RAJ -The mystery man (thriller & Magic) - Page 7 - SexBaba
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RAJ -The mystery man (thriller & Magic)

थैंक्स फॉर रीडिंग...

मुझे आप का रिव्यु पढ़कर सबसे अच्छा लगा क्योंकि आप ने प्रेजेंट से स्टोरी रिलेटेड क़ुएस्तिओन्स पूछे...

अगले अपडेट में आपका एक क्वेश्चन ख़तम हो जायेगा

[SURPRISE]

रानी के रिएक्शन के बारे मई भी जल्द HI खुलाशा होगा और शायद अगले अपडेट मई या गाओं जाकर...

थैंक्स फॉर रीडिंग

कीप सपोर्टिंग

कीप कमेंटिंग
 
अपडेट-35



मई ऐसे hi पड़ा था और सोच रहा था मेरे दर्द क्यों नहीं हो रहा और मेरे जख्म कैसे भर गए...

एक आवाज़ आती है...

तुम्हारे पास कुछ शक्तियां हैं जिनके बजह से ये हुआ है...

मई इधर उधर देखने लगता हूँ आवाज़ कहाँ से आ रही hai...lekin कोई दीखता नहीं है...

लेकिन तभी मेरे नज़र एक ऐसी चीज़ पर जाती है जिसे मैंने पहले कभी नहीं देखा था या यौम कहिये की मई उसे देखकर बिलकुल चौंक जाता हूँ...

ऐसा कैसे हो सकता है....



अब्ब आगे.........

ये आवाज़ वहीँ से आ रही थी जो मैंने देखा था ...

चलिए मई आप लोगों को भी दिखा देता हूँ जो मैंने देखा जिसे देखकर मई बिलकुल अचंभित हो गया...

images-5.jpg


जी हाँ यही देखा मैंने अपने हाट पर जो की पहले नहीं था...

awaz...aise न घूरो प्यार हो जायेगा ...

mai...man mein...sala ये तत्तो भी आज कल बोलने लग गए...

awaz...to क्या हुआ...

mai...kk.....

awaz...mai तुम जो सच रहे हो सब पता कर सकता हूँ...

mai...ye तत्तो मेरे हाथ पर कैसे आया...

awaz...reader लोग के लिए सुस्पेंस रखते हैं बाद मई राज़ खोलेंगे..

mai...na न मेरे को अभी सुन्ना है...

awaz...tumhe तलवार को सींग मई लगाने से कुछ शक्तियां मिली hein...isliye

mai...saktiyan मतलब...

awaz...powers

मई ...ऐसा कुछ भी होता है इस दुनियां मई...

आवाज़ ...इस दुनियां और भी बोहोत कुछ है ...आगे पता चल जायेगा...

mai...vo तो ठीक है ...लेकिन ये शक्तियां मुझे क्यों मिली है हैं किस लिए मिली हैं , किस तरह मिली हैं...

awaz...kya आज hi सरे सुस्पेंस का बेडा गरक कर dega...baad मई बताउंगी...

mai....ek मिनट एक मिनट तुम्हारा जेंडर क्या है...

awaz...kahe...

mai...kabhi लड़के की आवाज़ और कभी लड़की की क्या चक्कर है...

आवाज़...[abki baar do awaz ek sath aati hein] दोनों hi हैं...

mai...mtlb क्या है तेरा...

awaz...badi जल्दी फ्रैंक हो गए...

mai...are वो कहते हैं न जहाँ लड़की हो वहां अपने आप को बड़ा मान लेना चाहिए,... और ये तेरे को इंग्लिश भी आती है क्या...

awaz...smart ho...are भाई हमारा सिस्टम अपडेटेड है ...हमें भी इंग्लिश आती है...

mai...oh ऐसा क्या ...लेकिन बात को न ताल ये बता की दो आवाज़ एक साथ कैसे...

[YE JO DO AWAZ AA RHI HEIN INKO A1 OR A2 LIKHUNGA JAB TAM NAAM KARAN SANSKAR NHI HO JATA

A1....LADKE की आवाज़

A2....LADKI की आवाज़]

A1...tu सुस्पेंस खुलवाकर hi रहेगा...

A2...to suniye...mai वो hi तलवार हूँ जो आपको नंदालय पर्वत पर मिली तो और जिसे आपने नंदी के सींग मई लगाया था...

A1...aur मई वो नंदी हूँ

ा2 ...हम दोनों अलग अलग सकतिया हैं मई एक तलवार हूँ जिस को धारण करने वाले को कोई छू भी नहीं सकता ...और ये एक ऐसा अष्ट धातु का एक चक्र है जिस की शक्तियों को निष्क्रिय करके एक नंदी बना दिया tha...treta युग में ....और मुझे इसकी रक्षा के लिए नियुक्त किया गया tha...nandalay mai...ye कहकर की जब कलयुग मई अधर्म और पाप बढ़ेंगे तब तुम्हारा स्वामी तुम्हे वहां लेने आएगा...

ा1 ..और जो भी तलवार को चक्र [nandi] मई लगा देगा वो hi हमें ग्रहण कर सकेगा कोई और नहीं...

mai...to फिर मेरे पास तो न तो वो तलवार है और न hi कोई चक्र...

A1...ab आप हमारे मालिक हैं जिसका साबुत ये आपके हाथ पर बना हुआ तत्तो hai...lekin अभी आपके सरीर मई इतनी सकती नहीं है की वो हमारी शक्तियों को सहन कर sake...isliye आपको अपने सरीर को सक्तिसाली बनाना होगा और हमें ग्रहण करना होगा....

A2....are अरे बस आज hi सरे सुस्पेंस खोल देगा तो राइटर स्टोरी मई क्या लिखेगा...

A1...gussa क्यों होती हो ठीक है....

mai...are बताने दो na...tumhare क्यों गुर्दे छील रहे hein...writer से हमें क्या लेना देना...

A1...aaj के लिए बस इतना hi...fir मिलते ....अपने सरीर को मजबूत बनाओ...

फिर उनकी कोई आवाज़ नहीं आती hai...lekin प्रिय आ जाती है...

प्रिय...[ आते hi] अब बताओ क्या हो रहा है ये सब ड्रामा...

A1...ek और आ गयी सुस्पेंस ख़तम करने...

Raj...idhar उधर देखता है

priya...kya हुआ जवाब दो...

mai...are जान तुमने तो आते hi सवाल सुरु कर diye...ye बिलकुल फ़िक्र नहीं है की गोली लगी hai...thoda...

इतना hi कहा था की प्रिय की आंखें नाम हो गयी...

मई...[baat pura karte hue] थोड़ा किश मुंह मीठा करा दिया जाये ताकि घाव जल्दी भर जाएं ...

उसने जब ये सुना तो उसके चेहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे ...

उसने कुछ कहा नहीं बस गेट की तरफ गयी और लॉक कर के पालक झपकते hi उसके होठों को अपने होठों से जुड़ा पाया...

प्रिय के साथ किश करने का अहसास तो कुछ और hi होता है लेकिन किश करते हुए बजी उसकी आँखों से अंशू निकल रहे थे...

मई उस से अपने होठ छुड़ाए तो उसने नज़र झुका ली...

मैंने उसकी थोड़ी को हाथ से पकड़ते हुए उसकी चेहरे को ऊपर किया और उसके चेहरे पर से बहते हुए अंशु को अपने होठों से पिटे हुए धीरे धीरे ऊपर बढ़ाने लगा ...

और अंत मई उसके आँखों के आस पास और पलकों पर चूमने लगा जिससे की वो शांत हो gyi...or लगातार मेरी आँखों मई देखने लगी...

mai...kya हुआ ऐसे क्या देख रही हो...

priya...pta नहीं क्यों तुम बदल से गए एक अलग सा अहसाह हो rha...kya हो गया है तुम्हे...

mai...kuchh तो नहीं हुआ

प्रिय...[mere hath ko pakadkar mujhe dikhate hue...] फिर ये टैटू कहं से आया ...कल तक तो नहीं था...

मई...[man mein] अब इसे भी छुपकर रखना hoga...lekin प्रिय को तो सच बता hi देता हूँ...

