हो रही है…

बहुत देर तक पब पारी को ऐसे hi छोड़ता रहा. फिर वो घुटनो के बल हो कर बेथ गया और पारी की छूट में गहरे गहरे दकके मरता रहा. पारी उलटी लेती थी तो पब को पारी की गांड के हलके भूरा छेद पैर धयान गया. वो एक दम सुकदा हुआ था. पब ने इंजीनियरिंग के टाइम पैर बर्फ में बहुत बार गांड मरते हुए देखा था. तो एक दम उसका मन भी गांड मरने का होने लगा. पैर वो जनता था अभी वो सम्भोग क्रिया कर रहा है तो वो किसी की गांड नहीं मर सकता पैर फिर भी पब पारी कैग एंड के छेड़ को कुरेदने लगा. तो पारी की सिसकिया तेज़ हो गयी.

पब – पारी तेरी गांड तो बहुत hi खूबसूरत है. इसको मरने का दिल कर रहा है. और देगी मुझको अपनी गांड??

पारी – आह्ह्ह्ह जब चाहे मार लेना जणू.. पारी पूरी hi तुम्हारी है. जैसे मन हो वैसे मरना अपनी पारी की गांड मैं मन नहीं करुँगी कभी भी…

पब – ोुह्ह्ह जान ये कहा कर तूने मेरा दिल खुश कर दिया. जब सोल्लगे में था तब से मेरी ये तमन्ना रही है अब मैं अपनी ये तमन्ना तेरे साथ hi पूरी करुगा….

पब ने ये कहते हुए दकके थोड़ा और तेज़ कर दिए. और अपनी एक ऊँगली उनकी कुवारी गांड में गुसा दी… पारी पहले से hi बहुत मस्त हो राखी थी. पब ने उसकी मति को डबल कर दिया. तो थोड़ी देर मैं गांड में ऊँगली को फील करके चिल्लाने लगी.

पारी – ोुह्ह्ह जांणोऊ बस थोड़ा और… थोड़ा और तेज़… आअह्ह्ह्हह तुम्हारी ऊँगली तो मुझको पागल कर रही है… आअह्ह्ह पेलो और पेलो अपनी पारी को …

जब पब को लगा की पारी नजदीक है तो उसने थोड़ी स्पीड तेज़ करके अपना एक हाथ निचे ले जा कर उसके दाने को रगड़ना सुरु कर दिया एक ऊँगली गांड में थी. 3 तरफ से हमलो और इतनी देर में बदन थोड़ चुदाई से पारी की सीमा को ख़तम कर दिया और वो भी तेज़ी से झाड़नी लगी.. पब उसको झाड़ता देख कर थोड़ा रुक गया. पारी के बदन की चमक भी बाद चुकी थी. तो पब पारी पैर से उड़ कर ऐडा के पास पहुंच गया जो बहुत देर से पब और पारी की चुदाई को बीएड के दूसरे किनारे पैर बेथ कर देख रही थी.

अब केवल ऐडा hi बची थी तो पब ऐडा के पास पहुंच कर बोलै – आजा मेरी छोटी सी बीबी… अब तेरा नंबर है..

ऐडा – मम्मूउउउठहहह (किश करते हुए) मैं तो कब से तैयार हु… मुझको बहुत खुजली हो रही है कुछ करो न…

पब (उसको अपनी गॉड में ले कर बीएड पैर बेथ गया) – बता डार्लिंग कैसे चाहत है तेरी…

ऐडा – मैं करू???

पब – नेकी और पूछ पूछ कर्त ु hi कर वैसे भी मैं थक गया हु और मुझको भी अब रुकना मुश्किल हो रहा है…

ये बोल कर पब ने किश करते हुए उसके बदन पैर हाथ चलने सुरु कर दिए. ऐडा ने पहले पब को वह से ुधा कर सोफे पैर बैठा दिया और उसके उप्पेर आ गयी. फिर उसने सुरु किया अपना खेल…

