RAJ -The mystery man (thriller & Magic) - Page 11 - SexBaba
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RAJ -The mystery man (thriller & Magic)

अपडेट-56




अब ठाकुर को खुले मैदान में धमकी दी थी माइनर तो रिएक्शन तो होना hi था आखिर उसकी इज्जत का सवाल था.....

रिएक्शन---- उसके कई आदमियों ने आके मुझे घेर लिया और मेरे ऊपर बन्दूक तान di......ye लोग ठाकुर के खाश आदमी थे.......

मई--- बस ये बच्चों वाली हरकत न किया करो कोई गांड मार देगा किसी दिन वो तो तुम्हारी किस्मत अच्छी है जो यहाँ प्रियजन की कमी है बरना अब तक तुमलोगो के हिस्से की ऑक्सीजन ख़तम हो गयी टी......

तभी वहां पापा आ गए.....

पापा को देखकर उनलोग की थोड़ी फटी लेकिन फिर.....

आदमी--- तेरा सूरज ढल चूका अब तू देख वो ढल रहा (ढलते सूरज की और इशारा करते हुए) अब निकल यहाँ से बरना....

मई उसकी तरफ बड़ा तो पापा ने मुझे न का इशारा किया अब पापा की बात कोण ताल सकता है भला.....

पापा--- इस लोहे hi नाली को अपनी जेब मई रख ले जब तू कंचे खेलना भी नहीं सीखा था तब तक मैंने पता नहीं तुझ जैसे कितनो के दिल निकल कर अपने पैरो से कुचले हैं......

तुम सब लोगों की भलाई इसी में हे की इस गाओं नहीं ! नहीं! कही भी अगर लोगों को परेशां किया तो गोटियां निकल कर दिल मैं उतर दूंगा......

आदमी--- तू मुझे जनता भी है कोण हूँ मई ठाकुर शाहब का सबसे खास आदमी हूँ नाम है रघु और मई चहु तो तुझे ऐसा गायब करूँगा की

मई--- मैंने शायद पहले इंग्लिश में एक डायलाग मारा था जो शायद तेरी समझ में नहीं आया खैर मेरे परिवार मई से किसी के बारे मैं कुछ गलत करने का जो कोई भी सोचेगा वो फिर जिंदगी भर यही सोचेगा की उसने ऐसा क्यों सोचा.......

ुस्कने मेरे सर के ऊपर दुनाली तान दी.....

मैंने उसके नाल को पकड़कर बिच में से मोड़ दिया....

मई--- मेरा खून खराबा करने का मूड नहीं है इसलिए तेरी जान बख्स रहा हूँ अब चुपचाप यहाँ से अपने ठाकुर के लेके निकल जा और अबकी बार धमकी नहीं सलाह दे रहा हूँ.....

ठाकुर और उसका परिवार और मिलने जुलने बाले बोहोत लोग भी वहां आ गए.....

Thakur---Surya

पापा--- करेक्शन सूर्य भाई

ठाकुर--- बोहोत अच्छा लग रहा है तुम्हे पहले वाले तेवर मई देख कर लेकिन सभी का अपना अपना समय होता है पहले तुम्हारा टाइम था अब हमारा टाइम hai...samay के आगे किस की चलती है भला तुम्हारा सूरज ढल चूका है अपनी जिंदगी सन्ति से जीना चाहते तो मेरे रस्ते मई आने की कोशिश कभी नहीं करना और अपने इस लड़के को संभल बोहोत बकचोदी पेल रहा है....

पापा--- यशवीर सिंह पहली बात तो तुम्हारे भाड़े के टट्टू उसे खरोंच न दे सके तो तेरे मुट्ठी भर आदमी क्या कर लेंगे वो मेरा खून है तो उबाल तो मरेगा hi.....

दूसरी बात--- सूर्य इस जस्ट लिखे सुन जो थोड़ी देर के लिए छिप तो सकता है पर हर रोज़ रौशनी देना उसकी नियति है उसी तरह मैंने थोड़े दिन समाजसेवा क्या छोड़ दी गीदड़ भी खुद को शेर समझने लगे.....

तीसरी बात--- सरपंची हमारे पेअर की जुटी है हम उसे उतर सकते हैं तो जब चाहे पहन भी सकते हैं... हम सरपंची से नहीं सरपंची हमसे है......

पापा--- राज माइक.....

Papa---on माइक--- सभी गाओं वासियों को सूर्य का प्रणाम तो मई सीधा मुद्दे पे आता हूँ जैसा की राज ने कहा आज के बाद इस गाओं में कोई भी ठाकुर का आदमी नहीं दिखना चाहिए.... वैसे तो ठाकुर की सरत थी की जो दंगल जीतेगा हरने वाला उसको एक सरत पूरी करेगा लेकिन इनसे उम्मीद नहीं की जा सकती अगर कोई भी आदमी इस गाओं मई गलत करता है चाहे वो कोई भी हो उसकी खबर मुझे करें बाकि मई देख लूंगा

और अगले इलेक्शन मई हम अपनी जुटी वापस पहनेंगे.......

ठाकुर के आदमी ने पीछे से पापा को मरने के लिए चाकू फेंका.....

जिसे मैंने उनकी पीठ मई लगने से पहले hi पकड़ लिया और वापस जिसने फेंका था उसके गले के पार कर दिया.....

मई--- ठाकुर साहब लगता है अभी बात किसी के भेजे मई बैठी नहीं है सही सलामत घर जाना है या हॉस्लिटल मई hi जाओगे.......

गाओं वाले भी पुरे जोश मई आ गए थे और सूर्य भाई सूर्य भाई के नारे लग रहे थे......

इस्तिथि को देखकर ठाकुर ने वहां से खिसकना hi बेहतर समझा.....

जिसके बाद सभी गाओं बालों का चुतियापा चालू हुआ वो लोग पापा को कंधो पर उठाकर मेले के चक्कर लगाने लगे.....

कोशिश तो मुझे भी उठाने की थी लेकिन मैंने मन कर दिया......

मैंने अपने कपडे पहने और रानी दीदी तमिना दीदी और चची के पास पोहोच गया.....

रानी didi---wah भाई इतनी गज़ब की फाइट क्या बात है और अब तो बॉडी भी मस्त हो गयी है.....

तमिना--- सिखाया किसने है

चची--- खिलाया किसने है.....

इन सबको नार्मल देखकर मुझे बोहोत अच्छा लगा और हम घर की और पैदल पैदल जा रहे थे मौसम अच्छा खासा था......

घर के पास पोहचे तो मुझे एक कॉल आया......

मई--- hello कोण

वो--- तुम्हारी मौत तूने मेरे बेटे को मारा था न लेकिन मई अब तेरे परिवार को चुन चुन के मरूंगा....

mai---abe तू है कोण सेल....

vo---awaz नीची तुझे क्या लगा तू बच जायेगा सहर से चला जायेगा तो नहीं बिलकुल नहीं.....

वो--- तेरे पास एक जानता है और मेरे पास तेरे 5 घर वाले हैं आधे घंटे बाद हर 5 मं मई एक मरेगा गांड मई डैम हो तो एक को भी बचा के दिखा......

है है है है है

कॉल डिस्कनेक्टेड.......

मई--- कन्फर्म ये तियागी होगा लेकिन इसके पास मेरा no. मतलब किसी ने धोका दिया है क्योंकि मेरा no मेरे घरवालों के अलावा एक दो लोगों के hi पास है लेकिन 5 लोग कोण कोण मेरी फॅमिली तो यहीं hai......oh सहित ममी मां अंजलि शिवम् लेकिन तो 4 hi हुए ....

तभी मेरी नज़र मोबाइल की स्क्रीन पर गयी जिसमे प्रिय की 1 घंटे पहले की 21 मिस्ड कॉल थी मिलब फाइट के टाइम की....

अब कुछ रीडर्स की सोच भी होगी की उनको बचने के बजाय ये बकचोदी क्यों लिख रहा हूँ तो बता दूँ इतना सब मई 5 सेक् मई सोच लिया और 6थे सेक् मई प्रिय को कॉल लगा दिया.......

उसने कुछ रिंग्स के बाद कॉल पिक किया.....

प्रिय--- hello राज कहाँ है यार तियागी ने सहर मई तबाही मचा दी है सरे पुलिस स्तातिओंस मई आग लगवा दी और मां की फॅमिली को किडनैप कर दिया कंचन भी उन्ही के कब्ज़े मई है.......

Mai---tu कहाँ है अभी.....

प्रिय--- मई और मेरी टीम उन्हें धुंध रहे हैं लेकिन हम उन्हें ट्रेस नहीं कर प् रहे हर 5 मं मई उनकी लोकेशन चेंज हो जाती है.....