फिर मैंने प्रिय को सबकुछ बता दिया मेरी आत्मा के संघर्ष से लेकर आवाज़ बलि बात तक...

priya...aisa नहीं हो सकता ये सब बस कहानियों और फिल्मो की बातें हैं...

mai...to तुम hi बताओ ये कैसे आया जब मेरे गोली लगी तब तक तो था नहीं ये तो तुम्हे बखूबी पता है ...और तबसे मई हॉस्पिटल मई हूँ....

प्रिय...[tatto ko sahla kar dekhte hue] हम्म बात तो सही है पर...

टैटू चमकने लगता है और आवाज़ आती है...

A1...Raj सच कह रहा है...

प्रिय इधर उधर देखने लगती है फिर मई उसे बताता हूँ की ये वही आवाज़ है जो मुझे सुनाई दे रही hein...or अब शायद तुम्हे भी...

A1...ha पहले हम आपको सुनाई दे रहे थे बस लेकिन हम जानते हैं की आप एक दूसरे से बोहोत प्रेम करते हैं इसलिए इन्हे विश्वाश दिलाने मई आपकी थोड़ी मदद कर दी...

उस आवाज़ की बातें सुन कर प्रिय के गाल लाल हो जाते हैं और वो मेरे गले लग जाती है ....

A2...or हाँ अब ये बात रानी दीदी के अलावा किसी को नहीं बतानी अब...

mai...theek है...

फिर उनकी आवाज़ें आना बंद हो जाती हैं...

priya...an क्या करना है...

mai....yahan से जल्द से जल्द डिस्चार्ज karao...or अपने घर ले चलो ताकि किसी को शक न हो ड्रामा का...

priya...hmm ठीक है...

mai..yaar एक बात ये बताओ की ये तमिना का क्या सन है ये तो हमें मरना चाहती थी फिर ये यहाँ कैसे है...

प्रिय राज को सब कुछ बता देती है जो जो हुआ था ......

फिर प्रिय डॉक्टर्स से सेटिंग कर के अगले hi दिन राज को घर ले जाती है....

फिर वही फॅमिली ड्रामा चलता रहता है 2-3 दिन और राज को देखने रोज डॉक्टर्स आते थे...

फिर 5 दिन बाद राज को हॉस्पिटल ले जाया गया और राज को अब ठीक डिक्लेअर कर दिया गया...

बस कह दिया की अच्छी डाइट दी जाये और वही डॉक्टर्स का घिसा पिता डायलाग जिसमे वो कहते हैं की पेशेंट को टेंशन न दी जाये और उसके सामने ऐसी को बात न की जाये जिससे उसे प्रॉब्लम हो...

लेकिन अभी राज ने अपने हाथ का प्लास्टर नहीं हटवाया था...

सुबह सुबह की बात है सभी नास्ता कर के t.v देख रहे the...raj भी था साथ में....

तभी तमिना घर आती है उससे फॅमिली का इंट्रो कराया जाता है....

लेकिन तभी वो कुछ ऐसा करती है जिससे सभी का मुंह खुला का खुला रहा जाता है....

तो बे कॉन्टिनोएड. ...........
 
अपडेट-36


लेकिन अभी राज ने अपने हाथ का प्लास्टर नहीं हटवाया था...

सुबह सुबह की बात है सभी नास्ता कर के t.v देख रहे the...raj भी था साथ में....

तभी तमिना घर आती है उससे फॅमिली का इंट्रो कराया जाता है....

लेकिन तभी वो कुछ ऐसा करती है जिससे सभी का मुंह खुला का खुला रहा जाता है....

अब्ब आगे



तमिना चल के राज के पास जाती है और जो उसके हाथ मई लगा हुआ था वो था असली चौंकने की वजह सभी के लिए...

उसके हाट मई राखी लगी हुई थी वो जाकर राज के पास घुटनो के बल बैठ जाती है...

Tamina...Raj मुझे माफ़ कर तुम्हारी इस हालत की जिम्मेदार मई hun...isliye मई तुमसे माफ़ी मग्न चाहती हूँ और अपने पापों का परायश्चित करना चाहती hun...us दिन के बाद मैंने सभी गलत धंधे छोड़ दिए hein...meri बजह से तुम्हारी जो हालत हुई है मई उसकी भरपाई करना चाहती हूँ...

इतना कहते कहते उसकी आंखें नाम होने लग जाती हैं....

जो की मुझसे देखा नहीं जाता है फिर भी मैंने अपने आप को कंट्रोल किया....

तमिना अपने हाथ की राखी आगे करते हुए ...राज क्या तुम मुझे अपनी बहन के रूप मई apnaoge....mera कोई नहीं है इस दुनियां मई क्या तुम मेरे भाई बनना पसंद karoge...is समय उसकी आँखों मई से अंशू निकल रहे थे...

मई किसी भी फैसले को लेने की स्तिथि मई नहीं था लेकिन मुझसे उसका रोना नहीं देखा जा रहा था और उससे सहानभूति भी हो रही थी...

इसलिए मैंने सवाल भरी आँखों से रानी दीदी की तरफ देखा और वो तो मेरी आत्मा की तकलीफ तक को समझ लेती है ये तो भी भी आँखों से किया हुआ एक सवाल था...

उन्होंने तो तुरंत hi '' हाँ'' मई गर्दन हिला दी.....

फिर मैंने प्रिय की तरफ अपनी मुंडी घूमने hi वाला था की इतनी देर मई वो बोल पड़ी...

priya...tu हमेशा सोचता hi rahiyo...dekh वो कितनी देर से बैठी हैं जल्दी हाँ कर...

मैंने सोचा इसका सही है साला पूछने से पहले बता भी दिया और दन्त भी लिया...

मैंने तमिना को उठाकर गले से लगा लिया जिससे वो और जोर जोर से रोने लगी उसने मुझे कसकर पकड़ रखा था...

कुछ देर रोने के बाद वो अलग हुई और मुझे राखी बांधने लगी...

तभी सभी ने तालियां बजाना सुरु कर दी.....

जिससे देखकर उसकी आँखों से फिर से अंशू टपकने लगे जिन्हे मैंने अपने हाथ से साफ किया...

फिर थोड़े बहुत फॅमिली ड्रामा के बाद सभी लोग आपस मई बात कर रहे थे मुझे chhodkar...kyonki मई तो बोल hi नहीं सजता था

तभी प डैड बोलते हैं...

प dad...to तमिना अब आगे का क्या प्लान है...

Tamina..mtlb..

pdad...phle की तरह स्ट्रीट फाइट्स करोगी या फिर कुछ और...

Tamina...nhi अंकल मई अब वो सब नहीं करना चाहती...

प dad...priya की टीम भी ज्वाइन कर सकती हो अगर चाहो तो...

Tamina...thanks बूत मई अपनी गलती का सुधर करना चाहती hun...Raj को मेरी बजह से इतना कुछ हो gya...isliye अब मई नहीं चाहती की फिर कबुई ऐसा हो...

प dad...saaf साफ़ बताओ क्या कहना चाहती हो...

तमिना... मई राज के साथ उसके घर पर hi रहना चाहती hun...agar उसके घरवालों को ये बात मंजूर हो तो...

papa...ye क्या राज के घरवाले लगा रखा hai....jab तुमने राज को अपना भाई बना लिया है तो वो घर भी तो तुम्हारा hi हुआ na...aur आज से तुम भी मुझे पापा कह skti...agar चाहो तो...

ये सुनकर तमिना की आंखें छलक आती हैं , जिसे देलहलर प्रिय कहती है...

priya...aaj तो भाई गज़ब हो गया लोगों को खून के अंशू रुलाने बलि की आंखें पानी बहाये जा रही हैं ...

जिसे सुनकर सब हसने लगते हैं...

Rani...ab कोई मेरी दीदी को परेशां नहीं करेगा बस बोहोत हुआ ...

और जाकर तमिना के आँखों के अंशू साफ़ करती है....

सभी का इतना प्यार देखकर तमिना फिर से भावुक हो जाती है रानी दीदी को अपने गले लगा लेती है......

ऐसे hi 1-2 दिन और निकल गए और अब डॉक्टर्स ने राज को ट्रेवल करने की इज्जाजत दे दी थी...[raj ke kahne par]

फिर वही थोड़े बोहोत फॅमिली ड्रामा के बाद वहां से सभी निकलने को तैयार हुए लेकिन इतने दिनों मई पड़िया और राज को बिलकुल भी अकेले मई टीम नहीं मिला था कोई न कोई राज साथ hi बना रहता tha...jisse दोनों के बिछ कोई सन न बन पाया...