कभी पब के होंटो को चुस्ती तो कभी गाल को तो कभी आँखों को. तो कभी अपने दन्त गाड़ने लगती तो कभी जीभ से चाट कर प्यार जताती.. जब पुरे फेस को गिला कर दिया को फिर उसने पब के निप्पल्स को टारगेट किया. पब की बगलो को चेतना और दांतो को चुभना सुरु किया. ऐडा पब के सरीर की अपने मुँह से मालिश कर रही थी. पब की तकन अपने आप काम होने लगी. पब का लुंड फटने को तैयार हो चुक्का था ऐडा ने पब को बहुत गरम कर दिया था. फिर उसने कमल hi कर दिया…

ऐडा ने अपनी दूध से भरी चूचियों को पब की उप्पेर बबना सुरु किया और अपने दूध को पब के उप्पेर मलने लगी. फिर उसके लुंड को अपने दूध से नीला कर अपनी चूचियों के बिच में फसा लिया को जिससे मरने सुरु कर दिए… पब तो पागल सा हुए जा रहा था. ऐडा की हर हरकत कुछ अलग hi थी. जब पब को बर्दाश नहीं हुआ तो उसने ऐडा को उप्पेर खींच लिया. तो ऐडा ने भी उसके लुंड को पकड़ कर उस पैर बैठना सुरु कर दिया. पैर ऐडा से एक गलती हो गयी. वो एक दम से पूरा जोर लगा कर कुड़ी तो उसकी फटी हुयी छूट होने के बाद भी चीख पड़ी. एक बार hi तो चूड़ी थी वो.. वो भी 1.25 साल पहले..

कुछ देर कूद को शांत करती रही और पब भीउसको शांत करने के लिए उसके चुचो को दबा दबा कर चुस्त रहा. ऐडा के चुचो का मेधा दूध पब को एक दम बूस्टर जैसा लग रहा था. जब अड़ अक दर्द काम हुआ तो ऐडा ने पब की गॉड में कूदना सुरु कर दिया. और अपने चुके पब के होंटो से लगा दिए. पब तो आँखें बंद किये ऐडा के चुचो को चुस्त रहा. दूध आना तो कबका बंद हो गया था पैर पब का मन hi नहीं कर रहा था की वो अपने मुँह से उनको बहार निकले.

कुछ देर ताका डा कूदती रही और पब उसकी चूचियों को चुस्त रहा फिर ऐडा पब के उप्पेर से हैट गयी और पब को खड़ा कर लिया. फिर अपनी एक तंग ुधा कर सोफे पैर रख कर पब को अपनी छूट देखने लगी. पब भी उसके पास जा कर थोड़ा जुका और अपना लुंड उसकी छूट में उतर दिया. अब पारी पब की थी. पब ने ऐडा के एक तंग को हवा ने ुधा लिया था तो ऐडा ने पब के कंदो को सहारे के लिए पकड़ लिया. और ऐडा की छूट को भोसड़ा बनने में लग गया. पब को भी पता था की अब वो भी झाड़ सकता है तो वो सब भूल कर खच खच दकके मरे जा रहा था. ऐडा जैसी तीन आगे गर्ल के साथ ये तूफानी चुदाई ज्यादा देर न चल पायी और ऐडा थोड़ी hi देर मैं देर होने लगी. तो ये देख कर सलोनी और सविता एक साथ दूध का जग लेन के ुधि. और सविता जग ला कर पब के सामने कर दिया. ऐडा तो अपना चरम प् चुकी थी पैर पब अब अपने अंतिम पड़ाव के मज़े में खोया ऐडा की छूट की धज्जिया ुधा राह था. 10-15 दमदार दकको से hi पब फूटने को हुआ तो सलोनी ने पब के लुंड को ऐडा की छूट से निकल कर हिलना सुरु कर दिया.

पब एक तेज़ चीख के साथ झड़ने लगा तो 2-3 मं तक झाड़ता hi रहा. पता नहीं जितनी बार उसने खुद को रोका था. सविता ने भी लुंड की पहली पिचकारी के साथ hi लुंड को दूध में दवा दिया तो पब का सारा वीर्य दूध में hi निकला. झड़ने के बाद पब में खड़े होने की भी ताकत न बची और उसका शरीर बहुत तेज़ चमकते हुए निचे को गिरने लगा तो सलोनी ने पब को संभल लिया और उसे बीएड पैर लेता दिया.