राज बे फ़ास्ट वे अरे इन सीरियस पॉब्लम....

मैंने भी उसे कॉल के बारे मई बताया और उससे कहा की अलग अलग होकर ढूंढो मई बस अभी पहुंचा.......

मई--- और सबकी लोकेशन मुझे भेजो......

Rani-Tamina --- क्या हुआ राज क्यों परेशां हो.....

मई--- बाद मई बताऊंगा दीदी ी हैवे तो जो.....

Tamina---mai चालू साथ

मई--- रानी दीदी चची आप जाओ गजर मुझे तमिना दी से थोड़ी बात करनी है..... तो तमिना दी प्लीज बे अलर्ट और किसी को भी घर से बहार न जाने देना ी विल तेल्ल यू लेटर व्हाट इस गोइंग ों.....

Tamina---ok सिक्योरिटी पॉब्लम है तो मई अपने गैंग को बुला सकती हु.....

मई--- फॅमिली की सिक्योरिटी आप पर है आप जो चाहें कर सकता हैं.....

इतना कहकर मई अपना घोडा तूफ़ान लेकर वहां से निकल गया.......

मई मेरे मोबाइल पर जो लोकेशंस आयी थी उसके भीषण से जा रहा था और सबसे पास वाली लोकेशन पर कोई 15 मं मई hi पोहोंच gya......lekin वहां कुछ नहीं था 2 श्री लोकेशन पर भी कुछ नहीं मिला और 22 मं ख़तम हो चुके थे अबतक.....

mai---aise तो मई कुछ नहीं होगा और मैंने हाथ के तत्तो पर हाथ phiraya.......to मेरा फरसा मेरे हाथ में आ गया मैंने अंजलि को याद किया मेरे फरसे की सुई गोल गोल इधर उधर घूमी और फिर एक डायरेक्शन माओ फिक्स हो गयी.......

मैंने तूफ़ान को उधर hi दौड़ा दिया और कुछ hi देर में मैं सहर के बहार जो बस्ती है उसके सामने खड़ा था.....

बस्ती मई घुसते hi लाशें गिरी हुई मिलना सुरु हो गयी मतलब यहाँ प्रिय पहलर से hi पोहोंच चुकी तह.....

इस बस्ती के बारे मई बताऊ तो ये गुंडों की बस्ती थी जहाँ केवल गुंडे hi रहते हैं जिनकी जनसँख्या 10 से 15 हज़ार के बिच मई hai(anumanit)......

हमारे ग्स मिस्सों मई ये बुइ थी लेकिन सबसे लास्ट mai......kyonki इस बस्ती के बीचो बिच है तियागी की बोहोत बड़ी हवेली जहाँ से उसने आतंक फैला रखा है जिसमे की बिना उसकी मर्ज़ी के मच्छर भी किसी को नहीं काट सकता है..........

लाशों की हालत देखकर अंदाज़ा लगाना बिलकुल भी मुश्किल नहीं था की किलर गर्ल इस ों सीरियस हंट.....

सुरु शुरू मई लो लाशें थी वो गोलियों की बजह से मरे थे बस सर मई एक छोटा सा छेड़ था बाकि पूरी बॉडी क्लीन लेकिन अंदर आते आते किसी का हाथ तो किसी का किसी का पेअर कुछ पता नहीं चल रही थी खून बारिश के पानी की तरह बाह रहा था........

शायद उसकी गोलियां ख़तम हो गयी थी और मई सही था कियोंकि सामने प्रिय 2 दोनों हाथों मई तलवार लिए बस गुंडों की माउथ बानी जा रही थी......

तभी गोलियों की बरसात प्रिय पर हुई लेकिन उसने अपनी दोनों तलवार को इतनी तेज़ स्पीड मई अपनी चारो तरफ घुमाया की गोलियां उसकी तलवारों से लगकर निचे गिरती जा रही थी.....

शी वास् जस्ट अमेजिंग लेकिन उसकी तलवार के हैदर मई उसके हाथ के पास गोली लगी तो उसकी तलवार गिर गयी वो काफी थक भी चुकी थी क्योंकि उसने काम से सैम 1000-1500 गुंडों को आराम से माउथ के घाट उतर दिया था.....

उसकी तलवार गिरते hi प्रिय के सामने मई पोहोंच गया न ये बात उसे पता चली और न hi किसी गुंडे वो लोग भी प्रिय पर गोली चला रहे थे लेकिन उसे लग एक भी नहीं रही थी क्योंकि मई तलवार घूमते हुए गोली चलने वाले के पास पोहोंच गया और घूमते hi रहा जब तक बन्दूक के साटन उसके हाथ भी नहीं काट गए......

मेरी स्पीड इतनी थी की इस ये सब बस 30 सेक् मई हुआ और किसी को पता भी नहीं चला.....

जब मई प्रिय के सामने आया था तो उसके पास एक गन छोड़ गया था जो की मेरे पास थी जिससे उसने सभी ज्यादातर गनर के भेजे मई बुलेट फिक्स कर दी थी मई और माइनर जिसके हाथ कटे थे उसके गार्डन के दोनों तरफ तलवार रख कर कैंची की तरह बनाया और उसकी गर्दन काट दी........

मई--- रिलैक्स बेबी ! यू अरे टायर्ड सो जस्ट चिल.....

वहां गुंडों की क्या कमी मेरे पीछे तलवार करने आ गया एक और लेकिन मैंने बिना देखे hi उसके पेट से तलवार पार कर दी.....

उसके पीछे धकेलते हुए अपनी मैजिकल सोर्ड को और लम्बा किया और 20 लोगों मई से एक साथ पार दिया और फिर तलवार को 360 के एंगल पर 2 रोटेशन कराये......

30 मं पुरे होने मई 2 मं बचे थे.....

ऐसे तो हवेली तक नहीं पोहोंचा जायेगा.....

मैंने अपनी सोर्ड को इलेक्ट्रिक गन मई बदला शायद मैंने पहले बताया नहीं लेकिन मेरा फरसा किसी भी वेपन का रूप ले सकता है विथ इतस पावर्स......

तो मैंने अपने पार्स को इलेक्ट्रिक गन मई तब्दील kiya......jo की बोहोत हो पावर फुल थी.....

उसमे से इलेक्ट्रिक बुलेट्स निकल रही थी जो की लाइट की स्पीड से जा रही थी और जिसके भी सरीर से बुलेट छू जाती उसके बुरी बॉडी मई शॉक लगता और फिर कुछ hi सेकण्ड्स मई उसकी बॉडी रख हो जाती.......

45 सेक् मई वहां रख hi रख हो गयी और अब बस वही लोग बचे थे कहीं छुप गए थे......

थें ी चेंज्ड माय गन तो फायर केनन और जहाँ कुछ देर पहले बस्ती थी वहां अब रख के अल्वा कुछ नहीं था......

अब अब तियागी की हवेली और उसके पीछे की बस्ती बाकि थी बाकि तो बस अब वहां रख hi रख थी.....

ये पावर सही निकै बस इतने सरे लाशें थी की सहर तक बदबू जाती जे अच्छा हुआ सभी जलकर रख हो गयी...

प्रिय का भी मुंह बस खुला का खुला रह गया की बस ये हुआ क्या इतनी खतरनाक किलिंग की 1.5 मई hi 10000 जे आस पास लोगों को जलाकर रख कर दिया......

Priya---what वास् तहत राज ी can't बिलीव की जो मेरे सामने हुआ क्या वो सच है....

mai---idhar आना और मैंने उसके होठों को हल्का सा किश किया....

प्रिय--- ओह्ह इतस रियल पर कैसे

mai---its ा मिस्ट्री!!! विल तेल्ल ु later.....chal पहले तियागी के लौड़े लगा कर आते हैं......

अब ज्यादा लोग बचे नहीं थे फिर भी उसकी हवेली की सिक्योरिटी के लिए काफी थी लेकिन इनको टपकना कोई जयादा बड़ी बात तो थी नहीं......

उसके बाद मैंने हवेली में एंट्री मारी......

वहां उसकी दर के मरे पूरी फटी पड़ी थी वो एक गांजा सा आदमी था और मध्यम बॉडी थी कोई 49-50 साल का होगा.........

लेकिन मां वहां डर्टी में पड़े थे और तियागी के आदमी उन्हों मरे जा रहे थे और वाकई सब अंजलि ममी और शिवम् रो रहे थे जो की खम्बो से बंधे हुए थे.....

2 गुंडे कंचन को कपडे फाड़ रहे थे....