अब ये लोग घर जाने को रवाना तो हो रहे थे लेकिन अबकी बार ट्रैन ने नहीं बल्कि तमिना की कार से...

सफर की शुरुआत कोई दिन के 2 बजे हुई thi...lagatar 5 घंटे की कार ड्राइव के बाद तमिना ने एक ढाबे पर कार रोक कर खाना खिलाया सभी को और फिर 9 बजे वहां ने फिर से निकल पड़े थोड़ा रिलैक्स होकर...

रत मई रोड खली होते हैं लेकिन फिर भी तमिना सेफ स्पीड मई hi ड्राइव कर रही थी....

3 घंटे की ड्राइव के बाद फिर सभी ने एक टेस्टॉल पर चाय एक एक चाय ली राज और रानी को छोड़कर क्योंकि वो अभी तक सो चुके थे...

सुबह सुबह hi हमोग गाओं पहुँच गए...

अब जाहिर से बात है की गाओं मई बात फ़ैल चुकी थी की मुझे गोली लगी है...

और जैसे hi लोगों को पता चला की मई गाओं पहुँच गया हूँ, लोग मुझे देखने को आने लग gye...aa भी बोहोत ज्यादा रहे थे क्योंकि हमारे परिवार की गाओं मई अच्छी खासी वैल्यू थी...

खैर ऐसे hi चलता रहा 1-2 दिन लोग आते जाते रहे...

लेकिन बड़ी चची के रवैये मई कोई बदलाब नहीं था वो कुछ न कुछ जाली कटी किसी न किसी को सुनती rhti...chahe उसके लिए अपने बच्चों का hi सहारा क्यों न लेना पड़े...

ऐसे hi मिलने जुलने वालों के सिलसिले मई एक दिन दिव्या भी आ गयी स्वाति के साथ...

Divya....school मात

SWATI...badi चची की छोटी लड़की...

स्वाति तो उसे वहां छोड़कर चली गयी रह गयी अब दिव्या...

वो कुछ कहने hi वाली थी की रानी दीदी आ गयी...

फिर वो रानी दीदी से मेरे बारे मई बातें करने लगी ...इतने मई रानी दीदी को ख्याल आया की उन्होंने दिव्या से चाय नास्ते का भी नहीं पूछा..

Rani...mai भी कितनी पागल हूँ तुम पहली बार घर आयी हो और चाय पानी भी नहीं पूछ....

दिव्या ...अरे इसकी कोई जरुरत नहीं है...

Rani...jarurat क्यों नहीं है तुम बैठो मई लेकर आती हूँ...

इत्ता कह कर उन्होंने किचन की तरफ अपने कदम बड़ा दिए....

Divya...tum तो उस दिन के बाद बिलकुल गायब hi हो gye...jab पता चला की स्वाति तुम्हारी बहम है तो उससे दोस्ती ki...tab पता चला की तुम कहीं बहार गए ho....jis बजह से रानी दी ने भी स्कूल जाना बंद कर दिया...

Divya...aise टुकुर टुकुर क्या देख रहे हो कुछ बोलो भी...

मैंने आवाज़ न होने का इशारा किया...

तो उसने अपने सर पर चपत लगते हुए कहा ...अरे मई भी कितनी पागल hun....tumhari आवाज़ चली गयी है भला तुम कैसे बोल सकते...

उसने बोहोत hi मासूमियत से कहा....

फिर वो इधर उधर की बातें करते रही उसने मेरा हाथ पकड़ रखा था ...

की तभी तमिना दी ने एंट्री मार दी कमरे में...

जिसे देखकर दिव्या ने मेरी तरफ सवालिया नज़रों से देखा जिसे की तमिना दी ने देख liya...or समझ भी गयी...

Tamina....mai राज की बहन hun...or तुम

Divya...namaste di...mai ...मई क्लासमेट..

Tamina...classmate या

इत्ते मई रानी दीदी आ गयी चाय और नास्ता lekar...or स्वाति भी....

फिर वो अपने चाय के नास्ते मई बिजी हो गए और मई अपने ढोंग में...

Tamina...Rani मई यहाँ बोर हो रही हूँ क्या कोई घूमने लायक जगह नहीं है क्या यहाँ...

Swati...hein na...hamarw खेतो पर आम के बाग़ में और बोहोत से फलों के पेड़...

Tamina...to चलो चलते हैं वहां घूमने...

Divya...aam वह ! मई भी चल सकती हूँ क्या..

रानी didi...isme पूछने वाली बात क्या है...

Swati...mai तैयार होकर आती हूँ...

कमरे में एक और एंट्री होती है अबकी बार छोटी चची थी...

स chachi...kahan जाने की तैयारी हो रही हैं

Divya...aam खाने

chachi...mtlb...or तुम्हे पहले कभी देखा नहीं

Swati...are चची बाग़ मई जा रहे हैं और ये मेरी फ्रेंड है दिव्या...

स chachi...kaise जा रहे हो...

तमिना di...car से...

स chachi...thik है मई भी चल रही हूँ...

फिर थोड़ी देर बाद सभी चले जाते हैं खेत पर घूमने और मई चैन की नींद सो जाता हूँ...

और जब मेरी नींद खुली तो जो मैंने देखा उसे देखकर आँखों मई खून उतर आया...

तो बे कॉन्टिनोएड. .. ....

पसंद आये तो कमेंट कर के बताएं और न आये तो भी बताएं..
 
थैंक्स फॉर कमेंटिंग...

1...तमिना पदाद के दोस्त की बेटी है और अभी स्टोरी मई ऐसा कुछ नहीं हुआ है की उसे साली बनाया जाये...

2...तमिना जो की इस वक़्त अपने परिवार के सच को जान चुकी थी क्या इस वक़्त उसे एक जीजा साली के रस्ते की जरुरत है या BHAI-BAHAN की...

इसलिए और स्टोरी इन्सेस्ट है इसलिए इसमें कोई खाश परेशानी नहीं होनी चाहिए...

सेक्स भी ागेगा बस कुछ वक़्त की दरकार है...

कीप रीडिंग...
 
अपडेट-37

स chachi...kaise जा रहे हो...

तमिना di...car से...

स chachi...thik है मई भी चल रही हूँ...

फिर थोड़ी देर बाद सभी चले जाते हैं खेत पर घूमने और मई चैन की नींद सो जाता हूँ...

और जब मेरी नींद खुली तो जो मैंने देखा उसे देखकर आँखों मई खून उतर आया...

अब्ब आगे...



बहार से आ रही आवाज़ों से मेरी नींद खुली थी और जब मैंने वहां जाकर देखा तो रानी दीदी और रही थी...

मई ाभु दरवाज़े पर खड़ा हुआ था...

बी chachi...tere बोहित ज्यादा पर निकक रहे है आज कल बागों में घूमने जा रही है...

स chachi...didi इसमें रानी की कोई गलती नहीं है...

बी chachi...tu तो चुप hi रह मेरा मुंह न खुलवा बरना तेरे लोए अच्छा न रहेगा...

Swati...maa इसमें रानी दीदी की कोई गलती नहीं है मेरा hi पेअर फिलहाल गया था...

बी chachi...tu चाप रह और अपने कमरे में जा बड़ी आयी इंसाफ करने बलि...

स्वाति वहां से चली जाती है...

तमिना di...aunty जी प्लीज आप सभी का ठीकरा रानी के

बी chachi...chillakar...aaaeee लड़की तुझे आये 2 दिन हुए नहीं हैं और मुझसे जुबान लड़ा रही है...

Tamina...dekhiye आप बड़ी हैं इसलिए मई आपका लिहाज़ कर रही हूँ वर्ण मुझे जुबान के अल्वा और भी बोहोत कुछ चलना आता है...

बी chachi...ohh टुकड़ों पर पलने बलि रंडी तुझे शर्म भी नहीं है मेरा hi कहती है मुझसे hi जुबान लड़ती है...

वो तमिना की तरफ बाद रही थी और तमिना को मरने hi बलि थी की रानी दीदी ने उनके पेअर पकड़लिये ...

Rani...rote हुए... मेरी hi गलती है आप उन्हें कुछ न कहिये मुंहे मार लीजिये...

बी चची अपना पेअर झटक देती है जिससे रानी दीदी का सर पास hi की दिवार से जाकर लगा...