पब तो जैसे बेहोशी की हालत में था. पैर सविता तब तक सभी के लिए उस दूध को बराबर बराबर बाँट चुकी थी. और उन सभी ने एक साँस में hi उस दूध को पी लिया. और दूध के अंदर जाते hi उन सभी की बॉडी चमकने लगी. और पब की बॉडी की चमक भी बढ़ती जाने लगी. और पब की सभी पत्निया चक्कर खा कर निचे गिरने लगी. जो सोफे पैर बैठी थी वो सोफे पैर और जो जमीन पैर कड़ी थी वो जमीन पैर hi बेहोश पड़ी थी. ीदार पब को भी अपना होश नहीं था.

जिस रूम में कई घंटो से चुदाई का कोहराम मच हुआ था वो रूम अब एक दम शांत पद चुक्का था और वो सब बेहोश पड़े हुए थे…..
 
अपडेट 278

पब के आने की खबर से बहुत जगह पैर खलबली मची हुयी थी. पार्टी से पहले तो कुछ ने सोच था की हो सकता है झूटी खबर हो पैर जब सभी ने खुद अपनी आखों से देख लिया तो सभी पब की मूट की प्लानिंग करने लगे. और इस काम में बहुत से लोग अलग अलग जगह पैर लगे हुए थे. तो आइये देखते है कहा कहा पैर क्या क्या हो रहा है

सबसे पहले पानीपुर गोअन यानि पब की हवेली जिस गाओं में है उस गाओं में चलते है…….

पानीपुर गाओं के सरपंच के घर में एक गुप्त मीटिंग चल रही थी. जहा सरपंच, पंडित, वेद और इन तीनो की पत्निया मौजूद थी.

वेद – सरपंच जी ये बात तो सच निकली की ठाकुर साहब लोट आये है. अब यदि किसी गोंवाले ने ठाकुर साहब को सब बता दिया तो हमारा क्या होगा…

सरपंच – सेल वेद तेरी पट्टी बहुत है. मैं देख लगा उस ठाकुर को भी. वो मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकता..

वेद – सरपंचजी आप भूल रहे है इसने भानु के आदमियों को कैसे मारा था. लाशो के देर लगा दिए थे अकेले ने. और गाओं के किसी आदमी की हिम्मत भी न हुयी थी इनके खिलाफ कुछ बोलने की. और फिर जब इन्होने गाओं वालो की और डायन दिया तो गाओं वाले इनको भगवन मैंने लगे. मुझको तो बहुत दर लग रहा है पता नहीं मेरा क्या होगा अब…

लीलादेवी – बहन के ताके सेल इतने दिनों से जब गाओं वालो को लूट रहा था तब दूर नहीं लगा तुझको. सेल हरामी जब जेब में पैसा जा रहा था तब तो दर नहीं लगा तुझको और आज फाटे दूल की तरह बज रहा है. यदि इतनी hi फैट रही है तो भाग यहाँ से हम अपने आप hi सब देख लगे…

पंडित – ारे भाभी क्यों गुस्सा करती हो अब ये तो जनता नहीं की हम क्या चीज है तो इसकी पटेगी न… चल जा बॉसडीए तू. और अपनी लुगाई को ले कर कही और चुप जा, जब हम इस ठाकुर को निपटा देंगे तो तू वापिस आ जाना….

सभी वेद की बेज्जती कर रहे थे, वैसे भी वेद सच में पब से डरा हुआ था तो उसने यहाँ से जाना hi ठीक समजा और वो अपनी पत्नी सुसमा को ले कर निकल गया. वेद के जाते hi सरपंच और पंडित का रूप चेंज होने लगा. दोनों दानव बन गए और अपने कपडे निकलते हुए बोले – चलो रंडियो आ जाओ सेल वेद ने पूरा मूड hi ख़राब कर दिया. पहले हमारा मूड ठीक करो फिर सोचते है की क्या करना है.

उनकी बात सुनके लीलादेवी और कमला भी नंगी हो गयी और एक दूसरे की तरफ देख कर नजरे झुका ली. पैर इनकी आंखों में कही नमी थी. पैर फिर भी दोनों उन दोनों का पूरा साथ देने लगी. और कुछ देर तक वह चुदाई के एक अच्छा खासा डोर चला. जब दोनों दानव संतुस्ट हो गए तो फिर उन दोनों के अंगो को मसलते हुए बाते करने लगे.