अब मेरी गुस्से से सटक गयी और जो कंचन के पास जाकर जो 2 लोग उसके कपडे फाड़ रहे थे उनमे एक ने होना लुंड बहार निकल रखा था मैंने गाल पर एक थप्पड़ दिया मुंह टेड़ा हो गया उसका और उसका लुंड मैंने काट दिया उसकी चीख निकली तो वो उसकी के मुंह मई फसा दिया,,, उसे निचे गिराकर उसके दोनों पेअर पकड़ लिए और उसके गांड के ऊपर एक लात कर के मारी जिसकी बजह से उसकी स्पाइन के साथ साथ उसका कनेक्शन भी टूट गया इस दुनिया se........ye सब देखकर शिवम् बेहोश हो गया......

इस सन को देखर दूसरा वाले गुंडे और तियागी ने भागने की कोशिश की गुंडे को मैंने पकड़ लिया और तियागी को प्रिय ने पकड़ लिया.....

उस गुंडे के सर के बालों को पकड़कर मैंने उसके सर को एंटी clockwise(ghadi की विपरीत दिशा मैं) घुमाया और सर को झटके से ऊपर उखड लिया जिसकी वजह उसके अंदर का सिस्टम भी गर्दन के थ्रू बहार निकल आया लिखे लीवर एंड इंटेस्टिनेस.....

इस सन को देखकर ममी और अंजलि को उल्टियां होने लगी कंचन का भी कुछ ऐसा hi हाल tha....Priya ने भी एक पल अपनी आंखें बंद कर ली थी तियागी की तो टांगें कंपनी लगी और उसका मूट निकल गया ...

वहां पर एक एक मौजूद इंसान की ऐसी दरिंदगी देखकर रूह कैंप गयी उन्हें उल्टिया होने लगी बस प्रिय hi कुछ कुछ नार्मल थी क्योंकि उसे इनसब की आदत थी......

तियागी हाथ जोड़कर मेरे पैरों मई गिरकर रोने laga...maine उसको दूर उछाल दिया तियागी तुझे इतना आसान मौत नहीं मिलेगी तू चिंता न कर.....

वो वहां से भागने लगा तो मैंने उसके चरों तरफ इलेक्ट्रिक बार्स बना दिए वो जैसे hi थोड़ा हिलता मई उसे गांड फाड़ शॉक लगा.....

लेकिन मैंने उस शॉक को इतना कण्ट्रोल मई रखा था की उसको बॉडी को hi डैमेज हो वो मरे न.....

वो जान भाग रहा था तो मैंने उसे इतना भागे दिया था की वो सबसे दूर हो जाये.....

मैं वापस जहाँ सब थे वहां आया और मां को चेक किया तो वो बेहोश थे और शायद उनका एक पेअर टूट गया था...

मई--- प्रिय यार इन सबकी हालत तो ख़राब है ऐसा कर इनको हॉस्पिटल ले जा....

Priya---halat तो ख़राब होनी hi थी ये सब देखकर... अब इस तियागी का क्या करना है.....

Mai---isko सहर के बीचो बिच ले जाकर ताकि गुंडों का कहुआफ ख़तम होकर गुंडों मई hi खौफ हो जाये....

प्रिय--- नीस...

मई--- तुम इनलोगों को संभल लोगी......

Priya---off कोर्स यस.....

थें मैंने प्रिय से मास्क लिया ोर्फिर से तियागी के पास आया उसके सर पे तो बाल थे नहीं लेकिन उसकी एएब्रोस के बाल जल चुके थे और वो बोहोत अजीब लग रहा था.....

खैर मुझे क्या मुझे तो उसको बस मरना है.....

मैंने अपना फरसा निकला इलेक्ट्रिक की जगह पर मैंने उसे आइस बार्स मई बंद किया...... जब उसकी गांड सिकुड़ गयी थी आइस बार्स के अंदर उसे पानी मई डुबो दिया जिससे उसकी गांड और ज्यादा सिकुड़ गयी उसके हाथ पैरों ने हिलना बंद कर diya......to फिर मैंने आइस और वाटर को फायर से रेप्लस किया और उसको कुछ सन्ति मिली लेकिन फिर अचानक मैंने टेम्परेचर इतना रेज कर दिया की तियागी की जो गांड सिकुड़ी थी वो अब फात गयी उसका पूरा सरीर गरमी से झुलस गया उसमे से जलने की बदबू आने लगी......

लेकिन अभी तियागी को ये धरती तियाग्नि नहीं थी इसलिए मैंने फायर को आइस से रेप्लस किया तियागी को ठंडा किया......

मैंने तियागी को कैद से आज़ाद किया उसकी गांड मई डैम नहीं था की वो गांड भी हिलाये अब....

मई--- तियागी बस किस चूतिये ने तेरा ये नाम रखा था आज तक तूने सरम के अल्वा कोई भी चीज़ त्यागी है क्या..... चल छोड़ तू बड़ा तियागी है सीधा जीवन hi तियागेगा.....

मई--- तियागी आलास तियाग तो लौड़े से गांड तक का जोर लगाके सहर मि तरफ भाग ....इतस समथिंग लिखे

जब तक तेरी गांड hilegi...tab तक तेरी साँस चलेगी.....

तियागी ने गांड के घोड़े दौड़ाये और भागने लगा लेकिन अपनी बस्ती के पर जाने मई भी तीन बार गिर चुका था...

मैंने सीटी बजायी और तूफ़ान मेरे सामने आ गया और थोड़ी hi देर मैं तियागी के पास थे अब तियागी से भगा नहीं जा रहा था मैंने अपने फरसे को लोहे के चाबुक मई तब्दील kiya....or तियागी की गांड में मारा कपड़ों समय खाल उसके सरीर से अलग हो गयी.....

कुछ hi देर मई उसकी बैक साइड मई खून से लथपथ हो गयी क्योंकि पीछे से उसकी खाल खिंच ली थी मैंने.....

अब तियागी के बास्की बात न रही और वो बिकुल धराशाही हो गया मैं उसके हाथो मई चाबुक फसकर मैंने तूफ़ान को डूडा दिया सहर की तरफ......

और सहन के सेंटर पॉइंट पर ले जाकर उसे खड़ा कर दिया.......

लेकिन उसमे खड़ा होने hi ताकत कहाँ थी.......

वहां भीड़ जमा हो गयी चारो तरफ....

मैंने तियागी को मरना शुरू किया और ऐसा मारा की दर्द तो बेइंतहा हो लेकिन जान न निकले....

मीडिया वाले भी आ गए थे वो भी रिकॉर्ड कर रहे थे.....

मैंने एक कैमरा मन को पकड़ा और अपने ऊपर कैमरा सेट कराया.....

मई--- ये रहा तुम्हारे सहर का डॉन तियागी लेकिन अब ये किसी को मार सकता मार क्या मरने की सोच भी नहीं सकता.....

mai---Aise बोहोत से तियागी हर गली मोहल्ले कॉलोनी में बैठे होने उन्हें मई इ बात बता दूँ अगर समाज मई गंदगी फ़ैलाने की कोशिश की तो मई उन्हें hi इस दुनिया से साफ़ कर दूंगा......

और फिर मैंने तियागी की टैंगो को उसे जैसे कपडे धोते हैं उस तरह से जमीं मई पटकने लगा.....

और फिर मैंने उसको बिच मई से चिर दिया ......

एंड वन्स सब फ्रीज हो गए लेकिन टांगें कैंप रही थी....

खड़े थे लेकिन गांड फैट रही थी और उल्टियां तो इतना भयंकर सन देखने के बाद कॉमन सी बात हैं.....

मई--- थिस इस व्हाट ी कैन दो िफ़ अन्य ओने तरय तो मेस विथ me...NEVER एवर तरय तो क्नोव हु ी ऍम ोथेरविसे यू विल बे ा मिस्ट्री फ्रॉम तहत मूवमेंट बिकॉज़ ी ऍम मिस्ट्री मन.....

तो बे कॉन्टिनोएड......

 
अभी अपडेट पोस्ट कर रहा हु..

ी क्नोव सब नाराज़ हैं रिव्यु नहीं मिलेंगे बूत इतस ok...

रीज़न जिसकी बजह से अपडेट नहीं दिया...

1...मैंने ईयर ड्राप लिया हे एंट्रेंस एग्जाम के लिए सो प्रेशर ज्यादा हे आप सभी समझ सकते होंगे ी थिंक ..

2...मेरा फ़ोन ख़राब था और मेरा सारा पुराण कंटेंट लॉस्ट हो गया....

3...ी व्रिठे स्टोरी बकज़ ी लिखे तो व्रिठे एंड रीड एंड ी गोत डिस्ट्रबेद सो अब पहले वाली बात नहीं रही....

अभी एक अपडेट पोस्ट कर रहा हु अगर पसंद आये तो बता देना देना भी लिख दूंगा... रिस्पांस अच्छा हुआ तो एक और अपडेट बुइ दे सकता हु और न पसंद आये तो भी बता देना स्टोरी बंद करि या कंटिन्यू राखु...