जिससे की उनका खून निकल आया और मुझे पता नहीं क्या हुआ इतना ज्यादा गुस्सा आया की बता नहीं सकता...

बी चची तमिना को मरने hi वाली थी की मेरे अंदर से एक दहाड़ सी कुछ आवाज़ निकली पता नहीं क्या था...

और एक hi पल में मई बड़ी चची जे सामने था और मैंने उसको एक हाथ से गले से पकड़कर ऊपर उठा दिया....

बोहोत hi गुस्से मई चिल्ला रहा tha...tu मेरी बहनो को maregi...teri इतनी हिम्मत भी कैसे हुई ...

mai...tune मेरी बहनो पर हाथ उठाने की जुर्रत कैसे की...

और मेरे पंजे की पकड़ उसके गले पर बढ़ती जा रही thi...or उसने अपने दोनों हाथो से मेरे हाथ को पकड़ रखा था और अपनी टांगों को हवा मई इधर उधर मार रही थी चेहरा पूरा लाल पद गया था आँखों से अंशू बहने लगे the...lekin उसके छूटने की सभी कोशिशें बिफल रही...

mai...gusse mein...meri बहनी को maregi...kya बिगाड़ा है इन्होने तेरा ...

mai...boooooolllll [ye maine itni jor se bola ki vo chhtaptate hue behosh ho gyi....]

तभी सभी भागते हुए आते हैं और बी चची को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे...

उनमे बड़े चाचा पापा और अभय भी tha...lekin कोई भी नहीं छुड़ा प् रहा tha...kisi ने मुझपर बार भी किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ एक hi दहाड़ मई उसकी हालत पतली हो गयी दूर हैट गया...

फिर पता नहीं क्या हुआ और मई बेहोश हो गया...

मुझे वहां से उठाकर ले जाया gya...badi चची को भी होश आ गया था कुछ डेट बाद...

और जब मेरे ऊपर पानी डालकर होश मई लाया गया तो मैंने देखा की बड़ी चची एक कोने मई बैठी हुई थी दरी हुई और बाकि लोग भी अलग थे से दर देख रहे थे ...

उनलोगों के चेहरे पर दर साफ़ देखा जा सकता था...

लेकिन मेरे पास इस वक़्त स चची और रानी दीदी बैठे the...Rani दीदी का तो समझ आता है लेकिन छोटी चची का कुछ समझ न आया...

रानी दीदी...[mere ko jagah jagah harh lagakar dekhte hue] भाई तू ठीक तो है न तुझे कुचब हुआ तो नहीं...

बी chacha...ise क्या होगा ये तो दूसरों की जान लेने पर तुला है ...

मैंने जैसे hi उनकी तरफ देखा उनकी सिटी पित्ती गम हो गए और वहां से चलते बने...

mai...Mai तो ठीक हूँ और अब ठीक hi रहूँगा लेकिन अगर किसी ने तुम्हे कुछ उल्टा सीधा कहने की जुर्रत की तो उसकी जुबान निकल कर उसके गले मई दाल दूंगा...[ye baat maine b chachi ki taraf dekhte hue kahi thi jisse ki vo kuchh sakpaka si gyi]

Papa...Raaaj संस्कारों को बिलकुल भूल गए हो ....क्या यही संस्कार दिए हैं हमने तुम्हे...

मई... संस्कारों की बात न hi की जाये तो hi बेहतर है...

mai...sanskar सिर्फ हमारे लिए हैं इनके लिए कुछ नहीं है जब जैसे चाचा जैसे इस्तमाल kiya...akhir कोई हद होती है की नहीं...

इसके बाद पापा ने तो कुछ नहीं कहा...

रानी didi...bhai शांत हो जा हम भी इन्ही की तरह हो गए तो हम में और इन में फरक क्या रह जायेगा...

mai...ha बात तो आपकी सही है [ कुछ सोचते हुए...] आज के बाद हम इस घर मई नहीं रहेंगे...

रानी didi...bhai

उनको रोकते हुए...

mai...ab मुझे कुछ नहीं sunna...ab हम यहाँ तो नहीं रहेंगे पता नहीं कब कोण कैसे क्या कर de...isliye मैंने सोचा है हम खेत वाले घर मई रहेंगे...

रानी दीदी...[meri ankhon mein dekhte hue]

क्या हो गया है भाई तुझे...

mai...kuchh नहीं बीएस जो जरुरी सामान है वो लेले और यहाँ से चलते हैं ...तमिना दी प्लीज रानी दीदी की मदद कर दो सामान पैक करने में...

Tamina...hmm क्यों नहीं...

फिर कुछ देर बाद सामान पैक करके तैयारी हो गयी लेकिन पापा जाने के लिए नहीं मान रहे थे...

mai...chalo पापा

पापा●●●●●●●●●●[ कुछ नहीं कहा ]

mai...kya आप ऐसे hi हमें दुःख मई देखना चाहते हैं , क्या आप ये चाहते हैं की रानी दीदी को रोज इसी तरह जलील किया जाये...

papa...lekin

mai...lekin क्या ,अगर आप ऐसा hi चाहते हैं तो आप रह सकते हैं और जिसे रहना है वो रह सकता है मई तो नहीं रहूँगा...

रानी दीदी ...जहाँ मेरा भाई रहेगा मई तो बस वहीँ रहूंगी...

Tamina...or मई भी...

हम चलने को होते हैं की तभी इ और आवाज़ आती है की मई भी...

मई तो बिलकुल चौंक जाता हूँ ऐसा सुनकर क्योंकि ये आवाज़ चची की थी ये बही है जिसने मुझे कुछ दिन पहले मरने का प्लान बनाया था इसलिए मुझे विश्वाश नहीं हो रहा था ...

लेकिन मैंने अब्जी कुछ भी कहना सही नहीं समझा...

रानी didi...haan क्यों नहीं ये तो अच्छी बात है ..

फिर पापा भी चल देते हैं साथ में...

तमिना दी की गाड़ी मई सभी ने सामान रखा और पांच गए खेत वाले घर में जो की ज्यादा बड़ा तो नहीं था लेकिन अभी के लिए सही था...

हम सभी 1सत फ्लोर पर शिफ्ट हो गए क्योंकि ग्राउंड फ्लोर पर फलों और सब्जियों का भंडार था...

[intro mai bataya gya tha ki paribar ki income ka source inka baag hai jisme ki tarah tarah ke falon ke ped hein...or khet mai sabjiyon ka utpadan bhi hota hai...]

खैर हम सभी ने वहां अपना सामान सेट किया और मैंने तमिना दी को अपने पास बुलाया और उनसे पास के hi टाउन की मार्किट मई चलने को कहा...

Tamina...abhi क्यों जाना है मार्किट

mai...ab यहाँ रहना है तो सामान की जरुरत तो पड़ेगी hi...

तमिना di...hmm ये तो है लेकिन मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है इस सब जे बारे mein...aisa करो तुम रानी को ले जाओ...

mai...[:frown:] मुझे कार चलना नहीं आती...

Tamina...ale मेरा भाई बाटे तो इत्ती बड़ी करता है लेकिन कार चलना नहीं आती कोई नहीं मई सीखा दूंगी...

मई .... थैंक्स di...aisa करते हैं सभी को साथ ले चलते हैं आज खाना बहार hi खा लेंगे और जो जरुरी सामान होगा वो ले लेंगे...

Tamina...ha ये ठीक रहेगा...

सभी को इस प्लान के बारे मई जानकारी दी जाती है तो सभी चलने को तैयार हो जाते हैं पापा को छोड़कर लेकिन तमिना दी और रानी दी ने उन्हें भी मन लिया...

तो बे कॉन्टिनोएड. ...

 
थैंक्स फॉर कमेंटिंग...

क्या पता राज का क्या प्लान था गूंगे रहने के लिए लेकिन ागत कोई उसपर हाट उठाये जिससे उसकी आत्मा जुडी हुई है तो उसके सामने ऐसे हज़ारों प्लान कुरआन होते हैं...

तमिना अभी नयी नयी hi थी घर मई हैंडल तो वो किसी को भी कर सकती है लेकिन फिर बात वही आ जाती की हीरो कुछ करेगा की नहीं...

और रही बात सन की तो वो तो अब भी बनाया जा सकता है...

कीप रीडिंग...

कीप सपोर्टिंग...
 
अपडेट-38


तमिना di...hmm ये तो है लेकिन मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है इस सब जे बारे mein...aisa करो तुम रानी को ले जाओ...