(आप लोग वैसे तो समाज hi गए होंगे फिर भी मैं बता दू. सरपंच और पंडित की जगह रय आ चुके थे. इन दोनों में लीलादेवी, कमला और वेद को अपना गुलाम बना लिया था. लीलादेवी और कमला तो दर से और वेद लालच में इनका साथ दे रहा था. वेद को इनके दानव होने की हकीकत नहीं पता थी. पैर ये दोनों औरते जानती थी. कियोकि ये दोनों दानव रूप में आ कर hi इन दोनों की छूट फाड़ते थे.)

सरपंच – तो अब बता भाई क्या करना है इस ठाकुर का??

पंडित – देख भाई ये तो तुझको भी पता है मालिक ने हमको यहाँ 2 काम से भेजा था एक तो हम इतने दिनों से कर hi रहे थे. अब दूसरे काम का वक्त आ गया है.

सरपंच – तेरा मतलब है की मालिक को इसकी खबर देनी है वो तो मैं अभी दे देता हु. पैर ये पक्का है की वो हम पैर हमला करेगा. तब हमको क्या करना है??

पंडित – देख मालिक ने इनकी खबर रखने को बोलै था, हम वो कर रहे है, मालिक ने इससे न उलझने को बोलै हम वो भी कर रहे है. मालिक ने गाओं में आतंक मचने को बोलै वो हमने किया hi हुआ है. अब यदि ये खुद हमसे आ कर लड़ेगा तो क्या हम चुप रहेंगे. इस जैसे मामूली मानव को तो चुटकी में मशाल देंगे…

सरपंच – हम्म तू ठीक कहता है. साला वेद वैसे hi डरा रहा था. … ..चल एक एक राउंड और हो जाये..

पंडित – पैर सेल पहले मालिक को इसके बारे में बता तो दे. तुझको पता hi क्या है इसके बारे में अभी…

सरपंच – तेरा जैसा पागल नहीं हु. कल इसकी पार्टी में वेटर बन कर गया था. सेल ने एक दो मंत्र सिद्ध कर रखे है. और सरीर पहलवानो के जैसा है नहीं तो कुछ भी नहीं है ये. और न hi इसके साथ में कोई और पावरफुल था. पता नहीं मालिक ने इस मामूली इंसान के पीछे हम जैसे महँ दानवो को क्यों लगा दिया…

पंडित – छोड़ न वो मालिक जाने तू बस अपना काम कर… पहले मालिक को बता दे जो भी तुझको पता है.

फिर सरपंच अपनी आँखें बंद करके बैठा और मालिक मालिक मन में पुकारे लगा. तो उनके मन में भी एक आवाज आयी हाँ बोलो किस लिए याद किया तुमने हमको?? तब सरपंच पूरी बात बताता है जो भी उसने कल पार्टी में देखा या सुना था. फिर वो पंडित को इशारा करता है तो दोनों लीलादेवी और कमला की और बाद जाते है. इन दोनों की बातो से लीलादेवी और कमला अंदर hi अंदर रो रही थी. पैर सामने से उनके साथ चुदाई का मज़ा लेने लगी.

…………………..

ीदार जब संभु को उसके चेले का फ़ोन आया तो वो ख़ुशी से झूम ुधा. संभु को एक बार तो विश्वास hi नहीं हुआ की पब की सभी शक्तिया जा चुकी है. और केवल कुछ मंत्रो की शक्तिया hi बची है. पैर फिर उसको त्रिकाल का डायन आया की उसके गुरु के साथ भी तो ऐसा hi हुआ था उसकी भी साडी शक्तिया चली गयी थी. और वो 25साल तक कोमा में रहे थे. तो संभु को लगा की कुछ ऐसा hi पब के साथ भी हुआ है और उसकी साडी शक्तिया चली गयी है. जब उसके मन में ये बात कन्फर्म हो गयी तो वो ख़ुशी से उछाल पड़ा और मन में प्लान बनने लगा – अब आएगा मज़ा साला बहुत उड़ रहा था न अब उसको मैं तड़फा तड़फा कर मरुँगा. और फिर उसकी सभी पत्नियों को अपनी रंडी बना कर रखुगा. मैं भी देखता हु कैसे बचता है अब ये मुझसे….