ी क्नोव किसी को को चरक्टेर्स भी याद नहीं होंगे....





सॉरी' गायब होने के लिए.....
 
अपडेट-57



मैंने एक कैमरा मन को पकड़ा और अपने ऊपर कैमरा सेट कराया.....

मई--- ये रहा तुम्हारे सहर का डॉन तियागी लेकिन अब ये किसी को मार सकता मार क्या मरने की सोच भी नहीं सकता.....

mai---Aise बोहोत से तियागी हर गली मोहल्ले कॉलोनी में बैठे होने उन्हें मई इ बात बता दूँ अगर समाज मई गंदगी फ़ैलाने की कोशिश की तो मई उन्हें hi इस दुनिया से साफ़ कर दूंगा......

और फिर मैंने तियागी की टैंगो को उसे जैसे कपडे धोते हैं उस तरह से जमीं मई पटकने लगा.....

और फिर मैंने उसको बिच मई से चिर दिया ......

एंड वन्स सब फ्रीज हो गए लेकिन टांगें कैंप रही थी....

खड़े थे लेकिन गांड फैट रही थी और उल्टियां तो इतना भयंकर सन देखने के बाद कॉमन सी बात हैं.....

मई--- थिस इस व्हाट ी कैन दो िफ़ अन्य ओने तरय तो मेस विथ me...NEVER एवर तरय तो क्नोव हु ी ऍम ोथेरविसे यू विल बे ा मिस्ट्री फ्रॉम तहत मूवमेंट बिकॉज़ ी ऍम मिस्ट्री मन.....

अब्ब आगे....

आसमानी बिजलियों की तेज़ गड़गड़हट के साथ के साथ सहर की लाइट गायब हो जाती हे और बिलकुल अँधेरा हो जाता हे ऊपर से चलती ठंडी तेज़ अंधी के साथ आती भयानक आवाज़ें सो जो भीड़ ीखता थी उसमे भी भगदड़ मच गयी.....

आगे जो हुआ वो मेरे लिए बिलकुल अनएक्सपेक्टेड था हुआ कुछ हे की अचानक hi मेरे सामने कुछ भयानक शकल वाले प्राणी देखे जो आज तक मेने सपने मई भी नहीं देखे...

मेरे सामने तीन भयानक क्रीचर्स खड़े थे जिनमे से बोहोत बदबू आ रही थी और मुझे गलत होने न आभाष हो रहा था....

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मई अभी से सोच hi रहा था उनमे से एक ने अपने हाथो को गोल गोल घूमने लगा पहले एंटी क्लॉक वाइज फिर क्लॉक वाइज जिससे उस राउंड मई कुछ रौशनी होने लगी और उसने अपने हाथो को पीछे कर के मेरी तरफ थ्रो किया हो कुछ ऐसा किया और मई कुछ न समझ सका....

वो किसी एनर्जी बीम की तरह था जिससे और सब बोहोत अचानक हो रहा की कुछ समझ नहीं प् रहा था और तभी दूसरे ने कुछ किया और मुझे ऐसा फील होने लगा की मेरा दम घुट रहा हो....

कोई मेरा गाला दवा रो हो मेरे हाथ पैर बांध दिए हो....

मैंने बड़ा डैम लगा कर कहा--- कोण हो तुम लोग क्यों आये हो यहाँ मेरी क्या दुश्मनी हे तुमसे ....

लेकिन पता नहीं क्यों इस बात को सुन क्र वो लोग बोहोत hi भयानक हसी हसने लगे....

क्रीचर्स विल बे रिटेन अस स1 एंड एंड सो ों

स1-- हहहहहहह हम कोण हे तुझे अभी पता नहीं लगा मतलब तुझे अभी किसी बे बताया नहीं शायद खैर अछ्हा हे....

स2--- और हम क्यों आये हैं वो हम कर के दिखाएंगे

ये कह कर वो तीनो खौफनाक हसी हसने लगे...

और तीसरे को इशारा करते हैं और वो मेरी तरफ बाद रहा था उसने अपने हाथो को आसमान की और किया और जोर जोर से कुछ बोलने लगा तो उसके हाथ मई एक छड़ी टाइप कुछ आ गया . ....

लेकिन अब तक मई अपने आप को कण्ट्रोल कर चूका था संभल गया था और में अपने तलवार को याद किया उसके आते hi मेरे चारो तरफ रौशनी पैदा हुआ और मई आज़ाद फील करने लगा....

फिर वो तीनो मेरे से लड़ने को तैयार हो गए और मुझपे अटैक करने लगे मई भी उनसे लगा तो मुझे पता चला की वो बोहोत पावर फुल हैं और मुझे अपनी पावर्स का पूरा ज्ञान नहीं था कोई कोई अटैक मेरा ऐसा होता की उनकी हालत बुरी कर दी और कोई ऐसा होता की उन्हें ज्यादा फरक न पड़ता....

लेकिन तभी उनमे उन्हें पता नहीं अपने अजीब से हथियार को जो की किसी बड़े धनुष के टाइप का था उसे आसमान की तरफ किया और एक आसमान के एक पिंक एंड ग्रीन टाइप कुछ रौशनी निकली और सीधे उसके हथियार पे आयी उसने उसे मेरी तरफ लोड किया और जैसे hi उसने मुझे हिट किया मेरी तलवार दूर जा कर गिरी वो सीधा आकर मेरे दिल पे लगा था दिल सीने से बहार आने को हो रहा था....

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लेकिन मैंने अपने पूरा डैम लगाकर अपने को एक बार फिर खड़ा किया और मई अपनी तलवार की तरफ लपका लेकिन बिच मई hi मुझे बोहोत जोर की लात पड़ी और मई किसी लोहे के खम्बे से जा कर टकराया सरीर से जैसे जान hi निकल गयी एक बहार फिर हिम्मत कर के खड़ा हुआ और उनसे लड़ने के लिए तैयार हुआ ...

जिसे देखकर वो लोग हसने लगे और .....

मुझे गुस्सा आया और मई उन्हें अपनी पूरी ताकत लगा के मरने लगा और लेकिन उनपे कुछ असर नहीं हुआ.....

स3--- हहहहहहहहह तू क्या समझता हे तू ताक़तवर हे नहीं न बच्चे तू ग़लतफ़हमी मई न रह तककटवार तू नहीं तेरा हथियार हे... तू भी बिना इस हथियार की तरह सब की तरह कीड़ा मकोड़ा hi हे.....

स2--- क्या बोलै था तू मिस्ट्री मन हे हाहाहाहाहा तू कीड़ा हे और कुछ नहीं और कहके वो मेरी तलवार को उठता हे लेकिन उससे नहीं उठती उसे अलग फेंक देती हे.....

स1--- ओह्ह्ह्ह तो मतलब इसे मरना पड़ेगा तभी ताकवर हमारी hogi....or ये कह क्र सभी हसने लगते हैं....

और वो मेरे ऊपर कोई रौशनी छोड़ते हैं जिससे मेरे सरीर मई झटके लगते हैं ऐसा लग रहा था कोई आत्मा को बहार खींच रहा हे....

स3--- हहहहहहहहह तुझे पता हे ये भी बड़ी कमल की चीज़ हे (मेरी तलवार के पास बैठ कर) जिसमे ताक़त होती हे उसी तो अपनाती हे और उसने मेरी तलवार को पकड़ लिया उसे झटके लगे लेकिन उसने तलवार नहीं छोड़ी और सहन करता रहा....

मेरे सरीर से आत्मा खींच रही थी मुंह से दर्द की चीख निकल रही थी और आँखों से अंशु निकल रहे थे...

और मेरी आंखें बंद होने को थी तभी एक वाइट रौशनी नज़र आती हे जो उन क्रीचर्स और मेरे बिच में आके कड़ी हो जाती जिसे देखकर मेरे चेहरे पर मुस्कान आती हे...

एक आखिरी बार देख लू चेहरा मेरे महबूब का...

ख्वाहिश थी मेरी की समय भी दीदार हो मुझे मेरे यार का....

और फिर मेरी आंखें बंद हो जाती हैं....

तो बे कॉन्टिनोएड
 
अपडेट-58



लड़का1--- देख देख साला पहले कितना उछलता था न ये वही राज हे...

ल2... है यार पहले साला हठी की तरह था और अब देख किसी भीगी बिल्ली की तरह पूछ दवाकर रहता हे...

ल3... चल सेल को मज़ा चखते हैं...

Sab...ha चलो...

और मेरे पास आकर मुझे चारो तरफ से घेर लेते हैं इन सबको देखकर मुझे बोहोत दर लगने लगा...