मई...[munh banate hue] मुझे कार चलना नहीं आती...

Tamina...ale मेरा भाई बाटे तो इत्ती बड़ी करता है लेकिन कार चलना नहीं आती कोई नहीं मई सीखा दूंगी...

मई .... थैंक्स di...aisa करते हैं सभी को साथ ले चलते हैं आज खाना बहार hi खा लेंगे और जो जरुरी सामान होगा वो ले लेंगे...

Tamina...ha ये ठीक रहेगा...

सभी को इस प्लान के बारे मई जानकारी दी जाती है तो सभी चलने को तैयार हो जाते हैं पापा को छोड़कर लेकिन तमिना दी और रानी दी ने उन्हें भी मन लिया...

अब्ब आगे...

कुछ देर बाद सभी लोग कार में विराजमान थे और फिर गाड़ी निकल पड़ी सिटी की और...

papa...to बीटा तमिना तुम करती क्या हो मेरा मतलब है पड़े या कुछ और...

Tamina...mere पास्ट के बारे में जान कर शायद आप को अच्छा न lage...lekin कोई भी रिस्ता झूट की नीब पर नहीं टिकता इसलिए मई सच hi बताना चाहती हूँ...

mai...ek बार और सोच लो दी...

papa...batane दे अगर इंसान को किसी और से सच पता चले तो ज्यादा दुःख होता hai...chahe तुमने पास्ट मई कुछ भी किया हो लेकिन तुम ने सच बताने की कहकर जो काम किया है उसने दिल जीत लिया...

फिर तमिना ने वो कहना सुनाई जो प्रिय और उसके डैड को सुनाई थी..

जिसे सुनकर सभी को बोहोत दर्द हुआ...

Tamina...aur प्रिय के डैड से बदला लेने के लिए hi मैंने हमला किया जिसमे राज को गोली लगी...

फिर इतना कहकर उसकी आँखों से अंशू बहाने लगे...

इसी दरमियान हम सिटी मई पोहोंच gye...sabhi ने तमिना को दिलाशा दिया की जो हुआ वो पास्ट की बात है उसे भूल जाओ गलती इंसान से hi होती है...

papa...mai बोहोत खुश नसीब हूँ जो मुझे बागवान से दो दो बेटियां मिली...

प्रिय और तमिना दोनों hi पापा के गले लग गयी...

जिसे देखकर मुझे भी बोहोत ख़ुशी हुई की अब लग रही है एक फॅमिली सी नहीं तो वहां तो कोई सीधे मुंह बात नहीं करता था अब मुझे अपने लिए फैशले का कोई अफसोश नहीं था...

हम मॉल के सामने खड़े थे और आस पास से गुज़रते हुए लोग इस फॅमिली ड्रामा को देख रहे थे...

तमिना... आज की साडी शॉपिंग मेरी तरफ से दिल खोल कर शॉपिंग करो..

Dad...iski कोई जरुरत नहीं है अभी मई हूँ न...

Tamina...my डिअर डैड आप को टेंशन लेने की कोई जरुरत नहीं hai...akhir कर घर की बड़ी बेटी होने के नाते मेरा भी कोई फ़र्ज़ बनता है...

Tamina...ab चलो की यहीं बातें करनी हैं...

कुछ देर बाद सभी लोग मॉल मई अंदर थे...

मई और रानी दीदी घर का सामान खरीदने के लिए निकल गए...

तमिना दी पापा और स चची कपड़ों की शॉपिंग के लिए गयी...

लेकिन वो दोनों कुछ नहीं ले रहे थे फिर तमिना दी ने चची को फाॅर्स किया तो चची फिर खुल के खरीदने लगी...

पापा कुछ नहीं खरीद रहे थे उन्हें भी तमिना दी ने जवर्दस्ती कपडे दिला दिए...

इधर रानी दीदी घर का सामान ले रही थे मई रखता जा रहा था...

मई सामान लेकर आगे था रानी दीदी पीछे रह गयी...

लेकिन मुझे एक बार ऐसा लगा की हमपर नज़र रखी जा रही है...

फिर हम भी पोहोंच गए बाकि लोगों के पास वहां मुझे भी जवर्दस्ती कपडे दिला दिए गए जिसमे की तमिना दी और रानी दी का जवर्दस्त हाथ था...

फिर आयी बिल करने की बरी तो तमिना दी ने मुझे hi अपना कार्ड दे दिया मई चला गया पेमेंट करने ....

जब वापस आया तो देखा की पापा तो सामान उठाकर बहार की और जा रहे थे रानी दीदी और चची बात कर रही थी...

तभी एक आवारा लड़का रानी दीदी को टच करने वाला होता है जो की न रानी दीदी को दिख रहा था न hi चची को तमिना दी की बजह से...

जैसे hi उसका हाथ रानी दीदी के करीब आया तो तमिना दे ने इतनी फुर्ती से उसका हाथ मोड़ा की कलाई पे से टेड़ा कर दिया ...

वो चिल्लाने वाला hi था की एक लात सामने से उसके घटने पे पड़ी जिससे वो मुंह के बल रानी दीदी के पैरों में गिरा और साथ में चीख भी निकल गयी...

तमिना दी ने ये काम इत्ती सफाई से किया की देखने वाले को यही लगे की किसी का पेअर फिसलने की वजह से गिर गया है...

लेकिन मैंने उन्हें ऐसा करते हुए देख लिया था उस लड़के को वहां से खड़ा कर के भेज दिया गया मई भी तब तक वहां पोहोंच गया था...

मई तमिना दी से बात करना चाहता था इसलिए...

mai...Rani दीदी आप और चची चलिए मई तमिना दी के साथ सामान लेकर आता हूँ...

फिर वो दोनों चले गए...

mai...ye क्या था दी

Tamina...kya क्या था...

mai....maine देख लिया जो अपने अभी उस लड़के की हालत की...

Tamina...ohh...kuchh नहीं एक बहन का दूसरी बहन के लिए प्यार...

फिर हम भी वहां से चल दिए पार्किंग मई जा कर देखा तो वहां कई लड़कों ने चची और रानी दीदी को घेर रखा था...

और लड़कों ने पापा को पकड़ रखा था....

मेरी आँखों में खून उतर आया क्योंकि वो रानी दीदी को तंग कर रहे थे...

लेकिन वाकई लड़के कुछ ठीक हालत मई नहीं लग रहे थे सिर्फ 1 को छोड़कर कोई लंगड़ा रहा था किसी के मुंह से खून निकल रहा था किसी की आंख नीली हो रही थी किसी का हाथ मुदा हुआ था...

मैंने देखा थोड़ी देर पहले वाला लड़का भी वहीँ है...

लड़का जो ठीक हालत मई था वो शायद बॉस था...

boss...aisa क्या है इस लड़की मई जो कोई इसे छू भी नहीं पा रहा...

L1...bhai एक लड़की है जब इसे छूने जाओ तो पता नहीं कहाँ से आ जाती है...

L2...ha भाई ये सही कह रहा है...

boss...jara मई भी तो देखूं...

अब तक हम उनके पास पोहोंच चुके थे...

तमिना di...koshish कर लो

L1...boss यही है वो लड़की...

boss...ise तो मई रगड़ रगड़ कर

इतना hi कहा था की 2 दन्त जमीं पर गिरे पड़े थे उसके...

इतने मई जिन्होंने पापा को छुड़ा रखा था उनमे से एक के मुझ पर पंच और दूसरे के दिल पर लात मरी तो दोनों बेहोश हो गए...

जिसे देखकर मुझे भी अचम्भा हुआ की ये कैसे हुआ...

बॉस अपना खून देखकर बौखला गया था...

boss...mujh पर आज तक मेरे बाप ने भी हाथ नहीं उठाया और तूने मेरे दन्त तोड़ diye...ab तू नहीं bachegi...maro रे सभी [boss jor se chillaya]...

लेकिन कोई भी तमिना दी के पास जाने की हिम्मत नहीं दिखा रहा था...

फिर बॉस ने hi हिम्मत दिखाई और पूछ तमिना दी को मरना चाहा लेकिन बिचारे का हाथ तोड़ दिया gya...or वो जोर से चिल्लाया...

L3...tum लॉफ नहीं बचोगे तुम जानते नहीं ये किसका भाई है...

mai...Vo बाद मई देखेंगे पहले इसे हॉस्पिटल ले जाओ...