………………….

वही इंडिया से 7 समुन्दर पार एक देश का सुप्रीम किम जोम अपने आलीशान रूम के महज कालीन पैर कुछ सोचते हुए टहल रहा था. इस देश की हालत भी बहुत ख़राब थी. पैर इस देश के बारे में दुनिया को पता नहीं था. कियोकि किम जोम की मर्जी के बिना पुरे देश में पत्ता भी नहीं हिल सकता था. इसका इतना खूफ था की यदि ये किसी को गुस्से से देख भी लेता था तो वो इन्शान हैरतफाइल से मार जाता था.

किम जोम कूद से hi – गुरुदेव ने मुझको उस चिति जैसे आदमी पैर नजर रखने को क्यों बोलै. न उसके पास कोई पावर है और न hi वो दानव है. मेरे जैसे अमर दानव “अमरसर” को ये छोटा सा काम. क्यों??? हाँ पुरे संसार में फैले रय पैर नज़र रखना और उसकी हेल्प करने का काम तब भी ठीक है पैर ये क्या?? एक मामूली इन्शान पैर दूर से hi नज़र रखनी है. ये तो मेरा अपमान है. मैं नहीं छोड़ूगा उस मानव को साले को में कल hi मार दुगा. गुरुदेव डरते होंगे ऐसे मानवो से पैर मैं नहीं डरता.. और डरो भी तो क्यों?? मैं मयति का पुत्र, ब्रह्मदेव में ारामता का वरदान प्राप्त करने वाला मैं अमरसर एक तुक्ष से मानव से दार कर उस पैर दूर से hi नज़र राखु नहीं ये नहीं हो सकता उसको अब मरना होगा…. हर हाल में मरना होगा………….. पैर माँ किसके बारे में बोली थी की तलवार अब उसके पास है?? पैर ये दानवो की तलवार किसी मानव के पास जा कैसे सकती है. माँ ने उस मानव के बारे में बताया भी नहीं और खुद भी अभी तक एक बार भी उससे नहीं मिली है.. वैसे कहा रही थी की हम सबको उसका गुलाम बांके रहना होगा ये hi परम्परा है. ुजको उस मानव से खतरा है उससे बच कर रहना होगा…..

जी हाँ दोस्तों ये है मयति का पुत्र अमरसर.., इसने बहुत टाइम तक तपश्या करके ब्रह्मदेव से वरदान पाया था. और आज ये किम जोम के रूप में मानव जाती पैर जुर्म कर रहा था और इसको भेजने वाले भी दानव गुरु hi थे…..

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होटल अर्ल में जिस फ्लोर पैर ये चुदाई प्रोग्राम हुआ था उसकी फ्लोर के दूसरे सुईठे के एक रूम में गुरु और कामिनी रुकी थी. साक्षी को उन्होंने अपने पास hi रखा था जबकि जुली, पेय, माउद दूसरे रूम में थे और काजल और जय किसी और फ्लोर पैर सोये पड़े थे. गुरु और कामिनी ने पूरी रात जागते हुए खवाब देखने में hi बिता दी. दोनों के अंदर ये बात hi उमड़ रही थी की अब उनका no. है. जहा कामिनी पब का प्यार पाने के लिए तड़फ रही थी. वही गुरु ने तो आज तक कुछ किया hi न था. उसका पति जब भी उस पैर चढ़ा था तो वो गुरु के मायाजाल में पास कर hi. वो भी 3-4 बार hi. उससे hi उसके एक बीटा हुआ था. उसके बाद से आज तक गुरु की छूट सुखी hi रही थी. बर्षो की तपश्या का फल अब मिलने वाला था. और ये ख़ुशी उसके अंदर एक दर और जीजाक बना रही थी. हमेशा से मुँह फैट रही गुरु आज कामिनी से शर्मा रही थी. कामिनी जब से रूम में आयी थी चुदाई की hi बाते किये जा रही थी पैर आज गुरु किसी और hi मूड में थी. वो अपने सालो से बाड़े खुअओ को फिर से देखना चाहती hi. उसकी तमन्नाये और उसके सपने उसके मन में हिचकोले ले रहे थे. वही एक मन कहा रहा था की कही इस बार भी ये एक सपना बन कर hi न रहा जाये. यदि इस बार भी वो औरत होने का सुच न प् सकीय तो उसके अंदर की औरत हमेशा के लिए मार जाएगी.