Mai...de देखो मैंने तू तुम्हारा k..kya बिगाड़ा he...mu..mujhe क्यों तंग कर रहे हो....

L4...achha सेल तू हमारा कुछ बिगड़ेगा तभी तुझे परेशां करेंगे...

Sab....hahahahaha

L3...or भोस्डिके तूने हमारा कुछ बिगड़ने की सोची भी कैसे...

इतना बोलते hi वो मेरी छाती पर लात मार देता हे और मई निचे जाकर गिरता हु....

मुझे गुस्सा आया और मई उन्हें मरने के लिए आगे बड़ा और मेने पूरी ताक़त से एक घुसा उसके मुंह पर मार दिय....

मेरा मुक्का उसके मुंह मई लगता उससे पहले hi उसने मेरा हाथ पकड़ लिया फिर उसने मेरा हाथ पकड़कर मोड़ दिया जिससे मुझे दर्द होने लगा...

ल5-- तुझ मई कोई ताकत नहीं तू डरपोक हे डरपोक हिजड़ा हे साला....

सब--- है है है

मई उसे मरने के लिए फिर से हिम्मत जूता के उठा की मेरे मुंह पे बोहोत जोर की किक पड़ी और मेरे मुंह से खून निकलने लगा...

तभी मेरे कानो मई एक आवाज़ गुंझती हे--- ताक़तवर तू नहीं तेरा हथियार हे.... ताक़तवर तू नहीं तेरा हथियार हे

और फिर मुझे वही बहयनक राक्षश अपने सामने दीखते हैं और वो मेरे को माए देते हैं मेरे मुंह से बोहोत जोर की चीख निकलती हे....

और मई पसीने से तर बतर अपने आप को किसी कमरे मई पता हु...

'' भाई क्या हो गया तुझे'' उसने बस इतना hi कहा था की मेने उसे कास के पकड़ लिया और जोर जोर से उसको कास के रोने लगा...

"भाई चुप हो जाओ फिर से बुरा सपना देखा क्या". मई रट हुए... है ....

" कुछ नहीं होगा भाई मई हु न मई तुझे कुछ नहीं होने दूंगी जब तक तेरी रानी दीदी तेरे पास हे तुझे कुछ नहीं होगा"...

" वो मार देगा मुझे मार देगा बचा लो"

अरे भाई कुछ नहीं होगा वो बस एक सपना था...

नहीं वो बोहोत खतरनाक हे मुझे जान से मार देगा बचा लो मुझे...

मेरे हाथ पेअर भी कैंप रहे थे पसीने से सरीर भीग हुआ था दर की बजह से सरीर सुन्ना पद गया था...

फिर रानी दीदी ने मुझे कास के अपने से चिपका लिया और मेरे सर को चूमने लगी अब हम बैठे नहीं थे बल्कि लेते हुए थे...

अब रानी दीदी इतना सब करे और मेरा दर ख़तम न हो ये हो नहीं सकता और उनके रहते हुए मुझे दर लगे ये वो ऐसा न करे ये वो होने नहीं देंगी....

उनके प्यार से मई संत हो गया था और थोड़ी देर बाद नींद भी आ गयी थी...

सुबह नींद खुली तो सर थोड़ा भरी भरी सा था और आंख ख़ुकने के बाद वही सन आँखों मई घूमने लगा जब वो मेरे को मार रहे थे मेरी ताकत चीन ली मुझे मरे हुए से भी बेहतर कर दिया...

उस दिन मर hi जाता तो सही रहता यूँ पल पल तो न मरना होता...

जब हम कुछ याद क्र रहे होते हैं तो किसी फिल्म की तरह सब कुछ चलता हे हमारी आँखों के सामने...

मेरे साथ भी यही हो रहा था मुझे वो सब याद आ रहा था प्रिय के गाओं जाना और फिर वहां तमिना दी न अटैक मुझे पावर्स मिलना और उसके बाद तो जिंदगी एडवेंचर सी हो गयी थी...

फिर ये हुआ की जिसदिन सबसे ज्यादा पावर्स का इस्तेमाल किया उसदिन hi वो अटैक हुआ जिसका दर खून की तरह मेरी नस नस मई बाह रहा हे...

वो कोण थे क्या थे क्यों थे मई कुछ समझ पता उससे पहले hi मेरा एक तरह से अंत हो चूका था...

उसके बाद की लाइफ सॉरी सॉरी लाइफ कहना सही नहीं होगा क्योकि उसके बाद मैंने एक भी साँस ऐसी नहीं ली जिसमे दर न हो मई अपने आप से hi हार चूका हु...

जो लोग मेरा कहुआफ खा ने लगे थे वो लोग अब आंख दिखने लगे हैं खैर उससे मुझे कोई फरक नहीं पड़ता मई खुद से hi हार चूका हु दुसरो की क्या कहु...

सही hi कहा था उसने ताकतवर मई नहीं मेरी पावर्स थी क्योंकि उसके बाद मैंने संभालना चाहा तो जो मेरा रूटीन था पहले मीन्स रनिंग एंड आल एक्सरसाइजेज उसी रूटीन मई वापस आने कोशिश की लेकिन मई 100 मीटर भी सही से नहीं दौड़ पाया और साँस फूलने लगी और एक नयी पॉब्लम होने लगी दिल मई कुछ तेज़ चुभन होती थी....

कुल मिला के मई कुछ नहीं कर प् रहा था और मेरी बॉडी भी किसी डूबता सूरज की तरह डालने लगी थी...

अब घर की सिक्योरिटी के लिए तमिना दी ने अपने लोग बुला लिए थे तो उनका रहने और खाने के लिए सभी इंतेज़ाम खेतो मई hi किया गया था....

एक फुल एक्विपपड़ गयम भी बानी थी और भी बोहोत कुछ तो तमिना दी ने भी कोशिश की और वो मुझे जवर्दस्ती गयम ले गयी...

लेकिन मई बिलकुल डाउन हो चूका हु मई कुछ भी करू बस दिमाग मई एक hi बात घूमती हे तककटवार तू नहीं तेरा हथियार HE...OR फिर वो भयानक हसी....

मेरे से नार्मल वेट भी नहीं उठाये जा रहे और मई ज्यादा कोशिश करू तो दिल मई पैन होता हे चुभन होती हे जो की फिजिकल हे इतनी जोर से होता हे की आँखों से अंशु चलने लग जाते हैं और मई गिर जाता hu...kabhi कभी बेहोश भी हो जाता हु....

डॉक्टर्स को भी दिखाया रिपोर्ट्स मई सब कुछ नार्मल आ रहा हे कुछ भी पॉब्लम नहीं हे उनका कहना हे की स्ट्रेस हे...

उस दिन मेले के बाद से ठाकुर भी पुरे गुस्से मई था पापा से आंख मिलाने की उस्सकी हिम्मत नहीं थी घर पर एक दो बार उनलोग ने तरय किया घुसने का लेकिन अब सिक्योरिटी टाइट हे और उनको पकड़ के सबक सीखा दिया जाता हे...

लेकिन मेले के और इस घटना के एक महीने बाद जब मई स्कूल गया तो ठाकुर के लड़के एक लड़की से बदतमीज़ी कर रहे थे....

जो मुझसे सहन न हुआ वो hi बात हे न रस्सी जल गयी पर बल न गया...

मैंने उन्हें ऐसा करने से मन किया एक तो वो ठाकुर की रहीश औलाद ऊपर से ठाकुर की मेरे से दुश्मनी लेकिन जो मेने मेले मई किया था वो उन्होंने देख रहा था सो उनकी फैट गयी वो वहां से किसी जादुई जिन की तरह गायब हो गए...

उसदिन स्कूल ख़तम होने के बाद मई और रानी दी वापस जा रहे थे तो ठाकुर के आदमियों ने घेर लिया और मुझे पेलने लगे लेकिन जब मई स्कूल न आता था तो रानी दी के साथ सिक्योरिटी होती थी जिसे आने से उनदिन मेने hi मन कर दिया था बस छोड़ मई था राज सिक्योरिटी लेके जायेगा क्या बात कर di...MAI वो आग हु जो घमंड का भी घमंड जला दे... ये डायलाग मारा था मेने तमिना दी को... खैर उस दिन मेरा घामड़ टूट गया था क्योंकि ताकतवर मई नहीं मेरा हथियार था. ..

सो बात ये हे की सिक्योरिटी तो उस दिन भी भेजी थी तमिना दी ने बाद मई जो की आस पास hi थी जिसने हमें बचा लिया...

उसके बाद गरमा गरमा भी हुई थी ठाकुर और हमारे बिच जो मई अभी नहीं बता रहा क्युकी ये बसीकली 2 मोनथस की एक समरी टाइप हे....