ये सारा कार्यक्रम देखकर रानी दीदी कुछ शॉक मई थी...

फिर हम एक 5 स्टार होटल मई पोंछे...

वहां खाना आर्डर किया लेकिन शायद आज का दिन कुछ ज्यादा hi हप्पेनिंग वाला था...

मई वाशरूम गया था और जब वापस आया तो देखा तो वहां कोई नहीं था...

मतलब रानी दीदी पापा चची तमिना दी कोई नहीं था...

लेकिन तभी मुझे कहीं से आती हुई दिखाई दी...

तमिना di...waki सब कहाँ हैं

मई... क्या [chonkte hue] आप के साथ नहीं हैं...

तमिना di...mera फ़ोन गाड़ी मई रह गया था मई तो फ़ोन लेने गयी थी...

मेरा सर घूमने लगा लेकिन तमिना दी पूछने लगी की आस पास के लोगों से कोई कुछ नहीं बता रहा था...

mai...cctv फोटागे चेक करते हैं...

Tamina...ha ये सही रहेगा

वहां कण्ट्रोल रूम मक न जाने दे कोई फिर तमिना दी निकल पर्स मई से gun...or हम पोहोंच गए कक्तव कंटोलर के पास...

फोटागे देखने मई पता चला की जो लोग मॉल में मिले थे उनमे से एक ने जिस टेबल पर रानी दीदी और वाकई लोग बैठे थे उस तरफ इशारा किया और 10 लोग एक साथ आये और जवर्दस्त उन्हें होटल के अंदर की तरफ ले गए...

कक्तव फोटागे किसी बेसमेंट के पास जाकर रुक गयी...

फिर हम जल्दी से उस तरफ पोहोंच गए...

वहां का नज़ारा कुछ ऐसा था की एक आदमी रिंग मई बोहोर गुस्से मई कई लोगों को मार रहा था...

वो उन्हें मरता रहा तब तक की सभी बेहोश न हो गए और जैसे hi बाहर आया तो देखा की वो जिसतरफ जा रहा था वहां वो मॉल बाला बॉस खड़ा था चोटिल हालत मई...

मॉल बाला boss....VICKEY

उसका वडा bhai....AKASH[akki]

akki...kisne की तेरी ये हालत...

VICKEY...bhai एक लड़की है

अक्की...[VICKEY ko jalil karte hue] छी शर्म आणि चाहिए की एक लड़की से पिट के आये ho...jis अक्की से पूरा सहर कांपता है उसका भाई एक लड़की से पीटकर आया है...

विक्की....[ek taraf ishara karte hue] भाई उस कमरे मई एक लड़की है जब भी कोई छूने की कोशिश करता है तो एक लड़की आ टपकती है और सभी को मरती है...

अक्की उस तरह चल देता है और साथ मई छुपके से मई और तमिना दीदी भी हम जहाँ पोहोंचे वो एक बड़ा सा अँधेरा हॉल था

जहाँ रानी दीदी चची और डैड को एक जगह बांध कर रखा गया था...

बहार की तरफ रिंग मई अब भी रेसलिंग मैचेस चल रहे थे और शायद गैंबलिंग भी...

जब अक्की ने रैंक दीदी को देखा तो देखता hi रह गया...

akki...maal तो सही मई कड़क है मज़ा आएगा आज तो...

वो जैसे hi रानी दीदी को हाथ लगाने वाला होता है की...

Tamina...na ऐसी गलती न करना वर्ण तुम्हारे भाई से भी बदतर हालत करुँगी...

हमें वहां देखकर सभी हैरान हो gye...akki से लेकर पापा तक ...

रानी दीदी का चेहरा भी खिल उठा क्योंकि वो रो रही थी कुछ डेट पहले....

akki...tu मेरी हालत ख़राब karegi...is सहर मई आज तक कोई भी हरा नहीं पाया है मुझे रेसलिंग meim...or तू एक लड़की होकर मुझे धमकी दे रही है...

Tamina...to आज तुम्हारा घमंड चूर करना hi पड़ेगा...

akki...ab ये न कह देना की तुम मुझसे रिंग में फाइट करोगी...

तमिना दी बोलने वाली थी उससे पहले मई बोल पड़ा...

mai...mai करूँगा...

akki...to ठीक है अगर तुम हार गए तो ये सभी मेरी रख.....

इससे पहले hi वो जमीं पर पड़ा हुआ दिखाई दिया [karamat tamina di ki]

उसे बिलकुल भी भरोषा नहीं हुआ की कहाँ तो उसे कोई छू भी नहीं पता था और कहाँ एक लड़की ने पालक झपकते पछाड़ लगा दी...

Tamina...ab जो बोलना है रिंग मई bolna...aur तुम्हारे हरने के बाद ये होटल हमारा होगा...

अक्की बस मुस्कुरा दिया...

akki...to ठीक है मिलते हैं 1/2 घंटे बाद रिंग में...

अक्की ने अपने आदमियों को कह कर रानी दी चची और पापा को खिलवा दिया और कहा अब तो मई इन्हे जीत कर hi रहूँगा...

और वो वहां से चला गया...

तमिना दी मुझे कोने मई ले जाते हुए... क्या ये सही rhega...tum अभी कमजोर ho...aur न hi रुमहे कोई प्रैक्टिस है इस तरह की सिचुएशन की जबकि मेरा तो ये रोज का काम है...

मई...[unki ankhon mein dekhte hue] बस इतना hi विश्वाश है अपने भाई पर...

तमिना di...baat को समझने की कोशिश करो राज वो बात नहीं है मुख्य तुम पर विश्वाश है पर...

Mai...par वॉर कुछ नहीं इसने रानी दीदी को दुःख दिया है इसे तो मई नहीं छोडूंगा....

Tamina...theek है phir...be रेडी...

mai...hmm

तभी रानी दीदी आकर मेरे गले लग गयी... भाई तू ऐसा कुछ नहीं करेगा...

mai...vishwash नहीं है आपको अपने भाई पर...

1/2 कब बीत गया कुछ पता hi नहीं चला...

फिर मैच के लिए हम दोनों रिंग मई पोहोंच गए...

फाइट शुरू हो गयी...

मुझे कुछ ज्यादा नहीं पता था ऐसी फाइट्स के बारे मई लेकिन मई प्रिय के सिखये हुए कुछ मूव्स जनता था...

फाइट सुरु होते hi उसने बोहोत hi फुर्ती से मेरे पर हमला कर दिया...

जिस के बदले मेरे पास कोई जवाब नहीं था क्योंकि वो बोहोत तेज़ था...

एक बात थी पर मुझे ज्यादा चोट मह्सुश नहीं हो रही....

जब वो मेरी पंचेस मार रहा था तो मैंने उसे एक बार धक्क्क दिया जिससे वो जाकर दूसरे कोने मई जाकर गिरा...

अक्की बिलकुल चौंक गया क्योंकि मैंने उसे 1 hi बार मई करीब 20 फ़ीट दूर डंक दिया था...

वो गुस्से में उठकर आया और बोहोत hi फुर्ती से मुझे बिलकुल लाजवाब कर के मेरे आंख और मुंह पर पूछेस की बरसात कर दी...

जिसकी बजह से मेरी नाक से खून निकलने लगा...

जैसे hi मेरे खून दिखाई दिया रानी दीदी चिल्ला पड़ी...

अब तक अक्की रिंग मई एक टेबल टाइप का कुछ ले आया था....

रानी दीदी के चीख के बाद पता नहीं क्या हुआ मुझे जैसे hi अक्की ने मुझे गले से पकड़कर उठाना चाहा मैंने उसके सर पर एक चोप मारा

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जिसके इम्पैक्ट से वो रिंग मई गिर गया...

वो फिर खड़ा हुआ और मुझे मरने को दौड़ा तो उसको टेबल पर एक स्पीयर दे दिया...

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जिसकी वजह से वो बेहोश हो गया...

उसके जो साथी वहां थे वो मुझे हमला करने को आये तो तमिना दी भी रिंग मई आ गयी और फिर क्या था सभी इधर उधर दर्द से चिल्लाते हुए पड़े थे...

तमिना दी ने मुझे गले लगा लिया और kaha...ye हुई न मेरे भाई वाली बात...