गुरु अपनी सोच में थी तो कामिनी अपनी सोच में. उसको तो ऐसा लग रहा था की पब अभी बहार आएगा और उस पैर चढ़ जायेगा. भानु में उसको हमेशा hi एक रंडी की तरह पेला था. वो भी वैसे hi चुड़ते हुए छोड़ने की आदि हो गयी थी और कहा पिछले 1.5 साल से उसकी छूट में सूखा पड़ा था. और जब आज उसको आशा दिखने लगी तो वो भी छुडासी होने लगी. और अपने मन की बदास को गुरु से कहने लगी पैर आज गुरु जवाब देने के मूड में नहीं थी तो कामिनी भी चुप हो कर अपनी hi सोच में डूबी रही. सुबह के 4 बजे से तो दोनों की आँखें दूर पैर hi थी की अब वो सब आएंगे. और बतायेगे क्या क्या हुआ?? सम्भोग क्रिया पूरी हुयी या नहीं?? शक्तिया बड़ी या नहीं?? पब सभी को ठीक से संतुस्ट कर भी पाया या नहीं??

जब इन दोनों से और इन्तजार नहीं हुआ तो दोनों सुबह 6 बजे तक तैयार हो गयी. फिर कुछ सोच कर उनका इन्तजार करने लगी. पैर वो अभी कहा उड़ने वाले थे सुबह 4 बजे के अस्स पास तो ये सभी बेहोश हुए थे. तो इतनी जल्दी उड़ने का तो सवाल hi नहीं था. बैठे बैठे फिर ये दोनों अपने सपनो में खो गयी.

8 बजे तक जब कोई बहार नहीं आया तो उनका साबरा जवाब दे गया और वो पहुंच गयी उस हनी मून सूट के सामने और गेट बजने लगी जब किसी ने गेट नहीं खोला तो गुरु ने अपने वाले कार्ड से गेट खोला. और जब दोनों अंदर पहुंचे तो अंदर की हालत देख कर चौक गयी.

कामिनी सबसे पहले गेट पैर भागी और उसे अंदर से लॉक किया. अंदर पुरे रूम में कपडे यहाँ वह बिखरे पड़े थे. और वो सब की नंगे hi कही भी पड़े हुए थे. सभी के सरीर से एक चमक निकल रही थी. जो की रात के मुकाबले बहुत काम हो चुकी थी. गुरु ने मंजू को हिला कर देखा पैर वो उसे बेहोश मिली. फिर लगी सबको चक करने. वो समाज गयी की इनको क्या हुआ है. तो गुरु के फेस पैर एक मुस्कान आ गयी.

गुरु ने सबसे पहले कामिनी के साथ मिल कर सभी को ठीक से लेटाया और फिर सभी को कम्बलो से कवर कर दिया. गुरु और कामिनी उन सभी को देखते हुए बाते करती रही. फिर करीब 2 हॉर्स के बाद सभी को होश आया. सबसे पहले पब ुधा और फिर सलोनी.. उसके बाद वो सब एक एक करके ुध गयी. अब सभी को शर्म ने फिर से घेर लिया पब तो बेशर्मो की तरह नंगा hi बाथरूम में चला गया और फिर फ्रेश हो कर बहार आ कर गुरु और कामिनी के पास बेथ गया. अभी भी वो केवल एक टॉवल में hi था.
 
अच्छा लगा की आप जैसे कुछ READER'S और है... यदि कभी कभी अपनी प्रेजेंट देते रहे तो और भी अच्छा लगेगा..

डिअर गुरु से फिजिकल 100% होगा. और वो तो 1सत वाइफ है. आगे उसके साथ बहुत बार होगा...

गुरु ने दस माँ से वरदान HI इस लिए लिया था कियोकि उसने कभी औरत होने का सुख HI नहीं पाया तो अब तो मिलेगा HI..

अब गुरु की स्टोरी भी आएगी. आज तक गुरु का फ़्लैश बैक नहीं आया HAI...AB वो भी आएगा..
 
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