और उसके बाद तो जैसे मेरे अंदर जो बची हुई हिम्मत और खुद्दारी भी ख़तम हो चुकी थी....

सचल जाने का भी मन न करता न सही से खाना मेरी इस हालत को लेके सभी परेशां थे सपोर्ट भी करते थे पर अब मेरा किसी चीज़ मई मन नहीं लगता...

बैचैन सा रहता हु और सोता हु तो ये भयानक सपने आते hein....yahi सब सोचते हुए अब भी मेरी आँखों से अंशु बहने लगे थे...

और इस बात अहसास तब हुआ जब किसी ने मेरी गलो से उन्हें साफ़ kiya...ye कोई और नहीं था रानी दीदी थी...

फरेबी लोगो के दर्मिया एक रिस्ता मुझे बोहोत पैरा हे

दुनिया भर के गमो को मेरी बहनो ने दुत्कारा हे...

रानी दीदी--. क्या हुआ बच्चा सुबह सुबह क्या रो रा हे गन्दी बात नई...

मेरे से कुछ खहते न बना और मेने बस उन्हें हुग कर लिया और जितना हो सकता था उतना रोया... उन्होंने भी मुझे रोने दिया....

फिर कुछ आधे घंटे बाद हम लोग अलग हुए होंगे जिसके बाद हमने थोड़ी बोहोत बात की. ...

स्कूल मई एग्जाम था आज सो इसलिए आज स्कूल जाना था...

तो बे कॉन्टिनोएड

फ
 
अरे गज़ब माथुर साहब...

ु गोत आईटी राइट थ्योरी इस अब्सोलुतेल्य परफेक्ट...

वेल मई अभी आपके फवौरीते करैक्टर के बारे मई कुछ न कह सकता...

थोड़ा कन्फूसिओं इसलिए भी हे की ये बोरिंग part हे सो ज्यादा डिटेल मई न लिखा जल्दी व्रैप उप कर दिया...

आपका रिव्यु बोहोत hi जवर्दस्त है पड़कर बोहोत मज़ा आया....

कीप रीडिंग...

कीप सपोर्टिंग...
 
थैंक्स फॉर योर रिव्यु...

मई किसी के पिछले रेविएवस का रपल्य नई दे पाया बकज़ ज्यादा टाइम नई था... गवर्नमेंट ऑफिसेस के चक्कर लगा रहा हु कई दिन से सो टाइम नई मिल पता....

तलवार ताकतवर थी ये तो पता हे बूत जो पावर्स उसकी बॉडी मई थी वो अभी एक्टिवटे नहीं हुई थी और न hi एक्टिवटे करने की कोशिश की थी उसने...

और अब उसका मोरल डाउन हे सो वो बस नेगेटिव part सोच रहा हे...

अपडेट वास् बिट कन्फुसिंग बूत बोरिंग था इसलिए ज्यादा डिटेल मई नहीं लिखा...

प्रिय के बारे मई आगे पता चल जायेगा....

कीप रीडिंग

कीप सपोर्टिंग...
 
अपडेट-59



खैर सभी बातो को साइड कर के मई उठा और फ्रेश हुआ गयम की तरफ मन किया जाने का लेकिन हिम्मत नहीं थी अब और ज्यादा टूटने की सो नहीं गया....

मई सीधा नहाने चला गया वहां पर नहाने लगा तो नज़र अपनी बॉडी पर गयी जो की पहले के मुकाबले अब दुल्ल हो चुकी थी...

किसी कट का तो कोई नामोनिशान नहीं था खैर छोडो मुझे क्या जरुरत और ऐसे अपने आपको संत कर के नहाने लग गया.

अस पैर एव्री स्टोरी अब नेक्स्ट सेगमेंट नास्ते का होता हे सो यहाँ भी यही कर लेते हैं शयन बनने की क्या जरुरत...

है एक बात बताना भूल गया की अब उस मेले बलि बात को 2 महीने हो gye...or छोटे चाचा की छुट्टिया ख़तम हो चुकी थी तो वो चले गए थे....

खैर मई भी कहाँ बोर करने लगा चलो खाना कहते हैं...

पापा- हो गयी सुबह साहबज़ादे आ गए खाने के लिए खाना पीना खत तोडना यही तो काम रह गए हैं आपके....

Mai-na खो बता दो नहीं खाऊंगा अब खाने भी न दो...

पापा-- तू क्या था और क्या हो गया जिसने कभी सर ऊपर उठा के नहीं देखा वो जुबान चला रहा हे....

तो कंडीशन कुछ ऐसी थी की मई खाने के लिए बैठा था और पापा चाय पिटे हुए टीवी देख रे थे...

मई-- सुबह सुबह डायलाग बाज़ी तो करो न अब जुबान तो मेरे से कटी नई जा रही....

उसके 0.15 सेक् के बाद एक घूमती हुई चप्पल आके मेरे lagi...or जो खाने का निबला मेरे हाथ से मुंह मई रखा गया था वो चप्पल लगते hi बहार आ गया...

और उसके साथ कुछ अंशू भी आ गए बकज़ आज से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ tha...kisi पापा ने मेको कुछ कहा हो...

तो आप लोग सोच रहे होंगे की ऐसा कैसे हुआ अस ये रायता जो फैलाया था मेने और जो उसदिन मेले के बाद कांड hua...usdin किसी तरह मेरी जान बची (कैसे बची और किसने बचाई वो अभी टॉपिक नई हे सो वो बाद मई) तो मेको प्रिय घर लेके आयी थी....

उसने सबको बताया था की मेरा एक्सीडेंट हुआ हे छोटा सा ेट्स ेट्स मेको भी नहीं पता पूरी बात....

थें उसके बाद मई एक दिन इर्रिटेशन मई बहार निकल गया मेको 2-4 दोस्त मिल गए पुराने वो मेको ले गए आ बोहोत दिन बाद मिला हे ेट्स ेट्स...

सुस्त सा लग रहा हे क्या हो गया ऐसे बकचोदी भरे सवाल क्र रहे फिर बोलते आ आज तेरी साडी टेंशन ख़तम करे...

बिलकुल फिट हो जायेगा तो उनलोग ने मेको देसी दारू पीला दी और तुम्हारे भाई ने कभी पि नहीं थी फिर तो थोड़ा तो याद हे खूब नचा था घर की तरफ निकल गया था ...

उसके बाद कुछ याद नहीं की क्या हुआ लेकिन उसी दिन से पापा थोड़े नाराज़ नहीं नहीं बोहोत ज्यादा नाराज़ हो गए हैं...

खैर आज तो गलती मेरी hi थी और उसदिन भी मेरी hi थी पर कोई ऐसे खाना खाने के टाइम मुंह पे चप्पल मरता हे kya....meko बस यही सोचके दर्द सा हुआ और आंखें छलक आयी .

और मई उठा और सीधा चल दिया स्कूल की तरफ रानी दीदी ने आवाज़ भी लगाई थी बूत मेने न सुनी वैसे मई ताल नई सकता वो कुछ कहे बूत नहीं वो खाने को कहती और मेरे से अब खाया नहीं जा रहा था...

मई स्कूल चला गया बूत जो दिन शुरू hi ख़राब होता हे वो कभी बढ़िया नहीं जाता रस्ते मई कुछ ऐसा हो रहा था जिसे देखकर मेरा हाथ फिर से अपने गाल पर चला गया...

अब आप लोग तो स्टोरी के रेगुलर रीडर अब आप से क्या बात छिपाना और छिपी भी भला कितने दिन तक रह सकती हे...

वो क्या हे न वो बड़ी चची की छोटी लड़की हे न नाम तो पता hoga...nhi? स्वाति चलो मई hi बताये दे रहा हु.... उसे किसी ने सेट कर लिया हे...

एक दिन मेको दिख गयी तो मेको सहन नई हुआ मेने उसको जेक धमकाया तो उसका जो बर्फ हे उसके पंटर लोग अपन की हड्डिया तोड़ने वाले थे...

लेकिन उसने सभी को रोक दिया और गाल पे वो थप्पड़ मारा की आज तक गूंज सुनाई देती हे....

चलो थप्पड़ तक तो ठीक था लेकिन उसके सब्द सुनो जरा....

स्वाति- तूने हिम्मत कैसे की मुझे टच करने की तू सेल गन्दी नाली की पैदाइश मई चहु तो अभी तेरे हाथ कटवा सकती हु....

Raj...tu सही नहीं कर रही हे ये लड़का सही नहीं हे...

एक्चुअली उसके बर्फ के साथियो ने मेको थोड़ा हाथापाई कर के पकड़ लिया था और इस वक़्त

मई जमीन पर घुटनो के बल बिठा था...

एक्चुअली थप्पड़ भी वो तभी मार पायी थी वर्ण उसका हाथ hi नहीं पोहोचता...