थोड़ा बोहोत फॅमिली ड्रामा और फिर हम वहां से चलने लगे तो तमिना दी ने वहां के आदमियों से कहा की इसे हॉस्पिटल पहुंचा दो...

कल बात करेंगे इससे अभी रत हो गयी है घर जाना सही रहेगा...

उसी 5* होटल मई खाना खाकर हम लोग घर पोहोंच गए...

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
थैंक्स फॉर रीडिंग...

एक जगह राज को महसूस होता है की उसको कोई देख रहा है लेकिन कुछ नहीं होता वहां ऐसे बोहोत से सीन्स हुए शॉपिंग के दौरान जिसमे तमिना ने लड़को को मारा...

कहानी राज के पॉइंट ऑफ़ व्यू से लिखी जा रही है इसलिए वो नहीं दिखाए...

होटल अभी अपना नहीं हुआ है...

सेक्स भी आएगा लेकिन उसके लिए थोड़ा टीम लगेगा...

कीप रीडिंग...

कीप सपोर्टिंग...
 
अपडेट-39



तमिना दी ने मुझे गले लगा लिया और kaha...ye हुई न मेरे भाई वाली बात...

थोड़ा बोहोत फॅमिली ड्रामा और फिर हम वहां से चलने लगे तो तमिना दी ने वहां के आदमियों से कहा की इसे हॉस्पिटल पहुंचा दो...

कल बात करेंगे इससे अभी रत हो गयी है घर जाना सही रहेगा...

उसी 5* होटल मई खाना खाकर हम लोग घर पोहोंच गए...



अब्ब आगे..................



घर आकर जिस को जहाँ जगह मिली वो वहां सो गया...

लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी आज जो कुछ भी हुआ उसे सोचकर इसलिए मई छत पर टहलने लगा...

और एक बात ये आ रही थी दिमाग में जैसे की मेरे अंदर से आने वाली आवाज़ ने कहा था की मेरे पास अभी शक्तियां नहीं है तो फिर मेरे में इतनी ताकत कैसे आ गयी है...

और इतना पिटाई खाने के बाद भी मुझे कुछ ज्यादा फरक नहीं पड़ा ये कैसे हो सकता है...

तभी फिर से आवाज़ आती hai...ye वो आवाज़ें थी जो मेरे अंदर से आती थी...

A1...kyonki तुम्हारे पास हमारी शक्तियों के अलावा भी कुछ है...

mai...ohh तो आज इतने दिनों बाद याद आ hi गयी...

A2...tumne hi तो आज याद किया है...

mai...jo तुम्हारे उस ने कहा अभी उसका मतलब बताओ...

A2...kis जे किस ने किस से क्या कहा मुझे कुछ नहीं पता..

mai...itne सरे किस एक साथ तो सबसे पहले तुम दोनों होने नाम बताओ मुझे...

A1...ye सही rhega...mera नाम सुदर्शन है...

A2...or मेरा नाम रोहिणी hai...lekin राइटर का काम थोड़ा आसान कर देते हैं तुम मुझे RUHI...or ise...SID बुला सकते हो...

mai...chalo ये तो अच्छा है तुम लोगों की भलाई के बारे में सोचते हो राइटर का तो काम ाशन कर दिया अब कुछ मेरा भी कर दो...

Sid...hmm तुम ज्यादा न सोचा करो सब कुछ समय आने पर पता चल जायेगा...

Ruhi...Sid ये क्या दूसरी स्टोरी वालों की तरह लगा रखा है समय आने पर पता चल jayega...hamari स्टोरी अलग hai...tum अभी बताओ राज को...

Sid...are मेरी माँ गुस्सा क्यों हो रही हो बताता हूँ न मज़े ले रहा था थोड़े से...

Ruhi...ohh ऐसा क्या..

mai...maze हो गए हों तो काम hi बात करें...

Sid...bilkul

मई ...तो फिर बताओ क्यों मुझे कोई दर्द नहीं हो रहा है उससे मार खाने के baad...or जब अक्की मार रहा था तब तो हो रहा पर अब नहीं...

sid...to बात है ये राज तुम्हारे पास हमारी शक्तियों के अल्वा और बजी सकती हैं...

mai...mai कुछ समझा nhi...or शक्तियां कहाँ से आयी मेरे पास

Ruhi...koi काम ढंग से नहीं होता पूरा घुमक्कड़ है...

रूही...[kuchh rahsyamyi raj batane ki acting karte hue] बात उस दिन की है जब पुरे सहर मई तुम्हारे लिए कहीं भी ो नेगेटिव ब्लड नहीं मिल रहा tha...tab एक साधु तुम्हे ब्लड देते हैं...

Sid...or वो साधु कोई साधारण साधु नहीं थे उनके पास दिव्या शक्तियां thi...to उन्होंने खून के साथ साथ तुम्हे अपनी शक्तियां भी दे दी...

mai...pahli बात तो ये बातक की उन्होंने मुझे hi शक्तियां क्यों दी किसी और को क्यों नहीं... और दूसरी ये बताओ अगर मई उन शक्तियों का गलत इस्तेमाल करता तो...

Ruhi...aunhone ऐसे hi तुम्हे शक्तियां नहीं दे दी पहले उन्होंने तुम्हारी परीक्षा ली तब दी...

mai...lekin कब मुझे तो कुछ पता नहीं है...

Ruhi...pariksha बता कर नहीं ली jati...or अब तुम्हारा दूसरा जवाब ये है की इस धरती पर जो भी आता है वो सुनिश्चित समय के लिए आता है और अब उन साधु बाबा का टीम हो गया tha...isliye उन्होंने अपनी शक्तियां और जिम्मेदारियां तुम्हे दे di...or तुम्हारे पास भी ये शक्तियां सिर्फ एक निश्चित समय तक hi रहेंगी जब तक तुम इस प्रकृति की सेवा कर सकोगे तब तक तुम शक्तियों के मालिक रहोगे...

mai...vo सब तो ठीक है पर ये जिम्मेदारियां कैसी...

Sid...ale मेला मालिक सब कुछ अभी जान लेगा तो फिर तू हमें भूल नहीं जायेगा क्या...

Ruhi...isliye टाटा bye -bye

इतना कहकर वो दोनों वहां से गायब हो गए....

मुझे भी अब नींद आने लगी थी लेकिन जैसे hi मई मुदा तो चची छत पर आती हुई नज़र आयी...

और कुछ hi देर मई वो मेरे पास कड़ी थी...

स chachi...yahan क्यों खड़ा hai...neend नहीं आ रही क्या...

मई...[rudely ]नहीं मुझे तो रात भर जागने का शौख है....

स chachi...thank यू राज...

Mai...ab ये क्या ड्रामा है...

स chachi...mujhe अपने साथ लेन लिए मई अब वहां नहीं रह पति...

मई...[gusse bhare andaz mai] मई सब के सामने तुम्हे जलील करना नहीं चाहता इसलिए कुछ नहीं कहा और एक बात काम खोल कर सुन लो अगर कुछ भी गड़बड़ करने की कोशिश की तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा...

स chachi...tumne मुझे अभी भी माफ़ नहीं किया hai..mere से गलती हो गयी अब तुम जो कहोगे मई वो करुँगी...[or ankhon mai anshoo aa chuke the...]

mai...unko रोटा हुआ देखकर वहां से खिशख लिया क्योंकि मई किसी को रोटा हुआ नहीं देख sakta...or आकर सो gya...thodi hi देर मई नींद भी आ गयी...

लेकिन पता नहीं किस कम्बख्त को मेरे को सोता हुआ नहीं देखा गया और भिगो दिया...

तमिना दी...[strictly ] 5 मं के अंदर घर के बगैर मिलो...

मैंने टीम देखा तो 4 बजने मई 4 मिंट की hi देर थी...

mai...abhi तो चार भी नहीं बजे हैं

तमिना di...jitna कहा है उतना करो..

फिर मई बहार गया भाई लोग उन्होंने जो कहा मई करते गया कसम से बंद बजा के रख दी मेरी...

उनके बंद बजने में इस्तेमाल हुए कुछ तरीके...

पहले तो रूँनिग करवाई जिसमे तो मुझे ज्यादा परेशानी नहीं हुई...

फिर पुश यूपीएस, ष्टूप्स, जिम का कोई साधन नहीं था तो एक कुल्हाड़ी मुझे थमा दी गयी और जो सूखे हुए पेड़ थे वो कटवाए गए...