स्वाति- अबे कुत्ते तूने एक सब्द भी बोलै न इनके खिलाफ तो मई तेरी वो हालत करुँगी की चलने फिरने के लायक भी न रहेगा...

राज- आज तेरे लिए इस भाई से बढ़कर ये सूअर सी सकल का हो गया....

और उसने मेरे मुंह पे लात मरी कोई बढ़िया ब्रांड के जुटे थे बस खून निकल aaya...mai भी खरीदूंगा ऐसे...

खैर उस दिन मेको उनलोग ने अच्छा खाशा मज़ा छकाया...

आज भी बस वो उसी लड़के के साथ टहल रही थी जहाँ सचल के पीछे क्रिकेट ग्राउंड की बगल मई एक पार्क सा था.

अच्छी खासी कपल्स लायक जगह थी मई तो वहां कुछ देर सन्ति मिल जाये इसलिए गया था बैठने लेकिन बस वहां सन्ति के बेटी मिल गयी....

जो की रंगरेलिया मन रही थी अपने बर्फ के साथ लिखे बस वही कपल्स वाली बकचोदी पहले हाथ पकड़ के घूमेंगे और फिर बैठेंगे और फिर यहाँ टच वहां टच इससे ज्यादा करेंगे यहाँ तो स्कूल ये आउट ऑफ़ टच हो जायेगे...

खैर मेको क्या छुड़ा रही हे तो छुड़ा मई तो चला वापस

लेकिन नहीं बस जब दिन ख़राब होता हे तो वो झड़ने के बाद भी मरते रहता हे....

पीछे से उसके बर्फ कीज़ आवाज़ आती हे रुक बे सेल....

तुम लोग को अजीब नहीं लग रहा उसका बर्फ उसका बर्फ करके इस गांडफाते का कोई नाम होना चाहिए न....

चलो इसका नाम कारन करते हैं...

इसके बाप ने मरी थी इसकी म** छूट सेक्स पावर की गोली लेके...

हम भी तुम्हारा नाम कारन करते हैं भोस्डिके तुझे गली देके...

तो आज से इस मादरचोद का नाम धीरज होगा क्युकी इसको बिलकुल भी धीरज नहीं हे....

फॅमिली बैकग्राउंड बोले तो फुल गुंडा हे ऐसा लोग कहते हैं मेको पता नहीं चली 2 महीने पहले नहीं तो गांड तोड़ देता एक अपडेट का भी न था...

खैर लोग कहते हैं की ये इसकी फॅमिली जंगली टाइप हे इसकी हरकतों से भी लगता हे सही hi कहते होंगे....

जब मन आता हे लोगो को मरते हैं जहाँ चाहे वह रहते हैं लिखे फुल तो जानवरो वाला हिसाब हे बूत ये लोग आपराधिक तत्वों से मिल गए हैं ऐसा सुनने मई आता हे..

मतलब खतरनाक हैं और ज्यादा डिटेल नहीं हे मेको कुछ पता चलेगा तो तुम लोग को भी बताऊंगा...

वो धीरज मेको साला बोलता he...mai नहीं सुनता आगे चला जाता हु तो फिर आवाज़ देता हे तो मई पलट जाता हु...

मई- देख भोस्डिके मेरा दिमाग ख़राब हे खामखा पेल दूंगा ज्यादा छू चपड़ तो करियो न ये जो हाथ तेरे जिस्म पे चल रहे हैं वो हिल भी नहीं पाएंगे....

Mai...teri क्या ोकत तू इसको हाथ लगाए वो तो ये खुद hi ...

खैर छोड़ तू माँ छुड़ा ये छुड़ाए मेको क्या बस मुठ मारनी...

और मई वहां से निकल लिया बस डाइलोगे तो पुरे टशन मई मार दिया था लेकिन लौड़े जाने थे आज अगर वो कुछ करता तो....

बोहोत टाइम बर्बाद हो गया इसी बकचोदी मई अब पेपर का टाइम था सब अपनी अपनी सीट पे....

मई और रानी दीदी अस्स पास hi थे बूत क्या करना अपन सख्त लौंडा चीटिंग नहीं करनी. ...

एक्चुअली ये दो महीने मई बोर hi होता था मई तो थोड़ा पद लिया था, तो कम्फर्ट जोन मई hi tha...means चिल टाइप...

खैर पेपर हो रहा था की तभी बकचोदी कटी चलिए जानते हैं क्या बछोड़ि है....

मई सन्ति से अपना पेपर लिख रहा था की मास्टर ने आके कान पकड़ के मरोड़ के ऊपर उठाया...

उसने ऊपर उठाया तो कान तो छूट गया क्योकि बिचारे की हाइट नई he....ye कोई और नहीं बल्कि अपने प्रशांत सर ग थे...

उन्होंने सीधा थप्पड़ चिपकना चाहा तो मेने हाथ पकड़ लिया...

राज- जी सर मेने कुछ किया तो हे नहीं जो आप मार रहे हैं मई पेपर hi लिख रहा हु....

P.s...vo क्या हे न बीटा जिस तरह तुम लिख रहे हो उसे लिखना नहीं कहते...

राज- हैं हम तो ऐसे hi लिखते हैं आप कैसे लिखते हो....

P.s- हम कैसे भी लिखते हो काम से काम ऐसे पर्चियों से देखकर तो नहीं लिखते...

और ये कहते हुए उन्होंने मेरी बेंच के निचे से पर्ची उठाई....

P.s- क्या क्या सुना था मेने तुम्हारे बारे मई जब मैंने ज्वाइन किया था और क्या क्या देख रहा हु जब से तुम्हे देखा he...lagta हे हमेशा पर्चियों से hi पास होते रहे हो....

लेकिन अब नहीं वो क्या हे न "प्रशांत उस्लो का भक्त हे तुम मनो या न मनो मास्टर बोहोत शाक्त हे"

मई- देखो सर ग आप शाक्त हो सही हे पर ये मेरी पर्ची नहीं हे किसी और की हे कोई मुझे फ़साना चाहता..

P.s- है ः बीटा तेरी सीट के निचे मिली हे तो अब तो तेरी हे तू चाहे न कर या है kar...or तू घाना मंत्री हो रहा हे सो तुझे ओप्पोसिशन फसा रही हे

मई- सर मई कसम खा के कहता हु ये मेरी नहीं हे आप चाहे तो मेरी कॉपी देख लो जो जो मेने किया हे सब पूछ लो....

P.s- अब तू मुझे बताएगा की मुझे क्या करना चाहिए और क्या nhi....chal प्रिंसिपल के पास बीटा आज तो रेस्टीकेट होकर hi रहेगा....

रानी दीदी-- सर मुझे अपने भौ पर अपने से ज्यादा विश्वाश हे वो चीटिंग नहीं कर सकता बूत फिर भी आपको लगता हे की उसने चीटिंग की हे तो आप क्वेश्चन पूछ के देख लो उसमे क्या हर्ज़ हे...

P.s-aaye है तेरा भाई के लिए प्यार उमड़ hi पड़ता हे तो आप ये कहना चाहती हे आपका भाई सही हे हम गलत हैं वो चीटिंग थोड़ी कर रहा था वो तो पर्चियों से चोर सिपाही वाला खेल खेल रहा था...

रानी दीदी- मेरा वो मतलब नहीं हे सर बूत...

P.s- ज्यादा जुबान न चला और चुप चाप बैठ जा नहीं तो...

ये कहके वो रानी दीदी शोल्डर पर हाथ रख क्र देवता हे....

यही उसने और मेने दोनों ने गलती क्र दी पर मेरे को कोई अफसोश नहीं क्योकि कोई रानी दीदी के साथ बकचोदी करे ये मुझे गवारा नहीं लेकिन उसे गलती उसे अफसोश जरूर होगा...

रानी दीदी मेरे से पीछे वाली सीट पे थी और इस वक़्त प्रशांत की पीठ मेरी तरफ थी सो मेने उसको पीछे से hi उसकी शर्ट की कालर को पकड़ के अपनी तरफ खींच लिया....

मई- देख मुझे कुछ कहेगा चलेगा लेकिन फॅमिली और स्पेशलय इन्हे कुछ कहा था मई वो कर सकता हु जो सोच से भी परे हे सो हिदायत यही हे की ये गलती कभी न करना वर्ण कुछ....

इतना बोलै था की....

ये क्या हो रहा हे समझ क्या रखा हे तुमने इस स्कूल को और क्या तरीका हे अपने टीचर्स से बात करने का और राज तुमसे तो ये उम्मीद नहीं थी....

ओह्ह बस आज तो लौड़े hi लगे पड़े हैं प्रिंसिपल को भी अभी आना था.....