कसम से बंद तो लकड़ी काटने मई बजी हाटों की ऐसी तैसी हो गयी...

फिर उन कटी हुई लकड़ियों को वहां से ले जाकर रखना...

इसी मई सुबह हो गयी और मई बिलकुल थक गया...

आकर आराम करने लगा तो रानी दीदी ने कहा की आज स्कूल चलते हैं बोहोत दिन गए हैं...

मई... चलते हैं...

तभी तमिना दी आ गयी

तमिना di...kahan जाने की बातें हो रही हैं...

रानी didi...school

तमिना di...aaj बोहोत काम करने हैं आज न जाओ तो कैसा रहेगा...

रानी didi...kahan है काम मुझे तो कहीं नहीं दिख रहा...

तमिना दी रानी दीदी के गलों को दोनों हाथों से पकड़ते hue....are मेरी प्यारी बहन सभी काम दीखते नहीं हैं...

रानी didi...mtlb

तमिना di...mtlb पहले तो तुम दोनों आज सचल नहीं जा रहे बस...

रानी didi...theek है लेकिन फिर हम यहीं क्या करेंगे...

तमिना di...vo मई बाद मई बताउंगी...

ान स्कूल तो जाना नहीं था इसलिए मई फिर से सो गया जब जगा तो फिर से शोर चालू था...

मामला पता किया तो चची ऊपर छत पर बेहोश मिली थी...

उनको पानी डालकर होश मई लाया गया और गाओं से एक डॉक्टर को बुलाया गया...

डॉक्टर ने बताया की तनाब और कमजोरी लेने से ये सब हुआ है कुछ खाश परेशानी नहीं है...

फिर कुछ देर बाद तमिना दी आ गयी मेरे पास...

तमिना di...Raj ऐसा करो तैयार हो जाओ और अपने डाक्यूमेंट्स लेलो और रानी को भी बोल दो...

Mai...documents किस लिए...

तमिना di...sabra रखो पता चल जायेगा...

अब तो साबरा hi रखना था तो हमने सहर पोहॉंछने तक साबरा hi रखा इस बार मई रानी दीदी और तमिना दीदी hi गयी थी...

वहां जाकर रानी दीदी हमें बैंक लेकर गयी जहाँ हमरे बैंक मई अकाउंट khule...or उनमे 10-10 लक्ष अपने अकाउंट से हमारे में ट्रांसफर भी कर दिए...

रानी didi...ye सब क्यों दीदी अभी हमें इनसब की कोई जरुरत नहीं है...

Mai...haa अभी हमें कोई जरुरत महि है...

Tamina...ab तुम्हे अपने पैरों पर खड़े होना है और जरुरत क्यों नहीं है...

रानी didi...abhi हम पद रहे हैं भला हमें पैसे की क्या जरुरत है...

Tamina...sab कुछ जरुरत के हिसाब से नहीं किया जाता है और अब कोई बहस नहीं मैंने ये सब कुछ सोचकर hi किया होगा....

अगला टारगेट रहा वो 5* होटल जो हमने कल जीता था वहां पर लंच किया और अक्की के हॉस्पिटल का पता लेकर वहां से हॉस्पिटल रवाना हो गए..

अक्की जिस हॉस्पिटल में था वो पास में hi था तो कुछ देर बाद हम अक्की जिस वार्ड मई था उसमे एंट्री करने वाले थे...

लेकिन वहां एक लड़की अपने भाई की ऐसी हालत देख कर रो रही थी और विक्की भी पास मई hi था....

वो अपने भाई की इस हालत पर अंशू बहा रही थी और लाज़मी भी था आखिर भाई बहन का रिस्ता होता है ऐसा है...

एक दूसरे को दुःख मई नहीं देख सकते चाहे आपस कितने भी क्यों न लड़ते हों...

वहां वार्ड मई जाकर अक्की के हाल चल लिए...

ladki...ab क्या लेने आये हो मेरे भाई की ऐसी हालत कर दी और तो और जो खून पसीना बहकर होटल बनाया था वो भी अपना कर लिया...

Tamina...tumhe भाइयों की हालत के वो खुद जिम्मेदार हैं तुम hi सोचो जरा अगर तुम पर कोई गलत नज़र रखेगा तो क्या तुम्हारे भाई उस सख्स की ऐसी hi हालत नहीं करेंगे...

akki...sant हो जाओ सोनम गलती हमारी hi थी...

Tamina...uska हमसे लड़ना जायज़ है लेकिन अपने इस भाई को समझो की लड़कियों की इज्जत करना सीखे न की उछालना...

akki...g अब ऐसा कभी नहीं होगा और विक्की तुम इन्हे होटल के पेपर्स दे दो ....

विक्की होटल के पेपर्स दे देता है जिसमे की बस सिग्न करने की देर थी और होटल हमारा हो जाता...

लेकिन मुझे ऐसा लग रहा था की रानी दीदी कुछ कहना चाहती हैं पर कह नहीं पा रही हैं...

mai...kya हुआ रानी दीदी कुछ कहना चाहती हो क्या...

रानी didi...vo...vo है मई सोच रही थी की गलती इंसान से हो hi जाती है इसलिए हमें इन्हे माफ़ कर दबा चाहिए....

तमिना di...kah तो तुम ठीक रही हो ..

mai...to ऐसा करते हैं की हम इनसे होटल को नहीं लेंगे....

तमिना di...to फिर

mai...ye इनकी म्हणत की कमाई है पर शर्त के मुताबिक हमने भी होटल कोई जवर्दस्ती नहीं liya...lekin इन्होने अपनी सरत को पूरा कर के इंसानियत का परिचय दिया hai...warna आज कल कोण यूँ hi कह दी शर्तों को मंटा है...

Tamina...to फिर तुम अब क्या चाहते हो...

Mai...maine सोचा है की ये होटल हमारी पार्टनरशिप में chalega...jisme की हमारा हिस्सा 60% और इनका 40%...अब इनसे गलती तो हुई है इसलिए सजा तो भुगतनी पड़ेगी...

मेरी ये बात सुनते hi अक्की का भाई विक्की जाकर रानी दीदी के पैरों मई गिर गया और माफ़ी मांगने लगा अपनी की हुई गलती की और फिर से ऐसा न करने की कहने लगा....

mai...koi बात नहीं गलती इंसान से होती है लेकिन फिर कभी ऐसा नहीं करना आखिर तुम्हारी भी एक बहन है कोई उसके साथ ऐसा करे तो तुम्हे कैसा लगेगा....

मेरा इतना कहते hi सोनम की आँखों से अंशू निकलने lage...aur वो कहने लगी की आपका बोहोत बोहोत sukriya...aage से इन दोनों से ऐसी कोई गलती नहीं होगी...

mai...aur हाँ इस होटल को चलाओगे भी तुम hi बस....

तमिना di...lekin फर्क सिर्फ होगा की अब इस होटल का नाम बराल कर राजरानी होटल हो jayega...or एक महीने के अंदर ये होटल सहर का टॉप होटल होना चाहिए....

akki...ji आपका बोहोत बोहोत sukriya...ye होटल मैंने बोहोत म्हणत से खड़ा tha...aap लोग जैसा चाहेंगे वैसा hi होगा क्योंकि अब ये होटल आपका hi है...

ऐसे hi थोड़े बोहोत डिस्कशन के बाद होटल का पेपर वर्क हुआ और थोड़ा बोहोत खाना पीना कर के हम गाओं की और निकल गए...

फिर क्या था वहां जाकर ये सब बातें पापा को बताई तो उन्हें बोहोत hi ख़ुशी hui...hamare उस फैशले से....

तमिना di...ab हमारे पास एक होटल है तो मेरे हिसाब से अब हमें या तो वहीँ शिफ्ट हो जाना चाहिए या फिर मई वहां कोई और बंगला या फ्लैट लव लूँ...

papa...ye सब करने की कोई जरुरत नहीं है हम यहीं रहेंगे गाओं mai...mujhe सहर की आवो हवा पसंद नहीं...

Tamina...par पापा यहाँ हमारी जरुरत के हिसाब से सुबिधायें और घर नहीं है...

papa...vo तो hai...mai कल से hi यहाँ काम करवाना शुरू कर दूंगा और हम यहीं एक अच्छा सा घर बनाएँगे...

तमिना di...theek है जैसे आपकी मर्ज़ी...

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
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