P.s- सर एक तो ये चीटिंग कर रहा हे मेने इसे रोका और ऑफिस आने के लिए कहा तो मेरे को दोनों भाई बहन सुनाने लगे....

बाकि अपने तो सब देखा hi हे जो इसने अभी अभी किया ये देखिये सर पर्चियों से चीटिंग कर रहा हे....

Princi....its जस्ट डिसगस्टिंग ये स्कूल हे कोई तुम्हारी पर्सनल प्रॉपर्टी नहीं जैसा तुम चाहोगे वैसा करोगे.... तुम अब चीटिंग भी करने लगे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी हमें और टीचर्स से बात करने का तरीका hi भूल गए हो...

रानी- सर राज ने ैदा कुछ नहीं किया हे उसने आज तक कभी चीटिंग नहीं की उसे कोई फसा रहा हे....

P.s... लेकिन आज तो की न मेने खुद देखा हे और तुम क्यों इसके चक्कर मई अपना करियर ख़राब कर रही ho....time वास्ते हो रहा हे एग्जाम लिखो....

रानी- भाई हे वो मेरा दुनिया हे वो मेरी उसे कोई फसाये ये मुझे बिलकुल भी गवारा nhi...nhi चाहिए मुझे कोई करियर अगर मई सच का साथ नहीं दे सकती तो क्या फायदा ऐसे करियर का....

दिव्या- सर रानी सही कह रही हे राज ऐसा नहीं हे...

P.s...tu चुप चाप अपना पेपर कर कोण सही कह रहा हे कोण गलत कर रहा हे वो हम देख लेंगे....

रानी- सर थिस इस नॉट थे वे तो टॉक विथ स्टूडेंट्स...

P.s.... सर देखा कितनी जुबान लड़ा रही हे ये इसकक और इसके भाई को खुद तमीज़ नहीं और टीचर्स को सीखा रही हे....

मई- मन आप टीचर हो लेकिन ये कोई नई कहता हे आप स्टूडेंट्स से ऐसे बात करोगे....

टीचर्स पेरेंट्स होते हे बच्चो के और कोई भी पेरेंट्स अपने बच्चो के साथ ऐसे बात नहीं करता....

चलो लड़को का ठीक हे लेकिन आप तो लड़कियों से भी इतना बेहूदा तरीके से बात करते हैं किसी और की तो क्या कहु आप अपनी hi बेटी से किस तरह बात करते हैं... शर्म नई आती आपको....

उसने मेको 2 थप्पड़ मारे 3 सरा मरने वाला था की मेने हाथ पकड़ लिया....

प्रिन्सी- मर प्रशांत बेहवे योरसेल्फ... एंड राज मुझे बोहोत दुःख हो रहा हे तुम्हे ऐसे देखके तुम एक अच्छे लड़के थे बूत तुम गलत रस्ते पे जा रहे हो.... अब तुमने जो किया हे उसकी सजा तो मिलके रहेगी.... सस्पेंडेड फॉर 15 डेज... अगर फिर से कुछ सुना तुम्हारे बारे मई तो सीधा रस्टीकेट किया जायेगा.... और ये बोलके प्रिंसिपल मुदा...

चाहाआरकाअदायकककक aahhhhhhhhhhhhh उउइइउउउउउउ मार दिया

मई- ी don't गिव ा फ़क जो हाथ मेरी बहन को चुके भी चले वो मुझे पसंद नहीं... और सब ये कान खोल के सुन लो पहली बात जिसने भी मुझे फ़साने की साजिश रची हे वो उलटी गिनती सुरु कर दे....

दूसरी नेवर एवर तरय बे पर्सनल एंड रानी दीदी के बारे मई तो बिलकुल नहीं चाहे वो aap(principal) हो या आप (प्रशांत) या तुम log(students) ी don't कभी कुछ भी सोचने से पहले ये हाथ देख लेना... और सर जी हम इज्जत करना जाने हैं तो उतरना भी जाने हैं अभी कभी किसी लड़की को छूने से पहले अपने हाथ को देख लिया करना....

और मेने उसको पकड़ के एक और बार मोड़ दिया.... आह्ह्ह्ह हुईऊ उउइइइ माआ

प्रिंसिपल बस मुंह फाडे देख रहा हे और बाकि स्टूडेंट्स भी...

मई- आयी न माँ याद जब दर्द होता हे तो माँ hi याद आती हे.... पता हे हमारी माँ हमें बचपन मई hi छोड़ गयी....

लेकिन इन्होने मुझे कभी महसूस hi नहीं होने दिया की मेरी माँ नहीं हे हमेशा बेटे की तरह पला हे...

वो खाना नहीं कहती पर मुझे खिलाती हे पहले मुझे सुलाती हे फिर सोती he....kese उस इंसान की आँखों मई पानी देख सकता हु.....

और रानी दीदी तभी मेरे गले लग गयी आके.....

मई.. अरे दी इतस ok आप एग्जाम करो ये लोग ने टाइम बोहोत बर्बाद कर दिया....

मई बहार वेट कर रहा हु..

और मई वहां आ गया....

अब कुछ था तो नहीं करने को तो ग्राउंड चला gya....wahan क्रिकेट चल रही थी तो मई भी खेलने hi लग गया...

ी लव फ़ास्ट बोलिंग एंड टीम लव्स बोव्लेर्स सो मेको ज्यादा दिक्कत नई हुई टीम मई जाने मई....

और बोलिंग भी मिल गयी... लेफ्ट एआरएम फ़ास्ट बॉलर था न रेयर पीेछे

पहली बॉल ज्यादा स्पीड मई डालने की कोशिश की तो बस बैट्समैन के सर के ऊपर से गयी no बॉल...

दूसरी वाइड गयी बस हो का रहा हे मज़ाक चल रहा हे....

तीसरी पे तुम्हरे भाई ने यॉर्कर का प्लान बनाया लेकिन बस फुल टॉस और 6 ये तो न होता कभी अपन ने साइड चेंज की और फिर से यॉर्कर की कोशिश ऊऊऊऊर बस अबकी बार बॉल सही निशाने पे और मिडिल और ऑफ स्टंप बहार....

नेक्स्ट बॉल फुल लेंथ डिलीवरी टिपिकल लेफ्ट हैदर एंगलिंग इन थोड़ा एज लगा 4 रन चुटिया कीपर दिवे न मारी...

नेक्स्ट बाउंसर सूउर कर के गयी उसके कान की बगल से....

नेक्स्ट ओवर स्पिनर का था ठीक थक गया 8 रन आये बिना विकेट्स... 10 ओवर का मैच था सबको एक बॉलर 2 ओवर दाल सकता था....

नेक्स्ट ओवर फिर से मेरा...

पहली बॉल पे ऑफ मई ज्यादा रूम दे दिया बस ने 4 मार दिया....

दूसरी बॉल... इन ब्लैक होल बात से लगने के बाद मिड विकेट के फील्डर पे गयी लेकिन उसने टपका....

मई- बहन की छूट तुम्हारी आसान कैच भी नहीं पकड़ते यार....

टीआई बॉल और स्पीड मई डाली बस फुल लेंथ से बाउंस हुई इतनी तेज़ की बैट्समैन कुछ न कर पता और उसकी छाती मई लगी बस विकेट्स पर गिर पड़ा....

एक्चुअली पिच देसी थी कही ऊँचा कही निचा और वो किसी ऐसे hi जगह पर लग के स्पीड मई ज्यादा उछाल गयी....

ोोू भाई राजआज. राज....

कालू दौड़ता हुआ मेरे पास आया ...

मई.... क्या हुआ बस इतना क्यों भाग रहा he.....kisi ने गांड मार ली क्या....

Kalu...Jaldi चल भाई....

Mai...haaat भोस्डिके मज़ा आ रहा हे बोहोत दिन बाद...

Kalu....hafte hue....rani दीदी...

तो बे कॉन्टिनोएड.....
 
एक रोज़ इश्क़ को भी कठघरे में खड़ा किया जाए,,,



मुकंबल ना होने का मुक्कादमा आगे बढ़ाया जाए,,,

मोहब्बत में बेइंतेहा दर्द की दलीलें पेश होंगी,,,

इश्क़ के मयान में भी मजबूरी की तलवारें होंगी,,,

दिल भी टूटे हुए टुकड़ों को अपनी ढाल बनाएगा,,,

इश्क़ भी "बंदिशों" को अपना गावह बनाएगा,,,

गुनहगार तो शायद यहां कोई भी नहीं पर,,,

दर्द भी तो अपने वजूद पर सवाल उठाएगा,,,

तमाम दलीलों के बीच "मैं" हार जाऊंगा,,,

इश्क़ अधूरा था , अधूरा ही रह जाएगा।।।।

 
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